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मेरी आशिकी तुमसे hi.....
अपडेट 66
ठीक तभी दरवाज़ा खुलता है और ज़रा रूम में आती है.... ज़रा के आते hi मैक्स फ़ौरन वहां से निकल लेता है.... मैक्स की इस हरकत को देख ज़रा को बड़ी हैरानी सी होती है.... उतना hi हैरान प्रिंस ज़रा को देख के होता है...
ज़रा : इसे क्या हुआ ये इस तरह अचानक से दर के रूम से क्यों भाग गया....? ऐसे जैसे की इसने कोई भूत देख लिया हो....
ज़रा की बात सुन के प्रिंस भी फ़ौरन रूम से बहार निकल जाता है.... उसे ये अच्छे से पता है की ज़रा उसे गले लगाए बिना मानेगी नहीं और ये पारी कभी बर्दाश्त करेगी नहीं की उसके प्रिंस को कोई और लड़की अपने सीने से लगाए....
प्रिंस को देख ज़रा को और भी हैरत सी होती है..... उसे समझ नहीं आता की उसके रूम में आते hi अचानक से ये दोनों रूम से बहार क्यों भाग गए....??????
अब आगे......
ज़रा अपना सर खुजाते हुए रूम से बहार आती है.....
सारा : तुझे क्या हुआ....? तू इतनी हैरान परेशान क्यों नज़र आ रही है.....? कोई प्रॉब्लम है क्या.....?
ज़रा : वो पहले मैक्स फिर प्रिंस.... वो रूम में वो.... भूत....
ज़रा के मुँह से भूत सुन के सैम और विजय जो इस वक़्त सारा के पीछे खड़े थे दर के मारे दोनों की हालत खराब हो जाती है..... बड़ी मुश्किल से सैम के मुँह से बस इतना hi निकलता है.....
सैम : K.....k....kya कहा bh.....oot....? K....k...kahan kid.....har....?
ज़रा : पता नहीं यार.... शायद प्रिंस के रूम में है.... जिसे देख वो दोनों प्रिंस और मैक्स वहां से भाग गए....
तभी अचानक से किसी के हसने की आवाज़ सुन के सब दर जाते हैं..... उनकी हालत खराब हो जाती है.....
रूही : हहहहहहहह.... क्या कहा भूत..... क्या यार तुम लोग भी न 21सत सेंचुरी में भूतों की बात कर रहे हो.... इतना hi नहीं दर से कांप भी रहे हो....
विजय : दर सभी को लगता है... गाला सब का सूखता है....
विजय की बात सुन के रूही दोबारा हसने लगती है....
रूही : हहहहहहहह.... यार अब स्प्राइट तो है नहीं तू एक काम कर पानी hi पी ले....
विजय पानी का गिलास ले के पीने लगता है....
विजय : थैंक्स यार पानी देने के लिए....
रूही : मुझे डरने का कोई फायदा नहीं.... क्यों की मुझे भूत वोट से दर नहीं लगता.... जो चीज़ होती hi नहीं उस से डरना कैसा....
विजय : पहली बात तो ये की भूत होते हैं.... और दूसरी ये की हम खुद डरे हुए हैं तुम्हे क्या और क्यों डराएंगे....?
रूही : अच्छा.... तुम्हे क्या लगा मुझे तुम्हारी हरकत का पता नहीं चलेगा.... चुपके से गिलास ले के पानी पिया और फिर उसी गिलास को मेरी तरफ बढ़ा के कह रहे हो की पानी देने के लिए थैंक्स.... मैंने कब तुम्हे पानी दिया....
विजय : k....k....kya कहा तुमने नहीं दिया.... तो फिर किसने दिया....
रूही : अब बस भी करो ये बचकानी बातें.....
विजय : मेरा यकीन करो मैं सच कह रहा हूँ....
रूही : मैं भी सच hi कह रही हूँ की मैंने तुम्हे पानी का गिलास नहीं दिया..... अब मज़ाक बंद करो और ऑफिस चलो इस से पहले की देर हो जाए....
विजय : अगर तुमने नहीं दिया तो फिर.....
ये कह के विजय बाकी सब की तरफ देखता है.... जैसे की पूछ रहा हो की पानी का गिलास उसे किसने दिया.... सब न में अपनी गर्दन हिलाते हैं....
रूही : यार अब बस भी करो.... और ऑफिस चलो....
विजय : मगर वो भूत...
रूही : वो कहीं भगा नहीं जा रहा है.... उसे हम बाद में देख लेंगे.... अब इस से पहले की और देर हो जाए ऑफिस चलो.....
सब ऑफिस के लिए चल देते हैं.....
पारी ख़ामोशी से सब को देखती रहती है.... ख़ास कर के रूही को जो हूबहू उसी की तरह है..... दोनों में ज़र्रा बराबर का भी फ़र्क़ नहीं.... बस फ़र्क़ है तो मिजाज़ का.... और साथ hi किस्मत का.... दोनों की नहीं नहीं बल्कि ये कहना ज़्यादा ठीक होगा की तीनो (पारी.... रूही.... और अवनि....) की किस्मत एक सी hi है.... तीनो पास हो के भी प्रिंस के पास नहीं है.... किसी न किसी वजह से प्रिंस तीनो से दूर है....
इधर प्रिंस मैक्स के साथ ऑफिस निकल जाता है....
मैक्स : क्या बात है यार....? क्या सोच रहा है....? उन शैतानो के बारे में....
प्रिंस : नहीं यार उस से ज़्यादा ज़रूरी इस वक़्त मेरे लिए पारी है.... वो कौन है....? कैसी है.....? उसके बारे में मैं कुछ भी नहीं जानता.... न hi उसे कभी देखा है.... मगर फिर भी वो अपनी सी लगती है.... दिल उसे देखने को करता है.... उसे अपने सीने से लगा के प्यार करने को जैसे तड़प रहा हूँ..... मगर....
मैक्स : मगर क्या.....?
प्रिंस : मगर ये की जिसे देखा नहीं उसके लिए इतनी तड़प क्यों....? क्यों मैं उसे सिर्फ अपने आस पास महसूस कर पा रहा हूँ....? न hi उसे देख पा रहा हूँ और न hi उसे सुन पा रहा हूँ.... मगर फिर भी कल रात से ऐसा लग रहा है जैसे की वो हर पल हर लम्हा मेरे पास hi है.... वो कौन है कैसी है मैं नहीं जानता.... उसके बारे में मैं कुछ नहीं जानता.... वो इंसान नहीं हो सकती क्यों की इंसान गायब नहीं हो सकते.... तो फिर वो है कौन....? और सब से बड़ी बात ये की उसे अपना बनाने के लिए मेरा दिल इतना क्यों तड़प रहा है.....? इस जैसे और न जाने कितने hi सवाल इस वक़्त मेरे दिमाग में घूम रहे हैं.... जिनके जवाब मुझे जल्द से जल्द चाहिए....
प्रिंस के मुँह से अपना बनाने की बात सुन के पारी को जितनी ख़ुशी होती है उतनी hi तकलीफ इस बात से होती है की प्रिंस के इतने पास होक भी वो उसे अपने सीने से लगा के प्यार नहीं कर पा रही है..... दोनों hi एक दूसरे का प्यार पाने के लिए तड़प रहे हैं.... पारी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी दरवाज़ा खुलता है और कोमल रूम में आती है..... रूम में आते hi उसकी नज़रें प्रिंस से टकरा जाती हैं..... वो प्रिंस एक तक बस देखती hi रह जाती है..... प्रिंस आज कुछ ज़्यादा hi स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम जो लग रहा है.... वो ज़्यादा देर तक प्रिंस की आँखों में नहीं देख पाती शर्मिंदगी की वजह से उसकी नज़रें झुक जाती हैं.... और बिना कुछ कहे अपनी चेयर पे बैठ के काम में लग जाती है.... वो प्रिंस से माफ़ी माँगना चाहती है मगर मांग नहीं पा रही..... फाइल में चेहरा छुपा के बीच बीच में चुपके से बस प्रिंस को देखे जा रही है.... ये बात पारी को कुछ अजीब लगती है.... वो ख़ामोशी से कोमल की हरकतों को देख रही है....
प्रिंस भी कोमल की हरकतों को नोटिस कर रहा है मगर कुछ कह नहीं रहा..... वो देखना छह रहा है की कल जो भी कुछ हुआ उस के बाद आज कोमल क्या करती है....?
कुछ देर में रूही और बाकी सब भी आ जाते हैं और सब अपने अपने काम में बिजी हो जाते हैं..... पारी ख़ामोशी से तीनो को देख रही है.... उसकी नज़रें अपनी जान पे तिकी हुई हैं..... दिल में एक तड़प सी उठ रही है.... अपनी जान को सीने से लगा के प्यार करने की तड़प.... जिसके लिए वो न जाने कब से तड़प रही है.... मगर है ऋ निगोड़ी किस्मत.... वो छह के भी अपनी जान को सीने से नहीं लगा पा रही है....
प्रिंस काम में खुद को बिजी कर लेता है..... काम करते करते वक़्त कैसे बीत जाता है पता hi नहीं चलता....
प्रिंस को देखते देखते पारी खामोश बैठी बैठी कब नींद की आगोश में चली जाती है उसे पता hi नहीं चलता.... ज़रा की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....
ज़रा : शाम के 7 बज रहे हैं प्रिंस घर नहीं चलना क्या....?
इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता वहां मैक्स आ जाता है....
मैक्स : प्रिंस तुमने बुलाया....
प्रिंस : हाँ हम को अभी एक अर्जेंट मीटिंग के लिए जाना है....
रूही : मगर आज तो कोई मीटिंग नहीं है.....
कोमल भी रूही की हाँ में हाँ मिलती है....
रूही की बात सुन में मैक्स हैरत से प्रिंस की तरफ देखता जैसे की पूछना छह रहा हो की कौनसी मीटिंग.... प्रिंस इशारे से उसे खामोश रहने को कहता है.... प्रिंस का इशारा पा के मैक्स खामोश हो जाता है....
प्रिंस : वो अभी कुछ देर पहले hi फिक्स हुई है.....
प्रिंस की बात सुन के दोनों एक साथ कहती हैं....
ठीक है तो हम भी साथ जाएंगे.... हम दोनों प्रिंस की सेक्रेटरी हैं... ये सुन के हमारी ज़रा कहाँ चुप रहने वाली थी....
ज़रा : और मैं अपने प्रिंस की सिक्योरिटी गॉर्ड... मेरा साथ जाना तो लाज़मी है.... और वैसे भी आज प्रिंस कुछ ज़्यादा hi स्मार्ट डैशिंग और हॉट न हैंडसम लग रहा है.... इस से एक पल भी दूर रहना अब नामुमकिन सा हो गया है....
ज़रा ने तो बड़ी आसानी से अपने दिल की बात कह दी मगर बाकी तीनो (रूही... कोमल.... और पारी....) छह के भी कुछ नहीं कह पा रही हैं.... किसी न किसी वजह से उनके लैब खामोश हैं....
प्रिंस ख़ामोशी से उठता है और एक नज़र तीनो पे दाल के कहता है....
प्रिंस : किसी के साथ आने की ज़रुरत नहीं.... ज़रा सब को घर जाने का कह के तुम भी घर चली जाओ....
प्रिंस की बात सुन के तीनो का चेहरा उतर जाता है.... रूही और कोमल को ये समझते देर नहीं लगती की नाराज़गी की वजह से प्रिंस उन्हें अपने साथ नहीं ले जाना छह रहा है.... मगर ज़रा की तो गलती भी नहीं फिर उसे साथ न लेजाने की वजह उसे समझ नहीं आती....
ज़रा : मगर प्रिंस....
प्रिंस उसे बीच में hi रोक देता है....
प्रिंस : कोई अगर मगर नहीं.... सब को घर जाने का कह के तुम भी घर चली जाओ....
फिर इस से पहले की उनमे से कोई कुछ कहता प्रिंस मैक्स के साथ वहां से निकल जाता है.... दोनों कार में बैठ के चल देते हैं....
पारी भी उनके साथ हो लेती है....
इधर प्रिंस की बातों से तीनो को बड़ी तकलीफ सी होती है.... रूही और कोमल उदास मन से अपने घर की तरफ चल देती हैं.... मगर ज़रा कहाँ मान ने वाली थी.... प्रिंस तो उसकी जान है जिसे वो खुद से कैसे दूर होने दे सकती है.... वो तो प्रिंस को तब से चाहती आ रही है जब उसे चाहत का मतलब भी नहीं पता है.... ये अलग बात है की प्रिंस ने अब तक न hi उसके प्यार को एक्सेप्ट किया है और न hi उसे ी लव यू कहा है.... मगर उसे अपने प्यार पे पूरा यकीन hai.....use ये यकीन है की एक दिन प्रिंस उसके सच्चे प्यार को ज़रूर अपनाएगा.... ये सोच के वो फ़ौरन बहार आती है और अपनी कार ले के प्रिंस के पीछे पीछे चल देती है....
इधर पारी भी प्रिंस के साथ चल देती है....
मैक्स : यार हम कहाँ जा रहे हैं....? बात क्या है....? कुछ बताएगा....?
मैक्स सवाल पे सवाल किये जा रहा है मगर प्रिंस है की चुप चाप गाडी चला रहा है.... वो मैक्स की किसी बात का कोई जवाब नहीं देता.... कुछ देर बाद प्रिंस कार को एक क्लब के बहार रोकता है और उसे साथ चलने को कहता है.... पारी और ज़रा भी उनके पीछे पीछे अंडर आ जाती हैं....
अंडर जा के प्रिंस और मैक्स एक टेबल पे बैठ जाते हैं... प्रिंस शराब मंगवाता है.... और पीने लगता है...
मैक्स : यार अब कुछ बताएगा भी की क्या हुआ है....? ऐसी क्या बात है जो तुझे परेशान कर रही है....?
प्रिंस : किसने कहा की मैं परेशान हूँ....?
मैक्स : किसी के कहने की क्या ज़रुरत है.... तेरे चेहरे को देख के साफ़ पता चल रहा है की तू परेशान है.... बेहद परेशान.... कोई बात तो ज़रूर है जो तुझे अंडर hi अंडर बेहद तकलीफ पहुंचा रही है.... तेरा दोस्त हूँ यार एक दोस्त की तकलीफ न देख पाऊं तो ये दोस्ती hi क्या....
मैक्स की बात सुन के प्रिंस शराब का गिलास उठा के उसे एक सांस में पी जाता है.... फिर....
प्रिंस : यार एक बात बता अगर दोस्त को मेरी तकलीफ नज़र आ रही है तो क्या मेरे प्यार को भी मेरी तकलीफ नज़र आती होगी....
मैक्स : हाँ इस में पूसने वाली क्या बात है.... जो तुझे प्यार करेगा उसे तेरी तकलीफ ज़रूर नज़र आएगी.... और वो उसे दूर करने की कोशिश भी ज़रूर करेगा....
प्रिंस : अगर ऐसी बात है तो फिर उन्हें मेरी तकलीफ क्यों नहीं नज़र आती....?
अपडेट 66
ठीक तभी दरवाज़ा खुलता है और ज़रा रूम में आती है.... ज़रा के आते hi मैक्स फ़ौरन वहां से निकल लेता है.... मैक्स की इस हरकत को देख ज़रा को बड़ी हैरानी सी होती है.... उतना hi हैरान प्रिंस ज़रा को देख के होता है...
ज़रा : इसे क्या हुआ ये इस तरह अचानक से दर के रूम से क्यों भाग गया....? ऐसे जैसे की इसने कोई भूत देख लिया हो....
ज़रा की बात सुन के प्रिंस भी फ़ौरन रूम से बहार निकल जाता है.... उसे ये अच्छे से पता है की ज़रा उसे गले लगाए बिना मानेगी नहीं और ये पारी कभी बर्दाश्त करेगी नहीं की उसके प्रिंस को कोई और लड़की अपने सीने से लगाए....
प्रिंस को देख ज़रा को और भी हैरत सी होती है..... उसे समझ नहीं आता की उसके रूम में आते hi अचानक से ये दोनों रूम से बहार क्यों भाग गए....??????
अब आगे......
ज़रा अपना सर खुजाते हुए रूम से बहार आती है.....
सारा : तुझे क्या हुआ....? तू इतनी हैरान परेशान क्यों नज़र आ रही है.....? कोई प्रॉब्लम है क्या.....?
ज़रा : वो पहले मैक्स फिर प्रिंस.... वो रूम में वो.... भूत....
ज़रा के मुँह से भूत सुन के सैम और विजय जो इस वक़्त सारा के पीछे खड़े थे दर के मारे दोनों की हालत खराब हो जाती है..... बड़ी मुश्किल से सैम के मुँह से बस इतना hi निकलता है.....
सैम : K.....k....kya कहा bh.....oot....? K....k...kahan kid.....har....?
ज़रा : पता नहीं यार.... शायद प्रिंस के रूम में है.... जिसे देख वो दोनों प्रिंस और मैक्स वहां से भाग गए....
तभी अचानक से किसी के हसने की आवाज़ सुन के सब दर जाते हैं..... उनकी हालत खराब हो जाती है.....
रूही : हहहहहहहह.... क्या कहा भूत..... क्या यार तुम लोग भी न 21सत सेंचुरी में भूतों की बात कर रहे हो.... इतना hi नहीं दर से कांप भी रहे हो....
विजय : दर सभी को लगता है... गाला सब का सूखता है....
विजय की बात सुन के रूही दोबारा हसने लगती है....
रूही : हहहहहहहह.... यार अब स्प्राइट तो है नहीं तू एक काम कर पानी hi पी ले....
विजय पानी का गिलास ले के पीने लगता है....
विजय : थैंक्स यार पानी देने के लिए....
रूही : मुझे डरने का कोई फायदा नहीं.... क्यों की मुझे भूत वोट से दर नहीं लगता.... जो चीज़ होती hi नहीं उस से डरना कैसा....
विजय : पहली बात तो ये की भूत होते हैं.... और दूसरी ये की हम खुद डरे हुए हैं तुम्हे क्या और क्यों डराएंगे....?
रूही : अच्छा.... तुम्हे क्या लगा मुझे तुम्हारी हरकत का पता नहीं चलेगा.... चुपके से गिलास ले के पानी पिया और फिर उसी गिलास को मेरी तरफ बढ़ा के कह रहे हो की पानी देने के लिए थैंक्स.... मैंने कब तुम्हे पानी दिया....
विजय : k....k....kya कहा तुमने नहीं दिया.... तो फिर किसने दिया....
रूही : अब बस भी करो ये बचकानी बातें.....
विजय : मेरा यकीन करो मैं सच कह रहा हूँ....
रूही : मैं भी सच hi कह रही हूँ की मैंने तुम्हे पानी का गिलास नहीं दिया..... अब मज़ाक बंद करो और ऑफिस चलो इस से पहले की देर हो जाए....
विजय : अगर तुमने नहीं दिया तो फिर.....
ये कह के विजय बाकी सब की तरफ देखता है.... जैसे की पूछ रहा हो की पानी का गिलास उसे किसने दिया.... सब न में अपनी गर्दन हिलाते हैं....
रूही : यार अब बस भी करो.... और ऑफिस चलो....
विजय : मगर वो भूत...
रूही : वो कहीं भगा नहीं जा रहा है.... उसे हम बाद में देख लेंगे.... अब इस से पहले की और देर हो जाए ऑफिस चलो.....
सब ऑफिस के लिए चल देते हैं.....
पारी ख़ामोशी से सब को देखती रहती है.... ख़ास कर के रूही को जो हूबहू उसी की तरह है..... दोनों में ज़र्रा बराबर का भी फ़र्क़ नहीं.... बस फ़र्क़ है तो मिजाज़ का.... और साथ hi किस्मत का.... दोनों की नहीं नहीं बल्कि ये कहना ज़्यादा ठीक होगा की तीनो (पारी.... रूही.... और अवनि....) की किस्मत एक सी hi है.... तीनो पास हो के भी प्रिंस के पास नहीं है.... किसी न किसी वजह से प्रिंस तीनो से दूर है....
इधर प्रिंस मैक्स के साथ ऑफिस निकल जाता है....
मैक्स : क्या बात है यार....? क्या सोच रहा है....? उन शैतानो के बारे में....
प्रिंस : नहीं यार उस से ज़्यादा ज़रूरी इस वक़्त मेरे लिए पारी है.... वो कौन है....? कैसी है.....? उसके बारे में मैं कुछ भी नहीं जानता.... न hi उसे कभी देखा है.... मगर फिर भी वो अपनी सी लगती है.... दिल उसे देखने को करता है.... उसे अपने सीने से लगा के प्यार करने को जैसे तड़प रहा हूँ..... मगर....
मैक्स : मगर क्या.....?
प्रिंस : मगर ये की जिसे देखा नहीं उसके लिए इतनी तड़प क्यों....? क्यों मैं उसे सिर्फ अपने आस पास महसूस कर पा रहा हूँ....? न hi उसे देख पा रहा हूँ और न hi उसे सुन पा रहा हूँ.... मगर फिर भी कल रात से ऐसा लग रहा है जैसे की वो हर पल हर लम्हा मेरे पास hi है.... वो कौन है कैसी है मैं नहीं जानता.... उसके बारे में मैं कुछ नहीं जानता.... वो इंसान नहीं हो सकती क्यों की इंसान गायब नहीं हो सकते.... तो फिर वो है कौन....? और सब से बड़ी बात ये की उसे अपना बनाने के लिए मेरा दिल इतना क्यों तड़प रहा है.....? इस जैसे और न जाने कितने hi सवाल इस वक़्त मेरे दिमाग में घूम रहे हैं.... जिनके जवाब मुझे जल्द से जल्द चाहिए....
प्रिंस के मुँह से अपना बनाने की बात सुन के पारी को जितनी ख़ुशी होती है उतनी hi तकलीफ इस बात से होती है की प्रिंस के इतने पास होक भी वो उसे अपने सीने से लगा के प्यार नहीं कर पा रही है..... दोनों hi एक दूसरे का प्यार पाने के लिए तड़प रहे हैं.... पारी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी दरवाज़ा खुलता है और कोमल रूम में आती है..... रूम में आते hi उसकी नज़रें प्रिंस से टकरा जाती हैं..... वो प्रिंस एक तक बस देखती hi रह जाती है..... प्रिंस आज कुछ ज़्यादा hi स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम जो लग रहा है.... वो ज़्यादा देर तक प्रिंस की आँखों में नहीं देख पाती शर्मिंदगी की वजह से उसकी नज़रें झुक जाती हैं.... और बिना कुछ कहे अपनी चेयर पे बैठ के काम में लग जाती है.... वो प्रिंस से माफ़ी माँगना चाहती है मगर मांग नहीं पा रही..... फाइल में चेहरा छुपा के बीच बीच में चुपके से बस प्रिंस को देखे जा रही है.... ये बात पारी को कुछ अजीब लगती है.... वो ख़ामोशी से कोमल की हरकतों को देख रही है....
प्रिंस भी कोमल की हरकतों को नोटिस कर रहा है मगर कुछ कह नहीं रहा..... वो देखना छह रहा है की कल जो भी कुछ हुआ उस के बाद आज कोमल क्या करती है....?
कुछ देर में रूही और बाकी सब भी आ जाते हैं और सब अपने अपने काम में बिजी हो जाते हैं..... पारी ख़ामोशी से तीनो को देख रही है.... उसकी नज़रें अपनी जान पे तिकी हुई हैं..... दिल में एक तड़प सी उठ रही है.... अपनी जान को सीने से लगा के प्यार करने की तड़प.... जिसके लिए वो न जाने कब से तड़प रही है.... मगर है ऋ निगोड़ी किस्मत.... वो छह के भी अपनी जान को सीने से नहीं लगा पा रही है....
प्रिंस काम में खुद को बिजी कर लेता है..... काम करते करते वक़्त कैसे बीत जाता है पता hi नहीं चलता....
प्रिंस को देखते देखते पारी खामोश बैठी बैठी कब नींद की आगोश में चली जाती है उसे पता hi नहीं चलता.... ज़रा की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....
ज़रा : शाम के 7 बज रहे हैं प्रिंस घर नहीं चलना क्या....?
इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता वहां मैक्स आ जाता है....
मैक्स : प्रिंस तुमने बुलाया....
प्रिंस : हाँ हम को अभी एक अर्जेंट मीटिंग के लिए जाना है....
रूही : मगर आज तो कोई मीटिंग नहीं है.....
कोमल भी रूही की हाँ में हाँ मिलती है....
रूही की बात सुन में मैक्स हैरत से प्रिंस की तरफ देखता जैसे की पूछना छह रहा हो की कौनसी मीटिंग.... प्रिंस इशारे से उसे खामोश रहने को कहता है.... प्रिंस का इशारा पा के मैक्स खामोश हो जाता है....
प्रिंस : वो अभी कुछ देर पहले hi फिक्स हुई है.....
प्रिंस की बात सुन के दोनों एक साथ कहती हैं....
ठीक है तो हम भी साथ जाएंगे.... हम दोनों प्रिंस की सेक्रेटरी हैं... ये सुन के हमारी ज़रा कहाँ चुप रहने वाली थी....
ज़रा : और मैं अपने प्रिंस की सिक्योरिटी गॉर्ड... मेरा साथ जाना तो लाज़मी है.... और वैसे भी आज प्रिंस कुछ ज़्यादा hi स्मार्ट डैशिंग और हॉट न हैंडसम लग रहा है.... इस से एक पल भी दूर रहना अब नामुमकिन सा हो गया है....
ज़रा ने तो बड़ी आसानी से अपने दिल की बात कह दी मगर बाकी तीनो (रूही... कोमल.... और पारी....) छह के भी कुछ नहीं कह पा रही हैं.... किसी न किसी वजह से उनके लैब खामोश हैं....
प्रिंस ख़ामोशी से उठता है और एक नज़र तीनो पे दाल के कहता है....
प्रिंस : किसी के साथ आने की ज़रुरत नहीं.... ज़रा सब को घर जाने का कह के तुम भी घर चली जाओ....
प्रिंस की बात सुन के तीनो का चेहरा उतर जाता है.... रूही और कोमल को ये समझते देर नहीं लगती की नाराज़गी की वजह से प्रिंस उन्हें अपने साथ नहीं ले जाना छह रहा है.... मगर ज़रा की तो गलती भी नहीं फिर उसे साथ न लेजाने की वजह उसे समझ नहीं आती....
ज़रा : मगर प्रिंस....
प्रिंस उसे बीच में hi रोक देता है....
प्रिंस : कोई अगर मगर नहीं.... सब को घर जाने का कह के तुम भी घर चली जाओ....
फिर इस से पहले की उनमे से कोई कुछ कहता प्रिंस मैक्स के साथ वहां से निकल जाता है.... दोनों कार में बैठ के चल देते हैं....
पारी भी उनके साथ हो लेती है....
इधर प्रिंस की बातों से तीनो को बड़ी तकलीफ सी होती है.... रूही और कोमल उदास मन से अपने घर की तरफ चल देती हैं.... मगर ज़रा कहाँ मान ने वाली थी.... प्रिंस तो उसकी जान है जिसे वो खुद से कैसे दूर होने दे सकती है.... वो तो प्रिंस को तब से चाहती आ रही है जब उसे चाहत का मतलब भी नहीं पता है.... ये अलग बात है की प्रिंस ने अब तक न hi उसके प्यार को एक्सेप्ट किया है और न hi उसे ी लव यू कहा है.... मगर उसे अपने प्यार पे पूरा यकीन hai.....use ये यकीन है की एक दिन प्रिंस उसके सच्चे प्यार को ज़रूर अपनाएगा.... ये सोच के वो फ़ौरन बहार आती है और अपनी कार ले के प्रिंस के पीछे पीछे चल देती है....
इधर पारी भी प्रिंस के साथ चल देती है....
मैक्स : यार हम कहाँ जा रहे हैं....? बात क्या है....? कुछ बताएगा....?
मैक्स सवाल पे सवाल किये जा रहा है मगर प्रिंस है की चुप चाप गाडी चला रहा है.... वो मैक्स की किसी बात का कोई जवाब नहीं देता.... कुछ देर बाद प्रिंस कार को एक क्लब के बहार रोकता है और उसे साथ चलने को कहता है.... पारी और ज़रा भी उनके पीछे पीछे अंडर आ जाती हैं....
अंडर जा के प्रिंस और मैक्स एक टेबल पे बैठ जाते हैं... प्रिंस शराब मंगवाता है.... और पीने लगता है...
मैक्स : यार अब कुछ बताएगा भी की क्या हुआ है....? ऐसी क्या बात है जो तुझे परेशान कर रही है....?
प्रिंस : किसने कहा की मैं परेशान हूँ....?
मैक्स : किसी के कहने की क्या ज़रुरत है.... तेरे चेहरे को देख के साफ़ पता चल रहा है की तू परेशान है.... बेहद परेशान.... कोई बात तो ज़रूर है जो तुझे अंडर hi अंडर बेहद तकलीफ पहुंचा रही है.... तेरा दोस्त हूँ यार एक दोस्त की तकलीफ न देख पाऊं तो ये दोस्ती hi क्या....
मैक्स की बात सुन के प्रिंस शराब का गिलास उठा के उसे एक सांस में पी जाता है.... फिर....
प्रिंस : यार एक बात बता अगर दोस्त को मेरी तकलीफ नज़र आ रही है तो क्या मेरे प्यार को भी मेरी तकलीफ नज़र आती होगी....
मैक्स : हाँ इस में पूसने वाली क्या बात है.... जो तुझे प्यार करेगा उसे तेरी तकलीफ ज़रूर नज़र आएगी.... और वो उसे दूर करने की कोशिश भी ज़रूर करेगा....
प्रिंस : अगर ऐसी बात है तो फिर उन्हें मेरी तकलीफ क्यों नहीं नज़र आती....?