अपडेट. 101
कुछ देर दोनों से बात की सोनिया की छूट काफी फुल चुकी थी सूजन से सूजन तो शालिनी की छूट में भी थी किन्तु वो इतनी नहीं थी
देव ने सोनिया को अपनी गॉड में उठा कर
बाथरूम में ले कर गया जाया देव ने सोनिया की गरम पानी से सिकाई की आवर खुद भी फ्रेश हुआ
फिर सोनिया को उसके बीएड पे सुला कर टेबलेट खिलाई आवर वह से निकल गया
इन सब में देव को रात 1 से ऊपर टाइम हो चूका था देव वह से नंदिता के रूम के तरफ निकल गया .........
अब आगे ... ......
परीलोक .......
D.princess डेविल लोक से ऊर्जा रूप में गायब होने के बाद d.princess परीलोक पहुंची
परीलोक फुल इंट्रो .....
1.......देवयानी पारी लोक की महारानी .(रानी पारी )
2......सम्राट सत्यजीत पारी लोक के सम्राट रानी पारी के पति
3.....राजकुमारी सोनपरी परीलोक की राजकुमारी
4.......गुरुदेव (राजगुरु)
5..... अभय परीलोक सेनापति
राजगुरु .....पुत्री लावण्या तुमने उचित किया जो तुमने हमसे संपर्क किया हम तुम्हारी शय्या अवश्य करेंगे पुत्री
लावण्या ......गुरुदेव हमें समाज नहीं आ रहा है की हम क्या करे क्युकी हम जानते है वो हमारा पीछा अवश्य करेगा जैसे हे हमने अपना ऊर्जा रूप त्याग किया उसको पता चल जायेगा की हम कहा है
राजगुरु .......पुत्री तुम्हे मर्त्यु लोक जाना चाइये हम इसमें तुम्हारी शय्या अवश्य करेंगे तुम्हारी माता को हमने पुत्री मन था हमने बहुत समझाया भी था किन्तु उस शैतान की माया ने तुम्हारी माता पे न जाने क्या जादू किया आवर हम सब का त्याग कर उस शैतान को चुना उसने
लावण्या ......गुरुदेव अब आपको हे हमारी शय्या करनी होगी
गुरुदेव ......चिंतित न हो पुत्री तुम हम कल सूर्यौदय के साथ हे परतविलोक के लिया निकलेंगे
तब तक तुम अपनी इसी रूप में रहना होगा
यहाँ पे किसी को भी इस बात का पता न चले पुत्री की तुम यहाँ हो
लावण्या ......जी गुरुदेव
उदयपुर महल ......
देव जब रूम में पंहुचा तो नंदिता आवर रेणुका
दोनों अभी जग्गी हुए थी
रेणुका .....कहा थे अब तक तुम देव हम कब से इंतजार कर रही है
देव .....देव वो मैंने आपको बताया था न की मैं बाद में आऊंगा
जैसे हे देव दोनों के पास पंहुचा
रेणुका ने देव को लपक लिया आवर आवर किश करनी लगी
देव ......रात काफी हो गई है मम्मी ज्यादा टाइम नहीं है
नंदिता .....ठीक है देव ुम्मम्हा
नंदिता देव के लोअर को निचे खिसका देती
रेणका आवर नंदिता ने जैसे हे देव के लैंड को आज़ाद किया वैसे हे दोनों की आँखों में चमक आ गई
रेणुका .......समय ने कैसे लिया होगा इसे देव
देव ......वैसे हे जैसे आप लेने वाली है मम्मी
नंदिता ने देव को बीएड पे लिटा दिया
रेणुका ने देव के लैंड को मुँह में भर कर सूचक करना सुरु कर दिया
नंदिता ........छोटी कैसा लग रहा अपने मुँह में देव के लैंड को भर कर
रेणुका ....उनमममम हम्म्म अह्हह्ह्ह्ह दीदी ये फिल्लिंग्स बताने की नहीं है आप खुद हे महसूस कीजिये
रेणुका के ऐसा कहने पे नंदिता ने अपने होंटो को गिला कर देव के लिंगमुण्ड को अपने लाल लाल होंटो में भर कर रसपान करने लगी
रेणुका .....अब कहो दीदी कैसा महसूस हो रहा है हेहेहे
रेणुका देव के अंडकोष को सूचक करने लगी आवर साथ हे साथ देव के बैक हॉल पे ऊँगली फिरने लगी जिस से देव के सरीर में मस्ती की लहार उठने लगी
नंदिता आवर रेणुका ने अपने सरीर को वस्त्र बीन कर दिया आवर दोनों देव के लैंड को चूसने चाटने लगी
देव ....उम्म्म्म मम्मी बहुत ऐसे हे अह्हह्ह्ह्ह बहुत अच्छा लग रहा है
रेणुका लैंड को थम लेती है नंदिता देव के लैंड को पूरा अपने मुँह में लेने की कोशिश करती है पैर वो ले नहीं पति है
देव बीएड के किनारे बेथ जाता है आवर अपने लैंड की तरफ रेणुका के सर को जुलता है
रेणुका देव के लैंड को चूसने लगती है
नंदिता देव की टैंगो के बिच बेथ देव के बोलल को गिला कर कभी दायी बोललस मुँह में भर्ती कभी बायीं बोललस
जैसे जैसे देव के मुँह से निकलती मस्ती भरी सिसकारी या दोनों सुनती है वैसे वैसे इनकी चूसै की जाती भध जाती है
कभी रेणुका तो कभी नंदिता देव के लैंड को चूस चूस कर पूरी तरह रोड में बदल देती है
देव .....ाइस्स्स्सह्ह्हह्ह मम्मी कब आवर रुका नहीं जायेगा
रेणुका ......देव पहले दीदी को फिर मुझे
देव ......क्या मम्मी
रेणुका .....अरे पहले दीदी की छूट मारो फिर मेरी मरना
देव .....हाहाहा आज के बाद छूट नहीं भोसड़ा बंद जायेगा आप दोनों की छूट
नंदिता .....तू बहुत बदमाश हो गया है देव
कोई अपने मम्मी से ऐसे बात करता है क्या
देव नंदिता को बीएड पे लिटा देता है
देव .....कोई मम्मी अपने बेटे का लैंड चुस्ती है क्या हाहाहा
रेणुका ....हेहेहे सही कहा पैर हम दोनों तुम्हारी होने वाली सास भी है समजे तुम
देव नंदिता को बातो में उल्का कर अपने लैंड को छूट के फूले हुए होंटो पे घिसते हुए छूट को चीरता हुआ नंदिता की गहराइयों में उतर देता है
नंदिता .....अह्हह्ह्ह्ह देव मेरी छूट है फाड् दी रे अह्हह्ह्ह्ह मा आराम से अह्हह्ह्ह्ह बहुत मोटा है
देव ......मम्मी आराम से डालूंगा तो बहुत पैन होगा आपको
रेणुका ....देव एक बार में हे दाल दे बीटा
देव रेणुका की बात सुन ताबड़तोड़ रखे मरता है
नंदिता चीखती चिलाती रही रेणुका ने आगे भध नंदिता को किश करने लगी
नंदिता की छूट से कुछ बुँदे खून की टपक कर सफ़ेद चादर पे अपनी यादे चिढ़ने लगे
कुछ देर देव रुक कर फिर से अपनी चुदाई सुरु कर देता है
नंदिता अब तक कुछ हद तक संभल गई थी
नंदिता .....अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह एएएस देव अह्हह्ह्ह्ह अब अच्छा लग रहा है छोड़ बीटा ऐसे हे अपनी बड़ी मम्मी को ुम्मम्हा अह्हह्ह्ह्ह कब से मुझे इस पल का इन्तजार था हम्म्म अह्हह्ह्ह्ह
dev......hmmm अह्हह्ह्ह्ह मम्मी बहुत अच्छा लग रहा अभी भी आपकी छूट इतनी टाइट क्यों है उम्म्म्म मम्मी
नंदिता .....क्या समय से भी टाइट है मेरी मुनिया
देव नंदिता की छूट में भाड़ रहे गीलेपन को देखते हुए
अपने लैंड को लगभग पूरा बहार निकल चूसै करने लगता है
देव ......अह्हह्ह्ह्ह मम्मी आपकी उनसे भी टाइट है उम्म्म्म पैर कैसे
नंदिता .....हम्म्म हम्म्म. देव बीटा आवर तेज मेरी मेरा होने वाला है
मैं रोज योग करती हूँ न अह्हह्ह्ह्ह बीटा इस लिया मेरा बॉडी इतना फिट है आवर छूट भी टाइट है वैसे भी उन्होंने मुझपे ध्यान हे कहा दिया है
देव नंदिता की छूट में हो रहे दबाब को महसूस कर लेता है आवर नंदिता की चूचिया को चूसते हुए रखे मरता है जिस से नंदिता झाड़ने लगी थी नंदिता का ऑर्गमास थड़ा ज्यादा हे लम्बा चला देव ने जैसे लैंड बहार निकला उसके बहार निकलते हे सफ़ेद चादर पे छूट राश फ़ैलाने लगा
रेणुका .....देव बीटा मैं त्यार हूँ
देव रेणुका को उठा कर सोफे पे लेता देता है
देव नंदिता की काम राश से भीगा अपना कामदण्ड
रेणुका की छूट पे सेट कर एक झटका मरता है कुछ आदिक चिकनाई के चलते जहा तब चाचा जी की बनाई जगह थी
वह तक का सफर एक जटके में तय कर लिया
रेणुका ....अह्हह्ह्ह्ब्हः बेटे मर देलेगा क्या
देव नंदिता के मुँह को अपने होंटो से लॉक कर लेता है आवर 2 प्रहार में देव का लैंड रेणुका की बच्चेदानी के अंदर तक देव का सूपड़ा जा गुशा
कुछ देर देव रेणुका की होंटो को बूब्स को चूस कर उसको रिलीफ पहुँचता है
जब. देव को लगा की अब वो आगे भाड़ सकता है तो देव रेणुका की डेरी डेरी माध्यम जाती से छूट को अपने लैंड के लिया खोलने लगा
जैसे हे देव का लैंड अंदर बहार होता वैसे हे रेणुका के चेहरे पे दर्द के भाव उभर आते है
रेणुका ......अह्हह्ह्ह्ह देव मेरी एक बात मानोगे क्या
देव .....जी मम्मी कहो
रेणुका .....बीटा मेरी चिंता न करो मुझे वाइल्ड सेक्स पंसद है मेरी फंतासी पूरी कर दो
देव को ये बात सुन कर झटका तो लगा पैर
dev.....jaisa आप कहे मम्मी
देव रेणुका की पर्व किया बिना खुले सैंड के तरह रेणुका की ठुकाई करने लगा
रेणुका ......अह्हह्ह्ह्ह एसससस देव ऐसे हे फाड् अपनी मम्मी की छूट अह्हह्ह्ह्ह मेरे बेटे आज मेरी बरसो की इच्छा पूरी हो रही है उम्म्म्म
देव .....अह्हह्ह्ह्ह मम्मी आपकी चूचिया हम्म्म हम्म्म कितनी सॉफ्ट है देखो तो कैसे हिल रही है
रेणुका .....काट बीटा इनको चूस चूस कर लाल कर दे इन्हे
देव रेणुका की टंगे आवर छोड़ी कर अपनी लैंड के प्रचंड प्रहार रेणुका के बच्चेदानी पे करने लगता है
रेणुका देव के ऐसे प्रहार से मीठे मीठे दर्द आवर अपनी छूट स्व उठ रही मस्ती के लागरी के सामने ज्यादा देर टिक नहीं पहिये आवर चीख ते हुए झाड़ने लगी
रेणुका की चीख सुन कर नंदिता अपने बीएड से उठ कर रेणुका के पास आती है
जबरदस्त बढ़ने के कारन रेणुका की आँखों में आंसू भी आने लगे
देव अपने लैंड की रेणुका की छूट से बहार निकलता है
नंदिता पता नहीं क्या सोच कर रेणुका की छूट पे हलके हलके चेंज मरती है आवर उसके डेन को सहलाती है
नंदिता के ऐसा करने पे नंदिता की छूट से एक तेज धार पिसाब की निकलती है
रेणुका की छूट में पिसाब की बझा से बहुत जलन होती है क्युकी देव के लैंड ने रेणुका की छूट को अंदर से घायल कर दिया था
देव रेणुका को उठा कर बाथरूम में छोड़ आता है
वही नंदिता को बाथरूम में देव पीछे से पकड़ कर अपना लैंड नंदिता की छूट में पेल कर चूसै करने लगा
सामने से रेणुका नंदिता की चूचिया चूस कर मज़ा दे रही थे
पीछे से देव आने घोड़े को नंदिता की गुफा में बेकहम दौड़ाये जा रहा था
नंदिता .....अह्हह्ह्ह्ह मेरे बेटे देव पीछे से तो आवर ज्यादा मज़ा आ रहा है
dev.....uffff अह्हह्ह्ह्ह मम्मी आपकी छूट पीछे से आवर ज्यादा टाइट आवर गरम लगती है
नंदिता ....हम्म्म हम्म्म अह्हह्ह्ह्ह एस्सस बेबी एस्सस के ों फ़क में हर्डर बेबी
एस्सस अह्हह्ह्ह्ह ऐसा बेबी फ़क योर मदर पुसी
देव .....अह्हह्ह्ह्ह एस्सस मम्मी अब तो आपको छूट क्या आपकी ये मटके जैसे मखमली गांड भी मैं हे मरूंगा वैसे बड़े पापा ने कभी तरय किया की नहीं पीछे से
नंदिता .....सॉरी बीटा पैर वो भी ओपन है अब तो तुम्हे मेरी बेटी की शैल पैक मिल सकती
मेरी तो तुम्हारव बड़े पापा ने सदी के बाद जब प्रेग्नेंट थी तभी बैक दूर से एंट्री कर्ली थी
देव नंदिता की बात सुन अपना लैंड बहार निकल कर जैसे गांड पे लगाया कुछ याद कर के फिर से छूट में दाल छोड़ने लगा जब तक की नंदिता झाड़ नहीं गई
रेणुका जो कब से देख रही थी नंदिता के हाथ ने के साथ हे रेणुका ने नंदिता की जगह ले ले
कुछ देर नंदिता को छोड़ने के बाद
देव रेणुका आवर नंदिता को अपना वीर्य पीला दिया दोनों की छूट के लिप्स आपस में चिपक चुके थे निचे की तरफ से कुछ ज्यादा हे था देव ने हालत को देखते हुए उनको हील करना पड़ा दोनों को बिना पता चले
तीनो एक साथ बहा कर बहार निकले आवर
तीनो एक साथ ले गए
रेणुका आवर नंदिता दोनों देव से चिपक कर चैन के नींद सो गयी
ेगपयत ........
पिसाच किंग ेगपयत के पुराने राजा महाराजो के कब्रे खोल उनकी बंदी आत्माओ को मुक्त कर अपना गुलाम बनाने लगा
अब उसका केवल एक आक्साद रह गया था जो की उसके पिता का आदेश था
पिसाच किंग अपने कुछ गुलामो को मर कर उनके सरीर अपने पिसाच गुलामो को दर्जन करवा दिया
जिनसे मुख गुलाम थे
1....काम. कामासुर ..किसी भी प्राणी को अपने वाश में कर कामवासना (हवशी ) के पार्टी उसको उकसाना जैसे रापस परै इस्त्री को भोगने की कम्मा रखना
2...... क्रोध ..करोडासुर ये किसी भी क्रोधी इंसाने को अपने ादिन कर कुछ भी करवाने में स्मार्ट
3 .....लोभ. लोभासुर. जिव के भीतर छुपे लोभ को जागृत कर उसकी बूढी पे अपना अदिकार कर कुछ भी अनैतिक करवा सकता है
3......माया . मयासुर जैसा नाम वैसा काम ये जीवो की भावनाओ से खेलता है एक बार जो जिव इसके प्रभाव में आ गया वो फिर कभी इसके प्रभाव से बहार नहीं निकल सकता क्यों वो इसके माया जल में ुअलग कर रह जायेगा उसके लिया हर गलत सही .सही है बाकि सब गलत
पिसाच किंग .......परतवि के कोने कोने में तुम चारो को अपने बुराई फैलानी है
काम क्रोध मोह माया तुम चारो का इतना पाप फैलाना है की परतविलोक का वो मसीहा तुहरे सामने आने को विवश हो जाये
चारो अपने घुटनो पे बेथ कर
....ऐसा हे होगा मालिक आपकी आघ्या हमारे लिया अंतिम आदेश है
हमें आज्ञा दे मालिक
पिसाच किंग ......जाओ आवर पुरे परतविलोक को पापमय कर दो
अब देखता हूँ की वो कैसे तुम लोगो से निपटेगा
वो चारो वह से गायब हो अलग अलग देशो की तरफ भध गए
पिसाच king........inhe कैसे रोकोगे डेविल किंग क्युकी तुम इनके सरीर को मीठा सकते हो किन्तु इनकी बुराई तो इनकी आत्मा से जुडी है इनकी आत्मा को कैसे मिठाओगे हाहाहाहा
पिसाच किंग फिर से अपने ुशी पिरामिड में चल देता है जहा वो कुछ वक़्त से कोई यज्ञ कर रहा था ...........
देव सुबह अपने समय से उठा आवर अपनी बहनो को अपने साथ ले ध्यान करने लगा वही
आज का रूटीन भी कल की तरह हे था
वही गुरुदेव एकलिंग जी के सामने अपने ध्यान में लीं थे तभी उनके सामने कोई प्रकार होता है
गुरुदेव ........आपका स्वागत है परीलोक के राजगुरु आवर पुत्री लावण्या तुम्हारा भी परतविलोक पे स्वागत है तुम अपना रूप दर्जन कर सकती हो पुत्री हमने पहले हे आपको सुरक्षित कर दिया है
राजगुरु ......परनाम गुरुभाई
गुरुदेव .....तो आखिर इतने वर्षो बाद हमसे मिलने का समय मिला है आपको
राजगुरु ........दयित्वा से मुक्ति कहा मिलती है
राजगुरु ने लावण्या की ऊर्जा पे हाथ रख किसी मंत्र का उच्चारण किया
कुछ हे देर में लावण्या ने अपना वास्तविक रूप दर्जन किया
लावण्या .......परनाम गुरुदेव
गुरुदेव .......सौभाग्यवती भाव पुत्री ........
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........