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- Dec 5, 2013
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अनवर भी नहाकर हैट गया तो में नहाने लगा . वो दोनों साइड में होकर अपने बदन को टोलिया से साफ़ किये और बाहर चले गए तो में नहाकर टोलिया से बदन पोछकर नंगा hi बाहर आया.
मेरी नजर सामने गयी तो देखा अनवर ने दीदी की दोनों टंगे अपने कंधे पर रख राखी थी और दीदी की छूट को अपने लुंड से कूट रहा था.
दीदी भी मस्ती में सिसकते हुए अनवर की आँखों में देखकर छुड़वा रही थी.
जब में बाथरूम से निकला तो दीदी ने मुझे देखा और वो जोर जोर से सिसकने लगी.
मेने अपने बदन पर अलमारी से दूसरा टोलिया लपेटकर बालो में तेल लगाकर बाल बनाने लगा . और कपडे पहनने को दूसरे रूम में आ गया और कपडे पहन कर वापस आया तो दोनों एक दूसरे में समाये हुए हम्प रहे थे.
दीदी, -- अनवर जी उठिये ना ,सांस नहीं आ रहा.
अनवर ,-- बस बेबी मेरा बीज तेरी बच्चेदानी में घुस जाये.
दीदी ,-- ऐसे में प्रेग्नेंट थोड़े hi होउंगी.
अनवर मेरी तरफ देखकर मुस्कराते हुए,-- बेगम मेरे लुंड से निकली वीर्य की धार में बहुत डैम ह .देखना तू पक्का प्रेग्नेंट होगी , क्यों रोहित.
में.,-- जरूर जीजू ,आप बहुत म्हणत कर रहे ह.
दीदी ने ये सुना तो उनके चेहरे पर हवइया उड़ने लगी उन्होंने हीट में आने को टेबलेट तो ली थी जिस से बच्चेदानी का मुंह खुल जाये पर तीन दिन तक प्रेगनेंसी रोकने की टेबलेट नहीं ली थी .
अनवर के हैट ते hi दीदी के चेहरे पर दर सा दिखने लगा . रूम में अब मेरे देखने लायक कुछ नहीं था इसलिए में बाहर आकर सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा.
सिर्फ पांच मिनट में दीदी साड़ी पहनकर बाहर आयी और मुझसे बोली
दीदी ,-- रोहित मेने वो टेबलेट तो ली hi नहीं.
में.,-- सुबह तो ली थी दीदी . आपको मज़ा नहीं आया क्या.
दीदी ,-- बेवकूफ में उसकी नहीं प्रेगनेंसी रोकने वाली टेबलेट की बात कर रही हु.
में.,-- ओह्ह , दीदी में हु ना ये लो.
मेने जेब से विटामिन की गोली निकल कर दी जिसकी डिजाइन शामे थी . दीदी ने जल्दी से टेबलेट खायी और पास में राखी बोतल से पानी पीकर मेरे गले लग कर बोली.
दीदी ,-- थैंक्स रोहित , तू सच में मेरा जिम्मेदार भाई ह.
तभी अनवर बाहर आया . उसने कुरता पजामा पहन रखा था .उसका पजामा बहुत छोटा था और उसने टोपी भी लगा राखी थी . अनवर ने दीदी को देखा और बोलै.
अनवर ,-- साली तेरी मांग में सिंदूर और बिंदी कहाँ ह .
दीदी, -- सॉरी अनवर जी ,में जल्दी बाज़ी में भूल गयी.
अनवर ,-- भोसड़ी वाली तेरे को किस बात की जल्दी थी अभी उछाल उछाल कर छूट मरवा कर आयी ह इतनी जल्दी फिर से खुजली होने लगी.
दीदी ने नजर झुका कर कहा ,-- सॉरी अनवर जी .
अनवर ,-- साली तू भूल रही ह की तू मेरी बेगम ह और तुझे सिर्फ रोहित के सामने नंगी होना ह . पूरी दुनिया के सामने तू मेरी संस्कारी बीबी ह समझी . तुझे उन लोगों ने नहीं कहा था.
दीदी ,-- जी मुझे याद ह , सॉरी.
अनवर ,-- साली अंग्रेज की औलाद , तूने गलती की ह और में वापस आकर इसकी सजा दूंगा, चल रोहित.
में खड़ा हुआ और हम दोनों निचे आये तो पार्किंग से बाइक निकल कर जैसे hi कॉलोनी के गए की तरफ बढ़ने लगे एक औरत ने मुझे हाथ देकर रुकने को कहा.
मेने बाइक रोकी और उस औरत को देखा तो पाया की वो 30 साल की सूंदर सी भाभी थी और बाहर से सामन का ठेला लेकर आ रही थी .
औरत ,-- ये बिल्डिंग के 2ंद फ्लोर पर आप रहते ह .
में.,-- जी भाभी ,बताइये.
औरत ,-- मुझे आप से दो मिनट अकेले में बात करनी ह.
अनवर ने सुना तो वो बोलै ,-- रोहित तू बात कर में सामने से गुटखा लेकर आता हु.
अनवर चला गया तो में बाइक को साइड किया और बोलै ,-- बोलिये भाभी.
भाभी ,-- मेरा नाम कामिनी ह और में टी ब्लॉक में 2ंद फ्लोर पर रहती हु.
में.,-- जी कामिनी भाभी आप मुझे क्यों बता रही हो.
कामिनी ,-- ये लड़का कोण ह .
में.,-- ये मेरा दोस्त ह कुछ दिन के लिए कानपूर से दिल्ली घूमने आया ह .
कामिनी, -- और वो औरत जो रात में तुम दोनों के साथ थी.
में,-- जी वो मेरी दीदी ह सोनाक्षी सिंह.
कामिनी, -- ये लड़का तो....
में.,-- जी अनवर नाम ह इसका .पर आप क्यों पूछ रही हो.
कामिनी मुस्करा कर ,-- रात में तुम जो कर रहे थे वो मेने सब देखा था बालकनी से.
में.,-- ओह्ह तो वो आप थी और आपके साथ वो आदमी.
कामिनी, -- वो मेरे हस्बैंड थे.
में.,-- ok आप को और कुछ पूछना ह.
कामिनी ,-- हाँ , अपना मोबाइल नंबर दो.
में ,-- लिखिए 66...57..4.3 ... पर आप क्यों पूछ रही हो .
कामिनी ने मेरा नंबर सेव करके रिंग की और मुस्करा कर बोली ,-- मेने तुम्हे रिंग की ह अकेले हो तब फ़ोन करना बताउंगी. अभी मुझे थोड़ा जल्दी ह.
में.,-- ठीक ह भाभी .
मेने बाइक स्टार्ट की और अनवर के पास रोककर उसे बिठाया और मार्किट की तरफ निकले तो अनवर मुझे गाइड करता रहा और बाइक पार्क करके हम वही खान मार्किट में सोहैल भैया की दुकान पर पहुँच गए.
में ,-- यार यहाँ तो में आया हुआ हु.
अनवर ,-- मुझे मालूम ह ये समीर भैया के बॉस की दुकान ह .
हम दोनों दुकान में पहुंचे तो वह पर सोहैल भैया की जगह दूसरा आदमी था.
अनवर दुकान में सामन देखने लगा तो मेने सोहैल भैया को फ़ोन किया और बताया की में आपकी शॉप पर हु तो सोहैल भैया बोले की दुकान के ऊपर मेरा ऑफिस ह उसमे आ जाओ .
मेने अनवर को बोलै की में ऊपर हु तो उसने मुझे कहा की ok और सेक्स टॉयज देखने लगा. में दुकान के बाहर आकर लिफ्ट से ऊपर गया और बेल्ल बजे तो एक लड़की ने गेट खोला और अंदर आने को कहा.
में अंदर गया तो सोहैल भैया एक एग्जीक्यूटिव चेयर पर बैठे थे और मुझे देखते hi खड़े होकर हाथ मिलाया और बोले
सोहैल भैया,-- आओ रोहित क्या लोगे.
में.,-- जी कुछ नहीं.
सोहैल भैया,-- अरे ऐसे कैसे सिमी दो कोल्ड ड्रिंक लाओ .
लड़की जिसका नाम था वो दो बोतल लेकर आयी और मेरे सामने रख कर दूसरी तरफ जाकर कड़ी हो गयी.
सोहैल भैया,-- आ जाओ सिमी इससे से डरने की जरुरत नहीं ह .में इसकी बहन की गांड मार चूका हूँ क्यों रोहित.
में.,-- हाँ सिमी जी सोहैल भैया ने मेरी दीदी के गांड मेरे सामने hi मरी थी.
सिमी ने अपने मुंह पर हाथ रख लिया और सोहैल भैया की गॉड में बेथ गयी तो सोहैल भैया उसके बूब्स को उसके कमीज पर से मसलने लगे .सिमी ने एक कमीज और स्कर्ट पहना था.
सोहैल भैया,-- और बताओ रोहित .अभी क्या चल रहा ह.
में.,-- भैया अभी तो दीदी का हनीमून चल रहा ह.
सोहैल भैया,-- अरे हां याद आया तुम उसे वो टेबलेट दे रहे हो की नहीं.
में.,-- हाँ भैया रोज सुबह hi दे देता हु .
तभी सोहैल भैया बोले ,-- सोनाक्षी की गांड और बोबे बड़े हो जायेंगे तो साली क़यामत लगेगी.
में.,-- वो तो हो hi जायेंगे भैया, अनवर दिन रात लगा रहता ह उन्हें बड़ा करने में.
मेने कोल्ड ड्रिंक पि ली तो बोलै ,-- भैया अनवर को कुछ सामान लेना था और वो शायद ले लिया होगा में चलता हूँ.
सोहैल भैया,-- ok , सामान के पैसे देने की जरुरत नहीं ह .लड़के को बोल देना मुझसे बात कर ले.
में.,-- ठीक ह भैया.
में वापस निचे आया तो देखा अनवर ने तीन चीजें ली थी और उनका बिल बनवाने को बोल रहा था तो मेने कहा की भैया बिल मत बनाओ सोहैल भैया से बात कर लो.
लड़के ने फ़ोन से बात की और हमें सामान दे दिया हम बाहर आये तो अनवर बोलै की तुम सोना को फ़ोन कर दो हम खाना पैक करवा कर ले चलते ह.
मेने दीदी को फ़ोन करके खाने के लिया मन कर दिया और फिर बाइक से एक अच्छी होटल पर रोककर खाना पैक करवाया और उसे लेकर घर की तरफ चल दिए .
कॉलोनी के बाहर आकर अनवर ने एक गुटखा का पैकेट लिया और एक बीड़ी के बंडल के साथ तम्बाकू की पुड़िया ली और बोलै.
अनवर ,-- रोहित हमें सोना को गुटखा खाना सीखना पड़ेगा
में.,-- क्यों .
अनवर ,-- इसमें सुपारी होती ह जो छूट को तीते बनती ह .
में.,-- हम्म ,पर जर्दा
अनवर ,-- यार सिगरेट पीती ह न उसमे भी तो यही होता ह और जर्दा और बीड़ी पिने से उसे भविस्य में किसी लौ ग्रेड के मर्द से छुड़वाना पड़े तो घिन्न नहीं आएगी.
में.,-- हम्म .यार बहुत hi दूर की सोचे हो .दीदी को हम मिलकर पूरी बिगड़ देंगे.
अनवर, -- लो ये पैकेट . उसके मुंह में हमेशा गुटखा रहना चाहिए. और आज से सिगरेट की जगह उसे बीड़ी पीना सिखाएंगे और तम्बाकू वो खाना सिख hi जाएगी.
में.,-- वो कैसे.
अनवर ,-- याद ह न उसे सजा देनी बाकि ह .
में.,-- हम्म ,
अनवर ,-- तो उसकी यही सजा होगी , साली एक दो बार सर चकराने का बोलेगी फिर खुद मसल कर खायेगी.
में.,-- ग्रेट यार , उसे हम सब सीखा देंगे.
तो बे कॉन्टिनोएड...
मेरी नजर सामने गयी तो देखा अनवर ने दीदी की दोनों टंगे अपने कंधे पर रख राखी थी और दीदी की छूट को अपने लुंड से कूट रहा था.
दीदी भी मस्ती में सिसकते हुए अनवर की आँखों में देखकर छुड़वा रही थी.
जब में बाथरूम से निकला तो दीदी ने मुझे देखा और वो जोर जोर से सिसकने लगी.
मेने अपने बदन पर अलमारी से दूसरा टोलिया लपेटकर बालो में तेल लगाकर बाल बनाने लगा . और कपडे पहनने को दूसरे रूम में आ गया और कपडे पहन कर वापस आया तो दोनों एक दूसरे में समाये हुए हम्प रहे थे.
दीदी, -- अनवर जी उठिये ना ,सांस नहीं आ रहा.
अनवर ,-- बस बेबी मेरा बीज तेरी बच्चेदानी में घुस जाये.
दीदी ,-- ऐसे में प्रेग्नेंट थोड़े hi होउंगी.
अनवर मेरी तरफ देखकर मुस्कराते हुए,-- बेगम मेरे लुंड से निकली वीर्य की धार में बहुत डैम ह .देखना तू पक्का प्रेग्नेंट होगी , क्यों रोहित.
में.,-- जरूर जीजू ,आप बहुत म्हणत कर रहे ह.
दीदी ने ये सुना तो उनके चेहरे पर हवइया उड़ने लगी उन्होंने हीट में आने को टेबलेट तो ली थी जिस से बच्चेदानी का मुंह खुल जाये पर तीन दिन तक प्रेगनेंसी रोकने की टेबलेट नहीं ली थी .
अनवर के हैट ते hi दीदी के चेहरे पर दर सा दिखने लगा . रूम में अब मेरे देखने लायक कुछ नहीं था इसलिए में बाहर आकर सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा.
सिर्फ पांच मिनट में दीदी साड़ी पहनकर बाहर आयी और मुझसे बोली
दीदी ,-- रोहित मेने वो टेबलेट तो ली hi नहीं.
में.,-- सुबह तो ली थी दीदी . आपको मज़ा नहीं आया क्या.
दीदी ,-- बेवकूफ में उसकी नहीं प्रेगनेंसी रोकने वाली टेबलेट की बात कर रही हु.
में.,-- ओह्ह , दीदी में हु ना ये लो.
मेने जेब से विटामिन की गोली निकल कर दी जिसकी डिजाइन शामे थी . दीदी ने जल्दी से टेबलेट खायी और पास में राखी बोतल से पानी पीकर मेरे गले लग कर बोली.
दीदी ,-- थैंक्स रोहित , तू सच में मेरा जिम्मेदार भाई ह.
तभी अनवर बाहर आया . उसने कुरता पजामा पहन रखा था .उसका पजामा बहुत छोटा था और उसने टोपी भी लगा राखी थी . अनवर ने दीदी को देखा और बोलै.
अनवर ,-- साली तेरी मांग में सिंदूर और बिंदी कहाँ ह .
दीदी, -- सॉरी अनवर जी ,में जल्दी बाज़ी में भूल गयी.
अनवर ,-- भोसड़ी वाली तेरे को किस बात की जल्दी थी अभी उछाल उछाल कर छूट मरवा कर आयी ह इतनी जल्दी फिर से खुजली होने लगी.
दीदी ने नजर झुका कर कहा ,-- सॉरी अनवर जी .
अनवर ,-- साली तू भूल रही ह की तू मेरी बेगम ह और तुझे सिर्फ रोहित के सामने नंगी होना ह . पूरी दुनिया के सामने तू मेरी संस्कारी बीबी ह समझी . तुझे उन लोगों ने नहीं कहा था.
दीदी ,-- जी मुझे याद ह , सॉरी.
अनवर ,-- साली अंग्रेज की औलाद , तूने गलती की ह और में वापस आकर इसकी सजा दूंगा, चल रोहित.
में खड़ा हुआ और हम दोनों निचे आये तो पार्किंग से बाइक निकल कर जैसे hi कॉलोनी के गए की तरफ बढ़ने लगे एक औरत ने मुझे हाथ देकर रुकने को कहा.
मेने बाइक रोकी और उस औरत को देखा तो पाया की वो 30 साल की सूंदर सी भाभी थी और बाहर से सामन का ठेला लेकर आ रही थी .
औरत ,-- ये बिल्डिंग के 2ंद फ्लोर पर आप रहते ह .
में.,-- जी भाभी ,बताइये.
औरत ,-- मुझे आप से दो मिनट अकेले में बात करनी ह.
अनवर ने सुना तो वो बोलै ,-- रोहित तू बात कर में सामने से गुटखा लेकर आता हु.
अनवर चला गया तो में बाइक को साइड किया और बोलै ,-- बोलिये भाभी.
भाभी ,-- मेरा नाम कामिनी ह और में टी ब्लॉक में 2ंद फ्लोर पर रहती हु.
में.,-- जी कामिनी भाभी आप मुझे क्यों बता रही हो.
कामिनी ,-- ये लड़का कोण ह .
में.,-- ये मेरा दोस्त ह कुछ दिन के लिए कानपूर से दिल्ली घूमने आया ह .
कामिनी, -- और वो औरत जो रात में तुम दोनों के साथ थी.
में,-- जी वो मेरी दीदी ह सोनाक्षी सिंह.
कामिनी, -- ये लड़का तो....
में.,-- जी अनवर नाम ह इसका .पर आप क्यों पूछ रही हो.
कामिनी मुस्करा कर ,-- रात में तुम जो कर रहे थे वो मेने सब देखा था बालकनी से.
में.,-- ओह्ह तो वो आप थी और आपके साथ वो आदमी.
कामिनी, -- वो मेरे हस्बैंड थे.
में.,-- ok आप को और कुछ पूछना ह.
कामिनी ,-- हाँ , अपना मोबाइल नंबर दो.
में ,-- लिखिए 66...57..4.3 ... पर आप क्यों पूछ रही हो .
कामिनी ने मेरा नंबर सेव करके रिंग की और मुस्करा कर बोली ,-- मेने तुम्हे रिंग की ह अकेले हो तब फ़ोन करना बताउंगी. अभी मुझे थोड़ा जल्दी ह.
में.,-- ठीक ह भाभी .
मेने बाइक स्टार्ट की और अनवर के पास रोककर उसे बिठाया और मार्किट की तरफ निकले तो अनवर मुझे गाइड करता रहा और बाइक पार्क करके हम वही खान मार्किट में सोहैल भैया की दुकान पर पहुँच गए.
में ,-- यार यहाँ तो में आया हुआ हु.
अनवर ,-- मुझे मालूम ह ये समीर भैया के बॉस की दुकान ह .
हम दोनों दुकान में पहुंचे तो वह पर सोहैल भैया की जगह दूसरा आदमी था.
अनवर दुकान में सामन देखने लगा तो मेने सोहैल भैया को फ़ोन किया और बताया की में आपकी शॉप पर हु तो सोहैल भैया बोले की दुकान के ऊपर मेरा ऑफिस ह उसमे आ जाओ .
मेने अनवर को बोलै की में ऊपर हु तो उसने मुझे कहा की ok और सेक्स टॉयज देखने लगा. में दुकान के बाहर आकर लिफ्ट से ऊपर गया और बेल्ल बजे तो एक लड़की ने गेट खोला और अंदर आने को कहा.
में अंदर गया तो सोहैल भैया एक एग्जीक्यूटिव चेयर पर बैठे थे और मुझे देखते hi खड़े होकर हाथ मिलाया और बोले
सोहैल भैया,-- आओ रोहित क्या लोगे.
में.,-- जी कुछ नहीं.
सोहैल भैया,-- अरे ऐसे कैसे सिमी दो कोल्ड ड्रिंक लाओ .
लड़की जिसका नाम था वो दो बोतल लेकर आयी और मेरे सामने रख कर दूसरी तरफ जाकर कड़ी हो गयी.
सोहैल भैया,-- आ जाओ सिमी इससे से डरने की जरुरत नहीं ह .में इसकी बहन की गांड मार चूका हूँ क्यों रोहित.
में.,-- हाँ सिमी जी सोहैल भैया ने मेरी दीदी के गांड मेरे सामने hi मरी थी.
सिमी ने अपने मुंह पर हाथ रख लिया और सोहैल भैया की गॉड में बेथ गयी तो सोहैल भैया उसके बूब्स को उसके कमीज पर से मसलने लगे .सिमी ने एक कमीज और स्कर्ट पहना था.
सोहैल भैया,-- और बताओ रोहित .अभी क्या चल रहा ह.
में.,-- भैया अभी तो दीदी का हनीमून चल रहा ह.
सोहैल भैया,-- अरे हां याद आया तुम उसे वो टेबलेट दे रहे हो की नहीं.
में.,-- हाँ भैया रोज सुबह hi दे देता हु .
तभी सोहैल भैया बोले ,-- सोनाक्षी की गांड और बोबे बड़े हो जायेंगे तो साली क़यामत लगेगी.
में.,-- वो तो हो hi जायेंगे भैया, अनवर दिन रात लगा रहता ह उन्हें बड़ा करने में.
मेने कोल्ड ड्रिंक पि ली तो बोलै ,-- भैया अनवर को कुछ सामान लेना था और वो शायद ले लिया होगा में चलता हूँ.
सोहैल भैया,-- ok , सामान के पैसे देने की जरुरत नहीं ह .लड़के को बोल देना मुझसे बात कर ले.
में.,-- ठीक ह भैया.
में वापस निचे आया तो देखा अनवर ने तीन चीजें ली थी और उनका बिल बनवाने को बोल रहा था तो मेने कहा की भैया बिल मत बनाओ सोहैल भैया से बात कर लो.
लड़के ने फ़ोन से बात की और हमें सामान दे दिया हम बाहर आये तो अनवर बोलै की तुम सोना को फ़ोन कर दो हम खाना पैक करवा कर ले चलते ह.
मेने दीदी को फ़ोन करके खाने के लिया मन कर दिया और फिर बाइक से एक अच्छी होटल पर रोककर खाना पैक करवाया और उसे लेकर घर की तरफ चल दिए .
कॉलोनी के बाहर आकर अनवर ने एक गुटखा का पैकेट लिया और एक बीड़ी के बंडल के साथ तम्बाकू की पुड़िया ली और बोलै.
अनवर ,-- रोहित हमें सोना को गुटखा खाना सीखना पड़ेगा
में.,-- क्यों .
अनवर ,-- इसमें सुपारी होती ह जो छूट को तीते बनती ह .
में.,-- हम्म ,पर जर्दा
अनवर ,-- यार सिगरेट पीती ह न उसमे भी तो यही होता ह और जर्दा और बीड़ी पिने से उसे भविस्य में किसी लौ ग्रेड के मर्द से छुड़वाना पड़े तो घिन्न नहीं आएगी.
में.,-- हम्म .यार बहुत hi दूर की सोचे हो .दीदी को हम मिलकर पूरी बिगड़ देंगे.
अनवर, -- लो ये पैकेट . उसके मुंह में हमेशा गुटखा रहना चाहिए. और आज से सिगरेट की जगह उसे बीड़ी पीना सिखाएंगे और तम्बाकू वो खाना सिख hi जाएगी.
में.,-- वो कैसे.
अनवर ,-- याद ह न उसे सजा देनी बाकि ह .
में.,-- हम्म ,
अनवर ,-- तो उसकी यही सजा होगी , साली एक दो बार सर चकराने का बोलेगी फिर खुद मसल कर खायेगी.
में.,-- ग्रेट यार , उसे हम सब सीखा देंगे.
तो बे कॉन्टिनोएड...