Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure - Page 3 - SexBaba
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Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure

दीदी ,-- क्या हुआ.

समीर भैया,-- में कंडोम लगा लेता हु .अगर झाड़ गया तो तुम प्रेग्नेंट हो सकती हो.

दीदी ,-- एक hi बार में कोई प्रेग्नेंट हो सकती ह क्या.

समीर भैया,-- हाँ सोना , लड़कियों की बचे दानी का मुंह कभी भी खुल सकता ह और अगर लड़की ज्यादा हीट में हो तो उसके गाभिन होने के चांस ज्यादा रहते ह क्योंकि लड़की के हीट में आने का सम्बन्ध सीधा बच्चेदानी पर पड़ता ह.

समीर भैया कंडोम निकलने के लिए अपनी पेण्ट को उठाने लगे तो दीदी बोली , वो रहने दो. दीदी ने मैट्रेस्स के निचे से डिब्बा निकलकर पकड़ाया.

समीर भैया ने पैकेट लिया और उसे देखकर बोले ,-- ये कहाँ से आया.

दीदी ,-- में उस दिन मार्किट गयी थी रोहित के साथ तो मेडिकल स्टोर पर एक लड़की बैठी थी उससे लिया था.

समीर भैया ने कंडोम निकला और अपने लुंड पर कंडोम चढ़ाया तो कंडोम पर एक्स्ट्रा डॉटेड देखकर मुस्कराये और फिर दीदी को अपने ऊपर आने को कहा.

दीदी समीर भैया के ऊपर आकर उनके लुंड पर बेथ गयी तो समीर भैया बोले, - सोना इसी पोजीसन में मुझे तुम्हे छोड़ने के समय इन चूचियों से खेलना और प्यार करने को मिलता ह.

दीदी ,--ह... खेलिए समीर जी अभी तो इनको भी 36 का बनाना ह आपको.

समीर भैया दीदी की निप्पल को मसलते हुए , -- हाँ सोना लड़की की चुकी 36 की हो तब hi सेक्सी दिखती ह और ये तो सातवे गोआल तक जाते जाते वैसे भी 36 की हो जनि चाहिए. अब तुम मुझे जोर से छोड़ो.

दीदी दो मिनट लुंड पर जोर जोर से जुडी और दो मिनट में hi थक गयी तो समीर भैया ने उनको घोड़ी बन ने को कहा और खुद उनके पीछे जाकर उनको छूट में लोढ़ा दाल दिया. दीदी एक बार फिर से चीखी

दीदी ,-- ुयी mummy.........yaar समीर इतनी जोर से लुंड मत घुसाया करो.

समीर भैया शॉट मार कर रुक गए थे वो बोले ,-- सोना एक बार तो डालना hi पड़ेगा नहीं तो पता कैसे चलेगा की गोआल हुआ की नहीं.

दीदी ,-- हम्म , सॉरी , अब जोर से छोड़ो मुझे.

समीर भैया,-- सोना याद ह ना . तुमने नाज को मुझसे चुड़ते देखा था.

दीदी .,-- हम्म

समीर भैया,-- तो तुम भी नाजनीन को तरह जोश बढ़ाया करो ना वैसे hi.

दीदी ,-- हम्म , तुम्हे बुरा तो नहीं लगेगा.

समीर भैया,-- यार चुदाई के समय कुछ बुरा नहीं लगता. बिंदास बोलो

दीदी,-- तो फिर छोड़ न मुझे बहन छोड़.

दीदी के मुंह से गाली सुनकर मुझे बहुत ताज्जुब हुआ और फिर समीर भैया ने दीदी के मुंह से गाली सुनकर उनकी छूट में लुंड से जोरदार प्रहार शुरू कर दिए.

समीर भैया,-- ो... ले रंडी चुद मेरे लुंड से.

दीदी ,-- है... ..... c..h..o..d .बहन छोड़ मुझे जोर से छोड़ . फाड़ दे मेरी छूट.

समीर भैया, -- है.... रंडी तेरी छूट को फाड़ दूंगा.

दीदी ,--- aa.......h... और जोर से मेरा निकलने वाला ह.

समीर भैया,--, में भी आ रहा hu....randi...

दोनों फिर एक साथ झाड़ गए तो में पलंग पर आकर लेट गया थोड़ी देर में दीदी की आवाज आयी.

दीदी ,-- रोहित मुझे टोलिया से दो.

में.,-- लाया दीदी .

मेने दीदी को परदे के बाहर से टोलिया पकड़ाया और बिस्टेर पर आ गया . थोड़ी देर में दीदी सिर्फ टोलिया लपेट कर बाहर आयी और मेरी तरफ मुस्कराई दी तो में भी मुस्करा दिया तो वो बाथरूम में घुस गयी.

दीदी को टोलिया में वैसे भी कई बार देख चूका था पर दीदी छोड़ने के बाद टोलिया पहनकर बाथरूम में गयी तो मुझे जोर की सनसनी हुयी.

फिर समीर भैया भी कपडे पहन कर बाहर आये और मुझसे बोले ,--सॉरी यार रोहित. तुम्हे बुरा तो नहीं लगा

Me.,--kisliye समीर भैया.

समीर भैया,-- वो सोना को गाली देने के लिए.

में.,-- it's ok भैया , अगर दीदी को बुरा नहीं लगा तो मुझे क्यों लगेगा.

समीर भैया,-- सच में तुम्हे बुरा नहीं लगा.

में. -- मुझे नाजनीन दीदी ने ग्रुप में मेसेज भेजा था की इस तरह से सेक्स में गली गलोच में ज्यादा मज़ा आता ह और दीदी भी गाली सुनकर बहुत जोश में आ गयी थी.

समीर भैया,-- ओह्ह, मेने ग्रुप नहीं देखा दोपहर बाद.

तभी दीदी बाहर आ गयी और मुझे समीर भैया को गेट तक छोड़कर आने को कहा तो मेने कहा

में ,-- दीदी आप hi छोड़ आओ न.

दीदी ,-- पर बाहर पापा.....

तभी उन्हें याद आया की उनका रूम तो बाहर से लॉक ह . दीदी समीर के साथ टोलिया में hi बाहर गयी और गेट खोलने से पहले दोनों ने लम्बा किश किया. फिर समीर भैया ने दीदी का टॉवल खोलकर उनके दोनों निप्पल बरी बरी से चूसे और गेट खोला तो दीदी ने टोलिया लपेट लिया और गेट से साइड हो कर जल्दी से गेट बंद करके अंदर आ गयी.

रूम बंद करके दीदी बोली ,-- रोहित तुम उधर मुंह करो में गाउन पहन लू.

मेने मुंह घुमाया तो दीदी ने अलमारी खोली और कुछ सेकंड में बोली ,-- अब वापस घूम सकते हो.

दीदी ने इतनी जल्दी बिना ब्रा पेंटी के hi गाउन पहना होगा जो की उनकी सिल्की निघ्त्य से भी पता चल रहा था. उनकी निप्पल क्लियर पता चल रही थी की किस जगह पर ह.

दीदी मुस्करा रही थी तो में भी मुस्करा दिया और बोली

दीदी ,-- शो कैसा था.

में.,-- कोनसा शो दीदी.

दीदी चल नहीं पता तो फिर जा स्टोर में तेरी मतलब की चीज पड़ी ह ले जा बाथरूम में उसे लेकर हल्का हो आ.

में मुस्करा कर उठा और स्टोर में देखा की दीदी की पेंटी के पास कंडोम भी पड़ा था जिसमे एक चौथाई सफ़ेद गधा पानी भरा था. मेने उसे भी पेंटी के साथ उठा लिया और बाथरूम में जाने लगा तो दीदी ने मेरे हाथ में कंडोम देख लिया और वो मुस्करा दी.

मेने कंडोम को कमोड में डालकर फ्लश किया और बरमूडा निचे करके लुंड पैर पेंटी रखकर लुंड को घुसने लगा .

फिर मुझे समीर भैया की बात याद आयी जब वो दीदी को रंडी बोलकर छोड़ रहे थे तो मेरा लुंड पानी फेंक दिया.

मेने पेंटी को वाशिंग मशीन में डाला और बरमूडा पहन कर बाहर आया और दीदी के पास लेट गया. दीदी मंद मंद मुस्करा रही थी तो मेने पूछा

Me.,-didi इतना क्यों मुस्करा रही हो.

दीदी ,-- तुझे वो समीर को ,जी, लगाने का आईडिया कहा से आया.

में.,-- आपने बोलै था क्या जब वो आपको प्यार कर रहे थे.

दीदी ,--हम्म , पर तुझे ये आईडिया कहा से आया.

में.,-- नेट पर देखा था.

दीदी ,-- तू झूठ बोल रहा ह नेट पर ऐसे आईडिया नहीं मिलते.

में. ,-- मिलते ह दीदी.

दीदी ,-- मुझे दिखा चल

में. -- दीदी वो स्फोरम और अन्तर्वासना में खोलना पड़ता ह.

दीदी ,-- तू सेक्स स्टोरी भी पढता ह

में.,-- आपको कैसे पता की ये सेक्स स्टोरी के प्लेटफार्म ह.

दीदी ,-- में तेरी दीदी हु , छोटी बहन नहीं.

में.,-- मतलब आप भी पढ़ती हो.

दीदी ,--पहले पढ़ती थी अब नहीं.

में.,-- आपको किस टाइप की कहानी ज्यादा पसंद ह.

दीदी ,-- ज्यादा सायना मत बन तुझे पता ह.

में.,-- मुझे कैसे पता होगा.

दीदी ,-- तूने मेरा लैपटॉप खोला था न . उसने नहीं देखा ब्राउज़िंग हिस्ट्री.

में.,-- सॉरी didi.par मेने तो लैपटॉप को वापस वैसे hi रिफ्रेश कर दिया था.

दीदी ,-- सॉरी क्यों बोल रहा ह .तुम देख लिया तो अच्छा hi हुआ .तुझे मेरी पसंद पता चल गयी. और रही बात मेरे पता चलने की तो तूने एक गलती कर दी.

में.,-- क्या .

दीदी ,-- तूने एडवेंचर सेक्स में एक नया पेज खोला था.

में.,-- ओह्ह. वैसे आप की पसंद और मेरी पसंद लगभग एक जैसी hi ह.

दीदी ,-- तुझे भी एडवेंचर पसंद ह

में. -- हम्म.

दीदी ,--तुझे मेरा पासवर्ड कैसे पता चला.

में.,-- दीदी इतना इजी पासवर्ड रखोगी तो कोई भी खोल लेगा.

दीदी ,-- मेने अब उसे बदल दिया ह अब मेरी जगह तेरी डेट ऑफ़ बिरथ डाली ह.

में. -- मुझे क्यों बता रही हो.

दीदी ,-- तुझसे में कुछ नहीं छुपाने चाहती अब और न hi छुपाउंगी तू मेरा भाई नहीं दोस्त भी ह और राजदार भी. अब में धीरे धीरे तुझे सब कुछ बता दूंगी.

में.,-- दीदी आपने समीर भैया को hi क्यों चुना एडवेंचर के लिए .

दीदी ,-- उसके कई कारन ह .पहले तो वो शादीशुदा और अनुभवी ह .दूसरा मेरी सहेली का पति ह. तीसरा उसने सेक्सोलोग्य से पीएचडी ह .चौथा वो कानपूर से ह और मुझे उसकी पुरे खंडन की हिस्ट्री मालूम ह. पांचवे उसका करैक्टर अच्छा ह वो कभी भी मुझे ब्लैकमेल नहीं करेगा.

में.,-- बहुत सोच समझ कर आप ने उसे चुना ह.

दीदी ,--हम्म. अब सो जा एक बज गया सुबह जल्दी उठना भी ह. बाकि में तुम्हे सब बता दूंगी.

उसके बाद हम दोनों सो गए.
 
अगले दिन में कॉलेज से आया तो मम्मी ने मुझे कहा की बीटा सोना को मार्किट से मेरे लिए कुछ सामान लेना ह उसे ले जाओ .

मेने दीदी की तरफ देखा तो वो मुस्करा रही थी में समझ गया की दीदी ने अपने लिए साड़ी खरीदने के लिए मम्मी से कुछ लेन को बोलै होगा.

हम दोनों खाना खाकर बाइक से निकले तो दीदी ने मुझे पास hi एक छोटे से मार्किट के सामने गाड़ी रोकने को कहा . मेने दादी मार्किट के सामने पार्क की .

दीदी ने वही पुराणी स्टाइल में सलवार कुरता पहना था .हम दोनों मार्किट के अंदर गए और दीदी ने बहुत सरे मोड़ लेकर मार्किट के एक लेन में मुझे एक दुकान में आने को कहा .

मेने देखा दुकान बहुत बड़ी थी उसमे साड़ी और मैचिंग का पूरा सामन दिख रहा था. दीदी ने वह बैठे आदमी से कहा की मुझे समीर खान से आपका एड्रेस दिया ह तो आदमी बोलै ,-- बैठिये मुझे समीर ने बताया था .

दीदी बेथ गयी तो में भी बाथ गया और फिर उसने एक साड़ी दीदी को दिखाई

वो साड़ी देखकर दीदी खुश हो गयी तो आदमी बोलै ,-- ये लीजिये ब्लाउज और पेटीकोट भी मेने बनवा दिया ह . दीदी ने ब्लाउज को खोलकर देखा तो ब्लाउज में बहुत काम कपडा था उसके सामने कप आधे hi थे और निचे पूरा था . स्लीवलेस ब्लाउज में पीठ की तरफ दो डोरिया थी और ऊपर भी तीन इंच छोड़ी पट्टी थी.

दुकानदार ,-- ठीक ह ना मैडम

दीदी ,-- इसकी फिटिंग तो सही ह.

दुकानदार, -- है, समीर ने हो नाप लिखवाया था वही ह और इसका कपडा स्ट्रैचेबल होने से पूरा फिट आएगा.

दीदी संतुस्ट हो गयी तो उसने एक पैकेट दिया जिसमे चार डिब्बा डेल हुए थे ये लीजिये ब्रा पेंटी.

दीदी ने डिब्बे से एक ब्रा को खोला तो मेने देखा की उस डिब्बे पर 38 इंच लिखा हुआ था और ब्रा पेंटी नार्मल hi थी . में समझ गया की ये मम्मी के लिए होगी.

दीदी ने उसे पैसे पूछे तो वो बोलै की मेरी समीर से बात हो गयी ह .आप बस वो दे दीजिये .

दीदी ने अपने पर्श में से एक छोटा सा पैकेट उसे दिया . उसे पैकेट ले लिया और उसने हमें दो अलग अलग पैकेट बना कर दिए जिसे लेकर हम वापस घर आ गए.

मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया की ये क्या हुआ और दीदी ने उसे पैकेट में क्या दिया लेकिन मेने सोचा रात में पूछूंगा.

दीदी ने माँ को उनका पैकेट दिया और अपना पैकेट रूम में रखकर किचन में चली गयी.

रात में दीदी ने दूध में नींद की गोलिया नहीं मिलायी तो में समझ गया की आज समीर भैया नहीं आएंगे.

दस बजे दीदी रूम में आयी और अपना सलवार कुरता खोल कर ब्रा पेंटी पर गाउन पहन ली .दीदी अब आराम से मेरे सामने ब्रा पेंटी पहनकर कड़ी हो जाती थी. और आराम से ब्रा पेंटी मुझे दिखा देती थी

दीदी आकर बिस्टेर पर मेरी तरफ मुंह करके सोई और बोली. , - कुछ बोलना चाहते हो.

Me.,-aapko कैसे मालूम

दीदी ,-- तू दिमाग बहुत लगता ह इसलिए मेने सोचा की तू पूछे बिना नहीं रहेगा

में.,-- वो दुकान वाले भैया ने आपको एक भी नजर उठकर नहीं देखा जबकि उन्होंने जो सामान दिया था उसे देने के बाद वो बहुत कुछ बोल सकता था.

दीदी ,-- वो उसी ग्रुप का मेंबर ह जो ग्रुप तूने मेरे और समीर के ग्रुप में देखा था.

में ,-- ओह्ह, उसे आपका साइज वगैरह कैसे पता चला

दीदी ,-- ग्रुप से , मेने ग्रुप में डिटेल दाल दी थी.

में.,-- तब तो सबने देखा होगा आपका साइज.

दीदी ,-- तुमने उसमे लड़कियों की नुदे फोटो नहीं देखि.

में.,-- हम्म थी तो सही.

दीदी ,-- उस ग्रुप में ऐसा कोई बाँदा नहीं ह जिसकी डिटेल नहीं हो पर सब उसमे अपने एन्जॉय से मतलब रखते ह .

में.,-- और कोई मिसयूज कर ले तो.

दीदी ,-- फिर वो किसी को मुंह दिखने लायक नहीं रहेगा क्योंकि उसके एडमिन हर मेंबर की पूरी जानकारी रखते ह.

में ,-- अपने उसको पैकेट में क्या दिया था.

दीदी ,-- मेरी पुराणी पेंटी दी थी .

में ,-- उसको मम्मी की साइज का कैसे पता चला.

दीदी ,-- वो तो मेने उसे उसके वात्सप्प में डाली थी.

में.,-- ओह्ह , तो साड़ी कब पहन रही हो.

दीदी ,-- कल , आज समीर चंडीगढ़ गया हुआ ह.

उसके बाद हम सो गए अगले दिन शाम में दीदी काफी खुश थी मेने कारन पूछा तो बोली की आज रात में समीर आएगा.

में.,-- ओह्ह तो इस बात को ख़ुशी ह.

दीदी ,-- हम्म.

रात को no बजे दीदी ने फिर से मम्मी पापा के दूध में नींद की गोलिया मिले और उन्हें पिने को दे दिया .

मुझे आज भी नाजनीन दीदी ने ग्रुप में टिप्स दी थी . समीर भैया ने ग्रुप में लिखा था की आज सोना साड़ी पहनेगी तो नाजनीन दीदी ने बहुत साडी टिप्स ग्रुप में डाली जिसे पढ़कर मेरा लुंड खड़ा हो गया. में जल्दी से निचे भगा और कॉलोनी के बाहर कॉस्मेटिक की दुकान से तीन चीजे लेकर आ गया.

मेने वो चीजें अपने बरमूडा की जब में रख ली और दीदी के आने का वेट करने लगा. दीदी को भी आज जल्दी थी क्योंकि उन्हें साड़ी पहननी थी इसलिए वो आते hi अपनी साड़ी और कपडे लेकर बाथरूम में चली गयी.

बाथरूम में पानी गिरने की आवाज आ रही थी जिसका मतलब था की दीदी नाहा रही थी. आधे घंटे बाद दीदी बाथरूम से बाहर निकली तो उन्होंने साड़ी पहन राखी थी और टोलिया कंधे पर राखी हुयी थी इसलिए मुझे उनका ब्लाउज नहीं दिखा . फिर वो बॉल को ड्राइवर से सूखे और उन्हें स्ट्रचेर से सीधा किया और मेकअप करने लग गयी.

जब पूरा मेकअप हो गया तो दीदी ने टोलिया साइड में रख दिया और कड़ी होकर मुझे बोली ,-- रोहित कैसी लग रही हु.

में दीदी को देखते hi रह गया . दीदी ने बहुत hi सेक्सी तरीके से साड़ी पहनी थी .उनकी साड़ी नवल से काफी निचे बंधी हुयी थी .ब्लाउज आधे बूब्स को कवर किये हुए था उनके ब्लाउज से निप्पल के अरेओला का हिस्सा hi कवर हो रहा था . ब्लाउज ने दीदी के बूब्स को ऊपर उठा दिया था जिससे गोर बूब्स और भी बड़े और सेक्सी लग रहे थे.

दीदी ने मेकअप भी डार्क किया था .आँखों में गहरा काजल लगाया था . लिपस्टिक भी साड़ी के कलर से मैचिंग करते हुए चमक रही थी और दीदी ने पिंक पाउडर लगाया था जो गाल और बूब्स की घाटी को मनमोहक बना दिया था.

दीदी ने अपनी पतली साड़ी से ब्लाउज के निचे का हिस्सा तो कवर कर लिया था पर आधे बूब्स को कवर नहीं किया था . कुलमिलाकर दीदी एक हॉट हाउसवाइफ वाइफ की तरह दिख रही थी बस सिंदूर और बिंदी की कमी थी.

में दीदी की सुंदरता को निहार कर उनकी खूबसूरती को देख रहा था मेरे पास उनकी सुंदरता को बयां करने के लिए शब्द नहीं थे .तभी दीदी ने चुटकी बजे.

दीदी ,-- कहाँ खो गए रोहित.

में.,-- दीदी आपकी सुंदरता में , बहुत सूंदर हो आप और आज तो क़यामत ध रही हो .समीर भैया तो आपको देखते hi शुरू हो जायेंगे.

दीदी इठलाकर ,-- सच में इतनी सुन्दर लग रही हु.

में ,-- अगर में झूठ बोलू तो में अँधा हो जॉन पर आप सच में सूंदर लग रही हो.

दीदी ,-- एक काम कर मेरी फोटो खिंच कर दिखा मुझे .

में अपने फ़ोन को उठाने लगा तो दीदी बोली मेरे फ़ोन से खींचो उसमे अच्छी आएगी.

मेने दीदी का फ़ोन लिया और उनकी फोटो ली फिर वो फोटो दीदी को दिखाई तो दीदी बहुत देर तक अपनी फोटो देखती रही. फिर बोली

दीदी ,-- बहुत सूंदर फोटो आयी ह रोहित.

में.,-- दीदी आपकी फोटो और भी सूंदर आ सकती ह.

दीदी, -- कैसे

मेने अपनी जेब से तीनो चीजे निकली और उन्हें दीदी को दिया तो दीदी उन्हें देखकर मुस्कराई और बोली

दीदी ,-- तुम्हे अपनी दीदी को औरत के रूप में देखना ह.

में.,-- दीदी आप औरत तो बन hi चुकी हो .

दीदी ,-- मतलब.

में ,-- कुछ नहीं.

दीदी को फिर मेरी बात समझ में आयी तो वो शर्मा गयी और वो मुस्कराने लगी.

में.,-- दीदी इन्हे लगाओ न फिर देखना बहुत मस्त फोटो आएगी.

दीदी तीनो चीज लेकर बाथरूम में गयी और पांच मिनट बाद बाहर आयी तो पूरी हॉट और सेक्सी हाउसवाइफ लग रही थी . उनके माथे पर बिंदी बहुत सूंदर लग रही थी . दीदी ने मांग में हलकी की सिंदूर की लाइन लगा राखी थी और ग्लॉस से होंठ पुरे चमक रहे थे जैसे की बस रास टपक कर गिरने hi वाला ह.

दीदी ,-- रोहित अब लो फोटो

मेने फ़ोन लेकर फोटो ली तो दीदी बिकुल साधारण पोज दी .

में ,-- दीदी ऐसे अच्छी फोटो नहीं आएगी . कोई अच्छा पोज बनाइये तब मस्त फोटो आएगी.

दीदी ,-- तुम्हारे पास फ़ोन ह तुम बताओ कैसे पोज बनाऊं.

में. ,-- आप अपने हाथ पर कमर पर रखिये और छाती को बाहर की तरफ कीजिये और साड़ी का पल्लू को साइड करके बाल खोल कर अपने सामने रखिये.

दीदी ने वैसे hi किया तो शानदार फोटो आयी .

दीदी ने फोटो देखि तो बहुत खुश हुयी और मुझे नए नए पोज़ बताने को कहा तो मेने उनको अलग अलग पोज़ बताये.

पोज बताने के लिए मुझे उनके अंगो का भी नाम लेना पड़ा . एक पोज़ में आर्मपिट दिखने को कहा दूसरे में बूब्स पर से साड़ी को पूरा हटाने को कहा फिर जीभ निकलने को कहा .एक में एक आँख बंद करने को कहा और एक में निचला होठ जीभ से करने को कहा.

मेने दीदी के बीस पच्चीस अलग अलग पोज़ में फोटो ली और फिर फ़ोन दीदी को दिया तो दीदी फ़ोन में अपनी फोटो देखकर मुझे गले लगा कर बोली.

दीदी ,-- वावो रोहित तुमने बहुत शानदार फोटो खींची ह ग्रुप में आग लग जाएगी.

में.,-- दीदी एक साथ मत डालना.

दीदी ,-- फिर

में. -- रोज एक या फोटो hi डालना ताकि देखने वाले फोटो को ज़ूम करके अच्छे से देखें.

दीदी ,-- ु अरे राइट में कल से एक एक फोटो hi डालूंगी.

तभी दीदी का फ़ोन बजा .वो फ़ोन पर बात करके बोली
 
दीदी ,-- रोहित जा गेट खोल के समीर जी को ले आ अंदर.

में ,-- दीदी आप hi जाओ न और आज आप समीर भैया को उनके नाम से मत बुलाने.

दीदी ,-- फॉर.

में. -- दीदी आप आज उन्हें खान साहब या खान जी बोलना

दीदी, मुस्करा कर , -- ठीक ह ,तेरी बात कैसे टलूँगी.

में.,-- अब जाइये भी और धयान रखना खान साहब कही गलत जगह पर बाईट नहीं कर दे वार्ना मम्मी को पता चल जायेगा.

दीदी मुस्करा कर गेट पर चली गयी तो में उन्हें रूम के गेट से देखने लगा. समीर भैया ने गेट पर दीदी को देखा तो दीदी ने उसी स्टाइल में पोज़ बनाने शुरू कर दिए जैसे उसने फोटो खिंचवाते समय बनाये थे.

फिर दोनों के कुछ बात की जो बहुत धीरे धीरे की थी क्योंकि दीदी को मम्मी पापा का दर था.

समिट भैया ने अंदर आकर गेट बंद किया और उनके दोनों बूब्स के ऊपर किश किया जो थोड़ा लम्बा था.

दीदी उनको अपने बूब्स पर से मुंह हटवाकर अंदर आयी तो समीर भैया भी पीछे पीछे आ गए.

दीदी के अंदर आते hi दीदी मेरी तरफ मुंह करके कड़ी हो गयी और समीर भैया गेट बंद करने लग गए. मेरी नजर उनके बूब्स पर गयी तो देखा उनके बूब्स पर ब्लाउज के बिलकुल पास में उनकी जुलाई पर दांत से लुवे बाईट बने थे. दीदी की दूध सी गोरी चुकी पर दांत लगने से पूरी लाल सी हो गयी थी और उसमे खून सा चमक रहा था.

में समझ गया की दीदी ने समीर भैया को बोलकर अपनी चुकी पर लव बाईट बनवाया था .ताकि में देख सकू.

गेट बंद करके समीर भैया ने मुझे hello कहा और दीदी का हाथ पकड़कर उसे स्टोर में ले गए.

में भी उठकर परदे के पीछे से उन्हें देखने लगा तो समीर भैया ने दीदी को अपने सामने बैठा रखा था और उनको देखे जा रहे थे.

दीदी ,-- क्या देख रहे हो खान जी.

समीर भैया,-- देख रहा हु दिन बी दिन निखरती hi जा रही हो . नाजनीन ने सही किया जो मुझे तुम्हे गोआल करने को कहा.

दीदी ,-- थैंक्स खान साहब , आप तो जानते hi ह की सेक्स करने से लड़की पर निखार आ hi जाता ह.

समीर भैया,-- हम्म, और लड़की हमेशा मुस्कराती रहे तो उसका भी फर्क उसके बदन पर पड़ता ह .

दीदी ,-- मेरे मुस्कराने की वजह तो रोहित और तुम दोनों hi हो.

समीर भैया,-- मेरी जगह तो अशोक भी हो सकता था पर रोहित साथ नहीं देता तो तुम इतना नहीं मुस्कराती .

दीदी ,-- हम्म , कितना कुछ करता ह रोहित मुझे आगे बढ़ने में .

समीर भैया,- ऐसे hi हम मिलते रहे तो ये गोआल बहुत जल्द हो जायेगा.

दीदी ,-- आज चार राउंड कर सकते ह .

समीर भैया,-- कैसे.

दीदी , -- आज रात यही रुक जाओ सुबह पांच छह बजे तक चले जाना.

समीर भैया,-- हम्म तो फिर पहले राउंड की तैयारी करे .

दीदी ,-- हाँ खान जी ,

दीदी ये बोलकर समीर भैया के होंठो से अपने प्यासे होंठ मिला दी और दोनों लम्बे चुम्बन में लग गए . दस मिनट में दीदी की साडी लिपस्टिक समीर भैया ने चूस कर साफ़ कर दी तो दोनों अलग हुए.

समीर भैया,-- सोना आज मुझे तुम्हारे बूब्स को बहुत चूसना ह.

दीदी ,-- चूसिये न खान जी , आज आप का मूड ह तो.

समीर भैया,-- अशोक ने बहुत अच्छा ब्लाउज सिलवाया ह .तुम्हारे बूब्स ऊपर उठकर बहुत सेक्सी दिख रहे ह.

दीदी ,-- हम्म , रोहित भी बहुत टैरिफ कर रहा था

समीर भैया,-- कल अशोक को थैंक्स बोलना.

उसके बाद समीर भैया दीदी के इन हिस्से पर से बूब्स को चूसने लगा जो ब्लाउज से बाहर थे.

दीदी ,-- ऐश... समीर चुसो अच्छे से और बना दो इन पर अपने प्यार के निशान.

समीर ने दीदी के आधे बूब्स चूस कर ब्लाउज के बटन खोल दिए और पुरे बूब्स को चूमने चाटने और काटने लगा.

दीदी ,-- आ... जोर से चूसिये खान जी.

समीर भैया,-- है... ऐसे जोर से मत सिसकी. बाहर रोहित सुन रहा होगा

दीदी ,-- उसे पता ह की उसकी दीदी अंदर छोड़ने के लिए गयी ह

समीर भैया,- हम्म ......

समीर भैया ने दीदी के बूब्स को आधे घंटे तक चूस कर पूरा लाल कर दिया और फिर उनको खड़ा करके उनकी साड़ी और पेटीकोट खोल दिया तो दीदी बोली

दीदी ,-- समीर रुको मुझे पेशाब आ रही ह में मूत कर आती हु.

समीर भैया,-- मतलब तुम झाड़ गयी.

दीदी ,-- हम्म ,दूसरी बार.

समीर भैया ने दीदी की पेंटी को देखा जो पूरी गीली थी वो बोले ,-- ये पेंटी रोहित को दे देना .मूठ मार लेगा, सूंघ कर.

दीदी अपनी पेंटी खोलकर मुझे आवाज लगाई ,-- रोहित टोलिया देना

मेने टोलिया लिया और दीदी को देकर पलंग पर आ गया तो दीदी बाहर आयी . आज उन्होंने टोलिया बहुत निचे बंधा था और ब्लाउज की तरह hi टोलिया से उनके बूब्स आधे दिख रहे थे जो पुरे लाल थे.

उन्होंने मुस्करा कर पलंग के पास आकर मेरे पास पेंटी राखी और बाथरूम में चली गयी . आज उन्होंने बाथरूम का गेट भी बंद नहीं किया और अंदर जाकर मूतना शुरू कर दिया .मुझे बिस्टेर से वो मूत टी हुयी तो नहीं दिखी पर उनकी छूट से मूतने की सिटी सुनाई दी .

कुछ देर में वो मुतकर वापस आयी उन्होंने टोलिया वैसे hi बांध रखा था और वो मुस्कराती हुयी वापस स्टोर की तरफ गयी और पर्दा साइड करके अंदर जाकर टोलिया बाहर फेंक दिया.

में जल्दी से परदे के पास जाकर अंदर देखने लगा तो समीर भैया नंगे खड़े थे उन्होंने दीदी को पकड़कर लिटाया और ऊपर चढ़कर उनकी छूट में लुंड डालकर जोर से शॉट लगाया.

दीदी जोर से चीखी तो समीर भैया दनादन उनकी छूट को छोड़ना शुरू कर दिया . दीदी जोर जोर से चीख रही थी और समीर भैया उन्हें दनादन ठोके जा रहे थे .

दीदी की छूट से पानी निकल कर मैट्रेस्स पर गिर रहा था तभी समीर भैया ने लुंड बाहर किया और बोले ,-- सोना कंडोम कहा ह.

दीदी ने मैट्रेस्स के निचे हाथ डालकर कंडोम को पैकेट समीर भैया को दिया तो उन्होंने जल्दी से कंडोम अपने लुंड पर चढ़ाया और फिर से दीदी की छूट का मरना शुरू कर दिया.

दीदी फिर से जोर जोर से सिसकने लगी . दस मिनट में समीर भैया का बदन अकड़ गया तो मेरा भी लुंड जवाब दे दिया क्योंकि में लुंड को हाथ में पकडे था फिर मेने पूरा वीर्य दीदी की पंतय में भर दिया.

समीर भैया कुछ देर तक दीदी के ऊपर पड़े रहे और फिर लुंड निकल कर साइड में हो गए और कंडोम निकल कर कोने में फेंक दिया.

दीदी कुछ देर तक वैसे hi पड़ी रही तो समीर भैया बोले ,-- संस जूस पि लो नहीं तो तुम्हे कमजोरी आ जाएगी .

दीदी ,-- तुम पियोगे.

समीर भैया,-- हम्म , और रोहित के लिए भी बना लाना वो भी बहुत मुठ मरता होगा और उसे भी कमजोरी आ जाएगी.

दीदी ,-- हम्म , तुम उसे पेंटी दिलवाया ह तो मुठ तो मरेगा hi.

समीर भैया,-- सोना अगर तुम पेंटी नहीं डौगी तो क्या वो मुठ नहीं मरेगा . वो तुम्हारी गरम सिसकिया सुनकर गरम हो जाता होगा. पेंटी देने से वो जल्दी झाड़ जाता होगा.

तभी दीदी ने मुझे टोलिया पकड़ने को कहा तो मेने पास पड़े टोलिया को उठाकर दीदी को पकड़ाया .दीदी ने हाथ बाहर करके टोलिया ले लिया और जब तक वो बाहर आती में पलंग पर पहुंच गया.

दीदी टोलिया लपेटकर बाहर आयी और मुस्कराते हुए बोली ,-- रोहित पापा के रूम का गेट बाहर से बंद ह ना.

में.,-- हम्म ...

दीदी ,-- में जूस बना कर लती हु सोना मत अभी.

में ,-- ठीक ह दीदी.

दीदी टोलिया लपेटे hi किचन में चली गयी .में उनकी मटकती गांड को देखकर समीर भैया के तकदीर को कोष रहा था की भगवन ने उनकी तकदीर कितने फुर्सत से लिखी ह जो दीदी को सिर्फ छोड़ने और भोगने का खुला अवसर दिया ह. में दीदी को खुश देखकर भी खुश था की दीदी अपनी जिंदगी को बहुत अच्छे से एन्जॉय कर रही थी.
 
तभी समीर भैया भी स्टोर से बाहर आ गए .उन्होंने सिर्फ चड्डी पहनी थी जिसमे उनका लुंड अभी भी सेमि ेरेक्ट दिख रहा था.

समीर भैया मेरे पास आकर बेथ गए और बोले,-- थैंक्स रोहित

में.,-- किस बात के लिए समीर भैया.

समीर भैया,-- तुम नाजनीन की टिप्स को अच्छे से फॉलो कर रहे हो. सोना अब पहले से बहुत बोल्ड हो चुकी ह .

में.,-- हां भैया दीदी दिन पर दिन खुलती जा रही ह.

समीर भैया,-- आज तुमने बहुत अच्छी फोटोग्राफी की सोना की .

में.,-- आप ने देख ली भैया.

समीर भैया,-- हम्म नाजनीन ने मुझे भेजी थी. सोना की फोटो देखकर लगता ह की वो कोई एक्ट्रेस ह.

में.,-- भैया दीदी ह hi सूंदर और आप ने उसे और निखार दिया.

समीर भैया,- वो कैसे.

में,.- भैया जवानी में वैसे तो हर लड़की सुन्दर हो जाती ह और रेगुलर सेक्स ने उसे पूरा निखार दिया ह.

तभी दीदी तीन गिलास जूस लेकर आ गयी उसने ट्रे मेरी तरफ की तो मेने एक गिलास जूस उठा लिया तो दीदी ने ट्रे समीर भैया की तरफ की.

समीर भैया ने ट्रे पकड़ी और उसको गद्दे पर रखकर दीदी को पलंग पर बिठा लिया .दीदी पलंग पर बेथ गयी तो समीर भैया ने एक जूस का गिलास उठकर दीदी के मुंह से लगा दिया.

दीदी ने आँखे घुमाकर मेरी तरफ देखा तो मेने मुस्करा कर पिने का इशारा किया पर दीदी पि नहीं रही थी.

समीर भैया,-- पियो ना सोना , वार्ना कमजोरी आ जाएगी .

दीदी समीर भैया की बात पर शर्मा गयी तो समीर भैया बोले ,-- रोहित तुम hi बोलो अपने दीदी को .

में जूस पीकर ,-- दीदी पि लो ना , समीर भैया कितने प्यार से पीला रहे ह ..

दीदी मेरी बात सुनकर जूस मुंह खोल दी तो समीर भैया ने आधे से ज्यादा जूस पीला दिया और फिर बचा हुआ खुद पि गए . उसके बाद उन्होंने दूसरा गिलास उठाया और उसे भी दीदी के मुंह से लगाया तो दीदी ने एक चौथाई पिलर मुंह हटा लिया और बोली

दीदी, ,--अब खान जी आप पि लीजिये.

समीर भैया,-- नहीं सोना तुम्हे ज्यादा जूस पीना ह.

दीदी ,-- नहीं ,मेने एक गिलास पि लिया.

समीर भैया,-- तुम समझती नहीं हो सोना मेरा एनर्जी तो हर रोज ख़त्म नहीं होता.

दीदी ,-- पर मेरा कहा रोज ख़तम होता ह खान जी.

समीर भैया,- ऑफ सोना तुम्हारी एनर्जी महीने में उन चार दिन कितनी ख़त्म होती ह तुम्हे पता भी ह.

समीर भैया दीदी की माहवारी में निकलने वाले खून के बारे में थी जिसे दीदी भी समझ चुकी थी और उसका चेहरा लाल हो गया तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- पि लो न सोना .ऐसे क्या शर्मा रही हो रोहित सब समझता ह .उसे मालूम नहीं क्या तुम पद का क्या करती हो

दीदी ,-- चुप कुछ भी बोलते हो . रोहित के सामने.

समीर भैया,-- रोहित अब तुम hi बोलो कुछ.

में.,-- दीदी पि लो जो समीर भैया बोल रहे ह वो सही तो ह. लड़की के शरीर में ये दोनों चीजें बहुत काम बनती ह और अगर जरुरत से ज्यादा निकल जाये तो कमजोरी आ जाती ह.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्करा उठी तो समीर भैया ने उसे आधे से ज्यादा जूस और पीला दिया फिर दीदी ने मुंह हटा लिया तो बचा हुआ जूस समीर भैया पि गए.

समीर भैया,-- अब गुड गर्ल बन कर दिखाओ न सोना.

दीदी ,-- कैसे, नहीं मुझे नहीं बनना गुड गर्ल.

समीर भैया,-- सोना साड़ी पहनने से अभी पूरी औरत नहीं बानी हो .अभी तो आधी बन न बाकि ह.

दीदी समीर भैया की छाती पर प्यार से मुक्का मारकर उठने लगी तो समीर भैया ने उठने नहीं दिया और बोले.

समीर भैया,-- रोहित मेने सोना को इतने प्यार से जूस पिलाया उसे थैंक्स नहीं कहना चाहिए.

में.,-- दीदी बाद मैनर्स, थैंक्स बोलो समीर भैया को.

दीदी ,-- थैंक्स खान जी.

समीर भैया,-- ये बोलने से हो गया. मेने इतने के लिए hi रोका ह.

दीदी ,-- स्टोर में चलो ,वह अच्छे से बोल दूंगी.

समीर भैया,- मुझे नहीं जाना स्टोर में .अगर तुमने रोहित के सामने थैंक्स नहीं बोलै तो में चला जाऊंगा.

दीदी ने फिर समीर भैया के सामने अपने होंठ किये तो समीर भैया ने मेरी तरफ देखलार अपने होंठ आगे कर दिए. में मुस्करा उठा तो दोनों के होंठ मिल गए . दोनों तिरछी नजर से मुझे देख रहे थे.

में दोनों को देखकर मुस्करा रहा था . मेरी 25 वरसिये जवान कुंवारी बहन एक मुल्ले से जो शादी सुदा था और मेरी दीदी की सहेली का भाई और पति भी था वो मेरी बहन के नाजुक और रसीले होठों को मेरे सामने चूस रहा था . मेरी दीदी भी बेशरम बनकर एक टोलिया लपेटा हुए मेरे से सिर्फ तीन चार फ़ीट के फैसले पर बैठकर मेरी आँखों में देखती हुयी मस्ती में साथ उसको अपने नाजुक होंठ चूसने को दे राखी थी.

दोनों की गरम किश देखकर मेरा लोढ़ा पूरा अकड़ चूका था . दोनों एक दूसरे के होंठो का रास पिने को पूरी सिद्धत से लगे हुए थे .तभी समीर भैया ने अपनी जीभ दीदी के मुंह में डालने की कोशिश की तो दीदी उठकर स्टोर में भाग गयी.

उसके पीछे समीर भैया भी भागे और फिर मुझे दीदी का टोलिया परदे के बाहर गिरते दिखा.

में उठकर परदे के साइड से देखने लगा तो दीदी एक साइड की दिवार से चिपके हुए थी और समीर भैया उसके बदन से पुरे चिपक कर अपनी जीभ दीदी के मुंह में डेल हुए थे जिसे दीदी कुल्फी की तरह चूस रही थी.

दीदी के बोबे गोल से सपाट हो चुके थे समीर भैया की छाती से दबकर और समीर भैया का लुंड दीदी की छूट पर खड़े होकर घुसने को बेताब थी .अगर समीर भैया ने चड्डी नहीं पहने होते तो शायद उनका लुंड दीदी की छूट में होता.

दीदी समीर भैया की जीभ को काफी देर चूस ली तो समीर भैया ने अपना मुंह खोला और फिर दीदी ने अपनी जीभ उनके मुंह में दे दी जिसे समीर भैया लोल्लिपोप की तरह से चूसने लगे.

दीदी पूरी गरम हो चुकी थी और समीर भैया के लुंड छड़ी के ऊपर से पकड़ ली तो समीर भैया ने अपनी चड्डी निचे कर दी . दीदी ने फिर उनके कटे हुए लुंड को प्यार से सहलाना शुरू कर दिया.

दीदी से बर्दास्त करना मुश्किल हो गया तो वो अपनी जीभ निकल कर बोली.,-- समीर अब छोड़ दो.

समीर ,-- छोडूंगा सोना अभी तो पूरी रात पड़ी ह .

दीदी ,-- पूरी कहाँ आधी से ज्यादा बीत चुकी.

समीर ,-- हम्म ., अभी चार घंटे ह और चार घंटे में मई मेरा मिशन पूरा कर लूंगा.

दीदी ,-- कोनसा निसान

समीर भैया,-- तुम्हे चार बार छोड़ने का मिशन.

दीदी ,-- दधत ये भी कोई मिससँ होता ह.

समीर भैया,- ये मिशन पूरा होगा तभी तो दूसरा मिशन पूरा होगा.

दीदी ,-- दूसरा कोनसा

समीर भैया,- तुम्हारी छूट को ढीला करने का मिशन

दीदी समीर भैया की बात सुनकर मैट्रेस्स पर लेट गयी और अपने टाँगे फैला कर छूट को खोल दिया तो समीर भैया उसकी टैंगो के बिच बेथ गए और परदे की तरफ देखे तो उनकी नजर मुझसे मिल गयी .

वो मुस्करा कर अपने लोडे को दीदी की छूट पर सेट करके एक जोर का शॉट मरे तो दीदी की चीख निकल गयी . दीदी की चीख हर चुदाई से पहले निकलती थी जिसका कारन उसकी छूट का तीते होना था क्योंकि जब समीर भैया का लुंड बाहर की तरफ आता तो उसकी छूट से पूरा चिपके हुए आता जैसे की छूट के अंदर की चमड़ी चिपक गयी हो.

समीर भैया दीदी की छूट को धक्का मरते हुए ,-- तुम भाग कर क्यों आ गयी.

दीदी ,--आ... रोहित के सामने तुमने जीभ क्यों घुसाई

समीर bhaiya,--o..... तो क्या हो गया ,हम कितनी बार उसके सामने

दीदी ,--आह...... पर आज में टोलिया में थी और अंदर से नंगी थी इसलिए शर्म आ रही थी.

समीर भैया ,- o.....h.... अब तुझे शर्म छोड़नी होगी सोनाक्षी सिंह.

दीदी ,-- आ ... छोड़ दूंगी यार कितनी बोल्ड तो हो गयी में . धीरे धीरे बन जाउंगी बेशरम.

समीर भैया ने फिर छूट से लुंड निकला और उस पर कंडोम लगाया और दीदी के पेअर अपने कंधे पर रख लिए . अब दीदी की छूट का मुंह थोड़ा सा खुल चूका था .

उसके बाद समीर भैया ने दीदी को छोड़ना शुरू कर दिया . दीदी की कामुक चीखे अब स्टोर को hi नहीं मेरे पुरे रूम को मादक बना दी .मेरा लुंड ान दीदी की मादक चीखे सुनकर hi झाड़ गया.

में आकर पलंग पैर सो गया पर दीदी की चीखों में नींद कहाँ से आती.

थोड़ी देर में दीदी की आवाज आयी ,-- रोहित टोलिया दे दो.

में उठकर दीदी को टोलिया पकड़ाया तो दीदी टोलिया लपेटकर बाहर आयी और मेरी तरफ मुस्करा कर बाथरूम में चली गयी . दीदी ने इस बार भी गेट वैसे hi खुला छोड़ दिया था और उसकी छूट से मूत की मधुर आवाज मुझे सुनाई दी.

में मुंह फेरकर आँखे बंद करके सोने की कोशिश करने लगा तो थोड़ी देर में मुझे समीर भैया की आवाज सुनाई दी वो दीदी को बोल रहे थे.

समीर भैया,-- मुझे भी सु सु करवा न.

दीदी ,-- में कैसे करवाऊं

समीर भैया,-- मेरे लुंड को हाथ से पकड़ो और सु सु करो.

उसके बाद मुझे पता नहीं चला की कब मेरी आँख लग गयी.
 
मेरी नींद रात में खुली जब दीदी जोर जोर से चीख कर छुड़वा रही थी .मेने आँख खोल कर देखा की रूम की लाइट बंद थी और दीदी मेरे पास hi पलंग पर छुड़वा रही थी.

अँधेरा की वजह से मुझे कुछ नहीं दिखा पर इतना जरूर पता चल गया की दीदी घोड़ी बानी हुयी थी. और समीर भैया उन्हें छोड़ रहे थे.

मेने दीदी से कहा की दीदी प्लीज धीरे चीखो ना , मुझे नींद आ रही ह तो दीदी ने आवाज करना काम कर दी . कुछ देर तक में उनकी सिसकिया सुना फिर मुझे नींद आ गयी.

सुबह दीदी ने मुझे उठाया तो आठ बज रहे थे . दीदी नहा कर अपने अपने कपडे पहन चुकी थी और मुझे उठाकर बोली.

दीदी ,-- रोहित में नास्ता बनाने जा रही हु .प्लीज तू रूम साफ़ कर देना .मुझे बहुत लेट hi जायेगा.

में. ठीक ह दीदी आप जाओ नास्ता बनाओ में कर दूंगा.

दीदी ,-- तू रूम अंदर से बंद कर के. कही मम्मी न आ जाये.

दीदी रूम से निकलते hi मेने रूम बंद किया और घूम कर देखा तो पलंग के पास दो कंडोम पड़े थे . मेने उन्हें उठाकर देखा तो एक में बिलकुल थोड़ा सा पानी था और दूसरे में उसका डबल.

मेने दोनों कंडोम को कमोड में डालकर फ्लश किया और रूम की बेडशीट को बदला क्योंकि उसपे दो जगह पर सफ़ेद दाग थे जो सुख गए थे . वो शायद दीदी को छूट से निकले पानी के थे.

मेने बेडशीट को वाशिंग मशीन में दाल कर फिर स्टोर में गया तो वहां भी दो कंडोम पड़े थे ,मेने उन्हें उठाया तो देखा उनमे पहले दोनों कंडोम से ज्यादा पानी था . एक तो आधा भरा हुआ था और एक उससे आधा था. मेने उन्हें भी कमोड में डालकर फ्लश किया और फिर स्टोर की मैट्रेस्स को सही किया और दीदी की साड़ी और ब्लाउज को उठकर वाशिंग मशीन में डाला.

दोनों रूम साफ़ हो गए तो मुझे दीदी की पेंटी दिखी जो सामने तंगी थी .मेने उसे उठाकर देखा तो वो गीली थी . मुझे समीर भैया की बात याद आयी की दीदी का बहुत एनर्जी ख्खर्च हो रहा ह.

दीदी ने चार बार तो समीर भैया से कंडोम लगाकर छुड़वा लिया .एक बार वो उनके मुंह में झाड़ गयी और फिर एक बार मेरे लिए पेंटी में पानी छोड़ा इसका मतलब छह से ज्यादा बार एक रात में झड़ी थी.

पर वो कहते ह न' चढ़ती जवानी और फैट टी गांड '. दीदी अभी पूर्ण जवान लड़की थी इसलिए उसे ज्यादा कमजोरी का तो सवाल hi नहीं था पर फिर भी मुझे उनके लिए टाइम टाइम पर जूस और हेअल्थी फ़ूड का ध्यान रखना था.

मेरा लुंड कंडोम देखकर खड़ा था इसलिए मेने दीदी की पेंटी को लुंड पर लपेटा और कुछ देर बाद पानी फर्श पर बहकर स्नान किया और कपडे पहन कर बाहर आया.

बाहर मम्मी पापा नास्ता कर रहे थे . मेरे पापा की उम्र 55 साल थी पर मम्मी सिर्फ 44 साल की थी . मेरी मम्मी का फिगर बी ग्रेड की हेरोइन की तरह था और फिगर 36 34 38 का रहा होगा.

मम्मी की गांड बहुत बड़ी थी .दीदी ने कल मेरे साथ ब्रा पेंटी ली थी तब मेने पेंटी के डिब्बे पर उनकी साइज देखि थी .

मेरी मम्मी परफेक्ट मिलफ थी और मुझे कल से दीदी के द्वारा ब्रा पेंटी लेने के बाद मम्मी का फिगर पर गौर किया था.

साथ hi मेने एक बात और नोट की .की दीदी ने मम्मी की ब्रा पेंटी ली तो मम्मी की साइज भी पूछी होगी .खेर मम्मी और दीदी का क्या सीक्रेट था वो बाद में लिखूंगा पर इतना तय था की दोनों के बिच कुछ तो केमिस्ट्री थी.

में नास्ता करने बैठा तो पापा बोले ,-- बीटा आज डॉक्टर को दिखाना ह.

में.,-- ठीक ह चलिए.

पापा ,-- अरे अभी डॉक्टर अभी थोड़े hi मिलेगा तू कॉलेज से जल्दी आ जाना तब चैलेंज.

में दोपहर में कॉलेज से जल्दी आया और पापा को लेकर डॉक्टर के पास गए तो डॉक्टर ने पापा को चेकअप करके कहा की अब दिक्कत नहीं ह आप ये एक टेबलेट रोज ले लेना.

पापा में मुझे कहा की बीटा देखो आज रात में कोई ट्रैन में टिकट ह तो बनवा दो .हम आज hi निकल जायेंगे. घर पर बहुत काम पेंडिंग पड़े ह.

में वही से पापा को सीधे स्टेशन ले गया और मुझे रात को दस बजे की ट्रैन की दो टिकट मिल गयी जो .जो मेने पापा को दे.

ट्रैन एक डैम सही समय की थी . पापा रात को बैठकर सुबह छह बजे कानपूर उतर जाने थे.

हम घर आये और फिर पापा की पेकिंग की और रात को no बजे पापा को ऑटो में बिठाकर दीदी के साथ बाइक से स्टेशन पहुंचे.

ट्रैन एक घंटे पहले hi प्लेटफार्म पर लग चुकी तो पापा मम्मी को उनके जाते hi बिरथ पर बिठा दिया तो पापा बोले की तुम दोनों चले जाओ रात करने से फायदा नहीं h.mummy ने भी पापा की हाँ में हाँ मिलायी.

फिर मम्मी कोच से निचे आयी और मुझे अलग ले जाकर बोली ,-- बीटा दीदी का ध्यान रखना और उनकी पढाई में मदद करना उसे शिकायत का मौका मत देना .

में.,-- मम्मी में दीदी का पूरा ध्यान रखूँगा.

मम्मी , -- तू समझदार ह में तुझे ज्यादा क्या समझौ बस दीदी को खुश रखना

मेने मम्मी को आश्वासन दिया की में ध्यान रखूँगा .

मेने मम्मी की बात को एक माँ की चिंता समझ कर इग्नोर किया और सोचा की में और कैसे मदद करूँगा मम्मी . तेरी कुंवारी बेटी को एक मुल्ले से आपके रहते hi घर में तो छुड़वा दिया .फिर हम दोनों भाई बहन स्टेशन से बाहर आये और बाइक के पास आते hi दीदी ने मुझे गले लगा लिया .

वैसे तो स्टेशन पर हर जगह भीड़ होती ह पर मेने चार्जेबल एरिया में बाइक पार्क की थी उधर एरिया बाउंड्री से घिरा था और एक लैम्ब्स सा एरिया गली जैसा था और पार्किंग वाले भैया लोग काफी दूर थे खड़े थे इसलिए सुनसान सी छोड़ी गली थी.

दीदी ने मेरे दोनों गाल पैर पप्पी ली तो में समझा की दीदी मुझे इसलिए पप्पी दी ह की वो अज्ज राय खुलकर समीर भैया के साथ एन्जॉय करेगी.

पर ये मेरा भरम निकला दीदी ने मुझे कहा ,-- रोहित बाहर से सिगरेट का पैकेट लेना.

में दीदी को घूरने लगा तो दीदी बोली ,-- ऐसे क्या घूर रहा ह .अभी पता ह ना मम्मी ने क्या कहा ह तुझे.

में.,-- क्या कहा ह.

दीदी ,-- यही की दीदी की मदद करना और उनको खुश रखना.

में.,-- आप को कैसे मालूम

दीदी रहस्यमय तरीके से मुस्कराई और अपने मोबाइल में कुछ करने लगी फिर मेरी तरफ मोबाइल करके बोली ,-- ये देख.

मेने मोबाइल को हाथ में लिया और उसे गौर से देखने लगा . मुझे यकीं नहीं हो रहा था की जो में देख रहा हु वो सच हो सकता ह.

मम्मी पुरे संस्कारी लुक में एक मौलवी के साथ कड़ी थी और मौलवी मम्मी के कंधे पर हाथ रखे था.

में मौलवी को पहचान ने को कोशिश कर रहा था और मुझे ऐसा लग रहा था की मेने उसे कही पर देखा ह.

में बहुत देर तक फोटो देखता रहा तो दीदी ने मोबाइल को मुझसे लिया और फिर मुझे दूसरी फोटो दिखाई.

इस बार उन्होंने मोबाइल अपने हाथ में hi रखा था और मेने देखा इस फोटो में मौलवी मम्मी के गाल पर पप्पी ले रहा था .

में उसे देख hi रहा था तो दीदी ने मोबाइल को बंद किया तो में बोलै .

में ,-- दीदी ये फोटो आपके पास कहा से आयी.

दीदी ,-- वो सब में तुम्हे घर चलकर बताउंगी . तुम सिगरेट का पैकेट लेकर चलना.

मेरा दिमाग पूरा घुमा हुआ था और मेरे दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था. मेने बाइक घुमाई और पार्किंग से बाहर आये तो मेने एक पान की दुकान के पास बाइक रोकी और सिगरेट लेने चला गया.

पान की दुकान पर तीन चार बिहारी लड़के खड़े थे जो मुझे और दीदी को बाइक रोकते hi गन्दी नजर से दीदी को घूर रहे थे .पर दीदी रोड पर ट्रैफिक देख रही थी.

मेने एक सिगरेट का पैकेट लिया और मुद कर आया तो एक लड़का बोलै.,-- माल तो छोरा मस्त फसाया ह . चुके देख साली के.

तभी दूसरे लड़के ने कहा ,-- रंडी को दारू पिलाकर पेलो तो उछाल उछाल कर लेगी.

में उनकी बात सुनकर मन में सोचा की ये बिना पिए hi बहुत उछाल उछाल कर कर लुंड लेती ह. दारू पीकर तो धमाल मचा देगी .तभी मेने सर को झटका दिया और सोचा में क्या सोचने लगा.

मेने सिगरेट का पैकेट दीदी को पकड़ाया और बाइक स्टार्ट की और घर आ गए.

घर आते hi दीदी ने सलवार सूट को खोलकर फेंक दिया और रूम में जाकर एक शार्ट गाउन पहनकर हॉल में आयी . में टीवी देख रहा था तो दीदी आकर बोली.

दीदी ,-- रोहित जूस पियेगा.

में.,-- पि लूंगा.

दीदी गण गुनगुनाते हुए किचन में गयी और थोड़ी देर में दो जूस के गिलास लेकर आयी और एक मुझे देते हुए कहा .,-- लो पि लो कल से तेरी बहुत एनर्जी वेस्ट होगी.

में.,-- क्यों आज समीर भैया नहीं आएंगे.

दीदी मुस्करा कर , -- आज वो मीटिंग में ह और लेट हो जायेंगे इसलिए सुबह hi आएंगे.

में.,-- फिर आप इतनी खुश किस बात पर हो.

दीदी ,-- कल सुन्दय ह और दिन भर समीर यही रहेगा .

में.,-- रात में भी.

दीदी ,-- नहीं रात में कानपूर जा रहे ह दो दिन सोमवार को नाजनीन का बर्थडे ह और ट्यूसडे को वापस आएंगे शाम में , थर्सडे को फिर उनका बर्थडे ह.

में.,-- ओह्ह ,मतलब कल पूरा दिन आप एन्जॉय करेंगी.

दीदी मुस्करा कर ,-- हम्म्म .

जूस पीकर दीदी ने दो सिगरेट एक साथ जलाये और एक मेरी तरफ बढ़ाया.
 
में दीदी के हाथ में सिगरेट देखकर सकपका गया तो दीदी बोली, -- पि ले मुझे पता ह तू पिता ह.

में.,-- नहीं , मेने कभी नहीं पि.

दीदी ,-- क्यों रस्मी से बात कराऊँ की तू उसके भाई आर्यन के साथ उसके घर में नहीं पिता था.

में.,-- दीदी वो कभी कभार पि लेता था.

दीदी ,-- तो में तुझे कोनसा रोज पिने को बोल रही हु. जस्ट चिल यार .

मेने सिगरेट ली और पिने लगा . में सिगरेट का आदि नहीं था बस कभी कभार hi पि लेता था वो भी जब सेक्स स्टोरी या पोर्न देखने का मन हो तब.

दीदी सिगरेट का धुंवा छोड़कर, ,-- रोहित में तुझे अपना भाई hi नहीं दोस्त भी समझती हु .तुझे अपने जीवन के बारे में सब बताती हु और जो तू नहीं जनता वो भी धीरे धीरे तुझे बता दूंगी पर तू मुझे अपनी दोस्त नहीं मंटा.

में ,-- ऐसा क्यों बोल रही हो दीदी.

दीदी ,-- तो क्या बोलू बता , तू बोलै की आर्यन के साथ hi सिगरेट पिता था . जबकि मम्मी मुझे बोली की तू अपने रूम में भी सिगरेट पिता था.

में.,-- हो hi नहीं सकता दीदी, और मम्मी ने कभी मुझे देखा hi नहीं.

दीदी ,-- तो फिर तेरी अलमारी की ड्रावर में सिगरेट का पैकेट कैसे निकला.

में.,-- वो तो एक बार आर्यन लेकर आया था जो शायद मेने ड्रावर में रख दिया था .पर मेरी ड्रावर तो लॉक ह.

दीदी ,-- तो लॉक खुल नहीं सकता क्या.

में.,-- क्या ....?

दीदी ,-- परेशां मत हो मम्मी तुम्हे कुछ नहीं बोली न.

में ,-- पर लॉक खुला कैसे उसकी चाबी तो मेरे पास ह.

दीदी ,-- मम्मी ने उसकी डुप्लीकेट चाबी बनवाया था.

में.,-- किस से.

दीदी ,-- असलम चाचू से .

दीदी की बात सुनकर मेरा सर घूम गया .असलम चाचू हमारे पडोसी थे और पापा के अच्छे दोस्त . दीदी ने जो फोटो मुझे पार्किंग में दिखाई थी वो असलम चाचू के साथ hi मम्मी की थी जिसे में देखकर सोच रहा था की किसकी ह.

असलम चाचू की ताले चाबी की दुकान थी और वो घर घर जाकर टेल ठीक करते थे.

असलम चाचू वैसे तो नार्मल रहते थे पर मम्मी के साथ फोटो में वो दाढ़ी में थे और टोपी भी लगा राखी थी और मम्मी भी पूरी संस्कारी लुक में थी.

दीदी मुझे सोचते देखकर बोली ,-- रोहित ,मम्मी बोल रही थी की तुम्हारी ड्रावर में मस्त राम की बहुत साडी किताबे और पोर्न कद भरी ह और सिगरेट भी .

में ,-- दीदी में ये आपको कैसे बताता, आप hi सोचिये.

दीदी ,-- तुझे इतनी साडी कद कोण देता था.

में., -- राजीव.

दीदी ,-- वही राजीव न जो ममता का भाई ह.

में. -- हां ,दीदी.

दीदी ,-- तभी ममता की शादी उसके घर वालो ने बिना ग्रेजुएशन के कर दी.

में.,-- क्यों दीदी.

दीदी ,-- ममता का अनिल के साथ चक्कर था और अनिल को तुम जानते हो राजीव से दोस्ती थी.

में.,-- तो .

दीदी ,-- ममता की मम्मी ने उसे अनिल से सेक्स करते पकड़ लिया था इसलिए उसकी एक महीने में शादी करवा दी.

में. -- ओह्ह , तो अभी कहा ह वो.

दीदी ,-- अपनी किस्मत को कोस रही ह उसका पति बिलकुल अनादि ह और उसे एक बच्चे की माँ बना दिया अब वो घर में चूल्हा फंक रही ह.

में.,-- मम्मी ने मेरी ड्रावर कब खुवालय था.

दीदी ,-- हम लोगों के यहाँ आने के अगले hi दिन.

में.,-- क्यों.

दीदी ,-- जब तुम्हे उनकी कहानी बताउंगी तो तुम खुद hi समझ जाओगे.

में.,-- तो अभी hi बता दो.

दीदी ,-- अभी मुझे बताने में शर्म आएगी . बस इतना जान लो मम्मी ने तुम्हारी साडी किताबे भी पढ़ लो और ब्लू फिल्मे भी देख लो.

में थोड़ा सा शर्माकर, -- मम्मी क्यों सोची योगी.

दीदी ,-- जो भी सोची होगी अच्छा hi सोची होगी तभी तो तुम्हे बोलकर गयी.

में.,-- क्या .

दीदी ,-- की अपनी बहन की मदद करना.

में.,-- वो तो में कर hi रहा हूँ.

दीदी, -- चलो फिर सोते ह . सुबह समीर जल्दी hi आ जायेगा.

उसके बाद में अपने रूम की तरफ जाने लगा तो दीदी ने मुझे अपने hi रूम में सोने को कहा तो में उनके साथ सो गया.

सुबह मुझे दीदी ने उठाया और बोली ,-- रोहित उठो जल्दी से समीर एक घंटे में पहुँच जायेगा.

में.,-- हम्म , दीदी उठ रहा हु.

दीदी ने फुल गौण पहन रखा था वो बोली,-- में नास्ता बनाने जा रही हु तुम नहाकर आ जाना.

में.,-- ठीक ह दीदी

में उठकर बाथरूम में गया और फ्रेश होकर दीदी की पेंटी से मूठ मार्कर नहाया और फिर रूम में बेडसीट बदल कर बाहर आया तो दीदी ने मुझे चाय दी तो मेने चाय पि ली तभी दीदी किचन से आयी और बोली

दीदी ,-- रोहित अंदर चलो और बताओ में क्या पह्नु.

में उठकर अंदर आया तो दीदी ने बैग बिखेर रखा था तो मेने दीदी की ट्रांसपेरेंट स्लीवलेस घुटनो तक आने वाली निघ्त्य उठाकर कहा ,-- दीदी इसको ब्लैक पेअर के ऊपर पहनो.

दीदी मेरी बात सुनकर थोड़ा सा लाजै और मुस्करा कर बोली ,-- ठीक ह तुम बाहर चलो में पहन कर आती हूँ

में बाहर आकर टीवी ों करके देखने लगा तो दस मिनट बाद दीदी आयी .

में दीदी को देखकर सन्न रह गया वो ट्रांसपेरेंट निघ्त्य में स्तुन्निंग लग रही थी उसकी पिंक निघ्त्य से ब्लैक ब्रा पेंटी पूरी दिख रही थी और गोरी दीदी का बदन पूरा अलग चमक रहा था . दीदी ने बालो की छोटी बना राखी थी और मेकअप बहुत डार्क था .

दीदी ने पिंक रंग की डार्क लिपस्टिक लगाई थी जो निघ्त्य से मैच कर रही थी तभी दुर्बल बजी.

दीदी ,-- जाओ गेट खोलो

में.,-- दीदी आप hi खोलो ना.

दीदी ,-- पागल मत बनो ,अगर कोई और हुआ तो हमारी इज्जत मिटटी में मिल जाएगी.

में दीदी की बात से सहमत था ,ऐसा जोखिम महंगा पद सकता था इसलिए मेने दीदी का हाथ पकड़ा और गेट की तरफ ले जाकर उसे साइड में खड़ा किया और गेट खोला.

सामने समीर भैया थे उन्हें देखकर मेने नमस्ते किया और उनके अंदर आते hi गेट बंद कर दिया और अपने रूम में चला गया और परदे की ओट से देखने लगा.

समीर भैया बहुत देर तक दीदी को देखते रह गए तो दीदी ने चुटकी बजे तो समीर भैया उनके पास गए और दीदी को गले लगाकर उनके दोनों गालो को चुम लिया.

दीदी -- समीर अभी होठो को मत चूमना.

समीर भैया,- क्यों सोना .

दीदी ,-- मेरी फोटो खिंच नई ह

समीर भैया,- सोना तुमने तो तहलका मचा दिया परसो वाली फोटो ग्रुप में डालकर.

दीदी ,-- हम्म्म , ग्रुप में मेने देखे थे मैसेज.

समीर भैया, -- तुम को एक बार रोहित से पूछ लेना चाहिए फोटो डालने से पहले.

दीदी ,-- यार नार्मल फोटो hi तो थी थोड़े से बूब्स दिख रहे थे . ग्रुप में तो लड़कियां नुदे होकर फोटो भेजती ह

समीर भैया,-- पर अगर रोहित को पता चलेगा तो उसे बुरा लगेगा.

दीदी ,-- उसे बुरा लगता तो वो मुझे तुमसे छोड़ने देता क्या.

समिट भैया,-- फिर भी.

दीदी ,-- तुम उसे ग्रुप में hi जुड़वाँ दो ना.

समीर भैया,-- बात करनी पड़ेगी उन चरों से.

दीदी, -- तो कर लो ना आखिर वो चारो भी तो आगे पिक्टुरेस में आएंगे hi.

समीर भैया,-- हम्म . अभी करता हु उनसे चैटिंग.

दीदी ,-- प्लीज मुझे अपनी फोटो बाकि लड़कियों की तरह डालनी ह

समीर भैया,-- पता ह अशोक क्या बोलै.

दीदी ,-- क्या बोलै.

समीर भैया,-- बोलै की अगर सोना मुझसे शादी करने को तैयार हो जाये तो में उसे अपनी साडी प्रॉपर्टी दे सकता हु.

दीदी ,-- मुझे प्रॉपर्टी नहीं चाहिए तुम्हे पता क की मुझे जो चाहिए वो कोई पति नहीं दे सकता और ना hi प्रेमी

समीर भैया,- अगर वो तुम्हारे एडवेंचर को पूरा सुन hi ले तो हार्ट फ़ैल हो जायेगा.

दीदी ,-- चलो पहले नास्ता कर लो फिर मेरा फोटोशूट करके गोआल कम्प्लेटे करने के लिए एक्सरसाइज करेंगे.

दोनों अंदर आ गए समीर भैया सोफे पर बेथ गए तो में भी बाहर आया और समीर भैया को नमस्ते किया तो उन्होंने मेरे सर पर हाथ फिराया .

कुछ देर में दीदी नास्ता लेकर आ गयी .दीदी ने आलू के पराठे बनाये थे और साथ में दूध के तीन गिलास थे.

दीदी ने प्लेट्स और ट्रे टेबल पर राखी तो समीर भैया ने उन्हें अपने पास बिठा लिया और बोले.

समीर भैया,-- सोना आओ में और रोहित तुम्हे अपने हाथ से खिलाएंगे.

दीदी ,-- अच्छा.

समीर भैया,-- आखिर तुम इतना अच्छा नास्ता बनाओगी और हम खिला भी नहीं सकते क्यों रोहित.

में.,-- हां भैया .

उसके बाद हम दोनों ने मिलकर दीदी को नास्ता करवाया तो समीर भैया ने अपना दूध भी आधा गिलास दीदी को पीला दिया.

नास्ता करने के बाद में बोलै ,-- दीदी में बर्तन धो दूंगा आप समीर भैया से बात कीजिये.

में बर्तन उठा कर किचन में गया और उन्हें धो कर आया तो दोनों रूम में जा चुके थे .मेने परदे के पीछे से देखा तो दीदी अपने होठो पर ग्लॉस लगा रही थी और समीर भैया उनका मोबाइल पकडे थे.
 
दीदी ने ग्लॉस लगाकर पोज़ बनाया तो समीर भैया ने उन्हें चार पोज़ बताये और फिर क्लिक करने के बाद बोले

समीर भैया,-- चलो हो गया .

दीदी ,-- समीर प्लीज मेरी कुछ ब्रा पंतय में फोटो लो न.

दीदी ने अपनी नेट वाली निघ्त्य खोल दी और पोज़ बनाये तो समीर भैया ने पांच सात फोटो ली और बोले

समीर भैया,-- अब खुश

दीदी ,-- नहीं अभी मुझे और फोटो खुंच्वानी ह.

समीर भैया,-- अब हो तो गयी. बाकि तुम रोहित से खिंचवाना वो बहुत अच्छी फोटो खींचता ह.

दीदी मुस्करा कर ,-- थैंक यू.

समीर भैया ने दीदी का मोबाइल रखा और दीदी के पास जाकर उनके होठो को चूमने लगे.

दीदी ,-- गेट खुला ह .

समीर भैया,-- तो क्या हुआ.

दीदी ,-- पर्दा तो लगाने दो काम से काम.

समीर भैया,-- किस से पर्दा , रोहित से . जो रोज रात को बिना गेट के स्टोर में तुम्हे छुड़वाते देखता था. उस से , या फिर परसो रात में तुम जिसके बगल में सोकर छूट मरवा रही थी. उससे पर्दा करने की जरुरत नहीं ह अब.

दीदी ,-- क्यों.

समीर भैया,-- उसे सब मालूम ह और हमें चुदाई करते कई बार देख चूका.

दीदी ,--पर शर्म हाय भी कोई चीज होती ह समीर

समीर भैया,-- तुम्हारी शर्म तो अब में पूरी निकल कर रखूँगा.

दीदी ,-- कैसे.

समीर भैया,-- में तुम्हे रोहित से hi नंगी करवा कर छोडूंगा देखना कुछ दिन में.

समीर भैया ने दीदी की ब्रा को खोलकर उन के बूब्स को पकड़ कर जोर से दबा कर कहा.

दीदी,-- ऐश.... रोहित क्यों नंगी करेगा मुझे .

समीर भैया,-- उसे तुम्हे खुश देखना अच्छा लगता ह और वो तुम्हारी ख़ुशी के लिए तुम्हे जरूर नंगी करेगा.

दीदी ,-- आ..... धीरे मसलो समीर.

समीर भैया,-- धीरे मसलने से बोबे बड़े नहीं होंगे सोना . इन्हे बड़ा भी तो करना ह.

दीदी समीर भैया की बात पर मुस्कराई और दीदी ने समीर भैया का शर्ट खोल दिया था और वो समीर भैया को पेण्ट खोलकर उनकी चड्डी में हाथ डालकर उनके लुंड को निकल चुकी ली तो समीर भैया ने उन्हें निचे बिठा कर अपना लोढ़ा उनके मुंह में दे दिया.

दीदी उनके खतना किये हुए लुंड को जीभ से चाट ने lagi.samir भैया उनके सर को पकड़कर प्यार से सहला रहे थे. तभी उनकी नजर मुझ से मिली. में खिड़की से उन्हें देख रहा था क्योंकि गेट पर पर्दा नहीं होने से मुझे पकडे जाने का दर था.

समीर भैया मुझे देखकर मुस्कराये तो मेने भी उन्हें एन्जॉय करने को कहा. में खिड़की के पास खड़ा होकर अपना बरमूडा निचे कर के लुंड को पूछकर रहा था .मेरा लुंड भी फुल तीते होकर प्रीकम छोड़ रहा था .

समीर भैया का लुंड पूरा खड़ा हो चूका था और वो दीदी की ब्रा खोल कर उनके चुके दबाने लगे .

तभी समीर भैया ने दीदी को खड़ा किया और उनकी पेंटी को निकल कर बोले.,-- सोना जल्दी से कंडोम लेकर आओ तुमने मुझे पूरा गरम कर दिया और में जल्दी hi झाड़ जाऊंगा.

दीदी ,-- ओह्ह वो पैकेट तो परसो hi ख़तम हो गया .

समीर भैया,-- सोना बिना कंडोम चुदाई कैसे होगी .तुम्हे पता ह न तुम्हारी बच्चेदानी में वीर्य चला गया तो तुम प्रेग्नेंट हो जाओगी क्योंकि तुम बहुत गरम हो जाती हो छोड़ने के समय.

दीदी ,-- हां,

Samirbhaiya,--.tum रोहित को बोलो वो लाकर देगा.

दीदी ,-- समीर मुझे रोहित को बोलने में शर्म आएगी.

समीर भैया,-- क्या बेकार की बात कर रही हो . रोहित उस दिन मेरे छुम से भरा कंडोम डस्टबिन में नहीं डाला था क्या. और उसे मालूम नहीं की हम कंडोम लगा कर चुदाई करते ह.

समीर भैया को पता नहीं था की दीदी ने आज तक एक भी कंडोम नहीं उठाया बल्कि में hi उनके सरे कंडोम उठा कर फेंकता आया हु.

दीदी अपने बदन पर चददर लपेटने लगी तो दौड़कर सोफे पर आ कर बेथ गया और टीवी देखने का नाटक करने लगा.

दीदी बाहर आयी तो में टीवी में घुसे होने का नाटक करने लगा .मेरा मुंह टीवी की तरफ था . दीदी ने मेरे कंधे को पकड़ कर हिलाया तो में दीदी को चद्दर से लिप्त देखकर बोलै

में.,-- क्या हुआ दीदी.

दीदी मुस्कराकर ,-- रोहित वो co..n..d..om नहीं ह .

में. मुस्करा कर-- ओह्ह . समीर भैया नहीं लाये क्या.

दीदी ,-- तूने पैकेट ला दिया था तो उसने लाना छोड़ दिया.

में. -- पर उसमे 10 कंडोम थे.

दीदी शर्मा कर ,-- वो सब ख़त्म हो गए .

दीदी ये बोलकर शर्माने लगी तो में भी मुस्कराया क्योंकि पैकेट में से 2 कंडोम मेने निकल लिए थे और ऐसा मेने नाजनीन दीदी के कहने से किया. समीर भैया भी जानबूझ कर कंडोम नहीं लाये थे. ताकि दीदी मुझसे कंडोम मंगवाए .

दीदी के चेहरे पर शर्म के साथ मुस्कान भी थी इसलिए में भी मुस्करा कर बोलै ,-- दीदी बस दो मिनट बर्दास्त करो में लेकर आता हु आप दो मिनट बर्दास्त कर लो.

दीदी मेरी बात सुनकर शर्म से लाल हो गयी तो में वैसे hi बरमूडा में ऊपर शर्ट पहन लिया और फ्लैट को बाहर से लॉक करके कॉलोनी के बाहर मेडिकल स्टोर पर पहुंचा.

मेने इस बार एक्स्ट्रा थीं वाले कंडोम का जंबो पैकेट लिया जिसमे 20 कंडोम थे और एक पैकेट डॉटेड कंडोम का लिया वो भी जंबो .

मेने दोनों पैकेट का ऑनलाइन पेमेंट किया और फ्लैट में आते आते दोनों का पैकिंग खोल दिया ताकि दीदी को टाइम नहीं लगे.

मेने गेट खोला और जान बूझकर जोर से गेट बजाय ताकि दीदी को पता चल जाये की में कंडोम लेकर आ गया हु.

में दोनों पैकेट को टिया टेबल पर रखकर टीवी देखने लगा तो दीदी बाहर आयी और मुस्कराते हुए टेबल पर पड़े दोनों पैकेट को देखने लगी फिर उन्होंने एक्स्ट्रा थीं वाले पैकेट से एक कंडोम निकला और उसमे से कंडोम को निकलकर रेपर को वही पटक दिया और हँसते हुए रूम में चली गयी.

में भी दौड़कर खिड़की के पास गया और अंदर देखने लगा .

समीर भैया पलंग पर पीठ के बल सोये हुए थे उनका लुंड खड़ा होकर पंखे से बातें कर रहा था . दीदी ने समीर भैया को कंडोम दिखाया तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,- सोना तुम hi चढ़ा दो न.

दीदी ने मुस्कराते हुए अपना चद्दर हटा दिया , चददर के निचे दीदी पूरी नंगी थी .उनकी छूट के पास लव बाईट बने थे जिसे देखकर में समझ गया की मेरे जाने के बाद समीर भैया ने जोश जोश में दीदी की छूट को छठा होगा और काट लिया होगा.

दीदी ने कंडोम समीर भैया के लुंड पर रखा और रोल को घुमा कर कंडोम पहना दिया तो समीर भैया ने दीदी को अपने ऊपर खिंच लिया .

दीदी ने अपने पेअर चोदे किये और समीर भैया के लुंड पर अपनी छूट टीकाकार धीरे धीरे लुंड पर चढ़ गयी.

समीर भैया ,-- ा.... मज़ा आ गया सोना.

दीदी लुंड पर ुह्हलाते हुए ,-- किस बात का समीर.

समीर भैया,-- आज दो दो नयी चीजे हो गयी .

दीदी ,-- u.....h....Vo क्या.

समीर भैया ,-- एक तो रोहित तुम्हारे लिए कंडोम लेकर आया .ताकि वो अपनी दीदी को छुड़वा कर खुश देखे .

दीदी, -- ु.... और दूसरी.

समीर भैया,-- तुमने पहली बार आज कंडोम मेरे लुंड पर लगाया वो भी एक डैम सही तरीके से.

दीदी के चेहरे पर शरारत भरी मुस्कान थी और सिसकी भी निकल रही वो बोली ,-- पता ह रोहित कितने कंडोम लाया.

समीर भैया,-- एक .

दीदी ,-- नहीं बीस बीस के दो पैकेट लाया ह दो तरह के

समीर भैया,-- ओह्ह , फिर तुम एक कंडोम क्यों लेकर आयी .

दीदी, -- आ... मेने दोनों पैकेट उसी के सामने छोड़ दिए और एक कंडोम का रेपर खोल कर उसी के सामने खोल कर कंडोम निकला .

समीर भैया,-- w..o..w... गुड सोना उसके सामने ऐसे hi पूरा ओपन हो जाओ.

दीदी ,--ु..... धीरे धीरे हो रही हु .

समीर भैया,-- में तुम्हे उस के हाथो से नंगी करवाना चाहता हु.

दीदी ,-- ओह.... करवा लेना.

समीर भैया ने ये बात सुनी तो वो दीदी की पलटलार उसके ऊपर आ गया और उसकी ताबड़ तोड़ चुदाई में लग गया.

दीदी जोर जोर से सिसकने लगी और अपने बूब्स को मसलने लगी.

समीर भैया ने पांच मिनट तक दीदी को राजधानी एक्सप्रेस की स्पीड से छोड़ा और फिर दीदी के ऊपर गिर गए . समीर भैया झाड़ गए थे और दो मिनट बाद उन्होंने अपना लुंड दीदी की छूट से बाहर निकला तो उनके लुंड से कंडोम लटकते हुए दिखा .

दीदी भी झाड़कर आँखे मूंदे हुए मुस्करा रही थी तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- सोना कंडोम हटा दो ना.

दीदी ने मुस्करा कर समीर भैया के लुंड की तरफ देखा और उनके लुंड पर आगे से रास भरे कंडोम को खिंच लिया . कंडोम में एक चौथाई के लगभग वीर्य भरा था जिसे देखकर दीदी ने उसे जान बूझकर पलंग के पास गेट की तरफ फेंक दिया.

समीर भैया ने दीदी को एक बार चूमा और बोले की लुंड को चाट कर साफ़ कर दो नहीं तो बेडशीट खराब हो जाएगी तो दीदी ने समीर भैया के लुंड को देखा जिस पर अभी भी उनका वीर्य लगा था.
 
दीदी ने समीर भैया के होंठ चूमे और फिर समीर भैया के लुंड को चाटने लगी .उन्होंने पुरे वीर्य को चाट का पेट में उतर लिया .

दीदी ने आज पहली बार वीर्य चखा था इससे पहले वो प्रीकम hi चखी थी .

समीर भैया ,-- केसा था टेस्ट.

दीदी ,-- नॉट बाद.

दीदी ने पीछे होने के लिए हाथ बेडशीट पर रखा तो उन्होंने जल्दी से हाथ हटा लिया तो समीर भैया के साथ मेरी भी नजर उधर गयी . दीदी का हाथ जहाँ पड़ा था उस जगह पर पानी का घरेरा बना हुआ था और दीदी चुद रही थी तब उनकी गांड उसी जगह पर थी.

दीदी ने छूट से इतना पानी छोड़ा था की बेडशीट पूरी चार इंच के घेरे में गीली थी.

जिसे देखकर वो शर्मा गयी.

समीर भैया,-- सोना इतना क्यों शर्मा रही हो ये तो नार्मल ह और अगर मेने कंडोम नहीं लगाया होता तो ये मेरे वीर्य के साथ मिलकर बच्चे दानी में चला जाता और तुम प्रेग्नेंट हो जाती.

दीदी ,-- इतना पानी तो मेरा कभी नहीं निकला समीर.

समीर भैया,-- ये सब तुम्हारे अंदर अलग सोच से हुआ ह

दीदी ,-- कैसे.

समीर भैया,-- तुम रोहित के बारे में सोचने लगी थी और जब मेने तुम्हे उससे नंगी करवाने की बोलै तो तुम्हे एक्स्ट्रा एक्ससिटेमेंट आ गयी.

दीदी मुस्करा कर समीर भैया की छाती पर सर रखकर उनकी निप्पल को जीभ से प्यार करने लगी तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,- सोना जूस बना लाओ देखो पूरा दूध तो तुमने निकल लिया अपना. दीदी ने समीर भैया को प्यार से मुक्का मारा और कड़ी होकर बाथरूम की तरफ नंगी hi चली गयी.

दीदी के रूम का बाथरूम इस तरह का था की उसमे सामने सिर्फ बेसिन था बाकि कमोड वगैरह गेट से नहीं दीखता था.

मेने देखा दीदी वही गेट पर hi बेथ गयी और अपनी गोरी गांड को ऊपर करके मूतने लगी.

उसकी छूट से मधुर आवाज निकलने लगी जिसे समीर भैया देख कर मुस्करा रहे थे. दीदी ने मूत कर अपनी छूट को पास में पड़े टोलिया से साफ़ किया और कड़ी होकर मुड़ी तो समीर भैया से उनकी नजर मिली और वो मुस्करा दी.

समीर भैया,-- बहुत सुरीली आवाज ह तुम्हारी छूट की.

दीदी ,-- क्यों नाजनीन की छूट से नहीं आती क्या .

समीर भैया,-- पहले आती थी अब बच्चा निकलने से नहीं आती.

दीदी हंस कर ,-- अब कैसे आएगी अब तो तुम्हे छोड़ी कर दी.

दीदी ने फिर एक चद्दर उठायी तो समीर भैया बोले ,-- ये भी ले जाओ ,रोहित को दे देना.

दीदी ने देखा की समीर भैया ने दीदी की पेंटी को तरफ इशारा किया तो दीदी मुस्करा कर बोली ,-- समीर उसे बार बार पेंटी क्यों दिलाते हो.

समीर भैया,-- वो तुम्हे थोड़ी देर बाद पता चल जायेगा.

दीदी ने पेंटी के साथ ब्रा भी उठा ली और चद्दर लपेट लिया .

में आकर सोफे पर बेथ गया तो दीदी टोलिया लपेट कर बाहर आयी और मुस्करा कर मेरे सामने अपनी ब्रा पेंटी रखकर किचन में चली गयी.

में ब्रा पेंटी को देखने लगा , पेंटी पर सफ़ेद पानी सुख चूका था और अब मेरे सामने एक तरफ दो कंडोम के पैकेट और एक रैपर पैड्स था और उनके बगल में दीदी की ब्रा पेंटी . मेरे लुंड जो सुबह से खड़ा था क्योंकि मेने लुंड को हाथ नहीं लगाया था.

में जल्दी से उठा और अपने रूम में गया और फिर मेने डॉटेड कंडोम को अपने लुंड पर चढ़ा लिया क्योंकि मुझे आज झड़ना नहीं था और प्रीकम मेरे चड्डी को पूरा भिगो दिया था.

मेने दूसरी चड्डी पहन कर बरमूडा पहना और वापस आकर सोफे पर बेथ कर दीदी की पेंटी को सुंघा तो लुंड से प्रीकम की बून्द निकल कर कंडोम में गिर गयी.

तभी दीदी भी ट्रे लेकर आयी और मेरे पास एक गिलास रख कर चली गयी .मेने दीदी को पीछे से देखा तो इस बार टोलिया थोड़ा ऊपर बंधा था और उनकी गांड की निछ्ली फाड़ मुझे दिखी.

मेरा लुंड गंगना गया.

मेने जूस का गिलास एक hi सांस में पि लिया और उसे रख कर दीदी की पेंटी को सूंघने लगा. तभी दीदी ने आवाज लगाई.

दीदी ,-- रोहित सिगरेट के पैकेट से एक सिगरेट जलाकर लेकर आओ.

मेने टेबल पर पड़े सिगरेट के पैकेट से एक सिगरेट जलाई और रूम में गया तो सबसे पहले मेरी नजर वीर्य से भरे कंडोम पर गयी . दीदी ने कंडोम को देखते हुए मुझे पकड़ लिया और मुस्कराई.

में भी मुस्करा कर देखा की दीदी अपने बदन को पूरा चद्दर से लपेटा हुए थी और वो समीर भैया की नंगी छाती पर अपना सर रखे हुए थी.

दीदी की नंगी बाजिउए चददर से बाहर थी जबकि समीर भैया के दोनों हाथ अंदर थे जो मुझे उनकी चूचियों पर लगे क्योंकि दीदी की चुकी ज्यादा मोती लग रही थी.

दीदी ने हाथ बढाकर सिगरेट ली और पिने लगी तो समीर भैया बोले

समीर भैया,-- रोहित बेथ, मुझे तुमसे कुछ बात करनी ह.

में एक कोने में बैठने लगा तो समीर भैया बोले की नजदीक बेथ वार्ना दीदी तुम्हे सिगरेट कैसे पकडायेगी.

में दीदी के पेट के पास बेथ गया तो दीदी ने सिगरेट समीर भैया के मुंह से लगाई तो समीर भैया ने एक काश लिया और दीदी ने सिगरेट मेरी तरफ कर दी.

में सिगरेट हाथ में लिया और पिने लगा तो दीदी खिलखिलाकर बोली ,-- समीर ऐसे नहीं गुदगुदी हो टी ह.

समीर भैया ने दीदी के बूब्स पर से हाथ लेजाकर उनकी कांख में रख दिए थे जो मुझे चद्दर के अंदर से दिखे क्योंकि दीदी की चददर ऊपर निचे हो रही थी .तभी दीदी की सिसकी निकली तो में समझ गया की समीर भैया दीदी के बूब्स से खेल रहे ह.

हम तीनो ने बरी बरी से सिगरेट पि ली तो मेने सिगरेट का तोता निचे फेंक दिया तो समीर भैया बोले

समीर भैया,-- रोहित तुम सोना के साथ सेक्स करना चाहते हो.

में.,-- नहीं समीर भैया में ऐसा सोच भी नहीं सकता.

समीर भैया, -- देखो रोहित तुम्हे शर्माने की जरुरत नहीं ह . इसलिए खुल कर बोली.

में.,-- समीर भैया मुझे दीदी के साथ सेक्स करने की कोई इच्छा नहीं ह.

समीर भैया,--, तुम सोना की पेंटी के साथ जो करते हो वो मुझे भी मालूम ह.

में.,-- हाँ में करता हु पर में दीदी के साथ वो नहीं करना चाहता.

समीर भैया,-- वजह जान सकता हु रोहित.

में.,-- भैया वजह बताना जरुरी ह.

समीर भैया,-- सोना तुम भी तो कुछ बोलो शायद वो तुम्हे बता दे .वार्ना ये सस्पेंस हमें परेशां करेगा.

दीदी ,-- रोहित , मेरा तुम से कुछ छिपा नहीं ह और तुम भी सब जानते और देखते हो इसलिए जो तुम्हारे मन में ह वो बोलो.

Me.,--Didi में सेक्स करके देख चूका हु और मुझे देखना अच्छा लगता ह.

दीदी ,-- हम्म , तुमने किसके साथ सेक्स किया ह.

में.,-- अनवर की बहन रेशमा के साथ और तीन चार कॉल गर्ल के साथ.

दीदी ,--हम्म , तो

में.,-- मुझे सेक्स करने से ज्यादा देखने में मज़ा आता ह.

समीर भैया,-- मतलब तुम को छोड़ने से ज्यादा देखने में मज़ा आता ह वो कैसे.

में.,-- मुझे किसी को सेक्स करते समय बहुत उत्तेजना होती ह और फिर जो ....

समीर भैया ,-- समझ गया आगे तुम क्या कहना चाहते हो.

दीदी ,-- क्या समझे .

समीर भैया,-- में वो तुम्हे बाद में बता दूंगा . रोहित आज से तुम्हे परदे के पीछे से छिपकर देखने की जरुरत नहीं ह तुम बिना छुपा भी देख सकते हो.

में.,-- आपको और कुछ कहना ह भैया.

समीर भैया,-- नहीं.

में समीर भैया की बात सुनकर खड़ा हुआ और बाहर आ गया और खिड़की से देखने लगा . समीर भैया नंगे hi बाथरूम में गए और गेट के बाहर से hi अंदर मूतने लगे. समीर भैया क लुंड सेमि नुदे पोजीसन में था उनकी मूत की धार बाथरूम के सामने की दिवार तक जा रही थी . उन्होंने मूत कर अपने लुंड को हिलाया और मुड़े तो दीदी उनसे जाकर चिपक गयी.

दीदी के बोबे समीर भैया की पीठ पर गड कर आकर बदल चुके थे तभी समीर भैया ने घूम कर दीदी को चुम लिया .

दीदी ,-- रोहित क्या बोल रहा था जो तुम मुझे बाद में समझने को बोल रहे थे.

समीर भैया,-- सोना, तुम्हे कैसे समझौ. उसे एक तरह से यु समझ लो छोड़ने पर वीर्य बहाने से ज्यादा उसे बून्द बून्द कर निकलने में ज्यादा मज़ा आता ह.

दीदी ,-- मतलब.

समीर भैया,-- हम मर्दो के लुंड से चुदाई से पहले प्रीकम निकलता ह जो होता तो छूट में लिक्विडिटी बढ़ने को ह पर प्रीकम निकलते समय भी उठा hi मज़ा आता ह जितना छूट मरने के समय आता ह और रोहित एक तीर से दी निशाने लगा रहा ह.

दीदी ,-- कैसे.
 
समीर भैया,- पहला तो वो तुम्हारी नजरो में गिरने नहीं चाहता

दीदी ,-- और दूसरा.

समीर भैया,-- दूसरा वो तुम्हे छुड़वाते देखकर प्रीकम छोड़ कर उतना hi आनंद प् लेता ह जितना मुझे तुम्हे छोड़ने में आता ह .बस वो तुम्हारे बदन को छूकर महसूस नहीं कर सकता.

दीदी ,-- उसके लिए तो तुमने उसे खुला बोल hi दिया.

समीर भैया,-- ये तो ह पर उसे शायद मुझे छूने से hi वो उत्तेजना महसूस होती होगी इसलिए वो नहीं चाहता.

दीदी ,-- तभी वो हम दोनों के मिलान के लिए हमेशा तैयार रहता ह.

समीर भैया,-- हम्म. वैसे सोना अब हमें नए नए पोजीसन आजमाने पड़ेंगे सेक्स के लिए.

दीदी ,-- मेने मन थोड़े hi किया ह .

समीर भैया दीदी की निप्पल मरोड़ कर ,-- सोना तुम्हे उसमे बहुत तकलीफ होगी.

दीदी ,-- तो फिर मज़े लेकर hi करो न.

समीर भैया,-- पर ऐसे तो तुम्हारी छूट बहुत लम्बे समय तक छोड़ने से hi फ्री होगी . साल भर भी लग सकता ह क्योंकि में कल दो दिन फिर चला जाऊंगा कानपूर .

दीदी,-- तो हर बार एक नया पोजीसन में छोड़ लिया करो ताकि दर्द काम हो.

समीर भैया,-- हां ये ठीक रहेगा .अभी में तुमको पूरी गरम कर देता हु तुम झड़ने से पहले मुझे बता देना

दीदी ,-- क्यों .

समीर भैया,-- में आज तुम्हे नए पोजीसन में छोडूंगा और तुम पूरी गरम रहोगी तो दर्द जा अहसास नहीं होगा.

दीदी ,-- ठीक ह.

समीर भैया ने फिर दीदी को चूमना शुरू किया उन्होंने दीदी की आँख, नाक, कान , गाला और होंठ चूमने के बाद होंठ चूमे और फिर उनके बूब्स को चूसने के बाद उनकी आर्म पिट को चूमना शरू कर दिया.

दीदी की आर्म पिट चूमने से दीदी की सिसकिया बहुत तेज हो गयी .समीर भैया ने दोनों आर्मपिट को बरी बरी से चूमा और दीदी की आर्म पिट को जीभ से लीक करने लगे.

दीदी जोर जोर से सिसक रही थी वो समीर भैया के लुंड को सहला रही थी जो पूरा खड़ा हो चूका था . समीर भैया मुझे खिड़की पर देख चुके थे और मुस्करा कर दीदी की चिकनी आर्म पिट को जीभ से चाट रहे थे.

फिर समीर भैया दीदी की नवल को चूमने लगे और उनकी नवल में जीभ दाल दिए तो दीदी की सिसकिया और तेज हो गयी थी.

समीर भैया दीदी को पंद्रह मिनट से चुम और चाट रहे थे .

दीदी पूरी गरम हो चुकी थी और उसकी सिसकिया बता रही थी की वो कभी भी झाड़ सकती ह .

तभी दीदी ने समीर भैया को दूर कर दिया और बोली ,-- बस समीर , अगर और कुछ किया तो में झाड़ जाउंगी.

समीर भैया मुस्कराये और बोले , -- रोहित को बोलो की एक कंडोम देकर जाये .

दीदी ने आवाज लगाई, -- रोहित एक कंडोम देकर जाओ.

में सोफे के पास जाकर ,-- लाया दीदी.

मेने डॉटेड कंडोम का पैकेट खोला और एक कंडोम का रैपर खोलकर एक कंडोम निकला और रूम में गया तो दोनों एक hi चद्दर से लिप्त हुए खड़े थे.

मेने समीर भैया को कंडोम दिया तो दीदी मुस्कराई और समीर भैया बोले

समीर भैया,-- थैंक्स रोहित.

में मुस्करा कर बाहर आ गया और खिड़की से देखने लगा. मेरे आते hi समीर भैया ने चद्दर को हटा कर फेंक दिया और दीदी को पलंग पर गिरकर उनके पैरों को छोड़ा किया .

समीर भैया ,-- सोना अपने पैरों को पूरा खोल कर इन्हे ऊपर कर लो.

दीदी ने अपने पैरों को पूरा खोलकर ऊपर की तरफ किया तो दीदी की छूट खुलकर सामने आ गयी उनकी छूट के होंठ भी थोड़े से खुल गए तो समीर भैया ने अपने लुंड पर कंडोम चढ़ाया और दीदी के पास चद्दर करके बोले .

समीर भैया,-- सोना ये चद्दर अपने मुंह में ठूंस लो .

दीदी ,-- क्यों.

समीर भैया,-- तुम्हे दर्द होगा तो चीखने निचे तक जाएगी.

दीदी ,-- ज्यादा दर्द होगा समीर.

समीर भैया,-- हो भी सकता ह और जरुरी भी ह तभी तुम्हारी छूट फ्री होगी. देखो अभी मुंह खुल गया ह छूट का तो लुंड ज्यादा अंदर तक जायेगा.

दीदी ,-- होने दो दर्द में झेल लुंगी .तुम रुकना मत

दीदी ने चद्दर का एक हिस्सा अपने मुंह में घुसा लिया तो समीर भैया ने दीदी की छूट पर एक तगड़े शॉट लगाया.

दीदी की चीख निकली जो चद्दर में डाब कर रह गयी और वो तड़पने लगी .उनकी आँखों से आंसू आ गए तो समीर भैया ने दीदी के बूब्स को पकड़कर उन्हें चूमने शुरू कर दिए.

दो तीन मिनट तक दीदी के लबों को चूसने के बाद दीदी नार्मल हो गयी तो दीदी ने चद्दर को निकल दिया .

समीर भैया,-- चद्दर मत निकालो सोना ,अभी दर्द होगा.

दीदी ,-- में झेल लुंगी तुम मेरी छूट को फ्री करो बस.

समीर भैया ने फिर दीदी को धीरे धीरे छोड़ना शुरू किया तो दीदी की हलकी हलकी चीखे निकलने लगी तो समीर भैया ने धीरे धीरे गियर बदलना शुरू किया.

दीदी ,-- aa.hh .m..u...m..m....y . छोड़ो मुझे समीर . खोल दो मेरी छूट को पूरा ... b...h..n..ch...o...d

समीर भैया,-- le...ra....h..di... अब चिल्ला.... में तेरी छूट का भोसड़ा बना दूंगा.

दोनों पांच.- सात मिनट तक ऐसे hi एक दूसरे को गाली देते हुए चुदाई करने लगे और फिर दीदी पहले झाड़ गयी तो समीर भैया भी झाड़ कर दीदी के ऊपर गिर कर हांपने लगे तो दीदी ने अपने पेअर निचे कर लिए.

समीर भैया,-- दर्द हो रहा ह सोना.

दीदी ,-- नहीं . बस पहली बार लुंड घुसा तब हुआ था .

समीर भैया,-- मज़ा आया .

दीदी ,- हम्म.

समीर भैया,-- तुम उस डिलडो को काम में लो अब.

दीदी ,-- क्यों ,जब ओरिजिनल लुंड hi ह तो डिलडो क्यों.

समीर भैया,-- तुम्हारी छूट को लूसे करने के लिए.

दीदी ,-- नहीं , मुझे डिलडो से नहीं करवाना. में तो लुंड से hi करौंगी.

समीर भैया,-- फिर तो बहुत टाइम लग जायेगा. तुम्हारी छूट अभी भी बहुत तीते ह.

दीदी, -- तुम लुंड को ज्यादा देर छूट में रखा करो.

समीर भैया,-- सोना लुंड डालते hi अपने आप धक्के लगाने का मन करता ह.

दीदी ,-- तो धक्के मत लगाया करो.

समीर भैया,-- तेरी कमसिन छूट ह hi ऐसी . लुंड को जकड लेती ह और फिर रोका नहीं जाता.

दीदी ,-- तो कोई उपाय करो फिर.

समीर भैया,-- उसका उपाय तो वही ह वियाग्रा. जो तुम्हे पसंद नहीं आएगा.

दीदी ,-- तुम उसे खाकर तो मेरी जान निकल देते हो . उस दिन पूरी छूट को छील दिए.

समीर भैया,-- उस दिन मुझे जाना था और मुझे लगा की में झाड़ूंगा hi नहीं इसलिए तेज धक्के लगा दिए.

दीदी ,-- आज नहीं लगाओगे न.

समीर भैया,-- अगर तुम मेरे साथ सेक्सी बाते करो तो में तुम्हारी छूट में दो तीन घंटे लुंड डाले पड़ा रहूं.

दीदी ,-- तो फिर वियाग्रा खाकर मेरी छूट में घुस जाओ में तुमसे सेक्सी बातें करुँगी . हम लोग नाजनीन से फ़ोन से बातें करेंगे और जिन लोगों ने मेरी फोटो पर कमेंट किया ह उन्हें फ़ोन कर लेंगे.

समीर भैया ने फिर अपना लुंड छूट से बाहर निकला और दीदी से बोले ,-- सोना कंडोम अतरो ना.

समीर भैया ने दीदी के गाल पैर किश किया तो दीदी उठकर बेथ गयी और समीर भैया के लुंड से कंडोम उतर कर फेंक दिया . इस बार उन्होंने बिना कहे hi समीर भैया के लुंड को चाट कर साफ़ कर दिया.

दीदी फिर पलंग से उत्तरी एयर बाथरूम की तरफ गयी और इस बार दीदी भी बाथरूम की चौखट पर हे बैठकर मूतने लगी.

दीदी ने अपनी गोरी गांड को थोड़ा सा ऊपर उठाया तो मुझे उनकी छूट से मूत्र निकलते दिखा. समीर भैया भी दीदी की गांड को देख कर छूट से निकलते मधुर संगीत सुन रहे थे.

दीदी मूत कर टोलिया से छूट पांच और समीर भैया को देखकर मुस्कराई. समीर भैया भी मुस्करा कर अपनी बाहें फैला दिए तो दीदी उनकी बाँहों में समा गयी.

तभी समीर भैया बोले ,-- सोना थोड़ी देर सो लेते ह तुम रोहित को बोलो एक घंटे बाद खाना मंगवा ले.

दीदी ,-- में बना लेती हु.

समीर भैया, - सोना तुम थक जाओगी अभी फिर से तुम्हे छोड़ना ह . रोहित को बोल दो न वो आर्डर करके मंगवा लेगा.

दीदी समीर को प्यार से चूमकर ,-- तुम मेरा कितना ध्यान रखते हो.
 
में सोफे पर जाकर टीवी देखने लगा तो दीदी ने मुझे आवाज लगाई .

दीदी ,-- रोहित क्या कर रहा ह.

में उठकर अंदर आया तो देखा दोनों के बदन पर चददर थी और बोलै ,-- हां दीदी.

दीदी ,-- रोहित खाना आर्डर कर दे न.

में.,-- ठीक ह दीदी कर देता हु.

दीदी ,-- और वो एक टेबलेट ला दे.

में.- कोनसी दीदी

दीदी ,-- वो वाली.

में.,-- कोनसी वाली दीदी .

दीदी मुस्करा कर ,-- अरे वो जो उस दिन तू लाया था.

में.,-- ओह्ह दीदी , क्या बोल रही हो कोनसी टेबलेट लाया था.

समीर भैया हमारी बाते सुन कर हंस रहे थे . वो दीदी से बोले

समीर भैया,-- क्या सोना क्यों परेशां कर रही हो बिचारे को .

दीदी ,-- रोहित v..i..g.. र... आ.... वाली.

में.,-- दीदी पता नहीं आप कोनसी टेबलेट बोल रही हो आप तो ये बताओ किस चीज की ह.

दीदी ,-- वो स्टैमिना बढ़ने वाली.

में.,-- वो लड़कियों के लिए भी आती ह क्या.

दीदी ,-- मेरे लिए नहीं समीर भैया के लिए लानी ह.

में.,-- रहने दो ,उस दिन आप दो दिन तक तक परेशां रही थी.

दीदी मेरी बात सुनकर लजा गयी और फिर मुस्कराने लगी.

दीदी ,-- ऑफ , समीर तुम hi बोलो न .

समीर भैया,- रोहित मफ 500 मग ले आओ एक. दीदी को आज में परेशां नहीं करूँगा.

में.,-- ठीक ह भैया , में खाना भी पैक करवा लता हु.

समीर भैया,-- लेट मत करना भूख लगी ह.

में. -- भैया स्टेशन से पहले hi खाना मिल जायेगा और अभी आधे घंटे में आ जाऊंगा.

समीर भैया,-- पैसे ले जाओ.

में. -- ह मेरे पास भैया . आप हमारे घर आये हो आप से पैसे थोड़े hi लूंगा.

उसके बाद में अपने रूम में आया और मेने अपना कंडोम उतरा तो वो पानी से भरके लटक रहा था. मेने उसे फ्लश किया और कपडे पहन कर फ्लैट को लॉक किया और

स्टेशन रोड पर एक रेस्टोरेंट में खाना पैक करने का बोलकर सामने मेडिकल स्टोर पर गया.

में हर बार अलग मेडिकल स्टोर से सामान लेता था क्योंकि मुझे अगर इतने सरे कंडोम और टेबलेट लेते कोई देख ले तो पक्का मुझे दलाल समझ ले.

मेने वियाग्रा लेकर खाना लिया और बीस मिनट में वापस आ गया .मेने गेट खोला तो दीदी और समीर भैया सोफे पर टीवी देखते मिले . दीदी पैडेड ब्रा और पंतय पहने थी उस पर उसने नेट वाली निघ्त्य पहन राखी थी .पैडेड ब्रा से उसके बूब्स बहुत बड़े दिख रहे थे.

मेने खाना टेबल पर रखा और प्लेट लाकर लगाया तो समीर भैया और दीदी ने फिर से एक hi प्लेट में खाना खाया और खाना खाने के बाद दीदी मुझे घूरने लगी तो में समझ गया की वो टेबलेट के लिए घूर रही ह.

समीर भैया ने मुझे इशारे से टेबलेट नहीं देने को बोल दिया था . मेने प्लेट को किचन में रखा और बोलै

में. -- दीदी में पढ़ने जा रहा हु.

समीर भैया ने दीदी को कोहनी से मार कर टेबलेट देने को कहा पर दीदी बोल नहीं रही थी. में भी रूम में आ गया और पढ़ने का नाटक करने लगा तो थोड़ी देर में दीदी आयी और बोली.

दीदी ,-- समीर तू वो नहीं लाया.

में.,-- क्या दीदी.

दीदी ,-- वो टेबलेट.

में,-- ओह्ह दीदी में तो भूल hi गया था .

मेने जेब से टेबलेट निकलकर दीदी को दी तो दीदी दिल के आकर वाली नीली टेबलेट को गौर से देखकर मुस्कराई और चली गयी तो समीर भैया की आवाज आयी. वो मुझे बुला रहे थे तो में उठकर बाहर आया .

दीदी किचन में थी और में सोफे पर बैठा तो समीर भैया ने मुझे सिगरेट पिने को दी जिसे वो पि रहे थे.

समीर भैया धीरे से बोले,-- आज दीदी की बातें सुन न तुम्हे हैरानी होगी.

में.,-- कैसे

समीर भैया,-- तुम थोड़ी देर बाद खिड़की के पास आ जाना.

तभी दीदी एक गिलास दूध लेकर आ गयी तो समीर भैया टेबलेट को खा कर थोड़ा सा दूध पि लिए और फिर बाकि का दीदी को पीला diye.to दीदी उसे पि गयी

दीदी ने समीर भैया को टेबलेट लेते गौर से देखा था और वो उन्हें देखकर मेरी तरफ देखि और मुस्कराई तो में भी सिगरेट पीकर मुस्करा दिया.

में सिगरेट पि रहा था समीर भैया ने दीदी को गॉड में उठा लिया और उन्हें दीदी के रूम में ले गए . दीदी खिलखिलाकर हंसने लगी और फिर समीर भैया ने दीदी के रूम का पर्दा लगा लिया.

मेने जल्दी से रूम में जाकर अपने कपडे खोले और नंगा होकर अपने लुंड पर कंडोम चढ़ाया और फिर चड्डी के ऊपर बरमूडा और बनियान पहन लिया.

मेने टाइम देखा अभी डेढ़ बजा था और समीर भैया को पांच बजे तक दीदी की छूट में लुंड डालकर पड़े रहना था.

में खिड़की पर आया तो दोनों पलंग पर सोये थे समीर भैया पीठ के बल सोये थे और दीदी उनके ऊपर सोई थी.

दीदी ,-- तुम मुझे ऐसे रोहित के सामने hi गॉड में उठा लाये.

समीर भैया,-- तो क्या उसके सामने लुंड पर बिठाकर लता.

दीदी ,-- धत्त ,बेशरम

समीर भैया, -- अच्छा , वियाग्रा भाई से बोलकर तुम मंगवाओ, कंडोम छोड़ने को तुम मंगवाओ और बेशरम में.

दीदी ,-- हम्म, मुझे तो बेशरम बन न hi पड़ेगा , नहीं तो गोआल कैसे पूरा होगा.

समीर भैया,-- अब हमें रोहित को धीरे धीरे सब कुछ बता देना चाहिए .

दीदी ,-- यार इतनी बाते खुल कर कैसे बताउंगी.

समीर भैया,-- एक काम करते ह आज तो तुम्हारी छूट को छोड़ा करना ह . कभी गेम के माध्यम से बता देंगे.

दीदी ,-- हम्म , वो सेक्स स्टोरी में जो ट्रुथ और डरे का गेम होता ह उसमे .

समीर भैया,-- हम्म्म . चलो एक बार उठो मुझे पेशाब लगी ह.

दीदी ,-- चलो में भी कर लेती हु.

समीर भैया, -- तो फिर मेरी चड्डी निकालो ना.

दीदी, -- हम्म तुम भी मेरी निकल दो दोनों साथ hi चलते ह.

समीर भैया,-- वावो ,सोना तुम धीरे धीरे बोल्ड बन रही हो.

दीदी मुस्कराकर, -- वो तो बन न hi पड़ेगा नहीं तो गोआल कैसे करुँगी.

समीर भैया ने दीदी की निघ्त्य खोलकर उसकी पेंटी निकल दी .अब दोनों बॉटम लेस्स थे . समीर भैया बनियान में थे और दीदी पैडेड ब्रा में .

दोनों बाथरूम में गए और गेट के पास hi मूतने लगे . दीदी वैसे hi गांड उठकर मूत रही थी और समीर भैया घुटनो के बल बैठकर मूत रहे थे . दीदी ने जल्दी से मूत लिया जबकि समीर भैया थोड़ा देर तक मूत कर अपने लुंड को हिलाकर खड़े हुए.

समीर ,-- सोना तुम अब मेरे सामने पूरी बोल्ड बन रही हो.

दीदी,-- हम्म.

समीर भैया,-- तुम्हे रोहित के सामने भी बोल्ड बनना पड़ेगा तभी तुम दुसरो के सामने नुदे हो पाओगी.

दीदी, -- समीर ु क्नोव, में धीरे धीरे सब कर लुंगी.

समीर भैया ने फिर दीदी की ब्रा को खोल दिया और उसे नंगी करके बोलै, -- सोना टेबलेट का असर थोड़ी देर में होगा क्योंकि मेने जस्ट खाने के बाद टेबलेट खायी ह.

दीदी, -- हम्म , मुझे मालूम ह .

समीर भैया ,-- तो कुछ कर न की मूड बन जाये .

दीदी, -- बोलो ,क्या करूँ

समीर भैया,-- वही जो नाजनीन करती ह.

दीदी का चेहरा लाल हो गया और वो बोली, -- समीर वो अभी मत करवाओ न.

समीर भैया,-- तो ठीक ह फिर चल गण hi सुना दे जो नाजनीन और तुम एक्टिंग की थी उस रात.

दीदी ,-- सिर्फ गण

समीर भैया,- हम्म एक्टिंग मत करना

दीदी ,-- हम्म , मुझे पूरा याद नहीं ह.

समीर भैया,- तो मोबाइल में देख के न याद आ जायेगा.

दीदी ,-- चलो देखती हु.

दीदी ने मोबाइल खोला और उसमे कुछ पढ़ने लगी .समीर भैया पलंग पर बेथ चुके थे और दीदी को देख रहे थे.
 
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