MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 43 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

अपडेट 279

गुरु ने सबसे पहले कामिनी के साथ मिल कर सभी को ठीक से लेटाया और फिर सभी को कम्बलो से कवर कर दिया. गुरु और कामिनी उन सभी को देखते हुए बाते करती रही. फिर करीब 2 हॉर्स के बाद सभी को होश आया. सबसे पहले पब ुधा और फिर सलोनी.. उसके बाद वो सब एक एक करके ुध गयी. अब सभी को शर्म ने फिर से घेर लिया पब तो बेशर्मो की तरह नंगा hi बाथरूम में चला गया और फिर फ्रेश हो कर बहार आ कर गुरु और कामिनी के पास बेथ गया. अभी भी वो केवल एक टॉवल में hi था.

गुरु – अब आपको केसा फील हो रह है??

पब – बहुत अच्छा बस कमर दर्द कर रही है यार…

कामिनी – हाहाहाहाहा जब एक साथ 11 घोडियो की सवारी एक साथ करोगे तो कमर तो दुखेगी hi न…. हाहाहा

पब – आ ीदार अपनी 12वि घोड़ी की भी सवारी कर hi लेता हु…. (और पब कामिनी को अपनी और खींच कर उसको किश करने लगता है)

कामिनी – हहहययययी मैं तो कब से तैयार हु पैर मेरा घोडा चढ़ता hi कहा है…

गुरु – कामिनी चुप यार… पहले ये तो देख ले की इनका काम पूरा हुआ की नहीं…

कामिनी – क्या दीदी आप भी किसी बात करती हो 2 घंटे से यहाँ बेथ कर ये hi तो देख रहे थे. सब की सब घोड़िया अभी लगदी हो चुकी है…

और ये सच भी था आज सभी की चल बदल गयी थी सभी को अपनी छूट में पैन हो रहा था वो बात और थी की कोई बोल नहीं रही थी पैर चल hi सब बता रही थी. कामिनी की बात से जहा बहुत शर्मा गयी वही सविता बोली

सविता – हमारी तो सील पैक में जाने से चल बदली है देख लेना कामिनी तेरी तो फटी हुयी में लेने से भी चल बदल जाएगी….

कामिनी – मेरी न बदलने वाली चल….

गुरु – न कामिनी ये सोचना भी मत… इनके पास मानव का नहीं है तूने तो चूसा भी है तुझको लगता है तो उसे झेल पायेगी??

पब – हाँ गुरु ये बात मेरे भी समाज नहीं आयी… जब पहली बार मेने इन सभी की साथ सेक्स किया था तो इनका फेस hi बता रहा था की यदि मेने बहार निकल लिया तो ये बेहोश हो जनि है और हुआ भी ऐसे hi. पैर कल तो इन सभी ने फुल मस्ती में पूरा पूरा लिया किसी को कोई दर्द hi नहीं हुआ. कोई भी बेहोश नहीं हुयी और लास्ट में दूध पीते hi ये सब बेहोश हो गयी..

माहि – दीदी ये झूट बोल रहे है मेरी में तो इन्होने इतनी तेज़ घुसाया था की मेरी बुरी तरह फाड् गयी थी और मुझको इतना दर्द हुआ था की पूछो hi मत इसको क्या पता इनको तो बस मज़ा आ राह था मेरी फाड़ने में..

माहि जोश जोश में ये बोल तो गयी पैर जब उसका धयान सभी के हसने पैर गया तो वो मरे शर्म के भागी बाथरूम में.. और वह से इतराते हुए बोली – तुम सब बहुत गंदे हो….

सभी फिर से हसने लगे. फिर गुरु बोली – ये अब इसलिए हुआ कियोकि ये सभी कोई आम लड़की नहीं है ये सब तुम्हारी पावर गर्ल्स है और इन सभी का सरीर इतना तो मजबूत है hi की ये तुमको झेल सके हाँ पैर 1सत टाइम में इनके पास कोई पावर नहीं थी तो ये बेहोश होने की कगार पैर थी…

सलोनी – कामिनी दीदी अब आप बच कर रहना कही ये आपको बेहोश hi न कर दे…

कामिनी – मैं तो चाहती हु …

ेबेचा – सलोनी तुमको मन्ना पड़ेगा यार, सही मायने मैं तो इनको केवल सलोनी और पारी hi झेल सकते है दीदी. जब ये सलोनी के साथ थे तो हमारी तो दर से hi फैट गयी थी….

गुरु – क्यों सलोनी के साथ ऐसा क्या किया था??

फिर ेबेचा गुरु को सब बताती है. ये सब बाते भी कर रहे थे और नास्ते का वेट भी और फ्रेश भी हो रहे थे…

गुरु – हम्म सलोनी के अंदर बात hi और है..

पब – गुरु पैर फिर ये सब बाद में बेहोश क्यों हुयी??

गुरु – कियोकि दूध पीते hi इनके अंदर पावर बढ़ने लगी जो चुदाई से थका हुआ शरीर झेल नहीं पाया और ये बेहोश हो गयी. और आप भी बेहोश hi थे. मेरे हिसाब से तो आप सभी की पावर बाद चुकी है चाहो तो आजमा कर देख लेना…

सभी – नहीं हमको अपने अंदर फील हो रहा है..

पब – देखो पावर तो बाद गयी है पैर अब इसको उसे करना भी सीखो. प्रैक्टिस करो अपनी पावर को अपने कण्ट्रोल में लाओ..

गुरु – हम्म ये सही कहा रहे है…

इतने मैं hi नास्ता आ गया. तो सभी नास्ता करते हुए बाते करने लगे……. कामिनी कुछ ज्यादा hi शर्मा रही थी. और बार बार पब को देख कर स्माइल करती और फिर नजरे झुका लेती. कामिनी को देख कर पब को लगा की कामिनी कुछ कहना चाहती है पैर कहा नहीं प् रही

पब – कामिनी क्या बात है?? तुम कुछ कहना चाहती हो क्या??? मेरी ठकुराइन मुझको कुछ उलझी हुयी सी खोई खोई सी लग रही है…

कामिनी तो कुछ नहीं बोली पैर गुरु बोल पड़ी – ये तो कल रात से hi पागल हुई जा रही है. तुमने वादा किया था न तो अब उसको पूरा करने का टाइम आ गया है.

पब (मुस्कस्ते हुए) – ोुह्ह्ह तो ये बात है… देख ले सलोनी तेरी बहन को. इसको जरा सब hi साबरा नहीं हो रहा..

सविता – साबरा hi तो करती आयी है कितने दिनों से.. और अब जब मौका है तो क्यों चुके…

कामिनी को तो कुछ बोलै hi नहीं जा रह था. उसको बहुत शर्म आ रही थी चाहती तो वो भी बहुत थी पैर सभी के सामने ये सब बाते उसको शर्माने पैर मजबूर कर रही थी. कामिनी को कुछ भी न बोलता देख पब बोलै – कामिनी मेरी तरफ देख कर बोलो क्या जो ये सब कहा रहे है वो सच है. देखो कामिनी मैं तुमको भी बराबर hi प्यार करता हु. और मैं भी चाहता हु हम जिंदगी के कुछ हसीं पल साथ बिताये. कामिनी दुःख के सभी पालो में तुम्हारा साथ हमेश रहा तो अब मैं भी ये चाहता हु की कुछ अच्छे पल भी तुम्हारे साथ बितौ….

पब की बातो की गहराई को समाज कर जहा सभी के फेस पैर एक स्माइल थी वही कामिनी की आखों में ख़ुशी झलकने लगी थी. वो एक दम से ुध कर पब की गोद में बैठते हुए उससे चिपक गयी. कुछ देर दोनों ऐसे hi बैठे रहे फिर पब ने कामिनी के कान में धिरे से बोलै – कामिनी यदि तुम ऐसे hi बैठी रहोगी तो मैं अभी सुरु हो जाउगा. फिर मत कहना की सभी के सामने सुरु हो गए…

कामिनी तुरंत ुध गयी और झूठे गुस्से के साथ आँखें दिखने लगी. तो पब बोलै – लगता है मेरी ठकुराइन का अभी मूड नहीं है..

कमनी जल्दी से – मेने कब ये कहा…

सभी हसने लगे तो कामिनी फिर बोली – मैं भी आपका साथ चाहती हु. पैर मेरी एक इच्छा है क्या आप पूरी करेंगे..

पब थोड़ा झुक कर – हुकम ठकुराइन साहिबा… गुलाम हाजिर है…

कामिनी (है कर) – वो मैं चाहती हु की हम आज पहले अस्तिका देवी के दर्शन के लिए चले..

पब खुश हो कर – ये तो तुमने बहुत अच्छा सोच मुझको भी वह जाना hi था. तो चलो तैयार हो जाओ फिर चलेंगे..

ऐडा – मैं भी चालू??

गुरु ऐडा को आंखें दिखती है. तो ऐडा चुप हो जाती है. पैर फिर पब बोलै – हाँ हम सब चलेंगे. वैसे भी हमारी शशि को भी तो माता रानी का आशीर्वाद दिलबना है…

गुरु – हम्म ये भी सही है चलो फिर जल्दी करो…

फिर सभी लोग वह से निकल कर हवेली की पहुंचे. उनके साथ में काजल, जय, पेय, मोड़, जुली भी थे. हवेली पहुंच कर सभी तैयार हो कर 3 बड़ी कार्स से निकले अस्तिका देवी की तरफ. जुली इनके साथ नहीं थी. उसको दानव बेस को भी देखना था. रस्ते में चलते हुए पब की नज़र चारो तरफ थी. सिटी पहुंचते hi पब को गुस्सा आने laga.bahut से गुंडे मावली कार में बैठी सुंदरिओ को देख देख कर कमेंट कर रहे थे. कोई किसी को पीट रहा था. तो कही रहा चलती लड़कियों के साथ छेड़छाड़ हो रही थी. कुछ जगहों पैर तो गोलियों की आवाज भी सुनाई दी. पैर आज पब किसी को कुछ भी न कहा कर कार में तक लगा कर धयान में बेथ गया था और अस पास हो रही घटनाओ को धयान से देखने लगा.

कुछ घंटो में ये सभी अस्तिका देवी के मंदिर पैर पहुंच गए पैर वह की हालत देख कर पब चौक गया. मंदिर की हालत ख़राब थी. मंदिर को देख कर hi लग रहा था की यहाँ पैर कोई युद्ध हुआ है. मंदिर के अस्स पास भी वीरान हो रखा था. जहा पहले चारो तरफ रौनक होती थी तरह तरह की शॉप, रेडी, झूले सभी कुछ होता था पहले जब वो आये थे तो वह एक मेला सा लगा हुआ था पूजा करने वाले भक्तो की क़तर हुआ करती थी. पैर आज तो मंदिर सुनसान था. मंदिर की गालिया वीरान थी. पब को केवल वह पैर घूमते हुए कुछ आवारा टाइप के लड़के hi दिखाई दिए.

अभी मंदिर के बहार खड़े हो कर वो सभी लोग चारो तरफ देख hi रहे थे की वह 10-15 लड़को का एक झुण्ड आ गया और बतमीजी करने लगा…

लड़का1 (ल1) – हहयययययी क्या माल है.. साला ये तो पूरा शोरूम hi है लाप्चिक माल का. और देख इतने बढ़िया माल के साथ केवल 2 लोंदे… हाहाहाहाहा..

ल2 – हुयीई लोंडो यदि अपनी जान पायरी है तो इन सब लड़कियों को यहाँ छोड़ कर 9-2-11 हो जाओ नहीं तो तुम दोनों की मूट आज पक्की है…

ल3 – चलो निकलो तुम दोनों इन सबको तो हम अपनी रखेल बना कर हमेशा अपने पास रखेंगे.

ल4 –कसम से यार इतनी सुन्दर लड़किया तो मेने अपने जीवन में hi नहीं देखि.

पब मन में – कोई भी पावर्स का उसे मत करना गुरु इसमें ल2 दानव है. सलोनी और तुम मिल कर उसको संभालना.

गुरु – तो आप क्या करेंगे श्रीमान??

पब कामिनी को अपने पास खींच कर – मैं अपनी श्रीमती के साथ फाइट शो के मज़े होगा. देंगे तो सही तुम सभी ने इतने दिन ट्रेनिंग की है तो क्या सीखा है…

सविता – दीदी ये हर बार ऐसे hi बोल कर बच निकलते है. वह मॉल में भी हमको hi पाशा दिया था और आज फिर से देखो वो hi कर रहे है..

ेबेचा – हाँ आज तो हम सभी ok हमारे पति देव hi बचाएंगे. नहीं तो हमतो चले इन मवालियो के साथ…

ये सभी बाटे मन hi मन हो रही थी की तभी ल4 मंजू का हाथ पकड़ कर खींचने लगता है. तो मंजू बोली – ारे रुक खींच क्यों रहा है आराम से ले चल मैं चल तो रही हु तेरे साथ…

मंजू की बात सुन कर पब बोखला गया और बोलै – ारे रुको मिया कहा चले पहले हम से तो निपट लो तब hi हमारी बैगन का हाथ पकड़ लेना…

इतने में ल2 पब के कंडे पैर हाथ रख कर – आ बीटा तुझको मैं ले चलता हु. बड़ी खुजली है तेरे अंदर..

पब ने भी पलट कर ल2 का पहले हाथ झटका. और उसके पेट में एक पंच गुमा कर दिया. पैर ल2 बही खड़ा मुस्कुराता hi रहा. ये देख कर सभी लड़के हसने लगे. और पब के खेमे में सभी आश्चर्य से ये देखने लगे.

पैर तभी गुरु के मन में पब की आवाज आयी – गुरु इस दानव का काम कर दिया है अब आगे तुम सम्भालो. सभी को लग्न चाहिए की इसको तुमने मारा है….

गुरु भी पब की बात को समाज गयी. और उसने आगे आ कर कुछ मंत्रो को पद कर उस दानव के उप्पेर पुका तो वो दानव सूखे पत्ते की तरह गिर पड़ा उसको गिरता देख कर उन लड़को की हवा टाइट हो गयी. पैर पब अब मूड में आ चुक्का था तो उसने सबसे पहले ल4 की छाती पैर एक किक मरी तो वो गिर पड़ा और केहराने लगा. तभी ल3 ने पब को पीछे से एक डंडा मारा तो पब ने कूद कर खुद को बचा लिया और उसके हाथ को पकड़ कर मरोड़ दिया और उसका डंडा उससे छीन कर उस डंडे से hi सभी की पिटाई करने लगा. इसमें पब ने अपना हाथ हल्का hi रखा ताकि देखने वाले को ये न लगे की पब के पास कोई पावर है.

कुछ hi देर में वो सभी लड़के वह पड़े कहरा रहे थे. और भागने की कोसिस कर रहे थे तो पब ने उनको वार्निंग दे कर छोड़ दिया. कियोकि जो इनके पीछे था उसको तो पब और गुरु ने सबसे पहले hi टपका दिया था. फिर ये सब मंदिर में अंदर चले गए. मंदिर में आदर भी एक दम सन्नाटा था केवल एक पुजारी जी को छोड़ कर कोई नहीं दिख रहा था. पुजारी जी भी बहार लड़ाई की आवाज सुन कर देखने आये थे जो अभी अंदर hi जा रहे थे की पब ने उनको आवाज दे कर रोक लिया.
 
अपडेट 280

कुछ hi देर में वो सभी लड़के वह पड़े कहरा रहे थे. और भागने की कोसिस कर रहे थे तो पब ने उनको वार्निंग दे कर छोड़ दिया. कियोकि जो इनके पीछे था उसको तो पब और गुरु ने सबसे पहले hi टपका दिया था. फिर ये सब मंदिर में अंदर चले गए. मंदिर में आदर भी एक दम सन्नाटा था केवल एक पुजारी जी को छोड़ कर कोई नहीं दिख रहा था. पुजारी जी भी बहार लड़ाई की आवाज सुन कर देखने आये थे जो अभी अंदर hi जा रहे थे की पब ने आवाज दी.

पब – पुजारी जी….

पुजारी पब की तरफ देखते हुए – ये इस मंदिर का क्या हाल हो गया है??? न तो भक्त है और न hi कोई और इन्शान हुआ क्या है यहाँ??

पुजारी जी पब को घूरते हुए – बीटा तुम नहीं जानते की क्या हुआ है??? कही बहार थे क्या?? या साल बार से सो रहे थे??

पब – हाँ आप ये भी मन सकते है पैर बताइये तो हुआ क्या है??

पुजारी – बीटा ये हाल इस देश के सभी बड़े मंदिरो का है. अब कोई भी पूजा करने मंदिर नहीं जाता, कोई नवाज ऐडा नहीं कर सकता आज कोई भी चर्च खुली हुयी नहीं है. या तो मंदिरो को गुंडों ने अपना अड्डा बना लिया है या फिर वह टाला लगा है वो तो शुक्र है मेरे भाई मणि का जिसने यहाँ के विदायक को मर कर मंदिर का टाला खुलवा दिया. और मैं पूजा सेवा कर प् रहा हु…

पब पुजारी की बात से चौक गया. फिर उसने अपनी आँखें बंद करके वह का हाल जानना चाहा. तो पता चला की यहाँ पैर भी एक दानव विदायक के रूप में आया था और उसने मंदिर में लूट पैट करवाई और फिर मंदिर को टाला लगवा दिया. उसके आतंक को ख़तम करने के लिए मणि जी यहाँ आये तो उन दोनों के बिच में एक अच्छा युद्ध हुआ और वो दानव मारा गया. मणि जी तो विदायक को मार के माँ की पूजा के बाद चले गए. पैर लोगो का वह आना सुरु नहीं हुआ कोई एक दो लोग आते भी तो एक दानव (जिसको अभी पब ने मारा है) वो उनके साथ लूट पैट करता जिससे लोगो का आना बिलकुल hi बंद हो गया. ये सब देख कर पब को बहुत गुस्सा आया. फिर पब ने धयान दिया तो मंदिर भी बहुत गन्दा हो रखा था. एक बड़ा पंडित करे भी तो क्या करे. पुरे मंदिर में एक नागेविटी फैली हुयी थी. लग hi नहीं रहा था की यहाँ भगवन का वास है.

पब – पंडित जी क्या आप पूजा पद नहीं करते?? मंदिर का क्या हाल हो रखा है??

पंडित जी – अब तुमको क्या बताऊ बीटा, अभी तुम जिन लड़को को मर कर आ रहे हो न. वो यहाँ कभी भी आ जाते है. मंदिर के अंदर hi दारू पिटे है. जुआ खेलते है. कही भी टॉयलेट कर देते है. एक बार मेने मन भी किया तो मुझको बहुत मारा. फिर न तो कोई भक्त आता है और न hi मंदिर की कोई इनकम है. कई बार तो मुझको भूखा hi सोना पड़ता है. अब तुम hi बताओ ऐसे में करू तो क्या करू????

पब और उसकी सभी पत्निया ये सुन कर बहुत दुखी हुए. मंदिर के अंदर दीपक जलने के लिए भी पैसे न होना वो भी ठाकुरो की कुल देवी के ये तो सच में ठाकुरो के लिए दुब मरने वाली बात थी. कुछ सोच कर पब गुरु से बोलै

पब – गुरु तुम पंडित जी और जय के साथ जाओ पहले इनको कही भोजन करवाना और फिर माँ अस्तिका के हवन में लगने वाला सभी सामान, पंडित जी के लिए रसन और मंदिर के लिए जो भी सामान पंडित जी कहे सब दिलवा कर ले आओ….

पंडित – कोण हो तुम बीटा जो ये सब कर रहे हो??

पब – पंडित जी जिसको अपने अभी भाई कहा था वो मणि जी मेरे गुरु है और मैं यहाँ अपने परिवार के साथ अपनी बेटी को माता का आशिर्बाद दिलवाने लाया था तो उसके लिए hi ये सब कर रहा हु…

मणि जी का नाम सुन कर पंडित जी कुछ नहीं बोले बस दिल hi दिल पब को दुआए देते हुए गुरु के साथ चल दिए. यहाँ पब ने सभी के साथ मंदिर की साफ़ सफाई में लग गया. 2 हॉर्स तक ये सभी मंदिर की सफाई करते रहे और गुरु और जय बाजार से सामान खरीदने में लगे रहे. जब ये सब सफाई करके सुस्ता hi रहे थे की गुरु भी सामान ले कर आ गयी. मंदिर का हाल देख कर पंडित जी बहुत ज्यादा खुश हो गए. पंडित जी का फेस hi बता रह था की वो कितने खुश है.

पब सभी के साथ फिर नहाने के लिए चला गया. मंदिर में एक कुआ था सभी उस कुए के पानी से hi नहाये. जैसे गाओं में सभी नहाते है जो वह एडजेस्ट नहीं कर पाया वो पास के बाथ रूम में घुस गया. अभी सब नाहा कर सुद्ध हो चुके थे. सबसे पहले पब, गुरु और कामिनी नहाये थे तो वो पंडित जी से साथ में मिल कर हवन की तैयारियां करने लगे. जब तक सभी रेडी हुए तब तक हवन की तैयारियां भी हो चुकी थी.

हवन के सुरु होते hi जैसे hi पब ने मंत्रो का उच्चारद सुरु किया पंडित जी तो पब की और देखते hi रहा गए. बहुत देर तक हवन चलता रहा और वह के वातवरद को सुद्ध करता रहा. हवन के पूरा होते hi मूर्ति की खोई हुए चमक फिर से लोट आयी और पब को एक बार माता के दर्शन भी परैत हुए तो पब ने भी मन में उनसे सभी का कल्याण और अपनी बेटी शशि के लिए आशीर्वाद मांगा. फिर पब ने देवी माँ के सामने hi एक बार फिर कामिनी की मांग में सिंदूर सजा कर उसको अपनी पत्नी होने का हक़ दिया. तो पंडित जी ने भी सभी को दिल से आशीर्वाद और दुआए दी.

पूजा होने के बाद पब ने पंडित जी को एक अच्छी दकसीदा दी और फिर प्रशाद ले कर वह से चल दिए तो पीछे से पंडित जी भी मन में बोले – अब तो कोई संदेह hi नहीं है की तुम मणि के शिष्य हो भी या नहीं. सच में मेरा भाई मणि बहुत hi उच्चीत मार्ग पैर है इसलिए उसके पास पब जैसे गुनी शिष्य है……….

वापिस लौटते हुए करीब 8पं हो चुके थे. जुली को इन्होने रस्ते से hi डिनर मगवाने को बोल दिया था पैर जुली ने सभी के लिए घर में hi बना लिया. सभी ने फ्रेश होने के बाद डिनर किया. डिनर के टाइम जुली ने बताया की कुछ गाओं वाले छुपते हुए अपने ठाकुर साहब से मिलने आये थे. पैर पब को न देख कर बिना कुछ बोले hi चले गए. डिनर के बाद सविता और सलोनी कामिनी को ले कर उसके रूम में चले गए.

पब भी अपने रूम में बेथ कर सुस्ताने लगा और कामिनी का वेट करने लगन ा जाने कितने दिनों की बाद दोनों के लिए ये रात आयी थी. दोनों hi इसको ले कर बहुत एक्ससिटेड थे.

……………………………

यहाँ एक गुप्त िस्थान पैर दानव गुरु और डॉ बैठे हुए बात कर रहे तो और उनकी बात का मैं पॉइंट पब hi था.

डॉ1- गुरु जी मुझको तो लगता है पब के पास अब ज्यादा ताकत नहीं रही है. पार्टी में जीतनेय भी रय गए थे सभी का कहना है की किसी ने भी पब या उसकी किसी पत्नी के अंदर कोई पावर नहीं फील की. और फिर अमरसर का कहना भी ये hi है.

डी. गुरु – मुझको एक बात बताओ यदि पब और उसकी पत्नियों के पास पावर नहीं है तो वो क्यों दुनिया के सामने आये?? क्या वो नहीं जानते की उनके पीछे कितने दुसमन है. तुमको लगता है की कोई भी ये मूर्खता कर रक्त है??

डॉ3 – मानव तो होते hi मुर्ख है. सेल कीड़े होते है मानव इनके पास अकाल होती तो क्या ये दानवो से लड़ने की कोसिस करते. देवता भी तो इनका इस्तेमाल करते है पूजा और सड़ना ये करते है और बल (पावर) देवताओ को मिलता है.

डॉ2 – गुरु जी कल रात को भी अपने देखा था की वो अपनी सभी पत्नियों के साथ लगा हुआ था. पैर वो सम्भोग क्रिया नहीं थी. यदि होती तो उससे पैदा होने वाली शक्ति का कुछ अंश तो दिखाई देता न….

डॉ1 – और आज की hi घटना ले लो आज वो हमारे एक मामूली से रय (दानव अक्षक दवरा त्रिनेड दानव ोद्ध) को नहीं मार पाया. वो तो गुरुपित के पास अभी उसकी पावर्स है तो उसने उसे मार दिया नहीं तो आज hi इन सभी का काम ख़तम हो जाना था. देखा नहीं अपने पब उन मानव लड़को से भी कैसे बच्चो के जैसे लड़ रहा था. यदि उसमे पावर होती तो उसके एक पंच में उन लड़को का मरना तय था.

डी. गुरु – पैर फिर भी ये तो सोचो की मणि भी है और वो इनको ऐसे बिना पावर के सामने आने देगा??

डॉ2 – हो सकता है गुरु जी इन्होने मणि से पूछा hi न हो.

डॉ1 – गुरु अब हमको और इन्तजार नहीं करना चाहिए. चाहे इसके पास शक्तिया हो या न हो इसको मरना अब हमारे लिए बहुत जरुरी है. कियोकि यदि इसके पास शक्तिया नहीं है तो ये शक्तियों को पाने के लिए फिर कुछ न कुछ करेगा. और फिर हराम सिरदर्द बनेगा.

डी. गुरु – हाँ तुम्हारी ये बात एक दम सही है. इसका मरना हमारे लिए बहुत जरुरी है.

डॉ4 – तो मैं ****(रय का मालिक – अब ये कोण है ये आगे आएगा जब पब इस तक पहुंचेगा) को बोल दू वो 10-12 रय को इसको मरने के लिए भेज देगा…

डी. गुरु – पागल हो गए हो क्या?? भूल गए इसकी पत्नियों ने hi उन 4 मायावी दानवो के साथ 50 रय को मार गिराया था. यदि इनके पास पावर नाब hi हुयी तो गुरुपित hi उनको देर कर देगी. (कुछ सोच कर) मेरे ख्याल से तुम 15 में से 4-5 को जाना चाहिए इसको मरने.

डी. गुरु की ये बात सुन कर सभी चौक गए. न जाने कितने सालो में आज पहली बार D.guru ने इनको लड़ने जाने को बोलै था. बोलै भी तो एक मामूली मानव को.. और वो भी 4-5 एक साथ??

डॉ1 – गुरु ये आप क्या कहा रहे हो हमरे 1 साथी से देवगुन भी लड़ने से डरते है. और आप कहा सही हो की 1 मामूली मानव के लिए हम 4-5 जाये… ये कुछ ज्यादा hi नहीं हो जायेगा???

D.guru – गुस्से में – तुमको क्या लगता है की हम बिना कुछ सोचे समजे hi बोल रहे है. या तुम लोग अब लड़ने के काबिल नहीं रहे…

डॉ2 – नहीं गुरूजी माफ़ी.. डॉ1 के कहने का वो मतलब नहीं था. उसका मतलब है की उसके लिए हममे से 1 hi बहुत है. पैर आप कहते है तो हम 2 जाने चले जाते है…

डी. गुरु (कुछ सोच केर) – ठीक है तुम 2 hi चले जाओ पैर डायन से.. और हाँ किसी 1 को और अपने साथ ले जाना उसका काम आवश्यकता पड़ने पैर तुम दोनों की मदत करना होगा…

अब किसी ने भी बोलने की हिम्मत नहीं की कुछ देर में डी. गुरु वह से ुध कर धयान के लिए चले गए तो ये लोग कल की प्लानिंग करने लगे…..
 
अपडेट 281

एक तरफ डॉ पब को मरने की प्लानिंग कर रहे थे. तो दूसरी तरफ साउथ इंडिया में बैठी अदिति पब के बारे में hi सोचे जा रही थी. जब उसको पता चला था की पब लूट आया है तब से वो एक नयी उल्जन में थी. उससे मिलने को बेकार भी थी और हिम्मत भी नहीं हो रही थी की वो उससे मिल सके. अदिति सोच रही थी – क्या मुझको मिलने जाना चाहिए?? या न जाऊ? नहीं नहीं मिलना तो होगा hi उनसे मिलने के लिए तो मैं कितने दिनों से इन्तजार में थी और आज जब को लूट आये है तो उनसे न मिल ये तो नहीं हो सकता… पैर कहुगी क्या?? क्या ये कहु की मेरा बाप बहुत कमीना आदमी है उसको तड़फा तड़फा कर मार दो?? ये किसे कहा सकती हुए क बेटी हो कर.. और यदि कहा भी दिया तो फिर वो मेरे बारे मैं क्या सोचेंगे.. हु तो मैं भी उस पापी का hi गन्दा खून न.. वो मुझको भी तो गलत hi मानेगे… फिर तो वो मुझको कभी अपनागे भी नहीं.. पैर वो मुझको अपनयेगे भी तो क्यों?? उनके पास पहले से hi एक से बाद कर एक सुन्दर पत्नी है. इतनी पत्नियों के होते हुए क्या वो मुझको अपनायेगे?? फिर मेरा क्या होगा?? अब उनके बिना तो मैं ये जीवन जे भी नहीं पाउगी… पैर क्या मैं उनके काबिल हु. मैं उस बाप की बेटी हु जिसकी हकीकत जो भी जनता होगा वो उसके बच्चो पैर थूकना भी पसंद न करे… हे भगवन फिर मेरा क्या होगा?? क्या मैं कुवारी hi रहा जोगी?? अब तो मुझको किसी और की तरफ देखना भी पसंद नहीं. उनको hi अपना सब कुछ मान चुकी हु. हे भगवन मुझको ये किस दुविद्या में दाल दिया अपने. न तो वो मिल सकते है और न hi मैं उनके बिना रहा सकती हु.. हाय्ययी एक ये मेरी छूट है उनका नाम दिमाग में आते hi रोने लगती है. साली ये भी उनके अलावा किसी और के लिए नहीं रोटी.

अदिति अपने आप में खोई थी और ये बात उसके साथ बैठी रूही भी देख रही थी. उसको पता था की अदिति किसी को प्यार करती है पैर न तो कभी अदिति ने बताया था और न रूही ने इस बात के लिए फाॅर्स किया था. पैर रूही कल से देख रही थी की अदिति के फेस पैर कभी गम के तो कभी ख़ुशी के भाव आ और जा रहे थे तो रूही ने पूछ hi लिया.

रूही – क्या बात है मम, आज आपको क्या हो गया है कभी खुद hi हस्ती हो तो कभी परेशां सी हो जाती हो तो कभी अपनी छूट मसलने लगती हो.. (रूही और अदिति के बिच में छूट लुंड जैसे सब्दो का उसे कॉमन हो गया था. रूही तो थी hi हवस की पुजारिन वो तो उसको आज तक अपने मन का लुंड नहीं मिला था नहीं तो वो न जाने कितनी बार चुद गयी होती)

अदिति – क्या यार तू कुछ भी बोलती है.. हाँ मैं थोड़ा परेशां तो हु…

रूही – क्या मैं आपकी परेशानी की वजह जान सकती हु. क्या पता मैं hi आपकी कुछ हेल्प कर दू…

अदिति – नहीं रूही तुम कुछ नहीं कर सकती..

रूही – देखो मम ये तो मैं भी जानती हु की आप किसी से बहुत प्यार करती है और उसको याद करते हुए hi अपनी खुजाती भी है. और मुझको लगता है की आपकी परेशानी का कारन भी वो hi है.. तो क्या आप बता सकती है की हुआ क्या है?? उसने आपसे मन कर दिया क्या?? नहीं मन करता तो आप देवदासी बन जाती हस्ती नहीं…. बताओ न यार बात क्या है नहीं तो मैं सोचती hi रहूगी…

अदिति – चल ठीक है आज मैं तुझको सब बताती हु पैर उनका नाम नहीं बताऊगी. फिर देखती हु किट एरा मंद कितना चलता है..

रूही – ारे आप बताओ तो सही रूही के पास प्यार वायर के हर मर्ज की दवा है.. P.hd की है मेने प्यार में तो…

अदिति – हाहाहाहाहा जानती हु तू और तेरा प्यार.. लड़का मिला नहीं की उसका लुंड चूसने का जुगाड़ चालू.. और फिर उसकी गांड पैर लात…

रूही – हाहाहा अब मैं भी क्या करू किसी साले का लुंड भाता hi नहीं मुझको.. पता नहीं मेरा राजा कब मिलेगा मुझे…

अदिति – चल अपनी छोड़ और मेरी सुन, मैं न एक लड़के से बहुत प्यार करती हु. जब भी ऊँगली करती हु तो ये hi लगता है की वो hi कर रहा है. वो न इतने दिनों से बहार था. मुझको कल hi पता चला की वो लूट आया है. अब न मुझको उससे मिलने से दर लग रहा है… मैं क्या करू कुछ समाज नहीं आ रहा …

रूही – मिलने दर क्यों लग रहा है?? साला वो क्या डायनासोर है?? है तो इंसान hi न और आप उससे प्यार भी करती हो. तो बता दो जा कर अपने दिल का हाल आप जैसी खूबसूरत बाला को कोई मन भी नहीं कर सकता… तुमको देख कर पागल हो जायेगा वो.. एक बार पूरी तैयार हो कर मिलो तो सही…

अदिति – देखा है उसने मुझको, देखता भी नहीं मेरी तरफ और न मैं इतनी भी सुन्दर नहीं हु. और सबसे बड़ी बात उसकी पत्नी तो मुझसे भी ज्यादा सुन्दर और सेक्सी है….

रूही – क्या कहा??? उसकी पत्नी??? यानि एप क शादीशुदा आदमी से hi प्यार कर बैठी… अब आयी साडी बात समाज में..

अदिति – क्या आया हाँ…

रूही – ये की जिससे आप प्यार करती है उसके पास पहले से आपसे भी सुन्दर एक पत्नी है. तो आपको ये दर है की वो आपको अपनाएगा hi क्यों… और लगता है अपने उसे आज तक अपने दिल की बात बोली भी नहीं है इसलिए वो आपकी तरफ ध्यान नहीं देता.

अदिति – हम्म बात तो ये hi है पैर अब बता न इसका सलूशन.. (मन में – तुझको क्या बताऊ उसकी एक नहीं 13 बीबी है और सब की सब मुझसे सुन्दर है तो वो देखेगा hi क्यों मेरी तरफ)

रूही – आप कर क्या सकती है उसके लिए???

अदिति पुरे जोश से – कुछ भी…

रूही – यदि बदमानी मिले तो??? लोग आपके और आपके पापा के बारे में गलत बोलने लगे तो??? आप इस कीमत पैर उसको पाना चाहेगी???

अदिति –मुझको अपने बाप की बदनामी का कोई दर नहीं… और मैं उनको किसी भी कीमत कर पाना चाहती हु…

रूही – तब तो हो गया आपका काम… अब बस जैसे मैं बताऊ आपको वैसा hi करना होगा…

अदिति – पैर तुम करना क्या चाहती हो… कैसे मिलेंगे वो मुझको…

रूही – ज्यादा कुछ नहीं आपको उनकी रखेल बनना होगा. यदि सीडी बात कहु तो आपको उसकी रंडी बनना होगा.. उनकी पर्सनल सलूट….

ये सुनते hi अदिति एक दम गुस्से में आ जाती है – रूही (बहुत तेज़ आवाज में)

रूही – क्या हुआ गुस्सा किस बात का??? अभी तो अपने कहा था आप बदनामी से नहीं डर्टी.. फिर क्या हुआ?? देखो मैडम एक आदमी के साथ औरत के 2 तरह ये hi रिश्ते होते है एक होता है पत्नी का और दूसरा रंडी का… पत्नी उनकी पहले से है तो बचा क्या… या तो उनको भूल जाओ… या उसकी पत्नी को मार दो… या फिर सब झंझटो से दूर उसकी रखेल बन कर रहो और अपनी जॉब भी करती रहो.. पहले तो किसी को पता भी नहीं चलेगा और यदि चला भी तो बस बदमानी होगी और कुछ नहीं.. आज कर तो वैसे भी इतना सब गलत हो रहा है तो ये कोण सी बड़ी बात है….

ये सब बोल कर रूही तो चली गयी किचन में और पीछे छोड़ गयी सोच में दुवि अदिति को. अदिति को रूही की बात साहिब hi लग रही थी तो उसको ये भी गवारा नहीं था की वो रंडी कहलाये…. अब अदिति अपनी hi सोच में गम थी और सोचते हुए वो कब सो गयी उसको भी पता नहीं चला……….

……………………………..

दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल के एक विप रूम में 2 लड़के बेथ कर दारू पिटे हुए बाते कर रहे थे और वो दोनों कोई और नहीं बल्कि रतन सिंह के दोनों bête अविनाश और अखिल थे.

अखिल – भैया वो पंकज फिर लूट आया. उसने जीना हराम कर रखा है इतने दिनों से नहीं था तो कुछ तो सन्ति थी.

अविनाश – हाँ यार ये तो तू ठीक कहा रहा है. साला कल से अभी तक न जाने कितनी बार उसका नाम माँ डैड के मुँह से तो सुन hi लिया. पता नहीं उसने माँ पैर क्या जादू किया हुआ है की माँ उसका नाम लेते हुए तकती hi नहीं…

अखिल – भाई इस लिए hi मेने अपने जब कहा था. उसकी बहन को अपनी रंडी बना लो. और साली जो चुद कर छोड़ देना दोनों भाई बहन की अकाल टिकने आ जाती.. पैर नहीं आपको तो उसके साथ प्यार हो गया. शादी के सपने देखने लगे आप उसके साथ..

अविनाश – भाई तू सोनल के पीछे hi क्यों पड़ा है मेने तुजसे पहले भी कहा था तू उसको मेरे लिए छोड़ दे. देख तेरे कहने पैर hi उसको मेने प्यार के जाल में फसाया. पैर भाई मैं कब उसके प्यार मैं पद गया मुझको नहीं पता. प्लीज मेरे लिए भूल जा उसे…

अखिल – भैया आपके लिए तो मैं दुनिया छोड़ दू अब केवल सोनम की क्या बात करते हो. आपकी ख़ुशी के लिए hi तो मेने उसको इतने दिन अपने घर में बर्दाश किया. पैर फिर भी आपको मिला क्या??? वो आपको ठुकरा कर चली गयी. क्यों?? भाई प्यार व्यार कुछ नहीं होता सब दिखावा है…

अविनाश – न भाई तूने कभी प्यार नहीं किया न इसलिए ऐसा बोल रहा है देखना एक दिन मेरी सोनल मेरे पास जरूर आएगी..

अखिल – चलो वो भी देखेंगे. पैर अभी ये बताओ की उस पब का क्या करना है?? अब न तो घर में चेन है और न hi बहार.. भइया मैं जो आपसे हमेशा कहता था देखो आज वो सच हो रहा है. हमारे पास कोई पावर नहीं है तो देखो आज हमारी क्या हालत हो गयी है. हमारी अपनी प्रॉपर्टीज पैर हमारे hi एम्पलॉईस ने कब्ज़ा कर लिया है. हमारे ऑफिस हमारे नहीं उनके हिसाब से चलते है. आज हम कहने भर के मालिक है नहीं तो क्या औकात हो गयी है हमारी कोई नहीं सनटैन है. साला न वो सर्कार कुछ करती है, जिसको पार्टी फण्ड के नाम पैर क्रोर्स दिए है. और न हमारे एम्प्लॉएंस हमारी सुनते है…

अविनाश – हाँ यार ये तो है. कुछ भी कहो तो मरने की दमकी देते है. मेने तो ऑफिस जाना hi बंद कर दिया है अभी 2 दिन पहले गया था **** वाली ऑफिस में तो वह का मैनेजर मेरे hi केबिन में मेरी सकतरी को hi पेल रहा था. गुस्सा तो इतना आया की अभी दोनों को निकल दू जॉब से. पैर साला उसने ुजको गुस्से में देखा तो तुरंत मेरे पैर गन तान दी. वो तो अच्छा हुआ बॉडीगार्ड साथ था नहीं तो पता नहीं क्या होता….

अखिल – भैया ये दुनिया बहुत मादरचोद है. सब आप जैसे धर्मात्मा नहीं है जब आप खुद अपनी सकतरी को नहीं छोड़ोगे तो किसी से तो छुड़ेगी hi न… भैया जिंदगी के मज़े लो बस और भूल जाओ सब… और मज़े लेने के लिए पैसे से पहले आज पावर चाहिए पावर….

अविनाश – हाँ अब तो लगता है की इतनी बॉडी बनाना से भी कोई फायदा नहीं है. अब कुछ और hi करना पड़ेगा..

अखिल – भैया मेरे जैसे बनो.. देखो मुझको कोई मेरे सामने आँखों नहीं उड़ता है. जो ताकतवर होता है उसको खरीद लेता हु और जो कमजोर होता है उसको कुचल कर आगे बाद जाता हु.. जो लड़की पसंद आ जाये उसको बजाना और फिर टाटा… आप hi हो कलयुग के राम जो उस सोनम के पीछे पागल हो…

अविनाश – देख फिर तू उसको बिच में लाया… वैसे तेरी बात भी ठीक है अब मुझको भी तेरा जैसा बनना पड़ेगा. पैर यार उस पब का क्या करना है घर में माँ ने पागल कर रखा है…

अखिल – संभु अंकल तो कब से उसके पीछे है पैर साला हर बार बच जाता है..

अविनाश – तेरे उस संभु अंकल से न होना कुछ, उस दिन कितना अच्छा मौका दिया था उसकी सभी पत्नियों को मरने का पैर उन पैर कुछ नहीं हुआ. कितने झूट बोले सोनम से, कितनी प्लानिंग की थी पैर उससे एक लड़की तक न मरी साली सब की सब ठीक हाल में थी. (ये उस हमले की बात कर रहा है जिसमे संभु ने हवेली पैर पब की पत्नियों को मरने के लिए 4 दानवो के साथ 50 रय भेजे थे. तब अविनाश ने hi उसका साथ दिया था, ताकि हमला होने पैर वो सब हवेली से भाग न सके)

अखिल – पता नहीं भाई पैर कुछ तो बात है जो हमको पता नहीं है इस पब के बारे में. नहीं तो कभी अपनी एक छोटी कम्पनी का एक छोटा सा इंजीनियर था. और आज देखो सेल ने कितनी तो शादी कर ली, प्रॉपर्टी भी ठीक थक है. अब तो उसने एक सोल्लगे चैन भी सुरु कर दी है. इसका कुछ करना होगा नहीं तो ये हमको पागल कर देगा…

अविनाश – तो बता न करना क्या है???

अखिल – मैं सोच रहा था की हर्ष पेड्डी भाई को इसकी पूरी फॅमिली की सुपारी दे दू. पेड्डी भाई का पुरे इंडिया में सिक्का चलता है. वो पूरी इंडिया के डॉन है. तो ये काम तो अशनि से कर hi देंगे.. फिर हम भी अशनि से जी सकगे…

अविनाश – ठीक है जैसा तू चाहे वैसा कर बूत मेरी सोनम को चुना भी मत…

अखिल – यस बिग बी

अविनाश – हाहाहा चल यार अब मैं भी तेरा जैसा hi बनने की कोसिस करुगा.. जब सोनल को मुजमे इंटेस्ट hi नहीं है तो मैं भी क्यों उसको याद करके आशु बहता राहु. ये दिल तो उसका हो गया पैर दुनिया के मज़े तो हम भी कर सकते है..

अखिल – क्या बात है भईईई… ये हुयी न मर्दो वाली बात.. तो बोलो बुला लू कुछ माल…

अविनाश – हाँ यार बुला ले तू अपनी उन सेक्स स्लेव्स को. आज मेरा दिल कर रहा है किसी को तड़पता हुआ देखने को…

फिर क्या था अखिल ने फ़ोन घुमा दिया. ये hi सचाई है इन दोनों भाइयो की अविनाश नेक दिल लड़का था जिसको धिरे धिरे अखिल ने बिगड़ दिया. दोनों में से कोई भी भाई अंकिता को पाषंड नहीं करते उसका सबसे बड़ा कारन था अंकिता की वजह से लता की उन दोनों के लिए अनदेखी… लता हमेशा अंकिता के दुःख में डूबी रही और अपने लड़को पैर ध्यान नहीं दे पायी इस लिए ये दोनों अंकिता से नफरत करते है और इस लिए hi ये पब को भी पसंद नहीं करते पहले तो सोनल भी इनके लिए एक सामान hi था जिसको इनको घर से बहार फेकना था पैर अविनाश कब सोनम से सच्चा प्यार कर बैठा ये वो भी नहीं जनता. अखिल और अविनाश में बहुत गहरा प्यार है दोनों एक दूसरे के लिए कुछ भी कर सकते है. देश के बिगड़े हुए हालातो में रतन सिंह का पूरा बस्सनेस रय ने अपने कब्जे में कर लिया था और रतन सिंह कुछ नहीं कर प् रहा था. उनको मरना या मरवान रतन सिंह के लिए संभव नहीं था. और संभु आज कल अपने आप में hi बिजी था उसने भी रतन सिंह से कन्नी काट ली थी.

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अपडेट 282

पब रूम में बैठा हुआ कामिनी का वेट कर रहा था. थोड़ी hi देर मैं सविता के साथ कामिनी रूम में आयी तो पब कामिनी को देखता hi रहा गया आज वो पुरे ठकुराइन के गेटउप में थी. जुड़े में बन्दे बाल, माथे पैर एक लम्बी सी बिंदी, लाल होंठ, मेकअप किया चेहरा. फिटिंग की सदी में लिप्त कामुक बदन जो सदी के उप्पेर से hi अपना साइज बता रहा था. पुरे सरीर पैर गहने hi गहने. हाथो में कांच की चूडियो के साथ गोल्ड के कंगन. पेअर में चम् चम् करती भरी भरकम पायल जो इस संत कमरे में मदुर गीत बजा रही थी. सदी को नाभि के निचे बाँदा हुआ था और उस पैर एक गोल्ड की कमर बंद जिससे नाभि कभी दिखती तो कभी चुप जाती. कामिनी 16 सिंगर करके एक पूरी भारतीय महिला लग रही थी.

कामिनी को देख कर पब का धयान सविता पैर तो गया hi नहीं वो तो कामिनी की सुंदरता में खो गया था. जब पब कुछ नहीं बोलै तो सविता बोली – पतिदेव ये आपकी hi है अब आँखों से hi खा जाओगे क्या???

पब हड़बड़ा कर बोलै – सविता.. सविता तुम कब आयी..

सविता – आयी तो मैं भी कामिनी दीदी के साथ hi थी पैर लगता है आपको अभी फुर्सत नहीं है और मैं यहाँ कबाब में हड्डी बन रही हु तो मैं चलती हु…

सविता तो चली गयी पब फिर से कामिनी को देखता रहा. जब कामिनी को बहुत शर्म आने लगी तो वो खुद hi चल कर पब से जा लिपटी और अपना फेस उसकी छाती में छुपा लिया.

पब – आह्हः ये क्या किया कामिनी.. उन चाँद को मुझसे छुपा क्यों लिया. अभी तो मन बार के देखा भी नहीं था.

कामिनी – आप कबसे मुझको देखते आये है तो आज ऐसा क्यों कर रहे है की जैसे पहली बार देख रहे हो..

पब – हाँ देखा तो मेने अपनी जान को पहले भी है पैर आज तुम बहुत hi खूबसूरत लग रही हो कामिनी.. दिल करता है की बस तुमको देखता hi राहु…

कामिनी – क्या बस देखेंगे?? कुछ करेंगे नहीं…

पब – क्यों कुछ करना भी है क्या??

कामिनी (शरमाते हुए) – मुझको नहीं पता, आपको hi पता होगा..

पब ने प्यार से कामिनी का फेस उप्पेर किया और उसके माथे पैर एक चुम्बन अंकित कर दिया. तो कामिनी फिर से लिपट गयी.

पब – जान चलो बीएड पैर चलते है…

फिर दोनों बीएड पैर पहुंच गए और पब बीएड पैर तक लगा कर बेथ गया और कामिनी अपनी पथ पब के सीने पैर रख कर उसकी गोद में बेथ गयी..

पब - कामिनी तुम खुश तो हो न मेरे साथ??

कामिनी – ये किसी बात कर रहे है आप..

पब – देखो शायद तुमको लगता हो की मैं तुमको उतना टाइम नहीं दे पता तो कही तुमको …

पब आगे बोलता उससे पहले hi कामिनी ने पब के होंठ पैर अपना हाथ रख कर उसे चुप करवा दिया.

कामिनी – आप ये कभी मत सोचना.. हकीकत तो ये है जितना प्यार अपने दिया है उतना तो मुझको कभी नहीं मिला. भानु ने केवल मेरे सरीर से खेला. मैं उसके लिए एक सेक्स तोय थी बस. पता नहीं भानु ने मुझसे क्या क्या करबाया और मैं पति की आज्ञा मनके करती गयी. फिर भी कभी उसने मुज पैर कभी प्यार नहीं जताया… पैर अपने केवल मुझसे प्यार किया मेरे जिस्म से नहीं. आज मैं चाहती हु की अब हमारे प्यार को पूरा कर दो तो मेरे अंदर से वो कड़वी यदि सदा के लिए ख़तम हो जाये….

पब – भूल जाओ सब अब केवल तुमको ये याद रखना है की मैं तुम्हारा पति हो और तुम मेरे दिल की ठकुराइन.. तुम्हारा इस दिल पैर हमेश हुकम चलेगा जान…

पब की बात सुन कर कामिनी ने अपनी गर्दन मोड़ कर अपने होंठ पब के होंटो से मिला दिए. कामिनी इतनी तेज़ी से होंटो को चूसने लगी की पब पैर हावी hi हो गयी. पब तो केवल अपने होंठ चूसै का मज़ा ले रहा था. और फिर पब ने भी कामिनी के होंटो का रास पीना सुरु कर दिया. कुछ hi देर में किश वाइल्ड किश में बदलती चली गयी. कामिनी के होंटोने निकलता रास पब बहुत hi मीदा लग रहा था. फिरपब ने अपनी झीब कामिनी के मुँह में घुसा दी. तो कामिनी नेउसकी झीब को चूसना सुरु कर दिया. कामिनी ने अपनी झीब से पब की झीब को ढकेलना सुरु किया और अपनी झीब पब के मुँह में घुसा दी. पब और कामिनी की झीब आपका में लड़ रही थी. जब तक दोनों की सांसे फूलने नहीं लगी तब तक दोनों अलग नहीं हुए..

सांसे ठीक करते hi पब ने अपने होंठ उसकी गर्दन पैर रख दिए को उसको चूमने और चाटने लगा. कामिनी की आँखें खुद hi बंद हो गयी. और हाथ पब के बालो में घूमने लगे. पब ने कामिनी की गर्दन पैर दन्त गदा दिए तो कामिनी की एक तेज़ सिसकी निकल गयी. फिर पब कामिनी के कान की बलियो को उतर कर कान की लू को चूसने लगा. कामिनी ने पब की शर्ट में हाथ घुसा कर उसके पेट को सालने लगी.

थोड़ी देर में पब ने एक एक करके कामिनी के सभी गहने उतर कर रख दिए बालो को खोल दिया और फिर उसके ब्लाउज को खोलने लगा. ब्लाउज को खोलते hi वो कामिनी के रेड ब्रा में कैद चुचो पैर टूट बड़ा. ब्रा के उप्पेर से hi उनको चूसते हुए मसलने लगा.

कामिनी – आह्ह्ह्ह खहहहा जावू ीिंणकोऊ एई कब्ब सी तड़फ रहे ही… आअह्ह्ह्ह तुम्हारे लीयईए.. आह्हः

कामिनी लगता सिसकती हुए कुछ न कुछ बड़बड़ाये जा रही थी. कामिनी ने खुद hi अपना हाथ पीछे ले जा कर अपने चुचो को ब्रा से आजाद कर दिया. तो पब भी उनको छोटे बच्चो के जैसे चूसने लगा. बिच बिच में दांतो से कटा तो कामिनी जोर से सिसक पड़ती. एक को चुस्त तो दूसरे को मसलता. थोड़ी देर में पब का हाथ कामिनी के मुलायम पेट पैर गम रहा था कामिनी के पुरे जिस्म में एक सनसनाहट हो रही थी. छूट ने बहुत सा पानी पंतय में बहा दिया था. फिर जैसे hi पब की छोटी ऊँगली कामिनी की नाभि में गयी तो कामिनी मचल गयी और पब के बाल खींच दिए…

कामिनी – आह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह क्या कर रहे हो जी ऐसा तो कभी नहीं लगा… हो माआ अप्प्प तो माज़्ज़ी सी… आह्ह्ह्ह जांणणले लोजी क्याआ….

शायद कामिनी की नाभि कामिनी का वीक पॉइंट थी या पहली बार नाभि से हुए इस खिलबाड़ से वो इतना बादक गयी की वो झड़ने लगी…. कामिनी को झाड़ता देख पब रुक गया. और उनको सांसे ठीक करने दिया…

जब कामिनी नार्मल हुयी और उसने देखा की पब उसको प्यार से केवल देख रहा है तो कामिनी को पब पैर इतना प्यार आया की जो एक झटके में पलट गयी और पब को अपने निचे ले कर उसके होंटो को चूसने लगी. कहा भानु ने कभी ये नहीं देखा की कामिनी को मज़ा आ भी रहा है या नहीं और कहा पब ने कामिनी को झाड़ता हुआ महसूस करके उसको उसका परमसुख पाने दिया. पब की इतनी केयर देख कर कामिनी को पब पैर इतना प्यार आ रहा था की वो दीवानी की तरह पब के पुरे फेस को चूमती चली गयी. और फिर पब की शर्ट को उतर कर उसके पुरे सीने पैर चुम्मियो की बौछार कर दी. पब भी कामिनी के इस प्यार का फुल मज़ा ले रहा था. उसका लुंड बहुत देर से खड़ा हो कर रोड बना हुआ था जो इस टाइम कामिनी की साडी के उप्पेर से hi उसकी छूट पैर चुभ रहा था. पैर कामिनी केवल पब को चूमने में लगी थी.

थोड़ी देर में पब ने फिर से कामिनी को पलट दिया और उसके पैरो को चूमते हुए उसकी साडी को उप्पेर करने लगा. उसकी पिंडलियों को चुनने के बाद पणब उसकी जनहो को चूमने और चाटने लगा. जनहो पैर कितनी hi जगह पब ने लव बाईट बना दिए थे. साडी कमर पैर ीखती हो गयी थी और रेड गीली पंतय से छूट की एक झलक मिल रही थी. ये झलक देख कर पब के लुंड में एक और ठुमका लगया तो पब को अपने लुंड में दर्द फील होने लगा. पब ने रुक कर पहले अपने सरे कपडे खोल दिए. और पूरा नंगा हो गया. कामिनी ने भी पब के देखा देखि अपनी साडी और पेटीकोट उत्तर दिए अब उसके बदन पैर केवल एक लाल पेंटी थी जो उसके गदराये हुए बदन की सोभा बड़ा रही थी.

पब ने अपने होंठ ले जा कर सिदा पेंटी के उप्पेर hi रख दिए तो कामिनी की एक बार फिर मस्ती में आँखें बंद हो गयी. पब ने कुछ देर पेंटी के उप्पेर से hi कामिनी की छूट को छठा तो कामिनी ने खुद hi अपनी पेंटी को उत्तर दिया. और फिर पब के मुँह को अपनी छूट पैर दबाने लगी पब की जीभ को छूट के अंदर दाल दाल कर चाटने लगा. उसके डेन को होंटो से दवाने लगा तो कामिनी ने उसके सर को और दबा दिया. तो पब ने उसके डेन केर दन्त लगा दिए कामिनी के मुँह से एक दर्द भरी सिसकी निकल गयी फिर पबने उसके डेन को जीभ से चेतना सुरु कर दिया. कामिनी ये सब और बर्दाश नहीं कर पायी और फिर से झड़ने लगी. पब भी उसके कॉमर्स को छत्ता गया. और कामिनी अपनी उखड़ी हुयी सांसो को सँभालने लगी.

जब कामिनी की सांसे ठीक हुए तो उसने देखा की पब उसके पास में लेता उसे देख राह है. कामिनी उससे जा चिपकी. और फिर बोली – सच मैं आप जादूगर हो आपके प्यार के आगे मैं हार गयी. मुझको ऐसा फील आज तक नहीं हुआ. पता hi नहीं था सेक्स में इतना मज़ा भी मिलता है नहीं तो पहले थोड़ी देर दर्द मिलता था और फिर कुछ देर मज़ा और मैं पूरी हुयी भी या नहीं ये देखे बिना अपना काम करके एक साइड हो जाता था …

पब सोचता है आज इनके दिल से वो कड़वी यादे मिटने के लिए उनको बहार लाना होगा. और ये सच है यदि कोई आदमी अपना दर्द किसी को बता देता है तो दर्द काम हो जाता है.

पब – कामिनी ऐसा क्या करता था भानु जो तुमको दर्द मिलता था.

कामिनी – क्या नहीं करता था वो मेरे साथ बीएड पैर मैं उसके लिए एक रंडी होती थी. कभी नंगी करके मुझे नाचता तो कभी तप्पड़ मर मर के चुत्तड़ लाल कर देता. गालिया भी देता था और जहा मान होता वह कटा था. मेरा मन हो या न हो उसे जो करना होता था वो करके hi मंटा था. न तो कभी प्यार से चूमा और न hi कभी मेरे खुश का कोई धयान रखा. पहले दबा कर मेरे जिस्म को मसलना फिर मेरे मुँह में लुंड लड़ कर लुंड गिला करना और फिर चढ़ जाना. एक वेह्शी की तरह मेरे जिस्म को नोचना और फिर अपना पानी निकल कर साइड हो जाना.. यदि कुछ कहो तो पिटाई सुरु. नशे में तो बिलकुल hi जानवर बन जाता था. और नशे में मुझको छोड़ने के बाद मेरे उप्पेर hi टॉयलेट करके सो जाता.. सुरु में तो मैं रोटी रहती और दर्द में उसके टॉयलेट से भीगी hi पड़ी पड़ी सो जाती. बाद में जब आदत पद गयी तो ये दर्द सहन होने लगा तो उड़ कर खुद के जिस्म को साफ़ करके सो जाती थी….

ये सब कहते हुए कामिनी की आखों से आशु बहने लगे. तो पब भी कुछ सोचते हुए दुखी होने लगा की उसने सलोनी की साथ भी तो कुछ कुछ ऐसा hi किया था कैसे बेदर्दी से उसने सलोनी को छुड़ा था. अब उसको लग रहा था उसने पारी और सलोनी के साथ कल बहुत गलत किया है.

थोड़ी देर कामिनी आशु बहती रही और पब ने लिपटी रही. फिर पब ने कामिनी के आशु साफ़ करके उसके होंटो को चूसना सुरु कर दिया तो कामिनी भी अपने दुःख को भूल कर पब का साथ देने लगी. थोड़ी hi देर मैं दोनों अपने रंग में फिर से लूट आये पब एक हाथ से कामिनी के चुचो को तो दूसरे से उसके चुत्तड़ो को सहला रहा था तो कामिनी के हाथ उसकी पथ पैर चल रहे थे. कामिनी कुछ देर में पब से अलग हुए और पब को बीएड पैर लेता कर उसके पैरो के पास बेथ गयी और उसके लुंड को एक बार में hi मुँह में ले कर निकल दिया और फिर उसको चाटने लगी फिर उसे मुँह में भर लिया और चूसने लगी. पब की तो आह्हः निकल रही थी. कामिनी ये सुच पब को पहले भी दे चुकी टी पैर आज उसको एक अलग hi मज़ा आ रहा था.

पब ने कामिनी को अपने उप्पेर से हटाया और उसे बीएड पैर लेता दिया उसकी टैंगो के बिच में आ कर अपने लुंड को छूट पैर सेट करने लगा तो कामिनी बोली – प्लीज धिरे से डालना आपका बहुत बड़ा है.. मेरी फैट जाएगी…

पब – चिंता क्यों करती हो डार्लिंग बहुत आराम से करुगा…

किमिनी – आह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह मायआ ररऊउउउक्क्कुओ…

पब ने एक दक्का मर कर अपना विशाल टोपा कामिनी की छूट में उतर दिया तो कामिनी दर्द से तड़फ ुधि और उसको रुकने को कहने लगी पब भी रुक गया और उसके चूचियों को चूसने लगा. और धिरे धिरे लुंड को पुश भी करने लगा. 5-6 इंच तक तो कामिनी थोड़े दर्द के साथ उसे अपने अंदर ले गयी और फिर बोली – बस अब और नहीं आज तक इससे आगे कभी नहीं गया है आअह्ह्ह इतने से hi बहुत दर्द हो रहा है. थोड़ा रुक जाओ जान …

पब भी कामिनी की बात सुन कर रुक गया और फिर से उसके होंटो को चूसने लगा. जब कामिनी थोड़ी नार्मल होने लगी तो पब ने उतने hi लुंड से उसको छोड़ना सुरु कर दिया.

कामिनी – आह्ह्ह्हह ोुह्ह्ह्ह ऐसे hi धिरे धिरे … आए ससीईई ह्ह्ह्हम्मम्मम्म डीईररररीीे …

पब – ऊऊह्ह्ह कमींणीय कक्किय्या छूट है तेरी… तू तो सच में बहुत गरम है अंदर से….

कामिनी – हहहाआनं ऐसे हीई बहुत अच्छा लग रहा हैआईईई जज्जीीी… ननीककालल दोऊ ममीरीई साररीई गर्मी निकल दो ना आपपपपप..

अब पब ने दकको की थोड़ी स्पीड बड़ा दी और थोड़ा थोड़ा लुंड अंदर पूछ करता रहा कामिनी मस्ती और दर्द में सिसकती रही और कुछ न कुछ बोलती रही.. जब पब ने देखा की कामिनी चरम के नजदीक है तो उसने दकके थोड़ा और तेज़ कर दिए..

कामिनी – ोुह्ह्ह आआ थोड़ा तेज़ आए चुड्दुओ जीई अप्पणीई कामिनी को तेज़ तेज़ चूड़ूऊ और छोड़ो.. आअह्ह्ह चूडड्ढू अपनीई ठकुराइन koooo…aaahhhh कक्कक्कक्स मम्मड़ररा हहूँन्नी वाअल्लाअ हैई… न्नन्नाःह्ह्ह्हियी ोू ममममायआ रररुककककक ज्ज्ज्जेआऊवो आअह्हह्ह्ह्ह

जैसे hi पब को लगा की कामिनी झड़ने वाली है वैसे hi पब ने भचा कुछ लुंड भी एक झटके में hi घुसा दिया अपना मुशल कामिनी के अंदर घास कर संत हो गया पैर कामिनी झड़ते हुए दर्द में तडफने लगी. एक और चरम का सुच तो दूसरी और भयानक दर्द… कामिनी आशु बहते हुए सिसकती रही पब भी उसके डेन को मसलने लगा ताकि दर्द थोड़ा काम हो और एक चुके को चूसने लगा.

थोड़ी hi देर में कामिनी फिर से नार्मल होने लगी और उसकी गर्मी बढ़ने लगी तो उसने अपनी गांड हिलना सुरु कर दिया. पब ने भी अपनी कमर हिलना सुरु कर दिया कुछ hi देर मैं दोनों फिर से रंग में आ गए.

कामिनी – आअह्ह्ह्ह ऐसे hi छोड़ो … तेज़ तेज़… आह्ह्ह्ह मैं तो उड़ रही हु … ोुह्ह्ह ईई क्ययया होऊ राहा हैई म्मीएरररी साट्ठह्ह्ह ोुह्ह्ह सायंममबभःहलल्लूओ आप्प्पणीई कामिनी कोऊ

पब – आअज्ज्ज्जाआआआ जज्जाआँण मम्मीएडीईई ठ्ठाकुरैन अअअअअ अब मैं भी अप्पण्णा पपाणनीय टिर्री अंदर भरना चाहता हु… ऊऊह्ह्ह कामिनी कितनी टाइट है तू… आअह्ह्ह …

ये बोलते हुए दोनों साथ मैं झड़ने लगे. पब को पता था कामिनी इसके ज्यादा झेल नहीं पायेगी इसलिए वो भी कामिनी के साथ hi झाड़ गया. और कामिनी के उप्पेर पद कर हाफने लगा थोड़ी देर मैं दोनों फ्रेश होने गए. कामिनी पैर चला नहीं जा रहा था तो पब hi उसको अपनी गॉड मैं ले कर गया. और फिर कामिनी और साफ़ करके टॉयलेट करवा कर फिर से बीएड पैर सुला दिया. आज कामिनी 4 बार झाड़ गयी थी तो लेटते hi कामिनी को नीड आ गयी कामिनी को सुला कर पब कुछ सोचता हुआ सलोनी के रूम में पहुंच गया.
 
:अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:

वह वह व्हाट ा ग्रेट रिप्लाई.... थैंक यू बीआरओ.... दिल खुस हो गया रिप्लाई पद कर...

भाई आपके हिसाब से अदिति के पास ऑप्शन क्या है??? अदिति को पता है की शादी तो पब उससे कर्जा नहीं... और यहाँ उसकी आग पब के लिए रूही ने पूरी भड़का दी है.

भाई अपने एक दम ठीक कहा है माँ और बाप की गलतियों से दोनों भाइयो को बिगड़ दिया. पैर एक बात है अविनाश ने अखिल से कई बार कहा है की वो अब सोनल से सच में प्यार करता है. अब ये सच है या फिर कोई और गेम ये तो वक्त hi बताएगा.

रतन और लता ने यदि अपने दोनों लड़को पैर ध्यान दिया होता तो वो ऐसे होते hi नहीं. हर माँ बाप की तरह रतन और लता के लिए तो उनके दोनों बेटे बहुत शरीफ है. चाहे वो एक नंबर के धूर्त हो गए हो..

भाई अभी ये क्लियर नहीं है की सोनल ने अविवष को क्यों छोड़ा है. ये तो सोनल hi बताएगी. पैर सोनल अभी किसी से मिल भी नहीं रही है...

आपके सभी सवाल एक एक करके सोल्वे होते रहेंगे भाई साथ बने रहिये...

पिक्चर अभी बाकि है मेरे दोस्त....:):):)

:thanks::thanks:
 
थैंक यू भाई फॉर ा ग्रेट कमेंट.... मज़ा आ गया...

हाँ भाई लगता तो नहीं सोनल के साथ ये भाई कुछ कर पाए है और सोनल ने पब ने केवल संभु को hi गलत बोलै है देखिये सच क्या है. वैसे यदि आप एक बार फिर से स्टार्ट के अपडेट पडेगेटो उसमे आपको सोनल के साथ क्या हुआ है उसकी हिंट मिल जाएगी.

भाई अभी अदिति क्या क्या जानती है ये तो अदिति hi बताएगी. पैर सोचिये जब सोनल ने किसी को बताया hi नहीं है और इन दोनों भाइयो को भी उसका पता नहीं है तो अदिति कहा से पता कर पायेगी.... सोनल का केस भी खुलेगा पैर संभु की मूट के बाद.....

थैंक यू वन्स again.....:thanks::thanks::thanks:
 
थैंक यू फॉर लवली कमेंट ...:laughclap::laughclap::laughclap::laughclap::laughclap:

सोनल को क्या हुआ था भाई ये तो आगे hi आएगा. सोनल का केस संभु की मूट के बाद hi खुल सकता है कियोकि संभु की मूट के बाद hi वो किसी से मिलेगी ये उसने बोलै था पब ने....

अदिति का क्या होगा ये जल्दीही आप लोगोके सामने होगा. अभी कामिनी के साथ सेक्सका मज़ा लीजिये....
 
अपडेट 283

कामिनी को सुला कर पब कुछ सोचता हुआ सलोनी के रूम में पहुंच गया. सलोनी अभी सो रही थी पब भी उसके पास में लेट गया और उसके बालो को प्यार से सहलाने लगा. सलोनी सोते हुए बहुत hi मासूम सी प्यारी सी लग रही थी. पब को उस पैर बहुत प्यार आ रहा था और पब की आँखें भी गीली हो गयी थी पता नहीं क्या सोच कर पब सलोनी पैर प्यार लुटाते हुए दुखी हो रहा था. पब की आँख से एक आशु सलोनी के चेहरे पैर जा गिरा ये पब को भी पता नहीं चला. पैर सलोनी की इससे नीड खुल गयी. उसने जब अपनी आखें खोली तो उसे केवल पब का फेस hi नजर आया. उसकी भीगी आँखें और हैंतो की मुस्कान ने सलोनी को बेचें कर दिया सलोनी तुरंत उसके फेस को नजदीक करके उसके होंटो को चूसने लगी. पब तो एक बार हड़बड़ा गया उसको पता hi नहीं था की सलोनी जग गयी है पैर वो कुछ hi पालो में सलोनी का साथ देने लगा. सलोनी पब के होंटो को ऐसे चूस रही थी जैसे उसके दुःख को खींचना चाहती हो.

थोड़ी देर बाद दोनों अलग हुए तो सलोनी ने अपनी सांसे ठीक करके पब को अपने से किसी बच्चे की तरह चिपका लिया और उसकी पथ को सहलाते हुए बोली – क्या हुआ आपको?? किमिनी दीदी ने कुछ कहा दिया क्या?? आपकी आखों में आशु??? बताइये क्या बात है जो आपको दुःख दे रही है…

पब – सलोनी वो.. सलोनी… मैं तुमसे माफ़ी मग्न चाहता हु… प्लीज मुझको माफ़ कर देना….

सनोली नासमझी से – पैर क्यों?? हुआ क्या है?? आप मुझसे क्यों माफ़ी मांग रहे है???

पब – वो… वो…

सलोनी पब के फेस को अपने दोनों हाथो से पकड़ कर पहले एक किश की फिर बोली – बोलिये तो आप मुझसे कुछ कहने में हिचक रहे है, ऐसी क्या बात है जी..

पब – सलोनी वो जो मेने कल तुम्हारे साथ किया न तो मुझको अब बहुत गलत लग रहा है कैसे तुम्हारे साथ बेदर्दी से पेश आया था मैं मुझको माफ़ कर दो पता नहीं मुझको क्या हो गया था की मैं तुमको दर्द दे बैठा…

सलोनी कुछ देर पब की बात समझती रही फिर बोली – आपसे किसने कहा की आप मेरे साथ गलत किये थे??? कामिनी दीदी ने कुछ कहा?? मेने तो किसिस से कोई शिकायत नहीं की फिर किसने कहा आपसे ये की अपने मेरे साथ गलत किया है…

पब – किसी ने नहीं कहा सलोनी पैर आज कामिनी ने मुझको भानु के बारे में बताया की वो …. फिर पब वो सब बता दिया जो कामिनी से बताया था… जब कामिनी को इससे दुःख होता था दर्द मिलता था तो तुमको भी दुःख हुआ होगा न… प्लीज मुझको माफ़ कर दो…

पब की बात सुन कर सलोनी के फेस पैर एक मुस्कान आ गयी और वो इतने प्यार से पब को निहारे लगी की पब को hi शर्म आ गयी. सलोनी ने फिर पब को अपने उप्पेर खींच लिया और उसको अपने चुचो पैर भींच कर बोली – ारे मेरे भोले सामान तुमने सोच भी कैसे की मुझको वो सब बुरा लगा होगा… तुमने पारी के साथ भी तो किया था पारी ने भी कुछ कहा क्या??

पब – नहीं उसने भी कुछ नहीं कहा पैर मैं उससे भी माफ़ी मांगने जाउगा…

सलोनी – आप एक बात बताओ आप हम सभी से इतना प्यार क्यों करते है. दिल तो अपने पहले hi हमारा चीन लिया है अब क्या चाहते है आप???

सलोनी की बात सुन कर पब गर्दन ुधा कर सलोनी को देखने लगा.. जैसे उसकी बात को समझने की कोसिस कर रहा हो.

सलोनी – आप जानते है आप न कुछ ज्यादा hi प्यार करते है हम सभी से इतना भी प्यार न दो की हम संभालना hi भूल जाये.. और आप न बिलकुल बुद्दू हो.. कहने के लिए इतनी साडी बीबी बना ली और अकाल है नहीं श्रीमान में…

पब – और वो क्यों भला?? मेने क्या गलत कहा??

सलोनी – आपको न अभी सेक्स का पूरा ज्ञान नहीं है. आपको पता है जिसको आप मुझको दर्द देना कहा रहे है उसमे मुझको कितना मज़ा मिला था. मैं शायद सब्दो में बया न कर सकू इतना…

पब सलोनी को देखता hi रहा गया जैसे एक अच्छा स्टूडेंट अपनी टीचर को देखता है जब को कोई इम्पोटेंट लेसन पड़ा रही हो.

सलोनी – सेक्स का दूसरा नाम है चाहत.. जब कोई अपने पार्टनर की चाहत को पूरा करते है उनकी इच्छाओ का सम्मान करते है तो वो सेक्स लव मेकिंग बन जाता है और जब कोई केवल अपनी चाहत को पूरा करता है तो वो बलात्कार बन जाता है. दर्द और तकलीफ देता है. सेक्स में कुछ भी गलत या सही नहीं होता होती है तो बस दोनों की चाहत यदि एक को सेक्स करने की इच्छा hi न हो तो आप कितने भी प्यार से करे वो दूसरे को बलात्कार hi लगेगा. और यदि दोनों किसी चीज के लिए तैयार हो चाहे वो कितनी भी गन्दी या गलत लगती हो पैर वो भी उन दोनों को लव मेकिंग hi होगी. अब जैसे मैं हु एक दानव कन्या यदि आप मेरे साथ प्यार से सेक्स करेंगे तो मुझको अच्छा तो लगेगा पैर मेरी चाहत ादुरि रहा जाएगी तो मैं कभी भी अपने अंदर से कूद को पूरा फील नहीं कर पाउगी. वैसे hi यदि आप पारी के साथ केवल प्यार से करते तो शायद वो झड़ती भी नहीं तो वो पूरी कैसे होती??

पब – मतलब तुम खुद चाहती थी की मैं तुम्हारे साथ वैसे करू इसलिए तुमको उसमे मज़ा आया और कामिनी वैसा कुछ नहीं चाहती थी इसलिए वो उसको दर्द देता था.

सलोनी – हाँ सही कहा. हर किसी की बॉडी की कैपेसिटी अलग अलग होती है और वक्त से साथ उसकी रेकुरीमेन्ट भी अलग अलग होती है. जैसे जब आप सेक्स सुरु करते है तो सुरु में हलके दकको में भी मज़ा आता है वही चरम पैर पहुंचे के करीब हलके दकको से कुछ नहीं होता. वैसे hi मेरी दानवकन्या की बॉडी है किस पैर हलके से या प्यार से करने पैर कोई फील hi नहीं होगा. समय और पार्टनर के हिसाब से hi सेक्स करने में दोनों को मज़ा मिलता है.

पब – हम्म यानि मेने गलत सोच की तुमको दुःख हुआ होगा. अच्छा क्या किसी को टॉयलेट पिने या पिलाने में भी कोई मज़ा आता है क्या??

सलोनी – देखो जी हर एक की अपनी अपनी फंतासी होती है. हो सकता है किसी को ये करने मैं मज़ा आता हो. जैसे मेरी तो पागलपन की हद तक तेज़ी से छोड़ना hi मेरी फंतासी थी और अपने मुझको वैसे hi छुड़ा था तो मुझको बहुत मज़ा आया..

पब – ोूहः सलोनी तुमने मेरे दिल का बोझ काम कर दिया… (फिर सलोनी के होंटो को चुम लेता है), (मन में – थैंक गॉड मुझको तो लगा था की सलोनी के साथ मैं खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पाया इसलिए सलोनी के साथ वैसा कर बैठा. पैर जो भी हो सलोनी को गलत नहीं लगा ये hi बहुत है. पता नहीं मुझको आज कल क्या क्या फील होने लगा है)

सलोनी – आप भी न पता नहीं क्या क्या सोचते रहते है. पैर मुझको भी न आपसे एक बात पूछनी थी

पब – हाँ बोलो??

सलोनी – अपने मेरी तो फंतासी पूरी कर दी, और सभी को उनकी चाहत जान कर hi किया. पैर हममे से किसी ने भी ये नहीं जानना चाहा की आपकी क्या चाहत है… आपकी क्या फंतासी है…

पब – मेरी चाहत तो केवल तुम सभी की ख़ुशी है और कुछ नहीं… (मन में – कैसे कहु सलोनी मेरे मन में क्या क्या चल रहा है और मैं खुद को कैसे कण्ट्रोल किये बैठा हु. पता नहीं ये मेरे साथ क्या हो रहा है पहले तो एसकुच भी नहीं होता था)

सलोनी – ऊऊह्ह्हुउउउ गन्दी बात मेने भी आपको अपनी फंतासी बताई न तो आप भी बताइये न…

पब – सच कहु तो मैं भी तुम्हारे साथ खुल कर सेक्स करना चाहता हु. मेने किया भी पैर फिर भी दिल में एक दर था की कही तुमको दर्द न हो या तुम बुरा न मनो तो बस एक हिचक रहा गयी पैर इस बार वादा है तुम्हारी छूट का बंभोसड़ा बना कर hi मानुगा..

सलोनी – ये हुयी न पतिदेव वाली बात.. हम सब आपकी है और ये सरीर भी आपकी अमानत. आप इसको जैसे चाहे भोग सकते है..

पब - हम्म ok पैर मैं चाहता हु की तुम सब भी मुझसे वादा करो की तुम सभी अपनी अपनी फंतासी बताने में हिचकिचोगे नहीं और न अपनी न पसंद बताने में देर करोगे…

सलोनी – मेरा तो वादा है आपसे बाकि से आप खुद hi कहना..

पब – न न डार्लिंग अब ये काम तो तुमको hi करना पड़ेगा.

सलोनी – जो आज्ञा पतिदेव की… ः.. अच्छा मेने सुना है की आप पारी की गांड मरने के लिए बोले है..

पब – हाँ मेरा बहुत मन है पारी की गांड मरने का …

सलोनी (थोड़ा शरमाते हुए) – और मेरी गांड के बारे में क्या ख्याल है जी….

पब चौक कर – सच में??? (सलोनी हाँ में गर्दन हिलती है) तो क्यों न अभी करे ये नेक काम???

सलोनी – नहीं बिलकुल नहीं अब आप जाओ दीदी के पास अभी आपका वह होना जरुरी है…

पब सलोनी की बात को समाज कर उसके होंटो को चूसते हुए उसके एक चुत्तड़ पैर तप्पड़ मर कर बोलै – बच गए आज पैर कब तक बचोगे….

ये बोल कर पब पंहुचा अपने रूम में और कामिनी को बांहो में ले कर सो गया. और ीदार सलोनी पब की बातो को याद करके मुस्कुराती रही और उसको भी कब नीड आ गयी उसको भी पता नहीं चला…

………………………..

नेक्स्ट डे

सुबह उड़ कर पब धयान में बेथ तो उसको केवल रात में की सलोनी की बात hi याद आने लगी तो उससे कुछ सोच कर माहि वाली शक्ति को एक्टिव किया और सेक्स से रिलेटेड कामसूत्र और भी बहुत से ग्रांटों को समझने लगा. जब वो धयान से ुधा तब उसको सेक्स की बहुत क्नोवगे हो चुकी थी. और उस टाइम hi कामिनी उड़ गयी तो उसने प्यार से कामिनी को किश करके गुड मॉर्निंग विश किया. और दोनों रूम से बहार आ गए. बहार केवल गुरु और काजल किचन में लगी हुयी थी. तो पब ने गुरु से पूछा – गुरु बाकि सब कहा है???

गुरु – बाकि सभी आज अपनी बड़ी हुयी पावर्स को चेक करने के लिए गयी है. वो सब अपनी पावर्स पैर अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए सुबह 5 बजे hi जांगले की और गयी थी. आती hi होगी थोड़ी देर में…

पब – और मेरी बेटी कहा है??

गुरु – वो तो अभी सोई है थोड़ी देर पहले दूध पि कर…

तभी पूरी मण्डली आती हुयी दिखाई दी. सभी के फेस पैर एक अलग hi चमक थी जो पब को देख कर बाद गयी थी सभी ने आ कर एक एक करके पब को किश किया और सब हॉल में सोफों पैर hi बेथ गयी पैर ऐडा तो पब की गोद में hi जा बैठी. और बोली

ऐडा – देखो न.. सबके पास पावर्स है और मैं आपकी पावर गर्ल होते हुए भी मेरे पास कोई पावर नहीं…

पब – मेरी जान तेरे पास तो सबसे बड़ी पावर है तू hi देख तेरे अलाव किसी के चुचो में दूध नहीं है ये वाली पावर है किसी के पास…

पब की बात सुन कर सभी जोर जोर से हसने लगी और ऐडा पब के सीने पैर मुक्के मरने लगी… कुछ देर यु hi हसी मजाक के बाद सब फ्रेश होने चली गयी और पब ने गुरु को अपने पास बुला लिया..
 
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