MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 11 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

अपडेट 83

अब 3 ऑवर पुरे हो चुके थे ऐडा की छूट में लुंड गए. और पब अभी भी उसे छोड़ रहा था. पिछले 1 ऑवर में ऐडा की छूट से बहुत सारा खून बहा चुक्का था. और ऐडा की केवल आखें hi खुले हुए थी बाकि का सरीर हिल भी नहीं रहा था. और यहाँ पब के दकको में तूफानी तेज़ी आ चुकी थी लग रहा था की अब ये खेल ख़तम होने वाला है. कोई 5 मं के तूफानी दकको के बाद पब एक जोर की चीख मरता हुआ जोड़ने लगा. अभी तक तो पब की बॉडी से पसीना बहा रहा था पैर अब उसके लुंड से वीर्य निकल रहा था. वीर्य भी इतना था जैसे किसी छोटे से बच्चे ने सुसु कर दी हो. सारा वीर्य ऐडा की छूट से बहार को जा रहा था. उसमे ऐडा का खून भी मिला था. पब पूरी तरह झड़ने की बा दादा के सरीर पे hi गिर गया और वो बेहोश हो गया.

पारी, अंकिता और सविता पब की और भागे. पैर तब hi पब की बॉडी में से एक काळा रंग का धुँआ निकलने लगा. ऐडा की आखें अभी भी खुली थी. पब का लुंड जो छूट में था. ऐडा भी उस काळा धुएं को देख रही थी. और थोड़ी hi देर में धुआँ निकलना बंद हो गया. और वो धुआँ एक गए का रूप लेने लगा. कुछ hi देर में धुआँ किसी आदमी की परछाई बन गया. फिर उस साये में से आवाज आयी

साया – ऐडा मैं तुमसे बहुत खुस हु. आज बहुत दिन बाद किसी ने मुझको संतुस्ट किया है. नहीं तो लड़किया मर जाती है. पैर मेरा कुछ नहीं होता. मागो क्या मग्न चाहती हो. मैं डलासुर तुम्हारी एक इच्छा पूरी करना चाहता हु…

ऐडा (कुछ देर सोचने के बाद बहुत डेमी आवाज में बोलती है) – यदि आप मुझसे खुश है और मुझे कुछ देना चाहते है तो मेरे पति का जो टारगेट है वो उसे बिना किसी परेशानी के पा ले..

साया – नहीं ऐडा मैं असा वार नहीं दे सकता. ये तो तुम्हारी पति के करम और म्हणत hi तय करेगी की ये अपने टारगेट को पायेगा या नहीं. इसके टारगेट के साथ मैं भी जुड़ा हु. तो मैं ऐसा वरदान नहीं दे सकता.

ऐडा (फिर कुछ सोचती है) – यदि ऐसी बात है तो फिर वर दो की आप कभी भी किसी भी तरह मेरे पति या मेरे परिवार को परेशां नहीं करेंगे, और न hi कभी बुरा सोचोगे.

साया – तुमको पता है की तुम अभी तक न तो बेहोश हुयी हो और न hi मरी हो ऐसा क्यों हुआ है. कियोकि इस लड़के का लिंग तुम्हारी योनि में है और इसके लिंग में मेरी और मेरी पत्नी की पावर है. तुम अपनी जिंदगी या अपने लिए कुछ न मैग कर इस लड़के के लिए मांग रही हो. यदि तुम मर गई तब भी ये अपनी बाकि पत्नियों के साथ ख़ुशी से रहेगा. पैर तुमको कुछ भी नहीं मिलेगा. तुम्हारे हिस्से में सिर्फ मूट आएगी.

ऐडा – पैर फ्यूचर में फिर से किसी ने आपको भेज दिया तो मेरा परिवार बिखर जायेगा. यदि मेरे मरने से मेरा पूरा परिवार खुश रहा रक्त है तो मुझको वो मूट भी मंजूर है.

साया – मैं तुम्हारी भावनाओ को सुन कर खुस हुआ. तुम इतनी सी उम्र में भी बहुत समझदार और नेक दिल हो. मैं तुमको वरदान देता हु की कभी भी तुमर्हारे परिवार का मेरी वजह से कोई भी ाहित नहीं होगा. और तुम भी जल्दी hi ठीक हो जाओगी.

और ये कहा कर साया फिर से धुय बन कर उड़ गया. और ऐडा के फेस पे सुकून नजर आया. ये तीनो भी ऐडा के पास पहुंच गई. और ऐडा के उप्पेर से पब को उड़ने लगी. तब hi गुरु रूम में आ गई. और उनको रोक दिया. और गुरु फिर से किचन में पहुंची वह कामिनी पहले से hi एक दवा बना रही थी. गुरु उस दवा को ले कर रूम में गई और ऐडा को खिला दिया. और अंकिता से एम्बुलेंस बुलाने को बोलै.

दवा देने के 10 मं बाद दोनों को अलग किया तो ऐडा बेहोश हो गई. और उसकी सासे दिमि हो गई. अंकिता ने उसकी छूट को देखा तो उसमे से अभी भी खून बहा रहा था. अंकिता को इस वेयर में ज्यादा क्नोवगे नहीं थी. वो तो दिमाग की डॉ. थी. पैर फिर भी अंकिता ने ऐडा की छूट की सफाई कर के एक पद और पंतय पहना दी. और 1-2 इंजेक्शन लगा दिए. अभी दोनों के बदन पे कपडे थे. फिर पारी ने गुरु को बताया की सेक्स पूरा होने के बाद पब के सरीर में से कला धुआँ निकला और फिर वो एक साये के रूप में हो गया. और ऐडा से बाते करने लगा. दोनों के बिच क्या बाते हुई. ये हम तीनो को सुनाई नहीं दिया. जब तक एम्बुलेंस आयी तब तक सूरज की कुछ किरणों ने हलकी -2 रौशनी कर दी थी. एम्बुलेंस के आते hi पब और ऐडा को उसमे ले कर हॉस्पिटल चले गए. सब साथ में थे. सविता जाते हुए काजल और जय को हवेली और पेय का डायन रखने का बोल गई. कामिनी की आखों से आशु रुक नहीं रहे थे. फिर भी फेस पे एक सुकून सा था.

अंकिता ने हॉस्पिटल में फ़ोन से hi सब सेट कर दिया था. और डॉ. को ऐडा की कंडीशन भी बता दी थी. वह पहुंचते hi डॉ ऐडा को ओप्रशन के लिए ले गयी. और पब को एक डॉ. चक करने लगा. उसने बोलै की लगता है ये कुछ ज्यादा hi म्हणत किये है. तो कमजोरी से बेहोश है. जल्दी hi होश आजायेगा. अंकिता भी ये जानती थी पैर गुरु पब को हॉस्पिटल इस लिए लायी थी की कही ऐसा न हो की उस पैर अभी भी साये का कोई असर हो.

ऐडा को गयी अभी 2-3 मं hi हुए थे की डॉ. बहार आयी और अंकिता को साइड में ले जा कर उससे बात करने लगी. फिर वो चली गयी. कुछ hi देर बाद एक नर्स बहार आयी और बोली - खून की जरुरत पड़ेगी. और इनका ब्लड ग्रुप बी- है जो अभी हॉस्पिटल में नहीं है. और इतनी सुबह ब्लड लेन में टाइम लग जायेगा. आपमें से किसी का हो तो उनका इलाज जल्दी हो जायेगा.

अंकिता – नहीं मेरा तो नहीं है और किसी का है क्या??

सविता – मुझको अपना ब्लड ग्रुप नहीं पता.

कामिनी – मेरा तो ो+ है.

पारी – मेरा भी ो+

गुरु – मुझको भी नहीं पता

गुरु और सविता जा कर ब्लड टेस्ट करवाती है. और ीदार अंकिता दूसरे हॉस्पिटल्स और ब्लड बैंक्स में फ़ोन कर के ब्लड की पूछती है. तो केवल 1 यूनिट ब्लड hi मिलता है. जिसको लेने को वो एक हॉस्पिटल का hi आदमी भेज देती है. जबकि ये कोई रियर ब्लड ग्रुप नहीं था. पैर आज ये भी इस सिटी के किसी हॉस्पिटल और ब्लड बैंक में नहीं था. तभी सविता और गुरु के ब्लड की रिपोर्ट आ जाती है. सविता का ब्लड ग्रुप मैच कर जाता है. तो डॉ. तुर्रंत सविता को ले कर अंदर चले जाते है

कुछ देर में hi पब को होश आ जाता है. एक नर्स आ कर गुरु को बताती है तो गुरु और पारी पब के रूम में पहुंच जाती है.

गुरु – अब क्या हाल है जनाब का..

पब – ठीक है. बस कमर में दर्द है और कमजोरी हो रही है. सर भी दर्द कर रहा है.

पारी – कमर में तो दर्द होगा hi, इतनी देर तक ये करोगे तो दर्द नहीं होगा क्या..

पब को पारी की बात सुन कर कुछ डुंडला सा याद आता है की उसने ऐडा की चुदाई की है. पैर उसको पूरा याद नहीं आ रहा था.

पब – गुरु क्या हुआ था मुझे?? और मेने ऐडा को क्यों छोड़ना सुरु किया. और तुम लोगो ने रोका क्यों नहीं जबकि तुमको तो पता भी नहीं है की ऐडा और मेरा रिस्ता क्या है??

गुरु – अरे एक साथ इतने सवाल.. रुको सब बताती हु. पहले तुम बताओ तुमको क्या याद है. कल रात का?

पब – रात को……….. हाँ रात को मैं, अंकिता और काजल एक पार्टी में गए थे. वह पैर एक विदेसी सिंगर गण गए रही थी, गुरु उस सिंगर को देख कर मुझे उस पैर प्यार आने लगा, तुम समाज रही हो न में क्या कहना छह रहा हु..

गुरु हाँ में सर हिला देती है.

पब – फिर में उसका सांग सुनने लगा. और वेटर से एक सॉफ्ट ड्रिंक ले कर पिने लगा. जब गण ख़तम हुआ तो में उस सिंगर से बात करने के लिए उदा तो मुझको चक्कर आने लगे, मेरा सर भरी होने लगा. मैं वापिस बेथ गया. और अंकिता को साथ ले कर घर को आने लगे, मेरे सर का दर्द बहुत तेज़ हो गया. और मैं बेहोश हो गया. उसके बाद का मजे कुछ भी याद नहीं.. जब इतना याद है की पारी और अंकिता किसी बात पे लड़ रही थी. और फिर कामिनी नुदे डांस कर रही थी. फिर ऐडा को मैं छोड़ने लगा और तुम सब एक लाइन से एक दूसरे के जिस्मो से खेल रही थी. मुझको ये सब सपना जैसा लग रहा है.. जैसे मेने कोई सपना देखा हो. पैर पारी की बात से लगता है की ये सब सच है. अब तुम बताओ हकीकत में क्या हुआ था.

गुरु – तुमको जो सपने जैसा लग रहा है न ये सब सच है. 100% सच.. और रात को इससे भी ज्यादा हुआ था जो तुमको याद नहीं.. मैं और पारी तुमको पूरी बात बताते है…

फिर गुरु और पारी पब को सब बता देते है की क्या और कैसे हुआ. बस ये नहीं बताया की लास्ट में क्या हुआ. ऐडा के हॉस्पिटल में होने की बात कट कर दी. सब सुन कर जहा पब का लुंड खड़ा हो चुक्का था. वही उसकी आखों में आशु भी थे.

गुरु – क्या हुआ रो क्यों रहे हो, जबकि तुमको तो ये सुन कर मज़ा आ रहा था न…

पब – हाँ तुम सबके साथ मस्ती की सुन कर मज़ा तो बहुत आया. पैर तुम सबको मरने का दुःख है. वही इस बात का भी दुःख है की मेने तुम सबके साथ इतना कुछ किया और मुझको याद नहीं. और ऐडा के लिए भी दुःख है की अब उसकी स्टडी का क्या होगा. वैसे अभी वो है कहा

गुरु (डरते हुए और दुखी आवाज में) – वो ठीक है, तुम अभी आराम करो. कामिनी और सविता उसके पास है.

गुरु की बात से पब को किसी गड़बड़ का अंदेशा हुआ. तो पब गुस्से में – गुरु तुझको मेरी कसम सच -2 बता की ऐडा कहा है इस टाइम.
 
अपडेट 84

पब – हाँ तुम सबके साथ मस्ती की सुन कर मज़ा तो बहुत आया. पैर तुम सबको मरने का दुःख है. वही इस बात का भी दुःख है की मेने तुम सबके साथ इतना कुछ किया और मुझको याद नहीं. और ऐडा के लिए भी दुःख है की अब उसकी स्टडी का क्या होगा. वैसे अभी वो है कहा

गुरु (डरते हुए और दुखी आवाज में) – वो ठीक है, तुम अभी आराम करो. कामिनी और सविता उसके पास है.

गुरु की बात से पब को किसी गड़बड़ का अंदेशा हुआ. तो पब गुस्से में – गुरु तुझको मेरी कसम सच -2 बता की ऐडा कहा है इस टाइम.

गुरु को बताना hi पड़ा – वो ओप्रशन रूम में है. उसको ब्लूदिंग हो रही है.

पब – क्या पैर कैसे???

गुरु – तुम उसको 3 ऑवर तक छोड़ोगे तो क्या होगा उस बच्ची का. ऐसी चुदाई से तो अच्छी -2 रंडी भी मर जाये. जबकि अभी तो वो ठीक से जवान भी नहीं हुई है. डॉ तो उसकी हालत देख कर कहा रहा था की काम से काम 20 लोगो ने लगातार इसका रपे किया है. वो तो अंकिता ने सब संभल लिया नहीं तो डॉ. तो इलाज को भी तैयार नहीं था.

पब गुरु की बात सुन कर रोने लगता है. उसे दुख था की ऐडा की ये हालत का वो जिम्मेदार है. एक पति होने के नाते उसका फ़र्ज़ था की वो ऐडा की रक्षा करे. पैर यहाँ खुद उसने hi अपनी पत्नी को इस हाल में पंहुचा दिया था. ऐडा के बारे में सोचते हुए पब बीएड पे से उड़ कर ओप्रशन रूम पे पहुंच जाता है. जहा अभी भी ऐडा का ओप्रशन चल रहा था. कामिनी और अंकिता वह पैर खड़े थे. पब को देख कर कामिनी उसके गले लग कर रोने लगती है. वैसे भी कामिनी के आशु अभी तक रुके नहीं थे. वह पैर गुरु और पारी भी पब के पीछे आ जाते है.

कुछ देर बाद डॉ बहार आता है. और बोलता है. की वो अब खतरे से बहार है. पैर ब्लड की और जरुरत होगी. बी- ब्लड का किसी और सिटी से इन्तजार करवाना होगा. कियोकि सविता जी की बॉडी से हम पहले hi जरुरत से ज्यादा ब्लड ले चुके है. हमारे मन करने पैर भी वो ऐडा को ब्लड देती रही. हमारे पास कोई और रास्ता नहीं था. इसलिए हमने भी सविता के कहने पैर उनका ब्लड ऐडा को चढ़ा दिया. पैर ब्लूदिंग रुक नहीं रही है. डावाओ का असर होने में टाइम लगेगा. जब तक लगातार ऐडा को ब्लड देना होगा. आप कैसे भी बी- ब्लड का इंतजाम करे. तभी पीछे से आवाज आयी

काजल – डॉ साहब मेरा भी बी- hi है. आप मेरा ब्लड ले सकते है.

सब लोगो ने पीछे मुद कर देखा तो काजल, जय और अवनि खड़े थे. पेय स्कूल जा चुकी थी. तो ये लोग भी यहाँ आ गए. पैर इनको नहीं पता था की ऐडा के साथ क्या हुआ है. और पब को कल रात क्या हुआ था. केवल काजल और जय को रात में कार के अंदर हुयी बाते hi पता थी. इन तीनो की नज़र अभी तक पब पे नहीं गयी थी. तीनो ये hi समाज रहे थे की ब्लड की जरुरत पब को है. पैर जैसे hi उनकी नज़र पब पे पड़ती है तो वो तीनो चौक जाते है.

जय – अरे भाई तो काया खड़े है तो ब्लड की जरुरत किसको है??

काजल – मम्मी जी ऐडा दीदी घर पैर नहीं है. वो कहा गयी है..

गुरु – ऐडा को hi ब्लड की जरुरत है. वो इस टाइम पोटशन रूम में है.

ये सुन कर तीनो चौक जाते है.

अवनि – पैर रात को तो पंकज बीमार थे. तो अब ऐडा को क्या हो गया???

सब सोचते है की इनको क्या बताया जाये. सब चुप थे.

गुरु – तुम्हारे जानके के मतलब की बात नहीं है. छोड़ो इस बात को.

काजल ये सब सुन कर सोच में पद गयी. उसने देखा था की पब कार में कितना बेकाबू हो रहा था. और किसी गन्दी बाते कर रहा था. अब ऐडा को ब्लूदिंग होना और हॉस्पिटल में होना. फिर सबका को ऐडा की प्रॉब्लम को छुपाना. काजल के मंद में तुर्रंत गया की कही पब ने ऐडा का रपे तो नहीं दिया. और सोच्छ्ते हुए ये बात उसके मुँह से निकल गयी.

काजल (अपनी सोच में गम दिमि आवाज में) – कही ऐसा तो नहीं है की पंजक भाई ने ऐडा का रपे तो नहीं कर दिया.

ये बात दिमि जरूर थी पैर पास कड़ी अवनि ने सुन ली. ये सुन कर अवनि का दिमाग घूम गया. उसे अपने पंकज पे इतना तो विस्वास था की वो किसी का रपे नहीं कर सकता.

अवनि (गुस्से और दिमि आवाज में) – क्या कहा भाभी तुमने???

अवनि की आवाज सुन कर काजल अपने खयालो से बहार आयी और हड़बड़ा कर बोली – नहीं तो मेने कहा कुछ कहा…

फिर सब चुप हो गए. पैर अवनि के मन में काजल की बात घूमने लगी. तो काजल का दिमाग वो hi सब सोच रहा था. काजल को अब पब से एक दर सा लगने लगा. वो डॉ के साथ ऐडा को ब्लड देने उसके रूम में चली गयी. अवनि भी काजल के साथ अंदर चली गयी काजल का हौसला देने. डॉ भी जानते थे की कुछ लोगो को ब्लड देखने से भी चक्कर आ जाते है. तो डॉ ने भी काजल के साथ अवनि को आने दिया. डॉ काजल का ब्लड ऐडा के लिए लगा कर चले गए. वह ये सिर्फ 2 नर्स थी. जो ऐडा का और काजल का डायन रखने को थी. अवनि जानना चाहती थी की ऐडा को क्या हुआ है तो उसने एक नर्स से पूछा??

अवनि – सिस्टर अब ऐडा किसी है कब तक होश आएगा??

नर्स 1 – अब ठीक है बस ब्लूदिंग नहीं रुक रही है. वैसे जल्दी hi बंद हो जनि चाहिए.

अवनि – वैसे सिस्टर ऐडा को हुआ क्या है??

एक बार तो नर्स ने ुको घर कर देखा फिर बोली – क्यों आपको नहीं पता जो मुझसे पूछ रही है. कोण है ये आपकी..

अवनि – नहीं हमको नहीं पता ये मेरी छोटी बहन है और ये मेरी भाभी hai.(kajal की और इसरा करके) रात में जब सोये थे तब तक तो ये बिलकुल ठीक थी. और अब ये हॉस्पिटल में है क्या हुआ है मेरी छोटी बहन को??

न2 – सायद इसका रपे हुआ है. वो भी गैंग रपे. काम से काम 15-20 ने एक साथ किया होगा. वो तो ठाकुर साहब और अंकिता मम इसको लाये है नहीं तो बिना पुलिस की ए इसका इलाज भी न होता.

नर्स की बात सुन कर अवनि हैंग हो गई. पब पे जो उसका विस्वास था वो हिलने लगा. ऐडा का दर्द और अपने प्यार प् विस्वास टूटने से अवनि की आखों में आशु आ गए. दोनों नर्स अपने काम में लग गई. अवनि को काजल की वो बात याद थी इसलिए hi उसे पब पे सक हो रहा था. उसने काजल की और देखा और डेमी आवाज में काजल से बात करने लगी ताकि नर्सेज को पता न चले…

अवनि – काजल तुम किस बेस पे कहा रही थी की पंकज ने रपे किया है.

काजल ने रात को कार में हुयी साडी बातो को बता दिया. काजल को रात में भी समाज नहीं आया था की पब के साथ किसी साये का चक्कर है. उसको तो लगा था की ज्यादा ड्रिंक कर के पब सेक्स के लिए बहक रहा है.

अवनि काजल की बातो से सूरे हो चुकी थी की ये सब पब का hi किया है. कियोकि उसने सविता के साथ पब के सेक्स की साडी आवाजे सुनी थी. उसे पता था की पब को उसकी माँ ने बड़ी मुश्किल से झेला था. तो ऐडा तो एक छोटी बच्ची है. इसलिए hi उसकी ये हालत है. अवनि की आखों में गुस्सा और नफरत आ चुकी थी. उसके दिल में पब के लिए जॉब hi प्यार था वो अब नफरत का रूप ले चुक्का था. ऐडा उसके लिए बहन थी. और पब वो दरिंदा जिसने उसकी फूल सी बहन के साथ रपे किया था. अवनि अपने आप को काबू करने की कोसिस कर रही थी. पैर हर पल के साथ उसका गुस्सा बढ़ता जा रहा था. जब उससे बरदास न हुआ तो वो पब के पास पहुंची जो की ओट के बहार खड़ा था और ऐडा की सलामती की दुआ कर रहा था.

अवनि ने गुस्से में जा कर पब को एक तप्पड़ मर दिया. तप्पड़ की गूंज से जब सबने उस और देखा तो सब चौक गए. पब भी हेरात में था. उसने जैसे hi कुछ बोलने को मुँह खोला अवनि में फिर एक तप्पड़ मारा. ये देख कर सविता ने दूध कर अवनि को पकड़ा और उसको तप्पड़ मरने को हुयी तो पब ने सविता का हाथ पकड़ लिया. तब अवनि बोली

अवनि – मैं जानती हु की मैं तुमको जान से नहीं मर सकती. पैर भगवाल तुमको जरूर सजा देगा. तुमने मेरी बहन के साथ अच्छा नहीं किया. आज तक मेरे दिल में जो तुम्हारे लिए प्यार था वो अब नफरत का रूप ले चुक्का है. तुम इंसान नहीं हो हवस और वासना के पुजारी हो. 5 बीबियो के होते हुए भी एक फूल सी बच्ची को भी नहीं छोड़ा. तुम प्यार तो क्या नफरत करने के लायक भी नहीं हो…… ी हेट यू… ी हेट यू… (और ये कहा कर रोटी हुयी भाग कर काजल के पास पहुंच गई).
 
अपडेट 85

अवनि ने गुस्से में जा कर पब को एक तप्पड़ मर दिया. तप्पड़ की गूंज से जब सबने उस और देखा तो सब चौक गए. पब भी हेरात में था. उसने जैसे hi कुछ बोलने को मुँह खोला अवनि में फिर एक तप्पड़ मारा. ये देख कर सविता ने दूध कर अवनि को पकड़ा और उसको तप्पड़ मरने को हुयी तो पब ने सविता का हाथ पकड़ लिया. तब अवनि बोली

अवनि – मैं जानती हु की मैं तुमको जान से नहीं मर सकती. पैर भगवाल तुमको जरूर सजा देगा. तुमने मेरी बहन के साथ अच्छा नहीं किया. आज तक मेरे दिल में जो तुम्हारे लिए प्यार था वो अब नफरत का रूप ले चुक्का है. तुम इंसान नहीं हो हवस और वासना के पुजारी हो. 5 बीबियो के होते हुए भी एक फूल सी बच्ची को भी नहीं छोड़ा. तुम प्यार तो क्या नफरत करने के लायक भी नहीं हो…… ी हेट यू… ी हेट यू… (और ये कहा कर रोटी हुयी भाग कर काजल के पास पहुंच गई).

सब लोग ठगे से अवनि को जाते हुए देखने लगे. सविता तो पहले से hi कमजोर थी ऐडा को ब्लड देने की वजा से. तो वो पब के की बाँहों के सहारे कड़ी रहा गई. पब उसे उसी रूम में लिटा आया जिसमे से वो थोड़ी देर पहले hi वह आयी थी.

पब तो पहले से hi ऐडा की इस हालत का खुद को दोषी मन रहा था. और अब अवनि की उन कड़वी बातो से वो टूट गया. और वो खुद को ऐडा का कसूरवार मैंने लगा. जो की कुछ हद तक सच भी था. और पब दिल से खुद को ऐडा का दोषी मन चुक्का था. उसका खुद पैर से यकीं काम होने लगा था. त्रिकाल के इस हमले ने चले पब की जान नहीं ली थी. पैर उसका खुद पैर से विस्वास जरूर काम कर दिया था. पब सोच रहा था की फिर यदि ऐसा हुआ तो वो फिर किसी को हॉस्पिटल पहुंच देगा. वो खुद को रेपिस्ट मन कर अपने आप को सबसे दूर रखने की कोसिस कर रहा था. की कही वो अपना कण्ट्रोल खो कर फिर से ऐसा न कर दे.

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ीदार त्रिकाल अपने उसी घर ने गुस्से की आग में जल रहा था. अपने प्लान के फ़ैल होने के करद उसका गुस्सा सातवे आसमान पे था. ये पहली बार था की त्रिकाल ने कुछ प्लान किया हो और वो उसकी सोच के जैसा न हुआ हो. इससे पहले भी एक बार उसने मात खाई थी. और उसका खामियाजा उसने 24 सालो तक भुगता था. और त्रिकाल को मात देने वाली भी पब की माँ अल्पना hi थी. पैर इस बार तो त्रिकाल को कुछ नुकशान तो नहीं हुआ था. पैर उसकी साडी म्हणत बेकार हो चुकी थी. और उप्पेर से डलासुर का ऐडा को दिया आशीर्वाद ने उसके बहुत सरे रस्ते बाद कर दिए थे.

अभी त्रिकाल के पास में डलासुर के अलावा और कोई ऐसा हतियार नहीं था जिससे वो पब को नुकशान पहुंच सके. इसलिए उसे कुछ ज्यादा hi गुस्सा आ रहा था.

त्रिकाल – संभु ये क्या हो गया. सारा प्लान hi उल्टा हो गया. और उप्पेर से डलासुर का वो वरदान….

संभु – हाँ गुरु जी जो भी हुआ है, अच्छा नहीं हुआ. साला कोई कार में भी शादी करता है क्या. और शादी करके रहे भी ऐसे जैसे की मिया बीबी हो hi न.

त्रिकाल – हाँ संभु ये hi तो गलती हो गई. मैं हवेली पे नजर जमाये बेथ रहा और ये साला कार में hi शादी कर आया. पैर अब कुछ नहीं हो सकता. अब तो वो मणि भी सचेत हो गया होगा. और यहाँ मेरे पास कुछ नहीं है. साली अल्पना ने मेरा सब लूट लिया. और अब इसका बीटा मेरे नाक में दम कर रहा है. अब कुछ बड़ा सोचना होगा. तू भी पब के वेयर में पता लगा जितनी ज्यादा इनफार्मेशन होगी उतना hi हमारे सफल होने के चांस होंगे. मरेगा तो ये मेरे हाथो hi. बस एक बार ये सड़ना पूरी हो जाये फिर इस हरामी और उस मणि को कुत्तो की मूट दुगा.

फिर त्रिकाल को अपनी सड़ना भी करनी थी तो वो अपने गुस्से को पी कर सड़ना पे बेथ गया.

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ीदार गुरु भी मणि से बाते कर रही थी. चाहे पब बच गया था पैर त्रिकाल कब क्या कर दे ये सोच कर hi गुरु दर रही थी. गुरु को नहीं पता था की त्रिकाल चाहे मैदान में आ चुक्का था पैर अभी उसके पास इतनी पावर नहीं थी की वो लगातार हमले कर सके. पैर यदि दोनों का आमना सामना हो जाये तो अभी भी त्रिकाल के लिए गुरु को हराना चुटकी बजने जितना आसान था.

गुरु – गुरूजी क्या करना है अब, यदि त्रिकाल खुद हवेली पे आ गया तो उससे बचना तो मेरे या पब के लिए na-munkin है.

मणि – गुरु वो अभी नहीं आएगा. वो किसी सड़ना पे बैठा है. और वो ये सड़ना क्यों कर रहा है इसका पता लगाने मैं लगता कोसिस कर रहा हु. पैर वो फिर से हालमा कर सकता है.

गुरु – बात तो बही हुई न गुरु जी, इस बार तो किस्मत अच्छी थी जॉब अच् गए. पैर वो अगला हमला क्या और कैसे करेगा. ये तो किसी को नहीं पता. फिर क्या करे गुरूजी..

मणि – गुरु तुम सब एक युद्ध का आगाज कर चुके हो. और युद्ध में चारो और से हमले होते है. यदि तुम सच की रहा पे हो तो बिना डरे आगे बढ़ते रहो. युद्ध में कब किसको वीरगति आएगी. और कोण बचेगा. यदि ये सब सोच जाये तो फिर युद्ध नहीं किया जा सकता.

गुरु – पैर गुरु जी सामने त्रिकाल जैसा दुसमन हो तो ये सोच तो आएगी hi न. उसके पास बहुत पावर है. वो हम सब को चीटियों की तरह मसल देगा.

मणि – पहली बात तो ये की मेने सुना है उसके पास अभी पूरी पावर्स नहीं है. पैर फिर भी उसे कमजोर समझना मूर्खता होगी. और एक बात का डायन रखना यदि चिति की कोसिस अच्छी हो तो वो बड़े से बड़े हाथी को मर देती है. और मेने तुम लोगो की सुरक्षा के लिए एक छोटा सा काम कर रहा हु. हवेली पे एक ऐसा कवच होगा की कोई उसके रहते तुम सब पैर नजर नहीं रख पायेगा. त्रिकाल तुम्हारी हर मूव की खवार हवेली से hi ले रहा था.

गुरु – थैंक यू गुरु जी… आप चिंता मत करो. जब तक सास है मैं पब के साथ में कड़ी रहूगी.

मणि – केवल तुम नहीं पब की साडी बिबिया उसके साथ रहने चाहिए. एकता में hi सकती है. डायन सही यदि मनो में दरार आयी तो तुम लोग कभी भी जीत नहीं पाओगे. तुम्हारी एकता hi तुम्हारा सबसे बड़ा हतियार है.

गुरु – जी गुरु जी में पूरी कोसिस करुँगी..

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जब अवनि ने पब को तप्पड़ मरे थे उस टाइम गुरु वह नहीं थी. वो मणि से बात करने के लिए बहार गयी थी. जब गुरु वह पहुंची तो पारी ने गुरु को बता दिया की क्या हुआ है. गुरु को अभी से सब टूटता नज़र आने लगा. पैर अभी अवनि से बात करना मतलब की रिस्तो में दरार और बढ़ाना था. ऐडा के होश में आने के बा दादा के मुँह से सुन कर अवनि का गुस्सा टांडा करना hi गुरु को सही लगा. कामिनी ने सैंडी को फ़ोन कर के पेय को भी हॉस्पिटल में hi बुला लिया था. अपनी दीदी की बीमारी का सुन कर पेय भी रो रही थी.
 
भाई ऐडा तो ठीक होगी hi, पैर उसको कुछ दिन हॉस्पिटल में रहना पड़ेगा न. ऐडा को यदि फॅमिली और पब की चिंता न होती तो वो खुद पब से छोड़ने न जाती कियोकि ये सबको पता था. जो कंडीशन उस टाइम पब की थी उस टाइम पब जिसे भी छोड़ेगा वो मर भी सकता है.

हाँ त्रिकाल क्या करेगा ये देखने वाली बात है. पैर भाई पब के लिए त्रिकाल को मरना बहुत मुश्किल है. अभी तक तो त्रिकाल अपने घर से निकला भी नहीं है. और इतना कुछ कर दिया.

थैंक्स भाई इतना अच्छा कमेंट करने के लिए. ऐसे hi साथ बनाये रखना...........
 
अपडेट 86

जब अवनि ने पब को तप्पड़ मरे थे उस टाइम गुरु वह नहीं थी. वो मणि से बात करने के लिए बहार गयी थी. जब गुरु वह पहुंची तो पारी ने गुरु को बता दिया की क्या हुआ है. गुरु को अभी से सब टूटता नज़र आने लगा. पैर अभी अवनि से बात करना मतलब की रिस्तो में दरार और बढ़ाना था. ऐडा के होश में आने के बा दादा के मुँह से सुन कर अवनि का गुस्सा टांडा करना hi गुरु को सही लगा. कामिनी ने सैंडी को फ़ोन कर के पेय को भी हॉस्पिटल में hi बुला लिया था. अपनी दीदी की बीमारी का सुन कर पेय भी रो रही थी.

अभी तक ऐडा को होश नहीं आया था. काजल का ब्लड भी ऐडा को दिया जा चुक्का था. ब्लूदिंग तो बंद हो चुक्की थी. पैर उसकी छूट ने जो घाव हुए थे उनको ठीक होने में टाइम लग्न था. डॉ ने बता दिया था की कुछ देर में ऐडा को होश आ सकता है. उसे दूसरे रूम में सिफत कर दिया गया था. डॉ के हिसाब से काम से काम 15-20 दिन ऐडा को हॉस्पिटल में रहना था. अभी सयम के 6 बजे थे. और किसी ने भी सुबह से कुछ नहीं खाया था. सविता और काजल को तो डॉ ने hi खाने को दिया था ताकि रिकवरी जल्दी हो सके. बाकि सब ने रात का hi खाना खाया था.

अंकिता और पारी ने समझदारी का परिचय देते हुए सबके लिए खाने को ले आयी थी और सबको समजा भुजा कर थोड़ा बहुत खिला भी दिया था. पैर पब ने गुरु के कहने पैर खा लिया. रात में 9 बजे के करीब ऐडा को होश आ गया. डॉ. ने मिलने की परमिशन दे दी थी. कामिनी सबसे पहले अंदर गयी. कामिनी को ऐडा को देख कर रोना आया 1 hi रात में ऐडा का फेस पीला पद गया था. वो महीनो की मरीज लग रही थी. कामिनी के पीछे सब लोग अंदर पहुंच गए. बस पब में ऐडा के पास जाने की हिम्मत नहीं हुयी. अवनि ने जब देखा की पब रूम में नहीं आया है तो उसकी पब से नफरत और गहरी हो गयी. थोड़ी देर तक सब ऐडा से बात करते रहे. पैर ऐडा केवल सर हिला कर हाँ या ना में आंसर कर रही थी. 30 मं तक ये सब चलता रहा. फिर ऐडा ने कामिनी को नजदीक आने का इसरा किया तो कामिनी ने अपना कान उसके मुँह के पास किया. ऐडा बहुत hi दिमि आवाज में बोली – माँ ye(PB) कहा है. वो ठीक तो है न??

कामिनी – हाँ बीटा वो अब बिलकुल ठीक है. मैं अभी बुलाती हु तू खुद hi देख लेना.

और फिर कामिनी रूम से निकल कर बहार आयी तो दूर पे hi पब खड़ा था और दूर से hi ऐडा को देख रहा था. जब कामिनी ने पब ने कहा की ऐडा बुला रही है. तो पब की हिम्मत नहीं हुयी.

कामिनी – देखो वो आपके लिए परेशां है एक बार आपको ठीक देख लेगी तो उसको अच्छा लगेगा. क्या आप अपनी पत्नी के लिए इतना भी नहीं करेंगे.

पब से सुन कर कामिनी को गले से लगा कर रोने लगा और बोलै – कामिनी में उसके लिए अपनी जान भी दे दू तो काम है. उसने hi तो बचाया है हम सबको. पैर मेरी हिम्मत नहीं हो रही उसका सामना करने की. किस मुँह से उसके पास जाऊ. जबकि उसकी हालत का मैं खुद जिम्मेदार हु.

कामिनी – आप यदि हिम्मत खोयेगे तो अपने घर को कोण सभालेगा. हम सब आपकी हिम्मत है. और आप हमारी. चलिए वो बीचेन है आपको देखने के लिए.

पब को अब ऐडा के सामने जाना hi था. वो ऐडा को अब कोई दुःख पहुंचने की सोच भी नहीं सकता था. चाहे खुद को मरना पड़े पैर ऐडा को रुस्बा करना आप उसके बस में नहीं था. पब ऐडा के पास जा कर बेथ गया. ऐडा के फेस पे एक स्माइल आ गयी. उसकी स्माइल देख कर पब की आखों से आशु निकलने लगे. ऐडा आशु को देख कर अपना हाथ उड़ने की कोसिस करने लगी. थोड़ा सा hi हाथ उदा था की पब ने उसका उड़ता हुआ हाथ देख कर उसके हाथ को अपने हाथो में ले लिया. दोनों के दिलो में बहुत कुछ था कहने को पैर ऐडा कमजोरी की वजह से और पब अपनी हिम्मत न होने की वजह से नहीं बोल प् रहे थे. आखें एक – दूसरे की आखों में देख रही थी. पब के आशु ऐडा के दिल को दुख रहे थे. ऐडा ने इसरा करके पब को अपने पास बुलया. पब ने भी अपना कान ऐडा के मुँह के पास कर दिया. ऐडा बोली – आप रोइये नहीं. दिल डुकता है. और मुझको माफ़ कर देना की में आपका पूरा साथ नहीं दे पाई.

ऐडा की बात सुन कर पब ने तुर्रंत अपना हाथ उसके होंटो पे रख दिया. और बोलै – क्या कहा रही है पगली, तूने तो एक पत्नी की तरह पूरा साथ दिया है. तू तो यमराज से मेरी जान बचा कर ले आयी पैर मेने hi तुझको इस हालत में पंहुचा दिया. तूने तो एक आदर्श पत्नी की तरह अपना सुहाग बच लिया. पैर मैं तेरे लिए जल्लाद बन गया. माफ़ कर दे ऐडा चाहे तो तू मुझको सजा दे. मैं तेरा मुजरिम हु. बोल क्या सजा है मेरी..

पब की बात सुन कर ऐडा का हाथ जो उड़ नहीं प् रहा था वो एक जटके में पब के मुँह पे पहुंच गया. और ऐडा न में गार्डन हिलने लगी. उसकी आखों में आशु थे. पब ने उसके हाथ को पकड़ कर चुम लिया और बोलै

पब – जान मैं सच कहा रहा हु. मेने आज तक तुझको कुछ नहीं दिया. एक पति होने का कोई भी फर्ज नहीं निभाया पैर तूने अपनी जान पे खेल कर मेरी जान बच्चा ली, सच में ऐडा तू महँ है. ी लव यू ऐडा.. ी लव माय लिटिल एंजेल… लव यू तो मच….

पब की इस बात पी डा शर्मा गयी. और खुश भी हो गयी. उसने अपने उस हाथ को हल्का सा जतका दिया जो पब के हाथो में था. तो पब उसके मुँह के पास अपना कान ले गया ऐडा बोली – ी लव यू तू.. और फिर उसके गाल पे किश कर दिया. पब ने उसके गाल के किश के बदले उसके होंटो पे होंठ रख कर चुम लिया. तो ऐडा का पीला पड़ा फेस कुछ लाल हो गया.

ये दोनों एक दूसरे में ासे खो गए थे की भूल गए रूम में सब बैठे है. गुरु ने खस्ने की आवाज की तब दोनों को होश आया. तो पब सीदा बेथ गया. और गुरु की और देखने लगा गुरु भी मंद -2 मुस्कुरा रही थी. और अवनि के मंद में ब्लास्ट हो रहे थे. इन दोनों की हर बात अवनि के लिए बम जैसे थे. उसके मंद में उदल पुतल मची गई थी. जब उसको नहीं रहा गया तो वो उड़ कर बहार चली गई. गुरु तो अवनि के फेस को देख कर समाज गयी थी की उसके मान में क्या चल रहा है. अवनि को सभालने के लिए गुरु ने पारी को उसके पीछे भेज दिया. काजल का भी हाल कुछ ऐसा hi था. तो वो भी निकल गई अवनि के पास. ये सब लोग भी ऐडा को सोने का बोल कर बहार आ गए पैर अवनि, पारी और काजल बहार नहीं थे. ऐडा के पास कामिनी और पब hi बचे थे. अभी इन सबके फेस पे एक सुकून था.

जय सबके लिए खाना ले आया था. सबने खा भी लिया. पैर वो तीनो अभी तक गायब थी 1 ऑवर हो चुक्का था. पेय एक चेयर पे सो गयी थी. गुरु ने सबको घर चलने को बोलै तो पब और कामिनी को छोड़ कर सब बहार आ गए. ये तीनो भी पार्क में बैठी हुई मिल गई. तो इनको भी साथ ले कर सब घर पहुंच गए. रस्ते से गुरु वही ताकत वाले कड़े का सामान ले आयी थी.

हवेली के बहार से जब गुरु ने अपनी नजरो को चेंज करके देखा तो हवेली पे एक कवच बना हुआ था. जो की मणि में बनाया था. इससे कोई भी मंत्रो की सकती से हवेली पैर नजर नहीं रख सकता था. मणि की इस चल से त्रिकाल और ज्यादा झुँझला गया था. सभी लोग हवेली में आ कर सो गए थे. केवल गुरु कड़ा बना कर सोई थी.

ऐडा को हॉस्पिटल में 3 दिन हो चुके थे. कड़े और डावाओ ने अपना असर किया था. अब ऐडा ने बोलने की ताकत आ गई थी. पब एक मं के लिए भी ऐडा को नहीं छोड़ रहा था. दिन में गुरु और पब ऐडा के पास बैठे थे तब ऐडा ने डलासुर से मिले वरदान के बारे में बताया. जिसको सुन कर गुरु की एक बहुत बड़ी टेंशन काम हो गयी.

पब को हवेली गए भी 3 दिन हो चुके थे तो गुरु के पूछने पैर पब ने साफ़ कहा दिया की ऐडा के ठीक होने तक वो हॉस्पिटल ने हिलेगा भी नहीं. वो ऐडा की हर बात का ख्याल रख रहा था. ऐडा पब के प्यार को देख कर खुस थी. कामिनी इन दोनों के लिए खुस थी. और गुरु घर के सामान्य होते हालातो से खुस थी. अवनि को छोड़ कर सबकी जिंदगी नार्मल होने लगी थी. पब के कहने पैर गुरु और जुली ने ट्रेनिंग क्लास फिर सुरु कर दी थी. पब गुरु की क्लास की प्रतिके हॉस्पिटल के कंपाउंड में hi कर लेता था. पैर फाइटिंग स्किल की ट्रेनिंग 10-15 hi मिली थी, तो वो ज्यादा सीखा hi नहीं था. पैर जुली ने जो भी मूव सिखाये था उनकी भी प्रैक्टिस करता था. कामिनी और सविता में से कोई एक रात को पब के साथ हॉस्पिटल में रुक रहा था. दिन में तो कोई न कोई रहता hi था. बस अवनि अभी तक दुबारा नहीं आयी थी.

हुआ ये था की अवनि, काजल और पारी जब बहार गए तो पारी ने अवनि को रात में की बारे में बताया की पब के उप्पेर साया था. उससे बचने के लिए पब को अपनी कुवारी बीबी के साथ सेक्स करना था. और ऐडा और पब की सधी बहुत दिन पहले हो चुकी थी तो पब को बचने के लिए ऐडा ने hi अपना सब कुछ पब को दे दिया. वैसे भी वो सब था भी उसके पति यानि पब का hi. और ये सब पब की सभी पत्नियों की जानकारी में hi हुआ है. पब तो अपने होश में hi नहीं था. ऐडा को गुरु दीदी ने मन भी किया पैर सबको बचने के लिए ऐडा ने अपनी जान का रिस्क लेना hi ठीक समजा. और कोई चारा न देख कर कामिनी दीदी के हाँ कहने पैर hi ये सब किया गया. यदि ऐडा के साथ वो सब न होता तो आज केवल तुम 4 लोग (अवनि, काजल, जय और पेय) hi उस हवेली में होते. बाकि हम सब मर चुके होते. तुम भी जानती हो पब एक मिशन पे है तो हमले भी होंगे hi. और उन हमलो का हम सबको साथ में मुकाबला करना है. पति के मुश्किल समय में काम आना हर पत्नी का दरम होता है. और ऐडा ने वो दरम hi निभाया है. तुम दोनों भी फॅमिली का एक हिस्सा हो तो सबके साथ दो ऐडा जल्दी hi ठीक हो जाएगी.

पारी की बातो से उन दोनों को अपनी गलती का एहसास हुआ. काजल को तो बस थोड़ी सर्मिदगी थी. पैर अवनि का बुरा हाल था. जो प्यार नफरत में बदल गया था. अब फिर वो प्यार में बदलना छह रहा था. पैर दिमाग कहा रहा था की क्या ये hi उसका पब के लिए प्यार था. जो एक छोटे से शक करने पैर hi नफरत में बदल गया. मैं कहती हु की मैं पब से प्यार करती हु. पैर किया hi क्या है मेने अपने प्यार के लिए. एक वो है जो मेरे तप्पड़ खा कर और उन जेल कटी बातो को सुन कर भी चुप रहा. माँ को भी रोक लिया. पब की आखों में उसके प्यार की गहराई नजर आती है. उसने मेने लिए hi ठाकुर को मारा. मेरे को बचने के लिए hi माँ से शादी भी की. और एक ये ऐडा है जो प्यार के लिए जान पे खेल गयी. और मेने पब के कहने पैर भी उसका प्यार टुकड़ा दिया. यदि उसको जिस्म की hi भूक होती तो इतनी लड़किया जो ट्रेनिंग कर रही है. वो किसी के साथ कुछ भी कर सकता है. हर लड़की उसे ख़ुशी -2 अपना जिस्म सोप देगी. मैं क्या कोई हर की पारी हु जो वो मेरे hi जिस्म को पाना चाहेगा. मुझसे भी सुन्दर तो उसकी बिबिया है. पैर फिर भी उसके दिल में मेरे लिए बहुत प्यार है. मैं उसके प्यार के काबिल नहीं हु. मैं आज से उसके सामने भी नहीं जा पाउगी. मेने खुद अपनी दुनिया उज्जड ली.
 
अपडेट 87

पारी की बातो से उन दोनों को अपनी गलती का एहसास हुआ. काजल को तो बस थोड़ी सर्मिदगी थी. पैर अवनि का बुरा हाल था. जो प्यार नफरत में बदल गया था. अब फिर वो प्यार में बदलना छह रहा था. पैर दिमाग कहा रहा था की क्या ये hi उसका पब के लिए प्यार था. जो एक छोटे से शक करने पैर hi नफरत में बदल गया. मैं कहती हु की मैं पब से प्यार करती हु. पैर किया hi क्या है मेने अपने प्यार के लिए. एक वो है जो मेरे तप्पड़ खा कर और उन जेल कटी बातो को सुन कर भी चुप रहा. माँ को भी रोक लिया. पब की आखों में उसके प्यार की गहराई नजर आती है. उसने मेने लिए hi ठाकुर को मारा. मेरे को बचने के लिए hi माँ से शादी भी की. और एक ये ऐडा है जो प्यार के लिए जान पे खेल गयी. और मेने पब के कहने पैर भी उसका प्यार टुकड़ा दिया. यदि उसको जिस्म की hi भूक होती तो इतनी लड़किया जो ट्रेनिंग कर रही है. वो किसी के साथ कुछ भी कर सकता है. हर लड़की उसे ख़ुशी -2 अपना जिस्म सोप देगी. मैं क्या कोई हर की पारी हु जो वो मेरे hi जिस्म को पाना चाहेगा. मुझसे भी सुन्दर तो उसकी बिबिया है. पैर फिर भी उसके दिल में मेरे लिए बहुत प्यार है. मैं उसके प्यार के काबिल नहीं हु. मैं आज से उसके सामने भी नहीं जा पाउगी. मेने खुद अपनी दुनिया उज्जड ली.

इसलिए hi अवनि ऐडा को देखने भी नहीं आयी थी. अवनि के मन में ऐडा से पूछने के लिए भी बहुत कुछ था पैर वो पब का सामना करने की हिम्मत नहीं जूता प् रही थी. 2 दिन और ऐसे hi निकल गए. लंच का टाइम था गुरु ने पब से बोलै की वो आज हवेली जा कर कुछ देर के लिए आराम कर आये जब तक अंकिता, गुरु और कामिनी है वह पैर और डॉ. तो है hi. पब भी 5-6 दिनों से दांग से नहीं सोया था. ऐडा को भी उसके हाल का नडजा था. तो ऐडा ने भी गुरु की बात मैंने को कहा तो पब हवेली को निकल गया. जब वो हवेली पंहुचा तो बाकि के लोग लंच कर के उड़े hi थे. तो सविता ने पब का लंच भी लगा दिया. अवनि ने जब पब को हवेली में देखा तो उसको ऐडा से मिलने का मौका मिल गया. वो सीदा हॉस्पिटल पहुंची. पब लंच करके सो गया.

जब अवनि ऐडा के पास पहुंची तो गुरु और कामिनी वह बैठी थी. उन दोनोको देख कर अवनि का चेहरा उत्तर गया. कियोकि वो किसी के सामने वो सब नहीं पूछ सकती थी वाओ ो पूछने आयी थी. गुरु अवनि के फेस से समाज गयी की अवनि क्या चाहती है.

गुरु – चलो कामिनी पार्क में घूम कर आते है. वैसे भी ऐडा के पास बैठने को अवनि है. वो इसका पूरा डायन रखेगी. इसकी छोटी बहन जो है.

अवनि – हाँ हाँ मैं ऐडा का डायन रखूगी. आप लोग घूम आये. और यदि कोई प्रॉब्लम होगी तो आप लोगो को फ़ोन कर दूगी.

अवनि को तो मुँह मागि मुराद मिल रही थी तो वो कैसे मन करती. गुरु और कामिनी भी चले गए.

अवनि – अब किसी हो ऐडा??

ऐडा – पहले से अच्छी हु. ये मेरा बहुत ख्याल रखते है.

अवनि – ऐडा तूने सच में पंकज से शादी पहले hi कर राखी थी?

ऐडा – हाँ वो हुआ ये था की …. फिर ऐडा ने अपनी शादी की पूरी बात बता दी.

अवनि – तू खुद शादी करना चाहती थी. और नहीं तो मरना चाहती थी. विस्वास नहीं हो रहा किट ु उससे इतना प्यार करती है. कभी पता hi नहीं चला.

ऐडा – दीदी आपको किसी के प्यार का पता नहीं चलता ये hi तो एक कमी है आपमें. आपको जब उनका प्यार नहीं दीखता तो मेरा प्यार कहा से देखेगा जो मेने सबसे छुपा रखा था.

अवनि – क्या मतलब है तेरा?? मैं जानती हु पंकज मुझसे प्यार करता है.

ऐडा – नहीं दीदी आप कुछ नहीं जानती. वो प्यार तो हम सबसे करते है. हम सब इनके दिल में बास्ते है. जबकि आप उनकी रूह से जुडी हो. आप ने कभी वो महसूस hi नहीं किया की आप क्या खो रही है. मैं तो उनका आपके लिए प्यार देख कर hi तृप्त हो जाती हु. और आप उसे प् कर भी उन देखा कर देती है.

अवनि फटी आखों से उसे देखने लगी. सच में उसने कभी ये सब फील नहीं किया था. या करना नहीं चाहा था. अवनि ने बात को बदलने के लिए बोलै – तू मेरी छोड़ अपनी बता. तू भी तो उनसे प्यार करती है. तेरे दिल में भी तो उसके लिए बहुत प्यार है. तुझको केसा फील होता है जब वो अपनी और पत्नियों के साथ होते है.

ऐडा – दीदी सच में मैं भी उनसे बहुत प्यार करती हु वो मेरा पहला प्यार है. जिस दिन वो हवेली में आये थे खून से लटपट, बहार मेरे बाप और उसके सभी आदमियों को मार कर तब उनको देख कर तो में दर गयी. पैर मेने उनको लड़ते देखा था. बे- खौफ लड़ रहे थे. लड़ना भी नहीं आ रहा था. फिर भी पता नहीं क्या जूनून था जो सबको मरे जा रहे थे. मेने जीवन में पहली बार इतने ताकत वॉर मर्द को देखा था. माँ (कामिनी) ने मुझको बता रखा था जो आदमी तुम्हारे पापा को मरेगा या हराएगा उससे hi तुम्हारी शादी होगी. और फिर किसी ने तुम्हारे पति को हरा दिया तो फिर तुम उसकी हो जाओगी. जब मेने उनको लड़ते देखा तो लगा की ये वो मर्द है जिसे कोई नहीं हरा सकता मैं पूरी उम्र इसकी बाहो में सुरक्षित रहूगी. कोई दूसरा आखँ उदा कर भी नहीं देख पायेगा. फिर उन्होंने जब हम दोनों माँ बेटी से hi शादी को मन कर दिया और बताया की वो सविता दीदी और उसकी फॅमिली के लिए आये थे. तब तो मैं उन पर मर मिटी. एक अनजान के लिए जब इतना को मर सकते है तो अपनी पत्नी के लिए क्या नहीं करेंगे. फिर उनकी नजरो में औरत के लिए इज्जत, उनका आपके लिए प्यार, सविता दीदी के केयर और उनकी हर हरकत मेरे दिल में उतर गई. और जब उन्होंने जय से मेरे शादी के लिए बात की तो मेरा दिल टूट गया. और दिल में दबा प्यार बहार आ गया.

अवनि – यार तूने तो अपनी पूरी हिस्ट्री hi सुना दी. मेने तो ये पूछा था की जब तू उनको किसी और के साथ देखती है तब किसा फील होता है.

ऐडा – दीदी ये अपनी -2 सोच है. ठाकुरो में पहले से hi कई पत्निया होती है. पैर सायद अपने दयँ नहीं दिया वो सभी को टाइम देते है. वैसे भी ये बताओ कोई भी पति क्या किसी के साथ 24 हॉर्स तो नहीं रहता न. और फिर इतनी शादी करने के पीछे उनका मकसद क्या है ये तो हम दोनों hi जानते है. यदि आप मेरे थांग से सोचो तो बिलकुल भी बुरा न लगे. यदि आपको आपके हिस्से की सभी खुसिया मिल रही है तो दूसरे को देख कर जलने से क्या फायदा. हाँ जब जरूर बुरा लगा था जब वो मेरी स्टडी के चक्कर में मुझसे दूर रहते थे.

अवनि – हम्म तेरी सोच अच्छी है. शायद और सब की भी यही सोच होगी तब hi सब खुस है.

ऐडा – हम्म हो सकता है. वैसे भी इनकी ज्यादा पत्नी होना hi ठीक है इनको संभालना एक के बस की बात भी नहीं है. देख रही हो न एक hi रात में क्या हाल कर दिया है मेरा. ये तो तब है जब सब साथ में थे. नहीं तो पता नहीं क्या होता..

अवनि – तू तो बहुत गन्दी बात करने लगी है. बहुत बिगड़ गयी है तू.

ऐडा – ठिय्ये अब इनके प्यार में और न जाने क्या क्या इल्जाम लगेंगे मुज पैर (ऐडा ये बात कॉमेडी स्टाइल में बोली. तो फिर दोनों हसने होगी)

अवनि – ऐडा एक बात और पुछु बुरा न लगे तो..

ऐडा – दीदी कुछ भी पूछ लो वैसे भी आपको मेरे लिए क्या है ये आप भी नहीं जानती…

अवनि – तू तो सच में पागल हो गई है प्यार में. अच्छा ये बता तुझको अजीव नहीं लगता की जो तेरी माँ का पति है वो तेरा भी है..

ऐडा – अब आपसे क्या छुपाना. आपको पता है उन्होंने मेरे साथ जब किया था तो माँ भी साथ में थी वो भी नंगी. पहले तो बहुत सरम आयी पैर भी मज़ा आने लगा. देखो दीदी हम औरतो की कोई जाट नहीं होती. जिससे सधी कर ली उसके hi रिस्तो से हमारे रिश्ते होते है. माँ के साथ में जब उन्होंने वो सब किया तो मज़ा दुगना हो गया था.

अवनि – साली तू तो बहुत बिगड़ गई है. माँ के साथ में तुजे ज्यादा मज़ा आता है.

ऐडा – दीदी अब क्या बताऊ उस दिन क्या -2 हुआ उस दिन. उस दिन से सब कुछ बदल गया है जिंदगी में. ये भी अब बहुत प्यार करते है. सारा दिन मेरी hi सेवा में लगे रहते है. मैं बहुत खुस हु अब.

अवनि – तू खुस है तो में भी खुस हु.

ऐडा – दीदी अब अपने दिल से इस बात को निकल देना की उनकी वजह से मुझे कोई तकलीफ हुई है. वो सब मेने hi चाहा था. और हर औरत को उस रात से गुजरना होता है. वो बात और है की मैं वो सब सहा नहीं पाई.

ऐडा की बात पे अवनि फिर उसे देखने लगी. तभी गुरु और कामिनी अंदर आ गई. डॉ आने वाली थी राउंड पे इसलिए. अवनि में मंद में केवल ऐडा की बाते चल रही थी. ऐडा की हर बात ने उसकी हर सोच को बदल दिया था. हर वो बात जिसके चलते अवनि पब से दूर थी वो उसके मंद से जा चुकी थी. और अब उनकी जगह ऐडा की बातो ने ले ली थी. वो भी सोचने लगी की पब उससे सच में बहुत प्यार करता है. वो पब के साथ बितताये पालो को याद करने लगी. हल पल को याद करके उसके सरीर में एक गुदगुदी सी होती. और जब अवनि को अपने किये की याद आती तो उसे दुख होता. तो उसने अपने किये कर्मो की खुद को सजा देने की सोची और डीडे किया की अब वो भी ऐडा की तरह पब से दूर रहा कर पब के प्यार को महसूस कारगी.

अवनि कुछ देर में वह से चली गयी. पब रात को फिर वह आ गया. दिन बीतते गए. और ऐडा ठीक होती गयी. पब उसके साथ हमेशा रहता. उससे बाते करता. उसका ख्याल रखता. उसे प्यार करता. दोनों घंटो टेक क दूसरे में खोये रहते.
 
अपडेट 88

अवनि कुछ देर में वह से चली गयी. पब रात को फिर वह आ गया. दिन बीतते गए. और ऐडा ठीक होती गयी. पब उसके साथ हमेशा रहता. उससे बाते करता. उसका ख्याल रखता. उसे प्यार करता. दोनों घंटो टेक क दूसरे में खोये रहते.

करीब 10 दिन हो चुके थे ऐडा को हॉस्पिटल में उसकी तबियत में काफी सुंदर था. ऐडा और पब बाटे कर रहे थे.. और टॉपिक था सोल्लगे लाइफ. पब अपने सोल्लगे के दिनों के बारे में बता रहा था तो ऐडा अपने स्कूल के बारे में. जब ऐडा ने पूछा की आपकी कोई लड़की फ्रेंड नहीं थी. तब पब बोलै हाँ थी एक पड़ने में बहुत तेज़ थी. नाम था माहि. मेरी हमेशा हेल्प करती थी. वो और मैं एक जैसे थे. मैं लड़कियों से दूर रहता था तो वो लड़को से हम बस एक – दूरसे से hi बात किया करते थे. मेरी अच्छी दोस्त थी. पैर 3रद ईयर के बिच में hi वो सोल्लगे से गायब हो गयी और कहा गयी किसी को नहीं पता. बस इतना सुना की वो अब फीस नहीं दे सकती थी इसलिए उसने सोल्लगे छोड़ दिया था. बात करते हुए पब को माहि का फेस याद आने लगा. और उसका फेस याद आते hi पब को वो खोखे वाली लड़की याद आ गयी जो अंकिता के साथ लॉन्ग ड्राइव पे मिली थी. अब पब को सब समाज आ गया की वो उसे जानी पहचानी क्यों लगी. पैर उसे अभी भी सक था की माहि ने भी उसे नहीं पहचाना तो हो सकता है की वो कोई और हो. पैर उसका दिल कहा रहा था की वो माहि hi है. उसकी इकलौती सोल्लगे बेस्ट फ्रेंड. फिर पब को याद आया उसकी गरीबी, जब भी उसने रस के चलते पड़े छोड़ी थी. और आज भी वो एक छोटी सी दुकान पे थी.

पब ऐडा को थोड़ी देर में आने का बोल कर तुर्रंत निकल गया. पब ने सबसे पहले कामिनी को फ़ोन मिला कर कहा की वो हॉस्पिटल जाये वो किसी जरुरी काम से जा रहा है. और अंकिता को पूछा तो कामिनी ने बताया की वो अपने क्लिनिक पे है. तो पब ने कार क्लिनिक की और घुमा दी. क्लिनिक पास में hi था. और शिदा अंकिता के केबिन में पहुंच गया. अंकिता पब को वह देख कर चौक गयी.

अंकिता – ारे आप यहाँ, क्या हुआ..

पब – अंकिता तुम्हारे पास कॅश कितना है अभी.

अंकिता – यहाँ तो केवल 50-60 थाउजेंड होगा.

पब – अपने किसी आदमी से कितना कॅश मगवा सकती हो अभी बैंक से.

अंकिता – जितना आप कहे.

पब – तो अभी 10 लाख लेन को बोलो. और जल्दी से फ्री हो जाओ. तुमको मेरे साथ कही चलना है.

अंकिता ने तुर्रंत अपने एक आदमी को बुला कर एक चक दिया और रस लेन को बोलै. और अपने पेसेंट्स से जल्दी hi फ्री हो गयी. कियोकि अंकिता को पता था की कोई बात है नहीं तो पब कभी इस तरह नहीं करता.

अंकिता और पब फिर उसी रस्ते पे जा रहे थे. पब अभी तक कुछ नहीं बोलै था. काफी देर की ख़ामोशी के बाद बोलै.

पब – अंकिता ये वही रोड है न जहा हम दोनों पार्टी के अगले दिन लॉन्ग ड्राइव पैर गए थे.

अंकिता – हाँ वही है, ऊऊह्ह्ह्ह तो आप मस्ती करने के लिए आये है. मैं तो दर गयी पता नहीं क्या हो गया.

पब – नहीं अंकिता वो बात नहीं है. तुमको याद है हमने एक वाटर बोतल ली थी एक खोखे से.

अब अंकिता फिर से समाज गई की बात कुछ और है उसने अभी गलत बोल दिया – हाँ याद है.

पब – हमको वो दुकान देखनी है. प्लीज हर उस टाइप की शॉप को डायन से देखना. मुझको उस दुकान को ढूढ़ना है हर हाल में.

अंकिता – हम्म ठीक है. पैर बात क्या है. ऐसी तो बहुत साडी शॉप है. और इन शॉप्स का पता भी नहीं होता कब हैट जाये. जबकि उस बात को अब 1.5 मंथ हो चुक्का है.

पब – ऐसा न कहो यार. हर हाल में वो दुकान मिलनी चाहिए. उस पैर जो लड़की बेटी थी न. वो मेरे सोल्लगे टाइम की बेस्ट फ्रेंड थी. उसने बिच में hi पड़े छोड़ दी. और अब देखो एक जीनियस लड़की एक खोखा खोल कर बैठी है. मुझे उसके लिए कुछ करना है.

अंकिता को अब सब समाज आ गया. बात दोस्ती की थी. इस लिए वो भी शॉप्स को देखने में लग गयी. इस बार उनको रास्ता लंबा लग रहा था. कियोकि पिछली बार तो मस्ती करते हुए वो लोग कितनी आगे आ गए उनको पता नहीं चला और इस बार उस जगह को ढूढ़ना था.

अंकिता को एक दम याद आया और बोली – सुनिए, जहा तक मुझको याद आ रहा है हमको वो शॉप पलु सिटी में एंट्री काने के बाद मिलेगी. उस दिन जब अपने मुझको गोद में बित्ताया था तो तब हम पलु पहुंच चुके थे.

पब अंकिता की बात सुन कर कार की स्पीड तेज़ कर देता है और पलु के अंदर पहुंचने के बाद स्पीड कर करके शॉप को देखने लगते है. काफी म्हणत के बाद उनको लगता है की वो उस शॉप पैर पहुंच गए पैर वो शॉप अभी बंद थी. अस्स पास कुछ था भी नहीं की किसी से पूछ ले. थोड़ी देर वो वही खड़े हो कर सोचने लगते है की क्या किया जाये. कुछ देर बाद 2 आदमी शॉप के पास के एक कच्चे रस्ते से आते है. तो पब उनसे पूछता है.

पब – भाई सुनो जरा हमारी मदद कर दो..

आदमी – जी कहिये क्या काम है.

पब – आप जानते है की ये किसकी शॉप है और वो कहा मिलेगा.

आदमी – क्यों भाई क्या काम है. कही उन्होंने आपसे भी तो रस नहीं ले रखे है. अभी तो नहीं दे पायेगी पंडित जी आपको कुछ भी. खुद के hi खाने के लाले है उनके.

पब – है किसकी ये शॉप

आदमी – मंदिर के पुजारी की है. उनकी बेटी चलती है इसको.

पब – क्या नाम है उस लड़की का?? कही माहि तो नहीं है.

आदमी – हाँ माहि hi है. तुम कैसे जानते हो उसे??
 
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पब – वो मेरे सोल्लगे की फ्रेंड है. कहा मिलेगी इस टाइम.

आदमी – देखो भाई पीछे गाओं है उसमे पंडित का घर पूछ लेना. मैं तो अपना जुगाड़ करने जा रहा हु नहीं हो मैं hi ले जाता तुमको वह तक.

पब – ठीक है थैंक यू भाई. (और पब कार की और बाद जाता है)

आदमी – ारे भाई ये क्या बात हुई केवल थैंक यू कहा दिया. साला इतना टाइम वेट किया थैंक यू के लिए. कुछ तो दो, 500 रस hi दे दो आज का तो जुगाड़ हो जायेगा काम से काम, देखने से तो बहुत आमिर लगते हो. पैर हो बहुत कंजूस.

पब को उसकी बात पे गुस्सा आया पैर वो बोलै कुछ नहीं. और अपने पर्स से 5000 रस. निकल कर बोलै की यदि घर पे पंहुचा दो तो ये तुम्हारे.

इतने रस देख कर वो आदमी खुसी से उछाल गया. और पब को कार साइड में करके उसके घर की और ले गया. जब वो लोग घर पे पहुंचे तो एक लड़की ने गेट खोला. तो उस आदमी ने माहि को बुलाने को कहा. तब वो लड़की बोली की दीदी तो बापू के साथ सरकारी हॉस्पिटल गयी है. बापू की सुबह तबियत ज्यादा ख़राब थी तो वो बापू को ले कर बहुत देर की गयी है. अभी तक नहीं आयी.

पब ने उस आदमी को 5000 रस दिए और बोलै – यदि इतने hi और कमाने है तो माहि से उसे मिलवा दो.

आदमी – माहि के कोई प्यूरीन आशिक लगते हो जो उससे मिलने के लिए पैसा पानी की तरह बहा रहे हो. पैर भूल जाओ उससे कुछ नहीं मिलेगा. एक तो है इतनी बदसूरत और नखरे भी बहुत है उस कलमुही के. उसे भूल जाओ बाबू. यहाँ गाओं में एक से एक लड़की है. जिसकी कहोगे उसकी दिलवा दुगा. पैर वो माहि हाथ भी नहीं रखने देगी.

पब को उसकी बात पे इतना गुस्सा आया की उसने एक तप्पड़ उसके गाल पे दिया. और उसके सरे दांत बहार.

पब – साले अपनी जबान को लगन दे. तू सयद जनता नहीं कोण हु मैं नहीं तो ऐसे बात करने की कोसिस नहीं करता.

पब – चलो अंकिता हम खुद hi सरकारी हॉस्पिटल चलते है वह पे खुद hi देख लगे.

पब और अंकिता चल देते है और सीदा हॉस्पिटल में जा कर रुकते है. और माहि को डंडे लगते है. माहि अपने बापू के साथ जमीन पे बैठी थी. और रो रही थी. उसका बापू दर्द से कहरा रहा था. फेस से पता चल रहा था की वो बहुत तकलीफ में है. पब माहि को पुकारता है.

पब – माहि..

माहि उसकी और देखती है और पीछे अंकिता को भी देखती है. – कोण है आप बाबूजी… और मेरा नाम कैसे जानते है.

पब – तुमने मुझको पहचाना नहीं, मैं तुम्हारा दोस्त हु पंकज.

माहि – नहीं मेने आपको नहीं पहचना, और मैं किसी पंकज को नहीं जानती. आप जा सकते है.

पब – माहि ये बात मेरे सर पे हाथ रख कर बोल दो, मैं यहाँ से चला जाउगा.

माहि अब रोने लगती है. वो ये नहीं कर सकती थी. वो कास्मो को बहुत मानती थी. कास्मो को hi नहीं उसने अपने बापू से बचपन से hi धर्म और ग्रांटों से बहुत कुछ सीखा हुआ था. वो भी एक अच्छी पंडित थी. सोल्लगे में जब भी वो धर्म के उप्पेर बात करती तो सब उसे पंडितजी -2 कह कर चिढ़ाते थे. वो चिढ़ती नहीं थी. उसे अपने ज्ञान पे गर्व था.

पब – अंकिता देखो अंकल को क्या हुआ है. (माहि की और देख कर) बताओ क्या हुआ है अंकल को, और अभी तक डॉ. को क्यों नहीं दिखया. डॉ है कहा??

अंकिता अंकल को देखने लगती है, माहि बोली – आप डॉ. है??

अंकिता हाँ में सर हिला देती है.

माहि – आज सुबह से इनकी बैकबोन का दर्द बहुत बाद गया है. ये रही पुराणी रिपोर्ट्स.. प्लीज मेरे बापू को कोई तो दवा दे दो ये ठीक हो जाये.

अंकल – आअह्ह्ह बीटा मैं ऐसे ठीक नहीं होगा. जब तक वो सब मेरे साथ है. डावाओ का कोई आसार नहीं होगा.

माहि – आप चुप रहिये, ये टाइम उन बातो का नहीं है. पहले आपको कुछ तो रहत मिले. फिर बात करेंगे उस बारे में.

इतनी देर में अंकिता रिपोर्ट्स चक करके उन रिपोर्ट की एक फोटो किसी को सेंत करती है. और फिर फ़ोन करती है. और उससे बात करती है. फिर पब से बोलती है.

अंकिता – अंकल की कंडीशन ठीक नहीं है. पहले इनको मेरे एक फ्रेंड अजय के पास hi देखा रहे थे. पैर इनकी कंडीशन ठीक hi नहीं होती. उसने बोलै की डावाओ का असर होता है. और कुछ इम्प्रोमेन्ट भी आता है. पैर फिर कुछ hi दिन में हाल वो hi हो जाता है. और फिर माहि ने उस डॉ का इलाज भी बंद कर दिया. 3 साल से वो यहाँ दिखा रही है. यह एप पैन किलर दे कर इनका दर्द काम किया जा रहा है. कोई इलाज नहीं हो रहा.

पब – कोई और डॉ है यहाँ जो इस केस में कुछ कर सके.

अंकिता – अजय ने माहि को एक ओप्रशन को कहा था. पैर अंकल ने मन कर दिया. वो hi है यहाँ जो कुछ कर सकता है.

पब – हम्म ठीक है अंकल को वह ले कर चलते है.

माहि – पैर बापू को उनके पास नहीं ले जा सकती. पंकज कुछ संजो.

पब – देख माहि मैं तुजसे तो बाद में बात करुगा. पहले मुझको अंकल का इलाज करवाने दे. चुप चाप मेरे साथ चल नहीं तो तेरा ये मुँह थोड़ दुगा सामजी.

माहि पब की बात पे हल्का सा मुस्कुरा जाती है. तो अंकिता भी हसने लगती है. और सब अंकल को ले कर चल देते है डॉ के पास. डॉ. फिर से पूरा चक करता है और बोलता है.

अजय – यार अंकिता अब तो ओप्रशन सम्भब नहीं है. it’s तू लेट. पैन किल्लेस ने फुल बॉडी को डैमेज कर दिया है. मैं कुछ दवा लिख रहा हु. केवल इनको उनसे आराम मिलेगा. अब तो कुछ नहीं हो सकता. 3 ईयर इस तू लॉन्ग टाइम विथ पैन किल्स. ी can’t दो अन्य थिंग नाउ. ी विल एडवाइस बी डॉ. एलेना फॉर थिस केस थें ी विल कॉल यू एंड तेल्ल व्हाट इस बेस्ट फॉर हिम.

अंकिता – ok अजय, यू विल दो अस योर विश. ी ऍम बेलीवे यू. बूत प्लीज तरय योर बेस्ट फॉर हिम.

अजय – यू don’t वोर्री. ी विल दो माय बेस्ट. एंड टेक आईटी. एंड बुय तहत मेडिसिन फॉर नेक्स्ट 10 डेज. थें ी विल चक हिम.

अंकिता – ok bye, थैंक ु अजय.

पब रस देता है. तो अजय मन कर देता है की वो अंकिता से नहीं ले सकता. फिर ये लोग माहि के घर पहुंच जाते है. माहि का घर तो ठीक थक था. पैर घर के हालत ठीक नहीं थे. माहि के घर में माहि की 2 बहिन और 1 भाई था. बहिन – शशि 2 ईयर यंगर तो माहि, रेनू 7 ईयर यंगर. बरोथेर – गोपाल 4 ईयर यंगर. फादर – दीनदयाल, पंडित है गाओं के प्यूरीन मंदिर के. माहि पब और अंकिता को सबसे मिलवाती है. सबके फेस से लग रहा था की सब दुखो के मारे है.

दीनदयाल – बीटा तुम्हारा बहुत -2 सुक्रिया जो हमारी इतनी मदत की.

माहि – थैंक यू पंकज, बापू का इलाज करवाने के लिए

माहि ने इतना hi बोलै था की माहि के सर पे एक टपकी पड़ी. तप्पड़ में कोई दम नहीं था. पैर उस टपकी ने माहि को कुछ याद दिला दिया. और उसके आशु निकल गए.

पब – माहि चल अब रो मत में सॉरी नहीं कहने वाला तुजे. अभी तो तुजसे बहुत हिसाब बराबर करना है. पहले ये बता की क्या बात है जो तूने ऐसा भेस बनाया है. और अंकल को क्या हुआ है.

माहि – मेने तुजे सॉरी बोलने को कब बोलै लल्लूराम.

माहि में जैसे hi पब को लल्लूराम कहा वह बैठे सब हसने लगे. अंकिता तो बहुत तेज़ है रही थी.

पब – चुप कर चास्मिस नहीं तो सबके सामने hi तेरी पोल खोल दुगा.

माहि – जैसे की मैं तो कुछ जानती hi नहीं. तू बोल फिर देख तेरी बीबी के सामने तेरा केसा कचरा करती हु.

पब ने माहि को चुप रहने का इसरा किया. उसका फेस देख कर फिर सब हसने लगे. माहि भी है रही थी. और हस्ते हस्ते रोने लगी. पब ने उसे सबके सामने hi गले लगा लिया. और उसे चुप करने लगा.

माहि – क्यों आया है यहाँ, क्यों… मैं भूल चुकी हु उन दिनों को तो फिर क्यों याद दिलाता है मुझे वो सब. प्लीज पंकज चला जा और भूल जा मुझे. मैं सब भूल कर अपनी फॅमिली के साथ खुस हु.

पब – माहि तू मुझको दोस्त मानती है या नहीं??

माहि – मानती थी. तू hi था बस मेरा दोस्त पैर अब कोई नहीं है. तू भी नहीं. मुझको अपने परिवार का सोचना है बस और कुछ नहीं.

पब – मुझको बता तो क्या बात है. यदि मैं कुछ कर सका तो मुझको ख़ुशी होगी.

दीनदयाल (रट हुए)– बीटा कोई कुछ नहीं कर सकता. हमारी जिंदगी अब इन दुखो के साथ hi ख़तम हो जाएगी.

पब माहि को बिठा कर अंकल का हाथ पकड़ कर – अंकल प्लीज आप बताइये की क्या हुआ है. जितना मुझको पता है, आप लोगो के पास पहले बहुत पैसा भी था और आप सब लोग खुस भी थे. माहि अक्सर अपनी बहिन बवियो और आपके बारे में बताती थी. अब से सब क्या हो गया. क्या हुआ है आपके साथ, प्लीज बताई … कोई तो बताओ क्या बात है..

माहि – क्यों जानना चाहते हो, क्या होगा जान कर, मैं अब किसी का भी अहसान नहीं ले सकती.

पब (गुस्से से) – क्या बोलै तूने, मेरी दोस्ती को आसान का नाम मत दे. चल यदि तूने अहसान बोल hi दिया तो बता मैं तेरे उन अहसासों का क्या मोल दू जो तूने सोल्लगे लाइफ में मुज पैर किये है. यदि मैं उनको अहसान मनु तो मेरा तो रोम -2 तेरे कर्ज में डूबा है. भूल गयी तू, कैसे हर बार मेरी फीस में काम पड़ने वाले रस तू अपनी पॉकेट मनी से देती थी, मेरे बीमार बनने पैर मेरी माँ बन कर मेरा ख्याल रखती थी, और एक टीचर की तरह मुझको पड़ती थी. और क्या -2 याद दिलो तुजे तू बता तूने क्या नहीं किया किस मजदुर के bête के लिए. और आज तू मुसीबत में है तो मेरी मदत तुझको अहसान लग रही है. तो ये hi सही, मैं तुजपे कोई अहसान नहीं करुगा तेरी मदात करके बल्कि उन अहसानो का बदला चुकाऊंगा जो तूने मुज पे किये है.

माहि – भूल जा न उन बातो को वो बीता हुआ कल है. और वो सब मेने तेरे पैर अहसान नहीं किया वो मेरी दोस्ती थी. जो अब ख़तम हो गयी है.

पब – देख माहि बेकरी की बाते बहुत हो चुकी है अब बोलती है या मैं सब अपने तरीके से करू. ये तो सोचियो भी मत की मैं तुजे इस हालातो में छोड़ कर चला जाउगा. मैं कुछ भी करुगा पैर तेरी फॅमिली को पलहे की तरह हस्ता खेलता बना कर hi दम लगा.

अब पब की बात सुन कर माहि और दीनदयाल को समाज आ गया की वो सब कुछ जाने बिना मानेगा नहीं. तो दीनदयाल ने माहि को सब बताने के लिए इसरा किया. अंकिता तो पब और माहि की गहरी दोस्ती को महसूस कर रही थी. और उसको विस्वास हो गया था की माहि पब से प्यार करती है पैर मेरी वजह से बोल नहीं रही.
 
अपडेट 90

अब पब की बात सुन कर माहि और दीनदयाल को समाज आ गया की वो सब कुछ जाने बिना मानेगा नहीं. तो दीनदयाल ने माहि को सब बताने के लिए इसरा किया. अंकिता तो पब और माहि की गहरी दोस्ती को महसूस कर रही थी. और उसको विस्वास हो गया था की माहि पब से प्यार करती है पैर मेरी वजह से बोल नहीं रही.

माहि – तू मानेगा तो नहीं तो सुन – जब मैं सोल्लगे में 3रद ईयर में थी तो एक दिन शशि का फ़ोन आया की गाओं में बहुत कुछ हो गया है और बापू की ताबिया ख़राब है और जब मैं यहाँ आयी तो पता चला की सब कुछ बर्बाद हो चुक्का है.

हुआ ये की – बापू के 2 छोटे भाई और है. जो पलु सिटी में जॉब करते है. और बापू यहाँ मंदिर में पुजारी है. एक दिन दोनों चाचाओं में बापू को हमारी प्रॉपर्टी को देखे से अपने नाम करवा कर घर से निकल दिया और बस ये माकन दे दिया. फिर भी बापू ने अपने भाइयो से कुछ नहीं कहा. एक दिन मेरे बड़े चाचा का बड़ा लड़का सरब के नाशे में मंदिर मैं आ गया. वो मंदिर इस गोअन का सबसे पुराण मंदिर है और एक पहाड़ी देवता का निवास िस्तान भी है. उस लड़के ने मंदिर में काम करने वाले एक आदमी की लड़की को देखा जो उस टाइम मंदिर की परिकर्मा लगा रही थी. उसने उस लड़की को वही पैर पकड़ लिया और उसका रपे कर दिया. बापू पूजा कर रहे थे. उन्होंने जब चिकने की आवाजे सुनी तो वो भाग कर वह पहुंचे. तो बापू का लाडला भतीजा (कलश) उस लड़की के साथ लगा हुआ था. बापू बचपन से hi कलश को अपना बीटा मानते आये थे. वो घर का बड़ा बीटा जो था. बापू ने कलश को मार पिट कर भगा दिया. और लड़की को भी चुप रहने का बोल कर भगा दिया. अगले दिन वो लड़की पंचायत में पहुंच गयी पैर वह पैर बापू के झूट ने कलश को बचा लिया. बापू ने घर की इज्जत और अपने लादले भतीजे के खातिर झूट बोलै था. ये hi बापू की सबसे बड़ी गलती थी जो वो आज तक भुगत रहे है.

जब उस लड़की को इन्साफ नेह मिला तो उसने निराश हो कर मर्डर में खुद को आग लगा ली. उसके आग लगते hi पहाड़ो के देवता नाराज हो गए. एक तो वो लड़की उनकी भक्त थी दूसरा इतना कुछ उनके निवास पे हो गया. एक दम मौसम बदल गया. और तेज़ बारिस होने लगी. एक बिजली के गिरने से कलश की मूट हो गई. बापू बैठे -2 hi लेट गए. उनकी बैकबोन में पैन हो रहा था. बापू को बी समाज आ गया की उनको झूट बोलने की सजा मिली है. शशि को बापू की हालत देखि नहीं गयी तो उसने मुझे सोल्लगे से बुला लिया. और हम बापू का इलाज करवाने लगे. डेरे -2 सारा पैसा ख़तम हो गया. लोगो ने मंदिर में आना छोड़ दिया था. गाओं में भी उस दिन के बाद सब बदल गया. गोअन के मर्दो ने नशे में रहना सुरु कर दिया. और औरतो और लड़कियों ने डंडा करना सुरु कर दिया. गाओं के मर्द 100-100 रस के लिए भी अपने घर की लड़कियों को किसी के भी निचे सुला दिते है. सयम होते hi पूरा गाओं नशे में दुब जाता है अबतो हालत ये है की औरते भी नशा करती है. तुम गाओं की कसी भी लड़की को कुछ रस दे कर रोड पे भी छोड़ सकते हो. इसलिए हम तीनो बहने ऐसे बदसूरत बन कर गुमटी है ताकि हमारी इज्जत बची रहे. सयम के बाद घर से बहार नहीं निकटि. पूरा गाओं को उस लड़की के साथ हए पाप को भोग रहा है. और मज़े की बात ये है की इन सब को लगता है की अब वो ज्यादा मज़े से जी रहे है.

अब तुम बताओ इसमें तुम क्या कर सकते हो..

पब – अंकल जी आप खुद पंडित है तो आपको पता होगा की ऐसी िसटती में क्या किया जा सकता है. जिससे आप और ये गाओं बच सके.

दीनदयाल – हाँ बीटा पता तो है. पैर व ओहो नहीं सकता. कियोकि इसका एक hi उपाए है. की मंदिर को शुद्ध कर के वह पहाड़ी देवता को खुस करने के लिए हवन किया जाये. पैर ये हवन हर कोई नहीं कर सकता. जाट का पंडित, वेद मंत्रो का ज्ञाता और मजबूत सरीर वाला hi कोई इस हवन को कर सकता है. हवन में उसके साथ उसकी पत्नी हो तो और भी अच्छा है.

पब – आपकी ये बात समाज नहीं आयी की मजबूत सरीर होना क्यों जरुरी है? वाकई तो समाज आता है कियोकि देवता पंडित की पूजा से जल्दी खुस हेट है. और बिना वेद मंत्रो के तो हवन हो hi नहीं सकता. और अपने ग्रांटों में पत्नी को हर सुबह काम में साथ रखने को बोलै है. पैर ये मजबूत सरीर का क्या मतलब है.

दीनदयाल – बीटा हवन के समय देवता का करोड़ बरसेगा. किसी भी तरह की कोई भी परेशानी आ सकती है. और दूसरा जो तुम सोच रहे हो की ये हवन सदरद है तो तुम्हारी भूल है इस हवन के मंत्रो को पड़ना बहुत हार्ड है. मंत्रो का सही उच्चारद करना हर किसी के बस की बात नहीं. संस्कृत में पीएचडी किये हुए भी इन मंत्रो को ठीक से बोल नहीं पते. और एक गलत उच्चारद से भी हवन का कोई फायदा नहीं होगा.

पब – हम्म मैं खोजता हु कोई पंडित जो ये हवन कर सके. जा तक आप लोग अपना डायन रखना.

और फिर पब अंकिता को इसरा करता है तो वो रस. का पैकेट माहि को दे देती है. माहि खोल कर देखती है तो

माहि – पंकज ये क्या है. इतने सरे रस. किस लिए. मैं ये नहीं ले सकती.

पब – सुन ये ज्यादा नहीं है. नहीं ले सकती तो आग लगा दिन इनको पैर मैं बापिस नहीं लगा.

माहि – पैर तुम्हारे पास इतने सारे रस आये कहा से तुम कोई गलत काम तो नहीं करने लगे हो न??

पब – पानीपुर के ठाकुर पंकज का नाम सुना है तूने??

माहि – (पहले सोचती है फिर बोली) – हाँ टीवी पे देखा था हमारे पास की सिटी नैनपुर में रहता है और उसकी वाइफ देश के सबसे आमिर आदमी रतन सिंह की बेटी है. उसकी और भी पत्निया है. पैर तुम उनके वेयर में क्यों पूछ रहे हो.

पब – मैं वो hi हु और ये मेरी वाइफ अंकिता रतन singh’s डॉटर.

ये सुन कर माहि का मुँह खुला का खुला रहा गया. कहा सोल्लगे टाइम में जिस लड़के के पास फी जमा करने के पैसे भी नहीं होते थे. आज वो क्या बन गया है.

पब – चल अब मैं चलता हु. फिर आउगा तब तेरे हाथ की टिया भी पिऊंगा. Ok bye…

फिर पब और अंकिता गाओं से निकल कर अपनी कार से हॉस्पिटल की और चल देते है. पीछे माहि आशु बहा रही थी. एक पुराण दोस्त या प्रेमी उसकी जिंदगी को फिर बदल गया था. वो उसके लिए इतना कुछ कर गया और वो उसको एक टिया तक न पीला सकीय. पिलाती भी कहा से घर में कुछ था hi नहीं.
 
अपडेट 91

हॉस्पिटल पहुंच कर पब ऐडा के पास रुक गया और अंकिता घर चली गई. नेक्स्ट डे जब गुरु हॉस्पिटल पहुंची तब पब ने उसे माहि के बारे में बताया.

पब – गुरु तेरी नजर में है कोई ऐसा पंडित जो ये सब कर सके..

गुरु – हाँ है. और मैं उसे अच्छे से जानती हु.

पब – तो बताइये न डार्लिंग लेट क्यों कर रही हो नेक काम me…(PB गुरु को मस्का मरने लगता है)

गुरु – मेरे सामने hi तो खड़ा है.

पब – क्या मतलब है तुम्हारा. मन मैं पंडित हु पैर वेद मंत्रो का ज्ञान नहीं है मुझे मैं कहा से कर पाउगा ये हवन..

गुरु – ोुफ्फु तुम भी न. अरे माहि से सधी कर लो और वेद मंत्रो की पावर प् कर हवन पूरा करो. ये पावर तुमको इस युद्ध में बहुत काम आएगी. त्रिकाल की सबसे बड़ी पावर उसके मंत्रो का ज्ञान hi है. जिससे उसने बहुत साडी सिद्दिया प् राखी है. हर शिद्दी के लिए अलग मंत्र होते है. जो उनको अच्छे से आते है.

पब – क्या बात कर रही हो तुम. मैं माहि से शादी करने की सोच भी नहीं सकता. वो मेरी फ्रेंड है.

गुरु – क्यों फ्रेंड वाइफ नहीं बन सकती क्या. तुम्हारे दिल में उसके लिए प्यार है. मेरे को लगता है वो भी चाहती है तुम्हे तो क्यों नहीं हो सकता ये.

पब – नहीं वो भी बस मुझको अपना दोस्त मानती है. ऐसा कुछ नहीं है. यदि मैं उससे शादी के लिए कहुगा तो उसको लगेगा की मैं उसकी मज़बूरी और अपनी दोस्ती का फायदा उदा रहा हु.

गुरु – तुमको हमेशा ऐसा hi क्यों लगता है पारी के टाइम में भी ये hi हुआ. जबकि पारी शादी के लिए मरी जा रही थी. एक बार बात तो करके देखो. उसके दिल में क्या है. तुम्हारी इतनी पत्नी है पैर फिर भी तुमको लड़कियों के दिल का हाल समझना नहीं आया.

पब – ठीक है जान, कोसिस करता हु माहि के दिल का हाल जानने का, पैर अभी तुम्हारे दिल में क्या है. चलो थोड़ी मस्ती करते है. वैसे भी बहुत दिन हो गए तुम्हारे साथ मस्ती किये

गुरु – क्या तुम भी हॉस्पिटल में कोई ये सब करता होगा. और अभी उस दिन hi तो किया था इतना कुछ, सबके साथ. किसी के सरीर में जान नहीं छोड़ी.

पब – एक बात कहु गुरु, बुरा मत मन्ना. मेरा न बहुत मान करता है तुम सबके साथ वैसे hi सब करने का. वो तो सब मुझको याद नहीं है. मैं फिर से तुम सबके साथ वही करना चाहता हु. पैर प्यार से.

गुरु – तो इसमें बुरा मैंने वाली क्या बात है. आप हम सबके पति हो यदि हमारे साथ वो सब करने का मान नहीं होगा. तो किसके साथ होगा. पैर उसके लिए इन्तजार करना होगा. आपको पता है न जब आपका 1सत टारगेट पूरा हो जायेगा. और आप अपनी 11 शादिया कर 11 पावर प् चुके होंगे. तब सबको एक साथ hi छोड़ना है. तब hi ये क्रिया पूरी होगी. उस दिन आप जो भी चाहे कर सकते है और उसके बाद तो किसी और को भी छोड़ सकते है. और मुझको भी …

पब – हठियई क्यों भड़का रही हो अरमानो को. पैर अब 11 बीबियो तो मिलेगी पैर 11 पावर कहा मिलेगी. ये ऐडा के साथ जो किया है उससे पावर तो मिली hi नहीं न.

गुरु – न जैसा सोचना भी मत ऐडा के साथ आपको जीवन मिला है. ये नया जनम ऐडा की दें है. तो याद रखना ऐडा आपके जीवन से सबसे ज्यादा जुड़ गई है. किरिया पूरी होने के बाद भी ऐडा को कुछ भी हुआ तो आप गए. और आपको कुछ हुआ तो ऐडा गयी. इन महारानी के हाथो में आपका जीवन है. याद रखना…..

पब – अब तो तुम डरा रही हो. यदि ऐसा होता तो ऐडा बिस्तर पे है. तो मुझको भी बिस्तर पे होना चाहिए.

गुरु – तुम समजे नहीं, जीवन या कहो सासे जुडी है. जुड़वाँ नहीं हुए हो. इसकी सासे बंद तो तुम्हारी भी बंद. देखो (और गुरु ने पब के मुँह और नाक को बंद कर दिया और अंदर बैठी ऐडा को गिलास दूर से देखने को बोलै.)

4-5 मं में पब की सासे फूलने लगी तो ऐडा भी जटपटाने लगी. फिर भी गुरु ने पब को नहीं छोड़ा तो पब को अब घुटन होने लगी. तो ऐडा का भी बही हाल था. गुरु ने फिर पब को छोड़ दिया. अंदर ऐडा को भी रिलैक्स मिल गया.

गुरु – तुरहरि हर बीबी तुम्हारी किसी न किसी पावर का रूप है. क्रिया पूरी होने के बाद भी यदि कोई भी मरी तो तुम्हारी वो पावर ख़तम हो जाएगी.

पब – हम्म समाज गया. मतलब अपनी बीबियो को हमेशा खुस रखना होगा. और उनकी सेफ्टी भी करनी होगी. जोरू का गुलाम बांके रहना होगा…. क्यों….

गुरु – हाहाहाहाहा.. वैसे आईडिया अच्छा है…. हाहाहाहा

और फिर दोनों हस्ते हुए ऐडा के पास पहुंच जाते है. और पब ऐडा को भी उससे जुड़े होने की बात बता देता है. नेक्स्ट डे मॉर्निंग में पब फिर से माहि से मिलने जाता है. आज उसके बापू को दर्द काम था. और माहि के भाई बहनो के फेस पैर भी एक चमक थी. सबने भर पेट खाना जो खाया था. दीनदयाल पब को देख कर उड़ने लगा तो पब ने उसे लेते रहने को बोलै. और खुद एक चेयर पे बेथ गया. माहि किचन से बहार आयी तो पब को देख कर खुस हो गयी और फिर किचेन में जा कर उसके लिए टिया एंड स्नैक्स ले आयी.

पब – कैसे है अंकल और माहि तुम किसी हो.

माहि – सब अच्छे है. तुम्हारी बजा से सब ठीक हो रहा है.

पब – छोड़ो इन बातो को, चलो वो मंदिर देख कर आते है.

माहि – हाँ चलो..

माहि और पब उस मंदिर की और चल देते है.

पब – माहि तुमको पता है मेरी कितनी पत्नी है.

माहि – नहीं, क्यों पूछ रहे हो..

पब – पूछ नहीं रहा अपने वेयर में बता रहा हु. मेरी 6 पत्नी है. और मुझको अभी और भी शादी करनी है. काम से काम 7 तो और करुगा hi.

माहि – इरादे क्या है जनाब के. करना क्या चाहते हो. पहले तो लड़कियों से दूर भागते थे. और अब इतनी शादी, ज्यादा मस्ती सूजने लगी है क्या जो 6 से पूरी नहीं हो रही.

पब – नहीं वो बात नहीं है. कुछ और बात है. तुमको पता है मुझे लड़कियों से बात करना नहीं आता. और तुमसे तो मैं घुमा फिर कर बात बोल भी नहीं सकता.

माहि – हाँ तो बोलो क्या बात है..

पब – मुझसे शादी करोगी…

माहि – क्या?????

पब – शोकेड मत हो. यदि तेरे दिल में कुछ हो तो hi हाँ बोलना. मैं तेरा दोस्त था और रहुगा. और जो कर सका वो भी करुगा. क्या मैं तुमको पसंद हु??

माहि – आप पुरे दुफर हो. कुछ भी नहीं आता आपको. मेरे साथ इतने दिन रहा कर भी नहीं जान पाए की मैं आपसे प्यार करती हु. बस दोस्तों की तरह रहे. कभी मेरी फीलिंग्स को समजा hi नहीं. ……………पैर मैं शादी बापू के हाँ कहने पैर hi कर सकती हु. पैर आप मुज जैसी बदसूरत लड़की से क्यों शादी करना चाहते है.

ये लोग अभी तक मंदिर में पहुंच चुके थे. मंदिर के पैट (भगवन के रूम का दूर) बंद थे. मंदिर वीरान था. वो वह घूम रहे थे.

पब – माहि ये तुम्हारी सोच है की तुम बदसूरत हो. मेरी नजर से देखो तो पता चलेगा की तुम कितनी खूबसूरत हो. तुम्हारी आखों में प्यार की वो गहराई है जिस में एक आशिक दुब जाये. तुम्हारा दिल तो इतना सुन्दर है की उसमे सरे जहा की भलाई छुपी है. और सायद तुमने अपने जिस्म पे कभी गुर नहीं किया. यदि तुम फिटिंग के कपडे पहन कर निकलो तो न जाने कितने मर मिठे. और तुमने जान कर अपने फेस की सुंदरता को डाक रखा है. नहीं तो मेरी तो नजर hi नहीं हटती थी सोल्लगे में, वो तो मैं डरता था की कही तुम नाराज न हो जाओ. इसलिए कभी कहा नहीं. तुम एक hi तो फ्रेंड थी तुम भी नाराज हो जाती तो में क्या करता.

माहि पब के मुँह से अपनी टैरिफ सुन कर खुस हो गयी और सरमने लगी. सरमते हुए बोली – आप तो बहुत बदल गए है कहा गर्ल्स से बात भी नहीं करते थे. और कहा इतनी बाते बनाना सिख लिया. जरूर आपकी इन बातो से hi इतनी लड़कियों को फसाया है और इतनी शादी की है.

पब – नहीं यार मैं तो सच बोल रहा हु. तुमको अच्छी नहीं लग रही तो मैं क्या कर सकता हु.

माहि – नहीं -2 मुझको तो बहुत अच्छा लग रहा है… (ये कहा कर माहि ने अपना फेस पब के सीने में छुपा लिया)

पब ने भी उसको अपनी बाँहों में भर लिया और उसके बालो को सहलाने लगा. फिर ये दोनों घर लोट आये. अभी माहि के फेस पे एक बड़ी सी स्माइल थी. जिसे देख कर शशि बोली – क्या बात है दीदी बड़ी खुस लग रही हो. लगता है भगवन ने आपकी सुन ली. (फिर धिरे से कान में) कही पंकज से प्यार का इजहार तो नहीं कर दिया अपने..
 
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