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- Dec 5, 2013
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अनूबिस .....आपको हे दोनों राजकुमारियों आवर उनकी दसिया को मुक्त करना होगा हम अपने लोक में लौट रहे है
देव .....जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद
अनूबिस महारानी की आत्मा को ले कर वह से निकल गए
जैसे हे ये सब हुआ दोनों राजकुमारियों को अपनी माँ महारानी का मुक्त होने का पता चल जाता है
वही देव मायावी दुनिया को साथ ले उदयपुर आ पंहुचा
अब मायावी दुनिया का मालिक देव था जहा सब उसकी इच्छा के ादिन था ............
अब आगे ..........}
देव महल में बने राजसिंगसन पे जा बैठा जहा से वो पूरी मायावी दुनिया को देख आवर महसूस कर प् रहा था
देव ......इतनी भी बुरी नहीं है ये मायावी दुनिया
देव ने जब महल पुरे महल में नज़र डाली तो एक रूम का नज़र बड़ा हे कमुख था
ये रूम महारानी क्लिओपेट्रा की छोटी पुत्री प्रिंसेस लाया का रूम था
जहा इस वक़्त वो गोल्ड चेयर पे ार्ड नग्न अपनी वक्ष आवर योनि से खेल रही थी
देव ..........लगता है दोनों राजकुमारियों को मुक्ति देने का वक़्त आ गया है
पैर इस से पहले थोड़ा फ्रेश हो लिया जाये
देव एक सेविका को बुला कर उस से कुछ कहता है आवर भेज देता है
देव फ्रेश हो कर बहार आता है
देव .......रूद्र बहार आओ मुझे तुम्हारी जरूरत है
2,3 बार पुकारने के बाद रूद्र बहार आता है
रूद्र .......मुझे किश लिया याद किया
देव .......तुम्हे सब पता है रूद्र की मैंने क्यों तुम्हे याद किया
रूद्र ........ठीक है पैर इसका पता किसी को नहीं चलना चाइये
देव .......तुम जिसको बात कर रहे हो आवर एक बात बताओ तुम मुझे अपनी यादे क्यों नहीं देखने देते हो मैं जनता हूँ तुम जान बुज कर मुझे अपनी यादो में जांखने नहीं देते हो
rudra.......main जा रहा हूँ अपना काम करने वैसे मुझे ये सरीर कैसे मिला
देव .......क्युकी इस मायावी दुनिया है इस लिया
अब जाओ आवर बड़ी राजकुमारियों को मुक्त कर दो मैं छोटी राजकुमारी के पास जा रहा हूँ
रूद्र बड़ी राजकुमारी ( ज़हरा )
के रूम के तरफ भाड़ जाता है आवर देव छोटी राजकुमारियों अज़ीज़ा के रूम की तरफ
देव जब अज़ीज़ा के रूम में पंहुचा तो देखा की अज़ीज़ा चेयर पे अपनी बंद उठाया घुटनो पे होने राखी है
देव ने जाते हे उसकी गांड पे चिंता मारा
अज़ीज़ा पीछे पलट कर देखता है जहा देव खड़ा था
अज़ीज़ा .......ओह्ह तो आप है इस दुनिया के किंग
देव ......आपको यकीं नहीं है क्या
अज़ीज़ा ......मायावी दुनिया के सम्राट को प्रिंसेस अज़ीज़ा का सलाम
देव ......आपको पता है हम यहाँ क्यों आये है
अज़ीज़ा ......हम जानते है आवर हम त्यार है इस जहनुम जैसे जिंदगी से आजाद होने के लिया
इतना बोल कर अज़ीज़ा ने अपने सीने को बेपर्दा कर दिया आवर देव के लैंड को अपने हाथो में थम लिया
अज़ीज़ा ........आपका सम्भोग अस्त्र वाकई में बहुत बड़ा आवर खूबसूरत है हमने अपनी जीवन कल में कभी ऐसा सम्भोग अस्त्र नहीं देखा
देव .......अज़ीज़ा आप समय का दूर उपयोग कर रही है आगे बढिये
अज़ीज़ा ......जी सम्राट आपसे एक इल्तज़ा है हमारी
देव ......कहा क्या इल्तजा है आपकी
अज़ीज़ा .....हमें आप इस सिंगसन पे हे सम्भोग कर मुक्ति प्रदान करे
देव अज़ीज़ा का सर अपने लैंड की आवर जुका देता है
अज़ीज़ा देर न करते हुए देव के लैंड को मुँह में भर कर चूसने लगती है
कुछ देर बाद देव अज़ीज़ा को वही चेयर पे लेता के उसके मुँह को छोड़ने लगता है
साथ से अज़ीज़ा की खूबसूरत चूचिया कार्डन करने लगता है
देव बिना किसी पड़तड़ना के प्रेम से अज़ीज़ा के गले के अंदर बहार लैंड सकते हुए छोड़ने लगा
काफी देर तक छोड़ने के बाद
देव
खुद चेयर पे अदलती अवस्था में आ जाता है
आवर अज़ीज़ा को अपने ऊपर आने का इसरा करता है
अज़ीज़ा देव के ऊपर आ कर अपनी योनि को खोल कर देव के लैंड को अपने अंदर डालने लगती है
देखते हे देखते कुछ दर्द के साथ 2,3 जोरदार रखो में अज़ीज़ा देव के पुरे लैंड को अंदर ले लेती है
ीदार दूसरे महल के दूसरे रूम में रूद्र बड़ी हे तेज़ी के साथ वाइल्ड तरीके से राजकुमारी ज़हरा के मुँह को अपने लैंड से छोड़ेगा जा रहा था
रूद्र ......अह्ह्ह्ह साली चूस न आवर जोर से
रूद्र ज़हरा के मुँह में पूरा लैंड डेल सत्ता सात पेलने में लगा हुआ था
ज़ेहरा के मुँह से तुक बहार निकल कर उसकी चूचिया पे गिर रहा था
रूद्र वही जमीं पे लेट जाता है आवर ज़ेहरा को अपने ऊपर ले एक हे जटके में अपना लैंड बिना दर्द की परवा किये दाल देता है
ज़ेहरा दर्द से बिलबिला उठी पैर रूद्र तो जैसे सम्भोग नहीं अपना कोई बदला ले रहा hi ऐसा लग रहा था
ज़ेहरा ......अह्ह्ह्हह सम्राट डेरी कीजिये हमें बहुत तकलीफ हो रही है
रूद्र .....चुप कर साली कुटिया होगी तू राजकुमारी पैर मेरी तो गुलाम है सामजी ( दरशल रूद्र पे तामसिक ऊर्जा सेक्स के दौरान हावी होने लगती है )
ज़ेहरा किसी तरह खुद की छूट को सहला कर अपनी पीड़ा काम करती है आवर डेरे डेरे उसको भी मज़ा आने लगा था
ऐसा वाइल्ड सेक्स में ये उसके लिया पौला अनुभव था रूद्र दोनों चूचियों को दबा दबा कर लाल कर चूका था
जब रूद्र का इस आसान से दिल भर गया तो रूद्र ने ज़ेहरा को अपने ऊपर से हटा कर छोटी बनाया आवर पीछे से छोड़ने लगा
इन सब में ज़ेहरा की आग भड़क चुकी थी
अब उसकी छूट पूरी तरह से रूद्र के लिया खुद को त्यार कर चुकी थी
रूद्र ज़ेहरा की गांड पे चेंज मरते हुए
पीछे से ज़ेहरा के योनि की दाजिया उड़ाने लगा
वही दुरी तरफ देव बड़े प्यार से अज़ीज़ा के साथ सम्भोग का आनंद ले रहा था
देव अज़ीज़ा की कमर को थाम्हे बड़े प्यार से अज़ीज़ा की योनि को सम्भोग सुख दे रहा था
अज़ीज़ा ........आप बहुत अच्छे है सम्राट आपके दूसरे रूद्र रूप स भीं आप में जहा प्रेम है वही उनमे क्रोध भरा है
देव ......उम्म्म्म अह्ह्ह्हह सच कहा अज़ीज़ा है एक सीके के दो पहली है मैं पर्म का प्रतीक हूँ आवर वो रूद्र है क्रोध का प्रतीक
देव डेरी डेरी अपने चरम सुख की तरफ भाड़ रहा था
अज़ीज़ा ......अह्ह्ह्हह उम्म्म्म सम्राट हमें बहुत अच्छा लग रहा है
कास हमारे पास आवर वक़्त होता तो हम आपके साथ कुछ आवर समय बिताने चाहते थे
देव ......अह्ह्ह्ह अज़ीज़ा हम अपने चरम पे पहुंच चुके है जल्दी से आसान बदलिए
अलीजा जल्दी से चेयर पे सीधी जो कर लेट जाती है
देखते हे देखते देव अपनी चरम पे पहुंच जाता है आवर अज़ीज़ा की योनि कुंड में अपना वीर्यदान कर भर देता है
अज़ीज़ा ..........शुक्रिया मेरे मालिक मुझे इस जहनुम से मुक्ति प्रदान करने के लिया
हमें आज्ञा दीजिये
देखते हे देखते अज़ीज़ा का सरीर गायब हो जाता है आवर उसे मुक्ति मिल जाती है है
वही जब देव अज़ीज़ा को मुक्त कर बहार जाता है तो वह का नज़र हे बदला हुआ था
रूद्र पुरे जोश के साथ राजकुमारी ज़ेहरा के साथ साथ बाकि दसिया को भी पेल रहा था
( देव....... ये क्या है रूद्र तो खुद पे से कण्ट्रोल खोया जा रहा है मुझे इसे रोकना होगा )
देव आँखे बंद कर सूक्ष्म रूप दर्जन कर रूद्र के सरीर में समाहित होने जाता है
आवर डेरी डेरी रूद्र को संत कर खुद उसकी जगह ले लेता है
आवर राजकुमारी ज़ेहरा के साथ सम्भोग करने लगता है
रूद्र जो पहले से हे अपने पिक पे था
कुछ हे देर में देव ज़ेहरा की योनि में अपना लावा उगल कर संत होने जाता है
ज़ेहरा ......प्रिंस अपने वीर्य का प्रयोग कर इन सेविकाओं को भी मुक्ति प्रदान कर दीजिये
देव अपने लैंड पे लगे वीर्य का उन सभी दसिया को पैन करवाता कुछ दसिया जो ज़ेहरा की छूट से बाह कर बहार गेरे वीर्य का पैन कर मुक्ति प्राप्त करती है
ज़ेहरा .......आपका बहुत बहुत सुखरिया प्रिंस आपकी वजह से हमारी माँ से विरासत में मिली हवस से हमें मुक्त किया
हम तो मुक्त होने गयी है किन्तु इस मायावी दुनिया के एक पहरेदार आवर एक सेविका है उसे मुक्त मत कीजियेगा
देव ......ऐसा क्यों राजकुमारी उसका भी अदिकार है मुक्त होने का
ज़ेहरा .......वो बहुत मायावी है उसने हे ये मायावी दुनिया का निर्माण किया था इस दुनिया की पहली रानी ....स्कोर्पियन क्वीन वो अगर आजाद हुए तो दुनिया में तबै के सिवाय कुछ नहीं बचेगा
देव .......शुक्रिया आपका राजकुमारी
ज़ेहरा .......अब हमें आज्ञा दीजिये
देव .....जी जरूर
राजकुमारी ज़ेहरा के जाते हे देव के सामने
स्कोर्पियन क्वीन आ जाती है
देव ......कोण हो तुम आवर मेरी दुनिया में क्या कर रही हो
स्कोर्पियन queen......hahahaha ये मेरी दुनिया है मैं हूँ यहाँ की क्वीन स्कोर्पियन क्वीन चले जाओ मेरी दुनिया से आज़ाद करो मुझे
तभी वह एक आवर लड़की आती है जो की पूरी तरह से नुदे थी
देव ......अब तुम कोण हो आवर यहाँ क्या कर रही हो
लड़की अपने घुटनो पे आ कर के लड़की ......सम्राट मैं यहाँ की सेविका हूँ मैं आपकी सेवा के लिया हूँ इस दस्ता को कभी आज़ाद मत कीजियेगा
देव ......हम जानते है पैर आप क्यों मुक्त नहीं हुए
सेविका .....सम्राट हम जब तक ये मायावी दुनिया है हम मुक्त नहीं हो सकते है
हमें मुक्त करने के लिया आपको ये मायावी दुनिया को नस्ट करना होगा
स्कोर्पियन क्वीन ......नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकते हो
देव ......हम तुम्हे अनूबिस से प्राप्त सकती से बंदी बाते है
स्कोर्पियन क्वीन
देव के कहते हे देव के आँखों से निकली रेड रौशनी उस कांच को तोड़ते हुए स्कोर्पियन क्वीन को अपनी बंदन में बंद लेती है
देव .....आज के बाद तुम इस मायावी दुनिया की गुलाम हो तुम हमारी इच्छा के बिना कुछ भी करना तो दूर सोचा भी तो ये बंदन तुम्हे इतनी पीड़ा देगा की तुम्हारी आत्मा भी कैंप उठेगी
सॉरपिओं क्वीन ......हम तुम्हे छोड़ेंगे नहीं ..
अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
देव ......देखा तुम्हारे सोच भी हमारी गुलाम है आज से तुम हमारे आदेश का पालन करोगी आवर सेविका तुम्हारी मालिक इन होगी
देव .....सेविका इस को दंड तुम डौगी ये तुम्हारे हर आदेश का पालन करने को विवश है आवर अपने वस्त्र दर्जन करो
सेविका ......शुक्रिया मेरे मालिक इसने मेरे दुनिया को तबाह किया था इसकी उसका दंड मैं दूंगी
देव .....अब मैं चलता हूँ फिर मिलूंगा
सेविका .......जी सम्राट
देव मायावी दुनिया से अपनी दुनिया में लौट जाता है
देव जब महल पंहुचा तो उसे गए हुए कुछ 1 हर का समय हे बिता था
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........
मायावी दुनिया का chapter ख़तम
अब से स्टोरी पहले के प्लाट पे हे चलेगी जहा देव ेगीपत जाने से पहले था .....
अनूबिस .....आपको हे दोनों राजकुमारियों आवर उनकी दसिया को मुक्त करना होगा हम अपने लोक में लौट रहे है
देव .....जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद
अनूबिस महारानी की आत्मा को ले कर वह से निकल गए
जैसे हे ये सब हुआ दोनों राजकुमारियों को अपनी माँ महारानी का मुक्त होने का पता चल जाता है
वही देव मायावी दुनिया को साथ ले उदयपुर आ पंहुचा
अब मायावी दुनिया का मालिक देव था जहा सब उसकी इच्छा के ादिन था ............
अब आगे ..........}
देव महल में बने राजसिंगसन पे जा बैठा जहा से वो पूरी मायावी दुनिया को देख आवर महसूस कर प् रहा था
देव ......इतनी भी बुरी नहीं है ये मायावी दुनिया
देव ने जब महल पुरे महल में नज़र डाली तो एक रूम का नज़र बड़ा हे कमुख था
ये रूम महारानी क्लिओपेट्रा की छोटी पुत्री प्रिंसेस लाया का रूम था
जहा इस वक़्त वो गोल्ड चेयर पे ार्ड नग्न अपनी वक्ष आवर योनि से खेल रही थी
देव ..........लगता है दोनों राजकुमारियों को मुक्ति देने का वक़्त आ गया है
पैर इस से पहले थोड़ा फ्रेश हो लिया जाये
देव एक सेविका को बुला कर उस से कुछ कहता है आवर भेज देता है
देव फ्रेश हो कर बहार आता है
देव .......रूद्र बहार आओ मुझे तुम्हारी जरूरत है
2,3 बार पुकारने के बाद रूद्र बहार आता है
रूद्र .......मुझे किश लिया याद किया
देव .......तुम्हे सब पता है रूद्र की मैंने क्यों तुम्हे याद किया
रूद्र ........ठीक है पैर इसका पता किसी को नहीं चलना चाइये
देव .......तुम जिसको बात कर रहे हो आवर एक बात बताओ तुम मुझे अपनी यादे क्यों नहीं देखने देते हो मैं जनता हूँ तुम जान बुज कर मुझे अपनी यादो में जांखने नहीं देते हो
rudra.......main जा रहा हूँ अपना काम करने वैसे मुझे ये सरीर कैसे मिला
देव .......क्युकी इस मायावी दुनिया है इस लिया
अब जाओ आवर बड़ी राजकुमारियों को मुक्त कर दो मैं छोटी राजकुमारी के पास जा रहा हूँ
रूद्र बड़ी राजकुमारी ( ज़हरा )
के रूम के तरफ भाड़ जाता है आवर देव छोटी राजकुमारियों अज़ीज़ा के रूम की तरफ
देव जब अज़ीज़ा के रूम में पंहुचा तो देखा की अज़ीज़ा चेयर पे अपनी बंद उठाया घुटनो पे होने राखी है
देव ने जाते हे उसकी गांड पे चिंता मारा
अज़ीज़ा पीछे पलट कर देखता है जहा देव खड़ा था
अज़ीज़ा .......ओह्ह तो आप है इस दुनिया के किंग
देव ......आपको यकीं नहीं है क्या
अज़ीज़ा ......मायावी दुनिया के सम्राट को प्रिंसेस अज़ीज़ा का सलाम
देव ......आपको पता है हम यहाँ क्यों आये है
अज़ीज़ा ......हम जानते है आवर हम त्यार है इस जहनुम जैसे जिंदगी से आजाद होने के लिया
इतना बोल कर अज़ीज़ा ने अपने सीने को बेपर्दा कर दिया आवर देव के लैंड को अपने हाथो में थम लिया
अज़ीज़ा ........आपका सम्भोग अस्त्र वाकई में बहुत बड़ा आवर खूबसूरत है हमने अपनी जीवन कल में कभी ऐसा सम्भोग अस्त्र नहीं देखा
देव .......अज़ीज़ा आप समय का दूर उपयोग कर रही है आगे बढिये
अज़ीज़ा ......जी सम्राट आपसे एक इल्तज़ा है हमारी
देव ......कहा क्या इल्तजा है आपकी
अज़ीज़ा .....हमें आप इस सिंगसन पे हे सम्भोग कर मुक्ति प्रदान करे
देव अज़ीज़ा का सर अपने लैंड की आवर जुका देता है
अज़ीज़ा देर न करते हुए देव के लैंड को मुँह में भर कर चूसने लगती है
कुछ देर बाद देव अज़ीज़ा को वही चेयर पे लेता के उसके मुँह को छोड़ने लगता है
साथ से अज़ीज़ा की खूबसूरत चूचिया कार्डन करने लगता है
देव बिना किसी पड़तड़ना के प्रेम से अज़ीज़ा के गले के अंदर बहार लैंड सकते हुए छोड़ने लगा
काफी देर तक छोड़ने के बाद
देव
खुद चेयर पे अदलती अवस्था में आ जाता है
आवर अज़ीज़ा को अपने ऊपर आने का इसरा करता है
अज़ीज़ा देव के ऊपर आ कर अपनी योनि को खोल कर देव के लैंड को अपने अंदर डालने लगती है
देखते हे देखते कुछ दर्द के साथ 2,3 जोरदार रखो में अज़ीज़ा देव के पुरे लैंड को अंदर ले लेती है
ीदार दूसरे महल के दूसरे रूम में रूद्र बड़ी हे तेज़ी के साथ वाइल्ड तरीके से राजकुमारी ज़हरा के मुँह को अपने लैंड से छोड़ेगा जा रहा था
रूद्र ......अह्ह्ह्ह साली चूस न आवर जोर से
रूद्र ज़हरा के मुँह में पूरा लैंड डेल सत्ता सात पेलने में लगा हुआ था
ज़ेहरा के मुँह से तुक बहार निकल कर उसकी चूचिया पे गिर रहा था
रूद्र वही जमीं पे लेट जाता है आवर ज़ेहरा को अपने ऊपर ले एक हे जटके में अपना लैंड बिना दर्द की परवा किये दाल देता है
ज़ेहरा दर्द से बिलबिला उठी पैर रूद्र तो जैसे सम्भोग नहीं अपना कोई बदला ले रहा hi ऐसा लग रहा था
ज़ेहरा ......अह्ह्ह्हह सम्राट डेरी कीजिये हमें बहुत तकलीफ हो रही है
रूद्र .....चुप कर साली कुटिया होगी तू राजकुमारी पैर मेरी तो गुलाम है सामजी ( दरशल रूद्र पे तामसिक ऊर्जा सेक्स के दौरान हावी होने लगती है )
ज़ेहरा किसी तरह खुद की छूट को सहला कर अपनी पीड़ा काम करती है आवर डेरे डेरे उसको भी मज़ा आने लगा था
ऐसा वाइल्ड सेक्स में ये उसके लिया पौला अनुभव था रूद्र दोनों चूचियों को दबा दबा कर लाल कर चूका था
जब रूद्र का इस आसान से दिल भर गया तो रूद्र ने ज़ेहरा को अपने ऊपर से हटा कर छोटी बनाया आवर पीछे से छोड़ने लगा
इन सब में ज़ेहरा की आग भड़क चुकी थी
अब उसकी छूट पूरी तरह से रूद्र के लिया खुद को त्यार कर चुकी थी
रूद्र ज़ेहरा की गांड पे चेंज मरते हुए
पीछे से ज़ेहरा के योनि की दाजिया उड़ाने लगा
वही दुरी तरफ देव बड़े प्यार से अज़ीज़ा के साथ सम्भोग का आनंद ले रहा था
देव अज़ीज़ा की कमर को थाम्हे बड़े प्यार से अज़ीज़ा की योनि को सम्भोग सुख दे रहा था
अज़ीज़ा ........आप बहुत अच्छे है सम्राट आपके दूसरे रूद्र रूप स भीं आप में जहा प्रेम है वही उनमे क्रोध भरा है
देव ......उम्म्म्म अह्ह्ह्हह सच कहा अज़ीज़ा है एक सीके के दो पहली है मैं पर्म का प्रतीक हूँ आवर वो रूद्र है क्रोध का प्रतीक
देव डेरी डेरी अपने चरम सुख की तरफ भाड़ रहा था
अज़ीज़ा ......अह्ह्ह्हह उम्म्म्म सम्राट हमें बहुत अच्छा लग रहा है
कास हमारे पास आवर वक़्त होता तो हम आपके साथ कुछ आवर समय बिताने चाहते थे
देव ......अह्ह्ह्ह अज़ीज़ा हम अपने चरम पे पहुंच चुके है जल्दी से आसान बदलिए
अलीजा जल्दी से चेयर पे सीधी जो कर लेट जाती है
देखते हे देखते देव अपनी चरम पे पहुंच जाता है आवर अज़ीज़ा की योनि कुंड में अपना वीर्यदान कर भर देता है
अज़ीज़ा ..........शुक्रिया मेरे मालिक मुझे इस जहनुम से मुक्ति प्रदान करने के लिया
हमें आज्ञा दीजिये
देखते हे देखते अज़ीज़ा का सरीर गायब हो जाता है आवर उसे मुक्ति मिल जाती है है
वही जब देव अज़ीज़ा को मुक्त कर बहार जाता है तो वह का नज़र हे बदला हुआ था
रूद्र पुरे जोश के साथ राजकुमारी ज़ेहरा के साथ साथ बाकि दसिया को भी पेल रहा था
( देव....... ये क्या है रूद्र तो खुद पे से कण्ट्रोल खोया जा रहा है मुझे इसे रोकना होगा )
देव आँखे बंद कर सूक्ष्म रूप दर्जन कर रूद्र के सरीर में समाहित होने जाता है
आवर डेरी डेरी रूद्र को संत कर खुद उसकी जगह ले लेता है
आवर राजकुमारी ज़ेहरा के साथ सम्भोग करने लगता है
रूद्र जो पहले से हे अपने पिक पे था
कुछ हे देर में देव ज़ेहरा की योनि में अपना लावा उगल कर संत होने जाता है
ज़ेहरा ......प्रिंस अपने वीर्य का प्रयोग कर इन सेविकाओं को भी मुक्ति प्रदान कर दीजिये
देव अपने लैंड पे लगे वीर्य का उन सभी दसिया को पैन करवाता कुछ दसिया जो ज़ेहरा की छूट से बाह कर बहार गेरे वीर्य का पैन कर मुक्ति प्राप्त करती है
ज़ेहरा .......आपका बहुत बहुत सुखरिया प्रिंस आपकी वजह से हमारी माँ से विरासत में मिली हवस से हमें मुक्त किया
हम तो मुक्त होने गयी है किन्तु इस मायावी दुनिया के एक पहरेदार आवर एक सेविका है उसे मुक्त मत कीजियेगा
देव ......ऐसा क्यों राजकुमारी उसका भी अदिकार है मुक्त होने का
ज़ेहरा .......वो बहुत मायावी है उसने हे ये मायावी दुनिया का निर्माण किया था इस दुनिया की पहली रानी ....स्कोर्पियन क्वीन वो अगर आजाद हुए तो दुनिया में तबै के सिवाय कुछ नहीं बचेगा
देव .......शुक्रिया आपका राजकुमारी
ज़ेहरा .......अब हमें आज्ञा दीजिये
देव .....जी जरूर
राजकुमारी ज़ेहरा के जाते हे देव के सामने
स्कोर्पियन क्वीन आ जाती है
देव ......कोण हो तुम आवर मेरी दुनिया में क्या कर रही हो
स्कोर्पियन queen......hahahaha ये मेरी दुनिया है मैं हूँ यहाँ की क्वीन स्कोर्पियन क्वीन चले जाओ मेरी दुनिया से आज़ाद करो मुझे
तभी वह एक आवर लड़की आती है जो की पूरी तरह से नुदे थी
देव ......अब तुम कोण हो आवर यहाँ क्या कर रही हो
लड़की अपने घुटनो पे आ कर के लड़की ......सम्राट मैं यहाँ की सेविका हूँ मैं आपकी सेवा के लिया हूँ इस दस्ता को कभी आज़ाद मत कीजियेगा
देव ......हम जानते है पैर आप क्यों मुक्त नहीं हुए
सेविका .....सम्राट हम जब तक ये मायावी दुनिया है हम मुक्त नहीं हो सकते है
हमें मुक्त करने के लिया आपको ये मायावी दुनिया को नस्ट करना होगा
स्कोर्पियन क्वीन ......नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकते हो
देव ......हम तुम्हे अनूबिस से प्राप्त सकती से बंदी बाते है
स्कोर्पियन क्वीन
देव के कहते हे देव के आँखों से निकली रेड रौशनी उस कांच को तोड़ते हुए स्कोर्पियन क्वीन को अपनी बंदन में बंद लेती है
देव .....आज के बाद तुम इस मायावी दुनिया की गुलाम हो तुम हमारी इच्छा के बिना कुछ भी करना तो दूर सोचा भी तो ये बंदन तुम्हे इतनी पीड़ा देगा की तुम्हारी आत्मा भी कैंप उठेगी
सॉरपिओं क्वीन ......हम तुम्हे छोड़ेंगे नहीं ..
अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
देव ......देखा तुम्हारे सोच भी हमारी गुलाम है आज से तुम हमारे आदेश का पालन करोगी आवर सेविका तुम्हारी मालिक इन होगी
देव .....सेविका इस को दंड तुम डौगी ये तुम्हारे हर आदेश का पालन करने को विवश है आवर अपने वस्त्र दर्जन करो
सेविका ......शुक्रिया मेरे मालिक इसने मेरे दुनिया को तबाह किया था इसकी उसका दंड मैं दूंगी
देव .....अब मैं चलता हूँ फिर मिलूंगा
सेविका .......जी सम्राट
देव मायावी दुनिया से अपनी दुनिया में लौट जाता है
देव जब महल पंहुचा तो उसे गए हुए कुछ 1 हर का समय हे बिता था
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........
मायावी दुनिया का chapter ख़तम
अब से स्टोरी पहले के प्लाट पे हे चलेगी जहा देव ेगीपत जाने से पहले था .....