Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure - Page 6 - SexBaba
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Fantasy Meri jawan didi aur unke sex adventure

हमारा ट्रुथ और डरे गेम चालू था जिसमे दीदी और समीर भैया टॉपलेस थे और में पूरा नंगा था .

बियर का नशा मुझे भी ठीकठाक हो चूका था और दीदी भी अब अपनी चूचियों का नंगा पैन भूल चुकी थी और आराम से बैठी थी .

दीदी ने गेम को पॉज किया और बाथरूम चली गयी तो हम दोनों बियर पिने लगे.

समीर भैया,-- रोहित मज़ा आ रहा ह न गेम में.

में.,-- हम्म .आज लग रहा ह की में अब बालिग हो चूका हूँ.

समीर भैया,-- क्यों न दीदी ी कुछ अलग हैट कर करवाया जाये.

में.,-- आप hi बताइये क्या करवाना ह .

समीर भैया,-- तुम्हे नाजनीन ने आईडिया दिया था वो भूल गए क्या.

में.,-- कोनसा.

समीर भैया,-- वात्सप्प पर देखो रात में नाज ने भेजा था.

मेने वात्सप्प पैर देखा तो मुझे याद आया और में मुस्कराने लगा.

तभी दीदी बह आ गयी और किचन से बियर लेकर आ गयी उसने एक बियर समीर भैया को दी और दूसरी खुद पिने लगी.

दीदी ने आकर बोतल घुमाई तो वो समीर भैया पर आकर रुकी .समीर भैया ने ट्रुथ कहा तो दीदी बोली.

दीदी ,-- तुमने अपनी वर्जिनिटी कॉस्को दी थी.

समीर भैया,-- स्कूल में एक गर्लफ्रेंड को .

में.,-- और सबसे पहले गांड किसकी मरी.

समीर भैया,-- सोभा को.

समीर भैया ने बोतल घुमाई और दीदी पर रुकी तो दीदी ने दोनों लिया.

समीर भैया,-- सोना अपनी पेंटी उतर कर नंगी हो जाओ.

दीदी मुस्कराई और अपने पेअर सीधे करके पेंटी को पकड़ा और गांड उठाकर पेंटी को निकल कर फेंक दिया . अब दीदी पूरी नंगी हो चुकी थी उनकी गुलाबी छूट बहुत मन मोहक लग रही थी . दीदी ने अपनी नजरो को झुका रखा था और हम दोनों उनकी छूट को देख रहे थे.

में.,-- दीदी आपको फैशन टीवी की मॉडल की तरह चैते वाक करके दिखाना ह .

दीदी के चेहरे पर मुस्कान आ गयी और वो कड़ी होकर मॉडल की तरह चैते वाक करने लगी उनके पेअर रखने के साथ hi उनकी चुकी में हलकी सी थिरकन हो रही थी और जब वो घूम कर गयी तो उनकी मटकती गांड को देखकर मेरा हाथ अपने लुंड पर चला गया जिस से मेरे लुंड में खड़े रहने की हिम्मत ख़त्म हो गयी और उसने पानी की धार छोड़ दी.

मेरे वीर्य निकलने से मैट्रेस्स पर बड़ा सा सफ़ेद मलाई का गधा ढेर हो गया और मेरी सिसकी भी निकल गयी जिसे देखकर समीर भैया और सोनाक्षी दीदी मुस्करा पड़े. में उठकर खड़ा होने लगा तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- रोहित क्यों उठ रहे थोड़ा पीछे होकर बेथ जाओ ये नार्मल बात ह .जवान लड़के का वीर्य निकलना उसकी जवानी की निशानी ह. क्यों सोना.

दीदी ,-- हां रोहित ,don't बे शेम, तुम रोज मेरे बिस्टेर पर बेडशीट बदलते हो तो हाथ से छोकर नहीं देखते.

में,-- पर मुझे अब मज़ा नहीं आएगा .

समीर भैया,-- क्यों .

में.,-- मुझे ऐसे hi झड़ने के बाद मज़ा नहीं आता.

समीर भैया,-- तुम एक काम करो एक मिनट रुको अभी तुम्हे मज़ा आएगा. सोना इधर आकर कड़ी हो जाओ .

दीदी समीर भैया के पास कड़ी हो गयी तो समीर भैया ने दीदी के पेरो को छोड़ा करने को कहा और दीदी की छूट को जीभ से चाटने लगे . दीदी जोर जोर से सिसकने लगी तो समीर भैया भी एक हाथ से अपने लुंड को मुठियाने लगे.

दो मिनट में hi दीदी को छूट से सफ़ेद लार निकल कर समीर भैया के मुंह में जाती दिखी और दीदी ठंडी पद गयी तो समीर भैया ने भी अपने लुंड से गधा सफ़ेद वीर्य मैट्रेस्स पर फैला दिया

दोनों को झड़ते देख मेरे लुंड में फिर से हरकत हुयी और लुंड खड़ा हो गया.

उसके बाद सब खड़े हुए और मैट्रेस्स को हटा कर सोफे पर बेथ गए तो समीर भैया बोले.

समीर भैया ,-- सोना अब फोटो सेशन हो जाये.

दीदी की आँखों में चमक आ गयी और वो बोली ,-- हम्म , ये तो मेरा सबसे बड़ा ख्वाब ह की में नुदे होकर अपनी फोटो खिंचवाकर अपने अलबन में रखूं.

समीर भैया,-- रोहित तुम दीदी का मोबाइल लेकर उसकी फोटो लो. में सोना को पोज़ बताता हु.

मेने मोबाइल पकड़ लिया तो दीदी ने कहा की अंदर चलो यहाँ पर फोटो अच्छी नहीं आएगी. तो समीर भैया बोले की कुछ फोटो यही लेते ह फिर अंदर भी चलेनेगे.

दीदी का मेकअप थोड़ा सा खराब हो चूका था इसलिए समीर भैया ने उसे मेकअप करने को कहा.

दीदी अपने रूम में गयी और मेक आप करके आ गयी उसने लिपस्टिक को डार्क कर लिया था और बाल भी खोल लिए थे.

समीर भैया ने पहले उसको साइड से फोटो देने को कहा तो मेने दीदी की फोटो ली जिसमे उन्होंने बोबे को बाल से कवर कर लिया था.

फिर दीदी सामने की तरफ होकर अपनी दोनों चुकी को बाल से धक् ली और छूट पर हाथ रखकर फोटो खिंच वाई तो समीर भैया बोले,-- सोना तुम अपने चेहरे पर नॉटी एक्सप्रेशन लेकर आओ तब फोटो अच्छी आएगी.

दीदी अपने चेहरे पर एक्सप्रेशन चेंज करने लगी और कभी जीभ निकल कर फोटो दी तो कभी होंठ काटकर दीदी ने आठ दस पोज़ दे दिए तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- सोना एक आँख मरते हुए दो , रोहित तुम फटाफट क्लिक करना.

दीदी ने आँख मरी तो मेने मेने पांच सात क्लिक मरे पर समीर भैया ने फोटो देखि तो संतुस्ट नहीं हुए और बोले.

समीर भैया,-- सोना थोड़ा चेहरे पर बोल्डनेस लाओ ताकि देखने वाले को मज़ा आये .

दीदी ने अपनी जीभ निकल कर आँख मरी तो समीर भैया के चेहरे पर संतुस्ती नहीं दिखी.

समीर भैया,-- रोहित तुम्हे नहीं लगता की ये और सेक्सी फोटो आ सकती थी.

में.,-- कैसे समीर भैया.

समीर भैया,-- तुमने वो प्रिय प्रकाश को आँख मरते देखा था न.

में.,-- हम्म.

समीर भैया,-- उसने स्कूल ड्रेस में जिस तरह से आँख मरी थी उसे देखकर सब की धड़कन बढ़ जाती ह . जबकि सोना तो बिना कपड़ो के ह उसके बाल और हाथ hi उसकी नुदितय को छुपाये हुए ह.

में.,-- बात तो आपकी सही ह समीर भैया. दीदी इतनी सूंदर होकर भी कामुक नहीं लग रही.

दीदी भी हम दोनों की बाते सुन रही थी .उन्होंने मुझसे मोबाइल लिया और अपनी फोटो देखने लगी तो वो भी संतुस्ट नजर नहीं आयी .

समीर भैया,-- सोना वो डिलडो लेकर आओ न एक बार .

दीदी गांड मटकती हुयी कमरे में चली गयी और डिलडो लेकर आयी तो समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- सोना तुम्हे डिलडो को अपनी छूट में डालना ह और उसे आगे पीछे करना ह जब तुम झड़ने लगो तो डिलडो के ऊपर हाथ रख लेना ताकि वो फोटो में नहीं दिखे और बाल से निप्पल को वैसे hi कवर कर लो.

मेरी 25 वर्षीय कुंवारी दीदी सोनाक्षी सिंह ने डिलडो लिया और फिर वो बेशरमी से अपनी छूट में डिलडो को घुसा ली और उसे आगे पीछे करने लगी.

में उसका सागा भाई और एक शादीशुदा मर्द उसको ऐसे करते देख कर लुंड से प्रीकम छोड़ रहे थे . दीदी की सिसकिया निकल रही थी और उसकी आँखे गुलाबी हो चुकी थी.

तभी समीर भैया ने डिलडो को कवर करने को कहा तो मेने फटाफट फोटो लेने शुरू कर दिए. दीदी के चेहरे पर नेचुरल कामुकता आ गयी थी. उसके चमकते होंठ खुल चुके थे और आँखों से रंडी पाना छलक राजा था .

दीदी ने उसी समय तीन चार बार आँख मरी तो मेने तीस के करीब क्लिक कर लिए. दीदी से अब बर्दास्त नहीं हो रहा था वो डिलडो को फिर से अंदर बाहर करने लग गयी और सिसकने लगी.

हम दोनों भी पुरे गरम हो चुके थे दीदी की सिसकिया पुरे हॉल में फेल कर माहौल को कामुक बना चुकी थी.

तभी दीदी जोर से सिसकी और उसका पूरा बदन हिलने लग गया तो मेने देखा उनकी छूट से रास से पूरा डिलडो चमक रहा था.

फिर दीदी घूम गयी और डिलडो निकली तो जल्दी से अंदर भाग गयी हम दोनों दीदी की फोटो देखने लगे तो समीर भैया ने दस फोटो अपने मोबाइल पर वात्सप्प कर ली.

दीदी की फोटो किसी पोर्न स्टार से काम नहीं थी .उसके बदन पर सिर्फ चुकी की गोलाई का उठाव hi दिखा रहा था बाकि उनके बाल ने कवर कर लिया था और छूट भी हाथ से पूरी कवर थी.

दीदी के चेहरे का नेचुरल एक्सप्रेशन किसी के भी लुंड को खड़ा कर सकता था जिसे देखकर समीर भैया बोले.

समीर भैया,-- मस्त लग रही ह न सोना.

में.,-- हम्म , ये फोटो को देखकर कोई भी मुठ मारे बिना नहीं रह पायेगा.

तभी दीदी बाहर आयी तो उन्होंने सलवार कुरता पहन रखा था वो आते hi समीर भैया के गले लग कर उनके होंठ चूमि और बोली.

दीदी, -- सॉरी समीर.

समीर भैया,-- क्या हुआ सोना.

दीदी, -- माहवारी आ गयी जानू.

समीर भैया,-- कलपद कर दिया तुमने तो देखो छोटा समीर कैसे खड़ा ह.

दीदी समीर भैया के लुंड को हाथ में लेकर ,-- सॉरी छोटे समीर ,आज के लिए बस चार दिन की बात ह.

समीर भैया,-- कोई नहीं सोना इसको मुंह में लेकर दुलार दो.

दीदी समीर की बात सुनकर मुस्करायी और फिर मेरी तरफ देखकर सोफे से निचे बेथ गयी और समीर भैया का लुंड मुंह में ले ली.

समीर भैया भी कुछ देर में अपनी मलाई दीदी के मुंह में छोड़कर कपडे पहनकर चले गए.

मेने दीदी को रेस्ट करने को कहा और घर की सफाई करके खाना खाया और सो गए.
 
अगले चार दिन नार्मल रहे , दीदी ने ग्रुप में अपनी वो फोटो दाल दी थी जिसमे वो बिना कपड़ो के कामुक एक्सप्रेशन दी थी .

ग्रुप में दीदी की लोग बहुत टैरिफ किये थे और उन्हें पोर्न स्टार से भी अच्छे एक्ट्रेस बता रहे थे.

दीदी भी हर कमेंट पर जवाब दी थी . नाजनीन दीदी ने दीदी की ग्रुप में बहुत तर्रीफ़ की थी .

दीदी रोज सलवार कुरता hi पहनती थी इसलिए में भी पढाई में लगा रहा.

पांचवे दिन फ्राइडे को सुबह में कॉलेज जा रहा था तो दीदी ने शार्ट गाउन पहन रखा था और वो मुझे कॉलेज जाने से पहले मुस्करा कर बोली.

दीदी ,-- रोहित आते समय वो टेबलेट लेकर आना.

में.,-- कोनसी दीदी.

दीदी ,-- नाम तुम पूछ लेना और बता देना की मक के बाद प्रेगनेंसी रोकने की जो टेबलेट आती ह वो दे दो.

में दीदी को देखने लगा तो दीदी मुस्करा कर बोली ,-- रोहित ,में रियल सेक्स को फील करना चाहती हु.

में.,-- ok , दीदी में ले आऊंगा.

में कॉलेज से वापस आते समय मेडिकल स्टोर पर गया तो मुझे उसने एक टेबलेट का स्ट्रिप दिया और बोलै की ये सिर्फ 72 घंटे hi काम करेगी .तीन दिन बाद अगर सेक्स करना हो तो दूसरी टेबलेट लेनी पड़ेगी. मेने उसे पैसे दिए और घर आ गया.

मेने खाना खाकर दीदी को टेबलेट दी और उसे लेने का प्रोसेस बताया तो दीदी मुस्करा कर बोली ,-- मुझे मालूम ह .

में पढ़ने लगा फिर रात में दीदी के साथ खाना खाया तो दीदी ने खाना खाये हुए कहा ,-- रोहित अपने टीवी में पर वो चैनल चालू करवा न.

में.,-- कोनसे दीदी .

दीदी ने चैनल बदलते हुए कहा देख ये वाले. दीदी ने फैशन टीवी , टीवी 9 , रेन टीवी, लोकल डीवीडी, ब्लुएकिस टीवी और एक रुस्सियन चैनल को क्लिक करते हुए कहा . देख ये.

में.,-- दीदी ये एडल्ट चैनल ह.

दीदी ,-- तो यहाँ पर मिनेर कोण ह .

में.,-- पर दीदी ये सब तो मोबाइल में भी आ जायेंगे.

दीदी ,-- ये नहीं आते और इनमे सुस्पेंस रहता ह की अब क्या आएगा.

में मुस्करा कर ,-- में बात करता हु दीदी ,केबल वाले से

मेने केबल वाले को फ़ोन किया तो उसने उन सभी चैनल का तीन सो रूपये चार्ज बताया तो मेने उसे ऑनलाइन पेमेंट कर दिया .मुझे केबल वाले ने कहा की थोड़ी देर में चैनल चालू हो जायेंगे उसने एक पासवर्ड मुझे भेजा तो मेने उसे सेट टॉप बॉक्स में दाल दिया.

थोड़ी देर में सब चैनल चालू हो गए तो मेने सब चैनल को बदल बदल कर देखा .सब में एडल्ट फिल्म या प्रोग्राम चल रहे थे लास्ट में जब मेने लोकल डीवीडी वाला चैनल क्लिक किया तो उसमे लिखा आ रहा कुंवारी दुल्हन ात 11 पं .

मेने घडी में देखा तो दीदी बोली ,-- रोहित जा नाईट ड्रेस पहन ले में भी चेंज कर लेती हु ये फिल्म देखेंगे.

में.,-- दीदी ये कैसा नाम ह फिल्म का कुंवारी दुल्हन.

दीदी ,-- मेने ये फिल्म ु तुबे पर देखि ह .जिसमे ते आधी अधूरी hi अपलोड ह और बिच में से कटी हुयी ह . इसमें पूरी आएगी तू देखेगा तो तुझे अच्छी लगेगी.

में उठकर अपने कमरे में आया और बरमूडा और बनियान पहन लिया . बाहर आया तो दीदी ने भी शार्ट गाउन पहन रखा था उसने रूम में जाकर अपनी ब्रा पेंटी खोल दी थी.

फिर दीदी किचन में गयी और दो गिलास दूध लेकर आ गयी .उन्होंने दूध का गिलास मुझे देकर कहा, -- ले दूध पि ले .

मेने दूध पि लिया तो दीदी ने भी दूध पि लिया तो दीदी ने सिगरेट सुलगा ली और हम दोनों ने पि ली तो फिल्म भी चालू हो गयी.

फिल्म की कहानी कुछ इस तरह से थी की एक लड़की की शादी हो जाती ह और सुहागरात का सीन चालू होता ह जिसमे दुल्हन का पति उसे पूरी गरम कर देता ह .दुल्हन को वो ब्रा पेंटी में आते hi वो झाड़ कर सो जाता ह.

दुल्हन बिचारि तड़प कर रह जाती ह फिर ये उसका रोज का रूटीन हो जाता ह और दुल्हन एक कुंवारा लड़के से सम्बन्ध बना लेती ह जो उसके यहाँ काम करता ह.

कुंवारी दुल्हन की वो लड़का सील तोड़ता ह जिसको पूरा क्लियर उस फिल्म में दिखते ह . चुदाई का सीन देखकर दीदी अपने गाउन में हाथ डालकर अंगुली करती ह तो में भी अपने लोडे को बिच बिच में सहला रहा था.

फिल्म ज्यादा लम्बी नहीं थी और दीदी पूरी गरम होकर अपनी छूट को अंगुली करके झाड़ चुकी थी .में भी झाड़ गया तो हम दोनों की नजर मिली और दोनों मुस्करा दिए.

दीदी अपना गाउन ठीक करके बोली ,-- रोहित तुम्हे फिल्म में दुल्हन की क्या गलती लगी.

में.,-- दीदी इसको दूसरी शादी कर लेनी चाहिए थी.

दीदी ,--, यही अपने देश में सबसे बड़ी प्रॉब्लम ह . अगर एक बार शादी हो गयी तो फिर उस पर पति के नाम का ठप्पा लग जाता ह और कोई भी उसे कुंवारी नहीं मंटा. और फिर औरत कुछ कर ले तो लोग उसे बदनाम कर देते ह.

में.,-- हम्म . ये तो ह दीदी.

दीदी ,--उसने अपने नौकर से सम्बन्ध बना कर सही किया या गलत.

में., बिलकुल सही किया दीदी वो उस हिंजड़े के साथ कितने दिन तक ऐसे तड़पती रहती.

दीदी ,-- रोहित यही बात मम्मी पर भी लागू होती ह.

में.,-- तो क्या पापा सेक्स नहीं करते मम्मी के साथ.

दीदी ,-- नहीं , पापा माँ से 11 साल बड़े ह . जब पापा की शादी हुयी तब मम्मी सिर्फ 18 साल की थी और पापा 29 साल के . पापा ने जवान होते hi गाँव की लड़कियों और औरतो को छोड़ना शुरू कर दिया और फिर उनका सेक्स पावर ख़त्म हो गया जिस से मम्मी संतुस्ट नहीं हो पति थी.

में.,-- फिर .

दीदी ,-- मम्मी भी कुंवारी दुल्हन की तरह तड़पती रहती थी .पापा मम्मी को प्यासी छोड़कर खुद को संतुस्ट करके सो जाते थे और मम्मी कुछ बोल नहीं पति थी.

में.,-- ओह्ह .फिर

दीदी ,-- फिर हमारी पुराणी नौकरानी से मम्मी का दुःख देखा नहीं गया और उसने मम्मी की सेटिंग असलम चाचू से करवाई.

में.,-- आपको कैसे मालूम.

दीदी ,-- मुझे मम्मी ने बताया .

में.,-- ओह्ह फिर.

दीदी ,-- फिर एक समय ऐसे भी आय की पापा रात को टुन्न होकर आते और निचे hi सो जाते तो मम्मी ने आत्म हत्या करने की सोची लेकिन हम दोनों की वजह से वो कर नहीं पायी तो सलमा ने उसे राह दिखाया जिससे मम्मी का जीवन खुशियों से भर गया. असलम चाचू मम्मी को पूरा संतुस्ट कर देते और मम्मी की जिंदगी में बहार आ गयी.

में.,-' मम्मी असलम चाचू के घर भी जाती थी.

दीदी ,-- कभी कभार वैसे ज्यादातर चाचू छत से मम्मी के पास आ जाते थे.

में.,-- मम्मी ने समीर भैया से भी छुड़वा लिया.

दीदी ,-- हम्म. वो सब मम्मी की सहमति से हुआ था .मम्मी कुछ नया तरय करना चाहती थी जो सेफ हो.

में. -- हम्म ,

दीदी ,-- तुम्हे मेरी बात सुनकर झटका लगेगा की मम्मी तेरे दोस्त अनवर से भी चुद चुकी एक बार

में.,-- क्या ??

दीदी ,-- हम्म. मम्मी को नए कमसिन लड़के बहुत पसंद ह.

में.,-- पर...

दीदी ,-- टेंशन मत ले अनवर ने किसी को नहीं बताया यहाँ तक की तुम्हे भी नहीं पता.

में.,-- अनवर ने कब छोड़ा मम्मी को.

दीदी, -- जिस दिन तुम उसकी खला की बेटी को चोदे थे उस के अगले दिन वो कॉलेज नहीं गया था बल्कि असलम चाचू के घर पर था और उस दिन उसने दो बार मम्मी को छोड़ा था.

में.,-- मम्मी ने अनवर से कैसे छुड़वा लिया.

दीदी ,-- तुम को यही तो समझाना चाहती हु की मम्मी के पास धन दौलत की कमी नहीं ह पर गरम खाने और पिने की वजह से उनके बदन में गर्मी बहुत ह जो असलम चाचू पूरी कर देते ह पर मम्मी को भी नए एक्सपीरियंस लेने थे इसलिए उसे सेफ लगा तो उसने करवा लिया. और फिर असलम चाचू से मम्मी का नाजायज अफेयर थे इसलिए असलम चाचू के कहने से करना पड़ा.

में.,-- तो असलम चाचू मम्मी को ब्लैकमेल करते ह.

दीदी ,-- नहीं , उन्होंने मम्मी से कहा की नए लड़के से करवाके देखो, ज्यादा मज़ा आएगा तो मम्मी भी मान गयी क्योंकि अनवर भी समीर की तरह असलम का रिस्तेदार ह .

में.,-- ओह्ह, तोमुम्मी इसके अलावा कितने लोगों से चुद चुकी .

दीदी ,-- बस इतने hi ह. लेकिन मेरे साथ लेस्बो करती थी.

में.,-- आप के साथ भी...

दीदी ,-- हम्म .... अभी यहाँ रहकर गयी तब हम दोनों रोज दिन में करती थी.

में.,-- कहा पर.

दीदी ,-- मेरे रूम तुम्हारे जाने के बाद में. जब पापा सो जाते थे.

दीदी रोज मेरे ऊपर एक बम फोड़ देती थी और में उसे न मान ने की स्थिति में नहीं था क्योंकि समीर भैया भी बोल चुके थे की वो मम्मी को छोड़ चुके.

में दीदी को अजूबे की तरह देख रहा था तो दीदी ने मुझे कहा.

दीदी ,-- तुम्हे यकीं नहीं हो रहा ह न.

Me.,--Didi , आप झूठ थोड़े hi बोलोगी.
 
दीदी ,-- चल तुझे प्रूफ करवाती हु.

में उठकर दीदी के साथ उनके रूम में आया तो वो अपना फ़ोन उठाकर अपने डेड पर लेट गयी तो में भी दूसरी साइड लेट गया . दीदी ने किसी को फ़ोन किया और रिंग जाने लगी तो उधर से आवाज आते hi में पहचान गया की वो मम्मी थी.

दीदी ,-- मम्मी क्या कर रही हो बेटी.

मम्मी ,-- बस नहाकर आयी हु बेटी.

दीदी ,-- इस समय क्यों मम्मी अभी तो इतनी गर्मी भी नहीं ह.

मम्मी ,'.. अभी थोड़ी देर बाद तेरे चाचू आएंगे.

दीदी ,-- मेरे चाचू या आपके बॉयफ्रेंड.

मम्मी ,-- हे ....हे... जो समझने ह समझ ले .उस हिसाब से तेरा बॉयफ्रेंड भी आ रहा ह उनके साथ में.

दीदी ,-- हम्म .समीर बोल रहा था की फूफा ने बुलाया ह रात को पर आपके पास क्यों आ रहा ह.

मम्मी ,-- रोहित कहा ह.

दीदी ,-- वो अपने रूम में पढ़ रहा ह .(दीदी ने झूठ बोलै और मुझे आँख मरी)

मम्मी ,--सोना, तूने वो टेबलेट मंगवा ली थी ना.

दीदी ,-- हम्म , पर अब समीर तो कुछ दिन आएगा नहीं.

मम्मी ,-- तू टेबलेट ले लेना वैसे समीर कोनसा तेरा पति ह जो वही आएगा तो तेरा काम चलेगा .

दीदी ,-- हे.... वो तो मुझे भी मालूम ह .अब उसको निचोड़ लिया पूरा . अब उसमे डैम नहीं ह वैसे भी.

मम्मी ,-- h.mmm, बोल रहा था वो मुझे . बिचारे को वियाग्रा खिलाकर पूरा रास निकल लिया tune.tere लिए उसने दूसरी व्यस्था कर दी ह

दीदी ,-- उसी ने कहा था की मुझे फ्री करना ह.

मम्मी ,-- हम्म.

दीदी ,-- तो आज आपको आपका बॉयफ्रेंड और आपकी बेटी का बॉयफ्रेंड दोनों एक साथ लेंगे आपकी.

मम्मी ,-- he...he...yahi समझ ले.

दीदी ,-- पर मम्मी वैसे दोनों किसलिए आ रहे ह एक साथ.

मम्मी ,-- तेरे चाचू अब मुझे पूरी तरह से अपनी बना लेना चाहते ह.

दीदी ,-- आप तो वैसे hi उनकी हो. अब और कैसे आपको अपनी पूरी बनाएंगे.

मम्मी ,-- वो तो ह में भी उन्हें अपना असली पति मानती हु . पर वो मुझसे निकाह करना चाहते ह.

दीदी ,-- निकाह ....ये कैसे संभव ह मम्मी .पापा के रहते.

मम्मी ,-- उनका कहना ह की गुपचुप कही पर निकाह करके कुछ दिन हनीमून पर चलो.

दीदी ,-- तो उसमे क्या ह कर लो निकाह . एक बार हनीमून भी मन लो .वैसे अभी आप की उम्र hi कितनी ह .आप अभी भी यंग लगती हो .और पापा ने तो वैसे भी हनीमून बनाया hi नहीं.

मम्मी ,-- हम्म. पापा तो गाँव में रोज नयी लड़की के साथ हनीमून बनाये ह उन्हें क्या मालूम उनकी बीबी के भी कुछ अरमान होंगे. असलम जी ने वही प्लान करने को बुलाया होगा शायद समीर को.

दीदी ,-- उसमे समीर क्या करेगा.

मम्मी ,-- असल में वो दिल्ली में hi सारा प्रोग्राम सेट करना चाहते ह .

दीदी ,-- दिल्ली में कहाँ.

मम्मी ,-- वही तुम लोगों के साथ तुम्हारे फ्लैट पर .

दीदी, -- ओह्ह ,तब तो चाचू आप को दिन रात पेलेंगे.

मम्मी ,-- हम्म , पर एक दिक्कत आ रही ह बेटी.

दीदी ,-- क्या मम्मी.

मम्मी ,-- वो बोल रहे ह की निकाह पढ़वाने वाला मौलवी ऐसे निकाह नहीं करवाएगा.

दीदी ,-- फिर.

मम्मी ,-- वो कानपूर में hi किसी से बात किये ह जो बदले में एक बार मेरे साथ सोना चाहता ह.

दीदी ,-- इसमें क्या दिक्कत ह मम्मी .आपको तो मज़ा आएगा .एक और टेस्ट मिलेगा हो सकता ह वो कुछ नया करे.

मम्मी ,-- पर रोहित क्या सोचेगा बेटी उसकी मम्मी कोई वो ....थोड़े hi ह.

दीदी मेरी तरफ देखकर ,-- रोहित कुछ नहीं सोचेगा मम्मी वो समझदार ह वो आपकी सुहाग सेज सजायेगा और हनीमून को याद गार बाबा देगा. और खुद भी हिलायेगा

मम्मी ,-- तुमने देखा ह रोहित को मुठ मरते हुए.

दीदी ,-- ु...... मुठ मरते तो नहीं देखा पर उसका लुंड जरूर देखा ह जिसमे से अपने आप वीर्य निकल गया था.

मम्मी ,-- वो कैसे.

दीदी ,-- सुन्दय को जब हम ट्रुथ और डरे खेल रहे थे तो वो नंगा था और उसका मुठ बिना हिलाये hi निकल गया था.

मम्मी ,-- कैसा ह उसका लुंड बेटी.

दीदी ,-- नॉट बाद , छह इंच का तो होगा.

मम्मी ,-- सच में.

दीदी ,-- हम्म. क्यों आप को लेना ह.

मम्मी ,-- नहीं ,में तो ऐसे hi पूछ ली थी

दीदी ,-- आप को तो मम्मी नए लड़के वैसे भी बहुत पसंद ह.

मम्मी ,-- हम्म , नए लड़के झड़ने के बाद तुरंत तैयार हो जाते ह.

दीदी ,-- वैसे मम्मी , रोहित को माँ सोन की कहानिया बहुत पसंद ह.

मम्मी ,-- हम्म , मेने पढ़ी ह उसकी किताबे तभी पूछा.

दीदी ,-- उस से मेने कई बार पूछ लिया पर हो सकता ह वो आपको करना चाहे.

मम्मी ,-- उस से क्या फर्क पड़ता ह बेटी जब उसका दोस्त अनवर कर hi गया तो .

में मम्मी को इतनी आसानी से लुंड छूट बोलते देख कर हैरान था वही माँ की बात सुनकर मेरा लुंड फिर से पूरा खड़ा होकर प्रीकम छोड़ने लगा था. में अपनी मम्मी की छूट को एक बार प्यार करना चाहता था फिर चाहे मेरा लुंड घुसते hi क्यों ना झाड़ जाये.

दीदी ,-- अगर आप कहो तो में रोहित से पुछु .

दीदी ने ये बात कहकर मेरी तरफ देखा और फिर उनको मेरे बरमूडा उठा हुआ दिखा जिसे लुंड ने सर पर उठा लिया था. दीदी मेरे बरमूडा को देखकर मुस्कराई.

मम्मी ,-- तू रहने दे .असलम जी बात कर लेंगे उस से.

दीदी ,-- वैसे कब आ रही हो हनीमून पर मम्मी.

मम्मी ,-- उसी के लिए प्लान करते ह यहाँ से निकलने का बहाना भी चाहिए ना.

दीदी ,-- हम्म , मुझे बता देना में घर को पूरा डेकोरेट करवा दूंगी . और में असलम चाचू को भी पापा hi बोलूंगी.

मम्मी ,-- शीतन.

दीदी ,-- मम्मी आपके असली पति तो वही ह . पापा तो नाम के पति ह.

मम्मी ,-- वैसे तेरे पापा दिल्ली में एक माकन खरीदने का सोच रहे ह.

दीदी ,-- सच में.

मम्मी ,-- हम्म, पापा बोल रहे थे जब तक रोहित पढ़ रहा ह उसमे रह कर पढ़ लेगा फिर बेच देंगे.

दीदी ,-- वावो तब तो मज़ा आ जायेगा .पापा माकन लेंगे तो अच्छा hi लेंगे.

तभी कुछ खटपट की आवाज आयी तो मम्मी बोली की लगता ह असलम जी और समीर आ गए ह में फ़ोन रखती हूँ.

दीदी ,-- मम्मी फ़ोन चालू रहने दो न मुझे भी सुन न ह.

मम्मी ने फ़ोन नहीं कटा और फिर गेट खुलने और बंद होने की आवाज आयी.

मम्मी ,-- आओ समीर .

फिर कुछ देर तक चुम्बन की सिसकने की आवाज आयी और एक मर्द की आवाज आयी.

मर्द ,-- किसी हो बैगन.

मम्मी ,-- किसी होउंगी आप को तो फुर्सत hi नहीं ह रोहित के अबू.

मर्द ,-- आज तेरी पूरी गर्मी निकल देंगे हम दोनों क्यों समीर .

समीर ,-- हां फूफा, ये दोनों माँ बेटी बहुत गरम रहती ह. पर सोभा जैसी गदराई घोड़ी की घुड़सवारी का मज़ा hi अलग ह.

असलम ,-- तुझे सोना बेटी की सवारी करके मज़ा नहीं आया.

समीर, -- फूफा वो अभी नयी ह और अनुभव भी नहीं ह पर सोभा की बात अलग ह.

मम्मी खिलखिलाकर, -- अच्छा वो कैसे.

समीर, -- तुम एक रंडी की तरह मज़े कराती हो बेबी . तुम नए लड़के के तो टट्टे चाटकर hi झाड़ा दो और तुम्हे फूफा पूरा त्रिनेड कर दिए ह . क्या मस्त लुंड चुस्ती और गांड में जीभ डालकर घूमती हो तो धरती पर hi जन्नत नजर आती ह.

असलम ,-- ये बात तो ह सोभा , तुम चुदाई के समय शर्म हाय भूल कर एक प्यासी रंडी बन जाती हो.

मम्मी, -- रंडी तो आप ने मुझे बना hi दिया निचे पति सोया ह ऊपर बीबी दो दो मर्दो के साथ नंगी कड़ी ह.

असलम ,-- तेरा पति भी काम नहीं ह उसने गाँव की किसी बेटी बहु को छोड़ा था बिना चोदे.

मम्मी ,-- सब कुदरत का तमाशा ह जो आदमी किसी की भी बेटी बहु को पकड़ कर छोड़ देता था आज उसकी बीबी दुसरो के लुंड ले रही ह.

असलम ,-- सिर्फ बीबी नहीं बेटी भी, समीर ने सोना के तीनो छेड़ खोल दिए अपने लोडे से.

मम्मी ,-- वो तो खुलने hi थे पर पता नहीं मेरी तरह शादी के बाद घुट घुट कर जिया इसलिए समीर ने उसे प्यार से औरत बना दिया और उसके लिए एन्जॉय करने का रास्ता भी तैयार कर दिया.

असलम, -- तेरी बेटी भी तेरी तरह पूरी गरम ह . समीर को पूरा चूस लिया ये बोल रहा था की वियाग्रा खिलाकर छुड़वाई ह दो बार.

मम्मी ,-- तो क्या हो गया . जवान लड़की ह अभी नहीं छुड़ेगी तो कब छुड़ेगी.

समीर ,-- उसकी छूट बहुत तीते ह उसे छोड़ो तो लुंड पूरा जकड लेती ह .

फिर मम्मी के सिसकने की आवाज आने लगी तो शायद मम्मी ने फ़ोन काट दिया.

दीदी ने मुस्करा कर अपना मुंह घुमा लिया और गाउन को ऊपर करके छूट में अंगुली डालकर सिसकने लगी.

में भी पूरा गरम था और लुंड को हाथ लगाया तो पूरा चड्डी वीर्य से भर दिया.

थोड़ी देर में दीदी बाथरूम में गयी और उनको छूट की सिटी बजने लगी .तो में मुंह फेरकर सो गया.
 
अगले दिन जब मो कॉलेज से निकला तो समीर भैया का वात्सप्प आया जिसमे उन्होंने एक लोकेशन भेजी थी पर लिखा कुछ नहीं था तो मेने सोचा घर जाकर पूछूंगा और घर आया तो दीदी ने खाना लगा रखा था.

उन्होंने एक लॉन्ग स्कर्ट और शर्ट पहन रखा था और मुझसे आते hi कहा.

दीदी ,-- रोहित जल्दी से खाना खा लो हमें मार्किट जाना ह.

मेने फटाफट खाना खाया और बोलै ,-- कहा चलना ह दीदी.

दीदी ,-- तुम्हे लोकेशन भेजी ह न समीर जीजू ने.

में. -- वावो आज फिर जीजू, पर उन्होंने आगे कुछ लिखा नहीं ह.

दीदी मुस्करा कर ,-- आगे का एड्रेस मुझे भेज दिया चलो तुम्हे वहां जाकर पता चल जायेगा.

मेने निचे आकर बाइक स्टार्ट की और दीदी को मोबाइल पकड़कर लोकेशन को देखते हुए रास्ता बताने को कहा.

हम लोग आधे घंटे में एक मार्किट के सामने रुके जिसके ऊपर बोर्ड लगा था खान मार्किट.

मेने बाइक पार्क की तो दीदी मुझे अंदर लेकर आयी और कई गलियों से घूमकर हम एक लास्ट में कार्नर की दुकान में पहुंचे जिस पर लिखा था , एडल्ट टॉयज.

हम दुकान के अंदर गए तो उसमे सिर्फ एक बाँदा बैठा था पचास वर्ष के आस पास. उसने टोपी लगा राखी थी और कुर्ते के निचे लुंगी पहन राखी थी.

उसने हमें देखा और बोलै ,-- आइये सोनाक्षी जी.

दीदी ,-- अंकल आप को मेरा नाम कैसे पता और आपने कैसे पहचाना मुझे.

आदमी ,-- समीर ने आपकी फोटो भेजी थी . क्या गजब की फोटो थी .देखकर मज़ा आ गया.

आदमी ,-- ये आपका भाई रोहित .

दीदी ,-- हम्म, लगता ह समीर ने पहले hi बता दिया था आपको.

आदमी ,-- भाभी जान बता तो और बहुत कुछ दिया ह पर आप को शायद सुनकर अच्छा नहीं लगे .

दीदी को उसने भाभी जान बोलै तो मुझे बहुत ताज्जुब हुआ पर दीदी के चेहरे पर कामुक स्माइल आ गयी थी.

दीदी ,-- आप आराम से बोलिये में बुरा नहीं मानूंगी.

आदमी ,-- अगर ऐसे बात ह तो फिर मुझे आपको मेरे नाम से बुलाने पड़ेगा .वैसे मेरा नाम सोहैल ह.

दीदी,-- अरे पर आप उम्र में मुझसे कितने बड़े ह.

सोहैल ,-- तो क्या हुआ भाभी जान . आप जैसी हुस्न पारी के मुंह से अपना नाम सुनकर हम अपने आप को धन्य समझेंगे.

दीदी ,-- ओह्ह सोहैल जी आप भी ना. बोलिये ना क्या बताया था समीर ने.

सोहैल ,-- भाभी जान या तो सोहैल बोलिये या फिर देवर जी बोलिये.

दीदी मुस्कराकर ,-- अच्छा देवर जी बोलिये .

सोहैल ,-- भाभी जान समीर भाई ने बताया की आप कपड़ो के ऊपर से hi लड़की हो अंदर से पूरी भाभी जान बन चुकी हो.

दीदी को मतलब समझ में नहीं आया तो बोली ,-- क्या मतलब.

सोहैल ,-- ओह्ह भाभी जान , समीर बोल रहा था की आपको वो पूरी औरत बना चूका ह.

दीदी ने ये सुना तो वो पूरी शर्म से लाल हो गयी .वो सोच रही होगी की उसने मतलब क्यों पूछ लिया.

सोहैल, -- भाभी जान आप तो ऐसे शर्मा रही हो जैसे मेने कोई अनोखी बात पूछ ली हो औरत तो हर लड़की को बन न hi पड़ता ह एक ना एक दिन. वैसे आप की उम्र भी औरत बन ने जितनी हो चुकी.

दीदी को समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या जवाब दे इसलिए चुप रही.

सोहैल ,-- भाभी जान आप ऐसे लजाएंगी तो आप कैसे बोल पाएंगी की आप को क्या लेना ह.

दीदी ,-- क्यों समीर ने नहीं बताया मुझे क्या लेना ह.

सोहैल ,-- नहीं भाभी जान , समीर ने सिर्फ इतना कहा ह की भाभी जान को जो चाहिए वो दे देना पैसे वो दे देंगे.

दीदी ने शर्माकर मेरी तरफ देखा और फिर वो दुकान में चारो तरफ देखने लगी.

दीदी ने दुकान में पूरा छान मारा पर उसे अपने मतलब की चीज नहीं दिखी .जबकि दुकान में सेक्स टॉयज भरे पड़े थे.

दुकान में पचास तरीके के डिलडो पड़े थे ,उसके आलावा पुसी टोर्च, सेक्स डॉल, बड़सम किट, निप्पल रिंग , निप्पल क्लिप , कंडोम, और सेक्स मशीन जैसे टॉयज का पूरा भंडार था.

दीदी दूसरी बार पूरा चक्कर लगा ली दुकान का लेकिन उन्हें जो चाहिए वो चीज नहीं मिली जबकि सोहैल रहस्य मई तरीके से मुस्करा रहा था. में भी सोच रहा था की दीदी क्या लेने आयी होगी.

वो जाकर अपनी कुर्सी पर बेथ गया तो दीदी को बोलना hi पड़ा .

दीदी ,-- सोहैल जी वो एक चीज मुझे नहीं दिख रही ह मुझे.

दीदी की बात सुनकर सोहैल ने नाराज होने की एक्टिंग की और मुंह फुला लिया तो दीदी बोली

दीदी ,-- सोहैल मेरे देवर जी

सोहैल ,-- वह भाभी जान आपके जैसी काम की देवी के मुंह से अपना नाम सुनकर में तो धन्य हो गया बोलिये न भाभी जान आपको क्या नहीं दिख रहा.

दीदी मुस्करा कर ,-- में इतनी भी सूंदर नहीं सोहैल .

सोहैल ,-- अरे भाभी जान आप कितनी सूंदर ह ये आप को नहीं पता पर मेरी आँखों ने आप जैसी हुस्न पारी आज तक नहीं देखि मसअलाह क्या हुस्न दिया ह खुदा ने आपको आप तो जन्नत की हूर ह भाभी जान.

दीदी ख़ुशी से अपनी छाती छोड़ी करके ,-- ओह्ह सोहैल कितनी टैरिफ कर रहे हो मेरी.

सोहैल ,-- कसम से भाभी जान आपका फोटो देखकर चार दिन से नींद नहीं आ रही ह क्या हुस्न नवाजा ह आपको खुदा ने.

दीदी ,-- कोनसी फोटो सोहैल ज...

.

सोहैल ने अपना मोबाइल उठाया और लॉक खोलकर उसमे से सोनाक्षी दीदी की वो फोटो निकली जो मेने खींची थी जिसमे दीदी पूरी नंगी थी जिसमे दोनों बूब्स बालो से ढके थे और छूट पर हाथ था.

में फोटो देखकर हैरान था की दीदी की फोटो उसके पास कहा से आयी .

दीदी ,-- ये फोटो तुम्हारे पास कहा से आयी .

सोहैल ,-- समीर यहाँ आया था तो आपकी फोटो देखकर बहुत मज़े से वो कर रहा तो मेने देख लिया .

दीदी ,-- क्या कर रहे थे समीर जी .

दीदी ने भी अब समीर के आगे जी लगा दिया था उन्हें एक 50 साल के बूढ़े से अपने आप को भाभी कहलवाने में मज़ा आ रहा था.

सोहैल ,-- भाभी जान वो आपकी फोटो देखकर यही कुर्सी पर निकल लिया था .

दीदी ,-- क्या निकल लिया था .

सोहैल धीरे से दीदी के कान में बोलै,-- अपना लुंड निकल लिया था भाभी जान हिलने के लिए.

दीदी ने जब ये सुना तो उसके कान लाल हो गए शर्म से. में भी सोहैल के मुंह से लुंड सुनकर हैरान था. पर दीदी ने अपने पेअर इकठे कर लिए जिस से मुझे समझ में आ गया की उसकी छूट में पानी छोड़ना शुरू कर दिया ह.

दीदी मुस्करा कर ,-- ऑफ.. सोहैल तुम भी ना. चलो मुझे वो दिखाओ.

सोहैल, -- माफ़ कीजिये भाभी जान हम समीर के कहे बिना नहीं दिखा सकते.

दीदी ,-- क्या .

सोहैल अपनी लुंगी के ऊपर से लुंड को सहलाकर ,-- लुंड.

दीदी मुस्करा कर ,-- शैतान में उसकी बात नहीं कर रही हु.

सोहैल ,-- फिर किसकी बात कर रही हो भाभी जान.

दीदी ,-- में बूत प्लग की बात कर रही हु.

सोहैल, -- भाभी जान मुझे इतनी अंग्रेजी नहीं आती . ये दुकान मेरा बीटा संभालता ह इसलिए आप हिंदी में बोलिये.

दीदी फिर सोचने लगी की क्या करूँ तो धीरे से शर्मा कर बोली ,-- मुझे वो ga..n..d में लगाने वाला प्लग चाहिए.

सोहैल ,-- अच्छा वो गांड मरने के लिए प्लास्टिक वाला डंडा.

दीदी लाज से दोहरी हो गयी तो उसने एक ड्रावर खोली और उसमे से आठ दस टाइप के बूत प्लग निकल कर काउंटर पर रख दिए. और बोलै

सोहैल, -- देख लीजिये भाभी जान आपको अपनी गांड में कोनसा डंडा घुसाकर रखना ह.

दीदी फिर से शर्म से पानी पानी हो गयी और बूत प्लग देखने लगी फिर एक डिलडो टाइप का बूत प्लग उठाकर बोली जो छह इंच जितना लम्बा था.

सोहैल ,-- भाभी जान ये ज्यादा देर तक नहीं रख पाओगी गांड में . दर्द होगा आप ये ले लीजिये .

उसने एक तीन इंच का बट प्लग दिया जिसके पीछे का हिस्सा बिलकुल पतला था.

सोहैल, -- देखिये इसे आप घुसाकर आराम से पुरे दिन रख सकती ह.

दीदी ने उसे पैक करके देने का कहा तो सोहैल बोलै ,-- भाभी जान आप ये सोच कर आयी लगती हो की समीर से मुझे लड़वाना ह.

दीदी ,-- क्यों.

सोहैल ,-- अगर ये आपको सुविधा जनक नहीं हुआ तो.

दीदी ,-- तो .

सोहैल ,-- भाभी जान उधर छोटा सा केबिन ह उसमे जाकर चेक कर लीजिये.

दीदी मुस्करा कर केबिन में चली गयी तो सोहैल ने मुझे एक पक्की टोर्च देकर कहा लो रोहित ये तुम्हारे लिए.

में. -- नहीं मुझे नहीं चाहिए.

सोहैल, -- रख लो यार जब समीर जीजू तेरी दीदी की गांड मारे तो इसमें लुंड डालकर हिला लेना.

में.,-- कितने पैसे की ह.

सोहैल, -- फ्री ह तेरे लिए यार ,

मेने सोचा फ्री का माल लेने में क्या दिक्कत ह तो उसे जेब में दाल लिया और तभी दीदी की सिसकी सुनाई दी.

सोहैल, -- लगता ह तेरी दीदी ने गांड में डंडा घुसा लिया.

में मुस्करा उठा तो सोहैल बोलै ,-- बहुत गरम ह तेरी दीदी .

तभी दीदी बाहर आ गयी तो सोहैल बोलै ,-- भाभी जान फिट तो आ गया ना.

दीदी शर्माकर, -- हम्म लो इसे पैक कर दो.

सोहैल ने बूत प्लग को उठाकर अपने नाक से लगाकर सूंघ लिया तो दीदी मुस्करा उठी और उसे डिब्बे में पैक कर दिया साथ में उसने अपना मोबाइल नंबर भी उसी डिब्बे पर लिख दिया तो दीदी मुस्करा कर नजर झुका ली.

सोहैल ने डिब्बा दीदी को पकड़ा दिया तो दीदी ने अपने पर्श से कुछ निकला और वो सोहैल को पकड़ा दिया.

सोहैल ने तुरंत उसे खोल कर देखा तो वो दीदी की पेंटी थी जो वो पहन कर आयी थी.

.सोहैल ने उसे फैलाकर देखा तो दीदी की छूट की जगह पर से वो गीली thi.matlab दीदी ने अपनी पहनी हुयी पेंटी उसे दी थी . उसने उस गीली जगह को देखकर उसे अपने मुंह से लगा लिया और जीभ से चाटने लगा.

दीदी तेजी से बाहर निकल गयी तो में भी भाग कर उनके पीछे आया और दोनों बाइक पर बैठकर घर आ गए.
 
घर आकर दीदी ने खाना बनाया और जब वो थोड़ा सा पेअर चोदे करके चलती हुयी आयी तो मेने कहा.

में.,-- दीदी आप ऐसे क्यों चल रही हो.

दीदी मुस्करा कर ,-- वो अभी डाला ह ना इसलिए थोड़ा सा दर्द हो रहा ह.

में.,-- क्या डाला ह दीदी.

दीदी मुस्करा कर ,-- b..u..t..t pl..ug .

में.,-- कुछ देर में आदत हो जाएगी दीदी . अभी पहली बार ह इसलिए हो रहा ह.

दीदी सोफे पर बेथ गयी तो उनकी हलकी सी चीख निकली .

में.,-- क्या हुआ दीदी.

दीदी ,-- कुछ नहीं .

में समझ गया की दीदी के बैठने से बूत प्लग चुभा होगा इसलिए चीखी ह . तभी समीर भैया का फ़ोन आ गया मेरे फ़ोन पर.

में खाना खाने बेथ गया था इसलिए फ़ोन को स्पीकर पर रखकर बात करने लगा.

समीर भैया,-- कैसे हो रोहित.

में.,-- ठीक हु भैया. आप कब आएंगे.

समीर भैया,-- रोहित मेरा अभी कुछ दिन आना संभव नहीं तुम दीदी का ध्यान रखना.

में.,-- जी ,समीर भैया.

समीर भैया,-- दीदी को वो बूत प्लग दिन में एक घंटा जरूर लगा कर रखना ह नहीं तो दीदी अपने गोआल नहीं कर पायेगी.

में.,-- जी ,भैया

समीर भैया,-- और उसके जूस वगैरह का भी ध्यान रखना वो बूत प्लग लगाने से ज्यादा एनर्जी वेस्ट करेगी .

दीदी समीर भैया की बात सुनकर शर्मा गयी और उन्होंने अपनी नजरो झुका ली .

में.,-- ok , समीर भैया.

समीर भैया,-- कल उसे अशोक के पास लेकर जाना ह .तुम्हारी मम्मी ने बोलै ह की अब सोना को साड़ी ज्यादा पहनेगी इसलिए अलग अलग टाइप के ब्लाउज सिलवाने ह.

में.,-- साड़ी क्यों भैया.

समीर भैया,-- अब सोना औरत तो बन hi चुकी ह और साड़ी पहनेगी तो दिल्ली में लोग उसके प्यार व्यार का चक्कर चला सकते ह इसलिए साड़ी में कोई देखेगा तो शादीशुदा समझ कर ज्यादा गौर नहीं करेगा.

में.,-- वैसे समीर भैया दीदी साड़ी में ज्यादा सूंदर लगेगी आज सोहैल भैया दीदी को भाभी बोल रहे थे.

समीर भैया,-- अब दीदी को कुछ दिन साड़ी पहन न पड़ेगा.

में.,-- वो क्यों समीर भैया

समीर भैया,-- तुम्हे सब पता चल जायेगा

में. -- दीदी कही सोहैल भैया के कहे अनुसार भाभी तो नहीं बन ने वाली.

दीदी ने ये सुना तो उन्होंने में माथे पर प्यार से चपत लगा दी.

समीर भैया,-- अरे वो तो उनकी आदत ह वैसे उनकी बात सुनकर दीदी को बुरा तो नहीं लगा न.

में.,-- नहीं समीर भैया, दीदी तो पूरा एन्जॉय कर रही थी और सोहैल जी को बार बार देवर जी बोल रही थी.

दीदी ने समीर भैया का जवाब सुने बगैर hi फ़ोन काट दिया और मुझसे बोली

दीदी,-- नालायक ,हर बात समीर को बताना जरुरी ह क्या.

में.,-- दीदी, समीर भैया से क्या छुपाना उन्हें तो सोहैल अंकल बोल hi दिए होंगे.

दीदी .,-- पर तुझे बड़ा मज़ा आ रहा था बताने में.

में.,-- दीदी आपको भी तो कल उस बूढ़े को देवर जी बोलने में मज़ा आ रहा था .

दीदी मुस्करा कर,-- मरूंगी तुझे.

में अपना गाल आगे करके ,-- लो दीदी अगर आप को अच्छा लगे तो मार लो.

दीदी मेरे गाल को चूमकर ,-- मेरा सोना भाई, में तुझे कभी नहीं मार सकती.

में.,-- और मेरी वजह से मार खा लेती हो आप.

दीदी ,-- क्या मतलब.

में.,-- कुछ नहीं .

दीदी कुछ देर तक सोचती रही और फिर अपनी आँखे गोआल करके बोली ,-- शैतान कोनसी मार की बात कर रहा ह तू.

में.,-- उसी की जिसे खाने के बाद आप चीखती हो.

दीदी ने मेरे माथे पर हलकी सी चपत लगाई और बोली ,-- पूरा शैतान ह तू.

में.,-- दीदी आपका भाई हु इसलिए .

दीदी ,-- चल अब सोना नहीं ह क्या.

में.,-- दीदी आप सो जाओ में थोड़ी देर टीवी देखूंगा.

दीदी ,-- हम्म ,मुझे पता ह तुम क्या देखोगे.

में.,-- अब पैसे दिए ह तो वसूल तो करने hi पड़ेगी. वैसे दीदी आप को सोहैल भैया के मुंह से भाभी जान सुनकर मज़ा आया था ना.

दीदी अपने दांत से होंठ काटकर ,-- हम्म.

में.,-- तभी आप बार बार देवर जी ,देवर hi बोल रही थी.

दीदी ,-- तुझे मेरे मज़े का बहुत ध्यान रहता ह.

में.,-- ठीक अगर ऐसी बात ह तो आगे से नहीं रखूँगा.

दीदी मुस्करा कर, -- तेरे शिवाय मेरा ह hi कोण बुद्धू. वैसे भी तो मेरा भाई hi नहीं दोस्त भी ह .

में.,-- तो अपने दोस्त को भी नहीं बताओगी दीदी अपने मन की बात.

दीदी नजर झुका कर ,-- सच तो ये ह रोहित जब सोहैल जी मुझे भाभी जान बोले तो मन में अजीब सी गुदगुदी हुयी .मेरे दिल की धड़कन बढ़ गयी थी और हर लड़की की तरह मेरे मन भी ये आया की काश मेरी भी शादी हो चुकी होती और मेरा ऐसा hi कोई नटखट सा देवर होता जो मुझे भाभी भाभी बोलकर मज़ाक करता.

में.,-- ओह्ह ,दीदी तो फिर कर ली शादी.

दीदी ,-- शादी तो में करुँगी पर अभी नहीं ,पहले में अपने सेक्स एडवेंचर पुरे करुँगी क्योंकि फिर मेरे एडवेंचर कभी पुरे नहीं होंगे.

में.,-- दीदी बुरा न मनो तो एक बार बोलू.

दीदी ,-- पगले में तेरी बात का कभी बुरा नहीं मान सकती , बिंदास बोल.

में.,-- क्यों न देवर भाभी वाला रोलप्ले करे हम दोनों.

दीदी अपनी आँखे बड़ी करके ,-- तू बनेगा देवर.

में.,-- अगर आप को अच्छा लगे तो थोड़ी देर के लिए मुझे समीर भैया का छोटा भाई मान लेना.

दीदी ,-- चल फिर तेरी यही इच्छा ह तो करके देखते ह.

में.,-- दीदी आपको उसके लिए भाभी बन न पड़ेगा.

दीदी ,-- कैसे .

में.,-- आप के पास साड़ी और ब्लाउज तो ह hi

उसे पहन लीजिये और मांग में सिंदूर भर लीजिये तब मज़ा आएगा.

दीदी शरारत से मेरी तरफ देखि और फिर उठकर अपने रूम में जाते हुए बोली ,-- चल फिर में आती हु तैयार होकर.

दीदी अपने रूम में चली गयी तो में टीवी पर फिल्म देखने लगा . लोकल चैनल पर आज टार्जन मूवी आ रही थी जिसमे में किमी काटकर के सेक्सी बदन को देखने लगा .मेरा लुंड पूरा खड़ा हो चूका था और में झड़ना नहीं चाहता था इसलिए अपने रूम में जाकर एक कंडोम लिया और अपने लुंड पर चढ़ा लिया.

में बाहर आकर टीवी पर फिल्म देखने लगा .फिल्म में बिच बिच में पोर्न क्लिप को ऐड किया हुआ था जिससे फिल्म पूरी ब्लू फिल्म बन गयी थी और लम्बी भी हो गयी थी.

तभी दीदी रूम से बाहर आयी तो में उन्हें देखते रह गया .दीदी ने वही ब्लाउज पहना था जिसमे उनके आधे से ज्यादा बूब्स दिख रहे थे .साड़ी में गजब की माल लग रही थी और सिंदूर फिर बिंदी लगाने से पूरी औरत लग रही थी .

वो रवीना तोंदों की तरह बहुत सुन्दर और कामुक लग रही थी उन्होंने साड़ी को नवल से बहुत निचे बंधा हुआ था जिसमे से उसकी गहरी नाभि और गोरा पेट गजब ध रहा था.

दीदी ने सर पर भी पल्लू ले रखा था जिससे उनका चेहरा और भी हसीं लग रहा था.

दीदी कड़ी होकर मुझे देख रही थी और थोड़ी शर्मा भी रही थी में उन्हें कुछ देर तक निहारता रहा और समीर भैया की किस्मत को कोस्टा रहा की समीर भैया ने मेरी इतनी प्यारी दीदी का अंग अंग चूमा ह और उनके अंगो को भोगा भी ह .

मेरा लुंड भी पुरे ताव में था ये सोचकर की मेरी दीदी बिलकुल कामदेव की रति की तरह सूंदर और कामुक लग रही थी.

हम दोनों एक दूसरे को दस मिनट तक ऐसे hi देखते रहे तो दीदी बोली, -- अब ऐसे hi देखते रहोगे क्या.

में.,-- दीदी बहुत सूंदर लग रही हो आप.

दीदी,-- ज्यादा मख्हन मत लगा. और रोले में आ .

में.,-- कोनसे रोले में.

दीदी ,-- भूल गया क्या अभी रोलप्ले का बात.

में,-- आप hi बता दो.

दीदी मुड़कर जाते हुए ,-- जा में नहीं बताती .

में.,-- अरे भाभी जान आप तो रूठ गयी .

दीदी ,--तो और क्या करूँ पहले खुद hi बोलता ह और फिर भूलने का नाटक करता ह.

में.,-- अले ले... मेरी भाभी जान
 
में खड़ा हो कर दीदी के पास गया और दीदी के पैरों में झुक कर बोलै,-- नमस्ते भाभी जी.

दीदी मुस्कराई और मेरे सर पर हाथ फेरकर बोली,-- नमस्ते देवर जी .

में.,-- बैठिये भाभी जी .

दीदी सोफे पर बेथ गयी तो में भी बेथ गया और में फिर से दीदी की क्लीवेज को घूरने लगा.

दीदी ,-- ऐसे क्या घूर रहे हो.

में.,-- भाभी जी आप बहुत सूंदर हो एक डैम पारी जैसी .

दीदी ,-- अच्छा.

में.,-- हां ,भाभी hi, समीर भैया बहुत नसीब वाले ह.

दीदी ,-- वो कैसे.

में, -- उन्हें आप जैसी सूंदर बीबी मिली ह.

दीदी ,-- इतनी भी सूंदर नहीं में.

में.,-- आप को नहीं मालूम भाभी आप कितनी सूंदर हो .

दीदी ,-- चल अब ज्यादा मख्हन मत लगा और ये बता तू ये ऐसी फिल्म कब से देखने लगा.

में.,-- ऑफ , भाभी जी ये फिल्मे भी तो देखने के लिए hi बनती ह.

दीदी ,-- और तुम इन्हे देखकर अपना एनर्जी वेस्ट कर रहे हो.

में.,-- तो क्या करू भाभी , आप hi बता दो .

दीदी ,-- क्यों तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं ह क्या

में.,-- नहीं ह भाभी जी.

दीदी ,-- क्यों तुम इतने स्मार्ट हो फिर गर्लफ्रेंड क्यों नहीं ह.

में.,-- आजकल की लड़कियों को सिर्फ पैसे चाहिए . जितने दिन पैसे ह तब तक गर्लफ्रेंड रहती ह.

दीदी ,-- ओह्ह.

फिल्म में सेक्स सीन चालू हो चूका था और बिच में पूरा पोर्न ऐड किया हुआ था जिसमे शामे वही जंगल का सीन था और एक लड़की नंगी होकर अपनी छूट छुड़वा रही थी जिसे देखकर दीदी अपनी छूट को साड़ी पर से मसलने लगी तो मेने कहा.

दीदी ,-- रोहित में भी ऐसे खुले में सेक्स करना चाहती हु.

में.,-- दीदी यहाँ दिल्ली में ऐसा जंगल कहा मिलेगा.

दीदी ,-- तुम तो बहुत जल्द अपना रोले भूल गए.

में.,-- छोडो न रोले को दीदी आपको भाभी बनकर मज़ा आता होगा मुझे तो भाई बनकर hi मज़ा आता ह.

दीदी ,-- रोहित मुझे अपनी लाइफ को फुल एन्जॉय करना चाहती हु . मम्मी की तरह घुट घुट कर जीना नहीं चाहती.

में.,-- दीदी में हु ना आपके साथ बस आप मुझे बता देना .

दीदी ,- तेरी छुटियाँ शुरू हो जाएगी दीपावली की कल से तो तू पापा को बोल देना की तेरी एक्स्ट्रा क्लास ह.

में.,-- ok दीदी , पर छुट्टियों में क्या प्लान ह.

दीदी ,-- प्लान कुछ नहीं में एक सप्ताह तक हनीमून एन्जॉय करना चाहती हु.

में.,-- कहाँ पर दीदी.

दीदी ,-- में दो दिन बाद झूठमूठ का निकाह करके किसी की बेगम बन न चाहती हु और यही पैर इसी घर में एन्जॉय करुँगी तेरे सामने.

में दीदी की बात सुनकर पूरा गरम हो गया और लुंड ने प्रीकम कंडोम में छोड़ दिया.

में.,-- समीर भैया के साथ.

दीदी ,-- नहीं .कोई दूसरा ह. मम्मी ने मुझे उसका नाम नहीं बताया पर साड़ी और ब्लाउज खरीदने को कहा ह.

में.,-- ओह्ह , कोई नहीं दीदी कल ब्लाउज सिल्वा लेंगे और साड़ी भी खरीद लेंगे.

दीदी ,-- रोहित , हो सकता ह मेरा शोहर यानि तेरा जीजू मुझे तेरे सामने hi करने लगे .तुझे बुरा तो नहीं लगेगा ना.

Me.,--come ों दीदी. आप को समीर भैया मेरे सामने कितनी बार छोड़ चुके. और आप खुलकर बोलिये न अब हम दोनों का कुछ छिपा तो ह नहीं इसलिए .

दीदी ,-- वो तो ह पर इस बार एक सप्ताह तक लम्बा चलेगा और वो भी दिन रात घर में हर कोने में.

में.,-- don't वोर्री दीदी , में सब संभल लूंगा . आप के हनीमून को में यादगार बना दूंगा. जीजू को भी बहुत इज्जत दूंगा.

दीदी ,-- थैंक्स रोहित , तुझे तेरे जीजू को टिप्स भी देने होंगे क्योंकि तू बहुत समझदार भाई ह मेरा . में तेरी वजह से अपने एडवेंचर पुरे कर सकती हु.

में.,-- सच तो ये ह दीदी मुझे भी आपको चुड़ते देखकर मज़ा आता ह .

दीदी ,-- तेरी इच्छा नहीं होती किसी को छोड़ने की.

में.,-- दीदी इच्छा तो होती ह पर मुझे अनवर की बहन ने जो कहा वो सोच कर दर लगता ह.

दीदी ,-- क्या कहा था उसने.

में.,-- उसने कहा था की दुबारा किसी लड़की को गरम करके छोड़ने मत जाना वार्ना कोई लड़की तेरे लुंड को मूतने लायक नहीं छोड़ेगी.

दीदी ,-- ऐसा क्या हुआ था.

में.,-- दीदी में चार बार तरय कर चूका , मेरा लुंड जब छूट घुसता हु तो तुरंत पानी छोड़ देता ह.

दीदी ,-- और पोर्न देखकर.

Me.,,--mujhe उस समय बहुत मज़ा आता ह और में लुंड को मुठ मरता हु तभी झाड़ता हु.

दीदी ,-- मुझे अपना लुंड नहीं दिखायेगा

में.,-- दीदी वो....

दीदी, -- क्या वो, तू मेरी तो उस दिन बहुत देर तक देखा था.

में.,-- आपकी क्या वो.

दीदी मुस्करा कर ,-- मेरी छूट

में.,-- मेने कंडोम लगा रखा ह.

दीदी ,-- कंडोम क्यों पहना ह.

में.,-- टीवी पर फिल्म देखते समय चड्डी खराब हो जाती ह.

दीदी, -- ओह्ह , चल कोई बात नहीं मुझे भी दिखा तेरा कितना पानी निकला ह.

में थोड़ा सा शरमाया और खड़ा होकर अपना बरमूडा और चड्डी को आराम से निचे कर दिया .मेरा 6 इंच का लोढ़ा पूरा खड़ा था और उसके आगे सफ़ेद पानी भरा हुआ था.

दीदी मेरे लुंड को घूरकर देखने लगी .मेरे लुंड से प्रीकम निकल कर कंडोम में गिर रहा था जिसे देखकर दीदी बोली.

दीदी ,-- रोहित तेरा लुंड अच्छा ह में उसे छूकर देखु.

में.,-- नहीं दीदी अभी हाथ लगते hi में झाड़ जाऊंगा.

दीदी ,-- ऐसा थोड़े hi होता ह थोड़ा नजदीक आओ .में भी देखूं की तुम वास्तव में सच बोल रहे हो क्या.

में जनता था की मेरा लुंड हाथ लगते hi पानी छोड़ देगा पर दीदी की बात कैसे टालता इसलिए दीदी के पास खिसक गया तो दीदी ने मेरे लुंड को पकड़ा. मेरे लुंड ने झटखा खाया और उसने तेजी से वीर्य छोड़ना शुरू कर दिया .मेने आँखे बंद कर ली और कंडोम वीर्य से भरकर लटक गया .

एक मिनट तक मेरे अपने आनदो से पूरा पानी निकल गया तो आँखे खोली और फिर दीदी से नजर मिलते hi बरमूडा ऊपर करके बाथरूम में भाग आया .

मेने बाथरूम में आकर अपना बरमूडा चड्डी सहित निचे किया और कंडोम को कमोड में डालकर पेशाब किया और फिर बाहर आया तो देखा दीदी टीवी में फिल्म देखकर एक हाथ से चुकी मसल रही थी और दूसरे हाथ से साड़ी के ऊपर से छूट को सहला रही थी.

दीदी ने मुझे देख लिया था वो अपनी चुकी के ऊपर से हाथ हटाई पर छूट को वैसे hi सहलाती रही.

दीदी ,-- रोहित एक सिगरेट जला कर दे ना.

मेने सिगरेट जलाई और पीकर दीदी को पकड़ाया तो दीदी सीधी होकर सिगरेट पिने लगी क्योंकि टीवी पर फिल्म ख़त्म हो चुकी थी.

दीदी ,-- रोहित तुझे नहीं लगता तुझे इस बीमारी का कुछ इलाज करवाना चाहिए.

में.,-- दीदी मेने नेट पर सर्च किया था ये गंभीर बीमारी नहीं ह और वैसे भी मुझे पोर्न देखने में ज्यादा मज़ा आता ह छोड़ने से. छोड़ने के बाद मुझे गिलटी फील होता ह.

दीदी ,-- तुमने अनल सेक्स किया ह.

में दीदी की बात सुनकर नजर झुका लिया तो दीदी ने सिगरेट मुझे पकड़ते हुए कहा ,-- ले पि और ऐसे क्या बताने से दर रहा ह तूने तो मुझे गांड मरवाते देखा ह समीर से यही पर.

में.,-- दीदी में सोच रहा था की कही आप मुझे वो तो नहीं समझोगी.

दीदी ,-- क्या.

में.,-- गे.

दीदी ,-- पागल , में तेरे लिए कभी बुरा नहीं सोचूंगी और गांडू भी लाइफ एन्जॉय करते ह बस उनका अलग स्टाइल होता ह.

में.,-- दीदी में गे नहीं हु .

दीदी ,-- मेने सिर्फ इतना पूछा था की गांड मरवाई ह क्या तुम कितना आगे तक पहुंच गए.

में.,-- दीदी दो तीन बार गांड मरवाई ह.

दीदी ,-- किस से .

में.,-- अनवर से .

दीदी ,-- मज़ा आया था गांड मरवाकर.

में.,-- हम्म्म.

दीदी ,-- और मरवाओगे .

में.,-- किस से .

दीदी ,-- किस से क्या अगर मज़ा आता ह तो मरवा लेना चाहे कोई भी हो. समीर से क्यों नहीं बोलै.

में.,-- समीर भैया से नहीं.

दीदी ,-- क्यों.

में.,-- उन्हें लगेगा में इसीलिए आप को छुड़वा रहा था.

दीदी ,-- ok , में तेरे लिए व्यस्था करवा दूंगी.

में.,-- कैसे .

दीदी ,-- में जिस से निकाह करुँगी उसे बोल दूंगी .

में.,-- पर आप निकाह किस से करोगी.

दीदी ,-- पता नहीं मम्मी बोल रही थी की असलम चाचू ने कहा ह की एक सप्ताह छुट्टिओं में सोना को एन्जॉय करने दो इसलिए किसी को भेजेंगे कानपूर से.

में.,-- ओह्ह ,

दीदी ,-- तेरे तो एक सप्ताह डबल मज़े हो जायेंगे.

में.,-- कैसे .

दीदी ,-- बोल मरवाएगा मेरे शोहर से अपनी गांड .

में.,-- हम्म्म.

दीदी ,-- लाइव शो भी देखेगा और गांड भी मरवा लेगा.

में दीदी की बात सुनकर शर्माने लगा तो दीदी मुस्करा ने लगी . में दीदी की नजरो के तीर झेल नहीं पाया और उठकर रूम में आ गया सोने .

बहार मुझे दीदी के सिसकने की आवाज आयी तो मेने उठकर देखा दीदी ने अपने साड़ी को पूरा ऊपर कर लिया था और अपनी छूट में अंगुली डालकर छूट को छोड़ रही थी और जोर जोर से सिसक रही थी. उनकी आँखे बंद थी इसलिए वो मुझे देख नहीं पायी थी.
 
अगले दिन से मेरी दीपावली की वजह से कॉलेज की तरह दिन की छूती थी इसलिए में सुबह लेट से उठा जब दीदी ने उठाया और फिर दोनों ने नास्ता किया तो दीदी नहाने चली गयी . दीदी भी शायद लेट hi उठी थी इसलिए वो जब नहाने घुसी तो में थोड़ी देर पढ़ने बेथ गया.

कुछ देर में नाजनीन दीदी का फ़ोन आया और वो बोली ,-- क्या कर रहे हो.

में. -- पढ़ रहा हु दीदी.

नाजनीन दीदी,-- तू मार्किट नहीं गया सोना को लेकर.

में.,-- नहीं दीदी ने मुझे बोलै hi नहीं.

नाजनीन दीदी,-- बेवकूफ लड़के, परसो तेरी दीदी का निकाह होने वाला ह तू उसके लिए कपडे कब सिलवायेगा.

में.,-- पर मुझे दीदी कुछ बोली hi नहीं.

नाजनीन दीदी,-- वो क्या बोलेगी वो अपना 7व गोला पूरा करेगी एक सप्ताह में .

में.,-- कैसे

नाजनीन दीदी,-- वो सब तेरे सामने hi होगा उसमे दस टारगेट ह जो तेरा होने वाला जीजू उसे करवा देगा बस तू उनके साथ रहना.

में.,-- हम्म. पर दीदी के पास इतने कपडे तो पड़े ह.

नाजनीन दीदी,-- उनमे से एक भी कपडा दीदी के काम नहीं आएगा शिवाय निघ्त्य के .

में.,-- मतलब.

नाजनीन दीदी,-- तेरी दीदी निकाह करेगी तो सुहागरात में पहनने को लाल जोड़ा चाहिए की नहीं .

में.,-- हम्म.

नाजनीन दीदी,-- और तेरा होने वाले जीजू की ये डिमांड ह की वो सोना को साड़ी के आलावा दूसरे कपडे नहीं पहन ने देगा और उसे सिर्फ साड़ी में hi रखेगा सात दिन तो उसे साड़ी और ब्लाउज चाहिए की नहीं.

में.,-- हम्म्म . पर दो दिन में ब्लाउज कैसे सिलेंगे.

नाजनीन दीदी,-- सब हो जायेंगे तो दीदी को अशोक के पास ले जाकर उसका नाप दिलवा दे कल तक ब्लाउज और पेटीकोट आ जायेंगे.

में.,-- ठीक ह दीदी. पर मेरे होने वाले टेम्पररी जीजू का नाम तो बता दो.

नाजनीन दीदी,-- वो तुम्हे परसो पता चल जायेगा . अभी तो तू दीदी के ब्लाउज का नाप दिलवाने जा . फिर कल उसको मेहँदी लगेगी इसलिए कल पूरा दिन उसी में चला जायेगा.

में.,-- पूरा दिन मेहँदी में.

नाजनीन दीदी,-- हम्म, उसके पुरे बदन पर मेहँदी लगेगी इसलिए तीन चार घंटे तो काम से काम लग hi जायेंगे.

में नाजनीन दीदी की बात सुनकर पूरा हैरान रह गया की दीदी किसी से निकाह करेगी और वो भी पूरी तैयारी के साथ . मेरा लुंड पूरा अकड़ गया था और में सोच रहा था की दीदी को पता नहीं वो कैसे कैसे छोड़ेगा.

नाजनीन दीदी,-- क्या हुआ रोहित.

में.,-- कुछ नहीं दीदी .वो दीदी नाहा रही ह अभी नहाकर आएगी तो ले जाऊंगा.

नाजनीन दीदी,-- तुझे पूरा एक सप्ताह जमकर लाइव शो देखने को मिलेगा. तुझे देखना ह न.

में.,-- हम्म.

नाजनीन दीदी,-- और शो मिस नहीं हो इसलिए कुछ सामन भी आज से लाना शुरू कर दे.

में,,- क्या दीदी.

नाजनीन दीदी,-- राशन का सामान, सब्जियां, सिगरेट, बियर एयर वाइन बाकि का तू खुद देख लेना रूम स्प्रे वगैरह.

में.,-- ठीक ह दीदी

नाजनीन दीदी,-- सोना का हनीमून शानदार होना चाहिए इसलिए में तुझे कुछ टिप्स वात्सप्प कर रही हु.

में.,-- ok दीदी.

उसके बाद फ़ोन काट गया तो दीदी की आवाज आयी ,-- रोहित .

में दीदी के रूम में गया और बोलै ,-- क्या हुआ दीदी.

दीदी ,- में टोलिया भूल गयी ,पकड़ा दे प्लीज . में ऐसे बाहर आउंगी तो पूरा फर्श गिला हो जायेगा.

मेने टोलिया लिया और दीदी को देने अंदर हाथ बढ़ाया तो दीदी की पीठ मेरी तरफ थी उसकी गोरी गांड और छोड़ी कमर देखकर मेरा लुंड जो बैठने वाला था फिर से तन गया.

में ,-- दीदी ....,टोलिया.

दीदी ने बिना मुड़े hi टोलिया पकड़ लिया तो में वापस रूम में आ कर पढ़ने लगा.

आधे घंटे के बाद दीदी मेरे रूम में आयी .उन्होंने एक सॉर्ट कुरता और सलवार पहन राखी थी और अच्छे से मेकअप किया हुआ था .

दीदी ,-- रोहित चली बाजार चलना ह.

में.,-- क्यों दीदी.

दीदी ,-- मुझे ब्लाउज और पेटीकोट सिलवाने ह रोहित.

में.,-- शाम में चैलेंज दीदी , में पढ़ रहा हु (मेने दीदी के मज़े लेने के लिए कहा )

दीदी ,-- रोहित समझा कर बात को.

में.,-- ओफ्फो....... इसमें समझने की क्या बात ह .शाम में चलेंगे न.

दीदी ,-- नहीं , मुझे कल तक ब्लाउज और पेटीकोट सिले हुए चाहिए.

में.,-- कल क्यों दीदी.

दीदी ,-- परसो मेरा निकाह होने वाला ह.

में.,-- दीदी आप ने मुझे पहले तो कभी बताया नहीं की आप परसो निकाह कर रही हो.

दीदी ,-- मुझे भी सुबह hi मम्मी ने बोलै की असलम चाचू ने तेरे लिए टेम्पररी दूल्हा ढूंढ लिया ह जो परसो आएगा और एक सप्ताह तक मुझे साड़ी hi पहन कर रहना होगा.

में.,-- जीजू के बारे में नहीं बताया.

दीदी लज्जा गयी और बोली, -- नहीं वो बोली की तुझे कोनसा जिंदगी भर साथ रहना ह .एक सप्ताह एन्जॉय करना ह . जब असलम चाचू ने ढूंढा होगा तो वो सेफ और सिक्योर hi होगा.

में.,-- तो मेरी दीदी अब दुल्हन बनेगी.

दीदी ,-- ढ़हत... दुल्हन नहीं बेगम , दुल्हन तो तीन साल बाद बानगी.

में.,-- और मेरे जीजू को त्रिनेड बीबी मिलेगी.

दीदी ,-- तू अब उठेगा या मार खायेगा.

में.,-- ओह्ह , मुझे पता नहीं था की मेरी दीदी बेगम बनने को तड़प रही ह

दीदी मुझे मरने को डोडी पर में जल्दी से बाइक की चाबी लिया और फ्लैट से बाहर आ गया.

पीछे पीछे दीदी भी आ गयी और फ्लैट लॉक करके हम अशोक की दुकान पर उसे मार्किट में पहुंचे.

अशोक शर्मा एक 45 साल का हैंडसम आदमी था और पूरा फिट लग रहा था उसने मुझे और दीदी को देखा तो उठकर खड़ा हुआ और हम दोनों से हाथ मिलाया.

मेने देखा आज भी दुकान पर बहुत ग्राहक थे जिन्हे अलग अलग सेल्समेन हैंडल कर रहे थे .हम दोनों को अशोक अंकल ने कोने में बने ऑफिस में बिठाया जो पूरा गिलास का था जिसके बाहर से कुछ नहीं दिख रहा था पर जब हम अंदर पहुंचे तो बाहर का पूरा नजारा दिख रहा था.

अशोक अंकल ने बाहर जाकर एक लड़के को कॅश काउंटर पर बैठने को कहा और फिर दूसरे लड़के को कुछ बोलकर अंदर आये उनकी दुकान बहुत बड़ी थी और ऑफिस भी दस बी दस से काम नहीं था .टेबल पर एक मॉनिटर और कुछ सामान पड़ा था .

अशोक अंकल ने अंदर आकर दीदी से कहा ,-- कोंग्रटुलतिओन्स सोना, तुम निकाह करके 7तह गोआल करने जा रही हो.

दीदी मुस्करा कर, -- आपको समीर ने बता भी दिया

अशोक ,-- ग्रुप में भी आ चूका .

दीदी ,-- मेने देखा नहीं.

मेने भी कल से वात्सप्प नहीं देखा था की समीर भैया ग्रुप में दाल चुके ह.

अशोक ,-- ओह्ह..., दीदी आप के लिए मेने ये लहंगा चुन्नी फाइनल किया ह.

दीदी ,-- ओह्ह सर ,आप मुझे दीदी मत बोलिये.

अशोक ,-- अरे ये हमारा तकिया कलाम ह दीदी .हमारे लिए तो यहाँ आने वाली हर लड़की दीदी hi होती ह.

दीदी मुस्करा कर अशोक अंकल की दी हुयी फोटो देखने लगी जिसमे एक मॉडल लहंगा चुन्नी पहने थी . दीदी ने मेरी तरफ कैटेलॉग किया तो मेने देखा की चुन्नी तो नाम मात्रा की थी उसमे से पूरा आर पर दिख रहा था.

मॉडल ने जो चोली पहनी थी वो पूरी स्लीवलेस और बैकलेस थी और उसके बूब्स आधे दिख रहे थे और लहंगा इतना निचे बंधा था की एक इंच निचे हो जाये तो छूट का कटाव दिखने लगे .

आहोक ,-- दीदी इसके अंदर पहनने की ब्रा और पेंटी भी अलग डिज़ाइन की हुयी ह .

अशोक भैया ने एक बटन दबाया तो एक लड़की ने गेट खोला और बोली ,-- यस सर.

अशोक अंकल, -- वो जो अभी सीज़ लहंगा चुन्नी के लिए ब्रा पेंटी आयी ह उसका बॉक्स लेकर आओ.

लड़की जल्दी से बॉक्स लेकर आयी तो अशोक अंकल बोले ,-- अंदर आकर दीदी को ब्रा पेंटी दिखा दो और नाप ले लो

लड़की अंदर आयी और बॉक्स खोलकर उसमे से एक ब्रा पेंटी का सेट निकल कर रख दी और बोली ,-- देखिये दीदी ये ब्रा होगी जो कमर पर बंधेगी और बूब्स को ऊपर की तरफ पुश करेगी. जिस से आपके बूब्स ऊपर उठकर सेक्सी लगेंगे और बड़े भी देखेंगे.

मेने देखा की वो चार इंच छोड़ी पट्टी सी थी और उसमे बहुत पतला पेड़ लगा था जो बूब्स को ऊपर की तरफ धकेलने को था.

फिर लड़की ने पेंटी दिखाई जो थोंग से बड़ी थी और गांड और जांघ दो जगह से बांधने की थी .

लड़की ,-- इसे आप को हिप्स पर बहुत निचे hi रखना पड़ेगा नहीं तो लहंगा से दिखेगी .

दीदी ने समझने वाले अंदाज में सर हिलाया तो अशोक अंकल बोले ,-- अब दीदी का नाप ले लो अच्छे से

लड़की ,-- यही पर ,

अशोक अंकल, -- हाँ सोनाक्षी बहुत बोल्ड लड़की ह ये अपने बॉयफ्रेंड के साथ अपने भाई के सामने खुलकर सेक्स करती ह और ये देखो इसको फोटो.

अशोक अंकल ने दीदी की वही फोटो दिखाई हो मेने खींची थी बालों से चुकी ढके हुए और छूट को हाथ से छुपाये हुए.

लड़की ,-- वावो , ु अरे सो सेक्सी सिस्टर.

अशोक अंकल, -- अभी ये टेम्पररी निकाह कर रही ह और सात दिन हनीमून मनाएगी अपने शोहर के साथ.

लड़की ,-- वैरी इंटरेस्टिंग. दीदी आप को अपना कुरता उतरना पड़ेगा.

दीदी ने बाहर की तरफ देखा तो सब कुछ दिख रहा tha.shayad अशोक अंकल इस बात को समझ गए थे इसलिए बोले.

अशोक अंकल,-- दीदी बाहर से किसी को कुछ नहीं dikhega.bindas होकर खोल दीजिये .ये भी आपके गोआल में शामिल ह.

दीदी ,-- ये कहा पर ह .

अशोक अंकल,-- ये वैसे तो 11तह गोआल का हिस्सा ह जिसमे बॉयफ्रेंड के दोस्त के सामने नुदितय शो करनी होती ह.

दीदी मुस्करा कर अपना कुरता खोल देती ह और एक नेटेड ब्रा में आ जाती ह तो लड़की उसकी ब्रा भी खोल देती ह .

अशोक अंकल,-- वावो सोनाक्षी दीदी आपके बूब्स बहुत सूंदर ह . समीर लूसी ह जो इन्हे पिया ह.

दीदी अपनी छाती को फुलाकर ,-- थैंक्स सर,

लकड़ी ड्रावर खोली और उसमे से कुछ रिंग निकलकर टेबल पर रख ली और एक एक करके उन्हें दीदी की बूब्स में लगाकर देखने लगी फिर एक रिंग को उसने दीदी की बूब्स पर रखकर कहा

लड़की ,-- ट्वेंटी सेवन सर.

अशोक अंकल,-- ok , हिघ्त नाप लो.

मेरी 25 वरसिये कुंवारी दीदी जो तीनो छेड़ छुड़वा कर औरत बन चुकी थी . हम तीन लोगों के बिच टॉपलेस होकर बैठी थी उनकी उन्नत और दूध से भरी चुकी और गुलाबी निप्पल को देखकर अशोक भैया अपने होंठो पर जीभ फिर रहे थे और एक हाथ से अपने लुंड को सहला रहे थे . में भी अपने लुंड से प्रीकम को रिलीज़ होने से नहीं रोक पा रहा था . दीदी अपनी शानदार चूचियों को उठाये हुए बेशरम होकर अपनी चुकी का नाप दे रही तह
 
लड़की ने दीदी की रिंग जो बूब्स के निचले हिस्से पर यानि छाती पर तिकी थी उस से उसकी चुकी की हिघ्त नाप रही थी फिर उसने दोनों चुकी का गैप और दीदी की कड़ी हो चुकी निप्पल को भी इंच तप से मापा.

दीदी आँखे बंद करके हलकी हलकी सिसक रही थी जबकि लड़की उसकी पूरी चुकी को हाथ से मसल चुकी थी.

अशोक अंकल अपनी कुर्सी पर बैठकर दीदी की सूंदर चुकी को देखकर अपना लुंड मसल रहे थे. उन्होंने लड़की को आँख मरी जो मेने देख ली तो अंकल मुझे देखकर मुस्करा उठे . लड़की ने जब अंकल को आँख मरते देखा तो उसने दीदी की चुकी को हाथ से ऊपर उठाया और फिर उनकी निप्पल को मसल दिया जिस से दीदी की जोरदार सिसकी निकल गयी.

में दीदी को एन्जॉय करते देख रहा था तभी तभी गेट खुला और एक दूसरी लड़की एक ट्रे लेकर अंदर आयी .दीदी ने जल्दी से अपने आप को ढकने के लिए कुछ देखा पर उनके कपडे दूर पड़े थे.

अशोक अंकल,-- दीदी don't वोर्री, इस से शर्माने की जरुरत नहीं ह

दीदी ने अपने हाथ से बोबे धक् लिए तो लड़की ने ट्रे आगे की तो सबने एक एक गिलास कोल्ड ड्रिंक ले लिया और लड़की वापस जाने लगी तो अशोक अंकल बोले.

अशोक अंकल,-- कहा जा रही ह .

लड़की ,-- वो सर बाहर कस्टमर ह.

अशोक अंकल,-- मादरचोद तू कस्टमर देखने जा रही ह या बाहर जाकर राहुल से बोबे मसलवायेगी . बहन की लोदी ,देख नहीं रही दीदी का नाप लेना ह .चल जल्दी से चमेली की मदद कर .

लड़की इतनी गन्दी गाली सुनकर शर्म से नजर झुका कर बोली, -- ok सर.

हम सब ने कोल्ड ड्रिंक पि लिया तो दोनों लड़कियों ने दीदी का गाला ,चुकी , कमर और पीठ का नाप लिया और फिर दीदी को खड़ा कर दिया.

मेरी दीदी अब चार लोगों के बिच टॉपलेस नंगी कड़ी थी फिर चमेली ने दीदी की सलवार का नाडा खोल दिया और सलवार को निकलने लगी तो अशोक अंकल बोले

अशोक अंकल,-- don't वोर्री, कूल्हों का सही नाप लेना होगा लहंगा के लिए.

दीदी ने मुझे देखा तो मेने आँख मारकर एन्जॉय करने को कहा पर दीदी ने शर्म से आँखे बंद कर ली.

चमेली ने दीदी की सलवार को पेरो से बाहर कर दिया .दीदी अब सिर्फ पेंटी पहने चार लोगों के बिच कड़ी थी .उनकी पेंटी पूरी कॉमर्स से भीगी हुयी थी और रास पेंटी से टपकने की पोजीसन थी .

अशोक भैया ने दीदी की पेंटी को देखा तो तेजी से अपने लुंड को घिसने लगे .उन्हें लुंड घिसते देख चमेली मुस्कराई तो अशोक भैया ने पेंटी को खोलकर उनके देने का इशारा किया.

तभी चमेली ने दीदी की पेंटी भी खिंच दी तो दीदी ने आँखे बंद कर ली .दीदी की क्लीन शेव छूट पूरी भीगी हुयी थी और उनकी फूली हुयी छूट को देखकर अशोक अंकल अपने लुंड को घिस रहे थे . मेरा लुंड भी लगातार प्रीकम छोड़ रहा था. दीदी को मालूम था की बोलने से कुछ फायदा नहीं ह क्योंकि बोलेगी तो अभी अशोक भैया फिर कोई तर्क दे देंगे इसलिए आँखे बंद किये नंगी कड़ी रही.

चमेली ने फिर दीदी के कूल्हों और जांघ का नाप लिया .बिच बिच में वो दीदी की छूट को भी टच कर रही थी जिस से दीदी की कामुक सिसकी निकल जाती थी .

चमेली ने दीदी की नाप के बहाने दस मिनट तक दीदी को नंगी रखा .उसने दीदी के पेअर चोदे करवा कर दीदी की छूट का नाप भी लिया और उनकी छूट का रास अपनी अंगुली पर लगाकर अशोक भैया को टेस्ट भी करवा दिया था और फिर दीदी को एक नयी पेंटी पहनने को दी तो दीदी ने फटाफट अपने कपडे पहन लिए.

दीदी की काम रास से भीगी पेंटी अशोक अंकल ने अपनी ड्रावर में रख ली और दोनों लड़किया मुस्कराती हुयी बाहर चली गयी.

अशोक अंकल,-- दीदी अभी भी आपमें बहुत कुछ कमी ह ,

दीदी ,-- क्या सर,

अशोक अंकल,-- ये गोआल आपका कम्पलीट नहीं मन जायेगा.

दीदी ,-- क्यों सर.

अशोक अंकल,-- आपने पढ़ा नहीं कहानी में ठीक से जब लड़की अपनी नुदितय शो करे तो उसकी आँखों में शर्म नहीं होनी चाहिए बल्कि देखने वाले की आँखों में देखकर उसे अपने सेक्स ऑर्गन्स अच्छे से दिखने चाहिए.

दीदी ,-- मेने पढ़ा ह सर , पर अभी तो में 7तह गोआल भी नहीं कर पायी और आप इतने आगे ले जाना चाहते ह ,आखिर लिखने वाले ने भी तो कुछ सोच कर लिखा होगा.

अशोक अंकल,-- हम्म , ये तो ह . 8तह गोआल के लिए तुम मुझे फ़ोन करना .शायद में तुम्हारी मदद कर सकू.

दीदी ,-- कैसे सर.

अशोक अंकल,-- मेरा जेनिटल रोड पर फार्म हाउस ह जो तुम्हारे काम आएगा.

दीदी ,-- थैंक्स सर , मेरे कपडे कब तक रेडी हो जायेंगे.

अशोक अंकल,-- कल तक सब भिजवा दूंगा तुम्हारे फ्लैट पर .

दीदी ,-- और पैसे सर.

अशोक अंकल,-- वो तो समीर ने भिजवा दिए किसी सोभा सिंह नाम से आये ह.

में अशोक अंकल की बात सुनकर सोचने लगा की मम्मी hi इस सरे गेम की मास्टर मंद तो नहीं . और ये समीर कही छोटा मोटा मोहरा हो. पर मुझे नहीं मालूम था की इस गेम का असली खिलाडी तो असलम खान था जो दीदी को मशहूर रंडी बनाने में लगा था.

दीदी ,-- थैंक्स सर ,आप भिजवा दीजियेगा आप के पास एड्रेस तो होगा hi.

हम दोनों को वह आये एक घंटे से ज्यादा हो गया था और दोपहर हो चुकी थी इसलिए मेने रस्ते में एक अच्छी जगह देखकर खाना खाने के लिए बाइक रोक दी.

दीदी ,-- क्या हुआ रोहित , बाइक क्यों रोक दी .

में.,-- दीदी खाना खा लेते ह यही.

दोनों होटल में गए जो काफी अच्छा था और फॅमिली हाल भी था उसमे . दीदी टॉयलेट चली गयी और मेने वेटर को आर्डर किया तो दीदी मेरे पास आकर बेथ गयी और मेरे गाल को चूमकर बोली

दीदी ,-- थैंक्स रोहित .

में.,-- किसलिए दीदी

दीदी ,-- तुम साथ होते हो तो मुझे दर नहीं रहता वार्ना लोग मुझे पता नहीं किडनैप कर ले .

में.,-- ये बात तो ह दीदी, आप हो hi इतनी सूंदर .

दीदी ,-- सच में .

में.,-- आप बिना कपड़ो के तो और भी सूंदर लगती हो .आप का हर अंग पूरा शेप में ह बस थोड़ी सी कमी ह.

दीदी ,-- वो क्या.

में.,-- थोड़ा सा आपका साइज छोटा ह ऊपर निचे का.

दीदी अपनी छूट मसलकर ,-- ये ऊपर निचे का क्या होता ह खुलकर बोल न.

में.,-- दीदी आपके बोबे 35 के होते और गांड 36 की होती तो आप और सूंदर लगती.

दीदी मुस्करा कर ,--तब में लड़की नहीं लगूंगी और वो भी हो जायेंगे तेरा जीजू यही तो करेगा.

में.,-- हम्म , वैसे दीदी मम्मी को सब मालूम ह की आप क्या करने वाली हो.

दीदी ,-- हम्म , मम्मी अपना रास्ता क्लियर कर रही ह.

में.,-- कैसे .

दीदी ,-- वो भी असलम चाचू से दूसरी शादी करना चाहती ह इसलिए मुझे ओपन करना चाहती ह और तू तो वैसे भी माँ लवर ह.

में.,-- माँ लवर कैसे.

दीदी ,-- तू मम्मी की चुदाई की कहानिया नहीं पढता क्या.

में.,-- वो तो मेने पढ़ी ह.

दीदी ,-- जब मम्मी किसी से छुड़ेगी तो तू देख कर हिलायेगा नहीं.

दीदी की बात सुनकर मुझे सचमुच लुंड एडजस्ट करना पड़ा . तभी खाना आ गया तो हम दोनों ने खाना खाया और जब उठने लगे तो दीदी का फ़ोन बजा.

फ़ोन किसी नए नंबर से था जिसे देखकर दीदी ने पहले तो काटने का सोचा लेकिन फिर उठा लिया.

दीदी ने फ़ोन कान पर लगा लिया और फिर सुनकर बोली ,-- नमस्ते देवर जी.

तभी मेरे फ़ोन पर भी मेसेज टोन बजा .मेने फ़ोन देखा तो समीर भैया का वात्सप्प था ,- रोहित दीदी को सोहैल फिल्म दिखाना चाहता ह तू उसे ले जाना , सेफ आदमी ह.

मेने फ़ोन में ok रिप्लाई किया दीदी फ़ोन पर बात किये जा रही थी फिर दीदी ने मुझे फ़ोन देकर कहा ले बात कर.

मेने फ़ोन लेकर हैल्लो बोलै तो उधर से आवाज आयी.

."""रोहित में सोहैल बोल रहा हु.

में.,-- जी भैया

मेने जान बूझकर भैया बोलै था ताकि दीदी सुन ले.

सोहैल ,-- रोहित मेने फिल्म की तीन टिकट बुक की ह भाभी जान को लेकर आ जाना.

में.,-- ठीक ह भैया कहा आना ह.

सोहैल ने मुझे एक सिनेमा हॉल का एड्रेस दिया और अपनी लोकेशन भेजी तो मेने दीदी से कहा.

में ,-- दीदी चलोगी फिल्म देखने .

दीदी मुस्करा कर ,-- तू बोल,

में. -- मेरा तो मूड नहीं ह .

दीदी मेरी बात सुनकर मायूस हो गयी तो में हंसकर बोलै ,-- अरे भाभी जान तो उदास हो गयी.

दीदी हंसकर ,-- तुझे मज़ा आ रहा ह ना.

में.,-- नहीं मुझे आपको मायूस देखकर अच्छा नहीं लग रहा आप बोलो.

दीदी ,-- चल न सोहैल जी बहुत रिक्वेस्ट कर रहे ह.

में.,-- जब आपको जाना hi ह तो मुझे क्यों बलि का बकरा बना रही हो.

दीदी ,-- मुझे सोहैल जी का अंदाज बहुत अच्छा लगा था इसलिए बोली.

में.,-- तो फिर थोड़ा मेकअप वगैरह ठीक करके आओ .

दीदी एक बार फिर से टॉयलेट की तरफ गयी तो में भी मूतने आ गया और मुतकर दीदी की प्रतीक्षा करने लगा.

थोड़ी देर में दीदी टॉयलेट से निकली तो पूरी फ्रेश लग रही थी .लिपस्टिक चमक रही थी और चेहरा भी खिला खिला लग रहा था.

हम दोनों होटल से बाहर आये और सोहैल की बताई जगह का लोकेशन देखकर बाइक स्टार्ट की दस मिनट बाद हम एक पुराने से सिनेमा हॉल के पास पहुंच गए .
 
मेने बाइक पार्क की और दीदी के साथ सिनेमा हॉल की तरफ गए जहा पर दस बीस लोग hi दिख रहे थे क्योंकि हॉल में एक ा सर्टिफिकेट वाली फिल्म लगी थी.

तभी एक लड़का हमारे पास आया और बोलै ,-- सर आप लोग मेरे साथ आइये मालिक इधर नहीं ह .

में ,-- कोण मालिक.

लड़का ,-- सोहैल सर , ये सिनेमा हॉल उन्ही का ह.

में उसकी बात सुनकर उसके पीछे चलने लगा दीदी भी पीछे पीछे चल रही थी .हम लोग सिनेमा हॉल के अंदर बने ऑफिस में गए तो वह सोहैल भैया बैठे थे .उन्होंने खड़े होकर हमारा वेलकम किया और बोले .

सोहैल, -- चलिए भाभी जान आपकी वजह से फिल्म को रुकैया हुआ ह . दस मिनट ऊपर हो चूका.

हम लोग सीधी चढ़कर बालकनी में पहुंचे तो देखा पूरी बालकनी खली पड़ी थी . और उसमे बिच में एक सोफे लगा हुआ था .

सिनेमा हॉल में स ग्रेड की मूवी hi चलती थी इसलिए काम hi लोग बालकनी में बैठते होंगे और बालकनी भी बहुत छोटी hi थी मुश्किल से बीस कुर्शी hi लग सकती थी.

सोफे के सामने एक टेबल राखी हुयी थी जैसे hi हम सोफे पर बैठे , एक लड़का टेबल पर खाने पिने का सामान रखकर चला गया और बोलै.

लड़का ,-- मालिक फिल्म चालू करवा दूँ.

सोहैल, -- हम्म , हर दस मिनट पर शुरू कर देना और दस मिनट बाद डालते rahna.aur इंटरवल की जगह सीधे दो घंटे में मूवी ख़त्म कर देना

लड़का ,-- जी मालिक.

मेने निचे देखा तो मुश्किल से पचास साथ लोग फिल्म देखने आये होंगे और सोचने लगा की सोहैल भैया ने दस मिनट पर क्या डालने को बोलै था.

सोहैल भैया अभी खड़े hi थे और जैसे hi लड़का बाहर निकला उन्होंने बालकनी का गेट अंदर से बंद किया और दीदी के पास आकर बेथ गए.

दीदी हम दोनों के बिच में बैठी थी सोफे चार सीटर था एयर लम्बा छोड़ा था इसलिए तीनो आराम से बेथ गए तो सोहैल ने तीन पेग बनाये और हमें देते हुए कहा.

सोहैल, -- भाभी जान आप ये मत बोलना की में पीती नहीं. मुझे मालूम ह समीर के साथ आप पीती हो.

दीदी ne.muskra कर पग ले लिया तो में भी पेग लेकर काजू के साथ पिने लगा .

सोहैल, -- थैंक्स भाभी जान.

दीदी ,-- किसलिए.

सोहैल,-- आप जैसी जन्नंत की हूर भाभी जान ने हमारे गरीब खाने में आकर हमारी इज्जत बढ़ा दी .

दीदी ,-- थैंक्स सोहैल , पर में इतनी भी खूबसूरत नहीं hi जितनी तुम टैरिफ कर रहे हो और आप मुझे आप क्यों बोल रहे हो.

सोहैल ,-- भाभी जान आप जैसी खूबसूरत औरत की इज्जत करना हम जैसे तुच्छ लोगो का धरम ह.

दीदी ,-- अरे में औरत नहीं हु.

सोहैल ,-- भाभी जान आप ने कपडे hi लड़की के पहने ह बाकि आप की समीर भैया ने पूरी औरत बना hi दिया ह .

दीदी मुस्करा कर ,-- हैट बेशरम कही का.

सोहैल, -- भाभी जान आप मुझे कुछ भी बोलिये पर हकीकत तो यही ह की बहुत सी औरते शादी के बाद भी पूरी औरत नहीं बनती .

दीदी ,-- कैसे सोहैल

सोहैल, -- भाभी जान सब औरतों में इतनी हिम्मत नहीं होती की वो अपनी गांड छुड़वा ले .आप की गांड में डैम ह.

दीदी ,-- बेशरम कुछ भी बोलते हो. मेरा भाई पास में बैठा ह.

सोहैल ,-- भाभी जान इतनी भोली भी मत बनिए .समीर भैया बोल रहे थे की उन्होंने आप की गांड की सील रोहित के सामने खोली ह .क्यों रोहित जी.

में सोहैल की बात सुनकर सकपका गया . सोहैल ने पता नहीं कोनसी ब्रांड पिलाई थी जो एक पेग में पूरा चढ़ गयी थी . मुझे भी मज़ा आ रहा था और सोच रहा था की समीर ने मेरे सामने hi दीदी की गांड मरने की बात सोहैल को भी बता दी थी.

में कुछ बोलै नहीं तो सोहैल फिर से बोलै ,-- रोहित जी क्या में झूट बोल रहा ह भाई जान.

में.,-- नहीं सोहैल भैया आप सच बोल रहे ह समीर भैया ने मेरे सामने hi दीदी की मतलब आपकी भाभी जान को गांड छोड़ी थी.

सोहैल भैया,-- अब बोलिये भाभी जान.

दीदी मेरी बात सुनकर मेरी तरह शरारत से देखि तो मेने आँख मार दी और एन्जॉय करने को कहा.

सोहैल खुश होकर ,-- अब बोलिये न सोनाक्षी भाभी क्या में गलत बोलै क्या.

दीदी मुस्करा कर ,-- सोहैल तुम बहुत शैतान हो अपनी भाभी से ऐसे बात करता ह क्या कोई .

सोहैल ,-- इसमें क्या गलत बोल दिया भाभी जान, देवर भाभी के बिच इतना तो चलता hi ह और हमारे घर में मेरी भाभी जान इस से भी ज्यादा मज़ाक होता ह .

दीदी ,-- अच्छा .

सोहैल ,-- हां भाभी जान मेरी भाभी तो मेरे सामने hi मेरे बड़े भैया से चूमा छाती में लग जाती ह .

दीदी ,-- चुप बेशरम.

सोहैल, -- भाभी जान आपको इसके आलावा अच्छी गाली नहीं आती क्या.

दीदी ,-- क्यों तुम्हे सुन नई ह क्या.

सोहैल ,-- आप के मुंह से गाली भी मुझे आशीर्वाद hi लगेगा .प्लीज भाभी आप एक बार देकर देखिये.

दीदी मुस्करा कर सोहैल की छाती में प्यार से मुक्का मार दी .और बोली

दीदी ,-- b..a..h..a..n c.h..o..d.

सोहैल भैया, -- वाओ भाभी जान आप के मुंह से गाली कितनी अच्छी लग रही ह .

तभी हॉल की लाइट बंद हो गयी और एक बार पूरा अँधेरा हो गया फिर स्क्रीन पर फिल्म के नाम वगैरह आने लगे तो थोड़ा थोड़ा दिखने लगा.

फिल्म का नाम था कातिल हसीना जिसकी कहानी शुरू हो चुकी थी एक तीस साल की खूबसूरत हसीना आठ लोगो का मर्डर करके ठाणे में बैठी थी और थानेदार को अपनी कहानी सुना रही थी जिसमे वो शुरुवात अपने लवर से करती ह और फ्लैशबैक में जाकर अपने लवर जिसका उसने खून कर दिया उससे से प्यार करती ह और एक गण भी गति ह.

फिर उनका रोमांस चालू होता ह .हीरो के साथ . जिसके साथ hi एक पोर्न क्लिप शुरू हो जाती ह जिसमे खुला सेक्स शुरू हो जाता ह . हेरोइन नंगी हो जाती ह और हीरो उसको नंगी कर देता ह.

में तिरछी नजर करके दीदी को देखता हु तो दीदी अपने बूब्स को मसल रही थी . सोहैल भैया भी दीदी को बूब्स मसलते देख रहे थे और लुंगी पर हाथ रखकर अपने लुंड को मसल रहे थे.

दीदी का पूरा ध्यान सिनेमा हॉल की बिग स्क्रीन पर था जिसमे हीरो हेरोइन की छूट को चाट रहा था जिसे देखकर दीदी अपने बूब्स मसल रही थी तो मेने दीदी से कहा.

में,-- दीदी आप क्यों परेशां हो रही हो सोहैल भैया को बोलो ना वो मसल देंगे अच्छे से जिस से आपका साइज भी बढ़ जायेगा.

दीदी ,-- पागल ह क्या , वो क्या सोचेगा.

में.,-- दीदी वो कुश हो जायेगा और देवर भाभी के बिच इतना तो चलता ह.

दीदी ,-- तू चुप चाप बेथ .

में.,-- अगर आप कहो तो में बोल दू.

दीदी ,-- क्या बोलेगा.

में.,-- यही की सोहैल भैया आप अपनी हूर सी सूंदर भाभी जान का दूध पि लीजिये.

दीदी मुस्करा कर रह गयी . सोहैल भैया हमारी बाते सुन तो नहीं पा रहे थे पर ये जरूर समझ चुके थी की कुछ बात हम दोनों कर रहे थे.

सोहैल भैया, -- क्या हुआ रोहित , क्या बात चल रही ह.

में.,-- सोहैल भैया आपकी सूंदर भाभी परेशां हो रही ह.

सोहैल भैया,-- क्या बात ह भाभी जान क्या परेशानी ह मुझे बताइये.

दीदी मुस्करा कर स्क्रीन पर फिल्म देखने लगी जिसमे अब वापस फिल्म की कहानी शुरू हो चुकी थी पोर्न क्लिप ख़त्म हो चुकी थी .

मुझे फिल्म में कोई इंट्रेस्ट नहीं था इसलिए उठकर सोहैल भैया के पास जाकर बेथ गया और बोलै.

में.,-- सोहैल भैया आप की भाभी जान कैसे परेशां हो रही ह और आप फिल्म देखने में लगे ह.

सोहैल भैया,-- क्या परेशानी ह भाभी जान को रोहित.

में.,-- उनके बोबे में खुजली हो रही ह आप थोड़ा सा मसल दीजिये.

सोहैल भैया,-- यार में रोड छाप आदमी नहीं हु जो ऐसी हरकत करूँ तुम दीदी को बोलो वो कहेगी तो खुजली मिटा दूंगा.

में.,-- दीदी आपको शर्म से नहीं बोल पा रही ह.

सोहैल भैया,-- रोहित में बहुत इज्जत दर आदमी हु और अपनी तरफ से पहल नहीं कर सकता जब तक की सोना भाभी कोई इशारा ना करे .

में.,-- किस तरह का इशारा सोहैल भैया.

सोहैल भैया,-- कुछ भी यार जिस से मुझे लगे की भाभी जान भी मुझसे प्यार करवाना चाहती ह.

में.,-- अगर वो आप के कंधे पर हाथ रख दे तो .क्योंकि वो संस्कारी घर से ह मुंह से तो बोलेगी नहीं .

सोहैल भैया,-- तब तो में भी आगे बढ़ सकता हूँ.

में.,-- में दीदी का हाथ आप के कंधे पर रखता हु फिर आप दीदी को प्यार करना

सोहैल भैया मुस्करा कर मेरे सर पर हाथ रख दिए.

फिल्म में अब दूसरा पोर्न क्लिप शुरू हो चूका था और दीदी अपनी चूचियों को जोर जोर से मसलने लगी तो में खड़ा हुआ और दीदी के पीछे जाकर उनका हाथ पकड़ कर सोहैल भैया के कंधे पर रख दिया .

दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कराई तो सोहैल भैया भी अपना हाथ दीदी के कंधे पर रख दिए और फिर अपना हाथ धीरे धीरे निचे ले जाने लगे.

उनका हाथ दीदी की क्लीवेज से होते हुए बूब्स की तरफ बढ़ रहा था.

दीदी चुपचाप बेथ कर फिल्म देखने में लगी थी.

में दीदी के पीछे से कान में ,-- दीदी अब तो रखवा लो सोहैल भैया का हाथ अपने बोबो पर .

में दीदी के पास आकर बेथ गया और फिल्म देखने लगा.
 
स्क्रीन पर पोर्न क्लिप चालू थी पर मेरी नजर सोना दीदी और सोहैल भैया पर थी .सोहैल भैया अब दीदी की चुकी को धीरे धीरे मसल रहे थे तो दीदी अपनी छूट को एक हाथ से रगड़ रही थी.

सोहैल भैया ने फिर दीदी का हाथ पकड़ा और अपनी लुंगी के ऊपर से लुंड पर रखवा दिए जिसे पकड़कर दीदी गंगना गयी और मेरी तरफ देखि तो अँधेरे में हम दोनों की आँखे मिली .

में दीदी के कान में.,-- एन्जॉय .

दीदी मेरी बात सुनकर मुस्कराई और सोहैल भैया के हाथ को पकड़कर अपनी चुकी पर जोर से दबा ली.

सोहैल भैया भी दीदी का इशारा समझ चुके थे उन्होंने अपनी लुंगी को ऊपर किया और लुंड को दीदी के हाथ में पकड़ा दिया. हॉल में सिसकिया की आवाज गूंज रही थी जो पोर्न क्लिप से आ रही थी. माहौल पूरा सेक्सी था क्योंकि आगे बैठे हुए लड़के भी मुठ मार रहे .

पूरी क्लिप ख़त्म हो चुकी तो परदे पर फिर वही ठाणे का सीन आ गया जिसे देखने की मेरी कोई मनसा नहीं थी.

इसलिए में दीदी से उसके कान में बोलै ,-- दीदी खुलकर एन्जॉय करो न.

दीदी मुस्करा कर ,-- कैसे.

में.,-- अपनी कुर्ती ऊपर कर लो सोहैल भैया को बूब्स बड़े करने दो.

दीदी ,-- तुझे देखना ह.

में.,-- हम्म.

दीदी ने फिर अपनी गांड ऊपर की और कुर्ती को निचे से निकल कर अपनी कुर्ती को पकड़ा और हाथ ऊपर करके कुर्ती को निकल दिया .दीदी को कुर्ती निकलते देख सोहैल भैया जिनका ध्यान भी मेरी तरह फिल्म में नहीं था क्योंकि उनके लिए पोर्न क्लिप या फिल्म नयी बात नहीं थी और रोज hi देखते होंगे.

वो दीदी को कुर्ती निकलते देख खुश हो गए और उनकी नजर मुझे से मिल गयी . हॉल में भले hi लाइट बंद थी पर अब हमारी आँखे अँधेरे में देखने की अभ्यस्त हो चुकी थी और वैसे भी फिल्म की स्क्रीन से इतनी रौशनी तो आ hi रही थी की हम आपस में एक दूसरे को देख सके .

मेने सोहैल भैया को आँख मरी तो सोहैल भैया भी मुस्करा पड़े और दीदी के गोर बदन को घूरने लगे . दीदी का बदन अँधेरा में चंडी की तरह चमक रहा था .

मेरी दीदी आज मेरे सामने एक नए मर्द से अपने बोबे मसलवाने को कुर्ती खोल चुकी थी तो सोहैल भैया ने भी अपनी गांड उठाकर लुंगी निकल दी .उन्होंने लुंगी के निचे चड्डी

भी नहीं पहनी थी .

सोहैल भैया को शायद पता था की दीदी पोर्न देखकर बर्दास्त नहीं कर पायेगी इसलिए वो अपनी कच्ची ऑफिस में hi खोल दिए होंगे . मुझे उनका लुंड खड़ा हुआ दिखा जो छह इंच का रहा होगा.

मुझे शराब का नशा हो चूका था और शायद दीदी भी नशे में थी .तभी दीदी ने मेरे कान में जो कहा वो सुनकर मेरा लोढ़ा पानी छोड़ने की स्थिति में आ gaya.aur ऐसी बात वो शायद बिना नशे के नहीं बोल सकती थी.

दीदी मेरी तरफ पीठ करके मेरे कान के पास आकर बोली ,-- रोहित भईया मेरी ब्रा खोल दे और अपनी रंडी दीदी के बोबे नंगे कर दे ताकि मेरा देवर इनसे दूध पि ले.

में., --जरूर सोना दीदी .वैसे आप सोहैल भैया को चाहे देवर बोल लो पर आप के बोबे का दूध पीकर वो भी मेरा जीजू बन जायेगा.

मेने दीदी की ब्रा का हुक खोल दिया और बोलै ,-- ब्लू फिल्म तो हम घर पर भी देख लेंगे आप आपने देवर जी यानि मेरे नए जीजा से बोबे बड़े करवा लीजिये भाभी जान छुम दीदी.

मेने दीदी की ब्रा का हुक खोला तो दीदी ने ब्रा को निकल कर मेरी तरफ किया तो मेने उसे रख दिया .

दीदी मुस्करा कर सीधी बेथ गयी सोहैल भैया की आँखे दीदी के गोर दूध देखकर चमक उठी तो दीदी ने सोहैल भैया के हाथ को पकड़कर अपने बूब्स पर रखवा ली.

सोहैल भैया दीदी के बोबो को प्यार से सहलाना शुरू कर दिए तो दीदी सिसकने लगी .बालकनी का माहौल अब पूरा कामुक बन चूका था . एक तरफ हीरोइन की कामुक चीखे और दूसरी तरफ दीदी की सिसकियों ने मेरे लुंड को पूरी ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया.

सोहैल भैया ने दीदी के बोबे बड़े प्यार से सहलाते हुए जोर से पूछा ,-- भाभी जान आपके बोबे से दूध पि लू क्या.

दीदी ,-- पि ले सोहैल अपनी भाभी का दूध.

सोहैल भैया अब दीदी के बोबे पर झुक गए और दीदी की निप्पल को पिने लगा वो बरी बरी से दोनों निप्पल को छोटे बच्चे की तरह से चूसने लगे .

उधर फिल्म में अब सिसकियों की जगह डाइलोगे चालू हो गए थे .पर में फिल्म की जगह लाइव पोर्न देखने में लगा था .जो मेरी 25 साल की दीदी और 50 साल के सोहैल भैया के बिच शुरू हो चूका था .

सोहैल भैया बहुत अनुभवी आदमी था वो दीदी की निप्पल को बहुत सेक्सी अंदाज में चूस रहा था और दीदी को सलवार खोलने पर मजबूर कर दिया था .

अगली क्लिप चालू हो चूका था और दीदी अपनी सलवार को पेंटी सहित खोल चुकी थी .दीदी अब पूरी नंगी थी .

मेरी 25 वर्षीय कुंवारी दीदी आज मेरे सामने सिनेमा हॉल में पूरी नंगी थी और वो भी एक पचास साल के मुल्ले के सामने. जो उसकी कुंवारी चुकी पि रहा था.

दीदी बहुत जोर से सिसक रही थी और सोहैल भैया के लुंड को हिला रही थी. इस बिच सोहैल भैया ने भी अपना कुरता निकल दिया और वो भी पुरे नंगे हो गए और दीदी को देखने लगे.

दीदी ने फिर सोहैल भैया के ऊपर झुक कर उनकी छाती पर किश किया और उनकी निप्पल को मुंह में लेकर चूमने लगी.

सोहैल भैया भी सिससकने लगे और उन्होंने दीदी को सोफे पर गिरा दिया फिर उनके ऊपर 69 की पोजीसन में लेट कर दीदी की छूट चाटने लगे .

सोफे चार सीटर था इसलिए मुझे दीदी की छूट को नजदीक से सोहैल भैया से चतवती हुयी दिखी जो पानी छोड़ रही थी जिसे सोहैल भैया जीभ से चाट कर पिए जा रहे थे . उधर दीदी भी अपना मुंह सोहैल भैया के लुंड पर तेजी से चला रही थी . मेरा पूरा धयान अब दीदी की छूट पर hi था जो पूरी काम रास छोड़ रही थी और बालकनी में उनकी कामुक महक फेल चुकी थी.

में अपने लुंड को एडजस्ट करने के लिए पेण्ट पर हाथ लगाया तो मुझे लगा की मेरा वीर्य छूट जायेगा इसलिए जल्दी से चैन खोलकर लुंड को बाहर कर दिया तो मेने लुंड ने वीर्य की धार फेंक दी जो बहुत दूर तक गयी.

इधर दीदी की छूट से भी एक साथ बहुत पानी निकला और सोहैल भैया के मुंह में चला गया तो में समझ गया की दीदी अब शायद एक बार और झाड़ चुकी ह.

मेने लुंड को खली करके वापस पेण्ट में दाल लिया तो दीदी भी सोहैल भैया के ऊपर से उठ गयी और उनकी गॉड में बेथ गयी.

मेरी सोनाक्षी दीदी मेरे बिलकुल पास में सोहैल भैया को गॉड में बैठी थी जो पुरे नंगे थे.

में वही फिल्म देख रहा था . दीदी का ध्यान अब फिल्म में काम और सोहैल भैया की आँखों में देखने में ज्यादा था .सोहैल भैया तो वैसे भी स्क्रीन की जगह मेरी कुंवारी दीदी को hi देख रहे थे .

दीदी ने जब सोहैल भैया की आँखों में देखा तो सोहैल भैया भी उनकी आँखों में देखने लगे जैसे दोनों प्रेमी युगल ह.

दोनों दस मिनट तक एक दूसरे की आँखों में देखते रहे और अगली पोर्न क्लिप चालू होते hi सोहैल भैया बोले.

सोहैल भैया, -- रोहित कैसी लगी फिल्म.

में.,-- अच्छी ह भैया.

सोहैल भैया,-- हेरोइन सूंदर ह न फिल्म की.

में.,-- जी भैया सूंदर भी सेक्सी भी.

सोहैल भैया,-- अभी तक ओरल hi दिखाया ह फिल्म में अब फिजिकल होगा.

में.,-- जी भैया ओरल बिना मज़ा नहीं आता फिल्म का . ऐसे से प्यार से करना आगे भी हेरोइन को.

दीदी ने जब ये सुना तो उसकी आँखे गोल हो गयी और उसे समझ में आ गया की किस फिल्म और हेरोइन की बात चल रही ह.

वो सोहैल भैया की गॉड से उठने लगी तो सोहैल भैया ने दीदी को पकड़ लिया और अपने होंठो पर झुका कर दीदी के नाजुक होंठ चूसने लगे.

दीदी छूटने की कोशिश करने लगी तो में बोलै ,-- दीदी क्यों नाटक कर रही हो . एन्जॉय करो ना .

दीदी मुस्करा कर मेरे माथे पर हलकी सी चपत लगाई और समीर भैया का साथ देने लगी .दोनों दस मिनट तक एक दूसरे के होंठ चूसते रहे तो दीदी फिर से गरम हो गयी और सोहैल भैया के चेहरे को चूमकर उनकी छाती को चूमने लगी.

सोहैल भैया भी दीदी के बोबो से खेलते हुए दीदी को सोफे पर गिरा दिए और उनके बदन को चूमने लगे.

दोनों पुरे गरम हो चुके थे और स्क्रीन पर भी कामुक सिसकियों ने माहौल को कामुक बना दिया था इसलिए सोहैल भैया ने दीदी को सोफे पर घोड़ी बनाने को कहा .

दीदी घोड़ी बन गयी थी और उनका मुंह मेरे पास में था . दीदी शर्म से आँखे बंद करने लगी तो मेने उनके माथे को पकड़कर हिलाया .

सोहैल भैया अब निचे झुक कर पीछे ने उनकी छूट को सूंघ रहे थे और फिर उनकी गांड चाटने लगे.

दीदी सिसकते हुए, -- k..y..a.. हुआ रोहित.

में.,-- दीदी अब आपको किस बात की शर्म आ रही ह . यहाँ तो अँधेरा भी ह.

दीदी ,-- शर्म तो आएगी hi रोहित . तेरे सामने.

में में उनकी आँखों में देखकर ,-- अगर ऐसे शर्म आती ह तो आप आगे से मुझे साथ मत लाना.

दीदी ,-- तू भी ना. मुझे नए आदमी के साथ करवाते शर्म आ रही ह . समीर के साथ तो तू मुझे कितनी बार देख hi चूका.

में.,-- अब छोडो दीदी शर्म और एन्जॉय करो . अब तो आप वैसे भी नए नए जीजू से छुड़वाने वाली हो

तभी दीदी की जोरदार चीख निकली जो पूरी बालकनी में गूंज उठी अगर फिल्म नहीं चल रही होती तो पूरा हॉल फिल्म देखना छोड़कर लाइव शो देखने लगता.

दीदी ,-- aa....h....

में.,-- क्या हुआ दीदी .

दीदी, -- रोहित सोहैल ने पीछे वाले छेड़ में दाल दिया.
 
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