Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 8 - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 66

ठीक तभी दरवाज़ा खुलता है और ज़रा रूम में आती है.... ज़रा के आते hi मैक्स फ़ौरन वहां से निकल लेता है.... मैक्स की इस हरकत को देख ज़रा को बड़ी हैरानी सी होती है.... उतना hi हैरान प्रिंस ज़रा को देख के होता है...

ज़रा : इसे क्या हुआ ये इस तरह अचानक से दर के रूम से क्यों भाग गया....? ऐसे जैसे की इसने कोई भूत देख लिया हो....

ज़रा की बात सुन के प्रिंस भी फ़ौरन रूम से बहार निकल जाता है.... उसे ये अच्छे से पता है की ज़रा उसे गले लगाए बिना मानेगी नहीं और ये पारी कभी बर्दाश्त करेगी नहीं की उसके प्रिंस को कोई और लड़की अपने सीने से लगाए....

प्रिंस को देख ज़रा को और भी हैरत सी होती है..... उसे समझ नहीं आता की उसके रूम में आते hi अचानक से ये दोनों रूम से बहार क्यों भाग गए....??????

अब आगे......

ज़रा अपना सर खुजाते हुए रूम से बहार आती है.....

सारा : तुझे क्या हुआ....? तू इतनी हैरान परेशान क्यों नज़र आ रही है.....? कोई प्रॉब्लम है क्या.....?

ज़रा : वो पहले मैक्स फिर प्रिंस.... वो रूम में वो.... भूत....

ज़रा के मुँह से भूत सुन के सैम और विजय जो इस वक़्त सारा के पीछे खड़े थे दर के मारे दोनों की हालत खराब हो जाती है..... बड़ी मुश्किल से सैम के मुँह से बस इतना hi निकलता है.....

सैम : K.....k....kya कहा bh.....oot....? K....k...kahan kid.....har....?

ज़रा : पता नहीं यार.... शायद प्रिंस के रूम में है.... जिसे देख वो दोनों प्रिंस और मैक्स वहां से भाग गए....

तभी अचानक से किसी के हसने की आवाज़ सुन के सब दर जाते हैं..... उनकी हालत खराब हो जाती है.....

रूही : हहहहहहहह.... क्या कहा भूत..... क्या यार तुम लोग भी न 21सत सेंचुरी में भूतों की बात कर रहे हो.... इतना hi नहीं दर से कांप भी रहे हो....

विजय : दर सभी को लगता है... गाला सब का सूखता है....

विजय की बात सुन के रूही दोबारा हसने लगती है....

रूही : हहहहहहहह.... यार अब स्प्राइट तो है नहीं तू एक काम कर पानी hi पी ले....

विजय पानी का गिलास ले के पीने लगता है....

विजय : थैंक्स यार पानी देने के लिए....

रूही : मुझे डरने का कोई फायदा नहीं.... क्यों की मुझे भूत वोट से दर नहीं लगता.... जो चीज़ होती hi नहीं उस से डरना कैसा....

विजय : पहली बात तो ये की भूत होते हैं.... और दूसरी ये की हम खुद डरे हुए हैं तुम्हे क्या और क्यों डराएंगे....?

रूही : अच्छा.... तुम्हे क्या लगा मुझे तुम्हारी हरकत का पता नहीं चलेगा.... चुपके से गिलास ले के पानी पिया और फिर उसी गिलास को मेरी तरफ बढ़ा के कह रहे हो की पानी देने के लिए थैंक्स.... मैंने कब तुम्हे पानी दिया....

विजय : k....k....kya कहा तुमने नहीं दिया.... तो फिर किसने दिया....

रूही : अब बस भी करो ये बचकानी बातें.....

विजय : मेरा यकीन करो मैं सच कह रहा हूँ....

रूही : मैं भी सच hi कह रही हूँ की मैंने तुम्हे पानी का गिलास नहीं दिया..... अब मज़ाक बंद करो और ऑफिस चलो इस से पहले की देर हो जाए....

विजय : अगर तुमने नहीं दिया तो फिर.....

ये कह के विजय बाकी सब की तरफ देखता है.... जैसे की पूछ रहा हो की पानी का गिलास उसे किसने दिया.... सब न में अपनी गर्दन हिलाते हैं....

रूही : यार अब बस भी करो.... और ऑफिस चलो....

विजय : मगर वो भूत...

रूही : वो कहीं भगा नहीं जा रहा है.... उसे हम बाद में देख लेंगे.... अब इस से पहले की और देर हो जाए ऑफिस चलो.....

सब ऑफिस के लिए चल देते हैं.....

पारी ख़ामोशी से सब को देखती रहती है.... ख़ास कर के रूही को जो हूबहू उसी की तरह है..... दोनों में ज़र्रा बराबर का भी फ़र्क़ नहीं.... बस फ़र्क़ है तो मिजाज़ का.... और साथ hi किस्मत का.... दोनों की नहीं नहीं बल्कि ये कहना ज़्यादा ठीक होगा की तीनो (पारी.... रूही.... और अवनि....) की किस्मत एक सी hi है.... तीनो पास हो के भी प्रिंस के पास नहीं है.... किसी न किसी वजह से प्रिंस तीनो से दूर है....

इधर प्रिंस मैक्स के साथ ऑफिस निकल जाता है....

मैक्स : क्या बात है यार....? क्या सोच रहा है....? उन शैतानो के बारे में....

प्रिंस : नहीं यार उस से ज़्यादा ज़रूरी इस वक़्त मेरे लिए पारी है.... वो कौन है....? कैसी है.....? उसके बारे में मैं कुछ भी नहीं जानता.... न hi उसे कभी देखा है.... मगर फिर भी वो अपनी सी लगती है.... दिल उसे देखने को करता है.... उसे अपने सीने से लगा के प्यार करने को जैसे तड़प रहा हूँ..... मगर....

मैक्स : मगर क्या.....?

प्रिंस : मगर ये की जिसे देखा नहीं उसके लिए इतनी तड़प क्यों....? क्यों मैं उसे सिर्फ अपने आस पास महसूस कर पा रहा हूँ....? न hi उसे देख पा रहा हूँ और न hi उसे सुन पा रहा हूँ.... मगर फिर भी कल रात से ऐसा लग रहा है जैसे की वो हर पल हर लम्हा मेरे पास hi है.... वो कौन है कैसी है मैं नहीं जानता.... उसके बारे में मैं कुछ नहीं जानता.... वो इंसान नहीं हो सकती क्यों की इंसान गायब नहीं हो सकते.... तो फिर वो है कौन....? और सब से बड़ी बात ये की उसे अपना बनाने के लिए मेरा दिल इतना क्यों तड़प रहा है.....? इस जैसे और न जाने कितने hi सवाल इस वक़्त मेरे दिमाग में घूम रहे हैं.... जिनके जवाब मुझे जल्द से जल्द चाहिए....

प्रिंस के मुँह से अपना बनाने की बात सुन के पारी को जितनी ख़ुशी होती है उतनी hi तकलीफ इस बात से होती है की प्रिंस के इतने पास होक भी वो उसे अपने सीने से लगा के प्यार नहीं कर पा रही है..... दोनों hi एक दूसरे का प्यार पाने के लिए तड़प रहे हैं.... पारी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी दरवाज़ा खुलता है और कोमल रूम में आती है..... रूम में आते hi उसकी नज़रें प्रिंस से टकरा जाती हैं..... वो प्रिंस एक तक बस देखती hi रह जाती है..... प्रिंस आज कुछ ज़्यादा hi स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम जो लग रहा है.... वो ज़्यादा देर तक प्रिंस की आँखों में नहीं देख पाती शर्मिंदगी की वजह से उसकी नज़रें झुक जाती हैं.... और बिना कुछ कहे अपनी चेयर पे बैठ के काम में लग जाती है.... वो प्रिंस से माफ़ी माँगना चाहती है मगर मांग नहीं पा रही..... फाइल में चेहरा छुपा के बीच बीच में चुपके से बस प्रिंस को देखे जा रही है.... ये बात पारी को कुछ अजीब लगती है.... वो ख़ामोशी से कोमल की हरकतों को देख रही है....

प्रिंस भी कोमल की हरकतों को नोटिस कर रहा है मगर कुछ कह नहीं रहा..... वो देखना छह रहा है की कल जो भी कुछ हुआ उस के बाद आज कोमल क्या करती है....?

कुछ देर में रूही और बाकी सब भी आ जाते हैं और सब अपने अपने काम में बिजी हो जाते हैं..... पारी ख़ामोशी से तीनो को देख रही है.... उसकी नज़रें अपनी जान पे तिकी हुई हैं..... दिल में एक तड़प सी उठ रही है.... अपनी जान को सीने से लगा के प्यार करने की तड़प.... जिसके लिए वो न जाने कब से तड़प रही है.... मगर है ऋ निगोड़ी किस्मत.... वो छह के भी अपनी जान को सीने से नहीं लगा पा रही है....

प्रिंस काम में खुद को बिजी कर लेता है..... काम करते करते वक़्त कैसे बीत जाता है पता hi नहीं चलता....

प्रिंस को देखते देखते पारी खामोश बैठी बैठी कब नींद की आगोश में चली जाती है उसे पता hi नहीं चलता.... ज़रा की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....

ज़रा : शाम के 7 बज रहे हैं प्रिंस घर नहीं चलना क्या....?

इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता वहां मैक्स आ जाता है....

मैक्स : प्रिंस तुमने बुलाया....

प्रिंस : हाँ हम को अभी एक अर्जेंट मीटिंग के लिए जाना है....

रूही : मगर आज तो कोई मीटिंग नहीं है.....

कोमल भी रूही की हाँ में हाँ मिलती है....

रूही की बात सुन में मैक्स हैरत से प्रिंस की तरफ देखता जैसे की पूछना छह रहा हो की कौनसी मीटिंग.... प्रिंस इशारे से उसे खामोश रहने को कहता है.... प्रिंस का इशारा पा के मैक्स खामोश हो जाता है....

प्रिंस : वो अभी कुछ देर पहले hi फिक्स हुई है.....

प्रिंस की बात सुन के दोनों एक साथ कहती हैं....

ठीक है तो हम भी साथ जाएंगे.... हम दोनों प्रिंस की सेक्रेटरी हैं... ये सुन के हमारी ज़रा कहाँ चुप रहने वाली थी....

ज़रा : और मैं अपने प्रिंस की सिक्योरिटी गॉर्ड... मेरा साथ जाना तो लाज़मी है.... और वैसे भी आज प्रिंस कुछ ज़्यादा hi स्मार्ट डैशिंग और हॉट न हैंडसम लग रहा है.... इस से एक पल भी दूर रहना अब नामुमकिन सा हो गया है....

ज़रा ने तो बड़ी आसानी से अपने दिल की बात कह दी मगर बाकी तीनो (रूही... कोमल.... और पारी....) छह के भी कुछ नहीं कह पा रही हैं.... किसी न किसी वजह से उनके लैब खामोश हैं....

प्रिंस ख़ामोशी से उठता है और एक नज़र तीनो पे दाल के कहता है....

प्रिंस : किसी के साथ आने की ज़रुरत नहीं.... ज़रा सब को घर जाने का कह के तुम भी घर चली जाओ....

प्रिंस की बात सुन के तीनो का चेहरा उतर जाता है.... रूही और कोमल को ये समझते देर नहीं लगती की नाराज़गी की वजह से प्रिंस उन्हें अपने साथ नहीं ले जाना छह रहा है.... मगर ज़रा की तो गलती भी नहीं फिर उसे साथ न लेजाने की वजह उसे समझ नहीं आती....

ज़रा : मगर प्रिंस....

प्रिंस उसे बीच में hi रोक देता है....

प्रिंस : कोई अगर मगर नहीं.... सब को घर जाने का कह के तुम भी घर चली जाओ....

फिर इस से पहले की उनमे से कोई कुछ कहता प्रिंस मैक्स के साथ वहां से निकल जाता है.... दोनों कार में बैठ के चल देते हैं....

पारी भी उनके साथ हो लेती है....

इधर प्रिंस की बातों से तीनो को बड़ी तकलीफ सी होती है.... रूही और कोमल उदास मन से अपने घर की तरफ चल देती हैं.... मगर ज़रा कहाँ मान ने वाली थी.... प्रिंस तो उसकी जान है जिसे वो खुद से कैसे दूर होने दे सकती है.... वो तो प्रिंस को तब से चाहती आ रही है जब उसे चाहत का मतलब भी नहीं पता है.... ये अलग बात है की प्रिंस ने अब तक न hi उसके प्यार को एक्सेप्ट किया है और न hi उसे ी लव यू कहा है.... मगर उसे अपने प्यार पे पूरा यकीन hai.....use ये यकीन है की एक दिन प्रिंस उसके सच्चे प्यार को ज़रूर अपनाएगा.... ये सोच के वो फ़ौरन बहार आती है और अपनी कार ले के प्रिंस के पीछे पीछे चल देती है....

इधर पारी भी प्रिंस के साथ चल देती है....

मैक्स : यार हम कहाँ जा रहे हैं....? बात क्या है....? कुछ बताएगा....?

मैक्स सवाल पे सवाल किये जा रहा है मगर प्रिंस है की चुप चाप गाडी चला रहा है.... वो मैक्स की किसी बात का कोई जवाब नहीं देता.... कुछ देर बाद प्रिंस कार को एक क्लब के बहार रोकता है और उसे साथ चलने को कहता है.... पारी और ज़रा भी उनके पीछे पीछे अंडर आ जाती हैं....

अंडर जा के प्रिंस और मैक्स एक टेबल पे बैठ जाते हैं... प्रिंस शराब मंगवाता है.... और पीने लगता है...

मैक्स : यार अब कुछ बताएगा भी की क्या हुआ है....? ऐसी क्या बात है जो तुझे परेशान कर रही है....?

प्रिंस : किसने कहा की मैं परेशान हूँ....?

मैक्स : किसी के कहने की क्या ज़रुरत है.... तेरे चेहरे को देख के साफ़ पता चल रहा है की तू परेशान है.... बेहद परेशान.... कोई बात तो ज़रूर है जो तुझे अंडर hi अंडर बेहद तकलीफ पहुंचा रही है.... तेरा दोस्त हूँ यार एक दोस्त की तकलीफ न देख पाऊं तो ये दोस्ती hi क्या....

मैक्स की बात सुन के प्रिंस शराब का गिलास उठा के उसे एक सांस में पी जाता है.... फिर....

प्रिंस : यार एक बात बता अगर दोस्त को मेरी तकलीफ नज़र आ रही है तो क्या मेरे प्यार को भी मेरी तकलीफ नज़र आती होगी....

मैक्स : हाँ इस में पूसने वाली क्या बात है.... जो तुझे प्यार करेगा उसे तेरी तकलीफ ज़रूर नज़र आएगी.... और वो उसे दूर करने की कोशिश भी ज़रूर करेगा....

प्रिंस : अगर ऐसी बात है तो फिर उन्हें मेरी तकलीफ क्यों नहीं नज़र आती....?
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 67

मैक्स की बात सुन के प्रिंस शराब का गिलास उठा के उसे एक सांस में पी जाता है.... फिर....

प्रिंस : यार एक बात बता अगर दोस्त को मेरी तकलीफ नज़र आ रही है तो क्या मेरे प्यार को भी मेरी तकलीफ नज़र आती होगी....

मैक्स : हाँ इस में पूसने वाली क्या बात है.... जो तुझे प्यार करेगा उसे तेरी तकलीफ ज़रूर नज़र आएगी.... और वो उसे दूर करने की कोशिश भी ज़रूर करेगा....

प्रिंस : अगर ऐसी बात है तो फिर उन्हें मेरी तकलीफ क्यों नहीं नज़र आती....?

अब आगे.....

प्रिंस : ऐसी क्या कमी है मेरे प्यार में की मेरे पास हो के भी वो मेरे साथ नहीं हैं..... आखिर क्यों वो सब मुझे इतनी तकलीफ पहुंचा रही हैं....? Kyuuuuuuuuuun....?

मैक्स से प्रिंस का दर्द देखा नहीं जाता उसकी आँखों से भी आंसू बहने लगते हैं.... उसका दिल भी अपने दोस्त की हालत देख के तड़प उठता है.... बड़ी मुश्किल से वो खुद को शांत करके प्रिंस को समझने की कोशिश करता है....

मैक्स : नहीं यार ऐसा नहीं है जैसा तू सोच रहा है..... वो सब भी तुझे उतना hi चाहती हैं जितना तू उन्हें चाहता है.... मुझे यकीन है की वो सब भी तुझसे दूर नहीं रह सकती.... जो हाल इस वक़्त तेरा है वो hi उन सब का भी.... और सब से बड़ी बात तो ये है की ये सब वक़्त और किस्मत का खेल है..... सारा किया है किस्मत का hi है.... न की उनका....

प्रिंस : भले hi ये सब किस्मत का किया धरा है.... मगर ये भी गलत नहीं है की जितना प्यार मुझे उनसे है शायद इतना प्यार वो मुझे नहीं करती.... या शायद उनमे से कोई भी मुझे प्यार करती hi नहीं....

मैक्स : यार तू फिर गलत सोच रहा है....

प्रिंस : नहीं मैं गलत नहीं सोच रहा हूँ.... बल्कि सही सोच रहा हूँ.... वर्ण तू hi बता की प्यार करने वाले क्या इतने कमज़ोर होते हैं की किसी की बातों में आ के खुद hi अपने प्यार को खुद से दूर कर दे.... जो की रूही ने किया.... जिस वक़्त मैं उसे सरप्राइज के साथ अपने प्यार का इज़हार करने वाला था उसी वक़्त उसने सलमान से 3 साल का झोटा प्यार बता के न सिर्फ मुझे खुद से दूर किया बल्कि हमारे निकाह का भी मज़ाक बना के रख दिया.... इतना hi नहीं उन कमीनो के कहने पे मुझसे तलाक़ तक लेने चली आयी.... ये तो है रूही की बात.... दूसरी अवनि उसे भी शायद मुझसे उतना प्यार नहीं है..... जितना की मैं उस से करता हूँ.... वर्ण इन 6 महीनो में मैं hi हर बार उस से मिलने गया हूँ.... क्या वो मुझसे एक बार भी यहाँ मिलने नहीं आ सकती थी.... टेरी कोमल है जिसे मुझपे ज़रा सा भी भरोसा नहीं है.... वो हर बात पे मुझपे शक किया करती है.... भले hi मैं उसके लिए कितना भी अच्छा काम क्यों न कर दूँ मगर तब भी वो मुझे हर बार गलत hi समझती है.... और हर बार और हर जगह सिर्फ और सिर्फ मुझे ज़लील hi करती आयी है.... और सब से बढ़ के पारी....

पारी जो खामोश कड़ी प्रिंस की बातें सुन रही थी.... उसके दिल का हाल जान के रोये जा रही थी.... अपना नाम सुनते बुरी तरह से चौंक जाती है.... उसे इस बात का दर सताने लगता है की प्रिंस कहीं उसे भी बाकियों की तरह गलत न समझ बैठे.... मगर जो सच है उसे बदला भी तो नहीं जा सकता.... पारी से भी प्रिंस को तकलीफ के सिवाए कुछ हासिल नहीं हुआ है....

प्रिंस के मुँह से पारी सुन के दर के मारे मैक्स की हालत खराब हो जाती है....

मैक्स : क्या कहा.....? P....P....Pari.... वो बहूऊऊऊत....

मैक्स ने अभी इतना hi कहा था की पारी को उसपे गुस्सा आ जाता है.... और एक ज़ोरदार आवाज़ के साथ मैक्स के गाल लाल हो जाते हैं....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

पारी हैरत से कभी मैक्स को देखती है तो कभी प्रिंस को....

मैक्स : अबे मैंने ऐसा क्या गलत कह दिया की तुझे गुस्सा आ गया....?

प्रिंस : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई पारी को कुछ केहनी....?

मैक्स : मैंने तो वो hi कहा जो सच है....

प्रिंस : साले क्या सच है हाँ....? तू जानता क्या है उसके बारे में....? वो कौन है....? कहाँ से आयी है....? क्यों आयी है....? पता है क्या कुछ भी तुझे....?

मैक्स न में अपनी गर्दन हिला देता है....

प्रिंस : तो फिर साले क्या सोच के तू ने उस के बारे में ऐसा कहा....

मैक्स : तो और क्या कहता तू hi बता....? पहले तो वो नज़र नहीं आती... न hi वो सुनाई देती है.... और न hi उसके यहाँ हो ने एहसास होता है.... तो उसे और क्या कहूं....?

प्रिंस : साले पहली बात तो ये की मेरी पारी को भूत नहीं बल्कि वो एक पारी है प्यारी सी पारी.... वो जान है मेरी.... और दूसरी ये की तुझे भले hi नहीं होता होगा उसके पास होने का एहसास... मगर मुझे होता है.... और अब भी हो रहा है....

प्रिंस की बात सुन के दर के मारे मैक्स की पहात के हाथ में आ जाती है....

मैक्स : M.....M....Matlab वो इस वक़्त y....y.....ya...hin है...

प्रिंस : हाँ.... मगर देख न मेरे इतने पास हो के भी वो मेरे पास नहीं है.... जाने ऐसी क्या वजह है की मेरे इतने करीब हो के भी उसे मेरी तकलीफ नज़र नहीं आ रही है और न hi नज़र आ रहा है मेरी आँखों में मेरे दिल में उसके लिए बेपनाह प्यार.... क्यों वो मुझे बाकी सब की तरह तड़पा रही है....? क्यूँउउउउउउनंनं....?

ये कहते hi प्रिंस की आँखों में आंसू आ जाते हैं.... वो सामने पड़ी शराब की बोतल उठा के उसे पीने लगता है....

मैक्स : P....P....Pata नहीं यार.... शायद उस बहूओ.... मेरा मतलब है पारी की कोई मजबूरी होगी.....

प्रिंस की ऐसी हालत देख के पारी का दिल तड़प रहा है.... वो छह के भी उसे गले नहीं लगा पा रही है.... वो मजबूर जो है.... बस अपनी जान को तड़पते देख उसकी आँखों से hi नहीं बल्कि दिल से भी आंसू बह रहे हैं....

वहीँ पास में कोई ऐसे भी है जिस से प्रिंस का दर्द देखा नहीं जाता.... वो फ़ौरन प्रिंस पे पास आ के बैठ जाती है..... और उसे शराब पीने से रोकने लगती है.... ये और कोई नहीं बल्कि ज़रा है.... जी हाँ प्रिंस के पीछे पीछे ज़रा भी वहां आ जाती है.... पारी की तरह उसे भी प्रिंस की हालत और तकलीफ का एहसास हो जाता है.... वो अपने सबसे प्यारे दोस्त को इस हाल में अकेला कैसे चोर सकती थी.... वो प्रिंस को शराब पीने से रोकने की कोशिश करती है..... मगर प्रिंस उसकी बात सुन ने को तैयार hi नहीं....

प्रिंस को बात न मानते देख ज़रा भी सामने पड़ी शराब की बोतल उठा के उसे पीने लगती है.... पहले hi घूँट में उसे उलटी सी आती है.... मगर फिर भी वो रूकती नहीं..... शराब को पीने लगती है जिसे देख प्रिंस फ़ौरन उसके हाथ से बोतल चीन लेता है.... मगर तब तक वो पूरी बोतल खाली कर चुकी होती है.....

प्रिंस बेहद गुस्से में : ज़रा ये क्या हरकत थी.... तुम्हे पता भी है की तुम ने जो पिया है वो शराब है....

ज़रा : H....Ha....aaaaan.... पता है.... और तुम्हे पता है मुझे न... शराआब से सख्त नफरत है....

प्रिंस हैरत से : फिर तुम ने इसे क्यों पिया....?

ज़रा : क्यों की तुम भी इसे पी रहे थे....

प्रिंस : तो क्या जो मैं करूँगा तुम भी वो hi करोगी....

ज़रा : हाँ.... तब तक करती रहूंगी जब तक तुम मेरी बात नहीं मान लेते.... और इसे पीना चोर नहीं देते....

प्रिंस : तुम होती कौन हो मुझे रोकने वाली.... किसने हक़ दिया तुम्हे मेरे मामले में दखल देने का... और मुझे पीने से रोकने का....

ज़रा : दोस्त हूँ तुम्हारी.... साथ hi तुम्हारी सिक्योरिटी गॉर्ड भी जिसे तुम्हारी जान की हिफाज़त करने की ज़िद है.... और रही बात हक़ की तो मेरे दिल में तुम्हारे लिए जो बेइन्तेहाँ प्यार है उसने मुझे ये हक़ दिया की मैं अपनी जान प्रिंस को ये गन्दी चीज़ पीने से रोकूं....

प्रिंस : प्यार का मतलब भी समझती हो तुम....

ज़रा : हाँ सब समझती हूँ मैं.... इतनी नादान नहीं.... प्यार एक एहसास है.... प्यार वो पाक जज़्बा है जो इंसान के जिस्म को hi नहीं दोनों की रुक को दोनों के जज़्बातों को भी एक कर देता है.... भले hi आज मैं अपनी जान से जुड़ा हूँ.... लेकिन मुझे यकीन है की एक दिन ज़रूर मैं अपनी जान का प्यार पा लुंगी....

प्रिंस : क्यों करती मुझे इतना प्यार.....?

ज़रा : प्यार करने की कोई वजह नहीं होती.... प्यार तो बस हो जाता है.... जैसे मुझे हो गया है तुमसे.... जल्द hi तुम्हे भी हो जाएगा मुझसे....

प्रिंस : ये जानते हुए भी की मैं तुम्हे प्यार नहीं करता....

प्रिंस की बात सुन के ज़रा की आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

ज़रा : H....H....Ha...an.... मगर मुझे यकीन है की एक दिन ज़रूर आएगा की तुम्हे भी मुझसे उतना hi प्यार हो जाएगा जितना प्यार मैं तुमसे करती हूँ....

प्रिंस : इस जनम में तो ये मुमकिन नहीं....

प्रिंस की बात सुन के ज़रा के दिल में एक तीस सी उठती है.... उसका दिल भी रो पड़ता है....

ज़रा : चाहे कितने hi जनम क्यों न लेने पड़े मुझे.... हर बार मैं दिल में तुम्हारा प्यार पाने की हसरत लिए दुनिया में आती रहूंगी....

पहले तो ज़रा की बातें सुन के पारी को उसपे बेहद गुस्सा आने लगता है.... उसे ऐसा लगने लगता है की ज़रा उसके प्यार को उस से चीन ने की कोशिश कर रही है.... मगर फिर जब वो उसकी पूरी बात सुनती है और उसके जज़्बातों को समझती है तक उसे ज़रा के लिए बहुत बुरा लगता है साथ hi ये दर भी सताने लगता है की कहीं वो वाकई में प्रिंस को उस से चीन न ले.... एक पल के लिए तो वो गुस्से में ज़रा को मारने के लिए आगे बढ़ती है.... मगर फिर उस बंगारू बाबा की बात याद आ जाती है.... की ज़रा hi वो हुई जिसमे पारी का दिल हुआ तो.... हाँ शायद हो भी सकता है.... क्यों की उसके बिना कोई भी प्रिंस को इतनी शिद्दत से नहीं छह सकता..... और अगर कहीं ऐसा न हुआ तूऊऊऊ....?

इस हाँ न के चक्कर में पारी ज़रा को कुछ नहीं कर पाती बस ख़ामोशी से उसे देखती रहती है....

मैक्स : यार अब बस भी कर बहुत पी चूका तू.... 8 बोतल शराब की खाली कर चूका है..... अब बस कर.... देख तेरा देखा देखि तेरी ये ज़िद्दी दोस्त उर्फ़ चाहने वाली भी मान नहीं रही.... ये भी शराब पिए जा रही है.... अपना नहीं तो काम से काम इस मासूम के लिए बस कर दे.... तू तो जानता hi है की तेरी तरह ये भी किसी की नहीं सुनती.... सिवाए तेरे....

मैक्स की बात सुन के जहाँ पारी को उसपे बेहद गुस्सा आने लगता है की वो कैसे उसके सामने ज़रा को प्रिंस की लवर बता रहा है.... वहीँ ज़रा की हालत देख प्रिंस को भी मैक्स की बात सही लगती है और वो अपने दर्द को दबा के उस मासूम ज़रा की तरफ बढ़ता है.... जिसने आज सिर्फ और सिर्फ उसकी वजह से शराब को पिया था जिस से उस सख्त नफरत है.....

प्रिंस ज़रा को साथ ले आगे बढ़ने लगता है.... मगर ज़रा इस वक़्त शराब के नशे में फुल टाइट है.... उस मासूम से तो खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा है.... उठते hi वो गिरने लगती है.... जिसे देख प्रिंस फ़ौरन उसे अपनी बाहों में समेत लेता है... ज़रा भी कास के प्रिंस के सीने से लिपट जाती है....

ये देख पारी को बेहद जलन सी होने लगती है.... मगर वो छह के भी कुछ कर नहीं पा रही..... इस वक़्त प्रिंस खुद भी बेहद नशे में है... वो जैसे तैसे ज़रा को साथ ले के बहार आता है..... मैक्स ज़रा को प्रिंस से अलग करने की बहुत कोशिश करता है मगर ज़रा फुल टल्ली में भी प्रिंस को चोर्ने को तैयार hi नहीं.... वो कार में भी अपनी जान प्रिंस के सीने से चिपक के बैठी हुई है.... मैक्स दोनों को साथ लेके घर की तरफ चल देता है... पारी भी उनके साथ हो लेती है.....

चलिए तब तक ये देखते हैं की दूसरी तरफ क्या हाल है....

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नई चरक्टेर्स :

अघुरा : शैतान लोग का राजा...

ज़ख़ीरा : शैतान की बीवी....

काल : शैतान का बीटा....

रेहबा : शैतान की बेटी....

सेहबा : शैतान की बेटी.....

हरेबा : शैतान की बेटी....

रहा : शैतान की बेटी....

त्रिकाल : शैतान का गुरु....

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इधर शैतान लोक में.... जी हाँ ये शैतान लोक hi है जहाँ शैतान लोक के राजा अघोरा की बेटी रेहबा बेहद गुस्से में अपने साथ गए साथी शैतानो को मार रही है.... साथ hi बेहद गुस्से में चिल्लाये भी जा रही है.....

उसका गुस्सा है की शांत होने का नाम hi नहीं ले रहा है....

बड़ी मुश्किल से अघुरा अपनी लाड़ली बेटी को शांत करता है....

रेहबा : बाबा मुझे समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो कौनसी शक्ति थी जो मुझे उस मामूली से लकड़ी के दरवाज़े को तोड़ के अंडर नहीं जाने दे रही थी.... ऐसा तो पहले कभी नहीं हुआ जब सेहबा..... और हरेबा..... (शैतान की बेटियां) वहां गयी थी... उस वक़्त तो उन दोनों ने बड़ी आसानी से प्रिंस के साथ सेक्स कर लिया था.... तो फिर मैं क्यों नहीं कर पायी....? Kyuuuuuuuuuunnnn....?

अघुरा : ये तो मेरी भी समझ में नहीं आ रहा है की आखिर वो कौनसी शक्ति थी जिसने मेरी सबसे ताक़तवर बेटी को रोका.... इंसानो की दुनिया में ऐसा कोई नहीं जो तुम्हारे रोक सके.... तुम्हारा मुकाबला करना तो बहुत दूर की बात है.... तो फिर कैसे....?

तभी वहां शैतान का गुरु टिकाल आ जाता है और वो जो कहता है उसे सुन के अघुरा के साथ साथ वहां मौजूद सभी के होश उड़द जाते हैं....

त्रिकाल : ये काम किसी और का नहीं प्रिंस की पावर्स का है.... सिर्फ और सिर्फ उसी की वजह से रेहबा प्रिंस के कमरे में न जा सकीय..... क्यूंकि प्रिंस की पावर्स के सिवाए कोई और चीज़.... और न hi कोई ताक़त रेहबा को रोक सकती है....

अघुरा : T....T....To इस का मतलब P....P....Prince को उसकी पावर्स वापिस मिल गयी....

त्रिकाल : नहीं.... अगर ऐसा होता तो वहां से रेहबा और उसके साथ गए किसी भी शैतान का वापिस लौटना नामुमकिन होता.... प्रिंस किसी को ज़िंदा लौटने नहीं देता.....

त्रिकाल की बात सुन के रेहबा बेहद गुस्से में आ जाती है..... और चीखते हुए कहती है....

रेहबा : रेहबा को मारना तो बहुत दूर की बात है उसे हरा सके ऐसा आज तक न कोई पैदा हुआ है और न hi कोई होगा.... चाहे वो कोई पिशाच हो या वैम्पायर या वरवोल्फ या फिर कोई पारी.... और तुम कह रहे हो की एक मामूली सा मिटटी का बना हुआ इंसान आग से बानी शैतानो की सबसे ताक़तवर शक्ति को मार सकता है....

त्रिकाल : हाँ ये सच है की इस पूरे ब्रह्माण्ड में ऐसा कोई नहीं जो रेहबा को हरा सके क्यों की तुम में चारो जातियों के अंश हैं.... (शैतान.... वैम्पायर... वरवोल्फ और परियों के.....) फिर भी वो तुम्हे सिर्फ हरा hi नहीं सकता बल्कि जान से भी मार सकता है.... वो ऐसे की जिस अंश से तुम्हारा जनम हुआ है वो उसी के जिस्म से निकले हैं.... तो ज़रा सोचो की जब तुम्हारे अंडर उसके कुछ अंश होने से तुम इतनी ताक़तवर हो तो वो खुद कितना ताक़तवर होगा....

त्रिकाल की बात सुन के रेहबा के होश उड़द जाते हैं.... वो गुस्से से तिलमिला जाती है...

रेहबा : Trikaaaaaaaaaal..... ये क्या बकवास कर रहे हो तुम....? कहीं तुम ये तो नहीं कहना चाहते की मैं.... .......... ??????

त्रिकाल : हाँ ये सच है.... अगर तुम्हे मेरी बात पे यकीन नहीं है तो तुम अघुरा से पूछ लो....

रेहबा मुद के अघुरा की तरफ देखती है.... अघुरा हाँ में अपना सर हिला देता है... जिस से रेहबा का गुस्सा और भी ज़्यादा तेज़ हो जाता है.....

रेहबा : तो अब उस प्रिंस को कैसे मारा जाए....? कैसे उसकी पावर्स और परीलोक को हासिल किया जाए.....? कैसे....? बताओ मुझे....

त्रिकाल : इसके दो रास्ते हैं.... दो hi लोग उसे जान मार सकते हैं..... एक तो उसका अपना बीटा जो की शैतान की बेटी की कोख से जनम ले और जिसमे प्रिंस का अंश हो.... यानि पहले किसी शैतान की कुंवारी बेटी को प्रिंस से उस वक़्त सेक्स करना होगा जब उसके पास उसकी पावर्स हो..... जो की नामुमकिन सी बात है.... क्यों की प्रिंस कभी किसी शैतान की बेटी के साथ सेक्स नहीं करेगा.... उसकी पावर्स उसे ऐसा करने से रोकेगी....

रेहबा : और दूसरा रास्ता....????

त्रिकाल : दूसरा रास्ता ये है की अगर उसका प्यार उसे धोका दे के उसकी जान लेने की कोशिश करे तब.... प्रिंस अपनी पावर्स का त्याग कर देगा और तुम उस की पावर्स को आसानी से हासिल कर के उसे जान से मार सकती हो....

त्रिकाल की बात सुन के रेहबा का गुस्सा और भी ज़्यादा तेज़ हो जाता है....

रेहबा : ये क्या बकवास है भला कोई कैसे अपने सच्चे प्यार को धोका दे सकता है....? ये हम शैतानो के लिए मुमकिन हो सकता है मगर किसी और के लिए ये करना नामुमकिन है.....

त्रिकाल : ये तो मैं नहीं जानता हाँ मगर इतना ज़रूर जानता हूँ की प्रिंस को धोका उसका सच्चा प्यार hi देगा.... जो की प्रिंस की किस्मत में लिखा है.... अब ये तुम पे है की तुम कौनसा रास्ता चुनती हो पहला या फिर दूसरा....????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 68

त्रिकाल : इसके दो रास्ते हैं.... दो hi लोग उसे जान से मार सकते हैं..... एक तो उसका अपना बीटा जो की शैतान की बेटी की कोख से जनम ले और जिसमे प्रिंस का अंश हो.... यानि पहले किसी शैतान की कुंवारी बेटी को प्रिंस से उस वक़्त सेक्स करना होगा जब उसके पास उसकी पावर्स हो..... जो की नामुमकिन सी बात है.... क्यों की प्रिंस कभी किसी शैतान की बेटी के साथ सेक्स नहीं करेगा.... उसकी पावर्स उसे ऐसा करने से रोकेगी....

रेहबा : और दूसरा रास्ता....????

त्रिकाल : दूसरा रास्ता ये है की अगर उसका प्यार उसे धोका दे के उसकी जान लेने की कोशिश करे तब.... प्रिंस अपनी पावर्स का त्याग कर देगा और तुम उस की पावर्स को आसानी से हासिल कर के उसे जान से मार सकती हो....

त्रिकाल की बात सुन के रेहबा का गुस्सा और भी ज़्यादा तेज़ हो जाता है....

रेहबा : ये क्या बकवास है भला कोई कैसे अपने सच्चे प्यार को धोका दे सकता है....? ये हम शैतानो के लिए मुमकिन हो सकता है मगर किसी और के लिए ये करना नामुमकिन है.....

त्रिकाल : ये तो मैं नहीं जानता हाँ मगर इतना ज़रूर जानता हूँ की प्रिंस को धोका उसका सच्चा प्यार hi देगा.... जो की प्रिंस की किस्मत में लिखा है.... अब ये तुम पे है की तुम कौनसा रास्ता चुनती हो पहला या फिर दूसरा....????

अब आगे.....

इधर घर में सब प्रिंस के आने का इंतज़ार कर रहे हैं.... रात काफी हो जाने पे..... सब को उसकी बड़ी फ़िक्र सी हो रही है.... रूही उसे कॉल कर कर के बेहद परेशान बानी हुई है मगर प्रिंस है की उसका कॉल रइवे hi नहीं कर रहा है.... रूही मैक्स को कॉल करती है मगर मैक्स भी उसका कॉल रइवे नहीं कर रहा है... इस बात से रूही और भी ज़्यादा बेचैन हो जाती है..... रुखसाना और रहना भी प्रिंस को ले के काफी परेशान हैं..... उन्हें इस बात का दर सत्ता रहा है की कहीं फिर से प्रिंस के साथ कुछ गलत तो नहीं हो गया.....

रात में 12 बज चुके हैं.... और प्रिंस की कोई खबर नहीं ये देख रूही के सब्र का बाँध टूट जाता है और उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... उसकी माँ... चची और सिमी उसे समझने की बहुत कोशिश करती है मगर रूही है की बस रोये जा रही है और साथ hi एक hi बात दोहराये जा रही है....

रूही : मुझे मेरा प्रिंस चाहिए.... प्लीज उसे ले आओ....

रात काफी हो जाने की वजह से बाकी सब का दर भी बढ़ने लगता है.... उनको किसी उन्होनी के आसार नज़र आने लगते हैं....

सिमी : माँ मुझे लगता है अब हम को और देर नहीं करनी चाहिए इस से पहले की देर हो जाए या कोई अनहोनी हो जाए हम को पुलिस को कॉल कर देना चाहिए.... कहीं ऐसा न हो की हम यहाँ हाथ पे हाथ धरे बैठे रह जाए और वहां कोई प्रिंस को जान से मार.....

अभी सिमी इतना hi कह पायी थी की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है.....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

रूही बेहद गुस्से में उसकी तरफ बढ़ती है...

रूही : कुछ नहीं हुआ है मेरे प्रिंस को सुना तू ने.... कुछ नहीं हुआ उसे..... मेरा दिल धड़क के इस बात का सबूत दे रहा है की मेरे प्रिंस को कुछ नहीं हुआ.... अगर उसे कुछ होता तो उस से पहले मेरा दिल धड़कना बंद कर देता....

इस से पहले की वो और कुछ कहती किसी की आवाज़ सुन के सब चौंक जाते हैं....

मैं दूर ओपन होता है और मैक्स अंडर आ के कहता है....

मैक्स बेहद गुस्से में : इस दुनिया में ऐसा कोई पैदा नहीं हुआ जो प्रिंस को मार सके.... तो ऐसा दुबारा गलती से भी मत कहना वर्ण मुझसे बुरा कोई न होगा....

मैक्स को देख रूही फ़ौरन उसके पास आके उसका गिरबान पकड़ के बेहद गुस्से में उस से पूछती है....

रूही : कहाँ है मेरा प्रिंस....? वो तुम्हारे साथ गया था न.... बताओ मुझे कहाँ है मेरी जान मेरा प्रिंस....

मैक्स रूही का हाथ अपने गिरेबान से हटा के गुस्से में कहता है....

मैक्स : क्या कहा तुमने मेरा प्रिंस.... अच्छा मज़ाक कर लेती हो... और हाँ वो क्या कहा अभी मेरी जान.... झूट बोलती हो तुम.... न hi वो तुम्हारा प्रिंस है और न hi वो तुम्हारी जान है....

मैक्स की बात सुन के रूही का पारा और तेज़ हो जाता है....

रूही : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्यार का मज़ाक उड़ने की.... और मैं झूट नहीं बोलती.... प्रिंस मेरी जान है सुना तुम ने.... जान है वो मेरी....

मैक्स : जी नहीं ये झूट है... न hi वो तुम्हारी जान है और न hi तुम उस से प्यार करती हो.... अगर प्यार करती तो तुम्हे उसके दिल में छुपा दर्द साफ़ नज़र आता... तुम उसे प्यार देती न की दर्द में तड़पने के लिए चोर देती.... क्यों जाने दिया उसे अकेले क्यों नहीं गयी उसके साथ..... बताओ मुझे जवाब दो.....

रूही : वो तो मीटिंग के लिए गया था न....

मैक्स : जी नहीं वो किसी मीटिंग के लिए नहीं गया था बल्कि शराब में अपने दर्द को काम करने गया था....

रूही : क्याआआ....???? मगर क्यों....? और किस दर्द की बात कर रहे हो तुम....? क्या हुआ है मेरे प्रिंस को....? बताओ मुझे....?

मैक्स : सुन न चाहती हो तो सुनो.... वो दर्द जो उसे तुमने दिया.... पहले प्यार जताया फिर उस कमीने सलमान से प्यार होने का कह के उसे धोका दिया.... फिर उसे तलाक़ के पेपर्स पे सिग्न करने को मजबूर किया....

रूही : मगर वो सब तो मैंने मजबूरी में किया.... वो सब सलमान ने मुझे धोके में रख के करवाया.... तुम hi बताओ की उसमे मेरी क्या गलती थी....

मैक्स : चलो एक पल के लिए मान भी लिया जाए की उस सब में तुम्हारी कोई गलती नहीं थी.... तुम उस वक़्त भी उस से प्यार करती थी और आज भी करती हो.... अगर ये सच तो फिर उसे कहती क्यों नहीं.... क्यों उसे कुछ कहा क्यों नहीं.... आखिर क्या वजह है की तुम आज भी उस से दूर रहती हो.....? क्यों नहीं उस से कह देती की उसकी तरह तुम भी उसे चाहती हो.... मगर नहीं तुम ऐसा नहीं करोगी.... क्यों की तुम्हे तो उस से प्यार है hi नहीं... तुम्हे तो बस धोका देना hi आता है.... आज भी तुमने वैसा hi किया....

मैक्स की बात सुन के वहां मौजूद सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं....

रूही : ऐसा क्या किया है मैंने ज़रा मैं भी तो सुनु....?

मैक्स : तुम सुन ने की बात करती हो.... मैं तुम्हे अभी दिखता हूँ की तुमने क्या किया मेरे दोस्त के साथ....

ये कह में मैक्स आगे बढ़ता है और सामने लेद को अपने मोबाइल से कनेक्ट करके एक वीडियो प्ले कर देता है.... उस वीडियो को देख के वहां मौजूद सभी चौंक जाते हैं साथ hi बेहद गुस्से से रूही को देखने लगते हैं....

बहार..... प्रिंस पारी और ज़रा इस सब से अनजान हैं की इस वक़्त घर के अंडर हो क्या रहा है....? इस वक़्त प्रिंस और ज़रा शराब के नशे में धुत एक दूसरे की बाहों में हैं.... ये देख पारी को जलन के साथ साथ उस पे बेहद गुस्सा भी आ रहा है.... वो छह के भी ज़रा को अपने प्रिंस की बाहों से अलग नहीं कर पा रही है.... उसे इस बात का दर है की अगर उसने प्रिंस को ज़रा से अलग किया तो इस बात से प्रिंस और दुखी न हो जाए.... जो बड़े सुकून से ज़रा की बाहों में आँखें बंद किये हुए है.... इस वक़्त उसके चेहरे पे बेहद सुकून है और साथ hi ठीक वैसी hi प्यारी सी मुस्कान है जो तब होती थी जब वो पारी की बाहों में होता है.... पारी बस प्रिंस की स्माइल में खो सी जाती है.... उसे पिछले जनम की हसीं यादें याद आने लगती हैं....

इधर घर के अंडर....

रूही : ये सब झूट है... मैंने ऐसा कुछ नहीं किया....

मैक्स : क्या झूट है....? क्या वीडियो में जो लड़की है वो तुम नहीं हो....? अरे कुछ तो शर्म करो.... सब कुछ सामने साफ़ नज़र आ रहा है.... जिसे देखने के बाद भी तुम इसे झुठला रही हो.... आखिर क्या गलती है उसकी जो तुम उस मासूम के साथ ऐसा कर रही हो....? वो बेचारा तो दिल की गहराइयों से तुम्हे चाहता है और तुमने क्या किया उसके साथ... देखो गौर से देखो.... ये सब करने के बाद भी क्या अब भी तुम ये hi कहोगी की तुम उस से बेइन्तेहाँ प्यार करती हो.... वो जान है तुम्हारी.... जी नहीं.... दुनिया की कोई भी लड़की तुम्हारे जैसा नहीं कर सकती... उस के साथ तो बिलकुल भी नहीं जिसे वो दिल ो जान से चाहती हो.... न तुम कभी उस से प्यार करती थी और न hi आज करती हो.... अगर करती तो जब आज उसने तुमसे अपने दिल बात कही तब तुम उस के गाल पे थप्पड़ मार के उसके प्यार को यूँ रुस्वा न करती.... देखो गौर से देखो सामने लेद में वो तुम hi हो न जो प्रिंस को थप्पड़ मार के उसके प्यार को ज़लील कर रही हो....

रूही को समझ नहीं आ रहा है की आखिर ये हो क्या रहा है....? जो सामने स्क्रीन पे दिख रहा है वैसा तो कुछ हुआ hi नहीं.... तो फिर सामने जो नज़र आ रहा है वो क्या और क्यों है....???

रूही को कुछ न कहते देख रहना बेहद गुस्से में उसके पास आ के कहती है....

रहना : आखिर क्या दुश्मनी है तेरी उस मासूम के साथ जो तू उसके साथ इतना घटिया सलूक कर रही है....? क्यों बता मुझे... जवाब दे....

माँ की बात सुन के रूही बेतहाशा रोने लगती है और अपने हाथ जोड़ के माँ से कहती है....

रूही : माँ मैंने ऐसा कुछ नहीं किया... मेरा यकीन करो....

रहना : कैसे और क्यों यकीन करूँ....? और सब से बड़ी बात ये है की जब तुझे उस मासूम से इतनी नफरत है तो तू क्यों उस से दूर नहीं चली जाती....? क्यों हर बार उसे और उसके सच्चे प्यार को ज़लील करती है....? बता मुझे.... जवाब दे....

रूही : कैसे चली जाऊं अपनी जान से दूर....?

रूही की बात सुन के रहना को बेहद गुस्सा आ जाता है और वो एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे रसीद करके कहती है....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

रूही के मुँह से दर्द भरी आह निकल जाती है... जिसे बहार कार में बैठा प्रिंस सुन लेता है... नशे की हालत में भी उसे अपनी जान रूही की दर्द भरी आवाज़ सुनाई दे जाती है और उसका दिल तड़प जाता है... वो रूही कह के ज़ोर से चीखता है और कार से उतर के नशे में धुत लड़खड़ाते हुए घर के अंडर आता है.... और रूही के करीब आ के उसे कुछ कहने hi वाला होता है की तभी उसका बैलेंस बिगड़ जाता है और वो वहीँ नशे में धुत ज़मीन पे गिर जाता है....

प्रिंस के गिरते hi रूही की तो जैसे जान hi निकल जाती है.... वो फ़ौरन उसकी तरफ लपकती है मगर रहना उसका हाथ पकड़ के उसे दूर हटा देती है.... वो उसे प्रिंस के करीब जाने नहीं देती.... रूही अपनी जान के पास जाने के लिए तड़प जाती है मगर कोई भी उसे प्रिंस के करीब जाने नहीं देता....

इधर प्रिंस को यूँ चीख के अंडर जाते देख पारी और ज़रा भी उसके पीछे पीछे अंडर आ जाती हैं.... ज़रा नशे में लड़खड़ाती हुई प्रिंस के करीब आती है और उस के ऊपर गिर जाती है.... ये देख पारी को उसपे बेहद गुस्सा आने लगता है.... मगर वो छह के भी न कुछ कर पाती है और न hi कुछ कह पाती है... बस पास कड़ी गुस्से से ज़रा को देखती रहती है....

मैक्स और रहना फ़ौरन प्रिंस के करीब जा के उसे सहारा दे के उठाते हैं और चेक करते हैं की उसे कहीं चोट तो नहीं आयी....

मैक्स : यार तू ठीक तो है....?

मैक्स की बात सुन के प्रिंस जो कहता है उसे सुन के सब हैरत से कभी प्रिंस को देखते हैं तो कभी गुस्से से रूही को.....

प्रिंस : R....Ru...hi कैसी है....? वो ठीक तो है न....

ये कह के प्रिंस नशे और नींद से बोझिल आँखों से इधर उधर देखते हुए रूही को ढूंढने लगता है....

प्रिंस के मुँह से अपना नाम सुन के और अपने लिए फ़िक्र देख रूही की आँखें नाम हो जाती हैं.... वो आगे बढ़ के अपनी जान को अपने सीने से लगाना चाहती है.... मगर घर वाले उसे प्रिंस के करीब जाने नहीं दे रहे....

ये सब देख पारी को बड़ी हैरत सी होती है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर क्या वजह है की सब रूही को प्रिंस के करीब नहीं जाने दे रहे....? तभी उसकी नज़र सामने स्क्रीन पे पड़ती है जहाँ एक hi वीडियो बार बार प्ले हो रहा है.... जिस में (.........) वीडियो को देख पारी को बड़ी हैरानी सी होती है....

पारी मन में : ये कैसे मुमकिन है....? कल रात से ले के अभी तक मैं अपनी जान प्रिंस के साथ hi थी.... एक लम्हे के लिए भी मैं उस से जुड़ा नहीं हुई.... इस बीच ऐसा कुछ भी नहीं हुआ जो सामने स्क्रीन पे नज़र आ रहा है.... प्रिंस की तो रूही से कुछ बात हुई hi नहीं.... तो फिर ये सब क्या है....????? ज़रूर कुछ और hi बात है.... ये शायद .........

मैक्स प्रिंस को साथ ले के उसके रूम की तरफ जाने लगता है.... प्रिंस को खुद से दूर जाते देख ज़रा फ़ौरन ज़मीन से उठती है और प्रिंस के जिस्म से लिपट जाती है.... छह के भी उसे कोई प्रिंस से अलग नहीं कर पाटा.... ज़रा है की प्रिंस को चोर्ने को तैयार hi नहीं.... प्रिंस भी उसे अपनी बाहों में समेत लेता है.... वो भी उस से जुड़ा होना नहीं चाहता.... ये देख रहना मैक्स को प्रिंस को ज़रा के साथ उसके रूम तक ले जाने को कहती है....

रहना की बात सुन के पारी रूही और सिमी को हैरत के साथ साथ गुस्सा भी आता है....

सिमी : चची.... आप जानती भी हैं की आप क्या कह रही हैं....? प्रिंस शादी शुदा इंसान है.... उसका निकाह रूही से हुआ है... एक बीवी को उसके शौहर से दूर करके आप उसे किसी और लड़की के साथ उसके कमरे में भेज रही हैं.... क्या ये सही है....?

रहना गुस्से में : बड़ी आयी मुझे सही और गलत का पाठ पढ़ने वाली.... क्या कहा तू ने बीवी.... कौन बीवी ये (रूही की तरफ इशारा करके) कोई भी बीवी इस जासी नहीं होती.... जो इतने चाहने वाले शौहर को बात बात पे ज़लील करे... देख गौर से देख प्रिंस को क्या हालत हो गयी है उसकी इस कमीनी की वजह से... मुझे तो इसे बेटी कहते हुए भी शर्म आती है.... काश ये मेरी न होती.... हमेशा hi मुझे इस की वजह से प्रिंस के आगे शर्मिंदा होना पड़ा है.... और आज तो इसने हद hi कर दी.... आज के बाद से मैं देखती हूँ की ये प्रिंस के करीब कैसे जाती है.... आज के बाद प्रिंस सब के साथ होगा सिवाए इसके (रूही)....

सिमी : चची मैं ये मानती हूँ की पहले भी और आज भी जो भी कुछ हुआ वो सही नहीं था मगर आप जो कर रही हैं वो भी तो सही नहीं है.... क्या किसी जवान लड़के और जवान लड़की को एक साथ रूम में जाने देना सही है....? और वो भी तब जब वो दोनों नशे में धुत हो.... अगर कहीं कुछ उल्टा सीधा हो गया तो....?

रहना : तू जो कह रही है वो मुमकिन नहीं.... प्रिंस ऐसा कभी नहीं कर सकता.... न hi होश में न hi मदहोशी में.... मुझे उसपे पूरा यकीन है.... ज़रा उसके साथ एक बीएड पे सो के भी पवित्र hi रहेगी... प्रिंस कभी उसके साथ कुछ गलत नहीं करेगा.... उसके तो क्या प्रिंस कभी किसी के साथ न खुद कुछ गलत कर सकता है और न hi कुछ गलत होने दे सकता है....

सिमी : मन की आप जो कह रही हैं वो सच है.... मगर फिर भी अगर कुछ गलत हो गया तो....?

रहना : तो क्या हाँ... काम से काम इसी बहाने वो मासूम सुख के कुछ पल जी पायेगा.... वर्ण तो वो जब से यहाँ आया है.... मैंने कभी उसे खुश नहीं देखा... हमेशा hi हमारी ख़ास कर के इस कमीनी (रूही) की वजह से दुःख और तकलीफ में देखा है....

सिमी : मगर....

रहना बेहद गुस्से में : मैंने कहा न बस... तो बस... अब कोई अगर मगर नहीं.... सब जा के चुप चाप अपने रूम में सो जाओ.... और हाँ इस बात का ख़ास ख़याल रहे की कोई प्रिंस के पास जा के उसे और तकलीफ पहुँचाने की कोशिश नहीं करेगा.... और अगर किसी ने गलती से भी ऐसा किया तो मुझसे बुरा कोई न होगा.....

रहना को गुस्से में देख और उसकी बातें सुन के सब चुप चाप वहां से चले जाते हैं..... रूही भी रोटी हुई सिमी के साथ उसके रूम में चली जाती है....

इधर मैक्स प्रिंस और ज़रा को बीएड पे लेता के बहार गेस्ट रूम की तरफ चल देता है....

ज़रा प्रिंस की बाहों में लिपट के सो जाती है.... ये देख पारी को बेहद जलन और गुस्सा आने लगता है.... मगर वो छह के भी कुछ कर नहीं पाती.... वो भी बीएड पे प्रिंस की बगल में लेट जाती है....

अगली सुबह जब प्रिंस की आँख खुलती है तो वो किसी को अपने जिस्म से लिप्त पाटा है.... उसे ऐसा लगता है की ये रूही है.... जिस से उसे रूही पे बड़ा प्यार आने लगता है... वो भी प्यार से उसे अपनी बाहों में कास लेता है.... और आगे बढ़ के जैसे hi उसके चेहरे की तरफ देखता है... ज़रा को अपने जिस्म से लिप्त देख उसे एक झटका सा लगता है... वो फ़ौरन उस से अलग हो ता है.... इस से ज़रा की नींद खुल जाती है.... खुद को प्रिंस की बाहों में पा के ज़रा की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... वो आगे बढ़ के कास के उसके सीने से लिपट जाती है....

प्रिंस : ज़रा ये क्या कर रही हो...? हटो मेरे ऊपर से....

ज़रा : अपनी जान को जी भर के प्यार कर रही हूँ.... किस्मत से आज मुझे ये मौका मिला है और तुम चाहते हो की मैं इसे बिना कुछ किये hi गावं दूँ....

ये कह के ज़रा उसे किश करने के लिए उसकी तरफ बढ़ती है मगर प्रिंस फ़ौरन hi दूसरी तरफ पलट जाता है.... इस वक़्त वो बगल में सोई पारी के जिस्म के ठीक ऊपर आ जाता है.... वो उसके जिस्म को छू तो नहीं पाटा मगर हाँ इस वक़्त दोनों के दिल आपस में मिल जाते हैं जिस से अचानक से प्रिंस वहीँ रुक सा जाता है.... उसे प्यार का एक सुखद एहसास होता है..... उसका दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... इस प्यार को महसूस कर के पारी की नींद भी टूट जाती है..... वो नींद में hi प्यार से प्रिंस नाम लेती है.... जिसे सुन के प्रिंस को एक मदहोशी सी छाने लगती है.... ठीक तभी ज़रा मौके का फायदा उठा के प्रिंस के होंठों को चुम लेती है.... उसे खुद की इस हरकत पे शर्म सी आ जाती है और वो शर्मीली हंसी हस्ती हुई वाशरूम में भाग जाती है.....
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 69

प्रिंस : ज़रा ये क्या कर रही हो...? हटो मेरे ऊपर से....

ज़रा : अपनी जान को जी भर के प्यार कर रही हूँ.... किस्मत से आज मुझे ये मौका मिला है और तुम चाहते हो की मैं इसे बिना कुछ किये hi गावं दूँ....

ये कह के ज़रा उसे किश करने के लिए उसकी तरफ बढ़ती है मगर प्रिंस फ़ौरन hi दूसरी तरफ पलट जाता है.... इस वक़्त वो बगल में सोई पारी के जिस्म के ठीक ऊपर आ जाता है.... वो उसके जिस्म को छू तो नहीं पाटा मगर हाँ इस वक़्त दोनों के दिल आपस में मिल जाते हैं जिस से अचानक से प्रिंस वहीँ रुक सा जाता है.... उसे प्यार का एक सुखद एहसास होता है..... उसका दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... इस प्यार को महसूस कर के पारी की नींद भी टूट जाती है..... वो नींद में hi प्यार से प्रिंस नाम लेती है.... जिसे सुन के प्रिंस को एक मदहोशी सी छाने लगती है.... ठीक तभी ज़रा मौके का फायदा उठा के प्रिंस के होंठों को चुम लेती है.... उसे खुद की इस हरकत पे शर्म सी आ जाती है और वो शर्मीली हंसी हस्ती हुई वाशरूम में भाग जाती है.....

अब आगे......

ज़रा की हंसी सुन के प्रिंस की तंत्र टूट टी है और वो बीएड पे उठ के बैठ जाता है उसे समझ नहीं आता की अभी जो भी कुछ उसने महसूस किया वो क्या था.....? जो भी था मदहोश कर देने वाला एहसास था... कहीं ये पारी तो नहीं थी..... ये सोच के प्रिंस के होंठों पे मुस्कराहट फैल जाती है....

प्रिंस को यूँ मुस्कुराते देख पारी भी ख़ुशी से झूम उठती है.... कुछ देर पहले जो प्यार का एहसास प्रिंस ने महसूस किया वो hi पारी ने भी महसूस किया था..... वो बस एक तक प्रिंस की आँखों में देखते देखते उसमे खो सी जाती है.... आज प्रिंस पहले से कई ज़्यादा स्मार्ट और हैंडसम जो लग रहा है..... बाबा की दी हुई पावर्स से प्रिंस में काफी बदलाव आये हैं..... उसकी स्मार्टनेस कई गुना बढ़ गयी है साथ hi जिस्म भी बेहद ताक़तवर हो गया है.... उसमे एक अलग hi आकर्षण है जो एक नज़र में hi किसी भी लड़की या औरत को अपना दीवाना बनाने के लिए काफी है.... यही हाल इस वक़्त पारी का है.... प्रिंस का जादू उसपे पूरी तरह से चा चूका..... पारी तो पहले hi प्रिंस की दीवानी थी... उसे दिल ो जान से चाहती थी.... इस आकर्षण ने उसे प्रिंस के और भी ज़्यादा करीब ला दिया है.... वो प्रिंस की नीली आँखों में खो सी गयी hai....Wo आगे बढ़ के प्रिंस के सीने से लिपटना चाहती है मगर वो छह के भी ऐसा कर नहीं पाती..... इस वक़्त उसके लिए इतना hi बहुत है की वो अपनी जान के पास है....

इधर कोमल के घर....

जब कल शाम कोमल ऑफिस से लौट के घर आयी थी तब उसका उतरा हुआ चेहरा देख के बाबा को ये समझते देर नहीं लगती की कोमल प्रिंस को ले के उदास है... उसकी प्रिंस से कोई बात नहीं हुई....

बाबा : क्या बात है कोमल....? मालिक से बात नहीं हुई क्या....?

कोमल उदास मन से : बाबा मुझे मौके तो बहुत मिले मगर फिर भी मैं छह के भी उन से कुछ नहीं कह पायी.... कहना तो दूर मैं तो उनसे नज़रें भी नहीं मिला पायी.... मैंने गलती जो इतनी बड़ी की थी.... मैं उनसे अपने किये की माफ़ी माँगना चाहती थी... मगर शर्मिंदगी और दर की वजह से मांग नहीं पायी....

बाबा : कोई बात नहीं बीटा.... आज नहीं तो कल मांग लेना.... वैसे भी कल मालिक यहाँ आ hi रहे हैं.....

बाबा की बात सुन के कोमल चौंक जाती है.....

कोमल : kyaaaaaaaaaa....? प्रिंस यहाँ आ रहे हैं....!!!

बाबा : हाँ.... दोपहर को उन्होंने कॉल करके बताया था की कल सुबह वो यहाँ आ रहे हैं....

कोमल : सच बाबा....

बाबा : हाँ बीटा.... और हाँ एक बात.... मुझे लगता है शायद मालिक अब तुमसे नाराज़ नहीं हैं.... अगर होते तो यहाँ न आते....

बाबा की बात सुन के कोमल ख़ुशी से उछाल पड़ती है....

कोमल : वाओ....

अपनी बेटी को को खुश देख के बाबा भी खुश हो जाते हैं.....

तभी वहां कोमल की दोस्त नज़मा आ जाती है....

नज़मा : क्या बात है आज मेरी दोस्त कुछ ज़्यादा hi खुश नज़र आ रही है....?

कोमल : बात hi ख़ुशी की है....

नज़मा : प्रिंस के आने की ख़ुशी है....

नज़मा की बात सुन के कोमल को बड़ी हैरानी होती है....

कोमल : तुझे कैसे पता....?

नज़मा : मैंने तो ऐसे hi कह दिया है.... मगर तेरी बात सुन के लग रहा है की वाकई में प्रिंस आ रहे हैं.....

कोमल : हाँ वो कल सुबह आ रहे हैं....

नज़मा : तुझे इतना खुश देख के लग रहा है की तेरे और प्रिंस के बीच सुलह हो गयी....

कोमल : नहीं यार अभी नहीं.... मगर कल सुबह हो जायेगी....

इधर प्रिंस फ्रेश हो तैयार हो जाता है और डाइनिंग टेबल पे आता है.... वहां उसे सब नज़र आते हैं मगर रूही नहीं..... वो रूही को इधर उधर ढूंढने लगता है....

जब सब की नज़र प्रिंस पे पड़ती है तब वो उसमे खो से जाते हैं.... ये बात प्रिंस को बड़ी अजीब सी लगती है....

प्रिंस : क्या हुआ आप सब को मुझे इस तरह क्यों देख रहे हैं.....?

प्रिंस की आवाज़ सुन के सब की तंत्र टूट टी है....

सैर : वाओ यार आज तो तुम कुछ ज़्यादा hi हैंडसम लग रहे हो.... तुम्हे देख के ऐसा लग रहा है की बस देखती जाऊं... देखती जाऊं.... देखती जाऊं....

प्रिंस : सैर तुम भी न.... कुछ भी कहती हो....

सैर : यार कसम से.... तुम्हे देख के आज दिल तुम पे मर मिटने को कर रहा है....

प्रिंस : अबे यार मेरा नहीं तो काम से काम अपने बॉयफ्रेंड का hi लिहाज़ कर ले.... तेरी बातें सुन के देख कैसे मुझे गुस्से से घूर रहा है.... जैसे कच्चा खा hi न जाए....

ये कह के प्रिंस हसने लगता है.... वहीँ दोनों की बात सुन के सैम बुरी तरह से जल जाता है.... मगर वो कुछ कहता नहीं.... उसे पता है.... प्रिंस से कुछ कहने का फायदा नहीं और सैर पे उसकी बात का कोई असर होगा नहीं....

सैम : साला कभी कभी न तेरी किस्मत से जलन सी होती है.... तुझे बिन मांगे hi सब कुछ मिल जाता है और यहाँ मांगने से भी कुछ हासिल नहीं होता....

प्रिंस : साले तू न कभी नहीं सुधरेगा... जब देखो तब रोटा hi रहता है.... और सैर तुम भी न आज कल कुछ ज़्यादा नहीं तारीफ करने लगी मेरी....

सैर : तो कौन सा झूटी तारीफ कर रही हूँ.... जो सह है वो hi तो कहा मैंने...

प्रिंस : तुम न आज कल बिलकुल ज़रा की तरह बातें करने लगी हो....

तभी पीछे से ज़रा की आवाज़ आती है....

ज़रा : वाओ क्या बात है.... आज सुबह सुबह hi मेरी जान को मेरी कमी महसूस हो रही है.... तो हुज़ूर हम आप से दूर नहीं आप के बेहद करीब हैं....

प्रिंस : लो जी शैतान का नाम लिया और शैतान हाज़िर... अब ये मेरा खून पिए बिना मानेगी नहीं....

प्रिंस की बात सुन के जाने क्यों ज़रा की आँखें नाम हो जाती हैं....

वो प्रिंस के बेहद करीब आ के उसकी आँखों में देखते हुआ उस से पूछती है....

ज़रा : क्या वाकई में तुम्हे ऐसा लगता है की मैं शैतान हूँ... जो ज़बरदस्ती तुम्हारे गले पद गयी है....

ज़रा की बात सुन के प्रिंस हाँ कहने hi वाला होता है की तभी ज़रा की आँखों की नमी को देख जाने क्यों उसका दिल तड़प जाता है.... वो उसकी आँखों से निकले आंसू की बूँद को पोछता है फिर उसे गले से लगा के कहता है....

प्रिंस : यार तुम तो सीरियस हो गयी.... मैं तो मज़ाक कर रहा था.... तुम शैतान नहीं बल्कि जन्नत की पारी हो....

प्रिंस की बात सुन के ज़रा खुश हो जाती है....

ज़रा : वो तो मैं हूँ....

प्रिंस : हाँ वो पारी जो खून पीती है....

ये कह के प्रिंस ज़ोर ज़ोर से हसने लगता है....

हहहहहहह....

प्रिंस की बात सुन के वहां मौजूद सभी हसने लगते हैं.... वहीँ जब ज़रा को उसकी बात समझ में आती है... तो वो गुस्से में प्रिंस की तरफ बढ़ने लगती है....

प्रिंस झूट मूट घबराते हुए....

प्रिंस : Y....Y....Ye तू क्या करने वाली है....?

ज़रा : तेरा ख़ूऊऊऊन पीने वाली हूँ....

ये कह के ज़रा प्रिंस की गर्दन में काटने लगती है.....

ये देख पारी जो वहां मौजूद सब देख रही थी वो इसे सच मान के बेहद गुस्से में आ जाती है और ज़रा पे हुम्ला करने hi वाली होती है की तभी सामने का नाज़ारा देख उसके चेहरे पे गुस्से की जगह हैरत आ जाती है....

प्रिंस : बचाओ बचाओ.... कोई मुझे इस चुड़ैल से बचाओ....

ज़रा : क्या कहा मुझे चुड़ैल.... रुक अभी बताती हूँ मैं तुझे.... आज तू नहीं बचने वाला मेरे हाथ से... आज तो तू पक्का गया काम से.....

ये कह के ज़रा प्रिंस की तरफ बढ़ती है... जिसे देख प्रिंस उस से दूर भागने लगता है.....

प्रिंस : अबे चुहिया पहले पकड़ के तो दिखा.....

ज़रा : मैं एक हार्डकोर फाइटर हूँ.... मुझे चैलेंज मत कर वर्ण देखना मैं क्या करती हूँ....

अभी ज़रा ने इतना hi कहा था की तभी प्रिंस उसके बेहद करीब आ के उसकी आँखों में आँखें दाल के कहता है...

प्रिंस : बोल क्या करेगी....

प्रिंस को अपने इतने करीब पा के ज़रा की बोलती बंद हो जाती है..... वो बस एक तक प्रिंस की आँखों में देखती रह जाती है.... उसे कुछ न कहते देख....

प्रिंस : बोल न अब बोलती क्यों बंद हो गयी..... अभी कुछ देर पहले तो बहुत बड़ी बड़ी बातें कर रही थी.... वो क्या था.... हाँ हार्डकोर फाइटर.... हहहहहहह... तू कोई हार्डकोर फाइटर व्हीटर नहीं है.... बल्कि....

ज़रा प्रिंस की आँखों में देखते हुए प्यार से उस से पूछती है....

ज़रा : तो तू hi बता दे की मैं कौन हूँ....?

प्रिंस उसके चेहरे को अपने हाथों में ले के प्यार से उसके गालों को चुम के कहता है....

प्रिंस : तू मेरी सबसे प्यारी दोस्त है.... तुझ जैसा कोई नहीं है दुनिया में.... मेरी ज़रा सी तकलीफ तड़पा देती है तुझे..... तू वो है जिसका साथ किस्मत से नसीब होता है.... सच में मैं बहुत किस्मत वाला हूँ जो तू मेरे साथ है.... जिस तरह मैं तेरी जान हूँ ठीक उसी तरह तू भी मेरी जान है.... मेरा सब कुछ तू hi तो है....

प्रिंस की बात सुन के ज़रा की आँखों में आंसू आ जाते हैं....

ज़रा : झूट कहता है तू.... मैं तेरी दोस्त नहीं हूँ..... जान तो बहुत दूर की बात है... अगर मैं तेरी जान होती तो क्या तू मुझे अपने दिल का दर्द नहीं बताता...

प्रिंस : पागल जैसी बातें मत कर.... मुझे क्या दर्द है भला....

ज़रा : ये मुझसे नहीं खुद से पूछ.... अगर वाकई में तू मुझे अपनी जान समझता है तो अपना दर्द मुझसे क्यों छुपता है... क्यों नहीं बाँट लेता... दर्द बांटने से काम होता है....

प्रिंस : कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो तकलीफ में भी एक अलग hi मज़ा देते हैं.... और जब तक तू मेरे साथ है.... कोई दर्द मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता.... तो क्या कहती है तू.... दे गई मेरा साथ.....

ज़रा : मैं तो मरते दम तक यहाँ तक की मरने के बाद भी तेरा साथ निभाऊंगी....

ये कह के ज़रा प्रिंस के सीने से लिपट जाती है..... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं..... जिसे प्रिंस प्यार से पॉच के कहता है...

प्रिंस : क्या कहा मरने के बाद भी.... इसका मतलब तू सच में चुड़ैल hi है.....

प्रिंस के मुँह से चुड़ैल सुन के ज़रा उसके सीने में प्यार से मुक्के मारने लगती है साथ hi कास के उसके सीने से लिपट जाती है....

ज़रा : सच में जान मैं मरने बाद भी तेरा साथ नहीं छोड़ूंगी.... कोई मुझे तुझसे जुड़ा नहीं कर सकता....

प्रिंस प्यार से ज़रा के सर पे चपत लगा के कहता है.....

प्रिंस : चल अब ज़्यादा सेंटी होने की ज़रुरत नहीं..... वैसे भी रोना तुझपे सूट नहीं करता.... तू हस्ती मस्ती करती हुई ज़्यादा अच्छी लगती है.... चल अब ये रोना बंद कर देख तुझे देख बाकी सब भी रो रहे हैं..... अब जल्दी से चल नाश्ता करते हैं.... फिर बाद में इस बात पे विचार विमर्श करेंगे.....

ज़रा : क्या कहा.... कौन सा अचार.....?

प्रिंस : अचार नहीं मेरी माँ विचार.... खैर चोर.... ये तेरे बस का नहीं है.... पहले पेट पूजा फिर कोई काम दूजा....

दोनों की बात सुन के सब हसने लग जाते हैं..... पारी जिसे ज़रा पे बेहद गुस्सा आ रहा था... वो खामोश कड़ी दोनों की बातें सुन रही है.... साथ hi ये भी देख रही है की ज़रा प्रिंस से दिल ो जान से प्यार करती है.... वो न किसी को प्रिंस के साथ कुछ बुरा करने दे सकती है.... और न hi खुद प्रिंस के साथ बुरा करने के बारे में तो सोच भी नहीं सकती है.... प्रिंस भी उसे अपनी सब से प्यारी दोस्त मानता है... उसने खुद कहा है की ज़रा जान है उसकी... अब पारी अपनी जान की जान को भला कैसे तकलीफ पंहुचा सकती है.... हाँ मगर इस बात की तकलीफ उसे ज़रूर है की इस वक़्त ज़रा प्रिंस के जितने करीब है वो खुद प्रिंस के उतने करीब नहीं..... वो प्रिंस के पास हो के भी उसके पास नहीं है...

सब नाश्ते की टेबल पे बैठ जाते हैं.... की तभी प्रिंस कुछ कहता है जिसे सुन के सब के हस्ते मुस्कुराते चेहरे पे गुस्से की लाली च जाती है.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 70

ज़रा : क्या कहा.... कौन सा अचार.....?

प्रिंस : अचार नहीं मेरी माँ विचार.... खैर चोर.... ये तेरे बस का नहीं है.... पहले पेट पूजा फिर कोई काम दूजा....

दोनों की बात सुन के पारी जिसे ज़रा पे बेहद गुस्सा आ रहा था... वो खामोश कड़ी दोनों की बातें सुन रही है.... साथ hi ये भी देख रही है की ज़रा प्रिंस से दिल ो जान से प्यार करती है.... वो न तो किसी को प्रिंस के साथ कुछ बुरा करने दे सकती है.... और खुद प्रिंस के साथ बुरा करने के बारे में तो सोच भी नहीं सकती.... प्रिंस भी उसे अपनी सब से प्यारी दोस्त मानता है... उसने खुद कहा है की ज़रा जान है उसकी... अब पारी अपनी जान की जान को भला कैसे तकलीफ पंहुचा सकती है.... हाँ मगर इस बात की तकलीफ उसे ज़रूर है की इस वक़्त ज़रा प्रिंस के जितने करीब है वो खुद प्रिंस के उतने करीब नहीं..... वो प्रिंस के पास हो के भी उसके पास नहीं है...

सब नाश्ते की टेबल पे बैठ जाते हैं.... की तभी प्रिंस कुछ कहता है जिसे सुन के सब के हस्ते मुस्कुराते चेहरे पे गुस्से की लाली च जाती है.....??????

अब आगे.....

प्रिंस : ये रूही कहाँ रह गयी....? अभी तक आयी नहीं.....

प्रिंस के मुँह से रूही का नाम सुन के सब को बड़ी हैरानी सी होती है साथ hi गुस्सा भी आता है..... मगर वहां मौजूद दो शख्स ऐसे भी हैं जिनका ये मान न है की रूही बेक़सूर है उसने कुछ गलत नहीं किया.... प्रिंस जिसे वो दिल ो जान से चाहती है उसके साथ वो कुछ भी गलत कैसे कर सकती है..... ये दो सहक्स और कोई नहीं बल्कि सिमी और पारी हैं....

किसी से कोई जवाब न पा के प्रिंस सिमी की तरफ देखता जैसे की पूछना छह रहा हो की क्या बात है रूही अभी तक आयी क्यों नहीं.....?

सिमी : वो.... वो.... अपने रूम में है....

प्रिंस : इतनी देर हो गयी और अब तक वो अपने रूम में है.... उसकी तबीयत तो ठीक है न....

सिमी : हाँ वो.... वो....

प्रिंस : क्या वो वो कर रही है बता न क्या हुआ उसे.....?

इस से पहले की सिमी कुछ कहती रहना बीच में बोलती है....

रहना : कुछ नहीं हुआ उसे.... वो बिलकुल ठीक है..... तू उसे चोर और नाश्ता कर....

प्रिंस : नहीं माँ ऐसे कैसे जाने दूँ आखिर बीवी है मेरी.... और वैसे भी काफी देर हो चुकी है... अब तक तो उसे यहाँ आ जाना चाहिए था.... आज बहुत ज़रूरी काम है उसे मेरे साथ जाना है.... और वो है की अभी तक आयी नहीं.... ज़रूर कुछ तो बात है.... मैं देखता हूँ....

इस से पहले की कोई प्रिंस को रोकता प्रिंस तेज़ी से ऊपर रूही के रूम की तरफ चल देता है....

रहना उसे आवाज़ देती रह जाती है मगर प्रिंस अभी आया कह के रूही के रूम की तरफ चला जाता है..... दरवाज़ा खोल के जब वो अंडर जाता है तो रूही को बीएड पे लेती ख्यालों में खोयी पाटा है.... वो उसके बेहद करीब जा के बैठ जाता है और हाथ बढ़ा के उसकी पेशानी को चेक करता है....

प्रिंस : बुखार नहीं है.... फिर क्या बात हो सकती है....?

अपनी पेशानी पे किसी के हाथ को महसूस करके रूही की तंत्र टूट टी है.... प्रिंस को सामने देख उसे रात वाली बात याद आ जाती है.... और साथ hi उसकी आँखें भी नाम हो जाती है.... उसे ऐसा लगने लगता है की प्रिंस यहाँ अपनी नाराज़गी दिखने आया है.... इस बात से उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... जिसे देख प्रिंस का दिल तड़प जाता है... वो आगे बढ़ के उसके आंसुओं को पॉच के कहता है.....

प्रिंस : क्या बात है रूही....? तुम अचानक से रोने क्यों लगी..... क्या हुआ बताओ मुझे....?

रूही : मैं ठीक हूँ....

प्रिंस : तो फिर रो क्यों रही हो.....? किसी ने कुछ कहा क्या.... बताओ न.... आखिर बात क्या है....?

अपने लिए प्रिंस को इतना फिक्रमंद होते देख रूही का दिल खुश हो जाता है वहीँ रात की बात याद करके वो बेहद दुखी हो जाती है.... आखिर जो भी हो रात प्रिंस की जो हालत थी उसकी ज़िम्मेदार कहीं न कहीं रूही भी है.... ये सोच के वो और भी ज़्यादा रोने लगती है.... रूही का यूँ रोना प्रिंस से देखा नहीं जाता वो आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा लेता है और प्यार से उसके आंसुओं को पूछ के उसे चुप करने लगता है....

अपनी जान की बाहों में आ के रूही के दिल को बेहद सुकून मिलता है.... उसका रोना बंद हो जाता है.... मगर इधर रूही को कुछ न कहते देख प्रिंस और भी ज़्यादा बेचैन हो जाता है.... वो एक बार फिर से वो hi बात दोहराता है.....

प्रिंस : क्या बात है रूही....? क्या हुआ.... बताओ न....

रूही : K....k....kuch नहीं वो बस पिछली बातें याद कर के रोना आ गया.... मैंने क्या काम दुःख दिए हैं तुम्हे.... जब से हम मिले है तब से ले के आज तक मैंने तुम्हे तकलीफ के सिवाए और दिया hi क्या है....?

प्रिंस : यार बीती बातों को भूल जाओ.... उसे याद करके तकलीफ के सिवाए और कुछ हासिल नहीं होगा....

रूही : चाहती तो मैं भी हूँ मगर चाह के भी उन बातों को भुला नहीं पा रही हूँ.... और भूलूँ भी तो कैसे....?

प्रिंस : ठीक वैसे hi जैसे मैं भूल गया हूँ.... और चाहता हूँ की तुम भी वो सब भूल जाओ....

रूही : क्या वाकई में तुम वो सब भूल चुके हो....?

प्रिंस : हाँ और मैं चाहता हूँ की आज से बल्कि अभी से हम एक नयी शुरुवात करते hain....To बोलो क्या कहती हो....? दो गई मेरा साथ.... बनोगी मेरी सब से अच्छी और प्यारी फ्रेंड....?

रूही : फ्रेंड...!!!! मगर मैं तो तुम्हारी बीवी हूँ न....

प्रिंस : वो तो हो और हमेशा रहोगी ... मगर मैं चाहता हूँ की आज से बल्कि अभी से हम एक नयी शुरुवात करें.... जो दोस्ती से शुरू होगी.... जिसमे सिर्फ और सिर्फ सच्चाई और प्यार होगा.... बाकी सब धीरे धीरे आगे बढ़ेगा.... तो बोलो क्या कहती हो....? बनोगी मेरी गर्लफ्रेंड....?

प्रिंस की बात सुन के रूही फ़ौरन हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है.... जिसे देख प्रिंस बेहद खुश हो जाता है और उसकी तरफ हाथ बढ़ा के कहता है....

प्रिंस : मेरा नाम प्रिंस है... प्रिंस अली खान... नाम तो सुना hi होगा....

प्रिंस की बात सुन के रूही हंस के हाथ मिला के कहती है....

रूही : जी सुना है.... तुम वो hi हो न स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम प्रिंस.... जो सब के दिलो पे राज करता है....

प्रिंस : सब का तो पता नहीं मगर हाँ कुछ ख़ास बहुत ख़ास लोग हैं जो मेरे दिल के बेहद करीब हैं.... और रही बात मेरी तो मैं उतना स्मार्ट भी नहीं जितना तुम कह रही हो....

रूही : तुम क्या हो ये उन लड़कियों से पूछो जो तुम्हे देखते hi तुम्हारी दीवानी बन जाती है....

प्रिंस : तुम भी तो एक लड़की हो न तो क्या तुम भी....?

प्रिंस की बात सुन के रूही शर्मा के धीरे से कहती है....

रूही : हाँ मैं भी....

प्रिंस : क्या....?

रूही : नहीं कुछ नहीं....

प्रिंस : चलो अब जल्दी से फ्रेश हो के तैयार हो जाओ... फिर साथ में नाश्ता करके निकलते हैं.... वो क्या है की एक इम्पोर्टेन्ट काम के लिए हम को जल्द hi जाना होगा.... और उसके लिए हम पहले hi बहुत लेट हैं....

रूही : कहाँ जाना है....?

प्रिंस : वो एक सरप्राइज है... फिलहाल जल्दी से जा के फ्रेश हो जाओ....

प्रिंस की बात सुन के रूही... उठ के जाने लगती है....

प्रिंस : वाशरूम वहां है तुम उधर किधर जा रही हो....?

रूही : वो कप्बोर्ड से अपने कपडे निकालने....

प्रिंस : वो मैं तुम्हे निकाल देता हूँ.... तब तक तुम जल्दी से नाहा के फ्रेश हो जाओ....

रूही : मगर तुम कैसे....?

प्रिंस : यार अब एक बॉयफ्रेंड होने के नाते अपनी गर्लफ्रेंड के लिए इतना तो मुझे करना hi चाहिए.... चलो अब जल्दी से जा के फ्रेश हो जाओ....

प्रिंस की बात सुन के रूही खुश होक वाशरूम की तरफ बढ़ जाती है....

प्रिंस रूही के कपडे निकाल के उसका इंतज़ार करने लगता है.... तभी अवनि का कॉल आ जाता है और वो उस से बातें करने में बिजी हो जाता है.... इधर डाइनिंग टेबल पे सब प्रिंस का वेट कर रहे हैं.... उन्हें ये बात समझ नहीं आ रही है की आखिर रूही ने प्रिंस के साथ जो किया उसके बाद भी प्रिंस कैसे और क्यों उसकी फ़िक्र कर रहा है.....? आखिर इस सब की वजह क्या है.....? प्रिंस को ऊपर गए काफी वक़्त हो गया है.... वो इतनी देर से ऊपर कर क्या रहा है.... कहीं ऐसा तो नहीं की उन दोनों के बीच घगड़ा हो रहा है.... नहीं ऐसा नहीं है क्यों अगर घगड़ा होता तो घागडे की आवाज़ तो आती.... तो क्यों न ऊपर जा के देखा जाए की आखिर बात क्या है.... वो ऊपर जा के देखना चाहते हैं मगर कोई भी छह के ऊपर नहीं जा पा रहा है.... प्रिंस के गुस्से से दर के सब नीचे खामोश बैठे उसके आने का वेट कर रहे हैं....

इधर कोमल अपने घर में प्रिंस के स्वागत की पूरी तैयार किये उसके आने का इंतज़ार कर रही है....

वहीँ दूसरी तरफ रूही नाहा के बाहर आने से पहले दरवाज़ा खोल के बाहर झाँक के देखती है.... उसे प्रिंस कहीं नज़र नहीं आता.... तो वो बहार आती है और बीएड पे पड़ी ड्रेस देख के खुश हो जाती है..... उसके मुँह से वाओ निकल जाता है.... ये वो hi ड्रेस है जो प्रिंस ने उसे गिफ्ट में दिया था.... इस वक़्त रूही के जिस्म पे सिर्फ एक टॉवल है.... जो उसकी सीने के ऊपरी भाग से ले के उसकी मखमली जाँघों तक उसके जिस्म से लिप्त हुआ है.... वो उसे निकाल के ड्रेस पेहेन ने लगती है....

ठीक तभी प्रिंस जो बालकनी में खड़ा अवनि से बात करने के बाद बहार के हसीं नज़ारे का लुत्फ़ उठा रहा होता है वो पीछे आयी रूही की आवाज़ से मुद के पीछे देखता है.... पीछे का नज़ारा देखते hi वो उसमे खो सा जाता है.... इस में उस की कोई गलती नहीं है.... वो नज़ारा है hi इतना खूबसूरत दिलकश और सेक्सी की प्रिंस बस एक तक उसे देखता hi रह जाता है.... रूही बेहद खूबसूरत और सेक्सी लग रही है..... रूही तैयार होक बहार जाने लगती है की तभी उसकी नज़र प्रिंस पे पड़ती है.... उसे बालकनी में खड़े अपनी तरफ यूँ घूरते देख वो बुरी तरह चौंक जाती है.... शर्म के मारे उसके गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं....

रूही : तुम यहाँ क्या कर रहे हो....?

प्रिंस : वो मैं.... वो सेक्सी....

रूही : क्या.....?

प्रिंस : नहीं कुछ नहीं.... वो मैं यहाँ फ़ोन पे बात कर रहा था.... और जब पलटा तो तुम्हे देखा.... तुम ड्रेस पेहेन रही थी....

रूही : तुम यहीं थे मुझे बताना तो चाहिए था न....

प्रिंस : बताना चाहता था मगर बता नहीं सका.... वो क्या है की उस वक़्त दुनिया की सबसे हसीं पारी अपने हुस्न के हसीं जलवे बिखेरे मेरे सामने कड़ी थी.... मैं बस उसकी खूबसूरत खो सा गया.... छह के भी कुछ बोल न पाया.... बड़ी मुश्किल से मैंने खुद को और अपने दिल को संभाला और कुछ बोलने के लिए जैसे hi अपना मुँह खोला.... उस हसीं पारी के गर्दन के 6 इंच नीचे के टिल पे मेरी नज़र पड़ते hi मेरी बोलती बंद हो गयी.... उस गोर गुलाबी हिस्से पे वो दिल मेरे दिल को घायल कर गया.... मैं बस उसी में खो सा गया....

प्रिंस की बात सुन के ख़ास कर के टिल वाली बात सुन के रूही को बेहद शर्म सी आने लगती है.... वो प्रिंस पे झूठा गुस्सा दिखा के कहती है....

रूही : तुम न बड़े बेशर्म हो गए हो.... एक तो मुझे उस हाल में देख..... जो तुम्हे नहीं देखना चाहिए थे और ऊपर से टूल के बारे में बता अपनी बेशर्मी का सबूत भी दे रहे हो.....

प्रिंस : यार कभी कभी बेशर्म बन ने में भी फायदा भी होता है....

रूही : तुम्हे न सुधारना पड़ेगा....

प्रिंस रूही के बेहद करीब आ के कहता है....

प्रिंस : है मैं तो खुद ये hi चाहता हूँ की तुम मुझे सुधारो.... मगर हाँ पहले एक बार फिर से वो टिल दिखा दो.... है जबसे उसे देखा है दिल उसे बार बार देखने को करता है.....

प्रिंस की बात सुन के रूही बुरी तरह से शर्मा जाती है साथ hi प्यार से उसके सीने में मुक्का मारते हुए कहती है....

रूही : धत.... ऐसा भी कोई कहता है क्या....

प्रिंस : यार ऐसा भी क्या गलत कह दिया.... अब तुम hi बताओ.... क्या हुस्न की मलिका को देखना गलत है....

रूही को प्रिंस की बातों में बेहद मज़ा आ रहा है साथ hi बेहद शर्म भी आ रही है.... वो बात को घूमते हुए कहती है....

रूही : तुम भी न.... क्या अब तुम्हे देर नहीं हो रही....

रूही की बात सुन के प्रिंस घडी की तरफ देख के कहता है....

प्रिंस : देखो तुमसे बात करने के चक्कर में वक़्त का पता hi नहीं चला.... इस में मेरी भी क्या गलती है.... तुम हो hi इतनी हसीं और प्यारी की दिल करता है तुम्हे पास बिठा के उम्र भर तुम्हारी घील सी गहरी आँखों में देखते हुए तुमसे बातें करता रहूं... करता रहूं.... करता रहूं.... और वक़्त थम सा जाए....

रूही : मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ तुम्हारे साथ hi हूँ.... बातें बाद में कर लेना पहले वो इम्पोर्टेन्ट काम करने चलो....

प्रिंस : हाँ यार जल्दी चलो... इस से पहले की और देर हो जाए....

प्रिंस रूही को साथ लेके नीचे आता है.... दोनों को साथ देख के सब चौंक जाते हैं.... उन्हें सब से ज़्यादा हैरत दोनों के एक दूसरे के हाथों में हाथ और होंठों पे स्माइल देख के होती है....

इस से पहले की कोई उन दोनों से कुछ पूछता दोनों बहार की तरफ चल देते हैं....

पारी भी हैरत से बस उन्हें hi देखती रह जाती है....

दोनों कार में बैठ के चल देते हैं....

इधर. जंगल के बीच एक बेहद hi खौफनाक गुफा में एक बड़ा सा हवनकुंड है जिसमे से भयानक आग की लपटें निकल रही हैं.... उस हवन कुंड के थीं सामने शैतान के देवता इब्लीस की खौफनाक मूर्ती है.... जिसके पास शैतान का पुजारी शाखा शैतान के देवता इब्लीस को खुश करने के लिए साधना में लीं है... उस के पास वहीँ जिब्रान का बीटा मनीष भी बैठा हुआ है.... दोनों इस वक़्त ताज़ा इंसानी खून में नहाये शैतान से काम नहीं लग रहे हैं.... वहां का माहौल अगर कोई इंसान देख ले तो दर के मारे उसी वक़्त मर जाए....

तभी वहां दो अघोरी चीखते हुए आते हैं.... उनकी चीखों से शका के साथ साथ मनीष की भी साधना भांग हो जाती है..... दोनों गुस्से में अपनी आँखें खोल के उन अघोरियों की तरफ देखने लगते हैं..... गुस्से में शका सामने पड़ी अपनी तलवार उठा के उन्हें जान से मारने hi वाला होता है की तभी एक अघोरी के मुँह से शैतान की सब से ताक़तवर और खतरनाक बेटी रेहबा का नाम सुन के वो बुरी तरह से चौंक जाता है.... साथ hi उसका हाथ भी हवा में रुक जाता है.....

रेहबा का नाम सुन के पहले तो शका के चेहरे पे परेशानी के भाव आ जाते हैं मगर तभी अचानक से वो ज़ोर ज़ोर से शैतानी हंसी हसने लगता है....

हहहहहहहहह....

शका को अचानक से यूँ हस्ते देख न सिर्फ उन दोनों अघोरियों को हैरत होती है बल्कि मनीष और वहां मौजूद सभी का हाल भी उन अघोरियों जैसा hi हो जाता है.....

सब के सब हैरत से बस शका को hi घूर रहे हैं.... जैसे की पूछना चाहते हैं की सहितान की बेटी रेहबा का नाम सुन के जहाँ बड़े से बड़े तांत्रिक यहाँ तक की शैतान की भी हवा टाइट हो जाती है वहीँ रेहबा का नाम सुन के शका यूँ अचानक से हसने क्यों लगा....? आखिर उसकी हंसी के पीछे की वजह क्या है....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 71

रेहबा का नाम सुन के पहले तो शका के चेहरे पे परेशानी के भाव आ जाते हैं मगर तभी अचानक से वो ज़ोर ज़ोर से शैतानी हंसी हसने लगता है....

हहहहहहहहह....

शका को अचानक से यूँ हस्ते देख न सिर्फ उन दोनों अघोरियों को हैरत होती है बल्कि मनीष और वहां मौजूद सभी का हाल भी उन अघोरियों जैसा hi हो जाता है.....

सब के सब हैरत से बस शका को hi घूर रहे हैं.... जैसे की पूछना चाहते हैं की सहितान की बेटी रेहबा का नाम सुन के जहाँ बड़े से बड़े तांत्रिक यहाँ तक की शैतान की भी हवा टाइट हो जाती है वहीँ रेहबा का नाम सुन के शका यूँ अचानक से हसने क्यों लगा....? आखिर उसकी हंसी के पीछे की वजह क्या है....??????

अब आगे.....

उन दोनों अघोरियों की हिम्मत नहीं हो रही थी शका से उसके यूँ अचानक से हसने की वजह पूछने की.... वो बस चुपचाप डरे सहमे से शका को यूँ हस्ते हुए देख रहे हैं..... मगर मनीष से रहा नहीं जाता और वो शका से हसने की वजह पूछता है.....

मनीष : क्या बात है मालिक (शका) आप अचानक इस तरह से हसने क्यों लगे.....? और ये रेहबा कौन है....?

शका : मेरे हसने की वजह मेरी ख़ुशी है.... मेरी सबसे बड़ी ख़ुशी.... मेरी सब से बड़ी इच्छा के जल्द hi पूरे होने की ख़ुशी....

मनीष : इच्छा... कैसी इच्छा...?

शका : इस पूरे ब्रह्माण्ड पे राज करने की इच्छा.... आज पूरे 500 साल बाद पांचवी बार फिर से मुझे मौका मिला है अपनी इच्छा को पूरा करने का.... इस बार मैं हार नहीं मानुगा.... मैं अपनी अधूरी इच्छा को ज़रूर पूरा करूँगा....

मनीष : आप क्या कह रहे हैं.... मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा है.... रेहबा.... 500 साल पांचवी बार.... अधूरी इच्छा.... आखिर ये सब है क्या....? ये रेहबा है कौन....? और सब से बड़ी बात ये की आखिर क्यों आप पिछले 4 बार अपनी इच्छा को पूरा नहीं कर पाए....? क्यों....? वो कौन है जिस से आप हार गए.... एक नहीं बल्कि 4 बार.... वो ऐसी कौनसी ताक़त है जो शैतान के पुजारी से भी ज़्यादा ताक़तवर है.... आखिर वो है कौन....? क्या नाम है उसका.....?

शका गुस्से से अपने दांत पीसते हुए.... कहता है....

शका : प्रिंस नाम है उसका.... प्रिंस.... इस पूरे ब्रह्माण्ड का सबसे पावरफुल बादशाह है वो..... पूरा ब्राह्माण उसके इशारे पे हरकत में आता है.... सब उसके और उसकी पावर्स के गुलाम हैं.... उसे हराना नामुमकिन है.... उसे कोई नहीं मार सकता सिवाए खुद उसके.... वो जितना ताक़तवर है उतना hi कमज़ोर भी.... उसकी ताक़त उसकी असीम पावर्स हैं..... वहीँ उसकी कमज़ोरी उसका पाक और सच्चा प्यार है.... वो अपनी असीम पावर्स से हमेशा जीत ता आया है.... वहीँ उसके पाक और सच्चे प्यार ने उसे हमेशा हराया है..... उसकी हस्ती मुस्कुराती ज़िन्दगी को दर्दनाक मौत में बदला है.... सब कुछ हारने के बाद भी वो हमेशा hi जीत ता आया है और जीतने के बाद भी वो हमेशा hi हारता रहा है..... उसकी जीत hi उसकी हार है.... उसने अपनी ज़िन्दगी में इतने दर्द सही हैं जो कोई नहीं सेह सकता.... इस पूरे ब्रह्माण्ड में ऐसा कोई नहीं जो उस दर्द को एक लम्हे के लिए भी महसूस कर सके..... वो दर्द इतना तकलीफ देह है की उस की दर्द भरी आह को सुन के एक पल के लिए तो शैतानो के देवता इब्लीस का पत्थर दिल भी रो पड़ा....

मनीष : आखिर कौन है ये प्रिंस....? और ये रेहबा.... कौन है....? और क्या है इनकी कहानी....? क्यों सब कुछ जीत के भी वो सब हारता आया है.... उसे कोई क्यों नहीं मार सकता....? क्यों....?

शका : इस क्यों का जवाब मैं तुझे दूंगा.... ज़रूर दूंगा.... मगर अभी नहीं..... अभी मुझे जल्द से जल्द तैयारी करनी होगी..... अपनी जीत को हासिल करने की तैयारी..... इस बार मैं नहीं हारूंगा.... मैं वो गलतियां नहीं दोहराऊंगा जो मैंने पिछले 4 बार दोहराई है..... चाहे मुझे जो करना पड़े इस बार मैं ज़रूर जीतूंगा.... और उसके लिए मुझे तपस्या के ज़रिये शैतान के देवता इब्लीस से वो तरीका जान न होगा जिस से मैं प्रिंस की असीम पावर्स को हासिल कर सकूँ.... हाँ मुझे वो करना hi होगा.... वो भी जल्द से जल्द.... अब वक़्त करीब आता जा रहा है.... रेहबा का आना इस बात की गवाही दे रहा है की..... प्रिंस भी आ चूका है.... जिसके साथ वक़्त भी करीब आता जा रहा है.... इस से पहले की वो हम सब को जान से मार के इस पूरे ब्रह्माण्ड को बुराइयों से मुक्त कर दे.... मुझे उसकी पावर्स को हासिल करने का तरीका मेरे मालिक इब्लीस से जान न hi होगा....

ये कह के शका अपने चारो तरफ एक मज़बूत शेड बना के तपस्या में लीं हो जाता है.... मनीष बस उसे देखता hi रह जाता है.....

इधर घर में प्रिंस रूही को साथ लेके नीचे आता है.... दोनों को साथ देख के सब चौंक जाते हैं.... उन्हें सब से ज़्यादा हैरत दोनों के एक दूसरे के हाथों में हाथ और होंठों पे स्माइल देख के होती है....

इस से पहले की कोई उन दोनों से कुछ पूछता दोनों बहार की तरफ चल देते हैं....

पारी भी हैरत से बस उन्हें hi देखती रह जाती है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की रात उसने जो वीडियो देखि थी वो सच थी या फिर जो वो इस वक़्त देख रही है वो सच है..... क्या वाकई में रूही प्रिंस को चाहती है या फिर बात कुछ और hi है..... नहीं नहीं ये मैं क्या सोच रही हूँ.... रूही मेरा hi एक हिस्सा है जब मैं अपनी जान प्रिंस को दिल ो जान से चाहती हूँ तो फिर भला वो इस से इंकार नहीं कर सकती की उसे भी प्रिंस से प्यार है.... प्रिंस भी मेरी तरह उसकी जान hi है.... और कोई भी लड़की कभी भी अपनी जान को नुक्सान नहीं पहुंचा सकती.... मगर.... गुरूजी की बात को भुलाया भी तो नहीं जा सकता.... उन्हें कहे मुताबिक प्रिंस को सबसे ज़्यादा तकलीफ उसका सच्चा प्यार hi पहुंचाएगा.... वो और कोई नहीं बल्कि मैं और मेरे तीनो रूप hi हैं....

इधर पारी अपने ख्यालों में खोयी हुई है उधर प्रिंस और रूही एक दूसरे में.... तीनो इस बात से अनजान हैं की आगे क्या होने वाला है.....? आखिर क्याआआआआ.....????

घर से बाहर आ के प्रिंस कार की ड्राइविंग सीट पे बैठने hi वाला होता है की तभी रूही उसे रोक के कहती है....

रूही : क्या आज कार मैं चलौं....

प्रिंस मुस्कुरा के कार की चाबी रूही की तरफ बढ़ा देता है.... रूही कार स्टार्ट करती है और वो दोनों बातें करते हुए निकल जाते हैं.... रूही प्रिंस की बातों में इतना खो जाती है की उसे रोड का ख़याल hi नहीं रहता..... जिस वजह से उसकी कार रोड के दूसरी तरफ चली जाती है और सामने से आ रही औरत से टकराती है.... कार की स्पीड की वजह से टक्कर लगते hi वो औरत ज़ोर से हवा में उड़द जाती है और एक दर्दनाक चीख के साथ काफी दूर पीछे गिरती है.... जिसे देख रूही के होश hi उड़द जाते हैं.... वो सदमे में आ जाती है.... कार का बैलेंस बिगड़ जाता है और वो सामने चट्टान से टकराने hi वाली होती है की तभी प्रिंस देख लेता है और फ़ौरन कार को कण्ट्रोल करता है.... रूही है की बस एक hi बात "मैंने उसे मार दिया" बार बार दोहराते हुए रोये जा रही है.... प्रिंस उसे चुप करने की बहुत कोशिश करता है मगर वो है की चुप hi नहीं हो रही.... प्रिंस उसे अपने सीने से लगा लेता.... प्रिंस की बाहों में आ के रूही थोड़ा शांत हो जाती है.... उसके शांत होते hi प्रिंस फ़ौरन कार से उतर के उस औरत की तरफ जाता है.... रूही भी धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगती है....

एक्सीडेंट होते hi प्रिंस के सिक्योरिटी गॉर्डस जो उसके पीछे आ रहे थे.... फ़ौरन वहां पहुँच जाते हैं....

प्रिंस जब उस औरत के करीब जा के उसे देखता है तो उसके होश उड़द जाते हैं.... वो औरत बुरी तरह से ज़ख़्मी है.... उसे जिस्म के कई हिस्से से खून निकल रहा है.... वो बुरी तरह से तड़प रही है....

उसे देखते hi उसकी मदत करने के लिए जब प्रिंस उसकी तरफ बढ़ता है... उसे कुछ अजीब सा महसूस होता है.... उसे उस औरत में कुछ अलग सी आकृति नज़र आने लगती है.... उस औरत का चेहरा बेहद खौफनाक नज़र आने लगता है.... उसे देखते hi प्रिंस मदत के लिए उसकी तरफ बढ़ाये हुए अपने हाथ को फ़ौरन पीछे खींच लेता है..... साथ hi पीछे हटने लगता है.... प्रिंस को पीछे हैट ते देख वो औरत हाथ बढ़ा के बेहद दर्द भरी आवाज़ में प्रिंस से मदत मांगती है.... उस के चेहरे पे दर्द के भाव हैं मगर उसके होंठों पे ज़हरीली मुस्कान है जिसे देख प्रिंस उस से दूर हटने लगता है.... प्रिंस को उस औरत में शैतानी चेहरा नज़र आने लगता है.....

रूही इस बात से अनजान एक तक उस औरत को देखने लगती है.... जाने क्या बात है उस औरत की आँखों में की रूही उसे बस देखती रह जाती है और उसकी तरफ बढ़ने लगती है.... रूही को उस औरत की तरफ जाते देख प्रिंस उसे आवाज़ दे के रोकने की कोशिश करता है मगर रूही है की उसे कुछ सुनाई hi नहीं दे रहा है.... वो तो बस उसकी औरत की तरफ बढ़ती जा रही है.....

जैसे जैसे रूही के कदम उस औरत की तरफ बढ़ रहे हैं.... कुछ उन्होने के एहसास के साथ प्रिंस के दिल की धड़कन तेज़ होती जा रही है.... प्रिंस फ़ौरन आगे बढ़ के रूही को रोकने की कोशिश करता है मगर जब तक वो रूही को रोक पाटा रूही उस औरत का हाथ पकड़ चुकी होती है.... ठीक तभी उस औरत की दर्दनाक चीख के से पूरा इलाका गूँज उठता है....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaggggghhhhh.....

उस औरत का जिस्म तेज़ी से झटके लेने लगता है.... कुछ झटकों के बाद वो और उसका जिस्म खामोश हो जाता है.... उसके जिस्म को देख ऐसा लग रहा है जैसे की उसमे से रूह निकल चुकी है.... वो औरत इस दुनिया को चोर के जा चुकी है.... भले hi उस औरत के चेहरे में प्रिंस को शैतानी चेहरा नज़र आता है मगर फिर भी जाने क्यों उसकी मौत को देख प्रिंस की आँखें नाम हो जाती हैं.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे ये औरत कोई गैर नहीं बल्कि उसकी अपनी hi है....

प्रिंस को समझ नहीं आ रहा है की आखिर उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है.... जिस औरत को वो जानता तक नहीं आखिर उसको मरते देख प्रिंस को तकलीफ क्यों हो रही है....? और सब से बड़ी बात तो ये की उस औरत के चेहरे में उसे शैतानी चेहरा क्यों नज़र आ रहा था....? आखिर इस सब की वजह क्या है....? अभी प्रिंस ये सोच hi रहा था की तभी वहां का माहौल बदलने लगा.... तेज़ हवा चलने लगी.... चारो तरफ से खौफनाक आवाज़ें आने लगी....

ये देख प्रिंस रूही की तरफ बढ़ता है..... उसे दर है की कहीं रूही को कुछ हो न जाए..... वो आगे बढ़ के रूही को पकड़ के अपने पास लाने लगता है की तभी रूही का जिस्म तेज़ी से कांपने लगा.... जिसे देख प्रिंस घबरा गया.... वहां मौजूद प्रिंस के सिक्योरिटी गार्ड्स में से किसी को भी कुछ समझ नहीं आ रहा है की आखिर हो क्या रहा है....

प्रिंस : रूही क्या हुआ तुम्हे.....

रूही खामोश कड़ी बस घुर्रा रही है....

रूही : गररररररररर....

प्रिंस रूही को हिला के एक बार फिर से उस से वही कहता है.... मगर रूही है की खामोश कड़ी बस गुर्रा रही है.... प्रिंस आगे बढ़ के रूही को कास के अपने सीने से लगा लेता है....

ठीक तभी प्रिंस के मुँह से दर्दभरी चीख निकल जाती है....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaggggghhhhh....

साथ hi उसके सीने से खून बहने लगता है.... वहीँ रूही ज़ोर ज़ोर से शैतानी हंसी हसने लगती है....

हहहहहहह......

उसके हाथ प्रिंस के खून से साणे हुए हैं.... और प्रिंस के सीने में खंजर नुमा चीज़ घुसी हुई है....

प्रिंस दर्द से तड़प रहा है.... जिसे देख रूही हंस रही है....

प्रिंस की हालत देख उसके सिक्योरिटी गॉर्डस गुस्से में आ जाते हैं.... वो रूही के ऊपर गन तान देते हैं.... इस से पहले की प्रिंस उन्हें रोक पाटा उनमे से एक रूही के ऊपर गोली चला देता है.....

एक बार फिर से वहां की फ़िज़ा में दर्दनाक चीक गूँज उठती है....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaggggghhhhh.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 72

उसके हाथ प्रिंस के खून से साणे हुए हैं.... और प्रिंस के सीने में खंजर नुमा चीज़ घुसी हुई है....

प्रिंस दर्द से तड़प रहा है.... जिसे देख रूही हंस रही है....

प्रिंस की हालत देख उसके सिक्योरिटी गॉर्डस गुस्से में आ जाते हैं.... वो रूही के ऊपर गन तान देते हैं.... इस से पहले की प्रिंस उन्हें रोक पाटा उनमे से एक रूही के ऊपर गोली चला देता है.....

एक बार फिर से वहां की फ़िज़ा में दर्दनाक चीक गूँज उठती है....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaggggghhhhh.....??????

अब आगे.....

गोली चलते hi प्रिंस देख लेता है और फ़ौरन रूही को हटाता है मगर खुद को नहीं हटा पाटा..... गोली रूही के कंधे को रगड़ते हुए प्रिंस के सीने में घुस जाती है.... दर्द के मारे प्रिंस की चीख फ़िज़ा में गूँज उठती है....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaggggghhhhh....

प्रिंस की हालत देख के एक तरफ रूही की आँखों में आंसू आ जाते हैं तो वहीँ दूसरी तरफ उसके चेहरे पे शैतानी हंसी उभर जाती है.... वो शैतानी हंसी हस्ती हुई प्रिंस की तरफ बढ़ती है और उसके सीने में से वो खंजर नुमा चीज़ को और भी अंडर घुसा देती है.... दर्द के मारे प्रिंस बुरी तरह से तड़प जाता है.... खंजर के निकलते hi अचानक से वहां का माहौल बदलने लगता है.... आसमान में काले बादल छाने लगते हैं.... तेज़ हवाएं चलने लगती हैं.... प्रिंस का जिस्म बुरी तरह से कामनपे लगता है.... उसके जिस्म का रंग बदलने लगता है.... रूही के ने जो खंजर घुसाया था उसमे नीले रंग का धूवा निकल के प्रिंस के जिस्म के चारो तरफ घूमने लगता है और धीरे धीरे वो प्रिंस के जिस्म में जाने लगता है.... और देखते hi देखते प्रिंस का पूरा जिस्म नीला हो जाता है.... उसके जिस्म में बेइन्तेहाँ दर्द होने लगता है.... दर्द के मारे प्रिंस बुरी तरह से चीखने लगता है....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaggggghhhhh.....

सामने का मंज़र देख के वहां मौजूद प्रिंस के सिक्योरिटी गार्ड्स की हालत खराब हो जाती है... वो सब दर से कांपने लगते हैं.... उन्हें समझ नहीं आ रहा है की आखिर ये सब क्या और क्यों हो रहा है....? उनमे से एक फ़ौरन ज़रा को कॉल करके सब बता देता है....

प्रिंस के बारे में जान के ज़रा की तो जैसे सांस hi रुक जाती है.... मोबाइल उसके हाथ से छूट के नीचे गिर जाता है और वो प्रिंस का नाम ले के ज़ोर से चीखती है.... घर में मौजूद सभी बुरी तरह से चौंक जाते हैं....

रहना : क्या हुआ ज़रा.....? क्या हुआ प्रिंस को....? बताओ मुझे....

ज़रा को तो जैसे होश hi नहीं वो बस सदमे में है..... उसे कुछ न कहते देख रहना उसे हिला के एक बार फिर से पूछती है.... रहना के हिलने से ज़रा को होश आता है....

ज़रा : W....Wo... Ru...Ruhi... ने प्रिंस को चाकू मार दिया....

ये कह के वो प्रिंस का नाम ले के चीखती हुई बहार की तरफ भागती है....

ज़रा की बात सुन के वहां मजूद सभी के होश उड़द जाते हैं.... पारी की तो जैसे जान hi निकल जाती है.... वो फ़ौरन अपनी पावर्स के ज़रिये प्रिंस के पास पहुँच जाती है....

ज़रा के पीछे पीछे बाकी सब भी बहार की तरफ भागते हैं ...

इधर प्रिंस का जिस्म धीरे धीरे हवा में ऊपर उठने लगता है.... उसके जिस्म में काफी बदलाव आने लगते हैं.... उसका जिस्म काफी मज़बूत होने लगता है साथ hi उसके बार थोड़े और लम्बे हो जाते हैं.... उसकी नीली आँखों का रंग और भी गहरा हो जाता है.... प्रिंस अपना सर दोनों हाथों से पकड़ के ज़ोर से चीखता है.... अचानक से वो ज़मीन पे गिरता है और बेहोश हो जाता है....

धीरे धीरे प्रिंस के जिस्म का कलर वापिस नार्मल हो जाता है.... मगर उसके जिस्म में कोई हरकत नहीं है.... बस कुछ है तो वो ये की उसके सीने से खून निकल रहा है जहाँ वो खंजर घुसा था और जहाँ गोली लगी थी....

प्रिंस की ऐसी हालत देख के पारी की जैसे जान hi निकल जाती है.... उसे रूही पे बेहद गुस्सा आने लगता है.... उसकी आँखों से अंगारे निकलने लगते हैं.... पारी को गुस्सा आते hi एक बार फिर से वहां का माहौल बदलने लगता है..... आसमान में काले बादल छाने लगते हैं.... बिजलियाँ कड़कने लगती है.... अचानक से ऐसे माहौल को देख एक बार फिर से दर के मारे सब की हालत खराब हो जाती है.... इस से पहले की पारी गुस्से में रूही पे हुम्ला करती.... रूही का जिस्म तेज़ी से झाट्ने लेने लगता है और उसमे से काले रंग का धूंवा निकल के वहां से गायब हो जाता है... और रूही नीचे गिर के बेहोश हो जाती है..... पारी अपने हाथ को ऊपर उठा के हवा में घूमने लगती है.... उसके हाथ के इर्द गिर्द एक लाल रंग का गोल बन ने लगता है.... वो धीरे धीरे बड़ा होने लगता है.... पारी उसे रूही पे मारने hi वाली होती है की तभी..... बेगम साहिबा वहां आ जाती है और उसे ऐसा करने से रोकती है.... मगर पारी है की उनकी कोई भी बात सुन ने को तैयार hi नहीं....

बेगम साहिबा : पारी ये तू क्या कर रही है....? पागल तो नहीं हो गयी....

पारी : हाँ पागल हो गयी हूँ मैं.... इसकी हिम्मत कैसे हुई मेरी जान पे जान लेवा हुम्ला करने की.... आज मैं इसे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी.....

बेगम साहिबा : नहीं तू गलत समझ रही है.... ये इसने नहीं किया.... बल्कि इस के जिस्म में घुस के शैतान ने किया है.... इस में इसकी कोई गलती नहीं है....

पारी : वो मैं नहीं जानती मैं बस इतना जानती हूँ की इसने मेरे प्रिंस को मारने की कोशिश की है उसकी सजा इसे ज़रूर मिलेगी.....

बेगम साहिबा : हाँ सही कहा तू ने सजा मिलेगी.... ज़रूर मिलेगी.... मगर इस मासूम रूही को नहीं बल्कि उन शैतानो को.... जिन्होंने ये सब किया है.... और वो सजा उन्हें प्रिंस खुद देगा.... इस वक़्त हमारे लिए सब से ज़्यादा ज़रूरी सिर्फ प्रिंस है.... देख उसे उसके जिस्म से कितना खून निकल रहा है उसे रोकना बेहद ज़रूरी है कहीं ऐसा न हो की देर हो जाए और....

पारी : नहीं जब तक मैं ज़िंदा हूँ मेरे प्रिंस को कुछ नहीं हो सकता....

पारी आगे बढ़ के प्रिंस को चुना चाहती है मगर छू नहीं पाती.... वो अपनी पावर्स से उसके जिस्म से बहते खून को रोकना चाहती है मगर खून रुकने के बजाये और भी तेज़ी से निकलने लगता है.... इस बात से उसके साथ साथ बेगम साहिबा को भी बड़ी हैरानी होती है.... दोनों में से किसी के भी पावर्स प्रिंस के जिस्म पे काम नहीं कर रहे हैं..... हर गुज़रते पल के साथ प्रिंस मौत की तरफ बढ़ता जा रहा है....

ठीक तभी वहां ज़रा के साथ साथ बाकी सब आ जाते हैं.... और फ़ौरन प्रिंस को उठा के हॉस्पिटल की तरफ निकल जाते हैं.....

डॉ प्रिंस के जिस्म से गोली निकाल देते है मगर प्रिंस के जिस्म से निकल रहे खून को नहीं रोक पा रहे हैं.... एक तरफ प्रिंस के जिस्म में खून चढ़ाया जा रहा है तो दूसरी तरफ उसके ज़ख्मों से खून बह रहा है.... उन्हें समझ नहीं आ रहा है की आखिर प्रिंस के जिस्म से खून निकलना क्यों नहीं बंद हो रहा है.... वो हर कोशिश कर के थक चुके हैं.... वो हार के बाहर आते हैं....

बहार सब बेहद दुखी और परेशान बने हुए हैं.... सब की आँखों से आंसू बह रहे हैं.... सब प्रिंस के ठीक होने की दुआ कर रहे हैं....

डॉ के बाहर आते hi....

मैक्स : डॉ अब प्रिंस कैसा है....?

डॉ : हम ने गोली निकाल दी है और ज़ख्मों का का इलाज भी कर दिया है मगर....

मैक्स : मगर क्या डॉ....?

डॉ : मगर जाने क्यों उनके जिस्म से खून निकलना बंद नहीं हो रहा है.... अगर जल्द hi वो बंद न हुआ तो उनकी जान भी जा सकती है....

अभी डॉ ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

ज़रा डॉ का गिरबान पकड़ के बेहद गुस्से में कहती है....

ज़रा : कुछ नहीं होगा मेरे प्रिंस को.... सुना तू ने कुछ नहीं होगा उसे.... जब तक मैं ज़िंदा हूँ उसे कुछ नहीं होने दूंगी.....

डॉ : हम भी यही चाहते हैं की वो ठीक हो जाए.... मगर हम मजबूर हैं... हम छह के भी उनके जिस्म से निकल रहे खून को नहीं रोक पा रहे हैं.... वो तब तक नहीं बच सकते जब तक उसके जिस्म से खून निकलना बंद नहीं हो जाता.... और वो तभी होगा जब उनके सीने का वो अजीब सा ज़ख्म भरेगा....

मैक्स : अजीब सा ज़ख्म मतलब....?

डॉ : वो क्या है पता नहीं.... शायद एक तरह का ज़हर है.... जो काफी मात्रा में उन्हें दिया गया है.... उसी की वजह से उनका खून नहीं रुक रहा है.... मगर मुझे इस बात की हैरत है की वो अभी तक ज़िंदा कैसे है..... उन्हें तो अभी तक मर....

अभी डॉ ने इतना hi कहा था की तभी एक नहीं बल्कि दो झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ते हैं...

Chataaaaaaaaaaaaaak.... Chataaaaaaaaaaaaaak.....

ज़रा और सैर : तेरी हिम्मत कैसे हुई प्रिंस के मरने की बात करने की....?

मैक्स बड़ी मुश्किल से उन्हें रोकता है....

मैक्स : अरे यार तुम दोनों पागल तो नहीं हो गयी... ये क्या कर रही हो.... बिना मतलब के डॉ को मारे जा रही हो.... पहले सुन तो लो की वो कहना क्या चाहता है....

ज़रा : अगर इस कमीने ने एक और गलत लफ्ज़ प्रिंस के लिए निकला तो समझ लेना की फिर इसे मरने से कोई नहीं बचा पायेगा....

मैक्स : जितना गुस्सा इस वक़्त तुम दोनों को आ रहा है उतना hi हम सब को भी आ रहा है..... मगर इस वक़्त हम सब के गुस्से से ज़्यादा ज़रूरी प्रिंस की जान बचाना है.... चाहे जो हो जाए हम को कुछ भी कर के प्रिंस को बचाना है....

ज़रा रट हुए : मैं भी तो वही चाहती हूँ.... मगर प्रिंस....

मैक्स : कुछ नहीं होगा उसे.... यकीन करो.... मेरा यार एक शेर है.... और शेर को इन मामूली ज़हर से कुछ नहीं हो सकता.... देखना वो जल्द hi ठीक हो के बहार आएगा और फिर हम सब उसके ठीक होने का जश्न उसके साथ मनाएंगे.... फिलहाल सम्भालो खुद को... इस वक़्त उसे हमारे साथ की सब से ज़्यादा ज़रुरत है....

मैक्स की बात सुन के ज़रा और सैर का गुस्सा थोड़ा नरम पद जाता है मगर उनकी आँखों से आंसू बहना बंद नहीं हो रहे हैं..... बाकी सब का भी ऐसा hi हाल है....

पारी और बेगम साहिबा भी बेहद दुखी हैं... पारी की तो जैसे जान hi निकली जा रही hai.....uski ाँहों से hi नहीं दिल से भी खून के आंसू निकल रहे हैं.... बहार का मौसम भी बेहद गमगीन है.... आसमान में काले बादल छाए हुए हैं... और तेज़ बिजलियों के कड़कने के साथ साथ तेज़ बारिश भी हो रही है... ऐसा लग रहा है जैसे की प्रिंस की हालत देख के आसमान भी रो रहा है.....

मैक्स : डॉ आप क्या कह रहे थे उस ज़हर के बारे में.....?

डॉ अपने दोनों गालों को सहलाते हुए.... जिसपे ज़रा और सैर की पांचो उँगलियों के निशाँ छपे हुए हैं..... डरते डरते कहता है....

डॉ : W....W....Wo... प्रिंस के सीने में किसीने दुनिया का सब से खतरनाक ज़हर से भरा हुआ खंजर मारा है.... वो ज़हर जिसके सिर्फ चुने से इंसान की मौत हो सकती है वो ज़हर इस वक़्त प्रिंस के जिस्म में काफी मात्रा में मौजूद है.... वो उसके राग राग में समां चूका है.... उस ज़हर के साथ साथ उसके जिस्म में और भी कुछ है जो बेहद अजीब सा है.... कुछ करंट सा.... नीले रंग का करंट.... जो उसके पूरे जिस्म में उसके खून के साथ दौर रहा है....

मैक्स : ये आप क्या कह रहे हैं....?

डॉ : वो जो सच है.... ऐसा सच जिसपे यकीन करना नामुमकिन है.... मुझे इस बात से भारत है की वो अभी तक जिन....

ये कह के डॉ खामोश हो जाता है दर के मारे वो आगे कुछ कह hi नहीं पाटा है....

मैक्स : तो आप यहाँ क्या कर रहे हैं....? उसके जिस्म से उस ज़हर को निकाल क्यों नहीं रहे.....

डॉ : उसे निकालना नामुमकिन है.... क्यों की वो ज़हर प्रिंस के राग राग में फैल चूका है.... हमने उसे एंटीडोट दिया hai....magar वो भी काम नहीं कर रहा है.... अब बस इंतज़ार है की कोई चमत्कार हो जाए और उसकी जान बच जाए....

मैक्स : डॉ ये आप क्या कह रहे हैं....?

डॉ : वो hi जो सच है..... उसके पास अब ज़्यादा वक़्त नहीं बचा है.... अगर अगले 1 घंटे में उसके जिस्म का खून निकलना बंद नहीं हुआ और उस एंटीडोट ने काम नहीं किया तो....

अभी डॉ ने इतना hi कहा था की तभी ज़रा गुस्से में उसे मारने के लिए आगे आती है.... इस से पहले की वो उसे मारती डॉ वहां से भाग जाता है.... सब फ़ौरन िक की तरफ जाते हैं..... प्रिंस की हालत देख सब रो रहे हैं.... पारी की हालत भी बेहद खराब बानी हुई है.... वो भी पागलों की तरह रो रही है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर प्रिंस को बचाये तो बचाये कैसे.....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 73

मैक्स : डॉ ये आप क्या कह रहे हैं....?

डॉ : वो hi जो सच है..... उसके पास अब ज़्यादा वक़्त नहीं बचा है.... अगर अगले 1 घंटे में उसके जिस्म का खून निकलना बंद नहीं हुआ और उस एंटीडोट ने काम नहीं किया तो....

अभी डॉ ने इतना hi कहा था की तभी ज़रा गुस्से में उसे मारने के लिए आगे आती है.... इस से पहले की वो उसे मारती डॉ वहां से भाग जाता है.... सब फ़ौरन िक की तरफ जाते हैं..... प्रिंस की हालत देख सब रो रहे हैं.... पारी की हालत भी बेहद खराब बानी हुई है.... वो भी पागलों की तरह रो रही है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर प्रिंस को बचाये तो बचाये कैसे.....?????

अब आगे.....

इधर शैतान लोक में अघुरा बड़ी बेसब्री से किसी के आने का इंतज़ार कर रहा है..... तभी किसी की आहात से वो फ़ौरन उठ के खड़ा हो जाता है और आगे बढ़ के उसके करीब जा के पूछता है....

अघुरा : बोलो काय क्या खबर लायी हो मेरे सबसे बड़े दुश्मन की....

काय बेहद दरी हुई अघुरा के सामने कड़ी है.... दर से उसकी जुबां बंद है.... उसके मुँह से अलफ़ाज़ नहीं निकल रहे....

अघुरा : काय बताओ मुझे वहां क्या हुआ....?

काय : वो... वो.... वहाआआआआ....

अघुरा : आखिर वहां ऐसा हुआ क्या जो तुम इस तरह दरी हुई हो.....? बताओ जल्दी इस से पहले की मैं तुम्हारी जान निकाल लून.... बताओ मुझे जिस काम के लिए मैंने तुम्हे वहां भेजा था वो हुआ की नहीं.....?

इस से पहले की काय आगे कुछ कह पाती रेहबा उसपे अपनी पूरी ताक़त से वार करती है..... जिसे काय उड़ के दूर जा गिरती है... उसके जिस्म से खून निकलने लगता है.... रेहबा बेहद गुस्से में अपनी जादुई तलवार निकालती है और आगे बढ़ के काय को जान से मारने hi वाली होती है की तभी अघुरा उसे ऐसा करने से रोक लेता है.....

अघुरा : ये क्या कर रही हो रेहबा तुम....?

रेहबा : इसे इसके किये की सजा दे रही हूँ.... इस की हिम्मत कैसे हुई प्रिंस पे हुम्ला करने की....?

अघुरा : इसे ऐसा करने के लिए मैंने कहा था....

रेहबा : आपने मगर क्यों....? आपको पता है न की अगर इस वक़्त वो मर गया तो उसकी पावर्स हम को नहीं मिलेगी.... जिसे पा के हम पूरे ब्रह्माण्ड पे राज कर सकते हैं.... फिर भी आपने उसपे हुम्ला करवाया... क्यूँउउउउउउनंनं....?

अघुरा : उसपे हुम्ला हमने इसलिए नहीं किया था ताकि उसे मार सके बल्कि इस लिए किया था ताकि पता चल सके की उसके जिस्म में पावर्स है की नहीं....

रेहबा : तो क्या पता चला....?

अघुरा : वो तो काय hi बताएगी....

काय : उसके जिस्म में अभी उसकी पावर्स नहीं हैं.... मगर....

रेहबा : मगर क्या.....?

काय : मगर ये की बिना पावर्स के भी वो बेहद पावरफुल है.... जो खंजर मैंने उसके सीने में मारा था.... उसके छूटे hi किसी भी आम इंसान की मौत हो जाती.... मगर उसके साथ ऐसा नहीं हुआ.... मरने के बजाये उसने.... उस खंजर का पूरा ज़हर अपने जिस्म में खींच लिया साथ hi मेरी पावर्स भी.... वो तो अच्छा हुआ की मैं सही वक़्त पे वहां से भाग आयी वर्ण वो मेरी पूरी पावर्स को मुझसे चीन के मुझे मार चूका होता....

काय की बात सुन के रेहबा को बड़ी हैरानी होती है....

रेहबा : बिना पावर्स के ये कैसे मुमकिन है.... की कोई आम इंसान तुम्हे दुनिया की सबसे पावरफुल जिन की पावर्स को उस से चीन सके....? यहाँ तक की उस जादुई विष भरे खंजर के वार से बच सके....?

अघुरा : ये ज़रूर उस बंगारू का किया धरा है.... ये ज़रूर उसी की पावर्स की वजह से हुआ है.... मेरे और प्रिंस के बाद एक वो hi है जो किसी जिन पे और उसकी पावर्स पे काबू कर सकता है.... प्रिंस के जिस्म में मौजूद बंगारू के पावर्स ने ये किया है..... उसी की पावर्स की वजह से प्रिंस के जिस्म ने काय की पावर्स को अपने जिस्म में खींच लिया..... देखो काय को.... कैसे इसके जिस्म का नीला रंग बदल के गुलाबी हो गया है.... उसने काय की नीलम पावर्स को पूरा खींच लिया है.....

रेहबा बेहद गुस्से में : ये क्या किया बाबा आपने....? इस से तो प्रिंस से और भी ज़्यादा पावरफुल हो जाएगा.... पहले hi क्या उसकी पावर्स को ले के काम परेशान हैं जो आपने उसके पास काय को भेज के उसे इस नीलम पावर्स को भी उसे दे दिया..... ये आप कैसी दुश्मनी निभा रहे हैं... मेरी समझ नहीं आ रहा.... पहली बार देख रही हूँ किसी शैतान को अपने दुश्मन की मदत करते हुए.....

अघुरा : गुस्सा तो मुझे भी आ रहा है मगर उसकी पावर्स को पाने के लिए हम को ये करना बेहद ज़रूरी था.... कभी कभी कुछ बड़ा पाने के लिए कुछ छोटी चीज़ों का बलिदान देना बेहद ज़रूरी होता है.... और यहाँ तो बात है पूरे ब्रह्माण्ड पे राज करने की.... जो सिर्फ उस कमीने प्रिंस की पावर्स को हासिल करके hi किया जा सकता है.....

रेहबा : आप क्या कह रहे हैं मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है.....

रेहबा की बात सुन के अघुरा शैतानी हंसी हस्ते हुए कहता है....

अघुरा : हहहहहहहह..... जल्द hi सब समझ आ जाएगा....

रेहबा : अब हम क्या करें....?

अघुरा : अब हम को इंतज़ार करना होगा उस पल का जब तक प्रिंस अपनी पावर्स को हासिल नहीं कर लेता.... तब तक हम कुछ नहीं कर सकते.... उसकी पावर्स के बिना हम ब्रह्माण्ड पे राज नहीं कर सकते....

रेहबा : हाँ मगर प्रिंस को उसकी पावर्स मिलने के बाद भी तो उसे हरा के उसकी पावर्स को हासिल करना नामुमकिन hi है.....

अघुरा : सही कहा तुमने.... प्रिंस को हराना और उसकी पावर्स को हासिल करना इस पूरे ब्रह्माण्ड में किसी के लिए भी मुमकिन नहीं मगर.... दो रास्ते हैं जिसके ज़रिये प्रिंस की पावर्स को हासिल किया जा सकता है जो तुम जानती हो....

रेहबा : आप का कहना ठीक है मगर फिर भी आप जो कह रहे हैं वो भी आसान नहीं है.... पिछले चार बार भी जैसे आपने सोचा वो नहीं हुआ.... न hi कभी कोई शैतान की बेटी प्रिंस के साथ सेक्स करके उसके बेटे को जनम दे सकीय जो प्रिंस को मार सके क्यों की प्रिंस की पावर्स ने हमेशा hi उसे ऐसा करने से रोका है और न hi कभी उसके प्यार ने उसे धोका दिया है..... प्रिंस जब भी मारा है अपने प्यार की खातिर hi मारा है.... अपने प्यार को बचने के लिए hi हर बार उसने अपनी जान की क़ुर्बानी दी है....

इस से पहले की अघुरा कुछ कहता त्रिकाल बीच में बोलता है....

त्रिकाल : हाँ जो तुम कह रही हो वो पहले मुमकिन नहीं था मगर अब वो मुमकिन हो सकता है.... क्यों की पिछले चार बार तुम नहीं थी.... तुम वो हो जो इसे मुमकिन कर सकती हो....

रेहबा : मैं....!!!!! मगर कैसे....?

त्रिकाल : वो मैं तुम्हे वक़्त आने पे बताऊंगा.... फिलहाल तुम्हे प्रिंस की हर हरकत पे नज़र रखना है.... एक साये की तरह उसका पीछे करना है.... मगर हाँ उस से दूर रह के.... गलती से भी उसके करीब नहीं जाना वर्ण अंजाम बेहद खौफनाक होगा... और वक़्त से पहले hi सब बर्बाद हो जाएगा..... साथ hi ब्रह्माण्ड पे राज करने का सपना सपना hi बन के रह जाएगा....

इधर हर गुज़रते पल के साथ प्रिंस मौत की तरफ बढ़ रहा है.... वहां उसकी ऐसी हालत देख के सब का रो रो के बुरा हाल बना हुआ है.... वो छह के भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं.... पारी की हालत भी बेहद खराब बानी हुई है.... वो भी पागलों की तरह रो रही है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर प्रिंस को बचाये तो बचाये कैसे.....?

तभी अचानक वहां बंगारू बाबा आ जाते हैं..... प्रिंस की हालत देख के उनकी भी आँखों से आंसू चालक जाते हैं.... उनका दिल भी तड़प जाता है.... बाबा को देख पारी फ़ौरन उनके पास जाती है और उन्हें प्रिंस को ठीक करने को कहती है.... मगर बाबा इस बात के लिए मन कर देते हैं..... बाबा के मुँह से न सुन के पारी को एक बड़ा झटका सा लगता है.....

बंगारू : मैं प्रिंस की जान बचा सकता हूँ मगर बचाऊंगा नहीं....

पारी : ये आप कह रहे हैं....!!!!! जो प्रिंस आप को बेटे से भी ज़्यादा अज़ीज़ है आप उसकी जान बचने से मन कर रहे हैं.....!!!!

बंगारू : हाँ मैं मन कर रहा हूँ.... क्यों की उसे बचा के मैं उसे मौत के मुँह में जाते हुए नहीं देख सकता....

पारी : ये आप क्या कह रहे हैं.... मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है....

बंगारू : प्रिंस के जिस्म में इस वक़्त नील ज़हर के साथ साथ इस दुनिया की सब से पावरफुल जिन के नीलम पावर्स भी समां गए हैं.... उन नीलम पावर्स की वजह से नील ज़हर को प्रिंस के जिस्म से निकाला नहीं जा सकता है बस उसके असर को ख़तम किया जा सकता है.... जिस से वो उसके जिस्म को कोई नुक्सान न पहुंचा सके.... मगर....

पारी : मगर क्या....?

बंगारू : मगर ये की वो सिर्फ तुम्हारे अंडर जो प्रिंस की पावर्स है उसके ज़रिये hi हो सकता है.... और ऐसे करते वक़्त उस नील ज़हर का असर तुम्हारे जिस्म में होने लगेगा.... तुम्हारे दिल में जो प्रिंस के लिए लिए जो बेशुमार प्यार है वो उस नील ज़हर की वजह से धीरे धीरे नफरत में बदलने लगेगा..... प्रिंस को तुम अपना दुश्मन समझने लगोगी.... धीरे धीरे उस नील ज़हर का असर इतना बढ़ जाएगा की काली अमावस्या की भयानक रात को तुम उसे जान से मारने को मजबूर हो जाओगी......

बंगारू बाबा की बात सुन के पारी के होश उड़द जाते हैं..... उसकी आखों से आंसू और भी तेज़ी से बहने लगते हैं.... उसे समझ नहीं आ रहा है की क्या करे....? कैसे प्रिंस की जान बचाये....? हर गुज़रते पल के साथ प्रिंस मौत के मुँह में जा रहा है.... ये उस से देखा नहीं जा रहा..... अपनी जान को वो यूँ मरते हुए नहीं देख पा रही है.... वो बाबा के पैरों में गिर जाती और प्रिंस की जान बचने की दुहाई देने लगती है....

पारी : ये आप क्या कह रहे हैं बाबा....?

बंगारू : वो hi जो सच है.... इसे कोई नहीं बदल सकता.....

पारी : इसके अलावा कोई तो रास्ता होगा प्रिंस की जान बचने का.....?

बंगारू : नहीं यही एक रास्ता है प्रिंस को मौत के मुँह से बहार निकालने का.... मगर इस से वो एक मौत के मुँह से निकल के दूसरे मौत के मुँह में चला जाएगा....

पारी : बाबा कुछ भी कर के मेरे प्रिंस को बचा लीजिये.... मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ... आपके पेअर पड़ती हूँ.... प्लीज मेरे प्रिंस को बचा लीजिये.... उसके बिना मैं ज़िंदा नहीं रह सकती.... प्लीज उसे बचा लीजिये.....

बंगारू : मैं उसे बचा तो लूंगा मगर फिर भी वो मौत की तरफ hi जाने लगेगा.... उसकी जान और कोई नहीं बल्कि उसकी hi जान..... उसकी प्रेमिका लेगी.... पावर्स के ज़रिये उसकी जान तो बच जायेगी मगर उसकी जान के और कुछ दुश्मन बढ़ जाएंगे.... तुम और तुम्हारे साथ साथ और तीन ( 1. पारी 2. रूही 3. अवनि और 4. वो जिसके सीने में तुम्हारा दिल धड़क रहा है) धीरे धीरे उसकी जान के दुश्मन हो जाएंगे....

पारी : वो मैं नहीं जानती.... मैं बस इतना जानती हूँ की इस वक़्त प्रिंस की जान बचाना बेहद ज़रूरी है.... बाद में जो होगा उसे बाद में देखेंगे.... फिलहाल आप जल्द से जल्द मेरी जान मेरे प्यार की जान बचाइए.... प्लीज उसकी जान बचाइए..... इस से पहले की कुछ अनहोनी हो जाए.... मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ.... प्लीसीईईई....

पारी की बात सुन के और मौके की नज़ाकत को महसूस करके बाबा का दिल भी तड़प जाता है.... वो भी प्रिंस को मौत के मुँह में जाते हुए नहीं देख पा रहे हैं..... प्रिंस को बचने के लिए मजबूरन वो वो कर जाते हैं जो वो नहीं करना चाहते.....

बाबा अपनी आँखें बंद करके कुछ पढ़ते हैं फिर अपना हाथ पारी की तरफ करते हैं.... उनके हाथों से सफ़ेद रंग की रौशनी निकल के पारी के जिस्म में जाने लगती है.... पारी का जिस्म एक ज़ोर का झटका लेता है और उसके जिस्म से गुलाबी रंग की रौशनी निकल के प्रिंस के जिस्म में जाने लगती है..... धीरे धीरे प्रिंस के जिस्म का रंग नीले से गुलाबी होने लगता है.... और साथ hi उसके जिस्म से नीले रंग का धूंवा निकल के एक जगह जमा होने लगता है.... जब तक प्रिंस का जिस्म पूरी तरह से नीले से गुलाबी नहीं हो जाता बाबा पारी के ज़रिये प्रिंस के जिस्म में अपनी पावर्स को भी पहुँचाने लगते हैं ....

देखते hi देखते प्रिंस का पूरा जिस्म नीले से गुलाबी हो जाता है.... प्रिंस के सीने से खंजर और नील ज़हर से बना घाव भरने लगता है.... बाबा की बहुत सी पावर्स पारी के जिस्म से होते हुए प्रिंस के जिस्म में समां जाती है.... उसके घाव धीरे धीरे भरने लगते हैं और घाव से बेहटा खून भी रुकने लगता है..... साथ hi उसके जिस्म से नीला धूंवा पूरी तरह से निकल के एक जगह जमा हो जाता है.... वो तेज़ी से घूमने लगता है घुमते घुमते वो हलके नीले से गहरे नीले रंग में बदल जाता है.... फिर अचानक से वो 4 हिस्सों में बात जाता है.... एक हिस्सा पारी के जिस्म में और बाकी तीन हिस्सा बाकी तीनो के जिस्म में जाने की लिए वहां से निकल जाता है.... पारी के जिस्म में उस नीले धुँवे के जाते hi पारी का जिस्म तेज़ी से झटके लेने लगता है.... कुछ देर ऐसा hi चलता है फिर पारी का जिस्म शांत हो जाता है....
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 74

देखते hi देखते प्रिंस का पूरा जिस्म नीले से गुलाबी हो जाता है.... प्रिंस के सीने से खंजर और नील ज़हर से बना घाव भरने लगता है.... बाबा की बहुत सी पावर्स पारी के जिस्म से होते हुए प्रिंस के जिस्म में समां जाती है.... उसके घाव धीरे धीरे भरने लगते हैं और घाव से बेहटा खून भी रुकने लगता है..... साथ hi उसके जिस्म से नीला धूंवा पूरी तरह से निकल के एक जगह जमा हो जाता है.... वो तेज़ी से घूमने लगता है घुमते घुमते वो हलके नीले से गहरे नीले रंग में बदल जाता है.... फिर अचानक से वो 4 हिस्सों में बात जाता है.... एक हिस्सा पारी के जिस्म में और बाकी तीन हिस्सा बाकी तीनो के जिस्म में जाने की लिए वहां से निकल जाता है.... पारी के जिस्म में उस नीले धुँवे के जाते hi पारी का जिस्म तेज़ी से झटके लेने लगता है.... कुछ देर ऐसा hi चलता है फिर पारी का जिस्म शांत हो जाता है....

अब आगे.....

पारी का जिस्म उस पावर्स को और प्रिंस के जिस्म से निकले नील ज़हर के धुँवे को सेह नहीं पाटा जिस से पारी बेहोश हो के एक तरफ गिर जाती है.... बाबा फ़ौरन आगे बढ़ के उसे संभालते हैं और उसे अपने साथ ले के गुलिस्तां आ जाते हैं....

गुलिस्तां में बाबा के हाथ में पारी को बेहोश अवस्था में देख सब चौंक जाते हैं.... बेगम साहिबा और शलाका फ़ौरन दौरति हुई वहां आती हैं....

बेगम साहिबा : क्या हुआ मेरी बेटी को....?

बाबा : ये बेहोश हो गयी है....

बेगम साहिबा : ये बेहोश कैसे हो गयी.....? कहीं उन शैतानो ने तो नहीं कुछ कर दिया इसे....?

बाबा : शैतान तो क्या इस पूरे ब्रह्माण्ड में ऐसा कोई नहीं जो पारी के जिस्म पे एक खरोच भी ला सके.... जब तक प्रिंस की पावर्स पारी के जिस्म में हैं उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.... ये सिर्फ बेहोश हुई है....

बेगम साहिबा : बेहोश....!!!! मगर कैसे.... और क्यों....?

बाबा उन्हें धरती पे हुई पूरी बात बता देते हैं....

बाबा : "...................." और फिर मैं इसे यहाँ ले आया....

बेगम साहिबा : Kyaaaaaaaaaaa....? इसका मतलब की शैतानो को प्रिंस के बारे में पता चल गया है.... और वो उसपे हुम्ला भी करने लगे हैं.....

बाबा : हाँ ये सच है की शैतानो को प्रिंस का पता चल चूका है.... मगर ये भी उतना hi सच है की उन्होंने प्रिंस पे हुम्ला उसे जान से मारने की नीयत से नहीं किया था.... बल्कि वो ये देखना चाहते थे की प्रिंस के जिस्म में उसकी पावर्स लौटी की नहीं.... प्रिंस को उसकी पावर्स के बिना मारना उनके लिए मामूली सी बात है... मगर वो उसे नहीं मारेंगे.... वो उसपे तब तक हुम्ला नहीं करेंगे जब तक की प्रिंस को अपनी पूरी पावर्स मिल नहीं जाती.... तब तक वो बीच बीच में प्रिंस पे छोटा मोटा वार करके ये चेक करते रहेंगे की प्रिंस की पावर्स लौटी की नहीं.... मैंने प्रिंस को अपनी पावर्स दी है और साथ hi प्रिंस के जिस्म में इस वक़्त काय जिन की नीलम पावर्स भी हैं जिस की वजह से अब उसे शैतानो के हमले से कोई नुक्सान नहीं होगा.... वो अब और भी ज़्यादा ताक़तवर और आकर्षक हो गया है.... इस के साथ साथ उसके दिमाग और जिस्म पे और भी बहुत से असर हुए हैं.... नील ज़हर और नीलम Power's की वजह से उसके जिस्म में सेक्स की तीव्रता बहुत ज़्यादा बढ़ गयी है.... साथ hi अब से जब भी कोई लड़की या औरत उसे देखेगी... वो उसकी तरफ आकर्षित होने लगेगी.... और उसके जिस्म से लिपट के उस से सेक्स करना चाहेगी.... प्रिंस खुद को इस सब से रोकने की बेहद कोशिश करेगा मगर रोक नहीं पायेगा.... और वो सेक्स करने पे मजबूर हो जाएगा.... प्रिंस जैसे hi किसी के साथ सेक्स करेगा ठीक उसकी वक़्त पारी के दिल में उसके लिए नफरत और भी तेज़ हो जायेगी.... प्रिंस के लड़कियों और औरतों के साथ किये हर सम्भोग के साथ साथ साथ पारी के दिल और दिमाग में प्रिंस के लिए नफरत धीरे धीरे बढ़ती hi जायेगी और फिर एक दिन ऐसा आएगा की पारी प्रिंस के लिए अपने सच्चे प्यार को भूल के उस पे जान लेवा हुम्ला कर देगी.... पारी के उस हमले से प्रिंस का जिस्म hi नहीं बल्कि उसकी रूह भी ज़ख़्मी हो जायेगी.... प्रिंस बुरी तरह से टूट जाएगा.... प्रिंस पे जान लेवा हुम्ला करते hi पारी के जिस्म में जो प्रिंस की पावर्स हैं वो उसके जिस्म से निकल के प्रिंस के जिस्म में जाने लगेगी.... अपनी जान पारी द्वारा अपने पे जान लेवा हमले को प्रिंस का दिल बर्दाश्त नहीं कर पायेगा... और वो अपनी पावर्स के साथ साथ अपने जिस्म की भी क़ुर्बानी दे देगा.... मतलब वो सिर्फ अपनी पावर्स hi नहीं बल्कि अपनी ज़िन्दगी का भी त्याग कर के मौत को खुद अपने हाथों से गले लगा लेगा....

बाबा की बात सुनते hi बेगम साहिबा के साथ साथ शलाका का भी दिल रो देता है... उनकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

बेगम साहिबा : नहीं बाबा ऐसा मत कहिये.... प्लीज ऐसा मत कहिये.... अगर जो आपने कहा वो हुआ तो इस से प्रिंस और पारी के सच्चे प्यार का अपमान होगा.... फिर कभी कोई किसी को सच्चा प्यार नहीं कर पायेगा....

बाबा : मैं भी नहीं चाहता की ऐसा कुछ हो.... मगर जो होना है उसे बदला भी तो नहीं जा सकता....

बेगम साहिबा : भले hi उसे बदला न जा सकता हो.... मगर उसे होने से रोका तो जा सकता है.... कोई तो रास्ता होगा जिस से इसे रोका जा सके....

बाबा : हाँ एक रास्ता है... मगर उस रास्ते पे चलने पे भी प्रिंस पारी से दूर होता जाएगा.... वो सिर्फ पारी से hi नहीं दूर होता जाएगा बल्कि बाकी उन तीनो से भी दूर हो जाएगा जो पारी के साथ साथ उसकी जान हैं.... जो पारी का hi हिस्सा हैं.... अवनि.... रूही और वो जिसके जिस्म में पारी का दिल धड़क रहा है....

बेगम साहिबा : बाबा मुझे यकीन है की उन का सच्चा प्यार उन्हें प्रिंस से दूर नहीं होने देगा.... बस आप ये बताइये की पारी के दिल में प्रिंस के लिए नफरत को बढ़ने से रोकने का क्या उपाए है....? वो कौनसा रास्ता है जिसके ज़रिये हम उसे होने से रोक सके.... आखिर वो रास्ता क्या है....? बताये बाबा आपको प्रिंस की कसम बताइये....?

प्रिंस की कसम देते hi बंगारू बाबा एक नाम लेने पे मजबूर हो जाते हैं.... उनके मुँह से उस नाम को सुनते hi वहां मौजूद हर एक का दिल देहल जाता है.... यहाँ तक की पूरा गुलिस्तां हिल जाता है.... जैसे की वहां भूकंप का तेज़ झटका आया हो....

बाबा : "मलिका सुनहरी"

बेगम साहिबा के साथ साथ शलाका भी बेहद डरते हुए चीख उठती है....

बेगम साहिबा और शलाका : Kyaaaaaaaaaaaaaa....? क्या कहा आआआप ने.....?

बंगारू बाबा : "मलिका सुनहरी"

बेगम साहिबा : मगर ये कैसे मुमकिन है....? वो तो.....

इस से आगे बेगम साहिबा कुछ नहीं कह पाती.... उनके होंठ खामोश हो जाते हैं....

"मलिका सुनहरी" का नाम लेते hi एक बार फिर से वहां मौजूद सभी के साथ साथ पूरा गुलिस्तां भी एक बार फिर से बुरी तरह से कांप जाता है....

बाबा : आप क्या कहना चाहती हैं मैं जानता हूँ....? यही न की वो भी प्रिंस से नाराज़ है.... वो प्रिंस की मदत कभी नहीं करेगी.... एक बार के लिए वो प्रिंस की मदत करने को तैयार हो भी जाए.... मगर जैसे hi उसे पारी के बारे में पता चलेगा.... वो प्रिंस से और भी ज़्यादा नाराज़ हो जाएगा.....

बेगम साहिबा : माना की वो प्रिंस से नाराज़ है.... मगर उस से कई ज़्यादा वो उसे चाहती है.... प्रिंस जान है उसकी... और अपनी जान की मदत वो ज़रूर करेगी.... मुझे यकीन है की प्रिंस उसकी नाराज़गी दूर करके उसके प्यार को फिर से पा लेगा....

बाबा : हाँ मगर पारी के रहते ये कभी मुमकिन नहीं होगा.... जिस दिन तीनो आमने सामने आएंगे एक बार फिर से वो hi क़यामत आएगी जो सालो पहले आयी थी.... वक़्त एक बार फिर खुद को दोहराएगा....

बेगम साहिबा : बाद का बाद में देखेंगे.... फिलहाल हमारे लिए प्रिंस की जान बचने से बढ़ के और कुछ नहीं है.....

बाबा : आप जो कह रही हैं एक तरह से वो ठीक भी है.... मगर....

बेगम साहिबा : मगर क्या....?

बाबा : मगर ये की इस सब के लिए प्रिंस को वहां जाना होगा.... वहीँ जहाँ से ये कहानी शुरू हुई थी.... और वो जगह है.....

"सुल्तानगढ"

क्या राज़ है सुल्तानगढ का....?

ये "मलिका सुनहरी" कौन है....?

उसके और प्रिंस के बीच नाराज़गी क्यों है.....?

"मलिका सुनहरी" को पारी से इतनी नफरत क्यों है....?

क्या हुआ था जब तीनो " प्रिंस पारी और मलिका सुनहरी मिले थे....?

क्यों आयी थी क़यामत.....?

क्यों....????

इधर हॉस्पिटल में सब आँखों में आंसू और दिल में तड़प लिए प्रिंस की जान बचने के लिए ऊपर वाले से दुआ मांग रहे हैं.....

प्रिंस के जिस्म से खून निकलना बंद हो गया है और साथ hi उसकी हालत में भी सुधार आ रहा है ये देख डॉ फ़ौरन बहार आ के सब को बताने वाला होता है की तभी ज़रा को देख उसे उस झन्नाटेदार थप्पड़ की याद आ जाती है जो ज़रा ने उसे मारा था..... उसे याद करते hi दर के मारे डॉ पीछे हैट जाता है.....

वहीँ ज़रा उसके करीब जा के प्रिंस के बारे में पूछती है.... मगर दर के मारे डॉ के मुँह से अलफ़ाज़ नहीं निकल रहे.... डॉ को कुछ न कहते देख ज़रा एक बार फिर से उस से प्रिंस के बारे में पूछती है....

डॉ : जी.... व..... W.....wo अभी एक डैम ठीक है..... जल्द hi उन्हें होश आ जाएगा.....

डॉ की बात सुन के सब खुश हो जाते हैं.... ज़रा तो ख़ुशी से उछाल पड़ती है.... उसे ऐसा महसूस होने लगता है जैसे की उसकी जिस्म में उसकी रूह लौट आयी हो.... वो ख़ुशी में िक की तरफ जा hi रही होती है की तभी अचानक से रुक जाती है और पलट के वो करती है जिसे देख के सब को बड़ी हैरानी होती है.....

मैक्स : यार अब ये क्यों किया....?

वो हुआ ये था की िक की तरफ जाते जाते ज़रा अचानक से रुक के पीछे मुड़ती है और खींच के एक झन्नाटेदार थप्पड़ डॉ के गाल पे रसीद करती है.....

ज़रा : साला बुरी खबर सुनाने की इसे कितनी जल्दी थी..... और अच्छी खबर सुनाने में इसकी नानी मर रही थी.... यहाँ प्रिंस की हालत देख के हमारी जान जा रही थी और ये कमीना है की बताने को तैयार hi नहीं था की मेरी जान अब ठीक है.... ये पहले नहीं बता सकता था की प्रिंस की तबीयत अब ठीक है..... मगर नहीं.... इसे वो वो करने से फुर्सत hi नहीं.... तो मैंने भी दे दिया जमा एक.... अब से इसे जो भी कहना होगा मेरे थप्पड़ को याद करके वो उस बात को फ़ौरन hi कह देगा..... (डॉ की तरफ देख के....) समझा की नहीं....

ज़रा की बात सुन के मैक्स अपना सर पीट लेता है....

मैक्स : वो तो क्या हम सब समझ गए मेरी माँ... अब चलें प्रिंस से मिलने....

ज़रा : मैं भी तो यही कह रही हूँ मगर तुम सब को बातों से फुर्सत मिले तब न....

सैर : हाँ सही कहा तू ने.... हम hi तो यहाँ बातें कर रहे हैं....

ज़रा : देखा मैंने ठीक कहा न....

सैर : हाँ बाबा अब चलें...

सब िक की तरफ बढ़ जाते हैं.... सब को एक साथ अंडर जाते देख नर्स उन्हें रोकने के लिए आगे बढ़ने लगती है.... मगर ज़रा को देख और उसके थप्पड़ को याद करके पीछे हैट जाती है....

सब प्रिंस को देखते हैं.... कुछ देर में प्रिंस को स्पेशल रूम में शिफ्ट कर दिया जाता है....

ज़रा वहां खड़े एक डॉ से पूछती है...

ज़रा : डॉ कैसा है मेरा प्रिंस....?

डॉ : जी वो... ये अब काफी ठीक हैं.... 2 से 3 घंटे में इन्हे होश भी आ जाएगा....

डॉ ज़रा को आगे कुछ पूसने से पहले hi दर के मारे वहां से खिसक जाता है....

इधर दूसरे वार्ड में रूही का इलाज हो चूका है.... वो भी अपने बीएड पे बेहोश पड़ी हुई है.... जहाँ प्रिंस के पास उसके दोस्त और रूही का पूरा परिवार मौजूद है.... वहीँ रूही के पास इस वक़्त उसकी बेहेन उसकी दोस्त सिमी बैठी हुई उसके होश में आने का इंतज़ार कर रही है....

कुछ देर में रूही को होश आ जाता है.... होश में आते hi उसे बीती बातें याद आ जाती है.... उसका दिल ज़ोरो से धड़कने लगता है.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... वो इधर उधर देखते हुए प्रिंस को ढूंढने लगती है.... रूही का हाल सिमी से देखा नहीं जाता.... वो प्रिंस के बारे में सब कुछ रूही को बता देती है....

सिमी की बात सुन के रूही फ़ौरन बीएड से उठ के प्रिंस की तरफ जाने लगती है... मगर उसकी माँ और चची उसे प्रिंस के करीब नहीं जाने देते..... भला बुरा कह के उसे वहां से भगा देते हैं.... रूही रोटी हुई अपने वार्ड में आ जाती है.... रूही को ज़्यादा चोट नहीं आयी थी.... जिस वजह से शाम तक डॉ उसे डिस्चार्ज कर देते hain....agar प्रिंस को अभी 2 - 3 दिन के लिए हॉस्पिटल में अंडर ऑब्जरवेशन एडमिट कर देते हैं.... रूही को डिस्चार्ज मिलने के बाद ज़रा उसे प्रिंस के पास रुकना तो दूर हॉस्पिटल तक में नहीं रुकने नहीं देती.... अपने सिक्योरिटी गॉर्डस से कह के उसे हॉस्पिटल से बहार निकलवा देती है....

हॉस्पिटल से बहार निकाले जाने पे भी रूही वहां से नहीं जाती.... सिमी के लाख समझाने के बाद भी रूही वहां से हिलने को तैयार hi नहीं.... वो हॉस्पिटल के पीछे की तरफ जाती है.... जहाँ उस रूम की खिड़की है जहाँ प्रिंस को एडमिट किया हुआ है.... वहां से प्रिंस को देखने लगती है.... प्रिंस को देखते hi उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... साथ hi उसे ठीक देख के उसके होंठों पे हंसी आ जाती है.... अपनी जान के इतना करीब हो के भी वो उस से मिल नहीं पा रही इस बात से उसे बेहद तकलीफ होती है.... वो वहीँ पीछे वाली खिड़की के पास कड़ी प्रिंस को देखने लगती है.... वो बहार से खिड़की के शीशे पे प्रिंस के सर की तरफ हाथ घूमते हुए प्यार से प्रिंस को देख रही है.... साथ hi रोये भी जा रही है.... सिमी के लाख मन करने पे भी वो वहां से नहीं हैट टी.... बस एक तक अपनी जान को देखती रहती है.....

रात से सुबह हो जाती है.... मगर रूही है की अभी भी एक तक प्रिंस के चेहरे को देखते हुए मुस्कुराती रहती है....

सिमी : यार अब तो रात से सुबह हो गयी.... कब तक यूँ hi यहाँ कड़ी रहेगी.... अब तो चल के पास पड़े बेंच पे बैठ जा....

रूही को सिमी की कोई भी बात सुनाई hi नहीं दे रही वो तो बस एक तक अपनी जान को देखने में hi लगी हुई है....

तभी अचानक से वहां ऐसा कुछ होता है जिस से रूही के दिल को एक तेज़ झटका लगता है और वो पीछे की तरफ गिर के बेहोश हो जाती है.....????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 75

रात से सुबह हो जाती है.... मगर रूही है की अभी भी एक तक प्रिंस के चेहरे को देखते हुए मुस्कुराती रहती है....

सिमी : यार अब तो रात से सुबह हो गयी.... कब तक यूँ hi यहाँ कड़ी रहेगी.... अब तो चल के पास पड़े बेंच पे बैठ जा....

रूही को सिमी की कोई भी बात सुनाई hi नहीं दे रही वो तो बस एक तक अपनी जान को देखने में hi लगी हुई है....

तभी अचानक से वहां ऐसा कुछ होता है जिस से रूही के दिल को एक तेज़ झटका लगता है और वो पीछे की तरफ गिर के बेहोश हो जाती है.....????

अब आगे....

रूही को पीछे खिड़की के पास खड़े प्रिंस को घूरते हुए ज़रा देख लेती है.... गुस्से में वो पर्दा लगा देती है.... जिस से रूही प्रिंस से दूर हो जाती है... उसका दिल अपनी जान को देखने के लिए तड़प जाता है... वो बहुत कोशिश करती है की खिड़की के किसी कोने से उसे प्रिंस नज़र आ जाए मगर खिड़की के परदे की वजह वो उसे नहीं देख पाती.... उसका दिल बुरी तरह से तड़पने लगता है.... जब ये तड़प हद से पार हो जाती है तब वो बेहोश हो के गिर जाती है....

इधर रूही के बेहोश होते hi प्रिंस को होश आ जाता है और वो रूही का नाम ले के चीख उठता है....

प्रिंस : Ruhiiiiiiiiiiiiiiiiiiii......

वो रूही रूही कहते हुए इधर उधर देखने लगता है.... मगर रूही उसे कहीं नज़र नहीं आती.... रूही को वहां न पा के प्रिंस उठने hi वाला होता है की तभी ज़रा और मैक्स उसे उठने नहीं देते....

प्रिंस को गुस्सा आने लगता है.... वो बेहद गुस्से में....

प्रिंस : रूही कहाँ है मैक्स....? कहाँ है रूही....? बताओ मुझे....

प्रिंस को गुस्से में देख सब दर जाते हैं....

मैक्स : W....wo.... वहां बहार है....

प्रिंस : kyaaaaaaaaaaa....? मगर क्यों....? उसे तो चोट लगी थी.... उसे इलाज करवा के बीएड पे आराम करना चाहिए था.... वो बहार क्या कर रही है....? बताओ मुझे जवाब दो.....

मैक्स डरते हुए उसे रात हुई पूरी बात बता देता है.... जिसे सुनते hi प्रिंस का गुस्सा और भी ज़्यादा तेज़ हो जाता है....

प्रिंस : अबे तुम लोग पागल तो नहीं हो गए.... उस मासूम का इलाज करवाने के बजाये उस के साथ ऐसा सलूक करने की तुम सब की हिम्मत कैसे हुई....?

ज़रा बेहद गुस्से में : नहीं है वो मासूम.... सुना तुम ने.... वो मासूम नहीं है..... वो एक नंबर की खुनी है.... उसने तुम्हारी जान लेने की कोशिश की.... वो तो शुक्र मनाओ की सिर्फ तुम्हारी वजह से मैंने उसे ज़िंदा चोर दिया.... वर्ण अब तक तो उसकी लाश यहाँ पड़ी होती.... उसकी हिम्मत कैसे हुई तुम्हे.... मेरे प्रिंस को जान से मारने की कोशिश करने की.... इस बार तो मैंने सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी वजह से ज़िंदा चोर दिया मगर अगली बार उसने गलती से भी तुम्हारे साथ कुछ गलत करना तो दूर अगर उस बारे में सोचा भी तो मैं उसी वक़्त उसकी जान ले लुंगी....

ज़रा को इतने गुस्से में देख एक पल के लिए तो प्रिंस भी हिल जाता है.... वो खुद को संभालते हुए कहता है....

प्रिंस : हो सकता है की तुम्हे कुछ ग़लतफहमी हुई हो.... मेरे ऊपर जानलेवा हुम्ला उसने नहीं किया हो.....

ज़रा : जी नहीं ये सब उस कमीनी ने hi किया है.... वहां मौजूद सिक्योरिटी गॉर्डस ने उसे तुम्हे खंजर मारते हुए देखा है और तुम कह रहे हो की वो हुम्ला उसने नहीं किया....

प्रिंस : हो सकता है की उन्होंने जो देखा वो उनकी नज़रों का धोका हो....

ज़रा : क्यों प्रिंस....? आखिर सब कुछ जान ने के बाद भी तुम उसे क्यों बचाना चाहते हो....? क्या तुमने उसे तुम्हारे सीने में खंजर मारते हुए नहीं देखा था.... बताओ मुझे.... आखिर क्यों तुम सब कुछ देख और जान के भी अनदेखा कर रहे हो.... क्यूँउउउउउउनंनं....?

प्रिंस : हाँ ये सच है की मैंने उसे मुझपे जान लेवा हुम्ला करते देखा था.... मगर फिर भी मैं ये नहीं मान सकता की वो मेरे साथ ऐसा कर सकती है.... इस के पीछे कोई न कोई वजह तो ज़रूर है.... सब से बड़ी बात ये की वो मुझे नहीं मार सकती.... सच्चा प्यार जो करती है मुझसे....

ज़रा : तुम्हे उसपे यकीन है मगर मुझपे नहीं... यही कहना चाहते हो न tum....ki उसका प्यार सच्चा है और मेरा झूठा....

प्रिंस : नहीं ज़रा ऐसा मैं नहीं कह रहा.... मुझे खुद से भी ज़्यादा तुमपे यकीन है.... और साथ hi तुम्हारे सच्चे प्यार पे भी....

ज़रा : तो फिर तुम क्यों मेरी बात नहीं मात लेते....?

प्रिंस : ज़रा मैं तुम्हारी बात से इंकार नहीं कर रहा बल्कि ये कह रहा हूँ की जब तक असल बात का पता नहीं चल जाता तब तक कोई उसे कसूरवार न ठहराए.... क्या मेरी इतनी सी भी बात तुम नहीं मानोगी....? और वैसे भी जब तक तुम मेरे साथ हो मुझे कुछ नहीं हो सकता... क्यों मैंने ठीक कहा न....

ज़रा : हाँ.... जब तक मैं तुम्हारे साथ हूँ तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगी.... मौत को भी तुम तक पहुँचने से पहले मुझसे हो के गुज़ारना होगा....

प्रिंस : तो फिर मैं जो कह रहा हूँ वो करो.... मैक्स जल्दी से रूही को यहाँ ले आओ.... अभी मतलब अभी.....

प्रिंस की बात सुन के मैक्स रूही को लाने के लिए बहार की तरफ चल देता है....

इधर रूही को बेहोश होते देख सिमी बेहद घबरा जाती है.... वो फ़ौरन डॉ को बुला के ला टी है..... रूही की हालत को देख डॉ फ़ौरन उसे वहां एडमिट कर देते हैं.... जैसे hi रूही को प्रिंस के बगल वाले बीएड पे लेटाया जाता है उसके होंठों पे मुस्कराहट सी फैल जाती है.... ये देख डॉ के साथ साथ सिमी को भी बड़ी हैरानी सी होती है.... कोई भी रूही के बेहोशी की हालत में उसके मुस्कुराने की वजह नहीं जान पाटा सिवाए रूही के दिल के.... जो अपने जान के करीब आ के ख़ुशी से झूम उठा है.... जिस से बेहोशी में भी उसके होंठों पे मुस्कराहट फैली हुई है....

रूही की हालत देख प्रिंस को बड़ी तकलीफ सी होती है वहीँ ज़रा को रूही पे बेहद गुस्सा आने लगता है....

प्रिंस जब ज़रा को रूही को गुस्से से घूरते हुए देखता है तो उसे अच्छा नहीं लगता.....

प्रिंस : यार अब बस भी कर दे..... क्या गुस्से में उसे खा hi जायेगी.....

ज़रा : वो तो मैं सिर्फ तुम्हारी वजह से चुप हूँ..... वर्ण जाने मैं इसे के साथ क्या कर जाती.... तुम बस मुझे एक बार इजाज़त दे दो....

प्रिंस : हाँ ताकि तुम इस मासूम का पत्ता साफ़ कर दो.....

ज़रा : ये और मासूम.... अगर ये मासूम है तो फिर तो चुड़ैल को क्या कहोगे.... ये कमीनी वो है जो अपना प्यार कह कह के अपने hi प्यार को जान से मारने चली जाती है....

प्रिंस : जी नहीं वो सब उसने नहीं किया था.... बल्कि....

ज़रा : किसे बेवक़ूफ़ बना रहे हो प्रिंस.... मुझे या खुद को....? किसे समझने की कोशिश कर रहे हो.... मुझे या खुद को....? तुम खुद अच्छे से जानते हो की सच क्या है.... बस उसे मानना नहीं चाहते....

प्रिंस : मुझे यकीन है की मेरी रूही ऐसा नहीं है जैसा तुम कह रही हो....

ज़रा : ऊपर वाला करे की तुम जो कह रहे हो वो सच हो जाए.... मगर हाँ एक बात मेरी भी सुन लो..... इस बार तो मैंने सिर्फ तुम्हारे कहने पे इसे जाने दिया.... लेकिन अगर अगली बार इसने गलती से भी तुम्हारे साथ कुछ गलत करने का सोचा भी तो फिर इसे मुझसे तुम तो ऊपर वाला भी नहीं बचा पायेगा....

प्रिंस : अब शांत भी हो जा मेरी माँ.....

ज़रा : मैं तुम्हारी माँ नहीं हूँ.... बल्कि तुम मेरा प्यार मेरी जान हो... और मैं तुम्हारी....

ज़रा की बात सुन के प्रिंस मुस्कुरा देता है....

ज़रा : माँ से याद आया..... प्रिंस तुमने कभी अपनी माँ के बारे में कुछ नहीं बताया.... न hi अपने परिवार के किसी और लोगों के बारे में.... तुम्हारी नानी की अलावा हम किसी और को नहीं जानते.... अब ऐसा तो हो नहीं सकता की तुम्हारे परिवार में तुम्हारी नानी के अलावा और कोई हो hi न.... सब का परिवार होता है.... माँ बाप भाई बेहेन होते हैं.... चाचा चची.... दादा दादी.... मां मामी... बुआ... फूफा... और भी बहुत सारे लोग होते हैं....

ज़रा की बात सुन के प्रिंस उदास हो जाता है..... और एक ठंडी सांस ले के कहता है.....

प्रिंस : हाँ होते हैं.... मगर मैं उनके बारे में कुछ नहीं जानता.... मैंने नानी से अपने माँ बाप परिवार के बाकी सब लोगों के बारे में कई बार पुछा... मगर वो हमेशा hi कुछ न कुछ बहाना बना के बात को ताल जाती.... उन होने मुझे कभी कुछ नहीं बताया....

प्रिंस जब ये बता रहा होता है तब उसकी बातें सुनते सुनते ज़रा की नज़र प्रिंस के पीछे खड़े मैक्स पे जाती है तो उसे देख के ज़रा को अजीब सा लगता..... मैक्स का पूरा चेहरा पसीने से भीगा हुआ है साथ hi उसके चेहरे पे घबराहट सी है.... वो किसी गहरी सोच में डूबा हुआ है....

अभी प्रिंस ने अपनी बात पूरी नहीं की थी की तभी ज़रा मैक्स से कुछ पूछती है.... जिसे सुन के प्रिंस बोलते बोलते रुक जाता है.... वहीँ मैक्स हड़बड़ाहट में कुछ ऐसा कह जाता है जिसे सुन के प्रिंस के साथ वहां मौजूद सभी बुरी तरह से चौंक जाते हैं.....

ज़रा : मैक्स.. क्या तुम प्रिंस के परिवार के बारे में कुछ जानते हो....

मैक्स : N....N....Nahi.... Ma....in k....uch.... नहीं जानता.... न hi प्रिंस के Pari....vaaaaar... के बारे में... और न hi Su....Su....SultaanGarh के बारे में....

ज़रा : मैंने तो सिर्फ प्रिंस के परिवार के बारे में पुछा था.... ये सुल्तानगढ कहाँ से बीच में आ गया.....

मैक्स : नहीं कुछ नहीं वो तो बस ऐसे hi मुँह से निकल गया.... नहीं मैं कुछ नहीं जानता.... मुझे नहीं पता की प्रिंस के माँ डैड और भाई बेहेन कहाँ हैं.... मैं ये भी नहीं जानता की उसके दोनों चाचा और तीन बुआ कहाँ रहते हैं.... मैं तो उनके नाम भी नहीं जानता.....

मैक्स की बात सुन के जहाँ सब हैरत उसे देख रहे हैं वहीँ विजय उसका मज़ाक बनाते हुए कहता है....

विजय : साले नहीं जानता.... नहीं जानता लेह के सब कुछ बता रहा है.... अब ये भी बता दे की वो सब हैं कहाँ और ये सुल्तानगढ का क्या चक्कर है....?

मैक्स : N....N....Nahi मैंने कहाँ कुछ बताया.... नहीं मैंने कुछ नहीं बताया....

सैर : तू ठीक तो है न.... ये कैसी बहकी बहकी बातें कर रहा.... सब कुछ बता के भी कह रहा है की तू ने कुछ नहीं कहा.....? आखिर चक्कर क्या है.....?

मैक्स : नहीं कुछ नहीं वो बस.... (मन में.... मैक्स ये तू ने क्या किया.... अब इस से पहले ये लोग तुझसे कुछ और पूछें निकल ले यहाँ से.... वर्ण पक्का आज तेरी बंद बज जायेगी.... इनके हाथों से नहीं तो उनके हाथों से तो पक्का तू बिन साबुन के पिट जाएगा....) अरे मुझे एक बेहद इम्पोर्टेन्ट काम करना था वो करके मैं अभी आया....

ये कह के मैक्स वहां से जाने hi वाल होता है की तभी प्रिंस गुस्से में उसे रुकने को कहता है....

प्रिंस : मैक्स जहाँ खड़ा है वहीँ रुक जा एक कदम भी बहार निकाला तो तू मुझे जानता है.... चुप चाप इधर आ और मुझे सब सच सच बता....

मैक्स मरता क्या न करता न चाहते हुए भी प्रिंस के गुस्से के दर से वो मुद के प्रिंस के पास आ के खड़ा हो हो जाता है.... उसकी नज़रें झुकी हुई हैं....

प्रिंस : हाँ अब बता जो बात मैं नहीं जानता वो तू कैसे जानता है..... जो बात आज तक मिझे नहीं पता वो तुझे कैसे पता.....? क्या वाकई में सब की तरह मेरा भी परिवार है....? कौन हैं मेरे माँ बाप.....? कौन कौन है मेरे परिवार में....? और ये सुल्तानगढ का क्या चक्कर है....? बता मुझे.... तुझे इस सब के बारे में कैसे पता....?

मैक्स : यार तू न hi पूछ तो बेहतर है तेरे लिए भी और साथ में मेरे लिए भी.....

प्रिंस : मगर क्यों....? क्यों तू मुझे कुछ नहीं बताना चाहता....? आखिर तेरे इस दर की वजह क्या है.....?

मैक्स : तेरी नानी..... वो नहीं चाहती की तुझे कुछ भी पता चले.... तभी तो उन्होंने तुझे आज तक कुछ नहीं बताया....

प्रिंस : मगर क्यों....?

मैक्स : इस क्यों का जवाब नहीं है मेरे पास.... इस का जवाब तो सिर्फ तेरी नानी hi दे सकती है....

प्रिंस : वो तो कुछ भी बताने से रही... अब एक तू hi है जो मुझे सब बता सकता है.... और सब से बड़ी बात ये की तुझे ये सब कैसे पता चला..... क्या तुझे नानी ने ये बताया है....? बता मुझे जवाब दे....

मैक्स : नहीं नानी ने मुझे कुछ नहीं बताया..... ये सब तो मुझे गलती से पता चल गया था.....

प्रिंस : तुझे जो भी पता है वो सच सच बता दे.... वो भी जल्दी... इस से पहले की मुझे गुस्सा आ जाए....

प्रिंस की बात सुन के मैक्स अपना सर पीट लेता है.....

मैक्स : यार ये मैं कहाँ फस गया.... आगे कुँवा है तो पीछे खायी.... मैं न आगे जा सकता हूँ और न hi पीछे.... बस बेच में फस के रह गया हूँ.....

प्रिंस : तू सच बताता है की नहीं....

मैक्स : ठीक है तू जान न hi चाहता है तो सुन.....
 
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