
अपडेट 139
ये बोलकर वो सोफ़िया को लेकर जाने लगती है और इधर जेठा अंकल भी पोपटलाल को लेकर अब्दुल भाई की शॉप पर चले जाते है सोडा पिने के लिये.....

अब आगे
और जाकर जेठालाल अब्दुल भाई से बोलता हाउ....
जेठालाल अंकल- अब्दुल तेरे पास पानी है क्या_____________________
जेठालाल अंकल की बात सुनकर सब उनको शॉकेड होकर देखने लगते है और िएर अंकल जेठालाल अंकल का मजाक उड़ाते हुआ उनसे बोलते है....
िएर अंकल- क्यों जेठालाल घर से पानी पीकर नहीं आये हो क्या________________________
ये बोलकर वो हसने लगते है बूत बाकि कोई नहीं हस्ते जिसको देख कर िएर अंकल भी चुप हो जाते है और फिर जेठालाल अंकल बोलते है.....
जेठालाल अंकल- जोकर जोक्स मार रहे है वाह____________________
जेठा अंकल की बात सुनकर सोढ़ी अंकल जेठा अंकल से बोलते है....
सोढ़ी अंकल- जेठा प्रा तुम इस िएर को छोडो ये बताओ पानी क्यों मांग रहे हो_____________________
जेठा अंकल- इस पोपटलाल के लिए इसकी आज सुहागरात है न इसलिए इसको चुदाई करके की गोली देनी है ताकि ये सोफ़िया की अच्छे से चुदाई कर सकी_____________________
ये बोलकर जेठा अंकल अपनी जीब से निकल कर एक मेडिसिन पोपटलाल अंकल की तरफ कर देते है जिसको पोपटलाल अंकल ले लेते है और अब्दुल से पानी लेकर खा लेते है और करीब 5 मिंट तक ऐसे hi इधर उधर की बात करते है और तभी डॉ हठी सबसे बोलते है....
डॉ हठी- दोस्तों अगर तुमको टीवी पर अद्वेर्तिसेमेन्ट करने का मौका मिले तो तुम किस चीज़ का अड़ करोगे____________________
डॉ हठी की बात सुनकर सबसे पहले िएर अंकल बोलते है....
िएर अंकल- मेटो कोलगते का अड़ करुगा क्युकी मेरे डाट वाइट से भी ज्यादा वाइट है________________
ये बोलकर वो अपने डाट दिखने लगते है जिसको देख कर जेठा अंकल तारक अंकल के कान में धीरे से बोलते है....
जेठा अंकल- मेहता साहब इसके नसीब में तो सब कुछ वाइट hi वाइट है___________________
ये बोलकर जेठा अंकल हसने लगते है और साथ में तारक अंकल भी इधर िएर अंकल की बात सुनकर डॉ हठी बोलते है....
डॉ हठी- मेटो गयम कर अड़ करैगा____________________
इधर डॉ हठी की बात सुनकर पोपट अंकल मजाक में बोलते है...
पोपटलाल अंकल- डॉ हठी तुम आफ्टर में तो अपनी फोटो दिखा डौगी बूत बिफोर में किसकी दोनों_______________________
ये बोलकर वो हसने लगते है जिसको देख कर डॉ हठी उनसे बोलते है
डॉ हठी- बिफोर में तुम्हारी दे दुगा न ये मुचे हाथ कर_______________________
.ये बोलकर वो हसने लगते है और साथ में बाकि सब भी फिर ऐसे hi सब अपना अपना बताते है जिसको सुनकर तारक अंकल सबसे बोलते है......
तारक अंकल- दोस्तों अब मजाक बहुत हो गया है अब पोपटलाल को घर लेकर चलते है सोफ़िया इसका वेट कर रही होगी......
तारक अंकल की बात सबको ठीक लगती है और सब उसको लेकर उसके घर की तरफ लेकर चल देते है... और इधर मौका देख कर जेठालाल कुसी को कोई मश्ग कर देता है और फिर सबके साथ मजाक करके पोपटलाल को उसके घर की तरफ ले जाता है और उसको घर के अंदर भेज देते है और बाकि सब बहार आजाते है और अपने अपने घर चले जाते है.....
और इधर जब पोपटलाल अंकल घर के अंदर जाते है तो अंदर बीएड पर
सोफ़िया बीएड पर बैठी होती है घूँघट उड़द कर और पोपटलाल अंकल का वेट कर रही होती है जिसको देख कर पोपटलाल अंकल जल्दी से उसके पास जाते है और सोफ़िया घूँघट उठाते हुआ उस से बोलते है
पोपट अंकल- सोफ़िया मेरी जान जिस दिन का मुझे इंतज़ार था वो दिन आज्ञा है________________________
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर सोफ़िया भी सरमते हुआ उनसे बोलती है
सोफ़िया- मुझे भी___________
सोफ़िया की बात सुनकर पोपटलाल अंकल बहुत खुस हो जाते है और सोफ़िया को पकड़ कर किश करने को होता है जिसको देख कर सोफ़िया उससे बोलती है
सोफ़िया- मेरे साथ कुछ करने से पहले मेरा गिफ्ट तो पहले... अगर गिफ्ट नई डौगी तो में तुमको हाथ भी नहीं लगाने दूगी________________________
सोफ़िया की बात सुनकर पोपटलाल अंकल की गांड फैट जाती हुआ क्युकी वोटो गिफ्ट लाना भूल गए थे इसलिए वो थोड़ा साद होते हुआ सोफ़िया से बोलते है....
पोपटलाल अंकल- सोफ़िया मेटो गिफ्ट लाना भूल गया हु________________
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर सोफ़िया मुस्कुराते हुआ उनसे बोलती है
सोफ़िया- ी क्नोव मुझे पता था आप भूल hi जाओगे इसलिए मुझे वडा करो आज जैसे में बोलूगी हम वैसे सुहागरात मनाएंगे____________
सोफ़िया की बात सुनकर पोपटलाल अंकल खुसी खुसी है कर देते है क्युकी उनको तो इस टाइम सिर्फ सोफ़िया की छूट दिख रही होती है..... पोपटलाल अंकल के है करते hi सोफ़िया आंटी खुद पोपटलाल अंकल को
पकड़ कर किश करने लगती है जिसको देख कर पोपटलाल अंकल भी उनका पूरा साथ देने लगते है किश करने में और किश करते टाइम धीरे धीरे सोफ़िया के बूब्स भी दबाने लगते है जिससे सोफ़िया को भी मजा आने लगता है और वो अपनी जीभ पोपटलाल अंकल के मुँह में देने लगती है जिसको देख कर पोपटलाल अंकल सोफ़िया आंटी की जीभ को चूसने लगते है और साथ में दोनों बूब्स के निप्पल्स को अपनी उंगलियों के बीच में दाल कर मसलने लगते है जिसकी वजह से सोफ़िया आंटी गरम होने लगती है और खूब पोपटलाल का लैंड लेकर मसलने लगती है बूत इधर दोनों में सास लेने में प्रॉब्लम होने लगती है इसलिए दोनों किश करना बंद करते है....
और करीब 1 मिंट बाद जब दोनों की साँसे कण्ट्रोल हो जाती है तो पोपटलाल अंकल
सोफ़िया आंटी को बीएड पर उल्टा लेता देते है और उनकी कमर पर धीरे धीरे किश करने लगते है....
जिसकी वजह से सोफ़िया अंसारी अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह पोपटलललललललल जीईई अह्ह्ह्हह्हह की अवाजेईई निकलनीयी लगतीीीी हैईईई जिसको सुनकर पोपटलाल अंकल के फेस पर एक स्माइल आजाती है और वो धीरे से सोफ़िया आंटी के ब्लाउज के हुक खोल देती है जिसको महसूस करके सोफ़िया आंटी एक लम्बी अह्ह्ह्हह्हह की सिसकिया लेती है जिसको सुनकर पोपटलाल अपनी जीभ निकल कर धीरे धीरे सोफ़िया आंटी की कमर को चाटने लगते है और कमर छत्ते छत्ते सोफ़िया आंटी से बोलते है.....
पोपटलाल अंकल- अह्ह्ह्हह्हह सॉफीहा मेरी जाएं तेरी कमर कितनी चिकनी है ऐसा लगा रहा है जैसी में मलाई चाट रहा हु_________________________
ये बोलकर वो दुबारा से सोफ़िया आंटी की कमर चाटने लगते है और करीब 5 मिंट चाटने के बाद वो सोफ़िया को छोड़ देते है और पोपटलाल के छोड़ते hi सोफ़िया पोपटलाल अंकल से बोलती है.....
सोफ़िया आंटी- पोपटलाल जी अब आप बीएड पर लेट जाइये_________________
सोफ़िया आंटी की बात सुनकर पोपटलाल अंकल बीएड पर लेट जाते है और सोफ़िया आंटी बीएड से कढ़ी होती है और अपने बैग से कुछ निकलने लगते है और निकलने के बाद जब सोफ़िया आंटी रस्की लेकर कढ़ी होती है तो पोपटलाल अंकल सवालिया नज़रो से सोफ़िया आंटी को देखते हुआ देख कर उनसे बोलते है....
पोपटलाल अंकल- सोफ़िया बेबी तुम क्या करने वाली हो इस रस्सी से__________________________
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर सोफ़िया गुस्से में बोलती है....
सोफ़िया आंटी- मेने बोलै था न अभी आज जो कुछ भी होगा मेरी मर्ज़ी से होगा इसलिए चुप चाप लेते रहो_______________________
सोफ़िया आंटी की बात सुनकर पोपटलाल अंकल चुप चाप लेट जाते है और सबसे पहले सोफ़िया आंटी पोपटलाल अंकल की शेरवानी निकल देती है बूत उसकी सलवार नहीं निकलती है शेरवानी निकलने के बाद फिर पोपटलाल अंकल
को बीएड से बंद देती है और ाचे से बांधने के बाद अपना मोबाइल उठा कर किसी को मैसेज करती है और पोपटलाल अंकल की सलवार भी निकल देती है अंडरवियर से साथ साथ... जो उसने शेरवानी के निचे पहनी होती है सलवार निकलने के बाद जब सोफ़िया आंटी देखती है तो पोपटलाल अंकल का लैंड अभी भी काढ़ा नई हुआ था जिसको देख कर सोफ़िया आंटी पोपटलाल अंकल से बोलती है
सोफ़िया आंटी- ये अभी तक काढ़ा क्यों नहीं हो रहा है_____________
सोफ़िया आंटी की बात सुनकर पोपटलाल अंकल बोलते है
पोपटलाल अंकल- पता नहीं ये आज क्यों नहीं काढ़ा हो रहा है_________________________
इधर जैसे hi पोपटलाल अंकल की बात पूरी होती है वैसे hi दूर बेल्ल बजती है जिसको सुनकर पोपटलाल अंकल बोलते है....
पोपटलाल अंकल- अब कोण बसड्क अपनी माँ छुड़ाने आज्ञा______________________
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर सोफ़िया अंसारी हस्ते हुआ उससे बोलती है...
सोफ़िया आंटी- अभी पता चल जायेगा______________________
ये बोलकर वो गेट ओपन करने चली जाती है और जब वापस आती है तो पोपटलाल सोफ़िया को देख कर शॉकेड हो जाता है क्युकी सोफ़िया आंटी
रेड कलर की ब्रा पंतय में आती है जिसको देख कर पोपटलाल अंकल सोफ़िया आंटी से बोलते है.....
पोपटलाल अंकल- सोफ़िया बेबी ये सब क्या है तुम ऐसे क्यों आरही हो बिना कपड़ो के और गेट पर कोण आया था________________________
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर सोफ़िया आंटी हस्ते हुआ पोपटलाल अंकल से बोलती है...
सोफ़िया आंटी- अभी पता चल जायेगा तुमको पोपटलाल______________________
ये बोलकर वो आवाज देकर बोलती है ाजैये...
सोफ़िया के बोलते hi बहार से बैडरूम के अंदर जेठालाल अंकल और तारक अंकल
अपने फेस पर कामिनी कुसकान लिए अंदर आते है जिसको देख कर पोपटलाल अंकल शॉकेड हो जाते है और उन दोनों से बोलते है...
पोपटलाल अंकल- जेठालाल और मेहता साहब आप दोनों यह वो भी इस टाइम______________________
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर जेठा अंकल कामिनी मुस्कान के साथ पोपटलाल अंकल से बोलते है.....
जेठा अंकल- पोपटलाल मेरी रंडी की सुहागरात है और में न औ ये बोलकर जेठा अंकल सोफ़िया आंटी के एक
अस्स को मसल देते है और ऊपर हल्का सा थप्पड़ मर देते है जिसको देख कर पोपटलाल अंकल गुस्से में जेठा अंकल से बोलते है....
पोपटलाल अंकल- जेठालाल में तेरी दुनिया हिलाए दुगा छोड़ मेरी वाइफ को________________________
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर तारक अंकल और जेठा अंकल हसने लगते है और हस्ते हुआ जेथल अंकल पोपटलाल अंकल से बोलते है......
जेठा अंकल- पोपटलाल ये मेरी पर्सनल रंडी है इसको ये सब पसंद है और वैसे तुम्हारा लैंड क्यों नहीं काढ़ा हो रहा है अभी तक________________________
ये बोलकर वो जोर जोर से हसने लगता है जिसको देख कर पोपटलाल अंकल समझ जाते है की जो गोली जेठा अंकल ने उनको अब्दुल भाई की दूकान पर दी थी वो सेक्स बढ़ने की नहीं बल्कि लैंड न कढ़ी करने की दवाई थी.....
इधर पोपटलाल को सोच में डूबा देख कर जेठा अंकल तारक अंकल को कपडे उतरने का इशारा करते है और देखते hi देखते दोनों नंगे कड़े हो जाते है और सोफ़िया आंटी से बोलते है....
जेठा अंकल- चल मेरी रैंड अब जल्दी से हम दोनों का लैंड चूस उसके बाद तेरी छूट फडनी है_____________
इधर जेठा अंकल की बात सुनकर पोपटलाल अंकल
गुस्से में जेठालाल से बोलते है....
पोपटलाल अंकल- जेठालाल मैं वो वर्ण में तुम्हारी दुनिया हिला दुगा______________________
यह फिर पोपटलाल की बात सुनकर मेहता अंकल मुस्कुराते हुआ जेठालाल अंकल से बोलती है....
मेहता अंकल- जेठालाल वो जो हम कैमरा लाये थे वोटो लेकर आओ______________________
जेठा अंकल- अरे है वोटो में खुल गया था___________________
ये बोलकर वो बैडरूम से बहार जाता है और एक camera's लेकर आता है और रूम में हर जगह लगा देता है और फिर आकर तारक अंकल के पास काढ़े हो जाते है....
इधर जेठा अंकल की बात सुनकर सोफ़िया फ़ौरन निचे बैठ जाती है और जेठालाल अंकल
के लैंड को मुँह में लेकर चूसने लगती है और तारक अंकल के लैंड को अपने हाथ से हिलने लगती है.... इधर जब पोपटलाल अंकल ये देखते है तो जोर जोर से छिलने लगते है जिसको देख कर तारक अंकल जेठा अंकल से बोलते है.....
तारक अंकल- यर जेठालाल इस भोस्डिके का मुँह बंद करो वर्ण अगर इसकी आवाज सुनकर कोई आज्ञा तो प्रॉब्लम हो जाएगी______________________
तारक अंकल की बात सुनकर सोफ़िया अंसारी जेठा अंकल का लैंड अपने मुँह में से निकलती है और फिर पोपटलाल अंकल के पास जाकर अपनी पंतय निकल कर उनके मुँह में दे देती है और वापस से जाकर जेठालाल अंकल का लैंड चूसने लगती है जिसको देख कर जेठालाल अंकल सोफ़िया से बोलते है....
जेठा अंकल- अह्ह्ह्हह्हह मेरीए रनडीईई सॉफीहा क्याआ मस्त्त्त लनदददद चुसतीई हैई चू अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह मेरिइइइ रांदड़ आईसीईई hi चूस मेरे लैंड को अह्ह्ह्हह्हह________________
ये बोलकर जेठा अंकल अपना हाथ सोफ़िया के सर पर हाथ रख देता है और धीरे धीरे उसको सर पर फेरने लगता है....
और ईधी तारक अंकल अपने एक हाथ से सोफ़िया की एक चुकी को मसलने लगते है और साथ में बोलते है....
तारक अंकल- वैसी जेठालाल सॉफीहा है मस्त्त मल्ल िस्कु छोड़ने में मजा बहुत आता है________________________
इधर पोपटलाल लगातार तारक और जेठा अंकल को गालिया दिए जा रहा था जिसको आवाज उनको सुनाई तो नहीं दे रही थी बूत गऊ गऊ की आवाज जरूर आरही होती है....
इधर सोफ़िया आंटी को जेठालाल अंकल का लैंड चूसते हुआ 5 मिंट हो गयी थी जिक्सो देख कर जेठा अंकल उससे बोलते है....
जेठा अंकल- चल मेरी रंडी अब बीएड पर चल कर घोड़ी बंजा.... और मेहता साहब तुम आगे जाकर इसके मुँह में अपना लैंड दो_________________________
ये बोलकर वो सोफ़िया अंसारी के मुँह से अपना लैंड निकल लेते है जिसके निकलते hi सोफ़िया जल्दी से जाकर बीएड पर घोड़ी बन जाती है और जेठा अंकल उसके पीछे चले जाते है और तारक अंकल आगे चले जाते है..... और इधर तारक अंकल आगे जाकर अपना लैंड सोफ़िया आंटी के मुँह में दे देते है और जेठा अंकल पीछे जाकर
सोफ़िया का अस्स होल चाटने लगते है और साथ में अपने अंगूठे से सोफ़िया की छूट को मसलने लगते है जिसकी वजह से सोफ़िया के मुँह से अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह की आवाजे निकलने लगती है बूत फिर भी वो तारक अंकल का लैंड चूसना बंद नहीं करती..... इधर तारक अंकल सोफ़िया आंटी को इतना मस्त तरीके से लैंड चूसते देख कर जेठा अंकल से बोलते है
तारक अंकल- जेठालाल वैसे ये सोफ़िया रनडीई है बहुत मस्त इतना मस्त लैंड चूस रहीए है ऐसा लग रहा है जैसी में कभी भी झाड़ सकता हु________________________
ये बोलकर वो सोफ़िया अंसारी के गाल पर थप्पड़ मर देते है जिसकी वजह से सोफ़िया आंटी एक हलकी अह्ह्ह्हह्हह की आवाजे निकलती है जिसको सुनकर तारक अंकल दो तीन थप्पड़ और सोफ़िया के मुँह पर मरते है और साथ में सोफ़िया आंटी से बोलते है
तारक अंकल- अह्ह्ह्हह्हह हमारीय रनडीईई अह्ह्ह्हह्हह आईसीईई होई चूस मेरे लैंड को बहुत मजाआ ारः हा अह्ह्ह्हह्हह मेरीए रनडीई____________________
इधर जेठालाल अंकल अब सोफ़िया आंटी की गांड का होल चेतना बंद करके सोफ़िया आंटी के पीछे काढ़े हो जाते है और अपने लैंड को उसकी छूट पर सेट करके एक
धक्का मरती है जिसकी वजह से उनका आधा लैंड आसानी से सोफ़िया आंटी की छूट में चला जाता है... जिसको देख कर जेठालाल अंकल सोफ़िया आंटी की कमर को दोनों हाथो से पकड़ता है और और अपनी पूरी जान लगाकर एक और धक्का मरता है जिसकी वजह से जेठा अंकल का पूरा लैंड सोफ़िया आंटी की छूट में चला जाता है बूत उसके साथ सेठ सोफ़िया की एक बहुत टीज़ चीक निकलती है जो पूरी सोसाइटी के गूंज जाती है जिसको सुनकर जेठालाल हस्ते हुआ सोफ़िया आंटी की गांड पर एक थप्पड़ मरता है और फिर सोफ़िया आंटी से बोलता है....
जेठा अंकल- साली रंडी इतने लैंड खा चुकी है अपनी छूट में फिर भी ऐसे चिल्ला रही है जैसी आज पहली बार छूट में लैंड लिया हो________________________
सोफ़िया आंटी- अह्ह्ह्हह्हह पहली बार तो नहीं चुद रही हु बूत तुम्हारे जितना लैंड तो उनमे से किसी का नहीं था_____________________
इधर सोफ़िया अंसारी की बात सुनकर जेथल अंकल धक्के मरते मरते पोपटलाल की तरफ देख कर हस्ते हुआ सोफ़िया आंटी से बोलते है....
जेठा अंकल- वैसे सोफ़िया मेरी रंडी पोपटलाल को येतो बतादो तुमने आज तक कितने लैंड लिए है अपनी छूट और गांड में__________________
जेठा अंकल की बात सुनकर सोफ़िया अंसारी भी पोपटलाल अंकल की तरफ हस्ते हुआ देखती है और फिर पोपटलाल अंकल की आखो में देखते हुआ उससे बोलती है....
सोफ़िया आंटी- अह्ह्ह्हह्हह एहि कोई 15 20 लैंड लिए होंगे मेने अपनी छूट में______________________
ये बोलकर वो दुबारा तारक का लैंड चूसने लगती है जिसको देख कर तारक अंकल जेठा अंकल से बोलते है....
तारक अंकल- जेठालाल अब मुझे भी इसको छोड़ना है वर्ण में ऐसे hi इस रंडी के मुँह में झाड़ जाउगा______________________
ये बोलकर वो अपना लैंड सोफ़िया आंटी के मुँह से निकल लेते है और बीएड से काढ़े होकर जेठालाल अंकल के पास आकर काढ़े हो जाते है जिसको देख कर जेठा अंकल अपना लैंड सोफ़िया आंटी की छूट से निकल लेते है और साथ में तारक अंकल से पूछते है......
जेठा अंकल- मेहता साहब ये बताओ तुम इस रंडी की छूट मरोगे या गांड_____________________
जेठा अंकल की बात सुनकर तारक अंकल सोफ़िया की मोती गांड पर थप्पड़ मार्के बोलते है....
तारक अंकल- ये जेठालाल मेटो इस रंडी की गांड की मरुँगा मुझे इसकी गांड बहुत मस्त लगती है________________________
मेहता अंकल की बात सुनकर जेठा अंकल भी सोफ़िया की गांड पर एक थप्पड़ मरते है और तारक अंकल से बोलते है...
जेठा अंकल- तो ठीक है मेहता साहब में निचे बीएड पर लेटता हु और सोफ़िया तुम मेरे लैंड पर बैठ जाता और फिर मेहता साहब आप फिर इस रंडी की गांड में लैंड डालना______________________
ये बोलकर जेठा अंकल पोपटलाल अंकल के बराबर में लेट जाते है और सोफ़िया आंटी जल्दी से जेठा के लैंड को अपनी छूट पर सेट करके धीरे धीरे बैठ जाती है और देखते hi देखते जेठा अंकल का पूरा लैंड सोफ़िया की छूट में चला जाता है और इधर ये सब देख कर तारक अंकल भी अपना पूरा लैंड एक hi बार में सोफ़िया की गांड में दाल देते है और
धीरे धीरे धक्के मरने लगते है जिसकी वजह से सोफ़िया आंटी की मोती मोती चूचिया ऐसे हिलने लगती है जैसी वो चूचिया नहीं पानी के गुब्बारे हो........
इधर सोफ़िया अंसारी दोनों होल्स की चुदाई की वजह से अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह सिसकियों की आवाजे निकल रही होती है जिसको देख कर जेठा अंकल अपनी गर्दन ऊपर करके सोफ़िया आंटी के लिप पर किश करने लगते है जिसको देख कर सोफ़िया अंसारी भी उनका पूरा साथ देती है किश करने में बूत 1 मिंट की किश करने के बाद hi जेठालाल अंकल की गर्दन में दर्द होने लगता है इसलिए वो सोफ़िया अंसारी को किश करना बंद करके आराम से निचे लेट जाते है और निचे से धक्के मरने लगते है जिसकी वजह से सोफ़िया आंटी बोलती है.....
सोफ़िया आंटी- अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह ऐसी होई छोड़ो आप दोनों मुझे मिलकर अह्ह्ह्हह्हह मुझे बहुत hi ज्यादा मजाआए रहा है अह्ह्ह्हह्हह ऐसी hi टीएईज टीएईज धक्क्की मारूओ अह्ह्ह जेठालाल जीई ऐसी हीई छोड़ो इस भोसड़ी वाली पोपटलाल का तो लैंड hi नहीं काढ़ा हो रहा है तो ये मेरीए चुदाई कैसी करेगा अह्ह्ह्हह्हह__________________
इधर सोफ़िया आंटी की बात सुनकर मेहता अंकल सोफ़िया आंटी की गांड पर थप्पड़ मरते हुआ उससे बोलते है.....
मेहता अंकल- तुम टेंशन क्यों लेती हो हमारी रंडी अगर पोपटलाल तुम्हे नहीं छोड़ सकता तो क्या हुआ हम है न तुम्हारी चुदाई करने के लिए________________________
ये बोलकर वो अपनी पूरी जान लगाकर धक्के मरने लगते है उसको देख कर निचे से जेठा अंकल भी पूरी जान लगाकर धक्के मरने लगते है और इधर सोफ़िया आंटी भी अपनी गांड हिला हिला कर दोनों का साथ देने लगती है और करीब 4 मिंट बाद तीनो एक साथ झाड़ जाते है और फिर ऐसे hi तीनो ऐसे hi एक दूसरे के ऊपर गुरकर हाफने लगते है.....
तो बे कंटिन्यू......