ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 19 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

Brother,kahani की shuruat,uske कोड और क्लाइमेक्स ये तीनो मैंने पहले से सिच लिए थे...

आपको शायद जल्दी इसीलिए लग रहा होगा क्यूंकि 120 उपदटेस पहले hi ये स्टोरी कम्पलीट हो जाएगी..

पर एक बार उपदटेस के डेप्थ्स को dekhiye...maine किसी भी अपडेट को यूँही छोटे मोठे सस्पेंस पर ख़त्म किया hai...har अपडेट अपने आप में एक कहानी lage,ye मेरी कोशिश रही है...

अगर नार्मल वे में छोटी छोटी नार्मल बातों में उपदटेस ख़त्म karta,toh अब तक 200 + उपदटेस हो जाते...

वैसे भी आपने गौर किया होगा की V.J ने ास्मोडियस के लगभग हर रायते को साफ़ कर दिया hai...aur अब जो ास्मोडियस करने वाला hai,wo भी उसने पहले से hi सोचा हुआ tha...kuch उपदटेस बचे hain,enjoy कीजिये
 
थैंक्स brother..brother अंजलि कभी मरी hi नहीं थी तोह उससे ज़िंदा करने का सवाल hi नई h..wo तोह ज़िंदा hi thi...hints जो पहले hi दिए गए थे उससे भी मैंने अंजलि को ज़िंदा दिखने के बाद क्लियर कर दिया था...

और रही बात सैक्रिफाइस की तोह वो तोह बोहोत जल्द पता चल जाएगा बस एक हिंट दे देता हूँ और वो ये की ये कहानी विक्रम और ास्मोडियस की gai,aur किसी करैक्टर की nahi..jab सबसे बड़ा ओहदा इन दोनों को मिला है तोह उसकी कीमत भी इन्ही दोनों को hi चुकानी पड़ेगी...
 
अब तक आपने पढ़ा की जहाँ एक तरफ अंजलि अपने घर वालों के सामने आ जाती है वहीँ विक्रम के सामने एक साथ तीनो भविष्यवाणियां बाहर आ जाती हैं जिनमे से दो के ऊपर दो अनबुझे शद्ब लिखे होते हैं

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-113

PLANET-VRIHAKH

PLACE-MOUNTAINS टॉप

ARRE....YE कैसी माया है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?ना तोह दिख रही HAI,NAAHI समझ में आ रही है...

बस एक एहसास है और वो भी कितना नकारात्मक?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?पर क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


समझ तोह मुझे भी नहीं आ रहा है SHAILA???AAKHIR ऐसी कौन सी नकारात्मक ऊर्जा HAI,JISSE हम तीनो महसूस तोह कर पा रहे HAIN,KINTU समझ बिलकुल भी नहीं पा रहे हैं...

हाँ MOKALSAR,AUR ये कोई छोटी बात नहीं HAI..ZAROOR कोई नयी और बोहोत बड़ी आपदा हमारे चरों तरफ है...

एक ऐसी आपदा जिससे अगर जल्दी से मिटाया नहीं गया तोह बोहोत गलत हो जाएगा.....

किन्तु हम कर भी क्या सकते हैं AKSHAANT.....JIS आपदा को हम समझ HI नहीं पा RAHE,USSE लड़ेंगे कैसे???

SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत तीनो अपने गृह के सबसे पड़े और घने पहाड़ की छोटी पर ध्यान में बैठे थे...

वैसे तोह ध्यान में baithna,ye इन तीनो ने बचपन में hi शुरू कर दिया था और अब जब ये तीनो एंगेल्स की शक्ति रखते the,toh अपनी अपनी शक्ति को और बढ़ने के लिए इन तीनो का ध्यान में बैठना अनिवार्य था...

पर अभी इन तीनो के ध्यान में बैठने का रीज़न कुछ अलग और ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट था..

दरअसल बात ये थी की पिछले कुछ घंटों से इन तीनो को पुरे ब्रम्हांड में एक नेगेटिव एनर्जी की कवर का एहसास हुआ था...

और ये फीलिंग बोहोत स्ट्रांग थी जिसके महसूस होते hi इन तीनो के मन विचलित से हो गए और इन्होने तुरंत उस नेगेटिव एनर्जी के कवर के बारे में पता लगाने की सोची..

और इसी मकसद को पूरा करने के लिए तीनो ध्यान में बैठे थे पर लगातार 2 घंटे तक ध्यान में रहने के बावजूद भी तीनो को कुछ पता नहीं चला...

पर एक बात ज़रूर हुई और वो ये की जिस नेगेटिव ेनेग्री को ये तलाश रहे the,waqt के साथ साथ इन्हे उसका एहसास और असर बढ़ता हुआ सा महसूस होने लगा..

जैसे आसमान में बारिश होने से पहले घनघोर बादल धीरे धीरे आसमान को घेरते जाते hain,thik वैसे hi इन्हे उस नेगेटिव एनर्जी की शक्ति के दायरे के बढ़ने का एहसास हो रहा था.....

तीनो एक दूसरे से इस बारे में लगातार बात कर सलूशन के लिए नए नए आइडियाज सोच रहे the,par उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था....

और जब ये प्रयास कर करके हार गए तोह....

SHAILA-VIKRAM......ab वही हमे इस बारे में कुछ बता सकता है...

अक्षांत- haan...aur वैसे भी उसने तोह इस नेगेटिव एनर्जी को हम सबसे पहले hi फील कर लिया होगा....

मोकलसर- फेल kya,ab तक तोह उसने इसका सलूशन भी निकल लिया होगा...

शैला- तोह फिर देर किस बात ki.....turant विक्रम के पास चलते....

शैल की बात पर मोकलसर और अक्षांत ने सहमति देते हुए अपनी अपनी गर्दन हिलायी और अगले hi पल तीनो गायब हो चुके थे....

PLANET-WARRIORS वर्ल्ड

PLACE-CLOUD कवर

ये कैसी अनिष्टता का आभास मेरे ह्रदय एवम मस्तिशख में हो रहा है....

इतनी अजीब और निर्जीव भावना का जन्म तोह मेरे अंदर तब भी नहीं हुआ था जब ास्मोडियस ने मुझे हराकर मेरे गृह को अपना गुलाम बना लिया था....

तब भी मेरा मन इतना विचलित नहीं हुआ था जब ास्मोडियस ने मुझे उस वीरान गृह में खोज मेरे मस्तिष्क को अपने कब्ज़े में कर लिया था....

फिर ये कैसा AABHAS,KAISI अशांति है जो मेरे ह्रदय को घेरे हुए है....

और सबसे बड़ी और अजीब बात तोह ये है की मई चारों तरफ फैली इस अशांति को महसूस तोह कर पा रहा HUN,KINTU कारण नहीं जान पा रहा हूँ....

ठीक MOKALSAR.SHAILA और अक्षांत की hi तरह डिफेंडर को भी काफी देर से वही मनहूसियत वाली फीलिंग आ रही थी...

उससे ऐसा लग रहा था मानो उसके आस पास हर तरफ किसी ने कोई नेगेटिव स्पेल बोलै है जिस वजह से पुरे वायु मंडल में कोई इनविजिबल अस्त्र ने अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया है....

उन्हें भी समझ नहीं आ रहा था की ये अचानक हुआ तोह हुआ क्या है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अपनी बात कह या फिर ये कहूं की अपनी बेसाहिनी की गाथा खुद को hi सुनाने के बाद डिफेंडर भी ध्यान मुद्रा में बैठ गए ताकि इस नेगेटिविटी का जो वो फील कर रहे the,uska पता लगा सकें पर.....

डिफेंडर- ये हो क्या रहा है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


वातारवरण में तोह कोई भी दूषित शक्ति के आगमन का कोई भी संकेत मुझे नहीं मिला...

सब कुछ वैसा hi है जैसा कल तक tha...par फिर मेरा मन किसी अनर्थ के होने का अंदेशा क्यों जाता रहा है???

ऐसा क्या है जो सामने होकर भी अदृश्य hai...aur अगर सामने है तोह फिर दिख क्यों नहीं रहा.....

अब इस गुथी को सुलझाने का बस एक hi तरीका hai....VIKRAM.....jo मई महसूस कर रहा hun,usse तोह सबसे पहले लार्ड ने hi महसूस किया होगा...

मुझे शीघ्र अत्ति शीघ्र उनके पास जाना चाहिए ताकि इस अनबुझे पहेली का अर्थ उनसे जान सकूँ....

अपने निर्णय पर पहुँच डिफेंडर भी विक्रम से मिलने के लिए अंतर्ध्यान हो गए.......

प्लेस- हेवन

S.T CECILA......KYA आप भी......!!!!!

जी हाँ S.T SEBASTIAN......MAI भी वही महसूस कर रही हूँ जो आप कर रहे हैं.....

S.T अल्फ़्रिक आप.....

जी S.T CECILA....MAI BHI.....JIS नकारात्मकता को आप और S.T सेबेस्टियन महसूस कर रहे HAIN,USSI भावना ने मेरे अंदर भी जन्म लिया है....

एक के बाद एक तीनो GOD'S मेसेंजर्स ने अपनी अपनी बात कही...

ठीक MOKALSAR,SHAILA,AKSHAANT और डिफेंडर की hi तरह इन तीनो को भी एक नेगेटिविटी की दीवाल हर तरफ कड़ी हुई महसूस हो रही थी पर वो भी इसका कारण नहीं जान पा रहे थे....

सत SEBASTIAN-ab सिर्फ लार्ड hi हैं जो हमे इस बारे में कुछ बता सकते hain..hum तीनो को तुरंत उनके समक्ष पहुँच जाना चाहिए....

सत सकिलिअ- पर सामने जाने की ज़रुरत hi क्या hai???hum सब एंगेल्स तोह लार्ड से जुड़े हुए hi हैं...

हम उनसे यहीं से बात कर सकते हैं....

सत ALFRICK-ye आप क्या कह रही हैं CECILIA.....kya आप भूल रही हैं की आप किसकी बात कर रही हैं....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अगर लार्ड चाहें तोह हमसे किसी भी तरह बात कर सकते हैं पर अगर हम यूँही अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर उनसे जुड़े और अपनी बात उनके सामने रखें तोह ये उनका अनादर होगा....

ये मत भूलिए की हम उनसे hain,wo हमसे nahi....wo हम सबके लार्ड hain....kya करना है और कैसे करना hai,iska फैसला वो karenge,hum नहीं..

हम बस उनसे निवेदन कर सकते hain,apni जिज्ञासा शांत करने के लिए उनकी इजाज़त लेकर उनसे पूछ सकते हैं पर जो भी हम karen,wo अपनी मर्यादा में रह कर सही तरीके से करे तोह बी बेहतर होगा....

सत सेबेस्टियन- और वैसे bhi,tumhe क्या लगता है की लार्ड को वो सब महसूस नहीं हुआ जो हम महसूस कर रहे हैं..

अरे उन्हें तोह ये भी पता होगा की हम अभी इस वक़्त क्या बात कर रहे hain....???fir उनसे जुड़कर उनसे बात करने की ज़रुरत hi नहीं है....

पर क्यूंकि हम एंगेल्स हैं और पुरे ब्रम्हांड में ाचै और बुराई की शक्ति के बीच का संतुलन बनाये रखने का काम हमे मिला hai,isiliye जो नकारात्मक शक्ति हम सब को महसूस हो रही hai,uska राज़ जानने के लिए हमे खुद लार्ड के सामने उपस्थित होना चाहिए....

सत अल्फ़्रिक और सत सेबेस्टियन की बात सुन सत सकिसिला को अपनी गलती का एहसास हुआ....

सत CECILA-aap दोनों बिलकुल सही कह रहे hain....maine जो सुझाव दिया tha,wo सर्वथा अनुचित tha..hum तीनो को खुद लार्ड के सामने जाकर उनसे बात करनी चाहिए....

सत सकीला की बात के बाद तीनो मेसेंजर्स अंतर ध्यान होने hi वाले थे की तभी.....

उन तीनो के हर तरफ तेज़ रोशनियां चमकी और अगले hi पल ब्रम्हांड के सारे एंगेल्स उस रौशनी के बीच से प्रकट हुए...

प्रकट होते hi सारे एंगेल्स तीनो मेसेंजर्स के सामने सर झुकार खड़े हो गए....

वहीँ अचानक सारे एंगेल्स को अपने सामने देख तीनो मेसेंजर्स शॉकेड थे....

1सत ANGELS-MESSENGERS,ek बोहोत hi अजीब बात है जिससे बताने के लिए हम सब यहाँ आके सामने उपस्थित हुए हैं....

सत सकिलिअ- हम वो बात जानते hain...hume भी पुरे ब्रम्हांड में किसी नकारात्मक शक्ति का आभास हो रहा है....

2ंद ANGELS-ji वो तोह है hi..kintu एक और बात है...

दरअसल हम सबकी जिस वाइट एनर्जी से ब्लैक एनर्जी सयंमित रहती hai,ab उसी ब्लैक एनर्जी से हम सब की वाइट एनर्जी असयंमित हो रही है...

ऐसा लग रहा है जैसे कोई शक्ति हमारे शक्ति को हर तरफ फैले रहने से रोकने की कोशिश कर रही है....

1सत एंजेल- और वो जो भी शक्ति hai,wo बोहोत शक्तिशाली hai..hum उससे ना तोह देख पा रहे हैं और नाही समझ पा रहे हैं..

हम सबकी शक्ति भी उस शक्ति के आगे कमज़ोर प्रतीत हो रही है...

अब तक तोह वो अदृश्य शक्ति ठहरी हुई सी लग रही है पर अगर कहीं उस शक्ति ने अपना दायरा बढ़ने की sochi,toh वो ज़रूर हमारी शक्ति को सोख लेगी जिसका अंजाम होगा.....

सत SEBASTIAN-BRAMHAAND का विनाश....

सत सेबेस्टियन के मुँह से ये शब्द अपने आप निकल गए जिससे सुन सभी विचलित हो गए....

सत अल्फ़्रिक- अब हमे और इंतज़ार नहीं करना chahiye...hum सबको तुरंत लार्ड के सामने पहुँच जाना चाहिए....

सत अल्फ़्रिक की बात पर सभी ने हामी भरी और अगले hi पल तीनो मेसेंजर्स और उनके साथ साथ सभी एंगेल्स अंतर्ध्यान हो चुके थे.....

प्लेनेट- एअर्थ

PLACE-MINAKSHI मेन्शन

गुड मॉर्निंग अंकल.....

गुड मॉर्निंग आंटी.....

हॉल में एक साथ एंट्री करते हुए अंजलि और रोनित ने मेरे डैड और माँ को विश किया....

DAD/MOM-good मॉर्निंग बीटा.....

दोनों के विश देने के बाद डैड ने अंजलि को अपने पास बैठा लिया....

MOM-mai तुम दोनों के लिए ब्रेकफास्ट लगाती हूँ.....

अंजलि- नाहीईईई.....................

जैसे hi माँ ने ब्रेकफास्ट की बात kahi,ANJALI के मुँह से तुरंत और ज़ोर से ये शब्द निकले जिससे सुन माँ और डैड शॉकेड हो गए....

माँ- क्या हुआ baccha...tu ऐसे क्यों रियेक्ट कर रही है...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


ANJALI-aunty,kal से लेकर अभी घर से निकलने तक माँ और डैड मुझे बस कुछ न कुछ खिलते hi जा रहे हैं...

12 घंटों में hi मैंने पुरे 1 महीने का खाना खा लिया है....

अंजलि की बात पर RONIT,MOM डैड तीनो है दिए....

माँ- तू तोह नाश्ता करेगा ना?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


रोनित- नहीं aunty..aaj मुझे भी माँ ने थुश थुश कर ब्रेकफास्ट कराया है...

ANJALI-uncle,naanu,naani,maama,maami कहाँ हैं....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

हम यहाँ है बेटी.......

इससे पहले की अंजलि के सवाल पर डैड कुछ जवाब dete,ANJALI के पीछे से ये आवाज़ आयी जिससे सुन अंजलि तुरंत पलटी.....

इस वक़्त अंजलि के ठीक पीछे naanu,naani,maamaji,maamiji सब खड़े the.....aur सभी के आँखें पानी से भरी हुई थी...

पर ये आंसू ख़ुशी के the..itne आरसे के बाद अंजलि को ज़िंदा देखने की ख़ुशी....

अंजलि भी तुरंत उठी और भागते हुए नानू के पास पहुँच गयी...

सर पर अपने आशीर्वाद का हाथ रखते हुए नानू ने भी अंजलि को अपने गले से लगा लिया..

ननु के बाद अंजलि naani,maamu,aur मामीजी से भी मिली...

अंजलि को अपने सामने ज़िंदा देख सभी ख़ुशी से फुले नहीं समां रहे थे..

किसी को विश्वास hi नहीं हो रहा था की ये सच hai...aur ऐसा फील करना बिलकुल ऑब्वियस था.....

किसी ने कभी उम्मीद नहीं की थी की ये ख़ुशी उन्हें कभी नसीब होगी.....

कुछ देर के लिए माहौल काफी इमोशनल हो गया

tha....par अंजलि ऐसा नहीं चाहती थी इसीलिए....

अंजलि- अरे ये तोह बताईये की मेरे गोलू मोलू ाशी और राज कहाँ हैं...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?स्कूल गए हैं क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मामीजी- हाँ ANJU.....wo दोनों स्कूल गए hain...parso से दोनों के एक्साम्स hain,isiliye लीव लेना ठीक नहीं था...

ANJALI-ohh....

गुड मॉर्निंग UNCLE,GOOD मॉर्निंग आंटी.......

कोई कुछ कहता उससे पहले hi ये आवाज़ हॉल में गूंज उठी जो और किसी की नहीं बल्कि मेरी जान अवंतिका की थी....

MOM/DAD-good मॉर्निंग AVNI....aao बीटा.......

एक प्यारी सी स्माइल के साथ अवंतिका आगे बढ़ी पर तभी उसकी नज़र राइट साइड पर खड़े NAANU,NAANI,MAAMA,MAAMI और उनके बाजू में खड़े RONIT,ANJALI पर पड़ी...

अवंतिका तुरंत नानू की तरफ बढ़ी और उन तक पहुँच naanu,naani के पेअर छू लिए..

वो मामाजी और मामीजी के भी पेअर चुने को हुई पर दोनों ने बिना उससे झुकने दिए उससे आशीर्वाद दे दिया..

माँ डैड अवंतिका के जेस्चर करने के तरीके को देख कर काफी इम्प्रेस हुए थे....

अंजलि- हे बेब्स.....

रोनित- हे अवनि.....

अवंतिका- हे गुइज़्ज़.......

ग्रीट का जवाब दे जैसे hi अवंतिका ने अंजलि और उसके बाद रोनित को साइड हुग किया तोह.....

RONIT-apne इन लॉज़ को जितना ज़्यादा हो sake,impress कर ले ताकि तेरी बात आगे बढे....

अवंतिका- ः वैरी फनी.........

रोनित के मज़ाक का जवाब दे अवंतिका पलटी और मेरे माँ डैड के पास पहुँच जैसे hi उनके पेअर छूने को हुई....

डैड- अरे bacha,betiyan पेअर नहीं छुआ करती.....

माँ- आओ beta,aap नाश्ता कर लो...

अवंतिका- no aunty,i ऍम फुल....

माँ- तुम सब आज कल के bache,mutthi भर खाते नहीं की पेट भर जाता hai...pata नहीं आगे कैसे करोगे.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

MAI-thik है mom..kal से दो मुट्ठी khayenge......khush.....

माँ की बात का सीधी उतारते हुए मैंने जवाब दिया जिससे सुन सभी है दिए....

माँ- इससे तोह बस बात करवालो.....

MAI-aapko तोह खुश होना चाहिए माँ की आपका बीटा आपसे सिख रहा है.....

कुछ पल lage,par जब माँ को मेरी बात का मतलब समझ में आया तोह....

माँ- क्या कहा badmash???tu मुझसे बात करना सीखता hai..matlab मई बोहोत ज़्यादा बोलती hun....ruk तू ज़रा.......

मई- अरे mom,mere कहने का मतलब था की मेरी माँ बोहोत स्वीट बोलती है और मई वही स्वीटनेस सिख रहा हूँ...

माँ- ोये माँ हूँ teri...mere सामने बातों को घूमने की कोशिश ना kar....mujhe सब समझ में आता है...

मई- वो तोह आएगा hi..aakhir V.J की माँ जो ho.....thoda असर तोह होगा hi....

माँ- क्या बोलै तू???

ये बोल माँ मेरी तरफ बढ़ी पर मई तुरंत डैड के पास जा उनके पीछे खड़ा हो गया.....

माँ- बदमाश........

मुझे डैड के पीछे छुपते देख माँ भी हस्ते हुए वही रूक गयी.....

डैड- chalo,ab तुम सब मिलकर फटाफट प्लान कर लो की कहाँ जाना hai????hum कल hi निकल जाएंगे...

अंजलि- अरे haan,V.J तूने हम दोनों के पेरेंट्स को क्यों बुलाया है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अंजलि की बात सुन उसके और रोनित के साथ मेरे पेरेंट्स भी मुझे सवाल भरी आँखों से देखने लगे....

मई- 1 मिनट rook,batata हूँ.......

अभी मैंने अपनी बात कही hi थी तभी हॉल के एंट्रेंस से रोनित और अंजलि के पेरेंट्स एंटर हुए....

एक दूसरे को ग्रीट करने के बाद सबकी नज़र मुझपर आकर टिक गयी....

MAI-dad,uncles,hum सब घूमने कहीं नहीं जा rahe....tour का प्लान फिर कभी कर लेंगे....

मेरी बात सुन सभी शॉकेड हो गए.....

डैड- पर क्यों beta???koi ख़ास वजह???

मई- है ना dad..aur वो भी बोहोत इम्पोर्टेन्ट....

RONIT,ANJU.....mere और तुम दोनों के दादस का लगातार एक वीक तक लंदन और जापान के क्लाइंट्स के साथ मीटिंग है....

अगर ये मीटिंग कैंसिल हुई तोह डैड और उंक्लेस के हाथ से बिल्लिओन्स की डील निकल जायेगी.....

अंजलि- WHATTTTT???dad,itni बड़ी डील लाइन उप है और आप सब घूमने जाने की बात कर रहे हो....

जहाँ मेरी बात सुन डैड और उंक्लेस शॉकेड हुए वहीँ अंजलि की बात सुन.....

DAD-beta,deals तोह होती रहती hai....par काम तुम तीनो से ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट तोह नहीं है ना....

तू हमे वापस मिली hai,isse बड़ी बात क्या हो सकती hai....is ख़ुशी के मौके को सेलिब्रेट करने से ज़्यादा और कुछ ज़रूरी नहीं है....

डैड की बात सुन अंजलि आगे बढ़ी और डैड के गले लग गयी.....

MAI-dad,bhale hi डील हमसे इम्पोर्टेन्ट ना ho,par उस डील से जो hoga,wo हम तीनो से बोहोत ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट है....

मेरी बात सुन एक बार फिरसे सभी मेरी तरफ सवाल भरी नज़रों से देखने लगे...

MAI-jo डील की बात हो रही hai,us डील के फाइनल होते hi जो भी प्रॉफिट hoga,dad और उंक्लेस ने उस प्रॉफिट का 10 % डोनेट करने का एक क्लॉज़ रखा है....

वो 10 % नजाने कितनी hi बेसहारा ज़िन्दगी को एक नए दिशा में लेजाने के काम आने वाला है....

अब आप सब hi batayiye,aise कॉज को अगर सिर्फ इसीलिए रोक दिया जाए क्यूंकि हमे सेलिब्रेट करना hai,toh क्या ये सही है???...

मेरी बात सुन डैड और माँ का सीना थोड़ा और फूल गया था वहीँ मेरे और रोनित और अंजलि की फॅमिली भी मेरी बात सुन खुश हो गयी थी...

अंजलि- टूर cancel....uncle,aap मेरी हर विश डैड से भी पहले पूरी करते hain...toh मेरी यही विश है की आप तीनो ये डील करें..

बस मुझे यही चाहिए और कुछ नहीं.....& थॉट्स फाइनल......

डैड- ठीक है princess..agar तुम सब यही चाहते हो तोह फिर यही होगा.....

वैसे VICKY,ek बात bata,hamari डील की साड़ी बातें तुझे कैसे पता???

डैड की बात सुन मेरे सारे फ्रंज और अवंतिका अंदर hi अंदर है दिए....

अब जो सच था वो तोह कह नहीं सकता था इसीलिए.....

MAI-dad,bhale hi मई आपका बिज़नेस फ़िलहाल नहीं सम्भल रहा hun,par आपकी साड़ी फाइल्स मई पढता रहता हूँ....

उसीसे मुझे आपके इस हफ्ते की डील के बारे में पता चला और आज मॉर्निंग में भी आप अपनी सेक्रेटरी से सारे मीटिंग्स रशेडूले करने की बात कर रहे थे जो मैंने सुन ली थी....

मेरी बात सुन डैड और उनके साथ साथ सभी मुस्कुरा दिए....

मुस्कुरा तोह मई और मेरे साथ साथ अंजलि और रोनित भी रहे थे पर हमारी स्माइल का रीज़न कुछ और था.....

kya,chaliye बताता हूँ....

दरअसल जब मई डैड से बात कर रहा था तभी मेरे चारों तरफ कुछ बोहोत स्ट्रांग शक्तियों का आभास हम तीनो को हुआ था..

ये शक्तियां और कोई नहीं बल्कि AKSHAANT,MOKALSAR,SHAILA,THE थ्री गोड्स मैसेंजर और एंगेल्स थे जो अदृश्य अवस्था में हमारे चारों तरफ खड़े हुए थे.....

मई जानता था की ये सब यहाँ क्यों हैं और इसीलिए....

मई- mom,dad हम सब ऊपर मेरे रूम जा रहे हैं...

माँ- ठीक hai..tum सब jaao,mai तुम सब के लिए कॉफ़ी भिजवाती हूँ....

MAI-cool...

ये बोल मई आगे बढ़ गया और मेरे साथ साथ hi AVANTIKA,ANJALI और रोनित भी स्टैर्स के तरफ बढ़ गए.....

इन माय रूम:-

अब्बे ये सब एक साथ YAHAN????KOI प्रॉब्लम है क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


रोनित की बात सुन जहाँ एक तरफ मई है दिया वहीँ अंजलि उससे घर कर देखने लगी जिससे देख रोनित हड़बड़ा गया.....

वहीँ अवंतिका को तोह कुछ समझ में hi नहीं आया और इसीलिए.....

अवंतिका- सब एक साथ यहाँ matlab???kiski बात कर रहा hai???kaun है यहाँ?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- खुद hi देख lo....saamne आ जाईये....

मेरे बोलते hi तेज़ प्रकाश के बीच वही माया हुई जो एंगेल्स के मेरे रूम में आते hi हर बार होती थी....

मेरे रूम का दायरा बढ़ता चला गया और देखते hi देखते उस दायरे ने एक अंतहीन कमरे की शकल ले ली..

जैसे hi इस माया ने अपना काम kiya,uske अगले hi पल जो रौशनी हमारे चारों तरफ फैली thi,wo रौशनी घटती चली गयी और अब हमारे एक तरफ व्रीहाख के तीनो dost,dusri तरफ वारियर्स WORLD/ISLA के DEFENDER,teesri तरफ थे थ्री गोड्स मैसेंजर और चौथी तरफ सारे एंगेल्स खड़े थे.....

इन सबको एक साथ देख अवंतिका शॉकेड हो gayi....usse अंदाज़ा हो गया था की कोई बोहोत hi इम्पोर्टेन्ट बात है और इसीलिए hi ये सब एक साथ मेरे पास आये हैं.....

वहीँ मेरे सामने आते hi DEFENDER,ANGELS और गोड्स मैसेंजर अपने घुटनो पर आ गए...

मई- खड़े हो जाईये....

मेरे बोलते hi सभी वापस खड़े हो गए....

S.T SEBASTIAN-LORD....aapko तोह सब पता hai...kripya हमे भी इस अनबुझी पहेली का मतलब समझाएं....

रोनित- bhai,ye सब किस बारे में बात कर रहे हैं.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?कुछ हुआ है क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


रोनित की बात सुन एक बार फिरसे अंजलि ने उससे घर कर देखा....

MAI-kal से अब तक तू एक बार भी ध्यान में बैठा है???

रोनित- नहीं.....

रोनित ने थोड़ा डरते हुए अपनी बात कही thi..usse भी अंदाज़ा हो गया था की ध्यान में ना बैठने की वजह से उससे कुछ बोहोत hi इम्पोर्टेन्ट छूट गया है.....

MAI-wajah जान सकता हूँ?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


रोनित- bhai,wo कल अंजलि के मिलने की ख़ुशी की वजह से...

मई- तू अपना कर्त्तव्य भूल gaya.....tu भूल गया की अब तू कोई साधारण मनुष्य नहीं है...

एंगेल्स की शक्ति है tujhme..ye शक्ति शो ऑफ के लिए नहीं है RONIT,is शक्ति के साथ एक ज़िम्मेदारी आती hai....pure ब्रम्हांड और मनुष्य जाती की रखवाली की ज़िमेदारी...

पर्सनली हमे कितनी hi ख़ुशी या गम क्यों ना ho...par उसके लिए अपने कर्त्तव्य से मुँह नहीं मोड़ा जाता रोनित......

तुझे तोह कल सिर्फ एक रिश्ता वापस मिला tha....par अंजू को तोह एक साथ कितने hi रिश्ते वापस मिल गए थे...

तेरे प्यार ka,apne माँ बाप ka,mere और तेरे माँ डैड के प्यार का rishta....in सब खुशियों के बावजूद अंजू को जो थोड़ा टाइम मिला tha,usme भी वो तुरंत ध्यान में बैठी थी ताकि अपने कर्त्तव्य का पालन कर सके....

सोचने की बात है naa,kyun रोनित......

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मेरी बात सुन रोनित को अपने भूल का एहसास हुआ....

रोनित- सॉरी yaar..mujhe ध्यान देना चाहिए था.....

MAI-aage से ध्यान rakhna...aur अभी जो हुआ hai,wo खुद पता लगा....

मेरी बात सुन रोनित तुरंत जहाँ खड़ा tha,wahin ध्यान मुद्रा में बैठ गया...

अपनी सभी इन्द्रियों को जगा रोनित ने जैसे hi खुदको पुरे यूनिवर्स से joda,uski आँखें एक झटके में खुल गयी....

उससे भी वही झटका लगा जो बाकी सबको लगा था...

रोनित- ये सब क्या hai????aisa अलग रहा है मानो यूनिवर्स के सारे जीवन देई गृह में एक साथ किसी नकारात्मक ताकत ने घेरा बना लिया हो.....

मई- hmm...issiki वजह जानने के लिए ये सब यहाँ आये हैं...

पर फ़िलहाल मई आप सब की जिज्ञासा शांत करने में असमर्थ हूँ....

मुझे भी आप सब की hi तरह कोई आईडिया नहीं है की ये नयी माया आखिर है क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मेरी बात सुन सभी को एक झटका laga..kisi को भी मुझसे यूँ नेगेटिव आंसर की उम्मीद नहीं थी....

मई- मई आप सब की मनोदशा समझता hun...par बात ये है की जिस नकारात्मक शक्ति का भेद जानने के लिए आप सब यहाँ आये hain,usne खुद को एक पॉइंट पर ला कर छुपा लिया है...

ऐसा लग रहा है मानो जिसने भी ये माया रची hai,usne खुदको इस स्पेल के असर से निकले उस नकारात्मक एनर्जी से काट सा लिया है...

उस नकारात्मक एनर्जी का पावर सोर्स पुरे ब्रम्हांड में फैलने के बाद बंद सा हो गया है...

ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो उससे कोई मीडिएटर chahiye,khudko आगे बढ़ने के लिए...

ऐसे हालात में मई कैसे उसके बारे में पता लगा सकता hun...haan,agar उस नकारात्मक शक्ति से बानी चादर में हलकी सी भी मूवमेंट ho,hulchul ho,toh मई उसके श्रोत का पता लगा उससे नष्ट कर सकता हूँ...

तब तक मई या आप सब कुछ नहीं कर सकते....

जहाँ एक तरफ मेरी असमर्थता सुनकर सभी साद हुए वहीँ ये सुनकर की कुछ भी गलत घटते hi मुझे सब पता चल जाएगा और मई उससे ठीक भी कर dunga,sabko संतोष हुआ...

मुझसे इजाज़त लेकर सभी वापस अपने अपने स्थान की तरफ अंतर्ध्यान हो गए.....

अंजलि- यार तूने बोल तोह दिया पर जो प्रॉब्लम तुझे तक समझ में नहीं आ रही hai,wo कोई छोटी बात तोह होगी नहीं....

मई- जानता hun...isiliye जहाँ जहाँ ये नकारात्मक एनर्जी ने अपना डेरा डाला hai,maine हर उस जगह को खुदसे जोड़ लिया है....

रोनित- तोह अब???

मई- अब kya???yahan बैठे बैठे क्या karenge...chalo,hum चारों कहीं घूम कर आते हैं....

अंजलि- हाँ yaar,arsa बीत गया हम सबको एक साथ हैंग आउट किये हुए...

और आज तोह मज़ा aayega..kyunki आज हम सब सिर्फ फ्रंज की तरह नहीं बल्कि 2 कपल्स की तरह घूमेंगे.....

अंजलि की बात सुन हम सब है दिए....

रोनित- पर चलें कहाँ???

मई= जब लवर की तरह घूमना है तोह लवर्स पॉइंट चलते हैं.....

रोनित- हाँ bhai,ye सही rahega.....wahin चलते हैं...

कहाँ जाना है तय कर हम सब नीचे gaye.ghar वालों से परमिशन लेकर हम सब लवर्स पॉइंट की तरफ निकल गए......

PLACE-LOVER'S पॉइंट

वाओ YAAR,KYA नज़ारा है.....

एक घंटे की ड्राइव के बाद हम सब जब लवर्स पॉइंट पहुंचे तोह बाग़ और उस बाग़ में लगे रंग बिरंगे फूलों को देख रोनित के मुँह से ये तारीफ़ निकली....

मई- यहाँ पहली बार आ रहा है kya???beta नज़ारा वही है और हम भी...

बस रिश्तों के मायनो में फेरबदल हुआ है जिस वजह से ये जगह और ख़ूबसूरत लग रही है....

पहले जब तू यहाँ आता था तब अंजलि सिर्फ तेरी फर्न थी और अब तेरे दिल की धड़कन है...

रोनित- वैसे ये बात मई भी तेरे बारे में कह सकता hun....pehle अवनि भी तेरी फर्न hi थी पर अब तेरी G.F है....

मायने तोह तेरे रिलेशनशिप स्टेटस के भी बदले हैं....

MAI-bilkul nahi..bhale hi पहले मई और अवनि फ्रंज the,par हम दोनों के दिलों ने एक दूसरे को हमारे इकरार से पहले hi क़ुबूल कर लिया था....

और हम दोनों hi तुम दोनों की तरह दुफर भी नहीं थे जो अपने hi दिलों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ करें...

हमारी दोस्ती में भी इश्क़ tha,mohobbat thi,pyar था पर तुम दोनों के मोहोब्बत में भी दोस्ती थी....

रोनित- बस कर मेरे bhai...galti हो गयी जो मैंने कपड़े किया.....

रोनित ने हाथ जोड़ते हुए अपनी बात कही जिससे सुन हम सब है दिए....

रोनित- तोह अब किस तरफ चलें....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- ोये इतनी जल्दी भूल गया kya??aaj हम अस कपल यहाँ आये hain..isiliye तुम दोनों अपनी ख़ामोशी dhundo,hum दोनों अपनी...

अवंतिका का हाथ थाम उसकी आखों में अपना अक्स देखते हुए मैंने ये बात कही जिससे सुन और देख अवंतिका मुस्कुरा उठी.....

ANJALI-le,ye दोनों तोह अभी से एक दूसरे की आँखों में डूब gaye...chal RONIT,inhe अकेला छोड़ हम अपना आशियाना ढूँढ़ते हैं....

हस्ते हुए अंजलि और रोनित एक तरफ चल diye..wahin मई भी अवंतिका का हाथ थामे दूसरी तरफ निकल पड़ा....

कुछ देर तक यूँही चलने के बाद जहाँ रोनित और अंजलि एक फाउंटेन के पास की घांस पर बैठे वहीँ मई और अवंतिका चलते हुए एक ख़ूबसूरत पेड़ के पास पहुंचे जिसपर रंग बिरंगे कलर के फूल लगे हुए थे....

हम दोनों वही उस पेड़ के नीचे बैठ गए.....

NOTE:-DONO कपल्स के कन्वर्सेशन ओने बी ओने लिखी जायेगी:-

RONIT/ANJALI:-

अंजलि- ऐसे क्या देख रहे हो.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


रोनित- तेरे इस ख़ूबसूरत चेहरे ko....pata है ANJU,jab हम दोनों ने एक दूसरे को प्रोपोज़ किया तब मुझे यकीं hi नहीं हुआ की तू सच में मेरी हो गयी....

ये तोह एक ऐसा सपना था जो मेरे लिए मेरी ज़िन्दगी से भी बढ़कर था जो आखिरकार सच हो गया....

हमारे रिश्तों के मायने badle,ek दूसरे को देखना का तरीका badla,hum दो होते हुए भी एक हो गए....

ज़िन्दगी इतनी ख़ूबसूरत हो jaayegi,ye कभी सोचा hi नहीं tha....par फिर वो दिन आया जब तुझे मुझसे दूर कर दिया गया...

और कुदरत का मज़ाक देख की मुझे अपनी hi बर्बादी की खबर तक नहीं thi...mai तोह एक लम्बी बेहोशी में चला गया था..

जब उठा तब पता चला की मेरी रूह मेरे जिस्म से अलग हो चुकी hai...aur मई जीते जी मर गया...

सांस तोह ले रहा था पर ज़िंदा hun,ye एहसास मर चूका tha....bas एक मकसद था की जो मेरे साथ हुआ hai,wo और किसी के साथ ना हो....

मेरे इस जस्बात इस एहसास को मेरे भाई ने समझा और मुझे एक ऐसे सफर में ले गया जहाँ से मई अपने मकसद को अंजाम देने के लायक बन पाटा....

इतना सब कुछ hua...maine वो सब हासिल किया जो मुझे चाहिए था पर तेरे जाने से जो खालीपन मेरे अंदर घर बना गया tha,wo वैसा hi रहा....

शैडो वर्ल्ड तोह मई इस सोच के साथ गया था की अपने मकसद की शुरुआत करूँगा पर मुझे क्या पता था की उस मायावी प्लेनेट में मुझे मेरी ज़िन्दगी वापस मिल जायेगी....

आज तू मेरे सामने hai,pata है आज भी मुझे वही फील आ रहा है जो उस दिन आया था जब हम दोनों ने एक दूसरे को प्रोपोज़ किया था....

कहीं ये सपना तोह नहीं है ना अंजू.....

ये बोल अंजलि को छूने के लिए रोनित ने अपना हाथ बढ़ाया मानो वाकई उससे टच करकर तसल्ली कर लेना चाहता हो की सच में अंजलि ज़िंदा है और उसके सामने है...

रोनित की हथेली अंजलि के गाल को सहलाने lagi..ANJALI ने भी अपने गाल पर रोनित के हाथ को दबा सा लिया....

ANJALI-hum दोनों एक हो jaayen,ye सपना सिर्फ आपका नहीं था RONIT.....mera भी tha....aur जब मुझे आपसे अलग कर दिया गया तोह मेरी भी ज़िन्दगी उजाड़ गयी थी....

आपके चेहरे को अपने आखों में बसाये इस उम्मीद को जलाये हुए की एक दिन हम दोनों एक दूसरे से ज़रूर milenge,maine अपने वनवास का हर दिन काटा है....

आज जैसे आपको मुझे अपने सामने देख कर भी यकीं नहीं हो रहा है ना की मई सच में आपके सामने hun,thik वैसी hi फीलिंग मुझे भी आ रही है...

पर मई जानती हूँ की हम दोनों साथ hain..ye सच है और ये सच अब कभी नहीं बदलेगा....

अंजलि की बात सुन रोनित मुस्कुरा दिया....

रोनित- वैसे तू मुझे आप क्यों बोल रही है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


ANJALI-mujhe ाचा लगता hai...sabke सामने अगर मैंने ऐसा कहा तोह हम दोनों का सब मज़ाक udayenge...isiliye अकेले मई मई आपको आप कहकर hi बुलाऊंगी....

और आप मुझे तू hi कहना क्यूंकि मुझे आपका वैसे मुझे बुलाना hi ाचा लगता है....

अंजलि की बात सुन रोनित फिर से मुस्कुरा दिया....

RONIT-I लव ु अंजू......

ANJALI-I लव ु तू रोनित....

ishqe-izhaar के बाद अंजलि और RONIT,dono hi आगे बढ़ते गए और देखते hi देखते दोनों के लैब आपस में जुड़ चुके थे....

VIKRAM/AVANTIKA

MAI-jo दिल में hai,wo कह देना चाहिए ाव...

AVANTIKA-dil में तोह तुम ho...ab तुम्हे तुमसे कैसे कहूं?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


MAI-ussi आवाज़ से जो दिल के धड़कने से निकलता hai...ussi आवाज़ में मुझे एक शिकायत सुनाई दे रही hai,mai उसीकी बात कर रहा हूँ....

AVANTIKA-sunayi दे रही है या तुमने मन पढ़ा है मेरा?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


MAI-bilkul पढ़ा है पर अपनी हीवेनली शक्तियों की मदद से नहीं बल्कि अपनी स्पिरिचुअल शक्ति की हेल्प से...

अवंतिका- स्पिरिचुअल shakti!!!wo क्या होता है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


MAI-MOHOBBAT......ye वो वायर है जिसका कनेक्शन डायरेक्टली आपके हार्ट से है...

इसी कनेक्शन से मुझतक ये फीलिंग पहुंची है की आपके मन में कुछ चल रहा है....

AVANTIKA-jab फीलिंग पहुँच चुकी है तोह फिर पूछ क्यों रहे हो???

मई- क्यूंकि सवाल तुम्हारा hai......puchna तोह तुम्हे hi पड़ेगा ना???

कुछ देर तक मेरी आँखों में देखते रहने के बाद.....

AVANTIKA-kabhi कभी मुझे दर लगता है V.J.....jo भी हुआ hai,aur जो भी हो रहा hai,wo एक ऐसे रास्ते के तरफ ले जा रहा है जिसके बारे में तुम्हे तक कुछ नहीं पता....

मई जानती हूँ की तुम हर मुश्किल से निकलने में कपबले ho,par कभी कभी ज़्यादा काबिलियत भी नुक्सान पहुंचा देती है....

मई ये भी जानती हूँ की तुम हार से नहीं darte,par मुझे उस हार से मिलने वाली सजा से दर लगता है.....

जो उम्मीद हर किसीको तुमसे hai,mujhe उस उम्मीद से दर लगता है...

हर किसीको तुम्हारी कामियाबी दिखती hai,par मुझे उस कामियाबी के लिए तुम्हारी दी गयी कीमत के बारे में सोच कर दर लगता है....

किसी के लिए तुम दोस्त हो तोह किसी के लिए लार्ड ऑफ़ ANGELS,par मेरे तोह तुम सब कुछ हो V.J......mujhe इस सब कुछ के खो जाने का दर लगता है....

बोहोत दर लगता है मुझे....

अपनी बात कहते वक़्त जो आंसू अवंतिका के आँखों में ठहरे से हुए the,wo आखरी लब्ज़ कहते कहते अपनी सीमा लाँगते हुए बाहर चालक पड़े....

पर इस पहले की वो आंसू नीचे ज़मीं पर girte,maine उन्हें हवा में hi रोक दिया....

MAI-itni साड़ी शिकायतें अपने अंदर लेकर जी रही हो तुम और कहती हो की दिल में सिर्फ मई hi हूँ....

जानती हो मुझे किस्से दर लगता hai???in मोतियों से जो तुम्हारे आँखों से निकले हैं.....

इनके लिए अपनी आखों में जगह मत बनाया करो AV...kyunki तुम्हारे आँखों में आने वाले ये आंसू hi मेरी सबसे बड़ी हार है.....

मेरी बात ख़त्म ख़त्म होते हुए वो आंसू जो मैंने हवा में रोके हुए the,wo गायब हो गए....

वहीँ मेरी बात सुन अवंतिका झट से मेरे गले लग गयी.....

MAI-tum मेरी शक्ति हो AV....bhale मई hi क्यों ना कमज़ोर padun,par तुम कमजओर कभी मत पड़ना...

क्यूंकि एक तुम hi ho,jisse देख मई बुरे से बुरे हालत से भी लड़कर बाहर आ सकता हूँ...

अब मई एक सवाल पूछूं?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मेरी बात सुन अवंतिका मुझसे अलग हुई और मुझे देखने लगी....

MAI-RONIT,ANJALI,AKSHAANT,SHAILA,MOKALSAR.....in सबको मैंने अलौकिक शक्तियां दी पर तुम्हे कभी कुछ नहीं दिया....

क्या कभी इस बात से तुम अपसेट हुई ho???kya कभी तुम्हे लगा की तुम्हारे पास भी ये सब होना चाहिए....

अपने ज़िम्मेदारियों को निभाने की वजह से मैंने तुम्हे कभी ठीक से टाइम नहीं दिया...

वो मोमेंट्स जो हर कपल एक दूसरे के साथ स्पेंड करते hain,maine तुम्हे वो ख़ुशी कभी नहीं दी.....

क्या कभी इस बात से तुम्हे तकलीफ नहीं हुई?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मेरी बात सुन अवंतिका मुस्कुरा दी....

अवंतिका- shaktiyan???jo शक्तियां तुमने तुम्हारे दोस्तों को दी hai,wo इसीलिए दी क्यूंकि उन्हें उसकी ज़रुरत थी ताकि वो अपनी जुंग खुद लड़ सकें...

पर मेरी तोह हर जुंग तुम्हारी hi hai...tumhari बेशुमार पावर्स कहीं न कहीं मेरी भी मिलकियत है...

जब तुमसे तुम्हारे भाई ने तुम्हारी पहचान चीनी थी तब वो पहचान तुम्हारे दोस्तों के पास नहीं मेरे पास थी..

आज भी इतनी शक्तियां हासिल करने के बाद भी तुम्हारे किसी भी दोस्त में इतनी ताक़त नहीं की तुम्हारी शक्तियां संभल सके पर मई ये कर सकती हूँ वो भी बिना किसी शक्ति के....

जब बिना कोई पावर मिले मुझे ऐसे ऐसे अधिकार मिले हैं जो और किसीको नहीं मिल सकते तोह फिर मई उदास क्यों रहूं....

और रही बात तुम्हारी मुझे टाइम नहीं देने की तोह जनाब,

इश्क़ किया है AAPSE,KOI सौदा नहीं जिनमे शर्ते लागू हो.....

तुम मेरे अंदर मुझसे ज़्यादा हो V.J....meri राग राग में खून से ज़्यादा तुम्हारी मोहोब्बत बहती है...

और तुम्हे ऐसा क्यों लगता है की तुम मुझे वक़्त नहीं देते....

ना तुम सिर्फ तुम HO,AUR ना मई सिर्फ मई HUN...TUMME तुम्हारे साथ मई हूँ और मुझमे मेरे साथ तुम हो....

और जब मई और तुम मिलकर "हम" बन जाता HAI,TOH रिश्ता वक़्त का मोहताज नहीं होता....

आज शायद पहली बात अवंतिका की बात या फिर ये कहूं की उसकी फीलिंग उसके अंदर से पूरी तरह बाहर आयी थी जिससे सुन मुझे ऐसा लगा मानो मेरे अंदर की आत्म ग्लानि के रेगिस्तान पर बारिश की बौछार हो गयी हो.......

मई- पर फिर भी मई तुम्हे कुछ देना चाहता hun..aur वो है WAADA...mai तुमसे वादा करता हूँ ाव की मई तुम्हारी हर विश पूरी करूँगा. .

भले hi उससे पूरा करने के लिए मुझे कुछ भी क्यों ना करना pade,par मई करूँगा...

मेरी बात सुन अवंतिका बस हलके से मुस्कुरा दी.....

MAI-I लव ु ाव.......

AVANTIKA-I लव ु मोरे V.J......

इज़हारे इश्क़ के बाद लैब खामोश तोह हुए पर उनकी तड़प बढ़ गयी जिससे मिटने का एक hi तरीका था और इसीलिए....

मई और अवंतिका आगे झुकते चले गए और अगले hi पल हम दोनों के लबों ने एक दूसरे को अपना लिया था.....

कितने पल बीते पता hi नै चला और शायद आगे भी पता नहीं चलता पर तभी......

एक ज़ोर के झटका मुझे लगा जिसके लगते hi मई तुरंत अवंतिका से अलग हो गया...

मुझे यूँ झटका लगते देख अवंतिका हैरान रह गयी....

और जब उसकी आँखें मेरे चेहरे पर पड़ी तोह उसकी हैरानी और बढ़ गयी....

reason....mere आँखों में इस वक़्त इतना शॉक था जो आज तक कभी भी नहीं आया था...

मई कुछ कह hi नहीं पा रहा tha..bas चेहरे पर शॉक के एक्सप्रेशंस लिए एक तक शुन्य में घूरे जा रहा था....

कुछ देर तक वेट करने के बाद भी जब मेरे एक्सप्रेशंस नहीं badle,toh अवंतिका ने मेरे कंधे को झंझोरा तब कहीं जाकर मई अपने प्रेजेंट में वापस आया....

AVANTIKA-kya हुआ है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- हमे तुरंत घर के लिए निकलना होगा....

मैंने अवंतिका एक सवाल को गोल कर अपनी बात kahi..AVANTIKA ने भी फिर दोबारा कुछ नहीं कहा और हम दोनों खड़े हो गए...

मई मन me-ANJALI,RONIT,tuarnt एंट्रेंस गेट पर पहुंचो....

अंजलि और रोनित जो अभी भी किश कर रहे the,un दोनों के दिमाग में जैसे hi मेरी आवाज़ gunji,toh दोनों को hi झटका सा लगा और दोनों तुरंत अलग हो गए...

मेरी आवाज़ में जो हड़बड़ी thi,wo दोनों hi भांप गए the,isiliye बिना कुछ कहे hi दोनों तुरंत उठे और इंटरके गेट की तरफ बढ़ गए.....

अंजलि- क्या बात है V.J????kuch हुआ है क्या???

इंटरके पर आते hi अंजलि ने मुझसे पूछा...

MAI-ghar chalo..pata चल जाएगा....

ये बोल मई पार्किंग की तरफ तेज़ी से बढ़ गया.....

मेरे पीछे पीछे hi तीनो भी हैरान परेशां से आने लगे...

सबके कार में बैठते hi मैंने कार घर की तरफ दौड़ा दी...

मेरे घर में सब पता चल जाएगा बोलने की वजह से किसी ने भी रास्ते में मुझसे कुछ नहीं pucha....par सभी के चेहरे पर परेशानी के भाव अब भी थे....

रास्ते में मुझे एक कॉल आया जो मेरी माँ का tha..maine कॉल uthaya..saamne से कुछ कहा गया जिससे सुन मई तुरंत आ रहा हूँ कहकर मैंने कॉल काट दिया....

PLACE-MINAKSHI मेन्शन

ARRE,HUM दोनों के पेरेंट्स तोह अब तक यहीं पर HAIN...PAR ये सब इतने सीरियस क्यों लग रहे हैं....

घर में एंटर होते hi रोनित ने अपनी बात कही....

मई- थोड़ी देर rook,sab पता चल जाएगा........

ये बोल मई थोड़ा और आगे बढ़ा और...

MAI-DAD......

मेरी आवाज़ सुन डैड और उनके साथ साथ सबकी नज़र हम चारों पर padi...ab तक मई सोफे के पास पहुँच चूका था...

मई- अरे ु ऑलराइट dad????mom ने बताया की आपका एक्सीडेंट हुआ है???

डैड- तुम भी न MINU...bacche घूमने गए the,tumne बेकार में hi इन सब को पैनिक कर दिया...

i'm गुड beta...wo हाईवे ेगड़े पर कार ज़रा ज़्यादा स्कीट कर gayi...saamne के दोनों टायर बरसत हो गए पर मुझे कुछ नहीं हुआ बूत हाँ हमारे ड्राइवर को थोड़ी चोट आयी है...

वो सब chhodo,inse milo.....inhone मेरी बोहोत हेल्प ki...jab हमारा एक्सीडेंट हुआ तोह इनकी कार वही से पास हो रही थी...

हमारा एक्सीडेंट होते देख इन्होने अपने ड्राइवर से बोल हमारे ड्राइवर को हॉस्पिटल पहुंचवाया और मुझे यहाँ घर तक लिफ्ट भी कर दिया....

UNKNOWN-UNCLE,aap मुझे बड़ों जैसे इन्होने क्यों कह रहे hain..mai भी आपके बेटे की hi तरह hun..infact आपको तोह मैंने सिमिलॅरिटी भी बताई है...

डैड- अरे haan....pata है VICKY,ye ग्रीस में पैदा हुआ है पर इसके माँ डैड इंडेन हैं और सबसे कमाल की बात ये है की इसके डैड नाम भी जयराज सिंह है और माँ का नाम मीनाक्षी SINGH...hai ना कमाल का इत्तेफ़ाक़....

और इस यंग लड़ का नाम है....

अननोन- मई अपना इंट्रो खुद dunga....waise आपका नाम तोह अब तक मुझे पता चल hi चूका है. ..विक्रम right!!!.....and में......

HI,MY नाम इस...... "ास्मोडियस"......

आज के लिए इतना HI....

आपका अपना V..J....
 
थैंक्स BROTHER..WO अमिताभ सर का डीएलओगे है ना की हम जहाँ खड़े होते HAIN,LINE वहीँ से शुरू होती HAI..WAISE HI कुछ ास्मोडियस के साथ HAI..WO जहाँ जाता HAI,WO जगह उसकी हो जाती HAI..KHAIR,IS बार जिस रीज़न से वो आया HAI,USSE जानकार और महसूस कर आप साबको ाचा नहीं लगेगा पर क्या KAREN...ZAROORI HAI...SAATH बने रहिये
 
अब तक आपने पढ़ा की लवर्स पॉइंट पर कुछ प्यार भरे लम्हे गुजरने के बाद जब विक्रम एंड पार्टी घर पहुँचती है तोह उन सबको ास्मोडियस को देख एक बोहोत बड़ा झटका लगता है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

मेगा ब्लैक अपडेट-114

PLACE-HEAVEN

ये सब क्या HAI????ASMODEUS वो भी लार्ड के घर ME......AISA दुस्साहस करने की वो सोच भी कैसे सकता है???

S.T CECILIA....AAP भूल रहीं है की वो कौन HAI????MAANE या ना MAANE,PAR वो भी परमेश्वर पुत्र है...

बल में विक्रम जितना HI शक्तिशाली किन्तु छल में लार्ड से भी ज़्यादा चलता है उसका दिमाग....

पर सवाल आपका अपनी जगह पर बिलकुल उच्चित HAI....AAKHIR ास्मोडियस का लार्ड के घर में आने का क्या प्रयोजन हो सकता है....

S.T सकिलिअ की बात को S.T अल्फ़्रिक ने आगे बढ़ाया पर इस बीच S.T सेबेस्टियन एकदम शांत रहे....

जैसे उन्होंने इन दोनों की बात सुनी hi ना ho...wo अपने hi किसी दिमागी मंथन में व्यस्त लग रहे थे....

वहीँ अपनी अपनी बात कह जब S.T सकिलिअ और S.T अल्फ़्रिक का ध्यान S.T सेबेस्टियन पर गया तोह उन्दोनो ने भी उन्हें गहरी सोच में दुबे पाया....

S.T CECILIA-S.T सेबेस्टियन.....!!!!!!

अपना नाम सुन S.T सेबेस्टियन जैसे अचानक अपनी सोच से बाहर aaye..apni सोच से बाहर आ उनकी नज़र S.T सकिलिअ पर ठहर गयी....

S.T CECILIA-aap किस सोच में खोये हुए हैं????

S.T SEBASTIAN-ussi सोच में जिसकी बात आप दोनों कर रहे हैं किन्तु....

S.T ALFRICK-kintu क्या???

S.T सेबेस्टियन- मई कुछ और भी सोच रहा tha....kya आपको ये बात अजीब नहीं लगी की हम सबको काफी देर से किसी नकारात्मक शक्ति का आभास ब्रम्हांड के समस्त जीवन देई गृह पर हो रहा था जिसके बारे में हम पता भी नहीं लगा पा रहे थे और इसी विचित्र स्थिति के दौरान ास्मोडियस का लार्ड के घर पर आगमन हुआ है....

क्या आपको लगता है की ये साड़ी बातें केवल एक संजोग हो सकती है???

सत सकिलिअ- आपका सही कह रहे हैं S.T SEBASTIAN....in दोनों घटनाओ का एक साथ होना कोई संजोग नहीं हो सकता....

S.T अल्फ़्रिक- पर अगर ये संजोग नहीं है तोह फिर है kya???kya करने की सोच रहा है ास्मोडियस.....????

S.T SEBASTIAN-ye तोह सिर्फ खुद ास्मोडियस hi बता सकता है जो वो बताएगा नहीं....

बस इतना कहा जा सकता है की जो भी होने वाला hai,wo किसीने भी सोचा तक नहीं होगा....

कुछ anisht,bohot बड़ा अनिष्ट होने वाला है.....

S.T सेबेस्टियन की बात सुन दोनों मेसेंजर्स बोहोत ज़्यादा टेंशन में आ गए.....

S.T अल्फ़्रिक- भले hi हम तीनो को अपनी जान hi क्यों ना देनी pade,kintu हम ास्मोडियस को अपनी चाल में कामियाब नहीं होने देंगे....

S.T CECILA-aap ठीक कह रहे हैं S.T ALFRICK....hum तीनो तुरंत पृथ्वी के लिए प्रस्थान करते हैं और हर वक़्त हमेशा ास्मोडियस के आस पास hi रहेंगे...

हम तीनो को अपने आस पास देख ास्मोडियस जिस भी जाल को बन रहा hai,usse छोड़ हम तीनो से युद्ध करने में लग जाएगा....

ऐसे में शायद उसका बिछाया माया जाल टूट jaaye...aap क्या कहते हैं S.T सेबेस्टियन????

इससे पहले की S.T सेबेस्टियन कुछ कहते......

आप तीनो कहीं नहीं जा रहे हैं....

जैसे hi ये आवाज़ तीनो मेसेंजर्स के कानो में gunji,teeno के हाथ जुड़ते चले गए और तीनो तुरंत अपने अपने घुटनो पर आ गए....

आना hi tha,kyunki ये आवाज़ और किसी की नहीं बल्कि गॉड की थी....

GOD-AAPKO भी पता है की आप तीनो मिलकर भी ास्मोडियस का सामना नहीं कर सकते...

फिर ये हास्यपद निर्णय किस आधार पर लिया आपने....

मैंने अपने एक बेटे के लिए अपने दूसरे बेटे को भेजा HAI...ASMODEUS का सामना करने का सामर्थ्य और KARTAVYA,SIRF और सिर्फ विक्रम का है....

आप तीनो वही कार्य कीजिये जिससे करने का आदेश आपको मिला HAI...YE कहानी इन दो भाइयों की है और समय आ गया है जब ये दोनों इस कहानी को इसके अंजाम तक पहुंचाएंगे....

S.T SEBASTIAN-HEY परम पितः PARMESHWAR...kya हम कुछ पूछ सकते हैं????

GOD-AAP यही जानना चाहते हैं ना की किस उद्देश्य की पूर्ति हेतु ास्मोडियस विक्रम के पास गया है????

S.T SEBASTIAN-jee परम PITAH....aakhir क्या चाहिए ास्मोडियस को लार्ड से???

GOD-BALIDAAN.......

गॉड की बात सुन तीनो मेसेंजर्स शॉकेड हो गए....

S.T SEBASTIAN-BALIDAAN????kaisa बलिदान????

GOD-SWAYAM का या ब्रम्हांड का......

PLANET-EARTH

PLACE-LONAVLA फार्म हाउस

वैसे डैड एक बात तोह मानना PADEGA....AGE का आपके बॉडी के ऊपर कोई ख़ास फर्क पड़ा नहीं HAI..AAP आज भी किसी यंग बन्दे की HI तरह फिट हैं....

अरे BETA,JAB वाइफ इतनी ब्यूटीफुल हो जिससे देख आज भी लोग उसका पीछा KAREN,AAHEN BHARE,TOH फिर बात कम्पटीशन की आ जाती है...

ऐसे में खुद को फिट तोह रखना HI पड़ेगा ना.....

आप भी ना कुछ भी बोल देते HO....KABHI तोह समझा करो की अब आपकी उम्र नहीं रही यूँ खुलेआम फ़्लर्ट करने की...

अरे क्या बात कर रहीं हैं MOM..U शुड तोह फील लकी जो आपको ऐसे हस्बैंड मिले हैं जो शादी के इतने सालों बाद भी आपसे अपने दिल की बात खुल्ले आम करते हैं....

कितने कपल होंगे जो ऐसा कर पाते होंगे????

इस बात पर सभी ने सहमति जताई...

LONAVLA....MUMBAI जैसे भीड़ भरे शहर से कुछ 83 कम दूर पहाडों के साये में बसी एक ख़ूबसूरत जगह..

और इसी ख़ूबसूरत जगह के बीच बानी एक ख़ूबसूरत फार्महाउस जो की हमारी hi मिकलियत है और जहाँ इस वक़्त हम तीनो फ्रेंड्स और हमारी फैमिलीज़ इस वक़्त 2 दिन के हॉलिडे के लिए आये हुए हैं...

दरअसल 3 दिन के बैक तो बैक मीटिंग्स के बाद डैड और उंक्लेस का 2 दिन ऑफ था...

इन दो दिनों के ऑफ को ख़ास बनाने के लिए सबने लोनावला जाने की बात कही और हंस हम सब यहाँ हैं....

बात से याद आया जो कन्वर्सेशन फ़िलहाल हुई जिसमे एक बन्दे ने जयराज और मीनाक्षी को डैड और माँ लफ्ज़ से सम्भोदित kiya,wo मई नहीं था बल्कि ास्मोडियस था...

दरअसल ास्मोडियस ने मेरे माँ और डैड से कहा था की उसके भी माँ डैड का नाम जयराज सिंह और मीनाक्षी सिंह है..

इतना hi nahi,usne ये भी कहा की मेरे माँ डैड उससे उसके माँ डैड की याद दिलाते हैं...

और इसीलिए क्या वो मेरे माँ डैड को माँ और डैड को डैड केखकर बुला सकता है???

ास्मोडियस की बात सुन मेरे माँ डैड खुश हो गए और ख़ास कर माँ...

reason...simple है bhai,jis बन्दे ने उनके सुहाग के एक्सीडेंट के वक़्त उनकी हेल्प ki,wo तोह उन्हें प्यारा लगेगा hi....

ऊपर से कमीना है तोह मेरा hi bhai..is वजह से साले से विबे भी मेरी hi तरह आती है जो मेरे माँ डैड को भी फील हुई जिस वजह से उन्हें भी ास्मोडियस नामक जंतु में मई दिखने लगा था....

रोनित- bhai,tere साथ रहकर

न जाने कितने hi झटके देखे और झेलें hain...par इस बार जो झटका लगा है वैसा झटका आज तक नहीं मिला.....

तेरा ये खुरापाती भाई अचानक से हमारे घर में प्रकट होता hai....uske बाद हमारे घरवाले इससे हमारे साथ यहाँ हॉलिडे मानाने के लिए इन्विते करते हैं जिससे ये ख़ुशी ख़ुशी मान लेता है....

फिर जनाब तेरे माँ डैड को अपने माँ डैड कहकर बुलाने लगते hain....saala ये सब चल क्या रहा है....???

अंजलि- सबसे बड़ा झटका ये नहीं है RONIT...sabse बड़ा झटका है इसकी यहाँ आने की टाइमिंग...

तुम्हे ये अजीब नहीं लगता की जब पुरे यूनिवर्स में अचानक hi एक नेगेटिव एनर्जी की चादर प्रकट हो गयी हो ठीक उसी वक़्त ास्मोडियस यहाँ हमारे सामने आया है...

ी मैं अभी hi क्यों ये यहाँ आया है जबकि अगर ये सब इसने किया है जो की मई सूरे हूँ की की ये सब इसी का किया धरा hai,toh ऐसे में तोह इससे V.J से बोहोत दूर चले जाना चाहिए ताकि V.J चाहकर भी इसके झोल का पता ना लगा पाए पर ये तोह उल्टा कर रहा है...

ये खुद यहाँ V.J के सामने है और ये यूँही नहीं हो sakta....zaroor कुछ न कुछ तोह इसके दिमाग में चल रहा है...

रोनित- ये भी तोह हो सकता है की ये हमारा मज़ाक उड़ने और अपनी जीत का जैश मानाने यहाँ आया हो..

इससे ये बात पता हो की हम इसके माया जाल को नहीं समझ पा रहे हैं और इसीलिए हमे नीचे दिखने यहाँ आया हो...

मई- ास्मोडियस उनमे से है जिन्हे मंज़िल से ज़्यादा सफर में मज़ा आता है और ऐसे लोग कभी भी दूसरे के हार पर उन्हें चिढ़ाते नहीं hain.....isse सिर्फ अपनी जीत से मतलब है सामने वाले की हार से नहीं....

AVANTIKA-V.J,jab से ास्मोडियस आया है तुम चुप से हो गए ho...kya तुम्हे पता चल चूका है की इसके यहाँ आने का मकसद क्या है???

मई- अगर पता चल चूका होता तोह अब तक मई सब ठीक कर चूका hota....mai तोह बस उस चीज़ को देखने की कोशिश कर रहा हूँ जो मेरे आँखों के सामने होते हुए भी इनविजिबल है....

उस लेखनी को पढ़ने की कोशिश में हूँ जो साफ़ साफ़ लिखा हुआ है पर फिर भी समझ में नहीं आ रहा....

उस हवा को महसूस करने की कोशिश कर रहा हूँ जो मेरे अंदर तोह जा रही hai,par बिना मुझे छुए हुए....

अरे ऐसा कौन सा गेम खेल रहे हो भाई जो हमारे साथ बैठने तक की फुर्सत नहीं है तुम्हारे पास.....

अभी हमसे कोई कुछ कहता उससे पहले hi ये आवाज़ आयी जो और किसी की नहीं ास्मोडियस की थी...

अपनी बात कह डैड से परमिशन ले वो मेरी तरफ बढ़ा वहीँ उसके मेरी तरफ आते वक़्त...

MOM-pata नहीं क्यों पर इससे देखते वक़्त ऐसा लगता है जैसे मई विक्की को hi देख रही हूँ.....

DAD-mujhe भी शामे फीलिंग आती hai...aisa लगता है जैसे ये और विक्की सिब्लिंग्स हों....

वहां माँ और डैड ास्मोडियस को जो की मेरा hi भाई hai,usse अपनी समझ से मेरा भाई बनाने पर तुले हुए थे और यहाँ...

ASMODEUS-kya हुआ BHAI....kuch वक़्त हमारे साथ भी bitalo...kya पता फिर मौका मिले ना mile,aur अगर मिले bhi,toh शायद आलम इतने खुशगवार ना हो....

रोनित- ोये डायलाग के dukaan...pehle तू ये बता और सीधे सीधे बता की यहाँ आया क्यों है....????

अब साले इस रोनित का मई करू तोह क्या karun.....??ek नंबर का मुँह फैट है ye...zara सा भी नहीं सोचता की सामने कौन खड़ा है...???

जिस लिहाज़ से रोनित ने ास्मोडियस से बात की thi,shayad और किसी ने की होती तोह उसकी रूह उसके जिस्म से अब तक अलग हो चुकी होती...

ASMODEUS-jab पता हो की तुम उस किले के अंदर हो जो ब्रम्हांड के सबसे बड़े तूफ़ान को भी झेल सकता है तोह अक्सर घमंड आ जाता है....

पर तुम्हे ये नहीं भूलना चाहिए की भाड़े की ज़िन्दगी पर ित्रय नहीं karte...naajane कब ज़िन्दगी मौत के हवाले हो जाए...

MAI-kiraye के मकानों में रहने वाले लोगों को अचानक निकाले जाने का दर रहता है...

जिसका खुदका माकन ho,usse कैसा dar...jahaz कितना hi बड़ा क्यों ना ho,samandar में उठती लहरों से खतरा उससे hi रहता hai,samandar के अंदर बसने वाली छोटी छोटी मछलियों को नहीं....

रोनित वही मछली है जो मेरे समंदर में hai...mere रहते उससे कैसा khatra..khatra तोह तुम जैसे बड़े जहाज़ को hai...hamari लेहरो से ज़रा बचके rehna...pata नहीं इसमें कब डूब जाओ...

ास्मोडियस- जहाज़ को समंदर की लहरों से कितना hi खतरा क्यों ना ho,par जहाज़ बनती समंदर के लिए hi है मेरे भाई...

और रही बात डूबने की तोह जहाज़ डूबेगा या nahi,ye जहाज़ पर नहीं बल्कि उस जहाज़ को चलने वाले की हुनर पर निर्भर करता है...

और जिस जहाज़ को ास्मोडियस चला रहा ho,usse डुबोने की ग़ुरबत किसी समंदर में नहीं....

मई- पता है शेर अपने जंगल का राजा होता hai...par सिर्फ तब तक जब तक उससे खूंखार शेर उस जंगल में अपने पंजे नहीं जमता...

mousam,fitrat और TAQHT,teeno को hi बदलने में वक़्त नहीं लगता मेरे भाई....

ASMODEUS-WAQT.....WAQT से याद आया की वक़्त आ गया है....

नहीं samjhe,samjhata हूँ......

मुझे यहाँ अपनी फॅमिली के बीच देख जो उथल पुथल तुम्हारे मन में चल रही hai,jo सवाल तुम्हारे दिमाग में घर किये बैठे hain,un सवालों के जवाब मिलने का वक़्त आ गया है....

ना सिर्फ जवाब मिलने ka,par उन जवाबों से जो चीज़ें सामने aayengi,tumhara उनसे सामना करने का वक़्त आ गया है....

ना सिर्फ सामना करने ka,balki सामना करने के बाद आखिर में जब असलियत तुम्हारे सामने hogi,toh उस असलियत पर अपने फैसले का मोहर लगाने का वक़्त आ गया है....

मेरे BHAI,WAQT आ गया है.....

ास्मोडियस की बात सुनते वक़्त मेरे चेहरे पर कोई एक्सप्रेशंस नहीं थे पर मेरा dil,mere दिमाग दोनों में hi इस वक़्त भूचाल सा आया हुआ था....

मुझे पता तोह नहीं था की क्या होने वाला hai,par अंदाज़ा ज़रूर हो गया था की जो भी hoga,wo मेरी सोच से भी ऊपर और खतरनाक होने वाला है....

यहाँ मई अपनी सोच में गुम था पर तभी.......

कड़कड़कड़कड़.................

एक ज़ोरदार बिजली की आवाज़ हम सबके कानो में gunji...ye आवाज़ नार्मल से बोहोत ज़्यादा तेज़ थी जिससे सुन जहाँ एक तरफ RONIT,ANJALI और अवंतिका शॉकेड हुए वहीँ मेरे घर वाले हल्का दर से गए थे.....

यूँ अचानक इतनी ज़ोर के बिजली के कड़कने से जहाँ एक तरफ सभी के चेहरों पर दर और शॉक के रिएक्शंस थे वहीँ ास्मोडियस मंद मंद मुस्कुरा रहा था....

MOM-VICKY,ANJU,RONIT,AVNI,ASMODEUS बीटा यहाँ आओ....

सभी अपनी अपनी सोचों में गुम थे की तभी माँ ने हम सबको अपने पास बुलाया....

हम सब भी जहाँ सारे घरवाले बैठे the,us तरफ चल पड़े....

डैड- ये अचानक क्या hua??aaj तोह मौसम काफी साफ़ है naa....fir ये अचानक बिजली कहाँ से कड़क गयी....

माँ- और वो भी इतनी tez..maine आज तक इतनी ज़ोर की बिजली कड़कते कभी भी नहीं सुना है...

यूँ अचानक इतनी तेज़ बिजली की कड़कने की वजह से सभी घरवाले अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे hi रहे थे की तभी.....

मुझे एक ज़ोर का झटका laga...ye झटका सिर्फ मुझे hi नहीं बल्कि मेरे साथ साथ अंजलि और रोनित को भी लगा था....

एक दूसरे के चेहरे को देखते हुए हमने तुरंत इस झटके के कारण के पास जान का फैसला किया और....

मई- mom,hum ऊपर रूम में हैं....

माँ- beta,ASMODEUS को भी ले jaao..yahan हमारे साथ रहकर बोर हो जाएगा....

जहाँ एक तरफ माँ की बात सुन अंजलि और रोनित के चेहरे पर टेंशन के भाव उभरे वहीँ ास्मोडियस के चेहरे पर स्माइल आ गयी...

अभी मई माँ की बात के लिए कुछ कहता की तभी....

ास्मोडियस- नहीं mom..mai यहाँ आप लोगों के साथ hi रहूँगा....

ास्मोडियस की बात सुन मुझे कुछ अटपटा laga...mujhe लगा था की वो हमे अकेले कहीं जाने नहीं देगा पर यहाँ तोह उल्टा हो गया पर फ़िलहाल जो हो रहा tha,usse निपटना ज़्यादा ज़रूरी था इसीलिए...

मई- लेटस जो गुइज़्ज़्ज़्ज़......

हम सब ऊपर वाले रूम की तरफ बढ़ चले.....

ऊपर चलते वक़्त मुझे एक ख्याल आया पर मैंने उस ख्याल को अपने दिमाग से झटक दिया....

अवंतिका- क्या हुआ guyzz??tum सब इतने टेंशन में क्यों हो???

अंजलि- वो ब्लैक एनर्जी की चादर याद है जो कुछ दिनों से पुरे यूनिवर्स में फैले सी गयी है पर दिख नहीं रही.....

अवंतिका- haan.par उसका क्या???

अंजलि- इस्ला में वो एनर्जी एक्टिव हो गयी है....

V.J ने पुरे गृह में अपने शील्ड्स बिछाएं hain,jiski वजह से वो ब्लैक एनर्जी आगे नहीं बढ़ पा रही पर.....

अवंतिका- पर क्या???

रोनित- पर इसका एक नेगेटिव इफ़ेक्ट हुआ hai.....us नेगेटिव एनर्जी का इफ़ेक्ट इतना ज़्यादा है की V.J की शील्ड से टकराने के बाद उसके कण विबरते हो रहे हैं जिसका असर इस्ला के ज़मीं पर हो रहा है....

उस नेगेटिव एनर्जी के साथ साथ अब वहां की ज़मीं पर भी विब्रेशन्स होने लगे हैं....

अगर कुछ देर और ऐसा चलता रहा तोह पुरे इस्ला को ज़ोर के झटके लगने लगेंगे..

वहां की ज़मीं के नीचे जो लावा hai,wo फटकार बाहर आ jayega..wahan पर जो फ्लोटिंग माउंटेन्स hain,wo भी अस्थिर होकर नीचे गिर जाएंगे जिससे बोहोत ज़्यादा नुक्सान होगा....

इन short,jo हो रहा hai,agar उससे रोका नहीं gaya,toh इस्ला बस कुछ hi देर में ख़त्म हो जाएगा.....

अंजलि की बात सुन अवंतिका को ज़ोर का झटका laga..jitna उसने या फिर हम सबने ांतिकिपते किया tha,ye तोह उससे भी ज़्यादा खतरनाक था...

भले hi इस वक़्त सिर्फ एक गृह खतरे में tha,par ास्मोडियस ने तोह शामे हालात यूनिवर्स के हर प्लेनेट में कर रखे थे....

ास्मोडियस ने सही hi कहा tha..jo सवाल मेरे दिमाग में चल रहे the,finnaly मुझे उनके कुछ भागों का जवाब मिल गया था और नाही सिर्फ जवाब मिला tha,balki जैसा की ास्मोडियस ने कहा tha,hamara उन जवाबों का सामना करने का वक़्त भी आ चूका था.....

MAI-AV,tum यहीं rooko...hum इस्ला के हालत को ठीक करके आते हैं...

अवंतिका को सब बता हम तीनो गायब हो चुके थे.....

प्लेनेट- इस्ला

PLACE-FLOATING माउंटेन

ये कैसी माया HAI????MAI इस कम्पन को पूरी तरह से रोक क्यों नहीं पा रहा हूँ.....

मेरे उच्चारित किये हुए हर मंत्र का असर तोह इन पहाड़ों पर हो रहा HAI,PAR केवल कुछ HI शान के लिए....

कुछ शान पश्चात् मेरे मंत्रो का प्रभाव अपने आप HI ख़त्म हो जा रहा है.....

अगर ऐसा HI चलता RAHA,YE कम्पन यूँही होते रहे तोह सिर्फ कुछ वक़्त की बात HAI,YE पहाड़ इन कम्पन को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे और नीचे गिर जाएंगे...

और अगर ऐसा हुआ TOH.....NAHI NAHI,MAI ऐसा नहीं होने दे SAKTA....EK बार और प्रयास करके देखता हूँ....

ये बोल डिफेंडर जैसे hi अपना अगले स्पेल बोलने को हुए....

कोई फायदा नहीं HOGA......AAP इस कम्पन को नहीं रोक पाएंगे.....

जैसे hi ये आवाज़ डिफेंडर के कानो में gunji,DEFENDER के चेहरे पर एक मुस्कराहट नाच गयी....

आवाज़ के गूंजने के अगले hi सेकंड डिफेंडर के सामने एक तेज़ रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच में से mai,ANJALI और रोनित प्रकट हुए....

मई- खड़े हो जाईये डिफेंडर....

DEFENDER-LORD,jis अदृश्य शक्ति ने समस्त ब्रम्हांड को घेरे हुए tha,aakhirkaar उसने आगे बढ़ना आरम्भ कर दिया है.....

मैंने इससे रोकने की बोहोत कोशिश ki,kintu मई बस कुछ पल के लिए hi कामियाब हो पाया.....

कुछ देर तक रूकने के बाद ये मेरे मन्त्रों को विफल कर रही है....

मई- इसका कारण मेरे द्वारा बिछाया गया शील्ड hai....wo अदृश्य शक्ति मेरे शील्ड से चिपक उससे धक्का देने की कोशिश कर रही है..

वो इसमें कामियाब तोह नहीं हो पा रही किन्तु मेरी शील्ड और उस नकारात्मक शक्ति के टकराने की वजह से ये कम्पन हो रही है....

बूम........

अभी कोई कुछ कहता की तभी हमारे उत्तरी भाग से इस धमाके की आवाज़ आयी जिससे सुन डिफेंडर और मेरे दोनों दोस्त चौंके....

मई- कम्पन सिर्फ इन पहाड़ों में hi नहीं हो रहा hai,balki ज़मीं के अंदर भी हो रहा है....

उसी कम्पन के फल स्वरुप यहाँ से उत्तरी क्षेत्र में जो वन hai,wahan लावा फटा है...

आप सब शीघ्र वहां पहुंचे और उस लावा को रोकें....

अन्यथा अगर उस लावा ने उस वन में मौजूद वृक्षों को chhua,toh पूरा जंगल आग की चपेट में आ जायेगा....

मेरी बात सुन RONIT,ANJALI और डिफेंडर तीनो गायब हो गए.....

मई- अब इन विब्रेशन्स का क्या karun????inhe जड़ से मिटने के लिए मुझे पहले अपने शील्ड को हटाना होगा....

पर उसके बाद मुझे कुछ सेकण्ड्स तोह कमसेकम चाहिए hi होंगे इस नेगेटिव एनर्जी को ख़त्म करने के लिए...

अगर इस दौरान ये हर तरफ फैले गयी तोह इससे ख़त्म करने के चक्कर में पूरा इस्ला ख़त्म हो जाएगा.....

ये तोह ाचा है की अब तक ये जो कुछ भी हो रहा hai,ye यहाँ के लोगों के रहवासी इलाकों से दूर हो रहा है..

वर्ण अब तक तोह पुरे इस्ला में हड़कंप मच जाता.....

वहीँ जंगल में:-

रोनित- arre,ye लावा तोह बड़ी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है....

अंजलि- haan,aisa लग रहा है मानो इससे कोई धक्का दे रहा है...

RONIT-aur कोई kya,iske पीछे भी वही नेगेटिव एनर्जी होगी....

डिफेंडर- haan,par एक बात अछि है और वो ये की अब तक ये लावा जिस जगह पर hain,wahan सिर्फ छोटे छोटे पौधे और घांस है...

इसीलिए वन को कोई ख़ास हानि अब तक नहीं पहुंची है...

अंजलि- ये बस कुछ समय की hi बात hai...jis तेज़ी और तीव्रता से ये लावा आगे बढ़ रहा hai,kuch hi पलों में ये इस जंगल के मुख्या भाग यानी घने एरिया में होगा और अगर ऐसा हुआ तोह यहाँ कुछ भी नहीं बचेगा...

इसीलिए हमे जो भी करना hai,wo तुरंत करना होगा....

रोनित- एक काम करता hun,mai इस जगह पर बारिश करवाता हूँ....

ANJALI-idea तोह ठीक है पर उतने से काम नहीं hoga...saath में कुछ और भी लगेगा....

haan,ek काम करती hun,jo पानी girega,mai उसमे चक्रवात पैदा करती हूँ....

उस चक्रवात की शक्ति से बारिश का प्रभाव और बढ़ जाएगा जिससे वो लावा को अपने अंदर खींच लेगी....

DEFENDER-jaise hi तुम रोनित के द्वारा गिरायी बारिश में चक्रवात पैदा karogi,aur वो चक्रवात लावा से takrayegi,toh मुझे पूरा विश्वास है की उस लावा के साथ साथ चल रहे नकारात्मक ऊर्जा में भी बदलाव आएगा...

हो सकता है की वो लावा को अनियंत्रित karde...isiliye मई उसके आस पास के सभी जगहों पर अपनी शील्ड बिछा dunga....isse अनियंत्रित होने के बावजूद भी वो ऊर्जा कुछ कर नहीं पाएगी....

रोनित- haan,ye ठीक rahega..lets दो आईटी गुइज़....

ये बोल........

प्रचंड वर्षा करोति

फ़ीरी रेन फॉल

ये स्पेल रोनित ने कहा tha..SPELL के उच्चारित होते hi ऊपर आसमान में एक तेज़ गर्जना हुई और अगले hi पल सिर्फ उस एरिया में जहाँ लावा फैला हुआ tha,tez बारिश होने लगी....

जैसे hi बारिश ने रफ़्तार पकड़ी....

चक्रवात आविर्भवति

व्हिरलविंद अप्पेअर

ये स्पेल अंजलि ने कहा tha...SPELL के उच्चारित होते hi रोनित द्वारा बरसाई गयी बारिश के इर्द गिर्द एक चक्रवात ने जन्म लेना शुरू किया और कुछ hi पलों में उस चक्रवात ने उग्र यानी इंटेंस रूप ले लिया...

उस चक्रवात ने खुदको पानी में लपेटना शुरू कर दिया और देखते hi देखते उस पानी से भरे चक्रवात ने पुरे लावा को खुदमे सोखना शुरू कर दिया.....

अब बारी थी डिफेंडर की और इसीलिए.....

कार्मिकया

शिबिल्ड थॉट्स बाउंड विथ ा ड्यूटी

डिफेंडर के स्पेल उच्चारित करते hi अंजलि द्वारा बनाये गए चक्रवात के चारो तरफ एक शील्ड बन गयी जिसका ये मतलब था की वो लावा और उस लावा से जुड़ा हुआ वो नेगेटिव एनर्जी अब फास चुके थे.....

कुछ पल तक भीषण बारिश होती रही जिस में बरस रहे पानी को खुदमे चिपका वो चक्रवात लावा को समेटने हुए एक जगह पर घूमता रहा....

कुछ वक़्त तक ये सब चलता रहा और फिर देखते hi देखते वो लावा ख़त्म होने लगा और कुछ hi पलों में उस वन में सिर्फ बरसात और चक्रवात hi tha,laava ख़त्म हो चूका था....

ANJALI/RONIT-YESSSSS...........

मंत्र समाप्तम

SPELL.OVER.....

अंजलि और रोनित ने ये स्पेल साथ बोलै जिसके उच्चारित होते hi बारिश और चक्रवात ख़त्म हो गए...

डिफेंडर- बोहोत khub.......kaafi अछि युक्ति सोची थी तुम दोनों ने....

ANJALI/RONIT- धन्यवाद......

ये बोल तीनो वापस गायब हो गए.....

बैक तो हीरो:-

एंगेल्स..........

मेरे मन hi मन ऐसा कहते hi कुछ एंगेल्स मेरे आगे प्रकट हुए.....

MAI-mai अपने शील्ड को हटाने जा रहा hun...jab ऐसा होगा तब उसके पीछे छुपी नकारात्मक ऊर्जा तेज़ी से हर तरफ फैलने लगेगी....

इसीलिए मेरे शील्ड के हटते hi आप सबको अपनी शक्ति से उस नकारात्मक ऊर्जा को कुछ पल तक रोके रखना है.....

ANGELS-ji लार्ड......

एंगेल्स को उनका काम समझकर मैंने एक पल के लिए अपनी शील्ड को देखा और अगले hi पल....

कवच परनज़यती

शील्ड वाणीश......

मेरे स्पेल उच्चारित करते hi मेरी शील्ड गायब हो गयी और तभी.....

वो नकारत्मक शक्ति जिससे मेरी शील्ड ने रोक रखा tha,wo आज़ाद हो गयी जिस वजह से वो हर तरफ फैलने लगी पर तभी......

मेरे आस पा खड़े एंगेल्स ने अपने अपने हाथ आगे किये....

उनके ऐसा करते hi उन सबके हाथों से तेज़ वाइट एनर्जी की रेज़ निकलकर उस नेगेटिव एनर्जी से टकराई....

पर इतना काफी नहीं tha.....ANGELS के छोड़े गए रेज़ से वो नेगेटिव एनर्जी धीरे तोह हुई पर रुकी nahi...aur इसीलिए.....

पर्यवस्यति विबजूति विमुक्ति

कम्पलीट पावर रिलीज़

एंगेल्स ने इस स्पेल का एक साथ उच्चारण किया और उनके ऐसा करते hi...

सारे एंगेल्स के हाथ के साथ साथ उनके सारे शरीर से रेज़ निकलने लगी जो असल में उनकी पूरी ऊर्जा थी...

वो साड़ी रेज़ एक साथ आगे बढ़ते हुए उनके सामने खड़े उस नेगेटिव एनर्जी से टकराई और ऐसा होते hi एक साथ दो चीज़ें हुई....

pehli.....wo नेगेटिव ेनेग्री एक जगह पर रूक गयी....

dusri....us नेगेटिव एनर्जी का कुछ भाग मेरे एंगेल्स के छोड़े गए रेज़ से बांधकर एंगेल्स को भी छूने लगा जिस वजह से जैसे कुछ देर पहले तक फ्लोटिंग माउंटेन्स विबरते कर रहे the,thik वैसे hi अब सारे एंगेल्स विबरते करने लगे...

मई समझ चूका था की अगर मैंने कुछ पल की भी देरी और की तोह सारे एंगेल्स ख़त्म हो जाएंगे और इसीलिए.....

शक्तियम विनाशते

एनर्जी डिस्ट्रॉय

जैसे hi मैंने स्पेल bola....BOOM..........

एक तेज़ धमाके के साथ वो नेगेटिव एनर्जी की चादर ब्लास्ट हो गयी....

पर इसके साथ एक और चीज़ hui....mere सारे एंगेल्स जो की ना चाहते हुए भी उस नेगेटिव एनर्जी से जुड़े हुए the,dhamake का इम्पैक्ट उन सब पर भी हुआ....

धमाका होते hi वो सारे अबगेल्स पीछे की तरफ उड़ गए...

उन सबकी आँखें बंद हो चुकी thi..kisi निर्जीव प्राणी की भाति ढीले हो वो सब हवा में लुढ़के हुए से तैर रहे थे....

आज मुझे खुदपर बोहोत ग़ुस्सा आ रहा tha..mai इन सबका लार्ड tha...aaj जैसे मेरे आदेश पर इन्होने खुदकी परवाह ना करते हुए अपना कर्त्तव्य निभाया tha,thik वैसा hi कुछ दायित्व मेरा भी इन सबके प्रति था...

इन सबकी सुरक्षा मेरी ज़िम्मेदारी thi...par जो हुआ उससे बदला तोह नहीं जा सकता था पर haan,thik ज़रूर किया जा सकता था और इसीलिए.....

मेरे हाथों से कुछ रेज़ निकली जो सीधे जाकर सारे एंगेल्स से टकराई और कुछ hi पलों में निर्जीव से पड़े सारे एंगेल्स ठीक हो चुके थे...

ठीक होते hi मुझे ध्यन्यवाद कहने के लिए जैसे hi वो कुछ बोलने को हुए....

MAI-kuch कहने की ज़रुरत नहीं hai...aapne अपना कर्त्तव्य निभाया और मैंने apna..aap जा सकते हैं....

मेरे कहते hi सारे एंगेल्स एक बार मेरे आगे झुके और अगले hi पल वो सब गायब हो चुके थे....

जैसे hi एंगेल्स गायब hue,thik तभी RONIT,ANJALI और डिफेंडर मेरे सामने प्रकट हुए...

रोनित- अरे waah,yahan की प्रॉब्लम भी ख़त्म हो गयी....

मई- hmm..wapas चलते हैं...

डिफेंडर से अलविदा कह हम तीनो गायब हो गए इस बात से अनजान की जिस समस्या को हम ख़त्म हुआ समझ रहे थे वो भी हमारी hi तरह सिर्फ गायब हुआ hai,khatm नहीं.......

PLACE-LONAVLA,FARM हाउस

क्या HUA????SAB ठीक हो गया ना???

एक्ससिटेमेंट और टेंशन के बीच फांसी अवंतिका ने हमारे वापस आते hi हमसे पूछा hi था की तभी.....

मुझे एक ज़ोर का झटका laga.....SAB ठीक HAI...ye शब्द जो मेरे मुँह से बाहर आने hi वाले the,wo वापस मेरे अंदर चले गए....

आखें मेरी अजानी आशंकाओं से घिरी दिखने लगी थी....

वही इन सब से अनजान अंजलि और रोनित...

रोनित- haan,ab सब कुछ अंडर कण्ट्रोल है.....

अंजलि- एक पल के लिए तोह लगा था की शायद हम कामियाब नहीं honge,par हम कामियाब हुए....

AVANTIKA-mujhe तोह ऐसा नहीं लगता....

ANJALI/RONIT- मतलब????

अवंतिका जो मुझे hi देखे जा रही थी और साथ hi मेरे चेहरे के बदलते भावों को भी नोट कर रही thi,usne रोनित और अंजलि को मेरी तरफ देखने का इशारा किया...

और जब इन दोनों की भी नज़र मुझपर padi,toh दोनों शॉकेड हो गए....

अंजलि- क्या हुआ V.J...fir कुछ नया हुआ है क्या???

मई- नया भी और पुराण भी.....

सब- मतलब....

मई- नया ये की यूनिवर्स के हर लाइफ सर्विंग प्लेनेट पर एक साथ वो नेगेटिव एनर्जी एक्टिवटे हो गयी है..

जिसकी वजह से हर प्लेनेट में विब्रेशन्स शुरू हो गए हैं....

अंजलि- और पुराण???

MAI-ISLA की जिस प्रॉब्लम को हम सब ख़त्म समझ वापस आ गए वो प्रॉब्लम सिर्फ गायब हुई thi,khatm nahi...aur अब वो प्रॉब्लम फिरसे वापस आ गयी है.....

ANJALI/RONIT-WHAT????par ये कैसे हो सकता है????

MAI-sab कुछ हो सकता है बस तरीका मालुम होना चाहिए और ास्मोडियस ने वही तरीका ढूंढ लिया है...

रोनित- पर ऐसा कौन सा तरीका है जो तेरी तक पकड़ में नहीं आ रहा है...???

मई- इन सब के लिए अभी वक़्त नहीं hai...abhi डिफेंडर अपनी पूरी शक्ति लगाकर इस्ला में दोबारा फाटे लावा और बाकी जगहों पर फैलने वाले उस नेगेटिव एनर्जी को अकेले रोकने की कोशिश कर रहे हैं...

पर वो ये ज़्यादा देर तक नहीं कर पाएंगे.

तुम दोनों तुरंत उनकी मदद करने के लिए जाओ....

अंजलि- पर V.J...har जगह पर जो नेगेटिव एनर्जी फैली हुई hai,tujhe तोह पता है की वो किसकी hai...hum दोनों मिलकर भी शायद उसका सामना ना कर पाएं....!!!!

रोनित- और तूने अभी कहा ना की प्रॉब्लम हर प्लेनेट में शुरू हो गयी है तोह उन सबके बारे में तूने क्या सोचा है???

मई- हर प्लैनेट्स पर एंगेल्स पहुँच चुके hain...par वो भी तुम दोनों की hi तरह पूरी तरह से समर्थ नहीं हैं उस ऊर्जा को रोकने के लिए....

अंजलि- वही तोह मई कह रही hun....toh फिर सब कैसे ठीक होगा???

MAI-uski चिंता तू मत kar..is बार जब तुम दोनों और सारे एंगेल्स स्पेल bologe,tab तुम सब की शक्ति मुझसे जुडी होगी....

इससे तुम सबके स्पेल्स हज़ार गुना तक ज़्यादा इम्पैक्टफुल हो jaayenge....par haan,kyunki ऐसा करने से तुम सब मेरी शक्तियों से डायरेक्ट judoge,isiliye तुम्हे बोहोत ज़्यादा दर्द होगा...

अंजलि- जितना भी दर्द हो V.J अगर यूनिवर्स को बचाना है तोह हम कुछ भी कर गुज़रेंगे....

RONIT-exactly...hum दोनों जा रहे hain,tu अपना काम शुरू कर....

ये बोल दोनों गायब हो गए....

अवंतिका- क्या तुम यहीं से सारे एंगेल्स के साथ जुड़ोगे???

मई- नहीं AV.....is क्रिया में मेरी बोहोत ज़्यादा ऊर्जा बाहर aayegi...ye jagah,ye जगह क्या मई ऐसा किसी भी संसार में नहीं कर सकता...

इसके लिए मुझे वापस ट्विस्टेड डायमेंशन ने जाना होगा...

अवंतिका- क्या मई भी साथ chalun....?????arre ये तोह.....

अभी अवंतिका ने अपनी बात कही hi थी की तभी वो चौंक गयी......

reason....is वक़्त हम दोनों हमारे फार्म हाउस के कमरे में नहीं बल्कि मैजिकल डायमेंशन में थे....

MAI-kaam शुरू करते हैं.....

समभिनत्ति स्वः शक्तियें

ज्वाइन विथ माय पावर्स

जैसे hi मैंने स्पेल उच्चारित kiya,mere सारे शरीर से एक साथ लाखों करोड़ों रेज़ निकली और तेज़ी से सारे जीवन देई ग्रहों की तरफ निकल पड़ी और जैसे hi वो सारे रेज़ उन प्लैनेट्स में मौजूद मेरे दोनों doston,DEFENDER और एंगेल्स के शरीर पर पड़ी....

AAHHHHHHHHHH.............................

एक तेज़ दर्द की लेहेर उन सबको फील होने लगा पर अपनी दर्द की परवाह ना करते हुए....

शक्तियम विमुक्ति

पावर रिलीज़

सभी ने एक साथ इस स्पेल को उच्चरित किया और ऐसा करते hi सभी के शरीर से एक साथ काफी मात्रा में वाइट एनर्जी निकली और सीधे जाकर उस ब्लैक एनर्जी के चादर से तर्करायी और अगले hi पल....

दो चीज़ें हुई.....

pehli.....wo ब्लैक एनर्जी जो की लगातार आगे बढ़ रही thi,wo अपनी जगह पर जड़ सी होकर रूक गयी...

dusri....kyunki इस बार मई ने एक साथ पुरे ब्रम्हांड में फेल उस ब्लैक एनर्जी पर एक साथ अपनी पावर रिलीज़ की thi,isiliye मुझे उस ब्लैक ऊर्जा के बारे में एक नयी जानकारी मिली जिससे जानकार मुझे एक झटका लगा था......

और इस नए झटके की वजह से मेरे चेहरे पर भी सुर्प्रिसिंग एक्सप्रेशंस ने जन्म लिया था जिससे अवंतिका ने देख लिया....

अवंतिका- क्या हुआ V.J...problem अब भी ठीक नहीं हुई क्या????

मई- प्रॉब्लम ठीक तोह नहीं हुई है पर फिलहाल के लिए रूक गयी hai....par बात कुछ और है......

अवंतिका- क्या????

MAI-batata hun..pehle यहाँ से चलते हैं...

मैंने मन hi मन सारे एंगेल्स को वापस लौटने को kaha...itni ज़्यादा मात्रा में वाइट एनर्जी के टकराने की वजह से फिलहाल के लिए कुछ देर तक वो ब्लैक एनर्जी रुकी रहने वाली थी और इसी बीच मुझे इस प्रॉब्लम का एक परमेनन्ट इलाज ढूंढना था...

इसी सोच के साथ मई अवंतिका को लेकर गायब हो गया पर मुझे क्या मालुम था की जिस सलूशन को मई ढूंढ रहा hun,wo तोह मेरे सामने hi है और कुछ hi देर में मुझे पता भी चलने वाला है पर जिस सलूशन के मिलने पर मुझे खुश होना chahiye,mujhe खबर नहीं थी की वही सलूशन मेरी दुनिया हिलाने वाला है.....

प्लेस- फार्म हाउस

रोनित- bhai,jab तेरी पावर्स हमारे शरीर से takrayi,toh ऐसा लगा मानो कोई हमारे बॉडी पार्ट्स को काट कर अलग कर रहा है....

ANJALI-haan yaar....dard तोह dard,uske ऊपर दिमाग के नसों तक में अजीब से चुभन होने लगी थी....

पर कोई naa,kamsekam इतनी बड़ी टेंशन जो हम सबके सर के ऊपर नाच रही thi,wo तोह फिलहाल के लिए रूक गयी....

अंजलि और रोनित अपनी अपनी बात कहे जा रहे the,par मेरा ध्यान तोह उस नए झटके पर hi था जो अभी अभी मुझे लगा था...

कुछ देर बाद जब मेरे ख़ामोशी के पीछे छुपे टेंशन ने इन दोनों को क्लिक किया तोह...

अंजलि- क्या बात है V.J तू अब भी टेंशन में लग रहा है???

रोनित- टेंशन तोह होगी hi naa....problem सिर्फ ताली hai,khatm नहीं हुई पर यार मुझे पता है की तू कोई ना कोई सौतिओं निकल hi लेगा....

मई- उसी बात का तोह दर है.....

ANJALI/RONIT-kya मतलब????

MAI-solution से पहले ेकशन समझ में आना ज़रूरी hai...aur जो ेकशन मेरे सामने आया hai,uska सलूशन अच्छा तोह हो नहीं सकता???

रोनित- bhai,kuch समझ में आये ऐसा बोल...

MAI-jab मैंने अपनी पावर्स तुम सब से जोड़ी और जैसे hi तुम सबने स्पेल बोल उस नेगेटिव एनर्जी को roka,tab मुझे कुछ दिखाई दिया था....

अंजलि- क्या दिखाई दिया???

मई- यही की वो नेगेटिव एनर्जी है तोह ास्मोडियस की पर......

ANJALI-par क्या????

MAI-us शक्ति का श्रोत बदल गया है..

रोनित- शक्ति का श्रोत बदल गया hai!!!tu कहना क्या चाहता है....???

मई- dekh...jaise हम जब किसी को पुश करते hain,tab पुश करने वाली चीज़ को हाथ से धक्का देते हैं...

पर उस धक्के को ताकत हाथ नहीं बल्कि उस हाथ को जोड़ने वाले जॉइंट्स देते हैं..

वही हाथ की शक्ति का श्रोत होते hain..thik वैसे hi जो नेगेटिव एनर्जी इस वक़्त पुरे यूनिवर्स में फैली हुई hai,wo है तोह ास्मोडियस की पर उसका श्रोत मतलब स्टार्टिंग पॉइंट कोई और hai,ASMODEUS नहीं....

मेरी बात सुन अवंतिका के साथ साथ रोनित और अंजलि भी सॉलिड चौंके थे....

रोनित- मतलब ास्मोडियस की शक्ति किसी और से फ्लो होते हुए पुरे यूनिवर्स में फैली हुई है.....

कौन हो सकता hai???kahin बिल्जेबब तोह नहीं....

मई- nopes...agar वो होता तोह मुझे पता चल चूका hota....wo kya,koi भी नेगेटिव एनर्जी का धारक अगर ये करे तोह मुझे पता चल जाएगा....

ऐसा करने के लिए ास्मोडियस को किसी ऐसे बन्दे की ज़रुरत है जिसके पास..............

मेरी प्रोटेक्शन हो................

अपनी बात कहते कहते मेरे दिमाग में कुछ क्लिक हुआ जिससे समझ मैंने अपनी बात पूरी की पर मेरी आखरी बात सुन तीनो फिरसे चौंके....

अंजलि- तेरी protection.....matlab????

मई- बर्फ के ऊपर बर्फ रखो तोह बर्फ नहीं pighalta..uske लिए गर्मी ki,aag की ज़रुरत पड़ती है...

इसीलिए hi जो एनर्जी हर तरफ फैली hai,wo हमारे एफ्फोर्ट्स से बस रूक रही hai,khatm नहीं हो रही..

अगर कोई डेविल या नेगेटिव एनर्जी का धारक इन सबके पीछे होता तोह मेरे पावर्स के उन नेगेटिव ऊर्जा को छूटे hi वो मर जाता और मुझे पता भी चल जाता...

पर हो उल्टा रहा hai...us नेगेटिव एनर्जी पर मेरी शक्तियों का भी असर नहीं हो रहा है...

और इसका एक hi रीज़न हो सकता है और वो ये की जो भी श्रोत इन सबके पीछे hai,wo ास्मोडियस से नहीं बल्कि मुझसे जुड़ा है..

उसके पास मेरी शील्ड है जिसकी वजह से वो नेगेटिव एनर्जी का श्रोत दिख नहीं रहा...

अंजलि- ओह माय GOD.......ye तोह बोहोत खतरनाक बात hai....par आखिर ऐसा कौन होगा जिससे ास्मोडियस ने इतने खतरनाक काम के लिए चुना होगा....????

पहली बार इस रूम में आते वक़्त मेरे दिमाग में कुछ आया tha,wahi सोच एक बार फिरसे मेरे दिमाग में आयी पर मैंने फिरसे उस सोच को दिमाग से निकलने का सोचा पर तभी.....

मेरे सीने के बीच एक तेज़ रौशनी हुई जिसका सिर्फ एक मतलब था और वो ये की वक़्त आ चूका था पहली भविष्यवाणी के खुलने का...

तेज़ रौशनी के बीच वो भविष्यवाणी ठीक मेरे सामने आकर रूक गयी....

अब भी उस छर्रे रुपी भविष्यवाणी के ऊपर लिखा हुआ था एंगेल्स सैक्रिफाइस.....

कुछ देर तक यूँही गोल गोल घूमने के बाद:-

नहीं हो सकता तू नाविक

एक साथ दो दो नाव का,

वक़्त आ गया है किसी

एक के चुनाव का....

जो तूफ़ान आने का है,

वो हर हाल में आएगा,

तेरा जो दर है,

आज वो सच हो जाएगा....

अपनी असलियत तुझे आज

खुदको दिखानी होगी,

या तोह पूरा संसार मरेगा,

या जिसने तुझे बचाया है,

उनकी कुर्बानी होगी......

जैसे hi भविष्यवाणी ख़त्म हुई....

धम्म्म्म............

मई लड़खड़ाते हुए नीचे गिर गया.....

अंजलि और रोनित को भविष्यवाणी का मतलब तोह समझ में नहीं आया था पर मेरे यूँ अचानक गिरने से दोनों को इतना अंदाज़ा ज़रूर हो गया था की बात जो भी hai,wo उनकी सोच से भी ज़्यादा बुरी है....

वहीँ दूसरी तरफ लगातार तेज़ी से बह रहे अवंतिका के आंसू इस बात को प्रमाणित कर रहे थे की मेरी hi तरह उससे भी भविष्यवाणी का मतलब समझ में आ चूका था....

पर इस वक़्त मुझे सँभालने के लिए उसका कण्ट्रोल में रहना ज़रूरी था पर कहीं न कहीं वो ये भी जानती थी की ये पॉसिबल नहीं है...

और हुआ भी ऐसा hi....kuch देर तक शुन्य में घूरते रहने के बाद अचानक.....

ASMODEUSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSS..........

एक दहाड़ मेरे मुँह से nikli...is बार मेरी आवाज़ इतनी ज़ोर की थी की अवंतिका के शील्ड को उसके सामने आना पड़ा मेरे आवाज़ से निकली एनर्जी से उससे बचने के लिए...

पर अंजलि और रोनित के ऊपर मेरी आवाज़ की ऊर्जा का प्रभाव pada..mere चीखते hi मेरे चारों तरफ एक तेज़ हवा का प्रवाह निकला जिसने अंजलि और रोनित को पीछे हवा में उछाल दिया...

पर दोनों ने हवा में hi अपनी अपनी बॉडी को कण्ट्रोल किया और फ्लोर पर उतर aaye...wahin मेरी आवाज़ की तीव्रता से पूरा फार्म हाउस कांप गया था....

ऐसा लगा मानो कोई भूकंप आया ho....neeche हॉल में बैठे हमारे घरवालों को मेरी चीख किसी दहाड़ की तरह लगी जिससे सुन सभी सेहम से गए थे...

वहीँ मेरे मुँह से अपना नाम सुन ास्मोडियस के चेहरे पर एक स्माइल आ गयी थी....

ास्मोडियस- आखिर मेरे भाई को सच पता चल hi गया.....

धड़ाक.........

अभी ास्मोडियस ने इतना कहा hi था की तभी किसी के हाथ ने उसकी गर्दन को पकड़ा और अगले hi पल ास्मोडियस का बॉडी हवा में तैरता हुआ सा सामने दीवाल से जाकर टकराया...

ये काम और किसी ने नहीं मैंने किया tha.....jahan मुझे अचानक नीचे देख पहले सारे घर वाले शॉकेड हुए वहीँ मेरी हरकत को देख डबल शॉकेड...

MOM-VICKY.....ye क्या...........??????

इससे आगे माँ कुछ नहीं कह पायी...

reason....maine अपना हाथ आगे कर उन्हें कुछ न कहने का इशारा किया था पर उनके चुप होने का रीज़न और कुछ था...

और वो ये था की इस वक़्त मेरी आँखें आंसुओं से भरी हुई thi....uske ऊपर मेरे जबड़े सख्ती से एक दूसरे से भींचे हुए थे.....

मेरा पूरा शरीर ग़ुस्से की अधिकता की वजह से कांप रहा था...

मुझे इस कंडीशन में आज तक किसीने भी नहीं देखा था और आज जब मेरा ये रूप सामने आया था तोह उससे देख माँ के साथ साथ सभी शॉकेड के मारे चुप से हो गए थे....

वहीँ गिरने के अगले hi पल ास्मोडियस खड़ा हो चउकस था और अभी भी उसके चेहरे पर वही स्माइल थी....

मई उसकी तरफ आगे badha..mujhe आगे बढ़ते देख डैड मुझे रोकने के लिए कुछ कहने hi वाले थे की तभी कुछ ऐसा हुआ की डैड के साथ साथ सबके मुँह बंद और आँखें फटी की फटी रह गयी...

तोह हुआ ये की आगे बढ़ते हुए मेरे हाथों में मेरी सोर्ड आ गयी thi..itna hi nahi,mai धीरे धीरे ऊपर हवा में उठ गया था..

अब ये नज़ारा किसी आम इंसान के लिए तोह नामुकिन hi है और ख़ास कर तब जब ये जो कर रहा hai,wo आपका अपना बीटा हो तोह ऐसे में हालत तोह ख़राब हो hi जायेगी ना...

ास्मोडियस- वैसे तोह तुम्हारे द्वारा मुझे इस सोर्ड से मारा जा सकता है पर फ़िलहाल मई नहीं मर सकता...

और ये तोह अब तुम भी जान hi चुके हो ना भाई.....

मई- मई तेरा भाई नहीं हूँ........

ये बोल मेरी तलवार तेज़ी से चली और अगले hi पल.....

नहीं............................

ये चीख मेरे सारे घरवालों के मुँह से निकल गयी थी....

reason.....ASMODEUS का सर उसके धड़ से अलग होकर नीचे गिर चूका था पर अगले hi पल जो hua,usse देख मेरे घरवालों की आँखें शॉक से और बड़ी हो गयी.....

दरअसल ास्मोडियस का सर जो की उसके सर से अलग हो चूका tha,wo अगले hi पल वापस उसके धड़ के ऊपर जाकर जुड़ गया था.....

ास्मोडियस- ये क्या बच्चों वाली हरकत कर रहे हो मेरे bhai....mujhe तुमसे ये उम्मीद बिलकुल नहीं थी....

MAI-aur नाही मुझे तुमसे....

ये बोल मई आगे बढ़ा और मैंने ास्मोडियस का गाला पकड़ उससे ऊपर उठा दिया.....

माँ- VICKY...rook जा beta....tujhe मेरी कसम....

MAI-MOMMMMMMM..............

माँ की बात सुन मई इतनी जोरसे चीखा की एक पल के लिए वो दर गयी पर उनके चेहरे पर दर देख मुझे खुदपर बोहोत ग़ुस्सा आया...

मेरे हथेली की पकड़ ास्मोडियस के गले से ढीली हो गयी जिससे वो नीचे ज़मीं में आ गया.....

पर तभी.....

ANJALI-VIKRAM को तोह कसम ने रोक लिया पर हम तोह वार कर hi सकते हैं ना....

विनाशयम अबजूते.......

डिस्ट्रॉय रेज़.....

मंत्र के उच्चारित होते hi अंजलि और रोनित के हाथों से दो रेज़ निकली और ास्मोडियस की तरफ लपकी....

मेरे बाद अंजलि और रोनित को यूँ जादू करता देख मेरे घरवालों का शॉक तोह डबल होना hi था....

वहीँ ास्मोडियस ने अंजलि और रोनित की रेज़ को रोकने के लिए कुछ नहीं kiya..wo रेज़ ास्मोडियस को लगी ज़रूर पर उन रेज़ का उसपर कोई असर नहीं हुआ.....

इन सब से अलग मई वापस अपने घुटनो पर आ गया tha.....apne दोनों हाथों से अपने चेहरे को धक् मई ज़ोर ज़ोर से रोने लगा था...

माँ डैड भले hi इस वक़्त शॉक में the,par मुझे यूँ रोटा देख वो सब भूल मेरी तरफ दौड़े.....

माँ- क्या हुआ beta.....tu रो क्यों रहा hai????maine कसम दी इसीलिए रो रहा है kya???agar मेरी वजह से रो रहा है तोह प्लीज माफ़ कर दे बच्चा......

माँ की बात सुन मेरा रोना और बढ़ गया था....

MAI-KYUNNNNNNN?????MERE साथ HI KYUN???????KYA बिगाड़ा है मैंने KISIKA????HAMESHA वही तोह किया है जो तू चाहता था फिर KYUN????ISSE ाचा तोह मुझे HI मार देता तू.......

चटाख.........

ये थप्पड़ डैड ने मारा था मुझे....

डैड- क्या बकवास कर रहा है tu.....????kya इसी दिन के लिए पैदा किया था तुझे की तू मरने की दुआ करे???

मई नहीं जानता की क्या हुआ hai???aisi कौन सी प्रॉब्लम है जिसकी वजह से मेरे शेर बेटे की आँखों में आंसू आ गए....

पर रीज़न जो भी ho,tu हार नहीं मान sakta...suna tune,situation जो भी ho,tu हार नहीं मान सकता.....

कुछ देर तक डैड मुझे समझते rahe....wahin मेरे आंसू तोह सुख चुके the..mai खामोश हो गया tha....dad को लगा की मई नार्मल हो रहा हूँ पर उन्हें कौन बताये की जो अंदर से मर चूका ho,wo नार्मल नहीं हो सकता.....

वहीँ माँ को जब लगा की जो हो रहा hai,uske बारे में वो अब बात कर सकती हैं तोह

माँ- beta,ab तोह बता की ये सब क्या hai???tu,ANJALI और रोनित जादू कर रहे ho???tu इससे मारने पर तुला हुआ hai...par तूने जो इसके साथ किया उसके बाद इसका सर वापस आ गया और ये ज़िंदा खड़ा है....!!!!

आखिर ये सब हो क्या रहा है????

पर माँ की बात का मैंने कोई जवाब नहीं diya..mai अब भी चुप चाप बैठा हुआ था....

ास्मोडियस- इसका जवाब मई देता hun...par सबसे पहले प्रॉपर इंट्रोडक्शन होना ज़रूरी है...

ये बोल ास्मोडियस आकर हॉल के बीच में आकर खड़ा हो गया....

ास्मोडियस की बात सुन मेरे माँ डैड खड़े होकर बाकी घर वालों के पास चले गए... वहीँ ANJALI,RONIT और अवंतिका मेरे पास आकर खड़े हो गए...

बाकी की हम तीनो की फॅमिली जो अब भी हलके डरे हुए the,wo भी ास्मोडियस की बात ध्यान सुनाने लगे....

ास्मोडियस- ये batayiye,GOD को मानते हैं आप....????

ास्मोडियस की बात सुन सभी घरवालों को अजीब लगा पर फिर....

डैड- haan,maante हैं....

ास्मोडियस- badhiya...GOD के कुल दो पुत्र हैं जिनमे से एक आपके सामने खड़ा hai,matlab की मई ास्मोडियस और दूसरा आप सबके सामने बैठा hai,matlab की ये विक्रम.......

ास्मोडियस ने बिना कोई भूमिका बांधे सीधे सपाट तरीके से अपनी बात कह di..par उसकी बात सुन सभी घरवालों को और सबसे ज़्यादा मेरे माँ डैड को शॉक laga...unhe समझ में नहीं आ रहा था की वो कैसे रियेक्ट करें????

कोई और वक़्त और हालात होते तोह ास्मोडियस की बात सबको कोरी बकवास लगती पर अभी अभी जो चीज़ें सबने देखि thi,usne सबको ास्मोडियस की बात पर यकीं करने पर मजबूर कर दिया था...

ASMDOEUS-yahi सच hai....mai आपके गॉड का पहला पुत्र hun....ek ऐसा पुत्र जिससे उसके पितः की बनायीं एक रचना जिससे मनुष्य कहते hain,kabhi भी पसंद नहीं थी और इसीलिए मई इस जाती का समूह नाश चाहता था...

पर मेरे पितः को इस जाती से या फिर ये कहूं की आपकी जाती से बोहोत प्रेम tha..unhone मुझे अपनी सोच बदलने को कहा पर मई नहीं माना और इसीलिए मुझे उन्होंने खुद से दूर कर दिया.....

पर उनके ऐसा करने से मेरी मनुष्यों के प्रति नफरत और बढ़ गयी और मैंने अपना खुदका एक साम्राज्य बनाया और जहाँ पहले मई गोड्स सोन के नाम से जाना चाहता tha,wahin अब मई डेविल्स लार्ड के नाम से जाना जाने लगा....

ास्मोडियस की बात सुन मेरे घरवालों के मन में हल्का दर सा पनप गया था.....

ASMODEUS-GOD मुझे मार नहीं सकते थे क्यूंकि मई उनका खुदका अंश hun..isiliye उन्होंने एक नए अंश को मेरे सामने उतारने की सोची...

उस अंश को उन्होंने आपके (मीनाक्षी) कोख में डाला और फलस्वरूप आपके घर में दूसरे परमेश्वर पुत्र और लार्ड ऑफ़ एंगेल्स ने जन्म लिया...

जी haan,aapke ये सुपुत्र सिर्फ आप दोनों और गॉड के बेटे hi नहीं बल्कि सारे एंगेल्स के लार्ड हैं....

और इनके ये दोनों dost.inke अंदर भी एंगेल्स की शक्ति है जो विक्रम ने hi इन्हे दी है....

जहाँ कुछ देर पहले तक ास्मोडियस की सच्चाई जानकार सभी घरवाले दर रहे the,wahin जैसे hi सबने मेरी सच्चाई जानी तोह सभी की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा...

अंजलि और रोनित के माँ डैड भी उनके बच्चो के बारे में जानकार बोहोत खुश हो गए थे......

माँ- मतलब मेरी कोख से जन्मा मेरा पुत्र खुद परमेश्वर की संतान है....

मई गॉड के पुत्र की माँ हूँ......

जहाँ माँ अपनी ख़ुशी ज़ाहिर कर रही thi,wahin डैड बस चुप रहकर इस ख़ुशी को महसूस कर रहे थे....

ASMODEUS-zyada ख़ुशी भी ठीक नहीं hoti....pata नहीं किस दरवाज़े गम अंदर घुस जाए...

और वैसे भी ये तोह सिर्फ इंट्रो tha,ab आते हैं असल मुद्दे par..us मुद्दे पर जिसकी वजह से आपके सुपुत्र मुझे मारने पर आमादा थे....

और वो पॉइंट वो बात ये है की फ़िलहाल पुरे ब्रम्हांड में काली शक्ति की एक परत सी बिछी हुई है जो किसी भी वक़्त सारे प्लैनेट्स को खा जायेगी...

आपके बेटे और उनके दोस्त लगातार उस शक्ति को ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं पर वो कामियाब नहीं हो पा रहे हैं...

जानते हैं kyun???kyunki जिस शक्ति को ये सब ख़त्म करने को कोशिश कर रहे hain,wo शक्ति मेरे जीवन से जुडी हुई है...

वो तभी ख़त्म हो सकती है जब मई ख़त्म हो jaaun....par मुझे ख़त्म करने के लिए किसी और का ख़त्म होना ज़रूरी है.....

ास्मोडियस की बात का मतलब किसी को भी समझ में नहीं आया और ये बात ास्मोडियस भी समझ रहा था और इसीलिए....

ASMODEUS-nahi समझ aaya..chaliye समझाता hun....darasal बात ये है की मैंने अपने जीवन कण को दो लोगों के जीवन कानो में मिलकर उन्ही दोनों के अंदर छुपा दिया है....

इसीलिए जिस काली शक्ति का चादर पुरे ब्रम्हांड में फैला हुआ hai,usme मैंने अपने बाकी के जीवन कण दाल दिए हैं...

अब जब तक उन जीवन कानो के श्रोत का पता नहीं चल jaata,tab तक वो काली शक्ति की चादर हटेगी नहीं.....

और अब आते हैं सबसे मज़ेदार बात par...jaante हैं वो दोनों कौन है जिनमे मेरे जीवन कण मौजूद हैं....????

विक्रम के MAA,BAAP मतलब आप दोनों......

ास्मोडियस की बात सुन जहाँ एक तरफ सबको अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा वहीँ मई वैसे hi शुन्य को घूरता हुआ सा बैठा रहा और मेरे साथ साथ अवंतिका भी नार्मल रही क्यूंकि उससे भी भविष्यवाणी के थ्रू ये बात पता चल चुकी थी....

रोनित- अपनी बकवास बंद kar..uncle,aunty,ye झूठ बोल रहा hai...aisa हो hi नहीं sakta....????VIKRAM ने आप सबके आस पास एक शील्ड बनायीं हुई hai,jiski वजह से कोई भी नेगेटिव एनर्जी आप दोनों तक पहुँच hi नहीं सकती...

तोह ऐसे में ये आपमें अपने जीवन कण कैसे इंजेक्ट कर सकता है...

ास्मोडियस- तुम बेवकूफ लगते तोह नहीं फिर बात नालायकों की तरह क्यों कर रहे हो....???

बातों को ध्यान से सुनाने की आदत daalo...maine कहा की मैंने अपने जीवन कण को दो लोगों के जीवन कानो में चुप्पाकार उनके अंदर प्रवेश कराया है..

ये दोनों जीवन कण विक्रम के माता पितः के hi हैं.....

अंजलि- आंटी और अंकल के जीवन कण तुम्हारे पास कैसे आये???

अंजलि के सवाल पर ास्मोडियस के चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी....

ASMODEUS-wo वक़्त तोह याद होगा जब तुम मेरी कैद में थी और विक्रम तुम तक नहीं पहुंच पा रहा था...

कारण क्या था ऐसा होने का....????

RONIT-tune विक्रम से उसका ओहदा चीन लिया था और उसके दिमाग को अपने कब्ज़े में कर लिया था...

ASMODEUS-kaise????

रोनित- उसके दिमाग में अपने खून को पहुंचकर.....

ASMODEUS-VIKRAM के दिमाग में अपने खून को पहुँचाने की असली वजह वो नहीं थी जो तुम सब समझ रहे थे....

विक्रम के खून में दो दो जीवन कण मौजूद hain..ek उसके पितः का और दूसरा उसकी माँ का...

मुझे वही दोनों जीवन कण चाहिए थे ताकि वक़्त पड़ने पर उसका इस्तेमाल कर सकूँ....

और dekho,maine इस्तेमाल कर लिया वो भी किसी को बिना पता लगने दिए.....

सबको साड़ी सच्चाई बारे आखिरमे ास्मोडियस मेरी तरफ पलटा...

ASMODEUS-VIKRAM.....tumhe तुम्हारे सवालों का जवाब भी मिल gaya....us जवाब से जो चुनौती सामने aayi,tumne वो भी पूरी कर ली और साथ hi साड़ी असलियत भी जान ली...

और अब आखिर में बारी है तुम्हारे फैसले ki....tumhare पास दो विकल्प हैं....

PEHLA.....ya तोह अपने माता पितः को बचा पुरे ब्रम्हांड में बसने वाले लोगों की कुर्बानी दे दो या फिर अपने माता पितः की कुर्बानी देकर पुरे ब्रम्हांड को बचा लो.......

RONIT-abbe अपनी बकवास बंद kar..saale अगर तू चाहे भी ना तोह अंकल आंटी को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा sakta..samjha???

ास्मोडियस- किसने कहा की मई नुक्सान pahunchaunga....ye kurbaani,ye बलिदान इतना आसान नहीं है...

विक्रम को स्वयं अपने हाथों से अपने माता पितः को मारना होगा...

तब जाकर कहीं पुरे ब्रम्हांड में जो काली शक्ति की चादर बिछी है और जो किसी भी वक़्त आगे बढ़ सकती hai,wo ख़त्म होगी....

असमदोटूस की बात सुन पुरे कमरे में सन्नाटा चा gaya....NAANA,NAANI,MAAMA,MAAMI,RONIT और अंजलि के gharwaale,kisi को भी समझ नहीं आ रहा था की वो सब कैसे रियेक्ट करें......????

ऐसा hi कुछ रोनित और अंजलि भी फील कर रहे the..AVANTIKA कास कर मेरा हाथ पकडे हुई थी मनो कह रही हो की तुम्हारा फैसला जो भी rahe,mai उसमे तुम्हारे साथ हूँ....

सभी के मन में नेगेटिव थॉट्स थे पर इन सबके बीच दो लोग ऐसे the,jinke चेहरे पर स्माइल थी...

ये दोनों और कोई नहीं मेरे माँ डैड थे....

DAD-VICKY.......

डैड की आवाज़ में सिर्फ मेरे लिए प्यार tha,ASMODEUS की बात सुननने के बाद भी कोई दर नहीं....

डैड की आवाज़ सुन इतने देर में पहली बार मेरा सर hila...maine माँ डैड की तरफ देखा जो मुझे hi देखते हुए मुस्कुरा रहे थे.....

डैड- मेरा बीटा असल में गॉड का बीटा hai...itni बड़ी baat,itni ख़ुशी की बात और तू यूँ उदास बैठा है....

पता hai,bachpan में जब सब मुझे अनाथ अनाथ कहकर चिढ़ाते the,mujhe निचा दिखते थे तोह मई हमेशा रोटा हुआ गॉड से शिकायत करता था की मुझे माँ बाप का प्यार क्यों नहीं दिया...

और ये शिकायत आज तक थी पर अब nahi....usne मुझे माँ बाप नहीं दिए पर खुदका बीटा दे दिया.....

इससे ज़्यादा गर्व की बात और क्या हो सकती है beta....tere बहाने से hi sahi,kamsekam गॉड मेरा भी नाम लेते होंगे ये सोचकर hi मुझे इतनी ज़्यादा ख़ुशी हो रही है की और ख़ुशी मई बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगा...

मेरी ज़िन्दगी सार्थक हो गयी beta...saarthak हो गयी.....

MOM-maine गॉड के पुत्र को अपनी कोख से जन्म दिया hai..maine तोह जीते जी hi मोक्ष पा लिया बीटा....

अब ये जीवन रहे या ना rahe.kya फर्क पड़ता है.....

डैड- तेरी माँ ठीक कह रही है beta...aaj तक तूने हम दोनों को सिर्फ गर्भित hi किया है...

हमारी कुर्बानी देकर इस यूनिवर्स को बचा एक आखरी बार हमे तुझपर प्राउड फील करने का मौका दे...

इसने अभी कहा ना की तू लार्ड ऑफ़ एंगेल्स hai...toh अपने ओहदे को सम्मान दे beta...nyaaya kar..kyunki न्याय से बढ़कर रिश्ते नहीं होते......

डैड- अगर आज तूने यूनिवर्स को छोड़कर हमे चुना तोह हम वैसे भी मर जाएंगे beta..itni साड़ी ज़िन्दगियों को मौत के घात उतारने की वजह हम कैसे बन सकते हैं...????

मई- बस कीजिये आप dono....aap ऐसा कुछ नहीं कह रहे या फिर कहेंगे जो मुझे पहले से नहीं पता.....

ASMDOEUS,tujhe लगता है की तूने बाज़ी जीत li,kyun????nahi...jeetna तोह दूर की बात hai,do दो बार हारा है तू....

एक बार तब जब अपने पितः को सिर्फ गॉड समझ छोड़ आया था तू और आज फिर हारा तू जब एक मनुष्य को डैड बोल उसकी जान का सौदा कर लिया तूने...

जिन मनुष्यों को छोटा और नाकारा समझता आया है tu,aakhirkaar उन्ही का सहारा लेना पड़ा ना तुझे.....

आज एक बार फिर तेरे पितः को तुझपर शर्म आएगी और मेरे पितः को मुझपर फिरसे गर्व होगा.....

मेरी बात सुन और आने वाले लम्हो के बारे में सोच वहां मौजूद सभी के आँखों में दर्द और घबराहट के भाव आ चुके थे...

सभी समझ चुके थे की क्या होने वाला hai...rokna तोह सभी चाहते थे पर सब ये भी जानते थे की अगर मई रूका तोह क्या होगा इसीलिए सब जड़ से होकर अपनी अपनी जगह पर खड़े हुए थे.....

आखरी बात कहते हुए मेरी बॉडी फिरसे ग़ुस्से और दर्द की वजह से कांपने लगी...

आँखों में पानी लिए मैंने एक बार अपने माँ डैड को देखा जो मुस्कुराते होंठ और भीगी पलकों के बीच मुझे गर्व से देख रहे थे......

MAI-I लव ु MOM......I लव ु डैड..........

BOOM.....BOOM............

एक के बाद दो धमाके हुए और एक पल पहले जहाँ मेरे माँ डैड खड़े the,ab वहां पर बस राख थी......

NAHIII....................ye चीख वहां मौजूद सभी के मुँह वे निकली.

लड़खड़ाते कदमो से चलता हुआ मई आगे बढ़ा और कंपकंपाते हाथों से उस राख को पकड़ मैंने अपने चेहरे पर लगा लिया....

MAI-AAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAA

इस चीख के साथ मई नीचे गिरा और गिरते hi गायब हो gaya.wahin ASMODEUS.....wo तोह पहले hi गायब हो चूका था......

NOTE:-toh दोस्तों यही था हमारे लास्ट chapter के पहली भविष्वाणी "एंगेल्स सैक्रिफाइस" का matlab...jiske बारे में कुछ देर पहले गॉड थे थ्री मेसेंजर्स से बोल रहे the.....aur इसीलिए hi मैंने कहा था की ओहदा जितना BADA,UTNI HI बड़ी कुर्बानी.......

आज के लिए इतना HI.........

आपका अपना V...J.........
 
Ok..aapke सवाल के साथ साथ मई पुरे सन का मैथ्स समझा डेरा hun..Brother,aapko याद होगा की जब विक्रम ने शैडो वर्ल्ड की चुनौती पूरी की थी तब ास्मोडियस ध्यान में बैठा वहीँ बिल्जेबब अपने हिस्से की रे लेकर खुद गया था....

ास्मोडियस के पास जो रे थी जिससे उसने क्यूब से निकला था वो असल में जयराज और मीनाक्षी के जीवन कण थे जिनके अंदर थे 7 ोपोस्टल्स ने ास्मोडियस के जीवन कण को छुपाया था...

ध्यान में बैठ ास्मोडियस ने जयराज और मीनाक्षी के जीवन कण जिसके अंदर खुद उसके जीवन कण छुपे the,usse जयराज और मीनाक्षी के पास पहुंचा दिया...

और क्यूंकि उस रे में जयराज और मीनाक्षी के hi कण the,isiliye अपना हीरो उन्हें डिटेक्ट नहीं कर पाया...

क्यूंकि जयराज और मीनाक्षी दोनों hi पुरे सोल हैं और साथ hi वाइट एनर्जी के वारिस के माँ डैड hain,isiliye ास्मोडियस के जीवन कण के उनके अंदर जाते hi उसने पुरे यूनिवर्स में फैले वाइट एनर्जी पर कब्ज़ा जमाना शुरू कर दिया...

विक्रम उन ब्लैक एनर्जी को इसीलिए hi पूरी तरह से खत्म नहीं क्र पा रहा था क्यूंकि उस एनर्जी का स्टार्टिंग पॉइंट यानी श्रोत उसी वाइट एनर्जी से था जो की उसके माँ डैड के अंदर था...

और इसके ऊपर उसकी खुद की अपने माँ डैड के आजु बाजू बिछाई शील्ड की वजह से उससे इस षड़यंत्र को समझ इ में और दिक्कत आने लगी..

इन शार्ट ास्मोडियस ने विक्रम की साड़ी शक्तियों को उसीके खिलाफ इस्तेमाल किया था....

मास्टर स्ट्रोक....
 
माय goodness....itni taarif!!!!!!itni भी तारीफ़ मत कीजिये बरोथेर की मई भी खुद hi की तारीफ़ करने लग जाऊं....

मज़ाक कर रहा hun....brother,aapne जो ये लिखा की आप बस एक रीडर hain,toh मई बस इतना कहूंगा की इस सेंटेंस से ये बस शब्द हटा दीजिये...

रीज़न....5000 वर्ड्स के एक दिमाग को पूरा सोख लेने वाले अपडेट को लिख कर पोस्ट करने के बाद जब आप जैसे ड्रीम रीडर का एक 2 लाइन का भी रिव्यु आता है ना तोह वो मुझ जैसे राइटर को अगले 5000 शब्द लिखने के लिए मोटीवेट कर देता है...

ये होती है ताकत एक रीडर की और जब रीडर आप जैसा हो तो मोटिवेशन डबल हो होती है...

थैंक्स अगेन बरोथेर और हाँ एक बात और...

आपका ये कमेंट अब तक के इस कहानी को मिला बेस्ट कमेंट था...



उन तारीफ़ भरे लफ़्ज़ों के लिए nahi,balki उन लफ़्ज़ों में दिखने वाले आपके इस कहानी के प्रति प्यार के liye....THANKS AGAIN....Saath बने रहिये.....
 
अब तक आपने पढ़ा की ास्मोडियस विक्रम को उसके माँ बाप या फिर पुरे यूनिवर्स में से किसी एक की कुर्बानी देने के लिए कहता है जिसमे विक्रम कुर्बानी के लिए अपने माँ बाप को चुनता है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

( डेविल्स डेमोलिशन)

लास्ट थर्ड अपडेट

PLANET-MONSLICKEL

PLACE-OUT साइड पैलेस

एक महीने बाद:-

तुम लोगों की इतनी हिम्मत की तुम यहाँ हमारे गृह में आकर हमे HI मारने की बात करो.....

इन सबसे एंगेल्स की शक्ति की बू आ रही HAI.LAGTA है इन सबको अभी अभी नयी नयी शक्ति मिली है जिसका अभ्यास करने के लिए इन्हे ये जगह सही लगी....

HAHAHAHA.....BACHON, तुम्हारी ये हरकत नाही सिर्फ हास्यपद HAI,APITU डेविल्स और एंगेल्स की संधि को तोड़ने का एक अनुचित प्रयास भी है....

अभी भी वक़्त HAI,LOUT JAAO..KYUNKI अगर एक बार जो युद्ध आरम्भ HUA,TOH तुम सबकी मौत पर HI रूकेगा.....

इस वक़्त मांसलिकेल में ास्मोडियस के महल के बाहर वहां के रहवासियों के जो की डेविल्स the,unke सामने कुछ लोग खड़े थे...

ये लोग और कोई नहीं बल्कि RONIT,ANJALI,AKSHAANT,SHAILA,MOKALSAR और डिफेंडर थे.....

और ये सभी इस वक़्त बोहोत ज़्यादा ग़ुस्से में the....ek महीने पहले जो ास्मोडियस ने विक्रम के साथ किया tha,us हरकत ने रोनित और अंजलि के मन में आग लगा दी थी...

और वो आग लगातार बढ़ती गयी क्यूंकि उस दिन के बाद से विक्रम को अब तक किसी ने भी नहीं देखा tha....wo गायब हो गया था....

और जो hua,us बारे में जब व्रीहक वासियों और डिफेंडर को पता chala,toh उनके मन में भी वही आग भड़क उठी जो अंजलि और रोनित के मन में जल रही थी...

इन सबको पता था की ये ामदेउस को हारने और मारने के काबिल नहीं hain,par फिर भी ये उससे जितना हो sake,taklif पहुँचाना चाहते थे...

विक्रम की hi तरह ास्मोडियस का भी उस दिन के बाद से कोई आता पता नहीं tha...wo भी गायब हो चूका था....

अब इन सबके पास बस एक hi चारा था और वो था खुद किसी तरह मांसलिकेल पहुंचना....

पिछली बार रोनित विक्रम के साथ मांसलिकेल आया था.....

उसके अलावा इनमे से किसी ने भी मांसलिकेल नहीं देखा था.....

और क्यूंकि मांसलिकेल ास्मोडियस का घर tha,isiliye वहां तक यूँही सिर्फ सोच कर पहुंचा नहीं जा सकता था....

reason.....jaisa की मैंने बताया था की किसी भी गृह में पहुँचने के लिए वहां के गृह बिंदुओं को अपने दिमाग से जोड़ना पड़ता है...

तभी जाकर उस गृह का वर्ल्ड दूर खुलता hai....lagbhag हर गृह के गृह बिंदुओं को अपने दिमाग से जोड़ना आसान है पर मांसलिकेल की बात कुछ और है....

और वो इसीलिए क्यूंकि ास्मोडियस ने अपने गृह को ब्रम्हांड के ऐसे छोर में बनाया tha,jo किसी भूलभालिया की तरह है...

वहां तक पहुँचने के के लिए ek,do या तीन नहीं बल्कि सैकड़ों गृह बिंदुओं से होकर फाइनली उस गृह बिंदु तक पहुंचा जा सकता है जो मांसलिकेल का वर्ल्ड दूर खोल दे.....

एक बार विक्रम के साथ यहाँ आने की वजह से इस प्लेनेट के गृह बिंदुओं का कुछ नॉलेज रोनित के पास था और वैसे भी अब उसमे भी एक एंजेल की शक्ति थी....

विक्रम के गायब होने के बाद उसने और अंजलि ने विक्रम को खोजने की बोहोत कोशिश की पर वो कामियाब नहीं हुए...

यही कोशिश व्रीहाख वासियों के साथ साथ डिफेंडर तक ने की पर कोई परिणाम नहीं निकला....

विक्रम को ना ढूंढ पाने से इन सबका ग़ुस्सा और प्रबल हो गया और इसीलिए इन सबने मांसलिकेल में हल्ला बोलने की ठानी...

एक mahina..pura एक महीना laga...RONIT ने अपने ध्यान को लगातार एक महीने तक केंद्रित कर आखिरकार मांसलिकेल का पता लगा hi लिया...

और जैसे hi रोनित सक्सेसफुल hua,wo ANJALI,VRIHAKH वासी और डिफेंडर सभी यहाँ के लिए तुरंत कुछ कर गए....

MONSLICKEL.....DEVILS का grah....isiliye जैसे hi वाइट एनर्जी से सराबोर रोनित एंड पार्टी ने इस गृह पर अपने कदम rakhe,BLACK एनर्जी से भरे हुए डेविल्स को उन सब के आने का पता चल गया और अगले hi पल डेविल्स की एक टुकड़ी रोनित एंड पार्टी के सामने प्रकट हुई....

और प्रकट होते hi उन डेविल्स के प्रतिनिधि ने रोनित एंड पार्टी को वापस चले जानी की चेतावनी दी.....

RONIT-wapas जाने के लिए हम इतनी दूर नहीं आये hain...ab या तोह तू जिसका कुत्ता hai,us साले असमदोद्युस के पास हमे लेकर चल या फिर तुम सब चूसो को मार कर हम खुद ुस्तक पहुँच जाएंगे....

डेविल- तेरा इतना साहस की तू हमारे महामहिम को नाम से pukare...ye दुस्साहस कर तूने अपनी और अपने साथियों की मौत सुनिश्चित.............

अह्ह्ह्हह................

कर ली HAI....in बचे हुए तीन शब्दों को वापस पीछे धकेल इनकी जगह लेते हुए एक दर्द भरी कराह उस डेविल के मुँह से निकल गयी....

reason....isse पहले की वो डेविल अपनी बात पूरी karta,RONIT के हाथों में वाइट एनर्जी से बना एक बॉल चमक utha,aur अगले hi पल उस ऊर्जा गंध को रोनित ने उस डेविल पर छोड़ दिया...

लाइट स्पीड से आगे बढ़ते हुए वो ऊर्जा गंध सीधे जाकर उस डेविल से टकराया...

उस ऊर्जा गंध में इतनी शक्ति थी की उसने ना सिर्फ उस डेविल को उठाकर बोहोत दूर तक फेक दिया जिसकी वजह से उसके मुँह से आह भरी कराह nikli,balki जैसे hi वो डेविल उस ऊर्जा गंध के कांटेक्ट में aaya,toh उस एनर्जी बॉल का इम्पैक्ट उस डेविल के आजु बाजू के डेविल्स के ऊपर भी हुआ...

उन सबके बॉडी पर एक स्ट्रांग फाॅर्स पड़ी जिस वजह से वो सब भी कुछ दूर तक पीछे तक उड़ते हुए गिरे....

वो डेविल जिसपर एआईएम लेकर रोनित ने वार किया tha,wo तोह बेहोश हो चूका था पर बाकी डेविल्स गिरने के बाद तुरंत खड़े हो गए....

रोनित द्वारा छोड़ी गयी एनर्जी बॉल के इम्पैक्ट को देख वो सभी डेविल्स समझ गए की जो उनके सामने खड़े hain,wo बोहोत शक्तिशाली हैं और इसीलिए.....

कर्मसारथी प्रकटम

कम्पैनियन अप्पेअर

जैसे hi एक डेविल ने इस स्पेल को उच्चारित कर अपने डेविल्स साथियों का आवाहन kiya,toh अगले hi पल तेज़ गर्जना और धुंए के बीच एक साथ हज़ारों डेविल्स प्रकट हुए....

रोनित- आ गयी मंडली आभार व्यक्त karne....taiyar हो जाओ doston...daawat होने वाली है....

सब- हम तैयार hain....aur इस दावत में खाना नहीं बल्कि ये डेविल्स परोसे जाएंगे....

यहाँ मेरे दोस्तों ने ये बात kahin,wahan सारे डेविल्स ने एक साथ अग्नि का आवाहन करते हुए अपने अपने हाथ आगे कर दिए...

अग्नि के आवाहन की वजह से डेविल्स के हाथों में आग से लिपटी सोर्ड और स्पीयर्स की शकल लिए अग्नि अस्त्र दिखने लगे....

अग्नि अस्त्र के हाथों में चमकते hi डेविल्स ने उससे मेरे दोस्तों के ऊपर छोड़ दिया...

वहीँ जैसे hi मेरे दोस्तों और डिफेंडर ने डेविल्स के छोड़े अग्नि अस्त्र को dekha,toh उन सबने भी अपने इस्तेमाल में लाने वाले अस्त्र के बारे में सोच लिया.....

और जैसे hi डेविल्स ने अग्नि अस्त्र छोड़ा....

ावकसरती वज्रबंधिनता

वाटर मैगनेट

डिफेंडर और मेरे दोस्तों के मुँह से ये स्पेल एक साथ उच्चरित हुआ और ऐसा होते hi......

जहाँ मेरे दोस्त खड़े the,unke सामने एक बड़े से गोलाकार लिए पानी का चक्र बन गया...

और उसी पानी रूपी चक्र से तरंगे निकलने lagi..ye तरंगे और कुछ नहीं वही मैग्नेटिक एनर्जी थी जिसका स्पेल मेरे दोस्तों और डिफेंडर ने कहा था....

वहीँ डेविल्स द्वारा छोड़ा गया अग्नि अस्त्र आगे बढ़ता हुआ जैसे hi उस चक्र रुपी पानी के पास pahuncha,toh उस पानी में बन रहे मैग्नेटिक तरंगो ने उन अग्नि अस्त्रों को खुदमे खींचना शुरू कर दिया...

उन मैग्नेटिक तरंगों की एनर्जी बोहोत ज़्यादा thi....usne कुछ hi पलों में सारे अग्नि अस्त्रों को अपने अंदर खींच लिया....

डेविल्स को लगा की उनका पहला वार खाली गया hai...unhe ऐसा प्रतीत हुआ की मेरे दोस्तों द्वारा बनाया गया वो पानी का चक्र एक डिफेंसिव मूव था पर यहीं वो धोका खा गए....

जैसे hi उस पानी नुमा चक्र ने सारे अग्नि अस्त्र को खींच अपने अंदर डाला तोह उसके अगले hi पल......

प्रासाव्या शक्तियम

रिवर्स पावर

डिफेंडर और मेरे दोस्तों ने एक नया स्पेल उच्चारित किया और उनके ऐसा करते hi....

जितने भी अग्नि अस्त्र उस पानी चक्र के अंदर गए the,wo पुनः वापस बाहर आये पर इस बार वो अस्त्र अग्नि के रूप में नहीं बल्कि पानी के रूप में बाहर निकली थे...

वही सोर्ड और स्पीयर की शलक लिए वो नीर अस्त्र तेज़ी से आगे बढे....

क्यूंकि डेविल्स ने ऐसा कुछ होने की उम्मीद बिलकुल hi नहीं की थी इसीलिए वो सब इस वक़्त असावधान थे जिसका खामियाजा उन्हें भुगतने पड़ा....

तेज़ी से आगे बढ़ते हुए वो नीर अस्त्र सेकंड के दुस्वे हिस्से से भी काम वक़्त में सीधे जाकर सामने की दो तीन लाइन्स में खड़े सैकड़ों डेविल्स से टकराये और नतीजा......

उन नीर अस्त्रों ने सामने के दो तीन लाइन्स में खड़े डेविल्स को बीच से चीयर डाला....

AAHHHHHH.............ek मार्मिक चीख के साथ सैकड़ों डेविल्स के प्राण कुछ कर चुके थे...

वहीँ बाकी के डेविल्स अपने साथियों को यूँ ख़त्म होते देख हड़बड़ा गए थे....

उन्हें विश्वास hi नहीं हो रहा था की यूँ अचानक 1 पल में क्या से क्या हो गया...

और उन सबकी ये कुछ पलों की हड़बड़ाहट उन सब पर अभी और भारी पड़ने वाली थी...

उनके साथियों की दुर्दशा की बारे में वो सब सोच hi रहे थे की तभी.....

प्राण पाश

लाइफ रोप

डिफेंडर और मेरे दोस्तों ने इस स्पेल को उच्चारित किया जिसके फलस्वरूप एक तेज़ गर्जना के बीच आकाश से एक साथ सैकड़ों बिजली नीचे गिरी या फिर ये कहूं की वो सैकड़ों बिजलियाँ एक साथ सैकड़ों डेविल्स पर बरसी..

और ऐसा होते hi एक साथ सैकड़ों डेविल बिजली द्वारा बनायीं बंधन में फास गए....

एक साथ बोहोत सी चीखें हवाओं में गूंजने lagi..jitne भी डेविल्स उन बिल्जी की रोप में बांध गए the,wo सब दर्द के मारे चटपटा रहे थे...

इस वक़्त उन सबको असहनीय दर्द हो रहा था पर वो सब चीखने के अलावा और कुछ नहीं कर पा रहे थे...

वहीँ अपने साथियों पर हुए इस अचानक हमले से एक बार फिरसे बाकी के डेविल्स हड़बड़ा गए...

पर उनके साथियों की चीख से उन सबकी तंत्र टूटी और वो सभी उन्हें बचने के लिए आगे आने की कोशिश करने लगे...

कोशिश इसीलिए क्यूंकि जिन बिजलियाँ नुमा बंधनो ने उनके साथी डेविल्स को खुदमे लपेटे हुए tha,un बिजलियों का पावर बोहोत ज़्यादा था जिस वजह से उनका असर आस पास की जगहों पर भी हो रहा था....

ऐसे में अगर डेविल्स सीधे अपने साथियों के पास जाने की कोशिश करते तोह वो भी उन बंधनो के लपेटे में आ जाते...

कुछ दूर से hi अपने साथियों को आज़ाद करने के लिए डेविल्स स्पेल बोलने लगे पर उन के स्पेल्स से जो रे निकल रही thi,usse भी मेरे दोस्तों के द्वारा प्रज्वलित बिजलियाँ बीच रास्ते में hi तोड़ दे रही थी...

इस बीच कुछ देर तक असहनीय दर्द से तड़पते रहने के बाद डेविल्स राख बन कर गायब हो गए.....

उनके मरते hi मेरे दोस्तों द्वारा बोलै गया स्पेल भी ख़त्म हो गया....

वहीँ कुछ hi पलों में अपने सैकड़ों साथी खोने की वजह से बाकी के डेविल्स बोहोत क्रोध में थे...

और इसका बदला लेने के लिए उन सभी ने एक साथ अपनी शक्तियों को जोड़कर मेरे दोस्तों पर प्रहार करने की सोची..

एक hi पल में उन सबके हाथों से उनकी ऊर्जा निकलकर उन सबके बीच जमा होने लगी....

डेविल्स के इस मूव को देख मेरे दोस्त भी समझ गए थे की इस बार डेविल्स का बोलै स्पेल बोहोत घातक होने वाला है..

और इसीलिए वो भी अपने आप को इसके लिए तैयार करने लगे....

वहीँ अब तक डेविल्स की बोहोत मात्रा में ऊर्जा कलेक्ट हो चुकी थी जिससे वो मेरे दोस्तों पर छोड़ने hi वाले थे की तभी......

रूक जाओ.......

हर तरफ ये आवाज़ गूंज उठी जिससे सुन एक तरफ जहाँ सारे डेविल्स ने ना सिर्फ अपनी एनर्जी जिससे वो मेरे दोस्तों पर छोड़ने वाले थे, उससे वापस खींच ली बल्कि सबके सर नीचे झुक गए...

वहीँ दूसरे तरफ इस आवाज़ के कानो में पड़ते hi मेरे दोस्तों का ग़ुस्सा और बढ़ गया था.....

इन दो समूहों के बीच उफान रहे अलग अलग ठावनाओ के बीच एक तेज़ गर्जना के साथ बिल्जेबब प्रकट hua....BEELZEBUB को अपने सामने देख....

रोनित- देखो तोह सही कौन आया hai??saanp का सपौला beta....ab आएगा maza,aaja,tu भी दो दो हाथ कर ले...

तुझे मारकर जब तेरे इस मनहूस शरीर को तेरे बाप के सामने फेकेंगे ना तब उससे पता चलेगा की जब कोई अपना अपने सामने hi दम तोड़ता है तोह कैसा लगता है???

आखरी बात बोलते वक़्त रोनित का गाला भर सा गया था पर उसने अपने इमोशंस को कण्ट्रोल कर लिया....

BEELZEBUB-samajh नहीं आता की तुम सबकी इस हरकत को तुम्हारी बहादुरी कहूं या बेवकूफी.....

डेविल लार्ड के घर पर खड़े होकर तुम सब उन्हें hi चुनौती दे रहे हो.....

तुम सब जिस ताकत के बल पर इतनी उद्यम मचा रहे हो naa,us ताकत का मेरे फादर के सामने कोई औकाद नहीं है.....

अंजलि- यही तोह तू गलत है BEELZEBUB...hum यहाँ अपनी ताकत की वजह से नहीं अपने यार की वजह से आये हैं...

BEELZEBUB-yaar मतलब VIKRAM....par कहाँ है wo??dikh तोह नहीं रहा.....

डिफेंडर- हवा भी कभी दिखती है murkh...par जब वही हवा आंधी का रूप धरती है तोह उसके चपेट में आणि वाली चीज़ों के माध्यम से वो खुदके अक्स को दिखती है....

लार्ड वही हवा हैं जो हर जगह हैं पर दीखते तभी हैं जब वो आंधी का रूप लेते हैं....

वैसे तोह हम hi तेरे लिए काफी हैं पर अगर उस आंधी को देखना है तोह हममे से किसी को भी नुक्सान पहुंचकर दिखा...

फिर देख tamasha...tere बाप का बनाया ये काला sansaar..isse एक पल भी नहीं लगेगा ख़त्म होने में.....

BEELZEBUB-man तोह मेरा भी बोहोत है की तुम सबको तुम्हारे इस दुस्साहस की सजा दूँ पर क्या karun??mere हाथ बंधे हैं...

फादर ने मुझे तुम लोगों के साथ कुछ भी करने के लिए फ़िलहाल मन किया हुआ है....

पर मई जानता हूँ की तुम सब ऐसे hi तोह जाओगे नहीं इसीलिए.....

पापियास समस्त शक्तियम कवच प्रकटम

डेविल्स कम्पलीट पावर्स शील्ड अप्पेअर

इससे पहले की मेरे दोस्त कुछ samajhte,BEELZEBUB ने इस स्पेल को उच्चारित कर दिया और उसके ऐसा करते hi.....

जितने भी डेविल्स वहां खड़े the,including BEELZEBUB,un सबके शरीर से एक एनर्जी बीम निकली और देखते hi देखते सारे डेविल्स के सामने उन बीम्स ने एक शील्ड का रूप ले लिया....

ये एक बोहोत hi शक्तिशाली शील्ड tha..isse तोडना मेरे दोस्तों और डिफेंडर के बस का नहीं था....

वहीँ अचानक बिल्जेबब के स्पेल और उससे हुए प्रभाव को देख डिफेंडर और मेरे दोस्त हड़बड़ा गए....

पर जल्दी hi संभल वो सब इस शील्ड को तोड़ने के लिए स्पेल बोलने hi वाले थे की तभी....

बिल्जेबब- कोई फायदा नहीं hoga..is शील्ड को तोडना तुम सब के बस का नहीं hai...fir भी मानोगे तोह nahi...isiliye जब तक दिल kare,koshish करते रहो और जब थक जाओ तोह वापस घर लौट जाना.....

ये बोल बिल्जेबब सारे डेविल्स को लेकर गायब हो गया....

और फिर हुआ वही जो बिल्जेबब ने कहा tha...RONIT एंड पार्टी लगातार काफी देर तक बिल्जेबब के बनाये शील्ड को तोड़ने की कोशिश करते रहे और जब उन्हें एहसास हुआ की वो इसमें कामियाब नहीं हो paayenge,toh मायूस हो वो सब वापस एअर्थ लौट गए...

प्लेनेट- एअर्थ

PLACE-OUT साइड ऑफिस

आकाश SIR,HARPREET SIR.....MR जयराज सिंह और उनकी पत्नी मीनाक्षी सिंह की कार एक्सीडेंट के हादसे में हुई मौत के बाद अब तक आप दोनों की hi तरफ से अब तक एक्चुअल में हुआ क्या tha,is बारे में कोई स्टेटमेंट नहीं आयी है....

यहाँ तक की उस हादसे के बाद उनके बेटे मर विक्रम जयराज सिंह भी लापता hain..itne सीरियस इशू पर भी आप और आपकी फैमिलीज़ चुप्पी साधी हुई hai....aisa क्यों?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


जैसे hi आकाश और हरप्रीत अपने ऑफिस से बाहर nikle,gallery में खड़े मीडिया के बन्दों या फिर ये कहूं की मीडिया की भीड़ ने उन दोनों को घेर लिया और दोनों के मुँह में माइक ठूस अपनी अपनी बात कहने लगे...

जो फार्म हाउस में हुआ tha,wo तोह दुनिया को बता नहीं सकते the,isiliye रोनित ने जयराज और मीनाक्षी के क्लोन्स बना उन्हें उनकी कार में दाल उस कार को लोनावला के स्लिपरी रास्तों के साइड में बानी एक खायी में गिरवा दिया tha...jisse हर तरफ ये बात फैली की जयराज और मीनाक्षी की एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है....

उस दिन से लेकर आज तक मीडिया वाले उस हादसे का पूरा सच हरप्रीत और आकाश से जानना चाहते थे पर अभी तक वो इसमें कामियाब नहीं हुए थे...

और आज भी वो सब आकाश और हरप्रीत के ऑफिस के बहार उनका वेट कर रहे थे और जैसे hi वो दोनों बहार nikle,toh ये सब पहुँच गए अपने सवालों के साथ..

वहीँ जैसे hi मीडिया के बन्दे आकाश और हरप्रीत के पास pahunche,toh उन दोनों के बॉडी गार्ड्स ने सारे मीडिया को साइड करने लगे....

मीडिया की साइड में हतहथे सीख आकाश और हरप्रीत जैसा की अब तक उन दोनों ने किया tha,bina कुछ कहे आगे बढ़ने लगे पर तभी.....

1सत रिपोर्टर- कहीं साड़ी एम्पायर अपने नाम करने की लालच में मर जयराज और उनकी पत्नी की मौत और साथ hi उनके बेटे के यूँ अचानक लापता होने में आप दोनों का hi हाथ तोह नहीं है.....

यहाँ उस रिपोर्टर के मुँह से ये बात nikli,wahan आकाश और हरप्रीत के पाऊँ रूक गए..

दोनों सिर्फ रुके hi nahi,balki वापस पलटते हुए दोनों मीडिया वालों के पास पहुँच गए.

मीडिया वालों के पास पहुँच दोनों की नज़र उस रिपोर्टर पर टिक गयी जिसने अभी अभी ये ओछी बात कही थी...

उस रिपोर्टर ने ये बात आकाश और हरप्रीत को भड़काने के लिए कही thi,aur अब जब वो दोनों वापस मीडिया के पास पहुँच चुके the,toh उससे लगा की उसका भड़काना कामियाब हुआ...

नाराज़गी में hi sahi,ab उससे एक चटपटी न्यूज़ मिल hi जायेगी मगर.....

आकाश- तुम्हारे घर में कौन कौन है???

रिपोर्टर- जी...!!!!

आकाश के सवाल पर वो रिपोर्टर हड़बड़ा गया tha....usse उम्मीद नहीं थी की आकाश कुछ ऐसा पूछेगा???

आकाश- करैक्टर के साथ साथ कान भी ख़राब है kya???maine पूछा तुम्हारे घर में कौन कौन है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


रिपोर्टर- जी mai,mera भाई मेरी पत्नी और मेरा बीटा..

AKASH-hmm...bhai क्या करता है तुम्हारा???

रिपोर्टर- जी कॉलेज मई है अभी...

आकाश- अरे मतलब बड़ा हो गया hai..duniyadari भी सिख गया hoga.ek काम karo,isse पहले की तुम्हारा भाई तुम्हे और तुम्हारी बीवी को मारकर तुम्हारे बेटे को गायब karde,police से कहकर शक के बिनाह ओर उससे अंदर करवा दो...

रिपोर्टर- ये क्या बकवास कर रहे हैं aap???mera भाई मुझसे बोहोत प्यार करता hai???wo ऐसा कर hi नहीं सकता...

हरप्रीत- वाह bhai..apni फॅमिली पर बात आयी तोह ग़ुस्सा आ gaya....aur अभी थोड़ी देर पहले जो तू बोल रहा था वो क्या था???

हाथों में माइक और गले में आवाज़ और सवाल पूछने का लाइसेंस मिल जाने पर क्या कुछ भी बोलेगे तुम लोग...

हमारे dard,taklif सबका मज़ाक बनाओगे तुम sab...!!!!hamare मुँह में माइक ठूस जो बकवास तुम सब करते ho,waisa hi अगर तुम सबके साथ हो तोह कैसा लगेगा तुम सबको???

जो गुज़रे है वो भाई और भाभी थे हमारे और जो गायब हुआ है naa,wo हमारे लिए हमारे अपने बेटे से बढ़कर tha...jo दर्द इस वक़्त हमारी फॅमिली में हो रहा hai,usse फील कर सकते हो क्या तुम सब???

क्यों स्टेटमेंट दें हम तुम लोगों ko...ho कौन तुम log???kyunki हूँ इंटरप्रेन्योर hain,public फिगर हैं तोह क्या इसका ये मतलब है की हम अपने दुखों की भी मार्केटिंग करें...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

आकाश- छोड़ HARPREET...ye नहीं samjhenge...in सबको तोह इनके काम का मतलब hi नहीं maalum..aise में सही चीज़ की उम्मीद इनसे कर भी कैसे सकते हैं...

मीडिया का चोला ओढ़ ये सब गुंडा गर्दी करते hain..dusro की पर्सनल life,unke इमोशंस का धंधा करते हैं और ऐसे में जब कोई भड़के तोह उससे hi गलत ठहराते हैं...

लेकिन एक बात सुन लो बे तुम sab..dobara अगर हमारे या हमारी फॅमिली के आस पास भी तुम में से कोई दिखा naa,toh ये जो बोडीगार्ड्स दिख रहे हैं naa,ye अभी तक तोह सिर्फ तुम सबको रोक रहे hain,par फिर आज जैसा कुछ हुआ ना तोह रोकेंगे नहीं उठा उठा कर पटकेंगे तुम सब को....

ये बोल एक बार और मीडिया वालों को घर कर देख आकाश और हरप्रीत वापस मूड अपनी कार में बैठ निकल गए...

वहीँ बत्ती पड़ने के बाद रिपोर्टर्स भी एक एक कर चुप चाप अपने अपने रास्ते निकल गए....

PLACE-AHUJA'S मेन्शन

क्या देख रही है बेब्स....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


??फिरसे wahi....!!!!JAIRAJ अंकल और मीनू आंटी का न्यूज़ तोह पिछले 1 महीने से नेशनल टॉपिक बन गया है....

क्यों इससे बार बार देख खुदको लगातार अपसेट कर रही है तू?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


!!!!!

अवंतिका जो इस वक़्त न्यूज़ में जयराज और मीनू के साथ हुए हादसे के बारे में सुन रही thi,achanak उसके पूछे से या आवाज़ उभरी जो की और किसी की नहीं शनाया की थी...

अवंतिका शनाया से कुछ कहती उससे पहले hi टीवी पर विक्रम के बारे में बताने लगे...

विक्रम के मिसिंग स्टेटमेंट के साथ उसकी पिछ भी दिखाई जा रही थी और उस पिछ को अवंतिका बड़े प्यार से देख रही थी और ये बात शनाया ने भी नोट की....

शनाया- ु मिस हिम....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?डोंट ु?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


शनाया के सवाल पर अवंतिका टीवी ऑफ कर उसकी तरफ पलटी और.....

अवंतिका- व्हाई दो ु से सो?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


शनाया- मई तोह ये भी बता सकती हूँ की ु अरे इन लव विथ हिम....

अवंतिका- correction..we अरे इन लव विथ एच इतर....

शनाया को अब तक अवंतिका ने अपने और विक्रम के बारे में कुछ नहीं बताया था..

कोई और वक़्त होता और अवंतिका ने ये बात कही होती तोह शनाया अब तक अवंतिका के ऊपर कूद चुकी होती....

उसने अवंतिका पर अपने सवालों की झड़ी लगा दी होती पर अभी फ़िलहाल जो कंडीशन tha,usme शनाया ने ऐसा कुछ नहीं किया...

वो जानती थी की अवंतिका का फ़िलहाल स्टेट ऑफ़ मंद ठीक नहीं है....

शनाया- जिस दिन अंकल और आंटी के साथ हादसा हुआ tha,us दिन तू भी उन्ही के साथ थी ना?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अवंतिका- हम्म....

SHANAYA-issi हादसे के जस्ट बाद V.J गायब हुआ था ना...!!!

इस बार अवंतिका ने कुछ कहा नहीं बस हाँ में सपना सर hilaya..par इन कुछ सेकण्ड्स में hi अवंतिका के चेहरे पर दर्द के भाव आने लगे थे...

उसकी आँखों के सामने वही सोच से परे मंज़र चलने लगा था जब विक्रम को अपने माँ डैड पर खुद किलिंग रे छोड़ना पड़ा था...

वो आत्मा तक को चलनी करने वाली विक्रम की रउडान उससे अपने कानो में सुनाई देने लगी थी जिससे विक्रम ने गायब होने से पहले ज़ाहिर किया था..

अवंतिका को पता hi नहीं चला की वो सब याद आते hi कैसे अचानक अपने आप उसकी आँखों से पानी निकलने लगा....

शनाया को भी लगा की उसने अवंतिका से गलत वक़्त पर गलत सवाल पूछ लिया है और इसीलिए......

शनाया- सॉरी babes..mera इंटेंशन तुझे हर्ट करने का नहीं tha...maine तोह ये सवाल बस इसीलिए पूछा था ताकि ये जान सकूँ की जाने से पहले शायद विक्रम ने कुछ ऐसा कहा हो जिससे पता लगाया जा सके की वो कहाँ है???

अवंतिका- वो मेरे दिल में hai..aur मेरे लिए इतना hi काफी hai...aur रहा सवाल उसके यूँ गायब होने का तोह वो गायब नहीं हुआ hai,jo हुआ उस झटके से उभरने के लिए उससे कुछ टाइम chahiye,isiliye बस कुछ वक़्त के लिए वो अकेला रहना चाहता है...

यहाँ रहता तोह जो मीडिया सर्कस चालु hai,usme उससे भी ये सब धकेल dete..uska दर्द काम होने की जगह और बढ़ jaata...aise में वो इन सबसे दूर hi रहे वही ठीक है...

ये बोल अपने चेहरे को धोने के लिए अवंतिका वाश रूम जाने के लिए उठी....

SHANAYA-tune जवाब नहीं diya...do ु मिस हिम?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


शनाया के सवाल को सुन अवंतिका पलटी और.....

अवंतिका- जवाब तोह दे दिया था पर तू समझी नहीं.....

मैंने कहा ना की V.J मेरे दिल में hai....aur इतना hi काफी hai.....jaanti है V.J मुझे किस नाम से बुलाता है???

AV....A मतलब अवंतिका और व् मतलब VIKRAM...jab नाम अलग नहीं है तोह फिर हम दोनों भला कैसे जुड़ा हो सकते हैं...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मई V.J में हूँ और V.J mujhme..jo मुझमे समाया है उससे मिस कैसे करूँ???

हाँ ये बात ज़रूर है की फिजिकली वो मेरे पास नहीं है पर साथ होने के लिए पास रहने की ज़रुरत नहीं पड़ती...

ठीक वैसे hi जैसे गॉड से जुड़ने के लिए उनके सामने जाने की नहीं बस उन्हें महसूस करने की ज़रुरत होती है.....

और वैसे भी इश्क़ का तोह दूसरा नाम hi खुदा hai...ibadat की ज़रुरत hai,wo तोह मई कर hi रही हूँ...

समझी दुफर......

मुस्कुराते हुए अपनी बात ख़त्म कर अवंतिका पलटी और वाशरूम की तरफ बढ़ गयी...

वहीँ अवंतिका के वाश रूम में घुसने के बाद.....

शनाया- इश्क़ का एक और नाम भी है....

VIKRAM.......AVANTIKA........

PLACE-SOME वेयर इन यूनिवर्स

पुत्र......

अंतरिक्ष के एक ऐसे अँधेरे कोने में जहाँ रौशनी की लेश मात्रा भी संभावना नहीं hai,wahan मई चुपचाप बैठा हुआ था....

आज करीब एक महीने हो गए थे मुझे यहाँ आये hue....yahan आने के बाद मैंने एंगेल्स और बाकी हर किसी से खुद को काट सा लिया था...

कोई अगर चाहे भी तोह भी मुझे ढूंढ नहीं सकता tha....waise तोह अँधेरा अक्सर लोगों को डरता hai,par मेरे लिए ये अँधेरा एक दोस्त की तरह था जिसके आगोश में मई पुरे ब्रम्हांड की नज़रों से छुप गया था...

पर आज एक महीने बाद इस अंधकार से उसकी पहचान छीनने के लिए अचानक एक ऐसी तेज़ रौशनी चमकी मानो एक साथ हज़ारों सूर्य रोशन हो गए हों....

और जो रौशनी अचानक उदय हुई thi,usme एक ऐसी ऊर्जा थी जो पुरे ब्रम्हांड को एक पल में 1000 बार ख़त्म करने की ताकत रखती थी...

khair,us असीमित ऊर्जा से भरी रौशनी ने जैसे hi मेरे चेहरे को chua,toh हर तरफ पुत्र नाम की ध्वनि गूंज उठी...

ये आवाज़ और किसी की नहीं गॉड की थी जिससे सुनकर मेरे चेहरे पर एक फीकी सी मुस्कान नाच गयी....

बिना कुछ kahe,apni जगह पर खड़ा हो मई दूसरी तरफ पलट गया.....

GOD-KYA बात है PUTRA,PEHLI बार मई तुम्हारे सामने हूँ और तुमने मुझसे मुँह मोड़ लिया....

क्या अपने पितः की तरफ देखो भी नहीं.....

MAI-mere पितः का नाम जयराज सिंह है......

GOD-MAINE कब इंकार KIYA...YE तोह सत्य HAI....PAR एक सत्य और भी है और वो ये की तुम मेरे भी पुत्र हो...

पर मई देख रहा हूँ की हमेशा सत्य की राह पर चलने वाले मेरे पुत्र ने इस सत्य को अब तक माना नहीं है....

मई- सत्य के कई चेहरे होते hain...jo जिस चीज़ को जैसे देखता hai,uske लिए वही चीज़ उसका सत्य बन जाती है....

GOD-IS आधार पर तुम्हारा सत्य क्या है पुत्र....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

MAI-yahi की मई एक आम इंसान था जिससे उसकी इंसानियत छीनकर उससे भगवन के जैसा दर्जा मिलने लगा...

जिसकी एक hi ज़िम्मेदारी thi..aur वो ये थी की उससे अचे से अपनी शिक्षा पूरी करनी थी...

और जब वो शिक्षा पूरी होती तोह उससे अपने पितः का काम संभालना था....

एक साधारण सी ज़िन्दगी जिसमे वो hota,uske माता पितः hote,uski प्रियसी hoti,uske दोस्त होते और bas..dekhte hi देखते ज़िन्दगी काट जाती....

GOD-TUM जिस सत्य की बात कर रहे हो ना PUTRA,WO मात्रा एक वहां के आधार पर टिका हुआ है....

चलो मई तुम्हारी HI कही बातों से इस वहां को दूर करता हूँ...

तुमने कहा की तुमसे तुम्हारी इंसानियत छीनकर भगवन जैसा दर्जा मिलने लगा...

PUTRA,BHAGWAN को भगवान् बनाने का आधार HI इंसानियत है...

इस एहसास का प्रारम्भ HI परमेश्वर से होता है...

तुमसे तुम्हारी इंसानियत चीनी नहीं GAYI,BALKI ईश्वरीय शक्तियों के वरदान स्वरुप तुम्हे इस भावना को एक नए चरम पर पहुँचाने का मौका मिला...

अपने मारा पितः के ऊपर ब्रम्हांड को रख तुमने इस भावना का उदहारण भी दिया....

और रही बात तुम्हारी साधारण जीवन बिताने KI,APNI शिक्सका पूर्ण कर अपने पितः का कार्य भार सभालने की तोह PUTR,TUM मानो या ना MAANO,TUM हो तोह मेरे हीपुत्र.....

साधारण तोह तुम अपने बाल्य काल से HI नहीं THE...AUR मेरे पुत्र होने की वजह से जो शीसखा तुमने ग्रहण की HAI,WO तोह तुम्हे करनी HI थी और अब जो तुम कर रहे HO,WO सिर्फ मेरा उत्तराधिकारी HI कर सकता है....

तुम्हारी साड़ी मांग सही HAI,BAS तुम ये नहीं देख पा रहे की ये साड़ी मांग पहले HI पूरी हो चुकी है....

गॉड की बात पूरी होने के बाद भी जब मई चुप रहा तोह........

GOD-HAR तर्क का वितर्क रखने वाला मेरा पुत्र आज खामोश HAI....!!!!AB ऐसा तोह हो नहीं सकता की तुम्हारे पास मेरी बातों का जवाब ना हो...

मई- जब दो सोच दो दिशाओं में भाग रहे hon,toh तर्क वितर्क का कोई मतलब नहीं रह जाता....

गॉड- ग्रहों का गोल होना कुछ सिखाता है PUTR...AUR वो ये की भले HI दो लोग अलग अलग दिशा में BHAAGEN,UNHE कितना HI विश्वास हो की वो एक दूसरे से दूर हो रहे HAIN,KINTU आखिर में वो दोनों गोल घूमते हुए एक दूसरे से मिलते HI हैं....

ठीक वैसे HI दो अलग अलग सोच का अलग अलग दिशा में जाने का ये अर्थ नहीं की उनमे वार्तालाप नहीं हो सकता..

बस नज़रिये की बात HAI...KHAIR,TUM बात नहीं करना चाहते तोह कोई बात नहीं पर मई तुम्हे कुछ दिखाना चाहता हूँ...

कमसेकम देख तोह सकते HI ना...

गॉड के इस स्टेटमेंट के अगले hi पल मेरे हर तरफ कुछ दृश्य दिखने लगे.....

( NOTE:-JO दृश्य अभी गॉड विक्रम को DIKHAYENGE,WO 100 % जेन्युइन HAI...YE कहानी भले HI काल्पनिक है पर अभी जो भी बताया जाएगा वो हमारे HI समाज में घटने वाली साची पर घिनौनी घटना है )

पहला दृश्य:-

गॉड- इस चलचित्र की घटना को देखो PUTR....YE प्रताप ग्रह की घटना HAI..YE जो 6 साल का बालक देख रहे हो NAA,DIN के उजाले में HI कुछ डकैतों ने चोरी करने के पश्चात् इस मासूम के माता पितः की गोली मारकर हत्या कर दी थी.....

दूसरा दृश्य:-

गॉड- इस दृश्य में जो घटना दिख रही है पुत्र इसमें एक 12 साल के मासूम बचे को कुछ जिहादियों ने निर्ममता के साथ गोली मार DI....ISKE माता पितः इनसे अपने बच्चे को छोड़ने की गुहार लगते रहे पर इनके ह्रदय में उस गुहार से कोई दया नहीं जाएगी....

तीसरा दृश्य:-

इस घटना के बारे में क्या कहोगे PUTRA????INSAN डेविल्स से कई गुना ज़्यादा खतरनाक HAIN,YE दृश्य इस बात को साबित करता है...

एक मासूम बची के साथ घृणित कार्य करने के बाद इसकी आँखें और शरीर के अंग को निकल दिया गया.....

हैवानियत की ऐसी घटना जिसकी कल्पना तक नहीं की जा SAKTI,USSE हक़ीक़त में अंजाम दिया गया है....

गॉड के दिखाए पहले दो दृश्य देख मैंने बड़ी मुश्किल से अपने आंसू रोके थे पर आखरी दृश्य के आते hi वो आंसू रूक नहीं पाए एयर बाहर निकल पड़े...

वहीँ सारे दृश्य दिखने के बाद वो चलचित्र बंद हो चूका था.....

गॉड- कुछ कहना नहीं चाहोगे पुत्र???

अपने आप को कण्ट्रोल में ला......

मई- हर सिक्के के दो पहलु होते हैं....

गॉड- जो होरहा है वो उसी दूसरे पहलु की HI वजह से तोह हो रहा है....

तुम्हारा सफर अपने गंतव्य पर पहुँचने वाला है पुत्र.....

समय आ गया है......

ये बोल गॉड गायब हो गए और उसके अगले hi पल मई भी गायब हो चूका था.....

प्लेनेट- ***********

प्लेस- ***********

लार्ड आप.......!!!!!!!!!

अंतरिसख के उस अँधेरे कोने से निकल मेरे सफर को उसकी मंज़िल तक पहुँचाने का वक़्त आ गया था और इसीलिए मई सीधे एक ऐसी जगह पहुंचा जहाँ पहुँचने का वक़्त भी चूका था..

मुझे अपने सामने देख सामने वाले को शॉक लगा था...

मेरे सम्मान में झुके उस बन्दे को उठा मैंने कुछ कहा और कुछ किया.....

अननोन- चलें???

MAI-pehle जो कहा है वो तोह karo..aur वैसे bhi,wo जिस जगह पर hai,wo जगह अभी चुप्पी हुई hai..ek बार मई उससे ढूंढ lun,fir तुम्हे बुलाऊंगा...

तब तक जो कहा hai,uspar अपना ध्यान केंद्रित करो....

अननोन- जी लार्ड........

मई पलटा और......

MAI-AB इस खेल को ख़त्म करते हैं.

ASMODEUS,MAI आ रहा हूँ.....

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V.J..........
 
थैंक्स 4 थे रिव्यु brother....last अपडेट तक करिओउसीतय बरक़रार rahe,bas यही कोशिश रही है मेरी brother...thanks की आपको सारे ट्विस्ट और तुरंस अचे lage...pdf फ़िलहाल तोह नहीं बनाया hun,par सारे उपदटेस मैंने एक फाइल बनाकर सेव्ड रखे hain..time मिलते hi उनका pdf बनाकर इसी साइट के pdf फोल्डर में सबमिट कर dunga...aur haan,in आखरी उपदटेस में भी यूँही साथ बने rahiye...UPDATE दे दिया HAI...ENJOY
 
ास्मोडियस के डेविल लार्ड होने का रीज़न तोह बता चूका हूँ brother..sequel कुछ alag,kuch हटके पर बोहोत मज़ेदार होगा....

स्टोरी लाइन तोह वैसे मेरे दिमाग में आलरेडी आ चुकी hai....par जैसा इस कहानी के साथ hua,kab क्या होगा, कौन से ट्विस्ट किस जगह पर आएंगे और क्यों aayenge,bas वो सब दिमाग में सेट करना बाकी है....

Khair,jaisa की मैंने बताया था ki.mera सचेडूले बोहोत टाइट होता hai,isiliye iska.sequal रूक कर इत्मीनान से शुरू karunga..kuch महीने लग jaayenge..kam से काम 20 उपदटेस जब पहले से लिख चूका rahunga,tab सेकंड part शुरू करूँगा..

पर फ़िलहाल पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त..2 उपदटेस बाकी हैं और इनमे वो होने वाला है जो किसीने सोचा भी नहीं hoga..yunhi साथ बने रहिये...
 
Back
Top