Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure - Page 9 - SexBaba
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Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure

दीदी अब छोटी सी ब्रा में आ गयी तो अनवर ने दीदी के पेटीकोट का नाडा भी खिंच दिया तो मेने देखा दीदी ने थोंग पहनी थी.

दीदी ने अनवर के बदन पर साबुन लगाने के बाद साबुन का झाग बनाकर अनवर के लुंड पर लगाया और उसे अनवर के लुंड के निचे हाथ डालकर उसकी गांड में भी मॉल दिया .

शावर अभी बंद hi था तो दीदी बोली, - रोहित एक शैम्पू का पाउच भी दे दे तेरे जीजू के बाल में लगा दूँ.

मेने बाथरूम की स्टाप से एक शैम्पू का पाउच पकड़ाया तो दीदी ने उसे खोलकर हाथ में लिया और अनवर के बालों में लगा दिया.

दीदी शैम्पू करने में लगी थी इधर अनवर ने दीदी की ब्रा और पेंटी भी खोल दी और साबुन लेकर दीदी की छूट और गांड को पूरा झाग से भर दिया.

दीदी की छूट पर हाथ लगते hi दीदी की सिसकी निकली तो दीदी ने शावर ों कर दिया और दोनों नहाने लगे . दीदी ने हैंड शावर लेकर अनवर की गांड पे शावर किया और दोनों का बदन चमकने लगा तो अनवर ने दीदी को कमोड पर झुका दिया और दीदी की छूट में पीछे से लुंड घुसा दिया.

दीदी की जोर से चीख निकली और फिर अनवर ने दीदी की छूट को वैसे hi दस मिनट तक छोड़ा तो दीदी सिसकते हुए चुदती रही.

दोनों पर वियाग्रा का असर था इसलिए इतनी जल्दी झड़ने वाले नहीं थे ये बात दीदी को पता थी इसलिए दीदी बोली

दीदी,-- अनवर जी चलिए ना बीएड पर चुदाई करना .

अनवर ने लुंड निकल लिया जो दीदी के छूट रास से चमक रहा था.

दीदी ,-- रोहित टोलिया दे दे भाई .

मेने अलमारी से टोलिया निकलकर पकड़ाया तो दीदी अनवर के बदन को पोंछा और फिर खुद को पोंछ कर मुस्करा उठी तो में अपने सोफे पर आकर बेथ गया.

दोनों नंगे hi बाहर आये .दीदी गीले बालो में काम की रति लग रही थी .

अनवर ने दीदी को बाहर आते hi बीएड पर गिरा दिया और मेरी तरफ देखकर दीदी के मुंह के पास जाकर अपने लोढ़ा दीदी के मुंह में डालकर बोलै.

अनवर ,-- रोहित , दीदी की छूट का तजा रास पियोगे.

में.,-- हां जीजू अगर दीदी पिने को दे तो.

अनवर ,-- तो पि लो सोना की छूट बहुत पानी छोड़ रही ह . में इसको पूरा उतेजिट करता हु तुम पि लो.

में.,-- कैसे जीजू.

अनवर ,-- यार सोना की छूट में अंगुली डाकलार निकल कर पि लो , सोना ने मना किया ह क्या कभी तुम्हे.

अनवर की बात सुनकर मेरा लोढ़ा तमतमा गया और मुझे ये सुनकर यकीं नहीं हुआ की ये अनवर ने ये कहा ह और मुझे मालूम था की दीदी अपने प्रॉमिस के हिसाब से अब मन नहीं करेगी.

दीदी ,-- ये क्या बोल रहे ह अनवर जी.

अनवर ,-- भूल गयी अपना प्रॉमिस और निकाह के समय किया गया वडा की ये बदन अब तुम्हारा नहीं इस्पे मेरा हके ह.

दीदी मुस्करा कर ,-- आपको जो करना ह कीजिये में कुछ नहीं बोलूंगी.

अनवर ,-- आओ रोहित में सोना के मुंह में पानी डालता हूँ जो इसकी छूट से निकलेगा तुम वो पि लेना.

में उठाकर खड़ा हो गया तो अनवर ने दीदी को कहा ,-- सोना अपने पेअर चोदे कर लो.

दीदी ने शर्म से अपनी आँखे बंद कर ली और अपने पेअर चोदे कर लिए तो मुझे दीदी की सूंदर छूट दिखी . दीदी की छूट भी दीदी की तरह सुन्दर थी .दोनों जांघों के बिच उभरी हुयी त्रिभुजाकार छूट मन मोहक लग रही थी .

में दीदी के पेट के पास बेथ गया और दीदी की छूट के निचले हिस्से पर अंगुली लगाया तो दीदी उछाल पड़ी और अनवर का लुंड का सूपड़ा मुंह से निकल गया.

मेरी अंगुली पर दीदी की छूट का मदन रास लग गया जिसे में मुंह में लेकर चाट गया.

अनवर ,-- सोना क्या कर रही हो .

दीदी आँखे बंद किये hi बोली,-- सॉरी अनवर जी मुझे गुदगुदी हुयी थी .

अनवर ,-- रोहित यार सोना को गुदगुदी मत कर और आराम से छूट में अंगुली दाल कर रास लगाकर चाट ले .

दीदी अनवर की बात सुनकर आँखे बंद किये हुए बेशरमी से मुस्करायी तो अनवर ने फिर से अपना सूपड़ा दीदी के मुंह में घुसा दिया.

मेने फिर से अंगुली दीदी की छूट की तरफ की और इस बार दीदी की सेक्सी छूट में धीरे से पुश किया तो दीदी सिसक पड़ी .

मुझे अपनी अंगुली किसी फोम की तरह घुसती महसूस हुयी जैसे की फोम गिला हो . मेरी अंगुली दीदी की छूट रास से भीग गयी तो मेने अपनी अंगुली को निकल कर दीदी का सेक्सी रास चाट लिया .

दीदी की छूट पूरा पानी बहाये जा रही थी और धीरे धीरे मेरी अंगुली में दीदी का सफ़ेद पानी काम लगने लगा तो मेने कहा.

में ,-- जीजू लगता ह दीदी की छूट से पानी अब काम निकलने लगा ह .

अनवर ,-- बस इतनी सी बात लो सोना की छूट को झरने की तरह बना देता हु.

में.,-- कैसे जीजू .

अनवर ,-- देख इधर और तू भी सिख ले .

अनवर ने अपना लुंड दीदी के मुंह से निकला और फिर दीदी का हाथ ऊपर करके दीदी की चिकनी आर्म पिट को लीक करना शुरू कर दिया तो दीदी की कामुक सिसकिया निकलने लगी . अनवर ने फिर दीदी के गले और क्लीवेज चूमने के बाद दीदी की तानी हुयी निप्पल को जीभ से छेड़ना शुरू कर दिया.

दीदी अपनी आँखे बंद किये हुए अनवर का सर दबाने लगी अपनी चुकी पर तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- सोना अपने भाई के लिए एक बार पानी छोड़ न.

दीदी ,-- कैसे .

अनवर ,-- अपनी आँखे बंद करके सोच की तू कैसे नंगी होकर अपनी छूट को ऐसे hi फैलाये हुए पड़ी ह और वो चारो जैसे तेरे बूब्स चेक करके गए वैसे hi तेरी छूट को देख रहे ह.

दीदी ,--- आ ..... u....m...

अनवर ने दीदी की निप्पल को मुंह में लेकर चूसा तो दीदी सिसकते हुए झड़ने लगी.

मेने दीदी को झड़ते देखा तो जल्दी से पैरों के बिच पहुँच गया और झुक कर दीदी की छूट के निचे जीभ लगा कर उनका मदन रास जीभ पर गिरने दिया और उसे चाट गया .

दीदी का रास जीभ से चाट ते समय मेरा जीभ दीदी की छूट से टच हो गया तो मुझे लगा की मेरी जीभ मख्हन से टच हो गयी ह .

दीदी की छूट के टच ने मेरे साबरा का बांध टूट गया और में झाड़ गया तो उठकर सोफे पर बेथ गया.

अनवर ने मेरे बरमूडा को गिला देखा तो बोलै ,-- दोनों भाई बहन एक साथ झाड़ गए .

अनवर की बात सुनकर दीदी ने आँख खोलकर मेरे बरमूडा को देखा और शर्म से अपना सर अनवर की छाती में छुपा लिया.

दोनों चिपका जार लेट गए तो अनवर दीदी के होंठ चूमने लगा . मुझे गिला बरमूडा खोलना था इसलिए उठकर अपने कमरे में आया और छड़ी सहित बरमूडा खोलकर नंगा hi बाथरूम में चला गया और मूतने की कोशिश करने लगा .

वीर्य निकलते hi जल्दी से मूत आ नहीं रहा था प्रेस्सेर बना हुआ था इसलिए लुंड को थोड़ी देर ढीला छोड़ा और फिर मूतने लगा.

अभी दिन की शुरुवात हुयी थी और मुझे पता नहीं था की कितने बार पानी बहाना पड़ेगा इसलिए बाहर आकर एक कंडोम अपने लुंड पर चढ़ा लिया और चड्डी पहनकर दूसरा बरमूडा पहन लिया . तभी अनवर की आवाज आयी.

अनवर ,-- रोहित.

में ,-- आया जीजू .

में वापस दीदी के रूम में गया तो देखा दोनों वैसे hi एक दूसरे को चुम रहे थे. में चुपचाप सोफे पर बेथ गया तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- रोहित तू इतना कब से शर्माने लगा .

में ,-- वो मुझे बरमूडा बदल न था.

अनवर ,-- तो यही बदल लेता और हम दोनों नंगे ह फिर तुझे कपडे पहन ने की क्या जरुरत ह.

Me.,,--vo जीजू पूरी चड्डी भीग गयी थी इसलिए बदलने गया था .

अनवर ,-- अब गीली हो तो यही बदल लेना मेरे पास लुंगी ह एक्स्ट्रा वो पहन लिया कर.

में.,-- ठीक ह जीजू.

अनवर ,-- अगर तू इस तरह से शरमाएगा तो में तेरी दीदी की शर्म कैसे निकलूंगा तूने देखा नहीं ये कितनी शर्मीली ह . आँखे बंद किये hi झाड़ जाती ह.

दीदी ने अनवर की बात सुनी तो अपना चेहरा फिर से अनवर की छाती में घुसा लिया तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- रोहित तूने मेरी बहन को छोड़ा तो उसके चेहरे पर शर्म देखि थी क्या.

में.,-- जीजू नोरा बिलकुल बेशरम होकर छुड़वाई थी और दीदी से छोटी भी थी.

अनवर ,-- और सोना को देख नोरा से सात साल बड़ी होकर भी कैसे मुंह छुपाये हुए ह.

में.,-- जीजू नोरा की शर्म आपने कैसे निकली थी .

अनवर ,-- उसकी शर्म मेने नहीं इसके बॉयफ्रेंड ने निकली थी वो उसे अपने रूम में पोर्न क्लिप दिखा कर उसकी चुदाई करता था.

में.,-- जीजू पोर्न क्लिप तो दीदी भी बहुत देखती ह .इनके लैपटॉप में पोर्न का पूरा कलेक्शन ह .

अनवर ,-- लगता ह सोना की शर्म निकलने के लिए कुछ और तरय करना पड़ेगा.

तभी दीदी जल्दी से कड़ी हुयी और बाथरूम में भाग गयी वो बिना गेट बंद किये hi कमोड पर बेथ गयी और मूतने लगी .

सोफे पर से कमोड पूरा दीखता था इसलिए दीदी ने जब नजर उठायी तो मुझसे दीदी की नजर मिली . मुझे देखकर दीदी मुस्कराई और अपने पेरो पर कड़ी होकर मूतने लगी.

मुझे दीदी की सूंदर छूट से पिले रंग की मूट की धार दिखने लगी तो दीदी ने मुझे देखकर आँख मरी .

मेरा लुंड जो सेमि नुदे हालत में था फिर से खड़ा hi गया और कंडोम में प्रे कॉम की बून्द निकल कर गिर गयी.
 
तभी अनवर ने मुझे कहा की रोहित समीर भैया को फ़ोन लगाओ .

मेने अपने फ़ोन से समीर भैया को फ़ोन किया तो समीर भैया ने फ़ोन उठाकर कहा

समीर भैया,-- बोलो रोहित.

में.,-- समीर भैया वो अनवर जी को आपसे बात करनी ह लीजिये.

अनवर ने समीर भैया को हळू कहा तो समीर भैया बोले ,-- बोलो अनवर , मन ली सुहागरात.

तभी दीदी भी बाहर आ गयी और अनवर के पास बेथ गयी और फ़ोन पर होने वाली बातें सुन ने लगी.

अनवर ,-- हां समीर भैया, पर असली सुहाग रात तो आप पहले hi मन चुके पर हां रात में सोना के दोनों छेड़ छोड़ लिए.

समीर भैया,-- मेने भी उसकी गांड को hi सील तोड़ी थी .छूट की सील तो अपने बड़े भैया से तुड़वा चुकी थी वैसे सोना बहुत चीखी होगी.

अनवर ,--हाँ भैया सोना की छूट किसी छोटी बच्ची की तरह तीते ह.

समीर भैया,-- हम्म ,में उसे तीन साल से छोड़ रहा हु फिर भी वो लुंड घुसते hi चीखती ह .

अनवर ,-- जी भैया आप सही बोल रहे ह.

समीर भैया,-- तुमने सोनाक्षी को रोहित के सामने hi छोड़ा न.

अनवर ,-- जी भैया.

समीर भैया,-- रोहित का ध्यान रखना उसे सोना की पेंटी से रास चाटने में बहुत मज़ा आता ह .

अनवर ,-- हां भैया ,मुझे रोहित ने अभी थोड़ी देर पहले बताया तो मेने अभी उसको सोना की छूट का रास अंगुली से चटवाया ह.

समीर भैया,-- और बता कैसे फ़ोन किया .

अनवर ,-- भैया सोना बहुत शर्मीली ह उसकी शर्म कैसे निकलू.

समीर भैया,-- तूने उसे रोहित के सामने hi छोड़ा था ना.

अनवर ,-- हां भैया ,अभी तो बताया आपको.

समीर भैया,-- वो तेरे को नहलायी को नहीं.

अनवर ,-- हम दोनों साथ hi नहाये सुबह.

समीर भैया,-- रोहित कहा था.

अनवर ,-- वो हमें गेट से देख रहा था.

समीर भैया,-- फिर तो क्या हो सकता ह अनवर और. धीरे धीरे सोना की शर्म निकल जाएगी.

अनवर ,-- वही तो समीर भैया, अभी जब रोहित उसकी छूट का रास चाट रहा था तो सोना आँखे बंद किये पड़ी थी और आँखे बंद किये hi झाड़ गयी.

समीर भैया,-- तू एक काम कर , असलम मामू से बात कर ले वो बहुत अनुभवी ह और उन्होंने शोभा ौंटी को कितनी बेशरम बना दिया ह.

अनवर ,-- जी भैया में करता हु.

अनवर ने फ़ोन कटा और बोलै ,-- तेरे पास नंबर ह रोहित असलम मामू का.

में.,-- नहीं .

अनवर ,-- एक काम कर मेरे फ़ोन में होगा वो बैग में बंद करके रखा हुआ ह उसे खोल कर देख ले .

तभी दीदी बोली ,-- मेरे फ़ोन में असलम चाचू का नंबर .

अनवर ,-- देखा सोना भी बेशरम बन ने को बैचेन ह.

दीदी ने अनवर की छाती में प्यार से मुक्का मारा और अपना चेहरा छुपा ली .

में.,-- जीजू , दीदी के आगे के गोआल के लिए दीदी को पूरा बेशरम बन न पड़ेगा .

अनवर ,-- मुझे मालूम ह रोहित , तभी तो समीर भैया ने कहा ह की सोना को रोहित के सामने hi छोड़ना ह.

मेरी सोना दीदी बिलकुल नंगी होकर मेरे दोस्त अनवर के साथ नंगी बैठी हुयी थी और खुद को बेशरम बन ने के लिए मेरी मम्मी के लवर से सुन न चाहती थी की वो बेशरम कैसे बने .

में भी दीदी के मज़े लेने के लिए बोलै ,-- जीजू दीदी शायद बेशरम नहीं बन न चाहती ह.

अनवर ने दीदी का चेहरा ऊपर किया और दीदी की आँखों में देखकर बोलै ,-- बेगम नहीं बन न क्या बेशरम.

दीदी ने अनवर के होंठ पर चुम्बन लिया और बोली ,-- आपकी पत्नी हु जो बना न ह वो बना दीजिये मुझे.

अनवर ,-- रोहित फ़ोन लगा असलम मामू को वही बताएँगे की इसे बेशरम रांड कैसे बनाना ह .

दीदी ने जब ये सुना तो दीदी ने अपनी छूट को खुजाया और अनवर की छाती पर सर रखकर उनके निपल को चूमने लगी.

अनवर ,-- देखा रोहित , सोना को रांड बोलते hi इसकी छूट गीली हो जाती ह.

में.,-- जीजू , दीदी को समीर भैया भी छोड़ते थे तो दीदी गालिया सुनकर खूब मज़े से चुदवाती थी.

मेने दीदी के फ़ोन से असलम चाचू का नंबर लिया और अपने फ़ोन से डायल किया तो घंटी जाने लगी .

में ,-- लीजिये जीजू रिंग हो रहा ह .

अनवर ने फ़ोन दीदी के हाथ में पकड़ाया और स्पीकर ों कर दिया . दीदी ने फ़ोन पकड़ कर अनवर को प्रश्नवाचक नजर दे देखा तो अनवर मुस्करा दिया.

असलम चाचू ने फ़ोन नहीं उठाया तो दीदी ने फ़ोन मुझे पकड़ा कर कहा .

दीदी ,-- अनवर जी आपने मुझे फ़ोन क्यों पकड़ाया था.

अनवर ,-- सोना फ़ोन में तुम्हारी खातिर hi कर रहा था तो तुम्हे hi पकड़ना था न.

दीदी ,-- मेरी खातिर क्यों.

अनवर ,-- तुम को शर्म निकलने के लिए मामू जो तरीके बताने वाले थे वो तुम्हारे hi काम आते ना.

दीदी ,-- धहटतट. आप भी न.

अनवर ,-- रोहित , तुम hi बताओ क्या में गलत कर रहा था क्या .

में.,-- नहीं जीजू , आप तो दीदी की खातिर hi फ़ोन कर रहे थे .

तभी फ़ोन बजा और मेने देखा असलम चाचू का फ़ोन ह तो मेने फ़ोन का स्पीकर ों करके दीदी को पकड़ा दिया . दीदी ने अपना हाथ अनवर के मुंह के सामने करके रिसीव किया.

अनवर ,-- hello मामू में अनवर बोल रहा हु.

असलम, -- हाँ अनवर bolo.kaise फ़ोन किया

अनवर,-- मामू ऐसे hi किया था.

असलम ,-- मुझे लगा कोई जरुरी काम होगा , सोया था जगा दिया.

अनवर ,-- इस समय मामू.

असलम ,-- हाँ रात भर चुदाई कर रहा था.

अनवर ,-- किसकी मामू.

असलम ,-- तेरी ममी की.

अनवर ,-- हे हे मामू निकाह कर लिया क्या.

असलम ,-- क्यों तेरी ममी नहीं ह क्या.

अनवर ,-- शोभा ममी

असलम ,-- हां, कल तुम सोना बेटी के साथ सुहागरात मन रहे थे मेने उसकी मम्मी शोभा के साथ मना ली.

अनवर ,-- वावो मामू, कहा मनाई सुहाग रात.

असलम ,-- यही घर पे hi तैयार की थी . सोभा बोली की दोनों माँ बेटी की एक hi रात सुहागरात मानेगी एक hi टाइम पर.

अनवर ,-- वोवो ,मामू कितने राउंड किये.

असलम ,-- दो एक बार छूट मरी और एक बार गांड.

अनवर ,-- मामू , सोभा ममी बहुत मज़े कराती ह , चुदाई के समय.

असलम ,-- क्यों सोना ने नहीं कराये.

अनवर ,-- सोना बहुत शर्मीली ह मामू .

असलम ,-- तो तू उसे बेशरमी बना दे.

अनवर ,-- वही पूछने के लिए फ़ोन किया मामू.

असलम ,-- वो तो बेशरम hi ह बीटा, रोहित के सामने नहीं छुड़वाई क्या.

अनवर ,-- उसी के सामने छोड़ा था मामू पर वो सोभा ममी की तरह खुलकर नहीं बोलती और छुड़वाते समय आँखे बंद कर लेती ह.

असलम ,-- ओह्ह , तू उसे किस पोजीसन में छोड़ा था.

अनवर ,-- मनु सुहागरात थी तो एक hi पोजीसन में छोड़ा . आप ये बताइये की आपने शोभा ममी को कैसे बेशरम बनाया था.

असलम ,-- उसके लिए तुझे सोना को अलग अलग पोजीसन में छोड़ना पड़ेगा .

अनवर ,-- पर मुझे तो ज्यादा पोजीसन का मालूम नहीं ह.

असलम ,-- वो अशोक ने एक बुक दी होगी .सोना बेटी को गिफ्ट में .

अनवर ने दीदी को इशारे से पूछा तो दीदी ने हां में सर हिलाया.

अनवर ,-- हां मामू.

असलम, -- सोना तेरे पास hi ह क्या.

अनवर ,-- हाँ मामू, में सोना की चुकी पर hi सोया हु .

असलम ,-- एक बार सोना को दे फ़ोन.

अनवर ने सोना को बोलने को कहा तो दीदी बोली ,-- नमस्ते चाचू.

असलम ,-- मुबारक हो सोना ,

दीदी ,-- थैंक्स चाचू .

असलम ,-- अनवर को वो किताब दिखा कर उसमे जैसे जैसे लड़की छुड़वाई ह वैसे सब पोजीसन में छुड़वाना सोना , तेरी पूरी शर्म निकल जाएगी .

दीदी मुझे देख कर शर्मा कर, -- जी चाचू .

दीदी ने फ़ोन काट दिया तो अनवर बोलै ,-- फ़ोन क्यों कटा .

दीदी ,- हो तो गयी बात अब.

अनवर ,-- साली गस्ती , चल बता वो किताब बता कहा ह .

दीदी ,-- वो अलमारी में ह .

अनवर, -- रोहित ,निकल तो वो किताब .

में सोचने लगा की मेरी दीदी को गोआल करवाने के लिए कितने लोग लगे हुए ह और असलम चाचू के साथ दीदी की हुयी बात से लगा की दीदी और चाचू एक दूसरे से काफी खुली हुयी थी तभी इतनी खुलकर चुदाई की बात कर ली थी.

मुझे दीदी को चाचू से बात करते देख बहुत मज़ा आया और लुंड भी खड़ा होकर प्रीकम छोड़ दिया .

मेने अलमारी खोली तो उसमे अशोक की ड्रेस के ऊपर से किताब उठाकर अनवर को दी तो अनवर ने उसको खोलकर पहली पोजीसन देखकर कहा .
 
अनवर ,-- सबसे पहले यही पोजीसन में चुदाई करते ह .

अनवर ने पहली फोटो दिखाई जिसमे लड़की कड़ी थी और एक पेअर टेबल पर रख राखी थी और खड़े खड़े छुड़वा रही थी. अनवर ने फोटो मुझे दिखाई तो मेने कहा.

पोजीसन कुछ ऐसी थी की एक पोर्न स्टार अपने एक तंग टेबल पर राखी हुयी थी और उसको एक आदमी खड़े होकर छोड़ रहा था . पोर्न स्टार की छूट पूरी खुली हुयी थी और उसमे मोटा लुंड घुसा हुआ था.

में.,-- पर इसके लिए तो टेबल चाहिए .

अनवर ,-- टेबल की क्या जरुरत ह ये सोफे ह ना. टेबल से थोड़ा hi निचे ह .

दीदी ने एक बार सोफे की तरफ देखा और फिर मेरी तरफ देखकर मुस्कराई.

मुझे पोजीसन देख कर बड़ा मज़ा आया था और मेरे लुंड में फिर से तूफ़ान आ गया था की मुझे दीदी को पोर्न स्टार की तरह दीदी को चुड़ते देखने का मौका मिलेगा.

अनवर ने दीदी के होंठो को चूमा और उन्हें खड़ा किया . अनवर का लुंड अभी खड़ा hi था क्योंकि वियाग्रा की वजह से वो झाड़ नहीं प् रहा था. जबकि दीदी पर टेबलेट का अलग hi असर था उनकी छूट लगातार पानी भी छोड़ रही थी और झाड़ भी रही थी.

दीदी की छूट में पानी आने ने लगातार खुजली हो रही थी जिसकी वजह से उन्हें बार बार छूट का पानी हटाने के लिए हाथ निचे ले जाना पद रहा था.

अनवर दीदी को चूमते हुए सोफे के पास लेकर आया जहा पर में बैठा था और फिर उनके पीछे जाकर उनके गले पर किश करने लगा दीदी की गांड पर अनवर का लुंड लगा हुआ था .

दीदी आँखे बंद करके सिसक रही थी .अनवर ने गले पर किश करने के बाद उनकी पीठ और बाजु पर किश किया और फिर पीछे से उनकी बूब्स को पकड़ लिए और उन्हें डिबेट हुए किश करने लगा.

दीदी ,-- ऐश... अनवर जी बहुत मज़ा आ रहा ह.

अनवर को समझ में आ गया की दीदी पूरी गरम हो चुकी ह तो वो दीदी के सामने आया और दीदी का एक पेअर मेरे सामने सोफे पर रखवा दिया .

पेअर ऊपर होते hi दीदी की छूट की फांक थोड़ी सी खुल गयी और उनके अंदर से गुलाबी रंग की छूट से सफ़ेद पानी लगा हुआ दिखा.

दीदी अपनी आँखे बार बार खोलकर बंद कर रही थी .उनकी छूट का मुंह भी खुल कर सिकुड़ रहा था जो इस बात का सबूत था वो भी लुंड मान रही थी .

तभी अनवर दीदी के सामने आया और थोड़ा सा झुक कर अपने लुंड को दीदी की छूट के मुंह पर सेट किया और जोर से पुश कर दिया . दीदी जोर से चीखी और फिर अनवर ने लुंड को अंदर डालकर दीदी के होंठ पर अपने होंठ टिका दिए.

अनवर ऐसे hi लुंड डाले हुए कुछ देर तक मेरी सोनाक्षी दीदी के होंठ चूमता रहा और फिर बोलै.

अनवर ,-- सोना तुम इतना छोड़ने के बाद भी हर बार चीखने लगती हो.

दीदी की नजर मेरी तरफ hi थी इन्होने एक नजर मुझे देखा और फिर आँखे बंद करके बोली ,-- अनवर जी लगता ह आपका लुंड इस बार अलग गजह पर टच हुआ ह , बहुत दर्द हो रहा ह.

अनवर ,-- दर्द का समाधान तो तुम्हारे यहाँ पर ह अभी कर देता हु.

अनवर ने दीदी के बूब्स को धीरे धीरे मसलना शुरू कर दिया जिस से दीदी की कामुक सिसकियाँ निकलने लगी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- सोना तुम्हारी छूट में कोनसी अलग जगह पर लुंड टच हुआ ह.

दीदी ,-- शायद में क्लीट पर स्ट्रेच हुआ ह अनवर जी.

अनवर दीदी के गाल पर चपत लगाकर, -- अपनी आँखे खोल कर बोलो.

दीदी ,-- अनवर जी प्लीज मुझे ऐसे छुड़वाते हुए रोहित के सामने शर्म आ रही ह.

अनवर ने दीदी के गाल पर इस बार जोर से चांटा मारा जिस से दीदी का गाल लाल हो गया तो अनवर बोलै ,-- भोसड़ी वाली भूल गयी तू मेरी बेगम ह तुझे मेने बेगम बनाने की कीमत चुकाई ह.

दीदी अपने गाल को सहला कर ,-- सॉरी अनवर जी .

दीदी ने अनवर को किश करके कहा ,-- प्लीज आप नाराज मत होइए.

अनवर ,-- में तुम्हे बेशरम बनाने के लिए ऐसे छोड़ रहा हु और तू रोहित से शर्मा रही ह जो रात में तुझे रंडी की तरह छूट मरवाते देख चूका.

दीदी ,-- सॉरी अनवर जी ,

अनवर ,-- चल अब बता तो चीखी क्यों.

दीदी मेरी तरफ देखते हुए ,-- वो अनवर जी सोकर छुड़वाने से लुंड थोड़ा टेढ़ा घुसता ह और ऐसे सीधा घुस गया इसलिए क्लीट पर ज्यादा घरसँ होने से दर्द हुआ ह.

अनवर ,-- अभी भी हो रहा ह.

दीदी ,-- नहीं अब थोड़ा काम हो गया ह.

अनवर ,-- अपनी फोटो नहीं खिंचवानी इस पोजे में .

दीदी ,-- हम्म , रोहित भैया मेरे मोबाइल से फोटो ले लो.

में.,-- हाँ दीदी बहुत मस्त फोटो आएगी .पोर्न स्टार की तरह.

मेने दीदी का मोबाइल लिया और एक फोटो लेकर बोलै ,-- जीजू थोड़ा सा घूम जाइये , दीदी की छूट में लुंड घुसते हुए नहीं दिख रहा ह.

दीदी मेरी बात सुनकर पूरी तरह से झेंप गयी तो में दीदी को देखकर मुस्करा दिया.

अनवर थोड़ा सा घुमा तो दो इंच लुंड बाहर निकल गया पर अब भी दीदी की तीते छूट में लुंड घुसा हुआ दिख रहा था और लुंड की साइज का अंदाजा मुश्किल था की वो कितना बड़ा ह .

मेने दो तीन फोटो ली और फिर बोलै ,-- जीजू आप अपने हाथ से दीदी के बूब्स को पकड़िए इससे फोटो अच्छी आएगी.

अनवर ने दीदी के बूब्स पकड़ लिए तो मेने फोटो लेकर कहा ,-- ऐसे नहीं जीजू , दीदी की निप्पल नहीं दिख रही ह.

अनवर ने हाथ थोड़ा सा निचे किया और बोलै ,-- ऐसे.

में.,-- नहीं जीजू . आप दीदी के बूब्स को ऊपर निचे से पकड़िए.

अनवर ने दीदी के एक बूब्स को ऊपर से और दूसरे को निचे से पकड़ लिया तो मेने फोटो लेकर कहा ,-- ऑफ.. जीजू इस तरह से नहीं .जैसे की किसी चीज को पकड़ते ह.

अनवर ,-- यार एक काम कर तू hi आकर पकड़के बता कैसे पकड़ना ह .

मेने मोबाइल को रखा और दीदी के पास आया तो दीदी ने आँखे बंद कर ली मेने आकर उनकी चुकी को जड़ से पकड़ कर ऊपर की तरफ दबाया जैसे की बोल को डिबेट ह . दीदी की सिसकी निकली और उनकी चुकी लम्बी हो गयी और निप्पल ज्यादा तीखी हो गयी.

दीदी की चुकी एक डैम रुई की तरह सॉफ्ट और मुलायम थी .बस ज्यादा नहीं मसले जाने के कारन तीते थी .मुझे दीदी की चुकी छोड़ने का मन नहीं था और मन कर रहा था की उन्हें ऐसे hi पकडे राहु. पर में दीदी को शो नहीं करना चाहता था इसलिए जल्दी से हाथ हटा लिया.

में.,-- जीजू ऐसे पकड़ कर दबाने ह .

अनवर ,-- वो तो बाद में दबाऊंगा पहले तू इस हराम जड़ी के गाल पर सपाट मार .

अनवर की बात सुनकर दीदी ने जल्दी से अपनी आँखे खोली .

अनवर ,-- मार न बहनचोद, ये ऐसे नहीं सुधरेगी.

मेने दीदी की आँखों में देखा उनकी आँखों में शर्म और शोखी दोनों थी.

अनवर ,-- चल रंडी बोल अपने भाई को की तेरे गाल पर जोर से चांटा मरे.

दीदी ,-- रोहित मेने गलती की ह तू मेरे गाल पर चांटा मार .

में.,-- दीदी पर आप मुझसे बड़ी हो आपको में कैसे मार सकता हु.

दीदी ,-- अभी में जब तक अनवर जी की बीबी हूँ तुमसे बड़ी नहीं बल्कि तेरे दोस्त अनवर जी की बेगम हूँ इसलिए तू इतना मत सोच और जैसे अनवर जी बोल रहे ह वो कर . और फिर तू ये भी तो सोच की तेरी दीदी ने अनवर जी से प्रॉमिस किया ह की मेरी गलती पर वो मुझे पुनीश करेंगे इसलिए मेरे वादा भी तो मुझे निभाना ह .

में.,-- पर दीदी आप को दर्द होगा .

दीदी ,-- तू कितनी बार देख चूका समीर मुझे मरता था तब भी दर्द होता था की नहीं.

में.,-- पर समीर भैया आपको कब मरे.

दीदी ,-- समीर तो मेरी नाजुक जगह पर मरता था ,तू भूल गया.

मुझे समझ में आ गया था दीदी मुझे क्या कहना चाहती ह वो समीर भैया द्वारा दीदी की छूट में लुंड से मरने की बात कर रही थी .पर में भी मज़े लेने के मूड में था इसलिए बोलै.

में.,-- ऑफ . दीदी आप क्या कहना चाहती में समझा नहीं.

दीदी ,-- में समीर के डंडे से निचे मरने का बोल रही हूँ .

में.,-- क्या दीदी आप भी , ऐसे बोलिये न की वो आपकी छूट को लुंड से मरता था.

दीदी का चेहरा शर्म से लाल हो गया और वो आँखे बंद कर ली तो मेने दीदी के गोर गाल पर एक जोरदार चांटा मार दिया.

दीदी ,-- आ.. हह , थैंक्स रोहित.

अनवर ,-- रोहित ये रंडी को इतने से चांटे से क्या होगा . इसे बेशरम बनाने के लिए सख्त सजा देनी पड़ेगी.

में.,-- पर जीजू मेने तो अपनी तरफ से जोर से hi मारा था.

अनवर ,-- बहन के लोडे , इसे जोर से बोलते ह क्या , देख गाल भी लाल नहीं हुआ तू एक काम कर उसकी गांड पर सपाट मार और अगर इसकी चीख नहीं निकली तो सेल पहले तेरी गांड मरूंगा. चल खड़ा होकर पीछे जा और दोनों कूल्हों को इतनी जोर से बाज़ा को इसके टेबल से मधुर संगीत निकले और चीख से लुंड में जोश आये.

में खड़ा होकर दीदी के पीछे गया और फिर दीदी की गोरी गांड पर जहा उसने मेहँदी से लिखवाया था उस पर जोरदार सपाट मारा जिससे दीदी की जोरदार चीख निकली और मेरा हाथ दीदी की गांड पर छाप गया.

अनवर दीदी की चीख सुनकर खुश हुआ और दूसरे कूल्हे पर भी मरने को बोलै तो मेने दूसरे कूल्हे पर भी वैसे hi सपाट लगाया . दीदी एक बार फिर से चीखी और दीदी के दूसरे कूल्हे पर भी मेरा हाथ छाप गया.

मेरा लुंड ने दोनों बार प्रीकम छोड़ दिया था जो कंडोम में इक्कठा हुए जा रहा था . पर में दीदी को ये नहीं दिखाना चाहता था इसलिए मेने अपना चेहरा उदास बना लिया. जैसे की रोने वाला हूँ .फिर लुंड को एडजस्ट किया और सोफे पर बेथ गया .

दीदी वैसे hi लुंड लिए कड़ी थी .दीदी ने जब मुझे उदास देखा तो बोली.

दीदी ,-- क्या हुआ रोहित.

में झूट मुठ के आँखे मलते हुए ,-- सॉरी दीदी , मुझसे बहुत बड़ा पाप हो गया .मेने अपनी बड़ी दीदी को मारा.

दीदी ,-- हंसकर . पागल लड़के तू किस दीदी को मरने पर रो रहा ह . में तेरी दीदी नहीं अनवर जी की बेगम हु .

में.,-- दीदी पर आप हो तो दीदी hi.

दीदी ,-- चुप, में भले hi तेरी दीदी हु पर अब तुझे ये रोज देखना पड़ेगा. और तू अपनी आदत दाल ले क्योंकि पुराने रिश्ते से नया रिश्ता ज्यादा महत्वपूर्ण होता ह और हम दोनों का नया रिस्ता ये ह की में तेरे दोस्त की बेगम हु.

तो बे कॉन्टिनोएड.
 
में.,-- दीदी आपको मेरे कारन दर्द हुआ .

दीदी ,-- बेवकूफ लड़कियों को गांड पर मार पड़ने से दर्द नहीं होता बल्कि मीठी मीठी चीख निकलती ह जो जवान लड़कियों को अच्छी लगती ह तूने पोर्न में नहीं देखा क्या.

में.,-- दीदी पोर्न में तो एक्टिंग होती होगी.

दीदी ,-- नहीं रे, वो एक्टिंग नहीं होती रियल होती ह देख मुझे आंसू आये क्या.

में.,-- पर दीदी आप चीखी तो थी.

दीदी, -- वो चीख में दर्द से ज्यादा कामुकता थी .मीठी मीठी गुदगुदी थी .जो मेरी छूट में अलग तरह की गुदगुदी से होती ह.

में.,-- पर फिर भी आपको मेने हाथ टी लगाया hi ना.

दीदी ,-- उफ़.. यार तू मुझे दीदी क्यों समझ रहा ह .

में.,-- तो फिर क्या समझू दीदी.

दीदी ,-- मुझे रंडी समझ ले भाई और खुद भी एन्जॉय कर और मुझे भी करवा , चल इधर आ.

में दीदी के पास खिसक गया तो दीदी ने मेरा चेहरा पकड़ कर मुझे अपने होंठो के पास किया और मेरे होंठो पर एक गीला चुम्बन करके बोली.

दीदी ,-- चल अब मुस्करा कर फोटो ले ले.

में फिर भी एक्टिंग hi करता रहा तो अनवर बोलै ,-- रोहित यार एन्जॉय कर ना तू थोड़ी देर के लिए सोना को दीदी नहीं समझ कर भाभी जान मान ले क्यों सोना.

दीदी ,-- हाँ अनवर जी इसमें गलत क्या ह .में आपकी बेगम हु तो उस रिश्ते से रोहित की भाभी hi लगूंगी.

अनवर ,-- रोहित चल इधर आ और मेरी बेगम यानि तेरी भाभी जान को एक चुम्मा ले .

में दीदी को देखने लगा तो दीदी बोली ,-- आइये रोहित जी आपकी भाभी को चुम्बन कर लीजिये .

मेरा लुंड पूरा अकड़ कर झड़ने को हो गया थी दीदी की बात सुनकर . में दीदी के पास गया और उनके नाजुक होंठो को चूमा तो अनवर बोलै .

अनवर ,-- यार रोहित भाभी जान को लव ु नहीं बोलेगा .

में.,-- लव ु सोनाक्षी भाभी जान.

दीदी ने ये सुना तो वो खुश हो गयी और मुझे फिर से चुम्बन करके आँख मरी तो में मुस्करा दिया.

मेने मोबाइल लिया और पीछे होकर बोलै ,-- जीजू आप अब भाभी जान के बोबे वैसे पकड़िए जैसे मेने आपको बताया था.

अनवर ने दीदी को बोबे लम्बे कर दिए तो दीदी सिसक पड़ी और मेने दनादन फोटो क्लिक की.

मेने फोटो लेकर उन्हें देखा तो ऐसा लगा जैसे की किसी पोर्न स्टार को पिछ हो. मेने उनमे से आठ दस फोटो मम्मी के दूसरे नंबर पर भेज दी.

अनवर से अब बर्दास्त करना मुश्किल हो गया तो वो दीदी को खड़े खड़े छोड़ना शुरू कर दिया .

दीदी की तीते छूट ने इतनी देर में बहुत पानी छोड़ दिया था जो लुंड से पैक होने से बाहर नहीं आ प् रहा था .पर अनवर के लुंड ने जब दीदी की छूट में अंदर बाहर होना शुरू किया तो उसके लुंड पर दीदी का पानी लगाकर बाहर आने लगा था और फिर अंदर घुसते समय दीदी की छूट पर रुक कर निचे गिरने लगा.

दीदी की सिसकिया चालू थी और अब वो मुझसे ह आँखे मिला का मेरे दोस्त से छुड़वा रही थी. मेरी पच्चीस वरसिये सोनाक्षी दीदी को अनवर मेरी भाभी बनाकर छोड़ रहा था दीदी को भाभी सुन्ना बहुत अच्छा लग रहा था . वो बिच बिच में मुझे आँख भी मार रही थी .

अनवर दीदी की छूट को जोर जोर से थोक राजा था जिससे अलग अलग तरीके की आवाज आ रही थी . दीदी की छूट से कभी कभी थप थप की आवाज आ रही थी जब अनवर दीदी की छूट में पूरा लुंड थोक देता था नहीं तो लॉस लॉस की आवाज आ रही थी.

में अभी भी पूरी तरह से खुश नहीं दिखाना छह रहा था और दीदी की आँखों में hi देख रहा था . फिर दीदी ने मुझे आँख मरी तो में मुस्कराये बिना नहीं रह पाया और दीदी की छूट में अंदर बाहर होते लुंड को देखने लगा.

दीदी फिर जोर से सिसकी तो मुझे दीदी की आँखों में देखने लगा तो दीदी ने मुझे इशारे से लुंड निकल कर मुठ मरने को कहा.

मेने भी दीदी को इशारे से कहा की लुंड निकलते hi में झाड़ जाऊंगा.

अनवर दस मिनट से छोड़ते छोड़ते थक गया तो उसने दीदी की छूट से लुंड निकला और बिस्तर पर गिर गया और दीदी को लुंड पर बैठने को कहा.

अनवर ,-- सोना अब मुझे पानी निकलना ह तेरी छूट में .मेरे ऊपर आकर मुझे छोड़ो.

दीदी अनवर के दोनों तरफ बैठकर अनवर के लुंड पर बेथ गयी और अनवर को छोड़ने लगी. अनवर भी दीदी के बूब्स को मसलने लगा. अनवर दीदी के बूब्स को धीरे धीरे मसल रहा था और दीदी गर्म भाप छोड़ते हुए चुद रही थी तो मेने कहा.

में. -- जीजू दीदी के बोबे जोर से मसलिये ताकि दीदी के बोबे थोड़े बड़े हो जाये.

अनवर दीदी के बोबे मसलने लगा तो दीदी जोर से सिसकी और अनवर शांत पद गया .उसके बदन में जबरदस्त कम्पन्न हुआ और वो निढाल पद गया और चेहरे से लग रहा था जैसे की उसके अंदर से कुछ निकल रहा हो.

दीदी भी दो चार शॉट मारकर जोर से सिसकते हुए झड़ने लगी . दोनों दो मिनट तक ऐसे hi झड़ते रहे और फिर दीदी निढाल होकर बिस्तर पर गिर गयी.

दीदी की छूट से सफ़ेद पानी गिर रहा था पर वो चुदाई से इतनी थक गयी थी की उसको उसकी फ़िक्र नहीं थी.

में भी झाड़ चूका था और कंडोम लटकने लगा तो उठकर बाथरूम में आया और कंडोम को कमोड में डालकर फ्लश किया और कुछ देर में वापस आया .

बाहर आया तो देखा दोनों सो चुके थे तो मेने दीदी का फ़ोन देखा तो उसमे रिंग बज रही थी . मेने देखा मम्मी का फ़ोन था इसलिए काट दिया और बाहर आकर बेथ गया .

मम्मी ने दुबारा फ़ोन नहीं किया और वात्सप्प पर मैसेज किया.

मम्मी ,-- वावो सोना तू तो पूरी पोर्न स्टार लग रही ह.

मुझे मम्मी के पुरे राज जान ने थे इसलिए मेने रेप्ली किया.

में.,-- थैंक्स माँ.

मम्मी ,-- ये फोटो किसने खींची.

में.,-- वही माँ लवर रोहित ने.

मम्मी ,-- रोहित भी ना पूरा िन्सेंट लवर बन गया ह उसने रात में भी वीडियो बनाया होगा.

में.,-- हम्म, वो तो तैयार बैठा था इसके लिए.

मम्मी ,-- तेरे को भी ज्यादा मज़ा आया होगा.

में ,-- हां माँ , छोटे भाई के सामने छुड़वाने का अलग hi मज़ा ह.

मम्मी ,-- ये फोटो कब की ह.

में.,-- ये तो अभी थोड़ी देर पहले की ह.

मम्मी ,-- सही ह , सुबह सुबह चालू हो गए.

में.,-- माँ एक सप्ताह hi तो छोड़ना ह.

मम्मी ,-- काश में भी तेरी तरह खुलकर एन्जॉय कर पति .

में.,-- माँ रात में आप ने भी सुहागरात मना ली.

मम्मी ,-- हम्म , जब मुझे तेरी सुहागरात की तैयारी करने में लगी थी तो असलम जी से कहा की ऐसे hi मुझे भी सुहागरात माननी ह.

में.,-- तो आप ने भी मेहँदी लगवाई थी.

मम्मी ,-- हाँ पर जहा नहीं दिखे वही पर.

में.,-- मतलब.

मम्मी ,-- वहीँ गांड और चुकी पर .

में.,-- वावो कोण लगाया .

मम्मी ,-- एक लड़की आयी थी दोपहर में वही लगा के गयी.

में.,-- मेहँदी लगाई या फिर लिखा था.

मम्मी ,-- बस ज्यादा नहीं था मैं तो असलम जी को नाम लिखवाना था .

में.,-- वावो ,मेने भी अनवर का नाम लिखवाया ह.

मम्मी, -- पता नहीं इन लोगो को हमारे बदन पर अपना नाम लिखवाने में क्या मज़ा आता ह.

में.,-- माँ आखिर हम भी तो उन्हें अपना बदन सौंप hi रही ह तो लिखवाने में क्या ह .

मम्मी ,-- वैसे भी मेहँदी से लिखा हुआ कितने दिन रहेगा .मिट जायेगा.

में.,-- माँ मुझे तो ऐसे लग रहा ह जैसे मेहँदी से मेने अपने दिल पर अनवर का नाम लिखवा लिया ह. वैसे आप ने सुहागरात कहाँ मनाई . घर में तो पापा होंगे.

मम्मी ,-- बेटी मेरे लिए तो असलम जी hi मेरे असली शोहर ह .में रात असलम जी के घर पर उनका रूम सजाया था और रात में उन्होंने सीधी लगा दी थी जिस से उतर कर आराम से चली गयी और सुबह वापस आ गयी .अभी सोकर उठी हूँ.

में.,-- चाचू ने पूरा बदन रगड़ दिया होगा तब तो.

मम्मी ,-- हम्म , रात में चार राउंड कर लिए.

में.,-- माँ अगर असलम चाचू का घर बगल में नहीं होता तो कितना मुश्किल होता.

मम्मी, -- बेटी असलम चाचू नहीं होते तो तेरे बाप के भरोसे तो मेरी जिंदगी जेल बैंकर रह जाती इसीलिए तो तेरे को खुली छूट दी ह की जी ले अपनी जिंदगी फिर पता नहीं कैसा पति मिले.

में.,-- थैंक्स माँ.

मम्मी ,-- वैसे रोहित क्या कर रहा ह अभी

में.,- वो दोनों बगल में hi सो रहे ह .

मम्मी ,-- ठीक ह , में भी कुछ सोचती हु .मुझे तेरी तरह कुछ दिन खुलकर एन्जॉय करना ह.

में.,-- तो माँ आ जाइये यहाँ. आप भी हनीमून मन लेना .

मम्मी ,-- वही तो मुश्किल h.meujhe तो शादी के बाद तेरे बाप ने सिर्फ अपने एन्जॉय की चीज बना लिया था और फिर तुझे पैदा कर के में भी सब कुछ भूल गयी पर तेरे नामर्द बाप को क्या बोलू.

में.,-- ये तो ह माँ.

मम्मी ,-- चल तू एन्जॉय कर मुझे काम करना ह.

में. ,-- bye माँ.

मेने फ़ोन कटा तो मुझे भी नींद आ रही थी में वही सोफे पर सो गया .

मेरी नींद शाम को छह बजे टूटी जब अनवर ने आकर मुझे जगाया. में उठकर बैठा तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- तू यहाँ आकर क्यों सो गया.

में.,-- अरे वो मम्मी का फ़ोन आया था इसलिए बात करते करते नींद आ गयी.

अनवर ,-- यार भूख लगी ह.

में.,-- दीदी कहाँ ह.

अनवर ,-- वो अभी सो रही ह .

में.,-- तो फिर हम लोग निचे से खाना पैक करवा कर ले आते ह और चखने के लिए कुछ रेडीमेड चीजे ले आते ह तब तक दीदी भी उठ जाएगी .

अनवर ,-- हाँ चलो.

हम दोनों फिर निचे आये और कॉलोनी के बाहर से खाना पैक करवाया और दारू के साथ खाने को हल्का फुल्का सामान लिया और वापस आये तो दीदी भी उठी हुयी थी.

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
हम सामान लेकर फ्लैट पर पहुंचे तो दीदी गाउन पहनका सोफे पर बैठी थी .

दीदी सोफे पर बैठकर टीवी देख रही थी और हमारे हाथ में खाने का पैकेट देखकर समझ गयी की हम खाना लेने गए थे.

दीदी हमें देखकर मुस्करायी तो अनवर दीदी के पास गया और दीदी को खड़ा किया और उनकी गांड पर जोरदार सपाट मारकर बोलै.

अनवर ,-- भोसड़ी वाली रंडी , तुझे बोलै था न इस रूम से बाहर आएगी तो साड़ी पहनकर hi आना ह.

दीदी जोर से चीखी और सॉरी बोलकर रूम में भाग गयी.

अनवर मुझे देखकर ,-- मज़ा आया .

में.,-- हम्म .

अनवर ,-- देखना एक सप्ताह में हम दोनों मिलकर उसे पूरी बेशरम रांड बना देंगे और वो तेरे सामने भी अब दीदी की तरह नहीं बल्कि रंडी की तरह डाब कर रहेगी.

में.,-- हम्म , में भी यही चाहता हु की दीदी एक स्लेव की तरह मेरी हर बात मैंने

अनवर ,-- वो जरूर बनेगी स्लेव तू बस उसे हर बार जलील होते देखकर खुश हुआ कर.

अनवर ,-- चल जल्दी से पिने की तैयारी करते ह. फिर तेरी दीदी को बेशरम बना न ह उसे आज ज्यादा पिलानी ह.

हम दोनों किचन में आये और सोडा, वाइन और प्लेट लेकर सोफे पर बेथ गए.

अनवर ने दो पेग बनाये और सोडा डालकर आलू चोप और भुने हुए चने को प्लेट में निकलकर चखना खाना शुरू किये तो दीदी भी बाहर आ गयी.

दीदी ने एक ब्लू साड़ी पहन राखी थी ब्रा पर . दीदी की साड़ी से उनकी टंगे पूरी दिख रही थी . दीदी की साड़ी को गौर से देखा तो उसमे साइड से बांधने का बेल्ट लगा था जिसका मतलब था की ये साड़ी आहोक भैया ने स्पेशल डिजाइन की थी जिसे बिना पेटीकोट पहना सकती थी.

दीदी ने माथे पर बिंदी लगा ली थी और मांग सिंदूर भरा हुआ था. दीदी के पैरों से पायल की आवाज आ रही थी.

दीदी साड़ी में पूरी भारतीय नारी लग रही थी. अनवर के चेहरे पर गुस्सा जैसा बना लिया तो दीदी आकर अनवर के पैरों में झुक गयी और बोली.

दीदी ,-- सॉरी अनवर जी .

अनवर ,-- बहन को लोदी तू इतनी जल्दी भूल गयी की मेरी बेगम ह.

दीदी, -- अनवर जी प्लीज आप को अगर और सजा देनी ह तो दे दीजिये मुझे मंजूर ह पर प्लीज नाराज मत होइए.

अनवर ,-- सजा तो में तुझे दूंगा hi पर पहले तू कुछ खा ले .सुबह से नास्ते के बाद कुछ खाया नहीं ह .चल खा ले पहले फिर कुछ .

दीदी अभी भी अनवर के पेरो में झुकी हुयी थी .अनवर ने दीदी के गाल पर एक सपाट मारा और उसे कड़ी करके अपनी गॉड में बिठा लिया .

दीदी खुश होकर अनवर की गॉड में बेथ गयी तो अनवर ने उसे आलू चोप की चमच्च भर के खिलाई और पेग उठकर खुद एक घूंट पेग की पीकर दीदी के होंठ पर पेग लगाया तो दीदी एक बड़ा सिप ले ली.

दीदी पूरी डोमिनाते की तरह बेहवे कर रही थी जिसे देखकर मुझे मज़ा आ रहा था.

दोनों मेरे सामने बैठकर पिने लगे तो में भी अपना पेग बना पिने लगा.

अनवर ने दूसरा पेग बनाने लगा और दीदी से कहा की सिगरेट सुलगा तो दीदी ने एक सिगरेट सुलगा ली .

अनवर ,-- तू मुझे सिगरेट पीला में तुझे पेग पिलाता हु

में.,-- जीजू ये बहुत हार्ड वाइन ह दीदी को ज्यादा चढ़ जाएगी.

अनवर ,-- चढ़ने दे मादरचोद को .तभी ये बेशरम रांड बनेगी. बोल रांड बनेगी न .

दीदी ,-- जी स्वामी , आप मुझे जो बनाना चाहते ह बना दीजिये.

मेरी पच्चीस वरसिये सोनाक्षी दीदी जो मेरे दोस्त अनवर से निकाह कर चुकी थी और औरत बन चुकी थी. अनवर की गॉड में बैठकर किसी रंडी की तरह बैठकर दारू पि रही थी और सिगरेट हाथ में लेकर खुद भी पि रही थी और अनवर को भी पीला रही थी.

अगर दीदी को कोई इस तरह से देख ले तो यही कहे की वो किसी अच्छे खंडन की बेटी हो hi नहीं सकती .

अनवर ने दीदी को चार पेग पीला दिए थे और मेरी दीदी को इतनी हार्ड वाइन पिने का अनुभव नहीं था . दीदी की आँखे पूरी नशे से लाल हो चुकी थी वो सिगरेट को फेंक कर अनवर को चूमने लगी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- रोहित यार खाना निकल , तेरी दीदी को चढ़ गयी ह अब ये मुझ पर चढ़ रही ह.

मेने खाना लगाया तो दीदी और अनवर ने एक प्लेट में खाया और में दूसरी प्लेट में खाने के बाद बर्तन उठा कर किचन में लेकर आया उन्हें धोया और बाहर आकर देखा दीदी और अनवर दोनों बालकनी में खड़े होकर सिगरेट पि रहे थे.

दोस्तों में आपको अपनी बालकनी के बारे में बता दू की हमारी बालकनी कॉलोनी के पीछे की तरफ खुलती थी और बालकनी के पास एक दूसरी बड़ी बिल्डिंग थी जो बीस फ़ीट की दुरी पर थी . दूसरी बिल्डिंग के तीन चार फ्लैट की खिड़किया और बालकनी हमारी तरफ खुलती थी. रात का समय होने से सभी फ्लैट में लाइट जल रही थी जो खिड़कियों के गिलास से दिख रही थी .

अनवर ने मुझे बुलाया और सिगरेट देकर पिने का इशारा किया और बोलै.

अनवर ,-- रोहित तूने किताब में देखा होगा उसमे एक पोजीसन यहाँ भी तरय की जा सकती ह.

में.,-- कोनसी जीजू.

अनवर ,-- सोना अगर रीलिंग पकड़ कर कड़ी हो जाये तो इसे पीछे से छोड़ा जा सकता ह.

मेने एक बार बाहर की तरफ नजर दौड़ाई तो मुझे तीन फ्लैट की खिड़किया बंद नजर आयी पर एक फलते की बालकनी में अँधेरे में एक औरत नजर आयी जो मोबाइल में कुछ देख रही थी.

में,-- जीजू आप का विचार सही ह आप दीदी को एक बार यहीं छोड़ सकते ह.

अनवर ,-- सोना छुड़ेगी यहाँ .

दीदी अनवर के गले में बहन डालकर ,-- जैसी आपकी मर्जी पतिदेव.

अनवर ,-- रोहित बोल छोड़ दू तेरी बहन को यहाँ.

में.,-- जीजू मेरी बहन अब आपकी बीबी ह और आप दीदी को जहाँ मर्जी छोड़ सकते ह.

अनवर दीदी के मुंह से सिगरेट लेकर पिया और पि कर फेंक दिया फिर अनवर ने दीदी को होंठो को चूमा तो में बोलै.

में.,-- जीजू आप ने दीदी को उनकी गलती की सजा नहीं दी.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्कराई और मुझे हाथ दिखाई जैसे की डरा रही हो.

अनवर ,-- में सोच रहा हु की सोना को छोटी मोती सजा से फर्क नहीं पद रहा इसलिए बड़ी सजा दू.

में.,-- ये सही रहेगा जीजू . दीदी की सजा ऐसी होनी चाहिए की दीदी दुबारा गलती नहीं करे.

अनवर ,-- रोहित तू hi सुज्जैस्त कर कुछ यार.

में.,-- जीजू आप दीदी को ऐसी सजा दीजिये की दीदी गांड और बोबे बड़े हो क्योंकि दीदी के बूब्स थोड़े से बड़े हो जायेंगे तो दीदी ज्यादा सेक्सी लगेगी.

अनवर ,-- हम्म ये तो ह सोना की गांड भी थोड़ी सी बड़ी होनी चाहिए तब ये और मादक लगेगी.

दीदी हम दोनों की बात सुनकर खुश हो गयी .मेने दीदी के मन में ये बात बिठा दी थी की उनकी सुंदरता इस तरह से बढ़ सकती ह .इसलिए दीदी अपनी गांड और बोबे बढ़वाने को तैयार थी.

दीदी ने अनवर के होठो को चूमकर कहा, -- अनवर जी आप को मुझे जो सजा देनी ह दे दीजिये .में भुगतने को तैयार हु.

दीदी की बैचेनी देखकर अनवर को मेरी बात याद आ गयी की दीदी का लूसे पॉइंट क्या ह .मेने इस बारे में अनवर को पहले hi बता दिया था. मेरी और अनवर की नजर मिली तो अनवर को मेने आँख मरी तो अनवर भी मुस्करा दिया.

अनवर ,-- सोना चल तू अपने साड़ी को ऊपर करके अपनी गांड को पीछे निकल कर कड़ी हो जा .

दीदी अपनी साड़ी को पूरा ऊपर करके कड़ी हो गयी तो अनवर ने मुझे साड़ी को पकड़ने को कहा और दीदी को रेलिंग पकड़ने को कहा. दीदी ने रेलिंग पकड़ ली तो अनवर ने दीदी की गांड पर स्लैप मरना .

स्लैप में आवाज सामने वाली भाभी तक पहुँच चुकी थी .उन्होंने मोबाइल में देखना छोड़कर इधर उधर देखा.

हमारी बालकनी की लाइट नहीं जल रही थी पर अंदर से आ रही रौशनी की वजह से इतना जरूर दिख रहा था की हम तीन लोग थे और अनवर ने दीदी की गांड पर सपाट मारा था.

भाभी ने फिर हमारी तरफ देखा तो उनकी आँखे बड़ी हो गयी . अनवर ने दीदी की गांड पर स्पंक करना शुरू किया तो दीदी ने कामुक चीखें निकलना चालू थी.

में अपनी दीदी की साड़ी को उनकी गांड से ऊपर पकडे हुए सामने वाली भाभी को देखे जा रहा था .

अनवर ने दीदी की गांड को पूरा लाल कर दिया था मार मार कर. दीदी अपनी आँखे बंद करके मस्ती में सिसक रही थी.

तभी अनवर ने अपना पजामा निचे किया और दीदी की गांड को दोनों हाथ से पकड़कर अपने लुंड को दीदी की छूट में पेल दिया.

दीदी जोर से चीखी जो सामने भाभी ने भी सुन ली और भाभी अपने फ़ोन में कुछ करने लगी . फ़ोन में कुछ भी रिकॉर्ड नहीं हो सकता था क्योंकि बीस फ़ीट की दुरी थी और इतनी रौशनी भी नहीं थी.

तभी उनकी बालकनी का गेट खुला और मुझे अँधेरे में एक आदमी बाहर आते दिखा. दीदी आँखे बंद करके अपनी मस्त में थी वही अनवर भी दीदी की छूट मरने में लगा था . वो दीदी की छूट को इतनी जोर से थोक रहा था की उसकी थप थप की आवाज शायद उन दोनों तक भी जा रही थी.

मेरी नजर उन दोनों पर hi थी और उनको भी मस्ती चढ़ चुकी थी . वो आदमी भी अब औरत के बूब्स मसल रहा था.

अनवर ने दीदी की गांड को पूरा रेल बनाया हुआ था और राजधानी एक्सप्रेस की स्पीड से छोड़ रहा था . दीदी भी राजधानी के इंजन की तरह तेज आवाज कर रही थी . जैसे की उन्हें बहुत स्पीड से डिब्बे खींचने हो.

बीस मिनट तक दीदी को छोड़ने के बाद अनवर ने अपना बीज दीदी की छूट में भर दिया और छूट को लुंड से बंद करके खड़ा हो गया .

सामने वाली औरत अब अंदर जा चुकी थी और दो मिनट बाद अनवर ने अपना लुंड बाहर निकला तो उसका लुंड बोतल का ढक्कन खुलने की तरह से पक्क की आवाज के साथ निकल गया.

लुंड के निकलते hi दीदी ने अपनी छूट पर हाथ रखा और बाथरूम की तरफ भाग गयी.

तो अपना पजामा बांधते हुए अनवर बोलै.

अनवर ,-- यार तेरी दीदी की छूट तो ढीली हो hi नहीं रही.

में.,-- हो जाएगी यार , पहले दीदी समीर भैया के छोटे लुंड से छोड़ने पर भी इतनी hi आवाज करती थी.

अनवर ,-- चल सोना को थोड़ा ओपन करते ह .

हम दोनों अंदर आये तो अनवर ने वाइन की बोतल और सोडा ले लिया .
 
हम रूम में आये तो दीदी बाथरूम से बाहर निकल रही थी . उसने शायद अपनी छूट को धोया होगा.

अनवर ने अंदर आकर दीदी को बियर की बोतल लेन को कहा तो दीदी बियर की बोतल लेने चली गयी.

अनवर ,-- आज देखना में इस रांड को कैसे बेशरम बनता हु.

में.,-- बना दे यार मुझे भी देखना ह. तुम्हारी वजह से में भी देख पाउँगा दीदी की बेशरमी.

अनवर ,-- तुझे मज़ा आ रहा ह ना.

में.,-- हाँ यार , मत पूछ कितना मज़ा आ रहा ह अगर तुम नहीं होते तो में इस मज़े को कभी एन्जॉय नहीं कर पता.

अनवर ,-- अब देखना में क्या करता हु.

अनवर इ टेबल से तीन गिलास उठाये और तीनो में वाइन डालकर रख दिया फिर दो में सोडा डाला और दीदी के आते hi उनके हाथ से बियर लेकर तीसरे पेग में दाल दिया .

उसने फिर दीदी को बगल में बिठाया और उसको बियर मिक्स वाइन पेग दिया और मुझे भी पलंग पर आने को कहा और मुझे गिलास देकर कहा.

अनवर ,-- चियर्स .

मेने भी चीयर किया पर दीदी को शायद कॉकटेल का पता था इसलिए संकोच कर रही थी तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- ले डार्लिंग पि ले.

दीदी ,-- पर इसमें बियर और वाइन दोनों ह .

अनवर ,-- हाँ तेरे सामने hi तो मिक्स किया ह .

दीदी ,-- ये कॉकटेल नहीं हो गया.

अनवर ,-- हाँ मेने नेट पर पढ़ा ह ये तेरे को बहुत शर्म आती ह न आज तेरी शर्म को तेरे अंदर से भागना ह इसलिए मिलायी ह ताकि तेरे अंदर की शर्म को ये कॉकटेल बाहर निकल दे.

दीदी को पीना तो था hi इसलिए उसने मेरी तरफ देखा और फिर गिलास उठाकर पिने लगी. हम तीनो पिने लगे .दीदी ने वही साड़ी पहनी थी और दीदी ने साड़ी के निचे ब्रा पहन राखी थी .

थोड़ी देर में दीदी ने दो पेग पि लिए तो अनवर ने मुझे बियर की बोतल देकर कहा की लो पि लो .आज तुम्हे बहुत मज़ा आने वाला ह.

में ,-- पर कॉकटेल की वजह से में कही होश में नहीं रहा तो.

अनवर ,-- तभी तो मज़ा आएगा आज तेरी बहन को बेशरम रांड बनाकर छोडूंगा.

अनवर की बात सुनकर मेने भी वाइन के ऊपर बियर पि ली तो मुझे थोड़ी देर में नशा हो गया . दीदी की आँखे अब पूरी गुलाबी हो चुकी थी और उसकी जुबान भी लड़खड़ाने लगी थी क्योंकि हम पिटे हुए एब्नार्मल बाते कर रहे थे.

अनवर ,-- केसा लग रहा ह रंडी.

दीदी ,-- में हवा में उड़द रही हु अनवर जी.

अनवर ,-- मुझे अनवर नहीं मालिक बोल कुटिया.

दीदी ,-- हाँ मालिक में आपकी कुटिया हु.

अनवर, -- और तू गांडू.

में.,-- मालिक में इस कुटिया का भाई और आपका साला.

अनवर को पता चल चूका था की दीदी अब पूरी नशे में ह तो उसने कहा.

अनवर ,-- चल रंडी अब मेरी गॉड में बेथ जा और मुझे तेरे बदन को टेस्ट करने दे.

दीदी उठकर अनवर की गॉड में बेथ गयी तो अनवर दीदी का हाथ ऊपर करके उसकी आर्म पिट सूंघने लगा . दीदी की चिकनी आर्मपिट को अनवर बार बार सूंघ कर अपनी जीभ निकला और उसे चाटने लगा.

दीदी के बदन में आर्मपिट चाटने से करंट सा लगा और वो सिहर गयी उनकी सिसकी निकल ने लगी तो मेने भी बियर की बोतल पीकर निचे रख दी और अपने लुंड को पकड़कर उनकी रास लीला देखना शुरू कर दिया.

अनवर ,-- रोहित अपनी दीदी को नंगी नहीं करेगा . आज इसे कॉकटेल के नशे में पूरी नंगी कर देंगे हम दोनों क्योंकि इसकी शर्म ऐसे तो कभी नहीं निकलेगी.

में.,-- जीजू आप कहेंगे तो करना hi पड़ेगा .में पहले भी दीदी को नंगी कर चूका हु.

मुझे कॉकटेल का असर हो चूका था और अब मुझे मज़ा आ रहा था .

अनवर ,-- कब.

में.,-- समीर भैया को बर्थडे पर दीदी को नंगी करके गिफ्ट किया था.

अनवर ,-- वावो , फिर भी ये शर्माती ह इतना. पूरी बात बताओ क्या हुआ था.

में.,-- जीजू उस दिन समीर भैया का बर्थडे था और मेने उनको दीदी का हाथ पकड़ा कर गिफ्ट में दीदी को छोड़ने को दिया था तो उन्होंने मुझसे कहा इस गिफ्ट का कवर खोलकर मुझे दो तो मेने दीदी को नंगी किया था.

अनवर ,-- वावो , तुमने सोना को समीर भैया के सामने नंगी किया था.

में.,-- हाँ जीजू , मेने अपनी कुंवारी दीदी को समीर भैया के सामने नंगी करके उन्हें छोड़ने को दिया था.

अनवर ,-- साली रंडी , तू फिर भी शर्मा रही ह.

में.,-- दीदी बहुत शर्मीली ह जीजू . ये मेरे सामने कई बार चुद चुकी पर फिर भी शर्माती ह.

अनवर ,-- यार , तभी आजकल के नए लड़के इन लड़कियों की बजाय सोभा जैसी बड़ी उम्र की औरतो के पीछे भागते ह.

में.,-- वो कैसे जीजू.

अनवर ,-- बड़ी उम्र की औरतों को शर्म नहीं आती और वो खुलकर चुदाई के मज़े लेती ह.

में खड़ा होकर दीदी की साड़ी को खोल दिया तो दीदी ने साड़ी के निचे कुछ नहीं पहना था न पेटीकोट और ना पेंटी .सिर्फ ब्रा थी अब दीदी के बदन पर .

मेने दीदी की ब्रा भी खोल दी .मेरे हाथ दीदी की पीठ में लगे तो दीदी सिसक पड़ी और दीदी की मादरजात नंगी कर दिया. दीदी ने अपनी छूट को हाथ से छुपा लिया तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- रोहित ये इसे बेशरम नहीं बनेगी इसे बेशरम बनाने के लिए मुझे तुम्हारी हेल्प चाहिए .देख साली ने छूट को धक् लिया ह.

में.,-- बोलिये जीजू , में आपकी हर मदद को तैयार हु.

अनवर ,-- रोहित अब तू मेरा दोस्त hi नहीं मेरा साला भी बन चूका ह और तेरा मेरे से कुछ छिपा हुआ नहीं ह .पर सोना को बेशरम बनाने के लिए तुम्हे सोना की नजर में गिरना पड़ेगा तभी उसे लगेगा की तू भी सोना से ज्यादा बेशरम ह.

में.,-- जीजू में अब उस दोस्ती से ज्यादा नए रस्ते को अहमियत दूंगा क्योंकि आप मेरी दीदी के शोहर बन चुके ह और में अपनी दीदी की शर्म दूर करने के लिए कुछ भी कर सकता हु.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्करा पड़ी और मेरे गाल पर किश कर दिया.

अनवर ,-- जानते हो सोभा को छोड़ते समय जितना मज़ा आया वो मुझे मेरी बहन की सील तोड़ने में भी नहीं आया था.

में.,-- अच्छा , वो कैसे.

अनवर ,-- सोभा भले hi अच्छे घर की बहु ह पर चुड़ते समय वो पूरी बेशरम रांड बन जाती ह .उसकी बातें बहुत सेक्सी होती ह जो सुनकर छोड़ने का अलग hi मज़ा देती ह.

में.,-- जीजू वो मेरी मम्मी ह.

अनवर ,-- सेल जब तू मेरी अम्मी की गांड को घूरकर देखता था तब तुझे उसमे तुझे मेरी अम्मी नजर नहीं आती थी और तू सोभा के बारे में पहले कभी बात नहीं किया क्या.

में.,-- तब की बात अलग थी वो तो सेक्स स्टोरी पढ़कर मुझे मज़ा आता था.

अनवर ,-- उस समय मुझे पता नहीं था की सोभा इतनी बड़ी रांड ह वार्ना में उसे तेरे साथ मिलकर छोड़ता .

में अनवर की बात सुनकर पूरा गरम हो चूका था मेरा लुंड भी आज मुझे कुछ ज्यादा hi तीते होते लग रहा था और प्रीकम से चड्डी भीगे जा रही थी.

अनवर ,-- मामू ने तेरी मम्मी शोभा को अच्छे से ट्रेंड किया ह . साली अपने बदन को पूरा मेन्टेन की हुयी ह और उसे नए लुंड से छुड़वाने का बहुत शोक ह .

में.,-- पता नहीं . में मम्मी के इतना क्लोज नहीं रहा जितना दीदी रही ह .

अनवर ,-- ये दोनों तो माँ बेटी काम ,सहेलिया ज्यादा ह . मामू से बोलकर सोभा ने पहले मुझसे छुड़वाया फिर सोना के लिए मुझे पसंद किया. क्यों सोना

में.,-- जी ,

अनवर ,-- रोहित तू अपनी दीदी को नहीं बताएगा की हमने कितनी बार मेरी अम्मी को यानि तेरी दीदी की सास की गांड को याद करके एक साथ मुठ मरी ह.

में.,-- दीदी को सब मालूम ह जीजू.

अनवर ,-- वो भी की हम दोनों एक दूसरे की गांड मार चुके ह.

में.,-- वो भी मालूम ह दीदी को बस छुम पिने का नहीं बताया .

अनवर ,-- चल वो भी सोना देख hi लेगी . पर अभी सोना की शर्म दूर करने के लिए तुझे अपना गांड मारवणी पड़ेगी .

में अनवर की बात सुनकर मुस्करा दिया और अपनी बनियान और बरमूडा चड्डी सहित निकल दिया और बोलै

में.,-- जीजू में दीदी की ख़ुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार हु .

दीदी ने मुझे नंगा देखा तो खुश हो गयी और अपनी छूट को मसलने लगी.

अनवर ,-- जरुरी ह रोहित देख ये रांड अपनी छूट मसल रही ह पर मुंह को बंद किये हुए ह जैसे मुंह में लोढ़ा लिए हुए हो.

दीदी बोलती भी क्या इसलिए चुप रही तो अनवर ने मुझे घोड़ी बन ने को कहा और मेरे घोड़ी बनते hi उसने मेरी गांड के पास आकर अपनी जीभ मेरी गांड के छेड़ पर लगाकर चाटने लगा

उसकी जीभ मेरे गांड पर लगते hi मुझे झटका लगा .मेरा पूरा बदन गंगना उठा और लुंड ने झटखा खाया .

दीदी भी मेरी गांड को पहली बार देख रही थी हालाँकि उसने मेरा लुंड कई बार देखा था और वो मेरा लुंड पकड़ भी चुकी थी.

अनवर ने मेरी गांड को पूरा चाटकर चिकना कर दिया . उसके चाटने से मेरी आहें निकल रही थी वहीँ दीदी भी अपनी छूट को मसल रही थी.

अनवर ने मेरी गांड को चाटकर उसमे अपनी एक अंगुली अंदर की तो उनकी अंगुली आराम से अंदर घुस गयी.

अनवर ,-- रोहित तेरी गांड तो सोना से भी ज्यादा लूसे ह.

में.,-- आह.... जीजू आप ने hi तो छोड़ कर ढीली की थी.

अनवर ,-- सोना वो क्रीम निकलकर दो ताकि तेरे भाई को ज्यादा दर्द नहीं हो.

दीदी ने ड्रावर खोल कर अनवर को क्रीम दी तो अनवर बोलै ,-- तुम hi लगा दो इसे अपने भाई की गांड और मेरे लुंड पर.

दीदी ने डिब्बी खोली और मेरी गांड पर अपनी नाजुक अंगुली से लगाने लगी .उसकी पतली अंगुली मेरी गुदा में आराम से स्लिप होकर घुस रही थी . में यही दुआ कर रहा था की उसका हाथ मेरे लुंड पर नहीं लगे .

मेरा लुंड पर अगर दीदी का हाथ छू जाता तो में झाड़ जाता जिसकी वजह से मुझे शर्मिन्दा होना पड़ता . ये बात दीदी को भी मालूम थी इसलिए उसने मेरे लुंड को टच नहीं किया और अनवर के लुंड पर क्रीम लगाने लगी.

अनवर ने फिर घुटनो के बल पर बैठकर मेरी गांड पर लुंड रगड़ने लगा तो मेरी सिसकी निकलने लगी

अनवर ,-- इधर आ जा रंडी ,तेरे मुंह में तो लुंड धंसा हुआ ह ना. देख तेरे भाई की गांड को कैसे छोड़ता हु.

दीदी लजा कर ,-- आप अनवर जी ऐसे मत बोलिये. मुझे बस शर्म आती ह.

अनवर ,-- बहन को लोदी , तुझे लुंड लेते तो शर्म नहीं आती. बोलने में शर्म आ रही h.rohit तू रेडी ह ना.

में.,-- हाँ जीजू .

फिर अनवर ने मेरी गुदा पर थूक गिराया और उसे लुंड से फैला दिया.

अनवर ,-- साली रंडी तुझसे अच्छी तो तेरी मम्मी ह जो बेशरमी से बोलती ह और छोड़ने वाले को पूरा एन्जॉय करवाती ह.

Me.,--jiju अब छोड़ दीजिये मेरी गांड ताकि दीदी की शर्म दूर हो.
 
दीदी मेरी गांड के पास आकर मेरी गांड पर अनवर के लोडे को घिसते देखकर बोली.

दीदी ,-- छोड़िये अनवर जी , मेरे भाई की गांड को मार लीजिये अपने लुंड से.

अनवर दीदी के होंठ चूमकर ,-- इस बहनचोद की गांड तो मेने बहुत बार मरी ह . तेरा भाई भी काम नहीं ह तूने अभी इसके पुरे कारनामे नहीं सुने.

दीदी ,-- बताइये न अनवर जी ,मेरा भाई क्या क्या करता था.

अनवर ,-- इसे लड़कियों की छूट चाटने का बहुत शोक ह.

दीदी ,-- सच में.

अनवर ,-- हम दोनों ने एक दूसरे का पानी भी पिया ह.

दीदी ,-- आपने भी .

अनवर ,-- हाँ , लुंड और छूट का पानी बहुत पोस्टिक होता ह और टेस्टी भी .

दीदी ,-- और बताइये अनवर जी.

अनवर ,-- हम अपने घर में अपनी दीदी की पेंटी चुराकर उसको लुंड से घिसकर पानी छोड़ते थे.

दीदी ,-- वावो , दीदी को पता नहीं लगा.

अनवर ,-- पता कैसे नहीं लगा होगा . दोनों पूरी पेंटी को लुंड के पानी से भिगो देते थे.

दीदी ,-- वावो .

अनवर ,-- दीदी भी जानबूझकर अपनी ुसेड पेंटी बाथरूम में टांग देती थी ताकि उनके भाई हलके हो ले.

अनवर ने मेरी गुदा में धीरे धीरे अपना लुंड का सूपड़ा घुसना शुरू किया तो मेने अपनी गांड को ढीला छोड़ दिया . इससे पहले भी में कई बार गांड मरवा चूका था इसलिए गांड को ढीला छोड़ते hi उसके लुंड के सुपडे ने गांड में जगह बना ली और क्रीम लगी होने की वजह से आराम से अंदर घुस गया.

मुझे दर्द तो हल्का सा हो रहा था पर में दिखाना नहीं चाहता था इसलिए दर्द को सिसकी में बदल लिया जब अनवर ने पूरा लुंड मेरी गांड में घुसा दिया तो.

अनवर ने मेरी कमर को पकड़ा और धीरे धीरे छोड़ना शुरू किया क्योंकि उसे मालूम था की मुझे दर्द हो रहा होगा .ये बात उसे भी मालूम थी की गांड में लुंड घुसने से शुरू में दर्द होता ह.

अनवर मेरी गांड छोड़ते हुए दीदी को बोलै ,-- आ... साली देख क्या रही ह आगे हाथ करके रोहित की निप्पल को मसल ताकि उसे मज़ा आये.

अनवर को मेरी गांड मरते दस मिनट हो गया था और कॉकटेल की वजह से में इतना देर तक झाड़ा नहीं तो मुझे लगा की अब मुझे शर्मिन्दा नहीं होना पड़ेगा.

दीदी ने एक हाथ से मेरी निप्पल को मसला और दूसरा हाथ मेरे लुंड पर रखकर उसे हिलने लगी तो मेरे लुंड ने जवाब दे दिया और मेरे लुंड से वीर्य निकलने लगा .

अनवर शॉट मरते हुए रूक गया और बोलै,-- क्या बात ह रोहित तू तो बड़ा जल्दी झाड़ गया.

में.,-- हां.. जीजू में दीदी को नंगी करते समय पूरा उत्तेजित हो गया था.

अनवर ने अपने लुंड को मेरी गांड से निकला और दीदी की तरफ किया तो में बेथ कर देखने लगा.

दीदी अनवर के लुंड को देखने लगी और सोच रही थी की इसे मुंह में कैसे लू .तभी अनवर ने दीदी के गोर गाल पर एक सपाट मारा और बोलै.

अनवर ,-- साली रंडी तुझे इशारे से समझ नहीं आया क्या . चल चूस कर साफ़ कर इसे.

दीदी अपना गाल मसल कर अनवर के लुंड पर झुक गयी.

अनवर ,-- यार रोहित ये ऐसे नहीं सुधरेगी.

में ,-- जीजू दीदी को कॉकटेल का भी असर नहीं हो रहा ह .

अनवर ,-- तू एक काम कर अलमारी से दीदी की चुन्नी निकल .

दीदी ने लुंड को चूसते हुए मेरी तरफ देखा और फिर लुंड चूसने लगी.

मेने अलमारी से दीदी की एक चुन्नी निकलकर अनवर को दी तो अनवर ने चुन्नी लेकर दीदी को खड़ा होने को कहा और बोलै.

अनवर ,-- रोहित तू इसे पीछे से बांध कर गाँठ लगाना में इसे आगे से पकड़ता हु.

अनवर ने मुझे चुन्नी के दोनों छोर पकड़ाए तो में कसकर गाँठ लगा दी. मेने फिर आगे आकर देखा तो पाया की अनवर ने दीदी के बूब्स के ठीक निचे चुन्नी को बंधा था जिस से दीदी के बूब्स ऊपर की तरफ उठ गए थे .

अनवर ,-- अब देखना रोहित इस रंडी के बोबे कैसे बड़े होते ह.

में.,-- वावो जीजू ये अच्छा आईडिया ह .दीदी के बोबे बड़े करने का .

अनवर ने दीदी के ऊपर उठ चुके बूब्स को चुटकी से मसला तो दीदी हलके से चीख पड़ी तो अनवर हंसकर बोलै .

अनवर ,-- अब देखना तेरे बोबे कैसे बड़े होते ह.

दीदी ,-- थैंक्स अनवर जी .आप मेरे बूब्स को थोड़ा सा बड़ा कर डोज तो में सूंदर लगूंगी.

अनवर ,-- में तेरी हर चीज बड़ी कर दूंगा साली तू बस देखती जा .

अनवर ने दीदी के गाल पर चुम्बन लिया और बोलै ,-- बोल तेरा तेरा नाम क्या ह.

दीदी ,-- जी सोनाक्षी सिंह.

अनवर ने दीदी की गांड पर सपाट लगाकर ,-- साली कुटिया , अब भी तू सोनाक्षी सिंह hi ह क्या, तू बोल रोहित.

में.,-- दीदी अब आप जीजू से निकाह करके सोनाक्षी खान बन चुकी हो.

अनवर ,-- सुना तूने , साली तेरे से ज्यादा समझदार तो तेरा भाई ह पर तुझे अब में नया नाम से बुलाऊंगा और तेरा नाम होगा सानिया खान .

दीदी मुस्करा कर ,-- जी अनवर जी मुझे आपका नाम पसंद आया.

अनवर ,-- चल मेरी गांड चाट . मुझे रोहित से गांड चटवाने में बहुत मज़ा आता था. और सोभा रंडी भी बहुत अच्छे से गांड चाट टी ह.

दीदी ,-- जी .

अनवर पलंग पर लेटकर अपना एक पेअर उठा दिया तो दीदी झुक कर अनवर की गांड चाटने लगी. दीदी की गांड मेरी तरफ थी उनकी गांड का मुंह कभी खुल रहा था कभी बंद हो रहा था जैसे की वो लुंड मांग रही हो . तभी मुझे बूत प्लग की याद आयी और मेने ड्रावर से बूत प्लग निकल कर दीदी की गांड में घुसा दिया.

दीदी ने मुझे पीछे मुड़कर देखा और फिर मुस्करा दी. अनवर ने देख लिया था की मेने दीदी की गांड में बूत प्लग लगा दिया ह तो उसने मुझे आँख मरी और बोलै.

अनवर ,-- रोहित तुम सोना की बहुत हेल्प करते हो यार पर सोना hi बेवकूफ ह .

दीदी ने गांड चेतना छोड़कर, -- कैसे अनवर जी.

अनवर ने दीदी को अपनी बाँहों में खिंच लिया और उसके होंठ चूमकर बोलै ,-- जिस तरह से रोहित और सोभा तुम्हे कॉर्पोरेट कर रहे ह उतना किसी भी लड़की को उसका भाई और माँ नहीं कर सकते.

दीदी ,-- हाँ ये तो ह .मेरा भाई मेरे लिए भाई से ज्यादा दोस्त ह .

अनवर ,--और तू इतने प्यारे दोस्त का फायदा नहीं समझ प् रही.

दीदी ,-- कैसे ,

अनवर ,-- रोहित मेरा दोस्त ह और हम दोनों की फंतासी भी शामे ह . हम दोनों को िन्सेंट पसंद ह और दोनों कुक टाइप के ह.

दीदी ने मेरी तरफ देखा और अनवर को किश किया तो अनवर बोलै

अनवर ,-- तुम्हे पता ह मेने अपनी बहन को रोहित से क्यों छुड़वाया.

दीदी .,-- क्यों

अनवर ,-- क्योंकि मुझे भी रोहित की तरह अपनी बहन को छुड़वाते देखना था .

दीदी ,-- हम्म.

अनवर ,-- और मेने रोहित को अपनी अम्मी की गांड बहुत बार दिखाई ह.

दीदी ,-- वावो कैसे.

अनवर,-- हमारे घर में बाथरूम में गेट की जगह पर्दा लगा ह उसमे से अम्मी को नहाते समय हमने बहुत बार देखा ह . याद ह रोहित.

में.,-- हां , चची की गोरी गांड देखकर हमने कितनी बार मुठ मरी ह.

दीदी ,-- आप दोनों बहुत बिगड़े हुए हो.

अनवर ,-- तुम तो जैसे बहुत शरीफ हो . सलीम भैया ने मुझे आपकी होटल में चुदाई की पूरी कहानी बताई थी जो मेने रोहित को बताई थी.

दीदी ,-- रोहित तुम्हे पता था सलीम के बारे में.

में.,-- हां दीदी , मुझे अनवर ने बताया था .

दीदी ,-- फिर तुमने कुछ नहीं किया.

में.,-- क्या करता ,आप जवान थी और बालिग भी इसलिए सोचा की किसी को बोलने से आपकी इज्जत तो बंधेगी नहीं और फिर दूसरी बात कॉलेज टाइम में सभी लड़कियां करती ह तो मेने सोचा की वो भी तो किसी की बहन hi होती ह.

अनवर का लुंड काफी देर से खड़ा था और उस से बर्दास्त नहीं हो रहा था दीदी भी मेरी तरफ देखकर बेशरमी से अपनी छूट को मसले जा रही थी इसलिए अनवर ने दीदी को पीठ के बल सुलाया और अपना लोढ़ा एक झटकी में दीदी की बुर में पेल दिया.

दीदी जोर से चीखी और अपना मुंह बंद कर ली तो अनवर दीदी को जोर जोर से पेलने लगा.

दीदी अपनी आँखे खोल कर पूरी मस्ती में मुझे देखते हुए छुड़वाने लगी .मेरे लुंड में भी पूरा तनाव आ चूका था जिसे दीदी देख रही थी.

दीदी ने छुड़वाते हुए मुझे आँख मरी तो मेने भी अपना लुंड पकड़कर दीदी को आँख मार दी . मेने दीदी को पहली बार आँख मरी थी .मेरे आँख मरते hi दीदी ने अपने होंठ काट ते हुए अपनी अंगुली मुंह में लेकर लगातार आँख मरते हुए छोड़ने लगी.

दीदी को इस तरह से सेक्सी तरीके से मेरे को आँख मरने से मेरा लुंड जवाब दे गया और में झड़ने लगा तो अनवर भी पांच सात करारे प्रहार दीदी की छूट में मारकर दीदी की छूट में लुंड फसाये उनके ऊपर गिर गया.

अनवर काफी देर तक दीदी के ऊपर ऐसे hi पड़ा रहा तो दीदी ने भी उसे अपने ऊपर से नहीं उठाया .

मुझे लगा की दीदी जिस तरह से पूरी गरम थी तो जरूर उनकी बच्चेदानी का मुंह खुल गया होगा और अनवर का बीज उनकी बच्चे दानी में घुस चूका होगा . यही सोचते सोचते मुझे कॉकटेल की वजह से नींद आ गयी.
 
अगले दिन मेरी नींद अनवर की आवाज से टूटी जो मुझे बाहर से आवाज लगा रहा था . में उठकर जल्दी से बरमूडा पहनकर बाहर आया तो मुझे किचन से दुबारा आवाज आयी.

अनवर ,-- रोहित किचन में आओ.

में जल्दी से किचन में पहुंचा तो मेरा लुंड पूरा खड़ा हो गया . दीदी की पेंटी और ब्रा फर्श पर पड़ी थी और वो किचन की स्लैब पर अपनी साड़ी को ऊपर किये हुए बैठी थी.

दीदी की छूट अनवर के सामने पूरी खुली थी क्योंकि दीदी ने साड़ी और पेटीकोट को अपने पेट पर कर रखा हुआ था .दीदी के बूब्स पुरे ओपन थे और थोड़े बड़े भी लग रहे थे.

अनवर पूरा नंगा था और उसका लुंड दीदी की छूट के पास घुसने को तैयार था.

में किचन में घुसते hi अपने लुंड को मसल कर एडजस्ट किया तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- सेल तू अभी तक सो रहा था इधर तेरी बहन चुद जाती.

अनवर की बात सुनकर दीदी मुस्करा उठी और अनवर की निप्पल को पिंच कर दी.

में.,-- सॉरी जीजू , इतना जल्दी आप दोनों कैसे उठ गए. और मेरी बहन तो दो दिन से चुद hi रही ह आपके मोठे लुंड से.

दीदी मेरी बात सुनकर मुझे पीटने वाले अंदाज में हाथ दिखाया.

अनवर ,-- ये रंडी मुझे सुबह सुबह दूध देने गयी तो मेरे लुंड को चूस कर भाग आयी .

में.,-- जीजू फिर आपने दूध पिया की नहीं .

अनवर ,-- पि लिया यार. अगर नहीं पियूँगा तो ताकत कहा से आएगी. पहले भैस का और फिर तेरी दीदी का पिया. देख सोना की निप्पल तुझे चूसी हुयी नहीं लगती क्या.

मेने दीदी की निप्पल को देखा तो मुझे उनकी चुकी और निप्पल पर ताज़ा लव बाईट दिखे. दीदी मुझे अपनी निप्पल को घूरते देखकर मुस्करा दी .उनकी निप्पल को देखकर में बोलै.

में.,-- वावो जीजू आप तो सुबह सुबह hi दो तरह का दूध पि लिए.

दीदी के चेहरे पर कुटिल मुस्कान थी जिसे देखकर में समझ गया की दीदी ने अनवर को फिर से वियाग्रा खिला दी थी. मेने इशारे से दीदी से पूछा की उसने वियाग्रा खिला दी तो दीदी बोली.

दीदी ,-- रोहित मुझे भी वो टेबलेट लेकर दे ना.

में दीदी का इशारा समझ गया की उन्होंने अनवर को चूसने के लिए वियाग्रा खिला दी और अब वो कोनसी टेबलेट मांग रही ह. पर में जान बूझकर पूछा.,-- कोनसी दीदी.

दीदी ,-- वही प्रेगनेंसी रोकने वाली.

में.,-- दीदी उसकी क्या जरुरत ह . आप कोनसी अभी प्रेग्नेंट हो जाओगी.

दीदी ,-- तुझे नहीं पता. प्रेग्नेंट होने के लिए एक बार सेक्स hi काफी होता ह तूने फिल्मो में नहीं देखा .

में.,-- हां दीदी फिल्म में तो हेरोइन एक बार चुद कर hi माँ बन जाती ह . दीदी आप भी हो जाओ न प्रेग्नेंट में मामू बन जाऊंगा.

दीदी ,-- चुप बेशरम .

में.,-- दीदी मेने सेक्स स्टोरी में पढ़ा था की वीर्य जब बच्चेदानी में घुसता ह तो लड़की को असीम सुख मिलता ह.

अनवर ,-- बेगम वो फिल्मो में होता ह.

दीदी ,-- जी नहीं , रियल में भी होता ह जब लड़की पूरी हीट में हो तो बच्चेदानी का मुंह खुल जाता ह और आप मुझे सेक्स करने से पहले पूरी हीट में ला देते हो.

अनवर ,-- साली तू ह hi इतनी हॉट तो हीट में अपने आप आ जाती ह . रोहित ला दे यार टेबलेट में सोना से वडा कर चूका हु इसके लिए.

में दौड़कर अपने रूम में आया और सोहैल की दी हुयी फीमेल वियाग्रा दीदी को देने लगा तो अनवर ने मेरे हाथ से टेबलेट ले ली. सोहैल ने जो टेबलेट दी थी वो डाब अलग अलग डिजाइन की थी कोई दिल के आकर की तो कोई तिकोनी .अनवर टेबलेट देखते हुए बोलै.

अनवर ,-- यार ये टेबलेट की डिजाइन कितनी अलग ह एकदम तिकोनी और सोना की छूट की तरह से बिच में गड्ढा.

में.,-- हाँ जीजू ,देखिये इस गधे में एक तीर भी बना ह जो लुंड की तरह ह जिसका मतलब ह की इसे खाकर रांड छोड़ो वो प्रेग्नेंट नहीं होगी.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्करा दी .हम तीनो को मालूम था की दीदी फीमेल वियाग्रा खा रही ह . पर तीनो एक दूसरे से अनजान बने हुए थे.

अनवर ,-- बात तो तूने सही बोली ह रोहित . सोनाक्षी को समीर भैया ने सोना बनाया फिर मेने सानिया बना दिया अब कोई और इसे कुछ और नाम देगा .

में.,-- नाम में क्या रखा ह जीजू . छूट तो एक hi रहेगी.

दीदी मेरी बात सुनकर अपनी छूट को देखि जो कॉमर्स की बून्द छोड़ रही थी.

अनवर झुक कर दीदी की छूट को किश किया तो दीदी सिसक पड़ी और बोली.

दीदी ,-- अनवर जी लाइए टेबलेट दीजिये मुझे .

अनवर ने दीदी को टेबलेट दे दी तो मेने दीदी को दूध का गिलास देकर कहा ,-- दीदी लीजिये दूध पि लीजिये नहीं तो टेबलेट का साइड इफ़ेक्ट होगा.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्करा पड़ी और मुझे चुपके से आँख मारकर दूध का गिलास पि गयी.

अनवर को शायद वियाग्रा का असर हो चूका था इसलिए वो दीदी के पेअर चोदे करके उनकी छूट पर लुंड टिकते हुए बोलै.

अनवर ,-- रोहित तू ब्रेड सेक ले तब तक में एक बार सानिया को झाड़ा देता हु. इस पोजीसन में छोड़ने के लिए ये परफेक्ट जगह ह.

में.,-- जीजू आप आराम से दीदी की छूट को ढीली करिये और दीदी को बेशरम बनाइये. में भी आराम से ब्रेड सेक लेता हूँ.

अनवर दीदी की छूट पर लुंड घिसते हुए ,-- इस रांड को अलग अलग पोजे में छोडूंगा तब hi इसकी शर्म निकलेगी यार.

अनवर के लुंड से अपनी छूट पर घरसँ होने से दीदी पूरी कामुक हो गयी और वो सिसक कर बोली.

दीदी ,-- a.....h.. अनवर जी अब छोड़ दीजिये .

अनवर ,-- क्या छोड़ दू बेगम.

दीदी ,-- मेरी छूट को.

अनवर ,-- भोसड़ी वाली पूरी बार बोल.

दीदी अनवर के मुंह से गाली सुनकर कुछ बोलती उस से पहले में ब्रेड का पैकेट खोलते हुए बोलै.

में.,-- ऑफ .... दीदी पता नहीं आप को कितनी शर्म आती ह . खुलकर बोलिये न अनवर जीजू को मज़ा आएगा.

अनवर ,-- ये रंडी की शर्म ऐसे नहीं निकलेगी रोहित इस मादरचोद को बिच चौराहे पर नंगी करके छोड़ना पड़ेगा.

में.,-- जीजू आप अब दीदी के शोहर ह आप कही भी छोड़ेंगे तो दीदी मन थोड़े hi करेगी.

तभी दीदी जल्दी से बोली ,-- अनवर जी ,प्लीज मेरी छूट को अपने लुंड से छोड़ दीजिये. मेरी प्यास बुझा दीजिये.

दीदी बोलकर अपनी नजर झुका ली तो अनवर ने अपना लोढ़ा दीदी की छूट में एक hi झटकी में घुसा दिया.

दीदी जोर से चीखी ,-- आ... ह ... मम्मी मेरी छूट फैट गयी.

अनवर अपना लुंड दीदी की छूट में ठेलकर दीदी के होंठ चूमने लगा और बोलै.

अनवर ,-- सानिया बेबी तेरी छूट तो कब की फैट चुकी रानी , अब तो इसे भोसड़ा बनाना ह.

दीदी ,-- आप बहुत बेरहमी से लुंड डालते ह छूट में.

अनवर दीदी की छूट को धीरे धीरे छोड़ने लगा तो में भी अपना लुंड मसलते हुए ब्रेड तवे पर मक्खन के साथ सेकने लगा. जो लगभग हो चूका था.

अनवर ने मुश्किल से दस मिनट भी नहीं छोड़ा होगा की दीदी बोली.,-- अनवर जी जोर से छोड़िये में झड़ने वाली हु.

अनवर ने दीदी को खड़े खड़े जोर जोर से धक्के लगाए और फिर बोलै,-- साली इतनी जल्दी झाड़ jayigi.mera क्या होगा.

दीदी बस जोर जोर से सिसके जा रही थी आँखे बंद करके तो में बोलै,-- जीजू आप अभी दीदी को झड़ने दीजिये .थोड़ी देर में दीदी फिर से मस्ती में आ जाएगी तो छोड़ लेना.

अनवर मेरी बात समझ गया की दीदी पर अभी टेबलेट का असर शुरू हो जायेगा क्योंकि टेबलेट लिए दस मिनट भी नहीं हुआ था.

अनवर ने दीदी की छूट में लुंड को फसाये रखा और मेरे कान में बोलै ,-- पियेगा दीदी का छूट रास.

मेने हां में सर हिलाया तो उसने मेरा हाथ पकड़ा और दीदी के पास करके बोलै ,-- में लुंड निकलते hi तू इसकी छूट पर मुंह लगा देना .

अनवर फिर एक झटका में लुंड निकला और मेरा मुंह दीदी की छूट पर रखवा दिया दीदी ने जब आँखे खोली तो मेरा मुंह उनकी छूट से निकलते प्रेम रास पर था.

अनवर ,-- सानिया अपना कीमती छूट रास रोहित को पीला दे .

दीदी मुस्करा कर मेरे सर पर हाथ राखी और में दीदी की छूट से निकलते प्रेम रास को चाटने लगा .

दीदी की छूट का रास का स्वाद थोड़ा सा डिफरेंट था जो अनवर के प्रीकम से मिक्स होकर और टेस्टी हो गया था .

में दीदी की छूट को पांच मिनट तक चाट चाट कर एक एक बून्द पि गया तो दीदी बोली.

दीदी ,-- रोहित अब और नहीं ह भाई . छोड़ दे अब चेतना.

दीदी की बात सुनकर अनवर हंसा तो अनवर बोलै ,-- सानिया तुम बाहर चलकर बैठो हम नास्ता लेकर आते ह.

दीदी ने अपनी साड़ी को निचे किया और बिना ब्रा पेंटी hi बहार चली गयी .दीदी के बाहर जाते hi अनवर ने मेरा बरमूडा निचे किया और मेरे लुंड को हिलने लगा . में झड़ने hi वाला था तो उसने मेरे लुंड के आगे एक ब्रेड कर दिया और बोलै

अनवर ,-- ले रोहित इस पर निकल दे तेरा पोस्टिक क्रीम . इसे खाकर तेरी दीदी को एनर्जी मिलेगी.

मेने अनवर की बात सुनी तो मेरा वीर्य निकल गया और ब्रेड पूरी वीर्य से भीग गयी जिसे देखकर अनवर बोलै.

अनवर ,-- देख तेरी क्रीम एक डैम मक्कन की तरह लग रही ह अब इसे तेरी दीदी बहुत मज़े से खायेगी.

अनवर ने उस ब्रेड के ऊपर एक ब्रेड रखकर उसे एक साइड में रख दिया और फिर नास्ते का सामान लेकर हम बाहर आ गए.

तो बे कॉन्टिनोएड
 
बाहर आकर हाँ तीनो सोफे पर बेथ गए .दीदी साड़ी में पूरी सेक्सी लग रही थी .में सिर्फ बरमूडा पहने था वही अनवर ने लुंगी लपेट राखी थी .

अनवर का लुंड पूरा खड़ा था जो उसकी लुंगी को पूरा उठाये हुआ था.

मेने टोमेटो सॉस के साथ ब्रेड खाने लगा तो अनवर ने मेरे वीर्य से सन्नी दोनों ब्रेड उठायी और उसे दीदी के मुंह की तरफ किया तो दीदी बोली

दीदी,-- इसमें सौसे तो लगाओ.

अनवर ने दीदी के गाल पर दूसरे हाथ से थप्पड़ मारा और बोलै ,-- रंडी की औलाद , इतने प्यार से खिला रहा हु ऐसे नहीं खा सकती.

दीदी अपना गाल सहलाकर ,-- सॉरी अनवर जी . लाइए .

अनवर ,-- खुद hi खा ले मादरचोद रंडी.

दीदी उठकर अनवर की गॉड में बेथ गयी और बोली ,-- प्लीज अनवर जी , सॉरी बोलै न.

अनवर ,-- तेरी माँ का भोसड़ा सॉरी .उधर बेथ.

दीदी रुंआसी होकर ,-- प्लीज अनवर जी , रोहित तू बोल न.

में ब्रेड कहते हुए ,-- दीदी आप बहुत मतलबी हो . में आपकी मदद नहीं कर सकता .ये आप दोनों मिया बीबी का पर्सनल मटर ह आप hi सोल्वे कीजिये.

दीदी ,-- रोहित यार तू तो समझ.

में.,-- क्या समझू दीदी , आप को सिर्फ अपना मतलब दीखता ह .खुद छुड़वा कर झाड़ गयी और जीजू को प्यासा छोड़ दिया फिर जीजू आप को इतने प्यार से ब्रेड खिला रहे थे तो आपने उनसे बिना मतलब की बात कह दी . आप ने ये नहीं सोचा की वो आपके पति ह और वो आपको जहर भी खाने को दे तो प्यार से खा लेना था.

दीदी रट हुए ,-- सॉरी अनवर जी , आपको जो सजा देनी ह दे दीजिये पर नाराज मत होइए.

अनवर ,-- बोल रोहित , ये रांड को क्या सजा मिलनी चाहिए.

में.,-- जीजू इसको मार से तो कोई फर्क पड़ता नहीं ह तो क्या सजा डोज.

अनवर, -- रोहित तू इसे जी भर के गाली दे गन्दी से गन्दी और गाली देते समय भूल जाना की ये तुम्हारी दीदी ह.

अनवर.,-- चल जा अपना मुंह धोकर आ ,तेरे मुंह पर रंडी की तरह मुस्कराहट होनी चाहिए .

दीदी जल्दी से उठकर किचन में गयी और मुंह धोकर आयी तो अनवर बोलै ,-- चल अब रोहित को बोल की वो तुझे गाली दे.

दीदी मेरे पास बैठकर बोली ,- रोहित मुझे गली दे .मेने गलती की ह.

में अनवर की तरफ देखने लगा तो अनवर बोलै, -- रोहित इस रंडी को ऐसी गाली दे की ये दुबारा शर्माना छोड़ दे और साली की गांड पर लात मार.

में दीदी को देखने लगा तो दीदी बोली ,-- सोच क्या रहा ह वैसे भी तेरी बहन तेरे सामने कितनी गिरी हुयी हरकते कर चुकी .बिंदास गाली दे .

में.,-- मादरचोद, हराम की मूट तेरी भोसड़ी में कितनी भूख ह रंडी जो तू गस्ती बन कर लुंड के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाती ह बहन की लोदी.

मेने गाली देकर दीदी के गाल पर तमाचा मारा तो दीदी मुस्करा कर अनवर की गॉड में बेथ गयी और बोली ,-- सॉरी राजा .ी लव ु.

दीदी को मेरी गाली से कोई फर्क नहीं पड़ा था और पड़ता भी क्या जो लड़की अपने भाई के सामने अलग अलग मर्दों से चुद सकती हो उसे गलियों से क्या फर्क पड़ता .

अनवर ने दीदी को खड़ा किया और अपनी लुंगी और दीदी की साड़ी ऊपर करके अपने लुंड पर दीदी को बैठने को कहा.

दीदी ने अनवर के लुंड को अपनी छूट के मुंह पर पकड़ कर टिकाया और फिर उसके लुंड को अपनी छूट में लेकर गॉड में बेथ गयी . लुंड पर टिकते hi दीदी की चिर परिचित चीख निकली और फिर दीदी चुपचाप ब्रेड उठाकर अनवर की तरफ की जिसमे मेरा छुम लगा था .

अनवर ने मेरी तरफ देखकर आँख मरते हुए एक बाईट खायी और फिर बाकि की ब्रेड दीदी को खिला दी . अनवर के लिए मेरे लुंड की क्रीम खाना नयी बात नहीं थी क्योंकि हम पहले भी एक दूसरे का वीर्य खा चुके थे पर दीदी के लिए ये पहली बार था जब वो मेरा छुम खायी थी.

दीदी हलके हलके अपनी गांड को हिलाकर जब पूरी ब्रेड खा गयी तो बोली ,-- वावो यार इस ब्रेड में मक्खन की जगह क्या लगा था जो मक्खन से भी टेस्टी था.

अनवर सौसे के साथ ब्रेड कहते हुए बोलै ,-- बेबी ये स्पेशल मक्खन था जो रोहित बाजार से लाया था और बहुत महंगा होने के साथ बहुत मुश्किल से मिलता ह.

दीदी ,-- ऐसा कोनसा मक्कन ह रोहित.

में दीदी की बात सुनकर मुस्करा उठा और बोलै ,-- दीदी आप सुनोगी तो यकीं नहीं करोगी.

दीदी ,-- तू बता तो सही.

में.,-- दीदी ये अपने पास जो भैसो का तबेला ह उसमे मिलता ह .

दीदी ,-- तो फिर मिलता क्यों नहीं और महंगा क्यों ह.

में.,-- दीदी ये मक्कन भैंस का नहीं भेंसे का ह.

दीदी ,-- मतलब .

में.,-- जीजू आप hi समझाओ ना.

अनवर ,-- ये भेंसे के लुंड से निकली क्रीम ह जो भैंस को प्रेग्नेंट करने के समय निकलती ह.

दीदी ने अनवर की बात सुनी तो हैरान रह गयी और एक बार होठों पर जीभ फिरकर मेरे लुंड की क्रीम को टेस्ट करके मुस्करा पड़ी.

हम तीनो ने वैसे hi नास्ता किया .दीदी और अनवर पर वियाग्रा का असर हो चूका था इसलिए दोनों मस्ती में धीरे धीरे उछालते हुए नास्ता ख़त्म किये .

वो दोनों इतनी जल्दी झड़ने वाले नहीं थे इसलिए मेने कहा ,-- जीजू आप लोग एन्जॉय कीजिये में नाहा लेता हु .

अनवर ,-- अरे हम भी नहीं नहाये , चलो साथ hi नाहा लेना. क्यों सानिया.

दीदी ,-- ुहुन्न ..... अनवर जी पहले मुझे झाड़ा दीजिये.

अनवर ,-- साली रंडी तेरे अंदर कितनी हवस भरी ह चल तुझे बाथरूम में ठंडा पानी के साथ छोड़कर ठंडी करूँगा.

अनवर ने दीदी को खड़ा किया तो अनवर का लुंड पक की आवाज के साथ निकल गया . दीदी खुद को शर्मिन्दा महसूस कर रही थी और अपनी नजरे झुका ली.

में रूम में आया और बाथरूम में घुसने लगा तो अनवर भी पीछे पीछे दीदी के साथ आ गया और बोलै.

अनवर ,-- रोहित आज हम दोनों मिलकर पहले दीदी का नहला देते ह .फिर तू नाहा लेना .

में.,-- जैसे आप कहे जीजू .

अनवर ने दीदी की साड़ी को खोल दिया तो दीदी पूरी नंगी हो गयी और शावर चालू कर दिया तो दीदी के संगमरमरी बदन पर पानी की बूंदें मोती की तरह चमकने लगी .थोड़ा बहुत पानी हम दोनों के बदन पर भी गिर रहा था.

दीदी का मुंह अनवर की तरफ था और उन्ही हाहाकारी गोरी गांड जो दिन बी दिन निखार कर जानलेवा होती जा रही थी मुझे दिख रही थी और मेरा लुंड फिर से बेकाबू हो चूका था.

अनवर एक साबुन उठाकर मुझे पकड़ाया और दूसरा खुद लेकर बोलै ,-- रोहित तू सानिया की पीठ को साबुन लगा में आगे की तरफ लगा देता हूँ और ध्यान रखना सानिया की पीठ को अच्छे से रगड़ कर साफ़ करना.

में,-- हाँ जीजू.

अनवर साबुन लेकर दीदी के बूब्स पर साबुन लगाने लगा तो मेने भी दीदी की पीठ पर साबुन लगाना शुरू कर दिया .दीदी की पीठ पूरी गरम थी और उनके बदन से साबुन फिसल रहा था इसलिए मेने साबुन को कास कर पकड़ा और दीदी की पीठ पर लगाने लगा.

मेरी पच्चीस वरसिये सोनाक्षी दीदी आज मेरे और अनवर के बिच नंगी कड़ी थी और अपने गदराये बदन पर साबुन लगवा रही थी . थोड़ी देर के लिए शावर से पानी गिरना बंद था पर दीदी कामुक सिसकिया पुरे बाथरूम को कामुक बना चुकी थी.

अनवर ने दीदी के बूब्स के बाद उनकी नवल और पेट को पूरा झाग से भर दिया तो फिर उसने दीदी की छूट पर हाथ से साबुन लगाना शुरू कर दिया.

में भी दीदी की पीठ को पूरा साबुन लगाकर अपना हाथ दीदी की गांड पर ले गया तो दीदी ने अपने पेअर चोदे कर दिए तो मेने दीदी को गांड पर साबुन लगाना शुरू किया तो मेरा और अनवर का हाथ टकराया.

दीदी की जोरदार सिसकी निकली वही अनवर ने मुझे आँख मरी क्योंकि दीदी की आँखे बंद थी . मेने भी अनवर को वापस आँख मारकर दूसरे हाथ से थम्सअप किया.

दोनों दे दीदी की गांड और छूट को पूरा साबुन के झाग से धक् दिया तो अनवर बोलै.

अनवर ,-- रोहित , सोनिया की गांड को पूरा साबुन लगाकर अच्छे से साफ़ कर देना.

में.,-- हाँ जीजू पर दीदी की आर्मपिट को साबुन कोण लगाएगा.

दीदी मेरी बात सुनकर गंगना गयी और सिसकी तो अनवर बोलै ,-- यार एक काम कर तू बायीं आर्मपिट साफ़ कर में दायी आर्मपिट को साबुन लगा देता हूँ .

मेने आज्ञाकारी साला बनकर दीदी की बायीं बांह को ऊपर किया और उसकी चिकनी आर्मपिट पर साबुन लगते हुए कहा

में.,-- दीदी आपको आर्मपिट में हलके हलके बाल चुभने लगे ह.

अनवर ,-- हाँ सोनिया तुम्हारी छूट पर भी झांटे हलकी हलकी चुभ रही ह .

में.,-- जीजू , दीदी की झांटे बहुत जल्दी बड़ी हो जाती ह.

अनवर ,-- सानिया , हम दोनों थोड़ी देर बाजार जायेंगे तो दोनों जगह क्रीम लगा कर साफ़ कर लेना , रोहित वो क्रीम ह की नहीं.

में.,-- जीजू में निकाह के पहले दिन लेकर आ गया था .मुझे पता था की दीदी को हर चौथे दिन झांट निकल आती ह.

दीदी आँखे बंद करके सिसकते हुए अपनी छूट को मसल रही थी . दीदी के पुरे बदन पर साबुन लग चूका तो अनवर दीदी के झाग को अपने लुंड पर लगाया तो मेने भी अपना बरमूडा निचे करके लुंड को झाग से साफ़ करने लगा.

अब हम तीनो नंगे हो चुके थे और साबुन भी लग गया तो अनवर ने शावर ों कर दिया और बोलै.

अनवर ,-- रोहित तू दीदी की पीठ को पूरा मॉल दे ताकि पूरा झाग निकल जाये में आगे से साफ़ कर देता हु.

मेने दीदी की चिकनी पीठ और गांड साफ़ कर दी तो अनवर ने आगे से साफ़ कर दिया और फिर उसने दीदी को साइड में करके खुद को शावर के निचे कर लिया और अपने खड़े लुंड को अच्छे से साफ़ किया.

तो बे कॉन्टिनोएड
 
अनवर भी नहाकर हैट गया तो में नहाने लगा . वो दोनों साइड में होकर अपने बदन को टोलिया से साफ़ किये और बाहर चले गए तो में नहाकर टोलिया से बदन पोछकर नंगा hi बाहर आया.

मेरी नजर सामने गयी तो देखा अनवर ने दीदी की दोनों टंगे अपने कंधे पर रख राखी थी और दीदी की छूट को अपने लुंड से कूट रहा था.

दीदी भी मस्ती में सिसकते हुए अनवर की आँखों में देखकर छुड़वा रही थी.

जब में बाथरूम से निकला तो दीदी ने मुझे देखा और वो जोर जोर से सिसकने लगी.

मेने अपने बदन पर अलमारी से दूसरा टोलिया लपेटकर बालो में तेल लगाकर बाल बनाने लगा . और कपडे पहनने को दूसरे रूम में आ गया और कपडे पहन कर वापस आया तो दोनों एक दूसरे में समाये हुए हम्प रहे थे.

दीदी, -- अनवर जी उठिये ना ,सांस नहीं आ रहा.

अनवर ,-- बस बेबी मेरा बीज तेरी बच्चेदानी में घुस जाये.

दीदी ,-- ऐसे में प्रेग्नेंट थोड़े hi होउंगी.

अनवर मेरी तरफ देखकर मुस्कराते हुए,-- बेगम मेरे लुंड से निकली वीर्य की धार में बहुत डैम ह .देखना तू पक्का प्रेग्नेंट होगी , क्यों रोहित.

में.,-- जरूर जीजू ,आप बहुत म्हणत कर रहे ह.

दीदी ने ये सुना तो उनके चेहरे पर हवइया उड़ने लगी उन्होंने हीट में आने को टेबलेट तो ली थी जिस से बच्चेदानी का मुंह खुल जाये पर तीन दिन तक प्रेगनेंसी रोकने की टेबलेट नहीं ली थी .

अनवर के हैट ते hi दीदी के चेहरे पर दर सा दिखने लगा . रूम में अब मेरे देखने लायक कुछ नहीं था इसलिए में बाहर आकर सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा.

सिर्फ पांच मिनट में दीदी साड़ी पहनकर बाहर आयी और मुझसे बोली

दीदी ,-- रोहित मेने वो टेबलेट तो ली hi नहीं.

में.,-- सुबह तो ली थी दीदी . आपको मज़ा नहीं आया क्या.

दीदी ,-- बेवकूफ में उसकी नहीं प्रेगनेंसी रोकने वाली टेबलेट की बात कर रही हु.

में.,-- ओह्ह , दीदी में हु ना ये लो.

मेने जेब से विटामिन की गोली निकल कर दी जिसकी डिजाइन शामे थी . दीदी ने जल्दी से टेबलेट खायी और पास में राखी बोतल से पानी पीकर मेरे गले लग कर बोली.

दीदी ,-- थैंक्स रोहित , तू सच में मेरा जिम्मेदार भाई ह.

तभी अनवर बाहर आया . उसने कुरता पजामा पहन रखा था .उसका पजामा बहुत छोटा था और उसने टोपी भी लगा राखी थी . अनवर ने दीदी को देखा और बोलै.

अनवर ,-- साली तेरी मांग में सिंदूर और बिंदी कहाँ ह .

दीदी, -- सॉरी अनवर जी ,में जल्दी बाज़ी में भूल गयी.

अनवर ,-- भोसड़ी वाली तेरे को किस बात की जल्दी थी अभी उछाल उछाल कर छूट मरवा कर आयी ह इतनी जल्दी फिर से खुजली होने लगी.

दीदी ने नजर झुका कर कहा ,-- सॉरी अनवर जी .

अनवर ,-- साली तू भूल रही ह की तू मेरी बेगम ह और तुझे सिर्फ रोहित के सामने नंगी होना ह . पूरी दुनिया के सामने तू मेरी संस्कारी बीबी ह समझी . तुझे उन लोगों ने नहीं कहा था.

दीदी ,-- जी मुझे याद ह , सॉरी.

अनवर ,-- साली अंग्रेज की औलाद , तूने गलती की ह और में वापस आकर इसकी सजा दूंगा, चल रोहित.

में खड़ा हुआ और हम दोनों निचे आये तो पार्किंग से बाइक निकल कर जैसे hi कॉलोनी के गए की तरफ बढ़ने लगे एक औरत ने मुझे हाथ देकर रुकने को कहा.

मेने बाइक रोकी और उस औरत को देखा तो पाया की वो 30 साल की सूंदर सी भाभी थी और बाहर से सामन का ठेला लेकर आ रही थी .

औरत ,-- ये बिल्डिंग के 2ंद फ्लोर पर आप रहते ह .

में.,-- जी भाभी ,बताइये.

औरत ,-- मुझे आप से दो मिनट अकेले में बात करनी ह.

अनवर ने सुना तो वो बोलै ,-- रोहित तू बात कर में सामने से गुटखा लेकर आता हु.

अनवर चला गया तो में बाइक को साइड किया और बोलै ,-- बोलिये भाभी.

भाभी ,-- मेरा नाम कामिनी ह और में टी ब्लॉक में 2ंद फ्लोर पर रहती हु.

में.,-- जी कामिनी भाभी आप मुझे क्यों बता रही हो.

कामिनी ,-- ये लड़का कोण ह .

में.,-- ये मेरा दोस्त ह कुछ दिन के लिए कानपूर से दिल्ली घूमने आया ह .

कामिनी, -- और वो औरत जो रात में तुम दोनों के साथ थी.

में,-- जी वो मेरी दीदी ह सोनाक्षी सिंह.

कामिनी, -- ये लड़का तो....

में.,-- जी अनवर नाम ह इसका .पर आप क्यों पूछ रही हो.

कामिनी मुस्करा कर ,-- रात में तुम जो कर रहे थे वो मेने सब देखा था बालकनी से.

में.,-- ओह्ह तो वो आप थी और आपके साथ वो आदमी.

कामिनी, -- वो मेरे हस्बैंड थे.

में.,-- ok आप को और कुछ पूछना ह.

कामिनी ,-- हाँ , अपना मोबाइल नंबर दो.

में ,-- लिखिए 66...57..4.3 ... पर आप क्यों पूछ रही हो .

कामिनी ने मेरा नंबर सेव करके रिंग की और मुस्करा कर बोली ,-- मेने तुम्हे रिंग की ह अकेले हो तब फ़ोन करना बताउंगी. अभी मुझे थोड़ा जल्दी ह.

में.,-- ठीक ह भाभी .

मेने बाइक स्टार्ट की और अनवर के पास रोककर उसे बिठाया और मार्किट की तरफ निकले तो अनवर मुझे गाइड करता रहा और बाइक पार्क करके हम वही खान मार्किट में सोहैल भैया की दुकान पर पहुँच गए.

में ,-- यार यहाँ तो में आया हुआ हु.

अनवर ,-- मुझे मालूम ह ये समीर भैया के बॉस की दुकान ह .

हम दोनों दुकान में पहुंचे तो वह पर सोहैल भैया की जगह दूसरा आदमी था.

अनवर दुकान में सामन देखने लगा तो मेने सोहैल भैया को फ़ोन किया और बताया की में आपकी शॉप पर हु तो सोहैल भैया बोले की दुकान के ऊपर मेरा ऑफिस ह उसमे आ जाओ .

मेने अनवर को बोलै की में ऊपर हु तो उसने मुझे कहा की ok और सेक्स टॉयज देखने लगा. में दुकान के बाहर आकर लिफ्ट से ऊपर गया और बेल्ल बजे तो एक लड़की ने गेट खोला और अंदर आने को कहा.

में अंदर गया तो सोहैल भैया एक एग्जीक्यूटिव चेयर पर बैठे थे और मुझे देखते hi खड़े होकर हाथ मिलाया और बोले

सोहैल भैया,-- आओ रोहित क्या लोगे.

में.,-- जी कुछ नहीं.

सोहैल भैया,-- अरे ऐसे कैसे सिमी दो कोल्ड ड्रिंक लाओ .

लड़की जिसका नाम था वो दो बोतल लेकर आयी और मेरे सामने रख कर दूसरी तरफ जाकर कड़ी हो गयी.

सोहैल भैया,-- आ जाओ सिमी इससे से डरने की जरुरत नहीं ह .में इसकी बहन की गांड मार चूका हूँ क्यों रोहित.

में.,-- हाँ सिमी जी सोहैल भैया ने मेरी दीदी के गांड मेरे सामने hi मरी थी.

सिमी ने अपने मुंह पर हाथ रख लिया और सोहैल भैया की गॉड में बेथ गयी तो सोहैल भैया उसके बूब्स को उसके कमीज पर से मसलने लगे .सिमी ने एक कमीज और स्कर्ट पहना था.

सोहैल भैया,-- और बताओ रोहित .अभी क्या चल रहा ह.

में.,-- भैया अभी तो दीदी का हनीमून चल रहा ह.

सोहैल भैया,-- अरे हां याद आया तुम उसे वो टेबलेट दे रहे हो की नहीं.

में.,-- हाँ भैया रोज सुबह hi दे देता हु .

तभी सोहैल भैया बोले ,-- सोनाक्षी की गांड और बोबे बड़े हो जायेंगे तो साली क़यामत लगेगी.

में.,-- वो तो हो hi जायेंगे भैया, अनवर दिन रात लगा रहता ह उन्हें बड़ा करने में.

मेने कोल्ड ड्रिंक पि ली तो बोलै ,-- भैया अनवर को कुछ सामान लेना था और वो शायद ले लिया होगा में चलता हूँ.

सोहैल भैया,-- ok , सामान के पैसे देने की जरुरत नहीं ह .लड़के को बोल देना मुझसे बात कर ले.

में.,-- ठीक ह भैया.

में वापस निचे आया तो देखा अनवर ने तीन चीजें ली थी और उनका बिल बनवाने को बोल रहा था तो मेने कहा की भैया बिल मत बनाओ सोहैल भैया से बात कर लो.

लड़के ने फ़ोन से बात की और हमें सामान दे दिया हम बाहर आये तो अनवर बोलै की तुम सोना को फ़ोन कर दो हम खाना पैक करवा कर ले चलते ह.

मेने दीदी को फ़ोन करके खाने के लिया मन कर दिया और फिर बाइक से एक अच्छी होटल पर रोककर खाना पैक करवाया और उसे लेकर घर की तरफ चल दिए .

कॉलोनी के बाहर आकर अनवर ने एक गुटखा का पैकेट लिया और एक बीड़ी के बंडल के साथ तम्बाकू की पुड़िया ली और बोलै.

अनवर ,-- रोहित हमें सोना को गुटखा खाना सीखना पड़ेगा

में.,-- क्यों .

अनवर ,-- इसमें सुपारी होती ह जो छूट को तीते बनती ह .

में.,-- हम्म ,पर जर्दा

अनवर ,-- यार सिगरेट पीती ह न उसमे भी तो यही होता ह और जर्दा और बीड़ी पिने से उसे भविस्य में किसी लौ ग्रेड के मर्द से छुड़वाना पड़े तो घिन्न नहीं आएगी.

में.,-- हम्म .यार बहुत hi दूर की सोचे हो .दीदी को हम मिलकर पूरी बिगड़ देंगे.

अनवर, -- लो ये पैकेट . उसके मुंह में हमेशा गुटखा रहना चाहिए. और आज से सिगरेट की जगह उसे बीड़ी पीना सिखाएंगे और तम्बाकू वो खाना सिख hi जाएगी.

में.,-- वो कैसे.

अनवर ,-- याद ह न उसे सजा देनी बाकि ह .

में.,-- हम्म ,

अनवर ,-- तो उसकी यही सजा होगी , साली एक दो बार सर चकराने का बोलेगी फिर खुद मसल कर खायेगी.

में.,-- ग्रेट यार , उसे हम सब सीखा देंगे.

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
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