Romance भंवर (पूर्ण) - Page 19 - SexBaba
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Romance भंवर (पूर्ण)

:( Mere aanshu nikalte nikalte rahe the kya kahte hai... Gf chali jaye wo chalega par mobile jana jyada kshtdayi hota hai hum middle class walon ke liye
 
Sabhi baten kalpnik nahi hoti xfan bhai... Viswas kijiye .. haan ability kalpnik hai.. apasyu kalpnik hai.. lekin mansikta .. bhatki mansikta shayad kalpnik hai..

Tabhi to hum apne pariwar ko surakhsa dayre me rakhte hai... Taki koi apriya ghtna na ho....

Baki jahan bure log hai wahan ache bhi hai aur social media aaj apasyu ka role play kar raha hai jiski ability se hum aise bhatke logon ki railey bhi nikal dete hai aur fase huye logon tak madad bhi pahunch jati hai betiya
 
Update:- 163

23 दिसंबर 2014… युक्रेन की राजधानी कीएव में बैठे बैठे चारो भाई बहन.. कलिका, युक्तेश्वर, हंस और रुद्रा पक चुके थे। चारो भाई बहन बस अपस्यु के कॉल आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी बीच कलिका ने नीलू को कॉल लगाया, और अपस्यु के बारे में जानकारी लेने लगी।

उधर भी वहीं हाल था जो इधर का हाल था। नीलू भी यूक्रेन में ही थी, लेकिन वो अपने लोगों के साथ नॉर्थ बॉर्डर पर थी। उसे भी अब तक कोई सूचना नहीं आयी थी। दोनो बात कर ही रहे थे तभी कलिका कॉल काटती हुई कहने लगी रुको अपस्यु का कॉल आया है।

इसी बीच रुद्रा अपस्यु का कॉल अटेंड करते… "जी सर आदेश करे।"..

अपस्यु:- एक लोकेशन सेंड किया है, पैसे लेकर वहां पहुंचो। वहां पहुंचकर वापस इसी नंबर पर "पहुंच गया" का एक मैसेज करना। फिर मै तुम्हे बताऊंगा कहां पहुंचना है।

इतना कहकर अपस्यु ने नीलू को कॉल लगाया और उसे भी वही लोकेशन भेजते हुए कहने लगा। जल्द से जल्द उस लोकेशन पर पहुंचो और वहां मेरे कॉल के इंतजार करो।

जैसे ही अपस्यु ने कॉल डिस्कनेक्ट किया, नीलू उन्ह फोन लगाती… "अपस्यु ने कोई लोकेशन दिया है क्या?"..

रुद्रा:- हां, पैसे लेकर उसी लोकेशन पर पहुंचने कहा है।

नीलू:- ठीक है आ जाओ, लगता है हमे साथ सफर तय करना है। पता नहीं दोनो के दिमाग में क्या खिचड़ी पक रही है। हो सकता है जिस लोकेशन पर हम मिले वहां अपस्यु की नजर हो, इसलिए मै अपना काम करूंगी और तुम लोग अपना।

रुद्रा:- हम्मम ! ठीक है वहीं करूंगा।

जैसे ही कॉल डिस्कनेक्ट हुआ..… "उस दिन एयरपोर्ट पर जो 40 आदमी हमने भेजे, उसे नीलू और उसके 5 लोगो ने देख लिया था। नीलू जैसे 80 लोगों को लेजेश के बेस पर 20 लोगो ने देख लिया था। भाई इस अपस्यु के पास लोगों का ऐसा कौन सा पिटारा है जो इतने कम में इतनो को संभाल लेता है। और अब ये अपस्यु हम से निपटने के लिए कौन सा पिटारा खोलेगा।".. कलिका हंसती हुई कहने लगी।

रुद्रा:- हा ह हा हा.. हमारे लिए पृथ्वी पर भगवान को उतारने वाला है। एक अकेला हम सब पर भारी। युक्ता हमारा सैटलाइट ड्रोन तैयार है।

युक्तेश्वर:- आतंक मचाने के लिए तैयार है।

रुद्रा:- मिनी टैंकर को लोड करवा दिए हो कंटेनर में।

हंस:- हां करवा दिया है।

रुद्रा:- लोकेशन युक्रेन और रशिया बॉर्डर की है, यानी डील हमारी ब्रयांस्की के बर्फीले जंगल में होगी। एक हैलीकॉप्टर भिजवाओ उस इलाके में और उसके लोकेशन मिलते ही कहो फोन करने। हमे समझ क्या रखा है डील हम इनके भरोसे करते है क्या?

हंस:- पैसा दिखते ही सीधा गोली मारना है, कोई चूक ना हो।

रुद्रा:- इस बात की वो तैयारी पहले से किया होगा। चूहे बिल्ली के खेल में समस्या ये है कि हम दोनों को पता है कि हम एक दूसरे को फसा रहे है, और फिर भी दोनो आमना सामना करने को बेकरार है, वो सोचता है वो अपने पुरा प्लान में सफल हो जायेगा, और हम सोचते है कि हम सफल होंगे।

कलिका:- हम कुछ तो मिस कर रहे है भाई, ऐसा क्यों लग रहा है कि तैयारी अब भी पूरी नहीं हुई है?

हंस:- हा हा हा हा हा.. कितना नौटंकी करते हो तुम सब के सब। बेचारा वो तो समझ ही नहीं पाएगा की हुए क्या है? उस नीलू का क्या करना है?

रुद्रा:- रुककर तमाशा देखते है। अगर वो हमारे साथ हुई तो यूं समझ लो फिर हम भी इनके मदद के जरिए, साल में ऐसे ही एक बार बैंक रॉबरी कर लिया करेंगे और हवाला वालों से करेंसी चेंज करवाएंगे।

कलिका:- बिल्कुल सटीक आइडिया है। चलो चला जाए।

पैसा पहले से कंटेनर में लोड था जिसे लेकर रुद्रा अपने भाई बहन से साथ निकल गया। साथ निकले तो सही, लेकिन ये लोग अपने 50 लोगों का काफिला लेकर युक्रेन के पूर्व में खाली मैदानी क्षेत्र की ओर पहुंचे, जहां इनके 450 लोग पहले से डेरा जमाए हुए थे।

अपस्यु के जिस लोकेशन का ये लोग अंदाज़ा लगा रहे थे उससे तकरीबन 800 किलोमीटर की दूरी पर। जब ये लोग अपनी जगह छोड़ने लगे तब उन्होंने नीलू के पास एक लोकेशन भेजा और वहां आने के लिए कहने लगे। साथ में ये संदेश भी लिख दिया… चुनाव का अंतिम निर्णय तुम्हारा है, अपस्यु के लोकेशन पर जाकर उसके साथ रहो या हमारे लोकेशन पर आ जाओ।

संदेश भेजने के तुरंत बाद… "अब आएगा मजा, जारा इस लड़की के चेहरे की रंगत मुझे देखने दो।"…. हंस अपनी बात कहते हुए कंप्यूटर स्क्रीन देखने लगा।

जैसा कि वो अपने स्क्रीन पर देख सकता था.. जैसे ही संदेश मिला उसे पढ़ने के बाद नीलू उसे डिलीट करती हुई कहने लगी… "पैक उप बॉयज। हम पहले की लोकेशन को छोड़कर नए लोकेशन पर जा रहे है।"…

नीलू के एक इशारे पर उसके 4 साथी और बाकी के 40 रिटायर सोल्जर, नजदीकी टाउन के एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से एक मीडियम जेट हॉयर करके लोकेशन के नजदीकी टाउन पहुंचे। कुछ घंटो का सफर और नीलू अपने लोगों के साथ रुद्रा के बताए लोकेशन पर पहुंच चुकी थी।

शाम को वो सभी उस छावनी में थे जहां रुद्रा के 450 जल्लाद दारू और खाने के साथ मस्त मज़े कर रहे थे। कैंप में जैसे ही नीलू और उसकी टीम पहुंची, उन्लोगो ने उनका ऐसा स्वागत किया मानो कब के बिछड़े मिल रहे है। शायद रुद्रा ने इनके आने कि सूचना पहले से दे रखी थी। नीलू की टीम भी खा पीकर आराम से सो गई।

24 दिसंबर की सुबह जब नीलू और उसके 4 साथी की नींद खुली, तो पता चला उन पांचों के ऊपर से तम्बू गायब है और उसके चारो ओर लोग घेरे बैठे थे। और सबसे आगे बैठे थे चारो भाई बहन।… "ऑफ ओ बेचारी नीलू को तुम सब ऐसे क्यों घुर रहे हो।"… कलिका ने अफ़सोस जाहिर करते हुए कहा।

हंस:- हम घुर कहां रहे है दीदी, बस अपनी किस्मत पर रो रहे है। ये बेचारी आयी, हमने दाना डाला और है बहुत नखरे के बाद वो दाना चुग ली। साला हमारे माथे पर तो चुतिया लिखा है ना, कि हम ये समझ नहीं पाएंगे की ये लड़की उसकी ही वफादार रहेगी। लेकिन क्या एक्टिंग करती है ये.. कोई अगर सर्विलेंस करे तो भी पकड़ ना पाए कि इसकी वफादारी झूठी है।

नीलू:- ये क्या बकवास कर रहे हो तुम लोग।

रुद्रा:- हम तो तुम्हारी बातों पर यकीन कर रहे है बेबी। तुम्ही ने तो कहा था, तुम हमारे पास आयी हो इस बात को भी अपस्यु सोचकर चल रहा होगा। तभी तो उसने दिखाने के लिए तुम्हे और तुम्हारी टीम को हमसे दूर रखा, ताकि वो जाहिर कर सके की उसे तुम कर शक है, इसलिए वो तुम्हे सामिल नहीं कर सकता। जबकि हकीकत ये है कि आज तुम हमे वहां के बर्डर पर मिलते और जैसे ही हम तुम्हारे इलाके से गुजरते, तुम लोग रास्ते में ही हमारे पैसे गायब कर देते। पहुंचकर डील करना ती बहुत दूर की बात है।

नीलू:- करो जो तुम्हे करना है। मुझे मारना है तो मार दो, लेकिन अब पकाओ मत। वैसे भी तुम दोनो के बीच में मै ही पजल होती जा रही हूं। नहीं चाहिए पैसा मुझे अब।

कलिका:- चलो तुम्हारे हिसाब से ही इस डील को रेश्ड्यूल करते है। पहले चलकर तुम्हे पैसा दिखाते है।

कलिका उसे अपने साथ ले गई और पुरा पैसा दिखाने लगी। एक छोटा सा पैसेज था और बाकी उपर से लेकर नीचे तक पैसे ही पैसे रखे थे। नीलू जैसे ही आगे बढ़ी वो लड़खड़ा कर नीचे गिर गई।

कलिका:- पैसे देखकर तेरे तो अभी से होश उड़ रहे है।

नीलू:- ये आधे पैसे है।

रुद्रा:- अतुलनीय, पैसे गिन में तो तुम माहिर हो चुकी हो। चलो भाई मैडम को आधा पैसा और दिखा दो।

नीलू दूसरे कंटेनर के अंदर गई और अपना ऊपर के जैकेट को पैसे के ढेर पर रखती, चारो ओर नजरे दौड़ती… "हां पूरे पैसे है यहां।"..

रुद्रा:- चलो अब डील शुरू करते है, इमरजेंसी नंबर पर अपस्यु और ऐमी से संपर्क कर और मेरी बात करवाओ।

"जैसा तुम कहो।"… कहती हुई नीलू ने कॉल लगा दिया। ऐमी कॉल रिसीव करती… "क्या हुआ नीलू, इमरजेंसी संपर्क।"..

"हेल्लो मिस एमी, उम्मीद है अपस्यु भी तुम्हारे साथ ही होगा।"…. रुद्रा ने जवाब दिया..

ऐमी:- ओह तो ये खेल चल रहा है। खैर अपस्यु इस वक़्त यहां नहीं है वो तुम्हे रिसीव करने बॉर्डर के लोकेशन पर निकला चुका है, लेकिन अब लगता नहीं कि उसकी जरूरत होगी।

रुद्रा:- हम्मम ! उससे संपर्क करो और मेरी बात करवाओ।

ऐमी:- 2 मिनट दो मै सब करवाती हूं…

ऐमी जबतक अपस्यु से वापस संपर्क करवाती, तबतक ये लोग अपना खेल शुरू कर चुके थे। ठीक 2 मिनट बाद कॉल आया… "हेल्लो अपस्यु सर, कैसे है आप।"..

अपस्यु:- अच्छा हूं सर, कहिए इतनी भी इमरजेंसी क्या आन पड़ी मै तो खुद आपसे संपर्क करने आ रहा था, लेकिन ऐमी ने बताया कि लगता है रुद्रा सर पुरा पैसा अकेले ही ले जाना चाहते है।

रुद्रा:- बात 1 या 2 करोड़ की नहीं थी ना सर, यहां तो धन कुवेर बराश रहा है। खैर नीलू ने मुझे पहले ही बताया था कि तुम्हारे साथ फेयर डील करने, तो क्या तुम फेयर डील के लिए तैयार हो।

अपस्यु:- हां मैं सुन रहा हूं।

रुद्रा:- नहीं मेरे भाई ऐसे नहीं जरा वीडियो कॉल लगाओ और हमे लक्ष्मी के दर्शन करवाओ और फिर तुम्हे देखने के लिए तुम्हारे भाई बहन भी बेकरार है, उन्हें भी तो अपनी शक्ल दिखा दो।

अपस्यु:- ऐमी सुना ना क्या कहा सर ने कनेक्ट करो वीडियो कॉल से..

जैसे ही वीडियो कॉल से कनेक्ट हुआ… एक ओर ऐमी एक शानदार कंटेनर में बैठी थी, वहीं दूसरी ओर अपस्यु किसी अंधेरी सी गुफा में था, जहां 8-10 लाइट के छोटे छोटे पिलर लगे थे। … "ऐमी साहब को पैसे के दर्शन करवाओ।"..

ऐमी अपने कंटेनर के बीच से एक छोटा सा दरवाजा खोली, और दूसरे कंटेनर में दाखिल हो गई। छोटे से पैसेज में खड़े होकर चारो ओर का नजारा दिखाया। रुद्रा अपनी तसल्ली के लिए बीच से कोई भी पैकेट उठाने के लिए कहता और पैकेट फाड़कर 1-2 गद्दी के बीच के पूरे नोट देखता।

ऐसे ही उसने दूसरे कंटेनर में भी रखे नोट के साथ किया। सुनिश्चित करने के बाद… लो पहले अपने बड़े भाई बहन से मिल लो… "हेल्लो लिटल ब्रदर".. तीनों ने एक साथ कहा।

अपस्यु हंसते हुए… "हेल्लो बिग्गी, लगता है वीडियो कॉल पर ही परिचय होगा।"

हंस:- छोटे भाई तू किस बिल में घुसा है। क्या ये उसी लोकेशन का सुरंग है जहां हमारे पैसे से भड़ा कंटेनर होता। तुम एक छोटा सा ब्लास्ट करते पूरी गाड़ी अंदर और तुम हमारा पुरा माल लेकर गायब हो जाते।

अपस्यु:- क्यों तुम्हारे आईटी वाले अब तक इस लोकेशन का पता नहीं लगा पाए क्या?..

कलिका:- छोटे भईया काफी स्मार्ट है। जैसा सुना था बिल्कुल वैसा ही। हमारे छोटे भईया तो शुरू से जान बूझकर हमारे सर्विलेंस को चकमा दे रहे है। दिखा ऐसे रहे थे जैसे उन्हें पता ही ना हो कि हम उन पर नजर रखे है लेकिन दिमाग 360⁰ काम करता है भाई का। हमे क्या श्रेया समझ रखा है?

अपस्यु:- ये मेरे लिए शॉकिंग था? मतलब श्रेया एक छोटा सा चारा था जिसके जरिए मै तुम लोगो का रिसर्च सब्जेक्ट बाना।

युक्तेश्वर:- बिल्कुल सही भाई। हर किसी को लगता था कि वो तुम पर नजर दिए है लेकिन मेरा भाई तो उन्हें जान बूझकर सर्विलेंस करने देता था, क्योंकि वो अपना कुछ भी प्लान नहीं करता, बस उनके सर्विलेंस को ऐसा डायवर्ट करता है कि लोग हमारे भाई के लिए खुद अपने कब्र खोदने की प्लांनिंग कर लेते है।

अपस्यु:- हम्मम ! स्मार्ट हां। तुमने मुझे चौंका दिया है भाई। खैर अब मुद्दे कि बात पर आ जाए।

रुद्रा:- यार पहली बात तो ये की तुम्हारा आईटी सेक्शन कौन देखता है, मैं बहुत प्रभावित हुआ, मेरा हेलीकॉप्टर तुम्हारे बेस को ढूंढ रहा है लेकिन मिल नहीं रहा जबकि हमारे स्क्रीन पर तुम्हारे दोनो लोकेशन है। जारा उस जीनियस के दर्शन तो करवाओ जो कॉल कनेक्ट किए हुए लोकेशन को डायवर्ट कर रहा..

अपस्यु:- डायवर्ट कर रहा नहीं, डायवर्ट कर रही। सिंगल हैंड वो ऐमी देखती है सर। और कोई दुविधा जो आपको परेशान कर रही हो?

कलिका:- बस भाई हो गया। यही जानना था कि आखिर कौन सी वजह से तुम लोगो से 2 कदम आगे रहते हो। काफी हॉट और खूबसूरत वजह है। लेकिन एक बात बताओ जब हम एक ही पिता के संतान है फिर हमसे बैर क्यों, साथ मिलकर काम करना था ना।

अपस्यु:- जिंदा निकला यहां से तो इस पर जरूर सोचूंगा दीदी, फिलहाल तो मै अब बोर हो गया हूं.. तो बताओ किस तरह से डील खत्म करना पसंद करोगे।

रुद्रा:- फेयर डील से ये डील खत्म करेंगे। अब मै स्क्रीन शिफ्ट कर रहा हूं, तुम जारा इन्हे पहले ध्यान से देखो।

5 खंबे और पांचों खंबे पर क्रॉस बाना हुआ। हर क्रॉस पर एक वीरदोयी पूर्ण नंगा करके टंगा हुआ था, जो बिल्कुल ही अचेत अवस्था में थे… "युक्रेन के इतिहास का पूर्व रिवाज हमे इतना पसंद आया कि हमने इसे सुली पर टांग दिया।"..
 
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अपस्यु:- हम्मम ! मुझसे क्या चाहते हो।

रुद्रा:- भाई तो गुस्से में लग रहा है। ऐसा लगता है नीलू और उसके साथियों से कुछ ज्यादा कि उम्मीद थी। खैर हम एक फेयर डील चाहते है।

अपस्यु:- हां मै सुन रहा हूं।

रुद्रा:- पहले तो तुम और ऐमी अपने लोकेशन से बाहर सतह पर आओ ताकि हम लोकेट कर सके तुम्हे…

अपस्यु अपने सुरंग से बाहर निकला और ऐमी अपने कंटेनर से। दोनो एक साथ खड़े हो गए…. "ओह हो तो जैसा सोचा था वैसा ही निकला। तभी ये नीलू मुझसे कह रही थी कि बिना पैसों डील के जगह पर गए तो डील संभव नहीं। और इसी जगह पर तुम्हे हराना आसान भी होगा। अच्छा हुआ जो हम वहां नहीं गए, वरना तुम तो मुझे और मेरे साथियों को बर्फ के नीचे ही दबा देते।

ऐमी:- कितना पकाते हो सर, जल्दी से प्वाइंट पर आओ।

कलिका:- "भाई थोड़ा तमीज तो सीखा देते, हम तुम्हारे बड़े भाई बहन है। खैर ये सब इंडिया में करेंगे, यहां हमे पैसे लेने है, और लेकर निकालना है। ध्यान से सुनो। हमने तुम्हे लोकेट कर लिया है, वहां कुछ आदमी नीचे उतरेंगे उन्हें आराम से वो अपना लैपटॉप दे देना, थोड़ी देर उनके साथ रुकना फिर वो चेक कर लेंगे की तुमने और कोई मास्टर कंप्यूटर या अन्य कोई डिवाइस अपने कपड़े या जिस गाड़ी से तुम हमारे ओर आओगे उसमे छिपा तो नहीं रखा है।"

"इतना होने के बाद वो तुम्हे कहेंगे जाओ और उस पार जाकर अपने साथियों को निकलो, और यूरोप से निकलकर इंडिया पहुंचो, क्योंकि अच्छा नहीं लगेगा ना कि तुम दोनो यहां मारो और तुम्हारा परिवार और दोस्त वहां। इसलिए सब साथ मारोगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। या फिर यहां से बचकर तुम हमे मारने का भी प्लान कर सकते हो, उसकी पूरी छूट हम देते हैं।"

अपस्यु:- योजना अच्छा है लेकिन एक चमत्कार तुम्हे दिखता हूं। ऐमी हमारे दायरे मै घुसे इस हेलीकॉप्टर को बाहर निकालो।

अपस्यु की बात सुनते ही ऐमी ने कुछ कमांड दिया और उनका हेलीकॉप्टर अनियंत्रित हो गया। पायलट ने तुरंत ही दिशा बदली और अपस्यु के फेंसिंग इलाके से वो हेलीकॉप्टर बाहर था।..

अपस्यु:- ओ भाई ये 250 बिलियन यूरो है, 2.5 करोड़ रुपए नहीं। मतलब यहां क्या सस्ते नशा करके आए हो। मै पैसा छोड़कर चला जाऊं। तुम्हरे लोग आएंगे मेरे नेटवर्क कंट्रोल करने, मेरा पैसा लेने और मै यहां खाली हाथ झुनझुना बजाऊं।

"नहीं एक बात बताओ मै 250 बिलियन छोड़ कर आ जाऊं और फिर तुम 5 की जगह 7 लाश गिरा दो। अच्छा गेम खेल रहें थे, लेकिन कोई बेवकूफ ही होगा जो ऐसा बकवास डील की सोचेगा भी। तुम पैसा मिलने के बाद भी जब लाश ही गीराओगे तो मारकर उनको कहानी खत्म करो। मै मेरा पैसा लेकर चला, 25% के प्रोफिट का हिस्सा तुम्हे ही देना है मुझे क्या घंटा फर्क पड़ेगा। अक्ल से पैदल ऐसे करोगे फेयर डील।

रुद्रा:- उम्मीद छोटे भाई उम्मीद। खैर तुम बताओ तुम कैसे वहां से निकल पाओगे जब मै रसियन आर्मी को भेज दूं।

अपस्यु:- पागल कहीं का.. पैसे अंडरग्राउंड है बस थोड़ा सा ब्लास्ट करके पैसे को रेलिकेट करना है और पास में ही हमारा एग्जिट प्लान है वहां से बाहर। ये कैसी कैसी बातें कर रहे हो बड़े भाई। 250 बिलियन की डील करने वाले को तुमने अनवर हटेला या पप्पू कनिया समझ रखा है क्या? फेयर डील सिम्पल है, तुम्हे मेरी जगह पर आना था तुम नहीं आए, डील अब भी वही है। तुम 25% अपना कमीसन लोगे और यहां से यूरो लेकर निकलोगे और मै डॉलर, इसमें कोई तब्दीली नहीं होगी।

उन 5 लोगों की कीमत 5 बिलियन मै देता है हूं, इससे ज्यादा की उम्मीद है तो उन्हें मार दो, 5 बिलियन में मै 10 अनमोल रत्न तैयार कर लूंगा। बकवास बहुत हो गई मै कॉल डिस्कनेक्ट करता हूं, तुम चाहो तो मेरे इलाके मै जबरदस्ती घुसपैठ कर सकते हो, पूरी रकम की चाहत में, लेकिन बता दूं इसमें जान जाने का 100% रिस्क है। चलो अब फोन रखो और सोचकर जवाब दो, तुम्हरे पास आधा घंटा है।

फोन काटते ही ये चारो भाई बहन जोड़ जोड़ से हसने लगे… "यार मै भी ना भावनाओ में बह गई थी। भुल ही गई थी कि ऐसा भी कोई प्रस्ताव होता है क्या? इन 5 लोगों की कीमत 5 बिलियन यूरो है तो फिर इसकी मां, बहन, भाई, इसका ससुर, इसके भाई का ससुर, वो इसकी दोस्त साची, काया, 10, 15 इसके भरोसे के लोग… देखना भाई हो गया ना 250 बिलियन का हिसाब क्या?"..

रुद्रा:- हां इतने में हो जाना चाहिए। चलो आराम से फेयर डील का ऑफर देते है, और यहां उसे दिखाते है कि इशारों पर कैसे नचाया जाता है, और कैसे उसके प्राण निकालते है।

रुद्रा कुछ मिनट बाद अपस्यु को वापस कॉल लगाते… "ठीक है डील मीटिंग के नॉर्म्स से होगी, मेरा कंटेनर लोड है, तुम अपने कंटेनर लेकर आओ। हम एक्सचेंज करके निकलेंगे। तुम्हारे साथियों को नीचे उतार रहा हूं देख लो। 5 बिलियन की वसूली मै इंडिया में कर लूंगा वो भी तुम्हारे डील के हिसाब से।

अपस्यु:- ठीक है लोकेशन सेंड करो कल ठीक 12 बजे दिन में हम अपने अपने कंटेनर लेकर निकल जाएंगे।

अपस्यु ने कॉल डिस्कनेक्ट किया। ऐमी हंसती हुई अपस्यु का हाथ थामती… "सरप्राइज के लिए शुरू से तैयार रहना था। शायद ये आखरी काम हो।"..

अपस्यु:- कोई नहीं ऐमी, अंजाम जो भी हो हम साथ में है।

दोनो की नजरें मिल रही थी और दोनो एक दूसरे के होंठ चूमकर कंटेनर लोड किया और चलते बने। रास्ते भर दोनो में खामोशी छायी रही। रात में आगे का सफर ना तय करके दोनो आराम से एक साथ एक दूसरे के बाहों में लेटे और चांद की रौशनी में एक दूसरे को निहारते रहे।

25 दिसंबर दिन के 12 बजे… ऐमी को सामने का कैंप दिख रहा था, जो की लगभग 300 मीटर की दूरी पर था। उन लोगो ने भी सामने से 4 कंटेनर को आते हुए देखा। चारो भाई बहन अपने भिड़ के साथ उधर से चले, और ये दोनो अपने ओर से।

कलिका:- उफ्फ कितना हैंडसम है मेरा भाई। लेकिन अफ़सोस इसकी जिंदगी बस आज की ही मेहमान है।

अपस्यु:- हम ये जानकर आ रहे है कि यहां खून के प्यासे बहुत से लोग होंगे फिर भी इतना ओवर कॉफिडेंस। ये बात कुछ हजम नहीं हुई।

रुद्रा:- दाद तो तुम्हारे कॉफिडेंस की देनी होगी। 540 लोगो के बीच घिरे हो। तुम्हारे 5 लोग स्वीट पॉयजन का शिकार है, जिसके इंजेक्शन का असर ऐसा है कि वो चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते, तब तक तो नहीं जबतक इसका एंटीडोट हम इन्हे नहीं दे देते। तुम्हारे ऊपर गोली उगलने वाले 2 ड्रोन है, जो हमारे उंगली के इशारे पर काम करते है, इसके अलावा वहां देखो… अरे बॉयज जारा जगह दो और सर को देखने दो।

सभी लोग जैसे ही किनारे हुए, कंटेनर फाड़कर 2 मिनी टैंकर बाहर निकले, जिसकी नली सामने खड़े 5 लोगों पर थी। रुद्रा फिर से बोलना शुरू किया… "इधर ध्यान दो मेरे भाई, इतनी तैयारी जो मैंने 1 बिलियन में की है, उसके बाद भी तुम अपना पैसा ले जा सकते हो, इतना कॉफिडेंस आता कहां से है तुम्हे। बेवकूफी मत करो और कंटेनर का ख्याल दिल से निकाल दो। तुम चुपचाप मेरी गोली खाकर मर जाओ और जब तुम मर रहे होगे, तो देख पा रहे होगे की हम कितने दरियादिल है जो तुम्हारी गर्लफ्रेंड और साथियों को यहां से जाने के लिए सेफ पैसेज दे चुके है।

ऐमी जोड़ जोड़ से हंसती हुई… "फास्ट एंड फ्यूरियस का बड़ा ही गंदा असर हुआ है। खैर एक छोटा सा नमूना हम दिखाते है, नजर जारा हमारे कंटेनर से 100 मीटर लेफ्ट पर लेना।"..

जैसे ही उन लोगों ने लेफ्ट में देखा एक बड़ा धमाका हुआ और कई फिट नीचे गड़ढे हो गया।… ऐमी चुटकी बजाती… "हेल्लो ब्रदर, इधर ध्यान देने का। एक पत्ते हिलने जैसा हरकत हुआ, तो हम तो डूबेंगे सनम लेकिन तुम्हे भी ले डूबेग।"

कलिका:- बहू काफी स्मार्ट है लेकिन एक बात भुल क्यों रही हो ऐमी, अभी और भी जलवा बाकी है। अब जारा इस स्क्रीन पर नजर डाल दो। ओह माय गॉड ये क्या हो गया.. हमने वो तुम्हारे थोड़े से जान पहचान वाले विन्नी और क्रिश तक को कैद किया है। हाय री किस्मत इन पैसों के लिए एक पूरे खानदान की जान लटकने वाली है। अपस्यु अब अच्छे बच्चे की तरह हमारा कहा मान लो।

अपस्यु, ऐमी का हाथ थामा, वहीं चिर परिचित मुस्कान उसके चेहरे पर थी।… "पैसे मिलने के बाद भी तुम मार ही दोगी, मुझे तो इस डील में किसी के भी जिंदा बचने की आस नहीं दिख रही। फिर जब सब मरेंगे ही, तो हम तुम्हे तड़पा कर क्यों ना मेरे। ऐमी छोटी सी हरकत और पूरे पैसे राख।"

ऐमी:- शौक से बेबी।

रुद्रा:- यार वाकई जैसा नीलू ने कहा था तुम बहुत ही टॉप के खिलाड़ी हो। चलो ठीक है एक काम करते है।

अपस्यु:- रहने दो बेवकूफों तुमने अपनी बाजी चल दी है अब मेरा टर्न है।.. बहुत बोल लिए और मै अब थोड़ा जल्दी में हूं क्योंकि तुमने वाकई खेल में बने रहने की बहुत कोशिश की है।.. बॉयज एंड गर्ल्स लेट दि शो बेगण

अपस्यु की बात सुनकर चारो भाई बहन उसकी बात पर हंस ही रहे थे कि तभी वहां चारो ओर धमाका होना शुरू हो गया। जिस जगह भिड़ खड़ी थी वहां लंबा सर्किल बन गया जिसमें तकरीबन नीचे 50 फिट का गद्दा और सामने की दूरी 20 फिट की। ऐसा लग रहा था जैसे इन्हे किसी मीनार पर खड़ा कर दिया गया हो।

इनके 2 टैंकर की पोजिशन जहां थी, वो पुरा का पूरा टैंकर ट्रेलर सहित नीचे भूमिगत हो गया। अपस्यु ने अपने पैसे के ट्रेलर जहां खड़ा किया था वो भी भूमिगत हो गया। डॉलर से भड़ा ट्रेलर वो भी जमीन में।

बस 10 सेकंड में ऐसा हो गया कि इन चारो ने अपना सर पकड़ लिया। तभी युक्तेश्वर ने शूट करने का ऑर्डर दिया और उधर उसका ही ड्रोन उसके पाऊं के नीचे जमीन पर गोली चलना शुरू जर दिया।… "बेवकूफों हम बुलेट प्रूफ जैकेट में है। ऐमी डेमो दिखाओ।"..

ऐमी ने बिना सोचे 3-4 गोली अपस्यु पर चला दी।.. "अब ध्यान से सुनो मेरी बात, तुमने मुझ पर शूटिंग किया तो मै तो बच जाऊंगा। लेकिन जो ड्रोन तुम्हारे उंगली के इशारे पर काम करती थी, वो अब हमारी है। मेरी स्वीटी ने तुमसे बात करते करते उसे हैक कर लिया, वो भी बिना नजरे नीचे झुकाए उस छोटे से कीपैड पर टाइप कर रही थी जो मात्र 4 इंच का है। मेरी स्वीटी है ना कमाल कि।"

नीलू:- आय आय रे, तुम दोनो ने किन जलीमो के बीच फसाया है, अब बात को खींचो मत चलो चलते है, तुम्हारा पुरा खानदान खतरे में है।

अपस्यु:- "एक मिनट बस हो गया नीलू, जारा कुछ कुछ बातें बता लेने दो। सुनो बेवकूफों मारना मेरी फितरत में नहीं है, इसलिए तुम सबको तुम्हारे नसीब के भरोसे छोड़ जा रहा हूं। आराम से नीचे की मिट्टी काटकर एक ओर की सीढी बनाओ नीचे उतरने के लिए और फिर दूसरे ओर से सीढी बनाओ ऊपर आने के लिए। जल्दी में हूं परिवार की जान खतरे मै है और तुमने सही कैलकुलेशन लगाया था, परिवार ज्यादा जरूरी है।"

"वो पैसे इस वक़्त मैं नहीं ले जा सकता, यही जमीन के नीचे दफन है। ले जा सके तो ले जाना। और एक बात तुम्हारे उस स्वीट पॉयजन का एंटीडोट हमारे पास बहुत पहले से है, गुरु निशी केवल तुम्हारी मां और मामा के गुरु नहीं थे, वो मेरे भी गुरु थे। पूरा वक़्त है सोचते रहो की भुल कहां हुई, हम तो चले। सुनो रे भाड़े के खजूर अगर किसी ने पीछे से गोली चलाई तो सबकी लाश यहीं दफन हो जाएगी।"

अपस्यु जबतक अपनी बात कह रहा था ऐमी सबको लेकर अपने साथ लाई एक हैवी ट्रेलर के पास पहुंची जिसका कंटेनर आम कंटेनर से 3 गुना ज्यादा बड़ा दिख रहा था। सबसे अलग और काफी लंबा चौड़ा… जैसे ही उस कंटेनर के चारो ओर का पर्दा हटा नजर के सामने एक 12 सीटर छोटा सा प्लेन था जिसमें बैठकर चारो उड़ गए।
 
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अपस्यु जबतक अपनी बात कह रहा था ऐमी सबको लेकर अपने साथ लाई एक हैवी ट्रेलर के पास पहुंची जिसका कंटेनर आम कंटेनर से 3 गुना ज्यादा बड़ा दिख रहा था। सबसे अलग और काफी लंबा चौड़ा… जैसे ही उस कंटेनर के चारो ओर का पर्दा हटा नजर के सामने एक 12 सीटर छोटा सा प्लेन था जिसमें बैठकर चारो उड़ गए।

युक्तेश्वर:- भाई वहां फोन करके सबको मारने के लिए बोल दो और इधर मदद बुलाओ।

रुद्रा:- हा हा हा हा.. चलो सीढ़ियां बनाते है और कोई उपाय नहीं। हमारे पूरे नेटवर्क सिस्टम को ही वो बर्बाद कर चुका है, ना तो हमसे कोई कॉन्टैक्ट कर सकता है और ना ही हम किसी से। रही सही कसर उसने सिग्नल जैमर लगाकर कर दिया है और उस 12 वोल्ट के जैमर पर सोलर एनर्जी और 5 बैटरी का कनेक्शन भी कर गया है… मोबाइल के नेटवर्क की मां बहन करके चला गया।

प्लेन उड़ते ही नीलू एक पंच अपस्यु के नाक पर जमा दी। पायलट गुस्से में कहने लगा….. ये फिल्मी प्लेन नहीं है, मिनी जेट है। आराम से बैठे रहो वरना प्लेन क्रैश कर जाएगी।

नीलू:- एक दिन पहले नहीं ये सब कर सकते थे। उन्हें एक दिन का वक़्त दे दिए और उन्होंने सबको किडनैप कर लिया। मुझे और इन सबको तो क्रॉस पर ही टांग दिया था।

अपस्यु:- यार कल नीचे सुरंग में था तब मुझे एहसास हुआ कि एक साथ ब्लास्ट किया तो पूरी जगह ही ढह जाती। इसलिए प्लास्टिक सी4 को अलग अलग कमांड में लगाने के लिए हमे वक़्त चाहिए था।

नीलू:- और इस एक दिन में उसने पूरे पैसे हथियाने के जुगाड लगा लिए।

अपस्यु:- इनका नेटवर्क हमने उड़ा दिया है। किसी भी विधि से इनसे कॉन्टैक्ट करने में उन्हें 6 दिन तो लग ही जाएगा। इतने वक़्त में उन्हें ढूंढ़कर वहां से सफेलि निकालना भी होगा।

24 दिसंबर भारत में…...

ये वो वक़्त था जब अपस्यु ने उन चारो भाई बहन को फोन पर खड़ी खोटी सुनाकर साफ शब्दों में कह चुका था कि डील वैसी ही होगी जैसे तय हुई थी, उसमे कोई भी तब्दीली नहीं आने वाली।

जैसे ही अपस्यु ने अपनी मनसा जाहिर कि और 5 वीरदोयी के पकड़े जाने पर जिस प्रकार की अपस्यु की प्रतिक्रिया थी, उससे चारो भाई बहन आगे के स्टेप के लिए बढ़े। अपने लिए एक सुरक्षित और अनुकूल परिस्थिति बनाने के लिए उन्होंने तुरंत अनुप्रिया को कॉल लगाया…. "बुआ वो लड़का आसानी से टूटने वाला नहीं है।"..

अनुप्रिया:- उसका परिवार ही उसकी कमजोरी है, मै उसके परिवार को ट्रैप करके वहां के लोकेशन को ऑनलाइन करवाती हूं रुद्रा, तुम लक्ष्य की ओर ध्यान दो और अपने भाई बहन का ख्याल रखना।

रुद्रा:- जी बुआ जी…

अनुप्रिया, किसी को कॉल लगायी.... "हेल्लो जानू, कैसी हो तुम"..

अनुप्रिया:- बच्चे बड़े हो गए है लेकिन तुम्हारी आशिक़ी नहीं गई। सुनो हमारे बच्चो को थोड़ी सी समस्या दे रहा है मेरा वो सौतेला लड़का। वैसे भी तुम्हारा ही कहना है, दुश्मन को साफ करके आगे का काम देखना चाहिए, एक में ही उलझ कर नहीं रहना चाहिए।

उधर से आती आवाज़… "हां तो मैंने सच ही कहा था ना। खैर वो चन्द्रभान जिस काम के लिए चूक गया, उस काम में हम नहीं चूक सकते। देखा जाए तो चन्द्रभान भी हमे ऊंचाई पर पहुंचा गया, और उसके दूसरी पत्नी के लड़के ने तो तुम्हे जाने अंजाने में इस देश का सेलेब्रिटी बाना गया। ऊपर से 2 लाख करोड़ रुपया बोनस।"..

अनुप्रिया:- सो तो है। लेकिन वो खतरनाक भी तो उतना ही है ना, मुझ से बेहतर तो तुम समझते हो।

उधर से फिर आती आवाज़:- सब करके मै कॉल करता हूं। वो कितना भी खतरनाक क्यों ना हो, उसकी जिंदगी की डोर तो हम रखेंगे अपने हाथ में।

फोन कट होते ही… "भाई उस लड़के के लिए आखरी दाव खेलना बनता है। उसके 15 आदमी जो बाहर से हमे रोक सकते थे, उन्हें मैंने स्वीट पॉयजन देकर दिल्ली राजस्थान के हाईवे पर पहुंचा दिया है। मामला साफ है और कोई विरोध करने वाला नहीं। नंदनी रघुवंशी के सभी बच्चे खतरनाक है, इसलिए पहले सभी बुड्ढों को गन प्वाइंट पर लेलो, बच्चे अपने आप काबू मै होंगे।

शायद मनीष और राजीव मिश्रा की बात सही थी, अनुप्रिया के साथ कोई और भी गुप्त रूप से जुड़ा था, जो बड़े ही ध्यान पूर्वक गहराई से इनकी छानबीन कर रहा था। इन्हीं दोनों के सूचना पर श्रेया और उसकी टीम को अपस्यु के अपार्टमेंट में प्लॉट किया गया था और अब यही दोनो एक नई बाधा डालने वाले थे।

साची, लावणी और कुंजल तीनों ही कैंटीन में थी और उनके साथ थी बिन्नी और कृष। लावणी के मोबाइल पर कॉल आया कि राजीव मिश्रा का एक्सिडेंट गया है, वो पांचों सवार हो गए कुंजल की कार में और जिस प्रकार से अपस्यु की कार को मजबूरन कंटेनर के अंदर जाना पड़ा था ठीक वैसे ही कुंजल को भी कार को कंटेनर में ले जाना पड़ा। वो समझ चुकी थी कि उनको ट्रैप किया गया है।

उसके बाद बाड़ी आयी नंदनी की, जिसके मोबाइल पर कॉल गया की कुंजल का एक्सिडेंट हो गया है। वो पागलों की तरह ऑफिस से नीचे आयी और अपने कार में बैठी। जैसे ही कार में बैठी ड्राइवर ने स्प्रे किया और उसे बेहोश कर दिया। इसी प्रकार सुलेखा, अनुपमा और मनीष मिश्रा को भी बंधक बाना लिया गया। अब केवल बच गए खिलाड़ी, जिसके पास सभी बंधक की तस्वीर गई और उन्हें चुपचाप बाहर लगी कार में बैठने का आदेश मिला।

मजबूरी ऐसी हुई की बात मानने के सिवाय कोई चारा नहीं था, वो लोग भी बंधक बना लिए गए। पुरानी दिल्ली का मसरूफ गली से होते हुए एक बड़ी सी ट्रिपल स्टोरी बिल्डिंग थी लगभग 4000 स्वेयर फिट की, जिसमें तीनों ही फ्लोर पर केवल और केवल बड़ा सा हॉल बाना हुआ था। गली इतनी संकरी की रात के 2 बजे भी कार की गति 20 से ज्यादा ना जा पाए। मसरूफ इतना की चारो ओर लोगो की भिड़ ही भिड़। ऊपर से पूरे इलाके के कसाई और क्रिमिनल को ही जैसे इन लोगो ने सुपाड़ी दे रखी हो। गली के किसी भी मोड़ से घुसो तो भी 200 मीटर का फासला तय करके ही उस ट्रिपल स्टोरी बिल्डिंग तक पहुंचा जा सकता था, और रास्ते में किसी को भी भनक लगी तो पूरी गली ही हथियारबंद लोगो से भर जाए, ऐसा इंतजाम किया हुआ था।

ग्राउंड और लास्ट फ्लोर पर तकरीबन 50-50 हथियार बंद लोग थे और बीच के फ्लोर पर 100 के करीब हथियारबंद लोग थे। हर बंधक को स्वीट पॉयजन वाला इंजेक्शन लग चुका था और सभी को एक चमचमाती चेयर से बांध दिया गया था जो इलेक्ट्रिक चेयर के साथ-साथ उसमे अन्य तरह के सिस्टम भी थे और हर चेयर के नीचे धमाके के लिए एक छोटा सा बॉम्ब लगा हुआ था।

25 तारीख को जैसे ही ये नजारा सामने आया, अपस्यु उन्हें फसाकर निकला और लगभग 2 घंटे बाद युक्रेन की राजधानी क़िएव के एयरपोर्ट पर लैंड किया।

ऐमी:- नीलू हमारे यहां कोई आईटी वाला अपॉइंट है क्या हाई टेक गांव में।

नीलू:- हां आदर्श और नीलेश है। वहीं तो हम दोनों को कॉर्डिनेटर करता था।

ऐमी:- गुड, उससे कॉन्टैक्ट करो और मेरी बात करवाओ।

ऐमी ने शीघ्र है उनसे कॉन्टैक्ट किया। चारो भाई बहन का वर्चुअल वॉइस सिस्टम में अपलोड करने के बाद, डीलिंग वाले जगह की कुछ ओरिजनल और कुछ फेक तस्वीर बनाकर अपलोड करने के बाद उनको समझा दिया क्या करना है सारी बात समझा दी और उनके वापस कॉल आने का इंतजार करने लगी।

वो दोनो आईटी प्रोफेशनल ने सीधा अनुप्रिया से संपर्क किया और मामला कुछ उलझ गया है उसकी तस्वीर दिखाकर अपस्यु के पूरी फैमिली को केवल पकड़कर रखने के लिए कहा, जबतक कि वो लोग पैसा नहीं निकाल लेते। अपस्यु और ऐमी यही है और लगातार नजर बनाए हुए है।

अनुप्रिया को जैसे ही रुद्रा के आवाज़ में संदेश मिला, उसने तुरंत अपने लोगो से संपर्क किया और सबको होल्ड करने के लिए कहने लगी।

उन दोनों आईटी प्रोफेनल का जब वापस कॉल आया तब अपस्यु और ऐमी ने राहत की श्वांस ली और फिर सभी लोग इंडिया के लिए वापस उड़ान भर दिए। डायरेक्ट प्लेन ना मिलने के कारन वो लोग 27 दिसंबर की रात में दिल्ली हवाई अड्डे पर लैंड हुए और चेहरा छिपकर सीधा वहां के लोकल एमपी सोमेश के घर पहुंचे।

सोमेश अपने घर अपस्यु के साथ 5 लोगो को देखकर बेचारा हड़बड़ा सा गया। घबराए हुए वो अपस्यु के आने का कारन पूछने लगा।

अपस्यु:- रलैक्स अंकल, मै यहां आपकी लूंगी नहीं उतारने आया हूं, मेरी पूरी फैमिली किडनैप हुई है और मै अपने घर गया तो बात फ़ैल जाएगी।

सोमेश:- यार लेकिन ऐसे 12 बजे रात में चोर की तरह इतने लोग मेरे बेडरूम में आओगे तो हार्ट फेल होना निश्चित है।

ऐमी:- आंटी इतने हंगामे में भी मस्त सो रही है, बात क्या है नींद कि गोली खिलाकर कहीं और जाने का मूड तो नहीं बना रहे थे।

सोमेश:- क्या खतरनाक लोग हो रे तुमलोग, अभी तो कहे लूंगी नहीं उतारोगे अब फिर क्यों ऐसे नंगे करने पर तुले हुए हो। अपने काम पर ध्यान क्यों नहीं देते।

अपस्यु;- पहली बात तो ये की हम यहां है किसी को भनक तक नहीं होनी चाहिए, लिसा को भी नहीं। दूसरी बात, 12-15 लोगो को हाईली सेक्योर एरिया में 100-200 खतरनाक लोगो के बीच रखा गया है उसका पता लगाना है।

सोमेश:- हम्मम ! कोई आईडिया है किसने किया है ये।

ऐमी:- आइडिया क्या कन्फर्मेशन है की ये अनुप्रिया और उनके चेलों ने किया है, बस ये पता लगाना है कि वो उन्हें लेकर गए कहां?

सोमेश:- नहीं यार गुरु अनुप्रिया तो मार्गदर्शक है वो ऐसा काम नहीं करेगी। वो तो लोगो ने नई चेतना डाल रही है।

अपस्यु:- मतलब हम झूट बोल रहे है।

सोमेश:- मैंने ऐसा कब कहा, मै तो बस कह रहा हूं कि कोई गलतफहमी है।

अपस्यु:- कोई कन्फ्यूजन नहीं है, चाहो तो मै लिसा से पूछा सकता हूं। उसकी एक दोस्त को भी किडनैप किया गया है। एक मिनट लिसा को पता होगा कि उसकी दोस्त कहां है। चलो ऐमी उससे पूछा जाए।

सोमेश:- अरे अब आधी रात को उसे जागने कि क्या जरूरत है, बेचारी काम करके थक गई होगी, सोने दो उसे।

ऐमी:- यहां हमारी फैमिली कैद है और उधर आपको अपनी ही पड़ी है। चलो ऐमी।

दोनो लिसा का दरवाजा नॉक की। लिसा अब तक जाग रही थी और मोबाइल पर मूवी देख रही थी। दरवाजे की दस्तक सुनकर उसने दरवाजा खोला और सामने अपस्यु को देखकर मानो उसका मुझाया चेहरा खिल गया हो..

ऐमी:- यें तुम दोनो के बीच चल क्या रहा है। तुम्हे देखते ही उसका मुरझाया चेहरा खिल गया। खुद को डुअल सिम फोन तो नहीं बना रहे।

लिसा:- ये तुम्हारी फियोंसे बहुत सक्की है यार। आ जाओ अंदर। कहां गायब हो गए थे, कितना तलाश कि तुम्हे पता है?

ऐमी:- क्यों?

लिसा:- अरे यार ये बात बात पर अपनी आखें क्यों चढ़ा रही है। ओय मिस मै लेस्बियन हूं।

ऐमी:- ये अच्छा तरीका निकाला है दूसरो के शक दूर करने का।

अपस्यु:- ऐमी मज़ाक थोड़ा बंद करो। लिसा तुम कहो।

लिसा:- यार उन लोगों ने माया को वहीं आश्रम में कैद कर लिया था। मै जब उस दिन तुमसे ये बात कहने आयी तो मुझे लगा तुम पता लगाने आओगे की काया मेरे साथ क्यों नहीं थी?

अपस्यु:- सॉरी उस वक़्त मै कुछ अलग ही काम निपटा रहा था इसलिए ध्यान नहीं से पाया। अच्छा सुनो हम यहां दिल्ली में है, ये बात किसी को पता नहीं चलना चाहिए, जबतक कि काया मिल नहीं जाती। ठीक है तुम आराम करो।

अपस्यु वापस सोमेश के पास आया और ऊपर के फ्लोर पर बने उसके पार्टी हॉल की चाभी लेकर हर कोई वहां शिफ्ट हो गया। नीलू के चारो साथी उन्हें गुड नाइट बोलकर सो गए और ये तीनों कुछ देर तक सोचते रहे..
 
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अपस्यु:- लगता है गाली सुनने का वक़्त आ गया है। मै सौरव को कॉल लगता हूं।

ऐमी:- वो पहले ही हमारे नाम से खुन्नस खाए बैठा है, लेकिन और कोई उपाय नहीं..

3-4 पूरी रिंग होने के बाद सौरव कॉल उठाते हुए… "कौन"..

अपस्यु:- तेरा बाप..

सौरव:- पिताजी अभी मै बिज़ी हूं मुझसे बात करने की कोशिश भी नहीं कीजिएगा।

अपस्यु:- सोमेश अंकल के घर पहुंचो 15 मिनट में मिस्टर सौरव वरना तुम जानते हो मै क्या कर सकता हूं।

लगभग आधे घंटे बाद… नीचे मस्त इटालियन मार्बल के फ्लोर पर एक ओर अपस्यु और ऐमी बैठे और ठीक सामने सौरव। सौरव उन दोनों को घुरे जा रहा था और ये दोनो सौरव को…

वर्ष 2010-11 जब सौरव अपस्यु से पहली बार यूएस में मिला था। सौरव अपने पिताजी के कहने पर यहां कोई भी डिग्री लेने तो चला आया, लेकिन बेचारे से वो डिग्री हो नहीं पा रहा था। इसी क्रम में सौरव की मुलाकात अपस्यु से हुई थी। एक स्वाभाविक मुलाकात जहां 2 लोग टकरा जाते है।

दोनो ही जिम्नास्टिक सीखने आते थे जहां अपस्यु को देखकर सौरव काफी प्रभावित हुआ था। फिर दोनो की मुलाकातें हुई। दोस्ती परवान चढ़ी, इसके क्रम में प्रॉक्सी करके सौरव ने अपनी डिग्री भी पा ली। यहां तक तो उसे भगवान कि कृपा से हुई दोस्ती ही नजर आयी।

लेकिन उसके बाद उसे खींचकर इंडिया लाना। सुलेखा के इंफॉर्मेशन के आधार पर सौरव को उसी कॉलेज में पहले से प्लॉट करना और फाइनली सौरव की अक्ल तब खुली जब पहली बार अपस्यु ने उसे साची को छेड़ने का काम दिया था।

फिर लड़के को समझते देर न लगी कि उसे पूरे सीसे में उतारा गया है। यहां कहानी ये बनाई गई की तुम्हारे पापा के खिलाफ मिश्रा बंधु साजिश कर रहे है। बेचारा बाप के नाम पर बेज्जती का वो दिन भी देखा जब उसे लावणी धो डाली थी और उसके बाद अपस्यु उसे घर आकर थप्पड़ मारकर गया।

उस आखरी काम के बाद फिर सौरव ने दोनो का कभी चेहरा देखना पसंद नहीं किया। वो कट लीया और अपने आखों के सामने अपने बाप को भी सीसे में उतारते हुए देख रहा था। खुन्नस तो थी लेकिन एक मात्र दोस्त भी अपस्यु ही था, जिसने उसे बहुत सहायता भी की थी।

कलिका के केस में उसे तब शॉक्ड लग गया जब भरी मीटिंग में पहले तो उसके बाप ने बेज्जती कर दी, कलिका को अपस्यु के साथ जोड़कर। ऐसा लग रहा था जैसे सबके सामने उसकी चड्डी खींच ली गई हो। उसके बाद तो दिमाग ही सन्न हो गया कि वहां चल क्या रहा है। पहले अपस्यु कलिका का सौतेला भाई निकला बाद में ये लोग उसी को रास्ते से हटाने का प्लान कर रहे थे।

उसी वक़्त सौरव के चेहरे पर तभी कुटिल मुस्कान आ गई, क्योंकि उसे समझ में आ चुका था की जल्द ही अपस्यु उससे संपर्क करेगा, फिर गिन गिन कर वो अपने बेज्जती का बदला लेगा। जो शायद मौका उसके लिए आ चुका था…

सौरव:- तेरी बहन कहां है?

अपस्यु:- उसे मरने के लिए छोड़ आया हूं।

सौरव:- मुझे उसी से शादी करनी है, वो सेफ रहेगी तभी आगे कोई बात होगी।

अपस्यु:- वो तुझे और तेरे बाप को कच्चा चबा जाएगी और डाकर तक नहीं लेगी।

सौरव:- ओके फाइन। मीटिंग यही खत्म करते है। मुझे आगे कोई बात नहीं करनी।

अपस्यु:- तुम क्या चाहते हो?

सौरव:- तेरा गला घोंट कर मार देना। और ये जो तेरे पास वो पागल बैठी है ना उसका भी।

अपस्यु:- अच्छा ठीक है जीजाजी कलिका से शादी कर लेना.. लेकिन कोई भी मन बनाओ तो वो 1 जनवरी के बाद बनना।

सौरव:- 1 जनवरी को भी यही डिमांड हुई तो..

अपस्यु:- फिर पुरा कर देंगे तेरे लिए..

सौरव:- काम क्या है वो बताओ?

अपस्यु एक तस्वीर दिखाते.. "इस लड़की को कहीं देखा है?"..

सौरव गौर से उस तस्वीर को देखते… "नहीं, नहीं देखा। क्या हुआ सो, अब इसे तुमलोग ट्रैप कर रहे हो।"

ऐमी:- ए क्या रे इतना भाव क्यों खा रहा है। सीधे मुंह भी तो बात केर सकता है।

सौरव:- दुनिया में कमीना और कामिनी की परिभाषा हो तुम दोनो, और मुझसे प्यार भरी बात की उम्मीद कर रहे। गनीमत है मेरा बाप तुम लोगो के बीच में है वरना तुम्हारे मर्डर की तो फुल प्लैनिंग कर लिया था मैंने। साले ये सात्त्विक आश्रम वाले घोंचू, चुतिया को दिखाई भी नहीं देता की ये दोनो उनके लिए कई सालो से प्लांनिंग कर रहे है, और ये लोग 2 महीने की प्लानिंग में तुमसे जितने कि कोशिश में जुटे है। जी तो किया को सारे पोल खोल दूं, फिर सोचा कहीं मेरा बाप ना लपेटे में आ जाए उन्हें डबल क्रॉस करने के चक्कर में इसलिए तू बच गया।

अपस्यु:- मैटर क्या है तुम्हे पता भी है..

सौरव:- कभी उस लायक समझ जो पुरा मैटर बताते। कमिने क्या कहे थे उस लड़की साची के केस में, मै उसे ट्रैप करूंगा, तुम जारा वहां कॉलेज में विलेन वाला ऐटिट्यूड रखना। कमीनो लड़की के हाथो मार खिलवाते शर्म भी नहीं आयी। ऊपर से मेरे घर आकर मुझे ही रफ्ता मार रहे। बेशर्मों मेरा मुंह ही नहीं खुला उस वक़्त भी, वरना पोल वहां भी खोल सकता था।

अपस्यु:- सॉरी में जानता हूं मैंने तुम्हारा इस्तमाल किया है। जब तू इतने दिनों से मेरे से खुन्नस खाए घूम रहा था तब एक मन हुआ कि तुम्हे सब बता दू, लेकिन तुम्हे सब बताने का मतलब होता की सामिल करना। और मै अपने खेल में तुम्हे सामिल करके तुम्हे खतरे में नहीं डाल सकता था। हां मानता हूं तुम्हारा कैरेक्टर मैंने बिगाड़ा था, लेकिन विश्वास करो यदि सब कुछ समय पर हुआ, तो 31 दिसंबर से लेकर 5 जनवरी तक मै तुम्हे तुम्हरे पापा का उतराधिकारी बाना दूंगा। अब चल जारा स्माइल कर।

सौरव:- मेरे साथ साथ कलिका को भी..

अपस्यु:- फिर से कलिका.... तू बावरा हो गया है..

सौरव:- और दुश्मनी ने तुझे अंधा कर दिया है। मै वहां पर था जब वो तुम्हे लिटल ब्रदर कह रही थी।

अपस्यु:- हां तो..

सौरव:- हां तो का मतलब.. वो तुम्हे सामने से बता रही थी कि उसे तुम्हारे बारे में सब कुछ पता है। बुरी है वो भी लेकिन संतुलन बना कर चलती है। अब तुम लोगो का क्या घरेलू मुद्दा है वो पता नहीं, लेकिन उसका कैरेक्टर भी डाउन नहीं होना चाहिए।

ऐमी:- बड़े भैया तुम्हारी सारी बातें हमने मान लिया। हमे तो उसमे कुछ भी अच्छा नहीं, दिखा लेकिन अगर तुमने कलिका को अच्छा परखा है, तो हम भी उसे अच्छा मानकर ही चलेंगे। अब आगे बात कर ले।

सौरव:- बताओ इस बार कहां फसा रहे हो।

अपस्यु:- अनुप्रिया के महल जैसे आश्रम में घुसना है और तुम्हे पता लगाना है कि ये लड़की काया है क्या वहां। या फिर मेरे घर वाले।

सौरव:- तुम्हारे घरवाले मतलब..

अपस्यु:- मतलब उन लोगो को अनुप्रिया ने किडनैप करवाया है, और हमे कोई क्लू नहीं मिल रहा की उन्हें किडनैप करके कहां रखा होगा।

सौरव:- यें तो सुनिश्चित है ना कि वो लोग दिल्ली में ही है।

अपस्यु:- कुछ कह नहीं सकते। हमे बिल्कुल भी पता नहीं।

सौरव:- ट्रैफिक की सीसी टीवी इमेज निकालवाऊं..

अपस्यु:- करके देख लिए, वहां उस दिन के खास जगहों की फुटेज को गायब जर दिया गया है।

सौरव:- तुमने कहा कि उन्हें किडनैप किया गया है, और उनका लाइव फुटेज देखा था, तो क्या नेटवर्क हैक करके पता नहीं कहा सकते?

अपस्यु:- लाइव फुटेज हमे बताया गया था, नेटवर्क हैक करने के बाद पता चला वहां कुछ भी नहीं है, केवल एक कंप्यूटर है। किसी ने वो इमेज उस कॉप्यूटर पर अपलोड करके फिर हमे वो लाइव फुटेज में दिखाया था।

सौरव:- मतलब साफ़ है उन्हें पता है कि इतनी बड़ी हस्ती को किडनैप किया है पुलिस या सर्विलेंस वाले ट्रेस कर सकते है, इसलिए वो हर उस चीज का इस्तमाल नहीं करेंगे जिनसे वो ट्रेस हो सकते है। यानी कि वो अनुप्रिया के आश्रम में कन्फर्म नहीं है।

अपस्यु और ऐमी एक दूसरे का चेहरा देखते… "हम समझ गए वो कहां है। एक परफेक्ट ट्रैप में।

सौरव:- अब ये परफेक्ट ट्रैप क्या होता है।

ऐमी:- ऐसा ट्रैप जहां फसने वाले तब तक नहीं निकल सकते, जबतक कि फसाने वाला उन्हें छोड़ ना दे।

सौरव:- और किसी ने छुड़ाने कि कोशिश की तो..

अपस्यु:- खुद तो जान से जाएगा ही, साथ में जो लोग फसे है, उन्हें भी खतरा है।

सौरव:- वैसे ये ट्रैप किया कैसे जाता है।

अपस्यु:- तुम्हीं तो मेरे हुक्म का इक्का हो, सब कुछ लाइव दिखाऊंगा।

सौरव:- कैसे..

ऐमी:- बस देखते जाओ.. पहले अब पता करना है कि उन्होंने है परफेक्ट ट्रैप का जाल कहां बिछा रखा है।

अपस्यु:- सौरव चिंदी चोरों से ये पता लगाने की कोशिश करो कि दिल्ली की कौन सी बस्ती में लोग अचानक ही पैसे खर्च करने के शौकीन हो गए है। इसे इनडायरेक्टली पता लगाना है। मै भी कुछ लोगों को इस काम मे लगता हूं, चलो ऐमी जारा थानेदार अजिंक्य साहब से मिल आया जाए।

रात के डेढ़ बज रहे थे, अजिंक्य के दरवाजे पर दस्तक हुई। इतनी रात गए दस्तक होना और कुछ दिनों से उसकी बहन का भी कोई पता नहीं था, दरवाजे पर दस्तक होते ही वो चौकन्ना हो गया और पीछे के रास्ते से धीमे पाऊं बाउंड्री के बाहर आया और घूमकर आगे आते हुए… "जो कोई भी हो अपने हाथ ऊपर करो, अपना हुड निकलो और आराम से पीछे मुड़ जाओ।"..

अपस्यु:- इससे ज्यादा अच्छा होगा कि आप घूमकर वापस जाइए और हमारे लिए दरवाजा खोलिए।

अजिंक्य:- तुम हो अपस्यु….. मुझे कुछ और ही शक हुआ.. रुको मै दरवाजा खोलता हूं।

अजिंक्य ने दरवाजा खोला। दोनो अंदर आकर बैठ गए। अपस्यु ने पहले उसकी सुनी फिर अपना सुनाया और उसे भी क्लू लेने के काम पर लगा दिया। लेकिन ऐतिहात से। अजिंक्य ने भी वही सवाल पूछा कि परफेक्ट ट्रैप में होता क्या है और जिस हिसाब से अपस्यु ने माहौल को समझाया, अजिंक्य ने उसे आश्वाशन दिया कि वो समझ गया है किडनैपर क्या चाह रहा है केवल 1 दिन का वक़्त दो मै वो जगह ढूंढ निकलता हूं।

28 दिसंबर दिन के 2 बजे…

"अपस्यु, अपनी 2 कार का लोकेशन ट्रेस हुआ है, दिल्ली राजस्थान के हाईवे पर।"… ऐमी अपना स्क्रीन देखती हुई कहने लगी।

अपस्यु:- 2 कार.. लेकिन वो दोनो कार वहां पहुंची कैसे..

ऐमी:- वो तो चलकर ही पता लगाया जा सकता है। शायद उन्ही इलाके में सबको कहीं किडनैप करके रखा गया हो।

अपस्यु:- हां संभव है, लेकिन हम बिना प्लांनिंग के वहां नहीं जा सकते ना, आरव और स्वास्तिका की बात अलग थी, लेकिन बाकी के लोग भी फसे है। कुत्ते ने हांथ बांध दिए है मेरे।

ऐमी:- "ऐसे हाथ पर हाथ धरे रहने से भी कोई फायदा तो नहीं होगा ना। जानते हो गलती कहां हो गई, तुमने आस्तीन में सांप को घर में जगह में दे दी और जिस बात से हम डरते थे, जिस सिचुएशन में हम कभी फसने की सोच नहीं सकते वहां फंस गए। हम 15 वीरदोयी के भरोसे परिवार को छोड़े थे और उसने पहले वीरदोयी को ही ट्रैप किया होगा।"

"आरव को बताकर जाते उनके बारे में तो हम केवल 31st की तैयारी कर रहे थे और उन आस्तीन के सांप को अनुप्रिया के साथ ही बेनकाब करते। कुछ तो सोचो, याद करो उनकी कोई बात जो क्लू दे, या फिर उस कामिनी श्रेया को ही पकड़ते है, उसके पास पक्का पूरा इंफॉर्मेशन होगा।

अपस्यु:- धैर्य से काम लो, रात तक आराम से रुकते है, यदि सौरव और अजिंक्य ने कोई खबर नहीं दी तो रात को हम निकलेंगे।

रात के तकरीबन 8.30 बजे। सोमेश के घर अजिंक्य पहुंचा। जैसे ही वो अपस्यु के पास पहुंचा… "उन लोगो का पता चल गया है। पुरानी दिल्ली के चूड़ी बाजार के पीछे का मोहल्ला हैं। एक ओर कसाई की बस्ती है और दूसरे ओर क्रिमिनल्स का कॉलोनी। दिल्ली के छीना झपटी वाले 40% केस उसी 500 मीटर के इलाके से अंजाम दिए जाते है। प्रॉपर फोर्स के बगैर किसी को वहां अरेस्ट करने भी नहीं जा सकते। अब तक उस गली में कितने लोगो को काटा होगा इस बात का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगा लो की वहां 20 पुलिसवाले मरे है।"
 
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रात के तकरीबन 8.30 बजे। सोमेश के घर अजिंक्य पहुंचा। जैसे ही वो अपस्यु के पास पहुंचा… "उन लोगो का पता चल गया है। पुरानी दिल्ली के चूड़ी बाजार के पीछे का मोहल्ला हैं। एक ओर कसाई की बस्ती है और दूसरे ओर क्रिमिनल्स का कॉलोनी। दिल्ली के छीना झपटी वाले 40% केस उसी 500 मीटर के इलाके से अंजाम दिए जाते है। प्रॉपर फोर्स के बगैर किसी को वहां अरेस्ट करने भी नहीं जा सकते। अब तक उस गली में कितने लोगो को काटा होगा इस बात का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगा लो की वहां 20 पुलिसवाले मरे है।"

अपस्यु:- क्या आप पूरे सुनिश्चित है।

अजिंक्य:- सौ फीसदी सुनिश्चित। क्योंकि ऐसे ही एक हाई प्रोफ़ाइल किडनैपिंग का केस था, जिसके तार उसी इलाके से जुड़े थे। उस इलाके की एक नहीं 50 घटनाएं है। जैसा डिस्क्रिप्शन तुमने दिया कि जहां पहुंचने मै इतनी परेशानी हो की जब तक कोई पहुंचे तबतक वहां का माहौल ही पुरा खाली हो जाए तो उसके लिए इससे बेहतर इलाका कोई नहीं।

फिर अजिंक्य कुछ तस्वीर दिखाते हुए कहने लगा… "ये तस्वीर मेरे एक खबरी ने आज दिन में ली है। यहां देखो ये पुरा इलाका, जहां केवल भिड़ ही भिड़ है। अब देखो ये ट्रिपल स्टोरी बिल्डिंग.. लगभग गली के सेंटर में है, फिर भी यहां कोई भिड़ नहीं लग रही। आस पास की 3 दुकानें बंद है और कोई भी वहां खड़ा नहीं रह सकता।

अपस्यु:- इतनी बड़ी बिल्डिंग किस मकसद से बनाई गई थी?

अजिंक्य:- ऑन पेपर तो कोल्ड स्टोरेज ही है, लेकिन अंदर क्या है वो किसी को नहीं पता। मुझे पक्का यकीन है कि वो लोग यहीं होंगें।

अपस्यु:- वहां कैद में मासूम लोग है और हमे पता नहीं कि अंदर कितने हथियारबंद लोग। एक छोटी सी गलती किसी की भी जान ले सकती है। कैसे निपटा जाए ऐसे स्तिथि में?

अजिंक्य:- मेरे पास एंट्री प्लान है, लेकिन एग्जिट प्लान नहीं। और वहां से एग्जिट होना लगभग नामुमकिन, क्योंकि अंदर भले 100 हथियारबंद लोग हो, लेकिन बाहर 10000 की तादात में हथियारबंद लोग होंगे, जो हर गली के एंट्री पर ऐसी भिड़ लगा चुके होंगे, कि बाहर वाला तब तक अंदर नहीं जा सकता, जब तक कि वो लोग गली के बीच का मामला साफ करके सबूत मिटा ना दे।

अपस्यु:- आप बस एंट्री करवाकर 5 मिनट का विंडो तो दीजिए, उसके बाद का एग्जिट देखकर तो फिर वहां कसाई और क्रिमिनल्स दोनो ही उस घड़ी को कोसेंगे की क्यों मैंने रास्ता रोका।

अजिंक्य:- हां लेकिन एंट्री के लिए मुझे एक हेल्प की जरूरत होगी। एक पॉलिटिकल बकरा चाहिए, जिसके इंतजाम के लिए सिक्योरिटी फोर्स की जरूरत परे। फिर आगे का सब मै संभाल लूंगा। बस समय तय कर लो।

अपस्यु:- समय 31 दिसंबर दोपहर के 2 बजे से।

ऐमी:- ओह मतलब हम अब भी प्लान से ही हैं।

अजिंक्य:- कौन से प्लान से..

ऐमी:- 31 दिसंबर शाम के 5 बजे टीवी के जरिए सब पता चल जाएगा।

थोड़ी देर और मीटिंग चली उसके बाद हर बात को बारीकी से समझने के बाद अजिंक्य वहां से चला गया। उसके जाते ही अपस्यु, नीलू और उसके साथियों पर पानी डालते हुए… "काम चोरों, कम से कम बैठकर कुछ राय विचार ही दे दिया करो।"..

नीलू थोड़ा चिढ़ती हुई… "कम से कम सीनियर्स की रेस्पेक्ट तो किया कर गधे।"..

अपस्यु:- सॉरी दीदी, गलती हो गई। अब जरा चलोगी, थोड़ा देख लिया जाए कि मेरी 2 कार दिल्ली राजस्थान हाईवे पर क्या कर रही है।

कुल 4 लोग वहां से दिल्ली-राजस्थान हाईवे के उस लोकेशन से थोड़ा पीछे पहुंचे जहां कार थी।… "वो देखो ट्रेलर खड़ा है, अपनी कार उसी में होगी।"… अपस्यु अंदाज़ा लगाते हुए कहने लगा…

ऐमी:- अपस्यु कुछ अजीब नहीं लग रहा यहां केवल 2 ट्रेलर पार्क है, और दूर दूर तक कुछ भी नहीं।

नीलू:- तो क्या यहां पब होगा। ये कंटेनर यहां रखा हुआ मतलब केवल कार नहीं होगा। हम भी यही करते थे, कंटेनर में डालकर लोगों को दूर पैक कर देते थे। हालांकि ये जगह सहर से दूर नहीं है, इसका मतलब अंदर जो भी इंसान है उसे बेहोश करके रखा गया है।

अपस्यु:- सीआईए के मुख्यालय में घुसने वाली एक महान सक्सियत मेरे साथ है ये मै कैसे भुल सकता हूं, मैम अब आगे क्या करना है। यू आर दि बॉस।

नीलू:- पुराना पैंतरा..

अपस्यु:- क्या..

देखते जाओ… "सोभन (नीलू का एक साथी वीरदोयी) आग लगा दो कंटेनर के आसपास, लेकिन कंटेनर बचाकर।

अपस्यु बिना कुछ बोले उन दोनों को देखने लगा। थोड़ी ही देर में दोनो ट्रेलर के चारो ओर आग थी, आग की ऊंची ऊंची लपटें चारो ओर। अपस्यु उनके कारनामे देखकर दंग सा था।… "अब मुंह क्या देख रहे हो, पुलिस स्टेशन फोन करके सूचना तो दे दो, यहां भीषण आग लगी है। बाकी काम वो खुद कर लेंगे।"

अपस्यु अपना सिर झुकाए…. "जीनियस हो सीनियर तुम। ऐसे खतरनाक आइडिया आते कहां से है।"..

नीलू:- किसी और दिन बताउंगी, पहले मीडिया को कॉल तो करो, वरना ये पुलिस वाले कंटेनर की छान बिन नहीं करेंगे, मीडिया रहेगी तो मजबूरन इन्हे कंटेनर खोलना पड़ेगा।

अपस्यु ने मीडिया को भी आग लगने की सूचना दे दी। पुलिस वाले फायर स्टेशन कॉल करके जबतक दमकल लेकर उस जगह पर पहुंचते, उससे पहले ही मीडिया पहुंचती न्यूज को ब्रेकिंग बाना दिया और सनसनी फैलाने के लिए उन्होंने कंटेनर में किसी प्रकार के सबूतों को मिटाने की आशंका जताने लगे।

इस न्यूज़ के फ़्लैश होते ही, श्रेया ऑपरेटिंग रूम से बैठकर सीधा अनुप्रिया से बात की और उसे न्यूज देखने के लिए कहने लगी। न्यूज़ देखकर अनुप्रिया थोड़ी चिंतित जरूर हुई, लेकिन अगले ही पल उसने श्रेया को वहां नजर बनाए रखने बोली, और कुछ गड़बड़ हो तो तुरंत इक्तल्ला करने।

अनुप्रिया के यहां भी अलग ही माहौल चल रहा था, दोनो भाई बहन बैठकर 31 दिसंबर के कार्यक्रम की चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान ही बात चलते-चलते फिर पैसे और बच्चो की बातें होने लगी..

अनुप्रिया:- महि, 2008-09 में सबको अलग काटने के हमने इतनी मेहनत करके मात्र 80 हजर करोड़ बनाए, समझो कि इस वक़्त एक तरह से कंगाल ही है, बस पैसे के नाम पर को 2000, 3000 करोड़ की संपत्ति हो। उस चन्द्रभान के दूसरे सौतेले लड़के को देखो, 2-3 महीने की प्लांनिंग किया और 300 बिलियन यूरो की चोरी कर गया। इतने झूट इतने मर्डर फिर भी वो अपने एक प्लान से हमसे कितना आगे निकल गया।

महिदिपी:- अनु मै भी वही सोच रहा था। लौंडे में दिमाग और जिगर दोनो है। काश उसकी असलियत पहले पाता होती, तो हम ही उसे अपने पास रख लेते।

अनुप्रिया:- महि कैसी बात कर रहे हो, उसे देखती हूं तो घीन आती है। मजबूरी में मुझे अपना पति बांटना परा था।

महिदिपी:- खैर छोड़ो इन बातो को। अभी मीडिया पर फोकस करते है। हफ्ते के एक प्रोग्राम के लिए हमे 200 करोड़ मिले है अनु, ये धंधा भी शानदार ही है। भक्तो के दान से कितना गुना ज्यादा का इनकम है पता है तुम्हे, ऊपर से इनकम टैक्स पे किया हुए पैसा है, बिल्कुल सफेद पैसा।

अनुप्रिया:- धन्य हो उस लड़की का जिसने हमसे सवाल जवाब किया और रुद्रा ने इसे कैश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी..

महिडिपू:- वैसे ये चारो है कहां कोई खबर नहीं, 3-4 दिन तो हो गए।

अनुप्रिया:- जाओ लाइन पर कलिका ही मिलेगी। मूड उसका ठीक रहा तो कोई बात नहीं है वरना झेलना तुम ही, मै तो नहीं बात नहीं करने वाली।

महिदिपू:- अनु मुझे ना कुछ ठीक नहीं लग रहा है। जब भी मै बच्चो के बारे में सोच रहा हूं, पता नहीं क्यों मुझे चिंता हो रही है?

अनुप्रिया:- हम्मम ! एक काम करते हैं यूक्रेन चलकर देखे क्या?

महीदीपु:- नहीं 31 दिसंबर के प्रोग्राम को हम कैंसल नहीं कर सकते। एक काम करो, श्रेया को भेज देते है वहां, वहां जाकर आंखो देख हमे बता देगी।

अनुप्रिया ने 28 दिसंबर की रात 10.30 श्रेया से संपर्क किया और अपने 3 लोगो के साथ तुरंत युक्रेन रवाना होने के लिए बोल दी। इधर मीडिया के प्रेशर के कारन पुलिस को दोनो कंटेनर खोलना परा और उसके अंदर 2 कार के साथ 15 लोग अचेत अवस्था में पाए गए। तुरंत ही उन 15 लोगो को मेडिकल सहायता दी गई।

पूछताछ पर उनमें से एक आदमी ने बताया की वो नंदनी रघुवंशी की प्राइवेट सिक्यूरिटी करता था, लेकिन कुछ दिन पहले उन्हें किसी तरह इंजेक्शन दिया गया, उसके बाद वो लोग भूखे प्यासे इन्हो कंटेनर में बंद है। मीडिया के हाथ एक और बड़ा नाम लग गया था। मीडिया की नाक सूंघते हुई इस बात की तह तक पहुंच ही चुकी थी कि नंदनी रघुवंशी के साथ उसके पूरे परिवार को किडनैप कर लिया गया है।

लेकिन इस खबर के प्रकाशित होने से पहले ही होम मिनिस्टर ने पूरे मीडिया को मैनेज करते हुए, इस खबर को दबा दिया। नीलू, अपस्यु और ऐमी यह सोच रहे थे कि उनके 15 साथी भी पूरे परिवार के साथ ही किडनैप होंगे, लेकिन उन्हें यहां देखकर तीनों जैसे खुश हो गए हो।

रात को ही उन्हें एंटीडोट देकर सरकारी हस्पताल से उन्हें उड़ा लिया गया और सभी एक साथ सोमेश के आवास पर डेरा जमाए थे। नीलू सबको देखकर खुश होती हुई कहने लगी… "शर्म करो तुम लोग एक इंजेक्शन से नहीं निपट पाए।"

उन 15 की टीम को लीड कर रहे एक युवक नारफा कहने लगा… "नीलू हमारे साथ धोका हुआ है, और ये धोका घर के किसी आदमी ने दिया है।"..

नीलू:- होश में तक हो, ये क्या बहकी-बहकी बातें कर रहे हो?

अपस्यु:- हां वो शायद सही कह रहा है, वक़्त नजदीक आ रहा है जब मै सबका हिसाब एक साथ पुरा कर दूंगा। खैर सुक्र की बात है, ये सभी लोग सुरक्षित है।

नरफा:- सुरक्षित कैसे है भाव, हमे तो तड़पा तड़पा कर भूखे मारने की योजना थी, पता नहीं कैसे हमे सहर के इतना नजदीक रखा गया था, वरना हमे तो राजस्थान के किसी सुनसान इलाके में रखने कर आदेश मिले थे।

ऐमी:- जाको राखे साइयां मार सके ना कोई। आप लोग खाना खाकर आराम कीजिए, कल बात करते है।

रात बहुत हो गई थी इसलिए अपस्यु और ऐमी भी आराम करने चल दिए। सुबह सुबह ऐमी की जब नींद खुली, वो पास में सोए अपस्यु को मुस्कुराती हुई देखने लगी, और देखते हुए उसके सर को अपने गोद में लेकर उसके बाल पर प्यार से हाथ फेरने लगी।

अपस्यु सुकून की श्वांस लेते ऐमी के गोद में थोड़ा सिकुड़ गया।… "काश मेरा भी ऐसा कोई लवर होता।".. नीलू सुकून भरी श्वांस छोड़ती, ऐमी के पास बैठती हुई कहने लगी।

ऐमी, मुस्कुराती हुई… "लवर ऐसे बैठकर सोचने से थोड़े ना मिलता है, उसके लिए काम के बाद बचे फ्री टाइम को अपने लिए जीना परता है। शायद लवर ना भी मिले, लेकिन सुकून कि जिंदगी तो जरूर मिल जाती है।"..

नीलू:- "हां शायद सही कही। लेकिन मै भी क्या करूं तय नहीं कर पाती हूं कि इंसान हूं या कोई साइंस एक्सपेरिमेंट। आंख खुली तो खुद को एक बड़े से एक्सपेरिमेंट हाउस में देखा। प्यार और इमोशंस कभी सिखाए ही नहीं गए, केवल लक्ष्य और लक्ष्य को भेदने की प्लानिंग चलती रही। भावनाएं कहां से जागती, जब सरिरिक सुख के लिए हर लड़का और लड़की को फ्री छोड़ दिया गया हो। वीरदोयी के बीच लड़की पटाना, लव अफेयर, प्यार मोहब्बत और धोका जैसी कोई बात ही नहीं थी।"

"हार्मोन्स शरीर को एक्साइटेड करता और लोग अपनी मर्जी से पार्टनर चुन लेते। लैब के बाहर निकलो तो हर किसी में प्रतियोगिता चलते रहती, कौन कितने बंदो को मार रहा है। लेकिन कहते है ना जैसा करोगे वैसा पाओगे। इन लोगों को इनसे भी बड़ा जल्लाद मिला, दृश्य। वो जब मारने पर आता था ना, तब गिनती भी नहीं करता की कितनो को मार चुका है। किस्मत देखो, वो हमसे कई गुना ज्यादा ताकतवर था और उसका डीएनए सैंपल के लिए मुझे और काया को चुना गया।"

"काया समझदार निकली, अपना काम खत्म करके वहीं गोवा में ही परी रही। मै बेवकूफ थी जो दृश्य की सहायता के लिए गई, और वहां उससे प्यार हो गया। जानती थी वो मेरा नहीं है। लेकिन ये दिल है कि मानता नहीं।"

ऐमी, नीलू का हाथ थामती… "दिमाग को बॉक्स में क्यों बंद करके रखी हो। थोड़ा गहरी स्वांस लो। खुद को रिलैक्स करो और जिंदगी को दूसरा मौका दो। साइंस एक्सपेरिमेंट रोबोट होते है, इंसान नहीं। इसका सबसे बड़ा सबूत तुम्हारी भावनाएं है। स्माइल करी, और एक लड़का पटाओ, घर बसाओ, मस्त लाइफ जियो।
 
Update:-168

नीलू:- पटाना वटाना नहीं होगा अब सीधा मेट्रिमोनयल पर एड डालूंगी और उसमे से लड़का छांट कर शादी कर लूंगी। अब मेरी भी इक्छा होती है कि एक फैमिली हो। घर में कोई पूछने वाला हो। देर हो जाए तो डांटने वाला हो। सुकून का एक जॉब तो है ही।

ऐमी अपना लैपटॉप लाकर तुरंत टाइप करने लगी। जल्द ही सभी मेट्रिमोनयल पर प्रोफाइल तैयार था। "नीलू, यहां का काम समाप्त होते ही लड़को से मिलने के लिए तैयार हो जाओ।"

नीलू:- तुम मेरी हेल्प करोगी ना..

ऐमी:- ये भी कोई पूछने की बात है… बिल्कुल शौक से…

29 तारीख सुबह में 9 बजे…

"हमारे पास पक्की इंफॉर्मेशन में तो है कि उस 3 स्टोरी कोल्ड स्टिरेज में सबको बंधक बनकर रखा गया है, लेकिन अब तक किसी ने अपनी आखों से देखा नहीं है। दिल्ली के अन्य इलाके जहां ये परफेक्ट ट्रैप किया जा सकता था, उन इलाकों की भी रिपोर्ट आ गई है। 3 जगह और शक के दायरे में है। जिसमे एक बड़ा बाजार, दूसरा जमा मस्जिद के पीछे का इलाका और तीरारा पार्लियामेंट रोड है। पार्लियामेंट रोड के हर घर में सीसी टीवी को हम हैक कर चुके है, वहां बिल्कुल क्लीन माहौल है, लेकिन इन 2 इलाकों की छानबीन नहीं हो पाई है, क्योंकि इन इलाकों में कहीं भी कोई सीसी टीवी नहीं लगा है। कई सारे मोबाइल भी हमने हैक किए, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। कोई भी कदम उठाने से पहले हमे सुनिश्चित होना होगा कि वो कहां बंधक बनाए गए है।".. अपस्यु सबको संबोधित करते हुए कहने लगा..

नीलू:- अनुप्रिया के सर्विलेंस को हम नजरंदाज नहीं जर सकते, यहां मौजूद हर किसी का चेहरा उसके सिस्टम में है। लेकिन एक उपाय है जिसके जरिए हम पता लगा सकते है।

अपस्यु:- कैसे..

नीलू:- राठौड़ मेंशन में चोरी करवाकर। यदि 8-10 चिंदी चोर को हम राठौड़ मेंशन में घुसा दे और वहां से वो एक हैवी अमाउंट उड़ाते है तो बंटवारा कहां होगा, ऐसे किसी जगह कर जहां इनकी क्राइम की कम्युनिटी बिल्डिंग हो।

अपस्यु:- वो सब तो ठीक है लेकिन राठौड़ मेंशन में इस वक़्त इतना सारा कैश कैसे आएगा।

नीलू:- 500 करोड़ मै तुम्हे इस वक़्त उधार दे सकती हूं, लेकिन बदले में मुझे 1000 करोड़ चाहिए।

अपस्यु:- लालची कहीं की, दिए.. प्लान बताओ..

नीलू:- अजिंक्य को बोलो कि अप्रत्यक्ष रूप से ये खबर उन दोनों इलाके के थानेदार को पहुंचा देने, जहां सबके बंधक होने की गुंजाइश है। घर पर कोई नहीं है इसलिए पैसे का डाका डालने और उतने पैसे को बांटने के लिए वो लोग अपने कम्युनिटी हाउस ही जाएंगे। आगे की कहानी शायद बतानी नहीं परे।

अपस्यु:- ठीक है फिर अपने गांव से नीलेश और आदर्श को बोलो 500 करोड़ को 10 अलग अलग बैग में पैक करके ले आए। साथ में हर बैग में कैमरा लगा दे। राठौड़ मेंशन में घुसने का पास वहीं गांव के महल से जाकर कलेक्ट करेगा और मेंशन के हॉल में ही पैसा रखवा कर वहां से निकल जाए। नरफ़ा तुम 4 आदमी लेकर चोरी से स्टाफ क्वार्टर में दाखिल हो जाओ। यदि उन लोगो ने पैसा ले जाने के लिए अपना बैग इस्तमाल किया, तो तुम्हारी जिम्मेदारी होगी उन बैग में कैमरा लगाना।

सब तय हो चुका था। अजिंक्य अपने कुछ मित्रों से कुछ केस के सिलसिले में संपर्क किया और अपने इलाके की परेशानी बताते हुए कहने लगा। उसकी एक्स्ट्रा ड्यूटी राठौड़ मेंशन में लगी है। घर के लोग गायब है और रोज बैग भर-भर के पैसे जो आते है, और सुरक्षा की जिम्मेदारी उसी पर आ गई है। ना तो कोई प्राइवेट सिक्यूरिटी है, और ना ही कोई लोग। साला अंदर मुश्किल से 4-5 नौकर और बाहर मै 4 लोगों के साथ। जबतक बैकअप आएगा वो लोग हमे घायल करके माल ले उड़ेंगे।

बस फिर क्या था दाना डाल दिया गया था और दिन के उजाले में ही डकैती को अंजाम से दिया जा चुका था। नरफा को कोई मेहनत नहीं करनी पड़ी, शायद ये लोग अपने इलाके को लेकर कुछ ज्यादा ही सुनिश्चित थे। लेकिन ऐमी और अपस्यु को हर परिस्थिति के लिए तैयार होना था, इसलिए जैस ही वो मेंशन में घुसे, वैसे ही उनका मोबाइल हैक हो चुका था।

लगभग एक ही वक़्त में 2 टीम चोरी के लिए पहुंच गई। पैसे को देखकर कौन हिस्सेदार बनाना चाहता है, इसलिए दोनो पक्ष में पहले जुबान की लड़ाई शुरू हुई। दोनो टीम के बीच विवाद बढ़ते देखकर, अपस्यु ने तुरंत मेंशन का सिक्योरिटी अलार्म बाजवा दिया। तुरंत ही दोनो ने आधा आधा पैसा बांटने का फैसला कर किया।

गाड़ी 2 दिशा में चली गई शाम के लगभग 5 बजे ये सुनिश्चित हो चुका था कि अजिंक्य सही कह रहा था और उसकी खबर पक्की थी। एक बार सुनिश्चित हो जाने के बाद, अजिंक्य को तुरंत ही खबर भिजवा दी गई।

29 दिसंबर रात के 8 बजे…

"तुम लोग अभी के अभी मेरे घर से निकल जाओ, वरना मजबूरन मुझे पुलिस बुलवाना पड़ेगा।".. सोमेश आक्रोशित होते हुए अपस्यु से कह रहा था।

"घर में सांप पाल रहे हो ऊपर से सभी सुविधा देकर फलने फूलने भी दे रहे तो यही हाल होगा ना। पहले दिन ही इसका फन कुचल देना था।".. सौरव भी उसकी बातों का समर्थन करने लगा।

सोमेश:- ये 7 सर वाला शेषनाग है सर, और मेरी औकात तो बस पिटारे में बंद सांप के सर कुचलने जितना है। आप तो होम मिनिस्टर के लड़के है, आपकी रेंज अलग है।

"होम मिनिस्टर के बेटे ने कि एक लड़की से जबरदस्ती शादी करने की कोशिश और अपने राजनैतिक कैरियर को ऊंचाई देने के लिए इसमें उसका पिता और संसद सोमेश दत्त भी सामिल थे।.. पापा मान जाओ वरना कल सुबह की यही हेड लाइन होगी। वैसे भी मै इस वक़्त आप लोगो से कहीं ज्यादा चर्चित तस्वीर हूं मीडिया की। भविष्य सोच लो अपना।"… लिसा धमकाती हुई कहने लगी।

सौरव, सोमेश को एक थप्पड़ मारते हुए… "कुछ देर पहले क्या कह रहे थे अपनी बेटी के इंट्रो में, पूर्ण भारतीय नारी जिसमे आदर और सम्मान कूट कूट कर भड़ा है। ये इन कमीनो के साथ मिलकर कूट कूट कर हमारा ही तेल निकालने के इरादे से है।"

सोमेश:- सर इसने पहले ऐसा कभी नहीं किया। पता नहीं क्यों आज ये पॉलिटीशियन की तरह क्यों बिहेव कर रही है।

सौरव, जोड़ से हंसते हुए… "सोमेश जी, मुझे लगता है आप अब भी नहीं समझे। पूछ लो अपनी बेटी से वो इस वक़्त किसी के प्यार में जरूर होगी, और वो लड़का इन्हीं दोनों के कोई पहचान का होगा। आप की बेटी को झांसे में लिया है दोनो ने। प्लान करके फंसाया है। और ये यूके की अनपढ़, इनके ट्रैप को नहीं समझ पाई।"..

लिसा, सौरव को एक थप्पड़ मारती…. "मुझे मेरे लवर ने सबकुछ पहले ही बता दिया था। और सारी सच्चाई जानने के बाद ही मैंने उसे हां कहा था।"..

सौरव:- बेवकूफ लड़की, वो 20वी शताब्दी का दौर था जब सच्चाई छिपकर ट्रैप करते थे। ये 21st सेंचूरी है। यहां ट्रैप करने के बाद जैसे ही इमोशंस नजर आने लगते हैं, पहली फुरसत में सच्चाई बताई जाती है, ताकि तुम जैसे मूर्ख उनके बिछाए जाल को भूलकर, मेरा सच्चा प्रेमी मानने लगो। अरे ये कमीना अपस्यु जरूर कोई तंत्र मंत्र करता है, जिससे लोग इसके झांसे में आ जाते है।

लिसा:- व्हाट्एवर मुझे तो प्यार हो गया, जाल बिछाए या जाल फैलाए मुझे मतलब नहीं। यदि काम नहीं किया तो मैंने अपने क्षेत्र के थानेदार को एसएमएस भेज दिया है, सरजी बचालो मेरा बाप, होम मिनिस्टर के बेटे के साथ मेरी जबरदस्ती शादी करवा रहा है। वैसे अपस्यु ने बताया कि एसएमएस को लीगल डॉक्यूमेंटेशन में इस्तमाल नहीं कर सकते, इसलिए मैंने मेल भी कर दिया है।

सोमेश अपनी आखें बड़ी करते… "क्या मैंने तुम्हे इसी दिन के लिए पाला था बेटा।"..

लिसा:- ऐसे नहीं मानोगे आप, मम्मी को बुलाकर आपके और आपकी वो जिला करायकर्ता सोभा राणा का अफेयर बताना ही होगा।

सोमेश:- रुक ब्लैकमेलर मै समझ गया तू मेरी ही बेटी है। उल्टा सीधा अफवाह फैलाने की जरूरत ना है मै तैयार हूं।

सौरव:- मरो तुम लोग लेकिन मै तैयार नहीं।

अपस्यु:- जीजाजी जोरू के भाई का काम नहीं करोगे तो बीवी नाराज हो जाएगी।

सौरव:- ना ये होने वाली बीवी हटके है, तुम्हारा यदि मैंने मर्डर करवा दिया तो वो मेरे पाऊं धोकर पिएगी।

अपस्यु:- 31 दिसंबर, लगभग 20 करोड़ देश-विदेश की जनता, जब महिदिपी और अनुप्रिया का प्रोग्राम देख यही होगी और तब 1 ही आदमी सौरव के लिए 2 न्यूज फ़्लैश होंगे, पहला अपने दोस्त का साथ देने के लिए विलेन बना होम मिनिस्टर का बेटा सौरव, जिसने अपनी खराब इमेज बनाकर भी दोस्त का साथ दिया, एक अहम कड़ी जोड़ने। बाद में जब उसी दोस्त की फैमिली को किडनैप कर लिया गया, उन्हें 10000 जल्लादों की भीड़ में लाकर रखा गया, तो वो लड़का सौरव, दोस्त के लिए बिना अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। एक फेक रैली निकालकर इलाके में घुसे और सेना के कुछ ट्रेंड ऑफिसर को अंदर घुसने का पूरा अनुकूल मौका दिया, ताकि बंधको को बिना नुस्कान के निकाला जा सके। आज अगर मायलो ग्रुप के मालिको का खानदान जिंदा है तो उसका पूरा क्रेडिट सौरव कश्यप को जाता है जिसमें कदम से कदम साथ मिलाया सोमेश दत्त ने।

अपस्यु जब अपनी बातें सुना रहा था तब सोमेश और सौरव अपने गर्दन थोड़ा टेढ़ा करके, कान लगाकर पूरी बात सुन रहे थे। ऐसी बातें सुनकर ऐसा लगा जैसे कानो में मिश्री घुल रहा हो। बात पूरी होते ही दोनो एक साथ… "हम तैयार है।"..

लिसा:- ओय मूर्खो.. अभी तो कह रहे थे कि कैसे लोग इसकी बातों मै फस जाते है, अब क्या हुआ। क्यों फंस रहे उसकी बातो में। क्योंकि तुम्हे भी पता है ये जो अभी यहां बोल रहा है, वो सच में होने वाला है। चलो अब नखरे बंद कर दो दोनो और जैसा कहा जाए वैसे सिर्फ ऑर्डर फॉलो करना।

सौरव, सोमेश को देखते हुए… "आदर और संस्कार तो कूट कूट कर भरे है।"..
 
Update:-169

30 दिसंबर 2014…

युक्रेन के दूर इलाके में श्रेया अपने लोगो के साथ पहुंची। चारो ओर केवल बड़े बड़े गड्ढे और कुछ भी नहीं। आवाज़ करते हुए चिड़ियों की आवाज के सिवा उस इलाके में कोई नहीं था।

श्रेया कुछ देर तक चारो ओर का नजारा देखती… "गुफरान यहां क्या हुआ होगा।"..

गुफरान:- इसी गड्ढे की वजह से तो रुद्रा ने अपस्यु की फैमिली को नहीं मारने के लिए कहा था। लगता है वो लोग पैसों के साथ यहां से निकल गए।

श्रेया:- लेकिन निकलने से पहले हमसे कॉन्टैक्ट क्यों नहीं किए। सूचना तो देना चाहिए था ना..

जेन:- वो इसलिए क्योंकि यहां नेटवर्क ही नहीं है। लगता है आज ही काम खत्म हुआ होगा और वो लोग कंटेनर के साथ बाय रोड निकले होंगे।

श्रेया:- हम्मम ! ये खबर उन तक पहुंचनी होगी।

प्रदीप:- श्रेया उनको इंफॉर्मेशन देने के बाद कुछ दिन घूमकर मस्ती करे। वैसे भी मज़े किए कितने वक़्त हो गए…

श्रेया, जेन को देखती… "लगता है लड़के थोड़े हॉर्नी हो गए है युक्रेन आकर।

जेन गुफरान को आंख मारती… "तो लड़की कौन सा ठंडे अरमान लिए है। मेरे लिए तो दोनो चलेंगे.. अगर श्रेया बॉस बनी रही और ऐटिट्यूड में दिखी तो।

श्रेया:- ओके ब्वॉयज एंड गर्ल्स काम जल्दी से खत्म करते है फिर हम यूरोप के आउटडोर सेक्स एन्जॉय करेंगे.. नाउ हैप्पी..

गुफरान:- ये भी तो आउटडोर ही है और कुछ टेंट सही हालत में भी है, चादर और गद्दे तो मिल ही जायेंगे..

श्रेया:- लौंडे को लगता है लिसा की याद सता रही। भूलो मत यहां का काम खत्म करने के बाद ही कुछ..

चारो कुछ देर तक अपना फोन ट्राय करते रहे, तभी उनके करीब 10 आर्म्ड ऑफिसर पहुंचे। उसका हेड… "तुमलोग कौन हो और यहां क्या कर रहे हो।"…

श्रेया:- हम लोग टूरिस्ट है।

हेड उन चारो को घूरते.. बॉयज इनके पासपोर्ट और सभी दस्तावेज चेक करो।

5 लोगों ने उनके मोबाइल, पर्स और पासपोर्ट लेने के बाद उनकी होटल डिटेल और सामान के बारे में पूछने लगे। उन लोगो ने सारी डिटेल बता दी। उन्होंने फिर साथ लाए एक गाड़ी की डिटेल पूछने लगे, कहां से लिया कैसे लिया। उन्होंने वो भी डिटेल से दिया।"..

हेड:- अपने कपड़े उतारो और तलाशी दो।

श्रेया जेन का मुंह देखती… "यार अपने लड़को से ज्यादा तो ये हॉर्नी दिख रहे है सामूहिक चीरहरण तो नहीं करने वाले।" (हिंदी में बात की गई जो उन्हें समझ में नहीं आया)

हेड:- तुम लोग ये कौन सी भाषा का इस्तमाल कर रहे हो, इंग्लिश में बात करो।

श्रेया सहमी सी कहने लगी… "सर हम इंडिया से है और हमारे यहां लड़की किसी के सामने कपड़े नहीं उतारती।"..

हेड:- ये युक्रेन है, और तुमलोग ब्लास्ट और चोरी वाला इलाके में घूम रहे हो, जहां कोई टूरिस्ट नहीं आता। हमे अपना काम करने दो या हम तुम्हे आर्मी हेडक्वार्टर ले जाए।

कोई चारा नहीं था सबने अपने अपने कपड़े उतार दिए। जेन और श्रेया अपने एक हाथ से अपने स्तन को घेरे थी और दूसरे हाथ से दोनो पाऊं के बीच दबाए योनि के आगे। इधर गुफरान और प्रदीप अपने लिंग को अपने दोनो हाथ से ढके अंदर ही अंदर सोचने लगे.. "हो गया अब तो गैंग बैंग।"..

लेकिन उन ऑफिसर्स को इन सब में कोई इंट्रेस्ट नहीं था। ये लोग जब अपनी नंगी अवस्था पर अपने सोच में डूबे थे, तभी उन्हें इंजन स्टार्ट होने की आवाज आयी। सबका ध्यान जबतक उन पर जाता, तब तक वो लोग उनके कपड़े और सारा सामान के साथ, भारे की गाड़ी को ले उड़े और वहीं पास में जमीन पर एक पत्री पीन किया हुआ था।…

"उम्मीद है कपड़े चले गए होंगे, और कुदरती लिबास में आप सभी कुदरत के एक अनमोल क्षेत्र में होंगे, जहां दूर दूर तक ना तो कोई इंसान और ना ही कोई जानवर नजर आ रहा होगा। ऊप्स कैश पैसे तो कपड़े के साथ गए, अगर किसी को अपने अगाड़े और पिछाड़े पैसे ना छिपाने आते हो तो….. ओह माय गॉड ऑनलाइन पे के लिए मोबाइल भी गया और पहचान बताकर एंबेसी तक पहुंचने के लिए पासपोर्ट भी गया।

उम्मीद है मेरा ये गिफ्ट आपको पसंद आया हो। 2 काम हो सकता है, पहला तो वहां कुछ टेंट अगर सलामत हुए तो उसे फाड़कर बदन ढक लेना और यहां से 200 किलोमीटर पैदल चलकर एक छोटे से टाउन में पहुंच जाओगे। शायद किसी ने मदद कि तो जल्द ही अपने घर होगे, वरना ऊपरवाला मालिक।

दूसरा उपाय ये है कि जहां बहुत सारे गड्डे होंगे उससे तकरीबन 400 मीटर पश्चिम कि दिशा में 50 फिट नीचे 2 कंटेनर गिरे होंगे। वहां तक अगर पहुंच सके तो। हां रस्सी के लिए तुम टेंट का मजबूत कपड़ा काटकर रस्सी बाना लेना। गड्ढे में उतरना। वहां कंटेनर का दरवाजा ढूंढ़ना। उसपर एक लॉक लगा होगा। इस लॉक को खोलने का पासवर्ड है "2015"… ये पासवर्ड डालकर उसे खोलना, अंदर 2 महीने तक जीने का सामान, साथ में खेती करने लायक कुछ औजार और बीज है। यदि वहां खेती कर पाने में सफल हुए, तो अगले 2-3 महीने में आराम से अपने घर लौट सकते हो.… बेस्ट ऑफ लक और आशा करता हूं ये ट्रिप यादगार हो।.. अपस्यु और ऐमी।

चारो उस लेटर को पढ़कर एक दूसरे का मुंह ताकते अपनी किस्मत पर आंसू बहाने लगे।

यूरोप का समय पीछे चलने के हिसाब से अपस्यु को युक्रेन पहुंचे मेहमानों कि खबर रात को ही हो गई थी। रात में ही गांव में बैठे आईटी वाले आदर्श और नीलेश से संपर्क करके सिस्टम में श्रेया और उनके साथी के आवाज़ को भी जोड़ दिया गया था। जुड़ते ही उन लोगो ने श्रेया के नाम से संदेश देते हुए, अनुप्रिया तक यह खबर पहुंचा दिए की यहां का काम लगभग खत्म है। 31 दिसंबर इंडियन टाइम से शाम के 7 बजे तक उनका काम खत्म हो जाएगा। जल्दी निकलने की वजह से शायद संपर्क ना हो पाए, इसलिए निश्चिंत होकर 31 दिसंबर शाम 7 बजे तक वहां किडनैप लोगों का काम खत्म कर दे, यहां अपस्यु और उसके साथियों का खात्मा हो चुका होगा। श्रेया की बात को और भी ज्यादा सुनिश्चित करने के लिए, अनुप्रिया से सभी भाई बहन भी बात कर रहे थे। कॉल इसबर श्रेया के युक्रेन वाले किसी नंबर से आया था, इसलिए वो लोग अब पूर्ण रूप से सुनिश्चित हो चुके थे।

दिल्ली में 30 दिसंबर की सुबह से मीडिया की खबर गरम जोशी पर थी। 31 दिसंबर को संसद सोमेश दत्त और होम मिनिस्टर का बेटा सौरव कश्यप, दिल्ली के विभिन्न जुग्गी-झोपडी वाले इलाकों का भ्रमण करेंगे और अपने निजी कोश से उनके उत्थान के लिए मदद करेंगे। गरीबों के काम और उसकी सुनिश्चिता तो सरकार करती है, लेकिन उनके रहन-सहन को नजरअंदाज किया जाता रहा है। इसलिए वास्तविक समस्या समझने और उनकी तत्काल मदद के लिए, इन लोगो ने अपना हाथ आगे बढ़ाया है। इनके साथ दिल्ली के कार्यरत कई एनजीओ और 1-2 उद्योगपति हिस्सा लेंगे और अपने इक्छा अनुसार इनकी मदद करेंगे।

इसी के साथ साथ एक और अनाउंसमेंट भी हुआ। ज्यादा भीड़ मतलब पॉलिटिकल एजेंडा होता है, इसलिए मदद करने अाए लोग और उनके साथ केवल सुरक्षाकर्मी होंगे, इनके अलावा और कोई नहीं होंगे। अनाउंसमेंट के बाद से ही मीडिया के कई हाउस इसे कवर करने के लिए आतुर हो उठे। वहीं हफ्ते भर से दूसरी बड़ी खबर जिसे लोग जब भी देखते रोमांचित हो उठते। अनुप्रिया और महीदीपी की 2 घंटे की शाम की चर्चा।

इनका प्रमोशन ही इतना हिट रहा ही स्पॉन्सर की लाइन लग चुकी थी और लगभग 400 करोड़ की स्पॉन्सरशिप आ चुका था, वो भी केवल 8-10 ब्रांड के। इसलिए ऑर्गनाइजर्स ने तय किया कि शाम के 5 से 7 के लाइव शो में कोई गड़बड़ ना हो इसलिए दोनो भाई बहन (अनुप्रिया और महिदिपी) को 2 बजे ऑडिटोरियम बुलवाया जाए, जहां इस प्रोग्राम का लाइव प्रसारण किया जाना था। लाइव आने के पूर्व ताकि सब सुनिश्चित कर लिया जाए।

सेंट्रल होम मिनिस्टर ने प्रचार के हवाले से अपने पार्टी प्रेसिडेंट को संदेश भेज दिया था कि वो भी प्रोग्राम का हिस्सा रहे, ताकि करोड़ों दर्शकों के सामने उनके पार्टी का प्रचार हो और वहां कोई भी पॉलिटिकल एजेंडा ना रखे, बस अनुप्रिया और महिदिपी को समर्थन करना है और तर्क करने है। इसी के साथ चैनल वालों का समय साझा करते हुए, उन्होंने यह भी कह दिया कि अनुप्रिया और महिदिपी को लेकर समय पर पहुंचने की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।

अनुप्रिया वैसे ही पूर्ण संतुष्ट थी, साथ ही साथ 31 दिसंबर की शाम 7 बजे रघुवंशी परिवार के साथ उनके सभी लोगो को साफ कर देने। इस पर उसके दोनो अहम साथी सवाल करते हुए पूछने लगे कि जब सब सुनिश्चित है तो फिर मारने में वक़्त क्यों लगाना।

अनुप्रिया हंसती हुई जवाब दी… "जानू कभी कभी तुम बच्चे बन जाते हो। रुद्रा को अभी अपस्यु से काम लेना है। मुझे लगता है पैसा उठने से पहले वो लड़का अपस्यु, आखरी बात यह सुनिश्चित करेगा की उसका परिवार छूटा की नहीं। बस ये समय वहीं होगा, जब उधर वो लड़का अपस्यु खत्म होगा और इधर उसका परिवार।"

उधर से:- लेकिन यदि अपस्यु जबतक अपने परिवार को सुरक्षित बाहर जाते नहीं देख लेता, तबतक पैसा के दर्शन करवाने के लिए मानेगा कैसे। उसने तो कंटेनर में ऐसे सिस्टम लगाए होंगे जिससे सारा पैसा जल जाए।

अनुप्रिया:- उसी को तो मेरे बच्चे हैक कर रहे है ना.. उसी के लिए तो इतना वक़्त मांग रहे है। अब समझे, हालांकि 31 की शाम 5 बजे तक मेरे ख्याल से सब हो जाना चाहिए, लेकिन वो लोग सेफ साइड लेकर चल रहे होंगे।

उधर से :- लगता है 1 जनवरी को हमे भी कहीं नया साल मनाने चलना चाहिए।

अनुप्रिया:- कहीं और क्यों आश्रम है ना.. वहीं सेलिब्रेट करेंगे, तुम फिक्र मत करो। अब तो 20 करोड़ भक्तो के साथ मेरा पॉलिटिकल कैरियर भी अपने ऊंचाई पर है। मै इतने पैसे में तो अगले इलेक्शन में पीएम बन सकती हूं।

उधर से:- चन्द्रभान की बात पूरी सच हुई.. अगले 20 से 25 साल में पूरा देश कदमों में होगा। 20-25 से थोड़ा ज्यादा समय लगा, लेकिन सच जो गई।

अनुप्रिया:- उसके ना होने की कमी तुम ही तो पूरी कर रहे.. अब मै रखती हूं। 31 को मै कॉल नहीं कर पाऊंगी, तुम काम खतम करके आश्रम ही आ जाना।

30 दिसंबर की रात 8 बजे बड़ी ही सफाई से, पूर्ण सर्विलेंस को भरमाते हुए, सभी बुलेट प्रूफ कार उड़ा ली गई। उसी के साथ पुलिस द्वारा जब्त कि गई 2 कार को मायलो के कर्मचारी थाने से निकालकर उसके सही पते कर पहुंचा चुके थे।

एंट्री प्लान अजिंक्य ने कर दिया था, एग्जिट प्लान अपस्यु बाना रहा था। इसी के साथ सबके लिए बुलेट प्रूफ वो जैकेट भी पहुंच चुकी थी, जिसे अपस्यु ने यूएसए में बनवाया था। अपस्यु के परिवार के 4 लोग, मिश्रा परिवार के 6 लोग और उनके साथ ध्रुव सातवा। उसके साथ सिन्हा जी, क्रिश और विन्नी को मिलाकर 14 लोग थे।

आरव और स्वास्तिका के होते हुए वो लोग इतने दिनों से कैद में थे, इसका साफ मतलब था कि उन सभी के ऊपर स्वीट पॉयजन का डोज दिया गया था। उसके एंटीडोट के साथ वो सिरप भी तैयार था जो स्वास्तिका और आरव को उस वक़्त साथ ला खड़ा करता, जब अपस्यु उन्हें एक टीम के रूप में साथ देखना चाहते हो। एक आखरी काम.. जिसकी तैयारी पूर्ण हो रही थी…
 
Update:-170 (A)

उस गली के लोगो को अपने भिड़ पर बड़ा ही गुमान था शायद और अपस्यु उनकी इस घमंड को तोड़ने के लिए कल 4 फिट की रोड नहीं, बल्कि ढाई फीट की छोटी सी कुल्हाड़ी इस्तमाल करने वाला था। किसी को मारना तो मकसद नहीं था, लेकिन सबको आदेश मिल चुके थे, जो भी सामने अाए ऐसा वार किया जाए, अंग भंग हो जाए। अगली बार भिड़ लगाने से पहले उनकी रूह तक कांप जानी चाहिए। इसके लिए गांव से खास मंगाई गई थी, चमचमाती धातु से बनी मजबूत 200 कुल्हाड़ी, जो दिखने में काफी आकर्षक हथियार लग रहा था। इसी में साथ एक्सट्रीम परिस्थिति से निपटने के लिए ड्रोन, स्मोक बॉम्ब, और ऑटोमेटिक रयफल

4 मुखिया थे उस इलाके के… नवीन, मुख्तार, अनवर और जावेद। चारो ने ऐसा इस इलाके में अपनी पकड़ बनाई हुई थी कि लोग इन्हीं के बहकावे में आकर कुछ भी करने को पागल से रहते थे। चारो में से कोई भी एक, लोगो के भिड़ को काबू में करके, अपने इशारे पर नचा सकता था। चारो की तस्वीर अजिंक्य ने अपस्यु को दे दिया था और पुलिस प्रशासन की ओर से, उस इलाके में गिरे 20 पुलिस वालों की लाश के बदले इन चारो को मौत की सजा दिए बिना ना लौटने की गुजारिश की गई थी।

अपस्यु ने पुलिस के टारगेट को भी साझा किया और साफ शब्दो में का गया... "चारो को देखते ही मार डालो।"..

रण एक बार फिर सज चुकी थी। सुबह-सुबह ही युद्ध के लिए हवन तैयार कर लिया गया था। अपस्यु युद्ध के पूर्व विजई हवन करने के बाद, हर किसी को तिलक लगाया और सूट उप करने के आदेश मिले। हर कोई किसी मल्टी मिलियनैर की तरह तैयार हुआ, हर गाड़ी में तकरीबन 20 करोड़ कैश और साथ में छिपाकर हथियार रख लिया गया था और दिखाने के लिए 1 पिस्तौल पैसे के बैग के ऊपर रख दिया गया था।

दिल्ली पुलिस के कुछ ईमानदार लोग, जिनको इन इलाके से कुछ ज्यादा ही बैर था, उसके 40 लोग उस आधे किलोमीटर के उनके दायरे से दूर, अपने हाथ में सिंगल जैमर लिए बस 2 बजने का इंतजार कर रहे थे।

दिन के 2 बजे अनुप्रिया की चमचमाती कार एक ऑडटरियम में रुकी, जहां के गेस्ट रूम में उसे और महिदिपी को रूकवाया गया। उसी के साथ मुख्य पार्टियों के कई दिग्गज नेता वहां पहले से मौजूद थे।

इसी के साथ दिन के 2 बजे गाड़ियों का काफिला गली के मुहाने तक पहुंच चुकी थी। 6 गाडियां उन लोगों की थी जो दान करने आए थे, जिसमें सबसे आगे खुली जीप में सोमेश और सौरव हाथ जोड़े लोगो का अभिवादन कर रहा था। उसके आगे एक दिल्ली पुलिस और एक सेना की जीप थी, जिनपर 6-6 हथियारबंद लोग सवार थे। पीछे से भी इसी प्रकार से सुरक्षा कर्मियों के गाड़ी का काफिला था। और इनके बीच 5 बुलेट प्रूफ कार उन उद्योगपति और एनजीओ की थी जो दान करने आए थे।

गली के पास आकर सभी गाडियां रुक गई। भिड़ ने रास्ता रोक रखा था। कुछ लुक्खे और आवारा से लड़के, हर कांच पर हाथ मारकर डिक्की खोलने को कह रहे थे। सेना के जवान उतरकर हर कार की डिक्की के पास खड़े थे और एक कार से उतरकर, नीलू अपने 3 साथियों के साथ सोमेश और सौरव के पास पहुंचे।

लड़के हर डिक्की को चेक करने बाद उनके मुखिया नवीन और जावेद को बताने लगे… "5 कार में बैग भर-भर कर पैसे है, और साथ में एक पिस्तौल भी।"

नवीन:- सांसद जी आप के जीप में एक रुपया नहीं, कहां दान केर आए।

सोमेश:- बहुत से इलाकों से होकर आ रहे है नवीन भाई।

जावेद:- ये लड़की कौन है। (नीलू को देखकर पूछा)

सोमेश:- सेल्फी वाली है, उसी के लिए दान करने आए है।

जावेद:- हा हा हा.. ये सोशल मीडिया भी कमाल की चीज है। वैसे इतनी खूबसूरत महिला हमारे साथ खड़ी हो जाए तो हम पूरे बस्ती की सेल्फी दिलवा दे, वो भी बिना एक रुपया खर्च किए।

नीलू:- लुक मिस्टर आपका जो भी नाम है। हम ये सेल्फी के लिए नहीं कर रहे, बल्कि गंदगी में रहना और खराब पानी पीने से को हैल्थ प्रॉब्लम होती है, उसी का हल ढूंढने आए है। ये हम सबका काम है और हम सबको मिलाकर करना चाहिए।

नवीन:- मिलकर काम करने में हम पुरा भरोसा रखते है। होम मिनिस्टर जी के बेटे यहां तक आए, आप संसद महोदय यहां तक आए उसका धन्यवाद। दान जिनको करना है केवल उनकी गाड़ी अंदर जाएगी। और ये पॉलिटिकल फिगर नहीं है तो इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी मेरी। आप सब अपना काफिला कहीं और ले जाइए। इस बस्ती को करने वालों की जरूरत है ना कि वोट बैंक बटोरने वालों की।

नीलू:- थैंक्स यू सो मच।

जावेद:- आप मिस हम दोनों के साथ पैदल इस इलाके को घूमिए, बाकी के कार को सेंट्रल स्टोरी में घुसा दो।

जैसे हो जावेद और नवीन की बात सोमेश और सौरव ने सुनी, दोनो राहत की श्वांस लेने लगे। लेकिन तभी अपस्यु सौरव को खींचकर अपने कार में बिठाते.. "अंकल आप बाकी को लेकर जाओ, इनकी सुरक्षा अब मेरी जिम्मेदारी।"..

सोमेश अपने काफिले और मीडिया के साथ उसके आगे निकल गया, सौरव भी अपने बॉडी गार्ड्स को आश्वासन देते पापा से कह दिया बात करने। होम मिनिस्टर से तुरंत संपर्क किया गया, अपस्यु का नाम सुनकर उन्होंने भी सभी सुरक्षाकर्मी को लौट आने के लिए कह दिया।

अपस्यु:- सौरव कार में ही बैठे रहना उतारना मत, वरना तुम्हारा गला उतार जाएगा।

सौरव:- जानता है मै इसमें क्यों बैठा हूं, जब ये लोग तुझे मारकर तुम्हारी चमरी को बदन से निकाल रहे होंगे, तब मै आराम से मज़े से देखूंगा।

अपस्यु:- वो तो वक़्त ही बताएगा।

अपस्यु की कार सबसे आगे थी जो गली में धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। अपस्यु अपने कार के इंडिकेटर को ऑन किया, सभी लोग इशारा समझकर अपने कोट के नीचे, 4 स्मोक बॉम्ब डाल चुके थे। जैसे ही सबने अपने अंदर स्मोक बॉम्ब डाला, उसके तुरंत बाद सभी कार से कई तरह के पटाखे निकालकर बच्चो के ओर फेकने लगे।

बच्चे उन पटाखों को लेकर धूम धड़का मचाने लगे। धूम धड़ाके की आवाज सुनकर 2 हथियारबंद लोग मनीष और राजीव मिश्रा को अपने साथ लेकर नीचे आए, जहां उस इलाके के 2 प्रमुख लोग मुख्तार और अनवर नीचे पहले से मौजूद थे।

एक किडनैपर:- यहां इतना शोर क्यों है मुख्तार

मुख्तार:- लक्ष्मी देवी खुद चलकर हमारे बस्ती में आ रही है तो उसका स्वागत होना तो चाहिए ना। वैसे तुम्हे डरने की जरूरत नहीं है, फोर्स अंदर नहीं घुसी है केवल आलीशान कार में अमीर बिज़नेस मैन है जो एनजीओ के नाम पर करोड़ों लूटाने आए है और इसी दान को आधार बनाकर सरकार से अरबों का टेंडर लेंगे।

दूसरा किडनैपर मिश्रा बंधु से… "तुम दोनो जाओ और देखकर आओ कोई फोर्स तो नहीं, यदि फोर्स हुई और हमे सूचना नहीं मिली, तो इस बिल्डिंग की पहली सीढी चढ़ने के पूर्व ही हर किसी की कुर्सी में धमाका कर दिया जाएगा।

दोनो भाई हां बोलकर बाहर बस्ती में निकल गए। इधर जावेद और नवीन के साथ नीलू आगे-आगे गली में चल रही थी। जावेद नीलू का हाथ पकड़कर किनारे करते.. "कार को आगे जाने दीजिए मिस, आप हमे अपना प्लान बताइए।"

जावेद और नवीन नीलू को अपने साथ एक छोटे से झोपड़ी के अंदर बिठाते… "प्लान बताइए मिस।"

नीलू अपने टाई को ढीला करती शर्ट के 2 बटन को खोलती… "ये कौन सी जगह बिठा दिए मिस्टर, मुझे घुटन सी हो रही है।"..

जावेद:- यही तो हमारा दर्द है मैडम हमे इस घुटन में जीना पड़ता है। बताइए यहां बैठते ही आपने इतना खोल दिया, फिर यहां की औरतें कितना खोल देती होंगी किवाड़ बंद होने के बाद।

नीलू:- व्हाट् ????

नवीन:- लौंडा कह रहा है यहां इतनी गर्मी पड़ती है कि औरतें अपना लगभग कपड़ा उतार देती है, कितने शर्मिंदगी की बात है ना मैडम। ऊपर से यहां के लौंडे, किसी भी जुग्गी ने घुसकर पेलम पेल मचाकर 10 मिनट बाद भाग आते है। बेंचो पता ही नहीं चलता इस बस्ती में को कौन किसका बच्चा है।

नवीन की बात सुनकर जावेद मुंह फाड़ कर हसने लगता है और हंसते हंसते अपना हाथ उसके शर्ट के ऊपर से स्तन पर डाल देता है। नीलू थोड़ा पीछे हटकर अपने स्तन के ऊपर अपना हाथ रखती… "क्या तुम पागल हो गए हो मिस्टर। मै तुम्हे जेल भिजवा दूंगी।"..

जेल के बात सुनते ही नवीन अपना पिस्तौल निकलता है… "यहां का जेल भी मै हूं और कानून भी। जावेद पटक साली को ऐसा पेलेंगे की ये भी क्या याद रखेगी।

नीलू:- रुको रुको प्लीज, ऐसे जबरदस्ती मत करो। मै तुम्हारे साथ सब कुछ करूंगी लेकिन प्लीज यहां नहीं, बहुत गंदी जगह है ये। प्लीज फोर्स मत करो। चाहो तो तुम अभी मेरे साथ किसी होटल में चल दो, लेकिन प्लीज यहां नहीं। यहां हमे सबने आते भी देखा है और बाहर कुछ लोग मोबाइल का कैमरा यहीं लगाए है। मै बदनाम हो जाऊंगी।

जावेद, नीलू के होंठ को काटते.. बैन दी लोड़ी, तुझे पिलवाने के लिए मखमल का बिस्तर लेकर आऊं मै। नवीन बाहर से भगा मादरचोदों को। अभी दोनो साथ में पेलेंगे इसे आगे और पीछे से..

गली के अंदर उस वक़्त जब नीलू को किनारे किया गया। अपस्यु की कार का काफिला चंद फासला तय करके, उस 3 स्टोरी बिल्डिंग में पहुंचा। चारो ओर से पब्लिक का झुंड और एक-एक करके कार का दरवाजा खुला… "ओ भाई लोग डिक्की का दरवाजा यहां पहले खोलने का हां। चल डिक्की खोल पहले।".. तेज आवाज में अनवर बोला और सभी डिक्की का दरवाजा खुल गया।

डिक्की से हाथो हाथ कैश, 3 स्टोरी बिल्डिंग में पहुंच रहा था, तभी वहां एक हवा में फायरिंग हुई.. "मदरचोद यहां से भिड़ जल्दी हटाओ, तुम्हारे मां का यार नहीं आया है। भले लोग है, अपने पैसे हमे दान करने आए है। अरे सर लोग को अंदर बिठाओ रे।.. मुख्तार चिल्लाते हुए कहा और वहां से भीर बिल्कुल गायब सी हो गई।

आर्म्ड किडनैपर्स ने जब देखा कि मामला बस्ती वालों का है तो वो लोग अपने काम में ध्यान देने लगे। 3 स्टोरी बिल्डिंग ऐसी थी कि जिसमे आगे से मात्र एक 4 फिर का दरवाजा था बाकी पूरी कि पूरी दीवार। जैसे ही दरवाजे के आगे अनवर खड़ा हुआ, और एक एक करके बैग के साथ पिस्तौल भी अंदर जाने लगा, ठीक उसी वक़्त अपस्यु की नजर मिश्रा बंधु पर गई उसने पीछे की सीट से दोनो वीरदोयी को उतारकर मिश्रा बंधु को तुरंत कार में पैक करने के लिए कह दिया।

वीरदोयी बिजली की फुर्ती से गए और कार के दूसरे ओर से दोनो भाई को पैक कर दिया। दोनो भाई कुछ समझ पाते उससे पहले ही वो कार में थे।..

अपस्यु:- आप दोनो को बहुत कुछ कहना होगा, लेकिन उससे पहले मै कहना चाहूंगा... अभी वक़्त नहीं है बात करने का और आप दोनो के नेचर को देखते हुए यही बेहतर है.. मुंह हाथ बांध कर बिठाओ इन्हे, ताकि कोई समस्या ना खड़ी कर सके।

दोनो वीरदोयी फुर्ती दिखाते हुए मिश्रा बंधु के हाथ पाऊं मुंह बांधकर कार के पीछे लुढ़का दिए। अपस्यु उन दोनों को इशारा करते हुए कहने लगा.. सबको प्लान के मुताबिक 5 मिनट का टाइमर से करने कह दो 2 बजकर 15 मिनट पर। उसने हामी भरी और संदेश पहुंचाकर वो दोनो 2 और वीरदोयी को लेकर सबसे आगे वाली कार के पास चला आया।

बाकी के लोग उतारकर, एक-एक करके अंदर उस 3 स्टोरी बिल्डिंग में घुसने लगे। मुख्तार और अनवर वहां पैसों को देखकर उन्हें खुशी से धन्यवाद कह रहा थे। यहां हर किसी ने 2.15 के समय पर एक टाइमर लगा लिया था जिसमें मात्र 2 मिनट बचे थे। 14 वीरदोयी अंदर थे जो कि इनके पागलपन पर चुप्पी साधे धीरे-धरे नीचे के फ्लोर पर फ़ैल रहे थे।

टाइमर शुरू होते ही उन लोगो ने अपने कोट में लगे स्मोक बॉम्ब का पीन खींच दिया। इधर अपस्यु और ऐमी भी अपने कार से बाहर आए। अपस्यु वीरदोयी के हाथ का सहारा लेकर 18 फिट का जंप किया, तेजी से 2 प्लास्टिक सी4 दीवाल में लगा दिया। 5 मिनट के टाइमर में, 10 सेकंड बीतते बीतते, वहां अंदर मौजूद वीरदोयी के कोट से धुआं निकलने लगा और इधर सी4 के धमाके से बीच के फ्लोर की दीवार टूट गई।

एक ओर जुग्गी में जहां नीलू के साथ नाटक चल रहा था, जहां जावेद खड़ा होकर अपने पैंट निकल चुका था और तब तक नवीन सबको भागकर जैसे ही अंदर आया, तेज धमाका से वो दोनो चौंक गए और धमाके की आवाज सुनते ही नीलू हंसते हुए कहने लगी… "ठीक है मूर्खो अब हमारा एक्शन टाइम आ गया।"

नवीन हंसा, जावेद अपने अंडरवेयर पर हाथ फेर रहा था और नीलू, बिजली सी तेज… तेजी के साथ उसने अपना कोट निकला और पीठ में टंगी दोनो कुल्हाड़ी उसके हाथो में। जावेद और नवीन क्या संभलते, इतना तेज और जोरदार प्रहार था वो की उनका बड़ा सा मुंह खुला हुआ था और गला काटकर जमीन पर। सर कटा धर खून के फव्वारे के साथ खड़ा फर्फारा ही रहा था कि नीलू उसपर इतना तेज लात मारी की वो जुग्गी का दरवाजा फाड़कर बाहर जा गिरा।

सर कटी लाश को खून में लथपथ देखकर वहां के लोग पागलों कि तरह चीखते हुए अपने अपने घरों कि ओर हथियार निकालने भागे और इधर नीलू अपने ऊपर का सूट निकालकर लैदर ब्लैक बुलेटप्रूफ ड्रेस में आ गई और चेहरे पर भी कला बुलेटप्रूफ मास्क चढ़ा ली।

मास्क चढ़कर वो अपस्यु के ओर दौर लगा दी। इस ओर जैसे हो धमाका हुआ हर कोई अलना 2 स्मोक बॉम्ब नीचे और 2 स्मोक बॉम्ब ऊपर के फ्लोर पर डालते हुए, अपने अपने टारगेट कुर्सी के पास पहुंचे। 14 कुर्सी 14 लोग, पहुंचते ही बिना समय गंवाए हर किसी को एंटीडोट लग चुका था और हर कोई अपनी कुर्सी सहित सीधा उस दीवार से कूदते हुए बचे 2 स्मोक बॉम्ब को गाड़ियों के काफिले के पार फेंकता जा रहा था।

नीचे चार वीरदोयी बड़ी सी जाल फैलाए सबको लपक रहें थे, ऐमी और अपस्यु उन्हें पकड़ कर खिंचते हुए नीचे कर रहे थे। नीचे आते ही हर वीरदोयी कुर्सी से बंधे बंधक को निकालकर, ड्राइविंग करने वालो को ड्राइविंग सीट पर और बाकियों को आगे पीछे बिठाते जा रहे थे।

टाइमर सेट करने के महज पहले मिनट में ये सब हो चुका था और वहां मौजूद किडनैपर्स इस एक मिनट में पहले धमाके पर चौंक गए। बाद में चारो ओर ऐसा धुआं हुआ कि, जिस-जिस ने कुर्सी के पास खड़े होने की जहमत उठाई, वो बस खुद से 200 की रफ्तार से आती हुई किसी से टकराने का आभाष किया और चिंख़ते हुए जमीन पर धराशाई थे।

बस्ती में चारो ओर बात आग की तरह फ़ैल चुकी थी और वीरदोयी भी फ़ैल चुके थे। सभी लोगों को सुरक्षित बिठाने के बाद अपस्यु अकेला ही धुएं के बीच अंदर वो ट्रिपल स्टोरी बिल्डिंग में घुस गया।
 
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