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- Dec 5, 2013
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अब तक...
निशा : आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह में भी बेतु! और छोड़ जोरर से, छोड़ अपनी माँ को, हां ऐसे ही, बेतु में गईइइइइइइइ
*फट फट फट*
और राहुल भी अपना सारा का सारा वीर्य निशा की छूट में उड़ेल देता है की तभी निशा को किसी के कदमो की आवाज़ सुनाई देती है.
अब आगे...
आवाज़ सुनते hi निशा एकदम से घबरा गयी,
निशा : बेतु! कोई आ रहा है
निशा की बात सुन्न राहुल एकदम से अपना लुंड निशा की छूट से निकालता है और अपने पयजामे के अंदर कर लेता है. वो तोह अच्छा हुआ की आज वो कुरता पहना हुआ था जिस कारण उसका उभार थोड़ा बोहत छुप गया. निशा भी हड़बड़ा कर फौरन अपनी साड़ी नीचे कर लेती है, पर उसकी पंतय अभी भी उसकी जांघ तक उत्तरी हुई उन् जांघो में hi फास्सी हुई थी और छूट से सफ़ेद रास अभी भी टपक रहा था.
राहुल पलट कर पटाखों की थैली में हाथ टटोलने लगा ताकि ऐसा प्रतीत हो की वह पटाखों में व्यस्त है.
ऊपर आते कदमो की आवाज़ तेज़्ज़ हुई और कुछ सेकण्ड्स बाद एक चेहरा सामने आया, ये ऋचा थी.
ऋचा : आंटी, राहुल!? चलिए न आप भी, मेने खाना सर्वे कर दिया है सबको, बस आप दोनों hi बाकी हो.
निशा : बे.. बीटा तुमने नहीं खाया?
ऋचा (राहुल को देख कर) : आपके बिना कैसे खा सकती हु?
निशा : ठीक है बीटा चलो नीचे हम आते है.
ऋचा : जी
जाते जाते ऋचा राहुल को एक बार और देखती है.
निशा (छेड़ते हुए) : क्यों रे!? ये तोह पूरी पत्नी बन्न गयी तेरी. आपके बिना कैसे खा सकती हु? हां?? इतना प्यार??
राहुल (ब्लश) : माँ... बताया तोह था न आपको. ी लव हेर एंड शी लव्स में.
निशा : हां हां! पर में तनीषा के साथ अन्याय नहीं होने दूंगी. कान खोल कर सुन्न ले तू...
राहुल : ी क्नोव माँ. में उनसे भी प्यार करता हु.
निशा : तुझे पता है न? की हमारे देश में दो दो बीविया अल्लोवेद नहीं है. तू किसी एक को hi अपनी पत्नी बना सकता है. हम मुस्लिम नहीं है. मुस्लिम्स को अल्लोवेद है. तोह अब क्या करेगा तू?
राहुल : ी क्नोव माँ. आप उसकी टेंशन मत लो माँ. में सभी को अपनी बीवी बना के रहूँगा.
निशा (सुरप्रीसेड) : सभी को? और कोण है इन् दो के अलावा?
राहुल (मैं में) : ोू सहित!!
रहहल : k..koi नहीं माँ. में तोह उन्ही दोनों की बात कर रहा था.
निशा : और कैसे बनाएगा उन् दोनों को अपनी बीवी? मेने बताया न अभी... की हमारे यहाँ दो दो बीविया...
राहुल : ी क्नोव माँ. उसकी टेंशन आप मत लो. आप देखना, में उनको अपनी बना के रहूँगा और कोई कुछ नहीं कर पाएगा.
निशा : इतना कॉन्फिडेंस बच्चू?
राहुल (स्माइल्स) : आपका बीटा हु माँ
निशा (स्माइल्स) : अच्छा चल अब. तेरी बीवी से रहा नहीं जा रहा है.
फिर दोनों माँ बेटे नीचे आ जाते है, डाइनिंग टेबल पूरी तरह से भरी हुई थी बस 2 चेयर्स hi खाली थी जो की निशा और राहुल के लिए hi बची हुई थी.
डाइनिंग टेबल की 1 मैं साइड पर राजेश विराजमान थे, निशा भी उनकी अपोजिट साइड में जाके विराजमान हो जाती है.
निशा के बगल से तानिया बैठी हुई थी, तानिया के बगल से राहुल बैठ जाता है, और राहुल के बगल में ऋचा और फिर निकिता.
राहुल के सामने अंशु थी, उसके राइट में तनीषा, लेफ्ट में वंशु और वंशु के hi लेफ्ट में नेहा.
10 की 10 चेयर्स भर चुकी थी और फिर चालु हुआ डिनर. मस्त मस्त सब्ज़िया, स्वादिष्ट व्यंजन बनाये थे आज निशा ने. उसका खाना तोह पूरे परिवार में फेमस था. खाना खाते वक़्त सभी के मुँह से निशा की तारीफ निकल रही थी, जिससे सुन्न निशा बेहद खुश हो रही थी. ऐसी कोण सी औरत होगी जो अपनी तारीफ सुन्न न पसंद नहीं करेगी? निशा भी अपने आप में बोहत प्राउड फील कर रही थी. बस दिक्कत थी तोह थोड़ा बैठने में... उसकी छूट अभी भी गीली जो थी. थोड़ा उनकंफर्टबले लग रहा था उससे.
राहुल ने नोटिस किया की अंशु उसके सामने बैठ के उससे फ्लिर्टी टाइप के लुक्स दे रही है. कभी स्पून को मुँह में लेती और आँख मार देती, कभी नीचे नज़रे कर के मुस्कुराती, कभी किश करने के एक्सप्रेशन देती. सभी से चुप्प कर वो ये सब कर रही थी. राहुल की कुछ समझ में hi नहीं आ रहा था की एकदम से अब इससे क्या हो गया? बगल में तानिया भी बीच बीच में उससे देख रही थी. रही बात ऋचा की, तोह वो बिलकुल पत्नी की तरह बेहवे कर रही थी, कोई भी सब्ज़ी या कुछ भी राहुल को चाहिए होता तोह ऋचा फौरन आगे बढ़ के राहुल को सर्वे कर देती. इस बात पर राजेश और नेहा को चोरर सभी ने ध्यान दिया था.
खर्र! खाना ख़तम होते hi ऋचा और निकिता वापस घर जाने के लिए होते है,
राजेश : बीटा! तुम चोरर आओ इनको. 12 बज गए है. समय का पता hi नहीं चला. विनोद का फ़ोन आया था मेरे पास, तोह मेने कह दिया था की खाना खिलवा के भिजवा दूंगा. वैसे तोह त्यौहार का माहौल है, पर फिर भी रात में अकेले नहीं भेजूंगा में इन्हे. तुम कार में इन्हे चोरर आओ.
निकिता : पर अंकल हमारा घर तोह पास में hi है. आते वक़्त भी पैदल hi आये थे हमलोग. ज़्यादा से ज़्यादा 15 मिनट hi लगता है.
राजेश : बीटा! भूल गयी तुम्हारी बहिन के साथ क्या हुआ था?
ऋचा के किडनैप की बात याद आते hi निकिता सेहम जाती है, वाक़ई... ऋचा सिर्फ अपने कॉलेज गयी थी और किडनैप हो गयी थी. तब तोह फिर भी शाम का वक़्त था और अभी तोह रात के 12 बज रहे है. अपने ऊपर उससे गुस्सा आने लगता है की उसने अपनी बहिन के बारे में ज़रा भी नहीं सोचा.
निकिता : डीडू... I'm सॉरी
बेचारी की आँखें नम्म हो जाती है
ऋचा (प्यार से गाल पर हाथ फेरते हुए) : कोई बात नहीं निक्की! It's okay!
ऋचा फिर राहुल को प्यार से देखती है, उसी ने तोह बचाया था उस दिन उसको. वर्ण वो आज क्या ये दिन देख रही होती? वो तोह ज़िंदा hi नहीं होती. पर राहुल ने hi उससे बचाया. और आज वो यहाँ सबके बीच खुसियो में शामिल है.
राहुल : जी डैड! में कार से hi ड्राप कर देता हु.
फिर राहुल कार निकालता है और ऋचा राहुल के बगल से बैठ जाती है और निकिता पीछे. कुछ देरर में hi उनका घर भी आ गया, काफी पास जो था.
निकिता बाहर निकलती है पर ऋचा अभी भी बैठी हुई थी और राहुल को hi निहार रही थी.
निकिता : अरे डीडू चलना नहीं है क...
बोलते बोलते वो एकदम से ृक्क जाती है और उससे ध्यान आता है की अब तोह राहुल और ऋचा gf-bf है, और आज उन्हें कोई भी पर्सनल टाइम नहीं मिला स्पेंड करने शायद इसलिए ऋचा अंदर hi थी कार में और कुछ बातें करना चाह रही थी.
"निकिता! तू भी कितनी बुद्धू है" उसने अपने hi मैं में सोचा और फिर ऋचा को कार के बाहर से hi कहा,
"आप दोनों बात करिये में चलती हु. Bye bye!!"
कहते हुए वो घर के अंदर चली गयी, पर नहीं... वो तोह पोर्च में चुप्प कर कड़ी हुई थी. क्यों? ये तोह वही जाने.
उसके जाते hi ऋचा वापस से राहुल की तरफ देखती है, उसकी आँखों में प्यार का समुन्दर नज़र आ रहा था. आगे बढ़ के ऋचा राहुल का हाथ थाम लेती है और अपने गालो से लगा लेती है. आंखें थोड़ी नाम थी.
राहुल भी आगे बढ़ उसका हाथ थाम लेता है,
"क्या हुआ रीचु?"
ऋचा : एक डर है
राहुल : केसा डर?
ऋचा : डर है की... की में तुम्हारी नहीं हो पायी तोह?
राहुल : पागल! तुम तोह मेरी थी, मेरी हो, और मेरी hi रहोगी.
ऋचा : क्या सच में तुम मुझे अपनी बीवी बनाओगे? बोलो राहुल?
राहुल : बेशक! क्यों? तुम्हे मेरी बीवी नहीं बन्न न क्या?
राहुल की बात सुनते hi ऋचा उसके गले से लग जाती है,
ऋचा : दुबारा ऐसा मत कहना कभी राहुल. तुम मुझे अपना लो, इस से बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है? में तोह चाहती hi हु की तुम मुझे जल्द से जल्द अपना बना लो. तुम्हारे साथ hi साड़ी ज़िन्दगी गुज़ारना चाहती हु में राहुल. प्लीज! अपना लो मुझे राहुल!
राहुल : बोहत जल्द! बोहत जल्द रीचु. ी लव यू!
ऋचा : ी लव यू तू राहुल. ी लव यू सोऊ मच! में कोई जॉब वेब करने नहीं जाउंगी. सिर्फ तुम्हारे साथ hi रहूंगी.
राहुल : ये क्या कह रही हो रीचु?
ऋचा : हां राहुल! मुझे सिर्फ तुम्हारे साथ hi रहना है.
राहुल : नहीं रीचु. तुम जॉब करने ज़रूर जाओगी. तुमने ये जॉब अपनी म्हणत से पायी है.
ऋचा : तुम्हे चोरर के कैसे जा सकती हु राहुल? नहीं! कभी नहीं!
राहुल : अरे पागल! में वैसे भी यहाँ से जाने वाला हु. आखिर मुझे भी तोह पैसे कमाना है न? तुमको रखूँगा कहा? खिलाऊंगा क्या? बोलो? उसके लिए मुझे भी तोह कमाना पड़ेगा न? और जब में अपना पूरा एम्पायर खड़ा कर लूंगा तब तुम मेरे पास रहोगी.
ऋचा : पर राहुल...
राहुल : पर वॉर कुछ नहीं. तुम जॉब करने जाओगी. okay!?
ऋचा (बुझे मैं से) : हम्म्म! पर मेरी भी एक शर्त है, में जो भी कमाऊंगी उसका आधा तुम्हे लेना होगा.
राहुल : ये क्या बात कर रही हो? पागल हो क्या? तुम सेव क्या करोगी फिर? घर का रेंट? खाना पीना? शॉपिंग? इलेक्ट्रिसिटी बिल? गैस सिलिंडर? ट्रैवेलिंग का खर्चा... कहा से पाय करोगी?
ऋचा : में मैनेज कर लुंगी. में और कुछ नहीं सुन्न न चाहती. मेरा सब कुछ तुम्हारा है. तुम्हे भी तोह पैसे चाहिए होंगे न आगे बढ़ने के लिए?
राहुल : हां पर, तुम्हे ये सब करने की कोई ज़रुरत नहीं है. आधे पैसे मुझे दे डौगी तोह बचेगा hi क्या तुम्हारे पास?
ऋचा : अच्छा ठीक है. में जितना दूंगी, उतना तुम्हे लेना पड़ेगा. अब आगे कुछ नहीं.
राहुल : पर रीचु...
ऋचा : एकदम चुप्प. डिअर! जो मेरा है वो तुम्हारा है. में अपने प्यार को ऐसे कैसे देख सकती हु? तुम्हारा बोझ में नहीं शेयर करुँगी तोह और कोण करेगा? कभी मुझपर भी तोह निर्भर रहो. में तुम्हारी hi तोह hu...dear!
राहुल की आँखें नाम हो जाती है,
"रिचुउ..."
और ऋचा आगे बढ़ उसके होंठ अपने होंठो में ले लेती है. और पशनातेली किश करने लगती है. आज कितने दिनों बाद उससे अपने प्यार के साथ ये मौका मिला था.
पोर्च में छिपी निकिता सब कुछ देख रही थी, थोड़ी शॉकेड भी थी. क्युकी उसने पहले कभी भी एक लड़का लड़की को लाइव किसिंग करते हुए जो नहीं देखा था. और आज तोह अपनी hi बड़ी बहिन को राहुल के साथ किसिंग करते देख उससे जोश सा चढ़ने लगा था. और अपने निचले होंठ को वो डाट से दबा लेती है, ना जाने क्या सोच रही थी इस वक़्त.
किसिंग के बाद दोनों एक दूसरे को bye कहते है और राहुल फिर अपनी कार लेके निकल जाता है. अंदर ऋचा आती है तोह देखती है की निकिता अभी भी वही कड़ी है, इस बात से वो थोड़ी सुरप्रीसेड थी पर फिर उसने और कुछ सवाल जवाब नहीं किये और दोनों अंदर की और चल दिए.
वापस जब राहुल घर आया तोह पाया की उसके डैड अपने कमरे में जा चुके है, लिविंग रूम पूरा खाली पड़ा हुआ था.
किचन में वंशु और तानिया बर्तन रख रही थी. वो जब अपने रूम में पहुचा तोह देखा की रूम अंदर से लॉक्ड है. इसलिए उसने दूर नॉक किया तोह अंदर से उसकी माँ निशा की आवाज़ आयी की वो और तनीषा अंदर है और थोड़ी देरर बाद बाहर आएंगी. जब तक वो नीचे वेट करे.
शायद माँ तनीषा दीदी से मेरे सुर उनके रिलेशनशिप की बात कर रही है
यह सोचके राहुल नीचे आ जाता है.
यदि वंशु और तानिया नीचे है. इसका मतलब अंशु नेहा के साथ उसके कमरे में है.
इधर राहुल जब ऋचा को चौररने गया था तब निशा तनीषा को लेके राहुल के कमरे में आ गयी थी. उस बीच इनका वार्तालाप कुछ इस प्रकार था,
निशा : तोह बीटा! में ज़्यादा पहेलियाँ नहीं करुँगी. सीधे सीधे hi पूछ लेती हु. तुम्हे मेरा बीटा राहुल केसा लगता है?
निशा के डायरेक्ट सवाल से तनीषा थोड़ी घबरा जाती है. वो इसलिए क्युकी वो अबतक राहुल को भाई मानती आयी है और अब वो उस से प्यार करने लगी है, यहाँ तक की सेक्स भी कर चुकी है. सामने राहुल की माँ उस से पूछ रही है की राहुल उससे केसा लगता है? अब क्या जवाब दे वो? उससे बोहत डर लग रहा था पर प्यार के आगे डर केसा? हिम्मत जूता के आखिर उसने कह hi दिया.
तनीषा : आंटी! I'm सॉरी!! I'm सॉरी की मेने आपसे ये सब नहीं बताया... पर... पर... में आपके बेटे से प्यार करती हु आंटी... ी... ी लव हिम... मुझे पता है में उससे भाई मानती थी पर... पर मुझे धीरे धीरे उस से प्यार हो गया. और अब में उस से बेहद प्यार करती हु आंटी. ी क्नोव ki...aap...aap गुस्सा होंगी. पर में और कुछ नहीं जानती आंटी. में राहुल से अत्यंत प्रेम करती हु.
उसकी बात सुन्न निशा के चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है.
निशा : मुझे पता है की तुम उस से बेहद प्यार करती हो, और वो भी तुमसे बेहद प्यार करता है. मुझे ये भी पता है की तुम्हारे मेरे बेटे के साथ शारीरिक सम्बन्ध भी है...
तनीषा ये बात सुन्न पूरी लाल टमाटर हो जाती है और अपनी नज़रे नीचे कर लेती है, जिससे देख निशा एक बार फिर मुस्कुरा देती है.
निशा : इसमें शर्माने की कोई बात नहीं है बीटा! क्युकी अब तोह तुम मेरी बेटी जो बन्न ने वाली हो. और अपनी सासु माँ से क्या शर्माना?
निशा की ये बात सुन्न तनीषा की मानो दिल की धड़कन hi ृक्क गयी.
क्या कहा अभी अभी निशा ने? सासु माँ? वो भी निशा? मतलब वो इस घर ki...bahu बनेगी?
तनीषा की आँखों से ासु लबालब बहते हुए टपकने लगते है
तनीषा : आ... आंटी aap...aapne क... kya...kya कहा अभी?
निशा (स्माइल्स) : मेने कहा की तुम अब मेरी बेटी बन्न ने वाली हो तोह अब मुझसे क्या शर्माना?
तनीषा : be..beti? M..matlab?
निशा : तुम्हे मेरा बीटा पसंद है, उससे तुम पसंद हो, दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो. तोह बताओ बेटी तनीषा! क्या तुम मेरे घर की बहु नहीं बन्न न चाहोगी? में चाहती हु की तुम मेरे बेटे की पत्नी बनो और इस घर की बहु.
निशा का हर्र एक शब्द तनीषा के कानो में गूंज रहा था. आसुओ की धाराए और तेज़्ज़ बहने लगती है. और वो एकदम से निशा के गले लग जाती है.
तनीषा (रट हुए) : बिलकुल आंटी... क्यों नहीं!? आपने आज ऐसा कह के मेरे भाग्य hi खोल दिए... में किस मुँह से आपका शुक्रिया अदा करू? मेरा ये सपना था की में राहुल की पत्नी बनु. जो मुझे पता था की शायद कभी पूरा नहीं होगा... पर आज...
निशा : अभी भी आंटी hi बोलोगी? अब तोह माँ जी कहो, या मम्मी जी, या सासु माँ... जो तुम्हे पसंद आए. पर आंटी नहीं.
तनीषा : माँ जी!!! Par...par... मुझे तोह घर से निकाल दिया गया था माँ जी, में तोह अकेली रहती हु माँ जी, में तोह राहुल से 5 साल बड़ी भी हु माँ जी. क्या तब भी आप मुझे स्वीकार करेंगी माँ जी??
निशा (मैं में) : पहले मुझे एक बात और जान नई है इस से. यदि उस टेस्ट में ये पास हो गयी. तोह फिर ये बेटी है आज से मेरी.
निशा : मुझे पता है की तुम अकेली हो बीटा, तुम्हे घर से निकाल दिया गया था, उसके बावजूद आज तुम अपने पेर्रो पर कड़ी उत्तरी हो और एक काबिल सर्जन भी हो. यहाँ तक पहुचने में तुमने न जाने कितना परिश्रम किया होगा, कितनी कठनाईयो का सामना किया होगा. रही बात तुम्हारी उम्र की, तोह प्यार में उनर नहीं देखि जाती. अब राहुल के डैड खुद मुझसे 4 साल बड़े है. और वैसे भी 5 साल कोई बड़ा अंतर नहीं होता. मुझे तुमसे एक सवाल करना है.
तनीषा : जी माँ जी पूछिए...
निशा : यदि राहुल ने कहा की तुम अपनी डॉक्टर की पोस्ट चोरर दो और घर में hi रहो एक हाउसवाइफ की तरह तोह तुम्हारा फैसला क्या होगा?
निशा की बात सुन्न तनीषा थोड़ी चौंक जाती है. फिर अगले hi पल मुस्कुराते हुए कहती है,
तनीषा : यदि राहुल ऐसा चाहेगा. तोह में ख़ुशी ख़ुशी डॉक्टर की पोस्ट से रिजाइन कर दूंगी.
तनीषा की बात सुन्न निशा एक पल के लिए चौंक जाती है, फिर मैं में सोचती है,
"मुझे इससे थोड़ा और घुमाना पड़ेगा"
निशा : तनीषा! मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी. क्या इतना hi दर्द संकल्प है तुम में? आज यहाँ तक तुम अपनी म्हणत कर के आयी हो और यदि राहुल तुमसे ये कह दे की अपनी नौकरी चोरर दो तोह तुम वो भी चोरर डौगी? क्या तुम्हारे अंदर बिलकुल भी खुद के उसूल नहीं है? क्या तुम्हारे अंदर वो नारी शक्ति नहीं है? की नहीं! तुम भी जॉब कर सकती हो, तुम भी घर खर्च चला सकती हो. क्या ये सारे उसूल तुम्हारे अंदर नहीं है? यदि ऐसा है, तोह में तुम्हारी शादी राहुल से नहीं होने दे सकती.
निशा की ये बात सुन्न तनीषा स्तब्ध सी उससे hi घूरती रहती है. आखिर कहा पे गलत कह दिया उसने? तनीषा ने बोहत सोचा, आखिर ये सवाल उसकी शादी से रिलेटेड था.
निशा (मैं में) : कुछ ज़्यादा तोह नहीं कह दिया मेने?
तनीषा (स्माइल्स) : यदि ऐसी बात है, तोह कोई बात नहीं माँ जी. आप राहुल की शादी अपनी पसंद की लड़की से कर दीजियेगा. पर मेरा उत्तर हमेशा यही रहेगा की... यदि राहुल चाहेगा तोह में अपनी नौकरी चोरर दूंगी.
निशा : ऐसा क्यों?
तनीषा : क्युकी सब कुछ उसी का तोह दिया हुआ है. यदि वो मुझे ना मिलता, उसने मेरी पढ़ाई न पूरी करवाई होती, उसने मुझे घर न दिलवाया होता, मेरा ध्यान न रखा होता, मेरी इतनी परवाह न की होती, मुझे इस क़ाबिल न बनाया होता, मुझे संभाला न होता तोह kya...toh क्या में आज यहाँ पर होती? हर्गिज़ज़ नहीं! सब कुछ उसी ने तोह दिया है. मेने तोह अपनी ज़िन्दगी उस दिन से hi उसके लिए समर्पित कर दी थी. तोह यदि वो चाहेगा की में जॉब चोरर दू, तोह में ख़ुशी ख़ुशी चोरर दूंगी.
बोलने के बाद तनीषा उदास मैं से नीचे देखने लगती है, शायद उसकी और राहुल की शादी होना लिखा hi नहीं है उसकी किस्मत में. यदि यही उपरवाले को मंज़ूर है तोह यही सही.
निशा (स्माइल्स) : तुम पास हो गयी!
तनीषा : हँ?
निशा : मेने कहा तुम पास हो गयी. माफ़ करना बेटी, में सिर्फ तुम्हे परख रही थी. पर मेरे इतना कंफ्यूज करने के बाद भी तुम मेरे टेस्ट में पास हो गयी. तुमने ना केवल अपने मैं की, बली अपने दिल की भी बात सुनी और अंत तक तुमने केवल राहुल के बारे में hi सोचा. मुझे बेहद ख़ुशी है की मेरे बेटे को इतनी प्यार करने वाली स्त्री मिली. तोह अब बताओ तनीषा, में निशा मिश्रा तुम से तुम्हारा हाथ अपने बेटे राहुल मिश्रा के लिए मांगती हु. क्या तुम उसकी पत्नी और मेरे इस घर की बहु बनोगी?
तनीषा को यकीन hi नहीं हो रहा था की वो निशा के टेस्ट में पास हो गयी. उससे तोह लगा था की अब वो और राहुल कभी भी शादी के बैंडबान में नहीं बांध पाएंगे पर यहाँ तोह चमत्कार हो गया.
तनीषा फौरन निशा के गले लग जाती है,
तनीषा (जोरर से रट हुए) : मायआ जीई!!!! हआ!! हआ में आपके घर की बहु बन न चाहती हु, में राहुल की पत्नी बन्न न चाहती हु.
निशा (तनीषा को हुग करते हुए) मेरी बेटी!!! जग जग जियो!
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आज के लिए इतना hi दोस्तों!
धन्यवाद्!
अब तक...
निशा : आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह में भी बेतु! और छोड़ जोरर से, छोड़ अपनी माँ को, हां ऐसे ही, बेतु में गईइइइइइइइ
*फट फट फट*
और राहुल भी अपना सारा का सारा वीर्य निशा की छूट में उड़ेल देता है की तभी निशा को किसी के कदमो की आवाज़ सुनाई देती है.
अब आगे...
आवाज़ सुनते hi निशा एकदम से घबरा गयी,
निशा : बेतु! कोई आ रहा है
निशा की बात सुन्न राहुल एकदम से अपना लुंड निशा की छूट से निकालता है और अपने पयजामे के अंदर कर लेता है. वो तोह अच्छा हुआ की आज वो कुरता पहना हुआ था जिस कारण उसका उभार थोड़ा बोहत छुप गया. निशा भी हड़बड़ा कर फौरन अपनी साड़ी नीचे कर लेती है, पर उसकी पंतय अभी भी उसकी जांघ तक उत्तरी हुई उन् जांघो में hi फास्सी हुई थी और छूट से सफ़ेद रास अभी भी टपक रहा था.
राहुल पलट कर पटाखों की थैली में हाथ टटोलने लगा ताकि ऐसा प्रतीत हो की वह पटाखों में व्यस्त है.
ऊपर आते कदमो की आवाज़ तेज़्ज़ हुई और कुछ सेकण्ड्स बाद एक चेहरा सामने आया, ये ऋचा थी.
ऋचा : आंटी, राहुल!? चलिए न आप भी, मेने खाना सर्वे कर दिया है सबको, बस आप दोनों hi बाकी हो.
निशा : बे.. बीटा तुमने नहीं खाया?
ऋचा (राहुल को देख कर) : आपके बिना कैसे खा सकती हु?
निशा : ठीक है बीटा चलो नीचे हम आते है.
ऋचा : जी
जाते जाते ऋचा राहुल को एक बार और देखती है.
निशा (छेड़ते हुए) : क्यों रे!? ये तोह पूरी पत्नी बन्न गयी तेरी. आपके बिना कैसे खा सकती हु? हां?? इतना प्यार??
राहुल (ब्लश) : माँ... बताया तोह था न आपको. ी लव हेर एंड शी लव्स में.
निशा : हां हां! पर में तनीषा के साथ अन्याय नहीं होने दूंगी. कान खोल कर सुन्न ले तू...
राहुल : ी क्नोव माँ. में उनसे भी प्यार करता हु.
निशा : तुझे पता है न? की हमारे देश में दो दो बीविया अल्लोवेद नहीं है. तू किसी एक को hi अपनी पत्नी बना सकता है. हम मुस्लिम नहीं है. मुस्लिम्स को अल्लोवेद है. तोह अब क्या करेगा तू?
राहुल : ी क्नोव माँ. आप उसकी टेंशन मत लो माँ. में सभी को अपनी बीवी बना के रहूँगा.
निशा (सुरप्रीसेड) : सभी को? और कोण है इन् दो के अलावा?
राहुल (मैं में) : ोू सहित!!
रहहल : k..koi नहीं माँ. में तोह उन्ही दोनों की बात कर रहा था.
निशा : और कैसे बनाएगा उन् दोनों को अपनी बीवी? मेने बताया न अभी... की हमारे यहाँ दो दो बीविया...
राहुल : ी क्नोव माँ. उसकी टेंशन आप मत लो. आप देखना, में उनको अपनी बना के रहूँगा और कोई कुछ नहीं कर पाएगा.
निशा : इतना कॉन्फिडेंस बच्चू?
राहुल (स्माइल्स) : आपका बीटा हु माँ
निशा (स्माइल्स) : अच्छा चल अब. तेरी बीवी से रहा नहीं जा रहा है.
फिर दोनों माँ बेटे नीचे आ जाते है, डाइनिंग टेबल पूरी तरह से भरी हुई थी बस 2 चेयर्स hi खाली थी जो की निशा और राहुल के लिए hi बची हुई थी.
डाइनिंग टेबल की 1 मैं साइड पर राजेश विराजमान थे, निशा भी उनकी अपोजिट साइड में जाके विराजमान हो जाती है.
निशा के बगल से तानिया बैठी हुई थी, तानिया के बगल से राहुल बैठ जाता है, और राहुल के बगल में ऋचा और फिर निकिता.
राहुल के सामने अंशु थी, उसके राइट में तनीषा, लेफ्ट में वंशु और वंशु के hi लेफ्ट में नेहा.
10 की 10 चेयर्स भर चुकी थी और फिर चालु हुआ डिनर. मस्त मस्त सब्ज़िया, स्वादिष्ट व्यंजन बनाये थे आज निशा ने. उसका खाना तोह पूरे परिवार में फेमस था. खाना खाते वक़्त सभी के मुँह से निशा की तारीफ निकल रही थी, जिससे सुन्न निशा बेहद खुश हो रही थी. ऐसी कोण सी औरत होगी जो अपनी तारीफ सुन्न न पसंद नहीं करेगी? निशा भी अपने आप में बोहत प्राउड फील कर रही थी. बस दिक्कत थी तोह थोड़ा बैठने में... उसकी छूट अभी भी गीली जो थी. थोड़ा उनकंफर्टबले लग रहा था उससे.
राहुल ने नोटिस किया की अंशु उसके सामने बैठ के उससे फ्लिर्टी टाइप के लुक्स दे रही है. कभी स्पून को मुँह में लेती और आँख मार देती, कभी नीचे नज़रे कर के मुस्कुराती, कभी किश करने के एक्सप्रेशन देती. सभी से चुप्प कर वो ये सब कर रही थी. राहुल की कुछ समझ में hi नहीं आ रहा था की एकदम से अब इससे क्या हो गया? बगल में तानिया भी बीच बीच में उससे देख रही थी. रही बात ऋचा की, तोह वो बिलकुल पत्नी की तरह बेहवे कर रही थी, कोई भी सब्ज़ी या कुछ भी राहुल को चाहिए होता तोह ऋचा फौरन आगे बढ़ के राहुल को सर्वे कर देती. इस बात पर राजेश और नेहा को चोरर सभी ने ध्यान दिया था.
खर्र! खाना ख़तम होते hi ऋचा और निकिता वापस घर जाने के लिए होते है,
राजेश : बीटा! तुम चोरर आओ इनको. 12 बज गए है. समय का पता hi नहीं चला. विनोद का फ़ोन आया था मेरे पास, तोह मेने कह दिया था की खाना खिलवा के भिजवा दूंगा. वैसे तोह त्यौहार का माहौल है, पर फिर भी रात में अकेले नहीं भेजूंगा में इन्हे. तुम कार में इन्हे चोरर आओ.
निकिता : पर अंकल हमारा घर तोह पास में hi है. आते वक़्त भी पैदल hi आये थे हमलोग. ज़्यादा से ज़्यादा 15 मिनट hi लगता है.
राजेश : बीटा! भूल गयी तुम्हारी बहिन के साथ क्या हुआ था?
ऋचा के किडनैप की बात याद आते hi निकिता सेहम जाती है, वाक़ई... ऋचा सिर्फ अपने कॉलेज गयी थी और किडनैप हो गयी थी. तब तोह फिर भी शाम का वक़्त था और अभी तोह रात के 12 बज रहे है. अपने ऊपर उससे गुस्सा आने लगता है की उसने अपनी बहिन के बारे में ज़रा भी नहीं सोचा.
निकिता : डीडू... I'm सॉरी
बेचारी की आँखें नम्म हो जाती है
ऋचा (प्यार से गाल पर हाथ फेरते हुए) : कोई बात नहीं निक्की! It's okay!
ऋचा फिर राहुल को प्यार से देखती है, उसी ने तोह बचाया था उस दिन उसको. वर्ण वो आज क्या ये दिन देख रही होती? वो तोह ज़िंदा hi नहीं होती. पर राहुल ने hi उससे बचाया. और आज वो यहाँ सबके बीच खुसियो में शामिल है.
राहुल : जी डैड! में कार से hi ड्राप कर देता हु.
फिर राहुल कार निकालता है और ऋचा राहुल के बगल से बैठ जाती है और निकिता पीछे. कुछ देरर में hi उनका घर भी आ गया, काफी पास जो था.
निकिता बाहर निकलती है पर ऋचा अभी भी बैठी हुई थी और राहुल को hi निहार रही थी.
निकिता : अरे डीडू चलना नहीं है क...
बोलते बोलते वो एकदम से ृक्क जाती है और उससे ध्यान आता है की अब तोह राहुल और ऋचा gf-bf है, और आज उन्हें कोई भी पर्सनल टाइम नहीं मिला स्पेंड करने शायद इसलिए ऋचा अंदर hi थी कार में और कुछ बातें करना चाह रही थी.
"निकिता! तू भी कितनी बुद्धू है" उसने अपने hi मैं में सोचा और फिर ऋचा को कार के बाहर से hi कहा,
"आप दोनों बात करिये में चलती हु. Bye bye!!"
कहते हुए वो घर के अंदर चली गयी, पर नहीं... वो तोह पोर्च में चुप्प कर कड़ी हुई थी. क्यों? ये तोह वही जाने.
उसके जाते hi ऋचा वापस से राहुल की तरफ देखती है, उसकी आँखों में प्यार का समुन्दर नज़र आ रहा था. आगे बढ़ के ऋचा राहुल का हाथ थाम लेती है और अपने गालो से लगा लेती है. आंखें थोड़ी नाम थी.
राहुल भी आगे बढ़ उसका हाथ थाम लेता है,
"क्या हुआ रीचु?"
ऋचा : एक डर है
राहुल : केसा डर?
ऋचा : डर है की... की में तुम्हारी नहीं हो पायी तोह?
राहुल : पागल! तुम तोह मेरी थी, मेरी हो, और मेरी hi रहोगी.
ऋचा : क्या सच में तुम मुझे अपनी बीवी बनाओगे? बोलो राहुल?
राहुल : बेशक! क्यों? तुम्हे मेरी बीवी नहीं बन्न न क्या?
राहुल की बात सुनते hi ऋचा उसके गले से लग जाती है,
ऋचा : दुबारा ऐसा मत कहना कभी राहुल. तुम मुझे अपना लो, इस से बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है? में तोह चाहती hi हु की तुम मुझे जल्द से जल्द अपना बना लो. तुम्हारे साथ hi साड़ी ज़िन्दगी गुज़ारना चाहती हु में राहुल. प्लीज! अपना लो मुझे राहुल!
राहुल : बोहत जल्द! बोहत जल्द रीचु. ी लव यू!
ऋचा : ी लव यू तू राहुल. ी लव यू सोऊ मच! में कोई जॉब वेब करने नहीं जाउंगी. सिर्फ तुम्हारे साथ hi रहूंगी.
राहुल : ये क्या कह रही हो रीचु?
ऋचा : हां राहुल! मुझे सिर्फ तुम्हारे साथ hi रहना है.
राहुल : नहीं रीचु. तुम जॉब करने ज़रूर जाओगी. तुमने ये जॉब अपनी म्हणत से पायी है.
ऋचा : तुम्हे चोरर के कैसे जा सकती हु राहुल? नहीं! कभी नहीं!
राहुल : अरे पागल! में वैसे भी यहाँ से जाने वाला हु. आखिर मुझे भी तोह पैसे कमाना है न? तुमको रखूँगा कहा? खिलाऊंगा क्या? बोलो? उसके लिए मुझे भी तोह कमाना पड़ेगा न? और जब में अपना पूरा एम्पायर खड़ा कर लूंगा तब तुम मेरे पास रहोगी.
ऋचा : पर राहुल...
राहुल : पर वॉर कुछ नहीं. तुम जॉब करने जाओगी. okay!?
ऋचा (बुझे मैं से) : हम्म्म! पर मेरी भी एक शर्त है, में जो भी कमाऊंगी उसका आधा तुम्हे लेना होगा.
राहुल : ये क्या बात कर रही हो? पागल हो क्या? तुम सेव क्या करोगी फिर? घर का रेंट? खाना पीना? शॉपिंग? इलेक्ट्रिसिटी बिल? गैस सिलिंडर? ट्रैवेलिंग का खर्चा... कहा से पाय करोगी?
ऋचा : में मैनेज कर लुंगी. में और कुछ नहीं सुन्न न चाहती. मेरा सब कुछ तुम्हारा है. तुम्हे भी तोह पैसे चाहिए होंगे न आगे बढ़ने के लिए?
राहुल : हां पर, तुम्हे ये सब करने की कोई ज़रुरत नहीं है. आधे पैसे मुझे दे डौगी तोह बचेगा hi क्या तुम्हारे पास?
ऋचा : अच्छा ठीक है. में जितना दूंगी, उतना तुम्हे लेना पड़ेगा. अब आगे कुछ नहीं.
राहुल : पर रीचु...
ऋचा : एकदम चुप्प. डिअर! जो मेरा है वो तुम्हारा है. में अपने प्यार को ऐसे कैसे देख सकती हु? तुम्हारा बोझ में नहीं शेयर करुँगी तोह और कोण करेगा? कभी मुझपर भी तोह निर्भर रहो. में तुम्हारी hi तोह hu...dear!
राहुल की आँखें नाम हो जाती है,
"रिचुउ..."
और ऋचा आगे बढ़ उसके होंठ अपने होंठो में ले लेती है. और पशनातेली किश करने लगती है. आज कितने दिनों बाद उससे अपने प्यार के साथ ये मौका मिला था.
पोर्च में छिपी निकिता सब कुछ देख रही थी, थोड़ी शॉकेड भी थी. क्युकी उसने पहले कभी भी एक लड़का लड़की को लाइव किसिंग करते हुए जो नहीं देखा था. और आज तोह अपनी hi बड़ी बहिन को राहुल के साथ किसिंग करते देख उससे जोश सा चढ़ने लगा था. और अपने निचले होंठ को वो डाट से दबा लेती है, ना जाने क्या सोच रही थी इस वक़्त.
किसिंग के बाद दोनों एक दूसरे को bye कहते है और राहुल फिर अपनी कार लेके निकल जाता है. अंदर ऋचा आती है तोह देखती है की निकिता अभी भी वही कड़ी है, इस बात से वो थोड़ी सुरप्रीसेड थी पर फिर उसने और कुछ सवाल जवाब नहीं किये और दोनों अंदर की और चल दिए.
वापस जब राहुल घर आया तोह पाया की उसके डैड अपने कमरे में जा चुके है, लिविंग रूम पूरा खाली पड़ा हुआ था.
किचन में वंशु और तानिया बर्तन रख रही थी. वो जब अपने रूम में पहुचा तोह देखा की रूम अंदर से लॉक्ड है. इसलिए उसने दूर नॉक किया तोह अंदर से उसकी माँ निशा की आवाज़ आयी की वो और तनीषा अंदर है और थोड़ी देरर बाद बाहर आएंगी. जब तक वो नीचे वेट करे.
शायद माँ तनीषा दीदी से मेरे सुर उनके रिलेशनशिप की बात कर रही है
यह सोचके राहुल नीचे आ जाता है.
यदि वंशु और तानिया नीचे है. इसका मतलब अंशु नेहा के साथ उसके कमरे में है.
इधर राहुल जब ऋचा को चौररने गया था तब निशा तनीषा को लेके राहुल के कमरे में आ गयी थी. उस बीच इनका वार्तालाप कुछ इस प्रकार था,
निशा : तोह बीटा! में ज़्यादा पहेलियाँ नहीं करुँगी. सीधे सीधे hi पूछ लेती हु. तुम्हे मेरा बीटा राहुल केसा लगता है?
निशा के डायरेक्ट सवाल से तनीषा थोड़ी घबरा जाती है. वो इसलिए क्युकी वो अबतक राहुल को भाई मानती आयी है और अब वो उस से प्यार करने लगी है, यहाँ तक की सेक्स भी कर चुकी है. सामने राहुल की माँ उस से पूछ रही है की राहुल उससे केसा लगता है? अब क्या जवाब दे वो? उससे बोहत डर लग रहा था पर प्यार के आगे डर केसा? हिम्मत जूता के आखिर उसने कह hi दिया.
तनीषा : आंटी! I'm सॉरी!! I'm सॉरी की मेने आपसे ये सब नहीं बताया... पर... पर... में आपके बेटे से प्यार करती हु आंटी... ी... ी लव हिम... मुझे पता है में उससे भाई मानती थी पर... पर मुझे धीरे धीरे उस से प्यार हो गया. और अब में उस से बेहद प्यार करती हु आंटी. ी क्नोव ki...aap...aap गुस्सा होंगी. पर में और कुछ नहीं जानती आंटी. में राहुल से अत्यंत प्रेम करती हु.
उसकी बात सुन्न निशा के चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है.
निशा : मुझे पता है की तुम उस से बेहद प्यार करती हो, और वो भी तुमसे बेहद प्यार करता है. मुझे ये भी पता है की तुम्हारे मेरे बेटे के साथ शारीरिक सम्बन्ध भी है...
तनीषा ये बात सुन्न पूरी लाल टमाटर हो जाती है और अपनी नज़रे नीचे कर लेती है, जिससे देख निशा एक बार फिर मुस्कुरा देती है.
निशा : इसमें शर्माने की कोई बात नहीं है बीटा! क्युकी अब तोह तुम मेरी बेटी जो बन्न ने वाली हो. और अपनी सासु माँ से क्या शर्माना?
निशा की ये बात सुन्न तनीषा की मानो दिल की धड़कन hi ृक्क गयी.
क्या कहा अभी अभी निशा ने? सासु माँ? वो भी निशा? मतलब वो इस घर ki...bahu बनेगी?
तनीषा की आँखों से ासु लबालब बहते हुए टपकने लगते है
तनीषा : आ... आंटी aap...aapne क... kya...kya कहा अभी?
निशा (स्माइल्स) : मेने कहा की तुम अब मेरी बेटी बन्न ने वाली हो तोह अब मुझसे क्या शर्माना?
तनीषा : be..beti? M..matlab?
निशा : तुम्हे मेरा बीटा पसंद है, उससे तुम पसंद हो, दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो. तोह बताओ बेटी तनीषा! क्या तुम मेरे घर की बहु नहीं बन्न न चाहोगी? में चाहती हु की तुम मेरे बेटे की पत्नी बनो और इस घर की बहु.
निशा का हर्र एक शब्द तनीषा के कानो में गूंज रहा था. आसुओ की धाराए और तेज़्ज़ बहने लगती है. और वो एकदम से निशा के गले लग जाती है.
तनीषा (रट हुए) : बिलकुल आंटी... क्यों नहीं!? आपने आज ऐसा कह के मेरे भाग्य hi खोल दिए... में किस मुँह से आपका शुक्रिया अदा करू? मेरा ये सपना था की में राहुल की पत्नी बनु. जो मुझे पता था की शायद कभी पूरा नहीं होगा... पर आज...
निशा : अभी भी आंटी hi बोलोगी? अब तोह माँ जी कहो, या मम्मी जी, या सासु माँ... जो तुम्हे पसंद आए. पर आंटी नहीं.
तनीषा : माँ जी!!! Par...par... मुझे तोह घर से निकाल दिया गया था माँ जी, में तोह अकेली रहती हु माँ जी, में तोह राहुल से 5 साल बड़ी भी हु माँ जी. क्या तब भी आप मुझे स्वीकार करेंगी माँ जी??
निशा (मैं में) : पहले मुझे एक बात और जान नई है इस से. यदि उस टेस्ट में ये पास हो गयी. तोह फिर ये बेटी है आज से मेरी.
निशा : मुझे पता है की तुम अकेली हो बीटा, तुम्हे घर से निकाल दिया गया था, उसके बावजूद आज तुम अपने पेर्रो पर कड़ी उत्तरी हो और एक काबिल सर्जन भी हो. यहाँ तक पहुचने में तुमने न जाने कितना परिश्रम किया होगा, कितनी कठनाईयो का सामना किया होगा. रही बात तुम्हारी उम्र की, तोह प्यार में उनर नहीं देखि जाती. अब राहुल के डैड खुद मुझसे 4 साल बड़े है. और वैसे भी 5 साल कोई बड़ा अंतर नहीं होता. मुझे तुमसे एक सवाल करना है.
तनीषा : जी माँ जी पूछिए...
निशा : यदि राहुल ने कहा की तुम अपनी डॉक्टर की पोस्ट चोरर दो और घर में hi रहो एक हाउसवाइफ की तरह तोह तुम्हारा फैसला क्या होगा?
निशा की बात सुन्न तनीषा थोड़ी चौंक जाती है. फिर अगले hi पल मुस्कुराते हुए कहती है,
तनीषा : यदि राहुल ऐसा चाहेगा. तोह में ख़ुशी ख़ुशी डॉक्टर की पोस्ट से रिजाइन कर दूंगी.
तनीषा की बात सुन्न निशा एक पल के लिए चौंक जाती है, फिर मैं में सोचती है,
"मुझे इससे थोड़ा और घुमाना पड़ेगा"
निशा : तनीषा! मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी. क्या इतना hi दर्द संकल्प है तुम में? आज यहाँ तक तुम अपनी म्हणत कर के आयी हो और यदि राहुल तुमसे ये कह दे की अपनी नौकरी चोरर दो तोह तुम वो भी चोरर डौगी? क्या तुम्हारे अंदर बिलकुल भी खुद के उसूल नहीं है? क्या तुम्हारे अंदर वो नारी शक्ति नहीं है? की नहीं! तुम भी जॉब कर सकती हो, तुम भी घर खर्च चला सकती हो. क्या ये सारे उसूल तुम्हारे अंदर नहीं है? यदि ऐसा है, तोह में तुम्हारी शादी राहुल से नहीं होने दे सकती.
निशा की ये बात सुन्न तनीषा स्तब्ध सी उससे hi घूरती रहती है. आखिर कहा पे गलत कह दिया उसने? तनीषा ने बोहत सोचा, आखिर ये सवाल उसकी शादी से रिलेटेड था.
निशा (मैं में) : कुछ ज़्यादा तोह नहीं कह दिया मेने?
तनीषा (स्माइल्स) : यदि ऐसी बात है, तोह कोई बात नहीं माँ जी. आप राहुल की शादी अपनी पसंद की लड़की से कर दीजियेगा. पर मेरा उत्तर हमेशा यही रहेगा की... यदि राहुल चाहेगा तोह में अपनी नौकरी चोरर दूंगी.
निशा : ऐसा क्यों?
तनीषा : क्युकी सब कुछ उसी का तोह दिया हुआ है. यदि वो मुझे ना मिलता, उसने मेरी पढ़ाई न पूरी करवाई होती, उसने मुझे घर न दिलवाया होता, मेरा ध्यान न रखा होता, मेरी इतनी परवाह न की होती, मुझे इस क़ाबिल न बनाया होता, मुझे संभाला न होता तोह kya...toh क्या में आज यहाँ पर होती? हर्गिज़ज़ नहीं! सब कुछ उसी ने तोह दिया है. मेने तोह अपनी ज़िन्दगी उस दिन से hi उसके लिए समर्पित कर दी थी. तोह यदि वो चाहेगा की में जॉब चोरर दू, तोह में ख़ुशी ख़ुशी चोरर दूंगी.
बोलने के बाद तनीषा उदास मैं से नीचे देखने लगती है, शायद उसकी और राहुल की शादी होना लिखा hi नहीं है उसकी किस्मत में. यदि यही उपरवाले को मंज़ूर है तोह यही सही.
निशा (स्माइल्स) : तुम पास हो गयी!
तनीषा : हँ?
निशा : मेने कहा तुम पास हो गयी. माफ़ करना बेटी, में सिर्फ तुम्हे परख रही थी. पर मेरे इतना कंफ्यूज करने के बाद भी तुम मेरे टेस्ट में पास हो गयी. तुमने ना केवल अपने मैं की, बली अपने दिल की भी बात सुनी और अंत तक तुमने केवल राहुल के बारे में hi सोचा. मुझे बेहद ख़ुशी है की मेरे बेटे को इतनी प्यार करने वाली स्त्री मिली. तोह अब बताओ तनीषा, में निशा मिश्रा तुम से तुम्हारा हाथ अपने बेटे राहुल मिश्रा के लिए मांगती हु. क्या तुम उसकी पत्नी और मेरे इस घर की बहु बनोगी?
तनीषा को यकीन hi नहीं हो रहा था की वो निशा के टेस्ट में पास हो गयी. उससे तोह लगा था की अब वो और राहुल कभी भी शादी के बैंडबान में नहीं बांध पाएंगे पर यहाँ तोह चमत्कार हो गया.
तनीषा फौरन निशा के गले लग जाती है,
तनीषा (जोरर से रट हुए) : मायआ जीई!!!! हआ!! हआ में आपके घर की बहु बन न चाहती हु, में राहुल की पत्नी बन्न न चाहती हु.
निशा (तनीषा को हुग करते हुए) मेरी बेटी!!! जग जग जियो!
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आज के लिए इतना hi दोस्तों!
धन्यवाद्!


