Fantasy Story - Rudradev pariwar ka rakshak - Page 13 - SexBaba
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Fantasy Story - Rudradev pariwar ka rakshak

अपडेट. 90.

अपडेट. 90.

डेनियल ......काम हो जायेगा आपके पहुंचने से पहले हे साउथ अफ्रीका में कुछ दिनों से बहुत कुछ हो रहा है जो समाज से बहार है

ालिस ........डेविल प्रिंस से कुछ भी नहीं छुपा है वो खुद वह का देख लेंगे

बस आप बाकि कंट्री में जितने आपके एजेंट्स है उनको खबर कर दीजिये की वो सब वह की क्रिमनल का देता एकता करे

डेनियल कुछ बाद वह से निकल जाता है .........

अब आगे ........

दिल्ली ........

वमपकिंग को जब खबर मिली की रखा मारा जा चूका है आवर मरिया का कही कुछ पता नहीं चल रहा है

दिन प्रतिदिन अपने गुलामो को मारी जाने से वमपकिंग बहुत गुस्से में अपने हे लोगो की हालत ख़राब करने में लगा हुआ था

वमपकिंग ..........अब तक तुम लोगो में से किसी ने भी ये तक पता नहीं लगा पाए की कोण है वो जो हमारे गुलामो को मरे जा रहा है अगर ऐसा हे रहा तो वो दिन दूर नहीं जब हमारा अस्तित्व हे मिट जायेगा

वैम्प 1....वमपकिंग हमने बहुत कोशिश की परन्तु हम उस तक नहीं पहुंच पाए

जो भी उस तक पहुँचता है या तो मारा जाता है या फिर गायब हो जाता है

डेविल प्रिंस के नाम से अब तो सीकर करने भी जाते है तो दर लगता है

वैम्प 1 की बात सुन वमपकिंग ने गुस्से में आ कर वैम्प 1की गर्दन के उखाड़ डाली उसके गले में अपने तीखे नाखूनों को दाल कर

सब की गांड फैट चुकी थी

अफ्रीका से आये हुए वैम्प में से एक मेल वैम्प ने हिमत दिखा कर वमपकिंग के सामने आ घुटनो पे बेथ गया

नीग्रो vamp......vampking आपकी इजाजत हो तो कुछ कहना चाहता हूँ

वमपकिंग ......कहो क्या कहना चाहते हो

नीग्रो वैम्प .....वमपकिंग आप यहाँ से हमारी कंट्री क्यों नहीं चलते वह पे बॉस ने बहुत कुछ हासिल कर लिया है

हमने अपने पूर्वजो से सुना है की हमारे कंट्री में एक प्राचीन गुफा है

उसमे एक ऐसा कवच है जिस से इंसान हो या शैतान उसकी सक्रिय उसको दर्जन करने के साथ हे कई गुना बढ़ जाती है

वमपकिंग नीग्रो वैम्प की बात सुन कुछ देर सोचने लगता है

वमपकिंग .......क्या इसका तुम्हारे पास कोई ठोस परमं है

नीग्रो वैम्प ......वमपकिंग हमारे पूर्वजो के पास इसके ठोस परमं थे परन्तु....

वमपकिंग ......परन्तु क्या

नीग्रो वैम्प .....उसकी पूरी जानकारी केवल हमारे मुखिया के पास हे होती थी जो की अब मरे जा चुके है

वमपकिंग ........ठीक है मार्क को सन्देश भेजो की वो इसकी सत्यता के परमं जुटाए

आवर साथ हे हम कुछ समय बाद वह पहुंच रहे है उसकी भी खबर कर दी जाये

नीग्रो वैम्प ......जो आज्ञा वमपकिंग

वमपकिंग को ये बात अच्छे से पता है जब से उसने परतवि लोक पे ध्यान करना आरम्भ किया है तब से उसको कई विचित्र उर्जाओ का अहसास हुआ है पैर वो बहुत काम मात्रा में था

इस लिया नीग्रो वैम्प केखुलासे को वमपकिंग पूरी तरह से जुटला नहीं प् रहा था

वमपकिंग ने बचे हुए 15 ,20 मेल फीमेल वैम्प को जाने का इसरा किया कुछ फीमेल वैम्पायर के साथ लग गया अपने फेवरेट काम में ........

दिल्ली के दूसरे कोने में एक रेस्टुरेंट में रुद्रांश आवर रितिका बैठे हुए थे दोनों ख़ामोशी से अपनी अपनी कॉफ़ी की चुस्किया ले रहे थे

कुछ देर बाद रुद्रांश ने हे अपना मुँह खोला है

रुद्रांश ......अब तो कॉफ़ी भी ख़तम हो चुकी है रितिका जी अब तो कुछ बोलिये आपने मुझे यहाँ क्यों बुलाया है

आप कह रही थी कुछ जरुरी बात करनी है

रितिका .....जी है मैंने आपके बारे में बहुत सोचा ी मैं मैंने आपके ऑफर के बारे में बहुत सोचा मैं आपकी टीम का हईशा बनने को त्यार हूँ पैर मैं रॉ का त्याग नहीं कर सकती हूँ

रुद्रांश .......मैं आपको रॉ का त्याग करने को कह भी नहीं रहा हूँ बस आप उनकी तभी हेल्प करना जब वाकई में उनको आपकी जरूरत हो जो की मुझे नहीं लगता उनको पड़ने वाली है

रितिका .......आप क्यों नहीं ज्वाइन कर लेते हो रॉ को आपकी जो भी डरते है वो रॉ मन जायेगा फिर प्रॉब्लम क्या है इसमें

रुद्रांश ......ठीक है मैं सोचता हूँ इस बारे में पैर मैं अपनी या अपनी टीम जूही अलीना ालिस की आइडेंटिटी रॉ में भी शो नहीं करूँगा केवल एक तुम हो जो उनका रियल फेस जानती हो आवर नहीं कोई आर्डर लूंगा जो भी केश रॉ हेंडल नहीं कर सकता उसको मेरी टीम देखेगी पैर कैसे आवर किश तरह आवर कब वो मैं खुद फैसला करूंगा

व आवर हमारे बिच का केवल आवर केवल तुम लिंक रहोगे जो भी केश रॉ द्वारा मेरी टीम को मिलेगा वो तुम्हारे ट्रू हम तक पहुंचेगा

रितिका कुछ ज्यादा हे खुश होते हुए रुद्रांश के गले से लग उसके गाल पे चिपका देती है

अरे भाई थपड नहीं अपने माधबारे गुलाबी होंठ

रुद्रांश .........यहाँ सब तुम्हे हे देख रहे है भूलो नहीं मैं टीम लीडर हूँ

रितिका ......हेहेहे यस बॉस

रुद्रांश ......हहहहहह वैसे आपके डैड कैसे है

रितिका ......वो अच्छे है आपको याद करते रहते है

रुद्रांश ......जल्दी हे मिलते है उनसे भी

रितिका ......वैसे आज आपके साथ जूही आवर कोमल दोनों हे नहीं है

रुद्रांश ......है वो सब शॉपिंग के लिया गयी है

रितिका ........आप नहीं गए उनके साथ में

रुद्रांश ......क्या करता वैसे भी मैं इन सब से बोर हो जाता हूँ मुझे तो बस आगे पीछे से बंद बजने में मजा आता है

रितिका ......क्या मतलब आगे पीछे से

रुद्रांश ......अरे अरे ऐसा वैसा न सोचो यार मेरा मतलब था गुंडों को सफाया करने में मुझे मज़ा आता है ( इस से थोड़ा बच्चों कर रहना चाइये )

रितिका ......हम्म्म तो ऐसे बोलो न आप मुझे तो कुछ आवर हे लगा

रुद्रांश अभी रितिका से बात कर हे रहा था की तभी रुद्रांश को अलीमा की आवाज सुनाई दी

रुद्रांश चौंक कर उदार उदार देखा

रितिका .......क्या हुआ प्रिंस आप ऐसे क्यों चौंके

रुद्रांश .......कुछ नहीं वो मुझे अलीमा की आवाज सुनाई दी थे

तभी फिर से अलीना की आवाज रुद्रांश को सुनाई देती है कुछ अजीब तरह से

रुद्रांश .....मुझे जाना होगा अलीना के पास

रितिका ......क्या मैं भी मिल सकती हूँ अलीना से

रुद्रांश कुछ देर सोच कर ठीक है चलो फिर तुम भी मिल लेना दोनों से

दोनों बहार कड़ी कार में बैठे आवर टेलीपोर्ट हो गए कार वही पार्किंग में हे थे

दोनों अलीमा आवर ालिस के रूम में टेलीपोर्ट हुए जहा का नज़ारा देख रुद्रांश आवर रितिका दोनों के आँखे छोड़ी हो गई

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रुद्रांश ने जल्दी से अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमाया आवर टेलीपोर्ट हो गया बहार

रितिका ने जल्दी से दोनों पे चादर डाली तब जा कर दोनों का ध्यान रितिका पे गया

अलीमा ......कोण हों हो तुम आवर यहाँ क्या कर रही हो

रितिका ने रुद्रांश की तरफ देखा जो वह से गायब था

रितिका .....अब ये रुद्रांश कहा गायब हो गया

ालिस नंगी हे रितिका की तरफ बढ़ी अपने नुकीले दांतो के साथ

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ालिस ......कोण हो तुम तुम्हारी हिमत कैसे हुए यहाँ आने की

रितिका ालिस के दांतो को देख समाज गई की ये कोई इंसान नहीं है जरूर अलीमा या ालिस हे होगी

रितिका ......क्या तुम हे अलीमा हो या ालिस

रितिका के मुँह से अपना नाम सुन दोनों चौंक गई

अलीमा ......मैं अलीमा हूँ आवर ये ालिस तुम कोण हो आवर यहाँ क्या कर रहे हो

रोटीका .......मैं रितिका हूँ मैं यहाँ प्रिंस के साथ आई थी पैर तुम दोनों को ऐसा नंगे देख वो गायब हो गए

अलीमा ालिस खुश होते हुए

अलीमा ......क्या मास्टर यहाँ पे है

तभी अलीमा आवर ालिस की बॉडी पे कपडे आ जाते है

आवर दूर नॉक होता है

अलीमा तेजी से डोर खोल प्रिंस के सामने जुक जाती है ऐसा हे कुछ ालिस करती है

रुद्रांश .....दोनों कड़ी हो जाओ

अलीमा ालिस कड़ी हो जाती है आवर रुद्रांश के दोनों गलो पे किश करती है

जिसे देख रितिका को ाचा नहीं लगा

रुद्रांश ......मैं बहार वेट कर रहा हूँ तुम लोग भी आ जाओ

रुद्रांश के पीछे पीछे हे तीनो चल पड़ी

रुद्रांश को देखते हे सब नौकर चाकर उसको सलाम करने लगे

रुद्रांश सोफे पे बैठते हे एक रस इन लड़की सबको कॉफ़ी सर्व करती है

रुद्रांश .......ये तुम दोनों ने अच्छा किया जो इसकी हेल्प की

क्या नाम है तुम्हारा

लड़की ...... सर मेरा नाम यामी है

रुद्रांश ......बहुत प्यारा नाम है क्या करती हो तुम

यामी ......सर स्टडी करती थी अभी मेम ने हेल्प की मेरी तो यही काम करती हूँ

रुद्रांश .......आज के बाद तुम कोई काम नहीं करोगी यहाँ पे

यामी उदाश हो जाती है

यामी .....जी सर

रुद्रांश ......आज से तुम यहाँ रह कर अपनी स्टडी कम्पलीट करो तुम्हारा टोटल खरचा मैं देख लूंगा बस मेरी प्रिंसेस का ख्याल रखना आवर अपनी स्टडी पे ध्यान दो

यामी खुश होते हुए

यामी .....जी सर थैंक यू वैरी मच सर मुझे स्टडी करना बहुत पसंद है मैंने सोचा मैं अब फिर से स्टडी नहीं कर पाऊँगी पैर आप की वजह से मैं फिर से स्टडी कर पाऊँगी

रुद्रांश .......कल से अच्छे कॉलेज यामी का एडमिशन करवा देना अलीमा

अलीमा ......ok मास्टर जैसा आप कहे एंड सॉरी

रुद्रांश .....सॉरी किस लिया अलीमा

अलीमा ालिस .....अभी रूम में जो कुछ भी हुआ उसके लिया

रुद्रांश ......it's ok मेरी हे गलती है मैं वह टेलीपोर्ट हुआ इनसे मिलो ये है मिस रितिका सिंह इंडिया से

अलीमा ......मास्टर हमारा परिचय हो चूका है

रुद्रांश ......अच्छी बात है वैसे तुमने मुझे क्यों पुकारा अलीमा कुछ जरूरी था क्या

अलीमा ......बूत मैंने आपको कब पुकारा मास्टर मैं तो....

रुद्रांश .....ok ok जरा उदार आना मेरे पास

अलीमा रुद्रांश के पास जा बैठी रुद्रांश ने अलीमा के आंको में देखा आवर उसके माथे को अपने मीठे से जोड़ दिया

अब जो सामने से देखे उनको ऐसा लग रहा था जैसे दोनों किश कर रहे है

पैर रुद्रांश तो उसकी पावर की जाँच कर रहा था कुछ देर बाद दोनों अलग हुए अलीमा को चाकर सा आने लगा क्युकी रुद्रांश की पावर अलीमा के मंद के लिया बहुत हावी थी

रुद्रांश को ऐसे देख रितिका को अपने दिल में खजर सा चिंता हुआ महसूस हुआ

रुद्रांश ......आराम से अलीमा तुम्हारी पावर्स भाड़ रही है

अपने ध्यान का समय आवर बढ़ाओ जिस से तुम अपनी पावर को अच्छे से जान पाओगी

अलीमा .....जी मास्टर

रुद्रांश .....ालिस तुम भी यहाँ आओ

ालिस की साथ इस बार रितिका भी रुद्रांश के बगल में आ कड़ी हुए

रुद्रांश ने वैसे हे ालिस के साथ किया जब रितिका ने अच्छे से देखा की रुद्रांश क्या कर रहा है तब जा कर उसको सन्ति मिली

रुद्रांश ......वैरी गुड ालिस तुम पहले से बहुत स्ट्रांग हो चुकी हो

तुम किसी भी सदर्न इंसान को सम्मोहित कर सकती हो अपनी इस पावर का गलत उसे मत करना वर्ण हमेशा के लिया तुम्हारी पावर चीन लूंगा

आवर तुम भी अलीमा अपनी पावर का अच्छा उसे करोगी नहीं तो तुम्हारे साथ भी यही होगा

दोनों ......जी मास्टर आप चिंता न करे

यामी .....सर आपकी कॉफ़ी ठंडी हो चुकी है मैं आवर बना लती हूँ

रुद्रांश ......उसकी जरूरत नहीः यामी

तुम ये तो समाज हे गयी हो की हम में से कोई भी नार्मल इंसान नहीं है

यामी रितिका की तरफ देखती है

रुद्रांश .......वो भी नार्मल इंसान नहीं है

रितिका अपने लिया ऐसा सुन कर एक पल के लिया चिन्नी फिर जब वैम्पायर से की फाइट याद आई तो समाज गई

रुद्रांश कॉफ़ी फिनिश करता है

रुद्रांश .....अलीमा ालिस मरिया कहा है

अलीमा .....मास्टर हमें कैसे पता होगा कहा है

रुद्रांश .......क्या इसका मतलब तुम लोगो ने वो रूम चेक नहीं किया जहा मैंने तुम्हे पहले रखा था

अलीमा आवर ालिस न में गर्दन हिलाती है

रुद्रांश तेजी से निचे के रूम की तरफ बढ़ता है

उसके पीछे हे रितिका अलीमा ालिस आवर यामी भी

रूम में जैसे रुद्रांश ने एंटर किया सामने एक कोने में डुबकी हुए मरिया दिखी

रुद्रांश ......hello मिस मरिया कैसे है आप उम्मीद है ठीक हे होंगी

तभी पीछे से अलीमा आवर ालिस आती है

अलीमा ......मास्टर आपने इसको कब पकड़ा आवर ये यहाँ है हमें खबर क्यों नहीं दी आपने

ालिस .......अलीमा देखो तो जरा इसको इसकी आकद अभी भी नहीं गई

कोने में बैठी मरिया ममे सुन कर चौंक गई पैर चेहरे से वो दोनों को नहीं पहचान पाई

मरिया .......कोण हो तुम दोनों तुम्हारी खुसबू जनि पहचानी है

ालिस खिंच कर एक थपड मरती है जोर कुछ ज्यादा हे लगा दिया था ालिस ने

थपड पड़ते हे एक बार तो मरिया फर्श चाटने लगी

ालिस ......पहचाना मुझे मैं वही ालिस हूँ जिसके लाइफ तेरे कहने पे तेरे यार रोनी ने ख़राब की थी

अलीमा ......दीदी इसको बहार दूप में ले चलो

अलीमा की बात सुन एक पल के लिया तो मरिया के आँखों में खौफ दिखा

mariya.....bevakuf मेरे साथ तुम दोनों भी मरी जाओगी दूप में

अलीमा ालिस .......साली कुटिया हमें दूप से कोई फरक नहीं पड़ता मास्टर के साथ हमने काली रात में सम्भोग क्रिया की है जिस से हम वैम्पायर योनि से मुक्त हो गए है

अलीमा ालिस की बात सुन रितिका आवर यामी रुद्रांश को देखने लगी ( अब दोनों सम्भोग का मतलब तो समाज हे गई थी )

रुद्रांश बगुले जानने लगा

वही रितिका रुद्रांश का ऐसे बाजरे चुराने से गुस्से में थी

अलीमा .......हम अब वैम्पायर आवर इंसान दोनों हे है पैर दोनों से कही पॉवरफुल

रुद्रांश ........तुम दोनों को जो भी करना है इसके साथ करो ये तुम्हारी अपराधी है इस लिया सजा भी तुम हे दो मैं चलता हूँ

अलीमा ......मास्टर क्या आप आज रात नहीं रुक सकते है प्लीज हमें आपकी जरुरत है

( रुद्रांश ....इन दोनों को अपनी छूट की पड़ी है आवर ये रितिका आँखे दिखा दिखा कर मेरी हे मरने पे तुली है लगता है बीटा रुद्रांश सदी से पहले हे मरने वाली है )

ालिस .....प्लेसेस मास्टर हमें आप चाइना भी छोड़ दीजियेगा सुबह

रुद्रांश .......नहीं अलीमा ालिस मैं नहीं रुक सकता हूँ ( अलीमा ालिस के मंद में .....रात को फिर से आऊंगा आवर रितिका के सामने ये सब न कहना फिर से )

रुद्रांश .....चलो मैं चलता हूँ

अलीमा ालिस .....ok मास्टर

यामी ........गुड बे सर

रुद्रांश ....bye यामी

रुद्रांश रितिका को ले कर के वह से टेलीपोर्ट हो गया कार में

रितिका ......वो सब क्या था वह पे

रुद्रांश ......क्या हुआ रितिका तुम ऐसा गुस्सा क्यों हो मैंने क्या किया

रितिका .....क्या किया आपने पहले तो आप मुझे वह टेलीपोर्ट करते है जहा वो दोनों ची ची

आवर ये सम्भोग किर्या क्या थी

रुद्रांश ......मुझे क्या पता था वह क्या हो रहा है पता होता तो तुम्हे थोड़े ले कर जाता

रितिका ......क्या मतलब मुझे थोड़े ले के जाते अच्छा तुम्हारा मतलब तुम अकेले जाते

रुद्रांश .......ऐसा कुछ नहीं है रितिका

रितिका .....सब समझती हूँ मैं एक बात बताओ सच बोलना तुम अगर मुझे कुछ भी मानते हो तो

तुम्हारा अलीमा आवर ालिस के साथ सरीर सम्बन्ध है न

रुद्रांश ने है में गर्दन हिलाई

ीदार है में गर्दन हिलाई आवर उदार रितिका के आँखों में आंसू बहने लगे

रितिका को रोटा देख रुद्रांश उसके आंसू पूछने के लिया हाथ बन्दया हे था की रितिका ने रुद्रांश के हाथ को जातक दिया

रितिका ......चुना नहीं मुझे रुद्रांश

रुद्रांश .....ठीक है नहीं छू रहा तुम्हे

रितिका के ऐसे वर्ताव देख रुद्रांश का गुस्सा बढ़ने लगा

उसने बिना कुछ बोले अपनी कार को तेजी से चलते हुए आर्मी बेस की तरफ निकल गया कार अपनी मैक्सिमम स्पीड पे दौड़ रही थी

रुद्रांश ने रितिका को बेस पे उतर दिया

आवर बिना कुछ बोले हे वह से टेलीपोर्ट हो गया ...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स.............
 
अपडेट. 91

रितिका ......चुना नहीं मुझे रुद्रांश

रुद्रांश .....ठीक है नहीं छू रहा तुम्हे

रितिका के ऐसे वर्ताव देख रुद्रांश का गुस्सा बढ़ने लगा

उसने बिना कुछ बोले अपनी कार को तेजी से चलते हुए आर्मी बेस की तरफ निकल गया कार अपनी मैक्सिमम स्पीड पे दौड़ रही थी

रुद्रांश ने रितिका को बेस पे उतर दिया

आवर बिना कुछ बोले हे वह से टेलीपोर्ट हो गया ...........

अब आगे ........

उदयपुर ....

मॉल के अंदर बैठे देव के कालर को जब किसी ने पीछे से पकड़ा तो सपना का पूरा चेहरा गुस्से में लाल हो उठा

देव कुछ बोलता उस से पहले हे हे सपना ने अपने हाथ का कमल दिखा दिया

दरशल जिसने देव का कालर पकड़ा था वो ुशी मेनगेर के बेटे का आवारा दोस्त था

जिसको मेनगेर के बेटे ने अपने कॉलेज हॉस्टल से बुलाया था अपने 8,10 साथियो के साथ

अपने साथी को ऐसे मार खा कर निचे गिरा देख वो सब आगे बढ़ सपना को पकड़ने के लिया पर उन्हें क्या पता के जिस शेरनी का सीकर वो करना चाहते थे वो उन सबका सीकर करने वाली है

वेदिका इतने लोगो देख गबरा रही थे

वेदिका .......प्रिंस सपना दीदी की हेल्प करो वो बहुत सरे है

देव ......रिलैक्स हो जाओ वेदिका वो हेंडल कर सकती है बस तुम अपनी कॉफ़ी फिनिश करो

देव आराम से अपने चेयर गुना कर ेल आवर कॉफ़ी मांगा कर सिप लेने लगा

सपना .....तुम्हारी हिमत कैसे हुई प्रिंस के कालर पकड़ने की

आप के बाद तुम में से कोई कुछ पकड़ने लायक नहीं रहेगा

सपना अपनी तरफ बढ़ रहे लड़को की तरफ तेजी से दौड़ते हुए उनकी तरफ जम्प किया

एक के सिम्स पे अपनी हाई हेलल सेंडल पहने पैरो से प्रहार किया आवर दो लड़को की दोनों हाथो में गर्दन पकड़ कर टाइटल्स लगे फराह पे दे मारा आवर आगे भाड़ गई

वेदिका मुँह फाडे सपना की फाइट को देख रही थी

जिसके फेस पे थपड पड़ता उसके 4,5 दन्त जरूर सहीद हो जाते देखते हे देकते कोई अपने टूटू हाथ को पकडे चीला रहा था तो कोई अपने पेट को पकडे तड़प रहा था अपने दोस्तों की ऐसे हालत देख मेनगेर का बीटा वह से भाग कर अपने बाप की केबिन में गुस्स गया

सपना देव के पास आ कर उस लड़के को उठाया जिसने देव की कालर पकड़ी थी

सपना ने एक थपड मारा की बिचारा रोने लगा उसके मुँह से खून निकलने लगा तभी कुछ 4,5 पुलिस वाले वह आ पहुंचे वह का हल देख सभी की नजर सपना पे तिकी हुए थे

वही सपना को थपड पे थपड मरते देख पुलिस वाले वही आ गया

पुलिस अफसर ......क्या हो रहा है यहाँ ये लड़की छोड़ो उसे

मेनगेर ......इंस्पेक्टर इस लड़की ने हे मारा है इनको आवर इसके बॉयफ्रेंड ने मेरी कार नई कार जला दी

सपना मेनगेर की बात सुन गुस्से में उसकी तरफ बढ़ी आवर छटाक करके एक थपड चिपका दिया

सपना ......वो मेरा बॉयफ्रेंड नहीं था समजे मेरा बॉयफ्रेंड तो ये है तुम्हारे सामने

जैसे हे इंस्पेक्टर की नजर देव पे पड़ी उसकी

उसकी दिल डॉल को देख हवा खुश्क हो गई

फिर भी हिमत जूता कर वो देव की आवर बढ़ा

सपना भी उसकी तरफ हे देख रही थी

इंस्पेक्टर ........क्या मेनगेर जो बोल रहा है वो सच है

देव .......अदा सच अदा झूट है

कार जलने के लिया मैंने हे बोलै था पैर जलाई किसी आवर ने

इंस्पेक्टर ........बोल तो ऐसे रहे हो जैसे कोई बहुत बड़ा काम किया है

देव ........उसने गलती की थी एक मानसिक टूर पे कमजोर लड़की की इसके बेटे ने बहुत पिटाई की उसकी आवर इसने भी उसको बहुत गालिया दी

उसकी गलती क्या थी यही न की वो मानसिक रूप से कमजोर थी उसे अच्छे बुरे का पता नहीं था गलती से गंदे हाथ इनकी कार पे रख दिए

इंस्पेक्टर .......जो भी तुमने गलत किया है आवर इस लड़की ने भी दोनों को अरेस्ट करो

देव ......वो एक लड़की है लेडी अफसर है क्या आपके साथ में

इंस्पेक्टर ......मुझे कानून मत सीखा बचे

dev........bhut बड़ी गलती कर दी इंस्पेक्टर

देव ने अपना फ़ोन निकला आवर किसी को कॉल करने लगा

कुछ देर बात कर के

देव फ़ोन इंस्पेक्टर को देते हुए लो कमिश्नर है लाइन पे

देव ने लौट ों कर फ़ोन इंस्पेक्टर को दे दिया

कमिश्नर ........बेवकूफ गधे सेल किसने बोलै था तुम्हे उनसे पन्गा लेने का खुद की वर्दी तो उठाएगा हे साथ में मेरी भी पेअर पकड़ कर माफी मांगेगा तो जिन्दा बचेगा वर्दी तो तेरी जा चुकी है

इंस्पेक्टर ........पैर सर इसने यहाँ जगदा किया आवर कार भी जला दी

कमिश्नर .........तू गधे का गधा हे रहियो भूरे लाल पता भी है वो कोण है वो ....इसपर के युवराज प्रिंस रुद्रदेव सिंह राणा है

देव का नाम सुनते हे इंस्पेक्टर की टंगे कपङे लगी

देव ......कहा था न गलती कर दी चाहता तो यही जान से मार देता पैर तेरे बीबी बच्चो का सोच कर सिर्फ वर्दी हे उतरी है निकलो अब यहाँ से

इंस्पेक्टर बहुत गिड़गिड़ाया पैर देव ने एक न सुनी कुछ देर बाद सब अपने अपने रस्ते निकल गए

देव वीर वेदिका सपना शॉपिंग करने लगे

वीर वह से कही आवर निकल गया देव 6 बजे के आस पास वापिस महल लौट आये

वही वीर मॉल से निकल कर हॉस्पिटल पंहुचा आवर कुछ देर डॉक्टर से बात कर मॉल ोनेरक पास पंहुचा

जहा पे वीर ने देव के कहने पे वो मॉल हे खरीद लिया था

देव जब घर लौटा तो सबने सपना आवर वेदिका की शॉपिंग देखि जो की बहुत खूबसूरत थे सभी ड्रेस

दिव्या ......सपना दी ये शॉपिंग प्रिंस ने की है न आप दोनों की

sapna......aapko कैसे पता चला की ये शॉपिंग प्रिंस ने की है

कोमल ......क्युकी हम सभी भी शॉपिंग पे सिर्फ प्रिंस की सेलेक्ट की हुए शॉपिंग करते है

वेदिका .......सच में दी प्रिंस बहुत अच्छे से शॉपिंग करना जानते है

देव कुछ बैग्स अपनी माँ को देता है जिस में कुछ बेहतरीन सादिया थी जो देव ने सबके लिया खरीदी थे

मोहिनी .......ये क्या है देव बीटा

देव .....माँ इनमे आप सबके लिया साड़ी है मेरी पसंद की

मामियो के लिया 4 बुआ सा के लिया आप सभी के लिया एक एक मेरी पसंद के साड़ी है आवर माँ सा आवर छोटी माँ सा दोनों नानी सा गुरु माँ के लिया 2,2 सादिया है

जानवी चची ......ऐसा क्यों हम सभी के लिया एक एक आवर इन सबके लिया 2 ,2 ऐसा क्यों

देव ......क्युकी आप हो मेरे लिया स्पेशल बूत वो सब वैरी वैरी स्पेशल है

क्यों माँ सा सही कहा न मैंने

माँ सा .....बिलकुल बीटा

देव ......तो फिर आज मेरी दोनों नानी सा अपने अपना हाथो से अपनी फेवरेट डिश बना कर खास कर के हमारे राजस्थान की प्रसिद्ध दाल बाटी बना कर खिलाये तो मज़ा आ जाये

नंदिता ......अच्छा तो इस लिया इतना मस्का लगाया जा रहा है

देव .......क्या करे बड़ी मम्मी आप तो बिना मस्का लगाए पैट जाती हो पैर बाकियो को तो मस्का लगाना पड़ता है न

क्यों कामिनी ममी जी सही कह रहा हूँ

देव की बात सुन दोनों नानी जी ने देव का कान पकड़ लिया

आशा नानी जी .....अच्छा तो इस लिया हम बुधो पे इतनी मेहरबानी की जा रही है

देव ........अरे नानी सा ऐसा कुछ नहीं है अह्ह्ह आप दोनों तो मेरी प्यारी प्यारी नानिया हो आवर किसने कहा आप बूढी हो गई

अभी भी आप तो जवानो से भी जवान हो

कहो तो अभी सदी कर ले

दिव्या .......प्रिन्सी

देव. .......अच्छा बाबा सॉरी मैं मज़ाक कर रहा हूँ दी

देव की बात सुन दोनों नानिया शर्मा गई वही दिव्या के नाम भर लेने से देव की हवा टाइट होते देख सबकी हंसी चौथ गई

देव डेरी से दिव्या के कान में आपको तो बाद में देखता हूँ मैं

दिव्या ने मुस्कुरा कर देखा आवर देव के गाल पे किश कर दिया

कामिनी ......लो दी देखो अभी गुस्सा हो रही थी आवर अभी देखो

दिव्या ......ममी जी हम में से कोई भी कभी भी प्रिंस पे गुस्सा नहीं होते है

क्युकी हम जानते है वो कभी कुछ गलत नहीं करते है है कभी कभी कुछ ज्यादा हे मज़ाक करने लगते है

देव कामिनी आवर निहारिका ममी दोनों को किश कर अपने रूम की तरफ भाग जाता है

माया देवी ......जीजा लगता है देव का विवाह जल्दी हे करना होगा देव के लिया लड़की दंड लीजिये

माँ सा .....उसकी जरूरत नहीं है मेरे बेटे के लिया मैंने लड़की दंड ली है बस देव की हां करते हे हे दोनों का तीस्ता तय कर दिया जायेगा

माँ सा की बात सुन कुछ बहुत खुश थे तो कुछ के दिल के धड़कन हे रिक्ति सी महसूस हुए

माया देवी ......जीजा कोण है वो सोभाग्यसाली लड़की जिसको आपने चुना है

माँ सा .......यही मौजूद है आप खुद पता कर लीजिये

ऐसे हे बाटे चलती रहती है इनकी जब तक खाने का टाइम नहीं होता

दोनों नानियो ने मिल कर देव के लिया अपने पसंद का खाना बनाया जिसका थोड़ा थोड़ा सभी लड़कियों ने भी हिस्सा कर लिया

डेविल लोक ......

पिछले कुछ समय से d.princess अपने नकली बाप डेविल की हरतो पे नज़र बनाये हुए थे दूर से हे

वही डी प्रिंसेस की मसि माँ ( माँ चंडिका की बक्त )

अपनी पूजा पथ से डेविल की सत्य जानने की कोशिश कर रही थी आवर उन्हें बहुत हद तक कामयाबी भी मिल चुकी थी

D.princess ......मसि माँ कुछ पता चला क्या डेविल किंग के बारी में

मसि maa.....beti वो जो कोई भी है पैर तुम्हारे पिता तो बिलकुल भी नहीं है

d.princess .......ऐसा कैसे हो सकता है मसि माँ

मसि माँ ......बेटी जो मुझे माँ के आशीर्वाद से संकेत मिले है उनको देखते हुए तो यही कह सकती हूँ

तुमजरे पिता के अंदर सब बुराई हे बुराई थी पैर एक सच्चाई थी वो ये की वो तुम्हारे भाई पिसाच किंग से बहुत आदिक प्रेम करते है

d.princess .......है ये सच है वो केवल उन्ही से प्रेम करते है

मसि maa......per इस डेविल में ऐसा कुछ भी नहीं है इसमें केवल आवर केवल हवश छल कपट ईर्ष्या देवेश वहशीपन के अलावा कुछ नहीं है

ये एक ऐसा पापी है जिसकी परछाई भी पाप से भरी है

d.princess ......ऐसे में हमें क्या करना चाइये कही उसने देविल्किंग

को तो .....

मसि माँ ......नहीं बेटी ये इतना आसान नहीं है मुझे लगा है बात कुछ आवर हे है असली डेविल किंग कही आवर है इसको यहाँ पे जरूर किसी करता के लिया डेविल किंग का मुखौटा लगा कर रखा है

d.princess ........फिर हमें अब क्या करना चाइये मसि माँ

मास्क माँ ......बेटी सबसे पहले तुम्हे यहाँ से इस लोक से जहा होगा मुझे बहुत कुछ बुरा होने के संकेत मिल रहे है साथ हे तुम्हे किसी आवर को भी सौदान करना होगा

मसि माँ d.princess को कुछ देर समजती है की उसने क्या करना है आवर कैसे फिर एक लाल रंग के रुद्राक्ष से बानी माला देती है जिसको डी प्रिंसेस पहल लेती है

मसि माँ d.princess को एक तांत्रिक सर्कल बना कर उसमे खड़ा कर देती है देखते हे देखते किसी सफ़ेद रेड ऊर्जा गोले में बदल d.princess आकाश मार्ग से होते हुए डेविल लोक से बहार निकल गई

d.princess के बहार निकलते हे डेविल को d.princess की ऊर्जा उसके अस्तित्व का अहसाँस होना बंद Hi गया

बहुत कोसिसो के बाद भी वो कुछ भी पता नहीं कर प् रहा था

मसि माँ ने d.princess के निकलते हे उस पूरी जगह को ले कर कही गायब हो गई

जब डेविल वह पंहुचा तो उसके हाथ कुछ भी नहीं लगा गुस्से में वास् पास के पहाड़ो पे अपना गुस्सा निकलने लगा

डेविल ......बुढ़िया तुम मेरे हाथो से बच कर नहीं जा सकती हाउ तुम्हे उसकी सजा जरूर मिलेगी

जहा भाग सकती है भाग तुजे आवर उसको जिसके तुम बच्चे रही है बहुत जल्द तुम दोनों की गर्दन मेरे हाथो में होगी ............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ...........
 
अपडेट 92

d.princess के बहार निकलते हे डेविल को d.princess की ऊर्जा उसके अस्तित्व का अहसाँस होना बंद Hi गया

बहुत कोसिसो के बाद भी वो कुछ भी पता नहीं कर प् रहा था

मसि माँ ने d.princess के निकलते हे उस पूरी जगह को ले कर कही गायब हो गई

जब डेविल वह पंहुचा तो उसके हाथ कुछ भी नहीं लगा गुस्से में आस पास के पहाड़ो पे अपना गुस्सा निकलने लगा

डेविल ......बुढ़िया तुम मेरे हाथो से बच कर नहीं जा सकती हो तुम्हे उसकी सजा जरूर मिलेगी

जहा भाग सकती है भाग तुजे आवर उसको जिसके तुम बच्चा रही है बहुत जल्द तुम दोनों की गर्दन मेरे हाथो में होगी ............

अब आगे ..........

रात में सबके सोने के बाद दिव्या प्रिंस के पास चली आई

देव .........दिव्या आप यहाँ वो भी इस वक़्त पे

दिव्या ......प्रिंस हमें कुछ बात करनी थी आवर नींद भी नहीं आ रही है हमें

देव बीएड से तक लगा कर अदलती आवस्ता में हो जाता है

दिव्या का हाथ थम खुद के साथ लगा लेता है

देव ......क्या बात है दी आप कुछ परेशान लग रही है कोई बात है जो आपको परेशान कर रही है तो आप मुझसे शेयर कर सकती है

दिव्या .........कुछ नहीं वो हम माँ सा की बात को ले कर थोड़ा चिंतित है बस

देव .......ऐसा क्या कहा दिया माँ सा ने आपसे जो आप परेशान जो गई है

दिव्या देव की आँखों में देखते हुए हलके देव को किश करने लगती है कुछ देर किश करने के बाद देव की गॉड में बेथ उसके सीने से लग जाती है

देव ........क्या हुआ दी बताओ न देखो आपको मैं ऐसे उदाश नहीं देख सकता प्लेसेस दी क्या बात है मुझे नहीं बताओगी क्या

दिव्या .......प्रिंस माँ सा ने आपके लिया लड़की पसंद की है वो आपकी सदी की बात कर रही थी आपके जाने के बाद

देव ......हम्म्म तो ये बात है आपकी परेशानी की वजह

इसमें क्या है दी सदी तो मुझे करनी हे है क्या आप नहीं चाहता है क्या

दिव्या ......प्रिंस ऐसे बात नहीं है माँ सा ने जिसके भी पसंद किया हो वो हम में से तो कोई आवर है नहीं

देव ......हम में से मतलब दी

दिव्या .......मैं जानती हूँ आपको शीतल आवर चंचल ने भी परपोसेस किया है

आवर मुझे कोई प्रॉब्लम भी नहीं है पैर माँ सा ने किसी आवर को चुना तो

देव .......दी आपको पता है हमारा समाज हमारे रिश्ते को कभी सवीकार नहीं करेगा

दिव्या ......तो क्या आप हमसे विवाह नहीं करेंगे

dev......kisne कहा आपको ऐसा

क्या आप उस लड़की से मिलना चाओगी जिनको माँ सा ने मेरे पत्नी के रूप में चूका है

दिव्या .......प्रिंस हम यहाँ परेशान है आवर आपको अपनी पत्नी की पड़ी है

( देव ......लगता है इनको कुछ सच से अवगत करवाने का सकता आ गया है पैर पहले मुझे गुरुदेव से बात करनी चाइये )

देव ......दी आप चिंता न करो आपकी परेशानी का हल भी है उनके पास बस 2 मिनट्स आप shan't रहना आवर डरना नहीं

देव मंद तो मंद गुरुदेव से बात करता है

देव ......परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ......कल्याण जो पुत्र देव क्या हुआ इतनी रात गए हमारा स्मरण (याद ) कैसे किया

देव .......गुरुदेव आपने माँ सा को हमारे आवर सपना के विवाह का तो बोल दिया

किन्तु इन सब में दिव्या दी बहुत परेशान हो चुकी है आपको तो सब कुछ पता हे है उनका

गुरुदेव ......बीटा दिव्या का परेशानं होना गलत नहीं है क्युकी वो तुमसे प्रेम करती है कोई भी कन्या जो सच्चे प्रेम में हो वो अपने प्रेमी को कभी खोना नहीं चाहती आवर दिव्या का प्रेम तुम्हारे लिया सभी सीमा पार कर चूका है

देव ......गुरुदेव इस लिया तो मैं उनको ऐसे परेशान नहीं देख प् रहा हूँ आवर नहीं बाकि बहनो की ुदशी

gurudev......tum क्या चाहते हो देव क्युकी विवाह तो तुम्हारा तुम्हारी सभी बहनो से होगा

जो तुम्हारे जनम से जुड़ी है

देव ......क्या मैं दिव्या दी को अपनी सचाई बता सकता हूँ गुरुदेव

गुरुदेव ......नहीं पूरा देव अभी उसका उचित समय नहीं आया है

देव ......फिर कैसे उनकी परेशान दूर होगी गुरुदेव

गुरुदेव ......महारानी सौपनीका आवर दिव्या को एक दूसरे से मिलवा दो बीटा वो जितना उचित होगा वो उतनी हे तुम्हारी सचाई बताएगी

dev.....per गुरुदेव ये सब मैं भी तो बता सकता हु दिव्या दी को

गुरुदेव ......नहीं देव क्युकी तुमसे भी बहुत कुछ छुपा है अभी जो केवल महारानी सौपनीका जानती किन्तु तुम्हे वचन है हमारा देव आप इनसे कभी नहीं पूछेंगे वो सकता समय पे आपको जितनी जरूरी होगी इतनी सचाई बहता देंगी

देव ......उचित है गुरुदेव हम नहीं पूछेंगे उनसे

परनाम गुरुदेव शुबरात्रि गुरुदेव

गुरुदेव ........दीर्घायुसमन भाव पुत्र शुबरात्रि देव

Divya.....kya हुआ प्रिंस आप कहा कोई थे आँखे बंद कर

देव .......कुछ नहीं दी हम गुरुदेव से बात कर रहे थे

दिव्या .......क्या ये आप क्या कहा रहे हो आपने न तो कोई फ़ोन मिलाया न गुरुदेव यहाँ आये

देव ......हाहाहा दी मैं मंद तो मंद बात कर रहा था हम्म लिखे टेलीपेथी

देव .......महारानी सौपनीका जी अब आ भी जाये सामने कब तक आप खुद को दिव्या की नजरो से अदृश्य रखोगी

देव के बोल्ट्स हे सपना अदृस्य से अप्पेअर हो गयी

जिसे देखे दिव्या चौंक कर डरते हुए देव को के सीने में सर छुपा लिया

सपना ......आपको कितनी बार हम कब चुके है प्रिंस हमें सपना कहा कीजिये आवर महारानी हम बाकियो के लिया है आपके लिया नहीं

देव ......अरे दी आप दर क्यों रही है ये

दिव्या ......प्रिंस हमें दर लग रहा है ये सपना दी ऐसे कैसे यहाँ पे प्रकट हो गई

देव .....दी पहले आप shan't हो जाये आवर फिर मैं आपको सब समजता हूँ

आवर आप भी अंदर आ जाये कोमल दी कब तक वही से सब सुनेंगी आप

सपना .....गुड़िया अब आ भी जाओ आवर मुझसे डरने की जरूरत नहीं है

कोमल अंदर आ कर देव कके एक साइड में चिपक जाती है

देव ......दी ये कोई बहुत प्रेत नहीं है ये सवपन लोक की महारानी सौपनीका है

सपना ......दिव्या हम सौपानलोक की महारानी है आवर प्रिंस वह के होने वाले महाराज है

हम न तो कोई बहुत है आवर न कोई प्रेत है

सपना देव के थिंक सामने बेथ गई

दिव्या .....क्या सच में आप इंसान है न

सपना .....नहीं गुड़िया हम पूरी तरह से इंसान नहीं है

देव ......चलो इनको अच्छे समजने के लिया क्यों न सवपन लोक के शेयर करा दी जाये वैसे भी सभी सोये हुए है

सपना के है में गर्दन हिलाते हे चारो साप्वण लोक में जा पहुंचे सर सरीर ( बॉडी के साथ )

दिव्या कोमल तो बोचकी सी देव आवर सपना का बदला हुआ दिव्या रूप देख रही थी

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कुछ देर दोनों को देखते रही कोमल आवर दिव्या

उनकी तन्द्रा जब टूटी जब बहार से सिंह की तेज दहाड़ महल के मुख्या दवार की तरफ से हुए

ये दहाड़ गुस्से में भरी थी

जब सिंह को किसी आवर ऊर्जा का महल में होने का ाबश हुआ तो गुस्से में दहाड़ मरता हुआ आया पैर जब सामने रुद्रदेव आवर महारानी सौपनीका को देखा तो शांत हो गया

सिंह को देख कोमल आवर दिव्या देव के सामने आ खड़ा हुए किसी ढाल की तरह

मनो ये विशालकाय शेर उनके प्रिंस पर हमला करने आया जो आवर दिव्या आवर कोमल अपने प्रिंस की रक्षा कर रही हो

इस शेर से.

सपना ......shan't हो जाओ कोमल दिव्या ये सिंह है किसी को कोई खतरा नहीं है इस से

सपना आगे भध सिंह के सर पे प्यार से हाथ फिरती है

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देव .....गैब्रो नहीं दी आप लोग

आवर सिंह क्या था ये सब तुमने दोनों दी को डरा दिया

सिंह .....प्रिंस मुझे माफ कर दीजिये

रानी माँ महल में नहीं थी आप भी नहीं थे अच्चानक से मुझे महल से किसी अन्य ऊर्जा का आभास हुआ तो मैं गुस्से में आ गया की किसी ने महल में गुस्पेट तो नहीं कर दी

सपना ......वो ऊर्जा मेरी दोनों छोटी बहनो की थी सिंह आगे से ध्यान रहना ऐसा फिर कभी न हो

सिंह अपना सर जुखा कर देव के पास आ देव का पेअर चाटने लगा

देव .....माफ मुझसे नहीं जिनको तुमने डराया है उनसे मानगो

सिंह ......मुझे माफ कर दीजिये मुझसे गलती हो गई

मुझे नहीं पता था आप रानी माँ की छोटी बहने है

सपना .....वो भी तुम्हारे लिया छोटी माँ है सिंह जैसे वो मेरी छोटी बहने है

ये प्रिंस की होने वाली रानी है दोनों हे परतवि लोक से

सिंह को कुछ आवर नहीं सिंह तो वो दोनों के पैरो में लौटने लगा जिस से दिव्या आवर कोमल को सिंह पे बहुत प्यार आया

दिव्या ने जैसे हे सिंह के सर पे हाथ रखा

सिंह का पूरा सरीर आगे की लपटों में घेर गया

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जिसे देख दिव्या दर गई साथ हे कोमल भी

दिव्या .....प्रिंस. देखो न ये सिंह को क्या हो रहा इसे मेरे छूटे हे आगे क्यों लग गई

सपना .....क्युकी अब तुम दोनों का एक रिस्ता झूढ गया है गुड़िया

तुम्हे अभी तक पता नहीं था की तुम में दिव्या सकती है दिव्या तुम्हारी सबसे बड़ी सकती है अग्नि वही प्रेम के रूप में सिंह को मिला है

कोमल तुम हो विद्युत् सकती तुम्हारे पास बिजली की सकती है चंचल के पास हवस की इस लिया हे वो इतनी चंचल है शीतल के पास मौजूद है जल सकती

ीदार सिंह को दिव्या की सकती प्राप्त हुए आशीर्वाद के रूप में फिर ऐसा हे कोमल ने किया तो सिंह को कोमल से बिजली की सकती मिली

कोमल .....सपना दी परतवि की सकती जिसके पास है फिर

देव .....निधि दीदी के पास है दी परतवि तत्वा की सकती

सपना ....क्यों न है बहार चले शेयर भी हो जाएगी आवर

आपको प्रिंस से जुड़े कुछ सच भी पता चल जायेगा

सिंह .....रानी माँ मैं त्यार हूँ

इसे के साथ सिंह अपने असली रूप में आता है जो पहले से भी बड़ा आवर सुन्दर था

कोमल का हाथ देव ने थम कर चला लगा दी सपना ने दिव्या को साथ ले सिंह की पीठ पे आ बैठी

कोमल आवर दिव्या आकाश मैरी से सौपानलोक की सुंदरता को निहारने लगी

दिव्या ....सपना दी आपके सौपानलोक बहुत हे ज्यादा खूबसूरत है ऐसे सुंदरता तो हमने कभी सपने में भी नहीं देखो थी

देव .....तभी तो ये सौपानलोक है दी यहाँ आपको चारो आवर खूबसूरती हे देखने को मिलेगी

कोमल .....सच कहा प्रिंस आपने मेरा तो यहाँ से जाने का दिल हे नहीं करेगा

सपना .....हेहेहे गुड़िया वैसे भी जब प्रिंस की सदी तुमसे होगी तो तुम्हे आवर बाकि सभी को यही पे रहना होगा

कोमल प्रिंस के साथ अपनी सदी का सुन कर सरमने लगी

कोमल के कोमल गुलाबी गालो में सुरमयी लाली च गई

सपना ......दिव्या यहाँ आपको लेन का कारन ये है की आप पाछो ( दिव्या कोमल चंचल शीतल निधि )

का जनम प्रिंस के लिया हे हुआ है आप 5 प्रिंस के पांच तत्वा की मूल दरक हो

दिव्या .....मूल दरक से क्या मतलब सपना दी

सपना ......बहुत जल्द तुम पाछो का विवाह प्रिंस से होगा किन्तु...

कोमल ....किन्तु क्या दीदी

सपना .....उस से पहले प्रिंस को मुझसे विवाह करना होगा यहाँ सौपानलोक में हमारे विवाह के बाद आपका विवाह होना है

दिव्या ......मुझे कोई आपत्ति नहीं है दीदी किन्तु घर वालो को कोण मनाएगा

सपना .....उनको पता है की तुम 5 बहनो का जनम प्रिंस की पत्नी हमने के लिया हे हुआ है किन्तु तुम ये मत समझना की प्रिंस की केवल हम 6 पत्नी हे है उनका हमारे अलावा भी 5 विवाह आवर होंगे तुम्हे मेरी हे तरह उनको भी अपने बहनो के रूप में सवीकार करना होगा न की सौतन के रूप में

कोमल .....वो 5 कोण है दीदी

सपना .....उनके बारे में बताने कस अभी वक़्त नहीं आया है गुड़िया

बस जो जरूरी है वही जानो

दिव्या .........दीदी मुझे नहीं पता की मैं उन्हें सवीकार कर पाऊँगी की नहीं पैर मैं कोशिश जरूर करूंगी

सपना .....नहीं गुड़िया अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम हमेशा के लिया प्रिंस को खो देंगे

जिनसे भी प्रिंस का विवाह होगा वो कोई सदर्न कन्या नहीं है देखा जाये तो वो सभी प्रिंस के सकती या है जो प्रिंस को उनसे सच्चे दिल से अपनी पत्नी सवीकार कर उनसे प्रेम मिलान करना होगा तभी वो सकती या प्रिंस को प्राप्त होगी

दिव्या .....आप प्रिंस के बारे में सब कुछ जानती है

सपना ......नहीं पूरा सत्य प्रिंस का कोई नहीं जनता है

प्रिंस कोई सदर्न इंसान नहीं है गुड़िया

कुछ देर ह्यूमेन के बाद सीमा सबको

वापिस महल ले आया

सपना ....अब हमें कुछ विश्राम भी कर लेंस चाइये सुबह प्रिंस के लिया बहुत बड़ा दिन है उनको उदयपुर के युवराज के रूप में ताजपोशी की जाने वाली है

दिव्या ......सपना दी क्या प्रिंस का विवाह परतवि लोक पे नहीं हो सकता

सपना .....होगा किन्तु आपके या मरे साथ नहीं किसी आवर के साथ होगा उसने अभी वक़्त है

सपना .....आप क्या सोच रहे है स्वामी

देव ......कुछ नहीं सोच रहा हूँ बिन्स सोचे हे 11 पत्निया मिल गई बस यही सोच रहा हु जिनकी एक पत्नी होती है उनका ऐसा हाल होता है तो मेरा क्या होगा भवष्य में

कोमल ......वही जो हम चाहेंगे

देव .....अच्छा आप भी बोलने लगी

ऐसे हे कुछ देर देव सबके छेड़ता है हंसी मजाक करता है आवर चारो एक हे बीएड पे सो जाते है

दिव्या सपना अगल बगल में कोमल देव के सुपर

सिंह बहार बीटा अकेले में कुछ सोच में दुभा था .......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .......

सॉरी फॉर लेट अपडेट फ्रेंड्स ......

एक हफ्ते कुछ ऐसा हे रहेगा अपडेट को ले करके के .........
 
अपडेट. 92

सपना .....आप क्या सोच रहे है स्वामी

देव ......कुछ नहीं सोच रहा हूँ बिना सोचे हे 11 पत्निया मिल गई बस यही सोच रहा हु जिनकी एक पत्नी होती है उनका ऐसा हाल होता है तो मेरा क्या होगा भवष्य में

कोमल ......वही जो हम चाहेंगे

देव .....अच्छा आप भी बोलने लगी

ऐसे हे कुछ देर देव सबके छेड़ता है हंसी मजाक करता है आवर चारो एक हे बीएड पे सो जाते है

दिव्या सपना अगल बगल में कोमल देव के सुपर

सिंह बहार बीटा अकेले में कुछ सोच में दुभा था .......

अब आगे ............

आज उदयपुर के महल में सुबह कुछ जल्दी हे हो गई थी

पूरा महल तरह तरह के फुल्लो की खुसबू से महक रहा था

सुबह 5 बजे देव अपने रूम से निकला तो बहार बहुत चहल पहल थी

चारो तरफ बहुत से नौकर चाकर काम में लगे हुए थे

देव सबसे पहले गुरुदेव के पास पंहुचा जहा पे गुरुदेव गुरुमा आवर माँ सा तीनो हे एकलिंग जी के मंदिर के प्रांगण में किसी बात पे चर्चा कर रहे थे

देव .....परनाम गुरुदेव गुरुमा

गुरुदेव .....कल्याण हो पुत्र देव

माँ सा .....उठा गए देव आज आपने ध्यान नहीं किया है लगता है

देव ......जी माँ सा

gurudev.......to कर आये दिव्या कोमल के साथ सौपानलोक की सैर

गुरुमा .......ये कब हुआ स्वामी

देव .....गुरु माँ वो रात को हम गए थे कल माँ सा की बात से दिव्या दी कुछ परेशान हो गई थी

इस लिया उनको कुछ सच बताना पड़ा

गुरुदेव ......ये अच्छा किया बीटा आपने जो महारानी सौपनीका को सच बताने दिया

देव .......गुरुदेव कुछ समय से विचित्र सा अनुभव हो रहा है जैसे कही कुछ बहुत गलत हो चूका है या होने वाला है

गुरुदेव ........ये वक़्त इन सब बातो का नहीं है देव अभी तुम आज के विषय में सोचो आवर रुद्रांश को बुलाया है की नहीं

देव ......बाबा वो कुछ देर बाद आने वाला है साथ हे कुछ मेहमान भी होंगे

माँ सा ......ये रुद्रांश कोण है गुरुदेव

गुरुदेव ......देव का वो अंश जो देव के अनुपस्थिति में आप आवर बाकि सबकी सुरक्षा करता है

गुरुदेव ......महारानी जी राज सभा की पूरी तयारी हो चुकी है क्या

माँ सा ......है गुरुदेव लग भाग पूरी तयारी हो चुकी है

गुरुदेव .......देवी आप यज्ञ की तयारी कीजिये देव के कुंवर घोषित करने का सुबह मुहूर्त में ज्यादा समय नहीं है

गुरुमा .....जी स्वामी मैं अभी सब तयारी देखते हूँ

गुरुमा आवर माँ सा वह महल के तरफ निकल गई

गुरुदेव .......देव आपने बाकि तीनो बच्चियों से बात की उनको भी सत्य से अवगत करवा दीजिये क्युकी आपको सिगरा हे विवाह करना होगा अपनी बहनो से आवर सपना से

देव ......बाबा ये सब यहाँ संभव नहीं है आवर क्या माँ सा आवर बाकि परिवार के सब को ये मान्य होगा बाबा

गुरुदेव .......हमने तुम्हारे पापा आवर विजय दिलावर को इस सब के विषय में पहले हे अवगत कर चुके है आवर तुम्हारे विवाह यहाँ संभव नहीं है पुत्र तुम्हे सवपन लोक में हे विवाह करना होगा

अब तुम भी चलो तुम्हारे स्नान विधि का समय होने को उसके पश्चात तुम्हे त्यार भी होना होगा

देव ......जी बाबा

कुछ देर बाद हे रुद्रांश कोमल कविता जूही के साथ उदयपुर महल आ पंहुचा

रुद्रांश का सबसे पहले गुरुदेव से सामना हुआ

रुद्रांश ......परनाम गुरुदेव

गुरुदेव .....कल्याण हो पुत्र रुद्रांश कैसे हो पुत्र

रुद्रांश ......आपसे क्या छुपा है गुरुदेव आपके आशीर्वाद से सब कुसल है गुरुदेव

देव .....कैसे हो रुद्रांश आने में कोई समस्या तो नहीं हुए

रुद्रांश .....अच्छा हु भाई आप कैसे है माफ कीजिये आने में बिलंभ हुआ उसके लिया

देव ......हमारे प्रिंसेस कैसे है

अभी तक कोमल जो अपनी माँ कविता की गॉड में थे

देव आगे भध कर कोमल को अपनी गॉड में ले लेता है

देव ......तो आप है हमारे प्रिंसेस कोमल

कोमल ......आप कोण है क्या आप रुद्रांश भाई या के भाई है

dev......hahaha है तुम ऐसा कब सकती हो प्रिंसेस आप बहुत प्यारी है

देव कोमल के दोनों गालो पे किश करता है

कोमल भी बदले में दोनों गालो पे किश करती है आवर देव के गालो को अपने छोटे चोरे हाथो से फिर साफ भी करती है

देव .......क्या हुआ प्रिंसेस आपने ऐसा क्यों किया

कोमल .....वो माँ भी पापा को ऐसे हे करती थी भैया क्या हम आपको भैया कहे

देव आवर बाकि सभी की हाशि चुत गई वही कविता जी आराम से अपनी गर्दन निचे कर ली

देव .....हाहाहा बिलकुल तुम मेरी कोमल की तरह हो

कोमल का नाम लेते हे कोमल शीतल दिव्या ख़ुशी भी वही आ पहुंची

कोमल .....प्रिंस कोण है है हमारे तरह हमें अपने दोस्तों से नहीं मिलाओगे क्या

देव ......इनसे मिल्क दी ये है प्रिंसेस कोमल

आवर ये रुद्रांश हमारा इनसे तो परिचय करवाया नहीं तुमने

रुद्रांश ......भाई ये है कविता जी कोमल की माँ आवर ये है जूही मेरी फ्रेंड

दिव्या ......क्या कहा आपने मर.

रुद्रांश ......सॉरी दी वो गलती से निकल गया मेरा मतलब प्रिंस भाई से था

dev......di गुस्सा न कीजिये ये रुद्रांश है जिनमे बारे में मैंने आपको बताया था

दिव्या .....मुझे पता है प्रिंस ये कोण है है पैर फिर भी

देव .....OK OK दी सभी मेहमानो को अपने साथ अंदर ले चलो मैं आता हूँ कुछ देर में

बाकि सब तो चले गए पैर गुरुदेव रुद्रांश आवर देव वही रुक गए

देव ......रुद्रांश तुम्हे फिर से मेरे सरीर में लौटना होगा क्या तुम त्यार हो

रुद्रांश ......जी भाई मैं त्यार हूँ पैर क्या मैं माँ सा आवर बाकि सब से मिल सकता हूँ

देव .....गैब्रो नहीं अंश तुम कुछ समय बाद फिर से अंश रूप दर्जन कर सकते हो जब पूरी विधि जो जाएगी तो

रुद्रांश ......जी भाई

देखते हे देखते रुद्रांश एक ऊर्जा पुंज में बदल कर देव में समाहित जो जाता है

गुरुदेव सूर्य को ले कर के महल के तरफ निकल गया

कुछ देर बाद देव एक राजस्थानी धोती पहने

गुरुदेव के सामने खड़ा था गुरुदेव .......महारानी जी अपनी पुत्रियों को बुलाये देव को स्नान करवाने की विधि उनको हे पूर्ण करनी होगी

माँ सा ......जी गुरुदेव हम अभी उनको बुलाते है

कुछ हे देर में समय सोनिया रुपाली शालिनी चारो

हाथो में हल्दी ढूढ जल चन्दन आदि ले कर कड़ी थी

गुरुदेव .......समय पुत्री तुम हमारे मंत्रो उच्चारण करते हे हे देव को हल्दी का उप्टन लगा कर देव की स्नान विधि आराम करना

कुछ देर गुरुदेव उन सभी को विधि के विषय में संजय

गुरुदेव के मंत्रो उच्चारण करते हे समय ने देव को हल्दी का उप्टन लगा कर स्नान किया आरम्भ कर दी

समय के बाद सोनिया ने ढूढ से देव को स्नान करवाया उसके बाद चन्दन का लेप देव के पुरे सरीर पे किया

फिर चारो ने बुआ ने मिल कर देव के पुरे बदन को दहाड़ दहाड़ कर निखार दिया जो पहले से हे निखरा हुआ था

गुरुदेव ......पुत्री समय को सिगरा हे त्यार कर सभा में ले आओ हम तब तक यज्ञ सुरु करते है

सोनिया ......जी गुरुदेव आप चिंता न करे है अभी देव को त्यार कर लेट है

देव को चारो भुआ सा उसके रूम के तरफ ले गई

रूम के अंदर बीएड पे पहले से हे रॉयल वस्त्र मोजरी आदि रखे हुए थे

देव ड्रेस उठा कर बाथरूम की आवर चल दिया वह से शेरवानी बगेरा दाल कर बहार आया

कुछ हे देर में चारो ने मिल कर देव को पूरी तरह किसी दूल्हे के जैसे त्यार कर दिया

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समय .......अब लग रहे हो असली प्रिंस उदयपुर के

रुपाली ......सच कहा दीदी आपने प्रिंस वाकई में प्रिंस लग रहे है आज

सोनिया .....देव आज संभल कर रहना

देव ......वो क्यों बुआ सा आज ऐसा क्या खास है जो मुझे संभल कर रहना होगा

सोनिया .....आज बहुत से बिज़नेस पादरी हुए है उनके साथ उनकी फॅमिली भी है कही उनकी नज़र तुम पे अटक गई तो

देव ......हाहाहा बुआ सा आप भूल रही है मेरे साथ दिव्या दी है

समय ......सच कहा प्रिंस तुमने अगर किसी ने कुछ ऐसा वैसे सोचा भी तो वो कब चंडी बन जाये पता नहीं

गरमा देव बेटे तुम त्यार नहीं हुए अभी तक

देव .....माँ मैं त्यार हूँ चलिए

गुरुमा देव के मुँह से माँ सुन खुश जो गई आवर उन्होंने आगे भध देव के माथे को चुम लिया

पास कड़ी सोनिया की आँखों से काजल निकल देव के कान के पीछे टिका लगा दिया

गुरुमा .....नज़र न लगे मेरे बच्चे को

बेटी चलो देव को राजसभा में ले चलो

समय बुआ देव का हाथ थम चलने लगी बाकि सब भी पीछे पीछे आ गए

राजसभा में जब देव पंहुचा तो राजसभा पूरी भरी पड़ी थी

बड़े बड़े बुसिनेस्स्में .मंत्री .पुलिस ऑफिसर्स आवर भी बहुत से लोगो से राजसभा भरी पड़ी थी

सामने राजसिंहासन पे रुद्रप्रताप रहना जी विरजमान थे

गुरुदेव के इसारे पे रुद्रदेव को रहना जी की बगल में िस्थित कर्स राजसिंहासन पे बिराजमान किया

गुरुदेव ने विधिवत पूजा आदि कर रुद्रदेव को साही पगड़ी पहनाई आवर तिलक किया

गुरुदेव .........राणा जी आगे का कार्य आपको सम्पन करना होगा रुद्रदेव सिंह राणा को उनके युवराज पढ़ की घोसना आपको हे करनी होगी

राणा जी .....जी गुरुदेव

राणा जी ........आप सभी यहाँ हमारे पुत्र .प्रिंस रुद्रदेव सिंह राणा के यूवराज घोषित करने के उपलक्ष पे पादरी उसके लिया आपके बहुत बहुत धन्यबाद

आज हम रुद्रप्रताप सिंह राणा उदयपुर राजसिंहासन के अबले वरिष्ठ के रूप में हमारे पूर्वजो को साक्षी मान युवराज रुद्रदेव सिंह राणा को उदयपुर राजगद्दी के लिया भावी राजा चूमते है आवर उन्हें युवराज पढ़ गर्दन करते है

राणा जी के इसारे पे एक दासी बड़ा सा थल ले देव के सामने आ कड़ी हुए राणा जी आगे भध थल पे से कपडा हटा थे है

थल में राखी रतन जड़ित तलवार उठा रुद्रदेव को सौंपते है

इस हे साथ महल में जोरदार तरीके से राणा जी आवर देव के नाम से जैकारे लगने लगते है

राणा जी ......हम रुद्रप्रताप राणा उदयपुर की परजा के लिया उदयपुर में फ्री स्टडी आवर फ्री हॉस्पिटैलिटी की घोसना करते है

कुछ देर आवर राजसभा में रहना जी उदयपुर की जनता से उनकी समस्या जाते है आवर उनका समादन करने का करता विजय परताप को सौंपते है

दोपहर तक चले इस कार्यक्रम के बाद गुरुदेव के साथ रहना फॅमिली आवर बहुत से लोग उस मंदिर की तरफ निकल गए जहा पे रुद्रदेव का नामकरण हुआ था

गुरुदेव ने माँ सा के कहे पे यहाँ पे पूजा राखी थी देव आवर उसकी बहनो के लिया .......

अपडेट. पोस्टेड फ्रेंड्स......
 
अपडेट. 93

राणा जी ......हम रुद्रप्रताप राणा उदयपुर की परजा के लिया उदयपुर में फ्री स्टडी आवर फ्री हॉस्पिटैलिटी की घोसना करते है

कुछ देर आवर राजसभा में रहना जी उदयपुर की जनता से उनकी समस्या जाते है आवर उनका समादन करने का करता विजय परताप को सौंपते है

दोपहर तक चले इस कार्यक्रम के बाद गुरुदेव के साथ रहना फॅमिली आवर बहुत से लोग उस मंदिर की तरफ निकल गए जहा पे रुद्रदेव का नामकरण हुआ था

गुरुदेव ने माँ सा के कहे पे यहाँ पे पूजा राखी थी देव आवर उसकी बहनो के लिया .......

अब आगे .......

सभी जब मंदिर पहुंचे तो वह पे बहुत भीड़ थी

देव .....माँ सा यहाँ इतनी भीड़ क्यों है आज

माँ सा ......देव आपके युवराज घोषित करने पे तुम्हारे नाना नानियो ने अपने नवासे के लिया यहाँ पूजा आवर दान की वय्वस्ता की है

गुरुदेव .....देव पूरा तुम दान सामग्री यहाँ पादरी हुए लोगो में बना सुरु करो अपने दोनों भाइयो को भी साथ में ले लेंस तब तक मैं पूजा की तयारी देख लेता हूँ

गुरु जी .....परनाम गुरुदेव मैंने पूजा की साडी तयारी कर ली है आप चिंता न कीजिये

गुरुदेव ......तुम कब आये यहाँ

गुरु जी ......कसम चाहता हूँ गुरुदेव मैं खुद को इस पूजा में भाग लेने से रोक नहीं पाया

गुरुदेव .....संत रहो सिस्य किसी को इसका पता नहीं तो सौदान रहो

गुरु जी .....माफ करे गुरुदेव मुझे ध्यान रहना चाइये तथा

देव दीपक आवर वीर को अपने साथ ले कर उदयपुर की गरीब जनता को वस्त्र पैसे आवर आया सामग्री बाटने लगा

महिलाओ को सादिया पुरुसो को धोती कुरता आदि

सब एक एक करके आते गए आवर दान सवीकार कर आगे बढ़ते गए

वह से निकल कर सब खाना पिंस करते हुए लौटने लगे अपने अपने गंतव्य की तरफ

कुछ देर बाद गुरुदेव ने पूजा के लिया बुलाया

देव वीर आवर दीपक को वह छोड़ गुरुदेव के पास चल दिए

गुरुदेव .....आओ देव अपना स्थान ग्रहण करो देव के पूजा में बेथ जाने के बाद दिव्या कोमल चंचल शीतल आवर निधि को भी गुरुदेव ने बैठा दिया

गुरुदेव ......सपना पुत्री पूजा में कोई वयदान न हो ये देखने का जिम तुम्हारे ऊपर है

सपना .....जी गुरुदेव आप चिंता न करे

गुरुदेव ......सिस्य इस तरफ कोई भी न आये इसका जिम तुम पे है यहाँ तक की देव के परिवार से भी कोई न आये तुम्हारी गुरुमा को भी यहाँ आने की अनुमति नहीं है सौदान रहना

गुरु जी ......जी गुरुदेव ऐसा हे होगा आप चिंता न करे

गुरुदेव अपनी पूजा आरम्भ कर देता है

जैसे जैसे मंत्रो का उच्चारण भाड़ रहा था वैसे वैसे आसमान ने अपना रंग बदलने सुरु कर दिया

आधे चेंज बाद अच्चानक से देव के सरीर से जो सवपन लोक में 5 तत्वा को अपने आदिन किया था वो 5 रत्नो के रूप में रुद्रदेव के सरीर से बहार निकले

रुद्रदेव के सरीर से निकलते तेज को भाप कर सपना ने अपनी सकती का उसे करके बदल रहे मौसम का भरम जाल त्यार किया जिस से बाकि सभी को इसका आभाष न हो आवर

देव के सरीर से 5 तत्वा विलख होते हे

रुद्रदेव के कुंडली सकती जागृत होती गई जिस से रुद्रदेव का सरीर परदासश्री जो गया

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गुरुदेव आगे मंत्रो उच्चारण करने लगे

जिस से 5 तत्वा रतन देव का रूप दर्जन कर अपने मिल तत्वा के एंड लगे

अब इस समय पूजा में एक नहीं 6 देव थे

1..अग्नि रूप देव ..2... आकाश रूप देव

3...वायु रूप देव ...4 जल रूप देव

5 .....परतवि रूप देव

गुरुदेव ......पुर्त्र देव अपनी आँखे खोलो आवर अपने पांच तत्वों को उनके दरक में समाहित होने का आदेश दो

रुद्रदेव .....जी गुरुदेव

रुद्रदेव का आदेश प्राप्त होते हे 5 तत्वा देव अपने मूल दरक में समाहित होने लगे

1.अग्नि देव दिव्या में 2आकाश देव कोमल में 3 ....वायु देव चंचल में 4 जल देव शीतल में आवर

5 परतवि देव निधि में

जैसे हे 5 तत्वा अपने दरक में समाहित हुए परतवि लोक में िस्थित तामसिक सकतिया इस विधि को खंडित करने के लिया आकाश मार्ग से प्रहार करने लगी किन्तु सपना के सुरक्षा कवच को भेद पाने में ास्मार्ट रही आवर दूसरी कारन था पूजा गुरुदेव ने मंदिर में राखी थी जिसके चलते अपने मंसूबो में वो कामयाब नहीं hi प् रही

थी

बहार से सामान्य मनुष्यो को इसका जाता भी बहन नहीं था

5 तत्वा जैसे हे 5 के सरीर में अपने स्थान पे िस्थित हो अपने मिल तत्वा से जज वैसे हे 5 के सरीर बदलने लगे दिव्या आवर कोमल को थोड़ी बहुत परेशान हुए किनतु शीतल चंचल आवर निधि को कुछ ज्यादा हे परेशान हो रही थी करना था उन्हें उनके मिल तत्वा का गयां न होना

देव के साथ सौपानलोक की यात्रा करने के करना दिव्या आवर कोमल का मिल तत्वा पहले हे जागृत होती गया था

डेरी डिग्री पांचो संत होने लगी

गुरुदेव ......पुत्रियों अपनी आँखे खोलो

गुरुदेव के कहने के बाद जब पाछो ने आँखे खोली आवर एक दूसरे को देखा

दिव्या .....आज हम पूर्ण हुए गुरुदेव हमें हमारे जीवन का उद्देश्य प्रदान करने लिया आपको कोटि कोटि धन्यवाद् गुरुदेव

gurudev......uski कोई आव्सय्कता नहीं है दिव्या पुत्री एक न एक दिन तुम्हे अपने उद्देश्य की प्राप्ति करनी हे थी

किन्तु याद रहे अपनी दिव्यता का कभी भी अनुचित प्रयोग मत करना पुत्रियों

पाछो बहने ......गुरुदेव हम अपने दरक ( रुद्रदेव ) को साक्षी मन वचन देते है ह अपनी दिव्या सक्तियो का कभी भी अनुचित प्रयोग नहीं करेंगे

गुरुदेव .......साधा शोभाग्यवति भाव पुत्रियों

तभी गुरुदेव के कानो में गुरु जी की आवाज सुनाई देती है

गुरुदेव .....पुत्र देव पूजा विधि पुराण हुए कइँती उसको खंडित करने पहुंची तामसिक आवर तांत्रिक सक्तियो को तुम्हे अपने आदिन करना होगा अनयथा ये बहुत उपदर्व मचाएंगी उदयपुर की परजा का जीना मुश्किल कर देंगी

देव .....जो आया गुरुदेव

देव अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा को सवतंत्र कर देता है देखते हे देखते देव एक किसी सूर्य के भाटी चारो तरफ से ऊर्जा में गिर जाता है गुरुदेव आवर 5 की आँखे बंद Hi जाती है

5,7 मिंट बाद देव की सवतंत्र ऊर्जा वापिस देव में लौट आती है साथ हे ब्लैक आवर रेड ऊर्जा भी थी जो तामसिक आवर तांत्रिक ऊर्जा थी

पूरी ऊर्जा कुछ हे देर में देव के सरीर में समाहित हो चुकी थी

कुछ देर देव के सरीर में कम्पन हुआ उसके बात देव संत होने गया

देव ने जब अपनी आँखे खोली तो उसकी आँखे पूरी तरह से लाल थी मनो आँखों की जगह रेड स्टोन हो जो चमक रहे हो

गुरुदेव .....पुपुत्र ये बहुत आदिक मारा में तामसिक ऊर्जा है उसको नियन्त्रिक करो गॉड के मंत्र का जप करो पुत्र जिस से तुम्हे इस ऊर्जा को नियंत्री करने में सहायता प्राप्त होगी

देव ......जी गुरुदेव

गुरुदेव ...पुत्रियों तुम्हे देव की सहायता करनी होगी

गुरुदेव के निर्देश अनुसार 5 लड़किया देव को चारो आवर बेथ कर ध्यान करने लगी

देव को इन 5 की ऊर्जा से बहुत सहायता मिल रही थी लगभग आड़े घंटे बाद देव नार्मल हुए उसने जैसे हे आँखे खोली

दिव्या कोमल चंचल शीतल निधि .ध्यान में बैठे बैठे हे लुढ़क गई

गुरुदेव ......देव अपने अर्ध भाग की सहायता करो उन्होंने ने बहुत ज्यादा ऊर्जा उपयोग कर ली है तुम्हारी सहायता करने हेतु इनको तुम्हे हे हील करना होगा

देव एक एक करके 5 को हील करता है

देव .....आप सब ठीक है न

पाछो .......जी स्वामी हम ठीक है धन्यवाद् आपका

देव ......ये क्या है अभी भी मैं तुम्हारा भाई हूँ सामजी तो स्वामी नहीं चलेगा

दिव्या .......अब हम आपके ारदभाग है पहले हमें पता नहीं था किन्तु अब कैसे

देव ......देखो दी आप सभी को वैसे पेश आना है जैसे पहले थी समाज गए आप सब मैं अभी प्रिंस हूँ पुए आप मेरी दी

गुरुदेव ......देव उचित कह रहा पुत्र जैसा चल रहा वैसे हे चलने दो

सपना .......गुरुदेव सिगरा यहाँ आये गुरु जी घायल है

गुरुदेव .......देव पुत्र हमें सिगरा बहार चला होगा मेरा सिस्य घायल है

देव आवर गुरुदेव बहार आये तो सपना गुरु जी को थामे हुए थे

गुरुदेव ...इसको क्या हुआ पुत्री

सपना...... पता नहीं गुरुदेव सायद किसी तामसिक ऊर्जा नेपरहर किया लगता है हम इनको ठीक नहीं कर प् रहे है

गुरुदेव कोशिश करते है पैर कोई फायदा नहीं हुआ

गुरुदेव .......देव सायद तुम हे इन्हे हील कर सकते hi क्युकी तुम तामसिक सक्तियो के दरक भी जो आवर सायद उन्हें सक्तियो का प्रहार हुआ है सिस्य पे

देव आगे भाड़ उनको हील करने लगता है देखते हे देखते वो पूरी तरह से सवस्त हो जाते है

देव .......गुरुदेव तामसिक ऊर्जा इनके मस्तिक्ष में प्रवेश कर चुकी है

गुरुदेव ....पुत्र देव वक़्त न बर्बाद करो आवर उसके सरीर से वो तामसिक ऊर्जा बहार निकालो

कुछ देर के ातक प्रयाश के बाद गुरु जी तामसिक ऊर्जा से पूरी तरह मुक्त hi गए

गुरुदेव ......सिस्य क्या हुआ था तुम्हे किसने तुम पे प्रहार किया था

गुरु जी ....,गुरुदेव वो ऊर्जा महारानी जी का रूप धार पूजा हवन की आवर भाड़ रही थी आपके आदेश का प्लान करते हुए मैंने रोका तो उन्होंने उस ऊर्जा का प्रहार कर दिया जिस से अभी देव ने मुझे मुक्त किया है

फिर पता नहीं कोई सफ़ेद ऊर्जा ने उनको अपने बंदन में बांड लिया आवर वो ऊर्जा विलीन हो गई ..........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स..........
 
अपडेट. 94

कुछ देर के ातक प्रयाश के बाद गुरु जी तामसिक ऊर्जा से पूरी तरह मुक्त hi गए

गुरुदेव ......सिस्य क्या हुआ था तुम्हे किसने तुम पे प्रहार किया था

गुरु जी ....,गुरुदेव वो ऊर्जा महारानी जी का रूप धार पूजा हवन की आवर भाड़ रही थी आपके आदेश का प्लान करते हुए मैंने रोका तो उन्होंने उस ऊर्जा का प्रहार कर दिया जिस से अभी देव ने मुझे मुक्त किया है

फिर पता नहीं कोई सफ़ेद ऊर्जा ने उनको अपने बंदन में बांड लिया आवर वो ऊर्जा विलीन हो गई ..........

अब आगे .........

साम तक पूरी राणा फॅमिली मंदिर में रही आवर उसके बाद महल लौट आये

रुद्रांश एक बार फिर से देव के अंश के रूप में त्यार था गुंडों की बंद बजने के लिया पैर इस बार कुछ ज्यादा आनुगत्य बन चूका था

देव ......कैसा लग रहा है अंश अब

रुद्रांश .....भाई पहले से ज्यादा ताकतवर आवर

देव .....आवर पहले से ज्यादा ठरकी भी हाहाहा

रुद्रांश .......भाई इसमें मेरा कोई दोष नहीं है आपने इतनी आदिक तामसिक ऊर्जा को ग्रहण किया है

तो ऐसा होना सव्भाविक है पहले से हे वो रितिका मैडम बड़की हुए है जब से उसको अलीमा आवर ालिस का पता चला है है

देव .....चलो आज तुम्हे अपनी ऊर्जा का प्रयोग करने का पूरा मौका मिलने वाला है दिल्ली में आज रात वमपकिंग खुले टूर पे हमला करने वाला है

रुद्रांश ......आपको पता है मैं उसे मार नहीं सकता हूँ

क्युकी मैं केवल एक अंश हूँ

देव ......चलो आज तुम्हारी चेंज वलियो से भी मुलाक़ात कर हे लेता हूँ

रुद्रांश .......क्या मतलब कही आप उनके सामने तो नहीं आने वाले है

देव ......है कुछ ऐसा हे संजो चलो हमें दिल्ली निकलना होगा आज वमपकिंग का किस्सा ख़तम किया जाये

रुद्रांश ......जी भाई आवर आपको ये भी पता चल गया होगा की साउथ अफ्रीका में क्या हो रहा है

देव .....उसके लिया तुम अकेले हेंडल कर सकते हो पैर मुझे भी सफारी पे निकलने से पहले अपने हाथ पेअर थोड़े खोल लेने चाइये

देव रुद्रांश को ले कर गुरुदेव के पास पहुंचे है जो किसी चर्चा में लगे हुए थे

देव ....परनाम गुरुदेव परनाम गुरु जी अब आप कैसे है

गुरुदेव .....कल्याण hi पुत्र देव

गुरु जी ......मैं बिलकुल सवस्थ हूँ देव बीटा

रुद्रांश ....परनाम गुरुदेव गुरु जी

गुरुदेव गुरु जी ......कल्याण जो अंश तुम्हारा

देव ......गुरुदेव आज वमपकिंग दिल्ली की आम जनता पे हमला करने वाला है

गुरुदेव .......तुम्हे कैसे पता पुत्र

देव .......गुरुदेव वह मैंने पहले हे चाय गुप्तचर को लगा रहा है वह पे होने वाली हर एक घटना की जानकारी है मुझे

गुरुदेव .....अथार्त तुमने अपने तांत्रिक गुरु की सक्तियो का उपयोग करने लगे हो उचित है पुत्र तुमने जो सोचा है वो अच्छा हे सोचा होगा

माँ सा ......कब निकल रहे हो देव तुम

देव .....हम रात को निकलेंगे आवर सुबह कुछ वक़्त में लौट आएंगे बस आपसे कुछ कहना था गुरुदेव

गुरुदेव .....पुत्र मैं जनता हूँ आवर ये गलत भी नहीं है पैर अंश अभी विवाह नहीं कर सकता है जब तक तुम्हारी सभी जीवन साथी तुमसे विवाह न कर ले तब तक अंश विवाह नहीं कर सकता है

देव ........गुरुदेव ये सत्य मैं समाज चूका हूँ पैर मैं कुछ आवर हे कहना चाहता हूँ आवर आपकी परमिशन भी चाहता हूँ

गुरुदेव .......ठीक है पुत्र किन्तु ये याद रहे सत्य के खुलाशा से कुछ ानिस्ट हुआ तो उसका सैंड रुद्रांश को भुगतना होगा हमेशा के लिया उसने वही लौटना होगा जहा से फिर वो कभी नहीं लौट पायेगा

dev.....uchit है गुरुदेव मैं निश्चित करूंगा की ऐसा न हो

परनाम गुरुदेव

गुरुदेव .....विजय भाव पुत्र

देव रुद्रांश को ले कर अपने रूम में आया

रुद्रांश .......भाई ये गुरुदेव की दंड की बात कर रहे थे आवर आप किस खुलासे की बात कर रहे थे

देव ........मैं ये तुमपे छोड़ न चाहता हूँ की तुम जूही आवर रितिका का के प्रेम को सवीकार करते हो की नहीं तुम चाहो तो हम दोनों दे जुडी सचाई बता सकते हो पैर याद रहे उन्होंने किसी आवर को इस साथ से अवगत करवाया की तुम मेरे अंश हो तो फिर उसका दंड तुम्हे भोगना होगा हमेशा के लिया मुज में विलीन हो कर उसके बाद तुम छह कर अंश रूप नहीं ले पाओगे

रुद्रांश ......नहीं नहीं मैं ऐसा कभी नहीं चाहता हूँ भाई

मैं ऐसे हे खुश हूँ जिसको मुझे सविकर्ण होगा जो मुझसे सच्चा प्रेम करेंगे वो कभी भी ये नहीं चाहेंगी आवर जिनको मेरे प्रेम से आदिक मेरी सत्यता जानने की पड़ी होगी वो कभी भी मुझसे प्रेम नहीं करेंगी

देव .....तो फिर जूही की आवर बाकि सभी की यदि मिटानी होगी जो तुमने मुझे आवर ले कर कही है

रुद्रांश ......जी भी मैं ये अवश्य कर लूंगा किन्तु कोमल के साथ कैसे

उसकी तुम चिंता न करो अंश वो कुछ भी ऐसा नहीं करेगा जिस से प्रॉब्लम हो तुम्हे

आवर है कविता जी तुम्हे पसंद करती है जैसे रितिका जूही अलीमा आवर ालिस फैसला तुम्हारा है

रुद्रांश .....उसने बहुत वक़्त है भाई भविष्य में क्या होगा कैसे होगा उसके लिया अभी से चिंता क्यों

देव ....कल से रोज 2 हे सुबह सुबह ध्यान का समय निर्धारित करो तुम अपनी तामसिक ऊर्जा को संभल नहीं प् रहे हो

रुद्रांश .........ठीक है भाई

तभी बहार से कोई नॉक करता है

रुद्रांश जब गेट खोलता है तो सामने सपना खड़ा थी

सपना ......तो आप आज रात सीकर पे निकल रहे है आपको जाने की क्या अव्सय्कता है स्वामी

देव ......नहीं हमें बना हे होगा सपना क्युकी वो उस रहश्य को जान गया है जो परतवि पे परलय ला सकता है

सपना .....आपका मतलब है स्वामी ऐसा कोनसा रहस्य है जो इतनी तबाही मचा सकता है

देव ......एक ऐसा कवच जिसके बारे में कहा जाता है की वो उसके पहनने वाले की मन से जुड़ कर वैसे हे कार्य करता है अच्छे इंसान की अच्छे भदाता है बुरे इंसान की बुराई को

किन्तु ये अदा हे सत्य है

सपना ......तो पूरा सत्य क्या है उस कवच का

देव ......अभी तक जिन्होंने भी इस कवच को दर्जन किया था वो कवच उनको हे अपने ादिन कर मर डालता है उनको दीमक से खेलने लगता है भरमजाल बना कर उनको हे अपना गुलाम बना लेता है

सपना ......फिर उसे किसी ने नस्ट क्यों नहीं किया

देव ......क्युकी उसको वही नस्ट कर सकता है या नियंतरण जो दोनों उर्जाओ को अपने आदिन रखता हो

जिसके प्रेम में प्रकर्ति की सुरजन सकती हो आवर क्रोध से परचंड विनाश

सपना .......ऐसा कोण है फिर जो उसको दर्जन करे या फिर नस्ट क्युकी ऐसे दिव्या विनाशकारी सकती का ऐसे परतवि लोक पे किसी शैतान हाथ लग जाना उचित नहीं है

देव ......इस लिया हे तो वमपकिंग आवर बाकि वैम्पायर का ख़तम करना जरुरी है

सपना ......क्या उस कवच को आप दर्जन नहीं कर सकते हो

देव ......कर सकता हूँ किन्तु उसके लिया मुझे अपनी ऊर्जा को नियंत्रित करना होगा

जो की अभी कुछ समय अनियंत्री रहरगी

सपना .....आपको वह आपका वहां भी मिल जायेगा वो कब से आपके साथ मैदान में उतरने के लिया वयाकुल है

देव .......ठीक है सपना हम उसे वही मिलते है

सपना .......हम चलते है क्या आप भी आ जाये डिनर का टाइम hi गया है

देव ......आप चलिए हम आते है

रुद्रंश अलीमा आवर ालिश को सन्देश पंहुचा दो की त्यार रहे आज रात अपने किंग के स्वागत उन्हें करना है तो खुद को त्यार करे

रुद्रांश .......भाई क्या जूही आवर रितिका इस जुंग के लिया त्यार है है

देव .....तुम सायद भूल रहे हो अंश वो दोनों फाइटर है साथ हे मैंने दोनों को हील किया है

कुछ तो सोच कर किया होगा मैंने ऐसा

रुद्रांश .....सॉरी भाई

देव आवर रुद्रांश हॉल में चले आते है जहा सब ग्रुप बना बना कर बैठे थे

दिव्या .....प्रिंस कहा थे आप कब से हम आपका वेट कर रहे है

देव .....रुद्रांश आप जूही आवर कविता के साथ डिनर कीजिये

रुद्रांश जूही कविता रुपाली के साथ डिनर करने लगता है वही दिव्या देव को अपने साथ ले गई जहा पहले से कोमल चंचल शीतल निधि बैठी थी

देव ......तो आप सब यहाँ है ख़ुशी आवर गुड़िया कहा है

दिव्या .....वो वह है निशा के साथ

देव. .....दी आपसे ये उम्मीद नहीं थी मुझे मैं अभी उनको ले कर आता हूँ

वेटर यहाँ 4 चेयर आवर ज्वाइन करो आवर डिनर सर्वे करो

देव की बात से दिव्या को भी लगा की कुछ तो गलत किया है क्युकी देव दिव्या को तभी ऐसा बोलता था जब दिव्या वाकई गलत करती थी

कुछ देर में देव सोनालिका ख़ुशी निशा वेदिका को साथ ले कर आ गया

वीर आवर दीपक कहीं मजार नहीं आ रहे थे

देव ......आप सब वह क्यों बैठी थी आवर गुड़िया तुम भी

वेदिका ......कुछ नहीं प्रिंस वो हम बस ऐसे हे बाते कर रहे थे

देव .......सॉरी अगर आपको किसी ने कुछ कहा हो तो मैं माफी मांगता हूँ

सोनालिका उठ कर देव के गॉड में जा बैठी

सोनालिका ......भाई ऐसा कुछ नहीं है हम बस अभी अभी मिले है तो वेदिका दी से उनके सहर के किस्सेस सुन रहे थे

देव ......बस यही बात है न

ख़ुशी .......आपको ऐसा क्यों लगता है प्रिंस की कुछ आवर बात होगी

देव .....कुछ नहीं बस आपको दी लोगो के साथ नहीं देखा तो मुझे लगा कोई बात तो नहीं हो गई है

सोनालिका ......पहले आप डिनर कर लीजिये वो देखो ठंडा हो रहा है

देव .......OK तो सब खाना स्टार्ट करो

सोना ......मुझे तो आपके हाथ से खाना है

निशा को छोड़ बाकि सब ...हमें भी तुम्हारे हाथ से खाना है

देव .....गुड़िया की बच्चे फसवा दिया नहीं

सोना ......मुझे क्या पता था भाई

देव .....कोई नहीं चलो अपना अपना मुँह खोलो

देव एक एक करके सबको निवाला खिलता है

वो सब भी एक एक निवाला बना कर देव की तरफ करती है

अब देव एक साथ 9 निवाले तो खड़ा नहीं सकता पहले किसी का भी खाया बाकि 8 तो निराश हो जाती

मोहिनी ये सब सोनिया के साथ देख रही थी देव को परेशान में देख सोनिया के साथ ीदार आ गई आवर एक निवाला बना कर देव को खिला दिया

सोनिया ने भी वही किया

देव ......थैंक्स माँ थैंक्स डार्लिंग बुआ आपने बच्चे लिया मुझे

सोनिया .....रुक तुम्हे मैं बताती हूँ मुझे डार्लिंग बोलता है

समय ......देव तुमने मुझे बुलाया क्या

देव .....है बुआ वो गलती से मैंने आपकी जगह सोनिया बुआ को डार्लिंग बोल दिया तो ये गुस्सा कर रही है

समय ......दी गुस्सा क्यों हो रही हे देव पे

समय ......रुक देव की बच्ची तुम दोनों मिले हुए तो नहीं हो

सब खाना खाने के बाद रूम के तरफ निकल गए क्युकी आज सुबह एक तो जल्दी उठे ऊपर से सभी थक भी गए थे दिन में हुए प्रोग्राम

की वजह से

देव आवर रुद्रांश जूही को ले रात 11 बजे दिल्ली के लिया गायब हो गए .......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........🌹

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........🌹
 
अपडेट. 95

देव .....है बुआ वो गलती से मैंने आपकी जगह सोनिया बुआ को डार्लिंग बोल दिया तो ये गुस्सा कर रही है

समय ......दी गुस्सा क्यों हो रही हे देव पे

समय ......रुक देव की बच्ची तुम दोनों मिले हुए तो नहीं हो

सब खाना खाने के बाद रूम के तरफ निकल गए क्युकी आज सुबह एक तो जल्दी उठे ऊपर से सभी थक भी गए थे दिन में हुए प्रोग्राम

की वजह से

देव आवर रुद्रांश जूही को ले रात 11 बजे दिल्ली के लिया गायब हो गए .......

अब आगे .......

देव रुद्रांश आवर जूही के साथ अपने दिल्ली वाले मेंशन पंहुचा

देव ......रुद्रांश रितिका को ले कर आओ

आवर अलीमा आवर ालिस को भी यहाँ बुला लो

रुद्रांश ......भाई क्या यहाँ बुलाना ठीक होगा उनको

देव ......वो सब तुम मुज पे छोड़ दो जितना कह रहा हूँ उतना करो

रुद्रांश .......सॉरी भाई मैं अभी ले कर आता हूँ

रुद्रांश वह से गायब हो गया

जूही .......आप है कोण क्यों रुद्रांश जी आपकी हर बात मानते है

देव ........इस से क्या फरक पढ़ जायेगा क्या सच जान कर तुम रुद्रांश से प्यार करना बंद कर डौगी

जूही .......मैं रुद्रांश से प्यार नहीं करती हूँ बस हम अच्छे दोस्त है

देव .......फिर लाइफ टाइम दोस्त बानी रहना क्युकी रुद्रांश की लाइफ में एक नहीं बहुत से लड़किया है आवर भी आएँगी तुम बस दोस्त बन कर रहना

देव की बात सुन कर जूही की धड़कन बढ़ने लगती है

dev.....hahaha उसकी लाइफ से दूर जाने के ख्याल भर से तुम्हारी धड़कन क्यों भाड़ गयी है

जूही ......आपको ये सब कैसे पता देव की मैं रुद्रांश को चाहती हूँ

वही फिल्लिंग्स आपको देख कर भी होती है

देव .......क्युकी हमारा खून का रिस्ता है

इन सबके ज्यादा वक़्त न गवाना नहीं तो फिर पूरी लाइफ अकेले कटनी होगी फैसला तुम्हारा है आवर एक बात हमेशा यद् रखना रुद्रांश किसी एक का हो कर नहीं रह सकता तो रुद्रांश की लाइफ में आने वाली हर लड़की को एक्सेप्ट करनी की हिमत हो तभी कदम आगे बढ़ाना रितिका को भी समजा देना

अभी ये बात कर हे रहे थे की रुद्रांश अलीमा ालिस रितिका को ले कर आ जाता है

रुद्रांश ......प्रिंस भाई हम आ गए है

देव .......रुद्रांश इनको पता तो है न की इन्हे यहाँ क्यों लाया गया है

रुद्रांश ......नहीं भाई आप कहोगे तो बेहतर रहेगा

देव .....hello अलीमा ालिस अब वैम्पायर से हाफ ब्लड बन कर कैसे लग रहा है

देव की बात सुनते हे उन दोनों को रुद्रांश के साथ अपनी पहली मुलाक़ात याद आ गई

अलीमा ......आप प्रिंस है न जिन्होंने हमारी जान उस दिन मास्टर के गुस्से से बच्चे थी

देव .........बिलकुल ठीक पहचाना तुमने अलीमा तुम सब को यहाँ लेन का कारन है आज रात वमपकिंग खुले टूर पे हमला करने वाला है तो आज हमें मैदान में उतरना होगा

आप सभी को त्यार रहना है

रितिका ......पहले ये बात बताओ की तुम कोण हो

रुद्रांश ......रितिका इस वक़्त भी तुम्हे बकवाश करनी है क्या

रितिका ........मैंने तो बस पूछा है की ये कोण है आप भड़क क्यों रहे हो

देव ......मैं प्रिंस हूँ आवर कुछ भी पूछना है आपको या काफी है

मिस रितिका विक्रम सिंह

रुद्रांश .......सॉरी भाई पता नहीं रितिका.....

देव .....it's ok रुद्रांश उस रूम में तुम लोगो की कस्टम्स राखी है जा कर पहन लो अगर कोई बात कहना है पूछना है तो अब्बी हे पूछ लो ऐसा न की बाद में तुम लोगो की लड़ाई के दौरान ध्यान भटके

जूही .......क्या हम वैम्पायर के सामने ठीक पाएंगे

देव ........अगर हिमत अभी से खो चुकी हो तो वह तुम्हारा कोई काम नहीं है

मैं चाहता तो अकेला हे सब को ख़तम कर सकता हूँ पैर इस से तुम सब कभी भी तैयार नहीं हो पाओगी एक टीम के रूप में

रुद्रांश .......भाई क्या आप नहीं लड़ने वाले है

देव. .... जब तक मुझे न लगे की मेरा जाना जरूरी है तब तक मैं बिच में नहीं आऊंगा

(रितिका ...बोल तो ऐसे रहे है जैसे कोई महँ योद्धा हो

रुद्रांश के होते हुए तुम्हे बिच में आने की जरूरत भी नहीं )

देव रितिका की बात सुन कर मुस्कुराने लगा

देव ........सिंह कहा हो तुम अब आ भी जाओ यार

तभी एक रौशनी रूम में फ़ैल जाती है है

जब रौशनी हैट जाती है तब सफ़ेद सिंह के रूप में सिंह सबके सामने खड़ा था

देव को देखते हे सिंह दहाड़ मरता है जिस से जूही ालिस रितिका रुद्रांश के पीछे हो जाती पैर रुद्रांश को ये देख बहुत ख़ुशी हुए की अलीमा लड़ने के पोज़ में रुद्रांश आवर सूर्य के सामने कड़ी थी

जैसे हे सिंह सूर्य की तरफ बढ़ा अलीमा सिंह पे छलांग लगा देती है

पैर सूर्य के हाथ के इसारे से अलीमा हवा में हे रुक जाती है

देव ......संत अलीमा सिंह मेरा वहां है वो किसी को कोई नुकसान नहीं पहुचायेगा उसे आने दो

देव अलीमा को निचे उतरता है तो वह रुद्रांश आवर देव के बिच से हैट जाती है

देव .....कैसे हो सिंह

सिंह .......प्रिंस मैं ठीक हूँ आवर बहुत खुश भी आज आपके साथ लड़ने का मौका जो मुझे मिला है

अलीमा आगे आ कर के सूर्य के सामने झुक जाती है

अलीमा ......मुझे माफ कर दीजिये प्रिंस मुझे पता नहीं था की ये आपका वहां है इस लिया मुझसे गुस्ताखी हो गई

देव .....उठो अलीमा तुमने उच्च भी गलत नहीं किया बल्कि मुझे ख़ुशी है की तुमने अपने प्राणो की चिंता न करते हुए मेरे आवर रुद्रांश के आगे ढाल बन कर कड़ी हो गई

इस लिया कहो तुम्हारी एक इच्छा पूरी करने का वचन हम देते है जो तुम्हारे दिल में है वो मानगो हम वचन देते है तुम्हारी इच्छा पूरी होगी

अलीमा ......मुझे कुछ नहीं चाइये प्रिंस आपकी वजह से हे तो मुझे ये जीवन मिला है तो अगर ये आपके काम आते हुए मुझे अपने जान भी देनी पड़ती तो मुझे कोई दुख नहीं होता

देव ......अलीमा हम वचन दे चुके है

हम अपनी बात से पलट नहीं सकते है

अलीमा .....मैं क्या मांगू मुझे तो कुछ समाज नहीं आ रहा है

देव .......तुम चाओ तो अपने प्रेम के सात भी मांग सकती हो

अलीमा ......प्रेम अगर दोनों तरफ से आवर सच्चा हो तो अपनी मंजिल तक पहुंच हे जाता है फिर क्या मांगना

क्या मैं इस वैम्पायर जीवन चक्र से मुक्त हो कर नए जीवन की शुरुआत कर सकती हूँ

देव .....उचित है समय आने पे हम आपको वैम्पायर योनि से मुक्त करने का वचन देते है

अलीमा .......आपका बहुत बहुत शुक्रिया प्रिंस

देव ......अपने प्रेमी को अपने प्रेम से अवगत करा दो अलीमा वक़्त किसी के लिया नहीं रुकता है

सिंह ......प्रिंस वमपकिंग अपने मेंशन से निकलने वाला है है

देव के चुटकी बजाते हे सब की बॉडी पे अलग अलग हथ्यारो के साथ उनकी अलग कस्टम्स भी आ गई

देव ......सब त्यार हो हमें सबका सामना जंगल में करना होगा मैं सभी वैम्पायर को वही जंगल में पहुँचता हूँ जिस से किसी आम इंसान को कोई नुक्सान न हो

रुद्रांश ......जैसा आप ठीक समजे भाई

देव ......रितिका तुम्हे गन चलना पसंद है इस लिया ये गन तुम्हारे लिया है इसके बुलाते कभी ख़तम नहीं होगी तुम्हारी इच्छा अनुसार इसकी बुलाते चेंज होती रहेगी

वैम्पायर के माथे पे या दिल पे गोली मरना या तुम अपनी सोच से फायर बोललस भी फायर कर सकती हो ये तुम्हारी इच्छा आवर एनर्जी से कनेक्टे हो चुकी है

रितिका ने है में गर्दन हिला दी देव ने सबको जंगल में टेलीपोर्ट कर दिया

वह से निकल कर देव पुरे वैम्पायर विला को हे गायब कर जंगल में पंहुचा दिया

सिंह .......प्रिंस भाई अब हमें भी मैदान में आ जाना चाइये

देव ..........अभी नहीं कुछ देर वेट करो

वमपकिंग ........मेरे गुलामो वक़्त आ गया है यहाँ से जाने से पहले यहाँ के लोगो में हमारे नाम की दहसत भरने का

उस डेविल प्रिंस तक ये सन्देश पहुंचने का की हम वो माउथ के सौदागर है जिनको कोई नहीं रोक सकता

रुद्रांश .........हहहहह लो वमपकिंग तुमने डेविल प्रिंस को याद किया आवर डेविल प्रिंस तुम्हारे सामने हाजिर हो गया

वमपकिंग ..........तो आखिर आज मुलाकात हो हे गई तुमसे मैंने तो सोचा जाते हुए तुम्हारे लिया कुछ तोहफे छोड़ जाऊंगा

रुद्रांश .........अब उसकी नौबत नहीं आएगी वमपकिंग क्युकी डेविल प्रिंस खुद तुम्हारा काल बांके आ पंहुचा है

वमपकिंग अपने असली वैम्पायर रूप में आने लगता है

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वमपकिंग गुस्से में दहाड़ते हुए

रुद्रांश पे हमला करता है पैर ये क्या

जितनी स्पीड से वमपकिंग आया था उस से दुगुनी गति से डीआर को तो उड़ते हे बहार जा गिरा

रुद्रांश .......ये बच्चो वेक खेल खेल कर अपने गुलामो को डरना समजे शीतन

वमपकिंग जो अभी तक डेविल प्रिंस को हलके में ले रहा था वो समाज जाता है की सामने वाला उसकी तकर का है

डेविल प्रिंस ......अलीमा ालिस जूही रितिका देख क्या रहे हो ख़तम करो इन सबको

वमपकिंग .......अलीमा ालिस तुम दोनों जिन्दा हो अभी तक

अलीमा .......तुम जैसे हरामी को क्या लगा हम मर गई होंगी वो तो डेविल प्रिंस ने हमारी जान बकश दी आवर बदले में हमें उन शक्तियों से नवाजा जिनसे अब तुम्हारे साम्राज्य का सरकश करेंगी हम तुमने हे हमारे माता पिता को मारा था न

अलीमा ालिस अपनी पूरी ताकद से वमपकिंग के गुलामो से भीड़ गई

वमपकिंग को अलीमा की ऐसे बात अपने लिया सुन कर मिर्ची लग चुकी थी

सामने खड़ा रुद्रांश मुस्कुरा रहा था

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रुद्रांश .....देखो अपने चारो तरफ वमपकिंग तुम्हारे गुलामो की जो हालत हो रही है न उस से बुरी तुम्हारी हालत होगी

रुद्रांश आवर वाम्पकिन एक दूसरे पे अपने अपने सोर्ड से प्रहार करने लगे

वमपकिंग अपनी पूरी गति का प्रयोग करते हुए रुद्रांश पे प्रहार कर रहा था

रुद्रांश भी अपनी कुसल योद्धा होने का पूरा परिचित दे रहा था

वही देव सिंह के साथ अदृश्य रूप में इस योध को लाइव देख रहा था

सिंह ......भाई मज़ा नहीं आ रहा है ऐसे तो

देव .......थोड़ा वेट करो तुम्हारे मज़ा करने का टाइम भी आ गया है

वो देखो वो रहे तुम्हारा सीकर

देव के इसारे पे सिंह ने आकाश में नजर डाली तो वह बहुत से शिप्स थे जादुई शिप

सिंह .....ये कोण है भाई

देव ........वमपकिंग की बाकि गुलाम सेना

सिंह ......भाई ये तो हज़ारो की सख्या में है

देव .......तो इन्तजार किसका है दिव्या से मिली ऊर्जा का प्रयोग करो आवर बन जाओ अग्नि सिंह आवर बसन कर दो सबको एक भी जिन्दा नहीं बच्चन चाइये

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सिंह को देव का आदेश प्राप्त होते हे अपनी अग्नि रूप में सिंह आकाश में छलांग लगा जाता है

वमपकिंग ......अब बच कर दिखाना डेविल प्रिंस ऊपर देखो जरा अपने

जैसे हे रुद्रांश ऊपर देखता है वमपकिंग पूरी ताकत से डेविल किंग के सीने पे वॉर करता है

स वक़्त रुद्रांश का ध्यान ऊपर था जिस से वो वमपकिंग के प्रहार को विपल नहीं कर पाया आवर पैदा को तो उड़ते हुए हुए काफी दूर जा गिरा

अलीमा को जब ये अहसास हुआ की रुद्रांश को चौथ लगी है तो अलीमा का सरीर बदलने लगा आवर देखते हे देखते अलीमा की बड़े बड़े दन्त नाखून बहार निकल आये आवर उसकी आँखे लाल होने लगी

रुद्रांश उठ खड़ा हुआ आवर ऊपर की तरफ आकाश में मडराते शिप्स को देखने लगा

वमपकिंग फिर से वॉर करता है पैर इस बार रुद्रांश सचेत था

रुद्रांश वमपकिंग की जाती को उसके हे खिलाफ उसे में लेते हुए गम कर वमपकिंग के पिछवाड़े पे पूरी ताकत से प्रहार करता है

वमपकिंग कुछ दूर जा कर गिरता है

रुद्रांश को बड़ा अजीब लगा क्युकी रुद्रांश के प्रहार में पहले वाले प्रहार से ज्यादा सकती थी किन्तु इसका अवसर वमपकिंग पे उतना न दिखा

वमपकिंग .....हहहहह तुम्हे क्या लगा था मैं इतना कमजोर हूँ

तुम अपने आपको डेविल प्रिंस कहते हो

पैर असली डेविल प्रिंस मैं हूँ डेविल किंग का बीटा वमपकिंग डेविल प्रिंस

तभी आकाश में एक के बाद एक समजे होते है बहुत तेज जिसका अवसर दूर दूर तक देखा आवर सुना जा सकता था

इन दमको से दिल्ली भी गूंज उठी

देखते हे देखते दिल्ली पुलिस फाॅर्स जंगल की तरफ आने लगी आर्मी के जवानो को विक्रम सिंह लीड कर रहे थे

वही रॉ चीफ भी उदार के लिया निकल चुके थे

देव ने अपनी शक्तियों से जंगल के चारो तरफ एक शील बना दी जिस से न तो कोई अंदर आ सकता था आवर न कोई बहार जा सकता था

देव ......रुद्रांश अपनी ऊर्जा का उपयोग करो इसकी ताकत पहले से ज्यादा भाड़ चुकी है क्युकी इसको अपने गुलामो से सकती मिलती है

अब ये पहले से 5 गुना सकती साली हो चूका है

रुद्रांश .....जी भाई

इतना कह कर रुद्रांश अपने शक्तियों का प्रयोग वमपकिंग पे करता है जिस से वैम्प किंग को बहुत तक्लिप होती है

वमपकिंग के बॉडी से ब्लैक ब्लड टपकने लगा

रुद्रांश ने अपनी पवित्र ऊर्जा ( विगत एनर्जी ) का प्रयोग किया था

वही पुलिस फाॅर्स एंड आर्मी जंगल में घुसने की कोशिश करते है पैर देव की शील्ड की वजह से अंदर नहीं जा प् रहे थे

तभी किसी बिजली के जैसे आकाश मार्ग से देव उनके बिच उतरता है

विक्रम सिंह .......प्रिंस आप यहाँ

देव ......जी विक्रम सिंह जी मैं यहाँ नहीं होऊंगा तो कहा होऊंगा इस वक़्त

रॉ चीफ .......विक्रम सिंह कोण है ये आवर कहा से आया है

विक्रम सिंह ......सर यही है डेविल प्रिंस जिसकी बात रितिका कर रही थी

रॉ चीफ ......ओह ी सी तो ये है डेविल प्रिंस

विक्रम सिंह .....प्रिंस ये हो क्या रहा है

देव .......वैम्पायर सेना के साथ योध हो रहा है आवर आप जो ये दमा के की आवाज सुन रहे है ये उनके शिप्स में हो रहे ब्लास्ट की आवाज है

raw......kya वैम्पायर ये यहाँ क्यों आये है

देव ......विक्रम सिंह जी आपने इनको बताया नहीं क्या

विक्रम सिंह .....इनका डिपार्टमेंट अलग है हमारा अलग डिपार्टमेंट है प्रिंस

देव ........ok मुझे उस से क्या ी इनफार्मेशन के लिया बता देता हूँ वैम्पायर काफी वक़्त से परतवि पे है आज दिल्ली से उनका सफाया हो जायेगा मेरी टीम उनसे योध कर रहे है

तभी देव को कुछ बुरा होने का अहसाह होता है.

देव .......कोई भी यहाँ से आगे नहीं आएगा

इतना कहते हे देव वह से गायब हो गया

देव जब वह पंहुचा तो देखा की ालिस जूही आवर रितिका कुछ ज्यादा हे गायक थी

देव आगे भाड़ तीनो को हील करता है

देव .......सिंह कितना वक़्त लगा रहे हो ख़तम करो सबकुछ

सिंह ......जी मालिक

सिंह अपनी विशालकाय सिंह रूप में कोई अग्नि दानव लग रहा था

अब तक तो अदृश्य ा था वो अब सबके सामने था

देव ......रुद्रांश बहुत खेल लिया अब आवर नहीं

सिंह जैसे हे जमीं पे उतरा उसकी दहाड़ आवर वजन से पुरे जंगल में मनो भीकम आ गया हो


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सिंह की बॉडी से निकलते आग की लपटे आप पास के जंगल के साथ साथ वैम्पायर को पल भर में रख में तब्दील कर रही थी

वमपकिंग .......ये ये क्याआ है

रुद्रांश ........क्यों वमपकिंग देख कर हे फैट गई क्या तुम्हारी

अगर गे कंटेंट अलावा होता तो अच्छे से फाड़ता

vampking......kya मतलब अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मरररररर गया

देव .......रुद्रांश बाकियो को समाप्त करो इसको मैं जहनुम पहुँचता हूँ

रुद्रांश .....जी भाई

देव अपने अदृश्य रूप से बहार निकलता है

देव ........आवर कैसा है चुटिया सुना है तुम अपना गुस्सा वैम्प गर्ल्स की दोनों तरफ से फाड़ कर निकलते हो

वमपकिंग .......ख्ह्हौं कण्णन हो तुम

देव ......रियल लाइफ प्रिंस तेरे लिया रियल डेविल प्रिंस

वमपकिंग खड़ा होता है

वमपकिंग ......फिर वो कोण है जो मुझसे लड़ रहा था

देव ......चल तू मरने वाला तो है हे तो तुझे बता देता हूँ

वो मेरा अंश है रूद्र का अंश

रुद्रांश

इसके साथ हे देव अपने रुद्ररूप को दर्जन करता है

जिससे देख वमपकिंग की फटने लगती है

जब उसके बाप की फ़ास्ट गई थी तो ये क्या चीज़ है

बीज़ज़ तो ुशी का है न


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देव के रूद्र रूप दर्जन करते हे वही के मिटटी पत्थर सब पिगल कर लॉज़ बनने लगे

आवर वमपकिंग की आवर भाड़ कर उसके पैरो के चारो तरफ फ़ैल कर सकत फाथर का रूप ले लिया

देव .....अलीमा ालिस अपने दिल में छुपे दर्द को बहार निकलने का वक़्त आ गया है

देव अपने सर से कुछ बल्ली को तोड़ कर जमीं पे फेंकता है देखते हे देखते वह 10, 12 रुद्ररूप देव खड़े हो गए

रुद्ररूप ....आज्ञा दे स्वामी

देव ......इस जंगल में छुपे सभी वैम्पायर को ख़तम कर दिया जाये

रुद्ररूप .....जो आज्ञा स्वामी

देखते हे देखते वो सभी रुद्ररूप जंगल में फ़ैल गए आवर चुन चुन कर वैम्पायर का खत्म करने लगे

लगभग हज़ारो वामपिरेस को कुछ हे देर में ख़तम कर दिया था

देव .....अलीमा ालिस तुम्हारे माता पिता का कातिल तुम्हारे सामने है वक़्त है अपने भीतर छुपे उस दर्द से आज़ाद होने का

जूही अलीमा ालिस रितिका चारो आ कर के कड़ी हो गई

देव ने 2 अग्नि सोर्ड अलीमा आवर ालिस को दी

देव .....जाओ तुम्हारा मुजरिम तुम्हारे सामने है

.अलीमा गुस्से में चिश्ती हुए वमपकिंग पे पहिला प्रहार किया

वमपकिंग के सीने पे प्रहार होते हे वमपकिंग की दर्दनाक चीख जंगल में गूंजने लगे

वमपकिंग की चीख सुन कर अलीमा आवर ालिस को बहुत अच्छा लगा उसके बाद तो दोनों बहनो ने मिल कर अनगिनत वॉर वैम्प किंग पे किये

इन सोर्ड से दिए गए घावों से वमपकिंग खुद को हील नहीं कर प् रहा था

देव .......वमपकिंग तुम्हारा आखरी वक़्त आ चूका है

इसके साथ हे देव के सीने से निकली आग के लपटे वमपकिंग को चारो तरफ से घेर लेती है

कुछ देर में वमपकिंग की मर्मभेदी चुके पुरे जंगल में गूंजते हुए हुए संत हो जाती है

वैम्प किंग के मरते हे उसकी सरीर की रख से एक रेड कलर की कोई मणि निकल कर देव की तरफ भड़ती है

मणि सूर्य के सामने आ कर रुक जाती है

तभी वह सपना प्रकट होती है

sapna......rukiye स्वामी इस मणि को दर्जन मत कीजिये

देव ......क्यों क्या हुआ सपना

सपना अपने जादू से एक बॉक्स लती है उसमे उस मणि को बंद कर देती है

सपना ......स्वामी ये काम मणि है अतार्थ इसको जो भी दर्जन करेगा वो सम्भोग के पार्टी आसक्त हो जायेगा

देव ......अच्छा हुआ आपने छित समय पे मुझे रोक दिया

सपना अपनी आँखे बंद कर ग्रीन ऊर्जा जंगल में छोड़ देती है जिस से डेरे डेरी पूरा जंगल पहले से भी खूबसूरत हो गया

देव अपनी शील्ड को हटा लेता है

बहार जैसे हे विक्रम सिंह को इसका पता चलता है तो वो सब जंगल के अंदर भाड़ जाते है ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स.........

 
अपडेट. 96

सपना ......स्वामी ये काम मणि है अतार्थ इसको जो भी दर्जन करेगा वो सम्भोग के पार्टी आसक्त हो जायेगा

देव ......अच्छा हुआ आपने छित समय पे मुझे रोक दिया

सपना अपनी आँखे बंद कर ग्रीन ऊर्जा जंगल में छोड़ देती है जिस से डेरे डेरी पूरा जंगल पहले से भी खूबसूरत हो गया

देव अपनी शील्ड को हटा लेता है

बहार जैसे हे विक्रम सिंह को इसका पता चलता है तो वो सब जंगल के अंदर भाड़ जाते है ........

अब आगे ......

सपना .......प्रिंस वो लोग ीदार हे आ रहे है इन सबका उनके सामने आना ठीक नहीं है अभी

देव ......आप इनको ले कर घर पहुंचो यहाँ वाले मैं उनसे मिल कर आता हूँ

चले सिंह

सिंह ......जी भाई चलिए

सपना 5 को ले कर चली गई देव अपने गेटउप चेंज कर डेविल प्रिंस के रूप में विक्रम सिंह आवर रॉ चीफ जिस तरह से आ रहे थे उनकी आवर भध गया

रॉ चीफ .....विक्रम तुम जानते हो ये डेविल प्रिंस कहा से आया है

विक्रम सिंह .....नहीं सर न मैंने पूछा आवर न उन्होंने कभी बताया उनकी वजह से तो मेरी बेटी को नई लाइफ मिली है

रॉ चीफ .......बिना जाने तुम कैसे किसी पे भरोषा कर सकते हो कल को वो हमारे खिलाफ हो गया तो

विक्रम सिंह ....मुझे नहीं लगता सर की प्रिंस ऐसा कुछ करेगा

रॉ चीफ .......देखते है उस से मिल कर

देव ......क्या देखना चाहते है चीफ

देव को अचानक अपने सामने यौन प्रकट होने से एक बार तो सब दर गए पुलिस वाले आवर आर्मी वालो ने देव की तरफ गन तान दी

ऐसा करने पे सिंह गुराँस लगा

विक्रम सिंह ......एवरीबॉडी गन्स डाउन

क्या कर रहे हो तुम सब पागल तो नहीं हो गए हो

सॉरी प्रिंस इनकी तरफ से मैं माफी मांगता हूँ

dev.....it's ok सर सायद ये मुझे यौन अपने सामने अचानक से देख कर दर है

डोंट वोर्री आप सब रिलेक्स हो जाये मैं आपमें से किसी को कुछ नहीं करूंगा

रॉ चीफ ......हम कैसे यकीं करे तुम पे

देव .....अगर मुझे कुछ करना होगा तो आप रोक भी नहीं पाएंगे मर .राघव सिंह रॉ चीफ

इन बुलेट्स से मुझे कोई फरक नहीं पड़ने वाला पैर मेरे एक इसारे पे आप सब पालक जपने से पहले गायब हो जाओगे तो थोड़ा संभल कर

विक्रम सिंह ......सॉरी प्रिंस क्या वामपिरेस का खत्म हो गया कोई आवर तो नहीं बच्चा है न

देव ......अभी भी बहुत से वैम्पायर जिन्दा है बूत इंडिया से सब मरे जा चुके है

विक्रम सिंह .....इंडिया से आपका मतलब है किसी आवर काउंटी में भी वैम्पायर मौजूद है

देव ....साउथ अफ्रीका में काफी वामपिरेस अभी भी है बूत उनका किंग मारा जा चूका है

विक्रम सिंह .....ये अच्छा हुआ की वो सब मरे गए काम से काम खतरा तो टाला

देव ......ऐसा आपको लगता है की खतरा ताल चूका है

अभी तो आवर बहुत से खतरे आने वाले है

परतवि पे क्युकी वमपकिंग के मरते हे शीतन लोक के डेविल किंग को पता चल गया होगा आवर वो अपने बेटे मरे जाने पे चुप नहीं भेठेगा

विक्रम सिंह .....ये तो बहुत बुरे संकेत है

अगर ऐसा हुआ तो हम उन्हें कैसे रोकेंगे

देव ......आपको उनको रोकना भी नहीं है विक्रम सिंह जी

राघव सिंह ......क्या मतलब रोकना नहीं है कंट्री की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है

देव ......आप अपनी कंट्री की सुरक्षा कीजिये आपको कोई रोक थोड़े रहा है

जो आने वाले है वो आपकी सोच से कही ज्यादा खुखार है आपकी गन्स उनका कुछ नहीं बिगड़ पाएंगी

इस लिया उन जैसो के लिया मेरी टीम काफी है आप अंदरूनी सुरक्षा पे ध्यान दीजिये ऐसा न हो की जो अंदर इंसान के भेष में शीतन छुपे बैठे है उन्हें भी मुझे हे देखना पड़े

विक्रम सिंह .......प्रिंस अब कोण आने वाला है कुछ पता है

देव ......डेविल किंग के 3 बेटे है आवर 1 बेटी

वमपकिंग मारा जा चूका है तो वोल्फकिंग .या फिर पिसाच किंग दोनों में से कोई भी आ सकता है या कोई आवर भी

अब मैं चलता हूँ दिल्ली की जनता को कैसे बंडल करना है वो आप जाने

विक्रम सिंह .......ठीक है वो हम संभल लेंगे

सिंह अभी भी राघव सिंह को देख रहा था

देव .....सिंह वो समाज चुके है उनको गुरनाम बंद करो

देव आवर सिंह वह से गायब हो राणा मेंशन आ पहुंचे

विक्रम सिंह ......माफ कीजिये सर पर आपको उनसे उलझना नहीं चाइये

आपको पता है कुछ टाइम पहले रुस्सियन मफ्फिए को इन्होने कितनी बुरी माउथ दी थी

राघव सिंह .......तो क्या हुआ विक्रम सिंह तुम भूल रहे हो मैं रॉ चीफ हूँ

विक्रम सिंह ......आवर आप भूल रहे है की वो डेविल प्रिंस है जिसके सामने पूरी रुसिअन्स असेंबली जुक्ति है

अगर फिर भी आपको मरने की इतनी जल्दी है तो जो मर्जी कीजिये एक मौका प्रिंस ने आपको दे दिया है दूसरा वो कभी देता नहीं

ीदार मेंशन में ....

सिंह ......प्रिंस आपने मुझे रोका क्यों वो कैसे आपसे जुबान लड़ा रहे थे

सपना .......संत सिंह गुस्सा नहीं होते है

सिंह .....पैर रानी माँ वो..

सपना ......मैंने कहा न संत

देव ......सिंह वो तुम्हारे हमारी सोच से अलग है उनका सोचने का नजरिया कुछ आवर है

उन्हें हर इंसान पे शक करने की आदत हो चुकी है

रितिका .....सॉरी वो सभी से ऐसे हे बात करते है

देव .......कोई बात नहीं वैसे तुम्हारी आवर उनकी सोच एक जैसे है सायद रॉ की नौकरी हे ऐसे है

रितिका ......मैंने ऐसा क्या कर दिया या कह दिया

रुद्रांश ......कहने की जरुरत नहीं है प्रिंस भाई किसी भी इंसान की मन की आवाज सुन लेते है आवर जुबान पे आने से पहले सोच पढ़ लेते है

सपना ......रितिका किसी को भी देख कर इतनी जल्दी नगीने पे नहीं पहुंचना चाइये

रितिका ......ी ऍम सॉरी प्रिंस मैंने आपके लिए गलत सोचा उसके लिया

देव .......कोई बात नहीं डेरी डेरी समाज जाओगी

रुद्रांश ......भाई अब क्या करना है

सपना ......करना क्या है साउथ अफ्रीका के लिया निकलो

आवर मार्क आवर उसके साथी गुलामो को ख़तम करना है

देव ........सपना तुम्हे पता चला क्या त्रिकाल का की वो कहा है क्या कर रहा है

रुद्रांश ......भाई मैं भी ये जानना चाहता हूँ की त्रिकाल ने किसका सरीर दर्जन किया है

देव ......मुझे भी अभी जब वमपकिंग से सामना हुआ तब पता चला की ट्रकल ने जिसका सरीर दर्जन किया है वो कोई आवर नहीं तुमने जिस रुस्सियन माफिया को ख़तम किया था उसका बॉस जेक को संभु की मदद से ख़तम कर उसका सरीर अपनाया है उसमे उसकी मदद डेविल किंग ने की है

sapna......sambhu अभी भी कोलकाता में है जबकि त्रिकाल दानव वन में पहुंचने के बाद से गायब है उसका पता नहीं चल पाया

देव ......कोई बात नहीं सायद वो कुछ बड़ा करने के इरादे से कही गुप्त साधना कर रहा है

सपना .....सायद ऐसा हे हो

ालिस ......प्रिंस हमें कब निकलना है अफ्रीका के लिया

देव .....रुद्रांश तुम सिंह को साथ ले जाओ आवर अलीमा आवर ालिस को भी जूही आवर रितिका को आराम की जरूरत है

सुबह को महल लौट आना

रुद्रांश ......जी भाई जैसा आप कहो

देव .....सिंह सुबह से पहले उन सब का खत्म हो जाना चाइये

सिंह .....ऐसा हे होगा भाई आप चिंता न करे

जूही .....मैं भी रुद्रांश जी की साथ जाना चाहती हूँ

देव .....नहीं जूही अभी तुम उस हालत में नहीं हो

सपना ......जूही सुबह सुबह ध्यान लगाना सीखो रुद्रांश तुम्हारी हेल्प करेगा जिस से तुम अपने पावर्स को अच्छे से जान पाओगी

जूही .....मुजमे कैसे पावर्स है

सपना ......प्रिंस ने तुम सबको हील करने के साथ साथ तुम्हारी अंदरूनी पावर तुम्हारे एलिमेंट्स को भी जागृत किया है तो अब से तुम सब में भी पावर है जितना अच्छे से तुम अपने पावर को समाज पड़ोगे उतनी हे तुम सबकी पावर्स बढ़ती जाएगी

देव .....ok रुद्रांश तुम सब निकलो अब रितिका को मैं पंहुचा दूंगा उनके रूम में

रितिका ......प्रिंस एक सवाल

सपना ......यही न की तुम्हे ठीक किसने किया है तो है वो यही है प्रिंस जिन्होंने तुम्हे ठीक किया था

देव ......रितिका तुम्हारा भविष्य कुछ आवर है आवर जो तुम सोच रही हो वो कभी नहीं हो सकता है

आवर एक बात हमेशा याद रखना तुम सब रुद्रांश की लाइफ में बहुत से लड़किया आई है आवर आएंगे भी प्रेम में आदिकर्ता नहीं त्याग होना चाइये तभी प्रेम की प्रकास्ता प्राप्त होगी अनयथा अदिकार में प्रेम नहीं गुलामी मिलती है

रितिका ......मैं समाज गई प्रिंस सॉरी रुद्रांश जी मुझे ऐसे नहीं करना चाइये था आपके साथ

रुद्रांश .....कोई बात नहीं रितिका

सपना ......रितिका अपने गुस्से आवर जलन को काबू में रखो

क्युकी रुद्रांश का गुसा तुम्हारे लिया अच्छा नहीं है

देव ....ok रितिका तुम रेडी हो

रितिका .....जी प्रिंस

देव रितिका को उसके रूम में ड्राप कर देता है

रुद्रांश ......चलता हूँ भाई सुबह मिलता हूँ

रुद्रांश अलीमा ालिस आवर सिंह के साथ निकल गया

सपना .....चले स्वामी

देव .....ok सपना जूही त्यार हो

जूही .....जी मैं त्यार हूँ

देव अपने रूम में टेलीपोर्ट होता है जहा 5 खूबसूरत हसीनाएं पहले से हे देव का इन्तजार कर रही थी

सपना जूही को उसके रूम में टेलीपोर्ट कर देती है

देव ......अरे आप सब दी लोग यहाँ पे क्या कर रही है

दिव्या ......आपकी फाइट देख रही थी सपना दीदी के साथ फिर ये आपके पास पहुंच गई

शीतल ......प्रिंस आप ठीक तो है न

देव .....देखो ये होती है बीबी जो सदी से पहले हे अपने फ्यूचर हस्बैंड का कितना ख्याल रखती है

चंचल ......कुछ आवर ख्याल रखना हो तो मैं आवर कोमल दी है

दिव्या .....चुप कर पागल कुछ भी बोलती है

देव .....आप लोग बैठो मई अभी फ्रेश हो कर आता हु

चंचल .....मैं भी चालू क्या

कोमल .....तुम क्या करोगी उनके साथ

चंचल .......अरे मैं तो इस लिया बोल रही थी की वो वह जंगल में मिटटी में लड़ रहे थे तो थोड़ी पीठ को अच्छे से जिस जिस कर स्टाफ कर दूंगी

सपना .......कुछ ज्यादा हे मस्ती सीज रही है लगता है उस दिन वाली पोल्ल खोलने हे पड़ेगी तुम दोनों की

दिव्या .....कैसे पोल्ल दीदी

चंचल ......आप किस दिन की बात कर रही हो दीदी

sapna......ushi दिन की जब तुम आवर कोमल प्रिंस को उठाने आये थे रूम में

सपना की बात सुनते हे कोमल नहीं दीदी प्लेसेस ऐसा मत करना इसमें मेरी गलती नहीं है सब इस चंचल का किया कराया है

सपना .......हेहेहे अगर प्रिंस को पता चला तो क्या होगा

कोमल .......सॉरी दीदी

चंचल .......सॉरी दी अब आगे नहीं होगा ऐसा

दिव्या .....आप किस बारे में बात कर रहे हो कही इन दोनों ने प्रिंस के साथ सत्य हुए कुछ ....

कोमल ......नहीं दीदी मैंने कुछ नहीं किया

सपना .....वैसा हे जैसे तुमने किया था दिव्या

दिव्या .....मैंने क्या किया था

देव .....किसने क्या कर दिया कोई मुझे भी तो बताओ

दिव्या .....कुछ नहीं प्रिंस हम बस ऐसे हे बात कर रहे थे

देव .....ok अब सब सो जाओ देखो रात के 02,30 ऍम से भी ऊपर टाइम हो चूका है

सपना .......ok मैं चलती हूँ

दिव्या .....दीदी आप कहा चली एक बीएड यही लगा लीजिये हमने तो बहुत बार प्रिंस के साथ सोया है आज आप भी सो जाये

सपना ......नहीं गुड़िया ये सब विवाह से पहले नहीं

दिव्या ......अरे दी आप भी न हम सोने को कह रहे है सुहागरात के लिया नहीं

शीतल ......दीदी मान भी जाये हम सब यही सो जाते है

सपना जादू से एक पलंग का इंतजाम करती है

सब एक दूसरे को गुड नाईट बोल कर ले जाते है

सपना की दिल की धड़कन बढ़ गई जब सूर्य ने पीछे से सपना को अपने सीने स लगाया आवर गालो को चुम कर गुड नाईट कहा ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........🌹

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........🌹
 
अपडेट. 97

सपना ......नहीं गुड़िया ये सब विवाह से पहले नहीं

दिव्या ......अरे दी आप भी न हम सोने को कह रहे है सुहागरात के लिया नहीं

शीतल ......दीदी मान भी जाये हम सब यही सो जाते है

सपना जादू से एक पलंग का इंतजाम करती है

सब एक दूसरे को गुड नाईट बोल कर ले जाते है

सपना की दिल की धड़कन बढ़ गई जब सूर्य ने पीछे से सपना को अपने सीने स लगाया आवर गालो को चुम कर गुड नाईट कहा ........

अब आगे ..........

सुबह देव अपने टाइम अनुसार उठ गया

बाकि सब अभी सोये हुए थे

देव .......सपना उठो सुबह हो गयी है

सपना अपनी आँखे खोलती है देव को अपने सामने देख देव के गले में बहे दाल अपने ऊपर जूझते हुए किश करती है

देव का तो सुबह सुबह हे दिन बन गया सपना के गुलाबी होंटो का रशपाण करने से

सपना ......गुड मॉर्निंग जान

देव ......गुड मॉर्निंग जान आज सूर्य किसी आवर दिशा से उदय हुआ है क्या

सपना .....क्यों ऐसा आपको क्यों लगता है जान

देव ......क्युकी आज आपके मुँह से स्वामी की जगह जान जो सुन रहा हूँ

सपना .......स्वीटहार्ट ये 21 सेंचुरी है कुछ तो अपने को अपडेट करो

देव .....अच्छा जी लगता है आपको परतवि लोक की हवा लग गई है

सपना .....ऐसा हे कुछ समाज लीजिये माय फ्यूचर हस्बैंड

देव ....चलिए फ्रेश हो जाये मैं इनको भी जगह देता हूँ आज से इनको भी ध्यान करना सुरु करना है

सपना ......साथ में चले क्या फ्रेश होने

देव .......सोच लीजिये सबको जबाब आपको हे देना पड़ेगा

सपना .....ची ची आप भी क्या सोच रहे है

सपना देव के गालो पे किस कर गायब हो गई

उसके जाते हे बीएड भी गायब हो गया

देव ......दिव्या दी उठिये सुबह हो गई है

दिव्या ......सोने दीजिये न जान क्यों इतनी सुबह उहा रहे हो

आप भी सो जाये मेरे साथ

इतना कह कर दिव्या ने नींद में हे ीदार उदार टटोल कर देव को अपने ऊपर खींच लिया

जैसे हे देव का वजन दिव्या आवर कोमल पे पड़ा दोनों की आह्हः निकल गयी दोनों गड़बड़ी में अपना सीना सह लेट हुए उठी

दिव्या .........क्या करते हो आप अभी हमारी जान निकल जाती

Dev......maine क्या किया मैं तो आपको उठा रहा था आपने हे मुझे अपने ऊपर खींच लिया अब मेरा
बैलेंस बिगड़ गया तो मैं क्या करता

दिव्या फिर से सोने लगे तो देव ने दिव्या को अपनी गॉड में उठा लिया

दिव्या .....क्या कर रहे है प्रिंस कोमल देख रही है

dev.....ab उठ भी जाये आज आपको भी ध्यान करना है मेरे साथ में

दिव्या .....उम्म्म्म उम्मंहहह अब सोने दीजिये न

देव ....बिलकुल भी नहीं दिव्या अब चलो वर्ण मैं पानी डालने वाला हूँ आप पे

दिव्या ......ok देख लुंगी आपको भी

देव .....ुम्मम्हा गुड मॉर्निंग जान प्लेसेस समजा कीजिये न

दिव्या ख़ुशी से देव को किश करती है

दिव्या .....गुड मॉर्निंग जान आज वाकई में मेरी मॉर्निंग गुड हो गई

देव दिव्या को बाथरूम में छोड़ कर कोमल को उठता है

देव .....कोमल उठ जाये सुभाव हो गई है

कोमल .....गुड मॉर्निंग प्रिंस

देव .....गुड मॉर्निंग जान ुम्मम्हा चलिए फ्रेश हो जाये आपको ध्यान करना है आज से मेरे साथ में

कोमल ......ok प्रिंस हम अभी फ्रेश हो कर आते है

देव .....बाथरूम में दिव्या है आप अपना बाथरूम उस कर लीजिये आवर उनके कपडे भी ले आना

कोमल ....ok हम ले आएंगे दी के कपडे

देव ......चंचल शीतल निधि उठो सुबह हो गई है

चंचल उठ कर देव से चिपक जाती है आवर वाइल्ड तरीके से किश करने लगती है

देव भी कुछ देर प्यार से किश करता है

चंचल ......गुड मॉर्निंग जान हैवे नीस डे

देव .....गुड मॉर्निग जान जाये त्यार हो जाये

चंचल जब किश कर रहे थी तो शीतल जाग चुकी थी पैर उसने आँखे बंद कर ली थी

देव ......उम्मम्मम्हा जान अब उठ भी जाओ जनता हूँ आप उठ गई है

शीतल .....गुड मॉर्निंग प्रिंस

देव ......गुड मॉर्निंग शीतल आप भी त्यार हो जाये हमें आज से ध्यान करना शिखना है पता है न

शीतल .....जी हम अभी आते है त्यार हो कर ुम्मम्हा

शीतल के जाते देव की नजर निधि पे पड़ी जो बड़े प्यार से देव को निहार रही थी

देव .......आपको भी किसी चाइये क्या

निधि ने है में वरदान हिला दी सूर्य मुस्कुराते हुए निधि पे लेट गया अपना वजन उसने निधि पे नहीं डाला था

देव बड़े हे प्यार से निधि की आँखों में देखता है

आवर डेरी डेरी अपने होंटो को निधि के होंटो से मिला देता है देव ने निधि के निचले होंठ को अपने मुँह में भर कर बहुत हे सलौली सलौली निधि के सुराख़ गुलाबी पंखुड़ियों को चूसने लगा 3,4 मिनट्स बाद जब निधि की ाँसे उखाड़ने लगी तो देव ने उसके होंटो को आनद किया

निधि ....लम्बी लम्बी ाँसे लेते हुए हुऊ हहहहन प्रिंस ी लव यू

देव .....हम्म्म ी लव यू निधि

चलो अब उठो आवर फटाफट फ्रेश हो जाइये

निधि जल्दी से उठी अपने कपडे ठीक किये आवर देव को गुड मॉर्निंग बोल तेजी से बहार भाग गई

देव .....इन सब के चाकर में मैं हे फ्रेश नहीं हुआ

दिव्या भी अभी बाथरूम में है

दिव्या ......आप अभी तक फ्रेश नहीं हुए

देव .....अच्छा हुआ आप आ गई मैं चला फ्रेश होने सबको पीछे के बाग़ में ले चलिए मैं वही आता हूँ

दिव्या ......ok मैं चलती हूँ

15 मिनट्स बाद देव सबके साथ महल के पीछे बने बाग़ में था यहाँ बिलकुल सन्ति थी

सपना भी यही मौजूद थी

देव ......सपना आप इनकी हेल्प करेंगी

सपना ......नहीं आपको हे करना होगा ये सब जैसे जैसे आपके पांच तत्वा जागृत होने लगेंगे आपको इन्हे अपने साथ जोड़ना होगा

देव ......आप सब मेरे चारो तरफ आसान लगा कर बेथ जाये

आवर खुद को संत कर अपने आँखे बंद कर अपने भीतर जख ने की कोशिश कीजिये बाकि सब अपने दिलो दिमाग से निकल देना

अपने दिमाग को बिलकुल खली कर लेना कुछ भी नहीं सोचना है

केवल अपने दोनों आँखों इ बिच यहाँ ( माथे कके निचे दोनों आँखों से सेण्टर में जहा तिलक किया जाता है ) पे ध्यान लगाना है

कुछ टाइम आपको प्रॉब्लम होगी पैर फिर डेरी डेरी तुम ध्यान कर पाओगी

देव ने सबको समजा कर ध्यान मुद्रा में बेथ गया

बाकि सभी भी वैसे हे कर रही थी

निधि आवर शीतल को छोड़ कर बाकियो का बार बार ध्यान भांग हो रहा था

देव ने अपनों पार्थिव तत्वा को निधि के पृथ्वी हटवा से जोड़ लिया

देव से जुड़ने के बाद निधि को कोई परेशानी नहीं हुए

उसके बाद देव ने अपने आयु तत्वा को जागृत किया

चंचल बार बार अपना ध्यान भटका रही थी

इस लिया सपना को उसकी हेल्प करनी पड़ी जैसे हे चंचल ने अपने ध्यान में एकाग्रचित्त हुए वैसे देव ने चंचल को खुश से जोड़ लिया

ीदार शीतल सन्ति से ध्यान लगा रही थी

जिस से देव को किसी तरह की परेशानी आये बिना सरलता से शीतल को खुद से जोड़ लिया

दिव्या का हल भी कुछ ऐसा हे था पिछले आड़े जानते से बार बार उसका ध्यान भांग हो रहा था

देव दिव्या मंद ....दिव्या अपने मन आवर दिमाग से सभी विचार हटा कर ध्यान अपने माथे के सेण्टर में लगाओ

सब विचारो क्या त्याग कर दो


दिव्या ....प्रिंस मुझसे नहीं हो प् रहा है

देव ......फिर मुझे हमेशा के लिया खोने को त्यार रहना आपको मेरी ताकत बनना है न की कमजोरी

देव के बातो को सुन कर दिव्या के आँखों से कुछ बुँदे आंसू चालक पड़े

सपना ने आगे बढ़ दिव्या के आंसू साफ किये आवर उसकी ध्यान करने में शय्या करने लगी

इस दौरान निधि के चारो चरत की मीठी डेरी डेरी उसकी तरफ एकहि होने लगी

क्युकी निधि का देव से जुड़ाव होते हे वो परतवि के कण कण से जुड़ चुकी थी

वही शीतल के चारो तरफ पानी की के पतले परत से बनने लगी थी

चंचल भी कुछ हद तक आयु तत्वा पे कण्ट्रोल कर चुकी थी सायद जिसके कारन चंचल जमीं से 2,3 इंच ऊपर हवा में आसान लगाए ध्यान कर रही थी

देव के बाते आवर सपना की मदद से दिव्या ने खुद से अपने अग्नि तत्वा को जागृत कर लिया था देव ने दिव्या से जुड़ाव कर लिया था

अब केवल कोमल बच्ची थी जो अभी भी संगर्ष कर रही थी

सपना ......दिव्या अपने सभी भरम से आनद हो जाओ खुश को आमद महसूस करो जैसे तुम आकाश में किसी पंछी के भाटी उड़ान भर रही हो

दिव्या चंचल शीतल निधि के तत्वा की ऊर्जा बहार भी देखि जा सकती है ये सामान्य आँखों से देख पाना संभव नहीं था

1 हर से भी ऊपर का समय लगा कोमल को ध्यान में एकाग्रचित्त होने में जैसे वो ध्यान में लीं हुए वैसे देव ने अपने आकाश टारावा से कोमल को जोड़ लिया काफी समय से देव केवल आकाश तत्वा पे ध्यान में रहने से एक बार तो कोमल को जतका लगा पैर उसने अपना ध्यान भांग नहीं होने दिया

बहार सपना ने अपने सकती से एक शील्ड का निर्माण किया ताकि इनकी ऊर्जा का किसी बुरी सकती को पता न चले आवर खुद भी ध्यान में लीं हो गई

सबका ध्यान जब भाग हुआ जब गुरुदेव के आवाज उनके मस्तिक्ष में गुंजी

गुरुदेव ......बच्चो आज के लिया ध्यान पूरा हुआ अब अपने ध्यान से बहार आ जाओ

जैसे हे देव ने आँखे खोली वैसे हे चंचल ददम करके निचे गिरी

चंचल .....अह्हह्ह्ह्ह मम्मी मर गई रे

देव ने जल्दी से चंचल को उठाया अपनी गॉड में

देव .....तुम ठीक तो हो न चंचल

( चंचल ....यही मौका है प्रिंस के गॉड में कुछ वक़्त बॉटने का )/

चंचल .....अह्हह्ह्ह्ह प्रिंस मेरी बैक में बहुत पैन हो रहा है

देव चंचल की एक्टिंग देख मुस्कुराने लगा

देव .....चंचु चुइया नहीं सुधरने वाली न तुम

चंचल ......क्या कहा आपने मुझे रुकिए अभी बिताती हूँ आपको कोण चुइया है आवर कोण शेरनी

देव आगे आगे आवर चंचल उसके पीछे पीछे

दिव्या .......ये चंचल कभी नहीं नाज़ आने वाली अपनी नौटंकी से

कोमल ......सही कहा दी आपने लईकिन ये भी सच है जहा वो होती है वह रोज दमके होते है

निधि ......वो देखो प्रिंस को वो ऐसे मस्ती करते हुए कितने खुश है दी

सब देव आवर चंचल को मस्ती करते हुए देख रही थे

चंचल ......प्रिंस रुक जाये न अब आवर नहीं दौड़ सकती मैं

चंचल में माथे पे पसीना देख देव रुक जाता है आवर चंचल प्रिंस के पास आ कर अपने सांसे संत करती है

देव चंचल को अपनी गॉड में उठा सबके तरफ चल देता है

चंचल प्यार भरी नजरो से बस देव को निहारे जा रही थी

कोमल .......चंचल अब उतर भी जा कब से प्रिंस तुम्हे लिया खड़ा है

चंचल .....आपको आना है तो आप भी आ जाये दी

देव चंचल को उतर कर शीतल आवर कोमल को अपने चोदे कंदो पे बैठा लेता है

देव .....कोमल शीतल काश कर पकड़ना मुझे

फिर देव ने निचे झुक कर दिव्या आवर निधि के पीछे से अपना हाथ उनके खुल्हो के निचे दाल कर उठा लिया आवर अपने सीने से सपोर्ट देते हुए उठ खड़ा हुआ

चंचल .......मेरे लिया तो जगह हे नहीं बच्ची है

दिव्या .....कोई नहीं चंचल तुम ऐसे हे आ जाओ

चंचल ......दी प्लेसेस न

देव .......ok ok फिर से एक्टिंग नहीं मेरी पीठ पे सवार हो जाये

चंचल को बस बोलने के देर थे की चंचल लपक कर पीठ पे चढ़ गई अपने पैरो से कमर को जकड लिया

देव ......संभल कर पकड़ना

बस फिर का था देव ने पुरे बाग़ का राउंड लगा दिया

फिर बच्चो को ले कर वैसे हे महल की तरफ भाड़ गया

जो भी रस्ते मिलता उसकी भी हंसी चुत जाती

माँ सा .....अरे बीटा ये क्या कर रहे हो निचे उतरो सबको बीटा किसी को भी चौथ लग सकती है

देव ने एक एक करके सबको निचे उतरा पैर अपनी माँ सा आवर उनके साथ में कड़ी छोटी नानी ( शीतल की नानी )

दोनों को कमर से निचे हाथ दाल कर ( जैसे बचे को गॉड में लेते है हाथ पे बिठा कर वैसे हे) उठा लिया दोनों ने दर के मरे दोनों तरफ से देव के गले में अपने बहे काश ले

आवर बिना किसी की परवाह किया महल के अंदर की आवर भाड़ गया

माँ सा .....बीटा देव निचे उतर मैं गिर जाउंगी

नानी सा .....है बीटा हमें निचे उतर दो कही गिर गई तो बुढ़ापे हड़िया टूट जाएँगी

देव ..... अरे नानी सा माँ सा आप न डर्टी बहुत हो

मैं हूँ न आप दोनों को कैसे गिरने दे सकता हूँ मैं

सामने हॉल में बैठे लोगो की नजर जब अंदर आते हुए देव पे पड़ी तो सब चौंक गए

मोहिनी ......अरे बीटा क्या हुआ माँ सा आवर माँ को तुम इनको ऐसे क्यों उठा कर लाये हो

नानी जी .....बेटी कुछ भी नहीं हुआ है हमें बस देव ने ऐसे हे मस्ती करने के लिया उठा लिया हमें

मोहिनी ......मुझे तो लगा कही आपको कोई चौथ तो नहीं लग गई

चल बीटा अब तो निचे उतर दे आवर चल कर नास्ता करलो

देव दोनों को निचे उतरता है आवर अपनी माँ सा आवर नानी सा को दोनों गलो पे चुम कर
डाइनिंग टेबल पे जा बैठा हाथ मुँह धो कर के

ज्यादातर लोगो ने नास्ता कर लिया था

रुद्रांश भी लौट आया था

5 लड़कियों के साथ में सोनालिका आवर ख़ुशी ने भी डाइनिंग टेबुल ज्वाइन कर ली

रेणुका मोहिनी आवर जानवी तीनो ने इनका नास्ता इनको सुर्वे किया

जैसे हे देव ने निवाला बनाया बहार से कोई सैनिक बगता हुआ आया

सैनिक .....राणा जी वो बहार मुख्या द्वार की तरफ कोई बहुत बड़ा शेर आ रहा है

राणा जी .....क्या कहा शेर

सैनिक की बात सुनते हे देव ने अपना निवाला रखा आवर बहार चल दिया

राणा जी .......देव बीटा रुक जाओ कहा जा रहे हो तुम

देव .......पापा बस मैं अभी आया आप चिंता न करे

देव के उत्ते हे दिव्या कोमल चंचल शीतल निधि खुसी सोना सब देव के पीछे पीछे हो ली

देव जब मुख्या द्वार पे पंहुचा तो सामने सिंह खड़ा था जो देव को देखते हे दौड़ पड़ा देव की तरफ सैनिक आवर सिक्योरिटी वालो ने सिंह की तरफ गन तानी तो

देव ......रुक जाओ कोई कुछ नहीं करेगा उसे

सैनिक .....युवराज वो खतरनाक है

देव ......जो कहा वही करो

देव आगे भाड़ जाता है वही सिंह एक ुचि छलांग लगता है

सबकी आँखे बंद हो गई सबको लगा की शेर देव पे हमला कर चूका है

इतने बड़े शेर को देख

राणा जी दिलावर सिंह आवर कुछ लोग देव की तरफ भागे पैर जब दोनों के पास पहुंचे तो देखा सिंह तो देव के चेहरे को चाट रहा था

देव .....पापा चिंता मत कीजिये ये सिंह है किसी को कोई नुकसान नहीं पहुचायेगा ये

राणा जी ......बीटा ये शेर है ये तुम्हे चौथ पंहुचा सकता है

देव ......पापा मैं जनता हूँ शेर है आवर ये मेरा दोस्त है तो आप चिंता न करे

गुरुदेव ......आप सब लोग चिंता न करो ये सिंह है देव का दोस्त

ये दोनों एक दूसरे को बहुत पहले से जानते है

देव ......सिंह तुम यहाँ कैसे

सिंह .......भाई मैं वह अकेला सवपन लोक में क्या करता

( सिंह ये सब दहाड़ में बोल रहा था जिसको कुछ लोग हे समाज प् रहे थे जो सकती दरक है ख़ुशी आवर सोनालिका इन दोनों को छोड़ कर )

dev......to ये बात है चल कोई नहीं आज से यही पे रहना तुम हमारे साथ

सिंह ......जी भाई

मोहिनी डरते डरते देव के पास आती है

देव .......सिंह ये माँ है मतलब मेरे माँ

सिंह .....भाई मैं यहाँ की भाड़ा समझता हूँ

सिंह आगे भाड़ मोहिनी के पैरो में सर झुका कर चाटने लगा

देव ......माँ वो आपका आशीर्वाद ले रहा है

देव अपनी माँ का हाथ पकड़ कर सर पे रख देता है

मोहिनी को दर तो लग रहा था फिर भी उन्होंने सिंह के सर पे हाथ फैराया

देव .....पापा माँ सा मम्मी आप सब ीदार आये

राणा जी .......बीटा आना जरूरी है क्या

देव .....देव अब आ भी जाइये ये किसी को कोई नुकसान नहीं करेगा

तभी कविता की गॉड से उतर कर

k.komal दौड़ते हुए आती है

k.komal ......भैया ये आपका पीट है क्या

देव .....है प्रिंसेस आवो आपको मिलवाता हूँ इस से

वही कविता जी की हालत ख़राब हो रही थी कोमल को सीमा के पास देख कर

देव .....सिंह ये है हमारी प्यारी सी प्रिंसेस कोमल सिंह समजे चलो कोमल आप गेंद सके करो सिंह से

कोमल अपना हाथ आगे करती है तो सिंह भी अपने पीछे के पैरो पे बेथ कर अपना एक पेअर उठा कर कोमल के छोटे छोटे हाथ पे रख देता है

देव .....चलो आपको सिंह की द्वारी कराता हूँ

देव कोमल को ले कर के सिंह की पीठ पे बेथ जाता है

सीमा हुनर भर कर डेरी डेरी चलने लगता बाकि सब बस आँखे खोले देख रहे थे

देव एक एक करके सिंह को अपनी फॅमिली से मिलवाता है

फिर सिंह को देव पीछे की तरफ वाले बाग़ में जाने को कहता है

सिंह चुप चाप उस तरफ निका गया

देव जब अंदर पंहुचा तो सब सिंह को ले कर देव से पूछने लगते है

देव सबको एक मनगढंत कहानी सुना देता है ...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........🌹

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स..........🌹
 
थैंक्स भाई

है भाई अभी वुल्फ किंग आने वाला है

डेविल प्रिंसेस अभी यहाँ नहीं किसी आवर हे जगह पहुंचने वाली है

प्यार वो भी पहली नजर का भाई इतनी जल्दी थोड़े न ख़तम होता है

है अब इतना जरूर समाज आ गया है की ईगो के साथ वो कभी रुद्रांश को नहीं प् सकेगी

देखते है आगे रितिका क्या करती है सुधारना तो पड़ेगा हे पैर प्यार से या तकरार से

रही बात रॉ चीफ की तो भाई उनकी नौकरी हे ऐसे है जहा वो हर किसी को सक की नजर से देखते है

पैर उनका जो अतितुते है वो जरूर भिक हरने वाला है
 
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