Fantasy Story - Rudradev pariwar ka rakshak - Page 15 - SexBaba
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Fantasy Story - Rudradev pariwar ka rakshak

अपडेट. 105

अनूबिस .....आपको हे दोनों राजकुमारियों आवर उनकी दसिया को मुक्त करना होगा हम अपने लोक में लौट रहे है

देव .....जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद

अनूबिस महारानी की आत्मा को ले कर वह से निकल गए

जैसे हे ये सब हुआ दोनों राजकुमारियों को अपनी माँ महारानी का मुक्त होने का पता चल जाता है

वही देव मायावी दुनिया को साथ ले उदयपुर आ पंहुचा

अब मायावी दुनिया का मालिक देव था जहा सब उसकी इच्छा के ादिन था ............

अब आगे ..........}

देव महल में बने राजसिंगसन पे जा बैठा जहा से वो पूरी मायावी दुनिया को देख आवर महसूस कर प् रहा था

देव ......इतनी भी बुरी नहीं है ये मायावी दुनिया

देव ने जब महल पुरे महल में नज़र डाली तो एक रूम का नज़र बड़ा हे कमुख था

ये रूम महारानी क्लिओपेट्रा की छोटी पुत्री प्रिंसेस लाया का रूम था

जहा इस वक़्त वो गोल्ड चेयर पे ार्ड नग्न अपनी वक्ष आवर योनि से खेल रही थी

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देव ..........लगता है दोनों राजकुमारियों को मुक्ति देने का वक़्त आ गया है

पैर इस से पहले थोड़ा फ्रेश हो लिया जाये

देव एक सेविका को बुला कर उस से कुछ कहता है आवर भेज देता है

देव फ्रेश हो कर बहार आता है

देव .......रूद्र बहार आओ मुझे तुम्हारी जरूरत है

2,3 बार पुकारने के बाद रूद्र बहार आता है

रूद्र .......मुझे किश लिया याद किया

देव .......तुम्हे सब पता है रूद्र की मैंने क्यों तुम्हे याद किया

रूद्र ........ठीक है पैर इसका पता किसी को नहीं चलना चाइये

देव .......तुम जिसको बात कर रहे हो आवर एक बात बताओ तुम मुझे अपनी यादे क्यों नहीं देखने देते हो मैं जनता हूँ तुम जान बुज कर मुझे अपनी यादो में जांखने नहीं देते हो

rudra.......main जा रहा हूँ अपना काम करने वैसे मुझे ये सरीर कैसे मिला

देव .......क्युकी इस मायावी दुनिया है इस लिया

अब जाओ आवर बड़ी राजकुमारियों को मुक्त कर दो मैं छोटी राजकुमारी के पास जा रहा हूँ

रूद्र बड़ी राजकुमारी ( ज़हरा )

के रूम के तरफ भाड़ जाता है आवर देव छोटी राजकुमारियों अज़ीज़ा के रूम की तरफ

देव जब अज़ीज़ा के रूम में पंहुचा तो देखा की अज़ीज़ा चेयर पे अपनी बंद उठाया घुटनो पे होने राखी है

देव ने जाते हे उसकी गांड पे चिंता मारा

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अज़ीज़ा पीछे पलट कर देखता है जहा देव खड़ा था

अज़ीज़ा .......ओह्ह तो आप है इस दुनिया के किंग

देव ......आपको यकीं नहीं है क्या

अज़ीज़ा ......मायावी दुनिया के सम्राट को प्रिंसेस अज़ीज़ा का सलाम

देव ......आपको पता है हम यहाँ क्यों आये है

अज़ीज़ा ......हम जानते है आवर हम त्यार है इस जहनुम जैसे जिंदगी से आजाद होने के लिया

इतना बोल कर अज़ीज़ा ने अपने सीने को बेपर्दा कर दिया आवर देव के लैंड को अपने हाथो में थम लिया

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अज़ीज़ा ........आपका सम्भोग अस्त्र वाकई में बहुत बड़ा आवर खूबसूरत है हमने अपनी जीवन कल में कभी ऐसा सम्भोग अस्त्र नहीं देखा

देव .......अज़ीज़ा आप समय का दूर उपयोग कर रही है आगे बढिये

अज़ीज़ा ......जी सम्राट आपसे एक इल्तज़ा है हमारी

देव ......कहा क्या इल्तजा है आपकी

अज़ीज़ा .....हमें आप इस सिंगसन पे हे सम्भोग कर मुक्ति प्रदान करे

देव अज़ीज़ा का सर अपने लैंड की आवर जुका देता है

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अज़ीज़ा देर न करते हुए देव के लैंड को मुँह में भर कर चूसने लगती है

कुछ देर बाद देव अज़ीज़ा को वही चेयर पे लेता के उसके मुँह को छोड़ने लगता है

साथ से अज़ीज़ा की खूबसूरत चूचिया कार्डन करने लगता है

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देव बिना किसी पड़तड़ना के प्रेम से अज़ीज़ा के गले के अंदर बहार लैंड सकते हुए छोड़ने लगा

काफी देर तक छोड़ने के बाद

देव

खुद चेयर पे अदलती अवस्था में आ जाता है

आवर अज़ीज़ा को अपने ऊपर आने का इसरा करता है

अज़ीज़ा देव के ऊपर आ कर अपनी योनि को खोल कर देव के लैंड को अपने अंदर डालने लगती है

देखते हे देखते कुछ दर्द के साथ 2,3 जोरदार रखो में अज़ीज़ा देव के पुरे लैंड को अंदर ले लेती है

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ीदार दूसरे महल के दूसरे रूम में रूद्र बड़ी हे तेज़ी के साथ वाइल्ड तरीके से राजकुमारी ज़हरा के मुँह को अपने लैंड से छोड़ेगा जा रहा था

रूद्र ......अह्ह्ह्ह साली चूस न आवर जोर से

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रूद्र ज़हरा के मुँह में पूरा लैंड डेल सत्ता सात पेलने में लगा हुआ था

ज़ेहरा के मुँह से तुक बहार निकल कर उसकी चूचिया पे गिर रहा था

रूद्र वही जमीं पे लेट जाता है आवर ज़ेहरा को अपने ऊपर ले एक हे जटके में अपना लैंड बिना दर्द की परवा किये दाल देता है

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ज़ेहरा दर्द से बिलबिला उठी पैर रूद्र तो जैसे सम्भोग नहीं अपना कोई बदला ले रहा hi ऐसा लग रहा था

ज़ेहरा ......अह्ह्ह्हह सम्राट डेरी कीजिये हमें बहुत तकलीफ हो रही है

रूद्र .....चुप कर साली कुटिया होगी तू राजकुमारी पैर मेरी तो गुलाम है सामजी ( दरशल रूद्र पे तामसिक ऊर्जा सेक्स के दौरान हावी होने लगती है )

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ज़ेहरा किसी तरह खुद की छूट को सहला कर अपनी पीड़ा काम करती है आवर डेरे डेरे उसको भी मज़ा आने लगा था

ऐसा वाइल्ड सेक्स में ये उसके लिया पौला अनुभव था रूद्र दोनों चूचियों को दबा दबा कर लाल कर चूका था

जब रूद्र का इस आसान से दिल भर गया तो रूद्र ने ज़ेहरा को अपने ऊपर से हटा कर छोटी बनाया आवर पीछे से छोड़ने लगा

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इन सब में ज़ेहरा की आग भड़क चुकी थी

अब उसकी छूट पूरी तरह से रूद्र के लिया खुद को त्यार कर चुकी थी

रूद्र ज़ेहरा की गांड पे चेंज मरते हुए

पीछे से ज़ेहरा के योनि की दाजिया उड़ाने लगा

वही दुरी तरफ देव बड़े प्यार से अज़ीज़ा के साथ सम्भोग का आनंद ले रहा था

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देव अज़ीज़ा की कमर को थाम्हे बड़े प्यार से अज़ीज़ा की योनि को सम्भोग सुख दे रहा था

अज़ीज़ा ........आप बहुत अच्छे है सम्राट आपके दूसरे रूद्र रूप स भीं आप में जहा प्रेम है वही उनमे क्रोध भरा है

देव ......उम्म्म्म अह्ह्ह्हह सच कहा अज़ीज़ा है एक सीके के दो पहली है मैं पर्म का प्रतीक हूँ आवर वो रूद्र है क्रोध का प्रतीक

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देव डेरी डेरी अपने चरम सुख की तरफ भाड़ रहा था

अज़ीज़ा ......अह्ह्ह्हह उम्म्म्म सम्राट हमें बहुत अच्छा लग रहा है

कास हमारे पास आवर वक़्त होता तो हम आपके साथ कुछ आवर समय बिताने चाहते थे

देव ......अह्ह्ह्ह अज़ीज़ा हम अपने चरम पे पहुंच चुके है जल्दी से आसान बदलिए

अलीजा जल्दी से चेयर पे सीधी जो कर लेट जाती है

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देखते हे देखते देव अपनी चरम पे पहुंच जाता है आवर अज़ीज़ा की योनि कुंड में अपना वीर्यदान कर भर देता है

अज़ीज़ा ..........शुक्रिया मेरे मालिक मुझे इस जहनुम से मुक्ति प्रदान करने के लिया

हमें आज्ञा दीजिये

देखते हे देखते अज़ीज़ा का सरीर गायब हो जाता है आवर उसे मुक्ति मिल जाती है है

वही जब देव अज़ीज़ा को मुक्त कर बहार जाता है तो वह का नज़र हे बदला हुआ था

रूद्र पुरे जोश के साथ राजकुमारी ज़ेहरा के साथ साथ बाकि दसिया को भी पेल रहा था

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( देव....... ये क्या है रूद्र तो खुद पे से कण्ट्रोल खोया जा रहा है मुझे इसे रोकना होगा )

देव आँखे बंद कर सूक्ष्म रूप दर्जन कर रूद्र के सरीर में समाहित होने जाता है

आवर डेरी डेरी रूद्र को संत कर खुद उसकी जगह ले लेता है

आवर राजकुमारी ज़ेहरा के साथ सम्भोग करने लगता है

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रूद्र जो पहले से हे अपने पिक पे था

कुछ हे देर में देव ज़ेहरा की योनि में अपना लावा उगल कर संत होने जाता है

ज़ेहरा ......प्रिंस अपने वीर्य का प्रयोग कर इन सेविकाओं को भी मुक्ति प्रदान कर दीजिये

देव अपने लैंड पे लगे वीर्य का उन सभी दसिया को पैन करवाता कुछ दसिया जो ज़ेहरा की छूट से बाह कर बहार गेरे वीर्य का पैन कर मुक्ति प्राप्त करती है

ज़ेहरा .......आपका बहुत बहुत सुखरिया प्रिंस आपकी वजह से हमारी माँ से विरासत में मिली हवस से हमें मुक्त किया

हम तो मुक्त होने गयी है किन्तु इस मायावी दुनिया के एक पहरेदार आवर एक सेविका है उसे मुक्त मत कीजियेगा

देव ......ऐसा क्यों राजकुमारी उसका भी अदिकार है मुक्त होने का

ज़ेहरा .......वो बहुत मायावी है उसने हे ये मायावी दुनिया का निर्माण किया था इस दुनिया की पहली रानी ....स्कोर्पियन क्वीन वो अगर आजाद हुए तो दुनिया में तबै के सिवाय कुछ नहीं बचेगा

देव .......शुक्रिया आपका राजकुमारी

ज़ेहरा .......अब हमें आज्ञा दीजिये

देव .....जी जरूर

राजकुमारी ज़ेहरा के जाते हे देव के सामने

स्कोर्पियन क्वीन आ जाती है

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देव ......कोण हो तुम आवर मेरी दुनिया में क्या कर रही हो

स्कोर्पियन queen......hahahaha ये मेरी दुनिया है मैं हूँ यहाँ की क्वीन स्कोर्पियन क्वीन चले जाओ मेरी दुनिया से आज़ाद करो मुझे

तभी वह एक आवर लड़की आती है जो की पूरी तरह से नुदे थी

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देव ......अब तुम कोण हो आवर यहाँ क्या कर रही हो

लड़की अपने घुटनो पे आ कर के लड़की ......सम्राट मैं यहाँ की सेविका हूँ मैं आपकी सेवा के लिया हूँ इस दस्ता को कभी आज़ाद मत कीजियेगा

देव ......हम जानते है पैर आप क्यों मुक्त नहीं हुए

सेविका .....सम्राट हम जब तक ये मायावी दुनिया है हम मुक्त नहीं हो सकते है

हमें मुक्त करने के लिया आपको ये मायावी दुनिया को नस्ट करना होगा

स्कोर्पियन क्वीन ......नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकते हो

देव ......हम तुम्हे अनूबिस से प्राप्त सकती से बंदी बाते है

स्कोर्पियन क्वीन

देव के कहते हे देव के आँखों से निकली रेड रौशनी उस कांच को तोड़ते हुए स्कोर्पियन क्वीन को अपनी बंदन में बंद लेती है

देव .....आज के बाद तुम इस मायावी दुनिया की गुलाम हो तुम हमारी इच्छा के बिना कुछ भी करना तो दूर सोचा भी तो ये बंदन तुम्हे इतनी पीड़ा देगा की तुम्हारी आत्मा भी कैंप उठेगी

सॉरपिओं क्वीन ......हम तुम्हे छोड़ेंगे नहीं ..

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

देव ......देखा तुम्हारे सोच भी हमारी गुलाम है आज से तुम हमारे आदेश का पालन करोगी आवर सेविका तुम्हारी मालिक इन होगी

देव .....सेविका इस को दंड तुम डौगी ये तुम्हारे हर आदेश का पालन करने को विवश है आवर अपने वस्त्र दर्जन करो

सेविका ......शुक्रिया मेरे मालिक इसने मेरे दुनिया को तबाह किया था इसकी उसका दंड मैं दूंगी

देव .....अब मैं चलता हूँ फिर मिलूंगा

सेविका .......जी सम्राट

देव मायावी दुनिया से अपनी दुनिया में लौट जाता है

देव जब महल पंहुचा तो उसे गए हुए कुछ 1 हर का समय हे बिता था

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

मायावी दुनिया का chapter ख़तम

अब से स्टोरी पहले के प्लाट पे हे चलेगी जहा देव ेगीपत जाने से पहले था .....
 
अपडेट 106

देव .....सेविका इस को दंड तुम डौगी ये तुम्हारे हर आदेश का पालन करने को विवश है आवर अपने वस्त्र दर्जन करो

सेविका ......शुक्रिया मेरे मालिक इसने मेरे दुनिया को तबाह किया था इसकी उसका दंड मैं दूंगी

देव .....अब मैं चलता हूँ फिर मिलूंगा

सेविका .......जी सम्राट

देव मायावी दुनिया से अपनी दुनिया में लौट जाता है

देव जब महल पंहुचा तो उसे गए हुए कुछ 1 हर का समय हे बिता था..........

अब आगे ........

देव के महल में पहुंचते हे याद आता है की उसे तो रुद्रांश के पास जाना था

जैसे हे देव जाने की सोचता है तभी उसको सपना की आवाज सुनाई देती है

सपना ......प्रिंस हमें आपसे कुछ बात करनी है हम भी आपके साथ चल रहे है

देव ........ठीक है सपना हम रुद्रांश से मिलने जा रहे है आप भी चलिए फिर साथ हे

सपना आवर देव दोनों हे वह से गायब हो चीन आ पहुंचे

देव को देखते हे अलीमा आवर ालिस अपने गुथनो पे आ जाती है

सपना .......खड़े हो जाओ आवर हमारे सामने जखने की जरूरत नहीं है आप दोनों को

अलीमा .......आप स्वपन लोक की महारानी है आवर प्रिंस की होने वाली पत्नी आपके सामान में जखन हमारा कर्त्तव्य है महारानी जी

सपना रुद्रांश को घर कर देखती है रुद्रांश सपकपाने लगता है

सपना ......ये बात अपने तक हे सिमित रखना तुम दोनों हम नहीं चाहते किसी को हमारे बारे में सत्य ज्ञात हो

अलीमा ालिस ......जी महारानी जी

देव .......अलीमा उन तीनो को यही ले आओ

अलीमा ......जी प्रिंस हम अभी ले कर आते है

रुद्रांश ......भाई आप कहा थे पीछे 1 हर से

सपना ......है प्रिंस हम भी यही जानना चाहते है आप अच्चानक से कहा गायब हो गए थे हम आपकी ऊर्जा को परतवि पे. महसूस नहीं कर प् रहे थे हमें आपकी कितनी चिंता हो रही थी

देव ........हम बहुत स्ट्रांग तामसिक ऊर्जा का पीछा करते हुए ेगीपत गए थे वही किन्तु वह हम पहुंचे तो वो ऊर्जा गायब हो गयी थी

सपना ........क्या उस ऊर्जा का कुछ पता चला

देव .......नहीं हमने बहुत कोशिश की पैर उसका परतवि लोक पे होने का कोई संकेत हमें नहीं मिला किन्तु कुछ बुराई लिप्त ऊर्जा का अहसास हुआ

रुद्रांश ........क्या आप परतवि लोक से बहार गए थे

देव .....नहीं हम किसी अन्य जगह थे

सपना .......ऐसे कोनसी जगह है परतवि पे जहा हम आपको महसूस तक नहीं कर पाए

देव .....ेगीपत के पिरामिड वो जगह है जहा हम थे

दरहाल जब हम वह पहुंचे तो वो तामसिक ऊर्जा दरक वह से गायब हो चूका था जब हमने उसे ढूंढ़ने की कोशिश कर रहे थे तभी हमें एक दूसरी ऊर्जा का आभाष हुआ

हम उसका पवित्र ऊर्जा को सेंस करते हुए एक पिरामिड में जा पहुंचे वह हमारी मुलाकात

मृत्यु के देव अनूबिस से हुए

सपना ......क्या ये आप क्या कह रहे है वो वह क्या कर रहे थे क्युकी इस कल में उनका परतवि लोक पे होना संभव नहीं है

देव .......उचित कहा आपने किन्तु वो यहाँ परतवि लोक पे एक तरह से कैद में थे

वो महारानी क्लिओपेट्रा के चाल का सीकर हो वचनवाद हो कर अपनी दिव्या मणि महारानी क्लिओपेट्रा को दे चुके थे जिसके बिना वो अपने लोक में नहीं जा सकते थे

देव सपना आवर रुद्रांश को पूरा वाक्य बताता है

सपना .......मतलब आपने क्लिओपेट्रा आवर दोनों राजकुमारियों के साथ सम्भोग किया

देव ........हमें माफ करे किन्तु उनकी मुक्ति का कोई आवर मार्ग नहीं था हमारे पास हमने अनूबिस के कहे अनुसार हे सब किया

सपना .......हम जानते है आप किसी के साथ कुछ गलत नहीं करेंगे बस दुबारा रूद्र को खुद से विलख न कीजियेगा

देव ......हम समाज चुके है सपना रूद्र को खुद से अलग करना हमारी सबसे बड़ी भूल है

हमने अब तक जो तांत्रिक तामसिक ऊर्जा को ग्रहण किया उसका पूरा पूरा असर रूद्र पे हो रहा जो की अच्छा नहीं है रूद्र का क्रोध इन ऊर्जा के कारन दिन पार्टी दिन भड़ता जा रहा

सपना ......इस लिया हे हम आपसे कह रहे है ( हमें माफ कर दीजिये स्वामी हम आपको फिर से नहीं खोना चाहते अब आपका अस्तित्व केवल देव के साथ हे है )

अलीमा ......प्रिंस ये रहे वो तीनो वाम जिनको आपने बंदी बनवाया था

देव आगे भाड़ वाम 1 के मस्तिष्क से उस कवच से जुडी जानकारी लेने लगता है

कुछ देर बाद वाम 2 के मस्तिष्क से भी कवच की जानकारी ले लेता है अंत में वाम 3 के साथ भी वही करता है

देव ......रुद्रांश इनको ख़तम कर दो ये पूरी तरह वैम्पायर में बदल चुके है

रुद्रांश तीनो को बहार ले जा कर ख़तम कर देता है

रुद्रांश .....भाई यहाँ का काम तो ख़तम हो गया

देव ......सिंह कहा हो तुम मेरे पास आओ

सिंह देव के कहते हे वह परगट हो जाता है

देव .......सिंह तुम्हे कुछ वक़्त इनके साथ रहना है

सिंह ......जैसा आप कहो भाई

देव आगे बढ़ सिंह के मस्तिष्क पे हाथ रखता है

एक रौशनी देव के हाथ से निकल कर सिंह के सरीर को चारो तरफ से धक् लेता है

कुछ देर बाद सिंह रौशनी से बहार निकलता है

तो वो किसी वॉररीओर लोयनकिंग के जैसा लग रहा था

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देव .....सिंह आज के बाद तुम कोई भी रूप दर्जन कर सकते हो फिर चाहे वो परतवि पे रहने वाला कोई भी जिव हो या कोई भी इंसान

सिंह .....शुक्रिया भाई अब मैं भी आप के साथ ज्यादा वक़्त बिता पाउँगा

देव ......रुद्रांश कल तुम दिल्ली के लिया निकल जाओगे सिंह भी कुछ वक़्त तुम्हारे साथ रह कर सीकर करेगा

रुद्रांश .....जैसा आप कहे भाई पैर इसके लिया हम काफी है सिंह की जरूरत नहीं है

देव ......नहीं सिंह को भी थोड़ा मज़ा करने दे भाई

क्यों सिंह

वैसे सिंह अपने लिए कोई शेरनी भी पसंद कर लेना कब तक अकेला घूमता रहेगा

सिंह .....नहीं भाई मैं ऐसे हे ठीक हूँ

रुद्रांश .....सही है भाई सिंह अभी तो शेर है पैर जब शेरनी मिल जाती है तो अच्छे अच्छे शेर चूहे बन जाते है

सिंह .....सही कहा भाई आपने

सपना .....हम भी यहाँ खड़े है

देव .....चलो हमें घर चलना चाइये

सिंह तो पहले हे निकल गया था

रुद्रांश सपना सूर्य उदयपुर चले गए ....

वही पिसाच किंग देव के दर से गायब हो किसी गुप्त स्थान पे खुद को छुपा लिया था

पिसाच किंग ......कोण थी वो दिव्या सकती कही ये वही तो नहीं जिसके लिया वेमकिंग को भेजा था

पिसाच किंग ...क्या मुझे इस बारे में डेविल से बात करनी चाइये या पिता जी से

नहीं नहीं अगर मैंने ऐसा किया तो वो मुझे कायर समझेंगे जब तक मेरा बलि याह्या पूरा नहीं हो जाता मुझे खुद को दुनिया से छुपा कर रखना होगा

जैसे जैसे पाप का विस्तार करेंगे मेरे 4 गुलाम वैसे वैसे मेरी ताकद बढ़ती जाएगी बस मुझे विवेक आवर भुधि से कार्य करना होगा

आवर इसमें मेरी सहायता मेरा मूरख जानवर भाई वुल्फ किंग करेगा

वैसे भी वो कुछ दिनों में परतवि लोक पहुंच जायेगा

तब तक मेरे गुलामो को हाहाकार मचने दो

इस बिच मेरा यज्ञ भी पुराण हो जायेगा जिस से पिताजी आवर मुझे अपर सक्रिय प्राप्त होंगी बुराई का सम्राट बन जाऊंगा मई

पिसाच किंग अपनी किसी तांत्रिक पूजा में लग जाता है

वही पसाच किंग के चारो गुलाम अलग अलग देश में जा पहुंचे आवर अपने अपने बुराई से लोगो के अंदर छुपी बुराई को बहार निकलने लगे जो भी इनके संपर्क में आ रहा था वो भी इनका दस बनता जा रहा था वो कुढ़ नहीं जानते थे की वो क्या आवर क्यों कर रहे है

उदयपुर एकलिंग मंदिर ....

गुरुदेव एकलिंग मंदिर में ध्यान में लीं थे

वो ध्यान में परतवि लोक में घाट रही गतिविधियों पे नजर रख रहे थे

कुछ देर बाद गुरुदेव ने अपना ध्यान भांग किया

गुरुदेव .....ये उचित नहीं हो रहा है चारो तरफ पाप अपने पेअर फैला रहा है

काम क्रोध मोह माया अब अपनी बुरी मानसिकता से लोगो की भीतर छुपी बुराई को बहार निकल रहे है ऐसे में तो पूरी मानव जाती का सर्वनाश हो जायेगा

गुरुदेव .....किन्तु हम कुछ कर भी नहीं सकते है नियति के आगे हम विवश है

अब तो जो भी होगा नियति की इच्छा से होगा

सायद यही मार्ग नियति ने चुना हो पाप का सर्वनाश इसी तरह होना लिखा हो बस बेगुनाह निर्दोषो को इसका दंड न मिले

गुरुदेव .....हमें देव को सत्य से अवगत करवाना होगा

अभी गुरुदेव देव को याद करते उस से पहले हे सपना वह आ पहुंची

सपना .....बाबा अभी उनको कुछ भी बताने की आव्सय्कता नहीं है

गुरुदेव ......किन्तु पुत्री इसमें निर्दोषो को भी दंड मिल रहा है

सपना .....बाबा हम जानते है किन्तु ये जरुरी है जब तक पापी के पाप का घड़ा नहीं भरता उसको उसके किये का दंड नहीं दिया जा सकता

जितने निर्दोष इंसानो को दण्डित कर ये पापी मनुस्य पाप में लिप्त हो रहे है इनको इनके किया का दंड नियति पहले हे तय कर चुकी है

गुरुदेव .....अथार्त पुत्री तुम कहना क्या चाहती हो

सपना .....बाबा आप नहीं जानते है प्रिंस आज पिसाच किंग की ऊर्जा को मह्सुश कर उस तक पहुंच हे गए थे किन्तु....

गुरुदेव ादिर हो सपना की बात बिच में हे काट देते है

गुरुदेव .....किन्तु क्या पुत्री

सपना ......किन्तु पिसाच किंग प्रिंस की ऊर्जा को मह्सुश कर वह से भाग निकला क्युकी वो अच्छी तरह से जनता था की वो इस वक़्त प्रिंस का मुकाबला करने में सक्षम नहीं है

अगर वो प्रिंस से तारने की कोशिस करता तो मारा जाता जो की अभी ठीक नहीं था

सायद नियति भी यही चाहती है

गुरुदेव .......पुत्री देव उन चारो का सिरे तो नस्ट कर सकता है

सपना .....है बाबा कर सकता है पैर उस से जो उनके मायाजाल में फर्श चुके है जो पाप में लिप्त हो चुके है वो अनियंत्रित हो जायेंगे

गुरुदेव ......फिर उन्हें रोकने का कोई तो मार्ग होगा न

सपना ......मार्ग है नहीं बाबा था नियति ने अपना चाल चल दी है

गुरुदेव .....क्या मतलब

सपना ......बाबा उनको तभी रोका जा सकता था जब उनको या तो बंदी बनाया जाये या फिर उनकी आत्मा तक को नस्ट कर दिया जाये

गुरुदेव .....है काम क्रोध मोह माया को तभी रोका जा सकता है जब या तो उन्हें बंदी बनाया जाये या फिर उनको समूल नस्ट किया जाये अथार्त उसकी आत्मा तक को नस्ट किया जाये

किन्तु ये दोनों हे दिव्या सक्रिय इस लोक में किसी के पास नहीं है

सपना ......नहीं थी बाबा पैर अब इसमें से एक दिव्या सकती प्रिंस प्राप्त कर चूका है

नियति ने प्रिंस को वो मार्ग दिखाया आवर प्रिंस ने उस दिव्या सकती को प्राप्त किया जिस से प्रिंस उन चारो को आत्मा रम में कैद कर सके

गुरुदेव .......क्या पपेर ये कैसे संभव हुआ

सपना ......हमें प्रिंस ने हे बताया बाबा जब हमें वो परतवि लोक पे मह्सुश नहीं हुए तो हमने उनसे इसका कारन पूछा तब हमें नियति के संकेत समाज आये

फिर सपना गुरुदेव को पूरी कहानी बिताती है जिसे सुन कर उन्हें भी बहुत ख़ुशी हुई

गुरुदेव ......हमें तो इस विषय में बिलकुल भी ज्ञान नहीं था की अनूबिस बरसो से परतवि लोक पे कैद थे

सपना .....हमें भी बहुत बार पुरे परतवि लोक की जाँच की किन्तु हम भी इस रहश्य को जान नहीं पाए किन्तु नियति ये कार्य प्रिंस के द्वारा हे करना तय किया होगा

गुरुदेव .....अब हमें कोई चिंता नहीं है पुत्री नियति अपना मार्ग खुद प्रसस्त कर रही है तो हमें नियति के बिच नहीं आना चाइये

सपना .....इस लिया हे हम आपको रोकना चाहते थे बाबा

गुरुदेव .......उचित किया पुत्री तुमने

आवर है पुत्री हमें सोगरा हे सौपानलोक चलना होगा तुम्हारे आवर देव के विवाह के समय नजदीक है

सपना .....जी बाबा पैर उस से पहले हम अपने 7 पिता के साथ कुछ वक़्त बिताना चाहते है

gurudev.....ham भी यही कहना चाहते है पुत्री आप अपने अंश को भी अपने पिता से मिलवाने ले जाये उनकी सक्रिय जागृत वही होंगी परतवि लोक में ऐसा होना मुमकिन नहीं है

सपना ....जी बाबा है अपने अंश को भी साथ ले कर जायेंगे अपने पिता से मिलवाने उन्हें भी अपनी दूसरी पुत्री से मिल कर ख़ुशी होगी

गुरुदेव ......उचित कहा पुत्री अब आप जाओ हमें ध्यान करना है

सपना .....जी बाबा परनाम

गुरुदेव ......सफल मनोरथ भाव पुत्री ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......🌹🌹🙏

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ......🌹🌹🙏
 
अपडेट. 107

gurudev.....ham भी यही कहना चाहते है पुत्री आप अपने अंश को भी अपने पिता से मिलवाने ले जाये उनकी सक्रिय जागृत वही होंगी परतवि लोक में ऐसा होना मुमकिन नहीं है

सपना ....जी बाबा है अपने अंश को भी साथ ले कर जायेंगे अपने पिता से मिलवाने उन्हें भी अपनी दूसरी पुत्री से मिल कर ख़ुशी होगी

गुरुदेव ......उचित कहा पुत्री अब आप जाओ हमें ध्यान करना है

सपना .....जी बाबा परनाम

गुरुदेव ......सफल मनोरथ भाव पुत्री ........

अब आगे ........

साम को देव ने अपनी बहनो के साथ गुमने का प्रोग्राम बनाया था तो सभी उसकी तयारी कर रही थी

दिव्या .......ये प्रिंस कहा है आज कल पता नहीं कहा गायब रहते है

कोमल .....वो दी कुछ देर पहले रुद्रांश आवर कोमल साथ थे वो

क्या हुआ कुछ काम था क्या

दिव्या .....उनको पता है न हम सब आज गुमने जा रहे है है

कोमल .....दी उनको सब पता होता है भले हे वो नाटक क्यों न करे भूलने का

भूलिए मत वो कोण है वैसे आपको लावण्या दी कैसे लगी

दिव्या ......गुड़िया आप बात को गुमा रही हो

कोमल .....अरे दी आप भी न होंगे यही कही बहार

हम क्या पूछ रहे है आपने बताया नहीं

दिव्या .....अच्छी लड़की है पैर आप क्यों पूछ रही है

कोमल ......आपको कुछ भी पता नहीं है या आप नाटक कर रही है

दिव्या .....अभी आप त्यार हो कर प्रिंस को चलने के लिया बोलिये हम इस बारी में रात को बात करते है

कोमल .....ok दी हम अभी प्रिंस को कॉल करते है

देव .....इसकी जरूरत नहीं है दी हम यही पे है

कोमल .....कहा है आप सामने आये

देव जो अभी तक गायब हो कर इनकी बाटे सुन कर मज़े ले रहा था वो दोनों के सामने आ जाता है

देव .....हम यही पे है दी जब आप इतने बार याद करोगे तो हमें तो आना हे पड़ेगा न

दिव्या ......इसका मतलब आप यही पे थे कब से

देव दिव्या आवर कोमल को गले से लगा कर दोनों के माथे को चिंता है

देव .....बिलकुल ठीक कहा आपने हमें जब आपने याद किया तो हम चले आये फिर देखा की आप कोमल दी से वार्तालाप में वयस्थ है तो हम भी आप वार्तालाप का आनंद लेने लगे

दिव्या .....आपको पता है न हमें बहार जाना है

देव .....हम जानते है बस आप सब त्यार हो जाये वैसे भी कल बहुत से लोग चले जायेंगे उनकी के लिया गिफ्ट भी लेने है सो जल्दी कीजिये फिर गुमने के बाद लौटने के टाइम शॉपिंग भी करनी है

कोमल .....पहले आप तो त्यार हो जाये

देव ....ये लीजिये हम तो त्यार हो गए

देव ने चुटकी बजाते हे एक डैम त्यार हो कर खड़ा हो गया

देव अब आप भी त्यार हो जाये या फिर मैं हे आपको त्यार कृ

दिव्या .....उसकी कोई आव्सय्कता नहीं है हम भी त्यार हो सकती है आपकी तरह समजे

आप

देव .....ये कब हुआ

कोमल .....सपना दीदी से पूछना वो बताएंगी आपको

देव .....अच्छा ok आप त्यार हो लीजिये आवर जिसको चलना है उसको बोल दीजिये

हम निचे जा रहे है माँ के पास ok

दिव्या ......ok उम्ममुम्ममहा

कोमल .....कुछ तो सरम कीजिये दी

देव .....क्यों आपको सरम आ रही है क्या ुम्मम्हा ुम्मम्हा ुम्मम्हा अब सरमाती रहिये आप

देव कोमल को होंटो पे दोनों गाल पे किस कर के निकल गया मोहिनी के रूम में

जहा जानवी रुपाली आवर मोहिनी बैठी बाते कर रही थी आवर कुछ वस्त्रो को देख रही थी

देव सीधा जा कर अपनी माँ को पीछे से गले लगा लेता है

आवर अपनी माँ के गलो को चुम लेता है

देव .....ुम्मम्हा कैसे हो माँ क्या कर रही हो

मोहिनी .......आ गई मेरी याद आपको मुझे तो लगा मेरा बीटा अपनी माँ को भूल गया है

देव .....हाहाहा माँ आपके बिना मेरा क्या अस्तित्वा है जिस दिन आपको भुला दूंगा उस दिन समाज लेना आपका देव भी नहीं रहा

मोहिनी जल्दी से पलट कर देव के होंटो पे अनपढ़ हाथ रख देती है

देव ने जब देखा तो पाया की उसकी माँ की आँखों से आंसू निकल रहे है

देव .....सॉरी माँ मुझे माफ कर दीजिये मैंने आपको रुलाया दुबारा ऐसा कभी नहीं करूंगा सॉरी माँ

मोहिनी ........दुबारा कभी ऐसा न कहना देव आपके बिना हम जी नहीं पाएंगे हम अपना सब कुछ खो सकते है पैर आपको नहीं

जानवी .....सही कहा दीदी आपने आपको ऐसा नहीं कहना चाइये देव

देव .....सॉरी चची जी

मोहिनी .....चल बेथ यहाँ पे मेरा पास

देव .....जी माँ बुआ क्या आप कॉफ़ी ले आएँगी अपने लिया आवर हम सब के लिया

मोहिनी ....अपनी बुआ को क्यों परेशान करते हो हम अभी मंगाते है

देव ......नहीं माँ मुझे तो अपनी बुआ के हाथो बानी कॉफ़ी पिणि है

रुपाली .....ok मैं अभी बना कर लती हूँ

रुपाली वह से चली जाती है

देव .....माँ वो हम लोग गुमने जा रहे है क्या आप भी चलोगी साथ में

मोहिनी .....नहीं बीटा आप सब बच्चे गम आओ हम फिर कभी चलेंगे

जानवी ......सही कहा आपने दीदी अभी बहुत से मेमन है महल में उन्हें छोड़ ऐसा जाना ठीक नहीं होगा

देव ........चची जी क्या बात आजकल आप पहले से ज्यादा खूबसूरत हो गई है

जानवी ......क्यों तुम्हे अच्छा नहीं लगा क्या देव

देव ......मुझे तो आप पहले भी पसंद थी अभी तो आवर भी ज्यादा पसंद है अगर माँ कहे तो अभी आपसे चाट मांगनी पैट विवाह कर लूँ

मोहिनी .......फिर तेरे चाचा जी क्या होगा

देव ......चची माँ की तरफ से तो है है अब बस आपके है करने की डेरी है

जानवी .....पहले जा कर अपने चाचा से तो परमिशन ले लो फिर बात करते है

देव .....फिर तो मैं ऐसे हे ठीक हूँ वैसे भी चंडी देवी को पता चला तो मेरी खेर नहीं

दिव्या ......किस चंडी देवी की बात कर रहे हो आप

दिव्या की आवाज सुनते हे देव सपकपाने लगा वही देव को ऐसे सपकपाते देख मोहिनी आवर जानवी की हंसी के ठहाके गूंज उठे

देव ......अरे दी कुछ नहीं हम तो बस ऐसे हे बात कर रहे थे क्यों माँ है न चची जी

जानवी .....अभी तो आप कुछ चाट मांगनी पैट विवाह की बात कर रहे थे

दिव्या ......किसके विवाह की बात हो रही है

देव ......अरे कुछ नहीं बस चची जी ऐसे हे बोल रही है

ये लीजिये आप कॉफ़ी पीजिये बुआ के हाथो बानी स्पेशल कॉफ़ी हम अभी आते है

देव वह से फ़ौरन निकल गया

दिव्या .....इनको क्या हुआ माँ जैसे कोई चुड़ैल इनके पीछे पड़ी हो

मोहिनी जानवी दिव्या के बात सुन कर हसने लगी

मोहिनी .....है बेटी दिव्या उसके पीछे कोई बहुत हे खूबसूरत चुड़ैल पद गई थी

दिव्या ....मैं तो बताना हे भूल गई माँ वो हम सभी गुमने जा रहे है आवर आते हुए शॉपिंग भी करेंगे

मोहिनी ........ok बीटा जल्दी हे लौट आना सब लोग

देव बहार निकला तो देखा की वीर की को बहुत गौर से देख रहा था

वीर को ये भी नहीं पता चला की कब देव वह आ कर खड़ा हुआ

देव ने जब वीर की नजरो का पीछा किया तो देखा वीर बड़े प्यार से वेदिका को निहार रहा था

देव .....वीर वेदिका बहुत अच्छी लड़की है

वीर ......भाई सा आप कब आये

देव ......ये जरूरी नहीं है वीर जरूरी ये है की अगर आप प्यार करते हो तो ज्यादा वक़्त न बर्बाद करते हुए उसको अपनी दिल का हल ब्यान कर देना चाइये

veer......bhai सा ऐसा कुछ नहीं है बस वो हमें अच्छी लगती है

देव .......तो फिर उसके साथ समय बिताओ उसको आवर नजदीक से जानो उसकी पसंद न पसंद का पता करो साथ में समय बिताने से तुम्हे पता चलेगा की ये लव है या फिर सिर्फ अट्रैक्शन हे है केवल

वीर ......हमें दर लगता है भाई सा कही कुछ गड़बड़ हुए तो

देव ..........अपने नाम को सर्तक करो वीर आवर वीरों की तरह आगे बढ़ो ( सपना वीर की हेल्प करो जरा आवर बताओ की वेदिका के दिल में वीर को ले कर कुछ है क्या )

देव की आवाज सुन सपना गौर से वेदिका को देखती है

( सपना .....प्रिंस ये अभी कन्फूसिओं में है

dev.....kya मतलब क्या ये किसी आवर से प्यार करती है

सपना ......है ये आपको लिखे करती है पैर जब आपका आवर मेरे रिश्ते का पता चला तो ये पीछे हैट गई वीर भी इसको पसंद है इस लिया ये अभी भी कन्फूसिओं में है

देव .....फिर इसके कन्फूसिओं को ख़तम कर दो न वीर इसको पसंद करता है

सपना .....ये काम वीर करे तो बेहतर रहेगा अपने प्यार के लिया प्रयाश तो वीर को हे करना होगा

देव ....सही कहा ok थैंक्स फॉर हेल्प )

देव ......वीर आगे बढ़ो वो तुम्हे लिखे करती है अब तुम उस लिखे को अपने लव में बदलना है

वीर .....आपको कैसे पता भाई सा की वो मुझे लिखे करती है

देव .......ये सब तुम्हे रात को बताऊंगा अभी वेदिका पे अपना ध्यान दो बाकि सब मैं देख लूंगा

इतने में सब त्यार हो बहार आ जाती है

दिव्या कोमल सपना लावण्या जूही निशा ख़ुशी चंचल विधि शीतल ममता k.komal कविता जी दीपक सब

देव .....चलो सब त्यार हो हे गए

अच्छा है अब निकलते है

देव सपना को इसरा कर वेदिका को वीर के साथ आगे बैठा देती है

रुद्रांश की साथ k.komal को ले कविता जी बेथ जाती है बाकि सब अपनी अपनी इच्छा अनुसार बेथ जाते है

देव अपनी कार आगे बढ़ता है की बहार हे सिक्योरिटी वालो ने कार रुला दी

देव ......क्या हुआ भाई

सिक्योरिटी चीफ ......सर राजमाता का आदेश है बिना सिक्योरिटी कोसाठ लिया आपको जाने न दिया जाये

देव ......ठीक है आप कुछ सिक्योरिटी साथ भेज दीजिये बाकि सब यही रहे ज्यादा फाॅर्स की जरूरत नहीं है

सिक्योरिटी चीफ ......जी सर 4 कार्स आपके साथ जा रही है

देव ....ok कितना वेट करना होगा

s.chif .......सब रेडी है सर आप जा सकते है

सेक्युर्टी चीफ के इस अरे पे 2 कार्स आगे आवर 2 पीछे हथियारों के साथ सिक्योरिटी में लग जाते है

अब कुल 10 कार्स का काफिला हो चूका था

देव .....दी सबसे पहले कहा चले

दिव्या .....हम सबसे पहले हमारे पूर्वज महाराणा परताप गौरव केंद्र चलते है

देव .....ठीक है

देव सिक्योरिटी को परताप गौरव केंद्र चलने का आदेश देता सभी कार्स मार्किट से निकल रहे थे की पुलिस वालो ने कार्स को रोक दिया

देव ......अब इन्हे क्या चाइये

सब कार्स रुक चुकी थी

सिक्योरिटी चीफ ......क्या बात है अफसर हमें किस लिया रोका है

p.officer .......सर हमें ऊपर से ऑर्डर्स मिले है आप जहा भी जायेंगे हम आपके साथ रहेंगे

s.chif देव के पास जाता है

s.chif .....प्रिंस सर उनका कहना है की उन्हें ऊपर से ऑर्डर्स मिले है हमारे साथ जाने के लिया

देव .....ठीक है पैर उनको समजा देना बिना किसी को डिस्टर्ब किया अणि ड्यूटी करे उनकी वजह से किसी भी इंसान को प्रॉब्लम नहीं होनी चाइये आवर उनको आप हे हैंडल कर

s.chif ....जी सर ऐसा हे होगा आप चिंता न करे

सब वह से गौरव केंद्र की तरफ निकल गया कुछ देर बाद सब महाराणा परताप के भव्य प्रतिमा के सामने खड़े थे परताप गौरव केंद्र

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दूर से हे पहाड़ी की शुरुआत में बानी राजस्था की शान महाराणा परताप की भव्य प्रतिमा की भव्यता उनके वयक्तित्व की तरह हे भव्य थी

हाथो अपने विशाल भले लिया हुए अपने व्यक्तित्व के अनुसार हे वो विराजमान थे

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कविता जी .....इनके बारे में मैंने बहुत सुना था रुद्रांश जी

दिव्या ......ये हमारे पूर्वजो में हे नहीं बल्कि हिन्दुस्था के सबसे वीर योद्धाओ की सूचि में जीने जाते है कविता जी

जूही ......इनको देख कर हे ऐसा लगता जैसे ये अपने समय के कुसल वर्रिएर रहे होंगे

देव .....आपका कहना बिलकुल उचित है जूही एक समाया ऐसा भी आया था की पुरे हिन्दुस्थान पे मुग़ल बादशाह ने अपना आदिपत्य स्थापित कर लिया था

पैर इन्होने उन बादशाह के सामने जखन सविकरणे नहीं किया बल्कि बहुत बार उसको मात भी दी

काफी वक़्त बोटा कर वो सब आगे जाने लगे

कुछ देर बाद सभी लोग वह पहुंचे जहा महाराणा परताप के पराक्रम की एक आवर महागाथा इनका इंतजार कर रही थे

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ये थी महाराणा परताप आवर अकबर बादशाह के चाहते बहलोल खान के वध की महागाथा के दृश्य

जूही .....ये प्रतिमा ऐसे क्यों है प्रिंस आवर ये तूसरे हॉर्स पे कोण है

देव .....एक तो है महाराणा परताप आवर जो दूसरी प्रतिमा है ुशी मुग़ल बादशाह अकबर के चाहते दुर्दांत दरिंदे बहलोल खान की जिनको युद्ध में महाराणा परताप ने अपने तलवार के एक हे वॉर से बहलोल खान आवर उसके घोड़े को बीचो बिच से चिर दिया

आपको पता है महाराणा परताप का अकेला भला हे 81 कग का हुआ करता था

उनके सीने का कवच 72 कग आवर उनकी कवच ढल भले आवर 2 सोर्ड इन का कुल वजन 208 कग होता

आज के समय में कोई भी इतने भरी हथियारों के साथ योध करने का सोच भी नहीं सकता है

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सं 1576 ईस्वी में हल्दीघाटी युद्ध में बहलोल खान को मारा था ये उस महागाथा के रूप में यहाँ स्थापित की गयी प्रतिमा है कहा जाता है की बहलोल खान की हिघ्त 7.8 इंच की थी वो इतना क्रूर था की नवजात बच्चो तक को मर डालता था

कुछ देर सब वही आस पास के स्मारक जिम्मे महाराणा परताप के प्रिये घोड़े चेतक आवर मानसिंघ के साथ हुए योध के बारे बहुत सी हिस्ट्री से देव ने सबको अवगत कटवाया इन सब में बहुत समय निकल चूका था

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वह से सब गुमने के बाद उदयपुर के खूबसूरत गुलाब बाघ ज़ू पहुंचे

वह की खूबसूरती देख सब को बहुत अच्छा लगा चारो तरफ खूबसूरत पेड पौधे पक्षी

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गुलाब बाघ

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काफी देर सबने वह मस्ती की खाश कर k.komal ने

मनो उसको बस यही रहना हो

k.komal ......माँ देखो ये कितनी ब्यूटीफुल जगह है

कविता जी .....है बीटा ये बहुत प्यारी जगह है चारो तरफ हरियाली हे हरियाली है खूबसूरत पक्षी शेर हिरन मोर खरगोश तरह तरह के जिव

दिव्या ....प्रिंस हमें चलना चाइये आप भूल गए है सायद हमें शॉपिंग भी करनी है

आज हम पूरा उदयपुर नहीं गम सकते है

देव .....ठीक है दी फिर कभी आएंगे गुमने अभी तो बहुत से जगह बाकि

आप सबको बोलो की अब हमें निकलना है वैसे भी हमें 3 हर से ऊपर टाइम हो गया है

शॉपिंग में भी वक़्त बहुत लगने वाला है इतनी गर्ल्स है मैं कॉल कर देता हु मॉल में ताकि ज्यादा प्रॉब्लम न हो

दिव्या ....है ये ठीक रहेगा प्रिंस मैं सबको चलने के लिया बोलती हूँ

दिव्या वह से चली जाती है

देव क्यों न वीर आवर वेदिका को उस मॉल में भेज दे ताकि इनको भी साथ टाइम मिले आवर वीर वह सब हेंडल भी कर लेगा

देव ....वीर तुम आवर वेदिका मॉल के लिया निकल जाओ आवर मैनेजर को सब समजा देना हम भी कुछ देर में पहुंच रहे वह

वीर .....ठीक है भाई सा क्या वेदिका मेरे साथ जाये

देव .....वो देखो वो आ रही है

देव .....आप जा रही हो न वेदिका वीर के साथ

वेदिका ....आपने कहा है तो जाना हे पड़ेगा

देव .....ऐसा कुछ नहीं है अगर आपको वीर के साथ जाने में प्रॉब्लम है तो मैं किसी आवर को भेज देता हूँ

वेदिका ......हमने ऐसा कब कहा हमें कोई एतराज नहीं न कोई प्रॉब्लम हम जा रहे है

वीर आवर वेदिका दोनों कृषि ख़ुशी वह से निकल जाते है मॉल के लिया

कुछ देर बाद वीर का कॉल आता है की यहाँ सब क्लियर है

देव ....दी चलो अब हम निकल रहे है

सब अपनी इच्छा अनुसार कार में जा बैठे कर मार्किट से होते हुए मॉल की तरफ भध चाय

मार्किट में देव की कार्स का काफिला देख ज्यादातर लोग समाज गए की ये कोई आवर नहीं उनके यूवराज का काफिला है

कुछ 20 मिन्ट्स बाद सब मॉल पहुंचे

पूरा मॉल खली था मैनेजर आवर सेल्स गर्ल्स आवर बॉयज को छोड़ कर

देव .....आप लोग जा कर शॉपिंग करो आवर प्लेसेस थोड़ा जल्दी करना क्यों 7 बज चुके है

आवर ममता दी के लिया कुछ एक्स्ट्रा ड्रेस ले लेना जाते हुए उन्हें घर भी छोड़ना है

दिव्या ......ok मैं देख लुंगी

ीदार देव टहल टहल कर परेशान हो चूका था घर से बार बार कॉल आ रहे थे

क्युकी 9 बज चुके थे आवर इनकी शॉपिंग ख़तम होने का नाम हे नहीं ले रही थी

dev.......sapna कुछ कीजिये घर पे सब वेट कर रहे है

सपना .....आपको पता होना चाइये हमें टाइम लगता है

देव .........काम से काम आप तो ऐसा न बोलो आवर प्लेसेस कुछ करो ताकि यहाँ से निकले

सपना ने पल्ले जापानी आवर काम हो गया

सपना .....लीजिये हमने आपका काम कर दिया

देव ने जब देखा तो 7.8 सेल्स बॉय ट्रॉलीज में शॉपिंग बैग्स दाल कर ला रहे थे

देव .....वीर मैनेजर को बोल कर हवेली पे भिजवाने का बोल दो सब सामान हम पेमेंट करके आते है

सपना .....उसकी जरूरत नहीं है हमने सब कर दी है आपके कार्ड से

आवर सपना ने आँख मर दी

( देव ....सदी से पहले हे जेब काट दी सपना ने )

सपना .....हमने सुन लिया समजे आप

देव ....क्या सुन लिया

सपना .....वही जो आप अपने मन हे मन बोल रहे है

देव .....आप हमारा मन पड़ना बंद कर दीजिये आपको हे प्रॉब्लम होगी

सपना ......हम बंद नहीं कर सकते है क्यों हम आप से जुड़ चुके है समजे माय लव अब चलो सब वेट कर रहे है बहार ुम्मम्हा

देव .....चलिए महारानी जी

सब महल की तरफ निकल गए कुछ आड़े जानते बाद सब महल पहुंचे उनके पीछे पीछे हे मनगर ने सब शॉपिंग भिजवा थे

देव ........सपना हम कुछ वक़्त बाद वीर के साथ मायावी दुनिया में जा रहे है

क्या आप आना चाहोगी

सपना ......है हम आपके साथ चलेंगे पैर अपनी 5 छोटी बहनो के साथ में

देव .....ok जैसा आपको ठीक लगे

देव अपने रूम की आवर निकल गया

बाकि सब भी फ्रेश होने चले गए क्युकी डिनर जो करना था सबको ............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स..............
 
अपडेट. 108

देव ........सपना हम कुछ वक़्त बाद वीर के साथ मायावी दुनिया में जा रहे है

क्या आप आना चाहोगी

सपना ......है हम आपके साथ चलेंगे पैर अपनी 5 छोटी बहनो के साथ में

देव .....ok जैसा आपको ठीक लगे

देव अपने रूम की आवर निकल गया

बाकि सब भी फ्रेश होने चले गए क्युकी डिनर जो करना था सबको ............

अब आगे .......

रात में सबके सोने के बाद देव वीर के पास पंहुचा

वीर ......भाई सा आप यहाँ वो भी इस वक़्त कुछ काम था क्या

देव .......है वीर कुछ काम था इस लिया हे हम आये है

वीर ......जी भाई सा कहो क्या काम था

देव ......तुम्हे हमारे साथ चलना है कुछ बताना है तुम्हे

वीर ने कपडे बदले आवर देव के साथ हो लिया

देव वीर को ले कर अपने रूम में गया जहा सपना दिव्या कोमल चंचल शीतल निधि पहले से मौजूद थे

देव .....आप सब त्यार हो

सभी ....(सपना को छोड़ कर ) हम जा कहा रहे है

आपने कुछ बताया भी नहीं

देव ....वो एक सरप्राइज है आप सब के लिया

वीर गबरना नहीं आज तुम्हे बहुत कुछ जानना है समाज गए

वीर .....जी भाई सा

देव सबके बॉडी पे मैजिक से एक नीसाण बनता है


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जो दिखने में तो बिलकुल सदर्न से थे पैर ये सब मायावी दुनिया में जाने की के थी

इसके बिना कोई भी वह नहीं जा

देव ......आप ये जो सिम्बोल देख रहे है ये एक के ( चाबी ) है

कुछ देर बाद ये गायब हो जायेंगे आपकी नज़रो से पैर इनका असर हमेशा रहेगा

दिव्या ......ये किस तरह की चाबी है आवर किस लॉक की चाबी है

देव ....ये लॉक की चाबी है जो अभी आपके सामने आएगा

देव ने जैसे हे सामने हाथ घुमाया वैसे हे कुछ रौशनी होती है आवर फिर एक दूर परगट होता है


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देव .....ये लॉक की चाबी है दिव्या इसके बिना कोई अंदर जायेगा तो वो जो सामने आग का दरिया देख रही है उसमे जल कर भसम हो जायेगा

वीर .....यी ये आपने कैसे किया भाई सा

क्या हम कोई सपना देख रहे है या फिर भी ये कोई भरम है

dev....chalo ये कोई सपना नहीं है आप सब मेरे पीछे आओ एक एक करके

देव आगे बढ़ दरवाजे को पर कर जाता है

उसके बाद सपना फिर दिव्या कोमल चंचल शीतल निधि

आखिर में वीर डरते डरते दरवाजा पर करता है


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वीर जब पीछे पलट कर देखता है तो कुछ ऐसा नजारा था

वीर .....ये कैसे जगह है आवर कोण सी जगह है भाई सा आवर हम यहाँ क्यों आये आप को जादू आता है क्या आपके पास सक्रिय है

दिव्या .....कितना बोलते हो वीर तुम यहाँ आये है तो पता चल हे जायेगा न कुछ देर संत रहो

अब कोई इन्हे कैसे संजय जब दिमाग के ऐसे तैसे हो तो कोण भला संत रह सकता है

जैसे हे देव आगे बढ़ा आवर दूर बंद हुआ तो सामने सेविका कड़ी थी


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देव ....हमने आपसे क्या कहा था सेविका

सेविका ....हमें माफ कीजिये सम्राट


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सेविका ......महारानियो का मायावी दुनिया में स्वागत है

सपना...... तो आप है जो इस मायावी दुनिया की पहरेदारी करती है

सेविका .....जी महारानी जी

देव ....चलो सब महल में चलते है


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देखते हे देखते मायावी दुनिया बदलने लगी

अब वो पहले की तरह बिलकुल नहीं थी चारो तरफ पहाड़ खूबसूरत हरियाली आवर पहाड़ी पे बना खूबसूरत महल

सपना .....ये सब अच्चानक से कैसे बदल रहा है

देव .....ये हमारी इच्छा के अनुकूल अपना रूप दर्जन करती है सपना

देव सब को ले कर महल में आ पंहुचा आवर राजसिंहासन पे विराजमान हो गया

बाकि सभी भी वही बेथ गए

देव .....अब आपको जो कुछ भी पूछना है

आप एक एक करके पूछ सकते है

वीर पूछना तो बहुत कुछ चाहता था पैर दिव्या के कारन न चाहते हुए भी चुप था

दिव्या .....प्रिंस आप यहाँ के सम्राट कैसे बने आवर कब बने

देव .....दिव्या आज दोपहर में हम इस मायावी दुनिया में आये थे आवर यहाँ की महारानी जो की कई सालो पहले हे मर चुकी थी उसकी आत्मा को मुक्त कर इस मायावी दुनिया के सम्राट बने

दिव्या .....कोण थी वो महारानी जिसको आपने मुक्ति दी थी

देव .....वो ेगीपत की महारानी क्लिओपेट्रा थी

दिव्या .....क्या पैर उसके बारे में हमने बहुत कुछ पढ़ा है

देव .....वो सब सच था फिर देव सम्भोग किर्या को छोड़ कर बाकि सब बता देता है

कोमल .....आप किसका पीछा करते हुए ेगीपत आये थे

देव ......हम नहीं जानते पर वो बहुत हे बुरी सकती थी

उसकी ऊर्जा से हे हमें पता चला

सपना ......क्या हुआ वीर आप चुप क्यों है

वीर .....मुझे कुछ समाज हे नहीं आ रहा है की क्या पुछु मेरा तो दिमाग हे फतह जा रहा है

देव .....मैं जनता हूँ वीर मैंने तुमसे बहुत कुछ छुपाया है पैर ये जरूरी था हम सब के लिया

वीर .....क्या आपके पास सुपर पावर है

देव .....है मेरे पास हे नहीं यहाँ जो भी है उन सबके पास सुपर पावर है कुछ न कुछ

ये वीर के लिया एक बहुत बड़ा जतका था की बाकि सभी के पास भी सुपर पावर्स है है

वीर ....क्या निधि दीदी के पास भी है

देव ....ये निधि हे बताएंगे तो बेहतर होगा

nidhi.....ha मेरे पास भी पावर्स है वीर अभी 4.5 दिन पहले हे हम पाछो का इसका पता चला जब गुरुदेव ने हमारी शक्तियों को जाग्रित कर प्रिंस से मिलाया तब ी हमें पता चला की हमारा जनम के पीछे का रहश्य क्या है

वीर .....क्या मतलब मैं कुछ समजा नहीं

देव .....वो मैं बाद में बताऊंगा कुछ आवर जानना है तो पूछ सकते हो

वीर ......आप सबके पास क्या क्या सकती है

देव ....हाहाहा मुझे नहीं पता मेरे पास कोण कोण सी सकती है वीर दिव्या के पास है अग्नि तत्वा की सकती कोमल के पास है आलस्य तत्वा की सकती यानि की बिजली चंचल के पास है वायु तत्वा की सकती शीतल के पास जय जान तत्वा की सकती

आवर निधि के पास है परतवि तत्वा की सकती

वीर ......आवर सपना के पास कोण से सकती है

आवर आप इनके नाम से क्यों बुला रहे हो भाई सा

देव .....सपना खुद अपने बारे में बताये तो ज्यादा अच्छा है

सपना .....वीर मैं कोई इंसान नहीं हूँ मेरा जनम एक यज्ञ से हुआ है आवर मेरे पिता है सप्तऋषि जिनका निवासी है सत्य लोक में जहा पवित्र तपस्वी सिद्ध योगियों को मरतु के बाद स्थान प्राप्त होता है

मैं सौपानलोक की महारानी हूँ सौपनीका जहा सच्चे आवर अच्छे सपने पुरे किये जाते जहा सचाई आवर अच्छे का संतुलन किया जाता है

आवर मुजमे बहुत से सकतिया है जो मैं बता नहीं सकती हूँ

वीर ......आप फिर यहाँ डर्टी पे कैसे है ी मैं आपका अपना लोक है आप वह की महारानी है तो डर्टी पे क्या कर रही है

सपना ......क्युकी हम आपके भाई प्रिंस से प्रेम करते है आवर उनसे विवाह करने के लिया आपके परिवार के साथ वक़्त बिताने हम परतवि लोक पे आये है

वीर .....क्या आप भाई सा से प्रेम करते है

क्या आप भाई सा को पहले से जानती है

सपना .....नहीं हम कुछ समय पूर्व हे मिले थे आपके भाई प्रिंस रुद्रदेव सिंह राणा से ( हमें माफ करना प्रिंस इस झूट के लिया )

वीर ......भाई सा आप में ये सक्रिय कब से है आवर आपको इनके बारे में कब पता चला

देव .....ये सक्रिय हमारे जनम के साथ हे हम में निहित थी वीर आवर पूर्ण रूप से हमें हमारे 18 वे जनम दिवश पे मिली थी जब हम घर लौटे से थे उस दौरान हम 5 साल गुरुदेव से हिमालय की गुफा में सीख्शा ग्रहण कर रहे थे

वीर ......क्या घर पे सबको पता है आप सबके बारे में

देव .....है सबको पता है दोनों बुआ सा आवर दीपक सोनालिका को छोड़ कर

बड़ी मम्मी आवर छोटी मम्मी पापा चाचा को अभी कुछ दिन पहले हे गुरुदेव ने बताया था सुरु से केवल माँ सा आवर बड़े चाचा यानि की आपके पापा हे जानते थे हमारे बारे में

वीर .....आवर भी कुछ जानना बाकि है क्या

देव .....सबसे जरूरी बात जिसके लिया हम यहाँ आये है ये बात तुम्हे बहुत अजीब लगेगी पैर ये सच है समाज नहीं आता है कैसे तुमसे कहे

वीर .....जहा इतना कुछ सुना है वही ये भी सुना दीजिये भाई सा

देव .....मैं जनता हूँ वीर तुम्हारे दिलो दिमाग में बहुत कुछ चल रहा है तुम क्या सोच रहे हो वो मैं सुन प् रहा हूँ इस लिया मुझे पता है तुम्हारी क्या िस्थित है

वीर ....उस से क्या फरक पड़ता है भाई सा

देव ....फरक पड़ता है वीर आप हमारे भाई है हमने आपसे हे सबकुछ छुपाया पे आप भी ये संजो जिस माँ ने हमें जनम दिया जिस पिता ने हमें पला हमने उनको तक कुछ नहीं बताया जब तक ये बहुत जरूरी नहीं हो गया

सपना .....वीर प्रिंस उचित कह रहे है ये दिव्या शक्तियों के साथ बहुत से जिम्मेदारियां आवर बंदिशे भी आती है

अपनी बंदिशों के चलते हमें अपनी सचाई सबसे छुपानी पड़ती है आपको क्या लगता है प्रिंस को ये दिव्या सकतिया ऐसे हे मिली है भले हे प्रिंस के पास जनम से सक्रिय थी किन्तु उन्हें प्राप्त करने के माफ़िल बनने के लिया इन्होने कितनी म्हणत की होगी आपको अंदाजा भी नहीं है

सपना .....क्या आपको पता है जब देव घर आया था 5 साल बाद तो आपके सभी बहनो का त्रिकाल ने अपहरण किया था जिसमे ख़ुशी भी शामिल थी वो शीतन का पुजारी इनकी बलि देना चाहता था

सपना की बात सुन कर सबकी आँखे फटी की फटी रह गयी सबकी सृस्टि देव पे थी मनो पूछ रही हो की ये सच है क्या

देव ......है ये सच है भला मैं आपको कैसे कुछ होने दे सकता था

दिव्या .....क्या ऐसा कुछ आवर भी है जिसका हमें पता नहीं

देव ....है बहुत कुछ जो मैं आपको समय आने पर बताऊंगा अभी मैं किसी को भी नहीं बता सकता हूँ

सपना .....प्रिंस अब बीकॉम न करो आवर वीर से बात करो

देव ....मुझसे नहीं होगा वीर से आप हे बात करो में बहार जा रहा हम

सपना ....आप कहा जा रहे है रुकिए प्रिंस

दिव्या .....जाने दीजिये दीदी उनको वो नहीं कर पाएंगे वीर का सामना वो वीर से बहुत प्रेम करते है इस लिया वो वीर से इस बारे में कोई बात नहीं करेंगे

वीर ......ऐसा क्या है जो भाई सा मुझसे से बोल नहीं प् रहे है

दिव्या ......वीर मेरी बात ध्यान से आवर ठन्डे दिमाग से सुन्ना ये बहुत जरूरी बात है

वीर .....जी दी मैं सुन रहा हूँ

दिव्या .....अभी कुछ देर पहले तुमने प्रिंस से पूछा था न की हमें प्रिंस नाम से क्यों बुला रहे है

वीर ......है आवर उन्होंने कहा था बाद में बताऊंगा

दिव्या ......तो उसका कारन ये है की सपना दीदी के साथ साथ हम 5 का विवाह भी प्रिंस के साथ हे होगा......

वीर दिव्या की बात सुन सिंघासन से हे उछाल कर निचे गिर गया

वीर ......क्याआआ आप होश में तो है दी ये कैसे बकवाश कर रही है आप

सपना .......ये सच है वीर अगर ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में होने वाले उस भयंकर योध में हम सब प्रिंस को हमेशा के लिया खो देंगे

दिव्या .....आप किस योध की बात कर रही है दीदी

सपना ......भविष्य में शीतन डेविल किंग से प्रिंस का योध होगा जो ये तय करेगा की बहरामन्द का विनाश होगा या वो सुरक्षित रहेगा

वीर ......इस से इनके विवाह का क्या लेना है

सपना ......क्युकी इन पाछो का जनम हे प्रिंस के लिया हुआ है उनकी सकती के रूप में न इनसे प्रिंस के अलावा कोई विवाह कर सकता है न इनकी इच्छा के विरुद्ध गलत नियत से छू सकता है

इन पाछो में से किसी एक का भी विवाह नहीं हुआ तो प्रिंस उस योध में मारा जायेगा आवर अगर प्रिंस को कुछ हुआ तो हम जिन 7 लड़कियों का जनम प्रिंस के लिया हुआ है वो भी मरी जायेंगे

वीर ......नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता भाई सा को कुछ नहीं हो सकता है

सपना .....इस लिया हे हम यहाँ आये है आपके पापा आवर मम्मी भी मन चुके है इसके लिया उनको भी पता है आवर आपके पापा को तो निधि के जनम से पहले हे पता चल गया था

वीर .....अगर माँ डैड को कोई प्रॉब्लम नहीं है तो मुझे भी कोई प्रॉब्लम नहीं है अपनी बहनो की ख़ुशी के लिया इतना तो कर हे सकता हूँ मैं

दिव्या .....सपना दीदी वो 7 में से 5 तो हम है पैर वो 2 कोण है जिनका जनम प्रिंस के लिया हुआ है

सपना .....वो कोई आवर नहीं एक तो हमारा हे अंश है जिन्हे तुम जानती हो दिव्या

दिव्या .....कोण है दीदी वो

सपना .....वो कोई आवर नहीं मुस्कान है

कोमल ....मतलब हमारी ख़ुशी

सपना .....है ख़ुशी जो की मेरा हे अंश है एक तरह से देखा जाये तो वो मैं हे हूँ

आवर दूसरी है वो है सोनालिका वो भी प्रिंस की एक आवर होने वाली पत्नी का अंश है

दिव्या .....प्रिंस की कुल कितनी पत्नी होंगी दीदी

सपना ......11 विवाह होंगे प्रिंस रुद्रदेव सिंह राणा के

सभी .....क्याआ 11 विवाह

वीर .....भाई सा बागवान बचाइए आपको

दिव्या .....क्या कहा भूलो मत हम यही है

वीर .....अब तो डरना बंद कीजिये दीदी वैसे सपना भाबी जी जरा विस्तार से बताने की कृपा करेंगी क्या आप

सपना .....हेहेहे नहीं देवर जी वैसे उनको तो बागवान बच्चा लेंगे पैर आपको कोण बचाएगा 3 पत्नियों से

वीर .....क्या तीन पत्निया

सपना .....क्यों काम है कहे तो आवर गिनती बढ़ा देती हूँ

वीर .....नहीं नहीं मुझे विवाह हे नहीं करना

सपना ......वो सब बाद में अभी जाओ आवर अपने भाई सा से बात करो हम उनकी बेचैनी महसूस कर सकते है वो आप को ले कर बहुत परेशान है

वीर .....अच्छा तो थोड़ा झटका उनको भी मिलना चाइये उन्होंने मुझे इतने जटके जो दिए है

सपना .....नहीं वीर वो इस वक़्त सच में बहुत परेशान है आपको ले कर इस लिया जाते हे उनको गले लगा लेना तुम्हे उनकी परेशानी का पता चल जायेगा

आवर तुम्हे तुम्हारे भाई सा की तरफ से एक बहुत हे अच्छा तोहफा भी मिलेगा

वीर .....कैसा तोहफा भाबी सा

सपना ......सब समाज जाओगे आज आपको वो मिलेगा जो आपने कभी सपने में भी नहीं सोचा था

वीर .....पर वो है कहा

सपना .....उनको याद करो खुद बा खुद आप वह पहुंच जाओगे भूल गए ये मायावी दुनिया है

वीर .....जी समाज गया मैं वीर वह से गायब हो जाता है

ीदार एक पहाड़ी पे बैठा देव काफी चिंतित लग रहा था

अपने हे सोच विचारो में सुबह हुआ था

तभी वह वीर आता है देव को ऐसे चिंतित देख वीर समाज जाता है की देव वाकई में परेशान है

वीर आगे भाड़ देव के सामने जा खड़ा हुआ

वीर ......भाई सा क्या सोच रहे है आप कहा खोये हुए है

देव सामने देखता है तो वह वीर खड़ा था

देव अपनी जगह से खड़ा हो जाता है

वीर ....क्या हुआ भाई सा आप कहा खोये है मैं कब स यहाँ खड़ा आपको देख रहा हूँ

देव .....सॉरी वीर पैर ये सब मेरे बस में नहीं है हो सके तो मुझे माफ कर देना वीर

वीर सीधा जा देव के सीने से लग जाता है

वीर .....आपको सॉरी बोलने की जरूरत नहीं है भाई सा आपने कुछ गलत नहीं किया जो किस्मत में ऊपर वाला लिखता है उसको हम बदल नहीं सकते

है इस लिया जो हो रहा है उसको एक्सेप्ट करना हे सबके लिया अच्छा है

देव ....थैंक्स मेरे भाई मुझे समजने के लिया

इस बिच कब देव की आँखों से आंसू निकल कर वीर के माथे पे गिरा उसे भी पता नहीं चला

तभी वह वीर आवर देव के बिच एक तेज दमका होता है भूम करके आवर वीर तेजी से देव से दूर पहाड़ी के निचे की तरफ गिरने लगता है

देव ......वीइरररर..............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........

आज का अपडेट पहले हे दे रहा हूँ दोस्तों

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

 
अपडेट ........109



वीर .....आपको सॉरी बोलने की जरूरत नहीं है भाई सा आपने कुछ गलत नहीं किया जो किस्मत में ऊपर वाला लिखता है उसको हम बदल नहीं सकते

है इस लिया जो हो रहा है उसको एक्सेप्ट करना हे सबके लिया अच्छा है

देव ....थैंक्स मेरे भाई मुझे समजने के लिया

इस बिच कब देव की आँखों से आंसू निकल कर वीर के माथे पे गिरा उसे भी पता नहीं चला

तभी वह वीर आवर देव के बिच एक तेज दमका होता है भूम करके आवर वीर तेजी से देव से दूर पहाड़ी के निचे की तरफ गिरने लगता है

देव ......वीइरररर..............

अब आगे .......


देव को कुछ भी समाज नहीं आया की ये हुआ क्या था यहाँ

देव की हालत किसी पत्थर के पुतले जैसे हो गई थी

देव को समाज हे नहीं आ रहा था की वो क्या करे

देव ....ये मेरी गलती है मुझे वीर को यहाँ लाना हे नहीं चाइये था

ये सब मेरी वजह से हुआ है

ीदार महल में सभी को अहसास हो गया की कुछ हुआ है

वो सब भी महल से फ़ौरन देव के पास आ गई

ीदार देव अपने घुटनो पे बैठा पहाड़ी के निचे की तरफ देख रहा

दिव्या .....ये इनको क्या हुआ है आवर वीर कहा है

दिव्या आगे भाड़ देव को जुलती है

दिव्या .....प्रिंस क्या हुआ आपको आपकी आँखों में आंसू क्यों है आवर ये वीर कहा है

देव क्या बोलता उसको तो ठीक से होश भी नहीं था

बस बार बार उसको यही लग रहा था की उसकी वजह से हे वीर पहाड़ी से निचे खाई में गिरा

सपना .....दिव्या वो सदमे में है वो कुछ भी नहीं बताएंगे

कोमल .....सदमे में पैर क्यों आवर ये वीर अच्चानक कहा गया

सपना .....संत हो जाओ कोमल वो अभी आता हे होगा

सपना आगे भाड़ देव को संत करने लगती है

तभी खाई से बहुत हे तेजी से कुछ निकलता है आवर आसमान की तरफ निकल जाता है

सपना .....देखो प्रिंस वीर को कुछ नहीं हुआ है

देखो वीर लौट आया है

तभी वीर जमीं पे उतरता है


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वीर .....भाई सा देखो मैं लौट आया हूँ

देव को जब वीर की आवाज सुनाई पड़ती है तो बाकियो की तरह देव भी एक तक वीर को हे देखने लगा

वीर ......ऐसे क्या देख रहे है भाई सा मैं हूँ आपका छोटा भाई वीर

सामने वीर किसी एंजेल योद्धा के रूप में अपने घुटनो पे बैठा मुस्कुरा रहा था

देव आगे भध वीर को जोर से अपने सीने से लगा लेता है

देव .....तुम ठीक तो हो न मेरे भाई मुझे माफ कर दे ये सब मेरी वजह से हुआ है

वीर .....सही कहा भाई सा ये सब आपकी वजह से हे हुआ है देखो जरा मुझे

देव वीर से अलग हो कर ध्यान स वीर को देखता है

देव .....वीरेंद्र

वीर ......क्या कहा आपने

देव .......कुछ नहीं तुम ठीक तो हो न वीर पता है मैं कितना दर गया था

वीर .....मैं ठीक हूँ भाई सा आपके होते हुए भला मुझे कुछ हो सकता है

सपना .....सही कहा वीर ने प्रिंस

अब कैसा लग रहा वीर एंजेल बन कर

वीर .......एक बार के लिया तो बहुत दर गया था जब निचे खाई में गिरा तो फिर पता नहीं क्या हुआ जब निचे गिरा तो बहुत पानी आवर कुछ इंसानो हड़िया आवर खोलदी पड़ी हुए थे जब देखा तो कुछ आवर हे बन चूका था


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देव .....तुम ठीक हो बस यही काफी है वर्ण मैं क्या जबाब देता नंदिता मम्मी को

सपना आगे भाड़ वीर के सर पे हाथ रख कुछ बुदबुदाने लगती है

देखते हे देखते वीर नार्मल हो जाता है पैर उसकी बॉडी शेप आवर तेज बाद चूका था

सपना .....चलो बाकि की बाते महल में चल कर करते है

सभी वह से महल लौट आये

देव .....सपना तुमने क्या किया है वीर के साथ ी मैं तुमने मंत्रो ला प्रयोग किया है न वीर पे

सपना .....ज्यादा कुछ नहीं वीर की सभी शक्तियों को बंद दिया है

देव ......ये आपने ठीक किया

वीर ......पैर क्यों भाई सा

देव ......देखो वीर तुम्हे जो सक्रिय मिली है वो पवित्र सक्रिय है जब तक तुम अपनी म्हणत से उनको जागृत नहीं करोगे तब तक तुम उन शक्तियों के साथ जो दायित्व तुम्हे मिलने वाला है उसके काबिल कभी नहीं बन पाओगे आवर न उनके प्रयोग को समाज पाओगे

सपना ......प्रिंस उचित कह रहे है वीर जैसे बिना की म्हणत के प्राप्त धन का इंसान हमेसा गलत इस्तेमाल करता है वैसा हे कल को तुम इन सक्तियो का मिसुसे करने लगोगे

सकतिया तुम्हारे अंदर हे है बस तुमने उन्हें जागृत कर नियंत्रण पाना होगा

आवर इसमें तुम्हारी हेल्प गुरुदेव करेंगे

वीर उदाश होते हुए ठीक है भाई सा

सपना .....मैं जानती हूँ तुम जल्द से जल्द इन सक्तियो का प्रयोग करना चाहते हो इस लिया चिंता न करो तुम उन शक्तियों का प्रयोग यहाँ मायावी लोक में कर सकते हो पैर यहाँ से बहार निकलते हे तुम्हारी सक्रिय फिर से सुप्त अवस्ता में चली जाएगी

इनका बहरी दुनिया में प्रयोग तभी कर पाओगे जब मुझे लगेगा तुम इनको गलत उसे नहीं करोगे समाज गए

वीर .......जी भाबी सा समाज गया

तो आप इस टोफू की बात कर रही थी

सपना ......है मुझे इस बात का अहसास यहाँ आते हे हो गया था

देव .....क्या मतलब

सपना ......ये घटना करम मैं पहले हे देख चुकी थी यहाँ पे कदम रखने के साथ हे

देव .......वीर अभी भी कोई डंका है तो तुम कुछ भी पूछ सकते हो

वीर .....नहीं भाई सा मुझे कुछ नहीं जानना है मैं समाज चूका हूँ जो भी होता है वो सब पहले से हे लिखा जा चूका है

आवर जो लिखा जा चूका है उसको बदलना मतलब उस इस्वर के खिलाफ जाना

देव .....ठीक है फिर हम चलते है वापिस हवेली

वीर .....है हमें यहाँ आये काफी टाइम हो चूका है

देव .....नहीं वीर हम ुशी समय में पहुंचेंगे जब हम यहाँ के लिया निकले थे

यहाँ समय का कोई स्थान नहीं है

वीर .....फिर मैं कुछ देर यही रुकना चाहता हूँ

देव .....ठीक है जब जाना हो तो दूर को याद कर लेना वो तुम्हे जहा पहुंचना होगा पंहुचा देगा पैर मिस उसे नहीं करना उसका भी

वीर ....ठीक है भाई सा

निधि ........प्रिंस मैं भी यही कुछ टाइम वीर के साथ रहना चाहती हूँ

देव .....ok जैसे तुम्हारी मर्जी निधि जिस जिस को रुकना है वो रुक सकता है मैं जा रहा हूँ

सपना ........मैं चल रही हूँ आपके साथ ये सभी यही रुकने वाली है

देव सपना का हाथ थम वह से गायब हो गया

देव आवर सपना देव के रूम में पहुंचे

देव .......सपना अब आप सच बताइये की ये सब क्या था जो वीर के साथ हुआ

सपना ......क्या मतलब

देव .....जाने दीजिये चलिए आराम करते है

सपना .....क्या हुआ आपको

देव .....देखो सपना मैं जनता हूँ की वीर को किसी आवर की सक्रिय मिली है आवर ये बात आप भी अच्छी तरह से जानती हो आवर ये वीरेंद्र कोण है

सपना .......आप क्या जानते है वीरेंद्र के बारे में

देव ......कुछ भी नहीं वीर को देखते हे मेरे जहाँ में जो पहिला नाम आया था वो यही था ये वेबजहा तो नहीं हो सकता

सपना ......वीर को वीरेंद्र की हे सकतिया मिली है जो की परीलोक के युवराज हुआ करते थे बहुत पहले फिर वो अच्चानक से एक दिन परीलोक से गायब हो गए उसके बाद आज जब हम वह पहुंचे तो मुझे उस सकती का अहसास हुआ

देव .....फिर मुझे उस सकती का वह अहसास क्यों नहीं हुआ जबकि देखा जाये तो मैं मायावी दुनिया का मिलिक हूँ

सपना .....आपका सोचना उचित है पैर ये भी सच है जिसने आप भी जुठला नहीं सकते है की नियति ने भविष्य में किसके लिया क्या छोड़ रखा है कोई नहीं जनता है

देव ......है ये तो सच है

सपना .....जब वीर आपसे गले मिला उस से पहले तक वीर में कुछ अंश बुराई का भी था कोई भी इंसान पूरी तरह अच्छा नहीं होता है वीर के साथ भी यही था किन्तु जब वीर के माथे पे आपके आंसू गिरे तो वीर पूरी तरह से बुराई से मुक्त हो एक पवित्र आत्मा में बदल गया

वीरेंद्र की सक्रिय जो मायावी लोक में सबसे छुपी हुए थी उसने वीर को खुद के लिया चुना आवर अपनी ऊर्जा से वो विस्फोट कर वीर को अपने तक लेन का मार्ग बनाया

देव ......कुछ आवर भी है क्या. जो इस बारे में मुझे नहीं पता हो

सपना ......है वीर को आपके अगले सफर में आपके साथ जाना होगा परीलोक

वीर की शक्तियों को पूर्णता वही प्राप्त होगी तब तक वीर इन सक्तियो को पूरी तरह अपना नहीं पायेगा

वो बार बार इन सक्रिय का इंसानो पे प्रयोग कर गलत इस्तेमाल करेगा इस लिया हमने उसकी शक्तियों को बंद दिया है इस में आपका भी फायदा है आवर एक बात अब आपको सबके मंद को प्रोटेक्ट करना होगा

देव ....वो क्यों भला

सपने .....मेरे भोले बालम आपने इतने झंडे जो गढ़ रखे ुए से आपकी बड़ी मम्मी भी एक है बाकियो की तरह

देव .....समाज गया मालिकाये सौपानलोक

देव एक एक करके सभी के मंद को मंत्रो से प्रोटेक्ट कर देता है जिस से वीर को कुछ भी पता न चले

देव .....चलो अब सोना चाइये हमें भी

सपना .....मुझे तो आपकी बाँहों में सोना है

देव .....रोका किसने है आपको आपका हक़ बनता है

पैर उस से पहले वीर को सक्रिय मिली उस ख़ुशी में मुँह तो मीठा होना चाइये न

सपना सब समाज जाती है की देव क्या कह रहा फिर भी

सपना जादू स मिठाई ले कर देव की तरफ करती है

सपना .....ये लीजिये आपकी हर खवाहिश आपकी बेगम पूरी करने को त्यार है

देव .....मुझे ये मिठाई नहीं चाइये

सपना ....फिर कोनसी चाइये हम अभी ले आते है अपने प्रिंस के लिया

देव सपने को अपने ऊपर खिंच लेता है

आवर प्यार से सपना की आँखों में झांके हुए गुलाबी होंटो पे ऊँगली फिरने लगता है

देव ....हमें तो इनमे भरे उस मिठास से अपना मुँह मीठा करना है

सपना .....तो फिर आपको किसने रोका है हम भी आपके आवर ये भी आपके

सपना अपने होंठ आगे बढ़ा देव के होंटो से अपने लरजते होंठ मिला देती है

दोनों बड़े हे रोमांटिक तरिके से एक दूसरे को किश करते है

कुछ 10 मिंट बाद दोनों की आँखे खुलती है तो दोनों स्वपन लोक में थे

देव .....ये आपने किया है

सपना .....है हमें आपके साथ यहाँ आने का दिल था तो चले आये

दोनों काफी देर तक बात करने के बाद देव सपना को अपने सीने पे सुला कर प्यार से पीठ को सहलते हुए दोनों कब नींद की वादियों में सैर पे निकल गए .....


चीन........

चीन में आज की रात किसी कहर से काम नहीं गुजारने वाली थी

सिंह अलीमा ालिस तीनो हे अपनी अपनी सोर्ड के साथ त्यार थे

चिनेसे मफ्फिए पे कहर बन कर टूटने के लिया

सिंह .....अलीमा ालिस तुम्हारे अनुसार यहाँ मुख्या 4 गैंग्स है जो की पुरे चिनेसे मफ्फिए को चलती है

1ड्रग्स ( सभी टाइप की ड्रग्स के साथ साथ गोल्ड स्मगलिंग ान्तिक स्मगलिंग )

2 हथियार (सभी ट्राय की हतियार स्मगलिंग करना कॉन्ट्रैक्ट किलिंग किडनैपिंग )

3 वेश्यावर्ती ( ये गैंग्स रपे ब्लैकमेल पूर्णविदेओस गर्ल्स किडनैपिंग जैसे काम करती है

अलीमा .....पैर इन तीनो गैंग्स के जो लीडर्स है उनका भी एक बॉस है जो चिनेसे मफ्फिए का बॉस है

सिंह .....सभी गैंग्स को वीडियोस आवर मैसेज पंहुचा दिए है न

ालिस ....है ये काम मैंने प्रिंस के कहने के साथ हे कर दिया था

सिंह ......फिर जो भी इन गैंग्स का मेंबर इनके अड्डे पे मिले बिना कोई रहम के ख़तम करो केवल इनके लीडर को जिन्दा रखना उनसे बहुत सी जानकारी मिल सकती है

सिंह अपने हाथ को गौमाता है तो
सामने कुछ कुछ पाउच जैसा आ कर गिरता है है

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सिंह .....इनमे से आप दोनों एक एक पाउच उठा लीजिये आपको जो भी सामान वह जरूरी लगे वो इन पाउच में दाल लेना

ालिस .....इनमे पैर ये तो बहुत छोटी है इनमे कैसे कुछ आएगा

सिंह .....ालिस ये मैजिक पाउच है तुम बस इनको ओपन कर जिस भी चीज़ या वस्तु को इनके अंदर डालने का सोचोगे वो अपने आप इनमे भरने लगेगा आवर इसमें कितना भी कुछ भी डालो ये इतनी हे रहती न कोई बड़ा आकर न कोई वजन

अलीमा .....अब हमें निकलना चाइये

सिंह .......आवर एक बात जो चीज़ या वस्तु से किसी को नुकसान हो आवर हमारे किसी काम की नहीं उसको वही नस्ट कर देना

अलीमा .....है ये ठीक रहेगा

तीनो वह से गेंग 3 के अड्डे के लिया लिया गायब हो गए

तीनो जब वह पहुंचे तो बहुत से गुंडे इनके स्वागत की तयारी कर रहे थे

सिंह अपना मुँह ऊपर कर ाहूऊऊ की आवाज निकलता है

अलीमा ....ये आप क्या कर रहे है

सिंह .....सॉरी वो भूल गया था की मैं भी अब इंसान बंद चूका हूँ अब शेर हु तो सीकर करने से पहले दहाड़ने की आदत जो पद गई है

सिंह ......वैसे तुम दोनों ने चिनेसे सीकर किया है कभी परतवि पे

अलीमा ......नहीं किया क्यों क्या हुआ

सिंह .....करना भी नहीं .नहीं तो तुम्हारा हे पेट ख़राब हो जायेगा पता नहीं सेल क्या क्या खा जाते है

अलीमा .......देखो वो आ रहे है

सिंह .......इन्तजार किसका है फिर टूट पदों सब पे आवर ख़तम कर दो सब को

सिंह अलीमा ालिस चिनेसे गुंडों पे कहर बांके टूट पड़े जो भी सामने आता उसको हे चिर फाड़ कर रखते देते

देखते हे देखते वह लसो के देर लगने लगे

सिंह अपना नुकीले नाखुनो के प्रहार से सबके सीने की चिर फाड् रहा था

वही अलीमा ालिस अपनी फुर्ती के साथ तलवार का भरपूर उपयोग करते हुए आगे भेदने लगे

कोई भी चिनेसे इनके सामने टिकने की हिमत नहीं जूता प् रहा था

कुछ हे पालो में बहार के गुंडे मरे गए

कुछ तो इनके ऐसे भीषण नर संघार को देख कर हे भाग खड़े हुए पैर सिंह की आँखों से कैसे बच कर निकलते

सिंह .....अलीमा ालिस इनको मैं देखता हूँ तुम लोग अंदर के चूहों को सम्भालो आवर लड़कियों को सुरक्षित करो

अलीमा .....जी सिंह जी चलो दीदी

अलीमा ालिस अंदर की तरफ भाड़ गई

जहा इनके स्वागत के लिया कुछ आवर गुंडे तलवार gun's के साथ इंतजार कर रहे थे

पैर जैसे हे दोनों ने अंदर एंट्री की उनके लहूलुहान सरीर को देख उनकी टंगे कपङे लगी

अलीमा .......तुम लोगो ने अपनी लाइफ की आखरी गलती की जो डेविल प्रिंस का सन्देश नहीं मने

aalis......alima टाइम बर्बाद न करो अभी भी 2 गैंग्स बाकू है

अलीमा ....जी दीदी

एक तरफ अलीमा ने मोर्चा संभाला दुरी तरफ से ालिस ने गोलियां इनको छू भी नहीं प् रही थी कोई गोली लगती भी तो इनकी बॉडी से टकरा के निचे गिर जाती

दोनों बहने किसी जहरीली नागिन के जैसे फुफकारते हुए आगे भाड़ अपने जोहर दिखने लगी

सिंह सबको ख़तम कर निचे बने अड्डे की तरफ भाड़ गया जहा काफी लड़किया थी तकरीबन 200 के लगभग लड़किया थी

कुछ को बांड कर भी रखा हुआ था कुछ जो इस वेश्यावर्ती से नहीं जुड़ना चाहती थी उनकी हालत तो आवर भी ज्यादा ख़राब थी

वह कुछ गुंडे थे जो की सायद इनको टॉर्चर करने या फिर इनकी देखभाल के लिया हे होगी

सिंह एक आखरी मौका है अपनी जान बचाना चाहते हो तो ये काम छोड़ कर निकल जाओ

किसी को न जाता डेक सिंह एक एक को ख़तम कर लड़कियों को वह से मुक्त किया

सिंह ..... सभी को एक सेफे जगह भेज रहा हूँ वह से तुम्हे घर भेज दिया जायेगा

लड़किया कुछ समजतो या बोलती उस से पहले हे सिंह उनको किसी सेफे जगह टेलीपोर्ट कर देता है

आगे से भाड़ कर सिंह बाकि रूम्स भी देखता है जिम्मे कुछ बेहतरीन सोर्ड राखी थी पैसे रखे हुए थे

2 ,3 रूम में कुछ लोग पोर्न वीडियोस भी बना रहे थे

सिंह ने उन सबको ख़तम कर लड़कियों को भी वही भेज दिया

निचे का काम फिनिश कर सिंह ऊपर पंहुचा जहा अलीमा ालिस सभी को ख़तम कर चुकी थी आवर इनके गेंग लीडर को बंदी बना घुटनो पे दाल रखा था

सिंह ......तो ये कमीनः है इस गेंग का लीडर चलो इस से बाद में निपटेंगे

अलीमा .....इस गैंग में यही आखरी बचा है

सिंह ....यहाँ से जरुरी सामान सब ले लिया है न

अलीमा ालिस .....जी है काफी पैसे बना रखता था लड़कियों को बर्बाद कर कर के

सिंह लीडर को भी टेलीपोर्ट कर देता है

सिंह .....चलो यहाँ से यह का काम ख़तम हुआ

सिंह अलीमा ालिस के साथ वह से टेलिपोर्ट हो गया वह से निकलते हे एक बम ब्लास्ट होता है जिस से पुरे अड्डे की चीथड़े चीथड़े ुध जाते है सिवाय निचे के रूम्स के

सिंह गेंग no. 2 के अड्डे पे पहुंची

वह कुछ ज्यादा हे तगड़ा इंतजाम था यहाँ लेटेस्ट मचिन्गुन लगी हुए थी बिल्डिंग के चारो तरफ

सिंह .......यहाँ हमें ज्यादा कुछ नहीं करना है इस लिया तुम बहार से इनको संभालो

मैं 2 मिनट्स में इनके लीडर को उठा कर लता हूँ वैसे भी यहाँ से हमें जरुरी सामान आवर लीडर हे चाइये

अलीमा .....आवर इन बाकि सभी का क्या करना है

सिंह .....इनसे उलझ कर कोई फायदा नहीं इस पूरी बिल्डिंग को सीन्स कर नस्ट कर देते है

सिंह वह से टेलीपोर्ट हो कर सारा पैसे गोल्ड जो भी कीमती सामान था वो गायब कर पूरी बिल्डिंग में रड़क्स फिक्स कर लीडर हो उठा बहार टेलीपोर्ट हो जाता है


लीडर्स ........कोण हो तुम आवर तुमने ये कैसे किया

सिंह ......डेविल प्रिंस का सन्देश नहीं मिला था क्या जो पूछ रहे हो

सामने देखो तुम्हारा साम्राज्य कैसे मिटटी में मिलने जा रहा है आखरी बार देख लो

सिंह ....1....2.....3....बोऊं.....

बुओंम धड़ाम

एक के बाद एक ब्लास्ट होता है आवर देखते हे देखते पूरी बिल्डिंग कुछ हे मिनट्स में मलबे के ढेर में बदल जाती है

सिंह .....देख लिया यही अंजल कल तुम्हारा आवर तुम्हारे बॉस का होने वाला है

लीडर 2 को उसकी जगह लीडर 3 के पास पंहुचा कर तीनो टेलिपोर्ट हो गया

गेंग 1 के पास

सिंह पूरी जगह को सन करता है

सिंह ......अलीमा इस अड्डे में एक फॅमिली को बंदक बना रखा है मैं उनको निकलता हूँ तुम बाकि सब कक ख़तम करो

अलीमा .....ऐसे बॉस हेहेहे

सिंह वह से गायब हो उस फॅमिली के सामने टेलिपोर्ट होता है

सिंह को देख वो फॅमिली दर के मरे चीखने लगती है

सिंह ......डरने की जरूरत नहीं है तुम सब को सेफे करने आया हूँ मैं

इस फॅमिली में 2 लड़किया 1 लड़का आवर 1 बुजुर्ग आदमी आवर महिला था

सिंह सभी को बंदन से मुक्त करता है

बुजुर्ग ......कोण हो तुम आवर तुम यहाँ कैसे पहुंचे जब गेट अभी भी बंद है

सीमा ......क्युकी मैं सुपरहमन हूँ मैं कभी भी कही भी आ जा सकता हम पालक जाफकते हे

अब आपको मैं एक सेफे जगह भेज रहा हु वह आपको कोई खतरा नहीं होगा

वह से बग्ने की कोशिश मत करना मैं कुछ देर में आता हूँ

लड़का ........तुम भी उनमे से एक हो

सिंह .....मन डेविल प्रिंस की टीम से हूँ इतना काफी है बाकि सब बाद में बताऊंगा

सिंह सभी को वह से गायब कर अलीमा को चीन वाले घर में टेलिपोर्ट कर देता है

फिर वह से लीडर आवर पैसे को उठा कर

उस पुरे अड्डे को आग के हवाले कर बहार निकल आता है

लीडर 1 को 2,3 के पास पंहुचा देता है

आवर बहार खड़ा हो जाता है जो भी अड्डे से अपने जान बचा कर निकलता है उसको बहार अलीमा ालिस आवर सिंह निपटा देते है

वही दूसरी तरफ अड्डे 2 आवर 3 पे पुलिस पहुंच चुकी थी पैर. वह का मंजर देख सबकी हालत ख़राब थी

वही चिनेसे मिडिया में दोनों जगह की फुटेज वाइरल हो रहे थे


सिंह ....अलीमा ali's निकलो यहाँ यहाँ से आग को देख पुलिस कभी आ सकती है यहाँ पे

अलीमा .....इनके बॉस को कैसे उठाना है

सिंह .....वो सब रुद्रांश देख लेगा कैसे आवर क्या करना है

अलीमा वो कही भाग गया थो

सिंह ......मेरी नजरो से बच कर कहा जायेगा

चलो अब घर चलते है .......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .............
 
अपडेट. 110

वही दूसरी तरफ अड्डे 2 आवर 3 पे पुलिस पहुंच चुकी थी पैर. वह का मंजर देख सबकी हालत ख़राब थी

वही चिनेसे मिडिया में दोनों जगह की फुटेज वाइरल हो रहे थे

सिंह ....अलीमा ali's निकलो यहाँ यहाँ से आग को देख पुलिस कभी आ सकती है यहाँ पे

अलीमा .....इनके बॉस को कैसे उठाना है

सिंह .....वो सब रुद्रांश देख लेगा कैसे आवर क्या करना है

अलीमा वो कही भाग गया थो

सिंह ......मेरी नजरो से बच कर कहा जायेगा

चलो अब घर चलते है .......

अब आगे .......

रात में दिव्या चंचल निधि शीतल कोमल

सभी काफी वक़्त तक एक दूसरे से खुल कर बात करती है

आवर फिर अपने अपने रूम की तरफ निकल गए

वीर मायावी दुनिया में अपनी सक्तियो को खूब एन्जॉय किया

ज्यादातर समय वह अपने पंख फैलाये उड़ता रहा कुछ समाया वो अपनी बाकि शक्तियों का प्रयोग किया

जैसा की अपने ऊर्जा से का प्रोयग कर पहाड़ को नस्ट करना अपनी ऊर्जा को किसी हतियार ( सोर्ड भला तीर कमान नाइफ ) आदि में बदल कर मायावी दुनिया में बहुत हुड़दंग मचाई पैर वो मायावी दुनिया थी उसे क्या फरक पड़ने वाला था

काफी टाइम बाद वीर मायावी महल पंहुचा जहा उसका सामना स्कोर्पियन क्वीन से हुआ

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वीर .......अब ये क्या माया है इस मायावी लोक की

स्कोर्पियन क्वीन .....ये कोई माया नहीं है इंसान ये हम है मालिकाये स्कोर्पियन इस मायावी लोक की मलिका इसकी दुनिया को जनम देने वाली

वीर ......फिर तुम यहाँ क्यों कैद हो इस कच की दुनिया में

तभी वह सेविका आती है

सेविका .......क्युकी इसने इस मायावी दुनिया के लिया कितने निर्दोषो की बलि चढ़ा कर उनकी आत्मा को कैद कर इस मायावी दुनिया को बनाया था

वीर ......फिर तो इसके लिया यही सजा ठीक है पैर क्या ये यहाँ कैद रहेगी क्या ये किसी के लिया खतरा नहीं है

सेविका ......जब तक सम्राट रुद्रदेव नहीं चाहेंगे ये यहाँ से मुक्त नहीं हो सकती आवर इस से किसी को कोई खतरा नहीं है

वीर .....क्या भाई सा ने इसको कैद किया है आवर ये इस ट्राय नग्न क्यों है

सेविका ........इसको कैद तो महारानी क्लिओपेट्रा ने किया था जब उन्होंने इस मायावी दुनिया को अपनी सकती से जीत लिया था

नग्न अवस्ता में तो हम सब थे सम्राट के आदेश पैर हमने वस्त्र दर्जन करना सुरु किया

वीर ......ठीक है पैर इसको भी कपडे पहनो दिदिया देखेंगी तो भाई सा की खेर नहीं

सेविका .....वो इनको नहीं देख सकती है केवल यहाँ आने वाले पुरुष हे इसे देख सकते है

आप इसकी किसी भी बात में मत आना

वीर .....ठीक अब मैं चलता हूँ

वीर वह से अपने रूम में आ गया आवर फ्रेश हो कर के आराम से सो गया

सुबह देव अपने नियमित समय से उठा आवर सबको उठाया

देव ......आप सब त्यार हो जाये मैं गुरुदेव से मिल कर आता हूँ आवर वीर को भी उठा दो

दिव्या .....आप जाये हम वीर को उठा देंगे क्यों न हम मायावी दुनिया में ध्यान लगाए जिस से हमें आवर आदिक समय मिलिया ध्यान करने के लिया

देव .....सही कहा आपने आप सबको कुछ आवर भी सीखना चाइये आप सब मायावी महल पहुंचो मैं वही मिलता हूँ

दिव्या .....ठीक है प्रिंस

Dev....waha से एकलिंग जी के मंदिर की तरफ निकल जाता है जहा गुरुदेव अपनी पूजा के बाद ध्यान में लीं थे

देव .....परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ........यसस्वी भाव पुत्र देव आओ बैठो हमारे पास

देव .....गुरुदेव अगर आपको आपत्ति न हो तो हम कही आवर चले आपको कुछ बताना भी आवर दिखाना भी है

गुरुदेव .......है क्यों नहीं पुत्र हम भी तुमसे कुछ बात करना चाहते है

देव गुरुदेव के हाथ पे वही नीसाण बनता है

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gurudev.......ye क्या है पुत्र

देव ......गुरुदेव ये एक अलग दुनिया की चाबी है जहा अभी हम चल रहे है

देव गुरुदेव को ले कर मायावी दुनिया में अपने महल में आ जाता है

देव .......गुरुदेव ये है मायावी दुनिया जहा समय का कोई नियम नहीं है

गुरुदेव .....अथार्त इस मायावी लोक में समय का कोई स्थान नहीं है

देव ......जी गुरुदेव ये मायावी लोक कुछ समय पुरवा हे मुझे मृत्यु देव अनूबिस आवर महारानी क्लिओपेट्रा के सहायता करने पे ये पुरुस्कार फलसवरूप मिली है

गुरुदेव ........इंसान की नेकी का फाल कभी न कभी मिलता है पुत्र तुमने उनकी सहायता की देखो उसके बदले तुम्हे मायावी लोक की प्राप्ति हुए

देव गुरुदेव को वर्ड बी वर्ड यहाँ तक का सफर बताता है

गुरुदेव ......अब क्या सोचा है उस बीचु महारानी के बारे

देव .......गुरुदेव आप हे कोई मार्ग बताये इस बारे में आप क्या सोचते है मुझे क्या करना चाइये

गुरुदेव .....अभी तो कोई मार्ग नहीं दिख रहा पुत्र जब तक कोई मार्ग नहीं मिलता उसको यही कैद में रखो

देव .....जी गुरुदेव जैसा आप कहे

कुछ देर में वीर सपना दिव्या चंचल शीतल निधि कोमल सभी लोग आ जाते है

सभी .....परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ......यसस्वी भाव पुत्र वीर कल्याण हो पुत्रियों

देव ......गुरुदेव आपसे एक सहायता चाइये

गुरुदेव .....कहो पुत्र क्या चाहते हो

देव कल रात वीर से जुडी पूरी घटना गुरुदेव को बताता है

गुरुदेव ......हम्म सायद यही कारन रात को मुझे वीर की ऊर्जा का अहसास हुआ पैर सपना बेटी के मंत्रो के प्रभाव से हम जान नहीं पाए

देव ......गुरुदेव आप हे वीर को अपनी सक्तियो का उचित प्रयोग करना शिखाये आवर इसे योध कला में भी शिक्षा प्रदान करे

गुरुदेव ......ये तो पुत्र देव मेरा कार्य है आवर मुझे ख़ुशी होगी वीर को उचित सिखाशा देने में ताकि वो अपनी सक्तियो को उचित रूप से प्रयोग कर सके आवर अपना दायित्वा निभाए

देव ......जी गुरुदेव मुझे भी यही दर है की कही वीर अपनी सक्तियो को गलत उसे न करे इस लिया हे सपना ने वीर की सकती बहरी दुनिया के लिया पार्टीबंदित कर राखी है

गुरुदेव क्या दिव्या कोमल निधि चंचल शीतल को योध कला की शिक्षा मिल सकती है वीर के साथ

गुरुदेव .......है पुत्र देव हम भी आपसे यही चर्चा करना चाहते थे ध्यान के बाद आप सभी को योध कला की शिक्षा प्रदान करेंगे

अब अपना ध्यान योग करो वीर तुम मेरे साथ चलो

गुरुदेव वीर को ले कर चले गए

देव ने एक यन्त्र बनाया जिस से इस मायावी दुनिया में समय को मैप सके ( समय वही रहेगा पैर परतविलोक के अनुसार कितना समय यहाँ होता इसका पता करने के लिया )

देव चलो हम भी ध्यान लगते है

गुरुदेव ने वीर को ध्यान योग के विषय में विस्तार से बताया आवर आवर ध्यान करने सहयोग करने लगे

वही देव अपनी बहनो को खुद से जोड़ कर ध्यान में लीं हो गया

इस मायावी लोक के कारन परतविलोक जितनी परेशानी इनको यहाँ नहीं हो रही थी इस लिया शीघ्र हे अपने अपने मूल तत्वा को जाग्रित कर ध्यान में लीं हो गए

वीर के लिया ये पहिला अकसर था उसे थोड़ी बहुत परेशानी हुए किन्तु

शीघ्र हे उसने भी अपने ध्यान में एकाग्रता हासिल कर ध्यान में लीं हो गया पता नहीं कितना समाया इनको ध्यान करते रहे

काफी समय बाद एक एक करके अपने ध्यान से बहार आने लगे

देव ने जब उस यन्त्र पे समय देखा तो उसमे परतवि लोक के समय अनुसार 2 दिन बिट चुके थे

देव .....अब तुम लोग जाओ आवर गुरुदेव से योध शिक्षा ग्रहण करो

कोमल .....क्या आप हमारे साथ नहीं आ रहे है

देव .....नहीं मुझे अकेले में कुछ वक़्त ध्यान लगाना है

सपना चलो मैं चलती हूँ आप सब के साथ

ये सब जब वह पहुंचे तो वीर आवर गुरुदेव ध्यान में लीं थे

गुरुदेव .....आओ पुत्रियों मैं तुम्हारा हे इन्तजार लार रहा था

गुरुदेव कुछ ास्त्रो का आह्वान करते है जो उनके सामने आह्वान करते हे प्रकट हो जाते है

फिर गुरुदेव अभ्यस्त के लिया कुछ फीमेल योद्धा का आह्वान करते है जो की वास्तविक नहीं थे

गुरुदेव .....तुम सभी को इनके साथ अभ्यास करना है

सर्वपार्ट्म तावरबाज़ी सीखना है

सभी को एक एक सोर्ड दे कर उनको किस तरह स सोर्ड का इस्तमाल करना है आवर कैसे बच्छाव करना समजा कर दूर हो जाते है 5 अपने अपने सामने कड़ी महिला योद्धा के साथ अभ्यास करने लगते है वही वीर अभी भी ध्यान में लगा हुआ था

उसकी बॉडी बार बार कम्पन कर रहे थे

गुरुदेव ......वीर आज के लिया इतना समय काफी है अपने ध्यान को भांग कर बहार आओ

कुछ देर बाद वीर अपने ध्यान स बहार आता है

गिरुदेव ....शास्त्रार्थ शिक्षा के लिया त्यार हो वीर

वीर ......जी गुरुदेव आज्ञा करे

गुरुदेव ......वीर अपनी तलवार को याद करो अपने सामने आने का आदेश दो उसे

वीर ......जी गुरुदेव

वीर कुछ देर प्रयाश करता जय पैर वो कामयाब नहीं होता है

गुरुदेव ......उत्तेजित हो कर नहीं संत मन से तलवार का ध्यान करो

वीर ने इस बार गुरुदेव के कहे अनुसार किया तो उसकी तलवार उसके सामने थी

गुरुदेव ........वीर किसी भी कार्य को करने के लिया उत्साह के साथ एकार्गता का होना आवशयक किन्तु अतिउत्साह होना जातक होता है इस से हम अपने सतर्कता खो देते है

वीर .....जी गुरुदेव इस बात का मैं ध्यान रखूंगा

गुरुदेव आवर वीर दोनों हे अपने अपने तलवार सल्ले के दूरसे से भीड़ गए

काफी देर तक योध अभ्यास करने से अब सभी तखने लगे थे

इस लिया गुरुदेव ने सबका अभ्यास रोक उन्हें विश्राम करने दिया आवर खुद बहरी दुनिया में लौट गए

देव एकांत में ध्यान में लीं हो इस अनंत मायावी लोक के साथ जोड़ कर इसको समजने की कोशिश कर रहा था

साथ हे अनुदिश से मिली सक्तियो को आवर आदिक ससकट कर अपनी सकतयो में मार्गे कर रहा था ताकि वो कभी भी इनका इस्तेमाल कर सके अपने इच्छा अनुसार

किसी भी सकती को अपने ादिन अपने इच्छा अनुसार प्रयोग करने के लिया उसपे पकड़ (नियंत्रण ) होना जरुरी है

कुछ समय बाद जब ये कार्य पूरा हुआ तो देव के चेहरे पे मुस्कान थी

देव वह से निकल कर महल लौटा वह कुछ समय बोटा कर उदयपुर महल लौट आया

चीन .....

रात में अलीमा सिंह ालिस तीनो गैंग्स का खत्म कर तीनो लीडर्स को उनकी सही जगह पंहुचा कर

घर लौट आये जहा पे चिनेसे फॅमिली को सीमा ने टेलिपोर्ट किया था

जब सिंह ने इनको यहाँ टेलिपोर्ट किया था तब भी इनके मन दर था

इन को यहाँ कोई नहीं मिला जिसके चलते इन्होने बहार निकलने का प्रयाश किया पैर ये निकल नहीं पाए

इस लिया इनके मन में सिंह को ले कर भी दर बेथ गया था की कही वो वह से आज़ाद हो यहाँ तो कैद नहीं हो गए .

कुछ हे देर बात अलीमा ालिश सिंह घर लौट आये .

चिनेसे फॅमिली

मेंस ...ताओ

महिला .....यांग

गर्ल्स ......जून एंड लिंग ( ट्विन्स)

boy.....lee

सीमा .....hello कैसे है आप सब कोई तकलीफ तो नहीं हुए आपको यहाँ

ताओ .....कोण है आप लोग आवर हमें यहाँ क्यों कैद किया है

सिंह.... आप यहाँ कैद नहीं है

आप जब चाओ यहाँ से जा सकते है बस मुझे कुछ जानना है उसके बाद आप फ्री हो

tao........pahle आप अपना प्राच्या दीजिये

सिंह .....मैं सिंह हूँ आवर ये दोनों अलीमा आवर ालिस आप ये तो जानते हे होंगे की हम नार्मल इंसान नहीं हम इंसान हे नहीं है अब आप ये बताएंगे की उन्होंने आपको किडनैप क्यों किया

ताओ ......ये मेरी वाइफ यांग है आवर ये दोनों मेरी बेटी जून एंड लिंग आवर ये मेरा बीटा ली है

हम एक संस्था चलते है जिसमे ड्रग्स या कोई बे नशा हो उसको छुड़वाने में एडिक्ट लोगो की हेल्प करते है

उनको हमारा ये काम पसंद नहीं था इस लिया पहले हमें काफी बार मरने की दामकिया भी दे चुके है पैर जब हम नहीं मने तो हमारा किडनैप कर लिया कल आज की सुबह हमें उनके बॉस के सामने पेश करना था वही हमारा फैसला करने वाला था की हमारे साथ क्या किया जाये

सिंह .....हम्म्म तो ये बात है

वैसे आपकी फॅमिली के लिया मेरा पास एक ऑफर्स है

ताओ ......क्या मतलब ऑफर्स से हम कोई भी गलत काम नहीं करेंगे भले हे आप हमें जान से क्यों न मार दे

अलीमा ........हम बुरे लोगो का सीकर करते है न की अच्छे इंसानो का पहले इनकी पूरी बात सुन लीजिये फिर अपना फैसला कीजिये आवर ये भी जरूरी नहीं है की आपको हमारी बात माननी हे होगी ये केवल आपकी चॉइस होगी है या न करने की

ताओ ........माफ कीजिये मुझे लगा कही आप हम पैर किसी गलत काम के लिया कोई दबाब न डेल

सिंह .......दुनिया की नजरो में वो काम गलत हे है जो हम करते है पूरी बात सुन कर फैसला करना आप

हम चाहते है की आप चिनेसे मफ्फिए के बॉस बनो ......

ताओ .......क्याआ

अलीमा .....पहले पूरी बात सुन लीजिये

सिंह ......आपको चिनेसे मफ्फिए का हेड बनना होगा लेकिन आपको कोई भी गलत काम करना नहीं बल्कि आपको गलत लोगो को अपनी इस पढ़ से रोखना होगा चिनेसे गरीब लोगो की मदद करनी होगा इसमें न आपको यहाँ की सर्कार रोकेगी आवर न यहाँ कोई आपसे सवाल करेगा

lee.......papa इस काम के लिया मुझे नहीं लगता ज्यादा सोचना चाइये

सिंह ......अगर तुम में से किसी ने इसका फायदा उठा गलत किया तो उनके जैसा हल मैं खुद करूंगा

गरीबो की मदद करने ले लिया जो कुछ चाइये वो सब हम तुम्हे देंगे तुम जो भी काम करोगे उसकी रिपोर्ट इन दोनों को देनी है ये दोनों अभी रुस्सियन माफिया की हेड है ये तुम्हारी बॉस होंगी

जून ......क्या हम भी इस काम में तुम्हारा साथ दे सकती है

सिंह .....नहीं दे सकती है पैर अपने डैड की मदद कर सकती है क्युकी ये सेफे है आवर हमारा काम बहुत खतरनाक

लिंग ......हम मार्शल आर्ट जानते है

अलीमा ......पैर हम सुपरहुमानस है मार्शल आर्ट मास्टर भी टिकते खेर आप चाहो तो सुबह तक आराम से सोच सकते है जो भी आपका फैसला हो हमें बता देना अब आप आराम कर सकते चाहो तो खाना रखा हुआ है भूख लगी हो तो खा सकते है

ताओ अपने फॅमिली से अकेले में कुछ देर बात करता है है आवर फिर वो सभी आराम करने चले जाते है

सुबह जो भी अपना फैसला होगा बताने का सोच कर ......

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रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स..........
 
अपडेट. 111

लिंग ......हम मार्शल आर्ट जानते है

अलीमा ......पैर हम सुपरहुमानस है मार्शल आर्ट मास्टर भी टिकते खेर आप चाहो तो सुबह तक आराम से सोच सकते है जो भी आपका फैसला हो हमें बता देना अब आप आराम कर सकते चाहो तो खाना रखा हुआ है भूख लगी हो तो खा सकते है

ताओ अपने फॅमिली से अकेले में कुछ देर बात करता है है आवर फिर वो सभी आराम करने चले जाते है

सुबह जो भी अपना फैसला होगा बताने का सोच कर ..............

अब आगे ........

देव को सब इस समय अपने रूम से निकलता देख सभी चौंक गए क्युकी सभी लोग जानते थे की देव इस समय क्या कार्य करता है

मोहिनी ......देव आज आप ध्यान करने नहीं गए

dev......good मॉर्निंग माय स्वीट माँ ऐसा कभी हो सकता है क्या भला

मोहिनी .....फिर इस वक़्त यहाँ कैसे

देव ......मैंने आवर बाकि सब ने ध्यान कर लिया है माँ अब आप सभी के साथ हे नास्ता करूंगा

माँ सा .......चलो ीदार आओ मेरा पास

देव .....जी माँ सा

देव अपनी माँ सा आवर गुरु माँ के बिच जा बैठा

गुरुमा .....ये तो बताओ बीटा आज ध्यान काम समय के लिया लगाया था क्या

देव .....ऐसा नहीं है माँ आप गुरुदेव से पूछ लीजियेगा वो आपको बता देंगे

gurumaa.......aajkal कुछ ज्यादा हे गुरु सिस्य की बन रही है मुझे तो तुम भूल हे गए

देव .......ऐसा कभी हो सकता है क्या माँ भले हे आपने मुझे जनम न दिया हो

पैर मैं आप आवर माँ सा में कोई भेद भाव नहीं रखता हूँ

है कुछ समय से आपको समय नहीं दे पाया उसके लिया माफी चाहता हूँ माँ

गुरुमा .....चल कोई बात नहीं जानती हूँ तुम काफी व्यस्त हो आजकल इस लिया माफ किया

बाकि सब भी मायावी दुनिया से लौट आये थे

सब एक एक कर नास्ते पे आने लगे इन 6 लोगो पे कुछ हद तक थकावट नजर आ रही थी

माँ सा ......ये आज मेरी राजकुमारियों को क्या हुआ आज इनका चेहरा उतरा हुआ क्यों है

वीर ........भाई सा ने हम सबकी परेड लगवा दी है माँ सा

अब हमें ध्यान लगाने के अलावा आवर भी बहुत कुछ करना पड़ता है

माँ सा .....ये तो अच्छी बात है न वीर बीटा पैर आज तुम भी कुछ बदले हुए लग रहे हो तुम्हारा सरीर तुम्हारे माथे का तेज कुछ आवर हे कह रहा है

वीर ......ये भाई सा के साथ ध्यान लगाने का परिणाम है माँ सा अब से रोज हम सब ध्यान लगाया करेंगे

शिव ......ये बहुत अच्छी बात है बेटे वीर इस से तुम्हारा सरीर मजबूत बनेगा आवर सवथ भी रहेगा

वीर ......जी छोटे पापा

दिलावर ......ये सब तो अच्छी बात है पैर अब आगे क्या सोचा है

वीर .......वो सब भाई सा जाने

मोहिनी .....चलो सब लोग नास्ता करो

देव .....माँ ये नानी सा कही नजर नहीं आ रही है

मोहिनी .....वो माँ आवर छोटी माँ वही रूम में हे नास्ता करेंगी क्युकी वो वापिस लौट रही है न आज

मोहिनी की बात सुन कर वीर के दिल में हलचल से होने लगी

( वीर ....मतलब वेदिका भी जा रही होगी फिर तो )

देव .......जनता हूँ माँ वह भी सब देखना पड़ता है उनको

आप छोटी ममी से बोल दीजिये वेदिका कुछ टाइम यही रहेगी

देव की बात सुन वीर के मुरझाये चेहरे पे फिर से मुस्कान आ गयी

मोहिनी .....वो मैंने पहले हे बोल दिया है

मुझे सपना बिटिया ने पहले हे बता दिया है तुम चिंता न करो

देव .....थैंक्स माँ लव यू माँ

मोहिनी .....है पता है मुझे लव यू बीटा

सब लोग नास्ता फिनिश कर कुछ देर आपस में बात चित की फिर देव ने सबको कल शॉपिंग की हुए गिफ्ट दिए जो आज अपने घर जा रहे थे

दोनों नाना नानी मां ममी

निशा आवर उसकी फॅमिली समय के सास ससुर पति शालिनी

जूही k.komal कविता जी रुद्रांश राजवीर रतन सिंह माया देवी

दोपहर तक सब अपने अपने समय से निकल गए

अब महल में राणा परिवार ( इन्क्लूडिंग दिलावर ) आवर जानवी रुपाली समय सोनिया ख़ुशी सोनालिका दीपक गुरुदेव गुरुमाता लावण्या सपना यही लोग महल में बचे थे

देव इस वक़्त अपने रूम में अकेला बैठा कुछ सोच रहा था तभी

देव के सामने सिंह प्रकार होता है

देव ......तुम इस वक़्त यहाँ

सिंह .....जी भाई वो रात में चीन का काम फिनिश हो गया है बस बॉस अभी भी बाकि है

देव .....ठीक है चलो वह का सब काम फिनिश करते

देव सिंह के साथ चीन के लिया गायब हो गया

वही रुद्रांश भी चीन के लिया गायब हो चूका था

चीन......

दोपहर को देव सिंह रुद्रांश तीनो एक साथ चीन पहुंचे

देव को देखते हे अलीमा आवर ालिस ने सलाम किया

देव .....बहुत अच्छा काम किया एक नाईट में सब निपटा दिया तुम लोगो ने तो

अलीमा .....सिंह जी के होते हुए सब जल्दी हे हो गया

देव ......क्या बात है सिंह आते हे लड़किया फें हो गई तुम्हारी तो

सिंह .....ऐसा कुछ नहीं है भाई बहुत समय बाद थोड़ा खेलने का मौका मिला है तो ऐसा अवसर कैसे जाने देता भला

रुद्रांश .....बिलकुल सही कहा सिंह भाई तुमने ऐसे मोके बार बार थोड़े हे मिलते है

देव ........रुद्रांश मिया अब आप जरा अपना जलवा दिखाओ आवर इन लीडर के बॉस को भी ले आओ बहुत गम लिया आजादी स

देव की बात सुन सिंह आवर रुद्रांश दोनों गायब हो गए

देव ........अलीमा हमारे मेहमान कहा है उन्हें भी बुला लो उनका फैसला भी जान लेते है वैसे आदमी अच्छा चुना है तुम लोगो ने

अलीमा ......जी प्रिंस अभी ले कर आती हूँ

कुछ हे पल बाद अलीमा ताओ फॅमिली के साथ लौट आई

अलीमा .....प्रिंस यही है हमारे मेमन

देव ......आइये mr.tao मैं आपका हे इंतजार कर रहा था आप से मिल कर ख़ुशी हुए

यहाँ आपको या आपकी फॅमिली को किसी तरह की प्रोब्लेम्स तो नहीं हुई न हमारी वजह से

मर .ताओ ......जी नहीं शुक्रिया पैर आप है कोण

देव ......मुझे अच्छे लोग प्यार से प्रिंस बुलाते है

बुरे लोग डेविल प्रिंस

mr.tao .........क्या चाहते है आप हमसे

देव ......क्या अलीना या सिंह ने आपको नहीं बताया

mr.tao .....आवर अगर मैं आवर मेरा परिवार मन करे तो

ालिस को ताओ की बात अच्छी नहीं लगी वो आगे भादू हे थी की देव के इसारे पे वही रुक गई

देव .....अगर आप इस काम के लिया त्यार नहीं है तो कोई आपको फाॅर्स नहीं करेगा आप फ्री है जब चाओ आप लोग घर जा सकते है कोई आपको कुछ भी नहीं कहेगा न आपको या आपकी फॅमिली को हमसे डरने की जरूरत है

बस आपके मंद से हमसे जुडी सभी यादे मिटा दी जाएगी

जैसे हम आवर आप कभी मिले हे नहीं थे

ीदार जून आवर लिंग दोनों के साथ साथ यांग भी देव को निहार रही थी जिसने देख देव के आवर अलीमा के चेहरे पे मुस्कान आ गई थी

तभी वह रुद्रांश सिंह खून से भोगे हुए बॉस को अपने साथ ले कर प्रकट हुए

देव ......सिंह रुद्रांश ये क्या है काम से काम खुद को साफ तो कर लिया होता

सिंह रुद्रांश .....सॉरी भाई ध्यान नहीं रहा

देव .....ठीक है खुद को साफ करो आवर उन 3 को भी ले आओ

सिम्या पालक झपकते हे तीनो को वह जोर से ला पटका

तीनो की हे चीखे निकल गई दर्द के मरे

देव .....चलिए सायद इसे देख आप अपना इरादा बदल ले मर .ताओ वैसे मैं आपका फैसला जनता हूँ

रुद्रांश बॉस के चेहरे से मास्क नोच फेंकता है

बॉस का असली चेहरा देख ताओ ली जून लिंग यांग 5 को झटका लगा

mr.tao ......क्या तुम इनके बॉस हो

देव ......है यही है इन सबका बॉस चिनेसे अंडरवर्ल्ड का बॉस mr.lee चेंग

यही नाम है न तुम्हारा

बॉस ......कोण हो तुम लोग क्या चाहते हो मुझे जितना पैसा चाइये उतना दूंगा मुझे जाने दो

mr.tao .........तो तुम हो जो चिनेसे लोगो के साथ रह कर उन्ही को खून पे रहे थे

बॉस .....है मैं हे हूँ चिनेसे मफ्फिए के बेताज बादशाह

देव .....रुद्रांश इनके मिंड से पूरी जानकारी लो आवर इनको ख़तम कर दो

जितना भी इनके अकाउंट में है वो किसी आवर अकाउंट में ट्रांसफर कर यहाँ के लिया कोई आवर चिनेसे मफ्फिए के लिया डंडो जो ईमानदार हो नेक हो

जनता से लुटा हुआ पैसा ुशी गरीब जनता पे खर्च करे ऐसा बाँदा डंडो

बॉस .....मैं तुम लोगो को किसी अकाउंट के बारे में नहीं बताऊंगा

देव .....हम पूछेंगे भी नहीं रुद्रांश सुरु करो

रुद्रांश. .....जी भाई अभी लीजिये

रुद्रांश बॉस की आँखों में देखता है आवर उसके मंद में गुस्स पूरी जानकारी ले लेता है

रुद्रांश .....काम हो गया भाई

देव ....बाकि तीनो के बी

वैसा हे रुद्रांश इनके साथ भी करता है

देव ......इन लोगो से जुड़े उन सफ़ेद पॉश लोगो की जानकारी सिंह को सौंप दो सिंह तुम्हे पता है न क्या करना है

सिंह .....जी भाई काम हो जायेगा

रुद्रांश सिंह को इनके नमो में जुड़े सफेदपोश लोगो की जानकारी देता है सिंह वह से ालिस को ले कर निकल जाता जय

देव .....अलीमा ख़तम कर दो इनको

बॉस ......रुको तुम जितना सोच भी नहीं सकते उतना पैसा गोल्ड डायमंड दूंगा मुझे बकश दो

रुद्रांश ......उसकी जरूरत नहीं है तुम्हारे सरे ठिकाने हमें पता है कहा तुम्हारा रियल गोल्ड है आवर कहा फेक गोल्ड पैसा कहा सब कुछ

बॉस .....नहीं तुम जूथ बोल रहे हो

देव ......रुद्रांश जरा इनके अकाउंट तो खली करो इनके सामने

रुद्रांश एक लेपटॉप उनकी तरफ गौमाता है जहा 4 को अकाउंट खली हो रहे थे

रुद्रांश ......बहुत माल लुटा है तुमने लोगो से देखो यही है न जिसके लिया तुम लोग इंसान स हवन बन गए थे

mr.tao ......पैर ये कैसे मुमकिन है

अलीमा ......हमारे लिया मुमकिन है हमें इनके पैसे या पढ़ में कोई रूचि नहीं है

देखते हे देखते सब अकाउंट खली हो गए

देव .....रुद्रांश इनको सेवे लाकर का माल भी आखीरु बार दिखा हे दो इनको

रुद्रांश .....जी भाई जैसा आप कहे

रुद्रांश ने सिंह द्वारा ले जादुई पाउच से वह से निकला आवर कुछ 10 मिनट्स बाद लौटा

बॉस .....क्या हुआ ले आये गोल्ड डिमांड्स

अलीमा .....लगता है तुम्हे बहुत जल्दी है मरने की

रुद्रांश उन पाउच को उनके सामने उंडेल देता है जिसमे न जाने कितना गोल्ड आवर पैसा भरा हुआ था पैसा

रुद्रांश ......इसमें भी कुछ ऐसा हे है

देव .....अलीमा ले जाओ इन्हे आवर इन्हे इतनी भयं मौत देना की इनकी आत्मा तक कैंप उठे

अलीमा ......जी प्रिंस

अलीमा उन चारो को वह से गैसीय कर ले जाती है

देव .......क्या अब भी यही फैसला है आपका अगर न है तो रुद्रांश इनकी हमसे जुडी सभी यदि मिटा दो

रुद्रांश ......जी भाई जैसा आप कहे

mr.tao ......रुको हमें मंजूर है

देव .....अच्छे से सोच लीजिये एक बार फिर से क्युकी अगर इन पैसो का गलत इस्तेमाल हुआ तो आपके साथ भी यही होगा अगर किसी के साथ गलत किया तो भी वही सजा गलत करने वाले को मिलेगी

mr.tao .....मुझे मंजूर

देव .......आपके बेटे ली को पहले हे सावधान कर रहा हूँ

lee......main कुछ समजा नहीं

देव .......तुम्हारे दिल आवर दिमाग दोनों को पढ़ सकता हूँ मैं जो तुम 90 /10 सोच रहे हो न उसको अपने दिमाग से निकल दो

नहीं तो सरीर तो बचेगा पैर दिमाग नहीं समाज गए होंगे अब तो

mr.tao .......पैर मैं नहीं समजा आपका मतलब

देव .....आपका बीटा इतनी दौलत देख लालच कर रहा है

मैं किसी को दूसरी गलती करने का मौका नहीं देता हूँ

तुम सबको इस काम के लिया पैर मंथ सेलरी मिलेगी अच्छी खासी अपनी इच्छाएं उसे से पूरी करना पैर इस पैसे पे बुरी नजर डाली तो बहुत बुरा होगा

mr.tao .....मैं इस बात का ख्याल रखूंगा

देव .....ठीक है फिर आज से आप चिनेसे मफ्फिए के बॉस हो कुछ भी गलत करे उसको उसके किया की सजा आप दीजिये आपको कोई नहीं रोकेगा पैर सजा देने से पहले सच जरूर जान लेना

देव आगे भाड़ मर ताओ के सर पे हाथ रखता है

mr.tao ......ये क्या किया आपने

देव ......सच जन्मे का नजरिया दिया है आपको

देव ......रुद्रांश मैं घर जा रहा हूँ यहाँ का काम फिनिश कर तुम भी घर लौट जाना अब यहाँ का कफ ख़तम हो गया है

रुद्रांश .....जी भाई मैं आज हे रूस लौट रहा हूँ

देव ......हाहाहा जनता हूँ मैं वैसे अलीमा आवर ालिस को साथ ले जाना सिंह चाहे तो जा सकता है तुम्हारे साथ

mr...tao .....आपने अभी तक अपना असली नाम नहीं बताया

देव .....क्या उस से कोई फरक पड़ता है ये समाज लीजिये यही मेरा पूरा नाम है आपको इस काम के बिच कोई भी प्रोब्लेम्स आये तो अलीमा को कांटेक्ट कर लेना

मर .ताओ .....जी शुक्रिया आपका ....

देव वह से गायब हो महल आ पंहुचा जहा पहले से हे उसके रूम में उसका इन्तजार कर रहा था .....

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..........

सॉरी फ्रेंड्स लेट अपडेट. के लिया
 
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mr...tao .....आपने अभी तक अपना असली नाम नहीं बताया

देव .....क्या उस से कोई फरक पड़ता है ये समाज लीजिये यही मेरा पूरा नाम है आपको इस काम के बिच कोई भी प्रोब्लेम्स आये तो अलीमा को कांटेक्ट कर लेना

मर .ताओ .....जी शुक्रिया आपका ....

देव वह से गायब हो महल आ पंहुचा जहा पहले से हे उसके रूम में उसका इन्तजार कर रहा था .........

अब आगे ........

देव जब रूम में पंहुचा तो वह पहले से हे लावण्या आवर सपना उसका इन्तजार कर रही थी

देव ......आप दोनों वो भी इस वक़्त यहाँ पे

सपना .....आप कहा गायब थे

देव ......वो किसी काम से बहार गया था ( ये सपना को क्या हो गया है लावण्या के सामने ऐसी बात क्यों कर रही है )

सपना .......आप क्या सोच रहे है मैं जानती हूँ ये मेरी दोस्त है आपसे क्या छुपाना इसकी जान खतरे में है आवर आपको इसकी सुरक्षा करनी होगी

देव ........इनको किश से खतरा है भला

आप चिंता न करे लावण्या जी आप को यहाँ कोई खतरा छू भी नहीं सकता है जब तक आप हमारे साथ है आपको कोई कुछ नहीं कर सकता है

लावण्या ......शुक्रिया जीजा जी

देव ......हाहाहा जीजा जी वो भी सदी से पहले

लावण्या .......अब रिस्ता बन गया है तो ुशी से सम्बोधन करना उचित रहेगा

देव .....ये भी ठीक है अब आप भी रेस्ट कीजिये मैं आपसे बाद में मिलता हूँ

सपना .....ठीक है हम चलते है साम को मिलती हु आपसे

देव अपने रूम से निकल कर सोनिया के रूम में जाता है जहा समय अकेले हे रेस्ट कर रही थी

जानवी मोहिनी आवर सोनिया के साथ थी इस वक़्त

इस लिया समय अकेले हे सोये हुए थे

देव आगे भाड़ पीछे से समय से जा चिपका आवर उसके पीछे से अपनी बहो में भर लिया

समय .......तो अब आपको अपनी समय की याद आई है

देव .......आपको तो पता हे है महल में इतने मेहमानो के बिच किसी को भी इतना समय नहीं दे प् रहा अब जा कर कुछ वक़्त मिला तो आपके पास लौट आया

देव समय को कमर से पकड़ कर अपनी तरफ घूमता है

जब समय अपने ऊपर से बारीक़ चादर हटती है तब देव को पता चलता है की वो अंदर सिर्फ ब्रा पंतय में सोये हुए थी

देव ......क्या आप दिन में भी ऐसे हे सोती हो

समय .....है ज्यादातर ऐसे हे सोना पसंद करती हूँ क्या पता कब से मेरे पास आ जाओ हेहेहे

देव ......आवर अगर मेरी जगह कोई आवर आ गया तो

समय ......कोई आ कर तो दिखाए उसका काट कर उसके हे पिछवाड़े में न दाल दे तो समय राणा नाम नहीं हमारा समजे आप

देव .....क्या इतना प्यार करती हो आप मुझसे

समय .....अभी भी कोई शक बाकि है क्या

देव ......नहीं आप पे शक कर आपके प्यार को लॉज़िट नहीं करुगा

वैसे आप आजकल कुछ ज्यादा हे गरम रहने लगी हो आवर ये क्या कर रही हो

समय ......तो मुझे ठंडा क्यों नहीं करते हो

जब पता है इतनी गरम रहती हूँ तो क्यों मुझसे दूर दूर रहते हो

समय देव के पेण्ट में अपना हाथ दाल देव के लिंग को सहलाने लगी

डेरी डेरी देव का लिंग अपनी ोकत पे आने लगा

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देव अपने टी शर्ट निकल दूसरी तरफ हो कर अपनी पेण्ट निकलता है

समय अपनी ब्रा उतर अपने नंगे उभर देव के पीछे से पीठ पे चिपका कर रगड़ते हुए आगे से देव के लैंड को थम कर

गर्दन पे किश करते हुए देव के लैंड की मुठ मरने लगी

देव अपनी पेण्ट उतर समय को पीछे से पलट कर खुद से समय के पंतय हटा छूट को बेपर्दा कर देता है आवर समय की सॉफ्ट सॉफ्ट चूचिया का मर्दन करने लगता है

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समय .......हम्म्म अह्ह्ह इस अहसास के लिया न जाने कितने बार मैंने आपका इन्तजार किया जय

देव .....आज आपका इंतजार पूरा हुआ बुआ डार्लिंग

समय ......अपनी बहनो के बीबी बन जाने के बाद भूल तो नहीं जाओगे न मुझे

देव .....ुम्मम्हा ऐसा कभी हो सकता है क्या भला अगर आपके पास केवल इसके लिया हे आता तो आप ये कह सकती थी

देव थोड़ा सकती से समय की छूट के मोठे मोठे लिप्स को मसल देता है

somya......isssssssaaah देव दुखता है

देव ......जब आप ऐसे बात करती है तो मुझे भी दुखता है बुआ

सेक्स के लिया लड़कियों की कोई कमी नहीं है मेरे पास हूँ

समय .....सॉरी देव मुझे माफ कर दो आगे से कभी ऐसा बोलना तो दूर सोचूंगी भी नहीं

देव ......यही अच्छा है नहीं जिस दिन आपने दुबारा ऐसा सोचा भी तो समाज लेना आपने अपने देव को हमेशा के लिया खो दिया है

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देव समय को खिंच कर अपने ऊपर ले कर आता है

आवर समय की ृष्टि छूट से बाह रहे कमरष को चाटने लगा

समय ने भी मोके की नजाकत को समझते हुए देव के लैंड को मुँह में भर कर आइस क्रीम के जैसे मुँह में भर कर चूसने लगी

देव अपनी ऊँगली से समय की छूट के दोनों लिप्स ओपन कर अंदरूनी परत को चाटने लगा

समय कभी देव की बोललस को सूचक करती तो कभी अपनी जुबान से देव के गुदाद्वार पे कमल दिखती

देव ने वक़्त न बसते हुए समय को सीधा लिटा कर उसकी छूट के डेन को चाटने लगा

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समय .......उम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह देव अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बहुत अच्छाआ लग रहा है

अब आवर न तड़पाओ कोई भी आ सकता है बिच में डिस्ट्रीब करने

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देव समय की टाइट निप्पल्स को दबाते हुए आवर तेजी से समय की गरम भल छोड़ती छूट को चाटने चूसने लगा

देखते हे देखते समय आने चरम पे आ पहुंची आवर अपना कामराश देव के मुँह में विसर्जित कर दिया

देव समय की छूट को अच्छे स चाट कर साफ कर चुदाई के लिया त्यार हो गया

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देव 2 ,3 जातको में अपना लैंड समय की पानी ये हुए छूट में उतर समय की दुहदार चुदाई करने लगा

समय .......हम्म्म उम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह देव ऐसे हे बस ऐसे हे अपनी बुआ को चिढ़ो बहुत तुम्हारा मुसल मेरी छूट अंदर तक मज़ा दे रहा है

देव ..........सच कहा बुआ आप आज भी किसी जवान लड़की को मैथ दे दो इस मामले में

देव समय को तब तक छोड़ता है जब तक समयएक बार फिर से नहीं झाड़ गई

देव ......बुआ अब आपकी सवारी करनी है घोड़ी बंद जाये

समय अभी अभी रिलेक्स हुए थी फिर भी देव के कहने पे घोड़ी बन गई

देव समय की छूट जो चरम सुख पाने स कुछ ज्यादा हे गीली हो चुकी थी

देव देर न करते हुए समय को पीछे से छोड़ने लगा

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देव समय के दोनों हाथ पीछे कमर पे पकड़ कर आराम से चुदाई करने लगा

समय ......अह्हह्ह्ह्ह देव एक बात बताओगे

देव छोड़ते हुए हे

देव ....जी बुआ बोलिये क्या पूछना है

समय ......क्या तुम्हारे सम्बंद रुपाली के साथ भी है

dev.......ummmm अह्हह्ह्ह्ह इस से कोई फरक पड़ता है क्या बुआ

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समय .......अह्हह्ह्ह्ह आराम से देव

मुझे रुपाली या किसी आवर स्व तुम्हारे सम्बंद होने से कोई फरक नहीं पड़ता

देव .....हम्म्म अह्हह्ह्ह्ह फिर उफ्फ्फ्फ़ अह्हह्ह्ह्ह आप ये सब क्यों जानना चाहती है

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देव अभी भी समय को गॉधी बनाये छोड़ने में लगा हुआ था

डेरी डेरी देव अपने चरम की आवर पहुंच रहा था

देव ....फिर आप क्यों जानना चाहती है

समय .......तुम कुछ भी कहो पैर हम औरतो में ये सब जन्मे की उत्सुकता रहती है

dev........fir आप जाने दीजिये इस बात को

समय ....मतलब की तुम रुपाली के भी फाड् चुके हो

देव .....है पैर उनका कमला कुछ आवर है

देव निचे जूझ कर समय को बूब्स को थम कर पूरी तेजी से छोड़ने लगता है जिस से समय जल्दी हे बीएड पे गिर कर झाड़ने लगती है

तभी किसी ने दूर नॉक किया

समय .....देव उठो कोई बहार है दूर नॉक कर रहा है

देव को अभी अपने झाड़ने के नजदीकी पंहुचा हे था इस तरह किसी के बिच में आ जाने पे उसका मूड ख़राब हो गया

देव .....आप दूर खोलिये मैं खिड़की से जा रहा हूँ

समय अपने कपडे दाल गेट खोलने चली गयी

पीछे से देव वह से गायब हो छठ पे जा पंहुचा

आँख बंद कर महल के सन किया तो रुपाली अपने रूम में अकिलिस हे थी

dev.......ab रुपाली बुआ हे कुछ कर सकती है

देव चाट से गायब हो रुपाली के रूम के दूर को नॉक किया

रुपाली ने जा कर जैसे दूर खोला देव फ़ौरन अंदर गुस्स कर दूर लॉक कर रुपाली को बहो भर लिया

रुपाली ......अरे बाबा क्या है आपको देव आराम से

देव .......अभी कुछ मत बोलिये आवर जो कर रहा हूँ करने दीजिये

रुपाली समाज जाती है की इस वक़्त देव नहीं रुकेगा

रुपाली भी देव की स्थिति समाज अपने कपडे निकलने लगती है देव अगले हे पल रुपाली को अपने बहो में उठा बीएड पे ले गया

अपने लैंड पे आयल लगा कर देव ने रुपाली की छूट में अपने लैंड को हलके हलके 3,4 स्टोर्क में पूरा अंदर दाल दिया

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रुपाली .....उम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह मम्मी देव आराम से प्लेसेस मुझे दर्द हो रहा है

देव .....उम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह सॉरी रुपाली पैर इस वक़्त मुझे आपकी बहुत जरूरत है

रुपाली .....उफ्फ्फ्फ़ अह्हह्ह्ह्ह डेरी देव

मैं आपको रोक नहीं रही हूँ बस थोड़ा प्यार से कीजिये न

देव रुपाली की आँखों में देखते हुए बहुत प्यार से रुपाली को सम्भोग का शुक देने लगा

कुछ हे देर में रुपाली की छूट में चिकनाई होने लगी कमरष से अब रुपाली भी देव का खुल कर साथ दे रही थे

देव रुपाली को अपनी गॉड में बैठा कर उसके किश करते हुए डेरी माध्यम गति से बैठे बैठे हे छोड़ने लगा

रुपाली जो अब पूरी तरह गरम थी उसने खुद से मोर्चा सँभालते हुए तेजी से देव के लैंड पे अपने कमर चलने लगे

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देव ......उम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह क्या बात है मेरी जान बड़े हे जोश में लग रही हो

रुपाली ........इतने टाइम बाद तो आज आपके साथ वक़्त मिला है अब भी जोश नहीं दिखाया तो फिर न जाने कब मौका मिलेगा

रुपाली ......आईडी अह्हह्ह्ह्ह देव मेरी जान मैं झाड़ने वाली हूँ अह्हह्ह्ह्ह आवर तेज छोड़ो अपनी रुपाली को

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जैसे हे देव को अहसास हुआ की रुपाली झंडे वाली है देव रुपाली के बूब्स जो चुदाई से थिरक रहे थे उनपे चेंज मरने लगा

दर्द से रुपाली झाड़ते झरते रुक गई

रुपाली ......ये आपने क्या किया

देव .....बस देखती जाओ आज आपको माँ बनने से कोई नहीं रोक पायेगा बस कुछ देर रुक जाये

देव रुपाली की कमर को थोड़ा ऊपर उठा कर कर पीछे की तरफ रुपाली का पूरा वेट रुपाली के हाथो पे दाल कर चुदाई करने लगा

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रुपाली अपनी कमर को तेजी से देव के लैंड पे पटकते हुए अपने चूचिया को दबाने लगी

देव .....अह्हह्ह्ह्ह रुपाली तुम त्यार हो मेरे बच्चे की माँ बनने के लिया

रुपाली ......उफ्फ्फ्फ़ अह्हह्ह्ह्ह इस पल के लिया मैं कब से तड़प राहु हूँ मेरी जान

अह्हह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मा मैं आने वाली हूँ देव

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देव पूरी स्पीड से रुपाली की सुरंग को आवर गहरी करने लगा

देव ....अह्हह्ह्ह्ह रुपाली पुत्रवती भाव हम्म्म अह्हह्ह्ह्ह मेरी जान मई आ रहा हूँ

ीदार जैसे देव ने रुपाली के गर्भस्य में पहली धार वीर्य की मरी रुपाली अपनी चेतना खोने लगी

उसको ऐसा लगा जैसे देव ने उसकी छूट में पिंगला हुआ लैसा भर दिया हो

जैसे जैसे देव की वीर्य बच्चेदानी में भर रहा था वैसे वैसे रुपाली किसी खूबसूरत सफर पे निकल रही हो मनो

कुछ हे पल में रुपाली का बंद टूट पड़ा आवर वो चीख ते हुए बेहोश हो गई

बेहोशी में भी रुपाली का सरीर रह रह कर कैंप रहा था था

2,3 मिनट्स बाद डेरी डेरी रुपाली शांत हो गई

देव ....अब आप आराम करे आपकी इच्छा पूर्ण हुए बहुत जल्द आप मेरे बच्चे देवांश को जनम देंगी किन्तु इसके लिया आपको एक कीमत चुकानी होगी जो वक़्त आने पे आप सब समाज जाएँगी

देव रुपाली के पेट पे हाथ वीरता है

देव ......स्वागत है मेरे बच्चे तुम्हारा हमें कुछ वक़्त दूर रहना होगा पैर ये मेरा वडा है तुम्हे तुम्हारा हक़ जरूर मिलेगा

देव रुपाली को उसके कपडे पहना कर गुरुदेव के पास जा पंहुचा

गुरुदेव ......आओ पुत्र भदई हो तुम बहुत जल्द पिता बनने वाले हो

देव .......पता नहीं गुरुदेव अभी से विचित्र सा दर लग रहा है

गुरुदेव .......ये दर नहीं है पुत्र ये तुम्हारी अपने पुत्र के भविष्य को ले कर चिंता है जो निरर्थक है

वो जनम भले हे रुपाली बीतता की खोख से लेगा पैर पुत्र रुद्रदेव का हे कहलायेगा

देव .......ये कैसे संभव है गुरुदेव समाज कैसे उसे मेरा पुत्र सविकरणे करेगा

गुरुदेव ......उसका भाग्य पहले हे नियति तय कर चुकी है पुत्र

देव .....हम कुछ समजे नहीं गुरुदेव आपका तात्पर्य

गुरुदेव .....समय आने पे सब समाज जाओगे पुत्र अभी वोल्फकिंग के आने का स्वागत करो आज रात्रि वो यहाँ पहुंच जायेगा

देव ......पैर इतनी सोगरा कैसे गुरुदेव उसे तो परतवि लोक आने में वक़्त लग्न था न

आवर आपने ये भी नहीं बताया की आपने हमारे शक्तियों का अंश देवांश को क्यों प्रदान करवाया करवाया जबकि आपने पहले कुछ आवर कहा था

गुरुदेव .........हमने कहा न पुत्र धैर्य रखो समय के गरब में तुम्हारे सभी प्रश्नो के उतर मिलेंगे

वोल्फकिंग यहाँ इतनी सिगरा पहुंचने के पीछे पिसाच किंग का हाथ है

ताकि तुम वुल्फ किंग से उलझे रहो आवर वो अपना बलि याह्या पूर्ण कर सके

देव .......किन्तु वो है कहा गुरुदेव परतवि लोक में मैं उसे दंड चूका हूँ

गुरुदेव ......वो इस समय आंतरिक में एक उल्का पिंड में है वही से वो अपने बलि यज्ञ को पूर्ण कर रहा है

आज रात्रि वोल्फकिंग का सामना तुम नहीं वीर सिंह रुद्रांश आवर उसकी टीम के साथ सपना पुत्री करेगी

ठीक ुशी वक़्त तुम्हे पिसाच किंग के यज्ञ को नस्ट करना है क्युकी अंतिम बलि वो किसी ऐसे स्थान पे देने वाला है जहा तुम नहीं पहुंच सकते हो

देव ......गुरुदेव वीर की सक्रिय तो अभी भी सुप्त अवश्य में है आवर फिर ऐसा कोनसा स्थान है गुरुदेव जहा मैं नहीं पहुंच सकता हूँ

गुरुदेव .....पहुंच सकते हो पैर वह पहुंचते हे रूद्र अंनियंत्रित हो जायेगा न चाहते हुए भी तुमने जो तामसिक तांत्रिक ऊर्जा को अपने भीतर समाहित किया है वो तुमसे विलख हो पिसाच किंग में समां जाएगी

देव ......ऐसा कोनसा स्थान है गुरुदेव जहा रूद्र नियंत्रण हे खो दे

गुरुदेव ......देवलोक जहा इस वक़्त केवल पाप हे पाप है जहा पापी बलवान है

डेविल लोक पहुंचने से पहले तुम्हे पिसाच किंग के याह्या को दवात कर उसे रोकना होगा उसके याह्या नस्ट होने के बाद हे तुम उन 4 बुराई के स्तम्बो तक पहुंच सकते हो जिनको पिसाच किंग ने परतवि लोक पे बुराई पाप अंचार दुष्कर्मो को भादवा देने के लिया छोड़ रखा है

dev........ji गुरुदेव जैसे आपकी आज्ञा किन्तु क्या उसको हमारी ऊर्जा का अहसास नहीं होगा जैसे ेगीपत में हो गया था

गुरुदेव ........इसमें तुम अपने मायावी दुनिया का उपयोग करना हम तुम्हे उसके स्थान का पता देंगे तुम्हे सर्वपार्ट्म अंतरिक्ष में हमारे बताएंगे स्थान को सुरक्षा कवच से बंदना होगा ताकि पिसाच किंग वह से गायब न हो पाए

देव ......फिर तो उसे मर डालना हे उचित होगा

गुरुदेव .....ये इतना सरल नहीं है जितना की वमपकिंग को मरना था ये अपने दोनी भाइये से सकती साली आवर बहुत चतुर है

अभी तुम्हे इस से उलझना नहीं है बल्कि उस यज्ञ को खंडित कर उस शैतानी प्रतिमा को नस्ट करना है जिसमे उन कन्याओं की आत्मा कैद है

देव .....जी गुरुदेव जैसा आप कहे

गुरुदेव ......अब जाओ आवर रात के लिया रणनीति त्यार करो किसी भी कार्य को करने से पुरवा उसके लिया रणनीति होना आवशयक है

देव ......परनाम गुरुदेव

गुरुदेव .....कल्याण हो पुत्र देव

देव वह से निकल कर सीधा वीर के पास पंहुचा

देव .......क्या कर रहे हो वीर

वीर ....भाई सा आप आइये बैठिये .कुछ नहीं भाई सा बस सोच रहा था की मैं अपनी शक्तियों का प्रयोग कब करूंगा बुराई पे

देव ......क्या तुम उन शक्तियों को अपने नियंत्रण में कर पाए

वीर .....है कुछ हद तक कर पाया हूँ भाई सा

देव .....ये यन्त्र लो आवर एक काम करो अभी जाओ मायावी लोक में वह तुम ध्यान लगाओ

जब तक ये यन्त्र तुम्हे उतने के लिया विवश न करे ध्यान से बहार न निकलना

वीर ......ऐसा क्यों भाई सा

देव ........आज रात तुम अपनी शक्तियों का प्रयोग परतवि पे करोगे शेतानो की सेना को ख़तम करने में

अगर तुम अपने शक्तियों का उचित प्रयोग कर पाए तो आगे भी तुम अपनी इच्छा स थोड़ी बहुत सक्रिय परतवि लोक पे उसे कर सकते हो

अब ये तुम्हे सोचना है की अपनी सक्रिय का कितना उचित उपयोग कर सकते हो

देव की बात सुन वीर ख़ुशी से उछाल कर वीर के गले जा लगा

Dev.....are मैं वेदिका नहीं हूँ देव हु समजा

वीर ......थैंक यू भाई सा

वीर .......अब जाओ आवर तयारी करो ध्यान के बाद सेविका से कह देना वो वह तुम्हारे युद्ध अभय्ष के लिया सेना उपलब्ध करवा देगी उनपे तुम अपना युद्ध अभ्यास कर लेना

अगर तुममे मेरी उम्मीद अनुसार किया तो अगले सफर पे तुम मेरे साथ चलोगे एक नए दुनिया में

वीर .....ok भाई सा मैं चलता हु. Bye

देव .......bye वीर गुड लक .......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........
 
अपडेट. 113

देव की बात सुन वीर ख़ुशी से उछाल कर वीर के गले जा लगा

Dev.....are मैं वेदिका नहीं हूँ देव हु समजा

वीर ......थैंक यू भाई सा

वीर .......अब जाओ आवर तयारी करो ध्यान के बाद सेविका से कह देना वो वह तुम्हारे युद्ध अभय्ष के लिया सेना उपलब्ध करवा देगी उनपे तुम अपना युद्ध अभ्यास कर लेना

अगर तुममे मेरी उम्मीद अनुसार किया तो अगले सफर पे तुम मेरे साथ चलोगे एक नए दुनिया में

वीर .....ok भाई सा मैं चलता हु. Bye

देव .......bye वीर गुड लक .......

अब आगे ..........

रुद्रांश अलीमा सिंह ालिस चीन से सीधा रूस पहुंचे

रुद्रांश .........तुम लोग रेस्ट करो मैं कोमल जूही कविता जी को ले कर आता हूँ

सिंह .....मैं भी चलता हूँ आपके साथ

रुद्रांश .......सिंह तुम अलीमा ालिस के साथ जाओ आवर डेनियल से काम कहा तक पंहुचा उसकी जानकारी लो तब तक मैं भी वापिस लौट आऊंगा

अलीमा .......ठीक है रुद्रांश जी

रुद्रांश वह से टेलिपोर्ट हो दिल्ली आ पंहुचा जहा जूही कोमल कविता जी के साथ में रितिका भी थी

रुद्रांश .....अरे रितिका जी आप कब आई

रितिका ......मुझे तो काफी वक़्त हो गया पैर आप कहा थे इतने वक़्त से न आप का फ़ोन लग रहा था न आप घर पे थे

(रुद्रांश ........आते हे सुरु हो गई ये तो जैसे मेरी बीबी हो पता नहीं कितना बोलती है )

रितिका ......बोलते क्यों नहीं आप कहा थे अब तक

आवर ये कल रात आपने अकेले अकेले हे चीन में इतनी तबै मचाई आवर हमें बताया तक नहीं

रितिका के नॉनस्टॉप रुद्रांश पे भड़कने से कविता जी आवर जूही की हंशी चुत गई

रुद्रांश .........कुछ बोलने भी डौगी या बसंती की तरह खुद हे बोलती रहोगी

ritika........ab ये बसंती कोण आ गई

रुद्रांश .......वह रे दुनिया किसी ने सच हे कहा है लड़कियों केवल अपने मतलब का सुनती है आज साबित भी हो गया

कविता जी .....क्या मतलब आपका

रुद्रांश ......कुछ नहीं आप सब त्यार हो जाये हम लोग रूस के लिया निकल रहे है कुछ देर में

कोमल .....भैया कुछ दिन आवर रुकते है न यहाँ पे

रुद्रांश ......प्रिंसेस यहाँ का काम ख़तम हो चूका है अब हमें चलना होगा बहुत काम बाकि है

वैसे सिंह आपका वही इंतजार कर रहा है अलीमा आवर ालिस के साथ क्या अब भी आप यही रुकोगे

कोमल .......ठीक है पैर हमारे साथ रितिका भाबी भी जाएगी

रुद्रांश ........ये कब हुआ मैंने तो है नहीं की है अभी तक

कोमल ......पैर मुझे तो प्रिंस भैया ने मुझे परमिशन दे दी है अब आप मना नहीं कर सकते है

रितिका ......मुझे नहीं जाना है कही भी

रुद्रांश ......ये लो वो खुद मन कर रही है चोलो हम चलते है

सामान वह बाद में पंहुचा दिया जायेगा

रुद्रांश कोमल को गॉड में उठा लेता है आवर उसे सुला देता है

कविता जी .......ये आपने क्या किया कोमल के साथ

रुद्रांश ......गबराये नहीं केवल सुलाया हूँ ताकि टेलिपोर्ट करते समय कोमल के दिमाग पे कोई गलत असर न पड़े

रुद्रांश जूही का हाथ थम लेता है आवर कविता जी भी रुद्रांश का बाजु पकड़ लेती है

रुद्रांश रितिका की तरफ देखता है

रितिका जल्दी से आगे भाड़ जूही का हाथ थम लेती है

रुद्रांश की होंटो की मुस्कान गहरी हो जाती है आवर अगले हे पल वो सब रूस में कोमल मेंशन में थे

रुद्रांश .....जब तक सिंह नहीं आ जाता कोमल को सोने दीजिये

आवर आपको क्या हुआ है आपने अपना मुँह क्यों फुला रखा है रितिका जी

रितिका जूही का हाथ पकड़ वह से निकल गई क्युकी वो पहले भी यहाँ आ चुकी थी इस ये जगह उसके लिया नयी नहीं थे

कविता जी .....उसको थोड़ा समय दीजिये अभी भी उसमे बचपना है

रुद्रांश .......जनता हूँ वो थोड़ी ज़ज़ीदी है वक़्त के साथ समाज जाएगी

कविता जी .......ये अलीमा आवर ालिस नहीं दिख रही

रुद्रांश ......वो डेनियल से मिलने गए है मैंने हे भेजा है उनको

कविता जी ......आप कॉफ़ी लेंगे क्या

रुद्रांश ......जी ले आइये तब तक वो लोग भी आते हे होंगे

कुछ हे देर में कविता जी कॉफ़ी ले आती है अभी रुद्रांश आवर कविता जी कॉफ़ी पि हे रहे थे की

सपना आवर देव भी वह आ पहुंचे

रुद्रांश ......भाई भाबी आप यहाँ पे मुझे बुला लिया होता

सपना .....क्यों हम नहीं आ सकते है क्या आपके महल में देवर जी

रुद्रांश .....ये भी आपका हे है आइये बैठिये

कविता जी ......आप लोग बैठो मैं कॉफ़ी ले कर आती हूँ आप दोनों के लिया

सपना ......उसकी कोई जरूरत नहीं है आप भी बैठिये

सपना जादू से अपने आवर देव के लिया कॉफ़ी ले आती है .

देव .....बाकि सब कहा है

रुद्रांश ......रितिका आवर जूही यही है आवर बाकि तीनो कुछ काम से बहार गए है

देव .....कविता जी उन दोनों को बुला लीजिये

कविता जी दोनों को बुलाने चली जाती है

ीदार अलीमा ालिस भी सिंह के साथ डेनियल से मिल कर तपिश लौट आते है

देव .....कैसे हो सिंह

सिंह .....भाई मैं अच्छा हूँ आप यहाँ कैसे

देव ......पहले सब कॉफ़ी पियो फिर बात करते है

जूही आवर रितिका भी वही आ पहुंची

कुछ देर बाद देव ने हे बोलना सुरु किया

देव .....मेरी बात ध्यान से सुनो आज रात वोल्फकिंग अपनी सेना के साथ परतवि लोक पे आने वाला है

रुद्रांश ......ऐसा कैसे हो सकता है भाई उसे तो यहाँ पहुंचने में वक़्त लग्न था

देव ......है पैर यहाँ पहुंचने में उसकी मदद पिसाच किंग ने की है

जैसे हे वो परतविलोक पे पहुंचते है वैसे हे उनका सामना तुम सब लोगो को करना है

रुद्रांश ......क्या आप इस योध में शामिल नहीं होंगे क्या

देव .....नहीं रुद्रांश मैं इस योध में तुम लोगो के साथ नहीं हूँ मुझे रात में कही आवर जाना होगा

सपना ......आपने इसके लिया कोई रणनीति सोची है क्या

की कैसे उनका खत्म करना है

देव ......है मेरी इस बारे में गुरुदेव से बात हुई थी आवर उन्होंने इसका एक हे मार्ग बताया है की या तो उनको जिन्दा जला दो या फिर उनके सरीर से उनके सर को अलग कर दो

रुद्रांश ......ऐसे में तो हमें बहुत सा समय लग जायेगा

देव .....है ये तो है इसके लिया मैंने कुछ सोच रखा है

सपना ......आपकी रणनीति क्या है प्रिंस

देव ........रणनीति कुछ खाश नहीं है सपना तुम सब उनका मुकाबला मायावी दुनिया में करोगे जहा समय की कोई पाबन्दी नहीं है

सपना .......किन्तु उस में वो पहुंचेंगे कैसे जब इस योध में आप भाग हे नहीं ले रहे हो क्युकी आपकी इच्छा के बिना वह कोई भी परिवेश नहीं कर सकता है यहाँ तक की मैं भी नहीं

देव ........है मैं जनता हूँ इस लिया मैंने कुछ सोचा है

जहा वोल्फकिंग अपनी सेना के साथ आने के लिया जिस द्वार का प्रयोग करेगा वह मैं पहले से हे मायावी दुनिया का द्वार त्यार कर दूंगा जिस से उनके कुछ भी समजने से पहले हे उनकी ज्यादातर सेना ख़तम हो चुकी होगी

बाकि जो बच जाये उनके लिया तुम सब हो हे

मेरा कार्य भी शीघ्र हे समाप्त कर मैं भी तुम लोगो के साथ योध में शामिल हो सकता हूँ

रुद्रांश .......इस योध में कोण कोण हईशा ले रहा है भाई

देव ......तुम सिंह अलीमा ालिस जूही सपना दिव्या कोमल निधि चंचल आवर वीर

रुद्रांश .......वीर क्यों क्या वो इनका मुकाबला कर पायेगा

सपना ......तुमने अभी वीर की सकती नहीं देखि है न इस लिया तुम ऐसा सोच रहे हो रुद्रांश

रुद्रांश ......वीर के पास कहा पावर्स है आवर आपने शीतल को भी इस योध से दूर रखा है

देव ......वीर के पास एंगेल पावर्स है इस वक़्त वो मायावी दुनिया में अभ्यास कर रहा है सपना तुम्हे उसकी शक्तियों को आमद करना है इस योध के लिया आवर शीतल अभी योध करने के लिया त्यार नहीं है

रितिका ......क्या मैं भी त्यार नहीं हूँ जो आपने मुझे टीम से बहार रखा

देव .......तुम त्यार हो रितिका किन्तु अभी भी तुम अपने आपको नियंत्रित नहीं रख पति हो तुम में अभी भी बहुत बचपना है आवर योध के ऐसे स्थिति में तुम अपनी टीम की सबसे कमजोर कड़ी हो

रितिका को देव की बात सुन अच्छा नहीं लगा पैर वो कर भी क्या सकती थी वो ाश भरी नजरो से रुद्रांश को देखने लगी

सपना ......प्रिंस उनको एक मौका देना चाइये अगर वो ऐसे परिस्थतियो का सामना नहीं करेंगे तो सीखेंगी कैसे

देव ......ये आप कह रही है जबकि आप अच्छे से जानती है की रितिका की एक लापरवाही पूरी टीम के लिया खतरा साबित हो सकती है

रितिका ......मैं ऐसा कुछ नहीं करुँगी जिस से किसी को मेरी वजह से खतरा हो

देव ......ठीक है रितिका सपना रितिका पे तुम्हारी नजर होने चाइये अभी मुझे शीतल को भी संजना होगा

सपना .......ठीक है आप चलिए मैं कुछ समय बाद आती हूँ

देव ......ठीक है सब अपनी अपनी तयारी कर लो रात को मिलता हूँ

देव वह से निकल महल लौट आया

गुरुदेव .......देव पुत्र हम तुम्हारा हे इंतजार कर रहे थे

देव ......क्या हुआ गुरुदेव

गुरुदेव .......हमारे साथ चले मंदिर में

देव गुरुदेव के साथ मंदिर की आवर चल देता है

gurudev.......dev हम तुम्हारी सहायता के लिया इस दिव्या चक्र का निर्माण किया है

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देव ........गुरुदेव ये दिव्या चक्र तो सुरदर्शन चक्र जैसा हे है

गुरुदेव .......है किन्तु ये श्री चक्र है न की दिव्यास्त्र सुदर्शन चक्र

तुम इस दिव्या चक्र को साध कर खुद से जोड़ना होगा फिर तुम अपनी इच्छा अनुसार इसका प्रयोग कर सकते हो

देव .......जी गुरुदेव जैसा आप कहे

क्या मैं अपनी इच्छा से इसका प्रयोग कर सकता हूँ

गुरुदेव ......है पुत्र तुम इसका प्रयोग अपनी इच्छा अनुसार कर सकते हो तुम्हे रात्रि को इसकी आव्सय्कता पड़ने वाली है

देव ......क्या मतलब गुरुदेव

गुरुदेव ......पिसाच किंग ने अपने स्थान को अपनी काली शक्तियों से अभेद्य बना रखा है उस इलाका पिंड को खंडित करने में ये अस्त्र तुम्हारे काम आएगा

देव .....गुरुदेव क्या उस स्थान का पता चला जहा वोल्फकिंग के आने का स्थान तय किया है पिसाच किंग ने

गुरुदेव .......है पुत्र देव उसका पता चल गया है

किन्तु वो जगह बहुत हे खतरनाक है

देव ......ऐसे कोनसी जगह है गुरुदेव

गुरुदेव ......पिसाच किंग ने कोई जंगल नहीं चुना है बीटा उसने भानगढ़ का वो रहस्यमय किल्ले चुना है जहा बहुत से रहश्य दफ़न है

देव. .......कही आप उस किल्ले की बात तो नहीं कर रहे जो हमारे यहाँ राजस्थान में है

जिसे भूतिया किल्ला भी कहा जाता है

गुरुदेव ......है हम उसकी हे बात कर रहे है कुछ रहश्य जरूर दफ़न है वह पैर भूतिया नहीं है वह जगह

देव .......ठीक है गुरुदेव हम वह जा कर उस स्थान पे मायावी दुनिया का अदृस्य द्वार लगा देते है जिस से जो भी एक बार पंहुचा वो वही जल कर भसम हो जाये

गुरुदेव ....नहीं पुत्र तुम्हे उस जगह पे जगह जगह मायावी लो के द्वार बनाने होंगे ताकि सुबह से पहले उन सबका खत्म किया जा सके क्युकी रात्रि में भले व कोई आता जाता न हो पैर दिन में बहुत से लोग आते जाते है

देव .....जी गुरुदेव

देव वह से भानगढ़ के लिया निकल गया

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देव ......तो ये है वो हॉन्टेड फोर्ट भानगढ़ का किल्ला

देखने में तो काफी खूबसूरत है

देव वह से आगे भाड़ गया देव पुरे फोर्ट में गुमने के बाद निचे की तरफ चल दिया जहा तहखाने थे जो पहाड़ से जुड़ कर बने हुए थे पुरे भानगढ़ के किल्ले को नक्से के रूप में अपने दिमाग में बैठा कर कुछ जगह पे देव ने उन अररिया द्वारा निर्माण किया

तहखाने में पहाड़ को काट कर बानी 3 सुरंगों पे फोर्ट से बहार निकलने वाले रास्तो पे

कुल मिला कर देव ने भानगढ़ में कुल 7 अदृस्य द्वार का निर्माण किया

आवर वह से लौट गया महल को

देव जब महल पंहुचा तो काफी वक़्त हो चूका था

सपना भी कुछ समय बाद वह लौट आई साथ में सिंह भी ........

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Dev......to ये है वो हॉन्टेड फोर्ट भानगढ़ का किल्ला

देखने में तो काफी खूबसूरत है

देव वह से आगे भाड़ गया देव पुरे फोर्ट में गुमने के बाद निचे की तरफ चल दिया जहा तहखाने थे जो पहाड़ से जुड़ कर बने हुए थे पुरे भानगढ़ के किल्ले को नक्से के रूप में अपने दिमाग में बैठा कर कुछ जगह पे देव ने उन अररिया द्वारा निर्माण किया

तहखाने में पहाड़ को काट कर बानी 3 सुरंगों पे फोर्ट से बहार निकलने वाले रास्तो पे

कुल मिला कर देव ने भानगढ़ में कुल 7 अदृस्य द्वार का निर्माण किया

आवर वह से लौट गया महल को

देव जब महल पंहुचा तो काफी वक़्त हो चूका था

सपना भी कुछ समय बाद वह लौट आई साथ में सिंह भी .......

अब आगे ...........

रात का सबने मिल कर भोजन किया आवर अपने अपने रूम की आवर निकल गए

कुछ देर बाद सब मायावी दुनिया में चल दिए

देव ......आओ बैठो यहाँ आप सबको कुछ बिताना है जो बहुत जरूरी है

दिव्या .....ऐसा क्या है प्रिंस जो आपने हमें यहाँ बुलाया

देव ........दिव्या कोमल चंचल निधि आप चारो को आज रात अपनी सम्पूर्ण सकती का प्रयोग कर मानव भेडियो का संघार करना

दिव्या .....क्या मतलब प्रिंस यहाँ कहा मानव भेड़िये है

देव .......है नहीं आज रात आ रहे है वो परतवि पे जिनका नरशनगर आप सबको अपनी पूरी ताकत से कर्जा है

सपना ......चिंता न करो आप चारो क्युकी मैं वीर रुद्रांश आवर हमारे कुछ आवर साथी भी है जो हमारे साथ इस योध में शामिल होंगे

शीतल ......आप सब मुझे क्यों शामिल नहीं कर रहे है

देव .......शीतल आप अभी तक इनके जितनी त्यार नहीं है

शीतल ऐसा आपको लगता है

सपना .....है प्रिंस मुझे अपने गुड़िया पे पूरा भरोषा है वो संत जरूर रहती है पैर कमजोर वो किसी से भी नहीं है

देव .....ठीक है फिर आप जा कर के इनको जल तत्वा का हतियारो के रूप में प्रयोग कर्जा सिखाये अगर आपको लगता है की ये सक्षम है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है

सपना शीतल को ले कर वह से बहार चली जाती है

देव ......दिव्या अपना हाथ आगे कीजिये

दिव्या अपना हाथ आगे कर देती है देव ॐ अग्नि देवाय नमः

दिव्या के बाजु पे एक अग्नि चक्र बन जाता है

फिर कोमल के साथ भी ऐसा हे करता है इंद्रदेव का मंत्र प्रयोग कर

देव .....निधि आपको इस चक्र की आवशयकता नहीं है क्यों की आपका मूल तत्वा परतवि है इस लिया आप परतवि तत्वा से जुडी किसी भी वस्तु का उपयोग हतियार के रूप में कर सकती हो

चंचल आप का मूल तत्वा वायु है इस लिया तुम्हे ये दिव्या अग्नि तलवार देता हूँ तुम अपने गति का प्रयोग कर इन तलवारो से उनका संगर करोगी

चंचल .....थैंक्स प्रिंस

देव .....निधि तुम्हारे लिया ये अग्नि शूल है जिसका तुम अपनी इच्छा अनुसार प्रोयग कर सकती हो ये अपने लक्ष्य को भेदने के बाद पुनः तुम्हारे पास लौट आएगा

निधि .....थैंक्स प्रिंस

वीर .....मुझे भी कुछ मिलेगा क्या

देव .....तुम्हे पहले हे बहुत कुछ मिल चूका है वीर अपनी बूढी का प्रोयग करोगे तो तुम अकेले हे काफी हो पूरी सेना के लिया

वीर ......ठीक है भाई सा

देव .....ok अभी तुम लोग अपने अपने हथियार का प्रोग कर उनकी दिशा उनकी गति को समाज सकते हो मैं अभी आता हूँ

देव वह से निकल गया सिंह के साथ रूस

देव .....रुद्रांश त्यार हो न तुम लोग

रुद्रांश .....जी भाई हम त्यार है

क्या उनका समय हो चूका है

देव ....अभी वक़्त है पैर पहले तुम सब अपने बाकि साथियो से मिल लो इस लिया चलो मेरे साथ

रुद्रांश ......जी भाई

देव अलीमा ालिस जूही रितिका के बाजु पे वही निशान बना देता है

देव रुद्रांश शासित 5 को ले कर मायावी दुनिया आ जाता है

देव .....तुम सब लोग यहाँ से अनजान हो पैर अभी तुम सब को रात में होने वाले योध की तयारी करनी होगी

बहार आवर भी लोग है उनके साथ ाब्याश करो रितिका अपनी जादुई गन मुझे दो

रितिका अपनी जादुई गन देव को देती है कुछ देर देव देखता है फिर उसपे मंत्र का प्रयोग कर थोड़ा मॉडिफाई कर दो गन्स रितिका को देता है

देव .....इनकी खाशियत तो तुम्हे पता हे होगी की इनकी बुलेट्स कभी ख़तम नहीं होती है पैर इनकी गन्स की कुछ आवर खासियत है इनकी की बुलेट्स सदर्न है पैर जैसे ये भेडियो को लगेगी इनमे विस्फोट होगा आवर उनकी बॉडी के चीथड़े ुध जायेंगे

रुद्रांश इन तीनो की स्वोर्ड्स को अग्नि सोर्ड में बदल दो

रुद्रांश .....भाई वो मैं पहले हे कर चूका हूँ

देव .....ठीक है मैं गुरुदेव के पास जा रहा हूँ

तुम सब भानगढ़ किल्ले में पहुँचो तो ध्यान रहे कोई भी भेड़िया किल्ले से बहार न निकले जो अदृश्य द्वार में परिवेश कर गया वो वैसे मारा जायेगा

रुद्रांश .....आप चिंता न करे भाई आप अपने कार्य को पूरा कीजिए यहाँ हम सब संभल लेंगे अभी भाबी आवर वीर सीमा आवर बाकि सब है

dev.....ok bye

देव वह से गुरुदेव के पास जाता है जो की एकलिंग जी के मंदिर में थे

गुरुदेव .....पूरा तुम त्यार हो

देव .....गुरुदेव क्या मेरी दिव्या शक्तियों का बंदना आवशयक है

गुरुदेव .....हम कोई भी जोखिम नहीं उठा सकते पुत्र ये उस पिसाच को रोकने का अंतिम अवसर है उसके बाद वो शीतन लोक में चला जायेगा तो हमें काफी समय उसका इंतजार करने होगा

देव....... ठीक है गुरुदेव

( गुरुदेव ......तुम्हे बिना बताये तुम्हे किसी अन्य ऊर्जा का आवरण दे रहा हूँ पुत्र एक ऋषि हो कर असत्यमेव कह रहा हूँ ये मेरे महादेव मुझे माफ कर दीजियेगा मेरे कृत्या के लिया )

गुरुदेव देव के सर पे हाथ रख मन हे मन में मंत्रो का उच्चारण करते है गुरुदेव के हाथ से निकली रेड रौशनी देव के सर से होते हुए उसके सरीर में जाने लगती है

कुछ 5 मिनट्स बाद गुरुदेव अपना हाथ हटते है

गुरुदेव ......आँखे खोलो पुत्र देव

देव जब अपने आँखे खोलता है तो उसकी दोनों आँखे पूरी लाल थी

( इमेज )

देव .....गुरुदेव ये मुझे विचित्र ऊर्जा का अनुभव क्यों हो रहा है आवर बार बार ये मेरी दृस्टि के सामने कुछ भयानक असुरो के दृश्य क्यों आ रहे है जैसे मैं इनके बिच रहा हूँ

गुरुदेव .....पुत्र इन सबका वक़्त नहीं है अभी

समय आने पे तुम्हे सब ज्ञात हो जायेगा

अब तुम मायावी लोक में लौट जाओ जब मैं तुम्हे मानसिक तरंगो से सम्पर्क स्थापित कृ तो मेरे बताये स्थान पे तुम आ जाना अपनी मायावी लोक की गति को परतवि लोक के समय के साथ जोड़ लो पुत्र अनन्यता हम सम्पर्क स्थापित नहीं कर पाएंगे

देव .....जो आज्ञा गुरुदेव परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ......विजयी भाव पुत्र देव

गुरुदेव वही एक लिंग जी के सामने ध्यान में लीं हो गया देव वह से लौट गया अपने मायावी दुनिया में

देव ने ध्यान नहीं दिया किन्तु इस वक़्त एकलिंग जी के मंदिर में 2 नहीं 3 लोग मौजूद थे

देव ......सभी लोग त्यार हो जाओ आवर ज्ञात रहे कुछ समय के लिया मायावी लोक आवर परतवि लोक का समय एक सामान है

सपना ....आपका मतलब परतवि लोक के सामान के अनुसार हे मायावी लोक का समय निर्धारित किया है आपने पैर ऐसा करने की क्या आवशयकता थी आपको

देव .....गुरुदेव का आदेश है सपना उन्होंने जो कहा कुछ सोच कर हे कहा होगा

सपना ......ठीक है फिर

देव .....अब आप सब जाओ सिंह एक बार तुम मुझसे से जुड़ जाओ

सिंह ......जैसा आप कहे भाई

सिंह सूर्य के सरीर में समाहित जो जाता है आवर कुछ देर बाद बहार निकलता है

सिंह ......भाई ये कैसे ऊर्जा है

देव .....अभी आप सब जाओ आवर एक दूसरे का ख्याल रखना

सपना .....आप चिंता न करो प्रिंस मैं इस बात का ख्याल रखूंगी ( ये मुझे प्रिंस से लावण्या की ऊर्जा क्यों मह्सुश हो रही है जबकि ये प्रिंस हे है )

सभी लोग वह से निकल गए पैर देव को कुछ अच्छा नहीं लग रहा था

देव ......मुझे इन सबको अकेली जाने ठीक होगा क्या

नहीं मुझे कुछ गलत होने का अहसास हो रहा है

देव अपने सर से कुछ बाल उखाड़ कर जमीं पे फेंकता है

देखते हे देखते वह देव के 10 क्लोन्स खड़े हो गए

देव ......मेरे अग्नि रूपों तुम सब समाज तो गए हे होंगे की क्यों तुम्हे उत्पन किया गया है

सभी .....जी हमें ज्ञात है आज्ञा दे

देव ......ठीक है सबका ख्याल रखना

उन सबके जाते हे देव ध्यान में लीं हो परतवि लोक में गुरुदेव के साथ सम्पर्क स्थापित करता है गुरुदेव इस वक़्त आंतरिक के उन लाखो करोडो उल्का पिंड के बिच ध्यान के माद्यम से पिसाच किंग के मुख्या ठिकाने का पता कर रहे थे

काफी कोशिशों के बाद गुरुदेव को एक विचित्र प्रकार का उल्का पिंड नज़र आया

गुरुदेव उसके आवर नजदीक पहुंचे उनको आभाष हुआ की इस उल्का पिंड के चारो तरफ तामसिक सक्रिय का सुरक्षा चक्र निर्मित है

गुरुदेव .....पुत्र देव यही स्थान है जहा वो पिसाच अपना बलि यज्ञ कर रहा है रात्रि के ठीक 12 बजे ये पल के लिया ये कवच कमजोर होगा इश्क वक़्त तुम्हे उस कवच के भीतर परिवेश कर उस पिसाच के यज्ञ को नस्ट करना है

याद रहे पुत्र तुम्हे पिसाच किंग को ख़तम नहीं करना अभी कोशिश करना की किसी तरह उसको बंदी बना सको तुम्हारे पास केवल 30 मिनट्स का समय है तब तक तुम एक बार फिर अपनी रणनीति का परख सकते हो

देव ......धन्यवाद् गुरुदेव आशीर्वाद दीजिये की कार्य में सफल हो कर लौटू

गुरुदेव .....सफल मनोरथ भाव पुत्र

भानगढ़ किल्ला .......

रुद्रांश सिंह सपना वीर दिव्या शीतल कोमल चंचल निधि जूही अलीना ालिस रितिका

( 10 अग्नि देव )

भानगढ़ किल्ले का मंजर रात को आवर भी खतरनाक दिख रहा था

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सपना ......सब त्यार रहो वो सब कभी भी आ सकते है

सब एक दूसरे के ख्याल रखेगा योध के दौरान

रुद्रांश ........रितिका अपने बचपने को भुला कर केवल योध में ध्यान देना

चलो सब आगे भरते है

सभी किल्ले के अंदर प्रवेश करने लगे अंदर से किल्ला आवर भी डरावना लग रहा था

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सब अपने अपने हतियारो के साथ योध के लिया अपना अपना स्थान चुन कर त्यार खड़े थे

वीर अपने अपने एंजेल रूप में आ चूका था ये पहिला अवसर था उसका परतवि लोक पे खुल कर अपने शक्तियों का प्रयोग करने में

वही सिंह अपना मानव रूप त्याग अपने सिंह मानव रूप में आ चूका था

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सिंह अपने संभव अनुसार पुरे विकराल रूप में गरजने लगा

सपना ........संत रहो सिंह तुम्हे आज बहुत से सीकर करने है

कुछ हे देर में वह कम्पन होने लगा

सिंह ........सब त्यार रहो शीतनी द्वार खुल रहा है

देखते हे देखते वह एक के बाद एक वुल्फ आने लगे

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सिंह ........वो भेड़िये आना सुरु हो चुके है मैं उनको स्मेल कर सकता हूँ

रुद्रांश....... आगे भादो आवर टूट पदों

अलीमा ालिस अपने उग्र रूप (हाफ वैम्प ) में दिव्या पुरे अग्नि रूप में आगे बढ़ी

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वीर ......मैं चंचल दी आवर कोमल दी इनको ऊपर से सफाया करते है आप सब निचे से इनका सफाया करो

देखते हे देखते वह सेकड़ो की तादाद में वेयरवोल्फ एकता होने लगे

सिंह गरजते हुए अपने दोनों हाथो में हथियार ले उनपे टूट पड़ा

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जो भी सिंह के सामने आता वो वो अगले हे पल टुकड़ो में जमीं पे धूल खा रहे होते

चारो तरह भेडियो की छिलने की आवाज पुरु किल्ले में हूउउ हूउउउउ करके गूंजने लगी

सपना जूही रितिका दिव्या कोमल निधि सब अपने अपने ास्त्रो के साथ भेडियो को चोर्ने फंदे लगी

सपना ......वुल्फ किंग अभी तक नहीं दिखाई दिया

तभी ऊपर की छठ को चीथड़े उड़ाते हुए कोई वुल्फ सपना के सामने आता है

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वोल्फकिंग .........महारानी सौपनीका तुम जिन्दा हो तुम्हे तो डेविल किंग ने मार दिया था

सपना .......मूरख जानवर मरता वो है जिसका जनम लिया हो मैं अजन्मी हूँ

तुम्हारा कायर डेविल किंग मुझे क्या मरेगा जो चुप कर कायरता तो वॉर करता हो

वोल्फकिंग अपने पिता के लिया सपना के मुँह से ऐसे सबदो के प्रयोग से भड़क उठा आवर सपना की तरफ भाड़ा पैर बिच में हे वीर आ खड़ा हुआ

वीर .......अले अले कुत्ते को गुस्सा आ रहा

वीर को ऐसे अपना मजाक कुढ़ते देख वुल्फ किंग गुस्से में वीर के सीने पे प्रहार करता है जिस से वीर संभल नहीं पाया आवर दिवार तो उड़ते हुए दूर जा गिरा

सपना फ़ौरन वीर को संभालती है

सपना .......वीर यहाँ कोई मज़ाक नहीं चल रहा है

इस लिया ऐसे बेहूदा हरकते बंद करो आवर अपने योध पे ध्यान दो

वीर ......अह्ह्ह सॉरी भाबी जी

पैर इस कुत्ते की तो बंद मैं हे बजूँगा

ीदार काफी भेड़िये देव द्वारा बनाये गए अदृस्य द्वार में जा गुस्से जैसे मायावी लोक में पेअर रखे वो सब अग्नि की भीषण लपटों में सामने लगे

वीर जा कर वुल्फ किंग से भीड़ गया

सिंह जैसे जैसे भेडियो को मार रहा था वैसे वैसे उसका क्रोध भाड़ रहा था

भेडियो के मरते हे उनके सरीर से निकलती काली सकतिया सिंह में सामने लगी

( दरअशल इसके पीछे देव की सकती थी इसके लिया हे देव ने सिंह को अपने अंदर समाया था ) .........

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