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- Dec 5, 2013
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अनवर ,-- अभी कोण आया होगा.
में.,-- में देखता हु जीजू.
अनवर ,-- हम्म , देखना की वो बाहर से hi चला जाये क्योंकि ऐसे वो हमारी स्लेव को देखेगा तो क्या सोचेगा.
में.,-- हम्म .
मेने उठकर गेट खोला तो सामने कामिनी दीदी थी .मेने उन्हें प्रणाम किया और पूछा क्या काम ह तो वो बोली की अंदर नहीं बुलाओगे. उनके हाथ में एक ठेला था और सूंदर सा मेकअप किया था .में बाहर निकलकर
में,-- दीदी अंदर हम लोगों का गेम चल रहा ह.
कामिनी ,-- कैसा गेम.
में.,-- सेक्स गेम .
कामिनी ,-- मुझे नहीं दिखाओगे सेक्स गेम.
में.,-- वो असल में आज दीदी को हमने अपनी सेक्स स्लेव बनाया हुआ ह.
कामिनी अपनी छूट खुजाकर ,' तो मुझे भी शामिल कर लो अपने गेम में.
में.,-- पर दीदी आप को शायद अच्छा नहीं लगेगा .
कामिनी ,-- क्यों भैया .
में.,-- असल में हमारा गेम बहुत सेक्सी ह और उसमे हम दीदी को गन्दी गालिया देकर उन्हें जलील करके फिर अनवर जीजू दीदी की चुदाई करेंगे.
मेरी बात सुनकर कामिनी दीदी ने अपनी छूट खुजाई और बोली ,-- तो यार मुझे भी अपने गेम में शामिल कर लो.
में.,-- तुम नंगी हो जाओगी हमारे सामने .
कामिनी ,-- सिर्फ नंगी hi नहीं .में तो आयी hi छुड़वाने थी देखो मेरे पास कुछ सामान भी ह जो में हार्डकोर के लिए लायी हु.
में.,-- रुको में जीजू से पूछ लेता हूँ आप गेट पर hi रुकना.
कामिनी ,-- ok में वेट कर रही हु.
में गेट बंद करके अंदर आया तो अनवर बोलै ,-- कोण था रोहित.
में.,-- यार वो बगल में रहने वाली भाभी ह वो मुझे भाई बना चुकी ह देखो उसी की बंधी हुयी राखी ह ये.
अनवर ,-- ओह्ह , तो चली गयी क्या वो.
में.,-- नहीं वो भी हमारे गेम में शामिल होना चाहती ह.
अनवर अपने लुंड को मसलकर ,-- यार माल तो मस्त ह वो छोड़ने में मज़ा आएगा उसे .
में.,-- तो बुला लू उसे फिर.
अनवर ,-- तू सेल यही पूछने आया ह क्या इसमें पूछने की बात कहाँ ह बुला उसे उसके सामने इस रंडी को बेशरम बनाने में मज़ा आएगा.
दीदी ने अनवर की बात सुनी तो उसकी आँखों में दर दिखा जो शायद उसके बदनाम होने का होगा इसलिए में बोलै.
में.,-- वो इस रंडी को पहले भी छुड़वाते हुए देख चुकी .
अनवर ,-- कब .
में.,-- उस दिन बालकनी में छुड़वा रही थी तब भी देखा था और परसो छत से भी देख चुकी .
अनवर ,-- तब तो उसे भी छोड़ना होगा बुला ले उसको.
में.,-- बोल रंडी बनेगी बेशरमी रैंड उसके सामने .
सोनाक्षी दीदी,-- जैसी आपदोनो को इच्छा मालिक.
में.,- वो गेट पर hi कड़ी ह रुको बुलाता hu.tumko ऐसे hi स्लेव बनकर रहना ह भोसड़ी वाली .
दीदी मेरी बात सुनकर मुस्करा उठी उसे जलील होने में मज़ा आ रहा था और मुझे भी अपनी सगी दीदी को अनवर के सामने बेइज्जत करने में मज़ा आ रहा ह था .मेरा लुंड पूरा बेकाबू था .
मेने गेट खोलकर कामिनी दीदी के पास गया और उनको सब कुछ समझकर अंदर आने को कहा तो वो अंदर आ गयी उन्होंने बैग को एक तरफ रखा तो अनवर ने उठकर नमस्ते कहा और बोलै.
अनवर ,-- नमस्ते दीदी .
कामिनी दीदी, -- अरे आप भी मुझे दीदी hi बोलोगे आप तो सोना के शोहर हो ना.
अनवर ,-- हाँ पर आपका भाई hi रहूँगा .
कामिनी दीदी, -- अच्छा, वो क्यों .
अनवर ,-- जो मज़ा बहन के साथ ह वो साली के साथ नहीं . इनसे मिले ये मेरी स्लेव सानिया.
कामिनी दीदी,-- तो आपने इसका नाम भी बदल दिया .
अनवर ,-- हाँ , जब तक मेरी बेगम ह तब तक सानिया खान hi रहेगी . चल कुटिया मेरी दीदी को प्रणाम कर.
दीदी ने कामिनी दीदी को प्रणाम किया तो कामिनी दीदी ने आशीर्वाद देकर कहा ,' --बहुत किस्मत वाली ह तू जो तुझे रोहित जैसा बहनचोद भाई और अनवर जीजू जैसे हवसी भरतार मिला ह .
दीदी ,-- थैंक्स दीदी . दोनों मिलकर मुझे पूरा सेक्स एन्जॉय करवा रहे ह.
अनवर दीदी की गांड पर सपाट मारकर ,-- साली ये तेरी दीदी नहीं मालकिन ह. चल इन से माफ़ी मांग.
दीदी ,-- सॉरी मालकिन .
अनवर ,-- कैसी ह दीदी हमारी स्लेव. हम दोनों मिलकर इसे बेशरम , बदचलन, बाज़ारू रैंड बना रहे ह दीदी.
कामिनी दीदी ने दीदी को ऊपर से निचे तक देखा और फिर बोली ,-- बहुत सूंदर और सेक्सी ह भाई. साली तक़दीर वाली ह जिसे ऐसी ट्रेनिंग घर पर hi मिल रही ह और वो भी सगा भाई साथ दे रहा ह.
अनवर ,-- यार रोहित ,दीदी पहली बार घर आयी ह कुछ खाने पिने को नहीं पूछोगे.
में.,-- सॉरी जीजू, दीदी आप क्या लेंगी कुछ गरम या ठंडा .
कामिनी दीदी, -- नहीं अनवर में नास्ता कर के आयी हूँ अभी अभी.
में.,-- दीदी ऐसा नहीं चलेगा कुछ तो लेना पड़ेगा , एक काम करता हु दूध ले आता हु एक गिलास.
कामिनी दीदी,-- ठीक ह ले आओ .
में उठकर किचन की तरफ गया और एक गिलास दूध कामिनी दीदी को दे दिया.
मेने किचन में आकर टेबलेट को पीसकर दूध में मिलाया और सोचा की में भी क्यों नहीं वोअगरा तरय करूँ शायद कामिनी दीदी की छूट मार सकूँ इसलिए मेने एक टेबलेट अलमीरा से निकली और दूध के साथ खा ली.
में टेबलेट लेकर दूध उठाया और कामिनी दीदी को दिया तो वो दूध पि गयी तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- दीदी आज जीजू कहाँ गए.
कामिनी दीदी,-- वो टूर पर गए ह और तीन दिन बाद आएंगे.
में.,-- ओह्ह दीदी तब तो आप को बहुत खुजली हो रही होगी.
अनवर ,-- तो आपके घर में कोई नहीं ह अभी.
कामिनी दीदी,-- घर में hi नहीं पूरी बिल्डिंग में सिर्फ दो तीन परिवार ह छूती की वजह से सब अपने अपने गाँव चले गए.
अनवर ,-- ओह्ह , तब आप अकेली कैसे रहती हो.
कामिनी दीदी ,-- वही तो में एक ब्यूटी पारलर में जॉब करती हु पर उसकी भी छूती ह .
अनवर ,-- कोनसे ब्यूटी पारलर में दीदी.
कामिनी दीदी,-- थोड़ा सा दूर ह हनी ब्यूटी पारलर.
मेने जब ये नाम सुना तो सर चक्र गया .उसी ब्यूटी पारलर में मेने ऑनलाइन बुकिंग करवाकर दीदी को उनके बर्थडे पर तैयार करवाया था और उसके ऊपर स्पा भी था जिसमे मसाज के नाम पर धंधा होता जो मुझे वो औरत बता चुकी थी और मुझे कुछ फोटो भी भेजी थी पर उसमे कामिनी दीदी का फोटो नहीं था .
इसका मतलब कामिनी दीदी ने दीदी को तैयार नहीं किया था और न hi वो खुलकर धंधा करती थी .
में,-- दीदी उस ब्यूटी पारलर में तो स्पा और उसके आलावा भी बहुत कुछ होता ह.
कामिनी दीदी,-- हम्म .
में.,-- तो आप फिर कोनसे डिपार्टमेंट में काम करती हो.
कामिनी दीदी,-- स्पा में .
में.,-- तब तो आपको मसाज बहुत अच्छी तरह से आती होगी.
कामिनी दीदी,-- असल में उसमे मसाज की जरुरत hi नहीं ह.
में.,-- क्यों
कामिनी दीदी,-- उसमे ज्यादातर पैसे वाले घरों के लड़के आते ह जो सिर्फ एन्जॉय करने आते ह.
में.,-- वो कैसे थोड़ा खुलकर बताओ ना.
कामिनी दीदी ,-- उनको मसाज से मतलब नहीं होता बस उनके बदन पर तेल लगाओ तो गरम हो जाते ह और फिर हाथ से hi झाड़ जाते ह और एक अध् को मुंह से झड़वाने पड़ता ह जिसके लिए वो एक्स्ट्रा फीस देते ह.
में.,-- तब तो आपने बहुत लोगो के लुंड देखे होंगे.
कामिनी दीदी,-- बेशरम, में रोज नहीं जाती अनुज की अनुपस्थिति में कभी कभार hi जाती हु वो भी एक दो घंटे जब टाइम पास करना हो.
मुझ पर टेबलेट का असर हो रहा था और मेरी धड़कन बढ़ चुकी थी आँखे लाल होने लगी थी बप भी बढ़ने लगा था जिससे मुझे कामिनी की ब्लाउज में कैद चूचियों तेजी से ऊपर निचे होते दिखने लगी थी.
में.,-- दीदी आप आराम से रिलैक्स हो जाइये और अंदर जाकर दूसरे कपडे पहन लीजिये क्योंकि सोना को रूम से बाहर सिर्फ साड़ी hi पहनने की परमिशन ह.
कामिनी दीदी,-- पर मेरे नाप के कपडे .
में.,-- आप उस रूम में जाइये उसमे आपकी नाप की ड्रेस मिल जाएगी .नहीं मिले तो ब्रा पेंटी में आ जाना .वैसे भी गाउन सब फ्री साइज ह .
कामिनी दीदी मुस्करा कर ,-- तुम मुझे भी पूरी बेशरम बना डोज.
में.,-- सिर्फ बेशरम hi नहीं बनाएंगे दीदी साथ में बेवफा , बेहया और गस्ती भी बना देंगे .
मेरी बात सुनकर दीदी उठकर रूम में जाने लगी तो हम दोनों की नजर उसकी गांड पर टिक गयी .कामिनी दीदी की 36 की गांड पूरी मटक रही थी और मेरे लुंड को भी मटका रही थी .रूम में घुसने से पहले उन्होंने पीछे मुद कर देखा तो हमें अपनी गांड को घूरते हुए देखकर मुस्करा दी .
जब वो गेट पर पहुंची तो मेने उनको इशारे से वापस बुलाया तो वो वापस आयी .
में.,-- दीदी अब वापस जाओ.
कामिनी दीदी,-- फिर बुलाया क्यों था.
में.,-- आपकी गांड की थिरकन देखनी थी .
कामिनी दीदी,-- शैतान.
में अपने बरमूडा के ऊपर से उठे लुंड की तरफ इशारा करके ,-- देखो आपकी मेच्योर और वेलसप गांड ने इस शैतान का सर उठा दिया.
दीदी मुस्करा कर मुझे आँख मरी और पहले से ज्यादा गांड मटकती हुयी रूम में चली गयी.
उन्होंने गेट बंद कर लिया तो अनवर बोलै ,-- बहुत सेक्सु गांड ह कामिनी दीदी की .
में.,-- हम्म , आज इनकी गांड को भी महसूस करने का मौका मिलेगा .
अनवर ,-- सिर्फ महसूस hi करोगे.
में.,-- नहीं आज में इसे चुदुँगा मुझे मोती गांड वाली औरते छोड़ने में मज़ा आता ह.
अनवर ,-- गांड तो सोभा की भी मोती ह यार मस्त टेबल बजता ह .
में.,-- सोभा अगर मुझे मौका देगी तो में उसकी गांड जरूर चाटूँगा.
अनवर ,-- मामू से बात कर लेना वो जरूर चटवा देंगे.
दीदी फर्श पर बैठी हुयी हम दोनों को देख रही थी और अपनी छूट मसल रही थी. हम दोनों भी अपने लोदो को मसल रहे थे .
अनवर ,-- सेल तूने मस्त माल फसाया ह अब दोनों को जमकर छोड़ेंगे.
में.,-- जीजू आपने उसे बहन क्यों बना लिया.
अनवर ,-- सेल जो मज़ा बहन को छोड़ने में ह वो मज़ा किसी और रिश्ते में नहीं ह . वैसे कामिनी बहुत सेक्सी ह यार.
में.,-- हम्म स्पा में जाती ह तो लोगो ने बना दिया .
अनवर ,-- वो कैसे .
में.,-- यार स्पा में बड़े घर के लड़के लड़कियों से नुदे करवाके मसाज करवाते ह और कुछ तो लड़कियों के बूब्स से मसाज करवाते ह इसलिए दीदी के बूब्स और गांड का साइज मस्त हो गया ह.
अनवर ,-- आज हम भी कामिनी दीदी से मसाज करवाएंगे.
में.,-- हम्म. कामिनी दीदी को बोलकर इस कुटिया को भी मसाज सिखवा देंगे ताकि इसके भी बोबे बड़े हो jaye.aur आने वाले समय में इसके काम आये.
अनवर ,-- हम्म , वैसे देखो इसके बोबे पहले से बड़े लगने लगे ह .
में.,-- हम्म , पर जीजू अभी भी इन पर बहुत म्हणत करनी पड़ेगी आपको.
अनवर मेरी बात सुनकर दीदी के बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से पकड़ लिया और उनके आधे खुले बूब्स को दोनों हाथों से मसलने लगा . दीदी जोर जोर से सिसकने लगी
में ,-- जीजू इतने से क्या होगा साली की चुकी को इतना जोर से मसलो की इसकी चीखे पूरी कॉलोनी सुने तभी इसके बोबे जल्दी बड़े होंगे.
अनवर ने दीदी को बोबे कसकर मसलने शुरू कर दिए तो दीदी की चीखे पुरे घर में गूंजने लगी
तो बे कॉन्टिनोएड....
में.,-- में देखता हु जीजू.
अनवर ,-- हम्म , देखना की वो बाहर से hi चला जाये क्योंकि ऐसे वो हमारी स्लेव को देखेगा तो क्या सोचेगा.
में.,-- हम्म .
मेने उठकर गेट खोला तो सामने कामिनी दीदी थी .मेने उन्हें प्रणाम किया और पूछा क्या काम ह तो वो बोली की अंदर नहीं बुलाओगे. उनके हाथ में एक ठेला था और सूंदर सा मेकअप किया था .में बाहर निकलकर
में,-- दीदी अंदर हम लोगों का गेम चल रहा ह.
कामिनी ,-- कैसा गेम.
में.,-- सेक्स गेम .
कामिनी ,-- मुझे नहीं दिखाओगे सेक्स गेम.
में.,-- वो असल में आज दीदी को हमने अपनी सेक्स स्लेव बनाया हुआ ह.
कामिनी अपनी छूट खुजाकर ,' तो मुझे भी शामिल कर लो अपने गेम में.
में.,-- पर दीदी आप को शायद अच्छा नहीं लगेगा .
कामिनी ,-- क्यों भैया .
में.,-- असल में हमारा गेम बहुत सेक्सी ह और उसमे हम दीदी को गन्दी गालिया देकर उन्हें जलील करके फिर अनवर जीजू दीदी की चुदाई करेंगे.
मेरी बात सुनकर कामिनी दीदी ने अपनी छूट खुजाई और बोली ,-- तो यार मुझे भी अपने गेम में शामिल कर लो.
में.,-- तुम नंगी हो जाओगी हमारे सामने .
कामिनी ,-- सिर्फ नंगी hi नहीं .में तो आयी hi छुड़वाने थी देखो मेरे पास कुछ सामान भी ह जो में हार्डकोर के लिए लायी हु.
में.,-- रुको में जीजू से पूछ लेता हूँ आप गेट पर hi रुकना.
कामिनी ,-- ok में वेट कर रही हु.
में गेट बंद करके अंदर आया तो अनवर बोलै ,-- कोण था रोहित.
में.,-- यार वो बगल में रहने वाली भाभी ह वो मुझे भाई बना चुकी ह देखो उसी की बंधी हुयी राखी ह ये.
अनवर ,-- ओह्ह , तो चली गयी क्या वो.
में.,-- नहीं वो भी हमारे गेम में शामिल होना चाहती ह.
अनवर अपने लुंड को मसलकर ,-- यार माल तो मस्त ह वो छोड़ने में मज़ा आएगा उसे .
में.,-- तो बुला लू उसे फिर.
अनवर ,-- तू सेल यही पूछने आया ह क्या इसमें पूछने की बात कहाँ ह बुला उसे उसके सामने इस रंडी को बेशरम बनाने में मज़ा आएगा.
दीदी ने अनवर की बात सुनी तो उसकी आँखों में दर दिखा जो शायद उसके बदनाम होने का होगा इसलिए में बोलै.
में.,-- वो इस रंडी को पहले भी छुड़वाते हुए देख चुकी .
अनवर ,-- कब .
में.,-- उस दिन बालकनी में छुड़वा रही थी तब भी देखा था और परसो छत से भी देख चुकी .
अनवर ,-- तब तो उसे भी छोड़ना होगा बुला ले उसको.
में.,-- बोल रंडी बनेगी बेशरमी रैंड उसके सामने .
सोनाक्षी दीदी,-- जैसी आपदोनो को इच्छा मालिक.
में.,- वो गेट पर hi कड़ी ह रुको बुलाता hu.tumko ऐसे hi स्लेव बनकर रहना ह भोसड़ी वाली .
दीदी मेरी बात सुनकर मुस्करा उठी उसे जलील होने में मज़ा आ रहा था और मुझे भी अपनी सगी दीदी को अनवर के सामने बेइज्जत करने में मज़ा आ रहा ह था .मेरा लुंड पूरा बेकाबू था .
मेने गेट खोलकर कामिनी दीदी के पास गया और उनको सब कुछ समझकर अंदर आने को कहा तो वो अंदर आ गयी उन्होंने बैग को एक तरफ रखा तो अनवर ने उठकर नमस्ते कहा और बोलै.
अनवर ,-- नमस्ते दीदी .
कामिनी दीदी, -- अरे आप भी मुझे दीदी hi बोलोगे आप तो सोना के शोहर हो ना.
अनवर ,-- हाँ पर आपका भाई hi रहूँगा .
कामिनी दीदी, -- अच्छा, वो क्यों .
अनवर ,-- जो मज़ा बहन के साथ ह वो साली के साथ नहीं . इनसे मिले ये मेरी स्लेव सानिया.
कामिनी दीदी,-- तो आपने इसका नाम भी बदल दिया .
अनवर ,-- हाँ , जब तक मेरी बेगम ह तब तक सानिया खान hi रहेगी . चल कुटिया मेरी दीदी को प्रणाम कर.
दीदी ने कामिनी दीदी को प्रणाम किया तो कामिनी दीदी ने आशीर्वाद देकर कहा ,' --बहुत किस्मत वाली ह तू जो तुझे रोहित जैसा बहनचोद भाई और अनवर जीजू जैसे हवसी भरतार मिला ह .
दीदी ,-- थैंक्स दीदी . दोनों मिलकर मुझे पूरा सेक्स एन्जॉय करवा रहे ह.
अनवर दीदी की गांड पर सपाट मारकर ,-- साली ये तेरी दीदी नहीं मालकिन ह. चल इन से माफ़ी मांग.
दीदी ,-- सॉरी मालकिन .
अनवर ,-- कैसी ह दीदी हमारी स्लेव. हम दोनों मिलकर इसे बेशरम , बदचलन, बाज़ारू रैंड बना रहे ह दीदी.
कामिनी दीदी ने दीदी को ऊपर से निचे तक देखा और फिर बोली ,-- बहुत सूंदर और सेक्सी ह भाई. साली तक़दीर वाली ह जिसे ऐसी ट्रेनिंग घर पर hi मिल रही ह और वो भी सगा भाई साथ दे रहा ह.
अनवर ,-- यार रोहित ,दीदी पहली बार घर आयी ह कुछ खाने पिने को नहीं पूछोगे.
में.,-- सॉरी जीजू, दीदी आप क्या लेंगी कुछ गरम या ठंडा .
कामिनी दीदी, -- नहीं अनवर में नास्ता कर के आयी हूँ अभी अभी.
में.,-- दीदी ऐसा नहीं चलेगा कुछ तो लेना पड़ेगा , एक काम करता हु दूध ले आता हु एक गिलास.
कामिनी दीदी,-- ठीक ह ले आओ .
में उठकर किचन की तरफ गया और एक गिलास दूध कामिनी दीदी को दे दिया.
मेने किचन में आकर टेबलेट को पीसकर दूध में मिलाया और सोचा की में भी क्यों नहीं वोअगरा तरय करूँ शायद कामिनी दीदी की छूट मार सकूँ इसलिए मेने एक टेबलेट अलमीरा से निकली और दूध के साथ खा ली.
में टेबलेट लेकर दूध उठाया और कामिनी दीदी को दिया तो वो दूध पि गयी तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- दीदी आज जीजू कहाँ गए.
कामिनी दीदी,-- वो टूर पर गए ह और तीन दिन बाद आएंगे.
में.,-- ओह्ह दीदी तब तो आप को बहुत खुजली हो रही होगी.
अनवर ,-- तो आपके घर में कोई नहीं ह अभी.
कामिनी दीदी,-- घर में hi नहीं पूरी बिल्डिंग में सिर्फ दो तीन परिवार ह छूती की वजह से सब अपने अपने गाँव चले गए.
अनवर ,-- ओह्ह , तब आप अकेली कैसे रहती हो.
कामिनी दीदी ,-- वही तो में एक ब्यूटी पारलर में जॉब करती हु पर उसकी भी छूती ह .
अनवर ,-- कोनसे ब्यूटी पारलर में दीदी.
कामिनी दीदी,-- थोड़ा सा दूर ह हनी ब्यूटी पारलर.
मेने जब ये नाम सुना तो सर चक्र गया .उसी ब्यूटी पारलर में मेने ऑनलाइन बुकिंग करवाकर दीदी को उनके बर्थडे पर तैयार करवाया था और उसके ऊपर स्पा भी था जिसमे मसाज के नाम पर धंधा होता जो मुझे वो औरत बता चुकी थी और मुझे कुछ फोटो भी भेजी थी पर उसमे कामिनी दीदी का फोटो नहीं था .
इसका मतलब कामिनी दीदी ने दीदी को तैयार नहीं किया था और न hi वो खुलकर धंधा करती थी .
में,-- दीदी उस ब्यूटी पारलर में तो स्पा और उसके आलावा भी बहुत कुछ होता ह.
कामिनी दीदी,-- हम्म .
में.,-- तो आप फिर कोनसे डिपार्टमेंट में काम करती हो.
कामिनी दीदी,-- स्पा में .
में.,-- तब तो आपको मसाज बहुत अच्छी तरह से आती होगी.
कामिनी दीदी,-- असल में उसमे मसाज की जरुरत hi नहीं ह.
में.,-- क्यों
कामिनी दीदी,-- उसमे ज्यादातर पैसे वाले घरों के लड़के आते ह जो सिर्फ एन्जॉय करने आते ह.
में.,-- वो कैसे थोड़ा खुलकर बताओ ना.
कामिनी दीदी ,-- उनको मसाज से मतलब नहीं होता बस उनके बदन पर तेल लगाओ तो गरम हो जाते ह और फिर हाथ से hi झाड़ जाते ह और एक अध् को मुंह से झड़वाने पड़ता ह जिसके लिए वो एक्स्ट्रा फीस देते ह.
में.,-- तब तो आपने बहुत लोगो के लुंड देखे होंगे.
कामिनी दीदी,-- बेशरम, में रोज नहीं जाती अनुज की अनुपस्थिति में कभी कभार hi जाती हु वो भी एक दो घंटे जब टाइम पास करना हो.
मुझ पर टेबलेट का असर हो रहा था और मेरी धड़कन बढ़ चुकी थी आँखे लाल होने लगी थी बप भी बढ़ने लगा था जिससे मुझे कामिनी की ब्लाउज में कैद चूचियों तेजी से ऊपर निचे होते दिखने लगी थी.
में.,-- दीदी आप आराम से रिलैक्स हो जाइये और अंदर जाकर दूसरे कपडे पहन लीजिये क्योंकि सोना को रूम से बाहर सिर्फ साड़ी hi पहनने की परमिशन ह.
कामिनी दीदी,-- पर मेरे नाप के कपडे .
में.,-- आप उस रूम में जाइये उसमे आपकी नाप की ड्रेस मिल जाएगी .नहीं मिले तो ब्रा पेंटी में आ जाना .वैसे भी गाउन सब फ्री साइज ह .
कामिनी दीदी मुस्करा कर ,-- तुम मुझे भी पूरी बेशरम बना डोज.
में.,-- सिर्फ बेशरम hi नहीं बनाएंगे दीदी साथ में बेवफा , बेहया और गस्ती भी बना देंगे .
मेरी बात सुनकर दीदी उठकर रूम में जाने लगी तो हम दोनों की नजर उसकी गांड पर टिक गयी .कामिनी दीदी की 36 की गांड पूरी मटक रही थी और मेरे लुंड को भी मटका रही थी .रूम में घुसने से पहले उन्होंने पीछे मुद कर देखा तो हमें अपनी गांड को घूरते हुए देखकर मुस्करा दी .
जब वो गेट पर पहुंची तो मेने उनको इशारे से वापस बुलाया तो वो वापस आयी .
में.,-- दीदी अब वापस जाओ.
कामिनी दीदी,-- फिर बुलाया क्यों था.
में.,-- आपकी गांड की थिरकन देखनी थी .
कामिनी दीदी,-- शैतान.
में अपने बरमूडा के ऊपर से उठे लुंड की तरफ इशारा करके ,-- देखो आपकी मेच्योर और वेलसप गांड ने इस शैतान का सर उठा दिया.
दीदी मुस्करा कर मुझे आँख मरी और पहले से ज्यादा गांड मटकती हुयी रूम में चली गयी.
उन्होंने गेट बंद कर लिया तो अनवर बोलै ,-- बहुत सेक्सु गांड ह कामिनी दीदी की .
में.,-- हम्म , आज इनकी गांड को भी महसूस करने का मौका मिलेगा .
अनवर ,-- सिर्फ महसूस hi करोगे.
में.,-- नहीं आज में इसे चुदुँगा मुझे मोती गांड वाली औरते छोड़ने में मज़ा आता ह.
अनवर ,-- गांड तो सोभा की भी मोती ह यार मस्त टेबल बजता ह .
में.,-- सोभा अगर मुझे मौका देगी तो में उसकी गांड जरूर चाटूँगा.
अनवर ,-- मामू से बात कर लेना वो जरूर चटवा देंगे.
दीदी फर्श पर बैठी हुयी हम दोनों को देख रही थी और अपनी छूट मसल रही थी. हम दोनों भी अपने लोदो को मसल रहे थे .
अनवर ,-- सेल तूने मस्त माल फसाया ह अब दोनों को जमकर छोड़ेंगे.
में.,-- जीजू आपने उसे बहन क्यों बना लिया.
अनवर ,-- सेल जो मज़ा बहन को छोड़ने में ह वो मज़ा किसी और रिश्ते में नहीं ह . वैसे कामिनी बहुत सेक्सी ह यार.
में.,-- हम्म स्पा में जाती ह तो लोगो ने बना दिया .
अनवर ,-- वो कैसे .
में.,-- यार स्पा में बड़े घर के लड़के लड़कियों से नुदे करवाके मसाज करवाते ह और कुछ तो लड़कियों के बूब्स से मसाज करवाते ह इसलिए दीदी के बूब्स और गांड का साइज मस्त हो गया ह.
अनवर ,-- आज हम भी कामिनी दीदी से मसाज करवाएंगे.
में.,-- हम्म. कामिनी दीदी को बोलकर इस कुटिया को भी मसाज सिखवा देंगे ताकि इसके भी बोबे बड़े हो jaye.aur आने वाले समय में इसके काम आये.
अनवर ,-- हम्म , वैसे देखो इसके बोबे पहले से बड़े लगने लगे ह .
में.,-- हम्म , पर जीजू अभी भी इन पर बहुत म्हणत करनी पड़ेगी आपको.
अनवर मेरी बात सुनकर दीदी के बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से पकड़ लिया और उनके आधे खुले बूब्स को दोनों हाथों से मसलने लगा . दीदी जोर जोर से सिसकने लगी
में ,-- जीजू इतने से क्या होगा साली की चुकी को इतना जोर से मसलो की इसकी चीखे पूरी कॉलोनी सुने तभी इसके बोबे जल्दी बड़े होंगे.
अनवर ने दीदी को बोबे कसकर मसलने शुरू कर दिए तो दीदी की चीखे पुरे घर में गूंजने लगी
तो बे कॉन्टिनोएड....