इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 8 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 64

अब तक...

Neha(mann में) : हां! बात तोह सही है! ऐसे में माँ डैड भी नाराज़ नहीं होएंगे और में भी इस से हमेशा के लिए पीछा चुर्रा लुंगी.

तभी नेहा राहुल की तरफ आगे बढ़ती है और बिना मैं के अजीब सा मुँह बनाते हुए उससे गले लगाने के लिए आगे बढ़ने लगती है, तभी राहुल उसको कंधो से पकड़ता है, एक हाथ उसके गाल पर रखता है और आगे बढ़ के उसके कान में ऐसा कुछ कहता है, जिससे सुनकर नेहा की आँखें फटी की फटी रह जाती है और उसका शरीर सिहर उठता है.

अब आगे...



बेचैनी! एक अजीब सा एहसास, एक पीड़ा, नेहा को अभी खाए जा रही थी. फटी आँखों से वो सामने देख रही थी, पर न तोह उससे कुछ सुनाई दे रहा था और सामने क्या चल रहा है नेहा उस से भी वंचित थी क्युकी राहुल ने जो कहा उससे सुनके उसके होश hi उड़द चुके थे.

राहुल तोह कुछ कदमो के बाद hi धीरे धीरे सबकी आँखों से ओझल हो गया और कब उसकी फ्लाइट ने उड़ान भरी और कब वो प्लेन भी सबकी आँखों से ओझल हो गया, समय का पता hi नहीं चला. नेहा तोह तब से स्तब्ध सी कड़ी सामने देखे जा रही थी जबकि वह कुछ देखने लायक था hi नहीं. उससे तोह होश तब आया जब निशा की रोने की सिसकिया थोड़ी तेज़्ज़ हुई और उसके कानो में पड़ी. पीछे पलट कर नेहा ने देखा तोह पाया निशा रो रही थी और राजेश उन्हें शांत करवा रहे थे, बाकी सब की आँखें भी नाम थी. इधर वो शांत सी कड़ी कुछ देरर हुई पहले की घटना के बारे में सोच रही थी. तभी उसके कानो में आवाज़ पड़ी और सबकी तन्द्रा भांग हुई,

राजेश : चलो बीटा!

राजेश के कहने पर जैसे सभी गम से बाहर निकले और वापस घर की और जाने लगे. सब अपने अपने घर को लौट गए, अब राहुल तोह था नहीं तोह फिर भला अंशु और वंशु क्या करती घर पर? वो दोनों भी शाम होते hi निकल गयी अपने घर. नेहा की समझ नहीं आ रहा था, उसका सर चक्र रहा था, और उससे गुस्सा भी बोहत आ रहा था.

नेहा (मैं में) : उसने ज़रूर ये जान बूझ के किया था, सोच रहा होगा ऐसा करने से में पिघल जाउंगी, ya...ya ये भी हो सकता है की मेरा मज़ाक उड़ाने के लिए ये सब किया हो? सहित! मेरा तोह दिमाग फटा जा रहा है. जाते जाते भी ये मेरा पीछा नहीं चोरर रहा.

यहाँ राहुल और सौरभ जब मुंबई पहुचे. तोह उन्हें स्टेशन पे धेरर सारे टैक्सी ड्राइवर्स ने घेर लिया,

"साब किधर जाने का?"

"आओ न साब, में लेके चलता है आपको".

"अरे भौ, कहा जाना है?"

कुछ ऐसे hi सवालों से राहुल और सौरभ को घेरते हुए टैक्सी ड्राइवर्स ने भीड़ लगा दी. पर राहुल तोह जैसे सब के लिए तैयार था. उसने एक टैक्सी ड्राइवर को एक पर्ची दी, जिसमे पूरा एड्रेस डिटेल्स में लिखा हुआ था, की कहा से मुड़ना है, कोण सी रोड से जाना है, कितना भाड़ा लगेगा, कितना समय लगेगा.

ये पर्ची मास्टर ने hi उससे बना के दी थी, जब टैक्सी वाले ने पर्ची देखि तोह उसका सर hi चक्र गया. चुना लगाने का प्रश्न hi नहीं उठता. पर्ची पर एड्रेस की हर एक डिटेल्स लिखी हुई थी. कोई चाह कर भी राहुल और सौरभ को चुना नहीं लगा सकता था.

खर्र! राहुल और सौरभ दोनों hi एक सोसाइटी में पहुचे, जहा पर चौथी मंज़िल पे उनका फ्लैट था, अभी उनके पास कोई भी के नहीं थी तोह दोनों फ्लैट के बाहर खड़े हुए थे और किसी का वेट कर रहे थे,

सौरभ : तू सूरे है न की यही घर है?

राहुल : हां!!

सौरभ : बूत यार अभी तक कोई आया hi नहीं.

राहुल : बात हो गयी है मेरी, कोई न कोई आता hi होगा.

तभी कुछ देरर में एक व्यक्ति आया और राहुल को फ्लैट की के दिया और वापस चला गया, अंदर से फ्लैट पूरा फर्निश्ड था, राहुल और सौरभ दोनों फ्रेश हुए उसके बाद राहुल नाहा के रेडी हो गया, क्युकी यहाँ उसका काम था 3 महीने तक ख़ुशी को प्रोटेक्ट करना. उससे ये बात सताए जा रही थी की ये ख़ुशी कही ज़िद्दी लड़की न निकले, पता नहीं किसी होगी? क्या नेचर है उसका? मानेगी भी या नहीं?

सौरभ : भाई अब तू कहा चल दिया?

राहुल : में यहाँ नहीं रहूँगा! मुझे एक इम्पोर्टेन्ट काम निपटना है, 3 महीने तक उसी में बिजी रहूँगा.

सौरभ : wtf? अबे तोह में यहाँ अकेला क्या करूँगा?

राहुल : तू टेंशन मत ले, 3 महीने तू सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के और कोर्सेज कर लेना.

सौरभ : में पहले hi दो कर चूका हु, और मेरे से आता है सॉफ्टवेयर डेवेलोप करना.

राहुल : हां पर अभी और एडवांस्ड वाले कर. समझा? अब में चलता हु.

सौरभ : मेरी तोह कुछ समझ नहीं आ रहा यार

राहुल : don't वोर्री! मुझे पता है में क्या कर रहा हु.

वो वह से निकल के एक और बताये गए अड्रेस पर जाता है तोह सामने एक बोहत बड़ा घर था.

इस से पहले की वो आगे बढ़ पाटा, घर के बहार खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने उससे रोक दिया,

"किस से मिलना है आपको?"

"ओह्ह हां! एक मिनट..", राहुल ने अपना फ़ोन निकाला और वापस से वो एड्रेस पढ़ा और उस सिक्योरिटी गार्ड को दिखाया.

अड्रेस पढ़ने के बाद सिक्योरिटी गार्ड ने कुछ अजीब निगाहो से राहुल को नीचे से ऊपर तक देखा, राहुल एक सिंपल वाइट टी शर्ट और जीन्स में था और कुछ भी नहीं. कही से भी वो कोई ऐसा व्यक्ति नहीं लग रहा था जो इस बंगला के मालिक से कोई रिलेशन रखता हो.

"यहाँ किस काम से आये हो?" उसने पूछा.

"ओह्ह हां! मास्टर चेन ने मुझे भेजा है, ये घर तोह उन्ही का है न? आप लोगो को बताया नहीं क्या किसी ने?" राहुल ने कहा.

सिक्योरिटी गार्ड 1: मास्टर चेन? ये कोण है? तुम जानते हो क्या?

सिक्योरिटी गार्ड 2 : ना भाई न! इसको भगाओ ये फ़ालतू टाइम पास कर रहा है यहाँ.

राहुल : आप दोनों का हो गया हो तोह में अंदर जाऊ?

उसी बंगला में ऊपर साइड, खिड़की के पास एक व्यक्ति बैठा हुआ था जो कुछ सोच रहा था,

व्यक्ति (मैं में) : मास्टर ने कहा था राहुल नाम का लड़का मुंबई आने वाला है. अब तक आया नहीं?

तभी उसने खिड़की से पर्दा हटा कर देखा तो पाया नीचे एक लड़का सिक्योरिटी गार्ड्स से बहस कर रहा है और वो फौरन नीचे देखने चला गया.

अभी यहाँ राहुल आगे बढ़ने hi वाला था की एक आवाज़ ने तीनो को रोक दिया,

"क्या चल रहा है यहाँ?"

सभी ने उसकी और देखा, जब व्यक्ति ने राहुल को देखा तोह उसने फौरन पूछ लिया,

व्यक्ति : राहुल? क्या तुम राहुल हो?

राहुल : जी हां! पर आप कोण?

तभी उस व्यक्ति को समझ में आ गया और उसने आगे बढ़कर राहुल का हाथ बड़े hi आदर के साथ मिलाया,

व्यक्ति : नीस तो मीट यू! में, रजनीश. मास्टर का सेक्रेटरी. में आपको लेने स्टेशन hi आने वाला था.

राहुल : अरे इसकी कोई ज़रुरत नहीं, में वैसे भी मुंबई को अच्छे से देख रहा था, थोड़ा घूम hi लिया.

रजनीश : जी! प्लीज फॉलो में!

रजनीश (सिक्योरिटी गार्ड्स से) : और तुम दोनों! क्या बकवास कर रहे थे? जानते भी हो ये कौन है?

मालिक की दांत सुन्न दोनों सिक्योरिटी गार्ड्स चुप होकर नज़रे नीचे कर लिए, अंदर आते आते राहुल बंगला की बनावट को देख रहा था और सोच रहा था की एक दिन उसके पास भी खुद का बड़ा सा घर होएगा.

बाहर खड़े 2 सिक्योरिटी गार्ड्स मुँह hi ताकते रह गए,

सिक्योरिटी गार्ड 1 : अरे भाई ये तोह सच में मालिक को जानता है

सिक्योरिटी गार्ड 2 : मालिक खुद से बाहर आके हाथ मिलाए उस से...

रजनीश : आप यहाँ बैठिये! में अभी आया!

राहुल को रजनीश के मुँह से 'आप' सुन्न बड़ा hi अटपटा लग रहा था, क्युकी रजनीश उम्र में वैसे hi मास्टर से भी बड़े लग रहे थे. रजनीश की उम्र 50 तोह होगी hi, ये अनुमान राहुल ने लगाया.

थोड़ी hi देरर में रजनीश ट्रे में पानी लेकर आया तोह राहुल ये देख अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ,

राहुल : अरे ये...?

रजनीश : जी पानी पीजिये!

राहुल : देखिये सबसे पहले आप मुझे "आप" कहना बंद कर दीजिये. मुझे अच्छा नहीं लगता की कोई मुझसे बड़ा मुझे ऐसे बुलाए. और आपको मेरे लिए ये सब पानी लाने की कोई ज़रुरत नहीं है.

रजनीश : अच्छा चलिए ठीक है! में आपको मिस्टर राहुल कहकर बुलाऊंगा. रही बात पानी देने की तोह उसका तोह कोई इलाज नहीं है क्युकी यही तोह मेरा काम है.

राहुल : क्या मतलब?

रजनीश : मतलब ये की... मेरा काम यही है मिस्टर राहुल. मिस ख़ुशी के लिए उनका पूरा खाना और बाकी सारे घर के काम में hi करता हु.

राहुल : पर आपने कहा की आप सेक्रेटरी हो मास्टर के?

रजनीश : हां! बिलकुल हु!

राहुल : पर मास्टर की सेक्रेटरी तोह मोनिका दीदी है न?

रजनीश : हां! पर ये किसने कहा आपको की मास्टर के पास सिर्फ एक hi सेक्रेटरी है?

राहुल : तोह फिर आप ये खाना बनाना?

रजनीश : जी! अब में वैसे hi 52 बरस का हो गया मिस्टर राहुल. तोह उन्होंने मुझे मिस ख़ुशी के साथ रखा है. उनकी dekh-bhaal के लिए. वर्ण पहले में भी मोनिका मिस की तरह मास्टर का बिज़नेस hi संभालता था.

राहुल : ओह्ह! अब समझ आया. तोह फिर वो बहार सिक्योरिटी गार्ड्स मास्टर चेन को क्यों नहीं जानते?

रजनीश : वो इसलिए क्युकी उन्होंने कभी मास्टर चेन को देखा hi नहीं है. सारा काम यहाँ पर में संभालता हु. और इसलिए उन्हें लगता है की में hi मालिक हु.

राहुल : ओह्ह! ी सी!

रजनीश : मिस्टर राहुल. आप अपना बैग उतार दीजिये और खाना रेडी है, में लगा देता हु.

राहुल : ओह्ह! तोह मुझे यही रुकना है न तीन महीने?

रजनीश : जी हां! तोह अब कुछ ज़रूरी बात कर ली जाए मिस्टर राहुल?

राहुल : ज़रूरी बात? वेल! कहिये!

रजनीश : तोह आपकी पेमेंट रहेगी 50,000 रूपए एक महीने के हिसाब से. और मिस ख़ुशी पर आप जो भी खर्च करेंगे वो भी आपको दिया जाएगा. ी होप मास्टर ने तोह आपको बता hi दिया होगा?

राहुल : वेट... kyaaaaaaaaaaaa??? पेमेंट??

रजनीश : हां! पेमेंट! आप मिस ख़ुशी को प्रोटेक्ट करेंगे, तोह आपको पाय तोह करना hi पड़ेगा न? बिना पेमेंट के कोण बॉडीगार्ड काम करता है?

राहुल (मैं में) : ोोू भाईसाहब!!! ये सब क्या चल रहा है? कही मास्टर ने जान बुझ के तोह नहीं पेमेंट राखी? मेरी बिज़नेस में हेल्प करने के लिए? यदि ऐसा है तोह थैंक यू मास्टर!

रजनीश : वेल! में आपको ये बताना चाहता हु की कल से आप मिस ख़ुशी के साथ उनके कॉलेज जाएंगे और उनकी क्लास में hi रहेंगे. आप उनका ख़याल रखेंगे और उनकी ज़रूरतों का ख़याल भी रखेंगे. वेल, सरल भाषा में कहे तोह आप उनके पार्टनर रहेंगे. मास्टर चाहते है की कोई उनकी बेटी के साथ घुल मिल सके, उनके दिन और भी khush-haal कर सके. वो यकीन करते है की आप और मिस ख़ुशी एक दूसरे से कई सारे विषयो पर बात चीत कर सकते हो.

Ek...ek मिनट!! लड़की का ख़याल रखना? उसकी ज़रूरतों का? बात चीत? पार्टनर? तोह फिर परीक्षा का क्या? मास्टर ने तोह कहा था की ये सब एक परीक्षा की तरह hi लो. फिर ये सब क्या है? राहुल को ये सब किसी शादी की तरह लगने लगा था.

राहुल : ओह्ह्ह्ह! J...jii!

रजनीश (स्माइल्स) : मिस ख़ुशी थोड़ी गुस्से वाली ज़रूर है, पर वो एक बोहत hi प्यारी लड़की है. मुझे पूरा यकीन है की आप और मिस एक दूसरे के साथ बोहत जल्द घुल मिल जाएंगे.

राहुल : j..ji में कोशिश करूँगा ः..!

रजनीश : मिस ख़ुशी का कॉलेज भी ऑलमोस्ट छूटने वाला होगा, आप चलिए मेरे साथ, आप कॉलेज भी देख लेना.

राहुल : अहम!! Okay!

थोड़ी देरर बाद एक जैगुआर में राहुल और रजनीश दोनों बैठे हुए कॉलेज की और जा रहे थे. और इधर राहुल विंडो से बाहर मुंबई की बड़ी बड़ी बिल्डिंग्स को देख सोच विचार में पड़ा हुआ था. उससे अपनी माँ निशा और बाकी सभी घरवालों की याद आ रही थी. उससे अभी बोहत आगे जाना था. उसका मक़सद सिर्फ यहाँ आके hi ख़तम नहीं होता. गहरी सास लेकर उसने इन् खयालो को दूर किया और मुंबई की खूबसूरती देखने में व्यस्त हो गया.

थोड़ी hi देरर में कॉलेज भी आ गया. कॉलेज का नाम क्सक्सक्सक्सक्स मेडिकल कॉलेज था और ये मुंबई का टॉप मेडिकल कॉलेजेस में से एक है. पार्किंग तोह एक से बढ़कर एक कार्स से भरी हुई थी, मेरसेदेज़ से लेकर बंव तक, ऑडी से लेके पॉर्श तक. वाक़ई! एक बड़े शहर की बात hi अलग होती है. राहुल देख रहा था की ये सब कार्स यहाँ के लोगो के लिए कितनी नार्मल है और जिस हिसाब से कार्स कस्टोमीसेड थी, राहुल समझ गया था की ये किसी कंपनी की कार्स नहीं है, सबकी अपनी प्राइवेट कार है. पैसा! पैसा हो तोह क्या कुछ नहीं हो सकता?

राहुल आगे की सीट पर रजनीश के बगल से बैठा हुआ था जो ड्राइवर सीट पर थे. राहुल सब कुछ अंदर कार के शीशे से hi देख रहा था.

रजनीश : वैसे!? आप ड्राइव करते हो क्या कार मिस्टर राहुल?

राहुल : उम्! हां! कभी कभी!

रजनीश : आपके पास लाइसेंस है?

राहुल : हां!

रजनीश : चलिए! ये बड़ी hi अच्छी बात है!

तभी एक जानी पहचानी घंटी की आवाज़ आयी मतलब की आखिरी लेक्चर समाप्त हुआ और कुछ hi देरर बाद स्टूडेंट्स निकल कर आने लगे.

कुछ स्टूडेंट्स ग्रुप बना कर निकल रहे थे, हस्सी मज़ाक करते हुए. राहुल को ये सब देख अपने कॉलेज के दिन याद आ गए. जब वो सृष्टि और ऋचा ऐसे hi साथ में कॉलेज की छुट्टी होने के बाद निकला करते थे. उसके चेहरे पर अपने आप मुस्कान आ गयी और ऋचा का चेहरा उसके मैं में आ गया.

"वो रही मिस", बगल में बैठे रजनीश ने ऊँगली दिखाते हुए स्टूडेंट्स के आ रहे झुण्ड की और पॉइंट किया जिस से राहुल का ध्यान भांग हुआ और उसने ऊँगली के डायरेक्शन का पीछा करते हुए देखा तोह पाया की...

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आज के लिए इतना hi गाइस!
 
अपडेट - 65

अब तक...

कुछ स्टूडेंट्स ग्रुप बना कर निकल रहे थे, हस्सी मज़ाक करते हुए. राहुल को ये सब देख अपने कॉलेज के दिन याद आ गए. जब वो सृष्टि और ऋचा ऐसे hi साथ में कॉलेज की छुट्टी होने के बाद निकला करते थे. उसके चेहरे पर अपने आप मुस्कान आ गयी और ऋचा का चेहरा उसके मैं में आ गया.

"वो रही मिस", बगल में बैठे रजनीश ने ऊँगली दिखाते हुए स्टूडेंट्स के आ रहे झुण्ड की और पॉइंट किया जिस से राहुल का ध्यान भांग हुआ और उसने ऊँगली के डायरेक्शन का पीछा करते हुए देखा तोह पाया की...


अब आगे...



जब राहुल ने डायरेक्शन का पीछा किया तोह पाया की एक ख़ूबसूरत चेहरा, लम्बा कद, राहुल से बस थोड़ी छोटी हाइट में, और पतले स्लिम फिगर की लड़की वह से आ रही है. उस लड़की के साथ और भी कई लड़किया थी, पर राहुल को केवल एक hi नज़र में पहचान में आ गया की यही ख़ुशी है. उसके मास्टर ने बताया था की ख़ुशी बेहद ख़ूबसूरत है, अपनी माँ पे गयी है. अब क्युकी ख़ुशी की माँ चिनेसे थी तोह ख़ुशी में भी चिनेसे जैसे थोड़े बोहत फीचर्स थे. उसका दूध जैसा गोरा रंग, और काले काले लम्बे बाल.

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ख़ुशी के साथ एक और लड़की थी जो भीड़ में अलग hi चमक रही थी पर वो हाइट में थोड़ी छोटी थी, दूध बड़े, क्यूट सा चेहरा, और गुलाबी गाल.

ख़ुशी उस लड़की के साथ कार की तरफ hi बढ़ रही थी की एक लम्बे बाल वाला लड़का उसकी तरफ पीछे से बढ़ा.

"ख़ुशी!!! ज़रा रुको न..." उस लड़के ने ख़ुशी का रास्ता रोकते हुए कहा, "ख़ुशी! बस एक चांस..."

ख़ुशी ने थोड़ा फ़्रस्ट्रेटेड लुक दिया उस लड़के को, "कारन! क्या तुम मेरा पीछा नहीं चोरर सकते? मेने पहले भी कहा है, ी don't लिखे यू, जाओ अब यहाँ से"

"पर ख़ुशी..." कारन अपने प्यार का इज़हार एक बार फिरसे करने वाला था की इस से पहले ख़ुशी उसके बगल से निकल गयी.

वो जल्दी जल्दी लम्बे कदमो के साथ कार के पास आयी, और बिना कोई समय गवाए सीधे कार में बैठ गयी.

राहुल को थोड़ी हैरानी हुई क्युकी ख़ुशी के साथ वाली लड़की ने भी बिलकुल ऐसा hi किया और वो भी कार में अंदर आके बैठ गयी.

"हे bh@gw@@n! ये कारन!! हमेशा मेरा पीछा करता रहता है, कोई और काम नहीं है क्या इसके पास?" ख़ुशी अभी भी गुस्से में थी पर एकदम से वो चुप्प हो गयी जब उसने कार की फ्रंट सीट पर राहुल को बैठा देखा, "तुम कोण हो?"

"Hi!! I'm राहुल!" राहुल ने थोड़ा प्यार से कहा क्युकी ख़ुशी वैसे भी खुश नहीं लग रही थी.

ख़ुशी : राहुल??? अंकल रजनीश!! ये यहाँ किस लिए है?

रजनीश : राहुल आपके एक साथी की तरह है जिससे आपके डैड ने आपके लिए रखा है मिस.

ख़ुशी : साथी? किसने कहा मुझे साथी चाहिए? मुझे तोह एक प्रोटेक्शन के लिए शील्ड चाहिए थी. और इससे देख के नहीं लगता ये कोई बेहतर प्रोटेक्शन दे पाएगा मुझे... हम्फ!

ख़ुशी थोड़ी दुविधा में थी राहुल को देखने के बाद. क्या पहना था राहुल? एक सिंपल वाइट टी शर्ट और एक जीन्स वो भी सैंडल्स के साथ? युक्क! उसकी नज़र में ये सबसे भद्दी ड्रेसिंग सेंस थी. ऐसा लग रहा था रास्ते चलते लड़के को पकड़ के ये कपडे पहना दिए है.

रजनीश ने भी अपना पसीना पोछा. राहुल मास्टर का सबसे ट्रस्टेड स्टूडेंट था, और ख़ुशी उसकी ऐसी इंसल्ट कर रही थी कही ये सुन्न के राहुल भड़क न जाए, पर उसने मैं hi मैं राहत की सास ली जब राहुल ने कोई रिएक्शन नहीं दिया.

इधर राहुल थोड़ा ावक्वार्ड फील कर रहा था. ख़ुशी वाक़ई एक रईस पारी की तरह पाली गयी है लगता. खर्र राहुल तोह घर से सिर्फ इम्पोर्टेन्ट चीज़े hi लेके आया था, फ़ालतू का सामान नहीं. इसलिए वो सिर्फ दो जोड़ी कपडे hi लाया था. उसने सोचा था की वो जब कमाएगा तोह खरीद लेगा. पर लगता है ख़ुशी को ये कुछ ख़ास पसंद नहीं आया.

रजनीश : मास्टर ने खुद कहा है मिस, राहुल बोहत hi होशियार और काबिल है. वो स्मार्ट और स्ट्रांग है. आपको प्रोटेक्ट करना तोह वो आराम से कर सकता है.

ख़ुशी : ये??? डैड ने इससे...!??

ख़ुशी के बगल में बैठी लड़की धीरे धीरे खिल खिला के हस्सन लगी.

ख़ुशी : व्हाट थे? अब तुम्हे किस बात पर हस्सी आ रही है??

प्रीती ने अपनी जीभ बहार निकाली और सॉरी कहा, और वो उत्सुक नज़रो से राहुल की और देखने लगी.

ख़ुशी : रजनीश अंकल! उसको कहिये की वो कार से उतरे, मुझे कोई और चाहिए.

रजनीश : इसमें में कुछ नहीं कर सकता मिस. आपके डैड ने hi मिस्टर राहुल को भेजा है.

इधर ख़ुशी भौचक्की सी सामने राहुल को देख रही थी. उससे विश्वाश नहीं हो रहा था की उसके डैड ने ऐसा बाँदा भेजा है. यहाँ वो सोच रही थी की कोई प्रिंस की तरह दिखने वाला लड़का आएगा पर राहुल ने उसकी पूरी इमेजिनेशन पे पानी फेर दिया. राहुल वाक़ई बोहत स्मार्ट था पर अभी जो कपडे वो पहना था उसमे शायद उसकी 20% हॅंडसमेनेस्स भी नहीं दिख पा रही थी.

ख़ुशी : अच्छा ठीक है! तुम! तुम जाओ और वो लड़के को सबक सीखा के आओ, जो मेरा पीछा कर रहा था. यदि ये कर लिया तोह में राज़ी हो जाउंगी.

राहुल : वो बाँदा??

इधर राहुल कार से उतरा और उधर कारन अपने पंटरों के साथ गप्पे लड़ा रहा था,

कारन : साला ये ख़ुशी हर बार ऐसा करती है, यदि कोई और लड़की होती तोह कब का मेरी बाहो में आ गयी होती.

लड़का 1 : कारन भाई! ये ख़ुशी कोई आम लड़की नहीं है, देखा न कैसे जैगुआर में बैठ के आती है, ज़रूर इसके पास बोहत पैसा है.

कारन : हां! मुझे थोड़ा धीरज रखना होगा...

कारन कहते कहते ृक्क गया जब उसने देखा की एक सफ़ेद टी शर्ट और जीन्स पहने बाँदा उसकी तरफ आ रहा है, वो हैरान था की वो बाँदा कितनी तीजी से उसकी तरफ आ रहा था.

राहुल ने कोई समय नहीं गवाया और बड़ी hi स्पीड के साथ उसने एक ज़ोरदार किक कारन की गांड में पेल दी.

जैसे hi कारन मुँह के बल ज़मीन पर गिरा, राहुल पलटा और वापस से कार की तरफ आने लगा.

"कोण मादरचोद है बे? हिम्मत कैसे हुई?? बचेगा नहीं ...!!!" कारन ने झुंझलाते हुए कहा, थोड़ी धुल उसके मुँह पर भी छाप गयी थी जब वो उठ के खड़ा हुआ.

लड़का 1 (ऊँगली से इशारा करते हुए) : भाई वो बाँदा था.

कारन : तोह तुमलोग यहाँ खड़े खड़े क्या कर रहे हो मादरचोदो? Jao...aur पीटो साले को

लड़का 1 : पर भाई! वो आलरेडी जा चूका है.

कारन : धत्त बहनचोद! मेने उसका चेहरा देख लिया है, बचेगा नहीं साला. कल में उसका वो हाल करूँगा की साला कभी लात चलाने के लायक नहीं रह पाएगा.

प्रीती : ख़ुशी! मुझे पहले लगा नहीं था, बूत अब लग रहा है की ये राहुल में कुछ बात तोह है. हहै! उससे कारन से भी कोई डर नहीं लगा.

प्रीती सच कहे तोह एकदम स्तब्ध थी वो सन देखने के बाद. क्युकी कारन कोई ऐसा वैसा लड़का नहीं था. कॉलेज में सभी उस से दररते थे. इसलिए प्रीती ने जब ये देखा की राहुल ने एक लात में उससे ढेर कर दिया तोह बेचारी अपना शॉक कण्ट्रोल नहीं कर पायी.

ख़ुशी : पागल है वह! हम्फ!

ख़ुशी थोड़ा इम्प्रेस्सेड तोह थी पर उसका दिमाग अभी भी राहुल को निकलवाने के चक्कर में था. वो राहुल के अगेंस्ट hi थी.

प्रीती : तुम उससे रख क्यों नहीं लेती ख़ुशी?

ख़ुशी : प्रीती! तुम किसकी साइड हो? तुमको ये राहुल पसंद आ गया है क्या?

प्रीती : धत्त!! तेरे को आ गया होगा पसंद

ख़ुशी : जब तुम्हे वो पसंद नहीं है तोह क्यों रखवाना चाहती हो उससे तुम? ताकि में अपनी बेइज़्ज़ती करवा सकू?

प्रीती : अरे यार! ज़रा सोच! वो कारन जो मर्ज़ी चाहे कॉलेज में करता है, कोई भी उससे रोकने की कोशिश नहीं करता, पर फिर अचानक से एक हिम्मतवाला लड़का आता है और उसके बट पे लात जड़ देता है हहै! अब ये रोमांचक होने वाला है. क्या तुम्हे दिखाई नहीं देता?

ख़ुशी : व्हाट?? तुमको क्या लगता है कोण है कारन? ये राहुल छोटे से शहर का लड़का होगा, कारन इसकी वाट लगा देगा.

प्रीती : ख़ुशी तू कितनी बुद्धू है. यदि तू राहुल को अपने अंडर रख लेगी, तोह भला कारन कैसे उससे हाथ लगा सकता है?

ख़ुशी : हम्म! तुम्हारी बात में दम है. ठीक है. में उससे रहने दूंगी.

यहाँ राहुल वापस कार की तरफ आके कार में जब बैठा तोह उसने ख़ुशी की और देख के पूछा,

"तोह? केसा था? में पास हुआ या नहीं?"

ख़ुशी : हम्फ! मुश्किल से!

राहुल ने स्माइल किया और वापस से अपने स्थान पर अच्छे से विराजमान हो गया. पर ख़ुशी बिलकुल भी खुश नहीं थी. वो सोच रही थी की राहुल पलट के थैंक यू कहेगा पर यहाँ तोह उसने कुछ कहा भी नहीं. सच में! ख़ुशी वाक़ई खुद को पारी समझती थी.

उसके हिसाब से राहुल को तोह खुश होना चाहिए की उससे एक जॉब मिल गयी.

ख़ुशी : हेय! तुम मुझे थैंक यू क्यों नहीं कह रहे?

राहुल : हँ? थैंक यू? पर किसलिए?

ख़ुशी (गुस्से में) : तुम....

प्रीती (हस्ते हुए) : ख़ुशी कह रही है की उसने तुम्हे अपना लिया है तोह तुम थैंक यू क्यों नहीं कह रहे?

ख़ुशी : प्रीती?? व्हाट थे हेलल? अपना लिया से तुम्हारा क्या मतलब है?

प्रीती : ी मैं तुमने एक्सेप्ट कर लिया है.

राहुल : ओह्ह!! थैंक्स!!

खर्र! कार चलते चलते ख़ुशी के घर से 2 घर पहले hi ृक्क गयी और प्रीती कार से बाहर उतर गयी,

प्रीती : वेल! कल मिलते है ख़ुशी! और...

राहुल बॉय!!! हहै!!

कहते हुए वो फुदकते हुए चली गयी अपने अपार्टमेंट में, उसका घर सिर्फ 2 घर चोरर के hi था ख़ुशी के घर से. इधर राहुल और ख़ुशी भी ख़ुशी के घर में आ गए.

तब तक आइये चलते है राहुल के घर की तरफ और वह का हाल भी देख लेते है,

घर में निशा अपने कमरे में लेती हुई थी और बार बार अपने बेतु को याद कर रही थी.

जाने से पहले राहुल और उसके बीच हुई बातें उससे याद आ रही थी.

निशा : बेतु! आज तू चला जाएगा फिर मेरा क्या होगा? तूने ज़रा भी नहीं सोचा मेरे बारे में? की तेरे जाने के बाद में कैसे रहूंगी?

राहुल (पीछे से हुग करते हुए) : माँ!! ये आप क्या कह रही हो? एक न एक दिन तोह मुझे बहार जाना hi पड़ेगा न? क्या आप नहीं चाहती की में बड़ा आदमी बनु?

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निशा : ऐसी कोण सी माँ होगी मेरे लाल जो अपने बच्चे का हिट नहीं चाहेगी? में तोह चाहती हु की तू दुनिया का सबसे कामयाब व्यक्ति बने.

राहुल : तोह क्या घर में बैठे बैठे व्यक्ति कामयाब बन्न जाता है माँ?

निशा : नहीं! पर...

राहुल : इधर देखिये माँ!

राहुल ने निशा के कंधो पर हाथ रखकर उससे पलटाया और उसकी आँखों में देखते हुए कहा,

राहुल : माँ! में भी आपके बिना नहीं रह सकता. पर में कोनसा हमेशा हमेशा के लिए थोड़ी न जा रहा हु. बीच बीच में आपसे मिलने आता रहूँगा. और जब में सक्सेसफुल हो जाऊंगा तोह आप सभी को लेके वही पर रखूँगा और हम सब साथ में रहेंगे.

निशा : मुझे तेरे ऊपर पूरा भरोसा है बेतु पर ये माँ का दिल नहीं मानता. तेरी फ़िक़र लगी रहेगी मुझे, तू क्या खाएगा, कहा रहेगा, ये सब बातें मुझे परेशां कर देती है.

राहुल : माँ! आपकी टेंशन अभी दूर कर देता हु, मेरे खाने और रहने का इंतज़ाम सब हो चूका है. मेरे एक दोस्त ने करवा दिया है. अब तब मुस्कुराइए.

निशा : ........

तभी राहुल निशा की चीन पकड़कर उसका मुँह उपाए करता है और प्यार से उसके होंठ चूम लेता है, बदले में निशा भी अपनी आँखें बंद कर लेती है और अपने बेतु के होंठो को महसूस करने लगती है, क्या पता वापस से ये एहसास उससे कब मिले?

राहुल (नॉटी वे में) : माँ! आज आप दूध नहीं पिलाओगी?

निशा : धत्त्त! पागल कही का. बहार सभी लोग मौजूद है.

राहुल : वाह! उस रात तोह आपने सब लोगो के मौजूद होने के बावजूद मेरे ऊपर धावा बोल दिया था और आज इतनी शर्म? हां?

निशा (ब्लश) : वो तोह mein...mein...hattt पागल!

राहुल : हहै! कोई नहीं आएगा माँ! दूर तोह अंदर से लॉक्ड है.

निशा (मैं में) : मुझे पता है कोई नहीं आएगा बेतु, क्युकी अंशु जो सबको बातो में लगा के राखी है. आज वाक़ई उसकी मदद मेरे काम में आ रही है.

निशा : अच्छा ठीक है. आ जा बीएड पर.

निशा राहुल को अपनी गॉड में लिटा के अपना ब्लाउज खोलती है और ऊपर कर के दोनों दूध जैसे गोर दूध राहुल के मुँह के सामने कर देती है, आज के बाद दोनों को कब हे मौका मिले क्या पता?

निशा : आज मुझे तृप्त कर दे बेतु. खूब पी इन्हे! इनका कचूमड़ बना दे. निचोड़ दे इन्हे. ताकि तेरी gerr-haziri में ये मुझे परेशां न करे ....आह्हः बेतु... में तेरे बिना नहीं रह पाऊँगी मेरे laal...aaaahhhhh.

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राहुल भेड़िये की तरह दूधो पे टूट पड़ा और आज तोह वो उन्हें चूस नहीं रहा था बल्कि खा रहा था, जी हां! वो दातो से दबाता, हाथो से निचोड़ता और पूरा दूध अपने मुँह में भर लेता, खा खा के निशा के दूध भयंकर लाल कर दिए थे राहुल ने.

निशा ने बात को और समय की पाबन्दी को समझते हुए फौरन अपनी साड़ी उतार दी और अपनी पंतय खोल के टांग फैला के छूट खोलकर बैठ गयी.

निशा : बेतु!! आजा! मुझमे समां जा... आज तेरे बदन को में पूरी तरह से महसूस करना चाहती हु, तेरी खुशबू को अपने अंदर बिखेरना चाहती hu...aaja मेरे लाल

राहुल ने फौरन शर्ट उतारी और निशा के ऊपर चढ़ के वो उससे ज़ोरदार किस्सेस करने लगाएर दूध निचोड़ने लगा पर इस से पहले की वो आगे बढ़ता, दरवाज़े की खत खत ने सारा गेम चौपट कर दिया.

पता चला की वंशु थी और राहुल के साथ आखिरी दिन समय बिताना चाह रही थी, बदले में अंशु ने निशा से माफ़ी मांगी की वो वंशु को ज़्यादा देरर बातो में नहीं लगा पायी.

निशा और राहुल के बीच का ये अधूरा मिलान दोनों के लिए अत्यंत पीड़ा दायक था. बदले में राहुल ने निशा से वादा किया था की वो निशा को एक बोहत बड़ा सरप्राइज देगा उनके इस अधूरे मिलान के लिए.

खर्र! इन्ही बातो को याद कर निशा अपनी पीड़ा तोह न रोक सकीय लेकिन अपने बेतु के लिए वो कामना ज़रूर करती की उससे जल्द से जल्द कामयाबी मिले और उसका चेहरा वो जल्द से जल्द देख सके. अपना ध्यान हटाने के लिए निशा उठ के किचन में चली गयी.

ऊपर नेहा अपने कमरे में लेते हुए सीलिंग को देख रही थी और उसी दिन की बात उससे भी याद आ रही थी. उसके चलते उस दिन उसने राहुल के जाने के बाद पार्टी भी नहीं की क्युकी वो पूरी तरह से हिल जो चुकी थी.

बार बार वही सन उसकी आँखों के सामने मंडरा रहा था,

उसने जब अपनी आँखें बंद करि तोह एक बार फिरसे वही सन आ गया,

कैसे उसके माँ डैड राहुल से हुग करने के लिए फाॅर्स कर रहे थे, कैसे वो ना चाहते हुए मजबूरन आगे बढ़ी, कैसे उसने अपने हाथ आगे किये, पर अचानक राहुल ने उसका कन्धा पकड़ा, एक हाथ उसके गुलाबी गाल पर रखा, और आगे बढ़ के राहुल उसके कान की तरफ झुका और कहा,

"अभी नहीं गुड़िया! अब कभी नहीं..."

अचानक नेहा की आँखें एकदम से खुल गयी, और वापस से उसकी धड़कन तेज़्ज़ हो गयी. यह वाकया राहुल हमेशा उस से कहता था जब भी नेहा अपने मैं के विरोध कोई काम करती थी. उस दिन भी नेहा बेमानन से राहुल को हुग कर रही थी और राहुल ने यही वाकया उसके कान में कहा था. नेहा इससे भुलाने की भरपूर कोशिश कर रही थी पर भुला नहीं पा रही थी. उसका दिमाग यही कह रहा था की राहुल ने ये सब उससे चिढ़ाने के लिए, और उससे तंग करने के लिए कहा था पर उसका दिल किसी और तरफ इशारा कर रहा था जिससे वो जान नहीं पा रही थी.

क्या मतलब था उस वाकया का? (अपडेट 52 की स्टार्टिंग आप पढ़ सकते है, ये वाकया कहानी में पहले भी इस्तेमाल हुआ है पर इस बार इसका अर्थ थोड़ा अलग था)

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!
 
सबसे पहले तोह बोहत बोहत शुक्रिया सभी को.

अब आते है अपडेट की बात पे,

तोह बात ये है की आप सभी को पता hi होगा की स्फोरम कुछ समय के लिए बंद था जिसके चलते में कहानी का नई अपडेट नहीं दे पाया. अभी मेने चेक किया, हलाकि उपदटेस डिलीट नहीं हुए है, क्युकी मेने ी थिंक 13 अप्रैल से पहले लास्ट अपडेट दे दिया था इसलिए वो डिलीट नहीं हुआ. बस एक दो पेजेज क हो गए है, रीडर्स के कमैंट्स के, लास्ट अपडेट से कुछ लाइक्स काम हो गए, क्युकी 13 अप्रैल के बाद की जितनी भी प्रतिक्रिया थी उसका back-up नहीं था जिसके चलते वो सारा डाटा लॉस्ट हो गया.

अनाउंसमेंट :

में भी जानता हु आप सभी कितने उत्सुक रहते है नई उपदटेस के लिए पर अभी लोखड़ौन के चलते मेरा पूरा रूटीन बिगड़ चूका है. मेरी प्राइवेसी अब काम हो गयी है. जहा में पहले दिन में बैठ के साइट खोल के उपदटेस वगैरह सब लिख लेता था अब सबके साथ होने की वजह से में उनके सामने साइट भी नहीं खोल सकता, क्युकी आप तोह जानते hi है की कितने प्यारे प्यारे एड्स आते है साइट्स में. तोह इसलिए, मेने रात में लिखने का फैसला लिया है, में रात में समय निकाल कर उपदटेस लिखूंगा और आपको ये भी बताना चाहता हु की अब 1 हफ्ते में 3 उपदटेस ज़रूर आएँगे. बस आप सभी अपना प्यार यही दिखाते रहिये, हम जल्दी इस कहानी को इसके अंतिम चरण पर पहुचाके ख़तम करेंगे और में आप लोगो के लिए अगली बेहतरीन स्टोरी लेके आऊंगा.

धन्यवाद्!!!
 
अपडेट 65, 371 पेज पर है

आप जाके उससे फिरसे पढ़ सकते है, अपने लाइक्स ज़रूर दीजियेगा, क्युकी इसी से मुझे मोटिवेशन मिलता है ( ꈍᴗꈍ)

उससे पढ़कर आप कहानी को रिफ्रेश कर पाएंगे ताकि आज जो अपडेट आएगा तोह आपको और भी अच्छे से समझ में आए.
 
भाई! एक्चुअली में राजेश सरहदी नहीं हु. उनकी ईद इसी फोरम पर उनके hi नाम से है. आप जाके सर्च कर सकते है. ये मेरी इस फोरम पर पहली स्टोरी है, और आगे भी ढेर साड़ी स्टोरीज में लाऊंगा. आपका धन्यवाद की ये स्टोरी आपको इतनी पसंद आयी और मेने पोल्ल में ये कहा है की आप सभी लोग वोटिंग 2-3 उपदटेस पढ़ने के बाद करना ना की ये की नेहा का राज़ 2-3 अपडेट के बाद खुलेगा.
 
मेने 2 टाइम टेबल डीडे किये है उपदटेस देने के लिए.

ट्यूसडे, थर्सडे और सैटरडे

या फिर मंडे, वेडनेसडे, और फ्राइडे


अब आप बताइये की आप सभी को कोनसा वाला चाहिए!!!
 
अपडेट-66

अब तक...

"अभी नहीं गुड़िया! अब कभी नहीं..."



अचानक नेहा की आँखें एकदम से खुल गयी, और वापस से उसकी धड़कन तेज़्ज़ हो गयी. यह वाकया राहुल हमेशा उस से कहता था जब भी नेहा अपने मैं के विरोध कोई काम करती थी. उस दिन भी नेहा बेमानन से राहुल को हुग कर रही थी और राहुल ने यही वाकया उसके कान में कहा था. नेहा इससे भुलाने की भरपूर कोशिश कर रही थी पर भुला नहीं पा रही थी. उसका दिमाग यही कह रहा था की राहुल ने ये सब उससे चिढ़ाने के लिए, और उससे तंग करने के लिए कहा था पर उसका दिल किसी और तरफ इशारा कर रहा था जिससे वो जान नहीं पा रही थी.



क्या मतलब था उस वाकया का?

अब आगे...

यहाँ रजनीश ने प्रीती को चौररने के बाद तुरंत कार ख़ुशी के घर पर लगा दी, राहुल भी बाहर निकल कर घर के अंदर जाने लगा तोह ख़ुशी को जैसे एक और झटका लगा,

"एक मिनट! तुम?? तुम... ये तुम क्या कर रहे हो?"

राहुल ने पलट कर थोड़ा कन्फ्यूज्ड होक कहा,

"में तोह इधर hi ृक्क रहा हु न?"

ख़ुशी : तुम पागल हो क्या? आज तक मेरे घर में कोई भी लड़का नहीं रहा है मेरे साथ.

ख़ुशी की बात सुन्न रजनीश को पसीना आ गया, क्या वो मर्द नहीं था? क्या ख़ुशी उससे मर्दो की लिस्ट में नहीं दाल रही थी? रजनीश के भाव को देख जैसे ख़ुशी को रीलीज़ हुआ की वो क्या बोल गयी इसलिए उसने फौरन अपनी बात को संभाला,

ख़ुशी : mera...mera मतलब है वो मर्द जो घर के सदस्य नहीं है.

रजनीश : मिस! मास्टर ने कहा है की आप मिस्टर राहुल को परिवार के सदस्य की तरह hi ट्रीट करे!

ख़ुशी : व्हाट?? ये? और परिवार का सदस्य?

रजनीश : जी!

ख़ुशी : में कुछ नहीं जानती, में डैड से खुद बात करती हु.

ख़ुशी अपना ीफोने निकाल कर अपने डैड यानी की मास्टर को फ़ोन करती है,

ख़ुशी : दद्दी!!

मास्टर : हां बीटा! कहो क्या बात है!

ख़ुशी : दद्दी आपने ये किसे भेज दिया?

मास्टर : ओह! राहुल? राहुल एक बोहत hi होनहार लड़का है, वो तुम्हे पूरा सेफ रखेगा. वो तुम्हारे लिए एकदम परफेक्ट है ः.

ख़ुशी : व्हाट? डैड बूत...

मास्टर : ok! बीटा! में बाद में बात करता हु अब. थोड़ा बिजी हु. Bye!

ख़ुशी : बूत डैड... Hello? Hello?

*कॉल एंड्स*

ख़ुशी : सहित!!

रजनीश : मिस! यदि आपको कुछ चाहिए तोह मुझे बता दीजियेगा. डिनर रोज़ की तरह 8 बजे तक रेडी हो जाएगा.

कहते हुए रजनीश किचन में चला गया. ख़ुशी भी दौड़ती हुई अपने रूम में चली गयी, और उसने फ़ोन निकल के प्रीती को कॉल किया,

ख़ुशी : यार प्रीती! ये तोह मेरे hi घर में ृक्क रहा है!

प्रीती : कोण? राहुल? हहै! ये तोह अच्छी बात है, कल में कॉलेज में सबको बताउंगी की तुम दोनों एक छत के नीचे रह रहे हो हहै!

ख़ुशी (जोरर से) : प्रीती खन्ना!!! में कुछ नहीं जानती तुम अभी इसी वक़्त मेरे घर आओ.

प्रीती : हम्म! पहले तोह में नहाउंगी, उसके बाद थोड़ी झपकी, फिर कल सुबह तुमसे मिलती हु सबसे पहले

ख़ुशी : यदि तुम 1 मिनट के अंदर यहाँ नहीं आयी तोह हमारी दोस्ती ख़तम... हम्फ!

प्रीती : यार हद्द है! मेने अपने कपडे भी उतार दिए है नहाने के liye...ab तुम क्या कहना चाह रही हो की में वापस से पह्नु?

प्रीती अपने नंगे शरीर को मिरर में देख खुद मैं hi मैं प्रफुल्लित हो रही थी, सोच रही थी की वो भी किसी मॉडल से काम नहीं है. बात तोह सच थी.

ख़ुशी : 50 सेकण्ड्स...49, 48,...

प्रीती : okay okay! अब लॉक तोह लगाने डौगी न?

कुछ hi देरर में ख़ुशी दौड़ती भागती हुई घर में आयी और हफ्ते हफ्ते कहने लगी,

प्रीती : यार तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है? में पूरी नंगी थी तुम्हे पता है? और तुमने एकदम से मुझे बुला लिया.

ख़ुशी : ढंग से बात करो प्रीती! यहाँ पे बाहरी व्यक्ति भी मौजूद है.

राहुल : ........

प्रीती : ओह्ह के ों! अब तोह राहुल भी परिवार का मेंबर है न?

ख़ुशी : हम्फ! में कुछ नहीं जानती तुम यहाँ मेरे साथ रहोगी!

प्रीती : अच्छा ठीक है. फाइन!

ख़ुशी : हां तोह मिस्टर राहुल! तुम्हे गेस्ट रूम में नीचे सोना पड़ेगा. पर याद रहे... में और प्रीती ऊपर सोएंगे. और तुम ऊपर बिलकुल भी नहीं aaoge...warna में डैड को बोलके तुम्हे निकलवा दूंगी! यदि तुम ऊपर आए न, तोह में जनरल जैकी को बोलके तुम्हे मज़ा चखा दूंगी.

राहुल : o..okay! एक मिनट ये जनरल जैकी कोण है?

ख़ुशी : जनरल जैकी!!! नीचे आओ!

तभी एक रॉटवेलर कुत्ता दौड़ते हुए ऊपर से नीचे आया और ख़ुशी के सामने खड़े होक राहुल को भौकते हुए घर घर के देखने लगा.

राहुल (मैं में) : बहनचोद!!?? कुत्ते का नाम है जनरल जैकी?

खर्र जैसे तैसे समय बीता और डिनर का समय हाउ तोह राहुल डाइनिंग टेबल पर बैठ कर खाना शुरू कर दिया, जब ख़ुशी और प्रीती नीचे आयी तोह खुसी फिरसे गुस्सा हो गयी.

ख़ुशी : ye...ye क्या कर रहे हो तुम?

राहुल : खाना खा रहा हु!? और क्या?

ख़ुशी : मेने और प्रीती ने खाना स्टार्ट भी नहीं किया और तुमने पहले hi शुरू कर दिया?

राहुल : हँ??

ख़ुशी गुस्से में प्लेट लेके बैठ गयी और वो भी खाने लगी साथ में hi प्रीती भी शुरू हो गयी.

राहुल : उम्! कुछ ड्रिंक्स वगैरह है?

प्रीती : फ्रिज में ऑरेंज जूस है!

राहुल : ओह्ह थैंक्स!!

ख़ुशी जल्दबाज़ी में खा रही थी, जिसके चलते गरम खाने की वजह से उसकी जीभ जल गयी

ख़ुशी : omg! सहित! गरम है boht...sssss.... कुछ दो, thanda...kuch भी.

डाइनिंग टेबल पर उससे ऑरेंज जूस hi सबसे पहले दिखा और उसने उठा के स्ट्रॉ से मुँह लगा के उससे पी लिया

ख़ुशी : हष्ठ! अब अच्छा लगा.

इधर प्रीती स्तब्ध सी ख़ुशी को देख रही थी, की अभी अभी क्या हुआ. उसने एक झलक ऑरेंज जूस के डब्बे में लगे स्ट्रॉ पर लगायी और फिर उसके बाद ख़ुशी के होंठो को देखा. यही हाल कुछ राहुल का था. वो भी ख़ुशी को hi देख रहा था.

ख़ुशी : क्या हुआ प्रीती? ऐसे क्यों घर रही हो मुझे?

प्रीती : उठ! Nahi...kuch...kuch नहीं!

ख़ुशी : कहो न!!

प्रीती : वो जूस!!

ख़ुशी : क्या? तुमको भी चाहिए? तोह लेलो न फ्रिज से.

प्रीती : नहीं! वो जूस मेरा नहीं था.

ख़ुशी : क्या मतलब? ओह्ह्ह फुककककक!!

तभी वो राहुल की तरफ नज़र घुमाती है, और उस से पूछती है,

ख़ुशी : ये जूस? तुम्हारा??

राहुल : हां!

ख़ुशी : युक्क!!

ख़ुशी दौड़ के बाथरूम में जाती है, और मुँह में कुल्ला करने लगती है और फिर उदास सी हो जाती है. पीछे पीछे प्रीती भी उसके पास जाती है,

प्रीती : अब क्या हुआ?

ख़ुशी : meri...meri फर्स्ट किश वो ले गया...

प्रीती : wtf?? पागल हो क्या? सिर्फ स्ट्रॉ hi तोह था.

ख़ुशी : बूत फिर भी... इंदिरेक्ट किश तोह थी न? अब में क्या करू?? ी हेट him...hate हिम सो मच..

राहुल (मैं में) : कहा फस्स गया में भी? क्या ड्रामेबाज़ी चल रही है? जल्द से जल्द ये 3 महीने गुज़रे तोह में वापस से अपने करियर पे ध्यान दू.

रात ढली! नया सवेरा हुआ! दोनों लड़किया कार में बैठ के कॉलेज पहुची, साथ hi राहुल भी. कॉलेज में ख़ुशी के साथ उसकी क्लासरूम में रहने की परमिशन उसको आलरेडी मिल चुकी थी, सब कुछ मास्टर ने पहले hi सेट कर दिया था. अब राहुल का काम ख़ुशी को सिर्फ सेफ रखना था 3 महीनो के लिए. राहुल के साथ 2 बोडीगार्ड्स और थे जिन्हे मास्टर ने रखा हुआ था. राहुल ने उन्हें कॉलेज की बिल्डिंग के बहार hi रखवाया क्युकी ख़ुशी को पसंद नहीं था. ख़ुशी को तोह राहुल भी कुछ ख़ास पसंद नहीं आया.

इधर क्लासरूम में सभी लोग राहुल को घर घर कर देख रहे थे, क्युकी राहुल बॉडीगार्ड की तरह क्लासरूम में सबसे पीछे चलते लेक्चर में खड़ा हुआ था. ये बोहत hi अजीब था, पर ये करना ज़रूरी भी था.

इधर दूसरी क्लास में कारन अपने पंटरों के साथ बैठा हुआ था,

कारन : कुछ पता चला क्या कोण है वो लड़का?

लड़का 1 : नहीं बॉस!

कारन : बहनचोद!! में कुछ नहीं जानता... उसका पता लगाओ जल्द से जल्द. में उससे चोरडूंगा नहीं.

लेक्चर ओवर हुआ और कारन और उसके पंटर लोग क्लास से बहार निकल के कॉरिडोर में घूमने लगे तोह ख़ुशी के क्लास से गुज़रते वक़्त कारन के एक पंटर ने कहा,

लड़का 2 : बॉस!! वो लड़का जाना पहचाना सा नहीं लग रहा?

कारन : मुझे सिर्फ वो कल वाला बाँदा चाहिए! और कोई नहीं!

लड़का 2 : हां उसी की बात कर रहा हु बॉस! वो देखिये! क्लास में पीछे खड़ा है जो... वो बिलकुल कल वाले बन्दे की तरह hi लग रहा है

कारन : हैं? चल जल्दी!!

कारन जैसे hi अंदर आया तोह उससे ख़ुशी भी नज़र आयी,

कारन : hello ख़ुशी! गुड मॉर्निंग!

कहते हुए वो राहुल की तरफ आगे बढ़ने लगा, इधर मैं hi मैं ख़ुशी खुश हो गयी क्युकी वो चाह hi रही थी की राहुल को कोई मज़ा चाकहए.

प्रीती : ख़ुशी तुम पागल हो? तुम कारन के साइड हो क्या? खुश क्यों हो रही हो इतना? ये मत कहना की तुम कारन से प्यार करती हो...

ख़ुशी : घंटा प्यार करती हु. में सिर्फ उस राहुल को और ज़्यादा हेट करती हु. क्या करना हमको, जो हो रहा है होने दो.

प्रीती : मुझे तोह देखना है क्या होता है उनके बीच.

कारन (राहुल से) : पता है हम यहाँ पे क्यों है?

राहुल : हां! क्युकी कल मेने तेरी गांड में लात जो मारी थी.

कारन (गुस्से में) : तेरी तोह... अपने आप को बोहत बड़ा राजा समझता है क्या? यदि दम है, तोह चल बाथरूम में आ, वही पे हिसाब चुकता करता हु. यहाँ पे स्टूडेंट्स भी है, टीचर्स भी, तुम नहीं चाहोगे की वो तुझे मार खाता हुआ देखे... है न? ः!

राहुल : हां क्यों नहीं? वैसे भी मुझे वाशरूम जाना hi था.

कारन : चलो फिर!

प्रीती : ख़ुशी देख! शो स्टार्ट हो रहा है हहै...

ख़ुशी : वो पागल है. तीन बन्दे उससे घेर के खड़े है फिर भी देखो... कितना शान्ति से खड़ा हुआ है.

राहुल कारन और उसके 2 पंटरों के साथ क्लास के बहार निकलने लगा, निकलते वक़्त कारन ने एक बार फिरसे ख़ुशी की तरफ देखा और कहा,

कारन : ः! ख़ुशी! इस लड़के को यहाँ के कुछ रूल्स नहीं पता, में इससे अच्छे से समझा के लाता hu...haha अच्छे से!!

ख़ुशी : हम्म! होप तुम उससे अच्छे से समझा डोज.

कारन (खुश होकर ) : बिलकुल! बिलकुल!

प्रीती : जाओ राहुल! दिखा दो तुम में कितना दम है!

ख़ुशी : प्रीती!?? तुम उसके लिए क्यों चीयर कर रही हो?

प्रीती : वेल! तुम कारन को चीयर कर रही थी तोह मेने राहुल को किया. बैलेंस हो गया.

ख़ुशी : ......

प्रीती : चल न अपन भी चले!!

ख़ुशी : तुम पागल हो क्या? बॉयज टॉयलेट में जाना है तुम्हे?

प्रीती : अरे यार अभी लेक्टर्स चल रहे है, तोह टॉयलेट में कोई नहीं होगा. और अपन दूर से देखेंगे न बस, देखते है क्या लड़ाई होती है हहै!! चल जल्दी वर्ण टीचर आ जाएगा.

इधर राहुल कारन से पहले hi वाशरूम में घुस गया और अपना काम करने लगा. बोहत देरर से वो सुसु रोका हुआ था, कारन भी पीछे पीछे अपने दो पंटरों के साथ अंदर आ गया.

लड़का 1 : बॉस! ये तोह सच में मूतने लगा.

कारन : में देखता हु इससे...

इधर कारन ये सोच के आगे बढ़ा की कल की लात का बदला वो लात से hi लेगा. एक सुसु करता व्यक्ति भला क्या डिफेंड करेगा? कारन यही सोच कर आगे बढ़ा और उसने हवा में अपनी लात उठायी, पर इस से पहले की वो लात मारता, कारन का रिफ्लेक्शन बाथरूम की टाइल्स में राहुल को पहले hi दिख गया और राहुल एकदम से पलट गया...

और तेज़्ज़ धार वाली सुसु कारन के चेहरे पे किसी पाइप से निकले पानी की तरह पड़ी,

"ाररररह्ह्ह्हह्ह्ह्ह!!!"

उसने बचने की कोशिश की परन्तु धार दार सुसु के आगे उसकी न चली.

कारन का मुँह और कपडे पूरे गीले हो गए थे, नीचे सुसु से फ्लोर भी गीला हो गया था, कारन स्लिप मार्के नीचे गिरा और उसी पेशाब से भरे फ्लोर में ढेर हो गया.

2 और चीखे एकदम से गूंजी, ये ख़ुशी और प्रीती की hi थी. दोनों लड़कियों ने सोचा था की वो यहाँ आके कुछ फाइटिंग सीन्स देखेंगी पर जैसे hi दोनों ने अपना सर दरवाज़े से झाकने के लिए आगे बढ़ाया तोह उन्हें दिखा क्या? राहुल अपना लुंड पकडे सुसु की धार निकाल कर कारन को भिगो रहा है. दोनों लड़किया अभी अभी हुई वारदात से जैसे होश hi खो दी थी.

ख़ुशी : बेशरम कही का...

प्रीती (ब्लश) : ख़ुशी!! वो बॉयज टॉयलेट है. हम hi थे जो झाकने गए थे. Par...par कितना बड़ा था.

ख़ुशी : क्या??

प्रीती : कुछ नहीं!!

ख़ुशी (ब्लश) : हँ?? सब तुम्हारे कारण.

प्रीती : सररररययययय!!

राहुल (मैं में) : ये दोनों अब boy's टॉयलेट में कर क्या रही थी? 3 महीने में लगता है मुझे बोहत कुछ झेलना है.

लड़का 1 : ोये!! ृक्क!!

राहुल : ः! अपने बॉस को ऐसे hi पड़े रहने डोज? ज़रा सोचो! की अगले लेक्चर में तुम्हारा बॉस ऐसे hi अंदर जाएगा, तोह लोग क्या कहेंगे? और फिर तुम्हारा बॉस क्या हाल करेगा तुमलोगो का?...

फटी के मारे वो दोनों अपने बॉस को उठा के ले गए. तब तक आइये चलते है, हमारे राहुल के शहर ग्वालियर की तरफ,

Lucky's हाउस...

Lucky's डैड : बीटा एक अच्छी खबर है! हमारी एक दूकान वापस से चालू हो गयी है. बस एक और बची है.

लकी : ः! डैड ये तोह बड़ी hi अच्छी बात है, एक खुश खबरि और है. मुझे पता चला है की राहुल शहर चोरर कर जा चूका है.

Lucky's डैड : बढ़िया! तब तोह तुम्हे कल से hi कॉलेज जाना चाहिए.

लकी : जाऊंगा hi डैड! जाऊंगा hi...

लकी (मैं में) : आखिर नेहा को अब कोण बचा सकता है मुझसे? अब तोह वो मेरी है.

अगले दिन! लकी तैयार होक कॉलेज पहुचा तोह सभी उससे hi घर रहे थे, जैसे hi उसने नेहा को देखा तोह देखता hi रह गया.

लकी (मैं में) : सिर्फ कुछ महीने hi तुमसे दूर रहा हु, पर तुम्हारी खूबसूरती कभी काम hi नहीं होती. मेरी माल तोह और भी सुन्दर हो गयी है. हाहाहा! अब तोह न hi राहुल है, न hi उसका वो दोस्त, न hi वो हरामी रोहित जिसने मेरा राज़ खोल दिया, साला जेल में सद्द रहा होगा हाहाहा! अब में बिलकुल फ्री हु. अब मुझे कोई नहीं रोक सकता.

लकी : hi नेहा!!

Neha(ek नज़र देख के) : hi!

लकी : आज शाम को डिपार्चर के बाद कैफ़े???

नेहा : no थैंक्स!

लकी : एक नई कैफ़े खुला है, सुना है वह शेक्स बोहत अच्छे है

निकिता : उसने कहा न, उससे नहीं जाना है.

लकी : मेने तुमसे नहीं पूछा I'm सॉरी! मेने सिर्फ नेहा से पूछा है.

नेहा : ओह्ह! वेल! Okay!

निकिता : nehaaaaaaaaaa????

नेहा : चिल!! सिर्फ कैफ़े hi जा रही हु. उसने कहा न की शेक्स अच्छे है वह के, और तुम्हे पता है ी लव शेक्स.

निकिता (मैं में) : काश तुम्हे वो सब कुछ बता पाती, पर राहुल भैया ने कसम जो दे कर राखी है.

लकी (मैं में) : आज तोह तू मेरी होकर रहेगी नेहा!! हाहाहाहा...

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आज के लिए इतना hi गाइस!!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 67

अब तक...

निकिता : nehaaaaaaaaaa????

नेहा : चिल!! सिर्फ कैफ़े hi जा रही हु. उसने कहा न की शेक्स अच्छे है वह के, और तुम्हे पता है ी लव शेक्स.

निकिता (मैं में) : काश तुम्हे वो सब कुछ बता पाती, पर राहुल भैया ने कसम जो दे कर राखी है.

लकी (मैं में) : आज तोह तू मेरी होकर रहेगी नेहा!! हाहाहाहा...


अब आगे...

नेहा : पर मेरे साथ निकिता भी चलेगी.

लकी : व्हाट? बूत में तोह सिर्फ तुम्हारे साथ जाना चाहता हु नेहा.

नेहा : I'm सॉरी लकी. में तुम्हारे साथ कोई डेट पे नहीं जा रही हु, तोह निकिता को साथ में ले जाने में क्या बुराई है? वो मेरी बेस्ट फ्रेंड है. उसके बिना में कही नहीं जाउंगी.

लकी (मैं में) : अरे बहनचोद! क्या नौटंकी है? ये साली निकिता मेरा प्लान तोह फ्लॉप कर देगी. इसको कैसे भी करके नेहा से अलग करना पड़ेगा.

लकी : अच्छा ठीक है नेहा. जैसा तुम कहो.

कहते हुए लकी वह से चला जाता है, तोह निकिता नेहा से कहती है,

निकिता : तुमने अपने साथ साथ मुझे क्यों लपेट लिया?

नेहा : अब अकेली जा रही थी तोह तुम्हारा मुँह जो बन्न गया था.

निकिता : एक्सक्यूज़ में!!! में बिना तुम्हारे और लकी के भी वो कैफ़े जा सकती हु.

नेहा : हां! तोह अभी जाने में क्या प्रॉब्लम है?

निकिता : देखो नेहा! मुझे तुमसे कुछ कहना है.

नेहा : कहो न!

निकिता : वो लड़का बिलकुल ठीक नहीं है नेहा. लकी से तुम जितना दूर रह सकती हो उतना रहो. ये में तुम्हारे भले के लिए hi कह रही हु. प्लीज! मेरी बात समझो और...

नेहा : निकिता what's योर प्रॉब्लम यार?? तुम हर्र बार मुझे उस से दूर रहने के लिए क्यों कहती हो? इतना दरर्ति क्यों हो तुम उस से? ी मैं... मुझे पता है वो गुंडई करता है, बिगड़ा हुआ लड़का है, बूत उस से इतना क्या डरना? में उससे बचपन से जानती हु, और ट्रस्ट में उसने मेरे साथ कोई भी गलत हरकत नहीं की है अभी तक.

निकिता (मैं में) : वो क्या करना चाहता है ये तुम जानती भी नहीं हो नेहा. राहुल भैया ने मुझे वो सब बताने से ज़रूर मन किया है, पर इसका मतलब ये नहीं है की में कुछ भी नहीं बता सकती नेहा को

निकिता : नेहा... वो तुम्हारे साथ गलत हरकत hi करना चाहता है, व्हाई don't यू बिलीव में?

नेहा : ओह्ह अच्छा? तोह फिर आज डिपार्चर के बाद में अकेले hi जाउंगी उस के साथ, देखती हु क्या करता है, और यदि तुम गलत निकली तोह?

निकिता : यदि में गलत निकली तोह उसके परर पर गिर कर उस से माफ़ी मांगूगी.

नेहा (शॉकेड) : निक्की!! Tum...tum इतना सीरियस क्यों हो उससे लेकर. Don't वोर्री! वो कुछ नहीं करेगा. और भला तुम्हे कैसे पता की वो मेरे साथ गलत हरकत करना चाहता है. बोलो!

निकिता : वो... मुझे बस पता है.

नेहा : कैसे??

निकिता : में नहीं बता सकती...

नेहा : तुम्हे टेंशन लेने की कोई ज़रुरत नहीं है, में उसके साथ अकेले hi जाउंगी और देखना तुम्हारी ये गलत फेहमी भी दूर कर दूंगी.

निकिता ने बोहत मनाया की वो अकेले न जाए और उससे भी साथ में ले जाए पर नेहा तोह जैसे निकिता को प्रोवे करके दिखाना चाहती थी की लकी वैसा नहीं है जैसा निकिता समझती है. पर जनाब सच्चाई तोह कुछ और hi थी.

इधर राहुल क्लास में बीच लेक्चर में खड़ा हुआ था पीछे और दोनों लड़किया उस से नज़रे नहीं मिला पा रही थी. बाथरूम में उसका विशाल लुंड जो देख लिया था. राहुल को भी ावक्वार्ड लग रहा था. अभी वो सोच hi रहा था की उसका फ़ोन विबरते हुआ और उसने देखा तोह कॉलर तनीषा थी. नाम पढ़ते hi राहुल के चेहरे पर मुस्कान आ गयी,

राहुल : hello?

तनीषा : ummm...ummmm....ssssss

राहुल : तनीषा?

तनीषा : darling....mmmmm....aaahhhhhh

राहुल : तनीषा??? तुम??

तनीषा : यस डार्लिंग!!! आअह्ह्हम्म्म्म तुमने सही सोचा.... I'm... I'm फिंगरिंग.... आअह्ह्ह्ह....

राहुल (ब्लश) : तनीषा! में अभी थोड़ा बिजी...

तनीषा : फ़क में डार्लिंग.... Aaahhhh....mmmmm uffffffffffff..ssssssssssss

तनीषा की मनमोहक आवाज़ सुन्न के राहुल का लुंड खड़ा हो जाता है, ये बोहत hi गलत टाइम था. सामने भरी क्लास में उसकी होने वाली बीवी फिंगरिंग कर के उससे उकसा रही थी तोह भला राहुल उत्तेजित कैसे नहीं होता?

जैसे hi तनीषा का पानी चउथा, उसने चेन्न की सास ली और फिर कहा,

तनीषा : डार्लिंग!! तुम्हारे बिना एक पल भी नहीं रहा जाता

राहुल : एक पल के लिए तुमने मुझे डरा hi दिया था.

तनीषा : डरा दिया? क्यों?

राहुल : मुझे लगा तुम किसी मुसीबत में फास्सी हो

तनीषा (ब्लश) : मुसीबत में hi तोह फास्सी हु. हर वक़्त तुम्हारी याद सताती है, जिस्म जलता रहता है, रात में नींद नहीं आती, अब तुम्ही बताओ में क्या करू?

राहुल : अब तोह में 3 महीने बाद hi आ पाउँगा...

तनीषा : ी क्नोव डार्लिंग! आज मुझसे रहा नहीं गया, रात को नींद नहीं आयी इसलिए आज में हॉस्पिटल भी नहीं गयी, खुद को रोक नहीं पायी आज डार्लिंग... तुम्हे पता है?

राहुल (ब्लश) : हम्म??

तनीषा : में पूरी नुदे हु

राहुल (ब्लश) : हम्म्म...

तभी राहुल का मोबाइल एक बार फिरसे विबरते होता है, और वो देखता है की व्हाट्सप्प पे तनीषा ने अपनी नुदे पिछ भेजी है, उससे देख कर राहुल का लुंड महाराज बहक जाता है.





तनीषा : अभी के लिए इतना hi डार्लिंग हहै! इसी से खुश हो जाओ.

राहुल : सहित!! तुमने मेरी अंदर की आग को और भी भड़का दिया है तनीषा

तनीषा : हेहेहे!! डार्लिंग... प्रॉमिस करो. तुम.. तुम...

राहुल : ?????

तनीषा (ब्लश) : तुम जब आओगे... तोह... तोह...

राहुल : ?????

तनीषा (ब्लश) : तोह मुझे तबियत से... छोड़ोगे

राहुल (ब्लश) : ओह्ह्ह शित्त्त!!

तनीषा : क्या हुआ?

राहुल : ऐसी बातें करती हो तनीषा, में कैसे कण्ट्रोल कर रहा हु ये में hi जानता हु, में लोगो के बीच मौजूद हु, अब तुम्हारे कारण मेरा खड़ा हो गया है

तनीषा : omg!! I'm सो सॉरी! I'm सो सॉरी डिअर! मुझे लगा तुम अकेले होंगे और में तुम्हे एक्साइट कर दूंगी. मेने इस बात पे ध्यान hi नहीं दिया की तुम कहा पर हो. I'm सो सॉरी!!

राहुल : अब तुमको तुम्हारी पनिशमेंट ज़रूर मिलेगी तनीषा. में जब वह आऊंगा तब तुम्हे सजा दूंगा.

तनीषा (ब्लश) : मुझे आपकी सजा का इंतज़ार रहेगा मालिक!

राहुल : अच्छा! मेरी एक रिक्वेस्ट है!

तनीषा : क्या?

राहुल : बीच बीच में घर पर प्लीज जाती रहना, माँ का ख़याल रखना प्लीज.

तनीषा : डार्लिंग तुम मुझे पराया समझते हो क्या?

राहुल : ऐसा क्यों कह रही हो?

तनीषा : में तुम्हारी हु डार्लिंग, जल्द hi तुम्हारे घर की बहु बन्न ने वाली हु, तुम्हारी पत्नी, और तुम मुझ से माँ जी की देख बाल के लिए रिक्वेस्ट कर रहे हो? ये तोह मेरा फ़र्ज़ है डार्लिंग. में रोज़ घर पर जाके उनका हाल चाल पूछा करुँगी, और उनसे मिला करुँगी

राहुल : थैंक यू तनीषा!

तनीषा : अब थैंक यू कह रहे हो? पागल!! और एक बात और सुन्न लो

राहुल : जी कहिये महारानी साहिबा!!

तनीषा (ब्लश) : अहिंदा से रिक्वेस्ट करने की कोई ज़रुरत नहीं है किसी चीज़ के लिए, सिर्फ हुकुम देना.

राहुल (स्माइल्स) : जी...

*कॉल एंड्स*

कॉल तोह भले एन्ड हो गया, पर लुंड महाराज का क्या? इसका हल भी तोह ढूंढ़ना था राहुल को, पंत का उभार कोई भी आराम से देख सकता था, राहुल बड़ी hi दुविधा में था. सामने कोई मिस रेणुका लेक्चर ले रही थी, और न चाहते हुए भी राहुल की नज़ारे मिस रेणुका के बूब्स पर hi जा रही थी.

वो तोह अच्छा हुआ सभी स्टूडेंट्स आगे की और देख रहे थे वर्ण राहुल और भी बड़ी दुविधा में फस्स जाता. पर तभी मिस रेणुका समझाते समझाते पीछे की और आने लगी तोह राहुल जैसे और टेंशन में आ गया और उसने अपने दोनों हाथो को आगे लाकर अपने लुंड के उभार के सामने रख दिया ताकि वो नज़र न आए.

मिस रेणुका राहुल के आगे आके वापस से पलट गयी और अब उनकी गांड और बैकलेस पीठ राहुल के सामने थी. मिस रेणुका वैसे hi दिखने में ख़ूबसूरत थी ऊपर से येलो कलर की साड़ी में उभरी हुई गांड देख कर तोह जैसे राहुल के मुँह में लार hi आ गयी और सिचुएशन और भी कण्ट्रोल से बहार हो गयी. राहुल का बस चलता तोह वो अभी मिस रेणुका को पटक के वही गांड मार लेता पर ऐसा पॉसिबल नहीं था.

इसके पीछे कई कारण थे, पहला ये की वो अपने सभी लवर्स के साथ लॉयल रहना चाहता था, वंशु अंशु ऋचा तनीषा को एक दूसरे के बारे में पता hi था तोह इसमें कोई दिक्कत नहीं थी, ऐसे में वो बाहरी व्यक्ति के साथ कैसे रिलेशन बना सकता है? जब उससे इतना प्यार करने वाली लड़किया और बहने मिली हो. और निशा के बारे में भी कैसे भूल सकता है राहुल? दूसरा ये की ये सिर्फ राहुल की कल्पना थी राहुल वैसा कभी नहीं करता.

जैसे तैसे लेक्चर ख़तम हुआ और राहुल को मिस रेणुका की गांड... ी मैं उनके लेक्चर से छुटकारा मिला.

इधर ग्वालियर में भी समय बीता और जब शाम हुई तोह डिपार्चर के वक़्त लकी फिरसे अपनी स्टाइल मारने आ गया,

लकी : सो नेहा? चले? रेडी हो?

नेहा : येह! सूरे! निकिता नहीं आ रही है, सिर्फ तुम और में.

लकी (मैं में) : ओह्ह तेरई!! अब ये हुई न कुछ बात. में लकी यही थोड़ी कहलाता हु... हाहाहाहा!!! सब कुछ आराम से होएगा मेरी जान. देखना तुम्हे कुछ पता भी नहीं चलेगा, ज़रा भी दर्द नहीं होगा हाहाहा!!

लकी : चलो फिर!

दोनों लकी और नेहा अपनी अपनी गाडी पर सवार होकर कॉलेज से बाहर निकलते है,

नेहा : कहा पे है ये कैफ़े?

लकी : थोड़ा सा दूर है नेहा, तुम्हे चलेगा न?

नेहा उसकी बात सुन्न थोड़ा झिझकती है पर फिर मान जाती है,

इधर उसके कॉलेज से जाने के बाद hi निकिता राहुल को कॉल करके सब कुछ बता देती है,

राहुल निकिता की बात सुन्न ने के बाद मुस्कुरा कर फ़ोन कट कर देता है.

निकिता : hello?? Hello??

निकिता (मैं में) : राहुल भैया ने सब कुछ सुन्न ने के बाद कॉल काट दिया? Wo...wo ऐसा कैसे कर सकते है? क्या उन्हें अपनी बहिन की परवाह नहीं है? नहीं!! ज़रूर! उन्होंने कुछ प्लान करके रखा होगा. यस! I'm सूरे. बे सेफ नेहा! प्लीज बे सेफ!

नेहा और लकी कॉलेज से करीब 6-7 कम दूर आ चुके थे पर अब भी कैफ़े नहीं आया था.

नेहा : लकी! और कितनी दूर है? देखो यदि और दूर है तोह हम किसी और दिन चल देंगे.

अब शायद नेहा को भी थोड़ा डर लगने लगा था क्युकी आज वो पहली बार किसी लड़के के साथ अकेले ऐसे कॉलेज से दूर आयी थी. निकिता की वार्निंग उसके सर्र में घूम रही थी और वो यही उम्मीद कर रही थी की निकिता की बात गलत निकले और लकी वैसा लड़का न निकले.

थी तोह एक लड़की hi नेहा, डर कैसे नहीं लगता? भले hi वह लकी को बचपन से जानती थी पर इसका मतलब ये नहीं था की वो लकी पर आँख बंद कर के भरोसा करती थी.

लकी : बस आ hi गया नेहा! आ hi गया.

दोनों 5 मिनट बाद hi एक कैफ़े के सामने आके रुकते है, ये मैं सिटी से थोड़ा दूर था, और यहाँ पर ये एकमात्र कैफ़े था. यहाँ ज़्यादातर पेड़ पौधे थे और होटल, घर, वगैरह बोहत hi काम. इसलिए नेहा को थोड़ा झिजक सी महसूस हुई पर वो बिना कुछ कहे बिना कैफ़े में अंदर चली गयी. उसने मैं में ठान लिया था की वो यहाँ पे स्नैक्स खाने के बाद hi तुरंत यहाँ से निकल जाएगी.

लकी : तोह क्या लोगी नेहा? यहाँ पर सब कुछ मौजूद है, अपना आर्डर बताओ

नेहा : mein...ye वाला शेक लुंगी.

वेटर : okay Ma'am.

तभी लकी वेटर को आँख मार के इशारा करता है, और वेटर सर हां में हिला के आर्डर लेके अंदर चला जाता है,

लकी : तुम तोह दिन बा दिन ख़ूबसूरत होती जा रही हो नेहा

नेहा (एक नज़र देख कर) : थैंक्स!

नेहा : और तुम तोह कई महीने तक गायब रहे. फिरसे किसी से झगड़ा कर लिया क्या?

लकी : हां! अब क्या बताऊ, मेरी लाइफ में झगडे, होते hi रहते है. वो कहते है न एवरीथिंग इस फेयर इन लव एंड वॉर. ः! तोह फ़िलहाल मेरी लाइफ में वॉर चल रहा है...

लकी घर के नेहा को देखता है,

लकी : बस लव की कमी है...

नेहा थोड़ा इर्रिटेट होक उससे देखती है और फिर नज़रे फेरर लेती है,

लकी : वैसे! मेने सुन्ना है, तुम्हारा भाई राहुल शहर चोरर कर चला गया है?

नेहा : नाम मत लो उसका

लकी : मेरी समझ में ये नहीं आता, की तुम उस से इतना चिढ़ती क्यों हो? कोण सी ऐसी बहिन होगी जो अपने भाई से इतना नफरत करती हो की उसका नाम तक सुन्न न नहीं पसंद करती?

नेहा : यदि तुम यहाँ बकवास करने लाए हो मुझे लकी, थें I'm गोइंग.

लकी : अरे चिल चिल!! में तोह बस पूछ रहा था, वो क्या है न... मुझे बड़ी उत्सुकता थी, की आखिर ऐसा क्यों है.

नेहा : है मेरे अपने रेअसोंस.

लकी : okay! क्या मेरे साथ शेयर कर सकती हो वो रेअसोंस.

नेहा : नहीं!!

लकी : okay okay! फाइन!!

लकी (मैं में) : तुम्हारी एक यही बात तोह मुझे और अच्छी लगती है मेरी जान की तुम भी राहुल से नफरत करती हो. हम दोनों का दुश्मन एक hi है. आज में तुम्हारे साथ अपना सपना पूरा करूँगा, मतलब की मेरे दुश्मन की बहिन के साथ प्यार. बोले तोह एक तीर से दो शिकार.

तभी वेटर उनका आर्डर लेके आ जाता है,

वेटर : सर! Ma'am! योर आर्डर!

नेहा खुश होक शेक को स्ट्रॉ से पीती है और उसकी तारीफ करने लगती है, लकी बस घर घर के अजीब सी स्माइल कर के नेहा को hi देखे जा रहा था.

नेहा अभी कुछ बोल hi रही थी की थोड़ी देरर बाद hi बोलते बोलते उसकी आँखों के सामने धुंदलापन्न छाने लगता है और वो धुंदला पत्र कब अन्धेरेपनं में तब्दील हो जाता है, उससे पता hi नहीं चलता.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
अपडेट - 68



अब तक...

तभी वेटर उनका आर्डर लेके आ जाता है,

वेटर : सर! Ma'am! योर आर्डर!

नेहा खुश होक शेक को स्ट्रॉ से पीती है और उसकी तारीफ करने लगती है, लकी बस घर घर के अजीब सी स्माइल कर के नेहा को hi देखे जा रहा था.

नेहा अभी कुछ बोल hi रही थी की थोड़ी देरर बाद hi बोलते बोलते उसकी आँखों के सामने धुंदलापन्न छाने लगता है और वो धुंदला पत्र कब अन्धेरेपनं में तब्दील हो जाता है, उससे पता hi नहीं चलता.

अब आगे...

इधर नेहा को बेहोश होते देख लकी के चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान आ जाती है. वो वेटर को टिप देता है, वेटर भी खुश होक टिप में कई हज़ार के नोट अपनी जेब में भर लेता है. उसका काम hi सिर्फ इतना था की ड्रिंक में वो बेहोशी की दवा मिला के नेहा को दे और जो उसने बड़ी hi चतुराई से कर दिया. दरअसल, ये कैफ़े लकी की पहचान का hi था, यहाँ के ओनर से लेकर वेटर्स तक सभी की अच्छी खासी पहचान थी लकी से, क्युकी लकी ने इनको कैफ़े का एरिया जो दिलवाया था, और तोह और अल्कोहल वगैरह के सारे सप्लाइज लकी की hi दूकान से होते थे.

मैं hi मैं मुस्कुराते हुए लकी ने नेहा को उठाया और कैफ़े की पार्किंग में कड़ी एक कार में ले जाके पीछे वाली सीट पर लिटा दिया. आज फाइनली वो दिन आ hi गया, आज लकी इतना खुश था, उसकी ख़ुशी का कोई ठिकाना hi नहीं था. उसने पहले से hi कार यहाँ लाकर कड़ी कर राखी थी, फुल प्लांड आईडिया के साथ वो सब कुछ करने वाला था.

उसने अपनी बाइक को वही रहने दिया और कार को पार्किंग से निकाल कर अपने अड्डे की और चल दिया. ये अड्डा बिलकुल वैसा hi था जब वो और रोहित मिलकर ऋचा को किडनैप कर के एक बार लाए थे. शामे तो शामे वैसा hi अड्डा था बस लोकेशन चेंज्ड थी. पिछले अड्डा तोह राहुल ने बर्बाद कर दिया था पर इस बार लकी को राहुल का कोई डर नहीं था.

वो आराम से अपनी गाडी को अड्डे की और ले जा रहा था, उससे किसी बात की कोई जल्दी नहीं थी, क्युकी नेहा तोह अब उसकी hi थी. लकी ने शायद ध्यान नहीं दिया पर उसकी कार के पीछे hi एक और कार चल रही थी. लकी तोह जैसे किसी और चीज़ पर ध्यान hi नहीं दे रहा था. वो नेहा को देखता, और फिर सामने रोड को, और फिर मैं में आगे के होने वाले प्यार भरे सीन्स को इमेजिन करता. कैसे वो नेहा के कपडे उतारेगा, कैसे नेहा हेल्प के लिए चिल्लाएगी, कैसे वो उसके साथ सम्भोग करेगा, और फिर उससे समझा बुझा कर या दर्रा धमका कर अपनी बना लेगा.

कुछ hi देरर में एक सुनसान सी रोड पर एक दूकान की शटर थी. लकी ने वह गाडी रोकी शटर खोली, तोह अंदर लक्ज़री सोफे, टीवी, एक, दारु का स्टॉक, खाने पीने का सामान, वाशरूम सब कुछ था. मानो की छोटा सा लक्ज़री घर हो. उसने अपने आस पास देखा तोह उससे कोई दिखाई नहीं दिया, फिर उसने नेहा को उठा के दूकान के अंदर किया और सोफे पर लिटा दिया.

उसने सबसे पहले नेहा को बाँधने की सोची, और यहाँ पर hi उस से सबसे बड़ी भूल हो गयी.





नेहा को बाँध कर वो शटर को अंदर से लॉक करने गया और शटर नीचे खींच कर उसने लॉक भी कर दिया.

भले hi लकी एक बुरा काम करने जा रहा था पर उसकी नज़र में ये बोहत hi इम्पोर्टेन्ट काम था और वो सब कुछ अच्छे से करना चाहता था. लकी सबसे पहले खुद को नाहा धो के साफ़ किया ताकि सेक्स के वक़्त उसकी प्रेमिका को उनकंफर्टबले फील न हो. उसने अच्छे से ब्रश किया ताकि किश करते वक़्त उसके मुँह से गंध न आए. वो ऐसे प्रिटेंड कर रहा था जैसे आज उसकी सुहाग रात है.

यहाँ तक की उसने नेहा के लिए गिफ्ट भी प्रेपर कर रखा था, एक सोने की अंगूठी. उसने सोच लिया था एक बार नेहा को छोड़ने के बाद उससे वो मन लेगा और यदि नेहा नहीं मानी तोह उससे दर्रा धमका के अपनी बना लेगा. वो नेहा को पाने के लिए किसी भी हद्द तक जाने तैयार था.

जब लकी फ्रेश होक नए कपडे पहन के आया तोह उसने देखा की नेहा कितनी प्यारी लग रही है. वो आगे बढ़ा और उसके गाल सहलाने लगा.

पर जैसे उसके ऐसा करते hi नेहा को होश आ गया, उससे बेहोश हुए काफी देरर जो हो चुकी थी, और वेटर ने भी काम मात्रा में बेहोशी की दवा मिलायी थी. लकी चाहता था की वो जब सेक्स करे तोह नेहा जाएगी हुई हो.

नेहा (आँखें खोलते हुए) : mein...ye कहा है?

लकी : वेलकम नेहा! माय डार्लिंग!!

नेहा : लू.. लकी??

नेहा जब हिलने डुलने की कोशिश करती है तोह पाती है की उसके हाथ परर बंधे हुए है, और उससे समझने में देरर नहीं लगती, वो चारो तरफ नज़रे घुमाती है और जब उससे अपरिचित जगह दिखाई देती है तोह वो सूरे हो जाती है की लकी ने hi सब किया है.

नेहा (जोरर से) : कुत्ते!! कहा लाया है मुझे? चोरर मुझे...

लकी : अरे चिल नेहा... चिल! आज तुम और में इस प्यार के बंधन में बांध जाएंगे. देखो मेने तुम्हारे लिए गिफ्ट भी प्रेपर कर लिया है,

लकी अपनी जेब से सोने की अंगूठी निकाल के दिखाता है, तोह नेहा की आँखें नम्म हो जाती है, ख़ुशी के कारण नहीं बल्कि डर के कारण.

निकिता सही थी. लकी वाक़ई एक बेशरम लड़का और गुंडा है. पर अब पछताने से क्या फायदा जब चिड़िया चुग गयी खेत...

"Bachaaoo...koi ही???? हेल्प!!!" नेहा रट रट अपनी पूरी चीख के साथ गुहार लगा रही थी की कोई तोह आए और उससे बचा ले.

लकी : घबराती क्यों हो डार्लिंग? अब तोह तुम मेरी हो! अब हम साथ रहेंगे. तुम्हे तोह खुश होना चाहिए!

कहते हुए लकी ने नेहा के गाल सहलाना शुरू कर दिए,

नेहा (रट हुए) : चोरर मुझे हरामखोर!!! हाथ मत लगाना मुझे, चोरर मुझे... कोई ही???

पर उसकी हर्र एक चींख गूंज कर जैसे सन्नाटे में गम हो गयी. आज नेहा को अपनी ज़िन्दगी का शायद सबसे बड़ा पछतावा हो रहा था की उसने अपनी बेस्ट फ्रेंड की बात नहीं सुनी. कभी कभी आपका वरकॉन्फिडेन्स आपको ले डूबता है. ये सबसे सही उदाहरण था इस वाकया को समझाने के लिए. जब आपका भला चाहने वाला व्यक्ति आपको किसी चीज़ या व्यक्ति से दूर रहने के लिए कह रहा हो तोह हमे उसकी बात पर ज़रूर ध्यान देना चाहिए पर यही पर तोह नेहा ने गलती कर दी और अब मैडम जी अपने hi किये का फल भुगत रही थी.

आसुओ से बेचारी नेहा का पूरा चेहरा भीग चूका था, वो खुद को छुड़ाने की कोशिश करती रही पर सब कोशिश नाकामयाब रही. जब उसकी लाख चीखो का भी जवाब नहीं आया तोह उसने चीखना बंद कर दिया और रस्सी खोलने पर ध्यान लगाने लगी, पर कोई फायदा नहीं हो रहा था.

लकी बस उससे निहार रहा था, नेहा की गालिया सुनता, उसकी रोने की आवाज़ उससे और उकसा रही थी, वो उसके गाल सहलाता, हाथ सहलाता, और फिर उसने एकदम से अपनी टी शर्ट उतार दी और आगे बढ़ने लगा...

लकी की नंगी छाती देख नेहा सेहम सी गयी, जैसे उससे आभास हो गया की अब उसके साथ बोहत hi बुरा होने वाला है और अब वो किसी को भी मुँह दिखाने के लायक नहीं रहेगी.

आज पहली बार वो अपनी लाइफ में इतना दर्री थी, उसके दिमाग में निकिता की वार्निंग घूम रही थी.

काश, काश उसने निकिता की बात मान ली होती तोह अभी वो एकदम सुरक्षित होती.

जैसे hi लकी उसके कपडे उतारने के लिए आगे हुआ नेहा की मुँह से एक चींख निकली,

"भैयाआआआआ......"

जिससे सुनकर लकी की आँखें फटी की फटी रह गयी और उसके गुस्से का पारा और भी बढ़ गया.

पर नेहा को तोह जैसे होश hi नहीं था की उसने किसे पुकारा अभी अभी...

"Bhaiiii...bachao...help में...."

लकी (गुस्से में) : क्या कहा साली तूने? रंडी की बच्ची...

इस से पहले की लकी आगे बढ़ कर कुछ गलत करता उसकी गर्दन पर एक ज़ोरदार वार किसी ने किया और लकी उधर hi ों थे स्पॉट बेहोश हो गया.

लकी के नीचे गिरते hi नेहा ने अपनी आँखें खोली तोह पाया की एक सुन्दर सी लड़की और करीब 50 साल की उम्र का एक व्यक्ति उसके सामने खड़े है.

थोड़ी देरर यही अचंभित भाव से देखने के बाद उससे जैसे कुछ याद आया तोह उसने कहा,

"Aap...aap तोह उस दिन... एयरपोर्ट पर"

"हां! तुमने सही कहा! I'm मोनिका!", मोनिका ने नेहा की रस्सी खोलते हुए कहा.

नेहा ने मोनिका को राहुल के शहर चोरर कर जाते टाइम देखा था, जब वो राहुल से मिलने आयी थी.

नेहा : आप यहाँ? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है...

मोनिका : कुछ समझने की ज़रुरत नहीं है, बस इतना ध्यान रखो की हमने तुम्हारी मदद की है, तुमको वापस से घर पर भेज देंगे और इस लकी की चिंता तुम मत करो इससे हम देख लेंगे.

नेहा : थैंक यू! थैंक यू सो मच!!! यदि आप नहीं आते तोह न जाने मेरा क्या होता...

भीमा : इसमें थैंक यू की क्या जर्रोरत नेहा बिटिया... अब राहुल बाबू ने कहा था तोह हमको तोह आना hi था.

इतना सुनते hi जैसे नेहा की ाँहें फटी की फटी रह जाती है, और साथ में hi मोनिका भी घूर घूर के भीमा को देखने लगती है

भीमा (मैं में) : ू तेरई! ी का कह दिया हमने... राहुल बाबू मन करे थे कुछ भी बताने को, अब वो हमका नहीं चोररेंगे... माफ़ करना राहुल बाबू. गलती हो गयी!

नेहा : k..kya कहा आपने?

भीमा : कुछ नहीं बिटिया, hum...hum कह रहे थे की इस लकी की टेंशन आप मत लो, इससे हम देख लेंगे.

नेहा : नहीं... अपने अभी अभी राहुल बाबू करके कुछ कहा. मेने अच्छे से सुना है, और राहुल बाबू से आपका मतलब मेरे भाई से था.. है न? बताइये मुझे... अभी...!!

मोनिका (गहरी सास लेकर) : हां! तुम्हारे hi भाई ने हमको यहाँ आने कहा था.

नेहा (शॉकेड) : व्हाट?? नहीं!! ये सब क्या चल रहा है? वो तोह दूसरे शहर में है, उससे कैसे..?

मोनिका : देखो! वैसे तोह ये सब तुम्हे बताने से मन किया था उसने पर अब भीमा अंकल के मुँह से गलती से निकल गया और अब इससे छुपाने का कोई फायदा नहीं है

भीमा (सर झुका कर) : माफ़ करना मोनिका बिटिया... वो हमसे एकदम से निकल गया, ध्यान में नहीं था...

मोनिका : it's okay भीमा अंकल! कोई बात नहीं है. अब जो हो गया सो हो गया. में राहुल से माफ़ी मांग लुंगी.

भीमा : नहीं बिटिया. आप काहे को माफ़ी मांगोगी. माफ़ी तोह हम मांगेगे...

नेहा : क्या मतलब?

मोनिका : मतलब ये की.... तुम्हारे hi भाई ने तुम्हे बचाया है

नेहा : *शॉकेड*

मोनिका : तुम्हारे कॉलेज से निकलने के बाद, तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड ने राहुल को कॉल करके सब कुछ बताया था, और फिर राहुल ने हमे. इसलिए तुम्हे इतनी आसानी से ढूंढ भी लिया और बचा भी लिया क्युकी हमे सब पता था की तुम किधर हो, किसके साथ हो.

नेहा तोह जैसे सब कुछ सुन्न ने के बाद उसका दिमाग काम करना hi बंद कर दिया. वो बस फटी आँखों से मोनिका की बातें सुनी जा रही थी.





मोनिका : ये लकी इतना बेवक़ूफ़ था, इसने तुम्हे अंदर लाने के बाद शटर बंद hi नहीं करि, उतनी देरर में हम दोनों अंदर आ गए थे. ये तुम्हे बाँधने में लगा हुआ था. पुअर किध! ः!

नेहा : ye...ye सब कुछ झूठ है. वो बास्टर्ड.. वो मेरी मदद कभी नहीं कर सकता. He's ा लिएर्. ज़रूर... ज़रूर कोई गेम खेल रहा होगा वो... मुझे फिरसे मुसीबत में डालना चाह रहा है वह.

अभी नेहा और बुरा भला कहती राहुल के बारे में, उस से पहले hi मोनिका उसकी कालर पकड़ लेती है और आँखों में आँखें दाल के कहती है,

"बोहत सुन्न ली तुम्हारी बकवास! उसकी बहिन हो इसलिए में कुछ नहीं कर रही, वर्ण अभी तक किसी और ने उसकी बुराई की होती न तोह उससे वही धो डालती"

कहते हुए वो नेहा को चोरर देती है और नेहा अचंभित सी कड़ी होक देखने लगती है,

मोनिका : तुम खुद से hi ये सवाल क्यों नहीं पूछती??

नेहा : ????

मोनिका : यदि इतना hi हेट करती हो उससे, तोह अभी कुछ देरर पहले "भैया" कहकर क्यों पुकार रही थी उससे?

ये वाकया तोह जैसे किसी कहकर की तरह नेहा के दिल पर जा कर लगा और वो वही जम्म सी गयी.





मोनिका : बोलो न? क्यों अपने भैया को याद कर रही थी? मुसीबत आयी तोह भैया याद आ गए? वाह!!! जब आदमी किसी मुसीबत में होता है तोह उपरवाले को याद करता है, या उससे याद करता है जिसपर उससे अटल विश्वाश हो. तोह क्या में ये समझू की तुम्हे अपने भैया पे अटल विश्वाश था की वो तुम्हे बचा लेगा...

इनफैक्ट उसने बचा भी लिया. ः!

नेहा : n...nahi... नहीं!! ये झूठ है!!

मोनिका : I'm सॉरी डिअर! बूत यही सच है.

नेहा अपना सर पकड़ के चिल्लाते हुए रोने लगती है, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे.

मोनिका : यहाँ जो भी हुआ है, उसके बारे में तुम किसी से कुछ नहीं कहोगी, ख़ास कर अपने घरवालों से. तुम्हे घबराने की ज़रुरत नहीं है. इससे हम देख लेंगे. अहिंदा से ये तुम्हे कभी परेशां नहीं करेगा.

मोनिका नेहा को कार में बैठा के उसके घर चोरर आती है, और भीमा और बेहोश पड़े लकी को लेके वह से निकल जाती है.

घर आते hi नेहा से निशा कई सवाल पूछती है की इतना लेट क्यों आयी और उसकी स्कूटी कहा पर है? तोह नेहा बदले में कह देती है की वो अपने दोस्त की b'day पार्टी में गयी थी और उसकी स्कूटी वही रह गयी, कल जाके ले आएगी.

मोनिका ने उससे पहले hi बता दिया था की स्कूटी की चिंता वो ना करे, अगले दिन स्कूटी वही पे उससे मिल जाएगी.

अपने बिस्तर पर लेती हुई नेहा कुछ शान पहले की हुई घटना के बारे में सोचे जा रही थी, लकी का चेहरा उसके सामने आते hi उसका शरीर में सिहरन दौड़ गयी, कितना डर गयी थी वह. और फिर वो पल जब उसने भैया कह कर चिल्लाया था और फिर मोनिका की बातें. क्या सच में मोनिका ने जो कहा सच था? क्या सच में नेहा को अभी भी राहुल पे अटल विश्वाश था? या फिर कुछ और? सोचते सोचते वो कब नींद की वादियों में चली गयी उससे पता hi नहीं चला.

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आज के लिए इतना hi दोस्तों!

अगले अपडेट में आपको नेहा की पूरी स्टोरी सामने देखने को मिलेगी. मतलब वो हेट क्यों करती है, अगले अपडेट में आपको फ्लैशबैक देखने को मिलेगा जिसमे आपको नेहा का अतीत उसके पर्सपेक्टिव से दिखाया जाएगा.

धन्यवाद्!
 
धन्यवाद् बीआरओ!!

नेहा ने जब राहुल को पुकारा तोह वो एक रिफ्लेक्स एक्शन था बीआरओ, उससे खुद ध्यान नहीं था की उसने किस्से पुकारा है.

यदि एक नास्तिक व्यक्ति जब अपनी मौत का सामना करता है तोह वो भी उपरवाले को याद करने लगता है, ऐसा hi कुछ नेहा के साथ था.

रही बात गिफ्स और पिक्स की, तोह पिष्बब के जाने से सब कुछ गड़बड़ हो गया है मित्र. मेने मोनिका की इमेज डाली थी, उसकी फर्स्ट एंट्रेंस के दौरान पर पिष्बब अभी बंद है तोह पुरानी साड़ी पिक्स और गिफ्स विज़िबल नहीं है.
 
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