MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 35 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

यस बीआरओ, अब सुरु होगी फाइट... डलासुर जी को बचने के लिए..

वो 4रो दानव भी पब के जाने के बाद HI हमला करेंगे. ये सब उससे कैसे बचेंगे ये देखना मजेदार रहेगा भाई..

पैर भाई पब की सभी पत्निया हवेली में HI रहेगी. और पब और अवनि वह चक्रवेव में. और इनका आपस में कनेक्शन भी नहीं रहेगा. उस चक्रवेव में क्या हो रहा है ये बहार किसी को पता नहीं चलता. बस चरणों के पूरा होने पैर HI आप कांटेक्ट कर सकते हो बिच में नहीं...

स्टे तूने...
 
अपडेट 229

अवनि को गुरु और कामिनी ने न केवल फिजिकल ट्रेनिंग, बल्कि फाइटिंग स्किल्स, तांत्रिक मंत्रो का ज्ञान, योग, डायन लग्न सभी कुछ सिखाया था. अब टाइम काम था तो थोड़ा -2 सभी कुछ सीखा रही थी. ताकि यात्रा में पब की हेल्प कर सके.

नेक्स्ट डे जब ये बर्फ करके ुढे तो पब के फ़ोन पैर सोनल का कॉल आ गया. सोनल की बातो के बारे में पब ने काफी कुछ सोच था. तो सोनल से नार्मल बात करने के बाद वो बोलै – दीदी मेने आपकी बात के बारे में सोचा है. और मैं ये चाहता हु की मेरा एक मस्सगे लोगो तक टीवी के जरिये पहुंचे. मुझको खुद लोगो के सामने आना होगा. और लोगो को बताना होगा की मैं सचो के साथ अच्छा और ब्यूरो के लिए दानव हु. क्रिमिनल्स को मस्सगे देना होगा या तो ये सब रोक दो या मरने को तैयार रहो.

सोनल – हाँ भाई ये तूने सही सोचा है. यदि दानव पुत्र खुद टीवी पैर अपने बारे मैं बोलेगा तो लोगो को विश्वास करना होगा. अच्छा आईडिया है. तो कैसे आएगा टीवी पैर क्या सोचा है इसके बारे में?

पब – सोचना क्या है आज hi आ जाता हु लाइव सबके सामने. और फिर अपने ससुर का चेंनल भी तो हिट करवाना है. तो अभी से ब्रेकिंग न्यूज़ दे दो अपने चेंनल पैर की आज 3 बजे दानव पुत्र होगा आपके सामने…

सोनल – पैर भाई इतनी जल्दी ये सब कैसे होगा?? ारेंगमेंट कैसे हो पाएंगे. ये तो बहुत जल्दी हो रहा है.

पब – ारे मेरी प्यारी दीदी. यदि अपने ज्यादा टाइम पहले ये न्यूज़ निकल दी तो आपका चेंनल के बहार दूसरे चेन्नल्स वाले और नेता नगरी आ जाएगी. फिर उन सबको संभालती रहना. पुलिस भी ज्यादा हेल्प नहीं करेगी आपकी. मेरा लाइव टेलीकास्ट तो बहुत शार्ट टाइम में hi करना होगा. और आप भी ज्यादा लोगो को इसमें इन्वॉल्व न करना. किसी भी होटल के रूम में अपनी एक रेपोटर को भेज देना में वह पहुंच जाउगा. और वह से hi लाइव टेलीकास्ट होता रहेगा. यदि आपके ऑफिस से करने की सोची तो वो लोग ऑफिस को hi नुकसान पहुंचने की कोसिस करेंगे भीड़ के रूप में. पापा (रतन) के होते हुए कोई लगली तो कुछ कर पायेगा नहीं पैर भीड़ के रूप में कुछ भी कर सकता है. पापा पुलिस पैर दबाब भी बनायेगे. तो भी पुलिस वाले मन से आपके साथ नहीं होंगे. दानव पुत्र के लिए पुलिस और नेता सभी खिशिये हुए है कुछ भी हो सकता है इसलिए आप अपना सेट पूरा रेडी कर लो किसी भी होटल में. और मुझको एड्रेस सेंड कर देना. वह भी 2-3 लोगो से ज्यादा मत रखना. और वह से लाइव आप अपने चेंनल पैर देखते रहना. कोई जब तक समाज पायेगा की लाइव कहा से हो रहा है तब तक सब ख़तम हो जायेगा और आप सभी सेफ रहोगे.

सोनल चोकते हुए – छोटू तू तो सच में बहुत बड़ा हो गया है. मुझको तो लगा था तेरे में अभी भी मंद नहीं है. पैर तुझको तो सांगत का ाशर आ रहा है. मेरी भाभियो ने तेरा दिमाग चमका दिया है.

पब – हाहाहाहाहा पैर मेरी गुड़िया दीदी अभी भी उतनी hi भोली है. किसी की भी बातो में आ जाती है.

सोनल – हाहाहाहा सुन फिर मैं तुझको 2.30 पैर कॉल करती हु. अभी टाइम बहुत काम है और काम ज्यादा है.

कॉल एन्ड..

गुरु – ये सब क्या है जी.. टीवी पैर दानव पुत्र का आना??? करना क्या चाहा रहे हो??

पब – जान तुम तो जानती हो लास्ट कुछ दिन में दानव सेना का देश में कितना नाम हुआ है. और अब टाइम है उस नाम को भुनाने का. देखो केवल क्रिमिनल्स को मरने से देश नहीं सुदरेगा. जब तक लोगो के दिल में कुछ गलत करने से पहले एक दर नहीं होगा तब तक क्राइम होते रहेंगे. मैं टीवी के जासिये वो दर पैदा करना चाहता हु. और आम आदमी में जो दर है की कही दानव सेना हमें न मार दे उस डार्क ो ख़तम करना चाहता हु. लोगो को विश्वास होना चाहिए की दानव सेना उनकी रक्षक है न की भक्षक.

मंजू – ये तो अपने एक दम ठीक कहा है. गुड आपको जाना चाहिए इस इंटरव्यू के लिए.

सभी – यस अब ये करना hi होगा…

फिर सभी अपने डायन में बेथ गए. लंच करके पब ने सोनल को कॉल किया तो सोनल ने उसे एक दिल्ली के hi होटल का एड्रेस सेंड कर दिया. और रूम no भी बता दिया.

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अब सोनल की तैयारी देखते है. जैसे hi सुबह सोनल को पता चला की उसको एक इंटरव्यू अर्रेंज करना है उसके हाथ पेअर पलने लगे. पैर पब के दिए प्लान ने उसका होशला बनाये रखा था. वैसे तो वो पहले भी कई इंटरव्यू अर्रंगे होते देख चुकी थी. पैर ये बहुत अलग था. इस इंटरव्यू के ालोंके होते hi बहुत से लोगो के एक्टिव होने के चांस थे. ऑफिस बिल्डिंग पैर भी हमला हो सकता था. पब की बाते सोनल के समाज आ चुकी थी. इसलिए सोनल ने सबसे पहले अविनाश को कॉल किया. और उसे जल्दी से आने को कहा अविनाश तुर्रंत आ गया कियोकि वो भी अभी दूसरे ऑफिस hi जा रहा था तो रस्ते से hi यहाँ आ गया. सोनल ने फिर अविनाश से कहा – अविनाश जी वो दानव पुत्र लाइव इंटरव्यू दिन चाहता है अपने चेंनल को. वो भी आज 3 बजे.

अविनाश तो सुन कर बुरी तरह चौक गया. – क्या?? कैसे ?? तुमको ये किसने कहा???

अब सोनल फस गयी. अब क्या बोले – वो.. वो… वो… भाई का फ़ोन आया था. उसने hi बताया है.

अविनाश – किस भाई का?? तुम कैसे जानती हो उसे और वो भाई कैसे जनता है दानव पुत्र को??

सोनल – गुंडे वाले भाई नहीं… मेरे छोटू का. आपकी बहन अंकिता के हस्बैंड, वो पहले भी दानव पुत्र से फ़ोन पैर बात कर चुक्का है. तो भाई ने hi उसे अपने चेंनल के लिए बोलै है. एक बार दानव सेना ने मेरी भाभियो को बचाया भी था. (हॉस्पिटल वाला अटैक)

अविनाश – ये तो बहुत बड़ी न्यूज़ है. अपना चेंनल रातो -2 हिट हो जायेगा. पैर ये इंटरव्यू बहुत रिस्की भी है. और टाइम भी बहुत काम…

सोनल – अविनाश जी ये सोचने का टाइम नहीं है. मेरे छोटू ने पूरा प्लान करके बताया है मुझको.. सुनो सबसे पहले आप यहाँ की सिक्योरिटी बड़ा दीजिये. उसके बाद इस न्यूज़ को फ़्लैश करेंगे की आज 3 पं को दानव पुत्र जनता के सामने होगा. पुलिस और प्रशाशन को आप संभालेंगे. वो इसमें बिच में न आये बाकि काम में देखती हु.

अविनाश एक बार सोनल को गौर से देखता है. आज वो कॉंफिडेंट लग रही थी. जबकि अविनाश की नज़र में केस इतना बड़ा था पैर वही सोनल को नार्मल देख कर उसे लगा की उसने सही इन्शान को सीओओ बनाया है. अवनिनाश केवल इतना बोलै – दोने..

अविनाश ने 1 ऑवर में पवत सिक्योरिटी एजेंसी स्की हेल्प से पुरे ऑफिस और अस पास के एरिया को सील कर लिया. ीदार अविनाश ने ये किया उदार सोनल ने एडिटर को बोल कर दानव पुत्र का लाइव इंटरव्यू की ब्रेकिंग न्यूज़ फ़्लैश कर दी. न्यूज़ फ़्लैश होने के 15 मं बाद hi दिल्ली में हंगामा मच गया. र- न्यूज़ के मार्कटिंग वाले, एडिटर सभी के फ़ोन लगातार बजने लगे. डंकिया, ऑफर सब मिल रहे थे. सभी बाकि न्यूज़ चेन्नल्स इसको अपने न्यूज़ चेंनल कर भी दिखने के लिए ऑफर दे रहे थे, बड़ी -2 मल्टीनेशनल कम्पनी इस इंटरव्यू के स्पांसर बनने के लिए कोई भी कॉस्ट देने को तैयार थे. बही सीबीआई, सीड, पुलिस, मिनिस्ट्री सभी दानव पुत्र को पकड़बाने के लिए दबाव बनाने की कोसिस कर रहे थे. उनको अविनाश ने संभल रखा था. मार्कटिंग वालो के फ़ोन अविनाश ने ऑफ करवा दिए. कियोकि इस इंटरव्यू को उसकी अपना ग्रुप रतन ग्रुप hi स्पांसर कर रहा था. बहुत से क्रिमिनल्स के फ़ोन भी आये थे. पैर इन सभी को अविनाश ने संभल लिया था.

सोनल ने न्यूज़ फ़्लैश होते hi एडिटर और ऑफिस में मौजूद रिपोर्टर्स को मीटिंग रूम में बुलाया. और बोली – ये अपने चैनल के लिए बहुत बड़ी ओप्पोर्तुनिटी है. एडिटर सर आपके हिसाब से इनमे से कोण है जो वह सही दांग से इंटरव्यू कर सके. कियोकि आप जानते है 1सत लाइव होगा. 2ंद सामने दानवपुत्र है गलत सवाल उसको बड़का सकता है.

सोनल ये जानती थी उसका भाई ऐसा कुछ नहीं करेगा. पैर वो ये सभी के सामने शो भी नहीं कर सकती थी न. इसलिए फिर बोली – वैसे तो मुझको लगता नहीं है की वो कुछ भी गलत करेगा. फिर भी डायन रखना जरुरी है.

एडिटर – मम प्रॉब्लम ये है की अपने सभी सर. रिपोर्टर बहार है दानव सेना के कारनामे hi कवर कर रहे है. और इतने काम टाइम में कोई भी नहीं आ पायेगा. तो क्यों न मैं hi इस इंटरव्यू के लिए बेथ जाऊ. ये सभी नई है. इनके बस की बात नहीं है.

सोनल – नहीं सर ऐसा तो हो hi नहीं सकता. आपको यहाँ सब देखना है. इंटरव्यू यहाँ नहीं होगा. वो एक होटल रूम में होगा. जहा केवल 4-5 लोग hi होंगे. और होटल वाले को भी नहीं पता होगा की वह इंटरव्यू चल रहा है. यहाँ हुआ तो दानव पुत्र का कोई भी दुसमन यहाँ हमला कर सकता है. पैर जब किसी को पता hi नहीं होगा की इंटरव्यू हो कहा रहा है तो हमला होगा hi नहीं.

सोनल की बात सुन कर अब सब दर गए. सभी को पता चल गया की ये काम खतरों से भरा है. एक तो दानव पुत्र. फिर उसके दुसमन… साला मूट कही से भी आ सकती है. सभी के फेस पैर दर दिख रहा था. डार्क ो देख कर सोनल बोली – डरने की जरुरत नहीं है. ये केवल सम्भावनाये है. सोचो जब किसी को पता hi नहीं होगा तो हमला हो hi नहीं सकता. अब बताओ तुममे से कोण जायेगा.

ऐसे में हिम्मत दिखाई अदिति (शम्भू की बेटी) ने – मम मैं जोगी इस इंटरव्यू के लिए… और मुझको केवल एक कमरा मन और चाइये उसके इलावा किसी की भी जरुरत नहीं है. हम अपने कैमरा को ऑनलाइन कनेक्ट कर देंगे फिर आप लोग उसको हमारे चैनल पैर टेलीकास्ट कर देना.
 
हाँ भाई अब है अश्ली परीक्षा की घडी... कोण कोण सी चुनोतिया आएगी और ये सब उसको कैसे फेस करेंगे ये सब इंटरेस्टिंग होने वाला है...

अभी तक जो सीखा है वो सब काम आएगा. स्कूल का एग्जाम नहीं जिंदगी का इम्तिहान है जिसमे पास होना HI है हर हाल में. फ़ैल होने की कीमत बहुत बड़ी है... और पास होने के लिए सुप्पोर्तेर्स बहुत....

थैंक यू बीआरओ फॉर ग्रेट कमेंट... :अप्प्लायसे: :क्लाप्स:
 
थैंक यू फॉर योर नीस कमेंट एंड योर सपोर्ट..

सही कहा भाई वो जाएगी भी नहीं. ये भी मैं पहले दिखा चूका हु की सभी पब को भगवन मानती है. पैर बीआरओ पब को इनको ये फील करवाना है न की ये आज़ाद है न की किसी की गुलाम...

पैर फिर ये खुद HI न जाये तो पब इनको निकलेगा भी तो नहीं... पब ने इसलिए HI कहा टाफी ये सब अपने आप को फ्री फील करे... खुश रहे..
 
अपडेट 230

Aise me himmat dikhai aditi (shambhu ki beti) ne – mam main jaugi is interview ke liye… or mujko keval ek camra man or chaiye uske ilawa kisi ki bhi jarurat nahi hai. hum apne camera ko online connect kar dege fir ap log usko hamare channel per telecast kar dena.

Aditi ki baato or confidance ko dekh kar sonal ne bhi usko haan bol diya. editor ko uska kaam samja kar aditi ko akele me baat karne ko rok liya.

Sonal – aditi uski ek condition hai ki uski personal life ke or uske pankaj Thakur se relation ke bare me kuch nahi pucha jaye. To tumko is baat ka dayan rakhna hoga.

Aditi – ok mam, I will… but mam ye kis hotal me hoga ye to bataiye. Yadi 3 baye se suru karna hai to 2 baje tak humko waha pahuchna bhi hoga. Kiyoki mam hotal room ke back ground se bhi koi pahchan sakta hai ki ye kaha chal raha hai. isliye waha kuch set up bhi lagana hoga.

Sonal – aditi hotal ki choice apne upper hai tum jis hotal me bologi wo us hotal me aa jayega. Tum mujko address de dena main us tak pahuchwa dugi.

Fir kuch der baate kerne ke baad dono meeting room se bahar aa gayi. Aj ye sab log iski hi tayari me lage rahe.

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Aditi ne time par aa kar apne camera man ke sath kuch fake set up tayar kiya. Or fir 3-4 jagha per camera set kar diye. Sabhi ko sonal ki company ID network ke jod diya. sonal ne bhi PB ko address send kar diya tha. PB ne apni diyva drashti ne waha ka survey karke us room ke bath room me teleport ho gaya danav putra ki dress me. Usne danav putra wala mask bhi laga rakha tha. Koi bhi nahi bata sakta tha ki is dress ke piche kon hai.

Jese hi PB bathroom se nikal kar room me aaya to aditi usko dekh kar dar gayi. Kiyoki uske hishab se to bathroom me koi nahi tha. or PB aditi ko dekh kar sochne laga. Kya maal hai sala isko dekhte hi chodne ko man kar raha hai. fig. bhi kayamat hai. or rang kitna gora hai. uuufff jab iske in najuk patle honto per mera lund ragdega to kitna maza aayega…saali kitni jabardast hai. Isko to randiyo ki tarah chodna chahiye. tabhi PB sochta hai ye kya sochne laga me?? Kya ho gaya mujko itna ganda kisi ko dekhte hi kese soch sakta hu main?? 5min tak dono khade ek dusre ko dekhte huye hi nikal dete hai. PB hi is shanti ko todta hai.

PB – kya naam hai tumhara kya tum hi interview logi??

Aditi – mera naam aditi hai sir. Or haan main hi aayi hu interview ke liye..

PB – tumko dar nahi laga ek ladki ho kar muj jese khunkhar admi ka interview lene chali aayi??

Aditi – nahi sir bilkul bhi nahi laga jab sonal mam ne kaha ki ap khud interview deta chahate hai to fir mujko bilkul dar nahi laga. Kiyoki jab ap khud ye chahate hai to fir galat kese kar sakte hai. or sabse badi baat jis admi ki gang me keval ladkiya hi ho wo admi ek ladki ke sath to galat nahi kar sakta. Itna to main bhi samajti hu.

PB aditi ke javaab se impress ho gaya. Kafi achchi soch thi uski fir aditi ne sab kuch set karke interview start kar diya. haweli me bhi sab is interview ko dekhne bethe the. Or adiktar ghar me is time ye interview hi chal raha tha. suru me to aditi ne apne normal hi savaal – javaab kiye. Or kosis ki ki PB apni ashliyat ke bare me kuch hit hi de de. But PB bhi kam na tha uske har sawal ka achche se javaab deta raha. Puri duniya hi is interview ko dekh rahi thi. Or aditi ke sawalo or PB ke javaabo ki tariff bhi kar rahi thi. In savaal javab se sabhi ko PB ka maksad bhi pata chal raha tha.

Aditi – sir apka naam to puri duniya janti hai. per kya apko chahane wale bhi is naam se hi bulate hai.

PB – mere chahane wale hai hi kaha?? Or chahane wale to kisi bhi naam se bula le kya parak padta hai.

Aditi – yani apka manna hai ki log apko chahate nahi hai??

PB – jab thik se jante hi nahi hai to chahege kese. Logo ne mera naam to suna hai per mujko jana nahi hai isliye hi main aj logo ke samne hu.

Aditi – to sir ap apne bare main logo ko kya batana chahege??

PB – jo bhi log janna chahe wo sab main batane ko tayar hu…

Aditi – kya ap batayege ki apne ye gang kyu banai hai?? apki mansha kya hai iske piche??

PB – dekhiye mene ye gang un logo ko saza dene ko banai hai jo logo ki jindgi se khelte hai. wo manav jo ye bhul gaye hai ki apne se kamjor or lachar manavo ko satana unko marna manav darm nahi hai. un logo ko saza dena hi mera makshad hai.

Aditi – to ap ye kehna chahate hai ki ap keval criminals ko marte hai??

PB – haan bilkul, nirdosh logo ko marna mera maksad nahi hai.

Aditi – to fir apne un sab police walo ko kyu mara jo apni imandari se duty kar rahe the. Wo to criminal nahi the?? Fir kyu mara??

PB – wo to criminal se bhi jyada bade gunehgar the. Jinko rakshak hona chahiye tha wo hi police ki vardi me bhakshak ban gaye the. Bhrashtaachar me un logo ko aise pakad liya tha ki wo desh ke sipahi nahi desh ke dushman ban chuke the. Or jo police wale desh bhakt the unko mene nahi mara. Shayad ye apko pata na ho. Waha per kuch police walo ko mene jinda chod diya tha.

Aditi – apko kese pata ki wo corrept nahi the. Or jinko apne mara wo sab corrept hi the. Ho sakta hai ki apse koi chuk ho gayi ho. Wese bhi apke pass kya proof hai ki wo sab corrpt hi the. Ya jin logo ko apne mara wo criminal hi the.

PB – ladki main koi aam manav nahi hu. main danavputra hu. jo admi ko dekh kar uske bare me bata sakta hu. fir bhi janta ki santusti ke liye main kuch sabut tumhare chennal ko mail kar duga. Un sabuto se saaf ho jayega ki jinko mene mara hai ko sabhi criminals the. Haan per dayan rahe chennal per dikhane se pehle kisi police wale ko ya kisi or ke hatho wo sabut lage to mujko is channel or tumko marne me time nahi lagega.

Aditi – jesa apne kaha hai hum wesa hi karege ye mera vada hai apse. Bus ap wo sabut hamari website per load kar dena taki koi aam janta bhi unko dekh sake. Or unko hum apne progremes me bhi dekha dege.

PB – ok done deal.. (camera ki or dekh kar) yadi kisi ne bhi is kaam ke bich me ungli kari na to na to ungli karne wala or na ungli karwane wala koi jinda nahi bachega ye mera vada hai…

Aditi – sir kya ap bata sakte hai ki apki gang me keval ladkiya hi kyu hai?? or kon hai ye ladkiya??? Kaha se aayi hai. kya in sabke pariwar nahi hai??

PB – ye sab wo ladiya hai jinko is samaj ne insan na maan kar khilona samja. Or jab khelne se dil bhar gaya to chod diya marne ke liye. Ye sab samaj ki wo ladkiya hai jinko is samaj ne tukra diya. or ek din se sab mujko mil gayi. Insabke dukh ko dekh kar mene hi inko wo aag banaya hai ki ye apne gunhegaro ko khud saza de sake or aage fir kisi ladki ko khilona na banna pade.

Kuch der tak aditi ke sawal javaab chalet rahe. Fir last me aditi boli – sir ap janta ko apna koi sandesh dena chahate hai??

PB – haan kyu nahi (fir camera ki or dekh kar) danav putra ka sabhi manavo ko pradam.. ap sabhi manav ho or manav ho kar bhi manav darm bhulte ja rahe ho. Manav darm hai dusre manav ki madat karna or ye hi manavta hai. per aj ke yug me manav apna manav darm bhul kar pata nahi kis -2 darm ko apna raha hai or manav darm ko hi kalankit kar raha hai. kuch paise kamane ke liye manav nichta per utar aaya hai. manav ka darm hai nari ke samman ki raksha karna per kuch manavo ne nari ko khilona bana diya hai. ek nari hi dusri nari ko beijjat kar rahi hai. manavo me kisi ka dar nahi hai. samaj, police, prasashan, adikari sab ke sab apne darm ko bhul chuke hai. or keval paisa hi darm ban gaya hai. main aise sabhi logo ko chetavni de raha hu. ya to sudar jao ya marne ko tayar rahana. Kiyoki ye danavputra ab kisi ko bhi nahi bakshega. Chahe wo sarkari adikari ho ya sadak per chalta ek chota sa apradi. Aj se hi sudar jao. Nahi to apne anjaam ko bhugatne ko tayar raho… kiyoki …“जो मानव दानवो जैसा काम करेगा उसका अंत ये दानव करेगा”..

Iske sath hi interview khatam ho gaya. Or aditi se normal 2-4 baat karke PB room se bahar chala gaya. Or ek side me mudte hi teleport ho kar apni haweli pahuch gaya. Per PB aditi ke mind ki tariff kar raha tha. or abhi bhi wo aditi ke bare me hi soch raha tha. interview ke doran jesa PB me soch tha wesa hua bhi R-news per bhid ne hamla bhi kiya to phone calls bhi lagatar chalet rahe avinash to sabhi ko javaab dete -2 thak gaya. Per is interview ke khatam hote hi sab band ho gaya. Last ki chetavni ne sabhi ko ek bar fir dara diya tha. per is bar aam janta khush thi. Sachche or imandar log khush the. To brashtachari or criminals ka dar se bura haal tha. aditi or R-news ka naam sabhi ki jubaan per tha. ye interview samaj me ek bada badlaav la sakta tha. sonal ke management ki bhi jam kar tariff ho rahi thi. Sonal to abhi bhi us interview ko fir se kese dikhana hai. danavputra ke shandesh ko lamba choda kese karna hai ye sab dekhne me busy thi. R-news me aj sabhi busy the. Or jab aditi office pahuchi to sabhi ne usko badai di. Aj se wo star reporter ban gayi thi desh ki.

Haweli me bhi sabhi bahut khush the. Per in logo ne apna jayada time weast nahi kiya or apne dhaayn me lag gaye. Or juli or uske sath puri danav sena is interview ko ek restorent me beth kar dekh rahe the. Sabhi ne aj apni man ka khana order kiya hua tha. sabhi tables full thi waha ki. Jabki ye ek bada resto tha is city ka. Yaar karib 200 log ek sath aa jaye to koi bhi restro full ho hi jaye..
 
थैंक यू फॉर लवली कमेंट एंड सपोर्ट...

हाँ भाई कहा था की जब उसकी 11 शादिया हो जाएगी. मीन्स जब उसकी सभी पावर गर्ल्स मिल जाएगी तक वो ग्रुप सेक्स होगा. पैर भाई अभी अवनि से लास्ट शादी बची है और वो शादी होगी इस यात्रा के बीच में. और क्यों ये दयासुर ने डिटेल में बता दिया है.

भाई यदि अभी पब इस 10 साथ HI सेक्स करलेगा तो उसको 11 पावर नहीं मिलेगी....
 
अपडेट 231

हवेली में भी सभी बहुत खुश थे. पैर इन लोगो ने अपना जयादा टाइम वेस्ट नहीं किया और अपने धायण में लग गए. और जुली और उसके साथ पूरी दानव सेना इस इंटरव्यू को एक रेस्टोरेंट में बेथ कर देख रहे थे. सभी ने आज अपनी मन का खाना आर्डर किया हुआ था. सभी टेबल्स फुल थी वह की. जबकि ये एक बड़ा रेस्टो था इस सिटी का. यार करीब 200 लोग एक साथ आ जाये तो कोई भी रेस्त्रो फुल हो hi जाये..

समय तेज़ी से गुजरने लगा. अब केवल 2 दिन और बचे थे पब और अवनि को जाने के लिए. अवनि अभी तक बहुत कुछ सिख चुकी थी. सलोनी ने फाइटिंग सिखाई थी तो ेबेचा ने तलवार चलना. माहि, मंजू ने अपने कुछ सिद्ध मंत्रो की शक्ति उसको दी तो पारी ने योग और डायन में उसकी मदत करि. सविता, कामिनी, गुरु ने माँ होते हुए भी भूल गयी की ये उनकी बेटी है. अवनि को इतने दिनों में इतना तपाया गया था की अवनि पूरी तरह बदल चुकी थी. 10 दिन में कोई परफेक्ट तो नहीं हो सकता पैर फिर भी यदि लगन लगाए तो बहुत कुछ सिख सकता है. और ये बात अवनि को देख कर पता भी चल रही थी.

वही पब ने भी डायन लगा -2 कर अपनी सभी शक्तियों पैर कण्ट्रोल कर लिया था. वो पहचाने लगा था की को सी एनर्जी किस पत्नी की है. उसकी अपनी जीवन शक्ति भी बाद गयी थी. और साथ में इन सभी की भी. पब अपनी हर शक्ति को बारीकी से समझने लगा था और उनके पुरे उसेस भी सिख चुक्का था.

इस डायन लगाने से एक फायदा और हुआ की पब की पत्निया भी अपनी शक्ति को पहचाने लगी थी. सविता को तो पहले से अपनी ताकत का अहसास था. पैर अब अंकिता भी दुसरो का मंद पड़ने लगी थी. वो उनके मंद में चेंज नहीं कर पति थी पैर पद लेती थी. और अपने मंद पैर उसका कण्ट्रोल भी बाद गया था. पारी और ऐडा तो अपनी जीवन शक्ति को बढ़ाने में hi लगी थी. योग की मदद से डायन बहुत अच्छे से लगता था. माहि को भी अपने अंदर के पूर्ण ज्ञान का पता चला था. तो एरिका भी सामने आखों से दिखने वाली जगह पैर टेलिपोर्ट होने लगी थी. नैना को भी अपनी बंद आखों से अपने आस पास का तो साफ़ दीखता था. और बाईट हुए पालो को तस्वीर की शकत में थोड़ा बहुत देख लेती थी. मंजू का अपनी पंचमहाभूत की शक्तियों को उसे करना बहुत अच्छे से आ गया था. तो ेबेचा और सलोनी फाइटिंग में अपनी स्पीड को देख कर दांग थी. पैर ेबेचा कभी -2 उस तलवार की शक्ति के आगे कमजोर पड़ने लगती थी. मणि जी ने इसके लिए ेबेचा को अपनी जीवन शक्ति को बढ़ाने के लिए बोलै था. कियोकि जब जीवन शक्ति और तलवार की शक्ति दोनों एक सामान हो जाएगी तो फिर कोई प्रॉब्लम नहीं होनी थी. ेबेचा यदि समय पैर hi बेहोश हो जाती तो ेबेचा को उस तलवार की केवल उतनी hi शक्ति मिलती जितनी की उसकी जीवन शक्ति है. पैर ेबेचा बेहोश टाइम पैर हुयी नहीं और उस तलवार की शक्तिया लगातार ेबेचा को मिलती रही इसलिए hi ये ुनबलने बन गया था. और इसको ठीक करने के लिए ेबेचा को अपनी जीवन शक्ति को बहुत बढ़ाना था.

इस बिच पब ने वो सभी साबुत भी R-news की वेब साइट और सोनल को ईमेल कर दिए थे. और जिस सिस्टम से वो सब किया गया था वो बेबी का बनाया सेफ सिस्टम था. इसके िप एड्रेस को पकड़ पाना या इस सिस्टम को हैक कर पाना किसी के लिए पॉसिबल नहीं था. सोनल ने भी एक नई प्रोग्रॅमम सुरु कर दिया था. दानवपुत्र – रक्षक या भक्षक नाम दिया था सोनल ने इस प्रोग्रॅमम को. और इसमें hi वो सरे साबुत सचाई के साथ दिखाए जा रहे थे. जैसे -2 दिन बाईट लोगो की नज़र में दानवपुत्र हीरो बनता जा रहा था. और वही दूसरी और पुरे देश में पुलिस और सर्कार की ठु -2 हो रही थी. जनता का कहना था की पुलिस वैसे तो इन क्रिमिनल्स को पकड़ती नहीं और यदि कोई इन क्रिमिनल्स से जनता को बचाये तो उसको hi क्रिमिनल बना देते है. पूरी सर्कार hi क्रिमिनल्स के साथ है साथ में ये पुलिस नहीं बल्कि जनता का खून चूसने वाले कीड़े है. पुलिस के खिलाफ देश में एक आंदोलन सा हो गया था. साला अभी हालत ये थे की पुलिस वाले वर्दी पहन कर निकलने से भी डरने लगे थे. R-news पैर जनता से अपील की गयी की जनता अपने हाथ में कानून न ले. देश का कानून इन पुलिस वालो पैर एक्शन जरूर लेगा. और फिर कुछ सर. पॉलिटिशियन के बयां भी आये तब जा कर जनता टमी थी. पुलिस की ख़राब इमेज को ठीक करने के लिए कुछ पुलिस वालो और एक करप सेंट्रल मिनिस्टर ने मिल कर सोनल पैर अटैक करने का प्लान भी बनाया पैर अविनाश की सतर्कता ने उस प्लान को फ़ैल कर दिया. सोनल को बचा लिया गया पैर वो सभी पुलिस वाले जो गुंडों के भेष में थे वो भाग गए. जब पब को ये खबर मिली तो पब ने पहले अपनी दिव्यदृष्टि से सब देखा और फिर जा पंहुचा उस मिनिस्टर के घर. पब इस मिनिस्टर की मूट को और लोगो के लिए सबक बनाना चाहता था इस लिए पब ने अपनी ड्रेस में एक पॉवरफुल कैमरा अपने कपड़ो में लगा रखा था जो R-news के लाइव प्रोग्रॅमम से कनेक्ट था. पब ने पहले उस मिनिस्टर से उसके सभी काळा कारनामो की डिटेल्स उगलवाई. फिर उसके सभी साथियो की डिटेल भी निकलवाई, उसके बाद उस हमले में शामिल सभी लोगो की डिटेल निकलवाई. ये सब लाइव चल रहा था. पूरा देश रात के 10 बजे इस लाइव मुंडेर को देख रहा था. लाइव टेलीकास्ट को देख कर पुलिस ने उस मिनिस्टर के घर को चारो और से घेर लिया था. ताकि आज वो दानवपुत्र को पकड़ सके. पैर जैसे hi मिनिस्टर ने अपने सभी गुन्हा काबुल किये पब ने उस मिनिस्टर को मार दिया. उसकी लाइव मूट बहुत लोग तो देख भी नहीं पाए. पैर मुंडेर का लाइव टेलीकास्ट फिनिश होते-2 देश के होम मिनिस्टर R-news पैर hi लाइव आ गए. और मिसिटर के सभी कामो की बहुत निंदा की और उसका केस सीबीआई को दे दिया. पब तो मुंडेर करके टेलिपोर्ट हो कर घर पहुंच गया और पुलिस हाथ मलते रहा गयी.

इसके बाद तो देश में एक नया सबेरा हुआ. सभी को समाज आ चुक्का था की अभी कोई भी इललीगल एक्टिविटी नहीं चलने वाली है. तो शांत रहने में hi अपनी भलाई सामजी. पैर बहुत से इललीगल वर्क अभी भी चल रहे थे जो दानव सेना की नजरो से बचे हुए थे. इललीगल मार्किट तो अभी भी चालू था पैर अब सभी काम बहुत चुप कर हो रहे थे. पुलिस की ला ऑफिसेस ने भी पुलिस की छवि तो सुंदरने के लिए कुछ कड़े कदन उढ़ाये थे. उस मिनिस्टर के बताये गए सभी साथियो पैर भी फ़ौरन एक्शन लिया गया. मिनिस्टर के बयां के बाद किसी के बचने का कोई चांस भी नहीं था. और वैसे भी जनता भड़की हुयी थी. सर्कार और पुलिस ने अपनी छवि सुंदरने के लिए उन सभी पैर तुर्रंत hi कड़ी कार्यवही की गयी. नेता नगरी के कई जाने मने नेता भी इसका शिकार हुए. और जिन लोगो का नाम उस मिनिस्टर ने नहीं लिया था वो सब सुंदर कर जनता के हिट में कार्य करने लगे.

पब ने केवल धयान में अपना पूरा टाइम नहीं लगाया था बल्कि कुछ टाइम अपने एक प्लान को भी दिया था. और वो जाने से पहले उस प्लान के हिसाब से कुछ कर सुरु करना चाहता था. इसलिए आज रात को 10 बजे डिनर के बाद ेबेचा और मंजू को ले कर मास्टर के पास पहुंच गया. मास्टर भी सोने की तैयारी में थे. पब और ेबेचा को वह देख कर खुस हो गए. पहले कुछ देर तक तो नार्मल बाते चलती रही. फिर पब बोलै

पब – मास्टर आज मैं आपसे हेल्प मांगने आया हु. क्या आप मेरी हेल्प करेंगे??

मास्टर – ये किसी बात कर रहे हो बीटा बोलो तुम क्या चाहते हो??

पब – मास्टर मैं आपके जैसे स्कूल पुरे देश में खोलना चाहता हु. जैसे अपने यहाँ सब कुछ संभल रखा है आगे से आपको सभी कुछ संभालना होगा. वो सब स्कूल आपके अंडर में hi होंगे.

मास्टर – बीटा विचार तो बहुत अच्छा है. इससे सभी गरीब बच्चो का भविषय बनेगा. और जब आने वाली पीढ़ी के अदिकतर बच्चो को सचाई और ईमानदारी का पता पढ़ाया जायेगा तो आने वाला युग तो अपने आप hi अच्छा होगा. पैर बीटा इतने स्कूल खोलने के लिए बहुत पैसा चाहिए. ईमानदार टीचर स्टाफ चाहिए.

पब – मास्टर पैसे की आप चिंता न करे पहले हम सुरुवात 100 स्कूल खोलने से करेंगे. पैसे का इंतजाम तो मैं कर सकता हु पैर ईमानदार और अच्छे टीचर के लिए hi आपके पास आया हु. आप बहुत अनुभवी है. आप खुद hi हर टीचर को अप्पोइंट करियेगा. और अपने कुछ प्यूरीन स्टूडेंट्स को hi उन स्कूल्ज में हायर पोस्ट पैर रखियेगा. और कुछ लोग मेरे पास भी है हमक जनता है उसके वेयर में. आप उनमे से भी अपने मतलब के टीचर और इतर स्टाफ ले सकते है. सबसे पहले तो आपको अपने इस स्कूल को यूनिवर्सिटी की मान्यता हाशिल करनी होगी. फिर 100 लोकेशन फाइनल कर के उन पैर स्कूल निर्माण सुरु करना होगा. यदि कोई स्कूल की पुराणी बिल्डिंग खरीद कर उसमे अपना स्कूल चलना चाहे तो वो भी कर सकते है. इन सब में हमक, दीपक, जय और पालवी हमारी हेल्प के लिए तैयार है. यदि आप कुछ और लोग भी तैयार कर ले तो ये सब करने में कोई परेशानी नहीं होगी.

मास्टर – बीटा स्कूल बन तो जायेगे. पैर इनको चलने में भी बहुत खर्चा आएगा. कियोकि हम इनकम के लिए तो स्कूल खोल नहीं रहे तो खर्चा तो खुद hi करना होगा न.

पब – मास्टर वो भी सब मैं देख लगा. पहले स्कूल सुरु तो हो. फिर इनको चलने के लिए भी कुछ न कुछ तो किया hi जायेगा.

मास्टर – ठीक है बीटा मैं ये सब करने को तैयार हु. कल से hi लग जाता हु इस काम में.

पब – मास्टर आपसे एक हेल्प और चाहिए..

मास्टर – बोलो..

पब – मास्टर मैं एक ऐसा ग्रुप बनाना चाहता हु. जो की हर, गरीब, बेसहारा लोगो की हेल्प करे. जिनको न्याय सर्कार नहीं देती, उसका न्याय हमारी टीम करे. No पुलिस, no कोर्ट केवल फेशला. छाती मोती सभी तरह की हेल्प ये टीम लोगो की करेगी. दोषियों को प्यार से समझा कर उनके अंदर के पाप को मिटाया जा सके. लोगो को सही रहा देखने का काम, और भटके हुए युवको को सत्य की रहा पैर चलने की प्रेरणा देना hi इस टीम का मैं ऑब्जेक्ट होगा. और जब कोई मामला बड़ा हो जायेगा या कोई प्यार से सत्य को नये को अस्वीकार करेगा, उसके लिए दानव सेना है. और फिर मैं, आप और आपकी सभी बेतिया तो है hi. कियोकि मेने देखा है की पापी ाधर्मी दानव सेना के भय से शांत तो हॉग ए है पैर उनके मन से अधर्म जा नहीं रहा है. और लोगो के मन में धरम और नये को पैदा करना hi इस टीम का काम होगा.

मास्टर – तुम तो बीटा बहुत अच्छा सोच रहे हो यदि ऐसा होगा तो पुरे देश में शांति होगी. हर कोई मुकुन से रहेगा. पैर इतने लोगो तक मदत पहुंचने के लिए बहुत बड़ी टीम चाहिए. और हमको कैसे पता चलेगा की कहा और क्या प्रॉब्लम है?

पब – इसके लिए hi तो आपसे हेल्प मांग रहा हु. मास्टर आपके पसौत स्टूडेंट बहुत जगहों पैर होंगे. कियोकि अपने सभी को ईमानदारी का पाद पढ़ाया है तो वो ईमानदारी से अपने -2 काम को अंजाम दे रहे होंगे. मैं चाहता हु की आप अपने जितने भी पुराने स्टूडेंट है. सभी की एक लिस्ट बनाये और सभी से बात करे. मुझको पता है इसमें टाइम लगेगा. आप इस काम के लिए अपने स्कूल स्टाफ की हेल्प भी ले सकते है. फिर एक दिन हम सभी को एक पार्टी में बुलाएंगे. और अपना मोटो समजाएगे. आपके स्टूडेंट को केवल ये करना है की यदि वो किसी को भी प्रॉब्लम में देखे या उनको लगे की किसी के साथ अन्याय हो रहा है और वो उनको न्याय नहीं दिलवा सकते तो हमारी टीम को बताये. फिर आगे का काम अपनी टीम का होगा. हम अपने हर स्कूल में एक ऐसे टीम बनायेगे जो ये काम कर सके. और हम जिसकी भी हेल्प करेंगे उससे कहेगे की वो भी किसी की हवलप करे वक्त पड़ने पैर. मंटा हु काम ाशन नहीं है और न hi हम एक बार में पुरे देश को कवर कर सकते है. पैर धिरे -2 ये हो सकता है. हर आदमी अपना गुजरा किसी न किसी तरह कर hi रहा है पैर उसके जीवन में प्रॉब्लम जब सुरु होती है जब कोई उसका हक़ उससे छीनने लगता है. जब कोई उसके साथ अन्याय करने लगता है. हमको वो अन्याय रोकना है.

मास्टर – बीटा तुम तो पूरी प्लानिंग काके आये हो. मैं तुम्हारे इस काम में भी तुम्हारे साथ हु. इस जान कल्याण के काम में मेरे से जो भी हो सकेगा वो में करने को तैयार हु.

पब – मास्टर आपको hi सब करना है. फिर आपकी बेतिया आपकी हेल्प करती रहेगी. मैं तो अभी अपने किसी दूसरे काम में बिजी हु. पैर आपको जहा भी जरुरत होगी वह मैं आपको साथ hi मिलुंगा.

पब अपना लेपटॉप खोल कर मास्टर को देखता है. उसने एक इंडिया के मैप पैर 100 प्लेस मार्क किये हुए थे. ये वो प्लेसेस थे जहा पैर गरीबी, बेरोजगारी और पहले सरकारी स्कूल्ज hi थे. और उन सरकारी स्कूल्ज में भी न कोई टीचर होता था और न hi स्टूडेंट्स. ये सरकारी स्कूल्ज सरकारी फाइल में hi चल रहे थे. पब फिर अपना बनाया पूरा प्लान मास्टर को दिखता है. मंजू और ेबेचा भी बहुत डायन से देख और सुन रही थी. पब ने बहुत hi अच्छा प्लान बनाया हुआ था. पैर इसको अमल में लेन के लिए मनी, मैनपावर, टाइम, और एक हाई लावेल का मैनेजमेंट की जरुरत थी. बहुत देर तक पब अपना पूरा प्लान मास्टर को दिखता और समजता रहा. और फिर सभी कुछ मास्टर को मेल कर दिया. तो मंजू बोली – सुनिए मेरे हिसाब से यदि अंकिता इस सब को मैनेज करे तो हम सभी को प्रॉब्लम काम होगी.

पब – हम्म ठीक है तो अंकिता से बोल दो वो हेल्प कर देगी. तुम सब तो एक hi हो जिससे चाहे आपस में हेल्प ले सकती हो.

साथ में डायन लगाने से सभी पत्निया आपस में बहुत घुल मिल भी गयी थी. सभी को सभी की हम आदत, अच्छी और बुराई का भी पता चल चुक्का था. इनके बिच की बॉन्डिंग बहुत hi अच्छी हो गयी थी. आज यदि ये कहा जाये की ये सब 1 जान और 14 सरीर थे तो ये गलत नहीं था. वैसे भी सब एक दूसरे से जुड़े hi ऐसे थे की एक की जान निकलने से सभी को मरना hi था. और अब तो सभी का प्यार भी उस चरम पैर था की ये सब एक दूसरे के बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे.
 
अपडेट 232 (यात्रा)

आखिर वो समय आ hi गया था जब पब और अवनि को अपनी यात्रा पैर जाना था. पिछले 24 ऑवर से अवनि को कोई भी ट्रेनिंग नहीं करवाई गयी थी. अवनि की बॉडी को फुल रेस्ट दिया गया था. और इन सब ने अपने डायन में बेथ कर अपनी जीवन शक्ति को बढ़ाया था. गुरु और कामिनी ने इनके लिए कुछ खाने को बना कर रख दिया था.

अभी सभी की आखें नाम थी. पैर फेस पैर एक चमक भी थी. गुरु, कामिनी और सविता ने मिल कर दोनों की आरती उतरी और तिलक लगया. फिर पब सभी से गले मिल कर अपने गुरूजी का आशीर्वाद लेने जा पंहुचा मणि जी के पास. मणि जी से भी कुछ देर तक नार्मल बाते हुए फिर पब बोलै

पब – गुरूजी अपने ये तो बताया hi नहीं की मुझको अवनि से शादी करके क्या मग्न है?

मणि जी – बीटा तुमको मग्न है

हे डलासुर और दक्षसूरी माँ, अपने पांचो पुत्रो की सालो की तपश्या से प्राप्त जीवन शक्ति मुझको प्रदान करे. और मुझको भी इतनी शक्ति दे की मैं उस शक्ति को अपने सरीर में धारण कर सकू.

पब – पैर गुरूजी ये तो गलत होगा न?? उनके सालो की तपश्या का फल में पल भर में उसे ले लगा.

मणि जी – हाँ पुत्र होगा तो गलत पैर शायद तुम ये नहीं जानते की वो भी ये hi चाहते है की तुम उनकी शक्ति को प् कर त्रिकाल का अंत करो और डलासुर जी को मुक्ति दिलवाओ. इसलिए hi दयासुर जी ने पहले hi तुमको अपनी सभी शक्तिया दे दी थी.

पब – जैसे आपकी आज्ञा गुरूजी. पैर गुरूजी पैर क्या अवनि इतनी जीवन शक्ति को संभल कर मुझको दे पायेगी?? उसका सरीर इन 4 भाइयो की जीवन शक्ति को संभल पायेगा??

मणि जी – बीटा जीवन शक्ति तो तुमको मिलेगी. जैसे की और सभी शक्तिया तुमको मिली है उसका कुछ अंश hi तुम्हारी पैंटी को मिलता है. हाँ पैर उन सबकी जीवन शक्ति इसकी जीवन शक्ति से जुडी होगी. जब भी तुम उनकी जीवन शक्ति का इस्तेमाल करोगे तो अवनि की जीवन शक्ति भी थोड़ी बहुत ख़तम होगी. और इसका साडी रैप उस जीवन शक्ति के लिए सक्षम है. और यदि कोई कमी भी होगी तो तुम दोनों जब उन 7 चरणों को पार करोगे. तो उसका सरीर और भी काबिल हो जायेगा उस शक्ति के लिए… पैर एक बात का याद रखना इस सम्भोग के बाद अवनि जल्दी बेहोश न हो नहीं तो उनकी पूरी जीवन शक्ति तुमको नहीं मिल पायेगी.

पब – हम्म समाज गया गुरूजी. अब मैं चलता हु. एक बार डलासुर गुरूजी से भी आशिर्बाद ले हु फिर मैं अपनी यात्रा के लिए निकल परुगा.

मणि जी – बहुत अच्छा सोचा है पुत्र, जाओ पुत्र………. विजयीभव…

पब मणि जी आज्ञा ले कर दयासुर जी के पास पंहुचा. और पहले उनसे भी नार्मल बाते होने के बाद दयासुर जी बोले – पुत्र याद रहे. जरुरत पड़ने पैर अपने डनवगुणो को अपना लेना. और जहा जरुरत न हो वह उन पैर कण्ट्रोल करना.

पब – मैं याद रखुगा गुरूजी…

दयासुर जी – विजयीभव पुत्र…

फिर पब अवनि को ले कर वह जा पंहुचा जहा से उसकी यात्रा का सुरु होना था. ऐसा लगा की चारो और केवल जंगल है. और वो जंगल के बिच में खड़े है. थोड़ा आगे बड़े तो पब की नज़र सामने बने बंकर्स पैर गयी. वह हर कुछ दुरी पैर बंकर्स दिखाई दे रहे थे. ऐसा लग रहा था की वो बॉर्डर पैर आ गए हो और सामने की साइड सिपाही सख्त पहरे पर हो. उन सभी पहरेदारो ने पहन भी फोजियो वाले कपडे रखे थे. जो भी इनको देखता वो यव hi सोचता की इंडियन आर्मी ने इस एरिया को कवर किया हुआ है. और वह चारो और बोर्ड भी लगे हुए थे जिन पैर बड़े -2 और साफ़ शब्दों में लिखा था की “ये इंडियन आर्मी दवरा आदिकीरत क्षेत्र है. इसमें किसी भी व्यक्ति का जाना मन है”

हर कुछ दुरी पैर चौकिया बानी थी जिन पैर सिपाही पहरा दे रहे थे. उन चौकियों के बिच में स्टील वायर से फेंसिंग की हुयी थी. और उनके उप्पेर भी लकड़ी का बोरड़ लगा था जिस पैर लिखा था – डेंजर 440 वोल्टस

वो सभी सिक्योरिटी देख कर तो पब कंफ्यूज हो गया की कही वो गलत जगह तो नहीं आ गया. तो उसने एक बार फिर दिव्या दृष्टि से देखा तो पाया की वो सही जगह hi है. तो एक बार फिर चारो और नजर गुमाई. पब ने अवनि को एक पेड़ के निचे चुप कर बैठने को बोलै और चल दिया ठीक से देखने. सबसे पहले उसने इनविजिबल हो कर एक चौकी के सामने जा कर उस चौकी को डायन से देखा. फिर ऐसे hi वह की आस पास की सभी चौकियों को देख कर पब अवनि के पास लोट आया. और फिर अवनि को भी इनविजिबल करके उस चौकी के पास ले गया जिसको देख कर उसे लगा था की ये चौकी hi अंदर जाने का सही मार्ग है.

दोनों hi इनविजिबल हो कर बहुत सबदनी से उस चौकी को पर कर गए. और अंदर की और चल दिए. जब वो दोनों उन सिपाहियों की नज़र से दूर आ गए तो फिर से विज़िबल हो गए. तब अवनि बोली – पंकज तुमने उन सभी को मारा क्यों नहीं?? वो भी तो त्रिकाल के लगाए पहरेदार hi थे न??

पब – हम्म थे तो त्रिकाल के hi लगाए हुए. पैर तुम भूल गयी गुरूजी (दयासुर जी) ने क्या कहा था की जहा जरुरत न हो वह मानवता दिखानी है. मरने को तो इन सभी को मार सकता था. पैर एक तो उसमे अपनी एनर्जी लगती. और दूसरी बाड़ी बात ये सब या जरुरी भी है नहीं तो कोई आम आदमी भी इस चकारविएव में पंष जायेगा.

अवनि – हम्म सही कहा .. तो चले अब…

पब और अवनि ऐसे hi बाते करते हुए पूरी उत्सुकता के साथ आगे बाद गए. और जंगल में अंदर चलने लगे. ये जंगल एक कटलरी झाड़ियों वाला जंगल था. या तो बड़े -2 पेड़ थे. या कटलरी जड़िया. उनसे बचते हुए आगे बढ़ते जा रहे थे. करीब 4 हॉर्स चलने के बाद भी वो जंगल में hi भटक रहे थे. एक तो झाड़ियों से बचते हुए बड़ी मुश्किल से चला जा रहा था. अवनि के इतने टाइम में कई. कांटे हथेली पैर और फेस पैर लग चुके थे. वो तो अवनि और पब ने ऐसा ड्रेस पहना तो जो पब ने स्पेशल बनवाया था. जस्ट लिखे दानव सेना ड्रेस. बस कलर चेंज किया हुआ था. बुलेट प्रूफ तो था hi. पैर ये उन लड़कियों वाले सूट से लाइट वेट भी था. पब के कंडे पैर एक बैग था. जिसमे कुछ ड्रेस और खाने पिने का सामान था जो उन सभी ने रखा था.

4 हॉर्स चलने से अवनि को कुछ थकन सी हुयी. तो दोनों ने एक जगह बेथ गए. और पब ने अवनि को कुछ खाने को भी दिया. कहते हुए अवनि बोली – पब कितना और चलना है?? ये जंगल तो ख़तम hi नहीं हो रहा.. हम सही डायरेक्शन में तो है न??

पब – अवनि पैर हमको तो कोई और रास्ता भी तो नहीं मिला था.

अवनि – यार तुम भी न किसी बात करते हो?? हम कोई पिकनिक पैर है जो गोवत के बनाये रोड पैर hi चलेंगे. मुझको तो लगा की तुम दिव्या दृष्टि से देख कर hi आगे बाद रहे होंगे..

पब – सहित यार मेने सच में बेफ़कूफी कर दी. रुको देखता हु हम सही डायरेक्शन में है या नहीं.

फिर पब आखें बंद करके उस गाओं की डायरेक्शन देखता है. और फिर अपने मोबाइल पैर कंपास से उस डायरेक्शन को देखता है. तो पता चलता है की वो तो गलत रहा पैर है. ये देख कर दोनों को मूड ख़राब हो जाता है. और आपस में बच्चो जैसा लड़ने लगते है.

पब – ये सब तुम्हारी गलती है पहले याद नहीं दिला सकती थी. देखो इतनी देर की साडी म्हणत बेकार हो गयी..

अवनि – अच्छा जी मेरी गलती है. आगे कोण था?? एक तो चोरी उप्पेर से सीना जोरि… वाह भाई वाह

पब – रुक तुझको अभी बताता हु किसने की चोरी…

ये सुन कर अवनि आगे और पब उसके पीछे भागने लगता है. यु hi हसी मजाक करते हुए दोनों अब मोबाइल कंपास की मदत से सही डायरेक्शन में चल देते है…

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आज ऑफिस में सोनल भी थोड़ी दुखी सी बैठी थी. की अविनाश आ गया. और बोलै – क्या हुआ सोनल जी आज उदास क्यों हो??

सोनल – वो भाई की याद आ गयी थी. वो किसी काम से बहार गया है. और हवेली में सभी भाभियाँ भी अकेली है.

अविनाश – तो इसमें उदास होने वाली कोण सी बात है. वो जल्दी आ जायेगा. वैसे गए कहा कहा है वो…

सोनल – वो तो मुझको भी नहीं पता. बस बोल कर गया है की बहार जा रहा है किसी काम से. (मन में – अब तुमको कैसे बताऊ की वो कहा गया है. और जहा गया है वह जाने से देवता भी डरते है पता नहीं मेरा भाई उन सभी मुश्किलों से अकेला कैसे लड़ेगा. है भगवन उसकी रक्षा करना)

अविनाश – किस सोच में हो सोनल जी?? तुम इतनी क्यों चिंता करती हो. वैसे आपकी अंकिता दीदी से कोई बात हुयी क्या?? किसी है वो??

सोनल – हाँ हुयी थी. वो भी ठीक है. पैर मुझको उन सबकी भी चिंता है. आपको तो पता है कुछ दिनों में उन पैर 2-3 हमले हो चुके है. पता नहीं भाई के बिना कैसे करेगी वो सब…

अविनाश – हाँ चिटा तो मुझको भी बहुत होती है दीदी की. पैर न तो डैड उनको यहाँ लेन के लिए तैयार होते है. और न hi आप और माँ उनके लिए सिक्योरिटी का कोई इंतजाम करने देते हो. और एक आपका भाई है जो इतनी साडी बीबियो को अकेला छोड़ कर चला गया है..

सोनल – अच्छा अब मेरे भाई पैर गुस्सा haannn…or खुद जो आज तक अपनी बहन से बात भी नहीं किये हो वो??? जब बहन से इतना hi प्यार है तो बात क्यों नहीं करते उससे?? क्या वो अपने भाइयो की बेरुखी से दुखी नहीं होती होगी. न तो आप करते हो और न hi अखिल जी करते है. और रही मेरे भाई की बात तो वो उसको यदि जाना जरुरी नहीं होता तो वो कभी नहीं जाता उन सबको अकेला छोड़ कर…

अविनाश – सोनल जी बात ये है की मुझको न अंकिता दीदी से दर लगता है. आज तक उनसे कभी बात भी नहीं की है. बल्कि हमको तो पता भी नहीं था की मेरी कोई दीदी भी है. और आज जब पता है की मेरी एक बड़ी बहन है तो दिल में बहुत ख़ुशी होती है पैर उनसे बात करने में दार भी लगता है. पता नहीं क्या कहेगी.. आज तक कभी किसी को बहन कहा नहीं है न तो एक दर सा है…

सोनल – हम्म मैं समझती हु. (कुछ सोच कर) क्यों न एक काम करे. आप और मैं चले वह वो सब हम दोनों को देख कर खुश हो जाएगी. वो तुम फेस तो फेस बात भी कर पाओगे अपनी बहन से. और फिर भी कम्फर्टेबले न हो तो माँ को भी ले चले साथ में…

अविनाश सोनल की बात से खुश भी हो गया और हिचक भी महसूस करने लगा. खुश तो वो सोनल के साथ जाने के नाम से था. कियोकि सोनल को इनके घर आये इतना टाइम हो गया था पैर आज तक कभी दोनों अकेले कही नहीं गए थे. ऑफिस भी दोनों अलग -2 hi आते थे. अविनाश के मन में सोनल के लिए जो प्यार था वो अविनाश को सोनल के साथ जाने के लिए कहा रहा था की सोनल के साथ टाइम स्पेंड करने का इससे अच्छा मौका फिर नहीं मिलेगा. तो अपनी दीदी के सामने जाने से एक हिचक भी हो रही थी. पैर इस हिचक पैर प्यार भरी पद गया. और वैसे भी उसे भी अपनी बहन से मिलने का मन तो था hi. इसलिए अविनाश ने कुछ देर सोच कर हाँ बोल दिया.

अविनाश – हम्म ठीक है सोनल जी वैसे भी कभी तो सामना करना hi होगा अपनी इस भवराहट का. आखिर कब तक मैं अपनी hi बड़ी बहन से यी भागता रहुगा. मैं आपके साथ चलने को तैयार हु. पैर अभी 3-4 दिन तो बहुत काम है संडे को चलते है आपके भाई के घर…

सोनल (खुश होते हुए) – ये हुयी न बात… पैर हम मेरे भाई के घर नहीं बल्कि आपकी बहन के सुसराल जा रहे है. तो संडे का प्रोग्रॅमम दोने…

अविनाश – हाहाहा हाँ जी मेरी hi बहन है अब वो आपकी तो कुछ भी नहीं है न?? चलिए ठीक है तो मैं तैयारी करता हु संडे को जाने की. आपको भी कुछ ले कर चलना हो तो बता देना… और हाँ प्लीज अभी माँ से मत बताना की हम वह जा रहे है. मैं खुद माँ को बताना चाहता हु.

सोनल – ok दोने… माँ को आप hi बतायेगे और उनसे जाने की परमिशन भी आप hi लगे. और अपनी भाभियो के लिए तो मैं खुद hi शॉपपिंग करुँगी..

अविनाश – सोनल जी क्यों न मैं भी आपके साथ चालू शॉपिंग पैर??

सोनल – वो क्यों भला??

अविनाश – वो.. वो.. बात ये है की मुझको लेडीज की शॉपिंग का आईडिया नहीं है. तो मेरी भी शॉपिंग आप hi करवा देना तो मेरी थोड़ी सी हेल्प हो जाएगी..

सोनल (थोड़ी ऐडा से) – हम्म ये बात है.. चलिए आप भी क्या याद करेंगे किस दिलदार से पला पड़ा है.. जाइये आपका काम हो जायेगा.. आप भी आ सकते है हमारे साथ शॉपिंग पैर….

अविनाश (अपना सर झुका कर स्टाइल मरते हुए) – ये नाचीज आपकी इस मेहरवानी का बहुत आभारी रहेगा…

अविनाश के ऐसा कहने पैर सोनल शर्मा गयी वो कुछ बोलती या अविनाश कुछ और कहता उससे पहले दूर पैर दस्तक हुयी. तो ये दोनों अपनी अपनी चेयर पैर ठीक से बेथ गए और आने के लिए बोल दिया.
 
थैंक यू फ्रेंड फॉर लवली कमेंट एंड सपोर्ट..

भाई यात्रा की सुरुवात कर दी है. अवनि का मैं रोले अब आएगा. अवनि को सुरु से HI इस रोले के लिए ले कर चला था. दोनों ने पहले भी साथ काम किया है. और एक बार फिर दोनों एक साथ है...

दानवपुत्र के किये कामो का सोनल अपने न्यूज़ चैनल पैर दिखा रही है ताकि लोग दानवपुत्र को जान और समाज सके..

प्लानिंग HI इतनी लम्बी है भाई टाइम तो लगेगा HI न. इस लिए पब ने जाने से पहले HI मास्टर को इस काम पैर लगा दिया है...
 
थैंक यू फ्रेंड फॉर लवली कमेंट एंड सपोर्ट..

भाई स्टोरी का प्लाट तैयार करते टाइम HI सोच लिया था की स्टोरी को कैसे आगे ले कर जाना है. इसलिए HI एन्ड तक का सोचा है भाई. और सुरु के उपदटेस में एन्ड में क्या होगा उसकी सोच तोड़ी से दिखाई है.

भाई अभी तो स्टोरी चल रही है फिर सेक्स भी तो होना है....

अदिति का रोले कुछ HI दिन में सामने आ जायेगा. पैर उसके लिए पब की ठरक समझने के लिए टाइम लगेगा....

स्टे तूने....
 
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