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- Dec 5, 2013
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मुझे टीवी को वॉल्यूम बढ़ाना पड़ा क्योंकि दीदी की सिसकिया बहुत जोर से हॉल में आ रही थी . लगभग साढ़े ग्यारह बजे दीदी की सिसकिया बंद हुयी और थोड़े देर में समीर भैया कपडे पहन कर बाहर आये .
उन्होंने मुझे गले लगाया और चार बार थैंक्स बोलै तो में उन्हें गेट तक छोड़ के आया और गेट बंद करके जब दीदी के रूम में देखा तो वो नंगी hi आँखे बंद किये सो रही थी उनकी छूट पूरी लाल हो चुकी थी और थोड़ी सूजन भी लग रही थी .
मेने टीवी बंद किया और अपने रूम में आकर एक बार फिर दीदी की थोंग में मुठ मार्कर सो गया.
अगले दिन में सुबह उठा तो दीदी ने गाउन पहना हुआ था और वो थोड़ा लंगड़ा कर चल रही थी तो मेने पूछा दीदी लंगड़ा कर क्यों चल रही हो तो दीदी मुस्करायी और फिर बोली की में बाथरूम में फिसल गयी थी.
में समझ गया की दीदी मुझे सच नहीं बोलेगी और सच मुझे पता था की दीदी की छूट में अभी सूजन होगी.
शाम में में कॉलेज से घर आया तो दीदी ने फिर से सलवार सूट पहन रखा था . मेरे चेहरे पर हताशा देखकर दीदी ने कहा ,-- रोहित अभी चार दिन मुझे पुरे कपडे पहनने पड़ेंगे . में समझ गया की दीदी को माहवारी आ गयी ह.
चार दिन ऐसे hi बीत गए में भी पढाई में लग गया और पांचवे दिन दीदी फिर से शार्ट निघ्त्य पहन कर नास्ता दी तो में समझ गया की दीदी अब क्लियर हो चुकी ह. दीदी मुझे नास्ता देते हुए मुस्करा रही थी . तो मेने भी उनकी टांग खींचने की सोचा और बोलै ,-- दीदी समीर भाई का फ़ोन नहीं आया इन दिनों में.
दीदी ,--मेने hi मन किया था आज आएगा रात में.
Me.,,--ohh, तब तो आपको इंतजार रहेगा.
दीदी, -- चुप शैतान .
में नास्ता करके कॉलेज चला गया और शाम में भी कुछ खास बात नहीं हुयी.
रात में खाने के समय दीदी मुस्करा रही थी तो मेने पूछ लिया.
में.,-- दीदी क्या बात ह आज मुस्करा रही हो. समीर भैया का फ़ोन आया था क्या
दीदी ,-- तुम मुझे ये बता उस दिन तुमने समीर को टेबलेट दी थी वो क्या चीज की थी.
में मुस्करा कर ,-- क्यों समीर भैया ने नहीं बताया .
दीदी ,-- में तुम्हारे मुंह से सुन्ना चाहती हूँ.
में.,-- दीदी में आपको नहीं बता सकता आप समीर भैया से hi पूछ लेना.
दीदी ,-- सोच ले अगर नहीं बताएगा तो में भी तुम्हे वो नहीं दूंगी.
में.,-- क्या
दीदी ,--वही जिसे तू रोज गन्दी करके छोड़ देता ह.
Me.,,--jab आप खोलकर नहीं बोल सकती तो में क्यों बोलू.
दीदी ,--pe...n..ty
में.,-- अब तो बताना hi पड़ेगा.
दीदी ,--तो बोल.
में ,-- दीदी वो वियाग्रा की गोली थी .
दीदी ,--आईडिया किसका था.
Me.,--Samir भैया, ने मुझे कहा था.
दीदी ,--कब
Me.,,--jab हम टॉयलेट गए थे . क्यों
दीदी ,-- समीर उस रात बहुत देर तक करता रहा और मुझे बताया भी नहीं की वो टेबलेट लिया ह .
में.,-- मतलब आप ऐसे hi मुझसे पूरी बात पता कर ली.
दीदी ,--बच्चू में तेरी दीदी हु . अब देखना में समीर को कैसे सबक सिखाती हु
दीदी ये बोलकर मुस्करा उठी तभी समीर भैया का फ़ोन आ गया तो दीदी अपने रूम में चली गयी में उनके गेट के पास कान लगाकर सुनने लगा पर कुछ सुनाई नहीं दिया क्योंकि दीदी बहुत धीरे बोल रही थी. थोड़ी देर में समीर भैया ने वीडियो कॉल किया तो में भी मुस्करा दिया और अपने रूम में आ गया.
में थोड़ी देर बाद पानी पिने बाहर आया तो दीदी के रूम से हंसने की आवाज आ रही थी . दीदी ने मुझे किचन में जाते देखा तो आवाज लगाकर बुलाया और बोली लो बात करो.
मेने फ़ोन लेने के लिए हाथ आगे बढ़ाया तो दीदी ने स्पीकर ों कर दिया .
समीर, --यार तूने सोना को क्यों बताया की मेने वियग्रा खाई थी.
में.,-- मुझे दीदी ने फुसला कर पूछ लिया और मेने सोचा आप ने बता दिया होगा.
दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कराई तो समीर बोलै ,-- समझ गया ,सोना को मेने नहीं बताया तो वो तुमसे उगलवा ली , चल फ़ोन दीदी को दे यार पांच दिन से दीदी को नंगी नहीं .......
तभी दीदी ने स्पीकर बंद कर दिया और मुझे बाहर जाने का इशारा किया तो में बाहर आ गया .
में किचन में पानी पीकर आया तो दीदी का वीडियो कॉल चालू था वो टॉपलेस होकर समीर भैया को अपने बूब्स दिखा रही थी और फ़ोन में समीर भैया का लुंड दिख रहा था .कुछ देर में वह खड़ा रहा और लुंड को मुठियाने लगा तो बहुत जल्द में झाड़ गया और आकर सो गया.
अगले दिन जब में उठा और चाय पिने बैठा तो सोनाक्षी दीदी सिल्की निघ्त्य पहनी थी और उसके अंदर ब्रा पेंटी नहीं पहनी थी क्योंकि उसकी निप्पल सिल्की निघ्त्य से पूरी क्लियर पता चल रही थी. दीदी मेरी और देखकर मुस्करायी तो में भी मुस्कराया.
दीदी ,-- रोहित आज से तू मेरे कमरे में hi नहा लिया कर .
में.,-- क्यों दीदी.
दीदी ,-- क्योंकि उसी में वाशिंग मशीन ह तो कपडे धोने के लिए मुझे सुविधा होगी.
में.,-- ठीक ह दीदी .
दीदी ,-- आज से तुझे मेरे बाथरूम में तेरे लिए तेरे मतलब की चीज भी पड़ी मिल जाएगी.
दीदी ये बोलकर मुस्करायी तो में भी मुस्करा दिया और जल्दी से चाय ख़त्म करके दीदी के बाथरूम में घुस गया . मेने बाथरूम का गेट लॉक नहीं किया था सिर्फ गेट बंद किया था . मेने कपडे खोलकर जब शावर का हैंडल को देखा तो दीदी की पेंटी उस पर लटत रही थी.
दीदी की पेंटी देखते hi मेरा लुंड पूरा अकड़ गया और मेने पेंटी उठाकर उसे सुंघा तो दीदी की पेंटी की मादक खुसबू ने मेरे अंदर पूरी गर्मी पैदा कर दी .
मेने दीदी की पेंटी को अपने लुंड पर लपेटकर घस्से लगाने शुरू कर दिए और कुछ देर में ढेर सारा वीर्य निकला जो मेने दीदी की पेंटी में डालकर नहाया और पेंटी को वैसे hi टांगकर तोलिये लपेट कर अपने रूम में आ गया .
दीदी ने मुझे अपने रूम में जाते हुए देखा तो शरारत भरी मुस्कान उनके चेहरे पर दिखी.
में कपडे पहन कर नास्ता करने बैठा तो दीदी भी नास्ता लेकर आ खाने बेथ गयी और मुझसे बोली.
दीदी ,-- रोहित तुम्हे किसी की चीज को इस तरह गन्दा नहीं करना चाहिए.
में पहले तो समझा नहीं फिर जब समझ में आया की दीदी किस चीज की बात कर रही ह तो मुस्करा कर बोलै.
में. -- दीदी जमाना बहुत मतलबी हो गया ह ना.
दीदी ,-- कैसे.
में.,-- लोग रात भर एन्जॉय करके अपना सामन इधर उधर फेंक देते ह . वो ये नहीं सोचते की सामान को डस्टबिन में दाल दे बल्कि अलग अलग जगह पर दाल देते ह.
दीदी मेरी बात को समझ गयी की में कंडोम की बात कर रहा हु इसलिए उनका चेहरा लाल हो गया और वो चुप हो गयी तो में फिर से बोलै.
Me.,--vese दीदी मुझे वो सामान देखकर पता चल जाता ह की मेरी दीदी को कितनी बार ख़ुशी मिली.
दीदी ,-- बदमाश.
में जल्दी से उठकर खड़ा हुआ और दीदी को मुस्कराते छोड़ कर कॉलेज को आ गया. दोपहर में समीर भैया का फ़ोन आया की दीदी को एक त्रिम्मेर ला कर दे देना तो मुझे याद आया की दीदी की छूट पर झांट दिखने लगी थी जिसे वो साफ़ करना चाहती होगी . पर बाद में मुझे पता चला की ये सब मुझे ओपन करने का तरीके था..
वैसे भी मेरे पास ऑनलाइन मंगाया हुआ त्रिम्मेर था जो मेरे बैग में था .
कॉलेज से में घर आया तो दीदी ने खाना दिया वो खाकर में अपने रूम से त्रिम्मेर लेकर दीदी को दिया तो दीदी ने त्रिम्मेर देखकर मुझसे पूछा.
दीदी ,-- ये क्या ह.
में ,-- त्रिम्मेर ह दीदी , बालो को ट्रिम कर देता ह अब आपको इसकी जरुरत पड़ेगी.
दीदी को जब मेरी बात का मतलब समझ में आया तो मुस्करा कर त्रिम्मेर ले कर अपने रूम में चली गयी और थोड़ी देर बाद उसने मुझे वापस त्रिम्मेर लेक दिया तो मेने उस पर फंसे एक बाल को जो आधा इंच का था निकल कर देखने लगा.
दीदी ने मेरे हाथ से वो बाल पकड़कर फेंक दिया . उनके चेहरे पर मुस्कान के साथ शर्म भी दिख रही थी.
में त्रिम्मेर लेकर अपने रूम में आ गया और पढ़ने लगा.
दो दिन बाद शाम को में अपने रूम से बाहर आया तो दीदी मुझे नहीं दिखी तो में उन्हें रूम में देखने गया . दीदी कुर्सी पर बैठकर समीर भैया से बात कर रही थी उसकी पीठ गेट की तरफ थी और वो वीडियो कॉल पर बात कर रही थी . मुझे समीर भैया का चेहरा दिख रहा था वो दीदी को बोल रहे थे.
समीर भैया, -- सोना तुम्हे रोहित के सामने और ओपन होना पड़ेगा.
दीदी ,,--इतना तो हो चुकी.
उन्होंने मुझे गले लगाया और चार बार थैंक्स बोलै तो में उन्हें गेट तक छोड़ के आया और गेट बंद करके जब दीदी के रूम में देखा तो वो नंगी hi आँखे बंद किये सो रही थी उनकी छूट पूरी लाल हो चुकी थी और थोड़ी सूजन भी लग रही थी .
मेने टीवी बंद किया और अपने रूम में आकर एक बार फिर दीदी की थोंग में मुठ मार्कर सो गया.
अगले दिन में सुबह उठा तो दीदी ने गाउन पहना हुआ था और वो थोड़ा लंगड़ा कर चल रही थी तो मेने पूछा दीदी लंगड़ा कर क्यों चल रही हो तो दीदी मुस्करायी और फिर बोली की में बाथरूम में फिसल गयी थी.
में समझ गया की दीदी मुझे सच नहीं बोलेगी और सच मुझे पता था की दीदी की छूट में अभी सूजन होगी.
शाम में में कॉलेज से घर आया तो दीदी ने फिर से सलवार सूट पहन रखा था . मेरे चेहरे पर हताशा देखकर दीदी ने कहा ,-- रोहित अभी चार दिन मुझे पुरे कपडे पहनने पड़ेंगे . में समझ गया की दीदी को माहवारी आ गयी ह.
चार दिन ऐसे hi बीत गए में भी पढाई में लग गया और पांचवे दिन दीदी फिर से शार्ट निघ्त्य पहन कर नास्ता दी तो में समझ गया की दीदी अब क्लियर हो चुकी ह. दीदी मुझे नास्ता देते हुए मुस्करा रही थी . तो मेने भी उनकी टांग खींचने की सोचा और बोलै ,-- दीदी समीर भाई का फ़ोन नहीं आया इन दिनों में.
दीदी ,--मेने hi मन किया था आज आएगा रात में.
Me.,,--ohh, तब तो आपको इंतजार रहेगा.
दीदी, -- चुप शैतान .
में नास्ता करके कॉलेज चला गया और शाम में भी कुछ खास बात नहीं हुयी.
रात में खाने के समय दीदी मुस्करा रही थी तो मेने पूछ लिया.
में.,-- दीदी क्या बात ह आज मुस्करा रही हो. समीर भैया का फ़ोन आया था क्या
दीदी ,-- तुम मुझे ये बता उस दिन तुमने समीर को टेबलेट दी थी वो क्या चीज की थी.
में मुस्करा कर ,-- क्यों समीर भैया ने नहीं बताया .
दीदी ,-- में तुम्हारे मुंह से सुन्ना चाहती हूँ.
में.,-- दीदी में आपको नहीं बता सकता आप समीर भैया से hi पूछ लेना.
दीदी ,-- सोच ले अगर नहीं बताएगा तो में भी तुम्हे वो नहीं दूंगी.
में.,-- क्या
दीदी ,--वही जिसे तू रोज गन्दी करके छोड़ देता ह.
Me.,,--jab आप खोलकर नहीं बोल सकती तो में क्यों बोलू.
दीदी ,--pe...n..ty
में.,-- अब तो बताना hi पड़ेगा.
दीदी ,--तो बोल.
में ,-- दीदी वो वियाग्रा की गोली थी .
दीदी ,--आईडिया किसका था.
Me.,--Samir भैया, ने मुझे कहा था.
दीदी ,--कब
Me.,,--jab हम टॉयलेट गए थे . क्यों
दीदी ,-- समीर उस रात बहुत देर तक करता रहा और मुझे बताया भी नहीं की वो टेबलेट लिया ह .
में.,-- मतलब आप ऐसे hi मुझसे पूरी बात पता कर ली.
दीदी ,--बच्चू में तेरी दीदी हु . अब देखना में समीर को कैसे सबक सिखाती हु
दीदी ये बोलकर मुस्करा उठी तभी समीर भैया का फ़ोन आ गया तो दीदी अपने रूम में चली गयी में उनके गेट के पास कान लगाकर सुनने लगा पर कुछ सुनाई नहीं दिया क्योंकि दीदी बहुत धीरे बोल रही थी. थोड़ी देर में समीर भैया ने वीडियो कॉल किया तो में भी मुस्करा दिया और अपने रूम में आ गया.
में थोड़ी देर बाद पानी पिने बाहर आया तो दीदी के रूम से हंसने की आवाज आ रही थी . दीदी ने मुझे किचन में जाते देखा तो आवाज लगाकर बुलाया और बोली लो बात करो.
मेने फ़ोन लेने के लिए हाथ आगे बढ़ाया तो दीदी ने स्पीकर ों कर दिया .
समीर, --यार तूने सोना को क्यों बताया की मेने वियग्रा खाई थी.
में.,-- मुझे दीदी ने फुसला कर पूछ लिया और मेने सोचा आप ने बता दिया होगा.
दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कराई तो समीर बोलै ,-- समझ गया ,सोना को मेने नहीं बताया तो वो तुमसे उगलवा ली , चल फ़ोन दीदी को दे यार पांच दिन से दीदी को नंगी नहीं .......
तभी दीदी ने स्पीकर बंद कर दिया और मुझे बाहर जाने का इशारा किया तो में बाहर आ गया .
में किचन में पानी पीकर आया तो दीदी का वीडियो कॉल चालू था वो टॉपलेस होकर समीर भैया को अपने बूब्स दिखा रही थी और फ़ोन में समीर भैया का लुंड दिख रहा था .कुछ देर में वह खड़ा रहा और लुंड को मुठियाने लगा तो बहुत जल्द में झाड़ गया और आकर सो गया.
अगले दिन जब में उठा और चाय पिने बैठा तो सोनाक्षी दीदी सिल्की निघ्त्य पहनी थी और उसके अंदर ब्रा पेंटी नहीं पहनी थी क्योंकि उसकी निप्पल सिल्की निघ्त्य से पूरी क्लियर पता चल रही थी. दीदी मेरी और देखकर मुस्करायी तो में भी मुस्कराया.
दीदी ,-- रोहित आज से तू मेरे कमरे में hi नहा लिया कर .
में.,-- क्यों दीदी.
दीदी ,-- क्योंकि उसी में वाशिंग मशीन ह तो कपडे धोने के लिए मुझे सुविधा होगी.
में.,-- ठीक ह दीदी .
दीदी ,-- आज से तुझे मेरे बाथरूम में तेरे लिए तेरे मतलब की चीज भी पड़ी मिल जाएगी.
दीदी ये बोलकर मुस्करायी तो में भी मुस्करा दिया और जल्दी से चाय ख़त्म करके दीदी के बाथरूम में घुस गया . मेने बाथरूम का गेट लॉक नहीं किया था सिर्फ गेट बंद किया था . मेने कपडे खोलकर जब शावर का हैंडल को देखा तो दीदी की पेंटी उस पर लटत रही थी.
दीदी की पेंटी देखते hi मेरा लुंड पूरा अकड़ गया और मेने पेंटी उठाकर उसे सुंघा तो दीदी की पेंटी की मादक खुसबू ने मेरे अंदर पूरी गर्मी पैदा कर दी .
मेने दीदी की पेंटी को अपने लुंड पर लपेटकर घस्से लगाने शुरू कर दिए और कुछ देर में ढेर सारा वीर्य निकला जो मेने दीदी की पेंटी में डालकर नहाया और पेंटी को वैसे hi टांगकर तोलिये लपेट कर अपने रूम में आ गया .
दीदी ने मुझे अपने रूम में जाते हुए देखा तो शरारत भरी मुस्कान उनके चेहरे पर दिखी.
में कपडे पहन कर नास्ता करने बैठा तो दीदी भी नास्ता लेकर आ खाने बेथ गयी और मुझसे बोली.
दीदी ,-- रोहित तुम्हे किसी की चीज को इस तरह गन्दा नहीं करना चाहिए.
में पहले तो समझा नहीं फिर जब समझ में आया की दीदी किस चीज की बात कर रही ह तो मुस्करा कर बोलै.
में. -- दीदी जमाना बहुत मतलबी हो गया ह ना.
दीदी ,-- कैसे.
में.,-- लोग रात भर एन्जॉय करके अपना सामन इधर उधर फेंक देते ह . वो ये नहीं सोचते की सामान को डस्टबिन में दाल दे बल्कि अलग अलग जगह पर दाल देते ह.
दीदी मेरी बात को समझ गयी की में कंडोम की बात कर रहा हु इसलिए उनका चेहरा लाल हो गया और वो चुप हो गयी तो में फिर से बोलै.
Me.,--vese दीदी मुझे वो सामान देखकर पता चल जाता ह की मेरी दीदी को कितनी बार ख़ुशी मिली.
दीदी ,-- बदमाश.
में जल्दी से उठकर खड़ा हुआ और दीदी को मुस्कराते छोड़ कर कॉलेज को आ गया. दोपहर में समीर भैया का फ़ोन आया की दीदी को एक त्रिम्मेर ला कर दे देना तो मुझे याद आया की दीदी की छूट पर झांट दिखने लगी थी जिसे वो साफ़ करना चाहती होगी . पर बाद में मुझे पता चला की ये सब मुझे ओपन करने का तरीके था..
वैसे भी मेरे पास ऑनलाइन मंगाया हुआ त्रिम्मेर था जो मेरे बैग में था .
कॉलेज से में घर आया तो दीदी ने खाना दिया वो खाकर में अपने रूम से त्रिम्मेर लेकर दीदी को दिया तो दीदी ने त्रिम्मेर देखकर मुझसे पूछा.
दीदी ,-- ये क्या ह.
में ,-- त्रिम्मेर ह दीदी , बालो को ट्रिम कर देता ह अब आपको इसकी जरुरत पड़ेगी.
दीदी को जब मेरी बात का मतलब समझ में आया तो मुस्करा कर त्रिम्मेर ले कर अपने रूम में चली गयी और थोड़ी देर बाद उसने मुझे वापस त्रिम्मेर लेक दिया तो मेने उस पर फंसे एक बाल को जो आधा इंच का था निकल कर देखने लगा.
दीदी ने मेरे हाथ से वो बाल पकड़कर फेंक दिया . उनके चेहरे पर मुस्कान के साथ शर्म भी दिख रही थी.
में त्रिम्मेर लेकर अपने रूम में आ गया और पढ़ने लगा.
दो दिन बाद शाम को में अपने रूम से बाहर आया तो दीदी मुझे नहीं दिखी तो में उन्हें रूम में देखने गया . दीदी कुर्सी पर बैठकर समीर भैया से बात कर रही थी उसकी पीठ गेट की तरफ थी और वो वीडियो कॉल पर बात कर रही थी . मुझे समीर भैया का चेहरा दिख रहा था वो दीदी को बोल रहे थे.
समीर भैया, -- सोना तुम्हे रोहित के सामने और ओपन होना पड़ेगा.
दीदी ,,--इतना तो हो चुकी.