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- Dec 5, 2013
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दीदी अब छोटी सी ब्रा में आ गयी तो अनवर ने दीदी के पेटीकोट का नाडा भी खिंच दिया तो मेने देखा दीदी ने थोंग पहनी थी.
दीदी ने अनवर के बदन पर साबुन लगाने के बाद साबुन का झाग बनाकर अनवर के लुंड पर लगाया और उसे अनवर के लुंड के निचे हाथ डालकर उसकी गांड में भी मॉल दिया .
शावर अभी बंद hi था तो दीदी बोली, - रोहित एक शैम्पू का पाउच भी दे दे तेरे जीजू के बाल में लगा दूँ.
मेने बाथरूम की स्टाप से एक शैम्पू का पाउच पकड़ाया तो दीदी ने उसे खोलकर हाथ में लिया और अनवर के बालों में लगा दिया.
दीदी शैम्पू करने में लगी थी इधर अनवर ने दीदी की ब्रा और पेंटी भी खोल दी और साबुन लेकर दीदी की छूट और गांड को पूरा झाग से भर दिया.
दीदी की छूट पर हाथ लगते hi दीदी की सिसकी निकली तो दीदी ने शावर ों कर दिया और दोनों नहाने लगे . दीदी ने हैंड शावर लेकर अनवर की गांड पे शावर किया और दोनों का बदन चमकने लगा तो अनवर ने दीदी को कमोड पर झुका दिया और दीदी की छूट में पीछे से लुंड घुसा दिया.
दीदी की जोर से चीख निकली और फिर अनवर ने दीदी की छूट को वैसे hi दस मिनट तक छोड़ा तो दीदी सिसकते हुए चुदती रही.
दोनों पर वियाग्रा का असर था इसलिए इतनी जल्दी झड़ने वाले नहीं थे ये बात दीदी को पता थी इसलिए दीदी बोली
दीदी,-- अनवर जी चलिए ना बीएड पर चुदाई करना .
अनवर ने लुंड निकल लिया जो दीदी के छूट रास से चमक रहा था.
दीदी ,-- रोहित टोलिया दे दे भाई .
मेने अलमारी से टोलिया निकलकर पकड़ाया तो दीदी अनवर के बदन को पोंछा और फिर खुद को पोंछ कर मुस्करा उठी तो में अपने सोफे पर आकर बेथ गया.
दोनों नंगे hi बाहर आये .दीदी गीले बालो में काम की रति लग रही थी .
अनवर ने दीदी को बाहर आते hi बीएड पर गिरा दिया और मेरी तरफ देखकर दीदी के मुंह के पास जाकर अपने लोढ़ा दीदी के मुंह में डालकर बोलै.
अनवर ,-- रोहित , दीदी की छूट का तजा रास पियोगे.
में.,-- हां जीजू अगर दीदी पिने को दे तो.
अनवर ,-- तो पि लो सोना की छूट बहुत पानी छोड़ रही ह . में इसको पूरा उतेजिट करता हु तुम पि लो.
में.,-- कैसे जीजू.
अनवर ,-- यार सोना की छूट में अंगुली डाकलार निकल कर पि लो , सोना ने मना किया ह क्या कभी तुम्हे.
अनवर की बात सुनकर मेरा लोढ़ा तमतमा गया और मुझे ये सुनकर यकीं नहीं हुआ की ये अनवर ने ये कहा ह और मुझे मालूम था की दीदी अपने प्रॉमिस के हिसाब से अब मन नहीं करेगी.
दीदी ,-- ये क्या बोल रहे ह अनवर जी.
अनवर ,-- भूल गयी अपना प्रॉमिस और निकाह के समय किया गया वडा की ये बदन अब तुम्हारा नहीं इस्पे मेरा हके ह.
दीदी मुस्करा कर ,-- आपको जो करना ह कीजिये में कुछ नहीं बोलूंगी.
अनवर ,-- आओ रोहित में सोना के मुंह में पानी डालता हूँ जो इसकी छूट से निकलेगा तुम वो पि लेना.
में उठाकर खड़ा हो गया तो अनवर ने दीदी को कहा ,-- सोना अपने पेअर चोदे कर लो.
दीदी ने शर्म से अपनी आँखे बंद कर ली और अपने पेअर चोदे कर लिए तो मुझे दीदी की सूंदर छूट दिखी . दीदी की छूट भी दीदी की तरह सुन्दर थी .दोनों जांघों के बिच उभरी हुयी त्रिभुजाकार छूट मन मोहक लग रही थी .
में दीदी के पेट के पास बेथ गया और दीदी की छूट के निचले हिस्से पर अंगुली लगाया तो दीदी उछाल पड़ी और अनवर का लुंड का सूपड़ा मुंह से निकल गया.
मेरी अंगुली पर दीदी की छूट का मदन रास लग गया जिसे में मुंह में लेकर चाट गया.
अनवर ,-- सोना क्या कर रही हो .
दीदी आँखे बंद किये hi बोली,-- सॉरी अनवर जी मुझे गुदगुदी हुयी थी .
अनवर ,-- रोहित यार सोना को गुदगुदी मत कर और आराम से छूट में अंगुली दाल कर रास लगाकर चाट ले .
दीदी अनवर की बात सुनकर आँखे बंद किये हुए बेशरमी से मुस्करायी तो अनवर ने फिर से अपना सूपड़ा दीदी के मुंह में घुसा दिया.
मेने फिर से अंगुली दीदी की छूट की तरफ की और इस बार दीदी की सेक्सी छूट में धीरे से पुश किया तो दीदी सिसक पड़ी .
मुझे अपनी अंगुली किसी फोम की तरह घुसती महसूस हुयी जैसे की फोम गिला हो . मेरी अंगुली दीदी की छूट रास से भीग गयी तो मेने अपनी अंगुली को निकल कर दीदी का सेक्सी रास चाट लिया .
दीदी की छूट पूरा पानी बहाये जा रही थी और धीरे धीरे मेरी अंगुली में दीदी का सफ़ेद पानी काम लगने लगा तो मेने कहा.
में ,-- जीजू लगता ह दीदी की छूट से पानी अब काम निकलने लगा ह .
अनवर ,-- बस इतनी सी बात लो सोना की छूट को झरने की तरह बना देता हु.
में.,-- कैसे जीजू .
अनवर ,-- देख इधर और तू भी सिख ले .
अनवर ने अपना लुंड दीदी के मुंह से निकला और फिर दीदी का हाथ ऊपर करके दीदी की चिकनी आर्म पिट को लीक करना शुरू कर दिया तो दीदी की कामुक सिसकिया निकलने लगी . अनवर ने फिर दीदी के गले और क्लीवेज चूमने के बाद दीदी की तानी हुयी निप्पल को जीभ से छेड़ना शुरू कर दिया.
दीदी अपनी आँखे बंद किये हुए अनवर का सर दबाने लगी अपनी चुकी पर तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- सोना अपने भाई के लिए एक बार पानी छोड़ न.
दीदी ,-- कैसे .
अनवर ,-- अपनी आँखे बंद करके सोच की तू कैसे नंगी होकर अपनी छूट को ऐसे hi फैलाये हुए पड़ी ह और वो चारो जैसे तेरे बूब्स चेक करके गए वैसे hi तेरी छूट को देख रहे ह.
दीदी ,--- आ ..... u....m...
अनवर ने दीदी की निप्पल को मुंह में लेकर चूसा तो दीदी सिसकते हुए झड़ने लगी.
मेने दीदी को झड़ते देखा तो जल्दी से पैरों के बिच पहुँच गया और झुक कर दीदी की छूट के निचे जीभ लगा कर उनका मदन रास जीभ पर गिरने दिया और उसे चाट गया .
दीदी का रास जीभ से चाट ते समय मेरा जीभ दीदी की छूट से टच हो गया तो मुझे लगा की मेरी जीभ मख्हन से टच हो गयी ह .
दीदी की छूट के टच ने मेरे साबरा का बांध टूट गया और में झाड़ गया तो उठकर सोफे पर बेथ गया.
अनवर ने मेरे बरमूडा को गिला देखा तो बोलै ,-- दोनों भाई बहन एक साथ झाड़ गए .
अनवर की बात सुनकर दीदी ने आँख खोलकर मेरे बरमूडा को देखा और शर्म से अपना सर अनवर की छाती में छुपा लिया.
दोनों चिपका जार लेट गए तो अनवर दीदी के होंठ चूमने लगा . मुझे गिला बरमूडा खोलना था इसलिए उठकर अपने कमरे में आया और छड़ी सहित बरमूडा खोलकर नंगा hi बाथरूम में चला गया और मूतने की कोशिश करने लगा .
वीर्य निकलते hi जल्दी से मूत आ नहीं रहा था प्रेस्सेर बना हुआ था इसलिए लुंड को थोड़ी देर ढीला छोड़ा और फिर मूतने लगा.
अभी दिन की शुरुवात हुयी थी और मुझे पता नहीं था की कितने बार पानी बहाना पड़ेगा इसलिए बाहर आकर एक कंडोम अपने लुंड पर चढ़ा लिया और चड्डी पहनकर दूसरा बरमूडा पहन लिया . तभी अनवर की आवाज आयी.
अनवर ,-- रोहित.
में ,-- आया जीजू .
में वापस दीदी के रूम में गया तो देखा दोनों वैसे hi एक दूसरे को चुम रहे थे. में चुपचाप सोफे पर बेथ गया तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- रोहित तू इतना कब से शर्माने लगा .
में ,-- वो मुझे बरमूडा बदल न था.
अनवर ,-- तो यही बदल लेता और हम दोनों नंगे ह फिर तुझे कपडे पहन ने की क्या जरुरत ह.
Me.,,--vo जीजू पूरी चड्डी भीग गयी थी इसलिए बदलने गया था .
अनवर ,-- अब गीली हो तो यही बदल लेना मेरे पास लुंगी ह एक्स्ट्रा वो पहन लिया कर.
में.,-- ठीक ह जीजू.
अनवर ,-- अगर तू इस तरह से शरमाएगा तो में तेरी दीदी की शर्म कैसे निकलूंगा तूने देखा नहीं ये कितनी शर्मीली ह . आँखे बंद किये hi झाड़ जाती ह.
दीदी ने अनवर की बात सुनी तो अपना चेहरा फिर से अनवर की छाती में घुसा लिया तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- रोहित तूने मेरी बहन को छोड़ा तो उसके चेहरे पर शर्म देखि थी क्या.
में.,-- जीजू नोरा बिलकुल बेशरम होकर छुड़वाई थी और दीदी से छोटी भी थी.
अनवर ,-- और सोना को देख नोरा से सात साल बड़ी होकर भी कैसे मुंह छुपाये हुए ह.
में.,-- जीजू नोरा की शर्म आपने कैसे निकली थी .
अनवर ,-- उसकी शर्म मेने नहीं इसके बॉयफ्रेंड ने निकली थी वो उसे अपने रूम में पोर्न क्लिप दिखा कर उसकी चुदाई करता था.
में.,-- जीजू पोर्न क्लिप तो दीदी भी बहुत देखती ह .इनके लैपटॉप में पोर्न का पूरा कलेक्शन ह .
अनवर ,-- लगता ह सोना की शर्म निकलने के लिए कुछ और तरय करना पड़ेगा.
तभी दीदी जल्दी से कड़ी हुयी और बाथरूम में भाग गयी वो बिना गेट बंद किये hi कमोड पर बेथ गयी और मूतने लगी .
सोफे पर से कमोड पूरा दीखता था इसलिए दीदी ने जब नजर उठायी तो मुझसे दीदी की नजर मिली . मुझे देखकर दीदी मुस्कराई और अपने पेरो पर कड़ी होकर मूतने लगी.
मुझे दीदी की सूंदर छूट से पिले रंग की मूट की धार दिखने लगी तो दीदी ने मुझे देखकर आँख मरी .
मेरा लुंड जो सेमि नुदे हालत में था फिर से खड़ा hi गया और कंडोम में प्रे कॉम की बून्द निकल कर गिर गयी.
दीदी ने अनवर के बदन पर साबुन लगाने के बाद साबुन का झाग बनाकर अनवर के लुंड पर लगाया और उसे अनवर के लुंड के निचे हाथ डालकर उसकी गांड में भी मॉल दिया .
शावर अभी बंद hi था तो दीदी बोली, - रोहित एक शैम्पू का पाउच भी दे दे तेरे जीजू के बाल में लगा दूँ.
मेने बाथरूम की स्टाप से एक शैम्पू का पाउच पकड़ाया तो दीदी ने उसे खोलकर हाथ में लिया और अनवर के बालों में लगा दिया.
दीदी शैम्पू करने में लगी थी इधर अनवर ने दीदी की ब्रा और पेंटी भी खोल दी और साबुन लेकर दीदी की छूट और गांड को पूरा झाग से भर दिया.
दीदी की छूट पर हाथ लगते hi दीदी की सिसकी निकली तो दीदी ने शावर ों कर दिया और दोनों नहाने लगे . दीदी ने हैंड शावर लेकर अनवर की गांड पे शावर किया और दोनों का बदन चमकने लगा तो अनवर ने दीदी को कमोड पर झुका दिया और दीदी की छूट में पीछे से लुंड घुसा दिया.
दीदी की जोर से चीख निकली और फिर अनवर ने दीदी की छूट को वैसे hi दस मिनट तक छोड़ा तो दीदी सिसकते हुए चुदती रही.
दोनों पर वियाग्रा का असर था इसलिए इतनी जल्दी झड़ने वाले नहीं थे ये बात दीदी को पता थी इसलिए दीदी बोली
दीदी,-- अनवर जी चलिए ना बीएड पर चुदाई करना .
अनवर ने लुंड निकल लिया जो दीदी के छूट रास से चमक रहा था.
दीदी ,-- रोहित टोलिया दे दे भाई .
मेने अलमारी से टोलिया निकलकर पकड़ाया तो दीदी अनवर के बदन को पोंछा और फिर खुद को पोंछ कर मुस्करा उठी तो में अपने सोफे पर आकर बेथ गया.
दोनों नंगे hi बाहर आये .दीदी गीले बालो में काम की रति लग रही थी .
अनवर ने दीदी को बाहर आते hi बीएड पर गिरा दिया और मेरी तरफ देखकर दीदी के मुंह के पास जाकर अपने लोढ़ा दीदी के मुंह में डालकर बोलै.
अनवर ,-- रोहित , दीदी की छूट का तजा रास पियोगे.
में.,-- हां जीजू अगर दीदी पिने को दे तो.
अनवर ,-- तो पि लो सोना की छूट बहुत पानी छोड़ रही ह . में इसको पूरा उतेजिट करता हु तुम पि लो.
में.,-- कैसे जीजू.
अनवर ,-- यार सोना की छूट में अंगुली डाकलार निकल कर पि लो , सोना ने मना किया ह क्या कभी तुम्हे.
अनवर की बात सुनकर मेरा लोढ़ा तमतमा गया और मुझे ये सुनकर यकीं नहीं हुआ की ये अनवर ने ये कहा ह और मुझे मालूम था की दीदी अपने प्रॉमिस के हिसाब से अब मन नहीं करेगी.
दीदी ,-- ये क्या बोल रहे ह अनवर जी.
अनवर ,-- भूल गयी अपना प्रॉमिस और निकाह के समय किया गया वडा की ये बदन अब तुम्हारा नहीं इस्पे मेरा हके ह.
दीदी मुस्करा कर ,-- आपको जो करना ह कीजिये में कुछ नहीं बोलूंगी.
अनवर ,-- आओ रोहित में सोना के मुंह में पानी डालता हूँ जो इसकी छूट से निकलेगा तुम वो पि लेना.
में उठाकर खड़ा हो गया तो अनवर ने दीदी को कहा ,-- सोना अपने पेअर चोदे कर लो.
दीदी ने शर्म से अपनी आँखे बंद कर ली और अपने पेअर चोदे कर लिए तो मुझे दीदी की सूंदर छूट दिखी . दीदी की छूट भी दीदी की तरह सुन्दर थी .दोनों जांघों के बिच उभरी हुयी त्रिभुजाकार छूट मन मोहक लग रही थी .
में दीदी के पेट के पास बेथ गया और दीदी की छूट के निचले हिस्से पर अंगुली लगाया तो दीदी उछाल पड़ी और अनवर का लुंड का सूपड़ा मुंह से निकल गया.
मेरी अंगुली पर दीदी की छूट का मदन रास लग गया जिसे में मुंह में लेकर चाट गया.
अनवर ,-- सोना क्या कर रही हो .
दीदी आँखे बंद किये hi बोली,-- सॉरी अनवर जी मुझे गुदगुदी हुयी थी .
अनवर ,-- रोहित यार सोना को गुदगुदी मत कर और आराम से छूट में अंगुली दाल कर रास लगाकर चाट ले .
दीदी अनवर की बात सुनकर आँखे बंद किये हुए बेशरमी से मुस्करायी तो अनवर ने फिर से अपना सूपड़ा दीदी के मुंह में घुसा दिया.
मेने फिर से अंगुली दीदी की छूट की तरफ की और इस बार दीदी की सेक्सी छूट में धीरे से पुश किया तो दीदी सिसक पड़ी .
मुझे अपनी अंगुली किसी फोम की तरह घुसती महसूस हुयी जैसे की फोम गिला हो . मेरी अंगुली दीदी की छूट रास से भीग गयी तो मेने अपनी अंगुली को निकल कर दीदी का सेक्सी रास चाट लिया .
दीदी की छूट पूरा पानी बहाये जा रही थी और धीरे धीरे मेरी अंगुली में दीदी का सफ़ेद पानी काम लगने लगा तो मेने कहा.
में ,-- जीजू लगता ह दीदी की छूट से पानी अब काम निकलने लगा ह .
अनवर ,-- बस इतनी सी बात लो सोना की छूट को झरने की तरह बना देता हु.
में.,-- कैसे जीजू .
अनवर ,-- देख इधर और तू भी सिख ले .
अनवर ने अपना लुंड दीदी के मुंह से निकला और फिर दीदी का हाथ ऊपर करके दीदी की चिकनी आर्म पिट को लीक करना शुरू कर दिया तो दीदी की कामुक सिसकिया निकलने लगी . अनवर ने फिर दीदी के गले और क्लीवेज चूमने के बाद दीदी की तानी हुयी निप्पल को जीभ से छेड़ना शुरू कर दिया.
दीदी अपनी आँखे बंद किये हुए अनवर का सर दबाने लगी अपनी चुकी पर तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- सोना अपने भाई के लिए एक बार पानी छोड़ न.
दीदी ,-- कैसे .
अनवर ,-- अपनी आँखे बंद करके सोच की तू कैसे नंगी होकर अपनी छूट को ऐसे hi फैलाये हुए पड़ी ह और वो चारो जैसे तेरे बूब्स चेक करके गए वैसे hi तेरी छूट को देख रहे ह.
दीदी ,--- आ ..... u....m...
अनवर ने दीदी की निप्पल को मुंह में लेकर चूसा तो दीदी सिसकते हुए झड़ने लगी.
मेने दीदी को झड़ते देखा तो जल्दी से पैरों के बिच पहुँच गया और झुक कर दीदी की छूट के निचे जीभ लगा कर उनका मदन रास जीभ पर गिरने दिया और उसे चाट गया .
दीदी का रास जीभ से चाट ते समय मेरा जीभ दीदी की छूट से टच हो गया तो मुझे लगा की मेरी जीभ मख्हन से टच हो गयी ह .
दीदी की छूट के टच ने मेरे साबरा का बांध टूट गया और में झाड़ गया तो उठकर सोफे पर बेथ गया.
अनवर ने मेरे बरमूडा को गिला देखा तो बोलै ,-- दोनों भाई बहन एक साथ झाड़ गए .
अनवर की बात सुनकर दीदी ने आँख खोलकर मेरे बरमूडा को देखा और शर्म से अपना सर अनवर की छाती में छुपा लिया.
दोनों चिपका जार लेट गए तो अनवर दीदी के होंठ चूमने लगा . मुझे गिला बरमूडा खोलना था इसलिए उठकर अपने कमरे में आया और छड़ी सहित बरमूडा खोलकर नंगा hi बाथरूम में चला गया और मूतने की कोशिश करने लगा .
वीर्य निकलते hi जल्दी से मूत आ नहीं रहा था प्रेस्सेर बना हुआ था इसलिए लुंड को थोड़ी देर ढीला छोड़ा और फिर मूतने लगा.
अभी दिन की शुरुवात हुयी थी और मुझे पता नहीं था की कितने बार पानी बहाना पड़ेगा इसलिए बाहर आकर एक कंडोम अपने लुंड पर चढ़ा लिया और चड्डी पहनकर दूसरा बरमूडा पहन लिया . तभी अनवर की आवाज आयी.
अनवर ,-- रोहित.
में ,-- आया जीजू .
में वापस दीदी के रूम में गया तो देखा दोनों वैसे hi एक दूसरे को चुम रहे थे. में चुपचाप सोफे पर बेथ गया तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- रोहित तू इतना कब से शर्माने लगा .
में ,-- वो मुझे बरमूडा बदल न था.
अनवर ,-- तो यही बदल लेता और हम दोनों नंगे ह फिर तुझे कपडे पहन ने की क्या जरुरत ह.
Me.,,--vo जीजू पूरी चड्डी भीग गयी थी इसलिए बदलने गया था .
अनवर ,-- अब गीली हो तो यही बदल लेना मेरे पास लुंगी ह एक्स्ट्रा वो पहन लिया कर.
में.,-- ठीक ह जीजू.
अनवर ,-- अगर तू इस तरह से शरमाएगा तो में तेरी दीदी की शर्म कैसे निकलूंगा तूने देखा नहीं ये कितनी शर्मीली ह . आँखे बंद किये hi झाड़ जाती ह.
दीदी ने अनवर की बात सुनी तो अपना चेहरा फिर से अनवर की छाती में घुसा लिया तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- रोहित तूने मेरी बहन को छोड़ा तो उसके चेहरे पर शर्म देखि थी क्या.
में.,-- जीजू नोरा बिलकुल बेशरम होकर छुड़वाई थी और दीदी से छोटी भी थी.
अनवर ,-- और सोना को देख नोरा से सात साल बड़ी होकर भी कैसे मुंह छुपाये हुए ह.
में.,-- जीजू नोरा की शर्म आपने कैसे निकली थी .
अनवर ,-- उसकी शर्म मेने नहीं इसके बॉयफ्रेंड ने निकली थी वो उसे अपने रूम में पोर्न क्लिप दिखा कर उसकी चुदाई करता था.
में.,-- जीजू पोर्न क्लिप तो दीदी भी बहुत देखती ह .इनके लैपटॉप में पोर्न का पूरा कलेक्शन ह .
अनवर ,-- लगता ह सोना की शर्म निकलने के लिए कुछ और तरय करना पड़ेगा.
तभी दीदी जल्दी से कड़ी हुयी और बाथरूम में भाग गयी वो बिना गेट बंद किये hi कमोड पर बेथ गयी और मूतने लगी .
सोफे पर से कमोड पूरा दीखता था इसलिए दीदी ने जब नजर उठायी तो मुझसे दीदी की नजर मिली . मुझे देखकर दीदी मुस्कराई और अपने पेरो पर कड़ी होकर मूतने लगी.
मुझे दीदी की सूंदर छूट से पिले रंग की मूट की धार दिखने लगी तो दीदी ने मुझे देखकर आँख मरी .
मेरा लुंड जो सेमि नुदे हालत में था फिर से खड़ा hi गया और कंडोम में प्रे कॉम की बून्द निकल कर गिर गयी.