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ये बात तारक ने अपना लैंड मसलते हुआ बोली थे... तारक की बात सुनकर जेठालाल भी मुस्कुराने लगता है और इतने सोफ़िया भी उन दोनों के पास आजाती है...
अब आगे
और जेठालाल से बोलती है..
आज भी रिसेप्शन पर वो दोनों hi रिसेप्शनिस्ट बैठी थे जो उसदिन बैठी थे जब जेठालाल पहली बार सोफ़िया को छोड़ने लाया था.... इसलिए जब जेठालाल उसने रूम की के मांगता है तो वो दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुराती है और हर बार की तरह जेठालाल को शामे रूम की के दे देती है जिसमे उन्होंने हाईड वाला कैमरा लगाया हुआ था... और जेठालाल रूम की के लेकर तारक और सोफ़िया के पास आजाता है और वो दोनों रिसेप्शनिस्ट जेठालाल को उन दोनों के पास जाते देख बोलती है....
इधर जेठालाल उन दोनों को लेकर रूम में आजाता है और गेट बंद कर लेता है और सोफ़िया और तारक जाकर बीएड पर बैठ जाते है और जेठालाल जाकर सोने पर बैठ जाता है और अपने कपडे उतरने लगता है देखते hi देखते जेठालाल अपने सरे कपडे उतर देता है और सोफे पर नंगा बैठ जाता है इधर सोफ़िया जेठालाल को नंगा बैठे देख मुस्कुराते हुआ बोलती है...
अब इधर सोसाइटी में देखते है क्या हो रहा है....
इधर सोसाइटी में जन्नत अवनीत और अरिष्फ का सामान सोसाइटी में आज्ञा था और में उनकी मदत करता हु सामान उनके रूम में ले जाने में पहले तो वो तीनो मन करती है बूत मेरे जिद करने पर वो मान जाती है और में उनकी हेल्प करने लगता हु उनका कोई ज्यादा सामान नहीं था इसलिए हमें ज्यादा म्हणत. नहीं करनी पड़ी उनकी हेल्प करने में और जब उनका सारा सामान सेट हो जाता है तो में उनसे जाने को बोलता हु तो मुझसे अरिष्फ बोलती है...
ट्रैक सूट पेहेन रखा था... ट्रैक सूट में तीनो एक से बढ़कर एक सेक्सी लग रही थे... जिएको देख कर में अपने मैं में सोचता हुआ ये तीनो तो एक से बढ़कर एक माल है....
और इधर मेरी बात का अरिष्फ जवाब देती है जो मेने अवनीत से पूछा था...
ये बोलकर में वह से निकल जाता हु....
अब देखते है वह होटल के रूम में क्या हो रहा है...
यह होटल में इस टाइम तीनो बिलकुल नंगे था और जेठालाल ने
सोफ़िया को बीएड के निचे काढ़ा करके घोड़ी बन रखा था और पीछे से उसकी चुदाई कर रहा और वही तारक बीएड पर बैठा हुआ था और उसने अपना लैंड सोफ़िया के मुँह में दे रखा था और सोफ़िया तारक का लैंड मस्ती से चूस रही होती है जिससे तारक सिस्कियाआ लेता हुआ बोलता है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सोफ़िया क्या लैंड चुस्ती है रंडी तू Ahhhhhhhhhh ऐसा लंदड़ तो अंजलि ने भी नहीं चूसा मेरा...
अंजलि का नाम सुनते hi जेठालाल के सामने अंजलि की परफेक्ट शेप की बॉडी जेठालाल की आखो के सामने आजाती है और जेठालाल सोफ़िया को अंजलि समझ कर तीज तीज धक्के मरने लगता है जिससे सोफ़िया की चूचिया ऐसे हिलने लगती है जैसे पानी के गुब्बारे हिलते है और सोफ़िया के मुँह से गऊ गऊ की अवाजीये निकलने लगती है जो तारक का लैंड उसके मुँह में होने की वजह से निकल रही होती है... अब तारक से कण्ट्रोल नही होता तो वो जेठालाल से बोलता है Ahhhhhhhhhh जेठालाल अब मुझे भी छोड़ना है इस रंडी
को ये बोलकर तारक सोफ़िया की एक चुकी को पकड़ कर तेज़ी से दबा देता है जिससे सोफ़िया तारक का लैंड अपने मुँह से निकल लेती है और उससे बोलती है...
में अपना लैंड सोफ़िया की गांड में दाल देता hai....Jaise hi तारक का लैंड सोफ़िया की गांड में जाता है उसके मुँह से हलकी सी Ahhhhhhhhhh की सिसकिया निकलती है बूत सोफ़िया को ज्यादा दर्द नहीं होता तारक का लैंड उसकी गांड में जाने से.....
गांड में लैंड जाते hi तारक तीज तीज धक्के मरने लगता है और वही जेठालाल ऐसे hi लेता रहता है क्युकी तारक के ढ़ाके मरने के वजह से जेठालाल का लैंड बिना किसी म्हणत के सोफ़िया की छूट में अंदर बहार हो रहा था... और सोफ़िया सिस्कियाआ लेते हुआ बोलती है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आईसीईए ीीीी टीज़ टीज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ धक्के मरु Ahhhhhhhhhh आईसीईए ीीीी छोड़ड़ड़ड़ड़ूऊ मुझेईई Ahhhhhhhhhh बहुत्तत्त हीईईई ज्यादा मजाआए ारहाआआआ हैईईई Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह...
सोफ़िया की बात सुनकर तारक भी तीज तीज धक्के मरने लगता है और वही जेठालाल मजे से बीएड पर लेता था और तारक के झाड़ने का वेट कर रहा था... इसलिए वो सोफ़िया की चुकी को अपने मुँह में ले लेता है और चूसने लगता है और सोफ़िया अपनी गांड को ऊपर निचे करने लगती है जिससे जेठालाल और तारक को बहुत हे ज्यादा मजाआए आता है और तारक अपने डिस्चार्ज के करीब पहुंच जाता है और अपनी बची कुछ जान लगाकर ढक्की मरने लगता है और फिर सोफ़िया की गांड में hi झाड़ जाता है और फिर जाकर बीएड पर बैठ जाता है और अपनी ससे कण्ट्रोल करने लगता है और वही सोफ़िया जेठालाल के
लैंड पर टीज़ तीज उछलने लगती है... क्युकी वो अब झड़ने के करीब होती है सोफ़िया जेठालाल के लैंड पर इतना तीज तीज उछाल रही होती है की उसको कुछ करनी की जरुरत hi नहीं थे वो बिना किसी म्हणत के सोफ़िया को छोड़ रहा था...
अबतक तारक की ससे कण्ट्रोल हो गयी थे इसलिए वो अपने लैंड को हाथ में पकड़ कर धीरे धीरे आगे पीछे कर रहा था ताकि उसका लैंड काढ़ा हो सके...
वही इधर सोफ़िया अब सिसकिया लेने लगती है और बोलती है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जेठाजीइइइइइइ आप भी टीज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ टीएईज धक्के मरीईई नाहा मेरा पनीई निकालनी प्लीज वालाआ हैईईई Ahhhhhhhhhh ये बोलकर सोफ़िया अपनी स्पीड कर करने लगती है क्युकी उसका पानी निकलने वाला होता है और वो Ahhhhhhhhhh जेठाजीई मेटो गयी बोलकर झाड़ जाती है और जेठालाल के ऊपर गिरकर हाफने लगती है और जेठालाल सोफ़िया को अपने ऊपर से उठा कर साइड में लेता देता है और उसकी चूचियों को दबाने लगता है और साथ में उसकी छूट को भी अपने हाथ से मसलने लगता है ताकि सोफ़िया दुबारा गरम हो सके जेठालाल को ये सब करते देख तारक भी जेठालाल के पास आजाता है और सोफ़िया की एक चुकी को मुँह ने लेकर चूसने लगता है ये सबा करते हुआ अभी 1 मिंट hi हुई थे की दोनों को सोफ़िया की Ahhhhhhhhhh आईसीईए ीीीी की सिस्कियाआ सुनाई देती है सोफ़िया के मुँह से सिस्कियाआ सुनकर जेठालाल तारक से बोलता है...
छेद पर सेट करता है और अपने लैंड को उसकी गांड में पुश करने लगता है जेठालाल का लैंड सोफ़िया की गांड में आधा चला जाता है बूत उससे आगे नहीं जाता तो जेठालाल समझ जाता है एक ढाका करना पड़ेगा जभी पूरा लैंड गांड में जायेगा.... फिर जेठालाल सोचता है अगर में अब धक्का मरुँगा तो ये बहुत तीज चिलायेगी इसलिए पहले इसको गरम करता हु फिर धक्के मरुँगा ये सोचकर जेठालाल धीरे धीरे धक्के मरने लगता है और तारक भी निचे से धीरे धीरे धक्के मरने लगता है और बोलता है...
लैंड पूरा बहार निकलता hai..or पूरी जान लगाकररररर एक धक्का मरता है जैसी जेठालाल का पूरा लैंड ॉफ़िए की गांड में चला जाता है और सोफ़िया के मुँह से आईएईए अल्लाहहहहह मर्डरर गयीईइ की एक बहुत तीज चीक निकलती है....
बूत जेठालाल उसकी कोई परवाह नहीं करता और तीज तीज धक्के मरने लगता है वही सोफ़िया अह्ह्ह अह्ह्ह जेठाजीइइइइइइ प्लीज थोड़ी देर रुक जाइये मुझे बहुत तीज दर्द हो रहा है भट जेठालाल उआकी एक नहीं सुनता और अपने दोनों हाथो से सोफ़िया की चूचियों को पकड़ लेता है और टीज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ टीएईज धक्के मरने लगता है व्है तारक भी तीज तीज धक्के मरने लगता है और थोड़ी देर बाद सोफ़िया भी गरम हो जाती है और बोलने लगती है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आईसीईए ीीीी छोडिएटीए मुझेईई Ahhhhhhhhhh बहुत्तत्त हीईईई ज्यादा मजाआए ारहाआआआ हैईईई Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह क्याआ चुदैई करटीईए होओओओ अपपपप दोन्यू Ahhhhhhhhhh मुझेईई बहुत्तट्ठ हीइ ज्यादा मजाआए ारहाआआआ हैईईई Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आईसीईए ीीीी....
सोफ़िया की बात सुनकर दोनों अपनी तरफ बढ़ा देते है क्युकी दोनों अब झड़ने के करीब होते है और सोफ़िया की छूट इतना ज्यादा पानी छोड़ रही थे की पुरे रूम में पछ्ह्ह्ह पछ्ह्ह्ह की अवाजीये गूंजनी रही थी और वही जेठालाल ने अब सोफ़िया की गांड पर थप्पड़ मरने स्टार्ट कर दिए थे जिससे सोफ़िया को भी मजा आने लगता है और वो जेठालाल से बोलती है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जेठाजीइइइइइइ टीज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ टीएईज छोडिएटीए मेरा पानी निकलने वाला है सोफ़िया की बात सुनकर दोनों तीज तीज धक्के मरने लगते है और तभी तारक बोलता है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह में तो गया भाई ये बोलकर वो झाड़ जाता है और जेठालाल अपने धक्को की स्पीड बढ़ा देता है क्युकी वो भी झड़ने वाला होता है और सोया भी थोड़ी देर बाद सोफ़िया अह्ह्ह्ह जेठा जी मेतुओ गयीईइ बोलकर झाड़ जाती है और उसके 1 मिंट बाद जेठालाल भी सोफ़िया की छूट में झाड़ जाता है और तीनो एक दूसरे के ऊपर गिरकर हाफने लगते है...
अब चलते है गोकुलधाम सोसाइटी में वह माधवी आंटी सब्जी काट रही थी और कुछ सोच रही थे... चलो देखते है वो क्या सोच रहे है...
माधवी अपने मैं में युवी का लैंड कितना बड़ा है अगर में उसको सेट करलु तो वो मेरी छूट की प्यास भुजा देगा... बूत तभी माधवी आंटी के मैं में एक ख्याल आता है की में उनको धोका नहीं दे सकती वो मुझसे कितना प्यार करते है...
तभी एक आवाज और आती है मैं में से की प्यार करना अलग बात है और जिस्मानी प्यार करना अलग बात है.. तू बबिता जी को hi देख लो उसको िएर ठीक से नहीं छोड़ पता था इसलिए वो अब जेठालाल से शादी कर रही है...
पहले आवाज.. बूत अपने पति को धोका देना तो गलत बात है न...
फिर माधवी सोचती है में आज रात इनसे सेक्स को बोलूगी अगर उन्होंने नहीं करा तो में युवी को पक्का पता लगी ये सोचकर वो सब्जी काटने लगती है...
अब सीधा होटल में चलते है वह तीनो की ससे कण्ट्रोल हो गयी थे तीनो अभी तक बिलकुल निदे थे और सोफ़िया सोफे पर जाकर बैठ जाती है और तारक और जेठालाल बीएड पर लेते होते है... और तभी जेठालाल सोफ़िया से बोलता है
अब नेक्स्ट अपडेट में देखते है जेठालाल ने सोफ़िया के लिए क्या सोचता है
ये बात तारक ने अपना लैंड मसलते हुआ बोली थे... तारक की बात सुनकर जेठालाल भी मुस्कुराने लगता है और इतने सोफ़िया भी उन दोनों के पास आजाती है...
अब आगे
और जेठालाल से बोलती है..
- सोफ़िया- चलिए जेठा जी..
- जेठालाल- एक मिंट रुको सोफ़िया पहले इनसे मिलो ये है मेरे परम मित्र तारक मेहता..
- सोफ़िया- Hi तारक जी... वैसे इंट्रो तो रूम के अंदर भी हो जाता..
आज भी रिसेप्शन पर वो दोनों hi रिसेप्शनिस्ट बैठी थे जो उसदिन बैठी थे जब जेठालाल पहली बार सोफ़िया को छोड़ने लाया था.... इसलिए जब जेठालाल उसने रूम की के मांगता है तो वो दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुराती है और हर बार की तरह जेठालाल को शामे रूम की के दे देती है जिसमे उन्होंने हाईड वाला कैमरा लगाया हुआ था... और जेठालाल रूम की के लेकर तारक और सोफ़िया के पास आजाता है और वो दोनों रिसेप्शनिस्ट जेठालाल को उन दोनों के पास जाते देख बोलती है....
- रिसेप्शनिस्ट 1- आज तो थ्रीसम देखने में मजा Hi आजायेगा...
- रिसेप्शनिस्ट 2- है तू ठीक बोल रही है जब पोपटलाल ( गलत नाम बता रखा है जेठालाल ने ) अकेला ऐसे हालत करता है तो ये दोनों तो आज इस बेचारी की जान ले लगे...
इधर जेठालाल उन दोनों को लेकर रूम में आजाता है और गेट बंद कर लेता है और सोफ़िया और तारक जाकर बीएड पर बैठ जाते है और जेठालाल जाकर सोने पर बैठ जाता है और अपने कपडे उतरने लगता है देखते hi देखते जेठालाल अपने सरे कपडे उतर देता है और सोफे पर नंगा बैठ जाता है इधर सोफ़िया जेठालाल को नंगा बैठे देख मुस्कुराते हुआ बोलती है...
- सोफ़िया- लगता है अब आपसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा है...
अब इधर सोसाइटी में देखते है क्या हो रहा है....
इधर सोसाइटी में जन्नत अवनीत और अरिष्फ का सामान सोसाइटी में आज्ञा था और में उनकी मदत करता हु सामान उनके रूम में ले जाने में पहले तो वो तीनो मन करती है बूत मेरे जिद करने पर वो मान जाती है और में उनकी हेल्प करने लगता हु उनका कोई ज्यादा सामान नहीं था इसलिए हमें ज्यादा म्हणत. नहीं करनी पड़ी उनकी हेल्प करने में और जब उनका सारा सामान सेट हो जाता है तो में उनसे जाने को बोलता हु तो मुझसे अरिष्फ बोलती है...
- अरिष्फ- ऐसे कैसे जा रहे हो आप में कॉफ़ी बनाने जा रही हु कॉफ़ी पीकर जाना... और थैंक यू हमारी हेल्प करने के लिए...
- अवनीत- है थैंक ु युवी ठीक हुआ अरिष्फ तूने याद दिला दिया वर्ण युवी ये बोलता की इनकी इतनी हेल्प करि फिर भी एक थैंक ु नहीं बोलै...
- में- बोलै तो अब भी किसी ने नहीं है...
- जन्नत- थैंक ु हमारी हेल्प करने के लिए...
- में- तुम क्या कर रही हु सीज़ कॉलेज में...
- अवनीत- हम दोनों मेडिकल की स्टूडेंट है... और अरिष्फ कंप्यूटर साइंस की
- में- तुम कोण कोण से ईयर में हो...
ट्रैक सूट पेहेन रखा था... ट्रैक सूट में तीनो एक से बढ़कर एक सेक्सी लग रही थे... जिएको देख कर में अपने मैं में सोचता हुआ ये तीनो तो एक से बढ़कर एक माल है....
और इधर मेरी बात का अरिष्फ जवाब देती है जो मेने अवनीत से पूछा था...
- अरिष्फ- ये दोनों 2ंद ईयर में है और में 1सत ईयर में... और आप कोनसे कॉलेज में हो और क्या कर रहे हो..
- में- में भी तुम्हारे कॉलेज में हु.. 2ंद ईयर में
- अवनीत- हमने तो आपको आज तक देखना नहीं कॉलेज में...
- में- क्युकी मेने मेने डिप्लोमा से अड्मिशन लिया है इसलिए मुझे सीधा 2ंद ईयर में अड्मिशन मिला है...
- अवनीत- किस चीज़ के डिप्लोमे से अड्मिशन लिया है तुमने....
- में- कंप्यूटर साइंस के
- अरिष्फ- चलो यह आने से मेरा एक फायदा तो हो गया है की जब भी मुझे किसी सब्जेक्ट में कोई प्रॉब्लम होगी तो में आपके पास ाजगी
- में- है जब तेरा मैं करे तब आजाना.... वैसे ये क्यों चुप बैठी है...
- अवनीत- या ऐसे hi है जल्दी किसी से नहीं घुलती मिलती और जब घुल जाती है तो चुप नहीं होती...
- अवनीत- युवी तुम एक काम करना कल अरिष्फ की साथ कॉलेज चले जाना क्युकी हमारा परसो प्रैक्टिकल है इसलिए हमारी छुट्टी है...
- में- ठीक है अरिष्फ कल सुबह 9 बजे तुम त्यार रहना में तुमको लेने ाजुगा...
ये बोलकर में वह से निकल जाता हु....
अब देखते है वह होटल के रूम में क्या हो रहा है...
यह होटल में इस टाइम तीनो बिलकुल नंगे था और जेठालाल ने
सोफ़िया को बीएड के निचे काढ़ा करके घोड़ी बन रखा था और पीछे से उसकी चुदाई कर रहा और वही तारक बीएड पर बैठा हुआ था और उसने अपना लैंड सोफ़िया के मुँह में दे रखा था और सोफ़िया तारक का लैंड मस्ती से चूस रही होती है जिससे तारक सिस्कियाआ लेता हुआ बोलता है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सोफ़िया क्या लैंड चुस्ती है रंडी तू Ahhhhhhhhhh ऐसा लंदड़ तो अंजलि ने भी नहीं चूसा मेरा...
अंजलि का नाम सुनते hi जेठालाल के सामने अंजलि की परफेक्ट शेप की बॉडी जेठालाल की आखो के सामने आजाती है और जेठालाल सोफ़िया को अंजलि समझ कर तीज तीज धक्के मरने लगता है जिससे सोफ़िया की चूचिया ऐसे हिलने लगती है जैसे पानी के गुब्बारे हिलते है और सोफ़िया के मुँह से गऊ गऊ की अवाजीये निकलने लगती है जो तारक का लैंड उसके मुँह में होने की वजह से निकल रही होती है... अब तारक से कण्ट्रोल नही होता तो वो जेठालाल से बोलता है Ahhhhhhhhhh जेठालाल अब मुझे भी छोड़ना है इस रंडी
को ये बोलकर तारक सोफ़िया की एक चुकी को पकड़ कर तेज़ी से दबा देता है जिससे सोफ़िया तारक का लैंड अपने मुँह से निकल लेती है और उससे बोलती है...
- सोफ़िया- Ahhhhhhhhhh क्या कर रहा है भोस्दीक़ी... बाप का माल समझा है जो इतनी तीज दबा रहा है..
- जेठालाल- सोफ़िया मेरे लैंड पर बैठ मेरी साइड को फेस करके...
- जेठालाल- मेहता साहब आप अपना लैंड इसकी गांड में डालकर चुदाई स्टार्ट कार्डो...
में अपना लैंड सोफ़िया की गांड में दाल देता hai....Jaise hi तारक का लैंड सोफ़िया की गांड में जाता है उसके मुँह से हलकी सी Ahhhhhhhhhh की सिसकिया निकलती है बूत सोफ़िया को ज्यादा दर्द नहीं होता तारक का लैंड उसकी गांड में जाने से.....
गांड में लैंड जाते hi तारक तीज तीज धक्के मरने लगता है और वही जेठालाल ऐसे hi लेता रहता है क्युकी तारक के ढ़ाके मरने के वजह से जेठालाल का लैंड बिना किसी म्हणत के सोफ़िया की छूट में अंदर बहार हो रहा था... और सोफ़िया सिस्कियाआ लेते हुआ बोलती है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आईसीईए ीीीी टीज़ टीज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ धक्के मरु Ahhhhhhhhhh आईसीईए ीीीी छोड़ड़ड़ड़ड़ूऊ मुझेईई Ahhhhhhhhhh बहुत्तत्त हीईईई ज्यादा मजाआए ारहाआआआ हैईईई Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह...
सोफ़िया की बात सुनकर तारक भी तीज तीज धक्के मरने लगता है और वही जेठालाल मजे से बीएड पर लेता था और तारक के झाड़ने का वेट कर रहा था... इसलिए वो सोफ़िया की चुकी को अपने मुँह में ले लेता है और चूसने लगता है और सोफ़िया अपनी गांड को ऊपर निचे करने लगती है जिससे जेठालाल और तारक को बहुत हे ज्यादा मजाआए आता है और तारक अपने डिस्चार्ज के करीब पहुंच जाता है और अपनी बची कुछ जान लगाकर ढक्की मरने लगता है और फिर सोफ़िया की गांड में hi झाड़ जाता है और फिर जाकर बीएड पर बैठ जाता है और अपनी ससे कण्ट्रोल करने लगता है और वही सोफ़िया जेठालाल के
लैंड पर टीज़ तीज उछलने लगती है... क्युकी वो अब झड़ने के करीब होती है सोफ़िया जेठालाल के लैंड पर इतना तीज तीज उछाल रही होती है की उसको कुछ करनी की जरुरत hi नहीं थे वो बिना किसी म्हणत के सोफ़िया को छोड़ रहा था...
अबतक तारक की ससे कण्ट्रोल हो गयी थे इसलिए वो अपने लैंड को हाथ में पकड़ कर धीरे धीरे आगे पीछे कर रहा था ताकि उसका लैंड काढ़ा हो सके...
वही इधर सोफ़िया अब सिसकिया लेने लगती है और बोलती है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जेठाजीइइइइइइ आप भी टीज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ टीएईज धक्के मरीईई नाहा मेरा पनीई निकालनी प्लीज वालाआ हैईईई Ahhhhhhhhhh ये बोलकर सोफ़िया अपनी स्पीड कर करने लगती है क्युकी उसका पानी निकलने वाला होता है और वो Ahhhhhhhhhh जेठाजीई मेटो गयी बोलकर झाड़ जाती है और जेठालाल के ऊपर गिरकर हाफने लगती है और जेठालाल सोफ़िया को अपने ऊपर से उठा कर साइड में लेता देता है और उसकी चूचियों को दबाने लगता है और साथ में उसकी छूट को भी अपने हाथ से मसलने लगता है ताकि सोफ़िया दुबारा गरम हो सके जेठालाल को ये सब करते देख तारक भी जेठालाल के पास आजाता है और सोफ़िया की एक चुकी को मुँह ने लेकर चूसने लगता है ये सबा करते हुआ अभी 1 मिंट hi हुई थे की दोनों को सोफ़िया की Ahhhhhhhhhh आईसीईए ीीीी की सिस्कियाआ सुनाई देती है सोफ़िया के मुँह से सिस्कियाआ सुनकर जेठालाल तारक से बोलता है...
- जेठालाल- मेहता साहब अब आप सोफ़िया को निचे से छोड़ो में में पीछे से उसकी गांड मरुँगा...
छेद पर सेट करता है और अपने लैंड को उसकी गांड में पुश करने लगता है जेठालाल का लैंड सोफ़िया की गांड में आधा चला जाता है बूत उससे आगे नहीं जाता तो जेठालाल समझ जाता है एक ढाका करना पड़ेगा जभी पूरा लैंड गांड में जायेगा.... फिर जेठालाल सोचता है अगर में अब धक्का मरुँगा तो ये बहुत तीज चिलायेगी इसलिए पहले इसको गरम करता हु फिर धक्के मरुँगा ये सोचकर जेठालाल धीरे धीरे धक्के मरने लगता है और तारक भी निचे से धीरे धीरे धक्के मरने लगता है और बोलता है...
- तारक- Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जेठालाल क्या छूट है साली की इतनी फटी हुई है फिर भी ऐसा लग रहा है जैसे सील पैक हूँ... Ahhhhhhhhhh कितना मजा आरहा है जेठालाल इसको छोड़ने में में तुमको बता भी नहीं सकता Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... अबसे ये मेरे ऊपर तुम्हारा एक अहसान है
- सोफ़िया- Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह तारक जीई मेरिइइइइ छूट फाड़ने मी तुम्हारे दोस्त का hi हाथ है Ahhhhhhhhhh... सच बताऊ तो मुझे इनसे छुड़वाने में बहुत हे ज्यादा मजाआए आया था तभी तो में दो दो आदमियों से फ्री में छुड़ा रही हु...
लैंड पूरा बहार निकलता hai..or पूरी जान लगाकररररर एक धक्का मरता है जैसी जेठालाल का पूरा लैंड ॉफ़िए की गांड में चला जाता है और सोफ़िया के मुँह से आईएईए अल्लाहहहहह मर्डरर गयीईइ की एक बहुत तीज चीक निकलती है....
बूत जेठालाल उसकी कोई परवाह नहीं करता और तीज तीज धक्के मरने लगता है वही सोफ़िया अह्ह्ह अह्ह्ह जेठाजीइइइइइइ प्लीज थोड़ी देर रुक जाइये मुझे बहुत तीज दर्द हो रहा है भट जेठालाल उआकी एक नहीं सुनता और अपने दोनों हाथो से सोफ़िया की चूचियों को पकड़ लेता है और टीज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ टीएईज धक्के मरने लगता है व्है तारक भी तीज तीज धक्के मरने लगता है और थोड़ी देर बाद सोफ़िया भी गरम हो जाती है और बोलने लगती है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आईसीईए ीीीी छोडिएटीए मुझेईई Ahhhhhhhhhh बहुत्तत्त हीईईई ज्यादा मजाआए ारहाआआआ हैईईई Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह क्याआ चुदैई करटीईए होओओओ अपपपप दोन्यू Ahhhhhhhhhh मुझेईई बहुत्तट्ठ हीइ ज्यादा मजाआए ारहाआआआ हैईईई Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आईसीईए ीीीी....
सोफ़िया की बात सुनकर दोनों अपनी तरफ बढ़ा देते है क्युकी दोनों अब झड़ने के करीब होते है और सोफ़िया की छूट इतना ज्यादा पानी छोड़ रही थे की पुरे रूम में पछ्ह्ह्ह पछ्ह्ह्ह की अवाजीये गूंजनी रही थी और वही जेठालाल ने अब सोफ़िया की गांड पर थप्पड़ मरने स्टार्ट कर दिए थे जिससे सोफ़िया को भी मजा आने लगता है और वो जेठालाल से बोलती है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जेठाजीइइइइइइ टीज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ टीएईज छोडिएटीए मेरा पानी निकलने वाला है सोफ़िया की बात सुनकर दोनों तीज तीज धक्के मरने लगते है और तभी तारक बोलता है Ahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह में तो गया भाई ये बोलकर वो झाड़ जाता है और जेठालाल अपने धक्को की स्पीड बढ़ा देता है क्युकी वो भी झड़ने वाला होता है और सोया भी थोड़ी देर बाद सोफ़िया अह्ह्ह्ह जेठा जी मेतुओ गयीईइ बोलकर झाड़ जाती है और उसके 1 मिंट बाद जेठालाल भी सोफ़िया की छूट में झाड़ जाता है और तीनो एक दूसरे के ऊपर गिरकर हाफने लगते है...
अब चलते है गोकुलधाम सोसाइटी में वह माधवी आंटी सब्जी काट रही थी और कुछ सोच रही थे... चलो देखते है वो क्या सोच रहे है...
माधवी अपने मैं में युवी का लैंड कितना बड़ा है अगर में उसको सेट करलु तो वो मेरी छूट की प्यास भुजा देगा... बूत तभी माधवी आंटी के मैं में एक ख्याल आता है की में उनको धोका नहीं दे सकती वो मुझसे कितना प्यार करते है...
तभी एक आवाज और आती है मैं में से की प्यार करना अलग बात है और जिस्मानी प्यार करना अलग बात है.. तू बबिता जी को hi देख लो उसको िएर ठीक से नहीं छोड़ पता था इसलिए वो अब जेठालाल से शादी कर रही है...
पहले आवाज.. बूत अपने पति को धोका देना तो गलत बात है न...
फिर माधवी सोचती है में आज रात इनसे सेक्स को बोलूगी अगर उन्होंने नहीं करा तो में युवी को पक्का पता लगी ये सोचकर वो सब्जी काटने लगती है...
अब सीधा होटल में चलते है वह तीनो की ससे कण्ट्रोल हो गयी थे तीनो अभी तक बिलकुल निदे थे और सोफ़िया सोफे पर जाकर बैठ जाती है और तारक और जेठालाल बीएड पर लेते होते है... और तभी जेठालाल सोफ़िया से बोलता है
- जेठालाल- तुम कब तक ये काम करती रहोगी..
- सोफ़िया- में भी कभी कभी एहि सोचती हु
- जेठालाल- सोफ़िया मेने तुम्हारे लिए एक फायदे की चीज़ सोची है
- सोफ़िया- क्या सोचा है जेठा जी...
अब नेक्स्ट अपडेट में देखते है जेठालाल ने सोफ़िया के लिए क्या सोचता है