- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 139,927
अपडेट 68
क्या सोच रहे हो?
सुमित को लंच टाइम में अकेले देख मेघा ने पूछा.
सुमित:- Soch...Abb सिर्फ सोच hi तो बाकी है.
मुस्कुरा कर सुमित ने जवाब दिया.
मेघा:- आज लंच का कोई प्लान नहीं है?
सुमित:- Nahi...Tum jaao...Warna फिर लेट हो जाएगा.
मेघा:- आज कोई व्रत है?
सुमित:- Vrat...Haan कह सकती ho...Kabhi कभी...
सुमित इससे आगे कुछ बोलता उससे पहले.
विकाश:- मई ी ज्वाइन?
सुमित बस विकाश की तरफ देखता है लेकिन कुछ कहता नहीं है.
विकाश:- डिस्टर्ब तो नहीं कर दिया? कोई सीरियस बात चल रहा था क्या?
मेघा:- अरे नहीं.
विकाश:- या फिर कोई प्राइवेट बातें?
सुमित:- प्राइवेट बातें चार दीवारी के बिच होता hai...Naa की सबके सामने ऐसे खुले आसमान में.
विकाश:- ये भी सही है.
सुमित:- चल bata...Kya काम है? फ़ालतू के काम के लिए तो तेरे पास कोई फुर्सत मिलेगा तो नहीं.
विकाश:- हाँ काम तो है.
सुमित:- और वो काम पढ़ाई के अलावा होना चाहिए.
विकाश:- Afsosh...Padhai रिलेटेड hi काम है.
सुमित:- अब्ब तो बक्श दे yaar...Bahut मुश्किल से इसा 3 घंटे की घुटन से राहत मिला hai...Aur तू फिर उसी दलदल में धकेल रहा है.
विकाश:- अभी की बात नहीं कर रहा hun...Soch रहा था बाद में लिहरारी में साथ में पढ़ेंगे.
सुमित:- किस गृह का नाम लिया तूने अभी?
विकाश:- गृह
सुमित:- कुछ तो कह रहा tha...Kahi बैठ कर पढ़ना है?
विकाश:- Library...Lekin ये गृह कैसे?
सुमित:- जहा पर एलियन रहते है उस जगह को क्या कहना चाहिए?
दो बार hi लाइब्रेरी गया हूँ बुक्स lene...Waha का जो हालत देखा बता नहीं sakta...Jald hi रीलीज़ हो गया ये स्कीम मेरे लिए नहीं है. :ओहनो:
विकाश:- कुछ ज्यादा hi बुराई कर रहा है लाइब्रेरी ka...Har एक बुक मिल जाता hai...Padhne के लिए भी बहुत अच्छा एनवायरनमेंट hai...Har फैसिलिटी अवेलेबल है.
सुमित:- हाँ कमी है तो सिर्फ बीएड की? :हम्म:
विकाश:- क्या मतलब?
सुमित:- पढ़ाई के बाद जो गहरी नींद आता hai...Uss आनंद का बयान शब्दों में नहीं कर सकता hun...Aur बीएड ना होने की वजह से सारा मजा खिड़किडा हो जाता है.
इस बार विकाश कुछ नहीं बोलै.
सुमित:- इन शार्ट, ी ऍम नॉट लाइब्रेरी मटेरियल.
विकाश:- आउट मेघा, तुम?
उम्मीद भरी आवाज में विकाश ने पूछा.
मेघा:- सुमित से थोड़ा jyada...Alliens से बहुत काम. :lol1:
सुमित:- ऐसे दुसरो को भी पढ़ने के लिए मोटीवेट करेगा तो तेरा hi टोपर की कुर्शी खतरे में आ जाएगा.
विकाश:- टॉप करने से ज्यादा नॉलेज जरुरी है.
सुमित:- पहली बार समझदारी की बात किया है तूने.
विकाश:- आज तक पढ़ाई में कुछ कमी महसूस किया है तो ग्रुप डिस्कशन ki...Isse क्या मिस कर रहा हूँ और क्या गलत पढ़ रहा हूँ ये भी पता चलेगा और दोस्तों के साथ पढ़ने से पढ़ने में और भी मन लगा रहेगा.
सुमित:- तब तो गलत सर्किल ज्वाइन कर रहा है.
विकाश:- तुम दोनों पढ़ने में बहुत अच्छे ho...Fir कैसे गलत फ्रेंड सर्किल है ये?
सुमित:- आज पहली बार टोपर को बैक बेंचेर का तारीफ़ करते सुना है.
विकाश:- मार्क्स doesn't ऑलवेज रिफ्लेक्ट नॉलेज एंड टैलेंट...
विकाश अब्ब आगे कुछ बोलता उससे पहले hi.
सुमित:- वाह अब्ब इंग्लिश में भी तारीफ़ :तूहैप्पी: मेघा सच में तुम लकी हो मेरे liye...Aaj कॉलेज में सबसे पहले तुम्हे hi देखा था.
विकाश को समझ में नहीं आ रहा था सुमित उसकी बात को सीरियसली ले भी रहा है या नहीं.
विकाश:- क्या सोचा फिर?
सुमित:- चल ये भी तरय करके देखते hai...Topper का पढ़ने की तरीका और टाइम table...Try करने में क्या प्रॉब्लम है.
फिर सुमित मेघा की तरफ देखते हुए.
सुमित:- आज व्रत मेरा है तुम्हारा नहीं...10 मिनट बाकी hai...Jaldi चलो.
फिर तीनो कैंटीन की तरफ जाते है.
मेघा:- तुम भी?
सुमित:- हाँ कुछ काम याद आ गया.
मेघा और विकाश एक टेबल में बैठते hai...Sumit 5 टेबल आगे जा कर एक लड़के के सर में पीछे से मारता है और.
सुमित:- क्या हाल चाल है लोवेबिरदस? अपने में hi लगे रहते हो.
कीर्ति:- कुछ भी.
सुमित:- जो दिख रहा है वो बोल रहा hun...Evidence बेस्ड.
इस बार कीर्ति कुछ नहीं बोलती.
राज:- भैया आप यहाँ?
सुमित:- अब्ब ये मत बोलना की यहाँ भी डिस्टर्ब कर रहा हूँ.
राज:- अरे nahi...Kaisi बात कर रहे है आप?
सुमित:- सब पता है mujhe...Pehle प्राइवेसी के लिए रूम से निकलवा दिया और अब्ब यहाँ से भी भगा रहा है. :डी
राज:- Nahi...Aap गलत सोच...
सुमित:- कुछ ज्यादा hi सीरियस hai...Nahi सुधरेगा तू.
सुमित ने हँसते हुए कहा तो राज भी चुप हो गया.
राज:- एक बात पूछना था आपसे.
सुमित:- 100 बात puch...Lekin टाइम 5 मिनट hi बाकी है अब्ब.
राज:- जब आप मेरा लव मटर इतनी आसानी से सोल्वे कर सकते है तो अपना प्यार को मनाने के लिए इतना वक्त क्यों लग रहा है?
कीर्ति:- हाँ ये सवाल मेरा भी hai...Le चलो तुम्हारे कीर्ति के paas...Acche से समझा दूंगी.
सुमित:- कोई फायदा नहीं.
कीर्ति:- ऐसे कैसे कोई फायदा nahi...Kabhi कभी जरुरत होता है तो रेअलिज़तिओन ki...Jaise तुमने मुझे रीलीज़ करवाया की मई गलत hun...Aise hi कीर्ति को रीलीज़ होगा तो वो जरूर समझेगी.
सुमित:- अगर मई ये कहु की वो समझना hi नहीं चाहती तो?
कीर्ति:- साफ़ बोलो.
सुमित:- जब तुम दोनों को पहली बार देखा तो समझ गया की राज के पास ज्यादा ऑप्शन नहीं है तुम्हे समझाने की.
तुम्हे देखा तो पता चला बहुत नाराज हो तुम राज se...Ek उम्मीद तुम्हे भी था की राज सुधर jaaye...Aisa नहीं था की तुम राइ से बिलकुल भी प्यार नहीं करती और उससे कोई मौका नहीं देना चाहती.
लेकिन मेरा केस थोड़ा अलग hai...Jo नफरत ग़लतफहमी से सुरु हुआ था वो ग़लतफहमी अब्ब नहीं hai...Kirti भी जानती है की मैंने उससे धोखा नहीं दिया.
लेकिन अब्ब उससे मुझसे कोई प्यार भी नहीं hai...Jitna हो सके उतना अवॉयड कर रही hai...Realization भी किस बात की? उससे अच्छे से रीलीज़ है की वो मुझसे प्यार बिलकुल भी नहीं करती.
इस बात पर राज और कीर्ति भी कुछ नहीं बोले.
कुछ देर बाद.
कीर्ति:- तो तुम क्यों लगे हो उसके पीछे? उससे भूल जाओ और आगे badho...Tum उससे अच्छा hi डेसेर्वे करते हो.
सुमित:- कल मैंने 3 सिगरेट पीया था?
कीर्ति:- क्या मतलब?
सुमित:- और दारु 3 दिन पहले.
कीर्ति और राज दोनों की hi सर के ऊपर से जा रहा था सुमित की बात.
सुमित:- कुछ हफ्ते पहले तक दिन में 20 से 30 सिगरेट्स आराम से फंक लेता था.
दोनों hi अभी तक समझने की कोशिश कर रहे थे सुमित की baat...Muskura कर सुमित ने कहना सुरु किया.
सुमित:- ये दारु और सिगरेट यूँही बदनाम hai...Asli नशा तो इश्क़ hai...Jo भुलाये नहीं bhulti...Vakt के साथ और भी गहरा हो जाता है.
सिगरेट और दारु तो आसानी से छूट रहा है लेकिन ये Ishq...Marte दम तक साथ नहीं छोड़ेगा.
राज:- लेकिन?
सुमित:- टाइम उप...5 मिनट ख़त्म आउट क्लास का वक्त शुरू.
इतना कह कर सुमित वह से क्लास के लिए निकल गया.
दूसरी तरफ सुमित के पापा स्कूल ख़त्म होते hi सीधे अपने भाई की घर की तरफ निकल जाते hai...Chehra का भाव साफ़ बता रहा था की कुछ ज्यादा hi जरुरी बातें करने जा रहे है.
क्या सोच रहे हो?
सुमित को लंच टाइम में अकेले देख मेघा ने पूछा.
सुमित:- Soch...Abb सिर्फ सोच hi तो बाकी है.
मुस्कुरा कर सुमित ने जवाब दिया.
मेघा:- आज लंच का कोई प्लान नहीं है?
सुमित:- Nahi...Tum jaao...Warna फिर लेट हो जाएगा.
मेघा:- आज कोई व्रत है?
सुमित:- Vrat...Haan कह सकती ho...Kabhi कभी...
सुमित इससे आगे कुछ बोलता उससे पहले.
विकाश:- मई ी ज्वाइन?
सुमित बस विकाश की तरफ देखता है लेकिन कुछ कहता नहीं है.
विकाश:- डिस्टर्ब तो नहीं कर दिया? कोई सीरियस बात चल रहा था क्या?
मेघा:- अरे नहीं.
विकाश:- या फिर कोई प्राइवेट बातें?
सुमित:- प्राइवेट बातें चार दीवारी के बिच होता hai...Naa की सबके सामने ऐसे खुले आसमान में.
विकाश:- ये भी सही है.
सुमित:- चल bata...Kya काम है? फ़ालतू के काम के लिए तो तेरे पास कोई फुर्सत मिलेगा तो नहीं.
विकाश:- हाँ काम तो है.
सुमित:- और वो काम पढ़ाई के अलावा होना चाहिए.
विकाश:- Afsosh...Padhai रिलेटेड hi काम है.
सुमित:- अब्ब तो बक्श दे yaar...Bahut मुश्किल से इसा 3 घंटे की घुटन से राहत मिला hai...Aur तू फिर उसी दलदल में धकेल रहा है.
विकाश:- अभी की बात नहीं कर रहा hun...Soch रहा था बाद में लिहरारी में साथ में पढ़ेंगे.
सुमित:- किस गृह का नाम लिया तूने अभी?
विकाश:- गृह
सुमित:- कुछ तो कह रहा tha...Kahi बैठ कर पढ़ना है?
विकाश:- Library...Lekin ये गृह कैसे?
सुमित:- जहा पर एलियन रहते है उस जगह को क्या कहना चाहिए?
दो बार hi लाइब्रेरी गया हूँ बुक्स lene...Waha का जो हालत देखा बता नहीं sakta...Jald hi रीलीज़ हो गया ये स्कीम मेरे लिए नहीं है. :ओहनो:
विकाश:- कुछ ज्यादा hi बुराई कर रहा है लाइब्रेरी ka...Har एक बुक मिल जाता hai...Padhne के लिए भी बहुत अच्छा एनवायरनमेंट hai...Har फैसिलिटी अवेलेबल है.
सुमित:- हाँ कमी है तो सिर्फ बीएड की? :हम्म:
विकाश:- क्या मतलब?
सुमित:- पढ़ाई के बाद जो गहरी नींद आता hai...Uss आनंद का बयान शब्दों में नहीं कर सकता hun...Aur बीएड ना होने की वजह से सारा मजा खिड़किडा हो जाता है.
इस बार विकाश कुछ नहीं बोलै.
सुमित:- इन शार्ट, ी ऍम नॉट लाइब्रेरी मटेरियल.
विकाश:- आउट मेघा, तुम?
उम्मीद भरी आवाज में विकाश ने पूछा.
मेघा:- सुमित से थोड़ा jyada...Alliens से बहुत काम. :lol1:
सुमित:- ऐसे दुसरो को भी पढ़ने के लिए मोटीवेट करेगा तो तेरा hi टोपर की कुर्शी खतरे में आ जाएगा.
विकाश:- टॉप करने से ज्यादा नॉलेज जरुरी है.
सुमित:- पहली बार समझदारी की बात किया है तूने.
विकाश:- आज तक पढ़ाई में कुछ कमी महसूस किया है तो ग्रुप डिस्कशन ki...Isse क्या मिस कर रहा हूँ और क्या गलत पढ़ रहा हूँ ये भी पता चलेगा और दोस्तों के साथ पढ़ने से पढ़ने में और भी मन लगा रहेगा.
सुमित:- तब तो गलत सर्किल ज्वाइन कर रहा है.
विकाश:- तुम दोनों पढ़ने में बहुत अच्छे ho...Fir कैसे गलत फ्रेंड सर्किल है ये?
सुमित:- आज पहली बार टोपर को बैक बेंचेर का तारीफ़ करते सुना है.
विकाश:- मार्क्स doesn't ऑलवेज रिफ्लेक्ट नॉलेज एंड टैलेंट...
विकाश अब्ब आगे कुछ बोलता उससे पहले hi.
सुमित:- वाह अब्ब इंग्लिश में भी तारीफ़ :तूहैप्पी: मेघा सच में तुम लकी हो मेरे liye...Aaj कॉलेज में सबसे पहले तुम्हे hi देखा था.
विकाश को समझ में नहीं आ रहा था सुमित उसकी बात को सीरियसली ले भी रहा है या नहीं.
विकाश:- क्या सोचा फिर?
सुमित:- चल ये भी तरय करके देखते hai...Topper का पढ़ने की तरीका और टाइम table...Try करने में क्या प्रॉब्लम है.
फिर सुमित मेघा की तरफ देखते हुए.
सुमित:- आज व्रत मेरा है तुम्हारा नहीं...10 मिनट बाकी hai...Jaldi चलो.
फिर तीनो कैंटीन की तरफ जाते है.
मेघा:- तुम भी?
सुमित:- हाँ कुछ काम याद आ गया.
मेघा और विकाश एक टेबल में बैठते hai...Sumit 5 टेबल आगे जा कर एक लड़के के सर में पीछे से मारता है और.
सुमित:- क्या हाल चाल है लोवेबिरदस? अपने में hi लगे रहते हो.
कीर्ति:- कुछ भी.
सुमित:- जो दिख रहा है वो बोल रहा hun...Evidence बेस्ड.
इस बार कीर्ति कुछ नहीं बोलती.
राज:- भैया आप यहाँ?
सुमित:- अब्ब ये मत बोलना की यहाँ भी डिस्टर्ब कर रहा हूँ.
राज:- अरे nahi...Kaisi बात कर रहे है आप?
सुमित:- सब पता है mujhe...Pehle प्राइवेसी के लिए रूम से निकलवा दिया और अब्ब यहाँ से भी भगा रहा है. :डी
राज:- Nahi...Aap गलत सोच...
सुमित:- कुछ ज्यादा hi सीरियस hai...Nahi सुधरेगा तू.
सुमित ने हँसते हुए कहा तो राज भी चुप हो गया.
राज:- एक बात पूछना था आपसे.
सुमित:- 100 बात puch...Lekin टाइम 5 मिनट hi बाकी है अब्ब.
राज:- जब आप मेरा लव मटर इतनी आसानी से सोल्वे कर सकते है तो अपना प्यार को मनाने के लिए इतना वक्त क्यों लग रहा है?
कीर्ति:- हाँ ये सवाल मेरा भी hai...Le चलो तुम्हारे कीर्ति के paas...Acche से समझा दूंगी.
सुमित:- कोई फायदा नहीं.
कीर्ति:- ऐसे कैसे कोई फायदा nahi...Kabhi कभी जरुरत होता है तो रेअलिज़तिओन ki...Jaise तुमने मुझे रीलीज़ करवाया की मई गलत hun...Aise hi कीर्ति को रीलीज़ होगा तो वो जरूर समझेगी.
सुमित:- अगर मई ये कहु की वो समझना hi नहीं चाहती तो?
कीर्ति:- साफ़ बोलो.
सुमित:- जब तुम दोनों को पहली बार देखा तो समझ गया की राज के पास ज्यादा ऑप्शन नहीं है तुम्हे समझाने की.
तुम्हे देखा तो पता चला बहुत नाराज हो तुम राज se...Ek उम्मीद तुम्हे भी था की राज सुधर jaaye...Aisa नहीं था की तुम राइ से बिलकुल भी प्यार नहीं करती और उससे कोई मौका नहीं देना चाहती.
लेकिन मेरा केस थोड़ा अलग hai...Jo नफरत ग़लतफहमी से सुरु हुआ था वो ग़लतफहमी अब्ब नहीं hai...Kirti भी जानती है की मैंने उससे धोखा नहीं दिया.
लेकिन अब्ब उससे मुझसे कोई प्यार भी नहीं hai...Jitna हो सके उतना अवॉयड कर रही hai...Realization भी किस बात की? उससे अच्छे से रीलीज़ है की वो मुझसे प्यार बिलकुल भी नहीं करती.
इस बात पर राज और कीर्ति भी कुछ नहीं बोले.
कुछ देर बाद.
कीर्ति:- तो तुम क्यों लगे हो उसके पीछे? उससे भूल जाओ और आगे badho...Tum उससे अच्छा hi डेसेर्वे करते हो.
सुमित:- कल मैंने 3 सिगरेट पीया था?
कीर्ति:- क्या मतलब?
सुमित:- और दारु 3 दिन पहले.
कीर्ति और राज दोनों की hi सर के ऊपर से जा रहा था सुमित की बात.
सुमित:- कुछ हफ्ते पहले तक दिन में 20 से 30 सिगरेट्स आराम से फंक लेता था.
दोनों hi अभी तक समझने की कोशिश कर रहे थे सुमित की baat...Muskura कर सुमित ने कहना सुरु किया.
सुमित:- ये दारु और सिगरेट यूँही बदनाम hai...Asli नशा तो इश्क़ hai...Jo भुलाये नहीं bhulti...Vakt के साथ और भी गहरा हो जाता है.
सिगरेट और दारु तो आसानी से छूट रहा है लेकिन ये Ishq...Marte दम तक साथ नहीं छोड़ेगा.
राज:- लेकिन?
सुमित:- टाइम उप...5 मिनट ख़त्म आउट क्लास का वक्त शुरू.
इतना कह कर सुमित वह से क्लास के लिए निकल गया.
दूसरी तरफ सुमित के पापा स्कूल ख़त्म होते hi सीधे अपने भाई की घर की तरफ निकल जाते hai...Chehra का भाव साफ़ बता रहा था की कुछ ज्यादा hi जरुरी बातें करने जा रहे है.