Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure - SexBaba
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Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure

दोस्तों कहानी में मुख्या पत्र इस तरह से ह.

1,--में रोहित सिंह ,उम्र 19 वर्ष

2 ,--मेरी दीदी सोनाक्षी सिंह 25 वर्ष

3,--समीर खान ,-- 28 साल

ये कहानी शुरू होती ह जब में 12 पास कर लिया और कॉलेज में पढ़ने जाने वाला था.

तब मेरी दीदी सोनाक्षी सिंह और सलीम खान के अफेयर के चढ़े मेरे दोस्तों से पता चला तो मेने अपनी दीदी को पर्सनल लाइफ मनाकर किसी से इसका जिक्र नहीं किया.

मेरी दीदी कॉलेज ख़तम कर चुकी थी और govt.job के लिए कम्पटीशन फाइट कर रही थी .मेरे मम्मी डैड उसकी शादी करना चाहते थे पर वो साफ़ मन कर दी की वो अभी तीन साल शादी नहीं करेगी .

मुझे कॉलेज के लिए दिल्ली जाना था क्योंकि मेरा सिलेक्शन अच्छे रिजल्ट की वजह से गोवत कॉलेज में हुआ था इसलिए मुझे कानपूर से दिल्ली जाना था.

मेरे पापा ने दिल्ली में हॉस्टल वगैरह तरय किया फिर पग का भी पता किया जो महंगा भी था और उन्हें किसी ने सलाह दी की आपके पास पैसे की दिक्कत तो ह नहीं इसलिए फलते किराये पर लेकर रख दो तो दीदी भी वही रहकर तैयारी कर लेगी.

वैसे भी दीदी अभी तीन साल तक शादी से बिलकुल इंकार कर दी तो पापा को दीदी ने एक नंबर दिया की ये मेरी सहेली के मां का नंबर ह आप इनसे बार कर लो ये सस्ते भाड़े में कॉलेज के नजदीक फ्लैट दिलवा देगा.

हम दोनों भाई बहन दिल्ली पहुँच गए और फिर हम सीधे फ्लैट में पहुँच गए जो पहले से hi तैयार था 2भक के फ्लैट में फर्नीचर वगैरह सब लगा था और बस राशन लेकर आये तो सुबह का खाना होटल खाये और शाम में दीदी ने खाना बना लिया.

फ्लैट शाहदरा में बड़ी बिल्डिंग में था और हमें 2ंद फ्लोर पर फ्लैट मिला था. दीदी दिल्ली आकर बहुत खुश थी और उसने अपना सामान एक रूम में रख लिया तो दूसरे रूम में मेने अपना सामन ालमिरह में रख लिया.

जब में वह पहुंचा तो दीदी ने बताया की ये फ्लैट समीर ने दिलवाया ह और वो 3रद फ्लोर पर रहते ह .मेने दीदी से सहेली के मां जिक्र किया तो उसने बताया की पापा को उसने झूट बोलकर समीर को समझकर सहेली का मां बताया था.

मुझे दीदी के अफेयर के बारे में पता था पर इतना सीरियस मेने पहले भी नहीं लिया था और अब भी में मॉडर्न लाइफ समझकर इग्नोर कर दिया.

मुझे सब कुछ नार्मल लगा और पंद्रह दिन ऐसे hi बीत गए क्योंकि में कॉलेज निकल जाता और दीदी लैपटॉप में दिन भर पद्धति रहती.

पर एक दिन में कॉलेज से जल्दी आ गया तो मुझे शोक लगा. दीदी समीर भैया के फ्लैट से आ रही थी और पूरी पसीने से भीगी हुयी थी . उसके बाल बिखरे थे और लिपस्टिक भी फैली हुयी थी. मुझे समझते देर नहीं लगी की दीदी समीर से छुड़वाकर आयी थी या फिर लम्बी किसिंग तो पक्का hi हुयी होगी पर मेने कुछ भी रियेक्ट नहीं किया.

दीदी भी मेरे सामने नार्मल रही तो हम दोनों एक साथ फ्लैट में एंटर हुए और में अपने रूम में चला गया . फिर दोनों ने खाना खाया तो समीर भैया का फ़ोन आ गया तो दीदी अपने रूम में चली गयी . में उनके पीछे गेट पर पहुंचा और उनकी बाते सुनने की कोशिश करने लगा पर मुझे सिर्फ दीदी की आवाज आयी ,पता नहीं कुछ रियेक्ट तो नहीं किया पर मेरा हुलिया देखकर समझ गया होगा क्योंकि वो अब इतना छोटा भी नहीं ह .दो तीन दिन नार्मल गुजरे .दीदी की तरफ से कोई हरकत नहीं हुयी. फिर एक दिन रात को में पानी पिने उठा तो दीदी के रूम की लाइट जल रही थी और वो किसी से बात कर रही थी.

में तुरंत समझ गया की दीदी समीर से बात कर रही होगी .पर मेने अपने आप को समझाया की दीदी जिस उम्र में ह उसमे ये सब नार्मल ह.

पर में दीदी से खुलना चाहता था इसलिए रूम को धक्का दिया और अंदर गया तो दीदी ने अपना शर्ट निचे कर लिया तो मेने देखा दीदी समीर से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी.





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(सोनाक्षी दीदी नयी ब्रा पेंटी में)

दीदी की ब्रा तकिया के पास पड़ी थी और सलवार निचे गिरी थी . में दीदी को कुछ नहीं बोलै और चुपचाप बाहर आने लगा तो दीदी ने फ़ोन काट दिया और मुझे आवाज लगाई.

दीदी ,--रोहित सुनो तो.

Me.,,--sorry दीदी मुझे ऐसे अंदर नहीं आना चाहिए था.

दीदी ,--सॉरी रोहित.

Me.,,--kis बात के लिए सॉरी दीदी .

दीदी ,--तुम्हे बुरा नहीं लगा.

Me.,,--agar लगता तो उसी दिन बोल देता जब तुम समीर के फ्लैट से निचे आ रही थी.

दीदी ,--तुम्हे कैसे पता में समीर के फ्लैट से आ रही थी.

Me.,--didi यहाँ आपको जानने वाला दूसरा कोण ह जो लिपस्टिक फैलाये और बाल बिखेरे.





दीदी शर्मा कर ,--रोहित तुम ये बात किसी को बोलोगे तो नहीं.

Me.,,--paagal हुयी हो क्या .में अपनी बहन की इज्जत को उछलूँगा क्या.

दीदी ,--मम्मी पापा को.

में.,-- don't बे सिली ,मेने उनको बोलै तो मुझे इतना अच्छा खाना कोण बना कर देगा और फिर में बोल दूंगा तो क्या तुम रुक जाओगी.

दीदी ,-- मतलब तुम्हे कोई ऑब्जेक्शन नहीं ह.

Me.,--objection तो ह पर इतना hi की जो करो वो इस तरह से करना की घर की इज्जत खराब नहीं हो क्योंकि आप मेच्योर हो इसलिए ऐसा कुछ मत करना जिस से हमें रिस्तेदारी में मुंह छुपाने पड़े.

दीदी ,-- ओह्ह , थैंक्स रोहित , तू तो बहुत समझदार ह . में तुझसे वादा करती हु की में ऐसा कुछ नहीं करुँगी बस थोड़ा एन्जॉय तो बनता ह.

में.,'-- दीदी आप खुल कर एन्जॉय करो पर जो करो वो इस तरह से करो की किसी को पता नहीं चले.

इतना बोलकर में बाहर आ गया .मेने दीदी का रूम को बंद कर दिया और अपने गेट को जोर से बंद करने की आवाज करके वापस उनके गेट के पास आकर कान लगा लिया.

दीदी ने इस बार वौइस् कॉल किया और समीर से साडी बात बता कर बोली ,समीर में तुम्हे कल दिन में फ़ोन करुँगी पहले रोहित के मन की बात जान लू और फ़ोन काट दिया तो में भी रूम में आकर दीदी की ब्रा को याद करके मुठ मार्कर सो गया.

अगले दिन में कॉलेज से घर आया तो दीदी मुझसे बात करने को बेचैन दिखी पर शायद उन्हें सही पॉइंट नहीं मिल रहा था तो मेने hi शुरुवात की और बोलै.

में.,-- दीदी आज समीर भैया का फ़ोन आया की नहीं

दीदी ,-- नहीं मेने उसे रात को बोल दिया की मेरा भाई मेरे साथ रहते ह इसलिए वो मुझे फ़ोन नहीं करे.

में.,-- ओह्ह ,तो मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा ह.

दीदी ,-- रोहित कोई भी भाई अपनी कुंवारी बहन को ऐसे बर्दास्त नहीं कर सकता.

Me.,,--tabhi तो लड़किया घर से भाग कर शादी करती ह अगर उन्हें अपनी जरुरत पूरी करने का जरिया मिल जाये तो शायद वो भागे नहीं.

दीदी ,-- क्या मतलब.

में.,-- दीदी हर लड़की की अपनी फिजिकल नीड होती ह और वो उसे मिल जाये तो फिर वो अपने करियर के बारे में सोचने लगती ह वार्ना उसके दिमाग में वही घूमता रहते ह.

दीदी, --रोहित तू सच में मुझसे नाराज नहीं ह.

Me.,,--agar में नाराज होता तो में कब का पापा को बोलकर आपकी शादी की बात नहीं बोलता.

दीदी, --मतलब .

में.,-- मुझे आर्यन ने आपके और समीर भाई के अफेयर के बारे में सब कुछ बता दिया था पर जब आप कर्रिएर की बात की तो मेने सोचा की आप का अफेयर सिर्फ एन्जॉय तक सीमित ह.

दीदी ,--रोहित तुम तो बहुत समझदार हो . में भी इस रिलेशन को सिर्फ एन्जॉय तक hi रखना चाहती हु क्योंकि समीर भी मुझे साफ़ बोल चूका की हमारी शादी पॉसिबल नहीं ह इसलिए तुम को मंजूर हो तब hi आगे बढ़ना.

में.,-- चलो फिर खाना बनाओ मुझे भूख लगी ह.

दीदी ,--अभी बनती हु

दीदी खाना बनाने चली गयी तो में कुछ देर पड़ने चला गया.

कुछ देर में दीदी ने खाना बना कर आवाज दी तो हमने खाना खाया और में खाना खाकर दीदी से बोलै.

में.,-- दीदी मेरी तरफ से आप पूरी फ्री हो आप को समीर से बात करनी हो तो कर लिया करो और टेंशन फ्री रहो.

दीदी ,-- मुझे क्या टेंशन होगी.

में.,-- मेरे को कॉलेज के बाहर समीर भैया मिले थे तो उन्होंने बताया की आप बहुत टेंशन में हो. और कॉलेज से आने का बाद आप बहुत उदास थी.

दीदी, -- आई लव ु रोहित

में ,-- ी लव ु तू दीदी . बस आप मुस्कराते रहा करो क्योंकि आप मुस्कराते हुए अच्छी लगती हो.

इतना बोलकर में कमरे में आकर पढ़ने लगा.
 
रही थी . दीदी ने मेरी तरफ मुस्कराकर देखा तो मेने कहा

Me.,,--kar लो बात और उसे पैडेड जरूर दिखाना.

दीदी ने मेरे सर पर प्यार से चपत लगाई और बोली ,-- शैतान कही का.

दीदी उठकर अपने रूम में चली गयी तो मेने देखा उसने गेट लॉक कर लिया था .मेने बालकनी में जाकर खिड़की चेक की तो वो भी बंद दी और स्टूल पर चढ़कर देखा पर दीदी शायद बाथरूम में थी इसलिए चुपचाप आकर बेथ गया.
 
अगले दिन में कॉलेज से आया तो दीदी गुमसुम बैठी थी वो खाना लेने किचन में गयी तो मेने उनका फ़ोन चेक किया पर उन्होंने कोई कॉल समीर को नहीं किया था.





मेने खाना खाया और दीदी का फ़ोन लेकर समीर को कॉल किया.

में ,--समीर भैया ,में रोहित बोल रहा हु.

समिट ,--बोलो रोहित.

में ,--समीर भैया दीदी कल से उदास ह लो दीदी से बात करो.

में फ़ोन दीदी को देकर रूम में आ गया और आधे घंटे तक पढाई के बाद जब बाहर आया तो दीदी समीर से हंस हंस कर बात कर रही थी . मुझे देखकर वो अपने रूम में चली गयी तो में उनके रूम के गेट पर जाकर गेट पर कान लगा कर उनकी बाते सुनने की कोशिश करने लगा पर मुझे कुछ सुनाई नहीं दिया तो में आकर टीवी देखने लगा . दस मिनट बाद दीदी बाहर आयी तो उनका चेहरा खिला हुआ था .





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उन्होंने मुझे चाय पिने के लिए पूछा तो मेने हां कर दिया.

दीदी चाट लेकर आयी तो बहुत खुश थी .मेने उनको कहा.

Me.,--didi सैप हंसती हुयी कितनी अच्छी लगती हो ऐसे hi खुश रहा करो.

दीदी ,--जिसका रोहित जैसा भाई हो वो बहन दुखी रह hi नहीं सकती. थैंक्स रोहित.

में.,-- किस बात के लिए थैंक्स दीदी.

दीदी ,-- मुझे समझने के लिए और समीर ने भी तुम्हे थैंक्स कहने को बोलै था.

में.,-- दीदी समीर भैया से मुझे कोई मतलब नहीं .मुझे आपके चेहरे पर ख़ुशी चाहिए.

दीदी, -- तनकु बीआरओ. ु अरे बेस्ट बीआरओ इन थे वर्ल्ड.

में. ,--लव ु दीदी

दिल्ली के माहौल में आकर में भी मॉडर्न हो गया था कॉलेज में लड़कियों को खुल्लेआम घूमते देखकर में भी दीदी को मॉडर्न लाइफ जीना की सलाह देता था और एक दो दिन में दीदी का फ़ोन लेकर उन्हें समीर से बात करवा देता.

ऐसे hi एक रात में बारह बजे पानी पिने उठा तो दीदी के रूम से कराहने की आवाज सुनाई दी तो मेने सोचा दीदी की तबियत खराब तो नहीं इसलिए दीदी के रूम के गेट को धक्का दिया तो गेट खुल गया और दीदी ने जल्दी से अपने आप को चद्दर से धक् लिया .





उनकी ब्रा पेंटी और सलवार कुरता निचे फर्श पर गिरा था .में देखते hi समझ गया की दीदी समीर से नुदे होकर वीडियो कॉल पर सेक्स चाट कर रही थी . मेने दीदी को सॉरी बोलै और कहा एन्जॉय .

इतना बोलकर मेने गेट बंद किया और अपने रूम में आकर सो गया थोड़ी देर बाद मुझे अपने रूम का गेट खुलने की आवाज आयी तो में जान बूझकर सोने को एक्टिंग करने लगा . में समझ गया की दीदी मुझे देखने आयी ह और फिर से समीर से बात करेगी.

ऐसे hi दिन बिताते गए और दीदी अब दिन में वौइस् कॉल पर समीर से मेरे साथ बैठकर बातें कर लेती और रात में वीडियो कॉल भी कर लेती पर में उन्हें इग्नोर करके कंटिन्यू करने को बोल देता. तो दीदी मुस्करा देती.

एक दिन हम शाम में खाना खा रहे थे तो समीर का फ़ोन आ गया .दीदी हां हु में बात कर रही थी . दीदी बोली रोहित सामने ह. दीदी कुछ बोलने से शर्मा रही थी और फिर धीरे से ब्लैक बोली और मेरी तरफ देख कर लज्जा गयी .मेने कंटिन्यू करने का इशारा किया और अंगूठा दिखाया .

में समझ गया की समीर ने ब्रा का कलर पूछा होगा जिसे बताने में दीदी को शर्म आ रही होगी .थोड़े देर में दीदी ने फिर ब्लैक बोलै तो मुझे लगा की पेंटी का कलर पूछ रहा ह जिसका मतलब आज दीदी ने ब्लैक कलर की ब्रा पेंटी पेन्हि ह. दीदी को बहुत शर्म आ रही थी तभी दीदी को समीर ने कुछ कहा तो दीदी बोली की अभी रोहित ह .में रूम में जाकर करुँगी तो में समझ गया की समीर दीदी को ब्रा पेंटी में देखना चाहता ह.

मेने दीदी को कहा की दीदी में वेट कर लूंगा आप समीर भैया को वीडियो कॉल करके दिखा दीजिये जो वो देखना चाहते ह तो दीदी ने मुझे हाथ उठकर दिखाया और रूम में चली गयी . में भी पीछे पीछे गया पर दीदी ने रूम लॉक कर लिया तो में जल्दी से पीछे बालकनी में गया और स्टूल पर चढ़ गया तो देखा दीदी ने फ़ोन स्टडी टेबल पर रखा हुआ था और अपनी सलवार सूट खोलकर ब्रा पेंटी में कड़ी थी .





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कुछ देर तक वो कड़ी रही फिर जल्दी से अपनी ब्रा को ऊपर करके अपने 34 के बूब्स समीर को दिखाए और ब्रा निचे करके फ़ोन काट दिया तो में वापस अपनी जगह आ गया.

थोड़ी देर में दीदी जल्दी जल्दी बाहर आयी तो में उनके झूलते बूब्स को देखकर समझ गया की वो जल्दीबाज़ी में ब्रा पेंटी बिना hi सलवार सूट पहन कर आयी ह .

मेने दीदी से कहा की दीदी मुझे इग्नोर मार कर कभी कभी वीडियो कॉल कर के दिखा दिया करो तो दीदी मुस्कराने लगी.

वो बिचारा हम लोगो के लिए कितना कुछ किया हमें फ्लैट दिलवाया और वो भी फर्नीचर सहित तो उसे भी ख़ुशी होगी .

दीदी ,--शैतान कुछ भी बोलता ह.

Me.,--didi मेने क्या गलत बोल दिया और आप क्या समझी मुझे पता नहीं.

दीदी मुस्कराने लगी तो में भी मुस्कराया और फिर हमने खाना खाया .जितनी देर खाना खाया दीदी मुस्कराती रही और में भी उनकी मुस्कराहट में साथ देता रहा. दीदी मेरी बात को समझ गयी थी की में क्या दिखने को बोलै था.

ऐसे hi एक दिन जब में कॉलेज से आया तो देखा गेट खुला था और जब में अंदर आया और दीदी का रूम खुला था मेने देखा दीदी अपने रूम में ब्रा पेंटी में कड़ी होकर समीर से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी.

मुझे देखकर उसने जल्दी से अपने ऊपर चद्दर खिंच ली तो में दीदी को देखकर मुस्कराया तो दीदी भी मुस्कराई . दीदी को अब ऐसी सिचुएशन में शर्म नहीं आती थी जैसे वो पहले शर्मा टी थी. मुझे बाद में पता चला की समीर भैया मुझे दीदी के सामने ओपन करना चाहते थे इसलिए दीदी ने फ़ोन नहीं कटी . में समझ गया की ये इन दोनों की प्लानिंग ह ताकि दोनों मेरे सामने खुल कर रोमांस कर सके और दीदी को छोड़ सके . में अपने रूम में आ गया और कपडे बदल कर हॉल में आया .

थोड़ी देर में दीदी भी आ गयी तो में उन्हें देखकर स्माइल किया तो दीदी भी स्माइल करके किचन से खाना लेकर आयी और हम खाने बैठे तो मेने कहा.

में. ,--सॉरी दीदी.

दीदी ,--किस बात के लिए.

में.,-- पहले तो आपके रूम में बिना पूछे खोलकर आपको ब्रा पेंटी में देख लिया और दूसरा इसलिए की में आज थोड़ा जल्दी आ गया इसलिए.

दीदी ,--शैतान , सॉरी तू क्यों बोल रहा ह तुझे तो मज़ा आया होगा और तेरा hi कहा हुआ ह की कभी कभी दिखा दिया करो.

Me.,,--kya दिखा दिया करो.

दीदी, --वही जो तूने देखा.

में.,,-- ओह्ह , मतलब मेरे कहना इतना मानती हो.

दीदी ,--तू मेरा प्यारा भाई .ह

उसके बाद मेने खाना खाया और रूम में आ गया तो समीर भाई का फ़ोन आया और वो बोले की रोहित तेरी दीदी का 10 दिन बाद बिरथ डे ह ,मेने कहा मेरी एक hi सिस्टर ह और मुझे पता ह , फिर वो बोले उसे कुछ स्पेशल कपडे खरीदने ह इसलिए उसे मॉल में ले jana.mene उनको कहा की ठीक ह.

फिर में दीदी के रूम में गया और उनको बोलै की दीदी आप कल तैयार रहना में आपको मार्किट लेकर चलूँगा कपड़ो की खरीद के लिए. दीदी मेरी बात सुनकर खुश हुयी और बोली ठीक ह.

में अगले दिन कॉलेज से आकर खाना खाया और फिर दीदी को तैयार होने को कहा तो दीदी हमेशा की तरह सलवार सूट पहन कर तैयार हो गयी तो हम मार्किट पहुंचे.

दीदी ने मॉल से अपने लिए सलवार सूट खरीद का कुछ घर का सामान लिया तो दीदी एक दुकान में घुसी जिसके बाहर सिर्फ ब्रा पेंटी का बोर्ड लगा था जिसमे लड़किया का बोर्ड पर छोटे छोटे ब्रा पेंटी में कड़ी थी.

में भी दीदी के पीछे पीछे घुसा तो दीदी सेल्समेन को बोली की मुझे 34 बी साइज की ब्रा पेंटी दिखाओ. लड़का ब्रा पेंटी ऊपर से उतरने लगा में मेने उनके कान में कहा की कप साइज स लेलो. दीदी मेरी बात पर शर्मायी और बोली स क्यों तो मेने कहा की समीर भाई से रोज वीडियो कॉल पर बात करके इन्हे मसलोगी तो बहुत जल्द साइज स हो जायेगा. दीदी मेरी बात सुनकर मुस्कराई और बोली शैतान.

सेल्समेन ने कुछ नार्मल ब्रा दिखाई तो दीदी ने दी सेट ले लिए तो दीदी बोली की नेट वाली भी दो .उसने नेट वाली दी तो उन्होंने 3 सेट अलग अलग डिजाइन और कलर की ले ली तो मेने सेल्स मन से कहा .भैया वो पैडेड और पुश आप भी दिखाओ . दीदी ने मेरी तरफ शरारत से देखा तो सेल्स बॉय ने पैडेड और पुष्प ब्रा भी दिखाई जिनमे से दीदी ने एक एक सेट ले लिया.

फिर हम कॉफ़ी पीकर घर आ गए तो दीदी ने मुझसे कहा

दीदी ,--तुम्हे इतनी वेराइटी का कैसे पता.

Me.,,--mujhe समिट भैया ने बताया था. मेने झूट बोलै.

दीदी ,--अच्छा .और क्या बताया.

Me.,,--yahi की पैडेड से बोस का साइज बड़ा दिखेगा तो दीदी और भी सेक्सी दिखेगी.

दीदी ,--मरूंगी तुझे.

Me.,--didi आपके हाथ की मार मेरे लिए आशीर्वाद ह और में आपकी ख़ुशी के लिए मार भी खा सकता हु.

हम सोफे पर बैठे थे तभी दीदी का फ़ोन बजा तो मेने स्क्रीन पर देखा समीर लव लिखा हुआ था .मतलब दीदी ने नाम बदल लिया था जो पहले समीर खान था. दीदी ने जब मुझे नाम पढ़ते देखा तो मुस्कराई तो मेने कहा

में ,--दीदी बात करो न.

दीदी ने फ़ोन उठाया तो मुझे समीर की आवाज सुनाई दी घर आ गयी क्या. दीदी ,हम्म .तो समीर बोलै में वीडियो कॉल करता हु.

क्योंकि दीदी मेरे बगल में बैठी थी इसलिए मुझे दोनों की आवाज सुनाई दे रही थी . दीदी ने मेरी तरफ मुस्कराकर देखा तो मेने कहा

Me.,,--kar लो बात और उसे पैडेड जरूर दिखाना.

दीदी ने मेरे सर पर प्यार से चपत लगाई और बोली ,-- शैतान कही का.

दीदी उठकर अपने रूम में चली गयी तो मेने देखा उसने गेट लॉक कर लिया था .मेने बालकनी में जाकर खिड़की चेक की तो वो भी बंद दी और स्टूल पर चढ़कर देखा पर दीदी शायद बाथरूम में थी इसलिए चुपचाप आकर बेथ गया.
 
आधे घंटे में दीदी बाहर आयी तो उसके चेहरे पर मुस्कराहट थी और वो मुझे देखकर आँखे झुका कर बोली

दीदी ,--में खाना बनाकर लाती हु.

में उठकर अपने रूम में आ गया तो समीर भैया का फ़ोन आ गया.

समीर ,--थैंक्स रोहित.

Me.,--kisliye भैया

समीर ,--तुम सोनाक्षी को मार्किट लेकर गए और उसे पैडेड ब्रा दिलवाया उसके लिए.

Me.,--achhi लगी ना दीदी को.

समीर ,--हम्म ,मज़ा आ गया देखकर उसके चुके बहुत बड़े लग रहे थे और कुरता से बहुत मस्त दिखेंगे.

में.,-- मुझे क्या फायदा भैया .

समीर ,-- तुझे दोपहर में दीदी को ब्रा पेंटी में नहीं देखा.

Me.,--apko कैसे पता.

समीर ,--उसे मेने hi कहा था ताकि तुमसे थोड़ा खुल जाये.

Me.,,--ohh.

समीर ,--आगे से बोल दूंगा की वो कभी भी गेट बंद नहीं करेगी.

Me.,,--thanks भैया.

में फ़ोन काट कर कुछ देर पढाई किया तो दीदी ने आवाज लगाई ,--रोहित खाना लगा दिया .खा लो.

में बाहर आया तो देखा दीदी खाना लगा कर मेरा इन्तजार कर रही थी .उसकी नजर निचे थी और मंद मंद मुस्करा रही थी.

मेने खाना शुरू किया और दीदी को छेड़ने के लिए बोलै ,--दीदी समीर भैया को पसंद आयी

दीदी ,-- क्या

Me.,,--vahi पैडेड.

दीदी, --बदमाश , समीर ने तुझे कब बोलै उसके लिए.

में.,-- तो मुझे कोई सपना थोड़े hi आया था .में झूठ बोलै.

दीदी ,--बहुत बिगड़ गया ह तू और झूठ भी बोलने लगा ह.

में.,-- दीदी अगर झूठ बोलने से आपके चेहरे पर स्माइल आये तो में सो झूठ बोलने को तैयार हु.

दीदी ,-- शैतान.

Me.,,--didi आपने मेरी बात का जवाब नहीं दिया.

दीदी ,--कोनसी .

में.,-- वही पैडेड

दीदी ,--चुपचाप खाना खा नहीं तो बहुत मरूंगी.

मेने खाना खाया और नाराज होने की एक्टिंग करके रूम के गेट को जोर से बंद किया जिससे गेट को जोरदार आवाज हुयी

दीदी समझ गयी की में उससे नाराज हु .में पढ़ने बेथ गया और फिर नींद आ गयी फिर रात में 11 बाके मेरा फ़ोन बजा तो मेने देखा समीर भैया का था. उन्होंने मुझसे फ़ोन उठाते hi कहा , पांच मिंट बाद दीदी के रूम में जाकर देखना तुझे कुछ खास दिखेगा.

फ़ोन काट गया तो मेरी नींद भाग गयी और लुंड जाग गया में घडी में पांच मिनट देखकर रूम से बाहर आया तो देखा दीदी का रूम का गेट हल्का सा खुला था और लाइट जल रही थी.





मेने गेट के अंदर देखा तो दीदी का सर मेरी तरफ था और वो पूरी नंगी थी उसके हाथ में मोबाइल था जिसमे सुधीर का लुंड दिखाई दे रहा था . दीदी दूसरे हाथ से अपनी छूट में अंगुली कर रही थी.

दीदी ,--समीर अब आ जाओ ,मुझे छोड़ दो अब बर्दास्त नहीं होता.

समीर ,-- डार्लिंग मुझे महीने में इतनी hi तो छूती मिलती ह और फिर तुम रोहित के सामने कुछ करना नहीं चाहती.

दीदी ,--तो क्या करू बोलो.

समीर ,-- उसके साथ थोड़ा ओपन हो , उसे ये तो पता hi ह की तू मुझसे चुदती ह.

दीदी ,-- हो तो रही हु ओपन. अभी कुछ दिन पहले ब्रा पेंटी में दिख hi गयी.

समीर ,-- सोना तुम तकदीर वाली हो जो तुम्हे रोहित जैसा भाई मिला , आज उसने तुम्हे खुश करने के लिए पुश आप और पैडेड ब्रा की अडवीसे दी.

दीदी ,--हम्म , शीतन ह .मुझसे बोलै की समीर भैया ने कहा था.

समीर, -- सोना , तुम खुद पैडेड ब्रा पहनकर कितनी खुश हुयी थी .

दीदी ,--हम्म . अब कुछ करो यार छूट में आग लगी हुयी ह . कब बुझाओगे.





समीर ,--बस बेबी तुम्हारे बर्थडे से पहले आ जाऊंगा.

फिर दोनों सेक्सी बाते करते हुए झड़ने लगे तो में भी रूम में आकर मूठ मार्कर सो गया.

अगले दिन मुझे समीर का फ़ोन आया की रोहित तुम्हारी दीदी को दिल्ली की गर्मी बर्दास्त नहीं हो रही वो घर में हलके फुल्का कपडे पहन न चाहती ह . पर उसे दर ह की रोहित को बुरा लग जायेगा तो मेने कहा की मुझे क्यों बुरा लगेगा बल्कि मुझे तो खुद हैरानी होती ह की दीदी इतनी गर्मी में भरी भरकम कपडे कैसे पहन लेती ह . तो समीर भैया ने कहा की मेने उसके लिए कपडे खरीद रखे ह अगर तुम बुरा न मनोज तो उसे मुंबई से आकर दे दू. मेने उनसे कहा भैया मुझे बुरा नहीं लगेगा तो उन्होंने फ़ोन काट दिया.

दो दिन बाद में कॉलेज से आया तो दीदी बोली ,--रोहित मुझे मॉल से कुछ कपडे खरीदने ह तो मेने कहा chalo.khana खाकर चलते ह.

खाना खाकर हम मॉल में गए तो दीदी ने बहुत साडी शॉपिंग की उसने निघ्त्य , शार्ट सलवार , शार्ट पेण्ट , और मॉडर्न शार्ट ड्रेस ली जो कुछ थाई तक थी कुछ घुटनो तक और ओने पीेछे के आलावा बिकिनी टाइप की ड्रेस भी ली तो मेने दीदी को एक नेट वाली निघ्त्य लेने को कहा जो बूब्स से लेकर गांड तक थी पूरी ट्रांसपेरेंट. दीदी ने वो भी ले ली तो हम उन्हें लेकर घर आ गए.

रात में पढाई के बाद में खाना खाने आया तो दीदी ने घुटनो तक आने वाली एक निघ्त्य पहने थी जिसे देखकर मेरा लोढ़ा खड़ा हो गया तो मेने दीदी को इशारे से सेक्सी बताया , दीदी मेरे इशारे से शर्मा गयी तो मेने कहा.





में.,-- दीदी इतना शर्माने की क्या बात ह मॉल में तो लड़किया इससे भी छोटी ड्रेस पहनकर आती ह.

दीदी मुस्करा कर ,-- मुझे आदत नहीं ह न.

में. -- तुम्हे कोण सा बाहर जाना ह घर में hi तो रहना ह .आराम से पहना करो .ऐसी ड्रेस पहनकर समीर भैया से वीडियो कॉल पर बात करोगी तो उन्हें भी मज़ा आएगा.

दीदी अब घर में निघ्त्य और शार्ट ड्रेस पहन ने लगी थी और उनकी श्रम भी दूर हो गयी थी .

रात में में उठा तो दीदी के रूम की खिड़की खुली थी .मेने लाइट जलाई और पानी पीकर खिड़की पर आया तो देखा दीदी नंगी होकर समीर से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी .उसे पता चल चूका था की में जाग गया हु और लाइट जला दी ह फिर भी वो बोल रही थी ,समीर में अब और क्या करू में उसे दिन में दो बार शार्ट ड्रेस में अपना बदन दिखती हु और खुल कर बात भी करती हु.

दीदी अपनी छूट में अंगुली करके बोलती ह समीर तुम मेरे भाई को समझाओ की में कितनी तड़प रही हु तुम्हारे लुंड के लिए. आह.. समीर कुछ करो यार .मुझसे अब छूट की गर्मी बर्दास्त नहीं होती तुम कैसे भी करके रोहित को समझाओ की वो हमारा मिलान करवाए.





में दीदी की बात सुनकर रूम में आ गया और मूठ मार्कर सो गया.

दीदी के बर्थडे को 4 दिन बाकि थे और मेने सोच लिया था की दीदी के बर्थडे पर साडी रात दीदी को छोड़ने का मौका दूंगा और उसके लिए में प्लान करने लगा

मेने कॉलेज से समीर भैया को फ़ोन किया और बोलै की भैया दीदी बर्थडे के वाले दिन आपको कैसे भी आना ह. तो समीर भैया ने कहा की में बॉस से इमरजेंसी छूती लेकर जरूर आऊंगा. मेने कहा की आपके लिए सरप्राइज भी तैयार ह जो उसी दिन बताऊंगा , समीर भैया खुश हो गए तो मेने कहा की भैया इस बात का पता दीदी को नहीं चलना चाहिए तो समीर भैया ने प्रॉमिस किया और पक्का प्रॉमिस किये तो में बर्थडे प्लान करने लगा. और नेट से जानकारी जुटाने लगा.

मुझे नेट पर दिल्ली की हर जानकारी और फ़ोन नंबर मिल गया तो मेने कुछ चीजे एडवांस बुक करवा दी.

बर्थडे वाले दिन में कॉलेज से जल्दी घर आ गया और दीदी को बोलै दीदी जल्दी तैयार हो जाओ आपके लिए सरप्राइज ह . दीदी ने मुझसे पूछा क्या तो मेने कहा की फिर सरप्राइज का क्या मतलब रह जायेगा जब बता hi दिया तो.

दीदी फटाफट तैयार हो गयी तो उनके स्टेशन रोड पर मेने नेट पर बुक किये गए ब्यूटी पार्लर पर लेकर गया .दीदी ने जब बार बार मुझसे पूछा तो मेने उन्हें इतना hi कहा की दीदी आज आपका बिरथ डे ह और आज में आपको ऐसा गिफ्ट दूंगा जो आज तक किसी भाई ने अपनी बड़ी बहन को नहीं दिया होगा .में ब्यूटी पार्लर के काउंटर पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पेमेंट की स्लिप दिखाई तो काउंटर पैर बैठी औरत ने दीदी को अंदर जाने को कहा तो दीदी अंदर चली गयी.

औरत ,--आप इनका ब्रिडेल ड्रेस नहीं लाये.

में. ,--वो असल में दीदी की शादी नहीं डेट ह.

औरत ,-- ये तुम्हारी बहन ह.

Me.,,--ji

औरत मेरा मुंह देखने लगी क्योंकि मेने जो आर्डर बुक किया था उसमे थ्रेडिंग, फेसिअल, हेयर कटाई के साथ पुरे बदन के बाल की वैक्सिंग के साथ अंदर आर्म्स हेयर और छूट के बाल भी शामिल थे .

में उस औरत को हेरात में छोड़कर फ्लैट की तरफ भगा और बाद सजाने वाले जिनके पांच बजे का टाइम दिया था उसे लेकर फ्लैट पर पहुंचा , वो लोग चार लड़के थे और उन्होंने एक घंटे में बाद और रूम सजा दिया .बीएड पर निचे गुलाब के फूल की पंखुडिया तोड़ कर बिछाई थी और दिवार पर हैप्पी एनिवर्सरी सोनाक्षी लिखा था.

तभी उनमे से लीडर बोलै ,--सर स्पेशल स्प्रे भी करवाना ह .

Me.,,--usme क्या होता ह.

लड़का ,--सर वो मूड बनाने के लिए होता ह जो हस्बैंड वाइफ के मूड को रोमांटिक बना देता ह .

मेने उससे स्प्रे करने को बोल दिया और गेट बंद कर दिया ताकि स्प्रे की महक बाहर नहीं आये.

तभी थोड़ी देर में समीर भैया भी आ गए तो मेने उनको बैडरूम दिखाया तो वो खुश हो गए और मुझे गले लगा लिया. और बोले की ु अरे बेस्ट बरोथेर इन थे वर्ल्ड.

तब तक बाहर हाल को गुबारों और फूलो से सजाया तो शाम हो गयी तो मेने समीर भैया को पोन बारह बजे आने को कहा. फिर केमिस्ट से कंडोम का पैकेट लिया उसे जब में दाल लिया और एक छोटा कैमरा लाकर बैडरूम में दीदी के बाद के पास फिट कर दिया ताकि अगर दीदी गेट बंद कर ले तो में उनकी आवाज चुड़ते हुए सुन और देख सकूँ .
 
में अपनी तैयार पूरी मुकम्मल कर चूका तो सूरे होकर दीदी को लेने बाइक से चला गया क्योंकि बेऔति पारलर वालो ने फुल कोर्स का टाइम 3 घंटे का दिया था और दीदी को 3 घंटे हो चुके थे .

में ब्यूटी पारलर के उसी काउंटर पर गया तो वही लेडी बैठी हुयी थी उसने मुझे देखते hi पहचान लिया और उसने इण्टरकॉम पर फ़ोन करके कुछ बात की और बोली.

औरत ,-- दो मिनट बैठिये मर. ..

Me.,,--rohit सिंह. नाम ह मेरा .

औरत, -- आपकी सिस्टर का आज बर्थडे ह

Me.,,--yes मेम.

औरत, -- में एक बात पूछ सकती हु अगर तुम नाराज नहीं हो तो.

Me.,--sure मेम पूछिए

औरत ,--आज तुम्हारी सिस्टर का बर्थडे ह फिर ये शादी वाला पैकेज को चुना.

में धीरे से ,--आज वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ रात भर बर्थडे विश करेगी.

औरत एक बार फिर से मुंह खोले मुझे देखती रह गयी क्योंकि दीदी बाहर आ गयी थी में दीदी को देखते रह गया दीदी एकदम बदल गयी थी और मुस्करा रही थी तो में उनका हाथ पकड़कर बाइक पर बिठाकर रेस्टोरेंट तरफ ले गया. रेस्टोरेंट में बैठकर हमने खाना खाया .जहाँ पर बगल की टेबल पर बैठे लोग मेरी दीदी की सुंदरता को आँखों से पि रहे थे.

मुझे दीदी को चॉइस पता थी इसलिए पूरा आर्डर उन्ही की चॉइस का था.

में.,-- दीदी आप बहुत सूंदर लग रही हो.

दीदी मुस्करा kar,--kyo रोज सूंदर नहीं लगती क्या.

Me.,,--aap तो वैसे भी बहुत सूंदर हो पर आज बिलकुल हॉट लग रही हो.





दीदी नजरो झुककर,-- बदमाश ,अपनी दीदी को ऐसे बोलते ह क्या.

Me.,,--didi आप पढाई लिखी होकर भी इतना शर्मा रही हो .आप ने देखा नहीं यहाँ लड़किया कैसे खुल कर जिंदगी एन्जॉय करती ह.

दीदी ,-- वो बात नहीं ह , तुम मेरे भाई हो इसलिए शर्म आती ह.

तभी खाना आ गया तो हमने खाना खाया तो दीदी ने मुझे थैंक्स कहा तो में उन्हें जल्दी से थिएटर में ले गया क्योंकि आठ से ग्यारह का शो चालू हो चूका था.

मेने थिएटर के अंदर जाकर मोबाइल में टिकट दिखाई तो हमें बालकनी में कार्नर की दो सीट पर एक आदमी बिठाकर चला गया.

इमरान हाश्मी की फिल्म थी और नयी फिल्म थी और उसमे किसिंग के सीन भरे पड़े थे जिन्हे में गौर से देख रहा था वही दीदी भी फिल्म देख रही थी .वो बिच बिच में मुद कर मेरी तरफ देख रही थी पर में उन्हें एक बार भी नहीं देखा तो वो भी फिल्म देखने में लग गयी.

इंटरवल में हमने कोल्ड ड्रिंक पिया और फिल्म फिर से चालू हुयी तो उसमे फिर से किसिंग सीन की बढ़ सी आ गयी .एक सीन में तो इमरान हाश्मी ने हेरोइन का ऊपर का ड्रेस भी खोल दिया था और वो हेरोइन की नंगी पीठ पर किश कर रहा था जिसे देखकर दीदी ने एक बार फिर मेरी तरफ देखा . पर में उन्हें साडी फिल्म में तिरछी नजर से देख रहा था.

दीदी को मेने जानबूझकर ऐसी फिल्म दिखाई थी ताकि वो रात भर समीर भैया के साथ एन्जॉय कर सके. दीदी को ऐसी फिल्म देखकर और गर्मी आणि थी इसलिए उसका चेहरा पूरा लाल हो चूका था.

फिल्म ग्यारह बजे ख़त्म हुयी और में दीदी को लेकर साढ़े ग्यारह बजे फ्लैट में पहुंचा. में फ्लैट की पूरी लाइट बंद कर के गया था और जब मेने फ्लैट का टाला खोला तो दीदी को आँखे बंद करके उसे हाल के बिच में कड़ी होने को कहा ,

दीदी टेबल के पास कड़ी हो गयी तो मेने लाइट जलाई और दीदी को देखा तो दीदी की नजर टेबल पर रखे केक पर गयी और फिर पुरे हॉल का डेकोरेशन देखा तो ख़ुशी से छिलाई और मुझे गले लगा कर मेरे गाल पर किश किया.





दीदी ,-- बहुत सूंदर सजाया ह रोहित थैंक्स .





में,-- दीदी आपकी ख़ुशी देखकर मेरे पैसे और म्हणत दोनों वसूल हो गए . आप ऐसे hi खुश रहा करो बस ,कैसा लगा मेरा सरप्राइज.

दीदी ,--बहुत सूंदर.

तभी मुझे समीर भैया की कॉल आ गयी तो मेने गेट खोला तो दीदी समीर भैया को देखकर ख़ुशी से झूम उठी उसके चेहरे पर जबरदस्त ख़ुशी दिखी जो मुझसे छुपी नहीं रही .

समीर भैया के हाथ में एक गिफ्ट था और वो मेरी अप्सरा सी दीदी को देखे जा रहा था तो मेने कहा ,-- समीर भैया काम से काम दीदी को गले लगा कर हैप्पी बर्थडे तो बोल दो.

समीर भैया ने दीदी को हैप्पी बर्थडे बोलै और गले लगा लिया तो में चाकू लेने के बहाने किचन में चला आया और दोनों को देखने लगा . समीर भैया दीदी को कान में कुछ बोल रहे पर दीदी गार्डन हिला रही थी .

में पांच मिनट तक जान बूझकर किचन में रहा ताकि बारह बज जाये और फिर बारह बजे में दो मिनट पहले बाहर आया तो दोनों एक दूसरे को देख रहे थे . मेने दोनों का कहा , अरे आप दोनों दोस्त ऐसे hi एक दूसरे की आँखों में देखते रहोगे या केक भी काटोगे.

समीर भैया, -- देखो न रोहित में तेरी दीदी के लिए ड्रेस लाया हु पर वो पहनने से इंकार कर रही ह.

में समझ गया की समीर दीदी को मेरे सामने ओपन करना चाहता ह ताकि वो ओपन हो जाये तो उसे मेरे सामने छोड़ सके.

में.,-- दीदी आप आज के ज़माने की लड़की हो , समीर भैया इतने प्यार से ड्रेस लाया ह तो पहन लो ना.

दीदी ,-- रोहित वो ड्रेस बहुत मॉडर्न ह.

में. -- तो आज आप बर्थडे के दिन थोड़ी देर पहन लोगी तो समीर भैया को भी अच्छा लगेगा क्योंकि वो भी ड्रेस सोच समझकर hi लाये होंगे .

दीदी पर तुम्हे वो ड्रेस अच्छी नहीं लगेगी . तुम्हे बुरा लगेगा.

में.,-- मुझे कुछ बुरा नहीं लगेगा जाओ मेरे रूम में जाकर पहन कर आओ फिर केक भी काटना ह वैसे भी बारह बज चुके ह.

दीदी को मेने समीर भैया के हाथ से वो ड्रेस लेकर दी तो दीदी मुस्कराते हुए मेरे रूम में चली गयी . मुझे ड्रेस देने के समय उसपे लगा कैटेलॉग निचे गिर गया तो उसे देखकर मेरा लोढ़ा तन गया.

थोड़ी देर में दीदी बाहर आयी तो में दीदी को देखकर पालक झपकना भूल गया . दीदी ने एक घुटनो तक लेंथ की ट्रांसपेरेंट पिंक निघ्त्य पहनी थी जिसमे से गौर से देखने से उनकी रेड ब्रा और पेंटी दिख रही थी . दीदी बहुत ज्यादा शर्मा रही थी .

मेरी गोरी दीदी के बदन पर उस निघ्त्य ने चार चाँद लगा दिए वो किसी पारी की तरह लग रही थी और मेने समीर भैया को देखा तो उनके पेण्ट में तम्बू बन गया था. दीदी की कातिल जवानी को देखकर.





दीदी ने केक कटा और पहले मुझे खिलाया और केक पर बना फूल उठा कर समीर भैया को खिलाया तो समीर भैया ने भी केक उठाकर दीदी के मुंह पर लगा दिया. और कुछ गले पर भी लगा दिया तो दीदी बोली की मुझे गन्दी मत करो नहीं तो नहाने जाना पड़ेगा.

में.,-- दीदी समीर भैया अभी खुद hi इसे साफ़ कर देंगे .जहा जहाँ लगाया ह.

दीदी मेरी बात सुनकर शर्मायी और मुस्करा उठी तो समीर भी उसे आँख मार दिया जो मुझे दिख गया.

मेने दोनों का हाथ पकड़ा और बोलै ,-- चलो आज में आप दोनों को बर्थडे का असली सरप्राइज दिखता हु. मेने अपनी जब से दीदी के रूम की चाबी निकली और गेट खोलकर अंदर जाकर लाइट जलाई तो पूरा रूम जगमग हो गया क्योंकि मेने उसमे लाइट थोड़ी बड़ी लगा दी थी.

फिर मेने समीर भैया के हाथ में चुपके से कंडोम का पैकेट रख दिया और दोनों को हैप्पी बर्थडे बोलै और दोनों को एक साथ कहा . समीर भैया दीदी का बर्थडे स्पेशल बना देना और दीदी आप भी बर्थडे पर समीर भैया को पूरा साथ देना , एन्जॉय योर बिरथ डे एंड लाइफ .

दीदी मेरी बात सुनकर शर्म से पानी पानी हो गयी उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था की क्या हो रहा ह उसने मुझे गले लगाकर गाल पर किश किया तो में बोलै दीदी में आपको खुश देखना चाहता हु और आप की ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकता हु. फिर समीर ने भी मुझे गले लगाया और बोलै रोहित में तेरी दीदी का बर्थडे यादगार बना दूंगा देखना दीदी का चेहरा तुम्हे खिला हुआ मिलेगा (में मन में , वो तो खिलना hi ह जब जवान लड़की की छूट से पानी निकलता ह तो चेहरे पर रौनक आ जाती ह) में फिर रूम से बाहर आकर रूम को बाहर से बंद करके बोलै.

में,-- मेने आप का रूम बाहर से बंद कर दिया ह किसी चीज की जरुरत हो तो मुझे कॉल करके बताना.

में फिर खिड़की के पास गया और देखा की दोनों ने खिड़की के परदे के गपे को बंद नहीं किया था .थोड़ी देर वो दोनों बातें करते रहे फिर समीर ने दीदी को बाँहों में ले लिया और उनके चेहरे और गले पर लगा केक अपनी जीभ से चाट कर पूरा खा लिया तो दीदी की सिसकी निकल गयी और दीदी में अपने होंठ समीर भैया के होंठो से मिला दिए दोनों ने दस मिनट तक एक दूसरे को समुच किया.





दोनों एक दूसरे को पागलो की तरह किश करने लगे. समीर ने दीदी के पुरे चेहरे को चुम चुम कर गिला कर दिया तो दीदी भी उसके चेहरे पर टूट पड़ी और किश करने लगी तो समीर ने उसकी निघ्त्य को खोलकर एक तरफ फेंक दिया.

दीदी अब सेक्सी ब्रा पेंटी में समीर के सामने कड़ी थी .दीदी ने समीर की शर्ट के बटन खोल दिए तो समीर भैया ने शर्ट को बनियान सहित निकलकर फेंक दिया. समीर भैया ने दीदी के पुरे बदन को ऊपर से निचे तक चुम लिया .उसने फिर दीदी की ब्रा को भी खोल दिया और उसके गोर बूब्स को चूमने लगा . दीदी मदहोश होकर अपने बूब्स को चूमने से मादक सिसकिया निकलने लगी और समीर भैया के सर को अपने बूब्स पर दबाने लगी तो समीर भैया मेरी सोनाक्षी दीदी की पिंक निप्पल को मुंह में लेकर उनका दूध निकलने में लग गए.

दीदी समीर भैया के सर को पकड़कर उनके बालों को प्यार से सहला कर उन्हें अपनी चुकी पीला रही थी और समीर भैया भी बिना दांत गड़ाए उसकी निप्पल को जीभ से छेड़ रहे थे.
 
समीर भैया बरसो से प्यासे बच्चे की तरह मेरी दीदी की निप्पल को पि रहे थे वही दीदी भी उनको चुकी पिलाकर सिसकिया छोड़ कर आनंद के सागर में डूबी थी.

में खिड़की से दोनों को प्यार करते देख रहा था. मेरा लुंड पूरा खड़ा था और में उन्हें देखकर अपना पेण्ट चड्डी सहित निकलकर बॉटम लेस्स हो चूका था. में अभी झड़ना नहीं चाहता था इसलिए अपने लुंड को बार बार झड़ने के समय हाथ हटा लेता था.

फिर समीर भैया ने सोनाक्षी दीदी को पलंग पर सुला दिया और उनकी पेंटी निकल दी. अब दीदी पूरी जन्मजात नंगी थी उनकी छूट पूरी चिकनी थी क्योंकि ब्यूटी पारलर में उनकी छूट को स्पेशल क्रीम ने झांट साफ़ करके सॉफ्टनेस वाली क्रीम से चिकना कर दिया था. समीर भैया दीदी की छूट को कुत्ते की तरह जीभ निकल कर चाट रहे थे.

वही दीदी अपने बोबे खुद hi मसल रही थी. और जोर जोर से सिसक रही थी . दीदी जोर जोर से अपने पेअर पटक रही थी और जब उससे बर्दास्त नहीं हुआ तो वो बोली ,--समीर अब बर्दास्त नहीं हो रहा . समीर ने कुछ देर छूट का प्रीकम पिया और फिर नंगा हो गया .

उसने दीदी के पास जाकर अपना साढ़े छह इंच का लोढ़ा उसके मुंह में दे दिया तो दीदी उनके कटे लुंड के सुपडे पर जीभ फिरने लगी और फिर उसे मुंह में लेकर चूसने लगी .

पांच मिनट तक लुंड चुसवाना के बाद समीर ने अपना लोढ़ा बाहर निकला और दीदी की छूट पर थूक कर उसकी छूट के अंदर फैलाये और लुंड का प्रीकम दीदी की छूट पर गिरने दिया .

दीदी की छूट एक डैम चिकनी हो गयी थी और दीदी को समझ में आ गया की में दीदी को ब्यूटी पारलर क्यों लेकर गया था.

समीर ,--सोना आज तुम्हारी छूट एक डैम चिकनी और प्यारी लग रही ह

दीदी ,-- हम्म. रोहित ने मेरी ब्रिडेल थेरेपी करवाई ह ब्यूटी पारलर में.

समीर ,--थैंक्स रोहित , तुम्हारी दीदी की छूट को चिकनी करवाने के लिए.

दीदी ,--अभी कोनसा रोहित सुन रहा ह.

समीर, --उसकी दीदी तो सुन hi रही ह. तुम उसे बता देना डार्लिंग.

दीदी ,--ढ़हत , ऐसी बाटे कोई बहन अपने भाई से करती ह क्या .

समीर ,-- और भाई अपनी बहन को छुड़वाने के लिए उसकी छूट को चिकना करवा सकता ह.

दीदी ,-- उसने मुझे ये थोड़े hi बताया था की वो मुझे इस तरह से चिकनी करवाएगा.

समीर, --तो तुम भी उसे इंदिरेक्ट में थैंक्स बोल देना.

दीदी ,-- हम्म. अभी तो मेरी छूट मारो

समीर ने दीदी की छूट पर लुंड का टोपा सेट किया और उसे धक्का लगाया तो लुंड फिसल गया और इसी तरह दो तीन बार हुआ तो दीदी ने अपने हाथ से लोढ़ा पकड़कर धक्का देने को कहा .

दीदी की छूट ज्यादा नहीं चूड़ी थी इसलिए बहुत तीते थी और समीर उसे बर्थडे पर प्यार से छोड़ना चाहता था इसलिए उसने हल्का सा धक्का लगाया तो उसका मोटा सूपड़ा छूट का मुंह खोलकर अंदर घुस गया.

दीदी हलकी सी चीख कर ,--aa.h ु.. maa..samir दर्द हो रहा ह.

समीर ,-- थोड़ा दर्द तो होगा hi सोना. तुम हर बार ऐसे hi चीखती हो और फिर मज़े से चुदती हो.

में दीदी की छूट में उसके सुपडे के घुसने से परेशां हो गया और सोचने लगा की दीदी पूरा लोढ़ा कैसे लेती होगी.

समीर ने धीरे धीरे सोनाक्षी दीदी की छूट में लोढ़ा पेलना शुरू किया और छूट थूक से चिकनी होने से धीरे धीरे छूट का मुंह फेल रहा था क्योंकि छूट में लोढ़ा धीरे धीरे स्लिप हो रहा था . फिर समीर ने एक जोर का झटका मारा तो पूरा लोढ़ा छूट में समा गया.

दीदी ,--u.y..I मम्मी..... बहुत दर्द हो रहा ह . रोहित मुझे बचा ले.

समीर ,-- रोहित hi तो तुम्हे मुझसे छोड़ने को छोड़ कर गया ह देखो उसने मुझे क्या गिफ्ट किया ह .

समीर ने लोढ़ा पेलकर उसके ऊपर गिरकर अपनी पेण्ट की जब से कंडोम का पैकेट निकल कर दिखाया.

दीदी का आँखे शर्म से लाल हो गयी तो समीर बोलै ,-- देखो Victoria's स्पेशल डॉटेड कंडोम लाया ह ताकि उसकी दीदी को छोड़ने में बहुत मज़ा आये.

दीदी को दर्द ख़त्म हो चूका था वो कंडोम का पैकेट देखकर बोली ,-- रोहित इतनी काम उम्र में hi कितना समझने लगा ह.

समीर ,--आजकल नेट पर बच्चे सब कुछ देखकर समझदार हो जाते ह.

समीर ने धीरे धीरे मेरी सोनाक्षी दीदी को छोड़ना शुरू कर दिया तो दीदी सिसकने लगी और समीर की पीठ पर नाख़ून गाड़ने लगी. मुझे दीदी के चेहरे पर जबरदस्त आनंद का अनुभव दिखा .समीर दीदी को पचा सात मिनट तक छोड़ा और उसे ऊपर आने को कहा और लोढ़ा बाहर निकला तो दीदी की छूट से ढेर सारा पानी गुलाब की पंखुड़ियों में जाता दिखा.

समीर पीठ के बल अपने लोडे को पकड़कर उस पर डॉटेड कंडोम चढ़ाया और दीदी को आने को कहा तो दीदी ऊपर आयी और अपनी छूट को लुंड पर सेट करके उस पर बेथ गयी और फिर चीखी .

समीर ये देखकर मुस्कराया तो दीदी भी मुस्कराई और उसकी छाती पर मुक्का मार्कर धीरे धीरे ऊपर निचे होकर समीर के लुंड को छोड़ने लगी

सोनाक्षी दीदी फिर जोर जोर से समीर भैया के लुंड पर उठालने लगी और लगभग चीखते हुए मज़े लेना लगी तो समीर भैया बोले की थोड़ा धीरे आवाज करो रोहित के रूम तक आवाज जा रही होगी .

दीदी चुदाई के नशे में थी इसलिए बोली ,-- सुनने दो उसे भी पता चले की उसके पैसे का पूरा मज़ा उसकी बहन ले रही ह आखिर उसी

ने हमें इस कमरे में बंद किया ह . उसी ने ये बीएड सुहागरात की तरह सजाया ह और उसी ने तुम्हे कंडोम देकर तुम्हे मुझे छोड़ने को कहा ह.

आज मेरा बर्थडे ह अगर वो मेरी चीख भी सिनेगा तो उसे अच्छा लगेगा की उसकी दीदी कितनी खुश ह.

समीर ने दीदी के बूब्स मसलकर कहा ,-- तुम बहुत तकदीर वाली हो जो इतना समझदार भाई मिला ह.

दीदी, -- अगर आज में तुमसे जी भरकर नहीं चूड़ी तो रोहित को बहुत बुरा लगेगा .अब तुम मुझे ऊपर आकर छोड़ो.

समीर वापस दीदी के ऊपर आया और उसे मिस्सनेरी पोजीसन में छोड़ने लगा तो दीदी चीखते हुए बोली

दीदी ,---aa.....h. jor...se ....और जोर ....से chodo....mujhe समीर..... ताकि... mere...bhai ...को ...मेरी ......madak.....Chikhe.......... hall....me .सुनाई दे.

.

समीर,--- लो .... सोना .... में भी यही चाहता ..हु.

दीदी ,---aa....j..... मेरी ch...t... को पूरा... खोल दो..... टा ..की ....इसमें दर्द.... hamesha....ke ..लिए .. मिट.. जाये.

समीर ,--- लो सोना... आज हमें रोहित की वजह से खुलकर सेक्स करने का मौका मिला ह.

दीदी ,-- aa...h .... समीर ... आज ..पूरी ...रात ..मेरी छूट में लुंड डाले पड़े रहना.

दीदी अब झड़ने के करीब थी और वो समीर के दस बारह शॉट अपनी छूट में खाकर झाड़ गयी तो समीर भी कुछ देर में झाड़ गया. इधर में भी बिना लुंड को छुए hi दूसरी बार झाड़ गया तो हॉल में आकर सोफे पर बेथ गया.

थोड़ी देर बाद मेने दीदी को कॉल किया और दीदी से पूछा की दीदी कुछ चाहिए तो नहीं तो दीदी ने समीर से पूछा समीर, रोहित पूछ रहा ह की कुछ चाहिए तो नहीं तो समीर बोलै सोना उसे दो गिलास जूस लेन को बोल दो अभी बहुत टाइम ह और तुम्हे रात भर छोड़ना ह. दीदी में मुझे जूस बनाकर लेन को कहा तो में किचन में जाकर तीन गिलास जूस बनाया और उन्हें ट्रे में रखकर बाहर आया और दीदी के रूम का गेट खोला तो देखा समीर का आधा बदन नंगा था और उसने पेट के ऊपर तक चददर थी .

दीदी ने गले तक चद्दर ओढ़ राखी थी .उसकी ब्रा पेंटी और निघ्त्य रूम में जहा जहा बिखरी पड़ी थी वही समीर भैया के कपडे भी अलग अलग बिखरे पड़े थे.

में ट्रे से एक गिलास उठाकर जिसे की ट्रे को उनके आगे किया तो मेरे पैर में कुछ लगा. मेरे हाथ से दीदी ने ट्रे ले ली तो मेने बैठकर पेअर की तरफ देखा की मेरा पेअर कंडोम पर पर रख गया था जो समीर ने लुंड से निकल कर शायद निचे फेंक दिया था.

मेने जइसे को एक सांस में ख़त्म किया और झुक कर कंडोम को ऊपर उठाया तो दीदी की नजर कंडोम पर गयी . कंडोम में बहुत सारा वीर्य था जिसे देखकर दीदी को शर्म आने लगी तो समीर ने मुझे आँख मरी की देख मेरे लुंड से कितना पानी निकला ह.

मेने कंडोम को डस्टबिन में दाल दिया तो देखा समीर का एक हाथ दीदी की चद्दर में था और वो दीदी के बूब्स को मसल रहा था . में उनको देखकर मुस्कराया और वो दोनों भी मुस्कराये.

समीर का एक हाथ दीदी के कंधे पर था और दूसरा बोबे पैर जिसे दीदी ने धक्का देखा हटाया तो समीर का हाथ निकलने ने दीदी का एक बूब्स आधा मुझे दिख गया तो उसने जल्दी से अपने बूब को धक् कर मुस्करायी तो में भी मुस्करा दिया.

में बैठकर थोड़ी देर बाद बोलै ,-- दीदी कुछ खाना ह क्या.

दीदी ,--नहीं मुझे इतनी भूख नहीं ह तो समीर बोलै.

समीर ,-- यार मुझे तो भूख लग गयी ह. अभी पूरी रात म्हणत करनी ह. तुम कुछ खाने को ह तो ले आओ.

में.,-- घर में अभी क्या मिलेगा .में एक काम करता हु स्टेशन के पास से कोई फ़ास्ट फ़ूड ले आता हु.

समीर ,--एक काम करो मेरी गाड़ी ले जाओ और ले आओ .

समीर ने मुझे कहा की मेरी पेण्ट की जब में चाबी ह उसमे से निकल लो . मेने समीर की जब से चाबी निकली और बोलै.

में ,-- मुझे आने में एक घंटा लगेगा अभी रात के दो बजे ह में सही तीन बजे आऊंगा.

दीदी और समीर दोनों मुस्कराये तो में भी मुस्कारते हुए रूम से बाहर निकला और फ्लैट को बाहर से टाला लगाकर स्टेशन की तरफ गाड़ी लेकर निकल पड़ा . मुझे स्टेशन पर पहुँचने में सिर्फ दस मिनट लगे क्योंकि पूरा रोड खली था और में दो मिनट में तीन पिज्जा पैक करवा कर पच्चीस मिनट में वापस आ गया.
 
में वापस चुपके से फ्लैट का टाला खोलकर पिज्जा को टेबल पर रखा तो मेने देखा दीदी के रूम का गेट खुला था और जब मेने परदे को ओट से देखा तो दोनों मादरजात मांगे बेथ कर बाते कर रहे थे.

दीदी के हाथ में समीर का लोढ़ा था और समीर दीदी के बूब्स को पकड़कर उसकी निप्पल को चुटकी से मसल रहा था.

दीदी ,-- समीर , रोहित ने आज मेरे बर्थडे को यादगार बना दिया . आज हमें पहली बार खुलकर रोमांस करने का मौका मिला ह.

समीर ,-- रोहित बहुत समझदार ह वो तुम्हे खुश देखना चाहता ह . इसलिए हमें भी उसके लिए कुछ करना चाहिए.

दीदी ,-- हम्म, उसके लिए क्या करे की उसे अच्छा लगे.

समीर ,-- देखो वो भी बालिग हो चूका ह और उसकी उम्र में जवान लड़की को नंगी देखकर मुठ मरना नार्मल बात ह . तुम उसे अपनी ुसेड पेंटी देकर देखो शायद उसे अच्छा लगे.

दीदी ,-- वो कही मुझे छोड़ने के लिए तो ये सब कुछ नहीं कर रहा ह.

समीर ,-- अगर ऐसी बात होती तो वो तुम्हे मुझसे कभी छोड़ने नहीं देता.

दीदी ,-- हम्म.

समीर ,-- तुम उसको दोस्त की तरह ट्रीट करो तो शायद उसके मन में क्या ह वो भी पता चल जायेगा.

तभी समीर बोलै की तीन बजने वाले ह वो आता होगा तुम घोड़ी बनो बीस मिनट में एक राउंड मार लेते ह. तो दीदी तुरंत घोड़ी बन गयी और समीर ने अपने लुंड पर कंडोम चढ़ाया एयर उसे दीदी की छूट में लोढ़ा पेल दिया तो वो फिर से चीख कर बोली ,यार एक साथ मत घुसाया करो दर्द होता ह.

दोनों दस मिनट की घमाशान चुदाई के बाद समीर ने एक बार फिर से एक कंडोम को फर्श पर फेंक दिया क्योंकि दोनों झाड़ गए तो दीदी कपडे उठाने लगी .

समीर,-- क्या कर रही हो.

दीदी ,-- रोहित आने वाला ह उसके सामने नंगी कैसे कहूँगी.

समीर ,--एक काम करो ये चद्दर लपेट लो और ऐसे hi बाहर चलते ह.

दीदी ,--रोहित क्या सोचेगा.

समीर ,-- कुछ सोच कर, हु .. रोहित सोचेगा की मेरी दीदी ने दूसरी बाद छुड़वा लिया और अब वो खाना खाकर तीसरी बार छुड़ेगी.

दीदी चददर लपेट कर समीर भैया की छाती पर प्यार से मुक्का मार्कर., -- बदमाश .

में जल्दी से टेबल से खाने का बैग उठाकर बाहर गया अभी पांच मिनट बाकि थे इसलिए चार मिनट तक वेट किया और फिर घंटी बजाकर गेट खोला .

दोनों सोफे पर चिपक कर बैठे थे और दोनों के बदन पर चददर थी शायद हाथ एक दूसरे के बदन पर थे. में उनको देखकर मुस्कराया तो दोनों भी मुस्करा उठे और समीर बोलै.

समीर ,-- रोहित ु अरे बेस्ट बरोथेर इन थे वर्ल्ड

में.,-- थैंक्स समीर भैया . में अपनी दीदी की ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकता हु.

मेने पैकेट खोला और तीन प्लेट में अलग अलग पिज्जा रखा और एक खुद कहने लगा तो समीर भैया ने एक पीेछे उठाकर दीदी के मुंह के पास किया तो दीदी ने मुंह फेर लिया.

समीर ,-- देखो रोहित तुम्हारी दीदी को में पिज्जा खिला रहा तो वो खा नहीं रही.

में.,-- दीदी खा लो ना , समीर भैया कितने प्यार से खिला रहे ह

दीदी मेरी बात सुनकर शर्मा गयी और फिर समीर की तरफ मुंह कर दी तो समीर ने पिज्जा उसके मुंह में दिया . दीदी ने अपने सफ़ेद दांतो से पिज्जा कटा तो उसी को समीर भैया ने अपना मुंह लगाकर पिज्जा कहते हुए बोलै.

समीर ,--सोना तुम्हे में पिज्जा खिला दूंगा तुम अपना काम करती रहो.

समीर की बार मेने देखा की दीदी का हाथ समीर के लुंड पर था और वो उसे सहला रही थी मेरी नजर को देखकर दीदी का चेहरा लाल हो गया तो में बोलै.

में.,-- दीदी इतना किसलिए शर्मा रही हो . एन्जॉय.

दोनों मेरी बात सुनकर मुस्कराये तो मेने जल्दी जल्दी पिज्जा खाया और किचन में हाथ धोकर आया और बोलै . दीदी में सोने जा रहा हु मुझे नींद आ रही ह.

समीर ने दीदी के कान में कुछ बोलै तो दीदी बोली ,--अभी सोना मत में तुम्हारे रूम में आ रही हु.

में अपने रूम में आकर अपने कपडे खोला और बनियान और बरमूडा में आ गया तो दीदी ने गेट पर आकर दस्तक दी और गेट खोलकर बोली.

दीदी ,-- समीर अपनी आँखे बंद करो और हाथ आगे करो.

मेने अपनी आँखे बंद करके हाथ आगे किये तो दीदी ने मेरे हाथ पर कुछ रखा .मेने आँखे खोलकर देखा तो दीदी वह नहीं थी और मेरे हाथ में उनकी पेंटी थी जो उन्होंने केक करते समय पहनी थी.

मेने पेंटी नाक से लगाई और उसकी पेंटी की मादक खुसबू मेरे सर में नशे की तरह चढ़ गयी जिसका असर लुंड पर हुआ और में वही बैठकर बरमूडा निचे करके उसे लुंड पर लगा लिया .

दीदी की छूट की खुसबू का असर ये हुआ की में पांच मिनट में झाड़ गया और मेरे लुंड ने पहली बार इतना पानी छोड़ा जितना मेने कभी नहीं छोड़ा था . मेने सारा छुम पेंटी से साफ़ किया और उसे फर्श पर पटक कर सो गया.

सुबह no बजे दीदी ने मुझे उठाया और बोली ,--रोहित कॉलेज नहीं जाओगे. लो चाय पि लो

में.,-- दीदी ,आज कॉलेज नहीं जाऊंगा , समीर भैया चले गए क्या.

दीदी ने एक घुटनो तक निघ्त्य पहनी थी जसके अंदर ब्रा नहीं थी क्योंकि उसकी निप्पल निघ्त्य के सिल्की कपडे से साफ़ दिख रही थी ,--अभी अभी गए ह शाम को आएंगे और हमें खाने पर लेकर जायेंगे.

Me.,,--didi आप रात भर जगी हो आप सो जाओ में खाना खुद बनाकर खा लूंगा.

दीदी, --वैसे तो दो घंटे सो गयी थी पर पूरा घर बिखरा पड़ा ह .इसे साफ़ भी करना ह.

दीदी की बात सुनकर समझ गया की समीर भैया अभी अभी दीदी को बजाकर गए ह me,,--didi में हु ना .चलो मिलकर कर देते ह .

हमने फिर हाल को आधे घंटे में साफ़ किया और दीदी के कमरे में गए तो देखा की उसमे पांच कंडोम लुंड के पानी से भरे पड़े थे.

मेने उन कंडोम को उठाकर दीदी की तरफ देखते हुए डस्टबिन माँ डाला और फिर दीदी की ब्रा और निघ्त्य को वाशिंग मशीन में डालकर बेडसीट को इकठ्ठा किया तो सरे गुलाब के पत्ते बिच में इक्क्ठे हो गए तो मुझे ब्रॉडशीट जी गहरा लाल रंग की थी उस पर सफ़ेद सफ़ेद दाग लगे दिखे.

मेने एक दाग को अंगुली से खुरच कर देखा तो दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कराई और फिर मेने पत्तियों को डस्टबिन में डालकर देखा बेडसीट पर पांच छह जगह वैसे hi दाग थे . मेने उन दागों को देखकर दीदी की तरफ देखकर मुस्कराया तो दीदी भी मुस्करा दी.

मेने वो बेडशीट भी वाशिंग मशीन में दाल दी और हमने नयी बेडशीट मिलकर बिछाई .बेडसीट बिछाकर जब मेने झाड़ू लगाई तो दीदी इमोशनल हो गयी उनकी आँखों से पानी आ गया तो मेने उनके गाल से ासु को अंगुली पर लेकर उसे छटक दिया और बोलै.

में.,-- साली दुबारा मेरी दीदी की आँखों से नहीं कही और से निकलना.

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्कराई और मेरे गले लग कर बोली, -- लव ु रोहित.

में ,-- दीदी आगे से रोई तो में भी रोने लगूंगा.

दीदी ,--पगले ये ख़ुशी के आंसू ह .तूने रात में मेरे को इतना अच्छा बर्थडे गिफ्ट दिया की मुझे याद करके ख़ुशी से आंसू आ गए.

में.,-- दीदी आपके लिए मेरी जान हाजिर ह आप बस हमेशा मुस्कराती रहा करो. अब आप रेस्ट करो में पूछा लगा दूंगा.

दीदी ,-- रोहित तू मेरा बहुत पायरा दोस्त ह भैया.

में.,-- ओह्ह दीदी आप बस एन्जॉय करो ये जिंदगी दुबारा नहीं मिलेगी.

दीदी ,-- रोहित में भी यही सोचकर शादी नहीं कर रही की एक बार शादी हो गयी तो फिर घर में कैद होकर रह जाउंगी.

में.,-- पर दीदी जब जीजाजी को पता चलेगा तो क्या करोगी.

दीदी ,-- में तेरा जीजा जिसे बनाउंगी उसे पहले hi सब कुछ बता दूंगी . अगर वो तैयार हुआ तो ठीक नहीं तो दूसरा सही.

में कुछ सोचकर, --पर दीदी ऐसे तो कोई भी तैयार नहीं होगा.

दीदी ,-- अब वो पहले वाला जमाना नहीं ह शादी से पहले लड़के भी सब कुछ करते ह.

में.,-- चलो वो जब होगा अभी तो एन्जॉय करो अपनी लाइफ.

दीदी ,-- समीर की रात दो बजे फ्लाइट ह वो बारह बजे तक hi रहेगा.

में.,-- मुझे मालूम ह दीदी ,मेने उन्हें इमरजेंसी छूती लेकर एक दिन के लिए बुलाया था.

दीदी एक बार फिर से भावुक होने लगी तो मेने कहा ,-- दीदी बारह बजे तक तीन चार राउंड तो हो hi जायेंगे.

दीदी मेरे गाल पर चपत लगाकर, -- शैतान .

उसके बाद दीदी पलंग पर सो गयी और जब मेने पूछा लगते समय उनके पैरों की तरफ जाकर देखा तो उनकी छोटी सी निघ्त्य से पेंटी नहीं दिखी तो मुझे समझ में आ गया की दीदी ने ब्रा पेंटी दोनों नहीं पहनी ह और जब दीदी करवट सीधी होगी तो उनकी छूट भी दिखेगी.

में पोंछा लगाकर बाहर आया और किचन में आकर नास्ता बनाने लगा. कुछ देर में ब्रेड और दूध पीकर मेने दीदी के रूम में देखा तो दीदी वैसे hi सोई थी.

में अपने रूम में गया और थोड़ी देर पढ़कर वापस आया तो मुझे समीर भैया का लाया हुआ बैग याद आया मेने दीदी के रूम से बैग को उठाया और बाहर सोफे पर लाकर खोला तो उसमे विक्टोरिया सिल्वर की स्टिकर वाले बॉक्स दिखे.

मेने एक एक बॉक्स पर बानी फोटो को देखना शुरू किया
 
पहले बॉक्स पर ओने पीेछे का फोटो था जिसे एक मॉडल ने पहन रखा था उसमे उस मॉडल के बूब्स और छूट ढकी हुयी थी और पीछे फोटो देखि तो उसकी पीठ पर सिर्फ दो रस्सी थी.

दूसरा बॉक्स एक निघ्त्य का था जिसमे सामने से खुलने वाली चैन थी और फुल निघ्त्य थी.

तीसरा बॉक्स में थोंग का सेट था जो सिर्फ छूट को कवर किये हुए था उसमे चार पीेछे था थे.

चौथे बॉक्स में थोंग ब्रा थी जो सिर्फ निप्पल और अरेओला को कवर किये हुए थी.

मेरा लुंड पूरा अकड़ चूका था उन मॉडल्स को देखकर .मेने अगला डिब्बा उठाया तो उस पर लुंड की फोटो बानी थी जब मेने उसे खोला तो एक छह इंच का नकली लुंड दिखा उसके साथ एक रिमोट भी था जिसे मेने वापस डिब्बे में दाल दिया की जब इसे दीदी उसे करेगी तब देखूंगा.

फिर अचानक मुझे दीदी के लैपटॉप की याद आयी तो मेने बाकि के डिब्बे ऐसे hi बिना देखे वापस दाल दिए और उसे दीदी के रूम में रखकर उनका लैपटॉप उठा लाया

उनके लैपटॉप का पासवर्ड मुझे मालूम नहीं था पर जब मेने दीदी का डेट ऑफ़ बिरथ डाला तो में ख़ुशी से उछाल पड़ा . क्योंकि लैपटॉप खुल चूका था.

मेने सबसे पहले उसकी ब्राउज़र हिस्ट्री निकली तो सबसे ज्यादा मुझे स्फोरम और अन्तर्वासना के पेज खुले हुए दिखे.

मेने उसकी कहानियो की सूचि देखि तो मेरा दिमाग घूम गया .उन्होंने ज्यादातर सेक्स एडवेंचर और डर्टी सेक्स की कहानिया पढ़ी थी . फिर उन्होंने गूगल पर जो सबसे ज्यादा वीडियो सर्च किये थे वो बड़सम और टॉर्चर के आलावा गैंगबैंग के वीडियो देखे थे. िन्सेंट में उसने ज्यादातर ऐसी hi कहानिया पढ़ी थी जिसमे कुंवारी लड़की किसी परिवार के सदस्य की मदद से बॉयफ्रेंड या अंकल से चूड़ी हो.

फिर मेने उनकी गैलरी को चेक किया तो उनकी तीन साल पुराणी फोटो से लेकर अब तक फोटोग्राफ थी जिनमे वो कई में नुदे भी थी. तीन साल पहले उनके बोबे अमरुद की तरह थे जो अब पूर्ण विकसित हो चुके थे.

दीदी का लैपटॉप देखकर में समझ गया की दीदी शादी से पहले खुलकर लाइफ एन्जॉय करना चाहती ह तो मेने भी सोच लिया की दीदी को पूरा सहयोग करूँगा.

मेने लैपटॉप वापस बंद किया और उसे दीदी के रूम में रख दिया . दीदी अभी भी वैसे hi सो रही थी तो में भी उनके बगल में सो गया .

मेरी नींद चार बजे टूटी जब समीर भैया ने मुझे फ़ोन किया .में फ़ोन लेकर अपने रूम में आ गया ताकि दीदी को डिस्टर्ब न हो .

फ़ोन पर समीर भैया, -- रोहित कहा हो.

में.,-- जी भैया अपने रूम में.

समीर भैया ,-- और सोना

समीर भैया सोनाक्षी दीदी को सोना hi बोलते ह इसलिए में बोलै ,-- भैया वो सो रही ह.

समीर भैया, -- अच्छा सोने दो . मेने इसलिए फ़ोन किया की हम तीनो छह बजे खाना खाने लवर्स स्कवायर में चैलेंज मेने टेबल बुक कर दिया ह.

में.,-- भैया आप दीदी को लेकर जाओ में क्या करूँगा वह.

समीर भैया, -- तुम्हे अच्छा लगेगा जब तुम दीदी को मुस्कराते हुए देखोगे.

में.,-- तब तो में जरूर चलूँगा.

समीर भैया ,-- दीदी फ़ोन नहीं उठा रही ह तुम उनके पांच बजे उठा देना और बोल देना की मेने उसे वात्सप्प किया ह वो देख ले.

Me.,,--theek ह भैया.

मेने फ़ोन कटा और पढ़ने लगा एक घंटे बाद मेने सोचा था दीदी को उठा दूंगा .पर पोन पांच बजे दीदी मेरे रूम में आयी और बोली.

दीदी ,-- रोहित चाय पियोगे.

में,-- हाँ दीदी ,पि लूंगा .वो समीर भैया का फ़ोन आया था उन्होंने आपको वात्सप्प भेजा ह आप पढ़ लेना.

दीदी किचन में चली गयी और फिर मुझे कुछ देर बाद आवाज लगाई तो में बाहर सोफे पर आकर बेथ गया तो दीदी ने मुझे चाय और स्नेक्स दिए तो मेने कहा दीदी स्नैक्स आप खाओ मेने नास्ता कर लिया था और अभी डिनर पर खा लूंगा.

दीदी स्नैक्स में साथ चाय पिने लगी तो मेने दीदी से कहा ,-- दीदी आपने वो समीर भैया का वात्सप्प पढ़ लिया .

दीदी मन hi मन मुस्करायी .इनके चेहरे पर रहस्यमयी मुस्कान थी और वो सिर्फ हम्म बोली.

में. -- दीदी आप का चेहरा मुस्कराते हुए कितना अच्छा लगता ह.

दीदी ,-- हम्म

में.,-- दीदी अगर समीर भैया ने कोई जोके भेजा ह तो में उन्हें बोल दू की वो ऐसे जोके और भेजे.

दीदी ,-- उन्होंने जोक नहीं भेजा.

में.,-- फॉर.

दीदी ,-- उन्होंने खाने पर जाने के लिए ड्रेस के बारे में कहा ह.

में.,-- ओह्ह ,तो आप समीर भैया की लायी हुयी कोई ड्रेस पहनोगी या फिर वो नयी ला रहे ह.

दीदी ,-- वो मुंबई से बहुत साडी ड्रेस लाये ह वही पहनूंगी.

में ,-- समीर भैया भी बहुत खर्चा करते ह . कल भी इन्होने रूम सजाने वाले को मुझे पैसे नहीं देने दिए.

दीदी, --समीर तो रात में आया था न.

में.,-- वो छह बजे फ्लाइट से सीधे यही आये थे मेने उनको डेकोरेशन देखने को बुलाया था तो उसी समय में डेकोरेशन वाले भैया को पेमेंट दे रहा था तो उन्होंने देने नहीं दिया और खुद पेमेंट किया.

दीदी ,-- शैतान.

में.,-- दीदी आपको डेकोरेशन पसंद नहीं आया था क्या.

दीदी ,-- बहुत अच्छा था .

में.,-- फिर आपने मुझे शैतान क्यों बोलै.

दीदी ,-- थैंक्स , अब जाकर तैयार हो जाओ .मुझे भी अभी तैयार होने में समय लगेगा.

में उठकर अपने रूम में आया और नहाकर एक टशरत और पेण्ट पहन लिया और फिर बाहर आकर सोफे पर दीदी का वेट करने लगा.

मेने घडी में देखा छह बज गए थे तभी समीर भैया का भी फ़ोन आ गया .वो हम दोनों निचे बुला रहे थे तो मेने उनको कहा की दीदी तैयार हो रही ह में उनको लेकर आ रहा हु.

दस मिनट बाद दीदी रूम से निकली तो में उन्हें देखते रह गया उन्होंने एक ओने पीेछे पहना था जो घुटनो से थोड़ा ऊपर था और उसके सामने चैन लगी थी जिससे वो पूरा खुल सकता था , स्लीवलेस ओने पीेछे से दीदी का सिर्फ हाथ और घुटनो के निचे का हिस्सा दिखा रहा था तो में मन में सोचा की दीदी उस समय इतना क्यों मुस्करा रही थी क्योंकि मुझे दीदी की ब्रा स्टाप भी दिख रही थी और इस ड्रेस में पेंटी पहने या न पहने कुछ भी नहीं दिख सकता था.

दीदी ने हल्का सा मेकअप किया था जिसमे वो बहुत सूंदर लग रही थी.

Me.,,--didi निचे समीर भैया कब से वेट कर रहे ह.

दीदी ,-- हम्म चलो नहीं तो आने में लेट होगा.

हम दोनों निचे आये तो देखा समीर भैया एक ऑडी के पास खड़े ह तो उन्होंने मुझसे पूछा की तुम चला लोगे.

Me.,,--par रात में आपने मारुती ब्रीज की चाबी दी थी.

समीर भैया, -- हम्म ये मेने मेरे फ्लैट में चाचा रहते ह उनसे उधर ली ह . सोना को इसके हिसाब की गाडी में बिठाने पड़ेगा ना.

समीर की बात सुनकर दीदी मुस्करायी और में भी मुस्करा दिया .फिर अमित भैया ने मुझे रिमोट टाइप की चाबी दी और बोले की तुम चलाओ में पीछे बैठता हु.

में ड्राइविंग शेएर पर बेथ गया तो वो दोनों पीछे बेथ गए और फिर उन्होंने गाडी में लोकेशन सेट करके कहा अब तुम गाडी को मैप के हिसाब से चलते रहना.

मेने गाडी को कॉलोनी से बाहर निकला तो मुझे दीदी के हंसने की आवाज आयी तो मेने बैक मिरर से देखा दीदी और समीर भैया बिलकुल चिपक कर बैठे ह और उनके बदन पुरे एक दूसरे से चिपके हुए ह. गाडी के पुरे गिलास पर ब्लैक फिल्म लगी हुयी थी इसलिए बाहर से कुछ भी नहीं दिख सकता था.

समीर भैया ने दीदी की आर्मपिट में अंगुली करके उनके कान में कुछ कहा तो दीदी फुसफुसाई ,-- रोहित देख लगा.

समीर भैया,-- उसका ध्यान ड्राइविंग में ह वो पीछे कैसे देखेगा.

मेने ये बात सुनी तो अपना ध्यान सामने कर दिया और बैक मिरर से तिरछी नजरो से देखने लगा.

समीर भैया अपना हाथ दीदी के ओने पीेछे की चैन पर रखे हुए थे और दीदी उनका हाथ पकडे हुए थी तभी समीर भैया बोले.,-- रोहित तुम सोना दीदी को हँसते हुए देखना चाहते हो ना.

में.,-- ओफ़्कौर्से भैया.

समीर भैया, -- देखो न तुम्हारी दीदी को में हँसाना चाहता हु पर ये मान hi नहीं रही.

में.,-- दीदी मान जाओ ना

मुझे पता था की में दीदी को किस चीज के लिए मन ने ले लिए बोल रहा हु . समीर भैया दीदी का ओने पीेछे खोलकर उसके बूब्स पीना चाहते होंगे पर दीदी मेरी वजह से मना कर रही थी .
 


पहले बॉक्स पर ओने पीेछे का फोटो था जिसे एक मॉडल ने पहन रखा था उसमे उस मॉडल के बूब्स और छूट ढकी हुयी थी और पीछे फोटो देखि तो उसकी पीठ पर सिर्फ दो रस्सी थी.

दूसरा बॉक्स एक निघ्त्य का था जिसमे सामने से खुलने वाली चैन थी और फुल निघ्त्य थी.

तीसरा बॉक्स में थोंग का सेट था जो सिर्फ छूट को कवर किये हुए था उसमे चार पीेछे था थे.

चौथे बॉक्स में थोंग ब्रा थी जो सिर्फ निप्पल और अरेओला को कवर किये हुए थी.

मेरा लुंड पूरा अकड़ चूका था उन मॉडल्स को देखकर .मेने अगला डिब्बा उठाया तो उस पर लुंड की फोटो बानी थी जब मेने उसे खोला तो एक छह इंच का नकली लुंड दिखा उसके साथ एक रिमोट भी था जिसे मेने वापस डिब्बे में दाल दिया की जब इसे दीदी उसे करेगी तब देखूंगा.

फिर अचानक मुझे दीदी के लैपटॉप की याद आयी तो मेने बाकि के डिब्बे ऐसे hi बिना देखे वापस दाल दिए और उसे दीदी के रूम में रखकर उनका लैपटॉप उठा लाया

उनके लैपटॉप का पासवर्ड मुझे मालूम नहीं था पर जब मेने दीदी का डेट ऑफ़ बिरथ डाला तो में ख़ुशी से उछाल पड़ा . क्योंकि लैपटॉप खुल चूका था.

मेने सबसे पहले उसकी ब्राउज़र हिस्ट्री निकली तो सबसे ज्यादा मुझे स्फोरम और अन्तर्वासना के पेज खुले हुए दिखे.

मेने उसकी कहानियो की सूचि देखि तो मेरा दिमाग घूम गया .उन्होंने ज्यादातर सेक्स एडवेंचर और डर्टी सेक्स की कहानिया पढ़ी थी . फिर उन्होंने गूगल पर जो सबसे ज्यादा वीडियो सर्च किये थे वो बड़सम और टॉर्चर के आलावा गैंगबैंग के वीडियो देखे थे. िन्सेंट में उसने ज्यादातर ऐसी hi कहानिया पढ़ी थी जिसमे कुंवारी लड़की किसी परिवार के सदस्य की मदद से बॉयफ्रेंड या अंकल से चूड़ी हो.

फिर मेने उनकी गैलरी को चेक किया तो उनकी तीन साल पुराणी फोटो से लेकर अब तक फोटोग्राफ थी जिनमे वो कई में नुदे भी थी. तीन साल पहले उनके बोबे अमरुद की तरह थे जो अब पूर्ण विकसित हो चुके थे.

दीदी का लैपटॉप देखकर में समझ गया की दीदी शादी से पहले खुलकर लाइफ एन्जॉय करना चाहती ह तो मेने भी सोच लिया की दीदी को पूरा सहयोग करूँगा.

मेने लैपटॉप वापस बंद किया और उसे दीदी के रूम में रख दिया . दीदी अभी भी वैसे hi सो रही थी तो में भी उनके बगल में सो गया .

मेरी नींद चार बजे टूटी जब समीर भैया ने मुझे फ़ोन किया .में फ़ोन लेकर अपने रूम में आ गया ताकि दीदी को डिस्टर्ब न हो .

फ़ोन पर समीर भैया, -- रोहित कहा हो.

में.,-- जी भैया अपने रूम में.

समीर भैया ,-- और सोना

समीर भैया सोनाक्षी दीदी को सोना hi बोलते ह इसलिए में बोलै ,-- भैया वो सो रही ह.

समीर भैया, -- अच्छा सोने दो . मेने इसलिए फ़ोन किया की हम तीनो छह बजे खाना खाने लवर्स स्कवायर में चैलेंज मेने टेबल बुक कर दिया ह.

में.,-- भैया आप दीदी को लेकर जाओ में क्या करूँगा वह.

समीर भैया, -- तुम्हे अच्छा लगेगा जब तुम दीदी को मुस्कराते हुए देखोगे.

में.,-- तब तो में जरूर चलूँगा.

समीर भैया ,-- दीदी फ़ोन नहीं उठा रही ह तुम उनके पांच बजे उठा देना और बोल देना की मेने उसे वात्सप्प किया ह वो देख ले.

Me.,,--theek ह भैया.

मेने फ़ोन कटा और पढ़ने लगा एक घंटे बाद मेने सोचा था दीदी को उठा दूंगा .पर पोन पांच बजे दीदी मेरे रूम में आयी और बोली.

दीदी ,-- रोहित चाय पियोगे.

में,-- हाँ दीदी ,पि लूंगा .वो समीर भैया का फ़ोन आया था उन्होंने आपको वात्सप्प भेजा ह आप पढ़ लेना.

दीदी किचन में चली गयी और फिर मुझे कुछ देर बाद आवाज लगाई तो में बाहर सोफे पर आकर बेथ गया तो दीदी ने मुझे चाय और स्नेक्स दिए तो मेने कहा दीदी स्नैक्स आप खाओ मेने नास्ता कर लिया था और अभी डिनर पर खा लूंगा.

दीदी स्नैक्स में साथ चाय पिने लगी तो मेने दीदी से कहा ,-- दीदी आपने वो समीर भैया का वात्सप्प पढ़ लिया .

दीदी मन hi मन मुस्करायी .इनके चेहरे पर रहस्यमयी मुस्कान थी और वो सिर्फ हम्म बोली.

में. -- दीदी आप का चेहरा मुस्कराते हुए कितना अच्छा लगता ह.

दीदी ,-- हम्म

में.,-- दीदी अगर समीर भैया ने कोई जोके भेजा ह तो में उन्हें बोल दू की वो ऐसे जोके और भेजे.

दीदी ,-- उन्होंने जोक नहीं भेजा.

में.,-- फॉर.

दीदी ,-- उन्होंने खाने पर जाने के लिए ड्रेस के बारे में कहा ह.

में.,-- ओह्ह ,तो आप समीर भैया की लायी हुयी कोई ड्रेस पहनोगी या फिर वो नयी ला रहे ह.

दीदी ,-- वो मुंबई से बहुत साडी ड्रेस लाये ह वही पहनूंगी.

में ,-- समीर भैया भी बहुत खर्चा करते ह . कल भी इन्होने रूम सजाने वाले को मुझे पैसे नहीं देने दिए.

दीदी, --समीर तो रात में आया था न.

में.,-- वो छह बजे फ्लाइट से सीधे यही आये थे मेने उनको डेकोरेशन देखने को बुलाया था तो उसी समय में डेकोरेशन वाले भैया को पेमेंट दे रहा था तो उन्होंने देने नहीं दिया और खुद पेमेंट किया.

दीदी ,-- शैतान.

में.,-- दीदी आपको डेकोरेशन पसंद नहीं आया था क्या.

दीदी ,-- बहुत अच्छा था .

में.,-- फिर आपने मुझे शैतान क्यों बोलै.

दीदी ,-- थैंक्स , अब जाकर तैयार हो जाओ .मुझे भी अभी तैयार होने में समय लगेगा.

में उठकर अपने रूम में आया और नहाकर एक टशरत और पेण्ट पहन लिया और फिर बाहर आकर सोफे पर दीदी का वेट करने लगा.

मेने घडी में देखा छह बज गए थे तभी समीर भैया का भी फ़ोन आ गया .वो हम दोनों निचे बुला रहे थे तो मेने उनको कहा की दीदी तैयार हो रही ह में उनको लेकर आ रहा हु.

दस मिनट बाद दीदी रूम से निकली तो में उन्हें देखते रह गया उन्होंने एक ओने पीेछे पहना था जो घुटनो से थोड़ा ऊपर था और उसके सामने चैन लगी थी जिससे वो पूरा खुल सकता था , स्लीवलेस ओने पीेछे से दीदी का सिर्फ हाथ और घुटनो के निचे का हिस्सा दिखा रहा था तो में मन में सोचा की दीदी उस समय इतना क्यों मुस्करा रही थी क्योंकि मुझे दीदी की ब्रा स्टाप भी दिख रही थी और इस ड्रेस में पेंटी पहने या न पहने कुछ भी नहीं दिख सकता था.

दीदी ने हल्का सा मेकअप किया था जिसमे वो बहुत सूंदर लग रही थी.

Me.,,--didi निचे समीर भैया कब से वेट कर रहे ह.

दीदी ,-- हम्म चलो नहीं तो आने में लेट होगा.

हम दोनों निचे आये तो देखा समीर भैया एक ऑडी के पास खड़े ह तो उन्होंने मुझसे पूछा की तुम चला लोगे.

Me.,,--par रात में आपने मारुती ब्रीज की चाबी दी थी.

समीर भैया, -- हम्म ये मेने मेरे फ्लैट में चाचा रहते ह उनसे उधर ली ह . सोना को इसके हिसाब की गाडी में बिठाने पड़ेगा ना.

समीर की बात सुनकर दीदी मुस्करायी और में भी मुस्करा दिया .फिर अमित भैया ने मुझे रिमोट टाइप की चाबी दी और बोले की तुम चलाओ में पीछे बैठता हु.

में ड्राइविंग शेएर पर बेथ गया तो वो दोनों पीछे बेथ गए और फिर उन्होंने गाडी में लोकेशन सेट करके कहा अब तुम गाडी को मैप के हिसाब से चलते रहना.

मेने गाडी को कॉलोनी से बाहर निकला तो मुझे दीदी के हंसने की आवाज आयी तो मेने बैक मिरर से देखा दीदी और समीर भैया बिलकुल चिपक कर बैठे ह और उनके बदन पुरे एक दूसरे से चिपके हुए ह. गाडी के पुरे गिलास पर ब्लैक फिल्म लगी हुयी थी इसलिए बाहर से कुछ भी नहीं दिख सकता था.

समीर भैया ने दीदी की आर्मपिट में अंगुली करके उनके कान में कुछ कहा तो दीदी फुसफुसाई ,-- रोहित देख लगा.

समीर भैया,-- उसका ध्यान ड्राइविंग में ह वो पीछे कैसे देखेगा.

मेने ये बात सुनी तो अपना ध्यान सामने कर दिया और बैक मिरर से तिरछी नजरो से देखने लगा.

समीर भैया अपना हाथ दीदी के ओने पीेछे की चैन पर रखे हुए थे और दीदी उनका हाथ पकडे हुए थी तभी समीर भैया बोले.,-- रोहित तुम सोना दीदी को हँसते हुए देखना चाहते हो ना.

में.,-- ओफ़्कौर्से भैया.

समीर भैया, -- देखो न तुम्हारी दीदी को में हँसाना चाहता हु पर ये मान hi नहीं रही.

में.,-- दीदी मान जाओ ना

मुझे पता था की में दीदी को किस चीज के लिए मन ने ले लिए बोल रहा हु . समीर भैया दीदी का ओने पीेछे खोलकर उसके बूब्स पीना चाहते होंगे पर दीदी मेरी वजह से मना कर रही थी .
 
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