अपडेट - 69
अब तक...
घर आते hi नेहा से निशा कई सवाल पूछती है की इतना लेट क्यों आयी और उसकी स्कूटी कहा पर है? तोह नेहा बदले में कह देती है की वो अपने दोस्त की b'day पार्टी में गयी थी और उसकी स्कूटी वही रह गयी, कल जाके ले आएगी.
मोनिका ने उससे पहले hi बता दिया था की स्कूटी की चिंता वो ना करे, अगले दिन स्कूटी वही पे उससे मिल जाएगी.
अपने बिस्तर पर लेती हुई नेहा कुछ शान पहले की हुई घटना के बारे में सोचे जा रही थी, लकी का चेहरा उसके सामने आते hi उसका शरीर में सिहरन दौड़ गयी, कितना डर गयी थी वह. और फिर वो पल जब उसने भैया कह कर चिल्लाया था और फिर मोनिका की बातें. क्या सच में मोनिका ने जो कहा सच था? क्या सच में नेहा को अभी भी राहुल पे अटल विश्वाश था? या फिर कुछ और? सोचते सोचते वो कब नींद की वादियों में चली गयी उससे पता hi नहीं चला.
अब आगे...
नेहा नींद की वादियों में चली जाती है, और उसका अतीत उसके सपने में घूमने लगता है, अब इस से पहले की हम नेहा के सपने में चल रहे अतीत में घुसे, हम एक नज़र राहुल की तरफ भी मार लेते है की हमारा हीरो क्या कर रहा है.
रात का समय था और राहुल अपने ग्राउंड फ्लोर के गेस्ट रूम में जो ख़ुशी ने उससे दिया था, उस में बिस्तर पर लेता हुआ था की तभी उसका फ़ोन बजता है और वो देखता है तोह कॉल मोनिका का था.
राहुल : hello?
मोनिका : काम हो गया है. She's सेफ नाउ.
राहुल : थैंक यू!
मोनिका : वाह! तुम्ही ने मुझे सिखाया था की दोस्ती में no थैंक्स, no सॉरी. और अब तुम hi थैंक यू कह रहे हो?
राहुल : अच्छा बाबा! अब नहीं कहूंगा... ठीक?
मोनिका : हम्म!!
राहुल : लकी का क्या हुआ?
मोनिका : पुलिस के हवाले कर दिया है. मेरे पास प्रूफ था, नेहा के हरस्मेंट के वक़्त मेने एक शार्ट वीडियो क्लिप बना ली थी. बस फिर! अब वो भी रोहित की तरह जेल में है.
राहुल : बढ़िया! बूत वो जेल से बाहर भी आ सकता है जल्द hi.
मोनिका : फिलहाल तोह नहीं. मास्टर की पहचान है कमिश्नर से और ऊपर कई और सोर्सेज से, तोह अभी के लिए तुम निश्चिन्त रहो.
राहुल : जी!!
मोनिका : ये मंथ ख़तम होते hi में तुम्हारी पहले मंथ की पेमेंट का चेक लेके आउंगी. और वह की रिपोर्ट भी लुंगी.
राहुल : ohh...okay!
मोनिका : उम्म्म...
राहुल : हम्म???
मोनिका : तुम्हारी बहिन...
राहुल : ???
मोनिका : तुम्हारी बहिन कुछ ज़्यादा hi बोलती है, मेने उससे वारं किया है.
राहुल (सुरप्रीसेड) : क्या हुआ?
मोनिका : कुछ नहीं. बस! तुमको कुछ बुरा भला कह रही थी तोह मेने उससे थोड़ा दांत दिया. Tum...tum नाराज़ तोह नहीं हो न मुझसे?
राहुल (स्माइल्स) : बिलकुल नहीं!
मोनिका (ब्लश) : चलो अच्छा! अब में रखती हु... Aur...aur...
राहुल : हम्म???
मोनिका (ब्लश) : नहीं! कुछ नहीं!! Bye bye, टेक care...and... एंड स्वीट ड्रीम्स.
राहुल (स्माइल्स) : bye bye! टेक केयर एंड I'll मिस यू...
मोनिका (ब्लश) : एहहहह????
राहुल : ी साइड I'll मिस यू!!
इधर राहुल की बात सुन्न मोनिका बेचारी लाल टमाटर हो चुकी थी. गालो पे सुर्ख लाली छ गयी थी,
मोनिका (ब्लश) : bye bye
कहते हुए मोनिका ने फ़ोन फुर्ती में कट किया, और गहरी सास लेने लगी, फिर थोड़ी देरर बाद शांत होक अपने कमरे में चली गयी.
इधर राहुल भी मुस्कुराते हुए फ़ोन रखा और सोने hi वाला था की फिरसे उसका फ़ोन बजने लगा, इस बार कॉलर निशा थी,
राहुल : हां माँ!
निशा : केसा है मेरा बच्चा? खाना खाया की नहीं? कोई दिक्कत तोह नहीं है? और ठीक से रह रहा है न? पैसे वगैरह तोह है न?
राहुल : माँ! चिल... ः! में बढ़िया हु. आपको कोई टेंशन लेने की ज़रुरत नहीं है. आप किसी हो? सही से रह रही हो न?
निशा : बस तेरी याद सताती है बेतु, तेरी परवाह लगी रहती है.
राहुल : माँ! आप टेंशन नहीं लीजिये बस. में यहाँ सही से हु.
निशा : हम्म!! और तेरा ये फ़ोन बिजी क्यों आ रहा था?
राहुल : mein...dost का कॉल था माँ.
निशा : अच्छा? दोस्त का या फिर मेरी होने वाली बहु का? आज बहु आयी थी शाम को. मेरी बोहत परवाह कर रही थी.
राहुल (स्माइल्स) : तोह ये तोह अच्छी बात है न माँ?
निशा : हां! मेरी बहु लाखो में एक है. नज़र न लगे उसको किसी की... चल अच्छा! अब तू भी सजा, रात काफी हो गयी है. और मुझे रोज़ फ़ोन करते रहा कर. ताकि में भी निश्चिन्त राहु.
राहुल : जी! गुड नाईट माँ!
निशा : गुड नाईट बेतु!! मुआअआआह्ह्ह...
*कॉल एंड्स*
यहाँ राहुल तोह टेंशन फ्री था फिलहाल के लिए पर आइये नेहा के सपने का हाल देख लेते है की उसका क्या हाल है.
*फ्लैशबैक*
शाम का वक़्त है, थोड़ी थोड़ी आंधी चल रही थी, पत्ते और धुल उड़द के घर के द्वार से अंदर की और आ रहे थे, नेहा ने उठ के फौरन गेट को बंद किया. Neha,iss वक़्त 8तह क्लास में थी और राहुल 11तह में.
नेहा : भाई! आज कितनी आंधी चल रही है...
नेहा ने दूर लॉक करते हुए राहुल से कहा जो की वही सोफे पर बैठा हुआ लैपटॉप में कुछ काम कर रहा था,
राहुल : ......
नेहा : भाई???
नेहा के कई बार कहने पर भी जब राहुल ध्यान नहीं देता तोह नेहा चिढ़ते हुए आती है और उसकी गोदी में उसकी तरफ मुँह कर के बैठ जाती है, और उसका चेहरा अपने हाथो में ले लेती है,

राहुल को भी महसूस हो रहा था की अब उसकी बहिन बड़ी होने लगी है, उसकी छथि पे नेहा के हलके उभरे हुए स्तन जो ठीके थे.
नेहा : भाई???
राहुल : गुड़िया! क्या कर रही हो तुम? में काम कर रहा हु न...
नेहा : तुम ये बार बार ताऊ जी का तोह कही डैड का काम क्यों करते रहते हो? तुम अभी सिर्फ स्कूल में hi हो. तुमको ये सब काम तोह बड़े होक करना चाहिए न, फिर डैड लोग तुमको इतना काम क्यों देते है?
राहुल : अब में बड़ा हु तोह मुझे तोह करना hi पड़ेगा न?
नेहा : वही तोह बोल रही हु मेरे भाई!! तुम अभी सिर्फ 11तह क्लास में हो, फिर ये लिस्ट वगैरह बनाना डैड तुमको क्यों देते है? तुम्हारी उम्र अभी पढ़ने की है, ये सब करने की नहीं. पिछली बार ताऊ जी ने तुम्हे दूसरे शहर भेज दिया था काम के लिए और वो भी अकेले.
राहुल : वो तोह छोटा सा काम था गुड़िया और वैसे भी वो शहर कोई बोहत दूर नहीं था.
नेहा : ओह्ह अच्छा? कोण से पेरेंट्स एक 11तह क्लास के स्टूडेंट को दूसरे शहर भेजते है अपने काम के लिए? और वो भी ताऊ जी ने भेजा. डैड ने मन तक नहीं किया उनको. हम्फ!!
राहुल : अच्छा मेरी गुड़िया मुझे माफ़ कर दे...
नेहा : तुम अब से इनके काम नहीं करोगे... मुझे अच्छा नहीं लगता. समझ गए न?
राहुल : जैसी आपकी आज्ञा मेरी माँ...
नेहा : हीहीही...
नेहा आगे बढ़ के राहुल के गालो पर किश कर देती है और उस से गले लग के उसकी छाती में अपना सर रख के चिपक जाती है,

नेहा : आज बोहत आंधी चल रही है भाई...
राहुल उसका सर सहलाते हुए कहता है,
राहुल : हम्म!!
नेहा : आज कुछ बुरा होएगा क्या?
राहुल : तू फ़ालतू बातें मत सोच! बस एन्जॉय कर.
नेहा : हम्म!!
नेहा : भाई???
राहुल : हम्म!?
नेहा (ब्लश) : यू लव में न??
राहुल (स्माइल्स) : ये भी कोई पूछने की बात है गुड़िया?
नेहा : हीहीही! ी लव यू तू!!
शाम ढली, रात हुई और तेज़्ज़ बारिश ने अपना स्थान जमा लिया. बादल गरज रहे थे, बिजली चमक रही थी, तेज़्ज़ बारिश की बूंदो की गिरने की आवाज़ साफ़ साफ़ अंदर घर में सुनाई दे रही थी.
रात के 10 बज रहे थे, नेहा अपने टाइम टेबल के अकॉर्डिंग 9 बजे hi बिस्तर में जाके सो चुकी थी. राहुल अभी भी बाहर सोफे पर बैठ के लैपटॉप पर कोई लिस्ट तैयार करने में लगा हुआ था.
तभी निशा किचन से राहुल के लिए चाय लेकर आयी और उससे थमा देती है,
राहुल : थैंक यू माँ!
निशा आगे बढ़ के राहुल का माथा प्यार से चुम लेती है,
निशा : बीटा अब सो भी जा. कब तक काम करेगा? तू ये सब काम अपने सर मत लिया कर.
राहुल : ये सब छोटे मोठे काम है माँ! मुझे बुरा नहीं लगता...
तेज़्ज़ बादल गरजने की आवाज़ से इधर नेहा की नींद खुल जाती है, वो आँखें मीस्ते हुए उठती है और जमाई लेने लगती है.
नेहा का रूम इस वक़्त निशा और राजेश के रूम से जो बगल में गेस्ट रूम था, वो था. और असली गेस्ट रूम ऊपर राहुल के कमरे से बगल वाला था. क्युकी अभी नेहा 8तह में थी और रात में कोई दिक्कत वगैरह के लिए उससे निशा अपने रूम के बगल वाले रूम में hi सुलाती थी.
वो लेती लेती अपने बगल में रखे एक टेडी को जोरर से हुग कर लेती है और उससे चूमने लगती है,
नेहा (मैं में) : कल मेरा b'day है. हिहि! भाई इस बार क्या देगा मेरे को? पिछली बार ये टेडी दिया था. अब इस बार और बड़ा टेडी देगा क्या? पर में भाई को रेतुर्न गिफ्ट में क्या दू? पिछली बार मेने उससे अपनी चॉकलेट्स दी थी और उससे धेरर साड़ी किस्सेस भी दी थी हेहेहे...
अब इस बार क्या दू में उससे? मेरा भी तोह फ़र्ज़ बनता है न की में उससे रेतुर्न गिफ्ट में कुछ दू? लड़को लोग को क्या पसंद है?
नेहा उठ के अपना फ़ोन उठाती है और अपनी बेस्ट फ्रेंड निकिता को कॉल करती है,
नेहा : hello?
निकिता : क्या है नेहा? इतनी रात में क्यों फ़ोन किया? में सो रही थी न... *यौन*
नेहा : सुन्न न निक्की! मुझे तेरे से कुछ पूछना है. बोहत इम्पोर्टेन्ट है.
निकिता : अच्छा बोल!
नेहा (ब्लश) : wo...wo... लड़को लोग को क्या पसंद है? मतलब की... यदि एक लड़का लड़की से गिफ्ट चाहता है तोह वो क्या चाहेगा?
निकिता : हैं? तू इतनी रात गए ये क्यों पूछ रही है? कोई बर्फ बना लिया क्या? हां?
नेहा : शट उप निक्की!! तुझसे जितना पूछा है उतना बता न...
निकिता : नहीं! पहले तू बता की तूने कोई बर्फ बना लिया है क्या?
नेहा : नहीं निक्की! शट उप! मेरा कोई बर्फ नहीं है. पागल!!
निकिता : तोह फिर तू ये इतनी रात गए क्यों पूछ रही है?
नेहा : wo...meri एक फ्रेंड ने मुझसे पूछा, उसका बर्फ है. अब मुझे नहीं पता की में उससे क्या जवाब दू इसलिए तोह तेरे से पूछ रही हु.
निकिता : अछाअअअ....
नेहा : हां! अब बता न जल्दी.
निकिता : okay! एक लड़का लड़की से यही चाहेगा की उसकी गफ उससे खूब प्यार दे. अपनी फ्रेंड से कहना की वो अपने बर्फ को गालो पर पप्पी दे दे. हहै!
नेहा : ये तोह में रोज़ करती हु यार...
निकिता : क्या मतलब?
नेहा (हड़बड़ा के) : mera...mera मतलब है की ये तोह वो रोज़ करती है. कुछ और बता न...
निकिता : हम्म! अच्छा तोह उसको कहना की इस बार होंठो पे किश करे. देखना उसका बर्फ सातवे आस्मां पर पहुंच जाएगा हेहेहे!!
नेहा (ब्लश) : क्याआआआ???? हो.. होंठो पे???
निकिता : हां! उसने पहले कभी नहीं करि?
नेहा (ब्लश) : नहीं उसने पहले कभी नहीं करि...
निकिता : हम्म! तोह इस बार कहना की वो कर के देखे. चल अच्छा! अब गूडनिघत. और एडवांस्ड में हैप्पी बर्थडे, में रात में 12 बजे उठ कर तुझे विश नहीं करने वाली, मुझे बोहत तेज़्ज़ नींद आ रही है. Bye bye!!
नेहा : हम्फ!! किसी दोस्त है तू! सजा जाके... कुम्भकरण की बहिन कही की.
*कॉल एंड्स*
नेहा (मैं में) : भाई को पसंद तोह आएगी न? यदि में... में uske...hontho पर किश करू तोह? गुस्सा हो गया तोह? में बहिन हु उसकी. मेरे से गुस्सा नहीं होएगा वो... तोह ठीक है. कल फिर!!!
सोचते हुए वो एक बार फिर से थोड़ी सी हलकी नींद में चली जाती है.
इधर निशा और राहुल सोफे पर बैठे बात कर रहे थे,
राहुल : डैड अभी तक नहीं आए माँ? रोज़ तोह वो 8 बजे आ जाते है.
निशा : हां बीटा! मेने फ़ोन किया था, कह रहे थे की 10-11 बजे तक आएँगे.
राहुल : 10:30 तोह बज hi गया है माँ.
निशा : हां! तू अब सजा. वो आ जाएंगे. में भी अपने कमरे में थोड़ी देरर लेट लेती हु.
राहुल : बस अभी चला जाऊंगा, ये काम होने hi वाला है.
निशा उठ के अपने कमरे में चली जाती है, राहुल भी काम करते करते कब वही सोफे पर हलकी नींद में चला जाता है उससे पता hi नहीं चलता.
नेहा की नींद तब खुलती है जब उससे कुछ आवाज़ें सुनाई देती है, अपने बगल वाले माँ डैड के कमरे से कुछ आवाज़ें आ रही थी, जिसके कारण वो उठ जाती है.
नेहा (मैं में) : इतनी रात को माँ डैड क्या बातें कर रहे है?
वो उठ के आगे बढ़ती है और अपने कमरे का दरवाज़ा खोलती है, और वो माँ डैड के कमरे में जाने hi वाली थी की उसके कानो में राहुल की आवाज़ पड़ती है और वो वही ृक्क जाती है,
राहुल भी माँ डैड के कमरे में hi था?
नेहा कान लगा के सुन्न ने लगती है तोह उससे कुछ ये सब सुनाई देता है,
राहुल : ......बात क्यों कह दी??
निशा : क्या मतलब??
राहुल : मतलब सही hi तोह कहा. पर ये मेरे जज़्बात है. काश नेहा पैदा hi नहीं होती...
नेहा की आँखें चौड़ी हो जाती है अपने भाई के मुँह से ऐसी बात सुन कर...
निशा (चिल्ला कर) : राहुल!! ये क्या बोले जा रहे हो तुम? होश में हो की नहीं?
राहुल : होश में तोह अब आया हु माँ! काश! सिर्फ में होता... नेहा नहीं. तोह कितना अच्छा होता न?
निशा (गुस्से में) : तुम्हे क्या हो गया है एकदम से? आज हो क्या रहा है घर में? किसी बकवास बातें कर रहे हो?
राहुल : हां न माँ! सिर्फ में होता... तोह कितना अच्छा रहता. मुझे कोई बहिन वगैरह नहीं चाहिए थी... पर आपने मुझे एक बहिन देदी. मुझे वह बिलकुल भी पसंद नहीं है माँ...
नेहा के शरीर में रोये खड़े हो जाते है अपने भाई के मुँह से ऐसी बातें सुन कर, उससे यकीन hi नहीं हो रहा था की राहुल उसके बारे में ऐसा कह रहा है.
तभी राहुल पलट कर दरवाज़ा खोल देता है और नेहा कड़ी हुई सबको दिख जाती है, उसकी आँखों में ासु थे, उसके परर काँप रहे थे, उसका बदन सिहर रहा था.
जैसे उस से उसका सब कुछ छीन लिया हो. नेहा को देख निशा के होश hi उड़द गए, साथ hi साथ राजेश के भी.
निशा : ने... नेहा???
नेहा (कापते हुए) : माँ?? ये सब क्या चल रहा है? B..bhai?? ये... ये तुम क्या कह रहे थे अभी? हां? मज़ाक कर रहे हो? ः!! B'day सरप्राइज देने के लिए... है न??
राहुल उससे घूरते हुए आगे बढ़ता है और उसकी आँखों में आँखें दाल के कहता है,
राहुल : ओह्ह्ह्ह! तोह तुमने सब सुन्न लिया?? मुझे लगा तुम नहीं सुन्न पाओगी. खर्र अब जब तुमने सुन्न hi लिया है तोह इससे अपने दिमाग में बइठल लो... ी हेट यू!!
नेहा का शरीर फिरसे काँप उठता है, जिस भाई से अभी वह कुछ देरर पहले प्यार करने की रे ले रही थी, वही भाई उससे कह रहा था की वो उससे हेट करता है, यहाँ तक की वो तोह चाहता hi नहीं था की उसकी बहिन पैदा होये.
नेहा : कह दो की ये झूठ है ... भाई... कह दो की ये झूठ है ... आपने अभी बहार कहा था मुझसे... की... यू लव में. यू लव में राइट? ये सब झूठ है...
राहुल एक कदम आगे बढ़ाता है तोह नेहा एक कदम पीछे चली जाती है,
निशा (चिल्ला कर) : रहलललल!!!
राहुल : नहीं! वो तोह सब नाटक था मेरी गुड़िया. काश तू पैदा hi नहीं हुई होती नेहा...
ी जस्ट हेट यू!!! या फिर तू... ः!!
राहुल फिर से एक कदम आगे बढ़ाता है, और नेहा फिरसे पीछे चली जाती है, वो पूरी तरह से घबराई हुई थी और सिहर रही थी.
पूरा चेहरा आसुओ से भीगा हुआ था. वो तोह यहाँ आवाज़ सुन्न के आयी थी, ये सोचके शायद उसके लिए सबने सरप्राइज प्रेपर किया होगा पर यहाँ तोह कुछ और hi सन था जिसकी उम्मीद शायद नेहा ने कभी नहीं की होगी.
राहुल (धीरे से कान में) : या फिर tu...swarg सिधार गयी होती??
नेहा जोरर से चिल्ला कर रोने लगती है और तभी निशा आगे बढ़ के राहुल को दो थप्पड़ रसीद देती है और चिल्ला के उससे बाहर निकाल देती है,
निशा नेहा को लेकर रूम में चली जाती है और राजेश राहुल को लेकर रूम में चला जाता है.
निशा नेहा को बीएड पे बैठा के उससे अपने सीने से लगा लेती है और पुचकारती रहती है,
नेहा (मैं में) : भाई?? बी... भाई? Mujhe...mujhe मारना चाहता है? वो नहीं चाहता की में ज़िंदा राहु?? क्यू??? क्या बिगाड़ा है मेने उसका?? ये कोई मज़ाक भी नहीं था.. माँ ने उससे दो छाते मार दिए... मेरा भाई मुझे... मुझ से... हेट करता है? हे... हे हट्स में?? हे.. वांट्स में डेड???
बेचारी नेहा के ासु रुकने का नाम hi नहीं ले रहे थे.
"ी हेट हिम! हाउ डरे हे...?? में उस से कितना प्यार करती हु... वो कैसे हमारे बिठाये हुए साथ के पल भूल सकता है? क्या?? क्या वो सब एक नाटक था?? तोह अब तक वो मुझे??... मुझे बेवक़ूफ़ बना रहा था? और यहाँ में उससे अपनी जान से ज़्यादा प्यार दे रही थी? ऐसे भाई के लिए?? Mein...I ... हेट यू राहुल!! ी हेट यू!! यदि तुम मेरे भाई होते तोह कभी भी ऐसी हरकत नहीं करते मेरे साथ... ी लव्ड यू सो मच... *क्रिस*"
*फ्लैशबैक एंड्स*
नेहा : nahiiiiiiiiii....
कहती हुई नेहा एकदम से अपने बिस्तर से उठती है. उसके चेहरे पर पसीना था. सासें तेज़्ज़. और बाल बिखरे हुए थे. कल लकी के साथ हुई वो घटना, और आज रात सपने में पुरानी भयानक अतीत वाली यादें.
नेहा (मैं में) : क्या चल रहा है? क्या में कभी चेन्न से जी पाऊँगी? अब तोह रात में सपनो में भी वही पुराने मंज़र दिखाई देते है...
मैं में सोचते हुए वो उठती है तोह देखती है सुबह के 6 बज रहे है और वो उठ कर वाशरूम में चली जाती है.
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आज के लिए इतना hi गाइस!!
धन्यवाद्!