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बी.. जेठा जी अब क्लब हाउस चलते है गर कोई उठ गया तो प्रॉब्लम हो जाएगी.. चुदाई तो हम कभी भी कर सकते hài..
जेठालाल को भी बबिता की बात ठीक लगती है तो वो भी मैं जाता है और अपने कपडे पेहेन्ने लगता है.. और बबिता भी अपने कपडे पेहेन लेती है. घर से निकलने से पहले दोनों एक लम्बा सा किश करते है और क्लब हाउस में अपनी जगह पर आकर सो जाते hài....
. अब आगे
______ अपडेट 20
_____
सुबह जब िएर की आखे खुलती है तो वो जेठालाल और बबिता को एक साथ सोते देखता है तो गुस्से से आग बबूला हो जाता है..
और गुस्से में बबिता को उठता hài और बोलता है..
( नोट-- में सभी के नाम का पहला वर्ड लिखुगा.. और जिसके शामे वर्ड होंगे और में तभी बता दूगी..)...
ी-- बबिता उठो चलो दिन निकल गया है घर चलते है...
िएर इतना तीज बोलता है की सभी उठ जाते है..
और जेठालाल भी उठ जाता है.. जैसे हे जेठालाल िएर की तरफ देखता hài तो िएर जेठालाल को गुस्से से देखता hài...
पहले तो जेठालाल को लगता है कही िएर को उसकी और बबिता जी चुदाई का पता तो नहीं चल गया...
वही एहि हाल बबिता का था वो भी डर रही थे एहि सोच कर फिर वो हिम्मत करके िएर से पूछती है...
बी- क्या हुआ िएर तुम सुबह सुबह क्यों गुस्से में दिखा रहे हो.
ी- गुस्से ने तुम यह जेठालाल के पास क्या कर रही ho..jaise हे िएर ये बोलता है जेठालाल िएर को गुस्से से देखता hài यो िएर डर जाता है और वो बात काटते हुआ बोलता है...
मेरा मतलब है तुम तो वह मेरे पास थे...
ये बात सुनकर जेठालाल और बबिता को सुकून मिलता है..
( असल में पहले बबिता िएर के बराबर में हे थे बूत वह बबिता को जगह नहीं मिलती ठीक से बैठे के लिए..
तो बबिता चारो तरफ को देखती है तो उसकी जेठालाल के बराबर में एक चेयर खली दिखती hài.. तो वो वह जाकर बैठ जाती है..).
बी- गुस्से में बोलती है.. वह जगह नहीं थे इसलिए में यह आकर बैठ गयी..
चलो अब घर चलते है सुबह हो गयी है तुमको ऑफिस भी जाना है...
बबिता को इतना गुस्से में देख कर िएर बहुत ज्यादा डर जाता है और कुछ नहीं बोल पता और चुप चाप घर की तरफ जाने लगता है...
जब जेठालाल बबिता को ऐसे गुस्से में देखता है तो समझ जाता है... अब िएर आगे कोई ड्रामा नहीं करेगा....
और बबिता को एक आँख मरता hài.. जैसे हे जेठालाल आँख मरता है..
बबिता जेठालाल को देख कर स्माइल करती है... और रात की चुदाई के बारे में सोच कर सरमने लगती है...
बबिता को सरमते देख जेठालाल भी समझ जाता है की बबिता रात की चुदाई के बारे में सोच कर शर्मा रही hài...
तो जेठालाल मौका देख कर बबिता के कान में धीरे से बोलता है..
ज- बबिता जी रात मजा आया..
बी- बबिता भी सरमते हु बोलती hài.. है बहुत ज्यादा जेठजी..
ये सुनकर जेठालाल भी खुस हो जाता है..
और जैसे हे वो देखता है कलुभाऊसे में कोई नहीं है तो वो...
बबिता को पकड़ कर किश करने लगता hai..phle तो बबिता डर जाती है बूत जब वो अपनी आँख साइड में करके डेक्टि है कलुभाऊसे में कोई नहीं hài.. तो वो भी जेठालाल का साथ देने लगती है किश में...
दोनों की किश कोई 2 मिंट चलती है और बबिता जेठालाल को पीछे को धक्का दे देती है आराम से..
और जेठालाल बबिता को सवालिया नज़रो से देखने लगता hài..
बबिता जब देखती है की जेठालाल उसको सवालिया नज़रो से देख रहा है तो वो बोलती है...
बी- जेठजी कोई देख लेगा.. में आज मौका देख कर आपको बुलाऊंगी या खुद आपके पास ाजाऊगी जब कर लेना जो आपको करना है कर लेना में मन नहीं करुँगी बूत अभी नहीं कोई देख लेगा...
ये बोलकर बबिता कलुभाऊसे के गेट की तरफ जाने लगती है...
बूत यह कोई कलुभाऊसे के गेट पर काढ़ा होकर जेठालाल और बबिता को देख रहा था...
जब वो बबिता को अपनी तरफ आते देखता है तो वो जल्दी से कंपाउंड की तरफ भग्ग जाता है झा सब काढ़े थे.....
बबिता और जेठालाल दोनों भी कंपाउंड में सबके साथ आकर काढ़े हो जाते है...
जब सब कंपाउंड में आजाते है तो भिड़े बोलता है... में भिड़े को अतब लिखिगी..
अतब- में आत्मा राम तुका राम भिड़े...
जैसे हे भिड़े येबोलता hài सब एक साथ बोलने लगते है...
अब क्या है भिड़े यर हम सब को घर जाकर फ्रेश होने दे न क्यों पका रहा है...
पोपटलाल- कैंसिल बी कैंसिल भिड़े भाई तू ये अपना भासन देना बंद कर.. ये बोलकर पोपटलाल- अपने घर की तरफ जाने लगता है उसके पीछे पीछे सब अपने अपने घर की तरफ जाने लगते है.....
में एक वोटिंग पोल बना रही हु हो सके तो सब वोट जरूर करे..

जेठालाल को भी बबिता की बात ठीक लगती है तो वो भी मैं जाता है और अपने कपडे पेहेन्ने लगता है.. और बबिता भी अपने कपडे पेहेन लेती है. घर से निकलने से पहले दोनों एक लम्बा सा किश करते है और क्लब हाउस में अपनी जगह पर आकर सो जाते hài....
. अब आगे
______ अपडेट 20
सुबह जब िएर की आखे खुलती है तो वो जेठालाल और बबिता को एक साथ सोते देखता है तो गुस्से से आग बबूला हो जाता है..
और गुस्से में बबिता को उठता hài और बोलता है..
( नोट-- में सभी के नाम का पहला वर्ड लिखुगा.. और जिसके शामे वर्ड होंगे और में तभी बता दूगी..)...
ी-- बबिता उठो चलो दिन निकल गया है घर चलते है...
िएर इतना तीज बोलता है की सभी उठ जाते है..
और जेठालाल भी उठ जाता है.. जैसे हे जेठालाल िएर की तरफ देखता hài तो िएर जेठालाल को गुस्से से देखता hài...
पहले तो जेठालाल को लगता है कही िएर को उसकी और बबिता जी चुदाई का पता तो नहीं चल गया...
वही एहि हाल बबिता का था वो भी डर रही थे एहि सोच कर फिर वो हिम्मत करके िएर से पूछती है...
बी- क्या हुआ िएर तुम सुबह सुबह क्यों गुस्से में दिखा रहे हो.
ी- गुस्से ने तुम यह जेठालाल के पास क्या कर रही ho..jaise हे िएर ये बोलता है जेठालाल िएर को गुस्से से देखता hài यो िएर डर जाता है और वो बात काटते हुआ बोलता है...
मेरा मतलब है तुम तो वह मेरे पास थे...
ये बात सुनकर जेठालाल और बबिता को सुकून मिलता है..
( असल में पहले बबिता िएर के बराबर में हे थे बूत वह बबिता को जगह नहीं मिलती ठीक से बैठे के लिए..
तो बबिता चारो तरफ को देखती है तो उसकी जेठालाल के बराबर में एक चेयर खली दिखती hài.. तो वो वह जाकर बैठ जाती है..).
बी- गुस्से में बोलती है.. वह जगह नहीं थे इसलिए में यह आकर बैठ गयी..
चलो अब घर चलते है सुबह हो गयी है तुमको ऑफिस भी जाना है...
बबिता को इतना गुस्से में देख कर िएर बहुत ज्यादा डर जाता है और कुछ नहीं बोल पता और चुप चाप घर की तरफ जाने लगता है...
जब जेठालाल बबिता को ऐसे गुस्से में देखता है तो समझ जाता है... अब िएर आगे कोई ड्रामा नहीं करेगा....
और बबिता को एक आँख मरता hài.. जैसे हे जेठालाल आँख मरता है..
बबिता जेठालाल को देख कर स्माइल करती है... और रात की चुदाई के बारे में सोच कर सरमने लगती है...
बबिता को सरमते देख जेठालाल भी समझ जाता है की बबिता रात की चुदाई के बारे में सोच कर शर्मा रही hài...
तो जेठालाल मौका देख कर बबिता के कान में धीरे से बोलता है..
ज- बबिता जी रात मजा आया..
बी- बबिता भी सरमते हु बोलती hài.. है बहुत ज्यादा जेठजी..
ये सुनकर जेठालाल भी खुस हो जाता है..
और जैसे हे वो देखता है कलुभाऊसे में कोई नहीं है तो वो...
बबिता को पकड़ कर किश करने लगता hai..phle तो बबिता डर जाती है बूत जब वो अपनी आँख साइड में करके डेक्टि है कलुभाऊसे में कोई नहीं hài.. तो वो भी जेठालाल का साथ देने लगती है किश में...
दोनों की किश कोई 2 मिंट चलती है और बबिता जेठालाल को पीछे को धक्का दे देती है आराम से..
और जेठालाल बबिता को सवालिया नज़रो से देखने लगता hài..
बबिता जब देखती है की जेठालाल उसको सवालिया नज़रो से देख रहा है तो वो बोलती है...
बी- जेठजी कोई देख लेगा.. में आज मौका देख कर आपको बुलाऊंगी या खुद आपके पास ाजाऊगी जब कर लेना जो आपको करना है कर लेना में मन नहीं करुँगी बूत अभी नहीं कोई देख लेगा...
ये बोलकर बबिता कलुभाऊसे के गेट की तरफ जाने लगती है...
बूत यह कोई कलुभाऊसे के गेट पर काढ़ा होकर जेठालाल और बबिता को देख रहा था...
जब वो बबिता को अपनी तरफ आते देखता है तो वो जल्दी से कंपाउंड की तरफ भग्ग जाता है झा सब काढ़े थे.....
बबिता और जेठालाल दोनों भी कंपाउंड में सबके साथ आकर काढ़े हो जाते है...
जब सब कंपाउंड में आजाते है तो भिड़े बोलता है... में भिड़े को अतब लिखिगी..
अतब- में आत्मा राम तुका राम भिड़े...
जैसे हे भिड़े येबोलता hài सब एक साथ बोलने लगते है...
अब क्या है भिड़े यर हम सब को घर जाकर फ्रेश होने दे न क्यों पका रहा है...
पोपटलाल- कैंसिल बी कैंसिल भिड़े भाई तू ये अपना भासन देना बंद कर.. ये बोलकर पोपटलाल- अपने घर की तरफ जाने लगता है उसके पीछे पीछे सब अपने अपने घर की तरफ जाने लगते है.....
में एक वोटिंग पोल बना रही हु हो सके तो सब वोट जरूर करे..