Incest Baadshah ~ The Tales of Debauchery - Page 15 - SexBaba
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Incest Baadshah ~ The Tales of Debauchery

अपडेट - 94 ~ हेरे आईटी केस.

अब तक...

सुहाना (शिघ्स) : में तुमसे दो दिन में बात करती हु. ी हैवे तो थिंक. मेरा मंद काम करना बंद हो गया तुम्हारे कारण...

दिव्या : दो दिन केवल... ी don't हैवे मच टाइम सुहाना... ी कैन ओनली वेट फॉर 4 डेज ात मैक्स. पर दो दिन के अंदर मुझे तुम्हारा आंसर चाहिए hi चाहिए. No... यदि तुम नहीं आयी तोह में तुम्हे लेने आ जाउंगी.

सुहाना : ी... I'll थिंक!!!

दिव्या : यू हैवे तो के!!!!

*कॉल एंड्स*

और कॉल कट हो गया. सुहाना!!! गहरे चिंतन में डूब गयी.

इस नयी खबर ने... उससे पूरा दुविधा में दाल दिया था. समथिंग... मस्ट बे दोने!


अब आगे...

*Zzzzzzzzzzzzzzzzzzzz*

*Zzzzzzzzzzzzzzzzzzzz*

देरर रात में, कमरे में आती बस एक माध्यम सी नाईट बल्ब की रौशनी में, वीर नींद की वादियों में था. हर्र रात की तरह पारी स्लीप मोड में थी. और प्रत्येक रात्रि के जैसे hi उसके कमरे का दरवाज़ा आज भी खुला हुआ था.

तभी उसके कमरे में एक आहात हुई.

*छहममममम* *छहममममम*

आभूषणों की खनक हुई.

और उस हलके से उजाले में एक साया उमड़ के आया जिसके अगले शान hi...

*क्लिक*

वीर के रूम का दूर अंदर से लॉक हो गया. वीर अपने आस पास हो रही गतिविधियों से अनजान बस मस्त मौला होक सो रहा था. वो साया धीरे धीरे एक औरत के अकार में आकृति स्पष्ट होते हुए आगे बढ़ी और, वीर के बिस्तर पर उसके बगल से आ कर बैठ गयी.

एक कोमल सा स्पर्श वीर के गाल पर हुआ, नरम लाल होंठो की छुवन, उसके बालो पर एक हाथ थमा और उससे सहलाने लगा.

"आज नहीं तोह कल... में भी तुम्हारे दिल में एक स्थिर स्थान बना hi लुंगी. तुम देखना! तुम्हारी साड़ी नाराज़गी दूर कर दूंगी में, मेरे बच्चे...!!!"

जी हाँ, ये श्वेता hi थी. जो अक्सर वीर के कमरे में रात को उससे दुलार करने के लिए आ जाय करती थी. वीर के जागते हुए तोह वह उस से बात भी नहीं कर सकती थी, केवल यही उपाय था उसके पास वीर को क़रीब से निहारने का.

पर हो न हो, उस दिन के बाद से श्वेता का मैं बड़ा hi विचलित रहता था. वही दिन, जब वीर की नज़रे अनायास hi उसके स्तनों पर ठहर गयी थी. श्वेता आये दिन उस घटना को याद करती और खुद से सवाल जवाब करती. की आखिर क्यों वीर ने उसके थानों पर नज़रे गड़ाई थी?

बढ़ती उम्र में औरतो के प्रति आकर्षण तोह एक स्वाभाविक सी बात थी. लेकिन, जो सवाल उससे सबसे ज़्यादा सत्ता रहा था वो ये था की...

घर में इतनी औरतो में, वीर की निगाहें केवल उसके hi ूरोज़ो पर क्यों गयी?? वो भी एक नहीं, दो बार. जब वह किचन में थी तब भी तोह...!!! वीर ने उससे घूर के देखा था. पहली बार का तोह एक दुर्घटना मान सकते है पर दूसरी बार? वो जानती थी की दूसरी बार वह केवल एक संयोग नहीं था. वीर ने वाक़ई मर्ज़ी से उससे देखा था. और यही सोच सोच के श्वेता की रात की नींदें उड़ती जा रही थी. हर्र रात उसकी बेचैनी में गुज़र रही थी.

वो अभी भी वीर को निहारते हुए उसके बगल से लेत इसी सोच में डूबी हुई थी जब एक हिला देने वाला विचार उसके मैं से होते हुए गुज़रा. जिसके बारे में सोचते hi उसकी आँखें हैरानी के मारे फेल गयी. और उसका मुँह अचानक hi खुला का खुला रह गया. वो तेज़्ज़ आवाज़ में जोरर से हैरत भरी आह भरने hi वाली थी की उसने अपने दोनों हाथो से अपने खुले मुँह को धक् लिया. कही कोई जाग जाता तोह मुसीबत हो जाती.

थार ठहराते हाथो के कम्पन को थाम वह वीर को देखि और उसके नैनो से आसुओ की बूंदे छलक उठी.

'तोह क्या ये बात थी मेरे बच्चे? हाँ?'

आसुओ की एक धरा उसके गाल से होते हुए वीर के तकिये पर गिरने लगी. जैसे श्वेता को उसका जवाब मिल गया था. उस सवाल का जवाब जो उससे इतने दिनों से बेचैन कर रहा था.

"ओह्ह्ह्ह मेरा बच्छाए~~ !!!!"

और अगले hi पल उसने वीर के सर्र को थाम अपने उरोजों में दहस्सा लिया. निरंतर वह उसके चेहरे को चूमने लगी.

*छू~* *पूछ* *पूछह~* *मुआअह्ह्ह*

अपना पूरा प्यार बरसाने लगी.

"में ये बात कैसे भूल गयी??? कैसे?????"

उसने और कस के वीर को अपने आग़ोश में भर लिया. वीर का चेहरा उसके ब्लाउज में क़ैद अधनंगे थानों पर टिका हुआ था. श्वेता भली भाति उस त्वचा से त्वचा के स्पर्श को महसूस कर पा रही थी.

"में कितनी बेवक़ूफ़ हु. है न? जो समझ hi न पायी थी अब तक. अनजान बनती रही. अज्ञानी एकदम. जबकि एक माँ होने के नाते मुझे पहले hi समझ जाना चाहिए था. फिर भी में..."

उसने वीर के चेहरे को अपने चेहरे के पास किया,

"में ये कैसे भूल गयी की जब तुम केवल एक साल के थे तब hi तुम्हारी असली माँ तुम्हे चोरर के चली गयी थी. नहीं!!! वह तुम्हारी असली माँ हो hi नहीं सकती. यदि वह तुम्हारी असली माँ होती तोह तुम्हे ऐसे अकेला चोरर के नहीं जाती. हरगिज़ नहीं! वह भी ऐसे परिवार में. उस दिन भी, काव्य की पार्टी में तुम्हारे पिता बृजेश मुझे मन रहे थे. पर अब में वापस नहीं जाने वाली. वह औरत कैसे तुम्हे इस हालत में चोरर के जा सकती है? मेने अपनी भूमि के लिए पूरी ज़िन्दगी गुज़ार दी. और फिर भी मुझे उसकी इतनी चिंता रहती है. तोह फिर वह औरत कैसे तुम्हे...!!?? हाँ! वो तुम्हारी माँ नहीं. में!!! में तुम्हारी माँ हु वीर. शायद भगवान् भी यही चाहते थे. तभी मुझे कोई बीटा न मिला. और फिर मुझे अब तुम मिले हो. और तभी शायद वह औरत तुमसे वंचित है. हाँ!! यही बात है."

"तुम देखना मेरे लाल. में तुम्हे इतना प्यार दूंगी, की कभी तुम्हे एक माँ की कमी अब से खेलने hi नहीं दूंगी. धेरर सारा, खूब सारा प्यार दूंगी अपने बच्चे को."

"में नादान ये समझ रही थी की तुम आकर्षण के चलते मेरे स्तनों को देख रहे थे. और हो भी सकता है की ये एक कारण रहा हो. पर... पर एक और कारण था, है न मेरे बच्चे? है न? में सही हु न? तुमने मात्र एक साल तक hi अपनी माँ का दूध पिया है. और इसलिए तुम मेरे स्तनों को देख रहे थे न? है न मेरे बेटे? में बेवक़ूफ़ अब तक ये समझ न पायी की मेरा बच्चा इसलिए मेरी छाती घूर रहा था. ऑफ़ कोर्स! तभी तोह तुमने मुझे देखा. न रागिनी को, न सुमन को, न आभा को, न उस सोनाली को. सिर्फ मुझे!!! क्युकी खून के रिश्ते से में तुम्हारी एक माँ न सही, पर एक स्टेपमॉम तोह हु hi न? और तुम्हारे अंदर का नन्हा बच्चा एक माँ के दुग्ध की मांग कर रहा था. जिसके लिए वो हमेशा से तड़पता आया है. और उसी के चलते तुम्हारी नज़रे अपने आप hi मेरी ऊपर चली गयी, है न?"

"यही बात है न वीर??? हाईए~ में एक अभागन. काश में उस समय मौजूद होती. तुम्हे अपने दूध से स्तनपान करवा पाती. मेरा बच्चाअ~!!!"

*मुऊआआह्ह्ह्ह*

"जी भर के में अपने बच्चे को दूध की तृप्ति करवा पाती. इस से बड़ा सुख मेरे लिए और क्या हो सकता था?"

वो ग़म में सोच सोच कर वीर को चूमती रही. जब इस बार अनायास hi उसके मस्तिष्क में एक भूचाल फैला देने वाला विचार आया. वह संन्न सी होक रह गयी, एकदम स्थिर.

उसका एक हाथ कांपते हुए अपने आप hi वीर के सर्र के पीछे गया. और दूसरा उसके लाल रंग के ब्लाउज पे. आहिस्ता से उसका ब्लाउज उसके हाथ से नीचे सरका और एक सफ़ेद ब्रा का कप उभर के सामने आया जिसमे उसके एक विशाल दुग्ध की थैली क़ैद थी. उसका सीना तेज़्ज़ सासो के चलते ज़र्रों से ऊपर नीचे हो रहा था. वीर के सर्र पर मौजूद हाथ से उसने वीर को धकेल के अपने स्तनों की ऑर्डर किया और...

जैसे hi वीर के चेहरा उसकी ब्रा में बंद उसके दूध से टकराया, श्वेता के अंतर मैं में से एक तेज़्ज़ आवाज़ आयी,

श्वेता!!!!! ये तुम क्या कर रही हो?????

"अह्ह्ह्हह!!???"

और उसने झटके से वीर को अपने स्तन से अलग कर दिया. वो घबराती हुई एकदम से वह से उठी और अपनी हालत को सही करने में लग गयी. पूरी पसीने से भीग चुकी थी वह.

'हे भगवान्!!! ये में क्या करने जा रही थी??? मेरा वीर अब कोई बच्चा नहीं है. वह बड़ा हो चूका है. ये में क्या करने वाली थी? वीर को अपना स्तनपान करवाने का समय बीत चूका है. में उस समय में मौजूद नहीं थी. ओह्ह्ह्ह nooooooooooo~ ये में सच में... क्या करने जा रही थी? जैसे वीर के अंदर का बच्चा दुग्ध की तलाश में था, कही मेरे अंदर का बच्चा भी... उससे स्तनपान करवाने की तलाश में तोह नहीं? नहीं!! ये अब मुमकिन नहीं.'

एक आह भरते हुए वह उठी और जाने से पहले एक बार फिर वीर को देखि. उसका हाथ अपने आप hi उसके एक दूध पर चला गया. और उसने हौले से उससे मसल दिया,

"अब तोह इनमे दूध भी नहीं. में भी न... क्या क्या सोचने लगी थी."

एक अंतिम बार वीर के सर्र पर हाथ फेरर और उससे चूमते हुए वह वह से निकल गयी.

***

सुबह हुई. रोज़ की तरह आलम आज भी वही था. डाइनिंग टेबल पर सभी मौजूद थे, वीर और सोनाली आपस में फ़ूड ट्रक के विषय में बात चीत कर रहे थे. तोह वही आभा और भूमिका खाने में लगी हुई थी, और बाकी तीनो महिलाये अंदर किचन में व्यस्त थी.

सोनाली : तोह इतनी थी पिछले दो हफ्तों की कमाई. कुल मिलाके सब अच्छा hi चल रहा है.

वीर : हम्म! तुम अभी ऐसे hi चलने दो. बाकी जो ट्रक्स है उनके वर्कर्स को भी इन्फॉर्म करना की अभी हमे लगन के साथ केवल क्वालिटी और फेम पर hi फोकस करना है कुछ हफ्ते.

सोनाली : ठीक है! फिर उसके बाद?

वीर : उसके बाद में तुम्हे नयी डिश दूंगा. ऐसी जो कही भी नहीं मिलेगी. वो हमारी सिग्नेचर डिश रहेगी.

सोनाली : क्याआ??? तुम्हे आती है? कैसे सीखी तुमने? एक मिनट!! इसका क्या मतलब की ये डिश कही भी नहीं मिलेगी?

वीर : हाहाहाहा! तुम बस आम खाओ, गुठलिया मत गिनो.

सोनाली (खुसपुसाते हुए) : इतनी hi चिंता है ट्रक की तोह खुद क्यों नहीं चलाते?

वीर (स्माइल्स) : कुछ कहा तुमने?

सोनाली : K-Kuch नहीं!!

वीर ने शरारती ढंग से उससे देखा जैसे बताना चाह रहा था की उसने सब सुन्न लिया है. और सोनाली ये जानते hi मुँह फुला के नीचे सर्र झुका के खाने में लग गयी.

वीर की निगाहें फिर अपने दायी ऑर्डर गयी जहा आभा बैठी हुई थी. पर, वह कुछ उदास सी लग रही थी.

वीर : क्या हुआ?

आभा : ....

वीर : आभा???

आभा (हिचकते हुए): H-Huh????

वीर : क्या हुआ? कुछ बात है क्या?

आभा : N-Nahi!! कुछ भी तोह नहीं!

वीर : झूठ मत बोलो, में जानता हु कुछ बात है. कहो!!! मुझसे कहो!!

आभा एक शान के लिए उससे देखि पर फिर अपने आस पास भूमिका और सोनाली को देख वह चुप रह गयी. वीर ने उसकी परेशानी समझते hi खुद को उसकी ऑर्डर झुकाया और अपने कान को उसके मुँह की ऑर्डर लाते हुए वह ठहर गया. इशारा समझते हुए वो वीर के कान की ऑर्डर झुकी और बोली,

आभा : बात ऐसी hi है वीर जी! कुछ ख़ास नहीं!

वीर : वो में डीडे करूँगा की बात फ़ालतू है या नहीं. तुम मुझे सच सच बताओ सब. क्या बात है?

और फिर दोनों hi एकदम धीमी आवाज़ में एक दूसरे से बात करने लगे,

आभा : दरअसल...

वीर : कहो!

आभा : मुझे ऐसा लगता है की में... में किसी काम की नहीं.

वीर : हँ???

भूमिका : हम्म? क्या बातें हो रही है? आपस में?

सोनाली : !!!!???

वीर : वह... हमारे बीच की बात है, it's ा बिट पर्सनल.

भूमिका : ओह्ह्ह! O-Okay!!

वीर (आभा से) : कहो अब!!

आभा (खुसपुसाते हुए) : माँ जी ंसस की सदस्य बन्न गयी है. बोल चाल में कितनी आगे है वह. सोनाली आपका बिज़नेस अच्छी तरह संभाल रही है. आपकी तै जी और दीदी कितनी बड़ी होटल को संभालती है. रागिनी जी, घर का पूरा ध्यान रखती है. और वह कितनी क़ाबिल है ये हमे बताने की ज़रुरत नहीं. पर में... केवल में hi... मुझसे अच्छा खाना यहाँ सभी बना लेती है... वो जो करती है, वह में कर hi नहीं सकती. और इसलिए, में जानती हु की... M-Mein... में किसी काम की नहीं.

आभा की बात सुन्न वीर को एक नयी जानकारी मिली. वो इस बात से कैसे अनजान रह गया.

[Inferior Complex Masterrr~]

'T-That's...!!!'

[Maaasteerrrr~ Aabha sahi hai. Potentially dekha jaaye toh woh kuch nahi kar rahi hai. Aise me uske andar ye bhavnaaye aaengi hi.]

'हम्म~ के तो थिंक ऑफ़ आईटी. मेने जब आभा को पहली बार चेक किया था तोह... क्या देखा था? उससे घूमने फिररने का शौक है न?'

[Yes!! Master! System me stored information me yahi baat hai.]

'हम्म~'

वीर : तुम चिंता मत करो! तुम्हारी ये परेशानी जल्द hi दूर हो जाएगी. मेरा वादा है ये. और अब इस तरह से सोचना बंद कर दो. ठीक है?

आभा : H-Hmm!

आभा वीर की सांत्वना लेते हुए शांत हो गयी. लेकिन, बात तोह सच थी. वीर को इस मस्ले पर भी ध्यान देना होगा आगे चल के.

वह सभी भी बैठे hi थी की इतने में अनादर से साड़ी महिलाये निकल के बाहर आ गयी. सुमन मुस्कुराती हुई आयी और उसने वीर की प्लेट में एक और ब्रेड रोल रख दिया,

वीर : अरे मेरा हो गया है आलरेडी.

सुमन : *स्माइल्स*

वो बस स्माइल पास करते हुए उसके पानी के गिलास में पानी भरी और उसके सामने भूमिका के बगल से बैठ गयी.

वही रागिनी भी आयी और टेबल की मैं चेयर पर बैठ वह अपनी और सुमन और श्वेता की प्लेट लगाने लगी. श्वेता रागिनी के सामने वाली दूसरे चोरर पर मौजूद चेयर पर बैठ गयी. तोह ख़ामोशी को तोड़ते हुए भूमिका ने बात शुरू की,

भूमिका : माँ~ कल भी आप होटल से जल्दी लौट आयी. क्या बात है?

श्वेता (वीर को देखते हुए) : मेने कुछ डीडे किया है बीटा.

भूमिका : क्या माँ??

वीर को चोरर के सभी की नज़रे श्वेता के ऊपर थी, तोह वही बेचारी श्वेता वीर को सभी की नज़रो से बच के चोरी चोरी देख रही थी.

श्वेता : यही की में होटल की देख रेख अब चोरर रही हु.

भूमिका : वहहहहाआटटट????

और इस बार न केवल वह सभी, बल्कि वीर का मुँह भी ब्रेड रोल को चबाते चबाते ृक्क गया.

भूमिका : K-Kya मतलब है आपका?

श्वेता : वही जो तुमने सुना बीटा.

भूमिका : नाहीईईई!!! पर ये अचानक से आप..!!

श्वेता (वीर को देखते हुए) : मेरी कुछ और भी ज़िम्मेदारी है, जिससे में हमेशा से nazar-andaaz करती आयी हु. और इसलिए, अब में पूरा का पूरा ध्यान उस पर देना चाहती हु.

वह मौजूद सभी शोहियार थे. श्वेता ने ये बात किस्से देख के किसके लिए कही थी वह सभी समझ चुके थे. और वो खामोश hi रहे. केवल वीर hi था जो सर्र झुकाये खाने में लगा हुआ था.

भूमिका : ी... ी अंडरस्टैंड माँ!!

श्वेता : हम्म~

और कुछ इस तरह उनका आज का ब्रेकफास्ट हुआ.

जब वीर कार निकालते हुए कही जाने के लिए बाहर पोर्च में आया तोह रागिनी तेज़्ज़ क़दमों के साथ बाहर आके दरवाज़े की देहलीज़ पर कड़ी हो गयी.

रागिनी : आज किधर जा रहे हो?

वीर : वही! काम से थोड़ा.

रागिनी : ऐसा क्या काम रहता है वीर तुम्हारा...!!?

वो टिक कर खड़े होते हुए पूछी,

वीर : ज़रूरी काम है भाभी आज. बिज़नेस से रिलेटेड hi है.

रागिनी : मुझसे भी ज़रूरी...!?

वीर, जो कार का दूर खोलने hi जा रहा था वह ासाहनक रागिनी के इस तरह के सवाल पर पीछे मुद उससे हैरत में देखने लगा,

वीर : ी...

रागिनी (स्माइल्स) : कब तक आओगे??

वीर : जल्दी आने की कोशिश करूँगा.

रागिनी मुस्कान भरे उसके नज़दीक आयी और...

*छू~*

उसके गाल पर हर्र रोज़ की तरह वही एक मीठी प्यारी सी किश उससे देदी. और उसके बाद उसने अपना गाल आगे कर दिया. वो मखमली त्वचा, वो गोरा गोरा गाल और वो हलके पसीने से भीगे किचन में काम करने की वजह से उसकी कलम के आस पास चिपके हुए बाल.

वीर ने एक मौका नहीं गवाया और उसने रागिनी के गाल को अपने होंठो से चूम लिया.

उसकी शर्ट की कल्लोर व्यवस्थित कर रागिनी ने उससे रवाना किया, और वीर कार को रिवर्स लेने लगा. तब रिवर्स लेते टाइम hi उसकी नज़रे ऊपर टेरेस पर चली गयी जहा सुमन कड़ी हुई थी. हाथो में उसके छत पर सुखाने के लिए कपडे थे, और वो अजीब सी मुस्कान होंठो पर सजाये वीर को देख रही थी. रागिनी के घर की टेरेस ऐसी थी की वह से पोर्च, पार्किंग एरिया पूरा नज़र आता था.

'फूऊककककक!!! ओह्ह थैंक गॉड!! सुमन है....'

पल भर के लिए वीर की गांड hi फट गयी थी. यदि और कोई होता तोह न जाने क्या होता.

*Vrrrrooooooooooommmmm*

और वह वह से राहत की एक सांस लेते हुए रवाना हो गया.

***

वत्सला स्टील इंडस्ट्रीज

इवनिंग ~ 4:38 पं

वीर मौजूद था इस वक़्त इस बड़ी कंपनी की मैं ब्रांच के बाहर. वह अकेला नहीं था, साथ में कारन भी था उसके.

कारन : सब हो गया. पर मेरी समझ में नहीं आया वीर. मेने तुम्हे बाकी 2 कम्पनीज के भी शेयर्स के ऑफर्स दिलवाये. वह तोह इस से भी बड़ी थी. फिर तुमने ये क्यों चुनी? लुक! मेरे पास रिपोर्ट भी तैयार है वीर. वत्सला स्टील इंडस्ट्रीज पिछले कई महीनो से लोस्स में चल रही है. ऐसे में अपना पैसा इसके शेयर्स में लगाना... उम्... और ये एक छोटी कंपनी है यदि हम बाकी दो कम्पनीज से कपड़े करे तोह...

वीर (स्माइल्स) : तुम्हे पता लग जाएगा जल्द hi की क्यों मेने वत्सला पर इन्वेस्ट किया.

कारन : हँ???

ऑफ़ कोर्स!! कारन नहीं जानता था, की वीर के पास क्या था.

स्टॉक मास्टर!!!

वह स्किल जो उसने पहली बार उसे की थी. भले hi उसमे 100% सक्सेस रेट नहीं था. पर काम से काम 70% तोह था. और इसलिए वीर ने 3 बड़ी कम्पनीज में से सबसे छोटी वाली को अपना पहला टारगेट चुना. यदि लोस्स भी होये तोह उतना नहीं.

कारन : वेल! अन्य्वयस! अह्ह्ह! दिन भर की भाग दौड़ में थकान हो गयी. हाउ अबाउट सम कॉफ़ी?

वीर (स्माइल्स) : में चाय वाला बाँदा हु...

कारन (स्माइल्स) : यू क्नोव कॉफ़ी इस बेटर थान चाय...

वीर : अब इस बेहेस पे में रात भर बोल सकता हु.

कारन : हाहाहाहाहा~ Lets's जो!!

वह दोनों कार में बैठे hi थे की वीर का फ़ोन बज उठा.

*रिंग* *रिंग*

कॉलर काव्य थी,

वीर : Hello? बोल काव्य!

काव्य : भैयाआआ~ आप कहा हो???

वीर : उम्... में थोड़ा अभी...

काव्य : में, आरोही दी और कृतिका सिटी मॉल में है अपने. ी क्नोव आप कही बाहर hi होंगे, तोह आप यहाँ आ रहे हो. Okay? Bye bye!!!! मुआअह्ह्ह्ह~

वीर : Wh-Whaaaattttttt???

*कॉल एंड्स*

और एक झटके में काव्य ने अपनी बात बोल फ़ोन कट कर दिया.

वीर : ये लड़की भी न...

कारन : क्या हुआ?

वीर : कॉफ़ी नहीं पीना? चलो सिटी मॉल लगा लो गाडी.

कारन : व्हाटटटटटट? वीर माना की में रिच फॅमिली से बिलोंग करता हु पर इसका मतलब ये नहीं की में मॉल में कॉफ़ी पीयूंगा. तुम्हे इतना सब करने की ज़रुरत नहीं...

वीर : यू इडियट!!

कारन : H-Huh???

वीर : काव्य का फ़ोन था. उसने कहा है की वह, आरोही दी, और उसकी फ्रेंड कृतिका वह पर है तोह उसने मुझे बुलाया है. तोह चलो अब, जो भी पीना है अब भी वही पिएंगे.

कारन : ओह्ह्ह!!! ी सी!!! राइट!! मुझे याद आया, में काव्य की b'day पार्टी पर नहीं आ पाया था. उस से सॉरी कहना प्लीज. में बाहर था.

वीर : चल तोह रहे है अभी, तुम खुद hi कहना ये उस से.

कारन : अरे यार! उससे मनाना बोहत मुश्किल है.

वीर : तोह ऐसे काम hi क्यों करते हो?

कारन : ुघठ!!! फाइन! फाइन! I'll तरय तो कन्विंस हेर.

वीर : वैसे... मिस करा क्या लौट आयी?

कारन : हँ?? तुम तोह ऐसे पूछ रहे हो जैसे तुम से ज़्यादा बात मेरी उनसे होती है.

वीर : No रियली, पिछले पास्ट के 3-4 दिनों से मुझे उनका कोई भी मैसेज नहीं आया है.

कारन : ओह्ह्ह्ह! वेल! येह! वो बिजी थी. आज रात को आएंगी वह वापस.

वीर : ी सी! एंड व्हाट अबाउट मिस सोनिआ?

कारन : हँ? व्हाट? हाउ वोउल्ड ी क्नोव अबाउट हेर? तुम्हे उनकी बड़ी बहिन से पूछना चाहिए.

वीर : मिस सुहाना?

सुहाना के बारे में सोचते hi वीर को सुहाना की टेडी बेयर को जोरर जोरर से मार कर हैवानो वाली वह हस्सी की छवि याद आ गयी.

वीर : No! एहम! ी थिंक डायरेक्टली पूछना hi सही रहेगा.

कारन : हम्म~ वैसे... तुमने क्या बताया? कृतिका भी है वह मॉल में?

वीर : हम्म? येह!!!

कारन : ओह्ह्ह! एहम... तोह हमे उन्हें ज़्यादा देरर वेट नहीं करवाना चाहिए. निकलना चाहिए.

वीर : हम्म??

वीर ने अपनी नज़र पैनी कर कारन को देखा जो अपना चेहरा छुपाने की कोशिश कर रहा था.

'ओह्ह्ह्हह ी सी~'

[Yesssss Maaasssttteerrr! Something fishy is going on. Ehehehe~ I can smell it. Something is cooking around here. Hehe~]

'बिलकुल पारी! ी एग्री हाहाहाहा~ :लाफ: '

[Wahahahahahahahaha~ :evillaugh: ]

कारन : Wh-What??? मन यू लुक स्केरी... व्हाट हप्पेनेड!!?

वीर : नथिंग!!!

और कारन ने वीर की अजीब सी मुस्कान को इग्नोर कर गाडी आगे बढ़ा दी.

***

सिटी मॉल

इवनिंग ~ 5:12 पं

वीर और कारन जब साथ में पहुचे तोह मॉल में जिधर से भी वो गुज़रते, लड़कियों की नज़रे उन् दोनों पर जाती. वीर पहले से कई गुना हैंडसम जो था. 100 का अपीयरेंस था उसके पास. वही कारन, जो अमीर खानदान में पल बढ़ के पैदा हुआ. जन्म से hi रॉयल्टी का और था उसके इर्द गिर्द. बिलकुल अपनी बहिन की तरह. हलाकि, करा में ये सब गुण कुछ ज़्यादा hi कूट कूट कर भरे थे पर लुक्स और एटिकेट्स में वह भी बोहत आगे था.

काव्य को फिरसे फ़ोन कर पता चला की साड़ी लड़किया लोग ऊपर फ़ूड जोन में बैठी हुई थी.

और जैसे hi वीर और कारन को उन् तीनो ने आते हुए देखा तोह अपनी चेयर्स से वह तीनो hi हाथ दिखा के उन्हें बुलाने लगी.

काव्य तोह सीधे उठी और दौड़ते हुए वो वीर की तरफ आयी. वीर ने अपने आप को अटैक के लिए प्रेपर कर लिया था.

वह हवा के झोके की तरह तेज़्ज़ रफ़्तार में आयी और जोरर से कूदते हुए वीर की छथि में घुस गयी.

काव्य : भैयाआआ~~~

एक बार फिर, उसके आम वीर की छथि पर अपना उभरा उभरा एहसास चोरर गए.

आस पास के सभी लोग उन्हें इस तरह घूर के देख रहे थे, पर आखिर काव्य को अपने भैया के प्रति प्यार दिखाने में कहा शर्म आने वाली थी? उस दिन पार्क में भी नहीं आयी थी. और आज भी नहीं.

काव्य : आ गए आप इहेहे~

वीर : हम्म! यहाँ देखो कौन आया है.

कारन : अहःअहः~ हे काव्य! Hello~ कैसी हो?

काव्य : हम्फ~ भैया ये कौन है?

कारन (मैं में) : फुकककक!!

वीर : ये वही भैया है जो तुम्हारे b'day में नहीं आये थे.

काव्य : हाँ तोह इनसे कह दो की यहाँ आने की अब कोई ज़रुरत नहीं है.

कारन : अरे बहिन!! क्यों टांग खींच रही है? I'm सॉरी न!!!

काव्य : हम्फ~ Let's जो भैया!

कारन समझ चूका था की काव्य को मनाने के लिए उससे और म्हणत की ज़रुरत थी.

और यहाँ से निकला, वह तीनो अपनी टेबल पर आके बैठे.

वीर (स्माइल्स) : हे डीई~

आरोही (स्माइल्स) : हैययय~

कृतिका : अहह!! H-Hello~~

वीर : Hi तेरे!

कारन : H-Hello कृतिका!

वीर आरोही के बगल से बैठ गया तोह वही काव्य वीर के बगल से. कृतिका जो उसके सामने बैठी थी उसके बगल से कारन विराजमान हो गया.

कारन : Hello दी~

आरोही : Hello~

काव्य : दी! आप गंदे लोगो से बात मत करो.

कारन : ुघठ!

काव्य की बात पर सभी हस्सन लगे. कृतिका भी. फिर जब उसने बगल में कारन का मुरझाया हुआ मुँह देखा तोह वह उसके कान में झुकते हुए बोली,

कृतिका : यू विल हैवे तो गिव हेर ा गिफ्ट!

कारन : अह्ह्ह्ह!!!

कृतिका : यस!

कारन (खुसपुसाते हुए) : तुम्हे पता है? विल यू हेल्प में?

कृतिका : उम्... Okay!!! सूरे!!!

कारन वह से जब बहाना बना के उठा तोह वही कृतिका भी वाशरूम के बहाने उठ गयी और दोनों hi वही मॉल में काव्य के लिए गिफ्ट ढूंढने लगे. और इधर वीर मैं hi मैं कारन को शाबाशी दे रहा था.

'लौंडा तोह तेज़्ज़ निकला. क्या बात है!!'

तभी...

काव्य : भैयाआ~ आपको पता है? हेहेहे~

वीर : हम्म???

काव्य : आरोही दी... लुक ात हेर!!

कहते हुए उसने आरोही के पीछे जा कर अचानक hi उसके बालो को पीछे कर दिया, जिस कारण से उसके कान जो पहले ढके हुए थे वह नज़र आ गए. और उन् कानो में...

वीर की दी हुई बालिया थी.

वीर : !!!???

काव्य : दी पे कितनी जांच रही है न? लुक! मेने पेंडंट भी पहना है आपका.

वीर : ओह्ह्ह्हह~

काव्य : और आपको पता है? दी ने बचपन से अपने कान नहीं छिदवाये थे. शी हॉटेड पिएर्सिंग्स. डर था बचपन का उनको हाहाहा~ एंड यू क्नोव... आप की बाली के लिए शी इवन... मंमपप्पह्ह्हह्ह~~???

आरोही ने पीछे पलट के अगले hi पल काव्य का मुँह अपने हाथो से बंद कर दिया. उसके गाल गुलाबी थे...

आरोही (ब्लशेस) : Y-You.... काव्य... तुमने क्यों...!!??

वीर (स्माइल्स) : आईटी रियली लुक्स गुड ों यू.

आरोही : अह्ह्ह्ह!~

काव्य : मंपहहह~ हहहह!! देखा? मेने कहा था न हाहाहा~

बेचारी आरोही शर्म के मारे अपना मुँह फेरर ली. कुछ hi देरर में कारन और कृतिका भी लौट आये और जब कारन ने काव्य को गिफ्ट दिया तोह होना क्या था? अपना हैरी पॉटर का पूरा सेट देखते hi काव्य ने एक पल में कारन को माफ़ कर दिया.

सब हस्सी मज़ाक hi चल रहा था जब अचानक hi...

*रिंग* *रिंग*

वीर के फ़ोन की घंटी बजी.

'मिस सुहाना!!?'

वीर : Hello?

सुहाना : कहा हो तुम?

वीर : में अभी मॉल में था. क्यों क्या...

सुहाना : के फ़ास्ट!

वीर : हँ???

सुहाना : बैठे मत रहो वह, उठो और निकलो वह से जल्दी. के असप!!! मीट में ात माय ऑफिस. It's अर्जेंट!!!

वीर : O-Okay!!!

*कॉल एंड्स*

काव्य : क्या हुआ भैया?

वीर : मुझे निकलना होगा. इमरजेंसी है!! कारन! तुम इन्हे ड्राप कर देना. प्लीज!!! ी हैवे तो जो!

कारन : O-Okay बूत हे...!??

पर वीर ने कुछ नहीं सुना और वह वह से निकल गया.

वह जैसे hi सुहाना के केबिन में पहुचा तोह सुहाना अपना अंगूठा दांतो टेल दबाये किसी चिंता में विंडो के नज़दीक कड़ी हुई थी.

वीर : व्हाट हप्पेनेड?

सुहाना : दो यू रेमेम्बेर?

वीर : रेमेम्बेर व्हाट?

सुहाना : यही की मेने तुम पे 3 फवोर्स किये थे. यू हैवे तो पाय बैक राइट?

वीर : यस! ी रेमेम्बेर!

सुहाना : थें गेट रेडी...

[Ohh no~ Here it comes!!!!]

वीर : हँ???

सुहाना : यू एंड में!!!!! वे अरे गोइंग...

वीर : व्हाटट??? K-Kaha????

सुहाना कुछ देरर तक शांत रही. उसके बाद वह वीर की तरफ देखते हुए बोली,

सुहाना : लॉस वेगास!!!!

वीर : व्हाआआआततततत?????

.

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.

.

आज के लिए इतना hi गाइस!!


ये अपडेट काफी म्हणत से समय देके लिखा है. अराउंड 4.5क वर्ड्स का है. तोह लाइक्स ठोकने का और रेवोस देने का. आल्सो, इसके अगले अपडेट से बिगनिंग होएगी हाउस ऑफ़ थे किलर्स अर्च की. पर उसके पहले, में यहाँ अब एक ब्रेक लूंगा. :डी

स्टोरी में उपदटेस अराउंड 1 वीक तक बंद रहेंगे. :बिगबॉस: मेने काम से काम ब्रेक hi लिया है. फिर मिलते है नए अर्च में नए धमाके के साथ. धन्यवाद!!! ✨
 
नोटिस रिगार्डिंग स्टोरी!!!!

जैसा की मेने पहले hi जाता दिया था आप सभी को. वैसे तोह ये अपडेट 95 के बाद होने वाला था. बूत मोडरेशंस होते रहते है. :सिघ2: सो, अब हो गया.

में अब अराउंड ा वीक के लिए रेस्ट ले रहा हु. स्टोरी के उपदटेस एक वीक तक तोह में बिलकुल नहीं लिखने वाला. समय समय पर ऑनलाइन ज़रूर आऊंगा यहाँ आप सभी के रिलीज देने के लिए. इसका मतलब ये नहीं है की स्टोरी के बारे में सोचना hi चोरर दिया. ः~ ब्रैनस्टोर्मिंग तोह चलती hi रहेगी हर्र रोज़ज.


ये ज़रूरी था. क्युकी नया अर्च शुरू होने वाला है. हाउस ऑफ़ थे किलर्स अर्च. उससे फ्रेश्लय स्टार्ट करने के लिए मुझे एक ब्रेक चाहिए hi था. तभी तोह नए धमाके से वापसी होएगी फिर. थैंक्स!! बने रहने के लिए. ऐसे hi सपोर्ट करते रहिएगा आप सब. धमाके के साथ शुरुआत करेंगे अपन नए अर्च की. :यो:
 
स्टोरी विल रिज्यूमे फ्रॉम टुनाइट.

अपडेट 95 विल के टुनाइट बिटवीन

9 - 10 पं.


हाउस ऑफ़ थे किलर्स अर्च विल स्टार्ट फ्रॉम हेरे. ✨
 
मेगा अपडेट

अपडेट - 95 ~ लॉस वेगास ~ आईटी बेगिंस.


अब तक...

सुहाना : थें गेट रेडी...

[Ohh no~ Here it comes!!!!]

वीर : हँ???

सुहाना : यू एंड में!!!!! वे अरे गोइंग...

वीर : व्हाटट??? K-Kaha????

सुहाना कुछ देरर तक शांत रही. उसके बाद वह वीर की तरफ देखते हुए बोली,

सुहाना : लॉस वेगास!!!!

वीर : WHAAAAAAAAAAAATTTTTTT??????


अब आगे...

“लेडीज एंड जेंटलमेन, थे कप्तान है टर्न्ड ों थे फास्टन सीट बेल्ट सिग्न. िफ़ यू haven’t आलरेडी दोने सो, प्लीज स्टो योर carry-on लगेज ुंडेरनाथ थे सीट इन फ्रंट ऑफ़ यू और इन ान ओवरहेड बिन."


"प्लीज टेक योर सीट एंड फास्टन योर सीट बेल्ट. एंड आल्सो मेक सूरे योर सीट बैक एंड फोल्डिंग ट्रेज अरे इन थेइर फुल अपराइट पोजीशन."

"िफ़ यू अरे सीटेड नेक्स्ट तो ान इमरजेंसी एग्जिट, प्लीज रीड..."

ब्लाह ब्लाह ब्लाह...

इंस्ट्रक्शंस समझाने वाली ये थी एक फ्लाइट अटेंडेंट, जो अपना काम कर लोगो को फ्लाइट के नियम समझाने में लगी हुई थी. और देखते hi देखते...

*Whoooooooooooossshhhhh*

फ्लाइट टेक ऑफ कर गयी. इस फ्लाइट की hi एक विंडो सीट पर एक बेहद हैंडसम नौजवान भी बैठा हुआ था. बेशक!! वीर!!!

हवा में उठता एयरप्लेन, जब ज़मीन से काफी ऊपर आ गया तोह वीर विंडो के बाहर नीले आकाश और सफ़ेद बादलो को और क़रीब से देख अपने विचारो में खो गया.

वो मुंबई चोरर निकल चूका था, लॉस वेगास की ऑर्डर. कैसे वह सब कुछ अचानक और जल्दबाज़ी में चोरर के आया था. उससे कई बाते सत्ता रही थी.

आखिर उसकी क्या ज़रुरत थी लॉस वेगास में? कही ये सिस्टम की hi चली गयी कोई चाल तोह नहीं थी? क्या उसको और मिशंस मिलने वाले थे? केसा रहेगा ये सफर? क्या वह कही किसी मुसीबत में तोह नहीं फस्स जाएगा? अनेको सवाल थे.

वह यह सब सोच hi रहा था जब,

"गेटिंग बोरड़ आलरेडी!?"

एक प्यारी मधुर आवाज़ उसके बगल से आयी जिससे सुन्न वीर ने अपना चेहरा उस ऑर्डर किया. उसके बगल में सुहाना बैठी हुई थी.

वीर : बोरियत को साइड में रखे तोह, मुझे अभी भी ये समझ नहीं आ रहा की आपके इतने छोटे से सूटकेस में क्या hi सामान आया होगा? नॉट तो मेंशन की आप hi थी जिसने कहा था की टूर लम्बा भी हो सकता है.

वो सर्चसम में बोलै.

बात सच थी. सुहाना ने वीर को पहले hi ये कहके इन्फॉर्म कर दिया था की टूर लम्बा भी हो सकता है तोह वह अपनी पूरी प्रेपरिंग के साथ चले. पर यहाँ जब वीर एयरपोर्ट पहुचा तोह उसने देखा की सुहाना मात्र एक छोटे से रेड सूटकेस के संग आयी हुई थी. और कुछ भी नहीं था, बस उसका पर्स.

सुहाना : हम्म? व्हाट दो यू मैं बी छोटे से सूटकेस? और क्या लेके चालू? ी हैवे माय पर्स एंड सूटकेस. व्हाट ेल्स दो ी नीड?

वो उससे सवालिया नज़रो से देखते हुए पूछी.

वो एक ब्लैक कलर की लॉन्ग ड्रेस में थी. कंधो पर बस पतली सी डोरिया जो उसकी पूरी ड्रेस के भार को संभाल रही थी. और वो खुद सेल्फी लेने में बिजी थी.






और इस क़दर पास से सुहाना को देख वीर शांत पद गया. सुहाना वाक़ई ख़ूबसूरत थी. उसकी खूबसूरती थोड़ी अलग थी. सोनिआ और करा जैसी नहीं. उसमे उसका अलग एक चार्म था. कुछ अलग बात तोह ज़रूर थी उसमे.

वीर : तोह बस इनसे आपका काम चल जाएगा?

सुहाना : व्हाई नॉट? मुझे रखना hi क्या है? जस्ट माय एसेंटिअल्स. और सूटकेस? उसमे बस एक जोड़ी कपडे एंड सम इतर एसेंटिअल्स.

वीर : एक जोड़ी कपडे? रियली? एक जोड़ी कपड़ो में क्या होगा?

सुहाना : हँ?? मुझे वह जाके बस वही तोह pehen'na है थें ी विल बुय नई ओनेस.

उसने बड़ी hi सरलता से उत्तर दे दिया. और वीर को फिर ख़याल आया.

'फूऊक्ककककक!!! ी ऑलमोस्ट फॉरगॉट!! मिस सुहाना! वेल, ऑफ़ कोर्स she's रिच.'

[Don't worry Maaaassteeerrr~ We will be rich too!!! Very soon!! I'm here for you~ You know I love you right?]

'येह ी क्नोव पारी~ ी क्नोव!!'

वीर ने एक आह चोरर राहत की सांस ली. उसको इस लेवल पर पहुचने के लिए काफी कुछ करना बाकी था.

वो ये कैसे भूल सकता था की सुहाना एक रिच फॅमिली से बिलोंग करती थी. पैसा उसके हाथ का मेल था. वह केवल एक जोड़ी hi कपडे लेके आयी थी क्युकी वह वह जाके नए कपडे खरीदने वाली थी.

सुहाना : It's कॉल्ड स्मार्ट थिंकिंग वीर. आईटी सावेश ा लोट ऑफ़ टाइम. जितना समय तुमने बैग पैक करने में लगाया होगा, उतने समय में ी एअर्नेड क्रोर्स.

वीर खामोश था. सुहाना एक बेहद स्मार्ट औरत थी. पर वीर ने भी अब फिनांकिअल्ली ग्रो करना शुरू कर दिया था. और भी बड़े पैमाने पर अब. न केवल वह फ़ूड ट्रक बल्कि अब शेयर्स पर भी वह ध्यान दे रहा था.

सुहाना : सफर लम्बा है तोह आराम करो जितना करना है.

वीर : कितना समय बताया था आपने फ्लाइट दरशन का?

सुहाना : अराउंड 30 हॉर्स.

वीर : फुकककक!!!

सुहाना : हम्म~ ी क्नोव आईटी सुखस. पर क्या करे? वेगास दूर है काफी. फर्स्ट स्टॉप हमारा अबू धाबी है और उसके बाद नई यॉर्क, थें ात लास्ट लॉस वेगास.

उसने फ्लाइट की डिटेल्स उससे समझाते हुए कहा.

वीर : वाओ~

सुहाना तोह फैशन मैगजीन्स में कुछ पढ़ने लग गयी पर इधर वीर को उनमे कोई इंटरेस्ट नहीं था. वह देख रहा था अपने बगल में बैठी इस जवान औरत को जो दिखने में एक कल्चर्ड लेडी प्रतीत हो रही थी.

पर केवल वीर hi जानता था की सुहाना अपने अंदर किन दो तरह की पर्सनालिटीज को छुपाये हुए थी. एक जो नार्मल दिखाई पड़ती थी, जो की अभी मौजूद थी. और दूसरी जिसमे आते hi वह पागलो की तरह हस्सन लगती थी और टेडी को पकड़, उससे मार मार के उसका भरता बनाने पर आ जाती थी. भयानक एकदम!!

वीर ने नोटिस किया की सुहाना सच में काफी मॉडर्न थी. उसका फैशन सेंस भी बोहत अच्छा था. शायद सोनिआ के साथ रह रह के ऐसा हुआ हो? या सोनिआ थी जो सुहाना से इन्फ्लुएंस्ड थी? कुछ कहा नहीं जा सकता था.

उसने एक आखिरी सवाल पूछा,

वीर : उम्म्म... सो थिस इस बिज़नेस क्लास? आईटी सूरे इस लुक्सुरिओउस. हम दोनों की टिकट्स के अराउंड कितने लगे होंगे?

सुहाना : हम्म??? समवेयर अराउंड 5 लक्ष.

अमाउंट सुनते hi वीर को अंदाजा लग चूका था,

'फुक्कककककक!!! 5 लक्ष? जस्ट लिखे तहत...? शी स्पेंट तहत मच ों टिकट्स?'

और क्यों नहीं होएगा शॉकेड वीर? बात hi अलग थी बिज़नेस क्लास की.






लक्ज़री सीट्स, बड़ी सी स्क्रीन मूवीज देखने के लिए, स्वादिष्ट खाना, और क्या कुछ नहीं था. अंदर का नज़ारा hi अलग था. तोह वीर समझ चूका था.

[Master, this is nothing. 5 Lakh is nothing. Hume boht aage jaana hai Master. Don't worry, we will climb the stairs of success together. I will be with you. Always~]

'थैंक्स पारी~ मोटिवेशन के लिए. यू अरे थे बेस्ट.'

[Ehehehe~ Of course I'm the best.]

वीर मुस्कुरा के बाहर देख एक बार फिर अपने अतीत में खो गया. उसकी उंगलिया अपने आप hi अपने होंठो पर चली गयी. कल कुछ हुआ था. कुछ नया... कुछ अलग... कुछ ऐसा जिससे वीर रोक न पाया... कल...

जैसे hi उसने घर पर ये खबर दी थी की वह लॉस वेगास जा रहा है कुछ दिनों के लिए. रागिनी ने उस पर सवालों के हमले शुरू कर दिए थे,

"क्यों जाना है तुम्हे वीर? क्यूँउउउ!!?? तुम क्यों शहर से बाहर जाते रहते हो? पिछली बार तुम बिना बताये गए थे. पर तुम अपनी असल माँ से मिले थे. इस बार? इस बार कहा जा रहे हो वीर? क्या फिरसे कही उन्ही से मिलने...?"

"नहीं भाभी!! सुहाना जी ने मुझ पर 3 फवोर्स किये थे. जब में मुसीबत में था. शी टोल्ड में शी विल आस्क फॉर थे रीपेमेंट इन थे फ्यूचर. और वह दिन आज आ hi गया. अपने पहले फवौर के बदले में उन्होंने मुझे अपने साथ लॉस वेगास चलने को कहा है. कुछ ज़रूरी काम है शायद. और आप जानती hi हो न भाभी? में अपनी जुबां से पीछे नहीं हटाता..."

"P-Par..."

"भाभी...!!! मन मत कीजिये. और बल्कि उनके साथ शायद मुझे बिज़नेस से रिलेटेड कई साड़ी बातें सीखने को मिल जाए?"

रागिनी कुछ देरर तक शांत रही पर फिर उसने एक आह भरी और वीर को देख बोली,

"ठीक है वीर. तुम जा सकते हो. में तुम्हे मन नहीं करुँगी."

"K-Kya? ः~ सच में? आप इसके खिलाफ नहीं हो न!?"

"नहीं! पर मेरी एक शर्त है."

"कैसी शर्त?"

"तुम मुझे आज शॉपिंग पर लेके जाओगे. और अभी इसी समय से रात तक तुम मेरे साथ रहोगे. बोलो मंज़ूर है?"

रागिनी के बोल ने वीर को असमंजस में दाल दिया था. उसकी भाभी ये किसी डिमांड कर रही थी? शॉपिंग पर जाना कोई गलत बात नहीं थी. लेकिन वीर को जो बात सत्ता रही थी वह थी रागिनी का ये कहना की वह उसके साथ रात तक रहेगी.

"में..."

वह कुछ बोल पाटा की इस से पहले hi रागिनी वह से पलट कर अंदर अपने कमरे की ऑर्डर जाने लगी, "डिसिशन तुम्हारा है वीर. में तैयार होने जा रही हु. यदि में बाहर आयी और तुम मुझे रेडी नहीं मिले तोह में समझ जाउंगी तुम मेरे साथ जाना नहीं चाहते."

कहते हुए वह अंदर चली गयी.

'शीट्ट्ट्ट!!!!' वीर अब फस्स चूका था. उससे निधि ma'am, श्रेया, कारन, बलहार से भी तोह मिलने जाना था. लेकिन अब ये पॉसिबल नहीं था.

'में कल सुबह जल्दी उठ के उन् सब से मिल आऊंगा.'

[Yes master. Yahi sahi rahega. Aur aapko ab Ragini ko ignore nahi karna chahiye. I think she has reached a certain point.]

'हम्म...!'

और कुछ समय के बाद hi, वीर रेडी था. नए कपड़ो में वह बेहद hi हैंडसम लग रहा था. उसने एक ब्लैक शर्ट और नीचे ब्लू जीन्स पहनी हुई थी. रागिनी खुद एक हॉट कॉलेज स्टूडेंट की तरह प्रतीत हो रही थी. उसने एक डैशिंग सा फैशनेबुल वाइट टॉप और एक ब्लैक जीन्स डाली हुई थी. साथ hi वाइट स्नीकर्स. कोई कह सकता था की वह एक मैरिड और दिवोर्सीद लेडी थी? बिलकुल भी नहीं.

जब वह इस क़दर वीर के सामने आयी तोह शान भर के लिए वीर की बोलती hi बंद हो गयी. होंठो पे वो एक लाइट पिंक कलर की ग्लॉसी लिपस्टिक जो शायद किसी फ्लेवर की थी. ये तोह उसके होंठो को चूमने के बाद hi पता लगाया जा सकता था.

इधर वीर का मुँह खुला देख रागिनी मैं hi मैं खिल खिला उठी और अपने यौवन को सराहने लगी. उससे फक्र हो रहा था अपनी खूबसूरती पर आज.

"कैसी लग रही हु में?" वह गोल घुमते हुए खुद के फिगर को दिखाते हुए पूछी.

"बोहत ख़ूबसूरत!!!" वीर के मुँह से अपने आप hi निकल आया.

रागिनी के गाल ये सुनते hi हलके लाल हो चले, "गुड! नाउ यू क्नोव हाउ तो कॉम्पलिमेंट ा वुमन."

वीर खामोश था. उससे चुप देख रागिनी उसका हाथ पकड़ी और रूम के बाहर हॉल में ले आयी.

पर हॉल में आते hi उसने वीर का हाथ चोरर दिया. सामने दो लोग मौजूद थे. आभा और श्वेता.

सुमन ंसस की अब एक सदस्य थी तोह वो घर पर नहीं रहती थी. उससे अपना योगदान देने जाना पड़ता hi था. सोनाली फ़ूड ट्रक में लगी हुई थी. वो भी घर पर नहीं थी. और भूमिका होटल के लिए रवाना हो चुकी थी.

इसलिए श्वेता और आभा hi बस थी.

"तै जी! में वीर के साथ थोड़ी शॉपिंग पर जा रही हु. और वह से एक फ्रेंड के यहाँ भी जाना है. वीर और मुझे आते आते रात हो जाएगी."

उसने बताते हुए कहा. पर श्वेता के तोह होश उड़े हुए थे, रागिनी को इस तरह से देख के. उसने आज से इस से पहले कभी भी रागिनी को टॉप और जीन्स में नहीं देखा था. कभी नहीं. और आज रागिनी टॉप और जीन्स में थी? वो भी वीर के साथ जाने के लिए? वो भी दोनों एकदम अकेले?

श्वेता की छाती इंद्री तुरंत काम में लग गयी. और उससे बार बार कुछ संकेत देने लगी.

'हे भगवान्! ये रागिनी... ये रागिनी मेरे बच्चे के साथ इस तरह इन् कपड़ो में कैसे जा सकती है? कही कुछ गड़बड़ है क्या? कही रागिनी मेरे बेटे के पीछे तोह...'

वो मैं में सोचने लगी. और थोड़ी देरर बाद उसने अपना मुँह खोला,

"रागिनी! T-Tum... ऐसे... वीर के साथ?"

"हम्म? जी!! मेने इस तरह के कपडे काफी समय से नहीं पहने थे इसलिए आज मैं हुआ. क्यों? कोई दिक्कत है क्या?"

रागिनी श्वेता की निगाहें परख चुकी थी.

'आप या कोई भी हो. कितना hi मुझे क्यों न रोक ले. आज में वीर के साथ अपना समय गुज़ार के hi रहूंगी. मेरे और उसके बीच कोई नहीं आ सकता...'

वो मैं में ठान पहले से hi तैयार कड़ी थी.

"N-Nahiii!!! कुछ नहीं! जल्दी आ जाना बीटा."

"जी! चलो वीर."

"H-Hmm~"

और दोनों रागिनी और वीर घर से बाहर निकल गए. बाहर आते hi वीर ने एक राहत की सांस ली. अंदर का माहौल कुछ गरम सा होने लगा था. ऐसा लग रहा था दो बिल्लिया आपस में झपट कर लड़ने वाली थी.

वीर जब कार का दूर खोलने लगा तोह रागिनी ने उससे फिर टोक दिया, "कार नहीं वीर. बाइक! बाइक निकालो."

"उघ... Okay!"

वीर के संग बाइक पर सवार वह पीछे बैठ गयी. और रागिनी ने एक भी मौका नहीं गवाया. बैठते साथ hi उसने अपनी सुडोल छथि वीर की पीठ पर पूरी टिका दी. अपने उरोजों को वीर की पीठ पर मसल के वो उससे कस के पकड़ के बैठ गयी.

'गॉड दमन आईटी...!!!' और उसका असर सीधे वीर के लुंड पर हुआ.

दोनों hi शॉपिंग मॉल पहुचे और जी भर के रागिनी ने शॉपिंग की. वह कभी अपने लिए कुछ खरीदती तोह कही वीर के लिए. तोह कही घर की ज़रुरत मांडो का सामान लेती.

दोनों एक कपल के जैसे प्रतीत हो रहे थे. कही दोनों फ़ूड जोन में स्नैक्स खाते तोह कही आइस क्रीम, और बस एक दूसरे के साथ इसी तरह पल गुज़ारने लगे.

रागिनी हर्र वो प्रयास कर रही थी जो एक लड़की करती है एक लड़के को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए. और ये कहना गलत नहीं था की वीर उस आकर्षण में फस्स्त जा रहा था.

जब रात होने का समय होने लगा तोह दोनों कुछ देरर के लिए एक बेहद hi ख़ूबसूरत से स्पॉट के पास बाइक को रोक के वही अगल बगल बैठे हुए थे.

सूरज ढल रहा था, आकाश में पक्षियों का झुण्ड इधर से उधर उड़ता जा रहा था. मंद मंद ठंडी हवाएं चल रही थी. वातावरण में एक शान्ति थी.

वीर और रागिनी भी खामोश थे. पर उनके दिल की धड़कने नहीं. रागिनी जितना चाहती थी की वह अपनी देसिरेस को कण्ट्रोल में रखे वो उतनी hi जोरर से बाहर आने का प्रयास करती.

और फिर उसने शुरुआत की, "वीर!"

"H-Hmm?"

"क्या तुमने जवाब के बारे में सोचा?"

वीर जानता था रागिनी किस जवाब की बात कर रही थी. अपने प्यार का इज़हार वो कर चुकी थी. और अब उससे जवाब चाहिए था.

"भाभी में..."

"में क्या वीर!?"

"मुझे शायद थोड़े दिन और..."

"शट उप!"

"हँ?"

"ी हद एनफ वीर. बोहत बर्दाश्त कर लिया मेने. अब और नहीं."

वो मुद के वीर की ऑर्डर देखि. ऐसा लग रहा था जैसे उसने वीर की आँखों में कुछ गिरा दिया था और अब उसकी आँखों में उससे ढूंढ़ने की कोशिश कर रही थी. उसकी सासें बोहत तेज़्ज़ हो चुकी थी. सीना ज़र्रों से ऊपर नीचे हो रहा था.

वो आगे बढ़ी और उसने अपने दोनों हाथो से उसके चेहरे को थाम लिया.

"जस्ट हाउ मच मोरे टाइम आईटी विल टेक फॉर यू तो किश थी दमन लिप्स? हँ!??", वो मदहोशी में उससे देख ुचि आवाज़ में बोली.

"W-Whattt?" वीर भौचक्का रह गया. क्या उसने अभी अभी सही सुना था?

रागिनी की गरम गरम सासें उसके चेहरे और होंठो पर पद रही थी.

"तुम्हे जब अपने जवाब देना है तब देना. बूत ी won't स्टॉप नाउ."

और बस इतना बोल, उसने वीर को अपनी ऑर्डर एक झटके में खींचा और अपने गुलाबी ग्लॉसी होंठ को वीर के होंठो से चिपका दिया. वीर की आँखें हैरानी के मारे फटती चली गयी. और रागिनी उसके होंठो को एक बेहद hi बेकरार औरत के भाति चूसने और चबाने में लग गयी.

*सलूऊऊररररपपपपपप* *सचलीइएक्सकककककक*

*ममममममम~*

रागिनी के बदन में एक बिजली दौड़ गयी वीर को चूमते hi. दोनों के होंठो का संगम आखिर हो hi गया. न जाने कबसे रागिनी इस लम्हे का इंतज़ार कर रही थी. की एक दिन वीर उसके होंठो को अपने होंठो की गिरफ्त में जोरर से लेगा. पर अंत में उस से अब और सब्र न हुआ. उसने खुद hi वीर के मुँह को अपने मुँह से लगा लिया. और थूक का मेल मिलाप शुरू हो गया.

भले hi आसमान साफ़ था पर वीर को ऐसा लगा जैसे आसमान में आतिशबाज़ी हो रही थी. ऐसा लगा एक बम उसके अंदर भी फट चूका था.

उसने कई लड़कियों को किश किया हुआ था. पर ये... ये किश अलग थी. इसमें एक शरारती भाव था. एक मेलापन था. जो उससे उकसा रहा था. वो था...

अपने बड़े भाई की तलाक शुदा बीवी के होंठो को चूमना... उससे गलत ढंग से भीचना और मसलना...

सोचते hi उसका लुंड एक बार फिर झटका मार दिया.

रागिनी के होंठ, इतने नरम, इतने कोमल, वो वीर के निचले होंठ को खींचने में लगे हुए थे. उसकी मखमली सी जीभ वीर के अंधरुनि मुँह को टटोल टटोल के खोज रही थी. जैसे एक अँधेरी गुफा में एक रही रास्ता खोजता है.

उसके बदन से आती वह मादक खुशबू वीर को नशे में डालने के लिए काफी थी.

वीर तोह कुछ पल के लिए वही बर्फ की सिल्ली की तरह जम्म के बैठा हुआ था. जो कुछ भी कर रही थी, वह रागिनी hi कर रही थी.

और फिर अंत में वीर हार गया. उसने रागिनी को पकड़ जोरर से उससे चूमना शुरू कर दिया. बस वह दोनों की चूमने की आवाज़ें hi आने लगी...

और अब... वीर को उस लिपस्टिक का फ्लेवर पता चल चूका था.

'ओह्ह गॉड... आईटी टेस्ट्स लिखे... आईटी इस... वैनिला... डमनणणन!!!!!!'

9 से 10 मिनट गुज़र चुके थे दोनों को. और उसके बाद hi जाके रागिनी उसके होंठो से अलग हुई. वो भी सिर्फ सांस लेने के लिए.

*हफ़* *हफ़*

उसकी आँखों में पूरी तरह से खुमारी छायी हुई थी. हवस भी थी कही कही.

"नाउ यू won't स्टॉप में वीर. न जाने कितनी रातें मेने तड़प तड़प के गुज़ारी है. *हफ़* *हफ़* केवल तुम्हारे बारे में सोच सोच के..." वो हफ्ते हुए बोली, "सिर्फ तुम्हे सोच सोच के में रात में मस्टुर्बते करती थी वीर. िमागिनिंग यू टेकिंग में इन योर आर्म्स."

"!!!??" वीर स्तब्ध रह गया. रागिनी अपनी बाते आज खुल के बता रही थी.

"ी विल बात यू तो माय heart's कंटेंट."

और इस बार वीर के बदन में एक कम्पन फेल गया ये सुनते hi. रागिनी एक भूके जानवर की तरह वीर के होंठो पर टूट पड़ी.

इस बार जब वीर ने उससे जोरर से पकड़ा तोह कुछ हुआ...

*डिंग*

[Mystic touch has been applied.]

'ओह्ह्ह फुक्ककककक न्यूऊओ!! अभी नहीं...!!!!'

वो मैं में चिल्लाया. बात hi ऐसी थी.

वीर ने फेम पॉइंट्स से स्क्रॉल हंट में स्क्रॉल खरीदा था. और जो उससे वह से मिला था वो था...

*डिंग*

[Scroll ~ Mystic Touch.

Description ~ A technique to make your female partner sway just by your touch. A touch that will leave your women all flustered. It will only be applied by its own during romantic situations. It cannot be turned ON or OFF.

Do you want to consume the scroll?

Yes or No?

Warning : If you don't consume it within 24 hours, the scroll will disappear.]

मजबूरन, वीर को स्क्रॉल कसमे करना hi पड़ा. वर्ण स्क्रॉल 24 घंटो के अंदर गायब हो जाता. और अब उसके पास ये मिस्टिक टच तकनीक थी, जो अपने आप hi रोमांटिक सीटुएशन्स में एक्टिव होती थी.

नतीजा? नतीजा खुद hi देख लो आप...

वीर के हाथ मिस्टिक टच एक्टिवटे होते hi जैसे hi रागिनी के कमर पर गए. रागिनी पागल हो उठी. वो मछली की तरह मचल उठी. उसकी सिसकिया जोरर से वह गूंजने लगी.

वीर के हाथो का हर्र एक टच उससे अलग hi चरम सुख पहुचा रहा था. और जब उसका हाथ गलती से रागिनी के थानों पर गया तोह रागिनी की छूट ने अपना पानी चोरर दिया. केवल इतने से टच से hi...

वो नशीली आँखों से उससे हफ्ते हुए देखि, " तुम्हारे हाथो में जादू है क्या वीर? *हफ़* यू वांट थम. राइट? तुम्हे मेरे दूध चाहिए न वीर. कहो?"

अचानक hi रागिनी ने अपने ऊपर से वह सफ़ेद टॉप निकाल के अलग कर दिया.

"भाभी... ये आप...!???" वीर कुछ कह पाटा की इस से पहले hi रागिनी ने अपने हाथो को पीछे ले जाके अपने बदन से वह सफ़ेद ब्रा भी अलग कर दी.

वीर के सामने अब बेहद hi कमाल के सुडोल थान मौजूद थे. और जिस तरह से वीर उन्हें घूर रहा था, रागिनी का मैं खिलता hi जा रहा था.

"केवल देखो नहीं इन्हे वीर... *हफ़* *हफ़* चूसो... चूसो इन्हे... थे अरे आल योर्स. के सूचक ों थम माय बेबी..."

और वीर को बालो से खींच उसने अपने थान उसके चेहरे में घुसेड़ दिए. या यु कहे की उसका चेहरा अपने थानों में घुसेड़ दिया.

"ओह्ह्ह गॉडडडडड!!! वीरररर!!!! माय बेबी.... ी वांटेड थिस फॉर सो लॉन्ग... सूचक ों माय टीटीएस वीर... क्लेम थम... चूसो... एस्सस डिअर!!!!"

"आह्ह्ह्हह्हंन्न~ चूसो अपनी भाभी के दूध... स्पंक थम... मसल दो इन्हे उफ्फ्फफ्फ्फ़~ किस्स्स मई... सूचक माय लिप्स वीर..... ओह्ह्ह गुऑडद... *स्लुर्प* ओह्ह्ह्हह एसससस डार्लिंग... "

रागिनी पे खुमार चढ़ चूका था. वह बेकाबू हो चुकी थी.

"एससससस ी लव यू... डार्लिंग.... सूचक में... ी लव यू सोऊ मुछ्छःह.... ममममम~ गिव में हिक्कीस वीरररर... सूचक माय नैक... माय टिट्स... माय लिप्स.... निशाँ चोरर दो वीर.... आह्हःणंन्न~ एसससस बेबी... जस्ट लिखे तहत..."

"ओह्ह्ह्ह गॉडडडडड वीररर... योर टच... ी चामे ट्वाइस आलरेडी... क्या है इन् हाथो में? क्लेम में वीरररर!!! क्लेम में फ्रॉम योर एल्डर बरोथेर....!!!! अह्ह्ह्णण~ एससससस!!! दिखाओ अपने उस हराम खोर विवेक भैया को कैसे उसकी तलाक शुदा पत्नी को प्यार देते है वीररर... ाहहननन मायआ~"

वीर और रागिनी के बीच ये सिलसिला करीब 35 मिनट तक चला. जब रात का अँधेरा और घाना होने लगा तब दोनों को होश आया. रागिनी पहले से अब कही बेहतर थी. और होश में थी. अब जाके उससे समझ आ रहा था उसने क्या किया वीर के साथ और बेचारी के गाल अब सुर्ख लाल थे.

पर ग्लानि ज़रा भी नहीं. वह खुश थी उसने जो भी वीर के साथ किया था.

'ओह्ह गॉड!!! ये मेने केसा बेहवे कर दिया? ी... *ब्लशेस* गॉड क्या क्या कह गयी में वीर से. बूत it's नॉट एंटीरेलय माय फाल्ट. हिज टच जस्ट... लिघ्तेनेड माय बॉडी उप... आईटी वास् सो सुर्रियल. ी होप वीर मुझे किसी हवस की भूकी औरत की तरह नहीं समझेगा.'

वो मैं में सोच शर्मायी जा रही थी.

आज से उनके बीच एक नयी शुरुआत हो चुकी थी. वीर को जब जवाब देना हो दे... पर रागिनी तोह अब वीर से इसी तरह से प्यार करने वाली थी. आज उसके अंदर एक नयी चीज़ ने जन्म ले लिया था, वीर को चूमने के बाद. ऐसी अनुभूति उससे पहले कभी नहीं हुई थी.

और बस, इसी तरह वीर और उसके बीच एक नया रिश्ता बना. हलाकि इसके बाद उनके बीच फिलहाल कुछ नहीं हुआ. वीर को कल वेगास जाना था जिस कारण वो पैकिंग में लग गया. और सुबह वो निधि, श्रेया जूही से मिलके आया तोह वही बलहार से कुछ बातें कर के.

इन्ही सब में समय गुज़र चूका था. उससे कारन से मिलने का कोई मौका नहीं मिला. न hi करा और सोनिआ से. सोनिआ तोह वैसे भी अभी बाहर hi थी.

और अगले दिन वीर वेगास के लिए निकल गया.

"हे~" फिर एक आवाज़ उससे होश में लायी.

अपने ध्यान से जब वो बाहर आया तोह उसने देखा की बगल में सुहाना सोने की तैयारी कर रही थी.

उससे ध्यान आया की वह कल की हुई घटनाओ के बारे में सोच खो गया था. खासकर, रागिनी के बारे में सोच के.

एक स्माइल उसके होंठो पर सज्ज गयी उससे याद करते hi.

सुहाना : हे. में सोने जा रही हु थोड़ी देरर. तुम्हे कुछ भी चाहिए हो एयर होस्टेसेस को कह सकते हो. Okay?

वीर : ऑलराइट!

और वो सोने चली गयी. देखते hi देखते इनका ये लम्बा सफर भी जल्द hi ख़तम होने को आ गया.

*वहूऊऊससस्शह्ह्ह*

प्लेन एयरस्ट्रिप पर लैंड हुआ. लॉस वेगास की ज़मीन पर वीर और सुहाना अपने कदम रख चुके थे.

बहार आते hi उन्हें अलग hi नज़ारा देखने को मिला.






जब वो एयरपोर्ट के एग्जिट पर पहुचे तोह वह लिखा हुआ था, वेलकम तो लॉस वेगास.





और एयरपोर्ट से बाहर आते hi सुहाना और वीर सामने एक लक्ज़री ब्लैक रोल्स रोये घोस्ट कड़ी हुई थी.





जैसे hi वह कार के नज़दीक आये.

*क्लिक*

कार का दरवाज़ा खुला और एक ख़ूबसूरत सी लेडी एक लॉन्ग ड्रेस में बाहर आयी. चेहरे पर हल्का मेकअप, होंठो पर लिपस्टिक, पतले परर, ख़ूबसूरत बाल और प्यारा सा मुखड़ा.






वीर ने उस औरत को देखते hi...

'चेक!!'

*डिंग*

[Name : Divya


आगे : 35

बायो : दिव्या, एक इंडिया और लॉस वेगास की सिटीजन है. उसका पति लॉस वेगास से है इसलिए उससे भी यहाँ की सिटीजनशिप आसानी से मिल गयी. दिव्या एक भारतीय नारी है पर उसने शादी एक विदेशी लड़के से की है. कोई संतान नहीं है फिलहाल. दिव्या और उसका पति दोनों hi डिटेक्टिव्स है. शी लव्स तो रीड पीपल एंड तोय विथ थम. शी आल्सो फ्लोर्ट्स ा लोट विथ यंग में. बूत शी नेवर डस आईटी सीरियसली. जस्ट तो मेक फन ऑफ़ थम. शी लाइक्स प्लेइंग विथ यंग men's ामतीउर फीलिंग्स. बिवेयर!

फवौराबिलिटी : 36

रिलेशनशिप : स्ट्रॉन्गेर्स.]

और स्टेटस पढ़ते hi वीर चौकन्ना हो गया.

[This woman.... Tch...!!!]

शी वास् ा बाद न्यूज़. यहाँ तक की पारी भी इस औरत को देख के कुछ ख़ास खुश नहीं थी.

और इधर दिव्या ने जैसे hi सुहाना को देखा वह आगे आके उसके गले से लग गयी,

दिव्या : ओह्ह्ह्ह माय... ब्यूटीफुल डार्लिंग~ मुआअह~ मुहाहह~ ी मिस्ड यू सो मच सुहाना....!!!!

कहते हुए उसने सुहाना का गाल चूम लिए. ा टिपिकल फॉरेन ग्रीटिंग वे.

सुहाना (स्माइल्स) : हां हां पता है मुझे. तभी तोह इस तरह मुझे बुलाई हो तुम.

दिव्या : ओह्ह्ह ट्रस्ट में डिअर. बोहत सीरियस इशू है.

सुहाना : ऑलराइट! ी विल ट्रस्ट यू ों थिस ओने.

दिव्या : ओह्ह यू नॉटी ओने हाहा~ एंड हैयययययय... हु ेल्स वे गोत हेरे? हम्म?

उसकी निगाहें फिर वीर पर पड़ी. और उससे देखते hi उसकी आँखों में अजीब सी चमक आके गुज़री. जो वीर की नज़रो से छुप के न गयी.

दिव्या (स्माइल्स) : वेलकम वीर!!

वीर (सुरप्रीसेड) : यू क्नोव अबाउट में??

वीर की नज़रे पल भर के लिए दिव्या को घूर कर स्कैन करि... फवौराबिलिटी 36 थी. मतलब वो उससे जानती थी. पर कैसे?

दिव्या (स्माइल्स) : वेल! जब तुम्हारी इतनी तारीफे sunn'ne को मिलेंगी तोह ये तोह ज़ाहिर सी बात है न? ः~

कहते हुए दिव्या उससे ऊपर से नीचे तक खा जाने वाली नज़रो से देखि. यहाँ तक की उसने अपना निचला होंठ भी दातो से दबा लिया. और वह ये सब वीर को जान बुझ के दिखा कर रही थी.

इधर वीर हैरान होते हुए दिव्या की हरकतों को देखने लगा.

'मेरी तारीफे? हँ?'

फिर उसकी निगाहें सुहाना पर गयी जो उससे अपनी ऑर्डर देखता पा कर hi अपना मुँह फेरर ली. तोह वो सब कुछ समझ गया. और धीरे से बस मुस्कुराया.

'तोह ये सुहाना मैडम को मेरी तारीफ करना भी आता है हाँ??'

[Suhana is impressed with you master. And who wouldn't be? You are everything a girl wants hehe~]

'ओह्ह पारी~ यू अरे तू स्वीट.'

[Awww~ Thank you maaassstteerr!!]

दिव्या : वेलकम!!!! वेलकम तो वेगास!! एक ऐसी सिटी जो गैंबलिंग, फाइन डाइनिंग, एंटरटेनमेंट, और अपनी नाइटलाइफ़ के लिए जानी जाती है. यू नाम आईटी. वेगास है आईटी आल.

दिव्या अपने दोनों हाथो को हवा में फैलाते हुए गोल गोल घूमी, वीर को इस अध्भुत सिटी के दर्शन करवा रही थी वह. अब वह वाक़ई सिटी के दर्शन करवा रही थी या 360° घूम के रेवेलिंग कपड़ो में अपने, जिस्म के दर्शन करवा रही थी? ये कहना थोड़ा मुश्किल था.

दिव्या : जानकारी के लिए बता दू की इस सिटी में 24/7 गैंबलिंग, ड्रिंकिंग और बाकी चीज़े अल्लोवेद है.

मुस्कुराते हुए वह वीर की तरफ आँख मारते हुए बोली, फिर अचानक hi उसके कान के पास आके धीमी आवाज़ में उसने कहा,

"इन्क्लूडिंग मेल फोकस्ड एंटरटेनमेंट."

'वह....!?' वीर उसके इस तरह पास आने से थोड़ा हिचक उठा.

[Master ye aurat kuch zyada hi ucchal rahi hai. Hmph~ I don't like her vibes.]

दिव्या वीर को इशारा दे रही थी. की वेगास में वीर को सब कुछ मिल सकता है. सेक्स भी. वो भी अय्याशीयो वाला. थ्रीसम, फोर्समे, आर्गी?? नाम आईटी आल. यहाँ सब आसानी से उपलब्ध था. और दिव्या का इशारा उसी ऑर्डर था.

दिव्या : बूत ये सब मेरी प्रेसेंस में नहीं.

लेकिन उसने अगली बात रख के साड़ी मिसुन्दरस्टण्डींग दूर कर दी. एक प्रकार से वह वीर को सुहाना की नज़रो में टेस्ट करना चाह रही थी. वो देखना चाह रही थी की सुहाना को जब पता लगेगा की वीर वेगास में सेक्स धुंध रहा है तोह उसका क्या रिएक्शन होगा? इन इतर वर्ड्स, शी वांटेड तो कैच वीर ओफ्फगुअर्द.

पर सडली, दिव्या केवल वीर की बातो से परिचित थी, उस से नहीं. वर्ण ऐसी हरकत नहीं करि होती. वीर बस खामोश था और

दिव्या ये देख थोड़ा और क्यूरियस हो गयी.

वही सुहाना भी अपनी सखा की चाल समझ चुकी थी. और यदि सच कहा जाए तोह वह अपनी दोस्त के इस रवैय्ये से बिलकुल भी खुश नहीं थी. सुहाना समझ चुकी थी की दिव्या वीर के साथ क्या करना चाह रही थी. उससे be-izzat करना. और कही न कही सुहाना को ये पसंद नहीं आया, लेकिन वह खामोश रही.

दिव्या : यू दो हैवे ा नीस जिगोलो सुहाना, ी मस्ट से. ः~ अन्य्वयस, let's जो.

वो हास्य तौर पर कहते हुए मुड़ी तोह,

वीर : टेक बैक व्हाट यू जस्ट साइड.

दिव्या : हँ???

पीछे से वीर की तेज़्ज़ आवाज़ ने उससे पलटने पर मजबूर कर दिया.

वीर : टेक बैक व्हाट यू जस्ट साइड... नाउ!!!!

सुहाना : डिवीयाआ!!!!

जब सुहाना भी ुचि आवाज़ में चिल्लाई तोह दिव्या की करिओउसीतय वीर के प्रति और भी ज़्यादा बढ़ गयी. उसकी अपनी दोस्त एक लड़के के लिए उस से ुचि आवाज़ में बोली? Okay! नाउ थिस वास् स्ट्रेंज.

दिव्या ने सीधे सीधे वीर को जिगोलो का नाम दे दिया था. वीर को गुस्सा नहीं आएगा तोह क्या आएगा? जिगोलो दरअसल उस शख्स को कहा जाता है जब एक उम्र में बड़ी औरत अपनी उम्र से छोटे एक नौजवान लड़के को अपने साथ रखती है, उसका खर्चा उठाती है ताकि बदले में वह उसके साथ बिस्तर पर कुछ रंग रेलिया मन सके.

दिव्या ने यही अनुमान लगाया था की वीर सुहाना का कोई जिगोलो था, पर ऐसा बिलकुल भी नहीं था. वीर तोह केवल सुहाना का फवौर पूरा करने आया था. वर्ण वह आता hi नहीं. और ये औरत उससे एक जिगोलो की उपाधि दे रही थी? थे नेर्वेस!!! थे ऑडेसिटी...

दिव्या : ओह्ह्ह्ह!! इंटरेस्टिंग! इंटरेस्टिंग! मुझे लगा तुम गौरव से अब तक बोर हो गयी होगी सुहाना. ः~ ी didn't एक्सपेक्ट यू तो बे सो लॉयल. अन्य्वयस, ी दो अपोलॉगीज़े. Let's गेट मूविंग नाउ.

और वह पलट के आगे जाने लगी. दिव्या के आगे जाते hi इधर सुहाना वीर के पास आयी और उससे आहात करते हुए बोली,

सुहाना : ऑलवेज कीप ा डिस्टेंस फ्रॉम हेर. तुम्हारे भले के लिए hi बोल रही हु.

वीर : मुझे लगा था आप उनकी अच्छी दोस्त होगी. पर देख के लगता नहीं.

सुहाना : हम अच्छे दोस्त hi है. पर वह ऐसी hi है. और लगता है वह तुम में इंटरेस्टेड है. वो कोशिश करेगी तुम से हर्र बात jaan'ne की बूत यू बेटर स्टे साइलेंट okay?

वीर : ऑलराइट!

सुहाना : और जितना हो सके उस से दुरी बना के रखना.

वीर : हम्म~

सुहाना : Let's जो नाउ!!

और दिव्या के hi पीछे पीछे सुहाना संग वीर भी चल दिए. अपने सूटकेस को खींचते हुए वीर आगे बढ़ा, उसकी नज़रे पैनी होकर दिव्या की पीठ पर जैम गयी.

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आज के लिए इतना hi गाइस.

अपडेट कंसिस्ट्स ऑफ़ मोरे थान 5.2क वर्ड्स. थिस मार्क्स थे बिगनिंग ऑफ़ थे हाउस ऑफ़ थे किलर्स अर्च. यहाँ से स्टोरी एक नया मोड़ लेगी. तोह, लाइक्स ठोकने का और रेवोस रखने का गाइस. :बिगबॉस: तब तक के लिए,


धन्यवाद! ✨
 
अपडेट - 96 ~ रिडले

अब तक...

सुहाना : हम अच्छे दोस्त hi है. पर वह ऐसी hi है. और लगता है वह तुम में इंटरेस्टेड है. वो कोशिश करेगी तुम से हर्र बात jaan'ne की बूत यू बेटर स्टे साइलेंट okay?

वीर : ऑलराइट!

सुहाना : और जितना हो सके उस से दुरी बना के रखना.

वीर : हम्म~

सुहाना : Let's जो नाउ!!

और दिव्या के hi पीछे पीछे सुहाना संग वीर भी चल दिए. अपने सूटकेस को खींचते हुए वीर आगे बढ़ा, उसकी नज़रे पैनी होकर दिव्या की पीठ पर जैम गयी.


अब आगे...

*वरररररओओओओओओओओओमममम*

कार लॉस वेगास की मक्खन जैसी स्मूथ रोड्स पर भाग रही थी. दिव्या कार ड्राइव कर रही थी, और Veer-Suhana दोनों hi पीछे बैठे हुए थे.

कार का इंटीरियर देख, वीर काफी फस्किनटेड था. क्या hi गज़ब का इंटीरियर था. अध्भुत!






सुहाना ने भी ये दिव्या की कार नोटिस की तोह वो पूछ उठी,

सुहाना : ये कब ली तुमने?

दिव्या (स्माइल्स) : लुक्स नीस राइट? ये मेने कुछ महीने पहले hi ली. एक टफ केस सोल्वे हो चूका था तोह उसकी ख़ुशी में ये मेने खरीद ली. दो यू लिखे आईटी?

सुहाना : हम्म~

दिव्या : ी कैन गिफ्ट यू ओने यू क्नोव?

सुहाना : No थैंक्स!!!

दिव्या : अव्व्व~ हमेशा की तरह तुम्हारा जवाब आज भी ना hi है.

वीर सुरप्रीसेड था. सुहाना ने एक कार का ऑफर यु hi ठुकरा दिया? क्यों? वीर ने सुहाना को देखा तोह वह जैसे समझी की वीर उस से कुछ पूछना चाह रहा था. फिर वह वीर को समझाते हुए बोली,

सुहाना : दिव्या एक डिटेक्टिव है. काफी फेमस यहाँ पर. और उसके हस्बैंड भी. दोनों hi पॉपुलर है क्राइम स्टडीज में.

पर वीर को तोह पहले से hi ये पता था. उसने दिव्या को चेक जो कर लिया था. फिर भी उसने नाटक करते हुए हाँ में सर्र हिला दिया. दिव्या से ज़्यादा वीर को तोह इस कार में इंटरेस्ट था.

वीर : ये कितने की होगी?

वीर ने वैसे तोह पहले hi सिस्टम से कार को चेक कर लिया था. लेकिन उसके बायो में प्राइस मेंशनएड नहीं था. जिस कारण से उससे सुहाना से ये सवाल पूछना पड़ा.

सुहाना : उम्... ी गेस...

सुहाना जवाब दे पाती की उस से पहले hi दिव्या ने उन् दोनों को मिरर में देख खुद hi जवाब दे दिया,

दिव्या : यदि तुम्हारी इंडियन करेंसी में कन्वर्ट करे तोह, अराउंड 7-8 करोड़ की है ये कार. वीर!! मय्बे उस से ज़्यादा भी ः~

वो मिरर से hi उससे आँख मारते हुए बोली. ख़ास कर उसके नाम को थोड़ा जोरर देके पुकारी और शरारती ढंग से मुस्कुरायी.

वीर ुनफेड था. इस नकली फ़्लर्ट के आगे वो झुक जाए और मंत्र मुग्ध हो जाए? सवाल hi पैदा नहीं होता. भले hi दिव्या ख़ूबसूरत थी पर इसका ये मतलब नहीं था की वीर हर्र सुन्दर लड़की के सामने पिघल जाए.

वो जानता था दिव्या के स्टेटस में क्या लिखा हुआ था. जवान लड़को के साथ फ़्लर्ट करना और उनकी फीलिंग्स के साथ खेलना उसकी आदत थी. एक हॉबी. बेहतर यही था की उसकी बेफालतू की फ्लिर्टिंग्स पर ध्यान न दिया जाए.

और वीर ने वही किया. जब उसने दिव्या की हरकतों पर कोई रिएक्शन न दिया, तोह दिव्या और क्यूरियस हो उठी. उसकी मुस्कान और फेल गयी.

[Master~ Hum iss se bhi behtar car lenge future me. Don't worry!]

'यस पारी!!! डेफिनिटेली!!'

सुहाना : तोह? कहा चल रहे है हम?

दिव्या : मेरे घर ऑफ़ कोर्स, और कहा?

सुहाना : Okay! पर तुमने तोह कहा था की सीरियस इशू है.

दिव्या : ऑफ़ कोर्स डिअर. उसके लिए हमे शाम को निकलना होगा. मीटिंग होगी आज. यू हैवे तो बे तेरे. इसलिए तोह तुम्हे अभी घर ले जा रही हु. अच्छे से आराम करना. जेटलैग भी हो रहा होगा अभी.

सुहाना : फाइन~

दिव्या : वैसे maan'na पड़ेगा वीर. वाक़ई तुम बोहत हैंडसम हो. मुझे लगा नहीं था सुहाना जब तुम्हे यहाँ लेके आएगी तोह मुझे इतना बड़ा सरप्राइज मिलेगा ः~

वीर : आपको पता था की में यहाँ आ रहा हु?

दिव्या : हाहाहा~ पता था? इन फैक्ट, ी वास् थे ओने हु टोल्ड हेर तो ब्रिंग यू अलोंग.

वीर : व्हाटट?

अब ये एक नयी न्यूज़ थी वीर के लिए. दिव्या ने hi सुहाना को कहा था की वीर को यहाँ लेके आये?

दिव्या : वेल यस! सुहाना को मेरा एक पुराण फवौर रपय करना था. तोह मेने उस से ये करने को कहा. तुम्हे क्या लगा? सुहाना को ये फवोर्स के साथ खेलने की ट्रिक्स किसने सिखाई है? हाहाहा~

वीर : व्हाटटटटट!!!!?

वीर को अब समझ आया था की सुहाना जो इतने फवोर्स लेती थी उस से. वो असल में दिव्या की hi दें थी. उससे देख के hi सुहाना ने ये सीखा था.

सुहाना इधर अपना मुँह छिपाए हुए थी. उसके गाल इस बार थोड़े लाल थे.

सुहाना : स्टॉप आईटी दिव्या...

दिव्या : हाहाहाहा~ व्हाई नाउ!? देखा तुमने वीर? शी लीर्नेद आईटी फ्रॉम में. वेल! तुम्हारी काफी तारीफे करि थी सुहाना ने तोह मेने उस से यही कहा था की ब्रिंग वीर अलोंग विथ यू. में भी तोह देखो क्या ख़ास बात है तुम में? एंड यू बोथ अरे हेरे नाउ.

वीर खामोश रह गया. तोह ये माजरा था. सुहाना के ऊपर अतीत में कभी दिव्या ने कोई फवौर किया था. और उसके बदले में आज सुहाना इधर आयी हुई थी. उस फवौर को चुकाने. साथ में वीर भी लपेटे में था.

'ी सी~'

दिव्या : तोह अब पता चला तुम्हे वो क्यों मेरी कार का ऑफर नहीं ले रही? हाहाहाहाहा~

वीर : ओह्ह!

तोह ये बात थी. यदि सुहाना दिव्या के हाथो दी गयी कार ले लेती, तोह कही न कही ये भी एक तरह से फवोर्स में hi गिना जाता.

'ओह्ह! ी सी नाउ!'

[This woman is so crafty Masterrr~]

दिव्या : पर सुहाना डिअर. सच में में कोई फवौर नहीं कर रही. ी कैन गिफ्ट यू ा शामे कार लिखे थिस यू क्नोव.

सुहाना : No! ी don't नीड ओने.

दिव्या : अन्य्वयस!!! वीर!!! I'm नॉट ात आल डिसअप्पोइंटेड आफ्टर सीइंग यू नाउ. यू हैवे डेफिनिटेली पिक्वेड माय इंटरेस्ट.

उसने कहते हुए एक बार फिर आँख मार अपना निचला होंठ दातो टेल दबा लिया.

[This bitttttcchhhh~]

सुहाना (फ्रोंस) : दिव्या...

दिव्या : ऑलराइट ऑलराइट!! ी won't स्नैच योर बॉयफ्रेंड सुहाना. कलम डाउन!!!

सुहाना : व्हाटट? He's नॉट माय बॉयफ्रेंड दिव्या. व्हाट अरे यू टॉकिंग अबाउट??? I'm आलरेडी मैरिड. तुम जानती हो. Don't जोके लिखे तहत...

दिव्या : हे हे~ कलम डाउन! क्या हुआ? ी वास् जस्ट किडिंग okay?

सुहाना कुछ न बोली. पर वीर ने ये ज़रूर नोटिस किया था की उसके गालो पर हलकी लाली छायी हुई थी.

और फिर कार में एक शान्ति छ गयी. वेगास की ुचि ुचि बिल्डिंग्स, वो तेज़्ज़ रफ़्तार में आती जाती गाड़िया, बड़े बड़े फ्लाई वर्ष देख वीर उस नज़ारे में खो गया.






और कार कब दिव्या के घर के बाहर आ कर रुक गयी इसका पता hi नहीं चला. समय यु बीत गया.

दिव्या : Okay~ हेरे वे अरे...

कार से उतर कर देखा तोह दिव्या का घर काफी बड़ा और आलिशान था.






घर के ठीक सामने बगल से एक बड़ा सा स्विमिंग पूल भी था. जगह जगह हरे भरे पेड़ पौधे और सुंदरता बढ़ाने के लिए कुछ अनोखे पत्थर भी रखे हुए थे.

एक ऐसा घर, जो एक बार देखते hi पसंद आ जाए.

दिव्या : ी होप तुम्हे पसंद आया होगा? वीर?

वीर : It's नीस...

दिव्या : वेल! ये वाला बड़ी मुश्किल से मिला है. और थोड़ा महंगा भी है. ः~ अन्य्वयस! के इनसाइड.

अंदर आते hi वीर और भी दांग रह गया. इंटीरियर देकर तोह और भी ख़ूबसूरत था.






वीर : कितने लोग रहते है यहाँ?

वीर को जवाब पता था. लेकिन फिर भी उससे अपने आप को अनजान दिखाना था.

दिव्या : जस्ट में एंड माय हस्बैंड. मेक यौरसेल्वेस कम्फर्टेबले. में कॉफ़ी रेडी करती हु. यू गाइस कैन टेक ा बाथ एंड फ्रेशन उप. वाशरूम इस राइट तेरे ों थे राइट. फिर लंच की तैयारी करती हु.

सुहाना : मुझे पता है आलरेडी कहा है वाशरूम.

दिव्या (स्माइल्स) : ओह्ह! ऑफ़ कोर्स डिअर~ तुम पहली बार थोड़ी hi आ रही हो. में तोह वीर को बता रही थी. फुफु~

उसकी पैनी नज़र एक बार फिर वीर की आँखों से पल भर के लिए टकराई.

[Maaaastttteerrrr~ Don't look at her!!! Hmph~]

वीर पारी की बात मान वाशरूम में चल दिया. और अंदर आते hi वो एक बार फिर घर की लक्ज़री देख मुग्ध रह गया.






उससे कुछ देरर पहले के दिव्या के बोल याद आ गए, 'ये वाला बड़ी मुश्किल से मिला है. और थोड़ा महंगा भी है. ः~'

'No वंडर ये महंगा मिला होगा. रियली! मुझे भी एक घर लेना है. थें, भाभी में और बाकी हम सब उस वाले में रहा करेंगे.'

[Hmm hmm Master! Definitely!!! Master bathtub me bath loge aap?]

'नाह!'

30 घंटे के सफर के बाद, उससे ज़ाहिर था की एक बेहतरीन शावर की ज़रुरत थी. बॉडी ओडोर और स्वेट को हटाने का सबसे बेहतर उपाय और क्या hi था?

शावर के नीचे वो खड़े पारी से बातो में लग गया.

'तुम्हे क्या लगता है पारी? दिव्या! क्या वह कुछ छुपा रही है? उसने मुझे साथ में लाने को क्यों कहा सुहाना से?'

[Don't talk about her Masteeerrr!!! I don't like that bitch. Hmph~ Aur usko aap nahi dekhoge ab. I don't like it.]

'ः~ ये तुम्हे क्या हो गया अचानक से? अरे यू जेलस?'

[I... I... Aaargghh!! Mene kaha na Massttteerrr!! Usse mat dekho. Aap mujhse baat kiya karo.]

'ऑलराइट ऑलराइट! पारी! सुनो... मेरे स्टैट्स में इंटेलिजेंस 10 पॉइंट्स से बढ़ा दो और बाकी स्टैट्स 20 पॉइंट्स से.'

[As you wish Master. 900 points aapke use hoenge isme.]

'जो अहेड!'

*डिंग*

[All done Master.]

[Ye raha aapka full status.]










'गुड!!'

***

शावर के बाद, वीर और सुहाना दोनों ने hi हल्का फुल्का खाना खाने के बाद आराम फ़रमाया. जेटलैग से निजात पाने के लिए.

और सूरज ढलते hi वो दुबारा से कार में बैठ चल दिए.

*थुड़*

कार का दूर बंद हुआ और तेज़्ज़ कदमो के साथ सुहाना, दिव्या और वीर क्राइम इन्वेस्टीगेशन के एक ऑफिस के अंदर जाने लगे.

जगह जगह अफरा तफरी का माहौल था. वीर को ऐसा लगा जैसे वह किसी स्टेशनरी की फैक्ट्री में घुस गया था, क्युकी सिवाए पन्नो की गंध के अलावा वह और कोई गंध समझ में hi नहीं आ रही थी.

चारो ऑर्डर नज़रे घुमाते हुए वो पीछे पीछे hi चलता रहा जब अचानक से...

'हँ!!???'

एक अजीब सी फीलिंग उससे महसूस हुई. बदन में रोंगटे खड़े हो गए. उससे ऐसा लगा जैसे उससे कोई देख रहा था, घूर के.

'There's समथिंग रॉंग.'

अंदर आते hi दिव्या ने एक एक जोड़ी ग्लव्स फेकते हुए दोनों सुहाना और वीर को दिए. जो दोनों ने hi पेहेन लिए.

उसके बाद एक जवान सा लड़का दौड़ते भागते हुए आया, वो हाथो में एक प्लास्टिक की ट्रांसपेरेंट थैली लिए हुए था.

दिव्या : एविडेंस?

लड़का : यस ma'am!

दिव्या : Okay! यू कैन लीव नाउ!

और वो चला गया.

वीर ने नोटिस किया की आस पास के लोग उन्हें कुछ ज़्यादा hi अच्छी नज़रो से नहीं देख रहे थे.

पैकेट के अंदर एविडेंस मौजूद था. किसी क्राइम का...

सुहाना : थिस...

दिव्या : इसी के लिए तुम्हे यहाँ बुलाया है.

वीर : यहाँ पे कोई ऑब्जेक्ट क्यों नहीं कर रहा? में ये महसूस कर सकता हु की ये लोग मुझे यहाँ पा कर खुश नहीं है. फिर भी कोई कुछ कह नहीं रहा.

दिव्या : क्युकी में कड़ी हु तुम्हारे साथ. वीर! सुहाना एक प्रकार से मेरी असिस्टेंट है. ऐसा समझ लो की उससे यहाँ की थोड़ी बोहत एक्सेस मिली हुई है.

वीर : एंड व्हाट अबाउट में?

उसके सवाल पर दिव्या उससे अपना सर्र ऊपर कर देखि.






दिव्या : कहा न... तुम मेरे साथ खड़े हो. थे won't दो एनीथिंग.

सुहाना : मुझे ये बताओ बात क्या है!? जल्दी!!!

और फिर दिव्या ने एविडेंस को बाहर निकाला.

अंदर खून से सना एक पेन था. एक कागज़ का टुकड़ा और उस कागज़ के टुकड़े पर कुछ लिखा हुआ था.

सुहाना : में कुछ समझी नहीं.

दिव्या सुहाना को कुछ समझा पाती की तभी,

"यू अरे नॉट अल्लोवेद हेरे ब्रैट!!!"

एक कठोर आवाज़ उनके पीछे से आयी. पलट के देखा तोह दिव्या का पति, निकोलस खड़ा हुआ था.

वाइट शर्ट के ऊपर एक लॉन्ग कोट डाले, और सर्र पर टिपिकल डिटेक्टिव वाली कैप पेहेन वो वह खड़ा उन्हें घूर के देख रहा था. ख़ास कर वीर को.

दिव्या (खड़े होते हुए) : निक!!!

निकोलस : तेल्ल हिम तो गेट लॉस्ट. ओनली सोनि बेब कैन स्टे...

सुहाना : ी टोल्ड यू नॉट तो कॉल में बी तहत नाम एवर अगेन...

पल भर में तीनो एक दूसरे के ऊपर चढ़ पड़े. जहा निकोलस वीर के यहाँ होने से निराश था तोह वही दिव्या उसके इस रवैय्ये से गुस्सा थी और वही सुहाना इसलिए तिलमिला उठी क्युकी निक ने उससे सोनि कहके पुकार दिया.

'लगता है सुहाना का पास्ट इन् दोनों से जुड़ा हुआ है.'

[Yes master!!!]

मौका देख के सुहाना ने कन्फ्यूज्ड वीर की ऑर्डर झुकते हुए उससे समझाया,

सुहाना : दिव्या एक पर्सनल डिटेक्टिव है वीर. पर्सनल डिटेक्टिव्स जनरल केसेस में अपनी हस्तक्षेप नहीं करते. इन्हे पैसे ज़्यादा मिलते है. वेल... एक प्रकार से ये दलाल जैसे होते है. इसलिए दिव्या के पास इतना पैसा है.

वीर : ी सी...

सुहाना : निक भी एक पर्सनल डिटेक्टिव है. और इसलिए यहाँ की जनरल इन्वेस्टीगेशन यूनिट हमे अच्छे से नहीं लेती कभी. क्युकी हर्र टफ केसेस को अक्सर हम लोग सोल्वे कर देते है. जिसके चलते गिउ हाथ पर हाथ धरे बैठे रह जाते है.

वीर : तभी वह हमे घूर के देख रहे थे.

सुहाना : हाँ! पर निक... वेल! हे लाइक्स तो कीप सम लकीस अराउंड. वो गिउ में अपने चेले बना के रखा हुआ है. जिस कारण से उसका यहाँ विरोध उतना नहीं होता. पर दिव्या का ऐसा नहीं है. शी doesn't लिखे बूट लिकिंग...

वीर : इन इतर वर्ड्स, निक पैसा फेक यहाँ चेले बनाये हुए है तोह वही आपकी फ्रेंड दिव्या वही पैसे लिए अपनी जेबो में दाल रही है!?

सुहाना : एक्साक्ट्ली!!!

यहाँ दिव्या ने जैसे तैसे निक को मनाया तोह मामला शांत हुआ और वीर के यहाँ होने से भी अब कोई दिक्कत नहीं थी. फिलहाल के लिए...

निक समेत बाकी इन्वेस्टिगेटर्स भी बैठे हुए थे. स्क्रीन पर एक के बाद एक ग्राफ़िक इमेजेज आ रही थी.

क़त्ल की...

और क़त्ल भी किसका? उनके अपने एक इन्वेस्टिगेटर का...

सामने खड़ा निक ने जब बोलना शुरू किया, तोह सब शांत हो गया.

कल!!! कल हमारे क्राइम इंवेस्टीगेशंस के मेंबर्स में से एक बड़े hi मेहनती इन्वेस्टिगेटर ने अपनी जान खो दी.

जान खोयी नहीं, उससे बेदर्दी और बड़ी hi क्रूरता से मारा गया.

डेनियल हमारा ख़ास था. पर जाते जाते अपने अंतिम पालो में उसने हमारे लिए एक संदेसा चोर्रा है. हमे कुछ बताने के लिए.

और हम इसकी तेह तक जाके डेनियल के हथियार को सजा दिलवा कर hi रहेंगे...

"ईएएसस्सस्स्स्स!!!"

सभी एक साथ वह पर चिल्लाये. निक ने जब कहना बंद किया तोह उसने एविडेंस दिव्या के हाथो से लेते हुए सामने सभी को दिखाया.

ख़ास कर उस पेपर को...

जिसमे डेनियल की hi लिखावट में लिखा हुआ था,


हेइनोस थॉट्स डेस्ट्रोइस थे मंद.

ओफ्तें थे गली ठूंस ईंटो, ुंहपीस.

सॉरो रिमेंस बूत शॉल बे फॉरगॉटन. एमेर्जेंस ऑफ़ ा नई बिगनिंग प्रेवेल्स.

ोपुलेंट, रिच थॉट्स फिल्स थे मंद वन्स मोरे.

फंड ऑफ थे फैंड थिस टाइम.

किंडल थे फायर इन योरसेल्फ. इंटेंसीफी आईटी. लूरे थे ईविल आउट ऑफ़ आईटी. लेचेरौस देमोंस शॉल बे पुनिशद.

एस्केप िफ़ यू रीलीज़ यू कन्नोत हैंडल आईटी.

रेमेम्बेर, तेरे ain't ा सिंगल ओने, िफ़ यू दो गेट सौगत...

सोल शॉल बुरण!!!


और उस पर्चे में लिखी गयी साड़ी लिखावट पीछे बड़ी सी स्क्रीन पर उजागर हो गयी.

पैन में जगह जगह खून लगा हुआ था. ज़ाहिर था की कितनी hi जल्दबाज़ी में डेनियल ने लिखा होगा इससे. एक पहेली थी. जो किसी ऑर्डर इशारा कर रही थी.

लॉस वेगास की हर्र गुज़रती रात की तरह कल रात भी, डेनियल केवल और केवल एक पार्टी में गया था अपने जीवन की रोजजमार्रा बिजी लाइफ से थोड़ा रिलैक्सेशन पाने के लिए.

पर दिक्कत तब हो गयी जब वह...

उसी होटल में हो रही किसी और पार्टी में घुस गया. एक ऐसी पार्टी जिधर उससे कभी नहीं घुसना चाहिए था.

डेनियल अकेला था. उसके साथ कोई और उसकी पहचान का नहीं था. पार्टी में हर्र व्यक्ति आँखों में मास्क लगाए अनजान लोगो से बातें कर रहे थे. डेनियल को क्या पता था की उसकी इतनी छोटी सी भूल उसकी जान लेने वाली थी.

जैसे hi वो उस पार्टी में घुसा...

न जाने उसने ऐसा क्या देखा या ऐसा क्या सुना की उसने फौरन hi ऑफिस में टीम को कॉल लगाना चाहा. वो पसीने से तर बतर...

लेकिन जैसे उसके हाथो से फ़ोन छिना लिया गया था. फ़ोन से केवल डेनियल का hello hi sunn'ne को मिल पाया.

शायद कोई उससे मारने की कोशिश कर रहा था. भागो!!!!! यही ख़याल आया उससे. डेनियल जैसे चकमा देने में कुछ वक़्त के लिए तोह कामयाब भी हो गया. और उसी बीच उसने ये लिखा.

और उसके बाद...

*सपपलल्लूऊऊररर्त्तत्त*

सुबह उसकी लाश होटल के बाहर डस्टबिन में पायी गयी.

पुलिस सहित इन्वेस्टिगेटर्स साइट का मुआयना लेने पहुचे पर सिवाए डेनियल के खून के अलावा उन्हें और कुछ भी हासिल नहीं हुआ.

होटल में पूछ ताछ की तोह पता लगा की होटल में पार्टी में बोहत सारे लोग आये थे. और जिधर डेनियल को मारा गया, वह कोई भी कक्तव कैमरा मौजूद नहीं था.

यहाँ तक की... फूटप्रिंट्स भी साफ़ साफ़ उजागर नहीं हो पाए.

एविडेंस के तौर पर कुछ भी नहीं चोर्रा था हत्यारे ने. डेनियल की मौत चाक़ू के वार से हुई थी. फिलहाल तोह ब्लड की जांच और डेनियल का पोस्ट मोर्टेम hi कुछ बता सकते थे. फिर भी ऑय विटनेसेस के लिए खोज जारी थी.

और वो क्लू... जिससे डेनियल ने लिखा था. ज़ाहिर है वो क्लू hi था.

निक ने जब बोलना बंद किया तोह वह बाहर चला गया. टफ केसेस में दिव्या और निक दोनों को hi याद किया जाता था. भले hi कोई उन्हें पसंद करे या न करे. आखिर प्रोफेशनलिज्म भी कोई चीज़ होती थी.

असिस्टेंट शेरिफ से ख़ास पहचान भी थी निक की. जिस कारण से उससे और दिव्या को अक्सर ये केसेस मिल जाते थे.

नतीजा? पैसा और तरक्की.

सुहाना : तोह ये बात है? इसलिए तुमने मुझे यहाँ बुलाया?

दिव्या : हम्म! डेनियल पहला नहीं है सुहाना.

सुहाना : तुम्हारा मतलब...!??

दिव्या : यस! डेनियल तीसरा शिकार है. पहले दो इन्वेस्टिगेटर्स भी मारे गए. और उनके मुरदेरेर्स का पता भी नहीं चला अभी तक. पर इस बार डेनियल... वो ख़ास था टीम का. और ये उसी की वजह से जो उसने हमारे लिए एक नोट चोर्रा है... मुझे पहले hi पता था ये सारे मर्डर्स कनेक्टेड है. इसलिए... ी कॉल्ड फॉर योर हेल्प.

सुहाना : हम्म...

दिव्या : यू विल हेल्प में. राइट?

सुहाना : हम्म~

दिव्या (स्माइल्स) : थैंक्स!!!

सुहाना : तुम्हे क्या लगता है वीर!?

वीर की आँखें प्रोजेक्टर पर hi जमी हुई थी. उस लिखावट पर... डेनियल ने जो लिखा था..

उसका सरल शब्दों में मतलब ये था की...

डेनियल आगाह कर रहा था. मैं के भरे विचारो से दूर रहो. ये वह ले जाते है जहा कभी नहीं जाना चाहिए. और बाद में ये मुसीबत में दाल देते है. ऐसी मुसीबत जिस से आप बाहर नहीं आ सकते.

और जब आपको पता लग जाए की आप बाहर नहीं आ सकते. तोह भागिए इस से. भागिए!!! वर्ण... ये मौत का कारण बनते है.

कुछ ऐसा hi लिखा हुआ था घुमा फिर के डेनियल ने.

पर इन् सब का उसके मर्डर से क्या लेना देना??

दिव्या खुद जोरर देते हुए देखने लगी जब कुछ देरर बाद hi...

उसके पूरे बदन के रुए खड़े हो गए और वो अपनी जगह से चिल्लाते हुए उठ कड़ी हुई है.

"Aaaaaaaaaaahh....."

निक : व्हाटट!!!?

सुहाना : दिव्या?????

वीर : !!??

एक एक की नज़र उसके ऊपर जम्म गयी...

और वो हकलाते हुए फिर बोली,

"I-I गोत आईटी... आईटी वास् सो इजी!! बूत नूवो!!!!! नू no no no no.... थिस इस हूजे!!!!! It's ा बिग प्रॉब्लम... ओह्ह्ह्हह गुऑडडड!!!!"

दिव्या जैसे पागल हो चली थी. न जाने उसने ऐसा क्या धुंध लिया था डेनियल की लिखावट में.

***

मुंबई...

इवनिंग ~ 6 : 24 पं

*वहूऊऊससस्शह्ह्ह*

आसमान से एक विमान नीचे उतर एयरस्ट्रिप पर लैंड किया.

अंदर से एक औरत और एक नौजवान ख़ूबसूरत लड़की बाहर निकली.

और वो एक कैब में सवार हो गयी.

"हम किधर जा रहे है? कुछ तोह कहिये!" वो लड़की खीजते हुए पूछी.

"मेने कहा न! तुम एक भी सवाल नहीं करोगी."

"पर मुझे jaan'ne का हक़ है. हम यहाँ किस से मिलने आये है? और क्या करने?"

"में अभी नहीं बता सकती."

"पर क्यूँउउउ? आप ऐसा क्या छुपा रही हो मुझसे!?"

लेकिन उस औरत ने एक न सुनी. कैब एक होटल के सामने रुकी और दोनों hi महिलाये अंदर चली गयी.

उस औरत ने रिसेप्शनिस्ट को कुछ दिया और बदले में कमरे की छवि थाम वो लड़की के साथ ऊपर कमरे की ऑर्डर चली गयी.

"आखिर कब तक आप मुझसे छुपाओगी?"

एक बार फिर लड़की ुचि आवाज़ में पूछी,

"एक बार में समझ में नहीं आती क्या तेज??? मेने कहा है न. में नहीं बता सकती अभी."

जी हाँ! ये तेज और भावना hi थी.

*थुड़*

और कमरे के hi अंदर तेज को लॉक कर भावना बाहर चल दी.

गुस्से में आ कर तेज ने अपना बैग यु hi बिस्तर पर पटका और वह विंडो खोल किसी सोच में डूब गयी.

मुंबई की ये मंद मंद हवा पता नहीं क्यों पर... उससे एक अपनेपनं का एहसास दे रही थी.

'ी फील स्ट्रेंज... समूहत... फेमिलिअर!!'

***

वही बाहर इधर भावना घनघोर चिंता में थी. उसके हाथ मोबाइल को थामे हुए थे और जोरर जोरर से काँप रहे थे.

'तहत वास् आईटी.... यस!!! तहत वास् आईटी... में गलत हो hi नहीं सकती. मेरी आँखें चकमा खा hi नहीं सकती. ी डेफिनिटेली सॉ आईटी. और यदि वो चोरी का नहीं है थें हे इस नोने इतर थान...'

सोचते सोचते एक सिहरन उसके बदन में मचल गयी.

आँख बंद कर के भी वो पेंडंट को मात्र छू कर पहचान सकती थी. तोह देखना तो दूर की बात थी.

उसने फटाफट एक कॉल भिड़ाया,

"Hello?"

भावना : Hello! पूर्वी!!!!!

पूर्वी : हाँ? भावना? क्या तुम हो?

भावना : हाँ! में hi हु, पूर्वी! भावना!

पूर्वी : ओह माय गॉड!! कहा से बोल रही हो तुम? कहा थी इतने दिन? अब याद किया मुझे?

भावना : पूर्वी! I'm सॉरी... पर उन् सब का समय नहीं है.

पूर्वी : H-Hey कलम डाउन यू क्नोव-

भावना : ी नीड यू!!!!! राइट नाउ!!!!

पूर्वी : H-Huh???

.

.

.

.

.

.

.

.

.

आज के लिए इतना hi गाइस!

I'm स्टिल नॉट फूली रिकवर्ड येत. तोह फुल पोटेंशियल से नहीं लिख पाया हु इस अपडेट को. बूत लिखे ठोकने का और रेवोस रखने का. थोड़ी पहेलियाँ, थोड़ी मिस्ट्रीज, थोड़ा रोमांस और धेरर सारा एक्शन आना शुरू होएगा अब. सॉरी फॉर थे लेट अपडेट तू.

बाकी, कीप सपोर्टिंग! ✨


धन्यवाद!
 
आल्सो, रिडले का आंसर यदि धुंध लो, तोह पं करने का. :बिगबॉस: ;)
 
अपडेट - 97 ~ जिम थे स्लिपरी

अब तक...

भावना : Hello! पूर्वी!!!!!

पूर्वी : हाँ? भावना? क्या तुम हो?

भावना : हाँ! में hi हु, पूर्वी! भावना!

पूर्वी : ओह माय गॉड!! कहा से बोल रही हो तुम? कहा थी इतने दिन? अब याद किया मुझे?

भावना : पूर्वी! I'm सॉरी... पर उन् सब का समय नहीं है.

पूर्वी : H-Hey कलम डाउन यू क्नोव-

भावना : ी नीड यू!!!!! राइट नाउ!!!!

पूर्वी : H-Huh???


अब आगे...

*बंग*

"मोउम्म्म!!!"

*बंग* *बंग*

"माँ दरवाज़ा खोलियी!!! आप मुझे अंदर बंद नहीं कर सकती. में जानती हु आप बाहर hi है. ओपन थे दूर माँ!!!"

दरवाज़े को पीटते हुए तेज कमरे के अंदर से जोरर से चिल्लाई.

उसकी माँ, भावना ने उससे रूम के अंदर hi बंद कर दिया था. उससे सच jaan'na का पूरा हक़ था की आखिर ये सब चल क्या रहा था?

"थोड़ी देर... में थोड़ी देरर के लिए होटल से बाहर जा रही हु. तब तक तुम चुप चाप अंदर hi रहोगी तेज. No क़ुएस्तिओन्स अस्केद."

भावना ने कमरे के बाहर से आवाज़ लगाते हुए कहा और फिर वह से निकल गयी. तेज व्यर्थ hi अंदर चिल्लाती रह गयी.

पर eka-ek उसके अंदर ख़याल आया,

'माँ अचानक से मुंबई मुझे लेके आयी है. और अब कही जा रही है? मुझे बता भी नहीं रही? ऐसा क्या रीज़न आखिर-- हँ???'

और एक तेज़्ज़ सनसनी मचा देने वाला विचार उसके मैं से होक गुज़रा.

'K-Kahi... इस आईटी बिकॉज़ ऑफ़ हिम??? हाँ!!! यही! यही रीज़न है. There's अब्सोलुतेल्य no वे की माँ मुझे यहाँ बेफालतू में लेकर आयी है. आईटी मस्ट बे बिकॉज़ ऑफ़ हिम!! माय... माय बरोथेर!!!!!! ओह गॉड!!!! मेने पहले क्यों नहीं इस बारे में सोचा? ी हैवे तो सी हिम...!!!'

'में माँ को अकेले नहीं करने दे सकती कुछ भी. वर्ण में अपना चांस उस से मिलने का खो दूंगी. माँ जान बुझ के मुझसे छिपा रही है बातें. ी कन्नोत-- ी अब्सोलुतेल्य कन्नोत लेट हेर जो अलोन.'

चिंता में डूबते हुए वो कमरे में इधर से उधर टहलने लगी,

'क्या करू? क्या करू? सहित!!! I'm ट्रैप्ड इनसाइड. सर्विस कॉल! राइट!! ी कैन कॉल थम!'

अपना हुइया ठीक कर वो फटाफट वही रखे लैंडलाइन में एक कॉल भिड़ाई जो होटल की रूम सर्विस के लिए था.

तेज ने बताया की उसकी माँ उससे गलती से बंद कर के चली गयी है.

होटल वालो ने फ़ौरन hi तेज की रिक्वेस्ट सुनी और एक्स्ट्रा स्पेयर कार्ड से उसके रूम को अनलॉक किया.

रूम के लिए के कार्ड लगता था. जिससे स्कैन कर रूम का दूर अनलॉक होता था. दिक्कत ये रहती थी की यदि आप बिना कार्ड लिए बाहर निकले और दूर बंद हुआ तोह दूर पूरी तरह से लॉक हो जाता था.

इसलिए हमेशा के कार्ड को साथ में लेके hi निकलना पड़ता था. भावना तो के कार्ड लेके बाहर निकल गयी थी. और तेज ने इसी बात को एक बहाने में तब्दील कर दिया.

की वो गलती से अंदर ट्रैप्ड हो गयी है. जबकि ऐसा नहीं था. उसकी माँ जान बूझ के उससे बंद कर के गयी थी. खर्र! होटल वालो को कौन सा कुछ पता चलने वाला था.

बाहर आते hi तेज ने जैसे hi दूर बंद किया. दूर फिरसे लॉक हो गया. अब वो बिना के कार्ड के नहीं खुलने वाला था. जो की अच्छा hi था. अंदर उनका सामान मौजूद था.

और तेज भावना को ढूंढ़ने जो निकल रही थी. तोह दिक्कत वाली कोई बात hi नहीं थी.

वो तेज़्ज़ क़दमों के साथ वह से लिफ्ट में गयी और फ़ौरन hi नीचे रिसेप्शन एरिया में पहुची.

तेज : एक्सक्यूज़ में??? आपने अभी किसी लेडी को बाहर जाते देखा? अरे! अभी जस्ट थोड़ी देरर पहले आपने मुझे उनके साथ check-in करते देखा होगा.

रिसेप्शनिस्ट : यस ma'am! शी वेंट आउटसाइड.

तेज : O-Okay! थैंक्स!

तेज हड़बड़ी में भागते हुए बाहर निकली. न जाने उसकी माँ कहा चली गयी थी.

'आखिर कहा गयी होंगी वो? उन्होंने कहा था थोड़ी देरर में आ जाएंगी. बाहर निकल आस पास ढूंढ़ती हु. हो सकता है आस पास hi कही हो?'

ये सोच वो होटल से बाहर निकल आयी.. दौड़ते भागते हुए वो हाफ हाफ कर एक जगह से दूसरी जगह अपनी नज़रे दौड़ाने लगी. पर भावना कही नज़र नहीं आ रही थी.

'कही वो दूर निकल गयी क्या? सहित! यदि ऐसा है तोह में नहीं जान पाऊँगी वो क्या करने गयी है.'

वो हार मान hi चुकी थी जब अचानक से उसकी नज़र रोड के उस पार एक कैफ़े की ऑर्डर गयी.

'हँ?'

और बेशक, अंदर उसकी माँ भावना बैठी हुई थी. पर वो अकेली नहीं थी. उसके सामने वाली सीट पर एक और महिला विराजमान थी.

'Y-Ye? ये किसके साथ माँ बैठी है? ी मस्ट लिसेन तो थम...!'

तेज उन् दोनों की नज़रो से बचते हुए कैफ़े में अंदर आयी और उनके hi आस पास की टेबल पर मेनू कार्ड उठा के अपना चेहरा छिपाते हुए बैठ गयी.

कैफ़े की सीटिंग इस प्रकार की थी की तेज और भावना के बीच एक सेपेरशन था. और केवल थोड़ा उठ के hi उस पार के नज़ारे को देखा जा सकता था.

तेज को देखने की ज़रुरत hi नहीं थी. उससे तोह बस दोनों की बातें sunn'ni थी.

और भावना पूर्वी इस बात से अनजान की तेज उनके उस पार बैठी हुई है, अपनी बातो में लगी हुई थी.

पूर्वी : भावना तुम अचानक से यहाँ? कही कुछ...!?

भावना : हाँ पूर्वी हाँ! चिंता वाली hi बात है. मेने देखा पूर्वी... मेने देखा...

कहते हुए उसने पूर्वी का हाथ अपने दोनों हाथो में थाम लिया.

पूर्वी : K-Kya देखा तुमने भावना? ऐसी क्या बात हो गयी? बताओ मुझे!

भावना : पेंडंट!!!! मेने अपनी आँखों से देखा पूर्वी. अपनी आँखों से. वो वही पेंडंट था. में गलत हो hi नहीं सकती...

ये बात सुन्न उस पार बैठी तेज के कान खड़े हो गए.

'पेंडंट? केसा पेंडंट? माँ क्या बात कर रही है?'

पर तभी उसके पास वेटर आ गया, "योर आर्डर ma'am?"

तेज : ुघ्घ!!! J-Just ा कॉफ़ी.

वेटर : Okay ma'am!!

उसके जाते hi तेज ने पुनः अपने कान उनकी बातो को sunn'ne में लगाए,

पूर्वी : P-Pendant? एक... एक मिनट भावना. तुम क्या कह रही हो मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा.

भावना की आँखों में अब ासु आ चुके थे.

भावना : पुरवीईई~ पेंडंट!!!!! वही पेंडंट!!! मेने देखा...

पूर्वी कोई बेवक़ूफ़ इंसान नहीं थी. जब उसने भावना के ासु देखे और बार बार पेंडंट शब्द उसके मुँह से सुना, तोह उससे ये अंदाजा लगाने में देरर न लगी की भावना किस पेंडंट की बात कर रही थी.

पूर्वी : T-Tumhara मतलब है की...

भावना (नॉड्स) : हाँ! हाँ पूर्वी!!! हाँ!!! वही पेंडंट. मेने देखा... अपनी आँखों से... वो वही पेंडंट था.

पूर्वी : एक... एक मिनट!!! कहा? मेरा मतलब तुमने कहा देख लिया वो पेंडंट? रुको!!! वो पेंडंट तो उसके पास होना चाहिए था न? तोह तुमने कहा और कैसे...!?

भावना : पूर्वी!!!!! मेरी ेगीपत की इन्वेस्टीगेशन के दौरान मेरी मुलाक़ात एक लड़के से हुई थी.

पूर्वी : लड़का?

भावना : हाँ!!! करीब 20-22 साल की उम्र का था. लम्बा, सुन्दर, काली आँखें... मधुर आवाज़...

बताते बताते भावना अपने आप hi वीर को याद कर उसकी छवि में खो गयी.

भावना : वो भी मुंबई से था. उसने अपना नाम विक्रम बताया था. वो इन्वेस्टीगेशन में केवल अपनी स्किल्स के कारण hi लिया गया था. अचानक से hi वो हमारे कैंपेन में शामिल हो गया था. रातो रात वो आया था एकदम से...

पूर्वी : That's...

भावना : और जब वो जाने लगा तोह में उससे एयरपोर्ट तक चौररने गयी थी. तब... मेने तब hi वो पेंडंट देखा... उसके गले में पूर्वी... उसके गले में *स्निफ्फ*

पूर्वी : कयय्यआआ??? इसका मतलब...!!

भावना : इसके दो hi मतलब हो सकते है पूर्वी...

पूर्वी : ???

भावना : या तोह वो पेंडंट उस लड़के ने कही से चुररया हो, या कही से खरीदा हो. या फिर उससे कही से मिला हो... ये हो सकता है.

पूर्वी : और दूसरा मतलब है की...

भावना (क्रिस) : हाँ!!! *स्निफ्फ* हाँ पूर्वी!!! दूसरा मतलब यही है की... *स्निफ्फ* वो मेरा अपना कलेजा है. मेरा लाल पूर्वी *स्निफ्फ* मेरा बच्चा!!!!

पूर्वी को तोह झटका लगा hi था ये सुनके पर उस से भी ज़्यादा बड़ा झटका लगा था उन् दोनों के उस पार बैठी उस नौजवान लड़की को...

तेज!!! उससे ऐसा लगा जैसे उसकी सासें पल भर के लिए अटक गयी थी. उससे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था. जैसे उसके सेंसेस शान भर के लिए काम करना बंद हो चुके थे.

'W-What???'

वीर का चेहरा उससे याद आने लगा. वो पल, जब वो कैसे उस से लड़ भीड़ रही थी. वो शान जब वीर ने उससे अंडरग्राउंड साइट में गिरने से बचाया था. कैसे वो उसकी बाहो में थी. उसके वो मज़बूत हाथ जो उसकी कमर पर बंधे थे.

वो सारे पल जब जब उसने वीर से बातें की थी. उससे अब सब याद आ रहा था. सालो से उससे अपने भाई की तलाश थी. और भगवान् ने उन् दोनों को मिलाया भी. पर बेचारी अपने भाई के इतने क़रीब होने के बावजूद भी वो उससे जान न पायी.

'वो... मेरा भाई था? मेरा भाई!? M-My बरोथेर? M-Mera अपना छोटा भाई!?? ी...'

तेज को सीने में अंदर से एक तेज़्ज़ दर्द उठा की उसने अपने टॉप को जोरर से भींच लिया.

उसकी आँखें पानी पानी हो चली. इतने क़रीब थी वह उसके. अंदर उसके ग्लानि का बाँध भी टूट गया.

'H-He... हे वास् माय लिटिल बरोथेर!!??? W-Wo मेरे इतने पास था... सो क्लोज... ी couldn't इवन... ओह गॉड...'

आस पास के लोग उससे रोटा देख रहे थे. पर तेज को कोई होश नहीं था. हथेलियों से वो अपने ासु पोछती जा रही थी, लेकिन ासु थे जो रुकने का नाम hi नहीं ले रहे थे.

पूर्वी : N-Nahiiii! ऐसा कैसे हो सकता है? क्या नाम बताया था उसने तुम्हे?

भावना : V-Vikram... *स्निफ्फ*

पूर्वी : क्या तुमने उसकी ईद चेक की?

भावना : हाँ! ईद तोह सही hi लग रही थी.

पूर्वी : P-Par ऐसा कैसे हो सकता है? मेरा मतलब है... तोह मेरा लाडले का नाम विक्रम है? पर... वो भला ेगीपत क्यों जाएगा? और इतनी काम उम्र में भला वह ये सब कैसे??? एक मिनट... कही...

भावना : ???

पूर्वी : कही वो तुम्हे यानी की अपनी माँ को ढूंढ़ने तोह नहीं आया था?

भावना : अह्ह्ह!!!!

पूर्वी : हाँ! ऐसा हो सकता है...

भावना : N-Nahi! ये संभव नहीं. *स्निफ्फ* उस घर के लोगो ने मेरे बारे में उससे कुछ भी नहीं बताया होगा. और इतनी जानकारी उससे इतनी आसानी से नहीं मिल सकती. पर मेरा मैं बार बार कह रहा है... वो मेरा लल्ला था... मेरा खून... *स्निफ्फ*

पूर्वी : ओह्ह्ह गॉड!!! मेरा तोह सर्र चक्र गया. पहले ये बताओ, तेज कहा है? क्या उससे साथ में नहीं लायी? स्कूल में थी जब तब मेने उससे देखा था. उसके बाद से तुम एक बार भी उससे लेकर नहीं आयी.

भावना : अब आ गयी हु न. जी भर के मिल लेना अपनी लाड़ली से... में उससे होटल में hi रूम में चोरर कर आयी हु.

पूर्वी : हम्म~ और ये चर्चा हमे मेरे घर पर बैठ के विस्तार से करनी होगी.

भावना : बिलकुल!!!

पूर्वी : तुमने तेज को अब तक नहीं बताया?

भावना : नहीं पूर्वी! में मजबूर हु. तुम जानती hi हो. यदि तेज को पता चला की उसका भाई भी है यही इस शहर में तोह...

पूर्वी : वो भागती हुई वह जाने की कोशिश करेगी.

भावना : बिलकुल! बस इसलिए... मेने उस से अब तक छिपा के राखी है बात.

पूर्वी (चिंता में) : कब तक छिपाओगी भावना? कब तक? क्या उससे अपने भाई के बारे में jaan'ne का हक़ नहीं?

भावना : हक़ है! पर यदि उससे पता लग्न होगा. तोह सही समय आने पर भगवान् रास्ता दिखा देंगे. में नहीं बता सकती उससे कुछ. ये सब कुछ सब की भलाई के लिए है...

पूर्वी (शिघ्स) : अन्य्वयस! तुम एक काम करो. या तोह तेज को लेके मेरे घर चलो. या तुम मेरे साथ चलो और तेज को बाद में वही बुला लेंगे.

भावना : हम्म! में तुम्हारे साथ चलती हु. तेज को फ़ोन कर में बुला लुंगी. अरे नहीं...!!!

पूर्वी : क्या हुआ?

भावना : में तोह के कार्ड लेके आ गयी हु. बाहर से लॉक करके. वो बाहर कैसे आएगी?

पूर्वी : तोह उससे जाके के कार्ड देके आओ. और फिर मेरे साथ मेरे घर चलो.

भावना : हाँ! यही करती हु. क्युकी उसके सामने बातें नहीं हो पाएंगी.

पूर्वी : हम्म~ बाद में उससे बुला लेना. मेरा घर ज़्यादा दूर भी नहीं है यहाँ से. वो आराम से आ जाएगी. अपनी मुँह बोली मासी से इसी बहाने मिल भी लेगी अच्छे से.

भावना : हाँ! पूर्वी तुम यही रुको. में अभी आती हु. और...

पूर्वी : ??

भावना : शुक्रिया पूर्वी! मेरे एक कॉल पर यहाँ आने के लिए. में...

पूर्वी : कर दिया न पराया? भावना! जैसे ये मामला तुम्हारे लिए गंभीर है वैसे hi मेरे लिए भी है. तुम्हारा लल्ला मेरा लल्ला भी है. तुम्हारी जरर हाज़री में दूध पिलाया है मेने भी उससे अपना ये बात भूलो नहीं... जैसे वो तुम्हारा बीटा है. वैसे hi मेरा भी. तोह उसकी मासी होते हुए में कैसे नहीं आती?

भावना (स्माइल्स) : तुमने सही कहा. जितना हक़ मेरा उस पे है. उतना hi हक़ तुम्हारा भी है उसपे...

पूर्वी (स्माइल्स) : अब तुम जाओ और कार्ड देके जल्दी से वापस आओ. फिर हम निकले यहाँ से...

भावना : हाँ!!!!

जब तेज को पता चला की उसकी माँ वापस से होटल जाने वाली है तोह वह हड़बड़ा के उठी और भागते हुए कैफ़े से बाहर निकली.

"Ma'am आपकी कॉफ़ी!??" पीछे से वेटर आवाज़ लगाता hi रह गया. पर तेज तोह तब तक रफू चक्कर हो चुकी थी.

यहाँ वो होटल पहुँच नीचे hi ृक्क गयी. और जैसे hi भावना आयी तोह तेज को बाहर देख हैरान रह गयी,

भावना : तुम यहाँ नीचे?

तेज : आप मुझे लॉक जो कर आयी थी. कॉल करके मेने रूम खुलवाया फिर. कहा गयी थी आप.

भावना : एक ज़रूरी काम था. उसी के लिए.

तेज : कौन सा ज़रूरी काम?

भावना : वो...... था एक काम.

तेज : में वही पूछ रही हु. कौन सा ज़रूरी काम? मुंबई में आपको कौन सा काम ाँ पड़ा अचानक से?

भावना : तुम्हारी मुँह बोली मासी रहती है इधर. तुम उनसे बचपन में स्कूल टाइम में मिली थी. में उन्ही से मिलने गयी थी. उनके घर जा रही हु. कुछ बात करनी है. में तुम्हे बाद में कॉल करुँगी तोह तुम वही आ जाना. ये कार्ड रख लो...

भावना ने तेज को कार्ड थमाया और वो निकल गयी.

काम से काम इस बार उसने कोई झूठ नहीं बोलै था. इस बात की तेज को ख़ुशी थी.

हो न हो, वो कैसे भी कर के अपने भाई का पता लगाने hi वाली थी.

***

लॉस वेगास

नाईट ~ 9:54 पं


रात के अँधेरे में और लॉस वेगास की 24 घंटे चालु सड़को पर जगमगाती सिटी लाइट्स के बीच, पुलिस की 3 कार्स एक के पीछे एक निकलती जा रही थी.






और उन् पुलिस कार्स के ठीक पीछे hi कुछ प्राइवेट कार्स चल रही थी.

जिनमे से एक में मौजूद थे...

वीर, दिव्या, निक और सुहाना.

कुछ देरर पहले हुई मीटिंग में एक बोहत बड़ा सच सामे जो आया था. ऐसा सच जिससे जान कर पूरे क्राइम डिपार्टमेंट में सनसनी मच गयी थी.

और वो सच था~ डेनियल का आखिरी मैसेज.

जिससे दिव्या ने डिकोड कर लिया था.

मैसेज में लिखी गयी वो बात एक हिंट थी. हिंट एक बड़े राज़ की.

डेनियल ने जो लिखा था बड़ी hi चालाकी से लिखा था. मैसेज के कैपिटल लेटर्स को यदि अलग से देखा जाए तोह उत्तर बन्न रहा था ~ हाउस ऑफ़ किलर्स.

जब दिव्या ने इस मैसेज को डिकोड किया तोह वो भौचक्की तोह थी hi पर उस से भी ज़्यादा बड़ा झटका उससे तब लगा जब उसने मैसेज को और ध्यान से पढ़ा.

डेनियल का लिखा गया सीक्रेट कोड सिर्फ ये बताने के लिए नहीं था. बल्कि वो पूरा मैसेज उसकी स्थिति को दर्शा रहा था.


हेइनोस थॉट्स डेस्ट्रोइस थे मंद.

ओफ्तें थे गली ठूंस ईंटो, ुंहपीस.


इस लाइन का मतलब था, बुरे विचार मैं को नष्ट करते है. जिसके चलते, अक्सर हमारी खुशिया निराशा में तब्दील हो जाती है.

मतलब? मतलब साफ़ था. डेनियल के मैं में उस शान कोई बुरा विचार आया था. पर क्या??? वो ऐसा क्या सोच रहा था उस वक़्त?

पार्टी में जाना? इसके अलावा और क्या hi हो सकता था?


सॉरो रिमेंस बूत शॉल बे फॉरगॉटन. एमेर्जेंस ऑफ़ ा नई बिगनिंग प्रेवेल्स.

इस दूसरी लाइन का मतलब था~ दुःख तोह बना रहेगा पर उससे भूलने का प्रयास कारण चाहिए. तभी, एक नयी शुरुआत जन्म लेती है.

तीसरी लाइन ~
ोपुलेंट, रिच थॉट्स फिल्स थे मंद वन्स मोरे. फंड ऑफ थे फैंड थिस टाइम.

जिसका अर्थ था ~ अच्छे ख़याल मैं में पुनः आएँगे. पर इस बार मैं के मेल को हावी होने न देना.

शायद डेनियल आगाह करने की कोशिश कर रहा था.

चौथी लाइन ~
किंडल थे फायर इन योरसेल्फ. इंटेंसीफी आईटी. लूरे थे ईविल आउट ऑफ़ आईटी. लेचेरौस देमोंस शॉल बे पुनिशद.

जिसका मतलब था ~ अपने अंदर की आग को जलाओ. भड़काऊ. और उस शैतान को बाहर निकालो. भ्रस्टाचारण शैतान को मार फेको.

शैतान!!! डेनियल किस शैतान की बात कर रहा था?

पांचवी लाइन ~
एस्केप िफ़ यू रीलीज़ यू कन्नोत हैंडल आईटी. रेमेम्बेर, तेरे ain't ा सिंगल ओने, िफ़ यू दो गेट सौगत...

जिसका अर्थ था ~ यदि संभाल नहीं पा रहे हो, तोह भाग जाना. याद रखना! वह एक नहीं है. यदि पकडे गए तोह...

और आखिरी लाइन ~
सोल शॉल बुरण.

जिसका मतलब था ~ मौत!!!!

यदि पकडे गए, तोह सीधा मौत. और डेनियल के साथ क्या हुआ था?

बस इसलिए... इसलिए दिव्या घबराई हुई थी.

निक कार ड्राइव कर रहा था, पर उसका मैं कही और hi भटका हुआ था. उसके बगल से सुहाना फ्रंट सीट पर बैठी हुई थी. तोह वही पीछे वीर के साथ दिव्या विराजमान थी.

दिव्या : यदि में गलत नहीं हु, तोह यही बात होनी चाहिए.

सुहाना : मुझे नहीं लगा था, मामला इतना सीरियस होगा.

उनकी मंज़िल थी, रोडसाइड ाल्लेस. वो सकरी कुलिया जिधर रात के अँधेरे में कारनामे होते थे.

डेनियल के मैसेज से ये पता लग चूका था की कोई गैंग थी. ऐसी वैसी गैंग नहीं. बोहत बड़ी गैंग. और वो एक साथ अपने कामो को अंजाम दे रही थी.

खुशकिस्मती से ये भी पता लग गया था की गैंग में एक शख्स था~

जिम!!!!

उनका आज का पहला टारगेट.

जिम थे स्लिपरी के नाम से वो पहले hi वेगास में बार बार पुलिस के चंगुलों से निकल जाने के लिए मशहूर था.

जिसके चलते उसका ये नाम पड़ा ~ जिम थे स्लिपरी.

पर उन् सभी ने ये नहीं सोचा था की जिम हाउस ऑफ़ किलर्स से जुड़ा हुआ था.

दिव्या : जिम!!! जिम बूज़े, गर्ल्स और ड्रग डीलिंग के लिए फेमस है. टुनाइट वे मस्ट कैच हिम.






सुहाना : क्या वो आज भी उन् ाल्लेस में ड्रग डीलिंग करने वाला है?

दिव्या : यदि हमारे डिटेक्टिव्स की इन्फो सही है. तोह हाँ! आज रात डीलिंग उन्ही किसी ाल्लेस के अँधेरे में होएगी.

सुहाना : तोह रेंज हाथो पकड़ने का मौका है हमे.

दिव्या : यस!!!!

ये दोनों बातो में लगी हुई थी. तोह वही वीर पीछे की सीट पर चुप चाप बैठा हुआ था.

वो सोच में डूबा हुआ था. क्युकी बेसिक एनिमी ट्रैकर काम नहीं किया. ऐसा पहली बार हुआ था.

[Master! Iska ek hi matlab ho sakta hai.]

'व्हाट?'

[Yahi ki jisse hum track karna chaahte hai wo apne kisi worker ko apna nahi maanta. Ya wo uske apne nahi hai. Yadi Jim ke lackeys uske apne hai toh hi Basic Enemy Tracker kaam karegi.]

'सो तहत मीन्स...'

[Yes! Jim ne kisi unknown logo ko kaam ke liye rakha hai. Aise me Basic Enemy Tracker uske saathiyo ko track nahi karegi. Because they are not related to each other. This guy is definitely smart.]

'ी सी... इन तहत केस... मुझे कुछ और hi एप्रोच लगानी पड़ेगी.'

और तभी....

*डिंग*

[Mission : Capture Jim the Slippery.

Rewards : 1) ???? Points.

2) Divya's change of view.

3) ??? Fame Points

Venue : Roadside Alleys.

Time limit : 1 hour.]

'इसी का तोह इंतज़ार था.'

*स्क्रीईएक्सक्कछहः*

कार के ब्रेक्स लगे और कार उन् ाल्लेस से कुछ दुरी पर ृक्क गयी.

बारी बारी वो सभी कार से उतरे. पुलिस भी मौजूद थी. उनकी सेफ्टी के लिए. क्युकी यहाँ कुछ भी हो सकता था.

निक : वे विल स्टार्ट फ्रॉम हेरे. थे नेटवर्क ऑफ़ ाल्लेस एक्सपेंडस अस वे जो डीपर. टेक योर कनेक्शन देवीकेस. िफ़ यू सी एनीथिंग सस्पीशियस, सेंड आउट योर लोकेशन. कीप चेकिंग योर मोबाइल फ़ोन्स फॉर other's लोकेशंस अस वेल.

निक ने उन्हें सूचित करते हुए कहा. उसने सभी को देवीकेस पकड़ाए हुए थे. कान में उन्हें लगा के वो एक दूसरे से संपर्क कर सकते थे. और मोबाइल में hi जीपीएस एक्टिव था. जिसके ज़रिये उन् सभी को एक दूसरे की लोकेशंस नज़र आ रही थी.

निक : यू तवो लेडीज!!! अरे यू किंग विथ में?

दिव्या (स्माइल्स) : No!!! I'll बे विथ सुहाना.

निक : ऑलराइट! बे केयरफुल. I'll जो फर्स्ट.

कहते हुए वो अंदर उन् कुलियों के रास्तो में चला गया.

तोह वही सुहाना और दिव्या भी वीर को आखिरी बार इशारा कर वह से अंदर की ऑर्डर चली गयी. और वीर अकेला बचा था तोह वह भी एक रास्ता पकड़ अंदर चल दिया.

सकरी ाल्लेस में अँधेरा hi अँधेरा था. कही डस्ट बिन्स पड़े हुए थे तोह कही जंगली बिल्लिया इधर से उधर रास्ता काट रही थी.

'पारी!!!'

[Mein samajh gayi Master.]

*डिंग*

[Path Tracker has been activated.]

आज की रात पेट्रोलिंग की रात थी. वीर समेत वो सभी ड्रग डीलर्स को पकड़ने निकले थे. पर निराशा वाली बात ये थी, की अभी तक कुछ भी उनके हाथ नहीं लगा था.

कुछ चाँद मिनट hi बचे थे पैट्रॉल ख़तम होने के लिए. रात के अँधेरे में ाल्लेस में ख़ामोशी बिखरी हुई थी. और हर्र एक अलग अलग ाल्लेस में वीर, सुहाना - दिव्या और अन्य टीम मेंबर्स बिखर कर छान बीन में लगे हुए थे.

वीर इधर एक एले में टहल रहा था. आँखें उसकी कुछ ज़्यादा hi लाल थी, उसके सेंसेस कई गुना बढ़ चुके थे. Beowulf's ब्लेस्सिंग्स ों था.

एक मोड़ से जैसे hi वो मुदा, अचानक हुई हरकत से वह चौकन्ना हो गया जब एकदम से एक फिगर अँधेरे में से उसकी तरफ आके रुका. और उससे देखते hi वीर थोड़ा चकित रह गया,

वीर : आप??

सामने दिव्या कड़ी हुई थी.

दिव्या को देखते hi, पारी ने फौरन hi कार्ड को ऑफ कर दिया. वीर की आँखें वापस से नार्मल हो गयी.

*डिंग*

[Beowulf's Blessings has been turned OFF.]

यदि दिव्या उसकी ऐसी आँखें देख लेती, तोह ज़रूर वीर सवालों के घेरो में पद जाता.

दिव्या : ओह्ह्ह!! तुम हो. ी थॉट मुझे कोई क्लू मिल गया.

वीर : मिस सुहाना कहा है?

दिव्या : वेल! वो चलते चलते थक गयी थी तोह मेने उससे कार के पास तक चोरर दिया है और में खुद hi इन्वेस्टीगेट कर रही हु.

वीर : ी सी!!

दिव्या : पर तुम उससे 'मिस' कहके बुलाते हो, ये वाक़ई अजीब बात है. ः~

वीर : इसमें अजीब क्या है?

दिव्या : नथिंग! आज कल नौजवान hot-headed होते है. या तोह नाम से hi बुलाते है, या दीदी कहकर!? या फिर कुछ और? पर तुम कुछ ज़्यादा hi रिस्पेक्टफुल वाले बन्दे हो.

वीर ने बदले में कोई जवाब न दिया. जैसा की सुहाना ने कहा था, स्टे अवे फ्रॉम हेर. वीर वही कर रहा था.

दिव्या : हम्म~ That's स्ट्रेंज!

वीर : व्हाट?

दिव्या : यही की एक ख़ूबसूरत लेडी अकेली है तुम्हारे सामने एंड यू अरे नॉट अटैकिंग. अब तक तोह तुम्हे मेरे ऊपर हाथ साफ़ कर लेने चाहिए थे राइट?

[What the hell??? Isne samajh ke kya rakha hai apne aap ko? Maaasteeerr!! I want to slap her so bad!!! Fucking bitchhhh!!!]

वीर शांत था. जब वीर की तरफ से दिव्या को कोई रिस्पांस न मिला तोह वह चलते चलते hi बीच में ृक्क गयी और पीछे मुद के वीर की ऑर्डर देखि, जिधर वीर सर्र झुकाये हुए खड़ा था. उसके चेहरे पर क्या एक्सप्रेशंस थे वह देख नहीं पा रही थी. और फिर...

वीर : डिटेक्टिव!!!!

दिव्या : हँ????

वीर : Don't तरय तो बे ओवरस्मार्ट!!!

दिव्या : Wh-What!?

वीर : माय आईज कैन सी आल योर ट्रिक्स. एयरपोर्ट पर मुझे जान बुझ के वेगास की डर्टी नाइटलाइफ़ के बारे में बताना. वो भी मिस सुहाना के सामने, जस्ट तो ऑब्सेर्वे हेर रिएक्शन. समय समय पर उनके सामने मुझे फ्लिर्टी लुक्स देना. इवन इन फ्रंट ऑफ़ योर ओन हस्बैंड. बात बात पर बहाने से मुझे टच करना. यू थिंक I'm स्टुपिड? ी वास् ऑब्सेर्विंग आल योर ट्रिक्स. यदि मेरे बारे में jaan'ne का इतना hi शौक है तोह सीधे मुँह से पूछ लो. ये बचकानी हरकते करने की ज़रुरत नहीं. आल्सो, यू शुड स्टे अवे फ्रॉम में. िफ़ you'll के तू क्लोज तो में, थें...

कहते हुए वो दिव्या के नज़दीक आया और इस बार उसके कान की ऑर्डर झुकते और बोलै,

वीर : यू मिगहत गेट बुरण!!!

और पल भर के लिए, दिव्या के बदन में एक ज़ोरदार सिहरन दौड़ गयी. उसका दिल जैसे उससे आहात किया... की उसके सामने खड़ा ये इंसान, वह नहीं था जो बाहर से दिख रहा था. और इस से उलझना ठीक नहीं था.

दिव्या : T-Tummm....!!!

वीर तोह इतना बोल दिव्या को इग्नोर कर आगे निकल गया. उससे ज़रा भी पसंद नहीं था जब कोई ओवरस्मार्ट बन्न के उससे टॉन्ट मारे. और उसने एक नमूना दे hi दिया था अभी दिव्या को. यदि अब भी वह साइलेंट नहीं हुई, तोह वीर के पास और भी तरीके थे.

वही पीछे कड़ी दिव्या की प्राइड पर जैसे कीचड उछला था आज. वीर कोई पहला बाँदा नहीं था जिसके साथ वह फ़्लर्ट कर रही थी. तेरे वेरे कुंतलेस में शी हद कंवरसेद विथ. और आज तक कभी किसी ने इस तरह उसका पलट के जवाब नहीं दिया था. फिर ये वीर कौन होता था उसके साथ इस तरह बेहवे करने वाला?

पर जैसे गुस्से के साथ hi साथ उसकी करिओउसीतय उसके गुस्से पर हावी हो गयी.

'ी सी!! इंटरेस्टिंग!! वैरी इंटरेस्टिंग!! तुम्हारे साथ वाक़ई मज़ा आने वाला है इस इन्वेस्टीगेशन में... वीर!!!'

अंततः, वो भी वीर के पीच पीछे चल पड़ी.

और अभी वो कुछ कदम hi आगे बढ़ी थी जब...

*ृस्टल* *ृस्टल*

'हँ!?'

उन्हें कुछ आवाज़ें सुनाई पड़ी. दिव्या अगले hi पल अपने डिटेक्टिव मोड में वापस से आयी और वीर का हाथ थाम उससे लेकर धीरे धीरे आगे बढ़ने लगी.

"टेक थी अवे. C'mon क्विक! क्विक!!!"

एक आवाज़ उन्हें सुनाई दी. ये आवाज़ एक मोड़ से आयी थी.

उन् दोनों ने दीवार से सत् के मोड़ में जब झाँक के देखा. तोह जिसकी उन्हें तलाश थी, वो उनके सामने था.

बड़ी बड़ी गाड़ियों में ड्रग्स थैलियों में भरे जा रहे थे. और उनको मैनेज करने वाला बाँदा... वही बैठा हुआ था ~ जिम!!!

दिव्या के हाथ ये देखते hi अपनी कमर पर गए और उसने अपनी हैंडगन उनहोल्स्टर की.

उसने बाकियो को मैसेज भी भेज दिया और अपनी लोकेशन भी.

और फिर...

"हैंड्स उप!!!! यू गाइस हैवे बीन सुररौनडेड."

वो एकदम से आगे बढ़ उनपे एआईएम लगा के कड़ी हो गयी.

वह खड़े लोग एकदम से इस हलचल से घबरा गए पर जब देखा की उनके सामने एक अमला नारी अकेली कड़ी हुई थी. तोह सब रिलैक्स्ड हो गए.

जिम : हँ? ा ब्यूटीफुल लेडी? व्हाट अरे यू दोंग हेरे मिस???

कहते हुए उसने अपनी जीभ से निचला होंठ गीला किया. जैसे वो दिव्या को ऊपर से नीचे देख परख रहा था.

जिम (मैं में) : She'll फेच ा गुड प्राइस. ी मस्ट कैप्चर हेर हेरे.

जिम : टेक हेर!!!

और उसके एक इशारे पर वह मौजूद कुछ आदमी आगे बढ़ने लगे. तोह वही कुछ अपनी गन निकाल उसकी ऑर्डर तान के खड़े हो गए.

"रन!!!!"

वीर ने मौका देख दिव्या को थामा और उससे खींच के लेकर भागने लगा.

जिम : कैच थम!!! क्विक!!!

और उनके पीछे बाकी आदमी भाग के आने लगे.

वीर (दौड़ते हुए) : व्हाट वेरे यू दोंग???

दिव्या : व्हाटटटटट??? उन्हें पकड़ रही थी. तुमने वह से मुझे भगाया क्यों? ी हद थे गन.

वीर : गन्स उनके पास भी थी. वे गोत ोुट्नुम्बेरेद.

दिव्या : दमंत्र ित्त्त!!!!! बूत स्टिल...

ाल्लेस से दिव्या और वीर फेमिलिअर नहीं थे. जिसका नतीजा? वो आदमी लोग घूम के उनके सामने के रास्ते से आ गए और उन्हें घेर लिए.

वीर : स्टे बिहाइंड में. टाइम तो फाइट!!!!

दिव्या : हँ!!??

और बस... अब कोई चारा नहीं था.

*डिंग*

[Beowulf's Blessings has been turned ON.]

*Whoooooooooosssshhhhhh*

दिव्या : Wh-Whaaattttt???

वीर अपनी जगह से इतनी तेज़्ज़ी में मूव किया की वह खड़े लोग ये देख वही जम्म के रह गए.

*बंग* *बंग* *बंग*

वीर को जहा जहा मूव होता हुआ उन्होंने देखा उन् सभी ने फायर कर दिया...

पर बुलेट्स तोह वीर की ाफ्टेरिमागेस से जा गुज़री. हे वास् तू फ़ास्ट.

दिव्या एक सपोर्ट लिए खुद को डिफेंड कर पीछे से फटी आँखों से सब कुछ देख रही थी. और उससे अब समझ आ चूका था की इस बन्दे ने आतिश और स्लोगन को कैसे मारा था.

'थिस... थिस गाए...!!!!'

उसका मुँह खुला का खुला रह गया.

*थुड़* *बंग*

एक के बाद एक आदमी वह धेरर होता जा रहा था और बेचारी दिव्या सामने घटित हो रहे सन को स्तब्ध निगाहो से देख रही थी.

जब ऑलमोस्ट सभी पीटने के बाद नीचे गिरने वाले थे तब hi पीछे से...

"यू बीच!!!!!"

जिम ने दिव्या को थाम लिया.

"ुरररग्गहह!!!!!"

उन् दोनों के बीच हाथापाई में जिम ने जहा नाइफ से दिव्या का हाथ चोटिल किया तोह वही दिव्या ने अपनी टांग से जिम के अंतोलो को नष्ट कर दिया.

"Aaaaaaaaaaaaaarrrrrrghhh!!!"

देखते hi देखते जिम की टोली पर वीर और दिव्या भारी पद चुके थे.

जिम अपनी गन निकाल दिव्या को उड़ाने hi वाला था जब एक लोहे की रोड तेज़्ज़ रफ़्तार में हवा में उड़ती हुई उसकी ऑर्डर आयी और उसके कंधे पर जोरर से लगी,

हाथो से गन छूटहि, वो ज़मीन पर गिरा और दिव्या उस पर टूट पड़ी.

मार मार के जब तक वो सभी अधमरी हालत में न आ गए, तब तक वीर और दिव्या रुके नहीं.

और उसके बाद hi वह सब कुछ शांत हुआ. वीर का होना जिम के पूरे प्लान पर पानी फेरर चूका था. ऐसा कुछ भी होने की उन्हें उम्मीद नहीं थी.

इतनी आसानी से वो पुलिस के हाथो में फस्स जाएगा? केवल और केवल इस एक नए लड़के के कारण.

वीर ने आगे आ कर कोमलता से अपना हाथ आगे बढ़ाया, उसके हाथ को थाम के दिव्या आहिस्ता से कड़ी हुई. चाहे कितना भी क्यों न भाग ले वह, जब यंग में के अटट्रक्शन्स की बात आती थी तोह वह अक्सर उनसे फ़्लर्ट करने लग जाती थी. उसकी पर्सनालिटी hi ऐसी थी. और वीर भी उसके लिए उनमे से एक था. पर वीर के दिल की परत को दिव्या अपने चार्म से तोड़ के अंदर प्रवेश नहीं कर पा रही थी. और यही चैलेंज उससे गुस्सा भी दिला रहा था पर साथ hi साथ उससे एक्साइट भी कर रहा था.

वो कहते है न, शिकार जितना मुश्किल हो, उससे पकड़ने में उतना hi मज़ा आता है. दिव्या को भी अभी वीर को पकड़ने के चैलेंज में ऐसा hi महसूस हो रहा था.

वीर ने इधर अपने जेब से इमरजेंसी के लिए राखी हुई एक बैंडेज निकाली और दिव्या के हाथ पर बड़ी hi सावधानी से वह उससे बाँधने लगा. खून फ़ौरन hi बैंडेज पर अब्सॉर्ब होना शुरू हो गया. पर इस वक़्त, न hi खून और न hi बैंडेज थी जो दिव्या का ध्यान खींचे हुए थी. दिव्या की पल्स निरंतर बढ़ती जा रही थी, जैसे जैसे वीर की उंगलियों की छुवन उसके हाथ पर पद रही थी. कई लड़के देखे थे उसने पर वीर जैसा आज तक कोई न देखा. कुछ अलग hi बात थी उसमे.

वो सौम्य स्पर्श hi काफी था दिव्या के दिल की धड़कनो को तेज़्ज़ करने के लिए. जब वीर ने बैंडेज बाँध दी तोह उसने अपना सर्र ऊपर कर दिव्या को देखा जो उससे hi चुप चाप निहार रही थी.

वीर : फिलहाल ये खून को थोड़ा रोक के रखेगी. यू विल गेट स्टीट्चेस. में टीम को कॉल कर रहा हु. यू कन्नोत कंटिन्यू नाउ.

दिव्या : थैंक यू~

दिव्या ने इस बार अपने दिल से कहा. और उसकी आँखों में झांकती रही जब तक वीर खुद उसकी आँखों में देख रहा था. वीर ने अभी भी उसका हाथ थामा हुआ था, जिसके बारे में सोच दिव्या के होंठो पर अपने आप एक मुस्कान सज्ज गयी. और बेपरवाही से, बिना कुछ सोचे समझे hi, दिव्या ने अपना अंगूठा वीर के हाथ पर कोमलता से मॉल दिया.

अट्रैक्शन वाक़ई बोहत hi शक्तिशाली हथियारों में से एक था. दिव्या ये बात कैसे भूल सकती थी!?

'ओह्ह्ह न्यूऊओ~ ये मेने क्या किया? शिकारी में हु. वह नहीं. हाउ कैन ी लूज़ माइसेल्फ इन हिज चार्म?'

जब उससे अपनी हरकत की भनक लगी तोह वह अपना सर्र न में हिलाते हुए खुद की तेज़्ज़ सासो को थामने की कोशिश करने लगी. वीर ने तुरंत hi टीम को कॉल कर अपनी नयी लोकेशन भेज दी और बेशक, कुछ देरर बाद hi...

"दिवववयययआआआ!!!!"

अचानक आयी सुहाना की आवाज़ ने उन् दोनों को सचेत कर दिया. दोनों hi एक दूसरे से थोड़ा दूर खड़े हो गए. देखा तोह पाया की सुहाना के संग निक और दो और टीम मेंबर्स भी आ रहे थे. साथ hi पीछे hi कार भी मौजूद थी.

निक (पास आते हुए) : व्हाट थे हेलल हप्पेनेड हेरे?

सभी की नज़रे दिव्या के बंदगढ़ हाथ की तरफ गयी तोह दिव्या ने अपना सर्र झुका लिया. न जाने क्या सोच रही थी.

दिव्या : वे फाउंड आल थे गाइस. ी गोत इन्जुरेड बी जिम. बूत थैंक्स तो वीर. नॉट ओनली हे हांडलेड थम वेल, हे आल्सो प्रोटेक्टेड में. हे प्रोवाइडेड में विथ थे फर्स्ट अिध. I'm इन ा मच बेटर स्टेट कपरेड़ तो हाउ ी वोउल्ड हैवे एंडेड उप विथाउट हिम.

निक : यू अरे फाइन? व्हाट थे हेलल यू अरे टॉकिंग अबाउट? लुक ात योर हैंड. क्विक! वे नीड मेडिकल हेल्प.

और वो दिव्या को थाम के ले जाने लगा. पर जाने से पहले उसने एक बार पीछे मुद वीर को ज़रूर देखा और बोलै,

"थैंक्स!!"

और वह उससे लेकर आगे बढ़ गया. दिव्या ने भी एक झलक पीछे मुद के दोनों hi सुहाना और वीर को देखा. वीर को ख़ास कर और फिर वह कार के अंदर बैठ गयी. और इधर,

सुहाना : थैंक्स~

वीर : हम्म??

सुहाना : थैंक्स फॉर सेविंग हेर. यू क्नोव, वह जैसी भी है. मेरी बोहत hi ख़ास दोस्त है. सबसे ख़ास. शी है सपोर्टेड में इन माय डार्केस्ट टाइम्स. तोह उसका तुम्हारी तरफ रौदे बेहेवियर होने के बाद भी तुमने उसकी हेल्प की. रियली!! थैंक्स!!

वीर : ऑलराइट!!

सुहाना : एंड...

वीर : !!???

सुहाना : अरे यू okay?

पूछते हुए वह वीर की तरफ आगे बढ़ी और उसके बदन को बारीकी से देखने लगी की कही वीर तोह चोटिल नहीं हुआ.

वीर : I'm फाइन!!!

वीर के कहने पर सुहाना की नज़र फिर पीछे एले में गयी जिधर कई सारे आदमी पड़े हुए थे. और उन्हें उस हालत में देखते hi उसके बदन में एक कम्पन फेल गया. और वह एक सोच में पद गयी.

'जस्ट हाउ मच स्ट्रेंथ इस नीडेड तो हैंडल आल ठोस गाइस अलोन?? वीर... तुम... कितने सच छिपाओगे मुझसे?'

वीर : वे शुड मूव अस वेल.

सुहाना : अहह!! राइट~

और कुछ इसी प्रकार से, 'जिम थे स्लिपरी' उनके हाथ लगा. फर्स्ट क्रिमिनल वास् कैप्चर्ड. इसी के साथ, मिशन भी क्लियर हो चूका था.

*डिंग*

[Mission : 'Capture ~ Jim the Slippery' has been completed.]

*डिंग*

[You have been rewarded 3000 Points.]

[Divya now has a fixed favourability of 50. Her thinking has been changed towards you. No matter what actions you take, Divya's favourability won't drop below 50.]

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'ओने टारगेट डाउन!!! न जाने कितने बाकी है अभी.'

[It's going to be really tough Master! Really tough!!!]

पारी की बात से सहमत होक, वीर चल दिया सुहाना के संग कार की ऑर्डर.

पहला क्रिमिनल तोह आसानी से पकड़ आ गया. पर क्या बाकी भी इतनी आसानी से पकड़ में आने वाले थे? ये तोह वक़्त hi बताने वाला था.

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आज के लिए इतना hi गाइस.

ये अपडेट ऑलमोस्ट 6क वर्ड्स का है. एक प्रकार से मेगा अपडेट है ये. तोह लाइक्स ठोकने का और अपने रेवोस रखने का.


धन्यवाद! ✨
 
अपडेट - 98 ~ थे निघतवलकेर

अब तक...

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'ओने टारगेट डाउन!!! न जाने कितने बाकी है अभी.'

[It's going to be really tough Master! Really tough!!!]

पारी की बात से सहमत होक, वीर चल दिया सुहाना के संग कार की ऑर्डर.

पहला क्रिमिनल तोह आसानी से पकड़ आ गया. पर क्या बाकी भी इतनी आसानी से पकड़ में आने वाले थे? ये तोह वक़्त hi बताने वाला था.


अब आगे...



दुनिया में हर्र तरह की घटनाएं घटित हो रही होती है. चाहे ख़ुशी के पल हो, या नाराज़गी, किसी से गुस्सा, तोह किसी से मार पीट. कही फेम है तोह कही क्राइम. कही कॉन्ट्रोवर्सीज तोह कही भ्रष्टाचार.

और ऐसे hi वेगास में कल रात एक क्राइम करने वाले क्रिमिनल को पकड़ा गया था. इस घटना को अंजाम दिया गया था.

और इस ऑपरेशन का हीरो कौन था? बेशक, वीर!

पर क्या खतरा ताल चूका था? हरगिज़ नहीं! जिम तोह केवल शतरंज के खेल में एक प्यादा था. वह प्यादा, जो खेल में सबसे पहले मारा जाता था.

उन् प्यादो के पीछे एक से एक धुरंधर बैठे हुए थे. ऐसे लोग जिनका नाम सुन्न लोग काँप उठाते.

ये बात दिव्या भली भाति जानती थी. उससे ये आभास हो गया था की बोहत hi बड़ी कोई प्लानिंग कर रहा है. पर सवाल ये था उससे इतना सब कैसे पता चला?

क्या दिव्या कुछ और भी बात छुपा रही थी? वीर ने ये भांप लिया था. दिव्या कुछ न कुछ तोह ज़रूर छिपा रही थी. पर क्या? ये jaan'na बाकी था.

तब तक मुंबई में क्या हो रहा था ये भी jaan'na ज़रूरी था.

इधर रागिनी सुबह का नाश्ता सुमन और श्वेता के संग बनाने के बाद चुप चाप अपने घर की टेरेस पर कड़ी हुई थी.

बेचारी का मैं hi नहीं लग रहा था कही. कैसे लगेगा? वीर के जाने से पहले hi रागिनी ने जी भर के उससे चूमा था. और वो एहसास उससे पागल कर चूका था.

अब तोह एक पल भी उसके बिना जीना मुश्किल हो रहा था.

'हे भगवान्!! मेने उसके जाने से पहले hi क्यों किया वो सब? अब तोह मुझसे रहा भी नहीं जा रहा. बार बार वही याद आ रहा है. आखिर रोज़ रोज़ कितनी वीडियो कॉल करू उससे?'

वो अपने आप से बातें कर एक चिंता में डूब गयी. रोज़ रोज़ वीडियो कॉल्स पर वो वीर से काम से काम एक घंटे तो बात कर hi लेती थी.

वीर की याद रागिनी को इतनी ज़्यादा सताएगी उससे इस बात का बिलकुल अंदाजा नहीं था. पिछली बार जब वीर ेगीपत गया था या राजस्थान. तब रागिनी को इतनी याद नहीं आयी थी. शायद इससे hi dil-lagi कहते थे!?

वो यहाँ निराशा में कड़ी हुई थी की उसके पीछे से तभी सुमन बाल्टी भर कपडे लेके आयी और ऊपर तार में गीले कपडे फैलाने लगी.

आहात पाते हुए रागिनी ने मुद के सुमन को देखा और फिरसे मुँह फेरर के वो उदासी में डूब गयी. परन्तु सुमन नहीं. उसके चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान सजी हुई थी. वो कपडे ज़रूर फैला रही थी, पर उसकी नज़रे रागिनी की पीठ पर hi गाड़ी हुई थी.

"वीर जी को याद कर रही हो?"

रागिनी के कानो में सुमन की आवाज़ पीछे से पड़ी. पल भर के लिए वो हिचकिचाई. लेकिन जब उससे ध्यान आया की सुमन तोह उसकी अपनी hi थी. घर के सदस्यों में से एक थी वह. तोह उसने धीरे से सर्र हां में हिला दिया.

सुमन (स्माइल्स) : में जानती थी यही बात होगी.

रागिनी : उसकी आदत जो हो गयी है. उसकी बातें सुन्न सुन्न के दिन कैसे गुज़र जाता था पता hi नहीं चलता था. कॉलेज के लिए जब वो जाता था तोह सारा सामान में रेडी कर के देती थी उससे. पर उसके जाने से दिन जैसे काट hi नहीं रहे अब...

सुमन : हम्म! ये बात तोह है. पर चिंता मत करिये. वीर जी जल्द hi लौट आएँगे.

रागिनी : हाँ! पर क्या करू? मैं है की मानता नहीं. खर्र! आप भी आराम कर लो. सुबह सुबह मशीन में इतने कपडे धोये है आज आपने.

कहते हुए वह नीचे जाने लगी, तोह सुमन ने धीमी सी आवाज़ में कहा,

"केवल आप hi नहीं हो जिसकी रातो की नींद हराम हुई है. घर में मेरे और आपके अलावा भी और कोई है जो मुझसे और आप से भी ज़्यादा बेचैन है... फुफुफु~" वो khil-khilaayi.

सुमन की खुसपुसाहट सुन्न रागिनी पलटी,

रागिनी : कुछ कहा क्या आपने?

सुमन (स्माइल्स) : हम्म? नहीं! कुछ भी तोह नहीं.

रागिनी : ओह्ह! शायद मेरे hi कान बज रहे है...

कहते हुए वो नीचे चली गयी. और सुमन इधर मुस्कुराते हुए कपडे झटकार कर दुबारा उन्हें फैलाने लगी.

उसके लबो से मुस्कान गायब होने का नाम hi नहीं ले रही थी. न जाने क्या सोच रही थी वह.

***

वही इधर निधि के घर में सुबह सुबह जूही बवाल मचाये हुए थी.

श्रेया तोह जॉब के लिए निकल गयी थी. पर आज दोनों माँ बेटी ने छुट्टी ली हुई थी. जूही घर में बेचारी निधि को हिला के राखी हुई थी. और ज़िद्द पे ज़िद्द कर रही थी,

जूही : मामू से बात कराओ पहले... नई तोह में ब्रेकफास्ट नहीं खाउंगी...

निधि : जुहीई~ गन्दी बातें नहीं करते. बाद मैनर्स है न ये!? मां ने समझाया है न आपको. ब्रेकफास्ट के टाइम ज़िद्द नहीं करते... चुप चाप ब्रेकफास्ट करो अपना.

जूही : Niiiiiiiiii~ पहले मामू से बात कराओ!!!

निधि : तुम्हारे मामू यहाँ नहीं है. वो बाहर गए है.

जूही : फ़ोन पे बात कराओ पहले... नई खाउंगी में वर्ण...

निधि : तुम भी न!!!! हे भगवन! क्या करू इस लड़की का!? J-Juhi... बीटा... मामू बिजी होंगे... उन्हें कॉल करना सही नहीं.

जूही : मामू जूही के लिए बिजी नहीं होते कभी... पहले बात कराओ... नई तो में नई खाउंगी... मामू से मुझे चॉकलेट मंगानी है...

निधि : कल hi तोह इतनी बड़ी चॉकलेट खायी थी न? अब और नहीं!!! रोज़ hi खाती हो तुम. दांतो में कैविटी हो जाएगी तोह सब चिढ़ाएंगे तुम्हे फिर स्कूल में. बोलेंगे देखो जूही के तोह दांत खराब हो गए. हसेंगे सब.... फिर मत आना मां के पास रट हुए.

जूही : हाँ???

निधि : हाँ!!!!

जूही : तोह में नाना जी की तरह नए दांत लगवा लुंगी. जैसे उनके दांत निकल जाते है न? मेरे भी डॉक्टर अंकल निकाल के नई नई दांत लगा देंगे.

निधि : उग्गहह!!!!! ये लड़की... J-Juhi!!! तुम्हारे नाना जी की बत्तीसी नकली है.

जूही : मामू से बात करूऊ!!!!

निधि (शिघ्स) : ये लड़की ऐसे नहीं मानेगी.

अब तोह फ़ोन लगाना hi था. और क्या hi कर सकती थी निधि? उसने फ़ोन लगा के सीधा जूही को hi पकड़ा दिया. किसी कारण वश वो वीर से बात करने में हिचकिचा रही थी.

पर ये पहले की तरह नाराज़गी नहीं थी. कुछ और hi बात थी. कुछ अलग सी बात...

निधि : Z-Zyaada लम्बी बात मत करना जूही.

जूही : हेल्ल्लूऊओ???? माहामुउउउउउ~

वीर : जुहीय??? किसी हो??

जूही : अच्छी हु...!!!!

वीर : स्कूल नहीं गयी आज?

जूही : आज मां और में दोनों नहीं गए. हहहहए ~ आज छुट्टी...

वीर : ओह्ह!! अच्छा?? और तुम्हारी मम्मी किधर है?

निधि ने फ़ोन जान बूझ के लाउडस्पीकर पर कर के दिया था जूही को. तोह उससे साड़ी बातें सुनाई दे रही थी.

जूही : मां यही कड़ी है.

वीर : क्या कर रही है? बस कड़ी hi है क्या?

जूही : मां मुझे दांत रही थी. मामू मां कह रही है की चॉकलेट खाने से दांत खराब हो जाते है... मामू... आप चॉकलेट लाओगे न मेरे लिए?

वीर : हाहाहाहाहा ~ रोज़ रोज़ खाने से तोह सच में दांत ख़राब हो जाते है. हम्म! में ज़रूर लाऊंगा तुम्हारे लिए चॉकलेट.

जूही : बड़ी वाली...

निधि : जूही नाहीई!!! बड़ी चॉकलेट नहीं!!!

वीर : हाहाहा~ ठीक है बाबा बड़ी वाली ले के आऊंगा. और तुम्हारी मम्मी क्यों भड़क रही है?

जूही : मां रोज़ ऐसा करती है. मां मामू को मिस कर रही थी... और कह रही थी...

निधि : J-Juuuuuhhhhhiiiiiiiiii...

इस से पहले की नन्ही जूही और राज़ खोल पाती निधि ने फौरन hi उसके हाथो से फ़ोन छिना लिया.

निधि : H-Hello!!??

जूही का अपना काम तोह निकल hi गया था. चॉकलेट बड़ी वाली आने वाली थी. मामू से बात भी हो गयी थी. बच्चो का मैं वैसे hi चंचल होता है. एक जगह ज़्यादा देरर उनका मैं टिकता कहा है. अपना काम निकलवाने के बाद वो टीवी चालु कर अपना फवौरीते प्रोग्राम देखने में लग गयी. और सोफे पर उछाल नाचने लगी.

इधर उसकी माँ बेचारी फ़ोन पकडे ावक्वार्डली वही कड़ी हुई थी.

वीर : Hello... Ma'am!!

निधि : ममम~

वीर : कैसी है आप?

निधि : M-Mein ठीक हु.

बेचारी निधि की आवाज़ इतनी धीमी थी की वीर को ढंग से सुनाई hi नहीं दी पल भर के लिए.

वीर : और श्रेया जी किसी है?

निधि : W-Wo भी अच्छी है. ऑफिस के लिए निकल गयी.

वीर : अच्छा!!!

निधि : T-Tum...

वीर : ???

निधि : तुम... कब तक लौटोगे?

वीर (स्माइल्स) : अरे यू मिसिंग में?

निधि (ब्लशेस) : Wh-Who वोउल्ड??? में... में तोह जूही के लिए पूछ रही थी. वैसे भी... तुम कौन सा कॉलेज आते हो? इन् सब के लिए तुमने कभी ध्यान hi नहीं दिया. S-So हु विल मिस यू? I-I don't... बस! अपनी स्टडीज पे ध्यान दो... और...

वीर : हहहहहहहह~

निधि : Wh-Whaatt? हस्स क्यों रहे हो?

वीर : हस्स इसलिए रहा हु की इतना सफ़ेद झूठ जब आप बोलती हो तोह उससे पकड़ने की ज़रुरत hi नहीं पड़ती. अलग hi पता लग जाता है. और... यही बातें आपको क्यूट बनाती है.

वीर की बात सुन्न निधि के गाल सुर्ख लाल हो चले. वो जवाब में कुछ न बोली.

बस खामोश रह गयी.

वीर : मुझे आने में अभी थोड़ा समय लग सकता है.

निधि : I-I सी!!

वीर : एक अर्जेंट कॉल आ रहा है. में आपसे बाद में बात करता हु.

निधि : O-Okay!!

और वीर ने फ़ोन काट दिया.

निधि : B-Bye...!!!

बेचारा वीर निधि का bye सुन्न hi नहीं पाया. एक लम्बी आह भरते हुए निधि ने फ़ोन रखा. जूही को एक नज़र देखा जो अपना काम निकलवा के एकदम मज़्ज़े में उछाल कूद रही थी. क्या hi ज़िन्दगी थी उसकी.

ऐसे प्यार लुटाने वाले मामू मिले थे उससे. शान भर के लिए निधि को जलन सी महसूस हुई. पर फिर वो जूही के लिए खुश भी हो गयी.

गाल अभी भी लाल थे उसके. मैं के विचारो से बाहर आने के लिए वक किचन में भाग गयी.

***

वीर वह वेगास में था पर उसके खिलाफ बिल में घुसे सांप यहाँ हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठे थे.

चाहे निहारिका हो, चाहे प्रांजल या चाहे रजत. तीनो hi अपनी साज़िश को अंजाम देने के लिए सही मौके का इंतज़ार कर रहे थे.

"एसससससस~ सूचक माय क्लीट बीचेसस!!!!"

हर्र बार की तरह, निहारिका वाशरूम में थी. नीचे से पूरी नंगी. उसका एक परर टॉयलेट सीट पर था और दूसरा नीचे फर्श पर. और उसकी दो स्लेव्स, उसकी छूट चाटने में लगी हुई थी.

उन् दोनों के बालो को खींच कर वो उनका मुँह अपनी छूट में दबा रही थी.

"सूचक आईटी!!!! जोरर से चाटो कुटियो!!!! जोरर से!!! आह्ह्ह्हन्णन!!!! मममम~ ऐसे hi... दाना चबाओ... हाँ!!! एसससससस~ चुसोऊ चुसोऊ... और चुसोऊ ममममम~"

अपनी कमर मटकाते हुए वो अपनी गीली छूट को उनके चेहरे पर रगड़ रही थी. उनकी जीभ को अपने छूट के छेड़ में घुसा के वह कमर हिलाते जा रही थी.









कही एक लड़की के मुँह में अपनी छूट देती तोह कही दूसरी के , तोह कही दोनों को hi साथ में चाटने कहती वह.

पर मैं में उसके कुछ और भी चल रहा था. जब से वीर ने उसके दोनों छेड़ो को छोड़ा था. तब से hi उससे मस्टरबैशन से वो संतुष्टि नहीं मिल पा रही थी. यहाँ तक की लेस्बियन सेक्स में भी उससे वो मज़ा नहीं आ रहा था.

और इस बात से निहारिका को अपने आप पर इतना गुस्सा आ रहा था की उससे कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या करे. वह एक औरत... कैसे एक मर्द के नीचे आ सकती थी???? पर उसका जिस्म तोह कुछ और hi मांग रहा था.

खीजते हुए वो परेशान हो चुकी थी. जब जब वो छूट में ऊँगली करती, या अपनी स्लेव्स से अपनी छूट चटवाती, वीर अपना लुंड उसके छेड़ो में डालते हुए... उसकी वह छवि उसके मैं में आ जाती. और नतीजा?

उसकी आँखें खुल जाती, और साड़ी बनायी गयी उत्तेजना गुस्से के चलते कही गायब हो जाती.

"फूऊखककक तिसस्स....!!!! ुरररग्घहहह!!!"

आज भी वही हुआ. जब वो अपने क्लाइमेक्स पर लगभग पहुँच hi गयी थी. तभी, उससे वो दृश्य याद आ गया, जब वीर उसकी छूट में अपना लुंड पेल रहा था और उसका अपना पति दरवाज़े के ठीक बाहर मौजूद उस से बात कर रहा था.

"ाआर्गग्घहहहह!!!! ी हेट हिम सोऊ मुछ्ह!!!!"

याद करते hi उसकी आँखें खुल गयी गुस्से में पर...

*ड्रिप*

"H-Huhhhhh!!??? ाहहननननननननन सससससस~"

*सककीीीिर्त्ततत्तत*

*सककीीीिर्त्ततत्तत*

उसकी छूट किसी फुव्वारे की तरह खुली और धेरर सारा पानी बहाते हुए उन् दो लड़कियों के चेहरों को भिगो दिया.

"Wh-Whhaaaaattttt? ाहहननननननननन!!! थिस... थिस....!???"

निहारिका को विशवास hi नहीं हो रहा था. वो जहर गयी??? जैसे hi उससे पता लगा की वो क्या सोच के झरि... उसका बदन काँप उठा.

"N-Nooo!!! आईटी can't बे!!!"

वो झरि थी... वीर को याद करके. उसकी चुदाई याद करके. भले hi वो अपने मैं से कितना hi क्यों न हेट करे वीर से. पर एक औरत का जिस्म कभी नहीं झूठ बोलेगा. वही हुआ...

अपने पति से छुप के अनजान जवान लड़के से ताबड़तोड़ चुदाई करवाना. ये विचार hi उसके जिस्म में एक आग लगा दिया था. कितना hi क्यों न चिढ ले वो वीर से. पर छूट ये नहीं देखती थी की लुंड किसका है.

लुंड यदि मज़बूत हो, तोह छूट उसके आगे हार hi जाती है. निहारिका भी हार चुकी थी. और उसकी छूट भी.

"नाहीईई!!! ऐसा हरगिज़ नहीं हो सकता.... उस कमीने के सामने में झुक जाऊ? H-Hargiz नहीं!!!"

और फिर उससे वो दृश्य याद आया. जब वीर के मज़बूत हाथ उसके बालो को जकड़े हुए थे. और कैसे वो कार के अंदर उससे पकड़ के झुकाया हुआ था. कैसे वो उसके विशाल लुंड को मुँह में भर के चूस रही थी. कैसे वीर की दूसरी स्लेव सुमन सारे नज़ारे को मज़्ज़े से देख रही थी.

*स्पललल्लूऊऊररररत्तत्तत्त*

*ड्रिप* *ड्रिप*

"Aaaaaahhhhhhhhhhnnnnnnnnn~"

और एक बार फिर, उसकी छूट ने अपना पानी चोरर दिया.

निहारिका अपनी छूट को आँखें फाड़े और मुँह खोले हैरत में देखने लगी. ऐसा कैसे हो सकता था भला? वो एक डोमिनटोर थी. सुब्मिस्सिवे फीमेल नहीं. फिर ऐसा कैसे हो सकता था?

कैसे उसकी छूट इतना पानी बहा रही थी???

"ी फूकिंग हेट तिसस्स सो मुच्छ!!"

उसने जोरर से चिल्लाते हुए अपने हाथो में ली हुई अपनी पंतय दूर फेक दी.

"दूर हटो कुटियो!!!!! गेट फूकिंग लॉस्ट!!!!"

वो गुर्राई!!! और अपनी दोनों hi स्लेव्स को बाहर भागने बोल दी.

उसकी दोनों स्लेव्स, जिनमे से एक आयुषी थी. श्रेया की कलेग तोह वही दूसरी का नाम था इशानी. दोनों मजबूरी के चलते निहारिका की दासी बानी हुई थी.

पर दोनों इस बात से अनजान थी, की उनकी ये मालकिन खुद किसी मर्द की दासी बनती जा रही थी.

निहारिका हफ्ते हुए टॉयलेट सीट पर बैठ गयी. छूट का हाल बेहाल था. पानी चोरर चोरर के वो पूरी गीली हो चुकी थी. और लुंड लेने के लिए तड़प रही थी.

"उग्गघहहहह!!!!" उसने जोरर जोरर से ऊँगली करि और कुछ hi शान भर में पुनः एक बार....

*सप्लररररटटटटटटटट*

*सककीीीिर्त्ततत्तत*

वो फिर झरर गयी.

"ी... *हफ़* ी मस्ट दो समथिंग! *हफ़* मुझे उसके... मुझे उसके पास से वो वीडियो हासिल करनी hi होगी. एससससस!!! *हफ़* वीर! खुद को बोहत स्मार्ट समझते हो??? *हफ़* मेने आलरेडी तुम्हारे फ़ोन में केलोग्गेर इनस्टॉल कर रखा है. *हफ़* हाहाहाहा~"

सोचते हुए एक खतरनाक मुस्कान उसके चेहरे पर सज्ज गयी.

"जल्द hi... *हफ़* जल्द hi तुम मेरे पेर्रो की नीचे होंगे...!!"

***

वेगास

इवनिंग ~ 7:14 पं

सुबह वीर की बात जब निधि से हो रही थी. तब उससे एक अर्जेंट कॉल आ गया था बीच में. जो किसी और का नहीं, कारन का था.

एक खुशखबरी थी.

वीर ने अपना पैसा जिस वत्सला स्टील इंडस्ट्रीज के शेयर्स पर लगाया था. उसके दाम बढ़ चुके थे.

कारन को तोह विशवास hi नहीं हो रहा था. जो कंपनी इतने लोस्स में चल रही थी वह आखिर अचानक से ऊपर कैसे उठ सकती थी? और यदि उठी भी तोह वीर को पहले से इतना भरोसा कैसे था कंपनी पे? उससे कैसे पता चला?

इसका राज़ तोह वीर hi जानता था. स्टॉक मास्टर!!! एकमात्र स्किल जो उसके बिज़नेस में उसकी मदद के लिए थी.

वीर ने बैठे बैठे hi लाखो रुपये का प्रॉफिट कर लिया था. और ये लाख जल्द hi करोड़ में तब्दील होने वाले थे.

आज की उनकी टोली वापस से इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट की ऑर्डर जा रही थी.

सब पहले की hi तरह बैठे हुए थे. ड्राइवर सीट पर निक, उसके बगल से सुहाना. और पीछे दिव्या संग वीर.

कल की हुई वारदात के बावजूद, दिव्या अपने हाथो पर पट्टी बाँध के काम कर रही थी.

बात hi कुछ ऐसी थी. पुलिस ने जब जिम की अच्छी तरह खातिरदारी करि तोह कई घंटो के बाद जाके जिम ने अपना मुँह खोला.

और उसने कुछ डिटेल्स दी थी. नेक्स्ट क्रिमिनल की...

जैसे hi वो जानकारी क्राइम इन्वेस्टीगेशन वालो को पता चली, वह जान के उनकी रूह काँप गयी.

दिव्या और निक भी उनमे से एक थे. दिन का दौरा तोह उनका छान बीन करने में hi गुज़र गया था. वह डेनियल की पोस्ट मोर्टेम रिपोर्ट्स भी चेक करने गए थे. तोह वही क्राइम सन के आस पास भी जितना हो सकता था उतना पता लगाया. पर हाथ कुछ न आया.

और जिम की दी गयी जानकारी के चलते, उसकी पुष्टि करने के लिए इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट ने कोन्नोर को भेजा था.

वह भी एक डिटेक्टिव था. एक सीनियर डिटेक्टिव.

अनुभव में कोई कमी नहीं थी उसके पास. सही निर्णय, सही समय पे लेना बखूबी आता था उससे.

बेशक, वो मौत के कुए में था एक प्रकार से. पर ये hi तोह उसका काम था.

लेकिन, जिस बात का डर था वही हुआ. दिव्या और निक को अर्जेंट कॉल आया अचानक8 डिपार्टमेंट से की वह जहा कही भी है, जल्द से जल्द डिपार्टमेंट पहुचे.

इसलिए, सभी फिरसे उस ऑर्डर जा रहे थे.

पीछे की सीट पर दिव्या आज वीर को अलग नज़रो से देख रही थी. कल वीर ने पॉइंट्स बढाए थे. अपीयरेंस के भी. ज़ाहिर था उसकी त्वचा और खिली खिली नज़र आ रही थी. दिव्या इसलिए आज उससे बड़ी hi जिज्ञासा से निहार रही थी.

कभी वो शरारती ढंग में कुछ सोच मुस्कुराती तोह कभी वीर को देख उससे आँख मार देती.

Eka-ek वीर की नज़र जब दिव्या पर गयी तोह उसने देखा की वह उसकी ऑर्डर थोड़ा झुकते हुए अपना अंग प्रदर्शन कर रही थी.

उसके गोर बदन का क्लीवेज साफ़ साफ़ झलक रहा था. वीर को वह स्माइल करते हुए देख रही थी.

और फिर बड़ी hi धीमी आवाज़ में बोली,

दिव्या (स्माइल्स) : यू कैन टच थम.

वीर : हँ??

[I will fuckiinngggg killll herrrr!!!! (ʘᴗʘ✿) Maaassttteeerrrr~ Don't touch her!!]

दिव्या की हरकत वीर तोह देख hi रहा था अच्छे से पर सामने ड्राइवर सीट पर बैठा निक भी मिरर से सब कुछ देख चूका था.

वह सुन्न तोह नहीं पाया की उसकी पत्नी ने क्या कहा पर वह इतना ज़रूर जान गया था की दिव्या वीर के साथ फ़्लर्ट कर रही थी. फिलहाल वह कुछ नहीं बोलै. पर आँखें गदा के उनको देखता रहा तोह मजबूरन दिव्या को अपनी फ्लिर्टिंग रोकनी पड़ी.

उन्हें नहीं पता था की डिपार्टमेंट की तरफ से ुरगेंटली क्यों बुलाया गया है. इसलिए अभी वह आगे आने वाले झटके के पहले थोड़ा रिलैक्स्ड थे.

गाडी रुकी, सभी उस से उतरे और अंदर गए.

वीर और सुहाना को बाहर hi रोक दिया गया था. डिपार्टमेंट के हेड के केबिन में केवल और केवल निक और दिव्या hi गए थे.

***

*क्लिक*

दरवाज़ा बंद हुआ और दोनों पति पत्नी, डिपार्टमेंट के हेड यानी की नोलन के सामने बैठे हुए थे.

निक : व्हाट हप्पेनेड ?

नोलन : लुक फॉर योरसेल्फ.

कहते हुए उसने दोनों के सर्र पर एक एक हेडफोन्स पहना दिया. सामने कंप्यूटर स्क्रीन थी.

और कनेक्शन सीधा कनेर से था.

कनेर गया हुआ था एक मेन्शन में. निक और दिव्या दोनों hi कोन्नोर की शकल देख सकते थे. कैमरा कनेक्टेड था. और ऑडियो भी.

उन् दोनों को कोन्नोर की सारे बातें सुनाई दे रही थी.

नोलन : It's नॉट लाइव. आईटी हप्पेनेड जस्ट ा फ्यू मिनट्स एगो.

और फिर उन्होंने देखा...

कोन्नोर कुछ कह रहा था. उसका चेहरा पूरा पसीने से भीगा हुआ था. चेहरे से एकदम रंग उड़ा हुआ था. भेभहित पूरा!!! लम्बी लम्बी सांस लेते हुए हाफ रहा था वह.

उसकी हालत देख ऐसा लग रहा था जैसे उसने कोई भूत सामने देख लिया हो.

और वो बोलना शुरू किया,



"ी विल फूकिंग दिए!!!!! I'M ट्रैप्ड!!!! I'M ट्रैप्ड!!!! *हफ़* H-Help में!"

"थिस इस मच बिग्गेर थान वे थॉट ऑफ़... It's इंसाने... वे आल विल दिए हेरे!!! लिसेन तो में!!! *हफ़* थिस इस लाइव किलिंग!!!! फूकिंग लाइव किलिंग!!! तेरे अरे फ्यू ऑफ़ उस. थे तू पार्टिकिपेटेड हेरे. बूत वे अरे बीइंग रिकार्डेड!! IT'S फूकिंग डार्क वेब!!!!"

"H-HE विल किल ओने ऑफ़ उस!!! रेमेम्बेर! हिज नाम इस... *********** पीपल अरे पेइंग तो वाच उस गेटिंग किल्ड!!! IT'S ा फूकिंग हाउस ऑफ़ किलर्स. डेनियल वास् गोड्डामण राइट!! *हफ़* *हफ़* THERE'S AIN'T ा सिंगल ओने. *हफ़* P-PLEASE!!! गाइस!!! सेंड में थे हेल्प!!! सेंड में थे हेल्प!!!! ी DON'T वांनै दिए हेरे!!!!"

"H-Huhhhhhh????"




पर तभी...

कोन्नोर किसी जगह देख घबराया. उसकी सासें अटक गयी. वह चिल्लाया,



"WHAT'S...? WHAT'S हप्पेनिंग? N-Nooooo!!?!!!"



और अगले hi पल...

*थुड़* *थुड़* *थुड़*

उसके हाथो से कैमरा गिरा...

चीखने चिल्लाने की आवाज़ आने लगी. कोन्नोर की चींख वह और निक और दिव्या के हेडफोन्स में गूंजने लगी.

और फिर कैमरा में जो निक और दिव्या ने देखा. उससे देख दोनों का बदन ठंडा पद गया. मानो जैसे सांप सूंघ गया.

दिव्या अपना मुँह धक् जोरर जोरर से बिलखते हुए रोने लगी. उसके पूरा बदन के रुए खड़े हो गए.

डर के मारे उसका शरीर कांपने लगा. वह घबराते हुए दौड़ कर बाहर निकल के आयी.

इधर बाहर वीर और सुहाना करीब 1 घंटे से उन् दोनों के बाहर आने का इंतज़ार कर रहे थे.

वीर : 1 घंटे के ऊपर हो चूका है. व्हाट अरे थे दोंग इनसाइड?

सुहाना : ी हैवे no क्लू!

वीर : ओह्ह्ह! वो आ गए...!

सुहाना : हम्म??

सुहाना ने जब वीर की नज़रो को फॉलो कर उस ऑर्डर देखा तोह पाया की दिव्या घबराते हुए बाहर निकली और सीधा अपने घुटनो के बल गिर पड़ी.

सुहाना : दिव्य्य्याहा!!!!

दोनों वीर और सुहाना दौड़ते भागते हुए उसके पास आये और उससे संभाल के उठाया.

सुहाना : दिव्या क्या हुआ????

पर दिव्या कुछ न बोली. उससे सँभालने में थोड़ा समय लग गया.

जब उसकी हालत थोड़ी ठीक हुई तोह उसने रट हुए बताया,

दिव्या (क्रिस) : C-Connor इस डेड!!!!

सुहाना : व्हाआआआआतततततत?

दिव्या : कोन्नोर इस डेड सुहाना.... हे डीएड!!!!

सुहाना : ...

दिव्या : ी मस्ट... ी मस्ट शो यू समथिंग!!!

वो ासु पॉच उठ के अंदर गयी. और उसने जो देखा, उसका एक पेपर पर प्रिंटआउट निकालने लगी कंप्यूटर स्क्रीन को सही टीमस्टम्प पर रोक के.

इधर नोलन दिव्या को आता देख अपनी बात रखा,

नोलन : हु डीडेड तो सेंड हिम अलोन तेरे?

निक : तहत... आईटी वास् डीडेड इन थे मीटिंग इन थे मॉर्निंग.

नोलन : That's व्हाट I'm आस्किंग... हु वोटेड फॉर हिम तो जो तेरे अलोन?

निक : Th-That's....

नोलन (चिल्लाते हुए) : आंसर मई!!!!

दिव्या : W-We आल सपोर्टेड आईटी. C-Connor तू ोप्टेड फॉर आईटी.

नोलन : यू डम्ब िडिओट्सस्स!!!!!!! वे लॉस्ट हिम!!! वे लॉस्ट आवर ानोथेर पर्सन!!!!!! ी DON'T केयर व्हाट यू गाइस विल दो नाउ. बूत नेक्स्ट... ी वांट यू गाइस तो सेंड समवन फ्रॉम योर टीम नाउ माय सो कॉल्ड प्राइवेट डिटेक्टिव्स.... वे WON'T बे सेंडिंग आवर DEPARTMENT'S डिटेक्टिव्स नाउ!!!!!!! यू गेट तहत....??

निक : W-We... वे दो!!!

नोलन : यू कैन लीव!!!!

दिव्या जैसे hi बाहर आयी, वह सुहाना और वीर को हाथ पकड़ अपने केबिन में ले गयी.

दिव्या : थे सेकंड क्रिमिनल...!!!!!

वीर : हँ???

सुहाना : !!????

और अगले hi पल... उसने टेबल पर एक पेपर पटकते हुए रखा. ये वही प्रिंटआउट था...








उससे देखते hi सुहाना का बदन काँप उठा.

सामने प्रिंटआउट में जो था, वो था...

एक वांटेड पेपर!!!!

दिव्या : एंड हिज नाम इस...

वीर : ?????



"थे निघतवलकेर!!!!"

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आज के लिए इतना hi गाइस!

समय समय पर में मुंबई का ज़िक्र भी दिखाऊंगा. बाकी, लिखे ठोकने का और रेवोस रखने का. ये सब बनाने में म्हणत लगती है.


धन्यवाद! ✨
 
अपडेट - 99 ~ ा नाईट ात थे मेन्शन (1)

अब तक...

दिव्या : थे सेकंड क्रिमिनल...!!!!!

वीर : हँ???

सुहाना : !!????

और अगले hi पल... उसने टेबल पर एक पेपर पटलते हुए रखा. ये वही प्रिंटआउट था...

उससे देखते hi सुहाना का बदन काँप उठा.

सामने प्रिंटआउट में जो था, वो था...

एक वांटेड पेपर!!!!

दिव्या : एंड हिज नाम इस...

वीर : ?????

"थे निघतवलकेर!!!!"


अब आगे...

[Is this the one? Master! Please! Be extra careful. Isse dekh ke mujhe bilkul bhi sahi nahi lag raha hai.]

'तुम अकेली नहीं हो पारी! I'm गेटिंग थे शामे वाइब्स. यहाँ कुछ बोहत hi भयानक हमसे छुपा हुआ है. कुछ ऐसा, जिसके लिए शायद हम तैयार नहीं.'

[Mein uss Nik ko kabhi maaf nahi karungi. I will never. Sab kuch uske hi kaaran hua hai. I hate that couple.]

'नहीं पारी! ये तोह होना hi था. ी गेस मय्बे मुझे यहाँ नेक्स्ट मिशन मिल जाए? तुम जानती hi हो हमे पॉइंट्स की कितनी ज़रुरत है.'

[Maaasttterrr~ Aap sirf points ke liye apni jaan daav pe nahi laga sakte. Missions ka kya hai? Woh toh milte rahenge. I cannot lose you like this okay? Aap sunn rahe ho na?]

'I'm लिसनिंग पारी! पर, ऐसा कौन सा वक़्त था मेरी ज़िन्दगी में जिधर मेने रिस्क्स नहीं लिए? मेरा जीवन खतरों से hi भरा था पारी. अभी भी भरा है. और आगे भी भरा रहेगा. ये बात तोह में तब hi जान गया था जब तुम मेरे अंदर आयी थी."

[I-I'm so sorry. :verysad: ]

'पगली! में तुम्हे दोष नहीं दे रहा. तुम्हारे आने से hi तोह में फिरसे ज़िंदा हुआ हु. ी कैन नेवर ब्लामे यू. No मटर व्हाट! यू अरे माय सोल, पारी.'

[M-Maaaasssttteeerrr! (╥﹏╥)]

पारी और वीर के बीच भावनात्मक बाते चल hi रही थी जब,

"I'm द्रोप्पिंग यू बोथ हेरे. यू बेटर सर्वाइव. ी won't के हेरे तो पिक योर डेड मीट."

सामने से पायलट ने वीर से कहा. हेलीकाप्टर में वह सवार था. और उसके बगल से बैठा हुआ था, माइक. जो इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट से hi था.

नीचे उनके एक hi दृश्य था. एक ख़ूबसूरत आइलैंड!!!

हेलीकाप्टर थोड़ा नीचे हुआ और उतरने के लिए ेरस्टाइरस को हवा में नीचे गिरा दिया गया.

'फ़क! मेरी पहात रही है उतरने में. मेने कभी किया नहीं ये.'

[Masterrrr! Don't worry! Bas pakad mazboot rakhna apni. Stay strong maaasterr~]

'येअहहह!'

माइक की देखा देखि कर वीर स्टैर्स से उतरना शुरू किया और...

*प्लॉप*

दोनों ने ज़मीन पर गिरते हुए अपने क़दम रखे.

"I'm फूकिंग लीविंग!! गुड लक!!!"

ऊपर से पायलट ने जोरर से चिल्लाया, पर हेलीकाप्टर की घूमती हुई ब्लेड्स की आवाज़ के आगे उसकी आवाज़ ठीक से सुनाई न दे सकीय वीर और माइक को. और कोप्तेर वह से निकल गया.

एक लम्बी आह चोरर वीर ने अपने सामने देखा. उसके सामने ये खौफनाक सा आइलैंड मौजूद था. दूर दूर तक पेड़ पौधों के अलावा कुछ नहीं दिख रहा था उससे.

सूरज ढल चूका था, अँधेरा बरकरार था. चाँद पर घने काले बादलो की चादर बिछी हुई थी. और मंद मंद चलती ठंडी हवाएं, जो वीर के बदन में रुए खड़े कर रही थी.

यहाँ से आगे का रास्ता उससे और माइक को अकेले hi तय करना था. वो दोनों इस आइलैंड के चोरर पर अकेले खड़े हुए थे.

इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट की तरफ से कोप्तेर उन्हें यहाँ चोरर के निकल चूका था. कुछ ख़ास शब्द तोह नहीं कहे थे पायलट ने उस से कुछ देरर पहले. प्राइवेट डिटेक्टिव्स से जुड़े लोगो को वाक़ई कुछ ज़्यादा hi हेट दे रहे थे ये इन्वेस्टीगेशन वाले.

खर्र! वीर और माइक आगे बढे. उनके पास काफी सामान था यूटिलिटी का. चाहे इमरजेंसी टोर्च हो, नाइफ हो, या कुछ भी. तैयारी के साथ वह यहाँ आये थे. यहाँ आने से पहले काफी बवाल भी हुआ था. जैसा की पारी ने निक का ज़िक्र किया.

एक प्रकार से वीर उसके hi कारण यहाँ था. इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट के हेड नोलन ने साफ़ साफ़ निक को चेतावनी दे दी थी की उनके डिपार्टमेंट से अब इस केस को लेकर कोई भी अपनी टांग नहीं अदाएगा. उन्होंने ये भी कह डाला था की अब तुम लोग hi अपनी तरफ से भेजो किसी को. बड़ा शौक है न प्राइवेट डिटेक्टिव्स होने के बाद पब्लिक केसेस सोल्वे करना का?

तोह लो फिर. दिया केस! जाओ! रिस्क उठाओ! और साबित करो.

नतीजा? निक ने वीर को आगे कर दिया. वह बेवक़ूफ़ नहीं था जो खुद ऐसी खतरनाक जगह जाके अपनी hi गांड मरवाये. और वह दिव्या को भी नहीं भेजने वाला था. सुहाना को भी नहीं भेजता वह. तोह बचा कौन?

ऑफ़ कोर्स! नोने इतर थान वीर!!!

और वीर से तोह उसकी कोई पहचान भी नहीं थी. दिव्या भी बड़ा hi फ़्लर्ट कर रही थी वीर से. इसलिए वीर को खतरे में डालने से पहले एक बार भी उसने वीर के बारे में नहीं सोचा. जलन सच में कुट्टी चीज़ होती है.

पर माइक ऐसा नहीं था. जब उसने देखा की कैसे वीर को अकेले मौत के कुए में धकेला जा रहा है. तोह उस से रहा नहीं गया. वीर का तोह कोई लेना देना hi नहीं था इस केस से. उससे फ़ालतू में बलि का बकरा बनाया जा रहा था. इसलिए उसने अपना नाम भी आगे कर दिया. बेशक, उसके इस फैसले से काफी विवाद खड़ा हुआ पर अंत में उसकी बात उन्हें maan'ni hi पड़ी. आखिर उसकी मर्ज़ी थी ये.

वह वीर को ऐसे अकेले नहीं जाने दे सकता था. वीर अंदर hi अंदर माइक के प्रति आभारी था. कुछ लोग इंसानियत के और दिल के बोहत hi अच्छे थे यहाँ. जैसे माइक...

[I fucking hate that man soooo much!! Humne kya bigaada hai uska?]

"शह्ह्ह्ह! मेने कहा न पारी! It's इनएविटेबल! ये होना hi था."

[But still...]

"शठ!!! Let's गेट गोइंग."

वीर ने पारी को शांत किया.

बगल में चल रहा माइक तभी उस से बोलै,

माइक (स्माइल्स) : Don't वोर्री बीआरओ! We'll हैंडल थिस.

वो वीर का कॉन्फिडेंस बढ़ाने की कोशिश कर रहा था.

वीर (स्माइल्स) : सूरे!

कुछ भी हो जाए, वीर माइक को म्ररने नहीं दे सकता था. अपने मैं में hi उसने एक कमिटमेंट बाँधा.

यहाँ आने से पहले सुहाना ने भी काफी विरोध किया था. सुहाना वीर को यहाँ हेल्प के लिए लायी थी. उससे मरवाने नहीं. जैसे तैसे वीर ने उससे शांत कर दिया था. पर वह जानता था सुहाना अभी कितनी बेचैन हो रही होगी. जब वह कोप्तेर में बैठ के निकल रहा था तभी उसका चेहरा देखने लायक था. सच कहा जाए तोह पहली बार वीर ने सुहाना के चेहरे पर अपने प्रति वह भाव देखे थे.

शी नेवर शोवेद बूत शी रियली केयर्स फॉर हिम. यहाँ तक की दिव्या भी कुछ चिंता में थी. शायद उसका रवैय्या बदल रहा था.

माइक और वीर आगे बढे, हाथो में टोर्च थी उनके. घने पेड़ पौधों के पत्ते हटाते हुए वो आइलैंड में और भीतर घुसे. और जैसे hi ीालैंड के बीचो बीच आये. सामने का नज़ारा देख उनके होश उड़द गए.

आइलैंड के बीचो बीच उनके सामने था...






एक ख़ूबसूरत पर उतना hi डरावना सा मेन्शन.

बड़ी hi अजीब सी अनुभूति करवा रहा था ये मेन्शन. सुन्दर था, बड़ा भी था, पर उस मेन्शन में कुछ ऐसी बात थी जो वीर को आगे क़दम बढ़ाने से पहले चेतावनी दे रही थी.

अजीब बात ये थी की मेन्शन की लाइट्स जल रही थी. आइलैंड में इलेक्ट्रिसिटी का कोई सोर्स नहीं था. मतलब बेसमेंट में गेनेटर्स पक्के से मौजूद थे.

वीर : व्हाट दो यू थिंक?

माइक : वेल! ी नेवर िमागिनेड तेरे वोउल्ड बे सुच ा हूजे मेन्शन हिडिंग इन हेरे. एंड गेस व्हाट? लाइट्स अरे ों.

वीर : थें तहत मीन्स...

माइक : येह! समवन ेल्स इस इनसाइड.

वीर : इतर पार्टिसिपेंट्स?

माइक : मय्बे! और मय्बे नॉट!

मेन्शन की जलती हुई लाइट्स यही इशारा कर रही थी की कोई न कोई अंदर मौजूद था.

माइक : वे मस्ट फंड व्होएवेर आईटी इस. वे विल डेफिनिटेली कैच सीनियर Connor's मर्डरर.

वीर : होप सो...

माइक : शॉल वे हेड इनसाइड?

वीर : ऑलराइट!

एंट्रेंस की ऑर्डर वह बढे. एंट्रेंस पर एक भी गार्ड मौजूद नहीं था. कोई सिक्योरिटी नहीं थी. लोहे का बड़ा सा गेट था जिससे खोल वह अंदर आये.

मेन्शन के सामने छोटा सा लॉन था जहा घास लगी हुई थी, बगल में एक चेरियट रखा था सफ़ेद रंग का पर कोई घोडा नहीं बंधा था उस से.

अँधेरे में पूरा मेन्शन विशाल पेड़ो से घिरा हुआ था और वह दोनों मैं गेट पे पहुँच गए.

माइक ने अपने जेब से एक कार्ड निकाला और वीर को देखा.

वीर (नॉड्स) : दो आईटी!

और दरवाज़े के hi साइड में एक पतला सा स्लिट गैप मौजूद था. माइक ने जैसे hi कार्ड अंदर स्लिट में डाला तोह...

*क्लिक*

दरवाज़े से आवाज़ आयी. और वह अनलॉक हो गया.

माइक : आईटी एक्चुअली वोरकेड.

वीर : थे इन्फो वास् ट्रू थें...

जानकारी सच थी मतलब. कोन्नोर के आखिरी वीडियो से उन्हें इस जगह का पता चला था. अब सवाल ये था की माइक को वह कार्ड कैसे और कहा से मिला? इसकी जानकारी भी उसने वीडियो में hi दी थी.

स्लॉट मचिनेस की स्ट्रीट में hi एक आदमी था जो ये कार्ड्स बेचता था. वही लाटरी वाली स्लॉट मचिनेस. यहाँ सब कुछ ख़ुफ़िया तरीके से होता था. उस बेचारे को ये भी नहीं पता था की ये कार्ड्स किस लिए है. उससे बस बेचने दिए गए थे और कार्ड्स बिक रहे थे, इस बात से hi खुश था वह.

पुलिस उससे यु hi गिरफ्तार नहीं कर सकती थी. उस बेचारे को तोह ये भी नहीं पता था की ये कार्ड्स कौन भिजवाता है उससे. क्युकी डिलीवरी वाला तोह डिलीवर कर के चला जाता था.

इन् कार्ड्स का इस्तेमाल आइलैंड में मौजूद इस दरवाज़े को खोलने के लिए hi था. कोई सोच भी सकता था ऐसा? कुछ बोहत hi बड़ी प्लानिंग चल रही थी पीठ पीछे.

दरवाज़ा खोल जैसे hi वह अंदर आये, अंदर का नज़ारा कुछ ऐसा था.






ऊपर सीलिंग से चन्देलिएर लटक रहा था. अँधेरा था पर जगह जगह कैंडल्स जल रही थी. कही कुछ लाइट्स भी जल रही थी.

और ये मैं हॉल भी नहीं था. ये तोह सुब हॉल की तरह था. नीचे बड़ा सा कारपेट बिछा हुआ था जो सामने दरवाज़े की ऑर्डर जाके ख़तम हो रहा था.

शायद वही मैं हॉल का एंट्रेंस था.

माइक : Let's जो!

वीर : येह!!!

माइक और वीर अपने दिल की तेज़्ज़ धड़कनो को थाम आगे बढे. हॉल का गेट भी खुला हुआ था.

जैसे hi उन्होंने गेट खोला, उन्हें एक हॉलवे नज़र आया.






जगह जगह पेंटिंग्स लगी हुई थी दीवारों पर, जो किसी के अतीत को बया कर रही थी. नीचे बिछा ख़ूबसूरत सा कालीन. इस एरिया में लाइटिंग सुब हॉल के मुक़ाबले ज़्यादा थी.

वो अंदर की ऑर्डर गए और जैसे hi वो एंटर किये,

वीर : हहह???

उन्हें वह 6 लोग और दिखाई दिए. जिनमे से 4 लड़के थे और 2 लड़किया.

"व्हाट थे हेलल? मोरे पीपल अरे किंग? बूत that's एक्चुअली गुड."

सोफे पे बैठा एक लड़का उनमे से बोलै.

वीर : थी गाइस...

तभी एक लड़की जो करीब 27-28 साल की लग रही थी वह उठ के आयी और वीर और माइक के इर्द गिर्द घूमने लगी. फिर बोली,

लड़की : यू गाइस! अरे यू हेरे फॉर थे बार्स तू??

वीर : Y-Yeaahhh!!!

उस लड़की ने सवाल किया. क्या वीर लोग भी इधर बार्स के लिए आये थे? वीर ने जवाब हाँ में दिया.

बार्स!!! समझे? गोल्डन बार्स!!! बोले तोह सोने के बिस्किट्स.

मेन्शन में 10 मिलियन डॉलर्स वर्थ के गोल्डन बार्स मौजूद थे. अलग अलग जगहों पर. 10 मिलियन बोले तोह करीब करीब 79 क्रोर्स, 84 लाख, 55 हज़ार के आस पास का रोकड़ा.

और शायद यहाँ मौजूद बाकी लोग भी इसी की तलाश में थे.

लड़की : ओह्ह्ह! I'm एमा बी थे वे. ा नर्स बी प्रोफेशन.

माइक : नीस तो मीट यू! I'm माइक. जस्ट ा ग्रेजुएट. एंड he's वीर, माय फ्रेंड.

माइक ने अपनी आइडेंटिटी जान बूझ के छुपा ली.

एमा : वीर? स्ट्रेंज नाम! बूत यू अरे हॉट थौघ. ी विल गिव यू तहत. *विंक*

एमा ख़ूबसूरत थी. पर वीर को उसमे कोई इंटरेस्ट नहीं था. उसकी नज़रे जिसकी तरफ गयी वह कोई और hi थी.






ब्लैक डेनिम जैकेट डाले वह बुकशेल्फ के पास कड़ी हुई थी. और उन्हें hi देख रही थी. खासकर वीर को. एक सुन्दर व्यक्ति दूसरे सुन्दर व्यक्ति की तरफ आकर्षित होता है. ये बात सच थी.

खूबसूरती का उसका कोई जवाब नहीं था. सोनिआ और करा की टक्कर की थी वह यदि चेहरे की खूबसूरती की बात की जाए तोह.

उससे देखते hi...

*डिंग*

[Name : Zoey Clarkson


आगे : 27

बायो : जोए एक मॉडल है. पर पैसो की तंगी की वजह से वह अपनी लाइफ में आगे नहीं बढ़ पा रही है. ख़ूबसूरत होने के बावजूद उससे मॉडल कॉन्ट्रैक्ट्स ज़्यादा मिल नहीं पा रहे क्युकी वह नुदितय या इंटिमेट फोटोशूट्स पे नहीं उतरना चाहती. फाइनेंसियल कंडीशन काफी गिर चुकी है. किसी से गुप्त जानकारी उससे मिली है की आइलैंड के इस मेन्शन में खज़ाना छुपा है. वह अपना लक आज़माने आयी है यहाँ. घर में उसका कोई नहीं है. तोह अपनी जान की परवाह किये बिना वह एक आखिरी बार अपनी किस्मत आज़माना चाहती है.

फवौराबिलिटी : 4

रिलेशनशिप : स्ट्रॉन्गेर्स.]

'ी सी!!!'

एमा देख रही थी की वीर जोए को निहार रहा था और जोए भी उससे देख रही थी. ये देखते hi अंदर hi अंदर वह जल भून गयी.

वह भी यहाँ मौजूद थी. फिर उसकी सुंदरता पर कोई क्यों ध्यान नहीं दे रहा था? ऐसा नहीं था की एमा सुन्दर नहीं थी. बस, जोए के सामने वह थोड़ी फीकी लग रही थी. जोए कुछ ज़्यादा hi आकर्षक थी.

माइक : एंड हु अरे थे?

एमा : थे गर्ल ओवर तेरे. She's जोए! ा मॉडल. एंड थी गाइस अरे, जैकब, टॉमी, चेस्टर, एंड रोने.

एक एक करके एमा ने उनका परिचय दिया.

एमा : वे गोत फेमिलिअर जस्ट फ्यू मिनट्स एगो.

[Dekha master!!!! Ye bilkul wesa hi hai jesa Connor ne bataya tha. Alag alag log yaha aate hai. Aur raat guzaarte hai. Golden bars ko dhundne ke liye jo yaha kahi na kahi chhupe hue hai. Par raat me hi...]

'येअहहह!!! थे निघतवलकेर!!!'

[Yes Master~ Abhi 7:30 hua hai time. Connor ne bataya tha raat 9 baje se shuru hota hai sab.]

'हम्म~ हमारे पास डेढ़ घंटे है यहाँ की टेरिटरी को दिमाग में बैठाने के लिए. पारी!!!'

[Don't worry Master! Path Tracker on hi hai. Mansion boht bada hai. Mene off nahi kiya hai usse.]

'गुड जॉब!!!'

कोन्नोर ने जब वीडियो बनाया था, तब उसका कनेक्शन डिपार्टमेंट से कट हो चूका था. मेन्शन में नेटवर्क नहीं मिलता है. दूसरी भाषा में, फ़ोन कॉल्स नहीं लगाए जा सकते और न hi रिसीव किये जा सकते है.

इसका मतलब, दिव्या और निक को जो वीडियो मिली वह निघतवलकेर ने खुद hi भेजी थी उन्हें शायद.

वीर और माइक को ये रात अपने hi बल बुते पर गुज़ारनी थी. वीर ने हर्र एक के नाम दिमाग में बैठा लिए थे.

एमा जो नर्स थी, जोए एक मॉडल. जैकब एक फैशन डिज़ाइनर का असिस्टेंट था. टॉमी और चेस्टर का ग्रुप बंद था और रोने एक छोटी सी कंपनी का एम्प्लोयी. सभी पैसो की तंगी की वजह से hi यहाँ थे.

मैं में धेरर सारे सवाल आ रहे होंगे. की यदि ये क्राइम यहाँ हो रहा है, तोह पुलिस सीधा धावा क्यों नहीं बोल देती यहाँ? पर जितना आसान ये दीखता था उतना था नहीं.

ये मेन्शन बंद रहता था. केवल चुनी गयी डेट्स पर hi खुलता था ये. और आज वह चुनी गयी डेट्स में से एक डेट थी.

माइक ने जो कार्ड उसे किया था कुछ देरर पहले उसमे डेट मेंशनएड थी. आज की डेट.

और तोह और... गोवत. पुलिस की मदद करने से कटरा रही थी. पुलिस डिपार्टमेंट में रेस्ट्रिक्शन्स थी कुछ. यानी ये जो काम हो रहा था वह था तोह इललीगल. पर लीगली इस पर कोई रोक नहीं लगायी जा रही थी.

ये एक बोहत बड़ी बात थी.

एमा : सो? व्हाट अरे वे गोंना दो?

जैकब : थे निघतवलकेर इस रियल राइट? ी हर्ड रमौरस अबाउट हिम.

एमा : व्हाट दो यू मैं?

रोने : थे निघतवलकेर!! He's ा प्रोटेक्टर ऑफ़ थे त्रैझ. ी हैवे हर्ड अबाउट हिम. हे किल्स ठोस पीपल हु तरय तो स्टील थे त्रैझ.

एमा : Wh-Whaaattttt??!

एमा को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी की यहाँ कोई निघतवलकेर नाम जैसा भी कुछ था. वह तोह यहाँ पैसा कमाने आयी थी. क्या मतलब निघतवलकेर उन्हें मार देता है जो खज़ाना लेने आते है? एमा की अब पहात रही थी.

टॉमी : ऑफ़ कोर्स! व्हाट वेरे यू एक्सपेक्टिंग? विल समवन अल्लोव यू तो स्टील हिज त्रैझ जस्ट लिखे तहत? वे हैवे तो सर्वाइव थिस नाईट. ा किलर विल बे रोमिंग हेरे फ्रीली तो किल थे ओने अमोग्स्त उस हु त्रिएस तो स्टील थे त्रैझ.

चेस्टर : येह!!! It's जस्ट लिखे तहत. दो और दिए.

एमा : व्हाटटटटटट??? N-No वायीय! I-I'm फूकिंग लीविंग. ी don't वांनै दिए.

एमा ने जब ये बात सुनी तोह डर के मारे उसके परर कापने लगे. टॉमी ने कहा था की रात में एक किलर मेन्शन में घूमता है. और उन् लोगो को मौत के घात उतार देता है जो भी रात में उसकी नज़रो के सामने आते है.

एमा भागते हुए बाहर निकलने को हुई पर जैसे hi वह मैं हॉल के गेट पर पहुची और उससे खोली...

उसकी घबराहट और भी बढ़ गयी. मैं हॉल का गेट बंद हो चूका था.

एमा (स्क्रीम्स) : फूकिंग ओपन थे गोड्डामण दूर.... ाआररह्ह्हह्ह!!! ओपन आईटी!!!! ी DON'T वांनै दिए हेरे! ी वांट तो लीव!!!

पर दरवाज़ा नहीं खुला. तभी एक आवाज़ आयी और उन् सब को सुनाई दी. आवाज़ बुलंद थी पर उसमे एक खराश थी, डरावनी थी वह आवाज़.


"वेलकम तो थे निघतवलकेर मेन्शन!

यू चोसे तो के हेरे. यू पर्चासेड थे कार्ड. नाउ यू कन्नोत लीव थे मेन्शन अंटिल टुमारो मॉर्निंग."

"रूल्स अरे प्रीटी सिंपल!!! सर्वाइव थे नाईट! 10 मिलियन वर्थ ऑफ़ गोल्ड बार्स अरे हिडन इन थिस मेन्शन. िफ़ अन्य ऑफ़ यू कैन फंड थम, यू कैन टेक थम अवे."

"गेम विल बिगिन शार्प @ 9 पं"

"रेमेम्बेर! यू कैन ओनली सर्च थे मेन्शन फॉर हाफ ान ऑवर दूरिंग इंटरवल्स. इन इतर वर्ड्स, 9-9:30 विल बे योर सर्च टाइम. आफ्टर 9:30 निघतवलकेर विल वाक थ्रू थे मेन्शन. िफ़ हे फंड्स एनीवन ऑफ़ यू रोमिंग. यू विल बे किल्ड."

"हे विल वाक टिल 12 ऍम. थें, अगेन यू कैन सर्च थे मेन्शन फॉर हाफ ान ऑवर. आफ्टर 12:30 हे विल वाक टिल 3 ऍम. अगेन ा हाफ ऑवर विल बे अलॉटेड. एंड लास्ट टाइम विल बे निघतवलकेर वाकिंग फ्रॉम 3:30 ऍम टिल 6 ऍम"

"तेरे अरे मान्य रूम्स ों बोथ थे फ्लोर्स. यू कैन चूसे व्हीचेवेर यू वांट."

"It's 8:00 पं नाउ. यू हैवे 1 ऑवर. यू कैन दो व्हाटएवर यू वांट तो दो. रेमेम्बेर थे टाइम. शार्प 9 पं."

"गुड लक!"


और आवाज़ बंद हो गयी. आवाज़ आयी तोह इण्टरकॉम से hi थी पर वीर को कही कोई इण्टरकॉम नज़र नहीं आया.

[Maaasterrrr~]

पारी की एक चिंता जनक आवाज़ वीर के मैं में गूंजी,

'Don't वोर्री पारी!! में अपना ध्यान अच्छे से रखूँगा.'

[Yes please!!! Mujhse jitna hoga mein aapki madad karungi.]

उस आवाज़ के बंद होते hi सभी एक दूसरे को देखने में लगे हुए थे.

एमा (स्क्रीम्स) : व्हाट थे हेलल इस थिस? यू अरे टेलिंग में ा किलर इस तेरे इन थिस मेन्शन विथ उस????

रोने : सिम्स लिखे आईटी.

एमा : थिस इस बुलशिट... हाउ थे फ़क कैन ी सर्च थे बार्स िफ़ समवन इस रोमिंग आउटसाइड तो किल में?

रूल्स सिंपल थे. ठीक 9 बजे मौत का ये खेल शुरू होना था. तीन इंटरवल दिए गए थे. 9 से 9:30, 12 से 12:30, और 3 से 3:30 तक का समय. यानी कुल मिलाके डेढ़ घंटे.

इस डेढ़ घंटे के समय में आपको बार्स ढूंढ़ने थे. यदि आप धुंध सकते हो तोह ढूंढो. पर बाकी के समय में, निघतवलकेर पूरे मेन्शन में घूमेगा. यदि कोई भी उससे नज़र आया तोह...

मौत!!!

वीर थोड़ा चिंतित था. एमा की तोह पहात के hi चार हो चुकी थी. पर बाकी सभी काफी रिलैक्स्ड लग रहे थे.

चेस्टर : हहह? That's आईटी??? मन!! थिस इस सो इजी. वे कैन सर्च फॉर हाफ ान ऑवर एंड व्हेन तहत टाइम एंड्स. वे कैन हेड बैक तो आवर रूम. सिंपल राइट?

जोए : इस तहत निघतवलकेर इवन रियल?

जोए ने पहली बार कुछ कहा. वीर और उसकी नज़रे एक बार फिर टकरा गयी.

माइक : हम्म! यस! ी कैन से फॉर सूरे तहत थे निघतवलकेर इस रियल. It's नॉट ा मिथ और लीजेंड. He's हेरे.

टॉमी : वेट!!! व्हाट िफ़ he's ओने ऑफ़ उस???

जोए कन्फर्म कर रही थी की ये निघतवलकेर सच में है भी या नहीं? कही ये कोई अफवाह तोह नहीं है? माइक ने भी कोन्नोर की वीडियो देखि थी. बेशक, निघतवलकेर का मास्क भी देखा था उसने उस वीडियो में. इसमें कोई शक नहीं था की वह है. और इसी मेन्शन में है. शायद वह आवाज़ भी उसी की थी? किस्से पता? पर इतना ज़रूर पता था की वह है यहाँ पर.

पर टॉमी की बात ने एक बार फिर उन्हें चिंता में दाल दिया. कही उन्ही में से एक निघतवलकेर तोह नहीं था?

माइक : ी don't थिंक it's प्लॉसिबले. निघतवलकेर इस समवन ेल्स. मय्बे थे ओने हु टोल्ड उस अबाउट थे डिटेल्स? और मय्बे समवन ेल्स? एंड िफ़ he's अमंग उस, थें वे कैन ैसिलय िडेंटीफ़्य हिम. व्होएवेर विल बे एब्सेंट दूरिंग आवर ग्रुप मीटिंग. ओनली he/she कैन बे ओने.

माइक ने समझाते हुए कहा. उसका कहना था की यदि आपस में से कोई निघतवलकेर निकलता भी है तोह भी उससे आसानी से पकड़ा जा सकता है. ग्रुप मीटिंग के दौरान जो भी उनके बीच गायब रहेगा. उसके ऊपर hi शक जाएगा.

जैकब : वे शुड सेलेक्ट ा रूम फर्स्ट. वे कैन कीप आवर बैग्स तेरे. एंड थें हाउ अबाउट टेकिंग ा स्ट्रॉल इन थे मेन्शन? तहत वे वे कैन गेट फेमिलिअर विथ आवर सुररौनडिंग्स.

चेस्टर : डेफिनिटेली! साउंड्स गुड!!!

जैकब की राय सभी मान गए. उसका कहना था की जो ये एक घंटे का समय मिला था. क्यों न हम उस घंटे में अपने अपने रूम सेलेक्ट कर उसमे सामान रख दे और बाहर निकल के मेन्शन का एक चक्कर लगाए ताकि हमे पता चल सके कौन सी जगह किधर पर है.

आईडिया बुरा नहीं था. और यदि जैकब ये बात नहीं भी रखता तोह भी वीर एक चक्कर मेन्शन का मारता hi.

जोए : ऑलराइट!

टॉमी : यस!!! That's आईटी गाइस. Let's मीट हेरे आफ्टर 15 मिनट्स.

रोने : Okay!

एमा : J-Jacob, कैन ी स्टे इन थे रूम बेसीडे योर्स?

जैकब : ओह्ह सूरे!!!

रोने, जैकब, टॉमी, एमा, चेस्टर ये सभी ऊपर चढ़े और बायीं ऑर्डर मुद के बायीं तरफ हॉलवे में चले गए.

तोह वही वीर और माइक आगे बढे, उनके पीछे जोए थी.

जैसे hi वह वह पहुचे उनके सामने दो कॉरिडोर के लिए रस्ते थे. एक बायीं ऑर्डर जा रहा था जहा वह सभी अभी गए हुए थे. और एक दायी ऑर्डर.






वीर : व्हिच ओने?

माइक (स्माइल्स) : ी ऑलवेज दो माय थिंग्स राइट!

वीर (स्माइल्स) : Let's जो थें!!!

माइक के कहने पर दोनों आगे बढे और दायी ऑर्डर मुद गए. ख़ास बात ये थी की जोए भी उनके पीछे थी.

वीर ने पीछे पलट उससे देखा तोह एक बार फिर उन् दोनों की आँखें एक दूसरे से मिली. पर दोनों ने hi कुछ कहा नहीं. वीर की प्राइड और ऐटिटूड उससे कन्वर्सेशन स्ट्राइक करने से रोक रही थी. अल्फा मेल इंस्टिंक्टस एक्टिव थे उसके. अब वह उन् लड़को में से नहीं था जो लौंडियो के पीछे भाग के उनकी छाते.

लड़किया khud-ba-khud उसके पास आती थी. उसकी पहचान hi अब ऐसी थी.

माइक तोह फ्रेंडली था hi. उसने hi बात शुरू की,

माइक : यू अरे नॉट गोइंग विथ थम?

माइक ने पूछा. ज़ाहिर है की जोए उनके साथ कड़ी हुई थी. पर फिर भी वह अभी वीर और उसके साथ आ रही थी.

जोए : ी ट्रस्ट यू गाइस मोरे थान थम.

वीर : !!!???

माइक : हाहाहा~ ी सी! सो that's हाउ आईटी इस. वीर! I'm चूसिंग थिस ओने.

माइक ने एक रूम के दरवाज़े के बाहर रुकते हुए कहा.

वीर : ऑलराइट! I'll चूसे थे ओने नेक्स्ट तो यू.

वह आगे बढ़ा और जैसे hi रूम के बाहर रुका वह तोह उसका ध्यान दरवाज़ों और रूम नंबर्स पे गया.

वीर : हम्म?

दरवाज़े की बनावट अलग किस्म की थी. रेक्टेंगुलर बार्स बने हुए थे दरवाज़े में.

'इस निघतवलकेर को गोल्डन बार्स का इतना शौक है की दरवाज़े पर भी बार्स बनवा दिए!? ः~'

[Yeah!!!]

जिस प्रकार से रेक्टेंगुलर बार्स एक चॉकलेट में होते है. कुछ उसी प्रकार दरवाज़े का स्ट्रक्चर था. वीर ने जैसे hi दरवाज़ा खोला उससे आश्चर्य हुआ.

'ओह्ह्ह्ह~'

दरवाज़ा काफी भारी था.

'हम्म? That's वीयर्ड!'

[Room number?]

'येअहहह!!! पारी!!! माइक का रूम नंबर मेरे से एक काम या ज़्यादा होना चाहिए. उसका रूम मेरे बगल से hi है. पर उसका रूम नंबर तोह कुछ और hi था. यहाँ की नंबरिंग लगता बड़ी hi अजीब है.'

[I agree master! Yaha ki kaun sii cheez ajeeb nahi hai? Fucking everything!]

'हाहाहाहा~ ये बात भी सही है.'

जोए वीर के पीछे से निकलते हुए आगे गयी और वीर के बगल वाले रूम में घुस गयी. घुसने से पहले एक बार उसने वीर को ज़रूर देखा.

[Hehehe~ She's interested in you.]

'ओह्ह्ह शट उप! फवौराबिलिटी तुमने देखि नहीं क्या? 4 थी.'

[Toh fir woh aapke saath kyu aayi? Woh bhi aapke bagal waale room me? *sniff *sniff* I smell curiosity here.]

'हाहाहा~ तुम वर्थिंक कर रही हो पारी. उसने कहा तोह. वह हमपे ज़्यादा भरोसा कर रही है. और दूसरी बात, मेने पहले माइक के बगल वाला रूम ले लिया. तोह वह ज़ाहिर है की मेरे नेक्स्ट वाला hi रूम चूसे करेगी. भला अकेले होक वह हमसे दूर वाला रूम क्यों लेना चाहेगी?'

[Hmm... But still! I can tell... I'm a girl too.]

'नाह!!!'

वीर ने अपना बैग अंदर रूम में रखा. रूम अच्छा था. पर उसके बावजूद स्केरी वाइब्स दे रहा था.

बैग रख सभी उसी हॉल में इखट्टा हुए. 15 मिनट बाद मिलने का डीडे किया था उन्होंने.

सभी एकत्र हुए और सभी ने मेन्शन में घूमना शुरू किया एक साथ. मेन्शन इतना बड़ा था की सभी स्तब्ध थे ये जानके.

और घुमते घुमते उनकी असली गांड तब फटी जब उन्हें पता चला की वाशरूम एक hi था पूरे मेन्शन में.

वह भी ग्राउंड फ्लोर पर. वह सभी तोह ऊपर वाली फ्लोर पर थे. ऊपर से किचन भी एकदम एन्ड में था. पानी की सप्लाई तोह यही थी. ये तोह दिक्कत वाली बात थी.

घुमते घुमते वह एक ऐसे हिस्से पर पहुचे जहा अजीबो गरीब पेंटिंग्स लटकी हुई थी.






वीर उन् पेंटिंग्स के नज़दीक पहुचा...

'थी अरे वीयर्ड!! चेक!!!'






*डिंग*

[One of the paintings collected by Noah.]

'नूह?? ये नूह कौन है? यहाँ का मालिक? या पास्ट में जो यहाँ था?'

[I don't know master! Par aap bas apna dhyaan rakho. Don't care for Money or anything else. I want you to be safe. That's it.]

'तुम तोह मेरी माँ बन्न रही हो पारी! ः~'

[Because I love you. You know that. Aur aap jaante hi ho mera kya haal hota hai. Why don't you understand?]

'वैसे...'

[Hmm?]

'क्या मेरी माँ वाक़ई मेरी चिंता करती है? असली माँ...'

[Don't get emotional. She definitely loves you.]

'उनकी तरफ से अभी तक कोई रिस्पांस नहीं आया है पारी. उन्हें पेंडंट दिखने के बाद भी.'

[Thoda intezaar kijiye. Woh zaroor aapko dhundhne aaengi.]

'काश....!'

पूरा मेन्शन घूमने के बाद.

नीचे राखी बड़ी सी घडी का घंटा बज चूका था.

*डिंग डाँग*

घडी से चिड़िया निकल कुकू कुकू कर रही थी. 9 बज चुके थे. इण्टरकॉम से इस बार कोई आवाज़ सुनाई नहीं दी थी.

आधे घंटे तक उनलोगो ने ढूंढा पर कही कोई खज़ाना नहीं मिला.

जोए : वे didn't तरय हर्डर. व्हाट िफ़ मनी इस हिडन इन थे बेसमेंट? और मय्बे बिहाइंड थे पेंटिंग्स? यू क्नोव व्हाट ी मैं?

टॉमी : डेफिनिटेली! वे विल दो तहत इन आवर नेक्स्ट शिफ्ट.

और यही सोच सभी अपने अपने कमरे में चले गए.

क्युकी निघतवलकेर के घूमने का समय शुरू हो चूका था.

सब ने अंदर से अपने रूम को लॉक कर लिया. रात में वह घूमता था, तभी उसका नाम पड़ा था. निघतवलकेर!!!

खौफ के मारे सब अंदर दुबक गए. वीर बिस्तर पर लेते कुछ सोच रहा था जब अचानक hi...

"Eeeeaaarrrrrrrrrrrrrgggggghhhhhhhh"

एक रौंगटे खड़े कर देने वाली चींख पूरे मेन्शन में गूँज गयी.

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आज के लिए इतना hi गाइस!

धन्यवाद! लिखे ठोकने का और कमैंट्स करने का. मतलब रेवोस छापने का. 😁

कीप सपोर्टिंग! ✨
 
मेगा अपडेट

सेंचुरी स्पेशल

अपडेट - 100 ~ ा नाईट ात थे मेन्शन (2)

[Note : This update contains blood and gore elements.]

अब तक...

सब ने अंदर से अपने रूम को लॉक कर लिया. रात में वह घूमता था, तभी उसका नाम पड़ा था. निघतवलकेर!!!

खौफ के मारे सब अंदर दुबक गए. वीर बिस्तर पर लेते कुछ सोच रहा था जब अचानक hi...

"Eeeeaaarrrrrrrrrrrrrgggggghhhhhhhh"

एक रौंगटे खड़े कर देने वाली चींख पूरे मेन्शन में गूँज गयी.


अब आगे...

"टेंशन मत लो... He'll बे फाइन!!"

आवाज़ थी दिव्या की जो कड़ी होक सुहाना को देख रही थी. सुहाना घर की खिड़की के पास खड़े होक बाहर आसमान को घूर रही थी. दिव्या के घर में केवल वही दोनों थे. निक किसी काम से बाहर गया हुआ था.

सुहाना का मैं इतना विचलित था की बेचारी बेचैनी के चलते कुछ भी नहीं बोल पा रही थी.

पर आखिर कब तक मौन रहती वह? एक लम्बी सांस लेने के बाद उसने बोलना शुरू किया,

सुहाना : क्यों किया निक ने ऐसा?

दिव्या : हँ? क्या? व्हाट दीद हे डी-

सुहाना : Don't फ़क विथ में दिव्या!!

वो अचानक hi चिल्ला उठी,

दिव्या : S-Suhana--!?

सुहाना (पलटते हुए) : Don't फ़क विथ में!! क्या में जानती नहीं हु? नोलन ने कहा था निक को की वह अपनी टीम से किसी को भेजे. उसकी हिम्मत कैसे हुई वीर का नाम आगे करने की?

दिव्या : सुहाना वेट! ी क्नोव मेरा हस्बैंड-

सुहाना : एक नंबर का चुटिया है!!!

दिव्या : H-Huhh??

सुहाना : He's ा फूकिंग इडियट! एंड यू क्नोव तहत तू. तुम्हारे कहने पर में वीर को यहाँ लायी. ओनली बिकॉज़ यू अस्केद में तो... उस दिन उसने तुम्हारी जान भी बचाई. इतना सब कुछ काफी था प्रोवे करने के लिए की वह एक नार्मल एवरेज इंसान नहीं है. हे कनौस सम मेथड्स. पर उसके बाद भी तुमने...

दिव्या (बॉहे सिकोड़ते हुए) : सुहाना! ी कैन एग्री तो सम थिंग्स. पर इसका ये मतलब नहीं की तुम मेरे हस्बैंड निक को ऐसे--

सुहाना : भाड़ में गया तुम्हारा निक!! गांड में लेलो उससे अपनी.

दिव्या : Y-You--

उसने घूर के सुहाना को देखा.






सुहाना : हम्फ~ क्या में जानती नहीं? निक तुम्हे इन्वेस्टीगेशन की फील्ड में लेके आया था. पर तुमने उसकी hi फील्ड में आके उससे मात देदी. अब इसमें तुम्हारी क्या गलती यदि तुम उस से ज़्यादा होशियार हो तोह? लेकिन निक ठहरा एक मर्द. वो कैसे बर्दाश्त करता की उसकी पत्नी उस से ज़्यादा कमा रही है? तभी तोह हर्र पब्लिक केसेस में अपनी टांग डाटा है वह. ये दिखने के लिए की वही सबसे माहिर है. हम्फ~ िडीओटिक थिंकिंग!

दिव्या (फ्रोंस) : सुहाना! You're गोइंग ओवरबोआ--

सुहाना : I'm टेलिंग यू! यदि उससे कुछ हुआ तोह सारा का सारा ब्लामे में तुम पर hi डालने वाली हु. कीप तहत इन मंद.

दिव्या (गुस्से में) : व्हाट थे फ़क सुहाना?? तुम एक ऐर्रे जर्रे तीसरे लड़के के लिए हमारी बचपन की दोस्ती को यु डाव पे लगा डौगी?

सुहाना (ुचि आवाज़ में) : Don't यू एवर कॉल हिम लिखे तहत. वह कोई एर्रा गेर्रा नहीं है. यू हेअर में? वही था जिसने मेरी सबसे बड़ी टेंशन को दूर किया था. आतिश को मार के. एंड व्हाट दीद ी दो इन रेतुर्न?

दिव्या : ...

सुहाना : उसने इन फैक्ट मुझपे फवौर किया था. पर बदले में मेने उसपे फवोर्स चढ़ा दिए. तुम्हारी ये बुरी आदत जो लग गयी है मुझे. सोमेतिमेस... सोमेतिमेस ी जस्ट पितय हिम एंड रिग्रेट माय डिसिशन. हे नेवर कम्प्लाइंस अबाउट आईटी. हे डस व्हाटएवर ी आस्क हिम तो दो. एंड नेवर ास्क्स फॉर एनीथिंग इन रेतुर्न.

दिव्या : ??!

सुहाना : और... और यहाँ में उससे अपनी ज़िम्मेदारी पर लेके आयी हु. यदि उससे कुछ हो गया तोह क्या मुँह दिखाउंगी उसके चाहने वालो को? तुम्हे ज़रा भी खबर है उसके घर की?

दिव्या : Wh-What?

सुहाना : तुम्हे नहीं पता. ऑफ़ कोर्स! ः~ तोह में बताती हु तुम्हे. उसके बारे में...

उसके बाद सुहाना ने वीर का सारा अतीत बता डाला. जितना उससे पता था उतना hi. दिव्या ने जब वीर के बारे में जाना की वह बेचारा घर से निकाल दिया गया था और अपनी असली माँ की तलाश में था. तोह अपने आप उसके मैं में वीर के प्रति एक हमदर्दी जाग गयी.

दिव्या : I-I सी! मुझे नहीं पता था की वीर...

सुहाना : यू बेटर टेक बैक योर वर्ड्स.

दिव्या : यू जो फर्स्ट. निक के बारे में तुमने अभी जो भी बोलै.

सुहाना : हँ? फ़क ऑफ! मेने सिर्फ और सिर्फ सच कहा. तुम कितना hi खुद से झूठ बोल लो. अंदर hi अंदर तुम जानती हो की योर हस्बैंड इस नॉट ा गुड मैच फॉर यू. ा तोड़ सिम्पली विशिंग तो बात थे मीट ऑफ़ ा स्वान. हम्फ~

सुहाना ने ये कह के निक की पूरी इज़्ज़त की धज्जिया उड़ा दी थी. साथ hi दिव्या की भी. उसका कहना था की निक वो लंगूर था जिसके हाथ में अंगूर था.

सच कहा जाए तोह वाक़ई निक शकल से इतना हैंडसम और स्मार्ट नहीं था. दिव्या के बगल से उससे यदि खड़ा करो तोह कोई भी ये नहीं कहेगा की वह पति पत्नी है.

सुहाना की ये बात दिल में जोरर से चुभी दिव्या के. पर वो भी कहा पीछे रहने वाली थी?

दिव्या (स्माइल्स) : हम्फ! ओह रियली? थें ी कैन से थे शामे थिंग फॉर यू.

सुहाना : हहहह? A-At लीस्ट गौरव इस स्टिल बेटर थान निक.

दिव्या : घंटा बेटर है. Don't गिव में तहत लेम एक्सक्यूज़. मुझसे बेहतर कोई नहीं जानता तुम्हारे और गौरव के बारे में.

सुहाना : ी...

दिव्या (स्माइल्स) : कही इसलिए तोह तुमने वीर को अपने पास नहीं रखा है? हम्म? गेटिंग बोरड़ ऑफ़ योर हस्बैंड सुहाना? हाँ?

सुहाना : Sh-Shut उप!!!!

दिव्या : लुक हाउ you're देंईंग ः~

सुहाना जानती थी दिव्या से मुँह लड़ाना मतलब भैंस के आगे बीन बजने जैसे था. न वो अपनी बातो से पीछे हटने वाली थी और न hi उसकी कोई बात sunn'ne वाली थी.

सुहाना : उस से कांटेक्ट करने का कोई तरीक़ा भी नहीं है. कोई नेटवर्क hi नहीं मिल रहा है. दमन आईटी!!!!

दिव्या : हे विल बे फाइन. Don't वोर्री!!

दिव्या ने कह तोह दिया पर अंदर hi अंदर वह बेचारी खुद व्याकुल थी. सुहाना इधर कुछ न बोली. बस खामोश थी. लेकिन उसका मैं नहीं.

'यू बेटर के बैक अलाइव. वीर!!!'

***

टाइम : 9:46 पं

इधर सुनसान आइलैंड के मेन्शन में अलग घटनाएं घटित हो रही थी. आधा घंटा बीत चूका था. ये वह समय था जब वीर और बाकियो को मिलके खज़ाना ढूंढ़ना था.

पर सब के सब नाकामयाब थे. उस आधे घंटे में उन्हें कुछ भी हाथ न लगा. सभी अपने अपने रूम्स में वापस लौट के आ चुके थे. रूम की बनावट भी बड़ी hi विचित्र थी.

केवल एक सिंगल बीएड था जिसपर एक आदमी hi लेत सकता था. यदि एक से ज़्यादा लेटना हो तोह थोड़ा एडजस्ट करने की ज़रुरत पड़ती थी. दीवार पर जगह जगह पेंटिंग्स लगी हुई थी. एक लैंप था बगल में, ऊपर वेंटिलेशन के लिए एक गोल अकार में गैप था. और एक बेहद बड़ा सा फ्लावर वैसे था जिसमे कोई फूल मौजूद नहीं था. थोड़ी बोहत लाइट्स और एक फैन. बस! ज़्यादा कुछ नहीं.

और एक ख़ास बात ये थी की रूम केवल और केवल अंदर से hi लॉक हो सकता था. उसकी कुण्डी सिर्फ अंदर hi मौजूद थी. यानी यदि आपने अंदर से कुण्डी बंद की तोह जब तक आप उससे खोलो न, बाहर वाला व्यक्ति अंदर नहीं आ सकता था.

अब सवाल उठता था की जब निघतवलकेर घूम hi रहा था तोह क्यों न सभी एक साथ हो जाए? ऐसे में कैसे मार पाएगा वह? पर सभी इस फैसले से राज़ी नहीं थे.

कारण? पहला कारण ये की सभी को एक दूसरे पर भरोसा नहीं था. पहली बार hi वह मिले थे. कैसे यकीन कर सकते थे इतनी आसानी से? क्या पता उन्ही में से एक निघतवलकेर तोह हो?

और दूसरा कारण की वह सभी आपस में कॉम्पिटिटर थे एक दूसरे के. बिलकुल! यदि साथ में रहेंगे तोह अकेले में छान बीन कैसे करेंगे? और यदि किसी एक को खज़ाना मिला और बाकी सभी उस पर झपट लिए तोह? यही दो कारण थे जिसके चलते सभी अपने आप में रहना चाहते थे. और अपने अपने कमरे को चुन के hi उसमे ठहरने का फैसला लिया.

पर क्या इस वक़्त सभी अपने अपने कमरे में hi मौजूद थे?? शायद नहीं!?

"J-Jacob! दो यू रियली थिंक तेरे isn't अन्य निघतवलकेर?"

आवाज़ थी एमा की, जो आहिस्ता आहिस्ता डर डर के चलते हुए जैकब के पीछे पीछे आ रही थी.

जैकब : ऑफ़ कोर्स! ी थिंक it's जस्ट ा रमौर! थे दो तहत सो तहत पीपल won't हैवे एनफ टाइम तो सर्च फॉर थे त्रैझ.

जहा सभी अपने अपने रूम्स में थे. जैकब और एमा अपने रूम्स से बाहर निकल के त्रैझ ढूंढ़ने निकले थे. जैकब अकेला जा रहा था पर एमा ने उसी वक़्त उससे रूम से निकलते हुए देख लिया था जब वो कॉरिडोर में झांक के चेक कर रही थी.

नतीजा? वह भी दररते दररते उसके पीछे पीछे चल पड़ी. जैकब का कहना था की निघतवलकेर मात्र एक अफवाह थी. ऐसा इसलिए कहते है लोग ताकि कोई फिर उसके ख़ज़ाने को ढूंढ न सके. पर क्या ये वाक़ई अफवाह थी?

जैकब : I'll फंड थे त्रैझ बिफोर थम एंड थें I'll लीव थिस फूकिंग आइलैंड! हाहाहा~

वह हस्ते हुए आगे बढ़ा. उसका मैं वीर और बाकी सभी को चिढ़ा रहा था. वह चुतियो की तरह रूल्स फॉलो करके अंदर बैठे हुए थे और यहाँ वह उन् सब के पहले hi खज़ाना धुंध के रफू चक्कर होने वाला था.

एमा : W-Waittt! J-Jacob, वेयर अरे यू गोइंग? अरे यू गोइंग तो थे सेकंड फ्लोर? W-Wait! वे haven't चेक्ड तहत एरिया. I-It's सो डार्क हेरे. I-I can't सी यू! Don't मूव तू फ़ास्ट!!! J-Jaaacccoobbbb!!!

जैकब तेज़्ज़ी से आगे बढ़ते हुए दूसरे माले पर जाने लगा. ये वह फ्लोर थी जिससे वीर और बाकी सभी ने मिलके चेक नहीं किया था. क्युकी पूरी फ्लोर अँधेरे में ढकी हुई थी. ऊपर कोई लाइट्स नहीं थी. एमा बेचारी ऊपर चढ़ के आ तोह गयी पर उसकी आँखें इस अँधेरे में उसका साथ नहीं दे रही थी.

उससे कुछ भी नज़र नहीं आ रहा था सिवाए खिड़कियों से आती आसमान की थोड़ी बोहत रौशनी के.






एमा : J-Jaacooobbb???

जैकब काफी आगे निकल चूका था. एक कॉरिडोर में वो जाके घुस गया. उसका maan'na था की खज़ाना ऐसी hi किसी जगह में होगा. और वह सभी बेवकूफो की तरह नीचे धुंध रहे थे.

एमा की आवाज़ उस फ्लोर पर गूँज उठी. पर जैकब का कोई जवाब न आया.

जब एमा अपने फ़ोन की टोर्च जला के थोड़ा आगे बढ़ी तोह उसने देखा सामने एक कॉरिडोर मौजूद था. पर उसके दूसरे छोर्र पर पूरा का पूरा घप्प अँधेरा था. कॉरिडोर के उस ऑर्डर क्या था कुछ भी नज़र नहीं आ रहा था.

एमा : J-Jaaacoooobbbb!! Wh-Where अरे यौऊ??? आंसर में! अरे यू इन तेरे???

उसने अंदर जाने से पहले एक बार फिर आवाज़ लगाई. उसका जी अब घबरा रहा था. क्युकी जैकब कोई भी उत्तर नहीं दे रहा था.

एमा : J-Jaaaaccccoooobbbb????

और तभी,

*स्क्छ्ल्लीीिंणनगगगगगगग*

एक आवाज़ उसके कानो में पड़ी. आवाज़ सामने उस कॉरिडोर के दूसरे छोर्र से hi आयी थी जिधर सब कुछ अन्धकार में डूबा हुआ था.

एमा : A-Ahhhh??? J-Jacccoobb? इस तहत यू??

वह सेहमी सी आवाज़ में पुकारी. लेकिन एक बार फिर, जैकब का कोई उत्तर न आया. सामने टोर्च मारते हुए वो देखने की कोशिश कर रही थी. पर मोबाइल की टोर्च की रौशनी आखिर कितनी दूर तक जाती?

और अगले hi पल,

*क्लिक*

उस कॉरिडोर की अचानक से लाइट्स जल उठी.

एमा : H-Huhhhh?

एमा का मुँह ताजुब में खुला का खुला रह गया. कॉरिडोर की दीवारे चटक लाल रंग के वॉलपेपर से ढकी हुई थी. ऊपर एक के बाद एक चन्देलिएर लटके हुए थे जो रौशनी से जगमगा रहे थे.






कॉरिडोर के बाहर hi दोनों तरफ सोल्डिएर्स के आर्मर सुइट्स खाली पड़े हुए थे. पर सामने...

एमा : J-Jaaacoobbb? जैकब don't जेस्त विथ में. I'm सकारेद. आंसर में!!!

अकस्मात् hi सामने की ऑर्डर धुआँ उठा. धुए का रंग अलग था. और सामने एमा को कुछ नज़र आया. अँधेरे के एकदम बीचो बीच...






एमा : H-Huhh? J-Jacob??? इस तहत यू?

उसने अपनी आँखें सिकोड़ते हुए जैसे hi ध्यान से देखा. एमा के शरीर से जैसे उसकी आत्मा निकल गयी. बीच में जिससे वो जैकब समझ रही थी. वह जैकब नहीं था. उसके सामने उस धुए में था...






निघतवलकेर!!!

पर इसके पहले की वह रियेक्ट कर पाती, उसके पेर्रो की तरफ कुछ उछाल के लुढ़कता हुआ आया.

मानो जैसे किसी ने बड़ी सी गेंद फेकि हो. वह जो भी था, वो लुड़कते हुए आके उसकी लम्बी नग्न टांगो से टकराया. एमा को परर में महसूस हुआ जैसे गेंद पर बाल लगे हुए थे. उसने कांपते हुए अपने पेर्रो की ऑर्डर सर्र झुकाया और जैसे hi उसने अपने नीचे देखा. उसकी रूह काँप गयी और पूरा बदन ठंडा पद गया.

"Eeeeaaaarrrrrrrrrgggghhhhhhhhhhhhh!!!"

वो इतनी जोरर से चींखी की उसकी आवाज़ पूरे मेन्शन में गूँज उठी.

नीचे उसके पेर्रो पर...

जिससे वो गेंद समझ रही थी वह असल में गेंद नहीं थी. बल्कि...

जैकब का धड़ से अलग कटा हुआ सर्र था.

जैकब की मुंडी की आँखें एकदम खुली थी और उन् आँखों की पुतलिया एमा को hi घूर रही थी, जैसे मरर्ते वक़्त उससे पता hi नहीं चला की उसके साथ क्या हुआ. मुँह खुला, और कटे हुए गले से खून की नदिया बह रही रही थी. अंधरुनि नस्से उसके गले से लटक रही थी.

एमा जोरर से चीखते हुए वह से पलटी और हफ्ते हुए पूरी तेज़्ज़ी में भागी, उसके पीछे hi...

*धम्मं* *धामममम* *धायअम्म्म*

निघतवलकेर अपना डरावना मास्क पहने, चमकती हुई आँखों के संग भारी कदम लेते हुए दौड़ के उसकी तरफ hi आने लगा. उसका हर्र भारी क़दम पूरे फ्लोर पर कम्पन फैला रहा था. जिससे एमा भली भाति महसूस कर पा रही थी.

पीछे उस बड़े से आदमी को, उस खौफनाक मास्क को देखते hi एमा के शरीर के रौंगटे खड़े हो चुके थे. उसका दिल इतनी तेज़्ज़ धड़क रहा था मानो जैसे बाहर hi आ जाएगा.

"Nooooooooooooo~ ीीाआरररररग्गहह!!!"

वो चिल्लाते हुए नीचे की ऑर्डर भागी. पीछे से उससे निघतवलकेर के भागने की आवाज़ साफ़ साफ़ सुनाई दे रही थी. वो उसके क़रीब आता जा रहा था.

*स्च्लईईईन्न्नन्नगगगगगग*

*करररररीईईईन्न्नन्नगगगगगगग*

न जाने कौन सा हथियार लिया था वह. पर इतना ज़रूर स्पष्ट था की उसी हथियार से उसने जैकब का सर्र धड़ से अलग किया था. और वही हथियार वह हवा में andha-dhundh पागलो जैसे चलाते हुए उसके पीछे भूखे जंगली भेड़िये की तरह आ रहा था. उससे मारने...

किसी भी वक़्त उसकी मौत उससे लेने आ सकती थी. पर वह भागती रही. वो 1सत फ्लोर पर आयी वही पेंटिंग्स वाले हॉल में. और वह से निकलते हुए उसकी जान हलक में आ गयी. उससे पल भर के लिए ऐसा लगा जैसे हर्र एक पेंटिंग उससे hi देख रही थी. उसकी मौत का नंगा नाच देख रही थी जैसे वह.






आँखें बंद कर, अपनी जान बचाने की इच्छा शक्ति बांधे वो दौड़ते हुए अपने कॉरिडोर के लिए भागी,

"Eeeeeaaaaaaaaaaaaaaaa~"

और उसकी जैसे hi ये चींख निकली, मेन्शन में सबको सुनाई दे गयी.

वीर जो अपने रूम में लेता हुआ मेन्शन के बारे में hi सोच रहा था. चींख सुनते hi उसके मैं में...

*डिंग*

[Mission : Catch The Nightwalker!

Rewards : 1) ??? Points.

2) ??? Fame Points.

Time Limit : Before 6 AM.

Mission failure penalty : 4000 Points Deduction.]

वो तुरंत hi उठ के बैठ गया.

'पारी!!!'

[Right! Something happened Master!!]

वीर ने सर्र हाँ में हिलाया और फ़ौरन hi वह उठ के बाहर आया. बाहर आते hi उसने अपने अगल बगल नज़र डाली तोह देखा की माइक और जोए भी चींख सुन्न के कमरे के बाहर आ चुके थे.

तीनो ने एक दूसरे को देख हामी भरी और बिना कुछ कहे hi, वो लेफ्ट वाले कॉरिडोर की ऑर्डर भागे. जिधर बाकी सभी ठहरे हुए थे.

दौड़ते हुए वह जैसे hi उनके रूम्स तक पहुचे तोह पाया की रोने, चेस्टर, टॉमी तीनो hi कमरे के बाहर थे.

माइक : व्हाट हप्पेनेड?

चेस्टर : Didn't यू हेअर थे स्क्रीम?

माइक : वे आल हर्ड आईटी. That's व्हाई वे चामे तो चेक.

जोए : Where's एमा???

जोए के पूछने पर उन् सभी ने एमा का रूम चेक किया तोह पाया की एमा का रूम खुला हुआ था. अंदर कोई भी नहीं था. और रूम केवल अंदर से hi लॉक हो सकता था.

चेस्टर : शीट्ट्ट्ट!!! She's नॉट हेरे! वेयर दीद शी जो?? वे शुड मूव एंड चेक आउट.

तभी टॉमी पीछे से भागता हुआ है,

टॉमी : G-Guyysss!!! *हफ़* *हफ़* जैकब तू!! जैकब isn't इन हिज रूम.

माइक : डमनणणन आईटी!!!! वीर?

माइक ने वीर को देखा. वीर इशारा समझ चूका था. माइक छान बीन करने के लिए कह रहा था.

पर इस से पहले की वह एमा और जैकब को ढूंढने निकल पाते,

"Eeeaaaaaaaaaaaaaaaaaaa~"

फिरसे वही चींख उन्हें सुनाई दी. इस बार बेहद क़रीब से. और अगले hi पल, एमा अँधेरे में से निकलते हुए भागती हुई उनके क़रीब आयी.

और सीधा आके वीर की बाहो में कूद गयी. उसके बाल बिखरे हुए थे. गालो पर आसुओ की बूंदे सजी हुई थी. और उसका पूरा हुइया hi खौफ के मारे बिगड़ा हुआ था. पूरा बदन उसका डर से ठिठुर रहा था.

वीर : ??

चेस्टर : E-Emma??? व्हाट हप्पेनेड??? व्हाई वेरे यू स्क्रीमिंग? No! वेयर वेरे यू? Where's जैकब?

एमा (रट हुए) : ी सॉ आईटी... ी सॉ आईटी... Huuuuuuuuuu~ H-He किल्ड हिम... हे किल्ड जैकब... *स्निफ्फ* *स्निफ्फ*

एमा अपना मुँह वीर की छथि में छुपाये बड़बड़ाये जा रही थी. पर उसकी बात सभी ने सुन्न ली थी. और उन् सभी को एक बड़ा झटका लगा था. जैकब!! मर्डर चूका था. ये बात कहना गलत नहीं होगा की जैकब की मौत के बारे में जान के उनके खुद के रौंगटे खड़े हो गए थे.

जोए : ी... ी थिंक वे शुड फर्स्ट हेड इनसाइड. रेमेम्बेर!? It's Nightwalker's टाइम राइट नाउ!!!

एमा : He's... He's बिहाइंड में... He's किंग... He'll किल में!!! H-He विल किल में... I-I विल दिए... *स्निफ्फ* ी don't वांट तो दिए...

वीर ने उसके कंधे पर अपने दोनों हाथ रखे और उसकी आँखों में देखा,

वीर : कलम डाउन!!! Okay?

एमा : अह्ह्ह!? ी... *क्रिस* ी don't वांनै दिए!! ी don't... *स्निफ्फ*

टॉमी : Let's जो इन माय रूम!

माइक : राइट!!!

अभी सबसे पहला काम जो ज़रूरी था वह था एक कमरे के अंदर होना. क्युकी ये समय निघतवलकेर का था. बाहर रहना खतरे से खाली नहीं था.

टॉमी की बात मान सभी उसके कमरे में चल दिए. और टॉमी ने अंदर से दूर बंद कर दिया.

सिंगल बीएड पर बीच में एमा बैठी हुई थी. उसकी एक ऑर्डर वीर था तोह दूसरी ऑर्डर जोए. लड़की होने के नाते जोए hi उससे अच्छे से कम्फर्ट दे सकती थी इस माहौल में. वीर के बगल से टॉमी खुद बैठा हुआ था. और माइक, रोने एवम चेस्टर दीवार से टिक के हाथ बांधे खड़े हुए थे.

माइक : नाउ तेल्ल उस व्हाट एक्साक्ट्ली हप्पेनेड?

उसके बाद एमा ने कांपते हुए पूरी वारदात का वर्णन दिया. जिससे सुन्न वह मौजूद हर्र इंसान अंदर तक हिल के रह गया.

ख़ास कर जब उन्हें जैकब के कटे हुए सर्र के बारे में jaan'ne को मिला.

ऐसे खौफनाक माहौल में जिस बात की लीस्ट एक्सपेक्टेशन थी की काम से काम ये न होये. पर उनकी किस्मत खराब, वो भी हो गया.

*रम्बल* *रम्बल*

बाहर बादल जोरर से गरजे और मूसलाधार बारिश शुरू हो गयी. बिजली चमकी और कमरे की खिड़की से उसकी cham-chamaati रौशनी अंदर कमरे में आ पड़ी,

*कड़कड़कड़कड़कड़*






"Aaahhhhhhhhhhh!!!!"

बिजली कड़कने और बदल गरजने की आवाज़ से एमा और डर के मारे वीर के सीने से लिपट गयी. ये आवाज़ें इस काली रात को और भी डरावनी बना रही थी. पता नहीं क्यों, पर वीर के गले से लगे रहने में hi वो खुद को सलामत महसूस कर रही थी.

जोए बगल से उससे देख रही थी. वह भी थी यहाँ. पर एमा उससे चोरर वीर की बाहो में कूद रही थी. जो जोए भांप चुकी थी.

वीर कुछ न बोलै. उसकी नज़रे एक बार पुनः जोए से टकराई, उसके बाद उसने कहना शुरू किया.

वीर : ी हैवे ा क्वेश्चन फॉर यू आल.

टॉमी : व्हाट इस आईटी?

वीर : हाउ दीद यू गाइस अर्रिवे हेरे?

टॉमी : हँ?

चेस्टर : ी don't क्नोव अबाउट ओठेर्स. बूत में एंड टॉमी अरे इन ा म्यूजिक बंद टुगेदर. Tommy's फादर लव्स फिशिंग सो हे ओवन्स ा रुणाबौत बोट. वे चामे हेरे बी तहत ओनली.

चेस्टर ने अपने और टॉमी के आने का साधन बताया की वह एक रुणाबौत बोट से आये थे. रुणाबौत बोट कुछ ऐसी थी ~






वीर (रोने को देखते हुए) : व्हाट अबाउट यू?

रोने : ी चामे बी ा मोटर बोट.

वीर ने हामी भरी और फिर जोए को देखा जो ज़मीन की ऑर्डर देख रही थी. और बिना वीर को देख वह बोली,

जोए : ी रेंटेड ा जेट स्की एंड चामे हेरे.

आखिरी बची थी एमा पर वह बताने को तैयार नहीं थी की वह यहाँ कैसे आयी.

एमा : I'm... I'm सॉरी! It's पर्सनल! I-I कन्नोत तेल्ल यू...

चेस्टर : व्हाट अबाउट यू वीर?

वीर (स्माइल्स) : Mike's फ्रेंड इस रिच. हे ओवन्स ा कोप्तेर.

चेस्टर : दमंत्र! यू गाइस चामे हेरे बी ा हेलीकाप्टर???

टॉमी : That's कूल!

रोने : थें तहत लीव्स एमा ओनली. गाइस! जैकब गोत किल्ड व्हेन हे वास् विथ एमा. एंड नाउ she's नॉट इवन टेलिंग उस हाउ दीद शी अर्रिवे हेरे. यू दो थे मैथ!!!

ऐसा कहके रोने ने सीधा वार एमा पे किया. ज़ाहिर था की उसका शक एमा पर जाना hi था. एमा और जैकब साथ में थे और अब जैकब मर्डर चूका था. एमा ये भी नहीं बता रही थी की वो कैसे यहाँ पर आयी थी. तोह? शक की सुई एमा पर जाके तोह रुकनी hi थी.

एमा ने जब अपने ऊपर शंका की नज़रे महसूस करि तोह वह रो पड़ी,

एमा : Wh-Whaaaatttt??? N-Nooooo!!!! ी didn't किल जैकब... ी didn't... *क्रिस* ट्रस्ट में!!! हाउ... हाउ कैन ी?? V-Veerrr??? M-Mikke??? T-Trust में!!! ी didn't किल हिम... हे वास् किल्ड बी तहत निघतवलकेर. He's रियल!!! He's आउट तेरे तो हंट उस डाउन. *स्निफ्फ* *स्निफ्फ* I-I didn't...

वीर ने उसकी पीठ पर हाथ फेर्रा, एमा उसकी आँखों में देखि,

वीर : ी क्नोव यू didn't! Don't वोर्री!

एमा : अहह! Th-Thank यू~

उसके नैनो से ासु छलक उठे. पर रोने वीर की बात से सहमत नहीं था.

रोने : हाउ कैन यू बे सो सूरे? She's थे ओनली ओने who's थे मोस्ट सस्पीशियस हेरे.

वीर : थें शी कैन स्टे विथ में. िफ़ ी गोत किल्ड, थें तहत विल प्रोवे she's थे ओने. राइट?

रोने : Y-Youuuu~

वीर ने रोने की बोलती बंद कर दी. उसने साफ़ साफ़ कह दिया की एमा उसके साथ रह सकती है और यदि वह मर्रा तोह एमा एक क़ातिल है ये प्रोवे हो जाएगा. पर यदि वह नहीं मर्रा तोह एमा का इनोसेंस भी प्रोवे हो जाएगा.

एमा बेचारी वीर को देख और जोरर जोरर से रोने लगी और उसकी छथि में समां गयी. जोए चुप चाप उसके बगल से सब कुछ होता देख रही थी.

रोने : दो व्हाटएवर यू वांट. टच!!!

वीर : बूत ी हैवे समथिंग तो तेल्ल यू गाइस. माइक???

माइक : येह?

वीर : वे didn't सी अन्य बॉट्स आउट तेरे व्हेन वे अर्रिवे हेरे राइट?

माइक : यस! तेरे weren't अन्य.

*Booooooooooommmm*

ये सुनते hi उन् सभी के मैं में एक विस्फोट हुआ. सभी का चेहरा डर के मारे पीला पद गया.

बहस शुरू हो गयी. वो घबराने लगे. वीर और माइक hi थे जो आखिरी में आये थे. और यहाँ आते वक़्त उन्हें कोई भी बोट समुद्र में नज़र नहीं आयी थी सिवाए पानी की उफनती लेहरो के अलावा.

माइक : गाइस! गाइस! लिसेन! Don't वोर्री! ी कैन टेक यू आउट फ्रॉम हेरे. वे नीड तो कलम डाउन फर्स्ट. Okay? एंड वे नीड तो फंड व्हाट हप्पेनेड विथ जैकब.

एमा : I'm... I'm नॉट गोइंग तेरे अगेन. I'm नॉट!!

माइक : यू कैन स्टे विथ वीर. वीर? दो यू हैवे अन्य प्रॉब्लम विथ तहत?

वीर : नोने!

माइक : ऑलराइट! It's आल क्लियर थें. में, चेस्टर एंड टॉमी. वे थ्री विल जो एंड लुक फॉर जैकब. ी वांट तो सी विथ माय ओन आईज व्हाट हप्पेनेड तो हिम. एंड वीर, एमा, जोए एंड रोने. हाउ अबाउट यू गाइस चेक थे बेसमेंट?

माइक ने सुझाया. जो की सही था. दो hi जगह थी मेन्शन की जहा अब तक उन् लोगो ने अपने क़दम नहीं रखे थे. 2ंद फ्लोर और बेसमेंट. एमा वापस ऊपर जाने से डर रही थी रोह माइक ने वीर की टीम को बेसमेंट में तहक़ीक़ात करने की ज़िम्मेदारी सौप दी.

रोने : फाइन!

जोए : It's okay!

माइक : थें it's डीडेड. आफ्टर 12, we'll मूव आउट इम्मेडिएटली.

जब तक 12 नहीं बज गया तब तक वह सभी टॉमी के कमरे में hi ठहरे हुए थे. 12 बजते hi ग्राउंड फ्लोर की वह क्लॉक की घंटी फिरसे बजी,

*डिंग* *डाँग*

और सभी एक दूसरे को आखिरी बार देख टॉमी के कमरे से निकल गए.

वीर बेसमेंट की दिशा में जा hi रहा था जब अचानक hi पीछे से माइक ने उसको आवाज़ दी,

माइक : वीरररर!!!

वीर : हम्म?

और माइक ने अपने हाथो से कुछ फेका. वीर ने अपने दोनों हाथो से उससे कैच किया.

माइक : होल्ड ओंठो तहत. िफ़ समथिंग हप्पेंस. कांटेक्ट में!!!

और वो पलट के चेस्टर और टॉमी के साथ 2ंद फ्लोर की दिशा में निकल गया. वीर के हाथो में था ~ एक वल्की टॉकी.

[Nicely done!!! Ye kaafi kaam aaega Master.]

'इनडीड!'

और वीर, जोए, एमा और रोने के संग चल दिया. नीचे बेसमेंट की ऑर्डर.

और बेसमेंट में जैसे hi उनलोगो ने क़दम रखे. सामने का नज़ारा देख उनके बदन के रुए खड़े हो गए.

इतना लम्बा हॉलवे था. ऐसा लग रहा था की इसका छोर्र है भी या नहीं? पर इतना hi नहीं. अगल बगल से कई मोड़ भी थे जो दूसरे हल्वाय्स से मिल रहे थे. ऐसा लग रहा था पूरी की पूरी एक कॉलोनी बसी हुई है यहाँ.

जगह जगह इन्वेर्टर्स और गेनेटर्स भी मौजूद थे. लाइट्स सीलिंग पर लगी हुई थी और फ्लोर पानी से गीली पड़ी हुई थी.

एमा : ी don't वांनै जो इन तेरे... ी don't वांनै... P-Please? कैन वे जो बैक?

वीर : No!!! वे मस्ट चेक थिस एरिया आउट.

और वो आगे बढे. रोने उनके पीछे पीछे चल रहा था. एमा वीर की बाज़ू थामे उस से सत् के चल रही थी. तोह वही जोए उनके आगे थी. फूक फूक कर क़दम आगे बढ़ा रहे थे वह.

वही दूसरी ऑर्डर माइक 2ंद फ्लोर पर जा रहा था. आगे वही चल रहा था. और उसके पीछे चेस्टर और टॉमी. वह बिना पीछे देखे बात करते जा रहा था. पर कुछ देरर वह शांत रहा. जब वो कॉरिडोर तक पहुँच गया तोह बोलै,

माइक : स्टे बिहाइंड में गाइस. Okay?

पर पीछे से उससे कोई जवाब न आया. जब उसने पलट के देखा तोह... उसके पीछे कोई नहीं था. चेस्टर और टॉमी उससे अकेला चोरर वह से कब नौ दो ग्यारह हो चुके थे, उससे पता hi न लगा.

'टच!!! थी बास्टर्ड्स!!!'

मैं में hi उनको गाली बक, माइक ने अपनी टोर्च जलाई और कॉरिडोर के अंदर चल दिया. लालच सच में बुरी बाला होती थी.

माइक को उसके खुद के हाल पर चोरर इधर चेस्टर और टॉमी बीच रास्ते से hi काट लिए थे.

टॉमी : चेस्टर? दो यू थिंक वे दीद थे राइट थिंग? ी मैं लीविंग हिम अलोन.

चेस्टर : शट थे फ़क उप मन! वे अरे हेरे तो गेट आवर पॉकेट्स फिल्लेद. नॉट तो पिक उप डेड बॉडीज. लेट थम दो ठोस चोरेस.

तोह चेस्टर था जिसने टॉमी को पकड़ के रास्ता बदल लिया था. उसकी सोच hi बता रही थी वह क्या करने निकला था. वह यहाँ पैसे कमाने आये थे. लाशो को उठाने नहीं.

वो दोनों hi खज़ाना ढूंढ़ने निकल गए. पर पिछली hi बार की तरह इस बार भी किसी के हाथ कुछ न आया. साथ hi अब एक डर बैठा हुआ था सभी के अंदर. उनके hi बीच का एक सदस्य मौत के घात उतर चूका था. अगला नंबर उनका खुद का हो सकता था.

इधर बेसमेंट में रोने पीछे चलते चलते अचानक hi एक मोड़ में मुद गया. इस ऑर्डर से सीवर के लिए पाइप्स निकले हुए थे जिसकी स्मेल के चलते वीर एमा और जोए अंदर नहीं घुसे.

पर रोने मौका देख के पलटी मार लिया. अंदर घुसते घुसते अचानक hi उसकी नज़र एक लकड़ी के बॉक्स पर पड़ी. उसने उससे खोला. और जैसे hi अंदर देखा, रोने की आँखें ख़ुशी के मारे फैलती चली गयी.

अंदर सोने के चमकते हुए बिस्किट्स पड़े हुए थे.

"हौली फूकिंग शीट्ट्ट्ट!!!! I-I फाउंड आईटी. हाहाहाहा~ ी कनेव आईटी. ी कनेव थे त्रैझ won't बे इन थे बिल्डिंग. It's लाइंग हेरे इन फिल्थी सेवागे. हाहाहा~ फ़क! I'm रिच नाउ!!!"

वह खुद से hi बात करने लगा जब,

"R-Ronnieeeee?!?"

एमा की पुकारने की आवाज़ उससे सुनाई दी. वो सब कुछ बंद कर वापस भागा. और मोड़ से निकलते हुए उसने देखा सभी उसका इंतज़ार कर रहे थे.

जोए : वेयर वेरे यू???

रोने : ाहः~ ी वास् जस्ट चेकिंग तहत सेवागे एरिया. Nothing's तेरे.

जोए : Okay! Let's मूव ों!

और पिछली बार की तरह ये आधा घंटा भी केवल छान बीन में गुज़र गया. उधर माइक का हाल बेहाल था जब उसने जैकब की लाश की हालत देखि. लाश को जैकब ने वैसे hi रहने दिया. बस जितना हो सकता था उतना चेक किया. ये उसका कोई पहली बार नहीं था.

देख के उससे पता लग चूका था की किसी शार्प ऑब्जेक्ट से गले को काटा गया है. वो भी एक स्लैश में. हथियार की धार बोहत hi ज़्यादा रही होगी.

"It's मोरे सीरियस थान ी थॉट. थिस इस ब्रूटल. दमन आईटी!!!"

***

टाइम : 12:35 ऍम

पिछले आधा घंटा उनका बर्बाद चला गया. लेकिन रोने का नहीं. उससे तोह जैसे जिसकी तलाश थी वह उससे मिल चूका था.

वीर के संग उसके बिस्तर पर एमा बैठी हुई थी. दोनों hi खामोश थे जब वीर ने इस शान्ति को भांग किया,

वीर : व्हाई दो यू ट्रस्ट में सो मच?

एमा : यह! I-I don't क्नोव. ी फील सिक्योर अराउंड यू. ी don't क्नोव व्हाई...

[Master!!! Hum iske chakkar me yaha bandh ke reh gaye hai.]

'येह! कुछ करता हु.'

वीर अपना दिमाग चलने लगा. उससे पता था निघतवलकेर कोई और hi था. उनमे से नहीं. वीर ने सभी को चेक कर लिया था. पर उससे किसी के भी स्टेटस में अलियास नाम निघतवलकेर नज़र नहीं आया. एमा के में भी नहीं. यहाँ तक उसने मुके को भी चेक किया था. और इतना hi नहीं उसने अपने रूम में राखी चीज़ो को भी चेक किया था. पर उससे सब कुछ नार्मल hi लगा.

पल भर के लिए वीर के ज़हन में ये भी ख़याल आया था की कही दरवाज़े में तोह वह गोल्डन बार्स नहीं चिपके? कही वही तोह नहीं? पर जब उसने दरवाज़ा चेक किया,

*डिंग*

[A Metal Door.]

तोह उससे कुछ भी हाथ न लगा. मिशन मिल चूका था. उससे कैसे भी करके रूम के बाहर निकलना था.

***

इधर जोए बगल वाले कमरे में अभी कुछ मिनट्स पहले hi अंदर आयी थी जब उसने देखा की उसकी वाटर बोतल में पानी ख़तम हो चूका था.

'शीट्ट्ट्ट!!!!'

पर उससे बोहत जोरर से प्यास लगी थी. वाशरूम तोह वह इंटरवल में हो आयी थी. पर पानी भरना भूल गयी. उसका गाला ज़र्रों से सूख रहा था. हिम्मत बाँध के उसने बोतल हाथ में ली और रूम खोल वह चल दी नीचे.

वो अभी स्टैर्स तक पहुची hi थी जब उसने देखा लेफ्ट वाले कॉरिडोर से निकल के कोई नीचे जा रहा था.

'हहहह? तहत... R-Ronnie??? व्हाई इस हे-!?'

वह रोने था. मैं में शंका लिए वह रोने के पीछे पीछे दबे पाँव चल पड़ी. दिल तोह उसका भी घबरा रहा था बोहत. पर वह चलती गयी. रुकी नहीं!!

रोने बेसमेंट में जब घुसा तोह जोए का जी और घबराने लगा.

'बेसमेंट? व्हाई इस हे गोइंग तो थे बेसमेंट अगेन? Didn't वे चेक आईटी जस्ट नाउ?'

रोने बड़ी hi फुर्ती में भाग रहा था. जिसके चलते जोए को पीछा करने में दिक्कत हो रही थी. वो पकड़ी भी नहीं जा सकती थी. दबे पाँव जो चलना था.

'Sh-Shittttt!!!! ी लॉस्ट हिम!!!'

जोए जब तक हॉलवे में आयी, उससे रोने कही नहीं दिखाई दिया.

रोने मैं में ख़ुशी के लड्डू लिए पूरी तरह से एक्ससिटेड अपने कमरे से झोला लेके आया था. यानी अपना बैकपैक. वह फटाफट उसी लकड़ी के बॉक्स के पास गया. और उससे खोला,

बेशक, सारे गोल्ड बार्स वही मौजूद थे.

"हेहेहे~ फ़क फ़क फ़क!!! I'm फूकिंग फिल्थी रिच नाउ!!!"

वो सारे गोल्ड बार्स बटोर के अपने बैग में भरा और सब कुछ भर लेने के बाद वह पलटा. और आगे बढ़ा.

पर...

पर आगे बढ़ते वक़्त, उससे अपने दो पेर्रो की जगह... चार पेर्रो की आवाज़ आ रही थी.

रोने : H-Huhhh??

*बेदुम्प*

उसका दिल जोरर से धड़का. वह ृक्क गया. अपने गले के थूक को निगलते हुए उसने धीरे धीरे अपनी मुंडी पीछे पलटाई. और जैसे hi उसने अपने पीछे देखा... उसके पीछे का मंज़र था,






*थुड़*

रोने के हाथ से उसका बैग छुटक कर नीचे गिर गया. आधे गोल्ड बार्स निकल के नीचे फ्लोर्स पर बिखर गए. उसकी आवाज़ हलक में hi अटक के रह गयी.

बदन थार थाने लगा.

***

इधर बेसमेंट के हॉलवे में जोए रोने को ढूंढ रही थी जब उससे एक मोड़ से कुछ आवाज़ आयी. ये वही सीवर वाली जगह थी. इधर की लाइट्स भी बंद थी. अँधेरा इतना था की कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.

अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जला के वह आगे बढ़ी. और अभी वह कुछ दूर hi चली थी जब, सामने का नज़ारा देख उसकी हवाइया उड़द गयी.

एक कटा सर्र डाला हुआ था. खून ऐसे बह रहा रहा था जैसे किसी ने पानी के गुब्बारे में एक चीरा लगा दिया हो.

और उससे देखते hi,

*गवक*

जोए को अचानक से अकबकाई आयी, उलटी उसकी हलक तक पहुची पर मुँह पर हाथ रख उसने खुद का धड़कता दिल संभाला. और अगले hi शान उससे अपने पीछे किसी के होने का एहसास हुआ.

वो तुरंत hi तेज़्ज़ी में पलटी...

और...

अँधेरे में से उससे कुछ आता हुआ नज़र आया. उसके कद से कई इंच और ऊपर.

जैसे hi जोए ने वो देखा...






"Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa~"

उसकी चींख पूरे बेसमेंट में गूँज गयी.

वह भागी, बाहर निकलने के लिए.

*सछललइईईईन्न्नगगगगगगगग*

एक तेज़्ज़ आवाज़ उसके कानो में पड़ी. पलट के उसने भागते हुए देखा तोह जैसे hi निघतवलकेर उजाले में आया, जोए ने देखा उसके हाथ में खून से सनी हसिया मौजूद थी. उसकी रूह काँप गयी.

जोए ने वह से सरपट दौड़ लगाई. वह हफ्ते हफ्ते जैसे hi हॉलवे में पहुची तोह अचानक hi गीले फ्लोर के चलते फिसल के गिर गयी.

"अह्हह्ह्णणणणणण~"

जब उठने के किये हुई तोह...

जोए : N-Noooooo!!! ी can't दिए... ी can't... नॉट जस्ट येत... ी...

उसकी आँखों से ासु छलक उठे. सामने निघतवलकेर अपना वही मास्क पहने उसके सामने खड़ा था.

उसका हाथ हवा में ऊपर उठा और हसिया जोए की गर्दन को काटने hi वाली थी जब,

*क्लल्लीीिंणनगगगगगगगग*

उसकी हसिया किसी से टकरा के एक जगह रुक गयी.

जोए तोह अपनी मौत का इंतज़ार कर रही थी. पर जब उसने अपनी आँखें खोल के देखि तोह उसके ठीक सामने वीर खड़ा हुआ था. उसके हाथो में एक लोहे की रोड थी. एक रोड जो ग्राउंड फ्लोर पर चिमनी के पास राखी हुई थी.

उसने अपनी हिम्मत खो दी थी. पर वीर तोह उसके लिए जैसे डूबते को तिनके का सहारा था.

उसके ासु और जोरर से बहने लगे,

"Z-Zoeeeyyyyy!!!!"

पीछे से उससे एमा की आवाज़ सुनाई दी. जो अपने हाथो में एक लकड़ी का टुकड़ा पकड़ी सेहमी सी वह कड़ी हुई थी. जोए ने खुद को उठाया और एमा के नज़दीक आयी.

वीर ने जब निघतवलकेर को सामने देखा तोह उसके खुद के बदन में रौंगटे खड़े हो गए थे. वह मास्क... वह मास्क भले hi सुन्दर था. पर सुन्दर से ज़्यादा वह डर की अनुभूति करवा रहा था.

निघतवलकेर ने अपनी हसिया पीछे खींच वीर को देखा और जोरर से उसके कंधे पर वार किया,

*वहूऊऊससस्शह्ह्ह*

साइड में डॉज कर वीर बचा और जैसे hi उसने निघतवलकेर को मारना चाहा, निघतवलकेर वीर के ऊपर से फोकस चोरर फुल स्पीड में एमा और जोए की तरफ भागा.

एमा बेचारी की तोह ये देख के hi पहात के चार हो गयी. उसके हाथ से लकड़ी का वह टुकड़ा गिर पड़ा. परर कमज़ोर पद गए. निघतवलकेर शातिर था. जो वीर को यु चोरर दिया.

'शहिततटट!!!!!'

*डिंग*

[Beowulf's Blessings has been turned ON.]

*वहूऊऊससस्शह्ह्ह*

वीर के सेंसेस बढे, वह आगे स्प्रिंट किया. पर निघतवलकेर ने वीर को क़रीब आते महसूस कर लिया.

एमा और जोए जहा कड़ी थी, उनके बगल की hi दीवार से धेरर सारे लोहे के पोल्स जो अक्सर टेंट के कामो में लगते है वो लाडे हुए थे.

निघतवलकेर वीर की स्पीड देख के hi ताजुब में था. वीर के वार से बचने के लिए उसने अपना डायरेक्शन हल्का सा बदला और जोए और एमा के बगल के गैप से निकल गया. पर जाते जाते...

*क्लिंणगगगग*

उसने उन् पोल्स पर अपने हाथ चला दिए.

[Maaastttterrrr~]

'फूऊक्कककककक!!!'

धेरर सारे पोल्स हवा में नीचे गिरे और जोए और एमा ने दोनों को एक दूसरे को गले लगा के अपनी आँखें बंद कर ली.

*क्लआंगगगग* *क्लायंगगगग*

और कुछ सेकण्ड्स तक बस पोल्स के गिरने की hi आवाज़ आती रही. पर जोए और एमा को कुछ भी फील न हुआ.

जोए : हहह??

एमा : ???

जब उन्होंने आँखें खोल देखा तोह... हैरानी के मारे उनका मुँह खुला का खुला रह गया. देखा की वीर अपने हाथ फैलाये उन् दोनों को कवर किया हुआ था. वह एक शील्ड बन्न के उन्हें प्रोटेक्ट किया.

दोनों ये देखती hi नम्म आँखें लिए रो पड़ी. जोए भी. इतना कुछ काफी था उससे रुलाने के लिए. हमदर्दी और चिंता के चलते वह दोनों वीर से लिपट गयी. देखने लगी की वह ठीक भी है या नहीं.

[Maaastttteeerrrr~]

'I'm okay पारी!!!'

[Noooo you are not!!!! I can feel it. Aapki peeth dard me hai.]

'ये मामूली है. It's ऑलराइट!'

[I should have switched to Bone Reaper.]

'नहीं पारी!!! यू दीद ग्रेट. तुमने एकदम सही समय पर बोवुल्फ़ एक्टिवटे किया. वर्ण शायद में समय पर नहीं पहुँच पाटा. और बोन रीपर की अभी ज़रुरत नहीं. बोवुल्फ़ hi ठीक है.'

[B-But...]

'तहत बास्टर्ड!!! न केवल वह शातिर है बल्कि तेज़्ज़ भी है.'

[Don't worry! We'll definitely catch him.]

वीर जोए और एमा अंदर गए. सीवर एरिया में. वीर को कुछ चेक करना था. और उन्होंने देखा की नीचे गोल्ड बार्स बिखरे हुए थे.

लेकिन जैसे hi वीर ने झुकते हुए एक गोल्ड बार उठाया. उसका सुनेहरा रंग उसके हाथो में पानी की तरह चिपकने लगा.

जोए : T-They अरे फेक!!!????

जोए और एमा को यकीन नहीं हो रहा था.

वीर : यस! थे अरे...

सच कहते है. हर्र चमकने वाली चीज़ सोना नहीं होती. रोने बेचारा तोह बेकार में hi मारा गया.

रोने की मौत की खबर सनसनी की तरह उनके बीच फेल गयी. और अब, जो भय पहले था वो अब चौगुना उनके अंदर समां चूका था.

***

टाइम : 2:13 ऍम

फिरसे एक बार वो सभी एक hi रूम में थे. वीर के रूम में. दोनों लड़कियों को सबसे बड़ा सदमा लगा था. आखिर वही दोनों थी जिन्होंने लाश को इतने क़रीब से देखा था. माइक के अलावा.

बेचारी एमा तोह भागा दौड़ी में बेहोश हो चुकी थी. पर उससे किसी ने नहीं उठाया. जोए खुद तेनसेद थी.

और बाकी सभी मौन थे. अपनी अपनी सोच में डूबे हुए थे.

वीर अपने मैं में पारी से बाते कर रहा था.

'47... हम्म!! मेरा 47... जोए का 79... हम्म! चेस्टर का 50... टॉमी 29... रोने का क्या था पारी?'

[24.]

'ी सी!!! और जैकब का... येह... 26... एमा का ी थिंक, 22 था. हम्म्म्म~ माइक का तोह मेरे बगल से है, 28.'

पारी और वीर रूम नंबर्स पर चर्चा कर रहे थे.

'क्या तुम्हे कुछ ओड लग रहा है क्या पारी?'

[Nothing master! It's odd! Par mujhe kuch bhi nahi soojh raha hai. Lekin, Mene do baatein zaroor notice kii hai.]

'तेल्ल में!'

[Pehli ye ki master, jab jab koi maara gaya hai, tab tab woh log pair me the. Matlab pehli baar me Emma aur Jacob the. Jisme se Jacob maara gaya. Aur dusri baar me bhi, Zoey aur Ronnie the.]

'ये इत्तेफ़ाक़ भी तोह हो सकता है.'

[Haan! Ho sakta hai. Par aapne notice kiya? Mere khayaal se uski tactic yahi hai ki do logo ko alag karna aur fir ek ek karke unki jaan lena. Aapne dekha nahi? Wo hum teen logo ko saath dekh waha se kese bhaag gaya.]

'हम्म! और दूसरी चीज़ क्या नोटिस की?'

[Mujhe nahi pata ye important hai ya nahi. Par jaha jaha jo jo paintings mujhe nazar aayi hai. Aapne dekha nahi? Sabhi ke sabhi insaan jo paintings me maujood the. Unke chehre par ek bhi muskan nahi thi. Ekdum feeling-less jese.]

'ी सी!!'

***

*डिंग* *डाँग*

3 बज चुके थे. ये आखिरी आधा घंटे थे उनके लिए. यदि इस बार भी कुछ न मिला. तोह खाली हाथ hi जाना पड़ेगा यहाँ से. और क्या पता? जा पा भी पाते हो या नहीं?

एमा बेहोश थी. उससे ऐसी हालत में नहीं चोर्रा जा सकता था. वीर ने जोए को उसके संग रखा. जोए ने भी अब हार मान ली थी. उससे पैसे से अब कोई मतलब नहीं था. वीर के hi रूम में वह दरवाज़ा अंदर से लॉक किये एमा के बगल से बैठ गयी.

और इधर बाकी अब पुनः निकल चुके थे.

चेस्टर और टॉमी में से, टॉमी घबरा चूका था. इसलिए वह अपने कमरे में ठहर गया. चेस्टर को उसने बोहत मनाया पर चेस्टर न माना.

'हाहाहा~ निघतवलकेर? व्हाट निघतवलकेर??? इवन िफ़ निघतवलकेर केस आफ्टर में, I'll स्टिल बे अबले तो सर्वाइव.'

वो अपने गुरूर में खुद से बोलै. जैसे वह जानता था कुछ.

वो बिना किसी से दर्रे खुल्लम खुल्ला घूम रहा था मेन्शन में. पेंटिंग हॉल में वह पहुचा.

उसने देखा की अजीब सा फ्रेम टेंगा हुआ था. दीवार में चौकोर गैप था और उसके अगल बगल फोटो फ्रेम.

"हम्म?"

उसने नज़रे फेरर ली. कुछ और पेंटिंग्स देखि उसने. शायद इन्ही में कुछ छिपा हुआ था.

पर eka-ek जब उसकी नज़र पुनः उस फ्रेम पाए पड़ी. उसने देखा...

जहा पहले उस फ्रेम के वो आर पार देख पा रहा था. अब उस फ्रेम में...

उस जगह पर... निघतवलकेर खड़ा हुआ था.

अपनी हसिया लिए.

उसके बाद का वर्णन करने की ज़रुरत नहीं. चेस्टर वह से ऐसे भागा जैसे किसी रेस में दौड़ रहा था वह. पीछे निघतवलकेर भागता हुआ हसिया हवा में चलाते हुए आ रहा था.

चेस्टर भागता हुआ अपने कमरे में घुसा और उसने सीधा अंदर से गेट लॉक कर लिया.

"हाहाहाहाहा ~ यू फुकेर!!!! यू can't गेट इन हेरे. फ़क ऑफ बीच!!!! यू बास्टर्ड!!! हाहाहा~"

वो अंदर से hi निघतवलकेर को चिढ़ाने लगा.

और बाहर एक सन्नाटा छ गया. चेस्टर सही था. रूम के अंदर भला निघतवलकेर कैसे आ सकता था? नतीजा? निघतवलकेर को दूसरे शिकार के लिए जाना पड़ा.

***

टाइम : 3:28 ऍम

2 मिनट बाकी थे, जब वीर और बाकी सभी इखट्टा हुए.

माइक : इस एवरीवन हेरे?

टॉमी : N-Noooo!!! चेस्टर इस नॉट हेरे!

माइक : वेयर इस हे?

टॉमी : हे टोल्ड में हे विल लुक आउटसाइड.

माइक : Let's जो एंड चेक हिज रूम!

वह सभी चेस्टर के रूम में पहुचे तोह चेस्टर का रूम बंद था. मतलब कोई अंदर था. चेस्टर hi तोह था.

उन्होंने दरवाज़ा पीटा और आवाज़ लगाई.

पर...

अंदर से कोई आवाज़ न आयी!!!!

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आज के लिए इतना hi गाइस!

ये अपडेट मोरे थान 7.1क वर्ड्स का है. अब तक का सबसे बड़ा अपडेट. बोहत म्हणत की है इस पर गाइस. तोह दिल से लिखे ठोकने का और रेवोस रखने का. और बकचोदी नई पैनी का की बीच में सन चोरर दिया. जितना हो सकता था उतना दिखाया है. साड़ी बातें नेक्स्ट में सॉर्ट आउट हो चुकी होंगी.


धन्यवाद! ✨
 
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