अपडेट 228
दयासुर – उसके बाद तुमको अवनि के साथ वह पैर hi सम्भोग किरिया को पूरा करके वरदान लेना और घर आ जाना.
पब – तो इसमें अवनि से वह शादी करने की और वरदान वही पाने की जरुरत क्या है?? ये वरदान तो में यही पैर अवनि से शादी करके भी प् सकता हु. और उसके बाद अकेला जा कर डलासुर जी को आज़ाद करवा सकता हु.
दयासुर – नहीं बीटा, तुमको जो मग्न है वो मेरे दोनों भाइयो को बिना हरये पाना नामुनकिन है.
पब – हम्म्म … यदि ऐसे बात है तो वह से आ कर अवनि से शादी कर लगा..
दयासुर – ये भी नहीं हो सकता कियोकि अभी मेने कहा न. और तुमने भी अभी फील किया होगा की वह कितनी वासना है. और उस तालाब के पानी में तो वासना की चार्म सीमा से भी बहुत ज्यादा वासना है. पता नहीं वॉक ों सा पल होगा जब तुम अपनी वासना पैर से अपना कण्ट्रोल खो डोज. और तुम पैर वासना का भूत साबरा होगा. तो उन पालो में अवनि को hi अपनी प्यार की अचूक शक्ति से तुमको उस वासना से बहार निकलना है. और यदि अवनि तुम उसमे भी फ़ैल होने लगो तो तुमको सम्भोग क्रिया पूरी करके पब की वासना को शांत करना होगा. उस टाइम तुमको hi याद रखना होगा की पब क्रिया में बोले जाने वाले मंत्रो को पड़े. और अपना वरदान भी मगे. मेरे भाइयो से युद्ध जीतने के बाद पारी और अवनि तुम दोनों की अग्नि परीक्षा होगी. तुम दोनों पैर hi तुम सभी की जिंदगी और जीत तिकी होगी. तुम दोनों hi इस यात्रा का परिदम (रिजल्ट) घोषित करोगी.
मणि जी – अवनि आज से तुमको भी अपने आप को इस यात्रा के लिए तैयार करना होगा. तुमको इतनी कदिन ट्रेनिंग करने होगी की 10 दिन में hi तुमको बहुत कुछ आ जाये.
अवनि – गुरूजी आज से अवनि दिन में 18 हॉर्स अपने आप को इस यात्रा के काबिल बनाने में hi लगाएगी. मैं अब प्रेम का सही ार्थ समाज चुकी हु. यदि मेरा प्रेम मेरी परीक्षा लेना चाहता है तो मैं इस परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हु. अवनि इस यात्रा में अपने प्रेम को हरने नहीं देगी.
दयासुर – अवनि हमको तुमसे ये hi उम्मीद थी. और पब तुमको इसकी सुरक्षा के लिए मेरे दिए उस गोले (शील्ड) का इस्तमाल करना होगा. और सलोनी को यहाँ उसकी एनर्जी को संभालना होगा. ये यात्रा पब तुम्हारे अकेले की नहीं है. इस यात्रा में तुम सभी का पूरा योगदान hi इसे सफल बना सकता है.
बहुत देर से अपने मन में एक सवाल को दवाये बेटी कामिनी अब बोल hi पड़ी – बाबा गुरूजी ने पब की सभी पत्नियों का पब के जीवन में महत्त्व बता दिया. और इस युद्ध में उनकी भूमिका अपने बता दी. पैर मैं और गुरु दीदी का आप दोनों में से किसी ने कुछ नहीं बताया. क्या हम दोनों इनके जीवन में बिना मतलब के hi है? क्या हर्रा इनके जीवन में कोई महत्व नहीं है?
दयासुर – नहीं ऐसा बिलकुल भी नहीं है. गुरु को दस माँ ने पब का मार्गदर्शक बनने को बोलै था पैर खुद इसने hi पब की 1सत पत्नी बनना चाहा. और ये क्यों किया ये बात दस माँ और ये दोनों hi जानते है (मंजू वाले केस में अपडेट 2 का बैलेंस part लिखा था, गुरु का 1सत वाइफ होने का कारन के रूप में) और इसका काम इस युद्ध में भी मार्गदर्शक का hi होगा. कियोकि हम दोनों तो यहाँ से चले जायेगे. और फिर उसके बाद आने वाली हर मुश्किल में गुरु hi तुम सबका मार्गदर्शक करेगी. और रही तुम्हारी बात तो बीटा तुम्हारा पब के जावन में आने का क्या कारन है ये हम आज नहीं जानते है पैर ये मत सोचना की नियति ने तुमको पब की जिंदगी में बिना मतलब के hi भेज दिया है. तुम्हारी और पब की शादी भी नियति का एक खेल hi है. और भविष्य में क्या होना है ये तो नियति hi जाने. इसलिए कभी भी खुद को काम मत समझना. तुम्हारे कारन hi पब को वो मार्ग मिला है जिस पैर चल कर वो आज यहाँ तक पंहुचा है. ये हवेली और दानव सेना की लड़कियों के कल्याण के लिए लड़ने के कारन hi उसको ये सभी पत्निया मिली है. तुम hi वो माद्यं हो जिसने इस सबको पब से मिलवाया है.
ये सब लोग बहुत देर तक ऐसे hi सवाल जवाब करते रहे और किसी को होश hi नहीं था की शयाम का वक्त भी हो चुक्का है. होश जब आया जबकि दयासुर जी ने बोलै की अब मेरा जाने का टाइम हो चुक्का है. तो मणि जी ने भी पब को बोल दिया की वो उनको भी आश्रम तक छोड़ आये और अवनि को अपने साथ ले चले. दयासुर जी के जाने के बाद अवनि, पब और मणि जी टेलिपोर्ट हो कर मणि जी के आश्रम के रूम में पहुंच गए. वह बेथ कर मणि जी ने अपनी कुछ पावर अवनि को दी. और उनको कहा की आज से 10 दिन बाद तुमको इस यात्रा पैर जाना है.
वह से पब और अवनि हवेली आ जाते है. तो घर पैर अभी डिनर की कोई तैयारी नहीं थी. और आज किसी का मान भी नहीं था डिनर बनाने का तो पब ने सभी को कहा दिया की आज डिनर के लिए बहार चलेंगे. पहले शॉपपिंग फिर डिनर. पब की बात सुन कर सब खुस हो गए. आज बहुत दिन बाद इन घर में खुशियों का माहौल था. पहले काजल का बच्चा और फिर आपसी मतभेद. अब जा कर घर में खुशियों को माहौल था. पब ने दीपक को फ़ोन करके बता दिया था की आज वो लोग डिनर के लिए आ रहे है. कुछ hi देर मैं सब तैयार हो कर बहार आ चुके थे. सभी के फेस पैर एक चमक थी जो कई दिन बाद पब ने देखि थी.
कुछ देर में hi घर से काफिला चल दिया सिटी में मॉल की तरफ. पब, उसकी सभी पत्निया, पेय, माउद, काजल और जय आज सभी एक साथ जा रहे थे. ये सब तीन कार्स में थे. पैर 1 कार आगे और 1 कार पीछे उनको कवर करके चल रही थी. इसमें वो hi टीम थी जो पब ने जुली को बोल कर इस सभी की सेफ्टी के लिए रखवा राखी थी. थोड़ी hi देर में ये सब मॉल में पहुंच गए. और फिर सुरु हुआ सभी का शॉपपिंग का दुआर. इन सभी में मिल कर पुरे मॉल को सर पैर ुधा लिया था. मॉल का मैनेजर खुद उन सभी को शॉपपिंग करवा रहा था. और पब तो बस खड़ा सभी को एक जगह से दूसरी जगह भागता हुआ देख रहा था. या फिर कभी कोई उसको अपने लिए ड्रेस पसंद करने को खींचता तो कभी कोई. पब ने अपनी दिव्या दृष्टि से पहले hi देख लिया था की अभी कोई भी गलत आदमी इनके आस पास नहीं है. जब पब की खींच तान थोड़ी काम हुयी तो वो कॉफ़ी शॉप में बेथ कर कॉफ़ी पिने लगा.
वह बेथ कर पब ने अपने साथ आयी उन लड़कियों को देखा जो सेफ्टी के लिए उनके साथ आयी थी. पैर उनकी निगाहे भी माल्स की शॉप्स को देख कर दोल रही थी. उनकी आखें बता रही थी की वो भी शॉपपिंग करना चाहती है. चाहे किसी लड़की को उसकी जरुरत का हर सामान आप उसको घर पैर hi ला कर दे दो फिर भी शॉपपिंग करने की इच्छा तो हर लड़की के दिल में होती है. और आज ये इच्छा इनके दिल में भी हो रही थी. जो पब ने पहचान ली थी. तो पब ुध कर उनके पास गया और सभी को अपने साथ एक शॉप में आने को बोलै वो भी पब के साथ शॉप में घुस गयी. और फिर पब – देखो यहाँ पैर सभी तरह की ड्रेसेस है. तुम लोगो को जो भी पाषंड हो वो तुम ले सकती हो. अपने लिए भी और बेस में रहने वाली और लड़कियों के लिए भी. जितनी चाहे उतनी ड्रेस की तुम सब शॉपपिंग कर सकती हो.
लड़किया – पैर हम…. हम कैसे शॉपपिंग कर सकते है… नहीं ठाकुर साहब हम यहाँ शॉपिंग के लिए नहीं वल्कि आप सभी की सेफ्टी के लिए आपके साथ आये है ये हम नहीं कर सकते.
तो पब उनमे से एक लड़की का हाथ पकड़ कर बोलै – देखो यदि तुम सब मुझको कुछ मानती हो. और तुम लोगो के दिल में मेरे लिए इज्जत है तो तुम सब मेरा कहा जरूर पूरा करोगी. और यदि नहीं तो कोई बात नहीं है. पैर प्लीज फोर्मल्टी के लिए 1-2 ड्रेस खरीद कर ये मत कहना की शॉपिंग हो गयी. आगे तुम लोगो की इच्छा. मैं तुम सबको फाॅर्स नहीं करुगा. पैर यदि तुम सब शॉपिंग करोगे तो मुझको भी अच्छा लगेगा.. और शायद तुमको भी ये करना पाषंड आये.
पब की बातो से सभी लड़किया भाबुक हो गयी. और उन्होंने हाँ में गार्डन हिला दी. मुँह से शब्द तो निकले नहीं थे उनमे से किसी के. फिर पब भी बहार चला गया. और फिर वो सब भी लग गयी शॉपपिंग में उनके फेस की चमक hi बता रही थी की वो आज ये सब करके कितनी खुश है. अब तो ऐसा लग रहा था की शायद शॉप वालो के पास कपडे काम न पद jaye…hahahaha… पैर फिर ये सिलसिला भी पूरा हो गया. पब के हाथ में केवल ऐडा, पेय, माउद की शॉपिंग के बैग्स थे. तब भी वो पूरा धक् गया था. वाकई एक बैग्स तो सभी ने अपने खुद hi ले रखे थे. सभी आज की शॉपिंग से बहुत खुश थे. तो ये लोग कुछ hi देर में अपने होटल में पहुंच गए जहा दीपक इनका वेट कर रहा था. दीपक ने सभी के डिनर को बहुत hi मस्त इंतजाम किया था. एक छोटे हॉल में इन सभी के लिए टेबल लगी थी. पब उन सभी लड़कियों को भी अपने साथ hi ले गया था डिनर के लिए. डिनर पैर पब ने अपनी पत्नियों के साथ पूरी मस्ती की थी. कभी किसी को छेड़ता तो कभी किसी को. सभी ने इस संदर डिनर का भरपूर लुफ्त उड़ाया. वो लड़किया आज बहुत ज्यादा खुश थी. कियोकि एक लम्बे समय के बाद उन्होंने ये खुशियों के पल जीए थे.
डिनर करते हुए सभी लेट हो गए तो रात के 12 बाये के अस पास घर पहुंचे. सभी बहुत खुश थे. इस बिच पब की पत्नियों ने सोनल को भी फ़ोन किया था. पेय और माउद अपने किये गयी बत्तमीजी की माफ़ी मांग चुकी थी. सभी उन पालो को भूल कर आज में जी रहे थे. घर पहुंच कर सभी लोग हॉल में बैठे रहे और फिर सभी ने कल से अपनी प्रैक्टिस कैसे करनी है इस पैर बात की. गुरु, कामिनी और जुली को अवनि को त्रिनेड करने का काम मिला. तो पब और उसकी बाकि 10 पत्नियों को आदिक से आदिक टाइम धयान में बेथ कर अपनी जीवन शक्ति को बढ़ाने को कहा गया. काजल को घर की और जय को दानव बेस की जिम्मेदारी मिली थी. ये मस्ती केवल आज के लिए थी कल से तो सभी को आने वाले युद्ध की तैयारी में लग्न था.
रात को करीब 1 बजे सो कर सुबह 5 बजे फिर सभी ुध गए. और लग गए अपनी ट्रेनिंग पैर. आज से अवनि की सहमत आने वाली थी और अवनि भी इसके लिए तैयार थी. सुबह 10 बजे तक सभी अपनी अपनी ट्रेनिंग पैर लगे रहे. पब और उसकी 10 पत्निया तो डायन में बैठे रहे. पैर गुरु, कामिनी और जुली ने मिल कर अवनि की हालत पतली कर दी. मणि जी की दी हुयी पावर से उसकी सहन शक्ति बाद गयी थी. फिर भी इन तीनो ने अवनि की हालत ऐसी कर दी की अवनि का बेस से हॉल तक आना भी मुश्किल हो गया. काजल ने सभी का नास्ता तैयार कर लिया था. कामिनी ने सभी को बर्फ सर्वे किया और फिर खुद भी साथ में बेथ गयी. बर्फ के बाद पब जुली ने मिलने बेस में चला गया. तो जुली ने बताया की वो सब लड़किया बहुत खुश थी कल शॉपिंग करने से. तो पब ने जुली को बोलै की आज तुम सभी लड़कियों को ले कर सिटी चली जाओ. और जिसको जो शॉपिंग करनी है करवाओ. फिर सब को मूवी दिखा देना मेने **** मॉल 6 बजे वाले शो की सभी टिकिट्स बुक कर दी है. लंच और डिनर भी ये जहा चाहे वह करवाना यदि अपने होटल में जाना हो तो मुझको बोल देना मैं दीपक को बोल दुगा. जुली इन सब लड़कियों को लग्न चाहिए की ये भी नार्मल लड़कियों के जैसी hi है ये भी वो सब कर सकती है जो और सभी लोग करते है. इनसे पूछना यदि किसी और को कुछ और भी करना हो तो… मैं इनकी ख़ुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार हु. यदि ये किसी से शादी करके घर बषाना चाहती हो तो वो भी हम करेंगे. इन लड़कियों की ख़ुशी hi मेरे लिए सब कुछ है. ये हमारी गुलाम नहीं है. और न hi मैं किसी को अपना गुलाम बना कर रखना चाहता हु. जुली भी पब की बात से बहुत खुश हो गयी. और सभी को आज के प्रोग्रमम के बारे में बता दिया. फिर क्या था बेस में हंगामा सा हो गया सब जल्दी -2 तैयार होने लगी. फिर पब ने जय और हमक को नए आये सभी लोगो का डायन रखने का बोलै और फिर से आ कर डायन में बेथ गया. इस बार सभी का 11 ऍम से 2पं तक फिर एक ट्रेनिंग सेस्सों चला. पैर गुरु और कामिनी ने अवनि को 3 बजे छोड़ा. और फिर लंच के बाद कुछ रेस्ट थें फिर से श्याम 5पं से 9पं तक का एक सेस्सों था. बूत अवनि रात के 11 बजे तक लगी रही. अवनि को गुरु और कामिनी ने न केवल फिजिकल ट्रेनिंग, बल्कि फाइटिंग स्किल्स, तांत्रिक मंत्रो का ज्ञान, योग, डायन लग्न सभी कुछ सिखाया था. अब टाइम काम था तो थोड़ा -2 सभी कुछ सीखा रही थी. ताकि यात्रा में पब की हेल्प कर सके.