Incest Dil ka raja ( incest magic adultery ) - Page 17 - SexBaba
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Incest Dil ka raja ( incest magic adultery )

अपडेट. 132

सूर्य .......माँ आपको कुछ बताना था

शालिनी जी ......बाद में पहले जा कर फ्रेश हो जाओ खाना लग गया है फिर तुम्हे एयरपोर्ट जाना है

सूर्य ....क्या हुआ माँ एयरपोर्ट क्यों

शालिनी जी .....क्युकी तुम्हारी दोनों बहने आवर बुआ सा आ रहे है अभी उनका कॉल आया था दिल्ली से वो फ्लाइट पकड़ चुके है

सूर्य .......ठीक है माँ मैं चला जाऊंगा

किरण सपना .....हम भी जायेंगे

शालिनी जी ......ठीक है अब तो छोड़ो इसको

सूर्य वह से अपने रूम में फ्रेश होने चल दिया ..........

अब आगे ........

परीलोक .......जिनिशा आवर j.king के साथ हे जीनत आवर प्रेतराज भी परीलोक पहुंचे

जिनिशा गुरुदेव आवर रानी पारी को परनाम कर अपनी सखी पारिजात से मिलती है

गुरुदेव .....तो आपको खबर मिल गई

j.king गुरुदेव हमें जैसे हे खबर मिली हम यहाँ आ गए कहा है वो

gurudev......wo जा चुके है आपसे आने से कुछ समय पहले हे

जिनिशा गुरुदेव की बात सुन पारिजात को देखती तो पारिजात उसे है में जबाब देती है जिसने देख जिनिशा का चेहरा उतर जाता है

पारिजात ......गुरुदेव आपकी इजाजत हो तो मैं अपनी बहनो को ले के जा सकती हूँ

गुरुदेव ......है पुत्री तुम लोग जाओ

पारिजात जिनिशा जीनत रिद्धि चारो वह से निकल पारिजात के कक्ष में आ जाती है

जिनिशा ......ये क्या बात हुई सखी मैंने तुम्हे कहा था न की उन्हें जाने मत देना

पारिजात ......तुम चिंतित न हो वो जल्द हे हमारी सभी बहनो के साथ परीलोक आने वाले है तब मिल लेना

जिनिशा ......तुम बहुत बुरी हो सखी खुद तो उनसे मिल लिया आवर जब मेरी बारी आई तो ..

रिद्धि पारी .....तुम क्यों चिंता करती हो रात में जा कर मिल आना

jinat......aap लोग किसकी बात कर रहे है

रिद्धि ......ये दोनों अपने प्रेमी की बात कर रही है

पारिजात ......सखी रिद्धि तुम तो पीछे कुछ समय से उनके हे साथ हो न हमें उनके बारे में बताओ न

रिद्धि .....क्या जानना है रात भर दोनों साथ रहे फिर भी मुझसे हे पूछ रही हो

जिनिशा .....बताओ न मुझे जानना है उनके पृवत के बारे में उनकी बहनो के बारे में

रिद्धि सूर्य के पुरे परिवार का विवरण देती है साथ हे अपनी सकती से सूर्य के परिवार से बिताये हुए पल भी सभी को दिखती है

जिसे सुन आवर देख कर जिनिशा पारिजात आवर आदिक जानने को उत्सुक हो जाती है

जिनिशा .....मतलब स्वीटी आवर सपना दीदी इस जनम में बहने है राधा भी इनके साथ कोमल किसका रूप है

रिद्धि ......हाहाहाहा खुद पता करो किसका रूप है

पारिजात ......कोमल कोई आवर नहीं नागलोक राजकुमारी कोमलांगी है जिनिशा

जिनिशा ......क्या पैर वो वह

पारिजात .......जिनिशा वो भी उनसे जुड़ चुकी है ये मत भूलो आवर फिर जो कुछ भी उस समय हुआ था उसमे उसकी क्या गलती थी जब सूर्य के पास इतनी सकती होने के बाद भी वो उन लोगो के सडयंत्र से बच नहीं पाए फिर कोमल तो खुद मोहिनी के वश में थी आवर मोहिनी उस शीतन चांडाल के

जिनिशा .......क्षमा चाहती हूँ सखी मैं ये भूल गई थी की वो भी सरताज की पत्नी है अब

रिद्धि ......तुम लोगो को पता है एक तरह से कोमल इस जनम में सूर्य की पहली पत्नी है

जिनिशा ......क्या सरताज ने विवाह कर लिया

पारिजात ......पैर उन्होंने तो इस बारे में मुझे कुछ बताया हे नहीं

रिद्धि मंदिर में जो कुछ भी सूर्य आवर कोमल के बिच हुआ वो सब तीनो को बिताती है

जीनत जो चुप चाप इन तीनो की बात सुन रही थी उसने हिमत कर कुछ पूछा

जीनत ......आप दोनों को बुरा नहीं लग रहा जिस से आप प्रेम करती है वो विवाहित है आवर उनके जीवन में आवर भी प्रेमिकाए है

पारिजात आवर जिनिशा जीनत की बात सुन मुस्कुराने लगती है

जीनत ......हमने कुछ गलत कह दिया क्या

रिद्धि ......मेरे ख्याल से ये सवाल राजकुमारी आपके लिया है

पारिजात ......आपको पता है जीनत जब पहले बार मैं उनसे तब मिली थी जब जिनिशा आवर उनकी सगाई में मैं जिनलोक गई थी

जब मैंने पहली बार उन्हें वह देखा तो मुझे उन्हें देखते हे एक सुकून भरा अहसास उनके पार्टी एक अलग सा खिचाव मह्सुश हुआ

फिर मुझे जब उनके विवाह के बारे पता चला उसके बाद कुछ आवर बाते पता चली मुझे भी बुरा लगा था

पैर जब मैं उनसे मिलने लगी वो पहले इंसान या ये कहु वो पहले ऐसे मर्द थे जिनसे मैं नफरत नहीं कर पाई बल्कि उन्हें अपना सबकुछ मान अपने प्रेम का इजहार किया वर्ण मैं तो मर्दजात से हे नफरत करती थी किन्तु उनके साथ रहते रहते ये नफ़रत भी ख़तम हो गई

जिनिशा ......ये मेरा आवर स्वीटी का हे प्लान था आप दोनों को नजदीक लेन का ताकि आप एक दूसरे के प्रेम को समाज एक दूसरे के नजदीक आये

पारिजात .......सखी आपसे एक बात पूछना चाहते है उम्मीद है आप सच कहेंगी

रिद्धि .......क्या पूछना है राजकुमारी जी को हेहेहे

पारिजात ......राजकुमारी ोुरो के लिया हूँ मैं आपके लिया आपकी बहन हूँ

रिद्धि .....ठीक तो फिर पूछो क्या पूछना मेरी बहन को

पारिजात .......आपको सूर्य कैसा लगता है मेरा मतलब है आप उनके साथ एक साल से ऊपर उनके साथ रही है आप उन्हें अच्छे से जानती होंगी

रिद्धि .....मैं समाज रही हूँ तुम क्या कहना चाहती हो सूर्य अच्छा इंसान है सबका ख्याल रखता तो मुझे भी अच्छा लगेगा हे पैर जो तुम पूछ रही हो उसके बारे में मैं नहीं जानती

जिनिशा ........हहहहए सखी पारिजात पहले का तो पता नहीं पैर अब रिद्धि जी ने उनके साथ समय बिताया तो ये उनसे बच नहीं सकती है हेहेहे

जीनत ......क्या मतलब बच नहीं सकती है

पारिजात ........बिलकुल उचित कहा तुमने सखी मैंने देखा है उन्हें जब वो महाकाल मंदिर से निकले थे तब आवर जो पहले थे उसमे जमीं आसमान का अंतर आ चूका है उनका आकर्षण उनका तेज बहुत बढ़ चूका है अब उनके सम्मोहन से रिद्धि का बच्नको मुश्किल है

रिद्धि ......ऐसा कुछ नहीं है

जिनिशा .......ऐसा आपको लगता है पैर आपको ये पता नहीं की उनके पास वो सकती है जिस से कोई भी स्त्री बच नहीं सकती है फिर चाहे आप हो या फिर मेरी प्यारी मासूम सखी जीनत हो

रिद्धि ......जिनिशा आप कहना क्या चाहती है

जिनिशा ......फिर साफ़ साफ़ सुनिए उनके पास जिनलोक की आकर्षण कुंजी है जिस से कोई भी उनपे मोहित हो जाता है वो तो अच्छा है उन्होंने उस सकती का उपयोग नहीं किया है यहाँ पे वर्ण परियो की क्या हालत होती

रिद्धि .....पैर वो तो जिनलोक में होने चाइये थे

जिनिशा ......उन्हें मैंने हे सौंपी थी

जीनत .......क्या वाकई आप जो कह रही है वह सच है

रिद्धि .......अगर आकर्षण कुंजी सूर्य के पास है तो ये सच है उस से कोई स्त्री नहीं बच सकती पैर मुझे लगता है उसे उस सकती का इस्तेमाल करने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्युकी परतविलोक पे बहुत सी पत्नियां उसके पास पहले से हे है हेहेहे

ऐसे हे इनकी बात काफी समय तक चलती रही जिसने सुन जीनत भी सूर्य से मिलने के लिया उत्सुक होने लगी

जैसलमेर एयरपोर्ट ......

दोपहर को सूर्य किरण सपना राधा को अपने साथ ले एयरपोर्ट पंहुचा मेनका बुआ पायल प्रीती को लेने के लिया

सूर्य कुछ समय पाहिले हे पहुंच गया था फ्लाइट से

किरण .....दी कही पायल आवर प्रीती तो मनीषा आवर मोनिका दी नहीं है

सपना .....मुझे भी यही लगता है

सूर्य ने उनके साथ भी तो सम्बन्ध बनाये थे

किरण ......अच्छा हो दोनों वही हो तो

सपना .....अच्छा तो है पैर किस के लिया हेहेहे

किरण .......हेहेहे सूर्य के लिया आवर किसके लिया लोगो को एक लड़की नहीं मिलती आवर इनकी किस्मत देखो बिना मांगे हे एक पे एक फ्री मिल रही है

सूर्य .....तुम दोनों वह क्या कर रही हो चलो फ्लाइट लेंड हो चुकी है

सूर्य की आवाज सुन सपना आवर किरण तेजी से उनके पीछे चल दी

कुछ देर के इन्तजार के बाद सूर्य की नजर बुआ आवर पायल प्रीती पे पड़ती है

सूर्य .....वो देखो वो रही बुआ

सामने से आती हुई बुआ की आवर इसरा करके

उनके पीछे से पायल आवर प्रीती भी निकलती है

राधा ....वो रही पायल आवर प्रीती

सूर्य आगे भध बुआ के पेअर छूटा है

सूर्य ..........परनाम बुआ कैसे है आप आने में कोई परेशानी तो नहीं हुई

मेनका ......बीटा कोई परेशानी नहीं हुई

सूर्य पायल आवर प्रीती को देख अपने बहे फैला देता है पायल प्रीती अपन ट्रॉली छोड़ सूर्य के दोनों तरफ से काश लेती है

( सूर्य .....( डेरी से ...दीदी यहाँ कुछ मत बोलना घर पे बात करेंगे यहाँ नहीं )

सूर्य ......कैसे है मेरी दोनों दी

पायल ........हम ठीक है सूर्य तुम्हारी बहुत याद आ रही थी

बुआ .....अब अच्छे से मिल को अपने भाई से पूरी फ्लाइट में कान खा गई दोनों

सूर्य ......कोई बात नहीं बुआ ऐसा होता है कभी कभी

सूर्य कुछ देर बाद दोनों को अलग करता है

सूर्य .....चलो दी ग्रह चलते है सब आपका वेट कर रहे है

सूर्य समल ले बहार की तरह देता है

बुआ .........किरण सपना बेटी तुम दोनों भी आई हो

किरण ......है बुआ सा हम भी घर आये हुए थे तो आपको लेने आ गए सूर्य के साथ

पीछे से राधा मेनका बुआ की आँखे बंद कर देती है हाथो से

राधा .....पहचाना तो आवर कोण आया है दीदी

मेनका बुआ .......हेहेहे राधा की बची तू दिन पार्टी दिन शैतानी करने से बाज़ नहीं आती न

राधा हाथ हटा पीछे हे मेनका के गले लग दोनों गलो पे किश कर देती है

राधा ......कैसे है दीदी आप

मेनका बुआ .....अच्छी हूँ तुम सुना काफी बड़ी हो गई हो एक साल में हे लगता है पापा को लड़का ढूंढ़ने के लिया कहना पड़ेगा

राधा ......कह दीजिये पापा को फिर जो जबाब मिलेगा उसके लिया भी त्यार रहना हेहेहे

बाते करते करते सभी कार के पास आ पहुंचे

सूर्य अब तक सामान रख चूका था कार में

सूर्य आप में से 2 जान को पीछे बैठना होगा सामान के साथ

राधा .....कोई बात नहीं मैं आवर सपना पीछे बेथ जाते है

सूर्य ड्राइविंग सीट पे जा बैठा उसकी बगल में फ़ौरन पायल ने कब्ज़ा कर लिया

पायल के साथ प्रीती ने भी आगे हे मोर्चा संभाला

बुआ आवर किरण आराम से बिच के सीट पे बेथ बाते करते हुए निकल लिया सूर्यगढ़ के लिया

पायल पुरे रस्ते सूर्य के साथ मस्ती मजाक करती हुई आयी जब तक ये लोग हवेली नहीं पहुंच गए सबने चाय नास्ता करने के बाद रेस्ट कर्जा हे बेहतर समजा गर्मी में इतना लम्बा सफर जो किया था इनलोगो ने

पायल प्रीती सूर्य को साथ ले उसके हे रूम जा पहुंची ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........
 
अपडेट 133

राधा .....कोई बात नहीं मैं आवर सपना पीछे बेथ जाते है

सूर्य ड्राइविंग सीट पे जा बैठा उसकी बगल में फ़ौरन पायल ने कब्ज़ा कर लिया

पायल के साथ प्रीती ने भी आगे हे मोर्चा संभाला

बुआ आवर किरण आराम से बिच के सीट पे बेथ बाते करते हुए निकल लिया सूर्यगढ़ के लिया

पायल पुरे रस्ते सूर्य के साथ मस्ती मजाक करती हुई आयी जब तक ये लोग हवेली नहीं पहुंच गए सबने चाय नास्ता करने के बाद रेस्ट कर्जा हे बेहतर समजा गर्मी में इतना लम्बा सफर जो किया था इनलोगो ने

पायल प्रीती सूर्य को साथ ले उसके हे रूम जा पहुंची ........

अब आगे ........

असुरलोक ........नरकासुर काफी समय से कैद में रहने के कारन कमजोर आवर शक्तिहीन होने से अभी भी लगभग मूर्छित अवस्था में हे था

द्वारिका ......राजवैद्य अभी तक असुरराज के स्वस्थ्य में हमें कोई सुधर नजर नहीं आ रहा आपका उपचार अपना कार्य तो कर रहा है न

राजवैद्य .......महारानी जी हम जो ॉधी असुरराज को दे रहे है वो सबसे उत्तम ॉधी है हमारे उपचार में किसी भी तरह की कमी नहीं है असुरराज महाराज नरकासुर लम्बे का सरीर लम्बे समय से गहरी मूर्छित अवस्था में रहा है जिस कारन उन्हें आदिक समय लगेगा सवस्थ होने में

द्वारिका ......हमें हे कुछ कर्जा होगा असुरराज को सिगरा स्वस्थ करने के लिया

राजवैद्य .......जैसा आपने हमें बताया की असुरराज के साथ क्या हुआ था

हमें नहीं लगता वो उपाय असुरराज के सवस्थ होने में शतक सिद्ध होगा क्युकी ये असर इनपे कुछ समय रहेगा हे ये गॉड की कैद में थे उनकी सकती का असर इनपे समय के साथ हे काम होगा बाकि आपने जो सोचा है वह भी कर के देख सकती है

द्वारिका ......पुत्र नीलसूर अपने बरताओ को सन्देश पहुचाओ जितना वो हमारे द्वारा दिए कार्य में सफल हुए है

उन्हें ले कर जल्द से जल्द असुरलोक लौटे

नीलसूर .....जो आज्ञा माता श्री हम अभी उन तक आपका सन्देश पहुंचते है

वही सुरगुरु अपनी गुफा में ध्यान में लीं बे थे थे पास में हे मानसी ( द्वारिका पुत्री ) बैठी हु थी

कुछ समय बाद असुरगुरु ने आँखे खोली

मंशी ......बाबा आप कल रात्रि से परेशान है क्या बात है बाबा

असुरुरु .......पुत्री असुरराज नरकासुर गॉड की कैद से मुक्त हो कर असुरलोक लौट आये है

मानसी असुरगुरु के मुँह से नरकासुर का नाम सुन क्रोध वश दीवार पे अपने मुष्टि ( मुट्ठी ) का प्रहार करती है

मानसी ........बाबा हमें आज तक ये समाज नहीं आया की आप असुरगुरु हो कर भी उस डस्ट से माता श्री की हत्या का प्रतिशोध नहीं ले पाए न आपने हमें अपने माता का प्रतिशोध लेने दिया

असुरगुर ......पुत्री अभी समय नहीं आया है न तुम या मैं नरकासुर को मर सकते है गॉड के अंश के हाथो हे नरकासुर की मृत्यु हो ऐसा उसने वरदान प्राप्त है

मानसी .......कोण है परबु गॉड का अंश कहा है वो

असुरगुरु .........उसका दूसरा जनम हो चूका है पुत्री मानसी किन्तु किश लोक में ये अभी पता नहीं चला है मैं भी उसे हे खोज रहा हूँ किन्तु तुम्हे कुछ समय यहाँ से दूर रहना होगा पूरी किसी अन्य सुरक्षित स्थान पे

मानसी ......क्या हम इस गुफा से इस असुरलोक से किसी अन्य लोक में जा रहे है बाबा ( ये सब मानसी ने ख़ुशी से कहा था )

असुरगुरु ......है पुत्री तुम्हे सुरक्षित रखने के लिया कुछ समय बाद परतविलोक जाना होगा जहा तुम सुरक्षित रह सकती हो असुरराज नरकासुर से

( अगर वो अंश परतविलोक पे हुआ तो तुम्हारी ऊर्जा को मह्सुश कर तुम तक अवश्य पहुंचेगा इस बार जो पहले गलती कर चूका हूँ वो दोहराऊंगा नहीं )

असुर कबीले से दूर सहर में .....

गुजर सिंह आवर विक्रम सिंह हर बार किसी न किसी मुसीबत में फर्श जाते कभी किसी के हाथो पिता होती तो कभी किसी आवर लफड़े में फर्श जाते

ये सब साध्वी जी के आदेश पे वयोम उनके साथ कर रहा था

गुजर सिंह ......काम तो हुआ नहीं उल्टा उस सूर्य के चाकर में कहा कहा मार नहीं खाई हमने

विक्रम सिंह ......सही कह रहे हो गुजर सिंह ऊपर से कलां भी साला फ़ोन नहीं उठा रहा है कब से साले का फ़ोन ऑफ आ रहा है

गुजर सिंह ......चल वही चलते है जहा वो हो सकता है आज अगर बात नहीं बनती है तो पैसा वापिस ले कलां से ये काम हम हे करते है

विक्रम ....पागल हो गए हो क्या एक तो वैसे हे बिना बुलाये मुसीबते हमें दंड लेती है अगर वो काम करता है ठीक है नहीं तो किसी आवर गैंग को पकड़ते है इस काम के लिया

गुजर ......ये भी ठीक है जब से सेल उस कलां से मिले है हमारी किस्मत भी उसके जैसी काली हो गई है

विक्रम ....ठीक है त्यार हो जाओ निकलते है

कुछ देर में दोनों त्यार हो चंपा रानी के कोठे की तरफ निकल गए

कुछ आधे जानते बाद करीब 8 बजे चंपा रानी के कोठे पे थे

जब से दोनों इस सहर में आये है तब से दोनों चंपा रानी के रेगुलर ग्राहक बन चुके थे

चंपा रानी ......आइये हुजूर आपका हे इंतजार था

गुजर ......वो सब बाद में चंपा नहीं कलां भाई किदार है

चंपा रानी विक्रम आवर गुजर को उसे रूम में ले जाती है जहा दोनों पहली बार कलां से मिले थे

चंपा रानी दोनों को सोफे पे बैठा कर खुद दोनों के बिच आ बैठी

vikram.....kya कलां भाई का कुछ पता चला कहा है वो

चंपा रानी ......नहीं उसका कुछ पता नहीं चला है उस दिन के बाद एक बार आया था उसके बाद से ीदार नहीं आया

गुजर ......उसका कोई दूसरा no.hai क्या चंपा रानी

गुजर चंपा रानी की 38 की बड़ी बड़ी चूचियों को ब्लाउज में हाथ दाल दबाने लगता है

चंपा रानी .....मेरे पास यही no. है कलां का है उसकी गेंग का क लोंदा पिछले कुछ टाइम से ीदार हे आता है लड़कियों पे पैसे लुटाने

विक्रम ......क्या वो आज भी आया है

चंपा रानी अपना ब्लाउज खोल दोनों को अपनी एक एक चुकी पकड़ा देती है

चंपा रानी दिवार पे लगी घडी देख

चंपा रानी अभी उसके आने में टाइम है काफी वो 9: 30 से 10:00 के बिच आता है

gujar......thik है फिर आज उस से मिल कर हे जायेंगे

गुर्जा खड़ा हो कर एक एक कर अपने सभी कपडे उतर कर पूरा नंगा हो जाता है

या काम विक्रम भी करता है

कुछ हे देर में रूम का पूरा सीन हे बदल गया था

चंपा रानी दोनों के खड़े लैंड को बारी बरी से चूस कर विक्रम को लेता कर उसके लैंड पे अपने मटके जैसे भरी गांड तीखा विक्रम का लैंड अपने छूट में उतर लेती है

वही गुजर पीछे आने लैंड पे कंडोम चढ़ा चमा रानी की दोनों मटके था अपना लैंड चंपा रानी की भरी भटक गांड में पेलने लगा है

गांड आवर छूट दोनों में एक साथ लैंड का मज़ा चंपा रानी की सिसकारियां हे बता रही थी की उसे कितना मज़ा आ रहा है

कुछ 15 ,20 मिनट्स में विक्रम आवर गुजर दोनों हे गांड आवर छूट में ढेर हो गए

चंपा रानी अपने कपडे पहन बहार निकल गई उसके जाते हे रूम में दो लड़किया आती है आवर फिर से रूम में चुदाई की सिसकारियां गुजने लगी

ये सिलसिला तब तक चला जब तक चंपा रानी ने आ कर ये खबर न दी की कलां का आदमी आ गया है

गुजर आवर विक्रम दोनों उस से जा कर मिलते है

जहा उन्हें पता चलता है की कलां ने अपना काम पूरा कर दिया है 5 लड़कियों में से 4 का किडनैप किया जा चूका है 5वि लड़की का किडनैप कल किया जायेगा

कल रात बताये स्थान पे उन्हें 5लड़कियों उन्हें सौंप दी जाएगी

गुजर आवर विक्रम को ये जान कर बहुत ख़ुशी होती है की कलां ने अपना काम कर दिया भले कुछ टाइम लगा

दोनों पूरी रात चंपा रानी के कोठे पे हे सरब आवर सबब का मज़ा लेते रहे ख़ुशी के मरे ....

सूर्यगढ़ ........

साम को शिव आवर महेंद्र भी अपने समय से जल्दी हे घर आ गए थे

दोनों भाई अपने बहन आवर बाकि बच्चो से मिल कर बहुत खुश होते है

किरण आवर सपना भी कुछ दिन यही रुकने वाली थी ये खबर सूरजगढ़ पंहुचा दी गई थी

रात में सबने मस्ती मजाक करते हुए खाना खाया

अब प्रॉब्लम ये थी की रात में सभी सूर्य के पास रहना चाहती थी

इस लिया सूर्य ने अपने रूम में न सो कर चाट पे हे अपने बिस्तर लगवाने तो सभी लड़कियों ने चाट पे हे सोने का फैसला किया

शालिनी जी भी सूर्य के साथ वक़्त बिताना चाहती थी आवर कुछ जानना भी चाहती थी पैर लड़कियों की वजह से ये सब संभव नहीं था

सूर्य को आ कर चाट पे लेते कुछ हे समय हुआ था की किरण अलीना पायल प्रीती सपना कोमल राधा सब चाट पे आ पहुंची सोने के लिया

किरण आते हे सूर्य के बगल में अपनी जगह बुक कर ली दूसरी तरफ से प्रीती ने

सूर्य ......क्या बात है स्वीटी बड़ी जल्दी में हो नींद आ रही है क्या

किरण बिना कुछ कहे सूर्य पे टूट पड़ती है आवर किश करने लगती है

राधा ......ये स्वीटी की बच्ची नहीं सुधरने वाली कुछ तो सरम कर ले स्वीटी

किरण किश ख़तम कर सूर्य के सीने पे लेट जाती है ये किरण का इस जनम में दूसरा किश था वो भी सूर्य के साथ

किरण .........आप सबने पिछले जनम में भाई से मिलान किया एक मैं हे थे जो रह गई तो क्या अब मुझे किश करने के लिया भी आप सबकी परमिशन चाइये होगी

अलीना ........हमारे मिलान का तो हमें हे पता नहीं था स्वीटी

किरण ........जो भी हो दीदी पैर आप सबका मिलान तो भाई से हुआ है न यहाँ केवल मैं आवर कोमल हे है जिनका मिलान नहीं हुआ था

कोमल अपना सुन चौंक जाती है

किरण .......ऐसे क्यों चौंक रही हो आप राजकुमारी जी आप उस जनम में भी इनकी पत्नी बन चुकी है आवर इस जनम में तो माँ दुर्गा ने आपको इनकी पत्नी होने का आशीर्वाद दिया है

राधा कोमल को अपने गले लगते हुए

राधा .....बिलकुल थी कहा स्वीटी अब जब माँ दुर्गा ने कोमल को सूर्य की पत्नी होने का आशीर्वाद दिया हे है तो इन्हे अपना काम भी करने दो सदी हो गई पैर सुहागरात नहीं हुई अभी तक हहहहए हे

राधा की बात सुन कोमल सरमते हुए राधा की पीठ सेकने लगती है

जिसे देख सब हसने लगते है

पायल ......क्या मतलब कोमल कैसे सूर्य की वाइफ बन गई

सपना मंदिर में हुई घटना सबको बिताती है जिसने सुन पायल प्रीती अलीना चौंक जाती है आवर सूर्य को देखने लगती है

सूर्य .....है ये सच है उस वक़्त मैंने हे इस बात को नकार दिया था किन्तु अब नहीं अब कोमल मेरी बीबी है

सूर्य की बात सुन कोमल प्यार से सूर्य को देखने लगती है

जिसने एक बार फिर राधा चिढ़ाने लगती है

सूर्य .........राधा ज्यादा परेशान न करो कोमल को

सपना .......अभी से बीबी की साइड ले रहे हो

सूर्य .....बीबी तो आप भी हो भूल तो नहीं गई बैक दूर एंट्री

सूर्य की बात आवर उसका मतलब समाज सपना सूर्य को जुड़ने लगती है

किरण .......मतलब उस जनम भाई आपकी ये इच्छा ादुरि हे रह गई थी क्या

पायल .....किस इच्छा की बात कर रही हो स्वीटी

सपना ......कुछ नहीं पायल दीदी ये स्वीटी ऐसे हे बोल रही है

kiran.....main ऐसे हे नहीं बोल रही हूँ मुझे सब पता है

अलीना ......सूर्य हमारा जनम हुआ है तो बाकि सभी का भी जनम हुआ होगा न फिर से

सूर्य ......ये जरुरी नहीं अलीना जो मुझसे उस जनम जुड़ चूका है वही लोगो का जनम हुआ होगा

सपना .....हमारे अलावा कोई आवर भी है क्या उस जनम से

सूर्य है में गर्दन हिला देता है

सपना .....कोण कोण है वो लोग

सूर्य ......माँ डैड दादा जी दादा जी

आवर बुआ जी बड़े पापा रेखा मम्मी जी

पायल प्रीती आपकी माँ वही है जो पिछले जनम में थे आवर अलीना आपके पिछले जनम के माँ डैड बड़े पापा महेंद्र आवर मम्मी है

अलीना की आँखों में ख़ुशी के मरे आंसू निकल आते है ये जान कर की उसके माँ डैड भी है भले हे पिछले जनम के हो

सपना अलीना को अपने गले लगा संत करती है

पायल प्रीती .......क्या सच में माँ वही है

सूर्य .....है ये सच है उनके सामने आते हे मैं उन्हें पहचाना गया था आवर सायद फूफा जी भी अभी कह नहीं सकता कुछ

पायल .....फिर उन्हें कुछ याद क्यों नहीं है

सूर्य ......सायद यही महाकाल की इच्छा हो या फिर फिर डेरी डेरी उन्हें सब याद आ जायेगा

किरण .......वो सब तो ठीक है पैर आप इस बार ऐसा कुछ नहीं काटना जिस से हमें फिर से अपना परिवार खोना पड़े

सूर्य .......जनता हूँ आवर सायद इस लिया हे हमें हमारी उस जनम की यादे मिली है ताकि वो गलतिया फिर से न दोहरी जाये

सपना .......ये आप सोचिये आप हे थे जो जब देखो तक किसी न किसी के साथ.....

किरण ......नहीं दीदी आप गलत सोच रही है हमें जो दंड मिला वो इस लिया नहीं की इन्होने अन्य लड़कियों से सम्बन्ध बनाये थे बल्कि वो इस लिए हुआ था की हमने अपनी सकतिया को गलत इस्तेमाल किया था

सूर्य ......बिलकुल सही कहा स्वीटी मैंने उस जनम में किसी को मजबूर कर सम्बन्ध नहीं बनाये थे पायल प्रीती मुझसे प्रेम करती आवर मैं उनसे अलीना के साथ जो सम्बन्ध था वो मोहिनी के कारन हुआ जिसमे गलती न मेरी आवर न प्रिय की थी बुआ आवर चची के साथ जो सम्बन्ध थे वो राधा से मिले श्राप के कारन था

केवल एक सम्बंद था जिसमे प्रेम नहीं था किन्तु वह भी मैंने पहल नहीं की थी हम दोनों की इच्छा से हे वो सम्बन्ध बना था

किरण ......कही वो कॉलेज वाली मोनिका तो नहीं मिस की बहन

सूर्य ......है वही मोनिका जिसकी हेल्प मैंने की थी

सपना ......आपने उसे भी नहीं छोड़ा

सूर्य .....भूल जाओ उसको वो बिता हुआ कल था

कोमल .......हम नागलोक कब जा रहे है

सूर्य ......कल गुरुदेव से पता कर बताऊंगा की कब नागलोक जाना उचित होगा

किरण ......हम भी चले नागलोक मुझे भी देखना है

सूर्य ......अभी सब नहीं जा सकते है कोमल का जाना जरुरी है ताकि इसे अपना नाग रूप प्राप्त हो सके साथ हे नागमणि जो आज भी कोमल का इन्तजार कर रही है

कोमल ......क्या मुझे मेरा नागिन रूप फिर प्राप्त होगा

सूर्य .........है कोमल इसके लिया हे तो तुम्हे जाना होगा नागलोक वर्षो से आपके पिता नागराज महावीर आवर नागरानी पूर्वी जी आपके लौटने की रह देख रहे है

अपने परिवार के बारे में जान कोमल को बहुत ख़ुशी होती है

ऐसे हे काफी वक़्त तक इनके पूर्व जनम की बाते होती रहती है रात 1 बजे से भी ऊपर जब समय हो गया तब सूर्य ने हे सबको सोने के लिया कहा तब जा कर इनकी गुप्तगू बंद हुई आवर डेरी डेरी सब को नींद आ गई .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........
 
अपडेट. 134

कोमल ......क्या मुझे मेरा नागिन रूप फिर प्राप्त होगा

सूर्य .........है कोमल इसके लिया हे तो तुम्हे जाना होगा नागलोक वर्षो से आपके पिता नागराज महावीर आवर नागरानी पूर्वी जी आपके लौटने की रह देख रहे है

अपने परिवार के बारे में जान कोमल को बहुत ख़ुशी होती है

ऐसे हे काफी वक़्त तक इनके पूर्व जनम की बाते होती रहती है रात 1 बजे से भी ऊपर जब समय हो गया तब सूर्य ने हे सबको सोने के लिया कहा तब जा कर इनकी गुप्तगू बंद हुई आवर डेरी डेरी सब को नींद आ गई ......

अब आगे ......


सबके सोने के कुछ देर बाद हे सूर्य की नींद कुछ मह्सुश कर खुल जाती है

सूर्य की जब आखे खुली तो अपने आप हे उसका हाथ अपने चेहरे पे चला जाता है जहा कुछ गीला पैन था

सूर्य चारो तरफ नजर गुमा कर देखता की कही कोई बारिश तो नहीं हो रही या फिर ये कुछ आवर हे है

जब सूर्य आश्वस्त हो गया की बारिश नहीं ये कुछ आवर हे है

सूर्य अपनी आँखे बंद कर कुछ खोजने की कोशिश करता है जल्दी हे सूर्य को पता चल जाता है की ये किस वजह से उसका चेहरा भीगा हुआ है

सूर्य बिस्तर से उठ छठ की दूसरी तरफ चला जाता है

सूर्य .......जीनु सामने आओ मुझे पता मेरी जीनु यही है मेरे आस पास अब सामने आ जाओ जीनु

जिनिशा को सायद इसी पल का इन्तजार था जो सूर्य के पुकारते हे जिनिशा सूर्य के सामने अप्पेअर हो जाती है

सूर्य जिनिशा के सामने अपनी बहे फैला देता है

जिनिशा फ़ौरन सूर्य के बहो में दौड़ते हुए समां जाती है

सूर्य के प्यार आवर सनेह से एक बार फिर जिनिशा की झिलमिल आँखों से अश्रुधारा बहने लगती है

जिनिशा .......आप बहुत बुरे है सरताज आप मुझे छोड़ कर क्यों गए अब अगर आप मुझे छोड़ कर गए तो आपकी जीनु जी नहीं पायेगी आपके बिना

surya......issssshhh चुप हो जाओ जीनु ऐसा नहीं कहते फिर कभी ऐसा न कहना देखो महाकाल की इच्छा से हम फिर मिल गए

अच्चानक से जिनिशा सूर्य का चेहरा अपने हाथो में थम सूर्य के पुरे चेहरे को चुम चुम कर गिला करने लगती है

सूर्य भी जिनिशा की इतने लम्बी जुड़े आवर तड़फ देख जिनिशा जो कर रही थी उसे रोकता नहीं है

कुछ देर बाद जिनिशा चूमते चूमते सूर्य के मोंटो से अपने होंठ मिला प्यार से सूर्य के होंठ चूमने लगती है

डेरी डेरी जिनिशा लगभग सूर्य को होंटो को इस कदर चुस्ती है की सूर्य के होंटो से हल्का हल्का खून भी आने लगता है

पैर सूर्य फिर भी जिनिशा को अपनी मन मर्ज़ी करने से रोकता नहीं है

10 मिनट्स के बाद जब दोनों की ाँसे भरी हो उखाड़ने लगी तब सूर्य ने हे खुद को जिनिशा से अलग किया

जिनिशा आवर सूर्य की सबसे बहुत तेज चल रही थी

कुछ देर बाद जब दोनों संत हुए तो सूर्य जिनिशा को फिर से अपने सीने लगा लेता है

जिनिशा को सूर्य के सीने से लगे बहुत सुकून मिल रहा था डेरी डेरी जिनिशा सब कुछ भूल बस सूर्य के सीने से लग सूर्य के धड़कन सुन सुकून की सं लेने लगती है

काफी देर दोनों एक दूसरे को बहो में भरे खड़े
रहे

जैसे दोनों को किसी ने एक दूसरे चिपका दिया हो

सूर्य ......आप ठीक है न जीनु

जिनिशा .....हम्म्म

सूर्य ......महाराज कैसे है आवर बाकि सब

जिनिशा ......हम्म्म

जिनिशा को जैसे कुछ सुना हे नहीं वो तो बस सूर्य को दिल से मह्सुश कर सूर्य की बहो में खोये हुए किसी आवर हे दुनिया में खो चुकी हो

सूर्य ......हम्म्म

जिनिशा .......हम्म्म

सूर्य .......हहहहए क्या हुआ जिनिशा कहा खो गई

जिनिशा .......बात मत कीजिये मुझे बस आपकी बहो में रहने दीजिये आपकी बहो में बहुत सुकून मिल रहा है

सूर्य जिनिशा को अपने गॉड में उठा वही दिवार के सहारे बेथ जिनिशा को अपने गॉड में बैठा प्यार से जिनिशा के सर आवर पीठ को सहलाने लगता है

जिनिशा ......सरताज हमारा मिलान कब होगा

सूर्य .......क्या हुआ जीनु अचानक तुम्हे ये क्या सुजा

जिनिशा .......सरताज अब हम आपसे आवर दूर नहीं रह सकते है पिता जी महाराज से बात कीजिये न ताकि हमारा विवाह जल्द से जल्द हो जाये

सूर्य .....ये दायित्व गुरुदेव का है उन्हें पता है कब इस विषय पे महाराज से बात करनी है

जिनिशा ......महाराज नहीं पिता जी भले हे हमारा विवाह नहीं हुआ है अभी किन्तु मैंने आपको अपना पति ुशी दिन मन लिया था जिस दिन हमारी सगाई हुई

सूर्य .......तुम उचित कह रही हो जीनु जब दो दिल जुड़ जाते है तो विवाह एक तरह से औपचारिकता भर रह जाती है

जिनिशा ......आप जिनलोक कब आ रहे है सरताज या तो आप वह आ जायिये या फॉर हमें अपने पास बुला लीजिये

सूर्य ......वह आने में अभी समय है जीनु उस से पहले मुझे परीलोक जाना होगा

उसके बाद सायद जल्द हे नागलोक भी जाना होगा कोमल को ले कर के

जिनिशा .....ठीक है फिर मैं आपके आने तक

वही परीलोक में अपनी बहन पारिजात के साथ हे रहूंगी

सूर्य ......है ये ठीक है

जिनिशा .......वैसे आपको बता देती हूँ परीलोक में आपके हे चर्चे हो रहे है

सूर्य .....हाहाहाहा अब मैंने ऐसा क्या कर दिया

जिनिशा .....मजाक नहीं सरताज मुझे लगता है बहुत जल्द किसी आवर की एंट्री होने वाली है आपकी लाइफ

सूर्य .....पहले से हे बहुत है अब आवर कोण आने वाला है

जिनिशा .....जल्द हे आपको पता चल जायेगा

काफी देर तक जिनिशा सूर्य के साथ प्यार भरा वक़्त बिता कर परीलोक लौट जाती है

सूर्य भी अपने बिस्तर पे आ कर किरण को अपने साथ लगा कर लेट जाता है

सुबह जब सूर्य उठा तो प्रीती सूर्य के सीने पे सो रही थी

सूर्य. को अपने सीने पे प्रीती के ठोस उभारो का पूरा अहसास हो रहा था क्युकी प्रीती ने सोते वक़्त अपने ब्रा निकल दी थे केवल पतली से निघ्त्य में प्रीती की भरपूर जवानी सुबह सुबह सूर्य के कामदण्ड को नींद से जगाने के लिया काफी थी

सूर्य डेरी से प्रीती को अपने सीने से बिस्तर पे लिटा कर खड़ा हो जाता है आवर किरण प्रीती के माथे पे किश कर सूर्य निचे चला जाता है जहा से वह रनिंग करते हुए जंगल जा पंहुचा आवर लग गया अपने ध्यान में .......

जैसे सूर्यदेव की दूप लड़कियों पे पड़ी डेरी डेरी उनकी भी नींद खुल गई पैर रात में काफी समय से जागने के कारन अभी भी उनकी नींद पूरी नहीं हुई थे इस लिया सभी निचे जा जहा जगह मिली वही जा कर फिर से सो गई

शालिनी जी .......इन सब को क्या हुआ है जो ऊपर से निचा आ फिर लेट गई


रेखा जी .......क्युकी रात को ये सब काफी लेट तक जग रही

इनकी आवाज सुन मैं देखने गई थी

फिर सोचा बछिया तेने समय बाद मिल रही है तो करने दो अपनी मन मर्ज़ी

शालिनी जी ......ये सूर्य अभी तक सो रहा है क्या

दादी जी ........वो कहा इतने टाइम तक सोता है वो तो कबका निकल गया जंगल आवर तुम्हे क्या हुआ मेनका बेटी तुम्हारा चेहरा क्यों बुझा बुझा सा लग रहा है

शालिनी जी ......क्या बात है दीदी जीजा जी की इतनी हे याद आ रही थी तो उन्हें साथ हे ले आते

रेखा जी ......वैसे एक बात है दीदी आज भी आज भी आप जवान लड़कियों की टक्कर की है जीजा जी तो आज भी आपके दीवाने होंगे

मेनका जी .....महेंद्र भाई सा आपका दीवाना है तभी रात भर बीएड की चर्चारने की आवाजे आ रही थे आपके रूम से

शालिनी जी ......हेहेहे क्या सच में दीदी

मेनका जी ........तभी तो सुबह सुबह भाबी का चेहरा इतना खिला हुआ है क्यों भाबी

दादी जी ......तुम लोगो को सुबह सुबह आवर काम नहीं है क्या

मेनका जी ........माँ सा मैंने तो सुना पापा मेरी एक आवर बहन लेन के तयारी में है क्या ये सच है

मेनका की बात सुन रेखा जी शालिनी जी के साथ मेनका जी भी हसने लगी वही दादी जी सरम के मरे कुछ बोल हे नहीं पायी

तभी वह दादा जी आ पहुंचे

दादा जी .....अरे भाई आज चाय नास्ता मिलेगा की नहीं ठकुराइन

शालिनी जी .....आप चलिए पापा अभी आपकी चाय नास्ता लती हूँ

दादा जी ......बेटी आज तो ठकुराइन के हाथ के बने परांठे खाने है

मेनका जी .......क्या बात है पापा फिर तो आज मैं भी माँ सा के हाथो बने पराठे हे खाउंगी

शालिनी जी .....दीदी कैसे पराठो के चाकर में आपकी डाइट न बिगड़ जाये

मेनका जी ......कोई नहीं थोड़ी म्हणत आवर कर लुंगी

दादी जी ......तुम सब बाकि काम करो आजका नास्ता सबका मैं बुनती हूँ

दादा जी .....ये हुई न बात

सूर्य के रूम में सोई पायल बार बार सूर्य का फ़ोन बजने से परेशान हो फ़ोन उठती है

पायल ......hello कोण है जो सुबह सुबह नींद ख़राब कर रहा है

सोनिया .......hello मैं सोनिया बोल रही हूँ दिल्ली से आप कोण है

पायल ......मैं पायल हूँ

सोनिया ......ये no. तो सूर्य का है क्या आप मेरी बात करवा देंगी सूर्य से अर्जेन्ट है

पायल .......अभी सूर्य बहार गया है आते हे बात करवाती हूँ

वैसे आप सूर्य को कैसे जानती है

सोनिया ......मैं उनके दोस्त की बड़ी बहन हूँ सोनिया खान आप याद से सूर्य को आते हे कॉल काटना कहना

पायल ......ठीक है बोल दूंगी bye

सामने से बिना कुछ सुने पायल सूर्य के फ़ोन को कट कर साइलेंट कर फिर से सो जाती है ........

दिल्ली आर्मी हेअद्क़ुअतेर ......

आर्मी हेअद्क़ुअतेर में इस वक़्त किसी खाश मुद्दे पे मीटिंग चल रही थी जिसमे कयफ हायर अफसर भी आये हुए थे

आर्मी चीफ

जनरल

लेफ्टिनेंट जनरल

मेजर जनरल

तमाम तरह के हायर रेंक के ऑफिसर्स इस मीटिंग में मौजूद थे

आर्मी चीफ ......ये आखिर हो क्या रहा है पिछले कुछ समय से ये दूसरा मामला सामने आ रहा है वो भी एक हे एरिया पोस्ट से

किसी के पास आर्मी चीफ के सवाल का जबाब नहीं था सब एक दूसरे का मुँह देख रहे थे

आर्मी चीफ ......देखो मैं इस मामले में कोई भी दिलही नहीं बरतना चाहता हूँ इस इन दोनों मामलो से आर्मी की कितनी बदनामी हो रही है

उन जवानो के पेरेंट्स को क्या जबाब दे जिन जवानो को आतंकियों ने अगवा किया है

मेजर जनरल ......सर अगर ऐसे हे इन आतंकियों के हौसले बढ़ते रहे तो आज ये कश्मीर में हो रहा कल किसी अन्य जगह होगा हमें इन्हे इसका मुँह तोड़ जबाब देना होगा

आर्मी चीफ .....वही तो मैं जानना चाहता हूँ की इनको रोकने के लिया हमारी आर्मी क्या कर रही है पहले वाली घटना में आतंकवादी ने सभी जवानो को गले काट कर हमें लौटाए थे कल रात जो दुबारा आतंकियों ने जवानो को अगवा किया है उनके साथ ऐसा फिर से दोहराये हमें उनके ख़तम कर अपने जवानो को वापिस लाना है सही सलामत

जनरल ......सर हमें एक ऐसे टीम का चुनाव काटना चाइये जो इन सबको मध् से ख़तम कर दे बिना किसी को खबर लगे

आर्मी चीफ .......आप सब के पास कोई आवर प्लान है इसके लिया

सभी जनरल की बात से सहमति थे सिवाय लेफ्टिनेंट जनरल सूर्यकांत के

आर्मी चीफ .........क्या बात है mr.suryakant आप मुझे सहमत नहीं लग रहे है आप कुछ कहना चाओगे

सूर्यकांत ......माफी चाहता हूँ सर आप अच्छी तरह से जानते है की कश्मीर का माहौल कैसा है वह के लोग आतंकियों के लिया खबरि का काम करते किसी न किसी तरह उन तक खबर पहुंच सकती है जो इस मिशन आवर टीम को खतरे में दाल सकती है साथ हमारे उन जवानी को भी खतरा हो सकता है जो 5 जवान उन आतंकियों की गिरफ्त में है

आर्मी चीफ ......आपकी बात से मैं सहमति हूँ mr.suryakant पैर इस वक़्त हमारे पास आवर कोई बेटर प्लान नहीं अगर आपके पास कोई प्लेन है तो हम सब सुन रहे है

सूर्यकांत सब तरफ नजरे गुमा कर देखते

सूर्यकांत ......सर इस मिशन के लिया ओने में आर्मी चाइये जो चुप चाप बिना किसी के नजर में आये अपना काम ख़तम कर सके

बाकि अफसर ......ये मुमकिन नहीं है सर कोई भी अकेला जवान ऐसा मिशन पूरा नहीं कर सकता है जो उन आतंकियों को ख़तम करने के साथ साथ हमारे जवानो को भी वह से जिन्दा सही सलामत निकल सके

आर्मी चीफ .......कोण है वो ओने में आर्मी mr.suryakant

सूर्यकांत आर्मी चीफ की बात सुन मुस्कुरा उठे

सूर्यकांत ......सर उसका नाम तो मैं नहीं बता सकता पैर इतना बता सकता हूँ की अगर उसने मिशन हाथ में लिया तो आतंकियों की दिलो में हे नहीं उन जैसो की मदद करने वालो की दिलो में वो खौफ भर देगा की दुबारा ऐसा करने से पहले वो खुद मरना पसंद करेंगे

इसके साथ हे सूर्यकांत स्क्रीन पे काल का वो वीडियो प्ले कर देते है जो कुछ टाइम पहले काल ( सूर्य ) के हाथो आतंकियों का सफाया हुआ था

आर्मी चीफ .......ये तो वही है जिसने कुछ समय पहले बहुत बड़े आतंकी गिरोह का सफाया किया था

mr.suryakant आप कैसे जानते हो इसे

सूर्यकांत .......सर ये हमारी इंडियन आर्मी से हे है अभी छुट्टी पे है

आर्मी चीफ .....जल्द से जल्द कांटेक्ट कर दिल्ली आने को कहो उसे

हम इस से मिलना चाहते है

सूर्यकांत ......जी सर मैं उसे कॉन्टेक्ट करता हूँ

आर्मी चीफ ...... टीम वाला प्लान कैंसिल अब ये काल हे उन आतंकियों का काल बनेगा

कश्मीर कांटेक्ट कर उस आतंकी गिरोह की जितनी इनफार्मेशन निकली जा सकती है निकलने के लिया कहो

आवर mr.suryakant जल्द से कल्ट उसे कांटेक्ट कीजिये

सूर्यकांत .......यस सर

आर्मी चीफ .....मीटिंग इस ओवर ..........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........🌹🌹

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स.............🌹🌹


 
अपडेट. 135

मेगा अपडेट


सूर्यकांत .......सर ये हमारी इंडियन आर्मी से हे है अभी छुट्टी पे है

आर्मी चीफ .....जल्द से जल्द कांटेक्ट कर दिल्ली आने को कहो उसे

हम इस से मिलना चाहते है

सूर्यकांत ......जी सर मैं उसे कॉन्टेक्ट करता हूँ

आर्मी चीफ ...... टीम वाला प्लान कैंसिल अब ये काल हे उन आतंकियों का काल बनेगा

कश्मीर कांटेक्ट कर उस आतंकी गिरोह की जितनी इनफार्मेशन निकली जा सकती है निकलने के लिया कहो

आवर mr.suryakant जल्द से काल से कांटेक्ट कीजिये

सूर्यकांत .......यस सर

आर्मी चीफ .....मीटिंग इस ओवर ..........

अब आगे .......


सूर्य सुबह करीब 8 बझे वापिस हविले पंहुचा

सूर्य जब पसीने से भीगा हविले में एंटर किया तो सामने हे उसे उसके बड़े पापा महेंद्र आवर पापा शिव दोनों हे मिल जाते जो ऑफिस आवर मॉल के लिया निकल रहे थे

सूर्य .....गुड मॉर्निंग बड़े पापा गुड मॉर्निंग डैड

महेंद्र जी .....गुड मॉर्निंग बीटा लगता है आज तुम्हारी मॉर्निंग गुड नहीं हुई

शिव .....गुड मॉर्निंग बीटा ये क्या हल बना रखा है अपना

सूर्य .....कुछ नहीं डैड वो जंगल से

एक्सरसाइज करके आया हूँ न तो पसीने की वजह से वह की दल मिटटी लग गई

आवर कुछ नहीं

महेंद्र .......वही तो आज कुछ ज्यादा हे म्हणत कर ली है तुमने बीटा

सूर्य ......ऐसा कुछ नहीं है बड़े पापा जितना पहले करता था उतना हे अब किया है

शिव .....भाई सा कार का टायर पंचर है आप रुकिए मैं अभी चेंज कर देता हूँ

सूर्य ......डैड दूसरी कार ले जाये न फिर

शिव .......नहीं बीटा आते वक़्त कुछ जरुरी सामान लाना तो इस लिया बड़ी कार ले जा रहे है

महेंद्र जी ........ठीक है तुम चंग कर लो या किसी से बोल दो

शिव गेराज जा कर टायर खोलने का सामान देखता है जो मिल जाता है पैर कार को उठाने के लिया केक नहीं

सूर्य ......क्या हुआ डैड

शिव .......वो जेक का पता नहीं कहा रख दिए है

सूर्य .......कोई बात नहीं डैड आप गटर खोलिये मैं उठा लेता हूँ

महेंद्र जी .....हाहाहाहा सुबह सुबह हसना सेहत के लिया अच्छा होता है हमें भी पता है बीटा

सूर्य .....बड़े पापा आपकी मजाक लग रहा है क्या जो मैं कह रहा हु

शिव ....बीटा मज़ा लगेगा हे तुम जो कह रहे हो

सूर्य आगे बढ़ कार के अगले हिस्से के तैयार को जमीं से करीब 1 फिट ुचा उठा कर आराम से खड़ा हो जाता है जैसे फूम ( स्पंज ) की कार उठा राखी हो

सूर्य को देख शिव आवर महेंद्र का मुँह खुला का खुला हे गया

उनको यकीं हे नहीं हो रहा था की सूर्य इतनी वजनी कार ऐसे आराम से उठा भी सकता है

महेंद्र जी .....सूर्य उसे निचे रखो तुम्हे चोट लग जाएगी

सूर्य .....बड़े पापा आप चिंता न करे मुझे कुछ नहीं होगा डैड गटर चेंज कर लीजिये

शिव जल्दी से कार का टायर खोल दूसरी स्टेपनी पीछे निकल कर चेंग कर देता है

शिव .....सूर्य छोड़ दो टायर चंग हो गया है

सूर्य आराम से कार को निचे रख देता है महेंद्र जी आगे बढ़ सूर्य के हाथो को देखता है की कही कोई चौथ तो नहीं आई

सूर्य .....बड़े पापा मैं बिलकुल ठीक हूँ अब आपको ऑफिस जाना चाइये डैड गुड डे बड़े पापा

शिव सूर्य के सर पे हाथ फिर कर दोनों भाई कार में बेथ कर निकल गए

सूर्य जब हवेली में इंटर करने लगा तो दादी जी ने वही रोक दिया

दादी जी .....ये क्या हालत कर राखी है बीटा कही कुस्ती तो नहीं लाड कर आये किसी के साथ

कुस्ती का नाम सुनते हे दादी जी जो अखबार पढ़ रहे थे उनके कण भी खड़े हो गए

दादी जी ......कोण किस से कुस्ती लाड कर आये है भाई हमें भी साथ ले चलते भी एक दो हाथ आजमा लेते

दादी जी .....बस बुढ़ापे में यही बाकि रह गया लंगोट में बन्दर के जैसे उछालते देखना

सूर्य ......हाहाहा बाउजी देखो माँ सा क्या कह रही है

दादी जी अखबार रख वही गेट पे आ जाते है

दादी जी .....हाहाहा बीटा लग तो तू ऐसा हे रहा जैसे कही से खुलती खेल कर आया हो जैसे

दादी जी .....वही बहार रुक बीटा

सूर्य .....माँ सा मुझे नहाना है पूरा पसीने से मिटटी स्व भरा हुआ हूँ

दादी जी .....आज तुम्हे बहार हे नहाना है अगर कल भी ऐसे हे आया तो वही बहार हे पाइप लगा कर नहाना

सूर्य .......ठीक है माँ सा काम से काम मेरे कमरे से मेरा टॉवल तो भेज दीजिये किसी के हाथो

दादी जी .....है थी है वो वह पाइप लगा हुआ है तू नाहा मैं भेजती हे तेरा टोलिया

सूर्य वही बहार लोने में लगे पाइप की आवर चल दिया

एक एक करके मैले कपडे निकल सूर्य

अंडरवियर में हे खड़े खड़े नहाने लग गया

सूर्य पहले कभी पाइप से इस ट्राय से नहाया नहीं था

तो उसे ऐसे नहाने में परेशानी हो रही थी

तभी सूर्य को किसी की आने की आहात सुनाई देती है






सूर्य थोड़ा बहुत भीगा हुआ था आवर वह वैसे हे अंडरवियर में हे पलट कर उस तरफ देखता है जहा से आ आवाज आ रहे थे

सामने मेर्री जी हाथो में साबुन सेम्पु आवर टॉवल ले कर आ रही थे

सूर्य पे नजर पड़ते हे मेर्री जी की नजर मनो चिपक से गई

जैसे मेर्री जी की नजर सूर्य के बॉडी कट से होते हुए निचे अंडरवियर पे पड़ी






वही मेर्री जी की नजर ातक गई जैसे जैसे मेर्री जी सूर्य के नजदीक जा रही थी वैसे वैसे मेर्री जी की मुनिया में मीठी मीठी खुजली होने सुरु हो गई थी

सूर्य ......ममी जी आपकी हेल्प चाइये

क्या आप मेरी नहाने में मदद कर देंगी बस ज्यादा कुछ नहीं पाइप को पकड़ कर मेरे ऊपर पानी दाल दीजिये

मेर्री जी सँभालते हुए

मेर्री जी .......थी है सूर्य तुम नहालो में पानी डालती हूँ

सूर्य आहे बेथ कर नहाने लगता है आवर मेर्री चोर नजरो से गीली हो चुकी अंडरवियर से साफ़ साफ़ सूर्य के कामदण्ड को हे देखे जा रही थी

सूर्य अपनी पूरी बॉडी पे जाबुल लगाने के बाद अपनी हथियार को भी साबुन लगता है सतत वो ये भूल गया था की वो अपने बाथरूम में नहीं है बल्कि बहार लोने में नाहा रहा सूर्य ने जैसे अपने हाथो से अपने हथियार को साबुन लगाया

वैसे हे मेर्री जी की मुनिया आवर आखे दोनों हे फटी की फटी रह गई कोई आवर भी ये नजर देख चूका था खिड़की से कुछ पालो का ये नजारा मेर्री जी की किस्मत में क्या बदलाव लता है आवर क्या नहीं आने वाला वक़्त हे बताएगा

सूर्य के कामदण्ड को देख देखने के बाद मेर्री जी की हालत आवर भी ख़राब हो गई थी बार बार उनका हाथ अपनी मुनिया की तरफ जा रहा था

कुछ हे देर में सूर्य का नहाना पूरा हो गया तो सूर्य ने मेर्री जी से टॉवल माँगा तो मेर्री जी ने जल्दी से सूर्य को टॉवल दे अपने रूम की तरफ तेजी से भागी

सूर्य ........ममी जी क्या हुआ आप भाग क्यों रही है

मेर्री जी बिना कुछ सुने अपने रूम में जा कर रूखी

ऊपर खिड़की से अभी भी वो दूसरा साक्ष सूर्य को देख रहा था

सूर्य की नहर जब अपनी गीली अंडरवियर पे पड़ी तो

सूर्य ......हो सहित ये मैं कैसे भूल गया की मैं बाथरूम में नहीं लोने में नाहा रहा हूँ

िसकमा मतलब मामाजी ....ओह सहित सहित

सूर्य तो बिलकुल गधा है

सूर्य फटाफट अपने सरीर को पूछ कर टॉवल बंद अपनी अंडरवियर उठा अंदर की तरफ निकल गया

दूसरा साक्ष .....लगता है जल्दी हे सदी करनी पड़ेगी पूरा घोडा हो गया है ये तो

दिल्ली ........

सूर्यकांत सर ने काफी बार सूर्य को कॉल किया बूत रिंग होती रही

पैर किसी ने कॉल हे नहीं अटेंडेंट किया आखिर में में काफी बार कॉल करने के बाद भी रिजल्ट्स 0 रहा

सूर्यकांत .......अब ये सूर्य कॉल नहीं उठा रहा है आर्मी चीफ को क्या जबाब दूँ मैं

काफी देर तक सूर्यकांत सर ीदार से उदार घूमते रहे टेंशन में

टेंशन में उन्हें ये तक याद नहीं रहा की सूर्य के साथ मेर्री आवर अलीना भी है उन्हें भी कॉल किया जा सकता है

जूनियर अफसर .....क्या हुआ सर मैं काफी देर से आपको देख रहा हूँ आप बहुत टेंशन में लग रहे है

सूर्यकांत ......टेंशन की बात तो है अफसर इस वक़्त सबसे ज्यादा जिसकी जरुरत है वही कॉल नहीं उठा रहा है कॉन्टेक्ट काटना बहुत जरुरी है

j.officer .....सर अगर कॉल नहीं उठा रहे है आवर कांटेक्ट काटना भी जरुरी है तो किसी को वह भेज दीजिये न

सूर्यकांत .....पागल हो गए हो क्या पता भी है वो वह जैसलमेर के पास रहता है बॉर्डर से लगते हुए

वह पहुंचने 3,से 4 जानते लग जायेंगे आवर उसे यहाँ पहुंचते पहुंचते रात हो जाएगी

j.officer ........सर जैसलमेर में तो आर्मी हेअद्क़ुअतेर है आप उन्हें कांटेक्ट कर किसी के हाथ सन्देश भेज सकते है न

सूर्यकांत ......यू अरे राइट अफसर टेंशन में मई ये भी भूल गया की वह से किसी को भेज कर भी कॉन्टेक्ट किया जा सकता है

सूर्यकांत ......वह के इंचार्ज को फ़ौरन कांटेक्ट करो इमरजेंसी लाइन पे

कुछ हे देर में जैसलमेर इंचार्ज लाइन पे थे

सूर्यकांत .....hello मेजर कुलविंदर सिंह मैं लेफ्टिनेंट जनरल सूर्यकांत बोल रहा हूँ दिल्ली से

k.singh ......जय हिन्द सर

सूर्यकांत .....जय हिन्द मेजर आप फ़ौरन सूर्यगढ़ जाइये आवर वह के ठाकुर पड़ताल सिंह के पोते मेजर सूर्य ठाकुर से जितनी जल्दी हो बात करवाइये it's इमरजेंसी

k.singh ........सर कहि आप उन्ही सूर्य ठाकुर की बात तो नहीं कर रहे है जिनके लिया आपने कुछ समय पहले सिक्योरिटी के लिए बॉर्डर इंचार्ज मर.

पाण्ड्य जी को भेजा था उनके साथ

सूर्यकांत .....है मैं ुशी मेजर सूर्य ठाकुर की बात कर रहा हूँ आप खुद जा कर मेरी बात करवाए आप समाज सकते है मामला बहुत संगीन है

k.singh ......ok सर 20 मिनट्स में आपकी उनसे बात करवाता हूँ जय हिन् सर

suryakant......jai हिन्द मेजर.

लाइन डिसकनेक्ट हो जाती है

j.officer ......सर अब तो टेंशन फ्री हो जाये जल्दी हे आप उनसे बात कर पाएंगे

सूर्यकांत .....जब तक मेरी बात नहीं हो जाती ये टेंशन काम नहीं होने वाली

एक काम करो कश्मीर के लिया तीन 5 हर बाद की तीन फ्लाइट्स टिकट्स बुक करो आवर मेरे लिया कॉफ़ी आर्डर करो

j.officer .......तीन टिकट्स किश लिया सर

सूर्यकांत .....जितना कहा है उतना करो अफसर

j.officer ......जी जी सर अभी करता हूँ

j.officer फ़ौरन अपने काम पे लग जाता है

वही दिल्ली हेअद्क़ुअतेर से तकरीबन आधे जानते की दुरी पे कोई आवर भी परेशान हो रही थी सूर्य से कांटेक्ट न होने पे

ये कोई आवर नहीं सोनिया खान थी सोहेल खान सूर्य के दोस्त की बड़ी बहन

सानिया अपने मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में बैठी बार बार फ़ोन चेक कर रही थी

सानिया....... अभी तो 11 बजने को आये है आवर सूर्य ने अभी तक कॉल बैक नहीं किया क्या कृ

कैसे सूर्य से कांटेक्ट कृ वही कुछ कर सकता है

सानिया रूम मेट ....क्या बात है सानिया 2 दिन से तुम काफी परेशान हो आज सुबह से तो कुछ ज्यादा हे परेशान हो आखिर बात क्या है

सानिया बात को टालने के लिया


सानिया .....कुछ नहीं यार अभी जिस कारन परेशान हूँ तुम्हे बता नहीं सकती प्लेसेस

रूम मेट ......कोई बात नहीं यार पैर इस तरह परेशान होने से प्रॉब्लम तो सोल्वे नहीं होने वाली है

सानिया का सबर टूट जाता है

सानिया ......फिर तू बता मैं क्या कृ कैसे मैं अपने भाई की जान बचाओ

रूम मेट ......क्या मतलब है तुम्हारा क्या हुआ है तुम्हारे भाई सोहेल को

सानिया ......मेरा भाई सोहेल आर्मी में है उसकी ड्यूटी कश्मीर में लगी हुई थी पिछले एक साल से

पैर कल रात उसके साथ साथ 4 आवर आर्मी जवानो को आतंकियों ने किडनेप कर बंदी बना लिया जैसे कुछ दिन पहले किया था

रूम मेट .....ये तो बहुत हे बुरा हुआ मैंने सुना था जिनको पहले अगवा किया था उनका सर हे अलग कर दिया था आतंकियों ने

सानिया रट हुए

सानिया .....इसी बात का तो दर है मेरा एक हे भाई है

रूम मेट सानिया को दिलाशा देती हुए पानी पिलाती है आवर उसे चुप करवाने की कोशिश करती है

कुछ देर बाद सानिया की फ़ोन की घंटी बजती है

जिसे सुन सानिया बिना no.dekhe हे जल्दी में फ़ोन उठा लेती है

सानिया .....hello सूर्य कहा थे तुम फ़ोन क्यों नहीं उठा रहे मेरा

सोफिया ......दी ये मैं हूँ सोफिया सूर्य से बात नहीं हुई क्या आपकी अभी तक

सानिया .....नहीं सोफी रिंग जा रही है पैर सूर्य फ़ोन हे नहीं उठा रहा है

तभी फ़ोन की वेटिंग बीप बजती है जिसने देख सानिया जल्दी से कॉल अटेंड कर सोफिया को होल्ड पे करती है

सानिया ......कहा थे सुबह से कितने कॉल किये तुम्हे मैं एक बार भी जबाब नहीं दिया तुमने

सूर्य ......क्या हुआ सानिया तुम रो क्यों रही हो

सानिया ......सूर्य सोहेल को बच्चा लो उसकी जान खतरे में है

सूर्य ......ये क्या बकवाश कर रही हो सानिया किस से सोहेल की जान को खतरा है

सानिया ......वो वो सोहेल को आतंकवादियों ने ड्यूटी पे से हे किडनैप कर लिया है

प्लेसेस सूर्य सोहेल को बच्चा लो

सूर्य .....ok संत हो जाओ तुम आवर मुझे पूरी बात बताओ की तुम्हे कैसे पता चला आवर ये कब की बात है

सानिया .....कल सोहेल का जब किडनैप हुआ तब वो ड्यूटी पे मुझसे बात कर रहे थे तभी गोलिया चलने की आवाज मुझे सुनाई दी सायद सोहेल का फ़ोन चालू में गिर गया था काफी देर गोलिया चलने के बाद कुछ आवर लोगो की जोर जोर से आवाजे सुनाई दी जो कह रहे थे इन सबको बंदी बना कर सरहद पर ले चलो तीन दिन बाद जुमे की रात इनका सर कलम कर दिया जायेगा

सूर्य .....हम्म्म तुम्हे कैसे पता की उनमे सोहेल भी है

सानिया .....कल रात हुए हमले की कबर न्यूज़ में देखि मैंने वह भी यही खबर है की 5 लोगो को किडनैप कर साथ ले गए आतंकी उनमे सोहेल का नाम भी है बाकि 4 के साथ

सूर्य .......तुम चिंता न करो मैं कुछ करता हूँ

सानिया .....प्लेसेस सूर्य सोहेल को बच्चा लो अपने अफसर से बात करो उनके बाद ले जो चाइये उन्हें दे कर उन सबकी जान बचा लो

सूर्य .....ठीक है मैं आ रहा हूँ दिल्ली कुछ देर में निकलता हूँ फिर बात करता हूँ आवर सॉरी मेरा फ़ोन साइलेंट पे था अभी ध्यान दिया था मैंने

सानिया .....मैंने सुबह से कितने कलम किये किसी पायल से बात भी हुई मैंने कहा भी था उनसे की आते हे मेरी बास्त करवाया

सूर्य .....सायद वो भूल गई थी अगर तुम ये बात पहले उन्हें हे बता देती तो मैं अब तक दिल्ली आ चूका होता

सानिया .....ी ऍम सॉरी सूर्य

सूर्य ......कोई बात नहीं अगर मेरे पहुंचने तक सोहेल सही सलामत रहा तो मैं वादा करता हूँ उसे तुम्हारे सामने ला खड़ा करूँगा


सानिया .....थैंक यू सूर्य

सूर्य .....ok अभी रखता हूँ बहार कोई आया है

सानिया .....bye सूर्य

सूर्य .....बे सानिया

रूम मेट ......तो यही है क्या वो जिसके फ़ोन का सुबह से वेट कर रही थी तुम

सानिया ......है माया यही है जिसके फ़ोन आने का मुझे सुबह से इंतजार था

माया .....एक बात बता ये ऐसा क्या काम क्या करता जो तुम्हारे भाई को वह से निकल सकता

सानिया ......सूर्य आर्मी से है सोहेल ने बताया था मुजगे की उसका परिवार तो उसे केवल आर्मी ट्रैंनिंग हे दिलाना चाहता था पैर

बड़े अफसर ने सूर्य को किसी तरह आर्मी ज्वाइन करने के लिया मना लिया बाकि ये u.s.a सिटीजन है पैर अपने परिवार के साथ यही सिफत हो गए अपने दादी जी के पास काफी रिच फॅमिली है सूर्य सूर्यगढ़ का ठाकुर है

माया ........पैर अभी भी ये समाज नहीं आ रहा की ये तुम्हारे भाई को वह से कैसे बचा सकता है मन की आर्मी से है पैर है तो इंसान हे न जब उस के ऊपर जो बड़े बड़े अदिकारी कुछ नहीं कर प् रहे है तो ये एक अकेला आदमी क्या कर लेगा

सानिया ......तुम उसे नहीं जानती हो माया इस लिया ऐसा कह रही हो

तुम्हे पता है मैं मिडिल क्लास फॅमिली से हूँ तुम्हारी फॅमिली के जैसे रिच फॅमिली नहीं है मेरी मेरा बस एक हे सपना था की मैं डॉक्टर बनु पैर पैसे नहीं थे इतने की डॉक्टर बनने के लिया वो पड़े कर सकू सूर्य को मेरे सपने के बारे में पता चल गया

उसने बिना किसी को कुछ बताये पुणे से मेरा एडमिशंस यहाँ करवा दिया आवर मुझे भनक तक नहीं लगने दी की मेरे एडमिशन उसने कटवाया है वो तो कुछ समय पहले मैंने डीन सर से बहुत रिक्वेस्ट की तब जा कर मुझे पता चला आवर उन्होंने मुझे पूरी बात बताई की कैसे सूर्य ने मेरा पड़े हॉस्टल से ले कर बाकि पूरा खर्चा उठाया है

माया .......लगता है बहुत दिलदार है ये तुम्हारा सूर्य काफी अच्छी सोच है

पैर बात वही की वही रह जाती है

सानिया .....अगर तुमने उसका गुस्सा देखा होता तो ये सब नहीं कहती कसम खाओ जिसको तुम सबसे ज्यादा प्यार करती हो उसकी तब तुम्हे बताउंगी की क्यों मुझे उसपे इतना भरोषा है

माया ......ok मैं अपनी माँ की कसम उठती हूँ तुम जो कुछ भी बताओगी वो मेरी सीने में दफ़न रहेगा

सानिया माया को अपना आवर सोफी वाला किस्सा सुनती है जब दोनों का किडनैप किया ठगा युसूफ खान के लोगो ने तक कैसे सूर्य ने उनको ख़तम किया

माया ......क्या सच में वो इतना खोखर है की सीने में हाथ दाल दिल हे निकल दिया उस गुंडे का

सानिया .......जितना वो गुस्से खुखार लगता है संत होने पे कही आदिक प्यारा लगता है सूर्य बहुत हॅंडसमे आवर ख्याल रखने वाला लड़का है


तुम कहती हो न की तुम्हारी खूबसूरती पे कॉलेज के लड़के क्या खुद प्रोफेससर लोग भी दीवाने है

बस एक बार उस से मिल लेना तुम खुस उसकी दीवानी न हुई तो मैं अपना नाम बदल दूंगी

माया ......इस्वर करे तुम्हारी इच्छा पूरी हो जाये हेहेहे

सानिया अपने मोबाइल से सूर्य की पिछ माया को दिखती है






माया सूर्य की पिछ बहुत ऑवर से देखती है

सानिया ......कहा था न की वो बहुत हैंडसम है लगता है तुम तो अभी से दीवानी हो गई

माया .....हम्म्म मेरा मतलब है की मैंने इसको कही देखा है

एक मिनट्स एक मिनट्स मुझे याद आया कुछ दिन पहले मैंने इसको पिछ अपनी बहन सुनिधि के फ़ोन में देखि थी उसके वॉलपेपर पे

सानिया .......लगता है तुम्हारी बहन मिल चुकी है इस से

माया .....है कुछ टाइम पहले वो अपने फ्रेंड्स के साथ गुमने के लिया गई थे जैसलमेर वही इसने सुनिधि आवर उसके दोस्तों को कुछ गुंडों से बचाया था उसने मुझे बताया था फिर वो उसके साथ हे दिल्ली भी आया था किसी काम से आउट ऑफ कंट्री गया था

सानिया ......आने दो इसे यहाँ मुझसे मिले बिना दिल्ली आ कर भी चला गया

माया .....अब तो तुम्हारे सूर्य से मिलना हे होगा देखते है ऐसा क्या है इसके पास जो हर कोई दीवानी हुए गम रही है

सानिया ......हेहेहे जो तुमने इसका वो देख लिया फिर तो तेरी राति की नींद आवर दिन का चैन ुध जायेगा सोच लेना

माया ......क्या मतलब कही तुमने तरय तो नहीं कर लिया है

सानिया ......नहीं ऐसा नहीं है पैर ओपनिंग उसके साथ हे होगी मेरी एक बार देख चुकी हूँ जब घर आया था तो सूर्य को वह चोट लग गई थी तब मैंने हे पैन टेलीफ़ क्रीम से वह सूर्य की मालिश की थी

जो मेरा जलत ख़राब हुई पूछो मत कलुष करते वक़्त उसका वो खड़ा हो गया बहुत मुश्किल से कोई 30 मिनट्स से भी ज्यादा मुझे सूर्य को हैंडजॉब देना पड़ा

माया .....क्या सच में इतना स्टैमिना है है वैसे वो कैसा था

सानिया .....बहुत हे खूबसूरत मेरी कलाई जितना मोटा आवर इतना लगमा घोरा चिटा

सानिया नमक मिर्च लगा माया को उस रात की पूरी कहानी बिताती है जिस से माया की मुनिया ने पेंट्री में उलटी करनी सुरु कर दी .......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ............

नेक्स्ट अपडेट दोपहर के बाद कभी भी लिख कर पोस्ट कर दूंगा .......
 
अपडेट. 136

माया ......क्या मतलब कही तुमने तरय तो नहीं कर लिया है

सानिया ......नहीं ऐसा नहीं है पैर ओपनिंग उसके साथ हे होगी मेरी एक बार देख चुकी हूँ जब घर आया था तो सूर्य को वह चोट लग गई थी तब मैंने हे पैन टेलीफ़ क्रीम से वह सूर्य की मालिश की थी

जो मेरा जलत ख़राब हुई पूछो मत कलुष करते वक़्त उसका वो खड़ा हो गया बहुत मुश्किल से कोई 30 मिनट्स से भी ज्यादा मुझे सूर्य को हैंडजॉब देना पड़ा

माया .....क्या सच में इतना स्टैमिना है है वैसे वो कैसा था

सानिया .....बहुत हे खूबसूरत मेरी कलाई जितना मोटा आवर इतना लगमा घोरा चिटा

सानिया नमक मिर्च लगा माया को उस रात की पूरी कहानी बिताती है जिस से माया की मुनिया ने पेंटी में उलटी करनी सुरु कर दी .......

अब आगे ......


सूर्य दोपहर में अपनी बुआ मेनका जी आवर दादी जी के साथ ऐसे हे बैठा बालो में आयल मालिश करवा रहा था तभी

तभी कोमल सूर्य का फ़ोन ले कर रूम में आती है

कोमल .....सूर्य आपके फ़ोन पे काफी टाइम से कॉल आ रहे है

सूर्य फ़ोन ले कर देखा तो वह साइलेंट था आवर काफी मैसेज आवर मिस कॉल आई हुई थी

सूर्य .....दादी जी मालिश ह गई क्या मुझे जरुरी कॉल करना है

मेनका जी ......किसी गर्लफ्रेंड का फ़ोन तो नहीं है जो देखते हे कॉल कर रहा है कोण है वो

सूर्य दादी के पैरो के बिच से उठते हुए

सूर्य ......आप हो न बुआ सा मेरी गफ फिर किसी आवर की मुझे क्या जरुरत है

मेनका जी .....देखो माँ सा आपका पोता मुझपे हे तरय कर रहा है

जल्दी हे इसकी सदी करवानी पड़ेगी

दादी ji......hehehehe तुम जानो आवर तुम्हारा भतीजा जाने मुझे बिच में न लाओ

सूर्य ......देखा बुआ सा दादी जी को कोई प्रॉब्लम नहीं आपको गफ बनाने से

मेनका जी ......रुक गफ के बचे अभी बिताती हूँ तुम्हे तो

सूर्य ......इतने भी जल्दी नहीं आराम से रात भर सोच कर बता देना अभी तो चलता हूँ

सूर्य हस्ता हुआ अपना फ़ोन ले कर अपने रूम की आवर निकल जाता है सबसे पहले सानिया को कॉल है क्युकी उसके हे सबसे ज्यादा कॉल आवर मैसेज आये हुए थे

अभी सूर्य को कुछ देर हे हुई थी सानिया से बात करते हुए की तभी बहार जैसलमेर आर्मी मेजर mr.kulwinder सिंह हवेली आ पहुंचे

रेखा जी ......बीटा वो बहार आर्मी से कोई आया है

सूर्य .....ok मम्मी आ चैलिये मैं अभी आता हूँ

कुछ 2 मिनट्स आवर सानिया से बात कर सूर्य कॉल कट कर बहार चला जाता है

सूर्य ......जय हिन्द सर कैसे आना हुआ

k.singh ......जय हिन्द सूर्य आपके लिया दिल्ली से लेफ्टिनेंट जेनेरल सूर्यकांत सर काफी बार आपको कॉल कर चुके है

सूर्य ......सॉरी सर वो मेरा फ़ोन साइलेंट पे था कल रात से मैंने अभी जस्ट आपके आने से पहले हे चेक किया मैं अभी उहे हे कॉल करने वाला था

K.singh ......कोई इमरजेंसी है उन्हें अभी कॉल करो

सूर्य सूर्यकांत सर को कॉल करता है

पहले तो वो काफी गुस्से में थे फ़ोन न उठाने के कारन

कुछ देर बात करने के बाद सूर्य कॉल डिस्कनेक्ट हो गया

दादा जी .....क्या बात है बीटा क्या कहा उन्होंने

सूर्य ......दादा जी मुझे आवर मेर्री जी को अभी दिल्ली के लिया निकलना होगा

दादी जी जो mr.k.singh के लिए चाय ले कर आई थी

दादी जी .......क्या कहा अभी कल सुबह हे तो तू आया है अब फिर से कही जा रहा है

सूर्य ......माँ सा जाना जरुरी नहीं तो मैं कुढ़ हे रुक जाता

दादा जी .......क्या बात है सूर्य

सूर्य ......दादी जी राधा को बोल कर मेरे कुछ कपडे पैक करवा दीजिये आवर मेर्री जी को भी बोल दीजिये

दीदी जी ......ठीक है बीटा

k.singh ......क्या हुआ सूर्य कोई प्रॉब्लम आ गई है क्या

सूर्य .....यस सर क्या आप मुझे एयरपोर्ट ड्राप कर देंगे

k.singh .....है क्यों नहीं बीटा

दादा जी ......बात क्या है बीटा

सूर्य .......दादा जी सीक्रेट है अभी नहीं बता सकता पैर मेरा जाना जरुरी है

दादी जी ......ठीक है बीटा पैर अपना ख्याल रखना

सूर्य ......don't वोर्री दादा जी आप जानते है मुझे कुछ नहीं होगा

कुछ हे देर में सूर्य आवर मेर्री जी दोनों सब से विदा ले k.singh के साथ जैसलमेर की आवर रवाना हो गए

k.singh ......क्या बात है सूर्य मैं भी आर्मी से हूँ मुझसे तो शेयर कर सकते हो

सूर्य ......सर कल रात कश्मीर में कुछ आतंकियों ने 5 आर्मी जवानो का किडनैप कर लिया है

k.singh......ha मुझे पता है मुझे भी खबर मिल चुकी है

सूर्य ......उनमे से एक मेरा दोस्त सोहेल खान भी है मुझे उन्हें हे सेफे करने के लिया सूर्यकांत सर की तरफ से चुना गया है

k.singh .......क्याआ ये तुम क्या कह रहे हो तुम्हे तो अभी ट्रैंनिंग ख़तम किये हुए भी मुश्किल से एक महीना हुआ है

मेर्री जी ......सर बुरा न मन्ना आपको आर्मी ज्वाइन किये कितना टाइम हो गया है

K.singh ......यही कोई 25 इयर्स हो गए मुझे आर्मी ज्वाइन किये

मेर्री जी ......सूर्य को ज्वाइन किये 1 साल हुआ है आवर उसकी रेंक आपके बराबर है आप भी मेजर रेंक पे आवर सूर्य भी मेजर रेंक पे है

k.singh ......समाज गया बेटी तुम क्या कहना चाहती मुझे तुम्हारे मां जी ने बताये थे तुम्हारे किस्से अब समाज आ रहा तुम्हे सूर्यकांत सर ने क्यों चुना है

ऐसे हे बात करते करते तीनो एयरपोर्ट पहुंच गए

k.singh .....आल थे बेस्ट बीटा बहुत से लोगो की नजर आवर उम्मीद तुम पे है कामयाब हो कर लौटना

सूर्य ......जी सर जरूर

k.singh वह से आर्मी कैंप लौट गए

सूर्य .....मेर्री जी आप टिकट्स बुक कीजिये मैं अभी आया

सूर्य वह से बाथरूम की आवर चला जाता है

बाथरूम में घुसते हे सूर्य के सामने वयोम आवर सकती दोनों हे आ जाते है

सूर्य .....सकती वयोम मैं 2 ,3 दिन के लिया जा रहा हूँ पीछे से कोई प्रॉब्लम न हो किसी को

सकती ......किसी को कोई प्रॉब्लम नहीं होगी आप चिंता न करे

सूर्य ......वयोम वह की क्या खबर है

वयोम ......वो आज रात उनको वह पंहुचा देंगे

सूर्य ......ठीक है तुम उनपे नजर रखो रात को मिलता हूँ मैं वही तुमसे

वयोम ......जी ठीक है

सूर्य .......ये जी लगाना बंद करो आप दोनों भूलिए मत मैं आपका स्टूडेंट भी रह चूका हूँ

सकती .....पैर आप हमारे होने वाले....

सूर्य ......होने वाला हूँ अभी हुआ तो नहीं न

सकती .......ठीक है सूर्य

सूर्य .....ठीक है अब तुम लोग जाओ

कुछ देर बाद सूर्य मेर्री दोनों दिल्ली की आवर रवाना हो गए

असुरलोक ........

राजवैद्य के उपचार से नरकासुर की चेतना लौट आई थी

जिस से असुर महारानी द्वारिका काफी खुश थी

वही वज्रासुर अभी तक अन्य लोको से बंदक बनाई हुई लड़कियों को ले कर असुरलोक आ चूका था जैसे हे उसे नीलसूर के जरिये महारानी द्वारिका का सन्देश मिला

नीलसूर ......माता श्री अब तो पिता श्री के सवास्थ्य में कुछ लाभ मिला है

द्वारिका .......किन्तु अभी पूरी तरह से उनका सवास्थ्य ठीक नहीं हुआ है

वज्रासुर .....माता श्री फिर इन कन्याओ की बलि कब अर्पित करने वाली है आप

द्वारिका ........जाओ कर उस असुरगुरु को आदेश दो की हमने उन्हें महल बुलाया है

नीलसूर .......किन्तु माता श्री वो तो कभी महल आते हे नहीं है

द्वारिका ......उन्हें कहो ये असुरराज महाराज नरकासुर का आदेश है

neelasur.......jaisa आपका आदेश माता श्री

नीलसूर वह से असुरगुरु से भेट करने निकल जाता है

पीछे से द्वारिका के चेहरे पे एक कुटिलता पूर्ण मुस्कान तैर जाती है

वज्रासुर ......क्या हुआ माता श्री आपके मुख पे ये रहश्य मई मुस्कान कैसे है

द्वारिका ......तुम नहीं संजोगे पुत्र इस मुस्कान में छुपे रहश्य को

ये मुस्कान किसी को अपने पैरो में झुखाने की है

वज्रासुर ......हम अब भी नहीं समजे माता श्री

द्वारिका .....तुम आज तक अपनी पत्नी की समाज पाए जो मुझे समाज पाओगे भूलो नहीं हमने तुम्हे जनम दिया है तुमने हमें नहीं

वज्रासुर .....कसम चाहता हूँ माता श्री अगर मुझसे अनजाने में कोई भूल हुई है तो

द्वारिका ......जाओ जा कर पता करो तुम्हारे ज्येष्ठा ब्रता अग्निमुखासुर का तप पूर्ण हुआ की नहीं आवर कितना समय उसे लगने वाला है

वज्रासुर .....जो आज्ञा माता श्री

वज्रासुर वह से निकल असुर लोक में उस दिशा में भध गया जहा चारो तरफ बड़ी बड़ी लावा उगलती जवालामुखीयों का भंडार था

वही असुरगुरु को नीलसूर का अपनी आवर आने का अहसास होते हे वह मानसी को ले कर गायब हो गया गुफा से हे नहीं असुरलोक से किसी अन्य लोक के लिया

नीलसूर जब गुफा पंहुचा तो वह कोई नहीं मिला नीलसूर ने पूरी गुफा छान मरी किन्तु उसे वह असुरगुरु नहीं मिले

नीलसूर ......असुरगुरु तो यहाँ है हे नहीं अब उन्हें माता श्री का आदेश कैसे बताये

निनासुर अपनी शक्तियों का प्रयोग कर असुरगुरु को खोजता है किन्तु असुरगुरु का असुरलोक में कोई संकेत नहीं मिलता है

नीलसूर .....लगता हाउ किसी कारणवश असुरगुरु असुरलोक से बहार गए हुए है

नीलसूर वापिस महल लौट जाता है आवर असुर महारानी द्वारिका को असुरगुरु के न मिलने की खबर देता है

( द्वारिका ......मूरख असुरगुरु कब तक अपने सीस (सर ) को मेरे चरणों में जखने से बचते हो आज नहीं तो कल तुम्हारा सीस मेरे पैरो में होगा मुझे मुर्ख बोलै था असुरलोक के महारानी द्वारिका अपने अपमान का ऐसा प्रतिशोध लेगी तुमसे की तुम्हारा मान सामान सब चीन जायेगा )

नीलसूर अपनी माता द्वारिका के पल पल बदल रहे चेहरे के भावो को देख रहा था

उसे द्वारिका के व्यव्हार में कुछ समय से जो परिवर्तन देखने को मिल रहा था असुरगुरु के पार्टी उस से उसे किसी सहमी अनिष्ट की ा असंका होने लगी

किन्तु वो अपनी माता द्वारिका से सवाल कर सजे इतनी हिमत उसमे नहीं थी

नीलसूर वह से अपने कक्ष में लौट गया जहा उसकी पत्नी थी ..........

असुर कबीला .........

जब से k.asur के सम्बन्ध नगीना आवर विसुद्धि से बने थे तब से हे दोनों का अंग अंग निखार चूका था आवर साथ हे उनकी हवश भी बढ़ चुकी थी जो केवल

कंटकासुर से तृप्त हो पति थी जिसका लाभ कंटकासुर पूरी तरह से उठा दिन रात उन्हें गुफा के अंदर पूर्ण नग्न हे रखता था

कंटकासुर ने अब तो गुफा में किसी अन्य का आना भी वर्जित कर दिया था

समय के साथ कंटकासुर को अपने भीतर ताकत मह्सुश होने लगी थी अब वो पहले की तरह कमजोर नहीं था

बस उसकी एक हे कमजोरी थी आवर वो थी

जवान जिसम को भोगना

नगीना विसुद्धि की उभार ( बूब्स ) को सहलाते रही थी जो की पहले के मुकाबले काफी बड़े हो चुके थे कनकसुर की म्हणत से

नागिनिअ ......विसुद्धि आपके उभार तो बहुत सुन्दर आवर बड़े बड़े हो गए है कुछ हे समय में

विसुद्धि .......जरा अपने उभारो को देखो वो भी काफी सुन्दर है बस मेरे उभारो से थोड़े छोटे है

नगीना .......भाई को तुम्हारे उभर ज्यादा हे पसंद

विसुद्धि .......हेहेहे उन्हें सब बड़ा बड़ा हे पसंद जैसे हमें उनका वो बड़ा लिंग पसंद है

नगीना ......तभी वो जब देखो तब मेरे गुदाद्वार में अपना विकराल लिंग डेल रहते है

कंटकासुर गुफा में परिवेश करते हे अपनी लंगोट उतर फेंकता है

कंटकासुर ......क्युकी मुझे तुम्हारा गुदाद्वार बहुत पसंद है इस लिया वह डालता हूँ अनूठा ये अनैतिक सम्भोग मैं तुम दोनों के सिवाय केवल वातापी के साथ हे करता हूँ

कंटकासुर दोनों के बिच आ कर बेथ जाता है दिनों हे उसके लिंग को सहलाने लगती है

देखते हे देखते एक जबरदस्त थ्रीसम सेक्स मूवी वह सुरु हो जाती है

दिल्ली ......

सूर्य मेर्री जी 4 हर की फ्लाइट से 3 पं पे दिल्ली पहुंचे जहा

पहले से हे सूर्यकांत सर ने कार भेज दी थे दोनों के लिया

सूर्य आवर मेर्री जी बहार निकलते हे सामने आर्मी जवान को देखते उसके पास जा पहुंचे

सूर्य .....क्या आपको सूर्यकांत सर ने भेजा है

a.jawan .....यस क्या आप हे mr.surya ठाकुर आवर मिस मेर्री है

सूर्य ......यस हम हे है

a.jawan .....सर आपका वेट कर रहे है

सूर्य आवर मेर्री जी कार में बेथ कर निकल जाते है

कुछ 30 मिनट्स के बाद कार आर्मी हेअद्क़ुअतेर में न रुक कर उसकी बगल से होते हुए आर्मी अफसर कवाट्र के लिए अलॉट किये बंगले के सामने रिक्ति है

सूर्य .....ये तुम हम कहा ले कर आये हो

a.jawan .......सर ये सूर्यकांत सर का घर है

सूर्य मेर्री अपना सामान ले उस घर के तरफ भाड़ जाते है कुछ आर्मी जवान रस्ते में मिले जो मेर्री जी को बड़े प्यार से देख रहे थे

मेर्री जी .....ये मुझे ऐसे क्यों देख रहे है सूर्य

सूर्य ....क्युकी आपको देख कर यही लगता है जैसे आप कोई इंग्लिस्तान की राजकुमारी हो

मेर्री जी .......सूर्य मजाक नहीं

सूर्य ......अब आप हो हे खूबसूरत तो इनकी क्या गलती है फिर बिचारे कब से कोई अपनी वाइफ से तो कोई अपनी गफ से दूर ड्यूटी कर रहे है

सूर्य आवर मीरी दोनों घर के अंदर चले जाते जहा सूर्यकांत सर अपनी वाईफ आवर बहु ( बेटी की बीबी ) के साथ बे थे थे

सूर्य ......जय हिन्द सर

सूर्यकांत ......आओ बीटा सूर्य बैठो तुम भी बैठो बेटी मेर्री

सूर्य आगे बढ़ सूर्यकांत सर आवर उनकी हनुमत वाइफ के पेअर चूर्ण है

सूर्यकांत एंड वाइफ जीतने रहो बीटा

सूर्य के देखा देखि मेर्री जी भी वही करती है

जिसे सूर्यकांत सर आवर उनकी वाईफ ने ारीवाद दिया

सूर्यकांत .....बीटा सूर्य ये मेरी वाइफ है नंदिता आवर ये मेरे बहु है रड़का

अभी 1 साल पहले हे सदी हुई है इनकी

सूर्य .....नमस्ते भाबी जी क्या मैं आपको भाबी जी बुला सकता हूँ िफ़ यू don't मंद

सूर्यकांत .....बेटी राधिका सूर्य मेरे लिया मेरा दूसरा बीटा है

राधिका .....जी बाउजी आप मुझे भाबी जी कह सकते हो देवर जी

आप लोग बैठो मैं आप सब के लिया कॉफ़ी लती हूँ

सूर्यकांत ........बेटी कॉफ़ी मेरी ऑफिस में भिजवा देना चोलो बीटा सूर्य मेर्री

surya.......ji सर

सूर्य मेर्री सूर्यकांत सर की ऑफिस में चले जाते है जहा सूर्यकांत सर पूरा मिशन सूर्य के सामने रखते

वही बहार

राधिका ......मम्मी जी क्या यही है वो जिनका जीकर पापा कई बार करते है

s.wife ......है बेटी यही है जिसकी बात तुम्हारे पापा करते है

राधिका .......इन्हे देख कर नहीं लगता की ये आर्मी से है ये तो किसी मॉडल के जैसा है

s.wife ......हेहेहे बेटी ये दिखने में बड़ा है पैर अभी ठीक से 19 का भी नहीं हुआ है आवर मेजर की पोस्ट पे पहुंच गया अपनी म्हणत से

राधिका के डैड से भी आर्मी से है इस लिया उसे पता था की इतनी जल्दी आर्मी में किसी को मैहर पोस्ट नहीं मिलती

राधिका .......मम्मी जी आप भूक रही है की मैं भी आर्मी फॅमिली से इतना तो मुझे भी पता है की इतने जल्दी मेजर रेंक नहीं मिलती

स्विफ्ट .....अपनी पापा से हे पूछ लेना जब बहार आये तब ये लो कॉफ़ी त्यार है

जा कर दे आओ

राधिका 3 कॉफ़ी ले कर अंदर जाती है जहा तीनो मीटिंग में लगे हुए थे

सूर्यकांत ......बीटा सूर्य तुम्हे ये किसी भी तरह मिशन पूरा कर्जा हे होगा बिना किसी को खोये आर्मी चीफ के सामने मेरी ेजात का सवाल है

सूर्य .....don't वोर्री अंकल आपके सामान पे बात नहीं आने दूंगा

राधिका .....पापा कॉफ़ी

सूर्यकांत ......बीटा कॉफ़ी पीओ फिर निकलते है मैं भी तुम्हारे साथ चलूँगा

सूर्य ......ok अंकल आपके साथ कुछ आवर वक़्त बिताने को मिलेगा

सूर्यकांत .......क्या हुआ राधिका बेटी

राधिका कॉफ़ी रखने के बाद भी वही कड़ी थी तो सूर्यकांत सर ने पूछ लिया

राधिका .......पापा इनकी आर्मी में पोस्ट क्या है आवर इनकी आगे क्या है

सूर्यकांत .......क्यों तुम्हारी मम्मी ने नहीं बताया क्या बीटा सूर्य तुम हे बता दो

सूर्य .....जी अभी पिछले महीने हे 18 का हुआ हूँ आवर मेरी आर्मी रेंक है मेजर की

सूर्यकांत ......कुछ आवर भी पूछना है क्या बेटी

राधिका .....नहीं पापा जी

कुछ देर बाद सूर्य सूर्यकांत सर मेर्री जी तीनो कश्मीर की फ्लाइट पकड़ निकल गए कश्मीर आतंकियों का कल बनने के लिया ............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .............

नेक्स्ट अपडेट कल
 
अपडेट. 137

राधिका .......पापा इनकी आर्मी में पोस्ट क्या है आवर इनकी आगे क्या है

सूर्यकांत .......क्यों तुम्हारी मम्मी ने नहीं बताया क्या बीटा सूर्य तुम हे बता दो

सूर्य .....जी अभी पिछले महीने हे 18 का हुआ हूँ आवर मेरी आर्मी रेंक है मेजर की

सूर्यकांत ......कुछ आवर भी पूछना है क्या बेटी

राधिका .....नहीं पापा जी

कुछ देर बाद सूर्य सूर्यकांत सर मेर्री जी तीनो कश्मीर की फ्लाइट पकड़ निकल गए कश्मीर आतंकियों का कल बनने के लिया ............

अब आगे .......

परीलोक .....
जिनिशा सूर्य से मिल कर जब परीलोक पहुँचता तो वो बहुत ज्यादा खुश थी

खुश हो भी क्यों नहीं कितने सालो बाद जिनिशा आज अपने प्रेमी से से मिली थी बर्षो बाद जब दो प्रेमी जोड़े मिलते है

तो जो सुख जो सुकून उन्हें मिलता है वो वही समाज सकते है जो इस प्रेम के अनुभव को खुद मह्सुश कर चुके हो

जिनिशा सीधी पारिजात के साही कक्ष में पहुंची जहा निजात आवर पारिजात कुछ चर्चा कर रहे थे

जिनात .......आप तो सिगरा हे आ गई सखी उनसे मिल कर

जिनिशा .......दिल तो मेरा भी उनके पास हे दिखने का था पैर इस ज्यादा रुक नहीं सकती थी वह

क्युकी फिर कुछ समय बाद सूर्यौदय हो जाना था

पारिजात ........क्या बात है मेरी बहन का तो एक हे मिलान में जो चेहरा कुछ समय पहले बुझा हुआ चाँद नजर आ रहा था वही अब पूर्णमासी का चाँद की तरह हर तरफ अपनी खूबसूरती का नूर भी खेर रही है

जिनिशा ......ऐसा कुछ नहीं है सखी ये तो केवल उनसे मिलने की ख़ुशी है आज भी वो वैसे हे है बस थोड़े खूबसूरत ज्यादा हो गए है आवर समजदार भी हेहेहे

जिनात .......चलो अच्छी बात है वर्ण सुबह जब से आई हो तब से तुम्हारे चेहरे से नूर हे लुप्त था

पारिजात .......यही तो प्रेम है जिनात प्रेमिका को प्रेमी का दीदार हो गया अभी ये फिर से जी उठी है एक नयी उमंग एक नयी ऊर्जा के साथ

जिनात .....पता नहीं ऐसा क्या है इस प्रेम में

पारिजात जिनिशा ......प्रेम करके देखो सखी पता चल जायेगा

परीलोक मंदिर .....

गुरुदेव मध्य रात्रि को परबु मंदिर पहुंची तो पूरा मंदिर पिली (गोल्डन ) रौशनी से चमक रहा था

गुरुदेव जब मंदिर में परिवेश किये तो एक बार तो उनकी भी आँखों छोंड़िया गई

किन्तु कुछ हे समय में गुरुदेव उस रौशनी में देखने के अभ्यस्त हो गए

गुरुदेव ने जब सामने देखा तो जहा उन्होंने वो गोल्डन परत आवर डेविल खंजर रखा था वह अब एक हवा में गोल्डन सोर्ड झूल रही थी






गुरुदेव जब पास जा कर देखते है तो

ये कोई सदर्न सोर्ड नहीं थी उसपे कुछ ड्रैगन जैसा बना हुआ था साथ हे सेंटर में किसी नील मानी जैसा डायमंड लगा हुआ था

गुरुदेव ........गोल्डन ड्रैगन सोर्ड इसका क्या मतलब हो सकता है

तभी वह मंदिर में किसी आवर का आगमन होता है

जिसे देख गुरुदेव भी चौंक जाते है

गुरुदेव .......पुत्री तुम इस वक़्त यहाँ कैसे

लड़की जैसे किसी सम्मोहन में बंधी हो

लड़की बिना कुछ बोले आगे बढ़ कर उस सोर्ड को उठा लेती है

सोर्ड के उठाते हे लड़की की के सरीर से रेड ऊर्जा निकल सोर्ड में लगी मानी में सामने लगती है

जिस से नील मानी का कलर के साथ हे सोर्ड में भी कुछ चंगेस आने लगते है

लड़की के सरीर से निकलती रेड रौशनी जब निकलना बंद हो जाती है तब

ुशी सोर्ड से एक छोटी से गोल्डन ऊर्जा निकलती है जो लड़की को पूरी तरह से कवर कर लेती है गुरुदेव की आँखे उस रौशनी को बर्दास्त नहीं कर पति है आवर उनकी आँखे बंद हो जाती है

कुछ समय बाद उस ऊर्जा से उस लड़की की पीठ पे किसी तरह का चित्र बनने लगता है

जब चित्र पूरी तरह बन जाता है तो तो गोल्डन रौशनी बंद हो जाती है

गुरुदेव ........ये आखिर हो क्या रहा hi प्रभु महाकाल

लड़की सोर्ड को ले कर परबु को परनाम कर मंदिर से बहार निकल आती है

गुरुदेव भी उसके पीछे पीछे चले आते है

लड़की मंदिर से बहार निकलते हे अजीब से भाषा में कुछ बोलती है जिस से सोर्ड उसके हाथो से निकल रौशनी से भी तेज स्पीड से परीलोक से बहार अंतरिक्ष की आवर भाड़ गई

गुरुदेव ......पुत्री ये तुमने क्या किया उस दिव्या सोर्ड को किस स्थान पे भेजा है

लड़की ........ड्रैगन प्लेनेट

गुरुदेव कुछ बोलते या कुछ पूछते लड़की वह से गायब हो जाती है

गुरुदेव ..........प्रभु ये आपकी कैसी माया है

गुरुदेव फिर से मंदिर में जा कर परबु
के सामने ध्यान में लीं हो जाते है

पार्थवी लोक .........

श्री नगर .........

सूर्य मेर्री जी सूर्यकांत सर तीनो करीब 6 पं को श्री नगर आर्मी हेअद्क़ुअतेर पहुंचे

सूर्यकांत ......सूर्य तुम्हे जल्द से जल्द इस मिशन को पूरा करना होगा नहीं तो उन सब की जान भी जा सकती है

सूर्य .....जनता हूँ सर मेरा पास आज की सुबह तक का वक़्त है

मेर्री जी ......सूर्य हमारे पास वक़्त काम है आवर जानकारी भी

सूर्यकांत ......जानकारी जुटाने के लिया मैंने पहले हे कह दिया था जरूर हमारे काम की कुछ जानकारी मिलेगी हे मिलेगी

सूर्य ........सर मुझे ज्यादा कुछ नहीं चाइये बस आप किसी तरह उनके आतंकी कैंप का पता कीजिये तब तक मैं अपनी तयारी करता हूँ

मेर्री ji........surya हमें उसके लिया यहाँ नहीं बारामुल्ला चलना चाइये जहा ये सब हुआ है वही से हमें कोई जानकारी मिल सकती है

सूर्यकांत .......ठीक है हम निकलते है बरमुल्लाह के लिया

सूर्य .......नहीं आप नहीं सर वह केवल मैं आवर मेर्री हे जायेंगे आप यही रह कर हमें
सॅटॅलाइट से पता कर उनके ठिकानो की लोकेशन बताये

सूर्यकांत ......नहीं बीटा मैं तुम्हे अकेले नहीं जाने दे सकता हूँ

सूर्य .....हाहाहाहा सर आप मेरे बारे में इतना सब जन्मे के बाद भी कह रहे है बड़ी ताजुब की बात है

सूर्यकांत ......क्या मतलब मैं क्या जनता हूँ ( कहि सूर्य को सकती आवर मेरे बिच जो बातचीत हुई उसका पता तो नहीं चल गया है )

सूर्य .......मुझे पता है सर आप आवर उनके बिच जो बाते हुई

मेर्री जी ......तुम किसकी बात कर रहे हो सूर्य

सूर्य ......अभी नहीं घर पे बात करेंगे मेर्री जी

सूर्यकांत ......ठीक है बीटा जैसे तुम कहो तुम दोनों को जो भी सं चाइये ले कर रेडी रहो

सूर्य ......मुझे कुछ नहीं चाइये सर मेर्री जी आप लॉन्ग रेंग गन नाईट विज़न टेलिस्कोप ले लीजिये आवर जो आपको दूर से निशाना लगाने के लिया जरुरी सामान चाइये वो भी

सूर्यकांत ......क्या तुम कुछ बिना हतियारो के कैसे मरोगे उन्हें

सूर्य .....मुझे कुछ हाइली एक्सप्लोसिव बम चाइये ताकि उनके ठीकहानो को तबाह किया जा सके

सूर्यकांत सर उन्हें आर्मी arm's रूम में ले कर जाते है जहा सूर्य आवर मेर्री को अपनी जरुरत का हर वो सामान मिल जाता है जिनकी उन्हें जरुरत होती है

सूर्य ......ok सर अब हम निकलते है इस बार मेरे लिया होली कुछ जल्दी हे आ गई है सर

सूर्य की बात समाज सूर्यकांत सर आवर मेर्री मुस्कुरा देते है

सूर्य आवर मेर्री छोपेर में बेथ बरमुल्लाह की तरफ निकल गए

उनके निकलते हे सूर्यकांत सर मॉनिटरिंग रूम में जा पहुंचे वह से कांटेक्ट कर उन्होंने बरमुल्लाह पोस्ट पे इंचार्ज से बात कर उन्हें सब समजा दिया की अगले 24 हर के लिया मेजर सूर्य इस पोस्ट के इंचार्ज है हर कोई उनके ऑर्डर्स फॉलो करेगा

साथ उन्हें जो जानकारी चाइये वो मिलने चाइये

बात करने के बाद सूर्यकांत सर दिल्ली आर्मी चीफ से बात करते है जहा उन्हें सेटललिते कोड मिल जाता है जिसके जरिया आतंकियों के कैंप की पूरी जानकारी आवर लोकेशन वो सूर्य आवर मेर्री से शेयर करते है

छोपेर से करीब 30 मिनट्स बाद सूर्य आवर मेर्री बरमुल्लाह चेतक पोस्ट पहुंचते है

p.incharge .....जय हिन्द सर जय हिन्द मेम

सूर्य मेर्री ......जय हिन्द

सूर्य .......क्या खबर है आपके पास उन आतंकियों से जुडी मुझे ा तो ज़ जानना है जो भी जानकारी है आपके पास

p.incharge उन्हें ऑफिस ले कर जाता है जहा इंडियन मेप पे सूर्य आवर मेर्री को पूरी जानकारी देता है

सूर्य ......वेल दोने अफसर तुमने बहुत अच्छी जानकारी दी तो तुम्हारे अनुसार उन जवानो को कैंप no. 2 में रखा गया है

p.incharge ......जी सर हमारे खबरि से जो जानकारी मिली है उसके हिसाब से तो यही कैंप no.2 में उन्हें रखा गया है

मेर्री जी ......अगर तुम्हारी या तुम्हारे खबरि की जानकारी 1 / भी गलत निकली तो लौटने पे सीधा गोली तुम्हारे भेजे में मैं खुद उतरूंगी ये बात अपने दिमाग में दाल लेना

सूर्य ......ये बिलकुल ठीक बोल रही है आवर इन्हे ऐसा करने से कोई रोक भी नहीं पायेगा

p.incharge ......सर आज तक जो भी खबर हमारे खबरि ने दी है वो 100 / सच खबर दी एक मिनट्स आप खुद हे बात कर कन्फर्म कर लीजिये

p.incharge जल्दी से किसी सेटललिते सेल्ल पे कॉल करता है जो कुछ देर तक कॉल अटेंड नहीं होने पे p.incharge के माथे से पसीना निकलने लगता है

p.incharge ......सर वो कॉल नहीं उठा रहा है

मेर्री जी .....फिर से तरय करो

p.incharge फिर से कॉल मिलाया इस बार पहले रिंग में हे कॉल अटेंड हो गया

p.incharge की जान में जान आई

P.incharge ......सर खबरि लाइन पे है

सूर्य कुछ देर खबरि से उन कैंप की जानकारी लेता है जब सूर्य ा अस्वस्थ हो जाता है तो कॉल p.incharge को दे देता है

सूर्य .....मुझे लगता है वो सच बोल रहा है

सूर्य आवर मेर्री वह से एक मेप ले आवर अपने साथ लाये सामान को ले कर एक

पोस्ट इंचार्ज की कार से बॉर्डर की दूसरी तरफ लगते बालाकोट की तरफ निकल गए वह पहुंचे में उन्हें करीब एक हर का समय लगा

सूर्य आवर मेर्री जी बॉर्डर से कुछ दूर कार को झाड़ियों में छुपा कर बॉर्डर क्रोर्स करते हुए दुसमन मुल्क के सरजसरहद पर कर गए

मेर्री ....सूर्य हमें पहले कैंप no. 2 पे हमला करना चाइये ताकि बाकि 2 कैम्प्स में पता चले की उनपे हमला हुआ है उस पहले हे हमें अपने साथियो को वह से निकला होगा

सूर्य ......है हमें ऐसा हे करना चाइये उन्हें ख़तम करने से पहले उन पाछो को सही सैलनट निकला होगा उसके बाद हे मैं खुल कर इन्हे मौत का तांडव दिखाऊंगा

लगभग आड़े जानते पैदल चलने के बाद सूर्य आवर मेर्री जी उन आतंकिक ट्रैंनिंग कैंप से लगभग 1 कम हे दूर थे

सूर्य .......मेर्री जी इस से आगे आप नहीं जा सकती नाईट विज़न का इस्तेमाल से आप यहाँ से भी उन्हें बहुत अच्छे से देख सकती है


जो कोई भी बहार निकले उन्हें सूट कर देना सबसे पहले मेरे पहुंचते हे सामने जो ट्रांसफॉर्मर्स है उन्हें सौत करना ताकि अंदर में मुझे फायदा मिल सके बिना किसी की नजरो में आये

मेर्री जी .....सूर्य अभी जाना ठीक नहीं है अभी सभी जाग रहे होंगे

सूर्य ......अभी 11 बजे है हमें काम से काम 1 हर तक का वेट करना होगा

तुम अपने लिया एक अच्छी पोजीशन देख लो जहा से तुम सबकुछ देख सकती हो पैर तुम्हे कोई न देख पाए

तब तक मैं इन कैम्प्स की रेकी कर के आता हूँ

मेर्री .....नहीं सूर्य अभी जाना ठीक नहीं है

सूर्य ....आप चिंता करो उनकी नजरो में नहीं आऊंगा मई

सूर्य वह से डेरी डेरी छुपते हुए कैंप 2 के पास जाता है जहा वो पेड़ पे चढ़ अपनी तेज नजरो का इस्तेमाल कर कैंप no. 2 का मुआयना करता है

डेरी डेरी टाइम बिट रहा था वैसे वैसे कैंप में हलचल काम होती जा रही थी

कुछ गिने चुने हे आतंकी सप्तम में पहरा दे रहे थे वही जाग रहे थे

सूर्य .....अभी अगर मेरा डेविल खंजर होता तो इनको पता चले बिना हे गाह्रो नींद में सुला देता

सूर्य जब पूरी तरह से कैंप no. 2 की रेकी कर ली तो वह पेड़ से उतर कर मेर्री के पास आ जाता है

सूर्य .....मेर्री जी सब ok है न

मेर्री जी .....यस सर सब रेडी है

सूर्य .......क्या कहा सर आपको यहाँ भी मजाक सूज रहा है

मेर्री जी ......इस मिशन के हेड इंचार्ज तुम हो मैं तो बस अपनी ड्यूटी कर रही हूँ हेहेहे

सूर्य .........एक बार ये मिशन पूरा हो जाने दीजिये फिर बताऊंगा आपको की मजाक कैसे किया जाता है

तब्बी सूर्य के सेटललिते फ़ोन पे बीप बीप की आवाज होती है

सूर्य फ़ोन चेक करता है

मेर्री जी ......क्या हुआ सूर्य

सूर्य ....p.incharge का मैसेज है की उनके खबरि ने खबर दी है की कल सुबह उन 5 का सर कलम करने जा रहे ये आतंकी

मेर्री ......इन जैसो को तो जिन्दा जला देना चाइये

सूर्य .......वो इनके लिया आसान मौत होंगे मेर्री जी जिन्दा हे जलेंगे पैर तड़पने के बाद अब आप अपनी पोजीशन ले लीजिये मैं भी जा रहा हूँ

सूर्य वह से एक पेड़ किले पीछे जाता है आवर अपनी आँखे बंद करता है अगले हे पल सूर्य किसी निंजा में बदल जाता है






अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स................
 
अपडेट. 138

मेर्री जी ......क्या हुआ सूर्य

सूर्य ....p.incharge का मैसेज है की उनके खबरि ने खबर दी है की कल सुबह उन 5 का सर कलम करने जा रहे ये आतंकी

मेर्री ......इन जैसो को तो जिन्दा जला देना चाइये

सूर्य .......वो इनके लिया आसान मौत होंगे मेर्री जी जिन्दा हे जलेंगे पैर तड़पने के बाद अब आप अपनी पोजीशन ले लीजिये मैं भी जा रहा हूँ

सूर्य वह से एक पेड़ के पीछे जाता है आवर अपनी आँखे बंद करता है अगले हे पल सूर्य किसी निंजा में बदल जाता है..............

अब आगे ........

सूर्य जब पेड़ के पीछे से निकल कर मेर्री जी के सामने आता है तो वह दर जाती है आवर अपनी गन सूर्य पे तान देती है

मेर्री जी .....अगर जरा भी हिले या मुँह खोला तो गोली मार दूंगी

अब सूर्य क्या बोलता उसे गोली से कोई फरक तो नहीं पड़ने वाला था पैर मेर्री जी ने जो गन तान राखी थी उसपे साइलेंसर नहीं लगा था अगर गलती से गोली चल जाती तो आतंकी जरूर सावधान हो जाते जो की दोनों के लिया हे अच्छा नहीं था

मेर्री जी ....सूर्य सूर्य कहा हो तुम

सूर्य .......क्या कर रही हो ममी जी ये मैं हे हूँ सूर्य अपनी गन निचे करो अगर गलती से गोली चल गई तो सब प्लान फ़ैल हो जायेगा

( सूर्य के फेस पे जो मास्क था उसकी वजह से सूर्य की आवाज थोड़ी अलग थोड़ी भरी हो गई थी )

मेर्री जी ......अपना मास्क उतौतरो आवर अपना फेस मुझे दिखाओ

सूर्य बिचारा क्या करता मज़बूरी में अपना फेस मास्क निचे कर मेर्री जी को अपना फेस दिखता है तब जा कर कही मेर्री जी अपनी गन निचे करती है

सूर्य ......मुझे आपसे ये उम्मीद नहीं थी

मेर्री जी ......सॉरी पैर मैं क्या करती मुझे लगा कोई आवर है इस लिया मैंने अपनी गन तुम पे तानी थी ी ऍम सॉरी

सूर्य ......मैं उसके लिया नहीं कह रहा हूँ आपने गन तानी ये तो अच्छी बात है जरुरी नहीं मेरी जगह कोई आवर भी हो सकता था

मेर्री ji......fir तुम ऐसा क्यों कह रहे हो सूर्य मुझे

सूर्य .......आप इतने लेम आरसे से सीक्रेट सर्विस में रह चुकी है पैर आपको ये भी पता नहीं ऐसे मिशन पे गन्स पे सीलेंसर्स सबसे पहले लगाना चाइये

मेर्री जी को अपनी गलती का अहसास होता है की जो सूर्य कह रहा वो बिलकुल सही है

मेर्री जी ......ी ऍम रियली सॉरी सूर्य पैर तुम अचानक से सामने आ गए वो भी ऐसे हितेश निंजा ड्रेस में तो मुझे जो ठीक लगा मैंने वही किया

( लड़किया गलत होने पे भी गलती सवीकार कभी करती है जो मेर्री जी अपनी गलती मानती )

सूर्य ......ठीक है सबसे पहले जो गन्स है उनपे सीलेंसर्स लगाए आवर अपनी पोजीशन लो मैं निकल रहा हूँ

मेर्री जी गन्स पे सीलेंसर्स लगा वही एक पेड़ पे अपने लिए जगह बना पोजीशन ले लेती है

सूर्य वह से निकलने से पहले मेर्री जो को सुरक्षा कवच से सुरक्षित कर देता है बिना मेर्री जी को पता चले

सूर्य अपने आयु तत्वा को एक्टिव कर अपने सरीर को बिलकुल हल्का हर पालक जपते हे वह से जैसे गायब हे हो गया

मेर्री जी को यकीं हे नहीं हुआ उनका मुँह खुला का खुला रह गया

सूर्य .....मुँह बंद कीजिये आवर मिशन पे ध्यान दीजिये

सूर्य अपना फ़ोन निकल वीडियो मूड ों कर उसे हवा में उछाल देता है जैसे जैसे सूर्य आगे बढ़ रहा था वैसे वैसे सूर्य का सेल्ल फ़ोन वीडियो रिकॉर्ड करते हुए उसके पीछे ुध रहा था

सूर्य जब कैंप में पंहुचा तो बिलकुल सनता पसरा हुआ था लगभग सभी आतंकी सो चुके थे जो जग रहे थे वो या तो कुछ कर रहे थे या फिर पहरेदारी कर रहे थे

सूर्य चिपटे चिपटे पीछे की तरफ कटीले तारो से बानी दिवार के पास पंहुचा

सूर्य .....मेर्री जी ट्रांसफॉर्मर्स को सूट कर बिजली गुल कर दो

सूर्य के आर्डर मिलते हे मेर्री ने एक हे बुलेट में ट्रांसफॉर्मर ुधा देती है जिस से एक दमका होता है

सूर्य ......ममी जी ये क्या किया आपने गोली ट्रांसफॉर्मर के पास लगे बॉक्स पे मारनी थे आपने ट्रांसफॉर्मर को ुधा कर सबको जगह दिया है

मेर्री जी .....सॉरी सूर्य

सूर्य .....ठीक है कुछ देर कुछ भी हो जाये कोई फायर नहीं करना आगे मैं हेंडल करता हूँ

सूर्य वही पास में खड़े एक बड़े से पेड़ पे चढ़ कर बेथ जाता है

दमके की आवाज से कुछ आतंकी जा कर ट्रांसफॉर्मर को देखते है

आतंकी 1 ......भाई ये ट्रांसफॉर्मर तो गया अब इतनी रात को इसे ठीक भी नहीं किया जा सकता है

आतंकी 2 ......इसे भी अभी ख़राब होना था

कुछ देर चाकर काटने के बाद वो लोग अपने अपने जगह जा कर सो गए उन्हें लगा ये लाइन में फॉल्ट आने से हुआ है सुबह हे ठीक हो पायेगा

20 मिनट्स में सब कुछ पहले जैसा संत माहौल हो चूका था बस एक आड़ जगह पे हलकी हलकी रौशनी थी जो की सायद इन्वेटर से हो रही थी

सूर्य ......मैं अंदर जा रहा हूँ आप केवल उन्हें संभल लेना जो चामे से नहर निकले

मेर्री .....यस सर

सूर्य पेड़ से छलांग लगता है जैसे को कागज निचे गिर रहा हो बहुत हे हलके से जमीं पे सूर्य तारो के उस पार चामे में उतर जाता है

सूर्य अभी अंदर पंहुचा हे था की उसे थोड़ी दुरी पे दर्द में किसी की कराहने की आवाज सुनी

सूर्य चिपटे हुए उस तरफ बढ़ गया

ये लास्ट की तरफ बने रूम में से एक रूम के अंदर से आ रही आवाज थी

सूर्य कुछ देर वही खड़ा हो उन आवाज को सुन रहा था

आवाज 1 ......कल तुम चारो काफिरो का सर कलम किया जायेगा

आवाज 2 ........देख क्या रहे हो काफिर अपनी आँखे निचे करो

अगले हे पल फिर से किसी की पेटै आवर कराहने की आवाज आने लगी

सोहेल .....गॉड तुम्हे कभी माफ नहीं करेगा

आवाज 1.....तुम चुप करो अभी तक हम तुम्हारी जुबान से निकले कड़वे सबद इस लिया सुन रहे क्युकी तुम काफिर नहीं हो

शोएल ..... तुम खुद क्या हो इसका कास्ट के नाम पे जो कर रहे हो उस का अर्थ भी पता है तुम जैसे आतंकी क्या जाने इस वर्ड का क्या मतलब होता है क्सक्सक्स दरम को मैंने वाला जो अपने ईमान पे कायम रहे बेबश बेसहारो की रक्षा करे पैर तुम जैसे जिहाद के नाम पे कत्ले आम मचाते हो बच्चे बूढ़े औरते किसी को नहीं बकास्ट

तुम जैसे आतंकियों की वजह से दुनियाभर के क्सक्सक्सक्स को लग गलत समझते है

आवाज 2 ....बहुत बोलता है तू भी इन काफिरो में से एक है मारो सेल को

एक बार फिर से अंदर से छिलने की आवाज आने लगी

सूर्य जो काफी देर से सुन रहा था उसका सबर अब जबाब देने लगा

सूर्य अपनी पीठ पे लगी 2 सोर्ड में से 1 सोर्ड निकल कर त्यार हो जाता है

आवर रूम के गेट को नॉक करता

नॉक होने की आवाज से अंदर हो रही पिटाई रुक जाती है

आवाज 1 ....जा देख बसीर कोण आया है बहार

सूर्य वह से थोड़ा साइड हो जाता है जहा अंदर कुछ ज्यादा हे था

कुछ हे पल बाद गेट खुलता है आवर उसमे से 2 आदमी बहार निकलते है

बहार किसी को न देख उदार ीदार देख कर जब दोनों पतले तो सूर्य ने पीछे से इतना तेज सोर्ड का प्रहार किया की अगले हे पल दोनों का सर उनके सरीर से अलग हो जमीं पे किसी फुटबॉल जैसे पड़े थे

सूर्य दोनों के सरीर को उठा कर अंदर में छिपा देता है आवर दोनों की मुंडी उठा कर अंदर फेंक देता है

अंदर 3 आतंकी आवर थे जैसे हे अपने साथियो के कटे हुए सर देख वो शोक में चले गए वो संभल कर कुछ करते उस पहले हे सूर्य ने उनमे से दो का हल भी वैसे किया जैसा उन दो के साथ हुआ था

सूर्य जल्दी से तेरे का मुँह दबा कर उसकी गर्दन पे भी सोर्ड गुमा देता है

वही अंदर सोहेल सहित पाछो की हालत इन से भी बुरी थी उन पाछो के हाथ पेअर बंद कर लटका रखा था

मौत का दर उनकी आँखों में देखा जा सकता था

सूर्य फ़ौरन रूम बंद करता है

सूर्य ......तुम पचि ठीक हो न तुम लोग चल सकते हो क्या

लड़का ..3 .....को कोण हो तुम क्या तुम हमें भी मरने वाले हो

सूर्य .......मेरा नाम काल है आवर मैं तुम पाछो को यहाँ से निकलने आया हूँ

सूर्य आगे बढ़ सोर्ड से उन पाछो को राशियों से मुक्त कर देता है

सूर्य .....जल्दी अपने कपडे पहने आवर यहाँ से अपने लिया हतियार ले लो आवर चलो मेरे साथ

लड़का 2 .......हम ऐसे नहीं जा सकते यहाँ बहुत से आतंकी है उन्हें मरे बिना नहीं जायेंगे

सोहेल .....बिलकुल अगर आज इन्हे जिन्दा छोड़ दिया तो कल ये फिर हमला कर कितने हे निर्दोषो की जान लेंगे

सूर्य .......जितना कहा है उतना करो अभी यहाँ से निकलो ये कल का सूर्यौदय नहीं देखने वाले है

सूर्य की गुरबत सुन पाछो अपने अपने कपडे पहन उन आतंकियों की गन ले सूर्य के पीछे पीछे निकल लेता है

सूर्य ........मेर्री जी मुझे वो पचि मिल गए है मैं उन्हें ले कर आ रहा हूँ

सूर्य पाछो को छिपाते हुए तारो की दिवार के पास लता है

सोहेल .....हम मेसे कोई इसे पार करने की हालत में नहीं है

सूर्य .....उसकी चिंता न करो तुम में 3 मुझे काश कर पंडो

सोहेल .....उस से क्या होगा

सूर्य .......तू कुछ ज्यादा नहीं बोल रहा है जो कह रहा हूँ वो करो

3 लोग सूर्य को काश कर पकड़ लेते है सूर्य उन्हें पकड़ कर जम्प कर तीनो को उस तरफ ले आता है

5 के मुँह खुला का खुला रह गया उन्हें यकीं हे नहीं हो रहा था पैर जब बात जान पे बानी हो तो ज्यादा सवाल नहीं पूछते यही इन पाछो ने किया

सूर्य बाकि 2 को भी ुशी तरह दूसरी तरफ ले जाता है

सूर्य .....चलो जल्दी मेरे पीछे पीछे आओ बिना कोई आवाज किया

5 सूर्य की बात मन उसके पीछे सतर्कता से चलने लगते है कुछ देर बाद सूर्य सहित सब कैंप से काफी दूर आ गए थे जहा मेर्री जी मौजूद थे

सूर्य को देख मेर्री जी भी पेड़ से निचे उतर आई

मेर्री जी कुछ कहती उस से पहले हे सूर्य मेर्री जी को साइड में ले जा कर

सूर्य ......उनके सामने मुझे मेरे नाम से नहीं बोलना

मेर्री जी .....जानती हूँ उनके सामने तुम्हे काल के नाम से सम्बोधित करना है

सूर्य मेर्री जी को वापिस वही लता है

surya.......chalo सब निकलते है यहाँ से

सोहेल .....पैर इन आतंकियों का क्या

सूर्य ........पहले यहाँ से निकलो बाकि बाद में बताता हूँ तुम्हे

सूर्य सबको ले कर निकल जाता है जहा कार कड़ी की थी

सूर्य .....अब तुम सब यहाँ से निकलो इनके साथ तुम इन्हे तो जानते हो न

सोहेल .....है मैं जनता हूँ इन्हे ये मिस मेर्री है है हमारी ट्रेनर रह चुकी है

सूर्य .....आगे इनके साथ जाना है तुम सबको

मेर्री जी .....काल पैर तुम अकेले

सूर्य .....मैंने कहा न ये मेरा आर्डर है तुम सबके लिया

सूर्य की बात सुन मेर्री जी आगे कुछ न कह पाई

मेर्री जी 5 को कार से ले कर निकल गई

सूर्य ......अब बरी है उन सबको जहनुम पहुंचने की

सूर्य अपनी फुल स्पीड का प्रयोग करते हुए अगले 1 मिनट्स में आतंकी कैंप में था

सूर्य अपना सेटललिते फ़ोन निकल

सूर्य .........सूर्यकांत सर को मैसेज करता है ...सर आतिशबाज़ी देखने के लिया त्यार हो जाये ......

सूर्य अपनी दोनों सोर्ड अपनी पीठ से निकल गेट पे पहरेदारी कर ातनिकियो से सुरुवात करता है

सूर्य को मुख्या गेट पे 4 आतंकी एक 47 के साथ मिलते सूर्य अपनी सोर्ड से चारो के सीने को क्ष शेप में चोर्ने के साथ सुरुवात करता

अचानक के कैंप में चीख पुकार मचाना सुरु हो जाता है जिस से जल्दी हे पुरे कैंप में सोये हुए आतंकियों की नींद फर हो जाती है

सूर्य पे चारो तरफ से फायर होने लगती है पैर बुलेट सूर्य के बुलेटप्रूफ निंजा सुते को भेद नहीं पति सूर्य का निंजा सुइट पूरा आतंकियों के खून से सां चूका था

एक के बाद एक जो भी आतंकी सूर्य के सामने आ रहे थे सूर्य सब्जी की तरह उनके अंगो को काट कर आगे बढ़ रहा था पिच आतंकी चीख पुकार मचा रहे थे

गोलियों की गूंज दूसरे 2 आतंकी कैंप no.1 आवर कैंप no.3 तक भी पहुंच गई थे

दोनों कैंपो से कुछ गाड़ियों में आतंकी कैंप no. 2 की तरफ अपने लव लस्कर के साथ निकल गए थे

सूर्य आतंकियों को मरने के साथ हे जगह जगह बम भी लगा रहा था देखते हे देखते आतंकी कैंप सैमसन में बदलने लगा

वही श्री नगर आर्मी हेअद्क़ुअतेर मॉनिटरिंग रूम से सूर्यकांत सर सेटललिते से कैंप में हो रहे समजे देख कर खुश हो रहे थे

सूर्यकांत सर ......वह मेरे शेर तुम तो वाकई आतंकियों पे काल बन कर टूट पड़े हो

ज्यादातर आतंकियों को सूर्य ने इस तरह से मारा की उन्हें दर्द तकलीफ ज्यादा हो पैर मरे नहीं

15 मिनट्स में सूर्य ने कैंप 2 को लगभग झख में मिला दिया था

लास्ट में सूर्य आतंकी आर्म्स रूम पंहुचा जहा हथियार का भंडार था सूर्य ने वह से 2 ग्रेनेट ( बम ) का बॉक्स उठा बहार निकल आया आवर दोनों बॉक्स खोल बूम की पिन निकल पूछे कैंप में उछाल देता है लास्ट में एक बूम आर्म्स रूम में फेंक वह से कैंप no.1 की आवर निकल जाता है सूर्य के निकलते हे एक के बाद एक बूम ब्लास्ट से पूरा कैंप धु धु कर जलने लगा जिसमे जो जीवित गयाः आतंकी थे वो भी जलने लगा सूर्य ने उन्हें इस काबिल भी नहीं छोड़ा की वो अपनी जान बचा कर भाग सके

सूर्य जब कैंप no.1 की तरफ जा रहा था तो कुछ कार्स को अपनी तरफ आता देखता है

सूर्य ......लगता है ये भी इनकी हे बिरादरी के लोग है इन्हे भी वही पंहुचा देता हूँ अगर एक एक कर मरूंगा तो बहुत टाइम लग जायेगा मुझे वयोम के पास भी पहुंचना है

सूर्य अपनी पांच तत्वों को एक्टिव कर उन कार्स के पास पहुँचता जिनके तकरीबन 30+ हथियारबंद आतंकी मौजूद थे

सूर्य अपने हाथो में अग्नि तत्वा को एक्टिव कर अपनी सोर्ड को अग्नि सोर्ड में बदल

कार्स की आयल (पेट्रोल ) टेंक को चीरते हुए बड़ी तेजी से निकलता है आतंकी कुछ समझते उस से पहले हे एक एक कर तीनो कार्स पेट्रोल में आग लगने से हुए दमके से पहाड़ी से निचे लुढ़क जाती है

सूर्य ने ये भी जन्मे की कोशिश नहीं की की उनमे कोई जिन्दा भी हो सकता है सूर्य एक के बाद एक 3 कार्स पे फायर बॉल बना कर छोड़ देता है

तीनो में गायक आवर मरे हुए आतंकी कार्स के साथ हे जलने लगे

सूर्य .....इनका काम ख़तम अब आगे बढ़ना हे बेहतर रहेगा

सूर्य तेजी से आगे बढ़ता हुए कैंप 1 पंहुचा

अपने साथ लिए हूजे एक्सप्लोसिव बूम पुरे कैंप में लगा कर बटन प्रेषित कर देता एक तेज दमके साथ पूरा कैंप रख के गभर में बदल जाता है

जो कोई आग की लैपटॉप से बच कर बहार निकलता सूर्य उन्हें अपने सोर्ड से चिर डालता

जब सूर्य को लगा सब ख़तम हो गया है तो सूर्य कैंप no. 3 की तरफ बढ़ा तभी एक रॉकेट लांचर से रॉकेट अपनी आवर आता हुआ देख सूर्य के होंटो पे मुस्कान आ गयी जो उसके मास्क में छुपी रह गई

रॉकेल सूर्य से जैसे हे तारने वाली थे सूर्य से तेजी से उसे पकड़ ुशी दिशा में पेनी दिया जहा से वो लॉन्च हुई थे एक दमके के साथ हे वह छुपे 3 आतंकी अपने आकाओ के पास जहनुम के सफर पे निकल गए

सूर्य .....अच्छा हुआ जो रॉकेट से पता चल गया की कोई जिन्दा भी बच गया है

सूर्य कैंप 3 की तरफ भागने लगा रस्ते कुछ दुरी पे कुछ गाड़ियों को देख सूर्य अपने हाथो में बूम ले भागते हुए एक एक कार में दाल कर किसी हवा के झोके से आतंकियों के नसीब में मौत लिख कर चला गया घड़ा आगे जा कर सूर्य बूम ब्लास्ट कर देता

कैंप 3 में जब सूर्य पंहुचा तो वह ज्यादातर छोटी ुमार के बच्चे हे थे यही कोई 15 से 20,22 इयर्स के आवर कुछ 20 के आसपास 40 से 50 ,55 ईयर के आतंकी

सूर्य ......इनको कैसे मार सकता हूँ अभी तो इनकी जिंदगी ठीक से सुरु भी नहीं हुई है पढ़ने खेलने की उम्र में इनको दरम के नाम पे हथियार पकड़ा कर लोगो के लिया इनके दिलो में नफरत पैदा की है मैं इन्हे नहीं मार सकता हूँ ये रास्ता भटक गए है

सूर्य तेजी से बच्चो को छोड़ उन सभी आतंकियों को मार देता है आवर उन बच्चो के सामने जाता है

सूर्य .......अपने हथियार निचे डाल्दो मैं तुम बच्चो को नहीं मरना चाहता हु

जिसे अपनी जिंदगी प्यारी है वो अपने हथियार यही दाल दे

ज्यादातर बच्चे दर के मरे अपने अपने हथियार दाल गुरबों पे बेथ जाते कुछ 4,5 बाचे थे वो अभी भी सूर्य पे एक 47 जैसे घातक हथियार सूर्य पे तान रखे थे

सूर्य ........तुम लोग क्या चाहते जीना या ( आतंकियों की लाशो की तरफ इसरा करते हुए ) इनके तरह मरना क्युकी दूसरी बार मैं ये मौका नहीं दूंगा फिर चाहे सामने कोई भी क्यों न हो

जैसे सूर्य ने उन्हें डरने के लिया खून से सांई अपनी सोर्ड पीठ से निकली बाकि बचे भी अपने हथियार फेंक अपने गुथनो पे बेथ गए

सूर्य ......तुम सब को तुम्हारे घर भेज रहा हूँ दुबारा इन जैसे जलादो से दूर रहना

( सूर्य ......सकती कहा हो मुझे तुम्हारी जरुरत है)

कुछ हे देर में सकती सूर्य के सामने खड़ा था अदृश्य रूप में

( सूर्य मंद तो मंद ....सकती इन सभी बच्चो की यहाँ से जुडी सभी यादे इनके जहाँ से मिटा कर इन्हे कुछ पैसे दे कर इनके घर भेज दो ताकि ये फिर से एक नयी जिंदगी सुरु कर सके

सकती ......ठीक है सूर्य पैर पैसे

सूर्य .....इन आतंकियों के अकाउंट को खली कर दो तुम अपनी सकती का प्रयोग कर सकते हो एक अच्छे काम के लिया मैं गुरुदेव कीबागया बिना पांच तत्वों के अलावा कोई सकती प्रयोग नहीं कर सकता हूँ

सकती .....ठीक है सूर्य इनको मई पंहुचा दूंगा इनके मंद से सभी बुरे बिकार आवर यहाँ से जुडी सभी यादे हमेशा के लिया मिटा दूंगा

सूर्य .....ok सकती अब मैं निकलता हूँ जल्दी हे घर पे मुलाकात होगी )

सूर्य .......कल सुबह तक तुम सब अपने अपने घर में पहुंच जाओगे

सूर्य उन्हें कैंप से निकल कुछ दूर ले कर आ जाता है

ताकि वह इस कैंप को भी ब्लास्ट कर सके कुछ हे देर में सूर्य कैंप में बूम फिट कर वह से निकल जाता है सूर्य के वह से निकलते हे सूर्य की जगह सकती ले लेता है

असुर कबीला फारेस्ट ........

तड़के सुबह के कोई तीन सादे तीन बझे होंगे की 2 लोग एक असुर कबीले से करीब 20 कम दूर एक कच्चे रस्ते पे अपने बड़ी कार के साथ खड़े थे आवर सरब आवर बेयर की चुस्कियां ले रहे थे

ये कोई आवर नहीं विक्रम आवर गुजर सींग थे

जो यहाँ कलां के आदमियों का इन्तजार कर रहे थे क्युकी आज यही इन्हे कलां के आदमी उन 5 लड़कियों को विक्रम आवर दुर्जन सींग के हवाले करने वाले थे

विक्रम ..... आज ये काम ख़तम हो जाये बस फिर उस सूर्य का इलाज होते हे मैं सक्तिपुर लौट जाऊंगा आवर कुछ दिन मज़े करुगा

गुजर .......तुम तो मज़े करोगे पैर मेरा क्या आवर भूलो नहीं उस सूर्य की वजह से पुलिस को मेरे साथ साथ तुम्हारी भी तलाश होगी हो सकता है वो हमारे घरो पे नज़र रख रहे हो अभी भी

विरकराम .......साला ये सूर्य नाम का शनि मेरी कुंडली में राहु केतु से काम नहीं है

जहा देखो सूर्य सूर्य पता नहीं कब छुटकारा मिलेगा उस से

गुजर ......जल्दी हे हम इस सूर्य नाम की मुसीबत से छुटकारा प् लेंगे .............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .............

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..................
 
फ्रेंड्स कल सायद थोड़ा बिजी रह सकता हूँ इस लिया कोशिश करुगा कल के 2 अपडेट में से एक अपडेट आज हे पोस्ट कर सकू

आवर टाइम मिला तो कल दिन में कभी भी दूसरा अपडेट पोस्ट कर दूंगा
 
सॉरी भाई लोगो एक गलती की वजह से पुरे 4 हर की माँ बहन एक हो गई

पिछले चार जानते से लगातार अपडेट लिखा ये सोच कर की कल के 2 अपडेट एक महा मेघा अपडेट में हे देता हूँ एक गलती हुई आवर पूरा अपडेट गायब
 
अपडेट. 139

विक्रम ..... आज ये काम ख़तम हो जाये बस फिर उस सूर्य का इलाज होते हे मैं सक्तिपुर लौट जाऊंगा आवर कुछ दिन मज़े करुगा

गुजर .......तुम तो मज़े करोगे पैर मेरा क्या आवर भूलो नहीं उस सूर्य की वजह से पुलिस को मेरे साथ साथ तुम्हारी भी तलाश होगी हो सकता है वो हमारे घरो पे नज़र रख रहे हो अभी भी

विरकराम .......साला ये सूर्य नाम का शनि मेरी कुंडली में राहु केतु से काम नहीं है

जहा देखो सूर्य सूर्य पता नहीं कब छुटकारा मिलेगा उस से

गुजर ......जल्दी हे हम इस सूर्य नाम की मुसीबत से छुटकारा प् लेंगे .............

अब आगे ........

बरमुल्लाह चेक पोस्ट.....

मेर्री जी सोहेल आवर बाकियो के साथ रात करीब पौने 2 बजे के आसपास मेर्री जी सभी को ले का पोस्ट पे पहुंची

मेर्री जी. .......तुम सभी अभी यही वेट करो कुछ हे देर में हम श्रीनगर के लिया निकलेंगे

मेर्री जी p.incharge की ऑफिस की तरफ भध गई उसके पीछे हे सोहेल भी मेर्री जी से कुछ पूछने के लिया गया पैर उसके पूछने से पहले हे मेर्री जी अंदर चली गई

सोहेल वही ऑफिस के गेट पे खड़ा हो गया

मेर्री जी को देखते हे प .इंचार्ज अपनी चैट से खड़ा हो कर मेर्री जी को सेलुटे करते है

P.incharge .....जय हिन्द मेम

मेर्री जी .......जय हिन्द अफसर

p.incharge गेट की तरफ देखता है किसी आवर को न आया देख वह मेर्री जी को देखने लगता है

p.incharge .......मेम क्या मिशन पूरा हो गया इतनी जल्दी जो आप लौट आई आवर बाकि कोई नहीं देख रहा

मेर्री जी .....उन सभी को बच्चा लिया गया है वो अभी बहार है छोपेर पैलेट कहा है उन्हें रेडी होने को खो

p.incharge ........मेम सूर्य सर नहीं आये क्या वो भी तो मिशन पे आपके साथ हे थे

बहार खड़ा सोहेल मेर्री जी आवर p.incharge की बात साफ़ सुन रहा था

सोहेल बिना परमिशन के अंदर गश गया

p.incharge .......अफसर ये क्या बत्तमीज़ी है बिना परमिशन के अंदर कैसे आये

सोहेल .......सॉरी सर इसके लिया माफी चाहता

बिना परमिशन के अंदर आने के लिया

शोले ........मेर्री मेम क्या वो मेरा दोस्त सूर्य था जिसने हमें वह से रेस्क्यू किया प्लेसेस मेम सच बताएगा

मेर्री ........है वो सूर्य हे था जिसने तुम सबको बचाया था पैर ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाइये

सोहेल .......पैर मेम वो अकेला वह इतने आतंकियों के बिच

सूर्य जो अभी गेट पे अपनी आर्मी वर्दी में खड़ा मुस्कुरा रहा था

मेर्री जी की नजर जब सूर्य पे पड़ी तो वह बिना कुछ सोचे समजे सूर्य के गले जा मिली

मेर्री जी .......तुम ठीक तो हो न सूर्य

सूर्य ........मुझे क्या हो सकता है मेर्री जिदेखा आपके सामने हूँ एक डैम फिट एंड फाइन

वही सोहेल आवर प इंचार्ज दोनों मुँह फाडे सूर्य आवर मेर्री जी को देख रहे थे

सूर्य ......क्या हुआ भाई ऐसे क्या देख रहा है

सोहेल आगे बढ़ सूर्य के गले लग कर मिलता है

सोहेल सूर्य को देख भावुक हो गया

सूर्य .......आर्मी में ऐसे भावुक नहीं होते भाई

सोहेल .......तुम्हे पता है भाई जब हम सबको वो लोग मरते थे केवल तुम्हारा चेहरा मेरी आँखों के सामने होता था मैं यही सोचता था की काश मेरा दोस्त मेरा भाई यहाँ होता तो उन सालो का सीना चिर के रख देता

सूर्य ......देख तेरे सामने हे हूँ आवर तुमने जैसा सोचा उन्हें ऐसे हे मौत दे जहनुम पंहुचा कर आ रहा हूँ

सोहेल ......क्या सच में

सूर्य .........ले खुद हे देख ले

सूर्य अपना फ़ोन सोहेल को देता है सोहेल वीडियो प्ले करता है तो मेर्री जी आवर p.incharge भी सोहेल के साथ वीडियो देखने लगते है

सोहेल 10 ,15 मिनट्स से ज्यादा वीडियो नहीं देख पाया चारो तरफ कटे फाटे अंग देख उसने जल्दी हे वीडियो बंद कर दिया

सोहेल ..........ये क्या था भाई तुम कब से ऐसा बन गए इतनी कुरुरता इतना वहशीपन

सूर्य ......जो जैसा करेगा उसे कर्मफल भी वैसा हे भोगना होगा

चलो अब हम निकलते है यहाँ से

pp.incharge ......सर काम से काम एक कॉफ़ी तो हमारे साथ भी पे कर जाइये

सूर्य ......ठीक है सर पैर जल्दी कीजिये तब तक मैं बाकि सब से मिल लेता हूँ सोहेल अपना सामान साथ ले लेना आवर अपने दोस्तों को भी बोल दो कुछ टाइम तुम सब छुट्टी पे जा रहे हो घर

सोहेल वह से निकल गया कुछ समय बाद सूर्य आवर बाकी सभी श्रीनगर के लिया निकल गए

कुछ देर के सफर के बाद सूर्य सबको ले श्रीनगर पंहुचा जहा सूर्यकांत सर आवर कुछ अफसर सूर्य आवर बाकि सब हेलीपेड पे हे वेट कर रहे थे

सूर्यकांत सर .....well-done माय बॉय तुमने आज वी काम किया है जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी तुमने तो वक़्त से पहले हे होली दिखा दी वो भी खून की

सूर्य ......सर मैंने कहा था न इस बार होली वक़्त से पहले हे आ गई है

सूर्यकांत सर सूर्य मेर्री जी को ले कर ऑफिस आते है जहा कुछ देर आवर उन सबकी बाते होती है मिशन से रेलेटेड

सूर्य ........सर ये लीजिये आपके लिया होली का गिफ्ट है

सूर्य अपना फ़ोन आगे बढ़ा देता है

सूर्यकांत सर .......ये किस लिया सूर्य

सूर्य .......सर इसमें वीडियो रिकॉर्डिंग है उन कैम्प्स की अगर जरुरत पड़े तो काम आ सकती है है मेरा फ़ोन जरूर वापिस कर देना हाहाहाहा

सूर्यकांत सर .....शाबाश मेरे बचे मुझे गर्व है तुम्हारे जैसे बेटे पे आज तुमने इंडियन आर्मी को गौरवान्वित किया है सूर्य

सूर्य ......बाकि सब आप देख लीजिये पैर मेरी रियल आइडेंटिटी बहार ओपन नहीं होनी चाइये सर अब मैं रेस्ट काटना चाहता हूँ

सूर्यकांत सर मेर्री जी आवर सूर्य को उनका अलग अलग रूम दिखा उन्हें रेस्ट करने को बोलते है

वही खुद मॉनिटरिंग रूम में सूर्य द्वारा दिए वीडियो में कुछ एडिटिंग कर कुछ जगह चंगेस करने में लग जाते है

वही मेर्री जी अपने रूम में जाते हे फ्रेश हो कर सो गई

सूर्य रूम में पहुंचते हे वयोम को याद करता है

अगले हे पल वयोम सूर्य के सामने था

सूर्य ......कैसे है वयोम

वयोम ......अच्छा हूँ सूर्य

सूर्य ......क्या खबर है विक्रम आवर गुजर की क्या उन्हें लड़किया मिल गई है

वयोम .....अभी वो सब गुंडे क्लोन लड़कियों को ले कर पहुंचते हे होंगे कुछ देर में

सूर्य ......चलो फिर मुझे भी ले चलो आज इनको भी इनका कर्मफल दे हे देते है

वयोम के चुटकी बजाते हे सूर्य आवर वयोम दोनों गायब हो गए ........

असुर कबीला फारेस्ट......

विक्रम सिंह आवर गुजर सिंह दोनों बे थे सरब आवर बेयर का मज़ा ले रहे थे इस अंदरि रात में वही इनसे करीब 2कम दूर जंगल के अंदर एक पुराने से टूटे फूटे खंडहर में कोई 2 जान आराम से सोये हुए थे देखने से उनमे एक बुजुर्ग था आवर एक बाला की खूबसूरत लड़की

पता नहीं ऐसी क्या परिस्थिति रही होगी इनकी जो इस जंगल में रात गुजर रहे थे

विक्रम .......गुजर सिंह ये लोग अभी तक नहीं आये है कितना टाइम हो गया है

गुजर .......विक्रम जरा फ़ोन कर पता तो कर सालो का

विक्रम सींग काफी बार कॉल करता है पैर कोई भी रेस्पोंस न मिला सामने से

विक्रम ......वो मादरचोद गुंडे सेल फ़ोन हे नहीं उठा रहे है

गुजर .कही सालो की नियत तो ख़राब नहीं हो गयी है लड़कियों पे

वैसे भी पाछो एक से बढ़ कर एक माल है उन्हें देख मेरा भी मन करता है की जहा मिले वही पटक पटक कर पेलने लागु

विक्रम ......अपने ठरकपन को काबू में रख गुजर उन पे गन्दी नजर न रख भूल मत हमने उन्हें क्यों उठवाया है

गुजर ......क्या कृ यार अब तू अपना पार्टनर है तुजसे जूथ नहीं बोलूंगा जब असुर कबीले की मदिरा आवर उस बिखु की बीबी को चखा है तब से साली मेरी भी ठरक भध गयी है

सोच रहा हूँ सूर्य को फिनिश करने के बाद किसी ऐसे हे जंगल में खूबसूरत तितलियों को ले कर एक ऐसा हे कबीला बना लू जहा सब जवान खूबसूरत जिस्मो के बिच मैं अकेला लैंड धरी राहु जब मर्जी तब जैम कर पेलू हाहाहा

विक्रम ......सपने देखना अच्छी बात है उसके कोई पैसा नहीं लगता

ीदार इनसे कुछ दुरी वयोम आवर सूर्य खड़े इनपे नजर रख रागे थे

यभी उन्हें दूर रौशनी से नजर आई

वयोम .....इस कार में वही लोग है सूर्य

सूर्य ........वयोम यहाँ मुझे कुछ दुरी पे बहुत आदिक मात्रा में 2 नेगेटिव ऊर्जा सकती मह्सुश हो रही है

वयोम ......आपको भी मुझे लगा ये मेरा कोई बहम होगा

सूर्य .....नहीं वयोम ये कोई बहम नहीं सच है

सूर्य सकती को याद करता है तो सकती भी वह आ पंहुचा

सकती .......क्या हुआ सूर्य कैसे याद किया

सूर्य ........सकती यहाँ से कुछ दुरी पे एक खंडहर है मुझे वह से बहुत आदिक नेगेटिव ऊर्जा का अहसास है रहा जो इंसानो के लिया खतरा हो सकता है

सकती .....तुम क्या चाहते हो मैं उनसे निपटु क्या

सूर्य ......ये संभव नहीं है क्युकी वो ऊर्जा सकती बहुत स्ट्रांग है तुम अकेले उनका सामना नहीं कर सकते

सकती ......फिर क्या चाहते हो तुम

सूर्य .....क्या तुम ऐसे कवच का निर्माण कर सकते हो अपनी वाइट ऊर्जा से जिसके कारन उस में से कोई बहार न निकल पाए बेसक अंदर चला जाये पैर नहर तुम्हारी इच्छा बिना न निकल पाए

वयोम .....ये यो मैं भी कर सकता था फिर सकती की जरूरत क्या थी आवर आप खुद भी तो कवच का निर्माण कर सकते थे

सूर्य ......क्युकी मैं अभी अपनी सकती उसे नहीं कर सकता गुरुदेव के आज्ञा बिना आवर तुम्हारे सकती में नेगेटिव अंश मौजूद है केवल सकती हे है जो पुरे वाइट ऊर्जा सकती दरक है इस वक़्त हमारे पास

वयोम ......समाज गया नेगेटिव ऊर्जा मेरे सुरक्षा कवच को अपनी नेगेटिव ऊर्जा को तोड़ सकती है किन्तु सकती की वाइट ऊर्जा से निर्मिर्त कवच को नहीं

सकती .....मैं ऐसे कवच का निर्माण तो कर सकता हूँ किन्तु उस से मैं मेजर हो जाऊंगा आवर एक वक़्त बाद मेरा कवच कजोर होने लगेगा

सूर्य ......ज्यादा नहीं बस 1 हर तक रोक लेना उन्हें बाकि मैं देख लूंगा अगर प्रेम से बात बानी तो ठीक है वयोम कलां को यहाँ ले आओ बेहोश हे रखना उसे बाकि बाद में बताऊंगा अबे ये लोग तो उस तरफ हे जा रहे है

वयोम ......ये लीजिये कलां आप जाइये मैं यही रुकता हूँ सकती के साथ

सूर्य वह से विक्रम आवर गुजर के पीछे निकल गया

पीछे सकती ने उस पुरे खंडहर पे सुरक्षा कवच का निर्माण कर दिया जैसे निर्माण पूरा हुआ वही उस बुजुर्ग की आँखे खुल गई

बुजुर्ग .....नहीं ऐसा नहीं हो सकता है

ीदार विक्रम सबके साथ खण्डार के बहार कार रोकता हैदूसरे कार से 5 गुंडे उतारते है आवर एक एक लड़की को उठा कर खंडहर के अंदर ले जाते है

बुजुर्ग विक्रम आवर इतने लोगो को देख कर उस लड़की को उठा देता है नींद से आवर उसे चुप रहने का इसरा कर लड़की आवर बुजुर्ग उन्हें चुप कर देखने लगते है

गुजर जो की थोड़ा नशे में था

गुजर .....सालो कितना टाइम लगा दिया आने में खा अपनी माया के भोसड़ा मार रहे थे क्या फ़ोन नहीं उठाते हो

ीदार सूर्य भी खण्डार के अंदर जैसे हे प्रवेश करता है उसे हल्का सा जतका लगता है सूर्य इस जटके का कारन समाज मास्क में हे मुस्कुरा देता है

( सूर्य .....हम्म्म अदृश्य कवच बना रखा है यहाँ तुम जरूर कोई पहुंची हुई चीज़ हो )

जैसे हे सूर्य अंदर परिवेश कर कुछ आगे बढ़ा उन गुंडों में से एक की नजर सूर्य पे पद जाती है

गुंडा1 .......कोण है बे मादरचोद आवर यहाँ क्या कर रहा

सूर्य का गली सुनते हे माथा ठनक गया आँखों में अंगार आवर चेहरे पे शैतानी हंशी

सूर्य ......हाहाहाहा काल हूँ तुम सबका तुम सबको तुम्हारा कर्मफल देने आया हूँ

सूर्य की बात सुन गुंडा 1 गुस्से में सूर्य की तरफ बढ़ा जैसे सूर्य को मरने के लिया हाथ उठाया अगले हे पल गुंडे 1 का सरीर बीचो बिच से 2 भागो में भट गया न एक इंच ीदार न उदार

सर से ले कर लैंड को विचो बिच चीरती हुई सूर्य की सोर्ड इतनी तेजी से निकली के 2 लोगो के सिवाय किसी को कुछ दिखा हे नहीं

bujurg......ye कोई सदर्न मानव नहीं है इसके पास दिव्या तत्वा जरूर होगा

लड़की ......क्या हुआ बाबा आवर इस इंसान के पास इतनी स्फूर्ति कैसे

बुजुर्ग .....संत पुत्री

अपनीले साथ को ऐसे बीचो बिच दो होशो में बाघा देख सबके पेअर कानो गए गुजर सिंह का सारा नशा एक हे पल में फर हो गया

सूर्य .......इसे इसका कर्मफल मिल गया है अब तुम सबकी बारी

विक्रम सिंह का तो खौफ के मरे पिसाब हे निकल गया एक यही था इनमे जो सबसे काम उम्र का था आवर कमजोर दिल का भी

जैसे जइसेक्स सूर्य आगे बढ़ रहा था गुंडे अपने लिया छुपाने की जगह देखने लगे सूर्य जैसे हे विक्रम सिंह के सामने से उसकी आँखों में गुरते हुए आगे निकला विक्रम सींग दर के मरे लड़खड़ा कर वही गिर पड़ा विक्रम सिंह की दर के मरेर घिघि बंद गयी

सूर्य के सामने जो भी गुंडा पड़ता सूर्य उसको टुकड़ो में बदल देता एक एक कर बाकि चारो गुंडों को मारने के बाद सूर्य गुजर की तरफ बढ़ा

गुजर .....रुक जाओ मुझे जाने दो यहाँ से चाओ तो इन लड़कियों को आवर पैसो को ले जाओ

सूर्य ......तुम सबका कार्य पूरा हुआ अब तुम जा सकती हो

अगले हे पल 5 लड़किया जो गुंडे लाये थे बंद कर वो जैसे हवा में हे गायब हो गई

जिसे देख विक्रम की रही सही हिमायत भी टूट गई आवर वह वही निचे पड़ा बेहोश हो गया

गुजर सिंह बूथ बूथ बोल कर छीलते हुए सूर्य पे 2 गोलिया फायर करता है सूर्य को कुछ न होता देख गुजर को मनो यकीं हो गया की जो सामने है वो कोई इंसान नहीं बूथ हे है

गुजर सिंह छुपाने के लिया ुशी तरफ भगा जहा वो लड़की आवर बुजुर्ग आदमी चुप कर सूर्य को देख रहे थे

गुजर की जैसे हे नजर लड़की पे पड़ी उसकी आँखों में चमक आ गई अब ये चमक लड़की की खूबसूरती देख या फिर किसी आवर कारन ऐसी पता नहीं

गुजर बुजुर्ग को देखा दे लड़की के सर पे गन लगा कर उसे अपनी ढाल की तरह सामने कर बहार आता है

गुजर ......देख मुझे जाने दे वर्ण इस लड़की को जान स मर दूंगा

सूर्य जैसे लड़की को देखता है सूर्य को उसके भीतर से नेगेटिव ऊर्जा का अहसास होता है

तभी बुजुर्ग भी बहार आता है वही अहसास सूर्य को उनसे भी होता है

सूर्य दोनों को घर कर देखता तो सूर्य को उनमे किसी आवर का अक्ष दीखता है

( सूर्य .....मतलब ये असुर है आवर असुरगुरु यहाँ क्या कर रहे है मुझे सचेत रहना होगा आवर बूढी से काम लेना होगा असुरगुरु का सामना नहीं करना चाहता अभी )

सूर्य ......गुजर तुमने बहुत से कुकरम किये एक आवर कुकरम कर अपनी मृत्यु को पीड़ादायक न बनाओ

गुजर .....अपना ज्ञान अपने पास रख आवर मुझे यहाँ से जिन्दा जाने दे नहीं तो लड़की के सर में गोली मरूंगा

सूर्य .........हाहाहाहा गुजर तुमने अब तक न जाने कितनी लड़कियों को अपनी हवश का सीकर बनाया है उनके सरीर को उनकी आत्मा तक को नोचा है अपने जिसम की हवश मिटने के लिया

तुम ये भी भूल गए की स्त्री में माँ आदि सकती का अंश विधमान होता स्त्री कोई हवश की वास्तु नहीं है

स्त्री प्रेम आवर ममता की जीवित प्रतिमा होती है स्त्री का स्थान तो माँ महाकाल के सामान होता है किन्तु तुम जैसे नरदरमि दुराचारी केवल स्त्री को भोग विलाश की वास्तु हे समझते है

गुजर .......मुझे तुम्हारे प्रवचन नहीं सुनने मुझे यहाँ से जाने दो वर्ण इस लड़की का भी वही हाल होगा जो आज तक इन जैसे खूबसूरत जवान लड़कियों के साथ किया

लड़की बड़े गौर से सूर्य की बात सुन रही थी जहा पहले उसके चेहरे पे दर था वही अभी उसके चेहरे पे गुस्सा दिखाई दे रहा था

सूर्य ......तुम्हे मैं नहीं मरूंगा गुजर तुमने जिसके सर पे गन लगा राखी है वही तुम्हे मारेगी वो भी तड़पा तड़पा कर बस उसे अपने भीतर छुपे माँ आदि सकती के उस अंश को जागृत काटना जो हर स्त्री में होता है फिर चाहे वो मानव स्त्री हो या फिर कोई आवर स्त्री

अपने भीतर छुपी उस सकती को पहचाना देवी आवर माँ महाकाल बन नरकासुर जैसे नरभक्षी पापी को उन सभी कर्मो दंड दीजिये जो इसने आज तक हर उस स्त्री आवर कन्या का सोसन कर उनके सरीर हे नहीं आत्मा तक को अपवित्र किया है उन्हें पीड़ा पहुंचे है

गुजर ......ये मारेगी मुझे इन जैसे खूबसूरत कालिया हमारे भोगने के लिया हे होती

इनका स्थान मेरे पैरो के निचा या फिर मेरे जिसम के निचे होता है ....अह्ह्ह्हह्ह्बब मार डाला रे साली रंडी ने

गुजर सिंह की स्त्रियों के पार्टी ऐसे सोच आवर सूर्य द्वारा दिए उत्साह से उस लड़की ने गुजर सिंह को हवा में उछाल कर पास हे टूटी हुई देवर पे दे मारा जैसे कोई गेंद हो

लड़की लात गुसो से गुजर सिंह को सँभालने तक का मौका नहीं दे रही थी

सूर्य आगे बढ़ अपने एक सोर्ड लड़की को सौंप देता है

सूर्य .....आज तुम्हे माँ महाकाल बन उस हर स्त्री पे किये दुराचरण का पार्टिसोध लेना है इस पापी से

लड़की तब तक अनगिनत वॉर गुजर पे करती रही जब तक बेहोश नहीं हो गया

लड़की सूर्य को तरफ देखती है जैसे कोई परमिशन मांग रही हो सूर्य है में गर्दन छिपता है

लड़की गुबार के पेण्ट उसके सरीर से नोच कर अलग कर देती हे आवर अगले पल गुजर का का लिंग अंडकोष अंडरवियर सहित उसके सरीर से अलग किसी मरे हुए काले चूहे के जैसे पड़ा था

सूर्य .......अब इसे तड़पने दीजिये सुबह तक अपने आप तड़प तड़प मर जायेगा

सूर्य अपनी सोर्ड ले गुजर की पेण्ट से साफ़ कर उसे अपने पीठ पे मयान में लगा लेता हैं

लड़की बड़े प्यार से सूर्य को ताड़ने लगती है जिसने पास खड़ा बुजुर्ग भी देख रहा था

सूर्य आगे बढ़ उस बुजुर्ग के सामने जाता है

आवर अपने हाथ जोड़ अपने गुथनो पे बेथ जाता है

सूर्य ......परनाम असुरगुरु

बुजुर्ग ....हम्म दीर्घायुष्मन भाव पुत्र

जी है दोस्तों ये कोई आवर नहीं असुरगुरु आवर आवर मानसी हे थे

असुरगुरु थोड़ा पीछे हाथ कर

असुरगुरु .......कोण हो तुम तुम कोई सदर्न मानव नहीं हो अपना वास्तविक परिचय दो हमें

सूर्य .....क्षमा चाहता हूँ असुरगुर मैं अपना वास्तविक परिचय किसी को नहीं दे सकता हु मेरा यही काल रूप परिचय सवीकार करे आवर मुझे आपका आदेश न मैंने के लिया क्षमा कर दे

असुरगुरु ......उठो पुत्र काल

सूर्य उठ कर खड़ा हो जाता है

असुरगुरु .......तुम हमारे वास्तिव परिचय से परिचित हो तो तुम कोई सदर्न मानव नहीं हो तुम अपना वास्तविक परिचय नहीं दे रहे हो इसका अवश्य कोई कारन होगा पुत्र

सूर्य ......जी गुरुवार

असुरगुरु ......ये हमारी पुत्री है मानसी

सूर्य .....परनाम देवी

मानसी .....परनाम योद्धा आज आपने हमारे भीतर छुपे दर को समाप्त कर हमें एक बेहतर उम्मीद दी है उसके लिया आपका शुक्रिया योद्धा

असुरगुरु .....पुत्र काल तुम्हारे विचार उत्तम है नारी जाती के लिया जरूर तुम्हारे गुरु ने तुम्हे उस शिखा दी है

सूर्य ..........मेरे लिया मेरे गुरु तो आप भी है भले हे आप असुरगुरु है किन्तु इस से आपका स्थान गुरुदेव से ज्यादा नहीं तो मेरी नजरो में काम भी नहीं हो सकता है

आप असुरगुरु है तो आपका दायित्व असुरलोक के पार्टी है वही किसी अन्यलोक के गुरु का दायित्व उस लोक के लिया फिर आपका स्थान आवर सामान अन्य गुरु से काम कैसे हो सकता है

असुरगुरु ......उत्तम अति उत्तम पुत्र कल तुम्हारी वाणी में जो प्रेम आवर सामान हमारे लिया है हम उस प्रेम आवर सामान से बहुत प्रश्न हुए पुत्र

मानगो जो तुम्हारी इच्छा हो हम तुम्हे वचन देते है पुत्र

सूर्य ......ऐसा वचन न दे गुरुवार जिस से आप अपने पढ़ आवर अपने लोक के साथ अन्याय कर बैठे

असुरगुरु .....हमें किसी को इतनी सिगरा वचन नहीं देते पुत्र किन्तु तुम्हारे लिया साथ हे हमारे मुख से वचन निकल गया सायद यही महादेव की इच्छा हो हम वचन दे चुके है पुत्र अब हम पीछे नहीं हैट सकते वचन में बंद चुके है

सूर्य ......उचित है गुरुवार हम आपके वचन का मान रखेंगे गुरुवार भविष्य में जब हमें लगेगा तब उचित

समय पे हम आपसे अपनी इच्छा अनुसार वचन मांग आपको वचन मुक्त अवश्य करेंगे

असुरगुरु .....हमें उस समय का इन्तजार रहेगा पुत्र काल

सूर्य .......क्षमा करे गुरुवार किन्तु आप इस तरह असुरलोक से परतविलोक कैसे वो भी अपनी पुत्री के साथ इस बियावान जंगल में इन खंडहरों में

असुरगुरु .......पुत्र काल हमें तुम्हारी सहायता चाइये तुम एक दिव्या आत्मा हो आवर तुम हे हमारी सहायता कर सकते हो

सूर्य ......मुझसे जो बन पड़ेगा मैं अवश्य करूँगा गुरुवार आप आदेश करे

असुरगुरु ......पुत्री मानसी को सुरक्षित रखने के लिया हम असुरलोक से यहाँ आये है

सूर्य .....क्या मतलब गुरुवार आपके होते हुए असुरलोक में आपकी पुत्री को भला की से खतरा

असुरगुरु से कुछ भी कहते न बन पाया असुरगुरु को चुप देख मानसी ने हे बोलना सुरु किया

मानसी .....हम बताते है हमें उस डस्ट पापी असुरराज नरकासुर से खतरा है उस डस्ट ने वर्षो पुरवा हमारी माता श्री का अंत किया था अब वो लौट आया है तो बाबा को लगता है की वो हमें हानि जरूर पहुचाइए इस लिया बाबा हमें ले कर यहाँ परतविलोक आ गए ताकि वह हम तक न पहुंच पाए

( सूर्य .....इसका मतलब नरकासुर आज़ाद हो चूका है वो जल्दी हे मुज तक पहुंचने का प्रयाश करेगा मुझे कुछ ऐसा कर्जा होगा जिस से असुरलोक की हर खबर मुज तक पहुँचती रहे आवर इसमें मेरी सहायता असुरगुरु हे कर सकते है )

असुरगुरु .......क्या हुआ पुत्र किस विचार में खो गए

सूर्य ......यही सोच रहा हूँ गुरुवार की असुरराज नरकासुर आपकी पुत्री को यहाँ परतविलोक में भी तो खोज सकता है

असुरगुरु ........यही तो मुख्या कारन है जिसका हमें दर है किन्तु इसका एक मार्ग है

सूर्य ......जनता हूँ गुरुवार आवर उसमे मैं आपकी पुत्री की पूरी सहायता करूँगा उन्हें सुरक्षित रहने में किन्तुबूसके लिया आपको भी मेरे सहायता करनी होगी

असुरगुरु ......हम समजे नहीं पुत्र तुम कैसे हमारी सहायता कर सकते हो आवर तुम हमसे क्या सहायता चाहते हो

सूर्य ......गुरुवार मैं नहीं मेरे गुरुदेव आपकी पुत्री को वो कवच प्रदान करेंगे जिस से आप की पुत्री को असुरराज नरकासुर की पहुंच स दूर रखने में शतक सिद्ध होगा

असुरगुरु ......उत्तम उपास्य है पुत्र तुम्हे क्या सहायता चाइये

सूर्य ......आपको वापिस असुरलोक जाना होगा आवर वह के हर उस षड्यंत्र की जानकारी मुझे पहुचानी होगी जिस से परतविलोक या आपकी पुत्री पे किसी तरह खतरा आये

असुरगुरु ......ये संभव नहीं है पुत्र

सूर्य ......संभव है गुरुवार आवर ऐसा करने के पीछे का कारन यही है की आपकी पुत्री को मैं अपने परिवार में पुरे मान सामान के साथ सुरक्षित रखूँगा बदले में आपकी पुत्री मेरी या मुझसे बूढ़े किसी भी अन्य व्यक्ति का परिचय अपने तक हे सिमित रखेगी उनकी गोपनीयता आपकी पुत्री आपसे भी संजा न करे क्युकी मेरा भी परिवार है जिसने मैं खतरे में नहीं दाल सकता हूँ गुरुवार

मानसी ......हम वचन देते है आपकी इच्छा के बिना हम आप या आपसे जुड़ने किसी की इंसान या अन्य की गोपनीयता बाबा से भी गोपनीय रखेंगे

आज असुरगुरु केवल मुखदर्शक बने हुए थे जैसे आज स्वयं माँ सरश्वती ने उनकी बूढी को हर लिया हो

asurguru.......uchit है पुत्र कल हमें तुम्हारा प्रस्ताव सवीकार है हम पुत्री मानसी को सुरलषित रखने हेते आपकी ये सरत भी मानते है किन्तु .......

सूर्य ......किन्तु क्या गुरुवार

असुरगुरु ......तुम तक सन्देश पहुंचने के लिया हमें कोई सुरक्षित मार्ग होना चाइये अनूठा असुरराज नरकासुर के गुप्तचर सिगरा हे उस तक पहुंच सकते है या तुम्हे सूचना पहुंचने में विलम्भ हो सकता है

सूर्य .......उसका तो कोई आप हे उत्तम आवर सटीक मार्ग बता सकते है

असुरगुरु ......एक एक मार्ग है रकत सन्देश पत्र

सूर्य .......जरा विस्तार से बताये गुरुवार हम इसके विषय में नहीं जानते है

असुरगुरु .......प्राचीन कल में इस विधि का प्रयोग किया जाता था जिस से जिसे सिगरा बिना समय के प्रभाव में आये सन्देश पहुंचना होता था उस के रकत आवर जो पंहुचा रहा है उस के ताकत के मिश्रण से एक ऐसे पत्र को असुर विद्या से त्यार किया जाता था जिस से कोई अन्य उस सन्देश पत्र के विषय में जान नहीं सकता था केवल जजिसके रकत से उस पत्र का निर्माण होता है वही उस परता का परोग कर सन्देश भेटे थे बिना समय के प्रभाव में आये

सूर्य .......ये तो बहुत हे उत्तम आवर सटीक मार्ग सूचना पहुंचने का

असुरगुरु .......हमें उस रकत पत्र के लिया तुम्हारे सरीर से एक बांड ताकत चाइये आवर निश्चित रहो पुत्र मैं उतने हे रकत की मांग कर रहा जितना उस विधि में प्रयोग होगा

सूर्य .......जी गुरुवार जैसे आपकी आज्ञा

सूर्य अपने हाथ के अंगूठे पे छोटा सा कट मर कर असुरगुरु द्वारा दी सीसी में एक बांड ताकत दाल के असुर गुरुब को दे देता है

इन सब से चर्चा करते हुए सूर्य को काफी समय हो गया था

असुरगुरु .......पुत्र पुत्री मानसी तुम्हारे संरक्षण में है उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी अब तुम पे है अब मैं असुरलोक के लिया परस्थान करता हूँ

सूर्य ......आप निचिंत रहे गुरुवार आपकी पुत्री मानसी जी को कुछ नहीं होगा

मंशी अपने बाबा से गले मिल उन्हें विदा करती है सूर्य असुरगुरु को परनाम कर मानसी को साथ ले सकती आवर वयोम के पास पंहुचा विक्रम को यही बेहोशी में छोड़ कर

सूर्य ......सकती आप ठीक है न

सकती ......मैं ठीक हूँ सूर्य तुम्हारे साथ ये कोण है

सूर्य .....बाद में बताऊंगा वयोम इस कलां को लड़की बना कर ुशी कोठे पे पंहुचा दो जहा इसने न जाने कितनी लड़कियों को बेचा था इसे सब कुछ याद रहे पैर ये किसी को बता न पाए की ये कलां नाम का मर्द हुआ करता था

वयोम .......इसे ऐसी सजा दे कर मुझे ख़ुशी होगी

वयोम के चुटकी बजाते हे कलां एक 18 साल की खूबसूरत लड़की में बदल गया

जिसे देख मानसी कभी उस लड़की को देखती कभी वयोम को

सूर्य ......उसे उसके स्थान इ पंहुचा दो आवर सकती तुम्हे गुरुदेव को परतविलोक लाना होगा

सकती .....ठीक है सूर्य मैं अभी जा रहा वही मिलता हूँ तुमसे

सकती वह से परीलोक के लिया गायब हो गया

वयोम कलां को काली बना कर चंपा रानी के कोठे पे पंहुचा सूर्य मानसी को ले श्रीनगर पहुंच गया

जहा उसने वयोम को समजा कर मानसी को उसके साथ भेज दिया

आवर खुद 5 बजे जा कर बीएड पे लेता लेटने के साथ हे सूर्य की आँख लग गई ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .............

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..............

दोस्तों दो अपडेट एक साथ हे दे दिया हूँ ..
 
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