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अपडेट. 150
रुक्मणि ......नहीं बीटा मई. उसे उसके बाप जैसा नहीं बनने दूंगी
गीता ठाकुर ......बीटा खाने का वक़्त हो गया है खाना खा कर जाना अब से ये भी तुम्हारा घर है
सूर्य ......जोर चची जी खाना भी खाऊंगा पैर तब जब आप चारो वह आएंगे पहले
गीता ठाकुर ......जरूर आउंगी बीटा जल्दी हे
सूर्य ......अभी मैं कुछ दिनों के लिया बहार जा रहूं हूँ आते हे कॉल करता हूँ
गीता ठाकुर .......ठीक है बीटा अपना ख्याल रखना
गीता रुक्मणि विधि गायत्री एक बार आवर सूर्य से गले मिल उसे विदा करती है
सूर्य अपनी बाइक उठा सूर्यगढ़ की तरफ निकल जाता है .................
अब आगे ........
सूर्य जब जंगल से अपना अभ्यास कर लौटा तो थोड़ा परेशान था
जिसे देखते हे शालिनी जी समाज जाती है की कोई बड़ी बात जरूर है वर्ण सूर्य परेशान नहीं होता
सूर्य सीधा अपने रूम में जाता है आवर फ्रेश होने लगता है
पीछे पीछे शालिनी जी भी सूर्य के रूम में गुस्स जाती है
पैर तब तक सूर्य बाथरूम में गुस्सा चूका था
उसे तो ये भी ज्ञात नहीं था की उसकी माँ भी उसके पीछे पीछे रूम में आई है
सूर्य बाथरूम में गुस्ते हे शावर ों कर उसे निचे खड़ा hi एक एक करके अपने कपडे उतरने लगता है
सूर्य काफी देर तक शावर के निचे आँखे बंद किये खड़ा रहता है
शालिनी जी .......ये सूर्य आज इतना टाइम क्यों लगा रहा है फ्रेश होने में कोई बात नहीं बाद में बात करती हूँ
शालिनी जी जब बहार जाने लगी तभी उनकी नजर बाथरूम के खुले गेट पे पड़ी
शालिनी जी .....ये भी न इतना बड़ा जो गया है पैर ये पता नहीं की नहाते वक़्त गेट बंद रखना चाइये
शालिनी जी जैसे हे गेट बंद करने के लिया दरवाजा खींचने के लिया हाथ बढाती है ांयश हे उनकी नजर सामने सूर्य पे पद जाती है

सूर्य अभी भी आँखे बंद किये शावर के निचे खड़ा था
शालिनी जी की नजर अपने बेटे के विक्रम लैंड को देख कुछ पल इस्पे हे रुक जाती है

जो की इस वक़्त हाफ ेरेक्ट हालत में हे काफी खुखार लग रहा था
शालिनी जी का दिल डाक डाक करने लगता
शालिनी जी जल्दी से पीछे होती है आवर बिना कोई आवाज किये बाथरूम. को खुला छोड़ रूम को बहार से लॉक कर चुप चाप अपने रूम में आ जाती है
शालिनी जी ......ओह माय गॉड मेनका दीदी सच कह रहे थे ये तो बड़ा खतरनाक है वह से बागवान हे जाने क्या होगा उसका जो इसकी बीबी बनेगी इतना बड़ा तो शिव का भी नहीं है
ची छू ये मैं क्या सोच रही हूँ ओह सहित ये मेरे पंतय क्यों गीली जो गई है
शालिनी जी जल्दी से अपना रूम लॉक करती है आवर अपना लहंगा उतर कर वही बीएड पे अपने पंतय हटा कर देखती है जो की बहुत ज्यादा गीली हो चुकी थी

शालिनी जी .......ये क्या ये तो पूरी भिगान चुकी है उसके देखते हे इतना तो सेक्स करते वक़्त भी नहीं होती थी
अब मुझे फिर से नहाना पड़ेगा
शालिनी जी वही अपने कपडे उतर ब्रा पंतय में हे बाथरूम में गुस्स जाती है
उनकी आँखों के सामने बार सूर्य का लैंड गम रहा था
शालिनी जी .....बार बार मेरी आँखों के सामने वही दृश्य क्यों गम रहा है
शालिनी जी को पता भी नहीं चला कब उनकी ऊँगली या हरकत में आती है आवर कब वो अपनी छूट में ऊँगली करने लगती है
आखिर में शावर के निचे सूर्य का नाम लेते हुए भभला कर झड़ने लगती है
सूर्य अपने रूम से निकल कर निचे अपने दादा जी के रूम में पंहुचा है जो इस वक़्त अपने दोस्त समधी विक्रम सिंह राणा जी से फ़ोन पे बात कर रहे थे
सूर्य को परेशान देख वो बाद में बात करने का बोल कर फ़ोन कट कर देते है
दादा जी ......क्या बात है आज मेरे शेर बेटे का चेहरा जो हमेशा खिला रहता है आज वो मुरझाया हुआ क्यों है
दादी जी .......ीदार आ मेरे बचे मेरे पास
सूर्य अपनी दादी जी के बगल में जा बैठा
दादी जी सूर्य का सर अपने ग्लैड में रख उसके बालो में प्यार से हाथ फिरने लगती है
दादी जी ......क्या बात है बीटा कोई परेशानी है क्या
सूर्य .....जी नहीं दादा कोई परेशानी नहीं है वो मैं माँ के साथ बहार जा रहा हूँ कुछ देर में लौट आऊंगा
दादी जी ......ठीक है बीटा आराम से आना आवर दूप है तो ज्यादा दूप में गुमना फिरना नहीं
सूर्य .....जी दादी जी अच्छा दादा जी मैं चलता हु
सूर्य वह से निकल कर अपनी माँ को त्यार होने का बोल देता है आवर राधा सपना किरण पायल प्रीती अलीना मानसी कोमल को मैसेज कर अपने रूम में आने को कहता है
राधा ......क्या हुआ सूर्य आपने हम सब को यहाँ क्यों बुलाया है
सूर्य ......पहले गेट बंद करो फिर बताया हूँ
पायल गेट को लॉक कर देती है सभी सूर्य को चारो तरफ से घेर कर बेथ जाती है
सूर्य ......आज सैम को हम सब बहार जा रहे है कुछ दिनों के लिया तुम सब त्यार रहना
किरण .........क्या मम्मी पापा इतने दोनों के किये मन जायेंगे
राधा ......क्या हम कही पिकनिक पे जा रहे है
सूर्य .....है ऐसा तुम समाज सकती हो राधा रानी सब को नहीं ले कर जा सकते है
अलीना .....वैसे कोनसी जगह जा रहे है हम सब ताकि वह के लिया अच्छे प्लान बना ले
सूर्य एक बार सबके चेहरे को देखता है जो सब सूर्य को हे देख रहे थे
सूर्य ........परीलोक
किरण पायल अलीना प्रीती सपना .....क्या सच में हम सब परीलोक जा रहे है
सूर्य ......है ये सच है हम सब परीलोक जा रहे है
मानसी ......पैर आप तो इंसान है न फिर वह कैसे जा सकते है
किरण ......ये आपको वह जा कर पता चल जायेगा वैसे कोण कोण जा रहा है हमारे साथ वह
सूर्य .........गुरुदेव का कहना है की हमारे परिवार को हमारी सचाई का पता चल जाना चाइये ताकि उन्हें हमारे रिश्ते को सवीकार करने के लिया पर्याप्त समय मिल जाये
किरण ......आपने क्या सोचा है फिर इस बारे में
सूर्य .....मैं सोच रहा हूँ पहले दादा जी दादी जी नाना जी नानी जी के साथ साथ दोनों ममी माँ मम्मी आवर बुआ को ले कर चालू
अलीना .....आवर मेर्री दीदी उनका क्या उनके बिना मैं नहीं जाउंगी पहले कह देती हूँ
सूर्य ........एक बार फिर सोच लो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है
तभी सूर्य के मस्तिष्क में गुरुदेव की आवाज सुनाई पड़ती है
( गुरुदेव .....पुत्र मेर्री का आना जरुरी है पुत्र
सूर्य ......जैसा आपका आदेश गुरुदेव )
किरण .....क्या कहा गुरुदेव ने
सूर्य ......तुम्हे कैसे पता स्वीटी
किरण ......आपकी आँखे बंद होते हे समाज गई थी की जरूर गुरुदेव का सन्देश मिला होगा आपको
सूर्य .......ठीक हल अलीना मेर्री को साथ ले चलना पैर याद रहे वह जो कुछ भी पता चले तुम सब नाराज नहीं होगी मुझसे
किरण .....हहहहए ये आपको पहले सोचना चाइये था वैसे पापा लोगो का क्या क्या उन्हें हमारे सच का पता नहीं चलना चाइये
सूर्य ....वो वह चल कर देखेंगे इन सब को त्यार करने का काम तुम लोगो का है इन्हे बिना सच पता चले
मैं बहार जा रहा हूँ माँ को ले कर उन्हें मैं सच बता दूंगा थोड़ा बहुत
kiran........ok दादा जी दादी जी को मानाने की जिम्मेदारी मेरी
कोमल .....माँ को मैं मन लुंगी
पायल ......मेरी माँ को कैसे मन्ना है मैं जानती हूँ
सूर्य ......स्वीटी दादा जी को बोल कर सूर्यगढ़ से सबको यही बुला लेना
किरण ......ठीक है
तभी बहार से शालिनी जी की आवाज सुनाई देती है
सूर्य ......ok अब मैं निकलता हूँ तुम सब लग जाओ काम पे
सूर्य सबको समजा कर अपनी माँ को ले कर बहार निकलता है
सूर्य गेराज से कार निकलता है
शालिनी जी .....हम तो बाइक से जाने वाले थे न
सूर्य .......माँ दूप बहुत तेज है आपकी तबियत ख़राब हो जाएगी कार से हे चलते है
वैसे भी पापा ने जो कार बर्थडे पे गिफ्ट की अब तक उसका टेस्ट ड्राइव भी नहीं हुआ है आप हे उसका टेस्ट ड्राइव कीजिये
सूर्य अपनी बंव की चाबी अपनी माँ को दे देता है
शालिनी जी .....नहीं बीटा तुम हे चलाओ इसे तुम्हारे पापा ने तुम्हे पहली कार गिफ्ट की है
सूर्य .......अब तो आप हे इसे ड्राइव करेंगे नहीं तो इसे मैं हाथ भी नहीं लगाऊंगा
सूर्य को ज़िद पे अड़ता देख शालिनी जी खुद ड्राइविंग सीट संभालती है वही सूर्य उनकी बगल में जा बैठा
यहाँ आने के बाद उनका ये दूसरा मोमा था जब वो खुद कार ड्राइविंग कर रहे थे सूर्य अपने माँ के चेहरे पे आई ख़ुशी को देख रहा था
दरशल शालिनी जी को नई कार्स ड्राइविंग काटना उनको काफी पसंद था सूर्य ुए बात जनता था की उसकी माँ कार्ड ड्राइव करेंगे तो काफी कुछ होगी
शालिनी जी फटते से बड़ी हे सफाई से कार को 100 से ऊपर डॉटा हे हुए सूर्य ग्रह से निकल गई सक्तिपुर की तरफ
सूर्य ..........माँ कैसे लग रहा इतने दिनों बाद खुल कर कार ड्राइव करते हुए
शालिनी जी ......बहुत अच्छा लग रहा है बीटा थैंक्स बीटा
सूर्य ......it's ok माँ मैं जनता हूँ आपको कार ड्राइव कर्जा कितना पसंद है
शालिनी जी .......वैसे तुम्हारे पापा को मैंने हे कहा था की तुम्हे यही कार गिफ्ट करे ये मेरी फवोरिट कार्स में से एक है तुम पसंद आई
सूर्य ......आपकी चॉइस बहुत कमल की है माँ कार्स को ले कर के
कुछ हे देर में शालिनी सक्तिपुर क्रॉस करते हे आगे निकल गई
सूर्य ........माँ आपको कुछ बताना था
शालिनी जी ......क्या अभी जरुरी है मैं ड्राइव एन्जॉय कर रही हूँ
सूर्य .......ok माँ बाद में बात करता हूँ
शालिनी जी .....हहहहए it's ok बीटा आप स्व भाड़ कर नहीं है मेरी ख़ुशी चलो बोलो
सूर्य .....वो माँ मुझे कुछ दिनों के लिया बहार जाना था साम को
सूर्य की बात सुन कर शालिनी जी स्पीड काम कर देती है ऑलमोस्ट 50
शालिनी जी .......क्या जाना जरुरी है बीटा अभी तो तुम लौटे हो बहार से
सूर्य ......माँ जरुरी नहीं होता तो क्या आपसे दूर जाता मैं
शालिनी जी .....कब तक लौट कर आओगे
सूर्य ........पता नहीं माँ वह कितना समय लग सकता है
शालिनी कार को सिटी 1 से थोड़ा पहले हे रोड के साइड में एक पेड के निचे कड़ी कर देती है
शालिनी जी ......इस लिया हे मैंने तुम्हे आर्मी ज्वाइन नहीं करना देना चाहती थी.
तुम आर्मी छोड़ दो बीटा क्या कमी है हमें
सूर्य .......माँ आर्मी के काम से नहीं जा रहा हूँ इस बार
आवर माँ मैं आर्मी पैसो के लिया ज्वाइन नहीं किया था
ये आप भी जानती है इन सब में आने के पीछे यही वजह थी की अपने परिवार को सुरक्षित रखने योग्य बन सकू
शालिनी जी ......फिर कहा जा रहे हो तुम आवर अब तो तुम उस काबिल हो को हम सबकी रक्षा कर सको
सूर्य .....माँ मैंने आपसे बहुत कुछ छुपाया है जो आज आपको बॉटने जा रहा हूँ सायद आपको यकीं न हो पैर जी कहूंगा वो सच है माँ
शालिनी जी .....बीटा तुम मुझे डरा रहे हो ऐसे बाते करके ऐसा क्या है जो तुमने छिपाया है है
सूर्य .......माँ आज मैं अकेला नहीं आपको भी मेरे साथ चलना है कल जो ऋषि आये थे उनमे से एक जिन्होंने सफ़ेद वस्त्र दर्जन किये थे वो मेरे गुरुदेव है परीलोक के राजगिरि आवर साध्वी जी जो की एक पारी है वो उनकी हे पुत्री है
शालिनी ji.......hehehe अच्छा जोके था बीटा अब चले
सूर्य .....मुझे पता था आप ऐसा हे कुछ कहेंगे
जरा अपने सामने देखना आप
शालिनी जी .....सामने क्या है खली सड़क आवर कुछ है भी तो नहीं
सूर्य .......वयोम सकती कहा हो आप दोनों अपने वास्तविक रूप में माँ के सामने आओ
सूर्य की बात पूरी होते हे कार के सामने वयोम अपनी जिनि रूप में आवर सकती अपने एंगेल रूप में प्रकट हो सूर्य के सामने जुख कर सामान करते है
शालिनी जी वयोम का विशाल जिनि रूप देख दर जाती है आवर जल्दी से सूर्य के सीने में अपना सर छिपा लेती है
सूर्य ......माँ डरो नहीं ये हमारे अपने है वयोम आवर सकती देखो तो उन्हें उनसे डरने की जरुरत नहीं है
शालिनी जी सूर्य स्व चिपके हुए डेरी डेरी दोनों को देखती है
सूर्य ....आप दोनों पहले वाले रूप में आ जाओ
वोयोम आवर सकती अपने परतविलोक के रूप में आ जाते है
शालिनु जी ........क्या तुम सच कह रहे थे
सूर्य .....आपकी कसम माँ ये सब सच है आवर मैं सच कह रहा था वयोम जिनलोक से है आवर सकती परीलोक से है जो हमारे घर में साध्वी जी थी वो दरशल एक पारी है है दादी जी आवर दादा जी ये बात जानते है आवर सायद कुछ हद तक मेरी वास्तविक सचाई भी जानते है
शालिनी ji.....tumhari वास्तविक सचाई कुछ नहीं है तुम मेरे बेटे मेरे जिगर के टुकड़े हो सूर्य यही तुम्हारी सचाई है आवर कुछ नहीं
शालिनी जी के मन में अचानक से अपने बेटे को खो देने का दर घर करने लगता है
सूर्य .....वयोम सकती साम को मिलते है परीलोक जाने के वक़्त
वयोम सकती ......ठीक है सूर्य हम चलते है
दोनों वह से गायब हो जाते है
सूर्य .........माँ आप चिंता न करे आपसे मुझे कोई नहीं चीन सकता है मेरी सचाई कुछ भी हो पैर मैं आपका बीटा हूँ आप पहले भी मेरी माँ थी आवर अभी भी आवर आगे भी
शालिनी जी ....तू सच कह रहा है न बीटा मुझे इन सब से दर लगता है
सूर्य .....माँ आवर भी बहुत कुछ है जो आपको जानना होगा
शालिनी जी .......क्या तुम भी उनमे से एक हो
सूर्य ......किनमे से माँ
शालिनी जी ......वयोम आवर सकती में से
सूर्य ......हाहाहाहा माँ आप भी न मैं उनके जैसा नहीं हूँ माँ जैसा मैं दिख रहा हूँ उस से बस थोड़ा सा अलग हूँ
शालिनी जी .....फिर वो तुम्हारे कहने पे तुम्हारे सामने आ गए आवर वो दोनों तुम्हारे सामने जुखे क्यों थे
सूर्य ......क्युकी मैं जिनलोक आवर परीलोक का होने वाला राजा हूँ माँ वो बस अपने होने वाले राजा के सामने जुल्हे थे न की मेरे सामने
शालिनी जी ......ये कैसे हो सकता है तुम आवर उनके राजा
सूर्य ........सॉरी माँ वो क्या है न की परीलोक की राजकुमारी मुझसे प्यार करती है आवर जिनलोक की राजकुमारी से मेरी सगाई हो चुकी है
शालिनी जी .........क्याआ कया कहा तूने तुमने सगाई भी कर ली आवर मुझे बताया तक नहीं क्या यही तुम्हारा प्यार है अपनी माँ तक को नहीं बताया तुमने
सूर्य .....माँ मेरी पूरी बात तो सुन लीजिये शालिनी जी .......मुझे कुछ नहीं सुन्ना बात मत करो मुझसे मुझे घर जाना है अभी के अभी
सूर्य .......माँ प्लेसेस मेरी बात सुन लीजिये
शालिनी जी .....मुझे कुछ नहीं सुन्ना है तुमने मुझसे ये सच छुपाया तुम्हारी माँ तुम्हारे लिए मर.......
सूर्य ........मुआमममममम
सूर्य के जोर से छिलने से शालिनी जी का सबर टूट जाता है आवर उनकी आँखों से बेहहीनता आंसू बहने लगते है
सूर्य ........माँ दुबारा मरने की बात मत काटना पहले भी एक बार आपको आवर पापा को खो कर बहुत रोया हूँ मई. फिर से आपको खोना बर्दास्त नहीं कर पाउँगा
कैसे बताता आप दोनों को आप दोनों तो पहले मर चुके थे मुझे अनाथ बना कर जा चुके थे
सूर्य की बात ख़तम भी नहीं हुई थे की शालिनी जी का जनतेदार चांटा सूर्य के गलो पे अपना नक्शा चाप चूका था
सूर्य को इस चांटे में भी अपने माँ का अपने पापा के पार्टी प्यार नजर आया
शैलिंजी जी ......तुम्हे जरा भी सरम नहीं आई अपने माँ डैड के जिन्दा होते हुए उन्हें मारा हुआ बोलते हुए
सूर्य .......माँ आपने आज फिर वही गलती की है जो उस दिन की थी आज भी आपने मेरी पूरी बात नहीं सुनी आवर मुझे कसूरवार मन सजा देती
आप जो पिछले कुछ दिनों से सपनो में जो जिंदगी जी रही है वो कोई सपना नहीं है माँ वो आपका पिचका जनम था पिछले जनम में भी मैं आपकी हे खोख से जनम लिया था आपकी सदी पापा से हे हुए थे पैर आप दोनों हे मुझे अनाथ बना कर चले गए
क्या आपने कभी सोचा उस बचे के साथ क्या हुआ होगा जिसने जनम के कुछ समय बाद हे अपने माँ को खो दिया हो आवर कुछ समय बाद अपने पापा को भी खो दिया हो
भरा पूरा परिवार होते हुए भी मैं अनाथ हो गया था कहा से आपको सच बताता की मैं कोण हूँ क्यों मैंने सगाई की
शालिनी जी को तो जैसे सांप हे सुंग गया हो सूर्य की बाते सुन कर उनका पूरा सरीर कलने लगता है उनकी ाँसे भरी होने लगती है
सूर्य जब अपने माँ की हालत देखता है तो जल्दी से उन्हें अपने सीने से लगा संत करने लगता है
शालिनी जी ......मुझे माफ कर दे बीटा मैं बहुत बुरी हूँ मुझे माफ कर दे मैंने तुम्हे फिर से मारा
सूर्य ......िस्स्सस्स्स्स संत हो जाओ माँ आपकी थपड में भी पापा के लिया आपका प्यार हे था आपको कुछ भी कहने की जरुरत नहीं है माँ
शालिनी जी जब खुद को थोड़ा संत करती है तो वह सूर्य के पुरे चेहरे को चुम्मे लगती है
सूर्य .....बस कीजिये माँ क्या पिछले जनम का प्यार आज हे लुटा देंगे कुछ अपने होने वाली बहुओ के लिए भी बचा कर रखो
शालिनी जी ......मुझे मेरी बहुओ से मिलना है
सूर्य ......वह रे दुनिया अभी अभी इतना प्यार लुटाता जा रहा था बेटे पे आवर अब्बी सारा प्यार भूल के लिया
शालिनी जी .......तू तो मेरी जान है मेरे जिगर का टुकड़ा है
वैसे मेरी कितनी बहुते है इन दोनों के अलावा सच बताना
सूर्य .......फिर से तो नहीं मारेंगी न आपका हाथ बहुत भरी है हम माँ
शालिनी जी की फिर से एक बार आँखे नाम हो जाती है
शालिनी जी सूर्य के गलो पे अपनी उंगलियों के नीसाण साफ साफ दिख रहे थे
जिन्हे शालिनी जी चुम चुम कर सूर्य को आराम दे रहे थे अपने दिए दर्द से
सूर्य .....it's ok माँ ज्यादा दर नहीं है
शालिनी जी ......चल अभी बता कब मिलवा रहा मेरी बहुओ से
सूर्य अपने दोनों गमो पे हाथ रख कर
सूर्य ......कुछ बहुओ से तो आप रोज हे मिलती है माँ
शालिनी जी छोटे हुए सूर्य को देखती है
शालिनी जी .......क्या मतलब है तुम्हारा मैं किस स्व रोज मिलती हूँ मुझे तो हवेली से बहार निकले हे काफी समय हो गया है
सूर्य .......वो वो कोमल किरण सपना राधा पायल प्रीती अलीना मानसी इन सब से तो रोज मिलती हो न आप
शालिनी जी ......है तो क्या हुआ मैं अपने बहुओ के बारे में पूछा है बहनो आवर बुआ के बारे में नहीं एक मिनट्स
सूर्य जल्दी से गेट खोल बहार निकलता है
शालिनी जी ......किरण .मतलब स्वीटी राधा सपना ओह्ह गॉड रुक तू अपनी हे बहनो को निर्लज बेसरम कही के
सूर्य ......माँ मैंने कहा था न आपसे आवर इनका भी पुनर जनम है माँ
शालिनी जी .......हे बागवान ये कैसे कैसे दिन दिखा रहे हो आप मुझे अपनी हे बेटियों को अपनी हे बहु मैंने को
सूर्य ........माँ आप प्लेसेस कल तक रुक जाइये आपको कुछ भी पता नहीं कल तक आपको सब पता चल जायेगा प्लेसेस माँ आवर आपको लगे की इसमें मेरी जरा से भी गलती है तो आपकी सेंडल आवर मेरा सर
शालिनी जी .....ऐसा क्या हो जायेगा क्या सबकुछ बदल जायेगा
सूर्य ........आपको पता है माँ दादी जी ने मेरा तिलक स्वीटी आवर कोमल से क्यों करवाया था
शालिनी जी ......है पता है क्युकी तुम कुछ बहुत अच्छा काम कर के लूटे थे ऐसा उन्होंने कहा था
सूर्य .......वो अदा सच है माँ आपको पता है जिस दिन में घर आया था ुशी दिन न्यूज़ में बहुत से आतंकियों के कैंप तबाह किये थे काल नाम के युवक ने
शालिनी जी .....है तो उस से इस बात का क्या लेना देना है वो तो पकिस्ता में हुआ था न
सूर्य .......क्युकी काल कोई आवर नहीं मैं हे हूँ माँ आवर दादी जी मेर्री अलीना भी ये बात जानती है आवर ये भी भी की जो माँ दुर्गा के मंदिर में कोमल आवर मेरे बिच जो कुछ घटना हुई वो कोई दुर्घटना नहीं थी कोमल को माँ दुर्गा ने मेरी पत्नी के रूप में चुना है क्युकी कोमल कोई सदर्न लड़की नहीं है माँ वो नागलोक की राजकुमारी कोमलांगी है जिसको मेरी वजह से फिर से जनम लेना पड़ा क्युकी नियति ने उसे मेरी पत्नी के रूप में चुना है इस लिया दादी जी ने कोमल को मेरी पत्नी होने के आदिकर्ता दिया आवर मेरा तिलक उसके हटो करवाया क्युकी इस जनम में कोमल हे एक ऐसे है जिसके मान मेरे हाथो भरी जा चुकी है आवर स्वीटी वो मेरा हे एक भाग है
शालिनी जी ......सूर्य मेरा सर दर्द कर रहा है मुझे घर जाना है
सूर्य ......मैं जनता हूँ माँ आप क्या सोच रही है आपके मंद में जो चल रहा वो मैं सुन सकता हूँ माँ. आवर सुबह के लिया सॉरी
शालिनी जी ......सुबह तुमने क्या किया था जो सॉरी बोल रहा है
सूर्य ........वो बाथरूम को लॉक काटना भूल गया था उसके लिया सॉरी
शालिनी जी ..........क्याआआआ इसका मतलब
सूर्य .........aaaaahhhhhhhhhh माँ दर्द हो रहा है...............
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ................
फ्रेंड्स कल जो लास्ट अपडेट था वो गलती से अपडेट no.148 कर दिया था वो 149 था जो अभी करेक्ट किया है ........
कोशश करूँगा एक आवर अपडेट दे सकू
रुक्मणि ......नहीं बीटा मई. उसे उसके बाप जैसा नहीं बनने दूंगी
गीता ठाकुर ......बीटा खाने का वक़्त हो गया है खाना खा कर जाना अब से ये भी तुम्हारा घर है
सूर्य ......जोर चची जी खाना भी खाऊंगा पैर तब जब आप चारो वह आएंगे पहले
गीता ठाकुर ......जरूर आउंगी बीटा जल्दी हे
सूर्य ......अभी मैं कुछ दिनों के लिया बहार जा रहूं हूँ आते हे कॉल करता हूँ
गीता ठाकुर .......ठीक है बीटा अपना ख्याल रखना
गीता रुक्मणि विधि गायत्री एक बार आवर सूर्य से गले मिल उसे विदा करती है
सूर्य अपनी बाइक उठा सूर्यगढ़ की तरफ निकल जाता है .................
अब आगे ........
सूर्य जब जंगल से अपना अभ्यास कर लौटा तो थोड़ा परेशान था
जिसे देखते हे शालिनी जी समाज जाती है की कोई बड़ी बात जरूर है वर्ण सूर्य परेशान नहीं होता
सूर्य सीधा अपने रूम में जाता है आवर फ्रेश होने लगता है
पीछे पीछे शालिनी जी भी सूर्य के रूम में गुस्स जाती है
पैर तब तक सूर्य बाथरूम में गुस्सा चूका था
उसे तो ये भी ज्ञात नहीं था की उसकी माँ भी उसके पीछे पीछे रूम में आई है
सूर्य बाथरूम में गुस्ते हे शावर ों कर उसे निचे खड़ा hi एक एक करके अपने कपडे उतरने लगता है
सूर्य काफी देर तक शावर के निचे आँखे बंद किये खड़ा रहता है
शालिनी जी .......ये सूर्य आज इतना टाइम क्यों लगा रहा है फ्रेश होने में कोई बात नहीं बाद में बात करती हूँ
शालिनी जी जब बहार जाने लगी तभी उनकी नजर बाथरूम के खुले गेट पे पड़ी
शालिनी जी .....ये भी न इतना बड़ा जो गया है पैर ये पता नहीं की नहाते वक़्त गेट बंद रखना चाइये
शालिनी जी जैसे हे गेट बंद करने के लिया दरवाजा खींचने के लिया हाथ बढाती है ांयश हे उनकी नजर सामने सूर्य पे पद जाती है

सूर्य अभी भी आँखे बंद किये शावर के निचे खड़ा था
शालिनी जी की नजर अपने बेटे के विक्रम लैंड को देख कुछ पल इस्पे हे रुक जाती है

जो की इस वक़्त हाफ ेरेक्ट हालत में हे काफी खुखार लग रहा था
शालिनी जी का दिल डाक डाक करने लगता
शालिनी जी जल्दी से पीछे होती है आवर बिना कोई आवाज किये बाथरूम. को खुला छोड़ रूम को बहार से लॉक कर चुप चाप अपने रूम में आ जाती है
शालिनी जी ......ओह माय गॉड मेनका दीदी सच कह रहे थे ये तो बड़ा खतरनाक है वह से बागवान हे जाने क्या होगा उसका जो इसकी बीबी बनेगी इतना बड़ा तो शिव का भी नहीं है
ची छू ये मैं क्या सोच रही हूँ ओह सहित ये मेरे पंतय क्यों गीली जो गई है
शालिनी जी जल्दी से अपना रूम लॉक करती है आवर अपना लहंगा उतर कर वही बीएड पे अपने पंतय हटा कर देखती है जो की बहुत ज्यादा गीली हो चुकी थी

शालिनी जी .......ये क्या ये तो पूरी भिगान चुकी है उसके देखते हे इतना तो सेक्स करते वक़्त भी नहीं होती थी
अब मुझे फिर से नहाना पड़ेगा
शालिनी जी वही अपने कपडे उतर ब्रा पंतय में हे बाथरूम में गुस्स जाती है
उनकी आँखों के सामने बार सूर्य का लैंड गम रहा था
शालिनी जी .....बार बार मेरी आँखों के सामने वही दृश्य क्यों गम रहा है
शालिनी जी को पता भी नहीं चला कब उनकी ऊँगली या हरकत में आती है आवर कब वो अपनी छूट में ऊँगली करने लगती है
आखिर में शावर के निचे सूर्य का नाम लेते हुए भभला कर झड़ने लगती है
सूर्य अपने रूम से निकल कर निचे अपने दादा जी के रूम में पंहुचा है जो इस वक़्त अपने दोस्त समधी विक्रम सिंह राणा जी से फ़ोन पे बात कर रहे थे
सूर्य को परेशान देख वो बाद में बात करने का बोल कर फ़ोन कट कर देते है
दादा जी ......क्या बात है आज मेरे शेर बेटे का चेहरा जो हमेशा खिला रहता है आज वो मुरझाया हुआ क्यों है
दादी जी .......ीदार आ मेरे बचे मेरे पास
सूर्य अपनी दादी जी के बगल में जा बैठा
दादी जी सूर्य का सर अपने ग्लैड में रख उसके बालो में प्यार से हाथ फिरने लगती है
दादी जी ......क्या बात है बीटा कोई परेशानी है क्या
सूर्य .....जी नहीं दादा कोई परेशानी नहीं है वो मैं माँ के साथ बहार जा रहा हूँ कुछ देर में लौट आऊंगा
दादी जी ......ठीक है बीटा आराम से आना आवर दूप है तो ज्यादा दूप में गुमना फिरना नहीं
सूर्य .....जी दादी जी अच्छा दादा जी मैं चलता हु
सूर्य वह से निकल कर अपनी माँ को त्यार होने का बोल देता है आवर राधा सपना किरण पायल प्रीती अलीना मानसी कोमल को मैसेज कर अपने रूम में आने को कहता है
राधा ......क्या हुआ सूर्य आपने हम सब को यहाँ क्यों बुलाया है
सूर्य ......पहले गेट बंद करो फिर बताया हूँ
पायल गेट को लॉक कर देती है सभी सूर्य को चारो तरफ से घेर कर बेथ जाती है
सूर्य ......आज सैम को हम सब बहार जा रहे है कुछ दिनों के लिया तुम सब त्यार रहना
किरण .........क्या मम्मी पापा इतने दोनों के किये मन जायेंगे
राधा ......क्या हम कही पिकनिक पे जा रहे है
सूर्य .....है ऐसा तुम समाज सकती हो राधा रानी सब को नहीं ले कर जा सकते है
अलीना .....वैसे कोनसी जगह जा रहे है हम सब ताकि वह के लिया अच्छे प्लान बना ले
सूर्य एक बार सबके चेहरे को देखता है जो सब सूर्य को हे देख रहे थे
सूर्य ........परीलोक
किरण पायल अलीना प्रीती सपना .....क्या सच में हम सब परीलोक जा रहे है
सूर्य ......है ये सच है हम सब परीलोक जा रहे है
मानसी ......पैर आप तो इंसान है न फिर वह कैसे जा सकते है
किरण ......ये आपको वह जा कर पता चल जायेगा वैसे कोण कोण जा रहा है हमारे साथ वह
सूर्य .........गुरुदेव का कहना है की हमारे परिवार को हमारी सचाई का पता चल जाना चाइये ताकि उन्हें हमारे रिश्ते को सवीकार करने के लिया पर्याप्त समय मिल जाये
किरण ......आपने क्या सोचा है फिर इस बारे में
सूर्य .....मैं सोच रहा हूँ पहले दादा जी दादी जी नाना जी नानी जी के साथ साथ दोनों ममी माँ मम्मी आवर बुआ को ले कर चालू
अलीना .....आवर मेर्री दीदी उनका क्या उनके बिना मैं नहीं जाउंगी पहले कह देती हूँ
सूर्य ........एक बार फिर सोच लो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है
तभी सूर्य के मस्तिष्क में गुरुदेव की आवाज सुनाई पड़ती है
( गुरुदेव .....पुत्र मेर्री का आना जरुरी है पुत्र
सूर्य ......जैसा आपका आदेश गुरुदेव )
किरण .....क्या कहा गुरुदेव ने
सूर्य ......तुम्हे कैसे पता स्वीटी
किरण ......आपकी आँखे बंद होते हे समाज गई थी की जरूर गुरुदेव का सन्देश मिला होगा आपको
सूर्य .......ठीक हल अलीना मेर्री को साथ ले चलना पैर याद रहे वह जो कुछ भी पता चले तुम सब नाराज नहीं होगी मुझसे
किरण .....हहहहए ये आपको पहले सोचना चाइये था वैसे पापा लोगो का क्या क्या उन्हें हमारे सच का पता नहीं चलना चाइये
सूर्य ....वो वह चल कर देखेंगे इन सब को त्यार करने का काम तुम लोगो का है इन्हे बिना सच पता चले
मैं बहार जा रहा हूँ माँ को ले कर उन्हें मैं सच बता दूंगा थोड़ा बहुत
kiran........ok दादा जी दादी जी को मानाने की जिम्मेदारी मेरी
कोमल .....माँ को मैं मन लुंगी
पायल ......मेरी माँ को कैसे मन्ना है मैं जानती हूँ
सूर्य ......स्वीटी दादा जी को बोल कर सूर्यगढ़ से सबको यही बुला लेना
किरण ......ठीक है
तभी बहार से शालिनी जी की आवाज सुनाई देती है
सूर्य ......ok अब मैं निकलता हूँ तुम सब लग जाओ काम पे
सूर्य सबको समजा कर अपनी माँ को ले कर बहार निकलता है
सूर्य गेराज से कार निकलता है
शालिनी जी .....हम तो बाइक से जाने वाले थे न
सूर्य .......माँ दूप बहुत तेज है आपकी तबियत ख़राब हो जाएगी कार से हे चलते है
वैसे भी पापा ने जो कार बर्थडे पे गिफ्ट की अब तक उसका टेस्ट ड्राइव भी नहीं हुआ है आप हे उसका टेस्ट ड्राइव कीजिये
सूर्य अपनी बंव की चाबी अपनी माँ को दे देता है
शालिनी जी .....नहीं बीटा तुम हे चलाओ इसे तुम्हारे पापा ने तुम्हे पहली कार गिफ्ट की है
सूर्य .......अब तो आप हे इसे ड्राइव करेंगे नहीं तो इसे मैं हाथ भी नहीं लगाऊंगा
सूर्य को ज़िद पे अड़ता देख शालिनी जी खुद ड्राइविंग सीट संभालती है वही सूर्य उनकी बगल में जा बैठा
यहाँ आने के बाद उनका ये दूसरा मोमा था जब वो खुद कार ड्राइविंग कर रहे थे सूर्य अपने माँ के चेहरे पे आई ख़ुशी को देख रहा था
दरशल शालिनी जी को नई कार्स ड्राइविंग काटना उनको काफी पसंद था सूर्य ुए बात जनता था की उसकी माँ कार्ड ड्राइव करेंगे तो काफी कुछ होगी
शालिनी जी फटते से बड़ी हे सफाई से कार को 100 से ऊपर डॉटा हे हुए सूर्य ग्रह से निकल गई सक्तिपुर की तरफ
सूर्य ..........माँ कैसे लग रहा इतने दिनों बाद खुल कर कार ड्राइव करते हुए
शालिनी जी ......बहुत अच्छा लग रहा है बीटा थैंक्स बीटा
सूर्य ......it's ok माँ मैं जनता हूँ आपको कार ड्राइव कर्जा कितना पसंद है
शालिनी जी .......वैसे तुम्हारे पापा को मैंने हे कहा था की तुम्हे यही कार गिफ्ट करे ये मेरी फवोरिट कार्स में से एक है तुम पसंद आई
सूर्य ......आपकी चॉइस बहुत कमल की है माँ कार्स को ले कर के
कुछ हे देर में शालिनी सक्तिपुर क्रॉस करते हे आगे निकल गई
सूर्य ........माँ आपको कुछ बताना था
शालिनी जी ......क्या अभी जरुरी है मैं ड्राइव एन्जॉय कर रही हूँ
सूर्य .......ok माँ बाद में बात करता हूँ
शालिनी जी .....हहहहए it's ok बीटा आप स्व भाड़ कर नहीं है मेरी ख़ुशी चलो बोलो
सूर्य .....वो माँ मुझे कुछ दिनों के लिया बहार जाना था साम को
सूर्य की बात सुन कर शालिनी जी स्पीड काम कर देती है ऑलमोस्ट 50
शालिनी जी .......क्या जाना जरुरी है बीटा अभी तो तुम लौटे हो बहार से
सूर्य ......माँ जरुरी नहीं होता तो क्या आपसे दूर जाता मैं
शालिनी जी .....कब तक लौट कर आओगे
सूर्य ........पता नहीं माँ वह कितना समय लग सकता है
शालिनी कार को सिटी 1 से थोड़ा पहले हे रोड के साइड में एक पेड के निचे कड़ी कर देती है
शालिनी जी ......इस लिया हे मैंने तुम्हे आर्मी ज्वाइन नहीं करना देना चाहती थी.
तुम आर्मी छोड़ दो बीटा क्या कमी है हमें
सूर्य .......माँ आर्मी के काम से नहीं जा रहा हूँ इस बार
आवर माँ मैं आर्मी पैसो के लिया ज्वाइन नहीं किया था
ये आप भी जानती है इन सब में आने के पीछे यही वजह थी की अपने परिवार को सुरक्षित रखने योग्य बन सकू
शालिनी जी ......फिर कहा जा रहे हो तुम आवर अब तो तुम उस काबिल हो को हम सबकी रक्षा कर सको
सूर्य .....माँ मैंने आपसे बहुत कुछ छुपाया है जो आज आपको बॉटने जा रहा हूँ सायद आपको यकीं न हो पैर जी कहूंगा वो सच है माँ
शालिनी जी .....बीटा तुम मुझे डरा रहे हो ऐसे बाते करके ऐसा क्या है जो तुमने छिपाया है है
सूर्य .......माँ आज मैं अकेला नहीं आपको भी मेरे साथ चलना है कल जो ऋषि आये थे उनमे से एक जिन्होंने सफ़ेद वस्त्र दर्जन किये थे वो मेरे गुरुदेव है परीलोक के राजगिरि आवर साध्वी जी जो की एक पारी है वो उनकी हे पुत्री है
शालिनी ji.......hehehe अच्छा जोके था बीटा अब चले
सूर्य .....मुझे पता था आप ऐसा हे कुछ कहेंगे
जरा अपने सामने देखना आप
शालिनी जी .....सामने क्या है खली सड़क आवर कुछ है भी तो नहीं
सूर्य .......वयोम सकती कहा हो आप दोनों अपने वास्तविक रूप में माँ के सामने आओ
सूर्य की बात पूरी होते हे कार के सामने वयोम अपनी जिनि रूप में आवर सकती अपने एंगेल रूप में प्रकट हो सूर्य के सामने जुख कर सामान करते है
शालिनी जी वयोम का विशाल जिनि रूप देख दर जाती है आवर जल्दी से सूर्य के सीने में अपना सर छिपा लेती है
सूर्य ......माँ डरो नहीं ये हमारे अपने है वयोम आवर सकती देखो तो उन्हें उनसे डरने की जरुरत नहीं है
शालिनी जी सूर्य स्व चिपके हुए डेरी डेरी दोनों को देखती है
सूर्य ....आप दोनों पहले वाले रूप में आ जाओ
वोयोम आवर सकती अपने परतविलोक के रूप में आ जाते है
शालिनु जी ........क्या तुम सच कह रहे थे
सूर्य .....आपकी कसम माँ ये सब सच है आवर मैं सच कह रहा था वयोम जिनलोक से है आवर सकती परीलोक से है जो हमारे घर में साध्वी जी थी वो दरशल एक पारी है है दादी जी आवर दादा जी ये बात जानते है आवर सायद कुछ हद तक मेरी वास्तविक सचाई भी जानते है
शालिनी ji.....tumhari वास्तविक सचाई कुछ नहीं है तुम मेरे बेटे मेरे जिगर के टुकड़े हो सूर्य यही तुम्हारी सचाई है आवर कुछ नहीं
शालिनी जी के मन में अचानक से अपने बेटे को खो देने का दर घर करने लगता है
सूर्य .....वयोम सकती साम को मिलते है परीलोक जाने के वक़्त
वयोम सकती ......ठीक है सूर्य हम चलते है
दोनों वह से गायब हो जाते है
सूर्य .........माँ आप चिंता न करे आपसे मुझे कोई नहीं चीन सकता है मेरी सचाई कुछ भी हो पैर मैं आपका बीटा हूँ आप पहले भी मेरी माँ थी आवर अभी भी आवर आगे भी
शालिनी जी ....तू सच कह रहा है न बीटा मुझे इन सब से दर लगता है
सूर्य .....माँ आवर भी बहुत कुछ है जो आपको जानना होगा
शालिनी जी .......क्या तुम भी उनमे से एक हो
सूर्य ......किनमे से माँ
शालिनी जी ......वयोम आवर सकती में से
सूर्य ......हाहाहाहा माँ आप भी न मैं उनके जैसा नहीं हूँ माँ जैसा मैं दिख रहा हूँ उस से बस थोड़ा सा अलग हूँ
शालिनी जी .....फिर वो तुम्हारे कहने पे तुम्हारे सामने आ गए आवर वो दोनों तुम्हारे सामने जुखे क्यों थे
सूर्य ......क्युकी मैं जिनलोक आवर परीलोक का होने वाला राजा हूँ माँ वो बस अपने होने वाले राजा के सामने जुल्हे थे न की मेरे सामने
शालिनी जी ......ये कैसे हो सकता है तुम आवर उनके राजा
सूर्य ........सॉरी माँ वो क्या है न की परीलोक की राजकुमारी मुझसे प्यार करती है आवर जिनलोक की राजकुमारी से मेरी सगाई हो चुकी है
शालिनी जी .........क्याआ कया कहा तूने तुमने सगाई भी कर ली आवर मुझे बताया तक नहीं क्या यही तुम्हारा प्यार है अपनी माँ तक को नहीं बताया तुमने
सूर्य .....माँ मेरी पूरी बात तो सुन लीजिये शालिनी जी .......मुझे कुछ नहीं सुन्ना बात मत करो मुझसे मुझे घर जाना है अभी के अभी
सूर्य .......माँ प्लेसेस मेरी बात सुन लीजिये
शालिनी जी .....मुझे कुछ नहीं सुन्ना है तुमने मुझसे ये सच छुपाया तुम्हारी माँ तुम्हारे लिए मर.......
सूर्य ........मुआमममममम
सूर्य के जोर से छिलने से शालिनी जी का सबर टूट जाता है आवर उनकी आँखों से बेहहीनता आंसू बहने लगते है
सूर्य ........माँ दुबारा मरने की बात मत काटना पहले भी एक बार आपको आवर पापा को खो कर बहुत रोया हूँ मई. फिर से आपको खोना बर्दास्त नहीं कर पाउँगा
कैसे बताता आप दोनों को आप दोनों तो पहले मर चुके थे मुझे अनाथ बना कर जा चुके थे
सूर्य की बात ख़तम भी नहीं हुई थे की शालिनी जी का जनतेदार चांटा सूर्य के गलो पे अपना नक्शा चाप चूका था
सूर्य को इस चांटे में भी अपने माँ का अपने पापा के पार्टी प्यार नजर आया
शैलिंजी जी ......तुम्हे जरा भी सरम नहीं आई अपने माँ डैड के जिन्दा होते हुए उन्हें मारा हुआ बोलते हुए
सूर्य .......माँ आपने आज फिर वही गलती की है जो उस दिन की थी आज भी आपने मेरी पूरी बात नहीं सुनी आवर मुझे कसूरवार मन सजा देती
आप जो पिछले कुछ दिनों से सपनो में जो जिंदगी जी रही है वो कोई सपना नहीं है माँ वो आपका पिचका जनम था पिछले जनम में भी मैं आपकी हे खोख से जनम लिया था आपकी सदी पापा से हे हुए थे पैर आप दोनों हे मुझे अनाथ बना कर चले गए
क्या आपने कभी सोचा उस बचे के साथ क्या हुआ होगा जिसने जनम के कुछ समय बाद हे अपने माँ को खो दिया हो आवर कुछ समय बाद अपने पापा को भी खो दिया हो
भरा पूरा परिवार होते हुए भी मैं अनाथ हो गया था कहा से आपको सच बताता की मैं कोण हूँ क्यों मैंने सगाई की
शालिनी जी को तो जैसे सांप हे सुंग गया हो सूर्य की बाते सुन कर उनका पूरा सरीर कलने लगता है उनकी ाँसे भरी होने लगती है
सूर्य जब अपने माँ की हालत देखता है तो जल्दी से उन्हें अपने सीने से लगा संत करने लगता है
शालिनी जी ......मुझे माफ कर दे बीटा मैं बहुत बुरी हूँ मुझे माफ कर दे मैंने तुम्हे फिर से मारा
सूर्य ......िस्स्सस्स्स्स संत हो जाओ माँ आपकी थपड में भी पापा के लिया आपका प्यार हे था आपको कुछ भी कहने की जरुरत नहीं है माँ
शालिनी जी जब खुद को थोड़ा संत करती है तो वह सूर्य के पुरे चेहरे को चुम्मे लगती है
सूर्य .....बस कीजिये माँ क्या पिछले जनम का प्यार आज हे लुटा देंगे कुछ अपने होने वाली बहुओ के लिए भी बचा कर रखो
शालिनी जी ......मुझे मेरी बहुओ से मिलना है
सूर्य ......वह रे दुनिया अभी अभी इतना प्यार लुटाता जा रहा था बेटे पे आवर अब्बी सारा प्यार भूल के लिया
शालिनी जी .......तू तो मेरी जान है मेरे जिगर का टुकड़ा है
वैसे मेरी कितनी बहुते है इन दोनों के अलावा सच बताना
सूर्य .......फिर से तो नहीं मारेंगी न आपका हाथ बहुत भरी है हम माँ
शालिनी जी की फिर से एक बार आँखे नाम हो जाती है
शालिनी जी सूर्य के गलो पे अपनी उंगलियों के नीसाण साफ साफ दिख रहे थे
जिन्हे शालिनी जी चुम चुम कर सूर्य को आराम दे रहे थे अपने दिए दर्द से
सूर्य .....it's ok माँ ज्यादा दर नहीं है
शालिनी जी ......चल अभी बता कब मिलवा रहा मेरी बहुओ से
सूर्य अपने दोनों गमो पे हाथ रख कर
सूर्य ......कुछ बहुओ से तो आप रोज हे मिलती है माँ
शालिनी जी छोटे हुए सूर्य को देखती है
शालिनी जी .......क्या मतलब है तुम्हारा मैं किस स्व रोज मिलती हूँ मुझे तो हवेली से बहार निकले हे काफी समय हो गया है
सूर्य .......वो वो कोमल किरण सपना राधा पायल प्रीती अलीना मानसी इन सब से तो रोज मिलती हो न आप
शालिनी जी ......है तो क्या हुआ मैं अपने बहुओ के बारे में पूछा है बहनो आवर बुआ के बारे में नहीं एक मिनट्स
सूर्य जल्दी से गेट खोल बहार निकलता है
शालिनी जी ......किरण .मतलब स्वीटी राधा सपना ओह्ह गॉड रुक तू अपनी हे बहनो को निर्लज बेसरम कही के
सूर्य ......माँ मैंने कहा था न आपसे आवर इनका भी पुनर जनम है माँ
शालिनी जी .......हे बागवान ये कैसे कैसे दिन दिखा रहे हो आप मुझे अपनी हे बेटियों को अपनी हे बहु मैंने को
सूर्य ........माँ आप प्लेसेस कल तक रुक जाइये आपको कुछ भी पता नहीं कल तक आपको सब पता चल जायेगा प्लेसेस माँ आवर आपको लगे की इसमें मेरी जरा से भी गलती है तो आपकी सेंडल आवर मेरा सर
शालिनी जी .....ऐसा क्या हो जायेगा क्या सबकुछ बदल जायेगा
सूर्य ........आपको पता है माँ दादी जी ने मेरा तिलक स्वीटी आवर कोमल से क्यों करवाया था
शालिनी जी ......है पता है क्युकी तुम कुछ बहुत अच्छा काम कर के लूटे थे ऐसा उन्होंने कहा था
सूर्य .......वो अदा सच है माँ आपको पता है जिस दिन में घर आया था ुशी दिन न्यूज़ में बहुत से आतंकियों के कैंप तबाह किये थे काल नाम के युवक ने
शालिनी जी .....है तो उस से इस बात का क्या लेना देना है वो तो पकिस्ता में हुआ था न
सूर्य .......क्युकी काल कोई आवर नहीं मैं हे हूँ माँ आवर दादी जी मेर्री अलीना भी ये बात जानती है आवर ये भी भी की जो माँ दुर्गा के मंदिर में कोमल आवर मेरे बिच जो कुछ घटना हुई वो कोई दुर्घटना नहीं थी कोमल को माँ दुर्गा ने मेरी पत्नी के रूप में चुना है क्युकी कोमल कोई सदर्न लड़की नहीं है माँ वो नागलोक की राजकुमारी कोमलांगी है जिसको मेरी वजह से फिर से जनम लेना पड़ा क्युकी नियति ने उसे मेरी पत्नी के रूप में चुना है इस लिया दादी जी ने कोमल को मेरी पत्नी होने के आदिकर्ता दिया आवर मेरा तिलक उसके हटो करवाया क्युकी इस जनम में कोमल हे एक ऐसे है जिसके मान मेरे हाथो भरी जा चुकी है आवर स्वीटी वो मेरा हे एक भाग है
शालिनी जी ......सूर्य मेरा सर दर्द कर रहा है मुझे घर जाना है
सूर्य ......मैं जनता हूँ माँ आप क्या सोच रही है आपके मंद में जो चल रहा वो मैं सुन सकता हूँ माँ. आवर सुबह के लिया सॉरी
शालिनी जी ......सुबह तुमने क्या किया था जो सॉरी बोल रहा है
सूर्य ........वो बाथरूम को लॉक काटना भूल गया था उसके लिया सॉरी
शालिनी जी ..........क्याआआआ इसका मतलब
सूर्य .........aaaaahhhhhhhhhh माँ दर्द हो रहा है...............
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ................
फ्रेंड्स कल जो लास्ट अपडेट था वो गलती से अपडेट no.148 कर दिया था वो 149 था जो अभी करेक्ट किया है ........
कोशश करूँगा एक आवर अपडेट दे सकू





