इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 7 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 54

अब तक...

निशा : आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह में भी बेतु! और छोड़ जोरर से, छोड़ अपनी माँ को, हां ऐसे ही, बेतु में गईइइइइइइइ

*फट फट फट*

और राहुल भी अपना सारा का सारा वीर्य निशा की छूट में उड़ेल देता है की तभी निशा को किसी के कदमो की आवाज़ सुनाई देती है.

अब आगे...

आवाज़ सुनते hi निशा एकदम से घबरा गयी,

निशा : बेतु! कोई आ रहा है

निशा की बात सुन्न राहुल एकदम से अपना लुंड निशा की छूट से निकालता है और अपने पयजामे के अंदर कर लेता है. वो तोह अच्छा हुआ की आज वो कुरता पहना हुआ था जिस कारण उसका उभार थोड़ा बोहत छुप गया. निशा भी हड़बड़ा कर फौरन अपनी साड़ी नीचे कर लेती है, पर उसकी पंतय अभी भी उसकी जांघ तक उत्तरी हुई उन् जांघो में hi फास्सी हुई थी और छूट से सफ़ेद रास अभी भी टपक रहा था.

राहुल पलट कर पटाखों की थैली में हाथ टटोलने लगा ताकि ऐसा प्रतीत हो की वह पटाखों में व्यस्त है.

ऊपर आते कदमो की आवाज़ तेज़्ज़ हुई और कुछ सेकण्ड्स बाद एक चेहरा सामने आया, ये ऋचा थी.

ऋचा : आंटी, राहुल!? चलिए न आप भी, मेने खाना सर्वे कर दिया है सबको, बस आप दोनों hi बाकी हो.

निशा : बे.. बीटा तुमने नहीं खाया?

ऋचा (राहुल को देख कर) : आपके बिना कैसे खा सकती हु?

निशा : ठीक है बीटा चलो नीचे हम आते है.

ऋचा : जी

जाते जाते ऋचा राहुल को एक बार और देखती है.

निशा (छेड़ते हुए) : क्यों रे!? ये तोह पूरी पत्नी बन्न गयी तेरी. आपके बिना कैसे खा सकती हु? हां?? इतना प्यार??

राहुल (ब्लश) : माँ... बताया तोह था न आपको. ी लव हेर एंड शी लव्स में.

निशा : हां हां! पर में तनीषा के साथ अन्याय नहीं होने दूंगी. कान खोल कर सुन्न ले तू...

राहुल : ी क्नोव माँ. में उनसे भी प्यार करता हु.

निशा : तुझे पता है न? की हमारे देश में दो दो बीविया अल्लोवेद नहीं है. तू किसी एक को hi अपनी पत्नी बना सकता है. हम मुस्लिम नहीं है. मुस्लिम्स को अल्लोवेद है. तोह अब क्या करेगा तू?

राहुल : ी क्नोव माँ. आप उसकी टेंशन मत लो माँ. में सभी को अपनी बीवी बना के रहूँगा.

निशा (सुरप्रीसेड) : सभी को? और कोण है इन् दो के अलावा?

राहुल (मैं में) : ोू सहित!!

रहहल : k..koi नहीं माँ. में तोह उन्ही दोनों की बात कर रहा था.

निशा : और कैसे बनाएगा उन् दोनों को अपनी बीवी? मेने बताया न अभी... की हमारे यहाँ दो दो बीविया...

राहुल : ी क्नोव माँ. उसकी टेंशन आप मत लो. आप देखना, में उनको अपनी बना के रहूँगा और कोई कुछ नहीं कर पाएगा.

निशा : इतना कॉन्फिडेंस बच्चू?

राहुल (स्माइल्स) : आपका बीटा हु माँ

निशा (स्माइल्स) : अच्छा चल अब. तेरी बीवी से रहा नहीं जा रहा है.

फिर दोनों माँ बेटे नीचे आ जाते है, डाइनिंग टेबल पूरी तरह से भरी हुई थी बस 2 चेयर्स hi खाली थी जो की निशा और राहुल के लिए hi बची हुई थी.

डाइनिंग टेबल की 1 मैं साइड पर राजेश विराजमान थे, निशा भी उनकी अपोजिट साइड में जाके विराजमान हो जाती है.

निशा के बगल से तानिया बैठी हुई थी, तानिया के बगल से राहुल बैठ जाता है, और राहुल के बगल में ऋचा और फिर निकिता.

राहुल के सामने अंशु थी, उसके राइट में तनीषा, लेफ्ट में वंशु और वंशु के hi लेफ्ट में नेहा.

10 की 10 चेयर्स भर चुकी थी और फिर चालु हुआ डिनर. मस्त मस्त सब्ज़िया, स्वादिष्ट व्यंजन बनाये थे आज निशा ने. उसका खाना तोह पूरे परिवार में फेमस था. खाना खाते वक़्त सभी के मुँह से निशा की तारीफ निकल रही थी, जिससे सुन्न निशा बेहद खुश हो रही थी. ऐसी कोण सी औरत होगी जो अपनी तारीफ सुन्न न पसंद नहीं करेगी? निशा भी अपने आप में बोहत प्राउड फील कर रही थी. बस दिक्कत थी तोह थोड़ा बैठने में... उसकी छूट अभी भी गीली जो थी. थोड़ा उनकंफर्टबले लग रहा था उससे.

राहुल ने नोटिस किया की अंशु उसके सामने बैठ के उससे फ्लिर्टी टाइप के लुक्स दे रही है. कभी स्पून को मुँह में लेती और आँख मार देती, कभी नीचे नज़रे कर के मुस्कुराती, कभी किश करने के एक्सप्रेशन देती. सभी से चुप्प कर वो ये सब कर रही थी. राहुल की कुछ समझ में hi नहीं आ रहा था की एकदम से अब इससे क्या हो गया? बगल में तानिया भी बीच बीच में उससे देख रही थी. रही बात ऋचा की, तोह वो बिलकुल पत्नी की तरह बेहवे कर रही थी, कोई भी सब्ज़ी या कुछ भी राहुल को चाहिए होता तोह ऋचा फौरन आगे बढ़ के राहुल को सर्वे कर देती. इस बात पर राजेश और नेहा को चोरर सभी ने ध्यान दिया था.

खर्र! खाना ख़तम होते hi ऋचा और निकिता वापस घर जाने के लिए होते है,

राजेश : बीटा! तुम चोरर आओ इनको. 12 बज गए है. समय का पता hi नहीं चला. विनोद का फ़ोन आया था मेरे पास, तोह मेने कह दिया था की खाना खिलवा के भिजवा दूंगा. वैसे तोह त्यौहार का माहौल है, पर फिर भी रात में अकेले नहीं भेजूंगा में इन्हे. तुम कार में इन्हे चोरर आओ.

निकिता : पर अंकल हमारा घर तोह पास में hi है. आते वक़्त भी पैदल hi आये थे हमलोग. ज़्यादा से ज़्यादा 15 मिनट hi लगता है.

राजेश : बीटा! भूल गयी तुम्हारी बहिन के साथ क्या हुआ था?

ऋचा के किडनैप की बात याद आते hi निकिता सेहम जाती है, वाक़ई... ऋचा सिर्फ अपने कॉलेज गयी थी और किडनैप हो गयी थी. तब तोह फिर भी शाम का वक़्त था और अभी तोह रात के 12 बज रहे है. अपने ऊपर उससे गुस्सा आने लगता है की उसने अपनी बहिन के बारे में ज़रा भी नहीं सोचा.

निकिता : डीडू... I'm सॉरी

बेचारी की आँखें नम्म हो जाती है

ऋचा (प्यार से गाल पर हाथ फेरते हुए) : कोई बात नहीं निक्की! It's okay!

ऋचा फिर राहुल को प्यार से देखती है, उसी ने तोह बचाया था उस दिन उसको. वर्ण वो आज क्या ये दिन देख रही होती? वो तोह ज़िंदा hi नहीं होती. पर राहुल ने hi उससे बचाया. और आज वो यहाँ सबके बीच खुसियो में शामिल है.

राहुल : जी डैड! में कार से hi ड्राप कर देता हु.

फिर राहुल कार निकालता है और ऋचा राहुल के बगल से बैठ जाती है और निकिता पीछे. कुछ देरर में hi उनका घर भी आ गया, काफी पास जो था.

निकिता बाहर निकलती है पर ऋचा अभी भी बैठी हुई थी और राहुल को hi निहार रही थी.

निकिता : अरे डीडू चलना नहीं है क...

बोलते बोलते वो एकदम से ृक्क जाती है और उससे ध्यान आता है की अब तोह राहुल और ऋचा gf-bf है, और आज उन्हें कोई भी पर्सनल टाइम नहीं मिला स्पेंड करने शायद इसलिए ऋचा अंदर hi थी कार में और कुछ बातें करना चाह रही थी.

"निकिता! तू भी कितनी बुद्धू है" उसने अपने hi मैं में सोचा और फिर ऋचा को कार के बाहर से hi कहा,

"आप दोनों बात करिये में चलती हु. Bye bye!!"

कहते हुए वो घर के अंदर चली गयी, पर नहीं... वो तोह पोर्च में चुप्प कर कड़ी हुई थी. क्यों? ये तोह वही जाने.

उसके जाते hi ऋचा वापस से राहुल की तरफ देखती है, उसकी आँखों में प्यार का समुन्दर नज़र आ रहा था. आगे बढ़ के ऋचा राहुल का हाथ थाम लेती है और अपने गालो से लगा लेती है. आंखें थोड़ी नाम थी.

राहुल भी आगे बढ़ उसका हाथ थाम लेता है,

"क्या हुआ रीचु?"

ऋचा : एक डर है

राहुल : केसा डर?

ऋचा : डर है की... की में तुम्हारी नहीं हो पायी तोह?

राहुल : पागल! तुम तोह मेरी थी, मेरी हो, और मेरी hi रहोगी.

ऋचा : क्या सच में तुम मुझे अपनी बीवी बनाओगे? बोलो राहुल?

राहुल : बेशक! क्यों? तुम्हे मेरी बीवी नहीं बन्न न क्या?

राहुल की बात सुनते hi ऋचा उसके गले से लग जाती है,

ऋचा : दुबारा ऐसा मत कहना कभी राहुल. तुम मुझे अपना लो, इस से बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है? में तोह चाहती hi हु की तुम मुझे जल्द से जल्द अपना बना लो. तुम्हारे साथ hi साड़ी ज़िन्दगी गुज़ारना चाहती हु में राहुल. प्लीज! अपना लो मुझे राहुल!

राहुल : बोहत जल्द! बोहत जल्द रीचु. ी लव यू!

ऋचा : ी लव यू तू राहुल. ी लव यू सोऊ मच! में कोई जॉब वेब करने नहीं जाउंगी. सिर्फ तुम्हारे साथ hi रहूंगी.

राहुल : ये क्या कह रही हो रीचु?

ऋचा : हां राहुल! मुझे सिर्फ तुम्हारे साथ hi रहना है.

राहुल : नहीं रीचु. तुम जॉब करने ज़रूर जाओगी. तुमने ये जॉब अपनी म्हणत से पायी है.

ऋचा : तुम्हे चोरर के कैसे जा सकती हु राहुल? नहीं! कभी नहीं!

राहुल : अरे पागल! में वैसे भी यहाँ से जाने वाला हु. आखिर मुझे भी तोह पैसे कमाना है न? तुमको रखूँगा कहा? खिलाऊंगा क्या? बोलो? उसके लिए मुझे भी तोह कमाना पड़ेगा न? और जब में अपना पूरा एम्पायर खड़ा कर लूंगा तब तुम मेरे पास रहोगी.

ऋचा : पर राहुल...

राहुल : पर वॉर कुछ नहीं. तुम जॉब करने जाओगी. okay!?

ऋचा (बुझे मैं से) : हम्म्म! पर मेरी भी एक शर्त है, में जो भी कमाऊंगी उसका आधा तुम्हे लेना होगा.

राहुल : ये क्या बात कर रही हो? पागल हो क्या? तुम सेव क्या करोगी फिर? घर का रेंट? खाना पीना? शॉपिंग? इलेक्ट्रिसिटी बिल? गैस सिलिंडर? ट्रैवेलिंग का खर्चा... कहा से पाय करोगी?

ऋचा : में मैनेज कर लुंगी. में और कुछ नहीं सुन्न न चाहती. मेरा सब कुछ तुम्हारा है. तुम्हे भी तोह पैसे चाहिए होंगे न आगे बढ़ने के लिए?

राहुल : हां पर, तुम्हे ये सब करने की कोई ज़रुरत नहीं है. आधे पैसे मुझे दे डौगी तोह बचेगा hi क्या तुम्हारे पास?

ऋचा : अच्छा ठीक है. में जितना दूंगी, उतना तुम्हे लेना पड़ेगा. अब आगे कुछ नहीं.

राहुल : पर रीचु...

ऋचा : एकदम चुप्प. डिअर! जो मेरा है वो तुम्हारा है. में अपने प्यार को ऐसे कैसे देख सकती हु? तुम्हारा बोझ में नहीं शेयर करुँगी तोह और कोण करेगा? कभी मुझपर भी तोह निर्भर रहो. में तुम्हारी hi तोह hu...dear!

राहुल की आँखें नाम हो जाती है,

"रिचुउ..."

और ऋचा आगे बढ़ उसके होंठ अपने होंठो में ले लेती है. और पशनातेली किश करने लगती है. आज कितने दिनों बाद उससे अपने प्यार के साथ ये मौका मिला था.



tenor4aa450b2026f8230.gif




पोर्च में छिपी निकिता सब कुछ देख रही थी, थोड़ी शॉकेड भी थी. क्युकी उसने पहले कभी भी एक लड़का लड़की को लाइव किसिंग करते हुए जो नहीं देखा था. और आज तोह अपनी hi बड़ी बहिन को राहुल के साथ किसिंग करते देख उससे जोश सा चढ़ने लगा था. और अपने निचले होंठ को वो डाट से दबा लेती है, ना जाने क्या सोच रही थी इस वक़्त.

किसिंग के बाद दोनों एक दूसरे को bye कहते है और राहुल फिर अपनी कार लेके निकल जाता है. अंदर ऋचा आती है तोह देखती है की निकिता अभी भी वही कड़ी है, इस बात से वो थोड़ी सुरप्रीसेड थी पर फिर उसने और कुछ सवाल जवाब नहीं किये और दोनों अंदर की और चल दिए.

वापस जब राहुल घर आया तोह पाया की उसके डैड अपने कमरे में जा चुके है, लिविंग रूम पूरा खाली पड़ा हुआ था.

किचन में वंशु और तानिया बर्तन रख रही थी. वो जब अपने रूम में पहुचा तोह देखा की रूम अंदर से लॉक्ड है. इसलिए उसने दूर नॉक किया तोह अंदर से उसकी माँ निशा की आवाज़ आयी की वो और तनीषा अंदर है और थोड़ी देरर बाद बाहर आएंगी. जब तक वो नीचे वेट करे.

शायद माँ तनीषा दीदी से मेरे सुर उनके रिलेशनशिप की बात कर रही है

यह सोचके राहुल नीचे आ जाता है.

यदि वंशु और तानिया नीचे है. इसका मतलब अंशु नेहा के साथ उसके कमरे में है.

इधर राहुल जब ऋचा को चौररने गया था तब निशा तनीषा को लेके राहुल के कमरे में आ गयी थी. उस बीच इनका वार्तालाप कुछ इस प्रकार था,

निशा : तोह बीटा! में ज़्यादा पहेलियाँ नहीं करुँगी. सीधे सीधे hi पूछ लेती हु. तुम्हे मेरा बीटा राहुल केसा लगता है?

निशा के डायरेक्ट सवाल से तनीषा थोड़ी घबरा जाती है. वो इसलिए क्युकी वो अबतक राहुल को भाई मानती आयी है और अब वो उस से प्यार करने लगी है, यहाँ तक की सेक्स भी कर चुकी है. सामने राहुल की माँ उस से पूछ रही है की राहुल उससे केसा लगता है? अब क्या जवाब दे वो? उससे बोहत डर लग रहा था पर प्यार के आगे डर केसा? हिम्मत जूता के आखिर उसने कह hi दिया.

तनीषा : आंटी! I'm सॉरी!! I'm सॉरी की मेने आपसे ये सब नहीं बताया... पर... पर... में आपके बेटे से प्यार करती हु आंटी... ी... ी लव हिम... मुझे पता है में उससे भाई मानती थी पर... पर मुझे धीरे धीरे उस से प्यार हो गया. और अब में उस से बेहद प्यार करती हु आंटी. ी क्नोव ki...aap...aap गुस्सा होंगी. पर में और कुछ नहीं जानती आंटी. में राहुल से अत्यंत प्रेम करती हु.

उसकी बात सुन्न निशा के चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है.

निशा : मुझे पता है की तुम उस से बेहद प्यार करती हो, और वो भी तुमसे बेहद प्यार करता है. मुझे ये भी पता है की तुम्हारे मेरे बेटे के साथ शारीरिक सम्बन्ध भी है...

तनीषा ये बात सुन्न पूरी लाल टमाटर हो जाती है और अपनी नज़रे नीचे कर लेती है, जिससे देख निशा एक बार फिर मुस्कुरा देती है.

निशा : इसमें शर्माने की कोई बात नहीं है बीटा! क्युकी अब तोह तुम मेरी बेटी जो बन्न ने वाली हो. और अपनी सासु माँ से क्या शर्माना?

निशा की ये बात सुन्न तनीषा की मानो दिल की धड़कन hi ृक्क गयी.

क्या कहा अभी अभी निशा ने? सासु माँ? वो भी निशा? मतलब वो इस घर ki...bahu बनेगी?

तनीषा की आँखों से ासु लबालब बहते हुए टपकने लगते है

तनीषा : आ... आंटी aap...aapne क... kya...kya कहा अभी?

निशा (स्माइल्स) : मेने कहा की तुम अब मेरी बेटी बन्न ने वाली हो तोह अब मुझसे क्या शर्माना?

तनीषा : be..beti? M..matlab?

निशा : तुम्हे मेरा बीटा पसंद है, उससे तुम पसंद हो, दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो. तोह बताओ बेटी तनीषा! क्या तुम मेरे घर की बहु नहीं बन्न न चाहोगी? में चाहती हु की तुम मेरे बेटे की पत्नी बनो और इस घर की बहु.

निशा का हर्र एक शब्द तनीषा के कानो में गूंज रहा था. आसुओ की धाराए और तेज़्ज़ बहने लगती है. और वो एकदम से निशा के गले लग जाती है.

तनीषा (रट हुए) : बिलकुल आंटी... क्यों नहीं!? आपने आज ऐसा कह के मेरे भाग्य hi खोल दिए... में किस मुँह से आपका शुक्रिया अदा करू? मेरा ये सपना था की में राहुल की पत्नी बनु. जो मुझे पता था की शायद कभी पूरा नहीं होगा... पर आज...

निशा : अभी भी आंटी hi बोलोगी? अब तोह माँ जी कहो, या मम्मी जी, या सासु माँ... जो तुम्हे पसंद आए. पर आंटी नहीं.

तनीषा : माँ जी!!! Par...par... मुझे तोह घर से निकाल दिया गया था माँ जी, में तोह अकेली रहती हु माँ जी, में तोह राहुल से 5 साल बड़ी भी हु माँ जी. क्या तब भी आप मुझे स्वीकार करेंगी माँ जी??

निशा (मैं में) : पहले मुझे एक बात और जान नई है इस से. यदि उस टेस्ट में ये पास हो गयी. तोह फिर ये बेटी है आज से मेरी.

निशा : मुझे पता है की तुम अकेली हो बीटा, तुम्हे घर से निकाल दिया गया था, उसके बावजूद आज तुम अपने पेर्रो पर कड़ी उत्तरी हो और एक काबिल सर्जन भी हो. यहाँ तक पहुचने में तुमने न जाने कितना परिश्रम किया होगा, कितनी कठनाईयो का सामना किया होगा. रही बात तुम्हारी उम्र की, तोह प्यार में उनर नहीं देखि जाती. अब राहुल के डैड खुद मुझसे 4 साल बड़े है. और वैसे भी 5 साल कोई बड़ा अंतर नहीं होता. मुझे तुमसे एक सवाल करना है.

तनीषा : जी माँ जी पूछिए...

निशा : यदि राहुल ने कहा की तुम अपनी डॉक्टर की पोस्ट चोरर दो और घर में hi रहो एक हाउसवाइफ की तरह तोह तुम्हारा फैसला क्या होगा?

निशा की बात सुन्न तनीषा थोड़ी चौंक जाती है. फिर अगले hi पल मुस्कुराते हुए कहती है,

तनीषा : यदि राहुल ऐसा चाहेगा. तोह में ख़ुशी ख़ुशी डॉक्टर की पोस्ट से रिजाइन कर दूंगी.

तनीषा की बात सुन्न निशा एक पल के लिए चौंक जाती है, फिर मैं में सोचती है,

"मुझे इससे थोड़ा और घुमाना पड़ेगा"

निशा : तनीषा! मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी. क्या इतना hi दर्द संकल्प है तुम में? आज यहाँ तक तुम अपनी म्हणत कर के आयी हो और यदि राहुल तुमसे ये कह दे की अपनी नौकरी चोरर दो तोह तुम वो भी चोरर डौगी? क्या तुम्हारे अंदर बिलकुल भी खुद के उसूल नहीं है? क्या तुम्हारे अंदर वो नारी शक्ति नहीं है? की नहीं! तुम भी जॉब कर सकती हो, तुम भी घर खर्च चला सकती हो. क्या ये सारे उसूल तुम्हारे अंदर नहीं है? यदि ऐसा है, तोह में तुम्हारी शादी राहुल से नहीं होने दे सकती.

निशा की ये बात सुन्न तनीषा स्तब्ध सी उससे hi घूरती रहती है. आखिर कहा पे गलत कह दिया उसने? तनीषा ने बोहत सोचा, आखिर ये सवाल उसकी शादी से रिलेटेड था.

निशा (मैं में) : कुछ ज़्यादा तोह नहीं कह दिया मेने?

तनीषा (स्माइल्स) : यदि ऐसी बात है, तोह कोई बात नहीं माँ जी. आप राहुल की शादी अपनी पसंद की लड़की से कर दीजियेगा. पर मेरा उत्तर हमेशा यही रहेगा की... यदि राहुल चाहेगा तोह में अपनी नौकरी चोरर दूंगी.

निशा : ऐसा क्यों?

तनीषा : क्युकी सब कुछ उसी का तोह दिया हुआ है. यदि वो मुझे ना मिलता, उसने मेरी पढ़ाई न पूरी करवाई होती, उसने मुझे घर न दिलवाया होता, मेरा ध्यान न रखा होता, मेरी इतनी परवाह न की होती, मुझे इस क़ाबिल न बनाया होता, मुझे संभाला न होता तोह kya...toh क्या में आज यहाँ पर होती? हर्गिज़ज़ नहीं! सब कुछ उसी ने तोह दिया है. मेने तोह अपनी ज़िन्दगी उस दिन से hi उसके लिए समर्पित कर दी थी. तोह यदि वो चाहेगा की में जॉब चोरर दू, तोह में ख़ुशी ख़ुशी चोरर दूंगी.

बोलने के बाद तनीषा उदास मैं से नीचे देखने लगती है, शायद उसकी और राहुल की शादी होना लिखा hi नहीं है उसकी किस्मत में. यदि यही उपरवाले को मंज़ूर है तोह यही सही.

निशा (स्माइल्स) : तुम पास हो गयी!

तनीषा : हँ?

निशा : मेने कहा तुम पास हो गयी. माफ़ करना बेटी, में सिर्फ तुम्हे परख रही थी. पर मेरे इतना कंफ्यूज करने के बाद भी तुम मेरे टेस्ट में पास हो गयी. तुमने ना केवल अपने मैं की, बली अपने दिल की भी बात सुनी और अंत तक तुमने केवल राहुल के बारे में hi सोचा. मुझे बेहद ख़ुशी है की मेरे बेटे को इतनी प्यार करने वाली स्त्री मिली. तोह अब बताओ तनीषा, में निशा मिश्रा तुम से तुम्हारा हाथ अपने बेटे राहुल मिश्रा के लिए मांगती हु. क्या तुम उसकी पत्नी और मेरे इस घर की बहु बनोगी?

तनीषा को यकीन hi नहीं हो रहा था की वो निशा के टेस्ट में पास हो गयी. उससे तोह लगा था की अब वो और राहुल कभी भी शादी के बैंडबान में नहीं बांध पाएंगे पर यहाँ तोह चमत्कार हो गया.

तनीषा फौरन निशा के गले लग जाती है,

तनीषा (जोरर से रट हुए) : मायआ जीई!!!! हआ!! हआ में आपके घर की बहु बन न चाहती हु, में राहुल की पत्नी बन्न न चाहती हु.

निशा (तनीषा को हुग करते हुए) मेरी बेटी!!! जग जग जियो!

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi दोस्तों!

धन्यवाद्!
 
अपडेट - 55

अब तक...

तनीषा फौरन निशा के गले लग जाती है,

तनीषा (जोरर से रट हुए) : मायआ जीई!!!! हआ!! हआ में आपके घर की बहु बन न चाहती हु, में राहुल की पत्नी बन्न न चाहती हु.

निशा (तनीषा को हुग करते हुए) मेरी बेटी!!! जग जग जियो!

अब आगे...

नीचे लिविंग रूम में राहुल इंतज़ार कर रहा था की आखिर उसकी माँ और तनीषा के बीच क्या बातें चल रही होंगी? उससे ये बात जान ने की बेहद बेसब्री थी. खयालो में डूबे राहुल सोच hi रहा था की इतने में निशा और तनीषा दोनों hi नीचे आ गयी.

राहुल (मैं में) : हैं? चेहरे पर तोह ख़ुशी झलक रही है दोनों के, क्या इसका मतलब सब कुछ सही तरह से हुआ? या मेरी लगने वाली है?

राहुल : माँ?

निशा : बेतु रात बोहत हो गयी है, अब सो जाओ. तनीषा यही रुकेगी हमारे साथ.

राहुल : o..ok!

राहुल (मैं में) : बच गया रे... मतलब सब कुछ सही था. कोई दिक्कत नहीं है अब. ी गेस!?

फिर निशा और कुछ नहीं कहती और सीधे अपने रूम में चली जाती है.

तनीषा राहुल को पकड़ के उसके रूम ले जाती है. नीचे से वंशु भी राहुल के रूम में आ जाती है. तोह अब सन कुछ ऐसा था. नेहा और राहुल दोनों के रूम में एक एक बीएड था. राहुल के रूम का बीएड किंग साइज का था. जबकि नेहा के रूम का बीएड थोड़ा सा छोटा था. तोह 3 लोगो को लेटने में दिक्कत होती है. पर मैनेज तोह करना था.

तोह ये डीडे हुआ की तानिया और अंशु नेहा के साथ उसके रूम में सोएंगी. और इधर राहुल के साथ तनीषा और वंशु सोएंगी. इस बात से तानिया और अंशु दोनों hi ना खुश थी, क्युकी न जाने दोनों ने कितना तरय किया होगा की काम से काम एक बार वो राहुल के साथ सो सके.

खर्र! उस रात कुछ नहीं हुआ बस थोड़ी बोहत कुड्लिंग हुई जो की तनीषा और वंशु साइड साइड से राहुल के साथ कर रही थी. वंशु जानती थी तनीषा उसकी कॉम्पिटिटर है, तनीषा को भी पता था की वंशु राहुल से बोहत प्यार करती है. इसलिए दोनों बिना बोले अपना प्यार राहुल से कुड्लिंग कर के जाता रही थी.

निशा ने तनीषा को बता दिया था की उसका बीटा ऋचा से भी बेहद प्यार करता है, जिसके बदले में तनीषा ने कोई आपत्ति नहीं जताई. दिवाली के एक दिन बाद भाई डोज था. पर हैरानी वाली बात ये थी की किसी का भी मैं राहुल को टिका लगाने का नहीं कर रहा था. भला ऐसा क्यों? नेहा का तोह समझ में आता है पर बाकी सब?

वंशु (मैं में) : में तोह कुटी से प्यार करती हु, उससे टिका लगाउंगी तोह वो मेरा भाई hi रहेगा. क्या करू अब?

तानिया (मैं में) : आज मुझे हो क्या गया है? आज पहली बार मेरा इस चपडगंजु को भाई मान ने का मैं नहीं कर रहा है, पर ऐसा क्यों?

अंशु (मैं में) : मैं तोह नहीं है मेरा भी पर मेरे प्लान की शुरुआत यही से करनी होगी तभी तोह भाई मुझे मिल पाएंगे हिहि...

राहुल : अरे!? आप सब लोग कड़ी क्यों हो? लगाइये जल्दी! मुझे काम से जाना है बाहर अभी.

तभी अंशु आगे बढ़ राहुल के सामने बैठ जाती है,

"में लगाउंगी न अपने प्यारे भैया को टिका"

राहुल भी बदले में मुस्कुरा कर उस से टिका लगवा लेता है बदले में शगुन के रूप में उससे पैसे थमा देता है जो अंशु नहीं ले रही थी फिर भी राहुल ज़बरदस्ती उससे थमा देता है

"मुझे पैसे थोड़ी न चाहिए भाई! मुझे तोह सिर्फ 'आप' चाहिए" मैं में अंशु ने सोचा.

उसकी देखा देखि में तानिया भी फिर उससे टिका लगा देती है, और एन्ड में वंशु भी आखिर लगा hi देती है.

नेहा (मैं में) : आ गया एक और मनहूस दिन. मुझसे यदि किसी ने इसको टिका लगाने बोलै न तोह में सही में... हम्फ!!!

जब तनीषा ने कोई टिका नहीं लगाया तोह वंशु को आश्चर्य हुआ,

"अरे! आप भी तोह कुटी को भाई मानती हो न? आप क्यों नहीं लगा रही?"

बदले में तनीषा ने निशा की और देखा, उससे कुछ सूझ नहीं रहा था की क्या जवाब दे तोह निशा ने फिर ऐसा बेम फोड़ा की सभी एक बार में साइलेंट हो गए

निशा : वो इसलिए क्युकी वो बेतु से प्यार करती है, और आगे चल के दोनों की शादी होएगी एक दूसरे से.

*बूम*

लो भाई पहात गया बम. नेहा को चोरर के सभी भौचक्की सी निशा को घूरने लगी. फिर राहुल को देखती और फिर तनीषा को जो शर्मा के नज़रे नीचे किये हुई थी.

सबसे बड़ा सदमा तोह वंशु को लगा था, उससे उम्मीद नहीं थी की तनीषा उस से इतने कदम आगे निकल जाएगी. एकदम से उससे अपने दिल में अत्यंत दर्द महसूस हुआ. और वो बिना कुछ बोले hi अंदर चली गयी. राहुल समझ गया था क्या बात है इसलिए उसने तनीषा को इशारा कर उससे समझाने के लिए भेज दिया. नेहा तोह तिलक लगाने वाली थी नहीं तोह किसी ने भी उस से कुछ नहीं कहा.

दर्द तोह तानिया को भी हुआ. एक अजीब सी घबराहट या यु कहे की घुटन सी हो रही थी उससे अंदर hi अंदर ये खबर सुन्न के. अंशु hi एकमात्र थी जिससे ये सुन्न के कोई दुःख नहीं हुआ बल्कि वो खुश थी क्युकी ये खबर उसके प्लान में मदद जो करने वाली थी. क्या प्लान था उसका? ये तोह वही जाने.

इधर से फुर्सत होक राहुल अपनी बाइक उठा के चल दिया मास्टर के घर की और. उन्होंने राहुल को दिवाली के बाद बुलाया था इसलिए उसका जाना आज ज़रूरी था.

मास्टर के घर पॅहुचते hi राहुल ने बाइक साइड में लगायी और अंदर चल दिया

अंदर आते hi उससे दरवाज़े पे hi भीमा मिल गया,

"अरे राहुल बाबू!? आप? आइये आइये! मास्टर आपका hi इंतजार कर रहे थे"

राहुल : जी भीमा अंकल. और हैप्पी दिवाली आपको!

भीमा : आपको भी दिवाली की हार्दिक शुभकामनाये राहुल बाबू.

लिविंग रूम में आते hi राहुल की नज़र किचन से आती हुई मोनिका पर पद गयी और मोनिका ने भी उससे देख लिया,

"आ गए तुम? हीरो??"

लम्बे कदमो के साथ मोनिका दौड़ते हुए आयी और राहुल के कंधो पर अपने हाथ डालते हुए बोली,

"तोह बताओ!? क्या सरप्राइज है मेरे लिए?"

मोनिका को इतने पास से देख बेचारे राहुल के गाल लाल हो गए. बोहत सुन्दर जो थी.

राहुल (मैं में) : वाक़ई! मिस मोनिका मेरी हैसियत से बाहर है अभी.

राहुल : सरप्राइज? कोण सा सरप्राइज?

मोनिका : व्हाट??? तुम hi ने तोह कहा था न की मेरे लिए सरप्राइज प्लान किया है तुमने..!?

"ोू सहित! मर्डर गयी गांड! बोल तोह दिया था पर अब क्या बोलू, में तोह भूल hi गया था की मेने मिस मोनिका को प्रॉमिस दिया था दिवाली के दिन" मैं में राहुल ने खुदसे कहा.

राहुल : miss...miss मोनिका! सरप्राइज है न... बिलकुल है... पहले में... में मास्टर से तोह मिल लू.

मोनिका (मुँह फुला के) : हम्म! जाओ जल्दी ऊपर. मास्टर वेट कर रहे है. फिर नीचे आके मुझे मेरा सरप्राइज देना.

ऊपर आते hi राहुल ने मास्टर के रूम को बाहर से hi नॉक किया तोह अंदर से एक आवाज़ आयी, "आ जाओ"

अंदर आते hi राहुल मास्टर को देखता है जो सोफे पे बैठे हुए एक किताब पढ़ रहे थे.

राहुल : मास्टर!?

मास्टर : हम्म! बैठो राहुल!

राहुल : जी!! *सीट्स*

मास्टर : तोह बताओ!? दिवाली किसी थी?

राहुल : बढ़िया मास्टर! और आपकी?

मास्टर : मेरी भी बोहत अच्छी थी. भीमा, मोनिका और वो तुम्हारे द्वारा भेजे गए बुज़ुर्ग और उसकी पोती रोमा, हम सबने साथ में hi एन्जॉय किया.

राहुल : ये तोह बड़ी hi अच्छी बात है मास्टर.

मास्टर : हम्म! तोह तुम बाहर जा रहे हो?

राहुल : जी मास्टर!

मास्टर : मेरा अनुमान है अभी तुम 5-6 महीने तक तोह यही रहोगे क्युकी तुम्हारा आखिरी सेमेस्टर जो बचा हुआ है.

राहुल : जी मास्टर!

मास्टर : उसके बाद!?

राहुल : उसके बाद जैसा की मेने आपको बताया. में ये शहर चोरर के चला जाऊंगा. खुद के पेर्रो पे खड़ा होकर एक महान आदमी बनूँगा.

मास्टर : हम्म! बढ़िया है. पर उस से पहले की तुम यहाँ से जाओ में तुम्हे कुछ सिखाना भी चाहता हु और बताना भी चाहता हु.

राहुल : कहिये न मास्टर!

मास्टर : सबसे पहले बताने वाली बात कर लेते है. तोह ये बताओ तुम मेरे बारे में क्या क्या जानते हो? सब कुछ बताओ!

राहुल : यही की आप एक मार्टिकल आर्टिस्ट हो. आपको टायक्वोंडो, करते और कुंग फु आता है. आप स्टूडेंट्स को ट्रैन करते हो. आप की आगे 42 है. आप का एक बिज़नेस भी है जिसके बारे में मुझे नहीं पता और मिस मोनिका है जो आपके बिज़नेस को ज़्यादातर संभालती है. आपकी शहर में बोहत ज़्यादा पहचान है और आप एक सच्चे, होशियार, बड़े दिल वाले व्यक्ति है.

मास्टर : हाहाहाहा! तुमने अंत में मेरी तारीफ कर hi दी आखिर! पर जितना तुमने बताया वो बस पूरे सच का कुछ हिस्सा है. आज मेने तुम्हे यहाँ इसलिए बुलाया है क्युकी मुझे लगता है की मुझे तुम्हे मेरे बारे में सब कुछ बता देना चाहिए.

राहुल : हँ?

मास्टर : हम्म तोह कैसे शुरू करू!? हम्म!

तोह बात राहुल कई सालो पुरानी है जब में बहुत छोटा था. लगभग 11 साल का. में अनाथ था. मेरा असली नाम मास्टर चेन नहीं है, मेरा असली नाम है चन्द्रगुप्त. हां सही सुना तुमने!

राहुल : चन्द्रगुप्त? चन्द्रगुप्त मौर्या...

मास्टर (जोरर से हस्ते हुए) : हाहाहाहाहा अरे नहीं नहीं! में सिर्फ चन्द्रगुप्त हु. ना की चन्द्रगुप्त मौर्या. तोह बात वही से शुरू होती है जब में 11 साल का था. उस वक़्त एक चीनी जापानी सा व्यक्ति हमारे आश्रम के पास से रोज़ गुज़रता था जिससे देख कर आश्रम के सभी बच्चे उसकी छोटी छोटी आँखों का मज़ाक उड़ाते थे सिर्फ मुझे चोरर कर. में जब भी उससे देखता मुझे एक अलग hi अनुभूति होती थी. ऐसा लगता मानो उस व्यक्ति में कुछ तोह बात थी. ऐसा लगता उसमे किसी प्रकार का तेज था.

राहुल : ......!???

मास्टर : एक दिन वो ऐसे hi गुज़रा और उसकी नज़र मुझ पर पड़ी और वो मुझे थोड़ी देरर तक घूरता रहा. में भी उससे घूरता रहा. और अगले hi पल उसने आश्रम के ओनर से बात करके मुझे गॉड ले लिया. उसकी इस हरकत से में काफी हैरान था. अंत में मुझे पता चला की वो साधारण सा दिखना वाला व्यक्ति चीन का एक महान कुंग फु मास्टर था, जो यहाँ भारत में किसी काम से आया हुआ था.

राहुल : पर उन्होंने आपको गॉड क्यों लिया मास्टर? और उनका नाम क्या है? अब कहा है वह?

मास्टर : शांत beta...shaant! बताता हु. सुनते जाओ. उनका नाम था मास्टर ली, उन्होंने hi मुझे कुंग फु और बाकी साड़ी कलए सिखाई और उन्होंने hi मेरा नाम चन्द्रगुप्त से चेन रख दिया. मुझे नहीं पता की अब वो कहा है. में कई सालो से उनकी तलाश में हु पर अब तक नाकाम हु. उनकी उम्र अब तक 90 के ऊपर की हो चुकी होगी. उन्होंने मुझसे वादा किया था की जब उनका आखिरी समय नज़दीक होगा तब वो मुझे खुद बता देंगे की वह कहा पर मौजूद है. अब तक ऐसा हुआ नहीं है इसका मतलब अभी वो एकदम स्वस्थ है.

राहुल : पर मास्टर उन्होंने आपको मार्टिकल आर्ट्स क्यों सिखाया? और आपको अडॉप्ट क्यों किया?

मास्टर : वो यहाँ भारत में कुछ काम से आये थे. उन्हें आये हुए 2 साल हो गए थे और उन्हें यहाँ का वातावरण, हमारे देश की हर्र एक बात उन्हें लुभा गयी थी. बदले में वह इस देश के लिए कुछ यहाँ दान करके जाना चाहते थे. और जब उन्होंने मुझे देखा, तब उन्हें मेरे अंदर कुछ ऐसा दिखा जिसके चलते उन्होंने मुझे तुरंत अपना शिष्य बना लिया, और दान के रूप में उन्होंने अपनी चीन की कुंग फु की विद्या मुझे सिखाई.

राहुल : ओह्ह्ह्ह!!! तोह ये बात थी. फिर तोह मास्टर ली बोहत स्ट्रांग होंगे मास्टर.

मास्टर : बोहत! में आज तक उन्हें कभी नहीं हरा पाया. मेरा उनको देखने का बड़ा मैं है... *गहरी सास लेकर* खर्र! बात यहाँ ख़त्म नहीं होती. असली बात तोह अब शुरू होती है.

राहुल : किसी बात?

मास्टर : मास्टर ली मुझे अपने साथ चीन ले गए थे. में उनके साथ 7 साल तक वही रहा जब तक की में 18 बरस का नहीं हो गया. उन्होंने मुझे हर एक विद्या सिखाई जो उन्हें सही लगी. कुछ ऐसी विद्याए भी है जो उन्होंने किसी को नहीं सिखाई और सिर्फ वही जानते है. मेरे 18 साल के होते hi उन्होंने मुझे मेरे हाल पर चोरर दिया और वो बिना कुछ कहे निकल गए. उन्होंने सिर्फ इतना कहा था की जब उनके प्राण जाने वाले होंगे उसके पहले वो मुझ से एक बार ज़रूर मिलेंगे.

राहुल : मुझे तोह पता hi नहीं था मास्टर की आपकी कहानी ऐसी है. आपका पास्ट तोह बोहत hi रहस्यों से भरा हुआ है.

मास्टर : हाहाहा! मैं बात बताऊंगा अभी तोह तुम और शॉकेड हो जाओगे.

राहुल : कोण सी मैं बात?

मास्टर : सुनते जाओ सब बताऊंगा! तोह जब वह मुझे मेरे हाल पे चोरर के गए, मेने सब कुछ अपने बल बूते पर किया, रहना धोना खाना पीना, सब खुद करता, खुद hi पैसे कमाता जो भी काम मिलता वो करता. चीन में तोह चिनेसे hi चलती है, तोह में मास्टर के साथ 7 साल रह रह के चिनेसे सीख चूका था. अब चुकी मेने आश्रम में थोड़ी बोहत hi पढ़ाई की हुई थी, मुझे ज़्यादा समझ नहीं थी. इसलिए मास्टर ने मुझे उतना ज्ञान दे दिया था जितना बहार की दुनिया में रहने के लिए आवश्यक था.

राहुल : फिर?

मास्टर : फिर एक दिन मेरी लड़ाई कुछ दुकानवालों से हो गयी थी जिसके चलते मेने उन्हें कुछ ज़्यादा hi धो दिया था, मेरी ये हरकत दुकानवालों को भले पसंद न आयी हो पर एक शक्श को बेहद पसंद आ गयी थी

राहुल : कोण?

मास्टर : उसका नाम था माइक. वो एक पर्सन डीलर था.

राहुल : पर्सन डीलर?

मास्टर : हां! सुन्न ने में मुझे आज भी बड़ा अटपटा लगता है पर वो खुद को यही कह के इंट्रोडस करता था. पर्सन डीलर मतलब, मान लो की मुझे एक ऐसे व्यक्ति की तलाश है जो मेरे लिए मेरा बिज़नेस संभाल सके. तोह यदि में फ़ालतू की इंटरव्यू प्रोसेस को नहीं रखना चाहता और में जल्द से जल्द एक ऐसा व्यक्ति चाहता हु जो एक दो दिन बाद hi मेरा बिज़नेस संभालने में मेरी मदद करे और एकदम भरोसेमंद हो तोह में क्या करूँगा?

राहुल : आप अपने किसी परचित से बोलोगे की वो आपके लिए ऐसा व्यक्ति ढूंढ के दे

मास्टर : बिलकुल सही कहा. यही काम माइक करता था. वो हर तरह के लोगो को ढूंढ़ता था और जब रईस लोगो को ऐसे व्यक्ति की तलाश होती थी तोह वह उन्हें उनसे मिलवाता था जिसके बदले उससे रईसों से धेरर सारा पैसा मिलता था.

राहुल : ये तोह कमाल का धंदा है.

मास्टर : हां! पर उतना hi खतरनाक भी है. खर्र! उस दिन माइक ने मुझे लड़ते हुए देखा और मुझ से बात करि की वो मुझे नौकरी दिलवा सकता है जिसमे मेरी लड़ने की स्किल्स का इस्तेमाल होएगा और में उनसे पैसे कमा सकता हु

राहुल : ऐसी कोनसी नौकरी?

मास्टर : बॉडीगार्ड!

राहुल : हँ?

मास्टर : सबसे चौकाने वाली बात ये थी की तब में सिर्फ 20 साल का था और मुझे एक बॉडीगार्ड की नौकरी मिल रही थी. मेने माइक को हां कह दिया और अगले दिन से शुरू हुई मेरी बॉडीगार्ड की नौकरी जिसमे मेरा 3 साल का कॉन्ट्रैक्ट था एक बिजनेसमैन को प्रोटेक्ट करना. उसका बिज़नेस बोहत बड़ा नहीं था पर उसका अंडरग्राउंड माफिया से कनेक्शन था. उसने कुछ पैसे खाए हुए थे जिसके चलते माफिया के लोग आये दिन कुछ न कुछ उसके लिए मुसीबत कड़ी करते और उन् सब से छुटकारा उससे में दिलाता था.

राहुल : अंडरग्राउंड माफिया?

मास्टर : हां! हर्र शहर में एक न एक अंडरग्राउंड माफिया गैंग रहती hi है. खर्र उन् 3 सालो में मेरी जान 2 बार जाते जाते बची थी. तब मुझे समझ आया था की ये नौकरी मेरी जान कभी भी ले सकती है. पर एक अच्छी बात थी वो ये की यदि आप किसी रईस के बॉडीगार्ड हो तोह पैसा बोहत मिलता था.

राहुल : ओह्ह्ह्ह

मास्टर : 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट के बाद मेरे भी माफिया के साथ कनेक्शंस बढ़ गए थे. मेरी एक पहचान बन चुकी थी. और फिर माइक ने मुझे अगले कॉन्ट्रैक्ट थमा दिया. मिशन था, एक बेहद hi ख़ूबसूरत 22 साल की लड़की को प्रोटेक्ट करना.

राहुल : लड़की?

मास्टर : हां! तब में 23 साल का था. उसका नाम सुजय था. एक सिंगर. रईस घर की बेटी. एक बेहद hi ख़ूबसूरत लड़की. मुझे उसको प्रोटेक्ट करना था एक साल के लिए. उस एक साल में मेरे लिए सब कुछ बदल गया.

राहुल : ????

मास्टर : सुजय के दादा जी बीमार रहते थे और सुजय के माता पिता हादसे में गुज़र चुके थे. उसके दादा जी की जितनी भी प्रॉपर्टी और सारा पैसा था, उन्होंने आधा आधा सुजय और उसके भाई को दे दिया था. पर उसके भाई और उसके माता पिता सुजय को कैसे भी करके रास्ते से हटाना चाहते थे. ताकि साड़ी की साड़ी प्रॉपर्टी उनकी हो जाए.

राहुल : फिर?

मास्टर : सुजय के एक शुभचिंतक ने माइक से बॉडीगार्ड की गुज़ारिश की और तब माइक ने मुझे सुजय से मिलवाया. कई महीने बीत गए, में सुजय को हर एक मुसीबत से बचाता था. धीरे धीरे हमारी नज़दीकिया बढ़ती गयी और हमें एक दूसरे से प्यार हो गया.

राहुल (सुरप्रीसेड) : वाओ!!!

मास्टर : एहम...! धीरे धीरे समय बीता और सुजय का भाई और उसके माता पिता सुजय को मारने में असफल रहे. सुजय ने अपनी 50% की प्रॉपर्टी का आधा हिस्सा पूरा मुझे दे दिया. और फिर वो दिन आया जब हम दोनों की एक बेटी हुई...

राहुल : हम्म्म! बेटी!? हैं ??????

*जोरर से चिल्ला के*

क्या कहा बेटीई???? Aaap...aapki बेटी?

मतलब आपने और मिस सुजय ने...

मास्टर (ब्लश) : एहम एहम...!! हां! मेरी और सुजय की एक बेटी हुई. जिसका नाम हमने ख़ुशी रखा. पर एक ख़ुशी आयी तोह साथ में एक दुःख का पहाड़ भी गिर पड़ा.

राहुल : केसा दुःख???

मास्टर (नाम आंको से) : जन्म देते वक़्त सुजय ने अपने प्राण खो दिए.

राहुल : व्हाआआअत्ततत्तत्त?? ये...

मास्टर : हम्म! उसके जाने के बाद में टूट सा गया था. क्युकी ख़ुशी का जन्म चीन में हुआ था और उसकी माँ भी चिनेसे hi थी. इसलिए मेने ख़ुशी को चीन में hi पढ़ाने का निर्णय लिया. जब तक ख़ुशी 18 की नहीं हो जाती तब तक वो चीन में hi अपनी पढ़ाई करेगी और वही रहेगी, उसको हिंदी सिखाने के लिए भी मेने एक टुटर रखा हुआ है. में चाहता हु उससे अपनी माँ की मातृभाषा और अपने पिता की मातृभाषा दोनों hi आणि चाहिए.

राहुल : ओह्ह्ह्हह्हह

मास्टर : जो प्रॉपर्टी सुजय ने मुझे दी थी मेने वो उपयोग करके अपना बिज़नेस खड़ा किया. चीन में मेरे नाम पर एक बोहत बड़ा सिटी मॉल है, एक स्कूल है और एक हॉस्पिटल है.

राहुल : व्हाआआअत्ततत्तत्त??? इतना?? इतना सारा?

मास्टर : हां! मेरे hi स्कूल में ख़ुशी पढ़ती है, या यु कहे... वो उसका hi स्कूल है. अगले साल वो 18 की हो जाएगी. उसका बस एक साल बचा हुआ है.

राहुल : पर आप यहाँ क्यों आ गए?

मास्टर : क्युकी में टूट सा गया था. मुझे चीन में हमेशा सुजय की याद आती और हर्र दिन दुखदायी रहता. इसलिए में वापस अपने देश लौट आया, यहाँ आके मेरी मुलाक़ात भीमा से हुई, जिससे मेने बचाया था पर अफ़सोस उसकी बीवी को न बचा सका.

राहुल : जी मास्टर! भीमा अंकल ने मुझे बताया था.

मास्टर : फिर मोनिका से मुलाक़ात हुई, और उससे मेने अपने चीन के बिज़नेस की देख बाल करने के लिए रख लिया. और फिर एक दिन तुमसे मुलाक़ात हुई, तुम्हे देख के मुझे वही अनुभूति हुई थी जो उस वक़्त मास्टर को मुझे देख के हुई थी. इसलिए मेने तुम्हे अपना शिष्य चुना. और अब वक़्त आ गया है की में तुम्हारे यहाँ जाने से पहले तुम्हे कुछ सिखौ और तुमसे कुछ मांगू.

राहुल : k...kya?

मास्टर : मेने तुम्हे जितना भी अभी कुछ सिखाया है उसमे मेने तुम्हे कही भी कोई भी जानलेवा मूव नहीं सिखाया. पर उस दिन तुम एक लड़के से चोटिल हो गए थे. इसलिए ये शहर चोरर के जाने से पहले, इन् 5-6 महीनो में में तुम्हे बोहत कुछ सिखाने वाला हु. तुम तैयार हो?

राहुल : जी मास्टर!

मास्टर : गुड! अब बात आती है गुरु दक्षिणा की. तोह वह में तुमसे तब मांगूंगा जब तुम ये शहर चोरर के जाने लगोगे.

राहुल : जी मास्टर...

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi गाइस!

थैंक यू! पसंद आए तोह लिखे ज़रूर कीजियेगा!
 
अपडेट - 56

अब तक...

मास्टर : मेने तुम्हे जितना भी अभी कुछ सिखाया है उसमे मेने तुम्हे कही भी कोई भी जानलेवा मूव नहीं सिखाया. पर उस दिन तुम एक लड़के से चोटिल हो गए थे. इसलिए ये शहर चोरर के जाने से पहले, इन् 5-6 महीनो में में तुम्हे बोहत कुछ सिखाने वाला हु. तुम तैयार हो?

राहुल : जी मास्टर!

मास्टर : गुड! अब बात आती है गुरु दक्षिणा की. तोह वह में तुमसे तब मांगूंगा जब तुम ये शहर चोरर के जाने लगोगे.

राहुल : जी मास्टर...

अब आगे...

राहुल को यु थोड़ी देरर खामोश पा कर मास्टर ने उसकी दुविधा के बारे में पूछा,

"क्या हुआ? क्या सोच रहे हो?"

राहुल : मेरे मैं में बोहत सारे सवाल है मास्टर. मुझे तोह यकीन hi नहीं हो रहा है ये सब सुन्न कर. ऐसा लग रहा है में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट सुन्न रहा हु. पर ये सच्चाई है, और इसलिए मेरा दिमाग हिल सा गया है.

मास्टर : कैसे सवाल है? यदि मैं में कोई सवाल है तोह उससे अभी पूछ लो.

राहुल : हम्म! मास्टर ख़ुशी की माँ यानी मिस सुजय जब इस दुनिया से चली गयी और आप यहाँ आ गए. तोह फिर ख़ुशी का क्या? उससे तोह बचपन से hi माँ और बाप का प्यार नहीं मिला होगा. आपने ऐसा क्यों किया उसके साथ? अकेली होगी वह कितनी...

मास्टर राहुल की बात सुन्न थोड़ी देरर तक उससे देखते है और फिर मुस्कुरा देते है,

मास्टर (मैं में) : मेरा निर्णय सही था जो मेने तुम्हे चुना.

मास्टर : ऐसा इसलिए क्युकी मेरे भी कई दुश्मन है और में नहीं चाहता वो सब मेरी बेटी को टारगेट करे, इसलिए मेने उससे इन् सब से दूर रखा है. यहाँ तक की स्कूल में भी वो मेरी बेटी है ये नहीं बताती. सारा काम माइक संभालता है, और माइक को hi उसका पिता बताते है.

राहुल : अच्छा! पर आपने कहा की 18 साल के होते hi ख़ुशी को आप यहाँ ले आवेगे. तब उसकी जान को खतरा नहीं होगा?

मास्टर (मैं में) : इसलिए तोह तुम्हे चुना है राहुल.

मास्टर : वो बाद की बाद में देखेंगे. अब तुम जाओ, मोनिका तुम्हारा बोहत देरर से इंतज़ार कर रही है.

राहुल : j...jii मास्टर

मास्टर : और सुनो... वो... वो ऋचा किसी है अब?

राहुल : हम्म? ऋचा? वो ठीक है मास्टर.

मास्टर : हम्म! अब भी तुम्हारी गफ है?

राहुल (ब्लश) : उम् हां...

मास्टर : ठीक है! जाओ अब.

नीचे आते hi मोनिका राहुल पे टूट पड़ती है और अपना सरप्राइज मांगने लगती है.

मोनिका : कहा है मेरा सरप्राइज? दो जल्दी.

"बाप रे! मिस मोनिका तोह पीछे hi पद गयी. अब इन्हे कहा से सरप्राइज दू? क्या दू? इनके पास तोह वैसे भी पैसा बोहत है. तोह भला में क्या गिफ्ट दे सकता हु इनको? हम्म!... ारी हां! चलो यही करता हु. यदि वो खुश नहीं हुई तोह माफ़ी मांग लूंगा" राहुल ने मैं में सोचा.

राहुल : आप चलिए! रेडी हो जाइये. हम बाहर चल रहे है.

मोनिका : कहा?

राहुल : आप रेडी तोह हो जाइये पहले.

जब तक मोनिका रेडी हो रही थी तब तक राहुल बंगला के पीछे जाकर उस बुज़ुर्ग और उसकी पोती से भी मिलता है.

थोड़ी hi देरर में मोनिका रेडी होक आ जाती है और जो ड्रेस उसने पहनी थी वो उसपे बोहत hi ख़ूबसूरत लग रही थी

मोनिका को देख राहुल की आँखें hi चौंधिया जाती है

राहुल (मैं में) : यस. She's डेफिनिटेली आउट ऑफ़ माय लीग. ी वंडर कोण वो लकी हस्बैंड होगा जो इनसे शादी करेगा

मोनिका : क्या हुआ? ऐसे क्या देख रहे हो?

राहुल : आप ...आप बोहत hi ख़ूबसूरत लग रही हो.

मोनिका (ब्लश) : चल अभी मेरे साथ फ्लिर्टिंग nahi...okay?

राहुल : मेने सिर्फ सच कहा.

मोनिका (ब्लश) : o...ok. थैंक यू.

फिर राहुल अपनी बाइक पे मोनिका को बैठा के ले जाता है, रास्ते भर राहुल को उसकी पीठ पर दो अनमोल रत्नो का एहसास होता रहा जिसके मज़े उसने भरपूर लिए बाइक को बार बार ब्रेक लगा कर और ऐसे करते करते वो अपनी मंज़िल पहुँच hi गए.

मोनिका : सुन सिटी?

राहुल : जी हां! आप आयी हो यहाँ?

मोनिका : हां! सिर्फ एक बार.

राहुल (सुरप्रीसेड) : सिर्फ एक बार?

मोनिका : हां! कभी समय hi नहीं मिलता

राहुल : चलिए आप मेरे साथ

राहुल मोनिका को पकड़ के रोलर कोस्टर राइड के पास ले जाता है, जिससे देख मोनिका को थोड़ा डर लगने लगता है.

मोनिका : तुम ये मत कहना की हम इसमें बैठने वाले है!?

राहुल : और नहीं तोह क्या!? तोह क्या में आपको सिर्फ यहाँ दिखाने लाया हु क्या?

अब चलिए

मोनिका : न्यूऊऊ वेट!!! राहुल! मुझे मुझे हाइट्स से बोहत डर लगता है. ये राइड नहीं करते है न... कही और चलते है.

राहुल : आज आपका डर भी निकाल दूंगा और आपको एन्जॉय भी करवाऊंगा.

मोनिका के कई बार मन करने के बाद भी राहुल ने उसकी एक न सुनी और उसके हाथ को पकड़ के खींच के ले गया. ठीक वैसे hi जैसे एक छोटा बच्चा स्कूल के पहले दिन न जाने के लिए विरोध करता है, वैसे hi अभी मोनिका विरोध कर रही थी.

अंत में दोनों रोलर कोस्टर पर सवार थे और मोनिका का दिल ज़ोरो से धड़क रहा था. उसने आज से पहले कभी किसी राइड की सवारी नहीं की थी, पहली बात उससे डर लगता था, दूसरी बात उसके पास इन् सब के लिए टाइम hi नहीं रहता था और तीसरी बात यदि आती भी तोह किसके साथ? मास्टर और भीमा के अलावा उसके सारे कॉन्टेक्ट्स बिज़नेस से hi रिलेटेड थे. No फ्रेंड्स, no बेस्ट फ्रेंड्स, no लवर, no फॅमिली. काफी अकेली थी. और मास्टर और भीमा के साथ राइड लेने तोह आ नहीं सकती थी. उससे एक फ्रेंड की ज़रुरत थी, ये बात उसका दिल जानता था पर दिमाग नहीं.

इसलिए वो राहुल से जब पहली बार मिली थी तोह उसके साथ फ्लिर्टिंग किया करती, उससे लगता की राहुल के साथ उसका कुछ रिलेशन तोह है काम से काम. भले hi राहुल फ्लिर्टिंग का जवाब नहीं देता था पर दोनों में काम से काम बात तोह होती थी. मोनिका ये सब अनजाने में hi करती थी या यु कहे की ये सब उसका दिल करवाता था जो की तन्हाई में कद्द था

मोनिका ने राहुल का हाथ कस के थाम लिया. एक लड़की होने के बावजूद उसकी पकड़ वाक़ई बोहत मज़बूत थी. राहुल भी सुरप्रीसेड था इस बात से. वो मैं में सोच रहा था की यदि मोनिका ने कभी किसी को कस के हुग किया या कस के किसी को जकड़ा तब उसकी हालत क्या होएगी? ऐसी पकड़ में उस इंसान को मज़ा आएगा या फिर उससे दर्द होएगा? उसने सारे थॉट्स को अलग किया, सोचा की ये सब क्या सोचने लगा वो यहाँ पर?

उसने गहरी सास लेकर सारा का सारा फाॅर्स जो मोनिका उसके हाथ को भींच कर लगा रही थी उससे हस्ते हुए एक्सेप्ट किया और फिर चालु हुई राइड.

रोलर कोस्टर के आगे बढ़ते hi मोनिका की जैसे जान निकल गयी हो. उससे यही ख़याल आ रहा था की यदि गलती से वो कही नीचे टपक गयी तोह वो तोह पक्के से हमेशा के लिए ऊपर पहुँच जाएगी.

मोनिका (मैं में) : पागल कही का... कहा आ गयी में इसके साथ. ुवाआआआ

*क्रिस* में गयी... में गयी...

ऊपर रोलर कोस्टर आते hi एकदम से धीरे हो गया. और अब बारी थी सबसे खतरनाक पल की. आप सभी तोह जानते hi होंगे. जब राइड ऊपर से एकदम से नीचे आती है.

मोनिका : स्लो हो गया? क्या हुआ? ख़तम हो गया क्या?

राहुल (हस्ते हुए) : हहहहहआ

तभी एकदम से राइड सीधे नीचे की और तेज़्ज़ी से पलट जाती है और फुल स्पीड में नीचे गिरने लगती है,

मोनिका (चिलाते हुए) : waaaaaaaaaaaaaa

जैसे तैसे राइड ख़तम हुई तोह मोनिका की शकल देखने लायक थी. राहुल की हस्सी hi नहीं ृक्क रही थी. मोनिका को और तेज़्ज़ गुस्सा आने लगता है. तोह राहुल उसके लिए कुछ खाने के लिए स्नैक्स ला कर देता है.

मोनिका : इतना बेकार सरप्राइज देते हुए तुम्हे शर्म नहीं आयी?

राहुल : अभी कहा बेकार? अभी तोह एक बार और बचा है

मोनिका (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?

राहुल : हां! तभी तोह आपका डर काम होएगा. वर्ण ऐसे तोह और बढ़ेगा.

और मोनिका के फिरसे कई बार मन करने के बाद भी राहुल मोनिका को थाम के एक बार और राइड करवा देता है. पर हैरानी वाली बात ये थी की वाक़ई इस बार मोनिका को डर काम लगा. जिस कारण वो बोहत खुश थी.

फिर राहुल मोनिका को लेके हॉरर हाउस के सामने आ जाता है. एक बार फिर मोनिका सामने हॉरर हाउस की एंट्रेंस को देख घबरा जाती है.

और लाख मन करने के बाद भी राहुल फिरसे उससे खींच कर ले जाता है. मोनिका राहुल से किसी बेल की तरह लिपट गयी थी. उसके उरोज राहुल के बदन से ऐसे चिपके थे मानो वो राहुल के hi शरीर का अंग हो.

हर्र जुंपसकारे पे मोनिका उछाल जाती और राहुल से चिपक जाती, मैं hi मैं राहुल अपने आईडिया की तारीफ कर रहा था और खुद पर उससे बड़ा प्राउड हो रहा था. इतनी ख़ूबसूरत लड़की उसके साथ चिपक के चल रही थी. कई लोग उससे जलन भरी नज़रो से देख रहे थे.

राहुल ने हॉरर हाउस में भी दो बार मोनिका को एंटर करवाया जिसके चलते मोनिका का वो डर भी काम हो गया. एन्ड में दोनों ने मस्ती की, झूले भी झूले और खाना पीना खाया, टोटली एन्जॉय किया. फिर एक पार्क में आके बैठ गए.

मोनिका : तोह ये था तुम्हारा सरप्राइज?

राहुल : जी!

मोनिका : तोह? तुम्हे पता कैसे चला की मुझे भूतो से और उचाई से डर लगता है?

राहुल : यहाँ आने से पहले मास्टर से पूछा था.

मोनिका : ओह्ह! मुझे तोह लगा था तुम मुझे कुछ गिफ्ट डोज या फिर कोई ट्रीट डोज.

राहुल : वो भी कर सकता था. पर आपके पास तोह वैसे भी मुझ से ज़्यादा पैसा है. आप को भला में क्या गिफ्ट दे सकता था? मेरा गिफ्ट कोई सस्ता hi होता. मुझे पता था की आप हमेशा काम में hi लगी रहती हो और खुद आप कभी एन्जॉय नहीं करती. मेने तोह कभी नहीं देखा आपको. इसलिए मेने सोचा, आपको यहाँ लाऊंगा, आपका डर भी काम हो जाएगा, और आप एन्जॉय भी कर लोगी. आप को भी अपने काम से थोड़ा रिलैक्सेशन मिलेगा. यदि आप को नहीं पसंद आया हो तोह कोई बात नहीं, में माफ़ी मांगता हु.

*साइलेंस*

थोड़ी देरर की चुप्पी के बाद मोनिका की आंख में ासु आ जाते है और वो अपना रुमाल निकल उससे पोछने लगती है.

राहुल : शायद आपको वाक़ई पसंद नहीं आया

उसके इतना कहते hi मोनिका उससे बाहो में जकड लेती है. राहुल को इसकी उम्मीद नहीं थी. कुछ देरर बाद मोनिका उससे चोरर के उसके गालो को पकड़ती है और फिर आगे बढ़ के राहुल के गाल को चुम लेती है.





मोनिका : तुमने ऐसा सोच भी कैसे लिया की मुझे पसंद नहीं आएगा? आज का दिन मेरी ज़िन्दगी का सबसे यादगार दिन रहेगा. थैंक्स फॉर गिविंग में सुच ा ब्यूटीफुल सरप्राइज राहुल.

मोनिका राहुल को प्यार भरी नज़रो से देख रही थी और उसके गाल सेहला रही थी. आस पास बैठे कपल्स भी राहुल और मोनिका को ताड़ रहे थे, लड़के तोह जलन भरी नज़रो से hi देख रहे थे. वो सब यही सोच रहे थे की साला इतनी बड़ी आइटम इसके प्यार में गिरी कैसे?

राहुल (ब्लश) : वैसे आपने कभी अपनी फॅमिली के बारे में नहीं बताया... आपके माँ डैड कहा है?

मोनिका : वो अब इस दुनिया में नहीं है. मेरे पिता जी अंडरवर्ल्ड माफिया में जरर कानूनी काम करते थे. पर मेरी माँ को इसकी कोई खबर नहीं थी और ना hi मुझे. एक बार उन्होंने किसी ऐसे आदमी से पन्गा ले लिया, जिसने हमारा पूरा घर उजाड़ दिया. उस वक़्त में 20 साल की थी. में भी नहीं बचती पर शायद उपरवाले को कुछ और hi मंज़ूर था. तब मास्टर ने hi मुझे बचाया था. और आज में यहाँ तुम्हारे सामने हु.

उसकी बात सुन्न राहुल एकदम चौंक जाता है.

राहुल (मैं में) : मतलब मिस मोनिका 6 साल से बिना माँ डैड के है? उनका तोह कोई फ्रेंड भी नहीं है... एक मिनट!! मतलब मोनिका मिस मेरे साथ इसलिए फ्लिर्टिंग करती थी? ताकि वो मेरे साथ फ्रेंडशिप कर सके? और में यहाँ उन्हें इग्नोर मारता रहता था ये सोचके की वो मेरी औकात से बाहर है... कितना बेवक़ूफ़ हु यार में. उन्हें तोह बस... बस एक दोस्त की ज़रुरत थी. और में.. उन्हें वो भी न दे सका. पर उन्होंने डायरेक्ट मुझसे क्यों नहीं कहा? शायद यही इनका अंदाज़ है? उन्होंने मुझे हिंट करने की कोशिश की थी, जिससे में समझ न सका. Waqai...mein सच में बोहत hi ना समझ हु.

मोनिका (मैं में) : नहीं चोरडूंगी उस हराम जाड़े को... अपने माँ डैड की मौत का बदला में लेके रहूंगी.

इधर राहुल के घर से जाने के बाद वंशु रोटी हुई राहुल के कमरे में आयी और बीएड पर बिलखते हुए रोने लगी. आज के पहले उससे इतनी पीड़ा कभी नहीं हुई थी. पीछे पीछे तनीषा भी उसके पीछे आयी क्युकी राहुल ने इशारा किया था उससे, मतलब ये था की वंशु को मनाना है.

तनीषा ने प्यार से वंशु के सर पर हाथ फेरा तोह वंशु ने सर उठा के देखा, तनीषा को सामने देख के उसके दिल की पीड़ा और भी बढ़ गयी और उसने वापस से सर झुका कर रोना शुरू कर दिया.

कोई आ न जाए और ये न पूछने लगे की वंशु क्यों रो रही है इसलिए तनीषा ने उठ के दूर को अंदर से hi लॉक कर दिया और फिर उसके पास जा कर बैठ गयी.

तनीषा : बाप रे बाप, इतने सारे मोठे मोठे ासु?? ऐसे भी कोई रोटा है भला? पूरी आँखें और नाक भी लाल हो गयी है तुम्हारी तोह.

वंशु (रट हुए) : प्लीज आप जाइये यहाँ से. मुझे अकेला चोरर दीजिये.

तनीषा : अच्छा? में चली जाऊ? मुझे तोह लगा था की तुम राहुल से प्यार करती हो इसलिए में तुम्हे एक खुश खबरि देने आयी थी. पर लगता है तुम्हे मेरी बात hi नहीं सुन्न न तोह...

ठीक है चली जाती हु.

तनीषा उठने को हुई तोह वंशु ने उसका हाथ पकड़ लिया. चेहरा पूरा आसुओ से भीगा हुआ था. वंशु की ये हालत देख तनीषा को उसपे बड़ा hi तरस आया आखिर वो भी तोह कभी अपनी फीलिंग्स को दबाने की कोशिश करती थी, वो भी तोह राहुल को भाई मानती थी. तनीषा समझ सकती थी की एक भाई को प्यार करने पर कितनी मुसीबतो का सामना करना पड़ता है, और वंशु तोह कजिन बहिन थी राहुल की. अपने प्यार का इज़हार कैसे कर सकती है सबके सामने? शायद उसमे अभी इतनी हिम्मत नहीं थी.

वंशु : ke..kesi खुश खबरि?

तनीषा : तोह तुम सुन्न न चाहती हो?

वंशु : *नॉड्स*

तनीषा (स्माइल्स) : खुश खबरि ये है की तुम राहुल से प्यार कर सकती हो.

वंशु : ?????

तनीषा आगे बढ़ वंशु को अपने गले से लगा लेती है और फिर कहना स्टार्ट करती है,

"मुझे पता है की तुम भी राहुल से बेहद प्यार करती हो वंशिका. जब हम मेरे क्लिनिक में पहली बार मिले थे. उस वक़्त hi मुझे इस बात का आभास हो गया था. बल्कि यदि सच कहु, तोह तुम्हारा हक़ उसपे मुझसे पहले है. मुझे पता है तुम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो, राहुल ने ये बात मुझे बताई है पहले भी. तोह इसलिए में तुम्हे ये बताना चाहती हु की... मेरी तरफ से कोई भी बंदिश नहीं है वंशिका. तुम खुल के राहुल से प्यार कर सकती हो. में तुम्हारा पूरा सपोर्ट करुँगी. आज से तुम मेरी छोटी बहिन जैसी हो."

तनीषा की बात सुन्न वंशु हैरानी से उससे देखती है.

वंशु : toh...toh क्या आप कुटी से प्यार नहीं करोगी?

तनीषा : उसके प्यार के बिना तोह में जी hi नहीं सकती अब. में भी उससे प्यार करती हु. मेरे कहने का मतलब ये है की हम तीनो hi राहुल से प्यार करेंगे और हम तीनो hi इसमें एक दूसरे को सपोर्ट करेंगे.

वंशु : तीनो??

तनीषा : हां! तुम , में और ऋचा.

वंशु : ri...richa?

फिर तनीषा वंशु को साड़ी बात समझाती है की ऋचा और राहुल के बीच का रिलेशनशिप क्या है. वंशु उदास ज़रूर थी पर खुश भी थी क्युकी उससे राहुल से प्यार करने का मौक़ा जो मिल गया था.

तनीषा : देखो! ी क्नोव की तुम थोड़ी पोस्सेस्सिवे हो राहुल को लेकर. पर तुम्हे एक बात अभी से अपने दिमाग में बैठानी पड़ेगी वंशु. वो ये की हम सब राहुल की है. सिर्फ राहुल तुम्हारा है ऐसा बिलकुल भी नहीं है. तुम्हे ये बात मैं से हटानी पड़ेगी की राहुल सिर्फ तुम्हारा है समझी? तुम्हे बस ये सोच के चलना है की तुम भी राहुल की प्रेमिका में से एक हो और राहुल सबको एक्वाली प्यार करेगा. किसी से काम या किसी से ज़्यादा नहीं. Okay!?

तनीषा के अच्छे से समझाने पर वंशु काफी हद्द तक समझ चुकी थी की वो राहुल को बाँध कर अपने पास नहीं रख सकती. वो सब राहुल की है और राहुल भी सब का है. किसी एक का नहीं.

तनीषा : वैसे!? तुम्हे कब राहुल से प्यार हुआ वंशु?

वंशु : t..teen साल पहले दीदी.

तनीषा : ओह्ह्ह! ऐसा क्या हुआ था?

वंशु एक नज़र तनीषा की तरफ घुमाती है जो प्यार से उसकी तरफ देख रही थी. कोई भी छल कपट वाले भाव नहीं थे उन् आँखों में.

तनीषा (स्माइल्स) : तुम मुझसे शेयर कर सकती हो. अब तोह तुम मेरी छोटी बहिन हो न?

वंशु : मुझे एंड्रोफोबिअ था.

तनीषा (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?

{एंड्रोफोबिअ का मतलब है पुरुषो से डर. किसी भी मेल से अत्यंत दररना. उनके पास आने से उनकंफर्टबले फील करना, उन्हें देख के डर जाना. आप अधिक जानकारी के लिए गूगल कर सकते है}

तनीषा : तोह फिर?? फिर??

वंशु : तीन साल पहले में सेक्सुअल असाल्ट का शिकार हो गयी थी, कुछ दरिंदे मेरे साथ ज़बरदस्ती करना चाहते थे. उस वक़्त कुटी hi था जिसने मुझे बचाया था. पर उस दौरान कुटी को बोहत चोट आयी थी और उससे एडमिट भी होना पड़ा था. उसका असर ये था की मुझे हर एक आदमी से डर लगता, उनसे नफरत होने लगी थी. बस कुटी से hi में थोड़ा बात करती थी. पर डर मुझे उस से भी लगता था.

तनीषा : फिर?

वंशु : फिर उसने मेरे साथ रह रह के मुझे इतने पेशेंस से संभाला और मुझे उस दलदल से बाहर निकाला. मुझे ब करने बाहर जाना पड़ा, में जाना नहीं चाहती थी पर फिर भी गयी. मेने कैसे 3 साल गुज़ारे है ये में hi जानती हु. उसने सब कुछ मेरे लिए किया था. मुझे... मुझे उसके साथ एक स्पेशल अटैचमेंट सा फील होता है. में चाहती हु की सिर्फ वही मेरे पास रहे. पर में अब समझ चुकी hu...ki... कुटी हम सबका है.

तनीषा वंशु को बाहो में भर लेती है और दोनों एक दूसरे से बातें कर और भी क्लोज होते जाते है.

dacf33bdcb8f42244cad90a44e0e78da.gif


इधर जब तनीषा और वंशु अंदर थी तोह निशा भी अपने रूम में आ चुकी थी. तानिया और नेहा टीवी देखने में व्यस्त थी पर दोनों का मैं कही और था.

नेहा (मैं में) : तोह इसकी शादी ये तनीषा दीदी से होएगी? हम्फ! चलो अच्छा है, बेचारी ऋचा दीदी तोह बच गयी इसके चंगुल से. वर्ण मुझे निक्की के लिए बुरा लगता. पर उस दिन की बात भूली नहीं हु में. उसकी हिम्मत कैसे हुई मेरा हाथ मरोड़ने की?? इतनी हिम्मत उसमे कब से आ गयी?? कहता है में उस से कभी बेहतर नहीं हो सकती? अभी में दिखाउंगी तुझे की बेटर होना किसे कहते है... इसका कुछ करना पड़ेगा साला ज़्यादा हवा में उड़ने लगा है. माँ से छुप कर कुछ करना पड़ेगा.

इधर निशा के रूम में अंशु एंटर करती है जो अपने पेर्रो पर नेल पोलिश लगा रही थी

निशा : अंशु? क्या हुआ बीटा?

अंदर आते hi अंशु दूर को अंदर से लॉक कर देती है और निशा के पास आकर बैठ टी है,

अंशु (मैं में) : अब मेरे प्लान का फर्स्ट स्टेप शुरू करने का सही मौका है.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi गाइस!!

शुक्रिया!!
 
अपडेट - 57

अब तक...

इधर निशा के रूम में अंशु एंटर करती है जो अपने पेर्रो पर नेल पोलिश लगा रही थी

निशा : अंशु? क्या हुआ बीटा?

अंदर आते hi अंशु दूर को अंदर से लॉक कर देती है और निशा के पास आकर बैठ टी है,

अंशु (मैं में) : अब मेरे प्लान का फर्स्ट स्टेप शुरू करने का सही मौका है.

अब आगे...

निशा : बीटा क्या हुआ?

अंशु (स्माइल्स) : बड़ा hi सज रही हो चची? किस के लिए?

निशा (स्माइल्स) : ऐसा कुछ नहीं है बीटा. बोहत दिनों से नेल पोलिश नहीं लगायी थी इसलिए सोचा आज लगा लू

अंशु : न न न... कुछ तोह बात है, बताइये न चची? किस के लिए इतना सज रही हो? हहै

निशा (ब्लश) : अरे बीटा और किस के लिए सजूंगी?

अंशु : चाचा के लिए या फिर भाई के लिए?

अंशु की बात सुन्न निशा को एक झटका सा लगता है और वो नेल पोलिश चोरर अंशु को घर घर के सवालिया भरी नज़रो से देखने लगती है

अंशु (स्माइल्स) : ी क्नोव चची

निशा : k..k..ky..kya... क्या बात कर रही हो तुम बीटा?

अंशु : वही बात जो आप अभी मुझ से छुपा रही हो

निशा (हकलाते हुए) : m..m..mein k..kuch समझी नहीं बीटा?

अंशु : चची... आप और भाई एक दूसरे के साथ सेक्स करते हो न?

*बूम*

अंशु की बात किसी बेम की तरह निशा के दिमाग में फटी. और उसका सीधा असर निशा के दिल पर हुआ. जिस बात को वो किसी से शेयर नहीं करना चाहती थी वो पकड़ी गयी. और वो भी किसके सामने? अपनी hi जेठानी की छोटी लड़की अंशिका के सामने. क्या सोच रही होगी अभी वो? की चची किसी माँ है? जो अपने hi बेटे के साथ रातें रंगीन करने लगी. क्या होगा जब वो ये बात सभी घरवालों को बता देगी? ये ख़याल सोच के hi उसका शरीर काँप उठा. और पल भर में hi उसकी आँखों में ासु धार की तरह उमड़ आए और लबालब बहने लगे.

अपना चेहरा हाथो में छुपाए निशा सिसक सिसक कर रोने लगी. जिस चेहरे पर थोड़ी देरर पहले लाली थी वही चेहरा अब आसुओ से भरा हुआ था. और ये बात भी सच hi तोह थी. वो नेल पोलिश भला राजेश के लिए थोड़ी न लगा रही थी वो तोह राहुल के लिए hi इतना सज धज रही थी.

निशा का मान न था की जब राजेश उसकी परवाह नहीं करते तोह वह भला क्यों करे? प्यार दोनों तरफ से होता है न की एक तरफ से. निशा ने ठान लिया था की अब वो अपने शरीर को राजेश के साथ सम्भोग करने नहीं देगी. निशा पूरी तरह से अपना शरीर, दिल और आत्मा राहुल को hi सूप चुकी थी. पर क्युकी राजेश उसके पति थे, और एक पतिव्रता स्त्री होने के नाते वो राजेश का साथ ज़रूर देगी पर शारीरिक सम्बन्ध राजेश के साथ हमेशा हमेशा के लिए बंद कर चुकी थी वह.

पर क्या रह गया अब? जो आनंद, जो कमी राहुल ने पूरी की उसकी, जो नया जोश राहुल ने उसके जीवन में अभी अभी भरा था, जिसकी अनुभूति उसको पहले कभी नहीं हुई थी, अब क्या उसका? वह तोह धरा का धरा रह गया न सब? अंशिका ने उसको और उसके बेटे को एक दूसरे के साथ रात में रंग रेलिया मनाते जो देख लिया. अब कैसे फेस कर सकती है वह अंशिका को? उससे इस बात से कोई शर्मिंदगी नहीं थी की वो अपने बेटे के साथ बिस्तर गरम करती है. उससे इस बात से शर्मिंदगी थी की अंशिका ने उससे ऐसा करते देख लिया है. निशा उसकी नज़र में तोह पूरी गिर चुकी थी न? क्या जवाब देती उसको? ये बोलती.. ? की नहीं ये क्या बकवास कर रही हो तुम?

हरगिज़ नहीं! ये तोह बोल hi नहीं सकती थी वह. अंशिका ने साफ़ साफ़ कह दिया की आप और भाई सेक्स करते हो. मतलब साफ़ था की उसने देखा है.

इधर अंशु को बोहत बुरा लगा की उसने अच्छी भली चची जो अपना मोमेंट एन्जॉय कर रही थी उनको रुला दिया उसने. आगे बढ़ अंशु निशा को गले से लगा लेती है.

अंशु : अरे अरे चची? आप रो क्यों रही हो? प्लीज आप चुप हो जाइये सबसे पहले. और सुनिए...

निशा थोड़ी देरर तक रोटी hi रहती है, अंशु की बात का कोई असर नहीं हो रहा था उसपर. थोड़ी देरर बाद काफी देरर तक अंशु के मनाने पर निशा शांत हुई पर अभी भी उसकी नज़रे नीचे hi थी और ासु अभी भी आँखों में थे.

अंशु : चुप हो गयी? गुड! अब सुनिए..

में आपसे बिलकुल भी नाराज़ नहीं हु. और ना hi में ये बात किसी को बताउंगी. ये बात सिर्फ मेरे और आपके बीच hi रहेगी. हमेशा के लिए!

अंशु की बात सुन्न एक बार फिर निशा सन्न रह गयी. पहले कहती है मेने आपको भाई के साथ सेक्स करते देखा है और अब कह रही है की नाराज़ नहीं है और किसी को नहीं बताएगी? चल क्या रहा है ये?

वो घर के अंशु को देखने लगती है. बदले में अंशु सिर्फ मुस्कुरा देती है.

अंशु : अब आप मेरी पूरी बात सुनिए उसके बाद आप कहना okay? तोह उस रात जब आप और भाई एक दूसरे के साथ वो कर रहे थे तब में नेहा और तानिया दीदी के साथ उसके रूम में hi सो रही थी. पर रात में बोतल में पानी ख़तम हो गया था और इस लिए में किचन जाने के लिए बाहर निकली. पर भाई के रूम से आवाज़ें सुन्न में थोड़ा कन्फ्यूज्ड थी की अंदर चल क्या रहा है. इसलिए... इसलिए मेने कीहोल से झांक कर देखने की कोशिश की. और जो मेने सामने देखा, उससे देख के मेरे तोह होश hi उड़द गए थे.

अंशु के इस तरह कहने से फिरसे निशा की रुलाई फूट पड़ती है. क्या सब कुछ बिखर गया? क्या अब सब ख़तम?

अंशु : उस रात मुझे नींद hi नहीं आयी. पर अगली hi सुबह में बोहत खुश थी. आपको याद है चची? आपने मुझसे दिवाली वाले दिन पूछा था सुबह सुबह की में आज इतनी खुश क्यों लग रही हु. तोह मेने कहा था की आज दिवाली है इसलिए में खुश हु

निशा : *नॉड्स*

अंशु : पर सच ये है की में... में दिवाली की वजह से खुश नहीं थी. दिवाली तोह हर साल आती है. में आपकी वजह से खुश थी.

निशा (सुरप्रीसेड) : k...kya?

अंशु : हां चची! आपने एकदम सही सुना. में आपकी वजह से hi खुश थी. मुझे पता है की आपके और भाई के रिलेशनशिप की शुरुआत तोह आपने hi की होगी. क्युकी वो तोह इसकी शुरुआत कर hi नहीं सकता. में उससे अच्छे से जानती हु. (अब जो बाँदा अपनी बहिन के कहने पर उससे किश तक नहीं कर रहा था वो अपनी माँ के साथ अपनी मर्ज़ी से सेक्स कैसे कर सकता है भला? हम्फ! बताती हु भाई को बाद में... पहले मुझे चची को अपनी टीम में लेना होगा)

अंशु की बात सुन्न एक बार फिर निशा पूरी शर्मिंदगी के मारे नीचे सर झुका लेती है.

अंशु : पर में खुश हु. और इसमें आपकी कोई गलती नहीं है चची. में आपको बचपन से जानती हु. आपने बिना कोई कारण के ये सब नहीं किया होगा बोलिये है न?

निशा धीरे से हां में सर हिला देती है,

अंशु : ी कनेव आईटी. मेरी चची बेस्ट चची है. और आपको उदास होने की या शर्मिंदा होने की या गिलटी फील होने की कोई ज़रुरत नहीं है. में आपसे ना hi नाराज़ हु और ना hi मुझे आपसे कोई शिकायत है.

निशा : *कन्फ्यूज्ड*

अंशु : आप ने जो भी किया वो सोच समझ कर hi किया होगा. और भाई भी तोह राज़ी हो गया न? मतलब इसमें आप दोनों की सहमति थी. (मुझे चची को बड़े hi प्यार से समझाना होगा)

निशा : tum...tum मुझसे नाराज़ नहीं हो? Tumm...tumhe हैरानी नहीं हुई ये जान कर?

अंशु : हैरानी हुई थी चची पर अगले दिन सब सही हो गया. और में बोहत खुश हु अब.

निशा : क्यों? तुम खुश क्यों हो? तुम्हे तोह मेरी हस्सी उड़ानी चाहिए. मेरे ऊपर इलज़ाम लगाना चाहिए. मेरी हरकत सबको बताना चाहिए. फिर क्यों? तुम ऐसा क्यों कर रही हो?

अंशु का बेहेवियर वाक़ई निशा की समझ से बहार हो रहा था. उसने ऐसा कभी नहीं सोचा था की अंशु सच जान ने के बाद भी ऐसे रियेक्ट करेगी. उसका मक़सद क्या था आखिर?

अंशु : क्या बोल रही हो चची? में क्यों अपनी इतनी प्यारी चची की बदनामी होने दूंगी? में तोह उन्हें उल्टा इस बात से उन्हें बचाऊंगी, न की उन्हें बर्बाद होने दूंगी?

निशा : wa..wahi मेरी समझ में नहीं आ रहा है. की क्यों?

अंशु : क्यों?? वेल!! सच कहु तोह बदले में मुझे भी आपसे कुछ चाहिए

निशा : k...kya चाहिए!?

अंशु : wo...wo...mujhe bhi...mujhe भी भाई चाहिए.

निशा : हँ!?

अंशु : में आपको सब बताती हु. वंशु दी और में... भाई से... भाई से प्यार करते है. सच्चा वाला प्यार. भाई बहिन वाले से बढ़ कर.

*साइलेंस*

निशा : kyaaaaaaaaaaaa?????

अंशु : हां चची

निशा : ek...ek मिनट वंशु को तोह मुझे समझ में आता है पर तुम...!?

अंशु : व्हाट? वंशु का क्या समझ में आता है? आपको कैसे पता वंशु दी भाई से प्यार करती है?

निशा : wo...mujhe आभास हो गया था. जिस तरह से वो बेतु को देखती है और हरकते करती है मुझे शक था की दोनों के बीच कुछ है और में सही nikli...par तुम!?

अंशु : chachi...sach बात ये है की वंशु दी तोह प्यार करती hi है भाई से पर में भी करती हु. बोहत ज़्यादा. मेने उन्हें बोहत मनाया पर वो हमेशा मुझसे दूर जाने की कोशिश करते रहते है. इसलिए... इसलिए मुझे आपका सपोर्ट चाहिए चची.

निशा : k..kesa सपोर्ट?

अंशु : आपको बस राज़ी होना है की आप मेरे और भाई के रिलेशनशिप के खिलाफ नहीं हो.

निशा : ये tu...kya कह रही है? तुम dono...bhai बहिन हो

अंशु : चची क्या आप भूल गयी? आप और भाई तोह माँ बेटे हो. फिर में और भाई क्यों नहीं? में भी तोह भाई से बोहत प्यार करती हु. प्लीज चची. आपको परमिशन देनी hi होगी... ज़रा सोचिये... बदले में में आपकी कितनी मदद कर सकती हु. में सभी को दूर सकती हु जब आपको और भाई को अकेले रहना होगा. में निगरानी रख सकती हु हम दोनों कितनी साड़ी बातें शेयर कर सकते है. प्लीज चची. मान जाइये. मुझे भाई से अलग मत कीजिये. में और वंशु दी दोनों hi उनसे जी जान से प्यार करते है.

निशा इतनी भी स्वार्थी नहीं थी. उससे पता था की अंशु का मक़सद यही था. अब निशा कैसे मन कर सकती थी? अंशु ने उसको राहुल के साथ सेक्स करते देखा था. और अब बदले में अंशु को राहुल चाहिए तोह भला निशा कैसे मन कर सकती है? या यु कहे की वो उस पोजीशन पे नहीं थी की अंशु को मन कर सके.

निशा : में उस ओहदे पे नहीं हु बीटा की में तुम्हे मन कर सकू...

अंशु : चची आप भाई की माँ हो. मुझे आपका सपोर्ट चाहिए. बदले में में आपकी पूरी मदद करुँगी. तोह अब बताइये की क्या आप मेरी टीम में हो?

निशा : *नॉड्स*

अंशु (हुग करते हुए) : ओह्ह्ह छाछी

ी लव यू सूऊओ मच. आप दुनिया की बेस्ट चची हो. फाइनली अब में भाई के साथ खुल के प्यार कर सकती हु. और मेरा आपको पूरा सपोर्ट है चची. जब भी आपको मेरी ज़रुरत हो आप बिना झिजक के मेरी हेल्प मांग लेना. अब आप और में बेस्ट फ्रेंड्स है. हहै!

दोनों अंशु और निशा इस दौरान अब नए दोस्त बन चुके थे. अब क्या रंग लाएगी इनकी ये दोस्ती? अंशु की टीम में निशा जो आ गयी है. और किसको अंशु अपनी टीम में लेगी?

खर्र! इधर राहुल मोनिका को ड्राप करके घर आया तोह लिविंग रूम में उससे वंशु और तनीषा दिखाई दी. नेहा और तानिया नहीं थी. और ना hi निशा और अंशु मौजूद थी.

राहुल के घर आते hi वंशु दौड़ के उसकी बाहो में चली गयी, "कुटी..."

राहुल को डर था की क्या तनीषा वंशु को समझा पाएगी? उसके जाने के बाद दोनों के बीच क्या बातें हुई और क्या फ़र्क़ पड़ा उन् बातो का वंशु पर यही बात राहुल को जान नई थी.

अभी वो कुछ पूछता उसके पहले hi वंशु ने राहुल के होंठ अपने क़ब्ज़े में ले लिए.

"Ummmmmmmmmmmmmm mmmmmmmmmmm"

करीब 5 मिनट की इस धमाकेदार किसिंग के बाद तनीषा जो वही कड़ी थी कैसे पीछे हट सकती थी?

वंशु के साइड होते hi वो राहुल के पास आयी और उससे झपट के अपनी और खींच के उसके होंठ अपने मुँह में भर लिए,

"ओह्ह्ह्ह डार्लिंग...."

इधर तनीषा और राहुल को किसिंग कार्टर देख वंशु को थोड़ी जलन तोह हो रही थी पर अभी कुछ देरर पहले hi तनीषा ने उससे समझाया था की वो सब राहुल की है, राहुल किसी एक का नहीं है

और तनीषा तोह उसकी अब बड़ी बहिन सामान थी. इसलिए उसने अपने जलन वाले भाव को ख़तम किया और मुस्कुराते हुए दोनों को देखने लगी.

राहुल ने एक एक हाथो में दोनों की कमर पकड़ी और अपने सीने से लगा लिया.



68747470733a2f2f73332e616d617a6f6e6177732e636f6d2f776174747061642d6d656469612d736572766963652f53746f7279496d6167652f4f3965345a544f38792d504d37773d3d2d3335383634363431382e313439613734316439383064333837.gif




तनीषा : डार्लिंग? तुम्हे डर नहीं लग रहा की किसी ने यदि देख लिया तोह क्या होगा?

राहुल : में तोह अपनी बीवियों से प्यार कर रहा हु, तोह फिर केसा डर.

ये बात सुन्न तनीषा तोह खुश हुई hi थी पर वंशु की ख़ुशी सातवे आस्मां पर थी. क्या अभी अभी राहुल ने 'बीवियों' कहा? मतलब? मतलब राहुल ने उससे बीवी के रूप में स्वीकार कर लिया?

ख़ुशी के मारे उसके ासु निकल आये और वो राहुल से यु hi चिपकी रही.

तनीषा : डार्लिंग! अब मुझे चलना चाहिए.

राहुल : इतनी जल्दी?

तनीषा : इतनी जल्दी कहा? पूरी रात रुकी थी में.

राहुल : हां पर...

राहुल तनीषा के साथ एन्जॉय hi नहीं कर पाया था इसलिए उस को बड़ा hi अफ़सोस हो रहा था की काश थोड़ा समय वो तनीषा के साथ बिता पाटा, इधर तनीषा समझ गयी थी की राहुल किस बात से नाराज़ है इसलिए वो राहुल के कान में बोली,

"तुम घर आ जाना डार्लिंग... जो चाहे कर लेना वह."

उसकी बात सुन्न राहुल के लुंड महाराज फौरन उठ खड़े हुए. एक नशा सा था तनीषा के शब्दों में. बाद में तनीषा एक और किश देते हुए अपने घर की और चल देती है.

वंशु : क्या कहा था दीदी ने तुम्हारे कान में?

राहुल : दीदी?

वंशु (ब्लश) : हां! अब वो मेरी दीदी है.

राहुल : (लगता है मेरी तनीषा ने वंशु दी को बड़े hi प्यार से समझाया है. थैंक्स तो हेर. में सोच रहा था की दिवाली में मेरी बंद न बज्ज जाए बूत ी गोत सेव्ड. ी लव आल थ्री ऑफ़ थम) वैसे... अब आप नाराज़ तोह नहीं हो न ?

वंशु : नहीं... I'm हैप्पी नाउ.

दोनों आगे बढ़ एक दूसरे को जकड के एक स्वीट किश में खो जाते है तभी उनके कानो में एक आवाज़ पड़ती है,

"ओह्ह्ह होऊ क्या रोमांटिक सन चल रहा है यहाँ तोह!?"

ये आवाज़ अंशु की थी. उसको यहाँ देख वंशु की हालत थोड़ी पतली हो गयी. उससे पता था की अंशु कुछ नहीं बताएगी किसी को पर फिर भी उससे उनकंफर्टबले तो फील हो hi रहा था.

राहुल : अंशु तुम...!?

वो बड़े hi अदा से कमर मटकाती हुई आयी और राहुल के कानो में बोली,

"बे प्रेपरेड़ फॉर टुनाइट बीआरओ. You'll गेट ा हूजे सरप्राइज."

और अगले hi पल उसने राहुल के गाल पे एक पापी चिपकायी और आँख मारते हुए चली गयी.



68747470733a2f2f73332e616d617a6f6e6177732e636f6d2f776174747061642d6d656469612d736572766963652f53746f7279496d6167652f4a687541614b57585831427076413d3d2d3234312e313465353335633233616365633630343530333530.gif




इधर राहुल तोह सुरप्रीसेड था hi पर वंशु तोह हक्की बक्की सी कड़ी हुई थी.

तब तक आइये नेहा के कमरे की तरफ चलते है,

नेहा लेती हुई कुछ सोच रही थी की तभी उससे निकिता का कॉल आया,

नेहा : hello?

निकिता : hello नेहु... अरे यार बोहत प्रॉब्लम हो गयी है

नेहा : क्या हुआ अब?

निकिता : अरे यार... वो... पियूष यार

नेहा : पियूष क्या? क्या हुआ?

निकिता : अरे यार मुझे खबर मिली है की वो मुझे प्रोपोज़ करने वाला है

नेहा : हाहाहाहा! तोह जा न, बना ले उससे अपना बर्फ

निकिता : जस्ट शट उप नेहु! क्या बक्क रही है. वो मेरा बस अच्छा फ्रेंड है पुराना. में उस से कोई प्यार व्यार नहीं करती. समझी? यदि उसने मुझे प्रोपोज़ किया toh...tujhe पता है न? हमारी फ्रेंडशिप खराब हो जाएगी. हो सकता है की हम फिर से वापस फ्रेंड्स न बन्न सके. में वो फ्रेंडशिप टूटने नहीं देना चाहती. में चाहती हु की जैसा चल रहा है वैसा चलने दू.

नेहा : तोह उसको कह दे की तुझे बर्फ नहीं चाहिए है अभी.

निकिता : तू पागल है क्या? में एकदम से उससे ये कैसे कह सकती हु? वो सोचेगा की मेने जान बुझ के उसके लिए ऐसा कहा. नहीं नहीं... तू कुछ आईडिया निकाल न जल्दी...

नेहा : अबे मेरे से क्या पूछ रही है. में क्या कोई लव गुरु हु? में भी तोह तेरी तरह कबसे सिंगल hi हु न.

निकिता : यार तू किसी काम की नहीं है. में राहुल भैया से hi बात करती हु. हपंच! वो मेरी हेल्प ज़रूर करेंगे.

नेहा : ोईए... धोकेबाज़ कही की... हपंच!

और कॉल एन्ड हो जाता है.

इधर नेहा का कॉल एन्ड होते hi राहुल का फ़ोन बजने लगता है, कॉलर थी निकिता,

राहुल : hello?

निकिता : hello राहुल भैया! मुझे आपसे बोहत ज़रूरी बात करनी है और आपकी हेल्प भी चाहिए है.

राहुल : क्या हो गया निकिता?

निकिता : पहले आप प्रॉमिस करिये की आप मेरी हेल्प करोगे.

राहुल : ok ok... ी प्रॉमिस. अब बताओ तोह.

निकिता : फ़ोन पे नहीं. कल आप मुझे क्सक्सक्सक्सक्स कैफ़े में मिलना. Okay?

राहुल : okay फाइन!

ये शाम भी यु hi गुज़र गयी और रात में सभी ने भोजन किया और अब बारी थी सोने की. रात में थोड़ी देरर टीवी देखने के बाद जब राहुल अपने रूम के लिए ऊपर पहुचा और उसने दूर खोला तोह सामने का दृश्य देख के उसके होश hi उड़द गए.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi फ्रेंड्स.

थैंक्स!
 
अपडेट - 58

अब तक...

निकिता : फ़ोन पे नहीं. कल आप मुझे क्सक्सक्सक्सक्स कैफ़े में मिलना. Okay?

राहुल : okay फाइन!

ये शाम भी यु hi गुज़र गयी और रात में सभी ने भोजन किया और अब बारी थी सोने की. रात में थोड़ी देरर टीवी देखने के बाद जब राहुल अपने रूम के लिए ऊपर पहुचा और उसने दूर खोला तोह सामने का दृश्य देख के उसके होश hi उड़द गए.

अब आगे...

Saamne...saamne उसके बीएड पर अंशु सिर्फ ब्लैक कलर की ब्रा और पंतय में लेती हुई थी और बगल में वंशु बैठी हुई थी पर उसने कपडे पहने हुए थे और उसकी नज़रे नीचे थी और चेहरे पर लाली.





व्हाट थे फ़क? मैं में राहुल के यही शब्द गूंजे. क्या चल रहा है? उससे अपनी आँखों पर विश्वाश hi नहीं हुआ. आज पहली बार वो अंशु को ब्रा और पंतय में देख रहा था. सामने का नज़ारा देख राहुल के लुंड महाराज खड़े न हो ऐसा कही हो सकता है?

वाक़ई! अंशु सच में बेहद ख़ूबसूरत थी. यदि सबसे ज़्यादा सुन्दर किसी का चेहरा था तोह वह अंशु का hi था.

अंशु और मिस मोनिका का चेहरा एक दूसरे को टक्कर दे सकता था. सुंदरता इतनी की पूछो मत. ऐसा नहीं था की बाकी लड़किया सुन्दर नहीं थी पर अंशु और मोनिका का चेहरा थोड़ा हट के hi था. पूरा परफेक्ट. तीखे नैन, पतली और एकदम परफेक्ट नाक, गुलाबी गाल बिना कोई एक्स्ट्रा फैट के, और ख़ूबसूरत गुलाबी होंठ जिनमे ऊपर का होंठ पतला और नीचे का थोड़ा बड़ा, किश करने में तोह आदमी उन् रसीले होंठो में hi खो जाए.

राहुल के मुँह से शब्द hi नहीं निकल रहे थे, उसकी कुछ समझ में hi नहीं आ रहा था की वो कैसे रियेक्ट करे. बस शांत और शॉकेड होक वो वही खड़ा हुआ था.

इतने में अंशु उठी और अपनी कमर मटकाती हुई राहुल के पास आयी, दूर को लॉक किया अंदर से और उसका हाथ अपने हाथो में थाम उससे बीएड की तरफ ले गयी और उसकी छाती पे धक्का देके बीएड पे बैठा दिया.

अंशु : भाई!! अब किस बात का इंतज़ार कर रहे हो? सब कुछ आपके सामने तोह है.

राहुल : ......

अंशु आगे बढ़ राहुल का हाथ थाम लेती है. बेचारा राहुल, उसकी नज़रे अंशु की छाती से अलग hi नहीं हो पा रही थी.

राहुल : वंशु dii...aap? ये सब..!?

अंशु : वंशु दीदी की टेंशन मत लो आप. वो बस थोड़ा शर्मा रही है और कुछ नहीं. क्यों है न दीदी?

अंशु के सवाल पर वंशु शर्म के मारे सर नीचे कर ली. सामने उसकी छोटी बहिन ब्रा पंतय में कड़ी हुई थी और उसका कुटी भी उसके सामने बैठा हुआ था, उससे समझ नहीं आ रहा था वो कैसे रियेक्ट करे.

अंशु : यार! ऐसे hi चलता रहा तोह कभी कुछ नहीं हो पाएगा. भाई, दीदी! I'll बे फ्रैंक. भाई! ी लव यू. में आपसे प्यार करती हु और दीदी भी आपसे प्यार करती है. में आपके और दीदी के बारे में सब कुछ जानती हु और आप सब भी ये जानते है की में भाई से बोहत प्यार करती हु. तोह अब इसमें इतना क्या झिझकना? और इतना क्या शर्माना दीदी?

हम सब साथ में रहेंगे, दीदी आप और में भाई से खूब प्यार करेंगे. तोह फिर आप ऐसे क्यों झिजक रही हो?

वंशु : छोटीइ...

अंशु : आप ये मत सोचिये की आप अपनी छोटी बहिन के सामने प्यार कैसे करेंगी... कुछ मत सोचिये. बस भाई से प्यार करिये. अब में और कुछ नहीं बोलूंगी.

अंशु इतना बोल सीधे राहुल पे टूट पड़ती है और एक hi झटके में उसके होंठ अपने होंठो में भर लेती है.

"Mmmmmmmmmmmmmmmmm"

(Omg!! बिलकुल वही एहसास! भाई के honth...kitna तड़पना पड़ा मुझे इनको पाने के लिए. पर आखिर... मुझे जो चाहिए था वो मिल hi गया. भैई...)





इधर वंशु फटी आँखों से दोनों भाई बहिन को किश करते हुए देख रही थी. दोनों पैशनेट किश में डूबे हुए थे. राहुल कोई विरोध नहीं कर रहा था, या यु कहे की उसमे विरोध करने की कोई आत्म शक्ति hi नहीं बची थी. अंशु का आधा नग्न होना और उसके होंठ चूसना, और उसकी बातो के बाद, शायद इन् सबसे राहुल विरोध के बारे में भूल hi चूका था.

अंशु ने राहुल को धक्का देके बीएड पे लिटाया और उसके होंठ फिरसे एक बार चूसने लगी. इधर वंशु स्तब्ध सी बस सामने हो रहे दृश्य को देखे जा रही थी. जलन? उत्तेजना? प्यार? कुछ मिले जुले भाव उसके मैं में चल रहे थे.

इधर अंशु एग्रेसिव हो गयी और स्मूचिंग के दौरान hi उसने राहुल की शर्ट उतार फेकि.

5de09f4a2438dd27ce84fabaa7cfba15.gif


सामने राहुल की मस्त बॉडी थी जिसपर अंशु ने धावा बोल दिया था और उसके सीने की हर एक जगह को चूम और चाट रही थी.

अंशु : ी लव यू भाई!! कितना तड़पाया है आपने मुझे...

राहुल : अंशु...

राहुल कहते हुए एक बार वंशु की तरफ देखता है जो उन्ही दोनों को घर रही थी. पर अंशु उसके चेहरे को थाम के अपनी तरफ कर लेती है,

अंशु : मत देखिये उधर. उन्हें आपसे प्यार नहीं करना तोह मत करने दो. में यहाँ आपको पूरा प्यार दूंगी. आपको हर ख़ुशी दूंगी. आ जाओ भाई...!! मुझ को दबोच लो...

कहते हुए अंशु अपनी ब्लैक ब्रा उतार देती है और उसके गोर गोर सुडोल स्तन उछालते हुए राहुल की आँखों के सामने आ जाते है. लुंड महाराज भी एक्साइट होक एक और झटका मार देते है.

वंशु हर्र एक दृश्य को फटी आँखों से देख रही थी. ये उसकी छोटी बहिन थी? और उसकी छोटी बहिन के साथ उसका प्यार - कुटी..!?

आगे बढ़ के अंशु राहुल का हाथ थाम के अपने गोर गोर उरोज पर रखवा लेती है. उफ्फफ्फ्फ़!! क्या फीलिंग थी! राहुल के पूरे हाथ में एक बड़ा सा दूध था और उसकी हथेली पर वो कड़क गुलाबी निप्पल किसी तीर की तरह चुभ रहे थे.

उस से रहा न गया और उसने आगे बढ़ अंशु के दुसरे दूध को अपने मुँह में झट से भर लिया,

"आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह" एक सिसकी अंशु के मुँह से निकल गयी और उससे इतना आनंद आया. ये पहली बार था जब राहुल ने खुदसे पहल करते हुए अंशु से प्यार किया. अंशु को आज अपने स्तनों पर बड़ा hi गर्व महसूस हो रहा था.

tumblr_oe889q1o7Y1vvuoufo1_500.gif


इधर उसकी बड़ी बहिन वंशिका की हालत अब बिगड़ने लगी थी. निचला होंठ दातो टेल दबाए अब उसकी सासें तेज़्ज़ हो चली थी. अंशु और राहुल तोह वंशु की तरफ ध्यान hi नहीं दे रहे थे. शायद अंशु अपनी बड़ी बहिन को जान बुझ कर जला रही थी ताकि उसकी शर्म हया ख़तम होये और वो खुल के राहुल से प्यार कर सके.

अंशु : omg! भाई... एससससस ssssssssss ummmmmmmmmmmmmm सूचक थम भाई. सूचक माय टिट्स!!! और जोरर से चुसोऊ... ओह येअहहहहहह!!!

इधर अब वंशु से रहा नहीं गया और उसने भी अपना टॉप और पयजामा उतार दिया और अब वो केवल ब्रा और पंतय में थी. वंशु के बूब्स अंशु से बड़े थे और थोड़े मुलायम थे.

वंशु अपने निचले होंठ को दबाते हुए अपनी छूट को पंतय के ऊपर से hi मसल रही थी और उखड़ी उखड़ी सासें ले रही थी.

"किश में भाई..." कहते हुए अंशु राहुल के होंठ पागलो की तरह चूसने लगी और फिर शुरू हुआ जुबां का खेल. काफी देरर तक दोनों एक दूसरे की जुबां से थूक का मेल मिलाप कर गहरी किश में खो चुके थे.

एकदम से अंशु ने फिर राहुल को दूर किया और सीधे वंशु की तरफ धक्का दे दिया. अचानक हुई इस हरकत से राहुल और वंशु की आँखें एक दूसरे से जा मिली. दोनों की आँखों में एक तालाब और एक प्यास दिखाई दे रही थी. और अगले hi पल दोनों एक दूसरे के ऊपर टूट पड़े.

जोरर जोरर से एक दूसरे के होंठो को चूस *स्लुर्प स्लुर्प* की आवाज़ें निकाल रहे थे. अब न तोह कोई शर्म का ध्यान था वंशु को और ना hi कोई झिजक थी

पीछे से अंशु भी राहुल से चिपक गयी, उसके नंगे दूध राहुल की पीठ पर मस्सगे कर रहे थे और अंशु के होंठ राहुल की गर्दन और कान की चुसाई में लग जाते है.

कुछ देरर की यु चुसाई के बाद अंशु झुक के वंशु की पंतय एकदम से खींच के निकाल देती है और सामने हलके बाल से सजी हुई छूट राहुल और अंशु की आँखों के समक्ष हाज़िर थी. बिलकुल भी देरर न करते हुए अंशु ने वंशु की छूट को अपने मुँह में भर लिया, जिस कारण वंशु को एक तेज़्ज़ झटका लगा और उसकी एक दमदार सिसकी राहुल के होंठो में hi डब्ब गयी.

वंशु : छोटी??? ये तू क्या...??

अंशु : अब से हम तीनो ऐसे hi एक दूसरे से प्यार करेंगे. ी लव यू भाई? ी लव यू दीदी!!

वंशु (नम्म आँखों से) : छोटीई... ी लव यू तू! ी लव यू कुटी...

राहुल : ी लव यू वंशु दी! लव यू तू अंशु...

राहुल इतना बोल वंशु की ब्रा निकाल फेक देता है और आज उसके सामने वही दूध थे जिन्हे वो कुछ दिनों पहले जम्म के चुस्त था. पर वंशु के जाने के बाद तोह जैसे वह तनहा से हो गए थे.

राहुल : कितना मिस किया मेने इन्हे...

वंशु : अच्छा? सिर्फ इन्हे hi मिस किया?

राहुल : आपको भी मिस किया, आपके बिना तोह में अकेला अकेला सा फील करता था. आपने बिना में अधूरा हु दी...

वंशु (नम्म आँखों से) : तोह देख क्या रहा है कुटी? चूस न इन्हे...

और राहुल मुस्कुरा कर आगे बढ़ वंशु के दूध मुँह में भर लेता है. जोरर जोरर से चुसाई कर उनको मसलते हुए राहुल किसी भूके भेड़िये की तरह उन् उरोजों को खा रहा था. कभी निप्पल को मुँह में भरता, कभी जीभ फिराता, कभी उन्हें काट लेता, कभी पूरा का पूरा दूध मुँह के अंदर कर लेता.

two_men_suc-7679.gif


वंशु तोह दो दो हमलो से पागल हुई जा रही थी. ऊपर राहुल के मुँह का हमला और नीचे उसकी बहिन अंशु के मुँह का हमला.

वंशु से रहा नहीं गया और उसका ओर्गास्म हो hi गया जो अंशु को स्वाद में थोड़ा अजीब लगा पर फिर भी उसने चाट लिया.

unnamed.gif


उसने पीछे से फिर राहुल का लोअर भी उतार दिया और फिर उसकी और खुदकी अंडरवियर भी. अब तीनो लोग कम्प्लीटली नंगे हो चुके थे. अंशु पीछे से राहुल की चूतड़ दबाने लगती है और बीच बीच में अपनी गोरी छूट को राहुल के चूतड़ों से घिसने लगती है,

"आआह्ह्ह...."

वो तोह अच्छा था की वंशु और राहुल किश करे जा रहे थे तोह आवाज़ सिर्फ हलकी हलकी hi आ रही थी. वर्ण अब तक तोह तानिया और नेहा को पता चल गया होता की क्या हो रहा है अंदर. अंशु भी अपनी सिसकियों पर कण्ट्रोल की हुई थी.

तभी पीछे से अंशु लेत जाती है और राहुल की टांगो के नीचे आ जाती है. अब उसके सामने राहुल का लुंड था. लुंड देख अंशु की आँखें बड़ी हो जाती है. और वो पहले राहुल के टोपे को एक चुम्मी देती है. आखिर ये पहली बार था जब वो किसी जवान लड़के का लुंड देख रही थी और पहली बार ब्लोजॉब देने जा रही थी. सुपाड़ी पर एहसास होते hi राहुल को झटका लगा और उसकी एक आह निकल गयी. वंशु ने भी राहुल का लुंड देखा और उसकी आँखें बड़ी हो गयी.

और फिर शुरू किया अंशु ने ब्लोजॉब देना. मुँह में थोड़ा सा भर के वो आगे पीछे करती, कभी राहुल के तत्तो को मुँह में भर्ती, उससे चाट टी, शुरू शुरू में उससे बड़ा hi अजीब लगा पर जब थूक की मात्रा लुंड पर बढ़ गयी और एक स्वाद सा बन्न गया, उसके बाद तोह अंशु को इतना मज़ा आने लगा की वह लोल्लिपोप की तरह उससे चूसने लगी, कभी अपने होंठो पर रगड़ती, कभी मुँह में भर्ती.

429061.gif


अंशु : ओह्ह्ह्हह g*d ये क्या है भाई?? इतना अच्छा लग रहा है, मैं कर रहा है आपका लुंड खा जाऊ भाई... मुझे कुछ हो रहा है भाई...

अंशु अब हॉर्नी हो चुकी थी. उसके मुँह से 'लुंड' सुनते hi राहुल का लुंड झटका मार दिया.

अंशु : omg भाईयो!! इससे रगड़ो न प्लीज... मेरे चेहरे पर रगड़ो न... मेरा पूरे चेहरे पर फिराओ भाई... भाई प्लीज... ओह्ह्ह g*d... मुझे क्या हो रहा है.

cute-girl-rubs-dick-on-her-face.-addictivegallery.com_.gif


उसकी बातें सुन्न राहुल को भी बोहत जोश चढ़ जाता है और वो अंशु का चेहरा पकड़ अपना लुंड जोरर जोरर से उसके इतने ख़ूबसूरत चेहरे पर रगड़ने लगता है. उससे विश्वाश hi नहीं हो रहा था की इतने सुन्दर चेहरे वाली ख़ूबसूरत लड़की जो उसकी बहिन थी, वो उस से उसके लुंड की भीख मांग रही थी की वो अपना लुंड उसके चेहरे पर रगड़े. आज राहुल को अपने लुंड पे बोहत गर्व हो रहा था.

08806f6a-552f-4bb7-bea7-19aaf697d750.gif


राहुल की सिसकिया निकलना चालु हो गयी थी. वो लुंड को अंशु के पूरे चेहरे पर रगड़ रहा था, कभी सुपाड़ी को उसके होंठो से रगड़ता, कभी उसकी नाक से, कभी आँखों से, कभी गालो से, कभी लुंड उसके मुँह के अंदर ठूस देता और जोरर से आगे पीछे करने लगता.

और अब टाइम आ गया था मैं काम का.

अंशु : दीदी! आप पहले

कहते हुए अंशु ने राहुल के लुंड को एक बार और पूरा अच्छे से चूस के गीला किया और वंशु की छूट भी चाट की एकदम गीली कर दी. अब यहाँ से गाडी राहुल को सम्भालनि थी. अंशु जाके अपनी बहिन के चेहरे के पास बैठ गयी ताकि यदि चींख निकले तोह वो उससे किश करके दबा दे.

राहुल : kya...aap...!??

इस से पहले की वो कुछ बोलता अंशु उसके होंठो पर ऊँगली रख उससे चुप करा देती है,

"में और दीदी दोनों hi तैयार है भाई हम दोनों आपसे प्यार करते है. आज आप हमे अकेले न चोर्रो भाई. अपना लो हमे. हमे अपना बना लो भाई. फ़क उस भाई"

राहुल हां में सर हिलाता है,

"वंशु दी! दर्द होएगा शुरू में बूत बाद में अच्छा लगने लगेगा. आप तैयार हो न"

बदले में वंशु भी हां में सर्र हिलाती है, और राहुल लुंड को छूट की एंट्री में रखता है और एक नज़र वंशु पर डालता है और फिर एक तेज़्ज़ शॉट मारता है, जिस से वंशु की चींख निकलती है पर अंशु उससे किश करके चींख को मुँह में दबा लेती है. लुंड का टोपा घुस झुका था. 1 मिनट बाद राहुल एक और धक्का मारता है तोह उसका लुंड करीब आधा अंदर चला जाता है. और इसी शॉट से वंशु एक औरत में बदल जाती है. विर्जिनिटी टूट चुकी थी. वंशु का हैमेन टूट चूका था. और उससे अतयंत दर्द की अनुभूति हो रही थी.

आँखों से ासु निकलना स्टार्ट हो चुके थे पर अभी भी उसके होंठ अंशु के होंठो में क़ैद थे. इधर राहुल को ऐसा फील हो रहा था जैसे उसका लुंड किसी भट्टी में घुस गया हो. इतनी तिघटनेस, और इतना ज़्यादा तापमान. ऐसा लग रहा था छूट लुंड को कच्चा चबा जाएगी.

2 मिनट बाद एक गहरी सास लेके राहुल ने पूरा का पूरा लुंड अंदर पेल दिया जिस के चलते बेचारी वंशु की आँखें hi पलट गयी और उसकी पीठ किसी चउरवे की तरह हो गयी थी. राहुल ने उसकी ऊपर लेत उससे सांत्वना दी की बस हो गया जितना दर्द होना था और उससे किश करने लगा और दूध दबाने लगा.

अंशु ऊपर से हटके राहुल के पीछे आयी. उसके सामने राहुल की गांड थी और सिर्फ उसके टट्टे hi नज़र आ रहे थे बाकी पूरा का पूरा लुंड उसकी बहिन वंशु की छूट में समा चूका था. वो यही सोच रही थी की इसके बाद यही लुंड उसकी छूट में भी जाएगा. सामने का नज़ारा देख उसकी उत्तेजना इतनी बढ़ गयी की वो झुक के राहुल के टट्टे और लुंड और छूट के कनेक्टेड part को चाटने लगी. इस कारण दोनों राहुल और वंशु को इतना मज़ा आने लगा की धीरे धीरे वंशु का दर्द भी काम हो गया.

keisha-grey-vixen-threesome-sex.gif


करीब 10 मिनट बाद वंशु थोड़ा सा हिली और अपनी कमर चलायी जिस से उससे बोहत hi अच्छा लगा. ये देख राहुल ने थोड़ा लुंड बहार निकला तोह वंशु की आह निकल गयी. राहुल हलके हलके धक्को से छोड़ना स्टार्ट कर दिया. और वंशु इधर मस्ती में खो गयी.

वंशु : ोुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह माय g*d.. कुटीऐई

क्या यही है सेक्स??? Haaayeeee....ssssss

कतीईई! ी लव यू सोऊ मछःह.....

फ़क me...fuck योर सीस कुटी.... और.. आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.......

Ummmmmmmmmmmmmm hmmmmmmmmmmmmmmmm......

Yesssssss....oooo yessssss.....haaa....

और धीरे धीरे शुरू हुए ताबड़तोड़ धक्के, लुंड किसी पिस्टन की तरह अंदर बाहर हो रहा था. वंशु की आँखों से ासु निकल रहे थे. पर ये ख़ुशी के थे. उससे आज वो प्राप्त हो गया था जिससे उसकी तलाश थी. अब वो पूरी तरह से राहुल की थी. उससे अपना प्यार मिल चूका था और इस बात के लिए आज उसकी ख़ुशी का कोई ठिकाना hi नहीं था

8C5AACF.gif


अब उससे समझ आ गया था, की अंशु क्यों उससे आगे बढ़ने के लिए कह रही थी. तोह ये आनंद छुपा हुआ था?? हाय! कितनी बुद्धू थी वह! जो पहले ये सब नहीं करि.

छोड़ते छोड़ते राहुल झड़ने के करीब जब आ जाता है तोह वंशु समझ जाती है और उसकी कमर को टांगो से बाँध लेती है, इशारा था की छूट में hi झरो. राहुल कुछ और ताबड़तोड़ धक्को के बाद वंशु की छूट में hi जहर जाता है. और लुंड बाहर निकल कर वंशु की साइड में लेत जाता है.

दोनों जहर चुके थे और दोनों की सासें तेज़्ज़ चल रही थी. तभी वंशु को अपनी छूट पर किसी की जीभ का एहसास होता है, आँखें खोल कर देखती है तोह पाती है की अंशु उसकी छूट से बह रही क्रैंपी को चाट रही है और खा रही है. ये पहले बार था जब अंशु क्रैंपी टास्ते कर रही थी. चाहे कितना भी बेकार स्वाद क्यों न हो वो ये कर रही थी. उससे पता था की एक बार जब आदत दाल गयी उसके बाद उससे ये स्वाद अमृत की तरह लगने लगेगा. इसलिए वो अभी से प्रक्टिसे कर रही थी

tumblr_n7ch1fmov51t69ikvo7_400.gif


वंशु सिसकी लेते हुए राहुल से चिपक गयी और उसके गालो पर किश करने लगी.

tumblr_mdgiwgq0HO1rsl8k7o1_400.gif


जब अंशु ने छूट को साफ़ कर दिया उसके बाद वो राहुल के लुंड को मुँह में भर ली और उससे साफ़ करने लगी.

Staci-Carr-sucking-after-facial.gif


ये देख वंशु भी ज्वाइन हो गयी. वो भी पहली बार राहुल का छुम जो टास्ते करने जा रही थी.

Nasty-two-whore-lick-cock-as-a-ice-cream.gif


दोनों बहनो ने लुंड के सुपाड़ी से मुठ को चूस चूस के पूरा निकाल लिया और एकदम साफ़ कर दिया. राहुल लेते हुए दोनों के चेहरे देख रहा था. आज वो ये जान गया था की वो कितना लकी है.

लुंड की चुसाई के बाद अंशु उठ बैठी,

"तोह भाई अब मेरी बारी..."

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi गाइस!

अब ये मत कहना की कलपद कर दिया. अंशु का यहाँ नहीं दिखा सकता क्युकी अपडेट फिर हद्द से ज़्यादा बड़ा हो जाता. इसलिए यहाँ तक वंशु के सन को एन्जॉय करिये. नेक्स्ट अपडेट में अंशु को करना और कहानी का प्लाट भी आगे बढ़ेगा.

थैंक यू!!!
 
अपडेट - 59

अब तक...

दोनों बहनो ने लुंड के सुपाड़ी से मुठ को चूस चूस के पूरा निकाल लिया और एकदम साफ़ कर दिया. राहुल लेते हुए दोनों के चेहरे देख रहा था. आज वो ये जान गया था की वो कितना लकी है.

लुंड की चुसाई के बाद अंशु उठ बैठी,

"तोह भाई अब मेरी बारी..."


अब आगे...

वंशु की ठुकाई के बाद बेचारी वो पास्ट पड़ गयी, थकान में बेचारी निढाल हो गयी और बीएड पर hi सो गयी. इधर अंशु ने अपना खज़ाना खोल दिया और अब केवल राहुल का hi इंतज़ार कर रही थी.

राहुल ने अंशु की छूट देखि जो बिलकुल क्लीन शवेद थी, एक भी बाल नहीं था. गुलाबी रंग की क्लाइटोरिस साफ़ साफ़ नज़र आ रही थी जो राहुल को बोहत ज़्यादा उत्तेजित कर रही थी.

उसने फौरन झुक के अपना मुँह सीधा अंशु की गुलाबी छूट पर दे मारा. राहुल की गरम जीभ का अपनी छूट पर एहसास होते hi अंशु की एक लम्बी सिसकी निकल गयी, आज पहली बार किसी ने उसकी छूट पर मुँह मारा था और वो भी कोई और नहीं उसका भाई, उसका प्यार, उसके अपने राहुल ने hi. मैं में ये सोच कर की अभी उसकी छूट पर उसके भाई का मुँह लगा हुआ है, अंशु और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गयी और सामान्य से हट के वो आज ज़्यादा hi जल्दी चूत गयी.

आज राहुल ने अपनी दोनों बहनो का पानी चख लिया. जैसे hi अंशु ने पानी चोर्रा राहुल ने धीरे धीरे सारा का सारा पानी चाट कर साफ़ कर दिया, उसकी ये हरकत देख अंशु के गाल लाल हो गए. उससे अभी राहुल पे इतना प्यार आ रहा था, की यदि राहुल उस से यदि उसकी जान भी मांगता तोह अंशु ख़ुशी ख़ुशी दे देती. इतना समर्पित हो गयी थी वो इस वक़्त राहुल के लिए. उसकी आँखों में hi प्यार झलक रहा था.

आगे बढ़ के अंशु ने फौरन राहुल के होंठ अपने होंठो में कस लिए और अपने hi पानी का स्वाद चखने लगी. अब चुकी वो वंशु की छूट का पानी पहले hi चख चुकी थी, इसलिए उससे राहुल को किश करने में कोई घिन नहीं आयी और उल्टा वो बड़े hi पैशनेट तरीके से राहुल के होंठ चूस रही थी.

राहुल : अंशु! दर्द hoega...tum

अंशु : में रेडी हु. आप सोच भी नहीं सकते भाई की मुझे इस दिन का कबसे इंतज़ार था. हर्र बार आप के करीब आने की कोशिश करती थी पर आप हर्र बार मुझे दूर कर देते थे, उस वक़्त मेरे दिल पर क्या बीत टी थी ये में hi जानती हु. अब और नहीं. आज! आप यहाँ मेरे पास हो... मेरे saamne...mere saath...apna लो मुझे भाई. अपनी इस छोटी बहिन को अपना बना लो बिलकुल वैसे hi जैसे अभी आपने वंशु दी को अपना बनाया. बना लो मुझे अपनी प्रेमिका भाई...

बना दो मुझे एक औरत... आइये भाई...

कहते हुए अंशु अपनी बाहें खोल बिस्तर पर लेत गयी और अपने परर फैला के छूट के दर्शन देते हुए राहुल को आमंत्रण देने लगी.

"पता नहीं मेने अपने पिछले जनम में ऐसे कोनसे काम किये थे जो मुझे आज अंशु जैसी बहिन मिली और वो भी एक प्रेमिका के रूप में...",

राहुल ने मैं में सोचा. वाक़ई! हुस्न की मल्लिका थी अंशु. उस ख़ूबसूरत चेहरे से कोई भी मंत्र मुग्ध हो जाए. आज राहुल खुद को लकी फील कर रहा था. सोच रहा था की कितना बेवक़ूफ़ था वो जो अंशु जैसी बहिन को खुदसे दूर कर रहा था.

राहुल ने अपना सख्त जैसा मुस्सल लुंड अंशु की नन्ही अनछुई छूट की एंट्री पर रखा और एक हाथ ले जाके उसके मुँह पे रख दिया ताकि शोर न हो पाए और एक गहरी सास लेते हुए ज़ोर का झटका दे मारा.

"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh" एक ज़ोरदार चीख अंशु के मुँह से निकली पर राहुल के हाथ ने फौरन hi उससे अपने हाथ से दबा दी. दर्द की एक तेज़्ज़ लहर अंशु की छूट में दौड़ गयी.

लुंड का 1/4 भाग hi गया था अंदर पर दर्द से अंशु पूरी तरह तड़प रही थी.

अंशी की छूट वंशु से भी छोटी और टाइट थी. लुंड इतनी कस के छूट में फसा था की आगे पीछे करने की राहुल अभी सोच भी नहीं सकता था. उसने 2 मिनट ऐसे hi गुज़र जाने दिया, अपना हाथ हटा के वो अंशु को गुलाबी होंठ चूसने में लग गया, करीब 2 मिनट बाद उसने एक और तेज़्ज़ झटका मारा और 3/4 भाग अब अंदर घुस गया. ऐसे hi उसने 2 मिनट बाद एक आखिरी झटका दिया और पूरा का पूरा लुंड अब जड़ तक अंशु की छूट में समां चूका था. लुंड बिलकुल बच्चेदानी में ठोकर मार रहा था, मतलब एकदम परफेक्ट फिट बैठ रहा था.

होंठ चूमते हुए राहुल ने अंशु के ासु भी पोछे जो दर्द के कारण निकल रहे थे. आज वो भी एक लड़की से औरत बन्न चुकी थी. सांत्वना देते हुए राहुल ने उससे थोड़ी देरर तक किश किया उसके बाद धीरे धीरे आगे पीछे होना उसने स्टार्ट कर दिया.

"Ummmmmmmmmmmmmm... Yeahhhhhhhhhhh भईईई"

अंशु को अब मज़ा आने लगा था, हल्का दर्द था पर वो सेह रही थी और मज़े भी ले रही थी.

करीब 2 मिनट के हलके धक्को के बाद तोह अंशु की सूरत hi बदल गयी,

"Oooooooohhhhhhhhhhh एआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाआईई

एसससससससससज़्ज फफ्फूऊऊऊक्कक्ककककककक meeeeeeeeee

फुसक्कककककककक मइईईई भाआईई छोड़ूऊऊओ

Aur.....aur.. और जोरर.. se...chodo भाईईई"

उत्तेजना में भरकर राहुल ने ताबड़तोड़ धक्के लगाना शुरू कर दिए, नीचे से अंशु भी अपनी कमर उचका उचका के चुद रही थी. आज वो बोहत hi ज़्यादा खुश थी. उसकी छूट में उसके भाई का लुंड था ,उसका भाई राहुल जिससे वो सबसे अधिक प्यार करती है. ख़ुशी के मारे ासु निकल आए उसकी आँखों से जो राहुल ने आगे बढ़ कर पी लिए और उससे किश करने लगा.

थोड़ी देरर के धमाकेदार धक्को के बाद अब राहुल स्खलित होने वाला था, अंशु तोह दो बार पहले hi स्खलित हो चुकी थी और अब तीसरी बार होने जा रही थी. उसने राहुल की कमर में परर कस लिए, जो राहुल समझ गया था की उससे क्या करना है. उसने सारा का सारा वीर्य अंशु की छूट के अंदर hi भर दिया, उसी वक़्त अंशु भी जहर गयी और दोनों के मुँह से तेज़्ज़ "आअह्ह्ह" निकली जो शायद बहार तक भी चली गयी थी. दोनों को कण्ट्रोल hi नहीं रहा. पर रात के 1 बज रहे थे इसलिए राहुल ने ज़्यादा परवाह नहीं की और ऐसे hi अंशु के ऊपर निढाल होक लेत गया. अंशु ने भी प्यार से उसके बालो को सहलाते हुए अपने दूध के ऊपर लिटा लिया और दोनों थकान के मारे नींद की वादियों में चले गए.

सुबह करीब 7 बजे राहुल की नींद खुली, उसके अलार्म के कारण और उसने देखा की वह अंशु के ऊपर hi सोया हुआ है, और सभी लोग नंगे hi पड़े हुए है. फौरन उठ के उसने जब अंज़र फिराई तोह देखा की बेडशीट पर खून है ढेर सारा, उसने बेडशीट को जैसे तैसे खींच के निकाला और वाशरूम में जाके फटाफट उससे धोया और खुद भी नाहा धोकर फ्रेश हो गया.

बाहर आते hi उसने दोनों अंशु और वंशु को प्यार से नींद से उठाया और उन्हें कपडे पहन ने को दिया.

राहुल : आप दोनों ने hi कल रात... ी मैं... वो अंदर hi गिरवा लिया... सब ठीक तोह है न?

वंशु (स्माइल्स) : कुटी! मेरा तोह सेफ था. छोटी का नहीं पता मुझे. अगली बार से पिल उसे कर लुंगी, जब तक तू नहीं चाहेगा तब तक बच्चा नहीं होएगा. ठीक??

राहुल : *नॉड्स*

अंशु : मेरा भी सेफ था दीदी. It's okay भाई. यदि प्रेग्नेंट हो भी जाउंगी तोह मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है.

वंशु : छोटी... प्रॉब्लम तुझे भलाई न हो, पर हमारे घरवालों को तू क्या बताएगी? उनके सामने क्या कहेगी? इसलिए कुटी घबरा गया था समझी? उससे अपनी चिंता नहीं है, तेरी चिंता है.

अंशु (नम्म आँखों से) : भाआईईईई

और आगे बढ़ अंशु उससे हुग कर लेती है.

राहुल : अच्छा! यदि आपको अभी भी आराम करना है तोह आराम कर लीजिये, में नई बेडशीट बिछा देता हु. फिर आप लोग उठने के बाद फ्रेश हो लेना. यदि ज़्यादा दर्द है तोह बता दीजिये में आते वक़्त पेनकिलर लेता आऊंगा.

वंशु : दर्द तोह है पर हम मैनेज कर लेंगे, तुम ये बताओ की तुम किधर जा रहे हो कुटी?

राहुल : बस ये समझ लीजिये की गयम ज्वाइन किया है.

सच तोह ये था की राहुल गयम नहीं, मास्टर के घर जा रहा था क्युकी आज से उससे हर रोज़ उनके घर पर ट्रेनिंग जो लेनी थी. अब मास्टर उससे क्या नया सिखाने वाले थे ये उससे भी नहीं पता था, पर उन्होंने आखिरी मुलाक़ात के वक़्त कुछ जानलेवा मूव्स के बारे में बात करि थी, क्या पता क्या सीखेगा राहुल इन् 6 महीनो में?

राहुल फिर नीचे उतर के लिविंग रूम में आ जाता है. किचन में निशा काम कर रही थी तोह राहुल पीछे से जाके निशा को हुग कर लेता है.

राहुल : गुड मॉर्निंग माँ!

निशा : गुड मॉर्निंग बेतु? तोह रात किसी थी?

राहुल : हँ??

निशा : ahem...mera मतलब है नींद तोह आयी न अच्छे से?

राहुल : एकदम मस्त माँ!

निशा : (हां हां क्यों न आएगी एकदम मस्त? दो दो कुवारी छूट को जो पेला है तुमने रात में. बस कही मेरा बेतु मुझे न भूल जाए... अंशु ने प्रॉमिस तोह किया है की वो मेरे साथ है और मेरी मदद करेगी. मुझे तोह बस यही चाहिए की मेरा बेतु मुझसे प्यार करे. और कुछ नहीं) चल अच्छा! नाश्ता लगा देती हु.

नाश्ता कर के राहुल उठता है और बाइक लेके चल देता है मास्टर के घर, वह से वापस करीब 12 बजे वो घर आता है तोह उससे निकिता का कॉल आ जाता है जिसने उससे दिन में 1 बजे कैफ़े में बुलाया हुआ था.

समय गुज़रा और राहुल 1 बजे कैफ़े की और hi जा रहा था की तानिया उस से सवाल करने लगी की किधर जा रहे हो? क्या काम से जा रहे हो? और कहने लगी की वो भी साथ में चलेगी. अब क्युकी राहुल निकिता से hi बस मिलने जा रहा था इसलिए उससे इस बात से कोई आपत्ति नहीं हुई और उसने तानिया को भी अपने साथ बाइक पे बैठाया और दोनों चल दिए कैफ़े की तरफ.

कैफ़े पॅहुचते hi दोनों अंदर गए तोह निकिता पहले से hi बैठी हुई थी, तानिया को देख के वो थोड़ी हैरान थी पर उसने ज़्यादा मंद नहीं किया.

राहुल : हां तोह बोलो निकिता क्या बात है?

निकिता : भैया वो बात ये है की... कोई मुझे प्रोपोज़ करना चाहता है?

राहुल : हँ? तोह इसमें प्रॉब्लम क्या है?

निकिता : प्रॉब्लम hi प्रॉब्लम है भैया! ी don't वांट हिम तो प्रोपोज़.

राहुल : तुम्हे वो पसंद नहीं?

निकिता : भैया वो मेरा फ्रेंड है बोहत पहले से, उसका नाम है पियूष. और वो मेरी और नेहा की hi क्लास में है. में उससे स्कूल से जानती हु.

राहुल : तोह फिर प्रॉब्लम क्या है?

निकिता : प्रॉब्लम ये है की मुझे मेरे फ्रेंड्स से पता चला है की वो मुझे प्रोपोज़ करने वाला है. मुझे उस से कोई प्यार व्यार नहीं है पर शायद वो मुझसे करता है. में उससे एक फ्रेंड की तरह hi देखती हु. दरअसल, उससे एक बार हार्ट अटैक आ चूका है. वो दिल का बड़ा hi कमज़ोर hai...mein नहीं चाहती की यदि में उससे रिजेक्ट करू तोह वो किसी डिप्रेशन में न चला जाए और उससे कुछ हो न जाए. में नहीं चाहती की मेरी फ्रेंडशिप उस से टूटे भैया...

राहुल : .....

निकिता : राहुल भैया! जब इंसान एक बार कोई चीज़ खो देता है, तोह फिर वो चीज़ हमेशा हमेशा के लिए उस इंसान से दूर चली जाती है. में नहीं चाहती की में भी ये दोस्ती खो दू और हम कभी भी वापस से फ्रेंड्स न रह पाए. में उस से कोई प्यार नहीं करती. ना hi में किसी के साथ रिलेशनशिप रखना चाहती हु अभी... क्या आप इसमें कुछ कर सकते हो? ऐसा कुछ जिसके चलते हमारी फ्रेंडशिप ना टूटे और साथ hi साथ उससे पता भी चल जाए की में अभी किसी के साथ रिलेशनशिप में नहीं आना चाहती.

राहुल काफी देरर बैठ के सोचता रहा और तानिया भी उससे hi घर रही थी. सोच रही थी की राहुल क्या करेगा. दोनों लड़किया अपनी प्यारी आँखों से जिनमे क्यूरोसिटी भरी हुई थी राहुल को देखे जा रही थी.

राहुल : जो तुमने अभी अभी कहा... यही बात बाद में तुम फिरसे मुझसे कहना. सही समय आने पर तुम्हे पता चल जाएगा तुम्हे कब कहना है ये सब.

और राहुल तानिया को लेके जाने लगता है,

निकिता : wh...what??? एक मिनट, कहा जा रहे हो आप? मुझे कुछ समझ नहीं aaya...wait...

पर राहुल नहीं रुका. निकिता के दिमाग में राहुल के कहे हुए शब्द घुमते रहे. उसने कहा था की जो अभी निकिता ने कहा है वही वो बाद में राहुल को कहे? क्या मतलब था इस बात का?

इधर बाइक पे तानिया भी बड़ी hi क्यूरियस थी ये बात जान ने के लिए की राहुल क्या करने वाला है.

तानिया : तुमने ऐसा क्यों कहा उस से?

राहुल : समय आने पर पता चल जाएगा.

तानिया को ड्राप कर के राहुल पियूष से मिलने कॉलेज जाता है. आज नेहा और निकिता दोनों hi कॉलेज नहीं गयी थी. पर पियूष कॉलेज में hi था. राहुल जैसे hi नेहा की क्लास में घुसता है तोह सब उससे hi घूरने लगते है.

"अरे ये तोह वही सीनियर भैया है... है न?"

"हां हां! वाओ! देखो कितना हैंडसम है"

"ये गांडू फिर आ गया अपनी वज़नदारी पटकने!?"

"भाई अब ये किसी को मारेगा तोह नहीं न?"

"He's सो hot...omg!!"

"काश ये मेरा बर्फ होता"

"ारी ये तोह नेहा का भाई है न? लास्ट ईयर में है"

कुछ ऐसी hi बातें सुनाई दे रही थी क्लास में,

राहुल : तुम सब में से पियूष कोण है?

पियूष (खड़े होकर) : j...ji में हु

राहुल : बाहर आओ तुमसे कुछ बात करनी है.

फिर राहुल उससे लेकर कैंटीन में चला जाता है.

राहुल : मेने सुना है तुम निकिता को प्रोपोज़ करने वाले हो?

पियूष (शॉकेड) : aap...aapko कैसे पता चला?

राहुल : मुझे कैसे पता चला वो जान ने की तुम्हे ज़रुरत नहीं है. तुम्हे सिर्फ इतना जान न है की वो मेरी छोटी बहिन जैसी है और में नहीं चाहता की कोई उससे नुक्सान पोहचए.

पियूष : में उस से प्यार करता हु. में उससे कोई नुक्सान कैसे पहुचा सकता हु. में उससे बचपन से जानता हु.

राहुल : हम्म! गुड! यदि तुम सच में उससे पसंद करते हो तोह में तुम्हारी मदद कर सकता हु.

पियूष : हँ? क्या?

राहुल : हां! यदि तुम चाहो तोह में तुम्हारी मदद कर सकता हु.

पियूष : बिलकुल बिलकुल! राहुल भैया! में चाहता हु की आप मेरी मदद करो.

राहुल : तुम मुझे जानते हो? नीस!! हां तोह मेने प्लान बनाया है. तुम्हे बिलकुल वैसा hi करना है जैसा में बताने जा रहा हु. Okay?

पियूष : हां राहुल भैया!

राहुल : तुम निकिता को शाम को पार्क क्सक्सक्सक्स में बुलाओगे. और अपना कॉन्फेशन करोगे. Okay?

पियूष : क्या में ये कर पाउँगा?

राहुल : बिलकुल! अब निकिता को कॉल करो और उससे कहो की शाम 7 बजे पार्क क्सक्सक्सक्स में मिले, तुम्हे कुछ काम है उस से.

और राहुल उससे समझा कर घर आ जाता है. इधर नेहा को सब पता चल चूका था क्युकी निकिता उसकी बेस्ट फ्रेंड जो ठहरी, इसलिए उसने नेहा से कोई बात नहीं छुपाई.

नेहा (मैं में) : ये साला बास्टर्ड क्या करने वाला है? और ये चोमू कही की, पूरे संसार में इससे यही मिला मदद मांगने के लिए? जा के मुझे भी देखना पड़ेगा.

समय कब गुज़र गया पता hi नहीं चला और शाम के 6:30 बज चुके थे. राहुल और तानिया पहले hi पार्क में पहुँच चुके थे. बोहत hi ख़ूबसूरत पार्क था. पार्क के साइड में एक छोटा सा लकड़ी का ब्रिज टाइप का बना हुआ था और नीचे पानी भरा हुआ था. अक्सर पार्क्स में ये सब कॉमन hi होता है. दोनों राहुल और तानिया उस ब्रिज पर hi खड़े हुए थे.

हलकी हलकी पीली लाइट्स ब्रिज की रेलिंग्स पर लगी हुई थी जो उसकी सुंदरता को और भी बढ़ा रही थी.

पियूष भी तैयार होक अच्छे से कपडे पहन के आ गया,

पियूष : राहुल भैया!?? मेरा दिल बोहत ज़ोरो से धड़क रहा है.

राहुल : हम्म! ये बताओ, यदि तुम रिजेक्ट हो गए तोह क्या करोगे?

पियूष : अरे भैया, आप मुझे दर्रा क्यों रहे हो? अभी तोह मेने उससे प्रोपोज़ भी नहीं किया है.

राहुल : सीधे सीधे जवाब दो बस. निकिता आती hi होगी.

पियूष : mein...mein शायद मेरा दिल टूट जाए और में फिरसे किसी लड़की को प्रोपोज़ भी न कर पाव. में बोहत जल्दी सेंटी हो जाता हु.

राहुल : (सिर्फ सेंटी hi नहीं.. इससे कही कुछ हो न जाए मुझे इस बात की फ़िक्र है बस) हैं?? चलो! गुड लक...

पियूष : बिलकुल! थैंक यू भैया! आप बेस्ट सीनियर हो. आप बोहत hi अच्छे हो. आपके जैसा कोई नहीं...

राहुल : शट उप इडियट! मेरी तारीफ मत करो. में कोई ख़ास नहीं हु.

इतना बोल राहुल तानिया को लेकर ब्रिज के पीछे पेड़ के पास छुप गया.

तानिया : तुम bhi...tum भी कभी कभी अच्छा बेहवे कर लेते हो!

राहुल : ऐसा कुछ भी नहीं है. पियूष वैसे भी रिजेक्ट होने वाला है.

तानिया : उम् हां...

राहुल : पर एक तरीका है जिस से में सब कुछ बदल सकता हु.

तानिया : क्या है वो??

राहुल : .......

तानिया : वेल! देखते है क्या करते हो तुम.

तभी कोई एक शख्स और आया और उनके साथ वही पेड़ के पीछे खड़ा हो गया.

ये नेहा hi थी.

राहुल और तानिया साथ में : तुम... तुम यहाँ?

नेहा (राहुल को देख) : शट उप यू बास्टर्ड! में यहाँ सिर्फ घूमने आयी थी.

राहुल : घूमने आयी थी या ड्रामा देखने आयी हो?

नेहा : शट उप!

इस से पहले की इनकी बहस और चलती निकिता सामने ब्रिज की तरफ आने लगी. राहुल और बाकी सभी लोगो को निकिता का चेहरा सामने से दिख रहा था और पियूष की पीठ दिखाई दे रही थी.

पियूष : *हार्ट बीटिंग फास्टर*

धीरे धीरे निकिता के कदम आगे की और बढ़ रहे थे और वो कुछ hi पल बाद पियूष के सामने आके कड़ी हो गयी.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi दोस्तों!

पिक्स में अगले अपडेट से डालूंगा.

मुझे पता चल गया है पिक्स कैसे अपलोड करनी है.


थैंक यू!
 
अपडेट-60

अब तक...

इस से पहले की इनकी बहस और चलती निकिता सामने ब्रिज की तरफ आने लगी. राहुल और बाकी सभी लोगो को निकिता का चेहरा सामने से दिख रहा था और पियूष की पीठ दिखाई दे रही थी.

पियूष : *हार्ट बीटिंग फास्टर*

धीरे धीरे निकिता के कदम आगे की और बढ़ रहे थे और वो कुछ hi पल बाद पियूष के सामने आके कड़ी हो गयी.


अब आगे...

पियूष (निर्वसली) : उम्...

निकिता : हां?

राहुल (मैं में) : सबसे पहली बात... पियूष रिजेक्ट होने वाला है ये तोह पक्की बात है. वो भले hi बुरे से बुरे रिजल्ट के लिए तैयार है पर... पर रिजेक्शन का असर उसके दिल पर बोहत गहरा पड़ेगा. इसलिए निकिता मुझसे रिक्वेस्ट करने आयी थी.

पियूष : mein...ummm..

राहुल (मैं में) : पियूष को रिजेक्शन से बचाने के लिए, निकिता और पियूष की दोस्ती को टूटने से बचाने के लिए, दोनों एक साथ वैसे hi दोस्त बने रहे उसके लिए... में सिर्फ... में sirf...ek hi चीज़ कर सकता हु और वो है...

तभी राहुल पेड़ के पीछे से बाहर निकल आगे बढ़ के ब्रिज के पास उन् दोनों की तरफ जाने लगता है, तानिया और नेहा दोनों कन्फ्यूज्ड होक राहुल को देखने लगती है.

पियूष : woo...baat ये है की... में..

में...

तभी राहुल पियूष के एकदम बाजू से निकल उसके सामने आ जाता है और तपाक से बोल देता है,

"में तुम्हे बोहत समय से प्यार करता हु. ी लव यू. क्या तुम मेरी गफ बन्न न पसंद करोगी?"

*साइलेंस*

निकिता : (हेईईईन्न्नन्नं????? राहुल भैया मुझसे???? प्याआआरररर??? Omg!!! क्या कहु???? में क्या कहु??? एक मिनट!! वो मुझे आँखों से इशारे क्यों कर रहे है??)

तभी निकिता को राहुल की कही गयी बात याद आ जाती है. "जो तुमने अभी अभी कहा. यही बात बाद में तुम फिरसे मुझसे कहना. सही समय आने पर तुम्हे पता चल जाएगा तुम्हे कब कहना है ये सब."

यही शब्द तोह थे राहुल के.

निकिता : (मतलब? मतलब? वो चाहते है की में उनसे वही सब कहु? Omg!!! मतलब? मुझे उन्हें रिजेक्ट करना है?)

राहुल : (क्या कर रही है ये? जल्दी बोल न!!! भूल गयी क्या कैफ़े में क्या बताया था मेने इससे?)

इधर राहुल के प्रपोजल से सब हक्के बक्के रह गए थे. अभी अभी हुआ क्या?

नेहा शॉकेड सी सामने चल रहे सन को देख रही थी, उसके मैं में यही चल रहा था की ये बास्टर्ड अब क्या नया ड्रामा करने लगा? पर एक पल के लिए तोह नेहा का दिल भी घबरा गया था जैसे hi राहुल ने निकिता को प्रोपोज़ किया उसके मैं में राहुल और निकिता का हस्ता हुआ चेहरा और दोनों कपल्स है ऐसी तस्वीरें उसके मैं में मंडराने लगी थी. एक अजीब सी घबराहट आ गयी थी उसके अंदर. अब ये घबराहट किस लिए थी? ये तोह उससे भी नहीं पता.

तानिया भी भौचक्की सी सामने हो रहे सन को देखे जा रही थी. उसकी आँखों में थोड़ा क्रोध था, थोड़ी उलझन, थोड़ी निराशा, न जाने क्या विचार उत्पन्न हो रहे थे इस वक़्त उसके मैं में.

इधर निकिता खुद को संभाल गहरी सास लेती है और फिर कहती है,

"I'm सॉरी!! में... में अभी किसी रिलेशनशिप में नहीं रहना चाहती. मुझे कोई भी प्रोपोज़ करेगा, मेरा जवाब शामे hi रहेगा. यदि और कोई बात नहीं है, तोह में चलती हु. Bye bye!" बोलते वक़्त उसकी आवाज़ लड़खड़ा रही थी. भला ऐसा क्यों था?

पियूष ये सुन्न स्तब्ध सा बस खड़ा हुआ था. दौड़ते दौड़ते निकिता फिर बाहर की और जाने लगी.

राहुल : तोह सुन्न लिया तुमने?

पियूष : राहुल भैया, हां मेने सब सुन्ना. वेल... मुझे इस बात की बोहत ख़ुशी है की ये बात मुझे रिजेक्ट होने से पहले hi पता चल गयी. में खुश हु काम से काम आपने मेरी इज़्ज़त बचा ली वर्ण में रिजेक्ट होता तोह शायद सदमे में hi चला जाता. फिर पता नहीं क्या कर बैठता...

राहुल : वेल!! नाउ यू क्नोव...

पियूष : येह! वन्स अगेन, थैंक यू भैया... में चलता हु अब.

पियूष इतना बोल बाहर चला जाता है.

राहुल भी एक गहरी सास लेकर वापस पेड़ की तरफ धीरे धीरे जाने लगता है जहा नेहा और तानिया कड़ी हुई थी. तानिया उससे अजीब निगाहो से देख रही थी और...??? और?? वो रो रही थी??? हां!! तानिया की आँखों में ासु थे. पर क्यों???

तानिया (क्रिस) : ी हेट यू!!!

राहुल : ???????

तानिया (रुवासी आवाज़ में) : mujhse...mujhse कहा तक नहीं जा रहा...

नेहा (कन्फ्यूज्ड) : तानिया दीदी?

तानिया (रट हुए) : ी हेट यू...

राहुल : हँ??????

तानिया (रो कर) : क्या प्लान था ये?

नेहा : दीदी आप रो क्यों रही हो?

तानिया : एक पल के लिए मुझे लगा तुमने सच में उससे प्रोपोज़ कर दिया.

पर... पर ...

राहुल : वही एक तरीका था... मेरे ऐसा करने से ना तोह दोनों की दोस्ती टूटी, न hi पियूष रिजेक्ट हुआ, उससे सच भी पता चल गया और न hi उससे रिजेक्शन का अब कोई डर सताएगा.

उसके इतना कहती hi तानिया जोरर से चिल्लाते हुए कहती है,

"पर तुम्हारा क्या!??? यू इडियट!!"

आस पास के सभी लोग राहुल और बाकी सब की तरफ घर के देखने लगे थे. तानिया क्यों इतना नाराज़ थी!? क्या हो गया उससे एकदम से?

राहुल : हे हे! कलम डाउन! ज़्यादा मत सोचो अब. सब ख़तम, अब चलो घर.

तानिया : अभी कुछ ख़तम नहीं हुआ है.

पियूष रिजेक्ट नहीं हुआ. उनकी फ्रेंडशिप भी नहीं टूटी, पियूष को सच पता चल गया. निकिता भी अब एक टेंशन से आज़ाद है. सब कुछ पहले जैसा हो गया जैसे कुछ बदला hi नहीं था. Par...par...

तानिया एकदम से जोरर से रोने लगती है,

"तुम्हारा क्याआ!??? क्या तुम कभी दुसरो की फीलिंग्स के बारे में नहीं सोच सकते??? Tum...tum इतने स्मार्ट होने के बावजूद भी इतनी छोटी सी बात क्यों नहीं समझ सकते? Mein...mein कभी भी वो देखना नहीं चाहती थी... कभी नहीं..."

राहुल (मैं में) : dusro...dusro की फीलिंग्स? मेने कब..!?

तानिया : नेहा! प्लीज! मुझे ज़रा अकेले में बात करने दो. क्या तुम घर जा सकती हो?

नेहा : o...ok दीदी.

नेहा एक नज़र राहुल पर घुमा कर घर जाने लगती है. यहाँ तानिया तोह सिसक रही थी. बिलकुल ऐसे जैसे उसका दिल किसी ने बोहत दुखाया हो.

तनीषा : क्यों किया ऐसा तुमने?

राहुल : wait...tum...tum इतना नाराज़ क्यों हो?

जस्ट कलम डाउन!

तानिया एक बार फिर जोरर से चिल्लाते हुए कहने लगती है,

"यू इडियट!! तुमने दोनों की फ्रेंडशिप सेव करि, उस पियूष को रिजेक्ट होने से सेव किया पर तुम्हारा क्या? तुमने वो रिजेक्शन अपने ऊपर क्यों लिया? क्यों????

क्यों तुमने साड़ी बेइज़्ज़ती अपने सर्र ली? क्यों...?? ज़रा भी ख़याल नहीं आया मेरी फीलिंग्स के बारे में? की केसा महसूस होगा मुझे जब तुम ऐसा करोगे?"

राहुल स्तब्ध सा खड़ा होक बस तानिया को hi देखे जा रहा था. उसकी समझ में नहीं आ रहा था की ये इतना गुस्सा क्यों है. और क्या कहा अभी अभी इसने? उसकी फीलिंग्स? मतलब??

तानिया : तुम तोह हीरो बन्न के सारे दुःख दर्द अपने ऊपर ले लेते हो. ऐसे hi नेहा के साथ भी तुम कुछ कर रहे हो जो किसी को नहीं बता रहे. और अब ये...

पर तुम्हे ज़रा भी ख़याल नहीं आया की मेरे ऊपर क्या बीतेगी जब तुम्हे अपने दिल पर चोट खाते हुए देखूंगी? क्यों सबकी प्रोब्लेम्स को अपने सर पर लेते हो तुम? क्यों ख़ुशी ख़ुशी अपने आप को चोट पहुचाते रहते हो तुम? तुम्हे पता भी है मुझे केसा फील होता है जब तुम्हे खुद को ऐसे दिल पर चोट पहुचाते हुए देखती हु में...? जबसे तुम्हारे घर आयी हु तबसे देख रही हु सबकी प्रोब्लेम्स को तुम अपने ऊपर ले लेते हो, सबकी डाट भी सुनते हो. क्यों??

तानिया शायद आज अपनी लिमिट पर पहुँच चुकी थी. और आज उसके सारे छुपे हुए इमोशंस बाहर आ रहे थे. वो अपने दिल की बात राहुल के सामने कहे जा रही थी...

आगे बढ़ के वो राहुल की कल्लोर को कस के पकड़ लेती है, आस पास के लोग भी राहुल और तानिया को hi देख रहे थे. सोच रहे थे की जवान जोड़ी है, लगता है लड़ाई हो गयी है दोनों में. पर वो क्या जाने? ये लड़ाई नहीं थी, ये तोह प्यार था. शायद तानिया ऐसे hi अपना प्यार जताती है?

राहुल (शॉकेड) : tum...tum मेरे लिए? मेरे लिए तुम्हे दुःख हुआ?

तानिया (चिल्लाते हुए) : यू स्टुपिड!!!! एससससस!! ी लव यू ... कैसे देख सकती हु तुम्हे कोई दूसरी लड़की को प्रोपोज़ करते हुए? कैसे देख सकती हु तुम्हे एक अनजान लड़के के लिए खुद के दिल को चोट पहुचाते हुए? बोलो!!! कैसे!???

राहुल : वो mein...mein...

राहुल के इतना कहते hi अचानक पता नहीं क्यों उसकी आँखों से ासु अपने आप बहने लगते है. पर राहुल को किस बात का गम?? पता नहीं क्यों पर ासु तोह निकल रहे थे, शायद राहुल का दिल बोहत hi उदास था और आज तानिया के शब्दों के वार से उसका दिल और न सेह सका और सारे छिपे इमोशंस अपने आप ासु के ज़रिये बाहर आ रहे थे.

*साइलेंस*

आवाज़ आ रही थी तोह केवल हलकी हलकी आस पास के लोगो की जो अपनी बातो में दूर खड़े वार्तालाप कर रहे थे. और उन् पेड़ के पत्तो की जो हवा से एक दूसरे से टकरा रहे थे.

तानिया को रीलीज़ हुआ की अभी अभी वो क्या बोल गयी. उसने प्रोपोज़ कर दिया राहुल को. वो शांत होक साइड में लगे पेड़ को देखने लगी. अब उसका मंद क्लियर था. पहले की तरह वो झिजक नहीं रही थी. शायद उसने मैं में ठान लिया था या वो किसी नतीजे पे आ पहुची थी. की राहुल से वो प्यार करती है, और उससे इस बात से कोई लेना देना नहीं था की वो दोनों भाई बहिन है.

राहुल : k...kya कहा तुमने?

तानिया : वही जो तुमने सुना.

राहुल को अब भी बिलीव नहीं हो रहा था की तानिया ऐसा कुछ कह देगी? क्या ये वही तानिया थी जो बात बात पर झगड़ा करती थी? क्या ये वही तानिया थी जो उससे चपडगंजु कहकर बुलाया करती थी? तानिया कब से राहुल की परवाह करने लगी? और तोह और प्यार??

राहुल का दिमाग चकराने लगा था.

इस से पहले की राहुल कुछ कहता, तानिया अपनी नज़रे कर उसके चेहरे को देखती है तोह पाती है की राहुल की आँखों से ासु बह रहे है. आगे बढ़ के वो राहुल के आसुओ को पोछती है और उसका हाथ पकड़ के ले जाने लगती है,

"चलो मेरे साथ"

राहुल : हँ? पर कहा!?

तानिया : don't टॉक. जस्ट के विथ में.

बिना कुछ बताये, तानिया राहुल को लेकर बाइक के पास ले आयी और उससे चलने के लिए कहने लगी.

राहुल : कुछ बताओगी कहा चलना है?

तानिया : हां पहले बाइक तोह स्टार्ट करो.

राहुल बाइक स्टार्ट करके आगे चल देता है, दोनों अभी रास्ते में hi आगे बढ़ रहे थे, की राहुल ने फिरसे पूछ लिया,

"कहा चलना है?"

तानिया : मुझे आइस क्रीम खानी है, चलो कही

राहुल : यू सूरे!? 7:30 हो गया है, हलकी हलकी ठण्ड आ चुकी है अब!

तानिया : I'm सूरे. तुम चलो.

राहुल : well...ok!

दोनों एक टॉप न टाउन में जाके रुकते है और अंदर जाके बैठ जाते है, तब तानिया कन्वर्सेशन स्टार्ट करती है,

तानिया : तोह? तुम रोये क्यों?

राहुल : में? वह...

तभी सर्वे करने वाला आ जाता है,

सर्वर : सर! ये रही आपकी स्ट्रॉबेरी एंड ma'am की चॉकलेट चिप्स वाली

राहुल : ओह! थैंक्स!

दोनों आइस क्रीम खाने लगते है, इस बीच राहुल का ध्यान तोह आइस क्रीम पर hi था, पर तानिया का ध्यान आइस क्रीम पर काम राहुल पर ज़्यादा था, उसकी आँखें राहुल को ज़्यादा और आइस क्रीम को काम देख रही थी.


Alison-Brie-Eating-Some-Ice-Cream-During-a-Maxim-Photo-Shoot-1.gif


जब राहुल ने ये नोटिस किया तोह वो बिना पूछे न रह सका,

राहुल : क्या हुआ? ऐसे क्यों देख रही हो मुझे?

तानिया (थोड़ा चौंकते हुए) : wo...kuch नहीं! तुम... तुम स्मार्ट लग रहे हो

राहुल : हम्म्म्म? हहै! में तोह बचपन से hi स्मार्ट हु

तानिया : हम्म्म!!

अब ये बात थोड़ी कन्फूसिओं वाली थी. तानिया ने हम्म केहहकर जवाब दिया? राहुल ने खुदकी झूठी तारीफ करि थी पर तानिया ने सिर्फ हम्म कहा? हर्र बार तोह वो उसकी धो देती थी पर ये आज कुछ नया बेहेवियर था.

तानिया : यू क्नोव व्हाट?

राहुल : ????

तानिया : अहिंदा से ऐसा कभी मत करना.

कहते हुए उसने अपना हाथ राहुल के हाथ के ऊपर रख दिया, आँखों में हलके हलके ासु थे, और वो एक तक्क राहुल को hi देख रही थी. आँखों में बड़ी hi मायूसी छायी हुई थी.

तभी उसने कुछ ऐसा किया, जिसकी राहुल को बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी.

आगे बढ़ के तानिया ने राहुल के होंठ हौले से चूम लिए और वापस शर्मा के वो अपनी आइस क्रीम खाने लगी.


tumblr_mgfh1jcuDN1s0o301o1_500.gif


इस 2 सेकंड की किश ने मानो राहुल को हिला के रख दिया. एक तोह वो दोनों अभी टॉप न टाउन में मौजूद थे, जहा फैमिलीज़ कपल्स सभी आते रहते है, दूसरा उसने होंठो पे किश किया. आस पास के लोग जिन्होंने ये देखा वो उन्ही दोनों को देख रहे थे और राहुल को अब बोहत ावक्वार्ड लग रहा था.

पर इधर तोह तानिया को जैसे कोई फ़र्क़ hi नहीं पड़ा, वो बड़ी hi मज़े से अपना सर झुकाए पूरा आइस क्रीम पर कंसन्ट्रेट कर रही थी और बड़े hi चाव से खा रही थी. ये लड़किया भी न, इन्हे समझना दुनिया का सबसे मुश्किल काम होता है भाई.

राहुल : तानिया!?? ये?? ये क्या किया तुमने अभी अभी.

तानिया (ब्लश) : नथिंग!!

राहुल : तानिया! थिस इस नॉट ा जोके. यू जस्ट किस्ड में ों थे लिप्स.

तानिया (ब्लश) : यस!

राहुल : विययययययय!????

तानिया : बिकॉज़ ी वांटेड तो...

राहुल : wh...whaaat!!?? ये कोई मज़ाक नहीं है तानिया... तुम्हे पता है न?

तानिया : ी क्नोव व्हाट I'm दोंग. तोह अब मुझे लेक्चर मत दो. में तुमसे बड़ी हु दो साल समझे? मेरा मैं किया तुम्हे किश करने का तोह मेने कर दिया!

राहुल : पागल हो क्या? वही पूछ रहा हु में की एकदम से...

तानिया : बिकॉज़ ी लव यू.... यू इडियट!!!

अब क्या बार बार बोलना पड़ेगा क्या?? पार्क में सुना नहीं था क्या? चपडगंजु कही का! जब तक बार बार चिल्ला के नहीं बोलूंगी तब तक तेरे भेजे में ये बात घुसेगी नहीं क्या?

राहुल : .........

तानिया : तोह सुन्न!! ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू, ी लव यू,....

राहुल : बस बस मेरी माता चुप हो जा, देख सब इधर hi देख रहे है, ोये भाई ये पैसे लो यार तुम आइस क्रीम के, क्या कर रहे हो? खड़े हो वह आराम से? पैसे लेने चाहिए न तुरंत? चल मेरी माता यहाँ से घर चल.

राहुल फटाफट पैसे पाय कर के, तानिया को खींच के बाहर ले आया पर तानिया तोह जैसे रेडियो की तरह चालु थी और ृक्क hi नहीं रही थी.

राहुल : तानिया! प्लीज स्टॉप आईटी! ी गेट आईटी. प्लीज....

पर तानिया पर तोह जैसे भूत सवार था. वो ी लव यू की ृत्त लगाए जा रही थी.

तभी राहुल उसके कंधो को पकड़ के कहता है,

"ी लव यू तू! अब चले ...!?"

उसके इतना कहते hi तानिया शांत हो जाती है और फिर एकदम से खिल खिला के हस्सन लगती है और राहुल के गले लग जाती है, और फिर रोने भी लगती है


tenord47bec8069807871.gif


राहुल : अब क्या हुआ???

तानिया : चपडगंजु!! I'm हैप्पी!!! I'm सोऊ हैप्पी!!!

राहुल (स्माइल्स) : अब चले!?

तानिया : एक बार और बोल न प्लीज...

राहुल : क्या?

तानिया : वही जो तूने अभी कहा था...

राहुल : ी लव यू तू! अब चले!?

बदले में तानिया मुस्कुराते हुए हां में सर हिलाती है और अपने ासु पॉच लेती है.

ऐसे hi करते करते समय बीत गया, तानिया और राहुल के रिलेशन अब थोड़ा सा आगे बढ़ गया था, दोनों के बीच किस्सेस होती थी, पैशनेट वाली भी और नार्मल भी. पर उस से ज़्यादा कुछ नहीं क्युकी थोड़े दिन बाद hi तानिया वापस से अपने शहर जा चुकी थी, उसकी नौकरी लग चुकी थी. उसका मैं तोह नहीं था बिलकुल भी पर वो भी जानती थी की इसमें वो कुछ नहीं कर सकती.

अंशु और वंशु भी दोनों वापस घर जा चुकी थी अपने, क्युकी उन्हें यहाँ आए बाह्य समय हो गया था और अब तोह वह वैसे भी राहुल की हो चुकी थी, दोनों बहनो की आपस में बॉन्डिंग बोहत अच्छी हो गयी थी ,जाने से पहले दोनों ने राहुल के साथ खूब एन्जॉय किया और रातें रंगीन की. अभी वो यही समझ रही थी की वो दोनों अपने मायके में लौट के आयी है.

इधर सभी के जाते hi निशा को जैसे जन्नत मिल गयी. वो अपने बेतु राहुल के साथ अब आराम से वक़्त व्यतीत करती और दोनों माँ बेटे आपस में एन्जॉय करते. प्यार करते.

करीब 5 महीने बीत चुके थे, सब कुछ हो चूका था, यहाँ कोरोना वायरस भी आ चूका था, जिसके चलते साड़ी दुनिया अभी पीड़ित है. राहुल और उसका परिवार भी सावधानी बारात ते हुए कोरोना नाम के वायरस से बचने की कोशिश करते जा रहे थे.

(में यहाँ कहानी में कोरोना वायरस को यहाँ तक hi सीमित रखूँगा, मतलब कहानी में कोरोना वायरस आ के जा भी चूका है, अब सब कुछ नार्मल होने लगा है)

जब मई का महीना आया तोह राहुल का समय भी आ गया अपनी कॉलेज लाइफ से विदा लेने का. दो दिन बाद कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी, जिसमे सभी को सम्मलित होना था. इन् 6 महीनो में राहुल ने मास्टर की भी साड़ी ट्रेनिंग ली और मोनिका के साथ भी उसकी फ्रेंडशिप काफी स्ट्रांग हो गयी. दोनों कभी कभी डेट्स पे भी चले जाते थे. राहुल तनीषा का भी अच्छे से ख्याल रखता उसके घर जाता और प्यार करता.

ऋचा को भी राहुल मोटीवेट करता रहता आगे बढ़ने के लिए पर निकिता का बेहेवियर कुछ अजीब सा रहता. जब भी वो राहुल को देखती उस से दूर चली जाती थी. उस पियूष वाले सन के बाद से वो राहुल से कुछ दूर दूर सी रहती थी, काम बात करती थी, नज़रे नीचे रखती थी. राहुल को ये बात पता चल गयी थी पर उसने कभी भी आगे बढ़कर पूछा नहीं.

दो दिन बाद राहुल के कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी. सारे सीनियर्स को आना था, मिछ पे आके दो शब्द कहने थे, और कुछ मोमेन्टोस दिए जाने वाले थे. राहुल भी उसी दिन का वेट कर रहा था की कब वो उस कॉलेज से निकले और कब अपनी असली लाइफ शुरू करे.

और दो दिन बाद वो दिन आ hi गया...

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi गाइस!

धन्यवाद्!
 
अपडेट-61

अब तक...

दो दिन बाद राहुल के कॉलेज में फेयरवेल सेरेमनी थी. सारे सीनियर्स को आना था, मिछ पे आके दो शब्द कहने थे, और कुछ मोमेन्टोस दिए जाने वाले थे. राहुल भी उसी दिन का वेट कर रहा था की कब वो उस कॉलेज से निकले और कब अपनी असली लाइफ शुरू करे.

और दो दिन बाद वो दिन आ hi गया...


अब आगे...

आज राहुल के कॉलेज में उसकी फेयरवेल सेरेमनी थी और आज वो भी बड़े hi अच्छे से रेडी होकर कॉलेज जाने के लिए तैयार था. पिछले बीते हुए इन् 5-6 महीनो में बोहत सी बातें हुई जिस से राहुल की ज़िन्दगी hi बदल गयी, एक ख़ूबसूरत गफ मिली, एक डॉक्टर उस से 5 साल बड़ी पत्नी भी मिली, दो सगी बहने जो 3 साल बाद उस से मिलने आयी उसके घर वो भी उसकी हो के रह गयी और तोह और एक और गरम मसाला एन्ड में उसको मिला पर अब सब कुछ बैक तो नार्मल हो चूका था राहुल के लिए. सिर्फ कुछ महीनो की बात थी, उससे पता था उसका प्यार कही नहीं जाएगा, अभी उससे पहले अपना एम्पायर खड़ा करना पड़ेगा ये बात राहुल भली भाति जानता था.

इन् 5-6 महीनो में उसकी लाइफ नोर्मल्ली hi गुज़री, सुबह वो रोज़ मास्टर के पास जाता और कुछ न कुछ सीख के आता, उसकी बॉडी पहले से सख्त और मज़बूत हो गयी थी, स्टैमिना भी कई गुना बढ़ गया था और सबसे ख़ास बात लड़ने की स्किल्स और उसके रेफ्लेक्सेस पहले के मुताबिक़ काफी ज़्यादा बढ़ चुके थे. बीते महीनो में नेहा का रवैया राहुल के प्रति बिलकुल भी नहीं बदला बल्कि नेहा और कुछ न कुछ करके राहुल को तंग करती और उसकी बेइज़्ज़ती करती, उसके खिलाफ षडियंत्र रचती, लड़ती झगड़ती, पर ये सब अब वो निशा से छुप कर करती थी.

राहुल भी नेहा के विरोध का जवाब अब विरोध से hi देता था. अब वो पहले की तरह सेहत नहीं था, वो भी नेहा को खरी खोटी सुनाता और हमेशा उससे यही कहता की नेहा कितनी भी कोशिश क्यों न कर ले, वो हमेशा राहुल के नीचे hi रहेगी. इसका असर यही पड़ता की नेहा गुस्से से लाल हो जाती और अपने काम में अपना 100% देती ताकि वो राहुल की बोलती बंद कर सके.

खर्र! चलते है हम सब राहुल के कॉलेज की तरफ, राहुल रेडी होक कॉलेज पहुचा तोह पाया की सभी लोग सज धज के आए हुए है, लोगो की गैप शाप चल रही है, माहौल बोहत hi बढ़िया लग रहा था पर न जाने क्यों राहुल के दिल में एक अजीब सी फीलिंग थी. जिससे वो खुद समझ नहीं पा रहा था.

जब फेयरवेल की एंडिंग सेरेमनी में दो शब्द बोलने की राहुल की बारी आयी तोह वो भी स्टेज पे गया और अपनी कॉलेज लाइफ से रिलेटेड कुछ चाँद शब्द राहुल ने भी व्यक्त किये.

खाना पीना हुआ, डांस वगैरह भी हुआ, सौरभ भी आया हुआ था और वो भी राहुल के साथ hi घूम फिर रहा था. ऋचा भी राहुल के साथ hi थी दोनों अपने इस कॉलेज के पिछले 4 साल की यादो को याद कर रहे थे क्युकी इसके बाद तोह दोनों कुछ महीनो के लिए अलग हो जाएंगे. इस बात से राहुल भी दुखी था पर ऋचा से तोह रहा hi नहीं जा रहा था की वो अब राहुल से महीनो तक नहीं मिल पाएगी.

ऋचा : शाम हो गयी है हनी!! आधे से ज़्यादा लोग जा चुके है, चलो मेरे साथ

ऋचा राहुल का हाथ पकड़ ले जाने लगती है,

राहुल : किधर?

ऋचा : चलो तोह सही!

ऋचा राहुल का हाथ थाम उससे ले जा रही थी पर कहा?

तभी दोनों चलते चलते ऊपर बिल्डिंग की टेरेस पर आ जाते है.

ऋचा : याद है न ये जगह?

राहुल : कैसे भूल सकता हु इस जगह को?

इधर पे hi तोह तुम मुझे मिली थी.

ऋचा : हां! इधर पे hi तुमने मेरी आँखें खोली थी, इधर पे hi मुझे तुमसे प्यार हुआ था, इधर पे hi तुम्हारे साथ मेरा पहला हुग था, कैसे भूल सकती हु ये जगह में? पर अब... अब हमे अलग होना होगा

राहुल : नहीं रीचु!! सिर्फ कुछ महीनो की hi बात है. ी प्रॉमिस सब कुछ सेटल होते hi तुम्हे अपने पास बुला लूंगा और हम फिर साथ में hi रहेंगे.

ऋचा : ी ट्रस्ट यू हनी!! ी लव यू!!

राहुल : ी लव यू तू रीचु! देखो! कितना प्यारा मौसम है न? बाहर चेह चाहते हुए पक्षियों की आवाज़, ये ढलता हुआ सूरज, एक एंडिंग सेरेमनी के लिए परफेक्ट मौसम.

राहुल मुस्कुराते हुए मौसम की hi तारीफ कर रहा था की इतने में उससे कॉल आ गया!

"अननोन नंबर से कॉल?" फ़ोन की स्क्रीन देखते हुए उसने अपने मैं में कहा और फिर कॉल उठा लिया.

राहुल : hello?

दूसरी तरफ से एक आदमी की आवाज़ आयी, "राहुल??"

राहुल : यस! थिस इस राहुल. हु अरे यू?

कॉलर : सांपत्ति बंद कर और कान खोल कर सुन्न. तू कहा है, किसके साथ है ये सब मुझे पता है, में तुझे देख सकता हु. सुना है वो निकिता तेरी बहिन जैसी है!?

निकिता का नाम सुनते hi राहुल के मैं में निकिता की छवि आ जाती है और कॉलर के मुँह से निकिता का नाम सुन्न राहुल की आँखें बड़ी हो जाती है, एक अजीब सी फीलिंग उससे घेर लेती है.

राहुल : कोण हो तुम?

कॉलर : में कोण हु ये जान ने की ज़रुरत तुम्हे नहीं है, सिर्फ इतना जान लो की तुम्हारी निकिता मेरे क़ब्ज़े में है, यदि बचाना है तोह तुम्हे मेरे कुछ सवालों के उत्तर देने होंगे.

राहुल : क्या मज़ाक है ये? कोई प्रैंक कर रहा है तोह अभी भी वक़्त है सुधर जाओ, और सीधे सीधे बता दो की कौन हो?

कॉलर : लगता है तुम ऐसे नहीं मानोगे, तुमको ट्रेलर देना hi पड़ेगा. तोह सुनो ये...

तभी वो कॉलर किसी को फ़ोन पकड़ाता है और दूसरी तरफ से एक आवाज़ आती है जो राहुल के रोये खड़े कर देती है,

"राहुल भैयाआ!! मुझे बचा लीजिये...."

कॉलर : सुन्न लिया तूने अब? अब हो गया भरोसा?

राहुल गुस्से के मारे अपनी मुट्ठी कस लेता है और एक नज़र ऋचा की और घुमाता है जो उसको सवालिया नज़रो से कुछ पूछ रही थी की कोण है फ़ोन पर? इधर उसकी बहिन को किसी ने क़ब्ज़े में कर लिया था और राहुल भला क्या जवाब देता? वो सोच रहा था की निकिता उसके कारण इस मुसीबत में फस्स गयी है.

राहुल (मैं में) : कोण है ये? लकी?? नहीं! यदि वो होता तोह उसके ऐसा करने से पहले hi मुझे मास्टर सावधान कर देते. तोह फिर कोण?

राहुल : क्या चाहते हो तुम?

कॉलर : सबसे पहले अपनी गफ को कहो की वो बिल्डिंग के बाहर जाए, उसका यहाँ कोई काम नहीं है.

राहुल : रीचु!! क्या तुम कार में जाके बैठ सकती हो? प्लीज!? ये लो के!! जब तक में न कहु, कार से बाहर मत आना. में बाद में सब कुछ बता दूंगा.

ऋचा (टेंशन में आ कर) : क्या हुआ?! तुम इतने परेशां क्यों लग रहे हो? हनी?? कोई बात है क्या?

राहुल : रीचु! प्लीज! अभी जाओ! ी स्वेअर में तुम्हे बाद में सब बताऊंगा!

ऋचा : oo..ok!!

न चाहते हुए भी ऋचा, राहुल के लिए, उसके कहने पर कार की के लेकर पार्किंग की तरफ चली जाती है, कॉलेज पूरा खाली हो चूका था इस वक़्त, जो लोग बचे थे तोह केवल कुछ जूनियर्स जो फेयरवेल की एंडिंग सेरेमनी के डेकोरेशन को हटवा रहे थे, और कुछ स्टाफ के लोग, जो जाने की तैयारी कर रहे थे. और बहार वॉचमैन और गार्ड्स. बाकी बिल्डिंग सुनसान सी हो गयी थी लगभग.

राहुल : वो चली गयी है, अब बोलो क्या चाहते हो तुम?

कॉलर : रूम no. 100 में जाओ वह एक प्रश्न मिलेगा तुम्हे! उसका जवाब तुम्हे वह पर रखे एक सफ़ेद शीट पर काले मार्कर से लिखना होगा, जाओ अब जल्दी.

राहुल : व्हाट थे....?? मज़ाक चल रहा क्या यहाँ? में तुम्हारे क्वेश्चन सोल्वे करने आया हु क्या?

कॉलर : नहीं करोगे तोह पछताओगे! भूलो मत निकिता मेरे क़ब्ज़े में है!

Rahul(mann में) : सहित!!! आवाज़ तोह निकिता की hi थी? ये झूठ नहीं बोल रहा, पर है कोण ये? शीट!!! ऋचा को भी मेने अभी कुछ नहीं बताया है, क्या करू अब???

राहुल : ठीक है! में जाता हु.

कॉलर : जल्दी!! टाइम काम है तुम्हारे पास...

राहुल दौड़ते हुए पूरी ऊपर की खाली फ्लोर में रूम no. 100 की तरफ जाने लगता है, जैसे hi वो एंटर करता है, उससे ब्लैकबोर्ड पे एक क्वेश्चन दिखाई देता है,

दो डंडी से बनता है एक मैथ सिग्न,

आधी तोड़ो तो बन जाता है एक अल्फाबेट,

तोह जल्दी बता दो क्या है वो अल्फाबेट,

क्युकी में करता नहीं वेट!

राहुल : व्हाट थे...?? ये क्या बकचोदी है?? शीट्ट्ट्ट!!!

तभी वो कान में वापस फ़ोन लगाता है, तोह दूसरी और से आवाज़ आती है

कॉलर : जल्दी से उसका आंसर दो और वह एक सफ़ेद शीट है उसके बगल में मार्कर है, आंसर उसमे बड़े अक्षर में लिखना.

राहुल : मुझे ऐसा क्यों लग रहा है की तुम मेरे साथ प्रैंक कर रहे हो? भला तुम्हे ये अंसवेरस सोल्वे करवा के क्या मिलेगा?

कॉलर : तोह तुम अब भी मुझे सीरियसली नहीं ले रहे हां? तोह रुको...

तभी दूसरी साइड से एक बार फिर निकिता की आवाज़ आती है, "राहुल भैयाआ!! ुवाआआ.... बचा लो मुझे भैया, सेव में प्लीज, प्लीज... प्लीज!!!"

फिरसे निकिता की आवाज़ सुन्न राहुल एक बार फिर शॉकेड रह जाता है, और उसका गुस्सा भी बढ़ जाता है, राहुल को अब पूरा यकीन हो गया था की निकिता उस कॉलर के क़ब्ज़े में है. पहले तोह कही न कही राहुल ये सोच रहा था की शायद कॉलर के पास निकिता की कोई रिकॉर्डिंग होगी पर जब निकिता के शब्द बदले हुए इस बार सुनाई दिए और वो भी रोटी हुई आवाज़ में तोह राहुल को पक्का यकीन हो गया की ये कॉलर मज़ाक नहीं कर रहा और इस मामले में अब राहुल को सीरियस होना पड़ेगा.

राहुल : शीट्ट्ट्ट!!! दमन आईटी!!!! क्या हो सकता है वो?? दो डंडी से बनता है मैथ सिग्न? मैथ सिग्न तोह +(प्लस), -(माइनस), /(डिवाइड), और X(multiply) है. दो डंडी से तोह प्लस और मल्टीप्लय के सिग्न बनते hai....shittt!! कोनसा??

तभी राहुल पहेली के अगले part पर ध्यान देता है तोह पाटा है की उसमे लिखा है,

आधी तोड़ो तोह बन जाता है अल्फाबेट!

तभी राहुल + में से एक डंडी का आधा हिस्सा गायब कर देता है तोह उसको मिलता है "टी"

राहुल : हां! यही तोह है, एसससससस! टी एक अल्फाबेट hi तोह है.

राहुल फौरन वाइट शीट पर ब्लैक मार्कर जो वही पे रखा हुआ था उस से बड़े से अक्षर में टी लिख देता है और वापस से फ़ोन को कान में लगाता है.

कॉलर : क्या बात है!! चलो अब रूम no. 110 में जाओ, वह अगला सवाल तुम्हारा इंतज़ार कर रहा होगा. हाहाहाहा!!!

राहुल (गुस्से में) : दमन यू!!!! तू मुझे मिल जाए में तेरा वो हाल करूँगा न...

कॉलर : उसके पहले hi में तुझे इन् सब प्रश्नो से hi थका दूंगा, हाहाहाहा! चल जल्दी जा अब!

राहुल न चाहते हुए भी, दौड़कर रूम no. 110 की और जाने लगता है, आज उससे खुद पे इस बात का गर्व हो रहा था की उससे अपने कॉलेज का बिल्डिंग स्ट्रक्चर पूरी तरह से रट्टा हुआ है, काम से काम उससे ढूंढ़ना तोह नहीं पद रहा था की कोण सा रूम कहा पर है.

राहुल जब रूम no. 110 में एंटर किया तोह सामने बोर्ड पर अगला प्रश्न उसका इंतज़ार कर रहा था,

"िंदुस्तानके की S.I यूनिट बताओ

और अगले प्रश्न की और फौरन जाओ"

राहुल : साइंस का क्वेश्चन? में एक कंप्यूटर स्टूडेंट हु, पर तुमने क्या मुझे बेवक़ूफ़ समझा है? ये तोह कोई आठवीं क्लास का बच्चा भी कर ले. हम्फ!! िंदुस्तानके की S.I यूनिट होती है henry(H)

राहुल आगे बढ़ के उस वाइट शीट पर ब्लैक मार्कर से बड़े से अक्षर में एक "ह" बना देता है.

और फिर से कान में फ़ोन लगाता है,

कॉलर : क्या बात है! तुम तोह वाक़ई होशियार हो.

राहुल (गुस्से में) : शायद तुमने मुझे हलके में ले लिया. अब बकवास बंद करो और बताओ की निकिता कहा है? यदि उससे एक खरोच भी आयी न तोह तुम्हारा वो हश्र करूँगा की मौत मांगने पर मजबूर हो जाओगे.

कॉलर : अरे अरे! ये मत भूलो की तुम अभी मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते. तुम्हारी निकिता फिलहाल तोह सुरक्षित है, फिलहाल तोह... लेट मत करो! समय गुज़र रहा है!! रूम no. 150. टाइम इस टीकिंग... टिक tok...tik टोक.... हाहाहाहा!!

राहुल : शीट्ट्ट्ट!! फ़क थिस...

वो फिरसे दौड़ते हुए रूम no. 150 की और जाता है, और अगला प्रश्न बोर्ड पर उसके सामने था,

वैसे तोह में एक एक्विलाटेरल ट्रायंगल हु,

पर यदि मेरी एक साइड को एडजस्ट करते हो,

तोह में एक अल्फाबेट बन जाता हु,

तोह बताओ वो अल्फाबेट,

क्युकी में करता नहीं वेट!

राहुल : याअररररर! में इसका भरता बना दूंगा यदि ये मुझे मिला तोह! कलम डाउन राहुल! कलम डाउन!

राहुल फ़्रस्ट्रेशन के मारे कुछ ज़्यादा hi गुस्से से लाल हो रहा था ऐसे में उसको अपनी मास्टर की कही बात याद आ गयी, "क्रोध मनुष्य का शत्रु है"

और तुरंत hi राहुल ने खुद को कलम किया और ठन्डे दिमाग से सोचने लगा.

राहुल : एक एक्विलाटेरल ट्राइंगल वो होता है जिसकी साड़ी साइड्स इक्वल ho...hmm! मतलब की कुछ ∆ ऐसा. यदि में इसकी किसी एक साइड को एडजस्ट करू तोह ये एक अल्फाबेट बन जाएगा?

राहुल ने पहले 2 साइड को ादजूस6 किया पर फौरन hi उसने वो आईडिया चोरर दिया और नीचे वाली साइड को थोड़ा ऊपर किया तोह उसकी आँखों में एकदम से चमक आ गयी

∆ की नीचे वाली साइड को ऊपर करते hi उससे अल्फाबेट "ा" मिल गया.

उसने फौरन शीट पर ा लिखा और फ़ोन वापस से कान में लगाया,

कॉलर : क्या बात है!! पर इस वाले में तुम्हे हल्का सा वक़्त लग गया हाहाहा!!! फिर भी ये अमेजिंग था. अब चलो! रूम no. 180. नेक्स्ट.

राहुल : और कितने सवाल बचे है तुम्हारे? फ़ालतू का टाइमपास क्यों?

कॉलर : अब तू जाता है या फिर यहाँ में निकिता के साथ अपनी मस्ती चालु करू?

राहुल (जोरर से) : उससे हाथ लगा के तोह दिखा तू... तेरा वो हाल करूँगा न...

कॉलर (जोरर से) : शट उप!!!! चल जल्दी भाग अब, रूम no. 180.

बिना मैं के राहुल पूरे गुस्से में रूम no. 180 की तरफ दौड़ लगा देता है और वह पहुँच के उससे अपना अगला प्रश्न दिख जाता है,

में एक रास्ता हु जो साउथ से नार्थ जाता है,

पर जब कोई मुझे दिएगोनालय क्रॉस करता है,

तोह में एक अल्फाबेट बन जाता हु

क्या हु में? टाइम नहीं लगाना है!

राहुल : सोच राहुल सोच!!! शीट्ट्ट्ट....

रास्ता??? साउथ से नार्थ....?? मतलब...

नीचे से upar...haa!!

तभी राहुल शीट पर दो लाइन बना देता है, नीचे से ऊपर ले जाते हुए,

कुछ इस प्रकार से,

||

राहुल : मुझे दिएगोनालय क्रॉस करो तोह बन जाता हु अल्फाबेट??

तभी राहुल एक लाइन उसके आधे में खींच देता है और उससे उसका जवाब मिल जाता है,

|| पे जैसे hi उसने लाइन खींची तोह उससे न मिल गया. जो की एक अल्फाबेट था.

उसने फौरन वाइट शीट पर न बनाया और फ़ोन कान से लगाया.

कॉलर : अगला प्रश्न रूम no. 210 में

राहुल भी बिना कुछ बोले दौड़ते हुए वह जाने लगा, स्टैर्स को कुंडे फांदते वो जितना जल्दी हो सकता था उतनी स्पीड में दौड़ रहा था.

उस वक़्त उसके चेहरे पर टेंशन, घबराहट, थकान, फ़्रस्ट्रेशन, गुस्सा, पसीना सब नज़र आ रहा था.

जैसे hi वह रूम no. 210 में पहुचा तोह अगला प्रश्न सामने था.

में एक अल्फाबेट हु जो 3 लाइन्स से बना है,

फिजिक्स में में कुछ और,

केमिस्ट्री में में कुछ और,

में शार्ट फॉर्म की तरह भी उसे होता हु जब आपको कन्वर्सेशन एन्ड करना हो!

क्या हु में?

राहुल : ये वाला टफ है! कलम डाउन! टेक आईटी इजी!!

राहुल गहरी सास लेता है, बाहर आलरेडी अँधेरा हो चूका था, अब उसका जी घबरा रहा था, अपने लिए नहीं पर निकिता और ऋचा के लिए.

राहुल : तीन लाइन्स से बनता है अल्फाबेट?

तोह तीन लाइन्स से तोह ा, फ, ह, क, न, और ज़ है.

फिजिक्स में... केमिस्ट्री में...

तभी राहुल पहेली की वो एंडिंग लाइन पढता है

और थोड़ी देरर सोचने लगता है, और अचानक उसकी आँखों में चमक आ जाती है और वो वाइट शीट उठाता है और उसपे लिख देता है

"क"

क तीन लाइन्स से बनता है.

क फिजिक्स में केल्विन की S.I यूनिट भी है,

क केमिस्ट्री में पोटैशियम को कहा जाता है,

और कन्वर्सेशन एन्ड करने के लिए हम okay कहते है जिसको शार्ट फॉर्म में क भी कहते है

राहुक ने ये सब प्रश्नो को समझ लिया था और उसको आंसर मिल चूका था.

कॉलर : गुड! मुझे लगा नहीं था तुम ये कर पाओगे, अब लास्ट क्वेश्चन! रूम no. 230 में. जाओ जल्दी!

राहुल हफ्ते हुए तेज़्ज़ी से दौड़कर रूम no. 230 में जाता है और रूम को खोलता है, तोह ब्लैकबोर्ड पर आखिरी सवाल था.

"यूनिकोड 83. व्हाट ऍम ी?"

राहुल : यूनिकोड?? एक मिनट!! कही ये?? अब तक जितने भी क़ुएस्तिओन्स थे वो अल्फाबेट से रिलेटेड hi थे. तोह ये भी? यूनिकोड.... ये तोह कंप्यूटर से रिलेटेड है... 83...unicode....83....hmmm...

हां!! यूनिकोड में ा का मतलब होता है 65, मतलब 83 ......

राहुल फौरन शीट उठाता है और उसपर लिख देता है,

"स"

कॉलर : क्या बात है! *क्लाप्स* तुम तोह मेरी उम्मीद से कही ज़्यादा काबिल निकले.

राहुल (हफ्ते हुए) : बकवास.... बंद करो!!

और बताओ की निकिता कहा है.

कॉलर : बाहर निकलो और स्टाफ रूम के सामने जाओ, वह से कॉरिडोर के दूसरे साइड देखो.

राहुल दौड़ते हुए बिना कुछ कहे स्टाफ रूम की तरफ दौड़ लगा देता है और वह पहुँच के उससे कुछ दिखाई नहीं देता, स्टाफ रूम में ताला लगा हुआ था, जब वो कॉरिडोर के दूसरे साइड बिल्डिंग के दूसरे चोरर की और देखता है तोह उसकी आँखें खुली की खुली रह जाती है

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi फ्रेंड्स.

ये अपडेट में आप लोगो को पढ़ाई से रिलेटेड कुछ ज़्यादा hi चीज़े देखने मिल गयी ः.


पर ये ज़रूरी था, ये आपको नेक्स्ट अपडेट में पता लग जाएगा.
 
अपडेट-62



अब तक...

राहुल (हफ्ते हुए) : बकवास.... बंद करो!!


और बताओ की निकिता कहा है.

कॉलर : बाहर निकलो और स्टाफ रूम के सामने जाओ, वह से कॉरिडोर के दूसरे साइड देखो.



राहुल दौड़ते हुए बिना कुछ कहे स्टाफ रूम की तरफ दौड़ लगा देता है और वह पहुँच के उससे कुछ दिखाई नहीं देता, स्टाफ रूम में ताला लगा हुआ था, जब वो कॉरिडोर के दूसरे साइड बिल्डिंग के दूसरे चोरर की और देखता है तोह उसकी आँखें खुली की खुली रह जाती है

अब आगे...

राहुल कॉरिडोर पे खड़े होक बिल्डिंग की दूसरी साइड जब दूसरे कॉरिडोर पे देखा तोह वह अँधेरा था, क्युकी शाम ढल चुकी थी इसलिए पहले तोह कुछ नज़र नहीं आया पर अचानक वह की लाइट जाली और करीब 6 लोग वह पर खड़े हुए दिखाई दिए, उन् 6 लोगो के हाथ में वाइट शीट्स थी जिससे वो लोग अपने चेहरे के सामने पकडे हुए थे, पर ये क्या? ये तोह...




ये तोह वही साड़ी शीट्स थी, और उस पर लिखा हुआ था थैंक्स. ये सारे तोह अभी अभी राहुल ने उत्तर दिए थे, और भला राहुल अपनी hi राइटिंग कैसे नहीं पहचानता?

उससे समझने में देरर न लगी की वो 6 लोग जो पकडे हुए है वो उसी ने थोड़ी देरर पहले लिखा था. थैंक्स? पर किसलिए??

राहुल की कुछ समझ नहीं आया, एक तोह वो न hi चेहरा देख पा रहा था और न hi अनुमान लगा पा रहा था की वो सब कोण है. उसने फौरन दूसरी साइड जाने की सोची और दौड़ते हुए वह कुछ hi सेकण्ड्स में दूसरे चोरर पर पहुँच गया.

सामने 6 लोग अभी भी चेहरा उन् शीट्स से ढके हुए थे,

राहुल : तुम सब? कोण?

तभी सभी ने शीट्स हटाई और अपना अपना चेहरा दिखाया तोह राहुल के होश hi उड़द गए.

सामने निकिता, पियूष, सौरभ, सिमरन (ये वही लड़की है जो नेहा के बर्थडे में राहुल से मिली थी, अपडेट 36 में आप दुबारा पढ़ सकते है), सृष्टि (राहुल और ऋचा की कॉमन फ्रेंड), और नेहा?? नेहा भी?

सामने का नज़ारा देख राहुल तोह स्तब्ध था hi बूत उस से भी ज़्यादा सुरप्रीसेड नेहा को देख के था. ये यहाँ क्या कर रही है? यही सवाल उससे सत्ता रहा था.

नेहा ने भी जब देखा की राहुल उससे hi देख रहा है तोह उसने फौरन अपनी सफाई पेश करते हुए कहा,

नेहा : व्हाट? में सिर्फ यहाँ टाइमपास के लिए आयी थी, पर ये इन् लोगो ने मुझे ये थमा दिया.

कहते हुए उसने वाइट शीट जिस पर न लिखा हुआ था नीचे फेक दी और अपने हाथ बाँध कर कड़ी हो गयी.

निकिता ने फौरन उस शीट को नीचे से उठा लिया और अपने सीने से लगा लिया.

निकिता : wo...wo मेरे कहने पर hi नेहा यहाँ पर है भैया.

कहते हुए उसने अपनी नज़रे नीचे कर ली.

पियूष : थैंक यू राहुल भैया!

राहुल : कोई मुझे बताएगा यहाँ पर चल क्या रहा है? और सौरभ तू यहाँ? सृष्टि तुम भी? मुझे लगा तुम दोनों hi घर चले गए.

पियूष : में बताता हु भैया! दरअसल! आज आपका और बाकी सारे सीनियर्स का इस कॉलेज में लास्ट दिन था. अब क्युकी हम फर्स्ट ईयर वाले एंडिंग सेरेमनी में इन्वितेद नहीं थे पर में और बाकी सब आपके लिए कुछ करना चाहते थे.

राहुल : ???

पियूष : इसलिए मेने और बाकी सब ने सौरभ भैया और सृष्टि दीदी की हेल्प ली क्युकी वो दोनों आपको अच्छे से जानती है. सौरभ भैया ने hi हमे ये बताया की आपको थ्रिल और सस्पेंस पसंद है और यदि आपकी असली खूबी बाहर निकालनी है तोह हम सभी को कुछ ऐसा करना था जिस से आप को थ्रिल महसूस होए और थोड़ा डर लगे.

सौरभ : हां भाई! माफ़ करना तुमसे सीक्रेट रखा, पर अब क्या करू? ये बच्चे इतने प्यार से मदद मांगने आये थे की में मन hi नहीं कर पाया और थोड़ा तोह में भी चाहता था की तुझे उस सिचुएशन में देखु. कसम से क्या सन था यार हाहाहा...

सृष्टि : हां! पर राहुल की दाद देनी पड़ेगी, कितना कलम होक उसने साड़ी सिचुएशन को डील किया.

सौरभ : सच में! यदि ये सब असली में हो रहा होता और राहुल की जगह में होता तोह में तोह कभी भी निकिता को नहीं बचा पाटा. I'm सॉरी निकिता, मेरा उतना दिमाग तोह कभी न चल पाटा.

राहुल : *स्माइल्स*

पियूष : आपने उस दिन मेरी इतनी मदद की, तोह बदले में मेरी और बाकी सब की तरफ से थैंक यू समझिये इससे.

सिमरन : हां! वेल! में ये सब नहीं करती पर जब मुझे पता चला की ये सब आपके लिए किया जा रहा है तोह में भला कैसे पीछे रहती? और हां! में याद तोह हु न आपको?

राहुल : सिमरन??

सिमरन (स्माइल्स) : चलिए! काम से काम याद तोह हु.

राहुल : तोह ये सब तुम लोगो ने मेरे लिए किया? ताकि जाते जाते में कुछ थ्रिल महसूस करू और ये मेमोरी बना के जाऊ?

नेहा को चोरर कर सभी लोगो ने हां में सर हिला दिया, तभी राहुल जोरर जोरर से हस्सन लगता है

राहुल : वाओ!! सच में! तुम लोग मुझे थ्रिल महसूस करवाने में कामयाब हुए, में वाक़ई दर्रा हुआ था.

पियूष : बिलकुल! हम कॉलेज में लगे कामर्स से आपको लाइव देख रहे थे भैया. आप निकिता के लिए बोहत ज़्यादा hi गुस्से में आ गए थे, आपकी हर्र एक बात हम सब ने सुनी. और आपकी हर एक हरकत हम सब कामर्स में देख रहे थे. और सॉरी भैया! वो आवाज़ बदल कर मेने hi आपसे वैसे बात करि थी, तोह उसके लिए सॉरी.

राहुल फिर से हस्ते हुए आनंद लेता है और फिर निकिता की तरफ बढ़कर उससे अपने सीने से लगा लेता है.

राहुल : क्यों रे? तू भी मिली हुई थी इनके साथ? इधर में कितना घबरा गया था तुझे पता है?

राहुल की अचानक हुग से निकिता जब सम्भली तोह अचानक उसकी आँखों में ासु आ गए, वो भी राहुल की हर एक हरकत देख रही थी, देख रही थी की राहुल को उसकी कितनी परवाह है, देख रही थी की राहुल उसके लिए किन किन हदो को पार कर सकता था, उसके लिए किस हद्द तक जाने को तैयार था और यहाँ वो पिछले कुछ महीनो से राहुल से दूर भाग रही थी, उस से नज़रे चुरा रही थी. निकिता को खुद पे hi घिन आ रही थी. पर क्या करती? इसके अलावा उसके पास कोई चारा hi नहीं था. क्यों? वो इसलिए क्युकी जब से राहुल ने वो फेक प्रपोजल किया था और जब से निकिता ने राहुल को फाकेली रिजेक्ट किया था तबसे उसके अंदर कुछ फीलिंग्स थी जिन्हे वो समझ नहीं पा रही थी. और जब उससे समझ ने आया की वो फीलिंग्स क्या थी तोह उसने दूर होना hi बेहतर समझा.

वो नहीं चाहती थी की उसके चलते उसकी बहिन की ज़िन्दगी में प्रोब्लेम्स आये. क्या वो राहुल की तरफ अत्त्रक्टेड थी? जी हां! और जब बेचारी निकिता को खुद के hi क्रश को रिजेक्ट करना पड़ा तब सोचिये क्या बीती होगी उसपर. उससे भी ये बात तभी पता चली थी की राहुल उसका क्रश है.

ज़रा इमेजिन करिये की आपके क्रश ने आपको ी लव यू कहा और आप उससे रिजेक्ट कर रहे हो, भले hi ये झूठा एक्ट था पर ज़रा सोचिये, केसा लगेगा आपको? बुरा लगेगा न!? यही हाल निकिता का था. उससे राहुल से लगाव सा था पर जब उसने राहुल को उस दिन रिजेक्ट किया तब उससे पता चला की वो लगाव क्या था. और बेचारी वो सेह न पायी. यहाँ राहुल पियूष को सदमा न लगे इसके लिए टेंशन में था पर सदमा तोह बेचारी हमारी निकिता को लग गया था.

पर आज जब राहुल को ऐसे उसके लिए परवाह करते देखा तोह निकिता के अंदर का विरोध कुछ गायब सा हो गया. अपने हाथ को फैलाते हुए उसने रट रट राहुल को भी कस के भींच लिया.

राहुल : अरे!? अब रो क्यों रही है? और हां! इतने दिनों से मुझसे दूर क्यों भाग रही थी?

राहुल की बात सुन्न निकिता और जोरर से रोने लगती है और उसकी हज छाती में अपना मुँह छुपा लेती है,

निकिता (रट हुए) : I'm सोविई (I'm सॉरी)

कहते वक़्त बेचारी ढंग से बोल भी नहीं पा रही थी. रो जो रही थी.

राहुल : क्या?

सृष्टि : सॉरी कह रही है.

राहुल : किस बात के लिए.

निकिता : आपसे दूर जाने के लिए

राहुल: हां! वही पूछ रहा में, क्यों किया ऐसा?

निकिता : ......

राहुल : क्या हुआ? नहीं बताना क्या?

निकिता ना में सर हिला देती है.

राहुल : फिरसे करोगी ऐसा?

एक बार फिरसे निकिता ना में सर हिला देती है.

इधर नेहा कुछ अजीब नज़रो से निकिता और राहुल को एक दूसरे की बाहो में लिप्त हुआ देख रही थी उसके मैं में कुछ चल रहा था और उससे कुछ अजीब महसूस हो रहा था. हर्र बार जब वो निकिता और राहुल को साथ देखती तोह पता नहीं उससे ये फीलिंग क्यों आ जाती थी, और हर्र बार वो इस फीलिंग को समझने में नाकामयाब रहती.

राहुल : गुड!! वैसे!! मुझे इतना अच्छा सरप्राइज देने के लिए आप सभी को थैंक्स. मेने बिलकुल भी ये सब एक्सपेक्ट नहीं किया था.

नेहा : हम्फ!!

तभी पीछे से ऋचा की आवाज़ आती है,

"तोह यहाँ हो तुम?"

वो दौड़ते दौड़ते आयी और देखा की सभी लोग यहाँ खड़े हुए है और राहुल की बाहो में उसकी छोटी बहिन निकिता है.

राहुल : रीचु?

ऋचा (हफ्ते हुए) : tum...yaha? चल क्या रहा है?

फिर राहुल सब कुछ सच सच बता देता है ऋचा को.

ऋचा : हे bhagw@@n! तुम्हे पता है में कितना टेंशन में थी? इतने कॉल्स किये तुम्हे पर तुमने एक कॉल नहीं उठाया, फिर मुझसे रहा नहीं गया तोह में खुद चली आयी, पर तुम कही मिल hi नहीं रहे थे...

राहुल : सॉरी रीचु! फ़ोन साइलेंट पर था इसलिए कॉल का पता hi नहीं चला.

सॉरी तुम्हे टेंशन में दाल दिया.

ऋचा : अहिंदा से ऐसा कभी मत करना हनी!

राहुल : *ब्लश*

ऋचा : क्या हुआ?

जब ऋचा गौर करती है की अभी अभी सब के सामने वो क्या कह गयी तोह वो भी शर्म के मारे अपना मुँह छुपा लेती है.

राहुल फिर आगे बढ़ निकिता को चोरर ऋचा को अपनी बाहो में ले लेता है.

सृष्टि : ओह्ह होऊ!! देखो तोह बाबू शोना का प्यार हहै!!

सभी हस्सन लगते है.

ऋचा (ब्लश) : शट उप सृष्टि!!

ऐसे hi थोड़ा थ्रिल, थोड़ा सस्पेंस, थोड़ी हस्सी, थोड़ा प्यार और थोड़े से एन्जॉयमेंट के बाद राहुल का आखिरी दिन कॉलेज में समाप्त हुआ और ये रात भी यही शान्ति से गुज़र गयी.

अगले दिन राहुल अपने मास्टर के पास गया , आज मास्टर से शिक्षा लेने का आखिरी दिन था. आज के दिन मास्टर ने उससे कोई शिक्षा नहीं दी और सारा समय बातो में hi गुज़ारा.

मास्टर : तोह आज तुम्हारा ये आखिरी दिन है राहुल.

राहुल : हां मास्टर! इसके बाद में ये शहर चोरर कर चला जाऊंगा.

मास्टर : तोह तुम फिर हमेशा के लिए बाहर hi रहोगे या फिर यहाँ पे बाद में आकर बस जाओगे?

राहुल : इसका जवाब में अभी नहीं दे सकता मास्टर.

मास्टर : क्या इसका जवाब तुम्हे खुद नहीं पता या तुम बताना नहीं चाहते?

राहुल : मुझे खुद नहीं पता!

मास्टर : हम्म! देखो राहुल!

राहुल : जी मास्टर!

मास्टर : आने वाले समय में हो सकता है तुम्हारे ऊपर कई साड़ी मुसीबते आये, पर तुम उसका दत्त कर सामना करना. बस हिम्मत मत हारना. तुम्हे ऐसे लोग भी मिलेंगे जो बल से नहीं बल्कि बुद्धि से लोगो मात देते है और षडियंत्र भी रचते है. ऐसे लोगो से बोहत hi सावधान रहना राहुल.

राहुल : जी मास्टर!

तभी वह मोनिका आ जाती है,

मोनिका : तोह हीरो अब तुम चले जाओगे?

राहुल : हां मोनिका दी.

राहुल और मोनिका दोनों का रिलेशन उस दिन के बाद से काफी क्लोज हो गया था. मोनिका नहीं चाहती थी की राहुल उससे मिस कहकर बुलाये इसलिए राहुल ने फिर उससे दी कहकर बुलाना शुरू कर दिया. मोनिका को ये भी पसंद नहीं आया था पर धीरे धीरे उसने एक्सेप्ट कर लिया और अब राहुल मोनिका को मोनिका दी कहकर hi बुलाता है.

मोनिका (साद होकर) : में तुम्हे मिस करुँगी!

राहुल : में भी आपको और बाकी सभी को मिस करूँगा दी!

मोनिका : तोह मत जाओ न! तेरा पूरा ख़याल में रखूंगी, तेरा सारा खर्चा में उठाउंगी तुझे अपने साथ रखूंगी. मत जा!

राहुल : दी ये आप क्या कह रही हो? आप ये कैसे भूल सकती हो की में राहुल हु. ये सब में कैसे एक्सेप्ट कर सकता हु? आप तोह जानती है न मुझे अच्छे से?

मास्टर : मोनिका? शायद तुम भूल रही हो की एक सच्चा मर्द ये कभी नहीं चाहेगा की उसका खर्चा एक लड़की उठाए और बिना कोई परिश्रम किये उसके ऊपर बोझ बन्न कर रहे.

मोनिका : पर राहुल मेरे लिए बोझ नहीं है...

मास्टर : मॉनिकाआआ....

मोनिका : umm...sorry! सॉरी राहुल! मुझे सोचना चाहिए था बोलने से पहले.

राहुल (स्माइल्स) : कोई बात नहीं दी! मुझे आपकी हर्र बात अच्छी लगती है.

मोनिका (ब्लश) : पागल!!

कहते हुए वो वह से चली जाती है.

मास्टर तभी उठ के रूम का दूर अंदर से लॉक कर देते है,

मास्टर : राहुल!

राहुल : जी?

मास्टर : समय आ गया है की अब में तुमसे गुरु दक्षिणा मांगू.

राहुल : j...ji!

मास्टर : क्या तुम तैयार हो?

राहुल : हां मास्टर! कहिये! क्या चाहते है आप मुझसे?

मास्टर : देखो राहुल! मुझे नहीं पता तुम ये सुन्न ने के बाद कैसे रियेक्ट करोगे पर एक गुरु को दक्षिणा तोह देनी hi पड़ती है. में भले hi तुम्हे स्वार्थी लागु पर में भी कुछ नहीं कर सकता. अब यदि में तुम्हे स्वार्थी लगता भी हु तोह मुझे केवल इस बात का अफ़सोस hi रहेगा ज़िन्दगी भर.

राहुल : में कुछ समझा नहीं मास्टर!?

मास्टर : अब कैसे कहु तुमसे राहुल... मुझसे कहा भी नहीं जा रहा है.

राहुल : इसमें इतने सोचने वाली क्या बात है मास्टर? कह दीजिये! आप अपनज hi गुरु दक्षिणा मांग रहे है, किसी और की नहीं.

मास्टर : हम्म!! राहुल... में चाहता हु की...

.

.

.

.

.

.

.

.

.


आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
अपडेट-63

मेगा अपडेट



अब तक...


राहुल : में कुछ समझा नहीं मास्टर!?

मास्टर : अब कैसे कहु तुमसे राहुल... मुझसे कहा भी नहीं जा रहा है.

राहुल : इसमें इतने सोचने वाली क्या बात है मास्टर? कह दीजिये! आप अपनज hi गुरु दक्षिणा मांग रहे है, किसी और की नहीं.

मास्टर : हम्म!! राहुल... में चाहता हु की...


अब आगे...



राहुल : ????

मास्टर : में चाहता हु ki...ki तुम ख़ुशी के साथ 3 महीने tak...usko प्रोटेक्ट करो.

राहुल : ख़ुशी??

मास्टर : ख़ुशी! मेरी बेटी!

राहुल (शॉकेड) : पर? मेरी कुछ समझ में नहीं आया मास्टर. ख़ुशी? Mein...protect?

मास्टर : समझाता हु! *गहरी सास लेकर* देखो! राहुल! तुम जानते हो की अभी हाल hi में आये कोरोना जैसे खतरनाक वायरस से दुनिया उभर hi रही है. मेरी बेटी भी चीन में hi थी पर इस से पहले की कोरोना उस तक पोहचता वो इंडिया आ चुकी थी अपनी आगे की पढ़ाई के लिए. अभी वो मुंबई में है, वो डॉक्टर बन्न न चाहती है इसलिए आगे की पढ़ाई मुंबई में hi रहकर करेगी.

राहुल : हां! तोह ये तोह अच्छी बात है मास्टर. इसमें दिक्कत क्या है?

मास्टर : जितना सरल ये दीखता है राहुल उतना है नहीं. कोरोना के चलते पूरी दुनिया अस्त व्यस्त हो गयी. इसका असर उन् अमीर लोगो पर भी है जिनका बड़ा बिज़नेस है. आर्थिक स्थिति कमज़ोर होने से सभी परिणाम भुगत रहे है. और उसमे में भी शामिल हु.

राहुल : पर में अब भी नहीं समझ पाया मास्टर की इसमें मेरा ख़ुशी को प्रोटेक्ट करने से क्या लेना देना है?

मास्टर : लेना देना है राहुल. लेना देना है!!

बात सिर्फ इतनी सी नहीं है. अच्छा मेरे एक प्रश्न का उत्तर दो राहुल.

राहुल : जी पूछिए!

मास्टर : यदि शत्रु पे वार करना हो तोह कब करना चाहिए?

राहुल : जब उससे बिलकुल भी उम्मीद न हो वार की, या जब वो सबसे ज़्यादा कमज़ोर हो, या जब उसका ध्यान कही और केंद्रित हो.

मास्टर : एकदम सही जवाब!

राहुल : ????

मास्टर : वैसे hi मेरे अपने समय की दुश्मनी जो अब तक चली आ रही है, उनमे से मेरे कुछ दुश्मन है जो मेरी बेटी को हानि पोहचाना चाहते है. ये में पहले भी तुम्हे बता चूका हु.

राहुल : जी हां मास्टर! मुझे अच्छी तरह से याद है!

मास्टर : हां! तोह अभी मेरा भी ध्यान केंद्रित है, यानी की वायरस के कारण बिज़नेस उथल पुथल होने से यही सबसे सही मौका है उनके लिए मेरी बेटी को नुक्सान पहुचाने के लिए. पर में नहीं चाहता की ऐसा हो. में चाहता हु की में अपना बिज़नेस भी संभाल लू और अपनी बेटी को भी कुछ न होने दू.

राहुल : मास्टर! मेरे ख्याल से आपको पहले ख़ुशी के बारे में सोचना चाहिए. बिज़नेस तोह दुबारा भी खड़ा हो सकता है.

राहुल की बात सुन्न मास्टर मंद मंद मुस्कुराए और फिर कहे,

मास्टर : हम्म! तुमने सही कहा. पर में जानता हु की में दोनों काम एक साथ कर सकता हु. और इसलिए गुरु दक्षिणा में मेने तुमसे ये माँगा है राहुल.

राहुल : पर में अकेला एक 21 साल का लड़का भला उन् माफिया गुंडों से ख़ुशी को कैसे प्रोटेक्ट कर सकता है? और आप ने ये काम किसी सर्वश्रेष्ठ बॉडीगार्ड को क्यों नहीं दिया?

मास्टर : तुम्हे क्या लगता है राहुल? की में अपनी बेटी के लिए बॉडीगार्ड भी नहीं रख सकता? घबराओ नहीं राहुल! तुम्हारे अलावा वह और भी बोडीगार्ड्स होंगे जो ख़ुशी की रक्षा करेंगे. पर तुम्हे इसलिए चुना है क्युकी...

राहुल : ???

मास्टर : क्युकी ख़ुशी बोडीगार्ड्स से नफरत करती है. उससे ज़रा भी पसंद नहीं है की काले कपडे पहन के हट्टे काटते लोग उसके अगल बगल घूमे. वो कहती है की उसकी फ्रेंड्स डर जाती है.

राहुल : पर लाइफ तोह इम्पोर्टेन्ट है न मास्टर?

मास्टर : हां! क्या करू राहुल? थोड़ी ज़िद्दी है, यदि बॉडीगार्ड उससे दूर से प्रोटेक्ट करे तोह वो बुरा नहीं मानती. पर तुम तोह जानते हो न, दुश्मन ये सब नहीं सोचता. उससे तोह जब मौका मिलेगा वो कही पे भी कभी भी अपना वार कर सकता है. और इसलिए, में चाहता हु की तुम उसके साथ 3 महीने तक रहो. उसके कॉलेज जाओ, उसकी क्लास में रहो, आगे पीछे hi घूमना पड़ेगा तुम्हे.

राहुल : पर...??

मास्टर : मन मत करना राहुल. में जानता हु की ख़ुशी तुम्हे पक्का एक्सेप्ट कर लेगी. क्युकी तुम उसकी उम्र से ज़्यादा बड़े नहीं हो. वो तुमसे सिर्फ 3 साल hi छोटी है. वो पक्का तुम्हे मन नहीं करेगी. इनफैक्ट! में तोह चाहता हु की तुम दोनों अच्छे से घुल मिल जाओ.

राहुल : मतलब?

मास्टर (मैं में) : मतलब ये की काश तुम दोनों अच्छे से घुल मिल जाओ. में ख़ुशी पर अपने फैसले नहीं थोप सकता. आखिर वो मेरी एकलौती बच्ची है. पर उपरवाले से दरखास्त है मेरी की काश वो तुम्हे पसंद कर ले. मेरा काम आसान हो जाएगा.

राहुल : मास्टर? आपने जवाब नहीं दिया मेरी बात का?

मास्टर चेन की तन्द्रा भांग होती है और वो राहुल को देखते है और फिर हलकी हस्सी हस्ते हुए कहते है,

मास्टर : अरे! ः!!... अरे असल में ख़ुशी ज़िद्दी है न, तोह isliye...isliye मेने ऐसा कहा. की तुम दोनों घुल मिल जाओ, झगड़ा न होए तुम्हारे बीचे. ः!!

राहुल : क्या वो ज़्यादा hi ज़िद्दी है?

मास्टर : उम्! हां है तोह. पर दिल की बड़ी hi अच्छी है. एक बार यदि तुमने उसके दिल में जगह बना ली न तोह वो अपना सब कुछ डाव पे लगा देगी तुम्हारे लिए देखना.

राहुल : हम्म?

मास्टर (मैं में) : अरे कुछ ज़्यादा बोल दिया लगता.

मास्टर : मेरा मतलब, उससे प्यार से ट्रीट करोगे तोह बदले में वो भी प्यार लौटाएगी.

राहुल : हम्म्म!!

मास्टर : क्या हुआ? कुछ चिंतित लग रहे हो?

राहुल : मास्टर! में ये शहर चोरर कर अपना बिज़नेस खड़ा करने की सोच रहा था पर अब आपकी गुरु दक्षिणा भी देनी है. मुझे 3 मोनथस और वेट करना पड़ेगा मतलब.

मास्टर : हम्म! तब क्या तुम दे पाओगे? जो मेने माँगा है.

राहुल : बिलकुल मास्टर! में ख़ुशी को 3 महीने प्रोटेक्ट करने के लिए रेडी हु. पर क्या में ये जान सकता हु की 3 महीने hi क्यों?

मास्टर : क्युकी मुझे अपना बिज़नेस और बाकी काम संभालने में 3 महीने लग जाएंगे.

राहुल : ok! तोह मेरी जान को भी खतरा है न?

मास्टर : *गहरी सास लेकर* हां राहुल! माफ़ करना! पर मुझे पता नहीं क्यों अंदर से एक अनुभूति हो रही है की तुम ये काम कर लोगे. डरो नहीं! तुम्हारी जान बोहग महत्वपूर्ण है. में बाकी बोडीगार्ड्स भी तुम्हारे हवाले कर दूंगा. उनको तुम hi इंस्ट्रक्शंस देना. बीच बीच में में मोनिका को भी भेज दिया करूँगा. वो तुंहारी हेल्प भी कर दिया करेगी और मुझे वह की रिपोर्ट भी दिया करेगी.

राहुल : जी! पर यदि मेरी जान चली गयी तोह?

मास्टर : में ऐसा हरगिज़ होने नहीं दूंगा. तुम बिलकुल फिक्र मत करो राहुल. और अब तक तुम्हे जो जो सिखाया है, समझ लो की उसका असली प्रयोग करने का समय आ गया है. इससे एक परीक्षा की तरह hi ट्रीट करो.

राहुल : जी!

मास्टर : तोह तुम्हे मुंबई जाना होगा!

राहुल : जी!! कब?

मास्टर : कल ही!

राहुल (सुरप्रीसेड) : कल hi?

मास्टर : हां! तुंहारी फ्लाइट बुक करवा दू न?

राहुल : मास्टर!! मेरे साथ एक फ्रेंड भी रहेगा. क्या आप उसका और मेरा रुकने का बंदोबस्त कर सकते है?

मास्टर : ये भी कोई कहने की बात है? तुम टेंशन मत लो. उसका रुकने का बंदोबस्त हो जाएगा. पर तुम्हे ख़ुशी के साथ hi रहना होगा 3 मोनथस तक. जहा जहा वो जाएगी तुम्हे उससे hi फॉलो करना है, हर्र वक़्त.

राहुल : j...ji! चलिए में चलता हु फिर.

मास्टर : हम्म!

राहुल फिर बाहर निकल अपनी बाइक उठा के घर की और जाने लगता है. एकदम से सब कुछ बदल चूका था. उससे एक नया टास्क मिल गया था. जिसके लिए शायद वो तैयार नहीं था.

राहुल (मैं में) : तोह इसलिए मास्टर ने मुझे इन् 6 महीनो में बॉडीगार्ड की ट्रेनिंग दी और वो जानलेवा मूव्स सिखाए ताकि में उनका उसे ख़ुशी को प्रोटेक्ट करने में कर सकू. मतलब मास्टर ने ये बोहत पहले hi सोच लिया था. हम्म!

पर में उन्हें मन कैसे कर सकता था? गुरु दक्षिणा तोह देनी hi होती है, ऊपर से उन्होंने मेरी कितनी मदद भी की है. बस प्रॉब्लम है तोह केवल 2 बातो की.

यदि मेरी जान चली गयी तोह? मेरे घरवालों का क्या होगा? और दूसरी बात मेरा बिज़नेस? अरे हां! में और सौरभ तोह वैसे भी मुंबई hi जाने वाले थे. एक बिज़नेस की शुरुआत मुंबई जैसे शहर से hi तोह होती है. और अब तोह हमारा रहने का ठिकाना भी सेट हो गया. ना hi हमारे पैसे रेंट पे खर्च होंगे और न hi कोई टेंशन. हम्म! में समझ गया मुझे क्या करना है. सौरभ से बात करता हु घर जाके.

इधर राहुल अपने घर की और प्रस्थान कर रहा था और इधर एक बंगला में एक व्यक्ति बैठे नेवसपपेर पढ़ रहा था और अचानक उसने नेवसपपेर गुस्से में मरोड़ते हुए फेक दिया.

आदमी : धत्त तेरी की... साला सब हिजड़े की औलाद है.

ये लकी का बाप था.

लकी : क्या हुआ डैड!?

Lucky's डैड : बीटा! हमारी एक दारु की दूकान ाहर बंद हो सकती है. साला इन् निकाम्बो नौकरो से कुछ संभाला नहीं जाता. दिमाग खराब कर के रखा है.

लकी : डैड! वो सब सही हो जाएगा. आप मेरे बारे में तोह सोचिये कुछ. कब तक में इस घर में पड़े पड़े सड़ता रहूँगा. उस राहुल की गांड मारनी है मुझे. बस एक मौका मिल जाए.

लड़ : अभी तुझे बाहर नहीं निकला है इसलिए तू बचा हुआ है. साला कमिश्नर भी मिला हुआ है उस राहुल से. तू हवालात में होता यदि घर पर नहीं रखा होता तुझे समझा? थोड़े दिन और ृक्क जा, में कुछ करता हु.

इधर राहुल अपने घर पहुचा और सीधे अपने रूम में चला गया और सौरभ को कॉल किया,

सौरभ : बोल भाई!

राहुल: तैयारी करो कल हम मुंबई चल रहे है!

सौरभ (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त? अचानक? ऐसे? एकदम से?

राहुल : हां! बी फ्लाइट! तू बस तैयारी कर में सब कुछ समझा दूंगा बाद में.

सौरभ : अच्छा ठीक है यार!

*कॉल एंड्स*

राहुल अब सोच में था की निशा को कैसे बताये ये बात की कल वो जा रहा है. और ये बात कब बताई जाए?

तभी वो निर्णय लेता है की सभी को बता दे ताकि आज रात वो सभी से अच्छे से बात करने के बाद. कल इस शहर को अलविदा कह सके.

जब राहुल ने सबको बताया की वो कल ये शहर चोरर के चला जायेगा तोह सभी शॉकेड थे, उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं थी की एकदम से राहुल उन सब को चोरर दूसरे शहर जाएगा और वो भी मुंबई जैसे बड़े शहर में. सबसे ज़्यादा चिंतित और कोई नहीं निशा hi थी, एक माँ जो थी. उसका बीटा कैसे रहेगा, क्या खाएगा, क्या पियेगा, कहा रहेगा ये साड़ी बाते उससे अंदर से खाए जा रही थी. वही दूसरी तरफ नेहा जो थी वो सबसे ज़्यादा खुश थी, उसकी ख़ुशी का तोह कोई ठिकाना hi नहीं था.

राहुल की जाने की बात अंशु और वंशु को भी पता चली तोह वो दोनों भी शाम के वक़्त hi राहुल के घर आ गयी ताकि उसके जाने से पहले कुछ पल बिता सके. तनीषा को भी जब पता चला तोह वो भी एकदम से उदास हो गयी और उससे बेचैनी से होने लगी. उसने कल फ्लाइट के समय आकर मिलने का वादा किया.

इधर नेहा दौड़ती हुई निकिता के घर पर पहुची और उसके रूम में घुस गयी सीधे.

नेहा : ोये कमीनी! उठ!

निकिता : क्या हुआ यार? दिन में भी सोने नहीं देता कोई

नेहा : एक चमाट लगाउंगी न... शाम के 6 बज रहे है. चल उठ! एक मस्त न्यूज़ है!

निकिता (उठते हुए) : क्या हुआ? बर्फ बना लिया क्या?

नेहा : चल हॉट! पहले ये मिठाई खा तू.

कहते हुए नेहा एक पीेछे मिठाई का निकिता के मुँह में hi ठूस देती है,

निकिता : aaawweeeee....tyaa तर रही hai...unmmmm

निकिता मिठाई खाने के बाद सास लेती है, पानी पीती है और फिर बोलना स्टार्ट करती है,

निकिता : पागल है क्या? ऐसे कोण मिठाई खिलाता है? और क्या मस्त न्यूज़ है? तेरे सपनो का रजखमार मिल गया क्या?

नेहा : अरे हट! उस से भी मस्त न्यूज़ है!

निकिता : उस से भी मस्त न्यूज़ क्या हो सकती है?

नेहा (ख़ुशी से झूमते हुए) : वह बास्टर्ड शहर चोरर के जा रहा है. Omg!! I'm सो हैप्पी!!!!

कहते हुए वो खुद hi एक पीेछे मिठाई का खा लेती है.

इधर निकिता की आँखें फटी की फटी रहती है, और थोड़ी देरर के सन्नाटे के बाद वो कहती है,

निकिता : क्या कहा तूने? राहुल भैया? शहर चोरर के?

नेहा : हां मेरी बेबी! वो बास्टर्ड जा रहा है! I'm फ्री नाउ! में आज़ाद हु! मुझे फाइनली छुटकारा मिला.

निकिता : par...par क्यों? कैसे?

नेहा : अबे तू क्या उदास हो रही? तू मेरे साइड है या उसके साइड? जा रहा होगा कही. सुना है मुंबई जा रहा है. हाहाहाहा! पैसा है नहीं, मुंबई में रहेगा? भीख मांगेगा वह. मुंबई क्या गांव है? ज़िन्दगी भर पड़ा रहे वही पे. में तोह आज़ाद हो गयी. हास्सः!! कल मेरी तरफ से पार्टी सभी डार्लिंग लड़कियों को. हाहाहा

निकिता यहाँ टेंशन में कुछ सोच विचार कर रही थी की तभी वो दौड़ के ऋचा के पास जाती है,

निकिता : दी! दी दरवाज़ा खोलिये!

ऋचा (दूर ओपन करते हुए) : क्या हुआ निक्की?

निकिता : दी! राहुल भैया शहर चोरर के मुंबई जा रहे है?

ऋचा (थोड़ी देरर चुप रहने के बाद) : हां! राहुल मुंबई जा रहा है.

निकिता : और आपने उन्हें रोका भी नहीं?

ऋचा : निक्की तू पागल हो गयी है क्या? उससे में क्यों रोकूंगी? क्या तुम नहीं चाहती वो भी एक बड़ा आदमी बने? आखिर उससे भी तोह अपना नाम कमाना है न?

निकिता : par...par वो यहाँ रह के भी तोह पैसे कमा सकते है न?

ऋचा : अभी तुम नहीं समझोगी. और यदि राहुल ने ऐसा किया है तोह कुछ सोच समझ कर hi किया होगा. ी बिलीव इन हिम.

नेहा : हम्फ!

निकिता : तोह? तोह हम कल चल रहे है न? उनसे मिलने?

ऋचा : हां! एयरपोर्ट पे मिलने चलेंगे.

निकिता : o...ok!

............................

इधर रात में राहुल ने अंशु और वंशु के साथ रातें रंगीन की. दोनों बोहत ज़्यादा hi उदास थी की राहुल कल जा रहा है. बेचारी निशा को कोई मौका नहीं मिल पाया इस बार.

आखिर वो दिन आ hi गया. जिसका राहुल को तोह बेसब्री से इंतज़ार था साथ hi साथ नेहा को भी. राजेश को पता था की राहुल ने यदि ये डिसिशन लिया है तोह कुछ सोच समझ कर hi किया होगा. इसलिए राजेश ने ख़ुशी ख़ुशी राहुल का डिसों एक्सेप्ट किया पर उसके अकाउंट में पैसे भी दाल दिए. ये उनका फ़र्ज़ था उनके हिसाब से.

आज निशा ने खाने में राहुल की फवौरीते डिशेस बनायीं थी. उसकी उदासी सभी के सामने झलक रही थी. जैसे तैसे वो खुद को रोने से रोके हुए थी. नेहा सबसे ज़्यादा खुश थी, वो सोच रही थी कब शाम होए और राहुल ये घर से निकले और वो अपनी फ्रेंड्स को पार्टी दे.

शाम हुई, सभी लोग कार में बैठ के पहुचे एयरपोर्ट. निशा तोह फुट फुट कर रोने hi लगी. अंशु और वंशु भी उदास सी कड़ी हुई थी. सौरभ भी अपने घरवालों के साथ आ गया, उसके घरवालों को राहुल ने पहले hi मन लिया था उसके साथ जाने के लिए.

तभी ऋचा भी निकिता के साथ आ गयी, और उसके तुरंत बाद hi तनीषा भी आ गयी. सभी ने एक दूसरे से मिला और राहुल को गुडबाय कहने के लिए ृक्क गए.

सभी लोग मौजूद थे. ये पल सभी के लिए कष्टदायक था, सिवाए नेहा के. वो तोह बिलकुल hi उल्टा फील कर रही थी. सबसे ज़्यादा खुश तोह वही थी. राहुल ने सभी के गले लगे, नेहा सबसे दूर साइड में कड़ी हुई थी.

वो भी सोच रही थी की कब ये ड्रामा शामा ख़तम होये और वो घर जाके पार्टी की तैयारी करे.

अभी राहुल इस से आगे बढ़ता, तभी वह मोनिका आ गयी. और राहुल को कस के हुग कर दिया. मोनिका को केवल ऋचा जानती थी क्युकी उसने hi मास्टर और मोनिका को देखा हुआ था इस से पहले. पर बाकी सब के लिए ये नज़ारा नया था. अंशु वंशु तनीषा के लिए तोह चौकाने वाला था.

अंशु : अरे दीदी! ये हुस्न की पारी कोण है? देखो तोह! भाई के गले लगी है.

न चाहते हुए भी अंशु को मान न पड़ा की मोनिका उसकी टक्कर की थी खूबसूरती में.

वंशु : छोटी! मुझे नहीं पता! कोई नयी गफ तोह नहीं बना ली इस कुटी ने?

अंशु : नहीं दी! ऐसा होता तोह भाई हमें बताते.

तनीषा : मेरे ख़याल से वो डार्लिंग की ख़ास फ्रेंड में से एक है.

अंशु और वंशु साथ में : डार्लिंग??????

तनीषा बेचारी शर्म से लाल होकर अपना चेहरा छुपा लेती है.

अंशु : ओह हो! क्या बात है! डार्लिंग हां?? डार्लिंग???

तनीषा : बस बस! अब बोहत हुआ! उस पर ध्यान दो तुमलोग! हम तोह आलरेडी टीम में है. पर वो हमारी कॉम्पिटिटर बन सकती है.

वंशु : कुटी को में उसके चंगुल में नहीं जाने दूंगी

तनीषा : वंशिका! तुम भूल गयी क्या? हम सब राहुल के है.

वंशिका (साद होकर) : हां! राहुल सिर्फ मेरा नहीं है. में जानती हु ये...

मोनिका : मास्टर ने कहा है की वो बीच बीच में मुझे तुम्हारे पास भेजेंगे.

राहुल : हां! बताया था उन्होंने!

फ्लाइट आ चुकी थी, राहुल जाने hi वाला था की निशा ने उससे बुलाया और अगले hi पल उसने नेहा को पीछे से धीरे से धकेल के राहुल की तरफ आगे कर दिया,

नेहा सुरप्रीसेड सी कड़ी पलट के निशा को देखि जैसे पूछ रही हो की माँ ये आप क्या कर रही हो?

निशा (रुवासे स्वर में): जा के गले लगो अपने भाई से

नेहा (फटी आँखों से) : माँ????????

निशा (गुस्से में) : मेने कहा जाके गले मिलो उस से.

नेहा : पर? पर...?? डैड??

राजेश : माँ ने सही कहा. जाके गले मिलो अपने भाई से नेहा.

नेहा : नहीं! कभी नहीं! Mein...mein कैसे?

निशा : नेहाआआ!!! जाती हो या नहीं??

Neha(mann में) : माँ डैड को अचानक क्या हो गया है? वो मुझे फाॅर्स क्यों कर रहे है?

नेहा का मंद : अरे सोच क्या रही है? मिल ले गले एक आखिरी बार. ये क्यों नहीं सोचती की इसके बाद तू फ्री हो जाएगी. यदि एक बार गले मिल लेने से तुझे आज़ादी मिल रही है तोह जा न!

Neha(mann में) : हां! बात तोह सही है! ऐसे में माँ डैड भी नाराज़ नहीं होएंगे और में भी इस से हमेशा के लिए पीछा चुर्रा लुंगी.

तभी नेहा राहुल की तरफ आगे बढ़ती है और बिना मैं के अजीब सा मुँह बनाते हुए उससे गले लगाने के लिए आगे बढ़ने लगती है, तभी राहुल उसको कंधो से पकड़ता है, एक हाथ उसके गाल पर रखता है और आगे बढ़ के उसके कान में ऐसा कुछ कहता है, जिससे सुनकर नेहा की आँखें फटी की फटी रह जाती है और उसका शरीर सिहर उठता है.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi दोस्तों!!


धन्यवाद्!!
 
Back
Top