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- Dec 5, 2013
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में.,-- ठीक hi किया ह सोहैल भैया ने .आप की गांड बड़ी हो जाएगी.
दीदी ,-- aa..h.. बेशरम, तुझे बहुत मज़ा आएगा जब मेरी गांड मोती हो जाएगी.
में.,-- दीदी मुझे नहीं आप को मज़ा आएगा जब आप ज्यादा सेक्सी दिखोगी तो आप लोगो की नजर में आओगी और लोग मेरे जीजू बन ने के लिए तरसेंगे.
दीदी ,-- उन......... तू अपने होने वाले जीजू से बोलना की वो मेरी गांड ज्यादा चोदे.
में.,-- जीजू आपकी बात नहीं मानेंगे क्या.
दीदी ,-- म...... य..... नए जीजू मेरी बात से ज्यादा तेरी बात मानेंगे...
सोहैल ने दीदी को अगले दीस मिंट तक रेल बना दिया दीदी की चीखे अब कामुक सिसकियों में बदल चुकी थी और वो बेशरम होकर मेरी आँखों में देखकर गांड मरवा रही थी.
दीदी ,--- बेशरम ....आ.... उधर फिल्म देख न . मुझे hi क्या देखे जा रहा ह.
में.,--- फिल्म में आप जैसी हेरोइन थोड़े hi ह.
दीदी ,-- u.i.ma... फिर कैसी ह.
में.,-- बहुत चूड़ी हुयी रंडी जैसी ह .
दीदी ,-- रोहित में झड़ने वाली हु तू भी लुंड मुठिया ले अब.
मेने अपना लुंड जो दीदी की गांड चुड़ते देखकर झड़ने के करीब था .उसे पेण्ट की बेल्ट खोलकर बाहर किया और दीदी की आँखों में देखते हुए दो तीन बार आगे पीछे किया तो लुंड ने फिर से वीर्य फेंक दिया. दीदी सिसकते हुए मुझे आँख मरी तो मेने भी उन्हें आँख मरी और लुंड से पूरा वीर्य निकलने को छोड़ दिया.
थोड़ी देर बाद दीदी का बदन हिलना बंद हो गया तो में समझ गया की अब सोहैल भैया ने अपना माल दीदी की गांड में भर दिया होगा.
सोहैल भैया अपने कपडे उठाकर पहन ने लगे तो दीदी ने भी अपने कपडे ढूंढे पर सोहैल भैया ने उनकी ब्रा पेंटी उठा ली और दीदी की तरफ सलवार कुरता कर दिया.
दीदी ने जल्दी से सलवार कुरता पहन लिया क्योंकि फिल्म ख़त्म होने वाली थी .दीदी कपडे पहनकर बाल सही करने लगी तभी लाइट जल गयी. तो सोहैल भैया बोले
सोहैल भैया,-- भाभी जान आप इधर से आइये मेरे साथ .
हम दोनों उनके पीछे गए तो वो हमें एक दूसरे रस्ते से निचे लेकर गए और अपनी ऑफिस में जाने लगे साथ hi हमें भी बुलाया.
दीदी को पेशाब लगी थी तो वो मुझसे बोली की मुझे सु सु करना ह .
में.,-- दीदी अब बोल्ड बनो और ये बात अपने देवर को बोलो.
दीदी,-- फिर तू क्या करेगा . तुझे साथ रखने का क्या फायदा.
में मुस्करा कर रह गया तो दीदी भी मुस्कराई और हम सोहैल भैया के ऑफिस में पहुँच गए.
में ऑफिस में पहुँचते hi बोलै ,-- सोहैल भैया दीदी को टॉयलेट जाना ह .
सोहैल भैया,-- हम्म इधर चली जाइये भाभी जान ये मेरा पर्सनल टॉयलेट ह. दीदी सोहैल भैया की बगल से होते हुए उनकी टेबल के पास लगे गेट में घुस गयी.
दीदी ऑफिस में बने टॉयलेट में चली गयी तो उनकी छूट से वही मधुर सिटी की आवाज हम दोनों को सुनाई देने लगी. जिसे सुनकर हम दोनों के चेहरे पर मुस्कान आ गयी तो सोहैल भैया बोले ,-- थैंक्स रोहित.
में मुस्कराया और बोलै ,-- मज़ा आया सोहैल भैया.
सोहैल भैया, -- हाँ पर सोना थोड़ी सी और बोल्ड हो जाएगी तो ज्यादा मज़ा आएगा. वैसे समीर ने काफी हद तक इसकी शर्म दूर कर दी ह और तुम भी बहुत साथ दे रहे हो.
में.,-- समीर भैया को आप कैसे जानते हो सोहैल भैया.
सोहैल भैया,-- समीर मेरा दोस्त ह और रिस्तेदार भी .जहा तुम एक बार सोना को लेकर गए थे एक फलते में छुड़वाने.
में.,-- वो आपका फ्लैट था.
सोहैल भैया,-- मेरा बहुत बड़ा कारोबार ह . समीर भी मेरा hi काम देखता ह .और समीर के थ्रू में सोना के बारे में हर बात जनता हु .
में. -- समीर भैया ने hi सब बताया होगा आपको.
सोहैल भैया,-- hmm..tum सोना के हनीमून को स्पेशल बना सकते हो.
मेरा मुंह खुला रह गया सोहैल भैया की बात सुनकर की आखरी कितने लोग ह जो दीदी के बारे में जानते ह.
सोहैल भैया,-- मेरी सेक्स टॉयज की दुकान तो तुम देख hi चुके हो ये लो इसमें कुछ टेबलेट ह तुम कल से डेली सोना को एक एक टेबलेट चुपके से किसी चीज में मिलकर खिला देना उसकी छूट में खुजली होगी तो वो शर्म छोड़ देगी.
मेने वो टेबलेट जेब में दाल ली तभी सोनाक्षी दीदी भी बाहर आ गयी तो मेरी नजर उनकी ड्रेस पर गयी उनकी निप्पल कुर्ती को उठाये हुए थी ब्रा नहीं होने से.
दीदी ने जब मेरी नजर अपनी चुकी पर देखि तो लजा गयी क्योंकि वो बिना ब्रा के थी.
सोहैल भैया ने एक बॉक्स दीदी को दिया और बोलै ,-- भाभी जान आपके लिए ये छोटा सा गिफ्ट.
फिर सोहैल भैया ने मुझे भी एक छोटा सा पैकेट गिफ्ट किया तो दीदी ने सोहैल भैया को थैंक्स कहा और हम बाहर आ गए .
रस्ते से मेने खाना पैक करवाया . दीदी जल्दी से घर पहुँच न चाहती थी क्योंकि उसे बिना ब्रा बहुत अजीब लग रहा था . फ्लैट पर पहुंचकर अंदर गए तो दीदी नहाने चली गयी . में भी नहाकर आया तो दीदी ने मेरे होंठो पर पहली बार चुम्बन लिया.
दीदी ,-- थैंक्स बीआरओ.
में.,-- किसलिए दीदी.
दीदी ,-- आज सिनेमा हॉल में बहुत मज़ा आया मुझे सोहैल के साथ
में.,-- ओह्ह , तभी. भाई पर प्यार आ रहा ह आपको.
दीदी ,-- चल पहले खाना खा लेते ह . बहुत जोर से भूख लगी ह.
में.,-- हाँ दीदी आप ने दो घंटे तक कितनी एक्सरसाइज की ह.
दीदी मुस्कराकर प्यार से मेरे गाल को ऐंठकर खाना लगाने लगी.
हम दोनों ने खाना खाया तो में बर्तन उठाकर धोने के लिए ले जाने लगा तो दीदी बोली ,-- काया कर रहे हो.
में.,-- में उन्हें धो दूंगा आप रेस्ट कर लो दीदी.
दीदी ,--- ऐसा भी कोई म्हणत वाला काम नहीं किया जो बर्तन भी नहीं धो सकूँ.
में.,-- ओह्ह दीदी आप को कमजोरी आ जाएगी आप थोड़ा सा रेस्ट कर लीजिये और इस से ज्यादा जरुरी काम ह वो कीजिये में अभी धोकर जूस लेकर आता हु.
दीदी ,-- इस से ज्यादा क्या जरुरी क्या काम ह मुझे .
में.,-- दीदी आप भूल गयी कर समीर भैया ने क्या कहा था.
दीदी ,-- क्या कहा था.
में.,-- वो आपको लगा कर रखना ह .
दीदी ,-- क्या .
में.,-- ओफ्फो ... वो बूत प्लग .
दीदी मेरी बात सुनकर लजा गयी तो में बर्तन लेकर किचन में आ गया थोड़ी देर बाद मेने बर्तन धो लिए तो दीदी किचन में आ गयी और मेरे सर पर हाथ रखकर बोली ,-- लव ु बीआरओ.
में मुस्करा कर दीदी के गले लग गया .दीदी ने ड्रेस चेंज कर ली थी अब उसने गाउन की जगह स्कर्ट टॉप पहन लिया था .
वो मुझे माथे पर किश करके अलग हुयी और किचन के गेट पर जाकर मुड़ी और स्कर्ट ऊपर करके बोली ,-- ले देख ले मेने तेरे जीजू का कहा काम कर लिया ह.
मेरी नजर दीदी के स्कर्ट में गयी .दीदी झुक कर अपनी गांड को दिखाई जिसमे उन्होंने बट प्लग लगाया हुआ था .दीदी ने पेंटी नहीं पहनी थी और दीदी की गोरी गांड देखकर मेरा लुंड फिर से खड़ा हो गया.
दीदी बहार चली गयी तो में जूस बनाने लगा और फिर दो गिलास जूस लेकर बाहर गया तो दीदी मुझे देखकर मुस्कराई तो मेने उनके आगे ट्रे कर दी.
दीदी जूस पिने लगी तो में भी जूस पिया तभी मेरा फ़ोन बजा जो मेरे रूम में था .में उठकर अपने रूम में आया और फ़ोन देखा तो समीर भैया का था.
मेने फ़ोन को कान से लगाकर hello बोलै तो समीर भैया बोले ,-- थैंक्स रोहित.
में.,-- किसलिए भैया.
समीर भैया,-- सोहैल जी बहुत खुश हुए आज . तुम्हारे काम से.
में.,-- ऐसा क्या कर दिया मेने.
समीर भैया,-- वो बहुत रसूख वाले आदमी ह और तुम अगर सोना का हाथ पकड़कर उनके कंधे पर नहीं रखते तो वो शायद कुछ नहीं करते.
में.,-- वो तो समीर भैया आप अभी आने वाले नहीं थे और अशोक भैया के यहाँ नाप देते समय दीदी पूरी गरम हो चुकी थी इसलिए में उनके लिए और क्या करता.
समीर भैया,-- हम्म , मुझे भी समझ में आ गया था की सोना से बर्दास्त करना मुश्किल होगा इसलिए तुम्हे वात्सप्प किया था.
में.,-- थैंक्स समीर भैया, दीदी ने बहुत एन्जॉय किया सोहैल भैया के साथ .
समीर भैया,-- तुम्हे दीदी के साथ थोड़ा और ओपन होना पड़ेगा रोहित .
में.,-- कैसे भैया .
समीर भैया,-- उसे अभी भी तुम्हारे सामने खुलकर बोलने और छोड़ने में शर्म आती ह इसलिए पूरा मज़ा नहीं कर पति.
में.,-- हम्म ,ये तो ह समीर भैया.
समीर भैया,-- अब परसो से तुम्हे उसके साथ पूरा फ्रेंडली होना ह . और तुम्हे में कुछ टिप्स भेजूंगा तुम उसे अपने हिसाब से उसके शोहर से करवाना.
में.,-- जी भैया .
समीर भैया,-- सोहैल सर बहुत टैरिफ कर रहे थे तुम्हारी .अगर तुम्हे आगे कोई प्रॉब्लम हो तो तुम उनसे बात कर लेना .
में.,-- जी भैया.
में फ़ोन काट कर बाहर आया तो दीदी किसी से बात कर रही थी तो वो मुझे देखते hi वो अपने रूम में चली गयी. मुझे डाउट हुआ की कोण हो सकता ह इसलिए जल्दी से खिड़की के पास पहुंचा और खिड़की से कान लगा लिया.
दीदी बस हाँ हूँ किये जा रही थी और दूसरी तरफ का में सुन नहीं सकता था तभी दीदी बोली ,-- मम्मी , रोहित सब कर देगा आप टेंशन मत लो.
मेने इसके आगे सुन न जरुरी नहीं समझा और हॉल में टीवी देखने लगा थोड़ी देर में दीदी भी बाहर आयी और टीवी देखने लगी.
में.,-- किसका फ़ोन था दीदी.
दीदी ,-- मम्मी का था .
में.,-- ओह्ह , क्या बोल रही थी
दीदी ,-- यही की जितने मज़े करने ह कर ले अभी फिर तो बाकि की जिंदगी चूल्हा चुका hi संभालना ह.
में.,-- हम्म.
दीदी ,-- रोहित कल मेहँदी लगाने एक लड़का और लड़की आएंगे.
में.,-- उसमे कोई खास बात नहीं ह दीदी आजकल लड़के भी मेहँदी लगते ह लड़कियों को.
दीदी ,-- पागल मम्मी बोल रही ह की तेरे जीजू को पुरे बदन पर मेहँदी लगी हुयी चाहिए उस रात.
में.,-- पुरे बदन पर कैसे दीदी.
दीदी ,-- पुरे हाथ कंधे तक ,पाँव पर जांघ तक, थोड़ी ऊपर निचे भी .
में.,-- ऊपर निचे कहाँ .
दीदी ,-- जब तू ऊपर निचे बोलता ह तब तुझे समझ आ जाती ह अभी नहीं आ रही.
में.,-- ओह्ह , मतलब जीजू को चुकी और गांड पर भी मेहँदी लगवानी ह.
दीदी ,-- हम्म .
में.,-- कोई नहीं आप टेंशन मत लो में रहूँगा ना और फिर ये मेहँदी लगाने वाले बहुत प्रोफेशनल होते ह इसलिए चिंता मत करो.
दीदी ,-- रोहित तुम्हारी बाते सुनकर कभी कभी लगता ह की तुम 20 साल के नहीं बल्कि मेच्योर आदमी हो. थैंक्स बीआरओ ,तुम साथ रहते हो तो मुझ में बहुत हिम्मत आ जाती ह.
में.-- हम्म , और फिर आप हिम्मत करके सिनेमा हॉल में भी अपनी गांड मरवा लेती हो.
दीदी मेरी बात सुनकर झेंप गयी और नजर झुका li.to में बोलै.
में, -- अब किस बात की शर्म आ रही ह दीदी.
दीदी ,-- चुप.
में.,-- अब तो चुप करवायेगी hi आप , सिनेमा हॉल में तो बेशरमी से अपनी गांड मरवाते समय मेरी आँखों में देख रही थी.
दीदी ,-- अब तू पिटेगा मेरे हाथ से .
में.,-- हम्म , खुद अपने देवर से पिट कर आ गयी .
दीदी की आँखे गोल हो गयी और वो समझ गयी की में किस पिटाई की बात कर रहा हु.
दीदी मेरी तरफ बढ़ने लगी मरने को तो में उठकर अपने कमरे में भाग आया.
दीदी ,-- aa..h.. बेशरम, तुझे बहुत मज़ा आएगा जब मेरी गांड मोती हो जाएगी.
में.,-- दीदी मुझे नहीं आप को मज़ा आएगा जब आप ज्यादा सेक्सी दिखोगी तो आप लोगो की नजर में आओगी और लोग मेरे जीजू बन ने के लिए तरसेंगे.
दीदी ,-- उन......... तू अपने होने वाले जीजू से बोलना की वो मेरी गांड ज्यादा चोदे.
में.,-- जीजू आपकी बात नहीं मानेंगे क्या.
दीदी ,-- म...... य..... नए जीजू मेरी बात से ज्यादा तेरी बात मानेंगे...
सोहैल ने दीदी को अगले दीस मिंट तक रेल बना दिया दीदी की चीखे अब कामुक सिसकियों में बदल चुकी थी और वो बेशरम होकर मेरी आँखों में देखकर गांड मरवा रही थी.
दीदी ,--- बेशरम ....आ.... उधर फिल्म देख न . मुझे hi क्या देखे जा रहा ह.
में.,--- फिल्म में आप जैसी हेरोइन थोड़े hi ह.
दीदी ,-- u.i.ma... फिर कैसी ह.
में.,-- बहुत चूड़ी हुयी रंडी जैसी ह .
दीदी ,-- रोहित में झड़ने वाली हु तू भी लुंड मुठिया ले अब.
मेने अपना लुंड जो दीदी की गांड चुड़ते देखकर झड़ने के करीब था .उसे पेण्ट की बेल्ट खोलकर बाहर किया और दीदी की आँखों में देखते हुए दो तीन बार आगे पीछे किया तो लुंड ने फिर से वीर्य फेंक दिया. दीदी सिसकते हुए मुझे आँख मरी तो मेने भी उन्हें आँख मरी और लुंड से पूरा वीर्य निकलने को छोड़ दिया.
थोड़ी देर बाद दीदी का बदन हिलना बंद हो गया तो में समझ गया की अब सोहैल भैया ने अपना माल दीदी की गांड में भर दिया होगा.
सोहैल भैया अपने कपडे उठाकर पहन ने लगे तो दीदी ने भी अपने कपडे ढूंढे पर सोहैल भैया ने उनकी ब्रा पेंटी उठा ली और दीदी की तरफ सलवार कुरता कर दिया.
दीदी ने जल्दी से सलवार कुरता पहन लिया क्योंकि फिल्म ख़त्म होने वाली थी .दीदी कपडे पहनकर बाल सही करने लगी तभी लाइट जल गयी. तो सोहैल भैया बोले
सोहैल भैया,-- भाभी जान आप इधर से आइये मेरे साथ .
हम दोनों उनके पीछे गए तो वो हमें एक दूसरे रस्ते से निचे लेकर गए और अपनी ऑफिस में जाने लगे साथ hi हमें भी बुलाया.
दीदी को पेशाब लगी थी तो वो मुझसे बोली की मुझे सु सु करना ह .
में.,-- दीदी अब बोल्ड बनो और ये बात अपने देवर को बोलो.
दीदी,-- फिर तू क्या करेगा . तुझे साथ रखने का क्या फायदा.
में मुस्करा कर रह गया तो दीदी भी मुस्कराई और हम सोहैल भैया के ऑफिस में पहुँच गए.
में ऑफिस में पहुँचते hi बोलै ,-- सोहैल भैया दीदी को टॉयलेट जाना ह .
सोहैल भैया,-- हम्म इधर चली जाइये भाभी जान ये मेरा पर्सनल टॉयलेट ह. दीदी सोहैल भैया की बगल से होते हुए उनकी टेबल के पास लगे गेट में घुस गयी.
दीदी ऑफिस में बने टॉयलेट में चली गयी तो उनकी छूट से वही मधुर सिटी की आवाज हम दोनों को सुनाई देने लगी. जिसे सुनकर हम दोनों के चेहरे पर मुस्कान आ गयी तो सोहैल भैया बोले ,-- थैंक्स रोहित.
में मुस्कराया और बोलै ,-- मज़ा आया सोहैल भैया.
सोहैल भैया, -- हाँ पर सोना थोड़ी सी और बोल्ड हो जाएगी तो ज्यादा मज़ा आएगा. वैसे समीर ने काफी हद तक इसकी शर्म दूर कर दी ह और तुम भी बहुत साथ दे रहे हो.
में.,-- समीर भैया को आप कैसे जानते हो सोहैल भैया.
सोहैल भैया,-- समीर मेरा दोस्त ह और रिस्तेदार भी .जहा तुम एक बार सोना को लेकर गए थे एक फलते में छुड़वाने.
में.,-- वो आपका फ्लैट था.
सोहैल भैया,-- मेरा बहुत बड़ा कारोबार ह . समीर भी मेरा hi काम देखता ह .और समीर के थ्रू में सोना के बारे में हर बात जनता हु .
में. -- समीर भैया ने hi सब बताया होगा आपको.
सोहैल भैया,-- hmm..tum सोना के हनीमून को स्पेशल बना सकते हो.
मेरा मुंह खुला रह गया सोहैल भैया की बात सुनकर की आखरी कितने लोग ह जो दीदी के बारे में जानते ह.
सोहैल भैया,-- मेरी सेक्स टॉयज की दुकान तो तुम देख hi चुके हो ये लो इसमें कुछ टेबलेट ह तुम कल से डेली सोना को एक एक टेबलेट चुपके से किसी चीज में मिलकर खिला देना उसकी छूट में खुजली होगी तो वो शर्म छोड़ देगी.
मेने वो टेबलेट जेब में दाल ली तभी सोनाक्षी दीदी भी बाहर आ गयी तो मेरी नजर उनकी ड्रेस पर गयी उनकी निप्पल कुर्ती को उठाये हुए थी ब्रा नहीं होने से.
दीदी ने जब मेरी नजर अपनी चुकी पर देखि तो लजा गयी क्योंकि वो बिना ब्रा के थी.
सोहैल भैया ने एक बॉक्स दीदी को दिया और बोलै ,-- भाभी जान आपके लिए ये छोटा सा गिफ्ट.
फिर सोहैल भैया ने मुझे भी एक छोटा सा पैकेट गिफ्ट किया तो दीदी ने सोहैल भैया को थैंक्स कहा और हम बाहर आ गए .
रस्ते से मेने खाना पैक करवाया . दीदी जल्दी से घर पहुँच न चाहती थी क्योंकि उसे बिना ब्रा बहुत अजीब लग रहा था . फ्लैट पर पहुंचकर अंदर गए तो दीदी नहाने चली गयी . में भी नहाकर आया तो दीदी ने मेरे होंठो पर पहली बार चुम्बन लिया.
दीदी ,-- थैंक्स बीआरओ.
में.,-- किसलिए दीदी.
दीदी ,-- आज सिनेमा हॉल में बहुत मज़ा आया मुझे सोहैल के साथ
में.,-- ओह्ह , तभी. भाई पर प्यार आ रहा ह आपको.
दीदी ,-- चल पहले खाना खा लेते ह . बहुत जोर से भूख लगी ह.
में.,-- हाँ दीदी आप ने दो घंटे तक कितनी एक्सरसाइज की ह.
दीदी मुस्कराकर प्यार से मेरे गाल को ऐंठकर खाना लगाने लगी.
हम दोनों ने खाना खाया तो में बर्तन उठाकर धोने के लिए ले जाने लगा तो दीदी बोली ,-- काया कर रहे हो.
में.,-- में उन्हें धो दूंगा आप रेस्ट कर लो दीदी.
दीदी ,--- ऐसा भी कोई म्हणत वाला काम नहीं किया जो बर्तन भी नहीं धो सकूँ.
में.,-- ओह्ह दीदी आप को कमजोरी आ जाएगी आप थोड़ा सा रेस्ट कर लीजिये और इस से ज्यादा जरुरी काम ह वो कीजिये में अभी धोकर जूस लेकर आता हु.
दीदी ,-- इस से ज्यादा क्या जरुरी क्या काम ह मुझे .
में.,-- दीदी आप भूल गयी कर समीर भैया ने क्या कहा था.
दीदी ,-- क्या कहा था.
में.,-- वो आपको लगा कर रखना ह .
दीदी ,-- क्या .
में.,-- ओफ्फो ... वो बूत प्लग .
दीदी मेरी बात सुनकर लजा गयी तो में बर्तन लेकर किचन में आ गया थोड़ी देर बाद मेने बर्तन धो लिए तो दीदी किचन में आ गयी और मेरे सर पर हाथ रखकर बोली ,-- लव ु बीआरओ.
में मुस्करा कर दीदी के गले लग गया .दीदी ने ड्रेस चेंज कर ली थी अब उसने गाउन की जगह स्कर्ट टॉप पहन लिया था .
वो मुझे माथे पर किश करके अलग हुयी और किचन के गेट पर जाकर मुड़ी और स्कर्ट ऊपर करके बोली ,-- ले देख ले मेने तेरे जीजू का कहा काम कर लिया ह.
मेरी नजर दीदी के स्कर्ट में गयी .दीदी झुक कर अपनी गांड को दिखाई जिसमे उन्होंने बट प्लग लगाया हुआ था .दीदी ने पेंटी नहीं पहनी थी और दीदी की गोरी गांड देखकर मेरा लुंड फिर से खड़ा हो गया.
दीदी बहार चली गयी तो में जूस बनाने लगा और फिर दो गिलास जूस लेकर बाहर गया तो दीदी मुझे देखकर मुस्कराई तो मेने उनके आगे ट्रे कर दी.
दीदी जूस पिने लगी तो में भी जूस पिया तभी मेरा फ़ोन बजा जो मेरे रूम में था .में उठकर अपने रूम में आया और फ़ोन देखा तो समीर भैया का था.
मेने फ़ोन को कान से लगाकर hello बोलै तो समीर भैया बोले ,-- थैंक्स रोहित.
में.,-- किसलिए भैया.
समीर भैया,-- सोहैल जी बहुत खुश हुए आज . तुम्हारे काम से.
में.,-- ऐसा क्या कर दिया मेने.
समीर भैया,-- वो बहुत रसूख वाले आदमी ह और तुम अगर सोना का हाथ पकड़कर उनके कंधे पर नहीं रखते तो वो शायद कुछ नहीं करते.
में.,-- वो तो समीर भैया आप अभी आने वाले नहीं थे और अशोक भैया के यहाँ नाप देते समय दीदी पूरी गरम हो चुकी थी इसलिए में उनके लिए और क्या करता.
समीर भैया,-- हम्म , मुझे भी समझ में आ गया था की सोना से बर्दास्त करना मुश्किल होगा इसलिए तुम्हे वात्सप्प किया था.
में.,-- थैंक्स समीर भैया, दीदी ने बहुत एन्जॉय किया सोहैल भैया के साथ .
समीर भैया,-- तुम्हे दीदी के साथ थोड़ा और ओपन होना पड़ेगा रोहित .
में.,-- कैसे भैया .
समीर भैया,-- उसे अभी भी तुम्हारे सामने खुलकर बोलने और छोड़ने में शर्म आती ह इसलिए पूरा मज़ा नहीं कर पति.
में.,-- हम्म ,ये तो ह समीर भैया.
समीर भैया,-- अब परसो से तुम्हे उसके साथ पूरा फ्रेंडली होना ह . और तुम्हे में कुछ टिप्स भेजूंगा तुम उसे अपने हिसाब से उसके शोहर से करवाना.
में.,-- जी भैया .
समीर भैया,-- सोहैल सर बहुत टैरिफ कर रहे थे तुम्हारी .अगर तुम्हे आगे कोई प्रॉब्लम हो तो तुम उनसे बात कर लेना .
में.,-- जी भैया.
में फ़ोन काट कर बाहर आया तो दीदी किसी से बात कर रही थी तो वो मुझे देखते hi वो अपने रूम में चली गयी. मुझे डाउट हुआ की कोण हो सकता ह इसलिए जल्दी से खिड़की के पास पहुंचा और खिड़की से कान लगा लिया.
दीदी बस हाँ हूँ किये जा रही थी और दूसरी तरफ का में सुन नहीं सकता था तभी दीदी बोली ,-- मम्मी , रोहित सब कर देगा आप टेंशन मत लो.
मेने इसके आगे सुन न जरुरी नहीं समझा और हॉल में टीवी देखने लगा थोड़ी देर में दीदी भी बाहर आयी और टीवी देखने लगी.
में.,-- किसका फ़ोन था दीदी.
दीदी ,-- मम्मी का था .
में.,-- ओह्ह , क्या बोल रही थी
दीदी ,-- यही की जितने मज़े करने ह कर ले अभी फिर तो बाकि की जिंदगी चूल्हा चुका hi संभालना ह.
में.,-- हम्म.
दीदी ,-- रोहित कल मेहँदी लगाने एक लड़का और लड़की आएंगे.
में.,-- उसमे कोई खास बात नहीं ह दीदी आजकल लड़के भी मेहँदी लगते ह लड़कियों को.
दीदी ,-- पागल मम्मी बोल रही ह की तेरे जीजू को पुरे बदन पर मेहँदी लगी हुयी चाहिए उस रात.
में.,-- पुरे बदन पर कैसे दीदी.
दीदी ,-- पुरे हाथ कंधे तक ,पाँव पर जांघ तक, थोड़ी ऊपर निचे भी .
में.,-- ऊपर निचे कहाँ .
दीदी ,-- जब तू ऊपर निचे बोलता ह तब तुझे समझ आ जाती ह अभी नहीं आ रही.
में.,-- ओह्ह , मतलब जीजू को चुकी और गांड पर भी मेहँदी लगवानी ह.
दीदी ,-- हम्म .
में.,-- कोई नहीं आप टेंशन मत लो में रहूँगा ना और फिर ये मेहँदी लगाने वाले बहुत प्रोफेशनल होते ह इसलिए चिंता मत करो.
दीदी ,-- रोहित तुम्हारी बाते सुनकर कभी कभी लगता ह की तुम 20 साल के नहीं बल्कि मेच्योर आदमी हो. थैंक्स बीआरओ ,तुम साथ रहते हो तो मुझ में बहुत हिम्मत आ जाती ह.
में.-- हम्म , और फिर आप हिम्मत करके सिनेमा हॉल में भी अपनी गांड मरवा लेती हो.
दीदी मेरी बात सुनकर झेंप गयी और नजर झुका li.to में बोलै.
में, -- अब किस बात की शर्म आ रही ह दीदी.
दीदी ,-- चुप.
में.,-- अब तो चुप करवायेगी hi आप , सिनेमा हॉल में तो बेशरमी से अपनी गांड मरवाते समय मेरी आँखों में देख रही थी.
दीदी ,-- अब तू पिटेगा मेरे हाथ से .
में.,-- हम्म , खुद अपने देवर से पिट कर आ गयी .
दीदी की आँखे गोल हो गयी और वो समझ गयी की में किस पिटाई की बात कर रहा हु.
दीदी मेरी तरफ बढ़ने लगी मरने को तो में उठकर अपने कमरे में भाग आया.