Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure - Page 5 - SexBaba
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Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure

में सोफे पर से खड़ा हुआ और दीदी के सोफे के पास जाकर फर्श पर बेथ गया तो मेरी नजर समीर भैया से मिली तो उन्होंने मुझे बहुत hi अश्लील तरीके से आँख मरी . मेने भी समीर भैया का मुस्करा कर इशारे से थैंक्स कहा .मेने देखा की समीर भैया का टोलिया सामने से खुला हुआ ह और उनका लुंड पूरा खड़ा हुआ था. लुंड के सुपडे से प्रीकम की बून्द दिख रही थी.

दीदी की आँखे बंद थी .मेने दीदी की छूट को पहली बार इतने नजदीक से देखा था . उनकी छूट बहुत सूंदर थी और दोनों होंठ हलके से अलग हो चुके थे जो समीर भैया ने छोड़ छोड़ कर खोल दिए थे . उनकी छूट के अंदर से सफ़ेद पानी रिष रहा था जो बून्द बून्द करके सोफे के कवर को गिला कर रहा था तभी समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- सोना थोड़े से पेअर खोलो ना रोहित को अच्छे से छूट देखने दो.

दीदी ने आँखे बंद किये hi अपने पेअर थोड़े से खोल दिए .में दीदी की छूट को पांच मिनट तक देखते रहा .दीदी की छूट वाकई में बहुत सूंदर थी . दीदी के चेहरे पर पूरी शर्म थी और छूट पूरी गीली . दीदी ने आँखे बंद किये hi कहा.

दीदी ,-- रोहित हो गया .

में,-- दीदी थोड़ी देर देखने दो न .इतने दिन से चुड़ते देख रहा हु आपकी छूट को.

दीदी ,-- अब आगे से नजदीक आकर देख लेना.

में.,-- दीदी आप उसमे लुंड घुसते हुए दिखाओगी.

दीदी ,-- समय आने पर वो भी करुँगी.

मेने समीर भैया को इशारा किया को दीदी को छूट को छोड़ा करके दिखने को बोले. समीर भैया मेरी बात सुनकर लुंड को हाथ लगाकर वापस हटा लिए और बोले.

समीर भैया,-- सोना देखने दो न थोड़ी देर आज इसका बर्थडे ह और थोड़ा सा छूट को हाथ से खोलकर दिखाओ न अंदर से.

दीदी का चेहरा पूरा लाल हो गया और फिर उन्होंने अपने हाथों को निचे लाकर छूट के दोनों होठो को पकड़ कर अलग किया तो मुझे उनकी छूट में पिंक छेड़ के अंदर उनकी क्लीट दिखाई दी.

दीदी की छूट अंदर से पूरी गुलाबी थी और उसमे सफ़ेद पानी लगा हुआ था जो बून्द बून्द करके सोफे कवर में गिर रहा था. में पांच मिनट तक दीदी की सूंदर छूट को निगरता रहा और फिर दीदी ने हाथ हटा लिए और टोलिया से छूट को धक् लिया.

में.,-- दीदी इतनी क्या जल्दी थी.

दीदी ,-- अब बहुत देर देख ली.

में.,-- उफ़ दीदी आप की छूट ह hi इतनी शानदार देखकर मन hi नहीं भर रहा.

में खड़ा होका सोफे पर बेथ गया तो समीर भैया ने भी अपना टोलिया सही कर लिया . दीदी ने मुस्कराते हुए आँखे खोली तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- कैसा लगा रोहित दीदी का गिफ्ट .

में ,-- थैंक्स समीर भैया और दीदी . मेने इतने नजदीक से कभी इतना सूंदर गिफ्ट नहीं देखा.

दीदी मुस्करा कर ,-- शैतान.

समीर भैया,-- सोना ऐसे क्यों बोल रही हो. तुम्हे आज उसके बर्थडे पर तो काम से काम ध्यान रखना चाहिए.

दीद ,-- सॉरी भाई , तुम्हे बुरा लगा क्या.

में ,-- नहीं दीदी , आप की कोई बात मुझे बुरी लग hi नहीं सकती.

समीर भैया,-- सोना आज बर्थडे ह रोहित का तो उसको थोड़ा एन्जॉय तो बनता ह.

दीदी ,- हम्म. तभी तो मेने उसे खोल कर दिखा दी.

समीर भैया,-- क्या ,सोना

दीदी ,-- अपनी c...h..u..t

समिट भैया, -- सोना रोहित बालिग भी ह और हमारा राजदार भी इसलिए रोहित से अब शर्माना छोडो . वो हमें रोज सेक्स करते देखता ह फिर भी तुम शर्मा रही हो.

दीदी ,-- धीरे धीरे अब रोहित भी मुझे शर्म छोड़ते देख रहा ह क्यों रोहित.

में.,-- हां दीदी , आप सेक्स स्टोरी वाली लड़कियों की तरह बेशरम बनती जा रही हो

समीर भैया,- चलो रोहित वो सब बाते बाद में करेंगे ये बताओ तुम्हे मुझसे बर्थडे पर क्या गिफ्ट चाहिए.

में कुछ देर चुप रहा तो दीदी बोली, -- बोलो रोहित , तुम्हे किस बात की शर्म आ रही ह.

समीर भैया,-- हम्म. अब तुम सोना के भाई hi नहीं हम दोनों के दोस्त भी हो रोहित.

में.,-- समीर भैया मुझे दीदी को चुड़ते हुए देखना ह .

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्कराई और समीर भैया बोले ,-- रोहित वो तो तुम रोज hi देखते हो.

में.,-- हाँ पर मुझे आज पास से देखना ह.

समीर भैया,-- सोना., आज रोहित को ये गिफ्ट तो देना hi पड़ेगा ,-

दीदी ,-- में अपने भाई के लिए आज ये कर सकती हु पर सिर्फ एक बार झड़ने तक hi फिर हम रूम में चैलेंज.

समीर भैया,-- ठीक ह सोना . लेकिन में पहले तुम्हारी गांड मरूंगा.

दीदी समीर के मुंह से गांड सुनकर शर्म से पानी पानी हो गयी तो समीर भैया बोले ,-- रोहित जाओ अपनी दीदी को नंगी कर दो.

दीदी मुस्करा कर ,-- ओह गॉड कितना घोर कलयुग आ गया ह एक भाई अपनी बहन को नंगी करेगा.

समीर भैया,-- सिर्फ नंगी hi नहीं करेगा बल्कि चुड़ते भी देखेगा और जब बहन अपने भाई के सामने रोज अपने यार से चुदती ह और अभी कुछ देर पहले अपनी अपनी छूट अपने आगे भाई को खोलकर दिखा रही थी .तब सतयुग था क्या.

दीदी ,-- अगर भाई नहीं चाहता तो आज में इतनी आगे नहीं बढ़ती.

समीर भैया,-- अभी तो शुरुवात ह .अभी देखो रोहित तुम्हे कैसे रंडी की तरह छुड़वा कर लाएगा. रोहित कर दे रंडी को नंगी .

में दोनों की बात सुनकर पुरे जोश में था और मेरा लुंड पूरा कड़क हो चूका था. मेने उठकर दीदी के पास गया तो दीदी कड़ी हो गयी और मुस्कराने लगी.

मेने दीदी का टोलिया पकड़ा तो दीदी मुस्करा कर टोलिया को तीते पकड़ ली और फिर खिलखिलाकर हंस कर टोलिया छोड़ दी तो मेने टोलिया खिंच दिया . दीदी ने टोलिया खींचे hi मुंह घुमा लिया और उनकी गांड मेरी तरफ हो गयी.

दीदी को गोरी गांड देखकर में पीछे आकर सोफे पर बेथ गया तो समीर भैया ने मुझे आँख मरी और बोले.

समीर भैया,-- थैंक्स रोहित , तुमने अपनी दीदी को मेरे लिए नंगी कर दिया और तेरी दीदी ने अपनी गांड इधर की ह मतलब वो गांड मरवाने चाहती ह.

दीदी की हंसी निकल गयी तो समीर भैया खड़े हुए और उन्होंने अपना टोलिया निकल कर फेंक दिया .

उनका लुंड पूरा तना हुआ था और वो दीदी के पास जाकर उन्हें सोफे पर झुका दिए जिससे दीदी की गांड पीछे निकला कर आ गयी.

समीर भैया ने दीदी की गांड में मुंह डालकर उनकी गांड के छेड़ को सुंघा और बोले,-- रोहित सोना पूरी हीट में ह . इसकी गांड की महक बता रही ह.

दीदी शर्म से अपनी आँखे बंद कर ली तो समीर भैया ने उनकी छूट पर लुंड को घिसना शुरू कर दिया जिस से उनकी सिसकी निकलने लगी.

फिर समीर भैया ने अपने लुंड को दीदी की गांड पर लगाया और एक करारा शॉट मारा तो उनका आधा लुंड गांड में घुस गया.

दीदी की जोरदार चीख निकली जिससे पूरा घर गूंज गया.

दीदी ,-- u..y..I मम्मी ....

दीदी ने चीखते हुए छटपटाने लगी तो समीर भैया ने उनकी कमर को कास कर पकड़ लिया ताकि दीदी आगे नहीं जा पाए.

दीदी की आँख से आंसू आ गए और वो बोली ,-- समीर बहुत दर्द हो रहा ह .प्लीज बाहर निकल लो वापस.

समीर भैया,-- सोना दर्द तो होगा hi आज अभी दूसरी बार हो तो गांड में लुंड डाला ह.

दीदी लगभग रट हुए ,-- प्लीज समीर .मुझे दर्द हो रहा h.hohit मुझे बचा लो.

मुझे दीदी का दर्द देखा नहीं गया इसलिए में बोलै.,-- समीर भैया, दीदी को दर्द हो रहा ह क्रीम लगा लो न पहले की तरह से फिर शायद दर्द नहीं हो.

समीर भैया,-- टेंशन मत लो रोहित ,देखो दीदी का दर्द गायब करता हु अभी.

समीर भैया ने दीदी की छूट में अंगुली डालकर अंदर बाहर किया और फिर उनके बूब्स को दबाने लगे तो दीदी सिसकने लगी.

समीर भैया,-- सोना निकल लू क्या बाहर.

दीदी ,-- नहीं अब दाल दो पूरा .

समीर भैया,-- देखा रोहित , कैसे पूरा डालने को बोल रही ह.

दीदी ,-- हर बात रोहित से करना जरुरी ह क्या.

समीर भैया,-- अभी वो hi बोलै की क्रीम लगा लो इसलिए बोलै.

समीर भैया ने एक झटका और लगाया तो दीदी फिर से चीखी तो समीर भैया ने फिर से वही ट्रीटमेंट किया . दीदी फिर से सिसकने लगी तो समीर भैया कुछ देर तक रुक गए और फिर दो मिनट बाद में धीरे धीरे उनकी गांड को छोड़ना शुरू कर दिया.

दीदी अब बेशरम बनकर सिसकने लगी थी वो ये भूल चुकी थी उसका भाई उसे गांड मरते हुए देख रहा ह और वो कुंवारी होकर एक शादीशुदा मर्द से छुड़वा रही h.idhar समीर भैया पुरे जोश में दीदी का गांड छोड़ रहे थे .

फिर समीर भैया ने रुक कर कहा ,-- रोहित इधर आ जाओ और पास से देख लो.

में उठकर दीदी के पास चला गया .दीदी की गांड मुझसे एक फ़ीट की दुरी पर चुद रही थी और समीर भैया का लुंड आराम से अंदर बाहर हो रहा था.

दीदी के गांड की चमड़ी समीर भैया के लुंड से चिपक कर बाहर की तरफ थोड़ी दूर तक आ रही थी. फिर छूट रही थी.

तभी समीर भैया बोले ,-- देखो रोहित सोना की गांड की चमड़ी कैसे चिपक कर बाहर तक आ रही ह. अभी इसकी गांड तीते ह पर कुछ दिन में ुए पूरी छोड़ी हो जाएगी चुद चुद कर तब आराम से मोटा लुंड भी घुस जायेगा इसमें.

में.,-- जी भैया.

समीर भैया,-- देख सोना को कितना मज़ा आ रहा ह गांड छुड़वाने में .

में.-- ,हम्म्म.

समीर भैया,-- सोना अब पूरी औरत बन चुकी ह और जल्दी hi ये मोठे मोठे लुंड लेने लगेगी.

तभी मुझे दीदी की छूट से सफ़ेद पानी की लार गिरते दिखी और दीदी जोर से सिसकी तो समीर भैया बोले

समीर भैया,-- तेरी दीदी देख कैसे झाड़ रही ह .उसकी छूट से देख कैसे पानी गिर रहा ह

दीदी ने ये सुना तो वो आगे को हुयी तो समीर भैया का लुंड बाहर निकल गया और दीदी शर्माकर जल्दी से अंदर अपने रूम में भाग गयी.

समीर भैया भी उसके पीछे पीछे रूम में भाग गए. दीदी की गांड मटक रही थी और समीर भैया का लोढ़ा पूरा हिल रहा था.

में अपने लुंड को एडजस्ट किया तो वो पानी छोड़ दिया . तो में रूम में जाकर चड्डी बदला और खिड़की के पास आ गया.

दीदी और समीर भैया खड़े hi थे दीदी उन्हें बोल रही थी ,-- समीर आज रोहित ने मुझे नंगी भी देख लिया और गांड मरवाते भी.

समीर भैया,-- इसमें नयी बात क्या ह वो रोज hi देखता ह

दीदी ,-- रोज वो छिपकर देखता ह और दूर से देखता ह आज उसने बिलकुल पास से देखा.

समीर भैया,- तेरे लिए तो अच्छा hi ज कल उसके सामने शर्म नहीं आएगी.

दीदी ,-- कल ..

समीर भैया,-- याद नहीं कल तुम्हे उसे खुल कर साडी बात बतानी ह .

दीदी ,--अच्छा वो गेम में.

समीर भैया,-- यही मौका ह सोना अब तुम को मेरे आलावा भी मर्दो से सम्बन्ध बनाने पड़ेंगे तो रोहित को जानकारी रहेगी तो ठीक रहेगा.

दीदी ,-- रोहित जब सुनेगा तो उसे झटका लगेगा.

समीर भैया,-- झटका उसे नहीं उसके लुंड को लगेगा.
 
दीदी ,-- समीर ,में मम्मी के बारे में कैसे बताउंगी.

समीर भैया,-- सोना अब किसी शर्म , सोभा की स्टोरी सुना न जरुरी ह . तभी उसे समझ में आएगा की तुम ऐसा क्यों कर रही हो.

दीदी ,-- रोहित क्या सोचेगा.

समीर भैया,-- कुछ नहीं सोचेगा. वो बालिग ह उसे सब समझ में आ जायेगा.

दीदी ,-- समीर आज मेने रोहित के सामने गांड मरवा ली मुझे तो यकीं hi नहीं हो रहा.

समीर भैया,-- सोना तुम बहुत हिम्मत वाली हो और में तुम्हारे अंदर की पूरी शर्म निकला दूंगा.

दादी ,-- हम्म , आज मुझे रोहित के सामने गांड मरवाने में बहुत मज़ा आया.

समीर भैया,-- मुझे पता ह तभी तुम झाड़ गयी इतनी जल्दी रंडी .

दीदी ,-- समीर मुझे पूरी रंडी बना दो . सेक्स का असली मज़ा तो रंडियां hi लेती ह . घरेलु लड़किया तो एक hi लुंड से चुद कर उसे अपना भाग्य समझ लेती ह.

समीर भैया,-- तुमने देखा नहीं नाजनीन ने निकाह से पहले कितना एन्जॉय किया था.

दीदी ,-- हम्म, बहुत हिम्मत ह उसमे , कैसे उस दिन तुम्हारे साथ बिना पेंटी के होटल में गयी थी और वेटर को छूट दिखाई थी.

समीर भैया,-- वो तो कुछ भी नहीं ह .हम हनीमून पर गए तो उसने बहुत एन्जॉय किया.

दीदी ,-- कैसे.

समीर भैया,-- हम होटल में पुरे नंगे रहते थे और नाज तीन दिन तक सरे वेटर और स्वीपर को अपना बदन दिखा देती थी.

दीदी ,-- सच में.

समीर भैया,-- हम्म वो जब वेटर आता तो सोने का नाटक करती और नंगी hi सो जाती .

दीदी ,-- वाओ , नाज ने मुझे बताया नहीं.

समीर भैया,-- उसे तो सेक्स का नशा शराब की तरह लगता ह और वो अम्मी की वजह से प्रेग्नेंट हुयी थी.

दीदी ,-- वो तो मुझे पता ह.

समीर भैया,-- चल न मेरा लोढ़ा अब झड़वा दे.

दीदी ,-- हम्म. बोलो क्या करना ह.

समीर भैया,-- कंडोम तो लेकर आओ.

दीदी ,-- में रोहित से मंगवाती हु

समीर भैया,-- नहीं सोना .अब रोहित से क्या शर्म. जाओ लेकर आ जाओ. तभी तुम्हारी शर्म निकलेगी

दीदी टोलिया लपेटने लगी तो समीर भैया ने टोलिया चीन लिया और बोले ,-- सोना तुम्हे रंडी बनना ह न फिर टोलिया का क्या काम.

दीदी ,-- बाहर रोहित होगा.

समीर भैया,-- अब रोहित से क्या छुपाना बाकि रह गया उसने तुम्हारा सब कुछ तो देख लिया.

दीदी मुस्करा कर ,-- हम्म, पर में बांधूंगी नहीं.

समीर भैया,-- no वे , तुम्हे अब बोल्ड होना पड़ेगा.

में दौड़कर सोफे पर आ गया और टीवी देखने लगा तो दीदी चुपके से बाहर निकली और मेरे रूम में चली गयी वो बिलकुल नंगी थी और उसने अपनी छूट और बूब्स को दोनों हाथो से धक् रखा था.

में टीवी देखने का नाटक कर रहा था पैर तिरछी नजर से दीदी को hi देख रहा था , दीदी जब रूम में गयी तो उसकी गांड बहुत मटक रही थी. उसकी गांड को थिरकन शायद गांड छोड़ने से बढ़ी थी.

मेने नाजनीन दीदी के दिए ज्ञान को काम लेते हुए कंडोम का पैकेट दूसरी जगह रख दिया था . जब दीदी को कंडोम का पैकेट नहीं मिला तो उसने मुझे आवाज दी.

दीदी ,-- रोहित कंडोम कहा रख दिए.

में उठकर रूम में आया तो दीदी ने मेरी तरफ गांड कर ली तो में दीदी की चूड़ी हुयी गांड को देखने लगा और मेने उन्हें अपनी अलमारी से कंडोम का पैकेट निकल कर दिया.

दीदी ने बिना पीछे मुड़े पैकेट लिया और जल्दी से भाग गयी .में उनको गांड को ऊपर निचे होते देखता रह गया.

में खिड़की पर गया तो दीदी हम्प्टी हुए रूम में पहुंची और अपनी सांसे कण्ट्रोल में करने लगी.

समीर भैया,-- क्या हुआ सोना.

दीदी ,-- वो रोहित ने कंडोम की जगह बदल दी और मुझे उसे बुलाने पड़ा.

समीर भैया,-- मतलब उसने तुम्हे फिर से नंगी देख लिया.

दीदी ,-- हम्म.

समीर भैया,-- तो इसमें इतना शर्माने की क्या जरुरत ह वो तुम्हे पहले भी नंगी देख चूका.

दीदी ,-- में नंगी होकर क्या करने गयी थी ये तो सोचो.

समीर भैया,-- रंडी अपने यार से छोड़ने को कंडोम लेने गयी थी.

दीदी ,-- ढ़हत...

समीर भैया,-- तुम्हे मज़ा नहीं आया.

दीदी ,-- सच पूछो तो बहुत मज़ा आया. दिल की धड़कन तेज हो गयी और छूट भी गीली हो गयी.

समीर भैया,- यही तो एडवेंचर ह सोना. जो तुमने महसूस किया वो कभी महसूस नहीं होगा.

दीदी ,,-- मज़ा आ गया जणू.

समीर भैया,-- अभी तो शुरुवात ह आगे आगे देखो में तुम्हे क्या क्या एडवेंचर करवाता हु.

दीदी ,-- जणू छूट पूरी पनिया गयी अब छोड़ दो

समीर भैया,-- तो रंडी कंडोम चढ़ा न लुंड पर देख कब से खड़ा ह.

दीदी मुस्करा कर ,-- लो मेरे राजा.

दीदी ने समीर भैया के मुसल पर कंडोम चढ़ा दिया तो समीर भैया ने दीदी को खड़ा होने को कहा .

दीदी निचे कड़ी हुयी तो समीर भैया ने उनको एक पेअर पलंग पर रखने को कहा और दीदी ने पेअर रखा तो समीर भैया ने उनके पास जाकर खड़े होकर उनकी छूट में लोढ़ा घुसा दिया. समीर भैया ने खड़े खड़े hi दीदी को छोड़ना शुरू कर दिया.

दीदी जोर से चीखी ,-- u..i ी ... मम्मी .

समीर भैया ,-- दर्द हुआ सोना.

दीदी ,-- aa...h... हम्म्म.

समीर भैया,-- सोना तुम्हे अलग अलग पोजीसन में छोड़ने से छूट पूरी खुलेगी तो दर्द भी चला जायेगा .

दीदी ,-- हम्म , अब छोड़ो मुझे.

समीर भैया,-- अब दर्द नहीं ह ना.

दीदी ,-- होने दो दर्द मुझे छूट को पूरी ढीली करवानी ह ताकि बड़े लुंड आराम से ले सकूँ.

समीर भैया ,-- ले रांड फिर.

समीर भैया खड़े खड़े दुसि को हुमच कर छोड़ने लगे , दीदी की जोर जोर से सिसकिया निकलने लगी जो पुरे फ्लैट में गूंज रही थी.

समीर भैया ने दस मिनट तक दीदी को खड़े खड़े hi छोड़ा और फिर उन्हें बिस्टेर पर गिरा कर अपने लुंड से कंडोम निकल कर फेंक दिया और दीदी को घोड़ी बन ने को कहा.

दीदी घोड़ी बन गयी तो समीर भैया ने उनकी गांड में लुंड घुसा दिया . दीदी जोर जोर से चीखते हुए गांड मरने लगी.

समीर भैया,-- और चीख साली रंडी ताकि रोहित को पता चले की उसकी रंडी बहन की गांड चुद रही ह.

दीदी ,-- है..... में ...r....n...d....I...hu...samir ,बहन छोड़ फाड़ दे मेरी गांड.

समीर भैया,-- ले रांड चुद मेरे लोडे से .

समीर भैया ने दीदी को पांच मिनट तक छोड़ा और फिर अपना वीर्य दीदी की गांड में भर दिया.

दीदी की गांड से समीर भैया का वीर्य बाहर गिरने लगा तो दीदी बिस्टेर पर गिर गयी.

समीर भैया,-- मज़ा आया सोना.

दीदी ,-- हम्म ,जब तुम मुझे रांड बोलते हो तो मन में अजीब से फिलिंग आती ह और छूट में अलग hi सेंसेशन होता ह.

समीर भैया,- वो तुम्हे hi नहीं सब सेक्सी और चुड़काड लड़की को होता ह .

दीदी ,-- में चुड़काड हु क्या समीर.

समीर भैया,-- हम्म तुम चुड़काड hi नहीं महा चोदकद हो जो कई घंटे चुद सकती हो . तेरे अंदर सोभा के पुरे अनुवांशिक गन ह सोना.

दीदी ,-- हम्म , मम्मी भी पूरी चुड़काड औरत ह.

समीर भैया फिर उठकर बाथरूम की तरफ गए और गेट के पास hi घुटनो के बल बैठकर मूतने लगे.

दीदी भी थक गयी थी तो में भी अपने रूम में आकर सोने की तैयारी में लग गया.

तभी मेरे फ़ोन पर नाजनीन दीदी के मेसेज आया उन्होंने लिखा था, -- कोंग्रटुलतिओं रोहित .

में ,-- किसलिए दी.

नाजनीन दीदी,-- सोना के औरत बन ने की .

में.,' आपको अभी कैसे याद आया.

नाजनीन दीदी,-- मुझे अभी याद आया की मेने तुम्हे तो मुबारक बाद दी hi नहीं.

में.,-- थैंक्स दी

नाजनीन दीदी,-- रोहित तुम सच में बहुत अच्छे भाई हो .काश मेरा भी ऐसा hi भाई होता. सोना का फ़ोन आया था मेरे पास वो बोल रही थी की तुम उसके एन्जॉय को किनकी बना देते हो.

में.,-- आईडिया तो आपका हो होता ह दीदी.

नाजनीन, -- हम्म . बीआरओ अब तुम्हारी जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी.

में.,-- कैसे दीदी

नाजनीन, -- में तुम्हे वात्सप्प कर रही हु पढ़ लेना.

थोड़ी देर में मेरे मोबाइल पर वात्सप्प आया जो में पढ़ने लगा तो एक बार फिर मुठ मारनी पड़ी.
 
थोड़ी देर में नाजनीन दीदी ने वात्सप्प किया लगभग तीन पेज का मेसेज था जिसे पढ़कर मेरा लुंड दो बार झाड़कर भी फिर से खड़ा हो गया .मेने वात्सप्प को दो बार पढ़ा और फिर मुठ मारकर सो गया.

अगले दिन सुबह दीदी ने मुझे उठाया क्योंकि में रात को नाजनीन दीदी का मेसेज पढ़ने में मुझे बहुत समय लग गया था और लगभग तीन बजे सोया था.

सोनाक्षी दीदी ने सुबह मेरे माथे पर चुम्बन किया तो मेरी आँखे खुली .मेरे आँखे खोलते hi दीदी ने एक बार फिर मेरे ललाट पर किश किया और बोली ,-- सोना कॉलेज नहीं जायेगा.

मेने देखा दीदी नहाकर आयी थी और उनके बाल गीले hi थे उन्होंने टोलिया लपेट रखा था जिसमे से उसकी उनन्त गोरी क्लीवेज देखकर सुबह सुबह मूड फ्रेश हो चूका था.

में.,-- गम ,दीदी जाऊंगा न

दीदी मेरे गाल पर किश करके ,-- तो उठ जा भैया फिर.

में ,-- दीदी आज बहुत प्यार आ रहा ह सुबह सुबह.

दीदी ,-- क्यों नहीं आएगा प्यार, मेरा सोना भाई पर . बहुत प्यारा ह तू.

में.,-- अच्छा.

दीदी ,-- हम्म .तेरे जैसा भाई होना मेरे लिए तकदीर की बात ह . तू जितना मुझे सपोर्ट करता ह उतना शायद hi कोई करे.

में.,-- क्यों दीदी.

दीदी ,-- में जो करती हु वो एक अच्छी बहन कभी नहीं कर सकती एक भाई के सामने.

में.,-- दीदी आप मेरे लिए बहुत अच्छी हो और आप को खुश देखना मुझे अच्छा लगता ह.

दीदी, -- अच्छा ,और रात को जो देख रहा था वो.

में.,-- दीदी वो हर लड़की करती ह. लेकिन परदे के पीछे. आप मेरे सामने कर रही हो बस यही फर्क ह.

दीदी ,-- और जो समीर मुझे बोल रहा था वो.

में.,-- दीदी वो हर लड़की और औरत बिस्टेर में होती ह. और आप कोनसा अपना जिस्म बेच रही हो आप एन्जॉय कर रही हो इसलिए किसी के बोलने से तो आप वो हो नहीं गयी और फिर आप को सुन कर मज़ा आता ह तो में क्यों आपत्ति करूँ.

दीदी,-- सोना तुझे सच में आपत्ति नहीं ह.

में.,-- ऑफ दीदी आप भी ना. आप को जब मज़ा आता ह ये सुनने में तो इसमें हर्ज भी क्या ह और मुझे भी अच्छा लगता ह सेक्स स्टोरी वाली नायिका को जब पढता हु तो बहुत मज़ा आता ह वैसे hi आपको समीर भैया बोलते ह तब सुनकर मज़ा आता ह.

दीदी ,-- तू मुझे भी बोल सकता ह वो .

में.,-- अगर आप को अच्छा लगे तो बोल दूंगा.

दीदी मुस्करा कर ,-- अच्छा तू अभी बोल फिर में भी तुझे अच्छा लगने वाला कुछ करुँगी.

में,-- सच में .

दीदी ,-- हम्म ,फिर तुझे मेरी पेंटी की जरुरत नहीं पड़े शायद.

में.,-- मेरी रंडी दीदी.

दीदी ,-- सोना पूरा नाम लेकर बोल ना.

में.,-- मेरी सोनाक्षी रंडी दीदी.

दीदी ये सुनकर कड़ी हुयी और मुस्कराती हुयी गेट तक गयी और फिर अपने टोलिया को पीछे से उठा दिया जिस से उनकी गोरी गांड जिसकी तीन दिन पहले सील टूटी थी वो पूरी एक्सपोज़ हो गयी .

दीदी ने दो सेकण्ड तक रुक कर फिर पीछे देखकर मुस्करायी और फिर अपनी सुडोल गांड को मटकती हुयी चली गयी.

मेरा लुंड जो मॉर्निंग में नेचुरल इरेक्शन में था फुल फॉर्म में आ गया और में उठकर बाथरूम में भगा और दीदी की शानदार गांड को याद करके मुठ मारा तो मेरा लुंड बहुत जल्द खली हो गया .

में नहाकर बाहर आया तो दीदी ने अपने कपडे पहन लिए थे वो रहस्मयी तरीके से मुस्करायी तो में भी मुस्करा कर नास्ता करने लग गया और फिर कॉलेज चला गया.

रात में हम दोनों सो रहे थे तो दीदी बाथरूम में गयी और एक सिल्क की शार्ट निघ्त्य पहन कर मेरे पास सो गयी . सिल्क की निघ्त्य से उसका बदन निखार गया था और निप्पल ने निघ्त्य को उठाकर ये बता दिया था की दीदी अंदर से ब्रा लेस्स ह.

थोड़ी देर बाद समीर भैया का फ़ोन आया तो दीदी ने फ़ोन स्पीकर पर करके अपनी चुकी पर रख लिया और बोली.

दीदी ,-- बोको समीर.

समीर भैया,-- क्या हुआ सोना क्या कर रही हो.

दीदी ,-- बस सोने के लिए आयी थी. तुम क्या कर रहे हो.

समीर भैया,-- बस सोने वाला हु पर छोटा समीर सो नहीं रहा तो सोचा इसको सोना से बात करके सुला दू.

दीदी ,-- हम्म, एंड कैसे सोयेगा छोटा समीर .

समीर भैया,-- सोना के मुंह से प्यार भरी बातें.

दीदी ,-- हम्म , बोलो छोटे समीर क्या सुनोगे.

समीर भैया,-- सोना ये पूरा अकड़ कर पंखे की तरफ देख रहा ह.

दीदी ,-- तू तुमने कुछ नहीं पहन रखा अभी.

समीर भैया,-- नहीं , और तुम्हे.

दीदी ,-- में भी तुम्हारी तरह hi हु . दीदी ने झूठ बोलै.

समीर भैया,-- रोहित कहा ह .

दीदी झूट बोलते हुए ,-- वो पढ़ रहा ह.

समीर भैया,-- सोना रोलप्ले करे.

दीदी ,-- हम्म ,ठीक ह रोले बोलो.

समीर भैया,-- u..n.... तुम एक कोठे पर धंधा करने वाली सस्ती रंडी और में तेरा ग्राहक.

दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कराई और बोली, -- चलो रोले और भूमिका बताओ.

समीर भैया,-- तुम रेड लाइट एरिया में अपने कोठे के बाहर कड़ी हो में कस्टमर बनकर आता हु. तुम ने एक ब्रा और साड़ी पहनी ह.

दीदी -- ok , शुरू करो.

समीर भैया,-- इ रंडी क्या रेट ह तेरा.

दीदी, -- पैसे ह जेब में ,मुझे छोड़ने जितने.

समीर भैया,-- पहले रेट तो बोल.

दीदी ,-- दो हजार .

समीर भैया,-- बहुत ज्यादा ह.

दीदी, -- आगे जा वह सस्ती रांड मिल जाएगी .

समीर भैया,-- तू hi रेट सही ले ले.

दीदी ,-- मेरा रेट यही ह करना ह तो बोल नहीं तो अपनी बहन को छोड़ लेना घर जाकर मुफ्त में.

समीर भैया,-- चल तेरी चुकी चेक करने दे अगर तीते हुयी तो ले लेना.

दीदी ,-- बहन छोड़ तू जाकर अपनी बहन पैर चढ़ कर उसे छोड़.

समीर भैया,-- इतना बादक क्यों रही ह ,दो हहर ले लेना पर मज़ा पूरा देगी न.

दीदी ,-- हम्म , उसकी गारंटी ह.

समीर भैया, --ये ले दो हैजर्ड.

दीदी ,-- चल आ जा फिर अंदर.

समीर भैया,-- चल नंगी हो जा अब.

दीदी ,-- ये ले हो गयी .

समीर भैया ,-- में तेरी निप्पल चूस रहा हु.

दीदी ,-- aa..h छुआ ले , बहन छोड़ अपने पैसे वसूल कर ले.

समीर भैया ,-- चल मेरा लोढ़ा पकड़ , रंडी .

दीदी ,-- aa...h.. तेरा लोढ़ा तो शानदार ह .

समीर भैया,-- अभी तेरी छूट को भोसड़ा बनाऊंगा रंडी . चल चूस इसे.

दीदी ,-- हम्म , चुस्ती हु.

दीदी ने मोबाइल को अपने हाथ में ले लिया और निघ्त्य के ऊपर से अपने बोबे मसलने लगी . उसके मुंह से सिसकिया निकल रही थी और वो मेरी परवाह किये बगैर सिसकिया ले रही थी.

समीर भैया, -- चल रंडी अब घोड़ी बन जा तेरी छूट मरता हु.

दीदी ,-- बन गयी .

समीर भैया,-- मेने तेरी छूट में अपना लोढ़ा पेल दिया अब चिल्ला.

दीदी ,-- aa......h.... छोड़ मुझे .

समीर भैया,-- ले चुद बहन की लोदी.

दीदी ,-- o....h.......a..

दीदी ने अब चुकी को मसलना छोड़कर अपना एक हाथ गाउन को ऊपर करके अपनी छूट पर रख लिया और अपनी छूट में अंगुली दाल कर अंदर बाहर करने लगी. मुझे दीदी की छूट तो नहीं दिखी पर उसकी जंघे पूरी नंगी दिख रही थी.

समीर भैया,-- बोल रंडी कैसा लग रहा ह मेरा लोढ़ा.

दीदी ,-- आ... बहुत मोटा ह .

दीदी तेजी से अपनी छूट में अंगुली किये जा रही थी और सिसके जा रही थी फिर वो एक झाड़कर शांत हो गयी तो गाउन निचे कर ली और फ़ोन काट दी.

मेने दीदी को देखे जा रहा था पर दीदी की आँखे बंद थी .थोड़ी देर बाद दीदी ने आँखे खोली और मुझे देख कर मुस्कराई और बाथरूम में चली गयी.

उसने बाथरूम का गेट खुला हु रहने दिया और मुझे उनकी छूट से निकलने वाली मधुर आवाज सुनाई देने लगी.

कुछ देर बाद शावर की आवाज आयी तो में समझ गया की दीदी ने अपनी छूट को धोया होगा.
 
दीदी बाहर आकर मुस्कराते हुए बिस्टेर पर गिर गयी और मुझसे बोली ,-- जा तेरे लिए मेने हल्का होने का सामान रखा ह बाथरूम में.

में उठकर बाथरूम में गया और गेट बंद करके दीदी की पेंटी लेकर मुठ मर कर वीर्य की धार दिवार पर छोड़ दिया.

में बाहर आया तो दीदी ने अपने मुंह को चद्दर से धक् लिया तो में भी सो गया.

अगले दिन सुन्दय था इसलिए दीदी ने मुझे दस बजे उठाया. में फ्रेश हुआ और नास्ता किया तो दीदी ने मुझे सामान की लिस्ट पकड़े. मेने लिस्ट को बिना देखे hi जेब में डाला और निचे दुकान पर जाकर देखा तो उसमे एक भी सामान दुकान का नहीं था शिवाय सिगरेट के पैकेट के.

मेने सिगरेट का पैकेट लिया और वाइन शॉप से बियर की बोतल और उसके बगल से चखने का सामान लिया और फ्लैट पर पहुंचा तो दीदी ने एक टी शर्ट और जींस पहन रखा था.

दीदी जींस में पूरी हॉट गर्ल लग रही थी जींस उसकी गांड पर एक डैम चिपकी थी और टी शर्ट से दीदी के बूब्स पुरे मोठे मोठे दिख रहे थे जो पुश आप ब्रा का कमल था. दीदी ने मुझे देखते हुए देखा तो मुस्करा दी.

मेने दीदी को सामान दिया तो उसने मुस्करा कर सामान लिया तो में बोलै ,-- दीदी कोई आ रहा ह क्या.

दीदी मुस्करा कर ,-- तेरा जीजू आ रहा ह.

में. -- कोण जीजू ,दीदी.

दीदी ,-- नाजनीन दीदी का पति.

में दीदी की बात सुनकर मुस्करा उठा तो दीदी ने सामान किचन में रखा और फिर प्लेट में चखने का सामान निकलने लगी तभी दुर्बल बजी.

दीदी ,-- जा गेट खोल .

मेने गेट खोला तो समीर भैया अंदर आये और सोफे पैट बेथ गए . दीदी भी थोड़ी देर में प्लेट लेकर आ गयी और उन्हें टेबल पर रखकर समीर के होंठ पर चुम्बन करके बेथ गयी.

समीर भैया,-- रोहित आज दिन भर सोना के पूरी औरत बन ने की ख़ुशी में पार्टी होगी.

दीदी ,-- जा रोहित तीन बियर की बोतल ले आ.

में किचन से बियर लेकर आया तो दीदी ने सबके सामने बोतल रख दी.

में दीदी को हेरात से देखने लगा तो दीदी बोली ,-- अब ये मत बोलना की तू बियर पिता नहीं ह.

में. -- दीदी में तो पिता हु पर आप.

समीर भैया,-- रोहित दीदी बालिग ह और अब तो औरत भी बन चुकी वो नहीं पि सकती क्या.

में.,-- पि सकती ह आज कल सब लड़किया पीती ह. बेयर बार में आजकल बहुत सी लड़कियां भी पिने जाती ह.

दीदी ,-- तुम्हे कैसे पता .लड़कियां पिने जाती ह.

में ,-- दीदी बार के अंदर मेने कानपूर में पिटे देखा ह.

दीदी ,-- रोहित सच बताना तूने कभी मन में ये नहीं सोचा की उन लड़कियों में से कोई तुम्हारी बहन होती तो क्या होता.

में.,-- दीदी जो लड़कियां वह जा रही होती होंगी वो भी किसी न किसी की तो बहन होती hi होगी

समीर भैया,-- ु अरे राइट रोहित , वो लड़कियां भी किसी की बहन होती ह पर हम उनमे अपनी बहन नहीं बल्कि कुछ और hi देखते ह.

दीदी ,-- क्या देखते हो.

समीर भैया,-- उन्हें देखकर मन में यही आता ह की सब रंडियां ह. क्यों रोहित.

में.,-- हाँ भैया . अपनी बहन सबको सटी सावित्री और घरेलु hi चाहिए होती ह.

दीदी ,-- रोहित अगर मुझे तुम वह पर बियर पिटे देख लो तो.

में.,-- दीदी में पहले यही सोचता की दीदी भी रंडी ह पर अब मुझे ऐसा नहीं लगता .

दीदी ,-- क्यों.

में.,-- दीदी मुझे समझ में आ चूका की वो अपनी लाइफ एन्जॉय करने जाती ह और लाइफ एन्जॉय वही लड़की कर सकती ह जो अपने अंदर से शरारत का चोला उतर दे.

समीर भैया,-- हम्म , लो फिर बियर पियो और एन्जॉय करो.

मेने बियर उठायी और एक बार में आधी बियर पि गया पर दीदी और समीर भैया एक एक घूंट पि रहे थे और चखना खा रहे थे.

मेने भी प्लेट से चम्मच भरकर आलू चोप खाया और बाकि की बोतल पि गया तो मुझे जोर से डकार आयी .

समीर भैया,-- यार तुम तो बहुत जल्दी पि गए.

दीदी ,-- ये अनवर के साथ पांच पांच बोतल पि जाता था. क्यों रोहित.

में.,-- हम्म , उसी ने मुझे बियर और दारू पीना सिखाया था.

दीदी ,-- और कॉल गर्ल के पास कोण ले जाता था.

में.,-- दीदी आप को इतनी जानकारी किसने दी .

दीदी ,-- तुम सुनोगे तो विस्वास नहीं करोगे इसलिए रहने दो.

समीर भैया,-- सोना अब तुम्हे रोहित को सब बता देना चाहिए.

दीदी ,-- हम्म .पर रोहित भी मुझे अपने बारे में बताये तब.

समीर भैया,-- रोहित अब तुम को अपने बारे में सब बता देना चाहिए तभी सोना को खुलकर एन्जॉय करने में मज़ा आएगा.

में.,-- ठीक ह भैया,

समीर भैया,-- एक काम करते ह ऐसे तो हम सब को बताने में शर्म आएगी इसलिए क्यों ना गेम के जरिये एक दूसरे को सब के सवालों का जवाब दे

में.,-- वो ट्रुथ एंड डरे वाला.

समीर भैया,-- हम्म . क्यों सोना.

दीदी ,-- हाँ वही ठीक रहेगा क्योंकि अब रोहित से कुछ भी छुपाने का कोई मतलब नहीं ह .

समीर भैया,-- चलो फिर शुरू करते ह.

दीदी ने टेबल पर से चाहने का सामान उठाकर निचे मैट्रेस्स पर रखा .समीर भैया भी निचे आ गए तो में भी निचे बेथ गया दीदी निचे हम दोनों के सामने बोतल से बियर पिटे हुए बोली.

दीदी ,-- दीदी हरने वाले से जितने वाले दोनों एक एक सवाल करेंगे और हरने वाला दोनों से अलग अलग ऑप्शन बता सकता ह.

उसके बाद में ने अपनी खली बोतल घुमाया तो सबसे पहले बोतल मुझ पर hi आकर रुकी.

दोनों मुस्कराये और मेरे तरफ देखने लगे तो मेने दोनों के लिए ट्रुथ कहा.

समीर भैया,-- तुम सोना के साथ सेक्स करना चाहोगे.

में ,-- बिलकुल नहीं.

दीदी ,-- तुमने कितनी लड़कियों के साथ सेक्स किया ह.

में ,-- चार

समीर भैया, -- यार हमें खेल को इंटरेस्टिंग बनाना चाहिए .इसलिए खुल कर ओपन और डर्टी वर्ड्स उसे करो ताकि मज़ा आये क्यों रोहित .

में.,-- हाँ भैया.

इस बार बोतल मेने घुमाई और बोतल समीर भैया के सामने रुकी तो समीर भैया ने भी ट्रुथ hi कहा.

में.,-- भैया आपने कितनी लड़कियों के साथ चुदाई किया ह.

समीर भैया,-- टोटल पांच जिनमे पांच लड़कियां और दो औरते शामिल ह.

दीदी ,-- नाम बताओ सबके .

समीर भैया ,-- नाजनीन, जुबेदा , तुम , रशीदा खला और शोभा .

में समीर भैया के मुंह से मम्मी का नाम सुनकर हैरान रह गया .मेरा मुंह खुला रह गया तो दीदी ने मेरी तरफ देखा और मुस्करा कर बोली.

दीदी ,-- मुंह बंद कर के मखहि घुस जाएगी.

समीर भैया भी मुस्करा कर बोले ,-- अभी से इतना हैरान मत हो रोहित अभी तो शुरुवात ह.

समीर भैया ने बोतल घुमाई इस बार बोतल दीदी पर रुकी. दीदी ने भी ट्रुथ लिया तो समीर भैया बोले

समीर भैया,-- तुमने कितने लोगो से छुड़वाए ह.

दीदी मुस्करा कर ,-- चार.

में.,-- नाम बताओ सबके.

दीदी ,-- दिनेश , समीर और दो कॉलेज फ्रेंड्स.

में ,-- दीदी दिनेश कोण .

दीदी ,-- दिनेश भैया मौसी का बीटा जो कनाडा रहते ह

मुझे याद आया की तीन साल पहले मेरी बड़ी मौसी का बीटा कुछ दिन घर पर रुका था और वो दीदी के साथ अक्सर दिन में मेरे सामने छेड़छाड़ किया करता था और वो दीदी के रूम में भी एक रात सोये थे.

इस बार दीदी ने बोतल घुमाई तो फिर से दीदी पर hi रुकी तो दीदी ने ट्रुथ hi कहा.

में.,-- दिनेश से कितने बार छुड़वाए आपने.

दीदी ,-- सिर्फ एक बार.

समीर भैया,-- तुम्हारी छूट की सील किसने तोड़ी थी.

दीदी शर्माकर, -- दिनेश भैया ने .

में दीदी की बात सुनकर हैरान था की मेरे घर में मम्मी और दीदी दोनों चुद गयी थी और मुझे पता भी नहीं चला . और उसका कारन ये भी था में घर पर बहुत काम hi टिकता था. खास कर छूती वाले दिन तो में अनवर के साथ hi मौज मस्ती किया करता था उसके साथ उसके घर में दारू पीना , पोर्न फिल्म देखना , और उसके साथ रांड छोड़ने जाना यही मेरा काम था.

अनवर अपनी बुआ की बेटी को छोड़ता था और उसने मुझे भी छुड़वाया था इसलिए में िन्सेंट पसंद करने लगा था .और यही वजह थी की मुझे दीदी को चुड़ते देखकर मज़ा आता था.
 
बोतल इस बार दीदी ने घुमाई और मेरी तरफ आकर रुकी .

मेने फिर से ट्रुथ hi कहा तो दीदी बोली ,-- तुमने पहली बार मुठ कब मरी.

में.,-- अनवर के घर ब्लू फिल्म देखकर .

समीर भैया,-- और सबसे पहले किसकी छूट मरी.

में.,-- कॉल गर्ल को.

समीर भैया,-- तुमने अपनी विर्जिनिटी कॉल गर्ल को दी थी.

में.,-- हम्म.

अगली बार बोतल समीर भैया पर रुकी तो उन्होंने ट्रुथ बोलै तो मेने पूछ.

में.,-- आपकी खला को आपने कहा पर छोड़ा.

समीर भैया,-- उनके घर पर जब में वह गया तो वो नाहा कर निकली थी इसलिए नंगी देखकर मूड हो गया और वो भी हमेशा हर किसी से छोड़ने के लिए तैयार रहती थी.

दीदी ,-- तुममे मम्मी को सबसे पहले कब छोड़ा.

समीर भैया, -- फूफा के घर पर. मुझे फूफा से कुछ काम था .जब वो फूफा के घर में गया तो फूफा शोभा को छोड़ रहे थे सोभा भी रंडी की तरह से छुड़वा रही थी तो असलम फूफा ने सोभा से मुझसे छुड़वाने को कहा तो मेने फूफा के कहने पर शोभा को छोड़ा था.

दीदी ,-- मम्मी ने विरोध नहीं किया.

समीर भैया,-- नहीं .

में अपनी मम्मी को समीर भैया के रंडी कहने पर मुझे जरा भी बुरा नहीं लगा और लुंड ने तो ख़ुशी से एक आंसू गिरा दिया.

समीर भैया ने बोतल घुमाई तो इस बार दीदी ने ट्रुथ और डरे दोनों कहा.

में.,-- दीदी आपने मम्मी को पहली बार कब नंगी देखा.

दीदी ,-- जब में समझदार हुयी तब से मम्मी मेरे सामने नंगी होकर hi कपडे पहनती आयी थी.

समीर भैया,-- सोना ये टी शर्ट उतर दो .

दीदी ने अपना टी शर्ट उतर दिया और वो पुश आप ब्रा में आ गयी .उनकी ब्रा पैडेड और सिर्फ पीछे से बंधा था इसलिए बूब्स के ऊपर का पूरा हिस्सा दिखने लगा . उनकी चुकी मोती दिख रही थी और दीदी क़यामत लग रही थी.

अगली बार दीदी ने बोतल घुमाई और फिर से दीदी की hi बरी आयी.

दीदी ने फिर से ट्रुथ और डरे दोनों कहा.

समीर भैया, -- सोना ये जींस भी उतर दो और इसे उतरने के लिए रोहित को बोलो.

दीदी ,-- ु नॉटी मन . मुझे अपने भाई से hi जींस खुलवाने को कहोगे. पर में भी पीछे नहीं हटूंगी.

दीदी कड़ी हुयी और मेरे पास आकर बोली ,-- ले रोहित खोल दे मेरी जींस .

मेने हाथ ऊपर करके दीदी की जींस का बटन खोला और और उसकी जींस माँ हाथ डालकर उसकी जींस को निचे खिंचा तो दीदी की गांड में फांसी जींस धीरे धीरे निचे होने लगी और दीदी की कॉटन की पेंटी मेरी आँखों के सामने आ गयी . दीदी की पेंटी पूरी छूट का सेफ बता रही थी और उनकी छूट के सामने से भीगी हुयी थी.

दीदी ने जब मुझे उनकी छूट को घूरे हुए देखा तो वो लज्जा गयी और जल्दी से अपनी जींस को खोलकर अपनी जगह पर जाकर बेथ गयी.

में दीदी की हद बड़ाहट देखकर मुस्करा उठा तो दीदी भी अपने पैरों को मोड़ कर मुस्करा उठी . दीदी की छूट थोड़ी देर में लिए छुप गयी.

समीर भैया,-- सोना कितनी देर तक सच्चाई को छिपाएगी .

दीदी मुस्करा कर ,-- चुप, तुम दोनों को वही पर देखना ह.

समीर भैया,-- कहा पर सोना.

दीदी ,-- जहाँ पर दोनों देख रहे हो.

समीर भैया,-- तुम सच में बहुत हॉट हो बहुत जल्दी पानी छोड़ने लगती हो.

दीदी, -- मेरी जगह कोई भी लड़की ऐसे दो दो मर्दो के साथ इतनी हॉट चाट करेगी तो यही होगा.

मुझे दीदी ने मर्द बोलै तो मुझे बहुत अच्छा लगा वैसे में दो दिन पहले बीसवे साल में प्रवेश कर लिया था.

समीर भैया,-- चलो अब बोतल घुमाओ.

दीदी ने बोतल घुमाई तो इस बार मेने ट्रुथ बोलै .

समीर भैया ,-- रोहित तुम तीन बार लगातार ट्रुथ ले चुके इसलिए अब डरे करना होगा

दीदी ,-- हम्म ,रोहित यही रूल होता ह वार्ना में तुम दोनों के सामने ऐसे थोड़े hi बैठी होती.

में.,-- ok ट्रुथ एंड डरे.

समीर भैया,-- तुमने कॉल गर्ल को छोड़ा जो कितनी देर तक उसको छोड़ा.

में.,-- भैया सच तो ये ह की मेरे अंदर डालते hi में झाड़ गया.

समीर भैया,-- वो तो पहली बार में सबके साथ होता ह.

में.,-- नहीं समीर भैया मेरे साथ तीनो बार यही हुआ और अनवर की बहन को करते समय भी वही हुआ.

समीर भैया,-- वैसे तुम कितनी देर में हाथ से करने से झाड़ जाते हो.

में.,-- हाथ से तो में चहु तो बहुत देर तक रुक सकता हु और पोर्न देखकर भी जल्दी नहीं झाड़ता बस .

समीर भैया,-- और सोना को चुड़ते देखकर.

में.,-- मेरा कंडोम भर जाता ह प्रीकम से पर में हाथ से करता हु तब नहीं झाड़ता हु.

समीर भैया,-- तुम हम दोनों की चुदाई देखने के समय कंडोम लगते हो.

मेरी बात सुनकर समीर भैया के चेहरे पर रहस्य्मयी मुस्कान आ गयी .

में.,-- हम्म , जब आप लोग का प्रोग्राम लम्बा हो और मुझे पहले से पता हो तो लगा लेता हु.

दीदी ,-- चल अपनी शर्ट खोल दे .

मेने अपनी कमीज खोल दी और बनियान में आकर मेने बोतल घुमाई .

इस बार समीर भैया पर आकर रुकी.

समीर भैया ने फिर से दोनों hi कहे तो दीदी बोली,-- तुम्हे मम्मी को कैसे छोड़ा वो पूरी बात बताओ

समीर भैया,-- में फूफा से मिलने गया था तो फूफा और सोभा चुदाई कर रहे थे उन्होंने गेट भी बंद नहीं किया था ऊपर के कमरे का . मुझे देखकर शोभा पहले तो सकपकायी लेकिन फिर वो मुस्करा कर मुझे इशारे से बुलाई .उस समय वो फूफा के निचे लेते हुए अपनी छूट मरवा रही थी .फिर फूफा ने मुझसे नंगा होने को कहा और फूफा के हटने के बाद मेने सोभा को छोड़ा था.

मेरा मुंह खुला रह गया तो दीदी ने मुझे कहा ,-- अभी तो तुम्हे और भी झटके लगने वाले ह मिस्टर.

में.,-- समीर भैया आप ने कितनी बार छोड़ा मम्मी को.

समीर भैया,-- आठ दस बार तो छोड़ा hi होगा टोटल.

इस बार समीर भैया ने बोतल घुमाई और बोतल दीदी पर आकर रुकी तो दीदी ने ट्रुथ कहा.

समीर भैया,-- सोना कॉलेज में बर्फ ने तुम्हे कहा पर छोड़ा था.

दीदी ,-- होटल में .

में.,-- और समीर भैया ने पहली बार कहा पर छोड़ा.

दीदी ,-- असलम चहु के घर

दीदी ने बोतल घुमाई और वो मुझे पर आकर रुकी मेने ट्रुथ और डरे दोनों बोलै.

समीर भैया,-- तुम दीदी को और लोगों से चुड़ते देखना चाहोगे.

में.,-- अगर दीदी छुडवायेगी तो जरूर देखना चाहूंगा.

दीदी ,-- चल रोहित ये पेण्ट भी खोल दे अब.

मेने खड़े होकर पेण्ट खोल दो तो छोटी सी फ्रेंची में आ गया . मेरा लुंड पूरा खड़ा था और फ्रेंची प्रीकम से भीगी थी जिसे देखकर दीदी मुस्कराई तो में भी मुस्करा दिया.

मेने बोतल घुमाई और इस बार दीदी पर रुकी तो दीदी को भी ट्रुथ के साथ डरे बोलना पड़ा.

समीर भैया,-- सोना तुम्हे ब्रा पेंटी में बालकनी में जाकर होना ह और तीस सेकण्ड तक रुक कर आना ह.

दीदी मुस्करा कर कड़ी हुयी और बालकनी में जाकर कड़ी हो गयी .वो कपडे सूखने का नाटक कर रही थी और मोबाइल में देख रही थी तीस सेकण्ड होते hi वो भाग कर आ gayi.aur अपनी सांसे काबू में करने लगी उसने एक बार अपनी पेंटी पर से छूट को भी छुआ. जो रास छोड़ रही थी.

मेने देखा दीदी की छूट से निकले पानी को पेंटी अब सोखने की स्थिति में नहीं थी और उनकी पेंटी पूरी पानी से तर हो चुकी थी.

में.,-- दीदी आप ये बताओ की आप ने मम्मी को अपने सामने चुड़ते देखा ह.

दीदी ,-- सामने तो नहीं पर खिड़की से देखा ह.

में.,-- प्लीज डिटेल में बताओ न.

दीदी ,-- में एक दिन कॉलेज से जल्दी घर आ गयी तो देखा मम्मी घर पर नहीं थी तो मेने उन्हें घर में खोजै पर वो कही नहीं दिखी तो मेने ऊपर रूम में जाकर देखा तो मम्मी अपने रूम में भी नहीं थी .मम्मी के रूम में कोई नहीं था पर मुझे स्टोर से आवाज आ रही थी जो अंदर से बंद था . में खिड़की की तरफ गयी तो देखा मम्मी घोड़ी बनकर असलम चाचू से छुड़वा रही थी और उन्हें गालिया दे रही थी .असलम चाचू भी उन्हें गन्दी गन्दी गालिया दे कर छोड़ रहे थे.

असलम चाचू ने मम्मी को बहुत देर तक छोड़ा और फिर असलम चाचू छत से खुदकर अपनी छत पर चले गए.

में.,-- आपने मम्मी को बोली थी ये बात.

दीदी ,-- मम्मी ने मुझे देख लिया था जब वो स्टोर से बाहर आयी तो , उसके अगले hi दिन दिनेश भैया ने मेरी चुदाई कर दी थी

समीर भैया,-- सोना उनकी चुदाई देखकर खुद भी छुड़वा ली .

में.,-- फिर दिनेश भैया के बाद आप किस से चूड़ी.

दीदी ,-- कॉलेज के दो अलग अलग लड़को के साथ दो बार होटल में.

में.,-- सिर्फ दो hi बार

दीदी ,-- हम्म्म, फिर नाजनीन ने मुझे कहा की में बदनाम हो जाउंगी इसलिए समीर से मुझे छुड़वा दिया.

समीर भैया,-- नाजनीन ने नहीं छुड़वाया था बल्कि तुमने उसे मजबूर किया था.

दीदी ,-- यही समझ लो .

समीर भैया,-- रोहित सोना बे मुझे और नाजनीन को हर शर्त के साथ छोड़ने को तैयार हो गयी.

में.,-- फिर आपने क्या शर्त राखी.

समीर भैया,-- मेने शर्त ये राखी की ये किसी से होटल में छोड़ने नहीं जाएगी क्योंकि अगर किसी ने देख लिया या वीडियो बना लिया तो जिंदगी बर्बाद हो जाती.

में.,-- आप ने ये सही किया समीर भैया .
 
ट्रुथ और डरे का गेम जारी था .थोड़ी देर के बाद दीदी को समझ में आया तो दीदी ने बोतल घुमाई जो समीर भैया पर जाकर रुकी .

समीर भैया ने डरे कहा तो दीदी ने उन्हें बनियान खोलने को कहा तो मेने भी पेण्ट उतरने को कहा.

समीर भैया भी मेरी तरह चड्डी में आ गए . उनकी चड्डी भी प्रीकम से भीगी थी .जिसे देखकर दीदी मुस्कराई.

दोनों की बियर की बोतल आधी से ज्यादा ख़त्म हो चुकी थी तो समीर भैया में मुझे भी दूसरी बोतल लेन को कहा तो में एक बियर की बोतल और ले आया.

मुझे बियर का हल्का सा नशा हो चूका था जबकि दीदी को आधी बोतल में hi काफी नशा लग रहा था उनकी जोबन हलकी सी लड़खड़ा रही थी .

दीदी ने फिर से बोतल घुमाई और खुद hi निशाना बन गयी अबकी बार उसे एक डरे लेना जरुरी था .इसलिए उसने ट्रुथ और डरे दोनों लिया.

में.,-- दीदी आप दिनेश भैया से चुदाई के बारे में डेराइल में बताओ.

दीदी मुस्करा कर ,-- दिनेश भैया मुझसे चार साल बड़े थे और वो मुझे पसंद थे .हालाँकि मेने कभी भी उनसे छुड़वाने का नहीं सोचा था. पर वो मेरे लिए ड्रीम बॉय की तरह hi थे.

हम दोनों का खूब हंसी मज़ाक भी होता था पर ये हंसी मज़ाक hi मुझे छोड़ने तक ले गया .जिस दिन दिनेश भैया रात में रुके थे. हम दोनों रात में बातें कर रहे थी तभी रस्मी भाभी का फ़ोन आ गया तो में दूध लेने किचन में आ गयी .

आधे घंटे में जब में रूम में पहुंची तो दिनेश भैया ने मेरे मोबाइल को लेकर उसमे नाजनीन के सरे वात्सप्प पढ़ लिए थे और मेरी ब्राउज़र हिस्ट्री देख ली थी जिसमे िन्सेंट वाली सेक्स स्टोरी भी लिस्ट में थी.

वो रस्मी भाभी से बात करके पुरे गरम थे इसलिए मेरे को बार बार छूकर मुझे गरम कर दिए. फिर मुझसे सेक्स की बात करने लगे और मुझे छोड़ने की बात की .

में भी मम्मी को चुड़ते देखकर चुदाई को एन्जॉय करना चाहती थी इसलिए में ज्यादा विद्रोह कर भी नहीं पायी और न hi मेने किया . इस तरह दिनेश भैया में मेरा कौमार्य भांग कर दिया. और रात भर में मेरा कुँवारापन ख़त्म हो गया.

में. -- फिर आपने उस रात कितनी बार सेक्स किया मतलब छुड़वाया.

दीदी ,-- तीन बार .

फिर समीर भैया बोले ,-- सोना अब तुम्हारा डरे ये ह की तुम्हे अपनी ब्रा मुझसे खुलवानी पड़ेगी.

दीदी के चेहरे पर थोड़ी सी शर्म दिखी पर वो बियर के नशे में थी इसलिए अपनी पीठ समीर भैया की तरफ कर दी.

समीर भैया,-- सोना तुम्हे पूरा सुना hi नहीं और ब्रा खुलवाने को तैयार हो गयी.

दीदी ,-' तुमने इतना hi बोलै था.

समीर भैया,-- नहीं में आगे बोलने वाला था पर तुम घूम गयी.

समीर भैया,-- रोहित देखो सोना दीदी को नंगी होने की कितनी जल्दी ह.

दीदी फिर से समीर भैया की तरफ मुंह करके बेथ गयी और बोली ,-- चलो अब बोलो पूरी बात.

समीर भैया,-- तुम्हे मुझसे ब्रा खोलने की रिक्वेस्ट करनी ह और वो भी सेक्सी तरीके से की तुम्हे ब्रा क्यों खुलवानी ह.

दीदी ने कुछ सेकंड सोचा और फिर बोली, -- समीर मेरी चुकी बहुत तीते हो गयी ह इसलिए प्लीज मेरी ब्रा खोलकर मेरी चूचियों को आज़ाद कर दो .जणू.

समीर भैया,-- चल घूम रंडी.

दीदी समीर भैया की बात सुनकर मुस्कराई और मेरी तरफ देखि तो में भी मुस्करा दिया.

दीदी फिर समीर भैया की तरफ घूम गयी तो समीर भैया ने उनकी पुश उप ब्रा का हुक खोल दिया और उनकी दूध की तरह गोरी और दूध से भरी चुकी नंगी हो गयी .

दीदी की पिंक निपल पूरी तानी हुयी थी जिसे में कुछ देर देख पाया क्योंकि दीदी ने अपनी चूचियों के आगे हाथ कर लिया था .

समीर भैया,-- सोना कितनी देर तक इन बोबो को छिपकर रखेगी .अभी थोड़ी देर बाद तेरी पेंटी भी खुलने वाली ह. चल अब बोतल घुमा .

दीदी ने एक हाथ से चुकी को चक्कर बोतल घुमाई तो बोतल मेरी तरफ आकर रुकी तो मेने ट्रुथ और डरे दोनों कहा.

समीर भैया,-- तुम सोना को कैसे कैसे मर्द से चुड़ते देखना पसंद करोगे.

में. -- नीग्रो, बुजुर्ग, बिखरी और स्वीपर टाइप के लोअर क्लास के लोगो से.

समीर भैया,-- हम्म , बहुत सूंदर

दीदी ,-- रोहित तू मुझे कई बार चुड़ते देख लिया और मुझे नंगी भी देख लिया पर कभी अपना लुंड नहीं दिखाया इसलिए फ्रेंची खोलकर नंगा हो कर बेथ.

में दीदी की बात सुनकर हैरान रह गया लेकिन फिर मेने अपनी फ्रेंची को निकल कर फेंक दिया तो दीदी और समीर भैया दोनों मेरे छह इंच के लोडे को घूरने लगे.

समीर भैया,-- लोढ़ा तो तुम्हारा भी अच्छा h.kyon सोना.

दीदी ,--हम्म

मेने बैठकर बोतल ghumai,is बार बोतल फिर से दीदी पर जाकर रुकी तो दीदी ने ट्रुथ hi कहा तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- सोना तुम अपने आगे के गोआल के बारे शार्ट में हमें बताओगी.

दीदी ,-- उसमे से कुछ तो रोहित ने अभी बता दिए में हर तरह के लोगों से छुड़वाना चाहूंगी hi उसके साथ में डर्टी सेक्स भी करना चाहती हु और शादी से पहले हार्डकोर ,गैंगबैंग और बड़सम सेक्स भी मुझे करना ह.

में.,-- दीदी मम्मी को पता ह आप समीर भैया से चुदवाती हो.

दीदी ,-- हम्म , मम्मी ने भी मेरे लिए समीर को hi सेक्स के लिए सबसे अच्छा साथी बताया था. मम्मी को में सप्ताह में अपनी चुदाई का पूरा डिटेल बताती हु और आगे का प्लान भी मम्मी को मालूम ह . मम्मी को ये भी पता ह की तुम मेरी किस तरह से मदद करते हो.

दीदी की बात सुनकर एक बार फिर से मेरा मुंह खुला रह गया .में सोचता था मेरी मम्मी को मेरे बारे में कुछ नहीं पता होगा .

दीदी ,-- ज्यादा हैरान मत हो मम्मी ने तुम्हारी ड्रावर से जो तुम्हारी बुक्स और पोर्न डीवीडी मिली थी वो मम्मी पूरी देख और पढ़ चुकी ह.

में.,-- पर वो बुक्स तो पूरी िन्सेंट वाली थी.

दीदी ,-- िन्सेंट वाली नहीं उसके माँ सोन वाली hi थी ज्यादातर और जब में मम्मी की ब्रा पेंटी लायी थी उसके बाद तुम मम्मी की गांड और बूब्स की साइज उसके कपड़ो के ऊपर से तुम नापने की कोशिश कर रहे थे वो भी मम्मी को मालूम ह.

में.,-- मेने कब मापी.

दीदी ,-- औरत को मर्द की नजर भांपते देर नहीं लगती तुम ने जिस दिन से मम्मी की पेंटी के डिब्बे से उनका साइज पढ़ा तभी से देखना शुरू कर दिया था.

में.,-- आपको मम्मी ने बताया था.

दीदी ,-- हम्म .

दीदी का हाथ अब उनके बूब्स से बार बार हैट जा रहा था और दीदी की पिंक निप्पल पूरी तानी हुयी दिख रही थी जिसका मतलब था की वो पूरी हीट में थी.

दीदी मेट्रेस पर जिस जगह बैठी थी वह पर मेट्रेस पर उनकी छूट रास गिर कर दिख रहा था.

अगली बार बोतल दीदी ने घुमाई तो समीर भैया पर रुकी तो समीर भैया ने ट्रुथ लिया.

दीदी ,-- समीर तूने मम्मी को दूसरी बार कहा पर छोड़ा था.

समीर भैया,-- तुम्हारे hi घर पर जब तुम और नाज रूम में पढाई के नाम पर पोर्न देख रही थी तब मेने सोभा को उसके hi बैडरूम में घोड़ी बनाकर छोड़ा था.

दीदी ,-- पर तुम तो नाज को छोड़ कर बाहर से hi चले गए थे.

समीर भैया,-- वो तुम्हे दिखने के लिए था नाज तुम्हारे लिए पोर्न का पूरा डोज लेकर गयी थी और तुम दोनों के गेट बंद करते hi सोभा ने मुझे अंदर बुला लिया था और दो घंटे तक मेने चुदाई की थी.

में.,-- समीर भैया आप को दोनों में से किसके साथ ज्यादा मज़ा आया.

समीर भैया,-- सोभा के साथ.

दीदी ,-- वो कैसे.

समीर भैया,-- सोभा को फूफा ने पूरा त्रिनेड कर दिया ह वो मर्द को ज्यादा से ज्यादा मज़ा कैसे मज़ा मिले वो जानती ह .उसे छोड़ने में ज्यादा मज़ा आता ह.

में.,-- वो कैसे समीर भैया,

समीर भैया,-- सोभा के बदन पर ज्यादा चर्बी ह उसके बोबे भी मोठे ह और गांड भी खूब मांसल ह और सोभा को मालूम ह की मर्द को किस तरह से खुश किया जाये . फिर सबसे बड़ी बात ये ह की मुझे सोभा को ये सोचकर ज्यादा मज़ा आता ह की वो सोना की मम्मी ह जिसे में छोड़ चूका हु और माँ बेटी दोनों एक लुंड से चुदती ह.
 
दोस्तों ये कहानी की पटकथा आज से 30 साल पहले लिखी गयी थी उस समय कानपुर से 5 किलोमीटर को दुरी पर एक गाओं था फूल पुर .

फूलपुर में उस समय पूरा गोअन खेती बड़ी करके गुजरा करता था और सबसे ज्यादा जमीं के मालिक थे ठाकुर भानु प्रताप सिंह जिनके पास सेकड़ो बीघा जमीं थी.

उनके घर के पास hi पांच सात परिवार मुस्लिम थे जो ठाकुर के खेत में काम करते थे , ठाकुर की तीन बेतिया थी जिनकी शादी हो चुकी थी और सबसे छोटा एक बीटा था सूर्य प्रताप ठाकुर जो बेहद hi ायास प्रवृति का था.

वो गाँव के बहु बेटियों को जो उनके खेत पर काम करती थी उन्हें उठा कर अपने खेत में बने छोटे से रूम में ले जाकर छोड़ देता था और गोअन में किसी की हिम्मत नहीं थी की उसे कोई कुछ बोल दे.

भानु प्रताप सिंह बहुत पैसे वाले होने के साथ उस गोअन के सरपंच भी थे. उसी गोअन में असलम खान भी रहता था जो ठाकुर सूर्य प्रताप का पडोसी था और वो शहर नजदीक होने से थोड़ा सा पढ़ लिख गया था पर उसके साथ एक दुर्घटना हुयी और उसके माँ बाप की मौत एक साथ मलेरिया को वजह से हो गयी.

अब असलम खान के ऊपर उसकी दोनों जवान बहनो की देख रेख की जिम्मेदारी भी आ गयी जो ठाकुर के खेत में काम करती थी .

सूर्य प्रताप उसकी बड़ी बहन आबिदा को कई बार छोड़ चूका था जो 20 साल की थी और मेच्योर थी इसलिए उसे मालूम था की ठाकुर गाँव की हर औरत को छोड़ चूका और उसे भी एन्जॉय कर ने hi भलाई ह .पर ठाकुर की नजर छोटी बहन वाजिदा पर थी जो अभी अभी अठारह की हुयी थी.

एक दिन सूर्य प्रताप को मौका मिल गया जब आबिदा काम पर नहीं आयी तो उसने वाजिदा को खेत में पकड़ कर उसका रेप कर दिया .वाजिदा उस समय बहुत छोटी थी इसलिए उसे सेक्स का नॉलेज नहीं था पर वो अपनी दीदी आबिदा को अक्सर सूर्य प्रताप के साथ उसके फार्म हाउस में बने घर में जाते देखती थी इसलिए उसे पता नहीं था की उसकी दीदी भी यही करने जाती थी.

सूर्य प्रताप ने वाजिदा को दो घंटे तक जैम कर छोड़ा था और उसकी छूट से खून भी बहुत निकला था .

वो किसी तरह से लंगड़ाते हुए घर पहुंची तो आबिदा को उसे देखते hi समझ में आ गया की उसकी बहन सूर्य प्रताप की हवस का शिकार बन चुकी ह.

उस समय असलम भी अपने घर में था उसने आबिदा को आते देखा और फिर उन दोनों की बाते सुन ली तो उसका खून गरम हो गया वो सीधा उठकर ठाकुर भानु प्रताप के पास गया जो उस समय अपने घर के बाहर बेथ कर हुक्का पि रहे थे.

असलम खान की औकात इतनी नहीं थी की वो ठाकुर से सीधे मुंह शिकायत कर सके इसलिए उसने घुमा फिर कर अपनी बात ठाकुर को कही तो ठाकुर ने उसे सूर्य प्रताप को सबक सीखने का बोल कर घर भेज दिया.

सूर्य प्रताप अब 29 साल का हो चूका था और पिछले पांच साल में उसने गाँव की हर गोरी को छोड़ दिया था. उस गाँव से कोई भी लड़की पिछले दस साल में अपनी सील पैक लेकर ससुराल नहीं गयी

भानु प्रताप ने अगले hi दिन गाडी उठायी और उसे लेकर अपनी बहन के यहाँ इटावा निकल गए और उनको उनकी बहन ने इटावा में एक लड़की बताई जो भानु प्रताप को अच्छी लगी . जिसे देखकर भानु प्रताप ने लड़की का हाथ उसके बाप से अपने बेटे के लिए मांग लिया.

गाँव आकर उसने अपनी बीबी को सूर्य प्रताप की सगाई की बात बताई तो वो खुश हो गयी.

इधर सूर्य प्रताप को वाजिदा की कमसिन छूट पसंद आ गयी और उसने आबिदा को डरा कर वाजिदा को छोड़ना जारी रखा.

कुदरत का खेल देखिये वाजिदा को अगले महीने माहवारी नहीं आयी तो असलम और आबिदा दोनों टेंशन में आ गए . उन्होंने आनन फानन में निर्णय लिया की दोनों बहनो का निकाह करेंगे और दोनों का निकाह कानपूर में hi हो गया.

इधर सूर्य प्रताप की शादी भी हो गयी . उसकी बीबी का नाम शोभा था जो उस समय 18 साल की थी पर ठाकुर परिवार की होने से वो पूरी गदरा गयी थी और बदन भी पूरा परिपक्व लग रहा था.

सूर्य प्रताप ने सोभा को देखा तो उसकी जवानी पर लट्टू हो गया और सोभा जैसी कमसिन काली को उसने तीन महीने में hi छोड़ छोड़ कर प्रेग्नेंट कर दिया. सोभा भी ठाकुर होने से गरम चीजे अच्छा खाने पिने से हीट में थी .

इधर असलम खान को उसकी बहन के पति ने प्रॉपर्टी के काम में लगा दिया तो उसने अच्छे पैसे कमा कर एक दो मंजिला घर बना लिया. असलम खान भी 26 साल का हो चूका था पर उसने शादी नहीं की थी . उसे हर वक्त अपनी बहन के साथ हुए जुल्म की याद आया करती थी .

इधर सोभा ने no महीने बाद एक सूंदर बेटी को जनम दिया जिसका नाम उन्होंने सोनाक्षी रखा . पर सोनाक्षी के जन्म के कुछ दिन बाद hi भानु प्रताप और उसकी पत्नी की मौत एक सड़क हदीस में हो गयी .

सूर्य प्रताप ने जब असलम का बंगल देखा तो उसे भी प्रॉपर्टी के काम में डैम लगा. फूलपुर अब कानपुर से पूरा जुड़ चूका था और उसके आगे भी बहुत बढ़ गया था अब वैसे भी खेती बड़ी में डैम नहीं था तो सूर्य प्रताप ने अपने खेत में कॉलोनी काट दी और असलम के बगल में एक शानदार बांग्ला बनवा लिया . दोनों की दिवार एक hi थी बस गेट अपोजिट साइड में था . असलम का घर पश्चिम की तरफ खुलता था और सूर्य प्रताप का पूरब की और.

अब सूर्य प्रताप भी नए बंगले में रहने लगा और उसने एक औरत को घर की साफ़ सफाई के लिए रख लिया जिसका नाम था सलमा.

सलमा एक गरीब औरत थी 30 साल की जिसका पति पहले ठाकुर के खेत में काम करता था पर अब कानपूर मजदूरी करने जाता था.

सूर्य प्रताप शुरू से hi ेयास था इसलिए उसने मौका देखकर सलमा को भी छोड़ दिया जो शादी सुदा थी .सलमा अपने मजदूर पति से चुदाई में संतुस्ट रहती थी पर उसने अपनी किस्मत मनाकर ठाकुर से छुड़वा लिया.

सोभा ने बेटी को जन्म देने के साथ hi उसके बदन में भराव आने लगा और वो पूरी गदरा गयी . पर ठाकुर के लिए तो घर की मुर्गी दाल बराबर थी इसलिए वो कानपूर में जाकर कॉलेज को लड़कियों को मोठे पैसे देकर छोड़ने लगा. उसने ऑफिस भी कानपुर में खोल लिया था.

इधर असलम ठाकुर से बदला लेने को बेचैन था उसने एक दिन कानपूर के बाहर एक गाँव में एक मौलवी को अपना दर्द बताया और ठाकुर से बदला लेने को कहा .

मौलवी ने उसे कहा की तुम जैसे को तैसा जवाब दो तो असलम को समझ में नहीं आया और उसने फिर असलम को समझाया की जैसे ठाकुर ने तेरी बहन के साथ ज्यादती की तुम भी उसकी बीबी को रखेल बना लो.

असलम की बांचे खिल गयी उसने मौलवी के पेअर पकड़ लिए तो मौलवी ने उसे एक सप्ताह बाद आने को कहा.

एक सप्ताह बाद असलम उसके पास गया तो उसने एक पुड़िया देकर कहा की ये पुड़िया तुम्हे ठाकुर को खिलानी पड़ेगी . इसे अगर वो खा लिया तो वो कभी भी औरत को पूर्ण संतुस्ट नहीं कर पायेगा इसलिए उसे एक सप्ताह तक एक एक पूड़ी खिला देना.

असलम पुड़िया लेकर घर आ गया और उसे फॉर सलमा के थ्रू काम होने की सोची. उसने फिर सलमा से मिलने का सोचा . सलमा उसे अगले दिन ठाकुर के घर से निकलते दिखी तो उसने उसे रोक कर अपनी कहानी सुनाई तो सलमा ने बताया की ठाकुर उसके साथ भी ज्यादती करता ह .

असलम ने उसे फिर पुड़िया देते हुए कहा की वो ये पुड़िया ठाकुर को खिला दे तो वो किसी के साथ आगे ज्यादती नहीं कर सकेगा. सलमा भी यही चाहती थी .

उसने पुड़िया ले ली और फिर उसने सुबह जल्दी जाना शुरू कर दिया वो रोज एक पुड़िया ठाकुर के नास्ता के समय उसकी सब्जी में चुपके से मिला देती .

सात दिन बाद उसने असलम को बता दिया की उसने अपना काम कर दिया तो असलम मौलवी के पास गया .इस बार मौलवी ने उसे दूसरी एक पुड़िया दी और उसे ठकुराइन को खिलने को कहा .

उसने ये भी बताया की ये पुड़िया ठकुराइन को एक सप्ताह में पूरी छुडास बना देगी.

अब असलम के लिए ये मुश्किल काम हो गया क्योंकि वो ये बात सलमा को बोल नहीं सकता था .इसलिए उसने सलमा से ठाकुर के घर में होने वाले पूरी दिन चर्या को समझा और फिर अगले दिन शाम में ठाकुर के घर एक मिठाई का डिब्बा लेकर पहुंच गया.

उसने एक लड्डू के अंदर उस पुड़िया को फोड़कर मिला दिया और लड्डू को डिब्बे में रखा और ठाकुर का गेट बजाय तो सोभा ने गेट खोला . असलम उसकी गदराई जवानी को देखकर लार टपकने लगी .उसे ठाकुर के तकदीर से जलन हुयी और उसने बहन के घर बीटा होने का नाटक करके डिब्बे में से वही लड्डू खाने को कहा .

सोभा ने बाद में खाने को कहा पर असलम उसे गरीबी होने का हवाला देकर खिला दिया.

दो दिन बाद वो फिर से मौलवी के पास गया तो उसने एक ताबीज देकर कहा की इसे उस ठकुराइन के घर पर किसी भी कोने में रख देना वो खुद चलकर तुम्हारे पास आएगी. और बस तुम उसके सामने बार बार आते रहना.

असलम का घर और ठाकुर के घर की दिवार एक hi थी इसलिए वो एक दिन ठाकुर के घर पर छत से चोरी से कूदकर चला गया और ताबीज को उसके स्टोर में जाकर उसे छुपा आया.

असलम ने सलमा से सोभा का पूरा ब्यौरा ले लिया था .उसे सोभा के ऊपर घूमने का टाइम पता कर लिया था की वो शाम में छत पर टहलती ह इसलिए वो शाम में छत पर जाकर बेथ जाता और सोभा की नजर में बने रहता जब सोभा सोनाक्षी को छत पर लेकर घूमती थी.

असलम ने मौलवी से अपने लिए भी सेक्स बढ़ने और लुंड बड़ा करने की दवा ले ली जिससे उसका लुंड आठ इंच का हो गया.

इधर ठाकुर का लुंड अब ज्यादा देर खड़ा नहीं रहता और वो शोभा को पूर्ण संतुस्ट नहीं कर पता वही सोभा के अंदर गर्मी बढ़ गयी वो रोज ठाकुर से छोड़ने को बोलती पर ठाकुर जल्दी झाड़ जाता और सोभा रात भर तड़पती रहती.

असलम भी रोज अपने नियत समय पर छत पर पहुँच कर उलटी साइड में बैठकर किताब पढ़ने का नाटक करता . फिर एक दिन उसने उठकर अपनी लुंगी उठायी और सोभा को अपना आठ इंच का लोढ़ा मूत ते हुए दिखा दिया.

सोभा ने उसका लुंड देखा तो उसकी छूट पनिया गयी और जब असलम उठकर खड़ा हुआ तो दोनों की नजर मिल गयी.

उस दिन से शुरू हुआ सिलसिला फिर आगे बढ़ा और असलम छत पर सोभा को दिखाकर मुठ मरता वही सोभा भी उसे देखकर छूट मसलती रहती.

सोभा से अब बर्दास्त मुश्किल हो गया तो उसने एक दिन असलम को दिन में छत से सीधे आने के लिए एक कागज पर लिख कर फेंक दिया . असलम ने कागज उठाकर पढ़ा तो उसने दुबहर को दो बजे आने को कहा जब सोनाक्षी सोती थी. असलम ने जब खत पढ़ा तो उसकी बांछे खिल गयी .

उसे अपनी बहन वाजिदा का मासूम चेहरा याद आ गया की कैसे ठाकुर ने उस मासूम का बलात्कार करके प्रेग्नेंट कर दिया था .

वो ठकुराइन को अपनी रखेल बनाकर उसका बदला लेने का सोच लिया था.

उसने उसी दिन फैसला कर लिया था की वो अब जिंदगी भर शादी नहीं करेगा बल्कि ठकुराइन को hi अपनी रखेल बनाकर रखेगा.
 
फिर असलम और सोभा का चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया और दो साल तक असलम सोभा को रखेल की तरह रख कर छोड़ता रहा.

उसने ठकुराइन को हर एंजेल से छोड़ता और ठाकुर के जाते hi मौका देखकर छत से सीधे सोभा के रूम में घुस जाता.

सोभा भी असलम के लुंड की दीवानी हो गयी और फिर उसने असलम के कहने पर उसने असलम का बीज अपनी बच्चेदानी में डलवा लिया और असलम के कहे अनुसार उसने ठाकुर से झूठ मुठ का दो चार बार सेक्स करवा कर असलम के बीज को ठाकुर का बता दिया तो ठाकुर भी उसे अपना hi बीज समझ लिया फिर सोभा ने एक सूंदर से बेटे को जन्म दिया.

जब ठाकुर को सोभा के प्रेग्नेंट होने का पता चला तो उसने सोभा के लिए एक आया रख दी जो असलम की hi सोभा को बताई हुयी थी . अब असलम के लिए सोभा को छोड़ना और भी आसान हो गया.

आया दिन भर सोनाक्षी को निचे लिए रहती और असलम दिन में दो बार सोभा की छूट मरता.

जितने दिन तक शोभा के पेट में बीटा था असलम उसे हर रोज छोड़ता था. क्योंकि ठाकुर अब निचे hi सो जाता था पि कर. सोभा ने जिस रात रोहित को जन्म दिया उस दिन भी असलम सोभा को दोपहर में छोड़कर गया था.

बेटे के जन्म की ख़ुशी में ठाकुर ने बहुत बड़ी पार्टी राखी जिसमे असलम भी आया था . वो मौका देखकर सोभा को अकेली देखकर उसके पास गया और और बेटे का मुंह देखकर सोभा से बोलै की उसके बेटे की शकल उससे मिलती ह तो रेखा ने भी उस से कहा की वो उसी का डाला हुआ बीज ह .उसने तो बस उसके बीज को पेट में रखकर पैदा किया ह.

सोभा और असलम की चुदाई रेखा की डिलीवरी के डेढ़ महीने बाद फिर से शुरू हो गयी . आया उसके दोनों बच्चो को निचे ले जाती और असलम उसे रोज दोपहर में जैम कर छोड़ता और उसका पूरा दूध पि जाता. रोहित को आया डिब्बे का दूध पीला देती.

ठकुराइन के निप्पल अब फूल कर बड़े हो चुके थे और दूध भी दुधारू भैंस की तरह अच्छा देती थी.

सोभा को छूट में पानी डलवाने की आदत पद गयी थी. वो अब और प्रेग्नेंट नहीं होना चाहती थी इसलिए उसने नसबंदी करवा ली.

अब सोभा ने मन hi मन असलम को hi अपना पति मान लिया tha.aslam ने भी मौलवी से मिलकर उसे अपने इशारो पर नाचने वाली दासी बना लिया था.

समय गुजरता गया और दोनों बच्चे बड़े हो गए सोनाक्षी अब कॉलेज में आ गयी वो हूबहू सोभा की तरह लगती थी .असलम को आज भी अपनी बहन का बलात्कार याद था वो उसका बदला ठाकुर की बेटी से लेना चाहता था.

पर वो खुद सोभा की नजर में गिरना नहीं चाहता था .

इसके लिए उसने अपनी बहन वाजिदा की बेटी नाजनीन जो सोनाक्षी के साथ पढ़ती थी उसे लगा दिया ,

असलम ने एक दिन नाजनीन को उसकी अम्मी के साथ हुए जबरदस्ती का पूरा किस्सा सुना दिया और बोलै की वो सोनाक्षी को बहुत बड़ी रांड बनाना चाहता ह .इसलिए वो उसकी मदद करे .

नाजनीन भी अपनी मम्मी के रेप की कहानी सुनकर हैरान रह गयी तो उसने अपने मामू से अपनी अम्मी का बदला लेने में साथ देने का भरोसा दिया .

असलम ने उसके लिए अपने सेल के लड़के समीर को शामिल करने का निर्णय लिया जो नाजनीन का मंगेतर भी था.

फिर समीर ने नाजनीन को गाइड करना शुरू कर दिया .समीर ने नाजनीन को नेट पर पोर्न और सेक्स स्टोरी की साइट्स के बारे में बताया तो नाजनीन ने सोनाक्षी को सेक्स स्टोरी पढ़ने का चस्का लगा दिया . सोनाक्षी को नाजनीन ने एडवेंचर वाली कहानिया पढ़ने को देती जिसे वो कपीस करके सोनाक्षी को वात्सप्प कर देती.

सोनाक्षी उन कहानिया में खुद को हेरोइन समझकर पढ़ती और अंगुली डालकर एन्जॉय करती .असलम ने फिर अनवर को रोहित के पीछे लगा दिया जो उसे सिगरेट दारू और पोर्न वीडियो दिखने लगा .

असलम का मकसद रोहित को नशेड़ी बनाने का था पर रोहित नशेड़ी नहीं बना .रोहित पढ़ने में तेज था इसलिए पढाई का पूरा ध्यान रखता था.

असलम ने मौलवी से मिलकर उसके लिए ऐसी दवा अनवर के थ्रू खिला दी की उसका लुंड खड़ा तो रहे पर छोड़ नहीं सकता था . उसे अपने लुंड से प्रीकम छोड़ने में चुदाई से ज्यादा मज़ा आता और फिर अनवर में उसे कॉल गर्ल के पास ले जाकर जलील भी करवा दिया और अपनी कजिन से भी वही करवाया .

उसकी बहन ने रोहित को बहुत जलील किया जिस से उसे छूट में लुंड डालने में दर लगने लगा.

रोहित जब तक उनकी चुदाई देखता उसे बहुत मज़ा आता लेकिन लुंड घुसते hi झाड़ जाता तो रोहित पोर्न देखकर बिना हाथ लगाए hi प्रीकम छोड़कर एन्जॉय करने लगा .

अनवर भी असलम का रिस्तेदार था और उसने अनवर को सोभा को छुड़वा कर रोहित को िन्सेंट स्टोरी पड़ने का आदि बना दिया.

रोहित को िन्सेंट में बहन की चुदाई की कहानिया अच्छी लगती जिसमे भाई अपनी बहन को दुसरो से छुड़वाने की या देखने की हो.

फिर रोहित को माँ सोन की कहानियो की किताबे देना शुरू कर दिया जिसे पढ़कर रोहित को और भी ज्यादा मज़ा आने लगा. वो अनवर से माँ सोन की चुदाई की किताबे मांग कर पढ़ने लगा.

रोहित को अनवर सेक्स स्टोरी की बुक्स और डीवीडी देता जिसे वो पढ़कर अपनी ड्रावर में लॉक कर के रख देता था उसके पास इन किताबो और डीवीडी की एक पूरी ड्रावर भर चुकी थी.

सोभा को असलम ने अपने वश में कर रखा था उसने एक दिन प्लान के अनुसार अपनी और सोभा की चुदाई सोनाक्षी को दिखा दी जो उसने जानबूझकर सोभा के रूम की जगह स्टोर में की और नाजनीन उसे कॉलेज से जल्दी लेकर आ गयी तो सोनाक्षी सोभा को ढूंढते हुए ऊपर स्टोर से देख ली थी जिसका असलम को पता था.

अगले दिन सोनाक्षी को उसकी मौसी के बेटे दिनेश ने छोड़ दिया तो असलम ने सोनाक्षी को सोभा के सामने ओपन करने के लिए नाजनीन को कहा की वो, समीर और सोनाक्षी को अपने साथ लेकर आये.

एक दिन जब वो तीनो उसके घर आये तो असलम और सोभा सेक्स करके निचे आ रहे थे सोभा नंगी hi थी क्योंकि उसके कपडे निचे hi खोल दिए थे.

उन तीनो ने सोभा को नंगी देख लिया तो असलम ने तीनो को ऊपर जाकर एन्जॉय करने को कहा .

सोभा इस बात का विरोध नहीं कर पायी क्योंकि वो खुद नंगी थी और छोड़कर आयी थी.

उसके बाद असलम ने सोभा को बहुत देर तक समझाया की सोनाक्षी को एन्जॉय करने दे वार्ना वो भी किसी से शादी करके जिंदगी भर उसकी तरह रोयेगी.

घर पर जब सोनाक्षी और सोभा मिले तो सोभा ने उसे पूरी सच्चाई बता दी और सोनाक्षी को सेफ तरीके से एन्जॉय करने को कहा.

असलम ने सोभा को समीर से दो तीन बार अपने सामने छुड़वाया और सोभा के सामने hi समीर से कहा की वो सोनाक्षी को अच्छे से एन्जॉय कराये.

समीर की फिर दिल्ली नौकरी लग गयी तो सोनाक्षी ने अपनी छूट को ठंडा करवाने के लिए अलग अलग दो लड़की से होटल में छुड़वा ली और जब दूसरे लड़के से भी चुद गयी तो सोनाक्षी ने नाजनीन को बता दिया.

नाजनंनें में सोनाक्षी को होटल में चुदाई करने से रोक दिया क्योंकि वो बदनाम हो सकती थी उसने सोनाक्षी को समझाया की वो समीर से चुद सकती ह. वो हर संडे सोनाक्षी को अपने साथ समीर से छुड़वाने लगी .

सोनाक्षी को एडवेंचर वाली सेक्स कहानी पसंद थी और वो भी एडवेंचर सेक्स करना चाहती थी . उसने ये बात नाजनीन को बताई तो नाजनीन ने असलम को batay.i असलम ने सोभा को बोलकर उसकी शादी अभी तीन चार साल तक नहीं करने को बोल दिया तो सोभा भी उसके वश में होने से मान गयी.

इसी बीच सोभा की उम्र में हार्मोन्स चेंज होने का समय आया तो उसकी ब्लीडिंग रुकी नहीं तो सोभा ने डॉक्टर को दिखाया और दवा दी पर ठीक नहीं हुयी तो उसे अपनी ननद से बात की .उसकी सबसे छोटी ननद हेमा ने सुझाव दिया की वो किसी अच्छे मौलवी से ताबीज बनवा ले तो रुक जाएगी.

सोभा ने ठाकुर को हेमा की ये बात बताई तो ठाकुर ने कहा की वो असलम से किसी मौलवी का पता ले कर बनवा ले . ठाकुर के लुंड में डैम नहीं होने से वो सोभा से काम hi लगाव रखता था.

सोभा ने असलम को ये बात बताई तो उसकी आँखों में चमक आ गयी वो अगले दिन उसे उसी मौलवी के पास लेकर गया तो मौलवी ने उसे कहा की उसके घर में शैतान की आत्मा का वश हो गया ह इसलिए उसने सोनाक्षी और रोहित को खिलने के लिए कुछ पुड़िया दी और सोभा की दोनों हाथ ,पेअर, गले और कमर में कला धागा बांध दिया .

उसने एक ताबीज भी बनाकर दिया जिसे इसे कमर में बांधने को कहा और ताबीज को उसने उसी कमर के धागा से छूट के सामने लटकने को बोल दिया तो शोभा वही पर उसकी झोपडी में जाकर लटका ली.

अगले दिन उसकी ब्लीडिंग रुक गयी तो सोभा ने वो पुड़िया सोनाक्षी और रोहित को खिला दी.

दोनों पुड़िया कहते hi दोनों असलम के वश में हो गए और असलम ने फिर उन दोनों को अपने हिसाब से चलने लगा .

रोहित का रिजल्ट आ गया तो असलम ने पूरा प्लान तैयार किया और समीर से मिलकर दोनों के लिए फ्लैट की व्यस्था करवा दी .

जब रोहित को अनवर ने सोनाक्षी के समीर से छोड़ने की बात बताई तो रोहित को बिलकुल भी बुरा नहीं लगा जिसकी वजह सेक्स स्टोरी के साथ वो पुड़िया भी थी.

दिल्ली में जब सोनाक्षी पहली बार समीर से छोड़कर ऊपर से निचे आयी तो भी रोहित को बुरा लगने की जगह मज़ा आया और सोनाक्षी को समीर शादी सुदा होते हुए भी अच्छा लगने लगा.

समीर ने सोनाक्षी के साथ जो वात्सप्प ग्रुप बना रखा था वो भी फेक था उसमे सिर्फ सोनाक्षी और नाजनीन hi दो लड़किया थी बाकि सब लड़के थे जो लड़की के नाम से नंगी लड़कियों की फोटो भेजता थे.

जब सोनाक्षी ने अपनी पहली फोटो साड़ी में भेजी तो सब लड़को के मेसेज की बढ़ आ गयी क्योंकि वो सोनाक्षी के अर्धनग्न बूब्स देखकर मुठ मार कर उसकी फोटो को नेट पर फैला चुके थे.

सोनाक्षी जिन्हे लड़कियां समझ रही थी वो सब लड़के hi थे और वात्सप्प पर जो फोटो डालते थे वो लड़की बनकर फोटो नेट से ली हुयी किसी गुमनाम लड़की की होती थी सोनाक्षी की तरह.

सोनाक्षी के दिमाग में हमेशा सेक्स घुसा रहता था जो नाजनीन उसे एडवेंचर के नाम पर गरम किये रखती थी.

जब असलम को पता चला की समीर ने उसकी छूट को ढीला कर दिया ह और गांड भी मार दी ह तो उसने अगला मिससें समीर को बता दिया जिसमे रोहित को पूरा ओपन करके उसी के सामने उसकी बहन को छोड़ना था.

और उस से आगे का प्लान उसने समीर को बता दिया था की उसे सोनाक्षी को बेशरम रांड कैसे बनाना ह.

रोहित भी इन सब बातो से अनजान था और फिर वो जनता तो भी कुछ नहीं कर सकता था क्योंकि उसकी बहन उसकी पीठ पीछे काण्ड करती तो वो कुछ नहीं कर सकता था. क्योंकि उसको शोभा का पूरा समर्थन प्राप्त था.
 
डिअर फ्रेंड्स,

आप सब ने मुझे पुराणी फोरम पर बहुत प्यार दिया उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद.

जैसे की आप सब को पता ह में वह पर फाइव स्टार रेटेड राइटर हु .

मेरी इस कहानी को उन्होंने सिर्फ मेंबर्स के पढ़ने के लिए सेक्शन बदल दिया जिस से ये कहानी आप लोग पढ़ नहीं सकते थे.

इसलिए मेने वह पर नया अपडेट नहीं डाला और वह से यहाँ सिफत कर ली ताकि कहानी सब लोग पढ़ सके.

अब यही से आगे कहानी का नया अपडेट पोस्ट कर रहा हु.

संजू







 
अब वो लोग वापस सेक्शन बदल कर सॉरी बोल रहे ह. और मुझे वाइज मन बता रहे ह जब कहानी का मेने अपडेट देना बंद कर दिया

ये सब आप की वजह से hi संभव हुआ ह. जो लोग हर नए राइटर की कहानी को पोस्ट भी नहीं होने देते
 
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