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सलमा : (आंसु बहाते) जरीना.. लगता हे हमारा साहील मुजसे नाराज हो गया हे..
जरीना : (उनको सम्हालते) नही दीदी.. सांत होजाइअे.. वो कोइ नाराज नही हे.. बस.. थोडा दुखी हे.. मे उसे सम्हाल लुगी..
सलमा : (जरीनाका हाथ थामते धीरेसे) जरीना.. प्लीज.. उसे सम्हाल लो.. वरना वो आज रात टुट जायेगा.. वो मुजे कीसी ओरके साथ सोते बरदास्त नही कर सकता..
जरीना : (फीरोजपे गुस्सा होते) इस कमीनेको भी इस उमरमे क्या सुजा जो आपसे सादी करली.. बुढेसे होता तो कुछ नही बस.. नइ बीवीके मजे लेने हे.. हमारे अच्छे खासे साहीलकी जींदगी खराब करदी.. आप दोनो कीतने खुस थे..
सलमा : (आस्चर्यसे देखते) जरीना.. ये तु क्या बोल रही हे..? अब वो हम दोनोके सौहर हे..
जरीना : (गुस्सेसे फुसफुसाते) सोहर..? अैसे होते हे सौहर..? पहेले तो महीना महीना गुजर जाता था फीर भी बीवीको हाथ तक नही लगाता था.. अब जनाबपे अचानक जवानी चडी हुइ हे.. अब तो हप्तेमे कमसे कम तीन बार चाहीये.. होतातो कुछ नही ओर नवाबो वाला सोख पालना हे.. दो बीवीया करेगे..
सलमा : (समजाते धीरेसे) जरीना.. सांत होजा.. अब कुछ नही हो सकता.. जो होना था हो गया.. अब आगे देख हमे क्या करना हे.. बस.. मुजे तो मेरे साहीलकी चीन्ता हे..
जरीना : (गुस्सेसे सामने देखते) दीदी पता हे..? जब मेने आप दोनोकी सादी रोकनेकी कोसीसकी तो उसने मुजे क्या कहा..?
सलमा : (सामने देखते) क्या..?
जरीना : (गुस्सेसे सामने देखते) कहा की तुम भाभीसे हमारे नीकाहकी बात करलो.. जब मेने आपती जताइ तो मुजे तलाक देनेकी धमकी देने लगे..
सलमा : (आस्चर्यसे देखते) क्या..? पागल होगये हे क्या..? दो दो बच्चोकी सादीया होगइ हे.. फीर भी..
जरीना : (आंसु बहाते) दीदी.. कैसे उस दोनो कमीनो भी हमे धोखा देकर चले गये.. मेरी सबुका सपना तोड गये.. येभी नही सोचा की इस फुल जैसी बच्चीका क्या होगा.. तब मेरे साहीलने आकर हम सबको सम्हाला.. ओर सबुका सपना पुरा कीया.. अगर मेरी ओर बच्चीया होती तोभी मे मेरे साहीलपे कुरबान कर देती.. हमारा साहील सबको सम्हालनेमे सक्षम हे..
सलमा : (सांत लहेजेमे धीरेसे) अब बस भी कर.. कीतना रोयेगी..? अब मेरे साहीलको सम्हालनेके लीये तु हेनां.. मुजे तुजपे पुरा यकीन हेकी तुम मेरे साहीलको सम्हाल लेगी.. तो मुजे कोइ चीन्ता नही..
जरीना : (मन मकम करते सख्त लहेजेमे) हां दीदी.. पहेले थोडा संकोत था.. लेकीन अब कोइ संकोच या सरम नही.. मे हमारे साहीलको सम्हाल लुगी.. वो भी हमेसा हमेसाके लीये.. दीदी.. आज इस घरमे अेक नही.. दो दो सुहागरात मनेगी.. अेक आपकी.. ओर अेक मेरी.. हमारे साहीलके साथ..
सलमा : (मनमे खुस होते) साबास जरीना.. आज तुमने मेरे मनका बोज हल्का करदीया..
जरीना : (सामने देखते आंसु पोछते) दीदी.. इस आदमीसे घीन आने लगी हे मुजे.. पता नही जब सबुको इस बारेमे पता चला तो क्या होगा..
सलका : (पीठ सहेलाते) तुम हमारी सबुकी चीन्ता मत कर.. उसे हमारा साहील समजा देगा..
जरीना : (सामने देखते) दीदी.. मैने अेक फैसला करलीया हे.. हमारी सबुके आते ही मे उनका नीकाह साहीलसे करवा दुगी.. बस.. आजकी रात आप सम्हाल लीजीये कलसे हम दोनो साहीलका बीस्तर साजा करेगी.. मुजे इस कमीने (फीरोज)को कैसे कंट्रल करना.. सब पता हे.. कलसे हमारे घरकी सभी औरतोको सम्हालनेकी जीम्वेवारी हमारे साहीलकी.. इस कुतेको तो मे अब अपनी उंगलीओपे नचाउगी..
सलमा : (सरमाकर मुस्कुराते) कमीनी गालीया तो मत दे अब हमारा सौहर हे.. लेकीन तुम कैसे कंट्रोल करोगी..?
जरीना : (कुटील मुस्कानसे धीरेसे) नींद की गोलीयोसे..
सलमा : (आस्चर्यसे देखते) नींदकी गोलीयोसे..? मगर कैसे..? तेरे पास नींदकी गोलीया कहासे आइ..?
जरीना : (मुस्कुराते) मेरे पास बहुत सारी पतीया पडी हे.. वो कमीनीके रुमको साफ करते बहुत सारी आइपीलकी गोलीया ओर नींदकी गोलीया मीली थी.. ओर उस कमीनेके रुमसे बहुत सारे कोन्डमके पेकेट भी मीले थे.. तब पता चला दोनो कमीने कइ महीनोसे हम सबको धोखा दे रहे थे..
सलमा : (मुहपे हाथ रखते धीरेसे) हाय.. र..बा.. वो तुम सबको नींदकी गोलीया देते थे..?
जरीना : (कुटील मुस्कानसे) हां.. क्युकी सबका खाना वो कमीनी ही बनाती थी.. उन दोनोके लीये अलग सब्जी नीकालकर सारी सब्जीमे गोलीया डालती थी.. फीर हमारे सोजानेके बाद कमीने दोनो भाइ बहेन अपने रुममे नंगा नाच करते थे.. हमे तो पता ही नही चला..
सलमा : (धीरेसे) तो फीर.. वो कादीर.. आपके साथ..
जरीना : (सरमाते नजरे चुराते धीरेसे) वो दीनमे.. तब वोभी पढता था.. सुबह तीनो पढने चले जाते.. ओर इनके अब्बा फेक्टरीपे.. तब वो कोलेजसे बंक मारके वापस घर आजाता.. ओर मेरे साथ अपनी हवस मीटाके चला जाता.. ओर मे नादान समजती थीकी वो मुजसे प्यार करता हे..
सलमा : (सामने देखते) इतना बडा धोखा..? जरीना.. उन्होने तुम्हारे जजबातोसे खेला..
जरीना : (आंसु बहाते सरको हांमे हीलाते) हां दीदी.. मे इस प्यारसे वंचीत थी.. तो भटक गइ थी.. उनका प्यार हमारे साहील जैसा पवीत्र नही था.. वो मेरे ओर सायराके तनके साथ खेलता रहा.. आज पता चला बाप बेटा दोनो ही हवसके पुजारी हे.. इनसे तो हमारा साहील लाख गुना अच्छा हे..
दोनोही बाते करते काम समेटती रही.. जब फीरोज आया तो जरीनाने सलमाको हल्कासा मेकअप कर दीया.. फीर अपने कमरेमे उसे बेडपे बीठाकर वापस बहार आगइ.. तो फीरोजने उसे अपनी बाहोमे भरके प्यार देनेकी कोसीसकी.. तो जरीनाने गुस्सेसे उनको धका देदीया..
जरीना : (उनको सम्हालते) नही दीदी.. सांत होजाइअे.. वो कोइ नाराज नही हे.. बस.. थोडा दुखी हे.. मे उसे सम्हाल लुगी..
सलमा : (जरीनाका हाथ थामते धीरेसे) जरीना.. प्लीज.. उसे सम्हाल लो.. वरना वो आज रात टुट जायेगा.. वो मुजे कीसी ओरके साथ सोते बरदास्त नही कर सकता..
जरीना : (फीरोजपे गुस्सा होते) इस कमीनेको भी इस उमरमे क्या सुजा जो आपसे सादी करली.. बुढेसे होता तो कुछ नही बस.. नइ बीवीके मजे लेने हे.. हमारे अच्छे खासे साहीलकी जींदगी खराब करदी.. आप दोनो कीतने खुस थे..
सलमा : (आस्चर्यसे देखते) जरीना.. ये तु क्या बोल रही हे..? अब वो हम दोनोके सौहर हे..
जरीना : (गुस्सेसे फुसफुसाते) सोहर..? अैसे होते हे सौहर..? पहेले तो महीना महीना गुजर जाता था फीर भी बीवीको हाथ तक नही लगाता था.. अब जनाबपे अचानक जवानी चडी हुइ हे.. अब तो हप्तेमे कमसे कम तीन बार चाहीये.. होतातो कुछ नही ओर नवाबो वाला सोख पालना हे.. दो बीवीया करेगे..
सलमा : (समजाते धीरेसे) जरीना.. सांत होजा.. अब कुछ नही हो सकता.. जो होना था हो गया.. अब आगे देख हमे क्या करना हे.. बस.. मुजे तो मेरे साहीलकी चीन्ता हे..
जरीना : (गुस्सेसे सामने देखते) दीदी पता हे..? जब मेने आप दोनोकी सादी रोकनेकी कोसीसकी तो उसने मुजे क्या कहा..?
सलमा : (सामने देखते) क्या..?
जरीना : (गुस्सेसे सामने देखते) कहा की तुम भाभीसे हमारे नीकाहकी बात करलो.. जब मेने आपती जताइ तो मुजे तलाक देनेकी धमकी देने लगे..
सलमा : (आस्चर्यसे देखते) क्या..? पागल होगये हे क्या..? दो दो बच्चोकी सादीया होगइ हे.. फीर भी..
जरीना : (आंसु बहाते) दीदी.. कैसे उस दोनो कमीनो भी हमे धोखा देकर चले गये.. मेरी सबुका सपना तोड गये.. येभी नही सोचा की इस फुल जैसी बच्चीका क्या होगा.. तब मेरे साहीलने आकर हम सबको सम्हाला.. ओर सबुका सपना पुरा कीया.. अगर मेरी ओर बच्चीया होती तोभी मे मेरे साहीलपे कुरबान कर देती.. हमारा साहील सबको सम्हालनेमे सक्षम हे..
सलमा : (सांत लहेजेमे धीरेसे) अब बस भी कर.. कीतना रोयेगी..? अब मेरे साहीलको सम्हालनेके लीये तु हेनां.. मुजे तुजपे पुरा यकीन हेकी तुम मेरे साहीलको सम्हाल लेगी.. तो मुजे कोइ चीन्ता नही..
जरीना : (मन मकम करते सख्त लहेजेमे) हां दीदी.. पहेले थोडा संकोत था.. लेकीन अब कोइ संकोच या सरम नही.. मे हमारे साहीलको सम्हाल लुगी.. वो भी हमेसा हमेसाके लीये.. दीदी.. आज इस घरमे अेक नही.. दो दो सुहागरात मनेगी.. अेक आपकी.. ओर अेक मेरी.. हमारे साहीलके साथ..
सलमा : (मनमे खुस होते) साबास जरीना.. आज तुमने मेरे मनका बोज हल्का करदीया..
जरीना : (सामने देखते आंसु पोछते) दीदी.. इस आदमीसे घीन आने लगी हे मुजे.. पता नही जब सबुको इस बारेमे पता चला तो क्या होगा..
सलका : (पीठ सहेलाते) तुम हमारी सबुकी चीन्ता मत कर.. उसे हमारा साहील समजा देगा..
जरीना : (सामने देखते) दीदी.. मैने अेक फैसला करलीया हे.. हमारी सबुके आते ही मे उनका नीकाह साहीलसे करवा दुगी.. बस.. आजकी रात आप सम्हाल लीजीये कलसे हम दोनो साहीलका बीस्तर साजा करेगी.. मुजे इस कमीने (फीरोज)को कैसे कंट्रल करना.. सब पता हे.. कलसे हमारे घरकी सभी औरतोको सम्हालनेकी जीम्वेवारी हमारे साहीलकी.. इस कुतेको तो मे अब अपनी उंगलीओपे नचाउगी..
सलमा : (सरमाकर मुस्कुराते) कमीनी गालीया तो मत दे अब हमारा सौहर हे.. लेकीन तुम कैसे कंट्रोल करोगी..?
जरीना : (कुटील मुस्कानसे धीरेसे) नींद की गोलीयोसे..
सलमा : (आस्चर्यसे देखते) नींदकी गोलीयोसे..? मगर कैसे..? तेरे पास नींदकी गोलीया कहासे आइ..?
जरीना : (मुस्कुराते) मेरे पास बहुत सारी पतीया पडी हे.. वो कमीनीके रुमको साफ करते बहुत सारी आइपीलकी गोलीया ओर नींदकी गोलीया मीली थी.. ओर उस कमीनेके रुमसे बहुत सारे कोन्डमके पेकेट भी मीले थे.. तब पता चला दोनो कमीने कइ महीनोसे हम सबको धोखा दे रहे थे..
सलमा : (मुहपे हाथ रखते धीरेसे) हाय.. र..बा.. वो तुम सबको नींदकी गोलीया देते थे..?
जरीना : (कुटील मुस्कानसे) हां.. क्युकी सबका खाना वो कमीनी ही बनाती थी.. उन दोनोके लीये अलग सब्जी नीकालकर सारी सब्जीमे गोलीया डालती थी.. फीर हमारे सोजानेके बाद कमीने दोनो भाइ बहेन अपने रुममे नंगा नाच करते थे.. हमे तो पता ही नही चला..
सलमा : (धीरेसे) तो फीर.. वो कादीर.. आपके साथ..
जरीना : (सरमाते नजरे चुराते धीरेसे) वो दीनमे.. तब वोभी पढता था.. सुबह तीनो पढने चले जाते.. ओर इनके अब्बा फेक्टरीपे.. तब वो कोलेजसे बंक मारके वापस घर आजाता.. ओर मेरे साथ अपनी हवस मीटाके चला जाता.. ओर मे नादान समजती थीकी वो मुजसे प्यार करता हे..
सलमा : (सामने देखते) इतना बडा धोखा..? जरीना.. उन्होने तुम्हारे जजबातोसे खेला..
जरीना : (आंसु बहाते सरको हांमे हीलाते) हां दीदी.. मे इस प्यारसे वंचीत थी.. तो भटक गइ थी.. उनका प्यार हमारे साहील जैसा पवीत्र नही था.. वो मेरे ओर सायराके तनके साथ खेलता रहा.. आज पता चला बाप बेटा दोनो ही हवसके पुजारी हे.. इनसे तो हमारा साहील लाख गुना अच्छा हे..
दोनोही बाते करते काम समेटती रही.. जब फीरोज आया तो जरीनाने सलमाको हल्कासा मेकअप कर दीया.. फीर अपने कमरेमे उसे बेडपे बीठाकर वापस बहार आगइ.. तो फीरोजने उसे अपनी बाहोमे भरके प्यार देनेकी कोसीसकी.. तो जरीनाने गुस्सेसे उनको धका देदीया..






