Incest Dil ka raja ( incest magic adultery ) - Page 21 - SexBaba
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Incest Dil ka raja ( incest magic adultery )

अपडेट. 166

सूर्य .....जूलिया अपने पेअर साइड में करना जरा

जूलिया सूर्य की बात सुन अपने पेअर वह से हटती है तो वह एक हॉल बना हुआ था

सूर्य........ स्वीटी इस चाबी को यहाँ पे इस हॉल में लगाओ मुझे यही इस पड़ाव का द्वार लगता है

किरण सूर्य के कहे अनुसार वैसा हे करती है

जैसे हे किरण उस हॉल में वो लकड़ीनुमा चाबी लगाती है

ठीक तभी वह को जमीं ( बर्फ ) गायब हो जाती है आवर सूर्य किरण मानसी जूलिया चारो उस चक्र में स्थान पे बने अँधेरे अननत गहरे कुए में गिरने लगते है जहा इतना घाना अंदर था की आँखों के सामने किये हाथ की ऊँगली तक नहीं दिखाई दे रही थे

वह उस अँधेरे में कुछ हो रहा था तो वो थी जूलिया किरण मानसी की दर के मरे चलती हुए चीखने की आवाजे ..............

अब आगे ...........

सूर्य मानसी किरण जूलिया चारो बहुत तेजी के साथ उस अंदर कुए में गिरने लगते है

मनो इसका कोई अंत हे न हो

सूर्य के अलावा तीनो लड़किया दर के मरे चीला रही थी

काफी देर ऐसे निचे उस कुए में गिरने के बाद अचानक के उनका सरीर निचे गिरते हुए बहुत हल्का हल्का लगने लगता है

जैसे इनका इनका सरीर अचानक से भर हीं हो गया हो

सूर्य .......चिलाना बंद करो हम लोगो को कुछ नहीं होगा निचे देखो हम लोग पहुंच चुके है

सूर्य अपने अग्नि तत्वा का प्रयोग करते हुए अपने हाथ पे अग्नि उत्पन करता है






सूर्य .......तुम सब ठीक तो हो न किसी को कोई चौथ तो नहीं आई

सूर्य द्वारा की गई रौशनी से उस जगह पर्याप्त रौशनी हो गई जिस से चारो एक दूसरे को देख प् रहे थे

तीनो लड़कियों के चेहरे से हे पता चल रहा था की वो कितनी दरी हुई है

किरण आगे भाड़ सूर्य के गले लग जाती है

किरण .......आपको पता है मैं कितना दर गई थे

सूर्य ......क्या स्वीटी इतने से बात स दर गई आवर तुम दोनों वह क्यों कड़ी हो ीदार आओ

सूर्य की बाद सुन जुलता आवर मानसी भी आ कर के सूर्य से गले मिलती है

सूर्य ....संभल कर कही तुम तीनो मेरी हडियो का चुरा न बना देना हाहाहाहा

किरण सूर्य की बात सुन कर हस्ते हुए प्यार से सूर्य के सीने पे मुक्के मरने लगती है

किरण .....आप बहुत बुरे हो

सूर्य ......है पता है मैं बहुत बुरा हूँ अब चलो यहाँ से बहार निकलने का रास्ता ढूंढ़ते है

किरण ......कुछ देर रुको न ऐसे हे

किरण की बात सुन सूर्य वही खड़ा रहता है

तीनो लड़किया जोंक के जैसे सूर्य के सरीर से चिपकी हुई थी

कुछ देर गुजारने के बाद सूर्य ने तीनो को अलग किया

किरण मानसी के होंटो पे हल्का सा किश कर आगे भद्दा तो

किरण ......जूलिया तुम कहा खो गई तुम्हे भी किश करना है क्या

जूलिया .....नहीं नहीं मुझे ये सब नहीं करना है

किरण ......फिर इतना शर्मा क्यों रही थे हमें देख कर

सूर्य .....स्वीटी अभ मज़ाक बहुत हो गया चलो चलते है यहाँ से

किरण सूर्य मानसी जूलिया चारो एक दूसरे का हाथ पकड़ उस अंदर में सूर्य द्वारा की रौशनी के शेयर वह से निकलने का राष्ट्र ढूंढ़ने लगते है

कुछ देर की म्हणत के बाद उन्हें दूर हलकी से रौशनी दिखाई देती है

जूलिया .....वो देखो सूर्य उस तरफ हलकी रौशनी दिखाई दे रही है अंदर में भी

सूर्य .....है मैंने देख लिया है हम उस तरफ हे भाड़ रहे है

जैसे जैसे वो लोग आगे भाड़ रहे थे वैसे वैसे वो रौशनी आदिक होती जा रही थी आवर उसका आकर भी भाड़ रहा था

किरण .......सूर्य ये तो बहार निकलने का रास्ता है

सूर्य .....है स्वीटी लगता है यही से हमारा अगला पड़ाव सुरु होने वाला है है

सूर्य किरण मानसी जूलिया चारो उस रौशनी के पास पहुंचे तो वो कोई रौशनी नहीं थी बल्कि वो बहार जाने का रास्ता था जिस से बहार की रौशनी अंदर आ रही थी

सूर्य जैसे हे बहार निकलता है उसके सरीर पे भरी भरी सर्दी वाले कपडे आ जाते है

बाकि तीनो के साथ भी यही होता है

किरण .....भाई ये तो कोई सिटी लगता है






सूर्य ......है स्वीटी ये तो आइस सिटी लगती है देखो चारो तरफ आइस हे आइस है जैसे ये सिटी आइस से बानी हो

जूलिया .....कितनी खूबसूरत सिटी है ये तो जैसे हम किसी खूबसूरत लोक में आ गए हो तिलिस्म इतना खूबसूरत भी हो सकता है क्या कभी सोचा नहीं था

सूर्य .....ज्यादा खुश होने की जरुरत नहीं है जूलिया अगर ये सिटी है तो यहाँ पे लोग भी जरूर होंगे आवर उनसे खतरा भी हो सकता है अब तक के 2 पड़ाव में हमारा सामना केवल अग्नेश से हुआ है बाकि किसी नहीं पैर ये पूरा सहर है यहाँ पता नहीं कोण कोण है

किरण ......मतलब यहाँ पहले के मुकाबले ज्यादा खतरा होगा

सूर्य ......कुछ कह नहीं सकते स्वीटी पैर सावधानी रखने पे हमारे सुरक्षित रहने के चांस ज्यादा है

हमें आगे भड़ना चाइये यहाँ खड़े रहने से कुछ नहीं होगा

सूर्य चारो को अपने साथ ले आगे भढने लगता है

वही किरण को यहाँ इस पड़ाव पे कुछ जनि पहचानी ऊर्जा का अहसास होने लगता है पैर वह उसे यहाँ भरम समाज कर ताल देती है

कुछ देर चलने पे भी इन चारो की भेट किसी से नहीं होती है न कोई इंसान न कोई जिव जंतु

सूर्य .....बड़ी अजीब बात है इतनी बड़ी सिटी है फिर भी यहाँ एक इंसाने तो छोड़ो एक मचार तक नजर नहीं आ रहा

जूलिया .......ये जगह जितनी खूबसूरत है उतनी वीरान आवर डरावनी भी

किरण ........तुम्हे अभी भी ये जगह खूबसूरत लग रही है

सूर्य .....िस्स्सस्स्स्स लगता है कोई ीदार आ रहा है हमें चुप जाना चाइये

सूर्य की बात सुन तीनो चुप हो जाती है सूर्य उन्हें ले कर के एक दिवार के पीछे चुप जाता है

कुछ देर बाद एक कुछ इंसान आवर लड़किया उनकी तरफ हे आते हुए नजर आते है जिनके वस्त्र सफ़ेद आवर उनके बॉल भी






वो सभी 15 ,20 लोग सूर्य मानसी जूलिया किरण को क्रॉस करते हुए कुछ बड़बड़ाते हुए आगे भध जाते है

उनके कुछ आगे निकल जाने के बाद

सूर्य .....हमें चिपटे हुए इनका पीछा करना होगा की ये लोग कोण है आवर कहा जा रहे है

इनके पीछे करने पैर हे हमें यहाँ के बारी में पता चल सकता है

मानसी .......ये दिखने में इतने अजीब क्यों है

सूर्य ......पता नहीं अभी तो ये भी पता नहीं की ये सब कुछ सच भी है या फिर ये भी एक भरम जाल है इस तिलिस्म का

चारो चिपटे हुए उनसे दुरी बनाते हुए उन सबका पीछा करना सुरु कर देते है

कुछ देर बाद सब एक आइस महल के भीतर चले जाते है

जो दिखने में किसी रॉयल पैलेस लग रहा था जो पूरी तरह आइस से बना हुआ था

जूलिया ......ये लोग तो महल के अंदर चले गए अब हमें क्या कर्जा चाइये

सूर्य ......हम भी इनके पीछे इस महल में चलते है सबसे छुपते हुए

कुछ भी हो जाये हम सबको एक साथ हे रहना है ताकि किसी भी प्रॉब्लम से हम निपट सके

किरण .....भाई मैंने आपसे एक बात चौपाई है पहले मुझे लगा ये मेरे मन का वहां होगा पैर अब मुझे लग रहा है ये कोई वहां नहीं है

सूर्य .......ऐसा क्या है स्वीटी

किरण ......जब हम यहाँ इस पड़ाव पे पहुंचे थे उस गुफा से बहार तभी मुझे यहाँ कुछ जनि पहचानी ऊर्जा मह्सुश हुई जैसे वो ऊर्जा मुझे अपने पास खींच रही हो अपने पास बुला रही हो पैर मुझे लगा ये मेरे मन का भरम होगा

पैर अभी यहाँ इस महल से मुझे वही ऊर्जा मह्सुश हो रही है

सूर्य .......फिर तो हमारा अंदर जाना आवर भी जरुरी है क्या पता वही इस तिलिस्म का छुपा हुआ राज़ हो

सूर्य के आगे भड़ते हे किरण मानसी जूलिया भी सूर्य के पीछे पीछे सतर्कता से आगे भढने लगती है






महल के भीतर जाने के बाद

जूलिया ......ये क्या वो सब लोग कहा चले गए अभी अभी तो अंदर आये थे

इतनी जल्दी गायब भी हो गए

सूर्य .....इस्स्स्सस्स तुम कुछ पल चुप रहोगी तो पता चल जायेगा

सूर्य अपनी आँखे बंद कर अपने कानो पे गौर करता है तो उसे बहुत दिमि आवाज महल के एक तरफ से आती हुई सुनाई दे रही थे

किरण ......क्या हुआ सूर्य

सूर्य .....वो लोग यही है चलो मेरे साथ

अभी लोग आगे भाड़े हे थे की अचानक से कुछ लोग पता नहीं कहा से निकल कर इन सब को घेर लेते है

उनमे से एक आदमी आगे आ कर सूर्य के सीने पे अपनी सोर्ड की नॉक रख देता है






आदमी 1 .......कोण हो तुम लोग आवर यहाँ ड्रैगन प्लेस में गुस्पेट करने की हिमत कैसे हुई तुम्हारी

सूर्य के सीने पे राखी सोर्ड को देख किरण आगे भेदने की कोशिश करती है पैर सूर्य अपनी गर्दन हिला कर उसे ऐसा करने रोक देता है

( सूर्य ......स्वीटी कुछ भी करने की जरुरत नहीं है जब ताज हमें यहाँ किसी तरह का खतरा न हो जैसा ये कहेंगे हम वही करेंगे

किरण ......पैर भाई इसने आपके ऊपर तलवार राखी हुई है

सूर्य .......तुम जानती हो इस सोर्ड से मुझे कोई हानि नहीं पहुंच सकती है

किरण .....ठीक है भाई )

सूर्य ......देखिये हम नहीं जानते थे को ये ड्रैगन प्लेस है हम मुसाफिर है गलती से यहाँ पहुंच गए हमें तो ये भी पता नहीं की स्थान कोनसा है कोनसी जगह हम आ पहुंचे है

आदमी .....तुम असत्य कह रहे हो मानव

सूर्य ......जी मैं असत्य नहीं कह रहा हूँ अगर आपको लगता है की हम असत्य कह रहे है तो आप अपनी तरफ से पता कर लीजिये

आदमी 1......इन सब को किंग के सामने पेश किया जाये अब वही इनको गुस्पेट करने के लिया दंड देंगे

आदमी 1 के आदेश पे चारो को सोर्ड के इसरा पे दिशा की आवर ले कर चल देते है

जूलिया ......ये हम कहा फर्श गए अब तो मरना पका है

सूर्य ...........अगर ऐसे हे डर्टी रहोगी तो इनके मरने से पहले हे तुम मरी जाओगी अपने हे दर से

ड्रैगन राइडर्स से ड्रैगन मास्टर बन चुकी हो फिर भी अपने दर को काबू में नहीं कर पायी हो तुम

जूलिया ......दर से ड्रैगन मास्टर होने का क्या तलूक है

आदमी 1......चुप चाप चलो वर्ण तुम चारो को यही मर दिया जायेगा

आदमी 1 की बात सुन जूलिया सूर्य के बाजु पकड़ कर उस से चिपक कर चलने लगती है

सूर्य का बाजु जूलिया की ठोस ुनात चुकी से बार बार रगड़ खा रहा था जिसका असर भी सूर्य का सरीर मह्सुश कर प् रहा था

वही जूलिया के साथ भी ऐसा हे कुछ पहले बार हुआ था अब उसे दर की जगह सूर्य से इस तरह चिपकना अच्छा लग रहा था

पैर जूलिया का मज़ा जल्द हे किरकिरा होगा गया जब आदमी 1 उन सब को सभा में ले कर गया जहा काफी संख्या में लोग मौजूद थे

आदमी 1 ......चारो अपने गुथनो पे आ जाओ आवर किंग आवर क्वीन को सलाम करो






आदमी 1 का इसरा सामने खड़े पुरुष वह महिला से था

जो दिखने में किंग आवर क्वीन लग रहे थे

सूर्य .......जिनका अस्तित्व हे नहीं उन्हें मैं क्यों परनाम कृ

तुम सब तो कब के मर चुके हो पैर तुम्हारे करम हे ऐसे है की मरने के बाद भी तुम सब आत्मा बन कर भटक रहे हो

सूर्य की बात सुन वह मौजूद सभी चौंक जाते है जुलता वह मानसी भी

आदमी 1 गुस्से में आग बबूला हो सूर्य पे अपनी सोर्ड से वॉर करता है

जिसको किरण बिच में आ कर अपने सरीर पे ले लेती है

आदमी 1 की सोर्ड किरण के कपड़ो को टच होते हे किसी सीसे जैसे चकना चूर हो जाती है

तभी वह उस सभा में एक लड़का आता है

जो दिखने में थोड़ा विचरता था

विचित्र इस लिया की उसकी एक आँख किसी तरह के दतु से छुपी हुई थी






लड़के को देखते हे सब उनसे जुख कर सलाम पेश करते है सिवाय इन चारो को छोड़ कर

लड़का ....आप चारो का ड्रैगन प्लेस में स्वागत है

आखिर आप चारो यहाँ पहुंच हे गए

सूर्य .......आप कोण है हम नहीं जानते है यहाँ गलती से आ गए है

लड़का .......आप सब गलती से नहीं आये है हजारो सालो से हम सब आपका हे इन्तजार कर रहे थे

सूर्य....... आप हमारा हजारो सालो से इंतजार कर रहे है हाहाहाहा

अच्छा मजाक कर लेते है आप आप जानते हे क्या है हमारे बारे में

लड़का ......सब कुछ तो नहीं पैर जितना जरुरी है उतना मैं जनता हूँ आपके बारे में

सूर्य ........तो फिर ये भी पता होगा की हम यहाँ क्यों है हमारे यहाँ आने की वजह भी जानते हे होंगे

लड़का ......पहले मैं आप सब से माफी मांगता हु आप सब को यहाँ जिस तरह से लाया गया उसके लिया मैं हूँ ..नियों ..

आवर ये है यहाँ की किंग आवर ये क्वीन है

सूर्य .......मैं हूँ सूर्य ठाकुर आवर ये दोनी मेरी मंगेतर है आवर ये मेरी दोस्त जूलिया

नियों ..........सेनापति वेंग इन सभी से माफी अपने किये गलत वर्ताव के लिया क्षमा मांगिये

आदमी 1( वेंग ) .......पैर देवसूफ़ी

नियों .........ये हमारा आदेश है वेंग आप चारो से माफी मांगे

सूर्य ......माफ कीजिये इसकी कोई आव्सय्कता नहीं है

ये केवल अपना कार्य कर रहे थे किसी भी सेनापति का कार्य होता है अपने राज्य की अपने लोगो की सुरक्षा का ध्यान रखना वही इन्होने किया

नियों .........अब आपसे निवेदन है की आप अपना वास्तविक प्राच्या सभी को दे कर उनके हजारो सालो की पार्टीका का अंत कीजिये

सूर्य ......जी मैं कुछ समजा नहीं

नियों ......आप ये तो जान गए की हम सब के सरीर नस्ट हो चुके है

यहाँ आप चारो के अलावा सभी केवल आत्मा है जो की एक श्राप के कारन सरीर नस्ट होने के पश्चात भी हम सब इस जीवन चक्र से मुक्त नहीं हो पाए


सूर्य ......ऐसे हे किसी को श्रापित जीवन नहीं मिलता कुछ तो करम ऐसे किये होंगे आपने की आपको श्रापित जीवन जीना पढ़ रहा है

नियों चलते हे आइस से बने सिंघासन पे बेथ जाता है






नियों अपने हाथ के से कुछ इसरा करता है तो वह आइस के चार सिंघासन बन जाते है

नियों ........आप चारो आराम से आसान ग्रहण कीजिये हम आपको श्राप के विषय में सब कुछ बताते है

सूर्य मानसी किरण जूलिया चारो आइस सिंगसन पे बेथ जाते है

नियों ........बात आज से हजारो साल पहले की है जब हम नए नए देवसूफ़ी बने थे

किरण .....देवसूफ़ी मतलब

नियों .......देवसूफ़ी मतलब आपकी भाषा में गुरु .गुरुदेव

सूर्य ....मतलब आप यहाँ के गुरु है आपको देख कर लगता तो नहीं है

नियों .......ये सत्य है की हम यहाँ के अंतिम गुरु है क्युकी उस श्राप के कारन हम सभी के सरीर नस्ट हो गए जिस से हमारे समुदाय जनम आवर मृत्यु से मुक्त हो गया

अब अगर आप इजाजत दे तो मैं आपको इस श्राप से जुड़े सत्य आपको बताऊ

सूर्य .......जी जरूर

नियों ......बात उस समय की है जब हमने ये देवसफ्फी पढ़ गठन किया था उस समय हम सब ड्रैगन लोक में जुम्बा समुदाय के नाम से विख्यात थे पुरे ड्रैगन लोक में हमारे समुदाय से उत्तम कोई समुदाय नहीं था जो ड्रैगन को ट्रैंनिंग दे सके डेरी डेरी यही ख्याति हमारे जुम्बा समुदाय के पतन का कारन बानी समय के साथ हम में अहंकार आने लगा इस बात को ले कर हम आपस में हे लड़ने झगड़ने लगे की कोण सर्वश्रेठ ड्रैगन ट्रेनर है

देखते हे देखते हमारा जुम्बा समुदाय 2 भागो में बात गया पैर जो एक एक समुदाय सन्ति पिरया था वही दूसरा समुदाय विनाश परवर्ती का जैसे देव आवर दानव

यहाँ तक भी सब ठीक था दोनों समुदाय अलग अलग रहने लगे उनके बिच कभी कबर झगड़ा भी होता था आवर दोनों तरफ से इंसान मरे भी जाते

ऐसे हे काफी समय बोथ गया इस बिच हम ड्रैगन लोक से बहार चले गए

हमारे जाने के बाद ड्रैगन लोक में एक विचित्र घटना घाटी वो थी किसी ड्रैगन को गोल्डन ड्रैगन की सकती मिलना

गोल्डन ड्रैगन की सकती जिस ड्रैगन बचे को मिली वो हमारे समुदाय के उस माबिले के पास था जो सन्ति में यकीं रखता था

पैर जब इस बात का दूसरे कहिले को पता चला तो वो गोल्डन ड्रैगन पे अपने अदिकार जताने लगे पैर गोल्डन ड्रैगन एक दिव्या पवित्र सकती थी

जिसका जनम सच्चाई के लिया अच्छे के लिया हुआ था वो कैसे बुराई का समर्थन करती

बुरे जुम्बा समुदाय ने उसे अपने अदिकार में काटने के लिया बहुत से प्रयाश किये पैर हर प्रयाश में वो विफल रहे

तब उस समुदाय के मुखिया ने सन्ति पिरया जुम्बा समुदाय से एक संहिता किया आवर उसके तहत दोनों समुदाय फिर से एक हो कर साथ रहने लगे जहा किंग बुराई के जुम्बा समुदाय से है वही क्वीन सन्ति पिरया जुम्बा समुदाय से है

इस बात से बिलकुल अनजान की बुरे जुम्बा समुदाय के मुखिया के मन में पाप अपना घर कर चूका

हर पूर्णमासी की रात गोल्डन ड्रैगन अपने मैजिकल गोल्डन पोंड में गुजरता था जिस से वह जल पवित्र जल में बदल जाता उस से अगली सुबह हर जुम्बा वाशी उस जल में सनान करते जिस उन्हें सकती आवर ताकत के साथ उनको हमेशा जवान आवर खूबसूरत बनाये रखता था

पैर एक रात जब गोल्डन ड्रैगन अपनी सभी शक्तिया गोल्डन पोंड में प्रवाहित कर गाह्रो नींद में था तभी उस मुखिया ने गोल्डन ड्रैगन पे जादुई खंजर से वॉर कर दिया आवर उसका खून पीना चाहा पैर तब तक गोल्डन ड्रैगन जाग चूका था आवर उसने अपने क्रोध में उस मुखिया को जिन्दा हे जला दिया

तब भी गोल्डन ड्रैगन का गुस्सा संत नहीं हुआ तो उन्होंने सम्पूर्ण जुम्बा समुदाय को हे श्रापित कर दिया

जुम्बा समुदाय के बहुत विनती करने के बाद उन्होंने इस श्राप का तोड़ हमें बताया जो की हमारे लिया भी बहुत मुश्किल था हजारो सालो से हम उस मसीहा का इंतजार करते रहे जो हमें इस श्रापित जीवन से मुक्त कर सकते आज वो इंतजार ख़तम हुआ क्युकी वो मसीहा कोई आवर नहीं आप है वाइट ब्लैक गोल्डन ड्रैगन प्रिंस सूर्य शिव ठाकुर

सूर्य .......तो आप पूर्ण सत्य से परिचित है देवसूफ़ी

नियों .......है पैर पूर्ण सत्य से नहीं

किरण ......आपने इस श्राप का तोड़ नहीं बताया

नियों .......दो प्रजाति के मिलान से हे हम इस श्राप से मुक्त हो सकते है


किरण .......क्या मतलब आपके खेतान को सायद हे हम समाज पाए है

नियों ........आपको ये अजीब लगे पैर जूलिया की आपसे भेट होना पूर्व निर्धारित था क्युकी इस श्राप से हमें मुक्ति दिलाने वाली दूसरी प्रजाति की इंसान कोई आवर नहीं जूलिया है जिसका मिलान पूर्णमासी की मध्य रात्रि सूर्य से होना है

सूर्य ......क्या कहा आपने

किरण .....उन्होंने वही कहा जो आपने सुना नाटक करने की जरुरत नहीं है

सूर्य .....मैं कोई नाटक नहीं कर रहा हूँ स्वीटी

नियों ......यही सत्य है ड्रैगन प्रिंस सूर्य क्युकी आपमें तीनो ड्रैगन का अंश समाहित है आप आवर प्रिंसेस जूलिया के मिलान से उत्पन ऊर्जा हे हे उस मैजिकल पोंड को फिर से उसकी सकती लौटाएगी जिस में सनान करने से हमें मुक्ति मिलेगी

सूर्य ......मैं ऐसा नहीं कर सकता हूँ

नियों ......आप अपनी नियति से भाग नहीं सकते है यही कहते है न आपके देवसूफ़ी

क्युकी हमारी मुक्ति के लिया आपको चुना है नहीं तो हजारो सालो से ड्रैगन लोक में हम सब इस तिलिस्म में श्रापित जीवन जी रहे है जहा हजारो सालो से कोई भी परवश नहीं कर पाया वह आप चारो इतनी आसानी से कैसे पहुंच सकते है

किरण .......ये आप सबको मुक्त करेंगे पैर इसमें जूलिया की भी मर्जी होनी आवशयक है

जूलिया .......मैं इसके लिया त्यार हूँ

surya........kyaaaaaa .................

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..............

ी ऍम एक्सट्रेमेली सॉरी फॉर लेट अपडेट फ्रेंड्स ............
 
अपडेट. 167

सूर्य ......मैं ऐसा नहीं कर सकता हूँ

नियों ......आप अपनी नियति से भाग नहीं सकते है यही कहते है न आपके देवसूफ़ी

क्युकी हमारी मुक्ति के लिया आपको चुना है नहीं तो हजारो सालो से ड्रैगन लोक में हम सब इस तिलिस्म में श्रापित जीवन जी रहे है जहा हजारो सालो से कोई भी परवश नहीं कर पाया वह आप चारो इतनी आसानी से कैसे पहुंच सकते है

किरण .......ये आप सबको मुक्त करेंगे पैर इसमें जूलिया की भी मर्जी होनी आवशयक है

जूलिया .......मैं इसके लिया त्यार हूँ

surya........kyaaaaaa .................

अब आगे ........

सूर्य ........
जूलिया तुम जानती भी हो की तुम क्या कह रही हो मिलान का मतलब भी पता है

नियों ...... प्रिंसेस' जूलिया आपका निर्णय उचित है

आप सब क्या कहते है इस बारे में






वह मौजूद सभी आत्माये सूर्य से अपनी मुक्ति की गुहार लगाने लगती है

सूर्य ......मैं आप सभी की पीड़ा समाज रहा हूँ आवर आपकी मुक्ति का हर संभव प्रयाश भी करूंगा पर जो आप करने को कह रहे है वो उचित नहीं है

नियों .......इसमें अनुचित क्या है आप इसके लिया अपने जनम से पूर्व हे चुने जा चुके है फिर इस मिलान को आप अस्वीकार क्यों कर रहे है

सूर्य .......क्युकी ये मिलान मान्य हे नहीं होगा

नियों .......आपको ऐसा क्यों लगता है की आपका आवर प्रिंसेस जूलिया का मिलान मान्य नहीं होगा जभी आप दोनों वही है जिनके मिलान से हमें इस श्रापित जीवन से मुक्ति मिलेगी

सूर्य .......जिस मिलान में प्रेम न हो वो मिलान हो कर भी मिलान मान्य नहीं होगा उसमे केवल शारीरिक सुख या फिर आम सब्दो में कहु तो वह शारीरिक जरुरत होगी फिर आप हे बताओ क्या ऐसे मिलान से आप सब श्राप मुक्त हो पाएंगे

नियों .......आपकी सोच उचित है पैर आप प्रिंसेस जूलिया की मनोस्थिति से परिचित नहीं है वो आपकी प्रथम भेट से हे आपकी आवर प्रेम आसक्त है वो मन हे मन आपको हे अपना सर्वस्व मान चुकी है यकीं न हो तो खुद पूछ लीजिये

किरण ......जूलिया क्या ये सत्य है जो जियों जी कह रहे है तुम्हे जबरन की आव्सय्कता नहीं जो भी सत्य वो कह दो

जूलिया एक बार सूर्य की तरफ प्यार से देखती है आवर फिर अपनी गर्दन जुखा कर बोलना सुरु करती है

जूलिया ......है हम इनसे प्रेम करते है जब इन्होने हमारी आवर हमारे ड्रैगन की जान बचाई हम ुशी पल से इन्हे छानने लगे थे

पैर जब आप दोनों के विषय में पता चला आवर फिर आपने जो इनके प्रेमिकाओ के विषय में बताया तो हमने अपने कदम वही रोक लिए

हम आपके साथ इस सफर पे इस लिए हे आये थे की हम अपने मन में उपजे इनके लिए प्रेम को इनके सामने रख सके

साथ हे इनकी सहायता कर इनके साथ वक़्त बिताना हे हमारा उद्देश्य था

किरण ......फिर ये बात तुम्हे काम से काम हमें तो बतानी चाइये थे

जूलिया ......हम में इतना साहस नहीं था जो आपको अपने प्रेम के विषय में कह पते

नियों ......अब आप क्या कहते हो क्युकी मैं आपकी मनोस्थिति नहीं जान सकता इस लिया आपको हे अपने मन में छुपे सत्य को बताना होगा

सूर्य ......आप मेरे विषय में जानते है तो ये भी जानते होंगे की अगर मैंने जूलिया को स्वीकार किया तो इसका अंजाम क्या होगा

नियों .......हाहाहाहा जब आपकी प्रथम महारानी आपके साथ है तो फिर वही आपको बाकि रानियों से बचाएंगी

किरण ......क्या मतलब आपका

नियों ......इनको चिंता है की कही इस मिलान के विषय में जब इनकी बाकि प्रेमिकाओ को पता चलेगा तो वो इनके साथ कैसे वर्ताव करेंगी

किरण .......वो सब मैं देख लुंगी

सूर्य .......पैर एक प्रॉब्लम आवर है स्वीटी

वो ये की अगर मैं जूलिया से मिलान करता हूँ तो इस से विवाह भी कर्जा होगा जिसके लिया मुझे गुरुदेव की आवर बाकि सबकी आज्ञा भी चाइये

आवर फिर ये लिस्ट काफी लम्बी है

जूलिया ......अगर आप मुझसे पुरे मन से प्रेम से मिलान करते है तो बाकि का पूरा जीवन मई आपके उन्ही पालो की याद में ख़ुशी ख़ुशी गुजर दूंगी मुझे आवर कुछ नहीं चाइये

किरण .......जूलिया ये तुम्हारे साथ पूर्ण मन से आवर पूर्ण प्रेम से हे मिलान करेंगे आवर समय आने पे गुरुदेव स आज्ञा ले कर मैं सवय तुम दोनों का विवाह करौंगी

अगर इस्वर की यही इच्छा हुई तो

जूलिया किरण की बात सूर्य फ़ौरन उठ कर किरण के पैरो में जा बैठी

किरण ......ये क्या कर रहे हो जूलिया तुम

जूलिया .....वही जो एक छोटी बहन को करना चाइये अपनी बड़ी बहन के लिया आज आपके आशीर्वाद सरूप सब्दो ने मुझे जीवन भर की ख़ुशी दे दी आज से अभी से आप हे मेरे लिया सब कुछ है

किरण .....बस बस ज्यादा न फेंक अभी अभी तो किसी आवर को सबकुछ मन रही थी

किरण जूलिया को उठा कर अपने गले लगा लेती है

niyon......hame खुसी है की आप सबने बहुत हे सुजबुझ से उत्तम निर्णय लिया अब आप सब विश्राम कीजिये कल रात्रि पूर्णमासी है तो कल हे आपका मिलान होगा

किंग क्वीन इनकी जिम्मेदारी आप दोनों पे है इन्हे किसी भी तरह की कोई समस्या न हो

किंग क्वीन .....जी देवसूफ़ी हम इनके का उचित ख्याल रखेंगे

नियों कल रात मिलने का बोल वह से चला जाता है

क्वीन ......चलिए आप सब विश्राम कीजिये

सूर्य .....जी सुक्रिया आप बस हमें कक्ष दिखा दीजिये

किंग आवर क्वीन चारो को ले कर सही कक्ष में छोड़ देते है

क्वीन .....आप सब विश्राम कीजिये कुछ भी कार्य हो तो हमें याद कीजिये

किंग आवर क्वीन के जाने के बाद

सूर्य ......स्वीटी मैं कुछ वक़्त ध्यान कर्जा चाहता हु तब तक आप तीनो इस विषय पे खुल कर बात करलो

किरण ......ठीक है आप चिंता न कीजिये मैं देख लुंगी

सूर्य .....थैंक यू माय लव उम्म्म्मः

किरण ......उम्म्म्म लव यू भाई

मानसी .....मुझे भी चाइये

किरण ......वह मनु डार्लिंग भी बोलने लगी है

सूर्य ....सब तुम्हारा असर हुआ लगता है

सूर्य मानसी को अपनी आवर खिंच कर उसके होंटो पे अपने होंठ चिपका देता है

सूर्य ......उम्म्म्मह्ह्ह्ह अब तो खुश हाँ न मेरी जंगल बिली

मानसी .....ुम्मम्हा बहुत खुश हु अब थोड़ा जुली का भी मुँह मीठा कर दीजिये

किरण ....है क्यों नहीं जाओ जुली अब अगर तुमने किस नहीं किया भाई को तो तुम्हारी सदी इनसे कैंसिल

जूलिया फ़ौरन सूर्य के होंटो पे हट टिका देती हो आवर जल्दी से पीछे हैट जाती है

सूर्य तो पूरा शॉकेड हो चूका था ये जूलिया तो जटके पे जतका दिए जा रही थी सूर्य को

किरण .....ये क्या था जुली ऐसे तो हमारे वह छोटे बचे करते है

जूलिया .....दीदी मैंने पहले कभी किया नहीं है आवर फिर आपने सदी नहीं करने देने वाली बात से मैं दर गई थी

किरण ......कोई बात नहीं अभी के लिया चलेगा पैर जब ध्यान से उठे तब अच्छे से करना

है चाहो तो मनु डार्लिंग के साथ इसकी प्रेक्टिकल प्रैक्टिस कर सकती हो क्यों मनु डार्लिंग

मानसी ......मुझे कोई एतराज नहीं है वैसे भी अब ये मेरी छोटी बहन जो है

सूर्य .....तुम लगे रहो अपनी प्रैक्टिस में मैं ध्यान में बेथ रहा हूँ जब तक स्वीटी मैं खुद ध्यान से बहार न निकलू मुझे ध्यान से उठाना नहीं चाहे कुछ भी हो जाये

किरण सूर्य की बात सुन कर सूर्य के चेहरे को गौर से देखती है

किरण .......ऐसा सोचना भी नहीं आप जानते है ये सब यहाँ से संभव नहीं है चाहे आप कितना भी प्रयाश कर लीजिये

सूर्य ......क्या संभव नहीं है स्वीटी

किरण .....बुलो मत मैं आपका हे एक भाग हूँ आप जो अपने दिमाग में सोच रहे है मुझे पता है यहाँ से आप कितनी भी कोशिश कर गुरुदेव से सम्पर्क नहीं कर सकते है

इस लिया आपको मेरी सोगन्द आप एक सिमा से ज्यादा इस्पे प्रयोग नहीं करेंगे

सूर्य ......ठीक है मैं वही तक कोशिश करूंगा जहा तक किसी भी तरह की हानि न हो

किरण .....ठीक है अगर आपने आगे कुछ किया तो मैं उसे वक़्त आपको ध्यान से उठा दूंगी या फिर मैं खुद आपके साथ ध्यान में जुड़ जाउंगी

सूर्य .......ok ok मैं अब बिलकुल भी तरय नहीं करूंगा केवल अपनी कुण्डलिनी सकती आवर बाकि शक्तियों को जागृत कर उनका संतुलन बनाऊंगा ok

किरण ....ok

सूर्य वही साइड में अपना आसान लगा ध्यान में लीं हो जाता है

ड्रैगन सिटी .......

ड्रेको पिछले 3 दिन में अपने गुप्तचर ड्रैगन मास्टर आवर ड्रैगन rider's के मदद से लगभग पुरे ड्रैगन लोक को छान चूका था

पैर अभी तक उसे हाथ खली हे थे न उनने वो तीनो ड्रैगन होल्डर मिले आवर नहीं हे जूलिया का कुछ पता चल प् रहा था

वही जूलिया का लिटेनिंग ड्रैगन काफी समय से जूलिया से सम्पर्क न होने से से पुरो तरह पगला गया था

गुस्से में जो भी उसके सामने आता वह उसे अपनी
थंडरबोल्ट लिटेनिंग एनर्जी से पल भर में जला कर रख कर देता

डेरी डेरी ये खबर फैलते हुए ड्रैगन सिटी पहुंच जाती है

ड्रेको ......ये हम क्या सुन रहे है कोई ड्रैगन है जो हर किसी को मर रहा सबकुछ तबाह कर रहा है

मास्टर 1 ......सुप्रीम द्रगोंग मास्टर ड्रेको हमने भी यही सुना है पैर एक विचित्र बात भी सुनने को मिल रही है

ड्रेको ......ऐसा क्या सुन लिया तुमने

मास्टर 1 .....मेरे गुप्तचरों से पता चला है की कुछ दिन पहले जूलिया को जुम्बा कबीले के आस पास देखा गया था

पैर अब खबर मिली है की उस दिन के बाद से जुम्बा माबिले का नमो नीसाण तक राति रात वह से मिट गया है

ड्रेको ......ये क्या बकवाश है जुम्बा कबीला तो कब का ख़तम हो चूका है इस लोक से

मास्टर 1 ......ये सच नहीं है सुप्रीम ड्रैगन मास्टर ड्रेको कुछ दिन पूर्व तक इस लोक में जुम्बा माबिले के लोग थे क्युकी एक बार मैं उन्हें खुद अपनी आँखों से देख चूका हूँ पैर उन तक पहुंच नहीं पाया कुछ तो था वह जो मुझे वह उन तक पहुंचने नहीं दे रहा था

ड्रेको ........आवर ये सब तुम मुझे अब बता रहे हो

मास्टर 1 ......मुझे माफ करे मास्टर मैंने आपको सूचित कर्मा चाहा पैर आपने आते हे मुझे आवर बाकि master's को जूलिया की खोज में लगा दिया था

ड्रेको .....ठीक है ठीक अब ये पता करो की वो लोग गया कहा हो गए आवर इस ड्रैगन को भी ख़तम कर दो जिसने आतंक मचाया हुआ है

मास्टर 1 .....जी सुप्रीम मास्टर ड्रेको

ड्रेको के आर्डर मिलते हे मास्टर 1 अपने साथ ड्रैगन rider's की एक टुकड़ी ( 100 ) ले कर लिटेनिंग ड्रैगन को ख़तम करने ड्रैगन सिटी से निकल जाता है

वही ड्रेको कुछ सोच कर डेवलिन के बंदी कक्ष की आवर भाड़ जाता है

देविलिन दिवार से तक लगाए तिलिस्म के अंदर हो रही घटना दिवार पे लाइव देख कर ( बिना साउंड के) बहुत खुश हो रहा था

देविलिन .......शाबाश मेरी बची आज मुझे तुम पे गर्व हो रहा है साथ हे तुम्हारे साथियो पे तुमने उस हजारो साल पुराने रहश्य को खोज हे लिया

उम्मीद है जल्दी हे हमारी मुलाकात होने वाली है

मैं उस पल के इंतजार में ड्रेको की इतने यातनाओ को सह कर भी चुप रहा अगर उस दिन मैं तुम्हारी माँ महारानी जून को ले कर जुम्बा समुदाय का त्याग नहीं किया होता तो हम सब ख़ुशी ख़ुशी अपने समुदाय में रहते किन्तु तुम्हारी माँ जून की मृत्यु ने हमसे हमारा सबकुछ चीन लिया

पैर जाते जाते तुम्हारी माँ जून ने हमारे हाथो में तुम्हे सौंपते हुए जीने की वजह भी दे गई

आज तुम वही पहुंच गई जिसे खोजने के लिया हमने क्या क्या नहीं किया यहाँ तक की किसी आवर के सरीर तक की दर्जन किया केवल तुम्हारे किया ताकि हम तुम्हारी परवरिश कर सके

वो तो अच्छा हुआ समय रहते हमें देवसूफ़ी ने ये सरीर सोंफ दिया वार्ना हम भी बाकि जुम्बा समुदाय की तरह एक भटकती आत्मा बन कर तड़पते रहते

अभी देविलं सोच हे रहा था की अचानक से पूरा कक्ष अंदर में दुब जाता है

devilin........ohhh ड्रेको आओ मैं तुम्हारा हे इंतजार कर रहा था जिस रहश्य का राज़ तुम जानना चाहते थे न वो तुम्हारे हे नहीं पुरे ड्रैगन लोक के सामने खुलने वाला है

आवर साथ हे तुम्हारे अंत का द्वार भी खुलेगा

ड्रेको .......अभी भी वक़्त है डेवलिन मुझे उस रहश्य का राज़ बता दो तो तुम्हे मुक्त कर दूंगा इस कैद से

देविलिन ......उसकी जरुरत नहीं पड़ेगी ड्रेको क्युकी वो राज बहुत जल्द पूरी दुनिया के सामने आने वाला है

ड्रेको खुश होते हुए

ड्रेको .....क्या तुम सच कह रहे हो डेवलिन

देविलिन .....है मैं बिलकुल सत्य कह रहा हूँ ड्रेको

ड्रेको ......अगर ये सत्य है तो मानगो क्या चाहते हो तुम इस कैद से आजादी आवर कुछ आवर

डेवलिन ......है इन बेड़ियों से मुझे आनद कर दो पैर मैं रहना यही चलूँगा इस कक्ष में पहले की तरह बस इस कक्ष में सन्ति से गम सकू इतना काफी है

ड्रेको आगे भाड़ डेवलिन को उन भेडियो से मुक्त कर देता है

डेवलिन ........अगर कुछ पूछना चाहते हो तो पूछ सकते हो ड्रेको आज तुम्हारे हर सवाल का जबाब दूंगा जहा तक मुझे सही लगेगा

ड्रेको .......क्या तुम्हे पता है जुम्बा कबीले के विषय में

देविलिन ......है मैं जनता हूँ जुम्बा कबीले के बारे में पैर तुम क्यों पूछ रहे हो वो तो हजारो साल पहले हे लुप्त हो चुके है

ड्रेको .....नहीं वो अभी भी इस दुनिया में है

डेवलिन ........नहीं ये सच नहीं है पैर ये अवश्य सच है की एक बार फिर पूरी दुनिया जुम्बा समुदाय को बहुत जल्द देखने वाली है

ड्रेको .......क्या मतलब है तुम्हारे अभी तुमने कहा की वो लुप्त हो चुके है तो फिर वो कैसे वापिस आ सकते है

डेवलिन ........क्युकी उनकी प्रतीक्षा पूरी हुई आवर साथ हे तुम्हारे जीवन का अंतिम समय चक्र सुरु होने वाला है क्युकी मेरी बेटी जूलिया बहुत जल्द अपने लिटेनिंग ड्रैगन के साथ तुम्हारा सीकर करने वाली है

ड्रेको ........हाहाहाहा मैं सुप्रीम ड्रैगन मास्टर ड्रेको हूँ आवर वो एक सदर्न ड्रैगन rider's वो मेरा सीकर करेंगे हाहाहाहा

देविलिन ........हाहाहाहा मूरख ड्रेको वो ड्रैगन मास्टर बन चुकी है या ये कहु वो सुप्रीम ड्रैगन master's बनने के बहुत नजदीक है

ड्रेको .......फिर भी वो मेरा मुकाबला नहीं कर सकती तुम अपनी आजादी में पागल हो चुके हो

देविलिन .......हहहहह पागल तुम होने वाले हो क्युकी वो अकेली नहीं है उसके साथ जिसे तुम दंड रहे हो न गोल्डन ड्रैगन प्रिंसेस ब्लैक ड्रैगन प्रिंसेस आवर वाइट ड्रैगन प्रेस को वो तीनो जूलिया के साथ है

जूलिया के लिटेनिंग ड्रैगन के सामने तुम्हारा डार्क एक पल भी नहीं टिक पायेगा

ड्रेको ..........देख लूंगा उसे भी आवर तुम्हे भी

डेवलिन ......अपनी तरफ से ड्रैगन सिटी को अविद्या किले में बदल लो ताकि तुम कतरो के जैसे उसमे चिप कर सुरक्षित रह सको

ड्रेको वह से जुड़े से निकल जाता है उसके जाते हे गेट फिर से बंद हो जाता है आवर ड्रैगन बुक फिर से खुल जाती है ................

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...............
 
सॉरी फ्रेंड्स आज बहार था अभी अभी घर पंहुचा हूँ

अभी अपडेट लिखना सुरु करूंगा पूरा होते हे पोस्ट करता हूँ
 
अपडेट. 168

देविलिन .......हहहहह पागल तुम होने वाले हो क्युकी वो अकेली नहीं है उसके साथ जिसे तुम दंड रहे हो न गोल्डन ड्रैगन प्रिंसेस ब्लैक ड्रैगन प्रिंसेस आवर वाइट ड्रैगन प्रेस को वो तीनो जूलिया के साथ है

जूलिया के लिटेनिंग ड्रैगन के सामने तुम्हारा डार्क एक पल भी नहीं टिक पायेगा

ड्रेको ..........देख लूंगा उसे भी आवर तुम्हे भी

डेवलिन ......अपनी तरफ से ड्रैगन सिटी को अविद्या किले में बदल लो ताकि तुम कतरो के जैसे उसमे चिप कर सुरक्षित रह सको

ड्रेको वह से जुड़े से निकल जाता है उसके जाते हे गेट फिर से बंद हो जाता है आवर ड्रैगन बुक फिर से खुल जाती है ................

अब आगे ........

ड्रैगन लोक (जुम्बा कबीला ) ..........


जैसे जैसे साम हो रही थी वैसे वैसे आइस प्लेस में जुम्बा समुदाय के लोगो की की उपस्थिति भी खड्ग रही थे

किंग .......आप नहीं जानते आप इस फैसले से हमें एक नया जीवन मिलने वाला है

हमने तो खवाहिशे रखना हे बंद कर दिया था की कभी हमें इस श्रापित जीवन से मुक्ति मिल पायेगी

सूर्य ........हम इंसानो में एक कहावत है जब तक जिन्दा हो उम्रें न छोड़ना संघर्ष करते रहो

पैर आपका मामला अलग है आप जिन्दा होते हे भी जिन्दा नहीं रहे

किरण .......आपकी इस श्राप को खंडित करने की पूरी तयारी हो चुकी है क्या

क्वीन .....है सब तयारी हो चुकी है देवसफ्फी वही सब तयारी में लगे हुए है

वो समय भी आ गया जिसका सबको इंतजार था

नियों ........आज हम सब के लिया बहुत हे महत्वपूर समय है जिस वक़्त का जिस पल का हमारा समुदाय हजारों सालो से इंतजार कर रहा था

वो पल आज आ चूका है वो पवित्र पूर्णमासी की रात्रि आज है

सूर्य आवर जूलिया को जुम्बा समुदाय के भेष में त्यार किया जाता है

जूलिया इस लिबाश में किसी पारी से काम नहीं लग रही थी

वही सूर्य जैसे कोई चंद्रलोक से डर्टी पे उतरा चंद्रलोक का यूवराज हो

नियों ........सूर्य आप हमारे साथ उस दिव्या सरोवर ( पोंड ) पे चलिए जहा गोल्डन ड्रैगन विश्राम करते थे

गोल्डन ड्रैगन प्रिंसेस एंड ब्लैक ड्रैगन प्रिंसेस आप दोनों प्रिंसेस जूलिया को कुछ समय पश्चात् क्वीन के साथ ुशी स्थान पे आ जाये

क्वीन ......जी देवसफ्फी जैसा आप कहे

नियोल सूर्य को आइस प्लेस से ले कर उस स्थान की आवर निकल जाता है जहा जूलिया आवर सूर्य का मिलान होने वाला था






सूर्य .......ये तो बहुत हे खूबसूरत स्थान है नईयोन जी पैर ये बाकि स्थ से बिलकुल अलग है बाकि जहा पूरा सिटी आइस में बदल चूका है वही ये स्थान जैसे सब से बचा हुआ हो

नियों ........आपने उचित कहा ये स्थान सबसे अलग आवर खूबसूरत है आप सरोवर में स्थित वो वृक्ष देख रहे है वो गोल्डन ड्रैगन रकत वृक्ष है

गोल्डन ड्रैगन के रकत (ब्लड ) से इस वृक्ष का निर्माण हुआ है


यही आपको आवर जुली को मिलान करना होगा इस सरोवर में इस वृक्ष के निचे

सूर्य .....जी जैसा आप कहे

नियों .......उस वृक्ष पे दो फाल लगे है जिनका आप दोनों को मिलान से पूर्व सेवन करना है

कुछ देर बाद किरण मानसी जूलिया आवर क्वीन भी वह पहुंच जाती है

नियों ......ड्रैगन प्रिंस अब आप वो ड्रैगन रकत फाल उस वृक्ष से ले आओ आवर प्रिंसेस जूलिया आप जल में सनान कर इस मिलान के लिया पुरे सच्चे मन से इस मिलान के लिया सपाट गठन कीजिये

सूर्य पानी में उतर ड्रैगन रकत वृक्ष के पास पहुँचता है आवर उस वृक्ष को परनाम कर दोनों फाल तोड़ लेता है

वही जूलिया पानी में उतर कर दुबली लगती है

आवर अपने मन से इस मिलान का संकल्प करती है






सूर्य दोनों फाल ले कर पानी से बहार आ जाता है

नियों ......अब आप दोनों चंद्र को साक्षी मान कर पूर्ण मन से इस प्रेम मिलान को पूर्ण करने की सपाट ले दोनों एक दूसरे को जूठा फाल खिला कर इस अंतिम रसम के बाद जाल में परिवेश कर जाना जब तक तुम दोनों का मिलान पूर्ण न हो तब तक इस पवित्र जल से बहार नहीं आना है आप दोनों को

सूर्य .....जी जैसा आप कहो

सूर्य अपने हाथ में पकडे फाल को बाईट कर जूलिया की तरफ भदाता है यही किर्या जूलिया भी करती है

नियों .....अब आप एक दूसरे का हाथ सीने पे रख सपाट ले

सूर्य जूलिया के भोगे हुए पारदर्शी वस्त्रो के ऊपर से जूलिया के राइट साइड उन्नत उभर पे हाथ रख देता है दिल की जगह पे

जूलिया भी सूर्य के राइट साइड चेस्ट पे हाथ रख चंद्रदेव को देखते हे हुए सपाट लेते है

सूर्य ......मैं सूर्य शिव ठाकुर पूर्ण मन से सच्चे दिल से प्रिंसेस जूलिया संग इस मिलान की सपाट लेता हूँ जिन्हे मैं अपनी अंतर आत्मा मंटा हु वो मेरी स्वीटी मेरी इस सपाट की साक्षी है

जूलिया ........मैं जूलिया......

नियों .......जूलिया आप इस जुम्बा समुदाय की प्रिंसेस है डेवलिन आपके पिता का किनसे विवाह हुआ वो आपकी माता जून इस समुदाय की प्रिंसेस थी इस लिया आप इस समुदाय की प्रिंसेस है .प्रिंसेस जूलिया जून डेवलिन जुम्बा

जूलिया .......मैं प्रिंसेस जूलिया जून डेवलिन जुम्बा अपने पूर्ण मन से सच्चे दिल से सूर्य शिव ठाकुर से इस पवित्र पूर्ण चन्द्रमासी को साक्षी मान मिलान की सपाट लेती हूँ

दोनों के सपाट लेने के बाद

नियों .....हमारे यहाँ से लौटने के बाद आप दोनों पूर्ण निर्वत्र हो कर जल में चले जाना आवर मिलान आराम करना

जूलिया सूर्य .....जी जैसा आप कहे

नियों किरण मानसी आवर क्वीन को वह से ले कर आइस प्लेस लौट जाते है

वही सूर्य जूलिया दोनों अपने अपने वस्त्र उतर चाँद की रौशनी में एक दूसरे का हाथ थम चमचमाते शीतल जल में उतरने लगते है






जैसे जैसे दोनों जल में आगे भाड़ रहे थे ड्रैगन रकत फाल से दोनों के सरीर में गर्मी भढने लगती है

जैसे हे सूर्य ड्रैगन वृक्ष के पास रुकता है जूलिया सूर्य के सामने आ सूर्य की गले में अपने भहे दाल अपनी उन्नत उभर सूर्य के चिढ़े सीने से चिपका देती है

आवर प्यार से सूर्य के होंटो पे अपनी कोमल होंठ टिका कर प्यार से सूर्य के होंटो को चूसने लगती है






डेरी डेरी सूर्य के हाथ जूलिया की कमर से होते हुए पीठ आवर खुल्हो पे थिरकने लगते है

वही जूलिया किश करते हुए सूर्य के चेस्ट पे अपना हाथ फिरते हुए सूर्य के कामदण्ड को अपनी मुठी में कैद कर लेती है

आवर डेरी डेरी अपने कोमल हाथ से सूर्य के नागराज को सहलाने लगती

जिस पे जूलिया के कमल हाथो से वह आवर भी विकराल होने लगता है






( कुछ इस तरह पानी के अंदर )

डेरी डेरी जूलिया सूर्य की होंटो को चूमने के बाद सूर्य की गर्दन को चाटने चूमने लगती है

तो कभी कभी सूर्य के कान की लौ को मुँह में भर कर हलके हलके काटने लगती है

जिस से सूर्य के जिसदा में रह रह कर जुरजूरी उठने लगती है

सूर्य .......उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जुली ये सब काम कला तुमने कब सीखी मुझे पता है तुम्हे आईएम सबका ज्ञान बिलकुल भी नहीं था

जूलिया .......आपने मुझे एक नया नाम दिया जो मुझे बहुत अच्छा लगा आज से आप जब तक साथ है इसी नाम से मुझे पुकारियेगा

आवर ये सब कल रात्रि मुझे किरण दीदी ने बताया था की मिलान के वक़्त अपने प्रेमी से किस तरह प्रेम किया जाता है

उन्हें किस तरह खुश किया जाता है क्या आपको अच्छा नहीं लगा मेरा ये सब करना

सूर्य ........उम्म्म्मह्ह्ह भर पसंद आया जुली आपका प्रेम करने का तरीका भी आवर आपके मखमली होंटो का मधुरस भी ुम्मम्हा

जूलिया सूर्य के सीने के हर हिस्से को अपने चुमबनो ने पुलकित करते हुए सूर्य सकत हो चुके निप्पल्स को अपने मुँह में भर कर चुम्लाने लगती है

जिसका असर सूर्य के लिंग में होता है आवर वह जूलिया की बाल विहीन योनिकुंड पे अपनी ख़ुशी अपने आक्रामक सवरूप का अहसास कार्बन लगता है

जूलिया .......उम्म्म्महहहहह आपको हमारा प्रेम कारनामे पसंद आया है या नहीं हम नहीं जानते पैर आपके इस अंग को हमारी किरिया अत्यधिक पसंद आई है

सूर्य .....हमें भी आपका प्रेम उतना हे पसंद आया जितना इसे आप अपनी इच्छा अनुसार प्रेम कीजिये फिर हम अपनी इच्छा अनुसार आपसे प्रेम करेंगे

जूलिया पानी के अंदर अपनी गर्दन दाल कर सूर्य के लिंगमुण्ड को अपने होंटो में कैद कर लेती है

आवर प्यार से उस सकत गाने जैसे मोठे लिंग को अपने होंटो के भीतर कैद किया अपने मुँह की गहराई नापने लगती है






सूर्य .......उम्म्म्म ahhhhhhhhhh अद्भुत उत्तम जुली तुम तो इस प्रेम किरदार में उत्तम निकली अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

जूलिया को जब पानी क्व भीतर परेशानी होती तो वह अपना सर बहार निकल कर अपनी ाँसे दुरुस्त कर

फिर से सूर्य के लिंग को अपने होंटो में कैद कर उसे चूसने लगती






पानी के भीतर जूलिया का मुँह अवश्य लिंग पे चल रहा था

पैर दृस्टि उसकी सूर्य के चेहरे पे थी जो मुखमेटूं से प्राप्त सुख से सूर्य के पल पल बदलते भावो को देख

सूर्य के लिंग पे अपनी कला का हर नमूना आजमाने लगती है

कभी सूर्य के बड़े बड़े अंडकोष को मुँह में भर खींचना तो कभी निचे से ले कर लिंगमुण्ड तक चेतना

सूर्य .....अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जुली अब बहार निकल आओ मुझे भी अपनी जुली को प्रेम कारनामे है

सूर्य की बात सुन जुली खुशु ख़ुशी अपना सर पानी से बहार निकलती है






जुली पानी से इस तरह निकली मनो पानी से कोई जल पारी बहार निकली हो

जुली का संगेमरमर जैसा तरह हुआ भीगा बदन शिप में राखी उस अनमोल ोष की बून्द सामान था जिसे हर कोई पीना चाहता हो

जूलिया के बीघे बदन को अपने सामने इस तरह देख सूर्य खुद को रोक नहीं पता है आवर आगे भध सूर्य अपने गरम होंठ जुली के गर्दन पे रख जुली के बदन पे चिपकी पानी की उन बूंदो को बड़े प्यार से चूमते हुए पिने लगता है

जूलिया .....उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह सूर्य आपके इसी प्यार के सहारे तो मैं अगले जनम तक इंतजार भी इंतजार करुँगी उम्म्म्महहहहह जहा जहा आपके होंटो की चौवन हो रही है बता नहीं सकती आपको की ये िस्पर्श कितना आनंदमयी है


सूर्य जुली के गर्दन को चूमने के बाद अपना एक हाथ जुली की सफ़ेद सकत उभरी पे रख कर उनकी कोमलता बढ़ने के उपकरण में लग जाता है

जैसे जैसे सूर्य के हाथ जुली के उभारो सालता है वैसे वैसे जुली को अपनी योनि में कुछ अजीब सा मह्सुश होने लगता है

जुली .....अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह हमें कुछ हो रहा हमारे निचे कुछ मह्सुश हो रहा है

सूर्य ........वो तुम्हे चरमसुख का अहसास हो रहा है जुली

सूर्य जुली को पलट कर उसकी फुल्ली हुई भीगी योनि को देखता है जिस से हल्का हल्का वाइट लेस्स तरल निकल कर सरोवर के जल में विलीन हो रहा था






सूर्य निचे जुख कर जुली की योनि के दोनों फुल्ले हुए होंटो को अपनी होंटो में भर कर चूसने लगता है

जुली .....उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ये अद्भुत अहसास है

उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्हह सूर्य हमें कुछ हो रहा है

सूर्य अपनी ऊँगली से जुली के गुदाद्वार को कुरेदने लगता है

साठवू अपनी जुबान की नुकीला कर जुली को आगरा भाग से खेलने लगता है

कुछ देर बाद जुली पानी के भीतर हे काप्टर हे अपना मधुरेश जल में विसर्जित कर देती है

सूर्य जुली को वही ड्रैगन वृक्ष के निचे लेता कर

अपने लिंग को जुली की योनि से सत्ता कर घिसह्णे लगता है

सूर्य .....जुली आपको अभी कुछ पल पीड़ा होगी पैर ये पीड़ा कुछ हे पालो की है

हमारे मिलान की अंतिम रुकावट है आपका कौमार्य जिसका अभी मैं भेदन करने जा रहा हु जी से आपकी कुछ पीड़ा होगी

जुली .....मुझे दीदी ने सब बताया आप निश्चित हो कर जो उचित है वह कीजिये

मैं आपके साथ पूर्ण सहमत हूँ

सूर्य जुली की बात सुन अपना लिंग का आगरा भाग लिंगमुण्ड जुली की योनि उस भाग पे लगता कर पुस करने लगता है

जुली .....गम इतने भी नाजुक नहीं है जितना आपको लगता है

आप अपने तरीके से आगे भाड़े हम आपके साथ पूरा सहयोग करेंगे

सूर्य जुली ी कमर थम कर एक तेज प्रहार करता है एक चिक के बाद साथ सूर्य का लिंग जुली की कौमार्य भेद्य हुआ एक तिहाई जुली की योनि में जा गुस्सा

सूर्य जुली को संत करने के लिया उसे किश करने लगता है साथ हे डेरी डेरी सूर्य अपने लिंग की जुली की योनि में निरंतर अंदर बहार करता है कुछ तकलीफ के बाद जुली जल्दी हे नार्मल हो गई

सूर्य जुली को पानी के भीतर खींच कर डेरी डेरी चुदाई करने लगता






सूर्य डेरी डेरे करते हुए लगभग जुली की योनि में पूरा लिंग उतर चूका था अब मदयम गति से वही जुली के साथ इस मिलान को आगे बढ़ा राग था

जुली .....उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्हह आपके इस अंग ने तो हमारा अंग को जख्मी कर दिया अब अच्छा लग रहा है उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्हह ऐसे बस इसी गति से हमें प्रेम सुख दीजिये

सूर्य .....उम्म्म्म िस्स्सस्स अह्ह्ह्हह्हह आपकी योनि बहुत आदिक छोटी है हमारे लिंग के अनुपात इस लिया आपको उफ्फ्फफ्फ्फ़ इतनी पीड़ा हुई पैर अब आपको बिलकुल भी पीड़ा नहीं होगी






सूर्य जुली की कमर को थामे अब अपनी उचित गति से जुली की योनि को अपने लिंग के अनुसार बनाने में लगा हुआ ठगा

कुछ हे देर में एक बार फिर जुली की वही अहसास होने लगता है पैर इस बार पहले से आदिक आनंद के साथ

सूर्य अपने लिंग पे हो रहे कसाब को मह्सुश कर अपने गति बढ़ा देता है जैसे हे जुली ने अपने अपना कमरष छोड़ा ठीक उसे पल सूर्य ने अपने बचा हुआ लिंग भी जुली की गर्भाशय तक पंहुचा दिया

जुली दर्द आवर मज़े में ठीक से इस संखलान का मज़ा भी नहीं ले पायी

कुछ देर जुली के सुतने के बाद सूर्य अपना लिंग जुली की योनि से निकल कर जुली की योनि को मुँह में भर लेता है






जुली आवर सूर्य को अब पानी के भीतर किसी तरह की कोई साक्ष्य नहीं हो रही थी

कुछ देर अच्छे से जुली के काम राश को चखने के बाद सूर्य वही पानी के भीतर लेट कर जुली को अपने ऊपर आने का इसरा करता है

जुली ख़ुशी ख़ुशी अपने पेअर चोदे कर सूर्य के लन्दन को अपने कमरष से भीगी योनि में परिवेश करा लेती है आवर माद्यम गति से सूर्य के लिंग पे उछाल न सुरु कर देती है






सूर्य जुली की कमर था पानी के भीतर हे अपने इच्छा अनुसार जुली के साथ सम्भोग क्रीड़ा का आनंद लेने लगता है

( जुली ......उम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह सूर्य उफ्फ्फ्फ़ आपके इस मिलान से हमें साडी ख़ुशी मिल गई सिवाय एक जिसका जनम आपके इस प्रेम मिलान के बाद हमारे मन उत्पन हुई है है हमारी इच्छा पूरी कर दीजिये हमें आप जैसा तेजस्वी पुत्र प्राप्त हो यही हमारी इच्छा है

सूर्य ......ये आपने क्या मांग लिया जुली हम आपको निराश भी नहीं कर सकते है आवर आपकी ये इच्छा भी पूरी नहीं कर सकते है

ही परबु महाकाल अभ आप पे हे जुली की इच्छा छोड़ रहे है इसके भाग्य में आपने क्या लिखा है वो आप हे जाने आपकी इच्छा पे है सब कुछ परबु )






सूर्य जुली के साथ रात भर अलग अलग आसान में सम्भोग करता रहा उसे यकीं नहीं हो रहा था की उसका ये मिलान इतना लम्बा चला

जुली अनगिनत बाए अपना कमरष जाल में बहा चुकी थी पैर सूर्य अभी भी जुली के प्रेम मिलान में लगा हुआ था

जैसे हे सूर्य की पहली किरण सरोवर के जल में पड़ी ुशी पल सूर्य अपना वीर्य जुली की योनि में एक के बाद एक अनगिनत वीर्य पिचकारी मरता रहा

जुली के गर्भाश्य वीर्य से भरने के बाद भी सूर्य के लिंग से रुक रुक कर योनि में वीर्यपात होता रहा जो ुशी सरोवर के जल में मिश्रित होने लगा साथी जुली का काम राश भी






जैसे हे सूर्य ने अपना लिंग जुली की योनि से निकला

जुली की योनि से निकला जुली आवर सूर्य का मिश्रित वीर्य पुरे जल में मिलने लगता है

जुली सूर्य के लिंग को मुँह में भर कर चूसने लगती है जिस से बचा हुआ वीर्य






कुछ वीर्य जुली पे पेट में जा चूका था वही सरोवर का जल गोल्डन जल में बदलने लगता है

surya........juli हमारा मिलान पूर्ण हुआ देखो ये जल कैसे परवर्ती हो रहा है

जुली ....है सूर्य अब इन सब को इस श्रापित जीवन मुक्ति मिल जाएगी

सूर्य ......बिलकुल सही कहा जुली तुमने

तभी वह नियों किरण मानसी तीनो पहुंचते है

जिसे देख जुली जल्दी से अपने नग्न सरीर को सूर्य के पीछे छुपा लेती है

नियों दूसरी तरफ अपना मुँह कर के बोलना सुरु करता है

नियों .........आप दोनों का मिलान सफल हुआ है अब सभी इस पवित्र गोल्डन जाल में सनान करने से फिर से अपना सरीर दर्जन कर पाएंगे

पैर इस से पहले आप दोनों को इस जल में सनान करना होगा गोल्डन ड्रैगन प्रिंसेस आवर ब्लैक ड्रैगन प्रिंसेस आप चारो को एक साथ इस जल में सनान कर बहार निकलना है

नियों की बात सुन किरण मानसी भी पानी में उतर जाती है

पुर सूर्य के पास चली जाती है जहा किरण सूर्य को किश करती है उसके बाद जुली को भी

किरण ......प्रेम मिलान की पहली सुबह आप दोनों को मुबारक हो

सूर्य ......स्वीटी

जुली ......शुक्रिया दीदी आप दोनों का

किरण .....मिलान सुख सूर्य ने दिया आवर सुखिया हमारा हेहेहे

जुली .....ये आपकी इच्छा के बिना नहीं हो पता

तभी जो ताकत वृक्ष था वह गायब हो जाता है आवर वह कुछ गोल्डन जल एकता हो कर सूर्य के सामने आ जाता है

किरण .......ये गोल्डन ड्रैगन का खून है इसे आप दोनों को पीना है

सूर्य .....पैर क्यों इसके बारे में तो कुछ कहा नहीं है

किरण .....क्युकी गोल्डन ड्रैगन यही चाहता है की आप इसकी सकती दर्जन करो जिस से आपके द्वारा आपकी सभी पत्नियों को सदैव सवास्थ्य वह जवान रहने का आशीर्वाद प्राप्त हो आवर आपको वज्रा सामान सरीर जिसपे किसी भी तरह का अस्त्र निष्फल हो

सूर्य आवर जुली दोनी उस ताकत को पि लेते है

फिर चारो एक साथ सनान कर जैसे हे बहार निकलते है उनके सरीर के वाटर बदल चुके थे वही सूर्य आवर जुली के साथ साथ किरण आवर मानसी का सरीर कैसे वज्रा का बन चूका हो उनका तेज भध चूका था

जैसे हे चारो ने एक साथ अपना कदम जमीं पे रखा वह फैली भर्फ ( आइस ) पिंगल कर जमीं में बदल जाती है जो महल आइस प्लेस था वो बदल कर अपने वास्तविक स्थिति में आ चूका था जिस सभी को ज्ञात हो चूका था की वो अब श्राप से मुक्त हो चुके है सभी सरोवर के आवर भढने लगते है

जो भी सनान कर अपना कदम सरोवर से बहार रखता उसे अपना वास्तविक सरीर जो नस्ट हो चुके थे फिर से प्राप्त हो चुके थे

नियों .....आज हम सब उस श्राप से मुक्त हो चुके अब इस तिलिस्म से निकलने के लिया आपको जुली के साथ इस सिंघासन पे विराजमान होना होगा जैसे आप विराजमान होंगे ये तिलिस्म भी ख़तम हो जायेगा


जूलिया .....माफ कीजिये देवसफ्फी इनके साथ इस सिंघासन पे भेट्ने का अदिकार केवल बड़ी दीदी किरण का है

नियों ......पैर आप इस जुम्बा समुदाय की प्रिंसेस है

जूलिया .......फिर यही हमारा निर्णयन है

जुली अपनी सोर्ड को याद कर अपना हाथ पे कट लगा कर किरण के सामने जाती है

जुली .....दीदी अपने रकत को आप मेरे रकत से मिला कर मुझे अपनी छोटी बहन होने का अदिकार देंगी क्या

किरण .....जुली इसकी आव्सय्कता नहीं तुम मेरे लिया मेरी छोटी बहन हे हो

जुली .....दीदी ये इस जुम्बा समुदाय की पट्ठा

आप हे कहो न दीदी को सूर्य

सूर्य ....मेरी तरफ से स्वीटी को अपने निर्णयन लेने का पूर्ण हक़ है

सूर्य की बात सुन किरण अपने हथेली पे हल्का सा कट लगाती है आवर जुली के बहते हुए रकत से अपना रकत मिला देती है

जुली .....अब तो आपको कोई एतराज नहीं है न देवसफ्फी

नियों ......बिलकुल भी नहीं प्रिंसेस किरण अब इस जुम्बा समुदाय की बड़ी प्रिंसेस है उनका हक़ आपसे ज्यादा इस सिंघासन पे है

सूर्य .....इस सफर में मानसी ला भी उतना हे सहयोग है

किरण आगे बढ़ अपना हाथ कट कर वही किर्या दोहराती है

सूर्य के साथ एक तरफ जुली दूसरी तरफ मानसी आवर सूर्य की गॉड में स्वीटी चारो एक साथ सिंघासन पे विराजमान हो जाते है

चोरो पे फुल्लो की वर्षा होने लगती है

आवर एक तेज रोसेन के साथ हे तिलिस्म नस्ट हो जाता है आवर आइस सिटी वही उस जंगल में सबके सामने प्रकट हो जाती है ............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...............

फ्रेंड्स कुछ दिनों तक अपडेट का कोई फिक्स टाइम नहीं है

रोज एक मेगा अपडेट हे पोस्ट कर पाउँगा 2 अपडेट की जगह पे

सॉरी .........
 
अपडेट. 169

जुली .....अब तो आपको कोई एतराज नहीं है न देवसफ्फी

नियों ......बिलकुल भी नहीं प्रिंसेस किरण अब इस जुम्बा समुदाय की बड़ी प्रिंसेस है उनका हक़ आपसे ज्यादा इस सिंघासन पे है

सूर्य .....इस सफर में मानसी ला भी उतना हे सहयोग है

किरण आगे बढ़ अपना हाथ कट कर वही किर्या दोहराती है

सूर्य के साथ एक तरफ जुली दूसरी तरफ मानसी आवर सूर्य की गॉड में स्वीटी चारो एक साथ सिंघासन पे विराजमान हो जाते है

चोरो पे फुल्लो की वर्षा होने लगती है

आवर एक तेज रोसेन के साथ हे तिलिस्म नस्ट हो जाता है आवर आइस सिटी वही उस जंगल में सबके सामने प्रकट हो जाती है ............

अब आगे .........

असुरलोक .......... अग्निमुखासुर अपना तप पूर्ण कर असुर महल पंहुचा तो उसका बड़ी दम डैम से स्वागत होता है

नरकासुर अपने जीएस्ट पुत्र अग्निमुखासुर की ऊर्जा सकती को महसूसक कर उसे बहुत गर्ग होता है

नरकासुर .......हमें अत्यधिक पारसंता हुई पुत्र तुम्हारे तप पूर्ण होने के विषय में जान कर

अग्निमुखासुर ........आपने जो दायित्व हमें जीएस्ट पुत्र होने के नाते सौंपा था उसके लिया हमें अपनी सकती को बढ़ाना था पिता श्री जिसका एक हे विकल्प था आवर वो था घोर तप

नरकासुर .......जाओ अपनी अर्धागिनी से भेट करो पुत्र उसने बहुत समय तुम्हारा इन्तजार किया है

अग्निमुखासुर ......पिता श्री माता श्री महल में नहीं है क्या वो हमारे स्वागत पे भी उपस्थित नहीं थी उनका स्वस्थ्य तो ठीक है न

नरकासुर ......वो अपने कक्ष में है जा कर मिल लो हमें ज्ञात नहीं कुछ

नरकासुर की बात सुन अग्निमुखासुर को थोड़ा अजीब लगा क्युकी वो जनता था की उसका पिता उसकी माता द्वारिका से कितना प्रेम करते है

अग्निमुखासुर अपने पिता को परनाम कर अपनी माता द्वारिका के कक्ष की आवर भध जाता है

वही जबसे नगीना विसुद्धि असुरलोक लूटी है तब से दोनों सम्भोग से वंचित रही जिसकी वजह से दिन पार्टी दिन उनका सायं पे से काबू चुठ्ने लगता है इस बिच उन दोनों ने काफी बार पर्यटन भी किया कंटकासुर से सम्भोग सम्बन्ध स्थापित करने के लिया

किन्तु कंटकासुर अपनी पिता असुरगुरु के आदेश के अवहेलना नहीं कर्मा चाहता था इच्छा तो उसकी भी थी विसुद्धि आवर नगीना से सम्भोग करने की पैर वो विवश था

कंटकासुर तो अपनी हवश अपनी पत्नी वातापी के साथ पूरी कर लेता

वातापी भी इस से बहुत खुश थी क्युकी कंटकासुर उसे कक्ष में वस्त्र तक दर्जन नहीं करने देता था

नगीना विसुद्धि दोनों अपने कक्ष में पूर्ण मगन हो कर गुस्से में ीदार से उदार टहल रही थी

नगीना .......विसुद्धि हम आवर खुद पे सयम नहीं रख सकते है हमारा सरीर सम्भोग के लिया हमें विवश कर रहा है

हमारा पूरा सरीर सम्भोग के लिया तड़प रहा है

विसुद्धि .......नगीना हमारी स्थिति आपसे भीं नहीं है यही स्थिति हमारी है हमने तो अपनी योनि में पहले की तरह ऊँगली भी की पैर संत होने के स्थान पे आवर आदिक हमारा सरीर इस हवश रूपी अग्नि से जलने लगा

नगीना ......हमने निस्चय कर लिया है कुछ भी हो जाये आज मध्य रात्रि हम भ्राता श्री कंटकासुर से सम्भोग करके हे रहेंगे

विसुद्धि .......ज्ञात भी है नगीना आप क्या कह रहे है

नगीना ......देखिये हमारी योनि को

नगीना विसुद्धि का हाथ पकड़ कर अपनी फुल्ली हुई योनि पे रख देती है जो जलती हुई अग्नि सामान गरम थी जिस से रह रह कर कमरष टपक रहा था

जो की अत्यधिक चिकना गरम तरल था

नगीना ......देखा आपने अब आप हे बताइये हम क्या करे

विसुद्धि ........आपको क्या लगता है हमारी हालत क्या आपसे भीं है

हमारी स्थिति तो आपसे आदिक विकत है

विसुद्धि अपनी अपने बिस्तर पे लेट कर पेअर छोड़ा कर लेट जाती है

नगीना को विसुद्धि की योनि में कुछ छुपा हुआ नजर आता है

नगीना आगे भध विसुद्धि के पैरो के बिच आ जाती है

नगीना विसुद्धि की फुल्ले हुए योनि उभर को अपनी ऊँगली से खोलती है तो योनि के भीतर किसी तरह का कपडा था

जैसे हे नगीना विसुद्धि की योनि से वो कपडा निकलती है उसके साथ हे विसुद्धि की योनि में रुका अब तक का कमरष नगीना के हाथो को भिगोते हुए बिस्तर को भिगोने लगता है

नगीना आश्चर्य से विसुद्धि के मुख को देखने लगती है

विसुद्धि ......हमने कहा था हमारी इस्थिति आप से भी विकत है

नगीना वही विसुद्धि के निर्वस्त्र ा सरीर से अपना निर्वस्त्र ा सरीर रगड़ने लगती है

nagina......hame कुछ विचार किया है जिस से हम दोनों सम्भोग कर सकते है भ्राता श्री कनकसुर के साथ

विसुद्धि .......उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्हह अपने हाथो की गति तेज करो नगीना हमें अच्छा मह्सुश हो रहा है

आवर तुमने क्या विचार किया जिस से हम दोनों के साथ भाई कनकसुर सम्भोग करे

नगीना अपने हाथ की चारो उंगलिया तेजी से विसुद्धि की योनि में अंदर बहार करते हुए विसुद्धि की बड़ी बड़ी विलक्षण दुगड़ उभारो को पिने लगती है

नगीना .......मदिरा

विसुद्धि .........उम्म्म्म अह्ह्ह्हह मदिरा से क्या होगा

नगीना .....भाई कनकसुर को दो हे वास्तु से सर्वदिक प्रेम है वो है एक मदिरा आवर दूसरा सम्भोग

हम उन्हें अत्यदिक मदिरा का सेवन करवा कर इनसे सम्भोग करेंगे

विसुद्धि .......आअह्हह्ह्ह्ह गति आवर तेज करो हम अपने चरम पे है नगीना अह्ह्ह्हह्हह उम्म्म्म अह्ह्ह्हह

तुम भूल रही होगी हम महल में है आवर यहाँ वातापी भी ुशी कक्ष में रहती है

नगीना अपनी उंगलियों के बिच अंगूठा कर चोरो उंगलियों को मिला कर विसुद्धि की योनि में तेजी से आगे पीछे करने लगती है

नगीना ........हम ुशी महल में सम्भोग करेंगे दक्षिणी दिशा में लास्ट के उस कक्ष में जिस तरफ कारागृह है उस तरफ रात्रि में कोई आता जाता नहीं है आवर वातापी के लिया हमने पहले हे उन्हें मूर्छित करने की ॉधी ले ले है

विसुद्धि एक चीख के साथ झड़ने लगती है

विसुद्धि का झड़ना आश्चर्यजनक था जैसे उसने मूत्रविसर्जन कर दिया हो चरम सुख के साथ

कुछ देर कक्ष में ख़ामोशी छाई रहती है

उसके बाद नगीना की बात से विसुद्धि अपने सहमति जाता देती है

विसुद्धि .......पैर माता श्री द्वारिका आवर पिता श्री का क्या

नगीना ......आपको तो पता हे है आजकल उनके आवर पिता श्री के बिच किसी विषय को ले कर तनाव चल रहा है

इस लिया आज उनका भोजन आप ले कर जाना जिसमे वही ओएसडी मिली होगी जिसको पिता श्री ग्रहण करेंगे

विसुध .....आवर माता श्री द्वारिका का क्या

नगीना. ......उन्हें हम ॉधी मिला भोजन करवा देंगे

विसुद्धि ......उचित है फिर आज रात्रि के लिया अभी से तयारी आराम करते है

नगीना .......हम भी यही कहना चाहते है

दोनों बहने अपने प्लान को अंजाम देने की तयारी में लग जाते है ......

ड्रैगन लोक ..........

जुम्बा कबीला ......ड्रैगन मास्टर 1 अपने ड्रैगन राइडर्स की एक टुकड़ी के साथ जुम्बा कबीले के आस पास के स्थान को घेर कर लिटेनिंग ड्रैगन की खोज कर रहे थे

वही आकाश में कड़कड़ाती बिजलियों के बिच विचरण करते हुए लिटेनिंग ड्रैगन की नजर जब निचे इतने ड्रैगन राइडर्स पे पड़ती है तो वह गुस्से में दहाड़ते हुए बदलो को चीरते हुए निचे आने लगता है

लिटेनिंग ड्रैगन की दहाड़ से बदलो में भी हलचल भध जाती है

लिटेनिंग ड्रैगन बदलो को चीरते हुए बिजली को सोखते हुए

सीधा मास्टर 1 के सामने आ कर दहाड़ने लगता है

मास्टर 1 लिटेनिंग ड्रैगन को देख कर चौंक जाता है उसे लिटेनिंग ड्रैगन के लेवल का अंदाजा हो जाता है

पैर फिर भी वह लिटेनिंग ड्रैगन के सामने हे रुका रहता है

मास्टर 1 .....तो तुम हो वो विचित्र ड्रैगन जिसने कोहराम मचा रखा है

राइडर्स उसे घेर कर ख़तम कर दो





लिटेनिंग ड्रैगन को राइडर्स चारो तरफ से घेर लेते है

लिटेनिंग ड्रैगन खुद को चारो तरफ से घिरता देख गुस्से में पहल हो जाता है आवर जोरो से दहाड़ने लगता है

जिस से लिटेनिंग ड्रैगन के ऊपर मंडराते हे हुए काळा बदलो में भी हल चल होने लगती है आवर उन्स निकली बिजली लिटेनिंग ड्रैगन पे गर्ने लगती है

मास्टर 1 ......ये कैसा ड्रैगन है जिसपे विद्योतक का कोई असर नहीं होगा रहा है

लिटेनिंग ड्रैगन गुस्से में अपना मुँह खोल राइडर्स पे लिटेनिंग
थंडरबोल्ट का इस्तमाल करता है





एक तेज रौशनी के साथ लिटेनिंग ड्रैगन के मुँह से थंडरबोल्ट बिजली रौशनी के रूप में निकलती है आवर एक हे वॉर में आदि से ज्यादा राइडर्स टुकड़ी को उनके ड्रैगन के साथ हे नस्ट कर देती है

लिटेनिंग ड्रैगन के ऐसे अद्भुत वॉर को देख कर ड्रैगन मास्टर 1 भी अंदर तक कैंप उठा

वह फ़ौरन अपने ड्रैगन को लिटेनिंग ड्रैगन पे हमला करने का आदेश देता है

मास्टर 1 का ड्रैगन अपने मुँह से भनक आग लिटेनिंग ड्रैगन पे छोड़ देता है लिटेनिंग ड्रैगन मास्टर 1 के ड्रैगन के वॉर से आकाश में हे कुछ पीछे की तरफ जाने से खुद को रोक नहीं पता है

जिसे देख मास्टर 1 खुश होता है आवर अपने ड्रैगन की पीठ सहला देता है

लिटेनिंग ड्रैगन इस वॉर से अपना सयम खो देता हो आवर अपना अगला पावरफुल प्रहार मास्टर 1 के ड्रैगन पे करता है






प्रहार इतना पावरफुल आउट सटीक था की मास्टर 1 को उसके ड्रैगन के साथ बीचो बिच चीरते हुए हूँ विद्योतक अर्रंगे बाकि राइडर्स की तरफ भाड़ जाती है

मास्टर 1 को करता देख बाकि राइडर्स वह से जान बचने कर भागने लगते है

जिन्हे देख लिटेनिंग ड्रैगन आकाश के आवर उन काळा काळा बदलो को देख दहता है तभी उन बदलो से एक साथ अनेक विद्योत निकलते है आवर उन राइडर्स पे गिरने लगती है

ठीक ुशी वक़्त गोल्डन ड्रैगन प्लेस ड्रैगन लोक में अपने अस्तित्व में आता है

लिटेनिंग ड्रैगन अगले हे पल संत हो गोल्डन ड्रैगन प्लेस की पूरी तेजी से उड़न भ्राता है

जैसे उसे जुली का लौटने का संकेत मिल गया हो

वही गोल्डन प्लेस में जुली को भी अपने लिटेनिंग ड्रैगन का अहसास होता चूका था वह सूर्य किरण मानसी देवसफ्फी किंग आवर क्वीन के साथ प्लेस की चाट पे आ पहुंची

जहा दूर से लिटेनिंग ड्रैगन उनकी हे तरफ आ रहा था

जूलिया ......देखो वो आ रहा मेरा लिटेनिंग ड्रैगन जैसे उसे भी हमारे आने का पता चल गया हो

सूर्य ......उसे तुम्हारा अहसास हो चूका होगा जुली की तुम वापिस लौट आई हो

लिटेनिंग ड्रैगन प्लेस के छठ पे उतर कर जूलिया के सामने आ खड़ा होता है

जूलिया प्यार से अपने ड्रैगन को चूमने लगती है

जूलिया जब स तिलिस्म में फांसी थी उसके बाद जो कुछ भी लिटेनिंग ड्रैगन के साथ हुआ उसके बारे में लिटेनिंग ड्रैगन की यादो से पता चल जाता है जिस स वह कुछ उदाश हो जाती है

सूर्य आगे भध लिटेनिंग ड्रैगन के सर पे हाथ फिरता है

जिस से लिटेनिंग ड्रैगन अपने गर्दन सूर्य की कदमो में जुखा कर उसका प्यार सवीकार करता है

सूर्य .......क्या हुआ जुली तुम अभी अभी खुश थी आवर अभी उदाश हो गई क्या बात है

जुली ......कुछ नहीं वो हमारे जाने के बाद जब ड्रैगन का सम्पर्क नहीं हुआ तो ये काफी दर गया था आवर ुशी दर आवर गुस्से में इसने बहुत तबै मचा आवर कुछ ड्रैगन राइडर्स आवर मास्टर को भी इसने ख़तम कर दिया

सूर्य आगे भध ड्रैगन के सर से अपना सर जोड़ देता है जिस से उसे वो सब दृश्य दिखाई देने लगे जो अभी कुछ देर पहले गठित हुए थे

सूर्य .......इसने कुछ गलत नहीं किया जुली अगर ये उन्हें ख़तम नहीं करता तो वह सब मिल कर इसे ख़तम कर देते

किरण ......सब जो जो चूका है उसे बदला नहीं जा सकता है

अब हमें अपने सफर के लिया निकलना होगा

सूर्य .....है तुम सही कह रहे जो स्वीटी पता है हमें तिलिस्म में गए हुए 7 दिन बैठ चुके है आज हमें यहाँ आये हुए 9व दिन है

किरण ......क्याआ पैर हमें तो पता हे नहीं चला

सूर्य ......वो सब तिलिस्म की वजह से पता नहीं चला हमें

नियों .......अब आपको सफर करने की आव्सय्कता नहीं है ये गोल्डन ड्रैगन प्लेस जुली की इच्छा पे एक हे पल में आप हम सब को इस ड्रैगन लोक में किसी भी स्थान पे ले जा सकता है

सूर्य .......ये तो बहुत हे अच्छी खबर है वार्ना हमें कुछ दिन आवर लग जाते ड्रैगन सिटी पहुंचते पहुंचते

नियों .......में जनता हूँ आप ड्रैगन सिटी ड्रैगन मैजिक बुक को पाने के लिया जाना चाहते है

सूर्य ......फिर तो आप भी जानते होंगे की गोल्डन ड्रैगन वाइट ड्रैगन ब्लैक ड्रैगन से हमारी भेट कहा पे हो सकती है

नियों .......गोल्डन ड्रैगन का मुझे पता है पैर उसने मैं आपकी कोई सहायता नहीं कर सकता

आप तीनो को अपने ड्रैगन तक आपकी पीठ पे बने उस नक्से के माद्यम से हे पहुंचना होगा

सूर्य ......फिर हमें ड्रैगन सिटी जाने से कोई फायदा नहीं होगा

नियों .........आपको वह जुली के लिया जाना होगा आवर सायद आपको ड्रैगन बुक से कुछ सहायता मिल जाये

जूलिया ......मेरे लिया क्यों देवसफ्फी मुझे वह क्या काम जिसके लिया मुझे ड्रैगन सिटी जाना पड़े

नियों ........तुम एक सत्य से अनजान हो जूलिया किसका पता तुम्हे ड्रैगन सिटी में हे चलेगा इस लिया आवर दूसरा कारन ड्रेको किसका अंत तुम्हारे हाथो लिखा है

जूलिया .......ठीक है हम सब ड्रैगन सिटी चलेंगे आप सब भी हमारे साथ चलेंगे लेकिन उस से पहले मैं अपने बाकि परिवार को भी अपने साथ लाना चाहती हूँ

नियों ........है क्यों नहीं वो तुम्हारा परिवार है जिनकी तुमने जिंदगी बचाई है ड्रेको से इतने वक़्त तक छुपा कर के अब उनका भी सामने आने का वक़्त आ गया है

जूलिया गोल्डन ड्रैगन प्लेस को आदेश देती तो वह वह से उड़न भरते हुए कुछ हे पालो में प्लेस ुशी पहाड़ के सामने था जिसको गुफा में जूलिया के साथ बाकि सब रहते थे

जूलिया प्लेस से निकल कर गुफा में जाती है

बुजुर्ग वह सभी जूलिया को ऐसे प्रिंसेस के भेष में देख कर चौंक जाते है

बाबा .....बेटी जूलिया तुम्हारा सफर पूरा हुआ क्या

जूलिया .....नहीं बाबा अभी नहीं

बाबा .....फिर तुम यहाँ कैसे सब कुसल से तो है न बेटी

जूलिया ......जी बाबा अब हम सब को चुप कर रहने की जरुरत नहीं है हम सब ड्रैगन सिटी जा रहे है

बाबा ......नहीं बेटी जूलिया अगर हम ड्रैगन सिटी गए तो ड्रेको को पता चल जायेगा की हम कहा है

जूलिया ......उस से हमें अब कोई खतरा नहीं है बाबा बल्कि अब ड्रेको के जुल्मो का अंत होगा अब आप सभी मेरे साथ गोल्डन ड्रैगन प्लेस में रहेंगे जिसमे मेरी इच्छा के बिना कोई प्रवेश नहीं कर सकता है

बाबा .....क्या कहा बेटी गोल्डन ड्रैगन प्लेस ऐसा कुछ पहले तो नहीं सुना हमने

जूलिया बाबा की पूरी बात बताती है की कैसे वो सब तिलिस्म में फशे फिर कैसे वह श्रापित तिलिस्म से सभी को मुक्त करते है

पूरी बात जाने के बाद वह मौजूद सभी के चेहरों पे ख़ुशी की लहार दौड़ जाती है

बाबा ......इसका मतलब तुम जुम्बा समुदाय की प्रिंसेस हो

जूलिया ......है पैर आपके लिया आपकी बेटी जूलिया हूँ भले बाकि सब मुझे प्रिंसेस कहे पैर आप मुझे हमेशा बेटी हे कहेंगे बाबा

बाबा .......है बेटी जूलिया तेरा बाबा तुम्हे हमेशा बेटी हे कहेगा फिर चाहते तुम इस लोक की महारानी हे क्यों न बन जाओ

जूलिया .....चलिए फिर आप हे सबसे पहले अपनी बेटी के महल में प्रवेश कीजिये

जूलिया सभी की गुफा से बहार लगी है जहा सबके सामने विशाल गोल्डन ड्रैगन प्लेस था जिसे प्लेस कहना गलत होगा वो पूरी गोल्डन ड्रैगन सिटी था

इस्त्ने भव्य प्लेस को देख सब आश्चर्य से कभी प्लेस को देखते तो कभी वह मौजूद जुम्बा समुदाय को

जूलिया .....चले बाबा आज के सूर्यास्त के साथ हे ड्रेको का अंत भी करना है

जूलिया आवर बाबा दोनों एक साथ महल की तरफ भाड़ चले बाकि सभी उनके पीछे पीछे भाड़ चले गोल्डन ड्रैगन सिटी में जैसे सभी इंटर करते है उनकी भेष भूसा सब बदल जाती है जिस से सब आवर ज्यादा खुश हो जाते है क्युकी वो सब अभ जुम्बा समुदाय के लोगो के जैसे हे लग रहे थोड़ी असमानता के साथ

सूर्य .......जुली अब हमें आवर इन्तजार नहीं करना चाइये ड्रैगन सिटी पहुंचे के लिया

जुली .......जैसा आप कहे गोल्डन ड्रैगन प्लेस हम सब को ड्रैगन सिटी ले चलो अपनी माद्यम गति से

जुली का आदेश मिलते हे गोल्डन ड्रैगन प्लेस अपने माद्यम गति जो की सामान्य ड्रैगन से की पूरी गति से 3 गुना आदिक थी

कुछ 1 हर के समय के बाद सभी गोल्डन ड्रैगन सिटी के पास पहुंचे

अपनी तरफ विशाल उड़ते हुए महल को आता देख ड्रैगन सिटी के पहरि ( सुरक्षा कर्मी ) इसकी सुचना ड्रैगन सिटी महल में पहुंचते है

वही ड्रैगन सिटी में रहने वालो के मन में खौफ आवर आश्चर्य के मिले जुले भाव थे

ड्रैगन सिटी प्लेस .....

डेवलिन अपने ुशी कक्ष में ड्रैगन बुक की मदद से सब दृश्यों पे अणि नजर बनाये हुए था

जो भी घटना घटित हुए तिलिस्म के अंदर उसे सब पता था

यहाँ तक की सूर्य आवर जूलिया के मिलान की भी

( दरोगों बुक ने ये दृश्य डेवलिन को नहीं दिखया केवल इतना सत्य बताया की दोनों के प्रेम मिलान से हे श्रापित तिलिस्म का अंत हुआ है )

जहा डेवलिन का जनम हुआ उस सहर को आज इतने लम्बे समय बाद देख कर उसे अपने अतीत में अपने परिवार आवर प्रेमा जून के साथ बिताये हे वो लम्बी एक बार फिर से एक एक कर उसकी आँखों के सामने से गुजरने लगते है

जिस से डेवलिन की आँखे नाम हो जाती है आवर वह जूलिया की तस्वीर पे प्यार से अपना हाथ फिरने लगता है


डेवलिन ........जूलिया मेरी बच्ची आज तुम्हे जुम्बा समुदाय के पारम्परिक भेष भूसा में देख कर तुम्हारी माँ जून की बहुत याद आ रही है

तुम्हारी माँ जून भी तुम्हारी उम्र में तुम्हारी जैसे हे खूबसूरत आवर प्यारी थी तुम पूरी अपनी माँ पे गयी हो मेरी बची बस आँखे मुझसे मिली है तुम्हे

जल्दी हमारी मुककत होगी मेरी बच्ची वो पल मेरी जिंदगी का सबसे खुशनुमा पल होगा जब मैं मेरी बची मेरी प्रिंसेस जूलिया से मिलूंगा

डेवलिन की आँखे नाम थी पैर होंटो पे मुस्कान जो सायद आने वाले पल में पिता पुत्री के मिलने की ख़ुशी से होंटो पे आ गई थी

डेवलिन ......ड्रेको तुम्हारी मौत तुम्हारे द्वार पे कड़ी है

तुमने ड्रैगन लोक की मासूम जनता यहाँ के निर्दोष लोगो पे जो जुलम किये है

उसकी सजा देने उनकी प्रिंसेस जूलिया आ चुकी है

ड्रेको इस वक़्त अपने कक्ष में बैठा हुआ था अपने कुछ master's के साथ

तभी वह एक राइडर्स भागता हुआ आता है

राइडर्स ......सबपरिमे ड्रैगन मास्टर ड्रेको वो वो ड्रैगन सिटी की तरह उड़ता हुआ विशाल सिटी आ रहा है

ड्रेको ........तुम अपना दिमागी संतुलन तो नहीं को चुके हो सैनिक

कभी देखा है उड़ता हुआ सहर जाओ यहाँ से

राइडर्स .......सुप्रीम मास्टर आप खुद चल कर देख लीजिये

मैं सत्य कह रहा हूँ

ड्रेको न चाहते हुए भी अपने कक्ष की खिड़की से देखता है तो उसे भी अपनी आँखों पे यकीं नहीं हुआ

की ऐसा कैसे संभव हो सकता है

ड्रेको .....ये सब सत्य नहीं है अवश्य ये कोई माया है है या फिर मेरी आँखों का धोखा

तबकी ड्रेको की नजर अपने लिटेनिंग ड्रैगन पे स्वर जूलिया पे पड़ती है जिसके पीछे पीछे गोल्डन ड्रैगन प्लेस बहुत हे धीमी रफ़्तार से ड्रैगन सिटी प्लेस की तरफ भाड़ रहा था

ड्रेको ........ये डेवलिन की बेटी जूलिया है ..........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड .............

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड .................
 
अपडेट. 170

ड्रेको ........तुम अपना दिमागी संतुलन तो नहीं को चुके हो सैनिक

कभी देखा है उड़ता हुआ सहर जाओ यहाँ से

राइडर्स .......सुप्रीम मास्टर आप खुद चल कर देख लीजिये

मैं सत्य कह रहा हूँ

ड्रेको न चाहते हुए भी अपने कक्ष की खिड़की से देखता है तो उसे भी अपनी आँखों पे यकीं नहीं हुआ

की ऐसा कैसे संभव हो सकता है

ड्रेको .....ये सब सत्य नहीं है अवश्य ये कोई माया है है या फिर मेरी आँखों का धोखा

तबकी ड्रेको की नजर अपने लिटेनिंग ड्रैगन पे स्वर जूलिया पे पड़ती है जिसके पीछे पीछे गोल्डन ड्रैगन प्लेस बहुत हे धीमी रफ़्तार से ड्रैगन सिटी प्लेस की तरफ भाड़ रहा था

ड्रेको ........ये डेवलिन की बेटी जूलिया है ..........

अब आगे ........

परीलोक ......तिलिस्म के हटने पे गुरुदेव की एक बार फिर से नजर अपने शिष्य सूर्य पे जा रुकी साथ उसके बड़े हुए ऊर्जा सकती पे भी जो की गोल्डन ड्रैगन के ब्लड से थे पैर कुछ आवर भी था

जिस से गुरुदेव थोड़े चिंतित नजर आये

गुरुदेव ने सूर्य के तिलिस्म से सफलतापूर्वक बहार निकल आने कहि खबर मानसिक सन्देश से रानी पारी को दी

जिनके जरिया सभी को इस बात का पता चल गया आवर सभी लड़कियों के साथ साथ बाकि महिलाये भी गुप्त कक्ष में मायावी दर्पण के सामने जा पहुंचे

सूर्य के बदले हुए रूप ( जुम्बा समुदाय के भेष में ) के साथ इतने लोगो को देख शालिनी जी अपने मन में उपजे सवालों को रोक नहीं पाई

शालिनी जी .........ये सूर्य के साथ इतने लोग कोण है आवर ये खूबसूरत विशाल महल किसका है जो हवा में प्लेन के जैसे ुध रहा है

रानी पारी .....पुत्र सूर्य के साथ ये लोग कोण है ये तो ज्ञात नहीं पैर ये महल अवश्य कोई विशेष जादुई महल है ऐसा तो हमारे परीलोक में भी कोई महल नहीं है

jinisha.......kuch भी कहो माँ पैर सरताज को देख कर लगता है जैसे चंद्रलोक से सवयं चंद्र देव उतर आये हो






सभी की नजर इस वक़्त सूर्य पे थी जो किरण मानसी के बिच खड़ा हुआ नजर आ रहा था मायावी दर्पण में

रानी पारी ........हमारा पुत्र सूर्य किसी चंद्रलोक के राजकुमार से काम थोड़े है वो इस परीलोक के भावी सम्राट है

नागरानी पूर्वी .......रानी पारी आप भूल रही है हमारी पुत्री कोमल से विवाह के पश्चात जमता सूर्य नागलोक के भावी महाराज भी है

शालिनी जी ........सूर्य एक है वो किस किस लोक को सिंगसन संभालेगा

रानी पारी ......ये तो आने वाला समय हे बता सकता है शालिनी जी

काफी देर तक ये सभी यही वार्ता में लगे रहे आवर मायावी दर्पण का समय पूर्ण होने के बाद लड़किया अपना ध्यान लगाने के लिया उद्यान में चली जाती है

वही रेखा जी शालिनी जी मेनका जी प्रिय जी सन्ति जी रानी पारी नागरानी पूर्वी जी सभी एक कक्ष में बेथ सूर्य आवर किरण के विवाह के विषय में चर्चा करने लगते है

वही दूरसे कक्ष में भी ुशी विषय पे पुरुष चर्चा कर रहे थे

दादा जी ........जोरावर संजय क्या सोचा है तुमने विक्रम ने ये फैसला तुम दोनों पैर छोड़ा है

जोरावर .........बाउजी आप लोगो को सायद पता नहीं पैर मैं बहुत पहले से जनता हूँ जब शिव आवर शालू यहाँ आये भी नहीं थी किसी को ज्ञात भी नहीं था की सूर्य कोण है तब से किरण आवर सपना दोनों उसकी तस्वीरें बनती आ रही है

किरण जो कुछ भी सूर्य के साथ जनम के बाद हुआ वह स्वीटी अपने सपनो में देख कर उसकी तस्वीरें बनती आ रही है मैं उस से उसकी ख़ुशी नहीं चीन सकता भले हे आप सब को ये रिस्ता सवीकार हो या न होने मैं अपनी दोनों बेटियों का रिस्ता सूर्य से हे तय करूंगा

महेंद्र जी .....पापा जी मैं जोरावर से सहमत हूँ आवर ये आप भी जानते है की न सूर्य कोई सदर्न इंसान है न हे हमारी कोई भी बेटी सदर्न है

अगर हम कई आवर उनका रिस्ता कही आवर तय करते है तो सूर्य का सामना करना होगा जो की संभव नहीं है आवर मन लीजिये किसी तरह सूर्य को समजा भी दिया जाये तो भी हमारी बेतिया जीवन भर गट गट कर जियेगी इस से अच्छा है उनकी इच्छा से उनका विवाह हो

नाना जी .......बात तुम्हारी बिलकुल सही है पैर बीटा उसके साथ सूर्यगढ़ में सब के साथ सूर्य कैसे रह पायेगा

दादा जी .....इसका समादान गुरुदेव के पास अवश्य होगा

आज उनसे किरण आवर सूर्य के विवावह के बारे में बात करते है

नाना जी .....ठीक है फिर वही कोई रास्ता बताएंगे

दादा जी ......क्या बात है शिव तुम क्या सोच रहे हो आवर किस बात को ले कर मुस्कुरा रहे हो

शिव .....कुछ नहीं पापा यही सोच रहा हूँ की सूर्य का क्या होगा

महेंद्र जी ......क्या मतलब शिव

शिव .....यही भाई सा की हमसे यहाँ एक नहीं संभालती है वो 8,10 कैसे संभालेगा

शिव की बात सुन सभी उसे घूरने लगते

शिव सभी को अपनी आवर ऐसे देख कर हड़बड़ा जाता है

शिव की हड़बड़ाहट देख सभी की हंशी चुत जाती है

नाना जी .....बीटा शिव मैं अपने शालू को घर ले जाता हूँ अगर तुमसे नहीं संभालती हो तो क्यों भाई परताप ठाकुर

दादा जी ......वो बेटी है मेरी विक्रम है जिस से नहीं संभल रही है उसे ले जा सकते हो हाहाहाहा

ड्रैगन लोक ........

ड्रेको ......अभी राइडर्स को योध के लिया त्यार करो ड्रैगन सिटी पे हमला हुआ है

ड्रेको की बात सुन वह मौजूद सभी मास्टर्स अपनी अपनी तयारी में लग जाते है

ड्रेको जोर से अपने ड्रैगन को आवाज देता है जो ड्रैगन सिटी के दूसरी तरफ जो जीवित जवाला मुखी पहाड़ियों में आराम कर रहा था

ड्रेको ......दरकूओ

ड्रेको का सन्देश जैसे डार्क को मिलता है वह हुंकारता हुआ जवालामुखी के मुँह से निकल कर तेजी से आकाश की आवर उड़न भरता है

आवर निकल पड़ता है पूरी रफ़्तार से ड्रैगन सिटी की तरफ

( ड्रैगन सिटी ...एंड गोल्डन ड्रैगन सिटी अलग अलग है )

वही जुली अपने लिटेनिंग ड्रैगन पे बैठी हवा में स्थिर ड्रेको को देख रही थी जो उसकी हे तरफ भाड़ रहा था पैदल

वही डेरी डेरी ड्रैगन सिटी की तरफ बहुत से राइडर्स के हजारो ड्रैगन भी ज्वालामुखी से निकल कर ड्रैगन सिटी को तरफ भाड़ रहे थे

जल्दी वह एक विशाल सेना नजर आने लगती है






किंग ......ये तो बहुत विशाल राइडर्स सेना है आवर निचे जमीं पव भी सीकरी सेना बहुत बड़ी है

नियों .........है पैर योध कभी सेना की संख्या से नहीं सही योध निति आवर योध कौशल से योध में बड़ी से बड़ी सेना को हराया जा सकता है

ड्रेको अपने ड्रैगन डार्क पे स्वर हो जूलिया के लिटेनिंग ड्रैगन के सामने आ खड़ा होता है

अब जूलिया आवर ड्रेको एक दूसरे के आमने सामने थे

जूलिया इतनी विशाल राइडर्स एंड सीकरी सेना को देख थोड़ा गबरा रही थी

किरण .......भाई हम सब को जूलिया की सहायता करनी होगी वर्ण वो अपनी इस लड़ाई में हर जाएगी

सूर्य .....नहीं स्वीटी वो अपनी ताकत से अनजान है उसमे वो सकती है की वो इन सब का सामना कर सके पैर वो इतनी बड़ी सेना देख कर दर चुकी है इस लिया वो अपने भीतर चुकी सकती को पहचाना नहीं प् रही है

नियों ......आप उचित कह रहे है वाइट ड्रैगन प्रिंस सूर्य प्रिंसेस जूलिया को इस योध से पहले स्वयं के दर से योध करना होगा आवर उस से विजय प्राप्त करनी होगी तभी वह ड्रेको का अंत कर ड्रैगन लोक को उस जालिम के जुल्मो सितम से मुक्त कर सकती है

सूर्य ......वही तो चिंता का विषय है आवर दूसरी बात किसी एक पापी के अंत में हजारो लाखो बे गुनाहों की जान जाये ये बिलकुल उचित नहीं है इस योध को रोकना होगा

मानसी .......ये आप क्या कह रहे है

सूर्य ......यही सच है मन की ड्रेको पापी है उसने यहाँ की परजा पे बहुत जुलम किया उन्हें प्रताड़ना दी किन्तु ये जो बाकि राइडर्स है उसकी ये सेना है इसमें हजोरो निर्दोष लोग भी है वो बेवजह मरे जायेंगे

नियों ......है ये सत्य है आवर इसमें बहुत से लोग ऐसे है जो ड्रेको से बिलकुल अलग सोच रखते है पैर वो मजबूर है ड्रेको के आदेश का पालम करने के लिया

ड्रेको ........मुझे यकीं था तुम एक न एक दिन मेरे सामने अवश्य आओगी जूलिया पैर अंदाजा नहीं था इस तरह से हमारा सामना होगा

जूलिया .........मुझे तो आना हे था ड्रेको एक न एक दिन तुम्हे तुम्हारे उन सभी अपराधी का दंड देने जो तुमने मुझपे आवर बाकि ड्रैगन लोक की परजा पे यहाँ के निवाशियो पे किया है

ड्रेको .......हाहाहाहा तुम अपने पिता देविलं को भूल गई जिसे मैंने तड़पा तड़पा कर मारा था

आवर तुम मुझे नहीं मार सकती हो जुली अपने चारो तरफ देखो मेरी विशाल राइडर्स सेना आवर जमीं पे लाखो सीकरी सेना तुम्हारे सीकर के लिया तत्पर कड़ी है

जूलिया ......अपने पापी जुबान से मुझे जुली कह कर मत पुकारो ड्रेको मुझे जुली कह कर पुकारने का अदिकार केवल उन्हें है जिनसे मैं प्रेम करती हूँ आवर जिन्हे मैंने अपना कौमार्य भेट किया है

जिनके सामने तुम उनके पैरो की दल भी नहीं हो न सकती में न सौन्दर्य में

तुमने मुझे पाने के लिया क्या क्या नहीं किया यहाँ तक की मेरे पिता तक को मर दिया फिर भी मुझे प् नहीं सका जिनसे मैंने प्रेम किया उनपे अनेको लोको की राजकुमारिया स्वयं उनपे मोहित है

जूलिया की बात ड्रेको को बिलकुल भी पसंद नहीं

आवर सायद न उसके ड्रैगन डार्क को

ड्रेको .......जिस वजह से मैंने तुम्हे जीवित छोड़ा था वो वजह हे अब ख़तम हो चुकी है तो तुम्हारा जीवित रहना भी व्यर्थ है मेरे लिया

नियों .......फिर क्या सोचा है आपने ड्रैगन प्रिंस

सूर्य ......जुम्बा समुदाय के सब लोग अपने अपने ड्रैगन्स के साथ योध के लिया सज हो जाओ इन बाकियो को मैं देखता हूँ

किरण ......भाई आप अगर थोड़ी से कोशिश करे तो ये मसला बहुत आसानी से हल हो सकता है

सूर्य ......क्या मतलब स्वीटी

किरण .......भाई आप में तीनो ड्रैगन का अंश है वाइट ब्लैक गोल्डन ड्रैगन्स का

सूर्य .....है मुझे पता है पैर तुम कहना क्या चाहती हो

किरण ......आप अपनी उन्ही शक्तियों का इस्तमाल कर इन सभी ड्रैगन्स को कण्ट्रोल कर उन्हें वापिस लौटने को कह सकते है जो अच्छे राइडर्स है वो अपने ड्रैगन्स के मन की बात समाज लौट जायेंगे

सूर्य .....है ये ठीक है पैर तुम्हे आवर मानसी को भी अपनी अपनी सकती का इस्तमाल कर मेरा साथ देना होगा

नोयों ......ऐसा प्रिंसेस मानसी के लिया संभव नहीं भले हे वो ब्लैक ड्रैगन प्रिंसेस है पैर क्युकी उन्हें ब्लैक ड्रैगन का सकती अंश आप से प्राप्त हुआ है

जब तक वह सवयं ब्लैक ड्रैगन से कनेक्शन नहीं स्थापित करती है वो उस सकती का इस्तमाल नहीं कर सकती है

सूर्य ......इसका मतलब तो मैं भी ब्लैक ड्रैगन की पावर को पूरा इस्तमाल नहीं कर सकता हूँ

नियों ......आप उन्ही को कण्ट्रोल कर सकते है कुछ समय के लिया जिनका दिल पूरी तरह से पापी नहीं है अर्थात बुरा नहीं है ब्लैक ड्रैगन बुराई का पार्टीको है

सूर्य .....ठीक है मुझे बस कुछ समय दीजिये

सूर्य वह से सभी से कुछ दूर जा कर ध्यान करने लगता है

ीदार ड्रेको अपने सेना की आदेश दे देता है

किरण मानसी किंग क्वीन नियों आवर बाकि जुम्बा समुदाय के साथ बाबा के साथ आये राइडर्स भी इस योध में अपने अपने ड्रैगन एंड सीकरी ( जमीनी ड्रैगन्स ) के साथ योध में खुद पड़े

वही डेवलिन ड्रैगन बुक की मदद से बहार के घटित दृश्य देख कर चिंतित हो रहा था

डेवलिन की चिंता वाजिब भी थी क्युकी ड्रेको के सेना जूलिया की सेना से 2×से ज्यादा थी

डेवलिन ..........ये गोल्डन ड्रैगन होल्डर अपनी सकती का इस्तमाल क्यों नहीं कर रहे ड्रेको के खिलाफ आवर नहीं ब्लैक ड्रैगन होल्डर कुछ कर रही है

आवर वाइट ड्रैगन होल्डर योध में भाग क्यों नहीं ले रहा अगर ऐसा हे चलता रहा तो जूलिया की सेना ज्यादा समय तक ड्रेको के सेना का मुकाबला नहीं कर पायेगी

वही सूर्य अपनी कुंडली सकती के साथ हे तीनो अंश सकती ( वाइट ब्लैक गोल्डन ड्रैगन अंश सकती ) ..को जागृत कर योध मैदान की आवर भध जाता है

सूर्य अपनी वायु तत्वा का प्रयोग कर हवा में तैरते हुए

जूलियक आवर ड्रेको के बिच आ खड़ा होता है

सूर्य ........जुली रुक जाओ आवर तुम भी ड्रेको

सूर्य को वह देख जुली की हिमत भाड़ जाती है पैर सूर्य के रुकने के लिया कहना उसे भी समाज नहीं आया

जूलिया ......क्या हुआ सूर्य आप हमें रोक क्यों रहे है

ड्रेको .....कोण हो तुम हैट जाओ सामने से नहीं तो डार्क इस जूलिया से पहले तुम्हे हे चिर कर रख देगा

juliya......bevakuf ड्रेको जिसे चोर्ने फंदे का बोल रहे वो चाहे तो एक पल में तुम्हे तुम्हारे डार्क के साथ चिर के रख देगा

सूर्य ......ड्रेको तुम्हारे लिया एक प्रस्ताव है तुम जुली को मरना चाहते तो तुम दोनों एक दूसरे से योध करो न बाकि निर्दोषो की बलि क्यों चढ़ा रहे हो तुम दोनों के योध के कारन लाखो निर्दोषो की जान जाएगी

जुली .......मुझे बस इस ड्रेको का अंत करना है इसने मेरे पिता को मारा है आवर न जाने कितने मासूमो को इसने अपने डार्क का भोजन बनाया है

ड्रेको .........मैं इस योध को नहीं रोकूंगा चाहे कुछ भी हो जाये जो मरता है मरने दो अब हटो मेरे रस्ते से

सूर्य .....मैं तुम्हे एक मौका देना चाहता था निर्दोषो की जान बचा अपने पापो को कुछ काम कर सको पैर तुम मरना हे चाहते हो तो मारो

सूर्य जुली की तरफ भाड़ जाता है

सूर्य ........जुली अपने भीतर छुपी सकती को पहचानो तुम्हारे दर हे तुम्हारी सकती को बहार आने से रोक रहा है

भूलो मत तुम कोण हो तुम प्रिंसेस जूलिया हो


सूर्य जुली से उसकी सोर्ड ले कर ( वही सोर्ड जो सूर्य ने जुली को दी थी ) लिटेनिंग ड्रैगन के सामने आता है

सूर्य ......माफ कारनामे दोस्त तुम्हे थोड़ी तकलीफ होगी पैर तुम्हे तुम्हारी असली ताकत से रूबरू होने का वक़्त आ चूका

( जुली की आवर देख कर ) अगर तुम्हारी मास्टर अपने दर पे काबू प् चुकी होती तो तुम्हे ये तकलीफ नहीं होती

कहते हुए सूर्य अपने हाथो में पकड़ी वो सोर्ड लिटेनिंग ड्रैगन के उस स्थान पे गुस्सा देता है जहा लिटेनिंग ड्रैगन की लिटेनिंग मणि थी

जैसे हे सूर्य वो सोर्ड उस स्थान पे घुसता है वैसे हे जुली आवर लिटेनिंग ड्रैगन की चीखे आवर दहाड़ एक साथ निकलने लगती है






लिटेनिंग ड्रैगन अपने दर्द को वजह से ीदार से उदार उड़ने लगता है

जिस से जुली निचे गिरने लगती है तो सूर्य उसे हवा में थम लेता है

डेरी डेरी सोर्ड लिटेनिंग ड्रैगन के भीतर गायब होते हुए पूरी तरह से गायब हो जाती है

लिटेनिग ड्रैगन की दहाड़ से आकाश में घने काळा बदल मंडरा ने लगते है बिजलिया लडख़ड़ाने लगती है

लिटेनिंग ड्रैगन्स तेजी से दहाड़ते हुए नं बदलो में चला जाता है

दिन का समय भी जैसे रात्रि में बदल चूका था पूरा ड्रैगन सिटी के साथ साथ बाकि इलाका भी अंदर में घिर चूका था

सूर्य के ऐसे कृत्यै की किसी को उम्मीद नहीं थी केवल 3 लोग हे ऐसे थे जो सूर्य द्वारा ऐसे किये जाने पे भी परेशान नहीं हुए वो थे नियों मानसी किरण

जुली ......आपने ऐसा क्यों किया आप कहते तो मैं ड्रेको को जिन्दा छोड़ देती

सूर्य ......ये सब की जिम्मेदार तुम हो तुम्हे मैंने कहा था तुम भले ड्रैगन मास्टर बन चुकी हो पैर अभी भी अपने दर पे काबू नहीं कर पाई हो

अभी जो तक्लिप तुम्हे हो रही है उस से कही ज्यादा तुम्हारे ड्रैगन को हो रही

जुली .....आप मुझसे कह देते मैं आपसे प्रेम करती हूँ आवर हमेशा करती रहूंगी फिर आपने ......

ड्रेको ......हाहाहाहा मुझे मरने आई थी अब देखो खुद हे मर रही हो

यही है न तेरा वो प्रिंस जिसे तुम प्रेम करती थी देखा ुशी ने तुम्हे मार दिया अब इसे मैं मरूंगा तुम्हारी आँखों के सामने

सूर्य ......किसने कहा की जुली मरने वाली है मूरख ड्रेको जरा अपने सर पे तांडव करती अपनी मौत को देखो

सूर्य ने ये सब बहुत जोर से कहा था जिस से आस पास के राइडर्स जो योध कर रहे थे वो सभी भी रुक कर ऊपर कज आवर देखने लगते है

ड्रेको ......नहीं ये नहीं हो सकता है इसे तो तुमने मर दिया था

ड्रेको आकाश में जूलिया के लिटेनिंग ड्रैगन का अपडेट वर्शन देख कर अंदर तक कैंप चूक था

बाकि सभी की नजर भी वही जैम चुकी थी






आकाश में लिटेनिंग ड्रैगन उसे सोर्ड के इर्द गिर्द चाकर लगा रहा था जो सूर्य ने लिटेनिंग ड्रैगन की लिटेनिंग मणि में गुस्साए था

पैर अब दोनों की ऊर्जा लेवल बहुत भाड़ चुकी थी लिटेनिंग ड्रैगन हाइब्रिड कॉस्मिक लिटेनिंग ड्रैगन बन चूका था

नियों ......हाइब्रिड कॉस्मिक लिटेनिंग ड्रैगन

सूर्य ......जाओ जुली तुम्हारा हाइब्रिड कॉस्मिक लिटेनिंग ड्रैगन तुम्हारा इंतजार कर रहा है

जाओ आवर अंत कर दो इस पापी ड्रेको का इन सब को मैं संभल लूंगा

सूर्य जूलिया का हाथ पकड़ कर जुली के ड्रैगन के पास ले जाता है

लिटेनिंग ड्रैगन ......ड्रैगन प्रिंस मेरी ीचा है की आप मुझपे पहली सवारी करे आपकी वजह से मैं अपने इस हाइब्रिड रूप को प् सका हु

लिटेनिंग ड्रैगन की आवाज सुन कर जुली को यकीं नहीं हुआ की उसका ड्रैगन बोल भी सकता है

जूलिया सूर्य की तरफ शक भरी नजरो से देखती है

उसे अभी भी वहां हे लग रहा था

सूर्य ......यकीं करो ये सच है न की कोई वहां जुली तुम्हारा लिटेनिंग ड्रैगन अब बोल सकता है आवर भी बहुत खुश कर सकता है जिसका पता समय समय पे तुम्हे लग जायेगा

सूर्य लिटेनिंग ड्रैगन की इच्छा का मन रखते हुए जुली को ले कर ड्रैगन पे स्वर हो जाता है

आवर अपनी सकती का प्रयोग कर जितने ड्रैगन को कण्ट्रोल कर सकता था सूर्य करता है आवर उन्हें इस योध से दूर जाने को कहता है

कुछ राइडर्स अपने ड्रैगन की बात मन योध से पलायन कर जाते है आवर जो नहीं मानते जिन्हे ड्रेको के लिया योध कारनामे था उन्हें उन्ही के ड्रैगन निचे गिरा कर ज्वालामुखी की तरफ लौट जाते है

देखते हे देखते ड्रेको के सेना से 10 में से 8 सैनिक या तो जा चुके था या फिर अपने ड्रैगन के बिना कमजोर हो चुके थे

सूर्य सोर्ड ले कर जुली को सौंप आ है

आवर ड्रेको के सामने आ जाता है

डार्क सूर्य आवर जुली को अपने सामने देख अपने मुँह से तेज अग्नि वत्स करता है






लिटेनिग ड्रैगन तक अग्नि पहुँचती उस से पहले हे वह सूर्य आवर जुली को ले कर गायब हो ड्रेको के ऊपर आ जाता है

सूर्य .......जुली तुम्हारा सीकर तुम्हारे निचे है अंत करो उसका इन बाकि सब को हम संभल लेने

सूर्य इतना बोल स्वीटी के पास चला जाता है जो बड़े मज़े से जो बाकि 2 / राइडर बचे हुए थे उनका सफाया कर रहे थी जुम्बा समुदाय के साथ

सूर्य को देख कर किरण रुक जाती है






सूर्य ......क्या बात है मेरी शेरनी तो वारियर प्रिंसेस' लग रहे हो योध करते हुए

किरण ......हहहह वो तो हम है हे आपको कोई शक था क्या

सूर्य .......बिलकुल नहीं जिसे मैं नाजुक कालींसमाज रहा था वो तो सकसाथ माँ महाकाली का अवतार है

किरण ........है पैर आपके लिया आपकी स्वीटी बाकू सबके लिया जो आप कहो अब इन्हे जल्दी से ख़तम करो चारो तरफ इनसे जले हुए इंसान आवर ड्रैगन पड़े है

सूर्य .....अभी लो आवर देखो हमारा कमल

सूर्य अपना काल रूप याद करता है तो उसके सरीर पे काल रूप में जो पोषक आवर सोर्ड आती थी उसके स्थान पे लोहे का आरमोर आवर सोर्ड थी बिना नकाब के






सूर्य .......ये क्या ये तो हमारा काल रूप नहीं है

किरण ......हहहहए ये आपका अपडेटेड वर्शन है हहहहए

सूर्य ......ओह्ह्ह तो ये सब आपका किया धरा है

किरण ......इसमें आप बहुत अच्छे लग रहे हो

सूर्य .....ठीक है फिर आज से हम इसे पे प्रयोग करेंगे जहा हमारी पहचाना को ले कर कोई प्रॉब्लम नहीं होगी वह

सूर्य अपनी पीठ से सोर्ड निकल जो भी राइडर्स ड्रैगन सीकरी ड्रैगन बिच में आता उसे चिढ़ते हुए ऐसे निकल रहा था जैसे कोई तूफान मैदान में उतर आया है

जुली अपने ड्रैगन के साथ ड्रेको से खेल रहे थे

आवर उसमे लिटेनिंग ड्रैगन को भी बहुत मज़ा आ राग था

डार्क जैसे जुली पे अग्नि फेंका ड्रैगन गायब हो कर दूसरे स्तन पे प्रकट हो डार्क आवर ड्रेको पे बिजली छोड़ता

ड्रेको आवर डार्क इस तरह जुली को खुद के साथ बच्चो जैसा बरताप देख जनजल गया था

ड्रेको .....हिमत है तो ये चिलम चौपाई बंद करो आवर मर्दो के जैसे मेरा सामना करो

ड्रेको सायद भूल गया की वो मर्द से नहीं एक स्त्री से योध कर रहा है

जुली ......हहहहए ड्रेको सपने में हो क्या या तुम्हारी बूढी भर्स्ट हो गई है जो मुझे मर्द बोल रहे हो

वैसे तुम्हारा कथन भी गलत नहीं है तुम्हारे सामने तो मर्द हे हूँ मई तुमने तो आंतक नपुंसकता हे दिखाई है अपनी

जुली द्वारा अपना ऐसा अपमान होता देख डार्क आवर ड्रेको दोनों अपना आप खो देते है

ड्रेको पूरी रफ़्तार से जुली की तरफ आग उबलते हुए उड़न भरता है

जुली अपनी सोर्ड अपने नाजुक उंगलियां काश लेती है

आवर ड्रेको के सामने के आवर तेजी से भड़ती है










जैसे जैसे दोनों एक दूसरे के सामने आवर नजदीकी आ रहे थे वैसे हे वैसे डार्क अपने मुँह से छोड़ रहे अग्नि में आवर आदिक वृद्धि कर देता है

वही जुली का हाइब्रिड कॉस्मिक लिटेनिंग ड्रैगन अपने मुँह में विद्युत् एनर्जी एकता करने लगता है

जैसे हे जुली ने इसरा किया वो बिजली दो लिटेनिंग एरो में बदल कर सीधा डार्क की आँखों में लगती है

ठीक उसे पल जुली सोर्ड का इस्तेमाल करते हुए डार्क के एक पंख को उसके सरीर से अलग कर देती है

डार्क अपनी दोनों आखे आवर एक पंख गवा चूका था एक पंख से वह ुध नहीं सकता था इस लिया डार्क आकाश से अपने विशाल सरीर के साथ साथ ड्रेको को लिया निचा आ गिरता है

ीदार लगभग ड्रेको के राइडर्स सेना आवर सीकरी सेना का खत्म हु चूका था

सभी जुम्बा समुदाय आवर बाकि राइडर्स ड्रेको को घेर लेते है

जुली अपने सोर्ड लिया गायक ड्रेको के सामने आ कड़ी होती है

डार्क आवर ड्रेको दोनी हे बुरी तरह से घायल थे

जुली ........देख अपने चारो तरफ ड्रेको इस तबाही का कारन सिर्फ तुम हो पैर अब यहाँ फिर कभी ऐसा नहीं होगा आज तुम्हारे अंत के साथ हे ये सब यही ख़तम हो जायेगा

ड्रेको ......ये कभी नहीं रुकेका जूलिया मैं मर जाऊंगा तो कोई आवर यहाँ आएगा मुज जैसा ये सिलसिला ऐसे हे चलता रहेगा यहाँ

नियों .......ये तुम्हारी भूल है ड्रेको क्युकी अब यहाँ की क्वीन बनेगी प्रिंसेस जूलिया ड्रैगन लोक के राजसिंघासना पे बेथ कर प्रिंसेस जूलिया राज करेंगे

ड्रेको ......कब तक तुम ड्रैगन सिटी पे राज करोगी

नियों ........बहुत जल्द ड्रैगन लोक को उसका उत्तराधिकारी मिलने वाला है

नियों की बात सुन सूर्य के कण खड़े हो जाते

( सूर्य ......कही जुली प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाएगी उस मिलान से मुझे स्वीटी से बात करनी होगी )

जूलिया आस भरी नजरो से सूर्य को देखती है

सूर्य जुली की नजरो का सामना नहीं कर सका आवर उसने अपनी नजरे फेर ली

किरण ये सब देख रहे थे उसे ये थोड़ा अजीब लगा पैर फिर बाद में बात करने सोच कर कुछ नहीं कहा

जुली ......जो भी होगा अच्छा हे होगा पैर तुम्हारे जैसे पापी का अंत आज हे होगा

जुली अपनी सोर्ड ले कर आगे भड़ी तो ड्रेको को उसमे अपनी मौत अपने नजदीकी आती हुई दिखाई देने लगी

जैसे हे जुली अपनी सोर्ड का वॉर डार्क की गर्दन पर किया

ड्रेको ......रुको जूलिया रुको डार्क को मत मारो अगर ये मारा तो मैं भी मारा जाऊंगा

जूलिया .....तभी तो इसे मर रही हु ताकि तुम तड़प तड़प कर मारो

ड्रेको ......मुझे जिन्दा छोड़ दो मैं तुम्हे तुम्हारे पिता डेवलिन सौंप दूंगा

अपने पिता का नाम सुन कर उसका हाथ वही रुक जाता है

जूलिया ......मेरे पिता वर्षो पहले हे मर चुके है उन्हें तुमने हे मारा था अपनी जान बचने के लिया मेरे पिता का नाम ले कर बच्नको चाहते हो

ड्रेको ......ुए सच है डेवलिन जिन्दा है आवर मेरी कैद में है तुम मुझे जिन्दा छोड़ दो मैं तुम्हे तुम्हारे पिता तक पंहुचा दूंगा

सूर्य .....जुली जो भी निर्णय लो पैर मेरी एक बात हमेशा याद रखा अगर एक अपने को खोने से हजारो की जिंदगी सुधरती है उन्हें अच्छा जीवन मिलता है तो हमें उन हजारो को चुनना चाइये न की अपने उस एक को जो हमसे लिया खाश महत्त्व रखता है

जुली काफी वक़्त अपने हे विचारो में उलझी रही फिर उसने अपना फैसला बता डार्क की गर्दन उसके सरीर से अलग करके

डार्क की गर्दन अलग होते हे ड्रेको की चीखे ड्रैगन सिटी में गूंजने लगी डार्क का सरीर डेरी डेरी गायब होने लगता है आवर कुछ हे देर में डार्क का नामोनिशान तक मिट चूका था

ड्रेको कुछ देर अपने किये कर्मो का दंड भोगता रहा फिर उसने भी अपने प्राण त्याग दिए

जुली वही बेथ कर रोने लगती है एक बार फिर अपने पिता को खो देने के गम में

नियों .......तुमने उचित निर्णयन लिया जूलिया तुम्हे ड्रैगन लोक के लोगो के अच्छे भविष्य को चुना न की अपने पिता डेवलिन को तुम्हारा यही फैसला तुम्हे भविष्य में ड्रैगन लोक की महारानी के ताज से सम्मानित करेगा

अब चलो आवर चल कर अपने पिता को मुक्त कराई वो ड्रैगन सिटी प्लेस है वो तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहे है

जूलिया ......क्या वो सच में जीवित है

नियों ......है यही सत्य तुमसे छुपा हुआ था जूलिया

जूलिया .......पैर वो भी तो जुम्बा समुदाय से थे फिर वो ......

नियों .......उन्हें किसी आवर का सरीर मैंने हे प्रदान किया था ताकि तुम्हारी परवरिश कर सके

जुली .....किसका सरीर था वो

नियों .......वो मेरा सरीर था जूलिया क्युकी उस वक़्त केवल मैं हे था जो उस श्राप से मुक्त था अपने सरीर का त्याग कर तुम्हारे पिया का श्राप मैंने अपने ऊपर लिया था यही वजह है की मैं अपने एक आँख छुपा कर रखता था क्युकी वो आँख कीमत थी गोल्डन ड्रैगन को जिस से मेरा सरीर सुरक्षित रहे उनके श्राप से बदले में उन्होंने मुझे वो आँख दी जिस से माहि भविष्य को देख पाया आवर इस श्राप से सभी का मुक्ति का मार्ग प्रसस्त किया

सूर्य ........जुली तुमने जो निर्णयन यहाँ की जनता के लिया लिया उस बाकि सभी के साथ मैं भी बहुत खुश हूँ तुमने अपने पिता के बदले ड्रैगन लोक को चुना

सूर्य आगे भाड़ जुली के माथे को चुम लेता है

नियों जूलिया सूर्य किरण मानसी बाकि सभी के साथ ड्रैगन सिटी प्लेस की आवर भाड़ जाते है देविलं को आनद करने के लिया .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ............

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स...............

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सैम तक अपडेट पोस्ट करूंगा फ्रेंड्स .....
 
अपडेट ......... 171

सूर्य ........जुली तुमने जो निर्णयन यहाँ की जनता के लिया लिया उस बाकि सभी के साथ मैं भी बहुत खुश हूँ तुमने अपने पिता के बदले ड्रैगन लोक को चुना

सूर्य आगे भाड़ जुली के माथे को चुम लेता है

नियों जूलिया सूर्य किरण मानसी बाकि सभी के साथ ड्रैगन सिटी प्लेस की आवर भाड़ जाते है देविलं को आजाद करने के लिया .........

अब आगे .........

ड्रैगन लोक .......
जैसे हे सूर्य डेवलिन को रखे हुए कक्ष के जादुई द्वार को नस्ट करता है

कोई वास्तु आ कर किरण के सीने से टकराती है

ये कुछ आवर नहीं ड्रैगन बुक थी जो किरण के सरीर में समाहित हो चुकी थी

द्वार के नस्ट होने पे डेवलिन आजाद हो चूका था

जैसे हे जूलिया की नजर अपने पिता की वृद्ध सरीर ( बूढ़े सरीर ) पे पड़ती है जूलिया की आँखे नाम हो जाती है

ऐसा हे हाल कुछ डेवलिन का था अपनी बेटी जूलिया को देख वह खुद को संभल नहीं पाया आवर लड़खड़ा जाता है

जूलिया तेजी से दौड़ते हुए अपने पिता के कमजोर सरीर को अपने कोमल पैर मजबूत हाथो से थम लेती है

डेवलिन अपने बेटी के स्पर्श को प् कर बहुत खुश होता है

डेवलिन अपने घुटनो पे बे थे हुए हे अपनी बेटी जूलिया को सीने से लगा लेता है

पिता पुत्री के प्रेम आवर ऐसे मिलान को देख वह मौजूद सभी की आँखे नाम हो जाती है

डेवलिन .....मेरी बच्ची मेरी राजकुमारी मुझे फिर से मिल गई

जूलिया ......आप ठीक तो है न पिता जी आपको जिन्दा देख कर मैं आज बहुत खुश हूँ मैंने तो उम्मीद भी न की थी की आप जिन्दा हो फिर से आपका प्यार प् सकूँगी

नियों ......पिता पुत्री के मिलान के बिच हस्तक्षेप करने ले लिया क्षमा चाहता हूँ परन्तु डेवलिन आपको पहले गोल्डन सरोवर में सनान कर अपना सरीर पाना होगा

क्युकी ये मेरा सरीर किसी भी क्षण नस्ट हो सकता है

आवर आपको उस से पहले इसका त्याग करना अनिवार्य है अन्यथा इस सरीर के नस्ट होने के पश्चात आप की मृत्यु हो सकती है आपको अपना सरीर प्राप्त नहीं होगा

नियों की बात सुन जूलिया अपने पिता से अलग होती है

जूलिया ......पिता जी पहले आपको गोल्डन सरोवर में सनान कर्जा चाइये मैं आपको फिर से खोना नहीं चाहती हूँ

डेवलिन .......उचित है पुत्री हम अभी वह चलते है

नियों डेवलिन को ले कर गायब हो जाते है आवर सरोवर के स्थान पे प्रकट होते है

नियों .....आपका सरीर नस्ट होना सुरु हो चूका है आपको सिगरता करनी होगी

डेवलिन गोल्डन सरोवर में गोल्डन वाटर में उतर जाता है उसके साथ हे उन्हें अपना वास्तविक सरीर एक बार फिर से प्राप्त होता है जो श्राप के कारन नस्ट हो चूका था

डेवलिन जब गोल्डन सरोवर से बहार निकलते है तो अभी काफी जवान नजर आ रहे थे जैसे की उनकी आगे 40,45 इयर्स हो

डेवलिन ....एक बार फिर से अपना सरीर दर्जन कर बहुत अच्छा मह्सुश हो रहा है देवसूफ़ी

आपका बहुत बहुत शुक्रिया जो आपने मुझे अपनी पुत्री के पालम पोषण के लिया अपना सरीर का त्याग कर मुझे अपनी पुत्री के साथ उसके बचपन जीने का सुनेहरा मौका दिया

नियों .......हमने कुछ नहीं किया ये सब पहले से हे निडरता था डेवलिन अब हमें चलना चाइये आपकी पुत्री प्रिंसेस जूलिया आपका इन्तजार कर रही होगी

डेवलिन ........ जी मुझे भी मेरी बची जूलिया से बहुत से बाते करनी उसके साथ समय बिताना hi

नियों ........ पैर उस से पहले आपको एक सत्य से अवगत भी होना है

डेवलिन .......कैसा सत्य दरवसुफी

नियों .......आपकी पुत्री जूलिया आवर वाइट ड्रैगन प्रिंस सूर्य ठाकुर के प्रेम मिलान से हे हमें गोल्डन ड्रैगन के श्राप से मुक्ति प्राप्त हुई है

आपकी पुत्री ड्रैगन प्रिंस से प्रेम करती है

डेवलिन ....... है ये सत्य मैं जनता हूँ ड्रैगन बुक की मदद से मैं ये सब जनता हूँ देवसफ्फी

नियों .........आपकी पुत्री के घरब से जिस दिव्या संतान का जनम होगा वही भविष्य में ड्रैगन लोक का भावी सम्राट होगा

डेवलिन ........ये तो बहुत हे ख़ुशी की बात है देवसफ्फी

नियों ....... किन्तु इसमें एक मुश्किल भी है

डेवलिन ......कैसे मुश्किल देवसफ्फी

नियों ....... ????? ??????? ??????

डेवलिन .......ये तो मेरी पुत्री के साथ अन्याय होगा देवसफ्फी

नियों .......... इसमें आपकी पुत्री की इच्छा थे वो सब जानते हुए भी मिलान के वक़्त अपनी इच्छा के ादिन हो ऐसी मांग की है

डेवलिन ......कोई तो रास्ता होगा इसे बदलने का

नियों ......है केवल एक है जिनकी इच्छा का वो सदैव मन रखते है

डेवलिन .......हम उनसे बात करके देखे

नियों .....अभी नहीं अभी समय उचित नहीं है

अभी उन्हें सिगरा हे अपना कार्य सम्पन कर लौटना होगा क्युकी गोल्डन ड्रैगन प्रिंसेस किरण आवर वाइट ड्रैगन प्रिंसेस सूर्य का विवाह का योग बन रहा इस लिया इन्हे सिगरा हे अपने कार्य पूर्ण का लौटना होगा

डेवलिन ......क्या मेरी पुत्री आवर उनका साथ यही तक का था

नियों ......भविष्य में क्या होगा क्या नहीं वो वही जानते है हम केवल अपना करम कर सकते है अभ हमें चलना चाइये किन्तु जो भी चर्चा हमारे बिच हुई है उसका ज्ञान किसी तीसरे को न हो

डेवलिन ......जी देवसफ्फी जैसा आप कहे

डेवलिन आवर नियों दोनों वह से गायब हो गोल्डन ड्रैगन प्लेस पहुंचते है जहा पैर जूलिया किरण मानसी किंग क्वीन आवर बाकि मुख्या लोग वह मौजूद थे

जूलिया नियों के साथ किसी आवर को देख नियों से अपने पिता के बारे में पूछे बना रह नहीं पति है

क्युकी डेवलिन के जिस चेहरे को देखते हुए वह बड़ी हुई थी अब डेवलिन उस चेहरे में नहीं था

जूलिया ......देवसफ्फी आपने इतना संजय कहा लगा दिया

आपके साथ पिता जी भी गए थे वो कहा रह गए

नियों ........यही है तुम्हारे पिता डेवलिन यही है इनका वास्तविक चेहरा वो चेहरा मेरा था जिसे देखते तुम बड़ी हुई थी प्रिंसेस जूलिया

जूलिया के लिया भी के हे चेहरा बदला था पैर पिता पुत्री का प्रेम नहीं

जूलिया अपने पिता जी को देख एक बार फिर भावुकता वश अपने पिता के सीने से आ लगती है

जूलिया ......पिता जी हमें आपसे ढेरो बाते करनी है पैर पहले आपको हम अपनी बड़ी बहनो से मिलवाते है

ये है किरण दीदी गोल्डन ड्रैगन प्रिंसेस आवर ये है मानसी दीदी ब्लैक ड्रैगन प्रिंसेस आवर ये है

डेवलिन ......वाइट ड्रैगन प्रिंसेस सूर्य हम जानते है बेटी इनके विषय में जब से आप चारो सफर पे निकले है

हम तब से आप पे नजर रखे हुए है

बेटी आप हम से नहीं मिलोगी क्या क्युकी अब आप दोनों जूलिया की बड़ी बहने है तो उस नाते हमारी भी बड़ी पुत्रिया हुई

किरण वह मानसी दोनों बड़े हे सनेह से डेवलिन से मिलती है

डेवलिन भी दोनों से उतने प्यार आवर सनेह से दोनों सर पे हाथ फिर कर उन्हें आसिष देता है

डेवलिन .....हम जानते है आप तीनो ड्रैगन लोक में क्यों आये है

आप आज विश्राम कीजिये कल सुबह आप चारो अपने मंजिल पे होंगे क्युकी वाइट ब्लैक आवर गोल्डन ड्रैगन से आपकी भेट कल सुबह होगी जब आप अपने सफर के लिया उनके क्षेत्र में परिवेश करेंगे तो आप तीनो को अपने अपने ड्रैगन का अहसास होने लगेगा

किरण ......मुझे पता है तीनो ड्रैगन कहा है ड्रैगन बुक ने मुझे चुना है है इस लिया मुझे ज्ञात है की वो तीनो इस वक़्त कहा है

सूर्य .......नियों आपने तो कहा था की ड्रैगन बुक से उनके विषय में कुछ पता नहीं चलेगा

नियों .....है ये सत्य है क्युकी ड्रैगन बुक गोल्डन ड्रैगन की सकती से उत्पन हुई है

अब अगर वो अपना स्थान प्रिंसेस किरण को बता रहे तो ये उनकी इच्छा होगी आवर वो भी चाहते है आप उनसे सिगरा हे भेट कर उनसे जुड़े

किरण ......है ये सच कह रहे है भाई उन्होंने सामने से संपर्क कर अपने स्थान की सूचना हमें दी है

किन्तु उस से पहले हमें गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को प्राप्त करना होगा तभी हम उन से संपर्क स्थापित कर पाएंगे आवर एक बात गोल्डन ड्रैगन से केवल मैं हे नहीं आपको भी जुड़ना होगा साथ हे ब्लैक ड्रैगन से तीनो ड्रैगन से आपका मानसिक जुड़ाव होगा किन्तु हमारा जुड़ाव केवल हमारे गोल्डन आवर ब्लैक ड्रैगन से होगा

साम तक सूर्य नियों के साथ रह कर ड्रैगन्स के विषय में जानकारी लेते है

वही किरण मानसी जूलिया डेवलिन किंग आवर क्वीन के साथ समय बिता ते है

रात के भोजन के पश्चात सूर्य किरण मानसी तीनो एक हे कक्ष में रुकते है

जकिया भी आना चाहती थी किन्तु किरण ने उसे अपने पिता के साथ समय बॉटने को कहा जिस से जूलिया भी खुश हो गई

किरण ......भाई आज योध के बाद आप कुछ परेशान लगे मई. तभी आपसे पूछना चाहती थी पैर वह का माहौल ऐसा था की मैंने बाद में आपसे पूछने की सोची कुआ बात है भाई

सूर्य ........वो स्वीटी मैंने तुम्हे एक बात नहीं बताई थी

जब जूलिया आवर मेरा मिलान हो राग था उस वक़्त जूलिया ने कुछ माँगा था भले हे उसने अपने मुँह से खुश न कहा हो पैर उसने जो अपने मन में माँगा वो मुझे सुनाई दे गया

किरण ......ऐसा क्या मन लिया जुली ने जो आप परेशान हो गए आवर मुझसे आपको छुपाना पड़ा

सूर्य .......उसने मिलान के दौरान इच्छा जताई की वह मुज जैसे हे पुत्र मुझसे चाहती है

मुझे कुछ समाज नहीं आया तो मैंने सब महाकाल पे छोड़ दिया की जो महाकाल की इच्छा हो वही जुली की इच्छा का समादन करे

पैर जब आज नियों ने का की भविष्य में जुली का पुत्र राजसिंघासना का उत्तराधिकारी होगा तो मुझे लगा कही उस मिलान से जुली प्रेग्नेंट तो नहीं हो गई इसी बात से में परेशान हो गया था

किरण .......क्या भाई तुम भी न क्या क्या सोचते हो

अगर परबु महाकाल की इच्छा भी यही है तो हम में से कोई उसे बदल नहीं सकता है

आवर उनकी इच्छा न हुई तो कुछ भी कर लो कुछ नहीं होगा

सूर्य ......पैर मुझे लगता है महाकाल की भी यही इच्छा है

किरण .....हहहहए क्या आप भी भविष्य देखने लगे हो

सूर्य .....स्वीटी बात वो नहीं है

किरण .........भाई आप चिंता न करो अगर आपसे प्रेग्नेंट होती भी है तो कोई फरक नहीं पड़ता क्युकी वो जुली आवर आपका हे नहीं बाकि हम सब का भी बीटा या बेटी होगी उसकी केवल जुली हे माँ नहीं होगी बल्कि आप की बाकि सभी पत्निया भी उसकी माँ होंगी भले जनम उसे जुली दे

सूर्य .....क्या बाकि सभी उसे या जुली को स्वीकार कर पाएंगी स्वीटी

मानसी ......स्वीटी दीदी की बात की कोई नहीं टलेगा

किरण ......है आवर एक बात जुली मेरी बहन है आवर वो आपको हे अपना सबकुछ मानती है तो हम सब से सदी करने के बाद आपको उस से भी सदी करनी होगी

सूर्य .....पैर ये तभी होगा जब बाकि सभी ख़ुशी ख़ुशी इसकी सहमति देंगी

किरण .....इस लिया हे मैंने एक फैसला किया है की जुली कुछ समय हमारे साथ रहेगी परीलोक में

सूर्य .....स्वीटी एक बार गुरुदेव से तो बात कर लेनी चाइये इस बारे में

किरण ......उनकी तरफ से है हे संजो क्युकी आपसे जो भी सच्चे दिल से प्रेम करती है गुरुदेव उन्हें सवीकार नहीं करेंगे

सूर्य ......फिर भी स्वीटी वो हमारे गुरु है उनकी आज्ञा सबसे जरुरी है

kiran.......ishi लिया तो जुली को हमारे साथ चल रही है ताकि गुरुदेव सायं जुली को परखे आवर अपना निर्णयन बताये तब तक जुली को इस बारे में कुछ भी पता नहो चलेगा

अभ मुझे नींद आ रही है आवर मुझे मुँह मीठा करना है

कहते हुए स्वीटी आने कपडे निकल ब्रा पे सूर्य के पेट पे जा भेटि

आवर प्यार से सूर्य के निर्वस्त्र ा चोदे सीने को चूमते हुए हुए गर्दन पे किश करते हुए सूर्य के होंटो से अपनी कोमल कोमल गुलाब की फंखुडिया टिका देती है

सूर्य बड़े प्यार से किरण की मखमली कमर को सहलाते हुए

किरण की कोमल ाड्रो से मिठास पिने लगता है

किरण अपनी जुबान को सूर्य में मुँह में दाल उसकी जुबान से जुबान लड़ने लगती है

जिसे सूर्य बड़े हे प्यार से चूसने लगता है

7,8 मिनट्स चले इस किश के बाद सूर्य किश तोड़ कर किरण की पीठ सहलाते हुए अपने सीने पे लिटा लेता है

वही मानसी भी किश कारनामे चाहती थी पैर पहल करने स जीजाक रही थी जिसे देख खुद किरण हे मानसी का हाथ पकड़ सूर्य की बहो में ले आती है

किरण .......मानसी अपने प्यार से कैसे जिजाजाक इन्हे प्यार करने का उठा हे हक़ तुम्हारा है जितना इनकी बाकि प्रेमिकाओ का यहाँ वक़्त है तुम्हारे पास

फिर भी तुम जीजाक रही हो सोचो वह तुम्हे इतना वक़्त नहीं मिलेगा आवर न इनको फिर क्या करोगी

मानसी ......दीदी थोड़ी जीजाक तो होगी हे न कुछ समय दीजिये

सूर्य .......ठीक है फिर मैं सो रहा हूँ तुम्हारी इच्छा हो तब आना मेरे पास

किरण ......हहहहए तुम्हे से तो फ़ास्ट जूलिया निकली उसने तो मिलान तक कर लिया आवर बचे तक का सोच लिया एक हे बार में

तुम बस सोचती रहो

किरण एक बार फिर से सूर्य को किश करने लगती है

मानसी कुछ देर सोचती है फिर किरण के हटने के तुरंत बाद खुद से मानसी अपने सरबती होंटो का सरबत सूर्य को पिलाने लगती है

काफी समय तक इनकी छेद चढ़ चलती रहती है फिर तीनो एक दूसरे को बहो में भर चैन की नींद सो जाते है


असुर लोक .....

असुर महल .........
विसुदी नगीना अपने प्लान अनुसार रात के भोजन में मूर्छित करने वाली ॉडी मिला कर अपने प्लान को अंजाम तक पहुंचने के तयारी कर चुकी थी

नगीना ........विसुद्धि हम पिता शरद के लिया भोजन ले कर जा रहे है तुम माता श्री को अपनी आँखों के सामने भोजन करवाना

हम पिता श्री को भोजन करवा कर सिगरा आपसे कक्ष में भेट करते है है

विसुद्धि ......उचित है नगीना किन्तु वातापी का क्या

नगीना उनका इंतजाम हमने पहले हे कर दिया है भाई कंटकासुर इस वक़्त महल से बहार है तो उनकी चिंता नहीं है उनके आते हे उन्हें उस कक्ष में ले चलना जहा हमने उत्तम मांस वह उत्तम मदिरा का पारबन्द किया है

विसुद्धि .......उचित है फिर सिगरा हे कक्ष में भेट करते है

नगीना विसुद्धि दोनों भोजन का थल ले नरकासुर वह द्वारिका के कक्ष के तरफ भाड़ जाते है

( जब से जगदा हुआ है तब से द्वारिका आवर नरकासुर का कक्ष अलग अलग है सो कन्फ्यूज्ड न होना )

नगीना को भोजन थल ले कर अपने सामने खड़ा देख नरकासुर मुस्कुराते बिना न रह सका

नरकासुर .....क्या बात है पुत्री नगीना आप क्यों भोजन ले कर आई है

यहाँ महल में इतनी दसिया है फिर हमारी राजकुमारी ने इतना कास्ट क्यों किया

नगीना ......इस में लास्ट कैसा पिता एग्री हम आपकी पुत्री है

आपकी सेवा करना हमारा परम कर्त्तव्य है

क्या हमारे हाथो लाया भोजन आप ग्रहण नहीं करेंगे

नरकासुर ......ऐसा कभी हाउ सकता है की हमारी राजकुमारी की कोई इच्छा हो आवर हमें उनके पिता श्री असुरराज नरकासुर पूरी न करे ऐसा कभी न हुआ है न भविष्य में होगा

नगीना .......फिर तो हमारी इच्छा है की हम अपने हाथो अपने पिता श्री को भोजन कराये

नरकासुर ......अगर आपकी यही इच्छा है तो आप अपने हाथो से हे भोजन खिलाओ हमें आपके हाथो से किया भोजन हमारे लिया अमृत सामान होगा पुत्री

नगीना अपने प्लान को कामयाब होता देख ख़ुशी से चहकने लगती है

नरकासुर नगीना की ख़ुशी देख सोचता है की उसकी पुत्री अपने पिता को अपने हाथो से भोजन करवाने की बात से कितनी ख़ुशी लग रही है

नगीना अपने हाथो से नरकासुर को भोजन करवाने लगती है

नरकासुर बड़े प्रेम से अपने बेटी के हाथो भोजन ग्रहण करने लगता है

वही दूसरे कक्ष में विसुद्धि जब द्वारिका के लिया भोजन ले कर गई

तब द्वारिका किसी असुर किरिया पूरी करने में लगी हुई थी

विसुद्धि ......माता श्री आप अभी भी इन सब में लगी हुई है

आपको भोजन का भी ध्यान नहीं रहता है ऐसे में तो आपके स्वस्थ्य पे इसका दुस्प्रभाव पड़ेगा

द्वारिका ........पुत्री आपने कास्ट क्यों किया भोजन लेन का वही रख दो हम कुछ समय बाद सवयं भोजन ग्रहण कर लेंगे

आप भी जा कर भोजन ग्रहण कर विश्राम करो

( विसुद्धि ......नगीना ने कहा था की अपने आँखों के सामने भोजन करवाना है अगर इन्होने भोजन नहीं किया तो )

द्वारिका .......क्या हुआ पुत्री विसुद्धि

विसुद्धि ........कुछ नहीं माया श्री हमारी इच्छा थी की हम आज भोजन आपको अपने हाथो से करवाए पैर आपने तो ......

द्वारिका .....ठीक है पुत्री विसुद्धि बस कुछ पल प्रतीक्षा करो हमारी असुर तांत्रिक किया पूरी होने वाली है

उअके पश्चात हम तुम्हारे हाथो भोजन ग्रहण करेंगे

विसुद्धि की चेहरे पे द्वारिका की बात सुन ख़ुशी की लहार दौड़ गयी

विसुद्धि .....आवश्यकता माता श्री हम आपकी तांत्रिक किरिया पूर्ण होने तक प्रतीक्षा करते है

विसुद्धि की ख़ुशी देख द्वारिका की खुश अजीब लगा उसे ज्ञात था की उसकी पुत्री के मुख पे आई ख़ुशी उसे भोजन करवाने से तो बिलकुल नहीं होगा सकती है

(द्वारिका ......विसुदी जरूर कुछ छुपा रही है हमसे अगर हमने पूछना चाहा तो अवश्य सत्य छुपाएगी

इसके चेहरे की ख़ुशी हमें किसी आवर हे सडयंत्र के सफल होने की ख़ुशी लग रही है हमें सतर्क रहना होगा विसुद्धि से )

कुछ देर में द्वारिका की किर्या पूर्ण होने जाती है आवर वह अपनी तांत्रिक पूजा तेरे से बहार निकल आती है

जैसे हे डरना की नजर भोजन पे पड़ती है

उसे भोजन को ले कर कुछ संदेह उत्पन होता है

द्वारिका अपनी मायावी सकती का प्रयोग करती है तो उसे ज्ञात हो जाता है की भोजन में मूर्छित करने वाली ओसधु मिले हुई है

( द्वारिका .....विसुद्धि हमें मूर्छित कर कोनसा सडयंत्र सफल करना चाहती है कही हमारी हत्या तो नहीं .नहीं नहीं .विसुद्धि हमारी पुत्री है वो ऐसा नहीं कर सकती

द्वारिका .....हो भी सकता है .है तो एक असुर कन्या हे न जहा पिता हे पुत्र का अंत कर देता है भाई भाई का पैर वो सब किसी बड़े लाभ के लिया होता है

हमारी हत्या से विसुद्धि को क्या लाभ hi सकता है

मुझे इस भोजन से ॉडी का असर ख़तम कर विसुद्धि के हाथो हे भोजन करना होगा

ताकि उसे बनक भी न हो की मुझे उसके सडयंत्र का पता चल चूका है ोउसके भोजन के तुरंत बाद मुझे मूर्छित होने का अभिनय कर इसके सडयंत्र के तह तक पंहुचा होगा )

विसुद्धि ......माया श्री आप किन विचारो में खो गई चलिए भोजन कीजिये

द्वारिका .....पुत्री तुम जाल नहीं ले कर आई क्या

विसुद्धि .....हम भूल गए माता श्री हम अभी जल ले कर आते है

विसुद्धि कक्ष से बहार निकलते हे द्वारिका अपने मंत्र सकती का प्रयोग कर ॉडी से प्रभाव से भोजन को मुक्त कर देती है

ककुछ देर बाद विसुद्धि जल ले कर आती है आवर अपनी माँ को भोजन करवाने लगती है अपने हाथो से

द्वारिका अंतिम नार पे मूर्छित होने का अभिनय करती है

कुछ देर बाद विसुद्धि उसे हिला दुला कर देखती है

विसुद्धि .....लगता है माता श्री पे ॉडी का असर हो चूका है

अब मुझे पिता शरद आवर नगीना के पास जा कर आगे का अपना प्लान पूरा करना है

विसुद्धि भोजन का थल ले कर वह निकल जाती है

उसके जाते हे द्वारिका आँखे खोल देती है

द्वारिका ......तो असुरराज आवर नगीना भी इस सडयंत्र में शामिल है

असुरराज नरकासुर आपने हमारी छोटी सी भूल की इतनी बड़ी सजा हमने सोचा भी नहीं था की आप भी ऐसा कुछ करेंगे हमारे साथ में

आपको बाद में देखेंगे पर पहले विसुद्धि आवर नगीना को देखना है

द्वारिका वह से अदृश्य हो कर कक्ष से निकल जाती है .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..................
 
अपडेट. 172

विसुद्धि .....लगता है माता श्री पे ॉडी का असर हो चूका है

अब मुझे पिता शरद आवर नगीना के पास जा कर आगे का अपना प्लान पूरा करना है

विसुद्धि भोजन का थल ले कर वह निकल जाती है

उसके जाते हे द्वारिका आँखे खोल देती है

द्वारिका ......तो असुरराज आवर नगीना भी इस सडयंत्र में शामिल है

असुरराज नरकासुर आपने हमारी छोटी सी भूल की इतनी बड़ी सजा हमने सोचा भी नहीं था की आप भी ऐसा कुछ करेंगे हमारे साथ में

आपको बाद में देखेंगे पर पहले विसुद्धि आवर नगीना को देखना है

द्वारिका वह से अदृश्य हो कर कक्ष से निकल जाती है .........

अब आगे .......


असुरलोक ........ कंटकासुर ....ये सब क्या है नगीना. विसुद्धि ज्ञात भी है तुम दोनों क्या कर रही हो

नगीना ......आपका क्या है आप तो वातापी के साथ अपने अपने काम इच्छा पूरी कर लेते है तड़पना यहाँ हमें पड़ता है

विसुद्धि .......आपने विचार भी किया क्या यहाँ आने के पश्चात हमारी क्या इस्थिति हो रही है

कंटकासुर .....विसुद्धि नगीना तुम दोनों की स्थति से मैं परिचित हूँ पैर जो हम कर रहे है उसका भेद अगर किसी के सामने खुला तो क्या होगा ज्ञात भी है आप दोनों को

नगीना विसुशी ....उसकी आप चिंता न कीजिये माता द्वारिका आवर पिता श्री को हमने भोजन में मूर्छित करने वाली ॉडी दे दी है इनसे अब किसी तरह का भय नहीं है

कंटकासुर ......आवर भ्राता नीलसूर भयासुर अग्निमुखासुर वज्रासुर भी ुशी महल में होते है

नगीना .......उचित है हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिस से किसी को कुछ पता चले हमने आपके लिया आप प्रिय उत्तम मदिरा ला पारबन्द किया है आप हमारे साथ मदिरा का सेवन तो कर हे सकते है

कंटकासुर ......उचित है किन्तु उस से अलावा कुछ आवर नहीं करना महल में

नगीना आवर विसुद्धि कंटकासुर तीनो मदिरा का सेवन करने लगते है

नगीना आवर विसुद्धि अपने प्लान अनुसार कंटकासुर को अदिकतर मदिरा का सेवन करवा देते है जिस से वह नशे में जुमने लगता है

वही द्वारिका अपने कक्ष से अदृश्य हो कर नरकासुर के कक्ष में पहुँचती है जहा नरकासुर आराम से बिस्तर पे लेता हुआ गहरी नींद ( मूर्छित ) में था

द्वारिका ......असुरराज तो यहाँ विश्राम कर रहे है अगर ये किसी सडयंत्र में शामिल है तो फिर ये यहाँ इतने आराम से क्यों लेते हर है

अवश्य कुछ आवर हे घटना इस महल में चाट रही है

मुझे इस सडयंत्र के टॉक तक पंहुचा होगा

नगीना विसुद्धि हे मुझे इस सडयंत्र के अंतिम चोर तक पंहुचा सकती है

द्वारिका वह से बहार जाने को पलटी पैर कुछ सोच कर

वह नरकासुर के पास जाती है आवर उसकी नबज चेक करती है

द्वारिका .....इनपे मूर्छित ॉडी का प्रभाव है

अथार्त ये विसुद्धि आवर नगीना के सडयंत्र से अनभिज्ञ है

द्वारिका वह से निकल कर अदृश्य रूप में हे पुरे महल में नगीना आवर विसुद्धि को खोजने लगती है

कंटकासुर पूरी तरह नशे में दूत नगीना आवर विसुद्धि के नग्न वक्षो ( बूब्स ) के मन मर्दन कर रहा था

विसुद्धि आवर नगीना दोनों काफी खुश थी क्युकी उनका प्लान जो कामयाब हो रहा था समय की नजाकत को देखते हुए

विसुद्धि कनकसुर को निर्वस्त्र कर उसके 12 इंची असुर लिंग को मुँह में भर कर चूसने लगती है

कंटकासुर मदिरा के नशे में चूर नगीना की ुनात भरी उभारो को चूसते हुए काटने लगता है

कुछ समय के पश्चात नगीना अपनी फुल्ली हुई बड़ी से योनि जो कमरष बहाये जा रही थी अपने योनि को k.asur के मुख पे रख चुसवाने लगती है

वही विसुद्धि कंटकादुर के भयंकर कमस्त्र पे अपने योनि टिकते हुए अपने घरभाष्य तक अंदर ले लेती है

कंटकासुर विसुद्धि की आकमर को तजामे हुए अपने पुरे ले में विसुद्धि की योनि भेदन में लग जाता है

नगीना की योनि में कनकसुर की लपलपाती हुई जुबान अपनी कला का प्रदर्शन करने में वयस्थ हो जाती है

कुछ समय बाद उस कक्ष में अदृश्य रूप में द्वारिका आ पहुँचती है

सामने के कामो उत्तेजित दृश्य देख उसके पैरो के निचे से जमीं किशक जाती है उसे जो सामने दिखाई दे रहा था उस पे किंचित भी यकीं नहीं होगा रहा था की उसका पुत्र आवर दोनों पुत्रिया इस अवस्था में नजर आ सकती है

द्वारिका का गुस्सा पर पड़ती पल भढ़ता जा रहा था

जैसे हे द्वारिका अपने मैडम आगे बढाती है ुशी पल विसुद्धि अपनी योनि से कंटकासुर का विशाल लिंग जो विसुद्धि के योनि राश से लिथड़ा हुआ था उसे बहार निकल कर अपने हे योनि राश को चूसने लगती है

जिसे देख द्वारिका के मैडम वही रुक जाते है उसकी नजर कंटकासुर के उस कामुक कमस्त्र से हैट हे नहीं रही थी

विसुद्धि ......नगीना मैंने एक बार चरम सुख प्राप्त कर लिया है अब तुम अपनी योनि को संत करो

नगीना विसुद्धि की बात सुन कंटकासुर के मुख से उठ कर अपने हाथो में उस भयंकर फुल्ले हुए काळा नाग को पकड़ कर अपने गुफा ( योनि ) का रास्ता दिखती है

नगीना की योनि आवर कंटकासुर के लिंग दोनों चिकने होने की वजह से बिना किसी रुकावट के एक हे बार में अपने गहराई नाप लेते है

ऐसे कमुख दृश्य को देख खुद द्वारिका अपनी योनि को सहलाये बना नहीं रह सकीय

विसुद्धि अपने बड़ी बड़ी मटके जैसे गुदाद्वार का गुदा छेद सीधा कंटकासुर के मुख पे टिकते हुए अपने बड़ी बड़ी स्तन नगीना के मुँह में दाल उसे चुसवाने लगती है

नगीना अपने दोनों हाथ कनकसुर के सीने पे रख तेजी से अपनी छोड़ी कमर को कनकसुर के कमस्त्र पे पटकने लगती है

द्वारिका जब कक्ष में एशिया मंजर देखा था तब वह पुरे क्रोध में थी किन्तु अब यही दृश्य उसे उत्तेजित कर रहा था

बार बार द्वारिका की आँखों के सामने कंटकासुर के लिंग पे जा टिकती जो नगीना की योनि का भेदन कर रहा था

इस दृश्य में खोयी द्वारिका कब अपनी 40+ साइज बड़ी स्तनों को मसलने लगती है आवर अपनी बालो से भरी योनि में कब अपनी चारो उंगलिया प्रवेश करवा जाती है उसे भी ज्ञात नहीं हुआ

ये दौर जब तक चलता रहा जब तक की कंटकासुर ने नगीना आवर विसुद्धि के योनि आवर गुदा दोनों हे अंगो को अपने वीर्य से नहीं भर दिया

द्वारिका चुप चाप कुछ समय वही इंतजार करती है

जैसे हे नगीना विसुद्धि आवर कंटकासुर तीनो सम्भोग की थकन से चूर हो गहरी नींद में जाते है

द्वारिका अपने वास्तविक रूप में आ जाती है

आवर कंटकासुर को अपने साथ गायब कर कही आवर ले कर निकल जाती है

विसुद्धि आवर नगीना इस घटना से अनजान सम्भोग सुख के सपनो में खोयी गहरी नींद में चली जाती है

ड्रैगन लोक........

सूर्य सुबह जल्दी उठ फ्रेश होने मानसी किरण को उठा उन्हें ध्यान लगाने का कह कर खुद भी ध्यान में लीं हो जाता है

सूर्यौदय के पश्चात सूर्य किरण मानसी तीनो ध्यान से बहार आते है आवर तीनो त्यार होने के बाद कक्ष से बहार निकल जाते है

जूलिया भी अपनी कक्ष से बहार निकल रही थी जिसकी मुककत किरण मानसी सूर्य की भेट हो जाती है

सूर्य .......जुली आप त्यार है हमें कुछ हे समय बाद यहाँ से निकलना है

जूलिया .......हम त्यार है बस पिता जी से मिल कर हम अपने आगे के सफर पे निकलते है

किरण ......जुली वैसे तो आपकी जाने की जरुरत नहीं है क्युकी जहा तीनो ड्रैगन की भेट होगी वो स्थान यहाँ से ज्यादा दुरी पे नहीं है

हम सिगरा हे वापिस लौट आएंगे

जूलिया .....नहीं दीदी हमने आपसे पहले हे कहा था की हम आपके इस सफर में आपका साथ देंगे फिर आप हमें यहाँ क्यों छोड़ रहे है क्या हमसे कोई गलती हुई है

किरण ........ऐसा कुछ नहीं है जुली वो क्या है की मैंने सोचा तुम्हे अपने पिता के साथ कुछ समय बिताना चाइये

मानसी ......किरण दीदी सही कह रही है जुली

juliya......nahi दीदी मैं अपने साथ चल रही हूँ

niyon.......kya बाते हो रही है आप सब में

जूलिया ......देखिये न देवसूफ़ी ये मुझे अपने साथ सफर पे ले कर नहीं जा रहे है

नियों .......वैसे तुम्हे अपने पिता के साथ कुछ समय बिताना चाइये प्रिंसेस जूलिया

जूलिया ......आप भी यही कह रहे है जबकि मैं इनके साथ समय बिताने का कोई भी मौका नहीं खोना चाहती हूँ

किरण ......हहहहए ुशी लिया तो कह रही हूँ क्युकी तुम हमारे साथ परीलोक चलोगी जब हम यहाँ से लौट रहे होंगे तब

इस लिया अभी जो समय हम यहाँ है वो अपने पिता के साथ बिताना चाइये तुम्हे

किरण की बात सुन जूलिया ख़ुशी से जुटे हुए किरण के गले लग जाती है

सूर्य .....चलो सब नास्ता कर लो हमें फिर निकलना भी है

सूर्य की बात सुन चारो भोजन के लिया निकल जाते है कुछ समय बाद सूर्य किरण मानसी तीनो हाइब्रिड कॉस्मिक लिटेनिंग ड्रैगन पे सवार हो अपने सफर अपनी मंजिल की आवर निकल जाते है

लिटेनिंग ड्रैगन अपनी रफ़्तार में जुटे हुए गोल्डन ड्रैगन प्लेस से उड़न भरता है ड्रैगन सिटी के दूसरी तरफ जहा अदिकांश ड्रैगन्स का घर था

जहा किरण सूर्य मानसी की ड्रैगन्स की इनसे भेट होने वाली थी

किरण ......क्या बात है लिटेनिंग ड्रैगन तुम बहुत खुश लग रहे हो

लिटेनिंग ड्रैगन ....... गोल्डन प्रिंसेस मैं बहुत खुश हूँ इस लिया खुश लग रहा हूँ

सूर्य .....ऐसी क्या बात है भाई जो तुम इतना खुश हो रहे हो

लिटेनिंग ड्रैगन ......क्युकी आज आप सभी के साथ मैं भी अपने उन महँ वन्सजो से भेट कर पाउँगा जिनके के किस्से मैंने सुने है

मानसी ......क्या मतलब है तुम्हारा

लिटेनिंग ड्रैगन ....... मतलब ये प्रिंसेस की जितने भी ड्रैगन्स है वो सभी गोल्डन ड्रैगन की संतान है

उनकी इच्छा से हे हर ड्रैगन का जनम होता है

गोल्डन ड्रैगन हमारे वंसज होने के साथ साथ हमारे लिया पूज्य भी है

सूर्य .....ब्लैक एंड वाइट ड्रैगन के विषय में कुछ जानते हो लिटेनिंग ड्रैगन

लिटेनिंग ड्रैगन ......ज्यादा कुछ तो कोई भी नहीं जनता मैं भी नहीं जनता था पैर जब आपने मुझे हाइब्रिड कॉस्मिक लिटेनिंग ड्रैगन में अपग्रेड किया तो मुझे थोड़ा बहुत इनके विषय में भी ज्ञान मिला

वो यही है की वाइट ड्रैगन अच्छी आवर सचाई का रक्षक है उन्हें अच्छे से ऊर्जा प्राप्त होती वही ब्लैक ड्रैगन बुराई का प्रतीक है किन्तु उनकी ऊर्जा उनके दरक से जुडी होती है

जैसा उनका दरक होगा वैसा हे उनका सवभाव होगा अगर ब्लैक ड्रैगन का दरक अच्छा आवर सच्चा है तो ब्लैक ड्रैगन अपने दरक से जुड़ने के बाद ुशी के जैसा वर्ताव करेगा अच्छा

मानसी ......तुम्हारा मतलब है की अगर मेरा सवभाव बुरा होगा तो ब्लैक ड्रैगन भी बुरा बनेगा आवर अगर मेरा सवभाव अच्छे आवर पवित्र रहा तो ब्लैक ड्रैगन भी अच्छा सवभाव होगा

लिटेनिंग ड्रैगन ......है जहा तक मुझे पता है

सूर्य .....एक बात बताओ ड्रैगन लोक यही है तो वाइट एंड ब्लैक ड्रैगन परतविलोक पे क्यों थे

जबकि उन्हें यही ड्रैगन लोक में होना चाइये था

लिटेनिंग ड्रैगन ....... इस विषय में मुझे कुछ भी ज्ञात नहीं है सायद गोल्डन ड्रैगन प्रिंसेस हे कुछ बता सकती है क्युकी ड्रैगन बुक ने उन्हें हे चुना है

किरण ......इस बुक में इनसे जुडी कोई जानकारी नहीं है बस कुछ बातो को छोड़ कर जो लिटेनिंग ड्रैगन ने हमें बताओ है

लिटेनिंग ड्रैगन .......हम अपनी मंजिल की बहुत नजदीक है

सामने अब बड़े बड़े पहाड़ नजर आने लगे थे जिनमे से कला कला दुहा निकल रहा था












सूर्य ......यही हमारी मंजिल है स्वीटी मानसी यही हमारे सफर का अंतिम पड़ाव है

पैर ये इतना भी आसान नहीं होगा लिटेनिंग ड्रैगन निचे जमीं की तरफ चलो कोई उचित स्थान देख निचे उतरो

लिटेनिंग ड्रैगन ......जी जैसा आप कहो

लिटेनिंग ड्रैगन वही एक अच्छा सा थान देख निचे उतर आता है

किरण मानसी सूर्य तीनो लिटेनिंग ड्रैगन से नीचे उतर जाते है

किरण ......हमें अपने ड्रैगन से जुड़ने से पहले गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को प्राप्त करना होगा तभी हम तीनो अपने ड्रैगन से कनेक्ट हो पाएंगे

किरण अपनी आँखे बंद करती है तो उसे दूर पहाड़ी में जीवित जवालामुखी के लीव में

व्हीट ब्लैक गोल्डन ऊर्जा चक्र के बिच गोल्डन ड्रैगन सोर्ड नजर आती है






किरण .......मैंने अभी अभी गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को देखा है वो उस पहाड़ी में जीवित जवालामुखी के बिच िस्थित है

किरण ने जिस पहाड़ी की तरफ इसरा किया उस से एक के बाद एक भयंकर विस्पोट जो रहे थे जिस से लावा आकाश में रकत की फुहार सा परतीत हो रहा था






मानसी ......क्या वो पहाड़ दीदी वो तो लावा उगल रहा है

सूर्य ........है ुशी पहाड़ से मुझे बहुत आदिक ऊर्जा का अहसास हो रहा है

हो न होना ड्रैगन सोर्ड वही पे है

किरण .....वही तो मैं कह रही हूँ हमें ुशी तरफ भढना होगा

सूर्य ......अभी नहीं स्वीटी उस से पहले हमें रस्ते में आने वाली उन सभी रुकावटों के लिया त्यार होना होगा जो हमारे मार्ग में आ सकती है

मानसी .....उसके लिया हमें क्या करना होगा

सूर्य ........हमें अपनी ऊर्जा सकती को जागृत कर उसे एक साथ लाना होगा मुझे ऐसा लग रहा जैसे ये अंतिम पड़ाव आसान नहीं होगा

किरण ......है क्युकी यहाँ हम तीनो की अग्नि परीक्षा होगी

ड्रैगन्स हमारी परीक्षा लेंगे की हम उनके दर्जन योग्य है भी की नहीं

मानसी .....फिर तो ये आखरी पड़ाव इतना आसान भी नहीं होगा

सूर्य .....बिलकुल सही कहा इस लिया हमें अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा सकती को जागृत करना होगा ताकि हम इस अंतिम चरण में सफल हो सके

सूर्य मानसी किरण वही तीनो एक साथ ध्यान में बेथ जाते है काफी समय बाद किरण सूर्य अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा को जागृत कर लेते है किन्तु मानसी अभी भी ध्यान में लीं थे

किरण .....मानसी अभी भी ध्यान में लीं है इतने समय बाद भी

सूर्य ........है क्युकी उसकी सकतिया हम से काम है न उसके पांच तत्वा जागृत है आवर न हे कुंडलिनी सकती जागृत है

कुछ 1 हर से ऊपर समय बीतने के बाद मानसी के सरीर को एक रीड ऊर्जा ने कवर कर लिया

कुछ समय बाद वही रीड ऊर्जा मानसी के सरीर में गायब हो जाती है

आवर मानसी अपनी आँखे खोल देती है

किरण ......आज तुमने अपनी सभी सक्तियो को जागृत कर लिया है नियमित ध्यान से तुम अपनी सक्तियो को आवर बढ़ा सकती हो मानसी

मानसी ......है दीदी अब से मैं भी हर रोज इनके साथ ध्यान लगाया करूंगी

सूर्य .....वैसे तुम्हारे भीतर से अजीब से ऊर्जा सकती का अहसास होता रहा जैसे तुमने आज कुछ आवर भी सकती अर्जित की हो

मानसी .....है मुझे भी लग रहा है कुछ तो हुआ है पैर मैं उसे समाज नहीं प् रही हूँ

किरण अब हमें चलना चाइये वैसे भी साम होने को आई है

हमने बहुत सा समय ध्यान में लगा है है

सूर्य किरण मानसी तीनो सावधानी से उस जवालामुखी की आवर बढ़ गया जहा ड्रैगन सोर्ड थी

जैसे जैसे सूर्य किरण मानसी ड्रैगन सोर्ड को आवर भाड़ रहे थे

वैसे वैसे ड्रैगन सोर्ड में हलचल होने लगती है

ड्रैगन सोर्ड से एक रौशनी निकल का लावे में चली जाती है

कुछ हे पालो में वह लावा किसी तरह का आकर लेने लगता है

जवालामुखी से जो लावा बहार निकला था वही लावा बहार जाने की बजाय एक स्थान पे एकता होने लगता है

जिस से जवालामुखी का तप कुछ हद तक काम होने जाता है







सूर्य ......स्वीटी मानसी सावधान मुझे लग रहा की जवालामुखी में कुछ असामान्य घटित हो रहा

किरण ......ये आप क्या कह रहे है मुझे तो कुछ भी मह्सुश नहीं हुआ

सूर्य ......मेरा अग्नि तत्वा अंनियंत्रित हो रहा जैसे कोई अग्नि को कैद कर रहा हो

किरण ......ये आपका वहां भी तो हो सकता है

सूर्य ......फिर भी सावधान रहो यहाँ वहां जैसा कुछ नहीं होगा जो भी कुछ अजीब लगे फ़ौरन एक दूसरे को सचेत रहने को कहो

जैसे जैसे सूर्य किरण मानसी पहाड़ी के पास पहुंचे लावे से जो आकर्ति बन रही थे वो किसी विशालकाय लावा ड्रैगन था जो दानव जैसा लग रहा था आकर में एक तेज विस्पोट के साथ हे लावा ड्रैगन जवालामुखी से बहार निकता है






विस्पोस्ट की भनक आवाज से मानसी किरण सूर्य की नजर भी लावा ड्रैगन पे पड़ती है

सूर्य .......पहली चुनौती हमारे सामने है उसे हरा कर हे हम आगे भाड़ सकते है स्वीटी मानसी त्यार होना जाओ

किरण मानसी सूर्य अपनी अपनी सोर्ड ले कर त्यार होना जाते है

लावा ड्रैगन तीनो के सामने आ खड़ा होता है

उसके मुँह से लार के स्थान पे भी लावा हे टपक रहा था

नाक से पत्थर को जला देने वाली उसमे निकल रहे थे

सूर्य .......किरण मानसी खुद को इसके लावे से सुरक्षित रखना वर्ण हमारे सरीर तक जल जायेंगे

सूर्य अपने लोग कवच को याद करता है ( जो किरण ने सूर्य को ड्रेको के साथ हुए योध के समय दिया था अपनी इच्छा सकती से )


पैर सूर्य नाकामयाब रहता है सूर्य अपनी बाकि सकतिया तरय कर्त है पैर फिर नाकामयाब होता है

जिस से सूर्य परेशान हो जाता है

सूर्य को परेशान देख किरण से रुका नहीं जाता है

किरण ......क्या हुआ सूर्य तुम अच्चानक परेशान क्यों हो गए

सूर्य .......मेरी कोई भी सकती काम नहीं कर रही है स्वीटी

किरण .....ये आप क्या कह रहे है

किरण खुद अपनी सकती तरय करती है पैर उसके साथ भी वही होता है

किरण .....मेरी भी कोई सकती काम नहीं कर रही है

सूर्य ......ये कैसे परीक्षा है हम अपनी सकती का उसे हे नहीं कर सकते ऐसा तो तिलिस्म में भी नहीं हुआ था

मानसी तुम अपनी सकती का इस्तेमाल करो देखो क्या तुम अपनी सकती का इस्तेमाल कर सकती हो की नहीं

मानसी सूर्य की बात सुन अपनी सकती को परखती है

मानसी की सकतिया सुचारु रूप से कार्य कर रही थी

मानसी .....मेरी सभी सकतिया काम कर रही है सूर्य

किरण ......फिर हमारी सकतिया क्यों काम नहीं कर रही है

सूर्य ......क्युकी ये चुनौती मानसी के लिया है इस चुनौती का सामना केवल मानसी को करना होगा हम इसमें इसकी सहायता नहीं कर सकते है

मानसी .....क्या पैर मैं अकेले कैसे

सूर्य ........खुद पे विस्वाश रखो मानसी तुम ये कर सकती हो मुझे तुमपे खुद स ज्यादा यकीं है

क्युकी मैंने तुम्हारी सकती को दर्जन किया है

मैं जनता हूँ तुम्हारी ऊर्जा सकती को बस खुद पे विश्वाश रखो

जमीं से से निकले पत्थर किरण आवर सूर्य को गर्दन तक कवर कर बंद देते है

सूर्य ......मानसी मेरा आवर स्वीटी का जीवन तुम्हारी विजय से जुड़ा है तुम पराजित हुए तो हम दोनों का अंत हाउ जायेगा हम दोनों का जीवन तुम्हारी विजय से जुड़ा है

( माफ करना मानसी मैं चहु तो अभी इस कैद से मुक्त हो सकता हूँ पैर यही एक मार्ग है जिस से तुम अपने अंतिम साँस तक इसका मुकाबला करोगी आवर अपनी परीक्षा में सफल हो पाओगी )

सूर्य की बात से मानसी के मन में हिमत आवर दर दोनों का जनम हुआ हिमत ये की वो इस लावा ड्रैगन को हटा सकती है उसने वो सकती है

दर इस बात का की अगर वो पराजित हुई तो अपने प्रेम आवर अपनी बहन को खो देगी

लावा ड्रैगन मानसी पे लावे की तेज फुकर करता है

मानसी अपनी तरफ आता हुआ लावा देख वह हैट जाती है

पैर लावा ड्रैगन के मुँह से निकले लावा का सीकर सूर्य का चेहरा हो ता है

सूर्य के चेहरे पे लावा पड़ते हे आधा चेहरा जल जाता है

मानसी .......नहीं ऐसा नहीं होगा सकता है ये सब मेरी गलती है

सूर्य ......अह्ह्ह्हह मानसी मैं ठीक हूँ तुम उसे ख़तम कर डौगी तो मैं खुद बा
खुद ठीक हो जाऊंगा

क्युकी इसके मरते हे मेरी सभी सकती कार्य करने लगेगी

सूर्य के आड़े जले हुए चेहरे को देख किरण की आँखों में भी आंसू थे पैर वह विवश थी कुछ भी कर पाने से असामार्ट

मानसी गुस्से में लावा ड्रैगन की आवर भड़ती है

मसनसी को सोर्ड के साथ अपनी आवर भढ़ता देख लावा ड्रैगन मानसी पे अग्नि वर्षा करने लगता है

मानसी बचते हुए हुए लावा ड्रैगन पे कुछ वॉर करती है जिस से उसे कुछ खाश फरक तो नहीं पड़ा किन्तु मानसी की सोर्ड से कटा हुआ भाग उसके सरीर से अलग हो गया जो कुछ हे पालो में वापिस भी आ गया

मानसी ......कैसे इसे ख़तम कृ इसका जो भी अंग काट रही हु वह फिर से उत्पन जो जाता है

( मानसी ने इस बात पे गौर नहीं किया की जब भी उसका अंग फिर से आता है उसका आकर कुछ काम हो जाता है )

सूर्य ........मानसी अपनी गुस्से को खुद पे हावी होने मत दो बड़ी से काम लो तुम जो कर रहे हो वही करो पैर अपनी गुस्से को काबू में कर के

मानसी ......इस से क्या होगा इसका जो भी वीसा काट रही फिर से आ जाता है

सूर्य ......तुम भूल रही होगी जब भी वह अंग फिर से आता है इसका आकर काम होता जाता है

मानसी को सूर्य की बात समाज आते हे वह तेजी से लावा ड्रैगन पे वॉर करने लगती है

डरी डेरे लावा ड्रैगन अपने सकती आवर आकर खो कर किसी ड्रैगन बचे जैसा नजर आने लगता है

जैसे मानसी लावा ड्रैगन पे अंतिम वॉर करती है लावा ड्रैगन के भीतर से ब्लैक स्टोन निकल कर मानसी के सरीर में समाहित होने जाता है साथ हे लावा ड्रैगन का अंत भी हो जाता है

किरण आवर मानसी दोनों हे उस कैद से ाजत हो जाते है

किरण दौड़ कर मानसी को गले लगा लेती है

किरण ......बड़ाई हो मेरी बहन तुम अपनी परीक्षा में सफल हुई

सूर्य .....है मनु तुमने बड़ी हिमत से लावा ड्रैगन का सामना किया आवर हमें कैद से मुक्त किया

मानसी ......पैर मेरी हे वजह से आपको इतनी पीड़ा हुई पहले भी आवर आज भी

सूर्य .....तुम इस जखम की बात कर रही हो ये लो ये देखो मैं बिलकुल ठीक हूँ

ककहते हुए सूर्य अपने चेहरे के नकली जख्मो को ठीक कर लेता है


सूर्य .....अब तो ठीक है न

सूर्य आगे भाड़ मानसी के माध भरे होंटो पे एक छोटा सा चुम्बन कर लेता है आवर किरण वह मानसी को अपने सीने से लगा लेता है

अभी तीनो गले लगे हुए थे की तभी वह की पहाड़ो में कम्पन होने लगता है

सूर्य ......लगता है दूसरी चुनौती सुरु हो गयी है

कहने के साथ हे मानसी वह सूर्य दोनों को एक अदृश्य सकती ने अपने कवच में बंद लेती है

सूर्य आवर मानसी काफी पार्टन करते है पैर कोई फायदा नहीं होता है

किरण भी काफी प्रयाश कर करती है पैर दोनों को छू भी नहीं प् रही थी

पहाड़ो में जो रहा कम्पन आवर तेज होने लगता है

सूर्य की नजर जब उस चीज़ पे पड़ती है जो किरण की आवर भाड़ रहा था

तो सूर्य को किरण की चिंता होने लगती है

क्युकी सामने से लावा स बना हुआ विशालकाय लावा ड्रैगन से भी 3 गुना विशाल लावा दानव किरण के सामने आ खड़ा
हुआ था





एक बार तो खुद किरण भी ऐसे विशाल दैत्याकार लावा दानव को देख कर अपने कदम पीछे कर लेती है

पैर जैसे हे उसे सूर्य आवर मानसी की समरण होता है

किरण अपने आप को संत कर लावा दानव का मुकाबला करने के लिया

खुद को त्यार करने लगती

किरण को पता चल गया था की ये चुनौती उसके लिया हे है

उसे खुद अकेले हे इसका सामना करना होगा देव पे उसका सबकुछ लग चूका था

प्यार परिवार बहन सब कुछ

सूर्य .....किरण कुढ़ को संत कर अपनी बूढी से काम लो

किरण को सूर्य बोलता हुआ तो दिखाई दे रहा था पैर उसे सुनाई कुछ नहीं दे रहा था

किरण .....क्या कह रहे है आप मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा है

सूर्य भी किरण के हिलते हुए होंठ देख प् रहा था पैर उसे सुनाई कुछ भी नहीं दिया

सूर्य .....जरूर कोई सकती है जो स्वीटी की आवाज मुज तक पहुंचे नहीं दे रही है आवर मेरी स्वीटी तक

मुझे कोई तो मार्ग निकलना होगा ताकि स्वीटी तक अपनी बात पंहुचा सकू

मानसी ......क्या हुआ आप किस बारे में बोल रहे है

तभी सूर्य की नजर किरण पे पड़ती है

सामने का दृश्य देख सूर्य के मुख से चीख निकल जाती है

सूर्य........
स्वीीीतयीय.......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........
 
माफी चाहता हूँ 2 रोज से किसी भी भाई के कमैंट्स का रिप्लाई न कर पाने के लिया

अभी थोड़ा बिजी हूँ इस लिया अपडेट भी टुकड़ो टुकड़ो में लिख कर पोस्ट कर रहा हूँ

अभी अपडेट लिखना सुरु करूंगा इस अपडेट में ड्रैगन लोक का सफर अभी के लिया ख़तम हो जायेगा पैर भविष्य के लिया नहीं

थैंक यू एवरीवन.......🙏🙏🙏
 
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