MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 7 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

नोट – फ्रेंड्स ये अपडेट खतरनाक है. इसको वो लोग बिलकुल भी न रीड करे जिनको टार्चर और बड़सम पसंद न हो. कियोकि पारी का इलाज दर्द है. और दर्द hi उसकी दवा. ये स्टोरी की लिए जरुरी है. और पारी भी ये दर्द पाना चाहती है. यदि आप ये अपडेट नहीं पड़ना चाहते है तो स्किप कर दे केवल पब को इससे मिलने वही पावर को रीड कर ले जो रेड लाइन में है. इतर वाइज इस अपडेट में टार्चर के अलावा कुछ नहीं है.
 
अपडेट 54बी

पब का जब मान भर गया तो उसने से मरना बंद कर दिया और उसके बाल खींच कर बोलै – साली रैंड कैसे अपने मालिक की गौड़ में पारी है. तू कुत्तिया चल मेरे पैरो में बेथ..

पारी को उसकी गली सुन कर बहुत hi अच्छा लगा और वोट क ागयकारी रंडी की तरह उसके पैरो में बेथ गई. और उसके बैठते hi पब ने उसको एक लात मर दी. जिससे वो फर्श पे गिरी और उसका सर फर्श से टकराया. पब ने उसको इसरा कर के अपने नजदीक बुलाया तो वो रेंगती हुई उसके पैरो के निचे आ गई. वो पब के पैरो में ऐसे पड़ी थी जैसे कोई कालीन पड़ा हो.

पब – हरामजादी किट्टिया चल अपने मालिक के तलवे चाट…

और पब ने अपना एक पेअर उसके मुँह पे रख दिया. तो पारी उसको मज़े से चाटने लगी. कभी उसके पेअर की उंगलिया को चुस्ती तो कभी पेअर को चट्टी. पब का दूसरा पेअर उसके नंगे जिस्म पे रेग रहा था. और पब का जहा मान करता वही पर उस पेअर को जोर से दवा देता. तो कभी अपने पेअर से उसके सरीर पे मरने लगता धीरे -2. जब पेअर उसके किसी घाव पे लगता तो उसके सरीर में दर्द की एक लहार सी डोर जाती. पब ने ेके क करके अपने दोनों पैरो को चुसवाया. और फिर खड़ा हो कर एक पेअर को उसके फेस पे रख कर उसे दवाने लगा. पारी को बहुत दर्द हुआ. पैर उतना hi मज़ा भी आ रहा था.

पब ने अपने एक पेअर के अगड़े को उसके मुँह में घुसा दिया. पारी भी प्यार से उसको चूसने लगी. फिर पब ने उस अगड़े को उसकी छूट में घुसा दिया. तो पारी की एक आह्ह्ह्हह निकल गयी. पब को उसकी छूट में फिर से पानी की कमी नजर आयी. पैर अभी उससे रुका नहीं जार अहा था. उसका लुंड अपने पुरे उड़ान पर था. वो एक रोड की तरह सख्त हो चुक्का था. पब को अब उसको संत करना था. पैर पारी अभी पूरी तरह गरम नहीं हुई थी. तो पब ने झुक कर उसके बालो को पकड़ा और उसको उप्पेर उड़ने लगा.

पब – मादरजात रंडी, कुत्तिया चल अपने मालिक का लुदा चूस. मैं भी देखु तू अपने मालिक को खुस कर पति है या नहीं.

पारी ये सुन कर मुस्कुरा उडी और पब की आखों में ख़ुशी से देखने लगी. और एक हाथ लुंड पैर रख दिया. तभी पब ने उसके गाल पे एक छत्ता मर दिया..

पब – बहन की लोदी हाथ मत लगा जवान चला अपनी. पहले जवान से खुस कर फिर हाथ लगाना..

पारी तुरंत अपना हाथ हटा लेती है. और अपनी जीव बहार निकल कर उसके टोपे के फिरने लगती है. पब की तो अह्ह्ह्ह निकल गयी. पारी अपनी जीव की नोक से उसके टोपे को छेद रही थी. फिर उसके छेद को छेड़ने लगी पब का हल और बुरा होने लगा उसका लैंड और फूलने लगा. पारी ने अपनी जीव से लुंड को चेतना सुरु कर दिया. पर अभी तक उसे मुँह ने नहीं लिया था. पब तरप रहा था अपना लुंड उसके मुँह में घुसने को पैर पारी ले नहीं रही थी. पब ने एक तप्पड़ उसकी पथ पे मारा और बोलै – मुँह में ले इनको कुत्तिया. चाट क्यों रही है.

पारी पब की बेचैनी को समाज रही थी पर को उसको तर्पण चाहा रही थी. पारी – मालिक आप और मारिये तब hi लगी इसको मुँह में नहीं तो नहीं लेती मैं…

पारी की बात सुन कर पब को गुस्सा आ गया. एक तो वो पहले hi अपने आप को कण्ट्रोल नहीं कर प् रहा था. और पारी के इस तरह मन करने पैर उसका पारा हाई हो गया. वो पूरा दानव बनता जार अहा था. एक तो उसका मंद इतनी लड़कियों के मंद में ये रीड कर के hi बहुत खराब था की किनको दर्द में मज़ा आता है. उसके मंद में भी ये बात बेथ गयी थी की वो भी किसी को दर्द दे कर देखेगा की उसको मज़ा आता है या नहीं. इसलिए hi कामिनी के इतनी बार लुंड चूसने पर भी उसको संतुस्ती नहीं मिली थी. और अब पारी को दर्द देने में उसको बहुत मज़ा मिल रहा था. जब पारी चीखती तो उसको आनंद का अनुभव होता. और फिर जब वो ये देखता की पारी को भी इस दर्द में मज़ा आ रहा है तो उसका जोश दुगना हो जाता. पैर फिर भी उसके मंद में कही पर ये था की पारी मेरी बीबी है और मैं उसको दर्द नहीं दे सकता. पर वो जनता था की पारी का दर्द hi पारी का इलाज है. तो वो पारी को दर्द दे रहा था पैर पूरा जगली नहीं बना था. पैर अब पारी के मन करने से उसके गुस्से में आने से वो पूरा दानव बनने लगा था. तो पब अपने एक हाथ एक उसके बालो को खींचता है और दूसरे से उसके फेस पे ला कर उसके मुँह को दबा देता है.

पब – बोल हरामजादी अब चूसेगी की नहीं…

पारी के मुँह से आवाज नहीं निकल प् रही थी तो वो सर हिला कर मन कर देती है. पब घुसे में उसका मुँह छोड़ कर उसके मुँह पे थूक देता है. और बोलै – रंडी तू ऐसे नहीं मानेगी रुक तुझको बताता हु अभी..

पारी – हां मालिक मारिये अपनी रंडी को अपनी गुलाम को.. ये जब hi आपका कहना मानेगी… देखिये आपकी गुलाम के जिस्म से कही भी खून नहीं निकल रहा है. क्या आप अपनी इस गुलाम को ऐसे hi छोड़ देगी. मारिये और खून का भी सवाद लीजिये…

पारी की बाटे आग में घी का काम करती है. और पब तुर्रंत निचे से आयी एक बेल्ट को निकल कर उसकी पथ पे मरने लगता है. और पारी की चिके गुजने लगती है. हर बार बेल्ट उसके सरीर पैर अपनी चाप चुद रही थी. और पारी चीखे जा रही थी. तभी पब ने उसे उसके बालो से खींच कर अपने लुंड के पास कर दिया अबकी बार पारी ने उसके लुंड को मुँह में ले लिया. और उसको बड़ी hi ऐडा से चूसने लगी. तो पब उसको मरना बंद कर देता है. और आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह क्या बात है… पारी तू तो कामिनी से भी अच्छा चूस रही है… चूस और जोर से चूस मेरी रानी… ओह्ह आअह्ह्ह काटी क्यों है कुटिया.. तू आज अपनी चमड़ी निकलवा कर hi मानेगी

पारी बेल्ट रुकते hi उसके लुंड पे दन्त गदा दिए थे. जिससे पब को फिर से गुस्सा आ जाता है. और फिर उसकी पथ को छिलने लग जाता है. और पारी उसके लुंड को चूसने लग जाती है. वो अपने दर्द को अपने ांदन जब्ज कर लुंड को चुस्ती रहती है. फिर पब बेल्ट को छोड़ कर उसके सर पे तप्पड़ मरने लगता है जिससे पूरा लुंड उसके हलक में उतर जाता है. और वो गऊ गऊ की आवाजे करने लगती है. फिर उसके बालो को खींच कर लुंड थोड़ा सा बहार निकर्ता है और फिर तप्पड़ मर के उसके मुँह में घुसा देता है. और बिच बिच में उसकी चिली हुई पथ पे तप्पड़ भी मरता है. एक दम पब को कुछ सूझता है तो वोट क हाथ से उसकी नाक को दबा देता है और डरने हाथ से सर को पकड़ कर उसके मुँह में जटके मरने लगता है. पारी की सास रुक गयी थी. मुँह में एक विशाल लुंड और नाक उंगलियों से बंद.. उसकी तो आखें hi बहार को आ गयी थी. पैर पब रुकता नहीं है. उसके मुँह को छोड़ता जाता है. पारी की आँखों से आशु निकलने लगते है. वो अपने हाथो से उसको पीछे करने की कोसिस करती है. पैर पब से छूटना नामुनकिन था. जब वो ज्यादा hi जटपटाने लगती है तो पब उसको छोड़ देता है. पारी के मुँह से उलटी निकल जाती है. और वो बुरी तरह खस्ने लगती है. पैर पब उसको खास्ती हुए hi बालो से पकड़ कर तप्पड़ मरने लगता है. और बोलता है. बोल हरामजादी कुत्तिया अब मन करेगी मुझे अब मन करके दिखा…

पारी को पब एक रबड़ की गुड़िया की तरह उदा कर बीएड पे फेक देता है. और तुन्नंत hi उसे बीएड के किनारे तक खींच कर अपना लुंड उसकी छूट से लगा देता है. और अब तो वो पूरा दानव बन चुक्का था. और एक hi जटके में पूरा लुंड पारी की छूट में उतर देता है. पारी की एक गगन भेदी खींच निकल जाती है. पैर इससे उसकी छूट पूरी गीली हो चुकी थी. और पब बिना रुके फुल स्पीड से उसको छोड़ने लगता है. पारी चिकने के अलावा और कुछ नहीं कर प् रही थी. पब अपना मंत्र पांडा भी भूल चुक्का था. और तो बस अपने दांतो को कास के पारी की छूट का भोसड़ा बनाना में लगा हुआ था. पारी के मुँह से चीख और आँखों से आशु लगातार निकल रहे थे. कुछ देर में पारी की छूट पब के लुंड के हिसाब से फेल चुकी थी. तो पारी की चीखे बंद हुई और उसने सबसे पहले पब को मंत्र पड़ने को बोलै. पब भी उसकी बात सुन कर मंत्र पड़ता है. पर वो लगातार अपने लुंड को पारी की छूट में आगे पहिचे करता जार अहा था. पारी की छूट इस भयानक चुदाई से सूजने लगी थी. बीएड शीट पे खून का बड़ा सा धब्बा बन गया था. कुछ खून फ्लोर पे भी था. पर पारी को इस दर्द में छोड़ने का बहुत hi मज़ा आ रहा था. पारी अब पब को और तेज़ छोड़ने को कहा रही थी और खुद भी अपनी गांड उदा उदा कर उसका पूरा सात दे रही थी. पारी के छूट से निकले रास से लुंड पूरा गिला हो चुक्का था. और फच फच की आवाज कर रहा था. पब बिना रुके फुल स्पीड से चोदे जा रहा था. पब तो इस चुदाई में सबसे जयादा मज़ा आया था. पारी की कासी हुई छूट को भोसड़ा बनाना में उसका लुंड भी दर्द करने लगा था. वो भी एक दो जगह से छील गया था. पर चुदाई को जो मज़ा उसको आ रहा था उससे दर्द का कोई असर नहीं हो रहा था. पारी का दर्द धिरे धिरे काम होने लगा तो वो फिर से सुस्त पड़ने लगी. वो फिर से पब को बोली आप छोड़ते हुए भी मारिये मुझको नहीं तो मेरा हो नहीं पायेगा.

पब उसकी बात सुन कर हैरान हो गया. कियोकि अभी तक वो 2 बीबियो को पहले छोड़ चुक्का था. पैर दोनों hi इस दर्द में बेहोश होने वाली थी पैर पब के लुंड की वजह से हुई नहीं थी. और यहाँ पारी को दर्द फील नहीं हो रहा था. तो पब उसके ऊपर जुक पर उसके चुचो को काटने लगा. उसके चुचो पे पहले से hi इतने गांव थे उन पर फिर से दंड लगने से पारी दर्द में बिलबिला गई और उसकी उत्तेजना फिर से बढ़ने लगी. पब लगातार उसके चुचो को कट्टा और उसके खून को चाट कर साफ़ करता. पब को छोड़ते हुए 30मं से ऊपर हो चुके थे. उसको लगने लगा की अब वो और जयादा टाइम नहीं रुक पायेगा तो उसने पारी से पूछा तो पारी ने बोलै की उसका तो हर उच्च देर में होने को होता है. और फिर रुक जाता है. आप मुझको लगता दर्द देंगे तब भी मेरा हो पायेगा. नहीं तो सब ादुरा रहा जायेगा.. पारी की बात सुन कर पब कुछ देर सोचता रहा फिर उसने अपना लुंड उसकी छूट से बहार निकल कर उसको पलट दिया और उसको कुत्तिया बना दिया. और एक hi जटके में लुंड को फिर से अंदर कर दिया. और उसस्के बोलै – साली कुत्तिया तू बहुत बरी रंडी है इतनी चुदाई से और कोई होती तो वो 4 बार बेहोश हो चुकी होती पर तुझको तो मज़ा भी नहीं आया रुक अब में तेरी वो हालत करुगा की तुझको नानी याद आ जाएगी.

और पब उसकी छूट से पूरा लुंड बहार करके एक hi जटके में अंदर करने लगा और उसकी चूचियों को आते की तरह गुट्टा तो कभी गांड पे तप्पड़ो की बारिश कर देता. अब इन दर्द बरी चुदाई में पारी को फुल मज़ा आने लगा. पर वो जड़ने के करीब नहीं पहुंची थी तो पब ने अपना लुंड बहार निकल कर पास ने पारी पारी की पेंटी से साफ़ किया तो लुंड एक दम सुच गया. और एक हाथ उसके मुँह में घुसा कर उसकी साडी फिंगर को गिला कर लिया. अब पब ने एक बार में hi अपना सूखा लुंड उसकी छूट ने एक बार में उतर दिया. और दोनों के मुँह से चीख निकल गई. पब का लुंड भी इस परहर से घायल हो गया था. और पारी की तो दर्द से बेंड बज गई थी. पब रुका नहीं दर्द में भी सूखे लौंद को आगे पहिचे करता रहा. इस दर्द से पारी अपने अंतिम पर्व पे पहुंच रही थी. तब hi पब ने अपनी गीली 3 फिंगर को उसके गांड के छेद पे रख कर पूरी ताकत से अंदर उतर दिया. ुंचुड़ी गांड में एक बार में 3 उगलिया. पारी की दर्द से हालत ख़राब हो गयी वो बेहोश होने क ओहो गई. पैर तब hi दर्द में वो चार्म पे पहुंच गई. और बुरी तरह जड़ने लगी. पारी को जड़ता देख पब ने भी अपने रुके हुए लावे को 4-5 जातको में hi निकलना सुरु कर दिया. और उसकी गांड में से फिंगर को निकल कर उसे ऊपर hi लेट गया. पारी भी उसने निचे पेट के बल पारी हुई अपनी सासो को सभालने में लगी थी. दोनों की आखें बंद हो चुकी थी. और कमरे में एक चमक फेल चुकी थी. दोनों hi बहुत देर तक ऐसे hi पड़े रहे
 
अपडेट 55

पारी भी उसने निचे पेट के बल पारी हुई अपनी सासो को सभालने में लगी थी. दोनों की आखें बंद हो चुकी थी. और कमरे में एक चमक फेल चुकी थी. दोनों hi बहुत देर तक ऐसे hi पड़े रहे. पारी की तो हालत बहुत ख़राब थी. उसकी छूट में पब का लुंड फसा हुआ था. और उसके पूरा ससिर दर्द कर रहा था. उप्पेर से पब पूरा उसके उप्पेर hi पारा था. पब आज के सेक्स में इतना थक गया था की 2 मं में hi वो उसके उप्पेर hi सो गया. पारी उसके निचे पड़ी रही अपनी छूट में उसके लुंड को फसाये हुए. पारी ने पता नहीं क्या सोच कर पब को अपने उप्पेर से हटाने की कोसिस भी नहीं करि और वो अपने दर्द को बरदास करती हुई उसे निचे लेती रही. 3 ऑवर तक पब उसके उप्पेर hi सोता रहा. और पारी की छूट में लुंड था और पूरा ससिर दर्द से तरप रहा था. तो उसको एक पल को भी नींद नहीं आयी. वो बस दर्द को पिटे हुए पब के निचे लेती रही. जब 3 हॉर्स के बाद पब की आंखें खुली तो उसको अपनी स्तिति का बाण हुआ. वो तुर्रंत पारी के उप्पेर से एक साइड में हो गया. पब ने साइड में होते hi सबसे पहले टाइम देख तो वो चूक गया की वो पारी के ऊपर 3 हॉर्स से पारा है. और पारी ने उसको हटाया भी नहीं. उसने पारी के फेस की और देखा तो उसके फेस पैर दर्द, संतुस्ती, प्यार के मिले झूले बाव थे. पब उसको गुर रहा था. जैसे पूछ रहा हो की तुमने मुझको हटाया क्यों नहीं? पर पारी बस एक मुस्कान अपने होंटो पे ले आती है. उसकी मुस्कान देख कर पब कुछ बोलने को होता है तो पारी उसके होंटो पे अपनी एक ऊँगली रख कर चुप करा देती है. और बोली – अब सो जाइये रात बहुत हो चुकी है. हम सुबह बात करेंगे.

पब को भी लगा की पारी की हालत अभी बात करने लायक नहीं है. पर वो ये भी जनता था की सुबह तक पारी एक दम ठीक हो जाएगी. इसलिए वो भी पारी को बाँहों में ले कर सो गया. पारी को भी उसकी बाँहों में जाते hi नीड आ गाइट hi याय ु कहिये की वो दर्द से बेहोश हो चुकी थी.

सुबह के 10 बज चुके थे. पर अभी तक उन दोनों में से कोई भी नहीं उदा था. दोनों अभी भी एक दूसरे से चिपक कर सो रहे थे. कुछ hi देर में पारी की नीड टूट जाती है. तो उसको एहसास होता है की अभी उसके सरीर में कही भी दर्द नहीं है. वो पूरी तरह ठीक है. वो अपने को देखने के लिए उड़ने लगती है तो पब उसको अपने बांहो में फिर से जकड लिटा है. तो पारी भी उसको सोता हुआ देखती रहती है. और उसकी बाँहों में लेती रहती है. 1-1.5 हॉर्स के बाद पब की भी नीड खुलती है तो वो पारी को अपनी और प्यार से देखता हुआ पता है. पब को भी उसपे बहुत प्यार आता है और वो पारी के होंटो पे एक किश कर देता है. और दोनों उड़ कर बेथ जाते है. दोनों अभी तक नंगे hi थे. पारी के बूब्स चमक रहे थे. उसके सरे गांव गायब हो चुके थे. पारी अपनी बॉडी को देख कर हैरान हो रही थी तो पब ने उसको सब बता दिया की वो अभी भी कुवारी है. और उसका सारा दर्द भी इस क्रिया के पुरे होने के बाद ख़तम हो जाता है.

पब – एक बात बताओ , तुमने रात को मुझको एक साइड क्यों नहीं किया था. क्यों दर्द में होते हुए भी मुझको अपने उप्पेर hi रहने दिया.

पारी – (नजरे चुराते हुए) वो यदि में आपको साइड में करती तो आपकी नीड ख़राब हो सकती थी न.

पब – पागल हो क्या. मेरी नीड ख़राब नाह ो इसलिए दर्द में भी ऐसे hi पड़ी रही…

पारी – हाँ आपके प्यार में पागल हु. आपके लिए कुछ भी कर सकती हु. और बसे भी उसकी एक ये भी वजा थी की में आपको अपने अंदर और कुछ देर तक महसूस करना चाहती थी. आपकी सात बताये ये पल मेरी जिंदगी के सबसे हसीं पल है.

पब – हसीं पल?? तुम दर्द से रो रही थी. मैं तुम्हारे उप्पेर जानलेवा हमले कर रहा था. तुम्हारे ससिस के हर हिस्से से खून निकल रहा था. और ये सब तुमको हसीं लग रहा है. मैं hi जनता हु. की मेरे दिल पे क्या बीत रही थी उस टाइम.. मुझको अभी भी दुःख है की मेरे तुम्हारे साथ वो सब किया. (और पब की आखें भर जाती है)

पारी – नहीं नहीं आप दुखी मत होना. ये सब मेरी hi चाहा थी. बिना उस सब के में कभी भी वो सुच नहीं प् सकती थी जो काल रात को मेने पाया है.

पब को पारी की बातो से उस पर बहुत प्यार आया तो उसने उसको अपने गले से लगा लिया. दो जवान नंगे जिस्म फिर से मिल चुके थे. दोनों की भावनाये भड़कने लगी थी. पब ने पारी के होंटो को अपने होंटो में कैद कर लिया और उनको चूसने लगा. पारी भी पूरा साथ देने लगी. दोनों के हाथ एक दूसरे के जिस्म पे चल रहे थे. दोनों hi मदहोश होते जा रहे थे. पब के हाथ उसकी चूचियों को सहलाने लगे थे. वो बड़े hi प्यार से उसकी चूचियों को मसलने लगा था. पारी को भी अपने खून में उबाल अत हुआ लग रहा था. वो पब से और सात गयी थी तो पब के हाथ उसके चूतड़ पे पहुंच गए और उनको सहलाने लगे. आपरी के हाथ भी कूद बा कूद उसके लुंड पे पहुंच गए थे. अभी पारी का जिस्म गरम हो चूका था. अभी दोनों की सासे पलने लगी तो दोनों को अलग होना hi पारा. पर जब दोनों अलग हुए तब पारी को अहसास हुआ की वो बिना मार पिट के hi एक नार्मल लड़की की तरह गरम हो रही है. वो इस बात से बहुत खुश हो गई की वो अब पूरी तरह से ठीक है. पर उसको समाज नहीं आया की ये सब कैसे हुआ. पारी को कुछ सोचता हुआ देख कर पब ने उससे पूछा

पब – क्या हुआ जान, कहा खो गई?? मेरा किश करना पसंद नहीं आया क्या..

पब की बात से पारी अपनी सोच से बहार निकली और बोली – नहीं जी आपका प्यार तो मेरे जीवन का अमृत है. में इसको पसंद नहीं करुँगी तो मेरा जीवन hi बेकार है. पैर में कुछ सोच रही थी..

पब – क्या??

पारी – अभी आपके थोड़ा सा सहलाने और किश करने से hi में गरम होने लगी. जबकि ये मेरे लिए पॉसिबल नहीं था. ये तो नार्मल लड़कियों के साथ होता है.

पब (खुस होते हुए) – ये तो अच्छी बात है की तुम पूरी तरह से ठीक हो गई. पर कैसे हुई ये सोचने की बात है. सायद गुरु को पता हो..

पारी – ठीक है दीदी से पूछ लगे. आपको आपकी सकती मिली या नहीं..

पब – हाँ मिल गई होगी. कियोई तुम ठीक हो गई हो तो क्रिया पूरी हो चुकी है. तो उसका फल भी मिल चुक्का होगा न.

पारी – हाँ बात तो आपकी सही है. पर चक तो चाहिए न ?

पब – पर कैसे. अभी तो में किसी को छोड़ नहीं सकता न.

पारी उसकी बात सुन कर मुस्कुराती है. और उसके लुंड को पकड़ लेती है. और सहलाने लगती है. पब उसको दूर करता है.

पब – पारी तुमको पता है न की अब में ये सब नहीं कर सकता

पारी – हाँ जानती हु. पर आप मेरे मुँह को तो छोड़ सकते है न. आप मेरे मुँह को छोड़िये और देखिये की आपकी सकती कैसे काम करती है.

पब को भी पारी की बात सही लगी कियोकि पहले भी वो सुरु सुरु में मंद रीड नहीं कर प् रहा था. सकती तो थी पर वो उसका इस्तिमाल नहीं कर प् रहा था. तो वो इस पावर को भी सही से उसे करना सिखने के लिए पारी के मुँह को छोड़ने की सोचता है. और छोड़ने की सोचते hi उसका लुंड खड़ा हो जाता है. फिर वो सोचता है की अभी नहीं फिर कभी करेंगे. तो लुंड एक दम से बेथ जाता है. ये देख कर उसको समाज आ जाता है की अब उसका लुंड उसकी सोचने से hi काम करेगा. तो वो फिर से पारी के मुँह को छोड़ने की सोचता है तो लुंड फिर से खड़ा हो जाता है. वो पारी को निचे बिता कर खुद उसके सामने खड़ा हो जाता है. तो पारी उसके लुंड को मुँह में ले लेती है. और चूसने लगती है. पब उसके सर को पाकर कर धीरे -2 उसके मुँह को छोड़ने लगता है. पब को पारी के मुँह में भी छूट के जैसा मज़ा आ रहा था. पारी भी लुंड चूसने से hi गरम होने लगी थी. पब चक करने के लिए एक दम सोचता है की अब मुझको जड़ना है तो वो तुर्रंत hi जड़ने लगता है पारी कोई स्की जरा भी उम्मीद नहीं थी की उसके मुँह में इतनी जल्दी वीर्य आ जायेगा. तो उसको एक दम से विरए पिने में खासी आ जाती है. पैर वो अपने मुँह को बंद करके hi खास्ती है और विरए को मुँह से गिरने नहीं देती. और उसको पूरा पी जाती है और पेट hi जोर से खस्ने लगती है. पब उसे अपने विरए की लिए भी इतनी दीवानगी देख कर खुश हो जाता है. और उस को गले लगा लेता है.

पब – पारी तुम वाकई मुझको बहुत चाहती हो.. मैं बहुत खुश हु तुमको पत्नी के रूप में प् कर.

पारी – ये तो मेरी खुदकिस्मत है की आप मुझको प् कर खुस है. आपके लिए मेरे दिल में क्या है ये मैं कभी किसी को सब्दो में बता नहीं सकती. आप इस दासी के मन की बावनाओ को समजे ये मेरे लिए बहुत ख़ुशी की बात है.

पब – देखो आज तो तुमने खुद को दासी बोल दिया आज के बाद कभी मत बोलना. तुम मेरे दिल की रानी हो. और में तुम्हारा सिर्फ पति हु भगवन मत बनाओ. Ok ..

पारी – ok जी आप जैसा कहे..

पब पारी को ऐसे hi गले लगाए हुए बात कर रहा था. तो उसकी भावनाये बादक रही थी. पैर लुंड खड़ा नहीं हुआ था. पब की अपनी भावनाओ को कण्ट्रोल कर के उसे खुद से दूर किया. तो पारी के चेहरे की चमक फीकी पद गई.

पब – क्या हुआ उदास क्यों हो गई..

पारी – अपने मुझको अलग कर दिया, आपकी बांहो में कितना अच्छा लग रहा था.

पब पारी की बात सुन कर फिर से उसको अपनी बाँहों में खींच लिया. वो समाज रहा था की ये एक लम्बे टाइम की दभड़ास है. जिसको ख़तम करने के लिए उसे पारी को अपने साथ रखना होगा. नहीं तो ये ससिर से तो फिट हो जाएगी. पैर मान क ीक कोने में मेरे पास रहने की इच्छा बानी रहेगी. अभी पारी जिन परिस्तितियों से निकली है. उसको उससे पूरी तरह निकलने के लिए इसे बहुत प्यार देना होगा तब hi इसका हतास मान संत होगा.

पब – पारी अब हमको बहार चलना चाहिए देखो 1 बजने को है. सब क्या सोच रहे होंगे हमारे बारे में.

पारी पब की बात रही लगी. तो वो जल्दी से वाश रूम में घुस गई और फ्रेश हो कर आई. तो फिर पब वाश रूम में चला गया और जब वो बहार आया तो पारी बहार जा चुकी थी. तो वो भी बहार की और जाने लगा. पब को भूख भी लगी थी तो वो सिदा दिंनिंग टेबल पे जा कर बेथ गया. सविता उसको देख कर मुस्कुराई और उसके लिए खाना ले कर आ गई. पब ने बिना सविता की और देखे खाने पे टूट पड़ा. सविता उसको देख कर मुस्कुराये जा रही थी. तभी कामिनी भी आ गई. और वो पब को देख कर हसने लगी. कामिनी के पीछे hi पारी भी किचन से बहार आयी.
 
अपडेट 56

पब को भूख भी लगी थी तो वो सिदा दिंनिंग टेबल पे जा कर बेथ गया. सविता उसको देख कर मुस्कुराई और उसके लिए खाना ले कर आ गई. पब ने बिना सविता की और देखे खाने पे टूट पड़ा.

सविता उसको देख कर मुस्कुराये जा रही थी. तभी कामिनी भी आ गई. और वो पब को देख कर हसने लगी. कामिनी के पीछे hi पारी भी किचन से बहार आयी. और कामिनी को हस्ता हुआ देख कर बोली

पारी – क्या हुआ दीदी आप है क्यों रही है?

कामिनी – इनको देख कैसे खा रहा है. लगता है रात को कुछ ज्यादा hi म्हणत की है.

तभी गुरु भी आ पहुंची – किसने की है म्हणत और कहा पे??

सविता गुरु की बात पे है दी – दीदी हमारे पति देव ने म्हणत की है. इस पारी पे. देखो एक hi रात में कितना बदल गई है.

सविता की बात सुन कर पारी शर्मा गई. तो गुरु बोली – हाहाहा, हाँ लगता तो है की म्हणत बहुत की है. पैर ऐसा नहीं लगता की तुम्हारे ऊपर काम की थी.

गुरु की बात से कामिनी और तेज़ है दी. और सविता सरमने लगी. पब उन सब के बिच में कुछ नहीं बोल रहा था कियोकि वो जनता था की उसका कुछ भी बोलना उसको भरी पद सकता है. उसकी 4 बिबिया मिल कर उसे छेड़ रही है. और कोई 1 बीबी से नहीं जीत पता यहाँ तो 4 है. ऐसे hi मस्ती चल रही थी की तभी जय आ जाता है. तो वो सब चुप हो जाती है. पब जय को देख कर उसके हाल चल पूछता है. और उसके काम के बारे में भी पूछता है. जय उसको सब बता देता है. और रूम में आराम करने को चला जाता है वो अभी लोटा था कई दिनों के बाद तो वो आराम करना चाहता था. सविता भी उसके पीछे जाने लगती है तो पब उससे अवनि के बारे में पूछता है तो कामिनी बोलती है की ऐडा और अवनि दोनों hi मिल गई है. आज कुछ नयी मशीन आने वाली है तो वो सब कुछ देखने गई है. पब ये सुन कर खुश हो जाता है और फिर कामिनी को बोलता है की तुम भी रेडी हो जाओ हम भी आ मिल पे जायेगे. कामिनी कुछ देर में तैयार हो कर आ जाती है. तो दोनों लोग मिल के लिए निकल जाते है. और घर कर सविता जय के रूम में जा कर अपने भाई के बारे में. और उसके ट्रिप के बारे में बात करने लगती है. जय उसको सब बताता जाता है. और पारी गुरु से बात करती है और रात को क्या -2 हुआ वो बताती है. गुरु भी उसकी बात सुन कर पारी को सबरी देती है की उसने हर दर्द हो सहा कर भी क्रिया को पूरा किया. फिर पारी उसको अपने सही होने के बारे में बताती है तो गुरु कहती है की ये क्रिया की वजह से तो नहीं हुआ है ये तो पक्की बात है. वो किस वजह से ठीक हुई है ये तो अंकिता hi पता लगा सकती है. और फिर दोनों ऐसे hi बातो में लगी रहती है.

ीदार पब मिल पे पहुँचता है तो देखता है की ऐडा और अवनि दोनों hi बहुत hi म्हणत से काम कर रही है. पब पूरी मिल को घूमता है और फिर अवनि को मिल के बारे में कुछ सलहा देता है. अवनि को भी उसकी सब बात ठीक लगती है. अवनि तो पहले से hi जानती थी की पब कितना काबिल है. वो उसकी इसी बात पे तो फ़िदा थी. अवनि को पुराणी बाते याद आते hi उसके मान में पब के लिए प्यार उमड़ने लगता है पर अवनि उसको शो नहीं होने देती है. अवनि अभी भी पब से दूर hi रहना छाहति थी. वो उसको प्यार तो बहुत करती थी पर उसे किसी से बाटना पसंद नहीं आ रहा था. और यहाँ तो लाइन लगी हुई थी. और उस लाइन में एक उसकी माँ भी थी. पर ऐडा की बात hi और थी. वो अपनी अदाए चला रही थी जो पब खूब समाज रहा था पर उसको कोई भी रिप्लाई नहीं दे रहा था. कामिनी भी ऐडा को देख रही थी वो भी समाज रही थी की ऐडा पब को पटाने की कोशिश कर रही है. वॉक हश थी अपनी बेटी के लिए. वो भी चाहती थी की ऐडा की सधी पब से हो पर वो ये नहीं जानती थी की ऐडा तो कबकी पब की पत्नी बन चुकी है. उदार अवनि भी ऐडा की ादयो को देख रही थी और उससे जल रही थी. उसको ऐसा लग रहा था की फिर कोई उससे उसका प्यार चीन रहा है. पैर वो कुछ बोली नहीं बस अंदर hi अंदर दुखी होती रही. तीनो लड़कियों के मान से अलग -2 भावनाये थी. और तीनो hi पब को चाहती थी. पैर पब अभी तीनो को नजर अंदाज कर के केवल काम पे डायन दे रहा था. कियोकि इसकी एक वजह अवनि थी. उसको पता था की अवनि यदि उसे ऐडा के साथ देखेगी तो दुखी होगी. पब के दिल में कितना प्यार अवनि के लिए था उतना किसी के लिए नहीं था. इसलिए वो केवल काम पे डायन दे रहा था. पब की इस बात ने अवनि को रहत भी पहुंचे थी. कुछ देर बाद पब ने मिल के मैं -2 स्टाफ को बुला कर एक मीटिंग राखी. और अभी कुछ देर पहले अवनि के साथ बनाये प्लान उन लोगो को बताने लगा. मीटिंग बहुत देर तक चलती रही. रात के 9 बजे मीटिंग ख़तम हुई तब ये 4रो घर की और निकले. और जब घर पहुंचे तो देखा की सब उनका hi इन्तजार कर रहे थे डिनर के लिए. सब जल्दी से फ्रेश हो कर दिंनिंग टेबल पी ा जाते है.

पब – सॉरी हमारी वजह से सबको इंतजार करना पारा.

गुरु – तो क्या हुआ तुम गए भी तो हमारे लिए hi थे न. क्या रहा मिल पर..

पब – अवनि और ऐडा दोनों ने बहुत hi अच्छे से सभाल रखा सब कुछ. मुझको तो कुछ भी करने की जरुरत hi नहीं पड़ी.

पब की बात से सब मुस्कुरा देते है. सब जानते थे की पब किसी काम की वजह से hi इतना लेट हुआ है यदि काम hi नहीं था तो ये सब लेट क्यों होते..

पब – गुरु तुमको पारी ने बताया की वो अब बिलकुल ठीक हो गयी है.

जय – पारी आपको क्या हो गया था?

जय की बात से पारी बुरी तरह शर्मा जाती है. तो सविता जय को आखँ दिखती है.

सविता – जय तुम्हारे मतलब की बात नहीं है.

पब को भी अपनी गलती का एहसास होता है की उसको ये बात अभी बोलनी hi नहीं चाहिए थी. तो वो बात को बढ़ाने के लिए अंकिता की और देखता है

पब – अंकिता तुम्हारा क्लिनिक केसा चल रहा है. सब ठीक तो है न..

अंकिता – हाँ सब एक दम मस्त है. पर एक बात कहानी थी आपसे..

पब – हाँ बोलो क्या बात है. कोई प्रॉब्लम है क्या?

अंकिता – नहीं प्रॉब्लम तो नहीं है. पर मेरे सब फ्रेंड्स और सब जानने वाले अपने मिलना चाहते है. और पार्टी भी मैग रहे है. सबका कहना है की सधी में नहीं बुलाया कोई बात नहीं पैर अब तो पार्टी होनी चाहिए..

पब – हम्म बात तो सही है. हमको एक पार्टी करनी चाहिए…

गुरु – हाँ सही सोचा है तुमने हमको एक पार्टी करनी चाहिए जिसमे सब को बुलाना चाहिए.

कामिनी – हाँ ये बहुत hi अच्छा आईडिया है. हमको सिटी के सब अफसर को भी बुलाना चाहिए जिससे सब नए ठाकुर से मिल सके.

ऐडा – मैं भी अपनी फ्रेंड्स को बुलाऊंगी.

पेय – मैं भी..

पब – हम्म तो ये तय रहा की हम एक पार्टी करेगी नेक्स्ट वीक. सब लोग अपने सभी फ्रेंड्स की लिस्ट वन लो. और गुरु और कामिनी तुम दोनों सिटी के किस किस अधिकारी को बुलाना चाहती हो वो देख लो. और अंकिता तुम भी देखना कोई छूटे न. मैं पार्टी की तैयारियां कल से hi सुरु करवादिता हु.

पब की बात से सब खुस हो जाते है. और सब एक साथ ok बोलते है.

पब – जय तुम इस पार्टी की साडी जिम्मेदारी सभालोगे..

जय – पर मेने कभी भी ये नहीं किया मैं कैसे कर पाउगा.

पब – अवनि को अत है. तुम अवनि की हेल्प लेना. और वैसे भी सब तुम्हारी हेल्प करेगी… क्यों सब करोगे न जय की हेल्प??

सब एक साथ – यस

फिर सब अपना डिनर कर के खुस होते हुए अपने -2 रूम में जाने लगते है तो पब गुरु और अंकिता को अपने रूम में बुला लेता है.
 
अपडेट 57

पब गुरु से पारी के बारे में पूछता है.

गुरु – हाँ पारी ने मुझको सब बता दिया. पर ये मेरी भी समाज के बहार है. अंकिता hi इसमें कुछ कर रक्ति है. मेने अंकिता को भी बता दिया था.

अंकिता – हाँ मुझको पता है की पारी अब बिलकुल ठीक हो चुकी है. पैर ये मेरे भी समाज नहीं आया की ये हुआ कैसे है. इसके लिए मुझको पारी के कुछ टेस्ट करने होंगे…

पब – हम्म ठीक है तो तुम कल पारी को अपने साथ ले जाना मैं कल जय के साथ खेतो पे जाउगा. तुम पारी को अपने साथ ले जाना.

अंकिता – ok

पब – अच्छा ये बताओ. अब तो खुस हो ने ा अभी और भी कुछ बाकि तो नहीं है.

अंकिता – बहुत खुस हु माय डिअर हस्बैंड… मैं भी एक ऐसी hi पार्टी के बारे में सोच रही थी.

पब अंकिता को अपनी बाँहों ने खींच लेता है – तो इनाम तो दो..

अंकिता धिरे से – दीदी के सामने नहीं..

पब गुरु को भी अपनी तरफ खींच लेता है. और गुरु से बोलै – गुरु यार ये तो शर्मा रही है तुम तो एक किश करो न.

गुरु को भी सरम आ रही थी कर वो पब की बात को समाज रही थी की वो अपनी सभी बीबियो के मान से एक दूसरे के लिए सरम और जीजाक को ख़तम करना चाहता है ताकि फ्यूचर में सब मिल जल कर रहा सके. इसलिए गुरु सरमते हुए पब के होंटो पे अपने सॉफ्ट होंटो को रख देती है. और पब उसके होंटो को चूसने लगता है अंकिता को सरम आ रही थी पर वो देख भी रही थी की उसका पति उसके सामने hi अपनी दूसरी पत्नी को किश कर रहा है. तभी उसको पब का हाथ अपने चूतड़ पे होता है. पब किश गुरु को कर रहा था. और एक हाथ से अंकिता की गांड को सहला रहा था. अंकिता ने अभी एक सॉफ्ट सा नाईट सूट पहना हुआ था. जिससे पब को लग रहा था की वो उसकी नंगी गांड को भी सहला रहा है. पैर फिर भी कपडा तो था hi. इसलिए पब कुछ hi देर में अपना हाथ कपड़ो के अंदर घुसा देता है है और उसके नंगे चूतड़ को सहलाने लगता है. अंकिता तो मरे शर्मा के कुछ बोल भी नहीं रही थी. और उसको मज़ा भी आ रहा था.

गुरु ने पीछे हैट कर किश तोड़ दिया. तो पब अंकिता की और अपने होंठ कर दिए. अंकिता ने भी अब अपने होंटो को उसके होंटो पैर अहा दिया और प्यार से चूसने लगी. और अब पब का हाथ जो की बहुत देर से गुरु की कमर पेट है. वो गुरु के सूट के अंदर घुस कर उसके नंगे पेट पे चलने लगा. गुरु को जब ये फील हुआ तो उसने पब की और देख तो वो तो अंकिता को किश करने में बिजी था. कुछ देर अंकिता के होंटो को चूसने के बाद उसने उसको छोड़ दिया. अंकिता जोर जोर से सास लेने लगी. पब ने गुरु के पेट से भी अपना हाथ हटा लिया था. फिर दोनों बिना कुछ बोले उसके रूम से जाने लगी तो

पब – कहा जा रही हो??

दोनों – अपने रूम में सोने..

पब – नहीं तुम दोनों आज मेरे hi पास सूजी.

दोनों बस पब को देखने लगी पैर कुछ बोली नहीं.

पब – यार मेरी इतनी साडी बिबिया है फिर भी मैं अकेला सोता हु. ये सच्ची बात नहीं है. आज से मैं अपनी बीबियो के साथ hi सौगा. जिसको भी प्रॉब्लम हाउ ो बोल सकती है.

अब दोनों के मुँह से कुछ भी नहीं निकल रहा था. दोनों hi अपने पति के साथ सोना चाहती थी. हर लड़की अपने पति के साथ hi सोना चाहती है. वो तो बस इसलिए नहीं सोती थी की कही पब बादक न जाये और उसने कुछ किया तो सब तभा हो जायेगा. पैर अभी पब के मुँह से ये साथ सोने की सुन कर वो मन नहीं कर प् रही थी. पर फिर भी गुरु बोलती है

गुरु – देखो जान हम सब भी तुम्हारे साथ रहना चाहते है. पैर तुम जानते हो की हम क्यों नहीं एते आपके नजदीक. बस एक बार आप अपना टारगेट प् लो फिर हम आपको एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ेगे.

पब – गुरु तुम्हारी बात तो सही है. पैर तुम भूल रही हो की कल रात को मेने क्या सकती पायी है. तो अब उस बात का कोई दर hi नहीं है.

गुरु भी पब की बात सुन कर खुस हो जाती है. उसको सब समाज आ गया था की पब क्या कहना चाहता है. वो समाज गाइट hi की अब पब का लुंड पूरी तरह से पब के बस में है. गुरु के ये समाज में आते hi वो पब के पास आ कर उसके गाल को किश करती है. और उससे चिपक जाती है.

गुरु – ऊऊह्ह्ह जान मेने तो इस सकती को इस तरह सोचा hi नहीं था. सच में मैं बहुत खुस हु. अब मैं काम से काम आपके साथ टाइम तो बिता सकती हु.

अंकिता को कुछ समाज नहीं आया था. तो वो मूर्खो की तरह उन दोनों को देख रही थी. पब ने जब अंकिता को ऐसे देखते हुए देखा तो उसे अपने पास बुला कर सब बता दिया. वो भी बहुत खुस हो गई. और फिर दोनों सरमाती हुई पब के दोनों और आ गई और उसके साथ सो गई.

सुबह तीनो जल्दी उड़ गए थे. गुरु और पब अपनी सड़ना के लिए रियर गार्डन में चले गए. और अंकिता पारी से बात करने के लिए चली गई. अंकिता ने पारी से उसकी सुहागरात की पूरी कहानी सुनी. अंकिता के तो सुन कर hi गांड पैट गई. और सोचने लगी की इस मासूम लड़की ने एक hi रात में कितना कुछ जिला है. वही पारी के रुके हुए लावे को निकलने की जो तरकीब पब ने अपने उससे वो पब के मंद की दाद देने लगी की कितनी आसानी से ये काम कर दिया. अंकिता सब सुन कर कुछ सोचती हुई पारी को भी रेडी होने को बोल कर खुद भी रेडी होने को चली जाती है.

वही दूसरी तरफ पब अपनी सड़ना पूरी करके जुली से मिलने जाता है. गुरु भी उसके साथ थी. जब वो वह पहुते है तो जुली की टीम सभी लड़कियों को एक्सरसाइज करवा रही थी. जुली पब को देख कर उसके पास आ जाती है.

पब – जुली तुमने सुरु कर दी इनकी ट्रेनिंग. कब से किया सुरु.

जुली – कल से सुरु किया है. पर अभी तो एक्सरसाइज hi सुरु की है. पर एक बात है.

पब – बोलो क्या बात है.

जुली – वो कल मेने फील किया की से सब लड़किया पहले से बहुत सुस्त हो गई है. और कही खोई खोई सी रहती है. ागता hi नहीं की इनकी बॉडी और मंद दोनों एक साथ वर्क कर रहे है.

गुरु – हाँ अंकिता ने भी कुछ दिन पहले ये hi बोलै था. की इन सब लड़कियों को फैसिकालय एक्स्ट्रा वर्क करने की जरुरत है. नहीं तो कुछ भी हो सकता है. अंकिता ने एक लड़की का चक उप किया था. पारी की वजह से तब उसने बताया था. की इनका डायन किसी और साइड में दिवेर्टेड करना होगा. तब hi से सही रहा सकती है वैसे भी खली bêthe हुए तो अच्छा खासा इंसान बीमार हो जाता है.

पब – हम्म लगता है मेरा इनको ट्रेनिंग देने की सोचना सही है. पैर इनको मोटीवेट करना होगा. अच्छा कल सयम को इनकी हालत किसी थी.

जुली – कल मेने कुछ ज्यादा नहीं करवाया था. पैर इनको देख के लग hi नहीं रहा था की ये कुछ भी कर के आयी है. जैसे सुस्त सी सुबह थी वैसी hi स्याम को भी थी.

पब – हम्म मेरे हिसाब से आज तुम इनकी एक दम हार्ड एक्सरसाइज करवाओ. कोई भी स्याम तक 1 मं को भी न बैठे. अभी पेट भर खाना दो और फिर स्याम को देना. फिर देखो की इनकी बॉडी कैसे रियेक्ट करती है. पैर उससे पहले मैं इस सब से बात करना चाहता हु. सब को एक हॉल में ले आओ.

जुली पब की बात सुन कर सबको एक हॉल में ले आती है. और पब उन सबके सामने एक टेबल पे खड़ा हो जाता है.

पब – किसी हो आप सब?? (पब तेज़ आवाज में पूछता है)

सब की मिली जुली आवाज – हम ठीक है.

पब – मैं तुम सबसे कुछ कहना चाहता हु. क्या तुम सब मेरा कहा मानोगी??

सब – हाँ

पब – तो फिर जुली का साथ दो. मैं चाहता हु की जो तुम्हारे साथ हुआ है ऐसा किसी के साथ न हो. और सबसे बड़ी बात ये है की जो तुम्हारे कहा होने का जिम्मेदार है उसको तुम खुद सजा दो. उसको बता दो की औरत खिलौना नहीं एक सकती है. एक ऐसी आग है जो यदि दिमि हो तो घर को रोशन करती है. और यदि भड़क जाये तो सब कुछ मिटा देती है. क्या तुम सब अपना बदला लीना चाहती हो?? मैं तुम्हारे साथ हु. तुम लोग डौगी मेरा साथ??

सब – क्या सच में आप हम सबका बदला लगे??

पब – नहीं मैं नहीं लगा. तुम सब को खुद लेना है. जुली तुमको सिखाएगी की ऐसे इंसानो से कैसे निपटा जा सकता है. और फिर तुम सब मिल कर खुद लोगी अपना बदला. मैं तुम लोगो के साथ हर कदम पर हु. पर तुमको खुद ली लड़ना होगा अपने लिए. बोलो लड़ेगी??

सब – हाँ हम सब तैयार है. हमको भी उन लोगो को बताना है जिनने हमको धोखा दिया. या हमको कमजोर समजा.

पब – हाँ मैं भी यही चाहता हु की तुम दिखा दो दुनिया को तुम कमजोर नहीं हो. तुम सकती हो. तुम संसार को बसा भी सकती हो तो नाश भी कर सकती हो…

सब – हम सब आज से अभी से सिर्फ और सिर्फ जुली जी के हिसाब से hi हारक ऍम करेंगे.

पब – गुड अब मैं चलता हु. मैं भी तुम सबके साथ ट्रेनिंग लगा..

पब फिर टेबल से उतर आता है. और जुली को इसरा करके बोल्ड एटा है की वो जा रहा है और वो कहे अनुसार उनकी ट्रेनिंग सुरु करे. अभी सब लड़कियों के मान में बदले की भावना पनप गयी थी. वो बस अब बदला लेना चाहती थी. पैर उनमे से कुछ तो ऐसी थी की जिनको याद भी यही था की वो यहाँ कैसे आयी थी. उनकी मेमोरी लॉस्ट हो चुकी थी. पैर फिर भी वो सब के साथ थी. जुली ने सब को ब्रेकफास्ट दे कर एक ऐसी ट्रेनिंग सुरु की जिसे नार्मल लड़के भी पीछे हैट जाये. जबकि ये लड़किया थी. पैर ये इतना कुछ झेल चुकी थी की ये वो सब ेअस्लय करती गई.
 
अपडेट 58

यहाँ अपना हीरो वह से निकल कर जब बराक फ़ास्ट के लिए टेबल पे आया तब तक सब जा चुके थे अपने -2 कामो पैर. केवल कामिनी और सविता hi थी. पब ने सविता से जय के बारे में पूछा तो पता चला जय तो सुबह hi खेतो के लिए निकल गया है. तो पब सविता को साथ ले कर खुद भी खेतो पे पहुंच गया. और वह पे सब कुछ समझने लगा. जय से सभी काम को बहुत hi अच्छे दांग से संभाला हुआ था. कही कोई कमी न थी. पब जय के काम को देख के बहुत खुश हुआ. पब ने मजदूरों से भी बात की तो वो भी जय के साथ काम करके खुश थे. उन मजदूरों में एक जय का पुराण दोस्त भी था. वो पहले भी जय के साथ hi सहता था. उसने भी जय के साथ एग्रीकल्चर से डिप्लोमा किया था. पैर घर में बीमार माँ बाप को छोड़ के जाने के जगह वो खेतो में मजदूरी कर रहा था. तो पब ने उसको जय के साथ लगा दिया. और उसको मजदूरों का डायन रखने को बोलै. वो भी खुस हो गया. उसका नाम लखन था.

पब – लखन आज से तुम मजदूरी नहीं करोगे. बल्कि जय के साथ में रहा कर उसकी मदत करोगे.

लखन –बहुत -2 दन्यबाद मालिक की जो अपने मुझको इस लायक समजा.

पब – मालिक नहीं भाई कहो. मैंतुम्हारे भाई जैसा हु. तुम मुझको भी अपना दोस्त मान सकते हो. जैसे जय तुम्हारा दोस्त वैसे में भी.

लखन – आप बहुत अच्छे है भाई…

पब – नहीं तुम भी बहुत अच्छे हो. अच्छा ये बताओ जब तुम पड़े लिखे हो तो सिटी में जा कर जॉब करने की जगह यहाँ मजदूरी क्यों कर रहे हो.

लखन – वो मेरे माँ- बाप दोनों बीमार रहते है. और मैं उनकी इकलौती संतान हु. यदि में चला जाउगा तो उनकी देख भल कोण करेगा. को जो मेरी एक छोटी सी जमीं है उसको कोण देखेगा.

पब – ओह्ह क्या हुआ है तुम्हारे माँ बाप को??

लखन – दोनों की आखें ख़राब हो गयी है. मैं उनको सिटी में हॉस्पिटल में भी दिखा चुक्का हु. डॉ. 20 लाख मांगता है दोनों के इलाज के लिए. पैर मेरे पास तो कुछ भी नहीं है. इसलिए वेद जी की डावाओ से hi उनको ठीक करने की कोसिस में हु.

पब लखन की बात सुन कर सोचता है. की ये भी अपने माँ बाप से उसके जैसे hi प्यार करता है. मुझको इसकी मदत करनी चाहिए.

पब – लखन तुम आज स्याम को हवेली आ जाना.

लखन – ठीक है मालिक .. सॉरी भाई..

पब – मैं तुमको अंकिता से मिलवा दुगा. उसका क्लिनिक सिटी में **** रोड के है. वो तुम्हारी हेल्प कर देगी. तुम कल hi अपने माँ बाप को ले कर जाना. और रस की मत सोचना उसका सारा खर्च में तुमको दुगा.

लखन पब की बात सुन कर उसके पेअर पकड़ लेता है. और बोलता है. – आप तो भगवन है. एक hi पल में मेरी साडी प्रॉब्लम ख़तम कर दी.

पब उसको उडाता है और बोलै – नहीं दोस्त मैं भगवन नहीं हु. मुझको तुमने अपना बिता हुआ कल नज़र आया. मेने भी अपनी माँ और बहन को रस के चाकर में खो दिया. सायद मेरे ये करने से उनकी आत्मा को सन्ति मिले (ये कहते हुए पब की आखें गीली हो गई)

लखन – मैं दुआ करुगा की आपकी माँ और बहन की आत्मा की सन्ति की लिए. आप बहुत hi अच्छे इंसान है आपकी माँ जब आपको उप्पेर से देखती होगी तो उनको फकर होता होगा अपने bête पैर. भगवन आपकी माँ और बहन की आत्मा को सन्ति दे…

पब – अरे छोड़ो इन बातो को ये बताओ की तुम जय को कबसे जानते हो?

लखन – मेरा और उसका बचपन साथ में hi बिता है.

पब – तब तो तुम उसको अच्छे से जानते होंगे?

लखन – हाँ मैं उसकी हर बात को जनता हु. और मुझसे कुछ नहीं चिपटा है. मुझको पता है की आप उसकी माँ के पति हो. और वो भी इस से बहुत खुश है की उसकी माँ आपके साथ खुस है.

पब – पर क्या वो खुस है. मेने उसको कभी भी खुस नहीं देखा. ऐसा लगता है की उसके सीने में कोई दर्द है जो वो किसी को नहीं बताता. पहले तो मुझको लगा था सायद वो मेरे और सविता की वजह से दुखी है. पैर फिर मुझको लगा की कोई और बात है. सविता को भी ऐसा hi लगता है. पैर वो किसी को कुछ नहीं बताता. क्या तुम जानते हो की क्या बात है?

लखन – हाँ जनता तो हु. पर अब कुछ नहीं हो सकता. अब तो वो उम्र भर ऐसे hi उदास रहेगा.

पब – क्यों तैसा क्या हो गया? उसको कुछ बीमारी है क्या??

लखन – हाँ बीमारी hi है. प्रेम रोग है उसको. और प्यार भी उससे करता है जो उसकी कभी हो नहीं सकती.

पब – कोण है वो. मैं खुद बात करुगा अपने भाई के लिए.

लखन (एक दम सोच कर चौक जाता है) – हाँ भाई यदि आप चाहेंगे तो हो सकता है की उसको उसकी खुशिया वापिस मिल जाये. पर आपको जल्दी hi कुछ करना होगा. कियोकि काजल की सधी नेक्स्ट वीक hi है.

पब – हाँ मैं हर कोसिस करुगा. कोण है काजल. किसकी बेटी है वो??

लखन – अपने मुखिया की बेटी है. आप तो मिल चुके होंगे उससे. पैर उसने अपनी बेटी की सधी सिटी के एक बड़े पैसे वाले से तय कर दी है. नेक्स्ट वीक में hi उसकी सधी है. जय को जब पता चला की काजल की सधी कही और हो रही है तो वो मीखिया से बात करने गया. तो मुखिया के आदमिया ने उसको खूब मारा और सड़क पे hi छोड़ दिया. और फिर उसी दिन ठाकुर भानु के आदमी उसको उदा के ले गए. तब से hi वो उदास रहने लगा है. काजल भी अपने बाप के आगे कुछ बोल नहीं प् रही है.

पब – तुमने बहुत अच्छा किया जो ये सब मुझको बता दिया. अब मैं सब ठीक कर दुगा. अच्छा अब तुम जाओ और काम देखो. मैं जय और सविता को ले कर जा रहा हु मुखिया राम लाल के घर.

फिर पब सविता और जय को अपने पास बुलाता है. और घर चलने को कहता है. जय बोलता है की खेतो में बहुत काम है वो काम ख़तम करके आ जायेगा. पैर पब उसको अपने साथ चलने का हुकम देता है. जय भी फिर उसके साथ चल देता है. हवेली पहुंच कर पब गुरु को सब बताता है. और उसको अपने साथ चलने को बोलता है. उससे पहले hi वो सविता और जय को अच्छे कपडे पहन कर तैयार होने का बोल देता है. और खुद भी एक ठाकुरो की तरह तैयार हो कर बहार आ जाता है. और ये सब भी तैयार थे.

सब लोग एक कार में बेथ कर चल देते है गाओं की और. कार पब hi चला रहा था. जय और सविता को कुछ भी समाज नहीं आ रहा था की हो क्या रहा है. पहले खेतो से पेडल घर गए फिर तैयार हो कर वापिस फिर कार से गाओं आ रहे है. जबकि खेतो से गाओं पहले पड़ता था. और हवेली बाद में.

कुछ hi देर मैं कार मुखिया राम लाल के गेट पर रुकी. और पब कार से निचे उतरा. मुखिया के घर पर कार देख कर जय का दिल जोरो से दडकने लगा. पैर वो चुप hi रहा. पब को देख कर मुखिया भाग कर गेट पे आया और बोलै – ठाकुर साहिब आप और इस गरीब के घर, मेरे तो भगाया hi खुल गए. आईये अंदर आईये..

पब सविता और सब को अपने साथ आने का इसरा कर के आगे चलने लगा. सब लोग उसके पहिचे हो गए. राम लाल सविता को देख कर मुँह बनाना लगा. पैर बोलै कुछ नहीं. पब के आगे बोलने की उसमे हिम्मत hi नहीं थी. सब लोग अंदर जा कर बेथ गए. मुखिया उनकी आव भगत में लग गया. पैर वो सविता को इग्नोर कर रहा था. पब भी इस बात को समाज रहा था.

पब – मुखिया जी आप मुझको तो जानते hi होंगे. मैं आपका बाकि लोगो से भी परिचय करा देता हु. ये गुरु है. मेरी पत्नी. और ये है सविता ये भी मरी पत्नी है. और ये जय है. एक दम मेरे भाई के जैसा.

मुखिया – सविता और जय के लिए पब की बात सुन कर चुप रहा. पैर उसको पसंद नहीं आया. कियोकि वो आज भी सविता को अच्छा नहीं समझता था. मुखिया बोलै – बोलिये ठाकुर साहब मैं आपके लिए क्या कर सकता हु..

पब – देखिये मुखिया जी मुझको बात गुमा फिर के बोलने की आदत है नहीं. तो साइड मुद्दे पे आता हु. पैर उससे पहले क्या आप भाभी जी और अपनी बड़ी बेटी काजल को बुला सकते है.

मुखिया उसकी बात सुन कर चौक जाता है. उसके मन में एक दर सा पैदा हो जाता है. वो समाज रहा था की सायद ठाकुर साहब उसकी बेटी का हाथ मांगने आये है. पैर वो तो उसकी सधी कही और करवाने का पूरा इंतजाम कर चुक्का था बस 7 दिन बाद उसकी सधी थी. पर वो सोच विचार करते हुए hi अपनी बीबी और बेटी को बुला लेता है.

जब उसकी बीबी और बेटी आ जाती है तब पब बोलै – देखिये मुखिया जी मैं काया पैर आपकी बेटी का हाथ अपने भाई जय के लिए मांगने आया हु. अब आप बताइये आपका क्या कहना है.

पब की बात सुन कर जय और सविता दोनों सकते में आ गए. सविता से सोच रही थी की पब को इतनी जल्दी क्यात hi जय की सधी की. उसको बिना बताये hi उसकी सधी की बात करने आ गया. और दूसरी तरफ जय ये सोच रहा था की पब को उसके प्यार के बारे मैं कैसे पता चला. वैसे तो वो अंदर hi अंदर खुस था. की सायद अब वो अपने प्यार को प् सकता है. और ीदार मुखिया जय से अपनी बेटी की बात सुन कर सोच में दुब गया था. वो समाज नहीं प् रहा था की ठाकुर को कैसे मन करे. वो ठाकुरो के गुस्से को जनता था. पर फिर भी बड़ी हिम्मत से बोलै – ठाकुर साहब देखिये बुरा मत मानियेगा पैर में अपनी बेटी की सधी तय कर चुक्का हु. और कुछ hi दिन में उसकी सधी भी है हम तो खुद hi आपको सधी का कार्ड देने आने वाले थे. आप hi बताइये अब ये कैसे सम्भब है.

पब – मैं जनता हु ये बात और आप भी जानते होंगे की मैं यहाँ क्यों आया हु. मैं नहीं चाहता की मुझको गुस्सा ए पैर आप मुझको गुस्सा दिला रहे है. (फिर पब काजल की और देख कर बोलता है) तुम बताओ काजल क्या तुम जय से प्यार करती हो या नहीं. सच बोलना कियोकि झूठे इंसान को मरने में मैं एक मं के लिए भी नहीं सोचता. और अपने बाप से डरना भी मत. मेरे यहाँ होते हुए कोई कुछ नहीं कर सकता ये तुम भी जानती हो.

पब की बातो से मुखिया की गांड पात गई. उसकी बीबी की भी हवा ख़राब थी. दोनों को अब पब यमराज नजर आ रहा था. पैर काजल का दर निकल गया तो काजल बोली

काजल – ठाकुर साहब यदि आप हमारे साथ है तो मैं सच hi बोलूगी. मैं और जय एक दूसरे से बहुत प्यार करते है. मेने अपने पापा को बताया भी था पैर उन्होंने जय को गरीब और निक्कमा कहा कर टुकड़ा दिया. और उसको बहुत मारा भी.

काजल की बात सुन कर सविता को सब समाज आ गया. वो दुखी थी की उसके bête ने उसको कुछ नहीं बताया. और उसको मार भी पड़ी. पैर वो पब के इस कदम से बहुत खुस हो गयी. पहले उसने उसके bête की जिंदगी बचाई और अब उसको जिंदगी भर की खुशिया देने के लिए यहाँ आ गया. जय भी काजल की बात सुन कर गार्डन निचे कर के बेथ गया. वो अपनी माँ से नजसे चुरा रहा था.

पब – हाँ अब बोलिये मुखिया जी, अब तो सब आपके सामने है. बोलिये अब आप क्या करना चाहते हो..

मुखिया – हाँ तो आप hi बताइये मेने क्या गलत किया. मैं भी अपनी लड़की का भला चाहता हु. आप तो जानते है की पहले इस लड़के के पास क्यात है.. ये अपने खाने का इंतजाम भी बरी मुश्किल से करता था. तो मेरी बेटी को कैसे खुस रख पता.

पब – चलिए ये आपकी बात मैं मान लेता हु. पर अब तो इसके पास किसी चीज की कमी नहीं है न. ये मेरे साथ हवेली मैं रहता है. वह के बारे में तो आप जानते hi होंगे न.

मुखिया – जी अच्छे से जनता हु. पैर आप बुरा मत मानियेगा. पर आज भी इसके पास क्या है आपके अहसासों पैर जीर अहा है. कल को अपने इसको निकल दिया तो ये तो फिर से बिखरी बन जायेगा. और मेरी बेटी दर डार्क ी टोकर खायेगी..

पब को मुखिया की बात पे बहुत गुस्सा आ रहा था पैर वो संत बैठा था पैर गुरु को बरदास न हुआ

गुरु – ऐ मुखिया क्या बोले जार अहा है तू. भूल गया है क्या सामने कोण बैठा है. ये रेखा समजा अपने पति को अपनी औकात में रहे नहीं तो इसके साथ क्या हो सकता है ये जनता भी नहीं है.

पब गुरु की बात से मुस्कुरा देता है. और इसारे में संत होने को कहता है. फिर बोलै

पब – तुम ठीक कहते हो मुखिया, अच्छा तुमको ये पता है की मेरे पास इस गाओं में कितनी जमीन है.

मुखिया – आपके पास तो गाओं की अड़े से जयादा जामें है. पैर आप मुझसे ये क्यों पूछ रहे है.

पब – कियोकि आज से मैं वो जमीन काजल और जय के नाम पे कर रहा हु. अब तो तुमको कोई ऐतराज नहीं होगा न…

पब की बात ने तो वह एक दमका कर दिया गुरु को छोड़ के सबके मुँह खुले के खुले रहा गए. किसी को इस बात की उम्मीद भी नहीं थी. कोई कुछ नहीं बोलै कुछ देर तो फिर ये छुपी सविता ने तोड़ी

सविता – नहीं जी आप ये नहीं करेंगे. वो आपकी जमीन है आप जय के नाम कैसे कर सकते है.

पब – सविता तुम भूल रही हो की जय मेरा भी कुछ लगता है. और वो हमारी फॅमिली का एक मेंबर है. यदि कुछ प्रॉपर्टी जय के नाम होब hi जाएगी तो क्या फर्क पड़ता है. जय रहेगा तो हमारे साथ hi न.

सविता – नहीं बिलकुल भी नहीं, और यदि कभी जय खुद घर छोड़ कर चला गया तो ?? आपकी साडी जमीन आपके हाथ से चली जाएगी.

पब – सवी ये उसका फेशला होगा की वॉक अहा रहना पसंद करेगा. जमीन का क्या है हम फिर खरीद लगे. पैर क्या फिर से ये रिश्ते बना पाएंगे जो आज है. सवी जय को जाना हो तो वो आज भी जा सकता है. मैं तब भी उसको साडी जमीन दे दुगा. पैर बस तुम नमः जाना उसके साथ मुझको छोड़ के. मैं तुम्हारी जुदाई बर्दास्त नहीं कर पाउगा.

सविता सबके सामने hi रोटी हुई पब के गले लग जाती है. पब भी उसको संत करवाता है. और फिर मुखिया की और देखने लगता है. की तभी जय बोलता है

जय – मुझको कुछ नहीं चाहिए न तो जमीन और न hi काजल. मैं तो बस अपनी माँ और इस देवता सामान भाई के साथ रहना चाहता हु. जो हर कदम पैर मेरे को खुशिया hi देना चाहता है. पता नहीं क्यों करते है ये केसा. पैर ये मेरे अपने है. इनके लिए मैं कुछ भी छोड़ सकता हु.

जय की बात सुन कर पब उसको गले लगा लेता है. और संत होने को बोलता है.

पब – अब बोलो मुखिया जी अब आपका क्या कहना है.

मुखिया – पर मेरी बेटी की सधी तो पहले से hi तय है.

पब – सधी 13 को थीं ा. अब भी 13 को hi होगी. और 14 को मेने पहले से एक पार्टी राखी थी. तो अब पार्टी डबल ख़ुशी के लिए होगी.

मुखिया – पर मैं उन लोगो को और गाओं के लोगो को क्या कहुगा.

पब को इस बात पे गुस्सा आ गया – बस मुखिया बहुत हो गया तेरा नाटक. मैं कब से प्यार से बात कर रहा हु और तू है की सर पे hi बैठा जार अहा है. तुझको किसको क्या जबाब देना है ये तू जान. और कुछ जयादा परेशानी है तो मैं तेरी बेटी को अभी अपने साथ ले जाता हु फिर तू सबको बता देना की ठाकुर ने उदा लिया तेरी बेटी को.

पब की बात से मुखिया की पूरी फैट गई. वो जनता था की ठाकुरो में लड़की को उदा के ले जाना कोई बड़ी बात नहीं है. और वो कुछ कर भी नहीं पायेगा. तो वो तुरंत hi पब के पेअर पकड़ लिटा है

मुखिया – नहीं नहीं ठाकुर साहब ऐसा मत करना नहीं तो मैं किसी को मुँह दिखने के लायक नहीं रहुगा. मुझको मंजूर है आप 13 को बारात ले कर आईये. मैं सब इंतजाम कर लगा.

पब – हम्म ठीक है अब हम षाले है. यदि कोई भी गड़बड़ करने की कोसिस की तो सोच लेना की मैं क्या हु और क्या कर सकता हु.

मुखिया के मुँह से तो आवाज hi न निकली वो बस उन लोगो को जाते हुए देखता रहा.
 
भाई आपकी बात एक दम सही है, पैर अभी तो कोई दुसमन hi नहीं आया तो ये तीनो अपने पावर्स किस पैर उसे करे. और अभी तक इनको उसे करना भी नहीं आता. और पारी की पावर से पारी ठीक हुयी है.

हीरो भी फाइटिंग स्किल्स के लिए जुली से कहा चूका है. पैर क्या करे बिचारा उसको चुदाई और बीबियो से टाइम hi नहीं मिल रहा ....

😄😉
 
अपडेट 59

पब – हम्म ठीक है अब हम चलते है. यदि कोई भी गड़बड़ करने की कोसिस की तो सोच लेना की मैं क्या हु और क्या कर सकता हु.

मुखिया के मुँह से तो आवाज hi न निकली वो बस उन लोगो को जाते हुए देखता रहा.

सब कार में बेथ कर घर की और चल दिए. कोई कुछ नहीं बोल रहा था. गुरु और पब का मन तो संत था. पैर सविता और जय के मन में उदल पूडल थी. तभी पब बोलै – जय अब तो खुस हो न. अब काजल सिर्फ तुम्हारी होगी.

जय – हम्म मैं बहुत खुस हु. पर आपको जमीन मेरे नाम करने की कोई जरुरत नहीं है.

पब – नहीं जय मेने वचन दिया है. तो में उसको पूरा करुगा. वैसे भी उससे क्या फर्क है जब तुम हमारे साथ hi रहोगे तो कभी भी कोई प्रॉब्लम hi नहीं होगी..

जय चुप हो जाता है. और वो लोग हवेली पहुंच जाते है. कार को पार्क कर के पब घर के अंदर जाने लगता है. तो जय उसको गले लगा कर रोने लगता है. पब भी उसको रोने देता है. वो भी जनता था की ये बहुत दिन से छुपा दर्द है जो आशु बन के बहा रहा है. गुरु और सविता भी ये देख रही थी. सविता की ममता ने सविता की आखो में भी आशु ला दिए. उसने अपने bête को आज बहुत दिन बाद ऐसे रोटा देखा था. कुछ देर रोने के बाद पब उसके बालो पे हाथ पेरते हुए बोलै

पब – जय अब चुप हो जाओ. अब तो सब ठीक हो गया है. अब क्यों रो रहे हो. बोलो क्या अभी भी किसी बात का गम है??

जय उससे गले hi गले हुए बोलै – नहीं भाई अब किसी बात का गम नहीं. अपने मेरी जिंदगी के सरे गम दूर कर दिए. मुझको मेरा प्यार दे कर मुझको उम्र भर के लिए कर्जदार बना लिया.

पब – भाई भी बोलते हो और कर्जदार भी. अरे एक भाई दूसरे भाई की मदत निसवार बाव से करता है. तुम लोग hi तो हो मेरे अपने. यदि मैं तुम लोगो को खुस नहीं रखुगा तो मैं भी कभी खुस कहा रहा पाउगा. पैर मैं तुमसे गुस्सा हु (झूट गुस्सा दिखता है)

जय गबराते हुए – क्यों भाई मेने क्या गलती कर दी??

पब – देखो तुमने मेरी सवी को रुला दिया. तुमको देख कर वो भी रो रही है.

जय सविता को देखता है जिसकी आखों में आशु थे. चेहरे पे ख़ुशी और पब की बातो से एक सरम जलक रही थी. जय पब को छोड़ कर सविता के गले लग जाता है. और बोलै – माँ आप क्यों रो रही है. अब तो मैं बहुत खुश हु. मुझको बिना मगे hi सब मिल गया.

सविता – मेरा बीटा रो रहा है. तो मेरी आखों में तो आशु आएंगे hi न…

जय – नहीं माँ देखो मैं नहीं रो रहा (और अपने आशु पूछ लेता है और फिर सविता के आशु भी साफ़ करता है)

गुरु – चोलो अब अंदर या यही के खड़े रहना है. अभी सधी की तैयारी भी करनी है बहुत काम है अंदर चलो सब..

गुरु की बात सुन कर सब अंदर चले जाते है. अंदर कामिनी और पेय hi थे. गुरु कामिनी को सब बता देती है. वो दोनों बात कर रही थी की सविता भी उनको ज्वाइन कर लेती है. अपनी 3 बीबियो को आपस में बात करता देख पब खिसक लेता है. और रूम से फ्रेश हो कर बहार आता है. तो वह कोई नहीं था. सब रूम्स में जा चुके थे. तो पब पेय के पास पहुंच जाता है. आज पहली बार पब पेय के रूम में आया था. ऐडा भी उसके साथ रहती थी. इसलिए वो इस रूम में नहीं आता था. पैर अभी ऐडा और अवनि मिल पे गए हुए थे और अंकिता और पारी क्लिनिक पे थे. पेय जब पब को अपने रूम में देखती है तो खुस हो जाती है.

पेय – भैया में आपसे नाराज हु. आप कभी भी मुझसे बात नहीं करते.

पब – ओह्ह मेरा बीटा मुझसे नाराज है. पैर मैं तो उसके लिए चॉकलेट्स लाया था. अब ये मैं किसको दुगा. चोलो ऐडा को दे देता हु.

पेय – नहीं भैया मैं आपसे नाराज नहीं हु. ये तो सब मुझको hi चाहिए. और वैसे भी दीदी तो है hi नहीं आप उनको कैसे देंगे.

और पेय खुद कर पब से चॉकलेट्स चीन लेती है. और उसको चिढ़ाने लगती है. पब भी उसको देख कर मुस्कुराने लगता है.

पब – अच्छा तो आप अभी क्या कर रही थी.

पेय – वो मैं न गेम खेल रही थी.

पब – और होमवर्क कब करोगी??

पेय – दीदी की ने के बाद. जब वो यहाँ होती है न तो मेरा दिमाग कहती रहती है की गेम मत खेलो, टीवी मत देखो. जयादा उदम मत माचो. और पड़ा करो. भैया पहले तो दीदी मेरे साथ खेलती भी थी. पैर अब तो मुझसे ठीक से बात भी नहीं करती. इसलिए जब दीदी आती है तो मैं पड़ने लगती हु. और नहीं तो….. हाहाहाहाहा

पब – हाहाहाहा बहुत सेटन हो तुम. हम्म ठीक है तुम गेम खेलो. पैर तुम रूम मैं क्या खेल रही हो. जाओ बहार जा कर खेला करो न.

पेय – भैया बहार किसके साथ खेलूंगी. यहाँ कोई भी नहीं है जो मेरे साथ खेले. इसलिए मैं रूम मैं hi वीडियो गेम खेलती हु.

पब – पहले भी तुम रूम में hi खेलती थी क्या.

पेय – नहीं भैया, पहले मैं और दीदी पीछे वाले गार्डन में साथ खेलते थे.

पब – हम्म अच्छी बात है. तुम खेलो मैं भी अभी अत हु..

पेय – ok बहिया.

पब को पेय की बाटे सुन कर गुस्सा आ रहा था. वो सिदा कामिनी के रूम में पंहुचा. पैर वह कोई नहीं था. फिर उसने सबको देखना सुरु किया तो सब सविता के रूम में थे. ऐडा और अवनि भी अभी आयी थी. वो दोनों भी जय की सधी की बात से खुस थी. सभी लेडीज सधी की बातो में hi लगी हुई थी. पब भी वह पहुंच गया. पारी और अंकिता को छोड़ कर सब वह थे.
 
अपडेट 60

पब को पेय की बाटे सुन कर गुस्सा आ रहा था. वो सिदा कामिनी के रूम में पंहुचा. पैर वह कोई नहीं था. फिर उसने सबको देखना सुरु किया तो सब सविता के रूम में थे. ऐडा और अवनि भी अभी आयी थी. वो दोनों भी जय की सधी की बात से खुस थी. सभी लेडीज सधी की बातो में hi लगी हुई थी. पब भी वह पहुंच गया. पारी और अंकिता को छोड़ कर सब वह थे.

पब – ऐडा तुम ये क्या कर रही हो?

ऐडा – क्या हुआ?

पब – तुम इतनी बड़ी कब से हो गई की अपनी छोटी बहन के साथ खेलना hi छोड़ दिया? और कामिनी, सविता तुम दोनों को भी उस बच्ची को भूल गई? (पब ने ये बात गुस्से में बोली थी)

सब चुप रहा गए. पब को गुस्से में देख कर किसी के मुँह से आवाज hi नहीं निकल रही थी. सब को चुप देख कर गुरु बोली

गुरु – क्या बात है जी. पेय को क्या हुआ है जो आप इतना गुस्से में है.

पब – तुम तो बोलो hi मत, मैं तुमको सबसे जायद समझदार समाज ता था. पैर तुम ने भी मेरी बहन को इग्नोर कर दिया.

अब गुरु भी चुप हो गई. किसी के कुछ समाज नहीं आ रहा था. कामिनी का दिल बैठा जार अहा था की पता नहीं पेय को क्या हुआ है. पैर वो पब की आगे बोल भी नहीं प् रही थी. कुछ hi देर में कामिनी के आशु निकल गए.

किमिनी – क्या हुआ मेरी बच्ची को अभी तो वो अपने रूम में ठीक थक गई थी.

पब – यही तो बात है. जिस पर कोई डायन hi नहीं दे रहा. तुम बोलो क्या पेय को तुमने पहले की जैसे हस्ता खेलता देख है. तुम उसको मुझसे ज्यादा जानती हो. पैर जब से मैं यहाँ आया हु वो अपने रूम में hi रहती है. या फिर स्कूल जाती है बस. न बहार खेलना और नहीं कोई उदम मचाना. ऐसे तो उसकी ग्रोथ रुक जाएगी. वो बीमार भी हो सकती है. पहले उसके पास एक बहन थी जो उसका डायन रखती थी. पैर अब मुझको लगता है की उसकी बहन कही खो गई है.

अब सबको समाज आया की बात क्या है. कामिनी पब को पेय की इस तरह चिंता करता देख ख़ुशी हुयी. पैर खुद को अपनी बेटी के बारे में भूल जाने से वो दुखी थी. सबको अपनी गलती का अहसास हो रहा था.

ऐडा – सॉरी, वो मैं मिल और सोल्लगे में पेय को वक्त hi नहीं दे पायी.

पब – ऐडा मिल बंद होती हो तो हो जाये. पैर मेरी बहन का डायन रखना ज्यादा जरुरी है. तुम कल से मिल जाना बंद कर दो. और पहले की तरह पेय के साथ रहो.

ऐडा – हम्म

कामिनी पब की बात सुन कर उससे चिपक गई और बोली – मुझको भी माफ़ कर दो मेने भी आपकी बहन का डायन नहीं रखा. आगे से ऐसी गलती नहीं होगी.

गुरु और सविता – हमको भी माफ़ कर दो…

पब – हम्म ठीक है. पैर आज के बाद मेने पेय के लिए किसी को भी केयरलेस देखा तो अच्छा नहीं होगा.

जय – सॉरी भाई मुझको भी माफ़ करना.

पब – हम्म it’s ok. तुम काजल का डायन रखो पेय के लिए सविता और कामिनी है. (पब ने ये बात सबका मूड ठीक करने को बोली थी)

अभी जब पब का गुस्सा काम हुआ तो उसको भी लगा की सायद उसने सब को जायद hi बोल दिया. कियोकि सब लोगो की लाइफ पिछले कुछ दिनों ने नार्मल नहीं चल रही थी. वो खुद भी तो पेय पे डायन नहीं दे प् रहा था.

पब – सॉरी सभी को… मेने कुछ ज्यादा hi बोल दिया. जबकि मेने भी उसका डायन नहीं रखा था.

सब पब की बात पे मुस्कुरा जाते है. और फिर पब वह से निकल कर जुली के पास चल देता है. और ये सब अपनी अपनी बातो में लग जाते है. पैर ऐडा तुर्रंत hi पेय के पास पहुँचती है. तो पेय गेम खेल रही थी. पेय ऐडा को देख कर बोली – सॉरी दीदी, बस अब मैं पड़ने बेथ रही हु.

ऐडा उसकी बात सुन कर उसको गले लगा लेती है. और याद करने लगती है की पहले वो और पेय कितनी मस्ती करते थे. और कामिनी सरे दिन उनको दत्ती रहती पैर मौका मिलने पर वो भी इनके साथ मस्ती करती. ऐडा को अपनी गलती का अहसास हो चुक्का था. तो वो पेय से बोली – नहीं पेय, मेरा मान आज तुम्हारे साथ गार्डन में खेलने को कर रहा है. तुम बाद में होमवर्क कर लेना चलो न दोनों खेलते है.

पेय खुस होते हुए – सच्ची दीदी.. आप मेरे साथ खेलने चलोगी. तब तो बहुत मज़ा आएगा.

ऐडा – हां चल जल्दी से..

फिर क्याथा. दोनों बहने पहुंच गई गार्डन में और पहले की जैसे खेलने लगी. कुछ देर में अवनि भी आ गई तो उसने भी उनको ज्वाइन कर लिया.

ीदार जब पब जुली के पास पंहुचा तो जुली और उसकी टीम उन लड़कियों की ट्रेनिंग करवा रही थी. जुली काफी थकी हुई लग रही थी. पैर वो सब लड़किया इतनी थकी नहीं थी. पब ने जब जुली के थकने का कारन पूछा तो

जुली – ये सब लड़किया तो पागल हो गई है. मेने तो सोचा था की मुझको इनके साथ सख्त होना पड़ेगा तब ये सब कुछ करेगी. पैर इन्होने तो हम सब को hi थका दिया है. न तो खुद रुक रही है न हमको बैठने दे रही है. शुबहा तो ये सब सुस्त थी. पैर तुम्हारे समजने के बाद कुछ एक्टिव हुई. और फिर तो ये जितना कर रही है उतना hi एक्टिव होती जा रही है. रुकने का नाम hi नहीं लेती.

पब – मुझको पता था की ऐसा hi कुछ होगा. पारी के साथ रात बिताने के बाद मैं समाज गया था की ये सब कैसे एक्टिव होगी. अब बस तुमको इन्हे सुबह hi एक बार एक्टिव करना है और ये बताना है की इनको क्या करना है. फिर देखना ये पुरे दिन ऐसे hi करती रहेगी.

जुली – तो क्या इनको थकन नहीं हो रही. ये सब है तो लड़किया hi न.

पब – ये मत सोचना इनको थकन नहीं हो रही है. तुम रात को इनकी हालात देखना. तुमको यकीं नहीं होगा की ये वो hi लड़किया है. बात ये है की तुम्हारी पहले वाली ट्रेनिंग (स्टेज 1 वाली) ने इनको दर्द सहने की कॅपॅसिटी को इतना बड़ा दिया है की इनको अभी कुछ भी महसूस नहीं होगा पैर जब ये रुकेगी तब ये दर्द में तडपेगी.

जुली – ओह्ह तब तो रात को इनको सभालना मुश्किल होगा.

पब – नहीं होगा. तुम चिंता मत करो ये किसी को अपना दर्द नहीं दिखाएगी. बस ये उसको पीती रहेगी. पैर तुमको एक काम करना होगा इन सब के लिए.

जुली – हाँ बताओ क्या करना है.

पब – तुमको इनके खाने का डायन रखना होगा. इनको बेस्ट और हेअल्थी फ़ूड देना होगा. जिससे इनकी बॉडी इस म्हणत को जल्दी hi रे कवर करे. तुम 15 दिन तक इनको सिर्फ एक्सरसाइज करवाओ. जब ये स्ट्रांग बन जाये तब इनकी फाइटिंग स्किल पैर काम करना. मैं तब hi तुम लोगो को ज्वाइन करुगा. और सुबह इन सब को योग करवाओ.

जुली – आपकी बात ठीक है. बस एक प्रॉब्लम है. हम सब तहखाने में है. और ऐसी ट्रेनिंग खुली हवा में होनी चाहिए.

पब – हाँ तुमने ठीक कहा मेरा इस बात पे डायन hi नहीं गया.

फिर पब कुछ देर तक सोचता है. और फिर बोलै – तुम एक काम करो हवेली के पीछे के पहाड़ कर अपना ट्रेनिंग कैंप बना लो. और वह ये सभी तरह की सुभियो का इंतजाम कर लो.

जुली – पैर यदि किसी गाओं वाले ने देख लिया तो फिर क्या करेंगे?

पब – हाँ ये भी बात सोचने की है. अभी तो कोई प्रॉब्लम नहीं है. पैर फ्यूचर में प्रॉब्लम हो सकती है. कियोकि जब तुम लोग कारनामे करोगे तब कोई भी तुम्हारे अरे में आसानी से पता लगा लेगा.

जुली – हम्म फिर यहाँ hi करे ??

पब – हम्म अभी मुझको कुछ सोचने दो मैं कल सुबह तक तुमको बताता हु. अभी इन सब के लिए मीट का इंतजाम करो. इनको खूब खिलाओ. जीतनेय भी पैसे की जरुरत हो मैं दुगा. बस तुम इन सब को फुलाद बना तो. जिससे ये हर जालिम पे बिजली बन कर टूटे.

जुली – आप चिंता मत करो. मैं इनको वो ट्रेनिंग दूगी. जिससे इनके आगे कोई टिक नहीं पायेगा. और अब आप इनके बारे में सोचना छोड़ दो. अब ये सब मेरा काम है. इनको क्या देना है. और कैसे त्रिनेड करना है.

पब – ok तो फिर मैं चलता हु. और कल तुमको इनके लिए खुली जगह का भी कुछ सोच कर बताता हु.

जुली – ok

फिर पब वह से अपने रूम में पहुँचता है. और थोड़ी देर के लिए सो जाता है. वो सुबह से hi बैग रहा था. कुछ देर बाद अंकिता उसको डिनर के लिए बुलाने आती है तो वो फ्रेश हो कर डिनर के लिए पहुंच जाता है. और चेयर पे बेथ कर कामिनी को बुलाता है. अभी सब दिंनिंग टेबल पे hi थे. बस कामिनी और सविता खाना टेबल पे लगा रही थी. पब के बुलाने पैर कामिनी पब के पास वाली चेयर पे बेथ जाती है और सविता गुरु के पास बेथ जाती है.

पब – कामिनी मुझको तुमको कुछ बताना था.

कामिनी – जी बोलिये. क्या बात है…

पब – वो मेने अपने सरे खेत जय ….. (ये सुन कर hi कामिनी उसके मुँह पैर हाथ रख देती है)

कामिनी – आपको कुछ कहने की जरुरत नहीं है. मुझको सब पता है. और आप पैर पूरा विस्वास है की आप जो भी करेंगे उसमे सब की भलाई होगी.

पब – थैंक ु कामिनी मुझको समझने के लिए…

कामिनी – क्यों पराया कर रहे है थैंक ु बोल कर. मैं आपकी पत्नी हु जड़ी आपको नहीं संजुगी तो किस को संजुगी.

कुछ देर चुप रहा कर कामिनी फिर बोलती है – मुझको आपसे कुछ कहना था.

पब – हाँ बोलो…

कामिनी – पैर वो बात केवल आपकी नहीं सविता से भी रिलेटेड है.

पब सविता को अपने पास बुलाता है जो गुरु के पास बेटी थी तो वो पब के पास आ जाती है. सविता के साथ गुरु भी आ जाती है

सविता – हाँ बोलिये क्यों बुलाया.

पब – वो तो कामिनी hi बता सकती है. वो कुछ कहना चाहती है हम दोनों से पैर बोल नहीं रही.

सविता – बोलिये कामिनी जी क्या बोलना है?

कामिनी – सविता प्लीज मेरी बात को गलत मत समझना. पैर मैं चाहती हु की जय की सधी मैं भी जय की माँ बन कर वो साडी रस्मे और रिवाज पुरे करू. जो की एक माँ के होते है. देखो सविता तुम जानती हो की मेरा कोई बीटा नहीं है. मैं जय को बीटा बना कर वॉक हश पाना चाहती हु जो की bête की सधी में एक माँ को मिलता है.

कामिनी की बात सुन कर सविता की आखों में आशु आ जाते है. और वो कामिनी को गले लगा लेती है.

कामिनी – सविता तुम रो क्यों रही हो. तुम नहीं चाहती तो कोई बात नहीं ..

सविता एक दम से बोली – नहीं कामिनी जी ये तो ख़ुशी के आशु है. की जय की आज से 2 माँ hogi.Jay कितना किस्मत वाला है की उसकी सधी में 2-2 माँ का आशीर्वाद मिलेगा.

कामिनी ये सुन कर सविता को और जोर से भींच लेती है. और उसकी आखों में भी ख़ुशी के आशु आ जाते है. तभी इतनी देर से चुप कड़ी गुरु बोली

गुरु – मैं भी माँ अक फर्ज निभाऊंगी..

पब – चुप कर चुहिया.. मैं भी.. मैं भी मत कर.. सकल देखि है अपनी. देखने मैं तू जय की छोटी बहन लगती है. और फर्ज माँ के निभाएगी… पागल कही की .. क्या बोलेगी पब्लिक को…

गुरु – क्या कहा तुमने – चुहिया.. पागल… रुको अभी बताती हु तुमको की ये पागल चिहिए क्या करती है..

पब गुरु की बात सुनते hi रूम की और भाग जाता है. और गुरु उसके पहिची हस्ते हुए जाने लगती है… दोनों का यु भागना किसी को समाज नहीं आता. बस अंकिता जो पब के दूसरी साइड बैठी थी. उसको पता था. या कामिनी और सविता को. तो ये तीनो भी हसने लगती है.
 
अपडेट 61

पब गुरु की बात सुनते hi रूम की और भाग जाता है. और गुरु उसके पहिची हस्ते हुए जाने लगती है… दोनों का यु भागना किसी को समाज नहीं आता. बस अंकिता जो पब के दूसरी साइड बैठी थी. उसको पता था. या कामिनी और सविता को. तो ये तीनो भी हसने लगती है. उसको हस्ता देख सब समाज जाते है की miya-bibi की नोक चौक है. फिर जब सविता की हसी काम होती है तो सविता जय की और देख कर बोलती है

सविता – जय तुमने सुना की कामिनी जी क्या कहा रही है?

जय न में सर हिला देता है..

सविता – कामिनी जी आज से तुझको अपना बीटा बना रही है और ये hi तेरी सधी भी करवाएगी..

सविता की बात सुन कर जय और अवनि चौक जाते है और दोनों खुस भी हुए. जय उड़ कर कामिनी के पास आता है और कामिनी के पेअर छू लेता है. कामिनी उसको उदा कर गले लगा लेती है. और बोली -मेरा बीटा.. फिर अवनि भी कामिनी के गले लग जाती है. सब कामिनी के इस फैसले से खुश थे.

दूसरी तरफ हमारा हीरो और गुरु उसके रूम में पहुंच जाते है. तो गुरु उसको गले लगा कर उसके सीने पे प्यार से मरती है. तो पब बोलता है

पब – गुरु क्या हुआ नाराज हो गई??

गुरु – नहीं, तुमसे नाराज हो सकती हु क्या. पैर मन क्यों किया.

पब – तुम भूल रही हो तुमने दस माँ से अपने लिए जवान होने का वार क्यों मांगा था.

गुरु – नहीं मुझको याद है. जिससे में फिर से अपनी जवानी जी सकू..

पब – तो फिर ये बड़े लोगो वाला काम क्यों करने को बोल रही हो?

गुरु – हम्म गलती हो गई..

पब – गुरु मैं चाहता हु की तुम खुद को भूल जाओ. बस अपनी इस जवानी के दिनों का मज़ा लो और मुझको भी दो..

ये कहा कर पब गुरु के होंटो को चूस लेता है. और फिर उसको ले कर बहार आ जाता है. तब तक यहाँ भी सब संत था. सबके फेस ख़ुशी से चमक रहे थे. पब भी को भी लग रहा था की वो सबको एक करने में सफल हो रहा है. वो चेयर पे बेटने hi वाला था की अवनि आ कर उसको गले लगा लेती है.

अवनि – पंकज थैंक ु, तुमने मेरे भाई की खुशियों को लोटा दिया. मैं बहुत खुश हु.

पर तभी अवनि को एहसास होता है की वो पब के गले लगे हुई है सबके सामने तो वो अलग हो जाती है. और इतनी hi देर में पब की दिल की दध्कन बाद जाती है. पब को 1 मं के लिए लगा की उसको सब मिल गया. पैर अवनि की लग होते hi वो हकीकत की दुनिया में लोट आया. और चेयर पे बेथ कर डिनर करने लगा. और सब भी डिनर कर रहे थे. कुछ देर बाद पब बोलै

पब – देखो अब सब लोगो को सधी और पार्टी की तैयारी करनी है. सब एक जुट हो कर काम करो दिन बहुत काम है. और मुझको भी बता दो की क्या क्या करना है.

गुरु – तुमको हम नहीं तुम हमको बताओगे की कोण क्या करेगा.

पब – नहीं ये जिम्मेदारी अब कामिनी और सविता की है. और हम सब इन दोनों को सपोर्ट करेंगे. क्यों तुम दोनों क्या कहती हो..

दोनों – हाँ हम अपने bête के लिए सब कर लगे बस आप सब का साथ चाहिए.

पब – हम सब साथ है. अवनि और ऐडा लेडीज शॉपिंग करेगी. और मैं और अंकिता बाकि बहार के अरेंजमेंट देखलेगे.

सब उसकी बात से सहमति जताते है.

पब – अंकिता, सधी तो मुखिया जी के घर में होगी. या मुखिया जी ने जोभी इंतजाम किया हो. पैर पार्टी में बहुत सरे मेहमान होंगे तो पार्टी कहा करनी है.

अंकिता –क्यों हवेली की सोच रहे थे न.

पब – नहीं यार मुझको लगता है की हवेली में करना ठीक नहीं है. तुम लोग सब जानते हो की हवेली में कितनी लड़किया है.

जय – हाँ भाई उस सब लड़कियों का क्या हुआ?

पब – अंकिता में सबको ठीक कर दिया है.

जय – वो तो मैं जनता हु. की आप दोनों में मिल कर hi ये किया है. पैर अब वो सब कहा है.

पब – मैं उन सब को सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग दिलवा रहा हु. तुम करोगे ये ट्रेनिंग ??

जय – हाँ तरय तो कर सकता हु. पर फिर खेतो को कोण देखेगा??

पब – उसके लिए तुम लखन को लगा देना. और पारी अब तुमको भी कल से ये सब ज्वाइन करना है.

पारी – हम्म ok… (पारी इसारे से बाद में बात करने को बोलती है)

पब – अंकिता ालर होटल देखा है तुमने? वो केसा रहेगा पार्टी के लिए?

अंकिता के फेस पे एक मुस्कान आ जाती है – एक दम परफेक्ट रहेगा. अच्छा होटल है.

पब – हाँ मेने भी सुना है उसके वेयर में. इस सिटी का टॉप होटल है वो. और उसमे स्पेस भी बहुत है.

अंकिता – हाँ जानती हु. कल चलेंगे. और उसको बुक कर लगे..

फिर सब लोगो में इसी तरह पार्टी और सधी की बाते होती रहती है. अवनि और ऐडा में बहुत बनने लगी थी. दोनों hi जय की सधी को ले कर एक्ससिटेड थी. डिनर तो कब का हो चुक्का था. पैर कोई भी उड़ hi नहीं रहा था. सब प्लानिंग में लगे हुए थे. पब सबसे पहले उड़ता है. और अंकिता, पारी और गुरु को अपने रूम में आने का इस्सर कर देता है.

पब रूम में पहुंच कर उन तीनो का वेट करने लगता है. पैर कुछ hi देर में वो तीनो भी आ जाती है.

पब – अंकिता क्या रहा तुम आज पारी को साथ ले कर गई थी.

अंकिता – वो मेरे तो समाज में hi नहीं आ रहा. तुम्हारे सेक्स के दुराण जॉब hi हुआ वो तो समाज में आता है. पारी का महीनो का रुका लावा दर, दर्द और मज़े के मिले जुले भाव के कारन निकला. और दूसरी बार एक साथ दिए उस दर्द से. पैर ये ठीक कैसे हुई इसका कुछ भी पता नहीं लगा. अब तो गुरु दीदी hi बता सकती है.

गुरु – हम्म रुको मैं मणि जी से बात करके बताती हु.

फिर गुरु अपने रूम में जाती है और डायन में बेथ जाती है. और मणि जी से बात करने लगती है. ीदार अंकिता और पारी रूम ने थे पब के साथ.

पब – आना डार्लिंग तुम मुझसे दूर क्यों रहती हो? (पब अंकिता के साथ मस्ती करना चाहा रहा था)

अंकिता – मैं तो आपके पास hi हु. मेरे दिल में देखिये आप अपने आप को hi पाएंगे.

पब ने सोचा था की अंकिता पारी के सामने सरमायेगी पैर ये तो खुल कर बात कर रही है.

पब – तो फिर वह क्यों बैठी हो मेरे पास बैठो न.

अंकिता उड़ती है और उसकी गोद में hi बेथ जाती है. पब को विस्वाश नहीं होता. अंकिता पब से बच कर पारी को भी आखँ मर देती है. तो पारी भी आ कर उसकी दूसरी जंग पैर बेथ जाती है.

पारी – आप क्या केवल अंकिता को hi प्यार करेंगे. मैं भी तो आपकी पत्नी हु. मुझको प्यार नहीं करेंगे आप.

पब – क्यों नहीं जान तुमको भी करुगा न. तुम तो मेरी जान हो.

अंकिता – यदि इसको प्यार करेंगे तो फिर मुझको क्यों बुलाया अपने. ये आपकी जान है तो मैं क्या हु. ??

पब की अब गांड फटने लगी. उसको लगने लगा की ये सच में जगद रही है. वो तो इन सबको एक करने के लिए ये सब छेद चढ़ करता था. ताकि सबकी एक दूसरे से सरम ख़तम हो जाये. पैर यहाँ तो उसको लगने लगा की ऐसा नाह ो उसकी बिबिया आपस में hi लड़ने लग जाये उसके लिए.

पब – तुम दोनों hi मेरी जान हो. दोनों hi नहीं मेरी साडी बिबिया hi मेरी जान है में किसी एक के बिना भी नहीं रहा सकता.. तुम दोनों प्लीज झगड़ना मत. मैं तुम सब के बिच सिर्फ प्यार चाहता हु. और मैं तुम सबका हु. (पब ने ये बात सेरिओस वे में बोली थी. एक दर्द सात है उसकी आवाज में)

अंकिता – ए जी ये क्या. हमने थोड़ा सा मजाक किया तो आप ऐसी बाते करने लगे. ये तो गलत बात है. हम दोनों तो आपसे मजाक कर रहे थे.

पब – तुम सब चाहे जितना भी मजाक करो. मुझको कोई दिकत नहीं है. पैर तुम सब आपस में जगडो ये मैं बरदास नहीं कर सकता. मजाक में भी नहीं..

पारी – आप हम सबसे इतना प्यार करते है. तो आज के बाद हम किसी से नहीं जागड़ेगे. प्रॉमिस… अब मुस्कुराइए…

पब फिर मुस्कुरता है. और दोनों को अपनी बाँहों में भींच लेता है. तभी गुरु भी आ जाती है.

गुरु – ये क्या हो रहा है. मेरे जाते hi सुरु हॉग ए. अरे मेरा तो वेट कर लेते…

पब उसको भी इसरा करके बुलाता है. तो गुरु भाग कर उसके पीछे से उस पैर लड़ जाती है. और अपने चुके पब की पथ में गदा देती है. अभी पब को बड़ा hi सुकून मिल रहा था. उसकी तीनो बीबियो ने उसको प्यार से गले लगाया हुआ था.
 
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