- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 139,886
अपडेट 83
3 इयर्स बैक
सर्जरी रेजीडेंसी 1सत डे
तो जनाब कहा जा रहे है आप?
सुमित के रूम पार्टनर सुनील ने पूछा.
सुमित:- सोचा थोड़ा हॉस्पिटल का चक्कर लगा कर aau...Abb यही तो है अपना कर्मस्थल वो भी 3 साल के लिए.
सुनील:- ऐसे?
सुमित:- हाँ तो कैसे?
सुनील:- मेरा मतलब वाइट कोट लगा le...Doctor वाली फीलिंग भी aayegi...Aur तू है की शर्ट पंत में hi जा रहा है.
सुमित:- अंडरकवर होने में भी अलग hi मजा है.
सुनील:- अंडरकवर कप तो सुना था.
सुमित:- तो मुझे अंडरकवर डॉक्टर समझ ले.
सुनील:- तू तो समझ के बाहर है?
सुमित:- और ऐसा क्यों?
सुनील:- कल ओरिएंटेशन क्लास बंक कर दिया और आज तेरा ये अंडरकवर होने का shaukh...Pata नहीं कल क्या गुल खिलायेगा.
सुमित:- अब्ब घंटो तक कौन बोर hoga...Seniors ने कहा था किसी काम का नहीं ये ओरिएंटेशन क्लास.
सुनील:- तुझे सर्जरी डिपार्टमेंट के होड़ बुला रहे है मिलने के लिए.
सुमित:- इतना बड़ा सर्जन भी नहीं हूँ.
सुनील:- बहुत खड़ूस दिख रहा था wo...Agar उसने सोच लिया तो बड़ा सर्जन तो क्या तुझे सर्जन बनने hi नहीं देगा. :lol1:
सुमित:- ऐसे कैसे?
सुनील:- वो तो वो hi बता सकते है.
सुमित:- देख लेंगे उन्हें भी.
इतना कह कर सुमित निकलने hi वाला था की उसके मोबाइल में फ़ोन आता है.
सुमित:- हाँ चुड़ैल बोल.
दोस्ती तरफ रश्मि थी.
रश्मि:- आपने हॉस्टल ज्वाइन कर लिया और बताया भी नहीं.
सुमित:- अरे वोऊ...
रश्मि:- कोई एक्सक्यूज़ नहीं. :बात:
सुमित:- सच hi सुन्ना चाहती है तो तेरा बकबक से बच्चन के लिए हॉस्टल चूसे kiya...Abb तेरी बकवास सुनु या पढाई पर ध्यान दू.
दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आता.
सुमित:- अरे मजाक कर रहा tha...Abhi रेजीडेंसी (पग ग्रेजुएशन) में इंटर्न से भी ज्यादा ड्यूटी देते है तो घर और कॉलेज दोनों मैनेज करना मुश्किल होता है.
हर वीकेंड घर जरूर आऊंगा.
रश्मि:- सच्ची!!!
सुमित:- मुछि.
हँसते हुए सुमित ने कहा और फ़ोन रख दिया.
हॉस्टल से निकलने के बाद वो सर्जरी के वार्ड में गया.
कुछ देर वह के कंडीशन देखने के बाद वो एक खाली बीएड के पास जा कर खड़ा हो जाता है.
और वह से निकलने hi वाला था की एक लड़की गुस्से से उससे कहती है.
लड़की:- आप चुप चाप अपने बीएड पर baithiye...Tabhi से देख रही हूँ बिना किसी काम के इधर उधर घूम रहे है.
सुमित ने गौर से उस लड़की को dekha...White कोट में एक खूबसूरत सी ladki...Gusse में थोड़ी लाल आँखें.
लड़की:- आप हंस क्यों रहे है?
वाइट कोट में hi कैपिटल लेटर में नाम लिखा था डॉ. संजना.
सुमित:- नहीं कुछ nahi...Bas एक जोके याद आ गया था.
संजना:- क्या परेशानी है आपकी?
सुमित:- रात में नींद अच्छे से नहीं आती.
संजना:- तो आपको साइकाइट्री वार्ड में जाना चाहिए था.
सुमित:- नहीं नहीं मई साइको नहीं हूँ.
एक्टिंग करते हुए सुमित ने kaha...Sanjana से मस्ती मजाक करना उससे अच्छा लग रहा था.
संजना:- साइकाइट्री का मतलब साइको नहीं hai...Chaliye मई आपको रेफेर कर देती हूँ.
सुमित:- लेकिन मुझे तो पहले hi सर्जरी में रेफेर कर दिया था एक डॉक्टर ne...Aur डॉ. सुमित ने यहाँ वार्ड में एडमिट कर दिया.
संजना:- ये डॉ. सुमित कौन है?
सुमित:- बहुत बड़े सर्जन hai...Shayad आप नहीं जानती उन्हें.
संजना:- लेकिन एडमिट किस वजह से? रात में नींद न आने की वजह से सर्जरी वार्ड में एडमिट.
सुमित:- एक और बीमारी भी है.
संजना:- वही तो पूछ रही हूँ?
सुमित:- लंग्स में किडनी अटैक.
संजना:- क्या?
सुमित:- ओह्ह sorry...Kidney में हार्ट अटैक.
संजना:- व्हाट नॉनसेंस?
अब्ब संजना सच में गुस्सा हो गयी थी.
सुमित:- डॉ. सुमित ने कट स्कैन किया tha...Report में वही लिखा tha...Kidney में हार्ट अटैक.
संजना:- पक्का साइकियाट्रिक पेशेंट है.
फिर संजना गुस्से में निकल गयी और हँसते हुए सुमित भी अपना रूम वापस चला गया.
नेक्स्ट डे.
तुम!!!
हैरानी में संजना चीख पड़ी जब उसने अपने सामने सुमित को dekha...Wo भी वाइट कोट में.
डॉ. Sumit...1st ईयर रेजिडेंट.
हाथ आगे बढ़ाते हुए सुमित बोलै.
सुमित की इस बात ने संजना को और भी हैरान कर diya...Fir भी वो सुमित से हाथ मिलाती है.
संजना:- संजना हेरे.
अभी भी उसको विश्वाश नहीं हो रहा था की ये सच hai...Kaha कल का वो साइकियाट्रिक पेशेंट और कहा आज का ये 1सत ईयर रेजिडेंट वो भी सर्जरी का.
जहा संजना खुद को विश्वाश दिलाने की कोशिश कर रही थी वही दूर एक शख्स को देख सुमित को भी हैरानी का एक तेज झटका लगा.
सुमित:- Woww...Whattt ा सुरप्रीसीई!!!
सुमित को भी भरोषा नहीं हो रहा था.
3 इयर्स बैक
सर्जरी रेजीडेंसी 1सत डे
तो जनाब कहा जा रहे है आप?
सुमित के रूम पार्टनर सुनील ने पूछा.
सुमित:- सोचा थोड़ा हॉस्पिटल का चक्कर लगा कर aau...Abb यही तो है अपना कर्मस्थल वो भी 3 साल के लिए.
सुनील:- ऐसे?
सुमित:- हाँ तो कैसे?
सुनील:- मेरा मतलब वाइट कोट लगा le...Doctor वाली फीलिंग भी aayegi...Aur तू है की शर्ट पंत में hi जा रहा है.
सुमित:- अंडरकवर होने में भी अलग hi मजा है.
सुनील:- अंडरकवर कप तो सुना था.
सुमित:- तो मुझे अंडरकवर डॉक्टर समझ ले.
सुनील:- तू तो समझ के बाहर है?
सुमित:- और ऐसा क्यों?
सुनील:- कल ओरिएंटेशन क्लास बंक कर दिया और आज तेरा ये अंडरकवर होने का shaukh...Pata नहीं कल क्या गुल खिलायेगा.
सुमित:- अब्ब घंटो तक कौन बोर hoga...Seniors ने कहा था किसी काम का नहीं ये ओरिएंटेशन क्लास.
सुनील:- तुझे सर्जरी डिपार्टमेंट के होड़ बुला रहे है मिलने के लिए.
सुमित:- इतना बड़ा सर्जन भी नहीं हूँ.
सुनील:- बहुत खड़ूस दिख रहा था wo...Agar उसने सोच लिया तो बड़ा सर्जन तो क्या तुझे सर्जन बनने hi नहीं देगा. :lol1:
सुमित:- ऐसे कैसे?
सुनील:- वो तो वो hi बता सकते है.
सुमित:- देख लेंगे उन्हें भी.
इतना कह कर सुमित निकलने hi वाला था की उसके मोबाइल में फ़ोन आता है.
सुमित:- हाँ चुड़ैल बोल.
दोस्ती तरफ रश्मि थी.
रश्मि:- आपने हॉस्टल ज्वाइन कर लिया और बताया भी नहीं.
सुमित:- अरे वोऊ...
रश्मि:- कोई एक्सक्यूज़ नहीं. :बात:
सुमित:- सच hi सुन्ना चाहती है तो तेरा बकबक से बच्चन के लिए हॉस्टल चूसे kiya...Abb तेरी बकवास सुनु या पढाई पर ध्यान दू.
दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आता.
सुमित:- अरे मजाक कर रहा tha...Abhi रेजीडेंसी (पग ग्रेजुएशन) में इंटर्न से भी ज्यादा ड्यूटी देते है तो घर और कॉलेज दोनों मैनेज करना मुश्किल होता है.
हर वीकेंड घर जरूर आऊंगा.
रश्मि:- सच्ची!!!
सुमित:- मुछि.
हँसते हुए सुमित ने कहा और फ़ोन रख दिया.
हॉस्टल से निकलने के बाद वो सर्जरी के वार्ड में गया.
कुछ देर वह के कंडीशन देखने के बाद वो एक खाली बीएड के पास जा कर खड़ा हो जाता है.
और वह से निकलने hi वाला था की एक लड़की गुस्से से उससे कहती है.
लड़की:- आप चुप चाप अपने बीएड पर baithiye...Tabhi से देख रही हूँ बिना किसी काम के इधर उधर घूम रहे है.
सुमित ने गौर से उस लड़की को dekha...White कोट में एक खूबसूरत सी ladki...Gusse में थोड़ी लाल आँखें.
लड़की:- आप हंस क्यों रहे है?
वाइट कोट में hi कैपिटल लेटर में नाम लिखा था डॉ. संजना.
सुमित:- नहीं कुछ nahi...Bas एक जोके याद आ गया था.
संजना:- क्या परेशानी है आपकी?
सुमित:- रात में नींद अच्छे से नहीं आती.
संजना:- तो आपको साइकाइट्री वार्ड में जाना चाहिए था.
सुमित:- नहीं नहीं मई साइको नहीं हूँ.
एक्टिंग करते हुए सुमित ने kaha...Sanjana से मस्ती मजाक करना उससे अच्छा लग रहा था.
संजना:- साइकाइट्री का मतलब साइको नहीं hai...Chaliye मई आपको रेफेर कर देती हूँ.
सुमित:- लेकिन मुझे तो पहले hi सर्जरी में रेफेर कर दिया था एक डॉक्टर ne...Aur डॉ. सुमित ने यहाँ वार्ड में एडमिट कर दिया.
संजना:- ये डॉ. सुमित कौन है?
सुमित:- बहुत बड़े सर्जन hai...Shayad आप नहीं जानती उन्हें.
संजना:- लेकिन एडमिट किस वजह से? रात में नींद न आने की वजह से सर्जरी वार्ड में एडमिट.
सुमित:- एक और बीमारी भी है.
संजना:- वही तो पूछ रही हूँ?
सुमित:- लंग्स में किडनी अटैक.
संजना:- क्या?
सुमित:- ओह्ह sorry...Kidney में हार्ट अटैक.
संजना:- व्हाट नॉनसेंस?
अब्ब संजना सच में गुस्सा हो गयी थी.
सुमित:- डॉ. सुमित ने कट स्कैन किया tha...Report में वही लिखा tha...Kidney में हार्ट अटैक.
संजना:- पक्का साइकियाट्रिक पेशेंट है.
फिर संजना गुस्से में निकल गयी और हँसते हुए सुमित भी अपना रूम वापस चला गया.
नेक्स्ट डे.
तुम!!!
हैरानी में संजना चीख पड़ी जब उसने अपने सामने सुमित को dekha...Wo भी वाइट कोट में.
डॉ. Sumit...1st ईयर रेजिडेंट.
हाथ आगे बढ़ाते हुए सुमित बोलै.
सुमित की इस बात ने संजना को और भी हैरान कर diya...Fir भी वो सुमित से हाथ मिलाती है.
संजना:- संजना हेरे.
अभी भी उसको विश्वाश नहीं हो रहा था की ये सच hai...Kaha कल का वो साइकियाट्रिक पेशेंट और कहा आज का ये 1सत ईयर रेजिडेंट वो भी सर्जरी का.
जहा संजना खुद को विश्वाश दिलाने की कोशिश कर रही थी वही दूर एक शख्स को देख सुमित को भी हैरानी का एक तेज झटका लगा.
सुमित:- Woww...Whattt ा सुरप्रीसीई!!!
सुमित को भी भरोषा नहीं हो रहा था.