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- Dec 5, 2013
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आफ्टर फ्यू डेज
अब्ब तो हथियार दाल de...Aur कितना झूठ बोलेगा खुद से.
हँसते हुए आशीष ने कहा.
सुमित:- कुछ समझ में नहीं आ रहा hai...Aur कुछ नहीं कर पा रहा हूँ.
जब भी कीर्ति से दूर जाना चाहता हूँ जा नहीं पाटा hun...Aur उसके करीब जाना चाहता हूँ तो वो भी नहीं कर पा रहा हूँ.
सुमित ने कन्फूसिओं में कहा.
आशीष:- अब्ब किसने रोका तुझे? कीर्ति के करीब जाने से.
सुमित:- मई खुद hi रुकावट बना हूँ.
आशीष:- क्या मतलब?
सुमित:- आखिर आगे बधु तो भी कैसे? खुद hi शर्मिंदा महसूस करता हूँ.
पहले भी 2 रिलेशनशिप में रह चूका hun...Abb अगर आगे बढ़ा तो तीसरा होगा.
फिर से वही बड़े बड़े वाडे, साथ जीने मरने की कसम, हर पल हर वक्त साथ निभाने की कसम, दो जिस्म एक जान जैसी बातें अब्ब मुझसे नहीं होगा.
पिछले दोनों रिलेशनशिप में यही कहा tha...Kya अब्ब इस बार भी यही कहु? लेकिन कैसे? बोलै नहीं जाएगा यार.
और सभी लड़कियों से यही बोलता रहा तो मुझे अपने करैक्टर से hi नफरत हो जाएगा.
मुझसे नहीं होगा.
सुमित की हालत को समझ कर आशीष मुस्कुराया और फिर.
आशीष:- किस बेवकूफ ने कह दिया की बड़े बड़े वादा करना hi प्यार है? तू बस प्यार को निभा और हर पल को जीने की पूरी कोशिश kar...Pyaar क्या है समझ जाएगा.
अगर प्यार को समझना है तो गहराई में उतरना तो पड़ेगा hi.
सुमित:- तेरा मतलब है की मई इस प्यार में आगे बधु.
आशीष:- हाँ.
सुमित अभी भी कन्फ्यूज्ड था.
आशीष:- दोस्त हूँ tera...Tere भलाई के लिए hi कह रहा हूँ.
सुमित आशीष को घूरने लगता है.
आशीष:- अब्ब क्या हुआ? क्या देख रहा है?
सुमित:- देख रहा hun...Jisse आज तक कभी प्यार नहीं हुआ वही प्यार का ज्ञान दे रहा है?
आशीष:- बहुत बार कह चूका hun...Meri टाइप मुझे मिली नहीं hai...Aur शायद hi कभी milegi...Saccha प्यार वैसे भी नसीब वालों को मिलता hai...Aur तुझे मिल रहा है तो तू ठुकरा रहा है.
सुमित:- अरे बस bas...Aur nahi...Kaan फैट जाएगा वही रेपेटेड डायलाग.
आशीष:- जोल्स अपार्ट.
सच में कीर्ति तेरे लिए सही hai...Tere पिछले दोनों रेलशनाहीप को अगर किसी ने विरोध किया था तो वो मई hi tha...Baar बाद मन करता raha...Abe सच्चे प्यार में मत pad...Mat pad...Lekin सुनता कौन है mera...Aur वही हुआ जो मई जानता था.
कोई भी इंसान हो कुछ वक्त बिताने के बाद पता चल जाता है की वो क्या hai...Waisa hi है जैसा दिख रहा है या फिर ढोंग कर रहा hai...Kirti में ऐसी कोई ढोंग नहीं दिखा.
कल hi तो मिला था usse...Jaisa तूने बताया वैसी hi hai...Mujhe नहीं लगता इस प्यार में तुझे धोखा मिलेगा.
खुश रहेगा यार tu...Aage बढ़.
सुमित:- वाह साइकोलोजिस्ट वाह :applause::applause:
आशीष:- तेरे प्यार के चक्कर में मुझे कभी लवगुरु तो कभी साइकोलोजिस्ट बनना पद रहा है.
तभी सुमित के मोबाइल में मैसेज आता है.
सुमित:- अच्छा तेरा साइकोलॉजी फिर कभी sununga...Abhi कीर्ति का मसाज आया hai...Milne के लिए बुला रही है.
फिर सुमित वह से निकल गया.
कीर्ति:- इस बार भी आप हार गए?
सुमित:- अरे मैंने कम्पटीशन किया hi कब hai...Jo मई जीतूंगा.
कीर्ति:- फिर भी आप हार गए.
सुमित:- तुमसे कभी जीत सकता हूँ क्या?
कीर्ति:- मेरी जीत की ख़ुशी में चलिए एक एक प्लेट और हो जाए.
बात पानी पूरी का हो रहा tha...Jis कम्पटीशन में सुमित कीर्ति के आस पास भी नहीं था.
सुमित:- अरे nahi...Abhi से आँख, मुंह, नाक सब जगह से पानी निकल रहा hai...Abb मुझ से नहीं खाया जाएगा इतना तीखा पानी पूरी.
सुमित मन करता रहा लेकिन कीर्ति के सामने उसका कुछ नहीं चला.
कीर्ति तो बस खाये जा रही thi...Tabhi सुमित को अपने से थोड़े दूर पर एक ट्रक दिखा जो उसी की तरफ आ रहा tha...Jo कुछ ज्यादा hi तेज चल रहा था और हॉर्न भी साइलेंट tha...Samajhte देर नहीं लगा उससे की ट्रक में कुछ प्रॉब्लम है.
जल्दी से उसने एक हाथ से कीर्ति ू और एक हाथ से पानी पूरी वाले को पूरी दम लगा कर पीछे खिंचा... इस कोशिश में सुमित भी 3-4 मीटर दूर जा कर गिरा.
कीर्ति और पानी पूरी वाला दोनों पीछे मूड कर सुमित को देखते है की तभी वो ट्रक ठेला को उड़ाते हुए आगे बढ़ जाता है.
और तब उन्हें समझ में आता है और धीरे धीरे कर आस पास की लोगों की आवाजें भी आने लगता है.
सुमित अभी भी वही गिरा पड़ा tha...Rk राहत की सांस लिया की इतना बड़ा खतरा ताल gaya...Lekin कुछ hi पल आगे की घटना सोच कर उसके रूह कांप उठा.
दूसरी तरफ Kirti...Uss ट्रक को देखने के बाद तो वो एकदम से स्टेचू बन गयी thi...Naa hi कोई हलचल और ना hi कोई aawaj...Bas सामने की तरफ hi देख रही थी.
धीरे धीरे सब नार्मल होने laga...Lekin सुमित और कीर्ति अभी भी कुछ नहीं बोल रहे थे.
सुमित फिर आगे बढ़ कर पानी पूरी वाले को रेट से थोड़ा ज्यादा पेमेंट करता है और कीर्ति का हाथ पकड़ कर आगे बढ़ जाता hai...Kirti चल तो रही थी लेकिन अभी भी उसी हाल में थी.
कीर्ति को बाइक में किसी तरह बिठा कर सुमित बाइक स्टार्ट कर देता hai...Wo अभी काफी स्लो चला रहा tha...Kuch वक्त पहले हुआ हादशा से वो भी अंदर से हिल गया था.
घर पहुँचने hi वाले थे की.
कीर्ति:- बाइक रोकिये.
सुमित भी बाइक रोक कर उतर जाता है.
कीर्ति एकदम से सुमित के गले लग जाती है.
कीर्ति:- जब भी आपके पास रहती हूँ खुद को सुरक्षित महसूस करती hun...Aaj भी आपने अपनी जान पर खेल कर मुझे बचाया.
आप मेरे ताकत hai...Jab आपने मुझे पढ़ाया तब पढ़ांव के साथ आपने एक विश्वास भी दिलाया की पूरी म्हणत से कोई काम करे तो उसका फल भी मिलता hai...Tabhi से मेरा खोया हुआ aatma-vishwash लौट आया.
जब भी आप मेरे साथ होते hai...Mai खुद को स्पेशल फील करती hun...Yahi ख्वाहिश रहती है की आप मेरे आँखों के सामने rahe...Hamesha हमेशा के लिए.
आप पर यकीं करती हूँ की अगर कभी मुझे कोई परेशानी भी हुआ तो आप हमेशा मेरे साथ रहेंगे.
शायद यही वजह है की मई आप से प्यार करती हूँ.
इतना कह कर कीर्ति ने सुमित को अपनी बाहों में और भी कास लिया.
सुमित को ये बातें सुन बहुत अच्छा laga...Koi तो है जो उससे इतना प्यार करता hai...Warna उससे तो धोखा hi मिला था.
फिर सुमित ने भी कीर्ति को अपने बाहों में भर liya...Bahut hi अलग अनुभव था सुमित के liye...Dil का सारा बोझ और दर्द कीर्ति की बाहों में भूल गया था वो.
आँखों में एक बूँद आंसू भी टपक aaya...Jisse मुस्कुराते हुए उसने पांच liya...Tabhi उससे कुछ पल पहले की घटना याद aaya...Yaad आते hi कीर्ति को उसने अपने बाहों में और भी कास लिया की वो कीर्ति को अपने से दूर कभी होने नहीं देगा.
कुछ पल एक दूसरे की बाहों में अपना प्यार का एहसास करने के बाद दोनों अलग हुए.
घर पहुँचते hi कीर्ति अपने रूम में चली गयी.
सुमित भी अपने रूम में पहुँच कर सोचने लगा.
सुमित:- (इन हिज मंद) Jindagi...Ek बार फिर उसी राष्ट में ले आया जहा मई वापस कभी लौटना नहीं चाहता tha...Ho hi गया एक बार फिर से pyaar...Iss बार सच्चा वाला प्यार.
Kirti...Kitna प्यार करती है मुझे? इतना विश्वाश करती है मुझ पर? माँ और पापा भी उससे पसंद करते hai...Rashmi की भी बहुत अच्छी दोस्त hai...Aur सबसे jaruri...Mai इतना प्यार करने के बावजूद भी आज तक जाता नहीं paaya...Himmat hi नहीं हुआ.
लेकिन अब्ब nahi...Jald hi अपने दिल की बात बताऊंगा.
फिर सुमित उसके और अकीर्ति के बिच के प्यार के पल को याद करने लगा.
इसी तरह उससे याद आया की उसका मिशन प्लेबॉय सफल होने की बावजूद भी असफल रह गया.
जान 6 की वो raat...Jab श्रुति को होटल ले जाने के बाद भी आखिरी वक्त पर कीर्ति की याद आ gaya...Aur उसी पल से श्रुति से सभी तरह के रिलेशन तोड़ liya...Jan 8 की raar...Preeti को होटल के बाहर से hi मन कर दिया.
ये सोचते hi सुमित की होंठो में मुस्कान आ gaya...Kitna बदल गया वो कीर्ति की प्यार में.
फिर इसी तरह दिन बीतने laga...Sumit कीर्ति को प्रोपोज़ करना चाहता तो था लेकिन स्पेशल तरीके से जो कीर्ति के लिए किसी सरप्राइज से काम ना हो.
और जब कीर्ति का पेरेंट्स के साथ घर वापस जाने के लिए 2 दिन बाकी था तब सुमित को आईडिया भी मिल गया.
अब्ब वो रेडी था कीर्ति को सरप्राइज देने के लिए और अपने प्यार का इजहार करने के लिए.
आफ्टर फ्यू डेज
अब्ब तो हथियार दाल de...Aur कितना झूठ बोलेगा खुद से.
हँसते हुए आशीष ने कहा.
सुमित:- कुछ समझ में नहीं आ रहा hai...Aur कुछ नहीं कर पा रहा हूँ.
जब भी कीर्ति से दूर जाना चाहता हूँ जा नहीं पाटा hun...Aur उसके करीब जाना चाहता हूँ तो वो भी नहीं कर पा रहा हूँ.
सुमित ने कन्फूसिओं में कहा.
आशीष:- अब्ब किसने रोका तुझे? कीर्ति के करीब जाने से.
सुमित:- मई खुद hi रुकावट बना हूँ.
आशीष:- क्या मतलब?
सुमित:- आखिर आगे बधु तो भी कैसे? खुद hi शर्मिंदा महसूस करता हूँ.
पहले भी 2 रिलेशनशिप में रह चूका hun...Abb अगर आगे बढ़ा तो तीसरा होगा.
फिर से वही बड़े बड़े वाडे, साथ जीने मरने की कसम, हर पल हर वक्त साथ निभाने की कसम, दो जिस्म एक जान जैसी बातें अब्ब मुझसे नहीं होगा.
पिछले दोनों रिलेशनशिप में यही कहा tha...Kya अब्ब इस बार भी यही कहु? लेकिन कैसे? बोलै नहीं जाएगा यार.
और सभी लड़कियों से यही बोलता रहा तो मुझे अपने करैक्टर से hi नफरत हो जाएगा.
मुझसे नहीं होगा.
सुमित की हालत को समझ कर आशीष मुस्कुराया और फिर.
आशीष:- किस बेवकूफ ने कह दिया की बड़े बड़े वादा करना hi प्यार है? तू बस प्यार को निभा और हर पल को जीने की पूरी कोशिश kar...Pyaar क्या है समझ जाएगा.
अगर प्यार को समझना है तो गहराई में उतरना तो पड़ेगा hi.
सुमित:- तेरा मतलब है की मई इस प्यार में आगे बधु.
आशीष:- हाँ.
सुमित अभी भी कन्फ्यूज्ड था.
आशीष:- दोस्त हूँ tera...Tere भलाई के लिए hi कह रहा हूँ.
सुमित आशीष को घूरने लगता है.
आशीष:- अब्ब क्या हुआ? क्या देख रहा है?
सुमित:- देख रहा hun...Jisse आज तक कभी प्यार नहीं हुआ वही प्यार का ज्ञान दे रहा है?
आशीष:- बहुत बार कह चूका hun...Meri टाइप मुझे मिली नहीं hai...Aur शायद hi कभी milegi...Saccha प्यार वैसे भी नसीब वालों को मिलता hai...Aur तुझे मिल रहा है तो तू ठुकरा रहा है.
सुमित:- अरे बस bas...Aur nahi...Kaan फैट जाएगा वही रेपेटेड डायलाग.
आशीष:- जोल्स अपार्ट.
सच में कीर्ति तेरे लिए सही hai...Tere पिछले दोनों रेलशनाहीप को अगर किसी ने विरोध किया था तो वो मई hi tha...Baar बाद मन करता raha...Abe सच्चे प्यार में मत pad...Mat pad...Lekin सुनता कौन है mera...Aur वही हुआ जो मई जानता था.
कोई भी इंसान हो कुछ वक्त बिताने के बाद पता चल जाता है की वो क्या hai...Waisa hi है जैसा दिख रहा है या फिर ढोंग कर रहा hai...Kirti में ऐसी कोई ढोंग नहीं दिखा.
कल hi तो मिला था usse...Jaisa तूने बताया वैसी hi hai...Mujhe नहीं लगता इस प्यार में तुझे धोखा मिलेगा.
खुश रहेगा यार tu...Aage बढ़.
सुमित:- वाह साइकोलोजिस्ट वाह :applause::applause:
आशीष:- तेरे प्यार के चक्कर में मुझे कभी लवगुरु तो कभी साइकोलोजिस्ट बनना पद रहा है.
तभी सुमित के मोबाइल में मैसेज आता है.
सुमित:- अच्छा तेरा साइकोलॉजी फिर कभी sununga...Abhi कीर्ति का मसाज आया hai...Milne के लिए बुला रही है.
फिर सुमित वह से निकल गया.
कीर्ति:- इस बार भी आप हार गए?
सुमित:- अरे मैंने कम्पटीशन किया hi कब hai...Jo मई जीतूंगा.
कीर्ति:- फिर भी आप हार गए.
सुमित:- तुमसे कभी जीत सकता हूँ क्या?
कीर्ति:- मेरी जीत की ख़ुशी में चलिए एक एक प्लेट और हो जाए.
बात पानी पूरी का हो रहा tha...Jis कम्पटीशन में सुमित कीर्ति के आस पास भी नहीं था.
सुमित:- अरे nahi...Abhi से आँख, मुंह, नाक सब जगह से पानी निकल रहा hai...Abb मुझ से नहीं खाया जाएगा इतना तीखा पानी पूरी.
सुमित मन करता रहा लेकिन कीर्ति के सामने उसका कुछ नहीं चला.
कीर्ति तो बस खाये जा रही thi...Tabhi सुमित को अपने से थोड़े दूर पर एक ट्रक दिखा जो उसी की तरफ आ रहा tha...Jo कुछ ज्यादा hi तेज चल रहा था और हॉर्न भी साइलेंट tha...Samajhte देर नहीं लगा उससे की ट्रक में कुछ प्रॉब्लम है.
जल्दी से उसने एक हाथ से कीर्ति ू और एक हाथ से पानी पूरी वाले को पूरी दम लगा कर पीछे खिंचा... इस कोशिश में सुमित भी 3-4 मीटर दूर जा कर गिरा.
कीर्ति और पानी पूरी वाला दोनों पीछे मूड कर सुमित को देखते है की तभी वो ट्रक ठेला को उड़ाते हुए आगे बढ़ जाता है.
और तब उन्हें समझ में आता है और धीरे धीरे कर आस पास की लोगों की आवाजें भी आने लगता है.
सुमित अभी भी वही गिरा पड़ा tha...Rk राहत की सांस लिया की इतना बड़ा खतरा ताल gaya...Lekin कुछ hi पल आगे की घटना सोच कर उसके रूह कांप उठा.
दूसरी तरफ Kirti...Uss ट्रक को देखने के बाद तो वो एकदम से स्टेचू बन गयी thi...Naa hi कोई हलचल और ना hi कोई aawaj...Bas सामने की तरफ hi देख रही थी.
धीरे धीरे सब नार्मल होने laga...Lekin सुमित और कीर्ति अभी भी कुछ नहीं बोल रहे थे.
सुमित फिर आगे बढ़ कर पानी पूरी वाले को रेट से थोड़ा ज्यादा पेमेंट करता है और कीर्ति का हाथ पकड़ कर आगे बढ़ जाता hai...Kirti चल तो रही थी लेकिन अभी भी उसी हाल में थी.
कीर्ति को बाइक में किसी तरह बिठा कर सुमित बाइक स्टार्ट कर देता hai...Wo अभी काफी स्लो चला रहा tha...Kuch वक्त पहले हुआ हादशा से वो भी अंदर से हिल गया था.
घर पहुँचने hi वाले थे की.
कीर्ति:- बाइक रोकिये.
सुमित भी बाइक रोक कर उतर जाता है.
कीर्ति एकदम से सुमित के गले लग जाती है.
कीर्ति:- जब भी आपके पास रहती हूँ खुद को सुरक्षित महसूस करती hun...Aaj भी आपने अपनी जान पर खेल कर मुझे बचाया.
आप मेरे ताकत hai...Jab आपने मुझे पढ़ाया तब पढ़ांव के साथ आपने एक विश्वास भी दिलाया की पूरी म्हणत से कोई काम करे तो उसका फल भी मिलता hai...Tabhi से मेरा खोया हुआ aatma-vishwash लौट आया.
जब भी आप मेरे साथ होते hai...Mai खुद को स्पेशल फील करती hun...Yahi ख्वाहिश रहती है की आप मेरे आँखों के सामने rahe...Hamesha हमेशा के लिए.
आप पर यकीं करती हूँ की अगर कभी मुझे कोई परेशानी भी हुआ तो आप हमेशा मेरे साथ रहेंगे.
शायद यही वजह है की मई आप से प्यार करती हूँ.
इतना कह कर कीर्ति ने सुमित को अपनी बाहों में और भी कास लिया.
सुमित को ये बातें सुन बहुत अच्छा laga...Koi तो है जो उससे इतना प्यार करता hai...Warna उससे तो धोखा hi मिला था.
फिर सुमित ने भी कीर्ति को अपने बाहों में भर liya...Bahut hi अलग अनुभव था सुमित के liye...Dil का सारा बोझ और दर्द कीर्ति की बाहों में भूल गया था वो.
आँखों में एक बूँद आंसू भी टपक aaya...Jisse मुस्कुराते हुए उसने पांच liya...Tabhi उससे कुछ पल पहले की घटना याद aaya...Yaad आते hi कीर्ति को उसने अपने बाहों में और भी कास लिया की वो कीर्ति को अपने से दूर कभी होने नहीं देगा.
कुछ पल एक दूसरे की बाहों में अपना प्यार का एहसास करने के बाद दोनों अलग हुए.
घर पहुँचते hi कीर्ति अपने रूम में चली गयी.
सुमित भी अपने रूम में पहुँच कर सोचने लगा.
सुमित:- (इन हिज मंद) Jindagi...Ek बार फिर उसी राष्ट में ले आया जहा मई वापस कभी लौटना नहीं चाहता tha...Ho hi गया एक बार फिर से pyaar...Iss बार सच्चा वाला प्यार.
Kirti...Kitna प्यार करती है मुझे? इतना विश्वाश करती है मुझ पर? माँ और पापा भी उससे पसंद करते hai...Rashmi की भी बहुत अच्छी दोस्त hai...Aur सबसे jaruri...Mai इतना प्यार करने के बावजूद भी आज तक जाता नहीं paaya...Himmat hi नहीं हुआ.
लेकिन अब्ब nahi...Jald hi अपने दिल की बात बताऊंगा.
फिर सुमित उसके और अकीर्ति के बिच के प्यार के पल को याद करने लगा.
इसी तरह उससे याद आया की उसका मिशन प्लेबॉय सफल होने की बावजूद भी असफल रह गया.
जान 6 की वो raat...Jab श्रुति को होटल ले जाने के बाद भी आखिरी वक्त पर कीर्ति की याद आ gaya...Aur उसी पल से श्रुति से सभी तरह के रिलेशन तोड़ liya...Jan 8 की raar...Preeti को होटल के बाहर से hi मन कर दिया.
ये सोचते hi सुमित की होंठो में मुस्कान आ gaya...Kitna बदल गया वो कीर्ति की प्यार में.
फिर इसी तरह दिन बीतने laga...Sumit कीर्ति को प्रोपोज़ करना चाहता तो था लेकिन स्पेशल तरीके से जो कीर्ति के लिए किसी सरप्राइज से काम ना हो.
और जब कीर्ति का पेरेंट्स के साथ घर वापस जाने के लिए 2 दिन बाकी था तब सुमित को आईडिया भी मिल गया.
अब्ब वो रेडी था कीर्ति को सरप्राइज देने के लिए और अपने प्यार का इजहार करने के लिए.