Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure - Page 10 - SexBaba
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Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure

अनवर भी नहाकर हैट गया तो में नहाने लगा . वो दोनों साइड में होकर अपने बदन को टोलिया से साफ़ किये और बाहर चले गए तो में नहाकर टोलिया से बदन पोछकर नंगा hi बाहर आया.

मेरी नजर सामने गयी तो देखा अनवर ने दीदी की दोनों टंगे अपने कंधे पर रख राखी थी और दीदी की छूट को अपने लुंड से कूट रहा था.

दीदी भी मस्ती में सिसकते हुए अनवर की आँखों में देखकर छुड़वा रही थी.

जब में बाथरूम से निकला तो दीदी ने मुझे देखा और वो जोर जोर से सिसकने लगी.

मेने अपने बदन पर अलमारी से दूसरा टोलिया लपेटकर बालो में तेल लगाकर बाल बनाने लगा . और कपडे पहनने को दूसरे रूम में आ गया और कपडे पहन कर वापस आया तो दोनों एक दूसरे में समाये हुए हम्प रहे थे.

दीदी, -- अनवर जी उठिये ना ,सांस नहीं आ रहा.

अनवर ,-- बस बेबी मेरा बीज तेरी बच्चेदानी में घुस जाये.

दीदी ,-- ऐसे में प्रेग्नेंट थोड़े hi होउंगी.

अनवर मेरी तरफ देखकर मुस्कराते हुए,-- बेगम मेरे लुंड से निकली वीर्य की धार में बहुत डैम ह .देखना तू पक्का प्रेग्नेंट होगी , क्यों रोहित.

में.,-- जरूर जीजू ,आप बहुत म्हणत कर रहे ह.

दीदी ने ये सुना तो उनके चेहरे पर हवइया उड़ने लगी उन्होंने हीट में आने को टेबलेट तो ली थी जिस से बच्चेदानी का मुंह खुल जाये पर तीन दिन तक प्रेगनेंसी रोकने की टेबलेट नहीं ली थी .

अनवर के हैट ते hi दीदी के चेहरे पर दर सा दिखने लगा . रूम में अब मेरे देखने लायक कुछ नहीं था इसलिए में बाहर आकर सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा.

सिर्फ पांच मिनट में दीदी साड़ी पहनकर बाहर आयी और मुझसे बोली

दीदी ,-- रोहित मेने वो टेबलेट तो ली hi नहीं.

में.,-- सुबह तो ली थी दीदी . आपको मज़ा नहीं आया क्या.

दीदी ,-- बेवकूफ में उसकी नहीं प्रेगनेंसी रोकने वाली टेबलेट की बात कर रही हु.

में.,-- ओह्ह , दीदी में हु ना ये लो.

मेने जेब से विटामिन की गोली निकल कर दी जिसकी डिजाइन शामे थी . दीदी ने जल्दी से टेबलेट खायी और पास में राखी बोतल से पानी पीकर मेरे गले लग कर बोली.

दीदी ,-- थैंक्स रोहित , तू सच में मेरा जिम्मेदार भाई ह.

तभी अनवर बाहर आया . उसने कुरता पजामा पहन रखा था .उसका पजामा बहुत छोटा था और उसने टोपी भी लगा राखी थी . अनवर ने दीदी को देखा और बोलै.

अनवर ,-- साली तेरी मांग में सिंदूर और बिंदी कहाँ ह .

दीदी, -- सॉरी अनवर जी ,में जल्दी बाज़ी में भूल गयी.

अनवर ,-- भोसड़ी वाली तेरे को किस बात की जल्दी थी अभी उछाल उछाल कर छूट मरवा कर आयी ह इतनी जल्दी फिर से खुजली होने लगी.

दीदी ने नजर झुका कर कहा ,-- सॉरी अनवर जी .

अनवर ,-- साली तू भूल रही ह की तू मेरी बेगम ह और तुझे सिर्फ रोहित के सामने नंगी होना ह . पूरी दुनिया के सामने तू मेरी संस्कारी बीबी ह समझी . तुझे उन लोगों ने नहीं कहा था.

दीदी ,-- जी मुझे याद ह , सॉरी.

अनवर ,-- साली अंग्रेज की औलाद , तूने गलती की ह और में वापस आकर इसकी सजा दूंगा, चल रोहित.

में खड़ा हुआ और हम दोनों निचे आये तो पार्किंग से बाइक निकल कर जैसे hi कॉलोनी के गए की तरफ बढ़ने लगे एक औरत ने मुझे हाथ देकर रुकने को कहा.

मेने बाइक रोकी और उस औरत को देखा तो पाया की वो 30 साल की सूंदर सी भाभी थी और बाहर से सामन का ठेला लेकर आ रही थी .

औरत ,-- ये बिल्डिंग के 2ंद फ्लोर पर आप रहते ह .

में.,-- जी भाभी ,बताइये.

औरत ,-- मुझे आप से दो मिनट अकेले में बात करनी ह.

अनवर ने सुना तो वो बोलै ,-- रोहित तू बात कर में सामने से गुटखा लेकर आता हु.

अनवर चला गया तो में बाइक को साइड किया और बोलै ,-- बोलिये भाभी.

भाभी ,-- मेरा नाम कामिनी ह और में टी ब्लॉक में 2ंद फ्लोर पर रहती हु.

में.,-- जी कामिनी भाभी आप मुझे क्यों बता रही हो.

कामिनी ,-- ये लड़का कोण ह .

में.,-- ये मेरा दोस्त ह कुछ दिन के लिए कानपूर से दिल्ली घूमने आया ह .

कामिनी, -- और वो औरत जो रात में तुम दोनों के साथ थी.

में,-- जी वो मेरी दीदी ह सोनाक्षी सिंह.

कामिनी, -- ये लड़का तो....

में.,-- जी अनवर नाम ह इसका .पर आप क्यों पूछ रही हो.

कामिनी मुस्करा कर ,-- रात में तुम जो कर रहे थे वो मेने सब देखा था बालकनी से.

में.,-- ओह्ह तो वो आप थी और आपके साथ वो आदमी.

कामिनी, -- वो मेरे हस्बैंड थे.

में.,-- ok आप को और कुछ पूछना ह.

कामिनी ,-- हाँ , अपना मोबाइल नंबर दो.

में ,-- लिखिए 66...57..4.3 ... पर आप क्यों पूछ रही हो .

कामिनी ने मेरा नंबर सेव करके रिंग की और मुस्करा कर बोली ,-- मेने तुम्हे रिंग की ह अकेले हो तब फ़ोन करना बताउंगी. अभी मुझे थोड़ा जल्दी ह.

में.,-- ठीक ह भाभी .

मेने बाइक स्टार्ट की और अनवर के पास रोककर उसे बिठाया और मार्किट की तरफ निकले तो अनवर मुझे गाइड करता रहा और बाइक पार्क करके हम वही खान मार्किट में सोहैल भैया की दुकान पर पहुँच गए.

में ,-- यार यहाँ तो में आया हुआ हु.

अनवर ,-- मुझे मालूम ह ये समीर भैया के बॉस की दुकान ह .

हम दोनों दुकान में पहुंचे तो वह पर सोहैल भैया की जगह दूसरा आदमी था.

अनवर दुकान में सामन देखने लगा तो मेने सोहैल भैया को फ़ोन किया और बताया की में आपकी शॉप पर हु तो सोहैल भैया बोले की दुकान के ऊपर मेरा ऑफिस ह उसमे आ जाओ .

मेने अनवर को बोलै की में ऊपर हु तो उसने मुझे कहा की ok और सेक्स टॉयज देखने लगा. में दुकान के बाहर आकर लिफ्ट से ऊपर गया और बेल्ल बजे तो एक लड़की ने गेट खोला और अंदर आने को कहा.

में अंदर गया तो सोहैल भैया एक एग्जीक्यूटिव चेयर पर बैठे थे और मुझे देखते hi खड़े होकर हाथ मिलाया और बोले

सोहैल भैया,-- आओ रोहित क्या लोगे.

में.,-- जी कुछ नहीं.

सोहैल भैया,-- अरे ऐसे कैसे सिमी दो कोल्ड ड्रिंक लाओ .

लड़की जिसका नाम था वो दो बोतल लेकर आयी और मेरे सामने रख कर दूसरी तरफ जाकर कड़ी हो गयी.

सोहैल भैया,-- आ जाओ सिमी इससे से डरने की जरुरत नहीं ह .में इसकी बहन की गांड मार चूका हूँ क्यों रोहित.

में.,-- हाँ सिमी जी सोहैल भैया ने मेरी दीदी के गांड मेरे सामने hi मरी थी.

सिमी ने अपने मुंह पर हाथ रख लिया और सोहैल भैया की गॉड में बेथ गयी तो सोहैल भैया उसके बूब्स को उसके कमीज पर से मसलने लगे .सिमी ने एक कमीज और स्कर्ट पहना था.

सोहैल भैया,-- और बताओ रोहित .अभी क्या चल रहा ह.

में.,-- भैया अभी तो दीदी का हनीमून चल रहा ह.

सोहैल भैया,-- अरे हां याद आया तुम उसे वो टेबलेट दे रहे हो की नहीं.

में.,-- हाँ भैया रोज सुबह hi दे देता हु .

तभी सोहैल भैया बोले ,-- सोनाक्षी की गांड और बोबे बड़े हो जायेंगे तो साली क़यामत लगेगी.

में.,-- वो तो हो hi जायेंगे भैया, अनवर दिन रात लगा रहता ह उन्हें बड़ा करने में.

मेने कोल्ड ड्रिंक पि ली तो बोलै ,-- भैया अनवर को कुछ सामान लेना था और वो शायद ले लिया होगा में चलता हूँ.

सोहैल भैया,-- ok , सामान के पैसे देने की जरुरत नहीं ह .लड़के को बोल देना मुझसे बात कर ले.

में.,-- ठीक ह भैया.

में वापस निचे आया तो देखा अनवर ने तीन चीजें ली थी और उनका बिल बनवाने को बोल रहा था तो मेने कहा की भैया बिल मत बनाओ सोहैल भैया से बात कर लो.

लड़के ने फ़ोन से बात की और हमें सामान दे दिया हम बाहर आये तो अनवर बोलै की तुम सोना को फ़ोन कर दो हम खाना पैक करवा कर ले चलते ह.

मेने दीदी को फ़ोन करके खाने के लिया मन कर दिया और फिर बाइक से एक अच्छी होटल पर रोककर खाना पैक करवाया और उसे लेकर घर की तरफ चल दिए .

कॉलोनी के बाहर आकर अनवर ने एक गुटखा का पैकेट लिया और एक बीड़ी के बंडल के साथ तम्बाकू की पुड़िया ली और बोलै.

अनवर ,-- रोहित हमें सोना को गुटखा खाना सीखना पड़ेगा

में.,-- क्यों .

अनवर ,-- इसमें सुपारी होती ह जो छूट को तीते बनती ह .

में.,-- हम्म ,पर जर्दा

अनवर ,-- यार सिगरेट पीती ह न उसमे भी तो यही होता ह और जर्दा और बीड़ी पिने से उसे भविस्य में किसी लौ ग्रेड के मर्द से छुड़वाना पड़े तो घिन्न नहीं आएगी.

में.,-- हम्म .यार बहुत hi दूर की सोचे हो .दीदी को हम मिलकर पूरी बिगड़ देंगे.

अनवर, -- लो ये पैकेट . उसके मुंह में हमेशा गुटखा रहना चाहिए. और आज से सिगरेट की जगह उसे बीड़ी पीना सिखाएंगे और तम्बाकू वो खाना सिख hi जाएगी.

में.,-- वो कैसे.

अनवर ,-- याद ह न उसे सजा देनी बाकि ह .

में.,-- हम्म ,

अनवर ,-- तो उसकी यही सजा होगी , साली एक दो बार सर चकराने का बोलेगी फिर खुद मसल कर खायेगी.

में.,-- ग्रेट यार , उसे हम सब सीखा देंगे.

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
हम दोनों फ्लैट खोलकर अंदर पहुंचे और सामान अंदर रखा तो दीदी रूम से बाहर आ गयी .

दीदी को देखते hi लुंड खड़ा हो गया .दीदी ने स्काई पिंक साड़ी पहनी थी जो पूरी ट्रांसपेरेंट थी .उनका ब्लाउज लौ कट था और दीदी ने माथे पर उसी कलर की मैचिंग की बिंदी और लिपस्टिक लगाई थी. उनके पेरो में पायल छम छम कर रही थी और दीदी ने सर पर पल्लू किया हुआ था.

हम दोनों उल्लू की तरह दीदी को एक तक निहार रहे थे वही दीदी अपनी सुंदरता पर इत्र रही थी.

अनवर मेरे कान में ,-- इतनी हाई प्रोफाइल वेल एडुकेटेड लड़की गुटखा खाकर बीड़ी पीती हुयी कैसी लगेगी.

में अनवर के कान में ,-- यार लुंड पहले hi पूरा खड़ा ह . अब झाड़ा कर मानोगे क्या.

अनवर, -- सेल लुंड तो मेरा भी पूरा तीते हो गया ह.

हम दोनों सोफे पर बेथ गए तो दीदी भी सामने आकर बेथ गयी.

अनवर ,-- साली रंडी तेरे अंदर संस्कार नाम की कोई चीज ह की नहीं.

दीदी ,-- क्या हुआ अनवर जी.

अनवर, -- तुझे पता नहीं जब पति बाहर से आये तो पत्नी को उसे कैसे उसका स्वागत करना चाहिए .

दीदी ,-- जी आप hi बता दीजिये.

अनवर ,-- पति जब बाहर से आये तो पत्नी को झुककर पेअर छूने चाहिए.

दीदी कड़ी होकर अनवर के कदमो में झुक गयी तो अनवर उनकी गोरी पीठ देखने लगा. दीदी की गोरी पीठ पूरी नंगी थी शिवाय कुछ धागो और पत्तियों के .

अनवर ने दीदी की गोरी पीठ पर हाथ फिराया फॉर मुझे आँख मार कर बोलै ,-- चल कड़ी हो जा ,गलती तो तूने कर दी.

दीदी कड़ी होकर सोफे पर बेथ गयी तो अनवर ने गुटखा का पैकेट खोला और एक पाउच फाड़कर उसे हथेली में लिया और दीदी के आगे किया तो दीदी ने पैकेट की तरफ देखा जो जर्दा मिक्स गुटखा था.

दीदी ने हाथ को देखकर कुछ नहीं किया और मेरी तरफ देखने लगी तो अनवर बोलै.,-- ले इसमें से थोड़ा सा उठा फिर में खता हु.

दीदी ,-- पर इसमें जर्दा ह.

अनवर ने दूसरे हाथ से दीदी के गाल पर चांटा मारा . उल्टा हाथ होने से दीदी को ज्यादा जोर से नहीं लगी पर फिर भी उनका गोरा गाल लाल हो गया.

अनवर ,-- बहनचोद भूल गयी की तेरी दो दो सजा बाकि ह और तुझे गुटखा खाने में क्या दिक्कत ह. तू भूल गयी की तू मेरी बेगम ह और तुझे जो में खाने को कहु वो खाना पड़ेगा वैसे भी रोज तो तू जर्दे से बानी सिगरेट पीती ह.

दीदी ने सॉरी बोलकर गुटखा में से थोड़ा सा उठा लिया और खा गयी तो दीदी ने मुंह को ऐसे बनाया जैसे की उसे धड्डदी आयी हो परन्तु फिर वो उसे चबा गयी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- तूने किसी को गुटखा कहते हुए नहीं देखा.

दीदी ,- जी देखा ह. वो सड़क पर इधर उधर ठुनकते रहते ह .

अनवर ,-- अब मुंह खोल और में तेरे मुंह में गुटखा डालूंगा तो उसे चबाकर उसका पीक पेट में मत ले जाना बस मुंह में इक्क्ठा करके उधर बेसिन में थूक कर आना.

दीदी ,-- जी .

अनवर ने हथेली पर रखा पूरा गुटखा दीदी के मुंह में दाल दिया तो दीदी उसे चबाने लगी .अनवर ने भी एक गुटखा फाड़ा और फिर उसे खाने लगा . उसने दीदी को पकड़कर उठाया और फिर बेसिन के पास ले गया.

दोनों ने एक एक बार पीक ठुनका और फिर अनवर बोलै ,-- चलो अब ज्यादा नशा नहीं होगा.

दीदी ने गुटखा खा ते हुए कहा ,-- मुझे चक्कर आ रहे ह

अनवर ,-- चल बेथ जा सोफे पर थोड़ी देर में अच्छा लगेगा .

दीदी ,-- इससे मुझे नशा सा हो रहा ह.

अनवर ,-- भोसड़ी वाली , तेरी अभी चढ़ती जवानी और फैट टी गांड ह . तेरे को इतने से नशे से क्या होगा . असली नशा तो तुझे बाद में पता चलेगा.

अनवर ने फिर बीड़ी का बंडल उठाया और उसमे से तीन बीड़ी मुंह में लगाकर जलाई और फिर एक मुझे पकड़े और दूसरी दीदी को देकर बोलै.

अनवर ,-- ले पि .

दीदी ने बीड़ी पकड़ ली तो अनवर बोलै ,-- आराम से पीना ये सिगरेट से बहुत हार्ड होती ह.

दीदी ने हम दोनों की देखा देखि बीड़ी पि और मुस्कराने लगी .

अनवर ,-- किसी लग रही ह .

दीदी ,-- बहुत स्ट्रांग ह .

अनवर अब तुझे रोज सिगरेट की जगह बीड़ी पिणि ह और ये गुटखा खाना ह समझी.

दीदी ,-- जी ,

अनवर ,-- अभी तेरे लिए एक चीज और भी ह .

दीदी टेबल पर देखने लगी तो अनवर बोलै ,-- ये देख तम्बाकू , इसमें चुना मिक्स ह इसलिए तू इसे भी खाने के आदत दाल ले.

दीदी तम्बाकू के पैकेट को देखने लगी तो मेने कहा, -- जीजू तम्बाकू खाने से क्या फायदा.

अनवर ,-- सेल अगर तेरी दीदी को किसी लोअर क्लास के मजदुर से छुड़वाना पड़े तो इसे तम्बाकू से एलेर्जी नहीं होगी.

में.,-- वावो , जीजू दीदी को कभी न कभी तम्बाकू खाने वाले से भी छोड़ना पद सकता ह.

अनवर ,-- रोहित एक फोटो सानिया की बीड़ी पिटे हुए ले और उसे ग्रुप में दाल दे .

मेने दीदी के फ़ोन से फोटो ली जिसमे दीदी के मुंह में बीड़ी थी . और उसे ग्रुप में दाल दिया.

हम तीनो बीड़ी पि चुके थे तो तीनो ने बीड़ी फेंकी और अनवर बोलै ,-- चल खाना खा कर थोड़ी देर रेस्ट करते ह फिर रात में नया एडवेंचर होगा.

मेने खाना लगाया तो सबने खाना खाया और फिर दीदी बर्तन समेटने लगी तो अनवर जाकर सो गया.

में भी सोना चाहता था रात में वैसे भी नींद पूरी नहीं होती पर तभी दीदी किचन से बाहर आयी और मेरे पास बैठकर बोली.

दीदी ,-- थैंक्स रोहित.

में.,-- किसलिए दीदी .

दीदी ,-- अगर तुम मुझे दीदी की तरह hi ट्रीट करते तो शायद इतना मज़ा नहीं आता .

में.,-- सॉरी दीदी.

दीदी ,-- किसलिए .

में.,-- आपको इतनी गालिया दी और आपको मारा भी.

दीदी ने मेरे गाल पर चुम्मा लिया और बोली ,-- वो तो तुमने मुझे दीदी नहीं बल्कि अनवर जी की बेगम समझ कर मारा था.

में.,-- तो फिर आप कहो तो अनवर के सामने भाभी बोलने लग जॉन.

दीदी ने मेरे साइन पर प्यार से एक मुक्का मारा और फिर बोली ,-- शैतान , में तुम्हारे रूम में सोने जा रही हु . रात में ठीक से नींद पूरी नहीं हुयी.

दीदी उठकर मेरे रूम में चली गयी तभी मेरे मोबाइल में मसाज टोन बजी तो मेने देखा ग्रुप में बहुत सरे मैसेज आये हुए थे और एक नए नंबर से भी मेसेज आया था जिसमे लिखा था ,-- क्या कर रहे हो रोहित.

में.,-- कुछ नहीं.

मैसेज, -- दीदी और तुम्हारा दोस्त कहाँ ह.

में.,-- दोनों सो रहे ह आप कोण.

तभी उसी नंबर से फ़ोन आ गया तो मेने फ़ोन रिसीव करके कहा ,-- hi आप कोण.

फ़ोन से ,- में कामिनी निचे मिले थे न.

में.,-- बोलिये भाभी

कामिनी ,-- बुरा न मनो तो एक बात पुछु.

में खड़ा होकर बालकनी की तरफ गया तो सामने अपने फ्लैट की बालकनी में कामिनी भाभी कड़ी थी वो एक शार्ट गाउन में कड़ी थी उन्होंने हाथ हिलाया तो मेने भी हाथ हिलाकर बोलै ,-- पूछिए .

कामिनी ,-- रात में तुम्हारी दीदी के साथ तुम दोनों hi थे ना.

में.,-- हम्म .

कामिनी ,-- तुम मेरे घर आ सकते हो अभी.

हम दोनों सामने खड़े थे बस बिच में बीस फ़ीट की दुरी थी . भाभी शार्ट गाउन में सेक्सी लग रही थी उनका फिगर भी मस्त था.

में,-- भाभी क्या इरादा ह पिट्वगी तो नहीं भैया से .

कामिनी, -- भैया अभी घर पर नहीं ह . अकेली हु.

में.,-- क्यों बाकि लोग कहा गए.

कामिनी ,-- हम दो hi लोग ह बाकि लोग दूसरी जगह रहते ह.

में.,-- ओह्ह , पर कहीं आप hi पीटने लग जाओ.

कामिनी ,-- नहीं पिटूंगी बस कॉफी पीकर चले जाना .

में.,-- अभी कॉफ़ी पीना जरुरी ह.

कामिनी, -- मुझे तुमसे कुछ बात करनी ह.

में.,-- ठीक ह आता हु आप कॉफ़ी बनाइये.

मेने फ़ोन कटा और दोनों फ़ोन लेकर फ्लैट से बाहर आया और फ्लैट लॉक करके कामिनी भाभी के फ्लैट पर पहुँच कर बेल्ल बजे.

तो बे कॉन्टिनोएड..
 
थोड़ी देर में भाभी ने गेट खोला और मुझे अंदर आने को कहा .भाभी ने साड़ी पहन ली थी जिसमे से भाभी की सेक्सी नवल और ऊपरी घाटी की लकीर दिख रही थी.

भाभी ने मुझे बैठने को कहा और कॉफ़ी लेने चली गयी तो मेने फ्लैट देखा . भाभी का 3भक वाला फ्लैट था और वेल फर्निश्ड था.

कुछ देर में भाभी कॉफ़ी लेकर आयी और मुझे पकड़ा कर खुद भी पिटे हुए बोली.

कामिनी ,-- और बताओ रोहित कैसा लगा मेरा फ्लैट.

में भाभी के बदन को देखकर बोलै ,-- भाभी काफी अच्छा ह आपने अच्छे से मेन्टेन किया ह . साफ़ सुथरा और शो भी अच्छा ह .

कामिनी ,-- नालायक कोनसे शो की बात कर रहा ह .

में.,-- जिस पर पर्दा नहीं ह .

भाभी ने अपनी नवल को देखकर कहा ,-- में तुझे फ्लैट का पूछ रही हु तू कोनसे परदे की बात कर रहा ह.

में कॉफ़ी पिटे हुए ,- आपके फ्लैट के परदे की भाभी जी.

कामिनी मेरी बात सुनकर मुस्करा उठी तो मेने कहा ,-- बताइये भाभी जी क्यों बुलाया ह मुझे.

कामिनी ,-- तुम्हारा धन्यवाद करने के लिए .

में.,-- अच्छा किस बात का .

कामिनी ,-- रात को लाइव शो दिखाया उसके बाद मेरे हुब्बी ने मुझे थैंक्स कहा.

में.,-- बस इतनी सी बात के लिए बुलाया ह .ये तो आप फ़ोन पर भी बोल सकती थी.

कामिनी ,-- वो असल में बात दूसरी ह बात ये ह की मुझे रात को तुम्हारी दीदी की कामुक चीखें सुनकर बहुत मज़ा आया .

में.,-- थैंक्स , यही बोलना था.

कामिनी ,-- हाँ और में ये चाहती हु की ऐसे hi हार्डकोर मेरे साथ भी कोई करे.

में.,-- तो आप अपने पति को बोलिये.

कामिनी, -- वो बस मुझसे संतुस्ट करने जितना hi सेक्स करते ह. इसलिए में चाहती हु की तुम मेरी मदद करो

में.,-- कैसे .

कामिनी ,-- देखो रोहित में तुम्हे खोल कर बता देती हु में दिन भर घर पर अकेली बोर होती हु तो सेक्स स्टोरी और हार्डकोर पोर्न देखती रहती हु और में भी चाहती हु की मेरे साथ 3 सम या हार्डकोर जैसा कुछ हो.

में.,-- तो आपके पति को बोलिये वो अपने किसी दोस्त से करवा सकते ह.

कामिनी ,-- अगर ऐसा होता तो में तुम्हे थोड़े hi बोलती , मेरा हस्बैंड एक प्राइवेट फर्म में सेल्स मैनेजर की जॉब पर इसलिए उसे सिर्फ संडे को छूती होती ह जिसमे वो नार्मल सेक्स hi कर पता ह और उसे इन सब चीजों में इंट्रेस्ट नहीं ह.

में.,-- ओह्ह , मतलब आप पोर्न की तरह हार्डकोर चाहती हो. पर आप को मुझ पर इतना विस्वास कैसे ह.

कामिनी ,-- मेने तुम्हारे बारे में सुबह से थोड़ा बहुत पता किया ह की तुम मेरी नजर में सेफ हो.

में.,-- अच्छा क्या क्या पता किया मेरे बारे में.

कामिनी ,-- तुम कानपूर से हो यहाँ रहकर अपनी पढाई कर रहे हो और तुम्हारी दीदी तुम्हारे लिए खाना बनती ह . इसके आलावा तुम्हारी दीदी की दोस्ती समीर से ह बाकि तो मेने रात में देखा ह बस इतना hi.

में.,-- आप मेरे बारे में सुनोगी तो विस्वास नहीं होगा .

कामिनी ,-- वही जान न चाहती हु अगर तुम मुझे बताओ तो .

में.,-- पर मुझे आपको बताने से क्या फायदा .

कामिनी ,-- तुम्हे एक बहन और मिल जाएगी वो भी शादीशुदा.

मुझे कामिनी को बहन बनाने में कोई बुराई नहीं लगी . बहुत सूंदर और सेक्सी थी और शायद पोर्न देखकर बोल्ड भी हो इसलिए मेने उसे अपनी और दीदी की पूरी कहानी सुना दी तो कामिनी का मुंह खला रह गया और हाथ छूट पर पहुँच गया.

वो उठकर मेरे पास आयी और मेरे गाल पर किश करके बोली ,-- मुझे अपनी बहन बनाएगा .

में.,-- पर मेने आपको अभी पूरा जाना hi कहा ह.

कामिनी ,-- मेरा नाम कामिनी शर्मा ह . उदयपुर मेरा मायके ह और में इकलौती सैन्टाना हु मम्मी पापा की .मेरा कोई भाई नहीं ह .मेरे पति अनुज शर्मा कोटा से ह उनके परिवार में उनकी एक बहन ह जिसकी शादी हो गयी और मेरे सास ससुर कोटा में रहते ह . और बोलो

में.,-- और आपकी सेक्सुअल लाइफ

कामिनी ,-- मेरा एक बॉयफ्रेंड रहा ह शादी से पहले जिसकी शादी हो गयी और मेरी विर्जिनिटी बॉयफ्रेंड और तेरे जीजू दोनों ने hi ब्रेक की ह.

में.,-- वो कैसे

कामिनी ,-- बधहु हो तुम , बॉयफ्रेंड को में सिर्फ पीछे से hi करवाती थी मैं कोर्स अनुज से ओपन करवाया ह .

में.,-- तो आप क्या चाहती ह अब.

कामिनी ,-- तुम्हारी देख रेख में सोनाक्षी की तरह एन्जॉय . बनोगे मेरे भैया.

में.,-- उसके लिए हिम्मत चाहिए सोना दीदी मुझसे हर बात शेर करती ह अपनी फेल्लिंग बताती ह और मेरे सामने hi सब कुछ करती ह.

कामिनी ,-- में शायद तुम्हे सोनाक्षी से ज्यादा hi एन्जॉय करवाउंगी क्योंकि मेरा अनुभव सोनाक्षी से पांच साल ज्यादा ह. और मुझे सेक्स में िन्सेंट बहुत पसंद ह .

में.,-- नंगी हो सकती हो अभी.

कामिनी ,-- अगर तुम मुझे बहन बना लो तो हो जाउंगी.

में.,-- पर बहन बनकर आपको यकीं हो जायेगा क्या.

कामिनी ,-- मेने तुम्हारी कहानी सुन ने के बाद hi बहन बनने का सोचा ह नहीं तो सोचा था तुम्हे दोस्त बनाकर बात करुँगी.

में.,-- मतलब तुम मुझे भाई बनाकर अपनी फंतासी पूरी करनी ह.

कामिनी ,-- अगर तुम्हे ऐतराज ना हो तो.

में.,-- चलिए फिर आज से आप मेरी बहन .

कामिनी ,-- ऐसे नहीं रुको .

कामिनी अपने फ्लैट में कोने में बने मंदिर की तरफ गयी और रोली अपने अंगूठे में लगाकर मोली का बंडल लेकर आयी और बोली .,-- अपना हाथ आगे करो.

मेने अपना हाथ आगे किया और फिर उसने मेरे माथे पर रोली का तिलक किया और मोली बांध दी और बोली.,-- आज से तुम मेरे भाई और में तुम्हारी दीदी.

में.,-- पर में आपके लिए गिफ्ट तो लाया hi नहीं .

कामिनी ,-- मेरे लिए तेरा गिफ्ट यही ह की जैसे तू सोनाक्षी को सेफ तरीके से एडवेंचर पुरे करवा रहा ह मेरी भी फंतासी पूरी करवा देना. मुझे तू म पर विस्वास ह बस तुम्हे मुझसे कुछ वाडे करने ह .

में.,-- जरूर दीदी बोलिये क्या वादा करना ह.

कामिनी ,-- ज्यादा नहीं बस यही की तू मेरी इज्जत को आंच नहीं आने देगा और मेरी इज्जत को सेफ तरीके से उतरवायेगा.

में.,-- जरूर दीदी ,में आपकी इज्जत भी सोनाक्षी दीदी की तरह सेफ तरीके से अपने सामने नीलाम करवाऊंगा.

कामिनी मुस्करा कर ,-- और मेरी इज्जत उतरवाते समय तू भी एन्जॉय कर सकता ह.

में.,-- जरूर दीदी में आपकी इज्जत उतरवाने में पूरी मदद करूँगा और खुद आपको नंगी करूँगा .

कामिनी ,-- और मुझे शर्म आएगी तो.

में.,-- तो में आपको बेशरम बनाने में मदद करूँगा.

फिर मेने उठकर दीदी के पैरों में झुककर प्रणाम किया तो कामिनी ने मुझे गले लगा लिया और मेरे पुरे चेहरे पर चुम्बन करके अपने होंठ मेरे होंठो पर रखे और मेरा हाथ पकड़कर अपने बैडरूम में लेकर आयी.

बैडरूम में एक बहुत बड़ी एलसीडी लगी हुयी थी जो लैपटॉप से कनेक्ट थी उसे ों करके दीदी बोली .,-- रोहित तू आज से मेरा छोटा भाई ह में तुम्हे अपने जीवन के हर राज बता देना चाहती हु.

कामिनी दीदी ने मुझे फिर अपने मम्मी पापा और अनुज जीजू की फोटो दिखाई और फिर अपने एक्स बॉयफ्रेंड की फोटो दिखाई और फिर सीक्रेट फोल्डर खोलकर अपनी हनीमून की फोटोज दिखाई जिसमे वो बिकिनी और ब्रा पेंटी में थी.

उनकी फोटोज देखकर मेरा लुंड खड़ा हो गया जिसे दीदी ने देख लिया और बोली.

कामिनी ,-- रोहित तुझे शर्माने की जरुरत नहीं ह मुझे पता ह तू सोनाक्षी की तरह मेरे साथ भी लॉयल रहेगा और अपनी फंतासी मुझे बताएगा.

में.,-- जरूर दीदी.

कामिनी ,-- ये देख मेरी फवौरीते पोर्न साइट जहा पर में पोर्न क्लिप देखती हु और सेक्स स्टोरीज पढ़ती हु.

में लिस्ट देखकर बोलै ,-- दीदी आप की लिस्ट में िन्सेंट स्टोरी ज्यादा ह.

दीदी ,-- हाँ , पर मेरा कोई िन्सेंट एक्सपीरियंस नहीं ह क्योंकि मेरे घर पर पापा के आलावा दूसरा मर्द नहीं ह.

में.,-- आपने पापा को सोचकर कभी फिंगरिंग की ह .

दीदी, -- बहुत बार ,पर पापा को सेक्स में ज्यादा इंट्रेस्ट नहीं ह वो मम्मी के साथ भी कभी कभार hi छोड़ते ह .

कामिनी दीदी पूरी खुल रही थी और मुझे मज़ा आ रहा था उनकी बातो में इसलिए बोलै,-- दीदी आप फिर िन्सेंट का मज़ा नहीं ले पाओगी क्योंकि मेने कभी दीदी के साथ भी चुदाई नहीं की ह.

कामिनी ,-- जितना तू सोनाक्षी के साथ करता ह उतना hi कर लेना मुझे अच्छा लगेगा.

में.,-- ok दीदी.

कामिनी ,-- चल तुझे में अपनी अलमारी दिखती हु.

में खड़ा होकर दीदी के साथ अलमारी की तरफ गया तो उन्होंने अलमारी खोली और अपने अंदर गारमेंट्स दिखाए . जिनमे बिकिनी, शार्ट ड्रेस , निघ्त्य और ब्रा पेंटी थी जो एक से बढ़कर एक थी सब सेक्सी .

कामिनी ,-- रोहित में तुझे एक गिफ्ट देना चाहती हु पर वो अभी देने लायक नहीं ह .

में.,-- क्या दीदी .

कामिनी ,-- अपनी पेंटी .पर उसमे अभी लव जूस पूरा नहीं लगा . तू मदद कर दे तो शायद निकला जाये.

में.,-- कैसे मदद चाहिए दीदी.

कामिनी ,-- तू जनता ह सेक्स स्टोरी में एक बहन को असली मज़ा कैसे आता ह तू वही बोल में झाड़ जाउंगी .

में कुछ सोचकर ,-- दीदी में अपनी दोनों दीदी को टॉप की रंडियां बना दूंगा और आपको तो खुद अपने हाथ से नंगी कर के ग्राहक के लुंड पर बैठूंगा और बोलूंगा की ले भाई मेरी बहन की छूट मार और इसकी छूट का भोसड़ा बना दे.

दीदी मेरी बात सुनकर अपनी आँखे बंद कर ली और एक हाथ से अपना बाबा मसलते हुए दूसरे हाथ से छूट को साड़ी पर रखकर मसलने लगी . दीदी को ज्यादा देर नहीं लगी और कम्पनी लगी और फिर आँखे खोलकर मुझे देखकर मुस्करा उठी.

में.,-- हो गया दीदी काम.

दीदी ने अपनी साड़ी को घुटनो से ऊपर उठाया और फिर एक झटकी में अपनी पेंटी निकल कर मुझे देते हुए बोली, -- ले देख ले .

मेने दीदी की कॉटन की पेंटी को छूट के सामने हिस्से पर देखा दीदी की मलाई उस पर लगी थी जिसे मेने सूंघकर उनकी महक को अपने अंदर समा किया और जीभ से टेस्ट कर लिया.

में.,-- वावो दीदी बहुत टेस्टी ह.

कामिनी ,-- मुझे पता ह तुझे सोनाक्षी की छूट का पानी पिने में मज़ा आता ह.

में.,-- थैंक्स दीदी.

कामिनी ,-- कल तेरे अनुज जीजू तीन दिन के लिए कोलकाता जा रहे ह इसलिए में तीन दिन फ्री रहूंगी .

में.,-- में आपको रिंग करूँगा आप आ जाना अनवर से छुड़वा दूंगा.

दीदी ने मुझे हग किया और फिर में पेंटी लेकर घर आ गया क्योंकि शाम हो चुकी थी और मेने टाइम देखा तो सात बजने वाले थे.

तो बे कॉन्टिनोएड....
 
मेने घर आकर देखा तो दीदी बीड़ी पि रही थी मुझे देखकर वो मुस्कराई और जैसे hi में उनके पास सोफे पर बैठा मुझे बीड़ी पकड़े और बोली, -- पियेगा

मेने दीदी से बीड़ी ली और पिने लगा .

दीदी ,-- सिगरेट से ज्यादा मज़ा बीड़ी पिने में आता ह .

में.,-- हम्म , जीजू नहीं उठे दीदी.

दीदी ,-- उठ गए बाथरूम गए ह तो मेने सोचा एक बीड़ी hi पि लू . तुम बैठो में खाना लगा देती हु.

में.,-- अभी तो सात बजे ह दीदी . एक एक पेग लगा ले तो भूख लगेगी.

दीदी ,-- ठीक ह में लती हु तू बेथ.

दीदी उठकर किचन में चली गयी तो अनवर बहार आया और बैठकर बोलै

अनवर ,-- यार समुर भैया का मैसेज आया ह क्या

में.,-- क्यों जीजू

अनवर ,-- देख वो बोले थी की रोहित को दो दिन बाद मैसेज करेंगे और आगे का प्लान बताएँगे.

मेने फ़ोन खोला और उसमे देखा तो समीर भैया का मेसेज आया हुआ था जो उन्होंने सुबह hi कर दिया था उन्होंने लिखा था ,-- "" रोहित तुम आज रात में सोना को छत पर लेजाकर अनवर से छुड़वाना , सोना को खुले आसमान के निचे छुड़वाने में मज़ा आएगा.

मेने मोबाइल अनवर की तरफ किया तो अनवर मैसेज पढ़कर बोलै ,--तू गया ह कभी छत पर .

में.,-- नहीं.

अनवर ,-- खाना खाकर चलते ह देखने . समीर भैया ने कुछ सोचकर hi बोलै होगा.

तभी दीदी ड्रिंक लेकर आ गयी तो हम दो दो पेग लगाकर खाना खाया . खाना खाने के बाद दीदी ने एक गुटखा की पुड़िया ली और उसे फाड़ कर खाने लगी तो अनवर ने दीदी को किश किया और खुद भी गुटखा खाने लगा.

दीदी बर्तन समेत कर किचन में चली गयी तो अनवर ने मुझे ऊपर चलने को कहा.

हम दोनों फलते बंद करके लिफ्ट से ऊपर आये तो लिफ्ट पांचवे तल्ले पर hi रूक गयी . हम लिफ्ट से निकले और बाहर आये तो देखा ऊपर जाने के लिए सीढिया बानी हुयी थी. हम सीधी से ऊपर पहुंचे और देखा तो छत ज्यादा बड़ी नहीं थी और ऊपर कपडे सूखने के लिए तार बंधे हुए थे.

एक कोने में पानी की टंकी थी और बगल में साडी बिल्डिंग भी इतनी hi हिघ्त की थी . छत पर तीन फ़ीट ऊँची दिवार थी जिस पर बैठने के बाद सिर्फ बगल वाली एक hi बिल्डिंग से कुछ दिख सकता था .

अनवर दूसरी तरफ गया तो मेने समीर भैया को फ़ोन किया तो समीर भैया ने फ़ोन उठाते hi कहा ,-- रोहित दिवाली की छूती की वजह से पूरी बिल्डिंग खली ह तुम निचे से सीधी लॉक करके सोना को एन्जॉय करने दो .

में कुछ बोलता उससे पहले hi फ़ोन काट गया तब तक अनवर भी पास में आकर बोलै.

अनवर ,-- मज़ा आएगा रोहित यहाँ तेरी बहन छोड़ने में.

में.,-- और अगर कोई आ गया तो .

अनवर ,-- तो सानिया को बोल देना एक फुल गाउन साथ लेकर आ जाएगी और तू सीधी के पास रहना कोई आये तो में तुरंत लुंगी बांध लूंगा और सानिया गाउन पहन लेगी .

में.,- हाँ ये ठीक रहेगा.

अनवर ,-- जा बुला ला अपनी बहन को छुड़वाने के लिए.

में ,-- पर अभी इतनी जल्दी क्या ह अभी तो no भी नहीं बजे आराम से दस बजे तक सही रहेगा तब तक सब सो भी जायेंगे .

अनवर ,-- ये भी ठीक ह तुम एक काम करना एक चटाई और पानी की बोतल ले आना में यही ठंडी हवा में बैठा हु.

में सीधी से चलकर निचे उतरा और ऊपर के तीनो फ्लैट को चेक किया तो पाया की सब बाहर से लॉक थे और फिर निचे जाकर सीधी को बंद किया और लिफ्ट को अपने फ्लोर पर लेकर फ्लैट खोला तो दीदी टीवी देखते हुए मिली.

दीदी ,-- कहा गए थे तुम दोनों

में.,-- आपके लिए छुड़वाने की नयी जगह देखने.

दीदी ,-- मतलब .

में.,-- जीजू ने आपको छत पर बुलाया ह.

दीदी ,-- क्यों.

में.,-- आपकी छूट छोड़ेंगे छत पर.

दीदी ,-- पर छत पर कैसे.

में.,-- मुझे पता नहीं मुझे बोले ह की जा तेरी बहन को बुला ला आज छत पर hi तेरी बहन को छोडूंगा.

दीदी ,-- बाप रे अब क्या करू अगर नहीं गयी तो मुझे पनिश करेंगे . चल जल्दी से करवा कर आ जाउंगी.

में.,-- क्या करवा कर आ जाओगी. बहुत खुजली हो रही ह क्या दीदी.

दीदी ,-- नालायक तू hi तो बोलै अनवर जी ने बुलाया ह. और छत पर तेरे जीजू तेरी दीदी की छूट hi मरेंगे .

में.,-- तो फिर छत पर बिछाने को कुछ लेकर चलना होगा . नहीं तो गांड घिस जाएगी.

दीदी ,-- चुप, कुछ भी बोलता ह .

में.,-- दीदी जब अनवर जीजू आपकी छूट को छोड़ेंगे तो गांड फर्श पर घीस कर छील जाएगी. ठीक ह में hi लेकर आता हु.

मेने दीदी के रूम में जाकर स्टोर से मैट्रेस्स उठायी और अलमारी से दीदी का गाउन लेकर उसे लपेट लिया .और जैसे hi बाहर आया दीदी उठकर कड़ी हो गयी.

में.,-- off...didi आप कितनी छुडासी औरत हो आपको छोड़ने की बहुत जल्दी रहती ह.

दीदी ,-- तू ज्यादा नहीं बोल रहा क्या .

में.,-- सॉरी दीदी .

दीदी ,-- सॉरी मत बोल तू गलत भी नहीं बोल रहा मुझे वो टेबलेट लेने के बाद बहुत खुजली होती ह.

में सोफे पर बैठकर ,-- आप ने मुझे सब कुछ बता दिया पर उस दिन वाली बात नहीं बताई.

दीदी ,-- कोनसी

में.,-- वही निकाह वाली .

दीदी ,-- तुझे बुरा लगेगा सुनकर.

में.,--- चरों छोड़ कर तो नहीं जा सकते इतनी सी देर में इससे बुरा क्या होगा.

दीदी ,-- तुम शायद अनवर से नाराज हो जाओ.

में.,-- अनवर मेरी बहन को रोज जलील करता ह रोज कुटिया की तरह ट्रीट करता ह तब तो नहीं हुआ.

दीदी ,-- ठीक ह फिर सुनो . उस दिन निकाह के नाम पर उन्होंने सिर्फ मुझे तीन बार अनवर को कबूल ह बुलाया था.

में.,-- फिर पंद्रह मिनट तक उन्होंने क्या किया.

दीदी ,-- उनके ऊपर आते hi अनवर ने मुझे बाहर लाकर उनके सामने खड़ा कर दिया था.

में.,-- फिर .

बाकि का में तुम्हे वैसे hi बता रही hi जैसे हुआ था उन सबकी जुबानी hi सुनो में सिर्फ तीन बार कबूल ह बोली थी बाकि सिर्फ हां में गर्दन हिलायी थी. उनके आते hi उन्होंने गेट अंदर से लॉक कर दिया तो अनवर मुझे पकड़ कर बाहर लाया और मुझे उनके सामने खड़ा कर दिया .में शर्म से गाड़ी जा रही थी वो चारो मुझे आँखों hi आँखों से चोदे जा रहे थे तभी अनवर जी बोले.

अनवर ,-- जनाब यही ह सोनाक्षी जिसको में बेगम बनाकर छोड़ने वाला हु.

1सत मन ,-- तुम्हे अनवर शोहर के रूप में कबूल ह.

में सर झुकाये हुए., कबूल ह कबूल ह कबूल ह.

2ंद मन ,-- तुम्हे अनवर .

अनवर ,-- जी कबूल ह कबूल ह कबूल ह.

1 सत मन ,-- अनवर तुम्हे इसके बदन को भोगने की कीमत ग्यारह सो रूपये चुकानी पड़ेगी .

अनवर ,-- जी चूका दूंगा.

3रद मन ,-- तुमने अपने बदन पर अनवर का नाम लिखवा लिया ह.

मेने हां में गर्दन हिलायी .

4तह मन ,-- हमें वो कन्फर्म करना ह .

अनवर जी ने मुझे पीछे घुमाया और मेरा लहंगा ऊपर करके पेंटी निचे की तो चारो ने देखकर एक साथ kaha.,--hmm.

1सत मन ,-- मस्त गांड ह अनवर तुम्हारी होने वाली बेगम की.

अनवर ने मेरा लहंगा छोड़ दिया और मुझे वापस घुमा कर खड़ा कर दिया तो दूसरा आदमी बोलै.

2ंद मन ,-- ये नाम तुम्हे दो जगह लिखवाने थे दूसरी जगह भी दिखाओ.

में सर झुकाये कड़ी थी तो अनवर जी मेरे पास आये और मेरे ब्लाउज की गाँठ खोलकर मेरी ब्रा को निचे कर के बोले ,-- देख लीजिये जनाब .

चारो मेरी चुकी को देखने लगे और अपने होंठो पर जीभ फिरने लगे तो फिर अनवर ने ब्लाउज की गाँठ वापस लगा दी.

2ंद मन ,-- तुम्हे अनवर की हर बात मन नई ह और उसकी हर बात की तमिल होनी चाहिए.

मेने इकरार में गर्दन हिलायी .

3रद मन ,-- आज से तेरा ये बदन अनवर की अमानत ह ये इसे चाहे जैसे भोग सकता ह तुम्हे कोई आपत्ति करने का हक़ नहीं होगा.

मेने फिर से गर्दन उठायी .

4तह मन ,-- तुम्हे इसके लुंड से निकली हर बून्द सिर्फ छूट में डलवानी ह . एक भी बून्द बर्बाद नहीं होनी चाहिए. तुम्हारे शोहर को तुम्हे प्रेग्नेंट करने का पूरा हक़ ह.

मेने फिर से इकरार में गर्दन हिलायी

1सत मन ,-- अनवर की इज्जत अब तुम्हारी इज्जत ह और तुम्हारी इज्जत को अनवर कैसे भी खराब करे तुम्हे बोलने का हक़ नहीं ह.

में फिर से गर्दन हिलायी

2ंद मन ,-- अब हमें इसके बदन को पवित्र करना होगा तुम्हारे बदन पर अलग अलग जगह पर थूकेंगे तुम्हे वो हमारे सामने चेतना ह .

मेने इकरार में सर हिलाया तो 1सत मन

1सत मन ,-- अनवर तुम्हे पता ह इसलिए तुम अपने हाथ से कपडे हटाकर इसे समझा दो.

अनवर जी ने सबसे पहले मुझे बैठने को कहा तो पहले आदमी ने मेरे मुंह पर थूका जिसे में चाट गयी . फिर अनवर ने मेरी चुन्नी को साइड किया तो दूसरे आदमी ने मेरी क्लीवेज पर थूका जिसे में हाथ में लेकर चाट गयी

फिर अनवर जी ने मेरे पेट पर से चुन्नी को साइड किया तो तीसरा आदमी उस पर झुक कर ठुनका तो में उसे भी अंगुली से चाट गयी .फिर अनवर जी ने मेरा लहंगा ऊपर किया तो चौथे आदमी ने मेरी जांघ पर थूका तो में उसे चाटने लगी तब तक वो लोग गेट खोल कर निकल गए तो में भी रूम में भाग कर आ गयी.

दीदी ने पूरी कहानी सुनाई तो मेरा लुंड पूरा कठोर हो गया.

दीदी ,-- तुम्हे बुरा तो नहीं लगा.

मेने अपना बरमूडा निचे किया और दीदी को अपना लुंड दिखाकर कहा ,-- इसका जवाब ये ह देख लो बुरा लगा या अच्छा.

दीदी ने मेरे लुंड को देख लिया तो मेने बरमूडा ऊपर कर लिया तो दीदी ने मेरे होठो पर किश कर दिया.

में.,-- इसमें बुरा लगने की कोनसी बात थी.

दीदी ,-- उन लोगों ने मेरे साथ ऐसा सलूक किया इसलिए मुझे लगा तुम्हे बुरा लगेगा.

में.,-- बुरा तो जीजू को लग जायेगा अगर हम ऊपर नहीं गए तो वो बिचारे अपने लुंड को पकड़कर बैठे होंगे.

दीदी ,-- तुम्हे और भी कुछ आता ह की नहीं.

में.,-- मुझे आपको चुदाई का पूरा आनंद दिलवाने ह बस.

मेने दीदी को मैट्रेस्स और गाउन दिया और पानी की बोतल लेकर बीड़ी का बंडल और लाइट ले ली .

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
में गेट लॉक कर रहा था तभी कामिनी दीदी का मैसेज आया ,-- आज किधर हो रोहित दिख नहीं रहे.

मेने तुरंत रिप्लाई किया ,-- छत पर आ जाओ वही दीदी को छुड़वाने ले जा रहा हु.

कामिनी,-- तुम्हारी दीदी कोई गाय ह क्या जो उसे छुड़वाने सांड के पास ले जा रहे हो.

में.,-- यही समझ लो ,उसे प्रेग्नेंट करवाने ले जा रहा हु.

कामिनी ,-- छत पर कोई आ गया तो.

में.,-- पूरी बिल्डिंग खली ह सब छुटियों में घर गए हुए ह.

कामिनी ,-- हम्म ये तो .हमारी बिल्डिंग में भी दो चार परिवार hi ह , चलो में भी तेरे जीजू को सोते hi आती हु .

में टाइप करते करते लिफ्ट से लास्ट फ्लोर पर आ गया और फिर लिफ्ट का गेट खुला hi छोड़ दिया ताकि कोई ऊपर नहीं आ सके.

दीदी ,-- लिफ्ट तो बंद कर.

में.,-- क्यों किसी को ऊपर बुलाकर लाइव टेलीकास्ट दिखाना ह क्या.

दीदी मेरा जवाब सुनकर झेंप गयी और सीढिया चढ़ने लगी तो में भी ऊपर पहुंचा.

दीदी से मैट्रेस्स छत पर पटक दी तो मेने बोतल रखकर दीदी का हाथ पकड़ा और कोने में खड़े अनवर की तरफ ले जाकर कहा.

में ,-- जीजू ये लीजिये दीदी का हाथ पकड़िए में ले आया इन्हे आपसे छुड़वाने.

दीदी मेरी बात सुनकर लजा गयी वही अनवर ने दीदी की ठुड्डी पकड़कर उनकी आँखों में देखकर कहा .

अनवर ,-- तेरी बहन को हम आज खुले आसमान के निचे छोड़ेंगे. क्यों बेगम छुड़ेगी ना?

दीदी अपनी छूट खुजाकर ,-- जी आप की जैसे मर्जी स्वामी.

अनवर अपना लोढ़ा सहलाकर, -- साली धीरे धीरे बेशरम बनती जा रही ह.

में.,-- जीजू आप की सांगत का असर ह.

मेने बीड़ी का बंडल निकलकर तीन बीड़ी जलाई और एक एक दोनों को पकड़ाया तो तीनो बीड़ी पिने लगे .

में.,-- जीजू सिगरेट पिने से ज्यादा मज़ा बीड़ी पिने में आता ह.

अनवर दीदी को देखकर ,-- देसी चीजें विदेशियों से हमेशा अच्छी होती ह सेल साहब . अब तुम्हारी दीदी को hi देख लो साली विदेशियों से भी ज्यादा बेशरम होकर गांड चुदवाती ह.

दीदी फिर से शर्म से लाल हो गयी तो अनवर बोलै ,-- अभी तो सानिया को देसी पावा भी पिलाना ह क्यों बेबी पीयेगी ना.

दीदी धुंवा छोड़कर ,-- अब में आपकी बेगम हु अनवर जी जो आप पिलायेंगे वो पीना hi पड़ेगा .

हम तीनो की बीड़ी ख़त्म हो चुकी थी तो अनवर बोलै ,-- बेगम शुरू करे चुदाई .

दीदी ,-- अनवर जी प्लीज ऐसे मत बोलिये न.

अनवर ,-- ओह्ह्ह.. तो सानिया गांड मरवाने को तैयार हो.

दीदी ने अपना मुंह अनवर की छाती में छुपा लिया तो अनवर बोलै

अनवर ,-- रोहित यार तैयारी कर . सेज बिछा तुझे तेरी बहन नहीं छुडवानी क्या.

में.,-- जीजू में तो पूरी तैयारी के साथ आया हु अपनी बहन छुड़वाने . ये लीजिये शुरू कीजिये प्रोग्राम.

मेने छत के बिच में मैट्रेस्स बिछा दी ताकि कामिनी दीदी भी चुदाई देख ले.

अनवर ने दीदी का हाथ पकड़ा और मैट्रेस्स पर बेथ गए .

अनवर ,-- रोहित तो सीधी के पास बेथ और निचे ध्यान रखना कोई आ जाये तो सानिया फ़ौरन गाउन पहन लेगी.

में दोनों से पांच फ़ीट दूर सीधी के गेट पर बेथ गया . मुझे पता था की कोई आने वाला नहीं ह लेकिन दोनों को पहले hi बोलकर रोमांच ख़त्म नहीं करना चाहता था.

में.,-- जीजू आप आने वाले की चिंता छोड़िये और आराम से दीदी की बुर छोड़िये और दीदी के साथ एन्जॉय कीजिये . आने वाले को में देख लूंगा

अनवर और दीदी एक दूसरे के सामने बैठे थे .तभी अनवर ने दीदी के होंठ पर चुम्मा लिया और बोलै ,-- क्यों रोहित की दीदी आज भी ऐसे शरमाओगी या हमें बुर छोड़ने को कहोगी.

दीदी अनवर को वापस किश करके ,-- अनवर जी ये छूट आप hi की ह आपको जैसे मर्जी वैसे छोड़ लीजिये.

अनवर, -- ोये होये रोहित तेरी दीदी धीरे धीरे बेशरम होती जा रही ह.

में.,-- जीजू आप वो फार्मूला काम में लीजिये जो परसो लिया था.

अनवर, -- कोनसा रोहित.

में.,-- जीजू आप दीदी को इतना गरम कर दीजिये की परसो की तरह अपने मुंह से छोड़ने को कहे.

अनवर ,-- हम्म्म

फिर अनवर ने दीदी के चेहरे को चूमना शुरू किया और दीदी के ललाट , आँख, नाक , कान , गाल और होठ को चूमने लगा .दीदी भी अपने चेहरे को चूमने के बाद अनवर के होंठ से होंठ मिला दी .

दोनों पैशनेट किश में लग गए और एक दूसरे के बदन को मसलने लगे .दीदी अनवर की पीठ पर हाथ फिर रही थी और अनवर दीदी के बूब्स मसल रहा था तो में बोलै.

में.,-- जीजू आप दीदी के बूब्स पर ज्यादा फोकस कीजिये . आपको दीदी के बूब्स बड़े करने ह.

अनवर होठ अलग करके ,-- हाँ रोहित .

में.,-- जीजू , दीदी के बोबे बड़े होंगे तो दीदी सूंदर लगेगी और अगर प्रेग्नेंट हो गयी तो दीदी के बच्चे को ज्यादा दूध पिने को मिलेगा बड़े बूब्स से.

दीदी ने मुझे मुस्करा कर देखा तो अनवर ने दीदी की साड़ी की पिन खोलकर दीदी का ब्लाउज निकल कर मेरी तरफ फेंक दिया जिसे मेने संभल कर रख लिया . दो सेकण्ड में दीदी की ब्रा भी मेरे हाथ में थी.

अनवर दीदी को होंठ चूसते हुए दीदी के बूब्स को जोर जोर से मथने लगा जैसे की दूध निकल लेगा तो दीदी की सिसकिया पूरी छत पर हवा में घुलने लगी.

में.,-- जीजू आपको दीदी के बूब्स पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए क्योंकि दीदी के बूब्स बड़े होंगे तो वो ज्यादा सूंदर दिखेगी और मुझे भी अच्छा लगेगा.

अनवर ,-- अभी रात में देखना दीदी के बूब्स बड़े करने का उपाय कर दूंगा.

अनवर ने दीदी की साड़ी को पूरा खोल दिया तो दीदी भी अनवर की बनियान निकल दी .अनवर अब सिर्फ लुंगी में था और उसने लुंगी के निचे चड्डी नहीं पहनी थी .

दीदी पूरी मस्ती में आ चुकी थी और उसने खुद hi अपना पेटीकोट खोल कर मेरी तरफ फेंक दिया तो अनवर ने दीदी की पेंटी को छूकर देखा दीदी की पेंटी पूरी काम रास से भीग चुकी थी.

अनवर ने दीदी की पेंटी को निकल कर मेरी तरफ फेंक दिया और बोलै ,-- ले निचे ध्यान रखना और पेंटी चाट ले.

मेने दीदी की पेंटी को हवा में hi लपक लिया और उसे चाटने लगा तभी मुझे बगल वाली बिल्डिंग पर कामिनी दीदी दिखी जो टंकी की आउट से दोनों को देख रही थी.

तभी मेरे मोबाइल में मैसेज आया ,-- तुम बहुत जिम्मेदार भाई हो जो सीधी पर बैठकर निगरानी कर रहे हो.

में ,-- थैंक्स दीदी.

अनवर ने दीदी को मैट्रेस्स पर गिरा दिया और उनके बूब्स चूसने लगा तो कामिनी दीदी भी उनको नजदीक से देखने दिवार के पास आ गयी.

अनवर दीदी के बूब्स आते की तरह गूँथ रहा था और दीदी सिसके जा रही थी . काफी देर तक बूब्स को चूसने के बाद अनवर ने दीदी की नवल और पेट को चूसना शुरू किया तो दीदी बोली .

दीदी ,-- aaa....h अनवर जी अब छोड़ दीजिये मेरी छूट अपने लुंड से.

अनवर ,-- तूने सुना नहीं अभी रोहित ने क्या कहा .

दीदी ,-- क्या कहा अनवर जी रोहित ने .

अनवर,-- उसने कहा की दीदी की गांड और बूब्स पर ज्यादा फोकस करना ह .

दीदी ,-- जी मेने भी सुना था.

अनवर ,-- तो पहले तुम्हारी गांड को बड़ी करूँगा फिर छूट में माल डालूंगा.

दीदी ,-- जैसी आपकी मर्जी .

दीदी खुद hi घोड़ी बन गयी तो अनवर ने घुटनो के बल बैठकर दीदी की गांड पर लुंड रगड़ने लगा तो दीदी बोली ,-- अब दाल दीजिये अनवर जी अपना लुंड .

अनवर ,-- तुम अपना मुंह बंद रखना वार्ना चीख सुनकर कोई ऊपर आ जायेगा.

दीदी ,-- आप डालिये में मुंह भींच लेती hun.aur मेने दिन भर बट प्लग लगा रखा था इसलिए ज्यादा दर्द नहीं होगा

अनवर ने फिर धीरे धीरे अपना लुंड दीदी की गांड में घुसा दिया तो दीदी भी मुंह बंद करके दर्द सहन कर ली फिर अनवर ने दीदी की गांड को छोड़ना शुरू किया और एक हाथ से दीदी की छूट को मसलने लगा.

दीदी धीरे धीरे सिसक रही थी ताकि कोई उसकी आवाज नहीं सुन सके तभी काम्य दीदी ने मेसेज किया ,-- ऐसे तो सोना प्रेग्नेंट नहीं होगी.

मेने रेप्ली किया, -- होगी दीदी , जीजू अपना माल लास्ट में दीदी की छूट में छोड़ेंगे.

दस मिनट तक दीदी की गांड मरने के बाद अनवर ने दीदी की गांड से लुंड निकला और दीदी को पीठ के बल सुला दिया और मिस्सनेरी पोजीशन में दीदी की छूट मरना शुरू की तो दीदी की सिसकिया तेज हो गयी.

अनवर ने दीदी को दस मिनट से ज्यादा वैसे hi छोड़ा और फिर दीदी पर गिरकर हांपने लगा . अनवर अपना माल दीदी की छूट में गिरते हुए बोलै.

अनवर ,-- सानिया तुम्हे मेरा माल गिरते हुए महसूस हो रहा ह.

दीदी ,-- हाँ अनवर जी बहुत गरम माल ह आपका .

दोनों बेफिक्र होकर पांच मिनट तक चुम्बन में लग गए तो अनवर ने लुंड निकला और लुंगी पहनते हुए बोलै ,-- सानिया जल्दी से कपडे पहन लो.

में.,-- कोई जल्दी नहीं ह जीजू , पूरी बिल्डिंग खली ह . निचे से सीधी बंद ह और लिफ्ट का दरवाजा खुला ह . इसलिए बे रिलैक्स्ड.

अनवर मेरी बात सुनकर मुस्कराया तो दीदी भी रिलैक्स दिखी .

में.,-- जीजू आप भी लुंगी खोल दीजिये और दीदी को ऐसे hi ले चलिए निचे.

अनवर ,-- गुड आईडिया , सानिया की शर्म निकलेगी थोड़ी बहुत.

दीदी ,-- सच में रोहित पूरी बिल्डिंग खली ह.

में.,-- हाँ दीदी में एक एक फलते चेक करके आया हु सबपे ताला लगा ह.

दीदी ,-- चलिए अनवर जी मुझे सु सु करना ह.

अनवर ,-- ये क्या होता ह बेगम

दीदी ,-- मुझे मूतना ह शोहर जी.

में.,-- ओह्ह दीदी उसके लिए निचे जाने की क्या जरुरत ह यही मूत लो नाले के पास.

दीदी ,-- ढ़हत , में निचे मूत लुंगी.

अनवर ,-- मूत लो न बेगम , रोहित से क्या छुपाना ह.

दीदी वैसे hi बैठे बैठे खिसक कर नाले के पास मूतने लगी तो उनकी छूट से निकलने वाली सिटी की आवाज सुनकर में बोलै.

में.,-- जीजू अभी भी दीदी की छूट पूरी खुली नहीं ह देखिये कितनी जोर से सिटी बज रही ह.

दीदी ने मुड़कर मुझे देखा और मुस्करा कर मूतने लगी.

दीदी के मूतने के बाद अनवर बोलै ,-- चलो सानिया के बूब्स बढ़ने का ट्रीटमेंट भी करना ह.

में.,-- आप चलिए जीजू , दीदी के साथ में सामन लेकर आता हु.

दोनों सीधी में उतरना शुरू किये तो में कामिनी दीदी को फ़ोन लगाया.

तो बे कॉन्टिनोएड
 
कामिनी ,-- वावो यार रोहित सोनाक्षी बहुत लकी ह जो खुली छत पर छुड़वा ली .में तो ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकती.

में.,-- मज़ा आया देखकर.

कामिनी, -- यू अरे सुच ा केयरिंग बीआरओ .आज तुमने मोके का फायदा सोनाक्षी को करवा दिया . देखना ये चुदाई वो जिंदगी भर याद रखेगी.

में., थैंक्स दीदी . आज जीजू चोदे नहीं क्या.

कामिनी, -- नहीं यार मेरा तो मूड था पर थके हुए थे इसलिए सो गए.

में.,-- आप भी सो जाइये मुझे निचे जाना पड़ेगा वो दोनों फ्लैट के बाहर नंगे खड़े होंगे.

कामिनी, -- जल्दी जाओ, और थैंक्स शो दिखा ने के लिए.

मेने जल्दी से सामान लिया और दौड़ कर लिफ्ट में पहुंचा तो अनवर और दीदी दोनों फ्लैट के बाहर कोने में नंगे खड़े थे और दुआ कर रहे थी लिफ्ट से कोई दूसरा ना आ जाये.

मुझे देखते hi दीदी बोली ,-- रोहित कितनी देर लगा दी फ्लैट भी लॉक करके चले गए कोई आ जाता तो.

में.,-- दीदी बताया तो था कोई नहीं आ सकता निचे सीधी बंद ह और सरे फ्लैट लॉक ह.

मेने फ्लैट खोला तो दोनों अंदर आये और दीदी जल्दी से रूम में भागकर गाउन पहन ने लगी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- अब किसलिए पहन रही हो .

दीदी ने गाउन रख दिया तो अनवर ने एक पैकेट निकला जो सोहैल भैया की दुकान से लाया था . उसने उसमे से दो रिंग निकली जो ब्रा की तरह बानी हुयी थी . उसने उन रिंग्स को दीदी की बूब्स पर रखा और पीछे से बांध दिया.

दीदी के बूब्स को देखने से ऐसे लग रहा था जैसे की ब्रा पहनी ह पर वो कुछ कवर नहीं कर रही . कुछ देर में दोनों रिंग सिकुड़ने लगी और दीदी के बूब्स सामने के तरफ उठने लगे और रिंग बूब्स को जकड़ने लगी.

दीदी के बूब्स अब एकदम तीखे हो चुके थे और दीदी अपने बूब्स को देखने लगी.

अनवर ,-- अब सो जाओ रात में ऐसे hi .

इसके बाद मुझे नींद आ गयी .

नेक्स्ट डे.....

अगले दिन मेरी नींद लेट से खुली जब दीदी ने मुझे चाय देकर कहा की नास्ता बन गया फ्रेश होकर जल्दी से बाहर आ जाओ अनवर जी बाहर घूमने को बोल रहे ह.

मेने चाय पि और और फ्रेश होकर बाहर आया तो अनवर सोफे पर बैठा था. मेने उसको गुड मॉर्निंग बोलै और सोफे पर बेथ गया तो थोड़ी देर में दीदी नास्ता लेकर आयी और जैसे hi प्लेट रखने लगी वो पूरी कम्पनी लगी और अपने मुंह को पूरा खोल करके जोर से सिसकने लगी.

दीदी ने जल्दी से प्लेट राखी और अपना पेट पकड़ ली तो मेने पूछा,- क्या हुआ दीदी.

दीदी ,-- aa...h.. अनवर जी प्लीज बंद कीजिये.

अनवर मुस्कराते हुए अपने हाथ में एक छोटे से रिमोट का बटन दबाकर बोलै ,-- रोहित को बोल की तू रंडी ह.

दीदी सोचने लगी तभी अनवर ने फिर से बटन दबाया तो दीदी फिर से सिसकते हुए बोली.,-- आ.. हह... ro.hit में ra.ndi हु.

अनवर ,-- तुझे रंडी किसने बनाया.

दीदी,-- आप ने पतिदेव .

अनवर ने रिमोट का बटन दबाया तो दीदी नार्मल हुयी और किचन की तरफ जाने लगी तो अनवर ने गेट के पास पहुँचते hi उछाल पड़ी अनवर ने एक बार बटन ों करके बंद कर दिया था.

अनवर नास्ता करते हुए, -- मज़ा आया.

में.,-- दीदी इतनी सिसक क्यों रही थी.

अनवर ,-- कल हम लोग सोहैल जी की दुकान पर गए थे तो तुझे पता ह मेने क्या क्या लिया था.

में.,-- नहीं.

अनवर ,-- एक तो रात में तूने देखि थी बूब्स बड़े करने की ब्रा.

में.,-- हम्म ,एयर.

अनवर ,-- दूसरा था वाइब्रेशन वाला डिलडो जो अभी सानिया की छूट में लगा हुआ ह और ये ह उसका रिमोट जो वाइब्रेशन की स्पीड काम ज्यादा या ों ऑफ करता ह.

में.,-- तो अभी दीदी ने वो छूट में दाल रखा ह.

अनवर ,-- हम्म, सुबह मेने नहाने के बाद उसकी छूट में डालकर पेंटी पहनाई थी.

में.,-- बहुत पावरफुल लगता ह दीदी कैसे उछाल पड़ी थी.

अनवर ,-- अभी एक चीज और भी ह.

में.,-- वो क्या.

अनवर ,-- अनल डिलडो जो 6 इंच का ह और इसमें नहीं वाइब्रेशन होता ह.

में.,-- वो भी लगाया हुआ ह.

अनवर ,-- नहीं वो थोड़ा ज्यादा मोटा ह दीदी की अनल स्ट्रेच हो जाएगी इसलिए रात में तरय करेंगे.

में.,-- गुड , वैसे घूमने कहाँ चलना ह.

अनवर ,-- पहले किसी नजदीक में पार्क में चलते ह फिर देखेंगे.

तभी दीदी आ गयी तो अनवर ने उसे गॉड में बिठा लिया और तीनो ने नास्ता ख़त्म किया.

नास्ता करने के बाद हम लोग तैयार हुए और निचे पहुंचे तो दीदी बोली.

दीदी ,-- रोहित हम लोग बाइक से जायेंगे तो रस्ते में ट्रैफिक पुलिस वाले रोकेंगे.

में.,-- दीदी हम मैं रोड से नहीं गलियों से होकर निकलेंगे जहा पर ट्रैफिक पुलिस नहीं मिलेगी.

मेने बाइक स्टार्ट की तो अनवर मेरे पीछे बेथ गया और दीदी एक तरफ पेअर करके बेथ गयी .थोड़ी दूर चलने के बाद अनवर ने मुझे रुकने को कहा तो मेने बाइक रोक दी तो अनवर ने जेब से पचास का नोट निकला और दीदी को देते हुए कहा.

अनवर ,-- सानिया ले दो गुटखा की पाउच और बीड़ी का बंडल ले आ.

मेने देखा रोड के दूसरी तरफ एक पान की थड़ी थी जिसपर दो अंकल बैठे हुए थे जो साथ साल की उम्र के होंगे.

दीदी ने कुछ सोचा और फिर मुस्करा कर दुकान की तरफ चली गयी .

मेने देखा दीदी को देखकर दोनों बूढ़े बहुत गोअर से देखते हुए दीदी की खूबसूरती में खो गए थे और जब दीदी ने उनसे गुटखा के लिए कहा तो दोनों की आँखे बड़ी हो गयी थी . मेरी दीदी सूंदर होने के साथ अच्छे घर की औरत लग रही थी जो की रियल में भी थी .दीदी की साड़ी भी महंगी थी . जैसे hi दीदी पैसे देने लगी वो कम्पनी लगी क्योंकि अनवर ने रिमोट से वाइब्रेशन चालू कर दिया था .

दीदी के मुंह से सिसकी निकली और उनका एक हाथ छूट पर चला गया था तो दोनों बूढ़े हैरानी से दीदी को छूट मसलते देखने लगे.

अनवर ने वापस वाइब्रेशन बंद कर दिया तो दीदी नार्मल हो गयी . रोड के उस पर होने से हमें उनकी आवाज तो नहीं सुनाई दे रही थी पर ये जरूर समझ में आ गया था की दोनों बूढ़े दीदी के सेक्सी बदन को अपनी आँखों से छोड़ रहे ह.

दीदी जब पैसे देने लगी तो बूढ़े ने जानबूझकर दीदी का हाथ छू लिया तो दीदी जल्दी से भाग कर आ गयी . वो अपने पर्श में बीड़ी का बंडल और गुटखा रखने लगी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- सानिया एक पाउच मुझे दे खाने को और दूसरा तू खा ले.

दीदी ने एक पाउच अनवर को पकड़ा दिया और दूसरा फाड़कर खाने लगी तो मेने देखा दोनों बूढ़े आँखे फाडे दीदी को hi देख रहे थे.

मेने दीदी को बैठने को कहा और बाइक को पार्क के सामने लाकर रोका तो हम तीनो पार्क में पहुंचे.

वैसे तो सुबह का टाइम थे लेकिन छूती होने के कारन पार्क में प्रेमी युगल काफी थे हम घूमते घूमते एक कोने में पहुंचे जिधर ज्यादा घने पेड़ और पौधे थे .

वहां का नजारा देखकर मेरा लुंड बेकाबू हो गया .वह पर एक से एक आइटम लड़किया थी जो अपने प्रेमियों को सुबह सुबह नास्ता कर रही थी या करवा रही थी.

कोई अपनी भूख होंठ चूसकर मिटा रहा था तो कोई अपनी प्रेमिका का दूध पिने में लगा था . थोड़ा और आगे बढे तो एक लड़की सुबह सुबह hi अपने प्रेमी के लुंड की क्रीम निकलकर खाने के लिए मुझ मैथुन कर रही थी.

तभी अनवर ने हमें एक जगह पर बैठने को कहा जहा पर दो लड़के सिगरेट पि रहे थे.

हम तीनो उनसे थोड़ा दूर बेथ गए की वो हमें देख सके . वह बैठकर अनवर बोलै.

अनवर ,-- सानिया तुम उनसे लाइटर लेकर तीन बीड़ी जलाकर लाओ न.

दीदी ने पर्श से बीड़ी का बंडल निकला और उठकर उनके पास गयी और हाथ में बीड़ी पकड़कर लाइटर माँगा तो अनवर ने रिमोट का बटन दबाया तो दीदी की कामुक सिसकी निकल गयी .दोनों ने दीदी को ऊपर से निचे तक देखा और एक लड़के ने लाइटर पकड़ा दिया.

दीदी ने बीड़ी जलाई और फिर हम दोनों को पकड़कर पिने बेथ गयी .दोनों लड़के शर्म से उठकर दूसरी तरफ चले गए तो अनवर बोलै .

अनवर बीड़ी फंक कर ,-- सानिया मज़ा आ रहा ह ना .

दीदी ,-- अनवर जी बहुत छुडासी हो गयी हूँ प्लीज एक बार छोड़ दीजिये.

अनवर ,-- यहाँ कैसे , कोई आ गया तो.

दीदी ,-- तो रोहित ह ना .रात की तरह रोहित देखता रहेगा .

अनवर ,-- हम्म . चल फिर रोहित को उसका गिफ्ट दे दे ताकि वो भी एन्जॉय कर सके.

दीदी ,-- क्या पेंटी.

अनवर ,-- नहीं पेंटी के अंदर जो डाला हुआ ह वो दे दे उसने तजा रास लगा हुआ होगा .

दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कराई और अपनी सारे को जांघो तक उठा लिया और पेंटी को साइड करके अपनी छूट में लगा हुआ डिलडो निकला जो पूरा रास से भरा हुआ था. दीदी ने मेरी आँखों में देखकर मुझे आँख मरी और डिलडो पकड़ाया.

दीदी ,-- ले रोहित , तेरा फवौरीते ड्रिंक ,पि ले.

में डिलडो लेकर ,-- थैंक्स दीदी छुम भाभी जान.

मेने डिडलो को लेकर उसे मुंह से लगा लिया क्योंकि उस से रास टपक कर निचे गिरने वाला था.

अनवर ,-- रोहित तू आराम से तेरी भाभी का छूट रास एन्जॉय कर और उधर ध्यान रख कोई आये नहीं तन तक में तेरी भाभी जान को छोड़ कर ठंडी कर देता हु.

अनवर ने दीदी को वही जमीं पर लिटाया और पेंटी को साइड करके छोड़ना शुरू कर दिया .दीदी जोर से सिसकी और फिर आनंद लेने लगी तो में भी डिलडो को चाट ते हुए इधर उधर देखने लगा .

तभी मेरी नजर झाड़ियों में गयी तो देखा वो दोनों लड़के दीदी को चुड़ते देखकर मुठ मार रहे थे.

अनवर जब दीदी की छूट में अपना वीर्य छोड़ रहा था तो में उन लड़को के पास गया जो झाड़ चुके थे और लुंड पेण्ट में दाल चुके थे . मेने उनमे से एक का हाथ पकड़कर दीदी के सामने खड़ा कर दिया.

अनवर जब अपना लुंड निकला तो दीदी की छूट का मुंह खुला हुआ था और लड़का दीदी की छूट से बहते वीर्य को देख रहा था . दीदी आँख बंद किये हुए अपनी छूट में भरे वीर्य को महसूस करके मधहोश थी और जब अनवर ने लुंड निकला तो आँखे खोली और सामने लड़के को देखकर जल्दी से साड़ी ठीक कर ली .
 
कामिनी ,-- वावो यार रोहित सोनाक्षी बहुत लकी ह जो खुली छत पर छुड़वा ली .में तो ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकती.

में.,-- मज़ा आया देखकर.

कामिनी, -- यू अरे सुच ा केयरिंग बीआरओ .आज तुमने मोके का फायदा सोनाक्षी को करवा दिया . देखना ये चुदाई वो जिंदगी भर याद रखेगी.

में., थैंक्स दीदी . आज जीजू चोदे नहीं क्या.

कामिनी, -- नहीं यार मेरा तो मूड था पर थके हुए थे इसलिए सो गए.

में.,-- आप भी सो जाइये मुझे निचे जाना पड़ेगा वो दोनों फ्लैट के बाहर नंगे खड़े होंगे.

कामिनी, -- जल्दी जाओ, और थैंक्स शो दिखा ने के लिए.

मेने जल्दी से सामान लिया और दौड़ कर लिफ्ट में पहुंचा तो अनवर और दीदी दोनों फ्लैट के बाहर कोने में नंगे खड़े थे और दुआ कर रहे थी लिफ्ट से कोई दूसरा ना आ जाये.

मुझे देखते hi दीदी बोली ,-- रोहित कितनी देर लगा दी फ्लैट भी लॉक करके चले गए कोई आ जाता तो.

में.,-- दीदी बताया तो था कोई नहीं आ सकता निचे सीधी बंद ह और सरे फ्लैट लॉक ह.

मेने फ्लैट खोला तो दोनों अंदर आये और दीदी जल्दी से रूम में भागकर गाउन पहन ने लगी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- अब किसलिए पहन रही हो .

दीदी ने गाउन रख दिया तो अनवर ने एक पैकेट निकला जो सोहैल भैया की दुकान से लाया था . उसने उसमे से दो रिंग निकली जो ब्रा की तरह बानी हुयी थी . उसने उन रिंग्स को दीदी की बूब्स पर रखा और पीछे से बांध दिया.

दीदी के बूब्स को देखने से ऐसे लग रहा था जैसे की ब्रा पहनी ह पर वो कुछ कवर नहीं कर रही . कुछ देर में दोनों रिंग सिकुड़ने लगी और दीदी के बूब्स सामने के तरफ उठने लगे और रिंग बूब्स को जकड़ने लगी.

दीदी के बूब्स अब एकदम तीखे हो चुके थे और दीदी अपने बूब्स को देखने लगी.

अनवर ,-- अब सो जाओ रात में ऐसे hi .

इसके बाद मुझे नींद आ गयी .

नेक्स्ट डे.....

अगले दिन मेरी नींद लेट से खुली जब दीदी ने मुझे चाय देकर कहा की नास्ता बन गया फ्रेश होकर जल्दी से बाहर आ जाओ अनवर जी बाहर घूमने को बोल रहे ह.

मेने चाय पि और और फ्रेश होकर बाहर आया तो अनवर सोफे पर बैठा था. मेने उसको गुड मॉर्निंग बोलै और सोफे पर बेथ गया तो थोड़ी देर में दीदी नास्ता लेकर आयी और जैसे hi प्लेट रखने लगी वो पूरी कम्पनी लगी और अपने मुंह को पूरा खोल करके जोर से सिसकने लगी.

दीदी ने जल्दी से प्लेट राखी और अपना पेट पकड़ ली तो मेने पूछा,- क्या हुआ दीदी.

दीदी ,-- aa...h.. अनवर जी प्लीज बंद कीजिये.

अनवर मुस्कराते हुए अपने हाथ में एक छोटे से रिमोट का बटन दबाकर बोलै ,-- रोहित को बोल की तू रंडी ह.

दीदी सोचने लगी तभी अनवर ने फिर से बटन दबाया तो दीदी फिर से सिसकते हुए बोली.,-- आ.. हह... ro.hit में ra.ndi हु.

अनवर ,-- तुझे रंडी किसने बनाया.

दीदी,-- आप ने पतिदेव .

अनवर ने रिमोट का बटन दबाया तो दीदी नार्मल हुयी और किचन की तरफ जाने लगी तो अनवर ने गेट के पास पहुँचते hi उछाल पड़ी अनवर ने एक बार बटन ों करके बंद कर दिया था.

अनवर नास्ता करते हुए, -- मज़ा आया.

में.,-- दीदी इतनी सिसक क्यों रही थी.

अनवर ,-- कल हम लोग सोहैल जी की दुकान पर गए थे तो तुझे पता ह मेने क्या क्या लिया था.

में.,-- नहीं.

अनवर ,-- एक तो रात में तूने देखि थी बूब्स बड़े करने की ब्रा.

में.,-- हम्म ,एयर.

अनवर ,-- दूसरा था वाइब्रेशन वाला डिलडो जो अभी सानिया की छूट में लगा हुआ ह और ये ह उसका रिमोट जो वाइब्रेशन की स्पीड काम ज्यादा या ों ऑफ करता ह.

में.,-- तो अभी दीदी ने वो छूट में दाल रखा ह.

अनवर ,-- हम्म, सुबह मेने नहाने के बाद उसकी छूट में डालकर पेंटी पहनाई थी.

में.,-- बहुत पावरफुल लगता ह दीदी कैसे उछाल पड़ी थी.

अनवर ,-- अभी एक चीज और भी ह.

में.,-- वो क्या.

अनवर ,-- अनल डिलडो जो 6 इंच का ह और इसमें नहीं वाइब्रेशन होता ह.

में.,-- वो भी लगाया हुआ ह.

अनवर ,-- नहीं वो थोड़ा ज्यादा मोटा ह दीदी की अनल स्ट्रेच हो जाएगी इसलिए रात में तरय करेंगे.

में.,-- गुड , वैसे घूमने कहाँ चलना ह.

अनवर ,-- पहले किसी नजदीक में पार्क में चलते ह फिर देखेंगे.

तभी दीदी आ गयी तो अनवर ने उसे गॉड में बिठा लिया और तीनो ने नास्ता ख़त्म किया.

नास्ता करने के बाद हम लोग तैयार हुए और निचे पहुंचे तो दीदी बोली.

दीदी ,-- रोहित हम लोग बाइक से जायेंगे तो रस्ते में ट्रैफिक पुलिस वाले रोकेंगे.

में.,-- दीदी हम मैं रोड से नहीं गलियों से होकर निकलेंगे जहा पर ट्रैफिक पुलिस नहीं मिलेगी.

मेने बाइक स्टार्ट की तो अनवर मेरे पीछे बेथ गया और दीदी एक तरफ पेअर करके बेथ गयी .थोड़ी दूर चलने के बाद अनवर ने मुझे रुकने को कहा तो मेने बाइक रोक दी तो अनवर ने जेब से पचास का नोट निकला और दीदी को देते हुए कहा.

अनवर ,-- सानिया ले दो गुटखा की पाउच और बीड़ी का बंडल ले आ.

मेने देखा रोड के दूसरी तरफ एक पान की थड़ी थी जिसपर दो अंकल बैठे हुए थे जो साथ साल की उम्र के होंगे.

दीदी ने कुछ सोचा और फिर मुस्करा कर दुकान की तरफ चली गयी .

मेने देखा दीदी को देखकर दोनों बूढ़े बहुत गोअर से देखते हुए दीदी की खूबसूरती में खो गए थे और जब दीदी ने उनसे गुटखा के लिए कहा तो दोनों की आँखे बड़ी हो गयी थी . मेरी दीदी सूंदर होने के साथ अच्छे घर की औरत लग रही थी जो की रियल में भी थी .दीदी की साड़ी भी महंगी थी . जैसे hi दीदी पैसे देने लगी वो कम्पनी लगी क्योंकि अनवर ने रिमोट से वाइब्रेशन चालू कर दिया था .

दीदी के मुंह से सिसकी निकली और उनका एक हाथ छूट पर चला गया था तो दोनों बूढ़े हैरानी से दीदी को छूट मसलते देखने लगे.

अनवर ने वापस वाइब्रेशन बंद कर दिया तो दीदी नार्मल हो गयी . रोड के उस पर होने से हमें उनकी आवाज तो नहीं सुनाई दे रही थी पर ये जरूर समझ में आ गया था की दोनों बूढ़े दीदी के सेक्सी बदन को अपनी आँखों से छोड़ रहे ह.

दीदी जब पैसे देने लगी तो बूढ़े ने जानबूझकर दीदी का हाथ छू लिया तो दीदी जल्दी से भाग कर आ गयी . वो अपने पर्श में बीड़ी का बंडल और गुटखा रखने लगी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- सानिया एक पाउच मुझे दे खाने को और दूसरा तू खा ले.

दीदी ने एक पाउच अनवर को पकड़ा दिया और दूसरा फाड़कर खाने लगी तो मेने देखा दोनों बूढ़े आँखे फाडे दीदी को hi देख रहे थे.

मेने दीदी को बैठने को कहा और बाइक को पार्क के सामने लाकर रोका तो हम तीनो पार्क में पहुंचे.

वैसे तो सुबह का टाइम थे लेकिन छूती होने के कारन पार्क में प्रेमी युगल काफी थे हम घूमते घूमते एक कोने में पहुंचे जिधर ज्यादा घने पेड़ और पौधे थे .

वहां का नजारा देखकर मेरा लुंड बेकाबू हो गया .वह पर एक से एक आइटम लड़किया थी जो अपने प्रेमियों को सुबह सुबह नास्ता कर रही थी या करवा रही थी.

कोई अपनी भूख होंठ चूसकर मिटा रहा था तो कोई अपनी प्रेमिका का दूध पिने में लगा था . थोड़ा और आगे बढे तो एक लड़की सुबह सुबह hi अपने प्रेमी के लुंड की क्रीम निकलकर खाने के लिए मुझ मैथुन कर रही थी.

तभी अनवर ने हमें एक जगह पर बैठने को कहा जहा पर दो लड़के सिगरेट पि रहे थे.

हम तीनो उनसे थोड़ा दूर बेथ गए की वो हमें देख सके . वह बैठकर अनवर बोलै.

अनवर ,-- सानिया तुम उनसे लाइटर लेकर तीन बीड़ी जलाकर लाओ न.

दीदी ने पर्श से बीड़ी का बंडल निकला और उठकर उनके पास गयी और हाथ में बीड़ी पकड़कर लाइटर माँगा तो अनवर ने रिमोट का बटन दबाया तो दीदी की कामुक सिसकी निकल गयी .दोनों ने दीदी को ऊपर से निचे तक देखा और एक लड़के ने लाइटर पकड़ा दिया.

दीदी ने बीड़ी जलाई और फिर हम दोनों को पकड़कर पिने बेथ गयी .दोनों लड़के शर्म से उठकर दूसरी तरफ चले गए तो अनवर बोलै .

अनवर बीड़ी फंक कर ,-- सानिया मज़ा आ रहा ह ना .

दीदी ,-- अनवर जी बहुत छुडासी हो गयी हूँ प्लीज एक बार छोड़ दीजिये.

अनवर ,-- यहाँ कैसे , कोई आ गया तो.

दीदी ,-- तो रोहित ह ना .रात की तरह रोहित देखता रहेगा .

अनवर ,-- हम्म . चल फिर रोहित को उसका गिफ्ट दे दे ताकि वो भी एन्जॉय कर सके.

दीदी ,-- क्या पेंटी.

अनवर ,-- नहीं पेंटी के अंदर जो डाला हुआ ह वो दे दे उसने तजा रास लगा हुआ होगा .

दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कराई और अपनी सारे को जांघो तक उठा लिया और पेंटी को साइड करके अपनी छूट में लगा हुआ डिलडो निकला जो पूरा रास से भरा हुआ था. दीदी ने मेरी आँखों में देखकर मुझे आँख मरी और डिलडो पकड़ाया.

दीदी ,-- ले रोहित , तेरा फवौरीते ड्रिंक ,पि ले.

में डिलडो लेकर ,-- थैंक्स दीदी छुम भाभी जान.

मेने डिडलो को लेकर उसे मुंह से लगा लिया क्योंकि उस से रास टपक कर निचे गिरने वाला था.

अनवर ,-- रोहित तू आराम से तेरी भाभी का छूट रास एन्जॉय कर और उधर ध्यान रख कोई आये नहीं तन तक में तेरी भाभी जान को छोड़ कर ठंडी कर देता हु.

अनवर ने दीदी को वही जमीं पर लिटाया और पेंटी को साइड करके छोड़ना शुरू कर दिया .दीदी जोर से सिसकी और फिर आनंद लेने लगी तो में भी डिलडो को चाट ते हुए इधर उधर देखने लगा .

तभी मेरी नजर झाड़ियों में गयी तो देखा वो दोनों लड़के दीदी को चुड़ते देखकर मुठ मार रहे थे.

अनवर जब दीदी की छूट में अपना वीर्य छोड़ रहा था तो में उन लड़को के पास गया जो झाड़ चुके थे और लुंड पेण्ट में दाल चुके थे . मेने उनमे से एक का हाथ पकड़कर दीदी के सामने खड़ा कर दिया.

अनवर जब अपना लुंड निकला तो दीदी की छूट का मुंह खुला हुआ था और लड़का दीदी की छूट से बहते वीर्य को देख रहा था . दीदी आँख बंद किये हुए अपनी छूट में भरे वीर्य को महसूस करके मधहोश थी और जब अनवर ने लुंड निकला तो आँखे खोली और सामने लड़के को देखकर जल्दी से साड़ी ठीक कर ली .
 
दीदी और अनवर झाड़ गए तो हम लोग गार्डन से बाहर आये और सामने रेस्टोरेंट में खाना खाने चले गए .दीदी को टॉयलेट जाना था इसलिए वो टॉयलेट की तरफ जाने लगी तो अनवर ने मुझे डिलडो देने को कहा और दीदी से बोलै.

अनवर ,-- इसे वापस लगाकर आ जाना.

दीदी मुस्करा कर डिलडो पर्श में डालकर टॉयलेट की तरफ चली गयी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- मज़ा आ गया यार रोहित , तूने उस लड़के को सानिया की छूट दिखा दी.

में.,-- यार दीदी की शर्म ऐसे hi तो निकलेगी.

अनवर ,-- हम्म , यार दीदी को ऐसी जगह पर पूरी नंगी नहीं कर सकते .

में.,-- हम्म , पर एक जगह ह जहा पर दीदी को पूरी नंगी करके आराम से छोड़ सकते हो.

अनवर ,-- कहाँ.

में.,-- सिनेमा हॉल में.

अनवर ,-- नहीं यार इतनी पब्लिक में पूरी नंगी करेंगे तो दिक्कत हो सकती ह.

में.,-- यार पूरा बॉक्स hi खली रहे और उसमे हम तीनो hi हो और मूवी चालू रहे तो.

अनवर अपने लुंड को मसलकर ,-- तब तो मज़ा आ जाये .

में.,-- फिर करवा लू बॉक्स बुक.

अनवर ,-- अगर करवा सकता ह तो क्या कहने.

मेने सोहैल भैया फ़ोन किया और उन्हें साडी बात बताई तो उन्होंने दीदी को एक बार उनके कुछ दोस्तों के साथ मुजरा करने की शर्त राखी जिसे मेने मान लिया तो उन्होंने छह बजे के शो में चले जाने को कहा और कुछ बाटे बताई . तो हम लोग खाना खाकर घर आ गए और रेस्ट करने लगे.

थोड़ी देर में कामिनी दीदी का फ़ोन आया तो मेने उनसे बात की तो वो बोली की अनुज तीन दिन टूर पर जायेगा कल सुबह. और फिर उन्होंने एक एड्रेस पूछा तो मेने बता दिया .फिर कामिनी दीदी ने मुझे ड्रिंक वगैरह के बारे में पूछा और कल सुबह अपने फ्लैट पर आने को बोलै तो मेने फ़ोन काट दिया.

शाम में छह बजे हम तीनो सोहैल भैया के ऑफिस में पहुंचे जो सिनेमा हॉल में था वह पर हमें एक लड़की मिली जिसने हमारा वेलकम किया. लड़की बहुत hi कमसिन और सूंदर थी उसने दीदी को ऊपर से निचे तक घूर कर देखा फिर रहस्यमयी तरीके से मुस्कराई और बोली.

लड़की ,-- सर के आदेश के अनुसार आप बॉक्स में जाकर अंदर से गेट बंद कर लीजियेगा आपके खाने पिने के लिए सब व्यस्था कर दी ह और दो घंटे की मूवी में इंटरवल नहीं होगा.

लड़की हमें उसी बॉक्स में लेकर आयी जिसमे सोहैल भैया दीदी की गांड छोड़ चुके the.box में वही सोफे और टेबल लगा हुआ था जिस पर खाने पिने के लिए सामान रखा हुआ था . लड़की हमें छोड़कर चली गयी तो हम लोग सोफे पर बैठ गए.

मेने उठकर गेट बंद किया और अनवर पेग बनाने लगा .अभी मूवी चालू नहीं हुयी थी और लाइट जल रही थी . तीनो ने एक एक पेग लगा लिया तो स्क्रीन पर अद्वेर्तीसे चालू हो गए.

सिनेमा हाल में ज्यादातर स ग्रेड की फिल्मे hi चलती थी और देखने वाले भी उसी टाइप के लोग होते थे जिनमे ज्यादातर बेचलर और कॉलेज के स्टूडेंट्स अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आये हुए थे.

स्क्रीन पर कंडोम का अड़ चल रहा था जिसमे हेरोइन एक्स्ट्रा थीं कंडोम की खुबिया बता रही थी . दीदी शराब पिटे हुए कंडोम का अड़ देखकर मुस्करा रही थी . तभी अनवर बोलै.

अनवर ,-- रोहित जगह तो मस्त ह .

में.,-- जीजू मूवी भी मस्त hi देखने को मिलेगी.

अनवर ,-- हम्म. पोस्टर देखा था शीला की जवानी.

में.,-- जीजू पोस्टर वाला फिल्म तो थर्ड क्लास ह.

अनवर ,-- फिर.

में.,-- उसमे ब्लू फिल्म मिक्स की हुयी दिखाएंगे.

अनवर ,-- तुझे कैसे मालूम.

में.,-- में यहाँ पहले भी मूवी देख चूका .

अनवर ,-- कब.

में.,-- दस दिन पहले ,

अनवर ,-- अकेले आया था.

में.,-- नहीं , दीदी भी थी और दीदी की गांड मरवा कर ले गया था.

अनवर ,-- सिर्फ गांड hi मरवाई थी.

में.,-- हम्म . सोहैल भैया को मेने कहा की दीदी का निकाह होने वाला ह इसलिए छूट को मत छोड़ना.

अनवर ,-- ये हॉल उनका ह.

में.,-- हम्म , सोहैल भैया ने इसी सोफे पर दीदी की गांड मरी thi.h ना दीदी.

दीदी ,-- चुप बेशरम , तुझे शर्म नहीं आती.

अनवर ,-- रोहित इस इज्जतदार औरत की इज्जत उतर तो.

में.,-- कैसे जीजू.

अनवर ,-- साली को नंगी कर दे ,जैसे ये सोभा की छूट से निकली थी.

में.,-- जरूर जीजू.

में खड़ा हुआ और दीदी का हाथ पकड़कर खड़ा होने को बोलै तो दीदी ने हाथ छुड़ा लिया .

मेने दीदी के गाल पर चांटा मारा और कड़ी करके बोलै ,-- रंडी तुझे पता नहीं क्या यहाँ तू छोड़ने आयी ह.

दीदी ने अपना गाल सहलाया और कड़ी हो गयी तो अनवर बोलै ,-- शाबाश रोहित , ये रंडी इसी लायक ह. चल कर दे नंगी.

दीदी नजर झुका कर कड़ी हो गयी तो मेने उनकी साड़ी को खोलना शुरू कर दिया और सोचने लगा की दीदी अब पूरी मेरे कण्ट्रोल में आ चुकी ह. अब मुझे दीदी को खुल कर रंडी बनाने में मज़ा आएगा .

मेरा लुंड दीदी को नंगी करते समय खड़ा हो चूका था . हॉल में फिल्म चालू हो चुकी थी और स्क्रीन से आने वाली लाइट में दीदी का गोरा बदन चमक रहा था .दीदी को सम्पूर्ण नंगी करने के बाद मेने सोफे पर बिठा दिया तो हॉल में भी पोर्न क्लिप चालू हो गयी.

स्क्रीन पर थ्रीसम क्लिप चल रही थी जिसे देखकर अनवर ने दीदी का सर अपनी गॉड में रख लिया और उनके होंठ चूमते हुए बोबे दबाने लगा.

में अपनी दीदी को सिनेमा हॉल में नंगी होकर बोले मसलते देख रहा था .दीदी भी बेशरमी से मेरे सामने नंगी पड़ी थी तभी अनवर ने शायद मेरे मन की बात पढ़ ली और बोलै.

अनवर ,-- रोहित , सानिया की छूट से मलाई निकल रही होगी , चाट ले मुंह लगाकर.

अनवर की बात सुनकर दीदी सकपका गयी और मेरी तरफ देखकर मुस्करा उठी तो मेने दीदी के पेअर पकड़कर सोफे पर रख दिए और एक पेअर को सोफे के सिरहाने पर रख दिया.

दीदी की छूट अब मेरे सामने थी जिसे देखकर में दीदी की छूट पर झुक गया और उनकी छूट की खुसबू को नाक लगाकर अपने अंदर सामने लगा. दीदी की कामुक महक ने मेरे तन बदन में आग लगा दी और लुंड पूरा अकड़ गया.

में.,-- दीदी आपकी छूट चाट लू क्या.

अनवर ,-- सेल इसे क्या पूछ रहा ह, में इसकी छूट से पानी निकलने का बटन दबा रहा हूँ तू पिए जा.

में.,-- जीजू अगर दीदी बोलेगी तो वो मेरी खातिर ज्यादा रास छोड़ेगी.

अनवर, -- सानिया बोल दे रोहित को की तू उसके लिए पानी छोड़ेगी.

दीदी ,-- रोहित तू मुझे अनवर जी की बेगम समझकर पि ले.

अनवर ,-- साली कुटिया , तू बिना मार खाये सुधरेगी नहीं न.

दीदी ,-- रोहित जी पि लो अपनी भाभी जान की छूट का काम रास .में आपके लिए रास छोड़ रही हु.

मेरा लुंड दीदी की बात सुनकर पूरा जोश में था में सोफे पर छाती के बल लेट गया और दीदी की सूंदर छूट पर अपनी जीभ टिका दिया तो दीदी सिसक पड़ी . दीदी की छूट से निकला कसेला पानी मेरी जीभ से लगा तो मुझे वो रास अमृत सामान लगा और में जीभ से दीदी के छूट रास को चाटने लगा.

दीदी ,-- aa..h... पि लो देवर जी मेरा मदन रास.

मेरी नजर अनवर से टकराया तो अनवर बोलै.,-- रोहित सानिया का पानी निकल रखा ह ना.

में.,-- हाँ जीजू .

अनवर ,-- रुक तुझे अब ढेर सारा पानी पिलाता हु.

में.,-- जी , जीजू.

अनवर ,-- सानिया , मेरे दोस्त की खातिर झाड़ जा बोल तू जल्दी कैसे झाड़ेगी.

दीदी ,-- आप मुझे गन्दी गाली देंगे तो झाड़ जाउंगी अनवर जी.

अनवर ,-- साली रंडी छिनार तुझे में बहुत बड़ी गस्ती बनाऊंगा . तेरी छूट को भोसड़ा बनाकर तुझे सस्ती वेश्या बनुगा भोसड़ी वाली.

दीदी अनवर के मुंह से गालिया सुनकर कम्पनी लगी और फिर उनकी छूट से ढेर साडी मलाई निकली जिसे में पि गया और उस मलाई के बदले मेरे लुंड से मलाई निकल गयी.

में वापस सोफे पर बेथ गया तो दीदी भी बेथ गयी और लम्बी लम्बी सांसे लेने lagi.is बिच अनवर ने अपना पजामा खोल दिया और लुंड को बाहर कर लिए .

दीदी ने देखा तो वो कड़ी हुयी और फर्श पर बैठकर अनवर का लुंड चूसने लगी. अनवर ने दीदी का सर पकड़ा और दीदी का मुंह छोड़ने लगा .

कुछ देर में दीदी बोली ,-- अनवर जी मुझे मूतना ह बहुत जोर से लगी ह.

अनवर ने इधर उधर देखा पर वहां कोई टॉयलेट नहीं था .फिल्म में पोर्न जारी था तभी अनवर बोलै .

अनवर ,-- एक काम कर ये गिलास ले ले और उसमे मूत ले.

दीदी मेरी तरफ देखने लगी तो मेने उनको गिलास पकड़ा दिया और वो कोने में जाकर मूतने लगी .

थोड़ी देर में दीदी वापस आयी तो अनवर ने उसे सोफे पर गिराया और अपना लुंड दीदी की छूट में डालकर दनादन छोड़ना शुरू कर दिया .लगभग बीस मिनट के बाद अनवर दीदी के ऊपर गिर गया और स्क्रीन पर मूवी देखने लगा . दीदी भी मूवी देख रही थी .

अब मूवी में हेरोइन की चुदाई चल रही थी जो मेरी दीदी के मुकाबले कुछ भी नहीं थी .इधर मेरी पच्चीस वरसिये जवान और खूबसूरत दीदी जो हेरोइन से ज्यादा सुन्दर और कामुक लड़की मेरे दोस्त के निचे पड़ी थी . अनवर ने अपना सीड दीदी की छूट में दाल दिया था और उसे दीदी की बच्चेदानी तक पहुंचे इसलिए दीदी की तीते छूट को अपने लुंड से पैक करके रखा हुआ था.

डोडो आधे घंटे तक वैसे hi पड़े रहे तो मेने कहा ,-- जीजू अब आपका बीज दीदी की बच्चेदानी में पहुँच चूका होगा . फिल्म ख़त्म होने वाली ह अब .

अनवर को बात समझ में आते hi जल्दी से खड़ा होकर कपडे पहनने लगा तो दीदी भी दस मिनट में तैयार हो गयी तब तक मूवी ख़त्म हो चुकी थी तो मेने बॉक्स का गेट खोला और हमें वही लड़की गेट के पास कड़ी मिली जो हमें देखकर मुस्कराई फिर वो हमें ऑफिस में लेकर आ गयी.

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
हम लोग लड़की के साथ ऑफिस में पहुंचे तो वहां पर सोहैल भैया बैठे हुए थे जिन्होंने हमारा वेलकम किया और बोले.

सोहैल भैया,-- आओ रोहित , छुड़वा लाये अपनी दीदी को .

अनवर आज पहली बार सोहैल भैया से मिल रहा था और वो सोहैल भैया की बात सुनकर हैरान रह गया . में बुरी तरह से झेंप गया क्योंकि वो लड़की सोहैल भैया की बात सुनकर मुस्करा उठी तो दीदी भी सबके बिच नजर झुका ली .

सोहैल भैया,-- रोहित यार इतना क्या शर्माना वैसे आज कोई पहली बार सोना भाभी तुम्हारे साथ थोड़े hi चूड़ी ह . भाभी जान की में भी गांड मार चूका और समीर तो भाभी जान को तुम्हारे सामने hi औरत बनाया ह , बोलिये भाभी जान में गलत बोल रहा हु क्या.

मुझे सोहैल भैया की बात सुनकर पहली बार इतना हुमिलियते महसूस हो रहा था .

अनवर , सोहैल भैया और उस लड़की के सामने मेरी नजर झुक गयी तो दीदी बोली.

दीदी ,-- देवर जी क्यों बिचारे रोहित को परेशां कर रहे ह देखिये कैसे वो खुद को जलील महसूस कर रहा ह.

सोहैल भैया,-- भाभी जान लगता ह सेल साहब को आज कुछ ज्यादा hi शर्म आ रही ह वार्ना ये तो खुद आपको छुड़वाने के लिए मुझे फ़ोन करके बॉक्स बुक करवाया था. क्यों अनवर मज़ा आया की नहीं.

अनवर ,-- मत पिछिये भाई जान बिग स्क्रीन पर पोर्न क्लिप देखकर भाभी जान को छोड़ने का अलग hi मज़ा ह.

सोहैल भैया,-- सॉरी यार रोहित तुम तो नाराज हो गए लगते हो.

अनवर ,-- नहीं भाई जान रोहित भी मज़े किया ह बॉक्स में सानिया की छूट छाती ह इसने . रुकिए में इसे समझाता हु.

अनवर मुझे ऑफिस के कोने में ले गया और बोलै ,-- यार तू इतना क्यों शर्मा रहा ह एन्जॉय कर न.

में.,-- यार वो लड़की क्या सोचेगी मेरे बारे में.

अनवर ,-- वो साली रंडी ह तभी तो वो इस समय सोहैल भाई जान के यहाँ काम कर रही ह उसे मालूम नहीं की सिनेमा हॉल में ब्लू फिल्म चलती ह और इस समय सरीफ घर के लड़की यहाँ थोड़ी hi होती.

मेने एक बार लड़की की तरफ देखा जो दीदी की उम्र की hi थी बस उसके चुके और गांड बड़ी थी रंग भी गोरा था.

में.,-- हां ,ते तो ह .

अनवर ,-- सोहैल भाई जान बहुत रंगीन परवर्ती के लगते ह , तू खुल के एन्जॉय कर मज़ा आएगा.

मेरी नजर सोहैल भैया पर गयी तो मेरी आँखे बड़ी हो गयी और लुंड फिर से खड़ा हो गया . मेरी आँखों को देखकर अनवर ने पीछे मुड़कर देखा तो वो अपना लुंड मसलने लगा.

उधर नजारा hi ऐसा था ,सोहैल भैया दीदी को किश कर रहे थे और दीदी उनके लुंड को पजामा से सहला रही थी .

अनवर ,-- देखा दीदी कैसे बेशरमी से किश करते हुए सोहैल भाई जान का लुंड सहला रही ह . यही मौका ह सोनाक्षी दीदी को बाज़ारू रांड बनाने का . अनवर की बात सुनकर मेरा लोढ़ा पूरा अकड़ गया .

अनवर ,-- चल ना तेरी दीदी को बेशरम बनाने में सोहैल भाई जान बहुत काम आएंगे.

में मुस्करा कर ,-- चलो.

हम वापस मुड़े तो सोहैल भैया ने दीदी के होंठो से अपने होंठ हटा लिए और मुस्कराने लगे . जैसे hi हम उनके नजदीक पहुंचे सोहैल भैया बोले

सोहैल भैया,-- सॉरी अनवर भाई , सोनाक्षी भाभी जान बोली की बॉक्स का किराया वसूल कर लीजिये.

अनवर ,-- इसमें सॉरी की क्या बात ह भाई जान. मेरी बेगम ने ख़ुशी से दिया ह तो लेना hi चाहिए.

सोहैल भैया,-- खाना खाएंगे आप लोग.

अनवर ,-- जी भाई जान.

सोहैल भैया,-- चलिए फिर मेरा बगल में होटल ह उसी में चलते ह रहना तू भी चल.

हम सिनेमा हॉल के बगल में होटल में पहुंचे तो मैनेजर ने हम सब को झुक कर सलाम कहा तो सोहैल भैया बोले.

सोहैल भैया,-- छोटू खाना लगवा दे हमारा और किसी को फॅमिली हॉल में आने मत देना शिवाय राजू के .

छोटू ,-- जी मालिक आप बैठिये में एक ों कर देता हु.

हम सब फॅमिली हॉल में आये और बेथ गए तो सोहैल भैया ने रहना के कान में कुछ कहा तो रहना उठकर बाथरूम में चली गयी और कुछ देर में वो बाहर निकली तो सबकी नजर उसी पर टिक गयी.

रिहाना अपना सलवार कुरता खोल कर सिर्फ ब्रा पेंटी में बाहर आ रही थी .उसके बूब्स बहुत बड़े थे और गांड भी छोड़ी थी जो उसे सेक्सी और कामुक बना रही थी .वो आकर रुकी और सोहैल भैया की तरफ देखने लगी तो सोहैल भैया ने कहा.

सोहैल भैया,-- इधर आ जाओ बेटी मेरी गॉड में.

अनवर जो दीदी के पास कुर्सी पर बैठा था बोलै ,-- भाई जान रिहाना दीदी आपकी बेटी ह.

सोहैल भैया हंसकर ,-- नहीं ये मेरी भतीजी ह जिसे मेने hi पल पोसकर बड़ी किया ह.

अनवर भी मज़े लेने के मूड में था इसलिए बोलै ,-- भाई जान आपने तो रिहाना दीदी को सचमे अच्छे से पाला ह .सब कुछ बड़ा कर दिया.

सोहैल भैया,-- सिर्फ बदन से hi नहीं इसे मन से भी बड़ा बनाया ह .

अनवर ,-- वो कैसे भाई जान.

सोहैल भैया,-- रिहाना बेटी दिखाओ तो अनवर भाई को अपना बड्डपन.

सोहैल भैया की बात सुनकर रहना दीदी कड़ी हुयी और अनवर के पास गयी और उनके होंठो को चुम कर मेरे पास आयी और मेरे होंठ पर चुम्बन करके मेरे लुंड को हिलाया और मेरा हाथ पकड़ कर अपने बूब्स महसूस करवा कर वापस सोहैल भैया की गॉड में बेथ गयी.

सोहैल भैया ने रिहाना के होंठ चूमे और बोले ,-- देखा रिहाना का बड्डपन.

अनवर दीदी को देखकर ,-- बहुत बड़े दिल वाली ह रिहाना दीदी.

सोहैल भैया,-- भाभी जान अब तो आपको शर्म नहीं आ रही

दीदी ,-- नहीं देवर जी.

सोहैल भैया,-- और तुझे रोहित.

में.,-- नहीं भैया.

तभी वेटर राजू खाना लेकर आ गया जो पूरा नॉनवेज था और उसने सिर्फ तीन प्लेट hi लगाया था जिसे देखकर सोहैल भैया बोले

सोहैल भैया,-- अनवर भाई तुम दोनों एक प्लेट में खाओ में और रिहाना एक प्लेट में खाएंगे.

सब लोग खाने में लग गए . दोने हसीनाएं अपने प्रेमियों के साथ खाने लगी तो में भी खाने लग गया.

खाना खाने के बाद राजू पान लेकर आया और सबने पान खाया तो अनवर बोलै

अनवर, -- बहुत अच्छा खाना था भाई जान.

सोहैल भैया,-- थैंक्स भाई, अब खाने का बिल कोण देगा.

अनवर ,-- में दे देता हु भाई जान.

सोहैल भैया,--, नहीं बिल तो भाभी जान को देना पड़ेगा.

दीदी मुस्करा कर, -- में दे देती हु देवर जी कितना हुआ.

सोहैल भैया,-- अनवर जी पूछ लो .

अनवर ,-- भाई जान जब आप मुझसे ले नहीं रहे तो फिर बेगम को तो देना hi पड़ेगा.

सोहैल भैया,-- पर हमें बिल का पेमेंट पैसे नहीं बल्कि कुछ और चाहिए.

अनवर ,-- आप बे झझक बोलिये भाई जान सोना बेगम मन नहीं कर सकती.

सोहैल भैया,-- हमें भाभी जान का दूध पीना ह .

अनवर ,-- बस इतनी सी बात , पि लीजिये

सोहैल भैया,-- पर आपको भाभी जान का ब्लाउज खुद खोलना होगा.

अनवर ने दीदी को खड़ा किया और उनके ब्लाउज के बटन खोल दिए और उनकी ब्रा को ऊपर कर दिया तो दीदी के सेक्सी बूब्स हम सब के सामने आ गए जिन्हे देखकर सोहैल भैया ने अपने होठो पर जीभ फिराई जो पान की वजह से पूरी लाल हो चुकी थी.

अनवर,-- लीजिये भाई जान वसूल कर लीजिये अपना बिल.

अनवर ने दीदी कस हाथ पकड़ा और सोहैल भैया की तरफ ले गए तो सोहैल भैया ने मेरी दीदी की आँखों में देखा और फिर दीदी के उन्नत बूब्स पर मुंह लगा दिया .

मेरी खूबसूरत जवान दीदी जो वैसे तो अब निकाह कर ली थी पर फिर भी थी तो लड़की hi हम तीन लोगों के सामने अपनी कमसिन चूचियों को एक पचास साल के आदमी से चुसवा कर सिसक रही थी .

सोहैल भैया मेरी दीदी की चूचियों को अपने पान का पीक लगी जीभ से लाल कर रहे थे और दीदी को उनसे निप्पल चुसवा कर मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर में दीदी की दोनों चुकी पान के पीक से लाल हो गयी तो सोहैल भैया हैट गए और बोले.

सोहैल भैया,-- सॉरी अनवर भाई आपकी बेगम की गोरी चूचिया लाल हो गयी .

अनवर ,-- कोई बात नहीं सोहैल भाई जान अब में इस लाल चुकी योन को घर पर अपनी जीभ से साफ़ कर दूंगा.

दीदी अपनी आँखे मूंदे हुए सिसक रही थी और बेशरमी से हंस रही थी .सोहैल भैया के हटने के बाद भी उन्होंने अपनी ब्रा निचे नहीं की तो अनवर ने उनकी ब्रा को निचे कर दिया तब दीदी ने अपनी आँखे खोली और ब्लाउज पहन लिया.

फिर रिहाना ने हम दोनों को गले लगाया और अपनी चूचियों को फील करवा कर हमें विदा किया तो हम फ्लैट पर पहुंचे.

फ्लैट पर पहुँचते hi अनवर ने रूम में दीदी को नंगा किया और उनको प्रेग्नेंट करने के लिए फिर से दीदी पर चढ़ गया . दीदी भी पूरी गरम थी इसलिए मेरे सामने बेशरमी से छुड़वाने लगी.

दीदी को छोड़कर अनवर सो गया तो में भी मुठ मारकर सो गया.

तो बे कॉन्टिनोएड..
 
अगले दिन सुबह कदमो की आवाज सुनकर मेरी नींद टूटी तो मेने देखा अनवर नंगा hi बाहर जा रहा था तो मेने देखा दीदी सो रही थी .

में भी उठकर बाहर आया तो देखा अनवर ने सिगरेट ली और बालकनी में पिने चला गया तो में भी उसके पीछे चल दिया .अनवर ने मुझे देखा तो मुस्करा कर मुझे सिगरेट पकड़ा दी और बोलै.

अनवर ,-- साले ये कपडे किसलिए पहनता ह तू .देख में भी तो नंगा हु.

मेने अनवर के लुंड को देखा जो दीदी की छूट का रास सुखकर सफ़ेद पपड़ी से सेमि नुदे पोजीसन में खड़ा था .

में.,-- यार इधर बालकनी में से कोई देख लेगा तो.

अनवर ,-- तो क्या हुआ . कोई औरत देख लेगी तो वो भी इस मोठे लुंड से छोड़ने को तैयार हो जाएगी.

में.,-- हम्म, लगता ह तेरे लुंड को शायद छूट ने पसंद भी कर लिया.

अनवर ,-- मतलब ,

में.,-- मतलब तुझे बहुत जल्दी समझ में आ जायेगा.

हम दोनों ऐसे hi बातें करते हुए सिगरेट पि रहे थे तभी कामिनी दीदी ने बालकनी खोली और हमें नंगा देख लिया . अनवर की गांड कामिनी दीदी की तरफ थी पर मेरा मुंह उनकी hi तरफ था .

कामिनी दीदी ने मेरी तरफ हाथ हिलाया और जल्दी से वापस अंदर चली गयी .

अनवर ,-- यार कल दीदी को छोड़ने में बहुत मज़ा आया तुझे आया की नहीं .

में.,-- हम्म

अनवर ,-- तेरे को क्या लगता ह दीदी प्रेग्नेंट हो जाएगी.

में.,-- दीदी जिस तरह से हीट में आ कर चुद रही ह पक्का प्रेग्नेंट हो जाएगी क्योंकि वो टेबलेट का असर बच्चेदानी से भी होता ह.

अनवर ,-- अब सिर्फ एक hi बचा ह और दीदी के पेट में मेरी निशानी रह जाएगी तो मेरी म्हणत सफल हो जाएगी.

में.,-- जरूर होगी यार .

अनवर ,-- आज दीदी को सुबह सुबह hi पूरी हीट में लाना ह ताकि उसकी बच्चेदानी का मुंह खुल जाये और मेरा माल उसकी बच्चेदानी में घुस जाये.

में.,-- कैसे लाना ह बोल.

अनवर ,-- तू दीदी को आज मेरे लिए गरम करेगा .

में.,-- में कैसे करूँगा यार.

अनवर ,-- आज तू दीदी को मेरे लिए तैयार करेगा .उसे नहला कर उसका मेकअप करेगा, उसके साथ अश्लील बातें करेगा और मुझे छोड़ने को देगा .

अनवर की बात सुनकर मेरा लुंड पूरा खड़ा हो गया जिसे अनवर ने भी महसूस कर लिया था जिसे देखकर अनवर बोलै .

अनवर ,-- चल आज तेरी दीदी को तुझे पूरा महसूस करवाता हु .

अनवर ने मेरा हाथ पकड़ा और रूम में आकर उसने लुंगी बांध ली और दीदी की निप्पल को जोर से उमेठ दिया तो दीदी चिल्ला उठी और आँखे खोल कर देखि की सुबह के सात बज चुके थे .

अनवर ,-- साली रंडी ,कब तक सोयेगी .देख तेरे पति का लुंड प्यासा ह तेरी छूट का रास पिने को फिर तेरा पति और भाई उठकर नास्ते का इन्तजार कर रहे ह.

दीदी मुस्करा कर ,-- अभी बना देती हु पति देव.

अनवर ,-- सुन तुझे आज रोहित तैयार करेगा .

दीदी ,-- जी ,में नाहा कर आती हु .

अनवर ,-- तुझे नहाने से लेकर मेकअप तक का पूरा काम रोहित hi करेगा , समझी .

दीदी ने मेरी तरफ देखा और बोली ,-- ठीक ह में फ्रेश होकर आती हूँ.

अनवर की बात सुनकर मेरा लोढ़ा पूरा रौद्र रूप में आ गया था, आज में अपनी पच्चीस वरसिये खूबसूरत और जवान दीदी के सेक्सी बदन को छूकर महसूस करने वाला था.

अनवर ने खड़े होकर दीदी की गांड पर एक सपाट मारा और बोलै ,-- साली रंडी तुझे समझ नहीं आता क्या . तुझे जो भी करना ह वो रोहित करवाएगा.

दीदी ,-- जी .

अनवर ,-- और सुन आज रोहित तुम्हारा भाई नहीं बल्कि तेरा मास्टर होगा और तुझे एक स्लेव की तरह इसकी बार माननी पड़ेगी. रोहित जा मेरी बीबी को सेक्सी स्टाइल में रेड्डी करवा कर ले आ और इसको आज फ्रेश होने तक का पूरा ध्यान तुझे रखना ह.

में.,-- जी, जीजू.

अनवर ,-- तू इसे मूतने हगने से लेकर हर चीज अपने हाथों से करवाएगा.

में ,-- जी.

दीदी ये सुनकर चकित रह गयी और मुझसे बोली ,-- चलो रोहित मुझे टॉयलेट जाना ह .

अनवर ,-- साली रोहित को उसके नाम से नहीं बल्कि सर बोल कर बुला.

दीदी ,-- सर प्लीज जल्दी आइये मुझे जोर से प्रेस्सेर बना ह .

में,-- चल अंदर .

दीदी जाकर कमोड पर बेथ गयी तो में दीदी की छूट से निकलते हुए पिले रंग के मूट को देखते हुए ब्रश करने लगा दीदी ने फिर मुझे इशारा किया तो मेने दीदी की गांड और छूट को धोया और फिर ब्रश करवाया तो मेने कहा

में.,-- इधर आ तुझे अच्छे से नहला दू.

तभी अनवर की आवाज आयी जो बाहर से हमें देख रहा था वो बोलै ,-- रोहित इसकी गांड को अच्छे से साबुन लगाकर साफ़ करना मुझे आज इसकी गांड चटनी ह.

दीदी अनवर की बात सुनकर झेंप गयी तो मेने अपना बनियान और बरमूडा खोल दिया और शावर को ों करके दीदी को निचे खड़ा कर दिया और साबुन लगाने लगा. मेरा लुंड पूरा सख्त हो चूका था दीदी के कोमल बदन को छूकर. दीदी को पुरे बदन पर झाग हो चूका तो

फिर मेने शैम्पू लिया और दीदी की बालों को शैम्पू लगाकर उन्हें शावर के निचे खड़ा किया और हैंड शावर ों करके दीदी की कांख को अच्छे से साफ़ किया और दीदी की छूट और गांड को साफ़ किया.

दीदी को अच्छी तरह नहला कर में खुद नहाया और फिर मेने दीदी के बदन को टोलिया से साफ़ किया और बाहर आकर मेने अपना बरमूडा पहन लिया .

दीदी नंगी कड़ी थी और अनवर लुंगी से अपने लुंड को मसलते हुए हमें देख रहा था. मेने अलमारी से दीदी की थोंग वाली ब्रा और पेंटी निकली और उन्हें दीदी को पहना दिया . दीदी की छूट और निप्पल अब दिखना बंद हो गयी तो अनवर उठकर किचन में जाते हुए बोलै.

अनवर ,-- रोहित में नास्ता तैयार कर रहा हु तू इस रांड को मस्त तैयार करके नास्ते की टेबल पर लेकर आ.

में.,-- जी जीजू .

अनवर उठकर किचन में चला गया तो मेने अलमारी से दीदी के ब्लाउज बाहर निकले और उनमे से एक ब्लू स्लीवलेस ब्लाउज सेलेक्ट किया जो हाफ कप कवर करने जैसा था उसे निकलकर दीदी को पहनने को दिया तो दीदी ने उसे पहन लिया .

ब्लाउज पहनने के बाद दीदी के बूब्स उभर कर बाहर को आ गए क्योंकि दीदी के बूब्स अब पहले से थोड़े बड़े हो गए थे.

मेने दीदी के बूब्स को ऊपर से हाथ फिरकर चेक किया और बोलै ,-- थैंक्स जीजू , आप ने मेरी दीदी के बूब्स पर अच्छी म्हणत की ह .जल्दी hi ये बोबे बड़े होकर ज्यादा सेक्सी दिखने लगेंगे. क्यों दीदी.

दीदी सिसक कर मुस्करा पड़ी तो मेने उन्हें ब्लाउज की मैचिंग का पेटीकोट पहनने को दिया जो दीदी ने पहन लिया तो मेने उनके पेटीकोट की गाँठ वापस खोली क्योंकि दीदी ने नवल के पास नाडा बंधा था. मेने पेटीकोट को पेंटी के बिलकुल ऊपर बांध दिया जिससे दीदी का पूरा पेट और नवल क्लियर दिखने लगे.

मेने दीदी को साड़ी पकड़ाया तो वो बांधने लगी तो मेने मेकअप की साडी चीजे निकली और उन्हें सामने रख लिया . दीदी ने साड़ी पहन ली तो मेने साड़ी को एडजस्ट किया और सामने से साड़ी को दीदी के ब्लाउज पर दो जगह पर पिन कर दिया .अब दीदी की साड़ी सामने से सिर्फ ब्लाउज के ऊपर hi कवर किये हुए थी और दीदी का पूरा गोरा बदन सिर्फ पांच इंच hi धक्का हुआ था.

दीदी को मेने बैठने को कहा और उनकी क्लीवेज और कांख में पाउडर लगाया फिर दीदी की चिकनी कांख को सुंघा और एक फेयरनेस क्रीम दीदी के चेहरे पर लगाई और उनकी आँखों में गहरा काजल लगाकर उनको बिंदी लगाया और मांग में सिंदूर की मोती लकीर भर कर उन्हें लिपस्टिक लगाई.

फिर दीदी को आइना दिखाया तो दीदी अपने आप को देखकर बहुत खुश हुयी और मुझे गले लगा लिया .

में.,-- कैसी लग रही हो दीदी.

दीदी ,-- रोहित थोड़ी देर मेरा मालिक बन कर hi बात करो न.

में.,-- वो तो में जीजू के कहने पर बना हुआ था.

दीदी ,-- अब मेरे कहने पर बन जा ना.

में.,-- आप को अच्छा नहीं लगेगा दीदी.

दीदी ,-- मुझे हुमिलियते होने में बहुत मज़ा आता ह रोहित, अब दो दिन hi बचे ह इसलिए मेरी ये इच्छा पूरी नहीं करवाएगा .

में.,-- ठीक ह अगर तुम्हारी यही इच्छा ह तो आज ये भी कर देता हु .

दीदी ,-- थैंक्स सर ,

में.,-- चल अपनी कांख को चेक करा इसमें खुसबू आ रही ह की नहीं .

दीदी ने अपनी दोनों गोरी बहन ऊपर कर दी तो मेने सूंघकर कहा.

में.,-- तुझे बाहर जाकर अनवर जी के और मेरे पेअर छूने ह .

दीदी ,-- जी सर ,

हम दोनों बाहर आये तो अनवर किचन में नास्ता बनाने में लगा हुआ था . दीदी ने उसको झुक कर नमस्ते कहा और बोली.

दीदी ,-- मालिक में नास्ता बनती हु आप नाहा लीजिये .

दीदी ने फिर मेरे भी पेअर छुए तो मुझे बहुत मज़ा आया मेने दीदी की गांड पर सपाट मारकर खड़ा किया तो अनवर ने भी दीदी की गांड पर एक सपाट लगाया और किचन से निकल गया. उसके जाते hi दीदी बोली.

दीदी ,-- सर मुझे वो दोनों टेबलेट ला दीजिये.

में रूम में गया और दोनों टेबलेट लेकर आया तो मेने विटामिन की टेबलेट दीदी के मुंह में रख दी जिस पर दीदी ने पानी पि लिया और दूसरी टेबलेट को वो पीस कर एक दूध की कटोरी में डालकर पि गयी.

फिर दीदी ने अलमारी खोलकर टेबलेट निकली और उसे पीसकर एक दूध के जिलास में मिला कर अलग रख दी .

थोड़ी देर में नास्ता रेडी हो गया तो हमने उसे बहार टेबल पर रखा तब तक अनवर भी नहाकर कुरता पजामा पहन कर बाहर आया.

अनवर सोफे पर बेथ गया तो में भी दूसरे सोफे पर बेथ गया और टेबल को दूर खिसका दिया .

अनवर ,-- यार टेबल को इतनी दूर क्यों खिसका दिया.

में.,-- जीजू इस कुटिया को बैठने के लिए जगह बनायीं ह ये आज जमीं पर बैठकर hi नास्ता करेगी .

दीदी मुस्करा कर फर्श पर बेथ गयी तो मेने एक रोटी का टुकड़ा जमीं पर गिरा दिया और बोलै ,-- ले कुटिया खः रोटी .

अनवर ने ये सुना तो उसका मुंह खुला रह गया . दीदी ने कुटिया की तरह बनकर फर्श से रोटी खाने को सर झुकाये तो अनवर उसकी छाती को घूरने लगा .दीदी की सूंदर सूंदर चूचिया जो हाफ ब्लाउज से झांक रही थी वो बहुत कामुक लग रही थी.

दीदी की गांड मेरी तरफ थी जो परफेक्ट सैप में कहर ध रही थी.

अनवर ,-- वह रोहित तू तो सच में मास्टर बन गया.

में.,-- हाँ जीजू इस कुटिया को स्लेव बनाकर मज़ा आएगा.

दीदी ने रोटी का टुकड़ा खा लिया तो अनवर ने दीदी का चेहरा ऊपर किया और अपने मुंह में से रोटी का चबाया हुआ टुकड़ा दीदी के मुंह में दाल दिया जिसे दीदी खा गयी.

हम दोनों ने दीदी को इसी तरह से नास्ता करवाया और फिर अनवर ने वियाग्रा मिक्स दूध पि लिया तो दीदी को पिने के लिए पानी फर्श पर गिरा दिया और अनवर बोलै.

अनवर ,-- ले कुटिया पानी पि ले.

दीदी फर्श से पानी चाटने लगी तभी डोर बेल्ल बजी .

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
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