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- Dec 5, 2013
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अपडेट 35
आज का दिन स्पेशल tha...Aur स्पेशल दिन में कोई कमी ना हो उसके लिए सुमित पूरी तैयारी कर रहा tha...Aadha घंटा से मिरर के सामने बैठ कभी वो हैरस्टीले चेंज करता तो कभी सनग्लासेस.
थक हार कर.
सुमित:- जैसा hun...Waisa hi ठीक hun...Aur कीर्ति भी मुझे पसंद करती hai...Naa की मेरे लुक्स को.
फिर मिरर की तरफ देख.
सुमित:- हैंडसम तो हूँ hi फिर भी कोई मतलब nahi...Kirti मुझसे पसंद करती ha...Naa की मेरे लुक्स को.
वैसे भी इस लुक में गजब hi लग रहा हूँ.
इसी तरह सुमित ने खुद को कॉन्फिडेंस दिया.
सुमित:- एक हफ्ता हो गया सरप्राइज के बारे में सोचते hue...Finally अब्ब जा कर मिला.
इतना कह कर सुमित ने बीएड में रखे सरप्राइज को अपने पंत के पॉकेट में रख लिया.
सुमित:- बहुत नाराज हो ना tum...Ki मुझे तुम्हारे दिल की कोई परवाह nahi...Pichle कुछ दिनों से तुम्हारी नाराजगी और भी बढ़ गया hai...Meri तरफ देखती भी नहीं.
आज तुम्हारा और मेरा दोनों का इंतजार khatm...Aisa सरप्राइज दूंगा की तुम्हारा खोया हुआ मुस्कान वापस लौट आएगा.
ये सोचते हुए सुमित काफी एक्ससिटेड हो गया था.
सुमित जो अभी तैयार हो कर बाहर निकलने hi वाला था की पीछे से आ रही आवाज सुन कर रुक जाता है.
कहा जा रहे हो भैया ऐसे सज धज के?
सुमित पीछे अपनी बहिन रश्मि की तरफ ghuma...Aur मुस्कुराते हुए bola...Guess कर!!!
रश्मि:- शायद किसी पार्टी में जा रहे है आप.
सुमित अपना सर पर हाथ मार kar..."Sirf पार्टी में जाते वक्त सूट नहीं पहनता हूँ?"
रश्मि:- तो क्या आप अब्ब आवारा गर्दी करते वक्त भी सूट पेहेन्ने लगे.
सुमित:- अरे नहीं.
रश्मि:- तो फिर?
सुमित:- तेरी भाभी को प्रोपोज़ करने जा रहा हूँ.
सुमित दांत दिखा कर बोलै.
रश्मि:- पापा को बताती hun...Rukiye अभी.
सुमित:- डरता हूँ क्या?
सुमित ने पुरे शान से जवाब दिया.
रश्मि:- Papa...Papa.
रश्मि की आवाज और तेज होता देख...
सुमित:- रुक जा मेरी Maa...Marwayegi क्या?
सुमित का हालत एकदम से भीगी बिल्ली जैसा हो gaya...Rashmi भी अब्ब उससे देख हांसे जा रही थी.
रश्मि:- आल थे बेस्ट भैया!!! :तुम्बुप:
सुमित:- थैंक यू
फिर सुमित चला गया अपने मंजिल की taraf...Yani की अपने प्यार का इजहार करने.
Hi कीर्ति.
एक पार्क में पहुँचते hi सुमित ने मुस्कुरा कर कहा.
कीर्ति:- क्यों बुलाया यहाँ मुझे?
कीर्ति की जवाब में कोई भाव नहीं था.
सुमित:- कुछ बताना tha...Bahut ख़ास.
कीर्ति:- बोलिये जल्दी.
सुमित अब्ब बिना कोई देर किये पॉकेट से एक रोज निकल कर कीर्ति की तरफ बढ़ा देता है.
सुमित:- खुद से और झूठ बोल नहीं saka...Naa चाहते हुए भी तुमसे आखिर प्यार कर hi baitha...Tumhare प्यार का असर ऐसा है की सुबह शाम तुम hi दिखती ho...Har वक्त तुम्हे hi दिल में रखने का मन करता hai...Tumhari एक झलक पाने के लिए दिल तरस जाता hai...Tumhe देख लेने के बाद hi सुकून मिलता है इस दिल को.
दिल में तो तुम पहले से hi ho...Mera अब्ब एक hi ख्वाहिश है की तुम्हे अपने पलकों पर बिठा कर rakhu...Hamesha हमेशा के लिए.
क्या मुझे जिंदगी भर के लिए तुम्हारा साथ मिलेगा?
सुमित की आवाज में प्यार hi प्यार था अपने कीर्ति के liye...Saath hi एक घबराहट भी.
कीर्ति वो रोज लेती है और सुमित के उम्मीद के उल्टा उस रोज को अपने संदल से कुचल देती है.
सुमित:- :ीक: ये तुम...
कीर्ति:- श्रुति को जानते है आप?
सुमित:- हाँ.
सुमित के चेहरे में एकदम से दर दिखने laga...Dar इस बात का था की कही कीर्ति कुछ गलत ना समझ ले.
कीर्ति:- और प्रीती.
सुमित:- Haan...Lekin तुम.
कीर्ति:- और कीर्ति.
सुमित:- Haan...Tum.
कीर्ति:- अब्ब श्रुति और प्रीती के बाद मेरा टर्न है ना?
कीर्ति गुस्से में दर्द के साथ बोली.
सुमित:- Nahi...Tum गलत समझ रही हो.
सुमित को समझ में hi नहीं आ रहा था की कीर्ति को कैसे समझाए? वो खुद hi कन्फ्यूज्ड था की कीर्ति को ये सब कैसे पता चला.
कीर्ति:- आप जान 6 की रात श्रुति के साथ कहा थे?
सुमित कुछ बोल नहीं paaya...Abb उससे समझ में आने लगा की किसी ने उसके खिलाफ साजिश रचा hai...Lekin किसने?
कीर्ति:- जान 8 की रात प्रीती के साथ?
सुमित कुछ बोलता उससे पहले.
कीर्ति:- फिर भी मई गलत hi समझ रही हूँ ना? इतना बेवकूफ समझ रहे है आप मुझे?
सुमित कुछ बोल नहीं पा रहा tha...Usse समझ में hi नहीं आ रहा था की कैसे कीर्ति को समझाए.
कित्ती:- बहुत प्यार करती थी aapse!!!Lekin aap...Aapne तो मेरा दिल hi तोड़ दिया.
जब मैंने आपको प्रोपोज़ किया और आपने मन कर दिया फिर भी मई आपके पीछे पड़ी rahi...Ye सोच कर की कभी तो आपका दिल मेरे लिए dhadkega...Aapko भी मुझसे प्यार हो जाएगा.
आज धड़का तो भी एक हवस के रूप में!!!
आपके बारे में सब गलत बोलते thhe...Lekin मई नहीं मानती thi...Hamesha आप में अच्छाई hi दीखता tha...Pyar करती थी naa...Pyar अँधा होता hai...Shayad इसी वजह से अंधी हो गयी थी.
आप सच में बदल gaye...Itna बदल गए की आप अब्ब मुझे भी हवस की नजर से देखने लगे.
माफ़ kijiye...Mai आपकी टाइप की नहीं.
कीर्ति रट हुए boli...Dil का दर्द अब्ब आँखों से बाहर आ रहा था उसकी.
सुमित:- मई तुम्हे समझा सकता hun...Please मेरी बात ध्यान से सुन्ना.
कीर्ति:- नहीं सुन्ना मुझे आपकी कोई baat...Aap एक धोखेबाज़ है.
इतना कह कर कीर्ति वो रोज सुमित की मुंह पर मार कर चली जाती है.
सुमित:- प्लीज मेरी बात सुनो.
सुमित भी कीर्ति के पीछे चल pada...Ek बार कीर्ति की कंधे पर हाथ रख कर उससे बुलाने की कोशिश किया तो.
कीर्ति:- छूना मत मुझे.
कीर्ति की आवाज इतना तेज था की वो सुमित भी दर gaya...Abb कीर्ति के गुस्सा और नफरत के सामने वो टिक नहीं पाया.
बस कीर्ति को अपनी जिंदगी से दूर जाता देख रोने laga...Aaj बहुत मजबूर था Sumit...Aankh इतना भर आया की सामने कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था.
सिर्फ कानो में कुछ सुनाई दे रहा तह "आप धोखेबाज़ hai...Ek हवसी hai."...Bas यही बात उसको बार बार सुनाई दे रहा था.
जब दिल का दर्द संभल नहीं पाया तो वो उसी जगह पर गिर गया लाचार और मजबूर हो कर.
सारे अरमान सारे सपने एक hi पल में टूट gaye...Aaj फिर प्यार में वो हार gaya...Na जाने जिंदगी के और कितने इम्तेहान देना बाकी था उससे.
एक नजर अपने पॉकेट की तरफ dekha...Pocket को देखते hi दर्द भरे मुस्कान उसके चेहरे में फ़ैल gaye...Pocket में मौजूद सरप्राइज के साथ साथ उसका प्यार भी अधूरा रह गया.
यार एक तुम hi तो ho...Jo मुझ पर भरोषा करती thi...Pyar करती thi...Pyar करना तुमसे hi सीखा hai...Aur आज जब तुम से प्यार हो गया तो तुम मुझे छोड़ कर जा रही ho...Nahi मैंने तुम्हे कोई धोखा नहीं दिया hai...Aur हवस नहीं सच्चा प्यार करता हूँ तुमसे.
तुम्हारे बिना जी नहीं paaunga...Wapas आ जाओ yaar...Hamesha तुम्हे अपने दिल में बिठा कर रखूँगा.
एक मौका तो दो मुझे अपनी बात कहने kaa...Mera प्यार का एहसास कराने ka...Please...Only ओने चांस.
Writer's नोट:- ये अपडेट अपडेट 1 का अपडेटेड वर्शन hai...Aur इसी वजह से शॉकिंग अपडेट कह रहा tha...Aur यही वजह था कल 2 अपडेट पोस्ट करने की सोच रहा tha...Iss अपडेट में ज्यादा टाइम नहीं लगा.
नेक्स्ट अपडेट शॉकिंग तो नहीं रिलीफ वाला अपडेट hoga...Plot के हिसाब से रिलीफ nahi...Shayad समझ गए honge...Agar नहीं तो नेक्स्ट अपडेट में समझ जाएंगे. :डी
आज का दिन स्पेशल tha...Aur स्पेशल दिन में कोई कमी ना हो उसके लिए सुमित पूरी तैयारी कर रहा tha...Aadha घंटा से मिरर के सामने बैठ कभी वो हैरस्टीले चेंज करता तो कभी सनग्लासेस.
थक हार कर.
सुमित:- जैसा hun...Waisa hi ठीक hun...Aur कीर्ति भी मुझे पसंद करती hai...Naa की मेरे लुक्स को.
फिर मिरर की तरफ देख.
सुमित:- हैंडसम तो हूँ hi फिर भी कोई मतलब nahi...Kirti मुझसे पसंद करती ha...Naa की मेरे लुक्स को.
वैसे भी इस लुक में गजब hi लग रहा हूँ.
इसी तरह सुमित ने खुद को कॉन्फिडेंस दिया.
सुमित:- एक हफ्ता हो गया सरप्राइज के बारे में सोचते hue...Finally अब्ब जा कर मिला.
इतना कह कर सुमित ने बीएड में रखे सरप्राइज को अपने पंत के पॉकेट में रख लिया.
सुमित:- बहुत नाराज हो ना tum...Ki मुझे तुम्हारे दिल की कोई परवाह nahi...Pichle कुछ दिनों से तुम्हारी नाराजगी और भी बढ़ गया hai...Meri तरफ देखती भी नहीं.
आज तुम्हारा और मेरा दोनों का इंतजार khatm...Aisa सरप्राइज दूंगा की तुम्हारा खोया हुआ मुस्कान वापस लौट आएगा.
ये सोचते हुए सुमित काफी एक्ससिटेड हो गया था.
सुमित जो अभी तैयार हो कर बाहर निकलने hi वाला था की पीछे से आ रही आवाज सुन कर रुक जाता है.
कहा जा रहे हो भैया ऐसे सज धज के?
सुमित पीछे अपनी बहिन रश्मि की तरफ ghuma...Aur मुस्कुराते हुए bola...Guess कर!!!
रश्मि:- शायद किसी पार्टी में जा रहे है आप.
सुमित अपना सर पर हाथ मार kar..."Sirf पार्टी में जाते वक्त सूट नहीं पहनता हूँ?"
रश्मि:- तो क्या आप अब्ब आवारा गर्दी करते वक्त भी सूट पेहेन्ने लगे.
सुमित:- अरे नहीं.
रश्मि:- तो फिर?
सुमित:- तेरी भाभी को प्रोपोज़ करने जा रहा हूँ.
सुमित दांत दिखा कर बोलै.
रश्मि:- पापा को बताती hun...Rukiye अभी.
सुमित:- डरता हूँ क्या?
सुमित ने पुरे शान से जवाब दिया.
रश्मि:- Papa...Papa.
रश्मि की आवाज और तेज होता देख...
सुमित:- रुक जा मेरी Maa...Marwayegi क्या?
सुमित का हालत एकदम से भीगी बिल्ली जैसा हो gaya...Rashmi भी अब्ब उससे देख हांसे जा रही थी.
रश्मि:- आल थे बेस्ट भैया!!! :तुम्बुप:
सुमित:- थैंक यू
फिर सुमित चला गया अपने मंजिल की taraf...Yani की अपने प्यार का इजहार करने.
Hi कीर्ति.
एक पार्क में पहुँचते hi सुमित ने मुस्कुरा कर कहा.
कीर्ति:- क्यों बुलाया यहाँ मुझे?
कीर्ति की जवाब में कोई भाव नहीं था.
सुमित:- कुछ बताना tha...Bahut ख़ास.
कीर्ति:- बोलिये जल्दी.
सुमित अब्ब बिना कोई देर किये पॉकेट से एक रोज निकल कर कीर्ति की तरफ बढ़ा देता है.
सुमित:- खुद से और झूठ बोल नहीं saka...Naa चाहते हुए भी तुमसे आखिर प्यार कर hi baitha...Tumhare प्यार का असर ऐसा है की सुबह शाम तुम hi दिखती ho...Har वक्त तुम्हे hi दिल में रखने का मन करता hai...Tumhari एक झलक पाने के लिए दिल तरस जाता hai...Tumhe देख लेने के बाद hi सुकून मिलता है इस दिल को.
दिल में तो तुम पहले से hi ho...Mera अब्ब एक hi ख्वाहिश है की तुम्हे अपने पलकों पर बिठा कर rakhu...Hamesha हमेशा के लिए.
क्या मुझे जिंदगी भर के लिए तुम्हारा साथ मिलेगा?
सुमित की आवाज में प्यार hi प्यार था अपने कीर्ति के liye...Saath hi एक घबराहट भी.
कीर्ति वो रोज लेती है और सुमित के उम्मीद के उल्टा उस रोज को अपने संदल से कुचल देती है.
सुमित:- :ीक: ये तुम...
कीर्ति:- श्रुति को जानते है आप?
सुमित:- हाँ.
सुमित के चेहरे में एकदम से दर दिखने laga...Dar इस बात का था की कही कीर्ति कुछ गलत ना समझ ले.
कीर्ति:- और प्रीती.
सुमित:- Haan...Lekin तुम.
कीर्ति:- और कीर्ति.
सुमित:- Haan...Tum.
कीर्ति:- अब्ब श्रुति और प्रीती के बाद मेरा टर्न है ना?
कीर्ति गुस्से में दर्द के साथ बोली.
सुमित:- Nahi...Tum गलत समझ रही हो.
सुमित को समझ में hi नहीं आ रहा था की कीर्ति को कैसे समझाए? वो खुद hi कन्फ्यूज्ड था की कीर्ति को ये सब कैसे पता चला.
कीर्ति:- आप जान 6 की रात श्रुति के साथ कहा थे?
सुमित कुछ बोल नहीं paaya...Abb उससे समझ में आने लगा की किसी ने उसके खिलाफ साजिश रचा hai...Lekin किसने?
कीर्ति:- जान 8 की रात प्रीती के साथ?
सुमित कुछ बोलता उससे पहले.
कीर्ति:- फिर भी मई गलत hi समझ रही हूँ ना? इतना बेवकूफ समझ रहे है आप मुझे?
सुमित कुछ बोल नहीं पा रहा tha...Usse समझ में hi नहीं आ रहा था की कैसे कीर्ति को समझाए.
कित्ती:- बहुत प्यार करती थी aapse!!!Lekin aap...Aapne तो मेरा दिल hi तोड़ दिया.
जब मैंने आपको प्रोपोज़ किया और आपने मन कर दिया फिर भी मई आपके पीछे पड़ी rahi...Ye सोच कर की कभी तो आपका दिल मेरे लिए dhadkega...Aapko भी मुझसे प्यार हो जाएगा.
आज धड़का तो भी एक हवस के रूप में!!!
आपके बारे में सब गलत बोलते thhe...Lekin मई नहीं मानती thi...Hamesha आप में अच्छाई hi दीखता tha...Pyar करती थी naa...Pyar अँधा होता hai...Shayad इसी वजह से अंधी हो गयी थी.
आप सच में बदल gaye...Itna बदल गए की आप अब्ब मुझे भी हवस की नजर से देखने लगे.
माफ़ kijiye...Mai आपकी टाइप की नहीं.
कीर्ति रट हुए boli...Dil का दर्द अब्ब आँखों से बाहर आ रहा था उसकी.
सुमित:- मई तुम्हे समझा सकता hun...Please मेरी बात ध्यान से सुन्ना.
कीर्ति:- नहीं सुन्ना मुझे आपकी कोई baat...Aap एक धोखेबाज़ है.
इतना कह कर कीर्ति वो रोज सुमित की मुंह पर मार कर चली जाती है.
सुमित:- प्लीज मेरी बात सुनो.
सुमित भी कीर्ति के पीछे चल pada...Ek बार कीर्ति की कंधे पर हाथ रख कर उससे बुलाने की कोशिश किया तो.
कीर्ति:- छूना मत मुझे.
कीर्ति की आवाज इतना तेज था की वो सुमित भी दर gaya...Abb कीर्ति के गुस्सा और नफरत के सामने वो टिक नहीं पाया.
बस कीर्ति को अपनी जिंदगी से दूर जाता देख रोने laga...Aaj बहुत मजबूर था Sumit...Aankh इतना भर आया की सामने कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था.
सिर्फ कानो में कुछ सुनाई दे रहा तह "आप धोखेबाज़ hai...Ek हवसी hai."...Bas यही बात उसको बार बार सुनाई दे रहा था.
जब दिल का दर्द संभल नहीं पाया तो वो उसी जगह पर गिर गया लाचार और मजबूर हो कर.
सारे अरमान सारे सपने एक hi पल में टूट gaye...Aaj फिर प्यार में वो हार gaya...Na जाने जिंदगी के और कितने इम्तेहान देना बाकी था उससे.
एक नजर अपने पॉकेट की तरफ dekha...Pocket को देखते hi दर्द भरे मुस्कान उसके चेहरे में फ़ैल gaye...Pocket में मौजूद सरप्राइज के साथ साथ उसका प्यार भी अधूरा रह गया.
यार एक तुम hi तो ho...Jo मुझ पर भरोषा करती thi...Pyar करती thi...Pyar करना तुमसे hi सीखा hai...Aur आज जब तुम से प्यार हो गया तो तुम मुझे छोड़ कर जा रही ho...Nahi मैंने तुम्हे कोई धोखा नहीं दिया hai...Aur हवस नहीं सच्चा प्यार करता हूँ तुमसे.
तुम्हारे बिना जी नहीं paaunga...Wapas आ जाओ yaar...Hamesha तुम्हे अपने दिल में बिठा कर रखूँगा.
एक मौका तो दो मुझे अपनी बात कहने kaa...Mera प्यार का एहसास कराने ka...Please...Only ओने चांस.
Writer's नोट:- ये अपडेट अपडेट 1 का अपडेटेड वर्शन hai...Aur इसी वजह से शॉकिंग अपडेट कह रहा tha...Aur यही वजह था कल 2 अपडेट पोस्ट करने की सोच रहा tha...Iss अपडेट में ज्यादा टाइम नहीं लगा.
नेक्स्ट अपडेट शॉकिंग तो नहीं रिलीफ वाला अपडेट hoga...Plot के हिसाब से रिलीफ nahi...Shayad समझ गए honge...Agar नहीं तो नेक्स्ट अपडेट में समझ जाएंगे. :डी