ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 20 - SexBaba
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ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

थैंक्स brother...mai कोई प्रोफेशनल तोह नहीं हूँ पर अपने एक्सपीरियंस से इतना सीखा है की अगर कुछ भी लिखना hai,toh किसी और बन्दे से किसी और राइटर से कपड़े करके मत लिखो क्यूंकि हर बन्दे की सोच और दुनिया को देखने का तरीका अलग होता hai...bindaas जो दिल kare,usse शब्दों में उतारते चले jaayiye..dil और दिमाग को फ्री छोड़ दीजिये..

वो अपना काम कर denge...and finally,ek बात जिससे मैंने अपने लाइफ के हर काम में उतरा hai,wo ये की जब तक मुझे खुदके काम पर भरोसा नहीं hoga,tab तक किसी और को मई भरोसा दिलवा hi नहीं सकता....

सो बे कॉंफिडेंट एनीथिंग एंड एवरीथिंग ु do...saath बने रहिये...
 
अब तक आपने पढ़ा की जहाँ एक तरफ विक्रम एंड पार्टी मांसलिकेल में जाकर कोहराम मचाते हैं वहीँ गॉड विक्रम के सामने प्रकट होते हैं और विक्रम को उसके सफर को उसकी मंज़िल पर पहुँचाने को कहते हैं

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

( डेविल्स डेमोलिशन )

लास्ट सेकंड मेगा अपडेट

एक और बार तुझे अपनी

हस्ती दिखानी होगी,

तेरे दिल सा एक और दिल है,

आज उसकी भी कुर्बानी होगी

तेरे रिश्ते के रिश्ते ने अपनी

जान को वहां छुपाया है

जिसने खुदा से पहले सबको खुदके

सामने झुकाया है...

हार कर ये बाज़ी तुझे पूरा

जुंग जितना होगा

दुश्मन को मारने के लिए पहले

तेरे दोस्त को मिटना होगा...

ये थी दूसरी भविष्यवाणी.....

गॉड से बात होने के बाद जब मई एक दूसरी जगह pahuncha,toh वहां से रुखसत होने से पहले hi मेरे मन के अंदर hi मेरी दूसरी भविष्वाणी ने खुद को उजागर किया था......

और जिसका मतलब मई अछि तरह से समझ गया tha....jo कहा गया tha,usse होना hi था और इस बारे में मई सिर्फ वही कर सकता था जो हर किसी के लिए सही होता...

khair,BHAVISHWAANI समझ आगे क्या और कैसे करना hai,in सब बातों को दिमाग में बैठाये मई अपनी जान से मिलने के लिए गायब हो गया.....

PLANET-EARTH

प्लेस- AHUJA'S मेन्शन

जो ख्याल में दौड़ रहा HO,JAB वो खुद सामने आ JAAYE,TOH ख्याल को आराम दे देना चाहिए.....

अवंतिका जो अपने बीएड पर पीठ के बल लेथ आंखें बंद कर अपने hi किसी ख्याल में खोयी हुई thi,jaise hi उसके कानो में ये आवाज़ padi,toh उसकी आँखें झट से खुल गयी.....

एक पल के लिए उसकी दिल की ढकन बढ़ी और उसी धड़कते दिल को सँभालते सँभालते वो तुरंत उठ बैठी...

और जैसे hi उसकी नज़रों ने सामने खड़े शक्श का दीदार kiya,toh एक महीने से छायी उसके चेहरे की उदासी जैसे एक सेकंड में hi गायब हो गयी...

जिन आँखों में वीरानियाँ तैर रही thi,unhi आँखों में अचानक hi चमक नाचने lagi....uska वो शरीर जो एक hi जगह पर पड़ा पड़ा अलसा सा गया tha,usme अचानक किसी अठेलते जैसी फुर्ती आ गयी....

और ये सब इसीलिए हुआ क्यूंकि उसके सामने उसके ख़ूबसूरत चेहरे को निहारता हुआ मई जो खड़ा था....

मुझे अपने सामने देख अवंतिका झट से अपने बीएड से उछाल सी गयी और अगले hi सेकंड वो मेरे बाहों में थी....

उसकी बाहों की जकड मेरे चरों तरफ इतनी सख्त सी हो राखी थी मानो वो मुझे अपने अंदर समां लेना चाहती हो.....

मेरे सीने पर उसका सर tha..waise तोह मेरा दिल वो खुद थी पर इस वक़्त मेरी धड़कन के ऊपर अपने चेहरे को टिका उससे निकलने वाली धक् धक् की आवाज़ को मेरी ाव सिर्फ सुन नहीं बल्कि पूरी तरह से महसूस कर रही थी...

दरअसल उस धक् धक् की आवाज़ से वो इस बात को कन्फर्म कर लेना छह रही थी की मई सच में उसके सामने हूँ....

सिर्फ एक महीना hi दूर रहा था मई usse..par जिस किसी ने भी अपनी ज़िन्दगी में प्यार को महसूस किया है वो ये अछि तरह से जानता होगा की जिसके चेहरे को देखे बिना एक दिन नहीं katata,jab वो एक महीने से आपकी नज़रों से गायब हो,

उससे देखना तोह दूर जब आप उसकी आवाज़ तक ना सुन पाएं hon,toh एक ऐसा अधूरापन महसूस होता है जो बन्दे को जीते जी मारने के लिए काफी होता है...

शायद मेरी धड़कनो को सुन ाव खुद को ज़िंदा कर रही थी.....

मई जानता था की ाव इस एक महीने में एक बार भी ढंग से नहीं सोई hai...saari रातें उसकी करवटें बदलते हुए hi निकली है....

24 घंटे सिर्फ बेचैनी hi महसूस की है मेरी ाव ने...

और अब जब मई उसके सामने हूँ और वो मुझसे लिपटी हुई hai,uska चेहरा जो मेरे सीने को अपना आशियाना बनाये हुए है और उसके आँखें जो इस वक़्त आंसुओं से भरे हुए hain,aur जो हल्का हल्का छलकते हुए मेरे शर्ट को भिगोये जा रहे hai,mujhe अपनी ाव के इस एहसास में एक अजीब सा सुकून मिल रहा था....

मैंने उससे चुप करने की कोशिश नहीं की क्यूंकि इस वक़्त जो आंसू उसके आँखों से बाहर निकल रहे the,unka बाहर निकल जाना ज़रूरी था....

क्यूंकि ये आंसू अपने साथ उस दर्द को भी बाहर खींच कर फेक रहे थे जिससे मेरी ाव गुज़री थी....

कुछ वक़्त तक मुझसे लिपटे हुए यूँही चुप चाप आंसू बहाने के बाद जब ाव का मन कुछ हल्का हुआ तोह अपने ख़ूबसूरत चेहरे को हल्का उठा वो मुझे देखने लगी....

दरअसल वो मेरी आँखों में उस दर्द को खोज रही थी जिससे उसने 1 महीने पहले देखा था...

पर इस वक़्त मेरी आँखों में सिर्फ वो खुद थी तोह और कुछ उससे मिलता भी तोह कैसे????

MAI-"meri आँखों में कुछ और क्यों ढूंढ रही है तू.....?????

तेरा अक्स मौजूद hai,kya इतना काफी नहीं!!!!"

मेरी बात या फिर ये कहूं की इतने आरसे बाद मेरे मुँह से शायरी सुन ाव के चेहरे पर मेरी रूह को सुकून पहुँचाने वाली स्माइल आ गयी....

पर उसने कुछ कहा nahi,bas मुझे एक तक देखती रही....

मई जानता था की उसके मन में क्या सवाल चल रहा है और इसीलिए....

MAI-mai ठीक हूँ ाव.....

मेरी बात सुन एक बार फिर से ाव मुस्कुरा उठी पर इस बार उस मुस्कराहट में सिर्फ ख़ुशी नहीं बल्कि संतुष्टि भी थी....

अवंतिका- ी मिस्ड ु.....

बस इतना hi कहा इस पगली ने और फिरसे मेरी बाहों में सिमट गयी....

MAI-mujhe खोने का दर लग रहा था तुम्हे...????

AVANTIKA-tum कहीं खुदको hi ना खो baitho,is बात का दर था....

MAI-"tera चेहरा घूमता रहता है मेरी आँखों के सामने,

ऐसे में भला हम खुदको खोएं भी तोह कैसे????"

AVANTIKA-mai जानती हूँ तुम बोहोत स्ट्रांग ho...par कमसेकम मेरे सामने तोह अपने दर्द को मत छुपाओ...

जितना इससे अपने अंदर rakhoge,utna ghutoge...aur मई तुम्हे एक बार रट हुए देख सकती hun,par अंदर hi अंदर तड़पते हुए नहीं देख सकती....

MAI-jo तड़प thi,wo तुम्हे देख कर काम हो चुकी है AV..aur जो बची hai,usse वक़्त ख़त्म कर देगा....

पर तुम्हारी तड़प का kya???ye कैसे ख़त्म होगी???

अवंतिका- मेरी तड़प???

मई- तुम्हारी आँखें मुझे तुम्हारे दिल का हाल बता देती हैं ाव....

और उन्ही आँखों में इस वक़्त तुम्हारे दिल की तड़प दिख रही hai....is तड़प को ख़त्म करो AV....jitni देर ये तुम्हारे अंदर rahegi,utni देर तक मई बेचैन रहूँगा....

अवंतिका- तुम्हारे माँ डैड मेरे भी माँ डैड थे V.J....kaise तकलीफ ना ho???aur मई तुम्हारे जैसी स्ट्रांग भी नहीं हूँ जो खुदको नार्मल दिखाऊं....????

MAI-tum मुझसे कई गुना ज़्यादा स्ट्रांग हो AV....tumhari तकलीफ भी जायज़ है पर फ़िलहाल ये वक़्त उस तकलीफ को नज़रअंदाज़ कर जो नयी तकिल्फेन सामने hain,un पर कंसन्ट्रेट करने का है....

अवंतिका अब तक मेरी बाहों में सिमटकर hi बातें कर रही थी पर अब जब उससे एहसास हुआ की मई वापस वर्किंग मोड में आ गया था तोह वो मुझसे अलग हुई और....

अवंतिका- नयी तकलीफें!!!!!

मई- hmm..jo माँ डैड के साथ hua,wo किसी और के साथ भी होने वाला है...

मेरी बात सुन अवंतिका को झटका लगा...

AVANTIKA-KYA????kiske साथ?????

मई-*********.........

मेरे मुँह से नाम सुन अवंतिका को एक बार फिरसे झटका लगा था.....

AVANTIKA-par......wo क्यों???????

मई- खुद socho...samajh जाओगी.....

मेरी बात सुन अवंतिका उस नाम को जिससे मैंने लिया tha,apne दिमाग में रख सोचने लगी और कुछ देर तक चिंतन करते रहने के बाद उसके माथे के बल काम होने लगे जिसका मतलब था की उससे अपने सवाल का जवाब मिल चूका था....

AVANTIKA-oh shit.....is तरफ तोह मेरा ध्यान गया hi नहीं था....

मई- अब तोह चला गया....

अवंतिका- haan..par इसका सलूशन क्या निकला है तुमने???

MAI-jo hoga,wahi सलूशन भी है...

अवंतिका- मतलब???

अवंतिका के सवाल पर मई कुछ देर तक उससे देखता रहा पर फिर एक लम्बी सांस खींच...

मई- मेरा हाथ पकड़ो.....

जहाँ ये बोल मैंने अपना एक हाथ आगे कर दिया.........

वहीँ मेरे यूँ अचानक ऐसा कहने से अवंतिका के माथे पर एक बार फिरसे सवालों के बल आये पर वो जानती थी की मई कुछ भी यूँही नहीं कहूंगा और इसीलिए....

उसने अपने एक हाथ आगे बढ़ा मेरा हाथ थाम लिया पर तभी...

एक धुंदली सी रे अवंतिका और मेरे शरीर से निकली और फिर गायब हो गयी...

MAI-tumhe कुछ बताना है....

अवंतिका- कहो.....

एक पल के पॉज के बाद मेरे लैब हिले और मई अवंतीआ को कुछ बातें बताने लगा...

जो मई बता रहा tha,wo बात थोड़ी लम्बी thi..kuch 10 मिनट बाद जब मैंने अपनी बात पूरी की.....

मई- इसीलिए मैंने कहा था की जो होने वाला hai,wahi सलूशन hai....samjhi.....!!!!!

पर मेरी बातों को अवंतिका पूरा नहीं समझ पायी थी और साथ hi उसके कुछ और सवाल भी थे जो उसने मुझसे पूछा और मैंने उन सवालों का जवाब दिया..

khair,apne मन में उठ रहे सारे सवालों के जवाब मिलने के बाद.......

अवंतिका- तोह अब मांसलिकेल.....!!!!!

MAI-haan पर उससे पहले घर चलते hain...tumhari hi तरह सारे घर वाले भी मेरे गायब होने से टेंशन में हैं...

और वैसे भी रोनित और अंजलि भी तोह हमारे इस आखरी लड़ाई के साथी हैं...

अवंतिका- सिर्फ रोनित और ANJALI...!!!!DEFENDER,MOKALSAR,AKSHAANT और शैला भी तोह इस आखरी सफर के रही हैं..

मई- वो सब रही आलरेडी अपने पहले स्टॉप पर पहुँच चुके hain..aur अब हमे भी निकलना चाहिए...

AVANTIKA-chalen फिर.....!!!

अवंतिका के कहते hi हम दोनों गायब हो चुके थे और जैसा की हमेशा हुआ hai,humare गायब होते hi अवंतिका के रूम में उसकी क्लोन आ चुकी थी.....

PLACE-KAVITA'S मेन्शन

इन मीडिया वालों ने तोह नाक में दम कर कर रखा HAI...JAHAN DEKHO,WAHAN पहुँच जाते हैं....

ऊपर से हमारे बच्चे भी हमेशा बाहर HI रहते HAIN...JISKE पीछे ये जा रहे HAIN,KAHIN वो इन्हे भी.....

इन्हे भी क्या माँ??????

रोनित की माँ ने अपनी बात अधूरी hi राखी थी पर तभी उनके कानो में उस बात को पूरी करने की एक आवाज़ पड़ी जो की और किसीकी नहीं रोनित की hi थी....

मांसलिकेल में बिल्जेबब द्वारा रोके जाने के बाद व्रीहाख वासी अपने घर की taraf,DEFENDER अपने घर की तरफ और रोनित और अंजलि यहाँ कवितास मेन्शन में पहुंचे....

इस वक़्त यहाँ पर लगभग सभी मौजूद the..mere नाना नानी bhi....ek महीने पहले घाटे हादसे के बाद NAANA,NAANI टूट से गए थे..

वो मुंबई में रहना नहीं चाहते थे और इसीलिए धवल गृह लौटना चाहते थे...

पर रोनित उनके इस फैसले पर नाराज़ हो गया और उसने अपनी कसम देकर उन दोनों को यहीं अपने घर पर रख लिया....

वहीँ माँ डैड के जाने के बाद उनके इतने बड़े एम्पायर को संभालना भी tha..haalaki आकाश अंकल और हरप्रीत अंकल तोह थे hi पर उन दोनों ने मेरे घर से मेरे मामाजी को अपने साथ मिलाना सही समझा.....

इसीलिए मामाजी और मामीजी अपने बेटे और ाशी के साथ मेरे hi घर पर हैं...

हॉल में बैठे सभी बातें कर रहे थे और तभी न्यूज़ में हरप्रीत अंकल और आकाश अंकल की मीडिया से हुई बेहेस को दिखाया जा रहा था जिससे देख कविता आंटी ने अपनी प्रतिक्रिया दी जिससे रोनित ने सुन लिया था....

R/MOM-aa गए मेरे bacche...pata नहीं कहाँ कहाँ घूमते रहते हो तुम dono..chalo,haath मुँह धो lo,mai तुम दोनों के लिए कुछ खाने के लिए लाती हूँ....

RONIT-pehle अपनी बात पूरी कीजिये mom...inhe भी क्या???

रोनित ने ये बात हलकी नाराज़गी में कही थी जिससे सभी ने भांप लिया था....

R/MOM-beta मई तोह बस यही कह रही थी की...

रोनित- कहीं ास्मोडियस हमारे साथ भी वही ना करे जो उसने अंकल और आंटी के साथ किया था....

ANJALI-arre yaar,AUNTY को बस हमारी फ़िक्र हो रही है और कुछ नहीं...

रोनित- नहीं चाहिए मुझे ऐसी फ़िक्र जो मुझे उस ास्मोडियस के पीछे जाने से रोके...

जो गुज़रे hain,wo मेरे लिए आप दोनों से काम नहीं थे और जो लापता hai,use भले hi आप यूँही कहने के लिए बीटा कहते होंगे पर वो मेरा भाई है....

R/MOM-ye तू क्या बोले जा रहा hai???VICKY मेरे लिए तुझसे काम नहीं है...

रोनित- अगर ऐसा होता तोह आप सिर्फ मेरी hi फ़िक्र नहीं karti....par आप उससे कोई दर्जा दे न दें पर मई उसके लिए किसी से भी भीड़ जाऊँगा फिर चाहे नतीजा कुछ भी हो....

रोनित की बात सुन उसके पितः के चेहरे पर अपने बेटे के लिए एक गर्व भरी स्माइल आ गयी...

वैसे आंटी भी मुझसे बोहोत प्यार करती हैं और जो उन्होंने कहा tha,wo भी अपनी जगह पर सही hi था....

अब सबको पता था की ास्मोडियस असल में है कौन तोह ऐसे में अपने बेटे की फ़िक्र तोह बनती hi है पर जैसा की हमेशा होता hai,RONIT भाई साहब चीज़ों को सिर्फ 1 hi एंगल से देखते हैं और जब दूसरा एंगल समझ में नहीं आये तोह दाना पानी लेकर चढ़ जाते हैं सामने वाले पर...

और अभी भी वही हो रहा था.....

R/MOM- बीटा मेरे कहने का वो मतलब.....

रहने दीजिये AUNTY....YE नहीं समझेगा......

आंटी की बात पूरी होती उससे पहले hi हॉल के एंट्रेंस से ये आवाज़ गुंजी जिससे सुन सभी के चेहरे उस तरफ चले गए और वहां खड़े शक्श को देख सभी के मुरझाये चेहरे एक पल में hi खिल चुके थे....

और इन खिले हुए चेहरों में सबसे ज़्यादा खिला हुआ चेहरा था रोनित और अंजलि का....

RONIT-BHAI.......

ये बोल रोनित दौड़ता हुआ आगे बढ़ा और मेरे पास पहुँच झट से मेरे गले लग गया....

रोनित- saale,kahan गायब हो गया था तू... हम दोनों ने तुझे खोजने की कितनी कोशिश की पर तू हमे दिखा hi नहीं....

MAI-ab तोह आ गया हूँ naa...ab छोड़ भी saale,warna शक के बिनाह पर एक साथ दो दो ब्रेअकूपस हो जाएंगे.....

रोनित के हथ्थे hi अंजलि मेरे गले लग gayi...ab तक बाकी सारे घर वाले भी हमारे पास पहुँच चुके थे....

अंजलि के हटने के बाद मई एक एक कर सबसे mila...waise भावुक तोह सभी थे पर सबसे ज़्यादा इमोशनल इस वक़्त नानू और नानी थे...

मई जैसे hi दोनों के पेअर चुने को jhuka,toh दोनों ने hi मुझे झुकने से पहले hi वापस ऊपर उठा गले लगा लिया था...

MAI-mai माफ़ी के काबिल तोह नहीं पर फिर भी रियली सॉरी नानी naanu...meri hi वजह से आज आपके बचे आपके साथ नहीं हैं....

मेरी बात सुन मेरे दोनों गालों को अपने हाथों में थाम...

नानाजी- एक पल के लिए भी सॉरी फील मत कर beta....jo हुआ उसमे तेरी कोई गलती नहीं hai...wo सिर्फ शैतान की करनी थी....

और जो फैसला तूने liye,usse तूने मेरी छाती गर्व से और फलादि hai....JAIRAJ हमेशा सच hi कहता था की उसके बेटे जैसा दुनिया दूसरा कोई नहीं....

दुनिया में hi kya,tere जैसा तोह पुरे यूनिवर्स में hi कोई नहीं होगा....

नाना नानी मुझसे नाराज़ नहीं the,isse ज़्यादा मुझे और कुछ नहीं चाहिए थे....

कुछ देर तक सभी मुझे किसी बच्चे की तरह दुलारते रहे पर फिर...

MAI-ab मुझे जाना hoga...ASMODEUS के साथ ये जो मेरे सारे खेल hain,unko ख़त्म करने का वक़्त आ गया hai...KAVITA AUNTY,NEHA AUNTY,AKASH UNCLE,HARPREET अंकल...

अब तोह आप सब भी जानते हैं की रोनित और अंजलि दोनों के hi पास एंगेल्स की शक्ति है....

पर फिर भी अगर आप सब नहीं चाहेंगे तोह ये दोनों मेरे साथ नहीं जाएंगे...

मेरी बात सुन रोनित ने कुछ कहना चाहा पर मैंने उससे हाथ ऊपर कर कुछ भी कहने से रोक दिया...

वहीँ मेरी बात सुन.....

R/MOM-beta,hum कहने के लिए hi तुझे अपना बीटा नहीं बोलते बल्कि दिल से तुझे अपना बीटा मानते भी हैं....

A/MOM-haan VICKY...jitna हक़ हमारा अपने बच्चों पर है ,उससे ज़्यादा तोह तोह तुम तीनो का एक दूसरे पर है....

R/DAD-jis दिन तूने इस लड़ाई में उतरने का फैसला किया था naa,ussi दिन से ये लकडहाई सिर्फ तेरे अकेले की नहीं बल्कि तुम तीनो की हो चुकी थी...

A/DAD-haan beta....tune आज तक हर कम्पेशन जीता hai...aur अपने साथ साथ इन दोनों मो भी जितवाया है....

आज हम चाहते हैं की जब तू एक बार फिर जीते तोह इस जीत में ये दोनों भी तेरे साथ हों...

NAANU-beta जब बात पाप और पुण्य के बीच की लड़ाई की hona,toh हार और jeet,ye लफ्ज़ hi इस्तेमाल में नहीं आने चाहिए क्यूंकि जो भी सच ka,punya का साथ देता है वो तोह पहले hi जीत चूका होता है....

NAANIJI-mai ये तोह नहीं जानती की क्या hoga,par इतना ज़रूर पता है की कोई भी चीज़ मेरे पोते को झुका नहीं paayegi....waqt के हिसाब से हम चलते हैं पर आज वक़्त मेरे पोते के हिसाब से चलेगा.....

सबकी बात सुन उनसे आशीर्वाद ले हम सब अपने नेक्स्ट डेस्टिनेशन में जाने के लिए एक दूसरे के करीब आये hi थे की....

SAB-bas इतना याद रखना की....

या तोह तुम सब एक साथ वापस आओगे या फिर कोई नहीं आएगा....

घरवालों की बात सुन हम सबके चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और अगले hi पल हम तीनो गायब हो चुके थे......

PLACE-IN बिटवीन इस्ला & वारियर्स वर्ल्ड

क्या बात HAI...SAB यहीं HAIN...ARRE अवनि तू यहाँ पहले से कैसे????

घर से गायब हो हम तीनो इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड के बीच अंतरिक्ष में पहुंचे जहाँ पहले से hi DEFENDER,AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर खड़े थे और उनके साथ कड़ी थी मेरी ाव जिससे यहाँ पहले से देख रोनित और अंजलि शॉकेड हुए थे...

अवंतिका- hmm....ghar जाने से पहले hi V.J ने इन सबको यहाँ पर बुला लिया था...

और फिर मुझे भी डायरेक्ट यहीं भेज दिया...

एक्चुअली V.J नहीं चाहता था की तुम सब के घरवाले ये देखें की मई भी तुम सबके साथ जा रही हूँ...

उनकी नज़र में तोह तुम सबके पास hi सुपर नेचुरल पावर्स हैं पर मई एक नार्मल ह्यूमन बीइंग हूँ तोह ऐसे में वो मुझे तुम लोगों के साथ जाने नहीं देते....

ANJALI-V.J तू अवंतिका के बारे में घर में क्यों नहीं बता deta....jaise सब अब ये जानते हैं की तू गॉड का बीटा है वैसे hi जब वो ये जानेंगे की गॉड ने hi अवंतिका को तेरी शक्ति बनाकर भेजा hai,toh वो बोहोत खुश हो जाते...

मई- इन एक महीने में सिर्फ तुम दोनों को hi दुःख नहीं पहुंचा hai,tum दोनों के माँ डैड मेरे नाना नानी मामा मामी सभी बोहोत बुरे दौर से गुज़रे हैं..

और ये मत भूलो की हम तीनो की फ्रेंडशिप से पुराणी फ्रेंडशिप हम तीनो के माँ डैड की है...

ऐसे में ाव के बारे में बताना ठीक नहीं है......

रोनित- हाँ यार ये भी hai..khair chhodo...aaj नहीं तोह कल तुम दोनों के बारे में सबको सच पता चल hi जाना है तोह उसके बारे में बात करके फ़ायदा नहीं....

अभी का मैं सवाल तोह ये है की हमे तोह मांसलिकेल जाना है फिर हम यहाँ क्यों आये हैं????

MAI-AAKHRI डाव से निपटने की तैयारी.....

मेरी बात सुन सभी चौंके....

SAB-AAKHRI DAAV....MATLAB????

MAI-arre यारों आखरी डाव hai...abhi से कैसे bataun???abhi के लिए इतना जान लो की मुझे तुम सबकी और साथ hi इन सबके शील्ड के कानो की ज़रुरत है....

रोनित- इनकी kinki???oye तेरी.......

अपने सवाल को पूछते पूछते रोनित पीछे घुमा और पीछे मुड़ते hi वो शॉकेड रह गया..

सिर्फ वही नहीं मेरे बाकी के फ्रंज और डिफेंडर भी शॉकेड थे...

reason...un सबके पीछे थे थ्री मेसेंजर्स और हज़ारों की तादाद में एंगेल्स खड़े हुए थे....

जहाँ मुझे देख वो सब नीचे झुक गए वहीँ गोड्स मेसेंजर्स को देख डिफेंडर और मेरे फ्रेंड्स उनके सम्मान में झुक गए....

MAI-khade हो jaaiye....is वक़्त हम इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड के बीच खड़े हैं..

वारियर्स वर्ल्ड के ऑड्रिज माउंटेन में मौजूद चट्टान के अंदर किसी ज़माने में मेरी वाइट एनर्जी के कण थे...

वहीँ इस्ला में फाउंटेन ऑफ़ लाइट का वास है..

इन्ही दोनों कारणों से क्यूरियस के बाद इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड पुरे ब्रम्हांड में सबसे ज़्यादा वाइट एनर्जी के धारक हैं...

और इसीलिए hi आप सबको एक साथ बुलाने के लिए मैंने इस जगह को चुना....

हर एंजेल के पास अपनी एक शील्ड होती hai..ek ऐसी शील्ड जिससे कोई नेगेटिव एनर्जी भेद नहीं सकती...

मुझे आपसे आपकी उसी शील्ड का कुछ हिस्सा चाहिए....

एंगेल्स- जैसा आप कहें लार्ड.....

रोनित मुझसे मेरी मांग को लेकर सवाल करना चाहता था पर एंगेल्स के आवाज़ और उनकी बात सुन उसने भी कुछ न पूछने की सोची और अगले hi पल......

गोड्स MESSENGERS,ANGELS,aur मेरे दोस्तों ने अपने अपने दिल के ऊपर हाथ रख अपनी आखें बंद की और तभी.....

उन सभी के सीने के ऊपर एक तेज़ रौशनी चमकी और देखते hi देखते वो रौशनी नुमा शील्ड उन सबके सीने से होती हुई बाहर आकर एक जगह पर रूक गयी...

उन ऊर्जा रुपी शील्ड को अगर दूर से कोई देखे तोह उससे ऐसा लगता मानो तारे टिमटिमा रहे हों.....

चमकते कमल के फूल की शकल लिए सारे शील्ड अपनी अपनी जगह पर चमक रहे थे...

जैसे hi सभी एंगेल्स के शील्ड के अंश बाहर आये तोह.....

निवसति समस्त ग्रैहम सीमान्ते

रेसिडे ात आल प्लैनेट्स एज

मेरे स्पेल के उच्चरित करते hi सारे शील्ड के अंश ुंवरसे क हर लिविंग प्लेनेट के अट्मॉस्फेरे के एज में जाकर रूक गए....

और इसीके साथ मेरे आखरी डाव का अस्त्र मैंने छोड़ दिया tha...ab बस उसका टारगेट को लग्न बाकी था....

MAI-aapke शरीर से निकली आपके शील्ड का अंश इस वक़्त कहाँ hai,kya आप उससे महसूस कर पा रहे हैं???

SAB-jee लार्ड...

MAI-jab समय आएगा तब आपको अपने अपने शील्ड के अंश को काम में लाना hoga....him जहाँ खड़े hain,yahan पर मौजूद 2 शील्ड्स में आपको अपनी अपनी ऊर्जा देनी होगी..

SAB-jee लार्ड....

मई- आप सब जा सकते हैं...

मेरे कहते hi सभी एक बार फिरसे मेरे आगे झुके और गायब हो गए....

रोनित- भाई अब तोह बता दे की आखिर तू किस चीज़ की प्लानिंग किये बैठा है???

MAI-sabr रख मेरे bhai....sab पता चल jaayega...filhaal तुम सब वो जान लो जो तुम सबका अभी जानना ज़रूरी है....

इसके बाद मैंने सभी को कुछ बातें बताई जिससे सुन डिफेंडर और मेरे दोस्तों का दिमाग ख़राब हो गया....

MAI-jo hua,usse अंदाज़ा लगा लो की ये कितना ज़रूरी है....

SHAILA-par....

MAI-nahi SHAILA...kuch चीज़ें होकर रहती hain..unhe रोका नहीं जा सकता...

DEFENDER-LORD...agar इससे रोका नहीं जा सकता तोह कमसेकम मुझे इतनी इजाज़त दें की उसका अंत मई करूँ???

मई- मई इजाज़त दे भी दूँ तब भी आप उससे नहीं मार sakte....aap क्या मई भी उससे नहीं मार सकता...

मेरी बात सुन सभी बुरी तरह से चौंके...

सब- kya??par क्यों???

MAI-kyunki....................

फिर मैंने उन्हें अपनी बात कहने का रीज़न बताया जिससे सुन उन सबके चेहरे मुरझा गए...

शैला- मतलब उसका कुछ नहीं हो सकता....

मई- मैंने ऐसा तोह नहीं कहा....

एक बार फिरसे मेरी बात सुन सब कौंके थे.....

SAB-matlab!!!!????

मई- मतलब ये की........

फिर मैंने सबको कुछ बताया जिससे सुन सबकी खुश हो गए.....

रोनित- ये हुई ना baat...ab आया तू पुराने फॉर्म me.....maa kasam,ab आएगा मज़ा....

अंजलि- haan..aur अब ज़्यादा देरी ना करते हुए चलते है अपनी मज़िल की taraf...MONSLICKEL......

MAI-hmm.....

अगले hi पल मेरे शरीर से एक रौशनी निकली जिसकी आड़ में हम सब गायब हो चुके थे.....

प्लेनेट- मांसलिकेल

PLACE-OUTSIDE ास्मोडियस पैलेस

बूम....................

एक तेज़ धमाके के साथ उन डेविल्स की काली आत्मा उनकी जिस्म से कुछ कर गयी......

तोह हुआ ये की जैसे hi हम आठों यहाँ मांसलिकेल में ास्मोडियस के महल के बाहर pahunche,toh हम सब की और ख़ास कर मेरी ऊर्जा का आभास यहाँ के रहवासी डेविल्स ने महसूस कर ली और अगले hi पल वो हमारे सामने पहुचंह गए....

मुझे अपने सामने देख वैसे तोह वो सब काफी घबरा गए थे पर उस दर को दिखा वो ास्मोडियस के गुनहगार तोह हो नहीं सकते थे इसीलिए अपने दर पर काबू कर वो हमारी तरफ दौड़े....

पर इससे पहले की वो कुछ कदम भी आगे बढ़ paate,ek तेज़ धमाका हुआ जिसकी चपेट में सैकड़ों डेविल्स आ चुके थे....

रोनित- ये हुई ना baat....chalo,andar जाने से पहले इन सबको निपटा देते हैं....

मई- nahi...jaane देते हैं इनको....

रोनित- kya???par kyun????bhale हमारे nahi,par ये सब भी किसी न किसी के रोने की वजह ज़रूर होंगे....

MAI-insaan के रोने की वजह वो खुद है RONIT..ye डेविल्स nahi..inke विचार तब तक किसी इंसान पर हावी नहीं होते जब तक वो खुद गलत राह पर ना चलना चाहता हो..

khair,inhe जाने देने की वजह ये नहीं कुछ और है जो बाद में पता चल जाएगा...

अभी के लिए इनके जाना ज़रूरी है....

अस usual,meri बात का मतलब तोह कोई समझा नहीं पर इतना ज़रूर समझ गए की कुछ न कुछ लॉजिक ज़रूर होगा मेरी बातों में इसीलिए....

रोनित- ठीक है fir..jaane देते हैं...

मई- जाने क्या देते hain,dekh सभी डेविल्स भाग चुके हैं...

मेरी बात सुन जब सबकी नज़र हर तरफ घूमी तोह सबको वो जगह पूरी तरह से वीरान लगी जिसका मतलब था की अपने साथियों को यूँ एक सेकंड में मरता देख बाकी के डेविल्स भाग चुके थे...

khair,har तरफ नज़र घूमने के बाद हम सब ास्मोडियस के महल के अंदर जाने के लिए चल पड़े...

ANJALI-V.J..agar तू चाहता तोह हमे सीधे महल के अंदर एंटर करा सकता था पर तूने हमे महल के बाहर प्रकट करवाया...

ये यूँही तोह हो नहीं sakta...haina....!!!!

अंजलि की बात सुन मई मुस्कुरा दिया....

MAI-hmm..mehel के अंदर कोई तब तक नहीं जा सकता जब तक असमदोटूस खुद ना बुलाये..

इसीलिए मैंने हम सबको महल के बाहर hi प्रकट करवाया ताकि डेविल्स हम सबको देख सकें....

अक्षांत- पर क्यों???

MAI-taaki वो सब भी वहां पहुँच सकें जहाँ ास्मोडियस है....

RONIT-matlab महल के अंदर....

मई- nopes....ASMODEUS मांसलिकेल में नहीं है....

SAB-KYA????????

मई- hmm.khud देख लो....

अब तक हम महल के अंदर पहुँच चुके the....aur मेरे कहते hi सभी इधर उधर देखने लगे...

अवंतिका को छोड़ सबके पास दिव्या दृष्टि थी जिसकी मदद से वो महल का चप्पा चप्पा देख पा रहे थे पर हर तरफ देखने के बाद भी जब किसीको ना तोह ास्मोडियस दिखा और नाही जब किसीने उसकी एनर्जी महसूस की तोह....

मोकलसर- ये असमदोटूस आखिर कहा चला गया???

RONIT-zaroor कल के हमारे अटैक के बाद वो यहाँ से गायब हो गया होगा!!!!

मई- nahi..kal जब तुम सब यहाँ आये थे तब भी ास्मोडियस यहाँ नहीं था..

ANJALI-shit...ab क्या करेंगे...????

शैला- हमारी hi गलती hai....kal जब उसका बीटा हमारे सामने tha,agar हम उससे किसी तरह बंदी बना लेते तोह हम ास्मोडियस तक ज़रूर पहुँच जाते...

मई- पहली बात तोह ऐसा होता नहीं और इसका रीज़न मई तुम सबको पहले hi बता चूका हूँ...

और दूसरी बात हम अब भी ास्मोडियस तक ज़रूर पहुंचेंगे.....

शैला- पर कैसे???

DEFENDER-jab लार्ड साथ हैं तोह हर चीज़ संभव है....

मई- hmm..aur जानते हो ास्मोडियस के ठिकाने पर पहुँचने को संभव किसने बनाया है???

सब- किसने???

मई- तुम सबने....

मेरी बात सुन सभी चौंके...

रोनित- humne!!!!par कैसे????

मई- कल तुम सब यहाँ कैसे पहुंचे थे..???

रोनित- भाई तेरे गायब होने के बाद से hi मई इस प्लेनेट के गृह बिंदुओं को समझने की कोशिश में लगा हुआ था और कल मई इस काम में सक्सेसफुल हुआ...

और जैसे hi मेरे दिमाग में इस जगह के गृह बिंदु aaye,hum सब यहाँ पहुँच गए...

मई- वो गृह बिंदु तेरे दिमाग में खुद नहीं आये the,balki मैंने डाले थे...

एक बार फिरसे सबको मेरी बात सुन झटका लगा....

रोनित- क्या बोल रहा है bhai....????tune daale,par तूने तोह खुदको हम सबसे काट लिया था ना...!!!!

मई- मैंने तुम सबको खुद तक पहुँचने से रोक दिया था पर मई तुम सबको लगातार देख रहा था...

और कल जब मुझे लगा की मेरे लौटने का समय आ गया है तोह मैंने तेरे दिमाग मेमोनसलीकेल के गृह बिंदु भेज दिए....

रोनित- पर kyun???tu खुद भी तोह यहाँ आ सकता था ना!!!

MAI-aa तोह सकता था पर अगर मई आता तोह बिल्जेबब कभी भी सामने नहीं aata...par मई जानता था की अगर तुम सब यहाँ आओ तोह बिल्जेबब बेखौफ होकर सामने आएगा...

अंजलि- हाँ ये तोह सच है की बिल्जेबब तेरे सामने कभी भी नहीं आता पर सवाल तोह ये है ना की तू ये सब चाहता hi क्यों tha???tera मकसद क्या था???

MAI-maksad था नहीं hai..aur वही है जिसके लिए हम यहाँ आये hain..ASMODEUS का सामना जिसके लिए उसके सामने आना ज़रूरी है....

यहाँ आने से पहले मैंने रोनित के दिमाग में सिर्फ इस प्लेनेट के गृह बिंदु hi नहीं छोड़े थे ,बल्कि एक अदृश्य रे से भी तुम सबके शरीर को धक् दिया था...

ये रे एक किस्म की रस्सी थी जिससे बिल्जेबब को मुझे बांधना था....

और जैसे hi बिल्जेबब तुम सबके सामने aaye,aur तुम सबके सामने बिल्जेबब के शील्ड बिछाने से पहले hi उस रे ने तुम सबके शरीर से निकल बिल्जेबब के शरीर को लपेट लिया...

ANJALI-wow...aur हमे इसके बारे में पता भी नहीं चला...

मई- और नाही बिल्जेबब ko...SHIELD बिछा बिल्जेबब सीधा यहाँ महल के सभा में पहुंचा था और यहीं से वो गायब हुआ था...

इस वक़्त पुरे यूनिवर्स के किसी भी प्रकाशित जगह पर बिल्जेबब कहीं भी नहीं है..

इसका मतलब है की वो भी वहीँ है जहाँ इस वक़्त ास्मोडियस है....

रोनित- इसका मतलब बिल्जेबब से लिप्त रे भी उसके साथ ास्मोडियस का पास hoga..right!!!

मई- nahi....jahan तक मेरा अंदाज़ा hai,ASMODEUS जिस भी जगह पर hai,wo एक मायावी दुनिया है जिससे ास्मोडियस ने hi रचा hai..isiliye वो रे वहां तक नहीं पहुँच सकती...

शैला- तोह फिर उस रे से बिल्जेबब को बाँधने का क्या फायदा hua??hamari मंज़िल तोह हमे अब भी नहीं मालुम...

मई- मंज़िल पर पहुँचने के लिए मंज़िल के बारे में नहीं बल्कि उस तक ले जाने वाले रास्ते के बारे में पता होना चाहिए....

SAB-matlab!!!

मई- मतलब ये.....

अपनी बात कह मैंने अपने हाथ failaye..mere ऐसा करते hi मेरे दोनों हाथों से कुछ रे निकल हर तरफ फैलने लगी..

ये सर्च रेज़ थी जो किसी को ढूंढ रही थी और कुछ hi पलों में उन रेज़ को उनकी मंज़िल मिल गयी.....

रोनित- अरे ये रौशनी कैसी????

अंजलि- और ये ास्मोडियस के थ्रोन से क्यों आ रही है.....

मई- खुद hi देख लो....

मेरे बोलते hi उस चमकती रौशनी के बीच एक खाली जगह बन गयी जहाँ एक चलचित्र चलने लगा जिससे देख सभी चौंके....

अंजलि- अरे ये तोह बिल्जेबब है....

मई- hmm..aur जो सन तुम सब देख रहे हो वो कल का है और उसी वक़्त का है जब बिल्जेबब अपने पितः से मिलने के लिए गायब हुआ था....

सामने सन को देखते हुए मैंने अपनी बात कही और इससे पहले की कोई कुछ kehta,kuch ऐसा हुआ की सभी एक बार फिरसे सभी शॉकेड हो गए...

रीज़न....

जो सन चल रहा था उसमे बिल्जेबब हमारे सामने मौजूद ास्मोडियस की थ्रोन में बैठता है और कुछ कहता है जिसके उच्चारित होते hi उस थ्रोन से एक रौशनी निकलती है और जब वो रौशनी काम होती है तब बिल्जेबब गायब हो चूका होता है....

अक्षांत- अरे ये तोह गायब हो gaya.iska मतलब है.....

SAB-ye थ्रोन hi उस जगह तक पहुँचने का रास्ता है....

मई- जी haan...yahi है वो रास्ता जो सीधे हमे हमारी मंज़िल तक पहुंचाएगी.....

रोनित- भाई अब तोह क्लेअर्ल्य बता की ये सब कैसे hua??i मैं बिल्जेबब ने क्या और कैसे kiya,ye हम कैसे देख पाए???

MAI-ussi रे से जिसने कल बिल्जेबब को बाँधा था...

तुम सब से निकपटने के बाद बिल्जेबब यहाँ आया था और उसके साथ साथ मेरा रे भी यहाँ पहुंचा...

वो रे दरअसल एक दरसिहति ऊर्जा थी जो बिल्जेबब की हर गतिविधि को नोट कर रही थी और जब तक बिल्जेबब यहाँ raha,usne क्या क्या किया वो सब उस रे ने रिकॉर्ड किया...

बिल्जेबब तोह गायब हो गया पर ये रे इनविजिबल मोड में यहीं रह गयी.....

और अभी जो रे मेरे हाथों से निकली thi,wo रेज़ कल वाली रेज़ के साथ मिलकर वहीँ पहुंची जहाँ गायब होने से पहले बिल्जेबब आखरी बार रुका था...

और उसने जो जो kiya,wo कल वाली दृष्टि रेज़ ने हम सबको अभी दिखाया जिससे हमे पता चल गया की ास्मोडियस है कहाँ???

रोनित- भाई जब जब लगता है की तेरे सारे पैतरे समझ में आने लगे hain,tu कुछ ऐसा करता है जो पुरे दिमाग को घुमा देता है....

मई- hahahaha..taarif बाद में कर liyo,filhal अपनी मंज़िल की तरफ बढ़ें...

SAB-bilkul.........

हम सब आगे बढे और ठीक ास्मोडियस की राज गाढ़ी के सामने जाकर खड़े हो गए..

MAI-DEFENDER,aapko कहीं और जाना होगा...

मेरी बात सुन डिफेंडर के चेहरे पर कुछ असहजता के भाव उभरे जिनका उभारना नार्मल था...

MAI-taklifdeh है पर ज़रूरी hai...aur कोई रास्ता नहीं है...

मेरी बात सुन कुछ पलों की ख़ामोशी के बाद डिफेंडर के चेहरे पर सख्ती के भाव उभरे और...

DEFENDER-jaisa आप कहें LORD....mai अपना काम ख़त्म कर यहीं से आपके पास पहुँच जाऊँगा...

मई- आपको दोबारा यहाँ आने की ज़रुरत नहीं padegi...jahan हम जा रहे hain,wo तब तक hi चुप्पी हुई है जब तक मई वहां नहीं पहुँच जाता...

एक बार मई वहां पहुँच jaaun,fir मई आपको कहीं से भी वहां सीधे बुला लूंगा...

आप बस अपना काम ख़त्म कर मुझे याद kijiyega,agle hi पल आप मेरे सामने होंगे...

डिफेंडर- जी LORD....ijazat दें...

ये बोल डिफेंडर गायब हो gaye..unke गायब होते hi मई जैसे hi पलटा तोह देखा की सभी एक साथ ास्मोडियस की राज गाढ़ी पर बैठे हुए हैं...

दरसल असमदोटूस की राज गाढ़ी का साइज बोहोत बड़ा था जिसमे 10 बन्दे भी एक साथ बैठ सकते थे...

शायद ईसीए क्यूंकि ये सिर्फ एक राजगद्दी नहीं बल्कि एक गुप्त मार्ग भी था...

khair,mai भी सबके साथ जाकर राजगद्दी पर बैठ गया और अगले hi पल मैंने वो कहा जिससे कह बीज़ेबुब गायब हुआ था......

पैरेलल वर्ल्ड......

PLACE-PARALLEL वर्ल्ड

थे फाइनल बैटल

अब्बे TERI.....BADI ख़तरकनाक जगह है BHAI.....NAA ऊपर आसमान में कोई CHAAND,NAA TAARE...ITNA सुनसान और यहाँ तोह मांसलिकेल से भी ज़्यादा ठण्ड है.....

राजगद्दी में बैठ जैसे hi मैंने हम सबने एक साथ पैरेलल वर्ल्ड kaha,toh एक तेज़ रौशनी हम सब के इर्द गिर्द चमकी जिसने हमे खुदमे खींच इस सार्ड को खुदमे लपेटे जगह पर लाकर खड़ा कर दिया....

मई- ये एक मायावी जगह hai..iski रचना ास्मोडियस ने की है पर पता है सबसे मज़ेदार बात क्या है???

सब- क्या???

MAI-hum जिस जगह पर इस वक़्त खड़े hain,ye एक बेहतरीन माया द्वारा मांसलिकेल के अंदर hi बनाया गया है...

मेरी बात सुन सभी एक बार फिरसे शॉकेड हो गए....

अंजलि- oh..toh इसी वजह से ास्मोडियस और बिल्जेबब तेरी नज़रो में नहीं आ पा रहे थे...

मई- haan...par अब ास्मोडियस को भी मई महसूस कर रहा हूँ और बिल्जेबब को भी.....

रोनित- badhiya...toh अब लगे हाथों ये भी बता दे भाई की हम किस और बढ़ें...????

मई- sidhe....saamne जो गुफा दिख रही है naa,wahi हमारी मंज़िल है....

मैंने सामने ऊँगली कर ये बात kahi...meri ऊँगली की सीध में हमसे कुछ 2 कम दूर एक गुफा थी जिसके सामने फ़िलहाल अँधेरा था पर मेरे उस तरफ ऊँगली दिखते hi वो जगह प्रकाशित हो उठी.....

शैला- अरे waah...toh देर किस बात ki...chalen...

अंजलि- एक मिनट SHAILA.....hume जल्दी नहीं करनी chahiye..kya पता हमारे स्वागत के लिए ास्मोडियस ने कुछ जाल बिछाया हो...

MAI-jo आसानी से भांपा जा sake,aisa जाल ास्मोडियस कभी नहीं bunta...fikr मत karo,aage कोई जाल नहीं hai...hum निश्चिन्त होकर आगे बढ़ सकते हैं.....

अपनी बात कह मैंने हम सबको हवा में उठा लिया और अगले hi पल हम सब उस गुफा की तरफ उड़ चले...

कुछ hi पलों में हम उस गुफा के द्वार जके सामने थे....

रोनित- yaar,gufa के एंट्रेंस पर तोह पत्थर है...

अंजलि- V.J अंदर खतरा हो सकता है...!!!

मई- देख लेते हैं......

भंगम

ब्रेक.....

मेरे स्पेल उच्चारित करते hi मेरे हाथों से एक मोती सी रे निकल सीधे गुफा के मुहाने पर रखे पत्थर पर पड़ी और अगले hi पल वो पत्थर चूर चूर हो चूका था....

पत्थर के टूटने और उसके चूर चूर होने की वजह से जो धुआं सा उठ गया tha,uske हथ्थे hi हम सबने अंदर जाने के लिए अपने अपने कदम बढ़ा दिए और.....

WOW.......kya मैजिक है.....

ये रोनित के अलफ़ाज़ थे....

REASON.....andar का नज़ारा hi अलग tha..jo गुफा बाहर से छोटी सी दिख रही थी वो अंदर से बोहोत ज़्यादा बड़ी थी...

इतनी बड़ी की उसका अंत hi नहीं दिख रहा था...

पुरे गुफा में तेज़ रौशनी थी पर उस रौशनी का कोई श्रोत नज़र नहीं आ रहा था...

हम यही सब देख hi रहे थे की......

स्वागत है मेरे BHAI....EK महीना HI तोह हुआ है हम दोनों की आखरी मुलाकात को पर फिर भी नजाने क्यों मेरा मन तुमसे जुड़ा हो विचलित हो गया था....

पर ये गलत बात HAI....AAPNE बस फादर के साथ HI समय BITAYA,MERE साथ नहीं......

एक के बाद एक दो आवाज़ें उस गुफा में गूंज उठी जिसमे से एक ास्मोडियस की थी और दूसरी बिल्जेबब की...

आवाज़ें सुन जहाँ एक तरफ मेरे दोस्त शॉकेड हुए वहीँ मेरे चेहरे पर मुस्कराहट नाच उठी....

मेरे दोस्तों के शॉकेड होने की वजह ये थी की उन्हें आवाज़ तोह सुनाई दे रही थी पर कोई दिख नहीं रहा था और रही मेरी baat,toh मुझे किसी को देखने के लिए आँखों की ज़रुरत नहीं पड़ती....

पर इन दोनों को सामने तोह लाना hi था और इसीलिए....

MAI-bina सामने आये उचित स्वागत नहीं होता ASMODEUS.....jab मेहमान सामने hain,toh मेज़बान को भी सामने आना होता है....

असमदोटूस- अब मई अपने छोटे भाई की ख्वाहिश भी ना पूरी करूँ तोह क्या फैयदा बड़े भाई होने का....!!!????

जैसे hi ास्मोडियस की आवाज़ और बात पूरी hui,wo चमकदार गुफा कुछ और रोशन हो गयी....

तेज़ रोशनियों के बीच ास्मोडियस और बिल्जेबब प्रकट हुए पर ये क्या????

उनके प्रकट होते hi मई तोह शांत रहा पर मेरे दोस्तों को एक और शॉक लगा...

reason...is वक़्त हमारे सामने एक ास्मोडियस और एक बिल्जेबब नहीं बल्कि 10 ास्मोडियस और 10 बिल्जेबब खड़े थे....

ASMODEUS-jo तुम देख रहे ho,ye मेरी नहीं बिल्जेबब की ज़िद्द का नतीजा है....

ये देखना चाहता है की तुम्हारे बारे में जो मई हमेशा इससे बताता हूँ की विक्रम हर पहेली का हल बता सकता hai,wo सही है या नहीं....

बिल्जेबब- हाँ LORD.....mai भी तोह देखूं की जिसकी तारीफ़ मेरे फादर करते नहीं थकते वो असल में हैं कितने पानी में...

हम सबमे से असली बिल्जेबब और ास्मोडियस कौन hai,bujo तोह जाने....

और haan,aapko हम दोनों में से असली बिल्जेबब और असली ास्मोडियस को पहचानने का सिर्फ एक एक मौका मिलेगा..

और अगर आप नाकामियाब रहे तोह ये पैरेलल वर्ल्ड अपने आप गायब हो जाएगा और साथ hi गायब हो जाएंगे हम दोनों..

और आप हमे दोबारा ढूंढ भी नहीं पाएंगे....

ये जो बातें हो रही thi,wo पुरे 10 बिल्जेबब और 10 ास्मोडियस के मुँह से एक साथ निकल रही थी....

मई- पहली baat...chahe कितने hi प्लैनेट्स के अंदर प्लैनेट्स बना ास्मोडियस उसमे छुप jaaye,mai उससे ढूंढ hi लूंगा...

और दूसरी baat...ASMODEUS का तोह समझ में आता है पर बिल्जेबब तूने खुद को इतना सामर्थ्यवान कब से समझना शुरू कर दिया जो तूने मेरी योग्यता को परखने की सोची....

bewakuf.....tujhe पहचानने के लिए मुझे किसी मौके की ज़रुरत hi नहीं....

ये बोल मैंने बस एक चुटकी बजायी और अगले hi पल.....

अह्ह्ह्ह............

असली बिल्जेबब जो लेफ्ट कार्नर में खड़ा tha,wo एक झटके में हवा में उठा और सीधे जाकर गुफे के पथरीली दिवार से टकराते हुए निचे गिरा जिसकी वजह से उसके मुँह से आह निकल गयी..

पर गिरने के अगले hi पल वो एक झटके में खड़ा हो gaya..BEELZEBUB खड़ा तोह हो गया था पर उसके आँखों में इस वक़्त घोर विस्मय के भाव है...

और उन्ही विस्मय भरी आँखों से वो मेरी तरफ देख रहा था....

MAI-abbe bewakuf.tujhe क्या लगा की शील्ड लगाने से तू बच jaayega...tu एक काली शक्ति का धारक hai..aur जो वाइट एनर्जी के कण तेरे अंदर hai,mai उनका वारिस हूँ...

तेरी एक शक्ति की बदबू और दूसरे की महक मुझसे छुप नहीं सकती....

मेरी बात ख़त्म होने के बाद भी बिल्जेबब चुप hi raha..khair,ab बारी थी उसके पिताजी की....

ASMODEUS-ab ज़रा हमे भी पहचानिये...

MAI-ASMODEUS....tera स्तर भी धीरे धीरे नीचे गिरने लगा hai....nahi तोह इतनी बचकानी हरकत तू कभी न करता...

khair,ab कर hi दिया है तोह यही sahi....waise एक बात bata,tujhe ये तोह पता hi है ना की मई कौन hun...??meri शक्ति का श्रोत क्या hai???aur मेरा असली घर जो की कभी तेरा भी घर हुआ करता tha,wo क्या है???

मेरी बात पर दासों ास्मोडियस ने बस हाँ में अपनी गर्दन हिलायी....

MAI-chal,aaj तुझे भी तेरे घर का एहसास करवाते हैं...

इससे पहले की वो दासों ास्मोडियस कुछ samajhte,maine अपने दोनों हाथ उपरकीये और मेरे ऐसा करते hi गुफा के अंदर उन दासों ास्मोडियस के ऊपर एक छोटा सा आसमान खुल गया और अगले hi पल.....

उस मायावी आसमान पर हेवन का गेट दिखने लगा जो एक झटके में खुल गया और ऐसा होते hi...

हेवन की डिविनिटी से भरी रौशनी दासों ास्मोडियस पर पड़ी.....

और जैसे hi ऐसा hua,original ास्मोडियस जिसके अंदर अब भी वाइट एनर्जी thi,usse छोड़ बाकी के उसके क्लोन्स एक झटके में राख हो गए.....

पर तभी..........

गुफा के एक हिस्से में कुछ हुआ जिससे मैंने नोट किये पर ना तोह मैंने उस और देखा और नाही चेहरे पर कोई एक्सप्रेशंस लाये..

वहीँ अपने क्लोन्स को मरते देख....

ASMODEUS-adhbhudh मेरे bhai..adbhudh....par अफ़सोस ,काश ऐसी चतुरता तूने पहले दिखाई होती तोह शायद आज तेरे माँ बाप.....

BOOM.....BOOM....BOOM.......

एक के बाद तीन धमाके हुए और इन धमाकों का श्रोत मेरे हाथ थे....

ास्मोडियस की बात पूरी होने से पहले hi मेरे हाथों से एक एनर्जी रे निकली और सीधे जाकर ास्मोडियस से टकराई..

ऐसा होते hi वो दूर जाकर गिरा और इससे पहले की वो uthatha,maine उसपर एक और एनर्जी रे छोड़ी.....

जिसके उससे टकराते hi वो एक बार फिरसे ज़मीं से hi ऊपर उठता हुआ थोड़ा और दूर जाकर गिरा....

वहीँ अपने पितः पर यूँ आक्रमण होते देख बिल्जेबब हरकत में आया और उसने मुझपर आक्रमण करने की सोची पर इससे पहले की वो कुछ कर paata,mere हाथों से एक और एनर्जी रे निकली जो सीधे जाकर उससे टकराई....

अपने पितः की तुलना बिल्जेबब दो गुना दूरी पर जाकर गिरा....

इस दौरान दो चीज़ें और hui..pehli वही जिससे मैंने अभी थोड़ी देर पहले महसूस किया था और दूसरी....

गुफा में हज़ारों की तादाद में डेविल्स इनविजिबल मोड में खड़े थे जो मेरे ास्मोडियस पर प्रहार करते hi विज़िबल हो गए थे....

RONIT-V.J...tu ास्मोडियस को sambhal...mai और अंजलि बिल्जेबब से निपटते हैं...

MOKALSAR,SHAILA,AKSHAANT....tum तीनो इन डेविल्स की टोली को सम्भालो....

ये बोल जहाँ एक तरफ रोनित और अंजलि बिल्जेबब की तरफ लपके वहीँ दूसरी तरफ व्रीहाख वासी डेविल्स की टोली पर टूट पड़े...

एक साथ कई सारे एनर्जी रेज़ के साथ वो तीनो डेविल्स की सेना पर आक्रमण करने लगे..

इन सबको देख मैंने जब सामने देखा तोह...

ASMODEUS-dhyan अत्ति आवशयक है मेरे भाई.....

बूम..........

इसी आवाज़ के साथ मई उड़ता हुआ पीछे जा gira......par गिरते hi मई खड़ा हो चूका था.....

ास्मोडियस जिसने मुझपर पहला सुकीसफूल वार किया tha,wo मुझे मुस्कुराता हुआ देख रहा tha....mere खड़े होते hi...

ASMODEUS-shuru करें.....???

मई- पहले आप....????

मेरे बोलते hi.........

करज़ामतानिते वज्राती.......

मल्टीप्लय फाॅर्स एंड हिट......

ास्मोडियस के स्पेल उच्चारित करते hi उसके आस पास एक इनविजिबल फाॅर्स ने जन्म लिया जिसकी शक्ति लगातार बढ़ती hi जा रही थी...

और जैसे hi ास्मोडियस ने अपना हाथ मेरी तरफ kiya,us इनविजिबल फाॅर्स ने रफ़्तार पकड़ी और तेज़ी से मेरी तरफ बढ़ी...

मुझे ऐसा लग रहा था मानो कोई पहाड़ मेरी तरफ बढ़ रहा हो.....

पर मई अपनी जगह पर खड़ा hi रहा और जैसे hi मैंने उस इनविजिबल फाॅर्स को अपने पास महसूस किया.....

मैंने अपने हाथ को मुठी की शकल दे एक पंच सामने की तरफ मारा और

बूम.........

एक तेज़ धमाका हुआ जिसमे एक साथ दो चीज़ें हुई...

pehli....mere मुट्ठी के उस इनविजिबल फाॅर्स से टकराते hi वो फाॅर्स एक धमाके के साथ ख़त्म हो गयी...

और dusri..us इम्पैक्ट का असर मुझपर भी hua..mai एक बार फिरसे उड़ता हुआ पीछे जा गिरा पर अगले hi पल मई वापस खड़ा हो चूका था...

जहाँ मई और ास्मोडियस एक दूसरे को घर रहे थे वहीँ....

डोहगाजिना....

सुफोकटे.....

बिल्जेबब ने जैसे hi ये स्पेल उच्चारित kiya,toh उसके अगले hi पल एक इनविजिबल शक्ति ने रोनित और अंजलि के गले को जकड सा लिया और लगातार उस शक्ति का प्रेशर बहढ़ने लगा...

मंत्र खंडिता

स्पेल ब्रेक

अंजलि और रोनित दोनों के मुँह से जैसे hi ये स्पेल nikla,wo इनविबले शक्ति जिसने उन दोनों का गाला दबाया tha,wo गायब हो गयी..

ये देख बिल्जेबब शॉकेड हुआ और तभी...

श्वेत शक्तियम आघातम.....

वाइट एनर्जी अटैक

राखत संचरं जेकदम करोति....

ब्लड फ्लो स्टॉपर.....

पहला स्पेल अंजलि ने कहा था और दूसरा रोनित ने......

पहले स्पेल के प्रभाव से अंजलि के हाथों वाइट एनर्जी का एक बोहोत शक्तिशाली रे निकला और सीधे जाकर बिल्जेबब से टकराया.....

इस वाइट एनर्जी में इतनी शक्ति थी की बिल्जेबब उड़ते हुए दूर तोह गिरा hi पर उसके बाद भी इस एनर्जी के प्रभाव की वजह से उसका बॉडी झटके खाने लगा...

और बिल्जेबब ने जैसे hi स्पेल को काटने के लिए स्पेल बोलने की सोची...

तोह उसी पल रोनित के बोले स्पेल ने अपना काम कर दिया....

एक रस्य रोनित के हाथों से निकल सीधे बिल्जेबब से टकराई और ऐसा होते hi कुछ पलों के लिए बिल्जेबब के राजीव में बेहटा खून एक जगह जकड सा गया.....

उससे ऐसा लगा मानो उसकी साँसें रूक रही hai..wo कुछ भी करने के लायक नहीं बचा था....

धीरे धीरे उसकी तड़प और बढ़ने lagi...aur जब ऐसा लगने लगा की अब बिलज़रबुब नहीं बच पायेगा तभी....

BOOM....ek धमाके के साथ अंजलि और रोनित का स्पेल निष्क्रिय हो गया.....

और ऐसा होते hi बिल्जेबब उठ कर खड़ा हो गया......

BEELZEBUB-hahahahahaha...tumhe क्या लगा की तुम दोनों मुझे मार सकते ho.....murkho,asambhav है ये.....

बिल्जेबब की बात का रोनित और अंजलि ने कुछ जवाब नहीं दिया और अपने अगले वार के लिए तैयार हो गए...

wahin.....VRIHAKH वासी बुरी तरह से सारे डेविल्स की हालत बिगड़ने में लगे हुए थे...

तीनो hi jal,agni और बिजली का इस्तेमाल कर सारे डेविल्स को पटकनी दिए जा रहे थे....

इस वक़्त शैला हवा में उठी हुई पानी को एक विकराल रूप दिए सारे डेविल्स पर छोड़ रही थी वहीँ अक्षांत उसी पानी में बिजली दाल सभी डेविल्स को झटका दे रहा था...

और इन दोनों के विपरीत मोकलसर सभी डेविल्स के ऊपर अग्नि वर्षा करने में लगा हुआ था....

वहीँ इन दोनों टुकड़ियों से अलग मई और ास्मोडियस एक दूसरे की शक्तियों को आंकने में लगे हुए थे....

मई जानता था की ास्मोडियस का अगला वार घातक होगा पर मई रेडी था....

शक्तियें विभाजित करोति

पावर डिस्ट्रीब्यूट

ास्मोडियस के स्पेल बोलते hi उसकी साड़ी शक्तियों ने खुदको उससे अलग कर मुझे चारों तरफ से घेर लिया...

कुछ hi पलों की बात थी फिर ास्मोडियस की ये शक्तियां मेरे ऊपर एक साथ अटैक करने वाली थी और इसीलिए....

सुपरगुप्त सुनान्थि

बुक कवर

मैंने अपने सीने के ऊपर हाथ रख इस स्पेल को उच्चारित किया और मेरे ऐसा करते hi मेरे अंदर जो सुपरगुप्त बुक thi,uski एनर्जी ने मेरे सारे बॉडी को कवर कर लिया....

और तभी.....

ास्मोडियस की साड़ी शक्त्यिओन ने मेरे ऊपर एक साथ हुम्ला कर दिया और जैसे hi वो शक्तियां मुझसे टकराई....

बूम.....

एक तेज़ धमक hua..is बार के धमाके का इम्पैक्ट बोहोत ज़्यादा था जिससे पूरी गुफा हिल गयी थी....

पावर्स को मुझसे टकराते देख ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान नाच गयी पर ये मुस्कान कुछ hi पलों के लिए थी...

धमाके की वजह से जो धुआं हुआ tha,wo जब हटा तोह ास्मोडियस के चेहरे की मुस्कान गायब हो गयी और उसकी जगह हैरानी ने ले ली...

reason...mai अपनी जगह पर हस्ता मुस्कुराता हुआ खड़ा tha...mere स्पेल की वजह से मेरी सुपरगुप्त किताब की शक्ति ने मुझे चारों तरफ से एक शील्ड की तरह घेर लिया था जिसकी वजह से मुझपर ास्मोडियस के पावर्स के टकराने का कोई असर नहीं हुआ....

पर उसकी शक्तियों के इम्पैक्ट की वजह से मेरे सुपरगुप्त बुक द्वारा बनाये शील्ड में कमज़ोरी ज़रूर आ गयी थी और इससे पहले की वो शील्ड ख़त्म हो jaaye,mujhe कुछ करना था.....

और इसीलिए......

अपने दोनों हाथों को फैला.....

सम्पूर्ण शक्तियम उद्गमना

कम्पलीट पावर राइज

जहाँ एक तरफ इस मंत्र को उच्चारित कर मई आगे बढ़ने लगा वहीँ मुझे अपनी तरफ आता देख ास्मोडियस ने एक के बाद एक कई सारे प्राणघातक स्पेल्स मुझपर छोड़े पर मेरी सुपरगुप्त शील्ड की वजह से मुझे कुछ नहीं हो रहा था..

पर ास्मोडियस के फिफ्थ स्पेल बोलते hi उसकी जो एनर्जी मुझसे टकराई उससे मुझे तोह कुछ नहीं हुआ पर haan,meri शील्ड ज़रूर टूट गयी पर अब मुझे उसकी ज़रुरत भी नहीं थी और

reason...mai ास्मोडियस के पास पहुँच गया tha....mujhe अपने सामने देख ास्मोडियस ने गायब होने की कोशिश की पर....

इससे पहले की वो गायब hota,maine अपने दोनों हाथों को जिनमे मेरी शक्तियों की रे नाच रही thi,usse ास्मोडियस की बॉडी से छुआ दिया और....

विनाश करोति.....

डिस्ट्रॉय

मेरे स्पेल ने अपना काम kiya...SPELL के उच्चारित होते hi ास्मोडियस के शरीर को एक के बाद एक कई सारे झटके लगे...

कुछ देर तक यूँही झटके लगने के बाद उसका शरीर हवा में उठा और तेज़ी से गोल घूमता हुआ मुझसे थोड़ी दूर जाकर गिर गया.....

इस बीच दो और चीज़ें हुई थी...

पहली ये की जब ास्मोडियस की बॉडी को झटका लग रहा tha,tab पुरे गुफे की रौशनी भी काम ज़्यादा हो रही थी..

और dusri....jaise hi मेरे हाथों ने ास्मोडियस को छुआ tha,tab ास्मोडियस के आस पास एक काला धुआं सा उभरा और फिर गायब हो गया.....

खैर, मई चलता हुआ ास्मोडियस के पास pahucnha..ye मेरा पहला वार था जिसने ास्मोडियस को बेहोश किया था...

ास्मोडियस के चेहरे को एक पल देख मेरी नज़र उस तरफ गयी जहाँ से एक अदृश्य चीज़ जिसकी इंविसिब्लिटी पावर ास्मोडियस के बेहोश होने से काम हो गयी थी और जिसकी वजह से वो मुझे दिखने लगी thi.wo धीरे धीरे उड़ते हुए ठीक असमदोद्युस के बाजू में आकर रूक गयी...

ये चीज़ और कुछ नहीं वही क्यूब थी दोस्तों जिसके अंदर से ास्मोडियस ने कुछ वक़्त पहले अपने जीवन कण निकले थे....

और यही वो चीज़ थी जिसकी वजह से इस गुफा में रौशनी फैली हुई थी.....

ास्मोडियस के पास पहुँच उस क्यूब के अंदर से 7 काली रोशनियां निकली और देखते hi देखते वो 7 रोशनियां ास्मोडियस के बेहसूश बॉडी में समां गयी....

ये 7 रोशनियां और कुछ नहीं बल्कि थे सेवन ोपोस्टल्स थे जो अब ास्मोडियस के अंदर थे......

और जैसे hi थे सेवन ोपोस्टल्स ास्मोडियस के अंदर samaye,ASMODEUS की आँख खुल गयी........

वहीँ दूसरी तरफ:-

वज्रपाताहम

लाइटिंग अटैक

विशनदातेम

पोईसिओं

तीतमयति

चोक

सम्पूर्ण विनाशं

कम्पलीट डिस्ट्रक्शन

ये चार स्पेल्स और इसके साथ साथ और कई सारे स्पेल्स रोनित और अंजलि ने बिल्जेबब के ऊपर छोड़े पर किसी भी स्पेल का बिल्जेबब पर कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ा...

वैसे तोह स्पेल्स बिल्जेबब ने भी इन दोनों के ऊपर छोड़े the,par ये दोनों भी उसके हर स्पेल को जैसे तैसे डॉज दिए जा रहे थे..

पर जहाँ मेरे दोनों दोस्तों को बचना पढ़ रहा था वहीँ बिल्जेबब पर तोह किसी भी स्पेल का कोई ख़ास फर्क hi नहीं पढ़ रहा था और इसीलिए...

BEELZEBUB-maine तोह पहले hi कहा था की मूर्खो की तुम मेरा कुछ नहीं बिगड़ sakte..tum hi kya,tumhare घनिष्ट मित्र विक्रम तक मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकते....

जब बिल्जेबब अपनी बधाई कर रहा था तब अंजलि और रोनित को अपने आस पास डिफेंडर और उनके साथ किसी और की ऊर्जा महसूस हुई जिससे महसूस कर दोनों के hi चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी....

रोनित- मुर्ख तू है BEELZEBUB..tujhe क्या लगता है की हमे पता नहीं की तू यूँ ढींगे क्यों हनक रहा hai....ye तेरी गलती hai.hume सब पता है....

BEELZEBUB-acha ज़रा मई भी तोह सुनु की तुम्हे क्या पता है??

अंजलि- सुनना क्यों है देख ले...

अंजलि ने अपनी बात ख़त्म hi की थी तभी दो रोशनियों के बीच दो आकृतियां प्रकट हुई और जैसे hi उन आकृतियों ने रूप liya,BEELZEBUB को एक ज़ोर का झटका लिया....

उन दो लोगों में से एक तोह डिफेंडर hi थे और दूसरी thi............ALESENDRA...........

जी हाँ doston,wo अलेसेन्द्र hi थी जिसके अंदर बिल्जेबब ने अपने जीवन कण छुपाये थे....

वो अलेसेन्द्र hi थी जिसके बारे में विक्रम को दूसरी भविष्यवाणी में बताया गया था...

वो अलेसेन्द्र hi थी जिसके बारे में मैंने घर पर ाव को और इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड के बाहर डिफेंडर और मेरे दोस्तों को बताया था...

ALESENDRA....naa चाहते हुए भी बिल्जेबब की माँ और दोनों चाहे ना चाहे पर दोनों hi उस रिश्ते में बंधे हुए हैं जिसके आगे गॉड भी झुकते hain....MAA बेटे का रिश्ता..

और इसी रिश्ते ने बिल्जेबब को सहूलियत दी की वो अपने जीवन कण अलेसेन्द्र के अंदर छुपाये....

अलेसेन्द्र- तुझे लगा की तू जीत गया BEELZEBUB,kyun???tu और तेरे पितः बस बाज़ी hi जीत सकते hain,jung हमारे लार्ड hi जीतेंगे......

khair,tune ज़िन्दगी में पहली बार एक नेक काम किया hai..mere अंदर अपने जीवन कण दाल तूने मुझे लार्ड के काम आने लायक बना दिया....

और जो बोझ मेरे सीने पर तेरी माँ होने का tha,aaj वो भी उतर जाएगा....

जहाँ एक तरफ डिफेंडर और मेरे दोस्त ये सब सुनके साद थे क्यूंकि वो जानते थे की अब क्या होने वाला है वहीँ बिल्जेबब एकदम स्थिर खड़ा था....

अपनी बात कहते कहते hi अलेसेन्द्र के हाथों में एक बड़ा सा चाक़ू चमक उठा जिससे उसने अपनी बात ख़त्म करते hi अपने पेट में उतर लिया......

AAHHH..........ALESENDRA...........

पहली दर्द भरी चीख अलेसेन्द्र के मुँह से निकली थी वहीँ दूसरी चीख डिफेंडर और मेरे दोस्तों के मुँह से निकली...

अपनी चीख के साथ hi अलेसेन्द्र नीचे झुकती चली गयी पर इससे पहले की वो नीचे girti,DEFENDER ने उससे थाम लिया....

इस वाट तीनो की hi आखों में आंसू थे....

ALESENDRA-aap तीनो रोइये mat...ye गम का नहीं ख़ुशी मानाने का वक़्त hai...meri मौत पाप के इस महाध्याय का अंत likhegi....isse बड़ी बात और क्या हो सकती है....???

अपनी बात कह अलेसेन्द्र की आँखें बंद हो गयीं....

वहीँ डिफेंडर कुछ कहने hi वाले थे की

तभी कुछ देख वो चौंके.....

डिफेंडर- arre,ye अलेसेन्द्र के हाथ को क्या हो रहा है...????

डिफेंडर की बात सुन जैसे hi रोनित और अंजलि की नज़र अलेसेन्द्र के हाथ पर गयी तोह वो दोनों भी शॉकेड हो गए...

reason...ALESENDERA के हाथ धुआं बन गायब हो रहे the..haath hi क्या देखते hi देखते कुछ hi पलों में पूरी अलेसेन्द्र धुआं बन गायब हो चुकी थी...

DEFENDER,ANJALI और रोनित को कुछ भी समझ में नहीं आया और जैसे hi उनकी नज़र बिल्जेबब पर गयी तोह उन्होंने उससे मुस्कुराते हुए पाया...

BEELZEBUB-itna चौंको mat..mere जीवन कानो ने मेरी माँ के शरीर को सोख लिया hai...isiliye ये धुआं उठा है.....

और एक baat..agar तुम सबको लगता है की मेरे जीवन कण के राज़ को jaan,meri माँ की कुर्बानी देने से तुम मुझे मार पाओगे तोह ये तुम्हारी ग़लतफहमी है....

मेरे अंदर वाइट और ब्लैक एनर्जी दोनों मौजूद hain....jabki तुम सब सिर्फ वाइट एनर्जी के धारक हो....

इसीलिए तुम सब मिलकर भी कोशिश करो तब भी मुझे नहीं मार सकते....

मेरे बारे में क्या ख्याल HAI....????MUJHSE तोह मरोगे ना तुम.......!!!!!

अभी कोई कुछ कहता की तभी मेरे दोस्तों के पीछे से ये आवाज़ आयी जिससे सुन जब वो पालते तोह सबको एक झटका laga...par सबसे बड़ा झटका तोह बिल्जेबब को लगा था...

मेरे दोस्तों और बिल्जेबब के सामने खड़ा शक्श वही था जिसके पास मई गॉड से बात करने के बाद गया था..

जिससे मैंने कहा था की सही वक़्त पर मई उससे बुलाऊंगा और अभी hi वो सही वक़्त था..

कुछ देर तक एक तक सामने वाले को देखने के बाद मेरे doston,DEFENDER और बिल्जेबब के मुँह से एक साथ सामने खड़े शक्श का नाम निकला.....

भुविका.............

आज के लिए इतना HI........

आपका अपना V.J..........
 
थैंक्स brother....ye वीक और पावरफुल का लॉजिक समझने के लिए एक बार पूरी स्टोरी अपने दिमाग में रिवाइंड कीजिये....

सबसे पहले विक्रम का स्पीयर की शक्ति हासिल karna,fir ऑड्रिज माउंटेन से गोड्स टेअर की बची ऊर्जा की शक्ति हासिल karna,fir इस्ला के फाउंटेन ऑफ़ लाइट से भविष्वाणी हासिल karna.aur आपको याद होगा hi वहीँ पर विक्रम और ास्मोडियस पहली बार भिड़े the,jisme विक्रम को हारने के लिए ास्मोडियस ने भ्रम माया का उपयोग किया tha..agar ास्मोडियस उस भ्रम को पैदा नहीं करता तोह वो मुकाबला बराबरी का tha..khair,uske बाद विक्रम ने भी भ्रम माया का राज़ जान लिया और उसीकी मदद से उसने ास्मोडियस को शैडो वर्ल्ड में मात di..par मोस्ट इम्पॉर्टन्टलय, आपको याद होगा की अभी विक्रम के पास मिरर वर्ल्ड से हासिल की हुई सोर्ड और उसकी शक्ति भी ह और यही रीज़न है की इस बार फिजिकली विक्रम ज़्यादा स्ट्रांग लग रहा है...

Khair,aage देखते jaaiye,kahani और इसके साथ आप सब का दिमाग एक बार फिरसे घूमने वाला hai...aur एक आखरी बार साथ बने रहिये
 
FRNZZ,JITNA ांतिकिपते किया THA,FINAL अपडेट उससे बोहोत ज़्यादा बड़ा होने वाला HAI..KAREEB 11 थाउजेंड वर्ड्स लगेंगे इससे कम्पलीट करने के LIYE..ISILIYE मैंने तय किया है की इस फाइनल अपडेट को दो पार्ट्स में डिवाइड करूँगा....

पहला PART आज रात 10 बजे तक आपके सामने होगा और दूसरा PART कल रात HI पोस्ट कर दूंगा....

तोह फाइनल अपडेट के 1सत PART के लिए मिलते हैं रात 10 बजे....
 
बरोथेर जो होना chahiye,agar वही हो तोह फिर उसमे तारीफ़ की कोई बात hi नहीं है...

बाकियों पे मई कमेंट नहीं karunga,par मुझे इतना पता है की अगर स्टोरी शुरू की है तोह उससे सही ढंग से ख़त्म करना मेरी रिस्पांसिबिलिटी है..

और रिस्पांसिबिलिटी पे प्राइस kaisa???just दोंग व्हाट इस मैंट तो बे done....finishing व्हाट ी स्टार्टेड ....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम एंड पार्टी पैरेलल वर्ल्ड पहुँच चुके हैं. जहाँ एक तरफ विक्रम और ास्मोडियस के बीच उनका अंतिम युद्ध शुरू हो चूका है वहीँ दूसरी तरफ जैसे HI अलेसेन्द्र ने अपनी क़ुरबानी दी तोह उसके अगले HI पल सबको चौंकाते हुए भुविका ने एंट्री मारी

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

( डेविल्स डेमोलिशन )

फाइनल अपडेट (PART-1)

फ्लैशबैक ( अपडेट 115 )

MAI-ANALIA और उसके अंदर mai,hum दोनों अपने घर से कुछ दूर एकांत में बैठे hi थे की तभी हमारे सामने एक तेज़ रौशनी उभरी....

उस रौशनी से निकलने वाली किरणों से हमारे शरीर को जो की एक hi था, बोहोत शांति मिल रही थी..

हम दोनों उस शांति को महसूस कर hi रहे थे की तभी वो रौशनी काम होने लगी और जैसे hi रौशनी पूरी ख़त्म हुई तोह....

HUM-LORD आप?????

हमारे सामने लार्ड ऑफ़ एंगेल्स the....itne दिनों पश्चात् लार्ड को अपने सामने देख हम दोनों hi बोहोत खुश हुए थे....

और वैसे bhi,jo लार्ड ने हम दोनों बहेनो और हमारे पुरे गृह के लिए किया tha,uski वजह से हम सभी उनसे मिलने ko,unhe अपने समक्ष एक बार फिरसे देखने को बोहोत आतुर थे.....

और aaj,abhi यूँ अचानक लार्ड को अपने सामने देख हमारी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था....

अनलिए ने और फिर उसके अंदर से मैंने लार्ड को हमे दोबारा दर्शन देने के लिए धन्यवाद कहा....

कुछ देर तक यूँही बातें करने के बाद:-

VIKRAM-BHUVIKA,apni बेहेन के अंदर रहने से कैसा लग रहा है???

मई- बोहोत ाचा लग रहा है लार्ड....

मेरी बात सुन लार्ड के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी जिससे मई हड़बड़ा सी गयी...

वैसे तोह मई अपनी बेहेन अनलिए के अंदर thi,mera खुदका कोई शरीर नहीं था फिर भी मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी इस हड़बड़ाहट को लार्ड ने महसूस कर लिया है....

और वो इसीलिए क्यूंकि मेरी बात सुन लार्ड की मुस्कराहट और गहरी हो गयी थी....

VIKRAM-kya सच में???

अनलिए- नहीं LORD....ye झूट बोल रही hai...isse हर वक़्त अपने खुद के अस्तित्व का ,अपना खुद के शरीर के ना होने का गम खलता है...

मई- तू भी ना ANALIA,kuch भी बोलती hai..maine ऐसा कब कहा तुझसे???

ANALIA-tu भूल रही है की तू इस वक़्त मुझमे hi समायी हुई hai...tere भावनाये मेरे दिल से जुडी हुई हैं..

तेरी ख़ुशी और सारे गम के एहसासों को महसूस मेरा hi दिल करता है....

मुझे पता है की भले hi तुझे इस बात की ख़ुशी है की तू मेरे साथ hai,par साथ hi तुझे इस बात का दुःख भी है की अब तेरी अपनी कोई पहचान नहीं....

अनलिए की बात सुन मई कुछ ना कह paayi....kehti भी तोह kya,thi वो सही hi,aur ऊपर से ये जानते हुए भी की लार्ड से कुछ नहीं chhupta,maine लार्ड के सवाल पर झूट कहा था...

इस बात की भी मुझे शर्मिंदगी thi.....par जैसा की मैंने कहा की लार्ड से कुछ नहीं chhupta,toh फिर मेरी ये आत्मग्लानि भी कहाँ छुपनि थी इसीलिए.....

VIKRAM-tumhe लज्जित महसूस करने की ज़रुरत नहीं है BHUVIKA.....jo तुम महसूस कर रही ho,wo महसूस करना स्वाभाविक है...

और करना भी chahiye..bhale hi कोई किसीसे कितना hi प्रेम क्यों ना kare,par उसका खुदका भी एक वजूद होना अनिवार्य है....

BHUVIKA-kintu अब ये अनिवार्यता मुझपर लागु तोह हो नहीं सकती LORD!!!toh फिर इस बारे में सोचकर या बाटकर कर क्या फायदा....????

विक्रम- किसने कहा ये tumse??arre haan,maine hi कहा tha..???par.....jhooth कहा था...

मई- jhooth....!!!arthaath!!!!

विक्रम- अर्थात ये........

लार्ड ने अपनी बात अधूरी छोड़ अपने हाथ आगे kiye..unke ऐसा करते hi उनके हाथों से वाइट एनर्जी की एक मोती सी रे निकल अनलिए पर पड़ी और उससे होते हुए जैसे hi वो एनर्जी शरीर के अंदर पहुंची तोह अगले hi पल.....

मुझे ऐसा लगा मानो कोई शक्ति मुझे अंदर से बाहर की तरफ धकेल रहा ho...us शक्ति का ज़ोर इतना ज़्यादा था की अनलिए के शरीर के अंदर से एक और वाइट एनर्जी की मोती सी रे उसके शरीर से बाहर आने लगी..

पूरी तरह बाहर आ वो एनर्जी अनलिए और लार्ड के बीच आकर रूक gayi...kuch पलों तक उसी रूप में रहने के बाद उस वाइट एनर्जी ने एक नया रूप लेना शुरू किया..

एक इंसानी roop..aur देखते hi देखते जब उस वाइट एनर्जी ने खुदको एक इंसानी रूप दिया तोह उससे देख अनलिए ख़ुशी से उछाल पड़ी...

REASON....ANALIA के सामने इस वक़्त जो कड़ी थी वो और कोई नहीं मई thi...aur वो भी अपने उसी पुराने और सम्पूर्ण रूप में जिसके मिट जाने की वजह से मई अपनी बेहेन में समायी थी...

अनलिए तुरंत आगे बढ़ी और उसने मुझे गले से लगा liya...jahan मेरी बेहेन खुश थी वहीँ मई खुश भी थी और शॉकेड भी....

मुझे यकीं hi नहीं हो रहा था की मुझे अपना शरीर वापस मिल चूका tha...jaise hi अनलिए मुझसे अलग हुई तोह मई खुदही को छू छू कर खुदको यकीं दिला रही थी की सपना नहीं बल्कि हक़ीक़त है...

मई तोह अभी और नाजाने कितने hi वक़्त तक खुदही में खोयी रहती पर तभी....

अनलिए- धन्यवाद LORD.....meri बेहेन मेरे पास ज़रूर थी पर अब तक कहीं न कहीं मुझे उसका खुद के शरीर को खोने का बोहोत अफ़्सोसो था...

मई उससे बातें तोह कर लेती थी पर उससे छू नहीं पाती thi...usse अपने सुख दुःख बाँट तोह लेती थी पर उससे गले लगा नहीं पाती थी...

पर आज आपने मेरी बेहेन को उसका शरीर लौटा मेरी साड़ी ख्वाहिशों को पूरा कर दिया....

जहाँ एक तरफ अनलिए की बात सुन लार्ड बस मुस्कुरा रहे थे वही मई जो अपने आप में hi व्यस्त thi,apni बेहेन की आवाज़ सुन मेरा भी ध्यान लार्ड पर गया....

मई- आपने जो आज फिरसे मुझपर कृपा की उसके लिए ध्यन्यवाद बोहोत छोटा शब्द होगा लार्ड...???

VIKRAM-dhanyawaad kaisa??jo तुम्हारा tha,tumhe वापस मिल गया...

भुविका- क्या मई कीउच्च पूछ सकती हूँ लार्ड????

मई- यही ना की जब तुम ठीक हो सकती थी तोह फिर मैंने झूट क्यों कहा था की तुम्हे हमेशा के लिए अनलिए के अंदर hi रहना पड़ेगा!!!!

मई- जी लार्ड....

VIKRAM-wo झूट तोह tha,par पूरी तरह से नहीं.....

लार्ड की बात पर मेरे और अनलिए के चेहरे पर सवाल दिखने लगा था.....

VIKRAM-mere कहने ला मतलब है की मैंने सिर्फ ये झूट कहा था की तुम्हे हमेशा के लिए तुम्हारी बेहेन के शरीर में रहना पड़ेगा पर ये पूरा झूट इसीलिए नहीं है क्यूंकि जब मैंने तुम्हारे शरीर से ब्लैक एनर्जी निकली thi,us वक़्त तुम्हारा अनलिए के शरीर में जाना आवश्यक था....

मई- LORD,mai आपके कथन का अर्थ अब भी नहीं समझ पा रही हूँ???

विक्रम- जानता हूँ पर कुछ hi शानो में तुम्हे समझ में आने lagega,ya फिर ये कहूं की तुम खुद अपने सवाल का जवाब डौगी पर उससे पहले मेरे सवालों का उत्तर दो...

काफी वक़्त तक तुम ब्लैक एनर्जी की धारक रही thi..us वक़्त तुमने ध्यान केंद्रित कर अपनी उन काली शक्तियों को और निखारने की कोशिशे भी की थी...

तोह मेरा सवाल ये है की ब्लैक एनर्जी की सबसे बड़ी खासियत क्या होती है???

MAI-BLACK एनर्जी की सबसे बड़ी khaasiyat!!!!!arre haan,yahi की अगर किसीने ब्लैक एनर्जी को अपना लिया hai,toh वो अपने उस धारक की हर khubi,har शक्ति जो उसके पास पहले से hai,usse बढ़ा देती है...

विक्रम- बिलकुल sahi....aur तुमने भी तोह यही किया था naa???BLACK एनर्जी की धारक बानी थी..

तोह अब ज़रा ये बताओ की जब तुमने ब्लैक एनर्जी को चुना tha,dhaarak बानी थी तब उस ब्लैक एनर्जी ने क्या किया होगा???

MAI-jab मई ब्लैक एनर्जी की धारक बानी तब उसने क्या किया hoga?????arre haan,ye मई कैसे भूल गयी......

जैसे hi मेरे दिमाग में लार्ड के या फिर ये कहूं की मेरे hi सवाल का जवाब gunja,toh मई ख़ुशी से उछाल पड़ी और तुरंत आगे बढ़ मैंने लार्ड के पेअर छूने चाहे पर लार्ड ने मुझे ऐसा करने से रोक दिया...

विक्रम- मैंने कहा था ना की कुछ hi देर में तुम खुद hi खुदके पूछे सवाल का जवाब डौगी...

भुविका- जी LORD....aapki कोई बात कैसे खाली जा सकती hai...mera आपको कोटि कोटि नमन लार्ड.....

यहाँ मई लार्ड को लगातार ध्यन्यवाद कहे जा रही थी और वहां मेरी बेहेन अनलिए को अब भी कुछ समझ में नहीं आया था और इसीलिए....

ANALIA-mujhe तोह कुछ भी समझ में नहीं aaya..mujhe भी तोह समझाइये....

मई- LORD,kya मई???

मेरे सवाल पुरे होने से पहले hi लार्ड ने हाँ में सर होला अपनी स्वीकृति दी....

MAI-BLACK एनर्जी अपने धारक के हर शक्ति हर काबिलियत को और बढाती hai....bhale hi वो शक्ति उसकी दुश्मन hi क्यों ना हो??

और ब्लैक एनर्जी की एक मात्रा और सबसे बड़ी दुश्मन कौन है???

ANALIA-WHITE एनर्जी....

मई- haan..WHITE ENERGY....wahi एनर्जी जिसके हम क्यूरियस वासी लार्ड और एंगेल्स के बाद सबसे बड़े धारक होते hain..jo हमारी शक्ति भी है और हमारी काबिलियत भी....

जिसके पैदा होने के पश्चात मेरे अंदर कमी हो गयी thi....par फिर भी मेरे अंदर वाइट एनर्जी बोहोत ज़्यादा मात्रा में थी और जब मई ब्लैक एनर्जी की धारक बानी तोह उसने मेरी बाकी कमियों के साथ साथ मेरे अंदर वाइट एनर्जी की जो थोड़ी सी कमी thi,usse भी दूर कर दिया....

अनलिए- पर kaise???mera मतलब है की उस कमी को पूरा करने के लिए ब्लैक एनर्जी को तेरे अंदर वाइट नेर्ग्य पैदा करनी थी..

पर ब्लैक एनर्जी का वाइट एनर्जी पैदा karna,ye कैसे मुमकिन है???

मई अनलिए के सवाल का जवाब देती उससे पहले hi....

VIKRAM-ANALIA...tum क्यूरियस वासी पुरे ब्रम्हांड में एकलौते ऐसे हो जिनमे खून नहीं वाइट एनर्जी दौड़ती है....

तोह ज़ाहिर सी बात है की तुमने अपने पूर्वजो से वाइट एनर्जी और ब्लैक एनर्जी के बारे में ज़रूर सुना होगा!!!

अनलिए- जी LORD,suna है....

VIKRAM-toh ये बताओ की ब्लैक एनर्जी को जन्म किसने दिया???

ANALIA-WHITE एनर्जी ne....samast ब्रम्हांड में बेस मनुष्य जाती के ह्रदय me,unke मस्तिष्क में जैसे hi नकारात्मक विचार ने जन्म liya,toh उस एहसास ने वाइट एनर्जी की ताकत के असर को पूरा उल्टा कर दिया...

और इसी bhaavna,vichar के फेरबदल से वाइट एनर्जी के भीतर से निकली ब्लैक एनर्जी.....

VIKRAM-bilkul sahi...toh इसका अर्थ ये है की ब्लैक एनर्जी ने खुदको एक अलग पहचान दी...

पर उसकी पहचान आज भी वाइट एनर्जी की दें hai....aur अगर वो चाहे तोह खुदको वापस अपने जन्म डाटा में सम्मिलित कर सकती है जो वो करेगी नहीं....

पर खुदके फायदे के लिए वो अपना रंग और स्वाभाव बदल ज़रूर सकती है...

भुविका के मामले में उसने यही kiya....kyunki भुविका ने ब्लैक एनर्जी को अपना लिया tha,toh उसने भुविका को और शशखत बनाने के लिए अपने कुछ कानो की कुबानी दे उसकी वाइट एनर्जी की कमी को दूर कर दिया....

पर जब मैंने भुविका के अंदर से उस ब्लैक एनर्जी को निकला तब उसके वो कण जिससे उसने वाइट एनर्जी में बदला tha,wo भी बेकाबू होने लगे...

वो वापस अपने असली फॉर्म यानी ब्लैक एनर्जी में बदलना चाहते थे पर क्यूंकि भुविका के अंदर सिर्फ वाइट एनर्जी hi बची थी और वो वापस उसी की धारक बन चुकी थी इसीलिए वो कण वापस ब्लैक एनर्जी में नहीं बदल प् रहे थे..

पर उनके बेकाबू होने की वजह से भुविका के शरीर में वाइट एनर्जी की जो कमी की तकलीफ thi,usne वापस जन्म लिया....

और इसीलिए hi मैंने भुविका को एक ऊर्जा का रूप देकर तुम्हारे अंदर भेजा tha..tumhare शरीर में बेहटा वाइट एनर्जी का समंदर भुविका के अस्थिर हुए ऊर्जा को शांत करने लगा....

और अब उन कानो ने खुदको व्हीएते एनर्जी के रूप में स्वीकार कर लिया है जिसका मतलब है की भुविका के शरीर की कमी अब दूर हो चुकी है...

और इसीलिए hi तुम्हारी बेहेन अपने पैरों पर कड़ी है....

लार्ड की बात सुन मेरी hi तरह अनलिए भी लार्ड के आगे झुकने को हुई पर उन्होंने उससे भी ऐसा करने से रोक दिया...

VIKRAM-BHUVIKA,mujhe तुम्हारी मदद चाहिए....

मई- ऐसा कहकर आप मुझे शर्मिंदा ना करें LORD..aadesh दें....

VIKRAM-BEELZEBUB ने खुदके जीवन कानो को अपनी माँ अलेसेन्द्र के अंदर छुपाया है....

उन जीवन कानो को निकलने के लिए अलेसेन्द्र को अपनी कुर्बानी देनी होगी...

किन्तु उसके बाद भी बिल्जेबब को मारना आसान नहीं hoga...kyunki वो ब्लैक एनर्जी के साथ साथ वाइट एनर्जी का भी धारक है...

मई चाहूँ तोह उससे मार सकता हूँ पर अगर मैंने ऐसा किया तोह उसके अंदर जो दोनों शक्तियां hain,wo फैट जाएंगी जिससे आधे ब्रम्हांड का नाश हो जाएगा....

बिल्जेबब का अंत सिर्फ तुम hi कर सकती हो BHUVIKA....aur kyun,ye तुम अछि तरह से जानती हो....

पर ध्यान rahe,tumhe बस एक hi मौका milega..isiliye अपनी वाइट एनर्जी पर काबू पाओ और उन्हें समझो....

मई- जी LORD....BEELZEBUB का अंत मई hi करुँगी....

चलें???

(ये आप पढ़ चुके हैं)

VIKRAM-pehle जो कहा है वो तोह karo..aur वैसे bhi,wo जिस जगह पर hai,wo जगह अभी चुप्पी हुई hai..ek बार मई उससे ढूंढ lun,fir तुम्हे बुलाऊंगा...

तब तक जो कहा hai,uspar अपना ध्यान केंद्रित करो....

बैक तो प्रेजेंट:-

भुविका- यही है मेरे वापस लौटने ki,aur इस पापी के अंत के शुरुआत की कहानी...

भुविका को देख जो ANJALI,RONIT,DEFENDER हैरान हुए the,ab उनके चेहरों पर सिर्फ ख़ुशी के hi भाव दिख रहे थे...

वहीँ इन सबसे अलग बिल्जेबब के चेहरे पर अब तोह कोई एक्सप्रेशन hi नहीं था..

वो यूँही एक तक भुविका को देखे जा रहा था....

डिफेंडर और मेरे दोस्तों को अपने यहाँ होने की वजह बता भुविका बिल्जेबब की तरफ पलटी....

BHUVIKA-MAA.....jisse परमेश्वर से भी बड़ा दर्जा दिया गया hai,usse अपनी इस मनहूस जीवन की ढाल बनाकर तूने अपना घटियापन साबित कर दिया है बिल्जेबब.....

BEELZEBUB-baatein...bas यही बेअसर हथियार hi तोह बचा है तेरे पास....

अपने शरीर को वापस पाने की ख़ुशी में तू ये तक भूल गयी है की अब तेरे पास कोई अलौकिक शक्ति नहीं बची है...

ब्लैक एनर्जी का त्याग कर तूने अपनी साड़ी मायावी शक्तियां खो दी hai...aise में तू मुझे बिल्जेबब के सामने खड़े हो उससे मारने की बात कर रही है....

मारेगी तोह अब तू और वो भी मेरे हाथों....

अपनी बात कहने के बाद बिल्जेबब के हाथों में एक ब्लैक रे दिखने लगी जिससे RONIT,ANJALI और डिफेंडर ने भी देख लिया था..

और देखते hi तीनो भुविका को बचने आगे बढे hi थे की......

भुविका- आप सब अपनी जगह पर hi रुकिए और मुझपर विश्वास kijiye..mujhpar नहीं तोह कमसेकम लार्ड पर तोह विश्वास कर hi सकते हैं आप सब...

इतना तोह जानते hi होंगे ना आप सब की लार्ड का कोई भी फैसला अकारण नहीं hota...agar उन्होंने मुझे यहाँ बुलाकर इसके सामने खड़ा किया है तोह ये मेरे hi हाथों मरेगा....

भुविका की बात में दम था इसीलिए RONIT,ANJALI और डिफेंडर ने कुछ ना कर बस तमाशा देखने की सोची...

BHUVIKA-aur BEELZEBUB.....der किस बात ki...jo काली ऊर्जा से बना गोला तेरे हाथ में hai,kar वार मुझपर इससे...

उसके बाद तुझे पता चलेगा की कौन कितना भुला है....

भुविका की बात सुन बिल्जेबब ने एक बार उससे घुरा और अगले hi पल...

अरे ये KYA?????MERA छोड़ा अस्त्र कहाँ गायब हो गया????

बिल्जेबब जिसने भुविका की बात या फिर ये कहूं की उसके चैलेंज को सुनते hi उसपर अपने हाथों में चमक रहे काली ऊर्जा की गंध को फेका tha,wo ऊर्जा गंध भुविका तक पहुँचने से पहले की गायब हो चुकी थी जिससे देख बिल्जेबब के साथ साथ मेरे दोस्त और डिफेंडर भी चौंके थे....

BHUVIKA-itna चौंक क्यों रहा है BEELZEBUB...maine कहा था की तेरे हाथ की ऊर्जा गंध फेकने के बाद तुझे पता चलेगा की आखिर असल बात भुला कौन है????

भूल गया की इस वक़्त तेरे अंदर एक और ऊर्जा hai....SHWETH URJA...WHITE ENERGY....aur वो ऊर्जा तेरी नहीं बल्कि मेरी है.....

और जब तक मेरी ऊर्जा तेरे अंदर है तब तक तू मेरा कुछ नहीं बिगड़ sakta....tera हर वार मुझतक पहुँचने से पहले hi ख़त्म हो जाएगा....

भुविका की बात सुन बिल्जेबब chownka..usse भी अपनी भूल का एहसास हुआ और उससे इस बात का भी अंदाज़ा हो गया की वो भुविका को नहीं मार सकता...

BEELZEBUB-toh क्या हुआ जो मई तुझे नहीं मार sakta..tu कौन सा मेरे रास्ते को रोड़ा है????

तू कड़ी रह यहीं पर देख कैसे मई तेरे आँखों के सामने तेरे इन घनिष्ट मित्रों को मौत देता हूँ....

BHUVIKA-arre रूक रूक rook...itni जल्दी भी क्या hai??mere मित्रों से लड़ने से पहले मुझसे एक आखरी सौगात तोह लेता जा....

भुविका की बात सुन बिल्जेबब के माथे पर सवाल की सिलवटें दिखने लगी....

भुविका- नहीं समझा naa..samjhati hun..dekh,ye तोह तूने सही कहा था की मेरे पास अब कोई अलौकिक शक्तियां है नहीं जिससे मई किसीका भी सामना कर पाऊं...

पर तेरे पास तोह बोहोत शक्तियां है naa...aur तेरी शक्तियों को ज़्यादा बढ़ने में सबसे बड़ा हाथ मेरी ऊर्जा का है जो इस वक़्त तेरे अंदर है..

तोह इसीलिए तू एक काम kar,apni शक्तियों को और बढ़ने के लिए तू मेरी साड़ी ऊर्जा अपने में समां ले...

इससे तू और शक्तिशाली हो jaayega...fir इन तीनो को kya,tu सभी एंगेल्स पर भारी पड़ेगा.....

BEELZEBUB-paagal है kya???teri ऊर्जा मेरे अंदर जाते hi मेरी ऊर्जा ख़त्म हो जायेगी....

एक min...kahin तू????

संयुक्तं सार्धं स्व ओजस्य

ज्वाइन विथ माय एनर्जी

इससे पहले की बिल्जेबब अपनी बात पूरी karta,BHUVIKA ने अपने हाथ आगे कर इस स्पेल को बोलै जो की असल में कोई स्पेल था hi नहीं...

ये तोह बस अपनी ऊर्जा को अपनी दूसरी ऊर्जा जो इस वक़्त किसी और के पास thi,(BEELZEBUB) उससे मिलाने का तरीका था.....

(यही वो स्पेल वो तरीका था जिसके बारे में विक्रम ने भुविका को क्यूरियस में बोलै था)

khair,jaise hi भुविका ने ये स्पेल bola,uske शरीर को एक तेज़ झटका लगा ुर अगले hi पल....

एक झटके में भुविका के शरीर से उसकी साड़ी वाइट एनर्जी बाहर निकली और इससे पहले की बिल्जेबब कुछ रियेक्ट कर पाटा,

वो साड़ी ऊर्जा अपनी बची ऊर्जा से मिलने जो की बिल्जेबब के अंदर समां गयी और....

AHHHHHH.....AHHHHHHH.......AHHHHHH......

एक के बाद एक कई साड़ी चीखें बिल्जेबब के मुँह से निकलने लगी....

इस वक़्त बिल्जेबब का पूरा शरीर कभी काला तोह कभी पूरा सफ़ेद होता जा रहा था......

कुछ देर तक ये सब यूँही चलता रहा और फिर.......

अचानक बिल्जेबब का आधा लेफ्ट साइड का चेहरा और उसी साइड की पूरी बॉडी सफ़ेद और दूसरे साइड का चेहरा और उस तरफ की बॉडी काली हो गयी...

और साथ hi बिल्जेबब का चीखना भी बंद हो गया था..

एक तक बिना पलकें झपकाएं उसने एक बार भुविका को और एक बार DEFENDER,ANJALI और रोनित की तरफ देखने लगा...

उसके यूँ देखते वक़्त उसका एक तरफ के कलर को दूसरे तरफ का कलर सोखने लगा था और जैसे hi उसका चेहरा और शरीर एक रंग के हुए.....

बिल्जेबब के मुँह से कुछ शब्द निकले और.......

भूमममममम.................

BEELZEBUB,HEIR ऑफ़ ब्लैक एनर्जी का chapter ख़त्म हो चूका था.....

एक दूसरे को शक्ल देखने के बाद जब मेरे दोस्तों की नज़र MOKALSAR,AKSHAANT और शैला की तरफ गयी तोह सबने अपने दिमाग को झटका और....

DEFENDER-BHUVIKA,tum यहीं rooko..hum इन डेविल्स की सेना को खतम करके आते हैं...

ये बोल डिफेंडर ने भुविका के चारों तरफ एक शील्ड बना दिया और ऐसा होने के अगले hi पल वो तीनो व्रीहाख वासियों की तरफ बढ़ गए.......

बैक तो हीरो:-

फाइनल वॉर कॉन्टिनोस

जिसके लिए तूने चुके

हर कीमत है

वो मंज़िल अब तेरे

बेहद निकट है

अपनी साड़ी शक्ति को टोल,

झाँक अपने भीतर

युद्ध का स्तर और बढ़ेगा,

दे हर वार का उत्तर

तेरे पराक्रम के साथ जब

तेरा दिमाग सजग होगा

तभी पुण्य से पाप अलग होगा

पर..........

असली युद्ध में मुश्किल है

तेरा जीत का स्वाद चखना

अपने प्रथम गुरु को और,

उसके पहले उपहार को याद रखना

एक आखरी बार मई

तुझे तेरा रास्ता दिखाउंगी

इस खेल के अंतिम चरण में

एक बार फिरसे तेरे सामने आउंगी...

मेरे वार से जब ास्मोडियस बेहोश hua,aur जब क्यूब से 7 काली रेज़ निकल जो की थे सेवन ोपोस्टल्स the,ASMODEUS में samaaye,thik तभी मेरे अंदर चुप्पे आखरी भविष्यवाणी ने खुद को खोला...

पर अपनी एक आखरी कड़ी उसने अभी भी छुपाई हुई thi,aur जिससे वो मेरे इस युद्ध के अंतिम चरण में मेरे सामने लाने वाली थी....

khair,abhi के लिए मुझे साड़ी चीज़ें क्लियर thi...mujhe पता था की आगे मुझे क्या और कैसे करना है...

पर मई ये भी जानता था की की युद्ध सिर्फ एक की बुद्धि से तोह चलता nahi...saaamne खड़ा प्रतिद्वंदी जैसा वार करता hai,uska जवाब

उसी की तरह hi देना होता है और नयी युक्तियाँ उसी हिसाब से hi बनानी पड़ती हैं...

यहाँ मई अपनी सोचों में गुम tha,aur वहां मेरे सामने बेहोश पड़े ास्मोडियस के अंदर वो 7 रेज़ समां चुकी थी और ऐसा होते hi ास्मोडियस की आँखें खुल गयी...

और आँखें खुलते hi वो एक झटके में खड़ा हो चूका था....

मई- तोह जनाब अपने आखरी डाव के लिए एक्के छुपाये हुए थे और वो भी एक दो या तीन नहीं बल्कि पुरे 7,हाँ!!!!!

पर मेरी बात का अस्मोड़ोेउस ने कोई जवाब नहीं diya...kuch पल तक लगातार मुझे घूरते रहने के बाद उसने अपने दोनों हाथ फैलाये और......

परिवर्धन सार्धं शक्तियम

मल्टीप्लय विथ पावर

ास्मोडियस के स्पेल उच्चरित करते hi उसके अंदर से एक एक करके उसस्के कुल 7 रूप बाहर आये.....

ये साथ रूप असल में थे सेवन ोपोस्टल्स hi थे जिन्होंने अभी ास्मोडियस का रूप धरा हुआ था....

अब मेरे सामने कुल 8 ास्मोडियस थे..7 ोपोस्टल्स और एक ओरिजिनल ास्मोडियस...

और इसका मतलब था की भविष्वाणी में जो युद्ध के स्तर के बढ़ने की बात कही गयी वो यही थी..

मुझे एक साथ इन आठों ास्मोडियस से लड़ना था.....

मई जानता था की इसके अलावा और कोई चारा भी नहीं है इसीलिए मई पूरी तरह से तैयार था....

वहीँ मेरे सामने खड़े 8 ास्मोडियस ने अपना एक एक हाथ मेरी तरफ किया और.....

आघात सार्धं सम्पूर्ण शक्तियम

अटैक विथ कम्पलीट पावर

जैसे hi उन आठों ास्मोडियस के मुँह से ये बात nikli,unke हाथों से तेज़ काली शक्तियों की रे निकल मेरी तरफ बढ़ी....

विधारती शक्तियम

होल्ड पावर

मैंने भी अपना एक हाथ आगे कर इस मंत्र को उच्चरित kiya...mere ऐसा करते hi मेरे हाथ के आगे एक वाइट एनर्जी की परत सी बन गयी...

और जैसे hi आठों ास्मोडियस के हाथों से निकली रस्य मेरे हाथ के पास पहुंची तोह वो रूक गयी....

ब्लैक एनर्जी की रे रूक ज़रूर गयी thi,par उनका फाॅर्स और पावर बोहोत ज़्यादा tha..mere हाथ के आगे की वाइट एनर्जी से बानी परत उस फाॅर्स को ठीक से संभल नहीं पा रही थी...

एक साथ मोती गाढ़ी रेज़ की बौछार मेरे हाथों में एक साथ पढ़ रही थी जिससे रोकने की कोशिश मई किये जा रहा था....

और इसका असर मेरे सारे शरीर पर भी हो रहा tha..is वक़्त मेरे जबड़े एक दूसरे को जकड़े हुए से the..maine अपने पुरे शरीर का भार इस वक़्त अपने उस हाथ में लगा दिया था जिससे मई उन आठों ास्मोडियस की रेज़ को रोक रहा था...

मेरे पैरों के दबाव की वजह से गुफा की पथरीली ज़मीं जिसपर मई खड़ा tha,unme दरार आने लगी थी....

पर इतनी शक्ति खर्च करने के बावजूद हर पल मई थोड़ा थोड़ा पीछे खिसकते जा रहा था....

मेरे सामने खड़े मेरे 8 प्रतिद्वंदियों की शक्ति मुझसे ज़्यादा थी....

कुछ देर तक यूँही चलता raha...apni पूरी शक्ति लगाने के बावजूद जब मई सामने से आ रही काली शक्तियों से कमज़ोर पड़ने लगा तोह....

अह्ह्ह्हह्हह..................

मेरे हाथों के आगे जो मेरी वाइट एनर्जी की परत thi,wo टूट गयी और ऐसा होते hi वो आठों रेज़ डायरेक्ट मेरे हाथों में पड़ी और नतीजा....

एक तेज़ चीख के साथ मई कई फुट पीछे हवा में उत्तदा हुआ जा गिरा....

इतना hi nahi,thodi देर पहले जो ास्मोडियस के साथ हुआ tha,ab वो मेरे साथ hua....itni ज़्यादा शक्ति एक साथ लगने और उससे ना झेल पाने के कारण मई बेहोश हो चूका था...

पर मेरे गिरने के बाद और बेहोश होने के बाद भी उन आठों ास्मोडियस ने अपने अपने रेज़ का निकलना बंद नहीं किया..

infact,mai पीठ के बल बेसोश हुआ पड़ा tha....aur इस वक़्त वो आठों काली रेज़ मेरे पीठ पर लगातार पढ़ रही थी जिसकी वजह से मेरी बॉडी हलकी हलकी कामो रही थी....

वैसे तोह मेरे पास मेरी अपनी शील्ड थी पर क्यूंकि मेरा सामने मेरी hi तरह गोड्स सोन से tha,isiliye वो कुछ नहीं कर सकती थी...

khair,mera शरीर तोह बेहोश हो चूका था पर मेरी आत्मा एक सुकून तरन सफर में एक सफ़ेद सी चादर ओढ़े एक सजीब जगह पर उड़ रही थी...

जिस जगह पर मेरी आत्मा thi,wo कोई आज़ाद और खुली जगह नहीं थी पर इसके बावजूद इतनी बड़ी थी जिससे किसी बंधन का एहसास भी नहीं हो रहा था..

मई यूँही इधर उधर देखता आगे बढ़ hi रहा था की,

कहाँ चल दिए बरखुरदार.....

ये आवाज़ मेरे कानो पर पड़ी जिससे सुन मुझे एक झटका लगा पर इस झटके में एक सुकून सा था...

ये आवाज़ मेरे पीछे से hi आयी थी इसीलिए जैसे hi मई पीछे पलटा तोह मुझे दोबारा झटका लगा और दोबारा hi एक नए सुकून को फील किया मैंने...

reason....mere सामने मेरे माँ डैड थे जो गर्व भरी मुस्कराहट से मुझे देख रहे थे....

मई- MOM...DAD....aap दोनों!!!!!

डैड- haan,hum तोह हम hi हैं पर तूने हमारे सवाल का जवाब नहीं diya...kahan जा रहा है इस वक़्त तू???

मई- पता नहीं dad...par अब जब आप दोनों मिल गए हो तोह अब मई यही rahunga,aap दोनों के साथ....

MOM-par बीटा अभी तेरा काम पूरा नहीं हुआ hai..wo काम जिसके लिए तू अपने माँ बाप तक की कुर्बानी देने से पीछे ंशी hata,kya तू उस काम को पूरा नहीं करेगा...???

मई- बोहोत थक गया हूँ माँ.....

DAD-thaka है पर हारा nahi....aur इतना तोह मई अपने बेटे को जानता hi हूँ की वो हार भी नहीं सकता...

माँ- bilkul.....itne सारे कम्पीटीशन्स जीते हैं tune...toh फिर आज जब तेरे सामने तेरी ज़िन्दगी के मैं मकसद का कम्पटीशन hai,toh कैसे हार सकता है तू???

DAD-exactly..uth,aur दिखा सबको की तू जयराज सिंह का बीटा है...

माँ- correction...uth और दिखा सबको की हम दोनों विक्रम जयराज सिंह के माँ बाप हैं....

माँ डैड की बात सुन मई मुस्कुरा दिया और अगले hi पल मेरी आत्मा की आखें बंद हो गयी और तभी.......

वहां मेरी आत्मा की आँखें बंद hui,aur यहाँ मेरी आँखें खुल चुकी thi..sirf आँखें hi नहीं khuli,balki मई एक झटके में खड़ा भी हो चूका था...

वो ब्लैक रेज़ अब भी मेरे शरीर पर पढ़ रही thi...ab भी मुझे काफी तकलीफ हो रही थी पर इस बार मई उन साड़ी तजकलीफ़ों और दर्द को झेलता हुआ अपनी जगह पर खड़ा हुआ था..

वहीँ मुझे यूँ अचानक खड़ा होता देख पहले तोह मेरे सामने खड़े आठों ास्मोडियस शॉकेड hue,par फिर जल्दी से खुद को संभल अपने दोगुने शक्ति से मुझपर उन रेज़ को छोड़ने लगे...

वो सारे रेज़ मेरे सीने के ऊपर पढ़ रहे थे....

एक बार फायर अपने एक हाथ में वाइट एनर्जी की परत को जगा मैंने अपने सीने के आगे हाथ रखते हुए उन काली रेज़ के प्रहार को अपने हथेली पर लिया...

पर एक बार फिरसे वही होने laga...un काली शक्तियों से निर्मित रेज़ की असीमित शक्ति की वजह से मेरे हाथों पर जो वाइट एनर्जी की रे thi,wo धीरे धीरे काम होने लगी...

और अब मुझे जो भी करना tha,wo जल्दी hi करना tha..kyunki उस ब्लैक एनर्जी से मई ख़त्म हो पाऊं या फिर ना हो paaun,par जो पावर उन रेज़ से निकल रही thi,agar उन्होंने मेरी बॉडी के साथ साथ आजु बाजू भी अपना असर दिखाना शुरू किया तोह मेरे दोस्त नहीं बच पाते और इसीलिए.....

भविष्वाणी में कही गयी उस बात को पूरा करने का वक़्त आ गया था जिसमे उसने कहा था की....

अपनी साड़ी शक्ति को टोल,

झाँक अपने भीतर

...

और इसीलिए मैंने अपनी आखें बंद की और अगले hi पल मई अपने पुरे शरीर में दौड़ रहे वाइट एनर्जी से जुड़ गया....

और ऐसा होते hi मुझे अपनी साड़ी ऊर्जा अपने हाथों और पैरों के नसों में फील होने lage....hazar सूर्य जितनी ऊर्जा मेरे दोनों बाज़ुओं में भरने लगी थी....

देखते hi देखते मेरा सारा शरीर हल्का हल्का ग्लो करने लगा था जिसका मतलब था की वाइट एनर्जी जो मेरे अंदर बहती hai,wo अब मेरे पुरे शरीर के अंगों में जान भरने लगी थी.....

और ऐसा होते hi मेरी आँखें खुल gayi...mere अंदर बह रहे वाइट एनर्जी के बाहर आने से मेरे उस हाथ को भी सहारा मिला जिसपर वो ब्लैक एनर्जी की रेज़ पढ़ रही थी...

अब मेरे हाथों पर जो ब्लैक एनर्जी की रे पढ़ रही thi,uska मुझपर कोई ख़ास फर्क नहीं पढ़ रहा था पर मेरा मकसद डिफेंस नहीं अटैक था और इसीलिए.....

विकरसति

डिस्ट्रॉय

बैक तो फ्रंज:-

यार एक बात समझ में नहीं आ रही HAI.....HUM इतने देर में नजाने कितने HI डेविल्स को मार चुके हैं पर इन्हे देख कर लगता है मानो ये अभी भी उतने HI हैं जितने पहले थे.....

ऐसा लग रहा है जैसे ये वापस ज़िंदा हो जा रहे हैं.....

MOKALSAR,AKSHAANT और शैला तोह लगातार डेविल्स को मार hi रहे the,par बिल्जेबब के खात्मे के बाद RONIT,ANJALI और डिफेंडर भी उनकी मदद के लिए पहुँच गए....

पर लगातार हज़ारों डेविल्स को मारने के बाद भी जब रोनित को एहसास हुआ की डेविल्स की संख्या में कोई कमी नहीं आयी है तब उसने अपनी बात बाकी सब के सामने राखी...

अंजलि- हाँ yaar..ye बात तोह मैंने भी नोटिस की hai...hum नजाने कितने hi हज़ार डेविल्स को अब तक मार चुके हैं पर ये साले तोह अब भी उतने के उतने hi दिख रहे हैं...

मोकलसर- पर हम कर भी क्या सकते hain???hume तोह अपना काम करते रहना hi है ना...

डिफेंडर- काम को काम तभी कहा जाता है जब उसका कोई मतलब nikle,koi फल मिले..

पर हम जो इतने देर से कर रहे hain,uska तोह कोई नतीजा hi नहीं निकल रहा है....

SHAILA-toh हम करें क्या???

AKSHAANT-mere पास एक उपाय hai...kyun ना हम मिलकर अपनी अपनी शक्तियों से एक ऐसा बंधन बनाये जसिमे ये सारे डेविल्स बांध जाएँ....

वाइट एनर्जी के बंधन के प्रभाव की वजह से ये डेविल्स कोई शक्ति प्रयोग भी नहीं कर paayenge,tab हम एक साथ अपनी अपनी सम्पूर्ण विनाश के स्पेल्स इन सब पर एक साथ छोड़ देंगे जिससे इनका समूह नाश हो जाएगा...

तब हमे ये भी पता चल जाएगा की जो हम सोच रहे हैं वो सच है या nahi..ye डेविल्स मरने के बाद भी कहीं ज़िंदा तोह नहीं हो जा रहे हैं???

रोनित- वाह भाई AKSHAANT..sahi सोचा है tune...chalo fir,aisa hi करते हैं....

अक्षांत की युक्ति पर सहमति दिखा जैसे hi सब अपने अगले स्पेल को बोलने को हुए....

ऐसा तुम नहीं कर SAKTE....DEVILS को मारने की ज़रुरत नहीं HAI,BAS उन सबको अपने अपने शक्तियों से बने बंधन से बाँध दो.....

ये मेरी आवाज़ थी जिससे सुन सभी एक झटके में रूक gaye...kisiko भी समझ में नहीं आया की मैंने डेविल्स को मारने के लिए मन क्यों किया था..

वो सब मुझसे इस बारे में पूछना चाहते थे पर इससे पहले की वो कुछ पूछते....

MAI-SAB समझ में आ JAAYEGA..WAISE भी अब हम इस खेल के अंतिम चरण पर पहुंचने वाले HAIN...ISILIYE जैसा कहा गया है वैसे KARO,AUR मेरे पास आ जाओ.....

एक बार फिरसे उन सब के मन में मेरी आवाज़ गुंजी जिससे सुनाने के बाद उनके पास कुछ कहने को नहीं बचा tha....aur इसीलिए.....

शक्ति बन्धनं

पावर कॉनफिनेमेंट

डिफेंडर और मेरे फ्रंज ने एक साथ इस स्पेल को उच्चारित किया और ऐसा करने के अगले hi पल....

उन सबके शरीर से वाइट एनर्जी से बानी मोती रेज़ nikli..ye रेज़ इनविजिबल थी जिससे सिर्फ इसका उसे करने वाला hi देख सकता tha,DEVILS नहीं....

वो साड़ी रेज़ एक साथ मिलकर एक रोप की शक्ल ले दोनों तरफ से सारे डेविल्स को घेरने लगे....

और जैसे hi उन रेज़ के दोनों सिरे घूमते हुए एक दूसरे से mile,wo विज़िबल हो गए और डेविल्स को भी दिखने लगे....

पर अब डेविल्स कुछ भी नहीं कर सकते the...wo फास चुके the..WHITE एनर्जी से बने इस बंधन के अंदर से ना तोह वो खुद निकल सकते थे और नाही कोई स्पेल कह सकते थे..

उनके सारे स्पेल्स वाइट एनर्जी के उस बंधन से टकराकर निष्क्रिय हो जाते....

अपना काम ख़त्म कर डिफेंडर और मेरे दोस्त भुविका के पास pahunche..BHUVIKA के साथ hi इस वक़्त मेरी ाव कड़ी थी....

दोनों को ले सभी मेरे पास पहुँच गए और जहाँ का नज़ारा देख सभी को झटका लगा..

REASON....unke सामने एक तरफ मई खड़ा था और दूसरी तरफ 8 ास्मोडियस जिनके हाथों से एक साथ ब्लैक एनर्जी से बानी एक रे निकल रही थी जिससे मैंने अपना हाथ आगे कर रोका हुआ था...

इस नज़ारे को देख मुझे तकलीफ में समझ रोनित आगे बढ़ने को हुआ पर.....

डिफेंडर- rooko..is जुंग में हम लार्ड की मदद नहीं कर sakte..ye उनकी लाधायी hai..unhe hi लड़ना होगा और वैसे भी तुमने ध्यान से नहीं देखा..

dekho,bhale hi लार्ड अकेले hain,par इस वक़्त वो ब्लैक एनर्जी से बने रे को आसानी से रोक रहे हैं...

इतना hi nahi,dheere धीरे उनके हाथों से निकलते वाइट एनर्जी का रे उन 8 ब्लैक एनर्जी के समागम से निकले रेज़ को वापस धकेल रहा है...

ध्यान से dekho,is वक़्त लार्ड का पूरा शरीर वाइट एनर्जी के प्रभाव से हल्का हल्का चमक रहा है जिसका अर्थ है की उन्होंने अपनी अंदरूनी शक्ति बाहर लाया है...

ऐसे में हममे से किसी का भी उनके ऊर्जा क्षेत्र में जाना ठीक नहीं होगा....

डिफेंडर की बात सुन रोनित के साथ साथ सभी का ध्यान डिफेंडर की कही बातों पर गया और उन्हें पता चला की सब वैसा hi है जैसा डिफेंडर ने कहा है..

पर जो दरसिह्या उन सबके सामने tha,wo अविस्मरणीय tha..do दो महाशक्ति का ऐसा टकराव उन्होंने कभी भी नहीं देखा था...

एक दूसरे का हाथ थामे धड़कते दिल से सभी इस महासंग्राम को एक तक देखने लगे....

बैक तो हीरो:-

बस बहुत HUA......IS आखरी माया को अलविदा कहने का वक़्त आ गया है मेरे भाई.....

मेरे शरीर के अंदर की साड़ी ऊर्जा के बाहर आने की वजह से ब्लैक एनर्जी की रे का मेरे हाथ के ऊपर असर ख़त्म हो गया था..

पर जैसा की मैंने कहा था की मेरा मकसद डिफेंस नहीं बल्कि अटैक था इसीलिए....

मैंने अपनी शरीर की साड़ी ऊर्जा को अपने हाथों के ज़रिये बाहर निकलना शुरू किया..

मेरे ऐसा करने से मेरे अंदर की वाइट एनर्जी ने भी ास्मोडियस की ब्लैक एनर्जी की hi तरह एक रे की शकल ली और जैसे hi उस रे के बाहव ने हाथों को छुआ...

ऐसा होते hi मेरे हाथों के आगे की ब्लैक एनर्जी की रे को एक झटका लगा और अगले hi पल वो वापस पीछे होने लगी..

सिचुएशन के यूँ अचानक बदलने से कुछ देर पहले जैसे मेरे जबड़े आपस में भींचे हुए से the,paaon नीचे पथरीली ज़मीं पर धस से गए the,waisa hi कुछ अब मेरे सामने खड़े आठों ास्मोडियस के साथ होने लगा...

वो सब भी अब अपनी पूरी शक्ति लगा मेरे रे को आगे बढ़ने से रोक रहे थे पर वो इस प्रयास में कामियाब बिलकुल भी नहीं हो पा रहे थे....

मेरी रे धीरे धीरे उनकी काली शक्तियों की रे पर भारी पड़ती हुई उससे पीछे की तरफ धकेलती जा रही थी और कुछ hi देर में उनकी रे जो एक पॉइंट पर आकर एक हो रही thi,us पॉइंट पर पहुँच गयी...

और तभी मैंने कहा की इस आखरी माया को ख़त्म करने का वक़्त आ गया है.....

अपनी बात कह मैंने अपनी ऊर्जा के बाहव को और तेज़ कर दिया...

मेरे ऐसा करते hi ब्लैक एनर्जी की स्टार्टिंग पॉइंट जहाँ से वो सारे रेज़ एक होकर निकल रहे the,wahan हलचल सी होने लगी और अगले hi पल.....

एक हलके झटके के साथ वो साड़ी रेज़ अलग हो gayi.....rays के अलग होते hi वो साड़ी रेज़ वापस 8 हिस्सों में बात गयी जिनकी शुरुआत उन आठों ास्मोडियस से थी...

ब्लैक रेज़ के 8 हिस्से में बैठते hi मेरी रे भी 8 हिस्सों में बात गयी और मेरी रे का हर हिस्सा उन रेज़ के हर हिस्से को पीछे धकेलने लगा....

अपनी रे को अपनी तरफ आता देख आठों ास्मोडियस ने अपने दूसरे हाथ की शक्ति से और काली ऊर्जा पैदा की ताकि उनके रेज़ को और ताकत मिले पर उनके ऐसा करते hi मैंने भी अपने दूसरे हाथ से वाइट ऊर्जा पैदा करना शुरू कर दिया ताकि मेरी रेज़ भी और शक्तिशाली हो जाएँ...

और हुआ भी ऐसा hi,unki कोई भी युक्ति काम नहीं आयी और देखते hi देखते मेरे आठों रेज़ ने उनके आठों रेज़ को धकेलते हुए उनके हाथ में वापस भेज दिया और तभी....

AHHHHH......AHHHH......AHHHH.....AHHHHH......AHHHHH.....AHHHHH...AHHHH....AHHHHH....

एक साथ आठ कराहें निकली जो की मेरे सामने खड़े आठों ास्मोडियस की थी और

reason.....unki शक्ति को धकेल जैसे hi मेरी ऊर्जा ने उन्हें chua,toh उन सबके शरीर को एक झटका लगा जिस वजह से उनके मुँह से कारः फुट पड़ी..

पर मई नहीं rooka..infact मैने अपनी ऊर्जा के बहाव को और ज़्यादा कर दिया और नतीजा....

मेरी आँखें चमक उठी...

reason...asli ास्मोडियस को छोड़ बाकी के उसके सातों रूप जो की थे सेवन ोपोस्टल्स the,wo वापस अपने असली मालिक मतलब असली असमदोटूस की तरफ खींचने लगे....

कुछ पल lage,aur फिर........

AAHHHHHHHHHHH..................

एक दर्दनाक चीख पुरे गुफा में गूंज uthi.....ye चीख असमदोटूस के मुँह से निकली थी...

reason....THE सेवन ोपोस्टल्स उसके अंदर वापस समां चुके थे पर उसके चीखने का रीज़न ये था की अपने साथ साथ थे सेवन ोपोस्टल्स मेरी ऊर्जा को या फिर ये कहूं की लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा को भी ास्मोडियस के अंदर ले गए जिसकी वजह असमदोटूस चीख उठा...

वहीँ हम दोनों से कुछ दूर खड़े मेरे dost,DEFENDER और मेरी ाव के चेहरे पर ख़ुशी के भाव थे पर जहाँ मेरे दोस्त और डिफेंडर इस बात से खुश थे क्यूंकि उन्हें लग रहा था की आखिरकार मैंने ास्मोडियस को हरा दिया था वहीँ मेरी ाव इसीलिए खुश थी क्यूंकि एक वही थी जिससे सच पता था..

और वो ये भी जानती थी की असली लड़ाई तोह अब शुरू होने वाली है और यही लड़ाई मेरी नियति को पूरा करेगी.....

khair.jaise hi ास्मोडियस cheekha,maine मन hi मन एक स्पेल बोलै जिसके उच्चारित होते hi ास्मोडियस गिरकर बेहोश हो गया..

और जैसे hi ास्मोडियस बेहोश हुआ.....

मई- मेरे पास आओ....

मैंने मन hi मन ये बात डिफेंडर और अपने सभी दोस्तों से कही जिससे सुन डिफेंडर और मेरे दोस्त मेरे पास आ गए....

रोनित- वाह मेरे sher..aakhir तूने कर दिखाया...

मई- पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त...

सब- मतलब???

मई- सब पता चल jaayega..pehle वो करो जिसके लिए तुम सबको यहाँ बुलाया है....

वहां देखो...

ये बोल मैंने अपनी एक ऊँगली एक डायरेक्शन में पॉइंट की...

रोनित- abbe....wo क्या चीज़ है???

दरसलाल जिस तरफ मैंने पॉइंट किया tha,wahan पर वही क्यूब था जिसके अंदर से थे सेवन ोपोस्टल्स निकले थे और जिससे अब तक सिर्फ मई देख रहा था..

पर मेरे उसकी तरफ पॉइंट करते hi मेरे हाथों से एक इनविजिबल रे निकली और सीधे जाकर उस क्यूब से टकराई और अगले hi पल वो क्यूब सबके लिए विज़िबल हो चूका था...

MAI-wo वही क्यूब है जिसके अंदर से ास्मोडियस जैसे दिखने वाले 7 अपोस्टल्स निकले थे...

पर वो सब छोडो और वो समझो जो तुम्हे अब करना है...

जैसे hi ास्मोडियस को होश aayega,toh तुम सब अपनी अपनी पूरी ऊर्जा से उस क्यूब पर वार करना.....

मेरी बात सुन मेरे दोस्त मुझसे कुछ पूछना चाह रहे थे पर...

मई- मैंने कहा ना की सब पता चल jaayega..bas अभी जितना कहा है उतना karo....taiyar हो....

सब- हाँ.....

सबके हामी भरते hi....

उतसनयति

इमर्ज

मेरे स्पेल बोलते hi........

AAHHHHHHHHHHHHHHH...................

संपूर्ण शक्तियें डाव्यानाती

कम्पलीट पावर रिलीज़

दरअसल मेरी ऊर्जा को ग्रहण करने की वजह से जब ास्मोडियस चीखा था तब मैंने

सभनाती

लौ डाउन....

इस स्पेल को उच्चरित कर अपनी ऊर्जा को जो ास्मोडियस के अंदर thi,usse शांत कर दिया था...

जिसके बाद ास्मोडियस बेहोश हो गया था और अब जो मैंने स्पेल बोलै tha,uske उच्चरित करते hi मेरी ऊर्जा जो ास्मोडियस के अंदर thi,wo वापस जागृत हो चुकी thi,jiski वजह से उसके शरीर को एक झटका लगा और वो होश में आ गया...

होश में आते hi मेरे ऊर्जा के प्रभाव से उससे वापस असहनीय पीड़ा होने लगी जिसकी वजह से वो फिरसे चीख उठा...

वहीँ ास्मोडियस के होश में आते hi मेरे दोस्तों और डिफेंडर ने एक साथ अपना स्पेल बोलै जिसके उच्चारित होते hi उन सबके हाथों से उनकी शक्ति रे निकल साइड क्यूब पर पड़ी और ऐसा होते hi एक साथ दो दो चीज़ें हुईं.....

पहली.....

पुरे क्यूब में कम्पन होने लगी और धीरे धीरे वो खुलने लगी थी....

DUSRI-meri ऊर्जा के खुदके भीतर जागृत होने से असमदोटूस के चेहरे का रंग और ययन तक की उसके शरीर को ढकने वाले उसके काले लिबास का रंग भी रूक रूक कर बदलने लगा था..

वहीँ अपने हाथों की ऊर्जा क्यूब को देते देते जब डिफेंडर और मेरे दोस्तों की नज़र ास्मोडियस पर गयी तोह वो भी शॉकेड हो गए....

जैसे जैसे वक़्त बीत रहा था और क्यूब पर मेरे दोस्तों और डिफेंडर की ऊर्जा लगातार पढ़ रही thi,waise वैसे ास्मोडियस कीचीख़ और उसके रंग में बदलाव की प्रक्रिया भी बढ़ती जा रही थी.....

और फिर वो घडी भी आ गयी जिसका मुझे इंतज़ार tha...jaisa की कुछ देर पहले भी हुआ tha,mujhe ास्मोडियस के शरीर से लग कर उससे ज़रा पीछे एक काला धुआं नज़र आने लगा.....

जिसका मतलब था की भविष्वाणी के उस कथन को पूरा करने का वक़्त आ गया है..

वही कथन जिसमे भविष्यवाणी ने कहा था की....

तेरे पराक्रम के साथ जब

तेरा दिमाग सजग होगा

तभी पुण्य से पाप अलग होगा

पर..........

असली युद्ध में मुश्किल है

तेरा जीत का स्वाद चखना

अपने प्रथम गुरु को और,

उसके पहले उपहार को याद रखना

भविष्वाणी की ये बात याद आते hi मई समझ चूका था की....

थे फाइनल काउंटडाउन है बेगुन

आज के लिए इतना HI.......

आपका अपना V....J.......
 
सो GUYZZZ,AAJ फाइनली मंज़िल आ HI GAYI..AAJ आप सब इस कहानी के लास्ट अपडेट को पढ़ेंगे..

मई ये तोह नहीं जानता की मई अपनी इस कहानी के किरदारों के साथ कितना इन्साफ कर पाया हूँ...

पर इतना ज़रूर कह सकता हूँ की मैंने अपने हर किरदार के करैक्टर को उनके रोले के मुताबिक जितना हो सकता THA,UTNA हाईलाइट करने की पूरी कोशिश की है...

और आज भी इस अध्याय को अंत करते वक़्त मेरी यही कोशिश होगी की जितना मज़ा आप सबको बाकी सारे उपदटेस पढ़ने में आया HAI,UTNA HI इस आखरी अपडेट को पढ़ते हुए भी आये...

अब तक चौंकाते आया हूँ AAPKO,EK आखरी बार चौंके के लिए रेडी हो जाइये..

और इस कहानी पर एक आखरी बार मिलते हैं रात को.....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम और ास्मोडियस के बीच का खेल उसके फाइनल काउंटडाउन तक पहुँच चूका है

अब आगे:-

लास्ट CHAPTER

(डेविल्स डेमोलिशन)

फाइनल अपडेट

फाइनल सीन्स

स्टार्ट ऑफ़ थे एन्ड:-

तेरे पराक्रम के साथ जब

तेरा दिमाग सजग होगा

तभी पुण्य से पाप अलग होगा

पर..........

असली युद्ध में मुश्किल है

तेरा जीत का स्वाद चखना

अपने प्रथम गुरु को और,

उसके पहले उपहार को याद रखना

मेरा पराक्रम तोह सभी के सामने था और उस काले धुंए को देख मैंने अपने दिमाग की सजगता भी साबित कर दी थी...

और अब बारी थी भविष्यवाणी के दिए उस इशारे को समझने की जिससे माध्यम से पाप पुण्य से अलग होने वाला था..

और वो इशारा मई बोहोत पहले hi समझ चूका tha...maine अपना पूरा ध्यान ास्मोडियस पर केंद्रित किया....

ास्मोडियस की आँखें भी इस वक़्त दर्द की अधिकता के बावजूद मुझपर hi तिकी हुई थी...

एक रहस्यमयी मुस्कराहट के साथ जिसका भेद सिर्फ ास्मोडियस hi जानता था मैंने अपने सीने पर हाथ रखा...

मेरे ऐसा करते hi मेरे अंदर चुप्पी सुपरगुप्त बुक से एक रौशनी निकली जिसने धीरे धीरे मेरे पुरे शरीर को घेर लिया था....

वैसे तोह मई अपने वाइट एनर्जी के प्रभाव की वजह से पहले से hi हल्का हल्का चमक रहा था पर अब अपनी ेंचन्त्मेन्त बुक की ऊर्जा जो की असल में गोड्स टेअर thi,uski वजह से मई किसी सितारे की तरह चमकने लगा था....

ये सब दृश्य मेरे dost,DEFENDER,BHUVIKA सभी आखें फाड़े देख रहे थे...

और यहाँ तक की जिससे सब कुछ पता tha,meri AV,uski भी आँखें बड़ी हो चुकी थी....

पर इन सब चीज़ों को नज़रअंदाज़ कर अपने लक्ष्य पर ध्यान लगा मई धड़कते दिल से आगे बढ़ने लगा....

जैसे जैसे मई आगे बढ़ रहा tha,ASMODEUS की चीख और बढ़ रही थी...

इतना hi nahi,wo थोड़ा थोड़ा अदृश्य भी होने लगा था...

थोड़ा थोड़ा इसीलिए क्यूंकि ऐसा लग रहा था मानो असमदोटूस गायब तोह होना छह रहा है पर हो नहीं पा रहा...

khair,in सब उधेड्बुनो के बीच मई ास्मोडियस के पास पहुँच गया....

ास्मोडियस के ठीक सामने पहुँच....

MAI-WAQT आ गया मेरे भाई......

ये बोल मई तुरंत आगे बढ़ा और जो कुछ समय पहले मांसलिकेल में हुआ tha,wo अभी फिर हुआ....

नहीं samjhe,yaad होगा आपको की भुविका को लेकर जब मई मांसलिकेल से लौटने वाला था उससे पहले ास्मोडियस और मई गले लगे थे...

अभी भी वही हो रहा tha....maine आगे बढ़ ास्मोडियस को गले से लगा liya.....aur फिर.....

पापिएम मोक्साइटी

डेविल देतच

बूम.............................................................

NAHI..............................................................AAAAHHHHHHHHHHHH..................................

पहली आवाज़ जो की एक धमाका tha,uske बारे में जानते hain..ye धमाका क्यूब से हुआ था...

जिस वक़्त मैंने स्पेल bola,ye वही पल था जब क्यूब एक झटके में खुल गया था....

और उसके यूँ अचानक खुलते hi उसके अंदर की छुपी वाइट एनर्जी भी एक झटके में बाहर आयी जिसकी वजह से ये धमाका हुआ था...

इस धमाके के इम्पैक्ट से मेरे दोस्त और डिफेंडर उड़ते हुए पीछे मेरी ाव और भुविका के पास जा गिरे...

पर क्यूंकि उन्हें धक्का वाइट एनर्जी की वजह से लगा था इसीलिए किसी को भी कोई नुक्सान नहीं पहुंचा था...

गिरते hi वो सब खड़े हो चुके थे और खड़े होते hi उनके कानो में दूसरी और तीसरी आवाज़ गुंजी...

दूसरी आवाज़ जिसमे "नहीं" कहा गया tha,ye आवाज़ ास्मोडियस के मुँह से निकलने के बावजूद उसकी नहीं थी....

पर इस आवाज़ को सुन सभी एक बार फिरसे शॉकेड हो गए थे.....

reason.....is आवाज़ के गूंजते hi ास्मोडियस के शरीर को एक झटका लगा पर ये झटका पीछे की तरफ नहीं बल्कि आगे की तरफ लगा था..

पर क्यूंकि मैंने ास्मोडियस को ज़ोर से गले लगाया हुआ tha,isiliye उस झटके का असर हम दोनों पर हुआ और हम दोनों मेरी बैक के तरफ उड़ते हुए गिरे थे....

पर मेरे दोस्तों और डिफेंडर की चौंकने की वजह का असली कारण क्कुह और था....

और वो ये था की मेरे स्पेल बोलते hi "नहीं" शब्द के साथ एक काला धुआं ास्मोडियस के शरीर के पीछे की तरफ से बाहर निकला था और उसके यूँ एक झटके में निकलने की वजह से hi असमदोटूस को भी झटका लगा था.....

वो काला धुआं भी हमारी hi तरह कुछ पीछे की तरफ चला गया था पर जैसे hi वो रुका तोह उसके अगले hi पल उसने वापस आगे आने की कोशिश की पर नाकामियाब रहा...

रीज़न......

उस काले धुंए के साथ साथ मेरी ऊर्जा भी ास्मोडियस के अंदर से बाहर आयी थी और जो इस वक़्त उस काले धुंए के पास hi थी...

और जैसे hi उस काले धुंए ने आगे बढ़ने की कोशिश की तोह मेरी ऊर्जा ने एक पिंजरे का रूप ले लिया जिसने उस काले धुंए को चारों तरफ से घेर लिया था...

ऐसा होने पर वो काले धुआं लगातार कोशिश करने लगा ताकि वो मेरी ऊर्जा के बनाये पिंजरे को तोड़ आज़ाद हो सके पर वो कामियाब नहीं हो पा रहा था...

वहीँ उस काले धुंए और मेरी ऊर्जा के शरीर से निकलने की वजह से hi ास्मोडियस के मुँह से वो तीसरी आवाज़ मतलब चीख निकली थी...

जैसा की मैंने बताया की मई और ास्मोडियस एक साथ मेरे पीछे की तरफ उड़ते हुए गिरे थे..

जहाँ मुझे कुछ भी नहीं हुआ था वहीँ असमदोटूस एक बार फिरसे बेहोश हो चूका था और इसीलिए......

विगवेसना

रेगें क्योंकियस्नेस्स

मई तुरंत ास्मोडियस को साइड में लेता उसके बाजू में बैठ गया और उसके सर पर हाथ रख इस स्पेल को उच्चरित किया और अगले hi पल...

मेरे हाथों से वाइट रे निकली और ास्मोडियस के सर में समां गयी और ऐसा होते hi ास्मोडियस की आँखें खुल गयी....

अब तक मेरे dost,DEFENDER और मेरी ाव मेरे पास वापस आ गयी थी...

डिफेंडर और मेरे दोस्तों को तोह कुछ भी समझ में hi नहीं आ रहा था और जैसे hi उन्होंने अपने सवाल को मेरे सामने रखनी की sochi,unhe एक और झटका लगा..

ऐसा झटका जो आज से पहले उन्हें कभी नहीं लगा tha..aur ये झटका उन्हें मेरी ाव ने दिया था....

kaise??aayiye खुद जान लीजिये...

जैसे hi मेरे दोस्तों ने मुझसे इन साड़ी घटनाओ के बारे में पूछने की सोची तभी....

AV-BHAI की वापसी मुकबारक़ हो V.J....AAKHIR तुमने अपने भाई को बचा HI लिया....

ाव की इसी बात को सुन सबको झटका लगा था इसीलिए....

RONIT-BHAI की WAAPSI...BACHA LIY???SAALA हो क्या रहा HAI???KYA बोले जा रही है अवनि...

ास्मोडियस हमारा दुश्मन है जिससे मारने के लिए hi V.J का जन्म हुआ है....

मई- NAHI...MERA जन्म ास्मोडियस को मारने के लिए NAHI,BALKI उससे बचने के लिए हुआ है.....

धमाका...............

धमाका हुआ मेरी बातों को सुनकर डिफेंडर और मेरे दोस्तों के ज़हन me....aur ऐसा होना लाज़मी भी था.....

अंजलि- क्या बकवास कर रहा hai???dimag ठिकाने पर तोह hai..tera जन्म ास्मोडियस को बचने के लिए हुआ hai...par किस्से???

RONIT-arre भाड़ में जाए kisse???abbe तू उससे बचा रहा है जिसने तेरे माँ डैड को मारा है....

मई- किसने kaha....????udhar देखो........

मैंने उस तरफ इशारा करते हुए अपनी बात कही जिस तरफ क्यूब tha...CUBE से हुए धमाके के बाद किसी की भी नज़र उस तरफ नहीं गयी थी...

और वैसे भी धमाके के असर से निकले वाइट एनर्जी की वजह से वो जगह पुरे वाइट धुंए से घिरी हुई थी और वो धुआं अब भी वहीँ था....

रोनित- अब्बे वहां क्या है जो दिखा रहा है?? मैंने तुझसे जो पूछा...........

ओह सहित.........................

इससे आगे रोनित कुछ कह नहीं paaya....wo क्या कोई भी कुछ कहने की हालत में नहीं था...

reason...WHITE धुआं छत चूका था और उसके चाटते hi कुछ आकृतियां दिखने लगी थी जिससे देख सभी शॉकेड हुए थे....

ये आकृतियां और कोई नहीं बल्कि मेरे माँ DAD,ALESENDRA और उनके साथ 4 लोग और थे......

और इस वक़्त उन सबके चेहरे पर मुस्कान थी और उसी मुस्कान को लिए वो सब हमारी तरफ आने लगे.....

वहीँ मेरे दोस्तों और डिफेंडर की तोह शॉक की वजह से हालत hi ख़राब हो गयी थी.....

वो फटी आँखों से इस नामुमकिन दृश्य को देख रहे थे....

अब तक माँ डैड हमारे पास आ चुके थे और साथ hi अलेसेन्द्र और उनके साथ के चारों लोग भी...

अलेसेन्द्र और वो तीनो मेरे पास आकर झुकने को हुए पर मैंने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया.....

वहीँ डैड ने रोनित के सर पर एक तपली मारी जिससे रोनित हड़बड़ाते हुए होश में आया और होश में आते hi रोनित मेरी माँ के और अंजलि मेरे डैड के गले लग गयी....

और गले लगते hi उन्हें समझ में आ गया की ये कोई सपना नहीं है और हक़ीक़त को महसूस करते hi दोनों को इतनी ख़ुशी हुई की उनकी आँखों ने इस ख़ुशी में बरसात कर दी...

दोनों hi मेरे माँ डैड को ज़ोर से पकड़ रो रहे थे.....

DAD-bas कर gudiya..tujhe पता है ना की मई तुझे रट हुए नहीं देख सकता.....

MOM-RONIT,kya लड़कियों की तरह रो रहा hai...dekh अगर तूने रोना बंद नहीं किया ना तोह मई तुझे अपने हाथों से बना कुछ नहीं खिलाऊंगी....

माँ की बात सुन रोनित के साथ साथ अंजलि भी है दी...

कुछ देर तक माहौल यूँही सेंटी रहा और फिर...

अंजलि- काश हम तीनो के बाकी के फॅमिली मेंबर्स भी यहाँ होते तोह आंटी अंकल को ज़िंदा देख कितना खुश होते....

मई- पीछे देख....

मेरे ऐसा बोलते hi सबकी नज़र पीछे गयी और ऐसा होते hi वो सब फिरसे शॉकेड हो गए...

reason..hamare पीछे कुल दो वर्ल्ड दूर खुले हुए थे जिनमे से एक में हमारे सारे घरवाले खड़े थे जिन्हे मेरे एंगेल्स यहाँ लेकर आये थे.....

मेरे माँ डैड को ज़िंदा देख उन सब को भी ज़ोर का झटका लगा और सभी भागते हुए आये और मेरे माँ डैड के गले लग गए..

वहीँ दूसरे वर्ल्ड दूर से किंग सोलोमन उनकी पत्नी और उनके साथ लार्ड क्रूसेडर यहाँ पहुंचे थे...

किंग सोलोमन और उनकी पत्नी ये जानते थे की अलेसेन्द्र को अपनी कुर्बानी देनी थी और इसीलिए वो भी बेहद दुखी थे पर जैसे hi उन दोनों ने अलेसेन्द्र को ज़िंदा देखा तोह उनकी ख़ुशी का ठिकाना ना रहा..

और यही खुसिहि इस वक़्त लार्ड क्रूसेडर के आँखों और चेहरे पर भी दिख रही थी...

reason.....jo चार लोग मेरे माँ डैड और अलेसेन्द्र के साथ उस क्यूब से बाहर निकले the,wo और कोई नहीं बल्कि लार्ड क्रूसदार के माँ dad,patni ुर एक लौटा बीटा था...

आपको याद होगा की ास्मोडियस ने वारियर्स वर्ल्ड पर कब्ज़ा करते वक़्त लार्ड क्रूसेडर की फॅमिली को मार दिया था..

दरअसल उसने उन्हें मारा नहीं tha,balki उन्हें भी क्यूब में छुपा दिया था....

पर अब वो सब आज़ाद थे और लार्ड क्रूसेडर के सामने थे.....

khair,sabhi लोग अपने खोये हुओं से मिलने में व्यस्त हो चुके the..aur इसी बीच....

ास्मोडियस- तूने कर दिखाया bhai....aaj नजाने कितनी सदियों के बाद मई आज़ाद हुआ हूँ......

मई- अभी आप पूरी तरह आज़ाद नहीं हुए हैं भाई..

असमदोटूस- जानता hun..par जब इतनी दूरी तय की है तोह बची हुई दूरी भी पार हो जायेगी....

असमदोटूस ने अपनी बात कह मुझे गले से लगा liya..wahin अपनी अपनी बातों को पूरी कर सभी की नज़र हमारे ऊपर आकर ठहर गयी थी...

माँ DAD,ALESENDRA,aur लार्ड क्रूसेडर की फॅमिली जो क्यूब में thi,sirf उन्हें इस साड़ी असलियत के बारे में मालुम था इसीलिए वो शांत hi थे..

पर बाकियों की जिज्ञासा तोह शांत करनी hi थी....

रोनित- bhai,ab बताएगा की ये सब क्या चक्कर hai???ASMDOEUS और तू एक साथ hain,uncle आंटी अलेसेन्द्र सब ज़िंदा हैं...

वहां तेरी शक्ति से एक पिंजरा बना हुआ है जिसके अंदर एक काला धुआं फसा पड़ा है...

तू कहता है की तेरा जन्म ास्मोडियस को मारने के लिए नहीं बल्कि उससे बचने के लिए हुआ था...

आखिर ये सब चक्कर है kya????clear कर दे bhai..dimag फटा जा रहा है और सुन bhai,ek hi फ्लो में बता diyo...zyada देर का सस्पेंस झेल नहीं ापूंगा मई....

रोनित की बात सुन सभी है दिए....

मई- ज़्यादा वक़्त है भी नहीं हमारे पास....

सब- मतलब???

मई- पता चल jaayega,par फिलहाल के लिए सारा सच जान lijiye...BHAI,ye कहानी आपसे शुरू हुई thi,toh मेरे ख्याल से आपको hi सुननी चाहिए....

ास्मोडियस- zaroor....ye कहानी तभी शुरू हो गयी थी जब गॉड मतलब मेरे पितः ने मुझे हेवन से निकला था....

हेवन से निकले जाने के बाद मेरा मन बोहोत विचलित हो गया tha...mere साथ साथ मेरे 7 साथियों ने भी हेवन छोड़ दिया था जिन्हे आप सब थे सेवन ोपोस्टल्स के नाम से जानते हैं....

मई बोहोत ग़ुस्से में tha...aur ग़ुस्सा अक्सर नकारात्मकता को जन्म देता है और नकारात्मकता ब्लैक एनर्जी को....

ब्लैक ENERGY......jiska जन्म मनुष्य जाती के मन में पैदा होने वाले लोभ और नकारात्मकता से हुआ था....

जिसका गॉड की hi की तरह कोई रूप नहीं है पर जो बोहोत ज़्यादा शक्तिशाली थी पर फिर भी अनियंत्रित thi,uska खुदका कोई अस्तित्व hi नहीं था....

उससे कोई ऐसा चाहिए थे जिसके माध्यम से वो अपनी ऊर्जा को एक दिशा दे सके....

और जैसे hi मेरे दिमाग में नकारात्मकता ने जन्म liya,BLACK एनर्जी को इसके बारे में पता चल गया और वो मेरे सामने प्रकट हुई....

उसने मुझे अपने आप को उसके हवाले करने के लिए uksaaya..usne कहा की अगर मई ऐसा करता hun,toh वो मेरी शक्ति को लगातार बढ़ने में मेरी मदद करेगी...

मुझे ऐसी उच्चाइयों तक पहुंचाएगी जहाँ से मई पुरे ब्रम्हांड का राजा बन जाऊँगा...

मेरा दिमाग ब्लैक एनर्जी के इस ऑफर से बोहोत प्रभावित हुआ पर मेरा दिल मुझसे उसकी बात ना मानने को कह रहा था...

मेरा दिल hi नहीं बल्कि मेरे सातों साथी भी मुझे ऐसा करने से रोक रहे थे पर आखिर में मेरा दिमाग जीत गया...

मैंने ब्लैक एनर्जी की बात मानली और मेरे ऐसा करते hi ब्लैक एनर्जी मुझमे समां गयी.....

पर मई नहीं जानता था की जिस ब्लैक एनर्जी को मई अपना गुलाम बनाने की सोच रहा tha,usne मुझे hi अपना गुलाम बना लिया था..

पर एक नयी ऊर्जा को महसूस करने की वजह से मई इतना खुश था की मैंने इस तरफ ध्यान hi नहीं दिया....

मेरे सातों साथी मेरे फैसले से दुखी थे पर वो भी चुप hi rahe..khair,mere अंदर समाते hi ब्लैक एनर्जी ने मेरे दिमाग में कुछ बिंदुएं डाली जो किसी गृह की थी.....

उन बिंदुओं के माध्यम से मई उस गृह पर पहुँच gaya..ye गृह और कोई नहीं बल्कि वारियर्स वर्ल्ड था...

वहां पहुँचते hi मुझे पता चल गया की यहाँ असीमित शक्तियों का कोई श्रोत है....

और फिर ऑड्रिज माउंटेन में मुझे वो श्रोत मिल gaya..ek चट्टान नुमा पत्थर के आधे हिस्से में ब्लैक और दूसरे आधे हिस्से में वाइट एनर्जी का बाहव tha...(FIRST CHAPTER)

मैंने पहले ब्लैक एनर्जी को अपने अंदर लेने की सोची और बड़ी आसानी से उससे ग्रहण भी कर लिया....

पर जैसे hi मैंने ब्लैक एनर्जी के बाजू में बहती वाइट एनर्जी को chua,toh मुझे एक झटका लगा जिसकी वजह से मई उड़ता हुआ उस गुफा से बाहर जा गिरा और गिरते hi बेहोश हो गया...

उस वाइट एनर्जी का असर सिर्फ मुझपर hi नहीं हुआ tha,balki मेरे उससे छूटे hi कुछ देर के लिए मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी भी मुझसे अलग हो गयी थी...

और उस बेहोशी में मेरे आँखों के सामने मेरी गलतियां दिखने लगी....

मुझे साड़ी असलियत पता chali..mujhe पता चल गया की मनुष्य जाती का मेरा पतन वाला फैसला सही नहीं था...

मुझे ये भी पता चला की मनुष्यों को रूप देने से पहले गॉड बे मुझे रूप दिया tha..iska मतलब था की उन्होंने मेरे निर्माण से खुश होकर मनुष्य जाती बनायीं थी..

और जब मई एक परमेश्वर पुत्र होकर ब्लैक एनर्जी के बहकावे में आ सकता हूँ तोह फिर मनुष्यों का गलत रास्ते में जाना कोई बड़ी बात नहीं....

मुझे ये भी पता चल गया था की जिस ऊर्जा को छूकर मई बेहोश हुआ था वो मेरे पितः की hi ऊर्जा थी जो उनके दुःख की वजह से बाहर नीलकी थी और वो dukh,wo गम मैंने hi उन्हें दिया था...

ये सब जानकार मई खुदको बोहोत छोटा महसूस करने लगा था....

साड़ी हक़ीक़त जानने के बाद मेरी आँखें खुल गयी....

पर अब मई कुछ भी नहीं कर सकता tha..BLACK एनर्जी ने मुझे बुरी तरह अपनी जाल में फसा लिया tha..jis काली ऊर्जा को लेने मई यहाँ आया tha,aur जो अब मेरे अंदर दौड़ रही thi,usse मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी ने मेरी आत्मा को बंदी बना लिया था....

अब मई खुद कुछ भी नहीं कर सकता tha....mai होश में ज़रूर आ गया था पर अभी भी मेरे शरीर में वाइट एनर्जी को चुने की वजह से हलकी हलकी कम्पन हो रही थी और इसी वजह से ब्लैक एनर्जी अभी भी मुझसे दूर कड़ी थी...

मई अपनी भूल के बारे में सोच hi रहा था की तभी मेरे अंदर गॉड की आवाज़ गुंजी..

उन्होंने मुझे बताया की जो गलती हो चुकी है उसके बारे में सोच कर कोई फायदा नहीं और जिसे चक्रव्यूह में मई फसा hun,usme से मई खुदको खुदसे नहीं निकल पाऊंगा पर चिंता करने की ज़रुरत नहीं है..

क्यूंकि सही वक़्त पर पृथ्वी में मेरे भाई का जन्म होगा और वही मुझे इस श्राप से मुक्त कराएगा पर उसके आने तक मुझे उसके लिए रास्ता बनाना होगा....

ये सब कह गॉड की आवाज़ बंद हो गयी पर जो बातें मैंने suni,wo मेरे बेचैन मन को शांत कर फिरसे मुझे अपनी बुद्धि इस्तेमाल में लाने के लिए काफी थी...

कहते हैं की कभी कभी सब कुछ सही करने के लिए पहले सब कुछ गलत करना पड़ता है.....

मैंने वही kiya...us वक़्त तक ब्लैक एनर्जी मुझसे दूर थी पर मई जानता था की किसी भी वक़्त वो मुझमे समां जायेगी और उसके बाद मई कुछ नहीं कर पाऊंगा और इसीलिए....

सबसे पहले मैंने अपने सातों साथियों को याद किया और साड़ी सचाई बताई...

मैंने उन्हें बताया की उन्हें एक ऐसा यन्त्र तैयार करना होगा जो पूरा वाइट एनर्जी से बना हो पर उसकी ऊपरी परत ब्लैक एनर्जी की हो जिससे की मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी को शक ना हो...

ये मैंने इसीलिए किया ताकि जब भी मुझे मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी को दिखने के लिए किसी बेक़सूर को मारना पड़े तोह मई केवल उसके शरीर को राख में बदलने ki.maaya दिखा उससे गायब कर दूँ और फिर उससे उस यन्त्र में दाल दूँ...

पुरे ब्रम्हांड में सिर्फ वो यन्त्र hi ऐसा होगा जहाँ वो ब्लैक एनर्जी उससे महसूस नहीं कर पाएगी....

और इसी सोच से बना ये CUBE....gufa से निकल मैंने ब्लैक एनर्जी को यकीं दिलाने के लिए की अब मई पूरी तरह से डेविल बन गया hun,LORD क्रूसेडर के परिवार को मारने का ढोंग किया...

उन्हें राख की माया में बदल मैंने उनके शरीर को वाइट एनर्जी से लपेट इस क्यूब में पहुंचा दिया....

पर अब मुझे वो करना था जिसका आदेश मुझे गॉड से मिला tha..apne भाई के जन्म से पहले मुझे उसके लिए रास्ता बनाना था और इसीलिए....

मैंने वही सिद्धांत अपनाया जिसकी उस वक़्त ज़रुरत थी....

सब कुछ ठीक करने के लिए मैंने सब कुछ बिगड़ना शुरू किया....

और इसकी शुरुआत हुई क्यूरियस se...COURIOUS hi एक ऐसा गृह था जहाँ ब्लैक एनर्जी के कण मौजूद नहीं थे इसीलिए मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी चाहती थी की मई क्यूरियस को hi ख़त्म कर दूँ...

पर मैंने उससे सुझाव दिया की क्यों ना क्यूरियस वासियों को तड़पाया jaaye...unhe ये एहसास कराया जाए की ब्लैक एनर्जी को ना चुन कर उन्होंने कितनी बड़ी भूल की है....

ब्लैक एनर्जी को मेरा ये ख्याल पसंद aaya....aur फिर मैंने क्यूरियस पर उस श्राप का चक्रव्यूह रचा..

ऐसा करते वक़्त मुझे बोहोत तकलीफ हुई थी पर अगर मई ऐसा नहीं करता तोह क्यूरियस वासियों को मरना पड़ता और ऐसा होने पर वाइट एनर्जी की हार होती..

गॉड की हार hoti...isiliye ना चाहते हुए भी मुझे वो करना pada..par फिर मुझे उस श्राप को ठीक करने की युक्ति भी सोचनी थी....

इसके बारे में सोचते समय मेरे दिमाग में एक ऐसी युक्ति ने जन्म लिया जिससे मई एक साथ बोहोत से काम कर सकता था...

मैंने भुविका और अनलिए जो की उस वक़्त गर्भ में thi,unhe अलग कर diya...aur मैंने भुविका को एक ऐसी औरत के गर्भ में डाला जिसकी एक पुत्री ब्लैक एनर्जी की गुलाम थी....

ब्लैक एनर्जी को लगा की मई ऐसा कर वाइट एनर्जी के साथ खिलवाड़ कर रहा हूँ पर असल में मई ब्लैक एनर्जी के साथ खेल रहा था....

पर ऐसा नहीं tha..mere इस काम ने भविष्य ंव घटने वाली बोहोत सी चीज़ों को जन्म दे दिया था..

साथ hi मई अपने भाई के लिए साड़ी कड़ियाँ जोड़ रहा था ताकि वो और मई बिना ब्लैक एनर्जी के शक के दायरे में आये उससे हरा सकें...

इस बीच मेरी मुलाकात अलेसेन्द्र से hui..mai उससे चाहने लगा पर मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी इसके खिलाफ थी...

पर ब्लैक एनर्जी ये भी जानती थी की अलेसेन्द्र इस्ला की राजकुमारी है जहाँ फाउंटेन ऑफ़ लाइट बहती है और इसीलिए उसने मुझे अलेसेन्द्र से विवाह करने से नहीं रोका...

पर विवाह के बाद पहले सम्भोग के समय ब्लैक एनर्जी ने अलेसेन्द्र के अंदर खुदके कानो को भी छोड़ दिया जिसकी वजह से हमारा पुत्र जिससे एक एंजेल होना tha,wo एक डेविल बनकर पैदा हुआ....

आगे चलकर मेरे हर निजी काम में भी ब्लैक एनर्जी अपनी टांग adayegi,ye मुझे पता था और पर मैंने ऐसा होने दिया क्यूंकि मई इस का तोड़ भुविका की शक्ल में पहले hi बना चूका था....

भुविका और मेरे पुत्र की शादी होगी और इसी वजह से मेरे बेटे के अंदर जो ब्लैक एनर्जी का बहाव hai,uske होते हुए उसके भीतर वाइट एनर्जी pahunchegi,yahi मेरी योजना थी.....

पर ये योजना अधूरी thi...mujhe बिल्जेबब के अंदर से पूरी ब्लैक एनर्जी बाहर निकालनी थी पर इसकी युक्ति मेरी समझ में नहीं आयी थी..

khair,is चीज़ को वक़्त पर छोड़ मई अपने मकसद में आगे बढ़ता गया....

जब मई इस्ला में फाउंटेन ऑफ़ लाइट के करीब पहुंचा तोह उसके ऊर्जा के प्रभाव से ब्लैक एनर्जी एक बार फिरसे मुझसे दूर हो गयी...

और इसीका फायदा उठाते हुए मैंने hi मेरे भाई के लिए भविष्यवाणियां उस फाउंटेन के अंदर छोड़ी...

ऐसा कर मेरा एक बोहोत बड़ा काम पूरा हुआ tha..aur ये राज़ राज़ hi रहे इसीलिए hi फाउंटेन गायब हो गयी थी....

khair,ISLA पर अपना काम ख़त्म करने के बाद मुझे एक विचार आया..

और वो विचार ये था की मैंने अपने भाई के लिए आगे का रास्ता तोह बना दिया है पर उस रास्ते तक पहुँचने के लिए भी एक मार्ग की ज़रुरत है...

मेरा भाई पृथ्वी पर पैदा होने वाला था जिसका अर्थ था की वो खुद भी ब्लैक एनर्जी के माहौल में घिरे रहने वाला था...

तोह ऐसे में उससे सच का पता चल पाना नामुमकिन था और इसीलिए मुझे पहले उससे सारा सच पता चल sake,iske बारे में बताना था पर सवाल था कैसे????

और इसका हल भी मुझे मिल गया और वो हल था स्पीयर.........

वो स्पीयर जो मेरे ब्लैक एनर्जी के धारक होने की वजह से कभी मेरी नहीं हो सकती थी पर ब्लैक एनर्जी को इस सत्य के बारे में नहीं पता था...

और जब मैंने उससे स्पीयर को हथियाने की बात कही तोह वो झट से मान गया..

और फिर जब हौली स्पिरिट्स से लड़ कर मई स्पीयर तक पहुंचा तोह मैंने ब्लैक एनर्जी से कहा की उसके रहते मई स्पीयर को नहीं छू सकता..

मेरी बात का ब्लैक एनर्जी ने विश्वास किया और मुझसे अलग हो gayi..aur ऐसा होते hi मैंने स्पीयर के अंदर अपना सारा सच छुपा दिया...

और साथ hi अपने वाइट एनर्जी के कुछ कण भी उसमे दाल दिए....

ये मैंने इसीलिए किया क्यूंकि मेरी hi तरह मेरे भाई के अंदर भी गोड्स सोन के कण होने वाले थे जिसका मतलब था की अगर मई अपने कुछ कण छोड़ दूँ तोह मेरा भाई अपने कानो को मेरे कानो में मिलकर एक बार बिना ब्लैक एनर्जी को पता लगने दिए मुझे सन्देश भेज सकता है...

ये मेरा सबसे महत्वपूर्ण काम था जिससे मैंने कर लिया tha..par अब एक नए विचार ने मेरे मन में जन्म लिया...

और वो ये की जो रास्ता मैंने बनाया hai,uspar चलने के बाद किसी न किसी मोड़ पर मेरा और मेरे भाई का दिमागी टकराव निश्चित है..

और अगर मई इस टकराव में हारा तोह कोई बात नहीं पर अगर जीता गया तोह मेरी योजना ख़राब हो सकती है

और इसीलिए मैंने एक नयी योजना बनायीं....

मेरे सातों साथी अब भी पुरे सोल the..maine उनकी मदद से एंगेल्स को एक सन्देश भेजा....

जिसमे मैंने कहा था की उन्हें मुझसे लड़ना होगा और उस युद्ध में मई दिखने के लिए उन्हें मार दूंगा पर असल में मई उनसे उनकी ऊर्जा लेकर उन सबको एक वाइट एनर्जी से बने शैल में भेज दूंगा..

और उनकी ऊर्जा में अपनी ऊर्जा मिलकर पृथ्वी में छोड़ दूंगा....

और जब मैंने एंगेल्स को मारने की बात अपने अंदर बेस ब्लैक एनर्जी को बताई तोह वो खुश हो गया...

और वो इसीलिए क्यूंकि वो चाहे भी तोह एंगेल्स को मारने की अनुमति उससे नहीं थी पर वो हमेशा से ऐसा करना चाहता था..

उससे लगा की मेरे ज़रिये उसका ये सपना पूरा होने वाला है और इसीलिए उसने इसके लिए ख़ुशी ख़ुशी हाँ कह दिया..

फिर मैंने उससे बताया की एंगेल्स को मारने के लिए उससे मेरे शरीर से बाहर जाना होगा क्यूंकि मई ये काम सिर्फ अपनी वाइट एनर्जी के दम पर hi कर सकता हूँ...

ब्लैक एनर्जी ने मेरी ये बात भी मान ली और मुझसे अलग हो गया..

फिर मैंने वही किया जो सोचा tha...maine एंगेल्स की ऊर्जा को उनसेनिकलल उस ऊर्जा में अपनी ऊर्जा को मिला दिया..

और ऐसा होते hi उस ऊर्जा ने अपना रंग बदल खुदको लाल कर लिया....

मेरा काम होते hi वाडे के मुताबिक उस ऊर्जा को फूल का रूप दे मैंने पृथ्वी भेज दिया और सारे एंगेल्स को एक शैल में कैद कर दिया..

उसके बाद मैंने वारियर्स वर्ल्ड के लोगों को काइआ का रास पिलाया जिसका काट वही लाल फूल (राखत फूल) थे जिनमे मेरी और एंगेल्स की ऊर्जा थी...

मुझे ये भी पता था की हेवन से निकलते वक़्त मेरी ऊर्जा का एक बोहोत बड़ा हिस्सा भी एअर्थ है और उस हिस्से ने भी एक फूल का रूप धरा hai..(SHWETH फूल)

ये मेरे लिए एक बोहोत अछि खबर थी क्यूंकि मई जानता था की किसी न किसी मोड़ पर मेरा और मेरे भाई का युद्ध भी ज़रूर होगा और तब वो फूल इस्तेमाल में आएगा...

और फिर जैसा मई चाहता tha,waisa hi hua....jaise hi विक्रम लार्ड ऑफ़ एंगेल्स बना और अपने सफर के पहले पड़ाव धवली झील को पूरा कर उसने स्पीयर को अपने हाथ में pakda,toh उस पल उसके दिमाग में मेरे साथ हुई साड़ी घटनाएं घूम गयी...

विक्रम को ये भी पता चल गया की डेविल लार्ड बनाने के बाद मैंने क्या क्या किया है और साथ hi उसके लिए किस तरह का रास्ता तैयार किया है....

और उसके बाद क्या क्या hua,ye सब तोह आप सब जानते hi हैं....

ास्मोडियस ने अपनी कहानी बता दी थी जिससे सुन रोनित के साथ साथ सभी के मुँह खुल गए थे....

रोनित- सॉरी bhai...par आज तक मई तुझे hi प्लानिंग का मास्टर समझता था पर तेरा बड़ा भाई तोह तेरा भी गुरु है.....

रोनित की बात सुन मई मुस्कुरा दिया पर...

ास्मोडियस- तुम गलत हो रोनित और वो इसीलिए क्यूंकि तुमने मेरी बात ठीक से सुनी नहीं....

याद है मैंने कहा था की मैंने स्पीयर के अंदर मेरे कण छोड़े थे ताकि मेरा भाई मुझे सन्देश भेज सके...

जानते हो विक्रम ने मुझे क्या सन्देश भेजा था???

तुम सबके साथ जो भी घटा hai,wo साड़ी चीज़ें विक्रम ने उन्ही कुछ पलों में सोच कर सन्देश के रूप में मुझे भेज दी थी...

मतलब जो कुछ भी हुआ hai,jo कुछ bhi..wo सब विक्रम की hi योजना thi.....ISLA में मुझसे युद्ध होना और उस युद्ध में उसका हारना ये उसीकी योजना के तहत हुआ था....

क्यूरियस में fasna,wahan के सौरिस वृक्ष के माध्यम से मेरे खून का उसके अंदर jaana.ye भी विक्रम की hi योजना थी...

मैंने परिवर्तक को चुराया tha...maine ये इसीलिए किया था ताकि अगर कभी मेरे भाई की कोई योजना विफल ho,toh मई परिवर्तक के सहारे उस समय में फेरबदल कर सकूँ....

किन्तु विक्रम ने मेरी योजना को एक नया रूप diya..usne मुझे डार्क एनर्जी की नज़रों में और बड़ा बनाने के लिए परिवर्तक का इस्तेमाल खुदके नुक्सान के लिए करने की योजना बनायीं....

विक्रम का अस्तित्व उससे दूर hona,BHUVIKA का डेविल banana,ANJALI को गायब karana,ye सब इसीकी योजना के अंतर्गत उठाये गए कदम थे....

अगर एक वाक्य में कहूं तोह इतनी सदियों की तड़प के बाद जो शांति मुझे आज मिली hai,ye विक्रम के कड़े निर्णय के वजह से hi हो पाया है...

इसने मुझे आज़ाद करने के लिए खुद को और उनको जिनसे ये प्यार करता hai,unhe तक दुःख पहुँचाया..

पर अगर ये ऐसा नहीं करता तोह मई कभी भी आज़ाद नहीं हो पाटा....

ास्मोडियस की बात सुन एक बार फिरसे सभी के मुँह खुल गए पर इस बार उनके ध्यान के केंद्र मई बन चूका था....

रोनित- bhai,mai अपने शब्द वापस लेता hun..tu गुरु tha,hai और हमेशा रहेगा...

मई- चुप बे नौटंकी......

यहाँ असमदोटूस सारे राज़ हमारे सामने खोल रहा था पर ये सब खुलासा सिर्फ हम hi नहीं कोई और भी सुन रहा था और वो था...

ब्लैक एनर्जी.......

और जैसे hi हमारी बात ख़त्म हुई....

मममनननममनंमंमंमंमंमंमंममनमनंमं.......

एक अजीब सी आवाज़ हमारे पीछे सी hui..ye आवाज़ और किसी की नहीं ब्लैक एनर्जी की hi थी जो हमारी बातें सुन बोहोत ज़्यादा ग़ुस्से में थी और अपनी पूरी शक्ति लगाकर खुदको आज़ाद करने की कोशिश कर रही थी....

हर पल उसकी हलचल बढ़ती hi जा रही थी और फिर अचानक........

बूम...........................

एक तेज़ धमाके के साथ मेरी ऊर्जा से बना पिंजरा ब्लास्ट हो गया और ऐसा होते hi....

ब्लैक एनर्जी तेज़ी से हमारी तरफ badhi....jahan ये नज़ारा देख सभी हड़बड़ा से गए थे वहीँ मई शांत hi था और नलक एनर्जी को अपनी और बढ़ता देख मई तुरंत सबके सामने आ गया था....

अब ये मेरी आखरी जुंग थी और इससे मुझे ताकत से नहीं बलकि बुद्धि से लड़ना था...

और इस जुंग में ास्मोडियस मेरा साथ नहीं दे सकता था क्यूंकि अभी भी ास्मोडियस की एंजेल फॉर्म के बाहर ब्लैक एनर्जी की परत थी जिसका मतलब था की वो अभी भी आज़ाद नहीं हुआ था..

अगर वो ब्लैक एनर्जी के सामने आ जाता तोह ब्लैक एनर्जी तुरंत उसके अंदर समां जाती.....

पर मई ऐसा होने नहीं दे सकता tha...aur मई ये भी अछि तरह से जानता था की मुझे क्या करना hai..maine इस पल के लिए भी सबकुछ पहले से सोच लिया था.....

और इसीलिए....

जैसे hi वो ब्लैक एनर्जी हमारे और थोड़ा करीब पहुंची,

मैंने अपना हाथ आगे कर diya..mere ऐसा करते hi मेरी वाइट एनर्जी सीधे जाकर उस ब्लैक एनर्जी से टकराई....

दोनों hi शक्तियां अपने पुरे दम ख़म से एक दूसरे से भिड़ी हुई थी पर ये क्या????

ब्लैक एनर्जी धीरे धीरे मेरी एनर्जी को पीछे धकेलते हुए मेरी तरफ आने लगी..

और ये सब देख मेरे सभी घरवाले घबरा से गए.....

पर वो इस बार कुछ भी नहीं कर सकते the..sabhi दम साढ़े इस दृश्य को देखे लगे...

वहीँ धीरे धीरे ब्लैक एनर्जी मेरी एनर्जी को धकेलते हुए मेरे काफी पास आ चुकी थी..

ऐसा लग रहा था की कुछ hi पलों में मई उसकी चपेट में आ जाऊँगा पर तभी......

MAI-BEWAKUF....AB तोह SAMAJH...JAB जब हम हारते हुए DIKHEN,TOH समझ जाना की हम जीतने वाले हैं.....

ब्लैक एनर्जी को देख मैंने ये बात कही जिससे वो समझने की कोशिश में लग गया और तभी......

MAI-AVANTIKA.............

ABHICHAARITA....ABSORBTANCE............

जैसे hi मैंने अवंतिका का नाम liya,AVANTIKA तुरंत मेरे पीछे आकर कड़ी हो गयी और उसके ऐसा करते hi मैंने स्पेल बोलै...

जिसके उच्चारित होते hi मेरी बैक से एक रे निकल अवंतिका पर पड़ी और अगले hi पल अवंतिका मुझमे समां चुकी थी...

और जैसा hi ऐसे hua,maine अपना हाथ जिससे आगे कर मैंने ब्लैक एनर्जी को रोका हुआ tha,usse हटा लिया और ऐसा होते hi...

ब्लैक एनर्जी सीधे मुझसे टकराई और अगले hi पल....

मममममनमननननमनननममनंमंमंमममम...

एक ेजीब सी आवाज़ उस ब्लैक एनर्जी से निकलने लगी जो की उसके छटपटाने की वजह से आ रही थी...

और reason....simple है yaar...is ब्रम्हांड की सबसे शक्तिशाली कवच थी मेरी AVANTIKA.......aur उसके मेरे अंदर सामने से वो कवच मुझमे ट्रांसफर हो गयी थी..

और जैसे hi ब्लैक एनर्जी ने मुझे भेदने की कोशिश की तोह उसकी टक्कर उसी कवच से हुई जिससे छूटे hi ब्लैक एनर्जी की हालत पतली हो चुकी थी और वो जल बिना मछली की तरह तड़प रही थी...

वहीँ अपना काम पूरा होते hi मैंने अवंतिका को खुदसे बाहर निकल दिया था....

MAI-mere भाई के अंदर से अपने कण बाहर निकाल......

मेरी बात सुननने के बाद भी ब्लैक एनर्जी ने कुछ नहीं किया और इसीलिए.....

MAI-AVANTIKA....jaakar इससे एक बार फिरसे छुओ ज़रा......

मेरे ऐसा कहते hi भूप............

इस आवाज़ के साथ ब्लैक एनर्जी गायब हो गयी और ऐसा होते देख मई मुस्कुरा उठा...

रोनित- अब्बे तू है रहा hai..wo गायब हो गयी है....

MAI-gayab होने का वक़्त तोह तुम सबका भी हो गया hai....apne अपने शील्ड के पास जाओ और जैसे hi मई kahun,usse एक्टिवटे कर देना....

मेरे ऐसा कहते hi DEFENDER,RONIT,ANJALI,AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर गायब हो गए और सीधे पहुंचे अपने अपने शील्ड के पास..

सिर्फ वो तीनो hi nahi,balki उनके साथ साथ सारे एंगेल्स भी अपने अपने शील्ड के पास पहुचंह चुके थे....

AVANTIKA-V.J.....inhe क्या हुआ???

अब तक किसीका भी ध्यान मेरी उस ऊर्जा की तरफ नहीं गया था जिससे भेद कर ब्लैक एनर्जी आज़ाद हुई थी..

मेरी वो ऊर्जा अकेली नहीं थी बल्कि उसके साथ थे सेवन ोपोस्टल्स भी थे जो उस ब्लास्ट की वजह से नीचे बेहोश होकर गिरे हुए थे...

MAI-ye सब बेहोश hain...par ये सब तभी होश में आएंगे जब ास्मोडियस आज़ाद hoga..kyunki ास्मोडियस के जिस एंजेल फॉर्म को हमे आज़ाद करना hai,usse ये सातों भी जुड़े हैं..

जैसे hi वो part आज़ाद hoga,ye उठजाएँगे...

यहाँ हम बात कर रहे थे और वहां ब्लैक एनर्जी ने खुदके सभी अंशो को पुरे ब्रम्हांड के हर जीवन दायी गृह में विभाजित कर दिया था..

और वो सारे अंश बड़े बड़े काले बादलों सा रूप लिए हर गृह को बर्बाद करने चल पड़े थे....

और जैसे hi वो सारे अंश सभी प्लैनेट्स के ऑर्बिट के पास पहुंचे,

MAI-ABHI........

तेजसाते

एक्टिवटे

मेरे अभी कहते hi RONIT,ANJALI,DEFENDER,MOKALSAR,AKSHAANT,SHAIA और सारे एंगेल्स ने एक साथ अपने अपने शील्ड को छूकर इस स्पेल को उच्चरित किया और उनके ऐसा करते hi.....

सभी के शील्ड एक साथ एक्टिवटे हो gaye...sabhi शील्ड्स एक फार्मेशन बनाते हुए एक दूसरे के साथ जुड़ गए और जैसे hi ब्लैक एनर्जी के सारे अंश एंगेल्स के शील्ड से takraaye,SHIELD ने एक जाल का रूप ले लिया जिसमे सारे ब्लैक एनर्जी के कण फास गए......

रोनित- ओह तेरी ki...to साले ने इसीलिए हमे बोलै था अपने अपने शील्ड का कानो को यहाँ रखने के लिए...

इस साले को मई कभी भी समझ पाऊंगा भी की नहीं.....

मई- समझना छोड़ और वापस aa...parcel अपने आप यहाँ पहुँच जाएगा....

मेरे ऐसा बोलते hi RONIT,ANJALI, डिफेंडर और व्रीहाख वासी गायब होकर मेरे सामने प्रकट हुए वहीँ एंगेल्स शील्ड मचलती तड़पती ब्लैक एनर्जी को लिए हमारे पास आने के लिए निकल गयी और कुछ hi पलों में ब्लैक एनर्जी एक बार फिरसे मेरे सामने थी....

MAI-tujhe क्या लगा की तू मनमानी karegi???tera अस्तित्व इसीलिए ज़िंदा है क्यूंकि मनुष्य ने खुद की ख़ुशी से तेरा त्याग नहीं किया है...

जिस दिन ऐसा hua,tu हमेशा के लिए ख़त्म हो jaayegi..par फिलहाल के लिए अगर तू आज़ाद होना चाहती है तोह पहले मेरे भाई को आज़ाद कर...

मेरी बात सुन ब्लैक एनर्जी ने एक काली रे के सहारे हवा में कुछ लिखा जो था...

ब्लैक एनर्जी- कभी NAHI.........IS बंधन में भी मई सिर्फ कुछ HI देर के लिए कैद हूँ....

जैसे HI मई आज़ाद HUI,TERA भाई एक बार फिरसे मेरा गुलाम होगा......

ब्लैक एनर्जी ने जो लिखा tha,wo सच tha...ANGELS शील्ड भी उससे ज़्यादा देर तक सिन्ट्रोल में नहीं रख सकती thi...iska कोई परमेनन्ट सलूशन चाहिए था जो की फ़िलहाल मेरे पास नहीं था...

मई ये सब सोच hi रहा था की तभी.......

मेरे सामने एक तेज़ रौशनी हुई और ऐसा होते hi मेरी आँखें चमक uthi...is उधेड़ बून्द में मई ये भूल hi गया था की भविष्वाणी ने कहा था की वो आखिर में एक बार और सामने आएगी और वो आ गयी....

और इस बार भविष्यवाणी की चमक को सिर्फ मई hi nahi,balki सभी देख रहे थे...

कुछ देर तक चमकते रहने के बाद:-

वो ऐसे जुड़ा है जैसे

शरीर से आत्मा...

अलग कर HI हो सकता है

असली डेविल का खात्मा...

पर ये आसान नहीं है..

जो अब तक तूने किया है

आगे का रास्ता भी वही है...

जो उपहार तूने अपने दोस्तों

को दिए HAIN,UNHE तुझे

वापस लेना होगा....

जो तुझे मिला HAI,USSE भी

तुझे वापस देना होगा.....

ये बोल भविस्यवाणी आखरी बार चमकी और गायब हो गयी और छोड़ गयी मेरे चेहरे पर एक मुस्कान...

मई जान चूका था की भविष्यवाणी की कही बात का मतलब क्या है और मेरे साथ साथ ास्मोडियस भी समझ चूका था और इसीलिए...

ास्मोडियस- नहीं VIKRAM...aisa करने की ज़रुरत नहीं है...

MAI-zaroorat है BHAI..aur तू दिल छोटा मत kar..mai भी यही चाहता था....

RONIT,ANJALI,MOKALSAR,AKSHAANT,SHAILA...jo भविष्यवाणी में बताया गया है उसका मतलब है की....

सब- हमे मालाब पता है...

रोनित- bhai,tu याद कर की क्या कहा था humne..tere लिए तोह हम अपनी जान भी दे सकते हैं फिर ये चीज़ें तोह कोई मायने hi नहीं रखती......

अंजलि- हाँ V.J...aur देखा जाए तोह हम इसके बिना hi ठीक थे यार.....

AKSHAANT-hume बस इस बात की ख़ुशी है की हम तुम्हारे साथ मिलकर ये जुंग लड़ पाए....

SHAILA-bilkul और साड़ी उम्र हमे इस बात का गर्व रहेगा की हम तुम्हारे दोस्त हैं...

मोकलसर- भले hi तूने हमे खुदके आगे अपना सर झुकाने से मन किया hai,par हमारा दिल तेरे हर फैसले के आगे झुका हुआ है...

जो तेरे लिए सही hai,wo हमारे लिए भी सही होगा...

सब- और सबसे ख़ुशी की बात क्या है पता hai,ki इस आखरी डाव में हम सब एक साथ हैं......

किसीको भी मेरे दोस्तों की बात समझ में नहीं आयी पर वो सब चुप hi रहे वहीँ अपनी अपनी बात कह मेरे दोस्त मेरे बाजू में आकर खड़े हो गए...

रोनित- तोह शुरू करें???

MAI-ek साथ........

सब- एक साथ..........

समुपराहति सम्पूर्ण शक्तियम

सैक्रिफिकिंग आल पावर्स

जी हाँ doston.....yahi था भविष्वाणी में कहे गए आखरी बात का matlab..agar मुझे ास्मोडियस को बचाना था तोह मुझे और मेरे उन दोस्तों को जिन्हे मैंने शक्ति दी thi,unhe अपनी अपनी शक्ति का बलिदान देना था...

जो हम दे रहे थे...........

हमारे एक साथ अपने अपने इस ज़िन्दगी के आखरी स्पेल को उच्चारित करते hi एंगेल्स की शील्ड टूट गयी..

उसके टूटते hi ब्लैक एनर्जी फिरसे गायब होने को हुई पर इससे पहले की वो ऐसा कर पाती हम सब के पुरे शरीर से हमारी ऊर्जा बाहर निकली और सीधे जाकर ब्लैक एनर्जी से टकरा गयी और अगले hi पल......

बूम्म्म्म..............

एक तेज़ धमाके के बीच ब्लैक एनर्जी के सारे कण एक जगह अकड़ से गए....

वो बिलकुल हिल भी नहीं पा रहे the.....aur धीरे धीरे उन सारे कानो में कम्पन होने लगी.....

वहीँ अपनी साड़ी ऊर्जा बाहर निकलने की वजह से हम सब नीचे ज़मीं पर गिरने लगे पर इससे पहले की हम नीचे girte,hume हमारे घरवालों ने थाम लिया...

पर हम 6 दोस्त बेहोश हो चुके the...hamare सभी घरवाले बोहोत घबराये हुए थे पर बस ास्मोडियस शांत खड़ा था मानो वो जानता है की क्या होने वाला है...

इन सबसे अलग अब ब्लैक एनर्जी के कानो में और ज़्यादा कम्पन होने लगी थी जिसका मतलब था की अगर जल्दी hi वो ठीक नहीं हुई तोह वो अपनी शक्ति हमेशा के लिए खो देगी...

उसका अस्तित्व तोह इंसानो के बीच rahega,par जैसे हर दिन उसकी शक्ति बढ़ती जा रही hai,wo फिर कभी नहीं होगा...

और ऐसा ब्लैक एनर्जी भला कैसे होने देती और इसीलिए...

उन जकड़े हुए ब्लैक एनर्जी के कानो के बीच से एक काली रे निकल सीधा ास्मोडियस के सीने के बीच लगी और ऐसा होते hi....

असमदोटूस का शरीर ऊपर हवा में उठ gaya.....aur देखते hi देखते उसका काला लिबास सफ़ेद होने लगा जिसका मतलब था की उसकी आत्मा जिसपर ब्लैक एनर्जी ने कब्ज़ा कर लिया tha,wo अब वापस अपने एंजेल फॉर्म में आ रही थी.....

कुछ देर तक ास्मोडियस का शरीर यूँही ऊपर उठा रहा और जैसे hi ब्लैक एनर्जी ने अपने सारे कण उसके शरीर से वापस kheenche,ASMODEUS का शरीर वापस ज़मीन में आ गया था....

असमदोटूस के वापस एंजेल बनते hi सारे डेविल्स जो जड़ हुए अभी तक एक जगह पर खड़े the,wo गायब हो गए....

इतना hi nahi,ASMODEUS को आज़ाद करने की वजह से ब्लैक एनर्जी भी आज़ाद हो गयी और अगले hi पल वो भी गायब हो चुकी थी...

दरअसल बात ये थी की ब्लैक एनर्जी ने ास्मोडियस की ऊर्जा से hi डेविल्स बनाये थे और अगर सारे डेविल्स एक साथ मर जाते तोह ास्मोडियस भी एक अनंत नींद में चला जाता..

इसीलिए डेविल्स को मारने से पहले ास्मोडियस का एंगेल्स फॉर्म में लौटना ज़रूरी था और इसीलिए hi मैंने मेरे दोस्तों को डेविल्स को मारने से रोका था....

ये सारा दृश्य हम सबके घर वाले और डिफेंडर देख रहे थे.....

और वो सब भी ास्मोडियस के लिए बोहोत खुश the....aur जैसे hi ास्मोडियस वापस ज़मीन पर utra,toh उसके अगले hi पल सारे एंगेल्स और गोड्स मैसेंजर उसके सामने प्रकट हुए और आज नजाने कितनी सदियों के बाद वो सब ास्मोडियस थे क्रेअटुरे ऑफ़ जजमेंट के आगे झुक गए थे...

और ये सब देख ास्मोडियस मुस्कुरा utha..wo चलता हुआ मेरे पास पहुंचा और नीचे बैठ प्यार से मेरे बाल को सहलाया..

उसके हाथों से एक रौशनी निकल मेरे सर में समां गयी और ऐसा होते hi मेरी आखें खुल गयी...

ये रौशनी सिर्फ मेरी hi नहीं बल्कि मेरे सभी दोस्तों के अंदर भी गयी थी जिसकी वजह से उन सब की भी आँखें खुल चुकी थी.....

आखें खुलने पर जैसे hi मेरी नज़र ास्मोडियस पर गयी तोह मई मुस्कुरा utha..mera भाई अपने असली रूप में tha..issi दिन के लिए hi तोह मेरा जन्म हुआ तोह....

मई बता नहीं सकता था की मई आज कितना खुश tha..kuch वक़्त तक उसके इस रूप को देखने के बाद मई खड़ा hua..mere साथ साथ मेरे दोस्त भी खड़े हो गए थे...

मैंने देखा की सारे एंगेल्स भी वहां मौजूद हैं और इस वक़्त ास्मोडियस के सम्मान में झुके हुए हैं...

इतना hi nahi,THE SEVEN.OPOSTLES भी अब होश में आ चुके थे और वो भी ास्मोडियस के सम्मान में झुके हुए थे...

ये देख मेरी ख़ुशी और बढ़ gayi..dekha जाए तोह अब मुझे भी उसके आगे झुकना था और इसीलिए...

मई उसके आगे झुकने को हुआ पर ास्मोडियस तुरंत आगे बढ़ा और उसने मुझे ऐसा करने से रोक दिया....

ASMODEUS-koi भी अपने ओहदे और अपने नाम से बड़ा नहीं hota,kaam से होता hai..aur तेरे काम के आगे मेरा नाम बोहोत छोटा है मेरे भाई....

इसीलिए तू मेरे आगे नहीं बल्कि मई तेरे आगे झुकूंगा...

ये बोल ास्मोडियस मेरे आगे सच में झुक गया पर मैंने भी तुरंत उससे ऊपर उठा दिया.....

MAI-mai आपके ओहदे की वजह से नहीं बल्कि हमारे रिश्ते की वजह से झुका tha..ek छोटे भाई की तरह....

ास्मोडियस- तेरी जगह मेरे पैरों में नहीं बल्कि मेरे दिल में है भाई....

ये बोल ास्मोडियस ने मुझे गले लगा liya.....hum सबको यूँ गले लगते देख सभी बोहोत खुश थे....

हम दोनों भाई यूँही गले लगे हुए hi थे की तभी....

ASMODEUS-FATHER............

ास्मोडियस के ये कहते hi मई उससे अलग hua..mai उससे कुछ कहता की तभी.....

हम सब ले सामने हवा में एक रौशनी चमक uthi....is रौशनी का तेज बोहोत ज़्यादा था पर फिर भी आँखों को सुकून दे रहा tha..aur इसका सिर्फ एक hi मतलब हो सकता था और वो ये की.....

ये रौशनी और कोई नहीं बल्कि खुद गॉड थे..

GOD-TUMHARI नियति पूरी हुई PUTR....MUJHE गर्व है तुमपर....

जैसे hi ये awaagujinji,sabhi के हाथ आपस के जुड़ gaye...sabhi एक तक उस रौशनी को महसूस करने में लग गए थे.....

GOD-ASMODEUS,AAJ तुम वापस अपने पुराने रूप में लौटे हो...

उम्मीद है की तुम्हारे भाई की HI तरह तुम भी अपने इस रूप और ओहदे का मान रखोगे....

असमदोटूस- जी फादर....

हम दोनों से बात करने के बाद अब बारी थी हमारी फैमिलीज़ की या फिर ये कहूं की मनुष्य की...

GOD-MAI देख रहा हूँ की आप सब के मन में मुझसे आशीर्वाद प्राप्त करने की इच्छा जागृत हो रही है...

ये अच्छी बात है पर मेरा एक प्रश्न है...???

और वो ये की क्या सच में तुम मनुष्यों को मेरा आशीर्वाद चाहिए???

क्या तुम्हे सचमे इसकी ज़रुरत है....?????

गॉड के सवाल का मतलब किसीको भी समझ में नहीं आया और इस बात को गॉड भी जानते थे और इसीलिए....

GOD-SAMJHATA HUN...VISTAAR से समझाता हूँ...

मनुष्य JAATI.....MERE द्वारा बनायीं गयी योनियों में श्रेष्ठा योनि.....

एक ऐसी योनि जिससे मैंने एक ऐसा मस्तिष्क दिया है जिससे वो कुछ भी प्राप्त कर सकता HAI....KUCH भी बन सकता है...

और साथ HI एक ऐसा दिल भी दिया है जिससे वो हर एहसास को महसूस कर सकता है....

पर इन दोनों HI आशीर्वादों का उपयोग उल्टा HI किया है मनुष्यों ने...

जिस दिमाग को सकारात्मक चीज़ों को सोचने एवम कार्य में लाने के लिए दिया गया था उससे मनुष्य विध्वंशी चीज़ों के बारे में सोच कार्य में लाता है....

मनुष्य को मैंने एक गृह दिया रहने के LIYE,AUR उस एक गृह को मनुष्यों ने मिलकर अलग अलग हिस्सों में बात दिया...

एक नियम था जो मनुष्य जाती पर लागू होता था और वो ये की एक साथ मिलजुल कर रहे पर तुमने क्या KIYA,KHUD HI खुदको सबसे अलग करते चले गए...

कितनी अजीब बात है NAA,KI मनुष्यजाति को मैंने बनाया और फिर बाद में जब मनुष्य समझदार BANA,TOH उसने मुझे HI बना दिया...

अपने हिसाब से रूप DIYA,NAAM दिया और मेरी HI आड़ लेकर अलग अलग समुदाय BANAYE,MAANYATAAYE BANAYI,DHARM बनाये....

किन्तु देखा जाए तोह धर्म की नीव जिस चीज़ पर राखी गयी वो गलत नहीं थी..

क्यूंकि हर धर्म का श्रोत और मुख्या उद्देशःया एक HAI...AUR वो श्रोत है इंसानियत.....

पर इस श्रोत को छोड़ बाकी सबका पालन किया मनुष्य ने....

हर धर्मग्रन्थ में मनुष्य के सही जीवन यापास का मार्ग दिखाया गया है...

किन्तु हर व्यक्ति उस ग्रन्थ के उन्ही नियमो का पालन करता HAI,JO उसकी सुविधा अनुसार होते हैं..

बाकी हर बात को जो ज़्यादा ज़रूरी HAI,USSE वो नज़रअंदाज़ कर देता है....

तुम जिस देश में रहते हो उसीमे नजाने कितने HI धर्म हैं और हर धर्म की अपनी अपनी विशेषता है..

कोई राम को मानता है

कोई अल्लाह को मानता है

कोई गुरु गोविन्द सिंह को मानता है

तोह कोई ईसा मसीह को मानता है

पर वही लोग राम की नहीं मानते,

अल्लाह की नहीं मानते,

गुरु गोविन्द सिंह की नहीं मानते,

ईसा मसीह की नहीं मानते

तोह फिर फायदा HI क्या???

और इसीलिए मैंने पूछा था की क्या सच में तुम्हे मेरा आशीर्वाद चाहिए....

तुम मनुष्यों के साथ जब भी कुछ ाचा या बुरा होता HAI,TOH तुम मुझे याद करते हो...

पर मई तोह तुम्हारे कर्मो के रास्ते में हूँ HI नहीं तोह फिर मेरा नाम बीच में आया कहाँ से???

ना HI मई तुम्हारे अचे कर्मो में तुम्हारा बाधक बन सकता हूँ और नाही तुम्हारे बुरे कर्मो में तुम्हारा सहायक हो सकता हूँ....

तुम्हारे जीवन का फैसला तुम्हारे कर्म तय करते HAIN,MAI नहीं....

KARM...JAIRAJ......TUM इस कर्म शब्द के सबसे बड़े उदहारण HO...TUM आज जो कुछ भी HO,USKE पीछे सिर्फ तुम्हारी HI म्हणत HAI,MERA आशीर्वाद नहीं.....

मनुष्य जाती में पैदा होने वाले हर व्यक्ति का जीवन एक महँ लक्ष्य की तरफ अग्रसर होना चाहिए...

मुझे एक बात BATAO,AAJ जो ज़िन्दगी तुम जी रहे HO,KYA उससे महान कहा जा सकता है???

तुम अपनी कमाई का 10व हिस्सा दान देते HO..KYA तुम्हे लगता है की इतना काफी HAI..YA फिर ये बताओ की जितना हिस्सा तुम अपने पास रखते HO,KYA उतना HI तुम्हारे लिए काफी नहीं है???

मेरे कहने का ये अर्थ है की रात को जब तुम अपने परिवार के साथ भोजन करते HO,TOH क्या तुम्हे इस बात का एहसास होता है की उसी वक़्त दूर कहीं कोई बच्चा भूक से तड़प रहा होगा...

कोई माँ अपने हिस्से का खाना अपने परिवार में किसी को परोस रही होगी....

जब तुम अपने आलिशान महल जैसे घर के कमरे में सोते HO,TOH क्या तुम्हे ये ख्याल कभी आता है की दूर कहीं कोई खुले ासंकं के नीचे लेता ठण्ड से ठिठुर रहा होगा....

इतनी दौलत का क्या लाभ पुत्र जब वो किसीके काम HI ना आ सके...

तुम तोह खुद एक अनाथ THE....BOHOT बुरा वक़्त देखा है TUMNE....TOH तुम्हे नहीं लगता की अब जब तुम सक्षम HO,TOH तुम्हे तुम्हारे HI तरह बचपन गुजरने वाले बच्चों के लिए कुछ करना चाहिए...

तुम्हारे HI तरह ना जाने कितने HI बचे अनाथ HONGE,TUMHE उनका पितः बन उनकी ज़िन्दगी सावर्णि चाहिए...

जितना तुमने अभी तक कमाया HAI,UTNA HI तुम्हारे साथ पुश्तों के लिए काफी है पर शायद तुम ऐसा नहीं सोचते..

ये ज़िन्दगी तुम सबकी अपनी HAI..ISPAR और किसीका हक़ NAHI...JO दिल में आये KARO.....BAS इतना याद रखो की जिस योनि में तुम सबने जन्म लिया है अगर उस योनि में भी तुम सिर्फ अपने बारे में HI सोच रहे HO,TOH तुममे और एक जानवर में कोई फर्क नहीं है.......

मेरी बातों को सुन तुम सभी को लग रहा होगा की मई मनुष्य जाती के खिलाफ हूँ..

पर ऐसा नहीं HAI..KYUNKI अगर ऐसा HOTA,TOH अब तक तुम सबकी हस्ती मिट चुकी होती....

जिस आशीर्वाद की लालसा लिए तुम सब खड़े HO,WO आशीर्वाद मैंने तभी दे दिया था जब तुम्हारी जाती KO.MAINE जन्म दिया था...

एक ऐसा आशीर्वाद जो अविषाप भी है...

AASHIRWAAD-AGAR अपने बुद्धि को अचे कामो के लिए प्रेरित कर उपयोग में LAAOGE,TOH तुम्हारा और तुम्हारे संसार का उद्धार निश्चित है..

AVISHAAP-AGAR अपनी बुद्धि को गलत कामो के लिए प्रेरित कर उपयोग में LAAOGE,TOH तुम्हारा और तुम्हारे संसार का विनाश निश्चित है...

VIKRAM.....PUTRA....TUMNE सही कहा THA...TUM जयराज सिंह के बेटे HO...PAR सिर्फ तक तक जब तक तुम्हारे मनुष्य जीवन का अंत नहीं हो जाता....

जिस दिन भी तुम्हारी आत्मा ने तुम्हारा ये शरीर TYAGA,US दिन से तुम सिर्फ मेरे पुत्र कहलाओगे....

और अपने भाई के साथ मिलकर अपने लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के ओहदे को संभालोगे...

RONIT,ANJALI,AKSHAANT,MOKALSAR,SHAILA..TUM सबने जो त्याग आज दिखाया है उसका फल तुम सब को मिलेगा...

विक्रम की HI तरह जिस दिन तुम्हारी आत्मा तुम्हारे शरीर से अलग HOGI,TOH तुम सबको भी एंगेल्स में स्थान मिलेगा...

ASMODEUS,BEELZEBUB को बाहर निकालो.....

बिल्जेबब को ास्मोडियस ने अपने अंदर hi रखा tha..kyunki उसीकी तरह बिल्जेबब को भी ब्लैक एनर्जी ने डेविल बनाया था...

भुविका के वाइट एनर्जी की वजह से बिल्जेबब के अंदर की ब्लैक एनर्जी कमज़ोर ज़रूर पढ़ गयी थी पर फिर भी वो उसके अंदर hi थी...

पर ास्मोडियस को आज़ाद करते वक़्त ब्लैक एनर्जी ने बिल्जेबब को भी आज़ाद कर दिया था....

गॉड के आदेश देते hi ास्मोडियस ने बिल्जेबब को अपने अंदर से बाहर निकला..

बिल्जेबब भी इस वक़्त एंगेल्स के कपड़ों में था और बोहोत खुश लग रहा tha..GOD को अपने सामने देख वो भी झुक गया.....

रोनित धीरे se-acha तोह इसीलिए hi इसने कहा था इस श्रापित ज़िन्दगी से निकालने के लिए धन्यवाद्.....

कुछ याद आया doston.BHUVIKA के द्वारा ख़त्म होने से पहले बिल्जेबब ने कुछ कहा था जिससे सुन सभी शॉकेड हुए the..wo यही बात थी....

GOD-DEFENDER.AAJ से आप सिर्फ इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड के HI नहीं बल्कि पुरे ब्रम्हांड के देफंदोहोँगे और इसमें आपका साथ

"थे हेयर ऑफ़ वाइट एनर्जी" बिल्जेबब देगा.....

गॉड की बात सुन डिफेंडर और अपना नया ओढ़ा जान बिल्जेबब खुश हो गए......

गॉड- ALESENDRA,AGAR TUM.CHAAHO तोह हेवन में ास्मोडियस की पत्नी का स्थान ले सकती हो...

अलेसेन्द्र- ये मेरा सौभाग्य होगा....

अलेसेन्द्र ने ास्मोडियस को देखते हुए कहा.....

GOD-TUM SAATH...(THE सेवन OPOSTLES)...TUMNE अपना दायित्व पूरी निष्ठा के साथ निभाया..

इसीलिए अब तुम सब भी मेरे मतलब गोड्स मेसेंजर्स कहलाओगे...

GOD-AVANTIKA.....VIKRAM HI HI तरह मनुष्य जीवन को त्यागने के पश्चात् तुम हेवन में भी मेरे बेटे की शक्ति के रूप में उसके साथ रहोगी...

गॉड की बात सुन अवंतिका का चेहरा खिल उठा....

GOD-VIKRAM...TUM और तुम्हारे दोस्तों की अलौकिक शक्तियां HI तुमसे ली GAYI.HAI तुम सबकी शारीरिक शक्तियां अब भी तुम सबके पास HI है...

और जैसा की मैंने कहा की तुम सब की असली शक्ति और ओहदा तुम सब का इंतज़ार करेगा.....

ये जो चीज़ें HUI,USKI वजह से आप सबके जीवन में उथल पुथल हुई....

इसीलिए मई समय को वापस पीछे ले जा रहा हूँ....

उसी समय पर जब आप सब लोनावला में अपने फार्म हाउस में थे.....

गॉड के ये बोलने के अगले hi पल हम सबके आखों के सामने एक फ़्लैश सा हुआ और फिर....

सबकी आखें एक बार फिरसे बड़ी हो gayi...kyunki अब हम सब पैरेलल वर्ल्ड के गुफा में नहीं बल्कि अपने फार्म हाउस के हॉल में खड़े थे....

GOD-WAQT घूम चूका HAI...JO भी उथल पुथल हुई THI,AB वो किस्सा मिट चूका है.....

इसके बाद गॉड की आवाज़ नहीं आयी जिसका मतलब था की वो जा चुके थे..

गॉड के जाते hi hi ास्मोडियस मेरे माँ डैड के पास गया और उनके पेअर छुए......

ास्मोडियस- मैंने कहने के लिए hi आप दोनों को माँ डैड नहीं कहा tha..maine दिल से आप दोनों को अपने माता पितः का दर्जा दिया है...

ास्मोडियस के सर पर हाथ रख मेरे ओह सॉरी हमारे माँ डैड ने उससे आशीर्वाद दिया...

रोनित- bhai,har सवाल का जवाब मिल गया बस दो रह गए हैं....

ास्मोडियस- यही ना की जब मैंने किसी बेकसूर को मारा नहीं तोह मैडोक्स और दिग्विजय की माँ जो की बेकसूर thi,unhe क्यों मैडोक्स के हाथों मरवाया और जब माँ डैड मरे hi नहीं थे तोह विक्रम इतना अपसेट क्यों था???

रोनित- जवाब भी एक साथ hi दे दे भाई

ASMODEUS-kyunki मैडोक्स और दिग्विजय डेविल्स the,isilye उन्हें जन्म देने की वजह से उनकी माँ भी उसी श्रेणी में चली गयी थी और अगर वो साधारण तरीके से मरती तोह उनकी आत्मा को भी उसी अंधकार और दर्द भरे दुनिया में जाना पड़ता जहाँ हर डेविल तड़पता था..

और इससे बचने का एक hi तरीका था और वो ये था की उन्हें खुद उनका बीटा मारे जिससे उनकी आत्मा शुद्ध हो जाए..

और मैंने वही करवाया.....

ऐसा hi कुछ अलेसेन्द्र के साथ भी हुआ tha...na चाहते हुए भी वो एक डेविल की माँ बानी थी पर खुदकी कुबानी देकर उसने भी अपने आप को उस पाप से मुक्त कर लिया...

और जहाँ तक बात विक्रम hi है तोह वो जवाब यही देगा...

मई- haan,ab तोह यही बोलोगे naa..arre यार सब प्लानिंग भले hi मेरी थी पर माँ डैड को मारने का ढोंग मैंने इससे करने को कहा था पर इसने मुझे hi फसा दिया था....

और अपसेट मई इसीलिए था क्यूंकि मई सोच रहा था की ास्मोडियस ने अगर हम इंसानो के बारे में गलत नहीं सोचा hota,HEAVEN से नहीं निकला होता तोह ये सब प्रपंच करने की ज़रुरत hi नहीं पड़ती पर फिर मई समझ गया की जो hua,usse होना hi था....

(आपको याद होगा दोस्तों की अपडेट नंबर 115 में गॉड ने विक्रम को कुछ सीन्स दिखाए the..wo इसीलिए hi दिखाए थे ताकि विक्रम समझे की ास्मोडियस क्यों इंसानो से नाराज़ हुआ था)

रोनित- ओह ऐसा....

मई- हाँ aisa..ab बिना खाये चुप खड़ा रह थोड़ी देर....

इसके बाद ास्मोडियस मेरे पुरे परिवार से मिला और ज़िन्दगी में पहली बार अलेसेन्द्र अपने बेटे बिल्जेबब से लिपटकर रोई...

आंसू बिल्जेबब के आँखों में भी थे पर वो ख़ुशी के थे.....

कुछ देर तक अपने बेटे के गले लगे रहने के बाद अलेसेन्द्र उससे अलग ास्मोडियस के गले लग गयी....

मई- तोह अब बानी आप हमारी ऑफिसियल भाभी.........

मेरी बात सुन अलेसेन्द्र ौस ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान नाच गयी......

सबसे एक बार दोबारा मिल और मुझसे गले लग ASMODEUS,meri भाभी अलेसेन्द्र और मुझसे हज़ारों साल बड़ा मेरा भतीजा बिल्जेबब गायब हो गए.....

मई- chalo.........tention ख़त्म...

ahhhhh....mom कान क्यों पकडे हो मेरा aap??maine क्या किया????

माँ- कान क्यों पकड़ी hun,haan???itni बड़ी बात छुपाई तूने हमसे???

मई- कौन सी baat???sab तोह पता है आप सबको....

MOM-chup...tune हमे बताया क्यों नहीं की तू और अवंतिका एक दूसरे से प्यार करते हो???

व्हाट????

मई- लग गयी.....

व्हाट का रिस्पांस मेरे उन फॅमिली मेंबर्स से आया था जो इस बारे में कुछ भी नहीं जाते थे.....

वैसे तोह उन सबने गॉड की अवंतिका से कही बात सुनी थी पर वो समझ नहीं पाए थे पर माँ की बात सुन सभी सब समझ चुके थे...

रोनित- पर आंटी आपको कैसे पता चला...???

MOM-aur kaise??mere बड़े बेटे ने bataya....jab हम सब उस क्यूब की दुनिया में थे तोह इससे और उससे रिलेटेड साड़ी बाएं हमे पता चल गयी थी...

मई- अरे mom,aap कहाँ उसकी बातों में आ gaye..wo तोह है hi शकुनि बुद्धि वाला...

डैड- ोये चुप kar..shakuni बुद्धि का ठेका तुम दोनों ने hi लिया हुआ hai..aur वैसे bhi,usne तोह अभी अभी हमे ये सब bataya,par तुम दोनों तोह काफी टाइम से एक साथ हो...

अब मई क्या कहता...

MAI-arre मई सही टाइम का वेट कर रहा था???

माँ- acha..kaun से सही टाइम का???

MAI-ye abhi...issi टाइम का तोह वेट कर रहा था मई...

RONIT-chup बे noutanki...chupchaap सॉरी बोल और शादी का मुहूर्त nikalwa..issi बहाने तेरे साथ साथ हमारी भी हो जायेगी...

रोनित की बात सुन अंजलि और AVANTIKA,dono के hi गाल शर्म से लाल हो गए....

आकाश अंकल- कमल hai..ek लड़का कुछ कहता नहीं और दूसरा शादी तक पहुँच जाता है...

मई- अब नंगे को कैसी शर्म uncle....khair chhodiye,isse miliye,aapki बहु......

ये बोल मैंने अवंतिका का हाथ पकड़ा और सबके बीच उससे खड़ा कर दिया......

मेरे ऐसा करने से अवंतिका की शर्म और बढ़ गयी....

khair,meri बात सुन पहले सब हसे और उसके बाद सभी ने अवंतिका को घेर लिया और फिर शुरू हुई इनकी बातें जिन्हे सुना मई आप सबको बोर नहीं karunga....aur इसीलिए......

फ़ास्ट फॉरवर्ड सीन्स:-

हम सबकी ज़िन्दगी वापस ट्रैक पर आ gayi.AVANTIKA के घरवालों से भी मेरे घरवालों ने बात कर ली और थैंक गॉड उनके घर वाले भी हसी ख़ुशी हम दोनों के रिश्ते के लिए मान गए वर्ण खामख्वाह इसके ऊपर भी एक स्टोरी लिखनी पड़ती.....

मेरी अवंतिका की और रोनित अंजलि की शादी हमारे एजुकेशन कम्पलीट होने के बाद फिक्स कर दी गयी.....

अब डैड और अंकल की कंपनी से जो प्रॉफिट होता tha,uska 90 प्रॉफिट डोनेट किया जाता था....

व्रीहाक वासी वापस इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड लौट गए....

अपने बेटे के वापस आने के बाद भी लार्ड क्रूसेडर ने अपना शाशन मोकलसर और अक्षांत के हाथों में hi सौंपा और इस बात से उनकी फॅमिली वालों को भी कोई प्रॉब्लम नहीं हुई.....

भुविका तोह क्यूरियस वासी थी इसीलिए उससे वापस अपने गृह लौटना पड़ा...

डिफेंडर और बिल्जेबब गॉड के कहे मुताबिक पुरे ब्रम्हांड में शांति फैलाये रखने का दायित्व निभाने लगे...

और हम सबसे ऊपर......

ास्मोडियस अपनी पत्नी यानी मेरी भाभी अलेसेन्द्र के साथ अपने ओहदे क्रेअटुरे ऑफ़ जजमेंट को संभल रहा था..

पर उसकी नज़रें हर वक़्त मुझपर hi रहती थी...

इसी तरह वक़्त अपनी रफ़्तार से आगे बढ़ता raha....par.........

ऐसे HI एक रोज़.........

अवंतिका- कहाँ जा रहे हो????

MAI-paani ख़त्म हो गया hai...wo शॉप से एक बोतल लेकर आता हूँ...

संडे की एक सुबह मई और अवंतिका यूँही लॉन्ग ड्राइव पर निकले the..highway के साइड में मुझे एक जनरल स्टोर दिखी जिससे देख मैंने कार साइड में लगायी और पानी की बोतल लेने दुकान की तरफ चल पड़ा.....

ठीक उसी वक़्त हेवन में:-

ALESENDRA-kya बात hai???aap बड़ा मुस्कुरा रहे हैं????

ास्मोडियस- मई सोच रहा था की अब जब मेरे भाई के पास उसकी बेशुमार शक्तियां नहीं हैं..

और अब जब वो एक साधारण मनुष्य की ज़िन्दगी जी रहा है उन्ही कमज़ोरोयों के साथ जो एक मनुष्य में होती है....

तोह क्या ऐसे में आज भी उसका मन वैसा hi है जैसा लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के वक़्त हुआ करता था....

अलेसेन्द्र- ये तोह मुझे नहीं पता पर इतना ज़रूर बता सकती हूँ की आपके दिमाग में कुछ न कुछ मस्ती चल रही है.....

अलेसेन्द्र की बात सुन ास्मोडियस मुस्कुरा उठा.....

ास्मोडियस- देखती jaao...sab पता चल जाएगा....

ास्मोडियस की बात सुन उसके साथ साथ अलेसेन्द्र की भी नज़र नीचे मुझपर टिक गयी....

शॉप से पानी का बोतल लेकर मई जैसे hi पलटा तोह मेरी जान हलक पर आ गयी...

रीज़न.....

अवंतिका कार से उतर कर रोड के एक कार्नर पर अपने मोबाइल से बात कर रही थी...

और ठीक उसी रोड के दूसरे कोने में एक छोटा सा बचा अकेला खड़ा हुआ था...

पर मेरे अचानक डरने की वजह थी वो दो trucks...jinme से एक अवंतिका की तरफ बढ़ रही थी और दूसरी उस मासूम बचे की तरफ...

और उन ट्रक्स और AVANTIKA/BACHE की दूरी बस 5 सेकण्ड्स की थी...

मेरी शारीरिक शक्ति तोह अभी भी मेरे पास थी पर फिर भी मई इतना तेज़ नहीं था जो दोनों को एक साथ बचा लेता...

मई किसी एक को hi बचा सकता था और इसीलिए....

मैंने एक फैसला किया और फैसला करते hi मैंने दौड़ लगा दी और कुछ 4 सेकण्ड्स में hi मई उस बचे के पास था...

मेरे उससे उठाते तक hi दूसरी ट्रक अवंतिका के पास पहुँच चुकी थी....

और अब मई कुछ भी नहीं कर सकता tha..bache को अपने बाहों में समेत मैंने अपनी आखें बंद कर ली और.........

क्या HUA??AISE क्यों खड़े HO??AUR तुम इस तरफ भागे क्यों????

ये आवाज़ मेरे पीछे से आयी थी जिससे सुन मई जैसे hi palta,shocked रह गया..

reason...mere सामने अवंतिका कड़ी thi..usse दूसरी साइड देख मई तुरंत उस तरफ पलटा जहाँ पर मैंने अवंतिका और ट्रक को देखा था पर जैसे hi मई उस तरफ palta,mai फिरसे शॉकेड हो गया....

रीज़न...........

वहां पर कुछ भी नहीं tha..road पूरा खाली था....

AVANTIKA-kya hua???kya देख रहे ho??aur ये हाथ क्यों बाँध रखे हैं????

अवंतिका की बात सुन जब मैंने अपने हाथों को देखा तोह जहाँ कुछ देर पहले एक बचा tha,wo हाथ अब खाली थे....

कुछ नहीं था उनमे......

पर इस बार मई शॉकेड नहीं हुआ बस है दिया......

reason....mai जान गया था की ये सब मेरे बड़े भाई की कारस्तानी hai....saala मुझे टेस्ट कर रहा था....

AVANTIKA-ab है रहे ho???ho क्या रहा है?????

मई- कुछ नहीं yaar..wo मुझे लगा की यहाँ कोई है जिससे मई जानता हूँ इसीलिए दौड़ता हुआ यहाँ आया..

AVANTIKA-accha....aur हाथ क्यों बांधे हुए हैं तुमने...

मई- सोचा की जब तुम मेरे पास आओगी तोह ऐसे hi तिघ्टलय हुग करूँगा तुम्हे...

अवंतिका- हैं!!!!!!!

MAI-oh शर्लाक होल्म्स की maa..bas कर yaar..kitne सवाल पूछेगी..

AVANTIKA-waah..khudhi अजीबोगरीब हरकत करते हो और मुझे कहते हो...

MAI-hum तोह शुरू से hi अजीब hain..tumhe अभी पता chala..khair,chalen???

AVANTIKA-chalo....

मई अवंतिका को लिए कार की तरफ चल पड़ा....

चलते हुए मैंने जब ऊपर देखा तब मुझे आसमान में ास्मोडियस का हस्ता शरारती चेहरा दिखाई दिया...

MAI-AAP मुझसे मेरी शक्ति चीन सकते HAIN,MERA अस्तित्व छीन सकते HAIN,MERA ओहदा ले सकते हैं पर एक चीज़ आप मुझसे कभी नहीं ले SAKTE.........MERA............

ऐटिटूड........................

इस कहानी के लिए इतना HI पर.......

5000 साल बाद:-

आज पांच हज़ार सालों से मई बिना किसी रूप के घूम रहा हूँ और ये सब सिर्फ उसके कारण....

विक्रम ये तूने ाचा नहीं किया मेरे SAATH......AUR ASMODEUS,TU.......MAINE तुझे डेविल्स किंग के नाम से नवाज़ा..

तुझे बेहिसाब शक्तियां दी और तूने मुझे HI धोका DIYA....AUR वो भी उस गॉड के लिए.........

पर कोई बात NAHI,HAAR जीत तोह लगी रहती HAI...BEETA कल तुम्हारा THA,AANE वाला कल मेरा होगा......

मेरे साथ षड़यंत्र करते वक़्त तुम दोनों भाइयों को पता भी नहीं चला की तुम दोनों की शक्ति से कौन सी नयी मुसीबत जन्म ले रही है.....

पर मेरी नज़र उसपर पढ़ GAYI.....HAHAHAHAHAHAHAHAHAHAHA.....

अब DEKHNA,TUM दोनों की शक्ति को मई रूप DUNGA....AISA पहली बार होगा जब पितः कोई और होगा पर जन्म डाटा कोई और........

ये बोल एक मोती काली रे आगे बढ़ी और उसके सामने पड़ी एक बोहोत प्रकाशवान ऊर्जा पर पड़ी और जैसे hi ये hua,us ऊर्जा ने एक रूप लेना शुरू किया और देखते hi देखते उस ऊर्जा ने एक इंसानी रूप ले लिया....

एक बेहद hi ख़ूबसूरत इंसानी roop....par फ़िलहाल उसकी आँखें बंद थी....

HMM...ADHBHUDHHHHH....SHAKAL तोह अपने दोनों पितः पर HI गयी है तुम्हारी...

आधी विक्रम पर और आधी ास्मोडियस पर.....

जब सूरत पिताओं पर गयी है तोह नाम भी उनपर HI होना CHAHIYE,HAINA????

पर क्या????

VIKRAM.......ASMODEUS....

VI...........................DEUS....

अरे WAAH,ITNI जल्दी नाम भी मिल गया.....

तेरा नाम होगा ''विदेउस''........

एक ऐसा नाम जो बदल देगा पूरी कहानी और साथ HI बदल जाएगा सबका

ऐटिटूड..............

अलविदा दोस्तों......

आपका अपना V...J.......
 
सो GUYZZZ,THIS इस IT....AAP सबके सामने फाइनल अपडेट हाज़िर HAI...AUR इसी के साथ हमारा ये सफर भी यही ख़त्म होता है.... ओने लास्ट टाइम ी वांनै थैंक एच एंड एव्री ओने ओने ऑफ़ U...AAP सबके कांस्टेंट सपोर्ट की वजह से HI मई इस कहानी को इसके अंजाम तक पहुंचा पाया हूँ.. और ी होप की ये कहानी आप सबकी उम्मीदों पर खरी उत्तरी होगी!!!!! जैसा की अपडेट के लास्ट पैराग्राफ में आपने इस कहानी के सीक्वल की बेस लाइन्स पढ़ी.. उसी बेस पर स्टोरीलाइन सेट कर मई ऐटिटूड 2 के साथ वापस लौटूंगा... एक्साक्ट्ली KAB!!!!YE तोह नहीं बता सकता पर लौटूंगा ज़रूर ये वादा है... और आपको तोह पता है की V...J जो कहता HAI,WO हो जाता है.... जस्ट किडिंग GUYZZZ....THE बॉटम लाइन इस I"LL बे BACK....TILL थें..... "अलविदा".............
 
बरोथेर, ये आपका पॉइंट ऑफ़ व्यू yau,drishtikon h,jiski मई रेस्पेक्ट करता हूँ...

जगन तक इस कहानी की एन्ड की हाट h,maine पहली hi बता दिया था की कहानी का हर pehlu,uske mod,aur आखिर में एन्ड मैंने पहले से तय किया हुआ ह..

तोह जैसा ये एन्ड हुआ h,isse वैसा hi होना था...

लास्ट अपडेट में 7200 वर्ड्स उसे h,taaki कोई भी पहलु इन्कम्प्लीट ना रह jaaye...aur मुझे लगता भी ह की मैंने जो जो सोचा tha,wo सब मैंने दिखा दिया...

एक्स्ट्रा कुछ भी लिखना सिर्फ कहानी को खींचने kehlata,aur मई इन चीज़ो में बिलीव नहीं krta..thanks...
 
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