Fantasy 'सुप्रीम' एक रहस्यमई सफर - Page 7 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Fantasy 'सुप्रीम' एक रहस्यमई सफर

# 47 .

“ड्रेजलर, तुम न्यू ईयर की रात उस समय भी कंट्रोल रूम में थे, जब सभी नशे की हालत में हो गए थे और ‘सुप्रीम’ रास्ता भटक गया था?“

“जी हां।“ कहते-कहते ड्रेजलर का सिर शर्म से झुक गया।

“नहीं -नहीं , परेशान मत हो । मैं तुमसे कुछ कहना नहीं चाहता बल्कि तुमसे कुछ पूछना चाहता हूं?“ सुयश ने ड्रेजलर को सिर झुकाते देख कहा।

“पूछिए सर, आप क्या पूछना चाहते हैं?“ ड्रेजलर ने सिर उठाते हुए कहा।

“कुछ नहीं। मुझे बस इतना पूछना है कि उस रात ड्रिंक करने के लिए किसने सबको तैयार किया था ?“ सुयश ने गहरी सांस भरते हुए पूछा।

“ज....जी...वो असलम सर ही ड्रिंक करने के लिए बार-बार रोजर सर से जिद करके उन्हें मना रहे थे। उन्हीं के जिद करने के बाद रोजर सर तैयार हुए थे।“ ड्रेजलर ने याद करते हुए कहा।

“हूं....तो मेरा शक सही था।“ सुयश होठों ही होठों में बड़बड़ाया।

“क्या वह ड्रिंक करने से लेकर अंत तक तुम लोगों के साथ थे?“ सुयश ने पुनः पूछा।

“यह बात मैं तो क्या कोई भी पक्के तौर पर नहीं कह सकता। क्यों कि जब ड्रिंक शुरू हुई तो असलम सर सेलीब्रेट करते हुए सभी को पीने के लिए कह रहे थे। उसके बाद तो किसी को भी स्वयं का होश ही नहीं रहा तो वह भला दूसरे पर क्या ध्यान देता।“

ड्रेजलर के शब्दों को सुन शैफाली के चेहरे पर भी एक गहरी मुस्कान आ गयी। इधर सुयश ख्यालों में उलझा था, उधर कमरे के दरवाजे के बाहर छिप कर खड़ा असलम सुयश के सवाल और ड्रेजलर के जवाब सुन रहा था। अब उसकी आंखों में एक खूनी चमक थी। वह सबकुछ सुनने के बाद वहां से हट गया। पर हटते हुए असलम मन ही मन बुदबुदाया-

“आखिरकार कैप्टेन को पता चल ही गया.....पर अब क्या फायदा। अब तो मेरा काम हो ही चुका है।“

6 जनवरी 2002, रविवार, 17:15; ‘सुप्रीम’

सुयश जब ड्रेजलर और अलबर्ट के साथ डेक पर पहुंचा तो वहां पर पहले से ही भीड़ लगी थी । सुयश भीड़ को चीरता हुआ आगे की तरफ आ गया। वहां पर असलम पहले से ही दूरबीन लिए खड़ा था। सुयश ने पहले एक बार गहरी निगाहों से असलम को देखा और फिर उससे दूरबीन लेकर अपनी आंखों पर चढ़ा ली। कुछ देर तक देखते रहने के बाद उसने दूरबीन को पुनः असलम के हवाले कर दिया।

“वही है.....बिल्कुल वही रहस्यमई द्वीप है। अब तो इसमें कोई शक नहीं कि हम लोग समुद्र में एक ही स्थान पर भटक रहे हैं।“ सुयश बड़बड़ाया।

“कहीं ऐसा तो नहीं कैप्टेन कि हम लोग भटक ना रहे हों बल्कि यह द्वीप ही चल रहा हो।“ अलबर्ट ने होश उड़ाने वाले अल्फाज बोले।

अलबर्ट की बात सुनकर एक पल के लिए तो सभी सन्न हो गए।

“नहीं-नहीं.....ऐसा तो सोचना भी बेवकूफी है। यह द्वीप पूरी तरह से पत्थरों से बना दिख रहा है। यह कोई आइसबर्ग थोड़ी है, जो पानी पर तैरता रहे।“ सुयश ने अलबर्ट की बात को काटते हुए कहा।

“यह भी तो हो सकता है कि यह पानी पर तैरता कोई विशालकाय जीव हो।“ ऐलेक्स ने तो हद ही पार कर दी।

“आपके भी दिमाग में कैसे-कैसे विचार आते रहते हैं मिस्टर ऐलेक्स। यह इतना विशालकाय है कि यह कोई जीव हो ही नहीं सकता और वैसे भी इस समय विश्व का सबसे बड़ा जीव ब्लू व्हेल है और यह द्वीप तो उसके आकार का हजारों गुना बड़ा है। वैसे भी किसी जीव की पीठ पर पेड़-पौधे तो उग सकते हैं। लेकिन इतनी बड़ी पहाड़ी का होना असंभव है।“ तौफीक का विचार बिल्कुल तर्कसंगत था।

थोड़ी देर तक सभी अपनी-अपनी अटकलें लगाते रहे और फिर जब वो किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सके तो शांत हो कर सुयश की ओर देखने लगे। सुयश लगातार उस रहस्यमय द्वीप को देख रहा था। उसके दिमाग में बहुत तेजी से कुछ चल रहा था।

“अब हमें क्या करना चाहिए कैप्टेन?“ ब्रैंडन ने आखिरकार सुयश को ना बोलते देख पूछ ही लिया।

सुयश ब्रैंडन की आवाज सुन जैसे ख्यालों से बाहर आया- “मैं फिर से किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। हमें इस रहस्यमय द्वीप पर नहीं जाना है, चाहे कुछ भी क्यों ना हो जाए।“

“कुछ भी ?“ असलम ने अजीब सी नजरों से सुयश को देखते हुए कहा।

“हां , कुछ भी।“ सुयश की आवाज में एक दृढ़ विश्वास था।

तभी ब्रैंडन के हाथ में थमा वॉकी टॉकी सेट बज उठा। ब्रैंडन ने बटन दबा कर वॉकी टॉकी सेट को ऑन कर दिया।

“सर....गजब हो गया........हमारे जहाज का सारा ईंधन जहाज में बिखरा पड़ा है। पता नहीं उसे किसने बिखेर दिया। अब हमारे जहाज के टैंक में जितना फ्यूल है। उसी से हमें काम चलाना होगा।“

दूसरी तरफ से आती आवाज को सुन सुयश सहित सबका दिमाग खराब हो गया।

“शिप के टैंक में इस समय कितना फ्यूल है?“ सुयश वॉकी टॉकी सेट पर चीखा।

“हमारे टैंक में मात्र इतना फ्यूल बचा है कि हम इससे ज्यादा से ज्यादा 800 से 900 नॉटिकल माइल्स तक ही जा सकते हैं। इससे ज्यादा नहीं।“ दूसरी तरफ से आवाज आयी।

यह सुनकर सुयश के चेहरे पर परेशानी के भाव नजर आने लगे। ब्रैंडन ने मैसेज सुनकर वॉकी टॉकी सेट को ऑफ कर दिया।

“यह फ्यूल कौन बिखेर सकता है? कौन है ऐसा बेवकूफ जिसे अपनी जान की भी चिंता नहीं ?“ सुयश मन ही मन सोचने लगा।

तभी उसकी निगाहें असलम पर जाकर टिक गयीं। असलम सुयश को अपनी तरफ घूरते देख दूरबीन को आंखों पर लगा कर उस रहस्यमय द्वीप की ओर देखने लगा।

“क्या अब हमें द्वीप पर चलना चाहिए कैप्टेन?“ असलम ने द्वीप की ओर देखते हुए कहा- “क्यों कि अब हमारे पास इस द्वीप पर जाने के सिवा और कोई चारा भी नहीं है।“

“नहीं हम अब भी द्वीप पर नहीं जाएंगे।“ सुयश ने अपने दांत भींचते हुए कहा- “हम अपनी एक आखिरी कोशिश और करेंगे। अभी हमारा शिप लगभग 900 मील तक और जा सकता है।“

“कैप्टन कहीं इस बार हम लोग गलती तो नहीं कर रहे हैं?“ अलबर्ट ने सुयश को समझाया- “क्यों कि जहां तक मैं जानता हूं यह खूनी त्रिकोण लगभग ‘तीन लाख नब्बे हजार‘ वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला है। और फिर पता नहीं हम लोग इस क्षेत्र में कितना अंदर हैं? मात्र 900 मील के सफर में क्या हम इस क्षेत्र से बाहर निकल सकेंगे? मुझे यह बात असंभव सी प्रतीत होती है। तो फिर क्यों ना एक बार रिस्क लेकर इस द्वीप पर चलकर देख ही लिया जाए।“

“बिल्कुल नहीं मिस्टर अलबर्ट।“ सुयश ने सीधे शब्दों में ना कह दिया-

“मैं इस द्वीप पर कभी नहीं जाऊंगा। क्यों कि मेरे कानों में अभी तक रोजर के शब्द व लारा की चीखें सुनाई दे रही हैं। मैं और चीखें नहीं सुनना चाहता। चाहे आप इसे मेरी जिद ही क्यों ना समझे? शिप में सफर कर रहे सभी यात्री की जान मेरे लिए बेशकीमती है। मैं इनकी जान बचाने के लिए अंतिम दम तक कोशिश करूंगा। इसलिए कृपया आप लोग मुझे रोकिए मत। मैं इस ‘खूनी त्रिकोण‘ में छिपे इस रहस्यमय द्वीप से दूर जाने की एक आखिरी कोशिश और करूंगा।“

अब भला सुयश की बात नकारने वाला उस शिप पर कौन था ? हालांकि बहुत से लोग आज कैप्टेन के निर्णय से खुश नहीं थे। लेकिन फिर भी सब चुप रहे। शिप को एक बार फिर दूसरी दिशा में मोड़ लिया गया।

जारी रहेगा__________✍️
 
प्रिय मित्रों, जैसा की आप सब देख ही रहे है, :hmm:लगभग हर दूसरा अपडेट एक नया सवाल छोड़कर जाता है, ओर सबके पास बस अपनी-2 अटकले है, ओर जबाव भी चाहिए :declare:तो ऐसा करते है की जल्द ही इस अध्याय को एक नया मोड देकर एक नया अध्याय शुरू करेंगे,:declare:

अब सच तो यही है की मै kamdev99008 भैया के जान से मार देने की धमकी के बाद से काफी डरा हुआ हूं।

ओर ऊपर से ये जो SANJU ( V. R. ) ओर avsji भाई लोग ताना दे रहे है उस से भी पीछा छूट जाएगा🙏

 
# 48

चैपटर-15 6 जनवरी 2002, रविवार, 17:30;

‘सुप्रीम’ मंथर गति से उस रहस्यमय द्वीप से दूर होता जा रहा था। सारे यात्री शाम होने की वजह से डेक को खाली कर अपने रूम की ओर जाने लगे।

सुयश अब भी डेक पर खड़ा था। वह शांत भाव से उछलती हुई लहरों को देख रहा था। उसके साथ जेनिथ, तौफीक, ऐलेक्स, क्रिस्टी , अलबर्ट, असलम, जैक, जॉनी, ब्रैंडन और ड्रेजलर भी खड़े थे।

“कैप्टन इस द्वीप का रहस्य समझ में नहीं आ रहा है।“ जेनिथ ने कहा।

“मिस जेनिथ, वैसे ‘सुप्रीम’ पर जितनी घटनाएं अभी तक घटी हैं। अगर हम वह सब समझने की कोशिश भी करें तो भी हम उसे नहीं समझ सकते। इसलिए अच्छा यही है इस सिर्फ अपने आप को खतरों से बचाने की कोशिश करें ना कि घट रही घटनाओं के पीछे दिमाग लगाने की।“ सुयश ने कहा।

“आप सही कह रहे हैं कैप्टेन।“ इस बार क्रिस्टी ने बोलते हुए कहा- “बीती बातों को भूलकर आगे आने वाले समय के बारे में हमें सोचना चाहिए।“

“वैसे कैप्टन, आपका ऐमू के बारे में क्या ख्याल है?“ तौफीक ने सुयश को ऐमू की याद दिलाते हुए कहा।

ऐमू का नाम सुन सुयश को झटका लगा-

“ऐमू......ऐमू के बारे में तो मैं भूल ही गया था.........ब्रैंडन जरा जा कर देखो ऐमू इस समय कहां है?“ ब्रैंडन सुयश की बात सुन उस ओर चल दिया, जिधर ऐमू को रखा गया था।

“वैसे ऐमू भी कम रहस्यमय नहीं है। क्यों कि वह आया था उसी द्वीप की दिशा से ही।“ ऐलेक्स ने कहा।

“जाने क्यों मुझे बार-बार ऐसा लगता है कि वो ऐमू हमें सिर्फ भटकाने के लिए ही आया था। क्यो कि जब से हम उस सुनहरे मानव के इशारे की दिशा में चले थे, हम पर कोई मुसीबत नहीं आयी थी। पर ऐमू की दिशा में चलते ही हमें पुनः वह द्वीप मिल गया।“ असलम ने कहा।

“एक बात हमने और नोटिस की कैप्टेन।“ क्रिस्टी ने कहा- “वह ऐमू जबसे हमें दिखा था, हम उसे पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। पर वह पकड़ में नहीं आ रहा था। लेकिन जाने क्यों आपको देखते ही, वह आपको ‘दोस्त मिल गया-दोस्त मिल गया ‘ कहते हुए, आपके पास आ गया। इन सारी बातों में कुछ ना कुछ तो रहस्य है ही ?“

“यह बात तो मैंने भी महसूस की थी।“ ऐलेक्स ने क्रिस्टी की बात पर मुहर लगाई।

ये लोग बात करने में व्यस्त थे, पर असलम अपनी आंखों पर दूरबीन चढ़ा, दूर-दूर तक सागर की लहरों को देख रहा था। अचानक उसे बहुत दूर बादलों की एक टुकड़ी दिखाई दी। असलम ने अपनी दूरबीन को पुनः एडजस्ट करके उस दिशा में देखा-

“माई गॉड! कैप्टेन हमें शिप को वापस मोड़ना होगा।“ सभी हैरानी से असलम को देखने लगे।

“कैप्टेन हम जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, उस ओर काफी दूरी पर मुझे कुछ काले बादल से नजर आ रहे हैं। मुझे लगता है आगे मौसम बहुत खराब है। हमें उस दिशा में नहीं बढ़ना चाहिए।“ असलम ने दूरबीन आंखों पर चढ़ाए-चढ़ाए ही अपनी बात कम्प्लीट की।

सुयश ने लगभग झपटने के अंदाज में असलम से दूरबीन छीन ली व उस दिशा में देखने लगा जिधर अभी असलम देख रहा था। बादल बहुत ही खतरनाक दिख रहे थे।

“ओ....नो.....आगे तो मौसम बहुत ही खराब है। इतने भयानक बादल तो मैंने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखे। बहुत ही जबरदस्त तूफान आने के आसार हैं। अगर हमारा शिप इस तूफान में फंस गया, तो हमारा बचना बिल्कुल ना मुमकिन है। हवा का बहाव भी हमारी तरफ है और वह बहुत तेज भी है। अगर इसी तरह हमारा शिप चलता रहा तो तूफान 35 से 40 मिनट में हम तक पहुंच जाएगा।..........असलम तुरंत वॉकी-टॉकी सेट दो।“ इतना कहकर सुयश ने असलम की ओर हाथ बढ़ाया।

असलम ने जेब से वॉकी-टॉकी सेट निकालकर सुयश के हाथों में रख दिया। सुयश ने वॉकी-टॉकी सेट के एरियल को खींचकर बाहर निकाला और उसे ऑन कर दिया।

“हैलो......कंट्रोल रूम। मैं कैप्टेन सुयश बोल रहा हूं।“

“हैलो....यस कैप्टेन।“ दूसरी तरफ से आवाज आयी।

“तुरंत अपने शिप को विपरीत दिशा में मोड़ लो। हम से लगभग 40 मील दूर एक भयंकर तूफान तेजी से हमारी तरफ बढ़ रहा है।“ सुयश ने कहा।

“तूफान......वह भी 40 मील दूर... ... असंभव।“ उधर से एक महीन आवाज सुनाई दी- “कैप्टेन हमारा तूफान की सूचना देने वाला यंत्र बिल्कुल सामान्य बता रहा है। शायद आपको किसी ने गलत सूचना दे दी है। हमारे यंत्र के हिसाब से अभी दूर-दूर तक मौसम साफ है।“

“मैं जो कह रहा हूं वह करो......।“ सुयश ने लगभग चिल्लाने वाले स्वर में कहा- “तूफान हमें बिल्कुल साफ दिखाई दे रहा है......शिप को तुरंत मोड़ो।“

“ओ.के. सर।“ उधर से घबराई आवाज आयी।

इतना कहकर सुयश ने वॉकी-टॉकी का स्विच ऑफ कर दिया और पुनः तूफान को देखने लगा, जो अब बिना दूरबीन के नार्मल आँखों से भी दिखने लगा था।

तभी ‘सुप्रीम’ को एक झटका लगा और वह मुड़ना शुरू हो गया। बादल बहुत तेजी से ‘सुप्रीम’ की ओर बढ़ रहे थे। अब तो घनघोर काले बादलों के बीच कड़कती हुई बिजली भी सभी को साफ दिख रही थी। बादल के गरजने का शोर भी थोड़ा-थोड़ा सुनाई देने लगा था।

तभी ब्रैंडन दौड़ता हुआ वहां पहुंचा, पर अब उसकी नजरें उस भयंकर तूफान पर थीं, जो साक्षात मौत बनकर उनकी तरफ तेजी से बढ़ रही थीं।

“क्या हुआ ब्रैंडन? ऐमू कहां है?“ सुयश ने भयभीत ब्रैंडन की ओर देखते हुए पूछा।

“ऐमू अपनी जगह पर नहीं है कैप्टेन, सिक्योरिटी के लोगों का कहना है कि उन्होंने उसे मिर्चे और टमाटर खिलाए और उस पर बराबर नजर भी रखे हुए थे। तभी उन्होंने बाहर शोर की आवाज सुनी। यह आवाज उस भीड़ से हो रही थी, जिसने उस द्वीप को देख लिया था। सिक्योरिटी के लोग भी अपनी इच्छा को दबा नहीं पाये और उस द्वीप को देखने चले गए। लेकिन जब वह वापस लौटे तो ऐमू अपनी जगह से गायब था।“

“मुझको पता था कि वह अब नहीं मिलेगा। क्यों कि उसका काम पूरा हो चुका है। उसने हमें पुनः भटका दिया है।“ सुयश ने कहा।

‘सुप्रीम’अब फुल स्पीड से चल रहा था और काले बादल उसका किसी भूत की तरीके से पीछा कर रहे थे।

“यह बादल तो हमें किसी बूमरैंग या फिर इंद्रधनुष की भांति, तीन तरफ से घेर रहे हैं।“ जॉनी जिसका नशा अब पूरी तरह से उड़ चुका था, बादलों को देखता हुआ बोला।

“सही कह रहे हो, यह बादल तो बहुत अजीब से हैं।“ जैक ने कहा- “मैने अपनी पूरी जिंदगी में आज तक कभी ऐसे बादल नहीं देखे।“

शिप बहुत तेजी से चल रहा था, पर बादलों की स्पीड उनसे तेज थी। इसलिए वह बहुत तेजी से उनके पास आ रहे थे। तभी सामने वही द्वीप फिर से किसी दैत्याकार जिन्न की भांति दिखाई दिया।

अब हवाएं भी बहुत तेज हो चुकीं थीं। समुद्र की लहरें सैकड़ों फुट ऊपर उछल रहीं थीं। रह-रहकर अजीब सी फ्लैशलाइट बिखेरती बिजली बादलों में कड़क रही थी। घने काले बादलों की वजह से चारों ओर घोर अंधकार हो गया था।

“शिप की सारी सर्च लाइट्स ऑन कर दो......क्विक....मूव........ क्यों कि तूफान बहुत खतरनाक है........ हवा भी बहुत तेज है......जल्दी करो।“ सुयश वॉकी- टॉकी सेट पर तेजी से चीखा।

“कैप्टेन, बादल हमें तीन तरफ से घेर रहें हैं और चौथी दिशा में वही द्वीप है। अब हमारे पास उस द्वीप पर जाने के सिवा और कोई चारा नहीं है। जल्दी आर्डर दीजिए। हमें क्या करना है?।“ असलम ने चिल्लाकर कहा, क्यों कि आंधी और तूफान की वजह से अब आवाज सुनाई नहीं दे रही थी।

सुयश ने एक बार फिर उन पास आ रहे बादलों को देखा और फिर हथियार डालते हुए बोला-

“अगर हम इस तूफान में फंस गये, तो किसी का भी जिंदा बचना मुश्किल है। मोड़ दो....... सुप्रीम को इस रहस्यमय द्वीप की ओर मोड़ दो .....अब हमारे पास कोई चारा नहीं है, द्वीप पर जाने के सिवा।“

सुयश का आर्डर मिलते ही असलम ने तुरंत वह आर्डर कंट्रोल रूम को भेज दिया। अब शिप तेजी से उस रहस्यमय द्वीप की ओर बढ़ने लगा। बादल अब शिप के काफी पास आ गए थे।

हवा में ऊंचे-ऊंचे उछलती समुद्र की लहरों से इतना भयानक शोर हो रहा था, मानो आज प्रलय निश्चित हो। ऐसा लग रहा था कि जैसे वह बादल इनका पीछा कर रहे हों।

शिप के सभी यात्री अपने-अपने कमरों में अपने ईश्वर को याद कर रहे थे। किसी ने भी मौत को इतने पास से नहीं देखा था।

“कैप्टेन हमें लाइफ बोट्स को रेडी कर लेना चाहिए क्यों कि इतना बड़ा शिप द्वीप के किनारे तक नहीं जा सकता।“ अलबर्ट ने चीखते हुए सुयश को समझाया।

अलबर्ट की बात सुन ब्रैंडन ने बिना सुयश के कहे ही अपनी सिक्योरिटी के सारे आदमियों को लाइफ बोट्स उतारने के काम पर लगा दिया। तेजी से सैकड़ों आदमी लाइफ बोट को उतारने में जुट गए।

किसी अंजानी आशंका को सोच शिप के सारे कर्मचारी सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट भी बांटने लगे। वह रहस्यमय द्वीप शनैः-शनैः पास आता जा रहा था। बादल अब शिप के ऊपर तक आ गये थे। बिजली की तेज चमक व गड़गड़ाहट सभी के दिलों में दहशत भर रही थी।

सुप्रीम भी अब लहरों का सामना नहीं कर पा रहा था। वह किसी कागज के जहाज की भांति लहरों पर डोल रहा था। सुयश सहित अब सभी की निगाहें सिर्फ और सिर्फ उस रहस्यमय द्वीप पर थीं।

पहले जिस द्वीप से वह दूर भागना चाहते थे, अब उसी के पास जल्द से जल्द पहुंचने के लिए उतावले हो रहे थे। अब द्वीप की दूरी मात्र 3 मील रह गई थी। सभी के दिल अंजानी आशंका के कारण तेजी से धड़क रहे थे। .................................. ...........................................

जारी रहेगा_________✍️
 


200.gif


200.gif


Wishing All of my friend's a very happy Christmas 🎄 🎊🎊🎄 day
 
# 49 .

“मॉम क्या हम मर जाएंगे।“ एक नन्हें से बच्चे ने अपनी भोली सी जुबान से अपनी मां से पूछा।

“नहीं बेटा ! कौन कहता है? हम जल्द ही किनारे तक पहुंच जाएंगे।“

मां की आवाज में एक भर्राहट थी- “वहां तुम्हारे पापा हमारा इंतजार कर रहे होंगे। वह तुम्हारे लिए ढेर सारी चॉकलेट व मिठाईयां लेकर आएंगे।“ ....................................................................................................

“क्रिस! क्या हमारा बच्चा जमीन को देख सकेगा या फिर वह इस दुनिया में आने से पहले ही मर जाएगा ?“ एक गर्भवती महिला ने कहा।

“नहीं -नहीं हमारे बच्चे को कुछ नहीं होगा.....वह जन्म लेगा और दुनिया देखेगा.......हम उसका नाम “आर्किड रखेंगे।“ कहते-कहते क्रिस ने अपनी पत्नी को कसकर गले से लगा लिया। .................................................................................................... “देखो बच्चों, ईश्वर ने कहा है कि हमें हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहिए।“ फादर एंजलीनो ऐसे समय में भी कुछ लोगों को इकट्ठा करके अपना काम कर रहे थे-

“जो मनुष्य सच्चाई का साथ देता है, मौत उसे छू भी नहीं सकती। गॉड सब कुछ देखता है, वह हमेशा अच्छे लोगों के साथ रहता है। इस दुनिया में एक समय कुछ भी नहीं था...... थे तो सिर्फ और सिर्फ गॉड। फिर उन्होंने इस खूबसूरत सी दुनिया को बनाया। पेड़-पौधे, जीव-जंतु बनाने के बाद उन्होंने अपनी सबसे अद्वितीय रचना मनुष्य को बनाया। उन्होंने मनुष्य को मुश्किल से मुश्किल खतरों का सामना करने के लिए हौसला दिया। मनुष्य ने अपने अच्छे कर्मों से इस सृष्टि को सुंदर बनाया। एक दिन फिर सब कुछ खत्म हो जाएगा। रह जाएंगे तो केवल वह अच्छे लोग जो सच्चे दिल से गॉड को याद करते हैं।“

फादर एंजलीनो के मुख से निकले स्वर, इस खतरनाक मौसम व समय में भी सभी को बांधे हुए थे- “इसलिए सभी लोग अपने सच्चे दिल से गॉड को याद करो। वह अवश्य कोई रास्ता निकालेंगे।“ सभी आंख बंद किए हुए गॉड को याद करने लगे ................................................................................................ “इक्सक्यूज मी मिस फ्लोरिडा।“ वेटर ने आगे जाती हुई एक खूबसूरत लड़की को आवाज दी- “यह लाइफ जैकेट आपके लिए।“

“थैंक यू मिस्टर..........।“ फ्लोरिडा ने वेटर का नाम जानना चाहा।

“नाम जानकर अब क्या करेंगी मिस ......।“ कहते हुए वेटर पलट कर जाने लगा। लेकिन फिर कुछ सोचकर वह पलटा- “वैसे मैं आपसे एक बात बताना चाहता हूं।“

“बताइए....।“ फ्लोरिडा ने कहा।

“मैं इस शिप पर एक छोटा सा वेटर हूं। मैंने आपको पहली बार न्यूयॉर्क के ब्यूटी कंपटीशन में हिस्सा लेते हुए देखा था। जब वनर्सके नाम की जगह आपका नाम पुकारा गया तो मैं बहुत खुश हो गया। जब मुझे पता चला कि आप को इनाम में इसी शिप से ऑस्ट्रेलिया का टूर मिला है तो मैंने इस शिप पर वेटर की नौकरी कर ली। सोचा था शायद एक बार आपसे बात हो जाए और लीजिए आज वह मुराद भी पूरी हो गयी.... ....एक्चुली मैं आपको जान से भी ज्यादा प्यार करता हूं। आई लव यू मिस फ्लोरिडा।“ कहते कहते वेटर की आवाज भर्रा गई और वह पलट कर जाने लगा।

फ्लोरिडा उसे जाते हुए गौर से देखने लगी। उसकी आँखों में अजीब से भाव थे।

“इक्सक्यूज मी मिस्टर अननोन..... ....।“ फ्लोरिडा ने वेटर को पीछे से आवाज दी।

वेटर आश्चर्य से पलटा और धीरे-धीरे चलता हुआ फ्लोरिडा के पास आ गया।

“आई लव यू टू......।“ इतना कहकर फ्लोरिडा ने उस वेटर के होंठों पर किस कर लिया।

“तुम्हारे पास लाइफ जैकेट नहीं है क्या ? फ्लोरिडा ने वेटर से पूछा।

“एक ही था जो मैंने तुम्हें दे दिया।“ वेटर ने हंसकर कहा। यह सुनते ही फ्लोरिडा ने पास से भाग कर जाते हुए एक बूढ़े को अपनी लाइफ जैकेट दे दी।

“यह लीजिए अंकल। आप शायद इसे ही ढूंढ रहे हैं।“

“थैंक्स बेटा.......अब मैं बच जाऊंगा।“ यह कह वह बूढ़ा लाइफ जैकेट लेकर एक दिशा में भागा।

उसकी आवाज में अब जिंदगी के भाव थे। फ्लोरिडा ने अब वेटर का हाथ थाम लिया था। ..................................................................................................

“समझा करो प्राइस। जैकेट दो ही हैं। इसे हम अपने बच्चों के हवाले कर दें। वैसे भी अब हम तो अपनी जिंदगी जी चुके हैं।“ महिला ने अपने चार-पांच साल के दोनों बच्चों की ओर देखते हुए कहा।

“पागल हो गई हो क्या ? अगर मैं जिंदा रहा तो ऐसे दसों बच्चे तुम्हें दे सकता हूं। पर अगर यह बच्चे जिंदा रहे तो मेरे जैसा बाप तुम्हें नहीं दे पाएंगे........मैं कहता हूं चलो यहां से। इन बच्चों को यहीं रहने दो।“ प्राइस ने कहा।

“तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है प्राइस, जो तुम इन बच्चों को ऐसे छोड़कर जा रहे हो। तुमको जाना है तो जाओ, मैं इन बच्चों को छोड़ कर नहीं भाग सकती।“ महिला ने गुस्से में कहा।

“तो तुम भी मरो.........इन बच्चों के साथ..........मैं तो चला।“

इतना कहकर प्राइस ने एक लाइफ जैकेट को वहां फेंका और दूसरी जैकेट लेकर वहां से भाग निकला।

“मॉम.......क्या डैड हमें छोड़कर भाग गए?“ एक मासूम ने अपनी मां से पूछ ही लिया।

“नहीं बेटा, वो तुम्हारे लिए अच्छे-अच्छे कपड़े लाने गए हैं, लो तब तक तुम इसे पहन लो ।“ कहकर महिला ने अपनी जैकेट अपने एक बच्चे को पहना दी। .....................................................................................................

“चलिए अब शिप में घट रही घटनाओं को तो देख लिया , अब जरा वापस चलकर मौत से भी दो-दो हाथ कर लिया जाए। देखें तो आखिर बाहर का नजारा क्या है?“

“कैप्टेन-कैप्टेन नीचे सभी लोग ऊपर घट रही घटनाओं और हालात के बारे में पूछ रहे हैं।“ एक गार्ड ने भागकर आते हुए कहा-

“हमने अभी डेक के सारे दरवाजे बंद कर रखे हैं और उन्हें यह दिलासा दे दी है कि कुछ ही देर में हम उस द्वीप तक पहुंच जाएंगे। फिर दरवाजे खोल कर सबको वहां पर पहुंचाया जाएगा।“

पर इससे पहले कि सुयश कुछ जवाब दे पाता कि तभी चलते हुए शिप को एक तेज झटका लगा।

“ये झटका कैसा ?.......द्वीप की धरती तो अभी दूर है।“ ऐलेक्स ने हैरानी से कहा।

तभी शिप को पुनः एक तीव्र झटका लगा और इतनी तेजी से चलता हुआ शिप एक झटके से रुक गया।

“ब्रैंडन जल्दी से पता लगाओ कि शिप क्यों रुक गया ? अभी तो शिप के टैंक में बहुत फ्यूल था।“ सुयश ने कहा।

ब्रैंडन ने वॉकी-टॉकी सेट निकालकर कंट्रोल रूम से संपर्क स्थापित किया- “क्या बात है? अचानक यह शिप क्यों रुक गया ?“

“कुछ कह नहीं सकता सर! शिप के सभी इंजन बिल्कुल ठीक काम कर रहे हैं। फ्यूल टैंक भी अभी फ्यूल को दर्शा रहा है। हम एक बार और सारे कंट्रोल्स को चेक करने की कोशिश कर रहे हैं।“ दूसरी तरफ से आवाज आयी।

“जल्दी करो........बाहर मौसम बहुत खराब है।............हमारे पास समय बहुत कम है।“ ब्रैंडन ने कहा।

उधर से थोड़ा रुककर पुनः आवाज आयी- “सर, हमने सारे कंट्रोल्स को दोबारा चेक कर लिया है। सब कुछ बिल्कुल सही है। गड़बड़ कहां पर है? कुछ समझ में नहीं आ रहा है?“

सुयश ने यह सुन ब्रैंडन से वॉकी-टॉकी सेट छीन लिया- “हैलो-हैलो, प्रोपेलर चेक करो...... कैमरे से प्रोपेलर को देखो, शायद उसमें कुछ फंसा हो ?“

“यस सर, हम अभी चेक करते हैं।“ कहते हुए शिप कंट्रोलर ने तुरंत प्रोपेलर के पास लगा कैमरा ऑन कर दिया।

जारी रहेगा.............✍️
 
Back
Top