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- Dec 5, 2013
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Part 09
बीड़ी लेकर ो आदमी वहीँ टंगा हुवा लाइटर जलाकर फूंकने लगता है. उस आदमी ने शर्ट और पंत पहन राखी थी. उसने थोड़ी देर पहले एक कपल को देखा था जो यहीं से गए थे. बीड़ी फूंकने के बाद ो एक तम्बाकू का पैकेट भी दाल लेता है मन में कुछ सोचते huwe...wahin साइड में उस आदमी का एक बैग भी पड़ा हुवा था.
िद्र आज़म और मुस्कान चलते हुवे घर पोहंच जाते हैं. थोड़ी देर बाद फ्रेश होकर बैडरूम में दोनों कपडे निकल कर सोये हुवे थे. आज़म जहाँ मुस्कान के ऊपर आकर फोरप्ले कर रहा था वहीँ मुस्कान आहें भर रही थी. आज उसे कुछ अलग सा फील होरहा था. उसने आज ऐसा कुछ देखा था जो ो खुद शादीशुदा होकर अभी तक एक्सपीरियंस नहीं कर पायी थी ऐसा नहीं था ो के उससे ो कमी महसूस कर रही थी ो तो बस इससे बिलकुल बेखबर थी के ऐसा भी कुछ होता है.
रघु जिस तरह उसकी पत्नी से बात कर रहा था ऐसे कोण बात करता है अपने पत्नी से. ऐसा तो कोई आवारा hi बात कर सकता है. आज़म ने तो कभी मुस्कान से ऐसी बातें नहीं करि.
ो रघु तो तेहरा hi लफंगा आदमी न कोई शर्म न कोई तमीज अपनी खुद की पत्नी से भी कितना गन्दी भाषा में बात कर रहा था. मुस्कान का शोहर वैसा नहीं था ो तो बिलकुल सीधा साधा अपने काम से काम रखनेवाला, किसी के साथ अहतराम से बात करने वाला. मुस्कान को तो पलकों पर बिठा कर रखता है कभी उसको तकलीफ नहीं होने देता किसी भी बात की वजा से...
थोड़ी देर बाद आज़म और मुस्कान सेक्स करना शुरू करते हैं जैसे नोर्मल्ली ो करते हैं. मुस्कान आहें भर रही थी आज़म के हर धक्के के साथ वहीँ आज़म खूब मज़े में धक्के लगाए जारहा था. जब आज़म धक्का लगा रहा था तो आज़म को फील होता है के उनकी शादीशुदा ज़िन्दगी में पहली बार मुस्कान अपनी गांड हल्का हल्का उठा रही थी धक्कों के साथ साथ. आज़म थोड़ा सरप्राइज भी था क्यूंकि मुस्कान ऐसे कभी नहीं करती थी.
ीदार हालाँकि िद्र थी लेकिन उसका दिमाग कहीं और hi था. मुस्कान आज उस वक़्त हुवे उस सन को यद् कर रही थी जहाँ रघु और उसकी पत्नी वीडियो कॉल पर बात करते हुवे जैसे सेक्स क्र रहे थे. उनका सेक्स कितना डिफरेंट था उनके कपरिसों में. ो रघु कितनी गन्दी गन्दी गलियां और अल्फ़ाज़ इस्तिमाल कर रहा था अपनी पत्नी से और तो और उसकी पत्नी को एक ककड़ी उसकी छूट में डालकर कितनी तेज़ी से अंदर बहार करने के लिए बोल रहा था और बोल रहा था उसका और ककड़ी का कोई कपरिसों नहीं है!!!!
मुस्कान कमला का उस तरह जोरसे ककड़ी का उसकी छूट में अंदर बहार करना सोचकर अपनी गांड हलकी हलकी ऊपर कर रही थी. अनजाने में खुद को कमला की जगा इमेजिन कर रही थी के ो इस वक़्त एक ककड़ी अपनी शादीशुदा बुर में डालकर अंदर बहार कर रही हो. उसे उसमे मज़ा भी ारः था. उसकी आहें बढ़ रही थी टाइम के साथ. वहीँ आज़म भी धक्के लगाने में लगा तो हुवा था लेकिन मुस्कान के यूँ अचानक जोश को देख और उसका यूँ अपनी गांड धीरे धीरे ऊपर करने से ो भी नज़दीक था छूटने के...
आखिर कर आधे मिनट बाद आज़म कहते हुवे मुस्कान की छूट में झाड़ जाता है. मुस्कान भी अपने ख्याल से बहार अति है और देखती है के उसका शोहर झाड़ चूका है. मुस्कान की नज़र निचे अपनी शादीशुदा छूट पर जाती है. हलके सुनहरे बालों के निचे उसकी छूट के फुले हुवे लाइट पिंक लिप्स उसके शोहर के लुंड से लिपटे हुवे थे. झड़ने की वजा से आज़म का लुंड मुरझा चूका था और आज़म उसे निकल भी देता है और साइड में लेट जाता है.
Azam...jaan आज मज़ा आज्ञा..
Muskan..hmm
आज़म.. क्या सोच रही हो??
Muskan...kuch नहीं बस यूँ hi.
Azam..hmm वैसे आज क्या होगया था तुमको??
Muskan...kya मतलब क्या हुवा था??
Azam...kuch नहीं थोड़ा तुम एक्ससिटेड सी थी..
Muskan...waisi कोई बात नहीं बस आपके लिए...
Azam..hayyy...chalo मैं फ्रेश होकर अत हूँ..
Muskan...thik है...
आज़म के अंदर जाने के बाद मुस्कान उठकर शीशे के सामने अति है और खुद को उसमे देखने लगती है. शादी को 2 साल होचुके थे और इन 2 सालों में उसका फिगर काफी निखार चूका था जो उसुअल्ल्य नोटिस करती थी हालाँकि हेल्थ कॉन्ससियस थी ो फिर भी शोहर की सिवा करने में hi ज़्यादा ध्यान देती थी. ो इस वक़्त पूरी नंगी शीशे के सामने कड़ी खुद को निहारे जारही थी. उसकी नज़र अपने गोर गोल गोल चुचों पर जाती है जो एकदम परफेक्ट लगते थे और उनपर लाइट ब्राउन कलर के निप्पल्स तो चार चाँद लगते थे. फिर ो देखती है अपनी छूट को जहाँ उसके ऊपर हलके सुनहरे बाल थे और छूट के थोड़े नैचुरली फुले हुवे लाइट पिंक कलर के लिप्स. उसका पूरा गोरा बदन ऐसा था के जैसे उसपर एक भी दाग न हो. बिलकुल साफ़.
मुस्कान खुद को निहरने में लगी थी के आज़म बाथरूम से बहार आजाता है और अपनी बीवी को शीशे के सामने तेहरा हुवा पता है.
Azam..kya हुवा मुस्कान??
मुस्कान थोड़ी हड़बड़ा सी जाती है क्यूंकि ो ऐसे कभी नहीं करती थी. उसुअल्ल्य सेक्स के. बाद दोनों फ्रेश होकर सो जाते थे लेकिन आज मुस्कान थोड़ा वेइरेड सा एक्ट क्र रही थी.
Muskan...oo ू कुछ नही मैं तो बस ऐसे hi..
Azam..kya हुवा मुस्कान कुछ बात है??
Muskan...kuch भी तो नहीं खंखार आप टेंशन ले रहे hain...main फ्रेश होकर अति हूँ..
Azam...thik है...
थोड़ी देर बाद फ्रेश होकर जब मुस्कान वापस अति है तो आज़म सोचुका था जिसे देख मुस्कान स्माइल करती है और कपडे पहन कर सोजती है.
अगली सुबह नाश्ता करके आज़म ऑफिस के लिए निकल जाता है और मुस्कान थोड़े काम काम करके हॉल में बैठकर टीवी देखने में लग जाती है. कुछ देर बाद मज़दूर भी आजाते हैं काम के लिए. मुस्कान टीवी देखते हुवे बैठी hi थी के दूर बेल्ल बजती है. जब ो दूर जाकर खोलती है तो सामने रघु को पति है जो अपने दन्त दिखता हुवा खड़ा था. रघु को यूँ अचानक अपने सामने देखने से मुस्कान को कालका सन यद् अत है....
Raghu...aa मंसबब..
Muskan...haa बोलो क्या काम है???
Raghu...o मेमसाब मुझे वाशरूम जाना था...
मुस्कान मन men...isko बस वाशरूम hi जाना होता है कहीं वही वीडियो कॉल करने तो नहीं??? नहीं नहीं मैं हूँ घरमे इस वक़्त और ो इतनी हिम्मत तो नहीं करेगा...
Muskan...thik है उदर...
मुस्कान उसको वाशरूम दिखते हुवे बोलती है और रघु उदर चला जाता है और मुस्कान फिर दूर हल्का सा बंद करके वापस जाकर सोफे पर बैठ जाती है टीवी देखते हुवे. रघु वाशरूम में जानेके बाद हल्का सा दूर खोलकर बाथरूम जानेकी तरय करता है लेकिन ये रिस्की था क्यूंकि मुस्कान थी वहां. ो बाथरूम की तरफ जाने hi लगता है के मुस्कान थोड़ी मूवमेंट करती है जिसे देख झट से रघु वापस वाशरूम चला जाता है. ो सोचता है इतनी डेरिंग करनेके के चक्कर में ो पिट hi न जाये...
बाथरूम में होते हुवे रघु पेशाब करने लगता है और उसकी आवाज़ बहार हॉल तक आने लगती है जिसे मुस्कान भी सुन लेती है उसे बड़ा अजीब लग रहा था ो मन hi man..."chiiii"
फिर रघु वाशरूम से 5 मिनट बाद निकलता है. ो वाशरूम से निकल कर जाने hi वाला था के उसकी नज़र टीवी पर चली जाती है जो मुस्कान भी देख रही थी. ो इस वक़्त कोई मूवी देख रही थी जिसमे अचानक एक हॉट सन शुरू होजाता है जिसमे हीरो हेरिओं रोमांस कर रहे थे. रघु के कदम एकदम रुक जाते हैं. वहीँ मुस्कान जो टीवी देख रही थी उसे भी अहसास होता है के वाशरूम से रघु बहार आया है जस्ट. उसको बड़ा hi ऐम्बर्रासिंग फील होरहा था के ऐसे सन को इस वक़्त hi चलना था जब ो एक अधेड़ू उम्र का मज़दूर यहाँ पर था.
ऐसी ावकार्ड सिचुएशन में मुस्कान को नहीं समझ ारः था के ो क्या करे. रघु थोड़ी देर उस सन को देखता रहता है और जब ो एन्ड होता है तोह...
Raghu..aa मंसबब मेरा होगया ही..
मुस्कान को समझ नहीं अत के ये आखिर कर उसे क्यों बता रहा है...
Muskan..th ठीक ही..
रघु फिर बहार चला जाता है और मुस्कान थोड़ा रहत की साँस लेती है. बड़ी ावकार्ड सिचुएशन जो बन गयी थी थोड़ी देर pehle...uske बाद मुस्कान टीवी ऑफ करके बैडरूम चली जाती है. दोपहर में खाने के बाद वर्कर्स दोबारा काम पर लग जाते हैं इसी बिच मुस्कान सोजती है. शाम में उसकी आंख खुलती है और टिया पीनेके बाद फ्रेश होकर ो बहार निकलती है घरसे....
स्कूटी निकल कर ो गेट से बहार थोड़ा घुमनेके लिए निकल पड़ती है. ो कुछ दूर गयी hi थी के कोई use...."muskannn"
मुस्कान स्कूटी स्टॉप करके उदर देखती है तो ो निर्मला आंटी थी जिनके घर ो अक्सर जाया करती थी. ो फिर स्कूटी वहां ले जाती है..
Muskan...arey आंटी कैसी हैं आप??
Nirmala...main ठीक हूँ मुस्कान तुम कैसी हो? बोहत दिन होगये आयी नहीं घर...
Muskan..haha आंटी ो मेहमान ए थे इसलिए थोड़ा बिजी होगयी थी और आपको तो पता है न घर का रेनोवेशन का काम भी चल रहा है इसलिए आना जाना काम hi होता है...
Nirmala...ohh ाचा और कैसे चल रहा है घरका काम??
Muskan..bas चल रहा है आंटी...
Nirmala...hmm ावो न अंदर कहाँ जारही हो??
Muskan..o आंटी मैं तो बस निकली थी थोड़ा घूमने घरमे थोड़ा बोर होरही थी इसलिए...
Nirmala...haha ो तो है चलो एक एक चाय hi पि लेते हैं इसी बहाने बातें होजाएंगी और तुम्हारा बोरियत भी दूर होजायेगी और सच कहूं तो मेरी भी ः..
Muskan..hahaha चलिए आंटी चाय होजाये...
मुस्कान स्कूटी साइड में hi पार्क करने लगती है तभी वहां से एक रिक्शा गुज़रता है जिसमे बैठे लोगों को देख निर्मला आंटी अजीब सा मन बनती है जो मुस्कान भी नोटिस करती है.
Muskan...kya हुवा आंटी आप उस रिक्शा की तरफ देख kar...kon थे ो??
Nirmala...kya बताऊँ मुस्कान उस ाव्रत को देख कर hi मुझे घिन अति hai...besharm कहीं की...
मुस्कान को अजीब लगता है के निर्मला आंटी भला ऐसा क्यों बोल रही हैं.
Muskan...kyun आंटी क्या हुवा और कोण है ो ाव्रत??
Nirmala...muskan तुम तो कुछ 2 महीने पहले hi यहाँ आयी हो न तुमको शायद नहीं पता होगा इस बारे में...
Muskan..haa मैं समझी नहीं आंटी क्या हुवा था 2 महीने पहले??
Nirmala...o एक लम्बी कहानी है तुम चलो अंदर मैं बताती हूँ...
दोनों अंदर जाने के बाद हॉल में बैठ जाते हैं चाय पिटे हुवे.
Muskan...aunty ो आप कुछ बोल रही थी...
Nirmala...haa ो जो रिक्शा गया था न बहार उसमे न एक पति पत्नी थे...
Muskan..kon आंटी? कोण थे ो??
Nirmala...o समरीन और अहमद कुरैशी थे यहीं कुछ दुरी पर रहते हैं. ो बंसी की दुकान है न उनके सामने वाला जो घर है न ो उनका hi है...
Muskan...o ाचा ाचा मैंने देखा है ो घर लेकिन कबि बात नहीं हुवी उनसे...
Nirmala...bat करना भी मत खास कर के उस समरीन कुरैशी से...
Muskan...kyun आंटी??
Nirmala...o जो...
तभी दूर बेल्ल बजती है और निर्मला जाकर दूर खोलती है उसका पति था. निर्मला मुस्कान को फिर कभी उस बात को बतानेका बोलती है फिर मुस्कान थोड़ी देर बाद वहां से चली जाती है उसे समझ नहीं रहा था आखिर निर्मला आंटी बताना क्या चाहती हैं उस कपल के बारे में. ो यहीं पास hi थोड़ी दूर रहते थे. मुस्कान स्कूटी लेकर फिर वापस घर चली जाती है. वहां पर सरे मज़दूर काम पर लगे हुवे थे. मुस्कान स्कूटी पार्क करने के बाद वहीँ गार्डन में थोड़ा घूमने लगती है. ऊपर फ्लोर से काम करते हुवे रघु निचे देखता है मुस्कान को.
मुस्कान ने उसुअल सूट पहना हुवा था जिसमे ो सिंपल लेकिन मस्त लग रही थी. चलने की वजा से उसके सूट पर से चुचों की थिरकन हलकी हलकी दिख रही थी जिसका मज़ा रघु ले रहा था और जब मुस्कान दूसरी तरफ जाती तो रघु को मुस्कान की गांड की थिरकन के व्यू मिल रहा था.
ो मुस्कान को देखने में एकदम खो सा जाता है के तभी उसके साथ से कोई चीज़ निचे गिरती है उसके पास hi...
Ramesh..o रघु भाई संभल के क्या हुवा??
Raghu..kuch नहीं कुछ नहीं ो हाथ से गिर गया...
ीदार मुस्कान अब थोड़ी देर बाद अंदर चली जाती है. रात में मज़दूरों के जानेके बाद मुस्कान जो हॉल में बैठी हुवी थी ो ऊपर जानेका सोचती है देखने के क्या आज भी रघु ो सब कर रहा है. उसे खुद नहीं पता था के आखिर ो क्यों ो सब देखने बार बार जारही है. मुस्कान दूर ओपन hi कर रही थी के उसे आज़म की गाड़ी की आवाज़ अति है और ो रुक जाती है. आज़म आज जल्दी hi आज्ञा था मुस्कान फिर आज़म का बैग लेकर दोनों अंदर चले एते हैं.
Muskan...kya बात है आज जल्दी आगये आप..
Azam..bas भाई बीवी की यद् आगयी और दौड़े चले ए..
Muskan..haha ाचा जी 2 महीनों में पहली बार लगता है बीवी की इतनी जल्दी यद् आगयी काम पर जानेके बाद...
Azam...aisi बात नहीं है मैं तो अत रहा हूँ पहले भी है न?
Muskan..haha रहने दिज्ये..
Azam..haha बस आज काम जल्दी ख़तम होगया तो सोचा तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड क्र लेते हैं..
Muskan...hmm क्या बात है...
Azam..haa चलो मैं फ्रेश होकर अत हूँ फिर खाना खा लेते हैं...
Muskan...thik है...
आधे घंटे बाद दोनों खाना खा लेते हैं और हॉल में टीवी देखने बैठ जाते हैं. बातें करते हुवे दोनों काफी देर होजाती है...
Azam...to चलें वाकिंग के लिए फिर..
Muskan...raat नहीं होगयी कल के मुकाबले...?
Azam...koi रात नहीं हुवी चलो चलते हैं...
फिर दोनों रेडी होकर वाकिंग के लिए निकल पड़ते हैं. थोड़ी देर चलने के बाद मुस्कान थोड़ा थकन सा फील करने लगती है.
Muskan...chalen वापस मेरे पेअर दर्द करने लगे हैं...
Azam...isi के लिए तो ये वाकिंग कर रहे हैं देखना रोज़ इस तरह चलने से एक्टिव भी रहोगी और ऐसे कभी दर्द भी नहीं hoga...bas ो चाय की दुकान थोड़ी दूर है ो पीकर चलते हैं वापस...
Muskan...aap और आपकी चाय चलिए...
दोनों कुछ देर और चलने के बाद उस चाय के ठेले के पास पोहंच जाते हैं और वहां चाय का बोलते हैं. इसी बिच दोनों िद्र उदर की बातें करते हैं. चाय पीनेके बाद दोनों वापस जाने लगते हैं तभी...
कल की तरह वही आदमी मुस्कान और आज़म को जाते हुवे देख रहा था बीड़ी फूंकते हुवे.
तो बे कॉन्टिनोएड...
बीड़ी लेकर ो आदमी वहीँ टंगा हुवा लाइटर जलाकर फूंकने लगता है. उस आदमी ने शर्ट और पंत पहन राखी थी. उसने थोड़ी देर पहले एक कपल को देखा था जो यहीं से गए थे. बीड़ी फूंकने के बाद ो एक तम्बाकू का पैकेट भी दाल लेता है मन में कुछ सोचते huwe...wahin साइड में उस आदमी का एक बैग भी पड़ा हुवा था.
िद्र आज़म और मुस्कान चलते हुवे घर पोहंच जाते हैं. थोड़ी देर बाद फ्रेश होकर बैडरूम में दोनों कपडे निकल कर सोये हुवे थे. आज़म जहाँ मुस्कान के ऊपर आकर फोरप्ले कर रहा था वहीँ मुस्कान आहें भर रही थी. आज उसे कुछ अलग सा फील होरहा था. उसने आज ऐसा कुछ देखा था जो ो खुद शादीशुदा होकर अभी तक एक्सपीरियंस नहीं कर पायी थी ऐसा नहीं था ो के उससे ो कमी महसूस कर रही थी ो तो बस इससे बिलकुल बेखबर थी के ऐसा भी कुछ होता है.
रघु जिस तरह उसकी पत्नी से बात कर रहा था ऐसे कोण बात करता है अपने पत्नी से. ऐसा तो कोई आवारा hi बात कर सकता है. आज़म ने तो कभी मुस्कान से ऐसी बातें नहीं करि.
ो रघु तो तेहरा hi लफंगा आदमी न कोई शर्म न कोई तमीज अपनी खुद की पत्नी से भी कितना गन्दी भाषा में बात कर रहा था. मुस्कान का शोहर वैसा नहीं था ो तो बिलकुल सीधा साधा अपने काम से काम रखनेवाला, किसी के साथ अहतराम से बात करने वाला. मुस्कान को तो पलकों पर बिठा कर रखता है कभी उसको तकलीफ नहीं होने देता किसी भी बात की वजा से...
थोड़ी देर बाद आज़म और मुस्कान सेक्स करना शुरू करते हैं जैसे नोर्मल्ली ो करते हैं. मुस्कान आहें भर रही थी आज़म के हर धक्के के साथ वहीँ आज़म खूब मज़े में धक्के लगाए जारहा था. जब आज़म धक्का लगा रहा था तो आज़म को फील होता है के उनकी शादीशुदा ज़िन्दगी में पहली बार मुस्कान अपनी गांड हल्का हल्का उठा रही थी धक्कों के साथ साथ. आज़म थोड़ा सरप्राइज भी था क्यूंकि मुस्कान ऐसे कभी नहीं करती थी.
ीदार हालाँकि िद्र थी लेकिन उसका दिमाग कहीं और hi था. मुस्कान आज उस वक़्त हुवे उस सन को यद् कर रही थी जहाँ रघु और उसकी पत्नी वीडियो कॉल पर बात करते हुवे जैसे सेक्स क्र रहे थे. उनका सेक्स कितना डिफरेंट था उनके कपरिसों में. ो रघु कितनी गन्दी गन्दी गलियां और अल्फ़ाज़ इस्तिमाल कर रहा था अपनी पत्नी से और तो और उसकी पत्नी को एक ककड़ी उसकी छूट में डालकर कितनी तेज़ी से अंदर बहार करने के लिए बोल रहा था और बोल रहा था उसका और ककड़ी का कोई कपरिसों नहीं है!!!!
मुस्कान कमला का उस तरह जोरसे ककड़ी का उसकी छूट में अंदर बहार करना सोचकर अपनी गांड हलकी हलकी ऊपर कर रही थी. अनजाने में खुद को कमला की जगा इमेजिन कर रही थी के ो इस वक़्त एक ककड़ी अपनी शादीशुदा बुर में डालकर अंदर बहार कर रही हो. उसे उसमे मज़ा भी ारः था. उसकी आहें बढ़ रही थी टाइम के साथ. वहीँ आज़म भी धक्के लगाने में लगा तो हुवा था लेकिन मुस्कान के यूँ अचानक जोश को देख और उसका यूँ अपनी गांड धीरे धीरे ऊपर करने से ो भी नज़दीक था छूटने के...
आखिर कर आधे मिनट बाद आज़म कहते हुवे मुस्कान की छूट में झाड़ जाता है. मुस्कान भी अपने ख्याल से बहार अति है और देखती है के उसका शोहर झाड़ चूका है. मुस्कान की नज़र निचे अपनी शादीशुदा छूट पर जाती है. हलके सुनहरे बालों के निचे उसकी छूट के फुले हुवे लाइट पिंक लिप्स उसके शोहर के लुंड से लिपटे हुवे थे. झड़ने की वजा से आज़म का लुंड मुरझा चूका था और आज़म उसे निकल भी देता है और साइड में लेट जाता है.
Azam...jaan आज मज़ा आज्ञा..
Muskan..hmm
आज़म.. क्या सोच रही हो??
Muskan...kuch नहीं बस यूँ hi.
Azam..hmm वैसे आज क्या होगया था तुमको??
Muskan...kya मतलब क्या हुवा था??
Azam...kuch नहीं थोड़ा तुम एक्ससिटेड सी थी..
Muskan...waisi कोई बात नहीं बस आपके लिए...
Azam..hayyy...chalo मैं फ्रेश होकर अत हूँ..
Muskan...thik है...
आज़म के अंदर जाने के बाद मुस्कान उठकर शीशे के सामने अति है और खुद को उसमे देखने लगती है. शादी को 2 साल होचुके थे और इन 2 सालों में उसका फिगर काफी निखार चूका था जो उसुअल्ल्य नोटिस करती थी हालाँकि हेल्थ कॉन्ससियस थी ो फिर भी शोहर की सिवा करने में hi ज़्यादा ध्यान देती थी. ो इस वक़्त पूरी नंगी शीशे के सामने कड़ी खुद को निहारे जारही थी. उसकी नज़र अपने गोर गोल गोल चुचों पर जाती है जो एकदम परफेक्ट लगते थे और उनपर लाइट ब्राउन कलर के निप्पल्स तो चार चाँद लगते थे. फिर ो देखती है अपनी छूट को जहाँ उसके ऊपर हलके सुनहरे बाल थे और छूट के थोड़े नैचुरली फुले हुवे लाइट पिंक कलर के लिप्स. उसका पूरा गोरा बदन ऐसा था के जैसे उसपर एक भी दाग न हो. बिलकुल साफ़.
मुस्कान खुद को निहरने में लगी थी के आज़म बाथरूम से बहार आजाता है और अपनी बीवी को शीशे के सामने तेहरा हुवा पता है.
Azam..kya हुवा मुस्कान??
मुस्कान थोड़ी हड़बड़ा सी जाती है क्यूंकि ो ऐसे कभी नहीं करती थी. उसुअल्ल्य सेक्स के. बाद दोनों फ्रेश होकर सो जाते थे लेकिन आज मुस्कान थोड़ा वेइरेड सा एक्ट क्र रही थी.
Muskan...oo ू कुछ नही मैं तो बस ऐसे hi..
Azam..kya हुवा मुस्कान कुछ बात है??
Muskan...kuch भी तो नहीं खंखार आप टेंशन ले रहे hain...main फ्रेश होकर अति हूँ..
Azam...thik है...
थोड़ी देर बाद फ्रेश होकर जब मुस्कान वापस अति है तो आज़म सोचुका था जिसे देख मुस्कान स्माइल करती है और कपडे पहन कर सोजती है.
अगली सुबह नाश्ता करके आज़म ऑफिस के लिए निकल जाता है और मुस्कान थोड़े काम काम करके हॉल में बैठकर टीवी देखने में लग जाती है. कुछ देर बाद मज़दूर भी आजाते हैं काम के लिए. मुस्कान टीवी देखते हुवे बैठी hi थी के दूर बेल्ल बजती है. जब ो दूर जाकर खोलती है तो सामने रघु को पति है जो अपने दन्त दिखता हुवा खड़ा था. रघु को यूँ अचानक अपने सामने देखने से मुस्कान को कालका सन यद् अत है....
Raghu...aa मंसबब..
Muskan...haa बोलो क्या काम है???
Raghu...o मेमसाब मुझे वाशरूम जाना था...
मुस्कान मन men...isko बस वाशरूम hi जाना होता है कहीं वही वीडियो कॉल करने तो नहीं??? नहीं नहीं मैं हूँ घरमे इस वक़्त और ो इतनी हिम्मत तो नहीं करेगा...
Muskan...thik है उदर...
मुस्कान उसको वाशरूम दिखते हुवे बोलती है और रघु उदर चला जाता है और मुस्कान फिर दूर हल्का सा बंद करके वापस जाकर सोफे पर बैठ जाती है टीवी देखते हुवे. रघु वाशरूम में जानेके बाद हल्का सा दूर खोलकर बाथरूम जानेकी तरय करता है लेकिन ये रिस्की था क्यूंकि मुस्कान थी वहां. ो बाथरूम की तरफ जाने hi लगता है के मुस्कान थोड़ी मूवमेंट करती है जिसे देख झट से रघु वापस वाशरूम चला जाता है. ो सोचता है इतनी डेरिंग करनेके के चक्कर में ो पिट hi न जाये...
बाथरूम में होते हुवे रघु पेशाब करने लगता है और उसकी आवाज़ बहार हॉल तक आने लगती है जिसे मुस्कान भी सुन लेती है उसे बड़ा अजीब लग रहा था ो मन hi man..."chiiii"
फिर रघु वाशरूम से 5 मिनट बाद निकलता है. ो वाशरूम से निकल कर जाने hi वाला था के उसकी नज़र टीवी पर चली जाती है जो मुस्कान भी देख रही थी. ो इस वक़्त कोई मूवी देख रही थी जिसमे अचानक एक हॉट सन शुरू होजाता है जिसमे हीरो हेरिओं रोमांस कर रहे थे. रघु के कदम एकदम रुक जाते हैं. वहीँ मुस्कान जो टीवी देख रही थी उसे भी अहसास होता है के वाशरूम से रघु बहार आया है जस्ट. उसको बड़ा hi ऐम्बर्रासिंग फील होरहा था के ऐसे सन को इस वक़्त hi चलना था जब ो एक अधेड़ू उम्र का मज़दूर यहाँ पर था.
ऐसी ावकार्ड सिचुएशन में मुस्कान को नहीं समझ ारः था के ो क्या करे. रघु थोड़ी देर उस सन को देखता रहता है और जब ो एन्ड होता है तोह...
Raghu..aa मंसबब मेरा होगया ही..
मुस्कान को समझ नहीं अत के ये आखिर कर उसे क्यों बता रहा है...
Muskan..th ठीक ही..
रघु फिर बहार चला जाता है और मुस्कान थोड़ा रहत की साँस लेती है. बड़ी ावकार्ड सिचुएशन जो बन गयी थी थोड़ी देर pehle...uske बाद मुस्कान टीवी ऑफ करके बैडरूम चली जाती है. दोपहर में खाने के बाद वर्कर्स दोबारा काम पर लग जाते हैं इसी बिच मुस्कान सोजती है. शाम में उसकी आंख खुलती है और टिया पीनेके बाद फ्रेश होकर ो बहार निकलती है घरसे....
स्कूटी निकल कर ो गेट से बहार थोड़ा घुमनेके लिए निकल पड़ती है. ो कुछ दूर गयी hi थी के कोई use...."muskannn"
मुस्कान स्कूटी स्टॉप करके उदर देखती है तो ो निर्मला आंटी थी जिनके घर ो अक्सर जाया करती थी. ो फिर स्कूटी वहां ले जाती है..
Muskan...arey आंटी कैसी हैं आप??
Nirmala...main ठीक हूँ मुस्कान तुम कैसी हो? बोहत दिन होगये आयी नहीं घर...
Muskan..haha आंटी ो मेहमान ए थे इसलिए थोड़ा बिजी होगयी थी और आपको तो पता है न घर का रेनोवेशन का काम भी चल रहा है इसलिए आना जाना काम hi होता है...
Nirmala...ohh ाचा और कैसे चल रहा है घरका काम??
Muskan..bas चल रहा है आंटी...
Nirmala...hmm ावो न अंदर कहाँ जारही हो??
Muskan..o आंटी मैं तो बस निकली थी थोड़ा घूमने घरमे थोड़ा बोर होरही थी इसलिए...
Nirmala...haha ो तो है चलो एक एक चाय hi पि लेते हैं इसी बहाने बातें होजाएंगी और तुम्हारा बोरियत भी दूर होजायेगी और सच कहूं तो मेरी भी ः..
Muskan..hahaha चलिए आंटी चाय होजाये...
मुस्कान स्कूटी साइड में hi पार्क करने लगती है तभी वहां से एक रिक्शा गुज़रता है जिसमे बैठे लोगों को देख निर्मला आंटी अजीब सा मन बनती है जो मुस्कान भी नोटिस करती है.
Muskan...kya हुवा आंटी आप उस रिक्शा की तरफ देख kar...kon थे ो??
Nirmala...kya बताऊँ मुस्कान उस ाव्रत को देख कर hi मुझे घिन अति hai...besharm कहीं की...
मुस्कान को अजीब लगता है के निर्मला आंटी भला ऐसा क्यों बोल रही हैं.
Muskan...kyun आंटी क्या हुवा और कोण है ो ाव्रत??
Nirmala...muskan तुम तो कुछ 2 महीने पहले hi यहाँ आयी हो न तुमको शायद नहीं पता होगा इस बारे में...
Muskan..haa मैं समझी नहीं आंटी क्या हुवा था 2 महीने पहले??
Nirmala...o एक लम्बी कहानी है तुम चलो अंदर मैं बताती हूँ...
दोनों अंदर जाने के बाद हॉल में बैठ जाते हैं चाय पिटे हुवे.
Muskan...aunty ो आप कुछ बोल रही थी...
Nirmala...haa ो जो रिक्शा गया था न बहार उसमे न एक पति पत्नी थे...
Muskan..kon आंटी? कोण थे ो??
Nirmala...o समरीन और अहमद कुरैशी थे यहीं कुछ दुरी पर रहते हैं. ो बंसी की दुकान है न उनके सामने वाला जो घर है न ो उनका hi है...
Muskan...o ाचा ाचा मैंने देखा है ो घर लेकिन कबि बात नहीं हुवी उनसे...
Nirmala...bat करना भी मत खास कर के उस समरीन कुरैशी से...
Muskan...kyun आंटी??
Nirmala...o जो...
तभी दूर बेल्ल बजती है और निर्मला जाकर दूर खोलती है उसका पति था. निर्मला मुस्कान को फिर कभी उस बात को बतानेका बोलती है फिर मुस्कान थोड़ी देर बाद वहां से चली जाती है उसे समझ नहीं रहा था आखिर निर्मला आंटी बताना क्या चाहती हैं उस कपल के बारे में. ो यहीं पास hi थोड़ी दूर रहते थे. मुस्कान स्कूटी लेकर फिर वापस घर चली जाती है. वहां पर सरे मज़दूर काम पर लगे हुवे थे. मुस्कान स्कूटी पार्क करने के बाद वहीँ गार्डन में थोड़ा घूमने लगती है. ऊपर फ्लोर से काम करते हुवे रघु निचे देखता है मुस्कान को.
मुस्कान ने उसुअल सूट पहना हुवा था जिसमे ो सिंपल लेकिन मस्त लग रही थी. चलने की वजा से उसके सूट पर से चुचों की थिरकन हलकी हलकी दिख रही थी जिसका मज़ा रघु ले रहा था और जब मुस्कान दूसरी तरफ जाती तो रघु को मुस्कान की गांड की थिरकन के व्यू मिल रहा था.
ो मुस्कान को देखने में एकदम खो सा जाता है के तभी उसके साथ से कोई चीज़ निचे गिरती है उसके पास hi...
Ramesh..o रघु भाई संभल के क्या हुवा??
Raghu..kuch नहीं कुछ नहीं ो हाथ से गिर गया...
ीदार मुस्कान अब थोड़ी देर बाद अंदर चली जाती है. रात में मज़दूरों के जानेके बाद मुस्कान जो हॉल में बैठी हुवी थी ो ऊपर जानेका सोचती है देखने के क्या आज भी रघु ो सब कर रहा है. उसे खुद नहीं पता था के आखिर ो क्यों ो सब देखने बार बार जारही है. मुस्कान दूर ओपन hi कर रही थी के उसे आज़म की गाड़ी की आवाज़ अति है और ो रुक जाती है. आज़म आज जल्दी hi आज्ञा था मुस्कान फिर आज़म का बैग लेकर दोनों अंदर चले एते हैं.
Muskan...kya बात है आज जल्दी आगये आप..
Azam..bas भाई बीवी की यद् आगयी और दौड़े चले ए..
Muskan..haha ाचा जी 2 महीनों में पहली बार लगता है बीवी की इतनी जल्दी यद् आगयी काम पर जानेके बाद...
Azam...aisi बात नहीं है मैं तो अत रहा हूँ पहले भी है न?
Muskan..haha रहने दिज्ये..
Azam..haha बस आज काम जल्दी ख़तम होगया तो सोचा तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड क्र लेते हैं..
Muskan...hmm क्या बात है...
Azam..haa चलो मैं फ्रेश होकर अत हूँ फिर खाना खा लेते हैं...
Muskan...thik है...
आधे घंटे बाद दोनों खाना खा लेते हैं और हॉल में टीवी देखने बैठ जाते हैं. बातें करते हुवे दोनों काफी देर होजाती है...
Azam...to चलें वाकिंग के लिए फिर..
Muskan...raat नहीं होगयी कल के मुकाबले...?
Azam...koi रात नहीं हुवी चलो चलते हैं...
फिर दोनों रेडी होकर वाकिंग के लिए निकल पड़ते हैं. थोड़ी देर चलने के बाद मुस्कान थोड़ा थकन सा फील करने लगती है.
Muskan...chalen वापस मेरे पेअर दर्द करने लगे हैं...
Azam...isi के लिए तो ये वाकिंग कर रहे हैं देखना रोज़ इस तरह चलने से एक्टिव भी रहोगी और ऐसे कभी दर्द भी नहीं hoga...bas ो चाय की दुकान थोड़ी दूर है ो पीकर चलते हैं वापस...
Muskan...aap और आपकी चाय चलिए...
दोनों कुछ देर और चलने के बाद उस चाय के ठेले के पास पोहंच जाते हैं और वहां चाय का बोलते हैं. इसी बिच दोनों िद्र उदर की बातें करते हैं. चाय पीनेके बाद दोनों वापस जाने लगते हैं तभी...
कल की तरह वही आदमी मुस्कान और आज़म को जाते हुवे देख रहा था बीड़ी फूंकते हुवे.
तो बे कॉन्टिनोएड...