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दिव्या के घर से निकल क्र मई सीधा अपने घर गया वह स्नेहा और रम्भा मेरा hi इंतजार क्र रही थी मई जेक फ्रेश हुआ और हम साथ में खाना खा क्र सो गए.
अगले दिन रोज की तरह मई गार्डन पंहुचा वह पर दिव्या नहीं आयी हुई थी इसलिए मई गार्डन में रनिंग करने लगा कुछ देर में दिव्या भी वह आ गयी मई उसे गुड मॉर्निंग बेबी कहा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया.
मई जान गया की ये नाराज है मैंने अपनी रनिंग ख़तम की और वो जिस बेंच पर बैठी हुई थी मई भी जा क्र व्ही बैठ गया .
मई : अभी भी नाराज हो .
पर दिव्या ने कोई जवाब नहीं दिया.
मई : अच्छा सॉरी बाबा अब से हर बात मई तुम्हे बताउगा कोई भी बात नहीं छुपाऊंगा ok.
दिव्या ने मेरी तरफ देखा मगर कोई जवाब नहीं दिया.
अच्छा ठीक है मेरे साथ चलो मई आज तुम्हे पूरा मेरे बारे में बताउगा उसके बाद तुम्हारा जो भी फैसल होगा मुझे मंजूर है .
ये बोल क्र मई गार्डन के सुनसान एरिया जहा पर बहुत काम hi लोग जाते थे उधर जाने लगा दिव्या कुछ देर सोचती रही फिर वो भी धीरे से उठ क्र मेरे पीछे आने लगी.
एक कोने में जाकर मई दिव्या को अपने साथ उदा क्र एक सुनसान घाटी में ले आया .
मई : दिव्या एक बात मई तुम्हे बता दू यह पर जो भी तुम देखोगी सुनोगी उसे अपने तक hi सिमित रखना.
फिर मैंने अपना शर्ट निकल दिया और शेर सिंह को यद् किया, शेर सिंह टैटू से बहार निकल आया जिसे देख क्र एक पल के लिए दिव्या दर भी गयी तब मैंने उसे संत करवाया.
मई : डरो नहीं दिव्या ये है शेर सिंह जी और ये hi तुम्हे मेरे बारे में बताएँगे.
फिर शेर सिंह ने दिव्या को मेरे जन्म से लेकर नील प्लेनेट और मेरी सक्तियो के बारे में बताया ये भी बताया की हर सकती को पाने के लिए मुझे विवाह करना होता है जितनी अभिक पत्नी उतना hi फायदा मुझे सकती पाने के लिए होता है.
मई : तो मई तुम्हे बता दू मेरी अभी से 6 पत्नी है और आगे और भी बन सकती है इसके आलावा मेरे कई स्त्रियों के साथ सम्बन्ध है अब आगे तुम्हारी मर्जी .
शेर सिंह: देखो बेटी टाइगर कोई साधारण पुरुष नहीं वो एक रक्छक है जो ब्रम्हांड को बचने के लिए पैदा हुआ है और जो भी इस से जुड़ेगा उसकी भी भागीदारी होगी ब्रम्हांड को बचने में .
दिव्या : मैंने तो पहले hi कह दिया था की अब तो मेरी जान जाने के बाद hi मई तुम से जुड़ा होउंगी मई तो बीएस थोड़ी सी नाराज थी और कुछ नहीं चलो अच्छा हुआ तुम ने मुझे सब कुछ बता दिया अब ये भी बता दो की वो कोण कोण है जो तुम्हारी पत्नी बन चुकी है.
मई: ठीक है ये भी जानलो
मई :जब तुम चाहो अभी बोलोगी तो अभी मंडी में शादी क्र लेंगे.
दिव्या: नहीं उसकी कोई जरुरत नहीं है जब ऊपर वाले की इच्छा होगी तब क्र लेंगे shadi,ab चलो चलते है तुम्हे कॉलेज भी जाना है.
फिर शेर सिंह वापस मेरे पीठ में टैटू बन गए और मई दिव्या को उसके घर के पास उतर क्र वापस अपने घर चला गया ऐसे hi कुछ दिन निकल गए.
इधर शेठ धनराज का p.a उसको मेरे बारे में जो जानकारी हासिल की थी उसके बारे में बताता है .
प् : सर उस लड़के का नाम टाइगर है और...
धनराज: kya..kya बोलै ,क्या है उस लड़के का नाम.
प्: सर टाइगर.
धनराज: ये नाम कहि तो सुना है मैंने पर याद नहीं आ रहा, ठीक है आगे बताओ.
प् : सर ये कही बहार से यह पढाई करने आया है ये यह पर अपनी बुआ के पास रहता था लेकिन अब एक किराये के माकन में रहता है साथ में दो लड़किया भी है, ये नीलम और दीपिका बिटिया के कॉलेज में hi पढाई क्र रहा है और सर ये दिव्या बिटिया से हमेसा मिलता है और सर ये कितने आगे जा चुके है ये पता नहीं.
धनराज :दो टके का लोंदा डायमंड किंग के दमांद बनने के सपने देख रहा है दुनिया से hi गायब क्र दो उसे.
प्: hi सर हो जायेगा.
दिव्या के घर से निकल क्र मई सीधा अपने घर गया वह स्नेहा और रम्भा मेरा hi इंतजार क्र रही थी मई जेक फ्रेश हुआ और हम साथ में खाना खा क्र सो गए.
अगले दिन रोज की तरह मई गार्डन पंहुचा वह पर दिव्या नहीं आयी हुई थी इसलिए मई गार्डन में रनिंग करने लगा कुछ देर में दिव्या भी वह आ गयी मई उसे गुड मॉर्निंग बेबी कहा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया.
मई जान गया की ये नाराज है मैंने अपनी रनिंग ख़तम की और वो जिस बेंच पर बैठी हुई थी मई भी जा क्र व्ही बैठ गया .
मई : अभी भी नाराज हो .
पर दिव्या ने कोई जवाब नहीं दिया.
मई : अच्छा सॉरी बाबा अब से हर बात मई तुम्हे बताउगा कोई भी बात नहीं छुपाऊंगा ok.
दिव्या ने मेरी तरफ देखा मगर कोई जवाब नहीं दिया.
अच्छा ठीक है मेरे साथ चलो मई आज तुम्हे पूरा मेरे बारे में बताउगा उसके बाद तुम्हारा जो भी फैसल होगा मुझे मंजूर है .
ये बोल क्र मई गार्डन के सुनसान एरिया जहा पर बहुत काम hi लोग जाते थे उधर जाने लगा दिव्या कुछ देर सोचती रही फिर वो भी धीरे से उठ क्र मेरे पीछे आने लगी.
एक कोने में जाकर मई दिव्या को अपने साथ उदा क्र एक सुनसान घाटी में ले आया .
मई : दिव्या एक बात मई तुम्हे बता दू यह पर जो भी तुम देखोगी सुनोगी उसे अपने तक hi सिमित रखना.
फिर मैंने अपना शर्ट निकल दिया और शेर सिंह को यद् किया, शेर सिंह टैटू से बहार निकल आया जिसे देख क्र एक पल के लिए दिव्या दर भी गयी तब मैंने उसे संत करवाया.
मई : डरो नहीं दिव्या ये है शेर सिंह जी और ये hi तुम्हे मेरे बारे में बताएँगे.
फिर शेर सिंह ने दिव्या को मेरे जन्म से लेकर नील प्लेनेट और मेरी सक्तियो के बारे में बताया ये भी बताया की हर सकती को पाने के लिए मुझे विवाह करना होता है जितनी अभिक पत्नी उतना hi फायदा मुझे सकती पाने के लिए होता है.
मई : तो मई तुम्हे बता दू मेरी अभी से 6 पत्नी है और आगे और भी बन सकती है इसके आलावा मेरे कई स्त्रियों के साथ सम्बन्ध है अब आगे तुम्हारी मर्जी .
शेर सिंह: देखो बेटी टाइगर कोई साधारण पुरुष नहीं वो एक रक्छक है जो ब्रम्हांड को बचने के लिए पैदा हुआ है और जो भी इस से जुड़ेगा उसकी भी भागीदारी होगी ब्रम्हांड को बचने में .
दिव्या : मैंने तो पहले hi कह दिया था की अब तो मेरी जान जाने के बाद hi मई तुम से जुड़ा होउंगी मई तो बीएस थोड़ी सी नाराज थी और कुछ नहीं चलो अच्छा हुआ तुम ने मुझे सब कुछ बता दिया अब ये भी बता दो की वो कोण कोण है जो तुम्हारी पत्नी बन चुकी है.
मई: ठीक है ये भी जानलो
- समिति
- सीतल
- नीलम
- दीपिका
- स्नेहा
- रम्भा
मई :जब तुम चाहो अभी बोलोगी तो अभी मंडी में शादी क्र लेंगे.
दिव्या: नहीं उसकी कोई जरुरत नहीं है जब ऊपर वाले की इच्छा होगी तब क्र लेंगे shadi,ab चलो चलते है तुम्हे कॉलेज भी जाना है.
फिर शेर सिंह वापस मेरे पीठ में टैटू बन गए और मई दिव्या को उसके घर के पास उतर क्र वापस अपने घर चला गया ऐसे hi कुछ दिन निकल गए.
इधर शेठ धनराज का p.a उसको मेरे बारे में जो जानकारी हासिल की थी उसके बारे में बताता है .
प् : सर उस लड़के का नाम टाइगर है और...
धनराज: kya..kya बोलै ,क्या है उस लड़के का नाम.
प्: सर टाइगर.
धनराज: ये नाम कहि तो सुना है मैंने पर याद नहीं आ रहा, ठीक है आगे बताओ.
प् : सर ये कही बहार से यह पढाई करने आया है ये यह पर अपनी बुआ के पास रहता था लेकिन अब एक किराये के माकन में रहता है साथ में दो लड़किया भी है, ये नीलम और दीपिका बिटिया के कॉलेज में hi पढाई क्र रहा है और सर ये दिव्या बिटिया से हमेसा मिलता है और सर ये कितने आगे जा चुके है ये पता नहीं.
धनराज :दो टके का लोंदा डायमंड किंग के दमांद बनने के सपने देख रहा है दुनिया से hi गायब क्र दो उसे.
प्: hi सर हो जायेगा.