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अपडेट 25
नेक्स्ट डे
कीर्ति टेबल के एक तरफ पढ़ रही थी और सुमित दूसरी तरफ अपना मोबाइल में बिजी tha...Chatting में.
कीर्ति कभी अपने पढ़ाई की तरफ ध्यान देती तो कभी ना चाहते हुए भी सुमित की taraf...Ek दो बार बुलाना भी चाहा लेकिन फिर खुद hi रुक गयी.
जब बर्दास्त के बाहर हुआ तब.
कीर्ति:- आपका पढ़ाने का तरीका भी अलग है? दूसरा कोई साथ बैठ कर पढ़ाता है और aap...Aap कुछ बताने के बाद अपने में hi लगे हुए है.
सुमित:- एक छोटा बच्चा का hi एक्साम्प्ले ले lo...Jab वो छोटा होता है तब hi उसकी माँ उससे अपने हाथो से खिलाती hai...Fir बाद में उससे खुद hi सीखना पड़ता hai...Khud से तरय कर के.
ठीक ऐसे hi...Mere ख्याल से तुम इतनी भी छोटी नहीं हो की तुम्हे दूसरे पर hi देपेंद रहना padega...Agar कुछ सीखना चाहती हो कुछ पढ़ना चाहती हो तो खुद hi म्हणत करना पड़ेगा.
कीर्ति:- मतलब आप माँ वाला केयर कर रहे है.
सुमित:- Nahi...Tumhe लायक बना रहा hun...Agar तुम्हे कुछ करना है तो खुद से hi करना होगा वर्ण कोई भी टीचर, कॉलेज या इंस्टीटूशन तुम्हे एंट्रेंस में स्कालरशिप नहीं दिलवा सकता जब तक तुम खुद hi म्हणत नहीं करोगी.
कीर्ति:- तो फिर आपका या फिर किसी टीचर का क्या काम?
सुमित:- तुम्हारे म्हणत को एक दिशा (डायरेक्शन) dena...Facilitate karna...Thoda कांसेप्ट या फिर ओवरव्यू dena...Lekin म्हणत तुम्हे hi करना पड़ेगा.
थोड़ा कांसेप्ट दे चूका हूँ उस टॉपिक par...Mehnat की बारी tumhari...Aur जब पूरा पढ़ लेने के बाद उसी हिसाब से एंट्रेंस के लिए टिप्स दूंगा.
कीर्ति:- ये भी सही है.
इतना कह कर कीर्ति फिर से पढाई में लग जाती है और सुमित चैटिंग में.
दोनों में कुछ बात होता सुमित के पापा वह पहुँच जाते है.
स. डैड:- ये काम अच्छे से करना!!! इसके अलावा तुझसे और कोई उम्मीद है भी नहीं.
सुमित जवाब में सिर्फ मुस्कुराता है.
कीर्ति:- नहीं Uncle...Bahut अच्छे से पढ़ा रहे hai...Kaafi इंटेलीजेंट है ये.
सुमित की तरफ देख मुस्कुराती हुई बोली कीर्ति.
स. डैड:- मुझे यकीं तो नहीं हो रहा hai...Fir भी अगर तुम कहती हो तो मान लेता हूँ.
सुमित की तरफ घूरते हुए वो बोले तो सुमित इस बार अपना हंसी रोक नहीं पाया.
सुमित:- लीजिये एक और gawah...Abb बताइये आप कब मानेंगे मेरा इंटिलेगेन्स को?
सुमित की पापा कुछ नहीं बोलते.
सुमित:- 49 गवाह तो हो चूका hai...Jald हाफ सेंचुरी पूरा हो जाएगा.
स. डैड:- अच्छे से padhana...Mai एक पार्टी से हो कर आता हूँ.
इतना कह कर सुमित के पापा चले गए.
सुमित पापा को तब तक देखता रहा जब तक वो मैं गेट से बाहर नहीं निकल gaya...Saath hi उसका मुस्कान बढ़ते हुए हंसी का तोप लेने लगा.
कीर्ति:- आप हंस क्यों रहे है?
सुमित:- फ्यूचर का सोच कर?
कीर्ति:- कैसा फ्यूचर?
कन्फूसिओं में कीर्ति ने पूछा.
सुमित:- पापा का फ्यूचर...4 घंटे के बाद का.
अब्ब कीर्ति और भी ज्यादा कंफ्यूज हो गयी.
सुमित:- 4 घंटे के बाद पापा का गुस्सा अभी से देख रहा हु और वही सोच कर हंसी आ रहा है.
कीर्ति:- ऐसा क्या होने वाला है?
सुमित:- क्रिकेट मैच कह्लैने जा रहा हूँ और कल एग्जाम hai...Papa को जब पता चलेगा यो उनका गुस्सा देखने लायक होगा और उसी गुस्सा का सोच हंस रहा हूँ.
अब्ब कीर्ति को सुमित की बात समझ में आया लेकिन एक बात अभी भी उसके समझ के बाहर था.
कीर्ति:- आप खेलने जा रहे है एग्जाम के बावजूद लेकिन बाकी के dost...Kya उनका एग्जाम नहीं है?
सुमित:- है और वो नहीं aayenge...Bahut डरपोक है.
गल्ली के बच्चों के साथ है आज का मैच.
कीर्ति:- बच्चोने के साथ?
सुमित:- हाँ वही फ़ालतू बैठे रहते है मेरी tarah...Aur वैसे भी जब मई बात पकड़ता हूँ तो क्या बच्चे, क्या जवान और क्या buddhe...Sabhi को धोता हूँ बिना भेदभाव के.
कीर्ति कुछ बोलने hi वाली थी की.
सुमित:- अब्ब तुम ऍबे पढ़ाई में ध्यान दो.
फिर कीर्ति पढ़ने लगती है और सुमित चतरिंग में लग जाता है.
कीर्ति आज पढ़ नहीं पा रही thi...Sumit को सामने देख हजार तरह की सवाल उसके दिमाग में आ रहा tha...Bahut अजीब सा लग रहा था उससे सुमित का करैक्टर.
कीर्ति:- वैसे आप बहुत इंटेलीजेंट hai...Concepts बहुत अच्छा है और आज तक पहले की तरह याद है.
सुमित सिर्फ कीर्ति को देखता है कुछ बोलता नहीं.
कीर्ति:- एक सवाल है?
सुमित:- Pucho...Sawaal का जवाब देने hi तो बैठा हूँ.
कीर्ति:- आपने मब्ब्स क्यों तरय नहीं किया? इतना टैलेंटेड है aap...Thoda तरय करते तो हो जाता आपका भी.
सुमित इस सवाल पर मुस्कुराता है.
सुमित:- कोई ख़ास लगाव नहीं था मब्ब्स में.
कीर्ति:- तो फिर बी फार्मेसी?
सुमित:- एक गलती को दूसरे गलती से सुधारा तो नहीं जा सकता है ना?
कीर्ति:- क्या मतलब? मई कुछ समझी नहीं.
सुमित:- एक बहुत बड़ा गलती हो गया था 11 में बायोलॉजी सेलेक्ट कर ke...Aur हमेशा से मई स्ट्रैट फॉरवर्ड रहा हूँ तो सोचा अब्ब बायोलॉजी के फील्ड में hi आगे बढ़ना है.
अब्ब इस गलती को सुधारने के लिए बायोलॉजी को छोड़ कोई दूसरा सब्जेक्ट सेलेक्ट करने की दूसरा गलती करना नहीं चाहता था.
अब्ब ऑप्शन था तो बायोलॉजी फील्ड के कुछ गिने चुने स्कोपस.
मुझे अपना नींद बहुत प्यारा है इस लिए मब्ब्स को साइड कर diya...Kaun सुबह जल्दी उठ कर और देर रात तक पढ़ कर मेडिकल की तयारी करेगा?
और कुछ ऐसे दोस्त थे हो बोलते थे की मेडिकल में नहीं हुआ तो फॉरेस्ट्री या फिर एग्रीकल्चर padhenge...Tabhi से ये दो स्कोप भी साइड कर दिया.
और रहा Pharmacy..Wahi कर रहा hun...Agar इससे भी बोर हुआ तो ये भी छोड़ दूंगा.
सुमित का जवाब सुन कीर्ति का दिमाग hi चक्र gaya...Bilkul इल्लॉजिकल जवाब लगा उससे ये.
सुमित:- (लाफिंग) स्ट्रैट फॉरवर्ड और ूनप्रेडिक्टेबले hun...Aur तुम्हारे समझ से baahar...Issi लिए मेरे बारे में छोड़ पढाई में ध्यान लगाओ.
इतना कह कर सुमित फिर मोबाइल में लग गया.
कीर्ति:- लेकिन...
कीर्ति इससे आगे कुछ कहती उससे पहले hi.
सुमित:- एंट्रेंस में इस टाइप का क्वेश्चन आएगा.
व्हिच बैक्टीरिया लक्स सेल वाल?
ना की सुमित के कितने दांत है, आँख है, नाक है? पेअर पर चलता है या फिर हाथ पर? बाल इंसान जैसा है या फिर छिड़ियों की घोसला जैसा?
इसी लिए मेरे बारे में छोड़ किताब पढ़ो.
सुमित की इस बात पर कीर्ति को बहुत हंसी आता hai...Hasne के बाद.
सुमित:- अच्छा अब्ब पढ़ो.
सुमित ने भी हँसते हुए kaha...Aur मोबाइल में देखने लगा.
मोबाइल में आया हुआ मैसेज देख उसके होंठ मुस्कान से फ़ैल गए.
श्रुति:- ी लव यू.
सुमित ने जवाब टाइप किया.
सुमित:- ी लिखे you...I लिखे यू ा lot...Can वे बे फ्रेंड विथ बेनिफिट?
ये मैसेज टाइप कर सुमित रिप्लाई का वेट करने laga...Mission श्रुति का फर्स्ट स्टेप जो था सुमित का.
दूसरी तरफ Kirti...Abb वो पढ़ाई के साथ साथ चोरी से सुमित को एक नजर जरूर देख leti...Sumit का करैक्टर अब्ब उससे इंटरेस्टिंग लगने लगा.
नेक्स्ट डे
कीर्ति टेबल के एक तरफ पढ़ रही थी और सुमित दूसरी तरफ अपना मोबाइल में बिजी tha...Chatting में.
कीर्ति कभी अपने पढ़ाई की तरफ ध्यान देती तो कभी ना चाहते हुए भी सुमित की taraf...Ek दो बार बुलाना भी चाहा लेकिन फिर खुद hi रुक गयी.
जब बर्दास्त के बाहर हुआ तब.
कीर्ति:- आपका पढ़ाने का तरीका भी अलग है? दूसरा कोई साथ बैठ कर पढ़ाता है और aap...Aap कुछ बताने के बाद अपने में hi लगे हुए है.
सुमित:- एक छोटा बच्चा का hi एक्साम्प्ले ले lo...Jab वो छोटा होता है तब hi उसकी माँ उससे अपने हाथो से खिलाती hai...Fir बाद में उससे खुद hi सीखना पड़ता hai...Khud से तरय कर के.
ठीक ऐसे hi...Mere ख्याल से तुम इतनी भी छोटी नहीं हो की तुम्हे दूसरे पर hi देपेंद रहना padega...Agar कुछ सीखना चाहती हो कुछ पढ़ना चाहती हो तो खुद hi म्हणत करना पड़ेगा.
कीर्ति:- मतलब आप माँ वाला केयर कर रहे है.
सुमित:- Nahi...Tumhe लायक बना रहा hun...Agar तुम्हे कुछ करना है तो खुद से hi करना होगा वर्ण कोई भी टीचर, कॉलेज या इंस्टीटूशन तुम्हे एंट्रेंस में स्कालरशिप नहीं दिलवा सकता जब तक तुम खुद hi म्हणत नहीं करोगी.
कीर्ति:- तो फिर आपका या फिर किसी टीचर का क्या काम?
सुमित:- तुम्हारे म्हणत को एक दिशा (डायरेक्शन) dena...Facilitate karna...Thoda कांसेप्ट या फिर ओवरव्यू dena...Lekin म्हणत तुम्हे hi करना पड़ेगा.
थोड़ा कांसेप्ट दे चूका हूँ उस टॉपिक par...Mehnat की बारी tumhari...Aur जब पूरा पढ़ लेने के बाद उसी हिसाब से एंट्रेंस के लिए टिप्स दूंगा.
कीर्ति:- ये भी सही है.
इतना कह कर कीर्ति फिर से पढाई में लग जाती है और सुमित चैटिंग में.
दोनों में कुछ बात होता सुमित के पापा वह पहुँच जाते है.
स. डैड:- ये काम अच्छे से करना!!! इसके अलावा तुझसे और कोई उम्मीद है भी नहीं.
सुमित जवाब में सिर्फ मुस्कुराता है.
कीर्ति:- नहीं Uncle...Bahut अच्छे से पढ़ा रहे hai...Kaafi इंटेलीजेंट है ये.
सुमित की तरफ देख मुस्कुराती हुई बोली कीर्ति.
स. डैड:- मुझे यकीं तो नहीं हो रहा hai...Fir भी अगर तुम कहती हो तो मान लेता हूँ.
सुमित की तरफ घूरते हुए वो बोले तो सुमित इस बार अपना हंसी रोक नहीं पाया.
सुमित:- लीजिये एक और gawah...Abb बताइये आप कब मानेंगे मेरा इंटिलेगेन्स को?
सुमित की पापा कुछ नहीं बोलते.
सुमित:- 49 गवाह तो हो चूका hai...Jald हाफ सेंचुरी पूरा हो जाएगा.
स. डैड:- अच्छे से padhana...Mai एक पार्टी से हो कर आता हूँ.
इतना कह कर सुमित के पापा चले गए.
सुमित पापा को तब तक देखता रहा जब तक वो मैं गेट से बाहर नहीं निकल gaya...Saath hi उसका मुस्कान बढ़ते हुए हंसी का तोप लेने लगा.
कीर्ति:- आप हंस क्यों रहे है?
सुमित:- फ्यूचर का सोच कर?
कीर्ति:- कैसा फ्यूचर?
कन्फूसिओं में कीर्ति ने पूछा.
सुमित:- पापा का फ्यूचर...4 घंटे के बाद का.
अब्ब कीर्ति और भी ज्यादा कंफ्यूज हो गयी.
सुमित:- 4 घंटे के बाद पापा का गुस्सा अभी से देख रहा हु और वही सोच कर हंसी आ रहा है.
कीर्ति:- ऐसा क्या होने वाला है?
सुमित:- क्रिकेट मैच कह्लैने जा रहा हूँ और कल एग्जाम hai...Papa को जब पता चलेगा यो उनका गुस्सा देखने लायक होगा और उसी गुस्सा का सोच हंस रहा हूँ.
अब्ब कीर्ति को सुमित की बात समझ में आया लेकिन एक बात अभी भी उसके समझ के बाहर था.
कीर्ति:- आप खेलने जा रहे है एग्जाम के बावजूद लेकिन बाकी के dost...Kya उनका एग्जाम नहीं है?
सुमित:- है और वो नहीं aayenge...Bahut डरपोक है.
गल्ली के बच्चों के साथ है आज का मैच.
कीर्ति:- बच्चोने के साथ?
सुमित:- हाँ वही फ़ालतू बैठे रहते है मेरी tarah...Aur वैसे भी जब मई बात पकड़ता हूँ तो क्या बच्चे, क्या जवान और क्या buddhe...Sabhi को धोता हूँ बिना भेदभाव के.
कीर्ति कुछ बोलने hi वाली थी की.
सुमित:- अब्ब तुम ऍबे पढ़ाई में ध्यान दो.
फिर कीर्ति पढ़ने लगती है और सुमित चतरिंग में लग जाता है.
कीर्ति आज पढ़ नहीं पा रही thi...Sumit को सामने देख हजार तरह की सवाल उसके दिमाग में आ रहा tha...Bahut अजीब सा लग रहा था उससे सुमित का करैक्टर.
कीर्ति:- वैसे आप बहुत इंटेलीजेंट hai...Concepts बहुत अच्छा है और आज तक पहले की तरह याद है.
सुमित सिर्फ कीर्ति को देखता है कुछ बोलता नहीं.
कीर्ति:- एक सवाल है?
सुमित:- Pucho...Sawaal का जवाब देने hi तो बैठा हूँ.
कीर्ति:- आपने मब्ब्स क्यों तरय नहीं किया? इतना टैलेंटेड है aap...Thoda तरय करते तो हो जाता आपका भी.
सुमित इस सवाल पर मुस्कुराता है.
सुमित:- कोई ख़ास लगाव नहीं था मब्ब्स में.
कीर्ति:- तो फिर बी फार्मेसी?
सुमित:- एक गलती को दूसरे गलती से सुधारा तो नहीं जा सकता है ना?
कीर्ति:- क्या मतलब? मई कुछ समझी नहीं.
सुमित:- एक बहुत बड़ा गलती हो गया था 11 में बायोलॉजी सेलेक्ट कर ke...Aur हमेशा से मई स्ट्रैट फॉरवर्ड रहा हूँ तो सोचा अब्ब बायोलॉजी के फील्ड में hi आगे बढ़ना है.
अब्ब इस गलती को सुधारने के लिए बायोलॉजी को छोड़ कोई दूसरा सब्जेक्ट सेलेक्ट करने की दूसरा गलती करना नहीं चाहता था.
अब्ब ऑप्शन था तो बायोलॉजी फील्ड के कुछ गिने चुने स्कोपस.
मुझे अपना नींद बहुत प्यारा है इस लिए मब्ब्स को साइड कर diya...Kaun सुबह जल्दी उठ कर और देर रात तक पढ़ कर मेडिकल की तयारी करेगा?
और कुछ ऐसे दोस्त थे हो बोलते थे की मेडिकल में नहीं हुआ तो फॉरेस्ट्री या फिर एग्रीकल्चर padhenge...Tabhi से ये दो स्कोप भी साइड कर दिया.
और रहा Pharmacy..Wahi कर रहा hun...Agar इससे भी बोर हुआ तो ये भी छोड़ दूंगा.
सुमित का जवाब सुन कीर्ति का दिमाग hi चक्र gaya...Bilkul इल्लॉजिकल जवाब लगा उससे ये.
सुमित:- (लाफिंग) स्ट्रैट फॉरवर्ड और ूनप्रेडिक्टेबले hun...Aur तुम्हारे समझ से baahar...Issi लिए मेरे बारे में छोड़ पढाई में ध्यान लगाओ.
इतना कह कर सुमित फिर मोबाइल में लग गया.
कीर्ति:- लेकिन...
कीर्ति इससे आगे कुछ कहती उससे पहले hi.
सुमित:- एंट्रेंस में इस टाइप का क्वेश्चन आएगा.
व्हिच बैक्टीरिया लक्स सेल वाल?
ना की सुमित के कितने दांत है, आँख है, नाक है? पेअर पर चलता है या फिर हाथ पर? बाल इंसान जैसा है या फिर छिड़ियों की घोसला जैसा?
इसी लिए मेरे बारे में छोड़ किताब पढ़ो.
सुमित की इस बात पर कीर्ति को बहुत हंसी आता hai...Hasne के बाद.
सुमित:- अच्छा अब्ब पढ़ो.
सुमित ने भी हँसते हुए kaha...Aur मोबाइल में देखने लगा.
मोबाइल में आया हुआ मैसेज देख उसके होंठ मुस्कान से फ़ैल गए.
श्रुति:- ी लव यू.
सुमित ने जवाब टाइप किया.
सुमित:- ी लिखे you...I लिखे यू ा lot...Can वे बे फ्रेंड विथ बेनिफिट?
ये मैसेज टाइप कर सुमित रिप्लाई का वेट करने laga...Mission श्रुति का फर्स्ट स्टेप जो था सुमित का.
दूसरी तरफ Kirti...Abb वो पढ़ाई के साथ साथ चोरी से सुमित को एक नजर जरूर देख leti...Sumit का करैक्टर अब्ब उससे इंटरेस्टिंग लगने लगा.