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- Dec 5, 2013
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पापा भी मेरी सांसो की गर्मी सहन नही कर पाए, उनके लॅंड ने भी पिचकारियाँ मारकर मेरी जाँघ को एक स्विम्मिंग पूल में कनवर्ट कर दिया, जिसमें सफेद रंग का पानी भर चूका था
उस 50 ग्राम के रस को मैं अपनी जाँघ पर सॉफ महसूस कर पा रही थी, जो इधर उधर से रिसकरअंदरूनी दीवारों पर भी गिरने लगा
पापा ने जल्दी से अपनी लूँगी से ही उस पूरे पानी को सॉफ किया
इस पूरी क्लास में करीब 20 मिनट का समय लगा
मैं करीब 5 मिनट तक अपनी सांसो पर काबू करने की कोशिश करती रही, इस बीच मैने पापा की गर्दन को नही छोड़ा
मैं शर्म के मारे पापा से नज़रें नही मिला पा रही थी
पापा ने भी अपनी बाहों में मुझे भींच रखा था
मेरे बूब्स को भी वो सॉफ महसूस कर पा रहे थे
फिर पापा ने अपने गर्म होंठो से मेरे माथे को चूमा और धीरे से बोले : “देखा, ये सही तरीका होता है, इसे क्लिट कहते है, इसी पर रगड़ाई करने से औरत को मज़ा मिलता है और उसका पानी निकलता है, और जब मर्द का पेनिस अंदर जाता है तो इसी पर रगड़ महसूस करके औरत को मज़ा मिलता है….और जब औरत उत्तेजित हो जाती है तो अंदर से इसी तरह पानी निकलता है, जैसे अब निकला है तुम्हारा, इसमे कोई परेशानी नही है, पर सही तरीके से खुद ही निकाला जाए तो बिना बात के ये नही निकलेगा हर बार…समझे…”
मैने हाँ में सिर हिलाया
और अपनी आँखे उठा कर पापा को देखा
मेरी आँखे इस वक़्त पूरी गुलाबी हो चुकी थी
मैं मुस्कुरई और पापा की ठोडी पर अपने होंठो से किस्स कर दिया
और बोली : “थॅंक यू पापा…..मैं तो बेकार में इतना परेशान हो रही थी, आप सोच नही सकते की आपने मेरे दिल से कितना बड़ा बोझ कम कर दिया है, थेंक यू अगेन पापा”
पापा भी बड़े चालाक थे
एक ही दिन की पाठशाला से उन्हे कहा संतुष्टि मिलने वाली थी
वो बोले : “अभी से अपने थेंक्स वेस्ट मत करो, ये आख़िर में बोलना जब सब कुछ बता दूँगा, अभी तो 3-4 दिन का टाइम लगेगा सब कुछ बताने में …”
मैं हैरानी से उनकी तरफ देखती हुई बोली : “हैंssss …..अभी और भी कुछ बचा है क्या….तो आज ही बता दो ना…3-4 दिन तक क्यो खींचना…”
पापा अपनी जगह से उठ खड़े हुए, मैं अभी तक उनके सामने नीचे से नंगी होकर लेटी थी अपने बिस्तर पर
पापा : “हर बात को समझाने का एक तरीका और समय होता है, आज का समय पूरा हो चुका है, अब तुम्हारे अंदर भी हिम्मत नही होगी कुछ और करने की (उनका मतलब मेरे झड़ने से था), इसलिए अगली क्लास कल करेंगे, इसी समय…ओके , गुड नाइट”
इतना कहकर वो अपना लॅंड संभालते हुए वहां से निकल गये, जो अभी तक पूरी तरह से बैठा नही था
आख़िर पुलिस वाले का लॅंड था, इतनी आसानी से कैसे बैठता
पापा के जाने के बाद मैने अपनी टी शर्ट भी उतार फेंकी
और नंगी ही अपनी चादर में घुस कर सो गयी
आज जैसी नींद मुझे कभी नही आई थी
पूरी रात मेरे सपनो में भी पापा मुझे कुछ ना कुछ सिखाते हुए नज़र आते रहे
अब तो अगले दिन का इंतजार था
और मुझे यकीन था की अगली क्लास कुछ अड्वान्स होने वाली है
उस 50 ग्राम के रस को मैं अपनी जाँघ पर सॉफ महसूस कर पा रही थी, जो इधर उधर से रिसकरअंदरूनी दीवारों पर भी गिरने लगा
पापा ने जल्दी से अपनी लूँगी से ही उस पूरे पानी को सॉफ किया
इस पूरी क्लास में करीब 20 मिनट का समय लगा
मैं करीब 5 मिनट तक अपनी सांसो पर काबू करने की कोशिश करती रही, इस बीच मैने पापा की गर्दन को नही छोड़ा
मैं शर्म के मारे पापा से नज़रें नही मिला पा रही थी
पापा ने भी अपनी बाहों में मुझे भींच रखा था
मेरे बूब्स को भी वो सॉफ महसूस कर पा रहे थे
फिर पापा ने अपने गर्म होंठो से मेरे माथे को चूमा और धीरे से बोले : “देखा, ये सही तरीका होता है, इसे क्लिट कहते है, इसी पर रगड़ाई करने से औरत को मज़ा मिलता है और उसका पानी निकलता है, और जब मर्द का पेनिस अंदर जाता है तो इसी पर रगड़ महसूस करके औरत को मज़ा मिलता है….और जब औरत उत्तेजित हो जाती है तो अंदर से इसी तरह पानी निकलता है, जैसे अब निकला है तुम्हारा, इसमे कोई परेशानी नही है, पर सही तरीके से खुद ही निकाला जाए तो बिना बात के ये नही निकलेगा हर बार…समझे…”
मैने हाँ में सिर हिलाया
और अपनी आँखे उठा कर पापा को देखा
मेरी आँखे इस वक़्त पूरी गुलाबी हो चुकी थी
मैं मुस्कुरई और पापा की ठोडी पर अपने होंठो से किस्स कर दिया
और बोली : “थॅंक यू पापा…..मैं तो बेकार में इतना परेशान हो रही थी, आप सोच नही सकते की आपने मेरे दिल से कितना बड़ा बोझ कम कर दिया है, थेंक यू अगेन पापा”
पापा भी बड़े चालाक थे
एक ही दिन की पाठशाला से उन्हे कहा संतुष्टि मिलने वाली थी
वो बोले : “अभी से अपने थेंक्स वेस्ट मत करो, ये आख़िर में बोलना जब सब कुछ बता दूँगा, अभी तो 3-4 दिन का टाइम लगेगा सब कुछ बताने में …”
मैं हैरानी से उनकी तरफ देखती हुई बोली : “हैंssss …..अभी और भी कुछ बचा है क्या….तो आज ही बता दो ना…3-4 दिन तक क्यो खींचना…”
पापा अपनी जगह से उठ खड़े हुए, मैं अभी तक उनके सामने नीचे से नंगी होकर लेटी थी अपने बिस्तर पर
पापा : “हर बात को समझाने का एक तरीका और समय होता है, आज का समय पूरा हो चुका है, अब तुम्हारे अंदर भी हिम्मत नही होगी कुछ और करने की (उनका मतलब मेरे झड़ने से था), इसलिए अगली क्लास कल करेंगे, इसी समय…ओके , गुड नाइट”
इतना कहकर वो अपना लॅंड संभालते हुए वहां से निकल गये, जो अभी तक पूरी तरह से बैठा नही था
आख़िर पुलिस वाले का लॅंड था, इतनी आसानी से कैसे बैठता
पापा के जाने के बाद मैने अपनी टी शर्ट भी उतार फेंकी
और नंगी ही अपनी चादर में घुस कर सो गयी
आज जैसी नींद मुझे कभी नही आई थी
पूरी रात मेरे सपनो में भी पापा मुझे कुछ ना कुछ सिखाते हुए नज़र आते रहे
अब तो अगले दिन का इंतजार था
और मुझे यकीन था की अगली क्लास कुछ अड्वान्स होने वाली है





















