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गुरु – उह देखो तुम्हारा लुंड भी खरा हो गया है मेरे चुचो को देख कर. आओ न इनको दबा कर देखो…. तुमको बहुत मजा आएगा…..
पब अभी भी चुप था. और गुरु को आखें फर फर के देख रहा था. गुरुपित जैसी सुन्दर लड़की को इस अवस्था में देख कर और उसके मुँह से चुके लुंड जैसे सब्द सुन कर वो उत्तेजित होने लगा था. उसका लुंड तो बिना बात के भी खरा हो जाता था. पैर अभी गुरु को देख कर उसके मन में उत्तेजना आ रही थी. उसका मन भी उसकी चुचो की घाटी को देख कर उसके बूब्स को दवना चाहा रहा था. उसकी चुकी उसके ब्लाउज में से 50% तक नंगी दिख रही थी. एक दम गोरी चुकी थी. साइज भी एक दम धसू था. पैर उसने किसी तरह खुद पे काबू रखा था.
गुरु उसको और बड़का रही थी. ऐसा लग रहा था की गुरु सेक्स के नशे में पागल हो गई है
गुरु – ऊऊह्ह्ह ाहूओ न और प्यार करो मुझको. आज मुझको अपना बना लो. में सालो से इस मिलान को तरफ रही हु. क्या में तुमको अच्छी नहीं लगती. (और वो ये कहा कर उसकी आँखों में देखती है जो की उसकी चुचिओ पर तिकी थी) ओह्ह्ह तुम इनको देखना चाहते हो न. लो देखो इनको (और अपना ब्लाउज उतर कर फेक देती है). अब बताओ किसी है मेरी चुकी? पसंद आयी तुमको?? आओ न छू कर देखो. ये बहुत सख्त है. अऊ और इनको दबा दबा कर मुलायम कर दो. ाऊओ ना खा जाओ इनको. (गुरु बहुत hi सेक्सी ऐडा से बुला रही थी.)
पंकज तो बस चुप चाप बैठा उसकी अदाओ को देख रहा था. उसके मन में केवल वासना hi वासना थी. पैर वो गुरु के इसतरह एक दम से इनविटेशन से सकते में आ गया था. आज वो भी उसको पाना चाहता था. पैर न जाने क्यों उसका मंद उसे रोक रहा था. इसलिए वो बस गुरुपित की सेक्सी अदाओ का बेथ कर मजे ले रहा था. और उसका मन कर रहा था की वो अभी जाकर उसे पाकर ले और बना ले उसको अपनी. पर फिर उसने सोच की चलो पहले ये तो देख ले ये और क्या करती है. इतना कुछ देख कर उसको ये तो यकीं था की आज उसको एक छूट मिलेगी hi मिलेगी. उसके मंद ने sahi-galat सोचना बंद कर दिया था. वो तो गुरु की अदाओ का देवना होता जा रहा था. और गुरु भी उसको अपनी नंगी चुचिओ को हिल हिला कर दिखा रही थी. और वो इस सन को देख कर उसके मजे ले रहा था. गुरु के पिंक निप्पल एक दम तन गए थे. गुरु बहुत hi सेक्सी -2 बाटे बोल रही थी. उन बातो से उसका रुकना मुश्किल हो रहा था. पैर वो देखना चाहता था की गुरु कहा तक जाती है. इसलिए वो चुप चाप बेथ कर उसको देख रहा था.
पर गुरु उसको कुछ भी न करता देख उसको और भड़काने के लिए उसके सीने को शर्ट के ुकर से hi सहलाने लगती है. उसकी एक चुकी उसकी एक बाजु को छू रही थी. उसके स्पर्श से वो रोमांचित हो जाता है और वो अपना हाथ आगे बढ़ाने लगता है पर फिर सोचता है की यदि मेने ेशा किया तो ये सन यही पे बंद हो जायेगा और फिर कमान मेरे hi हाथ में होगी. इसलिए वो पहले गुरु के सेक्सी सन के पुरे मजे लेना चाहता था. फिर उसको छोड़ना चाहता था.
जब गुरु देख थी है की पंकज कुछ भी नहीं कर रहा है. तो वो उसके सीने को सहराते हुए कहती है – क्या हुआ मेरी चुकी पसंद नहीं आयी क्या. छू कर देखो न. (और उसके एक हाथ को पाकर कर अपने चुचो पे रख दिति है)
पंकज को तो मनो मुँह मागि मुराद मिल गयी थी. उसके चुचो को छूटे hi एक कुर्रत सा डोर गया उसके सरीर में. और वो उसके बूब्स को फील करने लगा. उसको बारे मजा आ रहा था.
पैर गुरु को लगा की वो कुछ नहीं कर रहा है तो वो बोलती है – ओह्ह्ह मुझको याद आया तुमको मेरी छूट बहुत पसंद है न. जंगल में कैसे देखा रहे थे. और छूने की कोकिलः भी कर रहे थे. लो अभी दिखती हु तुमको. सायद तुम उस दिन ढग से नहीं देख पाए. लो आज देख लो इसको जे बार के. (और ये कहते हुए वोट क पल में hi अपने बचे हुए कपड़े भी निकल देती है. अब गुरुपित एक दम नंगी थी. क्या बदन था उसका सोने से भी खरा. एक दम अप्सरा लग रही थी. और लगती भी क्यों न. अप्सरा (दस) से hi तो उसको ये बदन मिला था. 36 की चुकी जिनमे कोई झुकाव नहीं है एक दम सख्त. फिर एक दम पतली कमर 26 की जो माखन से भी जयादा चिकनी थी. उसमे उसकी गहरी नाभि जो बहुत hi सुन्दर थी उसके पास के टिल्ट है जिसको देख कर कोई भी अपना होश खोबेते. और फिर एक दम बड़े सी गांड 38 की जो बहुत hi मुलायम लग रही थी. और भरी हुई जंगो के बिच में एक छोटी सिक् छूट. कोई भी देख कर उसके लिए अपना सब कुछ लुटा दे. पैर गुरु तो आज अपना सब कुछ पंकज को सपना चाहती थी. उसका फेस वासना की आधी में एक दम लाल हो गया था. और वो आधी लेती हुई पंकज के सामने अपनी छूट को तागे खोल कर दिखा रही थी. वो इस टाइम एक दम बाजारू रंडियो की तरह कर रही थी. सायद उसको अब कण्ट्रोल नहीं हो प् रहा था. तो वो अपने एक हाथ से अपनी छूट को सहला रही थी और दूसरे हाथ से अपने चुकी को दबा रही थी. बहुत hi कामुक सन था.
गुरु – उह देखो तुम्हारा लुंड भी खरा हो गया है मेरे चुचो को देख कर. आओ न इनको दबा कर देखो…. तुमको बहुत मजा आएगा…..
पब अभी भी चुप था. और गुरु को आखें फर फर के देख रहा था. गुरुपित जैसी सुन्दर लड़की को इस अवस्था में देख कर और उसके मुँह से चुके लुंड जैसे सब्द सुन कर वो उत्तेजित होने लगा था. उसका लुंड तो बिना बात के भी खरा हो जाता था. पैर अभी गुरु को देख कर उसके मन में उत्तेजना आ रही थी. उसका मन भी उसकी चुचो की घाटी को देख कर उसके बूब्स को दवना चाहा रहा था. उसकी चुकी उसके ब्लाउज में से 50% तक नंगी दिख रही थी. एक दम गोरी चुकी थी. साइज भी एक दम धसू था. पैर उसने किसी तरह खुद पे काबू रखा था.
गुरु उसको और बड़का रही थी. ऐसा लग रहा था की गुरु सेक्स के नशे में पागल हो गई है
गुरु – ऊऊह्ह्ह ाहूओ न और प्यार करो मुझको. आज मुझको अपना बना लो. में सालो से इस मिलान को तरफ रही हु. क्या में तुमको अच्छी नहीं लगती. (और वो ये कहा कर उसकी आँखों में देखती है जो की उसकी चुचिओ पर तिकी थी) ओह्ह्ह तुम इनको देखना चाहते हो न. लो देखो इनको (और अपना ब्लाउज उतर कर फेक देती है). अब बताओ किसी है मेरी चुकी? पसंद आयी तुमको?? आओ न छू कर देखो. ये बहुत सख्त है. अऊ और इनको दबा दबा कर मुलायम कर दो. ाऊओ ना खा जाओ इनको. (गुरु बहुत hi सेक्सी ऐडा से बुला रही थी.)
पंकज तो बस चुप चाप बैठा उसकी अदाओ को देख रहा था. उसके मन में केवल वासना hi वासना थी. पैर वो गुरु के इसतरह एक दम से इनविटेशन से सकते में आ गया था. आज वो भी उसको पाना चाहता था. पैर न जाने क्यों उसका मंद उसे रोक रहा था. इसलिए वो बस गुरुपित की सेक्सी अदाओ का बेथ कर मजे ले रहा था. और उसका मन कर रहा था की वो अभी जाकर उसे पाकर ले और बना ले उसको अपनी. पर फिर उसने सोच की चलो पहले ये तो देख ले ये और क्या करती है. इतना कुछ देख कर उसको ये तो यकीं था की आज उसको एक छूट मिलेगी hi मिलेगी. उसके मंद ने sahi-galat सोचना बंद कर दिया था. वो तो गुरु की अदाओ का देवना होता जा रहा था. और गुरु भी उसको अपनी नंगी चुचिओ को हिल हिला कर दिखा रही थी. और वो इस सन को देख कर उसके मजे ले रहा था. गुरु के पिंक निप्पल एक दम तन गए थे. गुरु बहुत hi सेक्सी -2 बाटे बोल रही थी. उन बातो से उसका रुकना मुश्किल हो रहा था. पैर वो देखना चाहता था की गुरु कहा तक जाती है. इसलिए वो चुप चाप बेथ कर उसको देख रहा था.
पर गुरु उसको कुछ भी न करता देख उसको और भड़काने के लिए उसके सीने को शर्ट के ुकर से hi सहलाने लगती है. उसकी एक चुकी उसकी एक बाजु को छू रही थी. उसके स्पर्श से वो रोमांचित हो जाता है और वो अपना हाथ आगे बढ़ाने लगता है पर फिर सोचता है की यदि मेने ेशा किया तो ये सन यही पे बंद हो जायेगा और फिर कमान मेरे hi हाथ में होगी. इसलिए वो पहले गुरु के सेक्सी सन के पुरे मजे लेना चाहता था. फिर उसको छोड़ना चाहता था.
जब गुरु देख थी है की पंकज कुछ भी नहीं कर रहा है. तो वो उसके सीने को सहराते हुए कहती है – क्या हुआ मेरी चुकी पसंद नहीं आयी क्या. छू कर देखो न. (और उसके एक हाथ को पाकर कर अपने चुचो पे रख दिति है)
पंकज को तो मनो मुँह मागि मुराद मिल गयी थी. उसके चुचो को छूटे hi एक कुर्रत सा डोर गया उसके सरीर में. और वो उसके बूब्स को फील करने लगा. उसको बारे मजा आ रहा था.
पैर गुरु को लगा की वो कुछ नहीं कर रहा है तो वो बोलती है – ओह्ह्ह मुझको याद आया तुमको मेरी छूट बहुत पसंद है न. जंगल में कैसे देखा रहे थे. और छूने की कोकिलः भी कर रहे थे. लो अभी दिखती हु तुमको. सायद तुम उस दिन ढग से नहीं देख पाए. लो आज देख लो इसको जे बार के. (और ये कहते हुए वोट क पल में hi अपने बचे हुए कपड़े भी निकल देती है. अब गुरुपित एक दम नंगी थी. क्या बदन था उसका सोने से भी खरा. एक दम अप्सरा लग रही थी. और लगती भी क्यों न. अप्सरा (दस) से hi तो उसको ये बदन मिला था. 36 की चुकी जिनमे कोई झुकाव नहीं है एक दम सख्त. फिर एक दम पतली कमर 26 की जो माखन से भी जयादा चिकनी थी. उसमे उसकी गहरी नाभि जो बहुत hi सुन्दर थी उसके पास के टिल्ट है जिसको देख कर कोई भी अपना होश खोबेते. और फिर एक दम बड़े सी गांड 38 की जो बहुत hi मुलायम लग रही थी. और भरी हुई जंगो के बिच में एक छोटी सिक् छूट. कोई भी देख कर उसके लिए अपना सब कुछ लुटा दे. पैर गुरु तो आज अपना सब कुछ पंकज को सपना चाहती थी. उसका फेस वासना की आधी में एक दम लाल हो गया था. और वो आधी लेती हुई पंकज के सामने अपनी छूट को तागे खोल कर दिखा रही थी. वो इस टाइम एक दम बाजारू रंडियो की तरह कर रही थी. सायद उसको अब कण्ट्रोल नहीं हो प् रहा था. तो वो अपने एक हाथ से अपनी छूट को सहला रही थी और दूसरे हाथ से अपने चुकी को दबा रही थी. बहुत hi कामुक सन था.