Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure - Page 2 - SexBaba
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Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure

मुझे टीवी को वॉल्यूम बढ़ाना पड़ा क्योंकि दीदी की सिसकिया बहुत जोर से हॉल में आ रही थी . लगभग साढ़े ग्यारह बजे दीदी की सिसकिया बंद हुयी और थोड़े देर में समीर भैया कपडे पहन कर बाहर आये .

उन्होंने मुझे गले लगाया और चार बार थैंक्स बोलै तो में उन्हें गेट तक छोड़ के आया और गेट बंद करके जब दीदी के रूम में देखा तो वो नंगी hi आँखे बंद किये सो रही थी उनकी छूट पूरी लाल हो चुकी थी और थोड़ी सूजन भी लग रही थी .

मेने टीवी बंद किया और अपने रूम में आकर एक बार फिर दीदी की थोंग में मुठ मार्कर सो गया.

अगले दिन में सुबह उठा तो दीदी ने गाउन पहना हुआ था और वो थोड़ा लंगड़ा कर चल रही थी तो मेने पूछा दीदी लंगड़ा कर क्यों चल रही हो तो दीदी मुस्करायी और फिर बोली की में बाथरूम में फिसल गयी थी.

में समझ गया की दीदी मुझे सच नहीं बोलेगी और सच मुझे पता था की दीदी की छूट में अभी सूजन होगी.

शाम में में कॉलेज से घर आया तो दीदी ने फिर से सलवार सूट पहन रखा था . मेरे चेहरे पर हताशा देखकर दीदी ने कहा ,-- रोहित अभी चार दिन मुझे पुरे कपडे पहनने पड़ेंगे . में समझ गया की दीदी को माहवारी आ गयी ह.

चार दिन ऐसे hi बीत गए में भी पढाई में लग गया और पांचवे दिन दीदी फिर से शार्ट निघ्त्य पहन कर नास्ता दी तो में समझ गया की दीदी अब क्लियर हो चुकी ह. दीदी मुझे नास्ता देते हुए मुस्करा रही थी . तो मेने भी उनकी टांग खींचने की सोचा और बोलै ,-- दीदी समीर भाई का फ़ोन नहीं आया इन दिनों में.

दीदी ,--मेने hi मन किया था आज आएगा रात में.

Me.,,--ohh, तब तो आपको इंतजार रहेगा.

दीदी, -- चुप शैतान .

में नास्ता करके कॉलेज चला गया और शाम में भी कुछ खास बात नहीं हुयी.

रात में खाने के समय दीदी मुस्करा रही थी तो मेने पूछ लिया.

में.,-- दीदी क्या बात ह आज मुस्करा रही हो. समीर भैया का फ़ोन आया था क्या

दीदी ,-- तुम मुझे ये बता उस दिन तुमने समीर को टेबलेट दी थी वो क्या चीज की थी.

में मुस्करा कर ,-- क्यों समीर भैया ने नहीं बताया .

दीदी ,-- में तुम्हारे मुंह से सुन्ना चाहती हूँ.

में.,-- दीदी में आपको नहीं बता सकता आप समीर भैया से hi पूछ लेना.

दीदी ,-- सोच ले अगर नहीं बताएगा तो में भी तुम्हे वो नहीं दूंगी.

में.,-- क्या

दीदी ,--वही जिसे तू रोज गन्दी करके छोड़ देता ह.

Me.,,--jab आप खोलकर नहीं बोल सकती तो में क्यों बोलू.

दीदी ,--pe...n..ty

में.,-- अब तो बताना hi पड़ेगा.

दीदी ,--तो बोल.

में ,-- दीदी वो वियाग्रा की गोली थी .

दीदी ,--आईडिया किसका था.

Me.,--Samir भैया, ने मुझे कहा था.

दीदी ,--कब

Me.,,--jab हम टॉयलेट गए थे . क्यों

दीदी ,-- समीर उस रात बहुत देर तक करता रहा और मुझे बताया भी नहीं की वो टेबलेट लिया ह .

में.,-- मतलब आप ऐसे hi मुझसे पूरी बात पता कर ली.

दीदी ,--बच्चू में तेरी दीदी हु . अब देखना में समीर को कैसे सबक सिखाती हु

दीदी ये बोलकर मुस्करा उठी तभी समीर भैया का फ़ोन आ गया तो दीदी अपने रूम में चली गयी में उनके गेट के पास कान लगाकर सुनने लगा पर कुछ सुनाई नहीं दिया क्योंकि दीदी बहुत धीरे बोल रही थी. थोड़ी देर में समीर भैया ने वीडियो कॉल किया तो में भी मुस्करा दिया और अपने रूम में आ गया.

में थोड़ी देर बाद पानी पिने बाहर आया तो दीदी के रूम से हंसने की आवाज आ रही थी . दीदी ने मुझे किचन में जाते देखा तो आवाज लगाकर बुलाया और बोली लो बात करो.

मेने फ़ोन लेने के लिए हाथ आगे बढ़ाया तो दीदी ने स्पीकर ों कर दिया .

समीर, --यार तूने सोना को क्यों बताया की मेने वियग्रा खाई थी.

में.,-- मुझे दीदी ने फुसला कर पूछ लिया और मेने सोचा आप ने बता दिया होगा.

दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कराई तो समीर बोलै ,-- समझ गया ,सोना को मेने नहीं बताया तो वो तुमसे उगलवा ली , चल फ़ोन दीदी को दे यार पांच दिन से दीदी को नंगी नहीं .......

तभी दीदी ने स्पीकर बंद कर दिया और मुझे बाहर जाने का इशारा किया तो में बाहर आ गया .

में किचन में पानी पीकर आया तो दीदी का वीडियो कॉल चालू था वो टॉपलेस होकर समीर भैया को अपने बूब्स दिखा रही थी और फ़ोन में समीर भैया का लुंड दिख रहा था .कुछ देर में वह खड़ा रहा और लुंड को मुठियाने लगा तो बहुत जल्द में झाड़ गया और आकर सो गया.

अगले दिन जब में उठा और चाय पिने बैठा तो सोनाक्षी दीदी सिल्की निघ्त्य पहनी थी और उसके अंदर ब्रा पेंटी नहीं पहनी थी क्योंकि उसकी निप्पल सिल्की निघ्त्य से पूरी क्लियर पता चल रही थी. दीदी मेरी और देखकर मुस्करायी तो में भी मुस्कराया.

दीदी ,-- रोहित आज से तू मेरे कमरे में hi नहा लिया कर .

में.,-- क्यों दीदी.

दीदी ,-- क्योंकि उसी में वाशिंग मशीन ह तो कपडे धोने के लिए मुझे सुविधा होगी.

में.,-- ठीक ह दीदी .

दीदी ,-- आज से तुझे मेरे बाथरूम में तेरे लिए तेरे मतलब की चीज भी पड़ी मिल जाएगी.

दीदी ये बोलकर मुस्करायी तो में भी मुस्करा दिया और जल्दी से चाय ख़त्म करके दीदी के बाथरूम में घुस गया . मेने बाथरूम का गेट लॉक नहीं किया था सिर्फ गेट बंद किया था . मेने कपडे खोलकर जब शावर का हैंडल को देखा तो दीदी की पेंटी उस पर लटत रही थी.

दीदी की पेंटी देखते hi मेरा लुंड पूरा अकड़ गया और मेने पेंटी उठाकर उसे सुंघा तो दीदी की पेंटी की मादक खुसबू ने मेरे अंदर पूरी गर्मी पैदा कर दी .

मेने दीदी की पेंटी को अपने लुंड पर लपेटकर घस्से लगाने शुरू कर दिए और कुछ देर में ढेर सारा वीर्य निकला जो मेने दीदी की पेंटी में डालकर नहाया और पेंटी को वैसे hi टांगकर तोलिये लपेट कर अपने रूम में आ गया .

दीदी ने मुझे अपने रूम में जाते हुए देखा तो शरारत भरी मुस्कान उनके चेहरे पर दिखी.

में कपडे पहन कर नास्ता करने बैठा तो दीदी भी नास्ता लेकर आ खाने बेथ गयी और मुझसे बोली.

दीदी ,-- रोहित तुम्हे किसी की चीज को इस तरह गन्दा नहीं करना चाहिए.

में पहले तो समझा नहीं फिर जब समझ में आया की दीदी किस चीज की बात कर रही ह तो मुस्करा कर बोलै.

में. -- दीदी जमाना बहुत मतलबी हो गया ह ना.

दीदी ,-- कैसे.

में.,-- लोग रात भर एन्जॉय करके अपना सामन इधर उधर फेंक देते ह . वो ये नहीं सोचते की सामान को डस्टबिन में दाल दे बल्कि अलग अलग जगह पर दाल देते ह.

दीदी मेरी बात को समझ गयी की में कंडोम की बात कर रहा हु इसलिए उनका चेहरा लाल हो गया और वो चुप हो गयी तो में फिर से बोलै.

Me.,--vese दीदी मुझे वो सामान देखकर पता चल जाता ह की मेरी दीदी को कितनी बार ख़ुशी मिली.

दीदी ,-- बदमाश.

में जल्दी से उठकर खड़ा हुआ और दीदी को मुस्कराते छोड़ कर कॉलेज को आ गया. दोपहर में समीर भैया का फ़ोन आया की दीदी को एक त्रिम्मेर ला कर दे देना तो मुझे याद आया की दीदी की छूट पर झांट दिखने लगी थी जिसे वो साफ़ करना चाहती होगी . पर बाद में मुझे पता चला की ये सब मुझे ओपन करने का तरीके था..

वैसे भी मेरे पास ऑनलाइन मंगाया हुआ त्रिम्मेर था जो मेरे बैग में था .

कॉलेज से में घर आया तो दीदी ने खाना दिया वो खाकर में अपने रूम से त्रिम्मेर लेकर दीदी को दिया तो दीदी ने त्रिम्मेर देखकर मुझसे पूछा.

दीदी ,-- ये क्या ह.

में ,-- त्रिम्मेर ह दीदी , बालो को ट्रिम कर देता ह अब आपको इसकी जरुरत पड़ेगी.

दीदी को जब मेरी बात का मतलब समझ में आया तो मुस्करा कर त्रिम्मेर ले कर अपने रूम में चली गयी और थोड़ी देर बाद उसने मुझे वापस त्रिम्मेर लेक दिया तो मेने उस पर फंसे एक बाल को जो आधा इंच का था निकल कर देखने लगा.

दीदी ने मेरे हाथ से वो बाल पकड़कर फेंक दिया . उनके चेहरे पर मुस्कान के साथ शर्म भी दिख रही थी.

में त्रिम्मेर लेकर अपने रूम में आ गया और पढ़ने लगा.

दो दिन बाद शाम को में अपने रूम से बाहर आया तो दीदी मुझे नहीं दिखी तो में उन्हें रूम में देखने गया . दीदी कुर्सी पर बैठकर समीर भैया से बात कर रही थी उसकी पीठ गेट की तरफ थी और वो वीडियो कॉल पर बात कर रही थी . मुझे समीर भैया का चेहरा दिख रहा था वो दीदी को बोल रहे थे.

समीर भैया, -- सोना तुम्हे रोहित के सामने और ओपन होना पड़ेगा.

दीदी ,,--इतना तो हो चुकी.
 
समीर भैया, -- तुम समझ नहीं रही हो हमारे पास तुम्हारे घर के अलावा दूसरी कोई जगह नहीं ह चुदाई की

दीदी ,--हम्म

समीर भैया, -- इसलिए उसके सामने पूरी ओपन hi जाओ उसके सामने कभी कभी ब्रा पेंटी में आ जाया करो.

दीदी ,-- ठीक ह .

समीर भैया, -- अब तो वो तुम्हारे hi बाथरूम में नाहटा ह . इसलिए कभी कभी तोलिये में भी बाहर आ जाया करो.

दीदी, -- मुझे थोड़ी शर्म आती ह.

समीर भैया,-- सोना तुम्हे अपने एडवेंचर पुरे करने ह तो तुम्हे रोहित को पूरा ओपन करना hi पड़ेगा.

दीदी ,-- में धीरे धीरे हो रही हु.

समीर भैया,--, -- रोहित बहुत समझदार ह देखो तुम्हारे लिए वो क्या नहीं करता उस दिन मेने त्रिम्मेर का कहा तो तुरंत लेकर दे दिया.

दीदी ,-- हम्म , उसमे मेने झांट का बाल भी छोड़ा था जो उसने देख लिया.

समीर भैया,-- उसे तुम अपनी पर्सनल चीजे भी मंगवाया करो.

दीदी ,-- वो क्या

समीर भैया,-- जैसे सन्तरी पद , छूट साफ करने को टिश्यू और तुम्हारी झांट बहुत जल्दी बढ़ जाती ह इसलिए अगली बार झांट साफ़ करने की क्रीम भी उसी से मंगवाना.

दीदी ,-- ठीक ह.

समीर भैया,--, में तुम्हारे मोबाइल में कुछ पैसे भेजता हु तुम उसके साथ जाकर थोड़ी सेक्सी ड्रेस भी खरीद लेना.

दीदी ,-- इतनी तो पड़ी ह.

समीर भैया,-- अब की बार रोहित की पसंद की hi लेकर आना.

दीदी ,-- ठीक ह.

समीर भैया ,-- अब ये गाउन खोल दो और मुझे ब्रा पेंटी में अपना बदन दिखाओ .

दीदी ने अपना मोबाइल पलंग पर रखा और कड़ी होकर गाउन निकल दिया जब वो वापस बैठने लगी तो उसकी नजर मुझ पर पड़ी और वो जल्दी से अपना बदन चद्दर खींचकर धक् ली और मुस्कराने लगी.

तभी उसने फ़ोन उठाया तो समीर भैया की नजर मुझ पर पद गयी तो बोले ,-- हेलो रोहित.

में.,-- जी समीर भैया

समीर भैया,--, यार तुम अपनी दीदी का ध्यान नहीं रखता देखो कितनी कमजोर हो गयी ह. जाओ उसके लिए जूस बनाकर पिलाओ.

में.,-- अभी बनाकर लता हु.

में किचन में गया और दो गिलास जूस बनाये और कमरे में आया तो दीदी ने अपना बदन धक् रखा था और उसकी ब्रा पेंटी सामने पड़ी थी.

मतलब वो चद्दर के अंदर पूरी नंगी थी.

समीर भैया ने मुझे देख लिया था तो वो बोले ,-- रोहित तू अपने हाथ से दीदी को जूस पिलाते हुए मुझे दिखा.

मेने गिलास को दीदी के मुंह से लगाया और जूस पिलाया तो समीर भैया बोले.,-- बढ़िया रोहित तो अब रोज दिन में दो बार अपनी दीदी को जूस पिलाया कर.

में.,-- जी भैया.

समीर भैया,-- तुम्हे पता ह ना दीदी रोज कितना पानी बनती ह उसे अगर जूस नहीं पिलाया तो वीकनेस आ जाएगी.

में.,-- जी भैया , अब में ध्यान रखूँगा और दीदी के साथ चाय की जगह जूस hi पियूँगा.

उसके बाद समीर भैया ने दीदी से कहा ,-- सोना रोहित को वो दे दो.

दीदी ने मुझे अपने पेंटी उठाकर पकड़े तो में उसे लेकर बाहर आ गया . दीदी ने गेट बंद नहीं किया था और उसने मुझे बाहर आये देखकर अपनी चद्दर हटा दी.

मेने गेट पर खड़ा रहना ठीक नहीं समझा और खिड़की के पास जाकर परदे की आउट से उनको देखने लगा.

दीदी अब पूरी नंगी थी और फ़ोन में देखते हुए अपने बोबे मसल कर समीर भैया को दिखा रही थी .

समीर भैया, -- सोना तेरे बूब्स दिन बी दिन सूंदर होते जा रहे ह.

दीदी, -- कैसे.

समीर भैया,-- देखो ना पहले जब तुम्हे पहली बार छोड़ा था तब अमरुद से थे अब अनार से भी बड़े लगने लगे ह.

दीदी ,-- हम्म,

समीर भैया,--, -- वैसे बड़े बोबे वाली लड़कियां सबको सूंदर लगती ह.

दीदी ,-- अब तुम जल्दी से मुझे झड़वाओ मुझे खाना बनाना ह.

समीर भैया,--, सोना अगली बार में आऊंगा तो तुझे पुरे फ्लैट में हर जगह पर चुदुँगा.

दीदी ,-- अहह .. छोड़ लेना अब रोहित भी हमारी पूरी मदद करेगा.

समीर भैया,-- तुझे रोहित के सामने hi छोडूंगा मेरी जान.

दीदी ,-- अह्ह्ह....

मेने देखा की दीदी की छूट से पानी निकल कर बेडसीट पर गिर रहा ह उसने फ़ोन काट दिया और फिर वो उठकर अपना गाउन पहन ने लगी तो मेने भी उनकी पेंटी को रास से भर दिया.

अगले दिन में कॉलेज से घर आया तो देखा समीर भैया का मेसेज आया हुआ था. उन्होंने मुझे एक एड्रेस भेजा था जिसमे एक दुकान का एड्रेस था जो मॉल में थी .

मेने दुकान को मैप पर डाला और सर्च किया तो वो घर से बहुत दूर थी और बाइक से एक घंटे की राइड दिखा रही थी.

मेने खाना खाया तो दीदी रूम में चली गयी और थोड़ी देर बाद तैयार होकर आयी उसने सलवार सूट पहना हुआ था वो बोली ,-- रोहित मुझे बाजार से कुछ कपडे लेने ह.

में खाना खा चूका था इसलिए बोलै ,-- चलो दीदी.

मेने बाइक ली और मैप के नक़्शे के हिसाब से एक घंटे में मॉल पर पहुँच गए और फिर सिक्स्थ फ्लोर पर गए तो वह पर पीछे की साइड एक दुकान थी. जिस पैट बोर्ड लगा था नई शार्ट ड्रेस फॉर गर्ल्स.

हम दुकान में पहुंचे तो वह पर सिर्फ दो hi सेल्समेन थे एक लड़का और एक लड़की.

हमें देखते hi लड़के ने लड़की से कहा ,-- बोर्ड लगा दो.

लड़की ने गेट के बाहर क्लोज्ड का बोर्ड लगा दिया तो लड़का बोलै ,-- हम एक बार में एक hi कस्टमर को ड्रेस दिखते ह.

लड़की ,-- बोलिये सर किस टाइप का ड्रेस लेना ह आपको अपनी गर्लफ्रेंड के लिए.

दीदी ने मुझे एक तरफ खिंचा और धीरे से बोली, -- रोहित हम लोग ऐसी जगह आ गए ह जो कपल या नेवली मैरिड लोगो के लिए ह इसलिए चुपचाप रहना.

में.,-- don't वोर्री दीदी में उनको कैसे बोल सकता हु की ये मेरी दीदी ह.

लड़की ने जब ये कहा तो मेने दीदी की तरफ देखा और मुस्कराया तो दीदी भी मुस्करा कर बोली ,-- मुझे मॉडर्न और सेक्सी ड्रेस लेनी ह जो मेरे बॉयफ्रेंड को पसंद आये.

लड़की ,-- जी सर आप जो डिस्प्ले में लगी ह उनमे से देख लीजिये.

में उस बड़ी सी दुकान के से दस बारह ड्रेस पसंद किया तो लड़की बोली ,-- सर अगर आप को आपत्ति नहीं हो तो मैडम का नाप लेना पड़ेगा.

में.,-- हम्म ले लीजिये.

लड़की ,- सर नाप इस तरह से नहीं हो पायेगा मैडम को सलवार सूट खोलना पड़ेगा तभी ठीक से नाप ले पाएंगे वार्ना फिटिंग सही नहीं हुआ तो ड्रेस अच्छी नहीं लगेगी.

में ,-- यहाँ पर कोई कैमरा वगैरह तो नहीं लगा ह.

लड़का ,-- सर ,इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट करके हम यहाँ कैमरा लगवाएंगे तो फिर चल गया हमारा काम. होने तो फिर पोर्न मूवीज बनाने का काम करना होगा. हमारे यहाँ पर तो मोबाइल से फोटो लेना भी अल्लोव नहीं ह

में.,-- सोना दे दो नाप

में पहली बार दीदी को जिंदगी में उनके नाम से पुकारा तो दीदी के बदन में झुरझुरी सी हुयी और वो मुस्कराने लगी.

लड़की ,-- मैडम अगर आप ऐसे hi टाइम लगाएंगी तो हम सुबह से शाम तक आप hi को अटेंड कर पाएंगे . प्लीज जल्दी करिये.

दीदी ने फिर कुछ सोचा और अपना कुरता निकल दिया तो दीदी ब्रा में आ गयी . दीदी ने आज अपनी पुराणी ब्रा पहनी थी जिसे देखकर मुझे हैरानी हुयी की दीदी ने तो ये कब की पहननी छोड़ दी फिर आज कैसे पहनी. तभी मेरे दिमाग की घंटी बजी की शायद दीदी को मालूम था की हम जिस जगह जा रहे ह वह ऐसा hi होगा.

दीदी ने फिर सलवार भी खोल दी और वो पुराणी पेंटी में नजर आयी तो मुझे पूरा विस्वास हो गया की ये समीर भैया की प्लानिंग थी मुझे ओपन करने की.

लड़की ने फीता लिया और फटाफट बोलने लगी .लिखे बूब्स 34 कप स . कमर 32 .हिप्स 33 और फिर उसने जांघ और दूसरे नाप लिखने लगी तो में बोलै.

में.,-- सोना मेने कहा था ना कप साइज स हो जाएगी.

दीदी मेरी बात पर शर्मायी और मुस्कराने लगी तो लड़की बोली ,-- सर कप साइज बी से थोड़ा बड़ा ह और बी से स hi होगा इसलिए मैडम को स साइज की hi ड्रेस दंगे नहीं तो फिर कुछ दिन में पूरी फिट नहीं आएगी. क्योंकि हमारी फिटिंग बिलकुल तीते होती ह.

लड़की ने दीदी को कपडे पहनने को कहा तो में बोलै की इनमे से कोई मॉडर्न ड्रेस दे दीजिये वही पहन लेगी.

लड़की, -- सर इनमे से कोई ड्रेस ऐसी नहीं ह जो ब्रा पेंटी के ऊपर पहन सके.

में.,-- तब तो रहने दीजिये .

दीदी ने वापस सलवार कुरता पहन लिया .
 
फिर लड़के ने मेरी पसंद की हुयी ड्रेस को नाप के हिसाब से निकलना शुरू किया . पहली ड्रेस ऐसी थी जैसे टोलिया लपेटा जाता ह .बूब्स से शुरू होकर कूल्हों से थोड़ी निचे जाकर ख़त्म . उसके ऊपर िलासयिक था रोकने के लिए और कपडे ऐसा था जो चिपक कर रहे.

दूसरी ड्रेस भी लगभग वैसी hi थी बस उसमे निचे दोनों साइड में काट था जिससे साइड से पेअर गांड की शुरुवात तक खुले दिखे वैसी थी.

तीसरी ड्रेस एक क्रॉप टॉप टाइप की थी बोब्ब्स को कवर करके कंधे पर पहनने की फिर पेट खुला रहे और गांड पूरी कवर हो जाये.

दस की दस ड्रेस एक डैम सेक्सी थी और उन्हें धार में भी किसी के सामने पहनने से सोचना पड़े.

ड्रेस लेकर दीदी ने बिल का ऑनलाइन पेमेंट दिया और हम कररयबाग लेकर बाहर आये तो मेने बाहर आते hi दीदी से कहा.

में.,-- दीदी सॉरी , आज मेने आपको पहली बार आपके नाम से बुलाया.

दीदी ,-- रोहित , तू रियली बहुत इंटेलीजेंट ह .अगर तुम मुझे वह दीदी बोल देते तो में नाप नहीं दे पति.

में.,-- ु अरे माय स्वीट दीदी , में आपको कभी भी शर्मिन्दा नहीं होने दूंगा . बस आप को खुश रखने की खातिर खुद अपनी नजरो से गिर सकता हु.

दीदी मेरे गाल पर चुम्बन लेकर ,--मेरा सोना भाई.

में,-- थैंक्स दीदी.

दीदी ,-- रोहित में इन ड्रेस को घर पे पह्नु तो तुम्हे बुरा तो नहीं लगेगा.

में.,-- दीदी मुझे आप की ख़ुशी चाहिए , वार्ना में आप को समीर भैया के साथ सोने देता क्या , आप को समीर भैया से वीडियो कॉल करने से रोकता नहीं क्या.

दीदी ,-- रोहित तुम्हारे मन में मेरे लिए कुछ गलत फिलिंग तो नहीं ह न.

में.,-- गलत कैसे दीदी.

दीदी ,-- यही की तुम मेरे साथ सेक्स करने की सोच रहे हो.

में.,-- दीदी ये आप कभी मत सोचना .में आप के बारे में ऐसा कभी सोच hi नहीं सकता बस आप को काम कपड़ो में देखता हु तो मुझे अच्छा लगता ह.

दीदी ,-- मेरा सोना भाई.

में.,-- मेरी सोनी दीदी.

हम दोनों घर आये और दीदी अपने रूम में जाकर जल्दी से नंगी हुयी और उनमे से एक ड्रेस पहनकर बाहर आयी तब तक में भी अपने रूम में जाकर पेण्ट शर्त खोलकर आ चूका था.

दीदी मुझे बाहर hi कड़ी मिली और बोली ,--रोहित देखो मेरी ड्रेस कैसी ह.

मेने दीदी की ड्रेस को ऊपर से निचे तक देखा . उनकी ड्रेस एक ब्रा पेंटी जैसी थी और पुरे बदन पर रस्सिया सी थी जी शामे कलर की थी . दीदी का पूरा बदन रस्सियों से लिप्त था और बूब्स पर बड़ी साइज की चोली और निचे हॉटपैंट साइज की पेंटी थी जो पूरी चिपके हुयी थी.

में ,--वाओ दीदी , आप तो बिलकुल एक्ट्रेस की तरह लग रही हो .

दीदी ,--सच में.

में. -- हां चलो समीर भैया को दिखते ह .

दीदी ,-- वो इस समय फ़ोन नहीं उठा सकते .

Me.,,--kyo.

दीदी ,--उनकी कल की फ्लाइट ह इसलिए वो आज मेटिंग में बीजी रहेंगे और कल रात तक वापस आएंगे. इसलिए कल आने पर hi बात होगी.

में ,-- ओह्ह.

उसके बाद दीदी ने खाना बनाया और हम खाना खाने लगे तो मम्मी का फ़ोन आया और वो बोली की पापा का शुगर लेवल बहुत बढ़ गया ह इसलिए वो कल सुबह दिल्ली आ रहे ह. जब मेने ये बात दीदी को बताई तो दीदी का चेहरा उदास हो गया और वो रुंआसी सी हो गयी.

में. -- दीदी यार उदास मत हो मम्मी पापा कितने दिन रहेंगे . और अगर रह भी गए तो में हु ना . तुम्हारी ख़ुशी के लिए में सब कुछ करूँगा.

मेरी बात सुनकर दीदी के चेहरे पर थोड़ी रौनक आयी और वो बोली ,-- थैंक्स रोहित , तुम मम्मी पापा को बोल देना की अभी मेरी शादी की बात नहीं करे.

में.,-- पर दीदी शादी तो आपको एक न एक दिन करनी hi पड़ेगी .

दीदी ,-- हम्म पर में शादी से पहले जवानी के सरे एडवेंचर करना चाहती हु.

में.,-- दीदी आप जीजू के साथ भी तो कर सकती हो.

दीदी ,-- रोहित मेरी 50 से ज्यादा सहेलिया ह जिनकी शादी हो गयी . मेने उनमे से किसी से भी ये नहीं सुना की वो ठीक से हनीमून पर भी गयी ह. सब को शादी के एक साल के भीतर उनके हस्बैंड माँ बना देते ह और फिर वो चूल्हा चौकी में लग जाती ह. इसलिए प्लीज तुम मम्मी पापा को बोलना की तीन साल तक किसी तरह से शादी को रोक दे.

में.,-- ठीक ह दीदी , में आपके साथ हु आप तीन साल खुलकर एन्जॉय करो . में आपकी जितनी मदद होगी वो करूँगा.

दीदी ,-- तुम पापा को समझा लेना मम्मी को तो में समझा लुंगी.

में.,-- ठीक ह . हमें अभी से पूरा रूम क्लियर करना होगा.

दीदी ,-- वो क्यों.

में.,-- अगर मम्मी पापा ने आपके ये कपडे और सामान देख लिया तो .

दीदी ,--राइट . में एक काम करती हु मेरे रूम में जो छोटा सा स्टोर ह उसमे एक कार्टून में सब पांच कर देती हु . मम्मी पापा पूछेंगे तो बोल देना की ये माकन मालिक का सामान ह.

में.,-- ठीक ह.

उसके बाद हमने माकन को पूरा ठीक किया और मेरे रूम का सामान भी दीदी के रूम में सिफत कर लिया ताकि सुबह मम्मी पापा आये तो उन्हें आते hi रेस्ट करने को मिल जाये .

आज में दीदी के रूम में hi सोने चला गया तो दीदी ने कहा ,-- रोहित अब मुझे इतने कपड़ो में नींद नहीं आएगी.

में., -- तो दीदी निघ्त्य पहन लो उसे तुम दिन में छुपा देना .

दीदी ,-- मेने तीन निघ्त्य बाहर राखी ह .

में.,-- कोई नहीं रात में आकर पहनकर सो जाना और सुबह फिर सलवार कुरता पहन लेना.

दीदी ,-- थैंक्स रोहित .

फिर दीदी बिस्टेर से उठी और मुझसे बोली ,-- रोहित तुम उधर मुंह कर लो में निघ्त्य पहन लेती हु.

में.,-- दीदी आप निघ्त्य में कुछ नहीं पहनोगी.

दीदी ,-- शैतान , ब्रा पेंटी तो पहनूंगी hi.

दीदी अब आराम से मेरे सामने ब्रा पेंटी जैसे सब्द बोल लेती थी .उनकी शर्म अब धीरे धीरे काम हो गयी थी और वो बोलते समय भी कुछ नहीं रियेक्ट करती थी जैसे की ये नार्मल बात हो.

में. -- दीदी जब आप ब्रा पेंटी के ऊपर hi निघ्त्य पहनोगी तो फिर मुझे मुंह क्यों फेरने को बोल रही हो.

दीदी ,--मेने वो जाली वाली ब्रा पेंटी पहनी ह .

में ,--तो मुंह घुमा कर पहन लो पीछे से क्या दिखेगा.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्करा उठी तो में भी मुस्कराया और दीदी बोली.,-- शैतान

दीदी फिर कड़ी हुयी और मेरी तरफ पीठ करके अपना सलवार कुरता खोल दिया. मुझे उनकी पीठ पर कुछ खास नहीं लगा पर जब उनकी गांड को देखा तो उनकी गोरी गांड पूरी नंगी दिख रही थी . दीदी ने जल्दी से अपनी निघ्त्य पहनी और फिर वो मुड़कर मुस्करायी तो में भी मुस्करा दिया .

दीदी फिर मेरी बगल में आकर सो गयी तो में भी सो गया.

अगले दिन मम्मी पापा आने वाले थे इसलिए दीदी जल्दी उठ गयी और मुझे भी उठा दिया और वो नहाने चली गयी .उन्होंने गेट बंद नहीं किया था. आधे घंटे बाद उन्होंने आवाज लगाई रोहित में कपडे लाना भूल गयी प्लीज दे दो .

मेने उनकी अलमारी से ब्रा पेंटी और टोलिया दिया तो उन्होंने हीथ बाहर करके ले लिए मेने भी देखने की कोशिश नहीं की . थोड़ी देर बाद वो बाहर आयी तो उन्होंने टोलिया लपेट रखा था मुझे पता था की उन्होंने निचे ब्रा पेंटी पहनी ह फिर भी लुंड खड़ा हो गया . दीदी अपने बाल सूखने लगी और फिर मुझसे बोली.

दीदी ,-- जा नाहा ले. तेरे लिए नहाने से पहले हल्का होने की चीज राखी ह अंदर. उसे मशीन में दाल देना

वो ये बोलकर मुस्कराई तो में भी मुस्करा कर अंदर गया मुझे सामने hi दीदी की ब्रा पेंटी तंगी दिखी हो उन्होंने रात को पहनी थी.

मेने पेंटी को हाथ लगाया तो वो छूट के सामने से गीली थी .मेने उसे सूंघकर देखा तो उसमे दीदी के रास की मादक खुसबू आयी .

में नंगा होकर उनकी पेंटी को सूंघने लगा जो तजा रास से सनी थी शायद उन्होंने मुठ मरी होगी. थोड़ी देर लुंड से उनकी ब्रा घिसी तो लुंड से ढेर सारा पानी निकला और मेने उसे ब्रा के कूप में भरकर वाशिंग मशीन में दाल दिया.

में नहाकर बाहर आया तो पापा का फ़ोन आया की वो लोग कॉलोनी में आ गए ह जल्दी से निचे आये .में निचे गया और उनका सामान लाकर मेरे रूम में रखकर रेस्ट करने को कहा.

Me.,,--papa में आपको दोपहर में कॉलेज से आकर डॉक्टर को दिखा दूंगा.

पापा ,--ठीक ह बीटा हम भी तब तक आराम कर लेते ह .रात भर ट्रैन के इन्तजार में नींद नहीं आयी.

में नास्ता करके कॉलेज चला गया और फिर दोपहर को पापा को दिखाकर आया तो शाम हो गयी.

पापा रेस्ट करने लगे तो दीदी ने मुझे इशारे से अपने रूम में बुलाया और कहा समीर मुझे ऊपर बुला रहा ह आज उसके चाचा लेट आएंगे .प्लीज कुछ कर न.

में.,-- कुछ सोचने दो .

दीदी ,--प्लीज जल्दी सोच न फिर खाना बनाने का टाइम हो जायेगा.

में.,-- दीदी आप भी न टाइम hi नहीं देती सोचने का

दीदी ,-- चलो मेने सोच लिया
 
में दीदी को बोलै ठीक ह आओ. दीदी मेरे साथ आयी तो मेने मम्मी से कहा मम्मी में और दीदी घर के लिए कुछ सामान लेकर आ जाते ह.

मम्मी ,-- तो तू अकेले hi ले आ.

में.,-- मम्मी बाइक पर में अकेले कैसे पकडूँगा और फिर दीदी को मेरी खरीद हुयी सब्जियां पसंद नहीं आती वो बोलती ह की सदी गली ले आता ह.

मम्मी ,-- ठीक ह ले आ .कितनी देर लगेगी.

में.,-- ठीक ह .अभी एक घंटे में आ जायेंगे

मम्मी की बार सुनकर दीदी उछाल पड़ी और बोली ,-- चलो जल्दी नहीं तो आने में लेट होगा.

दीदी के चेहरे पर ख़ुशी देखकर मुझे अच्छा लगा और में मुस्करा उठा.

मेने गेट खोला और फ्लैट को बाहर से लॉक कर दिया और जल्दी से समीर के फ्लैट में पहुंचे तो समीर भैया गेट पर खड़े हुए थे .

उन्होंने पहले मुझे गले लगाया और फिर सोनाक्षी दीदी को बाँहों में भर लिया और उनके होंठ चूसने लगे . दीदी भी उनका साथ देने लगी तो मेने कहा ,

Me.,,--didi में सामन ले आता हु आप लोग आधे घंटे में निपटा लेना.

दीदी मेरी बात पर मुस्कराई और समीर के साइन में मुंह छुपा ली तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,--, तुम एक काम करो फ्लैट की चाबी ले जाओ ताकि हमें डिस्टर्ब नहीं हो.

में.,-- ठीक ह आओ लोग अंदर जाओ में गेट लॉक कर देता हु.

दोनों अंदर गए तो मेने उन्हें एन्जॉय कहा तो दीदी मुस्करा दी और समीर भैया ने थैंक्स कहा.

में गेट खोलकर जल्दी से निचे भगा और जल्दी से कॉलोनी के गेट पर से सब्जी और एक आते का बैग लेकर आया और उन्हें अपने फ्लैट के बाहर रखकर समीर भैया के फ्लैट में पहुंचा फिर धीरे से गेट खोला तो मुझे गेट के पास hi दीदी का सलवार कुरता और ब्रा पेंटी बिखरा मिले . उनके थोड़ा आगे समीर भैया का शर्ट पेण्ट , बनिया और चड्डी पड़े दिखे.

समीर भैया का फ्लैट भी हमारी तरह hi बना था मुझे एक रूम से दीदी के सिसकने की आवाज आयी जो अंदर से बंद था .तो में दूसरे रूम में घुस कर देखने लगा .मुझे दूसरे रूम में समीर भैया की फोटो लगी दिखी तो में समझ गया की समीर भैया दीदी को उनके चाचा के रूम में छोड़ रहे ह.

तभी मुझे समीर भैया का फ़ोन दिखा जो टेबल पर पड़ा था में ऐसे hi उसे देखने लगा और फिर गैलरी को खोलकर देखा तो मेरे होश उड़द गए . समीर भैया की फ़ोन गैलरी में तीन चार लड़कियों की नुदे फोटो थी .

लेकिन दीदी की जो फोटो थी वो साफ़ सुथरी थी .फिर मेने उनका वात्सप्प खोला तो मुझे और भी ताज्जुब हुआ उनके वात्सप्प पर अजीब अजीब नाम के ग्रुप थे जिनमे हार्डकोर चुदाई , गैंगबैंग सेक्स, िन्सेंट लवर, बड़सम स्लेव जैसे ग्रुप थे उनमे से मेने जब एक ग्रुप को खोला तो वही लड़की दिखी जो फोटो में थी.

फिर मेने एक ग्रुप देखा जिसका शीर्षक था , मेक ा व्होरे तो मुझे झटका सा लगा उसमे समीर भैया ने लिखा था ,-- लड़की को जबरदस्ती रंडी नहीं बनाया जा सकता .

फिर मेने उसमे ऊपर पढ़ा .ऊपर किसी ने लिखा था,-- एक लड़की को प्रेम से पूरी तरह रंडी बनाने में काम से काम एक साल लगता ह.

फिर मेरा दिमाग घूम गया की कही दीदी को समीर भैया रंडी तो नहीं बना देंगे.

उसी में किसी लड़की ने ऊपर लिखा था ,-- हाउसवाइफ बनकर लड़की क्या करेगी असली मज़ा तो रंडी बनने में ह.

इसी तरह के कई लड़कियों के उसमे मेसेज थे और जब मेने ग्रुप की डिटेल देखि तो उसमे पांच सो मेंबर थे जिनमे सिर्फ सात आदमी थे बाकि सब लड़किया hi थी .लेकिन दीदी किसी ग्रुप में नहीं थी .

मेने मोबाइल को वापस रखा और सोचने लगा की अगर दीदी रंडी बन गयी तो क्या होगा . फिर मुझे याद आया की दीदी तीन साल एक hi आदमी से थोड़े hi छुड़ेगी और फिर मेरे कहने से रुकेगी नहीं इसलिए मेने दीदी से hi पूछने का सोचा .

में अभी सोच hi रहा था की मुझे दीदी गेट के पास से अपने कपडे उठाते दिखी .मेने घडी देखि तो 40 मिनट हो चुके थे. दीदी सम्पूर्ण नंगी थी और समीर भैया उसके पीछे भाग कर उसे पकड़ना चाहते थे तभी दीदी की नजर मुझ पे पड़ी तो वो समीर भैया को धक्का देकर उसे मेरे बारे में बोलकर अंदर भाग गयी.

समीर भैया ने मुझे देखा तो वो भी साइड हो गए और थोड़ी देर बाद चड्डी पहनकर मेरे पास मुस्कराते हुए आये तो में भी मुस्करा दिया. उन्होंने दीदी की पेंटी मुझे दी और बोले.

समीर भैया ,-- रोहित यार कोई जुगाड़ लगाओ ऐसे कैसे काम चलेगा.

मेने पेंटी को जब में रखना चाहा तो समीर भैया में पेंटी को मेरे नाक से लगाया जिसमे से वही मादक खुसबू मेरे अंदर समा गयी.

में.,-- भैया में कोशिश करूँगा .

तभी दीदी भी आ गयी और मेरे हाथ में अपनी पेंटी देखकर मुस्कराते हुए बोली, -- चलो रोहित.

में उठाकर दीदी की पेंटी को जब में डाला और बाहर आया तो दीदी भी बाहर आ गयी और समीर भैया ने बे किया तो हम निचे उतरे .

फ्लैट के बाहर सामन देखकर दीदी खुश हो गयी तो मेरी नजर उनके चेहरे पर गयी .दीदी मम्मी पापा को वजह से बिना मेकअप के गयी थी . इसलिए मेकअप बिगड़ने का तो सवाल hi नहीं था पर उनके चेहरे पर सफ़ेद सा कुछ लगा था जो शायद समीर भैया का छुम था.

मेने उन्हें इशारे से बताया तो उन्होंने अपने गाल के निचे अपनी अंगुली फिराई तो उनकी अंगुली पर वो छुम लग गया. दीदी ने उसे पोंछा और शर्मिंदा हो गयी तो में मुस्करा कर no टेंशन का इशारा किया और गेट खोलकर अंदर आये तो दीदी सब्जी लेकर किचन में चली गयी और में रूम के बाथरूम में आ गया और दीदी की पेंटी निकल कर उसे लुंड पर लपेट कर मुठ मरने लगा.

मेरे दिमाग में वही बात चल रही थी की लड़की को एक साल लगता ह रंडी बनाने में कही समीर भैया दीदी को रंडी तो नहीं बना देंगे.

इस बात में मेरे लुंड पर बहुत असर किया और में झाड़ गया .मेने दीदी की पेंटी में अपना छुम छोड़ा और उसे वाशिंग मशीन में डालकर बाहर आया और पढ़ने लगा . फिर कुछ देर बाद दीदी ने आवाज लगाई और हमने खाना खाया .

पापा को डॉक्टर ने अभी कुछ दिन दवाये लेकर रिजल्ट देखने के लिए रोक लिया था इसलिए अभी उनका जाने का प्रोग्राम नहीं था.

में रात को रूम में आकर अपना नाईट में पहन ने का बरमूडा पहना और फिर पड़ने लगा तो रात में ग्यारह बजे दीदी आयी और उन्होंने गेट बंद करके बाथरूम में जाकर अपनी नाईट ड्रेस पहन ली . उन्होंने बाथरूम का गेट लॉक नहीं किया था पर पेंटी लेस्स होने से मेरे सामने निघ्त्य नहीं पहनी थी .दीदी के आते hi में बिस्टेर पर सोने चला गया तो दीदी भी मेरे बगल में आकर सो गयी.

मेरे चेहरे पर तनाव था की ये गलत हो रहा ह . जबकि दीदी के चेहरे पर मुस्कराहट थी .उसने मुझे तनाव में देखा तो मेरा चेहरा पकड़कर मेरी आँखों में देखकर बोली ,-- मेरा सोना भाई उदास क्यों ह.

में.,-- नहीं तो दीदी.

दीदी ,-- में तेरी बहन हु और मुझे पता ह की तनाव में ह

Me.,,--sach में दीदी.

दीदी ने मेरा हाथ पकड़ा और अपने सर के ऊपर रखवा कर बोली ,--अब बोल.

मेने अपना हाथ छुड़ा लिया और कुछ नहीं बोलै तो दीदी रोने लगी. मेने उनकी आँखों से आंसू पोंछा और बोलै .

Me.,,--please दीदी रोना नहीं .

दीदी,,-- तू मेरा भाई hi नहीं मेरा दोस्त भी ह . और तू मुझे अपना दर्द नहीं बताएगा तो किसे बताएगा.

में.,-- सॉरी दीदी ,मुझे समीर भैया ठीक नहीं लगे.

दीदी ,-- क्यों.

Me.,,--aaj मेने उनका मोबाइल देखा था .

मेरी बात सुनकर दीदी जोर जोर से हंसने लगी और पांच मिनट तक हंसती रही . में उनके हंसने से परेशां होकर बोलै.

में . --दीदी इतना हंस क्यों रही हो.

दीदी ,--तूने समीर के मोबाइल में उनकी गैलरी दिल्ली.

Me.,,--haan

दीदी ,--और वात्सप्प भी देखा होगा.

में.,-- हां दीदी ,तभी तो .

दीदी ,--में तेरे से कितने साल बड़ी हु.

Me.,--chah साल

दीदी ,--तो फिर मेने उसका मोबाइल कभी नहीं देखा होगा.

में.,-- मुझे क्या पता.

दीदी ,--आज से तीन साल पहले वो मेरा सीनियर था . और फिर वो नौकरी करने लग गया.

में ,--तो .

दीदी ,--उसने तीन साल पहले मुझसे बड़ी मुश्किल से दोस्ती की थी.

में.,-- वो क्यों आप से तो कोई भी दूसरी कर लेता.

दीदी ,-- है लेकिन वो मेरी सहेली नाजनीन का भाई था इसलिए दोस्ती नहीं करना चाहता था.

Me.,,--vo क्यों.

दीदी ,-- उसका कहना था की वो मुझसे शादी नहीं कर सकता इसलिए वो मना किया था.

में.,-- पर वो आप जैसी सूंदर लड़की का फायदा तो उठा hi सकता था.

दीदी ,-- तूने उसके मोबाइल में लड़कियों की नुदे फोटोज नहीं देखि

में.,-- देखि थी

दीदी ,-- मेरी ,

में-- आपकी नहीं थी एक फोटो थी वो भी मेरी भेजी हुयी.
 


दीदी ,-- अगर वो गलत आदमी होता तो तीन साल पहले मुझे मिला था उसी दिन दिन मेरी नुदे फोटो ले लेता . और फिर मुझे ब्लैकमेल करने लगता .

में.,-- पर उसके मोबाइल में इतने ग्रुप और नुदे लड़कियों को फोटोज

दीदी ,-- वो उसे उन लड़कियों ने भेजी होगी .

में.,-- हाँ भेजी तो लड़कियों ने hi थी.

दीदी ,-- तुम इतना जान लो की वो मेरी सहेली नाजनीन के मां का बीटा ह और मेरी सबसे बेस्ट फ्रेंड ह नाजनीन उसका पति भी ह . में नाजनीन से काफी रिक्वेस्ट की तब उसने दोस्ती की मुझसे और साफ़ बोलै की वो मुझसे शादी नहीं कर सकता. शादी तो में भी पापा जहा कहेंगे वहीँ करुँगी पर शादी से पहले में जो चाहती हु वो समीर hi मुझे दे सकता ह.

में.,-- आप को क्या चाहिए.

दीदी ,-- जो एक पति नहीं दे सकता और न hi बॉयफ्रेंड दे सकता वो समीर मुझे दे सकता ह.

Me.,,--kya

दीदी ,-- वही अनुभव जिसके बारे में एक पत्नी कभी सोच hi नहीं सकती क्योंकि अगर वो कर ले तो लोग उसे वेश्या समझने लगेंगे.

में.,-- मतलब समीर भैया के साथ आप सेफ हो .

दीदी ,-- बिलकुल , रुको में तुम्हे नाजनीन की बात सुनवाती हु.

दीदी ने अपने फ़ोन से नाजनीन को फ़ोन लगाया और मुझे चुप रहने को कहा.

फ़ोन पैर नाजनीन, -- कैसी हो सोना

दीदी ,-- मस्त, तू बता.

नाजनीन, -- तू बहुत तकदीर वाली ह जो तुझे तीन साल जिंदगी जीने का मौका मिल गया.

दीदी, --हम्म.

नाजनीन, -- और सबसे बड़ी बात ये ह की तेरा भाई तुझे पूरा स्पोर्ट कर रहा ह . काश मेरा भी ऐसा कोई भाई होता तो में भी तेरी तरह आज समीर का बच्चा नहीं खिला रही होती बल्कि ऐश कर रही होती.

दीदी ,-- बच्चे तो यार बाद में hi खिला लेंगे.

नाजनीन ,-- समीर बोल रहा था की तुम्हारे भाई के स्पोर्ट की वजह से तुम तीन साल में पूरी जिंदगी का आनंद ले लोगी. और तुम्हे ये अनुभव अच्छी प् की नौकरी भी दिलवा देगा

दीदी ,'-- रोहित मेरा भाई बहुत समझदार ह यार.

नाजनीन, -- समीर तुम्हे जिस स्पीड से चला रहा ह वैसे hi चलना . ज्यादा तेज स्पीड होगी तो ये आनंद दुबारा नहीं आएगा .बाकि तो तुम वात्सप्प पर पढ़ hi रही हो.

दीदी ,-- थैंक्स नाजनीन, गुड नाईट.

फ़ोन काट कर दीदी ने मुझे अपना वात्सप्प खोलकर दिखाया तो उसमे वो सब ग्रुप hi थे जो समीर के फ़ोन में थे.

मेरा सर घूम गया तो दीदी बोली ,-- ज्यादा सोच मत , मेरे पास दो सिम ह जिसमे एक को में डाक्टिवटेड रखती हु और जब मुझे टाइम होता ह उसे एक्टिवेटिड करके वात्सप्प पढ़ लेती हु.

दीदी की बात सुनकर मेरे चेहरे पर हंसी आ गयी तो दीदी ने मुझे अपनी साइन से लगा लिया और मेरे माथे पर किश करके बोली ,-- में जो कुछ करूँगा सब तेरे सामने आ जायेगा.

मेरे दिमाग से साडी संकाएँ ख़त्म हो गयी थी और में सो गया.

अगला दिन नार्मल गुजरा और रात में समीर भैया का फ़ोन आया तो दीदी ने एअर फ़ोन कान में घुसा लिया . मुझे समीर भैया की आवाज सुनाई नहीं दे रही थी और दीदी भी फुसफुसा कर बोल रही थी .

थोड़ी देर बाद मेरे दीदी की आवाज मेरे कान में सुनाई पड़ी जिसे वो दो तीन बार रिपीट की ,-- रोहित बगल में सो रहा ह .

समीर भैया शायद दीदी को ब्रा पेंटी में देखना चाहते थे इसलिए दीदी न नुकर कर रही थी

थोड़ी देर बहस के बाद दीदी बाथरूम में चली गयी और गेट सत्ता लिया तो में उठकर चुपके से गेट के पास पहुंचा और फिर मेने देखा दीदी ने निघ्त्य खोल दी और ब्रा पेंटी में बात करने लगी.

दीदी ने अब हेड फ़ोन भी हटा दिए थे उन्होंने फ़ोन को साबुन रखने के स्टैंड पर रखा और बोली.

दीदी ,-- अब ठीक ह

समीर भैया, -- सोना अब तुम्हे रोहित से खुलना पड़ेगा वार्ना आगे नहीं बढ़ पाओगी.

दीदी ,-- समीर आज मेरी नाजनीन से बात हुयी थी की स्पीड काम hi रखना.

समीर भैया,-- वो तो में भी समझते हु पर ये अच्छा मौका ह इसका फायदा उठाने ठीक रहेगा नहीं तो रोहित अपने रूम में सोने लग गया तो तुम्हे खुलने का मौका नहीं मिलेगा.

दीदी ,-- अभी मम्मी पापा यही रहेंगे कुछ दिन इसलिए हो जायेगा.

समीर, --तुमने बाथरूम का गेट बंद नहीं किया ना.

दीदी ,-- बाथरूम का गेट तो मुझे बंद किये पंद्रह दिन होने को आये .माहवारी के समय किया था.

समीर ,'- चलो अब बूब्स दिखा कर कुछ बोलो में झड़ने के करीब हु.

दीदी ,--समीर अब हमें कब मौका मिलेगा खुल कर चुदाई करने का.

समीर ,-- बहुत जल्द मिलेगा सोना , में और रोहित कोई न कोई तरकीब निकाल लेंगे.

दीदी ,-- जल्दी निकालो समीर ऐसे में ढंग से एन्जॉय नहीं कर पति.

उसके बाद दोनों ने एक दो डाइलोगे बोले और झाड़ गए . दीदी ने पूरा छुम अपनी पेंटी से पूछा और उसे मेरे लिए टांग दिया तो में भी अपनी चड्डी में hi झाड़ गया और आकर पलंग पर लम्बा हो गया .

थोड़ी देर बाद दीदी आयी और मुझे देखकर मुस्करायी तो में भी मुस्करा दिया .

में.,-- हो गयी दीदी समीर भैया से बात.

दीदी ,-- हम्म

उसके बाद दोनों सो गए.

हम दोनों रूम में रहने से काफी फ्रेंडली हो चुके थे और अब दीदी को मेरे सामने ब्रा पेंटी में रहने से भी शर्म नहीं आती थी क्योंकि हमारा सुबह का रूटीन पूरा चेंज हो चूका था और दीदी सुबह सुबह मुझे नहाकर ब्रा पेंटी में बाहर आती और मेरे सामने hi ब्रा पेंटी में अपने बॉल बनाकर हल्का फुल्का मेकअप करती और फिर सलवार कुरता पहनकर मुझे अपनी पेंटी को वाशिंग मशीन में डालने का बोलकर जाती .

एक दिन दीदी ने मुझे कहा की रोहित आते समय कुछ चीजे लेते आना .तो मेने उनसे पूछा की बताओ क्या क्या लाना ह . दीदी ने मुझे कहा की तुम को कॉलेज से निकलते समय वात्सप्प कर दूंगी.

में कॉलेज से निकला तो दीदी ने मुझे वात्सप्प किया हुआ था उसने तीन चीजे लिखी थी जिन्हे लेने में प्रोविसिओं स्टोर पर गया और बोलै ,-- एक सेनेटरी नैपकिन का पैकेट दे दीजिये.

सेल्समेन, -- कोनसा साइज का दू

में सोच में पद गया की अब क्या बोलू तो मेने दीदी को साइज पूछने के लिए वात्सप्प किया पर दीदी ने देखा नहीं तो मेने थोड़ा सा साइड होकर दीदी को पद का साइज पूछ तो दीदी बोली मध्यम.

फिर मेने दुकानदार से पद के sath,ek वीट क्रीम ली, एक टिश्यू का पैकर और उसके साथ दूसरी क्रीम ली हेयर रिमूव होने के बाद सॉफ्ट नेस के लिए होती ह.

में उन्हें घर लेकर आया और दीदी को दिया तो दीदी ने उसे अपने बैग में रख दिया.

में,-- दीदी आपके बाल बहुत जल्दी बड़े हो जाते ह.

दीदी मुस्करा कर बोली ,-- लड़कियों के ज्यादा जल्दी बड़े होते ह.

रात को समीर भैया का वीडियो कॉल आया तो दीदी फ़ोन उठाकर कुछ देर बात करके मुझसे बोली,-- रोहित तुम उधर मुंह कर लो मेरी तरफ मत घूमना . में घूम गया तो दीदी ने पहले मेरी तरफ ब्रा फेंकी और फिर उनकी पेंटी मेरे मुंह पर आकर गिरी तो मेने उसे वैसे hi पड़े रहने दिया और सूंघता रहा . दीदी ने काफी देर तक समीर भैया से है हु में बात की और फिर हलके से सिसकने लगी तो में समझ गया की दीदी समीर भैया को अपनी छूट और बोबे दिखाकर अंगुली डाली हुयी ह . पांच सात मिनट बात दीदी की जोर से सिसकी निकली और वो शांत हो गयी.

कुछ देर बाद दीदी ने मुझे घूमने को कहा और मेरे मुंह पर पेंटी देखकर बोली.

दीदी ,--नालायक मेरी पेंटी को मुंह पर क्यों रख रखा ह.

में ,-- दीदी मेने नहीं रखा आप ने फेंकी थी वैसे hi पड़ी ह.

दीदी ,--तो तुमने हटाई क्यों नहीं.

में.,-- दीदी आप डिस्टर्ब हो जाती इसलिए मेने नहीं हटाई.

दीदी मुस्करा कर अपनी पेंटी को मेरे मुंह से हटाकर बोली ,--तुझे तो इसे मुंह पर रखकर मज़ा आ रहा होगा.

में.,-- दीदी चित भी मेरी पैट भी , जोश जोश में आपको खुद तो पता नहीं की कोनसी चीज कहा फेंकती हो और फिर मेरी hi गलती निकलती हो.

दीदी, -- और तुझे मेरी गलती में मज़ा आ जाता ह.

में., -- कैसे दीदी.

दीदी ,--रहने दे ,

उसके बाद दीदी मुस्करा कर वैसे hi सो गयी तो में उनकी पेंटी बाथरूम में ले जाकर उसमे मूठ मरी और सो गया.

अगले दिन दीदी रात में जल्दी रूम में आ गयी क्योंकि रोज वो ग्यारह बजे आती थी पर मेने घडी देखि तो दस hi बजे थे.

उसने रूम लॉक करके मुझे मुस्करा कर देखा और फिर बैग में से वीट क्रीम और सॉफ्टनेस क्रीम निकली और मुझे देखकर मुस्करा ते हुए बाथरूम में चली गयी . आज भी उसने बाथरूम का गेट बंद नहीं किया था . में उठकर उनको चुपके से देखने गया तो उन्होंने समीर भैया को वीडियो कॉल करके फ़ोन को स्पीकर मोड़ पर करके फ़्लैश पर रखा और बोली ,-- समीर देख लो में कैसे झांट और आर्मपिट साफ़ करती हु.

समीर भैया, -- यस सोना , आज तुम्हे सही समय पैट फ़ोन किया ह में भी अपनी झांट साफ़ कर लेता हु .

उधर से शायद समीर भैया ने भी फ़ोन स्टैंड पर रख दिया था.

दीदी ने फिर अपने कपडे खोलने शुरू किये और सलवार कुरता खोलकर , वाशिंग मशीन में दाल दिया और ब्रा पेंटी को सामने स्टैंड पर टांग दिया . फिर दीदी कमोड पर बैठकर पेशाब की और अपनी छूट को हैंड शावर से धोकर टॉवल से पोंछा और वीट का डिब्बा लेकर उसमे से क्रीम निकल कर अपनी झांट पर लगाने लगी . दीदी की झांट एक इंच बड़ी हो चुकी थी .
 
दीदी ने पूरी झांट को क्रीम से धक् दिया और फिर अपनी एक कांख में क्रीम लगाई और उसके बाल को क्रीम लगाकर दूसरी कांख को हाथ उठाकर क्रीम लगाई फिर वो मोबाइल के सामने जाकर समीर भैया को दिखने लगी तो समीर भैया का लुंड भी पूरा क्रीम लगा हुआ दिखा .

दीदी ,-- समीर अब कितनी देर में झांट साफ़ हो जाएगी

समीर भैया,-- बस पांच मिनट बाद साफ़ कर लेना .

दीदी ,-- पुरे बाल निकल जायेंगे.

समीर भैया,-- हम्म , छूट एक डैम चिकनी हो जाएगी .

दीदी ,-- ये तो फिर दो तीन दिन में आ जायेंगे.

समीर भैया,-- हम्म ,पर कल मुझे इसे चूमना ह ना इसलिए आज जरुरी था

दीदी ,-- तुमने रोहित से बात कर ली.

समीर भैया,-- वो सुबह तुम्हे लेकर आ जायेगा.

दीदी ,--कहा

समीर भैया,--, मुझसे छुड़वाने .

दीदी ,--हे... हे... सच में.

समीर भैया,- सच में सोना

उसके बाद समीर भैया अपने लुंड के आस पास स्टिक से बाल हटाने लगे तो दीदी ने भी स्टिक उठायी और अपनी छूट की क्रीम हटाने लगी तो उनके बाल भी साथ में हटने लगे कुछ देर में छूट पूरी साफ़ हो गयी तो दीदी ने अपनी कांख भी साफ़ की और नहाने लगी फिर मुझे आवाज लगाई ,-- रोहित जरा टोलिया पकड़ा देना.

में पीछे जाकर, --लाया दीदी .

मेने टोलिया बाथरूम के पास लेकर गया तो दीदी ने गेट के पीछे से हाथ बढाकर ले लिया . हाथ के साथ मुझे दीदी की हलकी सी चुकी भी दिखी.

मेने वापस पीछे होने केलिए कदमो की आहात की और वापस दरार में से देखने लगा तो दीदी ने अपने बदन को टोलिया से साफ़ किया और फिर दूसरी क्रीम पहले अपनी दोनों कांख में लगाई और फिर अपनी छूट पर लगाई तो सिसक पड़ी.

समीर भैया,- सोना लग गयी क्या क्रीम

दीदी ,-- हाँ

समीर भैया,-- तो अपनी छूट में अंगुली डालकर दिखाओ न.

दीदी ने अपना एक पेअर ऊपर किया और अपनी अंगुली छूट में डालकर मोबाइल में देखने लगी .मोबाइल में समीर भैया अपने लुंड को मुठ मरते दिखे . फिर दोनों के सिसकने की आवाज आयी और धीरे धीरे तेज होने लगी तो में समझ गया की दीदी अब झड़ने वाली ह.

मेरा लुंड भी पूरा झड़ने को बेताब था पर मुझे मालूम था की दीदी मुझे खुद hi मौका दे देगी.

कुछ देर में दीदी जोर से चीखी और उन्होंने अपनी पेंटी को स्टैंड से उतर कर अपनी छूट के ऊपर लगा लिया और फिर उससे छूट को पोंछ कर वापस तंग दिया तो में पलंग पर आकर पसर गया और लुंड को बरमूडा में एडजस्ट कर लिया .

कुछ देर में दीदी टोलिया लपेट कर बाहर आयी और मुझसे बोली,-- रोहित मुंह उधर घुमा ले .मुझे कपडे पहनने ह.

मेने मुंह दूसरी तरफ कर लिया और सोचने लगा की दीदी अब पूरी नंगी होकर अपने कपडे पहनेगी . दीदी ने अलमारी खोली और कुछ देर बाद बोली.

दीदी ,--अब घूम सकता ह .

दीदी ने एक शार्ट निघ्त्य पहन ली थी और मंद मंद मुस्करा रही थी फिर दीदी बोली

दीदी ,--जा बाथरूम में जाकर हल्का हो ले.

में तुरंत बाथरूम में भगा और दीदी की पेंटी को सूंघ कर बरमूडा को निचे किया और ब्रा को लैंड से लपेट कर मुठ मरने लगा . कुछ hi घस्से लगते hi मेरा लुंड जवाब दे दिया और ढेर सारा वीर्य दीदी की ब्रा के कप में समा गया.

मेने कुछ देर अपने आपको नार्मल किया और फिर ब्रा पेंटी टांगकर बाहर आया.

मेरे बाहर आते hi दीदी का फ़ोन बजा और दीदी ने फ़ोन उठाया तो दीदी ने फ़ोन स्पीकर पर डाला और बोली ,--लो तुम खुद hi बात कर लो.

Me.,--namste समीर भैया,

समीर भैया,- नमस्ते रोहित , कल तुम्हे दस बजे दीदी को लेकर आदर्श कॉलोनी आना ह में तुम्हे लोकेशन भेज दूंगा.

Me.,,--par मम्मी पापा को क्या बोलूंगा और मेरी कॉलेज.

समीर भैया,-- यार कॉलेज का तो ऐसा ह की मेने भी कॉलेज में पढाई की ह .एक दिन नहीं जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

में.,- पर मम्मी पापा को क्या बोलूंगा.

समीर भैया,- उन्हें बोलना की तुम्हारे कॉलेज में पेरेंट्स मीटिंग ह और वैसे भी पापा की तबियत खराब ह तो मम्मी जाएगी नहीं क्योंकि वो इतनी पड़ी लिखी नहीं ह.

Me.,--hmm ये तो हो सकता ह पर आदर्श कॉलोनी में जगह तो सेफ ह ना.

समीर भैया,-- टेंशन मत लो यार .अगर ऐसी बात होती तो में होटल या किसी पार्क की नहीं बोलता . पर मुझे भी पता ह की सोना की इज्जत मेरी इज्जत ह.

में.,-- मुझे पता ह भैया , आप तीन साल से दीदी के साथ संपर्क में ह.

समीर भैया,-- देखो वह एक नयी बिल्डिंग बानी ह जिसमे सेकंड फ्लोर पर मेरे चाचा का फ्लैट ह जिसमे फर्नीचर का काम चल रहा ह बाकि अभी कंस्ट्रक्शन में ह इसलिए हम लोग वह फ्लैट देखने के बहाने चैलेंज क्योंकि कल अमावस ह और कल उसमे कोई भी नहीं मिलेगा.

में.,-- मुझे आप पर पूरा भरोसा ह भैया आप दीदी को किसी भी फसने वाली जगह पर नहीं लेकर जाओगे.

समीर भैया,-- तो कल फिर सुबह ग्यारह बजे से पहले वह पहुंच जाना में तुम्हे वही मलिंगा.

में.,-- ठीक ह भैया.

मेने फ़ोन काट कर दीदी को देखा तो वो मुस्करा रही थी तो में भी मुस्करा दिया

दीदी ,-- थैंक्स रोहित.

में.,-- किसलिए

दीदी, -- ये भी बताना पड़ेगा अब

में.,-- बता देती तो मुझे अच्छा लगता वार्ना आप की ख़ुशी के लिए तो में हमेशा तैयार hi हु.

दीदी मुस्करा कर ,-- कल हमारा मिलान करवाने के लिए .

इतना बोलकर दीदी थोड़ा सा सरमाई तो में मुस्करा दिया.

फिर हम दोनों सो गए.

अगले दिन में सुबह नास्ता करके पापा से बोलै ,--पापा आज हमारे कॉलेज में पेरेंट्स मीटिंग ह आपको चलना पड़ेगा.

पापा ,--मेरा चलना जरुरी ह क्या.

में.,-- नहीं पापा कोई भी जा सकता ह

पापा ,-- मुझसे इतनी गर्मी में मोटर साइकिल पर नहीं बैठा जायेगा.

दीदी सामने बैठी मंद मंद मुस्करा रही थी तो में बोलै ,-- ठीक ह में फिर दीदी को ले जाता हु क्योंकि वह पर सब अंग्रेजी में बोलेंगे तो मम्मी को कुछ समझ नहीं आएगा.

पापा ,-- हां ये ठीक रहेगा , दीदी को ले जाओ.

में.,-- दीदी तैयार हो जाओ में आधे घंटे में निकलना ह .

दीदी ,--ठीक ह में तैयार होकर आती हु.

दीदी तैयार होने रूम में चली गयी तो में पापा मम्मी से बाते करने लगा.

आधे घंटे में दीदी एक हाफ कट वाला सलवार सूट पहन के आयी जो उनकी गांड तक hi पहुंच रहा था. में दीदी को चलो बोलै और मम्मी पापा को bye बोलकर निचे आया तो दीदी बोली.

दीदी ,--अगर पापा तैयार हो जाते तो.

Me.,--fir प्रोग्राम कैंसिल थोड़े देर बाद पापा को बोलता की मीटिंग कांसेल्लेड.

दीदी ,-- बहुत दिमाग लगते हो तुम

फिर मेने दीदी को अमित भैया की भेजी हुयी लोकेशन मोबाइल में डालने को कहा और बाइक को लोकेशन के हिसाब से चलने लगा.

लगभग पोन ग्यारह बजे हम लोकेशन पर पहुंचे तो हमें समीर भैया की गाड़ी एक नई कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के सामने कड़ी दिखी .

उसके पास hi समीर भैया किसी से बात कर रहे थे. हमें देखकर उन्होंने उस आदमी को कहा की आ गयी पार्टी.

आदमी ,-- आराम से दिखा दीजिये अभी तीन फ्लैट बिकने बाकि ह .और इसमें नहीं पसंद आये तो मुझे कॉल कर लेना.

समीर भैया,-- हां जरूर मेरे पास आपका नंबर ह.

ये बोलकर वो आदमी अपनी गाडी लेकर निकल गया तो अमित भैया ने बिल्डिंग के बाहर का गेट खोला और मुझे बाइक अंदर लगाने को कहा . में बाइक अंदर लेकर आया तो समीर भैया ने गेट अंदर से बंद कर दिया और बोले.

समीर भैया,-- आओ मेरे साथ .

हम समीर भैया के पीछे पीछे 2ंद फ्लोर पर पहुंचे तो समीर भैया बोले की यही फ्लैट मेरे अंकल ने ख़रीदा ह अभी गेट खिड़की बन रहा ह

हम फ्लैट में अंदर गए तो देखा सब रूम बिना गेट के hi थे अंदर एक रूम में गद्दे बिछे थे जो शायद लेबर के रेस्ट के लिए थे और एक टेबल फैन पड़ा था जिसे अमित भैया ने चालू कर दिया तो में बोलै.

Me.,,--amit भैया में बाहर खड़ा हु आप लोग एन्जॉय कीजिये.
 
में उन्दोने को दिखने की खातिर बाहर आ गया और छिपकर देखने लगा . मुझे निकलते देखते hi दोनों ने एक दूसरे को खड़े खड़े hi किश करना शुरू कर दिया और किश करते करते hi दोनों नंगे जो गए .

उनके कपडे एक दूसरे में मिक्स हो गए थे. तभी समीर भैया निचे बैठे और दीदी की चिकनी छूट को जीभ निकलकर चाटने लगे.

समीर भैया ,-- सोना तुम्हारी छूट कितनी सॉफ्ट और छोटी सी ह.

दीदी ,--- a...h नाजनीन की नहीं ह क्या.

समीर भैया,-- अब उसे चुड़ते तीन साल से ज्यादा हो गए और दो बच्चे भी निकल गए इसलिए पूरी फ़ैल चुकी ह.

दीदी .,-aa.....h और मेरी.

समीर भैया,-- तुम्हारी छूट बहुत सॉफ्ट ह और तुम्हारी छूट का टेस्ट नाजनीन से ज्यादा सालती ह.

दीदी ,--AAA.......h

समीर भैया ने दीदी को पांच मिनट में hi झाड़ा दिया और उनकी छूट का रास पि गए.

में गेट के पास से अपनी दीदी को छूट चतवती देख रहा था और मेने भी लोढ़ा बाहर निकल लिया था ताकि चड्डी प्रीकम से खराब न हो . मेरा लोढ़ा फूल फोरम में था पर मेने उसे हाथ नहीं लगाया था. क्योंकि मुझे अभी लम्बा सेक्स देखना था और झड़ने के बाद चुदाई देखने का मज़ा नहीं आता.

दीदी जब झाड़ गयी तो समीर भैया खड़े हुए और उन्होंने दीदी को अपने घुटनो पर बैठकर लुंड चूसने को कहा तो दीदी समीर भैया के कटे हुए लोडे का सुपडे पर जीभ फिराई और फिर उसे प्यार से चूसने लगी.

दो मिनट में समीर भैया का लोढ़ा पूरा सख्त हो गया तो उन्होंने दीदी को गद्दे पर गिराया और उनकी टैंगो के बिच बैठकर लुंड को छूट पैर घिसने लगे.

दीदी ,-- अब दाल दो समीर अंदर

समीर ,-- क्या दाल दू सोना ,अब तुम्हे ऐसे कोड वार्ड नहीं बोलने चाहिए.

दीदी ,-- अपना लुंड दाल दो मेरी छूट में और मुझे छोड़ो.

समीर भैया ने दीदी की छूट में जोर का धक्का लगाया तो दीदी चीख पड़ी.

दीदी ,--समीर तुम्हे ऐसे जोर से धक्का नहीं लगाना चाहिए.

समीर भैया,-- और तुम्हे इतनी जोर से नहीं चीखने चाहिए बाहर रोहित ह उसे पता चलेगा .

दीदी ,--aa..h तो उसे पता नहीं की अंदर उसकी दीदी चुद रही ह और वो मुझे छुड़वाने hi तो लाया ह.

समीर भैया,-- रोहित बहुत अच्छा लड़का ह वो तुम्हारी ख़ुशी के लिए क्या नहीं करता.

दीदी ,-- हम्म ,..... उसे मेने अपना एआईएम बता दिया ह और वो मेरे साथ रहेगा.

समीर भैया,-- अभी तो चुदाई का मज़ा लो पता नहीं आगे जाकर रोहित क्या कहेगा.

दीदी ,-- ऐश... छोड़ो मुझे समीर , जोर से छोड़ो.

समीर भैया पांच मिनट तक दीदी को छोड़ते रहे फिर उन्होंने दीदी को ऊपर आकर छोड़ने को कहा.

समीर भैया गद्दे पर पीठ के बल लेट गए और दीदी उनके ऊपर आकर उनके लुंड पर उछलने लगी और सिसकिया छोड़ने लगी तो समीर भैया भी उसके बूब्स से खेलना लगे.

समीर भैया मुझे देख रहे थे और उन्हें पता था की में उन्हें देख रहा हु.

दीदी ,--aa......aa ..... समीर नोच दो मेरी निप्पल को

समीर भैया दीदी की मूँगफी के डेन की तरह लम्बी हो चुकी निप्पल को मरोड़ने लगे . दीदी पांच मिनट में थक गयी तो समीर भैया ने पॉकेट से कंडोम निकला और उसे लुंड पर चढ़कर दीदी को घोड़ी बनने को कहा.

दीदी चौपाया बन गयी तो समीर भैया ने दीदी की छूट पर लुंड लगाया और एक शॉट लगाया तो दीदी फिर से चीखी और बोली.

दीदी ,---oo.......samir तुम हर बार ऐसे hi मेरी छूट में लुंड डालकर मेरी चीख निकला देते हो.

समीर भैया,-- मुझे तेरी चीख सुनकर hi तो आईडिया लगेगा की तुझे दूसरे लेवल पर कब लेकर जाना ह.

दीदी ,-- o.....h...h..haa समीर मेने वात्सप्प ग्रुप में पढ़ी थी ये बात , सॉरी ... छोड़ो मुझे जल्दी से दूसरे लेवल पर जाना ह.

समीर भैया,-- aa....h ....दूसरा नहीं तू सातवे लेवल तक आ चुकी ह अभी तुझे 25 लेवल पर करने ह.

दीदी ,--aah...hmm...hmmm में हर लेवल को एन्जॉय करुँगी

समीर भैया अब तेजी से शॉट मरने लगे थे और उनकी स्पीड से पता चल रहा थी की वो झड़ने वाले ह.

उनकी नजर गेट पर भी थी और वो देख रहे थे की में उन्हें देख रहा हु या नहीं . दीदी आँखे बंद करके छोड़ने में मस्त थी इसलिए में बिंदास होकर आगे आ गया .तभी दीदी ने एक बार आँखे खोल ली तो मेरी नजर समीर भैया से टकरा गयी तो उन्होंने मुझे आँख मरी.

में भी उनको एन्जॉय करने का बोलकर पीछे हो गया.

मेरा लुंड भी झड़ने को तैयार था और समीर भैया ने आँख मरी तो में पीछे हुआ और मेरा हाथ लुंड से टकरा गया तो मेरे लुंड ने पिचकारी छोड़ दी जो काफी दूर जाकर गिरी.

अंदर दोनों झाड़ चुके थे समीर भैया अपने लुंड से कंडोम को उतर कर खिड़की से फेंकने गए तो दीदी अपने पर्श से टिश्यू निकल कर छूट को साफ़ की और टिश्यू समीर को दे दी जिसको उन्होंने वही फेंक दिया जहा कंडोम फेका था.

मेने पेण्ट को बंद किया और लकड़ी का बुरा लेकर वीर्य पर फैला दिया .थोड़ी देर में दीदी और समीर भैया भी कपडे पहनते दिखे. तो में उनके कपडे पहनने तक रुका और अंदर गया तो देखा की वो दोनों कपडे पहनकर एक बार फिर से किश करने में लगे थे .

मुझे देखकर दोनों अलग हुए और फिर हम सब निचे आये तो समीर भैया ने दीदी को गाड़ी में बैठने को कहा और मुझसे बोले

समीर भैया,-- रोहित में दीदी को लेकर चल रहा हु तुम पीछे पीछे आ जाओ . में उनकी गाडी के साथ साथ hi घर पहुंच गया.

पार्किंग से समीर भैया थोड़ी देर बाद निकले और दीदी पहले तो में दीदी को लेकर फ्लैट में आ गया.

घर में घुसे तो पापा बोले ,-- हो गयी बीटा मीटिंग.

में.,-- हाँ पापा.

पापा ,-- वैसे किसलिए बुलाई थी मीटिंग .

Me,,--papa वो मेरी परफॉमेंस और घर पर मेरा कितना सहयोग करता हु उसके बारे में थी.

पापा ,-- फॉर.

में. -- दीदी ने बोल दिया की रोहित मेरी बहुत मदद करता ह और मेरे को बहुत मदद करता ह .

मेरी बात सुनकर दीदी के चेहरे पर स्माइल आ गयी और उसे समझ में आ गया की में उसे छोड़ने में कितनी मदद करता हु.

पापा ,-- है बीटा बहन की मदद तो करनी hi चाहिए आखिर तुम्हारी एक hi दीदी ह.

Me.,,--papa सैप दीदी से पूछिए की में उनकी कितनी हेल्प करता हु उन्हें जूस बनाकर पिलाया करता हूँ और उनको पढ़ने में टाइम भी देता हु.

दीदी ने मेरी बात सुनी तो मेरी तरफ आँखे तरेरी और बोली.

दीदी ,--पापा आप लोग चाय पिएंगे या खाना hi खाएंगे.

मम्मी ,-- हम ने तो खाना खा लिया .मेने बना दिया ह तुम दोनों खा लो.

हम दोनों ने फिर खाना खाया तो में खाना खाकर पढ़ने बेथ गया और दीदी मम्मी से गप्पे लगाने लगी.

शाम में खाना खाकर सब सो गए क्योंकि आज समीर भैया का फ़ोन नहीं आने वाला था.

अगले दिन सब कुछ नार्मल रहा और में कॉलेज गया और रात में ग्यारह बजे समीर भैया का फ़ोन आ गया.

दोनों ने पहले तो नार्मल बात hi की .समीर भैया बोल रहे थे वो मुझे भी सुनाई दे रहा था क्योंकि दीदी ने हेड फ़ोन नहीं लगाया था . दीदी हेड फ़ोन तभी लगाती थी जब वीडियो कॉल करनी हो .

में दीदी के कान के पास hi था इसलिए उनकी बाते मुझे क्लियर सुनाई दे रही थी.

समीर भैया,-- सोना इस तरह तो तुम्हे गोआल करने में कई साल निकलने पड़ेंगे.

दीदी ,-- हम्म. पर क्या करू मम्मी पापा की वजह से गड़बड़ हो रही ह.

समीर भैया,-- ये तो प्रॉब्लम ह अभी में यहाँ हु तो तुम फास गयी और रोज रोज बाहर भी नहीं मिल सकते.

दीदी ,--अब तुम hi कोई रास्ता बताओ

समीर भैया,-- तुम मम्मी पापा का स्लीपिंग पिल्स दे दो तो काम हो सकता ह.

दीदी ,-- पर उनको नुकसान कर दिया तो

समीर भैया ,-- सोना ,स्लीपिंग पिल्स से कोई नुकसान नहीं होता .

दीदी ,--ठीक ह कल मंगवा कर दे दूंगी.

समीर भैया,-- अब मेरे लुंड को शांत कर दो में वीडियो कॉल करता हु.

दीदी ने हाँ कहा और ईरफ़ोन कान में घुसा लिए तभी दीदी मुझसे बोली ,-- रोहित तुम मुंह उधर करोगे या में बाथरूम में जॉन.

में.,-- क्यों दीदी , समीर भैया वीडियो कॉल करने वाले ह क्या.

दीदी ,-- हम्म

Me.,--aap मेरी आँखों पर पट्टी बांध दीजिये फिर कर लीजिये वीडियो कॉल.

दीदी ,-- मुझे तुम पर विस्वास ह तुम मुंह उधर कर लो.

मेने मुंह घुमा लिया तो दीदी मुस्करा कर समीर भैया को वीडियो कॉल की.
 
में वीडियो कॉल पर दीदी की सिर्फ हलकी आवाज सुन सकता था क्योंकि एअर फ़ोन से आवाज बाहर नहीं आती. में दीदी की आवाज से आईडिया लगा रहा था की दीदी क्या कर रही होगी .

तभी दीदी की चैन खुलने की आवाज आयी तो में समझ गया की दीदी का गाउन खुल चूका ह . फिर थोड़ी देर बाद मुझे रबड़ के झटके की सी आवाज आयी तो में समझ गया की दीदी की ब्रा उतर चुकी ह .

फिर मुझे दीदी के पेअर रगड़ने की आवाज आयी जिसका मतलब था की दीदी अब पेंटी को बाहर कर चुकी ह और पूरी नंगी हो चुकी ह तो मेने जल्दी से चेहरा घुमा कर देखा तो दीदी समीर भैया को आँख मार रही थी.

दीदी को कभी भी मेने आँख मरते नहीं देखा था . मुझे फ़ोन में समीर भैया भी एक नजर दिखे जो दीदी को आँख मार रहे थे.

दीदी का पूरा ध्यान फ़ोन पर था .दीदी फ़ोन बहुत अच्छे से ऑपरेट कर लेती थी.

दीदी जीभ निकलकर समीर भैया को दिखा रही थी और अपनी निप्पल को भी चुटकी में मसल रही थी.

उन्होंने आठ दस बार समीर भैया को आँख मरी और फिर फ़ोन का कैमरा बैक साइड करके अपनी छूट में अंगुली डालकर उस पर चमकता पानी समीर भैया को दिखाया और फिर फ्रंट कैमरा चालू करके वो अंगुली मुंह में दाल ली.

समीर भैया उसे आँख मार्कर अपने फ़ोन का कैमरा पीछे किये तो उनके लुंड से सफ़ेद पानी की पिचकारी निकलते दिखी जो काफी दूर तक गयी थी.

मेने अपना मुंह वापस घुमा लिया और लुंड को पकड़ा तो लुंड हाथ लगते hi पानी फेंक दिया.

में झाड़ कर सो गया तो दीदी ने मुझे आवाज भी दी पर मेने अनसुना कर दिया.

अगले दिन दीदी के चेहरे पर थोड़ी उदासी दिखी जो में समझ नहीं पाया . दीदी नहाकर आयी तो उन्होंने आज टोलिया मेरी तरफ पीठ करके खोल दिया . दीदी सिर्फ पेंटी पहने थी और उसने एक तीते ब्रा निकल कर पहनने की कोशिश की पर उसका हुक नहीं लग रहा था .मुझे दीदी के साइड से एक बूब दिख रहा था .

दीदी ,-- रोहित मेरी ब्रा का हुक लगा दे .

में उठकर दीदी के पीछे गया और उनकी ब्रा को खिंच कर हुक लगा दिया. हुक लगते समय मेरी अंगुली उनकी पीठ से टच हुयी तो मुझे लगा जैसे मक्खन पर हाथ लगा हो. दीदी की पीठ मक्खन की तरह से मुलायम थी.

दीदी ने आज मेरा दिन सुबह सुबह hi बना दिया था पहले उसने नंगी पीठ दिखाई और फिर वो बाहर जाते हुए बोली ,--रोहित नहा ले और मेरी चीज को आज गन्दी मत करना क्योंकि वाशिंग मशीन उन्हें साफ़ नहीं कर पति.

में दीदी की बात समझा नहीं लेकिन जब बाथरूम में गया तो देखा दीदी ने तीन पेंटी टांग राखी थी और तीनो hi उसने शायद हाथ से धोयी थी .मेने तीनो को देखा की उन्हें हाथ से धोया था तीनो के देखने के बाद में समझ गया की वो सब पिछले तीन दिनों से मेरी मूठ से खराब की थी. क्योंकि मेरा छुम गधा होने से भीगी हुयी पंतय को मशीन अच्छे से साफ़ नहीं कर पति थी .

मेने फिर कमोड की तरफ देखा तो एक पेंटी सुखी थी उसे मेने उठाकर देखा तो वो छूट के सामने से गीली थी जो शायद आज की थी .

मेने उसे उठाकर नंगा हुआ और मुठ मार्कर पानी को उसमे नहीं गिराया बल्कि निचे गिरा कर नहाने लग गया.

में नाश्ता करके कॉलेज निकल गया वापिस आते समय मेडिकल स्टोर से नींद की गोली का स्ट्रिप और मैनफोर्स का एक्स्ट्रा डॉटेड कंडोम का पैकेट लेकर आया . घर आते hi मेने देखा की मम्मी पापा मेरे रूम में थे तो मेने दीदी को टेबलेट का पता दिया तो वो बोली ,-- ये किस चीज की ह.

में.,-- नींद की गोली ह .रात में मम्मी पापा को दूध में मिलकर देने के लिए.

दीदी सुबह मुझे बोलना भूल गयी थी पर मुझे याद था .दीदी ने टेबलेट लिया और मुस्करायी तो में बोलै.

में.,-- में अकेले क्या क्या करूँगा आप को भी थोड़ा सोचना चाहिए. आपको याद दिलाना चाहिए था.

दीदी ने मेरे गाल पर चुम्मा लिया और बोली ,-- तुम ले तो आये .पर रात में जगह कहा ह .

में.,-- आपके रूम में जो स्टोर ह उसमे मेट्रेस बिछा लेना , उसमे पर्दा तो लगा hi ह . आराम से हो जायेगा.

दीदी मेरी बात सुनी तो उसका चेहरा लाल हो गया . दीदी के रूम में स्टोर के नाम पैट एक आठ बी चार का छोटा सा कॉटेज था और उसमे कुछ छोटे मोठे सामन थे जिन्हे साइड में काट के दोनों आराम से चुदाई कर सकते थे उसके बाहर एक पर्दा भी लगा था और छोटा पंखा भी था.

दीदी ने फिर से मुझे गाल पर पप्पी दी और खाना दिया . में खा कर रूम में पढ़ने आया तो समीर भैया का फ़ोन आ गया.

में. -- बोलिये भैया.

समीर भैया,-- रोहित नींद की टेबलेट लेकर आ गए .

में.,-- जी भैया दीदी को दे दी.

समीर भैया ,-- रोहित तू अपनी दीदी को छोड़ना चाहता ह.

में.,-- नहीं भैया में ऐसा सोच भी नहीं सकता.

समीर भैया ,-- फिर तुझे क्या चाहिए .

में.,-- कुछ नहीं भैया ,में दीदी को छुड़वाते देखकर hi खुश हो जाता हु.

समीर भैया,-- तुझे दीदी की चुदाई अच्छी लगती ह और क्या अच्छा लगता ह

में.,-- जब आप उनसे छेड़ छड़ करते ह और बाते करते ह वो सुनकर मज़ा आता ह.

समीर भैया,-- तुझे दीदी को नंगी देखना अच्छा लगता ह ना.

में ,-- hmm.lagta ह

समीर भैया,-- तुझे ये तो पता चल hi गया होगा की दीदी और मेरी न शादी होने वाली ह ना hi हम प्यार करते ह .

में.,-- हम्म

समीर भैया,-- तब तो तुझे ये भी पता होगा की दीदी किस गोआल की बात करती ह

में.,-- नहीं भैया.

समीर भैया,-- में तुझे एक वात्सप्प ग्रुप में ऐड कर रहा हु जिसमे तुझे सब पता चल जायेगा. और तुझे उसे देखकर ये भी पता चल जायेगा की लड़की को छोड़ने के समय क्या अच्छा लगता ह

में.,-- जी भैया

समीर भैया,-- आज से तुझे उस ग्रुप में सब कुछ पढ़ने को मिल जायेगा बस तू कमेंट करके उसमे पूछते रहना की तू क्या करे की तेरी दीदी को ज्यादा से ज्यादा मज़ा आये .

में.,-- ठीक ह भैया

फ़ोन काटने के बाद में पढ़ने लगा टी कुछ देर में मेरे मोबाइल में मेसेज टोन आयी तो मेने वाट्स अप्प खोला तो उसमे एक ग्रुप में मुझे ऐड किया था .

ग्रुप का नाम था हेवन .उसमे तीन लोग ग्रुप थे हम दोनों के आलावा एक और मेंबर था जिसपे नाजनीन नाम लिखा हुआ आया तो में समझ गया की वो दीदी की सबसे अच्छी सहेली और समीर भैया की बीबी थी.

ग्रुप कुछ देर पहले hi बना था और उसमे नाजनीन दीदी ने कुछ लिखा था जिसे में पढ़ने लगा .,-- hello रोहित ,में नाजनीन हु तेरी दीदी की बेस्ट फ्रेंड . और तुम्हारे समीर भैया की बेगम

नाजनीन ,-- मुझे पता ह की समीर और सोना का जो सेशन चल रहा ह वो तेरी दीदी सोना की रिक्वेस्ट पर चल रहा ह और सोना मेरी इतनी अच्छी फ्रेंड ह की में उसके साथ अपना पति भी शेर कर रही हु जब तक उसका सेक्स एडवेंचर पूरा नहीं हो जाता.

सोना को सेक्स में बहुत इंट्रेस्ट रहा ह और वो सेक्स की बहुत पढाई की ह नेट के थ्रू. उसे सेक्स में इतना इंट्रेस्ट ह की वो पूरा इंटरनेट खंगाल कर उसमे सेक्स कंटेंट को न सिर्फ पढ़ती ह बल्कि उसे महसूस भी करना चाहती ह.

उसे सेक्स में गहरी रूचि ह और वो सेक्स के सरे गोआल करना चाहती ह . रोहित तुम जानते हो की अपने देश में ऐसे गोआल संभव नहीं ह फिर भी उसे ज्यादा से ज्यादा गोआल करने ह .तुम मेरे भी भाई की तरह हो और में तुम्हे ये hi सलाह दूंगी की तुम उसे गोआल करने के समय इस तरह से साथ दो की उसे गोआल करने में मज़ा आये और वो जो चाहती ह उसे हासिल हो. तुम सोना का दोस्त बनकर उसके गोआल को मज़ेदार बना सकते हो . सोना तुम्हे ये बात नहीं बोल सकती.

पर में सोना की सहेली hi नहीं बहन भी हु और उसके जीवन में ख़ुशी देखना चाहती हु इसलिए तुम मुझसे टिप्स ले सकते हो की सोना को ज्यादा से ज्यादा एन्जॉय कैसे करवाया जाये.

अगर तुम्मरि बात से सहमत हो तो मुझे रिप्ले करना.

मेने तुरंत रिप्ले किया ,-- दीदी में सोना दीदी का जीवन खुशियों से भरने चाहता हु. उसकी हर ख्वाहिस पूरी करने के लिए में कुछ भी कर सकता हु.

थोड़ी देर बाद नाजनीन दीदी का लम्बा मेसेज आया.,-- रोहित मुझे तुम्हारे विचारो को जानकर ख़ुशी हुयी . इस जहाँ में लोग अपनी बहन को परदे में रखकर दुसरो की बहन को नंगी देखना चाहते ह .उन्हें अपनी बहन तो पाक चकिए और दूसरी लड़किया बिगड़ैल और रंडी लगती ह .पर तुम अपनी बहन की खुशियों की खातिर उसे छुड़वाने ले जा सकते हो तो इसका मतलब तुम ब्रॉडमिन्डेड भी हो और ओपन माइंडेड भी.

सोना अब तक पांच गोआल कर चुकी ह जो इस तरह से ह

1 अपनी विर्जिनिटी को शादी से पहले तुड़वाना

2 किसी के साथ लेस्बो

3 किसी लड़की के साथ में लड़के से थ्रीसम

4 अपनी नुदितय को क्लोज फ्रेंड्स के साथ फोटो शायर.

5 परिवार में किसी के साथ सेक्स

अब उसका छटा गोआल चल रहा ह जिसमे उसे अपनी छूट को फ्री करवाना ह ताकि वो आराम से लुंड ले सके

तुम को में आगे बताती रहूंगी की उसका अगला गोआल क्या होगा .

इसलिए जब सोना को एन्जॉय करवाना ह तो तुम उसके भाई hi नहीं कभी कभी उसका देवर, जेठ और ननद के साथ हर तरीके से उसे एक्सीटेंड करना ह ताकि उसे इस गोआल में मज़ा आये . ये गोआल उसके जीवन का सबसे इम्पोर्टेन्ट गोआल ह . तुम समीर से सोना को हर तरीके से इस गोआल का मज़ा कराओ ताकि सोना का ये गोआल उसकी जिंदगी का यादगार गोआल बन कर रह जाये.

मेने तुरंत रिप्लाई किया ,-- यस दीदी , प्लीज आप सुग्गेस्ट करिये की में क्या करू की दीदी को ज्यादा से ज्यादा मज़ा आये.

उसके थोड़ी देर बाद नाजनीन दीदी ने मुझे बहुत साडी टिप्स दी जो में अपने दिमाग में फिट कर लिया और एक एक करके उन्हें आजमाने का फैसला किया.

फिर कोई वात्सप्प नहीं आया और में रात में क्या क्या करना ह वो सोचने लगा.
 
रात में दीदी ने खाना जल्दी बना लिया तो no बजे तक सबने खाना खा लिया फॉर दीदी ने मुझे मम्मी पापा को दूध दे कर आने को कहा . में किचन में गया तो दीदी ने उसमे मेरे सामने नींद की गोली मिला दी.

में.,-- दीदी क्या बात ह बहुत जल्दी ह मम्मी पापा को सुलाने की

दीदी ,-- हट बेशरम.

में,-- अच्छा दीदी में बेशरम और आप जो करती हो वो बहुत इज्जत का काम ह.

दीदी मेरी नाक पकड़कर, -- जो करती हु तेरी जानकारी में करती हु तेरी पीठ पीछे नहीं.

में.,-- हम्म , मेरी जानकारी में जो करती हो वो बहुत बहादुरी का काम ह . उसके लिए भी गांड में डैम होना चाहिए.

दीदी मुस्करा कर ,-- तो तुम्हे क्या लगा.

में.,-- किस बात का.

दीदी ,-- मेरी उसमे डैम ह की नहीं.

में.,-- किस्मे.

दीदी ,-- जो तू अभी बोलै

में ,-- में क्या बोलै.

दीदी ,-- नालायक, मेरे मुंह से अश्लील शब्द सुन्ना चाहता ह.

में.,-- और जो आप समीर भैया को देती वो अच्छा शब्द ह.

दीदी ,-- वो भी अश्लील ह.

में.,-- आप दे सकती हो पर बोल नहीं सकती.

दीदी मुस्करा कर ,-- अच्छा बाबा ,तुझे अश्लील hi सुन्ना ह तो सुन और ये बता की मेरी ga..n..d में डैम ह की नहीं.

में.,-- बहुत डैम ह और में तो कहूंगा की आपकी वो बहुत मजबूत ह.

दीदी ,-- क्या.

में.,-- गांड

दीदी ,-- नालायक , चल जा और दूध पीला कर आ मम्मी पापा को.

में.,-- जा रहा हु .वैसे दीदी इतनी जल्दी क्या ह आपके बलमा तो ग्यारह बजे बाद आएंगे.

दीदी ने मेरी बात सुनी तो वो बेलन उठाने लगी पर में जल्दी से ट्रे लेकर किचन से बाहर आ गया. मेने मम्मी पापा को दूध पिने को कहा तो उन्होंने रखने को कहा तो मेने कहा की दूध ज्यादा गरम नहीं ह और ठंडा दूध नुकसान करता ह

दोनों ने मेरी बात सुनी तो हंसने लगे और दूध पि लिए तो में खली गिलास और प्लेट लेकर आ गया. दीदी ने खली गिलास देखे तो बोली ,-- आज दोनों ने दूध पि भी लिया.

में ,-- हां मेने कहा की पि लीजिये दीदी का बॉयफ्रेंड आने वाला ह फिर.

दीदी मुस्करा कर मेरे गाल पर चपत लगाई और बर्तन धोते हुए बोली ,-- अपनी दीदी से कोई ऐसे बात करता ह.

में.,-- में दीदी से नहीं अपनी दोस्त से बार कर रहा हु . अगर आप को मेरी दीदी hi रहना ह तो बोलिये .

दीदी ,-- नहीं मुझे तू अकेले में दोस्त hi समझा कर ,

में.,-- और आपसे मार खता राहुल.

दीदी ,-- ये मार नहीं एक दोस्त का प्यार ह.

में.,-- दीदी जल्दी करो अभी आप को और भी बहुत काम करने होंगे.

दीदी ,-- अब क्या काम रह गया

में ,--आप रूम में आओगी तो बताऊंगा.

थोड़ी देर में दीदी रूम में आयी और बोली ,-- बोलो क्या बताना था.

में ,-- दीदी आपको एक बार साड़ी पहनकर भी एन्जॉय करना चाहिए.

दीदी ,-- वो क्यों

में.,-- समीर भैया अलग कास्ट से ह और उन्हें अच्छा लगेगा.

दीदी ,-- पर मेरे पास साड़ी नहीं ह

में.,-- मम्मी की पहन लो.

दीदी ,-- और ब्लाउज

में,-- बिना ब्लाउज नहीं चलेगा.

दीदी ,-- a.n.h , एक काम करते ह कल एक साड़ी और उसकी मैचिंग का सामान ले आएंगे.

में.,-- पर मम्मी को क्या बोलेंगे.

दीदी ,-- तुम्हे कुछ नहीं बोलना मम्मी खुद बोलेगी की दीदी को बाजार ले जाओ

में.,-- ठीक ह

दीदी ,-- और कुछ

में.,-- दीदी वो क्रीम ह या ख़त्म हो गयी

दीदी ,-- कोनसी

में ,-- वीट

दीदी ,-- ह अभी , क्यों

में.,-- उसे लगा लेती तो समीर भैया को अच्छा लगता.

दीदी मुस्करा कर ,-- अभी जरुरत नहीं ह वैसे तू उसके लिए क्यों बोल रहा ह.

में.,-- दीदी समीर भैया को वह जीभ से चाटने में मज़ा आता ह.

दीदी ,-- तुझे कैसे पता

में.,-- परसो वह फ्लैट में जब वो चाट रहे थे तब मेने देखा था.

दीदी ,-- नालायक , मेने सोचा तू बाहर निगरानी कर रहा होगा. पर तू तो मेरी निगरानी कर रहा था.

में.,-- में तो निगरानी hi कर रहा था पर आप इतनी जोर से सिसकी की मुझे देखना पद गया.

दीदी ,-- अभी तीन दिन hi हुए ह इसलिए जरुरत नहीं ह.

दीदी मुझे एक तरह से खुलकर hi बोल दी थी की उसने तीन दिन पहले झांट साफ़ की ह और अभी झांट छोटी ह इसलिए साफ़ करने की जरुरत नहीं ह.

में ये सब नाजनीन दीदी के दिए गुरु ज्ञान की वजह से बोल रहा था ताकि वो मुझसे पूरी खुल जाये और अपने छठे गोआल को पूरा एन्जॉय करे . मुझे नाजनीन दीदी ने बताया था की दीदी के लिए ये टाइम थोड़ा डिफिकल्ट था क्योंकि उसे अभी भी दर्द होता था और समीर भैया को ज्यादा से ज्यादा छोड़ने का मौका देना था ताकि वो जल्दी से अपनी छूट को फ्री करवा ले.

में.,-- दीदी मेने स्टोर में मैट्रेस्स बिछा दी ह आप एक बार देख लो अंदर और कुछ तो नहीं चाहिए.

दीदी मुस्करा कर उठी और स्टोर को चेक करने गयी तो मेने अपनी पॉकेट से कंडोम का पैकेट देकर कहा

में. -- दीदी ये लो समीर भैया को ये देना ये ज्यादा अच्छा ह

दीदी ने पैकेट देखा जो उल्टा था उसे सीधा किया तो उस पर कंडोम लिखा देखकर लजा गयी .मेने पैकेट से उसकी डिस्क्रिप्शन वाला कागज निकला तो उस पर सामने बड़े बड़े डॉट वाला कंडोम का फोटो था जिसे देखकर में बोलै.

में.,-- दीदी ये देखिये ये डॉट्स बने ह ये बहुत मज़ा देते ह उस समय.

दीदी जीभ में अंगुली डालकर मुस्कराते हुए,-- हम्म्म.

में.,-- दीदी आप समीर भैया को मत बोलना की ये में लाया हु.

दीदी ,-- तो क्या बोलूंगी फिर.

Me.,,--aao उनको बोलना की मॉल में एक शॉप पर लड़की बैठी थी उससे लिए थे आपने.

दीदी ,-- उस से क्या होगा.

में.,-- दीदी उस से समीर भैया को लगेगा की आप जल्दी गोआल करने में ह

दीदी ,-- गोआल क्या.

में ,-- वही आप उस दिन फ़ोन पर बोल रही थी की छत्ता गोआल बहुत ज्यादा लम्बा हो जायेगा.

दीदी ,-- तुम मेरी हर बात सुनते हो क्या.

में.,-- दीदी अब में कान बंद तो नहीं कर सकता ना. अब आप इसे स्टोर में hi रख लो रात में काम आएगा.

दीदी ने मुस्करा कर कंडोम का पैकेट मैट्रेस्स के निचे रख लिया और बोली ,-- जाओ देख कर आओ मम्मी पापा सो गए क्या.

में मम्मी पापा को देखने दूसरे रूम में गया तो देखा दोनों मज़े से सो चुके तो मेने उनका गेट बाहर से बंद कर दिया और दीदी से बोलै की सो गए.

दीदी फिर बाथरूम में गयी और मुंह धोकर आयी और अपने पर्श से छोटा सा गिलास निकल कर उसने देखते हुए लिपस्टिक लगाने लगी.

में.,-- दीदी लिपस्टिक थोड़ी डार्क लगाना .

दीदी ,-- क्यों,

में.,-- समीर भैया के बदन पर अच्छी लगेगी .

दीदी ,-- हम्म , ये बता में क्या पह्नु अभी.

में ,-- दीदी वो टोलिया की जैसी ड्रेस पहनो

दीदी,-- पर उसमे अंदर ब्रा नहीं पहन सकती स्ट्राप दिखेंगे.

में,--- तो ब्रा मत पहनो .वैसे भी ड्रेस पांच सात मिनट hi तो पहननी ह.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्कराई और अपना सलवार कुरता उतर दी दीदी ब्रा पेंटी में आ गयी उसका पीठ मेरी तरफ था इसलिए मुझे उसकी नंगी पीठ दिख रही थी दीदी में नेट वाली ब्रा पेंटी पहनी थी जिसमे से उसकी गांड पूरी दिख रही थी.

फिर दीदी ने अपने हाथ पीछे करके ब्रा खोल दी और जल्दी से अपना ओने पीेछे टॉप टैंक पहन लिया .वो ड्रेस को सामने से निचे खींचने के बाद मेरी तरफ मुड़ी और बोली.
 


दीदी ,-- कैसी लग रही हु

में.,-- माल

दीदी ,-- माल क्या.

Me,--item

दीदी मेरी बात समझ रही थी और मन hi मन खुश भी हो रही थी पर अनजान बैंक हुयी थी .दीदी . -- बोल माँ

में.,-- एकदम झक्कास .

दीदी ने दांत से अपना जीभ कटी और बोली,- समीर को पसंद आएगा न

में.,-- दीदी देखना समीर जीजू आपको गेट पर पकड़कर चूमने लगेंगे.

दीदी ,-- क्या बोलै तुमने.

में.,-- यही की समीर जीजू आपको पकड़कर गेट पर hi शुरू हो जायेंगे.

दीदी ,-- समीर तेरा जीजू कब से हो गया.

में.,-- दीदी काम तो समीर भैया जीजू वाले hi करते ह.

दीदी ,-- नहीं दुबारा जीजू मत बोलना

में.,-- तो नाजनीन दीदी को फिर क्या बोलू ,

दीदी मेरी बात सुनकर चुप हो गयी तो में बोलै ,-- दीदी एक बात बोलू आप बुरा नहीं मनो तो.

दीदी ,-- बिंदास बोल में तेरी बात का कभी बुरा मान hi नहीं सकती.

में.,-- आप समीर भैया को उस समय जी लगा कर बोलै करो

दीदी ,-- किस समय

में.,--- जब वो जीजू वाला काम कर रहे हो तब .

दीदी मेरी बात को कुछ समय तक समझी नहीं फिर समझ में आया तो मुस्करा कर बोली ,-- उस से क्या होगा.

में.,-- दीदी समीर भैया आपकी जितनी मदद कर रहे ह वो हर कोई नहीं कर सकता .

दीदी ,-- अच्छा.

में.,-- हम्म , आपको गोआल करवाने के लिए तैयार रहते ह और आप जब पुरे गोआल कर लोगी तो नौकरी भी लग जाएगी.

दीदी ,-- तुझे कैसे पता

में.,-- आजकल दीदी बड़ी कंपनी में ऐसी hi प् की डिमांड होती ह.

तभी मेरा फ़ोन बजा मेने देखा समीर भैया का फ़ोन था .मेने बात की तो वो बोले की में निचे आ रहा हु.

में. -- दीदी जाओ गेट खोल दो जीजू आ गए गेट पर.

दीदी ,-- फॉर तूने जीजू बोलै , तू भी चल मेरे साथ.

में.,-- दीदी बिंदास जाओ मेने पापा का रूम बाहर से बंद कर दिया ह.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्करा कर मेरे बालों को प्यार से सहलाया और गेट खोलने चली गयी.

में देख रहा था की दीदी के गेट खोलते hi समीर भैया का मुंह खुला रह गया और वो दीदी को चूमने के लिए होंठ आगे किये तो दीदी ने मना कर दिया और रूम में चलने को कहा.

समीर भैया, रूम की तरफ बढे तो दीदी ने गेट बंद कर दिया . समीर भैया ने मुझे गले लगाया और खड़े रहे तो मेने उन्हें कहा भैया आप और दीदी उसमे जाइये . यहाँ पर आपको डिस्टर्ब होगा.

मेरी बात दीदी भी सुन चुकी थी इसलिए वो स्टोर में चली गयी तो समीर भैया भी अंदर चले गए . में परदे के पीछे से उन्हें देखने लगा .

दीदी ने समीर भैया के शर्ट का बटन खोला और फिर बनियान को ऊपर करके उनकी छाती पर दोनों निप्पल के पास अपने होठों की मोहर लगाई और फिर पेट पर पूरी लिपस्टिक से किश करके लिपस्टिक साफ़ कर ली.

समीर भैया ने अपनी छाती पर लिपस्टिक देखि तो वो मुस्करा उठे और उन्होंने दीदी के होंठ से अपने होठ मिला दिए . दोनों बरसो के प्यासे पंछियों की तरह एक दूसरे के होठो से रास पीकर प्यास बुझाने की कोशिश करने लगे.

दोनों काफी देर तक वैसे hi लगे रहे पर ये प्यास किसी की बुझी ह जो उनकी बुझती.

दोनों की आँखे एक दूसरे से से बाते कर रही थी तभी समीर भैया ने दीदी का ड्रेस को ऊपर से निचे करना शुरू किया तो ड्रेस निचे होने लगी और फिर दीदी ने ड्रेस को गांड से निकलकर पेरो से गेट की तरफ फेंक दिया तो उनकी नजर मुझसे मिल गयी क्योंकि में परदे को थोड़ा सा हटाकर हाथ से पकडे हुए था.

आँख मिलते hi मेने पर्दा छोड़ दिया और साइड हो गया तो दीदी मुस्करा कर रह गयी.

समीर भैया,-- सोना आज तो तुम इस ड्रेस में पटाखा लग रही थी . ये कब खरीद.

दीदी ,-- ये रोहित ने पसंद की थी जब तुमने उसे कहा था.

समीर भैया,-- रोहित की पसंद वाकई में बहुत अच्छी ह.

दीदी ,-- पसंद भी और इंटेलीजेंट भी बहुत ह .ये उसी का मैनेजमेंट ह.

समीर भैया,--, अच्छा ह तुम चीखती बहुत हो .अब उसे रोहित के आलावा कोई नहीं सुन पायेगा.

दीदी ,-- हम्म. रोहित से हमें कोई परेशानी भी नहीं ह.

समीर भैया ने दीदी की पेंटी को निकल दिया और उनकी छूट को बैठकर चूमने लगे.

दीदी ,-- aah...pata ह आज रोहित क्या बोलै.

समीर भैया मुंह हटाकर,-- क्या बोलै सोना.

दीदी ,-- वो बोलै की इसे क्रीम से साफ़ करो.

समीर भैया,- किसे

दीदी ,-- छूट को .

समीर भैया,-- क्यों अभी क्यों साफ़ करनी ह अभी इतनी झांट कहा ह.

दीदी ,-- हम्म .अब उसे क्या पता की झांट नहीं ह. वो बोलै समीर भैया को आपकी छूट चेतना बहुत पसंद ह.

समीर भैया,-- जो मर्द सेक्स को समझते ह वो छूट कहते बिना छूट को छोड़ता नहीं ह.

दीदी ,--आ.... पता ह मेरी एक भी सहेली ऐसी नहीं ह जिनका पति उनकी छूट चाट ते ho.najneen को छोड़कर.

समीर भैया,--, सेल गांडू ह सब उन्हें सिर्फ लुंड डालकर हिलने आता ह.

दीदी ,--a...h.. तुम मुझे एक बार तो चाट कर hi झाड़ा देते हो.

समीर भैया,--, लड़की को पहले ओर्गास्म जल्दी आ जाता ह और फिर वो पुरे मूड में आती ह. तुमने ग्रुप में नहीं देखा , दूध और छूट को जितना गरम करो उतना मज़ा देते ह.

दीदी ने समीर भैया के कपडे खोलते हुए ,-- तुम तो वैसे भी सेक्स में पीएचडी किये हो.

समीर भैया,- तभी तो इतने सरे लोग मुझसे ग्रुप में जुड़े हुए ह .में किसी को आज तक अपनी मर्जी से नहीं जोड़ा.

दीदी ,-- तुम तो रसिया हो . कॉलेज में कोनसी लड़की नहीं थी जो तुमसे नहीं छोड़ना चाहती थी.

समीर भैया,-- फिर भी देख लो मेने किसी को छोड़ने में रूचि नहीं दिखाई सिर्फ नाजनीन को छोड़ कर . क्योंकि मेरा और नाजनीन का निकाह तय था.

दीदी ,-- हम्म .नाजनीन ने मुझे बता दिया था की तुम मुझे नहीं छोड़ोगे.

समीर भैया,-- तुम भी तो पूरी जिद्दी निकली नाजनीन के साथ छुड़वा hi लिया.

दोनों नंगे हो चुके तो समीर भैया ने दीदी को मेट्रेस पर सुलाया और उनके पेअर ऊपर करके छूट में लुंड को आधा hi घुसाया था की दीदी जोर से चीखी.

समीर भैया ने उनके पेअर निचे कर दिए और बोलै ,-- संस तुम्हारा ये गोआल लम्बा चलेगा.

दीदी ,-- क्यों.

समीर भैया,- तुम आज भी कुंवारी लड़की की तरह चीखती हो .जैसे की पहली चुदाई h.tumhari छूट बहुत तीते ह.

दीदी ,-- तो अब से रेगुलर चुदाई होने लगेगी तो ढीली हो hi जाएगी.

समीर भैया छूट में शॉट मारकर,- तुम्हे बहुत जल्दी ह अपने नया गोआल करने की.

दीदी ,--aa....h.. अभी बहुत गोआल करने ह और मुझे तो आगे के गोआल करने के लिए . बहुत इंटरेस्टिंग ह में जबपद्धति हु तो पढ़ कर hi छूट पूरी गीली हो जाती ह.

समीर भैया दीदी की छूट को दनादन छोड़ते हुए,-- तुम तकदीर वाली हो की रोहित तुम्हारा भाई ह वार्ना लड़किया पढ़कर hi सतोष कर लेती ह क्योंकि अपने यहाँ ये लगभग असंभव काम ह.

दीदी ,-- h.....m....m.. पर रोहित मुझे देखना पुरे गोआल करने में पूरा साथ देगा.

समीर भैया,- हम्म वो पढ़ा लिखा ह , बाते भी मेच्योरिटी वाली करता ह और सेक्स की नॉलेज भी उसे खूब ह

दोनों दस मिनट से तक चुदाई के बाद थक गए तो पोजीसन बदल ली और अब दीदी को समीर भैया ने करवट लेकर सुला दिया और छोड़ते हुए बोले.

समीर भैया,-- सोना अब तुम्हे अलग अलग पोजीसन में छोड़ना पड़ेगा तभी छूट फ्री होगी.

दीदी ,-- ऐश... तो छोड़िये न समीर जी .मेने आपको मन किया ह क्या .

समीर भैया,--, ,--क्या बात ह सोना आज तो जी लगाकर.

दीदी की नजर मुझे परदे के पीछे से देखते हुए पद गयी थी इसलिए वो जी लगाई थी.

दीदी ,-- आज रोहित बोलै की दीदी आप छुड़वाते समय समीर भैया को जी लगाकर बोलै करो.

समीर ,-- तुमने उसने ऐसा डायरेक्ट बोलै.

दीदी ,-- डायरेक्ट तो नहीं पर इशारे से घुमा फिर कर बोलै.

समीर ,-- तुम रोहित के साथ पूरी ओपन हो जाओ सोना .अब आगे उसके बिना हम नहीं बढ़ पाएंगे.

दीदी ,-- हम्म, धीरे धीरे ओपन हो रही हु समीर जी.

समीर ,-- सोना तुम समीर जी लगाकर बोलती हो तो अलग hi फीलिंग आती ह .

दीदी ,-- क्या फीलिंग आती ह समीर जी.

समीर ,-- ऐसा लगता ह हम दोनों रियल में पति पत्नी ह.

दीदी ,-- मुझे भी ऐसी hi फीलिंग आती ह और ये सब रोहित का खुरापाती दिमाग की दें ह.

समीर ,-- पर मज़ा तो हम दोनों को hi आ रहा ह.

दीदी ,-- ऐश.... हम्म्म

दोनों को तीन मिनट हो गए तो उस पोजीसन में छोड़ते हुए तो समीर भैया ने लुंड दीदी की छूट से निकला .
 
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