Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure - Page 8 - SexBaba
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Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure

दीदी ,-- जी बोलिये अनवर जी.

अनवर ,-- मुझे पता ह तुम मेरा इस्तेमाल करके छोड़ डौगी .

दीदी चुप रही तो अनवर बोलै .

अनवर ,-- तुम्हे जवाब देना होगा सोना क्या तुम मेरे से परमानेंटली निकाह कर के मेरे बच्चे पैदा करोगी.

दीदी ,-- नहीं .

अनवर ,-- मेरा इस्तेमाल सिर्फ तुम अपने गोआल पूरा करने को कर रही हो.

दीदी ,-- हम्म.

अनवर ,-- तुम मुझे समीर भैया की तरह आगे दूसरा कोई पकड़ लोगी .

दीदी फिर चुप हो गयी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- जैसे तुम मेरा इस्तेमाल करना चाहती हो वैसे hi में भी एक सप्ताह अपनी कुछ फंतासी पूरा करना चाहता हु.

दीदी ,-- जी आप बता चुके.

अनवर ,-- में उसके लिए कुछ लिमिट तय करना चाहता हु जो तुम्हे मन नई पड़ेगी.

दीदी ,-- जी बताइये.

अनवर ,-- तुम्हे एक सप्ताह तक मेरी कम्पलीट बेगम बन न पड़ेगा .कुछ रूल्स फॉलो करने होंगे.

दीदी ,-- जी ,वैसे तो आप बता चुके ह फ़ोन फिर भी आप को रोहित को सुनना ह तो बता दीजिये.

अनवर ,-- तुम उस रूम से बाहर निकलोगी तो तुम्हे साड़ी hi पहन नई पड़ेगी.

दीदी ,-- जी , मेने उसके लिए ब्लाउज सिल्वा लिए.

अनवर ,-- तुम अपने मन में मेरे लिए शोहर का भाव रखोगी.

दीदी ,-- जी में तीन दिन से अपने मन से, दिल दे आपको अपना पति मान चुकी.

अनवर मेरी दीदी को जो उस से बड़ी थी हर बार तू तड़क से बात कर रहा था जबकि दीदी उसे पुरे सम्मान से बोल रही थी . दीदी के बोलने से लग रहा था जैसे वो अनवर की वास्तव में बीबी बन गयी थी.

अनवर ,-- में तुम्हे अपने दीं के हिसाब से कुछ भी करवाऊंगा तो तुम हंस कर करोगी.

दीदी ,-- जी मुझे पता ह अभी वो चारो साहब भी आपके सामने मेरे मुंह में थूक कर गए थे तो में हंस कर पि गयी थी.

दीदी की बात सुनकर में सोचने लगा की दीदी के साथ उन दस पंद्रह मिनट में क्या क्या हुआ होगा. जब दीदी इन चारो का थूक पि गयी तो और भी बहुत कुछ हुआ होगा जो दीदी ने मुझे नहीं बताया .

अनवर ,-- तुम्हारे बदन पर एक सप्ताह मेरा पूरा हक़ होगा . में जैसे चहु या जब चहु भोग सकता हु .तुम्हे हर समय तैयार रहना होगा.

दीदी ,-- जी में आपको शिकायत का मौका नहीं दूंगी.

अनवर ,-- मुझे मेरे नाम के साथ जी लगाकर बोलोगी. या फिर शोहर या स्वामी बोल सकती हो.

दीदी ,-- में तीन दिन से यही कर रही हु आज मेने आपको एक बार भी बिना जी लगाए नहीं बुलाया.

अनवर ,-- में अपना पूरा वीर्य तेरी छूट में डालूंगा . कंडोम के लिए नहीं बोलोगी.

दीदी ,-- जी , में पिल्स ले लुंगी.

अनवर ,-- तुम्हे सुबह होते hi अपने आप को संस्कारी लुक में आ जाओगी और हमेशा बिंदी और मांग भर के रखोगी.

दीदी ,-- हम्म,

अनवर ,-- रोहित तुमने सुन लिया ना अगर सोना इसमें गलती करेगी तो में पुनीश करूँगा तुम नाराज मत होना.

दीदी ,-- मेने आपको भी कुछ शर्ते बताई थी याद ह ना.

अनवर ,-- हम्म , में तुम्हारी कोई फोटो नहीं लूंगा अपने फ़ोन से , रोहित हमेशा साथ रहेगा और यहाँ से जाने के बाद इस बात का जिक्र किसी से नहीं करूँगा.

दीदी ,-- जी .

अनवर ,-- अब तुम जा सकती हो बैडरूम में , में रोहित से बात करके फिर दस मिनट में आ रहे ह.

दीदी उठकर रूम में चली गयी तो अनवर दीदी की गांड को देखकर अपना लुंड मसलने लगा.

अनवर ,-- मस्त गांड ह दीदी की.

दीदी के जाते hi अनवर मेरे पास आकर बेथ गया और धीरे से बोलै ,-- रोहित मुझे पता ह तुम िन्सेंट पसंद करते हो

में.,-- हम्म .

अनवर ,-- तुम लकी हो जो तुम्हे दीदी मौका दे रही ह . तुम इस मोके का पूरा फायदा उठा सकते हो.

में.,-- कैसे.

अनवर ,-- तुम दीदी के साथ जैसे भी चाहो में वो करूँगा . तुम मुझे बता देना.

में.,-- मुझे दीदी को हुमिलियते होते देखना ह .

अनवर.,-- और भी कुछ देखना हो वो बोल देना. में दीदी के थ्रू तुम्हे बुलवा दूंगा.

में.,-- हम्म .

अनवर ,-- तुम्हारे पास दीदी का फ़ोन ह तुम उसके सोशल अकाउंट देख लेना वो क्या पसंद करती ह वो भी हम मिलकर पूरा कर देंगे.

में.,-- जरूर .

अनवर अब तुम दीदी के पास जाकर देखो सब तैयारी ह या नहीं और उसे थोड़ा कन्विंस करो वो बहुत नौरवास लग रही ह .

Me.,--Didi नर्वस तो ह में उसका मूड ठीक करता हु . तुम आधे घंटे बाद आ जाना .

में दीदी के रूम में घुसा और पूरी लाइट ों कर दी तो देखा दीदी घूँघट कर के बैठी थी . लहंगा चोली में दीदी पूरी मेच्योर दुल्हन लग रही थी . उसका बाद पूरा सजा हुआ था और पीछे की दिवार पर अनवर वेड्स सोनाक्षी लिखा हुआ था.

दीदी शर्म से नजरे गड़ाए हुए थी उसने एक बार भी नहीं देखा की अंदर कोण आया h.didi के पलंग के पास एक छोटी स्टूल राखी हुयी थी जिसपे पानी और कुछ सामान रखा हुआ था .

में दीदी के पास जाकर उनके बीएड पर बेथ गया पर दीदी ने नजर नहीं उठायी तो मेने उनकी ठुड्डी पकड़कर उनका चेहरा ऊपर किया तो दीदी ने मुझे देखा और इधर उधर देखने लगी.

में.,-- क्या बात ह दीदी आज तो पूरी नयी नवेली दुल्हन बनकर दुल्हन की तरह शर्मा रही हो. जीजू आधे घंटे बाद आएंगे दीदी.

दीदी ,-- रोहित में भले hi कुछ दिन की दुल्हन बानी हु .पर में वही फिलिंग महसूस करना चाहती हु. क्या हुआ तुमसे अनवर जी की कोई बात हुयी क्या.

में.,-- दीदी आप इतनी नौरवास हो इसलिए जीजू ने कहा की ऐसे कैसे सुहागरात होगी.

दीदी ,-- रोहित में अनवर जी को अपना पति फील करके नौरवास हूँ.

में.,-- सो चूहे खाकर बिल्ली चली हज करने.

दीदी ,-- क्या मतलब.

में.,-- समीर भैया से छुड़वा छुड़वा कर पूरी औरत बन चुकी अब घबरा रही हो.

दीदी मुस्करा कर ,-- shaitan.mujhe उन चारो ने कसम दिलाई ह की मुझे अनवर जी को जितने दिन उनकी बेगम बानी हु तन मन से पति मन न होगा इसलिए थोड़ी सी नौरवास हु..

में.,-- चली रिलैक्स हो जाओ और अपनी फोटो खिंचवा लो दुल्हन की ड्रेस में.

दीदी ,-- खिंच न मुझे अपने अल्बम में लगनी ह.

में.,-- तो फिर चेहरे पर स्माइल लेकर आओ फिर अच्छी फोटो खींचता हु.

दीदी मुस्करा कर ,-- लो अब खींचो.

मेने दीदी का लहंगा पुरे बीएड पर फैलाये और घूँघट को आँखों तक करके दीदी की फोटो ली तो दीदी ने अलग अलग पोज़ बनाकर फोटो दी .

मेने दीदी को फ़ोन दिखाया तो दीदी ने फोटो देखकर कहा ,-- बहुत अच्छी फोटो आयी ह रोहित.

में.,-- इसे किस किस को भेजू दीदी.

दीदी ,-- तुझे जिसे भेजनी ह भेज दे पर फेसबुक पर देख लेना उसमे अलग अलग तीन I'd ह. पहले वाले में मत डालना उसमे सब परिवार के लोग . दूसरी में मेरे कुछ अननोन फ्रेंड ह वो मुझे दूसरे नाम से जानते ह उन्हें मत भेजना.

में.,-- क्यों दीदी .

दीदी ,-- तू एक बार मैसेंजर पर उनके साथ हुयी चाट पढ़ लेना तुझे समझ में आ जायेगा.

मेने बातों बातों में मैसेंजर खोल लिया और दीदी की चाट पढ़ी तो हैरान रह गया.

चाट कुछ इस तरह से थी.

मन 1 . Hello रंडी.

दीदी .,-- बोल राजा.

मन ,-- रोलप्ले करेगी.

दीदी ,-- रोले बता.

में,-- आज तू मेरी मम्मी बनेगी.

दीदी ,-- बोल बीटा.

में ,-- मम्मी आज बहुत मन ह छोड़ने का.

दीदी ,-- लुंड खड़ा ह क्या मेरे बेटे का.

मन ,-- हम्म मम्मी में आ रहा हु आपके रूम में.

दीदी ,-- आजा बीटा तेरी मम्मी तड़प रही ह.

में,-- अभी तेरी साडी तड़प मिटा दूंगा मेरी रंडी माँ.

में पढ़ hi रहा था की दीदी बोली ,-- ये तू बाद में पढ़ लेना और देख लेना फोटो डालना सही रहेगा क्या क्योंकि इसमें मेरी एक भी ओरिजिनल फोटो नहीं ह.

में.,-- समझ गया दीदी , में नहीं डालूंगा.

दीदी ,-- तू खुश तो ह न मेरे फैसले से.

में.,-- कोनसे फैसले से दीदी.

दीदी ,-- मेने तेरे दोस्त को अपना शोहर बना लिया.

में.,-- बहुत अच्छा किया दीदी .अनवर से अच्छा ऑप्शन नहीं हो सकता था दूसरा .

दीदी ,-' थैंक्स रोहित .

में.,-- दीदी आप के पास बेशरम बनने का यही सबसे अच्छा मौका ह.

दीदी ,-- हम्म , तू साथ देगा न.

में.,-- अगर में अनवर के सामने आपको गाली दू तो आप बुरा तो नहीं मानेगी.

दीदी ,-- नहीं , मुझे ख़ुशी होगी क्योंकि आगे के गोआल के लिए मुझे शर्म छोड़नी hi होगी.

में.,-- तब फिर कुछ गलती जान बूझकर भी करना.

दीदी ,-- क्यों

में.,-- ताकि अनवर को गुस्सा आये और वो आपको पुनीश करे और आप पर हावी रागे.

दीदी ,-- हम्म .

में.,-- आप अनवर से खुल कर सेक्सी बातें करना जिस से उसे मज़ा आये और वो आपको रंडी की तरह ट्रीट कटे.

दीदी ,-- वो में बहुत स्टडी कर ली तू अनवर को मेरे सामने दोस्त मत बोलना .

में.,-- हम्म

दीदी ,-- और मुझे कभी कभी दीदी के आलावा और कुछ भी बोलना.

में.,-- वो मुझे नाजनीन दीदी बता चुकी .बस आप अब मूड ठीक करो . आप कहो तो एक टेबलेट और दू.

दीदी मुस्करा कर ,-- नहीं में वैसे hi बहुत गरम हु दो दिन से. कही अनवर पास्ट न हो जाये.

में.,-- नहीं होगा .मेने उसका स्टैमिना देखा ह .लम्बी राईस का घोडा ह वो.

तो बे कॉन्टिनोएड..
 
हम दोनों की बाते को आधा घंटा हो चूका था तभी अनवर ने गेट नॉक किया .में उठकर सोफे पर बेथ गया और बोलै ,-- आ जाइये जीजू.

मेरी बात सुनकर दीदी की धड़कन फिर से तेज चलने लगी.

अनवर अंदर आया तो दीदी ने एक बार फिर से नजर झुका ली .अब दीदी बेडसीट पर पड़े एक फूल को अपनी अंगुली से मसल रही थी.

अनवर मुझे देख कर मुस्कराया उसने इत्र लगा लिया था और कुरता पजामा में स्मार्ट लग रहा था . उसके अंदर आते hi इत्र से पूरा रूम महक उठा.

उसके हाथ में वही गुलाब का अधखिला फूल था जो हमने ख़रीदा था .

वो दीदी की सुंदरता को कुछ देर तक अपनी आँखों से छोड़ता रहा और दीदी की चोली में से उनके बूब्स को ऊपर निचे होते देखता रहा. फिर वो दीदी के पास जाकर पलंग पर बेथ गया और दीदी के हाथ में फूल पकड़ा कर उनकी ठुड्डी को ऊपर किया और दोनों हाथो से उनका घूँघट उठाने लगा.

दीदी का चाँद सा मुखड़ा देखकर उसने दीदी दीदी की आँखों में देखा तो दीदी ने आँखे बंद कर ली. में दीदी के फ़ोन से लगातार फोटो क्लिक कर रहा था .

दीदी का घूँघट उठाकर वो दीदी की नाक के पास फूल कर दिया जिसके खुसबू ने दीदी को मदहोश कर दिया .

अनवर ,-- शादी की पहली रात मुबारक हो बेगम.

दीदी धीरे से ,-- आपको भी सरताज.

अनवर ,- बेगम इस अधखिले फूल को ध्यान से देखो.

दीदी नजर उठाकर फूल को देखने लगी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- बेगम ये फूल भी तुम्हारी तरह अधखिला ह .इसे भँवरे ने काली से फूल तो बना दिया पर माली ने पूरा खिलने नहीं दिया.

दीदी ,-- जी में समझी नहीं अनवर जी .

अनवर ,-- जैसे आप को समीर भैया ने काली से फूल तो बना दिया पर पूरा खिलने नहीं दिया .

दीदी ये सुनकर लज्जा गयी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- अब में तुमको पूरा खिला कर मस्त फूल बना दूंगा बेगम .

दीदी मुस्करा कर ,-- जी खिला दीजिये , ये अधखिला फूल अब आपके हवाले ह.

अनवर ,-- उसके लिए हमें आपका पराग चूसना होगा बेगम.

दीदी ,-- जी चूस लीजिये स्वामी.

अनवर ,-- बेगम काली पर तो एक hi जगह प्राग होता ह तुम्हारे बदन से हमें पराग चूसना होगा और आपके बदन को खिलने के लिए तीन जगह पर रास घुसना पड़ेगा.

दीदी अनवर की बात सुनकर लज्जा गयी . अनवर दीदी से जिस अंदाज में बात कर रहा था उसने मेरे लुंड को पूरा सर उठाने पर मजबूर कर दिया.

दीदी अनवर की आँखों में अपने लिए बेपनाह प्यार देख रही थी वही दीदी की गुलाबी आँखे पूरी प्यासी लग रही थी.

अनवर ने दीदी के होंठ पर एक चुम्बन लिया तो दीदी नजर झुका ली .

अनवर को दीदी की सांसो से शराब की महक आ गयी थी लेकिन वो खुद भी मेरे साथ दो पेग लगाकर आया था इसलिए ज्यादा गौर नहीं किया.

अनवर ,-- बेगम हम एक रश्म बाकि रह गयी वो पूरा करना चाहते ह .आप को भी कोई रस्म ऐडा करनी ह तो बता दीजिये.

दीदी ,-- जी , हम सुहागरात से पहले आपका आशीर्वाद चाहते ह ताकि आप को हम अपना बदन समर्पित कर सके.

अनवर ,-- तो फिर देर किस बात की ह बेगम .

दीदी पलंग पर से निचे उत्तरी और कड़ी हुयी तो अनवर भी खड़ा हो गया .

दीदी अनवर के पैर में झुक गयी और बोली ,-- स्वामी आज से मेरा बदन आपके भोग के लिए ह आप इसे जैसे मर्जी हो भोगिए और मुझे आशीर्वाद दीजिये की में आपको खुश कर सकूँ.

अनवर दीदी की नंगी पीठ को देखने लगा जिस पर सिर्फ दो पत्तिया थी और गांड की दरार पूरी दिख रही थी.

में ,-- दीदी मेरी तरफ देखिये आपकी फोटो ले रहा हु.

दीदी और अनवर ने मोबाइल की तरफ देखा तो में फोटो लेते हुए सोच रहा था की दीदी के अंदर कितनी हवस भरी ह जो अपना सेक्सी बदन अपनी उम्र से छोटे लड़के को भोगने का बोल रही ह.

अनवर मुझे आँख मरता ह तो मुझे उसकी आँख मरने का मतलब समझ में आया की देख तेरी जवान दीदी मेरे कदमो में गिर कर अपनी चुदाई की भीख मांग रही ह और फिर दीदी को उठाकर अपने साइन से लगाकर बोलै.

अनवर ,-- में तेरे बदन को अच्छे से पियूँगा रानी. तेरे बदन को पूरा तृप्त कर दूंगा लेकिन पहले तू निचे बेथ और अपना मुंह खोल .

दीदी निचे बेथ गयी और अपना मुंह खोल दिया तो अनवर ने अपने मुंह से दीदी के मुंह में थूंक गिराया जिसे दीदी पि गयी.

अनवर ने दीदी के मुंह में पांच बार थूका तो दीदी हर बार उसका थूक पि गयी.

अनवर ,-- अब तुझे रोज मेरा थूक पीकर पवित्र होना पड़ेगा.

दीदी ,-- जी अनवर जी .मेने पांच लोगो के बिच आपको अपना शहर कबूल किया ह .अब मेरा कर्तव्य ह की आप कहेंगे में वो करुँगी.

अनवर ,-- चल कड़ी हो जा .

दीदी कड़ी हो गयी तो अनवर ने मुझसे कहा ,-- रोहित तू अब मोबाइल को वीडियो मोड़ में दाल दे अब तेरी दीदी की वीडियो बनाना ह.

में.,-- जी , जीजू.

मेने दीदी के मोबाइल को वीडियो मोड में डालकर एक गजह पर रख दिया जहा से पूरा बाद क्लियर दिख रहा था फिर मेने अपना शर्त पेण्ट खोल कर रख दिया और बनिया और चड्डी में आ गया .

वो दोनों खड़े होकर एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे . मेरी दीदी अनवर जो उससे उम्र में छोटा था पर हिघ्त में बड़ा था इसलिए उसे अपना चेहरा उठाकर देखे जा रही थी क्योंकि अनवर दीदी से भले hi छोटा था पर हिघ्त उसकी तीन इंच ज्यादा दी .

तभी अनवर ने दीदी को आँख मार दी तो दीदी ने नजर झुका ली और घूम कर दूध का गिलास उठा कर अनवर के मुंह से लगा दिया .अनवर ने एक घुट पीकर गिलास दीदी के मुंह से लगाया तो दीदी ने भी वैसे hi एक घोंट पीकर अनवर को पकड़ाया.

दोनों एक एक घूंट दूध पि रहे थे और दोनों ने दोनों गिलास दूध इसी तरह ख़तम किया . दीदी बार बार अपनी छूट मसल रही थी जो अनवर भी देख रहा था और में भी.

मेरा लुंड तो बैठने का नाम hi नहीं ले रहा था . दीदी ने दूध का गिलास स्टूल में रखा और अपने होंठ अनवर की तरफ बढ़ाये तो अनवर पीछे हो गया और बोलै.

अनवर ,-- इतनी क्या जल्दी ह बेगम छोड़ने की .पूरी रात पड़ी ह.

दीदी अनवर की बात सुनकर लजा गयी और उसकी नजर मुझसे मिली तो वो अपने आप को हुमिलियते महसूस की . उसकी आँखों में मुझे सवाल दिख की तूने मुझे टेबलेट क्यों खिलाई .

अनवर ने अपनी जेब में हाथ डाला और फिर जेब से पर्श निकल कर दो पांच पांच सो के नॉट और एक सो का नॉट उसमे से निकलकर दीदी की तरफ बढ़ाते हुए कहा.

अनवर ,-- लो बेगम ये मेहर की रकम जो उन चारो ने तय की थी .

दीदी अनवर के हाथ से ग्यारह सो रूपये ले लिए तो अनवर बोलै ,-- ये तुम्हारे बदन को भोगने की कीमत ह जो में एडवांस में दे रहा हु .

में फिर से सोचने लगा की उन दस मिनट में क्या क्या हुआ होगा जो में नहीं देख पाया और जो दीदी भी नहीं बताई

में अनवर की बात सुनकर चौंक भी गया की उन लोगों ने सिर्फ ग्यारह सो रूपये मेरी दीदी के बदन की कीमत लगायी थी .

दीदी ने पैसे पलंग के गद्दे के निचे रख दिए तो अनवर बोलै .

अनवर ,-- रोहित को बोल दो की तुम्हे मेहर की रकम मिल गयी और कुछ रामसे जो बाकि ह वो भी पूरी कर लो अब .

दीदी ,-- रोहित , अनवर जी ने मुझे ग्यारह सो रूपये दे दिए ह जो मेरी कीमत तय हुयी थी.

में.,-- दीदी मेने देख लिया.

दीदी ने टेबल से एक पैकेट उठाया और मेरे पास आकर मुझे दिया तो मेने वो छोटा सा पैकेट खोला उसने एक बिंदी का पता और सिंदूर था .

मेने वो दोनों चीज ली और सिंदूर की डिब्बी खोलकर अनवर के आगे की तो अनवर ने बिंदी का पता दीदी को दिया .दीदी ने एक बिंदी अपने माथे पर लगा ली तो अनवर ने चुटकी में सिंदूर लेकर दीदी की मांग में भर दिया.

दीदी ने एक बार फिर अनवर के पेअर छुए और कड़ी हो गयी तो अनवर ने मुझे कहा .

अनवर ,-- रोहित कन्या दान नहीं करोगे.

दीदी अनवर की बात सुनकर हैरानी से मुझे देखने लगी .

में खड़ा हुआ और दीदी के दोनों नाजुक हाथ पकड़ कर दूसरा हाथ से अनवर का हाथ पकड़ा और अनवर के हाथ में दीदी के हाथ पकड़ा दिया .

में.,-- अनवर जी में आपको अपनी दीदी का हाथ नहीं बल्कि उसका पूरा शरीर सौंप रहा हु आप मेरी दीदी को खुश रखना.

दीदी मेरी बात सुनकर मेरे गले से लग गयी तो मेने उनके कान में कहा ,-- जाओ दीदी अब आप अपने शोहर की अमानत हो और उनको शिकायत का मौका मत देना.

दीदी मेरे से अलग हुयी उनके दूर होते hi अनवर भी मेरे गले लगा .

अनवर मेरे कान में ,-- तेरी इज्जतदार दीदी की अब में सप्ताह भर तक रोज इज्जत उतरूंगा एयर में इसको बेशरम कुटिया बना कर रख दूंगा.

अनवर की बात सुनकर मेरा लोढ़ा प्रीकम छोड़ दिया और में मुस्करा कर बोलै उसके कान में बोलै ,-- सिर्फ बेशरम hi नहीं पूरी रांड भी बना देना.

दीदी अब पूरी बैचेन थी और अब बिंदी और सिंदूर लगने के बाद पूरी सुहागिन और संस्कारी औरत लग रही थी जो सुहाग सेज पैर जाकर अपने सुहाग को अपना बदन सौंपना चाहती थी .

वो अपनी छूट को मसला कर अपने सुहाग सेज पर बेथ गयी तो अनवर भी दीदी के पास जाकर बेथ गया.

अनवर के बैठते hi दीदी उसे किश करने लगी दोनों के होंठ मिल चुके थे पर दीदी के गहने अनवर को दूसरी जगह किश करने से रोक रहे थे.

अनवर ,-- बैगन ये गहने तुम्हारे हुस्न को चूमने नहीं दे रहे .इसलिए इन्हे अब उतर दो. दीदी ने अपनी नाथ उतरने के लिए हाथ बढ़ाया तो अनवर ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोलै ,-- में जिस जिस गहने को चुम लू तुम उसे एक एक करके उतर देना.

उसने सबसे पहले दीदी की नाथ पर किश किया तो दीदी ने अपनी नाक में पहनी नाथ को जो कान तक थी उसे खोल दिया . फिर अनवर ने दीदी के मांग टिका को किश किया तो दीदी ने अपना मांग टिका भी उतर दिया अब दीदी की मांग सिंदूर से भरी हुयी दिखने लगी.

अनवर ने फिर दीदी के कान के झुमके पर किश किया तो दीदी सिसकी और उन्होंने दोनों कान के झुमके उतर दिए.

फिर अनवर ने मेरी दीदी के गले में लटकते हार को चूमा तो दीदी सिसके बिना नहीं रह पायी और उसने अपने हाथ पीछे करके अपना हार भी उतर दिया .

मेरी पच्चीस वरसिये खूबसूरत और जवान दीदी अब एक सेक्सी हाउसवाइफ लग रही थी .दीदी की मांग में सिंदूर और माथे पर बिंदी लगी हुयी थी . होंठ भी अभी पिंक लिपस्टिक से रेंज थे और काजल से आँखे बड़ी लग रही थी.

दीदी मेरे दोस्त के सामने बैठी थी जो निकाह करके मेरा जीजा बन चूका था . दीदी इन्तजार कर रही थी की अब उसका शोहर उसे क्या आदेश देने वाला ह . दीदी बार बार छूट को खुजा रही थी .

अनवर मेरी दीदी के रूप को निहार रहा था वो दीदी के होंठो पर अंगुली फेर कर बोलै.

अनवर ,-- सोना में तुझे कब से छोड़ने का सपना देखा करता था.

दीदी अनवर की बात सुनकर नजर झुका ली तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- तू सलीम से छोड़कर आयी थी होटल में उस दिन में तेरे को बोलना चाहता था पर रोहित की बहन होने की वजह से बोल नहीं पाया. रोहित भी साला मतलबी ह उसने मेरी बहन छोड़ ली पर कभी ये नहीं कहा की मेरी दीदी भी छुडासी ह.

दीदी ने जब सलीम का नाम सुना तो हैरान रह गयी क्योंकि वो ये बात किसी को नहीं बताई थी की उसको छोड़ने वालो में जो दो बॉयफ्रेंड थे उनमे दूसरा सलीम था जो ऋषभ का दोस्त था .

मुझे भी ये बात नाजनीन दीदी ने बताई थी की दीदी को छोड़ने में समीर का चौथा नम्बर था. और ऋषभ मेरी दीदी को और भी दोस्तों से छुड़वाना चाहता था पर नाजनीन दीदी ने उसे समीर से hi छोड़ने को बोल कर उसे बदनाम होने से बचा लिया था.

अनवर ,-- बोल ना बेगम मेरा कोनसा नम्बर ह तेरे बदन को भोगने में.

दीदी ,-- जी पांचवा ह .

अनवर ,-- साली पांच पांच लोडे लेकर भी इतना शर्मा रही ह .

दीदी ,-- जी वो सब के साथ तो मेने प्रेमिका बनकर किया था पर आप मेरे हस्बैंड हो .

अनवर ,-- तो हस्बैंड से शर्म आ रही ह.

दीदी ,-- में तीन दिन से आपकी छवि को दिल में बिठा चुकी और जब अपने मुझे उस जगह मेहँदी लगवाई तब से ऐसा लगता ह जैसे मेरे दिल पर आपका नाम लिखवा लिया.

अनवर ,-- बेगम अब में तेरे बदन के हर हिस्से पर अपने होंठो से अपना नाम लिखूंगा.

दीदी ,-- जी अब ये बदन आपका hi ह लिख दीजिये जैसे लिखना ह.

अनवर दीदी की बात सुनकर खुश हो गया और मेरी तरफ देखकर मुस्करा दिया.

अनवर ने फिर मुझे दिखते हुए मेरी आँखों में देखा और झुक कर दीदी की गोरी और सेक्सी क्लीवेज पर एक गहरा चुम्बन किया और दांतो से कास्तकार लव बाईट बना दिया.

दीदी जोर जी चीखना चाहती थी पर उसने होंठ भींच लिए और दर्द को पि गयी .

दीदी के गोर बदन पर अनवर के दांतो का निशान क्लियर दिख रहा था.

तो बे कॉन्टिनोएड
 
दीदी की आँखों में आंसू आ गया था पर उन्होंने अनवर को रोका टोका नहीं तो अनवर उसके क्लीवेज पर अपने दांतो से बना लव बाईट देखकर उस पर अंगुली फिराई और दीदी से बोलै.

अनवर ,-- बेगम तुम्हारी आँखों में तो आंसू आ गए.

दीदी ,-- जी आपने कटा hi इतनी जोर से ह.

अनवर ,-- तुम मुझे रोकी क्यों नहीं.

दीदी ,-- मेने आपसे वादा किया था की में आपको किसी चीज के लिए मन नहीं करुँगी और हो सकता ह ये आपकी फंतासी हो.

अनवर ,--ओह्ह, तो ये बात थी.

दीदी ,-- दूसरी बात ये थी की आप को मेरे बदन से खेलना का पूरा हके ह आप मेरे शोहर हो इसलिए कैसे बोलती.

अनवर ,-- मेरा बीज दलवायेगी अपनी बच्चेदानी में.

दीदी ,-- अनवर जी वो बात तो हम पहले कर चुके ह . अब उस बात को करने से कोई फायदा नहीं.

अनवर ,-- कोई बात नहीं बेगम . में तुझे अपने बच्चे की अम्मी जरूर बनाऊंगा बस मेने तो ऐसे hi पूछ लिया.

दीदी ,-- अब साडी रात ऐसे hi गुजरेंगे क्या पतिदेव.

अनवर ,-- जल्दी क्या ह बेगम , तुम्हारे जैसी हसीना को बड़े प्यार से और आराम से छोडूंगा.

दीदी ,-- जैसे अभी कटा ह उस तरह.

अनवर ,-- वो तो में तुम्हारी परीक्षा ले रहा था की तुम कितना बर्दास्त करती हो. और आज सुहागरात में तुम्हे वैसे कैसे छोड़ सकता हु.

दीदी ,-- फिर क्या रिजल्ट रहा मेरा .

अनवर ,-- तुम पास हो गयी और मुझे दो दो सिग्नल मिल गए.

दीदी ,-- वो क्या.

अनवर ,-- एक तो तुम ने दिखा दिया की तुम्हे में अपनी मर्जी चाहे वैसे भोग सकता हु. रगड़ सकता हु.

दीदी ,-- और दूसरा

अनवर ,-- दूसरा तुम्हे रोहित का लुंड देखने से पता चल जायेगा.

दीदी ने नजर घुमाकर देखा तो में झेंप गया . मेरा लुंड चड्डी को पूरा ऊपर उठाये हुए था . में भी दीदी की लव बाईट देखकर पूरा उतेजिट हो चूका था और लुंड पूरा अकड़ गया था.

अनवर ,-- आया समझ में.

दीदी ,-- हम्म.

अनवर ,-- क्या .

दीदी ,-- रोहित को मज़ा आ रहा ह.

अनवर ,-- रोहित तुम्हे आगे जब रोगलय और टॉर्चर करके छोडूंगा तो पूरा एन्जॉय करेगा.

अनवर की बात सुनकर दीदी ने अपने मुंह पर अंगुलिया रख ली.

अनवर ने दीदी के होंठो पर से अंगुली हटाई और अपने होंठ आगे किये तो दीदी आगे होकर अपने होंठ अनवर के होंठ मिला दी दोनों पैशनेट तरीके से किश करने लगे .दीदी पूरी वाइल्ड हो चुकी थी और अनवर को चूस जाना चाहती थी .

दोना दस मिनट तक एक दूसरे को चूसने में लगे रहे तो अनवर ने दीदी के बूब्स पर हाथ रख कर मसलने शुरू कर दिए . दीदी ने अपने होंठ छुड़वाकर कहा.

दीदी ,-- अब इसे खोल दीजिये ना .

अनवर के चेहरे पर मुस्कान आ गयी और वो अपने हाथ पीछे ले जाकर दीदी की चोली की गाँठ खोल दिया .

दीदी ने चोली को अपने हाथो से निकल दिया और दूर फेंक दिया .दीदी अब एक छोटी सी ब्रा में थी जो उसके बूब्स को ऊपर उठाये थी और दीदी का निप्पल तक कवर किये थी .ब्रा दीदी की पीठ पर एक पट्टी से बंधी थी और दीदी का पूरा छाती अब खुला था .

दीदी का बदन उस ब्रा से निखार गया था 33 के बूब्स ब्रा की वजह से 35 के लग रहे थे .तभी मेरी नजर दीदी की निप्पल के पास गयी उसकी लेफ्ट निप्पल के पास दीदी का नाम लिखा था ""सोनाक्षी singh""aur राइट निप्पल पर ""अनवर खान"" लिखा था. बिच में छोटा सा दिल बना था.

अनवर ने राइट निप्पल के ऊपर जहाँ उसका अपना नाम लिखा था उस पर अपने होंठ रख दिए तो दीदी सिसक पड़ी .

अनवर दीदी की चुकी को चूमकर ,-- सोना तुम्हारी चुकी पर मेरा नाम देखकर मज़ा आ गया.

दीदी ,-- अनवर जी आपके नाम के निचे hi मेरा दिल ह और मुझे लग रहा ह जैसे मेरे दिल पर आपका नाम लिखवा लिया ह.

अनवर ,-- बेगम में अब तेरे बदन के हर हिस्से पर अपना नाम लिख दूंगा. तेरे बदन को हर जगह अपनी होंठो की मोहर लगा दूंगा.

दीदी ,-- लगा दीजिये अनवर जी ,अब ये बदन आपका hi ह.

में दीदी का ये रूप देखकर पूरा हैरान था वो अनवर ने बड़ी होते हुए भी हर बार जी लगाकर बात कर रही थी और अनवर की हर बात इस तरह से स्वीकार कर रही थी जैसे की वो उसकी स्लेव हो .

अनवर ने दीदी की पूरी क्लीवेज को चूमना शुरू कर दिया तो दीदी सिसकते हुए अनवर के बालों को सहला रही थी .अनवर ने दीदी के बूब्स से ऊपर के हिस्से को चुम कर अपनी मोहर लगा दी तो उसने फिर दीदी के पेट और नवल को चूमना शुरू कर दिया.

अनवर धीरे धीरे दीदी के लहंगे की तरफ बढ़ा जो दीदी ने छूट से एक इंच ऊपर बंधा था . मेने ध्यान से देखा तो दीदी की पेंटी लाइन भी अब दिखने लगी थी जो लहंगे के बराबर hi बंधी थी.

फिर अनवर ने दीदी के लहंगे के नाड़े का एक हिस्सा अपने दांत से पकड़ा और उसे खिंच दिया तो दीदी का लहंगा ढीला हो गया.

दीदी तो बैचेन थी छुड़वाने को इसलिए दीदी ने अपनी गांड उठाकर लहंगे को निकल कर फेंक दिया .

दीदी अब ब्रा पेंटी में थी और दीदी की पेंटी छूट के ऊपर hi बंधी थी और दोनों जांघो से भी एक पट्टी बंधी थी.

दीदी की पिंक पेंटी पूरी रास से भीगी थी अनवर ने दीदी को बीएड पर गिरा दिया और अनवर ने दीदी की टाँगे फैला दी.

मेरी पच्चीस वरसिये कुंवारी दीदी जो अब मेरे यार की बेगम बन चुकी थी मेरे यार के सामने ब्रा पेंटी में पड़ी थी .दीदी के सामने में बैठा हुआ वीडियो शूट कर रहा था जिस से दीदी के चेहरे पर शर्म भी थी पर छूट की गर्मी उसे बेशरम बनाने पर तुली थी.

अनवर ने दीदी की पेंटी के ऊपर से दीदी की छूट को चूमा तो दीदी सिसक पड़ी और अनवर के होंठ छूट रास से भीग गए .

अनवर ,-- बेगम तुम्हारी छूट तो पूरा काम रास छोड़ रही ह.

दीदी अपने हाथ से मुंह धक् कर ,-- अनवर जी प्लीज आप इस तरह से मत बोलिये .

अनवर दीदी के ऊपर चढ़ गया और उनके हाथो को हटाकर उनकी आँखों में देखते हुए बोलै ,-- सोना ऐसी बाते में नहीं करूँगा तो कोण करेगा तूने सुना नहीं वो चरों साहब क्या बोलकर गए थे.

दीदी आँखे बंद कर के ,-- क्या बोले थे अनवर जी.

अनवर ,-- वो बोले थे की मेहर की राशि तुम्हे बेशरमी से बाते करने को hi देने को कहा था.

दीदी ,-- धत्त्त.. उन्होंने तो कहा था की वो रकम मुझे बेगम बनने की कीमत ह.

अनवर ,--, तो मुझे मेरी बेगम को बेशरम बना कर से हर तरह की बात करने का हके ह.

दीदी ,-- आप को बातें बनाना का पूरा नॉलेज ह पर रोहित क्या सोचेगा.

अनवर ,-- रोहित सोच रहा होगा की मेरी दीदी पहले अलग अलग चार मर्दो के सामने नंगी होकर चुद चुकी और अब जब मेरी बेगम बन चुकी तो जीजू से शर्मा रही ह और पहले कुंवारी थी तब शर्म नहीं आती थी.

दीदी ,-- उन सब से मेरा रिस्ता सिर्फ एन्जॉय करने तक hi था. लेकिन में आपको अपना पति मान चुकी . इसलिए अपने आप को आप को आपके हवाले करना चाहती हूँ. इसलिए शर्म आ रही ह.

अनवर,-- तू चाहे जैसे भी अपने आप समझ पर रोहित तेरा भाई ह और वो समीर भैया के सामने भी तेरा भाई था.

दीदी चुप हो गयी तो अनवर ने दीदी के होंठो को चूमा और फिर दीदी को बिठाया और उनकी ब्रा को पूरा खोल दिया .

दीदी अब टॉपलेस होकर बैठी थी . दीदी की निप्पल कुछ ज्यादा hi लम्बी हो रही थी जो उसके गर्म होने की गवाही दे रही थी.

दीदी के बूब्स के निचे भी मेहँदी से भी उर्दू में कुछ लिखा था जिसे देखकर अनवर मुस्कराया और बोलै.

अनवर ,-- बेगम ये क्या लिखवाया ह चुकी पर .

दीदी ,-- आपका और मेरा नाम hi ह अनवर जी .

अनवर मुस्करा उठा उसकी मुस्करा हैट देखकर में समझ गया की जरूर इसमें कुछ राज ह .मेने अपने मोबाइल का कैमरा ज़ूम करके दीदी के बूब्स पर जो लिखा था उसकी फोटो ली और उसे शेव कर लिया.

अनवर भी अब ज्यादा देर तक अब रुकना नहीं चाहता था उसके हाथ में अब मेरी दीदी के रूप में हुस्न का बेमिशाल खजाना था .वो मेरी दीदी के बेसकीमती खजाने को लूटना चाहता था .

अनवर ने फिर जल्दी से अपना कुरता पजामा खोल कर फेंक दिया तो दीदी ने भी आगे बढाकर उसकी बनियान निकल दी .

अनवर ने भी दीदी की पेंटी को खोल दिया और फिर दीदी की छूट हम दोनों के सामने आ गयी .दीदी की छूट बिलकुल गोरी और फूली हुयी थी जिसे देखकर अनवर उठा और अपने बेग खोलकर उसमे से एक पैकेट निकला .

में और दीदी अनवर को अस्चर्य से देख रहे थे की अब क्यों बेग खोला ह .

अनवर ने पहला पैकेट खोला और दीदी की छूट को देखकर बोलै.

अनवर ,-- सोना में तुम्हे मुंह दिखाई की जगह छूट दिखाई का गिफ्ट दे रहा हु ये लो .

उसने दीदी के हाथो में चूड़ी का डिब्बा पकड़ाया तो दीदी मेरी तरफ देखकर शर्मा गयी उनकी नजर शर्म से झुक गयी और फिर उन्होंने दोनों हाथो में चुडिया पहन ली .

अनवर ने फिर दीदी को उल्टा किया और घोड़ी बना दिया तो दीदी की चुडिया खनकने लगी और दीदी घोड़ी बन गयी . दीदी के घोड़ी बनते hi दीदी की गोरी और गोल गांड अनवर के सामने आ गयी जिसे देखकर अनवर की लार टपकने लगी.

अनवर ने दीदी की भूरे रंग की गुदा द्वार को अंगुली से छूकर देखा तो दीदी जोर से सिसक पड़ी.

मेने देखा दीदी की गांड पर एक कूल्हे पर लिखा था शोहर अनवर जी के लिए सोनाक्षी का प्यार और दूसरे कूल्हे पर उर्दू में कुछ लिखा था जो मुझे आती नहीं थी .

मेने अपने मोबाइल लिया और कैमरा ज़ूम करके उनकी गांड पर लिखी उर्दू की फोटो ले ली . दीदी का मोबाइल लगातार रिकॉर्डिंग कर रहा था.

अनवर ने दीदी की गांड पर लिखे अपने नाम को चूमा तो दीदी सिसक उठी और फिर दूसरे कूल्हे पर लिखा पढ़ा तो उसके चेहरे पर कुटिल मुस्कान आ गयी .

उसने दीदी के उस कूल्हे पर स्पंक किया तो दीदी की हलकी सी सिसकी निकल गयी . अनवर ने मेरी तरह देखा और फिर मुझे आँख मरी .

मेरा लुंड जो चड्डी में था उसे मेने पेशाब करने की जगह से बाहर कर लिया था क्योंकि चड्डी से रगड़ने से में झाड़ सकता था.

अनवर ने मेरे लुंड को देखा और मुस्करा दिया तो में भी मुस्करा पड़ा .फिर अनवर ने मेरी आँखों में देखते हुए दीदी के कूल्हे पर जोर से सपाट लगाया तो दीदी हलके से चीखी और उसकी गांड में थिरकन हुयी.

दीदी का चेहरा दूसरी तरफ था और वो अपने चेहरे को गद्दे में छुपा राखी थी .

अनवर ने फिर दूसरा पैकेट खोला और उसमे से पायल की जोड़ी निकली जिसमे घुंगरू लगे थे .अनवर ने दीदी के पेरो में पायल पहना दी और दीदी को पलट दिया.

दीदी के पलटने से उसकी प्यार के घुँघरू की आवाज आयी और दीदी अपने पैरों में बंधी पायल को देखने लगी . सोनाक्षी दीदी अपनी पायल को देखने में लगी थी और अनवर दीदी की बेसकीमती छूट को देख रहा था .

अनवर मेरी सोनाक्षी दीदी की छूट को देखकर अपने लुंड को सहलाया और मुझसे नजर मिली तो इशारे से बोलै की मस्त रसीली छूट ह तेरी दीदी की .

में भी अनवर को दीदी की छूट को इस तरह देखते हुए पूरा गंगना गया और सोचने लगा की अब अनवर इस रसीली छूट को भोसड़ा बना देगा .

तो बे कॉन्टिनोएड .....
 
अनवर दीदी की आँखों में देखकर ,-- सोना ये पायल तुम्हारी गांड दिखाई की ह .मस्त गांड ह तेरी

दीदी, -- थैंक्स अनवर जी आपको मेरी गांड पसंद आयी.

दीदी की नजर मुझसे मिली और वो बुरी तरह झेंप गयी .दीदी ने आज पहली बार नंगी होकर मेरे सामने ऐसे वेगुलर शब्द बोलै था. दीदी में मेरे लुंड को भी देख लिया था जो प्रीकम छोड़ रहा था . मेने अपने लुंड के निचे रुमाल रख लिया था ताकि मेरे लुंड का प्रीकम उसी पर गिरे और सोफे खराब नहीं हो.

मेने नेट पर बहुत सी सेक्स स्टोरी पढ़ी थी पर किसी में भी छूट दिखाई या गांड दिखाई पर गिफ्ट का जिक्र नहीं था . अनवर की बात सुनकर दीदी भी कुछ सोचने लगी .

दीदी भले hi शर्मा रही थी पर उनकी छूट से निकलती पानी की बून्द ने बता दिया था की उन्हें मज़ा आ रहा ह .

दीदी ने अपनी झेंप मिटने के लिए अनवर को अपने ऊपर खिंच लिया और उसके होंठ चूसने लगी .

अनवर भी दीदी के गुलाबी होठो से रास पिने लगा और एक हाथ से दीदी की चुकी को बड़ा करने में लग गया .दीदी की चुकी पर हाथ लगते hi दीदी कामुक हो गयी और उसकी सिसकी अनवर के होंठो में डाब गयी .

दीदी अपने पैरों को हिला रही थी उनकी छूट की खुजली अब दीदी से बर्दास्त नहीं हो रही thi.lekin वो शर्म से बोल नहीं प् रही थी.

अनवर ने दीदी के कमसिन होठो को बहुत देर तक पिया और फिर उनकी गर्दन और क्लीवेज को चूमने के बाद उनकी चुकी को चूमा और उनकी निप्पल को मुंह में लेकर पिने लगा.

दीदी अनवर के चेहरे को देखती रही फिर दीदी ने सिसकते हुए अनवर के बालों को सहलाने लगी .

अनवर दीदी के निप्पल किसी छोटे बच्चे की तरह पि रहा था .वैसे भी अनवर दीदी के सामने उम्र में छोटा था भले hi अनवर जिम जाने के वजह से बड़ा लग रहा था.

अनवर ने फिर दीदी के निचे की तरफ बढ़ना शुरू किया और उनके पेट और नवल को चूमने लगा .

दीदी की नवल बहुत सेक्सी थी और गहरी भी थी जिसमे अनवर ने अपनी जीभ घुसाई तो दीदी उछाल पड़ी . अनवर ने कई रंडिया छोड़ी थी और दो तो मेरे सामने hi छोड़ी थी इसलिए चुदाई में एक्सपर्ट था और उसे मालूम था की लड़की की आग को कैसे भड़काना ह . अनवर ने फिर दीदी की छूट के ऊपरी हिस्से को चूमा और छूट को देखकर बोलै.

अनवर ,-- रोहित तेरी दीदी की छूट कितनी प्यारी ह एक डैम फूली हुयी .

में अनवर से ऐसी उम्मीद नहीं किया था की वो मुझसे डायरेक्टली ऐसा सवाल पूछेगा. दीदी भी अनवर की बात सुनकर हैरान थी. पर मुझे नाजनीन दीदी का वात्सप्प याद आया जिसमे उसने दीदी के बदन की टैरिफ करने को लिखा था इसलिए बोलै इतना hi बोल पाया.

में.,-- हम्म .

अनवर दीदी की छूट के ऊपरी लिप्स पर चूमा लेकर ,-- देख न कैसे कुंवारी लड़की की तरह लग रही ह जैसे सील पैक हो .

में.,-- हम्म.

अनवर ,-- दर लग रहा ह दीदी से बोलने में . सोना तुम hi बोलो ना रोहित को की ऐसे लड़कियों की तरह शर्माए नहीं.

दीदी ,-- aa...h... रोहित जीजू को उनकी बात का जवाब क्यों नहीं दे रहा भाई.

अनवर दीदी की छूट के निचे से उनकी काम रास की बून्द चाटकर ,-- देख न रोहित , दीदी की छूट को समीर भैया कितनी बार छोड़ लिए फिर भी अभी तक सील पैक लग रही ह.

में.,-- जीजू दीदी को समीर भैया ज्यादा नहीं चोदे और दीदी अभी भी जब वो लुंड डालते ह तो चीख निकल जाती ह.

मेरी बात सुनकर दीदी ने अपनी आँखे बंद कर ली और दीदी की छूट ने फिर से पानी की बून्द बहा दी जिसे अनवर ने जीभ से चाट लिया.

अनवर ,-- वावो रोहित तेरी दीदी की छूट का पानी बहुत टेस्टी ह . समीर भैया तो खूब पिए होने .

अनवर ने अपनी अंगुली को दीदी की छूट से लगाया और उनकी गीली छूट का रास लगाकर मेरी आकर मेरे मुंह में अंगुली डालकर बोले ,-- ले तू भी टेस्ट कर ले .

मेने अनवर की अंगुली छाती और बोलै ,-- मेने बहुत रास पिया ह दीदी का छूट का जीजू.

अनवर ,-- कब .

में.,-- दीदी मुझे अपनी पेंटी देती थी छूट रास से भिगोकर में उसे चाट कर हिलाया करता था.

अनवर ,-- चल में तुझे और भी टेस्टी जूस पिने को दूंगा कॉकटेल बनाकर पियेगा न.

में.,-- दीदी की ख़ुशी की खातिर में कुछ भी कर सकता हु जीजू.

दीदी मेरी बात समझ चुकी थी इसलिए उसके अपने हाथ से अपना चेहरा धक् लिया तो अनवर दीदी के पैरों में बेथ गया और फिर दीदी के एक पेअर को उठाकर दीदी की अंगुलियों को चूमने लगा.

दीदी आँखे बंद किये हुए एन्जॉय कर रही थी और मुझे दीदी को एन्जॉय करते देख कर अच्छा लगता था.

अनवर ने दीदी के दोनों पेरो की अंगुली योन को चूमा और फिर उनके तलवे चाटने लगा और फिर वो धीरे धीरे ऊपर की तरफ बढ़ने लगा .

दीदी से अब बर्दास्त नहीं हो रहा था उन्होंने अपने हाथ बोबो पर रख लिए और उन्हें मसलने लगी . दीदी अपने बूब्स मसलते हुए सिसक रही थी और होंठो को काट रही थी .

अनवर भी अब दीदी की जांघो को चुम रहा था वो दीदी के हर अंग को चाट कर उनपे अपने होठो की मोहर लगा रहा था . वो दीदी के किसी भी हिस्से को बिना चूमे नहीं छोड़ना चाहता था.

दीदी पूरी गरम हो चुकी थी उसकी छूट झरने की तरह पानी बहा रही थी और छोड़ने को तड़प रही थी पर अनवर भी माहिर खिलाडी था उसे पता था की दीदी को अपनी शर्म छोड़ कर बोलना hi पड़ेगा.

अनवर ने अब दीदी की छूट के दोनों तरफ किश करना शुरू कर दिया . दीदी बार बार अपना छूट अनवर के मुंह की तरफ करने की कोशिश कर रही थी पर अनवर दीदी की छूट के लिप्स को जान बूझकर टच नहीं कर रहा था.

दीदी पूरी फ़्रस्ट्राटे हो चुकी थी और वो अपनी निप्पल को जोर जोर से खींचने लगी.

अनवर भी दीदी के लिप्स को छोड़कर बाकि जगह चुम रहा था

दीदी से जब बर्दास्त नहीं हुआ तो वो बोली, -- अनवर जी अब और मत सताइये.

अनवर मुस्करा कर ,-- क्या हुआ बेगम.

दीदी आँखे बंद किये हुए ,-- चाट लीजिये ना अनवर जी.

दीदी ,-- क्या चाट लू बेगम.

दीदी कुछ देर नहीं बोली तो अनवर दीदी के छूट को छोड़कर वैसे hi किश करता रहा और दीदी भी छूट रास छोड़ती रही अनवर उनकी छूट के निचले हिस्से से बहते रास को जीभ की नोक से चाट ता रहा .

दीदी टेबलेट की वजह से झाड़ नहीं प् रही थी क्योंकि टेबलेट का असर तभी ख़त्म होता जब उनकी छूट की दिवार पर लुंड का घरसँ होता जो अनवर दाल नहीं रहा था

दीदी एक हाथ से अपनी चुकी को कास कर मसल रही थी वही दूसरे हाथ से उन्होंने बेडशीट को जकड़ा हुआ था और अपने होंठ को कटे जा रही थी.

दीदी से बर्दास्त नहीं हुआ तो वो धीरे से बोली ,-- अनवर जी अब करिये न .

अनवर मुस्करा कर ,-- क्या बोली बेगम .

दीदी ,-- अब और मत तड़पाइए अनवर जी.

अनवर ,-- पता नहीं तुम क्या बोल रही हो बेगम मुझे समझ नहीं आया.

दीदी ,-- आ... अब छोड़ दीजिये.

अनवर फिर से दीदी की छूट के साइड को चूमकर ,-- जोर से बोलो ना बेगम क्या छोड़ दू एक काम करो रोहित को बोल दो वही बोल देगा मुझे .

में अनवर की बात सुनकर मुस्करा उठा दीदी ने भी अपनी आँखे खोली और मुझे अपने लुंड से निकलती वीर्य की लार को देखते पाया तो वो आँखे बंद कर ली और फिर बोली.

दीदी ,-- रोहित अपने जीजू को बोल ना मुझे छोड़ दे.

में दीदी के मुंह से ये सुनकर पूरा गरम हो गया और लुंड ने वीर्य की लार को रुमाल पर टपका दिया.

में.,-- जीजू दीदी बोल रही ह छोड़ दीजिये.

अनवर ,-- क्या छोड़ दू रोहित.

में.,-- जीजू आप दीदी की छूट की छोड़ दीजिये.

अनवर ,-- रोहित तेरी दीदी खुद तो नंगी हो गयी लेकिन मेरी चड्डी खोलेगी तब न. और ये ऐसे शर्माएगी तो कैसे होगा.

में.,-- दीदी अब छोड़िये भी शरमाना एयर दीदी आप जीजू के लुंड को तो आज़ाद कीजिये ऐसे जीजू आपको कैसे छोड़ेंगे.

दीदी ने अपनी आँखे खोली और बैठकर अनवर की चड्डी को निचे किया तो अनवर का सात इंच को लोढ़ा स्प्रिंग की तरह हिलने लगा.

अनवर का रंग साफ़ था इसलिए उसका लुंड भी गोरा था और बिना चमड़ी के सूपड़ा पूरा चमक रहा था.

दीदी ने अनवर का लुंड देखा तो सम्मोहित हो गयी और उसे घूरने लगी.

अनवर ,-- बेगम छूकर नहीं देखोगी मेरे लुंड को.

दीदी ने अनवर के सात इंच के लोडे को पकड़ा तो उनके पुरे बदन में झुरझुरी सी हुयी . दीदी उनके लुंड की टिप को बहुत गोअर से देख रही थी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- बेगम एक चुम्मा ले लो न मेरे लुंड पर.

दीदी ने मेरी तरफ देखा फिर मुस्करा कर झुक कर अनवर के सुपडे पर किश किया तो अनवर सिसक पड़ा .

अनवर ,-- wa..h बेगम .तेरे होठो के चुम्बन से मज़ा आ गया .

दीदी ,-- प्लीज अनवर जी एक बार छोड़ दीजिये फिर आप की जो मर्जी हो वो करवा लेना .

अनवर ,-- रोहित तेरी दीदी तो छोड़ने को पागल ह यार.

में.,-- जीजू एक बार दीदी को छोड़ दीजिये वो वियाग्रा की आग में दो दिन से बैचेन ह आप की साडी इच्छा पूरी कर देगी .

अनवर ,-- ठीक ह रोहित जब तेरी यही इच्छा ह की में तेरी बहन को छोडूं तो एक राउंड छोड़ देता हु पर फॉर में तेरी दीदी को जो कहूंगा वो करना पड़ेगा.

में. -- जीजू आपकी हर अच्छा दीदी पूरी कर देगी.

अनवर ,-- चल रोहित की बहन अपने पेअर चोदे कर में तेरी छूट को अपने लुंड से छोड़ देता हूँ.

मेरे लुंड में पूरा उबाल आया हुआ था वो कभी भी झाड़ सकता था क्योंकि अनवर ने मुझे बहन छोड़ने की बात उसी ढंग से कही थी.
 
अनवर का लुंड भी पूरा खड़ा था और वो भी दीदी को छोड़ने को तैयार था . मेरी जवान और पच्चीस वरसिये खूबसूरत दीदी पूरी नंगी होकर अपने शोहर अनवर से छोड़ने जा रही थी जो मेरा लोगोटिया यार भी था.

दीदी शादी से पहले अपने एडवेंचर पुरे करना चाहती थी वही मुझे भी अपनी िन्सेंट फंतासी पूरा करने का पूरा मौका दे रही थी.

वही अनवर भी अपना पूरा हिसाब करने में लगा हुआ था और अपनी बहन की छूट के बदले मेरी दीदी की छूट मरने वाला था. इसमें भी मुझे अपना फायदा नजर आ रहा थी की अनवर की बहन तीन महीने से चूड़ी थी वही मेरी दीदी तीन साल से चुद रही थी.

दीदी आज पहली बार इस तरह से खुलकर मेरे सामने बैठी थी इससे पहले में उनकी गांड मरते हुए समीर भैया को देखा था और छूट भी अच्छे से एक बार देख चूका था पर आज दीदी पहली बार मेरे सामने दीदी को छोड़ने वाला था .

मुझे नाजनीन दीदी ने वात्सप्प के जरिये टिप्स दी थी जिन्हे मुझे पूरा करना था ताकि दीदी को ज्यादा मज़ा आये और मुझे भी वो किंकी स्टफ सोचकर मज़ा आया था

अनवर दीदी के पैरों को फैलाकर उनके बिच में आ चूका था .मेने उन्ही में से एक स्टफ सोचते हुए बोलै .

में.,-- जीजू प्लीज दीदी को प्यार से छोड़ना . दीदी शायद इतने मोठे लुंड से नहीं चूड़ी ह पहले.

अनवर ,-- साले , अपनी बहन को छोड़ने hi क्यों दे रहा ह फिर.

में.,-- जीजू प्लीज आप का लुंड बहुत मोटा और लम्बा ह.

अनवर ,-- ठीक ह यार ,तेरी बीबी अब मेरी बेगम ह और में अपनी बेगम की छूट को आराम से hi चुदुँगा.

दीदी ने अपनी आँखे बंद कर राखी थी और अनवर के लुंड को अपनी छूट में लेने को तड़प रही थी . फिर अनवर ने झुक कर दीदी की छूट पर थूका और उसे छूट के लिप्स पर फैला दिए तो दीदी सिसक पड़ी.

अनवर ने फिर दीदी की छूट के लिप्स पर अपने लुंड का सूपड़ा फिराया तो दीदी सिसक कर बोली ,-- अब दाल भी दीजिये अनवर जी अंदर बना लीजिये मुझे अपनी सम्पूर्ण बेगम .

अनवर ने धीरे धीरे अपना लुंड दीदी की छूट में पुश करना शुरू किया तो मेने पहली बार दीदी की छूट का मुंह फैलते हुए dekha.didi की छूट के लुब खुल चुके थे और अनवर के लोडे का सूपड़ा अपनी जगह बना चूका था . दीदी ने पलंग पर लगी बेडसीट को कास कर पकड़ा हुआ था ताकि वो अनवर के लुंड को झेल सके.

अनवर ने तीन इंच लोढ़ा दीदी की छूट में पेल दिया तो दीदी जोर से सिसकी .अनवर भी कुछ सेकंड रुका और दीदी को बोलै.

अनवर ,-- बेगम आँखे नहीं खोलेगी

दीदी ने अपनी आँखे खोली और फिर मुझसे नजर मिलते hi अपने आँखे बंद कर ली.

अनवर ,-- ओह्ह बेगम कितना शर्माती हो तुम भी. देखना कुछ दिन में तुमको में पूरी बेशरम बना दूंगा .

दीदी के चेहरे पर स्माइल आ गयी और उनकी स्माइल फिर दर्द में बदल गयी जब अनवर ने अपना लोढ़ा दो इंच और पेल दिया.

अनवर ,-- सोना तुम्हारी छूट तो पूरी तीते ह जैसे कुंवारी लड़की की हो .

दीदी चुपचाप सुनती रही और दर्द को बर्दास्त करती रही अनवर का लुंड समीर भैया से थोड़ा मोटा था.

अनवर ने दीदी के ऊपर झुक कर उनके होंठो को अपने मुंह में भर लिया और अपने लुंड को जोर से शॉट मारकर दीदी की छूट में घुसा दिया दीदी की चीख निकली जो अनवर के मुंह में घुट कर रह गयी .

दीदी अपने पैरों को दर्द से पटाने लगी तो अनवर ने दीदी के बूब्स मसलने शुरू कर दिए.

थोड़ी देर में दीदी शांत हो गयी तो अनवर ने दीदी के मुंह से अपना मुंह हटा लिया.

दीदी ,-- बहुत दर्द हो रहा ह अनवर जी.

अनवर ,-- कहा पर बेगम .

दीदी शर्म से चुप रही तो अनवर बोलै ,-- थोड़े देर में ये दर्द मज़े में बदल जायेगा रानी .

दीदी ने रानी शब्द सुना तो खुश हो गयी और आँखे बंद कर ली . मेरी नजर दीदी की छूट पर गयी तो उनकी छूट से थोड़ा सा पानी रिस्ता हुआ दिखा. ये मेरे बिलकुल समझ से बाहर था की इतनी जल्दी पानी कैसे आया.

अनवर पांच मिनट तक मेरी जवान दीदी की छूट में लुंड डेल पड़ा रहा और फिर उसने हल्का फुल्का लुंड हिलाया .

दीदी की छूट पूरी खुल चुकी थी और लुंड को अपने अंदर एडजस्ट कर लिया tha.anwar ने लुंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया तो दीदी की कामुक सिसकिया निकलने लगी .

मेने दीदी के मोबाइल में देखा की लगातार मेसेज आ रहे थे और रिकॉर्डिंग चालू थी तो मेने अपने मोबाइल को रिकॉर्डिंग पर लगा दिया और दीदी का मोबाइल उठा लिया .

मेने दीदी के मोबाइल में देखा की उनके वात्सप्प पर अलग अलग लोगों के मैसेज आये हुए थे .

अनवर अब दीदी को धीरे धीरे छोड़ रहा था और दीदी सिसक रही थी. दीदी ने अभी भी आँखे बंद कर राखी थी शायद शर्म से .

मेरी नजर दीदी के वात्सप्प पर गयी तो उसमे मम्मी का भी मैसेज आया हुआ था . मेरी मम्मी के स्मार्ट फ़ोन था पर कभी भी मम्मी ने मुझे वात्सप्प नहीं किया था.

मेने वात्सप्प खोला और मम्मी की डप देखि तो मेरा लुंड झड़ने लगा .मम्मी ऐसी डप कैसे लगा सकती .मेने वीर्य को रुमाल से पोंछा और मम्मी का नम्बर देखा तो हैरान रह गया . ये नम्बर जिसे दीदी ने सेव कर रखा था वो दूसरा था जो मेरे पास नहीं था .

मुझे मम्मी का नम्बर अच्छे से याद था इसलिए मेने सोचा की शायद मम्मी ने दो सिम ले राखी ह और दूसरी सिम से वो दीदी से चाट करती ह और हो सकता ह किसी और से भी चाट करती हो.

मम्मी ने डप पर जो फोटो लगाया हुआ था वो बहुत hi कामुक था उसमे उनके खुले गले का ब्लाउज था और उसमे से उनकी एक चौथाई चूचिया दिख रही थी और मम्मी ने बहुत अच्छा मेकअप किया हुआ था .

फोटो ऐसी भी नहीं थी की ज्यादा सेक्सी थी पर मेरे िन्सेंट लवर होने की वजह से में अपने आप को रोक नहीं पाया और झाड़ गया.

मेने उसमे लिखे चाट को देखने लगा तो मेरा दिमाग घूम गया .

मम्मी ने वो सिम हाल hi में ली थी इसमें एक सप्ताह से ज्यादा पुराणी चाट नहीं थी और दीदी के साथ मम्मी ने hi पूरा प्लान किया हुआ था .

में आपको चाट के कुछ अंश जैसे हुआ था वैसे hi लिख रहा हु एक सप्ताह पहले मम्मी को दीदी ने अपनी फोटो भेजी थी जो मेने खींची थी .

मम्मी ,-- वावो सोना बहुत सेक्सी फोटो ह .

दीदी ,-- थैंक्स माँ .

मम्मी ,-- असलम चाचू ने कहा की सोना तुम्हारी ट्रू कॉपी ह.

दीदी ,-- वो कैसे देखे .

मम्मी ,-- तेरी फोटो जो तूने समीर को दी थी वो उनको समीर ने भेजी थी तो मुझे इस नंबर पर भेज दी.

दीदी ,-- आप का नंबर और किस के पास ह माँ.

मम्मी ,- बस तेरे और असलम जी के पास.

दीदी ,-- ओह्ह ,

फिर दो दिन बाद मम्मी का मेसेज था.

दीदी ,-- मम्मी क्या कहा चाचू ने

मम्मी ,-- सोना ऐसा लड़का तो नहीं ह

दीदी ,-- फिर कोण ह माँ.

मम्मी,-- उनका भांजा ह अनवर .

दीदी ,-- वो रोहित का दोस्त.

मम्मी ,-- हम्म.

दीदी ,-- वो मुझसे छोटा ह.

मम्मी ,-- तो क्या हुआ मस्त ह .सेफ भी.

दीदी ,-- आपको कैसे मालूम.

मम्मी ,-- चाचू के साथ आया था एक दिन.

दीदी ,-- माँ आप अनवर से भी करवा ली.

मम्मी ,-- असलम जी ने बोलै तो ताल नहीं पायी वैसे वो सेफ ह.

दीदी दो दिन बाद ,-- ठीक ह मम्मी शादी और निकाह बात तो एक hi ह

मम्मी ,-- बेटी जितना एन्जॉय करना ह कर ले नहीं तो मेरी तरह सिर्फ सपने देखेगी की हनीमून भी कुछ होता ह.

दीदी ,-- अप्प भी मना लो ना मम्मी.

मम्मी ,-- चाचू भी बोल रहे थे तू मन ले पहले फिर किसी बहाने से आउंगी और चाचू को बुला लुंगी.

फिर एक दिन बाद मम्मी ,-- बेटी अनवर चाहता ह की तू अपने बदन पर मेहँदी से उसका नाम लिखवाया.

दीदी ,-- बात हो गयी अनवर से में लिखवा लुंगी.

मम्मी ,-- समीर से बात करके मेने सरे इंतजाम कर दिए .

दीदी ,-- बीएड रोहित को बोलकर सजवा लू.

मम्मी ,-- समीर ने सब कर दिया.

दीदी ,-- कैसे .

मम्मी ,-- तुझे थोड़ी देर रोहित और अनवर को बाहर भेजना ह पीछे से आधे घंटे में तेरा बीएड सजवा देगा .

दीदी ,-- मम्मी गहने.

मम्मी ,-- आर्टिफीसियल पहन लेना तुझे गिफ्ट के रूम में समीर का दोस्त दे देगा .मेने पेमेंट कर दिया ह.

दीदी ,-- मम्मी बहुत खर्चा हो गया .

मम्मी ,-- तेरे बाप के पैसे की कमी ह क्या एन्जॉय कर अपनी लाइफ.

दीदी ने रात को भी मैसेज किया था दीदी ,-- मम्मी मेहँदी को फोटो कैसी लगी.

मम्मी ,-- बहुत सूंदर लग रही ह बेटी. असलम जी को बहुत अच्छी लगी.

दीदी ,-- उनको किसने भेजी.

मम्मी ,-- मेने hi भेजी थी.

दीदी ,-- क्या बोले चाचू.

मम्मी ,-- बोले की सोना पूरी जवान हो चुकी

दीदी ,-- ढ़हत आप भी .

मम्मी ,-- क्यों तुझे अच्छे नहीं लगते चाचू.

दीदी ,-- चाचू का हथ्यार बहुत मस्त ह मम्मी.

मम्मी ,-- अभी तू एन्जॉय कर ले फिर एक दिन तो लेना hi ह तुझे.

दीदी ,-- हम्म .

अभी थोड़ी देर पहले मम्मी ने वही फोटो दीदी को भेजी थी जो मेने ग्रुप में डाली थी.

मम्मी ,-- वावो गजब लग रही हो बेटी.

मम्मी ,-- कोंग्रटुलतिओन्स

दीदी को रिप्लाई का मौका hi नहीं मिला था और मम्मी भी ऑनलाइन थी शायद असलम चाचू से चाट कर रही होगी तो में रिप्लाई कर दिया

मेने लिखा ,-- थैंक्स माँ

माँ का तुरंत रिप्ले आ गया,-- हो गया बेटी पहला राउंड.

में.,-- हाँ माँ , थोड़ा दर्द हो रहा ह.

माँ ,-- वो तो होगा hi बेटी अनवर का समीर से बड़ा ह.

में.,-- bye माँ , अनवर आ रहा ह.

माँ ,-- एन्जॉय सोना ,

मेने फ़ोन को साइड में रख दिया क्योंकि दीदी अब जोर जोर से सिसक रही थी . अनवर दीदी को फुल स्पीड में छोड़ रहा था . दीदी की छूट से उनका रास निकलकर उनकी बेडशीट पर गांड के निचे लगा हुआ था.

में मोबाइल देखने में लगा था तो शायद दीदी चुकी थी और अनवर के लुंड के साथ उनकी छूट का रास निचे गिर रहा था.

अनवर को भी दीदी को छोड़ते बीस मिनट से ज्यादा समय हो चूका था.
 
अनवर की स्पीड से लग रहा था की वो कभी भी झाड़ सकता ह इसलिए फूल स्पीड से मेरी दीदी की छूट को भोसड़ा बनाने में लगा था. पर दीदी की छूट उसके लुंड को पूरा जकड़े हुए थी और छूट की चमड़ी लुंड से चिपके हुए अंदर बाहर हो रही थी.

कुछ देर में अनवर ने एक करारा शॉट दीदी की छूट में मारा तो दीदी चीख पड़ी .

अनवर दीदी के ऊपर गिर गया और हांपने लगा . दीदी भी लम्बी सांसे ले रही थी जिसका मतलब था की दीदी भी झाड़ रही थी.

अनवर के लुंड को दीदी की छूट ने जकड रखा था और अगर दीदी की बच्चे दानी का मुंह खुला हुआ तो दीदी के प्रेग्नेंट होने का पूरा चांस था.

अनवर ने अपने लुंड की आखरी बून्द दीदी की मुंह बंद छूट में गिरा दी.

थोड़ी देर में अनवर का लुंड लूसे हुआ तो दीदी की छूट से दोनों का मिक्स पानी बेडसीट पर गिरने लगा.

अनवर और दीदी की सांसे नार्मल हुयी तो दोनों ने एक दूसरे को किश किया. अनवर दीदी को प्यार भरी नजरो से देख रही थी .दीदी भी अनवर की बाँहों में सोये हुए छुड़वाकर बेशरमी से किश कर रही थी.

उनकी छूट से अभी भी अनवर का छुम निकल रहा था और उनकी छूट धीरे धीरे वापस सिकुड़ रही थी . दीदी के चेहरे पर संतुस्ती दिख रही थी वही अनवर पूरा खुश था उसने दीदी को दो बार झाड़ा दिया था .

दीदी अनवर की आँखों में देखते हुए उसके होठों को रुक रुक कर चुम रही थी तो अनवर भी दीदी के साथ छेड़छाड़ किये जा रहा था.

दीदी को देखकर लग रहा था की अनवर ने उसे पूर्ण संतुस्ती दी ह.

मुझे पेशाब लगी थी इसलिए अपने लुंड को चड्डी में डाला और पेशाब करके आया तो देखा दीदी और अनवर वैसे hi पड़े थे.

तभी दीदी बोली ,-- रोहित टिश्यू दे न ,मुझे साफ़ करके टॉयलेट जाना ह .

मेने ड्रावर से टिश्यू निकला और दीदी को देने लगा तो उठने लगी पर दीदी की दर्द से आह निकली तो में बोलै.

में.,-- दीदी आप रुकिए में साफ़ कर देता हूँ

दीदी ,-- तू रहने दे में कर लुंगी

तभी अनवर बोलै ,-- सोना करने दे ना उसे अच्छा लगेगा. तेरे जैसी जवान और खूबसूरत औरत की सूंदर छूट उसे छूने को मिलेगी.

दीदी अनवर की बात सुनका मुस्कराई और मुझे टिश्यू देते हुए बोली.

दीदी ,-- ठीक ह कर दे भाई.

में टिश्यू लेकर दीदी के पैरों के पास गया तो दीदी ने पेअर चोदे कर दिए तो मेने टिश्यू को दीदी की छूट पर रखा और उनकी छूट को साफ़ कर दिया. दीदी की छूट से अनवर और उनका मिक्स लव जूस निकल कर जांघो तक फैला हुआ था. कुछ पानी गांड के छेड़ पर भी था. दीदी की छूट को में सिर्फ टिश्यू hi लगाया था .

में अपने सोफे पर जाकर मोबाइल की रिकॉर्डिंग बंद कर दिया तो दीदी बेथ गयी पर जैसे hi पेअर आगे को की तो उनकी आह निकली तो अनवर बोलै,-- क्या हुआ सोना.

दीदी ,-- कुछ नहीं अनवर जी बस ऐसे hi हल्का सा दर्द हुआ .

अनवर मुझे देखकर मुस्कराया जैसे कहना छह रहा हो की देख मेने तेरी दीदी की छूट अपने मोठे लुंड से फाड़ दी.

अनवर उठकर दीदी के कंधे को पकड़कर ,-- चलो में करवा देता हु.

दीदी ,-- में चली जाउंगी.

अनवर ,-- ओह्ह बेगम, मुझे भी करना ह.

अनवर ने मेरी नंगी दीदी को गॉड में उठा लिया और बाथरूम में कड़ी कर दिया.

दीदी मुस्करा कर ,-- अब ठीक ह ले चलिए.

दीदी ने अनवर के कंधे को पकड़ा और बाथरूम में चले गए तो दीदी गेट बंद करने लगी .

अनवर ,-- क्यों बंद कर रही hi.

दीदी ,-- रोहित देखेगा तो क्या सोचेग.

अनवर ,-- कुछ नहीं सोचेगा चलो मूट लो .अभी थोड़ी देर पहले उसने तुम्हारी छूट साफ़ की थी और उससे पहले वो तेरी छूट में मेरा लोढ़ा अंदर बाहर होते देख रहा था.

दीदी अनवर की बात सुनकर लजा गयी और कमोड की तरफ चली गयी.

मेरा सोफे ऐसी जगह पर रखा था जहा से गेट के सामने का हिस्सा नहीं दिखाकर साइड में लगा कमोड पूरा दीखता था . मेने बाथरूम में देखा तो दीदी कमोड पर बेथ गयी और मूतने लगी.

मुझे दीदी की छूट से निकलने वाली मधुर आवाज सुनाई देने लगी और दीदी का पूरा नंगा बदन भी दिख रहा था .

दीदी ने मुतकर हैंड शावर से अपनी छूट को धोया तो अनवर भी कमोड के सामने खड़ा हो गया तो दीदी उसे मूत ते हुए देखने लगी .

अनवर ने भी मूत कर अपना लुंड धोया और दोनों बाहर आये तो में बोलै.

में.,-- दीदी जूस बनाकर लॉन क्या .

अनवर ,-- तुम नहीं जूस में बनाकर लाऊंगा .

अनवर उठकर बाहर चला गया तो दीदी ने अपने बदन पर पास में पड़ा बेडशीट दाल लिया .उनके चेहरे पर मुस्कराहट थी.

में ,-- दीदी मम्मी ने दो सिम ले राखी ह.

दीदी ,-- हाँ दूसरी सिम से वो फेसबुक और वात्सप्प चलती ह और मुझे hi वात्सप्प करती ह.

में.,-- मम्मी की फेसबुक I'd किस नाम से ह .

दीदी मुस्करा कर ,-- शोभा असलम खान .

दीदी ने जब मुझे ये I'd बताई तो उनके चेहरे पर रहस्य मई मुस्कान थी .

में.,-- और आपकी दूसरी फेसबुक I'd.

दीदी ,-- सोना r..a..n..d..i

दीदी को I'd बताते हुए शर्म आ रही थी और वो नजर झुका ली तभी अनवर आ जाया उसके हाथ में तीन बियर की बोतल थी .वो पूरा नंगा था और उसका लुंड चलने से पंडलूम की तरह हिल रहा था.

अनवर ने बियर की बोतल अपने पलंग पर राखी और मुझसे बोलै ,-- आओ रोहित यही बैठकर पिएंगे .

में.,-- जीजू अभी बियर .

अनवर ,-- हम्म , सोना को बियर पिने से थोड़ा नशा रहेगा तो ठीक रहेगा क्योंकि में अब सोना की गांड मरूंगा .

दीदी अनवर की बात सुनकर शर्म से लाल हो गयी तो अनवर ने दीदी की बेडसीट को हटा दिया और बोलै

अनवर ,-- बेगम अब किस बात की शर्म आ रही ह अब तो तुम ने रोहित के सामने छूट भी मरवा ली और गांड चुड़ते तो वो पहले भी देख चूका ह.

दीदी उठ कर बेथ गयी ताकि उसकी चूड़ी हुयी छूट मुझे नहीं दिखे . दीदी मेरे बगल में hi बैठी थी और मुझे उनकी बेडसीट से छूट रास की सेक्सी खुसबू आ रही थी .

अनवर ने बियर की बोतल को खोला और एक बोतल देते हुए बोलै ,-' ले रोहित तेरी बहन की छूट छोड़ने की ख़ुशी में पि. याद ह न हमने पहले भी ऐसे hi एक बार बियर पि थी.

में बोतल लेकर ,-- हम्म.

फिर अनवर ने दूसरी बोतल खोली और उसमे से एक घूंट पीकर दीदी को दी तो दीदी अनवर को देखने लगी.

अनवर ,-- क्या देख रही ह . थूक पि सकती ह झूठी बियर अनहि .

दीदी शर्म से दोहरी हो गयी और बियर की बोतल को मुंह से लगा ली . दीदी बियर मज़े से पीती थी इसलिए आराम से मुंह भर लिया तो अनवर ने बोतल ली और फिर उसने सिप की.

दोने ने पूरी बोतल ली जबकि में अभ एक चौथाई hi पि पाया था.

अनवर ने दूसरी बोतल खोल ली और दोनों पिने लगे तो में भी पिने लगा.

अनवर ,-- रोहित तेरी दीदी की छूट तो बिलकुल कुंवारी लड़की के जैसे ह यार . लुंड पूरा फंस कर अंदर बाहर हो रहा था.

में अनवर की बात का क्या जवाब देता .फिर भी बोलै ,-- जीजू दीदी की छूट ज्यादा नहीं चूड़ी ह .बस समीरभैया ने hi थोड़ी बहुत छोड़ा ह

दीदी फिर से शर्म से नजर झुका ली तो अनवर फिर से बोलै.

अनवर ,-- तूने अपनी दीदी के बोबे पकडे ह कभी.

में.,-- नहीं जीजू , दीदी के बोबे बहुत सेक्सी ह.

अनवर मेरा एक हाथ पकड़कर ,-- ले देख ले छू कर कितने सॉफ्ट और सख्त ह .

अनवर ने मेरा हाथ दीदी के लेफ्ट बोबे पर रख दिया तो मुझे दीदी की रुई के जैसे बोबे को छूटे hi करंट लगा और मेरा लुंड झटका से खड़ा हो गया .

अनवर ने कुछ सेकंड तक मेरा हाथ पकडे रखा और अपना हाथ हटा लिया तो मेने भी अपना हाथ हटा लिया.

दीदी मेरे बोबे छूने से गंगना गयी उनको चुकी हार्ड होने लगी.

दीदी की निप्पल फिर से तन गयी तो अनवर बोलै,-- साला बियर पिए बिना छोड़ने का मज़ा hi नहीं आता . अब में सोना के साथ सुहागरात पूरी करूँगा.

मेने घडी में देखा तो एक बजने वाला tha.mene बियर को ख़त्म कर के बोतल फेंक दी थी तो अनवर भी लास्ट का बियर मुंह में लेकर दीदी के ऊपर झुक गया और दीदी के मुंह में बियर दाल दी.

में पलंग से उठने लगा तो अनवर ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोलै ,-- बेथ न , अपनी दीदी को गांड छुड़वाते हुए पास से देखना .

दीदी का चेहरा मुस्कान से भर गया अनवर ने दीदी को अपनी गॉड में खिंच लिया और उनके होंठ चूमकर बोलै ,-- सोना गांड मरवायेगी ना .

दीदी ,-- स्वामी में आपकी बीबी हु और ये बदन आपकी अमानत आपको जो करना ह कीजिये.

अनवर ,-- तुम इतना क्यों शर्मा रही हो ,समीर भैया के साथ तो खुलकर चुदती थी वो तुम्हे गाली भी देता था.

दीदी ,-- तब रोहित ऐसे पास में नहीं होता था.

अनवर ,-- रोहित से क्या शर्माना सोना हम दोनों तो बहनचोद ह . क्यों रोहित.

में.,-- हाँ दीदी ,एन्जॉय करो अपना हनीमून. शायद ऐसा मौका आपको जिंदगी में फिर नहीं मिलेगा.

अनवर, -- रोहित तेरी सोना दीदी की शर्म हम दोनों को मिलकर निकालनी पड़ेगी सोभा ौंटी की तरह.

में.,-- मम्मी को शर्म नहीं आती जीजू.

अनवर ,-- सोभा चुदाई के समय पूरी रंडी बन जाती ह और गालिया भी देती ह.

में.,-- दीदी बहुत शर्मीली ह जीजू.

अनवर ,-- इसे में एक सप्ताह में पूरी बेशरम बना दूंगा , सोना वो बूत प्लग कहा ह.

दीदी ,-- ड्रावर में.

अनवर ,-- रोहित बूत प्लग निकालो ड्रावर से .

मेने ड्रावर खोल कर बट प्लग निकला और उसे देखने लगा .मेने पहले बूत प्लग को हाथ में नहीं लिया था.

अनवर ,-- रोहित इसे तुम अपनी दीदी की गांड में दाल दो . थोड़ी देर तक ताकि गांड की रिंग फेल जाये और सोना को ज्यादा दर्द नहीं हो.

दीदी अनवर की बात सुनकर सकते में आ गयी की अब क्या करे वही मेरा लुंड झूम उठा की आज दीदी की गांड को अच्छे से फील करूँगा.

अनवर दीदी के होठो को चूमकर ,-- सोना तुम्हे बेशरम बन न ह ना.

दीदी ,-- हम्म.

अनवर ,-- तो फिर घोड़ी बन जाओ और रोहित से अपनी गांड में प्लग लगवा लो.
 
मेरी 25 वरसिये कुंवारी दीदी जो आज मेरे दोस्त जो दीदी से तीन साल छोटा था उसके साथ छूट मरवा कर नंगी उसकी गॉड में पड़ी थी और उसके कहने से घोड़ी बन गयी थी.

दीदी की गोरी गांड जो 34 की थी अब मुझे थोड़ी सी बड़ी लग रही थी .मेने अपने लुंड को चड्डी में एडजस्ट किया और अनवर की तरफ देखा तो उसने मुझे आँख मरी और वो बोलै.

अनवर ,-- दाल न रोहित प्लग अपनी दीदी की गांड में . तुझे ये गांड अभी रोज देखने को मिलेगी आराम से देख लेना फिर. देख डेढ़ बज चूका आज बस गांड मार के सोना ह .

दीदी का चेहरा अनवर की गॉड में था और अनवर का लुंड खड़ा हो चूका था . दीदी की नजर अनवर के लुंड पर hi थी . अनवर ने दीदी का चेहरा पकड़कर अपने पास किया और अपना लुंड दीदी के मुंह के पास कर दिया.

मेने बट प्लग को मुंह में लेकर गिला किया तो मुझे दीदी की गांड की खुसबू आयी क्योंकि दीदी ने बूत प्लग को धोया नहीं था फिर मेने उसे दीदी की गुदा में पुश कर दिया तो प्लग थोड़ा सा जोर लगते hi अंदर घुस गया और दीदी की सिसकी निकली.

दीदी ,-- aa...h...

अनवर ,-- इतने छोटे से प्लग से तेरी आह निकल गयी तो मेरा ये मोटा लुंड कैसे लेगी.

अनवर ने दीदी के मुंह के पास लुंड किया तो दीदी ने जीभ निकल कर अनवर की टिप पर फिराई.

अनवर ,-- आ... चूस ले बेगम मेरा लोढ़ा ,समीर भैया बोल रहे थे की तू लुंड अच्छे से चुस्ती ह.

में.,- जीजू ये दीदी की गांड पर उर्दू में क्या लिखा ह .

अनवर ,-- क्या करेगा जानकार.

में.,-- बताइये न प्लीज.

अनवर मुस्करा कर ,-- इस्पे लिखा ह ,"" सोनाक्षी सिंह ,अनवर के लुंड की प्यासी रंडी.

दीदी ने ये सुना तो उनके चेहरे पर कोई रिएक्शन नहीं था .जिसका मतलब दीदी को मालूम था .पर मेरे लिए ये शॉकिंग था जो मेरे लुंड को लगा.

भले hi दीदी ने ये उर्दू में लिखवाया था पर खुद की गांड पर रंडी लिखवाना बहुत किंकी था.

दीदी अभी भी घोड़ी बनकर अनवर का लुंड चाट रही थी और उनकी गांड मेरी तरफ hi थी उनकी छूट फिर से गीली हो चुकी थी जो मुझे अच्छे से दिख रही थी. कुछ देर में अनवर ने दीदी को उठाया तो दीदी बेथ गयी और वो दीदी की गॉड में लेट कर बोलै.

अनवर ,-- सोना अभी भी शर्म आ रही ह.

दीदी ,-- अनवर जी ऐसे एक साथ किसी लड़की की शर्म नहीं निकलती. हां अगली बार इतनी शर्म नहीं आएगी.

अनवर,-- छूट मरवाने में मज़ा आया .

दीदी ,-- हम्म, आप ने दो बार झाड़ा दिया और सुबह से बहे जा रही थी.

अनवर ,-- समीर भैया बोल रहे थी की सोना की छूट बहुत पानी छोड़ती ह . देखो बेडशीट पर कितना छुम फैला ह.

दीदी ,-- पानी तो सभी का निकलता होगा अनवर जी.

अनवर ,-- हां पर इतना नहीं जितना तुम्हारा निकलता ह .मेने कई लड़कियों को छोड़ा ह उनका बस झड़ते समय hi निकलता ह.

दीदी ,-- ढ़हत ... आप भी ना.

अनवर ऊपर होकर दीदी की निप्पल को मुंह में ले लिया तो दीदी सिसकने लगी . अनवर ने बरी बरी से दोनों निप्पल चूसी और फिर बोलै.

अनवर ,-- सोना तुम्हे अब रोहित के सामने पूरा खुल जाना चाहिए . रोहित तुम्हारे बारे में सब कुछ जनता ह .तुम्हे चुड़ते भी देख चूका . ऐसा भाई शायद hi किसी बहन को मिले.

दीदी ,-- हम्म , रोहित सच में बहुत अच्छा भाई ह .

अनवर ,-- मुझे समीर भैया बोल रहे थे की वही तुमको बोलकर तुम्हारी पेंटी रोहित को दिलवाते थे . तुमने कभी सोचा ह की रोहित की भी कोई इच्छा होती होगी.

दीदी ,-- रोहित ने कभी बताई hi नहीं.

अनवर ,-- तुम जैसी मतलबी लड़की को क्या बताएगा जिसे सिर्फ अपने एन्जॉय से मतलब ह .तुम उसे सिर्फ उसे करती हो.

दीदी ,-- नहीं अनवर जी , ऐसी बात नहीं ह .में रोहित से बहुत प्यार करती हु . आपकी बात सही ह मुझे रोहित से पूछना चाहिए था की उसे क्या चाहिए , सॉरी रोहित .

में.,-- कोई बात नहीं दीदी आप एन्जॉय करो.

दीदी मेरे गाल चूमकर ,-- रोहित एक सप्ताह तक में अनवर जी की पत्नी हु इसलिए कुछ नहीं कर सकती उसके बाद तू मेरे को जो भी तेरी इच्छा ह वो बता देना .में अपने भाई की हर इच्छा पूरी करुँगी.

अनवर ,-- रोहित अभी तेरी कोई इच्छा ह तो बोल बिंदास . में तेरा जीजा hi नहीं दोस्त भी हु बोल रोहित.

में.,-- मुझे दीदी का रास बहुत अच्छा लगता ह .

अनवर ,-- सोना तू झड़ते समय अपना पानी रोहित को पंतय से पोछकर दे दिया कर.

दीदी ,-- आगे से ध्यान रखूंगी.

अनवर दीदी की नवल को चुम रहा था तो दीदी ने उसे थोड़ा सा साइड किया और अपना हाथ छूट पर रखा और फिर एक अंगुली छूट में डालकर निकली और मेरी तरफ करके बोली .

दीदी ,-- ले रोहित तेरी फवौरीते चीज लगी ह अंगुली पर चाट ले.

मेने दीदी की अंगुली पर छूट रास चमकता दिखा तो अपना मुंह खोल दिया तो दीदी ने मेरे मुंह में अंगुली दाल दी . में दीदी की अंगुली पर लगे छूट रास को चाट लिया जो हमेशा मेरा फवौरीते रहा ह.

दीदी का छुम चाट ते समय मेने आँखे बंद कर ली तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- देखा सोना , रोहित कितने मज़े लेकर अंगुली चाट रहा ह.

दीदी ने अपनी अंगुली निकल ली और अनवर को प्यार से सर में हलकी सु चपत लगाकर kaha.,anwar जी आप ने मेरे भाई को पूरा बिगड़ दिया ह.

अनवर ,-- तभी तो आज वो अपनी बहन मुझसे छुड़वा रहा ह . अगर नहीं बिगाड़ा होता तो तेरे जैसी गदराई हसीना को छोड़ता क्या.

दीदी ,-- तो ये सब आप ने पूरी प्लानिंग से किया था.

अनवर ,-- यही समझ लो बेगम .उसने मेरी बहन छोड़ी में इसकी छोड़ रहा हु. क्यों रोहित.

में.,--- जीजू इसमें कहने सुन ने को कहा कुछ ह , बहने तो होती hi छोड़ने को ह .ये अलग बात ह की वो बंद कमरे में चुदती ह पर जब पेट फूलता ह सब समझ जाते ह की वो जीजू का लोढ़ा घोंटि ह .

अनवर ,-- साले तू बात तो एकदम सही बोलै ह . तेरी बहन को भी बोल मेरे बच्चे का बीज भी डलवा ले और पेट फुला कर सबको दिखाए की देखो में शोहर का बीज .

दीदी ,-- चुप रोहित , तुझे शर्म नहीं आ रही क्या .

अनवर ,-- चुप हो जा रोहित , तेरी दीदी को देख कितनी अजजट से छुड़वा रही ह तेरे जीजू से.

दीदी की बोलती बंद हो गयी तो अनवर बेथ गया और मेरी दीदी के गुलाबी होंठ चूमने लगा .

दीदी ने शर्म से अपनी आँखे बंद कर राखी thi.didi धीरे धीरे बेशरम बन रही थी .

रात के दो बज चुके थे .अनवर का लोढ़ा पूरा तीते होकर खड़ा था उसने दीदी को घोड़ी बन ने कहा और दीदी के घोड़ी बनते hi उसने दीदी की गांड से बूत प्लग निकला जो बोतल के ढक्कन की तरह आवाज किया.

दीदी आवाज सुनकर नजर झुका ली क्योंकि उनका मुंह मेरी तरफ था . मेने दीदी को गर्दन को ऊपर किया तो दीदी ने आँखे बंद कर ली.

में .,-- दीदी आँखे खोलो न .अब क्यों शर्मा रही हो .

दीदी ,-- तू जा उधर और तेरे सोफे पर सो.

में.,-- ठीक ह दीदी आप शर्माओ मत आराम से गांड छुड़वाओ.

दीदी ,-- तू जायेगा की नहीं.

में उठकर सोफे पर आ गया तो अनवर ने दीदी की छूट पर अपना लुंड घिसने लगा .दीदी सिसकने लगी तो अनवर ने दीदी की गांड पर थूक दिया और फिर एक जोर का झटका मारा तो दीदी की चीख निकली.

दीदी ,-- aaa..hh... mu..mmy.....

अनवर रुक कर ,-- बेगम अभी तो सूपड़ा hi घुसा ह और तुम्हे मम्मी याद आ गयी.

दीदी ,-- aa...h ..बहुत दर्द हो रहा ह..

अनवर ,-- तेरी गांड ह hi इतनी छोटी . समीर भैया ने पूरी फ्री नहीं की.

में.,-- जीजू तीन दिन पहले सोहैल भैया ने भी दीदी की गांड आधे घंटे छोड़ी थी.

अनवर ,-- रोहित ,तुझे समीर भैया ने कहा था न सोना की गांड में रोज एक घंटा बूत प्लग घुसा कर रखना.

में.,-- जीजू दो दिन निकाह की तैयारी की वजह से मुझे याद नहीं रहा.

अनवर ,-- तेरे पास कोई क्रीम या तेल ह तो दे सोना की गांड में लगाना पड़ेगा.

मेने ड्रावर से वो स्पेशल क्रीम अनवर को दी तो दीदी बोली.

दीदी ,-- अनवर जी लुंड बाहर मत निकालिये नहीं तो दुबारा दर्द होगा.

अनवर ,-- बेगम एक बार तो दर्द होगा hi . अब नहीं होगा .

अनवर ने क्रीम ली और उसे खोलकर थोड़ा सा बाहर करके क्रीम को लुंड के चारो तरफ लगाया तो पूरा लुंड चिकना हो गया तो अनवर ने धीरे धीरे अंदर पुश करना शुरू कर दिया.

में खड़े होकर देख रहा था की अनवर का लुंड अब स्लिप होकर धीरे धीरे अंदर घुस रहा था . दीदी ने बेडसीट को कास कर पकड़ा हुआ था .उनको पता था की इतना मोटा लुंड उनकी छूट में इतनी आसानी ने नहीं घुसेगा पर अनवर भी पहुंचा हुआ खिलाडी था और उसने कई रानडे छोड़ी थी इसलिए उसे मालूम था की लड़की की गांड कैसे बड़ी करनी ह.

दीदी के गांड में चार इंच लुंड घुस चूका तो अनवर ने अपना पूरा डैम लगाकर दीदी की गांड में लुंड से शॉट लगाया .अनवर का लुंड दीदी की छूट में जड़ तक समां गया.

लुंड घुसते hi दीदी की जोरदार चीख निकली और वो छटपटाने लगी . मेने आज ये दूसरी बार नोट किया की दीदी अनवर को न तो जवाब दे रही थी और न hi लुंड वापस निकलने को बोली थी . दीदी ने अपने बदन को शायद अनवर को समर्पित कर दिया था .

तभी वो कोई विद्रोह नहीं कर रही थी .अनवर अब आराम से लुंड घुसाए घुटनो के बल खड़ा था इसलिए में भी अपने सोफे पर आ गया और दीदी का फ़ोन लेकर उसमे फेसबुक खोला तो दीदी की नार्मल फोटोज hi थी उसमे और फ्रेंड्स भी सब जान ने वाले थे.

मेने फेसबुक को लोग आउट किया तो मुझे दीदी की दूसरी I'd दिखी जो सोना रंडी के नाम से थी . मेने लोग इन किया तो उसमे पासवर्ड माँगा गया.

में फ़ोन लेकर दीदी के हाथ के पास रख दिया तो दीदी ने घोड़ी बने hi पास वार्ड दाल दिया क्योंकि अनवर अभी दीदी की गांड में लुंड डाले रुका हुआ था.

दीदी ने जो पासवर्ड डाला उसे देखकर में हैरान रह गया .दीदी ने टाइप किया था रंडी69

दीदी पासवर्ड डालकर शर्म से आँखे बंद कर ली. तो मेने पासवर्ड दोहराया रंडी 69 यही ह न

दीदी नजर झुकाये हुए बोली ,-- हम्म्म

मेने दीदी का चेहरा ऊपर किया तो दीदी ने मेरी तरफ देखा और फिर आँखे बंद कर ली.
 
में दीदी के साथ बिल्डिंग का निर्माण देखने चला गया जो हमारे नए बंगले के पास हो रहा था. दीदी ने एक टॉप बिना ब्रा के जींस पर पहन रखा tha.didi के बूब्स उसमे झूल रहे थे.

दीदी ने एक मजदूर को बीड़ी पिटे देखा और बोली, -- चाचा एक बीड़ी मिलेगी.

मजदूर ने धोती कुरता पहन रखा था तो वो बोलै ,-- बीड़ी तो ख़त्म हो गयी .

दीदी ,-- आप जो पि रहे ह उसी से एक फूंक लेने दीजिये.

मजदूर ने बीड़ी दीदी को दी तो दीदी ने बीड़ी के पिछले हिस्से पर जीभ फिराई और पिने लगी . वो फिर दीदी की मोती चुकी को घूरते हुए अपनी धोती पर से लुंड मसलने लगा.

दोस्तों आगे कहानी में ये पैराग्राफ आना चाहिए क्या ....

प्लीज कमेंट करके बताइयेगा...

संजू
 
I'd लोग इन होते hi मुझे पोर्न का पूरा भंडार मिल गया . दीदी के सरे फ्रेंड अननोन थे और दीदी ने खुद अपनी प्रोफाइल फोटो में एक हेरोइन की सेमि नुदे फोटो लगाई हुयी थी.

दीदी के दो हजार से ज्यादा फ्रेंड थे और सात सो लोग रिक्वेस्ट भेजे हुए थे . वही नोटिफिकेशन भी सेंकडो पेंडिंग थे .ऊपर मैसेंजर में 9+ मैसेज शो कर रहे थे .

मेने मैसेंजर खोला तो फ़ोन पर लम्बी लिस्ट खुलती गयी और मैसेज की बढ़ आ गयी.

दीदी के मैसेंजर में मेस्सगे आने लगे तभी मेरा ध्यान भांग हुआ.

दीदी की जोरदार चीख निकली और फिर वो जोर जोर से चीखने लगी क्योंकि अनवर ने दीदी की गांड को छोड़ना शुरू कर दिया था . दीदी की चीखे आधी से ज्यादा रात में पुरे कमरे में गूंज रही थी .अगर हमारे घर के बगल में दूसरा फ्लैट होता तो वो भी सुनते पर हम लोगो की बिल्डिंग सिंगल फ्लैट हु थी और बगल वाले फ्लैट काफी दूर थे. अनवर दीदी की गांड को जोर जोर से छोड़ रहा था और दीदी के टेबल भी बजाये जा रहा था .

दीदी की गांड पर जोर जोर से अनवर सपाट मार रहा था.

मुझे दीदी की गांड तो नहीं दिख रही थी पर हाथ और लुंड से दीदी की गांड पर पड़ने वाली अलग अलग थप जरूर सुनाई दे रही थी.

दीदी पूरी मस्ती में आँखे बंद किये हुए गांड मरवा रही थी उनकी चीखे अब कामुक सिसकियों में बदल गयी थी . मेरा लुंड भी दीदी की सिसकिया सुनकर जगा हुआ था.

दोनों दस मिनट से ज्यादा देर तक सिसकते हुए रूम का माहौल कामुक बनाये हुए थे फिर दीदी की गांड पर लुंड की ताल का सुर चेंज हो गया था.

में पूछे देख नहीं पाया था लेकिन इतना समझ में आ गया था की अनवर अब दीदी की छूट छोड़ने में लगा हुआ था . कुछ देर में अनवर रुक गया और उसके बदन को झटकी लगने लगे तो में समझ गया की वो अपना माल दीदी की बच्चेदानी में घुसाने की कोशिश कर रहा ह.

दीदी ने आगे बढ़ना चाहा तो अनवर बोलै ,-- रुको बेगम मेरा माल निकल रहा ह उसे तुम्हारे अंदर तक जाने दो .

दीदी जो आँखे बंद किये हुए थी अपनी आँखे खोली और मेरी तरफ देखि तो लज्जा गयी अनवर की बात सुनकर.

अनवर ने पूरा माल दीदी की छूट में छोड़ दिया और बोलै ,-- सोना मेरा माल तुम्हे अपनी बच्चे दानी में महसूस हो रहा ह क्या बेबी.

दीदी ,-- बहुत गर्म गर्म फील हो रहा ह अंदर अनवर जी.

अनवर ,-- है... गर्म होगा तभी तो तेरी गर्म छूट के पानी से मिलकर बीज बनेगा .क्यों रोहित.

में.,-- हाँ जीजू , दीदी पुरे हीट में ह और आपकी म्हणत जरूर रंग लाएगी.

अनवर ,-- हाँ रोहित , में अपनी तरफ से पूरी म्हणत कर रहा हु .

दीदी ने अपनी आँखे जोर से बंद कर ली अब वो मुझसे नजर नहीं मिलाना चाहती थी.

दीदी को देखकर लग रहा था जैसे की किसी कुटिया को कोई कुत्ता छोड़ कर लुंड घुसाए हुए माल छोड़ रहा हो .

अनवर को मालूम था की दीदी की तीते छूट से माल तभी बाहर निकलेगा जब वो अपना लुंड बाहर निकलेगा क्योंकि दीदी की तीते छूट में उसका मोटा लुंड पूरा जकड़े हुए था और वो अपना माल दीदी की छूट में ज्यादा से ज्यादा देर रखना चाहता था ताकि अगर दीदी की बच्चेदानी का मुंह गलती से भी खुल जाये तो दीदी प्रेग्नेंट हो जाये.

पांच मिनट बाद अनवर का लुंड लूसे होकर निकला तो दीदी की छूट से वीर्य की सफ़ेद लार गिरते दिखी तो दोनों बिस्टेर पर गिर गए और लम्बी साँस लेते हुए सो गए.

मेरा लुंड भी झड़ने के करीब था पर दीदी की फेसबुक I'd के देखने के बाद उसमे मैसेंजर पर ग्रुप देखकर में पूरा उत्तेजित था.

दीदी कई ग्रुप में जुडी हुयी थी और कुछ में एडमिन भी थी. हर ग्रुप में पोर्न पिक्टुरेस और वीडियो भरे हुए थे.

मेने दीदी की एक चाट खोली जिसमे वो किसी उम्र दराज आदमी से चाट की थी .

उसके एक लाइन को पढ़ने के बाद मेरा छुम रुक नहीं पाया और में झाड़ गया .दीदी ने लिखा था ,-- मुझे बहुत बड़ी रांड बन न ह आप मुझे ट्रेनिंग दे देना गुरु जी.

आगे की चाट मेने कल के लिए छोड़कर सोफे पर पसर गया और सो गया.

नेक्स्ट डे....

पायल की छम छम के साथ मेरी नींद सुबह खुली . मेने आँखे खोली तो देखा दीदी की पायल और चूड़ी की आवाज बाथरूम से आ रही थी .

दीदी बाथरूम में नाहा रही थी और बाथरूम का गेट भी खुला था . में सेफ से आँख खोल कर देखा तो सुबह सुबह अंदर का नजारा देखकर लुंड खड़ा हो गया . दीदी शावर के निचे नंगी होकर नाहा रही थी और दीदी की गांड मेरी तरफ थी .

दीदी की गोरी गांड देखकर मेरा लुंड खड़ा हो gaya.didi की मखमली गांड पर पानी फिसल कर गिर रहा था और बुँदे मोती की तरह चमक रही थी. में दीदी को नहाते हुए देख रहा था दीदी अपने पीठ पर साबुन को रगड़ रही थी और फिर उनका हाथ छूट पर चला गया तो वो छूट पर साबुन लगाने लगी.

दीदी ने फिर शावर लिया और शावर बंद करके अपने बदन को पूछने के लिए गेट की तरफ खिशक गयी तो मुझे दिखना बंद हो गया .

में एक बार फिर से सो गया और फिर एक घंटे बाद फिर वही छम छम की आवाज से मेरी नींद टूटी तो देखा दीदी चाय की ट्रे लेकर रूम में आयी थी .

मेने देख अनवर चद्दर ओढ़कर सोया था तो दीदी उसे उठाने गयी पर उसने नींद में hi कहा की अभी सोने दो.

दीदी मेरी तरफ मुड़ी तो में दीदी को देखकर पलके झपकना भूल गया .दीदी ने लाल साड़ी पहनी थी और उसी रंग का ब्लाउज साथ में लाल चुडिया ,माथे पर लाल बिंदी ,मांग में सिंदूर और सर पर घूँघट.

दीदी पूरी संस्कारी औरत लग रही थी और दीदी बहुत hi सूंदर लग रही थी .दीदी ने मेरी तरफ देखा तो उनके चेहरे पर थोड़ी सी शर्म थी. दीदी को देखकर कोई भी नहीं कह सकता था की यही औरत रात में बेशरम होकर रंडी की तरह गांड मरवा रही थी .

. दीदी ने मेरी तरफ चाय की ट्रे की तो मेने उन्हें बाहर लेकर चलने को कहा और बाथरूम में जाकर मूत कर बाहर आया तो दीदी ट्रे रखकर मेरा इन्तजार कर रही थी.

मेने बाहर पहुँचते hi कहा, -- दीदी बहुत सूंदर लग रही हो एक डैम भारतीय संस्कारी नारी .

दीदी ने अपनी बाहें फैलाये हुए मुझे अपने नजदीक आने को कहा तो में पहले उनके कदमो में झुका और उन्हें प्रणाम करके दीदी की बाँहों में समा गया .

दीदी ने मुझे गले लगाया और मेरे होंठो पर अपने होंठ रख कर किश किया .

में ,-- दीदी आप ये क्या कर रही हो.

दीदी ,-- अपने भाई को इतना तो कर hi सकती हु

में.,-- अंदर से जीजू ने आकर देख लिया तो.

दीदी ,-- वो सोये ह अभी तो देखकर आयी .चल चाय पि ले.

में.,-- दीदी आप ने मुझे आशीर्वाद नहीं दिया.

दीदी ,-- कब.

में.,-- अभी मेने आपको प्रणाम किया तब.

दीदी ,-- अभी तूने प्रणाम क्यों किया.

में.,-- दीदी आप सुहागरात मन कर आयी हो और आपका तजुर्बा भी अब बढ़ गया तो छोटे भाई को आशीर्वाद नहीं डौगी .

दीदी ,-- ऐसे थोड़े hi होता ह.

में.,-- पर मेने तो फिल्मो में देखा ह की नयी दुल्हन सुहागरात मनके घर में सभी से आशीर्वाद लेती ह.

दीदी ,-- तो तू मुझसे बड़ा तोड़े hi ह.

में.,-- पर छोटा तो हु आशीर्वाद ले नहीं सकती तो दे तो सकती हो न.

दीदी मुस्करा कर ,-- मेरा आशीर्वाद हमेशा तेरे साथ ह चल चाय पि ले ठंडी हो रही ह.

में सोफे पर बैठकर चाय पिने बैठा तो दीदी भी सामने वाले सोफे पर बेथ गयी . में चाय का कप उठाकर दीदी का चेहरा देखते हुए चाय पिने लगा.

दीदी चाय की चुस्की लेकर ,-- ऐसे क्या देख रहा ह .

में.,-- दीदी आप साड़ी में बहुत सूंदर लग रही हो.

दीदी ,-- अच्छा.

में.,-- दीदी आप के चेहरे पर कितना ग्लो दिख रहा ह.

दीदी ,-- सच में.

में.,-- दीदी आज आपका चेहरा रोज से ज्यादा चमक रहा ह और सिंदूर और बिंदी ने आपको ज्यादा सूंदर बना दिया ह.

दीदी ,-- ज्यादा मक्खन मत लगा और ये बता वो टेबलेट कहा ह.

में.,-- कोनसी दीदी उत्तेजना बढ़ने वाली.

दीदी ,-- वो भी और वो प्रेगनेंसी रोकने वाली भी.

में.,-- दीदी जीजू को पूरा निचोड़ कर छोड़ोगी क्या . कल तो बिचारे रात hi गयी इसलिए बच गए .अभी सुबह से शाम तक आपको कैसे संतुस्ट करेंगे.

दीदी ,-- वो टेबलेट खाकर करवाने में बहुत मज़ा आता ह .

में.,-- क्या करवाने में दीदी.

दीदी ,-- सेक्स करवाने में .

दीदी फिर से इज्जत दर बन ने की कोशिश कर रही थी और रात में नंगी होकर छूट और गांड मरवाने के बाद अब दीदी संस्कारी बन रही थी.

में.,-- दीदी रात में तो आप खुलकर बोल रही थी अभी क्या हो गया .

दीदी ,-- बेशरम तू खुलकर सुन न चाहता ह तो सुन . वो टेबलेट खाकर छुड़वाने का अलग hi मज़ा ह.

में.,-- पर जीजू आप जैसी गदराई औरत को कैसे सकेंगे.

दीदी ,-- में औरत कब से हो गयी.

में. -- दीदी अब क्या बाकि ह साड़ी पहन राखी ह ,मांग में सिंदूर ह और रात को जमकर सेक्स कर लिया .

दीदी ,-- हम्म , में तो भूल hi गयी थी . सुन एक काम कर न.

में. -- क्या .

दीदी ,-- तू वैसी टेबलेट अनवर जी के लिए भी ले आना.

में.,-- दीदी जीजू को भी समीर भैया की तरह चूसना ह.

दीदी ,-- क्या मतलब.

में.,-- आपकी मशीन बिचारे का पूरा रास निचोड़ लेगी .

दीदी ,-- चुप शैतान .वो टेबलेट बता तूने देखि ह क्या प्रेगनेंसी रोकने वाली

में.,-- नहीं दीदी .

दीदी ,-- वो मुझे मिल नहीं रही तू एक काम कर जल्दी से दोनों ले आ में अनवर जी को वो टेबलेट अभी दूध में मिक्स करके दे देती हु.

में ,-- ठीक ह दीदी लता हु.

दीदी ,-- तू आएगा तब तक में नास्ता बना लेती हु.

मेने अपने रूम में जाकर कपडे पहने और फिर बाइक लेकर हॉस्पिटल के पास जाकर दो टेबलेट ली एक विटामिन की और दूसरी वियाग्रा की.

दोनों लेकर घर पहुंचा और दीदी को वियाग्रा का स्ट्रिप दिया और विटामिन वाली टेबलेट जो दिखने में प्रेगनेंसी रोकने वाली जैसी hi थी एक टेबलेट निकल कर दीदी को दी.

दीदी ने टेबलेट ले ली तो मेने कहा ,-- दीदी में ये बाकि की टेबलेट अपने पास रख लेता हु नहीं तो आप फिर इसे गम कर डौगी.

दीदी ,-- ठीक ह .

में टेबलेट का स्ट्रिप अपने रूम में लेकर आ गया और अलमारी से सोहैल भैया की दी हुयी टेबलेट के स्ट्रिप से एक टेबलेट निकली और उसे लेकर किचन में आया.

तो बे कॉन्टिनोएड
 
मेने टेबलेट दीदी को दी और कहा ,-- दीदी इसे दूसरे तरीके से लो तब बहुत ज्यादा असर दिखाएगी.

दीदी ,-- कैसे लू.

में.,-- इसे पीस कर दूध की कटोरी में मिला लो और फिर जितना दूध पि सकती हो पि जाओ.

दीदी ने टेबलेट को चटनी पीसने वाले पत्थर से एक कागज पैर पीस लिया और उसे दूध की कटोरी में मिला कर पि गयी और ऊपर से दो गिलास दूध पि लिए.

दीदी ,-- वो टेबलेट कहा ह.

मेने दीदी को मैनफोर्स 500 मग का स्ट्रिप दीदी को दिया और कहा ,-- इसे किचन में hi छुपा दो .आपको जब जीजू को देनी हो तब दे देना.

दीदी ,-- इसे कैसे लेने से ज्यादा असर करेगी.

में.,-- शामे प्रोसेस ह .

दीदी ,-- में जाकर तेरे जीजू को जगती हु फिर उन्हें दे दूंगी.

में बाहर आ गया और अपने रूम में जाकर फ्रेश होने लगा. नाहा धोकर बाहर आया तो अनवर भी सोफे पर बैठा था. अनवर बिना नहाये लुंगी लपेट कर बैठा था उसकी छोड़ी छाती नंगी थी जिस पर दीदी की लिपस्टिक लगी हुयी थी मुझे देखते hi मुस्करा दिया. दीदी किचन में थी.

अनवर, -- रात में शो देखकर मज़ा आया

में.,-- जबरदस्त तुमने मेरी दीदी को उम्र में बड़ी होने के बावजूद हावी नहीं होने दिया.

अनवर,-- मेने शोभा ौंटी के भी पसीने छुड़वा दिए थे दो बार झाड़ा दिया था.

में.,-- सच में.

अनवर ,-- ये सात इंच का लोढ़ा ऐसे hi नहीं ऊगा रखा ह.

थोड़ी देर में दीदी नास्ता लेकर बाहर आयी और नास्ता लगा दिया .

दीदी ,-- आप लोग शुरू कीजिये में पराठे लेकर आती हु.

अनवर ,-- बेगम तुम भी साथ hi खा लेती.

दीदी ,-- में अभी दूध पि ली आप लोग खाइये मुझे पराठे भी सेकने होंगे.

दीदी ने पराठे के साथ दूध भी दिया था जो अनवर साथ में पिता रहा .मेने नास्ता करके दूध पि लिया और दीदी के रूम में मोबाइल देखने लगा .

दीदी का मोबाइल पूरा पोर्न का भंडार था उसमे फेसबुक पर मैसेंजर पर ग्रुप पोर्न से भरे थे .

मेने वात्सप्प खोला तो दीदी को ग्रुप में बधाई देने वालो के बहुत से मैसेज थे तो मेने सबको दीदी की तरफ से थैंक्स कहा तभी नाजनीन दीदी का वात्सप्प आ गया.

नाजनीन दीदी ने दीदी को लिखा था ,-- किसी रही सोना सुहागरात

मेने जवाब लिखा ,-- शानदार ,

नाजनीन दीदी,-- कितने बजे तक चली.

में.,-- तीन बजे तक.

नाजनीन दीदी,-- कितने राउंड हुए.

में.,-- दो ,एक आगे से एक पीछे.

नाजनीन दीदी,-- पांच घंटे में सिर्फ दो इसका मतलब अनवर ने पूरा जमकर छोड़ा ह.

में.,-- हम्म ,कुल सात बार झड़वा दिया.

नाजनीन दीदी,-- अब एक सप्ताह तुझे भाभी बोलू न.

में.,-- हाँ , तेरी भाभी तो बन hi गयी.

नाजनीन दीदी,-- मस्त लग रही थी दुल्हन की ड्रेस में.

में.,-- थैंक्स ननद रानी.

नाजनीन दीदी,-- वावो , अब मेरे भाई के लुंड से मज़ा कर bye.

तभी मम्मी का फ़ोन भी दीदी के फ़ोन पर आया तो मेने उठाया नहीं क्या जवाब देता इसलिए .

तभी मुझे बाहर दीदी की चुडिया खनकने की आवाज आयी तो उठकर परदे के पीछे गया और बाहर देखा तो दीदी को अनवर ने पकड़कर अपने पास बिठा रखा था और वो दीदी को नास्ता करवा रहा था.

अनवर के चेहरे पर पसीना था और उसका लुंड पूरा खड़ा था लुंगी में .उसे वियाग्रा इस असर हो चूका था .

दीदी को वो जबरदस्ती पराठे खिला रहा था और दीदी न नुकर कर रही थी क्योंकि दीदी ने दो गिलास दूध जो पि लिया था.

दीदी भी अनवर को पराठे खिलाना रही थी पर वो फूल हो चूका था. दोनों छेड़छाड़ कर रहे थे जिस से दीदी की चुडिया खनक रही थी.

दीदी ,-- चलिए जाकर नाहा लीजिये.

अनवर ,-- बेगम तुम नहलाओ हमें.

दीदी ,-- अंदर रोहित ह .

अनवर ,-- तभी तो तुम्हे बोल रहा हु उसके सामने hi नहलाना ह .

दीदी ,-- ढ़हाट ..

अनवर ,-- उसको पूरा लाइव शो दिखाना ह इसलिए तुम उसे बिच बिच में बुलाती रहना.

दीदी ,-- आप मुझे पूरी बेशरम बना डोज.

अनवर ,-- साली तुझे बेशरम hi नहीं बहित बड़ी रांड बनाऊंगा . बोल बनेगी ना.

दीदी ,-- आप को जो बोलना ह वो बोल दीजिये वैसे भी में आपकी किसी बात को एक सप्ताह तक नहीं ताल सकती .मेने वडा जो किया ह.

अनवर ,-- और में भी एक सप्ताह में तुझे पूरी बेशरम बना दूंगा . अब चल देख लोढ़ा कैसे फुफकार रहा ह.

दीदी ,-- आप चलिए में बर्तन रखकर आती हु.

दीदी की बात सुनकर में सोफे पर आकर बेथ गया और दीदी के मोबाइल में चाट पढ़ने लगा.

कुछ सेकंड में अनवर आया और उसने मुझे देखकर अपनी लुंगी निकल कर फेंक दी और नंगा हो गया . उसका लुंड पूरा सख्त था और रात से थोड़ा बड़ा भी दिख रहा था.

मेरी नजर उसके लुंड पर hi थी जिसे देखकर में बोलै ,-- क्या बात ह जीजू ,सुबह सुबह hi पूरा तीते ह.

अनवर ,-- सेल तेरी दीदी का संस्कारी रूप देखकर देख कैसे सर उठा लिया ह.

में.,-- जीजू ये तो रात से मोटा लग रहा ह.

अनवर ,-- तेरी दीदी की छूट का रास पिया ह तो मोटा तो होगा hi .

तभी दीदी अंदर आ गयी और अनवर के लुंड को देखकर बोली ,-- अरे आप यही क्यों लुंगी खोल दिए.

अनवर ,-- रोहित से क्या छुपाना इसने और मेने तो कई बार एक दूसरे के लुंड को पकड़ कर हिलाया ह . क्यों रोहित.

में.,-- हाँ दीदी , हम दोनों से एक दूसरे का कुछ नहीं छुपा ह.

अनवर मेरे पास आकर ,-- रोहित देखेगा नहीं छूकर.

में अनवर के लुंड को देखने लगा तो अनवर ने मुझसे कहा ,-- चल तू भी अपना बरमूडा निचे कर ले फिर दोनों एक दूसरे के लुंड को फील करते ह.

में अनवर की बात सुनकर सकते में आ गया की दीदी के सामने कैसे अनवर का लुंड पकड़ूँ तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- सेल सोच क्या रहा ह तुझे भी तेरी दीदी के साथ बेशरम बन न पड़ेगा तभी तो सोना बेशरम बनेगी.

अनवर की बात सुनकर दीदी बेशरमी से मुस्कराई और अपनी छूट को साड़ी पर से खुजा दी तो में भी अपना बरमूडा निचे कर दिया .

अनवर ने मेरे पास आकर मेरे सख्त हो चुके लुंड को पकड़ कर हिलाया और मेरा हाथ पकड़कर अपने मोठे लुंड पर रखवा लिया.

अनवर का लुंड पूरा गर्म था और लोहे की तरह सख्त लग रहा था जो शायद टेबलेट की वजह से था. मुझे अनवर का लुंड पकड़ते hi झुरझुरी सी हुयी और लुंड ने प्रीकम छोड़ दिया.

अनवर मेरे लुंड के टिप से प्रीकम देखकर बोलै ,-- देखो सोना रोहित के लुंड से प्रीकम निकल रहा ह .

उसने मेरे लुंड से प्रीकम को अपनी अंगुली पर लिया और दीदी को दिखाकर बोलै.

अनवर ,-- देखो अपने भाई के लुंड का पानी लो इसे टेस्ट कर के देखो.

उसने मेरा लुंड छोड़ दिया और प्रीकम को दीदी के होंठो पर लगाया तो दीदी ने मुंह खोल दिया और मेरे प्रीकम को मुंह में लेकर खा गयी

अनवर ,-- कैसा लगा .

दीदी ,-- नॉट बाद , थोड़ा सा ज्यादा सालती ह .

अनवर ,-- सालती तो होगा hi अभी जवान लोंदा ह.

दीदी अनवर की बात सुनकर मुस्करा उठी तो अनवर ने दीदी से कहा, -- चलो मुझे नहला दो फिर तेरी मस्त चुदाई करता हु.

दीदी अनवर की बात सुनकर मुस्कराई और अनवर के लुंड को पकड़कर बाथरूम में ले गयी और जैसा मेने सोचा था दोनों ने बिना बाथरूम बंद किये hi दीदी ने अनवर को शावर को ों किया तो अनवर के साथ दीदी भी भीग गयी .

मुझे सोफे पर से अंदर का पूरा नजारा दिख रहा था .अनवर ने दीदी को भी शावर के निचे खिंच लिया और दीदी की साड़ी खोल दी. अनवर पूरा भीग गया वही दीदी अब ब्लाउज और पेटीकोट में आ चुकी थी . दीदी के ब्लाउज से दीदी की ब्रा पूरी दिखने लगी तो दीदी ने आवाज लगाई,--

दीदी,-- रोहित भैया अलमारी से साबुन दे दो.

मेने अपना बरमूडा ऊपर किया और अलमारी से साबुन निकल कर दीदी को देने गया तो दीदी ने मुस्करा कर साबुन ले लिया और बोली.

दीदी ,-- रोहित तू यही रुक मुझे अभी और भी चोजों की जरुरत पड़ेगी.

में गेट पर खड़ा हो गया तो दीदी ने साबुन खोलकर अनवर के बदन पर लगाना शुरू कर दिया . अनवर भी दीदी से साबुन लगवाते हुए दीदी के ब्लाउज के बटन खोल दिया और दीदी का ब्लाउज उनके बदन से अलग कर दिया.

दीदी ने अनवर के खड़े लुंड को अच्छे से साबुन लगाया तो अनवर ने भी दीदी की छूट और गांड के साथ कड़क बूब्स को अच्छे से साबुन लगाया.

दीदी की छूट पर हाथ लगने से वो सिसक रही थी .

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
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