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- Dec 5, 2013
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अब तो उसके बगल मे बैठी सलोनी का भी मन कर रहा था की वो भी अपने कपड़े उतार फेंके
पर उसने जो वादा अपनी सहेली से आज किया था, उसके अनुसार तो आज का दिन श्रुति का था
उसका क्या है, वो तो घर पर भी मजे ले सकती है
पर कपड़े तो वो उतार ही सकती है न
पापा ने आखिर उसे आधा अधूरा ही सही , देखा तो है
इसी बहाने वो उसे आज पूरा नंगा देख सकेंगे
पर अभी के लिए उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी
करीब 3 मिनट तक उसकी चूत का रस पीने के बाद शमशेर ने अपना चेहरा ऊपर उठाया
उसके चेहरे और मूंछो पर श्रुति की चूत का गाड़ा रस लगा हुआ था
जिसे देखकर सलोनी मुस्कुरा दी
घर पर भी पापा जब लस्सी पीते है तो ऐसे ही उनकी मूंछे भीग जाती है
ऊपर उठने के बाद जब शमशेर ने उसके नंगे बदन को देखा तो उसकी हालत खराब हो गयी
रात के अंधेरे में या नशे में किसी का नंगा बदन देखना अलग बात होती है
पर बिना दारू पिये, इस रोशनी से भरे कमरे में 21 साल की कच्ची जवानी सा नंगा बदन देखना किसी के भी दिल की धड़कन रोकने के लिए काफी है
उसके रसीले स्तनों को देखकर शमशेर के मुंह से लार टपक कर उसकी चूत पर जा गिरि
वो फिर से सिसक उठी पर उसने अपनी आंखे फिर भी नहीं खोली
हालांकि अंदर से वो काफी उत्तेजित और खुश भी थी पर इस बाप बेटी की जोड़ी के सामने उसे अब भी शर्म आ रही थी
शमशेर ने अपनी बेटी की तरफ देखा, जो उसे आगे बढ़ने का न्योता दे रही थी
वो उठ खड़ा हुआ और उसने धीरे-2 अपनी पेंट खोलकर नीचे कर दी
अब उसका लंड सलोनी की आंखो के सामने था
वो हैरान रह गयी उस लंड की मोटाई और लंबाई देखकर
एकदम काल भुसंड लाँड़ था उसके पापा का

इस बार लार उसके मुंह से टपकी जो सीधा श्रुति के बांये बूब पर गिरि
वो फिर से सुलग उठी और उसने धीरे से आंखे खोल कर देखा तो उसकी भी हालत खराब हो गयी
ऐसा लंड तो सिर्फ उसने पॉर्न मूवीस में देखा था
उस दिन रात के समय भी जब इन्हे उस लड़की को पुल के नीचे चोदते हुए देखा था तो उनके लंड का अनुमान नहीं लगा पायी थी क्योंकि वो काफी दूर थे
पर इस वक़्त तो ये बिलकुल करीब है , इतने करीब की उसमें से निकल रही गर्मी उसे अपनी चूत पर साफ महसूस हो रही थी
शमशेर : “देखो श्रुति बेटा, मैंने सारा रस तो चूस लिया है, पर तुम्हारी हालत ऐसी है की मुझे इसका इस्तेमाल करना ही पड़ेगा, इसे तुम्हारे अंदर डालकर उस छेद पर अंदरूनी दबाव डालना पड़ेगा ताकि वो ज्यादा न बहे, वरना सारे मिनिरल ऐसे ही तुम्हारी बॉडी से निकलते रहे तो तुम काफी कमजोर हो जाओगी और ये तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा “
श्रुति भी उनकी बेसिरपैर की बाते सुनकर अंदर ही अंदर मुस्कुरा उठी
सलोनी ठीक कह रही थी, उनके सामने भोंदू बनकर रहो तभी मजा मिलेगा
इसलिए वो धीरे से बोली : “ओके अंकल , जैसा आपको ठीक लगे “
शमशेर भी उसका 'कंसेंट' पाकर काफी खुश हो गया
फिर वो बोला : “ओके, पर तुम्हें इसे थोड़ा गीला करना पड़ेगा, तभी ये अंदर घुसेगा, वरना तुम्हें काफी तकलीफ होगी “
वो मासूमियत से बोली : “कैसे अंकल ?”
शमशेर : “अपने मुंह में लेकर “
उसकी बात सुनते ही सलोनी का दिल धक् से रह गया
ये कमीनी मेरे पापा का लंड चुसेगी
ये तो मैंने भी अभी तक नहीं किया
रुक अभी बताती हूँ इसे
श्रुति कुछ जवाब दे पाती, इस से पहले ही सलोनी बोल उठी : “ये काम मैं करती हूँ न पापा, ये तो पहले से ही काफी तकलीफ में है “
श्रुति ने उसे खा जाने वाली नजरों से देखा
पर बेचारी कुछ न कर पायी
वो तो भोंदू लड़की के किरदार में जो थी
वो भला कैसे बोलती की लंड चूसने में उसे बहुत मजा आता है और इसमें उसका कोई सानी नहीं है
इसलिए वो चुपचाप लेटी रही
सलोनी की बात सुनकर शमशेर भी हैरान रह गया
अपनी बेटी से लंड चुसवाने का उसका सपना ना जाने कब से था
वो ऐसे पूरा होगा, उसे भी अंदाजा नहीं था
इसलिए वो भी खुशी-2 उसकी तरफ घूम गया और बोला : “ओके बेटा, आप ही करो, इसे धीरे से मुंह में लेकर चूसना, जैसे मैंने तुम्हें चूसा था उस दिन, याद है न “
सलोनी : “जी पापा , मैं करती हूँ, कुछ गलत हो तो आप गाईड कर देना “
इतना कहकर उसने अपनी पॉनीटेल बांधी और आगे बढ़कर उस विशालकाए जीव को अपने हाथ से पकड़ लिया
पकड़ तो लिया पर वो साला हाथ में पूरा आ ही नहीं रहा था
उसने नन्हें हाथ और वो अजगर जैसा मोटा
उसने दोनों हाथो से उसे पकड़ा और उसकी गर्मी को महसूस किया
अपना चेहरा आगे किया और उसकी मादक महक को अपने नथुनों में भरा
और फिर अपनी जीभ निकाल कर उसके अगले भाग पर धीरे से फेराया और बाहर निकाल रही बूंद को चाट लिया
हालांकि ये उसका पहला मौका था पर ऐसा उसने एक पॉर्न में देखा था
इसलिए वो इतनी अच्छी तरह से परफॉर्म कर पा रही थी
पॉर्न एजुकेशन की क्या वैल्यू होती है ये उसे आज पता चल रहा था
उस बूंद में जैसे कोई नशा भरा था
उसने अपना पूरा मुंह खोला और अपने मुंह में भर लिया
ऐसा लगा जैसे साबूत खीरा ले लिया हो मुंह में

पर उसने जो वादा अपनी सहेली से आज किया था, उसके अनुसार तो आज का दिन श्रुति का था
उसका क्या है, वो तो घर पर भी मजे ले सकती है
पर कपड़े तो वो उतार ही सकती है न
पापा ने आखिर उसे आधा अधूरा ही सही , देखा तो है
इसी बहाने वो उसे आज पूरा नंगा देख सकेंगे
पर अभी के लिए उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी
करीब 3 मिनट तक उसकी चूत का रस पीने के बाद शमशेर ने अपना चेहरा ऊपर उठाया
उसके चेहरे और मूंछो पर श्रुति की चूत का गाड़ा रस लगा हुआ था
जिसे देखकर सलोनी मुस्कुरा दी
घर पर भी पापा जब लस्सी पीते है तो ऐसे ही उनकी मूंछे भीग जाती है
ऊपर उठने के बाद जब शमशेर ने उसके नंगे बदन को देखा तो उसकी हालत खराब हो गयी
रात के अंधेरे में या नशे में किसी का नंगा बदन देखना अलग बात होती है
पर बिना दारू पिये, इस रोशनी से भरे कमरे में 21 साल की कच्ची जवानी सा नंगा बदन देखना किसी के भी दिल की धड़कन रोकने के लिए काफी है
उसके रसीले स्तनों को देखकर शमशेर के मुंह से लार टपक कर उसकी चूत पर जा गिरि
वो फिर से सिसक उठी पर उसने अपनी आंखे फिर भी नहीं खोली
हालांकि अंदर से वो काफी उत्तेजित और खुश भी थी पर इस बाप बेटी की जोड़ी के सामने उसे अब भी शर्म आ रही थी
शमशेर ने अपनी बेटी की तरफ देखा, जो उसे आगे बढ़ने का न्योता दे रही थी
वो उठ खड़ा हुआ और उसने धीरे-2 अपनी पेंट खोलकर नीचे कर दी
अब उसका लंड सलोनी की आंखो के सामने था
वो हैरान रह गयी उस लंड की मोटाई और लंबाई देखकर
एकदम काल भुसंड लाँड़ था उसके पापा का

इस बार लार उसके मुंह से टपकी जो सीधा श्रुति के बांये बूब पर गिरि
वो फिर से सुलग उठी और उसने धीरे से आंखे खोल कर देखा तो उसकी भी हालत खराब हो गयी
ऐसा लंड तो सिर्फ उसने पॉर्न मूवीस में देखा था
उस दिन रात के समय भी जब इन्हे उस लड़की को पुल के नीचे चोदते हुए देखा था तो उनके लंड का अनुमान नहीं लगा पायी थी क्योंकि वो काफी दूर थे
पर इस वक़्त तो ये बिलकुल करीब है , इतने करीब की उसमें से निकल रही गर्मी उसे अपनी चूत पर साफ महसूस हो रही थी
शमशेर : “देखो श्रुति बेटा, मैंने सारा रस तो चूस लिया है, पर तुम्हारी हालत ऐसी है की मुझे इसका इस्तेमाल करना ही पड़ेगा, इसे तुम्हारे अंदर डालकर उस छेद पर अंदरूनी दबाव डालना पड़ेगा ताकि वो ज्यादा न बहे, वरना सारे मिनिरल ऐसे ही तुम्हारी बॉडी से निकलते रहे तो तुम काफी कमजोर हो जाओगी और ये तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा “
श्रुति भी उनकी बेसिरपैर की बाते सुनकर अंदर ही अंदर मुस्कुरा उठी
सलोनी ठीक कह रही थी, उनके सामने भोंदू बनकर रहो तभी मजा मिलेगा
इसलिए वो धीरे से बोली : “ओके अंकल , जैसा आपको ठीक लगे “
शमशेर भी उसका 'कंसेंट' पाकर काफी खुश हो गया
फिर वो बोला : “ओके, पर तुम्हें इसे थोड़ा गीला करना पड़ेगा, तभी ये अंदर घुसेगा, वरना तुम्हें काफी तकलीफ होगी “
वो मासूमियत से बोली : “कैसे अंकल ?”
शमशेर : “अपने मुंह में लेकर “
उसकी बात सुनते ही सलोनी का दिल धक् से रह गया
ये कमीनी मेरे पापा का लंड चुसेगी
ये तो मैंने भी अभी तक नहीं किया
रुक अभी बताती हूँ इसे
श्रुति कुछ जवाब दे पाती, इस से पहले ही सलोनी बोल उठी : “ये काम मैं करती हूँ न पापा, ये तो पहले से ही काफी तकलीफ में है “
श्रुति ने उसे खा जाने वाली नजरों से देखा
पर बेचारी कुछ न कर पायी
वो तो भोंदू लड़की के किरदार में जो थी
वो भला कैसे बोलती की लंड चूसने में उसे बहुत मजा आता है और इसमें उसका कोई सानी नहीं है
इसलिए वो चुपचाप लेटी रही
सलोनी की बात सुनकर शमशेर भी हैरान रह गया
अपनी बेटी से लंड चुसवाने का उसका सपना ना जाने कब से था
वो ऐसे पूरा होगा, उसे भी अंदाजा नहीं था
इसलिए वो भी खुशी-2 उसकी तरफ घूम गया और बोला : “ओके बेटा, आप ही करो, इसे धीरे से मुंह में लेकर चूसना, जैसे मैंने तुम्हें चूसा था उस दिन, याद है न “
सलोनी : “जी पापा , मैं करती हूँ, कुछ गलत हो तो आप गाईड कर देना “
इतना कहकर उसने अपनी पॉनीटेल बांधी और आगे बढ़कर उस विशालकाए जीव को अपने हाथ से पकड़ लिया
पकड़ तो लिया पर वो साला हाथ में पूरा आ ही नहीं रहा था
उसने नन्हें हाथ और वो अजगर जैसा मोटा
उसने दोनों हाथो से उसे पकड़ा और उसकी गर्मी को महसूस किया
अपना चेहरा आगे किया और उसकी मादक महक को अपने नथुनों में भरा
और फिर अपनी जीभ निकाल कर उसके अगले भाग पर धीरे से फेराया और बाहर निकाल रही बूंद को चाट लिया
हालांकि ये उसका पहला मौका था पर ऐसा उसने एक पॉर्न में देखा था
इसलिए वो इतनी अच्छी तरह से परफॉर्म कर पा रही थी
पॉर्न एजुकेशन की क्या वैल्यू होती है ये उसे आज पता चल रहा था
उस बूंद में जैसे कोई नशा भरा था
उसने अपना पूरा मुंह खोला और अपने मुंह में भर लिया
ऐसा लगा जैसे साबूत खीरा ले लिया हो मुंह में































