- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 119,004
अपडेट .....20
कहते हुए सोनिया बे समय के मुँह ंव झाड़ जाती है आवर दोनों बहने अपने आप को संतुस्ट कर के चैन से सो जाती है नुदे हे
वही बहार जो साया इनकी रासलीला देख रहा था वो बे अंदर चला गया .....
कोण था वो साया जो समय सोनिया की रासलीला देख रहा था........
अब आगे ......
शालिनी देवी रूम के अंदर आते हे अपने रूम को लॉक कर के सबसे पहले बाथरूम में
जा कर के अपनी छूट को संत किया
आवर फिर नाहा के टॉवल लपेट कर बहार आ गई
शालिनी ...बीएड पे लेते हुए क्या जबरदस्त फिगर है सोनिया आवर समय भाबी का
संजय आवर राज की तो लोटरॉय निकल गई
साली ऐसे जवानी तो मुज पे बे नै आई
जो बे हो देख कर हे छूट में बाद आ गई थी मेरी तो
लगता है मुझे बे अपनी छूट की आग भणियो की साथ में हे बजानी होगी
वैसे बे भाई लोग तो ज्यादातर बहार हे रहते है कारोबार के चलते आवर मेरा वो पति बे तो साला उनके साथ हे रहता है
मन में सोचते हुए
अबे बात करना बेकार है भाबी जी जल्दी हे आप दोनों की छूट का सवाद चखने को मिलेगा
ऐसे सोचते हुए शालिनी बे सो जाती है
नेक्स्ट डे सब लोग कुल पंडित को बुला कर के कुंडली देखते है
जो की पंडित जो ने 3 दिन बाद का सगाई का सुबह मुहूर्त निकलते है
1 महीने बाद का विवाह की डेट राखी जाती है
ऐसे हे काम में हंसी मज़ाक करते हुए सगाई की डेट बे आ जाती है
कल हे राणा महल को बहुत हे खूबसूरत तरीके से सजा दिया गया था
आज सुबह से कुछ नै बहुत जयादा हे चहल पहल हो रहे थी महल में
महल के बहार जहा देखो सिक्योरिटी आवर पुराने ज़माने के राजा महाराजो के सैनिको के जो सैनिक होते है उन के जैसे ड्रेस फंस बहुत से सैनिक बे तैनात थे
राजस्थान के राजवंश के ज्यादार परिवारों से कोई न कोई आया हुवा था
क्या पुलिस अफसर हो या कोई विप हो या फिर राजस्थान के मंत्री से ले कर के संत्री तक मौजूद थे
सभी का स्वागत दिलावर सिंह आवर दिवान जी की देख रेख में हो रहा
था
तभी वह पे पुलिस की कुछ गाड़ियों के साथ में राजस्थान के
c.m ..मर .परताप चौहान अपने दाल बल के साथ पादरी
दिलावर सिंह आवर दीवान जी आगे बाद कर
दिलावर सिंह c.m के पेअर छूटे हुए
आशीर्वाद लिया
c.m ....आवर कैसे हो दिलावर बेटे सब खैरियत तो है न
दिलवर सिंह ...जी काका साहेब
सब खैरियत है
दीवान जी मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ कर c.m को परनाम करते है
c.m दिलावर को साइड में ले जाते हुए
C.m ....दिलावर ये मुंबई में क्या कांड कर दिया तुम लोगो ने
दिलावर सिंह आँखे फाड् के c.m को देखता है
c.m ...हँसते हुए अरे बीटा ऐसे क्या देख रहे हो मई राजनीती में हु नींद बे आँखे खुली रख कर लेता हु
मुझे सब पता है काम से काम बताना तो चाहे था
दिलावर सिंह ..काका साहेब आप इस बर्वे में राणा जी से हे बात करना
c.m ...चलो ठीक है भाबी सा से मिल लेता हु नै तो अपनी c.m की कुर्सी खतरे में पद जाएगी हँसते हुए अपनी सिक्योरिटी को बहार छोड़ राजमहल में अकेले हे चल दिया
ऐसे हे सगाई का समय हो गया
पंडित जी ने दोनों राजकुमारियों को बुलाया तो जितने बे मर्द थे सब की लूली कड़ी हो गई दोनों के देख कर
राजकुमारी सोनिया
राजकुमारी समय
दोनों हे राजकुमारिया बहुत हे ज्यादा खूबसूरत लग रहे खुल दूल्हे राजा आँखे फाडे देख रहे थे वही पास में
शालिनी देवी बे आज झहर ध रहे रहे
किन्तु सोनिया आवर समय काम
शालिनी देवी की ढूढ की घाटी देख कर तो भूतो की लूली ने कुछ बुँदे पानी टपकने हे दिया होगा
जड़ली हे पंडित जी के मंत्रो उच्चारण के साथ में दोनों राजकुमारिया की सगाई का कार्यकर्म सम्पन हुवा
भोजन इत्यादि के बाद लगभग सभी मेहमान जा चुके थे कुछ खाद मेहमानो के अलावा
सब काम निपटने के बाद शालिनी की फॅमिली राणा जी के फॅमिली आवर c.m हे महल में बच्ची हुए थे
कुछ समाया बाद बैठक में राणा जी c.m आवर ठाकुर भानु सिंह को मुंबई में समय आवर सोनिया के साथ में जो कुछ बे हुवा सब बता दिया
ठाकुर भानु सिंह ...राणा जी ये बात आप अगर न बे बताते तो बे हम सोनिया आवर समय बेटी के चरित्र पे सक नै करते
है हमें दुःख क्रूर हुवा की हमारी बच्चियों के साथ ये सब हुवा
c.m ...आपने उचित किया रुद्रप्रताप जो कुछ बे आपने मुंबई में
हमें ये तो प्या था की मुंबई कांड से आप जुड़े हुए है किन्तु जो आपने बताया ऐसा करने वालो के साथ ऐसा हे होना छाए
ठाकुर भानु ...राणा जी आप देहली
में हे सिफत क्यों नै हो जाते हो
आपका कारोबार बे है आवर अब आपकी बहने बे वही पे होंगी बच्ची बे बड़े हो रहे है
राणा जी ..ठाकुर जी आप हमने बे अब दिल्ली हे रहने का मन बना लिया किन्तु समय आवर सोनिया के सदी के बाद हे सिफत होंगे सदी दोनों की यही पे होगी
आवर बाकि बच्चो की यही पे सदी होगी महल में हे
बिच बिच में खाद मोको पे या फेस्टिवल पे यहाँ याना जाना लगा रहेगा
25 डेज बाद ...
अबे राणा महल को नै नवेली दुल्हन के जैसे सजा दिया था चारो आवर रौशनी हे
महल के साथ साथ मांज पूरी उदयपुर सिटी को हे दुल्हन के जैसे सजा दिया था गरीबो के लिया सदी से कुछ दिन पहले हे
राणा जी ने अपनी राजकुमारियों के नाम पे भोजन की पूरी उदयपुर सिटी में मनो लंगड़ लगवा दिए हो
इस सदी से उदयपुर की जनता बे खुट खुश थी भाई खुस हो बे क्यों न
उनकी राजकुमारी की सदी जो है
डेरी डेरी राणा जी की फॅमिली से जुड़े हुए लोग
( राणा जी की ननिहाल से ससुराल से विनय आवर दिलावर के ससुराल से राजस्थान के बाकि सही परिवारों से बे बहुत से फॅमिली c.m फॅमिली )
हज़ारो की संख्या में लोग इस सदी में शामिल हो रहे थे
इस बिच समय आवर सोनिया के कहने पे एक बार राणा जी ने
भैरब आवर रॉकी से मिलने की इजाज़त दे दे
सोनिया आवर समय जब कारागृह में पहुंची तो दोनों के कुत्ते से बे बदतर हालत देख कर बहुत सुख हुवा
उनको दोनों भैरव आवर रॉकी पे गुस्सा तो बहुत था किन्तु लड़किया हे तो थे दिल पिगल गया आवर राणा जी से बोल कर दोनों को ख़तम करवा के इस नरक जैसे जिंदगी से ाजजी दिला दी
भैरव आवर रॉकी ने अपने किया पापो की मफ्फिए दोनों राजकुमारियों से मांग ली
भैरव ने मरते समय राणा जी को कुछ बाते अपने बाप के बर्वे में बताया जो आगे चल के आता चलेगा
राणा जी बे भैरव के बातो से कुछ परेशान नज़र आ रहे थे किन्तु जल्दी हे अपनी परेशानी छुपा ली
ऐसे हे सदी का दिन बे आ गया राणा जी के दूसरे महल जो ठाकुर भानु सिंह को दे दिया था बारात वही से टायरव हो कर आने के किया
जल्दी हे बारात राणा महल के दवार पे थी रानी माँ ने दूल्हे का स्वागत आरती की आवर चल दिए मंडप की आवर
गुरु जी ने मंत्रो उच्चारण में साथ दोनों राजकुमारी की जयमाला करवाई
कुछ समाया पश्चाताप सुबह मुहरत पे
अग्नि वेदी पे समय आवर सोनिया की सक्या आवर राज के साथ विवाह वेदी पे आहुति तो के साथ फेरी कटवाया गए
साथ फेरिओ आवर साथ वचनो के साथ में दोनों राजकुमारिया को मंगलसूत्र के पवित्र बंदन में बंद
मांग में सिंदूर संजय आवर राज के दवारा लगाने के बाद विवाह सम्पन हुवा
विवाह के पश्चाताप सब बड़ो से आशीर्वाद ले कर के दोनों बहने की विदाई कर दी गई विदाई के वक़्त राणा परिवार की आँखों में आंसू थे कुछ खुसी के तो कुछ अपनी राजकुमारी के विदाई के
एक न एक दिन हर माँ बाप जिनकी बेटे होती है उनको ये आंसू बहाने हे पड़ते है
डेरी डेरी समय बैठने लगा आवर राणा परिवार ने दिल्ली में अपने हवेली पे अपने पुरे परिवार सहित अब वही पे रहने का फैसला कर लेता जिसको किसी को बे ेराज़ नै था
ऐसे हे 4 रो ( दिव्या .कोमल ..चंचल .शीतल ) राजकुमारिया का 4 जन्मदिन आ गया देव का 1स जन्मदिन था सभी ने बहुत दम दाम से सबका बर्थडे मनाया गई
बिरतीदे के कुछ दिन बाद बन्दिया ने सबको बताया की वो प्रेग्नेंट है
दिलवर सिंह एक बार फिर से खुसी से नाचने लगा था
दिलावर को बीटा हुवा इस बार साथ हे में समय ने एक प्यारी सी बछिबको जनम दिया आवर सोनिया ने एक बेटे को
(दिलावर के बेटे का नाम वीर रखा गया सोनिया के बेटे का नाम दीपक समय की बेटी का नाम .सोनालिका रखा )
बच्चे मस्ती करते हुए बड़े होने लगे थे
ऐसे हे समय बेट्टा गया बच्चे बड़े होने लगे आवर स्कूल में जाने लगे
रुद्रदेव दिव्या कोमल चंचल शीतल निधि ये सब एक हे स्कूल में आवर इनका एक अलग हे ग्रुप बन चूका था
1 ..रूद्र देव 8 क्लास
2 ...दिव्या 10 क्लास
3 ...कोमल ....10 क्लास
4 ...चंचल ......10 क्लास
5 ......निधि 10 क्लास
6 वीर 7 8 क्लास
अबे देव का 13 बर्थडे आने वाला था
रानी माँ में एक रूम मीटिंग लगा राखी थी सभी बच्ची स्कूल गए हुए थे
रानी माँ ...कुंवर जी ( राणा जी )
अब समय आ गया है देव का हम सब सब दूर जाने का
मोहिनी देवी ...नै माँ सा ऐसा नै हो सकता है हम देव के बिना नै जी सकते उसमे हम सब की जान बस्ती है ........
रीड एन्जॉय फ्रेंड
शेयर योर सुग्गेस्टियन्स
नेक्स्ट अपडेट स्टार्ट तो गुरदेव स्टार्ट रुद्रदेव ट्रैनिग
कहते हुए सोनिया बे समय के मुँह ंव झाड़ जाती है आवर दोनों बहने अपने आप को संतुस्ट कर के चैन से सो जाती है नुदे हे
वही बहार जो साया इनकी रासलीला देख रहा था वो बे अंदर चला गया .....
कोण था वो साया जो समय सोनिया की रासलीला देख रहा था........
अब आगे ......
शालिनी देवी रूम के अंदर आते हे अपने रूम को लॉक कर के सबसे पहले बाथरूम में
जा कर के अपनी छूट को संत किया
आवर फिर नाहा के टॉवल लपेट कर बहार आ गई
शालिनी ...बीएड पे लेते हुए क्या जबरदस्त फिगर है सोनिया आवर समय भाबी का
संजय आवर राज की तो लोटरॉय निकल गई
साली ऐसे जवानी तो मुज पे बे नै आई
जो बे हो देख कर हे छूट में बाद आ गई थी मेरी तो
लगता है मुझे बे अपनी छूट की आग भणियो की साथ में हे बजानी होगी
वैसे बे भाई लोग तो ज्यादातर बहार हे रहते है कारोबार के चलते आवर मेरा वो पति बे तो साला उनके साथ हे रहता है
मन में सोचते हुए
अबे बात करना बेकार है भाबी जी जल्दी हे आप दोनों की छूट का सवाद चखने को मिलेगा
ऐसे सोचते हुए शालिनी बे सो जाती है
नेक्स्ट डे सब लोग कुल पंडित को बुला कर के कुंडली देखते है
जो की पंडित जो ने 3 दिन बाद का सगाई का सुबह मुहूर्त निकलते है
1 महीने बाद का विवाह की डेट राखी जाती है
ऐसे हे काम में हंसी मज़ाक करते हुए सगाई की डेट बे आ जाती है
कल हे राणा महल को बहुत हे खूबसूरत तरीके से सजा दिया गया था
आज सुबह से कुछ नै बहुत जयादा हे चहल पहल हो रहे थी महल में
महल के बहार जहा देखो सिक्योरिटी आवर पुराने ज़माने के राजा महाराजो के सैनिको के जो सैनिक होते है उन के जैसे ड्रेस फंस बहुत से सैनिक बे तैनात थे
राजस्थान के राजवंश के ज्यादार परिवारों से कोई न कोई आया हुवा था
क्या पुलिस अफसर हो या कोई विप हो या फिर राजस्थान के मंत्री से ले कर के संत्री तक मौजूद थे
सभी का स्वागत दिलावर सिंह आवर दिवान जी की देख रेख में हो रहा
था
तभी वह पे पुलिस की कुछ गाड़ियों के साथ में राजस्थान के
c.m ..मर .परताप चौहान अपने दाल बल के साथ पादरी
दिलावर सिंह आवर दीवान जी आगे बाद कर
दिलावर सिंह c.m के पेअर छूटे हुए
आशीर्वाद लिया
c.m ....आवर कैसे हो दिलावर बेटे सब खैरियत तो है न
दिलवर सिंह ...जी काका साहेब
सब खैरियत है
दीवान जी मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ कर c.m को परनाम करते है
c.m दिलावर को साइड में ले जाते हुए
C.m ....दिलावर ये मुंबई में क्या कांड कर दिया तुम लोगो ने
दिलावर सिंह आँखे फाड् के c.m को देखता है
c.m ...हँसते हुए अरे बीटा ऐसे क्या देख रहे हो मई राजनीती में हु नींद बे आँखे खुली रख कर लेता हु
मुझे सब पता है काम से काम बताना तो चाहे था
दिलावर सिंह ..काका साहेब आप इस बर्वे में राणा जी से हे बात करना
c.m ...चलो ठीक है भाबी सा से मिल लेता हु नै तो अपनी c.m की कुर्सी खतरे में पद जाएगी हँसते हुए अपनी सिक्योरिटी को बहार छोड़ राजमहल में अकेले हे चल दिया
ऐसे हे सगाई का समय हो गया
पंडित जी ने दोनों राजकुमारियों को बुलाया तो जितने बे मर्द थे सब की लूली कड़ी हो गई दोनों के देख कर
राजकुमारी सोनिया
राजकुमारी समय
दोनों हे राजकुमारिया बहुत हे ज्यादा खूबसूरत लग रहे खुल दूल्हे राजा आँखे फाडे देख रहे थे वही पास में
किन्तु सोनिया आवर समय काम
शालिनी देवी की ढूढ की घाटी देख कर तो भूतो की लूली ने कुछ बुँदे पानी टपकने हे दिया होगा
जड़ली हे पंडित जी के मंत्रो उच्चारण के साथ में दोनों राजकुमारिया की सगाई का कार्यकर्म सम्पन हुवा
भोजन इत्यादि के बाद लगभग सभी मेहमान जा चुके थे कुछ खाद मेहमानो के अलावा
सब काम निपटने के बाद शालिनी की फॅमिली राणा जी के फॅमिली आवर c.m हे महल में बच्ची हुए थे
कुछ समाया बाद बैठक में राणा जी c.m आवर ठाकुर भानु सिंह को मुंबई में समय आवर सोनिया के साथ में जो कुछ बे हुवा सब बता दिया
ठाकुर भानु सिंह ...राणा जी ये बात आप अगर न बे बताते तो बे हम सोनिया आवर समय बेटी के चरित्र पे सक नै करते
है हमें दुःख क्रूर हुवा की हमारी बच्चियों के साथ ये सब हुवा
c.m ...आपने उचित किया रुद्रप्रताप जो कुछ बे आपने मुंबई में
हमें ये तो प्या था की मुंबई कांड से आप जुड़े हुए है किन्तु जो आपने बताया ऐसा करने वालो के साथ ऐसा हे होना छाए
ठाकुर भानु ...राणा जी आप देहली
में हे सिफत क्यों नै हो जाते हो
आपका कारोबार बे है आवर अब आपकी बहने बे वही पे होंगी बच्ची बे बड़े हो रहे है
राणा जी ..ठाकुर जी आप हमने बे अब दिल्ली हे रहने का मन बना लिया किन्तु समय आवर सोनिया के सदी के बाद हे सिफत होंगे सदी दोनों की यही पे होगी
आवर बाकि बच्चो की यही पे सदी होगी महल में हे
बिच बिच में खाद मोको पे या फेस्टिवल पे यहाँ याना जाना लगा रहेगा
25 डेज बाद ...
अबे राणा महल को नै नवेली दुल्हन के जैसे सजा दिया था चारो आवर रौशनी हे
महल के साथ साथ मांज पूरी उदयपुर सिटी को हे दुल्हन के जैसे सजा दिया था गरीबो के लिया सदी से कुछ दिन पहले हे
राणा जी ने अपनी राजकुमारियों के नाम पे भोजन की पूरी उदयपुर सिटी में मनो लंगड़ लगवा दिए हो
इस सदी से उदयपुर की जनता बे खुट खुश थी भाई खुस हो बे क्यों न
उनकी राजकुमारी की सदी जो है
डेरी डेरी राणा जी की फॅमिली से जुड़े हुए लोग
( राणा जी की ननिहाल से ससुराल से विनय आवर दिलावर के ससुराल से राजस्थान के बाकि सही परिवारों से बे बहुत से फॅमिली c.m फॅमिली )
हज़ारो की संख्या में लोग इस सदी में शामिल हो रहे थे
इस बिच समय आवर सोनिया के कहने पे एक बार राणा जी ने
भैरब आवर रॉकी से मिलने की इजाज़त दे दे
सोनिया आवर समय जब कारागृह में पहुंची तो दोनों के कुत्ते से बे बदतर हालत देख कर बहुत सुख हुवा
उनको दोनों भैरव आवर रॉकी पे गुस्सा तो बहुत था किन्तु लड़किया हे तो थे दिल पिगल गया आवर राणा जी से बोल कर दोनों को ख़तम करवा के इस नरक जैसे जिंदगी से ाजजी दिला दी
भैरव आवर रॉकी ने अपने किया पापो की मफ्फिए दोनों राजकुमारियों से मांग ली
भैरव ने मरते समय राणा जी को कुछ बाते अपने बाप के बर्वे में बताया जो आगे चल के आता चलेगा
राणा जी बे भैरव के बातो से कुछ परेशान नज़र आ रहे थे किन्तु जल्दी हे अपनी परेशानी छुपा ली
ऐसे हे सदी का दिन बे आ गया राणा जी के दूसरे महल जो ठाकुर भानु सिंह को दे दिया था बारात वही से टायरव हो कर आने के किया
जल्दी हे बारात राणा महल के दवार पे थी रानी माँ ने दूल्हे का स्वागत आरती की आवर चल दिए मंडप की आवर
गुरु जी ने मंत्रो उच्चारण में साथ दोनों राजकुमारी की जयमाला करवाई
कुछ समाया पश्चाताप सुबह मुहरत पे
अग्नि वेदी पे समय आवर सोनिया की सक्या आवर राज के साथ विवाह वेदी पे आहुति तो के साथ फेरी कटवाया गए
साथ फेरिओ आवर साथ वचनो के साथ में दोनों राजकुमारिया को मंगलसूत्र के पवित्र बंदन में बंद
मांग में सिंदूर संजय आवर राज के दवारा लगाने के बाद विवाह सम्पन हुवा
विवाह के पश्चाताप सब बड़ो से आशीर्वाद ले कर के दोनों बहने की विदाई कर दी गई विदाई के वक़्त राणा परिवार की आँखों में आंसू थे कुछ खुसी के तो कुछ अपनी राजकुमारी के विदाई के
एक न एक दिन हर माँ बाप जिनकी बेटे होती है उनको ये आंसू बहाने हे पड़ते है
डेरी डेरी समय बैठने लगा आवर राणा परिवार ने दिल्ली में अपने हवेली पे अपने पुरे परिवार सहित अब वही पे रहने का फैसला कर लेता जिसको किसी को बे ेराज़ नै था
ऐसे हे 4 रो ( दिव्या .कोमल ..चंचल .शीतल ) राजकुमारिया का 4 जन्मदिन आ गया देव का 1स जन्मदिन था सभी ने बहुत दम दाम से सबका बर्थडे मनाया गई
बिरतीदे के कुछ दिन बाद बन्दिया ने सबको बताया की वो प्रेग्नेंट है
दिलवर सिंह एक बार फिर से खुसी से नाचने लगा था
दिलावर को बीटा हुवा इस बार साथ हे में समय ने एक प्यारी सी बछिबको जनम दिया आवर सोनिया ने एक बेटे को
(दिलावर के बेटे का नाम वीर रखा गया सोनिया के बेटे का नाम दीपक समय की बेटी का नाम .सोनालिका रखा )
बच्चे मस्ती करते हुए बड़े होने लगे थे
ऐसे हे समय बेट्टा गया बच्चे बड़े होने लगे आवर स्कूल में जाने लगे
रुद्रदेव दिव्या कोमल चंचल शीतल निधि ये सब एक हे स्कूल में आवर इनका एक अलग हे ग्रुप बन चूका था
1 ..रूद्र देव 8 क्लास
2 ...दिव्या 10 क्लास
3 ...कोमल ....10 क्लास
4 ...चंचल ......10 क्लास
5 ......निधि 10 क्लास
6 वीर 7 8 क्लास
अबे देव का 13 बर्थडे आने वाला था
रानी माँ में एक रूम मीटिंग लगा राखी थी सभी बच्ची स्कूल गए हुए थे
रानी माँ ...कुंवर जी ( राणा जी )
अब समय आ गया है देव का हम सब सब दूर जाने का
मोहिनी देवी ...नै माँ सा ऐसा नै हो सकता है हम देव के बिना नै जी सकते उसमे हम सब की जान बस्ती है ........
रीड एन्जॉय फ्रेंड
शेयर योर सुग्गेस्टियन्स
नेक्स्ट अपडेट स्टार्ट तो गुरदेव स्टार्ट रुद्रदेव ट्रैनिग